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मध्यप्रदे श शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , बुधवार, दिनांक 24 फरवरी 2021 - फाल्गुन 5 , शक 1942
क्रमांक 94 ]
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल, दिनांक 24 फरवरी , 2021
क्र. 2961 - मप्रविस - 15- विधान-2021 .- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में, मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि ( द्वितीय संशोधन ) विधेयक, 2021 ( क्रमांक 2 सन् 2021 ) जो विधान सभा में दिनांक 24 फरवरी 2021 को पुरःस्थापित हुआ है . जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश विधान सभा.
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मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक २ सन् २०२१
मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि ( द्वितीय संशोधन ) विधेयक , २०२१ मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, १ ९ ५६ तथा मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , १ ९ ६१ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम.
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि ( द्वितीय संशोधन ) अधिनियम , २०२१ है.
भाग-एक
मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १ ९ ५६ ( क्रमांक २३ सन् १ ९ ५६ ) का संशोधन.
२. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १ ९ ५६ ( क्रमांक २३ सन् १ ९ ५६ ) में, -
मध्यप्रदेश अधिनियम क्रमांक २३ सन् १९५६ का संशोधन.
(१) धारा ५ में, उपधारा ( ५६ - ए ) के पश्चात्, निम्नलिखित उपधारा अन्तःस्थापित की जाए, अर्थात्ः- " ( ५६ - बी ) " करयोग्य सम्पत्ति मूल्य " से अभिप्रेत है, धारा १३२ की उपधारा ( १ ) के खण्ड ( क ) के अधीन सम्पत्ति कर का उद्ग्रहण करने के प्रयोजन हेतु, किसी विशिष्ट वर्ष के लिए यथा विहित रीति में संगणित सम्पत्ति का मूल्य. ".
(२) धारा १३२ में, -
( एक) पार्श्व शीर्ष में , शब्द " कर " के पश्चात्, शब्द " तथा फीस " अंतःस्थापित किए जाएं.
(दो) उपधारा ( १ ) में, -
(क) शब्द " कर " के पश्चात्, शब्द " तथा फीस " अंतःस्थापित किए जाएं;
(ख) खण्ड ( क ) में, शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " के स्थान पर, शब्द " कर योग्य संपत्ति मूल्य " स्थापित किए जाएं;
(ग) खण्ड ( च ) का लोप किया जाए.
(तीन) उपधारा ( ६ ) में, -
(क) शब्द " कर " , जहां कहीं भी वह आया हो , के पश्चात् शब्द " या फीस " अंतःस्थापित किए जाएं;
(ख) खण्ड ( ठ ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्ः- " ( ठ ) आउटडोर मीडिया उपकरणों के प्रदर्शन के विनियमन के लिए फीस; ".
(चार) उपधारा ( ८ ) में, शब्द " कर " के पश्चात्, शब्द " तथा फीस " अंतःस्थापित किए जाएं.
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(३ ) धारा १३२ - क में, विद्यमान पार्श्व शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित पार्श्व शीर्ष स्थापित किया जाए,
अर्थात्:-
" इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित किए जाने वाले उपभोक्ता प्रभार." .
(४) धारा १३३ में, -
(एक) विद्यमान पार्श्व शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित पार्श्व शीर्ष स्थापित किया जाए, अर्थात्ः- "कर, फीस तथा उपभोक्ता प्रभारों का अधिरोपण. " .
(दो) उपधारा ( १ ) में, -
(क) खण्ड ( क ) में, शब्द " फीसों " , के पश्चात्, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार " अंतःस्थापित किए जाएं ;
(ख) खण्ड (ख ) में, शब्द " फीसों ", के पश्चात्, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार " अंतःस्थापित किए जाएं.
(तीन ) उपधारा ( २ ) में, -
(क) खण्ड (क) में, शब्द " फीसों " या " फीस ", जहां कहीं भी वे आए हों, के पश्चात्, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार " अंतःस्थापित किए जाएं ;
(ख) खण्ड ( ख ) में , शब्द " फीस ", जहां कहीं भी वह आया हो , के पश्चात्, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार " अंतःस्थापित किए जाएं.
(चार ) उपधारा ( ३ ) में, शब्द " फीस " जहां कहीं भी वह आया हो , के पश्चात्, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार " अंतःस्थापित किए जाएं.
(५ ) धारा १३५ में , शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " के स्थान पर, शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य " स्थापित किए जाएं.
(६ ) धारा १३६ में, -
(एक) खण्ड ( बी) में तथा उसके परन्तुक में, शब्द " वार्षिक मूल्य " जहां कहां भी वे आएं हों, के स्थान पर, शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य " स्थापित किए जाएं.
(दो) खण्ड ( एफ ) के परन्तुक में, शब्द " वार्षिक मूल्य " के स्थान पर, शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य" स्थापित किए जाएं.
(तीन) खण्ड (आई ) में, शब्द " पचास प्रतिशत की सीमा तक संपत्ति कर से छूट प्राप्त होगी " के पश्चात्, शब्द " तथापि यह छूट तब उपलब्ध होगी यदि संपत्ति कर का संदाय उसी वित्तीय वर्ष के भीतर किया जाता है जिसमें कर देय है " जोड़े जाएं.
(७ ) धारा १३८ में, -
(एक) विद्यमान पार्श्व शीर्ष के स्थान पर , निम्नलिखित पार्श्व शीर्ष स्थापित किया जाए, अर्थात्:-
" भवन तथा भूमि का करयोग्य संपत्ति मूल्य. ".
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(दो) उपधारा ( १ ) में, शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " के स्थान पर , शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य " और शब्द " निर्मित क्षेत्र ( बिल्टअप एरिया ) " के स्थान पर, शब्द ' सन्निर्मित क्षेत्र ( कंस्ट्रक्टिड एरिया ) ' स्थापित किए जाएं.
(तीन) उपधारा ( २ ) में, शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " के स्थान पर, शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य " स्थापित किए जाएं.
उपधारा ( ३ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा स्थापित की जाए, अर्थात्ः- (चार)
" ( ३ ) आयुक्त, स्वमेव अथवा प्राप्त जानकारी के आधार पर उपधारा ( २ ) के अधीन निर्धारित किसी भूमि या भवन के कर योग्य संपत्ति मूल्य इत्यादि की जांच, परीक्षण , निर्धारण अथवा सत्यापन , कर सकेगा. दोनों ओर के दस प्रतिशत तक फेर- फार को ध्यान में नहीं लिया जाएगा. उन मामलों में जहां फेर - फार दस प्रतिशत से अधिक हो, वहां यथास्थिति , भूमि या भवन का स्वामी, उसके द्वारा किए गए स्वयं निर्धारण तथा आयुक्त द्वारा किए गए निर्धारण के अंतर के पांच गुने के बराबर शास्ति का भुगतान करने के दायित्वाधीन होगाः
परन्तु आयुक्त, उपधारा ( २ ) के अधीन विगत तीन कर निर्धारण वर्ष तक जमा की गई विवरणी की जांच , परीक्षण, निर्धारण अथवा सत्यापन , कर सकेगा. ".
(पांच) उपधारा (४ ) में, पूर्णविराम के स्थान पर, कोलन स्थापित किया जाए तथा उसके पश्चात्, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाए, अर्थात्:-
" परन्तु इस उपधारा के अधीन कोई भी अपील तब तक ग्रहण नहीं की जाएगी जब तक कि उसके साथ उपधारा ( ३ ) के अधीन जारी आदेश में मांगी गयी राशि की कम से कम पचास प्रतिशत राशि का भुगतान करने का प्रमाण संलग्न नहीं किया गया हो . ".
(८ ) धारा १४३ का लोप किया जाए.
(९ ) धारा १४४ में, -
(एक) पार्श्व शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित पार्श्व शीर्ष स्थापित किया जाए, अर्थात्:-
" जानकारी प्राप्त करने की शक्ति.".
(दो) प्रारम्भिक पैरा में , शब्द " अपने को कर निर्धारण सूची तैयार करने में समर्थ बनाने के लिए, " का लोप किया जाए.
(१० ) धारा १४५ का लोप किया जाए.
(११ ) धारा १४६ का लोप किया जाए.
(१२) धारा १४७ का लोप किया जाए.
(१३ ) धारा १४८ का लोप किया जाए.
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(१४) धारा १४९ में, -
(एक) उपधारा ( १ ) और ( २ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधाराएं स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-
" ( १ ) यदि इस अधिनियम की धारा १३८ की उपधारा ( ४ ) के अधीन मेयर- इन-काउंसिल द्वारा लिए गए विनिश्चय के विरुद्ध यदि कोई विवाद उत्पन्न होता है तो मेयर- इन- काउंसिल के विनिश्चय की अपील जिला न्यायालय को प्रस्तुत की जाएगी जिसका उस पर विनिश्चय अंतिम होगा.
ऐसी अपील इस अधिनियम की धारा १३८ की उपधारा ( ४ ) के अधीन पारित आदेश की
(२)
तारीख से ३० दिन के भीतर जिला न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी. " .
(दो) उपधारा ( ४ ) का लोप किया जाए.
(१५ ) धारा १५० का लोप किया जाए.
(१६ ) धारा १५१ के स्थान पर , निम्नलिखित धारा स्थापित की जाए, अर्थात्ः-
" १५१. करों के अभिलेखों का संधारण. निगम द्वारा करों के अभिलेख सरकार द्वारा विहित रीति में संधारित किए जाएंगे. ".
(१७ ) धारा १५२ का लोप किया जाए .
(१८ ) धारा १५३ का लोप किया जाए .
(१ ९ ) धारा १५४ का लोप किया जाए.
(२० ) धारा १५६ का लोप किया जाए.
(२१ ) धारा १५७ का लोप किया जाए.
(२२ ) धारा १५८ का लोप किया जाए.
भाग-दो
मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , १ ९ ६१ ( क्रमांक ३७ सन् १ ९ ६१ ) का संशोधन
मध्यप्रदेश अधिनियम ३. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , १ ९ ६१ ( क्रमांक ३७ सन् १ ९ ६१ ) में, -
क्रमांक ३७ सन्
१९६१ का संशोधन.
(१ ) ( एक) धारा ३ में, उपधारा ( ३७ ) के पश्चात्, निम्नलिखित उपधारा अन्तःस्थापित की जाए, अर्थात्:-
" ( ३७ -क ) " करयोग्य सम्पत्ति मूल्य " से अभिप्रेत है , धारा १२७ की उपधारा ( १ ) के खण्ड ( क ) के अधीन सम्पत्ति कर का उद्ग्रहण करने के प्रयोजन हेतु, किसी विशिष्ट वर्ष के लिए यथा विहित रीति में संगणित सम्पत्ति का मूल्य. ".
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(दो ) विद्यमान उपधारा ( ३७ - क ) को उपधारा ( ३७ - ख ) के रूप में पुनर्क्रमांकित किया जाए.
(२) धारा १२६ में, -
(एक) विद्यमान पार्श्व शीर्ष के स्थान पर , निम्नलिखित पार्श्व शीर्ष स्थापित किया जाए, अर्थात्ः- " भूमि तथा भवन का करयोग्य संपत्ति मूल्य. " ;
(दो) उपधारा ( १ ) में , शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " के स्थान पर, शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य " तथा शब्द " निर्मित क्षेत्र ( बिल्टअप एरिया ) " के स्थान पर, शब्द " सन्निर्मित क्षेत्र ( कंस्ट्रक्टिड एरिया ) " स्थापित किए जाएं ;
(तीन) उपधारा ( २ ) में, शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " के स्थान पर, शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य " स्थापित किए जाएं;
उपधारा ( ३ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा स्थापित की जाए, अर्थात्ः- (चार)
" ( ३ ) मुख्य नगरपालिका अधिकारी , स्वमेव अथवा प्राप्त जानकारी के आधार पर उपधारा ( २ ) के अधीन, किसी भूमि तथा भवन के कर योग्य संपत्ति मूल्य इत्यादि की जांच , परीक्षण , निर्धारण अथवा सत्यापन, कर सकेगा. दोनों ओर के दस प्रतिशत तक फेर - फार को ध्यान में नहीं लिया जाएगा . उन मामलों में जहां फेर- फार दस प्रतिशत से अधिक हो, वहां यथास्थिति, भूमि या भवन का स्वामी उसके द्वारा किए गए स्वयं निर्धारण तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा किए गए निर्धारण के अंतर के पांच गुने के बराबर शास्ति का भुगतान करने के दायित्वाधीन होगाः परन्तु मुख्य नगरपालिका अधिकारी उपधारा ( २ ) के अधीन विगत तीन कर निर्धारण वर्ष तक जमा की गई विवरणी की जांच , परीक्षण, निर्धारण अथवा सत्यापन कर सकेगा . " ;
( पांच) उपधारा ( ४ ) में पूर्णविराम के स्थान पर कोलन स्थापित किया जाए तथा उसके पश्चात्, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाए, अर्थात्ः-
" परन्तु इस उपधारा के अधीन कोई अपील तब तक ग्रहण नहीं की जाएगी जब तक कि उसके साथ उपधारा (३ ) के अधीन जारी आदेश में मांगी गयी राशि की कम से कम पचास प्रतिशत राशि का भुगतान करने का प्रमाण संलग्न नहीं किया गया हो." .
धारा १२७ में, -
(३)
(एक) पार्श्व शीर्ष में, शब्द " कर " के पश्चात् शब्द " तथा फीस " अंतःस्थापित किए जाएं.
(दो) उपधारा ( १ ) में, -
(क) शब्द " कर " के पश्चात्, शब्द " तथा फीस " अंतःस्थापित किए जाएं;
(ख) खण्ड (क ) में , शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " के स्थान पर, शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य " स्थापित किए जाएं;
(ग) खण्ड ( च ) का लोप किया जाए .
(तीन) उपधारा ( ६ ) में, - 188 (5)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2021
(क) शब्द " करों " के पश्चात्, शब्द " या फीस " अंतःस्थापित किए जाएं.
(ख) खण्ड (ठ ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-
" (ठ ) आउटडोर मीडिया उपकरणों के प्रदर्शन के विनियमन के लिए फीस; " ;
(चार) उपधारा (८ ) में, शब्द " कर " के पश्चात् शब्द " तथा फीस " अंतःस्थापित किए जाएं.
(४) धारा १२७ - ए में, -
(एक) उपधारा ( १ ) में, शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " के स्थान पर, शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य " स्थापित किए जाएं;
(दो) उपधारा ( २ ) में, -
(क) खण्ड ( ख ) में तथा उसके परन्तुक में , शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " जहां कहीं भी वे आए हों, के स्थान पर , शब्द " करयोग्य संपत्ति मूल्य " स्थापित किए जाएं ;
(ख) खण्ड ( च ) के परन्तुक में, शब्द " वार्षिक भाड़ा मूल्य " के स्थान पर, शब्द " करयोग्य सम्पत्ति मूल्य " स्थापित किए जाएं ;
(ग) खण्ड ( झ ) में , शब्द " पचास प्रतिशत की सीमा तक संपत्ति कर से छूट प्राप्त होगी " के पश्चात्, शब्द " तथापि यह छूट तब उपलब्ध होगी यदि संपत्ति कर का संदाय उसी वित्तीय वर्ष के भीतर किया जाता है जिसमें कर देय है " जोड़े जाएं.
(५ ) धारा १२७ - ए के पश्चात्, निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाए, अर्थात्ः-
संपत्ति कर पर छूट .
" १२७ - ए ए. ( १ ) धारा १२७ - ए की उपधारा ( १ ) तथा ( २ ) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, यदि परिषद् यह ठीक समझे, संकल्प द्वारा निदेशित कर सकेगी कि ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जो ऐसी तारीख के पूर्व जैसी कि परिषद् द्वारा नियत की जाए, देय कर का संदाय करता है, उसे देय रकम पर छूट, जो सवा छह प्रतिशत से अधिक न हो , अनुज्ञात की जाएगीः
परन्तु छूट इसके लिए हकदार समस्त व्यक्तियों को समान दर से अनुज्ञात की जाएगी.
( २ ) परिषद्, इस धारा के अधीन संकल्प का किसी भी समय प्रतिसंहरण कर सकेगी . ".
(६ ) धारा १२७ - ख में , विद्यमान पार्श्व शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित पार्श्व शीर्ष स्थापित किया जाए,
अर्थात्:-
" इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित किए जाने वाले उपभोक्ता प्रभार. ".
(७ ) धारा १२९ में, -
(एक) पार्श्व शीर्ष में, शब्द " फीस " के पश्चात्, शब्द " तथा उपभोक्ता प्रभार " जोड़े जाएं.
(दो) उपधारा ( १ ) में, -
(क) खण्ड ( क ) में, शब्द " फीस " के पश्चात्, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार " अंतःस्थापित किए जाएं;
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2021
188 ( 6)
(ख) खण्ड ( ख ) में, शब्द " फीस " के पश्चात्, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार " अंतःस्थापित किए जाएं; (तीन ) उपधारा ( २ ) में, -
(क) खण्ड ( क ) में , शब्द " फीस " जहां कहीं भी वह आया हो , के पश्चात्, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार " अंतःस्थापित किए जाएं;
(ख) खण्ड ( ख ) में , शब्द " फीस " जहां कहीं भी वह आया हो, के पश्चात, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार " अंतःस्थापित किए जाएं;
(चार) उपधारा ( ३ ) में, शब्द " फीस " जहां कहीं भी वह आया हो , के पश्चात्, शब्द " या उपभोक्ता प्रभार" अंतःस्थापित किए जाएं.
(८ ) धारा १३४ के स्थान पर, निम्नलिखित धारा स्थापित की जाए, अर्थात्ः-
" १३४. करों के अभिलेखों का संधारण. नगरपालिका द्वारा करों के अभिलेख सरकार द्वारा विहित रीति में संधारित किए जाएंगे. " .
(९ ) धारा १३५ का लोप किया जाए.
(१० ) धारा १३६ का लोप किया जाए.
(११ ) धारा १३७ का लोप किया जाए.
(१२ ) धारा १३८ का लोप किया जाए .
(१३ ) धारा १३ ९ में, -
उपधारा ( १ ) तथा ( २ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा स्थापित की जाए, अर्थात्ः- (एक)
" ( १ ) यदि धारा १२६ की उपधारा ( ४ ) के अधीन प्रेसिडेंट इन काउंसिल के विनिश्चय पर कोई विवाद उत्पन्न होता है तो अपील नगरपालिका क्षेत्र पर आधिकारिता रखने वाले प्रथम वर्ग सिविल न्यायाधीश को होगी और यदि नगरपालिका के मुख्यालय पर प्रथम वर्ग का कोई सिविल न्यायाधीश नहीं है, तो इसी प्रकार ऐसे मुख्यालय पर अधिकारिता रखने वाले कोई द्वितीय वर्ग सिविल न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी और यदि ऐसे मुख्यालय पर कोई द्वितीय वर्ग सिविल न्यायाधीश नहीं है, और यदि यथास्थिति, मुख्यालय पर अधिकारिता रखने वाले एक से अधिक सिविल न्यायाधीश हों, तो जिला न्यायाधीश विनिर्दिष्ट कर सकेगा कि किस सिविल न्यायाधीश वर्ग दो को ऐसी अपील की जाएगी.
(२ ) " ऐसी अपील धारा १२६ की उपधारा ( ४ ) के अधीन पारित आदेश की तारीख से ३० दिन के भीतर सिविल न्यायाधीश प्रथम वर्ग के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी. " .
(दो) उपधारा ( ४ ) का लोप किया जाए.
(१४) धारा १४० का लोप किया जाए.
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 फरवरी 2021
(१५ ) धारा १४१ का लोप किया जाए.
(१६ ) धारा १४२ का लोप किया जाए.
(१७ ) धारा १४३ के स्थान पर, निम्नलिखित धारा स्थापित की जाए, अर्थात्:-
" १४३. जानकारी प्राप्त करने की शक्ति. ( १ ) मुख्य नगरपालिका अधिकारी लिखित सूचना- पत्र द्वारा , किसी
भूमि या भवन या उसके किसी भाग के स्वामी या अधिवासी को, ऐसी युक्तियुक्त कालावधि के भीतर , जो कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी नियत करे-
(क) ऐसी भूमि या भवन के स्वामी या अधिवासी या स्वामी तथा अधिवासी दोनों के निवास स्थान के नाम तथा स्थान के संबंध में; और
(ख) ऐसी भूमि या भवन के माप या कोई सकल वार्षिक भाड़ा या भू- आगम या अन्य विनिर्दिष्ट ब्यौरों या विवरणी या वास्तविक कीमत या प्राक्कलित बाजार मूल्य के संबंध में,
जानकारी देने या उक्त स्वामी या अधिवासी द्वारा हस्ताक्षरित लिखित विवरणी समक्ष प्रस्तुत करने के लिए आदेशित कर सकेगा.
(२) प्रत्येक स्वामी या अधिवासी जिससे कोई ऐसी अध्यपेक्षा की जाए, उसका पालन करने तथा सही जानकारी देने या अपने सर्वोत्तम ज्ञान तथा विश्वास तक सही विवरणी प्रस्तुत करने के लिए आबद्ध होगा;
(३) कोई भी जो समुचित कारण के बिना , ऐसी मांग का पालन करने में चूक करता है या ऐसी विवरणी प्रस्तुत करेगा जो असत्य हो , किसी ऐसे अन्य दण्ड के अतिरिक्त जिसका वह दायी हो, किसी ऐसे कर निर्धारण के संबंध में जो ऐसी भूमि या भवन के संबंध में मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा किया जाए, जिसका वह स्वामी या अधिवासी हो , आपत्ति करने से विवर्जित रहेगा. " .
धारा १४५ का लोप किया जाए.
(१८)
धारा १४६ का लोप किया जाए.
(१९)
तथा
निरसन व्यावृत्ति.
४. ( १ ) मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश , २०२० ( क्रमांक १२ सन् २०२० ) एतद्वारा निरसित किया जाता है.
( २ ) उक्त अध्यादेश के निरसित होते हुए भी उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कार्रवाई या की गई कोई बात , उक्त अधिनियम के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन की गई कार्रवाई या बात समझी जाएगी.
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उद्देश्यों और कारणों का कथन
केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को वर्ष २०२०-२१ में सकल राज्य घरेलू उत्पाद ( जी.एस.डी.जी. ) का २ प्रतिशत अतिरिक्त उधार लेने के लिए कतिपय सुधार किए जाने के निर्देश दिए गए हैं . अतिरिक्त उधार सुगम करने हेतु राज्य सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह सम्पत्ति कर के फ्लोर रेट को सर्किल रेट से लिंक करे तथा जल , मलवहन आदि के उपभोक्ता प्रभारों के फ्लोर रेट, ऐसी रीति में अवधारित करे कि वे इन सेवाओं पर उपगत वर्तमान लागत पर आधारित हों. अतएव सम्पत्ति कर का अवधारण कलक्टर के दिशानिर्देशों के अधीन अवधारित सम्पत्तियों के मूल्य के आधार पर प्रस्तावित किए गए हैं .
२. कतिपय राज्यों के अधिनियमों के उपबंधों के आधारित कलक्टर के दिशानिर्देशों के अधीन अवधारित सम्पत्ति के मूल्य को संपत्ति कर की न्यूनतम दरों से लिंक करने , " करयोग्य संपत्ति मूल्य " के स्थान पर " वार्षिक भाड़ा मूल्य " को स्थापित करने के लिए, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, १ ९५६ की धारा १३२ , १३५, १३६ तथा १३८ और मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , १ ९ ६१ की धारा १२६, १२७ तथा १३४ में संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं.
३. माल एवं सेवा कर के क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप , " माल के प्रवेश पर स्थानीय निकाय कर " से संबंधित, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १ ९ ५६ की धारा १३२ की उपधारा ( १ ) का खण्ड ( च ) अप्रयोज्य हो गया है अतएव , इसका लोप किया जाना प्रस्तावित है तथा धारा १३२ की उपधारा ( ६ ) के खण्ड (ठ ) के विद्यमान उपबंध " समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञापनों से भिन्न अन्य विज्ञापनों पर कर " के स्थान पर " आउट डोर मीडिया उपकरणों के प्रदर्शन के लिए फीस " परिवर्तन किया जाना प्रस्तावित है. क्योंकि संविधान के अधीन राज्य सूची से इसका लोप कर दिया गया है. इसी प्रकार मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, १ ९ ६१ की धारा १२७ में भी संशोधन प्रस्तावित है .
४. स्वामियों के अधिभोग में उनके निवास के लिए भवन तथा भूमियों पर संपत्ति कर में ५० प्रतिशत तक छूट से संबंधित, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, १ ९ ५६ की धारा १३६ में, संशोधन किया जाना प्रस्तावित है और इस धारा की ऐसी छूट तब ही प्रदान की जाए जब स्वामी उसी वित्तीय वर्ष के दौरान कर का भुगतान करे जिसमें कर शोध्य हुआ हो. इसी प्रकार मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, १ ९६१ की धारा १२७- क में भी संशोधन प्रस्तावित है.
५. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १ ९ ५६ और मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, १ ९ ६१ की विभिन्न धाराओं के अधीन संपत्ति कर के स्वनिर्धारण के पुरःस्थापना के कारण अप्रचलित उपबंधों का संशोधन किया जाना प्रस्तावित किया गया है.
६. उपभोक्ता प्रभारों को अधिरोपित करने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १ ९५६ की धारा १३२ तथा १३३ में तथा मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, १ ९ ६१ की धारा १२ ९ में संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं.
७. चूंकि मामला अत्यावश्यक था और विधान सभा का सत्र चालू नहीं था, अतएव , मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश , २०२० ( क्रमांक १२ सन् २०२० ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था . अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर, राज्य विधान- मण्डल का अधिनियम बिना उपांतरण के लाया जाना प्रस्तावित है .
८. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
भोपाल :
भूपेन्द्र सिंह भारसाधक सदस्य.
तारीख १२ फरवरी, २०२१.
188 ( 9)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 फरवरी 2021
प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में व्याख्यात्मक ज्ञापन
प्रस्तावित विधेयक के जिन खण्डों द्वारा विधायनी शक्तियों का प्रत्यायोजन किया जा रहा हैं उनका विवरण निम्नानुसार है:-
भाग- एक में खण्ड २ के उपखंड ( २ ) धारा १३ ९ की कंडिका ( तीन ) ( ख ) तथा भाग - दो में खण्ड ३ के उपखंड ( ३ ) की कंडिका (तीन ) (ख ) द्वारा आउटडोर मीडिया उपकरणों के प्रदर्शन के विनियमन के लिये फीस नियत किये जाने, के संबंध में नियम बनाये जायेंगे , जो सामान्य स्वरूप के होंगे.
अध्यादेश के संबंध में विवरण
केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को वर्ष २०२०-२१ में सकल राज्य घरेलू उत्पाद ( जी.एस.डी.जी. , फार प्रातरात जावतारपरा उधार लेने के लिए कतिपय सुधार किए जाने के निर्देश दिए गए थे. अतिरिक्त उधार सुगम करने हेतु राज्य सरकार से अपेक्षा की गई थी कि वह सम्पत्ति कर के फ्लोर रेट को सर्किल रेट से लिंक करें तथा जल , मलवहन आदि के उपभोक्ता प्रभारों के फ्लोर रेट, ऐसी रीति में अवधारित करें कि वे इन सेवाओं पर उपगत वर्तमान लागत पर आधारित हों. अतएव सम्पत्ति कर का अवधारण , कलेक्टर के दिशा-निर्देशों के अधीन अवधारित सम्पत्तियों के मूल्य के आधार पर किया जाए.
२. कतिपय राज्यों के अधिनियमों के उपबंधों के आधार पर कलेक्टर के दिशा- निर्देशों के अधीन अवधारित सम्पत्ति के मूल्य को संपत्ति कर की न्यूनतम दरों से लिंक किया जाए.
३. माल एवं सेवा कर के क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप , " माल के प्रवेश पर स्थानीय निकाय कर " से संबंधित उपबंध अप्रयोज्य हो जाने तथा;
४. स्वामियों के अधिभोग में उनके निवास के लिए भवन तथा भूमियों पर संपत्ति कर में ५० प्रतिशत तक छूट से संबंधित संशोधन उपभोक्ता प्रभारों को अधिरोपित करने के लिए किये जाने आवश्यक हो गये थे ;
५. चूंकि मामला अत्यावश्यक था और विधान सभा का सत्र चालू नहीं था अतएव मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश २०२० ( क्रमांक १२ सन् २०२० ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था.
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2021 .