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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

(संशोधन) मध्‍यप्रदेश नर्सिग शिक्षण संस्‍था मान्‍यता नियम 16 अक्‍टूबर 2018 एवं 23 सितम्‍बर 2019.....

Published 05 December 2020

Department
चिकित्‍सा शिक्षा
Type
Extraordinary
Gazette no.
477
Identifier
in.gazette.madhya.2020-12-05.477.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , शनिवार, दिनांक 5 दिसम्बर 2020-अग्रहायण 14, शक 1942

क्रमांक 477]

चिकित्सा शिक्षा विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 5 दिसम्बर 2020

क्र. एफ- 5-22-2018 - पचपन- 2.- राज्य शासन एतद् द्वारा मध्यप्रदेश उपचर्या प्रसाविका, सहायी उपचारिका-प्रसाविका तथा स्वास्थ्य परिदर्शक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम , 1972 (क्रमांक 46 सन् 1973) की धारा 24 के साथ पठित धारा 33 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता नियम, 16 अक्टूबर 2018 एवं 23 सितम्बर, 2019 में निम्नलिखित संशोधन करती है, अर्थात्ः-

नियम

उक्त नियमों में,-

1. नियम 4 के,

(1) उप- नियम (1 ) में,-

(क) नियम 4 (1 ) के उपबिन्दु (दो) में परंतुक के स्थान पर, निम्नलिखित परंतुक स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

953 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 5 दिसम्बर 2020

954

"अकादमी भवन आवेदक नवीन संस्था के स्वत्व का होना चाहिए परन्तु यदि संस्था का अपना स्वयं का अकादमी भवन नहीं है, तो आवेदक संस्था आवेदन के समय रूपये 10 लाख की बैंक गारण्टी प्रस्तुत करेगी । यह बैंक गारण्टी संस्था द्वारा 05 वर्ष तक वैध रखी जाएगी । यदि संस्था 05 वर्ष में स्वयं का अकादमी भवन नहीं बनाती है, तो संस्था द्वारा दी गई उक्त रूपये 10 लाख की बैंक गारण्टी राजसात की जाएगी " प्रतिस्थापित किया जाए । "

(ख) खण्ड (दो) के पश्चात् निम्नलिखित खण्ड स्थापित किए जायें, अर्थात्ः-

"(तीन) यदि नर्सिंग संस्था स्वयं के अकादमी भवन में संचालित होने की दशा में अकादमी भवन की भूमि का रजिस्ट्रीकरण समिति /ट्रस्ट/ कंपनी के नाम से होना आवश्यक है । स्थापित किये जाये ।

(चार) नर्सिंग संस्था द्वारा जिला / तहसील / विकासखण्ड का परिवर्तन करने की दशा में नर्सिंग संस्था, नवीन संस्था के रूप में आवेदन करेगी तथा संस्था पर नवीन संस्थाओं के समान नियम लागू होंगे " है । स्थापित किये जाये ।

(2) उप- नियम (3 ) में, खण्ड (दो) में, खण्ड (ग ) के पश्चात् निम्नलिखित उप- खण्ड अंतःस्थापित किए जाएं, अर्थात्ः-

(घ) किसी जिले के नर्सिंग संस्था और नर्सिंग संस्था के स्वयं का/ संबद्धता प्राप्त निजी चिकित्सालय की अधिकतम दूरी 30 कि.मी. हो सकती है । अनुसूचित क्षेत्रों के लिये शिथिलता प्रदान कर अधिकतम दूरी 50 कि.मी. तक हो सकती है । स्थापित किये जाये । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 5 दिसम्बर 2020

954( 1) (ड.) एक अस्पताल किसी एक ही नर्सिंग संस्था का पैरेन्ट अस्पताल हो सकता है । पैरेन्ट अस्पताल से किसी अन्य नर्सिंग संस्था को संबंद्धता प्रदान नहीं की गयी है , इस संबंध में नर्सिंग संस्था के संचालक द्वारा अस्पताल संचालक से प्राप्त शपथ - पत्र मान्यता आवेदन के समय प्रस्तुत करना होगा " स्थापित किया जाये ।

(च) नियम 4(3) ( इ) के रूप नवीन नर्सिंग संस्था प्रारंभ करने या पूर्व से संचालित नर्सिंग संस्था में नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु अनुसूची 03 (अस्पताल की आवश्यकता) के अनुरूप स्वयं का 100 बिस्तरीय अस्पताल अथवा 5 वर्ष के लिए निजी अस्पताल से संबंद्धता होना आवश्यक है । यह भी स्पष्ट किया जाता है कि कोई भी निजी अस्पताल इस उद्देश्य के लिये एक से अधिक नर्सिंग संस्था को संबंद्धता नहीं दे पायेगी । अनुसूचित क्षेत्र के शिथिलता प्रदान कर निजी अस्पताल की अनिवार्यता नहीं हैं । स्थापित किये जाये ।

3. नियम 5 में, उप नियग (2) के पश्चात्, निम्नलिखित उप- नियम जोड़ा जाए , अर्थात्ः-

" (2) (क ) नवीन नर्सिंग संस्था को आवेदन के समय स्व-प्रमाणित शपथ - पत्र ( निर्धारित प्रारूप के अनुरूप ) प्रस्तुत करना होगा । इसके भौतिक सत्यापन उपरांत नवीन नर्सिंग संस्था को मान्यता दी जा सकेगी । " । स्थापित किया जाये ।

4. नियम 6 में , उप - नियम (4) के पश्चात् निम्नलिखित उप- नियम जोड़ा जाए , अर्थात्ः-

"(5) यदि किसी नर्सिंग संस्था को किसी भी पाठ्यक्रम में लगातार दो वर्ष से मान्यता प्राप्त नहीं है अथवा संस्था में सचालित किसी पाठ्यक्रम में दो वर्ष से कोई छात्र / छात्रा प्रवेशित नहीं है । इस स्थिति में नवीन सत्र की मान्यता हेतु आवेदक संस्था नवीन पाठ्यक्रम के रूप में आवेदन प्रस्तुत करेगी । " स्थापित किया जाये । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 5 दिसम्बर 2020

954(2)

5. अनुसूची तीन में, टीप-2 के स्थान पर, निम्नलिखित टीप स्थापित की जाए, अर्थात्ः-

" (2) (क) किसी भी संस्था द्वारा एम.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए बी.एस.सी नर्सिंग पाठ्यक्रम का एक बैच उत्तीर्ण होना आवश्यक है एवं संस्था के 100 बिस्तरीय अस्पताल के अतिरिक्त न्यूनतम 50 बिस्तरों का सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल अनिवार्य है । प्रतिस्थापित किया जाये ।

(ख) यदि कोई संस्था पोस्ट बेसिक बी.एस.सी नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिये बी.एस.सी नर्सिंग पाठ्यक्रम संस्था में पूर्व से संचालित होना आवश्यक है । " स्थापित किया जाये ।

6. अनुसूची चार में, टीप 4 के स्थान पर, निम्नलिखित टीप स्थापित की जाए , अर्थात्ः- "4. आवेदन के समय शिक्षण संकाय का मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल में जीवित पंजीयन होना अनिवार्य है । अन्य राज्य से पंजीयन की स्थिति में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात एक माह में मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल में पंजीयन कराना अनिवार्य है तथा ऑनलाइन मान्यता आवेदन के समय मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल में पंजीकरण हेतु आवेदन नम्बर अंकित करना होगा । " प्रतिस्थापित किया जाये ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मोहम्मद सुलेमान , अपर मुख्य सचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2020 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 05 December 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2020-12-05.477.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2020-12-05.477.Extraordinary.