ध्य प्रदेश शास
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , शनिवार, दिनांक 30 जनवरी 2021- माघ 10, शक 1942
क्रमांक 50]
श्रम विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 30 जनवरी 2021
क्र. 137-1893-2019- ए- सोलह - नियमों का निम्नलिखित प्रारूप जिसे कि राज्य सरकार मजदूरी संहिता, 2019 की धारा 67 के अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा न्यूनतम वेतन ( मध्यप्रदेश ) नियम, 1958 तथा मध्यप्रदेश मजदूरी भुगतान नियम, 1962 को अतिष्ठित करते हुए बनाना प्रस्तावित करती है, उक्त धारा 67 की उप -धारा ( 1 ) द्वारा अपेक्षित किए गए अनुसार, उन समस्त व्यक्तियों की जानकारी के लिए , जिनके कि उससे प्रभावित होने की संभावना है , एतद् द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है और एतद् द्वारा यह सूचना दी जाती है कि नियमों के उक्त प्रारूप को राजपत्र में इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से पैंतालीस दिवस का अवसान होने पर विचार में लिया जाएगा।
किसी भी ऐसी आपत्ति या सुझाव पर जो नियमों के उक्त प्रारूप के संबंध में किसी व्यक्ति से ऊपर विनिर्दिष्ट कालावधि की समाप्ति से पूर्व उप सचिव , मध्यप्रदेश शासन , श्रम विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल या श्रम आयुक्त, मध्यप्रदेश शासन 518 , नया मोती बंग्लो, एम.जी. रोड, इंदौर 452007 पर या ई - मेल द्वारा [email protected] अथवा [email protected] पर प्राप्त हो, राज्य सरकार द्वारा विचार किया जाएगा ।
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
प्रारूप नियम
अध्याय एक प्रारम्भिक
1. संक्षिप्त नाम , विस्तारतथा प्रारम्भ.- ( 1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश मजदूरी संहिता नियम , 2021 है ।
(2) इनका विस्तार सम्पूर्ण मध्यपदेश राज्य पर होगा।
(3) ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे ।
2. परिभाषाएं.- ( 1 ) इन नियमों में , जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
(क) "अपील" से अभिप्रेत है धारा 49 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन की गई अपील;
(ख) " अपील प्राधिकारी " से अभिप्रेत है धारा 49 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन शासन द्वारा नियुक्त अपील प्राधिकारी;
( ग) " प्राधिकारी " से अभिप्रेत है धारा 45 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन शासन द्वारा नियुक्त प्राधिकारी;
(घ) "बोर्ड" से अभिप्रेत है धारा 42 की उप - धारा ( 1 ) के अधीन राज्य सरकार द्वारा गठित मध्यप्रदेश राज्य सलाहकार बोर्ड ;
(ड.) "अध्यक्ष" से अभिप्रेत है बोर्ड का अध्यक्ष;
(च ) " संहिता" से अभिप्रेत है मजदूरी संहिता , 2019 (2019 का 29 ) ;
( छ) "समिति" से अभिप्रेत है धारा 8 की उप - धारा ( 1 ) के खंड (क) के अधीन मध्यप्रदेश राज्य सरकार द्वारा नियुक्त समिति;
(ज) " दिन" से अभिप्रेत है मध्य रात्रि से प्रारम्भ होने वाली 24 घंटे की अवधि ;
(ञ ) " सरकार" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश सरकार ;
(झ ) " प्ररूप" से अभिप्रेत है इन नियमों में संलग्न प्ररूप;
(ट) "अत्यधिक कुशल व्यवसाय" से अभिप्रेत है कोई व्यवसाय जिसके निष्पादन में विशिष्ट स्तर की उत्कृष्टता की मांग होती है और किसी पर्याप्त अवधि के लिए गहन तकनीकी अथवा व्यावसायिक प्रशिक्षण अथवा व्यावहारिक व्यावसायिक अनुभव के माध्यम से अर्जित क्षमता अपेक्षित होती है और साथ ही किसी कर्मचारी से यह अपेक्षा होती है कि ऐसे व्यवसाय के निष्पादन में शामिल अपने मत या निर्णय के लिए सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्वीकार करे;
(ठ) " निरीक्षक - सह - सुविधाप्रदाता " से अभिप्रेत है धारा 51 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन, अधिसूचना द्वारा , राज्य सरकार द्वारा नियुक्त व्यक्ति;
(ड) "सदस्य" से अभिप्रेत है बोर्ड का कोई सदस्य , जिसमें इसका अध्यक्ष भी सम्मिलित है ;
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(1) (ढ ) "मेट्रोपोलिटन क्षेत्र " से अभिप्रेत है कोई सुसंबद्ध क्षेत्र जिसकी जनसंख्या चालीस लाख अथवा अधिक है , जिसमें एक या अधिक जिले सम्मिलित हैं;
(ण) " गैर - मेट्रोपोलिटन क्षेत्र" से अभिप्रेत है कोई सुसंबद्ध क्षेत्र जिसकी जनसंख्या दस लाख से अधिक लेकिन चालीस लाख से कम है, जिसमें एक या अधिक जिले सम्मिलित हैं;
(त) " जनसंख्या" से अभिप्रेत है अंतिम पूर्व वर्ती जनगणना में यथा निर्धारित जनसंख्या जिसके सुसंगत आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं;
(थ) " पंजीकृत ट्रेड यूनियन" से अभिप्रेत है कोई ट्रेड यूनियन जो ट्रेड यूनियन अधिनियम , 1926 ( 1926 का 16 ) के अधीन पंजीकृत है;
(द) "ग्रामीण क्षेत्र" से अभिप्रेत है वह क्षेत्र जो मेट्रोपोलिटन क्षेत्र अथवा गैर- मेट्रोपोलिटन क्षेत्र नहीं है;
(ध) "अनुसूची" से अभिप्रेत है इन नियमों की अनुसूची;
(न) "धारा" से अभिप्रेत है इस संहिता की कोई धारा;
(प) "अर्ध कुशल व्यवसाय " से अभिप्रेत है कोई व्यवसाय जिसमें इसके निष्पादन में जॉब पर अनुभव द्वारा अर्जित कौशल का उपयोग अपेक्षित होता है और जो किसी कुशल कर्मचारी के पर्यवेक्षण अथवा मार्गदर्शन के अधीन उपयोग किए जाने लायक होता है और इसमें अकुशल व्यवसाय पर पर्यवेक्षण भी शामिल है;
(फ) "कुशल व्यवसाय" से अभिप्रेत है कोई व्यवसाय जिसमें इसके निष्पादन में जॉब पर अनुभव के द्वारा अथवा किसी तकनीकी या व्यावसायिक संस्थान में प्रशिक्षु के रूप में प्रशिक्षण के माध्यम से कुशलता और सक्षमता अंतर्ग्रस्त होती है और जिसके निष्पादन में पहल करने और विवेक की आवश्यकता होती है;
(ब) "अकुशल व्यवसाय" से अभिप्रेत है कोई व्यवसाय जिसमें इसके निष्पादन में केवल प्रचालन अनुभव के उपयोग की आवश्यकता होती है और इसमें कोई अतिरिक्त कौशल शामिल नहीं होता है;
( 2 ) समस्त अन्य शब्द तथा अभिव्यक्तियां जो इन नियमों में प्रयुक्त हुई हैं किन्तु परिभाषित नहीं किए गए क्रमशः वही अर्थ होंगे जो इस संहिता के अधीन दिए गए हैं । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 जनवरी 2021
100 (2)
अध्याय दो
न्यूनतम मजदूरी
3. मजदूरी की न्यूनतम दर की गणना करने की रीति. ( 1 ) धारा 6 की उप- धारा ( 5 ) के प्रयोजनार्थ , मजदूरी की न्यूनतम दर केन्द्र सरकार द्वारा धारा 9 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन निर्धारित निर्वाह मजदूरी के आधार पर नियत की जाएगी-
(2) जब एक दिन के लिए मजदूरी की दर नियत की जाती है , तब एक घंटे के लिए मजदूरी दर नियत करने के लिए ऐसी राशि को आठ से भाग दिया जाएगा और एक महीने के लिए मजदूरी की दर नियत करने के लिए छब्बीस से गुणा किया जाएगा और ऐसे भाग और गुणा में आधे या आधे से अधिक गुणनखंड को अगले अंक के रूप में पूर्णांकित किया जाएगा और आधे से कम गुणनखंड को नहीं गिना जाएगा ।
4. मजदूरी की न्यूनतम दर नियत करने के लिए मानदंड. ( 1 ) धारा 6 के अधीन मजदूरी की न्यूनतम दर नियत करते समय राज्य सरकार संबंधित भौगोलिक क्षेत्र को तीन वर्गों अर्थात् मेट्रोपोलिटन क्षेत्र, गैर-मेट्रोपोलिटन क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र में विभाजित करेगी।
(2) राज्य सरकार, कौशल वर्गीकरण के संबंध में राज्य सरकार को सलाह देने के प्रयोजनार्थ, एक तकनीकी समिति गठित करेगी जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे , अर्थात्ः-
(एक ) श्रमायुक्त- अध्यक्ष;
(दो) अपर श्रमायुक्त, मध्यप्रदेश शासन सदस्य;
(तीन) मध्यप्रदेश सरकार से एक प्रतिनिधि जो कौशल विकास का कार्य देख रहा हो- विशेषज्ञ;
(चार ) मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यथा नामित मजदूरी निर्धारण में दो तकनीकी विशेषज्ञ सदस्य; और
(पांच) उप श्रमायुक्त/सहायक श्रमायुक्त, श्रम विभाग , मध्यप्रदेश शासन- ऐसी तकनीकी समिति का सदस्य सचिव।
(3) राज्य सरकार, उप- नियम (2) में निर्दिष्ट तकनीकी समिति की सलाह पर , कर्मचारियों के व्यवसायों को अनूसूची ङ में विनिर्दिष्ट ऐसे व्यवसायों को संशोधित करके, हटाकर अथवा वर्गीकरण कर कोई प्रविष्टि जोड़कर चार वर्गों में अर्थात् अकुशल , अर्ध-कुशल , कुशल और अत्यधिक कुशल वर्गों में वर्गीकृत करेगी। 100(3)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
5. मंहगाई भत्ते के पुनरीक्षण के लिए समय अंतराल.- यह प्रयास किया जाएगा जिससे कि निर्वाह भत्ते की लागत और रियायती दर पर आवश्यक वस्तुओं के संबंध में रियायत के नकद मूल्य की गणना हर वर्ष एक बार 1 अप्रैल से पहले और फिर 1 अक्टूबर से पहले न्यूनतम मजदूरी पर कर्मचारियों को देय मंहगाई भत्ते को संशोधित करने के लिए की जाए ।
6. एक सामान्य कार्य दिवस गठित करने वाले कार्य घंटों की संख्या ( 1 ) धारा 13 की उप-धारा ( 1 ) के खंड (क) के अधीन सामान्य कार्य दिवस में कार्य के आठ घंटे शामिल होंगे और विश्राम का एक या अधिक अंतराल कुल मिलाकर एक घंटे से अधिक नहीं होगा ।
(2) कर्मचारी के कार्य दिवस को इस तरह से व्यवस्थित किया जाएगा कि उसका फैलाव विश्राम के अंतरालों , यदि कोई हों , को मिलाकर यह किसी भी दिन 12 घंटे से अधिक नहीं हो ।
(3) कृषि रोजगार में नियोजित कर्मचारी के मामले में उप -नियम ( 1 ) और ( 2 ) के उपबंध ऐसे संशोधनों के अध्यधीन होंगे जैसे कि राज्य सरकार द्वारा समय- समय पर विहित किए जाएं ।
(4) इस नियम की कोई भी बात उपजीविका जन्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य तथा कर्म दशाएँ संहिता, 2020 के उपबंधों को प्रभावित करने वाली नहीं समझी जाएगी । 7. वह परिस्थिति जिनमें कोई कर्मचारी पूरे सामान्य कार्य दिवस के लिए मजदूरी प्राप्त करने का हकदार नहीं होगाः कोई व्यक्ति, जो सामान्य कार्य दिवस गठित करने वाले घण्टों की अपेक्षित संख्या से कम की अवधि के लिए नियोजित किया गया हो पूर्ण कार्य दिवस के मज़दूरी प्राप्त करने का उस सीमा तक हकदार नहीं होगा जिस सीमा तक सामान्य कार्य दिवस की अवधि में उसने स्वयं को अनुपस्थित रखा हो ।
8. विश्राम का साप्ताहिक दिन. - ( 1 ) इस नियम के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए किसी कर्मचारी को प्रत्येक्त सप्ताह एक दिन का विश्राम दिया जाएगा ( जिसे इसमें इसके पश्चात् " विश्राम दिन" के रूप में निर्दिष्ट किया गया है) जो सामान्य रूप से रविवार होगा , लेकिन नियोक्ता सप्ताह के किसी भी अन्य दिन को किसी भी कर्मचारी अथवा कर्मचारियों की श्रेणी के लिए विश्राम के दिन के रूप में नियत कर सकता है:
परन्तु कोई कर्मचारी इस उप- नियम के अधीन विश्राम दिन का हकदार होगा यदि उसने उसी नियोक्ता के अधीन छह दिन से अनिम्न निरंतर अवधि के लिए काम किया है:
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 जनवरी 2021
100(4)
परन्तु यह भी कि विश्राम दिन के रूप में नियत दिन और बाद में विश्राम दिन में परिवर्तन की सूचना , कर्मचारी को परिवर्तन प्रभावी करने से पहले निरीक्षक- सह -सुविधाप्रदाता द्वारा इस बाबत् में रोजगार के स्थान पर विनिर्दिष्ट स्थान पर सूचना प्रदर्शित करके दी जाएगी।
स्पष्टीकरण.- इस उप- नियम के प्रथम परंतुक में विनिर्दिष्ट छह से अनिम्न दिनों की निरंतर अवधि की गणना करने के प्रयोजनार्थ किसी भी दिन , जिसको कर्मचारी का कार्य करना अपेक्षित है , लेकिन उसे उपस्थिति के लिए केवल भत्ता दिया जाता है और उसे काम नहीं दिया जाता है , तब औद्योगिक संबंध संहिता , 2020 के अधीन प्रतिकर के भुगतान पर किसी दिन , जिसको कर्मचारी को कामबंदी पर रखा जाता है और विश्राम दिन के तुरन्त पहले छह दिन की अवधि में किसी नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को सवेतन या वेतनरहित किसी छुट्टी या अवकाश को उन दिनों के रूप में माना जाएगा जिस दिन कर्मचारी ने काम किया है । (2) किसी भी ऐसे कर्मचारी से विश्राम के दिन काम करने की अपेक्षा नहीं की जाएगी या काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि उसके पास विश्राम दिन के तुरंत पहले या बाद में पांच दिनों में से किसी एक पूरे दिन का प्रतिस्थापित विश्राम दिन नहीं है अथवा न होः
परन्तु कोई भी प्रतिस्थापन नहीं किया जाएगा, जो कर्मचारी को एक पूरे विश्राम दिन के बिना लगातार 10 दिन से अधिक काम करने में परिणामित हो । (3) इस नियम के पूर्वगामी उपबंधों के अनुसार जहां कोई भी कर्मचारी किसी विश्राम के दिन काम करता है और उसे विश्राम दिन के पहले या बाद पांच दिन में किसी भी दिन प्रतिस्थापित विश्राम दिन दिया गया है तब विश्राम दिन को , काम के साप्ताहिक घंटों की गणना के प्रयोजनार्थ उस सप्ताह में सम्मिलित कर दिया जाएगा, जिसमें प्रतिस्थापित विश्राम दिन आया है ।
(4) कर्मचारी को -
(क) विश्राम दिन के लिए अगले पूर्ववर्ती दिन के लिए लागू दर पर परिकलित मजदूरी दी जाएगी; और
(ख ) जहां पर वह विश्राम के दिन काम करता है और उसे उस विश्राम दिन के लिए, जिस पर उसने कार्य किया है समयोपरि दर से और प्रतिस्थापित विश्राम दिन के लिए , अगले पूर्ववर्ती दिन के लिए लागू दर से मजदूरी दी जाएगी: परंतु जहां- 100(5)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
(एक) संहिता के अधीन अधिसूचित कर्मचारी की मजदूरी की न्यूनतन दर, है; मजदूरी की न्यूनतम मासिक दर को छब्बीस से भाग देकर निकाली गई; अथवा
(दो ) कर्मचारी की मजदूरी की वास्तविक दैनिक दर, मजदूरी की मासिक दर को छब्बीस से भाग करके निकाली गई है और मजदूरी की ऐसी वास्तविक दैनिक दर कर्मचारी की अधिसूचित न्यूनतम दैनिक दर से कम नहीं है , तब विश्राम दिन के लिए कोई मजदूरी देय नहीं होगी; और
(तीन) कर्मचारी विश्राम के दिन काम करता है और उसे प्रतिस्थापित विश्राम दिन दिया गया है तब उसे केवल उसी विश्राम दिन के लिए समयोपरि दर पर देय मजदूरी के बराबर राशि दी जाएगी जिस दिन उसने काम किया है; और, यदि कोई विवाद उद्भूत होता है, कि क्या इस परंतुक के उपबंधों के अनुसार मजदूरी की दैनिक दर निकाली गई है, तब श्रम आयुक्त अथवा अपर श्रमायुक्त इस बाबत् उन्हें किए गए आवेदन पर, संबंधित पक्षों को अपने लिखित अभ्यावेदनों के लिए अवसर देने के पश्चात्, उसका बिनिश्चय करेंगे:
परंतु किसी कर्मचारी के मात्रानुपाती दर प्रणाली से शासित होने की दशा में विश्राम दिन अथवा प्रतिस्थापित विश्राम दिन यथास्थिति के लिए मजदूरी ऐसी होगी जैसी कि राज्य सरकार रोजगार के संबंध में इस संहिता के अधीन नियत मजदूरी की न्यूनतम दर को ध्यान में रखते हुए समय - समय पर निर्धारित करे।
स्पष्टीकरण.- इस उप - नियम में 'अगला पूर्ववर्ती दिन' से अभिप्रेत है वह अंतिम दिन, जिसको कर्मचारी ने काम किया है , जो यथास्थिति विश्राम दिन या प्रतिस्थापित विश्राम दिन के पहले आता है और जहां प्रतिस्थापित विश्राम दिन , विश्राम दिन के तुरंत अगले दिन आता है, तब अगला पूर्ववर्ती दिन से अभिप्रेत है वह अंतिम दिन जिसको कर्मचारी ने काम किया है और जो विश्राम दिन के पहले था।
(5) इस नियम के उपबंध अधिक अनुकूल निबंधनों, यदि कोई हैं तो , पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेंगे , जिसमें कर्मचारी किंसी अन्य विधि के अधीन अथवा किसी पंचाट, अनुबंध अथवा सेवा की संविदा के निबंधनों के अधीन हकदार है , और ऐसी दशा में , कर्मचारी केवल पूर्वोक्त केवल अधिक अनुकूल निबंधनों का हकदार होगा।
स्पष्टीकरण.- इस नियम के प्रयोजनार्थ , ' सप्ताह' से अभिप्रेत होगा शनिवार रात्रि की अर्द्ध रात्रि से शुरू होकर सात दिन की कोई अवधि। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
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9. रात्रि पालियां.- जहां पर कोई कर्मचारी किसी रोजगार में पाली में काम करता है, जो अर्ध रात्रि पर भी चलती है , तब , -
(क) नियम 7 के प्रयोजनार्थ पूरे दिन के लिए विश्राम दिन से, इस मामले में अभिप्रेत है , उसकी पाली समाप्त होने के समय से शुरू होकर लगातार चौबीस घंटे की अवधि; और
(ख) ऐसे मामले में अगला दिन ऐसी पाली के समाप्त होने के समय से शुरू होकर चौबीस घंटे की अवधि का समझा जाएगा , और अर्ध रात्रि के बाद के घंटों को, जिसके दौरान ऐसे कर्मचारी ने काम किया था , पूर्व दिवस में गिना जाएगा। 10. धारा 13 की उप- धारा (2) के प्रयोजनार्थ विस्तार एवं शर्तें.- यदि कर्मचारी -
(क) आपातस्थिति में कार्यरत है, जिसका पूर्वानुमान नहीं किया जा सकता था या उसे रोका नहीं जा सकता था;
(ख) प्रारम्भिक या पूरक प्रकृति के कार्यों में लगा हुआ है जिसे अनिवार्य रूप से संबंधित रोजगार में सामान्य कार्य के लिए अधिकथित सीमाओं से बाहर कराया जाना चाहिए;
(ग) जिसका रोजगार अनिवार्य रूप से अनिरंतर है;
( घ) ऐसे कार्य में लगा हुआ है जिसे तकनीकी कारणों से ड्यूटी समाप्त होने से पूरा किया जाना है; और
(ङ) ऐसे कार्य में लगा हुआ है, जिसे प्राकृतिक शक्तियों की अनियमित क्रिया पर कभी-कभी निर्भर होने के सिवाय नहीं किया जा सकता था;
तब नियम 6,7 , और 8 के उपबंध इस शर्त के अध्यधीन रहते हुए लागू होंगे कि- (एक) कर्मचारी के कार्यघंटों का फैलाव किसी भी दिन 16 घंटों से अधिक नहीं होगा; और (दो) विश्राम के अंतराल को छोड़कर वास्तविक कार्य घंटे और निष्क्रियता की अवधि, जिसके दौरान कर्मचारी ड्यूटी पर रहा हो लेकिन उससे शारीरिक गतिविधि करने या नियमित उपस्थिति के लिए नहीं कहा गया हो , किसी भी दिन में 9 घंटे से अधिक नहीं होगी ।
11. धारा 10 के परन्तुक के खंड (दो) के अधीन परिस्थितियां : - कर्मचारी धारा 10 के अधीन पूर्ण सामान्य कार्य दिवस के लिए मजदूरी प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा यदि वह तत्समय प्रवृत्त अन्य किसी विधि के अधीन ऐसी मजदूरी का हकदार नहीं है। 100(7)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
12. लम्बी मजदूरी अवधि.- धारा 14 के अधीन मजदूरी की न्यूनतम दर के प्रयोजनार्थ लम्बी मजदूरी अवधि एक महीने तक होगी ।
अध्याय तीन
मजदूरी का भुगतान
13. धारा 18 की उप- धारा (4 ) के अधीन वसूली. जहां धारा 18 की उप - धारा (2) के अधीन प्राधिकृत कुल कटौतियां किसी कर्मचारी की मजदूरी के 50 प्रतिशत से अधिक है, तब आधिक्य को अग्रनीत किया जाएगा और यथास्थिति उत्तरवर्ती मजदूरी अवधि या अवधियों , से ऐसी किस्तों में वसूल किया जाएगा ताकि किसी भी माह में वसूली उस माह में कर्मचारी की मजदूरी के पचास प्रतिशत से अधिक न हो ।
14. धारा 19 की उप-धारा ( 1 ) के अधीन प्राधिकारी. धारा 19 की उप- धारा (1 ) के प्रयोजनार्थ श्रम अधिकारी अथवा सहायक श्रमायुक्त प्राधिकारी होंगे।
15. धारा 19 की उप-धारा ( 2) के अधीन सूचना प्रदर्शित करने की रीति.- धारा 19 की उप-धारा (2) में निर्दिष्ट सूचना उस कार्य स्थल के परिसर में , जहां पर रोजगार किया जाता है, प्रमुख स्थलों पर प्रदर्शित की जाएगी , ताकि प्रत्येक संबंधित कर्मचारी सूचना की विषय- वस्तु को आसानी से पढ़ सके और सूचना की एक प्रति क्षेत्राधिकार रखने वाले निरीक्षक-सह- सुविधाप्रदाता को भेजी जाएगी ।
16. धारा 19 की उप- धारा(3 ) के अधीन प्रक्रिया.- नियोक्ता, नियम 12 में निर्दिष्ट जुर्माना लगाने की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए उसमें विनिर्दिष्ट विस्तृत विवरणों की लिखित रूप में सूचना श्रम अधिकारी अथवा सहायक श्रमायुक्त को देगा , जो स्वीकृति प्रदान करने या उससे इंकार करने से पूर्व पहले संबंधित कर्मचारी और नियोक्ता को सुने जाने का अवसर प्रदान करेगा ।
17. कटौती की सूचना.- ( 1 ) जहां कोई नियोक्ता धारा 20 की उप-धारा (2) के उपबंध के अनुसरण में कोई भी कटौती करता है, तब वह ऐसी कटौती की सूचना ऐसी कटौती के कारणों को स्पष्ट करते हुए , ऐसी कटौती की तारीख से 10 दिन के अंदर क्षेत्राधिकार रखने वाले निरीक्षक-सह-सुविधाप्रदाता को देगा।
(2) निरीक्षक- सह -सुविधाप्रदाता उप- नियम ( 1 ) के अधीन ऐसी सूचना प्राप्त होने के पश्चात् ऐसी सूचना की जांच करेगा और यदि वह यह पाता है कि उसमें दिया गया स्पष्टीकरण संहिता के किसी भी उपबंध या उसके अधीन बनाए गए नियम के उल्लंघन में है , तब वह नियोक्ता के विरुद्ध संहिता के अधीन समुचित कार्रवाई शुरू करेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
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18. धारा 21 की उप-धारा (2) के अधीन कटौती के लिए प्रक्रियाः- यदि कोई नियोक्ता कर्मचारी के वेतन से धारा 21 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन नुकसान अथवा हानि के लिए कटौती करना चाहता है, तो वह
(एक) कर्मचारी को अभिव्यक्तः उसकी अभिरक्षा के लिए उसे सौंपे गए सामान के नुकसान अथवा हानि अथवा धन के नुकसान के लिए, जिसके लिए उसका उत्तरदायी होना अपेक्षित है तथा किस प्रकार से ऐसे नुकसान अथवा हानि के लिए प्रत्यक्ष रूप से उस कर्मचारी की उदासीनता अथवा चूक उत्तरदायी है , के बारे में व्यक्तिगत रूप से तथा लिखित भी कर्मचारी को समझाएगा; और (दो) तत्पश्चात्, कर्मचारी को कोई स्पष्टीकरण देने का एक अवसर देगा तथा किसी नुकसान अथवा हानि के लिए यदि कोई कटौती की जाती है, तो ऐसी कटौती करने की तारीख से पंद्रह दिन के भीतर इसकी सूचना कर्मचारी को दी जाएगी ।
19. धारा 23 के अधीन अग्रिम की वसूली के संबंध में शर्तें यथास्थिति,
(एक) धारा 23 के खण्ड (ख ) के अधीन नियोजन प्रारम्भ होने के पश्चात् किसी कर्मचारी को दिए गए अग्रिम धन; अथवा
(दो) किसी कर्मचारी द्वारा धारा 23 के खण्ड (ग) के अधीन अर्जित नहीं किए गए वेतन के अग्रिम;
की वसूली, नियोक्ता द्वारा निर्धारित किश्तों में संबंधित कर्मचारी के वेतन में से की जाएगी, ताकि कोई एक किश्त अथवा सभी किश्तें उस वेतन अवधि में कर्मचारी के वेतन के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं होगी तथा ऐसी वसूली का विवरण प्ररूप- एक में रखे गए रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा ।
20. धारा 24 के अधीन कटौती - राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित भवन निर्माण अथवा अन्य प्रयोजनों के लिए स्वीकृत ऋणों और उनके संबंध में देय ब्याज की वसूली हेतु कटौतियां समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा दिए गए निर्देश तथा जारी परिपत्र के अध्यधीन रहते हुए उस सीमा, तक की जाएंगी जिस तक ऐसे ऋण प्रदान किए जाएं तथा उस पर ब्याज दर देय हो । 100(9)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
अध्याय चार
बोनस का भुगतान
21. छठे लेखा वर्ष के लिए सेट ऑन अथवा सेट ऑफ की गणना छठे लेखा वर्ष के लिए यथास्थिति सेट ऑन अथवा सेट ऑफ की गणना धारा 26 की उप- धारा (7) के खण्ड (एक) के अधीन अनुसूची ' क' में वर्णित रीति से पांचवे तथा छठे लेखा वर्ष से संबंधित आबंटन योग्य सरप्लस सेट ऑन अथवा सेट ऑफ की अधिकता अथवा कमी, यदि कोई हो , यथास्थिति को ध्यान में रखते हुए की जाएगी ।
22. सातवे लेखा वर्ष के लिए सेट ऑन अथवा सेट ऑफ की गणना सातवें लेखा वर्ष के लिए यथास्थिति सेट ऑन अथवा सेट ऑफ , की गणना धारा 26 की उप-धारा (7) के खण्ड (दो) के अधीन अनुसूची ' क' में वर्णित ढंग से पांचवे, छठे एवं सातवे लेखा वर्ष के संबंध में आबंटन योग्य सरप्लस सेट ऑन अथवा सेट ऑफ की यथास्थिति अधिकता अथवा कमी, यदि कोई हो , को ध्यान में रखते हुए की जाएगी।
23. धारा 32 के खण्ड (क) के अधीन सकल लाभों की गणना - किसी नियोक्ता द्वारा किसी प्रतिष्ठान से लेखा वर्ष के संबंध में प्राप्त किए गए सकल लाभों की गणना बैंकिंग कम्पनी के मामले में अनुसूची ' ख' में विनिर्दिष्ट रीति में की जाएगी ।
24. धारा 32 के खण्ड (ख ) के अधीन सकल लाभों की गणना- किसी नियोक्ता द्वारा किसी प्रतिष्ठान से लेखा वर्ष के संबंध में प्राप्त किए गए सकल लाभों की गणना बैंकिंग कम्पनी से भिन्न मामले में अनुसूची 'ग' में विनिर्दिष्ट रीति में की जाएगी ।
25. धारा 34 के खण्ड (ग) के अधीन अधिक राशियों की कटौति नियोक्ता के संबंध में अनुसूची 'घ' में यथा विनिर्दिष्ट अधिक राशियों की कटौति धारा 34 के खण्ड ( ग ) के अधीन पूर्व शुल्कों के रूप में सकल लाभ से की जाएगी ।
26. धारा 36 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन अग्रनयन की रीति- जहां किसी लेखा वर्ष के लिए आबंटन योग्य अधिशेष (सरप्लस) धारा 26 के अधीन प्रतिष्ठान में के कर्मचारियों को देय अधिकतम बोनस की राशि से अधिक हो जाता है, तो वह अधिक राशि को , उस लेखा वर्ष में प्रतिष्ठान में नियोजित कर्मचारियों के कुल वेतन या मजदूरी के 20 प्रतिशत की सीमा के अध्यधीन रहते हुए अनुसूची ' क' में यथा वर्णित अनुसार रीति में बोनस के भुगतान के प्रयोजनार्थ प्रयोग किए जाने के लिए चौथे लेखा वर्ष सहित आगामी लेखा वर्ष और इसी प्रकार आगे के लेखा वर्षों में सेट ऑन करने के लिए अग्रेषित किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(10)
27. धारा 36 की उप- धारा (2) के अधीन अग्रनयन करने की रीति किसी लेखा वर्ष के लिए जहां कोई अधिशेष ( सरप्लस ) उपलब्ध नहीं है अथवा उस वर्ष का आबंटन योग्य अधिशेष ( सरप्लस) धारा 26 के अधीन प्रतिष्ठान में के कर्मचारियों को देय न्यूनतम बोनस की राशि से कम हो जाता है तथा नियम 24 के अधीन अग्रनीत कोई राशि पर्याप्त तथा सेट ऑन नहीं है , जिसे न्यूनतम बोनस के भुगतान के प्रयोजनार्थ प्रयोग किया जा सकता हो , तब यथास्थिति, ऐसी न्यूनतम राशि अथवा कमी, को अनुसूची 'क' में वर्णित रीति में चौथे लेखा वर्ष सहित आगामी लेखा वर्ष तथा उसके बाद के वर्षों में सेट ऑफ करने के लिए अग्रनीत किया जाएगा ।
अध्याय पांच
मध्यप्रदेश सलाहकार बोर्ड
क. धारा 42 की उप- धारा (10) के अधीन राज्य सलाहकार बोर्ड की प्रक्रिया 28. बोर्ड का गठन (1 ) बोर्ड में राज्य सरकार द्वारा नामित किए जाने वाले, धारा 42 की उप-धारा (6 ) के खण्ड (क) एवं (ख) में यथानिर्दिष्ट नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति तथा खण्ड (ग) में यथानिर्दिष्ट स्वतंत्र व्यक्ति शामिल होंगे । (2) धारा 42 की उप-धारा (6) के खण्ड (क) में यथानिर्दिष्ट नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले छह व्यक्ति होंगे तथा उस उप-धारा के खण्ड (ख) में निर्दिष्ट कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले भी छह व्यक्ति होंगे , जिसमें से नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों की कम से कम एक प्रतिनिधि महिला सदस्य होगी ।
(3) राज्य सरकार द्वारा नामित किए जाने वाले धारा 42 की उप - धारा ( 1 ) के खण्ड ( ग) में विनिर्दिष्ट स्वतंत्र व्यक्तियों में निम्नलिखित शामिल होंगे , अर्थात्ः-
(एक) अध्यक्ष;
(दो) राज्य विधानसभा का एक सदस्य;
(तीन) दो सदस्य, जिनमें से प्रत्येक वेतन एवं श्रम संबंधी मुद्दों के क्षेत्र में का कोई व्यावसायी होगा।
(चार ) एक सदस्य, जो औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 ( 1947 का 14) की धारा 7क के अधीन राज्य सरकार द्वारा गठित औद्योगिक अधिकरण का पीठासीन अधिकारी हो अथवा रह चुका हो; और
(पांच) दो सदस्य, जिनमें से प्रत्येक राज्य के दो कार्य विभागों के उपसचिव पद से अनिम्न स्तर का कोई प्रतिनिधि होगा । 100(11)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
29. बोर्ड के अतिरिक्त कृत्य - धारा 42 की उप-धारा (4 ) में विनिर्दिष्ट कृत्यों के अतिरिक्त, बोर्ड राज्य सरकार द्वारा निर्देश किए जाने पर निम्नलिखित के संबंध में न्यूनतम मजदूरी के निर्धारण से संबंधित मुद्दों पर सरकार को परामर्श देता है -
(एक) श्रमजीवी पत्रकार एवं अन्य समाचारपत्र कर्मचारी (सेवा की शर्तों) एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम , 1955 ( 1955 का 45) की धारा 2 के खण्ड (च) में यथापरिभाषित श्रमजीवी पत्रकार; और
(दो) बिक्री संवर्धन कर्मचारी ( सेवा शर्तें) अधिनियम, 1976 (1976 का 11 ) की धारा 2 के खण्ड (घ) में यथापरिभाषित बिक्री संवर्धन कर्मचारी ।
30. बोर्ड के सम्मिलन:- अध्यक्ष, नियम 32 के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए किसी भी समय , जब वह उचित समझे, बोर्ड के सम्मिलन बुला सकेगाः
परंतु आधे से अनिम्न सदस्यों की लिखित में मांग पर, अध्यक्ष ऐसी मांग प्राप्त होने की तारीख के तीस दिन के भीतर सम्मिलन बुलाएंगे।
31. सम्मिलन की सूचना अध्यक्ष प्रत्येक सम्मिलन की तारीख , समय एवं स्थान नियत करेंगे तथा पूर्वोक्त विवरंण को शामिल करते हुए सम्मिलन में संचालित किए जाने वाले कारबार के साथ एक लिखित सूचना ऐसे सम्मिलन की निर्धारित तारीख से कम से कम पन्द्रह दिन पहले पंजीकृत डाक एवं इलैक्ट्रोनिक रूप से प्रत्येक सदस्य को भेजी जाएगीः परंतु किसी आकस्मिकसम्मिलन की दशा में, प्रत्येक सदस्य को केवल सात दिन की सूचना दी जा सकेगी ।
32. अध्यक्ष के कृत्यः- अध्यक्ष-
( एक) बोर्ड के सम्मिलनों की अध्यक्षता करेगाः
परंतु किसी सम्मिलन में अध्यक्ष की अनुपस्थिति में, सदस्य अपने में से सम्मिलन की अध्यक्षता करने हेतु मतों के बहुमत से एक सदस्य का चुनाव करेंगे , जो ऐसे सम्मिलन की अध्यक्षता करेगा;
(दो) बोर्ड की प्रत्येक सम्मिलन की कार्यसूची का विनिश्चय करेगा;
(तीन) जहां बोर्ड के सम्मिलन में , यदि कोई मुद्दा मतदान द्वारा विनिश्चित किया जाना है , तो मतदान कराएगा तथा सम्मिलन में गुप्त मतदान की गणना करेगा अथवा कराएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 जनवरी 2021
100(12)
33. गणपूर्ति - किसी सम्मिलन में कोई कार्य नहीं किया जाएगा जब तक कि सदस्यों में से कम से कम एक- तिहाई सदस्य तथा नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों दोनों का कम से कम एक- एक प्रतिनिधि उपस्थित नहीं होः
परंतु यदि किसी सम्मिलन में एक- तिहाई सदस्यों से कम सदस्य उपस्थित हैं , तो अध्यक्ष उस सम्मिलन को मूल सम्मिलन की तारीख से सात दिन अपश्चात् की तारीख के लिए स्थगित कर सकेगा तथा ऐसे स्थगित सम्मिलन में कार्य का निपटान विधिपूर्ण हो जाएगा , चाहे उपस्थित सदस्यों की संख्या कुछ भी होः
परंतु यह और कि ऐसे स्थगित सम्मिलन की तारीख , समय एवं स्थान सभी सदस्यों को इलेक्ट्रानिक रूप से अथवा पंजीकृत डाक द्वारा सूचित किया जाएगा ।
34. बोर्ड के कारबार का निपटान बोर्ड के सभी कारबार पर बोर्ड के सम्मिलन में विचार किया जाएगा तथा उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत द्वारा विनिश्चिय किया जाएगा तथा बराबर मत होने पर , अध्यक्ष का मत निर्णायक होगा;
परंतु अध्यक्ष, यदि वह उचित समझ , तो निदेश दे सकेगा कि किसी मामले को आवश्यक दस्तावेजों के परिचालन तथा सदस्यों का लिखित मत प्राप्त करके विनिश्चित किया जाए:
परंतु यह और कि पूर्ववर्ती परंतुक के अधीन किसी मामले में कोई भी विनिश्चय तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि दो-तिहाई से अनिम्न सदस्य इसका समर्थन न करें । 35. मतदान का तरीका - बोर्ड में मतदान सामान्यतः हाथ उठाकर किया जाएगा परंतु यदि कोई सदस्य मतपत्र द्वारा मतदान के लिए कहता है अथवा यदि अध्यक्ष ऐसा विनिश्चित करता है, तो मतदान गुप्त मतपत्र द्वारा एवं ऐसी रीति में आयोजित किया जाएगा जैसा कि अध्यक्ष विनिश्चित करे ।
36. सम्मिलनों की कार्यवाहियां ( 1 ) बोर्ड के प्रत्येक सम्मिलन की कार्यवाहियां, जिनमें अन्य बातों के साथ - साथ सम्मिलन में उपस्थित सदस्यों के नाम दर्शाते हुए , सम्मिलन के यथासंभव पश्चात्, परंतु किसी भी दशा में अगले सम्मिलन से सात से अनिम्न दिन पहले प्रत्येक सदस्य तथा सरकार को अग्रेषित की जाएंगी।
(2) बोर्ड के प्रत्येक सम्मिलन की कार्यवाहियां ऐसे संशोधन , यदि कोई हो , जैसा कि आवश्यक समझा जाए , के अनुरूप होंगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(13) 37. साक्षियों को आहूत करना एवं दस्तावेजों का प्रस्तुतीकरण (एक) अध्यक्ष , यदि अपने कर्तव्य के निवर्हन के दौरान अपेक्षित हो , तो किसी व्यक्ति को साक्षी के रूप में प्रस्तुत होने के लिए आहूत कर सकेगा तथा किसी व्यक्ति से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर सकेगा।
(2) प्रत्येक व्यक्ति जिसे बुलाया जाता है तथा जो बोर्ड के समक्ष साक्षी के रूप में प्रस्तुत होता है, वह अपने द्वारा किए गए खर्च के लिए सिविल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने वाले साक्षियों को देय भत्ते के भुगातन के लिए तत्समय वृत्त परिमाण के अनुसार भत्ते का पात्र होगा।
38. समितियों की नियुक्ति - राज्य सरकार धारा 8 की उप-धारा ( 1 ) के खंड ( क) के अधीन इस खंड में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए उतनी समितियां गठित कर सकेगी, जितनी कि वह आवश्यक समझे।
ख. धारा 42 की उप-धारा ( 1 ) के अधीन बोर्ड के सदस्यों की पदावधि 39. बोर्ड के सदस्यों की पदावधि :- ( 1 ) यथास्थिति अध्यक्ष अथवा किसी सदस्य की पदावधि, धारा 42 की उप-धारा ( 1 ) के अधीन उसकी नियुक्ति अथवा नामनिर्देशन की तारीख से प्रारंभ होकर सामान्यतः दो वर्ष की होगी:
परंतु ऐसे अध्यक्ष अथवा सदस्य , दो वर्ष की उक्त अवधि की समाप्ति के होते हुए भी यथास्थिति अपने उत्तराधिकारी की नियुक्ति अथवा नामनिर्देशन, तक अपने पद पर बने रहेंगे।
(2) किसी आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए नामित बोर्ड का कोई स्वतंत्र सदस्य उस सदस्य के शेष कार्यकाल की अवधि के लिए पद पर बना रहेगा जिसके स्थान पर उसको नामित किया गया है ।
(3) बोर्ड के आधिकारिक सदस्य तब तक अपने पद पर बने रहेंगे जब तक कि उनका स्थान उनके जैसे अन्य आधिकारिक सदस्यों द्वारा न ले लिया जाए ।
(4) उप- नियम ( 1 ) , (2 ) , एवं (3 ) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी , बोर्ड के सदस्य राज्य सरकार के प्रसाद पर्यन्त अपने पद पर बने रहेंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(14)
Y
40. यात्रा भत्ता- बोड के अध्यक्ष एवं प्रत्येक सदस्य ऐसे सदस्य के रूप में उनके द्वारा अपने कर्तव्यों के संबंध में की गई किसी भी यात्रा के लिए राज्य सरकार के प्रथम श्रेणी अधिकारी को लागू दरों एवं शर्तों के अध्यधीन रहते हुए यात्रा एवं पड़ाव भत्ता प्राप्त करने के हकदार होंगे ।
41. अधिकारी एवं कर्मचारिवृंद - राज्य सरकार बोर्ड के कामकाज के लिए बोर्ड को सहायक श्रमायुक्त, मध्यप्रदेश शासन से अनिम्न पद श्रेणी का एक सचिव , ऐसे अन्य अधिकारी एवं कर्मचारिवृंद उपलब्ध करा कराएगा जैसे कि वह आवश्यक समझे ।
42. बोर्ड के सदस्यों के पुनर्नामनिर्देशन हेतु पात्रता कोई निवर्तमान सदस्य कुल दो से अनधिक कार्यकाल के लिए बोर्ड की सदस्यता के लिए पुनर्नामनिर्देशन हेतु पात्र होगा ।
43. बोर्ड के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों का त्यागपत्र ( 1 ) अध्यक्ष से भिन्न बोर्ड का कोई सदस्य, अध्यक्ष को लिखित में सूचना देकर अपनी सदस्यता से त्यागपत्र दे सकेगा तथा अध्यक्ष राज्य सरकार को संबोधित किसी पत्र द्वारा त्यागपत्र दे सकेगा ।
(2) त्यागपत्र, इसकी स्वीकृती की सूचना की तारीख से अथवा त्यागपत्र की तारीख से 30 दिन की समाप्ति पर, जो भी पहले हो , प्रभावी होगा ।
(3) जब बोर्ड की सदस्यता में कोई रिक्ति होती है अथवा रिक्ति होने की संभावना हो, तो अध्यक्ष तत्काल इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा तथा राज्य सरकार , तब, संहिता के उपबंधों के अनुसार रिक्तियों को भरने हेतु कदम उठाएगी।
44. सदस्यता की समाप्ति यदि बोर्ड का कोई सदस्य , अध्यक्ष को पूर्व सूचना दिए बिना , तीन लगातार बैठकों में उपस्थित रहने में असफल रहता है, तो वह उसका सदस्य नहीं रह जाएगा ।
45. निरर्हता - ( 1 ) कोई व्यक्ति बोर्ड के सदस्य के रुप में नामित होने तथा बोर्ड का सदस्य होने के लिए निरर्ह हो जाएगा-
(एक) यदि वह किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा विकृत चित्त घोषित कर दिया जाता है; अथवा (दो) यदि वह अनुन्मुक्त दिवालिया है; अथवा
(तीन) यदि संहिता के प्रारम्भ होने के पहले अथवा बाद में उसे नैतिक अधमता अन्तर्वलित करने वाले अपराध का सिध्ददोष ठहराया गया है।
(2) यदि कोई प्रश्न उद्भूत होता है कि क्या उप- नियम ( 1 ) के अधीन कोई अयोग्यता हुई है या नहीं , तो इस पर राज्य सरकार का निर्णय अंतिम होगा। मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 जनवरी 2021
100(15)
अध्याय छह
शोध्य , दावों इत्यादि का भुगतान
जब संहिता के अधीन 46. धारा 44 की उप- धारा ( 1 ) के खण्ड (क) के अधीन भुगतान किसी कर्मचारी को देय कोई राशि उसकी मृत्यु पश्चात् अथवा उसका ठिकाना नहीं पता होने के कारण शोध्य है , तथा इस राशि के कर्मचारी को देय होने की तारीख से तीन माह की समाप्ति तक कर्मचारी के नामिति को यह राशि भुगतान नहीं की जा सकी , तो नियोक्ता द्वारा ऐसी राशि क्षेत्राधिकार वाले श्रम अधिकारी अथवा सहायक श्रमायुक्त के पास जमा कराई जाएगी , जो उसके पास इस प्रकार राशि जमा कराए जाने की तारीख के दो माह के अंदर कर्मचारी द्वारा नामित व्यक्ति को उसकी पहचान सुनिश्चित करने के पश्चात् उस राशि का वितरण करेगा ।
47. धारा 44 की उप-धारा ( 1 ) के खण्ड ( ख) के अधीन अवितरित शोध्य का जमा किया जाना.- ( 1 ) जहाँ इस संहिता के अधीन किसी कर्मचारी को देय कोई राशि या तो कर्मचारी द्वारा कोई नामनिर्देशन नहीं किए जाने के कारण अथवा अन्य किसी कारण से अवितरित रह जाती है तथा ऐसी राशि के देय होने की तारीख से छह माह की समाप्ति तक कर्मचारी के नामिति को इस राशि का भुगतान नहीं किया जा सका , तो नियोक्ता द्वारा ऐसी सम्पूर्ण राशि उक्त छह माह की अवधि के अंतिम दिन से पन्द्रह दिन की समाप्ति से पहले क्षेत्राधिकार रखने वाले श्रम अधिकारी के पास जमा की जाएगी ।
(2) उप - नियम ( 1 ) में निर्दिष्ट राशि नियोक्ता द्वारा क्षेत्राधिकार रखने वाले श्रम अधिकारी के पास बैंक अंतरण के माध्यम से अथवा भारत में के किसी अनुसूचित बैंक से प्राप्त ऐसे श्रम पदाधिकारी के पक्ष में आहरण योग्य डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा की जाएगी ।
48. धारा 44 की उप - धारा ( 1 ) के खण्ड (ख) के अधीन अवितरित शोध्य के निपटान की रीति.- ( 1 ) नियम 47 के उप- नियम ( 1 ) में निर्दिष्ट, क्षेत्राधिकार रखने वाले श्रम अधिकारी के पास निशिचत राशि ( जिसे इसमें इसके पश्चात् इस नियम में राशि के रूप में निर्दिष्ट किया गया है ) उसके पास ही रहेगी और केन्द्रीय अथवा राज्य सरकार की प्रतिभूतियों में निवेशित की जाएगी अथवा किसी अनुसूचित बैंक में सावधि जमा के रूप में निक्षिप्त की जाएगी । (2) क्षेत्राधिकार रखने वाला श्रम अधिकारी , यथासंभव शीघ्र , ऐसी विशिष्टियों अंतर्विष्ट करने वाली एक सूचना , जैसी कि श्रम अधिकारी सूचनार्थ पर्याप्त समझे , कम से कम पंद्रह दिनों के लिए सूचना पटल पर प्रदर्शित करेगा और ऐसी सूचना को ऐसे क्षेत्र में , जिसमें असंवितरित मजदूरी अर्जित की गई थी , सामान्य तौर पर समझी जाने वाली भाषा में परिचालित किन्हीं दो समाचार पत्रों में भी प्रकाशित कराएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
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(3) उप - नियम (4 ) के उपबंध के अध्यधीन रहते हुए , क्षेत्राधिकार रखने वाला श्रम अधिकारी यथास्थिति नामिति अथवा उस व्यक्ति को, जिसने ऐसी राशि का दावा किया है , जिसके पक्ष में ऐसे श्रम अधिकारी ने सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् राशि भुगतान करने का विनिश्चय किया है, राशि जारी करेगा।
(4) यदि अवितरित राशि तीन वर्ष में लिए अदावाकृत बनी रहती है , तो इसका निपटान इस संबंध में समय- समय पर राज्य सरकार द्वारा यथा- निर्देशित रीति से किया जाएगा।
अध्याय सात
प्ररूप , रजिस्टर एवं वेतन पर्ची
49. एकल आवेदन का प्ररूप. धारा 45 की उप- धारा (5) के अधीन कोई एकल आवेदन प्ररूप-दो में ऐसे प्ररूप में विनिर्दिष्ट दस्तावेजों के साथ दायर किया जा सकेगा।
50. अपीलः- धारा 45 की उप- धारा (2) के अधीन प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश से व्यथित कोई भी व्यक्ति धारा 49 की उप-धारा ( 1 ) के अधीन प्ररूप-तीन में , उस प्ररूप में वर्णित दस्तावेजों के साथ , क्षेत्राधिकार रखने वाले अपील प्राधिकारी को अपील कर सकेगा । 51. रजिस्टर इत्यादि का प्ररूप. ( 1 ) धारा 19 की उप- धारा (8 ) में निर्दिष्ट सभी जुर्माने एवं उनकी वसूलियां इन नियमों के साथ संलग्न प्ररूप - एक में नियोक्ता द्वारा रखे जाने वाले किसी रजिस्टर में इलैक्ट्रानिक रूप से अथवा अन्यथा रखी जाएंगी तथा उक्त उप - धारा ( 8 ) में निर्दिष्ट प्राधिकारी श्रेत्राधिकार रखने वाला श्रम अधिकारी होगा ।
(2) धारा 21 की उप- धारा (3 ) में निर्दिष्ट सभी कटौतियां एवं वसूलियां इन नियमों के साथ संलग्न प्ररूप -एक में नियोक्ता द्वारा रखे जाने वाले रजिस्टर में इलैक्ट्रानिक रूप से अथवा अन्यथा रखी जाएंगी ।
(3 ) किसी भी प्रतिष्ठान का प्रत्येक नियोक्ता जिस पर यह संहिता लागू होती है , धारा 50 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन प्ररूप एक तथा चार में इलैक्ट्रानिक रूप में अथवा अन्यथा रजिस्टर संधारित करेगा।
52. वेतन पर्ची. - प्रत्येक नियोक्ता वेतन के भुगतान के समय अथवा उससे पहले धारा 50 की उप-धारा (3 ) के अधीन प्ररूप पांच में अपने कर्मचारियों को इलैक्ट्रानिक रूप में अथवा अन्यथा वेतन पर्ची जारी करेगा। 100(17)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 जनवरी 2021
53. निरीक्षक-सह-सुकरकर्ताओं की शक्तियां- संहिता की धारा 51 की उप - धारा (5 ) में विनिर्दिष्ट शक्तियों के अतिरिक्त, किसी निरीक्षक- सह- सुकरकर्ता को संहिता के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए अभियोजन या किसी न्यायालय के समक्ष किसी भी शिकायत या संहिता के अधीन उद्भूत अन्य कार्यवाही का संचालन या बचाव करने या निरीक्षक - सह - सुकरकर्ता के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और ऐसा साक्ष्य प्राप्त करने की शक्ति होगी , जैसा कि आवश्यक हो ।
54. धारा 53 की उप - धारा ( 1 ) के अधीन जाँच करने की रीति- ( 1 ) जब धारा 53 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त अधिकारी ( जिसे इसमें इसके पश्चात् इस नियम में अधिकारी के रूप में निर्दिष्ट किया गया है) के समक्ष उक्त उप- धारा में निर्दिष्ट अपराधों के संबंध में राज्य सरकार द्वारा इस प्रयोजनार्थ किसी प्राधिकृत अधिकारी अथवा व्यथित कर्मचारी अथवा श्रमिक संघ अधिनियम, 1926 के अधीन पंजीकृत किसी पंजीकृत श्रमिक संघ अथवा किसी निरीक्षक- सह- सुकरकर्ता द्वारा कोई शिकायत दायर की जाती है , तो शिकायतकर्ता द्वारा उसके समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के पश्चात् यदि अधिकारी का मत है कि अपराध किया गया है, तो वह अपराधी को प्रस्तुत होने के लिए तारीख का निर्धारण करते हुए शिकायत में विनिर्दिष्ट पते पर समन जारी करेगा।
(2) यदि अपराधी, जिसे उप- नियम ( 1 ) के अधीन समन जारी किया गया है , उपस्थित होता है अथवा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है , तो अधिकारी उसे उसके विरुध्द शिकायत किए गए अपराध का उल्लेख करेगा और यदि अपराधी दोष स्वीकार करता है तो अधिकारी संहिता के उपबंधों के अनुसार उस पर शास्ति अधिरोपित करेगा और जब अपराधी दोष स्वीकार नहीं करता है, तो अधिकारी शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत गवाहों के शपथ पर साक्ष्य लेगा तथा इस तरह लाए गए गवाहों से प्रतिपरीक्षण का अवसर उपलब्ध कराएगा । अधिकारी गवाहों के बयान शपथ पर तथा प्रतिपरीक्षण में लिखित में रिकार्ड करेगा और दस्तावेजी साक्ष्यों को रिकार्ड पर लेगा ।
(3 ) अधिकारी , शिकायतकर्ता के साक्ष्य पूर्ण होने के पश्चात, दोषी व्यक्ति को प्रतिरक्षा का अवसर प्रदान करेगा तथा दोषी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत गवाहों के शपथ पर बयान के पश्चात् शिकायतकर्ता द्वारा उनका प्रतिपरीक्षण किया जाएगा तथा अधिकारी द्वारा बचाव में दिए गए दस्तावेजी साक्ष्यों को रिकार्ड पर लिया जाएगा ।
(4) अधिकारी पक्षकारों को सुनने तथा मौखिक एवं दस्तावेजी दोनों साक्ष्यों पर विचार करके संहिता के उपबंधो के अनुसार शिकायत पर विनिश्चय करेगा। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(18)
55. धारा 56 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन जुर्माना अधिरोपित करने की रीति- ( 1 ) कोई दोषी व्यक्ति यदि धारा 56 की उप -धारा ( 1 ) के अधीन अपराध का प्रशमन करने का इच्छुक है, तो वह उक्त उप-धारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचित राजपत्रित अधिकारी को प्ररूप छह में आवेदन कर सकेगा ।
(2)- उप-नियम (1 ) में निर्दिष्ट राजपत्रित अधिकारी, ऐसे आवेदन की प्राप्ति पर स्वयं का समाधान करेगा कि अपराध संहिता के अधीन प्रशमन योग्य है या नहीं और यदि अपराध प्रशमन योग्य है तथा दोषी व्यक्ति प्रशमन के लिए सहमत हो जाता है, तो संहिता के अधीन ऐसे अपराध के लिए उपबंधित अधिकतम जुर्माने की पचास प्रतिशत राशि पर अपराध की सुलह की जाएगी जिसका ऐसे अधिकारी द्वारा जारी प्रशमन आदेश में विनिर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर दोषी व्यक्ति द्वारा भुगतान किया जाएगा।
(3) जहां अभियोजन संस्थित होने के पश्चात् उप-नियम (2) के अधीन अपराध में सुलह की गई है, तो अधिकारी अपनें द्वारा जारी किए गए ऐसे आदेश को प्रति धारा 56 की उप-धारा (6) के अधीन आवश्यक कार्रवाई हेतु धारा 53 की उप- धारा ( 1 ) में निर्दिष्ट अधिकारी को सूचना के लिए भेजेगा ।
अध्याय आठ
विविध
56. वेतन का समय पर भुगतान जहां कर्मचारी किसी प्रतिष्ठान में ठेकेदार के माध्यम से नियोजित हैं, तो कम्पनी अथवा फर्म अथवा संगम अथवा कोई अन्य व्यक्ति, जो उस प्रतिष्ठान का मालिक है, ठेकेदार को यथास्थिति उसे या उसके, द्वारा देय राशि का भुगतान वेतन के भुगतान की तारीख से पहले करेगा , ताकि कर्मचारियों को वेतन का भुगतान धारा 17 के उपबंधों के अनुसार निश्चित रूप से किया जा सके।
स्पष्टीकरणः- इस नियम के प्रयोजनार्थ पद " फर्म" का वही अर्थ होगा जो भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 (1932 का 9) में उसके लिए समनुदेशित किया गया है ।
57. न्यूनतम बोनस के भुगतान हेतु उत्तरदायित्व : - जहां किसी प्रतिष्ठान में , कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से नियोजित किए जाते हैं तथा ठेकेदार धारा 26 के अधीन उनको न्यूनतम बोनस का भुगतान करने में असफल रहता है, वहां, कंपनी अथवा फर्म अथवा संगम अथवा धारा 43 के परंतुक में यथा निर्दिष्ट अन्य कोई व्यक्ति , कर्मचारियों अथवा किसी पंजीकृत श्रमिक संघ अथवा संघों, जिनके कर्मचारी सदस्य हैं, द्वारा ऐसी असफलता की लिखित सूचना दिए जाने पर तथा ऐसी असफलता की पुष्टि पर कर्मचारियों को ऐसे न्यूनतम बोनस का भुगतान करेगा।
58. निरीक्षण योजना (1 ) संहिता एवं इन नियमों के प्रयोजनार्थ, श्रमायुक्त द्वारा एक निरीक्षण योजना बनाई जाएगी।
(2) उप-नियम ( 1 ) में निर्दिष्टं निरीक्षण योजना में, अन्य ढांचागत तथ्यों के अतिरिक्त, प्रत्येक निरीक्षक - सह- सुकरकर्ता तथा प्रतिष्ठान को योजना में एक संख्या विनिर्दिष्ट की जाएगी । 100(19)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
भत्ते
डीए
मजदूरीकीदर
मूल वेतन
उत्पादन)
कुलअतिकाल (ओवरटाइम) (कार्यकिए गएघंटे अथवाखंड कामगारोंके मामलेमें अवधिके दौरानकार्य किएगए दिवसोंकी कुलसंख्या मजदूरीकी अवधि से-तक
प्ररूप-एक
(नियम17,नियम51(1),(2)और(3)देखिए)
मजदूरीकेभुगतानकी अवधि(मासिक /पाक्षिक/साप्ताहिक/दैनिक/ खंडमेंदरें)
पदनाम/ विभाग
मजदूरीसंहिताकेअधीनमजदूरी,अतिकालजुर्माना,नुकसानऔरक्षतिकेलिएकटौतीरजिस्टर
कर्मचारीकानाम
रजिस्टर में अनुक्रमांक
कर्मचारी
हस्ताक्षर
(10)
(19)
उपस्थिति
(9)
(18)
तारीख
(8)
(7)
(17)
भुगतानकी तारीख
(16)
(6)
भुगतानकी गईमजदूरी कीकुल राशि
(15)
(5) मजदूरी वेतनसे कटौतीकी राशि
(14)
(4)
कर्मचारीकीलापरवाही
अथवाचूकद्वारा नियोक्ताकोहोनेवाली क्षतिअथवानुकसान
(13)
लगाएगए जुर्मानेकी राशि
(3)
साथ
(12)
(2)
कृत्योंकेनाम चूकजिसकेलिए जुर्मानालगाया गयाहैतारीखके
(11)
(1)
अतिकाल (ओवरटाइम) सेआय मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(20)
प्ररूप-दो
[नियम 49 देखिए]
[धारा 45 की उप- धारा (5) के अधीन एकल आवेदन] मजदूरी संहिता, 2019 ( 2019 का 29 ) की धारा 45 की उप- धारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त
प्राधिकारी के समक्ष
क्षेत्र..........
के लिए
20 का
आवेदन क्र.
अन्य आवेदक क, ख, ग (राज्य संख्या का उल्लेख करें) और (संबंधित कर्मचारियों अथवा पंजीकृत व्यापार यूनियन अथवा निरीक्षक सह- प्रोत्साहक के माध्यम से)
पता
और
भ, म , य
पता
इस आवेदन में निम्नलिखित का उल्लेख किया गया है:
( 1 ) आवेदक जिनका नाम संलग्न अनुसूची में शामिल किया गया है की प्रकृति) जो मजदूरी संहिता, 2019 द्वारा कवर होती है। हैं श्री/ मैसर्स (प्रतिष्ठान) में मैं (कार्य के सेतक (श्रेणी) के रूप में नियुक्त किया गया है ।
(2) प्रतिवादी मजदूरी संहिता, 2019 की धारा 2 ( 1 ) के अर्थ के अधीन नियोक्ता है। हैं (3) (क) आवेदक (आवेदकों) को से तक की अवधि के लिए रुपये प्रति दिन के हिसाब से इस संहिता के अधीन कर्मचारी (यों ) की उनकी श्रेणी (श्रेणियों ) के लिए नियत न्यूनतम मजदूरी की दरों से कम मजबूरी का भुगतान किया गया है ।
(ख) आवेदकों को से तक विश्राम के साप्ताहिक दिनों के लिए नहीं किया गया है । प्रति दिन की मजदूरी का भुगतान रुपये (ग) आवेदकों को से का भुगतान नहीं किया गया है। तक. की अवधि के लिए अतिकाल दर (रौं ) पर मजदूरी 100(21)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
(घ) आवेदक से तक की अवधि के लिए मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है ।
(ङ) आवेदक (कों) की मजदूरी से जो कटौती की गई है वह इस संहिता का उल्लंघन है । इस आवेदन के साथ संलग्न उपाबंध में विहित ब्यौरे के अनुसार।
(च) आवेदक (कों) को लेखा वर्ष गया है । के लिए न्यूनतम बोनस का भुगतान नहीं किया (4 ) आवेदक प्रत्येक राशि पर स्वयं द्वारा मांगी गई राहत का मूल्य निम्नानुसार हैं:
(क) रुपये
(ख) रुपये
(ग) रुपये कुल रुपये
(5) यतः , आवेदक अनुरोध करता करते हैं, कि मजदूरी संहिता, 2019 की धारा 45 (2 ) के अधीन निदेश जारी किए जा सकेंगे;
(क) संहिता के अधीन देय मजदूरी और वास्तविक मजदूरी भुगतान के बीच के अंतर का भुगतान ।
(ख) विश्राम के दिवसों के लिए प्रतिपूर्ति का भुगतान ।
(ग) अतिकाल दरों पर मजदूरी का भुगतान
(घ) रुपये की क्षतिपूर्ति
(6) आवेदक एतदद्वारा यह घोषणा करता है। करते हैं, कि इस आवेदन में उल्लिखित तथ्य उनके ज्ञान , विश्वास और सूचना के अनुसार सत्य हैं।
दिनांक
नियुक्त किए गए व्यक्ति अथवा किसी रजिस्ट्रीकृत व्यापार यूनियन द्वारा विधिवत प्राधिकृत हस्ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100 (22)
प्ररूप-तीन
(नियम 50 देखिए)
मजदूरी संहिता , 2019 के अधीन अपील प्राधिकारी के समक्ष , मजदूरी संहिता, 2019 की
धारा 49 (1 ) के अधीन अपील
क. ख . ग
अपीलकर्ता
पता
बनाम
ग. घ . ङ.
प्रतिवादी
पता
अपील का ब्यौराः
1. आदेश का विवरण , जिसके विरुध्द अपील की गई है: -
संख्या और तारीख:
प्राधिकारी जिसने प्रश्नगल आदेश पारित किया है:
.. प्रदान की गई राशि:
प्रदान किया गया मुआवजा, यदि कोई हो :
2. मामले के तथ्य :
(कालानुक्रमिक क्रम में तथ्यों का एक संक्षिप्त विवरण दें, जहां तक संभव हो प्रत्येक पैराग्राफ में एक अलग मामले अथवा तथ्य का उल्लेख किया जाए):
3. अपील के लिए आधार
4. मामले जिन्हें पहले दर्ज नहीं किए गए अथवा जो किसी अन्य न्यायालय अथवा किसी अपील प्राधिकारी के पास लंबित न होः
अपीलकर्ता यह और घोषणा करता है, कि उसने इस मामले के संबंध में , जिसमें यह अपील की गई है, पहले कोई अपील , रिट याचिका अथवा सूट किसी न्यायालय अथवा किसी अन्य प्राधिकारी अथवाः अभील प्राधिकारी के समक्ष दायर नहीं की गई है और न ही ऐसी कोई अपील , रिट याचिका या सूट उनमें से किसी के पास लंबित है। 100(23)
मध्यप्रदेश राजपत्रं, दिनांक 30 जनवरी 2021
5. मांगी गई राहत :
उपरोक्त उल्लिखित तथ्यों को ध्यान में रखते हुए , अपीलकर्ता निम्नलिखित राहत प्रदान करने के लिए अनुरोध करता है:-(नीचे. मांगी गई राहत (तो) का उल्लेख करें )
6. अनुलग्नों की सूचीः
1.
2.
3.
4.
तारीखः
स्थान :
अपीलकर्ता के हस्ताक्षर कार्यालय उपयोग के लिए
दायर करने की तारीख
अथवा
डाक द्वारा प्राप्त करने की तारीख
पंजीकरण संख्या .
प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(24)
13
23
रोजगार काप्रकार
स्थायीपता
30
अभ्युक्तियाँ
12
22
पता
वर्तमान
श्रेणीपता (एचएस/एस एस/यूएस)*
11
पदनाम
29
नमूना हस्ताक्षर/अंगूठेका निशान
21
10
कार्यभार ग्रहणकी तारीख
शाखा(आईएफएससी)
20
बैंक
28
9
फोटो
शैक्षणिक स्तर
नियोक्ताकानामः
19
8 बैंकखता संख्या
राष्ट्रीयता
प्ररूप-चार
कर्मचारीरजिस्टर
18
आधार
27 [नियम51(3)देखिए]
7
जन्नतिथि
पहचानचिन्ह
17
का
आईपी
नाम ईएसआईसी
पति
6
पिता/
लिंग
5
26
छोडनेका कारण
16
पैन
4
उप- नाम
3
नाम
25
15 छोडनेकी तारीख
यूएएन
2
कर्मचारी कोड
24
14
1 मोबाइल
सेवा पुस्तिकाक्र.
अनुक्रमांक
नियोक्ताकापैन/टैनः
प्रतिष्ठानकानाम:...
स्वामीकानाम:
श्रमपहचानसंख्या(एलआईएन):
*(अतिकुशल/कुशल/अर्धकुशल/अकुशल) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(25)
प्ररूप- पांच
[नियम 52 देखिए।
मजदूरी पर्ची
अदधि
प्रतिष्ठान का जान...
पता
1. कर्मचारी का नाम :
2. पिता / पति का नामः
3. पदनाम :
4. यूएएनः
/
5. बैंक खाता सं.:
5. मजदूरी अवधिः
गः) अन्य भत्ते
ख. ) महंगाई भत्ता
7. देय मजदूरी की. दरः क. ) मूल
8. कुल उपस्थिति /किए गए कार्य की इकाईः
9. अतिकांल (ओवरटाइम) मजदूरी
10. देशः सकल मजदूरी
गं. अल्य
क. भविष्य निधि
ख. ईएसआई
11. कुल-कटौतीः
12. भुगलान की गई कुल मजदूरीः
नियोक्ता / वेतन प्रभारी के हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(26)
प्ररूप-छह
[नियम 54 देखिए]
अपराध के संयोजन के लिए धारा 56 की उप - धारा (4) के अधीन आवेदन
1. आवेदक का नाम :
2. पिता / पति का नाम :
3. आवेदक का पता :
4. अपराध के विवरण
5. संहिता की धारा जिस के अधीन अपराध किया गया है :.
6. इस संहिता के अधीन अपराध के लिए प्रदान किया गया अधिकतम जुर्माना
7. क्या आवेदक के विरुध्द कोई अभियोजन लंबित है या नहीं
8. क्या यह अपराध पहला अपराध है या आवेदक ने अपराध से पहले कोई अन्य अपराध किया था, यदि हां, तो पहले अपराध का पूर्ण ब्यौरा दें।
9. कोई अन्य सूचना , जो आवेदक प्रदान करना चाहता हो
आवेदक ( नाम और हस्ताक्षर) दिनांकः 100 (27)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
अनुसूची क
[नियम 19,20,24 और 25 देखिए]
इस अनुसूची में , सभी कर्मचारियों को देय वार्षिकवेतन अथवा मजदूरी का 8.33 प्रतिशत के बराबर बोनस की कुल रुपए 1,04,167 मानी गई हैं । तद्नुसार , अधिकतम बोनस जिसके लिए सभी कर्मचारी भुगतान के हकदार हैं ( सभी कर्मचारियों के वार्षिक वेतन अथवा मजदूरी का बीस प्रतिशत) अधिकतम बोनस की राशि 2,50,000 रूपये होगी।
वर्ष
बोनस के रूप में
देय राशि
बोनस के रूप में आबंटित किए जाने योग्य उपलब्ध अतिरिक्त राशि के साठ प्रतिशत या सरसठ प्रतिशत , जैसा भी मामला हो , के बराबर राशि।
रुपये रुपये
1,04,167** 1. 1,04,167
2.
2,50,000 * 6,35,000
3. 2,20,000
कुल अग्रेषित सैट -ऑन अथवा सैट ऑफ
वर्ष का अग्रेषित सैट- ऑन अथवा सैट ऑफ
वर्ष
रुपये
रुपये
(का)
निल
निल
सैट ऑन
2,50,000* (2) सैट ऑन 2,50,000*
निल
Set on 2,20,000 (2)
2,50,000* (वर्ष-
2 से 30,000 को
शामिल
करते
हुए)
2,50,000* 4. 3,75,000
5. 1,40,000
2,50,000* (वर्ष- 2 से 1,10,000 को शामिल करते हुए ) ) सैट ऑन 1,25,000
सैटऑन 2,20,000 1,25,000
(2) (4) निल
सैट ऑन 1,10,000 1,25,000 (2) (4) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 जनवरी 2021
100 (28)
6. 3,10,000
2,50,000 *
ऑन
सैट ऑन 60,000
(2)
( 4 )
सैट निल ## 1,25,000 60,000 (6) 7.
निल
सैट ऑन 35,000
(6)
2,50,000 ( वर्ष 4 से 1,25,000 तथा वर्ष-6 से 25000 को शामिल करते हुए)
8. निल (नुकसान के कारण)
सैट ऑन 69,167
सैट ऑफ 69,167 (8)
1,04,167** (वर्ष- 6 से 35000 को शामिल करते हुए)
9. 10,000
1,04,167# सैट ऑफ
94,167
(8)
सैट ऑफ 69,167 94,167 (9) 10. 2,15,000
निल
सैट ऑफ 52,501 (9)
1,04,167 # ( वर्ष 8 से 69,167 तथा वर्ष 9 से 41,666 के सैट- ऑफ के पश्चात्)
टीप: -
* अधिकतम.
+ वर्ष-1 के व्यपगत से 1,10,000 रुपये का सैट ऑन से शेष;
** न्यूनतम.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(29)
अनुसूची ख
सकल लाभ की संगणना
[नियम 21 देखिए]
.....को समाप्त होने वाला लेखा वर्ष
विवरण
अभ्युक्तियां मद क्र.
उप-मदों की राशि रु.
मुख्य मदों की राशि रु.
* 1 . प्रायिक तथा आवश्यक उपबंधों के पश्चात् लाभ तथा हानि लेखा में यथा प्रदर्शित शुध्द लाभ।
2.
रु.
निम्नलिखित के लिए उपबंधित राशिपीछे जोड दें:
(क) कर्मचारियों को बोनस
(ख) अवमूल्यन
(ग) विकास रिबेट आरक्षित
(घ) कोई अन्य
मद संख्या 2 का आरक्षित योग
3. निम्नलिखित को भी पीछे जोड़ दें:
(क) पूर्व लेखा वर्ष के संबंध में कर्मचारियों को संदत्त बोनस ।
(ख) कर्मचारियों को आधिक्य में संदत्त या संदेय उपदान के संबंध में विकलित राशि,
(एक) किसी अनुमोदित उपदान निधि के लिए संदत्त किए जाने के लिए या उपबंधित राशि, यदि कोई हो; और
(दो) कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर या किसी कारणवश उनका नियोजन समाप्त कर दिए जाने पर उन्हें संदत्त वास्तविक राशि । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(30)
(ग) आय कर के लिए अनुज्ञेय राशि के आधिक्य में संदाय ।
(घ) पूंजीगत व्यय ( वैज्ञानिक अन्वेषण पर उस पूंजीगत व्यय से भिन्न जिसकी कटौती प्रत्यक्ष करों से संबंधित किसी तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन अनुज्ञात है) तथा पूंजीगत हानियां (जो पूंजीगत आस्तियों के विक्रय पर हुई हानियों से भिन्न हैं, जिन पर आय कर के लिए अवमूल्यन अनुज्ञात किया गया है )
(ड.) बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 ( 1949 का 10) की धारा 34क की उप-धारा (2) के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रमाणित कोई राशि।
(च) भारत के बाहर स्थित किसी व्यवसाय की हानियां या तत्संबंधी व्यय ।
मद संख्या 3 का कुल.........
रूपए..
4. वह आय , वे लाभ या अधिलाभ (यदि कोई हो) भी जोड़ दें, जो प्रकाशित अथवा प्रकटित आरक्षिति खाते में सीधे जमा किए गए हैं-
(एक) पूंजीगत प्राप्तियां तथा पूंजीगत लाभ (जिनमें उन पूंजीगत अस्तियों के विक्रय पर हुए लाभ सम्मिलित हैं, जिन पर आय-कर के लिए अवमूल्यन को अनुज्ञात नहीं किया गया है) ;
100(31)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
(दो) भारत से बाहर अवस्थित किसी कारोबार से लाभ और तत्संबंधी प्राप्तियां ;
(तीन) भारत से बाहर विनिधानों से विदेशी बैंककारी कंपनियों की आय
मद संख्या 4 का कुल योग.........
रूपए...........
5. मद संख्या 1 , 2, 3 और 4 योग....
***
कटौती: -
6.
(क) पूंजीगत प्राप्तियों और पूंजीगत लाभ (जो उन आस्तियों के विक्रय से हुए लाभों में भिन्न हैं, जिन पर अवमूल्यन, आय-कर के लिए अनुज्ञात किया गया है) ।
(ख) भारत से बाहर अवस्थित किसी व्यवसाय के लाभ तथा तत्संबंधी प्राप्तियां ।
(ग ) भारत से बाहर विनिधानों से विदेशी बैंककारी कंपनियों की आय
(घ) व्यय या हानियां ( यदि कोई हो) जो प्रकाशित या प्रकटित आरक्षिति में से प्रत्यव्रतः विकसित की गई हैं-
(एक) पूंजीगत व्यय तथा पूंजीगत हानियां (जो उन पूंजीगत आस्तियों के विक्रय पर हुई हानियों से भिन्न है, जिन पर अवमूल्यन, आय-कर के लिए अनुज्ञात नहीं किया गया है) ;
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(32)
(दो) भारत से बाहर अवस्थित किसी व्यवसाय की हानियां ।
(ड.) विदेशी बैंककारी कंपनियों के मामले में , प्रधान कार्यालय के आनुपातिक प्रशासनिक व्यय जो भारतीय व्यवसाय के हिस्से में आना चाहिए ।
(च) पूर्व लेखा वर्षों के लिए संदत्त तथा किसी भी प्रत्यक्ष कर के किसी आधिक्य का प्रतिदाय तथा पूर्व लेखा वर्षों के लेखे बोनस , अवक्षयण या विकास रिबेट संबंधी कोई उपबंधित अधिमान रकम यदि वह लेखा में पुनः प्रविष्ट की गई है ।
(छ) बजट संबंधी अनुदानों के माध्यम से किन्हीं विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए सरकार द्वारा या तत्समय प्रवृत्त किसी विधि दद्वारा समाप्ति किसी निगमित निकाय द्वारा या किसी अन्य अभिकरण के माध्यम से संदत्त नकद साहयिकी, यदि कोई हो ।
मद संख्या 6 का योग
7. बोनस के प्रयोजनों के लिए सकल लाभ (मद क्र. 5(-) ऋण मद क्र. 6)
स्पष्टीकरण : मद 3 के उपमद ( ख) में, "अनुमोदित उपादान निधि" पद का वही अर्थ है, जो उसका आय-कर अधिनियम, की धारा 2 के खंड (5) में है।
पाद - टिप्पण: -
(1 ) यदि, और जिस विस्तार तक वे लाभ और हानि खाते से प्रभार्य जमा किए गए हों ।
(2) यदि, और जिस विस्तार तक, वे लाभ और हानि खाते में जमा किए गए हों।
(3) जो भारतीय सकल लाभ के अनुपात में ( मद क्रमांक 7) (उस समेकित लाभ-हानि खाते के अनुसार जो केवल उपर्युक्त मद क्रमांक 2 में हो यथा समायोजित रूप में है) संकलित विश्व सकल लाभ से है। ] मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(33)
अनुसूची ग
सकल लाभ की संगणना
[नियम 22 देखिए]
.... को समाप्त होने वाला लेखा वर्ष
विवरण
अभ्युक्तियां मद क्र.
उप-मदों की
राशिरूपये
मुख्यमदों की राशि
रूपये
रूपये
1. लाभ एवं हानि खाते के अनुसार शुध्द लाभ
2.
रूपए..
निम्नलिखित के लिए वापस जोड़ने के लिए उपबंध :
(क) कर्मचारियों को बोनस
(ख) अवमूल्यन
( ग) पूर्ववर्ती लेखा वर्षों के लिए उपबंध सहित (यदि कोई हो ) प्रत्यक्ष कर
( घ) विकास रिबेट/निवेश भत्ता / विकास भत्ता आरक्षिति
(ड. ) अन्य कोई आरक्षित
मद क्रमांक 2 का कुल योग------
3. निम्नलिखित को पीछे जोड़े:
(क) पूर्व लेखा वर्षों के संबंध में कर्मचारियों को संदत्त बोनस
(कक)कर्मचारियों को अधिकत्य में संदत्त या संदेय उपादान के संबंध में विकलित राशि-
(एक) अनुमोदित उपादान निधि में संदत्त की गई या उसमें संदाय के लिए उपबंधित राशि, यदि कोई हो, और
(दो) कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति पर या किसी कारण से उनके नियोजन की समाप्ति पर वास्तविक में संदत्त राशि। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(34)
(ख) आय-कर के लिए अनुज्ञेय राशि के आधिक्य में दान।
(ग) लेखा वर्ष के दौरान आय- कर अधिनियम की धारा 280 घ के उपबंधों के अधीन कोई देय वार्षिकी या किसी वार्षिकी की संराशीकृत मूल्य।
(घ ) पूंजीगत व्यय वैज्ञानिक अनुसंधान पर पूंजीगत व्यय जो प्रत्यक्ष करों के संबंध में उस समय लागू किसी कानून के अधीन कटौती के रूप में अनुज्ञेय है और पूंजीगत आस्तियों (पूंजीगत आस्तियोंके विक्रय , जिन पर आय-कर अथवा कृषिगत आय - कर के लिए अनुज्ञेय है, को छोड़कर । )
(ड. ) भारत से बाहर अवस्थित किसी व्यापार के संबंध में हानि अथवा व्यय
मद क्रमांक 3 का योग्य----
रूपये..........
4. निम्नलिखित से भिन्न वह आय , लाभ या अधिलाभ ( यदि कोई हो) भी जोड़ दें , जो आरक्षिति खाते में सीधे जमा किए गए हैं -
(एक ) पूंजीगत प्राप्तियां तथा पूंजीगत लाभ (जिनमें उन पूंजीगत आस्तियों के विक्रय पर हुए लाभ सम्मिलित हैं, जिन पर आय- कर अथवा कृषिगत आय-कर के लिए अवमूल्यन अनुज्ञेय नहीं है)
(दो) भारत से बाहर अवस्थित किसी व्यवसाय के लाभ और तत्संबंधी प्राप्तियां 100(35)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
(तीन) भारत से बाहर निवेश से संबंधित विदेशी कंपनियों की आय
मद क्रमांक 4 का कुल योग्य...........
5. मद क्रमांक 1 , 2, 3 और 4 का योग्य
रुपये......
**
कटौती:-
6.
**
(क) पूंजीगत प्राप्तियों और पूंजीगत लाभ (जो उन आस्तियों के विक्रय से हुए लाभों से भिन्न हैं, जिनपर अवक्षयण, आय-कर या कृषि आय-कर के लिए अनुज्ञात किया गया है) ।
(ख) भारत से बाहर अवस्थित किसी व्यवसाय से संबंधित लाभ और प्राप्तियां।
रुपये......
**
(ग) भारत से बाहर के निवेश से संबंधित विदेशी आय।
**
(घ) आरक्षित में प्रत्यक्षतः व्यय या हानियां (यदि कोई हो) जो निम्न से भिन्न हैं-
(एक) पूंजीगत व्यय तथा पूंजीगत हानियां (जो उन पूंजी आस्तियों के विक्रय पर हुई हानियों से भिन्न है, जिन पर अवक्षयण, आय-कर अथवा कृषि आयकर के लिए अनुज्ञात नहीं किया गया है)
(दो) भारत से बाहर अवस्थितकिसी व्यवसाय की हानियां । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(36)
(ड. ) विदेशी संस्थानों की दशा में, प्रधान कार्यालय के आनुपातिक प्रशासनिक (उपरि) व्यय जो भारतीय व्यवसाय के हिस्से में आना चाहिए ।
(च) पूर्व लेखा वर्षों के संदर्भ संदत्त किसी भी प्रत्यक्ष कर का प्रतिदाय तथा पूर्व लेखा वर्षों में बोनस, मूल्य-हास , कराधान या विकास रिबेट या विकास भत्ता संबंधी यदि कोई पुनः प्रविष्टि की गई हो।
(छ) नकद सहायिकी, यदि कोई हो, जिसे विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए सरकार द्वारा या तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा स्थापित किसी निगमित निकाय द्वारा या किसी अन्य अभिकरण के बजट अनुदान के माध्यम से दी है, चाहे वह सीधे या किसी अभिकरण के माध्यम से दी गई हो और उसके आगम ऐसे प्रयोजनों के लिए अरक्षित हो।
मद क्रमांक 6 का योग
रुपये ....
7. बोनस के प्रयोजनों के लिए सकल लाभ (मद क्रमांक 5 में से मद क्रमांक 6 घटाकर )
स्पष्टीकरणः मद 3 के उप-मद (कक) में, "अनुमोदित उपादान निधि" पद का वही अर्थ है, जो उसका आय-कर अधिनियम की धारा 2 के खंड (5) में है ।
पद - टिप्पणः-
(1 ) यदि, और जिस सीमा तक, लाभ और हानि खाते में प्रभार्य किए गए हों।
(2) यदि, और जिस सीमा तक, वे लाभ और हानि खाते में जमा किए गए हों।
(3 ) उस अनुपात में, जो भारतीय सकल लाभ का (मद क्रमांक 7) (उस समेकित लाभ-हानि खाते के अनुसार जो केवल उपर्युक्त मद क्रमांक 2 में हो यथा समायोजित रूप में है) संकलित विश्व सकल लाभ का योग है । 100(37)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
अनुसूची घ
[नियम 23 देखिए]
अतिरिक्त राशियां जिनकी कटौती की जानी है
नियोजक की श्रेणी
मद क्रमांक
1. बैंकिंग कंपनी से भिन्न कंपनी
( एक) उसके अधिमान प्राप्त शेयर पूंजी के संबंध में लेखा वर्ष के लिए संदेय लाभांश, जो ऐसी वास्तविक दर पर गणना हो, जिस पर ऐसे लाभांश संदेय है;
(दो) लेखा वर्ष के यथा प्रारंभ होने पर उसकी समादत साम्य शेयर पूंजी का 8.5 प्रतिशत;
(तीन) लेखा वर्ष के यथा प्रारंभ होने पर उसके तुलन पत्र में दर्शित जिसके अधीनपूर्व लेखा वर्ष से उसकी आरक्षित का 6 प्रतिशत, अग्रेणीत कोई लाभ शामिल है:
परन्तु जहां नियोजक कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 2 (42) के अर्थ में विदेशी कंपनी है, वहां इस मद के अधीन कुल रकम जिसकी कटौती की जानी है , वे उस संकलित मूल्य पर 8.5 प्रतिशत होंगी, जो भारत में उस कंपनी की शुध्द नियत आस्तियां तथा चालू आस्तियां के संदर्भ में उसके चालू देयताओं की रकम की (जो उस किसी रूपये से भिन्न है, जो चाहे तो उसके प्रधान कार्यालय द्वारा दिए गए किसी अग्रिम राशियां अन्यथा या कंपनी द्वारा अपने प्रधान कार्यालय को दिए किसी ब्याज की रूपये कंपनी द्वारा प्रधान कार्यालय को देय दर्शाई गई है) कटौती करने के पश्चात् है।
2.
बैंकिंग कंपनी
( एक ) उसकी अधिमान प्राप्त अंशपूंजी की बचत लेखा वर्ष के लिए संदेय लाभांश के ऐसी दर पर गणना की जाएगी है, जिस पर ये लाभांश संदेय है ।
(दो) लेखा वर्ष के आरंभ यथा प्रारंभ होने पर उसकी समादत साम्य शेयर पूंजी का 7.5 प्रतिशत;
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(38)
(तीन) लेखा वर्ष के प्रारंभ होने पर, उसके तुलना पत्र में यथादर्शित उसकी आरक्षित (रिजर्व) का 5 प्रतिशत, जिसके अधीन पूर्व लेखा वर्ष से अग्रेणीत कोई लाभ शामिल है ।
(चार) लेखा वर्ष के संबंध में कोई राशि, जो उसके द्वारा अन्तरित हैं-
(क) बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) की धारा 17 की उप-धारा ( 1 ) के अधीन किसी आरक्षित निधि को अंतरित की गई है; अथवा
(ख) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए किसी निदेश या सूचना के अनुसार भारत में किन्हीं आरक्षितियों को अंतरित की गई है,
उक्त दोनों में से जो भी अधिक हैं:
परन्तु जहां बैंकिंग कंपनी, कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 2(42) के अर्थ में विदेशी कंपनी है, वहां इस मद के अधीन कटौती की जाने वाली रकम निम्नलिखित का योग होगी-
(एक) उसके अधिमान प्राप्त अंशधारियों को लेखा वर्ष के लिए ऐसी रकम पर जिसका उसकी कुल अधिमान प्राप्त अंश पूंजी से वहीं अनुपात है, जो भारत में उसके कार्यरत् निधियों का उसके कुल विश्व कार्यरत् निधियों से है, उसकी दर से संदेय लाभांश जिस पर ऐसे लाभांश संदेय हैं;
(दो) इस रूपये का 7.5 प्रतिशत जिसका उसकी कुल समादत्त साधारण अंशपूंजी से वहीं अनुपात है जो भारत में उसकी कुल कार्यरत् निधियों का उसकी कुल विश्व कार्यरत् निधियों से है;
(तीन) उस रकम का 5 प्रतिशत जिसका उसकी कुल प्रकटित आरक्षितियों से वही अनुपात हैं जो भारत में उसकी कुल विश्व कार्यरत् निधियों से है;
(चार) कोई रूपये, जो लेखा वर्ष के संबंध में उसके द्वारा बैंकिंग विनियमन अधिनियम , 1949 ( 1949का 10) की धारा 11 की उपधारा (2 ) के खण्ड (ख) के उप-खण्ड (दो) के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक में जमा की जाती है और जो पूर्वोक्त उपबंध के अधीन इस प्रकार जमा किए जाने के लिए अपेक्षित रकम से अधिक नहीं हैं। 100(39)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
3.
निगम
(एक) लेखा वर्ष के यथा प्रारंभ पर उसकी समादत पूंजी का 8.5 प्रतिशत;
(दो) लेखा वर्ष के यथा प्रारंभ पर उसके कुल तुलन- पत्र में दर्शित उसकी आरक्षितियों का, यदि कोई हों , 6 प्रतिशत जिसके अधीनपूर्व लेखा वर्ष से अग्रनीत कोई लाभ भी है ।
4.
सहकारी सोसायटी
(एक) लेखा सोसायटी द्वारा अपने स्थापन में निहित उस पूंजी का 8.5 प्रतिशत, जो लेखा वर्ष प्रारंभ पर उसकी लेखा-बहियों से साक्ष्यितहै;
(दो) ऐसे रुपये जो लेखा वर्ष के संबंध में सहकारी सोसायटियों से संबंधित किसी तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन आरक्षित निधि में अग्रनीत की गई हो।
5.
उसके द्वारा अपने प्रतिष्ठान में निवेश की गई पूंजी का 8.5 प्रतिशत जो लेखा वर्ष के प्रारंभ पर उसकी लेखा वहियों से यथा साक्ष्यित हैः कोई अन्य नियोजक जो पूर्वोक्त श्रेणियों में से किसी में नहीं आता
परन्तु जहां ऐसा नियोजक वह व्यक्ति है जिस पर आय -कर अधिनियम का अध्याय 22क लागू होता है, वहां उस अध्याय के उपबंधों के अधीन लेखा वर्ष के दौरान संदेय वार्षिक जमा राशि की भी कटौती की जाएगीः
परन्तु यह और कि जहां ऐसा नियोजक कोई फर्म हैं, वहां उस लेखा वर्ष के संबंध में उस प्रतिष्ठान से धारा 6 के खण्ड ( क) के उपबंधों के अनुसार अवमूल्यन की कटौती के उपरांत उसे व्युत्पन्न सकल लाभों के 25 प्रतिशत के बराबर रकम की भी कटौती उस प्रतिष्ठान के संचालन में भाग लेने वाले सब भागीदारों के पारिश्रमिक के रूप में की जाएगी किन्तु जहां भागीदारी करार चाहे वह मौखिक या लिखित हो, ऐसे किसी भागीदार को पारिश्रमिक के संदाय के लिए उपबंध कराता है, तथा-
(एक) जहां ऐसे समस्त भागीदारों को संदेय कुल पारिश्रमिक उक्त 25 प्रतिशत से कम है, वहां देय अधिकतम ऐसे हरेक भागीदार को राशि अड़तालीस हजार रुपए के अध्यधीन रहते हुए , अथवा
(दो) जहां ऐसे भागीदारों को संदेय कुल पारिश्रमिक उक्त 25 प्रतिशत से अधिक है वहां उतने प्रतिशत रूपए या ऐसे हर एक भागीदार को अडतालीस हजार रुपए की दर से परिकलित रुपये में से , जो भी कम हो , उस रुपए की, इस परन्तुक के अधीन कटौती की जाएगीःअथवा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(40)
परन्तु यह भी कि जहां ऐसा नियोजक व्यक्ति या हिन्दू अविभाजित परिवार है , वहां-
(एक) लेखा-वर्ष के संबंध में उस प्रतिष्ठान से ऐसे नियोजक को धारा- 36 के खण्ड ( ग ) के उपबंधों के अनुसार अवमूल्यन की कटौती करने के बाद व्युतपन्न सकल लाभ के 25 प्रतिशत के बराबर रकम की; अथवा
(दो) अडतालीस हजार रुपए की,
उक्त दोनों में से जो भी कम हो, कटौती ऐसे नियोजक के पारिश्रमिक के रूप में की जाएगी ।
स्पष्टीकरण. कॉलम (3) की मद संख्या 1 (तीन) , 2 ( तीन) और 3 (दो) में दी गई ' आरक्षितियों' अभिव्यक्ति के अधीन कोई ऐसी राशि अलग रखना शामिल नहीं हैं जो-
(एक ) किसी ऐसे प्रत्यक्ष कर के संदाय के, जो तुलन पत्र के अनुसार संदेय होगा;
(दो) धारा 6 के खण्ड (क) के उपबंधों के अनुसार अनुज्ञेय किमी अवमूल्यन की पूर्ति के लिए:
(तीन) ऐसे लाभांशों के संदाय, जो घोषित किए गए हैं, परन्तु जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं-
(क) इस स्पष्टीकरण के खण्ड (एक) में निर्दिष्ट रूपए से अतिरिक्त ऐसी राशि जो किसी प्रत्यक्ष-कर के संदाय के प्रयोजन के लिए अलग रखी गई हैं, और
(ख ) कोई ऐसी राशि, जो धारा 6 के खण्ड ( क) के उपबंधों के अनुसार इस राशि से अधिक राशि, जोकिसी अवमूल्यन को पूरा करने के लिए अलग रखी गई है । 100(41)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
अनुसूची ङ
(नियम 4 (3 ) देखें)
अनुक्रमांक अकुशल
1 बेलदार
2
ग्वाला
3 चरवाहा
4 क्लीनर ( मोटर शेड , ट्रैक्टर , पशु-अहाता , एम.टी. )
5 चारा इकट्ठा करना
6 डेयरी कुली
7 मजदूर ( बागबान , डेयरी में फूस के ढेर लगाना, सिंचाई, गोबर के ढेर लगाना , दूध दोहने का कक्ष , राशन कक्ष स्टोर , मलेरिया-रोधी , एम.आर. )
8 चालक ( खच्चर , बैल , ऊँट , गधा)
9 ड्रेसर
10 चालक (बैल , खच्चर )
11 गड़ेरिया (चरवाश)
12 डेयरी कामगार
13 (स्टोर मजदूर )
14 वाहक ( पत्थर)
15 तोड़ना (दस्ती उपकरणों के इस्तेमाल से )
16 हैल्पर
17 संदेशवाहक (कार्यालय )
18 माली
19 सईस
20 सूखी घास बाँधना और ले जाना
21 स्वीपर
22 गट्ठर तोलना और ले जाना ,
23 तुलाईकार ( गट्ठर, पल्ली )
24 पानी वाला,
25 सईस
26 ट्रॉली मैन
27 वाल्व कर्मी
28 पहरेदार, 100(42)
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
43
44
45
46
47
48
49
50
51
52
53
54
55
56
57
58
59
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021 सफेदी करने वाला ,
लकड़हारा,
लकड़हारा (स्त्री)
बोरीमैन,
कोयला कर्मी
कंडेनसर,
परिचारक,
घासकाटने वाला,
मुच्छड़ जमादार ,
कंडेनसर परिचारक ,
शन्टर्स
टरनर,
बजरी फैलानेवाला,
कूटने वाली महिला,
बेल-महिला
चेन कर्मी,
बोट मैन ,
बकेट मैन ,
श्रमिक (बॉयलर, पशु- अहाता , खेती , सामान्य भार चढ़ाना - उतारना , बंडिंग , कार्टिंग- फर्टिलाइज़र, हार्वेस्टिंग , विविध बीज-अंकुरण , बीज बोना , छाजन , प्रत्यारोपण , खरपतवार की छँटाई )
क्लीनर (क्रेन , ट्रक , राख के गड्ढे के लिए सुलगता कोयला), कार्टमैन,
रखवाल ( पुल),
वाहक (जल) ,
चौकीदार
कंक्रीट ( हाथ से मिलाने वाला) दफादार,
चालक ( बैल , ऊंट , गधा, खच्चर) , फ्लैग मैन,
फ्लैगमैन (ब्लास्ट ट्रैन) ,
मशीनों पर काम न करने वाला खलासी गैंगमैन, 100(43)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
60 गेटिंगमैन (स्थायी मार्ग ) ,
61 हैंडल मैन , जम्पर मैन ,
62 कमीन ( महिला कामगार) ,
63 खलास,
64 पुल
65 इलेक्ट्रिकल ,
66 मैरिन,
67 मोपलाह ,
68 स्टोर,
69 स्टीम रोड, '
70 शेयर,
71 रॉलर सर्वेक्षण,
72 श्रमिक ( बगीचा),
73 मजदूर,
74 छिद्र काटनेवाला,
75 लॉरी प्रशिक्षु ,
76 पेट्रोलमैन,
77 सर्चर,
78 सिग्नल मैन ,
79 स्ट्राइकर ,
80 वैक्स नियंत्रक,
81 क्लीनर
82 ड्रेसर/ ड्रेसिंग मजदूर
83 लोडर
84 मजदूर ( पुरुष/महिला)
85 संदेशवाहक (पुरुष/महिला)
86 ट्रेमर
87 रखवाल (कॉपर , क्रोमाइट और ग्रेफाइट खानों के अलावा जहाँ यह अर्धकुशल है) 88 कार्यालय चपरासी/ चपरासी (बॉक्साइट खानों के अलावा
89 स्वीपर (पुरुष/महिला)
90 संवाहक
91 नंबर टेकर
92 ट्रॉली ट्राइपर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(44)
वाटर कैरियर
93
94 मृदा कटर
सर्वेक्षण खलासी
95
96 गेट मैन,
97 कंक्रीट (हाथ से मिलाने वाला)
विखण्डन भंडार
98
लैम्पमैन
99
100 बेलदार/ बेलदार ( कैंटीन)
101 कुली
चपरासी
102
103 रसोइये का सहायक
ऑफिस बॉय
104
105 खदान कामगार
जैली बनाने वाला
106
अधि भारित अपसारक
107
108 अपशिष्ट अपसारक मजदूर
उतारने वाला
109
उत्खनन श्रमिक
110
111 खोदने वाला
112 कसाई
परिचारक
113
लॉरी सहायक
114
सतही लोडर
115
116 लकड़हारा
117 सतही मुकर
118 भूमिगत मुकर
119 स्ट्राइकर (मोपलाह गैंग ) ,
120 टॉल बॉय ,
121 टाइल
122 लादने और उतारने में नियोजित व्यक्ति
123 किसी भी नाम से पुकारे जाने वाले अकुशल प्रकृति के स्वींपिंग और क्लीनिंग तथा अन्य वर्गों में नियोजित व्यक्ति। 100(45)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
अर्धकुशल
अनुक्रमांक
1
सहायक (चौकीदार)
2 परिचारक ( बुल-काल्विंग लाइन्स, चौकीदार , फूस कारने वाला, छात्रावास , शुष्क भंडार , अनाज भंजक , पम्प, सीकलाइन,
3
अस्तबल , अहाता भंडार
4
सहायक-नलसाज़
5
परिचारक
6
भिस्ति
7
ब्रान्डर
8 बुलमैन
9
बटरमैन
10 कोचमैन
11 मोची
12 खेतिहर
13
दफ्तरी
14
डिलीवरीमैन
15
धोबी
16 ड्रेसर
17
फायरमैन
18
ग्वाला
19 हैमरमैन
20 हैल्पर (लुहार)
21
हैल्पर
22 जमादार (स्टैण्ड)
23
जमादार
24 खलासी
25 माली वरिष्ठ
26 मैट/मिस्त्री
27 मज़दूर (शिक्षित)
28
नलबन्द
29 ऑयलमैन
30
हलवाला
31
वीटेकर्स मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(46)
32
पर्यवेक्षक
33
छप्पर
34
वाल्वमैन
35 वाल्वमैन (वरिष्ठ)
36
टिन केबलें लगाने वाला वायरमैन
37
रसोइया
38
डेन्डी
39
फ्राश
40
आरी कामगार
41 हैल्पर (लॉको-क्रेन/ट्रक )
42 मांझी (बोटमैन)
43
बेल्चावाला
44 मुक्काडेम (धात्विक बुलडोज़र चालक खान विनियम , 1961 के अधीन सक्षमता प्रमाण-पत्र के बिना)
45 भिस्ति(मुश्क के साथ )
46 बोटमैन (मुखिया)
47
ब्रेकर,
48 ब्रेकर ( पत्थर , चट्टान , पहाड़ी पत्थर , पत्थर धातु)
49
कैनवीवर
50 चेनमैन (मुखिया)
51 चारपाई बुनकर
52
चेकर
53 क्रैकर
54 डॉलीमैन
55
सहायक
56 ड्रिलर
57
सुचालक (त्वचा)
58
उत्खनक
59
फेरोमैन
60 फायरमैन ( ईंट भट्टा , वाष्प रोड रोलर)
61
हारपाल
62
घरामी
63 क्लासमैन 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87
88 89
90
91
92
93
94
95
100(47) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
ग्रेटर
ग्रीजर -सह-फायरमैन
ग्राइन्डर
हैमरमैन
हैल्पर (कारीगर)
हैल्पर (आराकस)
कीमैन
खलासी ( मुख्य पर्यवेक्षक , रिवटर्स - मोपलाह गैंग पर्यवेक्षी )
श्रमिक ( पत्थर -काटना)
लास्कर
माली (मुखिया)
स्टॉकर्स और बॉयलरमैन
थूमबामैन (फावड़ा कामगार )
टिनडेल्स
ट्रॉलीमैन (हैड मोटर )
फिटर (सहायक अर्ध-कुशल)
जमादार (अर्ध-कुशल)
मेट ( पत्थर)
कसाब
खलासी (संरचनात्मक)
मसालची पी.एम. मेंट्स
खनिक
अप्रशिक्षित मेट/ खनन मेट/ धात्विक खान विनियम , 1961 के अधीनसक्षमता प्रमाण-पत्र के बिना मेट
बटलर/ रसोइया
ब्रेकर ( मशीनी उपकरणों के इस्तेमाल से)
शिशु-सदन आया/आया/अप्रशिक्षित शिशु-सदन परिचारक
सहायक ड्रिलर
ऑयलमैन/ऑयलर
चौकीदार/वॉचमैन
हैल्पर ( राजमिस्त्री, बढ़ई , लुहार )
टिन्डेल्स
टोपाज़ 100(48)
96
97
98
99
100
101
102
103
104
105
106
107
108
109
110
111
112
113
114
115
116
117
118
119
120
121
122
123
124
125
126
127
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021 टोपकार ( बड़ा पत्थर भंजक) ट्रॉली जमादार
विंचमैन
उपस्थिति- रखवाल
सहायक वायरमैन
मेट
मेट ( लुहार , सड़क , बढ़ई ) इंजिन ड्राइवर और/ या फीडर फिटर
गैंग
मजदूर राजमिस्त्री
स्थायी मार्ग
पम्प-चालक, टर्नर
मजदूर (हैवी -वेट)
चार्ज-मैन
मिस्त्री (मुखिया)
मुकाडम
रात्रि-गार्ड
रनर (पोस्ट डाक)
ऑयलमैन
खदान कर्मी
खदान परिचारक
स्टोन मैन
स्टॉकर
थैचर
पम्प परिचारक
बियरर
ब्रेकमैन
क्राउल्डरमैन
प्रयोगशाला सहायक
पॉइन्टसमैन सेनकम्मी पत्थर खान तथा अर्ध- कुशल प्रकृति की किसी भी नाम से पुकारे जाने वाली श्रेणियाँ 100(49)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
अनुक्रमांक
कुशल
1 शिल्पकार द्वितीय श्रेणी, तृतीय श्रेणी, चतुर्थ श्रेणी
2 लुहार
3 लुहार द्वितीय श्रेणी
4 बॉयलरमैन
5 बढ़ई
6 बढ़ई ( द्वितीय श्रेणी) बढ़ई - सह- लुहार
7 चौकीदार
8
चालक
9 चालक ( इंजिन ट्रैक्टर , एम.टी. मोटर )
10 इलेक्ट्रीशियन
11 फिटर
12 राजमिस्त्री
13 राजमिस्त्री द्वितीय श्रेणी
14 मशीन हैण्ड द्वितीय, तृतीय , चतुर्थ श्रेणी
15 मशीनमैन
16 मेट वर्ग एक (वरिष्ठ)
17 मैकेनिक
18 मिल्क राइटर
19 मिस्त्री(मुखिया)
20 मॉउल्डर
21 मस्टर राइटर
22 प्रचालक (नलकूप)
23 पेन्टर
24 नलसाज़
25 वेल्डर
26 पोशिशसाज़
27 वायरमैन,
28 चिपर
29 चिपर-सह-ग्राइन्डर
30 रसोइया (मुखिया)
31 ड्रिलर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(50)
32 ड्रिलर (कुआँ खोदना)
33 चालक (लोको/ ट्रक )
34 इलेक्ट्रीशियन ( सहायक)
35 मैकेनिक ( ट्यूब - वेल )
36 मिस्त्री (स्टेल , ट्यूबवेल, टेलीफोन)
मीटर रीडर
37
मौसम अवलोकनकर्ता नवघानी
38
39 प्रचालक (बैचिंग संयंत्र , सिनेमा परियोजना , क्लैम्प शेल्फ, कम्प्रेशर , ग्रेन, डोरिक, डीज़ल इंजिन , डोज़र , ड्रेगलिंग ड्रिल डम्बर, उत्खनक, फॉर्क लिफ्ट जेनेरेटर , ग्रेडर , जैक हैमर एवं पेयमेन्ट ब्रेकर लोडर, पम्प , पाइल ड्राइविंग, स्क्रेपर , स्क्रीनिंग संयंत्र, शोवल, ट्रेक्टर , वाइब्रेटर, वेट बेचर, रेलवे गार्ड, मरम्मत ( बैटरी ) )
40 शार्पर/स्लोटर .
41 स्प्रेयर (अशाल्ट) स्टेशन मास्टर
42 पर्यवेक्षक (सिल्ट)
43 ट्रेड्स-मैन
44 ट्रेन जाँचकर्ता
टर्नर/मिलर
45
46 टायरवल्केनाइजर
आराकस
47
48 आराकस (चयन श्रेणी दो) सेरंग
49 सेरंगपाइल
50 बॉयलर सहित ड्राइविंग पेनटूम्स
शैप्समैन
51
52 पाली-प्रभारी
स्प्रेयरमैन
53
54 स्प्रेयरमैन (सड़क)
पत्थर काटनेवाला
55
56 पत्थर काटनेवाला (चयन ग्रेड ग्रेड द्वितीय श्रेणी)
स्टोन चिस्लर
57
58 स्टोन चिस्लर (द्वितीय श्रेणी)
स्टोन ब्लास्टरर
59
60 उप- पर्यवेक्षक ( निरहेक ) 100(51)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
61 पर्यवेक्षक
62 पम्प चालक
63 पम्प चालक ( चयन ग्रेड) , ग्रेड II और III , द्वितीय श्रेणी)
64 पम्प चालक (चयन ग्रेड , पी.ई. , चालक ,
65 पम्पमैन
66 पम्पमैन (सहायक)
67 नलसाज
68 पोलीशर (स्प्रे के साथ ) ग्रेड दो
69 रतन मैन
70 रिविट कटर ( सहायक)
71 रिविटर
72 रिविटर (कटर )
73 सड़क निरीक्षक द्वितीय श्रेणी, रेलवे प्लेट लेयर
74 रोड बेन्डर
75 हॉलेज प्रचालक
76 औषधालय परिचारक
77 वर्क सकर
78 अभ्रक कटर प्रथम श्रेणी
79 ड्रेसर ग्रेड-। अभ्रक
80 पर्यवेक्षी फायरमैन
81 फायरमैन केवल खानों में
82 कम्प्रेशर चालक
83 पम्प मैन चालक 96 , अभ्रक खानों में ग्राइन्डर
84 पर्यवेक्षक (सहायक )
85 दर्जी
86 दर्जी (तोशक)
87 ट्रांस्प्रेयर
88 टार मैन
89 लाइन मैन
90 टाइलर द्वितीय श्रेणी
91 दीवार (फर्श , छत)
92 टाइलर ( चयन श्रेणी )
93 टिन-स्मिथ मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100 (52)
94 टिन स्मिथ ( सिलेक्सन ग्रेड, ग्रेड दो तथा तीन श्रेणी द्वितीय श्रेणी)
95 वैल सिन्कर
96 सहायक मिस्त्री
97 आर्मेचर वाइन्डर ग्रेड-दो और तीन
98 भण्डारी
99 लुहार
100 लुहार ( सिलेक्सन ग्रेड , ग्रेड दो , तीन , द्वितीय तथा तृतीय श्रेणी)
101 बॉयलरमैन
102 बॉयलरमैन ग्रेड दो और तीन
103 फोरमैन ग्रेड दो
104 कार्य (सहायक)
105 ब्रिकलेयर
106 ब्रिकलेयर ( सिलेक्सन द्वितीय श्रेणी)
107 ब्लास्टर
108 चौकीदार ( मुख्य)
109 सुरक्षा गार्ड ( अशस्त्र)
110 बढ़ई
111 बढ़ई ( सिलेक्सन ग्रेड , ग्रेड दो और तीन , प्रथम और तृतीय श्रेणी)
112 बी.आई.एम.मार्ग
113 केबिनेट बनाने वाला
114 केनमैन
115 सेलोटेक्स
116 कटर मेकर चार्गमेन , ( द्वितीय श्रेणी और तृतीय श्रेणी , बढ़ई साधारण) 117 चेकदर (कनिष्ठ)
118 चिक निर्माता
119 चिक मैन (कनिष्ठ) कंक्रीट मिक्सजयोर मिक्सर
120 क्रंक्रीट मिक्सचर प्रचालक
121 मोची
122 कोरमेकर
123 चालक
124 चालक मोटर वाहन
125 मोटर वाहन सिलेक्सन ग्रेड
126 मोटर लॉरी 100 (53 )
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
127 मोटर लॉरी ग्रेड दो
128 लोरी ग्रेड दो
129 डीजल इंजन
130 डीजल इंजन ग्रेड दो
131 मैकेनिकल रोड रोलर आईसी और सीमेंट मिक्सर आदि
132 रोड रोलर
133 रोड रोलर ड्राइवर ग्रेड-दो
134
चालक इंजन स्टेटिक स्टोन क्रेशर ) , ट्रैक्टर बुल डोजर ।, स्टीम रोड रोलर , वाटर पंप , मैकेनिकल सहायक , रोड रोलर , मैकेनिकल , स्टीम क्रेन , मैकेनिकल, ' सहित ट्रेक्टर के साथ बुल डोजर, परिवहन, इंजन स्टेटिक और रोड रोलर बॉयलर परिचरक
135 इंजन परिचालक (स्टोन कर्शर मैकेनिकल )
डिस्टेम्प्रर , इलेक्ट्रीशियन , इलेक्ट्रीशियन (ग्रेड दो, द्वितीय श्रेणी और तृतीय 136 श्रेणी)
137 फिटर
138
फिटर चयन ग्रेड , ग्रेड दो और तीन) द्वितीय श्रेणी और तृतीय श्रेणी सहायक , पाइप द्वितीय श्रेणी , पाइप लाइन बंद करने वाले लट्ठे
139 सुदृढीकरण सह - मैकेनिक, मैकेनिक और प्लम्बर )
140 घरामी (प्रमुख)
141 घलेजियर ( शीशा जडने वाला)
142 ब्लास्टिंग के लिए होल ड्रिलर
143 जोइनर
144 जोइनर ( केबल , केबल ग्रेड दो)
145 लाइनमैन (ग्रेड दो , तीन उच्च दाव / निम्न दाव)
146 राजमिस्त्री
147 राज मिस्त्री ( सिलेक्सन ग्रेड , ग्रेड दो, तीन और ख श्रेणी मिस्त्री)
148 स्टोन (स्टोन द्वितीय श्रेणी , ईंट वर्क, स्टोन वर्क)
149 ईंट -परत
150 टाइल बिछाना
151 बी.आई.एम. मुक्कदम ( प्रमुख)
152 पत्थर काटना
153 साधारण मैकेनिक
154 मैकेनिक मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 जनवरी 2021
100(54)
155 मैकेनिक ( द्वितीय श्रेणी , एयर कंडीशनिंग, एयर कंडीशनिंग ग्रेड दो )
156 डीजल ग्रेड दो
157 रोड रोलर ग्रेड दो
158 सहायक, (रेडियो)
159 राज मिस्त्री(घरामी)
160 मिस्त्री
161 मिस्त्री ग्रेड दो , एयर कंडीशनिंग ग्रेड दो, पी वे, सर्वे , संतरा श्रमिक)
162 राज मिस्त्री श्रेणी क
माउल्डर
163
164 माउल्डर ( इंट , टाइल )
पेंटर
165
166
पेंटर ( सिलेक्सन ग्रेड , ग्रेड दो और तीन , द्वितीय श्रेणी , सहायक लोटर और पालिशगर , पालिशगर , रफ)
167 लेपक
168 लेपक (राजमिस्त्री ग्रेड दो)
169 पलम्बर
170 प्लम्बर ( सिलेक्सन ग्रेड, द्वितीय श्रेणी, सहायक लोटर और पालिशर , रफ) , लेपक
171
172 प्लास्टर ( राजमिस्त्री ग्रेड दो)
प्लम्बर ( सिलेक्सन ग्रेड , दो श्रेणी , सहायक वरिष्ठ, जूनियर , मिस्त्री ग्रेड 173 दो)
174 पाइपलाइन मिस्त्री
175 प्लम्बर सह फिटर
पालिशर
176
177 पालिशर( तल)
178 सिरधर लठे मन
179 भूविज्ञानी
180 ट्रेलर्स
टर्नर
181
182 गृहसामग्री लगाने वाला
183 अपहोलेष्टर ( ग्रेड दो और तीन)
184 पेंटर स्प्रे ( द्वितीय श्रेणी)
185 लकड़हारा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100 (55) 186 लकड़हारा सिलेक्सन ग्रेड
187 लकड़हारा द्वितीय श्रेणी
188 वर्क सिरकार
189 वेल्डर
190 एयरविनेह होलेज परिचालक
191 ऑटो इलेक्ट्रीशियन
192 पेंटर
193 लोहार
194 दर्जी
195 कंप्रेसर प्रचालक
196 ब्लास्टर -शॉट /फाड्रेर
197 ड्राइवर
198 मुख्य रसोइया
चार्जमैंन
199
200 बढ़ई
201 कंक्रीट मिक्सर प्रचालक
202 कंप्रेसर परिचर
203 एयर कंप्रेसर परिचर
204 ट्रैक्टर चालक
205 वाहन चालक
206 केमिस्ट और सहायक / केमिस्ट
207 सब-ओवरसियर (अनर्ह )
208 ड्रिलर
209 हैंडहोल ड्रिलर
210 ड्रिल मैकेनिक
211 ड्राइवर ऑटो
212 बिजली मिस्त्री
213 वायर लैस संचालक सहायक फोरमैन
214 फोरमैन
215 फिटर
216 फेरी चालक
217 जारीकर्ता लोको
218 सुपर फोरमैन मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(56)
219 लहरा संचालक
220 आईएमसीई चालक
221 चालक
222 लोको ड्राइवर
223 लोडर प्रचालक
224 लारनमैन
225 मैकेनिक मशीनिस्ट /
226 राजमिस्त्री
227 प्रसाविका
228 टिन से मढ़नेवाला
229 सुपरवाइजरी मैकेनिक
230 केवल जिप्सम, बेराइट्स और रॉक फॉस्फेट में पंप परिचर
231 पंप ऑपरेटर / चालक
धात्विक खान/ विनियम , 1961 के तहत योग्यता प्रमाण पत्र के साथ 232 खनन मेट
233 मिस्त्री
234 कुशल मजदूर
235 टर्नर
236 वरिष्ठ मैकेनिक
237 ड्राफ्ट्समैन
238 पर्यवेक्षक
239 ड्राफ्ट्समैन
240 वायरमैन
241 टिम्बर मैन / टिम्बर मिस्त्री इलैक्ट्र
242 स्टोन क्रेशर प्रचालक
243 क्रशर प्रचालक
244 माउल्डर
245 वेल्डर
246 ऑपरेटर
247 कार्य मिस्त्री
248 इंजन चालक
249 खनन इंजन चालक ग्रेड -दो
250 इंजनमैन मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100 (57) 251 वाल्वमैन
252 कटर
253 विंडिंग इंजन चालक ग्रेड- दो
254 सुरक्षा गार्ड (अशस्त्र) / मुख्य चौकीदार
फावडा प्रचालक
255
256 लिम्को लोडर प्रचालक
257 भूतल पर्यवेक्षक
258 डोजर प्रचालक
259 कंप्रेसर ड्रिलर
260 डम्पर ट्रैक्टर ऑपरेटर
261 बॉयलर मैन ( प्रमाण-पत्र सहित)
मशीनरी परिचर
262
263 एयर कंडिशनस मैकनिक
264 क्रेच परिचर केवल मैग्नेसाइट, मैंगनीज और मीका खानों में
265 पावर सोबल (फाबड़ा ) आपरेटर
266 पावर और पम्प हाउस प्रचालक
267 खनिक ग्रेड-एक
268 ट्रैक्टर ऑपरेटर 80. टब रिपेयरर 81. खराद मिस्त्री
269 स्टेशनरी इंजन परिचर 83 जनरेटर ऑपरेटर 84. लोडिंग फोरमैन
270 डीजल मैकेनिक
271 फेरो प्रिंटर सह-अध्यक्ष
272 व्हाइट वॉशिंग और कलर वाशिंग मैन
273 ऑपरेटर न्यूनेट्रिक उपकरण, ऑपरेटर ( फिटर )
274 बोरमैन
275 बोरर
276 वायरमैन ( ग्रेड दो और तीन , मैकेनिक , इलेक्ट्रिकल )
277 ह्वाइट वोशर
278 व्हाइट वॉशर (सिलेक्सन ग्रेड , हितीय श्रेणी)
वायरमैन
279
280 वेल्डर ( द्वितीय श्रेणी , ब्रिज कार्य )
281 वेल्डर गैस
282 मुक्कतम (धात्विक खान विनियम , 1961 के अधीन सक्षमता प्रमाण -पत्र सहित) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021 100 (58)
283
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310
311
312
313
314 सुरक्षा गार्ड ( निशस्त्र) और अन्य प्रवर्ग जो भी नाम से जो कुशल प्रकृति के हैं
सहायक (फार्म)
सहायक (कैशियर)
पुस्तकालय अध्यक्ष
टेलेक्स या टेलीफोन ऑपरेटर हिंदी अनुवादक
टेलेक्स या टेलीफोन ऑपरेटर हिंदी अनुवादक
लेखा लिपिक
लिपिक
कंप्यूटर / डाटा एंट्री ऑपरेटर टेलीफोन ऑपरेटर , टाइपिस्ट स्टोर पचिरर
एम . सी. लिपिक
मुंशी ( मैट्रिकुलेट , गैर- मैट्रिकुलेट) स्टोर लिपिक ( मैट्रिकुलेट , गैर -मैट्रिकुलेट) स्टोर कीपर
स्टोर कीपर ग्रेड एक , ग्रेड दो, (मैट्रिकुलेट ) टाइम कीपर
टाइम कीपर ( मैट्रिकुलेट गैरमैट्रिकुलेट ) बुक कीपर
कार्य मुंशी
कार्य मुंशी (अधीनस्थ)
पत्रिका लिपिक
टेलर लिपिक
स्टोर लिपिक
टैली लिपिक
स्टोर जारीकर्ता
ट्रल कीपर
कंप्यूटर / डाटा एंट्री ऑपरेटर रिकार्ड कीपर
ट्रेसर मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 जनवरी 2021
100(59) 315 फ़ाइल लिपिक
316 रजिस्टर कीपर
317 टाइम कीपर
318 लिपिक
319 मुंशी
320 टाइपिस्ट और अन्य श्रेणी जो भी नाम से पुकारते हैं जो लिपिक प्रकृति के हैं
अनुक्रमांक
अत्यधिक कुशल
1 शिल्पकार प्रथम श्रेणी
2 लोहार प्रथम श्रेणी
3 बढ़ई प्रथम श्रेणी
4 मशीन
5 हस्त प्रथम श्रेणी
6 राजमिस्त्री प्रथम श्रेणी
7 मैकेनिक (वरिष्ठ)
8 पेंटर ( ग्रेड एक श्रेणी प्रथम. स्प्रे) प्लास्टर (राजमिस्त्री) प्रथम श्रेणी
9 प्लम्बर ( मुख्या, प्रथम श्रेणी )
10 मिस्त्रीग्रेड-एक
11 पालिशगर (स्प्रे ग्रेड-एक)
12 रोड इंस्पेक्टर ग्रेड -एक
13 लकड़हारा प्रथम श्रेणी
14 स्टोन कटर ग्रेड-एक
15 स्टोन कटर प्रथम श्रेणी
16 स्टोन चिसलर प्रथम श्रेणी
17 स्टोन मेसन प्रथम श्रेणी
18 उप-ओवरसियर (कुशल)
19 टिलर प्रथम श्रेणी
20 टिनस्मिथ ग्रेड- एक और प्रथम श्रेणी
21 गद्दी लगाने वाला ग्रेड - एक
22 वार्निश करने वाला प्रथम श्रेणी
23 वेल्डर- कम- फिटर और एयर कंडीशनिंग मैकेनिक
24 वेल्डर ( गैस) प्रथम श्रेणी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021 100(60)
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56 व्हाइट वॉशर प्रथम श्रेणी वायरमैन ग्रेड-एक, प्रथम श्रेणी लकड़हारा प्रथम श्रेणी
चक्की ( उपकरण ) ग्रेड - एक प्रचालक ( बैचिंग प्लांट ग्रेड । ) लीडर ग्रेड- एक
पाइल ड्राइविंग ग्रेड-एक
पंप ग्रेड
स्क्रेपर ग्रेड- एक
स्क्रीनिंग प्लांट ग्रेड - एक
पंप ग्रेड -एक
स्क्रेपर ग्रेड-एक
सुरक्षा गार्ड ( सशस्त्र)
आर्मेचर विंडर ग्रेड -एक
लोहार ग्रेड -एक और प्रथम श्रेणी बॉयलरमैन ग्रेड- एक
बॉयलरमैन फोरमैन ग्रेड- एक ईंट परत प्रथम श्रेणी
केबल जॉइनर ग्रेड -एक
बढ़ई ग्रेड - एक और प्रथम श्रेणी सेलो कटर और डेकोरेटर चार्जमैन प्रथम श्रेणी
चेकर वरिष्ठ ड्राइवर लॉरी ग्रेड- एक मोटर लॉरी ग्रेड-एक
मोटर व्हीकल प्रथम श्रेणी और डीजल इंजन ग्रेड- एक रोड रोलर ग्रेड- एक
पंप क्लास इलेक्ट्रीशियन ग्रेड-एक और प्रथम श्रेणी । ग्रेड-एक फिटर ( ग्रेड- एक , प्रथम श्रेणी) पाइप श्रेणी प्रथम श्रेणी (मुख्य) फोरमैन ( सहायक ) लाइनमैन ग्रेड- एक राजमिस्त्री (कुशल ग्रेड- एक प्रथम श्रेणी)
मस्त रिग
मैकेनिक प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी 100(61 )
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
57 मैकेनिक ( डीजल ग्रेड एक और रोड रोलर ग्रेड एक
एयरकंडिशनिंग ग्रेड एक / प्रथम श्रेणी , मिस्त्री ग्रेड एक
58
59 मिस्त्री एयरकंडिशनिंग ग्रेड-एक
60 ओवरसियर
61 ओवरसियर ( सीनियर और जूनियर)
62 ड्रैगलाइन ग्रेड-एक
63 ड्रिल ग्रेड-एक
64 डम्पर ग्रेड-एक
65 खुदाई ग्रेड-एक
कांटा लिफ्ट ग्रेड-एक
66
जेनरेटर ग्रेड- एक
67
रिगर ग्रेड-एक
68
69 रिगर ग्रेड-दो
चार्पर सिटर ग्रेड-एक
70
71 फावड़ा और ड्रैगलाइन ट्रैक्टर ग्रेड - एक
72 ट्रेड्समैन क्लास एक
टर्नर मिलर ग्रेड -एक
73
74 कार्य (सहायक) ग्रेड - एक
कंपाउंडर
75
सर्वेयर
76
77 विंडिंग इंजन चालक
78 ऑपरेटर ( भारी मिट्टी उठाने वाली बेलचा और बुलडोजर)
79 मुख्य मिस्त्री
80 डिप्लोमा सहित स्टाफ नर्स
81 जैक हैमर के अतिरिक्त ड्रिल ऑपरेटर
82 योग्यता प्रमाण पत्र सहित विद्युत पर्यवेक्षक
अंडरग्राउंड शिफ्ट बॉस
83
84 मुख्य मैकेनिक
85 योग्य और अनुभवी वेल्डर
86 मशीन टूल मैकेनिक
मैकेनिकल / प्लांट फोरमैन
87
खनन पर्यवेक्षक
88
व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रशिक्षक / शिक्षक
89 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 जनवरी 2021
100(62)
90
मुख्य इलेक्ट्रीशियन
लेखापाल
91
92
7 साल की सेवा सहित स्टेनो
93
स्टोर प्रभारी
94
शिफ्ट प्रभारी
पर्यवेक्षक
95
96
वॉच और वार्ड के प्रभारी
97
सुरक्षा गार्ड (सशस्त्र)
99
क्रेन ग्रेड ।
100
डीजल इंजन ग्रेड ।
101
डोजर ग्रेड ।
102
क्लैंप शैल ग्रेड ।
103
कंप्रेसर ग्रेड ।
104
ग्रेडर ग्रेड ।
105
ट्रेक्टर ग्रेड ।
106
वाइब्रेटर ग्रेड ।
107
स्क्रीनिंग प्लांट ग्रेड ।
108
बेलचा ग्रेड ।
109
फावडा और ड्रैगलाइन
110
टायरवेलकुलर ग्रेड ।
111
सिक्योरिटी गार्ड ( सशस्त्र) और अन्य श्रेणियों को जो भी नाम से बुलाया जाता है जो अत्यधिक कुशल प्रकृति के है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
छोटे सिंह , उपसचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2021 .