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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

(संशोधन) मध्‍यप्रदेश कारखाना नियम 1962...

Published 05 February 2021

Department
श्रम
Type
Extraordinary
Gazette no.
59
Identifier
in.gazette.madhya.2021-02-05.59.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदेश शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , शुक्रवार , दिनांक 5 फरवरी 2021- माघ 16 , शक 1942

क्रमांक 59]

श्रम विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 5 फरवरी 2021

कमांकः एफ 1-4 / 2020 / ए -16 , कारखाना अधिनियम , 1948 (1948 का 63) की धारा 112 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य सरकार, एतद्वारा , मध्यप्रदेश कारखाना नियम, 1962 में निम्नलिखित संशोधन करती है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त नियमों में,-

1. नियम 123 के पश्चात्, निम्नलिखित नियम अन्तःस्थापित किया जाए , अर्थात्ः- " 123- क. तृतीय पक्ष प्रमाणन.-

(1 ) श्रमायुक्त, नियम 123 के अधीन खतरनाक यंत्रों, होयस्ट तथा लिफ्ट, लिफ्टिंग मशीन और लिफ्टिंग औजार तथा प्रैशर वैराल्रा को निरीक्षण करने के लिए , अपेक्षित अर्हता रखने वाले किसी व्यक्ति या संस्थान को जिसे कारखाने के मुख्य निरीक्षक द्वारा सक्ष्म व्यक्ति या संस्था के रूप में मान्यता प्रदान की गई है , मध्यप्रदेश राजपत्र , असाधारण में प्रकाशित इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 954-02-2020- क-16, दिनांक 5 मई , 2020 में यथा विहित कारखानों के तृतीय पक्ष निरीक्षक और प्रमाणन के लिए तृतीय पक्ष प्रमाणन के रूप में मान्यता प्रदान पक्ष कर सकेगा । कोई व्यक्ति/ संस्था जो ऐसे कृत्य का निवर्हन करने का इच्छुक है , यथास्थिति, प्ररूप 36 - ख या 36 - ग में तृतीय पक्ष प्रमाणक के रूप में मान्यता हेतु उसे श्रमायुक्त को ऑनलाईन आवेदन करेगा ।

117 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 5 फरवरी 2021

118

(2) उप- नियम (1 ) के अधीन विहित प्ररूप में आवेदन प्राप्त होने पर श्रमायुक्त उक्त आवेदनों का पंजीयन करेगा और 60 दिवस की कालावधि के भीतर अर्हता एवं अनुभव के संबंध में अपना समाधान करने के पश्चात् प्ररूप 37 - क में तृतीय पक्ष प्रमाणक के रूप में मान्य करेगा अथवा लिखित में अभिलिखित किए जाने वाले कारणों से निरस्त करेगा ।

(3) तृतीय पक्ष के रूप में मान्यता का प्रमाण पत्र ऐसे क्षेत्र एवं ऐसी कालावधि के लिए जारी किया जाएगा, जैसा क प्रमाण पत्र में विनिर्दिष्ट किया जाए । 4

(4) श्रमायुक्त, यदि उसके पास विश्वास करने का कारण है कि किसी मान्यता प्राप्त व्यक्ति/ संस्था के लिखित में अभिलिखित किए जाने वाले किसी कारण से स्वयं को आयोग बना लिया है, तो वह उस तृतीय पक्ष प्रमाणक को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् तृतीय पक्ष प्रमाणन हेतु मान्यताप्राप्त व्यक्ति/ संस्था को हटा सकेगा ।

(5) तृतीय पक्ष प्रमाणन हेतु मान्यताप्राप्त कोई व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860का 45) अर्धी के अधीन लोक सेवक नहीं समझा जाएगा ।

स्पष्टीकरणः- इस नियम के प्रयोजन के लिए किसी संस्था में कोई संगठन सम्मिलित है । " ।

2. प्ररूप 36- क के पश्चात्, निम्नलिखित प्ररूप अन्तःस्थापित किया जाए , अर्थात्: -

"प्ररूप 36- ख

(नियम 123 - क के उप- नियम (1 ) के अधीन विहित) किसी व्यक्ति को तृतीय पक्ष प्रमाणक के रूप से मान्यता हेतु आवेदन

1. नाम

2. जन्म की तारीख

3. संगठन का नाम (यदि स्व- नियोजित न हो)..

4. पदनाम....

5. शैक्षणिक अर्हता (प्रमाण- पत्रों की प्रतियां संलग्न की जानी हैं) .

6. व्यावसायिक अनुभव के ब्यौरे (काल क्रमानुसार):

संगठन का नाम, सेवा की कालावधि, पदनाम , उत्तरदायित्व का क्षेत्र

7. व्यवसायिक निकायों की सदस्यता, यदि कोई हो 118 ( 1 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 5 फरवरी 2021

8 . कारखाना अधिनियम, 1948 की धाराएं तथा नियम..

जिसके अधीन प्रमाण पत्र जारी किया गया है, यदि कोई हो तो (प्रमाण पत्र की छाया प्रति संलग्न की जानी है)....

समक्षता के ऐसे प्रमाणपत्र की विधिमान्यता अवधि (यदि लागू हो). 9.

कोई अन्य सुसंगत जानकारी.. 10.

11. आवेदक द्वारा घोषणा.....

मैं, एतद्वारा यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी सही है , मैं वचन देता हूं किः

(क) मेरे उपर्युक्त संगठन छोड़ने की स्थिति में तत्काल श्रमायुक्त को सूचित करूंगा । (ख ) तृतीय पक्ष प्रमाणक प्रमाण पत्र में निर्दिष्ट शर्तों तथा श्रमायुक्त द्वारा समय समय पर जारी किए गए अनुदेशों को पूरा करूंगा और उनका पालन करूंगा ।

तारीख..

स्थान..

आवेदक के हस्ताक्षर

संस्था द्वारा घोषणा (यदि नियोजित हो)

मैं प्रमाणित करता हूं की श्री जिनके ब्यौरे ऊपर दिए गए हैं, वह हमारे यहां नियोजित हैं तथा अधिनियम , के अधीन तृतीय पक्ष प्रमाणक के रूप में घोषित किए जाने के प्रयोजन से संगठन की ओर से उन्हें नामनिर्दिष्ट .....करता है । मैं इस बात का भी वचनदेता हूं कि तृतीय पक्ष प्रमाणक के हमारा रोजगार छोड़ने की दशा मैं मुख्य निरीक्षक को अधिसूचित करूंगा ।

(अ) ऊपर वर्णित किए जाए अनुसार उसके नियंत्रण में रखी गई सभी सुविधाओं को प्रदान करूंगा तथा अच्छी अवस्था में बनाए रखूंगा ।

(ब) किन्हीं सुविधाओं में कोई परिर्वतन होने की स्थिति में श्रमायुक्त को अधिसूचित करूंगा । (या तो वृद्धि या कमी)

हस्ताक्षर................

तारीखः

पदनाम .....

स्थान:

दूरभाष क्रमांक

आधिकारिक मुद्रा..

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 5 फरवरी 2021

118 (2)

प्ररूप 36- ग

(नियम 123- क के उप- नियम (1 ) के अधीन विहित) किसी संस्था के तृतीय पक्ष प्रमाणक के रूप में मान्यता हेतु आवेदन

1. संगठन का नाम और पूरा पता

2. संगठन की प्रास्थिति ( क्या शासकीय है, स्वशासी है, सहकारी है.... निगमित है या निजी, विनिर्दिष्ट करें) .

3. क्या संगठन को इस या अन्य किसी परिनियम के अधीन तृतीय पक्ष प्रमाणक के रूप में घोषित किया गया है? यदि ऐसा है, तो ब्यौरे दीजिए..

4. नियोजित तथा अनुसूची में यथा निर्दिष्ट अर्हता एवं अनुभव रखने वाले व्यक्तियों की विशिष्टियांः

अर्हता

अनुभव

नाम और पदनाम

अनुकमांक

1.

2.

5. कारखाना अधिनियम, 1948 की धाराएं तथा नियम जिसके अधीन प्रमाण पत्र जारी किया गया है, यदि कोई हो । (प्रमाण पत्र की छाया प्रति संलग्न की जानी है) ......

ऐसे समक्षता प्रमाणपत्र की विधिमान्यता अवधि (यदि लागू हो) 6.

7. कोई अन्य सुसंगत जानकारी..

8. घोषणा...

की ओर से प्रमाणित

एतद्वारा

मैं, करता हूं कि ऊपर दिए गए ब्यौरे मेरे सर्वोत्तम ज्ञान से सही हैं । मैं यह वचन देता हूं किः श्रमायुक्त द्वारा समय - समय पर जारी किए गए तृतीय पक्षकार प्रमाण - पत्र में निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करूंगा और उनका पालन करूंगा ।

तारीखः.

संस्था के प्रमुख या संस्था की ओर से हस्ताक्षर करने हेतु प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर स्थानः.

पदनाम......

118 (3 )

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 5 फरवरी 2021

3. प्ररूप 37 के पश्चात्, निम्नलिखित प्ररूप अन्तःस्थापित किया जाए , अर्थातः-

"प्ररूप 37-क

(नियम 123 - क के अधीन विहित)

तृतीय पक्ष प्रमाणक प्रमाण पत्र

मैं.. मध्यप्रदेश कारखाना नियम, के 123 - क के .. (आवेदन का नाम) जो.. अधीन मुझे प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, एतद्वारा (संस्थान का नाम) या भी श्री.. (संगठन का नाम) संगठन में नियोजित है , को मध्यप्रदेश में अवस्थित 50 से कम श्रमिकों को नियोजित करने वाले गैर खतरनाक श्रेणी के कारखानों केलिए निरीक्षण तथा प्रमाणन के प्रयोजन के लिए तृतीय प्रमाणक के रूप में मान्य करता हूँ ।

से

यह प्रमाण पत्र.....

तक विधिमान्य है ।

यह प्रमाणपत्र यहां इसमें नीचे निर्दिष्ट शर्तों के अध्यधीन जारी किया जाता हैः (एक) निरीक्षण , अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अनुसार कार्यान्वित किए जाएगे ;

(दो) निरीक्षण तृतीय पक्ष प्रमाणक द्वारा या तृतीय पक्ष प्रमाणक के रूप में मान्यता प्राप्त किसी संस्था द्वारा इस रूप में प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा;

(तीन) यदि व्यक्ति अपने आवेदन में विनिर्दिष्ट संगठन छोड़ देता है किसी व्यक्ति के पक्ष में जारी तृतीय पक्ष प्रमाणक प्रमाण पत्र स्वतः निरस्त हो जाएगा;

(चार) तृतीय पक्ष प्रमाणक के रूप में मान्यता प्राप्त संस्था, श्रम आयुक्त को निरीक्षण के लिए उसके द्वारा प्राधिकृत किए गए व्यक्तियों के नाम, पद और अर्हताओं के बारे में अवगत रखेगा ।

(पांच)

(छह)

कार्यालय मुद्रा

श्रमायुक्त के हस्ताक्षर

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

छोटे सिंह, उपसचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2021.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 05 February 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2021-02-05.59.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2021-02-05.59.Extraordinary.