वध्यप्रदे श शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , सोमवार, दिनांक 9 नवम्बर 2020 कार्तिक 18 , शक 1942
क्रमांक 439]
आयुष विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
मध्यप्रदेश आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी , प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग स्नातक प्रवेश नियम, 2020
भोपाल , दिनांक 9 नवम्बर 2020
क्र. एफ-1-11-2020-1-59- यूजी.- राज्य सरकार एतद् द्वारा मध्यप्रदेश राज्य के शासकीय (स्वशासी) /निजी क्षेत्र के आयुर्वेद , होम्योपैथी, यूनानी महाविद्यालयों एवं निजी क्षेत्र के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु निम्नलिखित नियम बनाती है:-
1. शीर्षक ये नियम " मध्यप्रदेश आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश नियम 2020" कहलायेंगे । ये नियम "मध्यप्रदेश राजपत्र" में इनके प्रकाशन के दिनांक से प्रवृत्त होंगे ।
2. परिभाषायेंः- इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत न हो,
2.1 "महाविद्यालय" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन के अधीन शासकीय स्वशासी व निजी आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालय ।
2.2 प्रवेश परीक्षा से अभिप्रेत है, National Testing Agency ( NTA) द्वारा आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम इन्ट्रेन्स टेस्ट ( NEET)
2.3 "राज्य शासन " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन;
2.4 "प्रवर्ग" से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश शासन द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित अनुसूचित जनजाति (अ.ज.जा), अनुसूचित जाति (अ.जा.) , अन्य पिछड़ा वर्ग (अ.पि.व. ), तथा आर्थिक रूप से कमजोर (ई.डब्लयू.एस) ऐसे अभ्यर्थी जो कि म. प्र. शासन द्वारा इस हेतु जारी आदेश के तहत प्रवर्ग में आते हों एवं अनारक्षित (अना) प्रवर्ग ।
2.5 "संवर्ग" से अभिप्रेत है, सैनिक संवर्ग (एस ) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (एफ.एफ.), महिला(एफ) और बिना संवर्ग (एक्स) जैसा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित किया गया है ।
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2.6 दिव्यांग (पी.डब्लयू.डी) से अभिप्रेत है जैसा कि भारत शासन, श्रम मंत्रालय , विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केन्द्र द्वारा विनिर्दिष्ट एवं निर्धारित किया गया है;
2.7 "नियम" से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रवेश नियम 2020
2.8 "सी.सी.आई.एम." से अभिप्रेत है भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् ।
2.9 "सी.सी.एच." से अभिप्रेत है केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद् ।
2.10 "अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक व्यक्ति ।
2.11 " छात्र " से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश उपरांत छात्र / छात्राएं ।
2.12 "सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग " से अभिप्रेत है ऑल इंडिया स्तर पर काउंसिलिग ।
2.13 "स्टेट लेवल काउंसिलिंग" से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य स्तर पर काउंसिलिंग ।
2.14 "ऑल इंडिया कोटा" से अभिप्रेत है म. प्र . राज्य के आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों की वे सीटें जिनको ऑल इंडिया स्तर पर काउंसिलिंग के माध्यम से भरा जाना है ।
2.16 "स्टेट कोटा" से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य के आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों की वे सीटें जिनको राज्य स्तर की काउंसिलिंग के माध्यम से भरा जाना है ।
2.17 ऑल इंडिया रिवर्टेड सीट से अभिप्रेत है, प्रदेश को वापस की जाने वाली ऑल इंडिया कोटे की वह सीट जो ऑल इंडिया सेन्ट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के अंतिम चरण के उपरांत रिक्त रह गयी है । 2.18 लेफ्ट आउट सीट से अभिप्रेत है अंतिम चरण की राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के उपरांत किसी भी कारण से-रिक्त रह गयी सीट ।
3 सामान्य निर्देश-
3.1 (एक) स्नातक उपाधि पाठ्यक्रम बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एण्ड सर्जरी) , बीएचएमएस (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एण्ड सर्जरी), बीयूएमएस (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एण्ड सर्जरी) , बीएनवायएस (बैचलर ऑफ नैचुरोपैथी एवं यौगिक साईन्स) , सीसीआईएम (भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद) / सीसीएच ( केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद)/ विश्वविद्यालय / महाविद्यालय की स्वशासी समिति/ राज्य शासन /भारत सरकार द्वारा शासित एवं विनियमित होंगे तथा प्रवेश परीक्षा व प्रवेश एवं आवंटन के समय प्रभावशील नियमों विनियमों तथा समय- समय पर इनमें किये गये संशोधनों के अधीन शासित एवं विनियमित होंगे ।
(दो) ये नियम निम्नलिखित विधिवत मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों एवं महाविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा, आवंटन एवं प्रवेश के लिये सभी रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों पर लागू होंगे ।
1- शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय , भोपाल , बुरहानपुर, ग्वालियर, इन्दौर, जबलपुर, रीवा एवं उज्जैन में बी.ए.एम.एस. पाठ्यक्रम ।
2- शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय , भोपाल , में बी.एच.एम.एस. पाठ्यक्रम ।
3- शासकीय (स्वशासी) यूनानी महाविद्यालय, भोपाल , में बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम ।
4- मध्यप्रदेश मे संचालित निजी क्षेत्र के आयुर्वेद महाविद्यालयों में बी.ए.एम.एस. पाठ्यक्रम । 5- मध्यप्रदेश में संचालित निजी क्षेत्र के होम्योपैथी महाविद्यालयों में बी.एच.एम.एस. पाठ्यक्रम । 6- मध्यप्रदेश में संचालित निजी क्षेत्र के यूनानी महाविद्यालयों में बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम । 878( 1)
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7- मध्यप्रदेश में संचालित निजी क्षेत्र के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में बी.एन.वाय. एस. पाठ्यक्रम ।
3.2 नीट परीक्षा 2020 में प्रस्तुत आवेदन पत्र के साथ जो कलर फोटो संलग्न किये गये हैं अभ्यर्थी वही फोटो अभिलेख सत्यापन स्थल एवं आवंटित संस्था में प्रवेश के समय लेकर उपस्थित हों ।
3.3 अभ्यर्थी को सलाह दी जाती है कि फोटो, जो एन.टी.ए. द्वारा आयोजित नीट प्रवेश परीक्षा में परीक्षा हेतु अपलोड किया गया है, वही पासपोर्ट साइज फोटो की प्रतियां अपने पास सुरक्षित रखे, जिसका उपयोग समय- समय पर प्रवेशित महाविद्यालय में उपयोग किया जा सके, फोटोग्राफ के संबंध में निम्नानुसार मापदण्ड निर्धारित हैं जिनका पालन सुनिश्चित किया जाएगाः-
(क) फोटो चिपकाने से पूर्व उम्मीदवार फोटोग्राफ की पिछली ओर केवल बॉल पाइंट पैन से अपना नाम आवेदन-पत्र संख्या, और मैरिट नम्बर अवश्य लिखेंगे, फोटोग्राफ के लिए निर्दिष्ट स्थान पर सफेद बैक ग्राउंड सहित अनुप्रमाणित नवीनतम अच्छी क्वालिटी का रंगीन स्टूडियो फोटोग्राफ जो नीट 2020 एवं प्रवेश काउंसिलिंग के दौरान प्रयोग में लाया जाना हो, को ही चिपकाया जाए । फोटोग्राफ आवेदन दिनांक से तीन माह पूर्व के पहले का न लिया गया हो जिसमें नीचे उम्मीदवार के नाम के साथ फोटोग्राफ लिए जाने की तारीख स्पष्ट रूप से दर्शाई गई हो, फोटोग्राफ में टोपी अथवा धूप का चश्मा नहीं पहना हुआ हो,
(ख) नजर के चश्मे की अनुमति है , यदि उसे नियमित रुप से पहना जाता है, पोलोराइड और कम्प्यूटर से बनाए गए फोटोग्राफ स्वीकार्य नहीं हैं; फोटोग्राफ को निर्दिष्ट स्थान पर मोंद/ एढीसिव से भली- भांति चिपकाया जाए और उन्हें पिन से नहीं लगाया जाए / स्टेपल नहीं किया जाए । इन अनुदेशों का पालन न करने वाले अथवा अस्पष्ट फोटो वाले आवेदनों को अस्वीकृत किया जायेगा, उम्मीदवार कृपया ध्यान दें कि यदि यह पाया गया कि चिपकाया गया फोटोग्राफ बनाया गया है अर्थात वह सही आकार का नहीं है अथवा हाथ से तैयार किया गया है या कम्प्यूटर द्वारा निर्मित/ ऐडिट है, तो उम्मीदवार का सीट आवंटन/प्रवेश अस्वीकृत कर दिया जाएगा और इसे अनुचित साधनों का प्रयोग किया जाना माना जाएगा तथा इस पर तदनुसार अनुचित साधनों के नियमों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी,
(ग) एन०टी०ए० द्वारा आयोजित नीट-2020 प्रवेश परीक्षा के लिये जारी नियम पुस्तिका के नियमों में दंर्ज फोटोग्राफ एवं हस्ताक्षर हेतु जारी निर्देश के अनुरूप ही फोटो एवं हस्ताक्षर दर्ज होने चाहिये । फोटो में भिन्नता पाई जाने की स्थिति में अभ्यर्थी सीट आवंटन तथा प्रवेश का हकदार नहीं होगा ।
(घ) अभ्यर्थी द्वारा प्रवेश पंजीयन, अभिलेख सत्यापन व प्रवेश के समय मांगी गई जानकारी सही-सही दी जाएगी । अभिलेख सत्यापन तथा प्रवेश के समय आवंटित महाविद्यालय में अभ्यर्थी अपने संपूर्ण हस्ताक्षर करेंगे तथा सभी स्थानों पर एक से हस्ताक्षर करेंगे । हस्ताक्षरों में भिन्नता पाई जाने पर अभ्यर्थी सीट आवंटन / प्रवेश का हकदार नहीं होगा ।
3.4 यदि ऐसा पाया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा एम.पी. ऑनलाइन में आवेदन पत्र में प्रविष्टि के समय , अभिलेखों की जांच के समय , सीट के आवंटन के समय तथा प्रवेश के समय एवं अध्ययन के दौरान कोई तथ्य एवं जानकारी छुपाई गई है अथवा गलत जानकारी दी गई है तो दिया गया प्रवेश उसके अध्ययन के दौरान कभी भी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा निरस्त कर दिया जायेगा एवं प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
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3:5 यदि अभ्यर्थी के विरूद्ध गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया जाता है, तो वह प्रवेश का हकदार नहीं होगा अथवा अध्ययन के दौरान किसी भी समय उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकेगा ।
3.6 छात्र को दुराचरण , अनुशासनहीनता, लगातार बिना सूचना के एक माह से अधिक अनुपस्थित रहने का दोषी पाये जाने पर उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी, जिसमें प्राचार्य के द्वारा महाविद्यालय से निष्कासन की कार्यवाही एवं विश्वविद्यालय द्वारा नामांकन का निरस्तीकरण किया जाना सम्मिलित है ।
4.0 सीटों की उपलब्धता
महाविद्यालयवार बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस एवं बीएनवायएस पाठ्यक्रम में आयुष मंत्रालय भारत सरकार/सी.सी.आई.एम. /सी.सी.एच. से अनुमति/ सीट वृद्धि अनुमति प्राप्त होने पर पत्र क्रमांक/ F.No.Z. 16011 /04/ 2018 - EP (IM - 1 ) Part-1 दिनांक 03/01/2019 व समसंख्यक पत्र दिनांक 17/01/2019 एवं 12/02/2019 के अनुक्रम में कुल सीटों की 15 प्रतिशत सीटों पर काउंसलिग ऑल इंडिया स्तर पर केन्द्र सरकार द्वारा अधिकृत एजेन्सी द्वारा " सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग " होगी । विदेशी नागरिकों हेतु आरक्षित सीट्स का प्रदर्शन सीट आरक्षण तालिका में किया जायेगा । शेष सीटों पर काउंसिलिंग प्रदेश स्तर पर "स्टेट लेवल काउंसिलिंग" से होगी जिसकी महाविद्यालयकार सूची एवं सीट संख्या विभागीय वैबसाइट www.ayush.mp.gov.in व एम.पी. आनलाइन की वेबसाइट www.ayush.mponline.gov.in पर उपलब्ध करायी जावेगी । अभ्यर्थी को सलाह दी जाती है कि वे लगातार उक्त वेबसाइट का अवलोकन करते रहें । शासकीय (स्वशासी)/ निजी क्षेत्र के आयुष महाविद्यालयों की स्टेट कोटे की स्वीकृत सीटें राज्य शासन की अद्यतन आरक्षण नीति के अनुरूप नीट-2020 के चयनित अभ्यर्थियों द्वारा आनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से भरी जावेंगी । सीटों की आरक्षण तालिका काउंसिलिंग के समय www.ayush.mponline.gov.in पर उपलब्ध करायी जावेगी । 5.0 आरक्षणः
स्टेट कोटे की समस्त शासकीय (स्वशासी) व निजी महाविद्यालयों में सीटों का आरक्षण म.प्र. शासन द्वारा तत्समय प्रचलित आरक्षण नियमों के अध्यधीन निर्धारित प्रतिशत अनुसार रहेगा तथा उक्त के अलावा शासकीय स्वशासी आयुष महाविद्यालयों मे भारत सरकार आयुष मंत्रालय नई दिल्ली के पत्र कमांक File No.- L-14011/5 /2020 ( EP- 1 ) दिनांक 24.06.2019 के अनुकम में यथानिर्देश 10 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों ( EWS ) के लिए आरक्षित हैं
ई. डब्यू. एस. प्रवर्ग के संबंध में म.प्र. शासन , सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-07-11-2019-आ.प्र. एक, दिनांक 2 जुलाई 2019 में उल्लेखित एवं राज्य शासन द्वारा यथा-समय लागू/संशोधित प्रावधान प्रभावशील माने जावेंगे ।
5.1 दिव्यांग :-
ऐसे दिव्यांग जो मध्यप्रदेश राज्य के मूल निवासी / स्थानीय निवासी तथा जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग अथवा अनारक्षित प्रवर्गों के हैं, उनके लिये छह प्रतिशत सीटें बी.ए.एम.एस. , बी.एच.एम.एस. तथा बी.यू.एम.एस. , बी.एन.वाय.एस. पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आरक्षित की गई हैं । यह आरक्षण (क्षैतिजिक) हॉरिजोन्टल तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा । इसके साथ ही भारत के राजपत्र 27 दिसम्बर 2016 एवं म.प्र. के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के प्रारूप जो कि म.प्र .राजपत्र 28 नवम्बर 2017 एवं भारत के राजपत्र में भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् संशोधन विनियम-2019 दिनांक 18/06/2019 एवं केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के होम्योपैथी (डिग्री पाठ्यक्रम) के संशोधन 2018 दिनांक 878(3)
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14/12/2018 में जारी किये गये है तद्नुरूप पॉच केटेगरी की विकलांगतायें उक्त भारत के राजपत्रों में उल्लेखित विकलांगतायें एवं विकलांगता के प्रतिशत अनुसार दिव्यांग श्रेणी के लिये अभ्यर्थी मान्य होंगे यथाः-
(क) दृष्टिबाधित और कमदृष्टि
(ख) बहरे और कम सुनने वाले
(ग) लोकोमोटर डिसेबिलिटी जिसमें सम्मिलित है सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग मुक्त, बोनापन , एसिड अटेक पीड़ित , मस्कुलर डिस्ट्राफी,
(घ) ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी और मानसिक बीमारी,
(ड.) खंड (क) से (घ) के तहत व्यक्तियों की बहुविकलांगता ।
उक्त क से ड. तक की विकलांगतायें निर्धारित प्रमाण पत्र एवं प्रतिशत अनुसार मान्य होंगी ।
इन सीटों पर प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार को अधीक्षक, श्रम मंत्रालय, भारत सरकार , विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केन्द्र, नेपियर टाउन, जबलपुर से विहित प्रारूप में पात्रता प्रमाण पत्र एवं जिला चिकित्सा मण्डल द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । इस प्रकार दोनों प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
5.2 सैनिक संवर्ग (मिलिट्री पर्सन): (प्रारूप-2 भाग-अ तथा ब)
बी.ए.एम.एस. / बी.एच.एम.एस./ बी.यू.एम.एस./ बी.एन.वाय.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु सैनिक संवर्ग (एस) में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनारक्षित प्रवर्गों के अंतर्गत सैनिकों के पुत्र/ पुत्रियों के लिये प्रवेश हेतु 03 प्रतिशत स्थान आरक्षित हैं । यह आरक्षण हॉरिजोन्टल (क्षैतिजिक) तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
5.2.1 सैनिक संवर्ग के अंतर्गत उन सैनिकों के पुत्र/ पुत्रियों के लिये सीटें आरक्षित हैं, जो सैनिक के रूप में सेवा कर चुके हैं, जिसमें भूतपूर्व सैनिक, कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी तथा ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी सम्मिलित हैं जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो चुकी हो या जो सेवा के दौरान स्थायी रूप से विकलांग हो गये हों ।
5.2.2 भूतपूर्व सैनिक के पुत्र/ पुत्री होने के फलस्वरूप प्रवेश का दावा करने वाले अभ्यर्थी को अपने माता/ पिता का भूतपूर्व सैनिक होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वे मध्यप्रदेश में बस गए भूतपूर्वसैनिक के पुत्र/ पुत्री हैं । (प्रारूप-2 भाग-स)
5.2.3 भूतपूर्व सैनिक से अभिप्रेत ऐसे व्यक्ति से है जो भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार भूतपूर्व सैनिक की परिभाषा के अंतर्गत आता हो ।
5.2.4 भूतपूर्व सैनिक के पुत्र / पुत्री होने के फलस्वरूप प्रवेश का दावा करने वाले अभ्यर्थी को अपने माता/पिता का भूतपूर्व सैनिक संबंधी प्रमाण पत्र तथा अपने माता/ पिता के मध्यप्रदेश में बसने संबंधी प्रमाण पत्र संबंधित जिले के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी से प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा ।
अथवा
वह मध्यप्रदेश के बाहर पदस्थ ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी का पुत्र/ पुत्री है, जो मध्यप्रदेश का वास्तविक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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निवासी है, ऐसे अभ्यर्थी को अपने पिता / माता के मध्यप्रदेश का वास्तविक निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
अथवा
इस संबंध में प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वह प्रवेश परीक्षा के वर्ष की पहली जनवरी से पूर्व मध्यप्रदेश में पदस्थ प्रतिरक्षा कर्मचारी का/ की पुत्र/ पुत्री है।
टिप्पणी - सैनिक संवर्ग के अंतर्गत किसी अभ्यर्थी की पात्रता के संबंध में किसी विवाद की स्थिति में संचालक, सैनिक कल्याण , मध्यप्रदेश द्वारा दिया गया निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा ।
5.3 स्वतंत्रता संग्राम सेनानीः- (प्रारूप-3)
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अनारक्षित प्रवर्गों के मध्यप्रदेश के मूलनिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र / पुत्री या पौत्र / पौत्री या नाती / नातिनों के लिये बी.ए.एम. एस. /बी.एच.एम.एस. / बी.यू.एम.एस./ बी.एन.वाय.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु तीन प्रतिशत सीट आरक्षित हैं । आरक्षण (क्षैतिजिक) हॉरिजोन्टल तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
5.3.1 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वह व्यक्ति होगा जिसका नाम मध्यप्रदेश के संबंधित जिले के कलेक्टर के कार्यालय में संधारित सूची में पंजीकृत हो ।
5.3.2 ऐसे अभ्यर्थी जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग के अधीन प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं, उन्हें मध्यप्रदेश के संबंधित जिले के कलेक्टर से तत्संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । अन्य कोई दस्तावेज स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग का होने के लिए वैध प्रमाण पत्र के रूप में मान्य नहीं होगा ।
5.4 महिला आरक्षणः- बी.ए.एम.एस. / बी.एच.एम.एस./ बी.यू.एम.एस./बी.एन.वाय.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रत्येक प्रवर्ग अर्थात् अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनारक्षित प्रवर्ग में 30 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिये आरक्षित रखी गई हैं । यह आरक्षण (क्षेतिजिक) होरिजोन्टल व कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
5.5 जाति प्रमाण पत्रः
अभ्यर्थी अपनी इच्छानुसार अपने प्रवर्ग के अधीन केवल एक आरक्षित संवर्ग के अंतर्गत आरक्षण के लिये आवेदन कर सकता है । आरक्षित प्रवर्ग के अभ्यर्थियों को म.प्र. शासन के सक्षम अधिकारी से विहित प्रपत्र में स्थाई जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । स्थाई जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुते नहीं करने पर आरक्षण की पात्रता नहीं होगी, जिसका उत्तरदायित्व स्वयं अभ्यर्थी का होगा । प्रमाण पत्र पर प्रकरण क्रमांक, दिनांक एवं-जारी करने वाले अधिकारी का पदनाम एवं सील होना आवश्यक है अन्यथा प्रमाण- पत्र मान्य नहीं किया जावेगा । (प्रारूप-4 भाग अ तथा ब)
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए म० प्र ० सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के पत्र कमांक एफ सी-3-8/2020/1 /3 दिनांक 06.05.2019 द्वारा निर्धारित प्रपत्र अनुसार सक्षम अधिकारी द्वारा जारी ई डब्ल्यू एस का प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
5.6 ऐसे अभ्यर्थी जो किसी संवर्ग (सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, विकलांग एवं महिला संवर्ग ) के अंतर्गत 878 (5)
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प्रवेश के लिये इच्छुक नहीं हैं, वे अपनी स्वयं के प्रवर्ग में बिना संवर्ग (एक्स) के अन्तर्गत आवेदन कर सकते हैं ।
5.7 प्रदेश में निजी क्षेत्र के संत हिरदाराम प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान चिकित्सा महिला महाविद्यालय में समस्त सीटें म ० प्र० शासन आयुष विभाग मंत्रालय के आदेश कमांक / एफ 1-4/2016/1/59 दिनांक 09/03/16 के क्रम में महिला उम्मीदवारों हेतु आरक्षित होंगी ।
(क) प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग पाठ्यक्रम बीएनवायएस में प्रवेश के इच्छुक छात्र नीट-2020 की परीक्षा उत्तीर्ण के बिना भी प्रवेश हेतु पंजीयन करा सकते है, इसके लिये प्रवेश की पात्रता निम्नानुसार मैरिट पर निर्धारित की जावेगीः-
प्रवेश के लिये माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल की 10+2 प्रणाली की बारहवीं परीक्षा (अर्हता परीक्षा) अथवा मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त किसी अन्य बोर्ड या केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा संचालित समकक्ष परीक्षा में भौतिकी, रसायन तथा बायोलॉजी विषय में प्रत्येक विषय अलग-अलग उत्तीर्ण करते हुए संयुक्त रूप से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त अनारक्षित प्रवर्ग के तथा न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त आरक्षित प्रवर्ग के अभ्यर्थी ही पात्र होंगे, ऐसे सभी प्रवर्गों तथा संवगों के अभ्यर्थियों को 10+2 अर्हक परीक्षा में अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना आवश्यक है ।
विदेशी नागरिक यदि प्रवेश प्राप्त करना चाहते है तो इन नियमों के नियम 6.5 के अनुसार समानता प्रमाण-पत्र के आधार पर अभ्यर्थी प्रवेश के हकदार होंगे ।
(ख) बीएनवायएस पाठ्यक्रम में आवंटन एवं प्रवेश हेतु सर्वप्रथम नीट में पात्र अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जावेगी, नीट की वरीयता सूची में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की दशा में 10+2 प्रणाली की बारहवीं परीक्षा में भौतिकी, रसायन, बायोलॉजी एवं अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को वरीयता सूची के आधार पर आवंटन एवं प्रवेश हेतु शामिल किया जावेगा ।
(ग) बीएनवायएस पाठ्यक्रम में 12 वीं के भौतिकी, रसायन एवं बायोलॉजी के कुल प्राप्तांक के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जावेगी ।
(घ) ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने नीट परीक्षा में शामिल/ उत्तीर्ण नहीं है वे अपना पंजीयन पोर्टल पर 12वीं के आधार पर करा सकते है, इस हेतु पंजीयन की लिंक अलग से पोर्टल पर उपलब्ध करायी जावेगी । भारत सरकार आयुष मंत्रालय नई दिल्ली के पत्र क्रमांक / F.No.R- 11011 /02/2018 - EP ( IM - 1 ) Vol- 3, दिनांक 04/06/2019 के द्वारा जारी केन्द्रीय काउंसिलिंग कार्यक्रम के अनुसार म०प्र० के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों की समस्त सीटें राज्य कोटे से इन नियमों के प्रवेश अर्हता के प्रावधान अनुसार भरी जावेंगी अथवा यथासमय भारत सरकार/ राज्य शासन के लागू निर्देशों के अनुसार भरी जावेंगी ।
प्राकृतिक चिकित्सा के पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु उचित संख्या में अभ्यर्थी वरीयता सूची में उपलब्ध न होने पर इन नियमों के नियम 6.2 में उल्लेखित न्यूनतम प्रतिशतक शासन द्वारा कम किये जा सकेंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
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5.8 आरक्षित प्रवर्ग की सीट का परिवर्तन
यदि आरक्षण के अनुसार पात्र उम्मीदवार किसी आरक्षित प्रवर्ग में उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों को अन्य प्रवर्गों में निम्नानुसार परिवर्तित कर भरने की कार्यवाही की जावेगी- (क) अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जाति प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी ।
(ख) अनुसूचित जाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसचित जनजाति श्रेणी के प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी ।
(ग) यदि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति दोनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी ।
(घ) यदि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग तीनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते है तो ऐसी स्थिति में आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति ई. डब्ल्यू.एस. प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी ।
(ड़) यदि उपरोक्त चारों आरक्षित प्रवर्गों के अंतर्गत पात्र उम्मीदवार उपरोक्तानुसार उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों की पूर्ति अनारक्षित प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी । :
नोट- यह व्यवस्था सम्बन्धित प्रवर्ग के योग्य उम्मीदवारों की विकल्प चयन हेतु महाविद्यालयों के लिए च्वाइस लॉक (चयन) किए गये अभ्यर्थियों की सूची समाप्त होने के बाद सीट परिवर्तन की सूचना जारी करने के उपरान्त अगले चरण की काउंसिलिंग में की जायेगी ।
5.9 यदि किसी प्रवर्ग में सैनिक संवर्ग (एस ) , स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (एफ.एफ.), दिव्यांग (पी.एच. ) तथा महिला (एफ) संवर्ग में रिक्त सीट पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होंगे तो उतनी रिक्त सीटें उसी प्रवर्ग की बिना संवर्ग (एक्स) में उपलब्ध करा दी जायेंगी । यदि आरक्षित प्रवर्ग की बिना संवर्ग (एक्स) में भी रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार प्रवर्ग की आरक्षित सीमा तक उपलब्ध नहीं हों तो रिक्त सीटें अन्य प्रवर्गों को उपलब्ध कराते हुए भरी जावेंगी जैसा नियम 5.8 में है । स्टेट लेवल की काउंसिलिंग का कार्यक्रम ऑल इंडिया सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग पूर्ण होने के उपरान्त अथवा यथा समय भारत सरकार/ राज्य शासन के लागू निर्देश अनुसार जारी किया जायेगा । सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के द्वारा ऑल इण्डिया कोटे की सीट्स न भरे जाने की स्थिति में रिवर्टेड सीट्स को नियमानुसार स्टेट कोटे में शामिल कर स्टेट लेवल काउंसिलिंग के माध्यम से भरा जावेगा । 5.10
6.0 प्रवेश हेतु अर्हतायें-
(अ) शासकीय (स्वशासी) महाविद्यालयों की स्टेट कोटा सीट्स में प्रवेश के लिये अभ्यर्थी मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है किन्तु निजी क्षेत्र के महाविद्यालयों में प्रदेश व प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे परन्तु इन निजी महाविद्यालयों में म.प्र. के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी ।
(ब) शासकीय (स्वशासी) महाविद्यालयों में स्टेट कोटा सीट्स में प्रवेश के लिए किसी एक मापदण्ड की पूर्ति 878(7)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
आवश्यक है::-
1- अभ्यर्थी मध्यप्रदेश में पैदा हुआ हो तथा मध्यप्रदेश राज्य में स्थित किसी भी शिक्षण संस्थान में निरंतर कम से कम तीन वर्ष तक शिक्षा प्राप्त की हो ।
2- अभ्यर्थी का पिता मध्यप्रदेश में कम से कम 15 वर्ष से निरंतर निवासरत हो ।
3- अभ्यर्थी का पिता मध्यप्रदेश में पिछले 10 वर्षों से निरंतर निवासरत हो और मध्यप्रदेश में अचल संपत्ति धारित करता हो/ उद्योग/ व्यवसाय करता हो ।
4- अभ्यर्थी का पिता राज्य शासन का सेवारत या सेवानिवृत्त शासकीय सेक्क हो ।
5- अभ्यर्थी का पिता मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत स्थापित संस्था/ निगम / मंडल / आयोग का सेवारत /सेवानिवृत्त कर्मचारी हो ।
6- अभ्यर्थी का पिता केन्द्र शासन का मध्यप्रदेश की सीमा में 10 वर्ष से सेवारत शासकीय सेवक हो ।
7- अभ्यर्थी का पिता अखिल भारतीय सेवाओं के मध्यप्रदेश राज्य को आवंटित अधिकारी हो । 8- अभ्यर्थी का पिता मध्यप्रदेश में संवैधानिक अथवा विधिक पद पर महामहिम राष्ट्रपति / महामहिम राज्यपाल द्वारा नियुक्त हो ।
अभ्यर्थी के पास स्थानीय निवासी होने का सक्षम प्रमाण पत्र हो । 9-
स्पष्टीकरण -1.:- मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के पत्र क० सी- 3-7-2013 -3-.1 भोपाल दिनांक 25 सितम्बर 2014 के अनुसार म.प्र. के स्थानीय निवासी की पात्रता के लिए माप दण्ड की पूर्ति करना आवश्यक होगी । मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी होने का प्रमाण पत्र संबंधित जिले के कलेक्टर या कलेक्टर द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी किया हो । प्रमाण पत्र में संदर्भ क्रमांक /प्रकरण क्रमांक, जारी होने का दिनांक तथा मोहर और जारीकर्ता अधिकारी का पदनाम होना चाहिए । (प्रारुप-7)
स्पष्टीकरण-2.:-किसी भी अभ्यर्थी के अभिभावक से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो संबंधित जिला कलेक्टर की राय में आवेदक के पिता और माता की मृत्यु के बाद से आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की तिथि तक उसका अथवा उसकी अचल संपत्ति का अथवा दोनों का वास्तविक संरक्षक तथा नियंत्रक हो । अभिभावक होने के संबंध में सक्षम न्यायालय से तदाशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा । यदि अभ्यर्थी का पिता जीवित न हो परन्तु माता जीवित हो तो माता को ही अभ्यर्थी का प्राकृतिक अभिभावक माना जायेगा और अन्य किसी व्यक्ति को अभिभावक के रूप में मान्यता नहीं होगी । यदि पिता जीवित हो और अभ्यर्थी के माता पिता का तलाक हो चुका हो तो ऐसी स्थिति में माता को प्राकृतिक अभिभावक माना जा सकेगा किन्तु अभ्यर्थी को माता पिता के तलाक होने का प्रमाण पत्र/ न्यायिक आदेश प्रस्तुत करना होगा ।
स्पष्टीकरण-3:- मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी प्रमाण- पत्र के संबंध में मध्यप्रदेश शासन, सामान्य मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक सी.-3/17/1 /3/ 2011 , दिनांक 20.12.2011 द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं, जिसके अनुसार 20.12.2011 के पश्चात् वैध प्रारूप पर हीं स्थानीय निवासी प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करना होगा परंतु दिनांक 20.12.2011 के पूर्व के वास्तविक एवं मूल निवासी वैध प्रमाण-पत्र जिन्हें मध्यप्रदेश राज्य के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया है, को भी मान्य किया जावेगा ।
स्पष्टीकरण-4:- मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र के संबंध में मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक सी.-3-7-2013-3- एक दिनांक 25.09.2014 द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं, जिसके अनुसार स्थानीय निवास हेतु अभ्यर्थी द्वारा निर्धारित प्रारूप (प्रारूप 6.1 ) के अनुसार स्वप्रमाणित घोषणा पत्र स्टाम्प रहित कागज पर प्रस्तुत किया जा सकता है ।
6.1 बी.ए.एम.एस. / बी.एच.एम.एस / बी.यू.एम.एस./बी.एन.वाय.एस . पाठ्यक्रग में प्रवेश के लिये माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल की 10+ 2 प्रणाली की बारहवीं परीक्षा (अर्हता परीक्षा) अथवा मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त किसी अन्य बोर्ड या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा संचालित समकक्ष परीक्षा में भौतिकी , रसायन तथा बायोलॉजी विषय में_प्रत्येक विषय अलग-अलग उत्तीर्ण करते हुये संयुक्त रूप से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त अनारक्षित प्रवर्ग के तथा न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त आरक्षित प्रवर्ग के अभ्यर्थी ही पात्र होंगे । बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम हेतु उन अभ्यर्थियों को प्रवेश की पात्रता होगी जिन्होंने उपरोक्त के साथ में अनिवार्य रूप से उर्दू विषय लेकर म० प्र ० हायर सेकेण्ड्री परीक्षा या दसवीं बोर्ड से उत्तीर्ण की हो अथवा उर्दू की ऐसी समकक्ष परीक्षा जो म० प्र० शासन/ माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा उक्त परीक्षाओं के समकक्ष मान्य की गई हो, उत्तीर्ण की हो। ऐसे सभी प्रवर्गों तथा संवर्गों के अभ्यर्थियों को 10+2 अर्हक परीक्षा में अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना आवश्यक है ।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (2016 का 49) के अधीन विनिर्दिष्ट विकलांगता तल चिन्ह रखने वाले अभ्यर्थियों के मामले में, सामान्य श्रेणी हेतु न्यूनतम अंक 45 प्रतिशत, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु न्यूनतम अंक 40 प्रतिशत होंगे ।
6.2 इसके अतिरिक्त, भारत के राजपत्र क्रमांक 480 , भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिसूचना दिनांक 07 दिसम्बर 2018 एवं केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद् के निर्देशानुसार NEET 2020 परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशतक (परसेन्टाइल) व अनुसूचित जनजाति/ अनुसूचित जाति/ अन्य पिछडा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 40 प्रतिशतक (परसेन्टाइल) न्यूनतम अंक होना आवश्यक है ।
भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् (भारतीय चिकित्सा में शिक्षा के न्यूनतम मानक) विनियम-2018 के नियम-2 (पप) के "ख " के एवं केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद् के होम्योपैथी (डिग्री पाठ्यकम ) विनियम-1983 के संशोधन विनियम-2018 के नियम-2 (पप) के व्याख्या एवं स्पष्टीकरण के अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशतक यथा निर्देशित केन्द्र सरकार द्वारा कम किये जाने पर तद्नुरूप मान्य होंगे । केन्द्र सरकार द्वारा उक्त अधिनियम अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशतक कम किये जाने के दृष्टिगत 878(9)
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मैरिट सूची एम०पी० ऑनलाइन द्वारा तैयार की जावेगी, जिसके लिये समस्त नीट परीक्षा में सम्मिलितः अभ्यर्थी यदि म०प्र ० आयुष काउंसिलिंग हेतु उक्त नियमों के प्रावधान अनुसार पंजीयन कराते हैं तो उनकी मैरिट सूची जारी की जावेगी एवं उपलब्ध अद्यतन न्यूनतम अंक के निर्देशानुसार अभ्यर्थी प्रवेश हेतु पात्र होंगे ।
6.3 दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (2016 का 49) के अधीन विनिर्दिष्ट विकलांगता तल चिन्ह रखने वाले अभ्यर्थियों के मामले में, सामान्य श्रेणी हेतु न्यूनतम अंक 45 प्रतिशतक (परसेन्टाइल), अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछडा वर्ग हेतु न्यूनतम अंक 40 प्रतिशतक (परसेन्टाइल) होना आवश्यक है ।
6.4 अभ्यर्थियों के लिए प्रतिशतक (परसेन्टाइल) न्यूनतम अंक नीट बुलेटिन 2020 पर जारी मेरिट लिस्ट व अर्हता मानक मान्य होंगे । इस संदर्भ का अवलोकन विभागीय वेबसाइट www.ayush.mp.gov.in पर किया जा सकता है ।
6.5 विदेशी नागरिक यदि प्रवेश प्राप्त करना चाहते हैं, तो उनकी पात्रता पर संबंधित विश्वविद्यालय / बोर्ड द्वारा प्रदान किये गये रामानता प्रमाण पत्र और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा अनुमोदित होने के आधार पर ही विचार किया जायेगा । ऐसे सभी प्रवर्गों तथा संवर्गों के अभ्यर्थियों को समकक्ष अर्हक परीक्षा में अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है । ऐसे श्रेणी के अभ्यर्थियों को उपलब्ध सीट्स पर प्रवेश की प्रक्रिया भारत सरकार, आयुष मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार सम्पादित होगी ।
6.6 किसी भी उम्मीदवार को आयुर्वेद / होम्योपैथी/ यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालय में जबतक वह पाठ्यक्रम के पहले वर्ष में प्रवेश के समय 31 दिसम्बर को सत्रह वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेता है, स्नातक उपाधि पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा ।
नोटः- माननीय उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका क्रमांक SLP (C) 14320/2018 के अंतरिम आदेश 29/11/2018 के अनुसार जो आवेदक प्रवेश वर्ष के 31 दिसम्बर 2020 को 25 वर्ष अथवा उससे अधिक की आयु पूरी कर चुके हों, वह NEET प्रवेश परीक्षा एवं काउंसिलिंग प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं । इस प्रकार 25 वर्ष से अधिक आयु वाले आवेदक का प्रवेश माननीय उच्चतम न्यायालय मे लंबित SLP (C) 14320/2018 के निर्णय के अध्यधीन रहेगा । तदनुसार अभ्यर्थी का जन्म 31/12/2003 को अथवा इसके पूर्व होना चाहिए ।
6.7 बशर्ते अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़ी जातियों एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों को पांच वर्ष की अधिकतम आयु में छूट दी जाएगी ।
6.8 अभ्यर्थी को ऊपर बताये अनुसार आयु की गणना करने के लिये हायर सेकेण्ड्री स्कूल सर्टीफिकेट परीक्षा के प्रमाण पत्र में अथवा उस परीक्षा की अंक सूची में अंकित जन्म तारीख को ही प्रमाणित दस्तावेजी सबूत माना जावेगा । ऐसे अभ्यर्थियों के मामले में जो अपनी निवास संबंधी अपेक्षाएं पूरी कर चुके हैं लेकिन जिन्होंने अपने माता- पिता के साथ विदेश में रहकर कोई ऐसी परीक्षा पास की है जिसे मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश के हायर सेकेण्ड्री स्कूल सर्टीफिकेट परीक्षा के समकक्ष प्रमाणित किया हो तो उनकी आयु के सबूत के समर्थन में तत्सम्बंधी साक्ष्य पर विचार किया जा सकेगा। मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
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7.0 फीस संरचना-
शासकीय (स्वशासी) महाविद्यालयों में प्रवेशित प्रत्येक अभ्यर्थी को तालिका-4 के अनुसार व निजी महाविद्यालयों में प्रवेशित प्रत्येक अभ्यर्थी को प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति/ म०प्र० निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा निर्धारित शुल्क प्रवेश के समय संबंधित महाविद्यालय में जमा करना होगा । टीप-
विभाग के अधीन शासकीय स्वशासी एवं निजी क्षेत्र के महाविद्यालयों में प्रवेशित छात्रों द्वारा शासन की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं का लाभ शासन के संबंधित नियमों के तहत पात्रतांनुसार प्राप्त किया जा सकेगा ।
7.1 प्रतिभूति निक्षेप-
7.1.1 शासकीय (स्वशासी) महाविद्यालय में काउंसिलिंग से प्रवेश मिलने पर रिपोर्टिंग के समय अनारक्षित प्रवर्ग के अभ्यर्थी को रूपये 20,000 /- (रूपये बीस हजार मात्र) प्रतिभूति निक्षेप बैंक ड्राफ्ट से, जो -संबंधित शासकीय (स्वशासी) महाविद्यालय के प्रधानाचार्य के नाम से देय होगा, जमा करना होगा । 7.1.2 अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के उन अभ्यर्थियों को जिसके माता / पिता / अभिभावक की वार्षिक आय रूपये 3.00 लाख से अधिक नहीं है तो उसे प्रतिभूति निक्षेप जमा नहीं करना होगा । परंतु अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के जिन अभ्यर्थियों के माता/पिता/ अभिभावक की वार्षिक आय समस्त स्रोतों से रूपये 3.00 लाख से अधिक है उन्हें प्रतिभूति निक्षेप के रूप में रूपये 4000/- नकद / बैंक ड्राफ्ट जमा करना होगा ।
7.1.3:-अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को केवल रूपये 4000/- प्रतिभूति निक्षेप उपरोक्तानुसार जमा करना होगा ।
7.2 आय प्रमाण पत्रः- आरक्षित प्रवर्ग के अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के समय वित्तीय वर्ष (2019-2020) हेतु वैध आय प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा । मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक सी./3-11 /1 / 3 /2010 दिनांक 07 सितंबर , 2010 के द्वारा संबंधित तहसीलदार / अतिरिक्त तहसीलदार / नायब तहसीलदार को उनके प्रभार क्षेत्र के अंतर्गत आय प्रमाण- पत्र जारी किये जाने हेतु अधिकृत किया गया है । (आय प्रमाण- पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन एवं प्रमाण पत्र का प्रारूप क्रमांक-09 "अ" एवं 09 " ब" पर है । इसी प्रारूप में जारी प्रमाण-पत्र मान्य होगा । ) 7.2.1 आय प्रमाण पत्र के संबंध में मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक सी.-3 -7-2013-3- एक दिनांक 25.09.2014 द्वारा निर्देश जारी किये गये है, जिसके अनुसार स्वप्रमाणित घोषणा पत्र स्टाम्प रहित कागज पर ( निर्धारित प्रारूप 9 सी के अनुसार ) जो कि अभ्यर्थी के पिता /वैध अभिभावक द्वारा हस्ताक्षरित हो, प्रस्तुत किया जा सकता है ।
7.2.3 अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को क्रीमीलेयर संबंधी निर्धारण हेतु वर्ष 2019-2020 का आय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। क्रीमीलेयर में आने वाले अभ्यर्थी अपने संवर्ग में आरक्षण के पात्र नहीं होंगे । स्वप्रमाणित घोषणा पत्र / शपथ पत्र के आधार पर प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत आय प्रमाणपत्र में वर्णित तथ्यों की सत्यता की जांच कराई जावेगी । यदि जांच में कोई असत्यता पाई जाती है तो ऐसे 878(11)
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अभ्यर्थी के विरुद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी ।
7.3 प्रतिभूतिः निक्षेपवापिसीः-
प्रतिभूति निक्षेप को इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूर्ण करने के पश्चात् बिना ब्याज वापिस कर दिया जायेगा । यदि अभ्यर्थी किसी कारण से आवंटित पाठ्यक्रम एवं संस्था में प्रवेश नहीं लेता है अथवा पाठ्यक्रम में अध्ययन बंद कर देता है अथवा इंटर्नशिप पूर्ण करने के पूर्व महाविद्यालय छोड़ देता है तो प्रतिभूति निक्षेप समफ्हत कर लिया जाएगा ।
7.4फीस वापसी:-
काउंसिलिंग द्वारा प्रवेशित छात्रों द्वारा अंतिम काउंसिलिंग के 10 दिवस पूर्व तक सीट छोड़ने संबंधी सूचना लिखित में संस्था में प्रस्तुत करने पर ऐसे छात्रों द्वारा जमा फीस से 10 प्रतिशत राशि काटकर शेष राशि लौटायी जावेगी । उक्त समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जावेगा तथा केवल कॉशनमनी वापसी योग्य होगी। यह प्रक्रिया राज्य एवं राज्य से बाहर के प्रवेश लेने वाले छात्रों पर समान रूप से लागू होगी ।
7.5 सीट लीविंग बॉन्ड यदि कोई छात्र / छात्रा अंतिम चरण की प्रवेश काउंसिलिंग 2020 में बी.ए.एम.एस. /बी.एच.एम.एस. /बी.यू.एम.एस . पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के पश्चात् शासकीय (स्वशासी) संस्था में अपनी सीट रिक्त करता है अथवा त्यागपत्र देता है और किसी अन्य छात्र द्वारा उस रिक्त सीट पर प्रवेश की संभावना नहीं है तो अथवा अंतिम काउंसिलिंग दिवस के पश्चात् कभी भी प्रवेश निरस्त कराने पर उस स्थिति में छात्र/ छात्रा को रू. 02.00 लाख (कुल दो लाख) संबंधित शासकीय (स्वशासी) संस्था में अर्थदण्ड स्क्रूप जमा करने होंगे तथा बॉण्ड की राशि राजसात कर ली जायेगी तथा अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किसी भी प्रकार का दावा मान्य नहीं होगा। तथापि नियमानुसार एक शासकीय स्वशासी महाविद्यालय से दूसरे शासकीय स्वशासी महाविद्यालय में स्थानांतरण की स्थिति में उक्त बॉण्ड स्थानांतरित महाविद्यालय में पुनः निष्पादित किया जावेगा तथा पूर्व संस्था में दण्ड प्रभार प्रावधानित नहीं होगा।
7.6 समस्त शासकीय (स्वशासी) / निजी आयुष महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के स्थानांतरण/ आपसी स्थानांतरण / इन्टर्नशिप के दौरान स्थानांतरण के प्रकरण के लिए सी० सी०आई ० एम०/ सी०सी ० एच ० के प्रावधानों के अनुसार रिक्त सीट के विरूद्ध स्थानांतरण देने के लिये प्रधानाचार्य अधिकृत होंगे । प्रधानाचार्य उक्त प्रकार के प्रकरणों में कार्यवाही कर संचालनालय आयुष को अवगत करायेंगे । 8 प्रावीण्य सूची
नीट परीक्षा की प्रावीण्य सूची के अनुसार ऐसे अभ्यर्थी जो म०प्र० के आयुष महाविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रम में राज्य कोटे की सीटों पर प्रवेश पंजीयन हेतु एम.पी. आनलाइन द्वारा आवेदन प्रस्तुत करते हैं उनकी प्रावीण्य सूची पृथक से तैयार कर घोषित की जायेगी ।
'शासकीय स्वशासी आयुर्वेद/ होम्योपैथी/ यूनानी महाविद्यालयों में राज्य कोटे की सीटों पर प्रवेश हेतु संयुक्त प्रावीण्य सूची नियम 6.1 में वर्णित अर्हताधारी मध्यप्रदेश के मूल निवासीः अभ्यर्थियों को सम्मिलित कर घोषित की जायेगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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8.1 निजी क्षेत्र के आयुर्वेद, होम्योपैथी , यूनानी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु आवेदन प्रस्तुत करने वाले मध्यप्रदेश एवं मध्यप्रदेश के बाहर के समस्त अभ्यर्थियों को सम्मिलित कर संयुक्त प्रावीण्यता सूची जारी की जायेगी ।
8.2 प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों के आरक्षित श्रेणी की सीट्स के लिए आरक्षण नीट की प्रावीण्य सूची के आधार पर उक्त सम्मिलित प्रावीण्य सूची में आरक्षित सीट्स को पृथक से अंकित कर सूची एम० पी० ऑनलाइन द्वारा जारी की जायेगी ।
8.3 पारस्परिक योग्यता
ऐसी परिस्थिति में जब दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा में समान अंक प्राप्त होते हैं, तब नीट द्वारा जारी प्रवीणता सूची के आधार पर पारस्परिक वरीयता तय की जावेगी ।
9.0 काउंसिलिंग
9.1 योग्य अभ्यर्थी को पाठ्यक्रम तथा महाविद्यालय में सीट आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी । ऑनलाइन काउंसिलिंग तीन चरणों (प्रथम, द्वितीय व मॉपअप चरण ) में की जावेगी । ऑनलाइन काउंसिलिंग के लिए विस्तृत जानकारी एम. पी.ऑनलाइन के पोर्टल पर पृथक से जारी की जावेगी ।
9.2 प्रथम चरण की काउंसिलिंग-
1. प्रथम चरण की काउंसिलिंग में सभी पंजीकृत एवं सत्यापित अभ्यर्थी पात्र होंगे ।
2. प्रथम चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवंटन हेतु च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा । आवंटन परिणाम के समय अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प होंगे , जिसमें से या तो वह बेहतर विकल्प (Upgradation ) हेतु -ऑप्शन दे सकते हैं या प्रथम चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने हेतु संतुष्ट (Satisfied) चयन कर सकते हैं ।
4. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवंटन आदेश में Satisfied का ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, व सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आंवटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा । ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रवेश प्राप्त कर लिया है वे आगामी चरण की काउन्सिलिंग हेतु पात्र नहीं होंगे ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने बेहतर विकल्प (Upgradation) का ऑप्शन दिया है उन्हें द्वितीय चरण में नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
6. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन आदेश परिणाम में कोई भी विकल्प नहीं दिया है ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी, एवं वे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पुनः पात्र होंगे ।
9.3 द्वितीय चरण की काउंसिलिंग-
1. द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण की काउंसिलिंग से कोई भी सीट 878 (13)
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आवंटित नहीं हुई है एवं जिन्होंने द्वितीय चरण हेतु बेहतर विकल्पः (Upgradation) का ऑप्शन दिया हैं ऐसे अभ्यर्थी पात्र होंगे । प्रथम चरण में प्रवेशित अभ्यर्थी द्वितीय चरण हेतु पात्र नहीं होंगे ।
2. द्वितीय चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवंटन हेतु नवीन च्वाइस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन द्वितीय चरण का आवंटन आदेश जारी किया जावेगा । आवंटन परिणाम के समय अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प होंगे, जिसमें से वह या तो बेहतर विकल्प (Upgradation ) हेतु ऑप्शन दें सकतें हैं या द्वितीय चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश लें सकते हैं ।
4. जिन अभ्यर्थियों ने आंवटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे एवं ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन आदेश परिणाम में Satisfied का ऑप्शन दिया है किन्तु प्रवेश नहीं लिया है या जिन्होंने कोई भी विकल्प नहीं दिया है ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी, एवं वह अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवंटन आदेश में Satisfied का ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आंवटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित जाना होगा ।
6. जिन अभ्यर्थियों ने बेहतर विकल्प (Upgradation) का ऑप्शन दिया है उन्हें मॉपअप चरण में नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
7. द्वितीय चरण में सीटों का परिवर्तन नियम 5.8 व 5.9 के तहत किया जावेगा ।
9.4 मॉपअप चरण की काउंसिलिंग (अंतिम चरण)
1. मॉपअप चरण की काउंसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण व द्वितीय चरण की काउंसिलिंग से कोई भी सीट आवंटित नहीं हुई है एवं जिन्होंने मॉपअप चरण हेतु बेहतर विकल्प (Upgradation) का ऑप्शन दिया है, वे अभ्यर्थी पात्र होंगे । प्रथम चरण व द्वितीय चरण में प्रवेशित अभ्यर्थी मॉपअप चरण हेतु पात्र नहीं होंगे ।
2. मॉपअप चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवंटन हेतु नवीन च्वाइस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन मॉपअप चरण का आवंटन आदेश जारी किया जावेगा । आवंटन परिणाम के पश्चात सभी आवंटित अभ्यर्थी महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करेंगे । आवंटित सीट पर प्रवेश न लेने वाले सभी अभ्यर्थी आगामी चरण हेतु पात्र नहीं होंगे ।
4. जिन अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया गया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आंवटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित जाना होगा ।
5. मॉपअप चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी जिनका सीटों मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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का आवंटन व परिवर्तन नियम 5.8 व 5.9 के तहत किया जावेगा ।
9.5 काउसिलिंग के (अंतिम चरण) पश्चात :
काउंसिलिंग के संबंध में प्रवेश हेतु समय समय पर आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के ___अनुरूप राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा ।
9.6 सभी अंकसूचियों, प्रमाण पत्रों एवं सभी संबंधित दस्तावेजों में अभ्यर्थी तथा पिता का नाम एक समान लिखा होना चाहिये । यदि किसी भी दस्तावेज में कहीं कोई अंतर हो तो ऑनलाइन काउंसिलिंग के पूर्व उसे दुरूस्त करालें अन्यथा प्रवेश निरस्त होने पर इस हेतु अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा ।
9.7 पूर्व वर्षों में आयुष पाठ्यक्रम में अध्ययनरत अभ्यर्थी यदि इस वर्ष की नीट परीक्षा के आधार पर पुनः : पात्रता हासिल करता है तो अभ्यर्थी को प्रारूप-1 एवं 1 (अ ) के साथ मूल अभिलेख अथवा मूल अभिलेखों की छायाप्रतियों सहित संबंधित अध्ययनरत संस्था के प्रधानाचार्य का यह प्रमाणपत्र मूलतः प्रस्तुत करना होगा कि वे सभी अभिलेख (सूची दर्शाते हुए) मूलतः उनकी अध्ययनरत संस्था के पास जमा हैं । आवंटन होने पर आवंटित संस्था में प्रवेश के समय मूल अभिलेख प्रस्तुत करना होगा, अन्यथा ऐसा दिया गया आवंटन स्वतः निरस्त हो जावेगा ।
9.8 रजिस्ट्रेशनः-
रजिस्ट्रेशन की तिथि निर्धारित कर समाचार पत्रों एवं MP Online के पोर्टल पर प्रकाशित/ प्रदर्शित किया जायेगा। रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदक को MP Online के पोर्टल अथवा Kiosk पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसका निर्धारित शुल्क रूपये 150/- (एक सौ पचास रूपये मात्र) देय होगा। जिसकी रसीद दी जावेगी । (रजिस्ट्रेशन KIOSK के माध्यम से कराने पर प्रिंट आउट का शुल्क पृथक से देय नहीं होगा । ) आवेदक को अपनी जानकारी सही- सही दर्ज करानी होगी । रजिस्ट्रेशन होने के पश्चात प्रत्येक आवेदक को रजि० नं० एवं एक अस्थाई गुप्त पासवर्ड प्रदाय किया जावेगा , जिसे आवेदक को च्वाइस फिलिंग के समय बदलना अनिवार्य होगा । अभ्यर्थियों को प्रवेश काउंसिलिंग हेतु रजिस्ट्रेशन कराने का अवसर सिर्फ काउंसिलिंग के प्रथम चरण में ही प्रदान किया जावेगा । प्रथम चरण की काउंसिलिंग में रजिस्ट्रेशन न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नहीं किया जावेगा । इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन/ दावा मान्य नहीं होगा ।
9.9 अभिलेख सत्यापन: अभ्यर्थी को एम.पी.आनलाइन में रजिस्ट्रेशन करते समय शासन द्वारा निर्धारित निम्नांकित 09 अभिलेख सत्यापन केन्द्रो में से सुविधा अनुसार किसी भी एक केन्द्र चुन कर अभिलेख सत्यापन... की दिनांक एवं समय का चयन करना आवश्यक होगा । इसी प्रकार स्वयं के द्वारा चुने अभिलेख सत्यापन केन्द्र में निर्धारित समय एवं तिथि पर अपने समस्त मूल दस्तावेजों एवं एक सेट छायाप्रति सहित उपस्थित होकर प्रारुप -01 अनुसार मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना होगा । अभिलेख सत्यापन केन्द्रों की सूची:-
स्थान
क सत्यापन केन्द्र का नाम
01
भोपाल
शासकीय (स्वशासी ) पं०खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान
02
भोपाल
शासकीय (स्वशासी )होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय 878( 15)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
भोपाल
03 शासकीय (स्वशासी )यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय
बुरहानपुर
04 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
ग्वालियर
05. शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
इन्दौर
06 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
07
जबलपुर
शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
रीवा
08 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
उज्जैन
09 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
9.10.1 रजिस्ट्रेशन के समय दी गई जानकारी (नीट आवेदन में दी गई जानकारी को छोड़कर) में यदि कोई त्रुटि हो गई हो अथव कमी रह गई हो तो उसे अभिलेख सत्यापन के समय सत्यापन केन्द्र पर सही कराया जा सकता है ।
9.10.02 सत्यापन केन्द्र पर अभ्यर्थी को कोई शुल्क जमा नहीं कराना होगा।सत्यापन निःशुल्क होगा । " अभ्यर्थी को प्रवेश काउंसिलिंग हेतु अभिलेख सत्यापन का अवसर सिर्फ काउंसिलिंग के प्रथम चरण में ही प्रदान किया किया जावेगा । प्रथम चरण की काउंसिलिंग में अभिलेख सत्यापन न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नहीं किया जावेगा । इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन /दावा मान्य नहीं होगा ।
9.11 संस्था का चयनः-
आवेदक को अपनी प्राथमिकता के अनुसार पाठ्यक्रमों/ संस्थाओं का क्रमानुसार चयन का विकल्प MP Online के पोर्टल अथवा Kiosk पर जाकर करना होगा । जिसका निर्धारित शुल्क 250/- रूपये (दो सौ पचास रूपये मात्र) MP Online के पोर्टल अथवा Kiosk को देय होगा (च्वाइस फिलिंग Kiosk के माध्यम से करने पर प्रिंट आउट चार्ज पृथक से देय नहीं होगा) । इस राशि की रसीद दी जावेगी । जिस में आवेदक द्वारा चयनित संस्थाओं की सूची दर्शित होगी । प्रथम बार के अतिरिक्त बाद में किये जाने वाले च्वाइस फिलिंग के लिए केवल 100/- रूपये शुल्क देना होगा ।
अभ्यर्थियों द्वारा पंजीयन के पश्चात् इन नियमों के नियम-8 के अनुसार घोषित प्रावीण्य सूची एम० पी० ऑनलाइन पर प्रदर्शित की जावेगी । अभ्यर्थी उक्त घोषित प्रावीण्य सूची के आधार पर ही संस्था का विकल्प चयन कर पायेंगे ।
9.12 आवंटनः- आवेदक आवंटन की निर्धारित तिथि पर MP Online पोर्टल अथवा Kiosk पर जाकर नीट का रोल नं० , जन्मतिथि एवं च्वाइस फिलिंग के समय परिवर्तित किया गया पासवर्ड डालकर अलाटमेंट लेटर प्राप्त कर सकता है ।
9.13 एम० पी० ऑनलाइन द्वारा सीट आवंटन के पूर्व, निम्नलिखित काउंसिलिंग समिति से अनुमोदन उपरान्त इन नियमों के अंतर्गत सीट अलॉटमेन्ट जारी करेगा:-
1/ प्रधानाचार्य शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय भोपाल
2/ प्रधानाचार्य शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल
3/ प्रधानाचार्य शासकीय (स्वशासी) यूनानी महाविद्यालय भोपाल मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878(16)
4/ शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालय भोपाल के प्रत्येक महाविद्यालय ... से 01-01 वरिष्ठ प्रोफेसर ।
5/ संचालनालय आयुष द्वारा नामांकित आरक्षित वर्ग का प्रतिनिधि जो कि प्रथम श्रेणी से कम स्तर का न हो ।
6/ संचालनालय आयुष के कॉलेज कक्ष के प्रभारी अधिकारी ।
: 7/-एम० पी० ऑनलाइन के अधिकृत अधिकारी /सचिव ।
उक्त समिति के कोई दो सदस्य लगातार काउंसिलिंग अवधि में संचालनालय आयुष में उपस्थित रहकर प्रवेश प्रक्रिया की निगरानी एवं सहयोग करेंगे ।
9.13.1 एम पी ऑनलाइन प्रत्येक चरण की काउंसिलिंग के पश्चात संवर्ग एवं प्रवर्गपार कट ऑफ मायर्स की सूची अल्फाबेटिकल क्रम में महाविद्यालयवार जारी करेगी ।
9.13.2 प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी जानकारी हेतु निम्न टेलिफोन नं० पर संपर्क कर सकते हैं-
0755-6720206 (एम.पी. ऑनलाइन) 0755-2552931 (संचालनालय आयुष), 0755-2970355 (शासकीय (स्वशासी) यूनानी महाविद्यालय , भोपाल) 0755-2970310 (शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल) 0755-2970360 (शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय भोपाल) (कार्यालयीन समय 10.30 a.m to05.30 p.m)
अभ्यथियों को सलाह दी जाती है कि काउंसिलिंग से संबंधित समस्त जानकारी हेतु वेबसाइट www.ayush.mp.gov.in , www.mponline.gov.in , www.ayush.mponline.gov.in का समय समय पर अवलोकन करते रहें ।
9.14 रिपोर्टिंग:-
आवेदक को महाविद्यालय आवंटित होने के बाद सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय जाकर मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना होगा । प्रवेश हेतु वांछित समस्त अभिलेख सही पाये जाने पर अपना नीट रोल नं० एवं पासवर्ड इंटर कर महाविद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराना होगा । ऐसा न करने की स्थिति में आवेदक का आवंटन स्वतः निरस्त हो जावेगा । 10.0 प्रवेश-
_अभ्यर्थी ऑनलाइन काउंसिलिंग के द्वारा पाठ्यक्रम एवं महाविद्यालय आवंटन के पश्चात्, अधिसूचित दिनांक एवं समय पर संबंधित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को अपनी उपस्थिति की सूचना देगा । 10.1 महाविद्यालय की प्रवेश समिति में दो वरिष्ठ शिक्षक तथा कम से कम दो आरक्षित प्रवर्ग के शिक्षक रहेंगे । यह समिति मूल दस्तावेजों का सत्यापन करेगी तथा यदि पात्र पाया जाए तो उम्मीदवार के पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुशंसा प्रधानाचार्य को करेगी ।
10.2पाठ्यक्रम में प्रवेश के उपरान्त उम्मीदवार के मूल अभिलेख जारीकर्ता अधिकारी से सत्यापन पश्चात् वापस किये जायेंगे ।
10.3 यदि कोई अभ्यर्थी उपस्थित होने की संसूचित दिनांक तक उपस्थित नहीं होता है अथवा उपस्थित होकर छोड़ देता है अथवा संस्था प्रमुख को पूर्व सूचित किये बिना लगातार 15 दिवस तक 878 (17)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
अनुपस्थित रहता है, तो उसका दावा समाप्त हो जावेगा तथा उसका आवंटन/ प्रवेश निरस्त हुआ समझा जावेगा।
10.4 अभ्यर्थी को अपनी चिकित्सकीय जांच करानी होगी एवं उसका प्रवेश तभी मान्य होगा जब वह चिकित्सकीय दृष्टि से फिट होगा ।
11. प्रवेश प्रक्रिया कार्यक्रम :-
1 ऑल इंडिया लेवल सेन्ट्रलाइज्ड काउंसिलिंग भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार संपन्न होगी ।
2 प्रथम काउंसिलिंग की तिथि
संचालनालय आयुष म.प्र. की वेबसाइट www.ayush.mp.gov.in व समाचार पत्रों के माध्यम से तिथि बाद में घोषित की जायेगी
यथासमय घोषित की जायेगी
3 सत्रारंभ तिथि
यथासमय घोषित की जायेगी
4 द्वितीय कांउसिलिंग
5 प्रवेश दिये जाने की अंतिम तिथि
भारत सरकार आयुष मंत्रालय नई दिल्ली/ सी०सी०आई०एम ०/ सी० सी० एच० द्वारा जारी निर्देश अनुसार ।
टिप्पणी:-
1- नियम 11 में दर्शाये कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन कांउसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम राज्य एवं राज्य के बाहर के मुख्य समाचार पत्रों में विज्ञापित किया जायेगा । यदि कार्यक्रम में कोई परिवर्तन किया जाता है तो उसे भी प्रदेश एवं बाहर के प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापित किया जायेगा । साथ ही संचालनालय आयुष, म.प्र. की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.in तथा www.ayush.mponline.gov.in पर भी सूचित किया जावेगा ।
2- यदि ऐसे किसी विद्यार्थी की पहचान होती है, जिसका प्रवेश अंतिम तिथि के पश्चात् हुआ हो तो ऐसे विद्यार्थी को उक्त पाठ्यक्रम से निकाल दिया जायेगा एवं/अथवा यदि उसे कोई भी आयुर्वेद, होग्योपैथी, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग शैक्षणिक योग्यता दी जा चुकी है तो यथास्थिति भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद एवं केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार उक्त योग्यता को मान्यता प्रदान नहीं की जावेगी ।
12. प्रदेश के शासकीय या निजी आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में भारत सरकार / राज्य शासन द्वारा यदि कोई सीट वृद्धि की अनुमति काउंसिलिंग के पूर्व प्राप्त हो जाती है अथवा किसी महाविद्यालय को काउंसिलिंग के मध्य में मान्यता / प्रवेश अनुमति प्राप्त होती है तो काउंसिलिंग चरण के च्वाइस फिलिंग होने के पूर्व दिनांक तक ही प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित किया जा सकेगा। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (18)
13. नियमों में संशोधन का अधिकारः-
राज्य सरकार प्रवेश के किसी नियम एवं प्रक्रिया को संशोधित करने का अधिकार रक्षित करती है । इन नियमों के निर्वचन और उनमें संशोधन के सबंध में किसी विवाद की दशा में राज्य सरकार का विनिश्चय अंतिम और सभी संबंधितों पर बाध्यकर होगा ।
14. महाविद्यालयों द्वारा उक्त शासकीय प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से किये गये प्रवेश मान्य नहीं होंगे ।
15. उक्त नियमों के अंतर्गत होने वाले प्रवेश आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली/ सी.सी.आई.एम./सी. सी.एच. नई दिल्ली अथवा आयुष विभाग म.प्र. शासन के उस प्रवेश दिनांक को प्रभावशील आदेशों/निर्देशों /नियमों के अधीन रहेंगे । पूर्व चरणों की काउंसिलिंग के आधार पर हुए प्रवेश उपरांत यदि संबंधित आदेश / नियम/ निर्देश में कोई परिवर्तन होते हैं तब वह आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु ही लागू होंगे ।
16. सक्षम प्रधिकारीः-
किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश एवं प्रवेश प्रक्रिया के संबन्ध में विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में प्रकरण के निराकरण हेतु आयुक्त/ संचालक, आयुष सक्षम प्रधिकारी होंगे, जिनका निर्णय अंतिम होगा ।
17. प्रवेश प्रक्रिया एवं नियमों में बदलाव का अधिकार राज्य शासन का होगा । उसकी सूचना संचालनालय आयुष की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी । इसे अलग से प्रकाशित नहीं किया जावेगा । अतः अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि संचालनालय आयुष की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.in तथा www.ayush.mponline.gov.in के सतत् संपर्क में रहें एवं अद्यतन स्थिति से अवगत रहें । किसी जानकारी के अभाव को मान्य नहीं किया जायेगा ।
18. किसी भी विवाद की स्थिति में मध्यप्रदेश राजपत्र में इन नियमों का प्रकाशित यह हिन्दी पाठ ही मान्य होगा ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
पंकज शर्मा, उपसचिव.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
Table- 1
- शासकीय ( स्वशासी ) आयुष महाविद्यालयों की फीस
फीस का मद
अन्यविवरण क्र.
होम्योपैथी
यूनानी
आयुर्वेद
35000.00
40000.00
1.
35000.00 प्रतिवर्ष
शिक्षण शुल्क
2500.00
प्रतिवर्ष
2500.00
1500.00
2. स्टूडेन्ट फण्ड (क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम शुल्क)
10000.00 10000.00
3.
10000.00
प्रवेश के समय एक बार सुरक्षा निधि
3000.00
4000.00 3000.00
4.
प्रवेश के समय एक बार शैक्षणिक यात्रा भ्रमण शुल्क
5000.00
10000.00
5. छात्रावास सुरक्षा निधि
प्रवेश के समय एक बार (छात्रवासी छात्रों के लिए )
20000.00
6. छात्रावास निवास शुल्क
प्रतिवर्ष (छात्रावासी छात्रों के लिए)
प्रत्येक स्वशासी संस्थाके नियमानुसार
देखे नियम
7.1
प्रतिभूति निक्षेप
7.
नोट- उक्त फीस संरंचना प्रवेश के समय प्रत्येक अभ्यर्थी पर लागू होगी साथ ही महाविद्यालय की कार्यकारिणी समिति द्वारा समय समय पर अनुमोदित अन्य शुल्क व संशोधन लागू होंगे ।
2- निजी आयुष महाविद्यालयों की फीस
म.प्र. निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्था प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क निर्धारण अध्यादेश 2007 के अंतर्गत गठित प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति द्वारा निर्धारित फीस देय होगी , जिसे समिति की बेवसाइट www.afrcmp.org पर देखा जा सकता है तथा निजी विश्वविद्यालयों के निजी महाविद्यालय की फीस म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ( www.mpnvva.in ) अनुसार देय होगी ।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश हेतु विकल्प चयन ( choice lock) करने के पूर्व महाविद्यालयों की फीस एवं अन्य शुल्क के बारे में महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से एवं उक्त वेबसाइट से भलीभांति जानकारी प्राप्त कर लें । तत्पश्चात ही विकल्प चयन करें । महाविद्यालय आवंटित होने के पश्चात यह समझा जाएगा कि अभ्यर्थी संबंधित महाविद्यालय की फीस संरचना से सहमत है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (20)
प्रारूप-1
नियम-9.5
प्रमाण पत्र, अभिलेखों की अभिलेख सत्यापन, कॉउसिलिंग, आवंटन संबंधी प्रफ्त्र
(उम्मीदवार द्वारा भरा जावे)
मैं घोषणा करता / करती हूँ कि मैनें मध्यप्रदेश स्नातक प्रवेश नियम भलीभांति पढकर समझ लिये हैं । तत्पश्चात् ही नियमों में दिये गये प्रावधानों के अधीन कॉउसिलिंग , में भाग ले रहा/ रही हूं । कॉउसिलिंग, में भाग लेने के लिए आज दिनांक को निम्न जानकारी मूल प्रमाण पत्र एवं मूल अभिलेख प्रस्तुत कर रहा / रही हूँ । यदि वांछित जानकारी नियमानुकूल नहीं है अथवा असत्य है अथवा अधूरी है, आवश्यकतानुसार नहीं है तो मुझे कॉउसिलिंग में भाग लेने से वंचित कर दिया जाए । किन्हीं कारणों से आवंटन या प्रवेश प्राप्त हो भी जाता है तो मेरा आवंटन या प्रवेश कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर दिया जाए-
1. नीट परीक्षा 2020 का रोल नं. :..
:
2. मेरिट प्रतीक्षा सूची क्रमांक
3. नीट परीक्षा में प्राप्तांक
4. पूरा नाम
5. माता/पिता/अभिभावक का पूरा नाम.....
6. पता:
टेली./ मो. नं...
6.1 श्रेणी (अनारक्षित / अनुसूचित जनजाति / अनुसूचित जाति / अन्य पिछड़ा वर्ग).....
6.2 संवर्ग (सैनिक / स्वतंत्रता सैनानी / विकलांग / महिला/ओपन) :
7. मूल प्रमाणपत्र अभिलेख जो प्रस्तुत कर रहे है , उनके सामने सही ( ✓ ) का चिन्ह लगायें ।
1.
नीट परीक्षा की अंकसूची ।
2.
अर्हकारी परीक्षा की मूल अंकसूची ।
3.
आरक्षित / संवर्ग हेतु निर्धारित प्रारूप में स्थाई जाति प्रमाणपत्र ।
Book No.
Date
Place
Disp. No.
IssuingAuthority
4.
जन्मतिथि संबंधी कक्षा 10वी की अंकसूची A DD MM
5. चरित्र प्रमाणपत्र ।
6.
यदि अध्ययन के दौरान कक्षा बारहवीं के बाद अंतराल हुआ हो तो नोटरी द्वारा गैप सर्टिफिकेट 7.
मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र ।
Dt. ofissue
Place
No.
IssuingAuthority
8. अंतिम संस्था में अध्ययनरत रहने का टी.सी.
9.
वर्तमान आय प्रमाण-पत्र निर्धारित प्रारूप में । (
)
10.
संस्था प्रमुख का मूल दस्तावेज जमा होने संबंधी प्रमाण पत्र , सूची सहित । (यदि लागू हो तो)
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर, दिनांक पूरा नाम 878(21)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
अभिलेख सत्यापन (सूक्ष्म जॉच समिति द्वारा भरा जावे)
मेरेद्वारा समिति को उपलब्ध कराये मूल प्रमाण पत्रों, अभिलेखों (1-10) की जांच की गई । प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति के 01 सेट रिकार्ड हेतु जमा करा लिये गये हैं । प्रमाण- पत्रों पर पाई गई कमियों को ऊपर उल्लेखित किया गया है ।
सदस्य अभिलेख सत्यापन समिति (नाम पदनाम हस्ताक्षर, (दिनांक) परीक्षणोपरांत उम्मीदवार कॉउसिलिंग में भाग लेने के लिए पात्र है अथवा निम्न प्रमाण पत्र एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने के कारण अथवा अन्य कारणों के लिये पात्र नहीं हैं । से कॉउसिलिंग में भाग लेने
अध्यक्ष, अभिलेख सत्यापन समिति (हस्ताक्षर, दिनांक नाम एवं पदनाम.)
प्रारूप- 1-अ
शपथ पत्र
उम्र. दिनांक.. मैं/ आत्मज / आत्मजा श्री.... ...निवासी.. आज ...को शपथ पूर्वक घोषणा करता / करती हूँ कि मेरे द्वारा आनलाईन काउंसिलिंग में लिये गये निर्णय से मैं बचनबद्ध रहूँगा / रहूँगी ।
आवंटित संस्था में प्रवेश समय सीमा में लेकर मैं नियम पुस्तिका में दिये गये नियमों का पालन करूगाँ/ करूंगी ।
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर
1. गवाह के हस्ताक्षर
दिनांक..
दिनांक
नाम...
नाम...
पूरा पता..
पूरा पता..
2. गवाह के हस्ताक्षर
टेलिफोन./मोबाईल नं..
दिनांक...
पूरा पता..
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878(22)
प्रारूप-2
नियम-5.2 मिलेट्री पर्सन संवर्ग (एस) हेतु प्रमाण पत्र
भाग (अ)
भूतपूर्वसैनिक /मृत प्रतिरक्षा कर्मचारी/ स्थायी रूप से विकलांग प्रतिरक्षा कर्मचारी
संदर्भ क्रमांक
यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री / श्रीमती. द्वारा संचालित (परीक्षा का नाम) वर्ष दिनांक जो एन. टी. ए. ......के आधार पर (पाठ्यक्रम का नाम) के पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्मीदवार श्री/ कुमारी.. पिता/ माता हैं ।
थल सेना/ वायुसेना/ नौसेना के/ की एक भूतपूर्व सैनिक है, सेवानिवृत्त/ सेवामुक्ति के समय वे अ- ..पद पर थे/ थी, उनका सर्विस क्रमांक था ।
अथवा
ब- उन्होंने थल सेना/वायुसेना/ नौसेना में........ पद पर सर्विस क्रमांक..... के अधीन सेवा की है , सेवा के दौरान वे स्थायी रूप से विकलांग हो गये हैं/ सेवा के दौरान उनकी मृत्यु वर्ष... में हो चुकी है ।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के हस्ताक्षर दिनांक.
(कार्यालय सील)
नियम-5.2
प्रारूप-2
भाग (ब)
मध्यप्रदेश में/ मध्यप्रदेश के बाहर अन्य राज्य में कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी
दिनांक .
संदर्भ क्रमांक....
जो एन.
यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/ श्रीमती टी. ए. द्वारा संचालित (परीक्षा का नाम) ..वर्ष.. ...के आधार पर (पाठ्यक्रम का नाम) ...पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये उम्मीदवार श्री/ कुमारी .. के ओहदे पर सर्विस के अधीन कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी है और वे मध्यप्रदेश में स्थित प्रतिरक्षा इकाई में पदस्थ है अ- के पिता/ माता हैं । थलसेना/ वायुसेना/नौसेना में क्रमांक.. । वे इस इकाई में दिनांक से सेवारत है ।
अथवा
वे थलसेना/वायुसेना /नौसेना में क्रमांक.. ..के अधीन कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी है और वे मध्यप्रदेश राज्य के बाहर स्थित प्रतिरक्षा इकाई में पदस्थ है । के ओहदे पर सर्विस
हस्ताक्षर : ऑफिसर कमांडिंग..
स्थान..
(कार्यालय सील)
दिनांक.
878(23)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
नियम-5.2
प्रारूप-2 भाग(स)
भूतपूर्व सैनिक द्वारा स्थायी रूप से मध्यप्रदेश में व्यवस्थापित होने संबंधी प्रमाण- पत्र संदर्भ क्रमांक .....
दिनांक..........
मेरे समक्ष प्रस्तुत किये गये प्रमाण पत्र के आधार पर प्रमाणित किया जाता है कि श्री/श्रीमती/ कुमारी (उम्मीदवार का नाम....... नाम).. ...वर्ष.. तहसील जिला जो एन. टी. ए. द्वारा संचालित (परीक्षा का के आधार पर (पाठ्यक्रम का नाम) (स्थान) ..में व्यवस्थापित हो गये हैं । ....पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये उम्मीदवार हैं, वे
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के हस्ताक्षर स्थान........
दिनांक..
(कार्यालय सील)
प्रारूप-3
नियम-5.3
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग हेतु प्रमाण पत्र
दिनांक............
संदर्भ क्रमांक .........
श्री ..एवं श्रीमती (माता) के ..स्वतंतत्रता संग्राम ..के /की वैध (Legitimate ) पुत्र/ पुत्री है । 1- यह प्रमाणित किया जाता है कि उम्मीदवार.. (पिता).. पुत्र/पुत्री है। श्री/ श्रीमती.. सैनानी श्री..
2- श्री/ श्रीमती.. के जिला.. ;त्महपेजमतद्ध में क्रमांक .. (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाम ) का नाम मध्यप्रदेश (जिला का नाम ) में संधारित ( Maintained ) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पंजी पर पंजीकृत है ।
हस्ताक्षर : कलेक्टर
स्थान:
दिनांक.
(कार्यालय की स्पष्ट मोहर ) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (24)
नियम 5.5
प्रारूप-4 भाग (अ)
स्थायी अनुसूचित जनजाति/ अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र
कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (प्रमाणीकरण)
जिला
अनुभाग..
मध्यप्रदेश पुस्तक क्रमांक......
प्रमाण पत्र क्रमांक.........
प्रकरण क्रमांक..
स्थाई जाति प्रमाण – पत्र
यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/ श्रीमती / कुमारी..
पिता/ पति का नाम........ वि.ख.. ..तहसील... ...निवासी ग्राम....... ...जिला.. ...संभाग...... अनुसूचित जनजाति / जाति का/ की सदस्य हैं और इस अनुसूचित जनजाति / जाति को संविधान के अनुच्छेद 341/342 के अधीन मध्यप्रदेश राज्य के संबंध में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है और यह जाति/जनजाति अनुसूचित जाति एवं जनजाति (संशोधन) पर अंकित है । अतः अधिनियम 1976 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश की सूची में अनुक्रमांक.. अनुसूवित जनजाति/ जाति श्री/ श्रीमती / कुगारी.. पिता/ पति का नाम......... का/की है ।
2- प्रमाणित किया जाता है कि आवेदक श्री/ श्रीमती/ कुमारी.. कुल वार्षिक आय रूपये... दिनांक.. है । के परिवार की
हस्ताक्षर प्रमाणीकरण अधिकारी का नाम पदनाम/सील
टिप्पणी (1 ) अनुसूचित जाति का अर्थ है संविधान के अनुच्छेद 341 के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट मध्यप्रदेश राज्य से संबंधित अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति का अर्थ है संविधान के अनुच्छेद 342 के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट मध्यप्रदेश राज्य से संबंधित जनजाति ।
(2) केवल निम्नलिखित अधिकारियों द्वारा जारी किये गये प्रमाण- पत्र मान्य होंगे:-
(अ) कलेक्टर/ अतिरिक्त कलेक्टर /डिप्टी कलेक्टर / एस.डी.ओ. (अनुविभागीय अधिकारी) उप- संभागीय मजिस्ट्रेट / सिटी मजिस्ट्रेट (ब ) तहसीलदार (स) नायब तहसीलदार (द) परियोजना प्रशासक / अधिकारी , वृहद / मध्यम/ एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना/ उपखंड अधिकारी ।
नोटः- यह प्रमाण पत्र उपरोक्त में से किसी भी एक अधिकारी द्वारा नियत जॉच एवं आत्म संतुष्टि के पश्चात् ही जारी किया जावें, न कि उम्मीदवार के अभिभावक द्वारा दिये गये शपथ पत्र के आधार पर और न ही स्थानीय निकायों के सदस्यों द्वारा जारी किये गए प्रमाण पत्र के आधार पर । 878(25)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
नियम-5.5
प्रारूप-4 भाग (ब)
म.प्र. की अन्य पिछड़े वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) श्रेणी के आरक्षित स्थानों पर प्रवेश के लिए प्रस्तुत किये जाने वाले प्रमाण पत्र का प्रारूप ।
स्थाई प्रमाण पत्र
कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी (प्रमाणीकरण )
संदर्भ क्रमांक...
दिनांक. निवासी / ग्राम यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री / कु. (परीक्षार्थी का नाम) ...आत्मज श्री.... जिला / संभाग... मध्यप्रदेश के निवासी हैं जो जाति के हैं, जिसे पिछड़ा वर्ग के रूप में मध्यप्रदेश शासन , आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछडा वर्ग कल्याण विभाग की अधिसूचना क्र. एफ-8-5/ पच्चीस/4/84 , दिनांक 26 दिसम्बर, 1984 द्वारा अधिमान्य किया गया है ।
श्री.. (पिता का नाम ) क्रीमीलेयर (संपन्न वर्ग) व्यक्तियों / वर्गो की श्रेणी में नहीं आते हैं, इसका उल्लेख भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के परिपत्र क्रमांक 360/2/22/93 स्था. (एस.सी.टी. ) दिनांक 8.9.93 द्वारा जारी सूची के कॉलम-3 में तथा मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञापन क्रमांक एफ-7-16 / 2000 /1 / आफ्र दिनांक 6 जुलाई, 2003 की अनुसूची अनुक्रमांक-6 आय / सम्पति आंकलन भाग (क) संशोधित कॉलम (3 ) में किया गया है ।
प्रमाणीकरण अधिकारी का नाम पदनाम (सील) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878(26)
प्रारूप-5
नियम-6
स्थानीय निवासी प्रमाण- पत्र प्राप्त करने के लिये आवेदन- पत्र का प्रारूप
प्रति,
नायब हसीलदार/ तहसीलदार
तहसील
जिला.
विषयः- स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र जारी करने बाबत् ।
महोदय/ महोदया,
मेरे बारे में विवरण निम्नानुसार है मेरे द्वारा संपादित शपथ - पत्र संलग्न है । यह निवेदन है कि मुझे मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र प्रदाय करने का कष्ट करें :-
1- मेरा नाम
2- पिता/ पति का नाम
3- जन्मतिथि
: मकान नं.०..
मोहल्ला....
4- निवास का पूरा पता
ग्राम/ शहर का नाम.......
तहसील..
...जिला..
* 5- मेरी पत्नी का विवरण
: नाम..
...आयु... ...वर्ष..
(1 ) नाम
* 6- मेरे अवयस्क पुत्र/ पुत्रियों का विवरण
पुत्र/पुत्री, आयुवर्ष..
:(2)नाम..
..पुत्र/पुत्री, आयुवर्ष
(3)नाम..
पुत्र/पुत्री, आयुवर्ष
संलग्नः- शपथ-पत्र
(मुझे इस तथ्य का पूर्ण ज्ञान/ जानकारी है कि शपथ- पत्र में असत्य तथ्य वर्णित करना भारतीय दंड संहिता ( आई ०पी० सी०) की धारा 193 के अधीन तीन वर्ष तक के कारावास एवं अर्थदंड से दण्डनीय है)
हस्ताक्षर--
आवेदक का नाम
* लागू न होने की स्थिति में काट दें/ वर्णित न करें
पावती
कार्यालय नायब तहसीलदार/तहसीलदार, टप्पा/ तहसील.. ...जिला..
श्री/श्रीमती..
के द्वारा प्रस्तुत स्थानीय निवासी का प्रमाण- पत्र का आवेदन आज दिनांक... को प्राप्त हुआ ।
हस्ताक्षर प्राप्तकर्ता
मय सील 878(27)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
प्रारूप-6
नियम-6
फोटो
स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र
शपथ-पत्र
अभिप्रमाणित
...आत्मज / पति श्री
आयु (लगभग) वर्ष शपथपूर्वक कथन करता / करती हूं कि-
1. मैं वर्तमान में में निवासरत हूं ।
2. मेरी पत्नी का नाम श्रीमती..
..एवं उम्र (लगभग)... ..वर्ष है ।
3. मेरेअवयस्क पुत्र/ पुत्री
आयु. (लगभग).
(1) श्री/ कु ०.. आयु. (लगभग). वर्ष.... (2) श्री/ कु०.. वर्ष
वर्ष..
...आयु. (लगभग).
(3)श्री/कु०.
4. (यहां मध्यप्रदेश शासन के ज्ञाप क्रमांक सी-3/17/1 /3 / 2011 दिनांक 20.12.2011 में वर्णित निर्देश के अंतर्गत आवेदक पात्रता कीनिम्न में से जिन- जिन श्रेणियों में आता है उनका विवरण अंकित करें)
(1) मैं, मध्यप्रदेश के मकान नं. मोहल्ला... ग्राम . तहसील...... जिला में वर्ष में पैदा हुआ / हुई हूं । मैने संस्था... ग्राम/शहर.. ..तहसील.. तक शिक्षा प्राप्त की है ।
जिला..... में वर्ष से वर्ष (2) मैं मध्यप्रदेश में ग्राम / मोहल्ला....... ..शहर.. ...तहसील...... जिला..
में विगत 15 वर्ष से निवासरत हूं । (आवेदक मध्यप्रदेश में कम से कम 15 वर्ष से निरंतर निवासरत हो । यदि 15 वर्ष की अवधि में एक से अधिक स्थानों पर निवासरत रहे तो कब से कब तक कहां - कहां निवासरत रहें इसका पूर्ण विवरण अंकित किया जाये)
भू-खण्ड/ मकान है । मैं
...में निरंतर निवासरत हूं और मेरे नाम से ग्राम/ शहर में सर्वे नं (3) मैं मध्यप्रदेश में पिछले 10 वर्षों से ग्राम/ मोहल्ला..... जिल्ला........ ..तहसील... रकबा ....... ...उद्योग / व्यवसाय करता हूँ । मेरा टिन नम्बर/ पेन नंबर है ।
...नामक संस्था/ निगम / मण्डल / आयोग में...
(4) मैं राज्य शासन की सेवा में वर्तमान में पद का नाम पदस्थ हूं/ से सेवानिवृत्त हुआ हूं । (5) मैं मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत स्थापित कार्यालय का नाम ...... ...विभाग का नाम....... के पद पर ..पद पर/ से... ...कार्यालय में/ से सेवारत/सेवानिवृत्त कर्मचारी हूं ।
(कार्यरत/ सेवानिवृत्त पद के नाम के साथ कार्यरत कार्यालय/ जिस कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए है उसका पूर्ण विवरण दे) में मैं केन्द्र शासन के विभाग.. के पद पर
तहसील जिला (6) कार्यालय.. होकर कार्यरत हूं । के पद पर वर्ष से पदस्थ (कार्यरत पद का नाम एवं कार्यालय का विवरण तथा पता)
(7) मैं अखिल भारतीय सेवाओं के मध्यप्रदेश राज्य को आवंटित ( आवंटन वर्ष कार्यालय /मंत्रालय ... अधिकारी हूं। में पदस्थ हूं/से सेवानिवृत्त हुआ हूं। (कार्यरत/सेवानिवृत्त कार्यालय का पूर्ण विवरण , कार्यरत पद का नाम )
(8) मैं मध्यप्रदेश में संवैधानिक/ विधिक पद... (पूर्ण विवरण दिया जाए ) (पदनाम) पर महामहिम राष्ट्रपति/ महामहिम राज्यपाल द्वारा नियुक्त हूं ।
हस्ताक्षर
शपथग्रहीता
सत्यापन
...वर्ष...
मैं
निवाझी. ...आत्मज / पति श्री..... सत्यापन करता / करती हूं कि शपथपत्र की कंडिका... आयु ..... लगायत में उल्लेखित जानकारी मेरे निजी ज्ञान एवं विश्वास के आधार पर सत्य है । इसमें न कोई तथ्य छुपाया गया है और न ही असत्य तथ्य अंकित किया गया है ।
सत्यापन आज दिनांक..
को स्थान
में किया गया ।
हस्ताक्षर
शपथग्रहीता (जो लागू हो केवल उसी का उल्लेख शपथ- पत्र में किया जाए ) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (28 )
प्रारूप 6.1.
परिशिष्ट-एक स्थानीय निवासी हेतु स्व प्रमाणित घोषणा पत्र (अस्टाम्पित कागज पर)
फोटो स्वप्रमाणित
आयु
आत्मज/ पति. श्री लगभग वर्ष शपथपूर्वक कथन करता/ करती हूँकिः-
1. मैं वर्तमान में में निवासरत हूँ ।
2. मेरी पत्नी का नाम श्रीमती एवं आयु (लगभग) वर्ष है । 3. मेरेअवयस्क पुत्र/ पुत्री-
1- श्री/कु. आयु (लगभग) वर्ष है ।
2- श्री/कु आयु (लगभग) वर्ष है । 4. (यहाँ मध्यप्रदेश शासन के ज्ञापन क्रमांक सी-3-7-2013-3- एक, दिनांक 25 सितम्बर 2014 में वर्णित निर्देश के अंतर्गत आवेदक पात्रता की निम्न में से जिन-जिन श्रेणियों में आता है उनका विवरण अंकित करें).
मोहल्ला
ग्राम
1- मैं , मध्यप्रदेश के मकान नंबर
जिला
तहसील
2- मैं , मध्यप्रदेश में ग्राम/ मोहल्ला
में वर्ष शहर में पैदा हुआ हुई हूँ। ..तहसील जिला मेंविगत 10 वर्ष से निरंतर निवासरत हो । यदि 10 वर्ष की अवधि में एक से अधिक स्थानों पर निवासरत रहे तो कब से कब तक कहाँ- कहाँ निवासरत रहे इसका पूर्ण विवरण अंकित किया जाये ।)
विभाग कानाम
3- मैं, राज्य शासन की सेवा में वर्तमान में पद का नाम कार्यालय का नाम के पद पर पदस्थ हूँ से सेवानिवृत्त हुआ हूँ।
4- मैं, मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत स्थापित पद पर नामक संस्था/ निगम /मण्डल / आयोग में ... ...कार्यालय में सेवारत / सेवानिवृत्त कर्मचारी हूँ। (कार्यरत/ सेवानिवृत्त पद के नाम के साथ कार्यरत कार्यालय /जिस कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए उसका पूर्ण विवरण दें ।) 5- मैं, केन्द्र शासन के
कार्यालय तहसील विभाग में जिला के पद पर के पद पर 10 वर्ष से पदस्थ होकर कार्यरत हूँ ।
...पद पर .........
बैच) अधिकारी हूँ । कार्यालय/ मंत्रालय 6- मैं, अखिल भारतीय सेवाओं के मध्यप्रदेश राज्य को आवंटित (आवंटन वर्ष
में पदस्थ हूँ से सेवानिवृत्त हुआ हूँ । (कार्यरत/ सेवानिवृत्त कार्यालय का पूर्ण विवरण कार्यरत पद का नाम)
7- मैं, मध्यप्रदेश में संवैधानिक/ विधिक
पद पर महामहिम राष्ट्रपति / महामहिम राज्यपाल द्वारा नियुक्त हूँ।
(पद, कार्यालय का पूर्ण विवरण दिया जाये )
8- मैं, भूतपूर्व सैनिक हूँ तथा मैंने मध्यप्रदेश में 05 वर्षों तक (अवधि मध्यप्रदेश में पहले से ही निवासरत है । ( इसकी पुष्टि हेतु सैनिक कल्याण, संचालनालय का प्रमाण-पत्र निवास किया है /अथवा मेरे परिजन
संलग्न करें। )
हस्ताक्षर
सत्यापन
निवासी
मैं. आत्मज/ पति श्री आयु वर्ष, सत्यापन करता/ करती हूँ कि घोषणा- पत्र की कण्डिका1/2/3/4/5/6/7/8 में उल्लेखित जानकारी मेरे निजी ज्ञान एवं विश्वास के आधार पर सत्य है । इसमें न कोई तथ्य छुपाया गया है और न ही असत्य तथ्य अंकित किया गया है । मुझे यह ज्ञान है कि मेरे द्वारा असत्य या भ्रामक जानकारी देने पर मेरे विरूद्ध आपराधिक / दण्डात्मक कार्यवाही की जा सकेगी । साथ ही मुझे प्राप्त समस्त लाभ भी वापस लिये जायेंगे ।
सत्यापन आज दिनांक वर्ष..........को स्थान में किया गया।
हस्ताक्षर (जो लागू हो केवल उसी उल्लेख घोषणा-पत्र में किया जावें) 878(29)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
प्रारूप-7
नियम-6
कार्यालय नायब तहसीलदार / तहसीलदार
जिला
टप्पा / तहसील.......
दिनांक.
वर्ष
प्र.क्र.
स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र
यहाँ आवेदक का
पासपोर्ट साईज
काफोटो लगाया
जाए जो प्राधिकृत
कि श्री/ श्रीमती/कु.
प्रमाणित किया जाता है पिता/ पति
तहसील ...जिला निवासी (मध्यप्रदेश) , राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र जारी किये जाने के लिए प्रभावशील ज्ञाप दिनांक कंडिका क्रमांक की पूर्ति करने के फलस्वरूप मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी है । में निर्धारित मापदण्ड की * 2. प्रमाणित किया जाता है कि मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक दिनांक के अधीन आवेदक द्वारा दिए विवरण अनुसार आवेदक की पत्नी / अवयस्क बच्चे जिनका विवरण नीचे वर्णित है , मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी है -
आयुवर्ष है ।
(1 ) आवेदक की पत्नी का नाम.....
(2) आवेदक के अवयस्क पुत्र/ पुत्री (1 ).. ...आयु.. वर्ष
(2).. वर्ष
(3 ). ...आयु.. वर्ष
(4).. ...आयु.. वर्ष
टीपः- यह प्रमाण-पत्र जाति निर्धारण के लिये जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण- पत्र की जांच में साक्ष्य हेतु विचारार्थ ग्राह्य नहीं होगा ।
(आवेदक द्वारा प्रस्तुत शपथ- पत्र के आधार पर जारी)
ह० तहसीलदार/ नायब तहसीलदार
तहसील .
जिला.....
* जो लागू हो काट दें । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878(30)
महाविद्यालय पुनराबंटन हेतु
अनापत्ति प्रमाण पत्र
प्रधानाचार्य,
(सम्बन्धित महाविद्यालय का नाम)
*
विषय:- पाठ्यक्रम में पुनर्नावंटन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र बावत्।
मेरे द्वारा छम्म 2019 में उत्तीर्ण होकर प्रवर्गसंवर्ग . मेरिट क्र० पर शासकीय काउन्सिलिंग में सीट आवंटित करवाकर आपके महाविद्यालय में अध्ययनरत हूँ । के आधार छम्मर 2020 के नियमानुसार मैं आगामी काउन्सिलिंग में ..पाठ्यक्रम से..... पाठ्यक्रम के लिए पुनराबंटन चाहता/ चाहती हूँ। अतः अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का कष्ट करें । मेरे मूल दस्तावेज आपके महाविद्यालय में जमा है । इस बावत भी पुष्टि करने का कष्ट करें ।
हस्ताक्षर
नाम प्रार्थी
पिता/ अभिभावक का नाम
छम्ज2020 रोल नं०...
कार्यालय प्राचार्य
आयुक्त आयुष, मध्यप्रदेश भोपाल ।
दिनांक..
श्री/कु आत्मज/ आत्मजा श्री ..इस महाविद्यालय में छम्म2019 की काउन्सिलिंग के आधार पर आयुर्वेद / होम्योपैथी/ यूनानी/योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पाठ्यक्रम में अध्ययनरत् है । छात्र / छात्रा के मूल दस्तावेज इस महाविद्यालय में जमा हैं . जो निम्नानुसार है:-
..पाठ्यक्रम से पाठ्यक्रम में पुनर्नावंटन किये जाने पर इस महाविद्यालय को कोई आपत्ति नहीं हैं ।
महाविद्यालय की सील प्रधानाचार्य/ प्राधिकृत अधिकारी महाविद्यालय , 878(31)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
1.
प्रारुप-8 (ब)
पाठ्यक्रम में पुर्नावंटन हेतु
अनापत्ति प्रमाण पत्र
प्राचार्य,
(सम्बन्धित चिकित्सा महाविद्यालय का नाम):
विषय:- महाविद्यालय पुनर्नावंटन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र बावत्।
मेरे द्वारा NEET - 2020 में उत्तीर्ण होकर श्रेणी संवर्ग.. ..मेरिट क्र० अध्ययनरत हूँ । के आधार पर शासकीय काउन्सिलिंग में सीट आवंटित करवाकर आपके महाविद्यालय में छम्मङ.2020 नियमानुसार मैं आगामी काउन्सिलिंग में महाविद्यालय के लिए पुनओवंटन चाहता/ चाहती हूँ । अतः अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का कष्ट करें । मेरे मूल दस्तावेज आपके महाविद्यालय में जमा है । इस बावत भी पुष्टि करने का कष्ट करें ।
हस्ताक्षर
नाम प्रार्थी
पिता/अभिभावक का नाम
कार्यालय प्राचार्य
(महाविद्यालय का नाम)
दिनांक.
आयुक्तआयुष
मध्यप्रदेश भोपाल ।
श्री/कु
आत्मज इस महाविद्यालय में NEET-2020 की काउन्सिलिंग के आधार पर इस संस्था में पाठ्यक्रम में अध्ययनरत् है । छात्र /छात्रा के मूल दस्तावेज इस महाविद्यालय में जमा हैं जो निम्नानुसार है:- पुर्न आवंटन किये जाने पर इस महाविद्यालय को कोई आपत्ति नहीं हैं ।
महाविद्यालय की सील प्रिन्सिपल / प्राधिकृत अधिकारी
महाविद्यालय..
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
878(32)
प्रारूप 9-अ
आय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिये आवेदन-पत्र
प्रति,
तहसीलदार/ नायब तहसीलदार,
विषयः- आय प्रमाण- पत्र जारी करने बाबत् ।
महोदय/महोदया,
मुझे आय प्रमाण-पत्र की आवश्यकता है । मेरे बारे में विवरण निम्नानुसार है:-
1- मेरा नाम
2- पिता/ पति का नाम -
3- निवास का पूरा पता :-
4- संलग्न शपथ-पत्र अनुसार समस्त स्त्रोतों से मेरी/ मेरे परिवार' की वार्षिक आय:-.
(मुझे इस तथ्य का पूर्ण ज्ञान/ जानकारी है कि शपथ- पत्र में असत्य तथ्य वर्णित करना भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) की धारा 193 के अधीन तीन वर्ष तक के कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डनीय है)
हस्ताक्षर...............
आवेदक का नाम (
) ( परिवार से आशय पति / पत्नि एवं अवयस्क बच्चे हैं । )
कार्यालय तहसीलदार/ नायब तहसीलदार टप्पा/ तहसील जिला..
पावती
श्री/ श्रीमती..
को प्राप्त हुआ । के आय प्रमाण हेतु आवेदन आज दिनांक .
हस्ताक्षर प्राप्तकर्ता मय सील 878(33)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
प्रारूप-9-ब
कार्यालय तहसीलदार / नायब तहसीलदार
जिला..
टप्पा/ तहसील.
दिनांक.
प्र.क्र. /बी-121 /वर्ष......
आय प्रमाण- पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि आवेदक श्री/ श्रीमती/ कु० . पिता/ पति.. ...निवासी... ..तहसील.... जिला. (शब्दों में.. ..मध्यप्रदेश , की/ के परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय रूपये..
(आवेदक द्वारा प्रस्तुत शपथ- पत्र के आधार पर जारी)
तहसीलदार / नायब तहसीलदार
तहसील.
...जिला...... सील
प्रारूप 9-स
परिशिष्ट-एक
आय बावत स्व प्रमाणित घोषणा-पत्र
(सादे कागज पर)
मैं आत्मज श्री आयुवर्ष शपथपूर्वक कथन करता/ करती हूँकिः-
1. मैं वर्तमान में
2. मेरेनाम ग्राम में निवासरत हूँ । शब्दों मे में हेक्टेयर / एकड़ कृषि भूमि है, जिससे मुझे रूपये ..की वार्षिक आय होती है ।
3. मेरा व्यवसाय शब्दों में ...है । है। .........है . इससे मुझे वार्षिक आय रूपये
शब्दों में
4. गृह सम्पत्ति से मेरी वार्षिक आय रूपये
5. मेरे परिवार में निम्नानुसार सदस्य हैः-
3..
2
4 5. (परिवार से आशय पति/ पत्नी / अवयस्क पुत्र/पुत्री/ आश्रित माता या पिता से है) 6. मेरे परिवार के उक्त समस्त सदस्यों की कुल वार्षिक आय रूपये शब्दों में
है ।
7. मैने इस शपथ- पत्र के पूर्व कोई आय प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं किया है/ शपथ- पत्र प्रस्तुत नहीं किया है ।
अथवा
8. मैने इस शपथ-पत्र के पूर्व लगभग
रूपये वार्षिक का प्राप्त किया / दिया था । मेरी आय अब परिवर्तित हो गई है । अतः परिवर्तित आय राशि समय पूर्व एक आय प्रमाण- पत्र / शपथ- पत्र राशि वार्षिक का आय शपथ-पत्र प्रस्तुत किया जा रहा है ।
(बिन्दु क्रमांक 7 एवं 8 में जो लागू न हो उसे काट दें)
हस्ताक्षर
सत्यापन
वर्ष, निवासी
में किया गया ।
मैं. आत्मज/ पति श्री आयु सत्यापन करता/ करती हूँ कि शपथ- पत्र की कण्डिका 1 से 8 तक में उल्लेखित जानकारी मेरे निजी ज्ञान एवं विश्वास के आधार पर सत्य है । इसमें न कोई तथ्य छुपाया गया है और न ही असत्य तथ्य अंकित किया गया है । मुझे यह ज्ञान है कि मेरे द्वारा असत्य या भ्रामक जानकारी देने पर मेरे विरूद्ध आपराधिक / दण्डात्मक कार्यवाही की जा सकेगी । साथ ही मुझे प्राप्त समस्त लाभ भी यापस लिये जायेंगे । सत्यापन आज दिनांक वर्ष.. को स्थान
हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (34)
फोटो
सीट लीविंग बॉड
(रूपये 250/- के नॉन ज्यूडिशियल स्टॉम्प पर निष्पादित कर नोटरी द्वारा सत्यापित किया जावे ।) मध्यप्रदेश के शासकीय / स्वशासी आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेशार्थियों द्वारा निष्पादित किये जाने वाले सीट लीविंग बॉड का प्रारूप
1- मै.,
पुत्र/पुत्री/पत्नी श्री
निवासी ...चिकित्सा महाविद्यालय में स्नातक
...मध्यप्रदेश के
पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी हूँ ।
शासकीय मैने-मध्यप्रदेश शासन, आयुष विभाग के 2-
(स्वशासी) आयुर्वेद / होम्योपैथी / यूनानी महाविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश नियम 2020 को भलीभांति पढ़ लिया है ।
3- मैं सामान्य/ आरक्षित श्रेणी की/ का छात्रा/छात्र हूँ।
मै एतद् द्वारा यह बंधपत्र निम्न शर्तों पर निष्पादित करती / करता हूँ कि: - 4-
(1) यह कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा समय- समय पर दिए जाने वाले निर्देशों/ अनुदेशों का पालन करने हेतु मैं वचनबद्ध रहूँगी/ रहूँगा।
(2) यह कि अंतिम चरण की NEET काउंसिलिंग 2020 में बी.ए.एम.एस./ बी.एच.एम.एस./ बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के पश्चात् शासकीय (स्वशासी) संस्था में अपनी सीट रिक्त करती / करता हूँ अथवा त्यागपत्र देती / देता हूँ और किसी अन्य छात्रा/ छात्र द्वारा उस रिक्त सीट पर प्रवेश की संभावना नहीं है तो उस स्थिति में मैं रू. 02.00 लाख (कुल दो लाख) संबंधित शासकीय (स्वशासी) संस्था में अर्थदण्ड स्वरूप जमा करने हेतु बाध्य रहूँगी / रहूँगा एवं अगले 03 वर्षों (तीन वर्षों) तक मुझे प्रदेश के किसी भी शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद / होम्योपैथी/ यूनानी महाविद्यालय में प्रवेश की पात्रता नहीं होगी ।
(3) यह कि मेरे मूल दस्तावेज प्रवेशित संस्था में जमा रहेंगे एवं शासन के निर्देश के अनुसार ही मुझे वापस किये-जावेंगे ।
हस्ताक्षर आवेदक गवाह:-: 1
2
प्रतिभूतिकर्ता
..निवासी मैं पुत्र/पुत्री/ पत्नी श्री अचल संपत्ति से की जा सकेगी । उपरोक्तानुसार बंधपत्र में उल्लेखित राशि की वसूली मेरी चल व
हस्ताक्षर अभिभावक 1
गवाह:-
2 878 (35)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
मध्यप्रदेश एम.डी. (आयुर्वेद) /एम.एस (आयुर्वेद)
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश नियम 2020
भोपाल , दिनांक 9 नवम्बर 2020
क्र. एफ- 1-11-2020-1-59-पीजी (ए). राज्य सरकार एतद् द्वारा मध्यप्रदेश राज्य के शासकीय (स्वशासी) निजी क्षेत्र के आयुर्वेद महाविद्यालयों में एम.डी. (आयुर्वेद)/एम.एस, (आयुर्वेद ) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश से सम्बंधित निम्नलिखित नियम बनाती है अर्थात,
1 -संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
1.1 इन नियमों का संक्षिप्त नाम "मध्यप्रदेश एम.डी. (आयुर्वेद) /एम.एस, (आयुर्वेद) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश नियम 2020 " है ।
1.2. ये नियम मध्यप्रदेश राजपत्र में इनके प्रकाशन दिनांक से प्रवृत्त होंगे ।
2- परिभाषाएं- इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,
2.1 AllIndia AYUSH Post Graduate Entrance Test (AIA- PGET ) से अभिप्रेत है भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा National Testing Agency ( NTA) के माध्यम से आयुष स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षा ।
2.2 "महाविद्यालय " से अभिप्रेत है राज्य सरकार के अधीन शासकीय (स्वशासी) एवं निजी क्षेत्र के आयुर्वेद महाविद्यालय ।
2.3 "परीक्षा" से अभिप्रेत है National Testing Agency ( NTA) द्वारा आयोजित परीक्षा All India AYUSH Post GraduateEntrance Test (AIA- PGET) 2020
2.4 "सीट" से आशय है, महाविद्यालयों में रिक्त/ भरे स्थान ।
2.5 "सेवारत अभ्यर्थी " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन के अधीन नियमित सेवा में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी ।
2.6 "ग्रामीण क्षेत्र" से अभिप्रेत है नगर निगम क्षेत्र तथा नगर पालिका परिषद क्षेत्र से भिन्न कोई क्षेत्र।.
2.7 "अन्य पिछड़ा वर्ग" से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथाविनिर्दिष्ट तथा अधिकथित अन्य पिछड़े वर्ग ।
2.8 "अनुसूचित जाति " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथा विनिर्दिष्ट तथा अधिकथित अनुसूचित जातियां ।
2.9 "अनुसूचित जनजाति" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथाविनिर्दिष्ट तथा अधिकथित अनुसूचित जनजातियां ।
2.10 "प्रवर्ग" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग तथा अनारक्षित श्रेणी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878(36)
2.11 "संवर्ग" से अभिप्रेत है दिव्यांग (पी,एच) जैसा कि भारत शासन श्रम मंत्रालय द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित है एवं महिला ।
2.12 "चयनित अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है ऐसे अभ्यर्थी जिनको सीट आवंटन कर आवंटन पत्र जारी कर दिया गया है।
2.13 "राज्य सरकार" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश की सरकार ।
2.14 "सी.सी.आई.एम. " से अभिप्रेत है सेन्ट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन ।
2.15 "काउंसिलिंग " से अभिप्रेत है परीक्षा के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों की मैरिट एवं पात्रता के अनुसार राज्य सरकार द्वारा आयोजित सीट आवंटन की प्रक्रिया ।
2.16 "विश्वविद्यालय" से अभिप्रेत है ऐसा संस्थान जिससे मध्य प्रदेश के शासकीय स्वशासी एवं निजी क्षेत्र के आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध है ।
2.17 "अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक व्यक्ति
2.18 "अध्येता" से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश उपरांत छात्र / छात्रायें ।
2.19 "ऑल इंडिया कोटा" से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य के आयुर्वेद महाविद्यालयों की वह सीटें जिनको ऑल इंडिया स्तर पर सेन्ट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के माध्यम से भरा जाना है ।
2.20 " स्टेट कोटा" से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य के आयुर्वेद महाविद्यालयों की वह सीटें जिनको राज्य स्तर की काउंसिलिंग के माध्यम से भरा जाना है ।
2.21 "सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग" से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य के आयुर्वेद महाविद्यालयों की ऑल इंडिया कोटा की सीटों को भरने हेतु ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित होने वाली काउंसिलिंग ।
2.22 "ऑल इंडिया रिवर्टेड सीट" से अभिप्रेत है, ऑल इंडिया कोटे की वह रिक्त सीटें जो सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग पूर्ण होने पर भी रिक्त रह गयी हो।
3- सामान्य निर्देश-
3.1 स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम, यथास्थिति सी.सी.आई.एम. , म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय , राज्य सरकार, भारत सरकार, महाविद्यालय की स्वशासी संस्था की यथास्थिति, प्रवेश , आवंटन तथा समय- समय पर यथा संशोधित प्रवृत्त नियमों तथा विनियमों में किये गए संशोधनों द्वारा शासित तथा विनियमित होंगे । प्रवेश की तारीख से उपाधि की दशा में तीन वर्ष की कालावधि के लिए स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम पूर्णकालिक होंगे । छात्र को संपूर्ण अध्ययनकाल में निजी प्रेक्टिस, अंशकालिक नौकरी या कोई अन्य नौकरी करने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी । 3.2
3.3 अभ्यर्थी द्वाराजब भी अपेक्षित हो सही जानकारी दी जानी तथा प्रस्तुत की जानी चाहिए । प्रवेश काउंसिलिंग संबंधित फार्म भरने से पूर्व अभ्यर्थी को यह सलाह दी जाती है कि वे नियमों को पूर्ण रूप से पढ़ लें एवं समझ लें और अपेक्षित की गई संपूर्ण तथा सही जानकारी भरें तथा अपेक्षित दस्तावेज संलग्न करें, जिसके अभाव में अभ्यर्थी को सीट आवंटन तथा प्रवेश की पात्रता नहीं होगी ।
3.4 यदि यह पाया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा स्थान (सीट) आवंटन के समय, दस्तावेजों की छानबीन के समय तथा उसके प्रवेश के समय आवेदन प्रारूप में कोई सुसंगत तथ्य छिपाए गये हैं और / या गलत जानकारी 878(37)
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दी गई है तो उसके अध्ययन के दौरान किसी भी समय उसका प्रवेश महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा रद्द कर दिया जावेगा ।
3.5 यदि अभ्यर्थी के विरूद्ध गम्भीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया जाता है तो वह प्रवेश का हकदार नहीं होगा ।
3.6 : अध्येता को दुराचरण, आपराधिक कृत्य में संलिप्तता, अनुशासनहीनता, लगातार बिना सूचना के 45 दिन से अधिक अनुपस्थित रहने का दोषी पाये जाने पर उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी , जिसमें प्रधानाचार्य के द्वारा महाविद्यालय से निष्कासन की कार्यवाही एवं विश्वविद्यालय द्वारा पंजीयन का निरस्तीकरण किया जाना सम्मिलित है । अनधिकृत रुप से बिना पूर्व सूचना के निरंतर 45 दिन अनुपस्थित रहने पर प्रवेश निरस्तीकरण की कार्यवाही प्रधानाचार्य के द्वारा गुण दोष के आधार पर की जायेगी । इस अनुपस्थितअवधि का किसी भी प्रकार के मान्य अवकाश में समायोजन नहीं होगा । ऐसे प्रवेश के पश्चात् निष्कासित अभ्यर्थी, निष्कासन की तिथि से आगामी 03 वर्ष के लिये राज्य के शासकीय स्वशासी एवं निजी आयुर्वेद महाविद्यालय की पी.जी. सीटो पर प्रवेश के लिये अपात्र होगा , तथा उन्हें आर्थिक दण्ड स्वरूप रूपये 05.00 लाख (रूपये पाँच लाख ) संबंधित शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय में जगा करने होंगे । बकाया राशि की वसूली भू राजस्व बकाया के समान की जा सकेगी। उक्तानुसार धन राशि जमा किये जाने तथा भुगतान किये गये स्टायपेण्ड को जमा करने के पश्चात् ही संबंधित अभ्यर्थी को मूल दस्तावेज वापस किये जायेंगे ।
3.7 भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद (सी.सी.आई.एम. ) नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों की स्टेट कोटा सीटस् पर पाठ्यक्रमवार एवं महाविद्यालयवार प्रवेश दिया जावेगा । कॉउंसिलिंग के समय जिन संस्थाओं को भारत सरकार आयुष मंत्रालय की प्रवेश अनुमति प्राप्त होगी उन सभी में प्रवेश की कार्यवाही संचालनालय आयुष म. प्र. स्तर से की जावेगी । ऑल इंडिया कोटा की सीट्स पर प्रवेश की कार्यवाही ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के माध्यम से ऐसे आदेश / निर्देशों के अधीन भरी जायेगी , जैसा कि भारत सरकार द्वारा जारी किया जाय । परन्तु ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग से ऑल इंडिया कोटे की रिक्त सीटें जो कि स्टेट को वापस की जायेगी , ऐसी रिवर्टेड सीट्स को स्टेट कोटा में शामिल करते हुए उन पर राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश की कार्यवाही की जावेगी ।
3.8 प्रत्येक अभ्यर्थी को काउंसिलिंग हेतु एम.पी.ऑनलाइन की निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया का पालन करना होगा एवं उसे विहित की गई फीस जमा करनी होगी ।
4 सेवारत अभ्यर्थी (आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी)-
4.1 वे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रवेश वर्ष के 30 अप्रैल 2020 को चिकिसा अधिकारी के रूप में मध्यप्रदेश शासन के अन्तर्गत नियमित सेवा में कार्यरत रहकर ग्रामीण क्षेत्र में 03 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो । नियमित सेवा के चिकित्सा अधिकारियों को नियमानुसार उच्च अध्ययन अवकाश की पात्रता होने पर ही प्रवेश दिया जायेगा । अध्ययन अवकाश स्वीकृति हेतु पात्रता म.प्र. सिविल सेवा अवकाश नियम 1977 के नियम 42 के अनुसार होगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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4.2 नियमित सेवा में कार्यरत अभ्यर्थियों को पी.जी. पाठ्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत न्यूनतम 05 वर्ष की सेवा विभाग में देने हेतु 10.00 लाख (रूपये दस लाख) बॉण्ड का निष्पादन करना होगा ।
4.3 राज्य शासन के विभाग द्वारा स्पान्सर किये गये नियमित सेवारत अभ्यर्थियों को स्पान्सरकर्ता मूल विभाग द्वारा वेतन प्रदाय किया जायेगा । यह स्पान्सरशिप पाठ्यक्रम फीस एवं अन्य किसी लाभ के लिये देय नहीं होगी, बल्कि ऐसे अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम के लिये निर्धारित फीस जमा करना अनिवार्य होगा । 4.4 03 वर्ष की अर्हताकारी सेवा हेतु कालावधि की गणना उस स्थिति में नहीं की जावे जब अभ्यर्थी उस कार्यकाल के दौरान अनधिकृत रूप से कर्तव्य से अनुपस्थिति रहा है / कोई डाईजनॉन अवधि हुई/कोई अवैतनिक छुटटी पर रहा है ।
4.5 सेवारत पुरुष अभ्यर्थियों के चयन हेतु अधिकतम आयु सीमा प्रवेश के वर्ष 30 अप्रैल 2020 को 45 वर्ष होगी तथा महिला अभ्यर्थियों के लिये अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष होगी ।
4.6 सेवारत अभ्यर्थियों के लिये 25 प्रतिशत सीट केवल क्लीनिकल विषयों में आरक्षित रहेंगी केवल उन्हें इस केटेगरी के लिये आरक्षित सीट्स पर ही प्रवेश की पात्रता होगी ।
5- सीटों की उपलब्धताः-
शासकीय स्वशासी एवं निजी क्षेत्र के आयुर्वेद महाविद्यालयों में उपलब्ध स्नातकोत्तर सीटों में प्रवेश हेतु 15 प्रतिशत सीटों को ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित होने वाली सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग द्वारा तथा 85 प्रतिशत सीटों को राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के माध्यम से भरा जावेगा जिसकी जानकारी महाविद्यालयवार, पाठ्यक्रमवार, विषयवार एवं श्रेणीवार म. प्र. राज्य में पी.जी. कॉउंसिलिंग हेतु निर्धारित पोर्टल www.mponline.gov.in पर उपलब्ध कराई जायेगी । इन सीटों को परीक्षा में पात्र घोषित अभ्यर्थियों से ऑनलाईन कॉउंसलिंग के माध्यम से भरा जायेगा । सीटों की संख्या में परिर्वतन हो सकता है , जो यथा समय निर्धारित पोर्टल पर प्रकाशित किया जायेगा ।
6 आरक्षण-
6.1 स्टेट कोटे की समस्त शासकीय (स्वशासी ) व निजी महाविद्यालयों में सीटों का आरक्षण म.प्र . शासन द्वारा तत्समय प्रचलित आरक्षण नियमों के अध्यधीन निर्धारित प्रतिशत अनुसार रहेगा ।
(1) महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण प्रत्येक प्रवर्ग में योग्यता (मेरिट) सह विकल्प के अनुसार 30 प्रतिशत होगा ।
(2) ऐसे अभ्यर्थी को जो मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग का है, आवेदन के साथ मध्यप्रदेश शासन द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किये गये निर्धारित प्रपत्र में स्थायी जाति प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न करना होगा । मध्यप्रदेश शासन द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मूल स्थायी जाति प्रमाण पत्र तथा मूल निवासी प्रमाण पत्र अभिलेख सत्यापन के समय प्रस्तुत नहीं करने पर प्रवेश नहीं दिया जायेगा, जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व अभ्यर्थी का होगा ।
(3) ऐसे दिव्यांग व्यक्ति जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं और जो अनुसूचित जाति / अनुसूचित मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (39 ) जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनारक्षित प्रवर्ग के हैं , के लिए 06 प्रतिशत स्थान (स्नातकोत्तर) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आरक्षित हैं, यह आरक्षण होरिजोन्टल एवं कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा । इसके साथ ही भारत के राजपत्र 27 दिसम्बर 2016 एवं म.प्र. के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के प्रारूप जो कि म.प्र.राजपत्र 28 नवम्बर 2017 एवं भारत के राजपत्र में भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् संशोधन विनियम -2019 दिनांक 18/06/2019 में जारी किये गये है तद्नुरूप पॉच केटेगिरी की उक्त विकलांगतायें भारत के राजपत्रों में उल्लेखित विकलांगतायें एवं विकलांगता के प्रतिशत अनुसार दिव्यांग श्रेणी के लिये अभ्यर्थी मान्य होंगे यथाः-
(क) दृष्टिबाधित और कमदृष्टि
(ख) बहरे और कम सुनने वाले
(ग) लोकोमोटर डिसेबिलिटी जिसमें सम्मिलित है सेरेब्रल पाल्सी , कुष्ठ रोग मुक्त, बोनापन , एसिड अटेक पीड़ित , मस्कुलर डिस्ट्राफी,
(घ) ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी और मानसिक बीमारी ,
(ड.) खंड (क) से (घ ) के तहत व्यक्तियों की बहुविकलांगता ।
उक्त क से ड . तक की विकलांगतायें निर्धारित प्रमाण पत्र एवं प्रतिशत अनुसार मान्य होगी ।
इन सीटों पर प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार को अधीक्षक, श्रम मंत्रालय , भारत सरकार, विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केन्द्र , नेपियर टाउन, जबलपुर से विहित प्रारूप में पात्रता प्रमाण पत्र एवं जिला चिकित्सा मण्डल द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । इस प्रकार दोनों प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
6.2 आरक्षित प्रवर्ग की सीट का परिवर्तन
यदि आरक्षण के अनुसार पात्र उम्मीदवार किसी आरक्षित प्रवर्ग में उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों को अन्य श्रेणियों में निम्नानुसार परिवर्तित कर भरने की कार्यवाही की जावेगी-
(क) अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जाति प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी ।
(ख) अनुसूचित जाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसचित जनजाति प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी ।
(ग) यदि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति दोनों प्रवर्गो के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते है तो ऐसी स्थिति में आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी ।
(घ) यदि उपरोक्त तीनों आरक्षित प्रवर्गो के अंतर्गत पात्र उम्मीदवार उपरोक्तानुसार उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों की पूर्ति अनारक्षित प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवार से की जायेगी ।
नोट- यह व्यवस्था सम्बन्धित प्रवर्ग के योग्य उम्मीदवारों की विकल्प चयन हेतु महाविद्यालयों के लिए च्वाइस लॉक (चयन) किए गये अभ्यर्थियों की सूची समाप्त होने के बाद सीट परिवर्तन की सूचना जारी करने के उपरान्त अगले चरण की काउंसिलिंग में की जायेगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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(च) नियम 6.2 के अनुसार सेवारत अभ्यार्थियों हेतु आरक्षित प्रवर्ग की सीट का परिवर्तन करने के पश्चात् किसी भी प्रवर्ग में योग्य सेवारत अभ्यर्थी न मिलने पर उक्त रिक्त सीट/ सीटों को सीट परिवर्तन के पूर्व जिस प्रवर्ग हेतु उक्त सीट मूलतः आरक्षित थी, उसी प्रवर्ग / संवर्ग के गैर- सेवारत अभ्यार्थियों से पूर्ति की जावेगी ।
6.3 यदि किसी दिव्यांग (पी.एच. ) तथा महिला (एफ) संवर्ग में रिक्त सीट पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होंगे तो उतनी रिक्त सीटें उसी प्रवर्ग की ओपन ( एक्स) में उपलब्ध करा दी जायेंगी । आरक्षित प्रवर्ग की ओपन ( एक्स) की रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार प्रवर्ग की आरक्षित सीमा तक उपलब्ध नहीं हैं तो रिक्त सीटें अन्य प्रवर्गों से उपलब्ध कराते हुए भरी जावेंगी जैसा नियम 6.2में है ।
7 प्रवेश हेतु पात्रता
7.1 न्यूनतम अर्हकारी अंक भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् (स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा) विनियम-2016 के संशोधन विनियम-2018 के भारत के राजपत्र द्वारा संशोधन दिनांक 07 दिसंबर 2018 में उल्लेखित एआईएपीजीईटी की प्रवेश परीक्षा के न्यूनतम 50 प्रतिशतक अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा । अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये न्यूनतम प्रतिशतक अंक 40 प्रतिशतक होंगे । दिव्यांगजन के लिये न्यूनतम अंक, अनारक्षित के लिये 45 प्रतिशतक अंक व दिव्यांग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 40 प्रतिशतक अंक होंगे तथा उक्त संशोधन अधिनियम के 2 (2) (पप) की व्याख्या के अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशतक यथा निर्देशित केन्द्र सरकार द्वारा कम किये जाने पर तद्नुरूप मान्य होंगे । केन्द्र सरकार द्वारा उक्त अधिनियम अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशतक कम किये जाने के दृष्टिगत मेरिट सूची एम० पी० ऑनलाइन द्वारा तैयार की जावेगी , जिसके लिये समस्त ए ०आई ० ए ० पी ० जी० ई० टी० परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थी यदि म०प्र ० आयुष काउंसिलिंग हेतु उक्त नियमों के प्रावधान अनुसार पंजीयन कराते हैं तो उनकी मेरिट सूची जारी की जावेगी एवं उपलब्ध अद्यतन न्यूनतम अंक के निर्देशानुसार अभ्यर्थी प्रवेश हेतु पात्र होंगे ।
7.2 "शासकीय महाविद्यालयों की राज्य कोटे की सीटों में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है । " शासकीय महाविद्यालयों की ऑल इंडिया कोटे की सीटों तथा निजी क्षेत्र के- महाविद्यालयों में प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थी प्रवेश प्रकिया में सम्मिलित हो सकेंगे । " परन्तु इन निजी महाविद्यालयों में आरक्षित संवर्ग की 50 प्रतिशत सीटें मध्य प्रदेश के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों के लिये आरक्षित रहेंगी ।
7.2.1 अभ्यर्थी द्वारा बी.ए.एम.एस. की समस्त परीक्षाएं मध्यप्रदेश के आयुर्वेद महाविद्यालयों से उत्तीर्ण होना चाहिये ।
7.2.2 अभ्यर्थी जो मूल रूप से मध्यप्रदेश के निवासी हैं परंतु उन्होंने बी.ए.एम.एस. पाठ्यक्रम मध्यप्रदेश के बाहर, जो कि सी.सी.आई.एम. नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त हों , से उत्तीर्ण की हो ।
7.3 सभी पी.जी. प्रवेशित छात्रों को मध्यप्रदेश राज्य में पी.जी. पाठ्यक्रम करने के लिए मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्त्सा बोर्ड भोपाल से पंजीकृत होना चाहिये ।...
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7.3.1 पी.जी. सीट आवंटन होने के पश्चात् आवंटित सीट पर प्रवेश लेने के एक माह के भीतर में मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड भोपाल पंजीकृत चिकित्सक होने हेतु आवेदन तथा संबंधित फीस जमा करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
7.3.2 पात्र अभ्यर्थी ने सी.सी.आई.एम. द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं में काउंसिलिंग प्रारंभ होने के पूर्व अनिवार्य इंटर्नशिप पूर्ण कर ली हो अथवा अभ्यर्थियों के इन्टर्नशिप पूर्णता की तिथिं के सम्बन्ध में आयुष मंत्रालय , भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा समय- समय पर जारी होने वाले आदेश /निर्देश प्रभावशील होंगे ।
8 - काउंसिलिंग समिति एवं प्रावीण्य सूची
8.1 शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालयों में स्टेट कोटा की सीट्स पर प्रवेश हेतु संयुक्त प्रावीण्य सूची All India AYUSH Post Graduate Entrance Test ( AIA- PGET) 2020 के घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर संयुक्त प्रावीण्य सूची इन नियमों एवं आरक्षण प्रावधान के आधार पर एम० पी ० ऑनलाइन तैयार करेगा । 8.2 निजी क्षेत्र के आयुर्वेद महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु All India AYUSH Post Graduate Entrance Test (AIA- PGET ) 2020 के घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर संयुक्त प्रावीण्य सूची से म० प्र ० एवं म ०प्र ० के बाहर के अभ्यर्थियों की सूची इन नियमों एवं आरक्षण प्रावधानों के आधार पर एम.पी. ऑनलाइन तैयार करेगा । 8.3 उक्त All India AYUSH Post Graduate Entrance Tesat (AIA- PGET ) 2020 के घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर उपरोक्त प्रक्रिया द्वारा निर्मित मेरिट सूची अनुसार तथा भारत सरकार आयुष विभाग के निर्देशों के क्रम में स्टेट कोटा की सीट्स पर आवंटन प्रक्रिया एम.पी. ऑनलाइन द्वारा संपन्न कराई जावेगी ।
8.4 एम ० पी० ऑनलाइन सीट आवंटन के पूर्व निम्न काउंसिलिंग समिति से अनुमोदन उपरान्त इन नियमों के अंतर्गत सीट अलॉटमेंन्ट जारी करेगी:-
1. प्रधानाचार्य शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय भोपाल
2. प्रधानाचार्य शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल, उज्जैन , रीवा एवं ग्वालियर
3. प्रधानाचार्य शासकीय (स्वशासी) यूनानी महाविद्यालय भोपाल
4. शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालय भोपाल के प्रत्येक महाविद्यालय में से 01-01 वरिष्ठ प्रोफेसर ।
5. संचालनालय आयुष द्वारा नामांकित आरक्षित वर्ग का प्रतिनिधि जो कि प्रथम श्रेणी से कम स्तर का न हो।
6. संचालनालय आयुष के कॉलेज कक्ष के प्रभारी अधिकारी ।
7. एम ० पी० आनलाईन के अधिकृत अधिकारी / सचिव ।
उक्त समिति के कोई दो सदस्य लगातार काउंसिलिंग अवधि में संचालनालय आयुष में उपस्थित रहकर प्रवेश प्रक्रिया की निगरानी एवं सहयोग करेंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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9- रजिस्ट्रेशन
रजिस्ट्रेशन की तिथि निर्धारित कर समाचार पत्रों एवं MP Online के पोर्टल पर दी जावेगी । रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदक को MP Online के पोर्टल अथवा Kiosk पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसका निर्धारित शुल्क रूपये 150/- (एक सौ पचास रूपये मात्र) देय होगा । जिसकी रसीद दी जावेगीं । ( रजिस्ट्रेशन KIOSK के माध्यम से कराने पर प्रिंट आउट का शुल्क पृथक से देय नहीं होगा । ) आवेदक को अपनी जानकारी सही- सही दर्ज करानी होगी । रजिस्ट्रेशन होने के पश्चात प्रत्येक आवेदक को रजि० नं० एवं एक अस्थाई गुप्त पासवर्ड प्रदाय किया जावेगा, जिसे आवेदक को च्वाइस फिलिंग के समय बदलना अनिवार्य होगा । अभ्यर्थियों को प्रवेश काउंसिलिंग हेतु रजिस्ट्रेशन कराने का अवसर सिर्फ काउंसिलिंग के प्रथम चरण में ही प्रदान किया जावेगा । प्रथम चरण की काउंसिलिंग में रजिस्ट्रेशन न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नहीं किया जावेगा । इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन/ दावा मान्य नहीं होगा ।
10. अभिलेख सत्यापन:- अभ्यर्थी को एम.पी.आनलाइन में रजिस्ट्रेशन करते समय शासन द्वारा निधारित निम्नांकित 09 अभिलेख सत्यापन केन्द्रो में से सुविधा अनुसार काई भी एक केन्द्र चुन कर अभिलेख
सत्यापन की दिनांक एवं समय का चयन करना आवश्यक होगा । इसी प्रकार स्वयं के द्वारा चुने अभिलेख सत्यापन केन्द्र में निर्धारित समय एवं तिथि पर अपने समस्त मूल दस्तावेजों एवं एक सेट छायाप्रति सहित उपस्थित होकर प्रारुप -01 अनुसार मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना होगा । अभिलेख सत्यापन केन्द्रों की सूची:-
क सत्यापन केन्द्र का नाम
स्थान
भोपाल
01 शासकीय (स्वशासी ) पं ० खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान
भोपाल
02 -
शासकीय (स्वशासी )होम्यौपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय
03
भोपाल
शासकीय (स्वशासी ) यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय
04 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
बुरहानपुर
05
ग्वालियर
शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
06
इन्दौर
शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
07 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
जबलपुर
08
रीवा
शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
09
उज्जैन
शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
10.1 रजिस्ट्रेशन के समय दी गई जानकारी (AIA- PGET 2020 आवेदन में दी गई जानकारी को छोड़कर) में यदि कोई त्रुटि हो गई हो अथव कमी रह गई हो तो उसे अभिलेख सत्यापन के समय सत्यापन केन्द्र पर सही कराया जा सकता है ।
10.2 सत्यापन केन्द्र पर अभ्यर्थी को कोई शुल्क जमा नहीं कराना होगा । सत्यापन निःशुल्क होगा । अभ्यर्थी को प्रवेश काउंसिलिंग हेतु अभिलेख सत्यापन का अवसर सिर्फ काउंसिलिंग के प्रथम चरण मे ही प्रदान 878 (43)
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किया किया जावेगा । प्रथम चरण की काउंसिलिंग मे अभिलेख सत्यापन न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नहीं किया जावेगा । इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन /दावा मान्य नही होगा ।
11- काउंसिलिंग के माध्यम से सीट आवंटन -
11.1 योग्य अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम तथा महाविद्यालय में सीट आवंटन का आधार भारत सरकार आयुष मंत्रालय / National Testing Agency द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में प्राप्त रैंकिंग होगी । आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाईन काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी । आनलाईन काउंसिलिंग के लिए विस्तृत निर्देश पृथक से जारी किये जावेंगे । www.ayush.mponline.gov.in वेबसाइट पर महाविद्यालयों की सूची एवं सीटों की आरक्षण तालिका काउंसिलिंग के पूर्व जारी की जावेगी । अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार उक्त वेबसाईट का अवलोकन करते रहें ।
11.2 सभी अंकसूचियों , प्रमाण पत्रों एवं सभी संबंधित दस्तावेजों में अभ्यर्थी तथा पिता का नाम व उपनाम एक जैसा लिखा होना चाहिये । यदि किसी भी दस्तावेज में कहीं कोई अंतर हो तो अभिलेख सत्यापन के पूर्व उसे दुरूस्त करालें अन्यथा प्रवेश निरस्त होने पर इस हेतु अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा । अभ्यर्थी सुनिश्चित रूप से अपना वही फोटोग्राफ काउंसिलिंग में प्रस्तुत करेगा , जिसे All India AYUSH Post GraduateEntrance Tesat (AIA - PGET) 2020 परीक्षा के समय उपयोग किया गया हो, "
11.3 ऑल इंडिया कोटा की सीट्स पर प्रवेश की कार्यवाही राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी , इसमें संबंधित आदेश / निर्देश भारत सरकार, आयुष मंत्रालय अथवा अधिकृत एजेन्सी द्वारा जारी किये जायेंगे । इस हेतु भारत सरकार आयुष मंत्रालय की वेबसाइट www.ayush.gov.in के सतत् सम्पर्क में रहने की सलाह दी जाती है ।
12- संस्था का चयन-
आवेदक को अपनी प्राथमिकता के अनुसार पाठ्यक्रमों / संस्थाओं का कमानुसार चयन का विकल्प एम.पी. ऑनलाईन के पोर्टल अथवा Kiosk पर जाकर करना होगा, जिसका निर्धारित शुल्क 250/- रूपये (दो सौ पचास रूपये मात्र) एम.पी. ऑनलाईन के पोर्टल अथवा Kiosk को देय होगा (च्वाइस फिलिंग Kiosk के माध्यम से करने पर प्रिंट आउट चार्ज पृथक से देय नहीं होगा) । इस राशि की रसीद दी जावेगी , जिसमें आवेदक द्वारा चयनित संस्थाओं की सूची दर्शित होगी । प्रथम बार के अतिरिक्त बाद में किये जाने वाले च्वाइस फिलिंग के लिए केवल 100/- रूपये शुल्क देना होगा ।
12.1 प्रथम चरण की काउंसिलिंग-
1. प्रथम चरण की काउंसिलिंग में सभी पंजीकृत एवं सत्यापित अभ्यर्थी पात्र होंगे ।
2. प्रथम चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवंटन हेतु च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाईन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा । आवंटन परिणाम के समय अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प होंगे , जिसमें से वह या तो बेहतर विकल्प ( Upgradation ) हेतु ऑप्शन दे सकता है या प्रथम चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने हेतु संतुष्ट ( Satisfied ) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
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चयन कर सकता है ।
4. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन आदेश में (Satisfied) का ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति व सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आंवटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा ।
5. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रवेश प्राप्त कर लिया है वे आगामी चरण की काउंसिलिंग हेतु पात्र नहीं होंगे । 6. जिन अभ्यर्थियों ने बेहतर विकल्प ( Upgradation ) का ऑप्शन दिया है उन्हें द्वितीय चरण में नवीन -च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
7. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन आदेश परिणाम में कोई भी विकल्प नहीं दिया है ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी , एवं वे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पुनः पात्र होंगे ।
12.2 द्वितीय चरण की काउंसिलिंग-
1. द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण की काउंसिलिंग से कोई भी सीट आवंटित नहीं हुई है एवं जिन्होंने द्वितीय चरण हेतु बेहतर विकल्प ( Upgradation ) का ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थी पात्र होंगे । प्रथम चरण में प्रवेशित अभ्यर्थी द्वितीय चरण हेतु पात्र नहीं होंगे । 2. द्वितीय चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवंटन हेतु नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाईन द्वितीय चरण का आवंटन आदेश जारी किया जावेगा । आवंटन परिणाम के समय अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प होंगे , जिसमें से वह या तो बेहतर विकल्प ( Upgradation ) हेतु आप्शन दे सकता है या द्वितीय चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश (Satisfied) ले सकता है ।
4. जिन अभ्यर्थियों ने आंवटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे एवं ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन आदेश परिणाम में ( Satisfied ) का ऑप्शन दिया है किन्तु प्रवेश नहीं लिया है या जिन्होंने कोई भी विकल्प नहीं दिया है ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी, एवं वह अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन आदेश में ( Satisfied ) का ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, व सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आंवटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा ।
6. जिन अभ्यर्थियों ने बेहतर विकल्प ( Upgradation ) का ऑप्शन दिया है उन्हें मॉपअप चरण में नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
7. द्वितीय चरण में सीटों का परिवर्तन नियम 6.2 व 6.3 के तहत किया जावेगा ।
12.3 मॉपअप चरण की काउंसिलिंग (अंतिम चरण)
1. मॉपअप चरण की काउंसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण व द्वितीय चरण की काउंसिलिंग से मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (45) कोई भी सीट आवंटित नहीं हुई है एवं जिन्होंने मॉपअप चरण हेतु बेहतर विकल्प (Upgradation ) का ऑप्शन दिया है, वे अभ्यर्थी पात्र होंगे । प्रथम चरण व द्वितीय चरण में प्रवेशित अभ्यर्थी मॉपअप चरण हेतु पात्र नहीं होंगे ।
2. मॉपअप चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवंटन हेतु नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाईन मॉपअप चरण का आवंटन आदेश जारी किया जावेगा । आवंटन परिणाम के पश्चात सभी आवंटित अभ्यर्थी को महाविद्यालय में प्रवेश लेना होगा । आवंटित सीट पर प्रवेश न लेने वाले सभी अभ्यर्थी आगामी चरण हेतु पात्र नहीं होंगे ।
4. जिन अभ्यर्थियों को ऑनलाईन आवंटन आदेश जारी किया गया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, व सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आंवटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा ।
5. मॉपअप चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी जिनका सीटों का आवंटन व परिवर्तन नियम 6.2 व 6.3 के तहत किया जावेगा ।
12.4 काउंसिलिंग के (अंतिम चरण) पश्चात
काउंसिलिंग के संबंध में प्रवेश हेतु समय समय पर आयुष मंत्रालय , भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा ।
13- सभी अंकसूचियों, प्रमाण पत्रों एवं सभी संबंधित दस्तावेजों में अभ्यर्थी तथा पिता का नाम एक समान लिखा होना चाहिये । यदि किसी भी दस्तावेज में कहीं कोई अंतर हो तो प्रवेश के पूर्व उसे दुरूस्त करालें अन्यथा प्रवेश की अपात्रता के लिये अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा ।
14- अलाटमेंट लेटर-
आवेदक अलाटमेंट की निर्धारित तिथि पर एम.पी. ऑनलाईन पोर्टल अथवा Kiosk पर जाकर All India AYUSH Post Graduate Entrance Tesat (AIA- PGET) 2020 परीक्षा का रोल नं ० , जन्मतिथि एवं च्वाइस फिलिंग के समय परिवर्तित किया गया पासवर्ड डालकर अलाटमेंट लेटर प्राप्त कर सकता है । 15- रिपोर्टिंग
आवेदक को महाविद्यालय का आवंटन होने के बाद सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आंवटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा तथा अभिलेखों के सत्यापन पश्चात समस्त अभिलेख सही पाये जाने पर अपना रोल नं० एवं पासवर्ड इंटर कर महाविद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराना होगा ।
16 प्रवेश
अभ्यर्थी काउंसिलिंग के द्वारा पाठ्यक्रम एवं महाविद्यालय आवंटन के पश्चात्, अधिसूचित दिनांक एवं समय पर संबंधित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को अपनी उपस्थिति की सूचना देगा । प्रवेश के समय निर्धारित प्रवेश शुल्क संबंधित महाविद्यालय को देय डिमांड ड्राफ्ट के रुप में जमा करना होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (46)
17.1 महाविद्यालय की प्रवेश समिति में दो वरिष्ठ शिक्षक तथा कम से कम दो आरक्षित प्रवर्ग के शिक्षक रहेंगे। यह समिति मूल दस्तावेजों का सत्यापन करेगी तथा यदि पात्र पाया जाए तो उम्मीदवार को पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुशंसा प्रधानाचार्य को करेगी ।
17.2 पाठ्यक्रम में प्रवेश के उपरान्त उम्मीदवार के मूल अभिलेख जारीकर्ता अधिकारी से सत्यापन पश्चात् वापस किये जायेंगे ।
17.3 यदि कोई अभ्यर्थी उपस्थित होने की संसूचित दिनांक तक उपस्थित नहीं होता है अथवा उपस्थित होकर छोड देता है अथवा संस्था प्रमुख को पूर्व सूचित किये बिना लगातार 15 दिवस तक अनुपस्थित रहता है, तो उसका दावा समाप्त हो जावेगा तथा उसका आवंटन / प्रवेश निरस्त हुआ समझा जावेगा । 17.4 अभ्यर्थियों को अपनी चिकित्सकीय जांच करानी होगी एवं उनको तभी प्रवेश दिया जायेगा जब वे चिकित्सकीय दृष्टि से फिट होंगे ।
17.5 प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी जानकारी हेतु निम्न टेलिफोन नं० पर संपर्क कर सकते हैं- 0755-6720206-(एम.पी. आनलाईन), 0755-2552931- (संचालनालय आयुष), 0755-2970355 (शासकीय (स्वशासी) यूनानी महाविद्यालय , भोपाल) , 0755-2970310 (शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल) तथा 0755-2970360 (शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय भोपाल) (कार्यालयीन समय 10.30 am to1.30 a.m to 05.30 p.m)
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि काउंसिलिंग से संबंधित समस्त जानकारी हेतु वेबसाईट www.ayush.mp.gov.in, www.mponline.gov.in , www.ayush.mponline.gov.in का समय - समय पर अवलोकन करते रहें ।
18-फीस संरचना -
शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु प्रत्येक अभ्यर्थी को शासकीय स्वशासी संस्था या आयुष विभाग द्वारा निर्धारित शिक्षण शुल्क एवं अन्य शुल्क देय होगा जो कि तालिका -1 में प्रदर्शित है । निजी क्षेत्र के महाविद्यालयों हेतु प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति द्वारा निर्धारित शुल्क देय होगा । जिसे समिति की वेबसाइट www.afrcmp.org पर देखा जा सकता है । निजी विश्वविद्यालयों के निजी महाविद्यालयों की फीस म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के निर्धारण अनुसार देय होगा । इसे वेबसाईट www.mpnvva.in पर देखा जा सकता है । फीस संरचना से सहमति की स्थिति में ही आनलाईन काउंसिलिंग हेतु अभ्यर्थियों को च्वाईस फिलिंग करना चाहिये । प्रवेश काउंसिलिंग पश्चात सीट आवंटित होने पर यह माना जावेगा कि उपरोक्त संबंधित महाविद्यालय की फीस संरचना से अभ्यर्थी सहमत है । अध्येता के प्रवेश उपरान्त इस संबंध में कोई मांग / संशोधन मान्य नहीं होगा । 19-फीस वापसी -
पी.जी. पाठ्यक्रम में प्रवेशित छात्रों द्वारा अंतिम काउंसिलिंग के सात दिवस पूर्व सीट छोड़ने संबंधी सूचना लिखित में संस्था में प्रस्तुत करने पर ऐसे छात्रों द्वारा जमा फीस से 10 प्रतिशत (अधिकतम रु 10,000/- अथवा जो भी कम हो) काटकर शेष राशि लौटाई जावेगी । उक्त समय - सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जावेगा तथा जमा राशि वापिसी योग्य नहीं होगी । यह
12 878 (47)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
प्रक्रिया राज्य एवं राज्य के बाहर के प्रवेश लेने वाले छात्रों पर समान रूप से लागू होगी । 20-प्रतिभूति निक्षेप
(1 ) परामर्श (काउंसिलिंग ) के दौरान शासकीय महाविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रम के लिए स्थान आवंटित होने पर अभ्यर्थी को रूपये 20,000/- प्रतिभूति निक्षेप के रूप में आयुक्त, आयुष, मध्यप्रदेश भोपाल को देय डिमांड ड्राफ्ट के रूप में जमा करना होगा , परंतु अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के ऐसे अभ्यर्थी जिनके माता- पिता / संरक्षक की आय समस्त स्त्रोतों को मिलाकर रूपये 3.00 लाख प्रतिवर्ष से अधिक नहीं है, कोई प्रतिभूति निक्षेप जमा नहीं करेंगे । अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के ऐसे अन्य अभ्यर्थी जिनके माता- पिता/ संरक्षक की आय समस्त स्त्रोतों को मिलाकर रूपये 3.00 लाख प्रतिवर्ष से अधिक है, एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के सभी अभ्यर्थी केवल रूपये 4,000 /- प्रतिभूति निक्षेप के रूप में जमा करेंगे ।
(2) पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने के पश्चात् प्रतिभूति निक्षेप की राशि बिना ब्याज के वापसी योग्य होगी । उस दशा में जब कोई अभ्यर्थी आवंटित पाठ्यक्रम, विषय एवं संस्था में प्रवेश नहीं लेता है या किसी भी कारण से पाठ्यक्रम पूर्ण करने से पूर्व पाठ्यक्रम में अध्ययन बंद कर दे और महाविद्यालय छोड़ दे तो प्रतिभूति निक्षेप पर उसका दावा समपहृत हो जाएगा ।
21- सीट लीविंग बॉण्ड- प्रत्येक उम्मीदवार जिनका प्रवेश शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय में हुआ है, उसे प्रवेश के समय रू . 05.00 लाख (रूपये पांच लाख मात्र) का बॉण्ड (प्रारूप अनुसार) भरना होगा । अंतिम काउंसिलिंग दिवस के पश्चात् कभी भी प्रवेश निरस्त कराने पर बॉण्ड की राशि राजसात कर ली जायेगी तथा अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किसी भी प्रकार का दावा मान्य नहीं होगा ।
22- प्रवेशित छात्र निम्नलिखित के लिए हकदार होंगे (इसमें सेवारत उम्मीदवार भी सम्मिलित है) - (क) एक साप्ताहिक अवकाश (असंचयी) ,
(ख) प्रति शैक्षणिक सत्र में 19 दिवस के आकस्मिक अवकाश ,
(ग) प्राचार्य की पूर्व अनुमति से, संपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान छात्रवृत्ति सहित केवल 180 दिवस के प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी । चिकित्सा प्रमाण पत्र अवकाश पर जाने के दस दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा ।
(घ) छात्रवृत्ति के बिना प्रतिवर्ष 15 दिवस का चिकित्सा अवकाश / बीमारी का प्रमाण पत्र अवकाश पर जाने के पश्चात् 10 दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा । यह अवकाश प्रतिवर्ष लिया जा सकेगा तथापि इसे किसी भी परिस्थिति में अन्य अवकाश के साथ संचय नहीं किया जा सकता ।
23 प्रवेश प्रक्रिया कार्यक्रम
1 ऑल इंडिया लेवल सेन्ट्रलाईज्ड काउंसिलिंग भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार संपन्न होगी ।
2 प्रथम काउंसिलिंग की तिथि
संचालनालय आयुष म.प्र. की वेबसाइट www.ayush.mp.gov.in व समाचार पत्रों के माध्यम से मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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तिथि बाद में घोषित की जायेगी
3 सत्रारंभ तिथि
यथासमय घोषित की जायेगी
4 द्वितीय कांउसिलिंग
यथासमय घोषित की जायेगी
5 प्रवेश दिये जाने की अंतिम तिथि
भारत सरकार आयुष मंत्रालय नई दिल्ली/ सी०सी०आई ० एम ० द्वारा जारी निर्देश अनुसार । टिप्पणी
1 - कांउसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम राज्य एवं राज्य के बाहर के मुख्य समाचार पत्रों में विज्ञापित किया जायेगा । यदि कार्यक्रम में कोई परिवर्तन किया जाता है तो उसे भी प्रदेश एवं बाहर के प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापित किया जायेगा । साथ ही संचालनालय आयुष, म.प्र. की बेबसाईट www.mp.ayush.gov.in तथा एम.पी. ऑनलाईन की वेबसाइट www.mponline.gov.in पर भी सूचित किया जावेगा । अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि उक्त वेबसाइट का लगातार अवलोकन करते रहें ।
2 यदि ऐसे किसी विद्यार्थी की पहचान होती है, जिसका प्रवेश अंतिम तिथि के पश्चात् हुआ हो तो ऐसे विद्यार्थी को उक्त पाठ्यक्रम से निकाल दिया जायेगा अथवा यदि उसे कोई भी आयुर्वेद, शैक्षणिक योग्यता दी जा चुकी है तो यथास्थिति भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद के अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार उक्त योग्यता को मान्यता प्रदान नहीं की जावेगी । 24 प्रदेश के शासकीय या निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों में भारत सरकार / राज्य शासन द्वारा यदि कोई सीट वृद्धि की अनुमति काउंसिलिंग के पूर्व प्राप्त हो जाती है अथवा किसी महाविद्यालय को काउंसिलिंग के मध्य में मान्यता / प्रवेश अनुमति प्राप्त होती है तो उनमें भी कांउसिलिंग के माध्यम से ही प्रवेश दिया जा सकेगा ।
25 महाविद्यालयों द्वारा उक्त शासकीय प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम से किये गये प्रवेश मान्य नहीं होंगे ।
26 उक्त नियमों के अंतर्गत होने वाले प्रवेश आयुष मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली/ सी.सी.आई.एम नई दिल्ली अथवा आयुष विभाग म.प्र. शासन के उस प्रवेश दिनांक को प्रभावशील आदेशों/ निर्देशों /नियमों के अधीन रहेंगे । पूर्व चरणों की काउंसिलिंग के आधार पर हुए प्रवेश उपरांत यदि संबंधित आदेश / नियम / निर्देश में कोई परिवर्तन होते हैं तब वह आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु ही लागू होंगे ।
27- सक्षम प्राधिकारी- किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश एवं प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में प्रकरण के निराकरण हेतु आयुक्त/ संचालक, आयुष सक्षम प्राधिकारी होंगे , जिनका निर्णय अंतिम होगा ।
28- नियमों में संशोधन का अधिकार
किसी नियम तथा प्रवेश के लिए किसी प्रक्रिया को संशोधित करने का अधिकार राज्य सरकार अपने पास आरक्षित रखती है । इन नियमों के निर्वचन तथा उनके संशोधनों से संबंधित किसी विवाद की 878 (49)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
दशा में , राज्य सरकार का विनिश्चय अंतिम होगा तथा सभी संबंधितों पर आबद्धकर होगा । 29- प्रवेश प्रक्रिया एवं नियमों में संशोधन का अधिकार राज्य शासन का होगा । उसकी सूचना संचालनालय आयुष की वेबसाइट में उपलब्ध रहेगी, किन्तु इसे अलग से प्रकाशित नहीं किया जायेगा । अतः अभ्यर्थी को सलाह दी जाती है कि संचालनालय आयुष की वेबसाइट www.ayush.mp.gov.in , www.ayush.mponline.gov.in के सतत् सम्पर्क में रहें एवं अद्यतन स्थिति से अवगत रहें । किसी जानकारी के अभाव को मान्य नहीं किया जायेगा ।
30- निरसन तथा व्यावृत्ति:
इन नियमों के प्रचलित होने के पूर्व तत्स्थानी समस्त नियम एतद् द्वारा निरसित किये जाते हैं । परंतु इस प्रकार निरसित किए गए नियमों के अधीन किए गए किसी आदेश या की गई किसी कार्रवाई के संबंध में यह समझा जाएगा कि वह इन नियमों के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन किया गया है या की गई है ।
31- किसी भी विवाद की स्थिति में मध्यप्रदेश राजपत्र में इन नियमों का प्रकाशित यह हिन्दी पाठ ही मान्य होगा ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पंकज शर्मा , उपसचिव.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (50)
| - शासकीय ( स्वशासी ) आयुर्वेद महाविद्यालयों की फीस
फीस का मद क्र.
1. शिक्षण शुल्क
2. स्टूडेन्ट फण्ड (क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम शुल्क)
3. सुरक्षा निधि
4. शैक्षणिक यात्रा भ्रमण शुल्क
5. छात्रावास सुरक्षा निधि
6. छात्रावास निवास शुल्क
7. प्रतिभूति निक्षेप
Table-1
अन्य विवरण
आयुर्वेद
प्रतिवर्ष
45000.00
1500.00
प्रतिवर्ष
10000.00 प्रवेश के समय एक बार
4000.00 प्रवेश के समय एक बार
5000.00 प्रवेश के समय एक बार (केवल छात्रवासी छात्रों के लिए )
20000.00 प्रतिवर्ष (छात्रवासी छात्रों के लिए) 20000.00
(अना.) प्रवेश के समय एक बार (नियम-20 के अनुसार)
4000.00 (SC/ST/OBC)
नोट- उक्त फीस संरंचना प्रवेश के समयप्रत्येक अभ्यर्थी पर लागू होगी साथ ही महाविद्यालय की कार्यकारिणी समिति द्वारा समय समय पर अनुमोदित अन्य शुल्क व संशोधन लागू होंगे ।
2 - निजी आयुर्वेद महाविद्यालयों की फीस म.प्र. निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्था प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क निर्धारण अध्यादेश 2007 के अंतर्गत गठित प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति द्वारा निर्धारित फीस देय होगी , जिसे समिति की बेवसाइट afrcmp.org पर देखा जा सकता है तथा निजी विश्वविद्यालयों के निजी महाविद्यालय की फीस म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ( www.mpnvva.in ) अनुसार देय होगी ।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश हेतु विकल्प चयन (choice lock) करने के पूर्वमहाविद्यालयों की फीस एवं अन्य शुल्क के बारे में महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से एवं उक्त वेबसाइट से भलीभांति जानकारी प्राप्त कर लें । तत्पश्चात ही विकल्प चयन करें । महाविद्यालय आवंटित होने के पश्चात यह समझा जाएगा कि अभ्यर्थी संबंधित महाविद्यालय की फीस संरचना से सहमत है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 ( 51 )
प्रारूप 1
नियम-11 प्रमाण पत्र, अभिलेखों के सत्यापन कॉउंसिलिंग , आवंटन संबंधी प्रपत्र.....
(उम्मीदवार द्वारा भरा जावे)
में घोषणा करता / करती हूँ कि मेंनें मध्यप्रदेश एम.डी. /एम.एस. (आयुर्वेद) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश परीक्षा भलीभांति पढकर समझ लिये हैं । तत्पश्चात् ही नियमों में दिये गये प्रावधानों के अधीन कॉउसिलिंग , में भाग ले रहा / रही हूं ।
कॉउंसिलिंग, में भाग लेने के लिए आज दिनांक को निम्न जानकारी मूल प्रमाण पत्र एवं मूल अभिलेख प्रस्तुत कर रहा / रही हूँ । यदि वांछित जानकारी नियमानुकूल नहीं है अथवा असत्य है अथवा अधूरी है, आवश्यकतानुसार नहीं है तो मुझे कॉउसिलिंग में भाग लेने से वंचित कर दिया जाए । किन्हीं कारणों से आवंटन या प्रवेश प्राप्त हो भी जाता है तो मेरा आवंटन या प्रवेश कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर दिया जाए-
1. प्रवेश परीक्षा एआईएपीजीईटी 2020 का रोल नं.
:
2. मेंरिट प्रतीक्षा सूची क्रमांक
3. प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक
4. पूरा नाम
5. माता/ पिता/ अभिभावक का पूरा नाम:..
पता:
टेली./ मो. न ..
6.1 श्रेणी(अनारक्षित / अनुसूचित जनजाति/ अनुसूचित जाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग)
6.2 संवर्ग (सैनिक / स्वतंत्रता सैनानी / दिव्यांग / महिला / ओपन) :
7. मूल प्रमाणपत्र अभिलेख जो प्रस्तुत कर रहे है, उनके सामने सही ( ✓ ) का चिन्ह लगायें ।
1.
प्रवेश परीक्षा की मूल अंकसूची ।
2.
स्नातक परीक्षा की मूल अंकसूची । ( समस्त)
3. इन्टर्नशिप पूर्ण करने का प्रमाण पत्र
4.
रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र
5.
आरक्षित/ संवर्ग हेतु निर्धारित प्रारूप में स्थाई जाति प्रमाणपत्र ।
ठववा छवण्
कंजम
च्सबम
क्पेचण्छवण्
प्नपदह । नजीवतपजल
6.
जन्मतिथिसंबंधी कक्षा 10वी की अंकसूची । क्क् डड
7.
चरित्र प्रमाणपत्र ।
8.
मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र ।
17 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 ( 52)
छवण् क्जण्वापेनम
च्संबम
प्नपदह । नजीवतपजल
9.
अंतिम संस्था में अध्ययनरत रहने का टी.सी.
10.
वर्तमान आय प्रमाण- पत्र निर्धारित प्रारूप में । (
)
11. संस्था प्रमुख का मूल दस्तावेज जमा होने संबंधी प्रमाण पत्र, सूची सहित । (यदि लागू हो तो)
पूरा नाम
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर, दिनांक
सत्यापन ( सूक्ष्म जॉच समिति द्वारा भरा जावे)
मेरे द्वारा समिति को उपलब्ध कराये मूल प्रमाण पत्रों, अभिलेखों (1-11 ) की जांच की गई । प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति के 01 सेट रिकार्ड हेतु जमा करा लिये गये हैं । प्रमाण - पत्रों पर पाई गई कमियों को ऊपर उल्लेखित किया गया है ।
सदस्य अभिलेख सत्यापन समिति
(नाम पदनाम हस्ताक्षर, दिनांक)
परीक्षणोपरांत उम्मीदवार कॉउंसिलिंग में भाग लेने के लिए पात्र है अथवा निम्न प्रमाण पत्र एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने के कारण अथवा अन्य कारणों के लिये पात्र नहीं हैं । से कॉउंसिलिंग में भाग लेने
अध्यक्ष , अभिलेख सत्यापन समिति (हस्ताक्षर, दिनांक नाम एवं पदनाम. )
प्रारूप- 1-अ
शपथ पत्र
में/आत्मज / आत्मजा श्री.... उम्र आज दिनांक.. निवासी.. ..को शपथ पूर्वक घोषणा करता / करती हूँ कि मेरे द्वारा आनलाईन काउंसिलिंग में लिये गये निर्णय से में बचनबद्ध रहूँगा / रहूँगी ।
करूगाँ / करूंगी । आवंटित संस्था में प्रवेश समय सीमा में लेकर में नियम पुस्तिका में दिये गये नियमों का पालन 1. गवाह के हस्ताक्षर
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर
दिनांक.
दिनांक.
नाम.
पूरा पता...
पूरा पता.....
2. गवाह के हस्ताक्षर
टेलिफोन./मोबाईल नं..........
दिनांक..
पूरा पता.....
878 (53)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
सीट लीविंग बॉन्ड
(रूपये 250/- के नॉन ज्यूडिशियल स्टॉम्प पर निष्पादित कर नोटरी द्वारा सत्यापित किया जावे ।) मध्यप्रदेश के शासकीय / स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेशार्थियों द्वारा निष्पादित किये जाने वाले सीट लीविंग बॉड का प्रारूप
1- मैं, ..मध्यप्रदेश के अभ्यर्थी हूँ । पुत्र/ पुत्री/ पत्नी श्री निवासी ...आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु 2- मैंने मध्यप्रदेश शासन, आयुष विभाग के शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश नियम 2020 को भलीभांति पढ़ लिया है ।
3- मैं सामान्य/ आरक्षित श्रेणी की / का छात्रा/ छात्र हूँ।
4- मैं एतद् द्वारा यह बंधपत्र निम्न शर्तों पर निष्पादित करती / करता हूँ कि:-
(4.1) रहूँगी/ रहूँगा । यह कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा समय- समय पर दिए जाने वाले निर्देशों/ अनुदेशों का पालन करने हेतु मैं वचनबद्ध (4.2) यह कि अंतिम चरण की पी.जी. काउंसिलिंग 2020 में एम.डी. (आयुर्वेद) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के पश्चात् शासकीय (स्वशासी) संस्था में अपनी सीट रिक्त करती / करता हूँ अथवा त्यागपत्र देती / देता हूँ और किसी अन्य छात्रा /छात्र द्वारा उस रिक्त सीट पर प्रवेश की संभावना नहीं है तो उस स्थिति में में रू. 05.00 लाख (कुल पाँच लाख ) संबंधित शासकीय (स्वशासी) संस्था में अर्थदण्ड स्वरूप जमा करने हेतु बाध्य रहूँगी / रहूँगा एवं अगले 03 वर्षों (तीन वर्षों) तक मुझे प्रदेश के किसी भी शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय में प्रवेश की पात्रता नहीं होगी ।
(4.3) यह कि मेरे मूल दस्तावेज प्रवेशित संस्था में जमा रहेंगे एवं शासन के निर्देश के अनुसार ही मुझे वापस किये जायेंगे । (4.4) यह कि इस बंधपत्र के प्रावधानों का उल्लंघन होने की दशा में मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक एवं यूनानी प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड में किया गया मेंरा रजिस्ट्रेशन निरस्त करने संबंधी कार्यवाही का अधिकार शासन को रहेगा ।
हस्ताक्षर आवेदक गवाह:- 1
2
प्रतिभूतिकर्ता
में पुत्र/पुत्री/ पत्नी श्री निवासी उपरोक्तानुसार बंधपत्र में उल्लेखित राशि की वसूली मेंरी चल व अचल संपत्ति से की जा सकेगी ।
हस्ताक्षर अभिभावक गवाह:- 1
2 878 ( 54)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
प्रारूप - 1-अ
शपथ पत्र
में/ आत्मज / आत्मजा श्री.....
दिनांक.. .उम्र... निवासी. आज ...को शपथ पूर्वक घोषणा करता / करती हूँ कि मेरे द्वारा आनलाईन काउंसिलिंग में लिये गये निर्णय से में बचनबद्ध रहूँगा / रहूँगी ।
आवंटित संस्था में प्रवेश समय सीमा में लेकर में नियम पुस्तिका में दिये गये नियमों का पालन करूगाँ /करूंगी।
1. गवाह के हस्ताक्षर
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर दिनांक.
दिनांक.
नाम..
नाम..
पूरा पता..
पूरा पता.....
2. गवाह के हस्ताक्षर
टेलिफोन./मोबाईल नं.........
दिनांक.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 ( 55)
मध्यप्रदेश शासन ,
आयुष विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 9/1/2020 एम.डी. (होम .) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश नियमः-2020
क्रमांक/ एफ1-11/2020/1 / 59/ पीजी (एच) राज्य सरकार एतद् द्वारा मध्यप्रदेश राज्य के शासकीय (स्वशासी) एवं निजी क्षेत्र के होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालयों में एम.डी. (होम .) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश से सम्बंधित निम्नलिखित नियम बनाती है अर्थात्
नियम
1- संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
1.1- इन नियमों का संक्षिप्त नाम " मध्यप्रदेश एम.डी. (होम .) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश नियम 2020" है । 1.2- ये नियम मध्यप्रदेश राजपत्र में इनके प्रकाशन दिनांक से प्रवृत्त होंगे ।
2- परिभाषाएं: इन नियमों में , जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,
2.1 All India AYUSH Post Graduate Entrance Test (AIAPGET ) से अभिप्रेत है भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा National Testing Agency ( NTA) के माध्यम से आयुष स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षा ।
2.2 " महाविद्यालय " से अभिप्रेत है राज्य सरकार के अधीन शासकीय (स्वशासी) एवं निजी क्षेत्र के होम्योपैथी महाविद्यालय ।
2.3 "परीक्षा" से अभिप्रेत है National Testing Agency ( NTA) द्वारा आयोजित परीक्षा All India AYUSH Post Graduate Entrance Test ( AIA- PGET) 2020
2.4 "सीट" से आशय है, महाविद्यालयों में रिक्त / भरे स्थान ।
2.5 "सेवारत अभ्यर्थी " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन के ऐसे होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षक, नियमित होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी जो मध्यप्रदेश शासन के अधीन सेवा कर रहे हों ।
2.6 " अन्य पिछड़ा वर्ग " से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथाविनिर्दिष्ट तथा अधिकथित अन्य पिछड़े वर्ग ।
2.7 "अनुसूचित जाति" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथाविनिर्दिष्ट तथा अधिकथित अनुसूचित जातियां।
2.8 "अनुसूचित जनजाति " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथाविनिर्दिष्ट तथा अधिकथित अनुसूचित जनजातियां ।
2.9 "प्रवर्ग " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग तथा अनारक्षित श्रेणी ।
2.10 "संवर्ग " से अभिप्रेत है दिव्यांग (पी.डब्लयू.डी) जैसा कि भारत शासन श्रम मंत्रालय द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित हैं एवं महिला । 878 (56)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
2.11 "चयनित अभ्यर्थी " से अभिप्रेत है ऐसे अभ्यर्थी जिनको सीट आवंटन कर आवंटन पत्र जारी कर दिया गया है ।
2.12 "राज्य सरकार " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश की सरकार ।
2.13 "सी.सी.एच. " से अभिप्रेत है सेन्ट्रल काउंसिल ऑफ होम्योपैथी नई दिल्ली ।
2.14 "काउंसिलिंग " से अभिप्रेत है परीक्षा के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों की मैरिट एवं पात्रता के अनुसार राज्य सरकार द्वारा आयोजित सीट आवंटन की प्रकिया
2.15 "विश्वविद्यालय " से अभिप्रेत है ऐसा संस्थान जिससे मध्य प्रदेश के शासकीय स्वशासी एवं निजी क्षेत्र के होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध है ।
2.16 "अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु इच्छुक व्यक्ति ।
2.17 "अध्येता" से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश उपरान्त छात्र-छात्राये ।
2.18 "ग्रामीण क्षेत्र" से अभिप्रेत नगर निगम क्षेत्र तथा नगर पालिका परिषद क्षेत्र से भिन्न कोई क्षेत्र 2.19 "ऑल इंडिया कोटा " से अभिप्रेत म. प्र. राज्य के होम्योपैथी महाविद्यालयों की वह सीटें जिनको ऑल इंडिया स्तर पर सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के माध्यम से भरा जाना है ।
2.20 " स्टेट कोटा" से अभिप्रेत म. प्र. राज्य के होम्योपैथी महाविद्यालयों की वह सीटें जिनको राज्य स्तर की काउंसलिंग के माध्यम से भरा जाना है ।
2.21 "सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग " से अभिप्रेत है राज्य के होम्योपैथी महाविद्यालयों की ऑल इंडिया कोटा की सीटों को भरने हेतु ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित होने वाली काउंसिलिंग ।
2.22 ऑल इंडिया रिवर्टेड सीट से अभिप्रेत है, ऑल इंडिया कोटे की वह रिक्त सीटें जो सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग पूर्ण होने पर भी रिक्त रह गयी हो ।
3 सामान्य निर्देशः
3.1 स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम , यथास्थिति सी.सी.एच. / विश्वविद्यालय / राज्य सरकार / भारत सरकार /महाविद्यालय की स्वशासी / निजी संस्था की यथास्थिति, प्रवेश परीक्षा, आवंटन तथा समय- समय पर यथा संशोधित प्रवृत्त नियमों तथा विनियमों में किये गए संशोधनों द्वारा शासित तथा विनियमित होंगे ।
3.2 प्रवेश की तारीख से तीन वर्ष की कालावधि के लिए स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम पूर्णकालिक होंगे । छात्र को संपूर्ण अध्ययनकाल में निजी प्रेक्टिस , अंशकालिक नौकरी या कोई अन्य नौकरी करने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी ।
3.3 अभ्यर्थी द्वारा जब भी अपेक्षित हो सही जानकारी दी जानी तथा प्रस्तुत की जानी चाहिए । प्रवेश काउंसिलिंग संबधित फार्म भरने से पूर्व अभ्यर्थी को यह सलाह दी जाती है कि वे नियमों को पूर्ण रूप से पढ़ लें एवं समझ लें और अपेक्षित की गई संपूर्ण तथा सही जानकारी भरें तथा अपेक्षित दस्तावेज संलग्न करें, जिसके अभाव में प्रार्थी को प्रवेश परीक्षा, आवंटन तथा प्रवेश की पात्रता नहीं होगी । 3.4 यदि यह पाया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा स्थान (सीट) आवंटन के समय, दस्तावेजों की छानबीन के समय तथा उसके प्रवेश के समय एवं प्रवेश के बाद किसी भी समय आवेदन प्रारूप में कोई सुसंगत मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 ( 57) तथ्य छिपाए गये हैं और/ या गलत जानकारी दी गई है तो उसके अध्ययन के दौरान किसी भी समय उसका प्रवेश महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा रद्द कर दिया जावेगा ।
3.5 यदि अभ्यर्थी के विरुद्ध गम्भीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया जाता है तो वह प्रवेश का हकदार नहीं होगा ।
3.6 अध्ययेता को दुराचरण , अपराधिक कृत्य से संलिप्तता, अनुशासनहीनता तथा लगातार बिना सूचना के निरंतर 45 दिन अनुपस्थित रहने के दोषी पाये जाने पर उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाई के लिए उत्तरदायी होंगे , जिसमें प्राचार्य के द्वारा महाविद्यालय से निष्कासन एवं विश्वविद्यालय द्वारा पंजीयन का निरस्तीकरण किया जाना सम्मिलित है । अनाधिकृत रुप से बिना किसी पूर्व सूचना के निरंतर 45 दिन अनुपस्थित रहने पर प्रवेश निरस्तीकरण की कार्यवाही प्राचार्य के द्वारा गुण दोष के आधार पर की जावेगी । इस अनुपस्थित अवधि का किसी भी प्रकार के मान्य अवकाश में समायोजन नहीं होगा । ऐसे प्रवेश के पश्चात निष्कासित अभ्यर्थी, निष्कासन की तिथि से आगामी 3 वर्ष के लिये राज्य की शासकीय स्वशासी होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालयों की पी.जी. सीटों पर प्रवेश के लिये अपात्र होंगे तथा उन्हें आर्थिक दंड स्वरुप रु 05,00 लाख (रूपये पाच लाख मात्र ) संबंधित महाविद्यालय के स्वशासी समिति के बैंक खाते में जमा करने होंगे । बकाया राशि की वसूली भू- राजस्व बकाया के समान की जा सकेगी, उक्तानुसार धन राशि जमा किये जाने के पश्चात तथा भुगतान किये गये स्टायपेण्ड को जमा करने के पश्चात् ही संबंधित अभ्यर्थी को मूल दस्तावेज वापस किये जायेंगे ।
3.7 केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद् (सी.सी.एच. ) नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों की स्टेट कोटा सीट पर पाठ्यक्रमवार एवं महाविद्यालयवार प्रवेश दिया जावेगा । काउंसलिंग के समय जिन संस्थाओं को भारत सरकार आयुष मंत्रालय की प्रवेश अनुमति प्राप्त होगी उन सभी में प्रवेश की कार्यवाही संचालनालय आयुष मध्य प्रदेश स्तर से की जावेगी । ऑल इंडिया कोटा की सीट्स पर प्रवेश की कार्यवाही ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के माध्यम से ऐसे आदेश / निर्देशों के अधीन की जायेगी , जैसा कि भारत सरकार द्वारा जारी किया जाय । परन्तु ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग से ऑल इंडिया कोटे की रिक्त सीटें जो कि स्टेट को वापस की जायेगी , ऐसी रिवर्टेड सीट्स को स्टेट कोटा में शामिल करते हुए उन पर राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश की कार्यवाही की जावेगी।
3.8 प्रत्येक अभ्यर्थी को काउंसिलिंग हेतु एम.पी. ऑनलाइन की निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया का पालन करना होगा एवं उसे विहित की गई फीस जमा करनी होगी ।
4 सेवारत अभ्यर्थी नियमित होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी ।
4.1 वे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रवेश वर्ष के 30 अप्रैल 2020 को होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी के रूप मे मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत नियमित सेवा में कार्यरत रहकर ग्रामीण क्षेत्र में 03 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो, नियमित सेवा के चिकित्सा अधिकारियों को नियमानुसार उच्च अध्ययन अवकाश की पात्रता होने पर ही प्रवेश दिया जायेगा । अध्ययन अवकाश स्वीकृत हेतु पात्रता म.प्र. सिविल सेवा अवकाश नियम 1977 के नियम 42 के अनुसार होगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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4.2 नियमित सेवा पर कार्यरत अभ्यर्थियों को स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत डिग्री हेतु 05 वर्ष की सेवा विभाग में देने हेतु रु 10.00 लाख ( रूपये दस लाख मात्र) बॉण्ड का निष्पादन करना होगा । 4.3 राज्य शासन के विभाग द्वारा स्पान्सर किये गये नियमित सेवारत अभ्यर्थियों को स्पान्सरकर्ता मूल विभाग द्वारा वेतन प्रदाय किया जायेगा । यह स्पान्सरशिप पाठ्यक्रम फीस एवं अन्य किसी लाभ के लिये देय नहीं होगी , बल्कि ऐसे अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम के लिये निर्धारित फीस जमा करना अनिवार्य होगा । 4.4 03 वर्ष की अर्हताकारी सेवा हेतु कालावधि की गणना उस स्थिति में नहीं की जावेगी, जब अभ्यर्थी उस कार्यकाल के दौरान अनधिकृत रूप से कर्तव्य से अनुपस्थित रहा है / कोई डाईजनॉन अवधि हुई /कोई अवैतनिक छुट्टी पर रहा है ।
4.5 सेवारत पुरूष अभ्यर्थियों के चयन हेतु अधिकतम आयु सीमा प्रवेश वर्ष की 30 अप्रैल -2020 को 45 वर्ष होगी तथा महिला अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष होगी ।
4.6 सेवारत अभ्यर्थी के लिये 25 प्रतिशत सीट आरक्षित रहेंगी , (शासन से अनुज्ञा प्राप्त करने पर स्थाई प्रवेश होगा)
5 सीटों की उपलब्धताः-
शासकीय स्वशासी एवं निजी क्षेत्र के होम्योपैथी महाविद्यालयों में उपलब्ध स्नातकोत्तर सीटों में प्रवेश हेतु 15 प्रतिशत सीटों को ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित होने वाली सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग द्वारा तथा 85 प्रतिशत सीटों को राज्य स्तरीय काउंसलिंग के माध्यम से भरा जावेगा जिसकी जानकारी महाविद्यालयवार पाठ्यक्रमवार, विषयवार एवं श्रेणीवार म.प्र. राज्य मे पी.जी. काउंसिलिंग हेतु निर्धारित पोर्टल www.mponline.gov.in पर उपलब्ध कराई जायेगी । इन सीटों को परीक्षा में पात्र घोषित अभ्यार्थियों से ऑनलाईन कॉउंसलिंग के माध्यम से भरा जायेगा । सीटों की संख्या में परिर्वतन हो सकता है , जो यथा समय निर्धारित पोर्टल पर प्रकाशित किया जायेगा ।
6 आरक्षण-
6.1 स्टेट कोटे की समस्त शासकीय (स्वशासी) व निजी महाविद्यालयों में सीटों का आरक्षण म.प्र. शासन द्वारा तत्समय प्रचलित आरक्षण नियमों के अध्यधीन निर्धारित प्रतिशत अनुसार रहेगा ।
(1) महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण प्रत्येक प्रवर्ग में योग्यता (मेरिट ) सह विकल्प के अनुसार 30 प्रतिशत होगा । यह आरक्षण (क्षैतिजिक) हॉरिजोन्टल तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा । (2) ऐसे अभ्यर्थी को जो मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग का है, आवेदन के साथ मध्यप्रदेश शासन द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किये गये निर्धारित प्रपत्र में स्थायी जाति प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न करना होगा । मध्यप्रदेश शासन द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मूल स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्रवेश के समय प्रस्तुत नहीं करने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा जिसका पूर्ण उत्तदायित्व अभ्यर्थी का होगा ।
(3) ऐसे दिव्यांग व्यक्ति जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं और जो अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनारक्षित प्रवर्ग के हैं, के लिए 06 प्रतिशत स्थान (स्नातकोत्तर) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आरक्षित है, यह आरक्षण हॉरिजोन्टल एवं कम्पार्टमेन्टलाइज्ड होगा । इसके साथ मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 ( 59) ही भारत के राजपत्र 27 दिसम्बर 2016 एवं म.प्र. के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के प्रारूप जो कि म.प्र.राजपत्र 28 नवम्बर 2017 एवं भारत के राजपत्र में भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् संशोधन विनियम-2020 दिनांक 18/06/2020 एवं केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद् के होम्योपैथी ( स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम) के संशोधन 2018 दिनांक 14/12/2018 में जारी किये गये है तद्नुरूप पॉच केटेगिरी की विकलांगतायें उक्त भारत के राजपत्रों में उल्लेखित विकलांगतायें एवं विकलांगता का प्रतिशत अनुसार दिव्यांग श्रेणी के लिये अभ्यर्थी मान्य होंगे यथाः-
(क) दृष्टिबाधित और कमदृष्टि
(ख ) बहरे और कम सुनने वाले
(ग) लोकोमोटर डिसेबिलिटी जिसमें सम्मिलित है सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग मुक्त, बोनापन, एसिड अटेक पीड़ित , मस्कुलर डिस्ट्राफी,
(घ) ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता , स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी और मानसिक बीमारी ,
(ड.) खंड (क) से (घ) के तहत व्यक्तियों की बहुविकलांगता ।
उक्त क से ड . तक की विकलांगतायें निर्धारित प्रमाण पत्र एवं प्रतिशत अनुसार मान्य होगी । इन सीटों पर प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार को अधीक्षक, श्रम मंत्रालय , भारत सरकार, विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केन्द्र, नेपियर टाउन, जबलपुर से विहित प्रारूप में पात्रता प्रमाण पत्र एवं जिला चिकित्सा मण्डल द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । इस प्रकार दोनों प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
6.2 आरक्षित संवर्ग की सीट का परिवर्तन - यदि आरक्षण के अनुसार पात्र उम्मीदवार किसी आरक्षित प्रवर्ग में उपलब्ध नहीं होते है तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों को अन्य संवर्गों में निम्नानुसार परिवर्तित कर भरने की कार्यवाही की जावेगी-
(क) अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जाति प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी ।
(ख ) अनुसूचित जाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसचित जनजाति प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी ।
(ग) यदि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति दोनो प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते है तो ऐसी स्थिति में आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति अन्य पिछड़ा प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी ।
(घ) यदि उपरोक्त तीनों आरक्षित प्रवर्गों के अंतर्गत पात्र उम्मीदवार उपरोक्तानुसार उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों की पूर्ति अनारक्षित प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवार से की जायेगी । नोट यह व्यवस्था सम्बन्धित प्रवर्ग के योग्य उम्मीदवारों की विकल्प चयन हेतु महाविद्यालयों के लिए च्वाईस लॉक (चयन) किए गये अभ्यर्थियों की सूची समाप्त होने के बाद सीट परिवर्तन की सूचना जारी करने के उपरान्त अगले चरण की काउंसिलिंग में की जायेगी । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 नवम्बर 2020
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(च) नियम 6.2 के अनुसार सेवारत अभ्यार्थियों हेतु आरक्षित प्रवर्ग की सीट का परिवर्तन करने के पश्चात्किसी भी प्रवर्ग में योग्य सेवारत अभ्यर्थी न मिलने पर उक्त रिक्त सीट / सीटों को सीट परिवर्तन के पूर्व जिस प्रवर्ग हेतु उक्त सीट मूलतः आरक्षित थी , उसी प्रवर्ग / संवर्ग के गैर- सेवारत अभ्यार्थियों से पूर्ति की जावेगी ।
6.3 यदि किसी दिव्यांग (पी.डब्लयू.डी) तथा महिला (एफ) संवर्ग के रिक्त सीट पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवारं उपलब्ध नहीं होंगे तो उतनी रिक्त सीटें उसी प्रवर्ग की ओपन संवर्ग में उपलब्ध करा दी जायेंगी । आरक्षित प्रवर्ग की ओपन संवर्ग में भी रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार आरक्षित सीमा तक उपलब्ध नहीं होते हैं तो रिक्त सीटें अन्य प्रवर्गों से उपलब्ध कराते हुए भरी जावेंगी जैसा नियम 6.2 में है ।
7- प्रवेश हेतु पात्रता
7.1 न्यूनतम अर्हकारी अंक केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के होम्योपैथी (स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम) विनियम 1989 के संशोधन विनियम-2018 के भारत के राजपत्र संशोधन दिनांक 14 दिसंबर 2018 में उल्लेखित एआईएपीजीईटी की प्रवेश परीक्षा के न्यूनतम 50 प्रतिशतक अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा । अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये न्यूनतम प्रतिशतक अंक 40 प्रतिशतक होंगे । दिव्यांगजन के लिये न्यूनतम अंक अनारक्षित के लिये 45 प्रतिशतक अंक व दिव्यांग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 40 प्रतिशतक अंक होंगे तथा उक्त संशोधन अधिनियम के 2(2) (पप) के ' ख' की टिप्पणी के अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशतक यथा निर्देशित केन्द्र सरकार द्वारा कम किये जाने पर तद्नुरूप मान्य होंगे । केन्द्र सरकार द्वारा उक्त अधिनियम अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशतक कम किये जाने के दृष्टिगत मैरिट सूची एम० पी० ऑनलाइन द्वारा तैयार की जावेगी, जिसके लिये समस्त ए ०आई ० ए ० पी० जी० ई० टी० परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थी यदि म०प्र० आयुष काउंसिलिंग हेतु उक्त नियमों के प्रावधान अनुसार पंजीयन कराते हैं तो उनकी मैरिट सूची जारी की जावेगी एवं उपलब्ध अद्यतन न्यूनतम अंक के निर्देशानुसार अभ्यर्थी प्रवेश हेतु पात्र होंगे । 7.2 "शासकीय महाविद्यालयों की राज्य कोटे की सीटों में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है । "शासकीय महाविद्यालयों की ऑल इंडिया कोटे की सीटों तथा निजी क्षेत्र के महाविद्यालयों में प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थी प्रवेश प्रकिया में सम्मिलित हो सकेंगे । " 7.3 अभ्यर्थी द्वारा बी.एच.एम.एस. या ग्रेडेड बी.एच.एम.एस. की समस्त परीक्षा केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त मध्यप्रदेश एवं राज्य के बाहर के होम्योपैथी महाविद्यालयों से उत्तीर्ण एवं द्वितीय अनुसूची ( केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित द्वितीय अनुसूची अनुसार ) में सम्मिलित होना चाहिये ।
7.4 अभ्यर्थी जो मूल रूप से मध्यप्रदेश के निवासी हैं परंतु उन्होंने बी.एच.एम.एस. पाठ्यक्रम मध्यप्रदेश के बाहर से जो कि सी.सी.एच. नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त हों, उत्तीर्ण की हो ।
7.5 सेवारत पुरूष अभ्यर्थियों के चयन हेतु अधिकतम आयु सीमा प्रवेश वर्ष की 30 अप्रैल-2020 को 45 वर्ष होगी तथा महिला अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष होगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 ( 61 ) 7.6 सभी पी.जी. प्रवेशित छात्रों (सेवारत सहित) को मध्यप्रदेश राज्य होम्योपैथी परिषद भोपाल से पंजीकृत होना चाहिये । , पी.जी. सीट आवंटन होने के पश्चात , आवंटित सीट पर प्रवेश लेने के एक माह के अन्दर राज्य होम्योपैथी परिषद भोपाल से पंजीकृत चिकित्सक होने हेतु आवेदन तथा आवश्यक फीस जमा करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
7.7 पात्र अभ्यर्थी ने सी.सी.एच. द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं में काउंसलिंग प्रारंभ होने के पूर्व अनिवार्य इंटर्नशिप पूर्ण कर ली हो अथवा अभ्यर्थियों के इन्टर्नशिप पूर्णता की तिथि के सम्बन्ध में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार , नई दिल्ली द्वारा समय- समय पर जारी होने वाले आदेश / निर्देश प्रभावशील होंगे । 7.8 प्रायोजित (स्पांसरशिप) प्रमाण पत्र (सेवारत अभ्यर्थियों के लिये लागू) ।
7.9 अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय स्वयं उपस्थित रहकर सभी आवश्यक निम्न मूल दस्तावेज प्रोफार्मा -1 सहित प्रस्तुत करना होगा:-
AIA - PGET 2020 की ऑल इंडिया रिजल्ट स्लिप एवं फोटो सहित जारी एडमिट कार्ड । AIA - PGET 2020 की अंकसूची ।
10 वीं /12 वीं बोर्ड परीक्षा की अंकसूची
बी.एच.एम.एस परीक्षा के अंतिम प्रॉफ की अंकसूची ।
विज्ञापन में अंकित आवेदन की अंतिम तिथि तक अनिवार्य इंटर्नशिप कम्प्लीशन सर्टिफिकेट अथवा भारत सरकार द्वारा निर्देशित तिथि तक ( Comulsory Internship Completion Certificate ) पूर्ण करने संबंधी प्रमाण पत्र ।
अभ्यर्थी का आधार कार्ड ।
मध्य प्रदेश का मूल निवासी / स्थानीय निवासी होने संबंधी सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) अथवा स्वःघोषित स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र ।
सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निर्धारित प्रपत्र में स्थाई जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) । अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की कीमी / नॉन कीमी लेयर के निर्धारण हेतु वित्तीय वर्ष 2019-20 का तहसीलदार/ नायब तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो ) अथवा स्वःघोषित आय प्रमाण पत्र । मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 7-28 / 2009 / आ.प्र. /एक भोपाल दिनांक 02 नवम्बर 2017 के अनुसार अन्य पिछडा वर्ग के संबन्ध में सम्पन्न वर्ग (क्रीमी लेयर) के लिए निर्धारित मापदण्डानुसार निर्धारित की जावेगी । प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी अनुशंसित / स्पांसरशिप प्रमाण पत्र (सेवारत अभ्यर्थियों के लिए लागू) ।
दिव्यांग संवर्ग हेतु जिला मेडिकल बोर्ड से वैध प्रमाणपत्र और अधीक्षक, भारत सरकार, श्रम मंत्रालय , विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केन्द्र, नेपियर टाउन, जबलपुर से जारी पात्रता प्रमाण पत्र जो कि तीन माह से अधिक पुराना न हो ।
चिकित्सकीय फिटनेस प्रमाण पत्र । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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अंतिम संस्था में अध्ययनरत रहने का टी.सी.।.
चरित्र प्रमाण पत्र ।
8- काउंसिलिंग समिति एवं प्रावीण्यता सूचीः-
8.1 शासकीय स्वशासी होम्योपैथी महाविद्यालयों में स्टेट कोटा की सीट्स पर प्रवेश हेतु संयुक्त प्रावीण्य सूची All India AYUSH Post Graduate Entrance Test (AIA - PGET ) 2020 के घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर संयुक्त प्रावीण्य सूची इन नियमों एवं आरक्षण प्रावधान के आधार पर एम० पी० ऑन लाईन तैयार करेगा ।
8.2 निजी क्षेत्र के होम्योपैथी महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु All India AYUSH Post Graduate Entrance Test (AIA- PGET) 2020 के घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर संयुक्त प्रावीण्य सूची से म०प्र० एवं म०प्र ० के बाहर के अभ्यर्थियों की सूची इन नियमों एवं आरक्षण प्रावधानों के आधार पर एम.पी. ऑनलाईन तैयार करोगा ।
8.3 उक्त All India AYUSH Post Graduate Entrance Test (AIA- PGET) 2020 के घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर उपरोक्त प्रक्रिया द्वारा निर्मित मैरिट सूची अनुसार तथा भारत सरकार आयुष विभाग के निर्देशों के क्रम में सीट आवंटन प्रक्रिया एम.पी. ऑनलाईन द्वारा संपन्न कराई जावेगी ।
8.4 एम ०पी ० ऑनलाईन सीट आवंटन के पूर्व निम्न काउंसिलिंग समिति से अनुमोदन उपरान्त इन नियमों के अंतर्गत सीट अलॉटमेन्ट जारी करेगी :-
1. प्रधानाचार्य शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय भोपाल
2. प्रधानाचार्य शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल
3. प्रधानाचार्य शासकीय (स्वशासी ) यूनानी महाविद्यालय भोपाल
4. शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालय भोपाल के प्रत्येक महाविद्यालय में से 01-01 वरिष्ठ प्राध्यापक ।
5. संचालनालय आयुष द्वारा नामांकित आरक्षित वर्ग का प्रतिनिधि जो कि प्रथम श्रेणी से कम स्तर कान हो ।
6. संचालनालय आयुष के कॉलेज कक्ष के प्रभारी अधिकारी ।
7. एम० पी० आनलाईन के अधिकृत अधिकारी / सचिव ।
उक्त समिति के कोई दो सदस्य लगातार काउंसिलिंग अवधि में संचालनालय आयुष में उपस्थित रहकर प्रवेश प्रक्रिया की निगरानी एवं सहयोग करेंगे ।
9- रजिस्ट्रेशन
रजिस्ट्रेशन की तिथि निर्धारित कर समाचार पत्रों एवं MP Online के पोर्टल पर दी जावेगी । रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदक को MP Online के पोर्टल अथवा Kiosk पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा , जिसका निर्धारित शुल्क रूपये 150 /- (एक सौ पचास रूपये मात्र) देय होगा । जिसकी रसीद दी जावेगी । (रजिस्ट्रेशन Kiosk के माध्यम से कराने पर प्रिंट आउट का शुल्क पृथक से देय नहीं होगा । ) आवेदक को अपनी जानकारी सही- सही दर्ज करानी होगी । रजिस्ट्रेशन होने के पश्चात प्रत्येक आवेदक को रजि० मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 ( 63 ) नं० एवं एक अस्थाई गुप्त पासवर्ड प्रदाय किया जावेगा , जिसे आवेदक को च्वाइस फिलिंग के समय बदलना अनिवार्य होगा । अभ्यर्थियों को प्रवेश काउंसलिंग हेतु रजिस्ट्रेशन कराने का अवसर सिर्फ काउंसलिंग के प्रथम चरण में ही प्रदान किया जावेगा । प्रथम चरण की काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नही किया जावेगा । इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन/ दावा मान्य नहीं होगा ।
10. अभिलेख सत्यापन अभ्यर्थी को एम.पी. आनलाइन में रजिस्ट्रेशन करते समय शासन द्वारा निर्धारित निम्नांकित 09 अभिलेख सत्यापन केन्द्रों में से सुविधा अनुसार किसी भी एक केन्द्र चुन कर अभिलेख सत्यापन की दिनांक एवं समय का चयन करना आवश्यक होगा । इसी प्रकार स्वयं के द्वारा चुने अभिलेख सत्यापन केन्द्र में निर्धारित समय एवं तिथि पर अपने समस्त मूल दस्तावेजों एवं एक सेट छायाप्रति संहित उपस्थित होकर प्रारुप -01 अनुसार मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना होगा ।
अभिलेख सत्यापन केन्द्रों की सूची:-
क सत्यापन केन्द्र का नाम
स्थान
01
भोपाल
शासकीय (स्वशासी )पं ०खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान
02
भोपाल
शासकीय (स्वशासी )होम्यौपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय
03
भोपाल
शासकीय (स्वशासी ) यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय
04 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
बुरहानपुर
05
ग्वालियर
शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
06
इन्दौर
शासकीय (स्वशासी ) आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
07 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
जबलपुर
रीवा
08 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
उज्जैन
09 शासकीय (स्वशासी )आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय
10.1 रजिस्ट्रेशन के समय दी गई जानकारी (AIA- PGET - 2020 आवेदन में दी गई जानकारी को छोड़कर) में यदि कोई त्रुटि हो गई हो अथव कमी रह गई हो तो उसे अभिलेख सत्यापन के समय सत्यापन केन्द्र पर सही कराया जा सकता है ।
10.2 सत्यापन केन्द्र पर अभ्यर्थी को कोई शुल्क जमा नहीं कराना होगा । सत्यापन निःशुल्क होगा । अभ्यर्थी को प्रवेश काउंसिलिंग हेतु अभिलेख सत्यापन का अवसर सिर्फ काउंसिलिंग के प्रथम चरण में ही प्रदान किया जावेगा । प्रथम चरण की काउंसिलिंग में अभिलेख सत्यापन न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नहीं किया जावेगा । इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन/ दावा मान्य नहीं होगा ।
11- काउंसिलिंग के माध्यम से सीट आवंटन ।
11.1 योग्य अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम तथा महाविद्यालय में सीट आवंटन का आधार भारत सरकार आयुष मंत्रालय/ National Testing Agency द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में प्राप्त रैंकिंग होगी । आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाईन काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी । ऑनलाइन काउंसिलिंग के लिए विस्तृत मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 ( 64)
निर्देश पृथक से जारी किये जावेंगे । www.ayush.mponline.gov.in वेबसाइट पर महाविद्यालयों की सूची एवं सीटों की आरक्षण तालिका काउंसलिंग के पूर्व जारी की जावेगी । अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार उक्त वेबसाईट का अवलोकन करते रहें ।
11.2 सभी अंकसूचियों, प्रमाण पत्रों एवं सभी संबंधित दस्तावेजों में अभ्यर्थी तथा पिता का नाम व उपनाम एक सा लिखा होना चाहिये । यदि किसी भी दस्तावेज में कहीं कोई अंतर हो तो अभिलेख सत्यापन के पूर्व उसे दुरूस्त करालें अन्यथा प्रवेश निरस्त होने पर इस हेतु अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा । अभ्यर्थी सुनिश्चित रुप से अपना वही फोटोग्राफ काउंसिलिंग में प्रस्तुत करेगा, जिसे All India AYUSH Post GraduateEntrance Test (AIA - PGET ) 2020 परीक्षा के समय किया गया हो,
11.3 ऑल इंडिया कोटा की सीट्स पर प्रवेश की कार्यवाही राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी, इसमें संबंधित आदेश / निर्देश भारत सरकार, आयुष मंत्रालय अथवा अधिकृत एजेन्सी द्वारा जारी किये जायेंगे । इस हेतु भारत सरकार आयुष मंत्रालय की वेबसाइट www.ayush.gov.in से सतत् सम्पर्क में रहने की सलाह दी जाती है ।
12- संस्था का चयन
आवेदक को अपनी प्राथमिकता के अनुसार पाठ्यक्रमों/ संस्थाओं का कमानुसार चयन का विकल्प एम.पी. ऑनलाईन के पोर्टल अथवा Kiosk पर जाकर करना होगा, जिसका निर्धारित शुल्क 250/- रूपये ( दो सौ पचास रूपये मात्र) एम.पी. ऑनलाईन के पोर्टल अथवा Kiosk को देय होगा (च्वाइस फिलिंग Kiosk के माध्यम से करने पर प्रिंट आउट चार्ज पृथक से देय नहीं होगा ) । इस राशि की रसीद दी जावेगी , जिसमें आवेदक द्वारा चयनित संस्थाओं की सूची दर्शित होगी । प्रथम बार के अतिरिक्त बाद में किये जाने वाले च्वाइस फिलिंग के लिए केवल 100/- रूपये शुल्क देना होगा ।
12.1- प्रथम चरण की काउंसिलिंग-
1. प्रथम चरण की काउसिलिंग में सभी पंजीकृत एवं सत्यापित अभ्यर्थी पात्र होंगे ।
2. प्रथम चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवंटन हेतु च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाईन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा । आवंटन परिणाम के समय अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प होंगे, जिसमें से वह या तो बेहतर विकल्प ( Upgradation ) हेतु ऑप्शन दे सकता हैं या प्रथम चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने हेतु संतुष्ट (Satisfied ) चयन कर सकता है ।
4. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवंटन आदेश में (Satisfied) का ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति व सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आंवटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा ।
5. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रवेश प्राप्त कर लिया है वे आगामी चरण की काउन्सिंलिंग हेतु पात्र नहीं होंगे । 6. जिन अभ्यर्थियों ने बेहतर विकल्प ( Upgradation ) का ऑप्शन दिया है उन्हें द्वितीय चरण में नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा । 878 (65)
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7. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होनें आवंटन आदेश परिणाम में कोई भी विकल्प नहीं दिया है ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी, एवं वे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पुनः पात्र होगें ।
12.2 द्वितीय चरण की काउंसिलिंग-
1. द्वितीय चरण की काउसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण की काउंसिलिंग से कोई भी सीट आवंटित नहीं हुई हे एवं जिन्होंने द्वितीय चरण हेतु बेहतर विकल्प ( Upgradation ) का ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थी पात्र होगें । प्रथम चरण में प्रवेशित अभ्यर्थी द्वितीय चरण हेतु पात्र नही होगें । 2. द्वितीय चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवंटन हेतु नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाईन द्वितीय चरण का आवंटन आदेश जारी किया जावेगा । आवंटन परिणाम के समय अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प होंगे , जिसमें से वह या तो बेहतर विकल्प (Upgradation ) हेतु आप्शन दे सकता है या द्वितीय चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश (Satisfied ) ले सकता है ।
4. जिन अभ्यर्थियों ने आंवटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नही होंगे एवं ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन आदेश परिणाम में (Satisfied ) का ऑप्शन दिया है किन्तु प्रवेश नहीं लिया है या जिन्होनें कोई भी विकल्प नहीं दिया है ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी एवं वह अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन आदेश में ( Satisfied ) का ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, अन्य आवश्यक दस्तावेजों व आंवटित महाविद्यालय के प्रवेश शुल्क सहित आवंटित महाविद्यालय में उपस्थित होना होगा ।
6. जिन अभ्यर्थियों ने बेहतर विकल्प ( Upgradation ) का ऑप्शन दिया है उन्हें मॉपअप चरण में नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
7. द्वितीय चरण में सीटों का परिवर्तन नियम 6.2 व 6.3 के तहत किया जावेगा ।
12.3 मॉपअप चरण की काउंसिलिंग (अंतिम चरण)
1. मॉपअप चरण की काउसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण व द्वितीय चरण की काउंसिलिंग से कोई भी सीट आवंटित नही हुई है एवं जिन्होनें मॉपअप चरण हेतु बेहतर विकल्प ( Upgradation ) का ऑप्शन दिया है , वे अभ्यर्थी पात्र होंगे । प्रथम चरण व द्वितीय चरण में प्रवेशित अभ्यर्थी मॉपअप चरण हेतु पात्र नहीं होंगे ।
2. मॉपअप चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को आवंटन हेतु नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाईन मॉपअप चरण का आवंटन आदेश जारी किया जावेगा । आवंटन परिणाम के पश्चात सभी आवंटित अभ्यर्थी को महाविद्यालय में प्रवेश लेना होगा । आवंटित सीट पर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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प्रवेश न लेने पर अभ्यर्थी आगामी चरण हेतु पात्र नहीं होंगे ।
4. जिन अभ्यर्थियों को ऑनलाईन आवंटन आदेश जारी किया गया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, अन्य आवश्यक दस्तावेजों व आंवटित महाविद्यालय के प्रवेश शुल्क सहित उपस्थितहोना होगा ।
5. मॉपअप चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्ग वार होगी जिनका सीटों का आवंटन व परिवर्तन नियम 6.2 व 6.3 के तहत किया जावेगा ।
12.4काउसिलिंग के (अंतिम चरण) पश्चात
काउंसिलिंग के संबंध में प्रवेश हेतु समय समय पर आयुष मंत्रालय , भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा ।
13- सभी अंकसूचियों, प्रमाण पत्रों एवं सभी संबंधित दस्तावेजों में अभ्यर्थी तथा पिता का नाम एक समान लिखा होना चाहिये । यदि किसी भी दस्तावेज में कहीं कोई अंतर हो तो प्रवेश के पूर्व उसे दुरूस्त करालें अन्यथा प्रवेश की अपात्रता के लिये अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा ।
14- अलाटमेंट लेटर-
आवेदक अलाटमेंट की निर्धारित तिथि पर एम.पी. ऑनलाईन पोर्टल अथवा Kiosk पर जाकर All India AYUSH Post Graduate Entrance Test ( AIA- PGET) 2020 परीक्षा का रोल नं० , जन्मतिथि एवं च्वाइस फिलिंग के समय परिवर्तित किया गया पासवर्ड डालकर अलाटमेंट लेटर प्राप्त कर सकता है ।
15- रिपोर्टिंग
आवेदक को महाविद्यालय का आवंटन होने के बाद आवंटित महाविद्यालय जाकर रिपोर्टिंग देनी होगी एवं अपना रोल नं० एवं पासवर्ड इंटर कर महाविद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराना होगा ।
16 प्रवेश अभ्यर्थी काउंसिलिंग के द्वारा पाठ्यक्रम एवं महाविद्यालय आवंटन के पश्चात्, अधिसूचित दिनांक एवं समय पर संबंधित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को अपनी उपस्थिति की सूचना देगा । प्रवेश के समय निर्धारित प्रवेश शुल्क संबंधित महाविद्यालय को देय डिमांड ड्राफ्ट के रुप में जमा करना होगा । 16.1 महाविद्यालय की प्रवेश समिति में दो वरिष्ठ शिक्षक तथा कम से कम दो आरक्षित प्रवर्ग के शिक्षक रहेंगे । यह समिति मूल दस्तावेजों का सत्यापन करेगी तथा यदि पात्र पाया जाए तो उम्मीदवार को पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुशंसा प्रधानाचार्य को करेगी ।
16.2 पाठ्यक्रम में प्रवेश के उपरान्त उम्मीदवार के मूल अभिलेख जारीकर्ता अधिकारी से सत्यापन पश्चात् वापस किये जायेंगे ।
16.3 यदि कोई अभ्यर्थी उपस्थित होने की संसूचित दिनांक तक उपस्थित नहीं होता है अथवा उपस्थित होकर छोड़ देता है अथवा संस्था प्रमुख को पूर्व सूचित किये बिना लगातार 15 दिवस तक अनुपस्थित रहता है, तो उसका दावा समाप्त हो जावेगा तथा उसका आवंटन/ प्रवेश निरस्त हुआ समझा जावेगा । 16.4 अभ्यर्थियों को अपनी चिकित्सकीय जांच करानी होगी एवं उनको तभी प्रवेश दिया जायेगा जब वे चिकित्सकीय दृष्टि से फिट होंगे । 878 ( 67 )
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16.5 प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी जानकारी हेतु निम्न टेलिफोन नं० पर संपर्क कर सकते हैं-
0755-6720200 (एम.पी. आनलाईन) 0755-2552931 (संचालनालय आयुष) , 0755-2970355 (शासकीय (स्वशासी) यूनानी महाविद्यालय , भोपाल) 0755-2970310 (शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल) 0755-2970360 ( शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय भोपाल) (कार्यालयीन समय 10.30 a.m to 05.30 p.m)
अभ्यथियों को सलाह दी जाती है कि काउंसलिंग से संबंधित समस्त जानकारी हेतु वेबसाईट www . ayush.mp.gov.in , www.mponline.gov.in , www.ayush.mponline.gov.in का समय समय पर अवलोकन करते रहें ।
17 - फीस संरचना
शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय, भोपाल में प्रवेश हेतु प्रत्येक अभ्यर्थी को शासकीय स्वशासी संस्था या आयुष विभाग द्वारा निर्धारित शिक्षण शुल्क एवं अन्य शुल्क देय होगा जो कि तालिका-1 में प्रदर्शित है ।
निजी क्षेत्र के महाविद्यालयों हेतु प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति द्वारा निर्धारित शुल्क देय होगा । जिसे समिति की वेबसाइट www.afrcmp.org पर देखा जा सकता है ।
निजी विश्वविद्यालयों के निजी महाविद्यालयों की फीस म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के निर्धारण अनुसार देय होगा । इसे वेबसाईट www.mpnvva.in पर देखा जा सकता है ।
फीस संरचना से सहमति की स्थिति में ही आनलाईन काउंसिलिंग हेतु अभ्यर्थियों को च्वाईस फिलिंग करना चाहिये । प्रवेश काउंसिलिंग पश्चात सीट आवंटित होने पर यह माना जावेगा कि उपरोक्त संबंधित महाविद्यालय की फीस संरचना से अभ्यर्थी सहमत है । अध्येता के प्रवेश उपरान्त इस संबंध में कोई मांग / संशोधन मान्य नहीं होगा ।
18 फीस वापसी
पी.जी. पाठ्यक्रम में प्रवेशित छात्रों द्वारा अंतिम चरण की काउंसिलिंग के सात दिवस पूर्व सीट छोड़ने संबंधी सूचना लिखित में संस्था में प्रस्तुत करने पर ऐसे छात्रों द्वारा जमा फीस से 10 प्रतिशत (अधिकतम रु 10,000/- अथवा जो भी कम हो) काटकर शेष राशि लौटाई जावेगी । उक्त समय- सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जावेगा तथा जमा राशि वापिसी योग्य नहीं होगी । यह प्रक्रिया राज्य एवं राज्य के बाहर प्रवेश लेने वाले छात्रों पर समान रूप से लागू होगी । 19 प्रतिभूति निक्षेप
(1) परामर्श (काउंसिलिंग) के दौरान शासकीय महाविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रम के लिए स्थान आवंटित होने पर अभ्यर्थी को रूपये 20,000/- प्रतिभूति निक्षेप के रूप में प्रधानाचार्य, शासकीय स्वशासी होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय मध्यप्रदेश भोपाल को देय डिमांड ड्राफ्ट के रूप में जमा करना होगा , परंतु अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के ऐसे अभ्यर्थी जिनके माता - पिता / संरक्षक की आय समस्त स्त्रोतों को मिलाकर रूपये 3.00 लाख प्रतिवर्ष से अधिक नहीं है, कोई प्रतिभूति निक्षेप नहीं करेंगे । अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के ऐसे अन्य अभ्यर्थी जिनके माता- पिता / संरक्षक की मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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आय समस्त स्त्रोतों को मिलाकर रूपये 3.00 लाख प्रतिवर्ष से अधिक है, एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के सभी अभ्यर्थी केवल रूपये 4,000/- प्रतिभूति निक्षेप के रूप में जमा करेंगे ।
(2) पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने के पश्चात् प्रतिभूति निक्षेप की राशि बिना ब्याज के वापसी योग्य होगी । उस दशा में जब कोई अभ्यर्थी आवंटित पाठ्यक्रम, विषय एवं संस्था में प्रवेश नहीं लेता है या किसी भी कारण से पाठ्यक्रम पूर्ण करने से पूर्व पाठ्यक्रम में अध्ययन बंद कर दे और महाविद्यालय छोड़ दे तो प्रतिभूति निक्षेप पर उसका दावा समपहृत हो जाएगा ।
20- सीट लीविंग बॉण्ड प्रत्येक उम्मीदवार जिनका प्रवेश शासकीय स्वशासी होम्योपैथी महाविद्यालय में हुआ है , उसे प्रवेश के समय रू. 05.00 लाख (रूपये पांच लाख मात्र ) का बॉण्ड (प्रारूप अनुसार) भरना होगा । अंतिम काउंसिलिंग दिवस के पश्चात् कभी भी प्रवेश निरस्त कराने पर बॉण्ड की राशि राजसात कर ली जायेगी तथा अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किसी भी प्रकार का दावा मान्य नहीं होगा ।
21- प्रवेशित छात्र निम्नलिखित के लिए हकदार होंगे (इसमें सेवारत उम्मीद्वार भी सम्मिलित है) - एक साप्ताहिक अवकाश (असंचयी) , (क)
(ख) प्रति शैक्षणिक सत्र में 19 दिवस के आकस्मिक अवकाश,
(ग) प्राचार्य की पूर्व अनुमति से, संपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान छात्रवृत्ति के साथ 180 दिवस के प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी । चिकित्सा प्रमाण पत्र, प्रसूति अवकाश पर जाने के दस दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा । अवकाश पर जाने हेतु आवेदन संबंधित विषय के विभागाध्यक्ष के माध्यम से कार्यालय प्राचार्य को देना होगा ।
(घ) विभागाध्यक्ष के पूर्व अनुमति से, छात्रवृत्ति के बिना प्रतिवर्ष 15 दिवस का चिकित्सा अवकाश लेने की पात्रता होगी । बीमारी का चिकित्सा प्रमाण पत्र अवकाश पर जाने के पश्चात दस दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा । यह अवकाश अन्य वषी के साथ संचय नहीं किया जा सकेगा । अवकाश पर जाने हेतु आवेदन संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष के माध्यम से कार्यालय प्राचार्य को देना होगा ।
टिप्पणीः
(अ) एम.डी (होम. ) पाठयक्रम के प्रशिक्षण लिये 36 माह का ही स्टायपेंड देय मान्य । यदि किसी कारणवशः यह अवधि 36 माह से अधिक होती है, अधिक अवधि का स्टायपेंड देय नहीं होगा । परीक्षा का परिणाम प्रशिक्षण अवधि पूर्ण होने के पश्चात ही घोषित किया जावे । (ब)
(स) उपरोक्त बिन्दु क्रमांक 21 के (क) से (घ) तक के अवकाश का लेखा संबंधित विषय के विभागाध्यक्ष द्वारा रखा जावेगा ।
22 प्रवेश प्रक्रिया कार्यक्रम
1 ऑल इंडिया लेवल सेन्ट्रलाईज्ड काउंसिलिंग भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम
अनुसार संपन्न होगी ।
2 प्रथम काउंसलिंग की तिथि
वेबसाइट
संचालनालय आयुष म.प्र. की www.ayush.mp.gov.in व समाचार पत्रों के माध्यम से मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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तिथि बाद में घोषित की जायेगी
3 सत्रारंभ तिथि
यथासमय घोषित की जायेगी
4 द्वितीय कांउसिलिंग
यथासमय घोषित की जायेगी
5 प्रवेश दिये जाने की अंतिम तिथि
भारत सरकार आयुष मंत्रालय नई दिल्ली/ सी०सी०एच ० द्वारा जारी निर्देश अनुसार ।
23- नियम 21 में दर्शाये कार्यक्रम के अनुसार आनलाईन काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम राज्यं एवं राज्य के बाहर के मुख्य समाचार पत्रों में विज्ञापित किया जायेगा । यदि कार्यक्रम में कोई परिवर्तन किया जाता है तो उसे भी प्रदेश एवं बाहर के प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापित किया जायेगा । साथ ही संचालनालय आयुष, म.प्र. की बेबसाईट www.ayush.mp.gov.in , www.ayush.mponline.gov.in पर भी सूचित किया जावेगा।
24- यदि ऐसे किसी विद्यार्थी की पहचान होती है, जिसका प्रवेश अंतिम तिथि के पश्चात् हुआ हो तो ऐसे विद्यार्थी को उक्त पाठ्यक्रम से निकाल दिया जायेगा एवं / अथवा यदि उसे कोई भी होम्योपैथी शैक्षणिक योग्यता दी जा चुकी है तो केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद नई दिल्ली के अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार उक्त योग्यता को मान्यता प्रदान नहीं की जावेगी ।
25- प्रदेश के शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय या. निजी क्षेत्र के होम्योपैथी महाविद्यालयों में भारत सरकार / राज्य शासन द्वारा यदि कोई सीट वृद्धि की अनुमति काउंसलिंग के पूर्व प्राप्त हो जाती है अथवा किसी महाविद्यालय को मान्यता / प्रवेश अनुमति प्राप्त होती है तो उनमें काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश दिया जा सकेगा ।
26- महाविद्यालयों द्वारा उक्त शासकीय प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया के अतिरिक्त अन्य किसी माध्यम से किये गये प्रवेश मान्य नहीं होंगे ।
27- उक्त नियमों के अंतर्गत होने वाले प्रवेश आयुष मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली / सी.सी.एच. नई दिल्ली अथवा आयुष विभाग म.प्र. शासन के उस प्रवेश दिनांक को प्रभावशील आदेशों / निर्देशों /नियमों के अधीन रहेंगे । पूर्व चरणों की काउंसलिंग के आधार पर हुए प्रवेश उपरांत यदि संबंधित आदेश / नियम / निर्देश में कोई परिवर्तन होते हैं तब वह आगामी चरणों की काउंसलिंग हेतु ही लागू होंगे ।
28- सक्षम प्राधिकारी
किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश व प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में प्रकरण के निराकरण हेतु आयुक्त/ संचालक, आयुष सक्षम प्राधिकारी होंगे, जिनका निर्णय अंतिम होगा । 29- नियमों में संशोधन का अधिकार
किसी नियम तथा प्रवेश के लिए किसी प्रक्रिया को संशोधित करने का अधिकार राज्य सरकार अपने पास आरक्षित रखती है । इन नियमों के निर्वचन तथा उनके संशोधनों से संबंधित किसी विवाद की दशा में, राज्य सरकार का विनिश्चय अंतिम होगा तथा सभी संबंधितों पर आबद्धकर होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
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30- प्रवेश प्रक्रिया एवं नियमों में संशोधन का अधिकार राज्य शासन का होगा । उसकी सूचना संचालनालय आयुष की वेबसाइट में उपलब्ध रहेगी, किन्तु इसे अलग से प्रकाशित नहीं किया जायेगा । अतः अभ्यर्थी को सलाह दी जाती है कि संचालनालय आयुष की वेबसाइट www.ayush.mp.gov.in, www.ayush.mponline.gov.in के सतत् सम्पर्क में रहें एवं अद्यतन स्थिति से अवगत रहें । किसी जानकारी के अभाव को मान्य नहीं किया जायेगा ।
31- निरसन तथा व्यावृत्ति:-
इन नियमों के प्रचलित होने के पूर्व तत्स्थानी समस्त नियम एतद् द्वारा निरसित किये जाते हैं । परंतु इस प्रकार निरसित किए गए नियमों के अधीन किए गए किसी आदेश या की गई किसी कार्रवाई के संबंध में यह समझा जाएगा कि वह इन नियमों के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन किया गया है या की गई है ।
32-
किसी भी विवाद की स्थिति में मध्यप्रदेश राजपत्र में इन नियगों का प्रकाशित यह हिन्दी पात ही मान्य होगा ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पंकज शर्मा , उपसचिव.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (71 )
Table-1
शासकीय ( स्वशासी ) होम्योपैथी महाविद्यालयों की फीस
क्र.
फीस का मद
होम्योपैथी
अन्य विवरण 1.
45000.00
शिक्षण शुल्क
प्रतिवर्ष
5000.00
प्रतिवर्ष
2. स्टूडेन्ट फण्ड (क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम शुल्क)
10000.00
3. सुरक्षा निधि
प्रवेश के समय एक बार
4.
5000.00
शैक्षणिक यात्रा भ्रमण शुल्क
प्रतिवर्ष
10000.00
5. छात्रावास सुरक्षा निधि
प्रवेश के समय एक बार (केवल छात्रवासी छात्रों के लिए)
20000.00
6. छात्रावास निवास शुल्क
प्रतिवर्ष (छात्रवासी छात्रों के लिए) 7. प्रतिभूति निक्षेप
20000.00 (अना.) प्रवेश के समय एक बार (नियम -18 4000.00 के अनुसार)
(SC/ST/OBC)
नोट- उक्त फीस संरंचना प्रवेश के समय प्रत्येक अभ्यर्थी पर लागू होगी साथ ही महाविद्यालय की कार्यकारिणी समिति द्वारा समय समय पर अनुमोदित अन्य शुल्क व संशोधन लागू होंगे ।
2 निजी आयुष महाविद्यालयों की फीस
म.प्र. निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्था प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क निर्धारण अध्यादेश 2007 के अंतर्गत गठित प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति द्वारा निर्धारित फीस देय होगी, जिसे समिति की बेवसाइट www.afrcmp.org पर देखा जा सकता है तथा निजी विश्वविद्यालयों के निजी महाविद्यालय की फीस म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग (www.mpnvva.in ) अनुसार देय होगी ।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश हेतु विकल्प चयन (choice lock ) करने के पूर्व महाविद्यालयों की फीस एवं अन्य शुल्क के बारे में महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से एवं उक्त वेबसाइट से भलीभांति जानकारी प्राप्त कर लें । तत्पश्चात ही विकल्प चयन करें । महाविद्यालय आवंटित होने के पश्चात यह समझा जाएगा कि अभ्यर्थी संबंधित महाविद्यालय की फीस संरचना से सहमत है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 ( 72)
प्रोफामी
1
नियम-3.4 प्रमाण पत्र एवं अभिलेखों सत्यापन संबंधी प्रोफार्मा
( उम्मीदवार द्वारा भरा जावे)
मैं घोषणा करता / करती हूँ कि मैनें मध्यप्रदेश होम्योपैथी चिकित्सा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश परीक्षा नियम-2020 को प्रवेश हेतु भलीभांति पढकर समझ लिये हैं । मुझे म० प्र ० के मध्यप्रदेश होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालयों में संचालित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की जानकारी है । तत्पश्चात् ही नियमों में दिये गये प्रावधानों के अधीन कॉउसिलिंग में भाग ले रहा / रही हूं ।
कॉउसिलिंग , में भाग लेने के लिए आज दिनांक को निम्न जानकारी , मूल प्रमाण पत्र एवं मूल अभिलेख / प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर रहा / रही हूँ । यदि वांछित जानकारी नियमानुकूल नहीं है अथवा असत्य है अथवा अधूरी है अथवा आवश्यकतानुसार नहीं है तो ऐसे होने पर यदि मुझे किन्ही कारणों से आवंटन या प्रवेश प्राप्त हो भी जाता है तो मेरा आवंटन या प्रवेश कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर दिया जाए ।
1. प्रवेश परीक्षा ।प .च्ळम्ज 2020 का रोल नं. :...
:
2. मेरिट प्रतीक्षा सूची कमांक
3. प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक
4. पूरा नाम
5. माता/ पिता / पति / अभिभावक का पूरा नाम ......
पता : ...... दुरभाष. / मो. नं...
6.1 श्रेणी (अनारक्षित/अनुसूचित जनजाति/ अनुसूचित जाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग ) :..
6.2 संवर्ग (दिव्यांग / महिला) :
मूल प्रमाणपत्र अभिलेख जो प्रस्तुत कर रहे है, उनके सामने सही ( ✓ ) का चिन्ह लगायें । 7.
1.
प्रवेश परीक्षा की मूल अंकसूची ।
स्नातक परीक्षा के अंतिम प्राफ की मूल अंकसूची ।
2. 3.
इन्टर्नशिप पूर्ण करने का प्रमाण पत्र।
4.
पंजीयन प्रमाण पत्र/ पावती ।
5.
आरक्षित प्रवर्ग हेतु निर्धारित प्रारूप में स्थाई जाति प्रमाणपत्र ।
Book No.
Date
Disp. No.
Place
IssuingAuthority
डड
जन्मतिथि संबंधी कक्षा 10 वी की अंकसूची । 6.
7.
चरित्र प्रमाणपत्र ।
8.
मध्यप्रदेश का मूल निवासी / स्थानीय निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र ।
No.
Dt. of issue
Place
IssuingAuthority
अथवा स्वःघोषित स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र ।
9. अंतिम संस्था में अध्ययनरत रहने का टी.सी.
10. वर्तमान आय प्रमाण- पत्र निर्धारित प्रारूप में अथवा स्वःघोषित आय प्रमाण पत्र ।
11 प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी अनुशंसित / स्पांसरशिप प्रमाण पत्र (सेवारत अभ्यर्थियों
के लिए लागू) ।
12 संस्था प्रमुख का मूल दस्तावेज जमा होने संबंधी प्रमाण पत्र, सूची सहित। (यदि लागू हो तो)
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर,
पूरा नाम............
दिनांक...
अभिलेख सत्यापन समिति द्वारा भरा जावे मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (73) प्रमाणित किया जाता है कि सत्यापन के समय उपस्थित अभ्यर्थी का फोटों एवं हस्ताक्षर का AIA- PGET 2020 में सम्मिलित अभ्यर्थियों के फोटो एवं हस्ताक्षर से मिलान करने बाद सही पाया गया है अथवा भन्नता पाई गई है ।
भिन्नता के स्थिति में टिप्पणी.....
प्रमाणित किया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराये मूल प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों (1-12) की जांच की गई । प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति के 01 सेट रिकार्ड हेतु जमा करा लिये गये हैं । प्रमाण - पत्रों तथा अभिलेखों पर पाई गई कमियाँ निम्नानुसार है: -
सदस्य, अभिलेख सत्यापन समिति के हस्ताक्षर
नाम ...
पदनाम .....
दिनांक..
परीक्षणोपरांत उम्मीदवार कॉउसिलिंग में भाग लेने के लिए पात्र है अथवा उल्लेखिन प्रमाण पत्र एवं अभिलेख जैसे अन्य कारणों से कॉउसिलिंग में भाग लेने के लिये पात्र नहीं हैं । ..प्रस्तुत नहीं करने के कारण अथवा
अध्यक्ष , अभिलेख सत्यापन समिति के हस्ताक्षर पदनाम.....
दिनांक..
प्रारूप- 1-अ
शपथ पत्र
मैं/ आत्मज/ आत्मजा श्री.
आज दिनांक.. .उम्र . निवासी. ..को शपथ पूर्वक घोषणा करता/ करती हूँ कि मेरे द्वारा आनलाईन काउंसिलिंग में लिये गये निर्णय से मैं वचनबद्ध रहूँगा / रहूँगी ।
आवंटित संस्था में प्रवेश समय सीमा में लेकर मैं नियम पुस्तिका में दिये गये नियमों का पालन करूगाँ/ करूंगी ।
1. गवाह के हस्ताक्षर
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर
दिनांक....
दिनांक.
नाम ....
नाम.....
पूरा पता....
पूरा पता..
2. गवाह के हस्ताक्षर
टेलिफोन./मोबाईल नं.........
दिनांक...
नाम.
पूरा पता..
प्रवेशार्थि फोटो मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 नवम्बर 2020
878 (74)
गैर सेवारत अभ्यार्थियों का सीट लीविंग बॉड
(रूपये 250/- के नॉन ज्यूडिशियल स्टॉम्प पर निष्पादित कर नोटरी द्वारा सत्यापित किया जाने मध्यप्रदेश के शासकीय/स्वशासी होम्योपैथी महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेशार्थियों द्वारा निष्पादित किये जाने वाले सीट लीविंग बॉड का प्रारूप
पुत्र/पुत्री/ पत्नी श्री
1- मै., ..मध्यप्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी हूँ । निवासी शासकीय / स्वशासी होम्योपैथी 2 मैने मध्यप्रदेश शासन, आयुष विभाग के शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में परीक्षा नियम 2020 को भलीभांति पढ़ लिया है ।
3- मैं सामान्य/ आरक्षित श्रेणी की/ का छात्रा / छात्र हूँ ।
4- मै एतद् द्वारा यह बंधपत्र निम्न शर्तों पर निष्पादित करती / करता हूँ कि:-
(1) यह कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा समय - समय पर दिए जाने वाले निर्देशों / अनुदेशों का पालन करने हेतु मैं वचनबद्ध रहूँगी / रहूँगा ।
(2) यह कि अंतिम चरण की पी.जी. काउंसलिंग 2020 में एम.डी. (होम. ) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के पश्चात् शासकीय (स्वशासी) संस्था में अपनी सीट रिक्त करती / करता हूँ अथवा त्यागपत्र देती / देता हूँ और किसी अन्य छात्रा / छात्र द्वारा उस रिक्त सीट पर प्रवेश की संभावना नहीं है तो उस स्थिति में मैं रू. 5.00 लाख (कुल पाँच लाख मात्र) संबंधित शासकीय (स्वशासी) संस्था में अर्थदण्ड स्वरूप जमा करने हेतु बाध्य रहूँगी / रहूँगा एवं अगले 03 वर्षों (तीन वर्षों) तक मुझे प्रदेश के किसी भी शासकीय (स्वशासी) होम्योपैथी महाविद्यालय में प्रवेश की पात्रता नहीं होगी ।
(3) यह कि मेरे मूल दस्तावेज प्रवेशित संस्था में जमा रहेंगे एवं शासन के निर्देश के अनुसार ही मुझे वापस किये जावेंगे ।
(4) यह कि इस बंधपत्र के प्रावधानों का उल्लंघन होने की दशा में राज्य होम्योपैथी परिषद मध्यप्रदेश भोपाल में किया गया मेरा रजिस्ट्रेशन निरस्त करने संबंधी कार्यवाही का अधिकार शासन को रहेगा ।
हस्ताक्षर आवेदक गवाह 1 हस्ताक्षर..
गवाह:- 2 हस्ताक्षर,
नाम..
नाम..
पता.
पता.
दिनांक..
दिनांक..
प्रतिभूतिकर्ता
मैं
निवासी
पुत्र/ पुत्री/ पत्नी श्री
उपरोक्तानुसार बंधपत्र में उल्लेखित राशि की वसूली मेरी चल व अचल संपत्ति से की जा सकेगी ।
हस्ताक्षर अभिभावक गवाह 1 हस्ताक्षर ....
गवाह:- 2 हस्ताक्षर,
नाम..
नाम..
पता..
पता.
दिनांक.
दिनांक..
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2020.