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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

Madhya Pradesh Gazette, No. 09, Part Part 1, 26 February 2021

Published 26 February 2021

Type
Ordinary
Gazette no.
09
Part
Part 1
Identifier
in.gazette.madhya.2021-02-26.09.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्य प्रदे श शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 9]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 26 फरवरी 2021-फाल्गुन 7, शक 1942

विषय- सूची

भाग 1.- (1 ) राज्य शासन के आदेश, (2) विभागों के आदेश , भाग 3.-(1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,

(3) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं,

(2) सांख्यिकी सूचनाएं,

(क) (1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, (2) प्रवर समिति के प्रतिवेदन,

भाग 4.-

(3 ) संसद् में पुरः स्थापित विधेयक , (4) राज्य शासन के संकल्प, (5) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7) लोक- भाषा परिशिष्ट.

(ख) (1 ) अध्यादेश, (2) मध्यप्रदेश अधिनियम,

(3) संसद् के अधिनियम.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.

(ग) (1 ) प्रारूप नियम, (2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

गृह विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

अवधि में अवकाश यात्रा सुविधा अंतर्गत गृह नगर वाराणसी (उ.प्र .) की अनुमति प्रदान की गई थी. उक्त अवकाश के साथ 10 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति प्रदान की जाती है .

संशोधित आदेश

(2) आदेश की शेष कंडिकाऐं यथावत रहेगी.

भोपाल, दिनांक 16 फरवरी 2021

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अन्नू भलावी , अवर सचिव.

क्र. एफ-1 (ए)-03-2012-ब-2- दो. विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 7 नवम्बर 2020 को संशोधित करते हुए , राज्य शासन द्वारा श्री गौरव तिवारी , भापुसे, पुलिस अधीक्षक, रतलाम को खण्डवर्ष 2018-21 के द्वितीय विस्तार वर्ष में दिनांक 5 से 14 दिसम्बर 2020 तक, कुल दस दिवस अर्जित अवकाश

3603

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2021 .

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3604

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 12 फरवरी 2021

फा. क्र. 725-2021 - इक्कीस - ब (एक) - राज्य शासन , मध्यप्रदेश , उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर न्यायिक सेवा की अधिकारी सुश्री अंकिता अग्रवाल , अष्टम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , जबलपुर का व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 के पद से त्यागपत्र दिनांक 25 फरवरी 2021 के दोपहर पश्चात् से स्वीकृत करता है.

फा. क्र. 726-2021 - इक्कीस ब (एक).- राज्य शासन, एतद्वारा , उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी श्री विजय चन्द्रा, वर्तमान में विशेष न्यायाधीश एस.सी./ एस.टी. (पी.ए. ) एक्ट, सीहोर को रजिस्ट्रार (प्रशासन ) , राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल के पद पर प्रतिनियुक्ति पर दिनांक 15 मार्च 2021 से 3 वर्ष तक के लिए नियुक्त कर उनकी सेवाएं राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल को सौंपता है.

फा. क्र. 17 (ई)8-2012- इक्कीस ब (एक)-282-2021.- मध्यप्रदेश विशेष न्यायालय नियम, 2012 (क्रमांक 8 सन् 2012) के नियम 8 के उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय के परामर्श से, एत‌द्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 17(ई)8-2012- इक्कीस ब (एक), दिनांक 2 मार्च, 2012 जो मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ), दिनांक 2 मार्च, 2012 में प्रकाशित हुई थी , में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात्:-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, सारणी में अनुक्रमांक 1 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं:-

सारणी

अनु. प्राधिकृत अधिकारी मुख्यालय का अधिकारिता

का नाम

का नाम

क्र.

(4)

(3)

(2)

(1)

हरदा को समाविष्ट

करने वाला क्षेत्र. ".

" 1. श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा भोपाल राजस्व जिला विदिशा , (सीनि.) , बीसवें अतिरिक्त बैतूल, होशगाबाद एवं सेशन न्यायाधीश विशेष न्यायालय क्रमांक 1 ,

भोपाल

F.No - 17 ( E ) 8-2012 - XXI - B ( 1 ) -282-2021.- In excercixe of the powers Conferrd by sub - rule ( 1 ) of Rule 8 of the Madhya Pradesh Vishesh Nyayalaya Niyam, 2012 , the State Government in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby, makes the following amendment in this departement's Notification No. F.No. 17 ( E) 8-2012 - XXI - B ( One ) , dated 2nd March , 2012 which was Published in the Madhya Pradesh Gazette ( Extra Ordinary) , dated 2nd March , 2012 namely : -

AMENDMENT

Inthe said Notification, in the table , for serial num- ber 1 and entries relating therto , the following serial number and entries relating therto shall be substituted, namely : -

TABLE

Jurisdiction

Place of

S. Name of Authorized

Officer

No

head quater

(4) (2)

(3)

(1)

"2. Shri Rajendra Kumar Bhopal Area Comprising

Revenue Districts Sharma ( Sr. ) , XXth

Additional Sessions

Vidisha , Betul ,

Hoshangabad & Judge , Special Court

Harda.".

No. 1 , Bhopal

भोपाल, दिनांक 18 फरवरी 2021

फा. क्र. 987- इक्कीस ब(दो). राज्य शासन, एतद्वारा , अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय ग्वालियर में निम्नानुसार विधि पदाधिकारियों की नियुक्ति दिनांक से एक वर्ष की अवधि के लिये, जो राज्य शासन द्वारा आगे निरंतर की जा सकेगी या बिना कोई कारण बताये तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा सकेगी , राज्य शासन द्वारा समय- समय पर निर्धारित सेवा शर्तों के अधीन, करता है:-

अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय , ग्वालियर शासकीय अधिवक्ता, ग्वालियर

नामांकन क्रमांक

नाम

क्र.

(1) (2) (3) 1. श्री आर. पी. सिंह

290/1984 2. श्री अशोक सिंह चौहान

589/1985

867/1989 3. श्री निर्मल कुमार शर्मा 3605

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

1052/1990 4. श्री महेन्द्र कुमार जैन

5. श्री रामाधार चौबे

982/1994

3445/2006 6. श्री नवल गुप्ता

7. श्री देवेन्द्र चौबे

1110/1997 अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय , ग्वालियर उप शासकीय अधिवक्ता, ग्वालियर

नामांकन क्रमांक (3)

नाम (2)

क्र. (1)

1. श्री अवध किशोर दांगी

1052/1990

2560/1994 2. श्री पी. पी. एस. वजीता

3. श्री गोपाल प्रसाद चौरसिया 4719/2000 इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29-2014 न्याय प्रशासन ( 14) कानूनी सलाहकार और परिषद् (3428 ) महाधिवक्ता- 01 - वेतन- 001 - अधिकारियों वेतन के अंतर्गत विकलनीय होगा.

फा. क्र. 17 (ई) 17-2016- इक्कीस ब (एक)-283-2021.- कॉमर्शियल कोर्ट एक्ट, 2015 (2016 का 4) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 17 (ई) 17-2016- इक्कीस- ब (एक)-2311-19, दिनांक 5 अप्रैल 2019 जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग -1 , दिनांक 17 मई 2019 में प्रकाशित की गई थी, में निम्नलिखित संशोधन करता है अर्थात्: -

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 2 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्:-

सारणी

स.क्र .

जिला न्यायिक अधिकारी का नाम (सिविल जज स्तर) (2)

(3)

(1)

"2.

भोपाल श्रीमती शालू सिरोही चौकसे, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 , भोपाल. " .

F.No - 17 ( E) 17-2016 - XXI - B ( 1 ) -283-2021.- In exercise of the Powers Conferrd by Section 3 of Com- mercial Courts Act , 2015 ( No. 4 of 2016) , the State Government with the concurrence of the Chief Jus- tice ofHigh Court of Madhya Pradesh Hereby, makes the following amendment in this department's notifi- cation No. 17 (E) 17-2016 - XXI - B ( 1 ) -2311-19 , dated 5th April 2019 which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part 1 , dated 17th May 2019 namely

AMENDMENT

In the said notification , in the Table for serial num- ber 2 and entries relating therto , the following serial number and entries relating therto shall be substi- tuted, namely: -

TABLE

District

S.No.

Name of the Officer & Designation (3)

(2)

(1)

"2.

Bhopal Smt . Shalu Sirohi Choksey, IIIrd Civil Judge , Class - I , Bhopal . " .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सत्येन्द्र कुमार सिंह , प्रमुख सचिव.

नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 16 फरवरी 2021 शुद्धि- पत्र

क्र. एफ-3-20-2021 -अठारह -5.- राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 17- क(1 ) के अंतर्गत होशंगाबाद विकास योजना हेतु मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक एफ-3-20-2021-अठारह-5, भोपाल, दिनांक 13 जनवरी 2021 साधारण राजपत्र भाग (1 ) में प्रकाशित दिनांक 15 जनवरी 2021 में निम्नानुसार आंशिक संशोधन किया जाता है:-

1. सारणी के सरल क्रमांक (छ) के क्रमांक 6 में ग्राम पंचायत, पलासी के स्थान पर ग्राम पंचायत उन्द्राखेडी प्रतिस्थापित किया जाता है.

2. सारणी के सरल क्रमांक (छः ) के क्रमांक 10 के पश्चात् निम्नानुसार और जोड़ा जाता है .

छ 11 सरपंच ग्राम पंचायत पवारखेड़ा फार्म सदस्य मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3606

[ भाग 1

सूचना

भोपाल, दिनांक 17 फरवरी 2021

क्र. एफ- 3-26-2021-अठारह- 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 23 सहपठित धारा 19 की उपधारा (4 ) के अधीन एतद्वारा सूचना दी जाती है कि राज्य सरकार द्वारा संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश की सूचना क्रमांक-3910- वि.यो.-496- नग्रानि-2020, भोपाल , दिनांक 24 सितम्बर 2020 द्वारा प्रकाशित सिहोरा विकास योजना 2011 में उपांतरण हेतु सूचना द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार सिहोरा निवेश क्षेत्र के लिये विकास योजना 2011 में उपांतरण नीचे दी गई अनुसूची के अनुसार मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 19 (1 ) में अनुमोदित किया गया है. तथा योजना की प्रति का निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण किया जा सकेगा, अर्थात्:-

1. आयुक्त, जबलपुर संभाग जबलपुर, मध्यप्रदेश.

2. कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश.

3. संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय , जबलपुर, मध्यप्रदेश.

4. मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद्, सिहोरा , मध्यप्रदेश.

अनुसूची

विकास योजना में निर्दिष्ट प्रावधान

उपांतरण पश्चात् प्रावधान (3)

(2)

क्र. (1)

अध्याय-6

1

अध्याय-6

6.2:- क्षेत्राधिकार

6.2क्षेत्राधिकार

13. कोई नहीं

अनुक्रमांक 12 के पश्चात् अंतः स्थापित किया जाता है. 13 झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले निवासी नगरीय केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों में सेवा कार्य से जुड़े होते है यदि झुग्गी/झोपड़ी को किसी स्थान पर व्यवस्थापन कर उसे विकसित किया जाना है, तो उस दशा में सिर्फ आमोद - प्रमोद के क्षेत्र तथा प्रस्तावित मार्ग के क्षेत्र को छोड़कर शेष भूमि उपयोग परिक्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ी का व्यवस्थापन ग्राह्य होगा. इसमें भारत सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना एवं शहरी गरीबों की परियोजनाओं को भी तद्‌नुसार अनुमति/ अनुज्ञा प्रदान की जा सकेगी.

अध्याय-6

2.

अध्याय-6

सारणी 6- सा-13 के क्रमांक 4 कॉलम 4

सारणी 6 - सा-13 के क्रमांक 4 कॉलम 4 में पेट्रोल पम्प के पश्चात् अंतः स्थापित किया जाता है.

सूचना प्रौद्योगिकी *, गैर प्रदूषणकारी उद्योग ** सारणी 6- सा-13 के क्रमांक 7 कॉलम 4

सारणी 6- सा -13 के क्रमांक 7 कॉलम 4 में ढाबा के पश्चात्अतः स्थापित किया जाता है.

सूचना प्रौद्योगिकी , गैर प्रदूषणकारी उद्योग **, कृषि पर्यटन सुविधा *** एवं गोदाम के स्थान पर समस्त प्रकार के भण्डारण जो सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकार्य होंगे.

3607

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

व्याख्या

i

*सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश शासन द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नीति पत्र में वर्णित उद्योग एवं संस्थायें.

ii ** गैर प्रदूषणकारी उद्योग से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मंडल द्वारा सफेद श्रेणी में वर्गीकृत उद्योग.

iii *** कृषि पर्यटन सुविधा से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम-17 (क) में वर्णित अनुसार.

टीप :- उपरोक्त i एवं ii के भूखण्ड हेतु पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर होगी .

विकास योजना में किया गया उपांतरण मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 19 की उपधारा (5) के प्रावधान अनुसार राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवर्तित होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शुभाशीष बैनर्जी, उपसचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , राज्यपाल का सचिवालय , मध्यप्रदेश , भोपाल

राजभवन, भोपाल , दिनांक 17 फरवरी 2021

क्र.- एफ-53-1 - रा.स. यू.ए.- 5-2016.- इस सचिवालय की समसंख्यक अधिसूचना क्रमांक 1607 एफ.-53-1 - रा.स. यू.ए. -5-2016 , दिनांक 22 जुलाई 2019 के अनुक्रम में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 की धारा 22(1 ) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , माननीय कुलाधिपतिजी ने उक्त अधिनियम की धारा 22 की उपधारा (2 ) के खण्ड (क ) के अंतर्गत डॉ. उमेश चन्द्र शर्मा , रजिस्ट्रार, मध्यप्रदेश राज्य वेटरनरी काउंसिल , मध्यप्रदेश, भोपाल को विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल में सदस्य नामांकित किया गया है.

कुलाधिपति, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय , जबलपुर के आदेशानुसार, राजेश कुमार कौल , राज्यपाल के अपर सचिव.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3608

[ भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर, जिला आगर- मालवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन ,

राजस्व विभाग

आगर मालवा, दिनांक 9 फरवरी 2021 प्र.क्र. -जा.क्र.- 505 ए

(अंतर्गत धारा 11 भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्था में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 क. 30 सन् 2013) चूंकि राज्य शासन की इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची कमाक 1 में कुण्डलिया परियोजना के डुब प्रभावित ग्राम पटना भीलखेडी तहसील नलखेडा जिला आगर-मालवा,कुण्डालिया बांध क्षेत्र में प्रभावित होने से आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार सर्वे क्रमांक वार विवरण अनुसूची (2) में उल्लेखित है सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है ।

अतः भूमि अर्जन , पुनर्व्यवस्थापन उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क. 30 सन 2013) की धारा 11 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।

अनुसूची (1 )

तहसील - नलखेडा जिला आगर मालवा ग्राम पटना भीलखेडी

(भू-अर्जन अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हैक्टर मे) विवरण

क्र.

*

अर्जित रकबा

कुल रकबा

कलेक्टर

निजी भूमि

33.722

35.937

1

इक क्षेत्र में

जया आग

1. कुण्डलिया बॉध परियोजना के निर्माण में एवं प्रभावित होने से

33.722

35.937

योग

अनुसूची (2)

(१ ) कुण्डलिया बौध परियोजना में प्रभावित ग्राम पटना भीलखेडी

रिमार्क

खसरा न .

क . प्रभावित कष्क का नाम पता सहित

अर्जित रकबा हेक्टेयर में

भूमि का कुल रकबा हेक्टेयर में

0.238

2/min3

0.511

मानसिंह पिता बनेसिह जाति गुर्जर पता निवासी ग्राम ढाबला सोनगरा

1

0.062

25/min2

0.062

0.300

0.573

योग

0.681

2/min7

1.453

मुंशी पिता बोन्दा जाति गुर्जर पता निवासी ग्गाम ढाबला सोनगरा

2

0.681

1.453

योग

0.371

68/min2

0.843

3 कालु पिता भैया जी जाति गुजर नि. ग्गप्रम भूमिस्वामी

0.094

0.094

124/1 min 2 124/3

0.937

0.465

योग

74/1

0.082

0.419

तोलाराम मोडसिह पिता नानूराम जाति गुजर नि. ग्गप्रम 4 भूमिस्वामी

0.082

0.419

योग 3609

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

हिन्दु सिह पिता रतन लाल जाति गुर्जर पता निवासी ग्राम भूमि

101/4/min1

0.209

0.209

5स्वामी

0.209

0.106

योग

116/1

0.115

0.115

0.084

0.084

116/3 शा.न. 119/2

बन्शीलाल पिता मन्ना जाति बलाई 6 पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

118

0.219

0.219

1.630

185/20

1.630

185/12

0.732

0.732

2.780

2.780

योग

0.115

0.115

117/2

शिवनारायण पिता मुन्नालाल

121/2/min2 0.330

0.330

जाति बलाई पता निवासी ग्राम मजरा भीलखेडी भूमि स्वामी

7

220/26

0.052

0.052

0.497

0.497

योग

0.023

0.023

123/3/मिन.4 शा.न. 204/8 209/2

तोलाराम पिता मनु जाति गुर्जर नि.ग्नम भूमिस्वामी पता 8 निवासी ग्राम मजराभीलखेडी भूमि स्वामी

0.084

0.084

153/4/मिन-2 शा. न. 163/1,163/4

0.107

0.107

योग

0.023

0.023

123/3/मिन 8 शा.न. 209/2 204/8

0.042

0.042

220/8/min 8

(भू-अर्जन) *

लेक्टर

कलेक

हलवा*

* कार्यालय *

जिलाआगर-म

0.028

0.028

161/1/min 5

0.085

0.085

सीताराम पिता मन्नू जाति गुजर पता निवासी ग्राम मॅजराभीलखेडी 9 भूमि स्वामी

153/4/min6 शा.न. 163/1 163/4

0.032

0.008

136/4/मिन-8 शान 142/15,151/ 1व2

0.008

0.031

128/5/मिन 8 शा.न. 133/2 135/1 140/5

0.194

0.241

योग [ भाग 1 3610

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

0.596

0.596

124/1/मिन 1शा.न.204/3

हेमराज पिता बजरंगलाल

0.099

0.099

255/min1/mi n1 शा.न.256

10 जाति कुलमी पता निवासी ग्राम दावतपुर भूमि स्वामी

0.032

0.032

202/2/मिन-1 शा.न. 203/1

0.727

0.727

योग

124/2/2

0.178

0.178

होकम सिह पिता शिवलाल जाति गुर्जर पता निवासी ग्राम 11 मजराभीलखेडी भूमि स्वामी

0.178

0.178

योग

0.586

0.586

128/4 शा.न. 132/4133/1

सीताबाई पति बालुसिह जाति सोंदिया पता निष्ग्राध्मजराखेड़ा

12भूमि स्वामी

0.053

137/1/1

0.053

0.639

0.639

योग

0.104

0.104

128/5/मिन 2शा.न. 133/2 135/1140/5

0.070

0.070

220/8/min2

0.084

0.084

देवीसिंह पिता बापूसिंह जाति गुर्जर पता निवासी ग्गप्रम पटना

0.106

0.106

भीलखेडी भूमिस्वामी

13

206/3 136/4/मिन-2 शान 142/15,151/ 1व2

0.077

0.077

(भू-अर्जन) *

वेक्टर

123/3/मिन2 शा.न. 204/8 209/2

कार्यालय

205/2

0.073

0.073

*

र-मालदा

जिला आगर

208/2

0.075

0.075

0.048

214/7

0.048

0.637

0.637

योग

0.105

0.105

128/5/मिन 3शा.न. 133/2 135/1 140/5

हिन्दू सिह पिता बापुसिह जाति गुजर पता निवासी ग्राम मैजराभीलखेडी

0.107

0.107

14 भूमि स्वामी

136/4/मिन-3 शान 142/15,151/ 1व2

0.048

214/8

0.048

0.070

220/8/min 3

0.070

0.330

0.330

योग 3611

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

132/3/2

0.431

0.431

0.174

0.174

127/1/3

बाबुलाल सीताराम पिता रुगनाथ छम्माबाई वि० रुगनाथ जाति

गुजर

पता निवासी ग्राम मजराभीलखेडी

0.554

15

0.554

भूमिस्वामी

139/3/मिन-1 शा.न. 140/2- 4,141/2, 142/3- 9,143/4, 145/11,146/ 1

1.000

369/1/ min 3 1.045

2.204

2.204

योग

134/3/3

0.073

0.073

0.188

0.188

202/10/2 202/11- 0.115

130/2

0.021

0.021

शिवसिह पिता गोरीलाल जाति गुर्जर नि.ग्यम् भूमिस्वामी

16

-अर्जन)

132/5

0.021

0.021

*

कलेक्टर

202/10/2,

0.188

0.188

202/11

0.491

0.491

योग

134/4/3

0.242

0.242

गोकल पिता रामचंद्र जाति गुर्जर नि.ग्गप्रम भूमिस्वामी

17

0.242

0.242

0.931

0.931

134/5/2

ईन्दरसिह भवरलाल गब्बू दुलेसिह मुकेश पिता बल्देव अयोध्याबाई वि बल्देव जाति गुजर

18 पता निष्ग्रा० भूमि स्वामी

0.073

0.073

220/24

1.004

1.004

योग

0.042

0.042

136/5

रामचन्द पिता बापुलाल जाति गुजर पता निध्या भूमि स्वामी

19

0.042

0.042

योग

0.125

176/10

0.125

संजनाबाई माता क्रष्णाबाई नाध्बा सरपर माता क्रष्णाबाई जाति गुजर 20 पता निवासी ग्राम मजरा भीलखेडी भूमि स्वामी

0.125

0.125

योग

0.146

202/4

0.146

रामनारायण पिता गणपत जाति गुर्जर पता निवासी गनम पटना 21 भीलखेडी भूमिस्वामी

0.146

0.146

योग

0.401

0.401

133/4/मिन 2 शा.न. 134/8 135/2136/1 मिन

हिन्दुसिह पिता अमरसिह

0.261

22 जाति गुजर पता नि० भीलखेडी मजरा भूमि स्वामी

0.261

222/2 शा.न 223/7

0.157

0.157

198/2/2

0.282

0.282

135/4

1.101

1.101

योग मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3612

भगवानसिंह पिता रतनलाल जाति गुजर पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी

23

योग

काशीराम पिता कालु जाति गुजर पता निवासी ग्राम मैजराभीलखेडी भूमि स्वामी

24

योग

राधेश्याम पिता उदेसिंह जाति गुजर 25 पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

योग

देवीसिंह बालुसिंह पुण्अमरसिंह 26 जाति सोंदिया पता निण्या० भूमि स्वामी

योग

रमेश पिता रामचन्द जाति गुजर पता निण्ग्रा० भूमि स्वामी 27

योग

गोरधनसिंह सागरसिंह पिता बालुसिंह सोहनबाई वि ०मेहरबानसिंह सीताबाई विश्वालु‌सिंह हि० समभाग जाति सौंध्या पता निवासी 28 ग्राम मजराखेडा भूमि स्वामी

योग

नाथु पन्पुरालाल अनोखबाई पति नाथुसिह जाति सोंदिया पताँ निष्मजराखेड़ा

29 भूमि स्वामी

योग

[ भाग 1

0.209

0.209

215/2

0.209

0.209

0.256

0.256

220/2/मिन-1 शा.न 223/9

0.256

0.256

0.031

220/10/min 1 0.031

0.031

0.031

0.036

220/32/ min 1 0.036

0.036

0.036

0.360

221/2

0.360

0.360

0.360

0.136

0.136

224/3 शा.न 227/5, 225

0.136

0.136

0.052

0.016

241/13

0.022

241/14

0.073

0.125

0.038

0.178

0.055

241/3

*

लिय

इंदरसिंह पिता गोरधनसिंह जाति सौंधिया पता निवासी ग्राम 30 भूमि स्वामी

योग

ईश्वर सिंह पिता शंकरसिंह जाति गुर्जर पता निवासी ग्राम 31 भूमि स्वामी

योग

रतनलाल पिता प्रताप जाति गुजर 32 पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

योग

भूरीबाई उर्फ अयोध्याबाई पति सिध्दु जोति गुर्जर पता निवासी ग्राम 33 भूमि स्वामी

योग

0.178

0.055

0.102

0.102

243/2/मिन-2 शा.न 246, 244/1

0.102

0.102

0.324

0.324

249/1/मिन-1 शा..न 253

0.324

0.324

263/min 1

0.188

0.188

0.188

0.188 3613

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

0.836

272/min 4

0.836

नारायण गंगाराम पिता मंागु हरिलाल कमल पिता चंदर जाति चमार पता निष्भंडावद भूमि स्वामी

34 भुमि पट्टे से प्राप्त

0.836

0.836

योग

272/min 6

0.492

0.492

35

मादु पिरुलाल पिता नाथु गीताबाई हरकुबाई पुत्रीया नाथू जाति चमार पता निवासी भंडावद भूमि स्वामी भुमि पट्टे से प्राप्त

0.492

0.492

योग

92/2

1.881

1.881

शैलेन्द्रसिंह उर्फ रणजीतसिंह पिता सीताराम उर्फ लक्ष्मीनारायण हिण्23 पैसे व मेवाबाई उर्फ चंदरबाई वि० सीताराम उर्फ लक्ष्मीनारायण

36जाति गुजर

पता नि चौमा तह० मो० बड़ोदिया

2.341

271/2/1

2.341

4.222

4.222

योग

2.886

271/1

2.886

देवेन्द्रसिंह उर्फ कुलजितसिंह पिता शिवनारायणसिंह हिण्23 पैसे रामकुंवरबाई विर्णशवनारायण हिण्णा पैसेजाति गुजर पता 37 निण्या भूमि स्वामी

2.886

2.886

योग

0.501

139/3/मिन-3 शान 140/2,140/4 ,141/2,142/3,1 0.501 42/9,143/4,14 5/11,146/1

रामप्रसादबाई पति प्रहलादसिंह जाति गुजर पता निवासी ग्राम मजरा भीलखेडी भूमि स्वामी

38

1.178

1.178

220/2/min 3 शा.न. 223/9

0.250

0.250

176/8/मिन-1 शा.न. 177/3 , 179/1, 180/1

1.928

1.929

योग

0.407

0.407

129/1 131/1 132/1

129/2

0.429

गोरधनसिंह पिता बालुसिंह जाति सौधिया नि.ग्राम भुमि स्वामी

131/2

0.429

39

131/2

0.334

0.334

144/3

1.170

1.170

योग

0.031

145/4

0.031

मानसिंह पिता शंकरसिंह जाति गुर्जर

40

0.031

0.031

योग

0.366

222/3

0.366

शंकरलाल पिता रामचंदर जाति गुर्जर

(भू-अर्जन) *

41

12

0.366

0.366

योग

* 3614

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

का इंदरसिंह पिता शंकर सिंह जाति गुर्जर

42

*कलेक्ट योग

सोदानसिंह पिता कालु जी जाति गुर्जर

43

योग

बालुसिंह पिता गंगाराम

जाति गुर्जर पता निवासी मजरा भीलखेडी भूमि स्वामी 49

योग

सागरसिंह पिता बालुसिंह जाति सौधिया नि.ग्राम भुमि स्वामी 44

योग

सीताराम पिता प्रभुलाल मेवाबाई पिता प्रभूलाल शांताबाई वि प्रभुलाल 45 जाति गुर्जर

योग

सिधु मानसिह शंकर पिता शोभाराम जाति गुर्जर 46 पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

योग

जुगराम पिता मांगीलाल जाति गुर्जर 47 पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

योग

रामचंद्र पिता बापुलालपुलाल जाति गुर्जर 48 पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

योग

अमरसिह पिता बापुलाल जाति गुर्जर 50 पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

योग

सीताराम पिता रतनलाल जाति गुर्जर नि. ग्राम भुमि स्वामी 51

योग

52 बाबुलाल पिता गंगाराम जाति बोली पता निवासी ग्राम ढाबला सोनगरा भूमि स्वामी

योग

53 मांगीलाल पु. पुरा जाति बलाई पता नि. भण्डावद भूमि स्वामी

योग

योगः-

[ भाग 1

0.117

68min10

0.117

0.117

0.117

0.240

0.240

216/1min , 217/1, 218/1 min 2 , 219/1, 242/2, 244/2, 252/1

0.240

0.240

0.031

0.031

198/12

0.195

0.195

154/5/मिन-1 183/2,184/6

0.317

0.317

197/1/मिन-2 शा.न. 198/1

1.045

1.045

187/8

0.134

0.134

187///min 1

0.104

0.104

171/4/मिन-1 176/2,176/

1.826

1.826

0.334

0.334

142/18

0.334

0.334

0.387

0.387

134/8, 198/3

0.387

0.387

0.084

0.084

219/4 शा.न. 220/9

0.084

0.084

0.547

0.547

53/2/2

0.547

0.547

0.262

0.262

382/3/2

0.262

0.262

0.261

0.261

382/3/1

0.261

0.261

0.209

0.209

101/4/min2

0.209

0.209

0.366

0.366

175 / 11 /min1

175/13

0.345

0.345

0.711

0.711

2.000

2.000

241 /7/min1

2.000

2.000

33.722

35.937 3615

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

प्र.क्र. -ए-507

(अंतर्गत धारा 11 भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्था में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 क. 30 सन् 2013) चूंकि राज्य शासन की इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची कमाक 1 में कुण्डलिया वृहद परियोजना तहसील नलखेड़ा जिला आगर- मालवा कुण्डलिया बाँध निर्माण के डूब क्षेत्र में प्रभावित होने से आवश्यक वर्णित भवनों का सर्वे क्रमांक वार विवरण अनुसूची (2) में उल्लेखित है सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है ।

अतः भवन अर्जन , पुनर्व्यवस्थापन उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क. 30 सन 2013) की धारा 11 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भवनों की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आव आवश्यकता है ।

कार्यालय अनुसूची (1)

तहसील - नलखेड़ा जिला आगर मालवा म.प्र.

ग्राम - लदुरीउमठ

अर्जित की जाने भवनों का क्षेत्रफल वर्गमीटर

विवरण

क्र. 1

1

अर्जित भवन का क्षेत्रफल वर्गमीटर

कुल क्षेत्रफल वर्गमीटर

कुल भवन 24

2458.14

2458.14

24

निजी भवनों के लिये 1. कुण्डालिया बांध परियोजना के निर्माण में एवं डूब क्षेत्र में प्रभावित होने से

2458.14

2458.14

24

योग

अनुसूची (2)

क्षेत्रफल वर्गमीटर में

मकान का नाप

मकान का प्रकार

मकान नं.

स.क्र.

भवन के मुखिया का नाम एवं पिता का नाम

8

7

5

6

4

2

3

1

6.75

29.70

4.40

X

टीनशेड

1

निर्भय सिह पिता चंदरसिह

1

29.70

18.70

X

3.40

5.50

कवेलु

22.00

X

4.00

टीनशेड

5.50

2

मोहन सिह पिता चंदर सिह

2

26.67

4.20

टीनशेड

6.35

X

67.37

64.00

10.00

टीनशेड

6.40

X

X

22.62

5.20

4.35

टीनशेड

14.31

2.70

X

आर्गेन

5.30

3

प्रहलाद सिह पिता नानूराम

3

1.76

1.10

1.60

X

आगॅन

1.21

1.10

X

1.10

शोचालय फर्सी

103.90 3616

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

मकान का प्रकार

मकान नं.

स.क्र.

भवन के मुखिया को नाम एवं पिता का नाम

4 2

3

1

आर सी सी 4

गीता बाई पति रमेश चंद्र

4

5

चंदर सिह पिता धुला जी

आर सी.सी. जमीन सतह 5

टीनशेड

टीनशेड

टीनशेड 6

देवी सिह पिता नारायण सिह

टीनशेड 6

कवेलू

शोचालय फर्सी

कवेलू

टीनशेड

अंबाराम पिता बंशीलाल

टीन शेड 7

7

आंगन

आंगन

कवेलु

रामसिह पिता बंशीलाल

आंगन 8

8

टीनशेड

कवेलु

सोहनसिह पिता बंशीलाल

8/1

टीन शेड 9

आंगन

कवेलु 8/2

टीनशेड

प्रभुलाल पिता बंशीलाल

10

टीनशेड

टीनशेड

टीनशेड 8/3

टीनशेड 11

मानसिह पिता वंशीनाल (भू-अर्जन)

शोचालय फर्सी

कलेक्टर कार्यालय *

लवा

[ भाग 1 मकान का नाप

क्षेत्रफल वर्गमीटर में 5

6

8

7

X

9.05

10.95

99.10

99.10

9.85

133.47 13.55

X

133.47 10.00

X

5.40

54.00 7.95

X

3.10

24.65 6.85

X

1.10

7.54

3.65

24.27 6.65

X

6.65

X

3.80

25.27 X

1.10

1.10

1.21

136.94 5.00

4.00

20.00 X

5.60

X

4.60

25.76 4.50

3.70

16.65 X

8.20

2.40

X

19.68 12.90

5.65

X

72.89

154.98 4.50

X

3.00

13.50 4.65

X

3.30

15.35 X

6.85

3.60

24.66

53.51 5.00

X

3,10

15.50 5.70

X

3.40

19.38 11.30

X

5.60

63.28

98.16 6.30

X

3.30

20.79 6.30

X

3.50

22.05 12.70

X

4.85

61.60

104.44 3.30

3.10

10.23 X

3.50

X

3.10

10.85 10.30

X

3.20

32.96 X

1.10

1.15

1.27

55.31 3617

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

मकान नं.

मकान का प्रकार

स.क्र.

भवन के मुखिया का नाम एवं पिता का नाम

1

2

3

4 F

टीनशेड

बाबुलाल पिता मांगीलाल

9

12

टीनशेड

ठीनशेड 10

भगवानसिह पिता छीता जी

ठीनशेड 13

आंगन मकान का नाप

क्षेत्रफल वर्गमीटर में 5

6

7

8 8.55

3.00

X

25.65 5.45

X

2.40

13.08

38.73 7.80

X

2.80

21.84 7.00

X

2.65

18.55 4.70

X

18.33

3.90

58.72 7.50

X

24.00

घास फूस टापरी

11

तोलाराम पिता बोंदा जी

14

टीनशेड

टीन शेड 12

मांगीलाल पिता भग्गा जी

टीन शेड 15

कवेलु

कवेलु 13

टीनशेड

चंदर सिह पिता नानुराम

16

टीनशेड

कवेलु 14

मेहरबानसिह पिता प्रहलादसिह

कवेलु 17

टीन शेड

आर सी सी 15 मेहरबानसिह पिता धुला जी

18

आरसी सी

आर सी सी

टीनशेड 16

लीला बाई पति रमेश

19

टीनशेड

टीन शेड 17

विक्रमसि० ह पिता मांगीलाल

टीनशेड 20

आर सी सी

केलेल्वर (भू- अर्जन)

3.20

7.50

3.20

X

24.00

48.00 4.10

7.10

X

29.11 4.20

21.00

5.00

X

8.00

6.00

X

48.00

98.11 5.15

X

7.00

36.05 2.90

X

5.20

15.08 X

5.00

9.00

1.80

60.13 8.00

X

4.80

38.40 2.50

X

3.50

8.75 2.50

X

1.30

3.25

50.40 11.25

X

4.10

46.13 11.00

X

11.25

123.75

169.88 8.30

X

4.20

34.86 10.00

X

8.30

83.00 14.20

X

4.65

66.03

183.89 X

11.00

7.70

84.70 8.40

X

7.00

58.80 7.20

X

3.95

28.44

171.94 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3618

मकान का प्रकार मकान नं.

स.क्रई

भवन के मुखिया का नाम एवं पिता का नाम

4 2

3

1

टीन शेड 18

टीनशेड

बहादुरसिह पिता मांगीलाल

21

टीन शेड

टीनशेड 20

मोहन पिता तोलाराम

22

टीन शेड

टीनशेड

पारस पिता अनार सिह

21

23

कवेलु

कवेलु 22

मोडसिंह पिता अमरसिंह जाति गुर्जर

टीनशेड 24

टीनशेड

[ भाग 1

क्षेत्रफल वर्गमीटर में मकान का नाप

7

8 5

6

11.10

X

5.40

59.94

3.90

16.58 4.25

X

8.10

34.02 4.20

X

110.54 8.40

X

84.00

10.00

106.20 X

11.80

9.00

190.20

6.00

13.60

X

81.60

81.60

4.00

X

13.60

54.40

21.20

5.30

4.00

X

13.60

3.70

50.32 X

4.00

X

8.30

33.20

159.12

2458.14

कुल योग

भूमि/ भवन के नक्शे एवं प्लान का निरीक्षण अनुविभागीय एवं भू अर्जन अधिकारी सुसनेर जिला आगर - मालवा के कार्यालय में नोटः-

(१ ) किया जा सकता है ।

(2) उक्त अधिनियम की धारा 12 में यथा उपबंधित एवं विनिर्दिष्ट कुण्डालिया परियोजना के अधिकारी ओर उसके कर्मचारीवृद्ध को भूमि/ भवन में प्रवेश करने ओर उसका सर्वेक्षक करने किसी भी भूमि अवमृदा में खुदाई करने या वैधन करने ओर अपने कार्य की उचित निष्पादन के लिये अपेक्षित सभी अन्य कार्य करने के लिये प्राधिकृत किया जाता है ।

(3) अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना किसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारिख से भूमि/ भवन का कोई भी संव्यवहार नही करेगा या कोई भी संव्यक्तता नही होने देगा अर्थात कय / विकय आदि नही करेगा या ऐसी भूमि/ भवन पर कोई विल्लंगम सृजित नही करेगा ।

: (4) अधिनियम की धारा 15 के अधीन यथा उपबंधित इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 दिनो के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि / भवन अर्जन के बारे में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुसनेर के समक्ष आपेक्ष यदि कोई हो फाइल किए जा सकेंगे 3619

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

प्र.क्र.-ए-509

(अंतर्गत धारा 11 भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्था में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 क. 30 सन् 2013) चूंकि राज्य शासन की इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची कमाक 1 में कुण्डलिया वृहद परियोजना तहसील नलखेड़ा जिला आगर- मालवा कुण्डलिया बाँध निर्माण के डूब क्षेत्र में प्रभावित होने से आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार व सर्वे कमांक वार विवरण अनुसूची (2 ) में उल्लेखित है सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है ।

अतः भूमि अर्जन , पुनर्व्यवस्थापन उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क. 30 सन 2013) की धारा 11 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।

अनसूची (1)

(भू-अर्जना

तहसील - नलखेड़ा

ग्राम गडिया

क्रं.

विवरण

का रकबा (हैक्टर में)

ॐ अर्जित की जाने वाली भूमि

कुल रकबा

अर्जित रकबा

*

1 निजी भूमि

13.621

15.297

1. कुण्डलिया बॉध परियोजना के निर्माण में एक सूत क्षेत्र में प्रभावित होने से जिला आपर

13.621

15.297

योग

अनुसूची (2)

(1 ) कुण्डलिया बॉध परियोजना में प्रभावित होने से

रिमार्क

खसरा न.

क.

अर्जित रकबा हेक्टेयर में

प्रभावित कृषक का नाम पता सहित

भूमि का कुल रकबा हेक्टेयर में

5

4

6

3

1 2

0.018 0.018

6/2/min3 7/2/min2

शिवचरण पिता प्यारा जाति बागरी पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

1

0.018

0.018

योग

0.018

0.018

6/2/min4 7/2/min2

मानसिंह पिता प्यारा जाति बागरी पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

2

0.018

0.018

योग

0.018

0.018

6/2/min2 7/2/ min2

करण सिह पिता प्यारा जाति बागरी पता निवासी ग्राम भूमि स्वमी

3

0.018

0.018

योग

भगवानसिंह पिता भीमसिंह होकमसिंह पिता

1.965

1.965

62/1 74/1

217

0.073 0.073

0.105

4

0.147

113/15,242

0.345

0.345

265/12

रामसिंह , गोपालसिंह, रामलाल, लक्ष्मणसिंह पिता उमरावसिंह देवबाई पुत्री उमरावसिंह , चतरबाई विधवा उमरावसिंह जाति सौंधिया पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

2.488

2.530

योग

1.035

62/2/min2 1.035

5

उमरावसिंह, भगवानसिंह पिता भीमसिह होकमसिंह पिता रामसिंह जाति राजपूत पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

1.035 1.035

योग मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3620

[ भाग 1

रिमार्क

खसरा न.

अर्जित रकबा हेक्टेयर में

प्रभावित कृषक का नाम पता सहित

भूमि का कुल रकबा हेक्टेयर में

6

5

4

3

1 2

0.306

63/min2 0.306

लक्ष्मणसिंह पिता उमरावसिंह जाति सौंधिया पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

6

0.306

0.306

योग

0.251

0.251

82/1/1

गोपाल सिंह पिता हरिसिंह जाति सौंधिया पता

0.030

0.052

232/4

निवासी ग्राम भूमि स्वामी

0.073

0.073

154/3

118/10,

0.444

0.444

137/1

7

0.209 0.209

82/1/min2

कार्यालय *

183/2/min2 ,

0.042

0.042

89/1

*कलेक्टरभू-अर्जन *

0.021

0.021

153/2

1.070

1.092

योग

0.040

1.411

106/3 ,

0.136 0.136

214

8

मोहनबाई पति नारायण जाति गुर्जर पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

0.176

1.547

योग

0.010

113/14

0.094

9

मानसिंह , लक्ष्मणसिह, रामलाल , ईश्वरसिंह पिता बापूसिह प्रभुबाई पवित्राबाई कलाबाई, गुड्डीबाई पुत्री बापूसिंह जाति सौंधिया पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

0.094 0.010

योग

0.158

0.158

259/10/1

शिवसिंह पिता भीम सिंह जाति सौंधिया पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

10

0.158

0.158

योग

0.094 0.094

233/1

11

बापू पिता नंदा जाति चमार पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी

0.094

0.094

योग

0.251 0.251

281/5/min2

जगदीश पिता मांगु जाति गुर्जर पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

0.062 0.062

281/7/min1

12

योग

0.313

0.313

0.115 0.115

294/3

0.031

294/5

0.031

चंदरसिह पिता भैया जी जाति गुर्जर पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

13

293/5

0.272

0.272

0.418

0.418

योग

0.220

0.063

14

पन्नालाल, शिवसिंह, रूगनाथसिंह, भगवानसिह, ईश्वरसिंह पिता धन्ना, गीताबाई, अंदरबाई, अमेरबाई, बालकबाई, पुत्रीयां धन्ना जाति सौंधिया पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

0.063

0.220

योग 3621

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

रिमार्क

खसरा न.

क.

अर्जित रकबा हेक्टेयर में

प्रभावित कृषक का नाम पता सहित

भूमि का कुल रकबा हेक्टेयर में

6

4

5

3

2

1

0.167

0.167

17/1

1.401 1.401

18/1

0.099

0.099

68/2/2

0.188

0.188

19

15

1.145

20,21/9901 1.145

चंदसिंह पिता कन्हैयालाल , रामकुंवरबाई उर्फ राजकुंवर झाला तेजूबाई उर्फ तेजकुंवर, भंवरकुंवरबाई पिता कन्हैयालाल जाति भाटी (राजपूत) पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

1.180

284/2

1.180

4.180 4.180

योग

0.293

0.293

265/4/1

265/2/6,

0.065

0.065

16

प्रेमबाई पत्नि प्रेमसिंह जाति चमार पता निवासी अहस्तांतरणीय लगान ग्राम शासकीय पट्टेदार पट्टे से प्राप्त

275,276 , 280/2

0.358

0.358

योग

0.199 0.199

265/4/2

0.158

265/5/1

0.158

17

दर्यावसिंह पिता मोती जाति चमार पता निवासी ग्राम शासकीय पट्टेदार पट्टे से प्राप्त अहस्तांतरणीय लगान

0.357

0.357

योग

0.344

265/5/2

0.341

18

265/11/2

0.012

0.012

देवीसिंह पिता मोतीसिंह जाति चमार पता निवासी ग्राम शासकीय प‌ट्टेदार पट्टे से प्राप्त अहस्तांतरणीय लगान

0.356

0.356

योग

0.261

0.261

61

काला जी महाराज का चबुतरा स्थित ग्राम भूमि स्वामी व्यवस्थापक श्री कलेक्टर महोदय शाजापुर पता निवासी ग्राम देवस्थान

19

0.261

0.261

योग

0.345

0.345

129,131

चबुतरा श्री काला जी महाराज स्थित ग्राम भूमि स्वामी व्यवस्थापक श्रीमान जिलाधीश महोदय शाजापुर पता निवासी ग्राम देवस्थान

20

0.345 0.345

योग

0.042 0.042

176

21

चबुतरा श्री महादेव जी महाराज स्थित ग्राम भूमि स्वामी व्यवस्थापक श्री कलेक्टर महोदय शाजापुर

0.042

0.042

योग

278

0.574 0.574

22

श्री महादेव जी का चबुतरा स्थित ग्राम भूमि स्वामी व्यवस्थापक श्री जिलाधीश महोदय शाजापुर पता निवासी ग्राम देवस्थान माफी

0.574

0.574

योग

0.503

0.503

282,283

23

श्री महादेव जी का चबुतरा स्थित ग्राम भूमि स्वामी व्यवस्थापक श्री जिलाधीश महोदय शाजापुर

(भू-अर्जन)

业

0.503

0.503

योग मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3622

[ भाग 1

रिमार्क

खसरा न.

क.

अर्जित रकबा हेक्टेयर में

प्रभावित कृषक का नाम पता सहित

भूमि का कुल रकबा हेक्टेयर में

6

4

5

3

1 2

0.460

0.460

284/1

24

चबुतरा श्री महादेव जी महाराज स्थित ग्राम भूमि स्वामी व्यवस्थापक श्री कलेक्टर महोदय शाजापुर

0.460

0.460

योग

13.621

15.297

महायोग

नोट:-•भूमि के नक्शे एवं प्लान का शिक्षा विभागीय एवं भू भू कार्यालय में किया जा सकता है । अर्जन अधिकारी सुसनेर जिला आगर- मालवा के प्र.क्र.-ए

(अंतर्गत धारा 11 भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुर्नव्यवस्था में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 क. 30 सन् 2013 ) चूंकि राज्य शासन की इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची कमाक 1 में कुण्डलिया वृहद परियोजना तहसील नलखेड़ा जिला आगर- मालवा कुण्डलिया बॉध निर्माण के डूब क्षेत्र में प्रभावित होने से आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार व सर्वे कमांक वार विवरण अनुसूची (2) में उल्लेखित है सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है ।

अतः भूमि अर्जन , पुनर्व्यवस्थापन उचित प्रतिकर ओर पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क. 30 सन 2013) की धारा 11 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2 ) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।

अनुसूची (1)

तहसील - नलखेड़ा

ग्राम लाड़ोन

क्रं.

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हैक्टर में)

विवरण

कुल रकबा

अर्जित रकबा 1 निजी भूमि

3.420

0.746 1. कुण्डलिया बाँध परियोजना के निर्माण में एवं डूब क्षेत्र में प्रभावित होने से

0.746

3.420

योग

अनुसूची (2)

(1 ) कुण्डलिया बॉध परियोजना में प्रभावित होने से

खसरा न .

क.

प्रभावित कृषक का नाम पता सहित

कुल अर्जित भूमि हे.में

कुल रकबा हेक्टेयर

0.003

0.003

330/4/3

1

बाबुलाल पिता रामलाल जाति सौंधिया

0.116

1.672

199/1

2 रेखा पति संजीव कुमार जाति महाजन पता निवासी ग्राम बडागांव

0.627

1.745

335

3.420

0.746

TOTAL: -

अर्जन

नोट :- भूमि के नक्शे एवं प्लान का निरीक्षण एवं भू अर्जन अधिकारी सुसनेर जिला आगर- मालवा के कार्यालय में किया जा सकता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अवधेश शर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, 3623

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर , जिला सागर , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

सार्वजनिक सूचना

(देखिये धारा 11 )

सागर, दिनांक 19 फरवरी 2021 क्र.-83A- 82-20-21-1739

मौजा भबूकावारी पटवारी हल्का नं. 18 तहसील राहतगढ चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची -1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग परियोजना प्रशासक बेतवा पी.आई. यू क -2 राहतगढ़, जिला सागर को बीना सिंचाई परियोजना मड़िया बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित की दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियो का विस्थापन आवश्यक हो गया है चूँकि परियोजना प्रशासक, बेतवा पी.आई.यू. क. - 2 राहतगढ़ , जिला सागर द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक J - 12011/31/2014- IA-I द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है । अतः अधिनियम की धारा 6(2 ) के परंतुक पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होगें । भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 6(2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बावत् जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधो के अधीन अपेक्षित है वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगें । परियोजना के निर्माण से लगभग 296 ग्रामों की लगभग 90,000 हे. भूमि सिचिंत होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाना है ।

बीना सिंचाई परियोजना मडिया बॉध

(1 ) परियोजना का नाम:-

(2) भूमि का विवरण :-

1. जिला:-

सागर

2. तहसील:-

राहतगढ़

3. ग्राम:-

भबूकावारी

4. पटवारी हल्का नं.:-

18 भबूकावारी

117.360

5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल हैं० में:-

::अनुसूची -01:

शेष रकवा

खसरा क्र .

अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम

सं.क्र .

भूमि का प्रकार

स्वामित्व का प्रकार

अर्जित भूमि ( रकवा हे .में. )

क्षेत्रफल कुल रकव हे. में

6

3

4

5

7

8 2

1

0.000

0.150

157

0.150

भूमि स्वामी

क्रष्णगोपाल गोवरधन दास पिता बालकिशन दास लक्ष्मीदेवी रामदेवी तारादेवी पुत्री

1

0.060

0.060

277

भूमि स्वामी

बालकिशन पता सा. नागपुर भूमिस्वामी

0.000

0.090

158 0.090

भूमि स्वामी

महेश पिता हरीचरन पता सा . देह भूमिस्वामी

0.000

2

0.320

0.320

181/1

भूमि स्वामी

0.000

0.470

0.470

165/1

भूमि स्वामी

कम्मोद पिता वंशी पता सा. देह भूमिस्वामी

0.000

3

0.480 0.480

165/2

भूमि स्वामी

प्रभु बल्द भावसींग पता सा. देह भूमिस्वामी

0.000

4 3624

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

2

1

5

देवांश पिता संदीप मिश्रा पता राहतगढ भूमिस्वामी

राज पिता संदीप मिश्रा पता राहतगढ भूमिस्वामी 6

पार्थ नाबालिग पिता प्रदीप संरक्षक पिता प्रदीप 7 मिश्रा पता राहतगढ भूमिस्वामी

वेद नावालिग पिता प्रदीप संरक्षक पिता प्रदीप 8 मिश्रा पता राहतगढ भूमिस्वमी

9

संदीप पिता कृष्णमुरारी मिश्रा पता राहतगढ भूमिस्वामी

उर्मिला पुत्री कृष्णमुरारी पता सा. देह भूमिस्वामी 10

[ भाग 1

8 5

6

7

4

3

0.940

0.940

166/1

भूमि स्वामी

0.000

0.940

0.940

166/2

भूमि स्वामी

0.000

0.940

0.940

166/3

भूमि स्वामी

0.000

0.950

0.950

166/4

भूमि स्वामी

0.000

0.800

0.800

274/1

भूमि स्वामी

0.000

0.400

0.400

274/2

भूमि स्वामी

0.000

0.420

0.420

भूमि स्वामी 274/3

11

कृष्णाबाई बेवा कृष्णमुरारी मिश्रा पता सा. देह भूमिस्वामी

12

बबलू नाथ पिता खुमान पता राहतगढ भूमिस्वामी

13

रमेश नाथ पिता खुमान पता राहतगढ भूमिस्वामी

सुदामा पिता बाबूलाल पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 14

हुकुम पुत्र तुलसीराम लोधी पता भबूकावारी भूमिस्वामी

15

0.000

0.525

0.525

167/1/1

भूमि स्वामी

0.000

0.525

0.525

167/1/2

भूमि स्वामी

0.000

1.050

1.050

0.000

167/2

भूमि स्वामी

0.520

0.520

168

भूमि स्वामी

0.000

0.940 0.000

0.940

172

भूमि स्वामी

0.000

0.160

0.160

175

भूमि स्वामी

0.000

0.090

0.090

168/515

16

बद्रीप्रसाद बल्द हीचरन पता सा . देह 17 भूमिस्वामी

रतन पुत्र लालचंद पता सा. देह भूमिस्वामी 18

रतन पिता लालचंद पता सा. देह भूमिस्वामी 19

उमराव पिता भावसींग लोधी पता सा. 20 भबूकावारी भूमिस्वामी

शिवचरण पिता भावसींग लोधी पता 21 सा.भबूकावारी भूमिस्वामी

प्रभु पिता भावसींग लोधी पता भबूकावारी 22भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

0.000

1.920

1.920

170/1

भूमि स्वामी

0.000

1.200

1.200

170/2

भूमि स्वामी

1.200 0.000

1.200

170/3

भूमि स्वामी

0.000

0.490

0.490

171/1

भूमि स्वामी

0.000

0.490

0.490

171/2

भूमि स्वामी

0.000

0.080

0.080

171/3

भूमि स्वामी 3625

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

4

6

7

8 2

3

5

1

भूमि स्वामी

0.000

0.380

0.380

347

23

अवधरानी बेवा बलराम बहादुरसींग निवेंद्र पिता बलराम हेमलता पुत्री बलराम पता सा. देह भूमिस्वामी

1.660 0.000

1.660

164

पूरन पिता शंभ्भूनाथ पता सा. देह भूमिस्वामी भूमि स्वामी

24

0.000

176

0.110

0.110

भूमि स्वामी

प्रहलादसिंह मुलायमसिंह नन्नूसिंह पिता बलवतसिंह पता सा. देह भूमिस्वामी

25

0.060

174

भूमि स्वामी

26

0.000

177

0.230

0.230

भूमि स्वामी

कन्छेदी खिम्मा पिता मकुन्दा सुमता बेवा मकुन्दा खिल्ला वा. परताना वा पिता गुबरा पा. वा. खुद भूमिस्वामी मां भूरीवाई वेवा मकुन्दा पता सा. देह भूमिस्वामी

0.030

178/1

भूमि स्वामी

27

उमराव पिता भावसींग लोधी पता सा. भबूकावारी भूमिस्वामी

0.030

178/2

भूमि स्वामी

28

शिवचरण पिता भावसींग लोधी पता सा.भबूकावारी भूमिस्वामी

0.030

178/3

भूमि स्वामी

29

प्रभु पिता भावसींग लोधी पता भबूकावारी भूमिस्वामी

0.010

178/4

भूमि स्वामी

30

उमराव, प्रभु, शिवचरण पिता भावसींग लोधी पता सा. देह भबूकावारी भूमिस्वामी

0.000

0.180

0.180

180

भूमि स्वामी

31

प्रभु पिता भावसींग लोधी पता भबूकावारी भूमिस्वामी

0.000

0.120

0.120

179

स्वामी

प्रभुसींग बल्द भावसींग पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भूमि

32

0.000

0.460

0.460

181/2

भूमि स्वामी

रतन पु लालचंद पता भबूकावारी राहतगढ 33 भूमिस्वामी

0.000

0.390

0.390

182/1/1

भूमि स्वामी

34

कोमलबाई बेवा मोहनलाल सेन पता राहतगढ भूमिस्वामी

1.000

182/1/2

भूमि स्वामी

प्रदीप पिता महेश सेन पता राहतगढ भूमिस्वामी

35

1.000

182/1/3

भूमि स्वामी

जयदीप पिता महेश सेन पता राहतगढ़ भूमिस्वमी

36

0.000

1.960

1.960

182/2

भूमि स्वामी

रमेश बल्द हीचरन पता सा. देह भूमिस्वामी

37

0.000

भूमि स्वामी

0.480

0,480

184

38

कोमलबाई पत्नि मोहनलाल पता सा. देह भूमिस्वामी

0.000

भूमि स्वामी

0.310

0.310

183

कोमलबाई पत्त्रि मोहनलाल पता सा. देह भूमिस्वामी

39 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3626

[ भाग 1

8

7

6

5

4

3

2

1

0.000

0.800

0.800

187/1

भूमि स्वामी

0.000

1.710

सीमा पति प्रमोद कुमार ,राखी, पुनम, प्रियंका, सोनम , रूची पिता प्रमोद कुमार पता सा. देह भूमिस्वामी

1.710

187/2

भूमि स्वामी

+187/3 +187/4

40

0.000

1.070

1.070

254

भूमि स्वामी

0.000

2.210

2.210

भूमि स्वामी 259

0.000

0.390

0.390

270

भूमि स्वामी

0.000

1.480

1.480

188/1

भूमि स्वामी

41

शिवनारायण पुत्र बल्देव पता भबूकावारी सा. राहतगढ भूमिस्वामी

0.000

1.000

1.000

188/2

भूमि स्वामी

42

शोभा वेवा संजय मिश्रा अजयि पिता संजय शजोनी नाबालिग पिता संजय संरक्षक माता शोभा मिश्रा पता भबूकावारी भूमिस्वमी

1.000

188/3

भूमि स्वामी

शोभा पत्नि संजय पता भबूकावारी सा. राहतगढ भूमिस्वामी

43

0.000

0.500

0.500

189/1

भूमि स्वामी

44

कोमलबाई पत्नि मोहनलाल पता सा. देह भूमिस्वामी

0.000

2.270

2.270

189/2

भूमि स्वामी

पुनाबाई पत्नि हरिचरन पता सा. देह भूमिस्वामी

45

0.000

1.010

1.010

242/1

भूमि स्वामी

रामसींग पिता मिहीलाल पता सा. देह भूमिस्वामी

46

0.000

3.120

3.120

251/1

भूमि स्वामी

47

रामसींग पिता मिहीलाल शौतान राजनसिंह रामक्रपाल पिता चेनसिंह पता सा. देह राहतगढ भूमिस्वामी

0.000

2.810

2.810

242/2

भूमि स्वामी

0.000

0.450

0.450

250

भूमि स्वामी

आजादरानी बेवा नारायणसिंह , जवाहरसिंह पुत्र नारायणसिंह बबली पुत्री नारायणसिंह निर्मला पुत्री नारायणसिंह पता सा. देह भूमिस्वामी

48

0.000

2.430

2.430

258/1

भूमि स्वामी

0.000

2.210

2.210

242/3

भूमि स्वामी

हरनामसिंह बल्द शंकरसिंह पता सा. देह भूमिस्वामी

49

0.000

1.750

1.750

243/1

भूमि स्वामी

50

संदीपसिंह बल्द दिनेश पता सा. राहतगढ भूमिस्वामी

0.000

1.850

1.850

243/2

भूमि स्वामी

गिरजेश बल्द रामरतन पता सा. देह भूमिस्वामी

51

0.000

1.250

1.250

243/3

भूमि स्वामी

मनीराम बल्द रामरतन पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

52

0.000

1.600

1.600

243/4

भूमि स्वामी

प्रभु बल्द हरीसींग पता नि.ग्राम भूमिस्वामी

53 3627

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

8

7

6

5

4

3

2

1

0.000

1.600

1.600

243/5

भूमि स्वामी

बिनोद बल्द हरीसींग पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

54

0.000

0.270

0.270

244

भूमि स्वामी

0.000

0.520

0.520

245

भूमि स्वामी

55

सुजान पिता शिवराजसिंह कमलाबाई बेवा शिवराजसिंह सपना पिता शिवराजसिंह स्वाति पिता शिवराजसिंह राजपूर पता सा. राहतगढ भूमिस्वामी

0.000

0.120

0.120

246

भूमि स्वामी

0.000

3.130

3.130

251/2

भूमि स्वामी

बलराम भारतसींग पिता दरयावसिंह पता सा. देह भूमिस्वामी

56

0.000

1.110

1.110

252

भूमि स्वामी

आशिक अली पिता कुदरत अली पता सा. देह 57 भूमिस्वामी

0.000

0.430

0.430

253/1

भूमि स्वामी

शिवलाल वल्द खेमचंद पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

58

0.000

0.230

0.230

253/2/1

भूमि स्वामी

59

नन्ने नाबालिग पिता हरीसींग संरक्षक जानकीबाई , जानकीबाई पति हरीसींग , हिम्मत पिता हरीसींग पता भबूकावारी राहतगढ

0.000

0.200

0.200

253/2/2

भूमि स्वामी

हीरालाल पिता शेवलाल लोधी पता भबूकावारी 60 राहमगढ भूमिस्वामी

0.000

0.180 0.180

253/3

भूमि स्वामी

भागीराथ पिता खेमचंद पता सा. देह भूमिस्वामी

61

0.000

3.140

3.140

255

भूमि स्वामी

जाहिद अली पिता कुदरत अली पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

62

0.000

1.400

1.400

265

भूमि स्वामी

0.000

1.570

1.570

256

भूमि स्वामी

पूरन पिता गोवर्धन पता सा. देह भूमिस्वामी

63

0.000

0.260

0.260

257

भूमि स्वामी

भागीरथ पिता खेमचंद पिता सा. देह भूमिस्वामी

64

0.000

1.200

1.200

258/2

भूमि स्वामी

हल्लबाई पत्नि शेरसींग पिता छुट्टीसींग सा . देह 65 भूमिस्वामी

0.000

0.320

0.320

260/1/1

भूमि स्वामी

66

आमिर खान नाबालिग पिता इस्माईल पता सा. ककरूआ वेगमगंज भूमिस्वामी

0.000

1.200

1.200

260/1/2

भूमि स्वामी

श्यामलाल लोधी पिता खेमचंद पता राहतगढ 67 भूमिस्वामी

0.000

1.500

1.500

260/2

भूमि स्वामी

राजकुमार बल्द रामसेवक पमा नि. भूमिस्वामी

68 3628

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

6

8

7

4

5

3

2

1

0.000

1.500

1.500

भूमि स्वामी 260/3

सुरेश कुमार पिता रामसेवक पता नि. ग्राम 69भूमिस्वामी

0.000

0.700

0.700

260/4/1

भूमि स्वामी

प्रमोद कुमार बल्द रामसेवक पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

70

0.800

260/4/2

भूमि स्वामी

पूनम पति गजदीश गुरू पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

71

0.050

262/1

भूमि स्वामी

टीकाराम पिता रूपसींग पता नि. ग्राम

72भूमिस्वामी

0.050

262/2

भूमि स्वामी

0.000

0.410 0.410

264

भूमि स्वामी

टीकाराम पिता रूपसींग पता सा. देह 73भूमिस्वामी

0.000

0.380

268 0.380

भूमि स्वामी

0.000

0.480

0.480

263

भूमि स्वामी

74

परतासिंह पिता दरयावसिंह पता सा. देह भूगिस्वागी

0.000

0.530

0.530

267/1

भूमि स्वामी

टीकाराम पिता रूपसींग लोधी पता राहतगढ 75भूमिस्वामी

0.000

0.920

0.920

267/2

भूमि स्वामी

मुलू उर्फ मूलचंद पिता रूपसींग लोधी पता 76 राहतगढ भूमिस्वामी

0.000

1.090

1.090

269/1

भूमि स्वामी

77

गोविन्द्र माधव वा पप्पू नावा पिता राजाराम मुले पिता भावसींग शांतबाई बेवा भावसींग पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

0.000

0.550

0.550

269/2

भूमि स्वामी

दलीप बल्द हल्के पता सा . देह भूमिस्वामी

78

0.000

1.110

1.110

272

भूमि स्वामी

हरगोविद पिता रल्ली पता सा. देह भूमिस्वामी

79

0.000

0.960

0.960

273

स्वामी

हल्के बल्द हरप्रसाद पता नि. ग्राम भूमिस्वामी भूमि

80

0.000

0.380

0.380

275

भूमि स्वामी

ब्रजलाल पिता लीलाधर पता सा. देह 81भूमिस्वामी

0.000

1.010

1.010

278/1

भूमि स्वामी

ऊषाबाई पत्त्रि सुरेश कुमार पता सा देह भूमिस्वामी

82

0.000

1.010

1.010

278/2

भूमि स्वामी

फूलाबाई बेवा सुखदेव पता सा.देह भूमिस्वामी

83

0.000

0.700

0.700

278/3

भूमि स्वामी

84

रामाधार पिता गंगाप्रसाद पता सा. देह भूमिस्वामी

0.000

0.740

0.740

279

भूमि स्वामी

दीपसिंह बल्द हल्के पता सा. देह भूमिस्वामी

85 3629

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2

1

दिनेश पिता श्रीराम पता सा. देह भूमिस्वामी 86

राधेश्याम पिता श्रीराम पता सा. देह भूमिस्वामी 87

सनमान पिता रल्ली विकास ना वा पिता व बली हरगोविन्द्र पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 88

89

दीनानाथ बल्द रेवाशंकर पता सा. देह भूमिस्वामी

रल्ली पिता हल्के पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 90

91

सुरेन्द्र कुमार पिता बाबूलाल शर्मा पता राहतगढ भूमिस्वामी

सुरेन्द्र पिता बाबूलाल पता सा. राहतगढ भूमिस्वामी

92

93

रामसींग पिता मूलचंद लोधी पता राहतगढ भूमिस्वामी

छोटेलाल पिता मूलचंद लोधी पता सा. राहतगढ़ भूमिस्वामी

94

95

परमानंद पिता रामभरोसे सेन इमरतीबाई बेवा रामभरोसे , पर्वत सिंह पिता रामभरोसे , रेवाराम पिता रामभरोसे, रामबाई पुत्री रामभरोसे, मानकुंवर पुत्री रामभरोसे सेन पता राहतगढ शिब्बू बल्द ग्याप्रसाद पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 96

पूनाबाई पत्नि हरिचरन पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 97

98

पुनवती कौशिक पत्नि विष्णुप्रसाद पता राहतगढ भूमिस्वामी

मोहित कौशिक नाबालिग पिता मुकेश पता 99 सा. राहतगढ भूमिस्वामी

कष्णा कौशिक नाबालिग पिता मुकेश पता सा. राहगतढ भूमिस्वामी

100

गुपालसिंह पिता किशनलाल पिता सा.देह भूमिस्वामी

101

मानसींग बल्द बिहारी पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 102

टीकाराम बल्द दयाराम पता सा. देह भूमिस्वामी 103

7

8

6

4

5

3

0.000

1.470

1.470

280/1

भूमि स्वामी

0.000

1.470

1.470

280/2

भूमि स्वामी

0.000

1.330

1.330

281

भूमि स्वामी

भूमि स्वामी

0.000

0.020

0.020

295

भूमि स्वामी

0.000

0.100

0.100

296

भूमि स्वामी

0.160

134/1

0.308

0.012

भूमि स्वामी

0.160

134/2

भूमि स्वामी

0.670

135/1

1.326

0.024

भूमि स्वामी

0.680

135/2

भूमि स्वामी

0.620

136/1

1.117

0.123

भूमि स्वामी

0.620

136/2

1.070

0.150

1.220

भूमि स्वामी

152

भूमि स्वामी

0.140

153/1

भूमि स्वामी

0.800

1.540

0.200

153/2

भूमि स्वामी

0.800

153/3

भूमि स्वामी

0.616

1.294

1.910

154

भूमि स्वामी

1.240

155/1

1.390

0.830

भूमि स्वामी

0.980

155/2 [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3630

8

7

6

5

3

4

2

1

भूमि स्वामी

1.100

161/1

अकुश ना. वा. बल्द वली राजेन्द्र कुमार पता सा. देह भूमिस्वामी

104

0.808 1.052

भूमि स्वामी

कुलदीप पिता महेश सेन पता सा. राहतगढ

0.760

161/2

भूमिस्वामी

105

भूमि स्वामी

2.020

162/1

विजयलक्ष्मी जोजे कैलाशनाथ पता सा. देह भूमिस्वामी

106

1.260

0.920

भूमि स्वामी

0.16

162/2

107

कुलदीप पिता महेश सेन पता सा. राहतगढ भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

महेश पिता हरीचरन पता सा. देह भूमिस्वामी

0.165

1.395

1.560

160

108

भूमि स्वामी

0.342

1.008

1.350

163

श्रीदेव जानकी रमण जीबाके देह मुह. प्रबधक कलेक्टर महो सागर पता सा. देह भूमि स्वामी

109

भूमि स्वामी

0.064

1.126

1.190

239

भूमि स्वामी

0.080

193/1

110

0.335

0.745

भूमि स्वामी

गिरजेश बल्द रामरतन पता सा. देह भूमिस्वामी

1.000

193/2

111

स्वामी

भूमि

0.000

1.650

1.650

191

प्रहलाद सिह मुलायमसिह नन्नूसिह पिता बलवत 112 सिह पता सा. देह भूमि स्वामी

भूमि स्वामी

चरन पिता रामभरोसी पता सा. देह भूमिस्वामी

0.400

190/1

113

भूमि स्वामी

गनेश पिता रामभरोसी पता सा. देह भूमिस्वामी

0.400

190/2

114

0.459

1.161

भूमि स्वामी

0.410

190/3

विजय पिता रामभरोसी पता सा. देह भूमिस्वामी 115

भूमि स्वामी

0.410

190/4

कौशिया वेबा ब्रजलाल पंकज रीतेश रूपेश पिता 116 ब्रजलाल पता सा . देह भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

2.289

0.011

2.300

195

विहारीलाल पिता बालमुकुन्द पता सा. देह भूमिस्वामी

117 3631

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

7

8

6

4

5

3

2

1

भूमि स्वामी

संतोष पिता धनराज पता सा. देह भूमिस्वामी

0.410

240/1/1

118

भूमि स्वामी

रामबाबू पिता धनराज पता सा. देह भूमिस्वामी

0.410

240/1/2

119

भूमि स्वामी

हीरा पिता धनराज पता सा. देह भूमिस्वामी

0.410

240/1/3

120

3.008

0.682

भूमि स्वामी

0.920

240/2

भागवती बेवा हेतराम काशीराम बल्द हेतराम 121 रज्जीबाई पुत्री हेतराम पता सा. देह भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

तेजराम वद मनमोहन पता सा. देह भूमिस्वामी

1.230

240/3

122

भूमि स्वामी

बुदेलसिंह पिता रामसिंह पता सा. देह भूमिस्वामी

0.310

240/4

123

भूमि स्वामी

3.110

241/1

124

मुन्नीवाई बेवा पवतसींग मंगलसींग गुरधन रोहित पिता पवतसींग सीमा कविता पुत्री पवतसींग पता सा. देह भूमिस्वामी

0.058

5.462

भूमि स्वामी

रामसीग पिता मिहीलाल पता सा .देह भूमिस्वामी

2.110

241/2

125

भूमि स्वामी

0.300

241/3

126

आजादरानी बेवा नारायण जवाहरसिंह पुत्र नारायणसींग बबली निर्मला पुत्री नारायणसिंह पता सा. देह भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

0.800

282/1/1

बदनसिंह बल्द शंकरसिंह राजपूत पता 127 सा. राहतगढ भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

0.765

2.025

0.590

282/1/2

राजासिंह पिता बदनसिंह राजपूत पता सा. राहतगढ भूमिस्वामी

128

भूमि स्वामी

1.400

282/2

तिलकसिंह बल्द शंकरसिंह पता सा. देह भूमिस्वामी

129

भूमि स्वामी

1.130

283/1

ज्ञानबाई जोजे जशवंतसिंह पता सा. देह भूमिस्वामी

130

0.919

1.341

भूमि स्वामी

1.130

283/2

पानबाई जोजे शिवराजसिंह पता सा. देह 131 भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

0.900

पूरन पिता गोवरधन पता सा. देह भूमिस्वामी

284/1

132

1.580

भूमि स्वामी

0.460

0.520

भगवती बेवा रेवाशंकर पता सा. देह भूमिस्वामी

284/2

133

भूमि स्वामी

0.620

284/3

दीनानाथ बल्द रेवाशंकर पता सा. देह भूमिस्वामी 134 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3632

[ भाग 1

7

6

8

3

4

5

1

2

भूमि स्वामी

1.260

285/1

राजेश पिता सरजूप्रसाद बिलगैंया पता भबूकावारी भूमिस्वामी

135

1.140

1.370

भूमि स्वामी

1.250

285/2

भगवतशरण पिता सरजूप्रसाद बिलगैंया पता भबूकावारी भूमिस्वामी

136

भूमि स्वामी

0.801

288

1.060

0.259

137

श्रीदेवी जानकीरमण जी बाके देह मुह . प्रबंधक कलेक्टर महो. सागर पता सा. देह भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

0.225

0.135

0.360

294

138

परमलाल पिता अमरसींग लोधी पता भबूकावारी भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

0.641

1.789

297

2.430

139

श्रीदुर्गा जी वांके मुह. अर्जुनसींग पिता देवीसींग पता सा. देह भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

करनसिंह पिता वंशी पता सा. देह भूमिस्वामी

0.070

345/1

140

भूमि स्वामी

कम्मोद पिता वंशी पता सा. देह भूमिस्वामी

0.000

0.080 0.080

345/2

141

भूमि स्वामी

क्रपाराम पिता वंशी पता सा. देह भूमिस्वामी

0.080

345/3

142

भूमि स्वामी

0.000

0.130 0.130

346

भग्गीबाई बेवा किशनसिंह मूरतसिंह प्रेमसींग 143 मुन्नी , चंदा मोहरबाई माया पिता किशनसिंह पता सा. देह भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

0.000

0.380

0.380

347

144

अवधरानी बेवा बलराम बहादुरसींग निफ्रेंद्र पिता बलराम हेमलता पुत्री बलराम पता सा. देह भूमिस्वामी

योगः-

117.360 22.470

139.830

161 3633

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

राज्य सरकार की अधिकसूचना कमाक एफ 16-15- (7)2014- सात शा, 2 ए भोपाल दिनाकः 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनाकः 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक -2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकां, कर्मकारों या उसके निर्देशो के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिलें के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधो को क्रियान्वित करने के लिय प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी भू अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियो का प्रयोग करने के लिये निर्देशत किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक बेतवा पी.आई.यू.क. -2 राहतगढ़ सागर प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेगें ।

राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15- (7) 2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनाकः 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनाकः 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होंगा को पुनवार्सन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासन के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी भु- अर्जन शाखा जिला सागर को अधिनियम की धारा 16 द्वारा पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेगें । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक, बेतवा पी.आई.यू. , क. 2 राहतगढ़ सागर समुचित सहयोग करेंगें एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेगें ।

अधिनियम की धारा 11 (4) के पृष्ठ के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर कें पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई संव्यवहार नही करेगा । या कोई भी संव्यवहार नही होने देगा अर्थात कय विक्रय आदि नही करेगा या ऐसी भूमि पर कोई विल्लंगम सृजित नही करेगा ।

अधिनियम की धारा 15 (1 ) के अधीन यथा उपबंधीत इस सूचना के प्रकशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्याक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) राहतगढ़ में ) आपेक्ष यदि कोई हो फाईल किए जा सकेगें ।

भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक, बेतवा बी.पी. आई.यू. 2 राहतगढ़ सागर के कार्यालय में किया जा सकता है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3634

[ भाग 1 क्र.-1236-85-अ-82-20-21

मौजा पेखलोन पटवारी हल्का नं. 18 तहसील राहतगढ चुकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग परियोजना प्रशासक वेतया पी.आई. यू क-2 राहतगढ़ सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउ‌द्देशीय परियोजना मडिया बांध निमाण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिय आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित की दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियो का विस्थापन आवश्यक हो गया है चूँकि परियोजना प्रशासक, वेतवा पी.आई.यू. क.-2 राहतगढ़ सागर द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमाक J- 12011 /31 /2014 - IA-I द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6 (2 ) के परंतुक पुर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपलाब्ध लागु नहीं होगे भूमी अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शितका का आधिकार अधिनियम 2013 की धारा 6 (2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बावत् जहा पर्यावारण समाधात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधो के अधीन अपेक्षित है वहा इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबधित उपबंध लागू नहीं होगे परियोजना के निर्माण से लगभग 296 ग्रामों की लगभग 90.000 है. भूमि सिचिंत होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार मकानों की भूमि का अर्जन किया जाया है ।

बीना सिंचाई परियोजना मडिया बॉध

(1 ) परियोजना का नाम:-

(2) भूमि का विवरण: -

सागर

1.जिला

राहतगढ

2. तहसील

पेखलोन

3. ग्राम

19

4. पटवारी हल्का नं.

1.838

5. अर्जित भूमि का कुल क्षेत्रफल हैं० में

हैं०

::अनुसूची::

भूमि का प्रकार

शेष रकवा

खसरा नं.

स.क्रं

अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम

अर्जित भूमि (रकवा हे ०में)

क्षेत्रफल कुल रकवा हे ०में

7

8

5

6

4

2

1

0.961

1.070

0.109

128

1 केशरवाई पुत्री कन्हैयालाल पता सा. खजुरीया

0.000

0.910

0.910

130

2

कोमलमींग रामसींग कोमल छुटटा पिस . लटोरी चिरोजी पुत्री लटोरी पता सा. देह भूमिस्वामी

0.000

0.290

131

0.290

3

मंदिर श्री राधाक्रष्णजी बांके देह मुह . विश्नू प्रसाद पिता कन्हैयालाल प्रबंधक कले . महो. सागर पता सा. देह

0.030

132/1/1

दशरथ पिता हल्कू पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

4

0.030

132/1/2

5 कैलाश पिता हल्कू पता नि.ग्राम भूमिस्वामी

0.077

0.093

0.060

132/2

6

वैजंतीवाई वेवा अर्जुन केशव, महेंद्र पुत्र अर्जुन रामकली, गोपी पूत्री अर्जुन पता ग्राम पेखलोन भूमिस्वामी

द्रोपतीवाई बेवा दुर्गाप्रसाद धनपाल, भाईसाहब पुत्र

0.050

132/3

7 दुर्गाप्रसाद जानकी, दसोदा सावित्री प्रानू पुत्री दुर्गाप्रसाद पता नि. पेखलोन भूमिस्वामी

0.100

133/1

8 दशरथ पिता हल्कू पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

0.153

0.047

0.100

133/2

कैलाश पिता हल्कू पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

9

गमसेवक मिहीलाल देवीसीग निरंजन आशाकरन पिता

0.970

146/1

10

लालाराम देवकाबाई वेवा लालाराम पता सा. भूमिस्वामी गेदालाल संतोष विश्वनाथ विनोद पिता मिहीलाल

1.171

0.389

0.240

146/2

11 मोहरबाई वेवा मिहीलाल हरिओम कल्लू क्रष्णा ना वा पिता अखलेश पालक वखुद माँ सावित्री वेवा अखलेश पता सा. देह

0.350

146/3

12 आशाकरन पिता लालाराम पता सा. देह भूमिस्वामी

2.362

1.838

4.200

12

योग 3635

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

राज्यसरकार की अधिकसूचना कमाक एफ16-15- (7) 2014- सात शा, 2 ए भोपाल दिनाकः 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनाकः 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवका, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिलें के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधो को कियान्वित करने के लिय प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी भू अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियो का प्रयोग करने के लिये निर्देशत किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक वेतवा पी.आई यू.क्र 2 राहतगढ़ सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवशयक सहयोग प्रदान करेगे

राज्य सरकार की अधिसूचना कमांक एफ16-15-(7) 2014- सात- शा, 2 ए भोपाल , दिनाकः 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनाकः 03.10.2014 के पृष्ठ कमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को.जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनवार्सन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासन के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी भु-अर्जन शाखा जिला सागर को अधिनियम की धारा 16 द्वारा पुर्नर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेगें । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक , वेतवा पी.आई. यू. क्र. 2 राहतगढ़ सागर समुचित सहयोग करेंगें एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेगें ।

अधिनियम की धारा 11 (4) के पृष्ठ के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई संव्यवहार नही करेगा । या कोई भी संव्यवहार नही होने देगा अर्थात कय विकय आदि नही करेगा या ऐसी भूमि पर कोई विल्लंगम सृजित नही करेगा ।

अधिनियम की धारा 15 ( 1 ) के अधीन यथा उपबंधीत इस सूचना के प्रकशन की तारीख से 60 ( साठ ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्याक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) राहतगढ़ में आपेक्ष गदि कोई हो फाईल किए जा सकेगें ।

भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक, बेतवा बी.पी.आई. यू. 2 राहतगढ़ सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।

क्र.-1738-84-अ- 82-20-21

मौजा बेहटाअलीनगर पटवारी हल्का नं. 18 तहसील राहतगढ चुकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग परियोजना प्रशासक येतवा पी.आई.यू क -2 राहतगढ़ सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना मडिया बांध निमाण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिय आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित की दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियो का विस्थापन आवश्यक हो गया है चूँकि परियोजना प्रशासक, वेतवा पी.आई.यू. क. -2 राहतगढ़ सागर द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव कमाक J - 12011/31/2014 -IA-1 द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6 (2) के परंतुक पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपलाब्ध लागु नही होगे भूमी अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शितका का आधिकार अधिनियम 2013 की धारा 6(2 ) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बावत् जहा पर्यावारण समाधात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधो के अधीन अपेक्षित है वहा इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबधित उपबंध लागू नही होगे परियोजना के निर्माण से लगभग 296 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचिंत होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार मकानों की भूमि का अर्जन किया जाया है ।

बीना सिंचाई परियोजना मडिया बॉध

(1 ) परियोजना का नाम :-

(2) भूमि का विवरण :-

2. तहसील

बेहटाअलीनगर

1.जिला 3. ग्राम

सागर राहतगढ 18

4. पटवारी हल्का नं.

34.351 हैं०

5. अर्जित भूमि का कुल क्षेत्रफल हैं ० में

*अनुसूची

स

खसरा नंबर

अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम

शेष रकवा

भूमि का प्रकार

स्वामित्व का प्रकार

क

क्षेत्रफल कुल रकवा हे ० में

अर्जित भूमि (रकया हे० में)

7

5

8

9

3

4

2

1

भूमि स्वामी

0.130

179/1

0.000

0.230

जगतसींग पिता महाराजसींग लोधी बद्री पिता 1 महाराजसींग गोवर्धन पिता महराजसींग जगदीश पिता महराजसींग लोधी पता सा. राहतगढ भूमिस्वामी मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3636

2 ब्रजलाल पिता कामता लोधी पता राहतगढ भूमिस्वामी 3 ललित अकित पिता बृजमोहन पता सा. राहतगढ़ भूमिस्वामी

4 वीरसीग भवानीसीग पि. लछमन पता सा. देह भूमि स्वामी

5 ललित नारायण वल्दब्रजमोहन पता मा. राहतगढ़ भूमि स्वामी

6 कन्द्वेदी वल्द बुद्दा पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी 7 संतराज पिता वीरसींग लोधी पता राहतगढ भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

8 गनपतसिह वल्द दरयाब पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

भूमि स्वामी

9 गोलू नावा पि व वली रूपसिह पिता सुकई पता नि.ग्राम भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

10 सीताराम पिता शंकरलाल पता सा. खैजरामाफी भूमि स्वामी

भूमि स्वामी

जगन्नाथ पिता नंदलाल पता सा. देह भूमिस्वामी 11

भूमि स्वामी

वीरसीग भवानीसीग पिता लछमन पता सा .देह 12 भमिस्वामी

भूमि स्वामी

जगन्नाथ पिता नंदलाल पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 13

भूमि स्वानी

गोलू नावा पि व वली रूपसिंह पिता सकई पता 14 नि. ग्राम भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

लक्ष्मी बाई पत्नि मदनसींग पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 15

भूमि स्वामी

दलसींग बल्द दरयावसींग पता नि. ग्राम भूमिस्वामी 16

भूमि स्वामी

17 सुमित्राबाई पनि रूपसींग पता नि. ग्राम भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

जितेन्द्रकुमार पिता रूपसींग पता सा. खेजरामाफी भूमि 18स्वामी

भूमि स्वामी

रामकिशन पिता सुखई पता सा. देह भूमिस्वामी 19

भूमि स्वामी

रुपसीग वल्द सुकई पता सा. खैजरामाफी भूमि स्वामी 20

भूमि स्वामी

दलीप पुत्र रामचरन लोधी पता सा. देह राहतगढ 21भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

शीतल पिता रूपसिंह पता नि. ग्राम खैजरामाफी 22 भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

23

गोटीराम पिता शंकरलाल पता सा. खेजरामाफी भूमि स्वामी

भूमि स्वामी

राजकुमार, अखिलेश पिता ब्रजलाल उर्फ मुन्नालाल 24लोधी पता राहतगढ भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

25

श्यामलाल पिता कामता लोधी पता राहतगढ भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

ब्रजलाल पिता कामता लोधी पता राहतगढ 26 भूमिस्वामी

भूमि स्वामी

27

श्यामलाल पिता कामता लोधी पता राहतगढ भूमिस्वामी

[ भाग 1

भूमि स्वामी

0.100

179/2

भूमि स्वामी

1.270

173/1

भूमि स्वामी

0.400

173/2

173/3 +

भूमि स्वामी

0.773 4.137

1.200

173/4

भूमि स्वामी

1.570

173/5

भूमि स्वामी

0.470

173/6

178/1 0.230

0.068

0.172

0.010

178/2

0.310 0.000

0.310

181

0.070

184/1

0.110

0.300

0.340

184/2

0.074 0.166

185 0.240

0.050 0.000

0.050

188/1

0.750 0.750 0.000

188/2

0.690 0.690 0.000

188/3

0.690 0.000

0.690

188/4

0.760 0.000

0.760

193/2

0.402 0.448

0.850

196

0.000

0.900 0.900

196/245

0.930

197/1

0.648

0.682

0.400

197/2

1.361 0.529

198 1.890

0.910

201/1/1

0.910

201/1/2

1.271

1.149

0.300

201/2/1

0,300

201/2/2 3637

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2

1

28

गोवर्धन पिता महराजसींग लोधी पता सागर भूमिस्वामी

बद्री पिता महराजसींग लोधी पता राहतगढ भूमिस्वामी

29

जगतसींग पिता महराज सींग लोधी पता राहतगढ भूमिस्त्रामी

30

थानसींग पिता गुलाब चढार पता राहतगढ भूमिस्वामी 31

करोडी पिता नन्नाई चढार पता राहतगढ भूमिस्वामी 32

33

रगवीर, धनराज, परषोत्तम ,रेवाराम, शिवराज, संदीप , शीला , पिता हरकिशन चढार गोमती बेवा हरकिशन चढार पता सा. राहतगढ भूमिस्वामी

गोटीराम पिता शंकरलाल पता सा. खेजरामाफी भूमि 34स्वामी

गोविन्द पिता गोटीराम लोधी पता खैतरामाफी भूमिस्वामी

35

राजाबाई बेवा मोहनसींग पता खेजरामाफी भूमिस्वामी 36

जगन्नाथ पिता नंदलाल पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी 37

सुमित्रा बाई पत्नि रूपसींग पता सा. देह भूमिस्वामी 38

बैजनाथ पि. दरयाव पता सा. देह भूमि स्वामी 39

रुपसीग वल्द सुकई पता सा . खैजरामाफी भूमि स्वामी 4.0

41

गोलू नावा पि व वली रूपसिह पि सुकई पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी

42

रामकिशन बल्द सुखई पता सा. खैजरामाफी भूमि स्वामी

भावसींग बल्द बैजनाथ पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी 43

निर्भयसिह पिता रूपसिह पता सा. देह भूमिस्वामी 44

मानसींग पि दलसींग पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी 45

कुन्दन सींग बल्द बैजनाथ सींग पता सा. देह भूमिस्वामी 46

गजराजसींग बल्द बैजनाथ निवासी ग्राम भूमि म्वामी 47

9

5

7

8

3

4

भूमि स्वामी

0.800

204/1

भूमि स्वामी

0.850 1.500

204/2 0.800

भूमिस्वामी

204/3 0.750

भूमि स्वामी

205/1 0.290

भूमि स्वामी

0.290

205/2

0.442

0.718

भूमिस्वामी

0.580

205/3

0.200

0.200

182/2

0.00

भूमि स्वामी

0.100 0.100

238/2

0.00

0.210

0.210

182/1

0.00

भूमि स्वामी

0.150 0.150

224/242

भूमि स्वामी

0.00

0.040

0.040

183

भूमि स्वामी

0.00

0.110

189 0.110

भूमिस्वामी

0.00

0.110

0.110

191

भूमिस्वामी

0.00

0.040

0.040

190

भूमिस्वामी

0.00

0.220

0.220

192

भूमि स्वामी

0.00

0.420

0.420

194

भूमि स्वामी

0.00

0.080 0.080

195

भूमिस्वामी

0.00

1.130

1.130

206/1

भूमि स्वामी

0.00

0.600

0.600

भूमिस्वामी 206/2

0.00

0.800

0.800

206/3

भूमि स्वामी

0.00

1.120

1.120

206/4

भूमि स्वामी

0.00

1.130

1.130

0.00

206/5

भूमि स्वामी 3638

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

1

2

48 हरीश पिता दलीप पता सा. राहतगढ भूमिस्वामी शेवप्रसाद हरज्ञान पिस. हल्के पता सा. खैजरामाफी भूमि स्वामी

49

वैजन्तीबाई पत्नि सूरजसीग पता सा. खैजरामाफी भूमि स्वामी

50

कमलेश पिता रामसीग पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी 51

कुन्दन सींग बल्द बैजनाथ सींग पता सा . देह भूमिस्वामी 52

53

दलसीग वल्द दरयावसीग पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी

छोटेलाल पिता रामसीग पता सा . देह भूमि स्वामी 54

हरीराम वल्द मोहनसींग पता सा. खैजरामाफी भूमि स्वामी

55

शिवराजसीग वल्द परषोतम पता सा. खैजरामाफी भूमिस्वामी

56

अशोक वल्द नदकिशोर पता सा. खैजरामाफी भूमि 57स्वामी

सीताराम पिता शंकरलाल पता सा. बेहटा अलीनगर 58भूमिस्वामी

किन्तोबाई लोधी पति राकेश पता खेजरामाफी 59 भूमिस्वामी

[ भाग 1 4

5

7

8

9 3

0.800 0.00

0.800

206/6

भूमि स्वामी

0.060

0.060

207/1

भूमि स्वामी

0.00

0.130 0.130

भूमि स्वामी 211

0.00

0.150 0.150

212/1

भूमि स्वामी

0.00

0.070

0.070

207/2

भूमि स्वामी

0.00

0.260

212/2 0.260

भूमि स्वामी

0.00

0.070

208 0.070

भूमि स्वामी

0.00

0.360 0.360

209/1

भूमि स्वामी

0.00

0.040

0.040

भूमि स्वामी 209/2

0.00

0.110

0.110

210

भूमि स्वामी

0.00

0.800

0.800

214/1

भूमि स्वामी

0.00

0.750

217 0.750

भूमि स्वामी

0.00

0.530

0.530

224/1

भूमि स्वामी

0.00

0.560 0.560

225

भूमि स्वामी

0.00

0.360

226 0.360

भूमि स्वामी

0.00

0.780

0.780

भूमि स्वामी 214/2

0.00

0.400

0.400

214/4

भूमि स्वामी

0.00

1.180

1.180

214/3

भूमि स्वामी

0.00

0.190

0.190

216

भूमि स्वामी

0.00

0.370

0.370

223

भूमि स्वामी

0.00 3639

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

1

2

राकेश वल्दमोहनसिंह पता सा. खैजरामाफी भूमि स्वामी 60

राजेश उर्फ राजेन्द्र सिह बल्द मोहनसीग पता निवासी ग्राम भूमिस्वामी

61

भागचंद पिता ग्याप्रसाद पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी 62

प्रेमसीगपिता शिवलाल पता सा. देह भूमि स्वामी 63

रीनाबाई पत्नि देवेन्द्र लोधी पता खेजरामाफी राहतगढ़ भूमिस्वामी

64

65

बलबंत पिता मुन्ना सुषमा वा बर्षा वा संध्या नाबा पिता मुन्ना बली व खुद मा राजबाई बेबा मुन्ना पता सा. खैजरामाफी भूमि स्वामी

वब्लू उर्फ बलवंत पिता मुन्ना पता निवासी ग्राम भूमि 66 स्वामी

दलीप पुत्र रामचरन लोधी पता सा. देह राहतगढ 67 भूमिस्वामी

राजाबाई बेवा मोहनसींग पता सा . देह भूमिस्वामी 68

सीताराम पिता शंकरलाल पता सा. खैजरामाफी भूमि 69स्वामी

कुल योग

9

5

7

4

8

3

0.720 0.720

218/1

भूमि स्वामी

0.00

0.810

0.810

219

भूमि स्वामी

0.00

1.210

221 1.210

भूमिस्वामी

0.00

0.080

222 0.080

भूमि स्वामी

0.00

0.280 0.280

भूमिस्वामी 228

0.00

1.150 1.150

218/2

भूमि स्वामी

0.00

0.340

0.340

भूमिस्वामी 234

0.00

0.370

0.370

236/1

भूमि स्वामी

0.00

237 0.550 0.550

भूमि स्वामी

0.00

0.400

0.400

227/1

भूमि स्वामी

0.00

0.380

0.380

227/2

भूमि स्वामी

0.00

0.720 0.720

भूमिस्वामी 229

0.00

0.780

0.780

भूमि स्वामी 230

0.00

0.490

0.490

231

भूमिस्वामी

0.00

231/244 0.230 0.230 0.00

भूमि स्वामी

0.190

0.190

236/2

भूमि स्वामी

0.00

0.040

233 0.040

भूमिस्वामी

0.00

0.210

0.210

238/1

भूमि स्वामी

0.00

0.110

0.110

238/3

भूमि स्वामी

0.00

34.351 9.319

88 43.670 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3640

[ भाग 1 राज्य सरकार की अधिकसूचना कमाक एफ 16 -15- (7) 2014- सात शा , 2 ए भोपाल दिनाकः 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनाकः 03.10.2014 के पृष्ठ कमांक -2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकां, कर्मकारों या उसके निर्देशो के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिलें के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधो को कियान्वित करने के लिय प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी भू अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियो का प्रयोग करने के लिये निर्देशत किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक वेतवा पी.आई.यू.क. -2 राहतगढ़ सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवशयक सहयोग प्रदान करेगे

राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15-(7) 2014- सात- शा , 2 ए भोपाल, दिनाकः 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनाकः 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनवार्सन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासन के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी भु- अर्जन शाखा जिला सागर को अधिनियम की धारा 16 द्वारा पुर्नर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेगें । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक, वेतवा पी.आई.यू. क. 2 राहतगढ़ सागर समुचित सहयोग करेंगें एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेगें ।

अधिनियम की धारा 11 (4) के पृष्ठ के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा । या कोई भी संव्यवहार नही होने देगा अर्थात कय विक्रय आदि नही करेगा या ऐसी भूमि पर कोई विल्लंगम सृजित नही करेगा ।

अधिनियम की धारा 15 ( 1 ) के अधीन यथा उपबंधीत इस सूचना के प्रकशन की तारीख से 60 ( साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्याक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष ( कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) राहतगढ़ में )आपेक्ष यदि कोई हो फाईल किए जा सकेगें ।

भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतंगढ़ एवं परियोजना प्रशासक, बेतवा बी.पी.आई.यू. 2 राहतगढ़ सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।

क्र.-1740-82-अ- 82-20-21

मौजा ढेकरी पटवारी हल्का नं. 19 तहसील राहतगढ चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची -1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग परियोजना प्रशासक बेतवा पी.आई.यू क 2 राहतगढ़ , जिला सागर को बीना सिंचाई परियोजना मड़िया बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित की दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियो का विस्थापन आवश्यक हो गया है चूँकि परियोजना प्रशासक, बेतवा पी.आई.यू. क. -2 राहतगढ़ , जिला सागर द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव कमांक J - 12011/ 31/2014- IA- I द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है । अतः अधिनियम की धारा 6 (2 ) के परंतुक पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होगें । भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 6 (2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बावत् जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधो के अधीन अपेक्षित है वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगें । परियोजना के निर्माण से लगभग 296 ग्रामों की लगभग 90,000 हे. भूमि सिचिंत होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाना है ।

बीना सिंचाई परियोजना मडिया बांध

(1) परियोजना का नाम :-

(2) भूमि का विवरण:-

सागर

1. जिला

राहतगढ

2. तहसील

ढेकरी

3. ग्राम

19

4. पटवारी हल्का नं.

1.725

5. अर्जित भूमि का कुल क्षेत्रफल हैं ० में 3641

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

अनुसूची

अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम

खसरा नंबर

शेष रकवा

भूमि का प्रकार

स्वामित्व का प्रकार

स क

क्षेत्रफल कुल रकवा हे ० में

अर्जित भूमि (रकवा हे० में)

6

7

4

8

5

2

3

1

रामस्वरूप पिता करनसीग पता सा. भूमिस्वामी

185/1

0.880

भूमिस्वामी

1

0,280 1.260

भूमिस्वामी

185/2 0.660

2 वटटू पुत्र बलदेव पता सा. देह भूमिस्वामी

भूमिस्वामी

0.330

249/1

0.502

0.018

वालचंद पिता जमनाप्रसाद सूरजबाई पिता हरीसींग 3 रामश्रीबाई वेवा लखनसींग पता नि. राहतगढ भूमिस्वामी

भूमिस्वामी

0.190

249/2

रामश्रीबाई वेवा लखनसींग पता सा. राहतगढ भूमिस्वामी

भूमिस्वामी

0.200 0.00

252

0.200

अजवसीग वलवीर सीग बा. अशोक जवाहर ना.वा. 5 वल्द वली बालचंद पता सा. देह भूमि स्वामी

भूमिस्वामी

0.653

0.047

0.700

253

6

सूरजबाई पिता हरीसींग रामश्रीबाई बेवा लखनसींग पता नि. राहतगढ भूमिस्वामी

भूमिस्वामी

दयाचंद पिता जगन्नाथ पता सा. देह भूमि स्वामी

0.056

0.120

0.064

254/1

7

भूमिस्वामी

0.710

257/1

8 धरमलाल पिताह्रीराम पता सा. देह भूमि स्वामी

0.265 1.205

भूमिस्वामी

0.760

257/2

जयसीग वल्द हरीराम पता सा.देह भूमिस्वामी

9

0.500

भूमिस्वामी 258/1

10 रामस्वरूप पिता करनसीग पता सा. भूमिस्वामी

0.510

भूमिस्वामी 258/2

11 हरज्ञान पिता जमनाप्रसाद पता सा. देह भूमिस्वामी

0.851 0.669

भूमिस्वामी

0.510

258/3

12

खुमानसींग पिता देवीसींग कुसुमवाई पुत्री देवीसींग पता सा. ढेकरी भूमिस्वामी

12

4.345

1.725

6.070

कुल योग

राज्य सरकार की अधिकसूचना कमाक एफ 16-15- (7) 2014- सात शा , 2 ए भोपाल दिनाकः 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनाकः 03.10.2014 के पृष्ठ कमांक -2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकां, कर्मकारों या उसके निर्देशो के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिलें के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधो को कियान्चित करने के लिय प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी भू अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियो का प्रयोग करने के लिये निर्देशत किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक वेतवा पी.आई.यू.क. -2 राहतगढ़ सागर प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवशयक सहयोग प्रदान करेगे

राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ16-15-(7) 2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनाकः 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनाकः 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा ( 1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को. जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनवार्सन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासन के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी भु - अर्जन शाखा जिला सागर को अधिनियम की धारा 16 द्वारा पुर्नव्र्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेगें । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक, वेतवा पी.आई.यू.. क.- 2 राहतगढ़ सागर समुचित सहयोग करेंगें एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेगे । अधिनियम की धारा 11 (4) के पृष्ठ के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई संव्यवहार नही करेगा । या कोई भी संव्यवहार नही होने देगा अर्थात कय विकय आदि नही करेगा या ऐसी भूमि पर कोई विल्लंगम सृजित नही करेगा ।

अधिनियम की धारा 15 ( 1) के अभीन गथा उपबंधीत इस सूचना के प्रकशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्याक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में आपेक्ष यदि कोई हो फाईल किए जा सकेगें ।

भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं परियोजना प्रशासक, बेतवा बी.पी.आई. यू. 2 राहतगढ़ सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

दीपक सिंह , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3642

[ भाग 1

नगरीय विकास एवं आवास विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 19 फरवरी 2021

शुद्धि-पत्र

क्र. एफ-3-06-2021-अठारह - 5.- राज्य शासन एतद्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा -17क (1 ) के अंतर्गत नागदा विकास योजना हेतु मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्र. एफ-3-06-2021 -अठारह-5 भोपाल दिनांक 13 जनवरी 2021 में निम्नानुसार आंशिक संशोधन किया जाता है:-

1. सारणी के सरल क्रमांक (छ) के क्रमांक-1 में ग्राम पंचायत, भाटीसुडा तहसील नागदा के स्थान पर ग्राम पंचायत टकरावदा तहसील नागदा प्रतिस्थापित किया जाता है.

2.

सारणी के सरल क्रमांक (छ) के क्रमांक-3 में ग्राम पंचायत, पारदी तहसील नागदा के स्थान पर ग्राम पंचायत अमलावदिया तहसील नागदा प्रतिस्थापित किया जाता है.

भोपाल, दिनांक 18 फरवरी 2021

क्र. एफ- 3-35-2021- अठारह- 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973) की धारा 23 सहपठित धारा 19 की उपधारा (4) के अधीन एतद्वारा सूचना दी जाती है कि राज्य सरकार द्वारा संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश की सूचना क्रमांक-2915-वि.यो.-496- नग्रानि-2020, भोपाल दिनांक 4 अगस्त 2020 द्वारा प्रकाशित धार विकास योजना 2021 में उपांतरण हेतु सूचना द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार धार निवेश क्षेत्र के लिये विकास योजना 2021 में उपांरण नीचे दी गई अनुसूची के अनुसार मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 19(1 ) में अनुमोदित किया गया है तथा योजना की प्रति का निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण किया जा सकेगा , अर्थात्:-

1. आयुक्त, इन्दौर संभाग इन्दौर मध्यप्रदेश .

2. कलेक्टर, जिला धार मध्यप्रदेश .

3. संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय इन्दौर मध्यप्रदेश.

4. मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद् धार मध्यप्रदेश

अध्याय क्र.

अनुसूची

विकास योजना

की सारणी

विकास योजना में भूमि में उपयोग

विकास योजना (नगर का नाम)

(3)

(1)

(2)

(4)

6 1

धार विकास योजना 2021

सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक

6

कृषि

कॉलम क्र. (5) एवं सारणी कॉलम का सरल क्रमांक

उपांतरण प्रस्ताव कॉलम क्र. (6) में अतिरिक्त प्रस्तावित स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग

(7)

(6)

(5)

4

6-सा-15

सूचना प्रौद्योगिकी* एवं गैर प्रदूषणकारी उद्योग **

7

6-सा-15

सूचना प्रौद्योगिकी * गैर प्रदूषणकारी उद्योग ** कृषि पर्यटन सुविधा *** एवं गोदाम के स्थान पर समस्त प्रकार के भण्डारण जो सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकार्य होंगे .

3643

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

व्याख्या

i *सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है , मध्यप्रदेश शासन द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नीति पत्र में वर्णित उद्योग एवं संस्थायें.

ii **गैर प्रदूषणकारी उद्योग से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मंडल द्वारा सफेद श्रेणी में वर्गीकृत उद्योग .

iii *** कृषि पर्यटन सुविधा से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम-17 (क) में वर्णित अनुसार.

टीप:- उपरोक्त i एवं ii के भूखण्ड हेतु पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर होगी.

विकास योजना में किया गया उपांतरण मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 19 की उपधारा (5 ) के प्रावधान अनुसार राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवर्तित होगा.

भोपाल, दिनांक 22 फरवरी 2021

क्र. एफ-3-36-2021- अठारह-5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम (संशोधित) 1973 (क्रमांक-1 सन् 2012 ) , की धारा 23- "क " की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य सरकार एतद्वारा आयुक्त सह- संचालक नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल की सूचना क्रमांक-5568-टीसी - 15 - उपां-नग्रानि-2020 दिनांक 22 दिसम्बर 2020 द्वारा प्रस्तावित किये गये अनुसार प्रवर्तित अलीराजपुर विकास योजना 2021 में निम्नानुसार उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे एवं शर्तें निम्नानुसार हैं: -

अनुसूची

खसरा क्रमांक

ग्राम

क्र.

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

विकास योजना में निर्दिष्ट भू-उपयोग

उपांतरण पश्चात् प्रस्तावित भू-उपयोग (6)

(4)

(5)

(3)

(1) (2)

1.6190 हेक्टेयर

1

राक्सा

201/2/2/2

मिश्रित एवं 24.00 मीटर चौडा मार्ग

सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक तथा 24.00 मीटर चौड़ा मार्ग

1.6190 हेक्टेयर

योग:-

शर्तें :-

1. उक्त मिश्रित उपयोग परिक्षेत्र में स्वीकृत एवं स्वीकार्य गतिविधियों हेतु आवासीय , वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक उपयोग परिक्षेत्र में उल्लेखित समस्त गतिविधियां मान्य होगी.

2. उक्त मिश्रित गतिविधियों हेतु नियमन, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानुसार लागू होंगे.

3. उपरोक्त उपांतरण अलीराजपुर विकास योजना 2021 का एकीकृत भाग होगा.

[ भाग 1 3644

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भोपाल, दिनांक 18 फरवरी 2021

शुद्धि- पत्र

क्र. एफ- 3-39-2017 - अठारह 5.- एतद्वारा दतिया विकास योजना हेतु मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 17 - क (1 ) के समिति का गठन विभागीय आदेश दिनांक 13 जनवरी 2021 एवं राजपत्र में दिनांक 15 जनवरी 2021 को प्रकाशित हुई है जिसमें प्रथम कंडिका त्रुटिवश निम्नानुसार उल्लेखित की गई है:-

मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 17 क(1 ) के अंतर्गत दतिया विकास योजना 2021 हेतु मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक एफ-3-39-2017- अठारह-5, दिनांक 18 मई 2017 को निरस्त करते हुए दतिया विकास योजना 2035 हेतु निम्नानुसार समिति का पुनर्गठन किया जाता है. यह समिति अधिनियम की धारा 17 - क (2) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी.

(2) उपरोक्त कंडिका को त्रुटि सुधार उपरांत निम्नानुसार पढ़ा जावे: एतद्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 17 क (1 ) के अंतर्गत दतिया विकास योजना 2031 हेतु मध्यप्रदेश शासन , नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक एफ-3-39-2017-अठारह-5, दिनांक 18 मई 2017 को निरस्त करते हुए दतिया विकास योजना पुनर्विलोकन एवं संशोधन हेतु निम्नानुसार समिति का पुनर्गठन किया जाता है. यह समिति अधिनियम की धारा 17- क (2) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शुभाशीष बैनर्जी, उपसचिव .

राजस्व विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 22 फरवरी 2021

क्र. एफ-12-01-2019- सात - शाखा- 2.- मध्यप्रदेश कृषि खातों की अधिकतम सीमा अधिनियम, 1960 (क्रमांक 20 सन् 1960) की धारा 2 के खण्ड (ड.) के उपखण्ड (तीन ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 6 दिसम्बर 2019 जो कि मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 दिसम्बर 2019 को प्रकाशित की गयी थी, को अतिष्ठित करते हुए , राज्य सरकार, एतद्वारा , आयुक्त, भू-अभिलेख , मध्यप्रदेश या उनके द्वारा प्राधिकृत अपर आयुक्त, भू-अभिलेख, मध्यप्रदेश को उन धारकों के संबंध में, जिनकी भूमि विभिन्न संभागों के एक से अधिक जिलों में स्थित हैं, उक्त अधिनियम के प्रयोजन के लिये सक्षम प्राधिकारी के रूप में नियुक्त करती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मुजीबुर्रहमान खान , उपसचिव.

भोपाल , दिनांक 22 फरवरी 2021

क्र. एफ-12-01-2019-सात- शाखा-2.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड (3) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ. 12-01-2019- सात-शा.2 , दिनांक 22 फरवरी 2021 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मुजीबुर्रहमान खान , उपसचिव, 3645

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

Bhopal , the 22nd February 2021

No. F 12-01-2019 -VII - Sec . - 2.- In exercise of the powers conferred by sub - clause ( iii ) of clause (e) of Section 2 of the Madhya Pradesh Ceiling on Agricultural Holdings Act , 1960 ( No. 20 of 1960) and in supersession of this department's even numbered notification dated 6th December , 2019 Pub- lished in the Madhya Pradesh Rajpatra , dated 6th December, 2019 , the State Government , in respect of holders whose land is situated in more than one district of different divisions hereby appoints the Commissioner Land Record , Madhya Pradesh or an Additional Commissioner Land Record , Madhya Pradesh authorised by the Commissioner Land Record , Madhya Pradesh to be the competent author- ity for the purposes of the said Act .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , MUJEEBUR REHMAN KHAN, Dy. Secy.

कार्यालय , कलेक्टर , जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन ,

राजस्व विभाग

भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक -30 सन्

2013) की धारा 11 (1 ) के अंतर्गत

खण्डवा, दिनांक 15 फरवरी 2021

क्र. 0013-भू- अर्जन- 2021.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनसूची (1 ) के खाने 1 से 4 में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने 6 में उसके सम्मुख दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 की धारा-11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार अनुसूची (2 ) में दर्शित भूमि के ब्यौरों से संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है, कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची (1 ) के खाने 5 में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा-12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है.

प्रस्तावित जावर माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत आर.डी. 12.83 कि.मी. पर पंपहाऊस नंबर-02 के निर्माण एवं उस पर आवागमन के लिये पहुंच मार्ग के निर्माण तथा उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु परियोजना की प्रकृति लोकहित के अंतर्गत सार्वजनिक प्रयोजन की होने से अधिनियम के अध्याय -2 (अ ) की धारा-4- सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन एवं अन्य उपबंधों से छूट प्रदान की गयी है, जिसका प्रकाशन पृथक से किया गया है . इस कारण धारा -11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिर्पोट के प्रकाशन की आवश्यकता नहीं है.

अनुसूची

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

नगर/ग्राम

धारा-12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)

(3)

लगभग क्षेत्रफल

(हेक्टर में)

(4)

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (6) (1)

(2)

जावर

1.047 हे.

खण्डवा

खण्डवा

कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25, नर्मदानगर, जिला खंडवा

जावर माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत आर.डी. 12.83 कि.मी. पर पम्पहाऊस नम्बर-02 के निर्माण एवं उस पर आवागमन के लिये पहुंच मार्ग के निर्माण तथा उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु 3646

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[ भाग 1 नोट:- भूमि का नक्शा (प्लान) अनुविभागीय अधिकारी , (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, खंडवा एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदानगर, जिला- खण्डवा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 0013-भू-अर्जन-2021. कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25, नर्मदानगर, जिला खण्डवा द्वारा " जावर माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत आर.डी. 12.83 कि.मी. पर पम्पहाऊस नंबर-02 के निर्माण एवं उस पर आवागमन के लिये पहुंच मार्ग के निर्माण तथा उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु "अधिग्रहित अथवा उपयोग की जाने वाली भूमि के संबंध में "भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013) " के अध्याय 2 (अ) की धारा -4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया है.

उक्त प्रस्ताव का अध्ययन करने के पश्चात् प्रस्तावित परियोजना पूर्णतः लोकहित से संबंधित होने के कारण मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के ज्ञाप क्र. एफ16-15 (1)-2014- सात-2 ए , दिनांक 29 सितम्बर 2014 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, अनय द्विवेदी, कलेक्टर जिला - खण्डवा एवं समुचित सरकार मध्यप्रदेश शासन, विधि एवं विधायी कार्य मंत्रालय , भारत शासन के संशोधित अध्यादेश क्र.-09-2014 के बिन्दु-10 - ए अनुसार लोकहित को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तावित लोक परियोजना के निम्नांकित क्षेत्र को अधिनियम के अध्याय-2 (अ) की धारा -4 में वर्णित सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करता हूं:-

सार्वजनिक प्रयोजन जिला

ग्राम का नाम

अ.क्र .

तहसील

प.ह.न.

प्रस्तावित अनुमानित क्षेत्रफल (हे. मे)

(7)

(6)

(3)

(4)

(5)

(1)

(2)

57

1.047

खण्डवा

जावर

खण्डवा

1

जावर माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत आर.डी. 12.83 कि.मी. पर पम्पहाऊस नम्बर-02 के निर्माण एवं उस पर आवागमन के लिये पहुंच मार्ग के निर्माण तथा उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु नोट :- 1. उपरोक्त प्रस्तावित भूमि के क्षेत्रफल में कमी अथवा वृद्धि संभावित है.

2. उक्त भूमि का नक्शा (प्लान) अनुविभागीय अधिकारी , (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , खंडवा एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-25 , नर्मदानगर, जिला - खण्डवा के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अनय द्विवेदी , कलेक्टर एवं समुचित सरकार.

3647

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

सीहोर, दिनांक 30 जनवरी 2021

प्र. क्र. 04- अ- 82-2018-2019 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

जिला तहसील

धारा 12 हेतु प्राधिकृत अधिकारी

(6) (2)

लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टयर में) (4)

कान्याखेडी मध्यम सिंचाई परियोजना (1) सीहोर

जावर

(3) फूडरा

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , संभाग सीहोर.

296.30 एकड़ 119.912 हेक्टयर

के निर्माण हेतु भू-अर्जन.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है .

उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 60 दिवस के भीतर कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी तहसील, आष्टा में आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे. ( 3 )

प्र. क्र. 01 - अ- 82-2018-2019 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन नगर/ग्राम

जिला तहसील

धारा 12 हेतु प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (एकड़ हेक्टयर में)

(6)

(4)

(1)

सीहोर

(2) जावर

(3) केशोपुर

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , संभाग सीहोर.

185.10 एकड़ 74.909 हेक्टयर

कान्याखेडी मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु भू- अर्जन.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी , आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता हैं.

(3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 60 दिवस के भीतर कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी तहसील, आष्टा में आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे .

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3648

प्र. क्र. 02 - अ- 82-2018-2019.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला तहसील नगर/ग्राम

धारा 12 हेतु प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (एकड़/हेक्टयर में )

(4)

(1)

(3) डोडी

(2) सीहोर जावर

(5) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग , संभाग सीहोर.

15.09 एकड़ 6.106 हेक्टयर

(6) कान्याखेडी मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु भू-अर्जन.

( 2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी/ भू-अर्जन अधिकारी, आष्टा के कार्यालय में किया जा सकता है.

(3 ) उपरोक्त के संबंध में किसी भी व्यक्ति को यदि कोई आपत्ति हो तो वह 60 दिवस के भीतर कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी तहसील, आष्टा में आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजय गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

3649

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दतिया, दिनांक 24 दिसम्बर 2020

प्र. क्र. 1 - अ- 82-2020-21 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिकं प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 , की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दतिया

(ख ) तहसील- सेवढ़ा

(ग ) ग्राम- मरसैनी खुर्द

(घ) क्षेत्रफल-4.230 हेक्टेयर.

सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टे. में)

(2)

(1)

0.660

2

0.080

3

4

0.030

5

0.030

6

0.050

0.160

7

0.200

8

1.710

9

10

0.200

12

0.040

0.710

13

0.360

15

योग 4.230

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है-माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के डूब क्षेत्र हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी अनुभाग सेवढ़ा , जिला दतिया मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 4- अ- 82-2020-21 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 , की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि कावर्णन-

(क) जिला- दतिया

(ख ) तहसील- सेवढ़ा

(ग) ग्राम-विसौर

(घ) क्षेत्रफल-11.170 हेक्टेयर .

सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टे. में)

(2)

(1)

1

0.030

0.030

2

3

0.030

0.030

4

0.650

8

0.770

9

0.270

10

11

0.880

12

0.250

13

0.030

14

1.280

15

1.290

16

0.410

17

0.880

18

0.310

19

0.070

1.500

20

21

0.200

22

0.250

0.960

23

24

1.050

योग 11.170 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3650

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है-माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के डूब क्षेत्र हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी अनुभाग सेवढ़ा , जिला दतिया मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 5 - अ-82-2020-21.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 , की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दतिया

(ख) तहसील- सेवढ़ा

(ग) ग्राम-धोरीं

(घ) क्षेत्रफल-7.550 हेक्टेयर.

सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टे. में )

(1)

(2)

0.220

2

4

0.660

0.670

5

5.270

7

0.430

9

0.300

11

योग.... 7.550

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के डूब क्षेत्र हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी अनुभाग सेवढ़ा, जिला दतिया मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 06 - अ- 82-2020-21. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 , की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दतिया

(ख ) तहसील- सेवढ़ा

(ग) ग्राम- मरसैनीबुर्जुग

(घ) क्षेत्रफल-40.590 हेक्टेयर.

सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टे. में)

(1)

(2) 0.280

1

0.190

3

5

0.280

0.900

49

0.470

51

0.310

53

54

0.470

0.470

55/1

55/2

0.480

0.250

62

0.550

63

0.230

64

0.390

65

0.460

66

68

0.460

67

0.970

0.280

73

0.150

74

0.340

75

0.500

76/2

76/4

0.500

0.500

76/5

0.600

76/6

0.500

76/7

76/8

0.290

77/1

0.350

77/2

0.350

80

0.160

0.160

81 3651

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

(2) (1)

0.130 82

0.130 83

0.130 84

85

0.330

0.050 86

87

0.160

0.150 88

92

0.040

0.060 93

0.060 94

95

0.110 96

0.260

0.210 97

0.070 98

0.160 99

100/1

0.040

0.050 100/2

0.050 100/3

0.140 101

0.600 102

104

0.050

0.060 105

0.060 106

0.040 107

0.210 108

0.370 109

0.090 110

111

0.090 112

0.090

0.090 113

0.340 114

115

0.110 116

0.100 117

0.050

0.050 118

119

0.050 122

0.150

0.080 123

0.080 124

0.070 125

126

0.330

0.070 127

0.160 128

(2)

(1)

132/1

0.040

0.040

132/2

132/3

0.040

0.310

133

134

0.400

0.410

135

136

0.350

138

0.150

0.060

139

140

0.240

141

0.370

142

0.160

143

0.210

0.030

144

0.120

145

146

0.110

0.060

147

0.050

148

0.340

149

150

0.020

0.070

151/1

0.070

151/2

151/3

0.070

0.270

152

1.480

153

156

1.420

0.090

157

0.800

158

0.020

159.

0.080

161

0.300

163/2

0.050

164

0.320

165

166

0.290

0.300

168/1

168/2

0.400

0.180

168/3

0.270

169

171

0.240

172

0.120

0.120

173

174

0.160

0.070

176 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3652

(2) (1)

0.320 177

0.420 178

0.240 179

0.210 180

0.220 181/1

0.210 181/2

0.210 181/3

182

0.110 183

0.110

0.090 184

185

0.090

0.210 186

0.100 187

0.040 188

0.070 189

0.060 190

0.050 191

0.090 192/1

0.180 192/2

0.210 193

0.120 194/1

0.120 194/2

0.380 195

0.110 197/1

0.220 197/2

0.300 198

0.310 200

0.400 201

203

1.130

0.530 204

0.080 207/1

207/2

0.350

0.500 207/3

0.250 207/4

0.760 208

0.600 209/1

0.160 209/2

0.260 210

0.480 212/1

0.460 212/2

0.810 215

0.760 219

योग 40.590 (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के डूब क्षेत्र हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी अनुभाग सेवढ़ा, जिला दतिया मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 3- अ - 82-2020-21 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 , की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दतिया

(ख) तहसील- सेवढ़ा

(ग ) ग्राम- डिरौलीडांग

(घ) क्षेत्रफल-11.790 हेक्टेयर.

सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टे. में)

(2)

(1)

0.810

2

1.290

6

2.920

8

0.490

9

17

1.380

19

0.460

21

0.480

0.130

22

0.120

23

0.880

27

0.970

28

0.580

30

0.170

38/2

0.320

40/2

0.365

40/3

0.365

40/4

0.060

50/2

योग 11.790 3653

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के डूब क्षेत्र हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी अनुभाग सेवढ़ा, जिला दतिया मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 4- अ - 82-2019-20.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 , की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दतिया

(ख ) तहसील- सेवढ़ा

(ग) ग्राम- मडिखेडा

(घ ) क्षेत्रफल-44.510 हेक्टेयर .

रकबा

सर्वे नंबर

(हेक्टे. में )

(2)

(1)

2

1.440

3/1

0.180

3/2

0.350

0.160

3/3

4

0.760

5

0.270

7

0.080

0.110

8

9

0.550

0.510

10

0.770

11

12

0.340

0.230

13

14

0.710

0.350

15

16

0.120

17

0.300

19

0.030

0.030

20

(1)

(2)

21

0.510

22

0.100

0.510

23

0.040

24

25

0.050

0.050

28

29

0.450

0.260

31

33

0.550

0.440

34

0.650

35

36

0.230

39

0.520

0.080

40

41/1

0.310

0.040

41/2

42

0.300

0.120

43

44

0.140

46

0.120

47

0.040

0.900

50

51

0.580

53/2

0.600

0.840

54

57

0.320

0.810

58

60

0.580

62

2.030

0.780

63

67

0.120

69

0.330

0.270

71

0.440

72

74

0.240

75

0.770

76

0.500

0.830

77

78

0.590

81

0.340

2.410

83

84

0.360

86

0.980 3654

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

(2)

(1)

0.900

87

0.380

88

1.150

89

0.480

91

0.420

93

0.370

94

0.160

95

0.570

96

98

1.360

100

0.690

0.870

101

0.150

102

103

1.210

0.140

104

110

1.900

1.400

112

0.220

113

0.350

114

0.380

119

123

0.100

124

0.170

0.490

125

0.520

126

0.130

128

0.160

129

0.180

130

0.310

131

0.200

132

133

0.340

0.390

134

योग 44.510

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के डूब क्षेत्र हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी अनुभाग सेवढ़ा जिला दतिया मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 5 - अ- 82-2019-20.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 , की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दतिया

(ख) तहसील- सेवढ़ा

(ग ) ग्राम- नानट

(घ ) क्षेत्रफल-55.350 हेक्टेयर .

सर्वे नंबर

रकबा

(हेक्टे. में)

(1)

(2)

0.120

44/2

46

0.360

0.600

47

0.130

48

0.360

62

0.420

64

0.820

65

0.780

66

67

0.650

68

0.100

75

0.300

76

0.170

0.190

77

80

0.230

0.610

81

1.800

82

86

0.850

0.210

89

0.560

91

100

0.030

0.270

111

112

0.350

117/1

0.320

117/2

0.160

1.280

127

0.150

128

0.430

150 min 1

1.290

150/2

0.670

151/1

151/2

0.670

151/3

0.140 भाग 1 ]

3655

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

(2) (1)

0.240 153

156

0.240

0.040 157

0.380 158

0.280 160

0.070 161

0.320 162

0.230 163

0.030 164/1

0.040 164/2

0.040 164/3

0.040 165/4

0.030 165/5

0.260 166

167

0.100 169

0.910 170

0.650 179

0.390 180

0.640

0.360 181

183

0.060

0.620 184

0.520 185

186

0.320 187

0.340

0.340 188

0.200 189

0.110 190

0.450 191

0.520 192

0.520 193

0.640 194

1.620 195

0.420 196/368

197

0.450

0.720 198

199

0.500 201

0.380 202

0.050

0.080 203

0.080 204

206

0.720 207

0.110

0.320 208

(1)

(2)

209

0.220

210

0.200

0.220

212

214

0.410

215

0.250

0.670

216

217

0.370

218

0.370

219

0.370

220

0.820

221

0.350

222

1.180

0.040

223

0.070

225

0.350

227

0.420

228

230

0.150

233

0.350

0.570

234

0.260

235

238

0.500

239

0.600

0.080

240

242

0.590

243

0.300

244

0.090

0.460

245

0.790

246

250/1

0.230

0.540

252

253

0.290

0.580

254

255

0.020

0.340

256

257

0.170

258

0.160

259

0.150

0.100

260

0.180

261

0.340

262

267

0.030

268

0.010

282

0.050

210/367

0.190 3656

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

(2)

(1)

0.340

276

0.090

278

0.120

283

0.040

285

0.070

286

0.100

288

0.030

292

0.420

311

0.250

312

0.020

313

0.130

314

0.450

315

320

0.420

0.050

321

0.060

322

3.000

323/2

3.000

323/3

361

0.210

265

0.600

0.890

232

0.230

316

55.350

योग .

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के डूब क्षेत्र हेतु.

(3) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी अनुभाग सेवढ़ा , जिला दतिया मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है .

प्र. क्र. 2 - अ -82-2019-20.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यक है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 , की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- दतिया

(ख ) तहसील- सेवढ़ा

(ग) ग्राम-डोंगरपुर

(घ) क्षेत्रफल-8.210 हेक्टेयर .

सर्वे नंबर

रकबा (हेक्टे. में)

(2)

(1)

1.920

170

172

0.240

0.250

173

2.260

174/ min- 1

2.000

174/ min - 2

174/ min -3

1.000

0.010

206

207

0.100

0.120

226

228

0.180

0.040

230

0.090

231

8.210

योग

( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण के डूब क्षेत्र हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी अनुभाग सेवढ़ा जिला दतिया मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव, कार्यालय , कलेक्टर, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 18 जनवरी 2021

पत्र क्र. 29 - भू-अर्जन-2021 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची सारणी के कालम ( 1 ) में वर्णित भूमि, अनुसूची की सारणी के कालम ( 2 ) में उल्लेखित भूमि के रकबे का सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 उपधारा (4) के अन्तर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि निजी शासकीय भूमि की आवश्यकता लोक प्रयोजन के लिये है. चूंकि अल्हवा लासा मार्ग का कार्य चल रहा है , जिसके लिए भूमि ( रकवा ) अधिग्रहित किया जाना है. इस कारण अधिनियम के उपधारा ( 2 ) के तहत 3657

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा (म. प्र. )

(ख) तहसील- हनुमना

(ग) नगर/ग्राम- लासा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.718 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (2)

(1)

110

0.010

0.008

112

0.162

113

0.004

120

121

0.105

0.022

122

0.006

123/1

0.006

123/1/1

0.002

123/1/2

0.006

123/2

0.012

123/3

0.016

123/4

123/5

0.017

0.004

123/6

0.020

125

0.002

183/1

0.012

183/2

0.016

184/1

0.004

184/2

0.028

185/1

0.024

185/2

0.004

186

0.022

188

0.008

199

0.065

200/1

200/2

0.016

206/1

0.073

0.057

207

0.047

208

0.105

211

0.093

214/1ख

0.040

215/ 1 ख

0.041

215/2

(2)

(1)

0.012

215/3

0.045

217

0.077

218/1ख

0.056

518/1

0.113

518/2

0.002

620

0.042

521/1

0.043

521/1/1

521/3

0.214

528/1 क

0.029

0.028

528/ 1ख

0.028

528/1 ग

528/2क

0.104

0.016

634/ 1क/ 1

0.020

634/1 क/2

0.010

634/1क/3

0.024

634/1ख

0.093

634/2

0.038

621/3

0.080

621/4

0.030

621/5क

621/5ख

0.031

0.028

622/1

0.028

622/2

0.029

622/3

0.030

629/1 क

0.030

629/1ख

0.060

629/2

0.060

629/3

0.008

630/3

0.036

630/5

0.060

633

0.048

635/1

0.008

124/4ख

0.016

180/3

2.718

कुल योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- अल्हवा लासा मार्ग के उन्नयन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , लो.नि.वि. भ/स संभाग क्र. 1 , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .

3658

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

पत्र क्र. 30 - भू-अर्जन-2021 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची सारणी के कालम ( 1 ) में वर्णित भूमि, अनुसूची की सारणी के कालम ( 2 ) में उल्लेखित भूमि के रकबे का सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 उपधारा (4 ) के अन्तर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि की आवश्यकता लोक प्रयोजन के लिये है. चूंकि अल्हवा लासा मार्ग का कार्य चल रहा है , जिसके लिए भूमि ( रकबा ) अधिग्रहित किया जाना है. इस कारण अधिनियम के उपधारा ( 2 ) के तहत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा (म. प्र. )

(ख ) तहसील- हनुमना

(ग) नगर/ग्राम- माड़ो पांचो

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.372 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

0.168

1/1/3

0.168

2, 3

4/1

0.036

0.372

कुल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- अल्हवा लासा मार्ग के उन्नयन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , लो.नि.वि. भ/स संभाग क्र. 1 , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

पत्र क्र. 31 - भू-अर्जन-2021 . - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची सारणी के कालम ( 1 ) में वर्णित भूमि, अनुसूची की सारणी के कालम ( 2 ) में उल्लेखित भूमि के रकबे का सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 उपधारा (4 ) के अन्तर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि की आवश्यकता लोक प्रयोजन के लिये है. चूंकि अल्हवा लासा मार्ग का कार्य चल रहा है , जिसके लिए भूमि ( रकबा ) अधिग्रहित किया जाना है . इस कारण अधिनियम के उपधारा ( 2 ) के तहत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा (म. प्र. )

(ख) तहसील- हनुमना

(ग ) नगर/ ग्राम- अल्हवा खुर्द

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.074 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

0.081

291/1 क

0.081

291/1 ग

0.016

291/2

292/1

0.172

241/1

0.139

241/2

0.139

0.053

240

0.093

242/1

0.057

243/1

251/1

0.028

251/2

0.023

253/2

0.061

0.049

254

276/1/क

0.039

0.038

276/ 1 /ख

1.074

कुल योग

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- अल्हवा लासा मार्ग के उन्नयन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. भ/स संभाग क्र. 1 , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

पत्र क्र. 32 - भू- अर्जन-2021. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची सारणी के कालम (1 ) में वर्णित भूमि, अनुसूची की सारणी के कालम ( 2 ) में उल्लेखित भूमि के रकबे का सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 उपधारा ( 4 ) के अन्तर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि की आवश्यकता लोक प्रयोजन के लिये है. चूंकि अल्हवा लासा 3659

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

मार्ग का कार्य चल रहा है , जिसके लिए भूमि ( रकबा ) अधिग्रहित किया जाना है . इस कारण अधिनियम के उपधारा ( 2 ) के तहत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा ( म. प्र. )

(ख) तहसील- हनुमना

(ग) नगर/ग्राम- फुलझरिया

(घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.446 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

0.110

140 , 139

138

0.072

0.052

137

0.125

136

0.077

30

0.024

130

129

0.024

127

0.019

125

0.014

0.007

124

0.025

123

122

0.089

0.003

166

167

0.060

0.046

119

100

0.116

0.006

118

117

0.014

0.019

71

0.004

69

0.014

68

66

0.022

118/176

0.498

70/2

0.004

67

0.002 कुल योग . 1.446

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- अल्हवा लासा मार्ग के उन्नयन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. भ/स संभाग क्र. 1 , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

पत्र क्र. 33 - भू-अर्जन-2021 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची सारणी के कालम (1 ) में वर्णित भूमि, अनुसूची की सारणी के कालम ( 2 ) में उल्लेखित भूमि के रकबे का सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 उपधारा (4 ) के अन्तर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि की आवश्यकता लोक प्रयोजन के लिये है . चूंकि अल्हवा लासा मार्ग का कार्य चल रहा है , जिसके लिए भूमि ( रकबा ) अधिग्रहित किया जाना है. इस कारण अधिनियम के उपधारा (2 ) के तहत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा (म. प्र. )

(ख ) तहसील- हनुमना

(ग) नगर/ग्राम- माड़ौ दादर

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.311 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(1)

(2)

7/2

0.036

7/3

0.036

8/4

0.081

8/2

0.028

0.020

8/3

8/1ख

0.016

8/1क/1

0.016

0.085

34

37

0.112

0.057

38

0.024

39/1

0.024

39/3

40

0.049

41

0.049

0.012

42/1

42/2क

0.012

0.024

43

0.018

56/3

56/1

0.018

57/2

0.036

0.073

62 3660

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

(1)

(2)

65/1

0.085

66

0.049

67/1

0.049

68/1

0.073

70/1

0.020

70/2क

0.020

0.056

84/1

83/1

0.028

85

0.040

0.036

86/1

90

0.065

74/3

0.004

कुल योग 1.311

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- अल्हवा लासा मार्ग के उन्नयन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. भ/स संभाग क्र. 1 , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

पत्र क्र. 34- भू-अर्जन-2021 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची सारणी के कालम ( 1 ) में वर्णित भूमि, अनुसूची की सारणी के कालम ( 2 ) में उल्लेखित भूमि के रकबे का सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 उपधारा

[ भाग 1 (4 ) के अन्तर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि निजी/शासकीय भूमि की आवश्यकता लोक प्रयोजन के लिये है . चूंकि अल्हवा लासा मार्ग का कार्य चल रहा है , जिसके लिए भूमि ( रकवा ) अधिग्रहित किया जाना है. इस कारण अधिनियम के उपधारा ( 2 ) के तहत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- रीवा ( म. प्र. )

(ख ) तहसील- हनुमना

(ग) नगर/ ग्राम-अल्हवा कला

( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.331 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(2)

(1)

136

0.013

145/1क

0.024

145/1ख

0.028

146/1

0.020

146/2

0.020

147

0.109 0.331

कुल योग

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- अल्हवा लासा मार्ग के उन्नयन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. भ/स संभाग क्र. 1 , रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

रीवा, दिनांक 25 जनवरी 2021

पत्र क्र. 56 - भू-अर्जन-2020.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची सारणी के कालम ( 1 ) में वर्णित भूमि, अनुसूची की सारणी के कालम ( 2 ) में उल्लेखित भूमि के रकबे का सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 4 ) के अंतर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है निजी भूमि की आवश्यकता लोक प्रयोजन के लिए है.

चूंकि ग्राम टिकुरी राजस्व निरीक्षक मण्डल बनकुइयाँ जिला रीवा, इनटेक वेल टिकुरी के लिए पहुँच मार्ग एवं विद्युत सबस्टेशन के कार्य पूर्ण करने हेतु. इस कारण अधिनियम के उपधारा ( 2 ) के तहत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा (म . प्र. )

( ख) तहसील- हुजूर 3661

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

(ग) नगर/ग्राम-टिकुरी

लगभग क्षेत्रफल-0.160 हेक्टेयर निजी भूमि (घ)

पूर्व में प्रकाशित

खसरा एवं रकबा का विवरण

खसरा क्रमांक

(1)

अर्जन किये जाने हेतु रकबा (हेक्टेयर में ) (2)

0.005

272/1/1

0.005

272/1/2

272/1/3

0.019

0.005

272/1/4

272/2

0.120

0.074

272/3

0.228

कुल योग

( 2 )

संशोधित

खसरा एवं रकबा का विवरण

खसरा क्रमांक

अर्जन किये जाने हेतु रकबा ( हेक्टेयर में ) (1)

(2)

272/1/1

0.010

272/1/2

0.010

272/1/3

0.010

0.010

272/1/4

272/2

0.040

272/3

0.080

कुल योग 0.160

सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- इनटेक वेल के लिए पहुँच मार्ग एवं विद्युत सबस्टेशन निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा एवं प्लान कलेक्टर कार्यालय जिला रीवा एवं लोक स्वा. याँत्रिकी विभाग खण्ड रीवा के कार्यालय में देखा जासकता है.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग उमरिया, दिनांक 23 जनवरी 2021

क्र. 270- भू-अर्जन- 2020-21 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि नीचे दी गई अनुसूची के कालम ( 1 ) में वर्णित भूमि के कालम ( 2 ) में वर्णित रकबा की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वास और पुन्वर्यस्थापना में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन को इसके द्वारा अनुसूची के कालम ( 1 ) में वर्णित भूमि अनुसूची के कालम ( 2 ) में उल्लेखित भूमि के रकबे की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का विवरण-

(क) जिला- उमरिया

(ख ) तहसील- नौराजाबाद

(ग) ग्राम-मछेहा

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.383 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

रकबा (हेक्टे. में)

(2)

(1)

104/1 /ग/ 1

0.135

104/1 /ख

0.093

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, इलैयाराजा टी. , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

(2)

(1)

78

0.120

0.345

102/5

102/6

0.090

86/1

0.067

0.028

104/6/क

84/4

0.90

0.127

84/5

0.120

53/2

0.028

104/2

0.028

104/3

0.028

104/1 /ग/ 2

0.028

104/4

0.028

104/6/ख/ 1

104/6/ख/2

0.028

योग .. 1.383

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए भूमि की आवश्यकता है- उमरिया जिले के सुन्दरदादर - मछेहा मार्ग पर जोहिला नदी पुल एवं पहुँच मार्ग निर्माण कार्य हेतु.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजीव श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3662

विभाग प्रमुखों के आदेश

संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश , मध्यप्रदेश , भोपाल

"कचनार " , ई-5 , पर्यावरण परिसर, अरेरा कालोनी , हबीबगंज पुलिस थाना के पास, भोपाल-462 016

भोपाल , दिनांक 24 फरवरी , 2021 क्रमांक-1250- अमृत- वि.यो. -23-विदिशा/नग्रानि-2021

एतद्वारा यह सूचना दी जाती है कि विदिशा निवेश क्षेत्र के लिए विकास योजना का प्रारूप मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 18 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार निम्नानुसार प्रकाशित किया गया है , इसकी एक प्रति संचालनालय की वेबसाइट- http://www.mptownplan.gov.in/Lu-panel/Vidisha/Vidisha 2035.pdf पर तथा कार्यालयीन समय में निम्नलिखित कार्यालयों में निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं-

1. आयुक्त, भोपाल संभाग , भोपाल.

2. कलेक्टर, जिला विदिशा

3. मुख्य नगर पालिका अधिकारी , नगर पालिका परिषद, विदिशा

4. सहायक संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , जिला कार्यालय विदिशा, मध्यप्रदेश

यदि कोई आपत्ति या सुझाव प्रारूप सिंगरौली विकास योजना के संबंध में हों , उसे लिखित रूप में उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय, सिंगरौली या ई- मेल आईडी [email protected] में इस सूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से 30 दिन की अवधि का अवसान होने के पूर्व, सम्यक विचार हेतु प्रस्तुत किया जा सकता है.

अजीत कुमार , आयुक्त-सह-संचालक.

Bhopal, the 24th February 2021 No - 1250-Amrut- D.P. - 23 - Vidisha- TCP- 2021

NOTICE

Noticeis hereby given that the Vidisha Development Plan , 2035 for Vidisha Planning area has been published as under in accordance with the provisions of sub -section [ 1] of Section 18 of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam , 1973 ( No.23 of 1973 ) , a copy thereof is available for inspection on Directorate's website http://mptownplan.gov.in/LU-panel/Vidisha/vidisha2035.pdf following offices during office hours namely - and at

1- Commissioner, Bhopal Division , Bhopal

2- Collector, District- Vidisha

3- ChiefMunicipal Officer, Nagar Palika Parishad, Vidisha

4- Assistant Director, Town and Country Planning, District office, Vidisha

If there be any objection or suggestion with respect to the said Vidisha Draft Plan , the same may be submitted in writing to the Assistant Director, Town and Country Planning , Vidisha or mail on Email- id- [email protected] before the expiry of thirty days from the dateof publication of this notice in the Madhya Pradesh Gazette for due consideration .

AJEET KUMAR, Commissioner- cum -Director.

3663

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

अमृत

A

WolWission for and than transformat

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारुप)

--

ToGairatgang

संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश आदेश से, हस्ता./ [भाग 1 3664

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

प्रस्तावना

पुरातत्वीय एवं ऐतिहासिक दृष्टि से विदिशा नगर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय नगर है । जिले की पुरातत्वीय संपदा विदिशा के प्राचीन गौरव की साक्षी है । यह स्थान न केवल प्रागैतिहासिक काल में, अपितु परावर्ती ऐतिहासिक काल में भी महत्वपूर्ण रहा है । विदिशा नगर प्रारंभ से ही बैस एवं बेतवा नदियों के मध्य बसा है । विदिशा मध्य रेल्वे के मुम्बई- दिल्ली रेलमार्ग पर भोपाल- बीना जंक्शन के मध्य एक महत्वपूर्ण उभरता हुआ व्यवसायिक एवं औद्योगिक नगर है ।

नगर के सुनियोजित एवं समन्वित विकास के लिये विदिशा निवेश क्षेत्र की प्रथम विकास योजना वर्ष 2003 में प्रभावशील की गई थी । नगर की प्रथम विकास योजना वर्ष 2011 की अनुमानित जनसंख्या 2.00 लाख के आधार पर तैयार की गई थी, जिसका पुनर्विलोकन कर विकास योजना वर्ष 2031 की अनुमानित जनसंख्या 3.00 लाख के आधार पर तैयार की गई , जिसे म.प्र आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 3-33-2012-32 दिनांक 02.02.2018 के द्वारा अंगीकृत की जाकर सूचना के राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 13.06.2018 से प्रभावशील किया गया ।

विदिशा नगर भारत सरकार की अमृत योजना में चयनित 34 नगरों मे से मध्यम श्रेणी का प्रमख नगर है । अमृत योजना अंतर्गत चयनित नगरों की विकास योजना जी.आई.एस. आधार पर तैयार किये जाने का लक्ष्य है । इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु विदिशा नगर के सर्वांगीण विकास को दृष्टिगत रखते हुए सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार की अमृत योजना के अंतर्गत विदिशा विकास योजना 2035 प्रारूप तैयार किया गया है ।

प्रारूप प्रकाशन हेतु योजना काल वर्ष 2035 रखा गया है । योजना काल की जनसंख्या का आकलन कर नगर बिकास की भावी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मिश्रित भूमि उपयोग प्रस्तावित किए गए हैं । मिश्रित भूमि उपयोग के अंतर्गत आवासीय , वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक उपयोगों को एक साथ रखा गया है, जो वर्तमान में नगरीय विकास की आवश्यकता भी है ।

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत सर्वसाधारण एवं संस्थाओं से आपत्ति/ सुझाव आमंत्रित करने हेतु प्रकाशित की जा रही है । मुझे आशा है कि नागरिकगण अपने व्यवहारिक , सृजनशील एवं रचनात्मक सुझावों को प्रस्तुत करेंगे, ताकि हम उनके सक्रिय योगदान से इस योजना को अंतिम रूप देकर और अधिक प्रभावशील करने में सफल हो सकें ।

(अजीत कुमार) आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश 3665 भाग 1 ] मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3666

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारुप) योजना दल

संयुक्त संचालक

डॉ अमित गजभिये

राजेश नागल

संजय मिश्रा

उप संचालक

सुनील नाथ

सहायक संचालक

इंदु त्रिपाठी

दक्षा सनाढ्य

कर्मचारीगण

जयंत शील

अय्यूब खान

अनिल सक्सेना

विजय मिंज

अरविंद सक्सेना

स्नेहलता सोनी

सोनम जैन

सरिता ठाकुर

सर्वेश पिडिहा

मानसी गुज्जेवार

म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (भूमि उपयोग एवं शहरी सर्वेक्षण प्रभाग ) का दल डॉ. विवेक कटारे

डॉ. देवानु भटनागर

परियोजना समन्वयक अमृत

प्रमुख वैज्ञानिक

भूमि उपयोग एवं शहरी सर्वेक्षण विभाग , आरएसएसी, एमपीसीएसटी, भोपाल भूमि उपयोग एवं शहरी सर्वेक्षण विभाग, आरएसएसी, एमपीसीएसटी, भोपाल

किशोर सोनवणे

संतोष कुमार

रिसर्च एसोसिएट

जूनियर रिसर्च फैलो भाग 1 ] मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी, 2021 3667

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 3668

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

विषय सूची

प्रस्तावना

1 विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारुप) योजना दल. iii विषय सूची.

सारणी सूची

मानचित्रों की सूची

अध्याय-1

नगर परिचय, नियोजन एवं विकास संदर्भ, 1.1 नगर परिचय .

1.1.1 पृष्ठ भूमि

1.1.2 भौगोलिक स्थिति एवं क्षेत्रीय परिदृश्य.

1.1.3 दर्शनीय स्थल

1.1.4 भौतिक स्वरूप .

1.1.5 जलवायु.

1.2 नियोजन एवं विकास संदर्भ..

1.3 नियोजन प्रस्ताव..

1.4 निवेश क्षेत्र.

1.4.1 नगर पालिका क्षेत्र

अध्याय-2.

विकास योजना पुनर्विलोकन प्रणाली एवं नियोजन दृष्टिकोण.

V

X

xii

1

1

1

1

1

2

3

4

.4

5

6

8

9

9 2.1 विकास योजना पुनर्विलोकन हेतु सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग..9 2.1.1 अमृत योजना .

2.1.2 सुदूर संवेदन.

2.1.3 भौगोलिक सूचना प्रणाली.

2.2 विकास योजना पुनर्विलोकन एवं कार्यप्रणाली 2.2.1 उद्देश्य.

2.2.2कार्यप्रणाली .

2.2.3 जनसंख्या आंकलन पद्धति .

2.3 अमृत मानकों की व्याख्या.....

2.3.1 थिमेटिक मानचित्रीकरण .

2.4 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता 2.4.1 नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प.

2.5 भूमि उपयोग का आवंटन ,

अध्याय-3

विकास योजना पुनर्विलोकन हेतु अध्ययन एवं विश्लेषण....

.9

10

11

11

13

13

14

14

15

24

25

30

31

31 3669

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

3.1 क्रियान्वयन परिदृश्य.

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

31

31 3.2 विकास योजना (2031 ) के क्रियान्वयन का मूल्यांकन (2011-2020 ).

3.2.1 आवासीय 33 3.2.2 वाणिज्यिक 33 3.2.3 औद्योगिक.

3.2.4 आमोद-प्रमोद

33

34 3.2.5 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक . 34 3.2.6 यातायात एवं परिवहन...

34 3.2.7 सार्वजनिक उपयोगितायें और सुविधायें . 34 3.2.8 मिश्रित.

3.3 असंगत भूमि उपयोग .

34

34 3.4 जनसांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण. 36 3.4.1 जनसंख्या विश्लेषण..

3.4.2 जनसंख्या लिंगानुपात .

3.4.3 शिशु जनसंख्या

36

39

39 3.4.4 अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या. 40 3.4.5 साक्षरता.

3.4.6 कार्यशील जनसंख्या.

3.4.7 जनसंख्या घनत्व .

3.5 जनसंख्या परिवर्तन ..

3.6 नगरीय विस्तार .

3.7 निवेश क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या .

3.7.1 नगरीय क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या..

3.7.2 ग्रामीण क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या .

40

41

41

43

45

45 45

46 3.8 आवासीय इकाईयों की भावी आवश्यकता 47 3.9 भौतिक अधोसंरचना हेतु विकास प्रस्ताव .

3.9.1 जल आपूर्ति.

48

48 3.9.2 अपशिष्ट जल निकास एवं स्वच्छता 48 3.9.3 वर्षा जल निकासी..

49 3.9.4 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 49 3.9.5 विद्युत प्रदाय....

3.10 सामाजिक अधोसंरचना .

3.10.1 शैक्षणिक सुविधाएँ.

3.10.2 स्वास्थ्य सुविधाएँ.

3.10.3 ए.टी.एम.

3.10.4 अन्य सेवाएं- सुविधाएं.

अध्याय -4.

विकास योजना प्रस्ताव-2035

4.1 विकास योजना-2031 का पुनर्विलोकन.

4.2 विकास योजना पुनर्विलोकन के आधार बिंदु

.50

50

50

51

51

52

53

53

53

53 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3670

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 4.3 वर्तमान भूमि उपयोग विश्लेषण एवं नगर विकास हेतु आवश्यक क्षेत्रफल. 53 4.3.1 निर्मित क्षेत्र

4.3.2कृषि भूमि.

54

54 4.3.3 जलाशय 55 4.4 विकास योजना में अतिरिक्त क्षेत्र की आवश्यकता . 55 4.5 भूमि उपयोग विवरण 2035 .

4.5.1 आवासीय......

4.5.2वाणिज्यिक .

4.5.3 औद्योगिक.....

4.5.4मिश्रितः

55

56

57

57

.57 4.5.5 सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक. 57 4.5.6 सार्वजनिक सेवाएँ- सुविधाएँ 4.5.7 आमोद- प्रमोद

4.5.8 यातायात एवं परिवहन .

58

58

58 4.5.9 परिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्र 58 4.5.10 सांस्कृतिक धरोहर एवं नगरीय विरासत का संरक्षण... 60 4.6 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग 60 4.7 अनौपचारिक वर्ग.

अध्याय -5.

प्रस्तावित परिभ्रमण योजना.

5.1 यातायात संरचना .

5.2 यातायात की वर्तमान स्थिति 5.2.1 सार्वजनिक परिवहन , 5.3 अंर्तनगरीय यातायात .

5.3.1 रेल मार्ग..

5.3.2 सड़क मार्ग

5.3.3 सीधा यातायात

5.4 नगरीय यातायात

5.5 मार्गो का श्रेणी कम एवं मार्गो की प्रस्तावित चौडाई .

5.5.1 क्षेत्रीय मार्ग .

5.5.2 नगरीय मार्ग .

5.5.3 मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई.

62

63

63

63

63

64

64

64

64

65

65

65

65

65

66

70 5.4.4 स्थानीय क्षेत्र की वर्तमान मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई (नगर मार्ग).

5.5 यातायात अवसान केन्द्र

5.6 यातायात प्रणाली में सुधार 5.6.1 मार्ग संगमों का सुधार.

5.6.2 रेलवे ओव्हर बिज एवं समतल पारण .

5.6.3 मार्गो का उन्नयन 5.6.4 पार्किंग प्रस्ताव.

71

72

72

72 73

73 3671

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

75 अध्याय -6.

75 विकास नियमन.

6.1 प्रवृत्तशीलता.. 75 6.2क्षेत्राधिकार 75

78 6.3 परिभाषायें .

6.4 भूमि उपयोग परिक्षेत्र.. 79 6.5 उपयोग परिक्षेत्रों में उपयोग परिसरों की अनुमति, स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग /

उपयोग गतिविधियां.. 83

87 6.6 आवासीय .

6.6.1 नवीन आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन. 87 6.7 बहुविधि बहुमंजिली इकाई निर्माण.. 89 68 फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा 90

90 6.9 मिश्रित उपयोग.

6.9.1 मिश्रित उपयोग के मार्गदर्शी सिद्धांत . .90

90 6.9.2 मिश्रित उपयोग की सामान्य शर्ते

91 6.10 वाणिज्यिक विकास

6.10.1 वाणिज्यिक अभिन्यासों के लिए रूपांकन मार्गदर्शिका. 91

92 6.11 औद्योगिक .

6.12सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग... 93

94 6.13 यातायात .

6.13.1 यातायात नगर / मैकेनिक नगर / लॉजिस्टिक हब . 94

94 6.13.2 बायपास मार्ग .

95 6.14 सार्वजनिक सेवायें एवं सुविधायें

95 6.14.1 श्मशान घाट / कब्रिस्तान / सिमेट्री

96 6.15 शीतकेन्द्र / वेयर हाउस / गोदाम / अन्य भण्डारण केन्द्र के लिये मापदण्ड.

6.16 विभिन्न गतिविधियों हेतु नियमन 96 6.16.1 छविगृहों के लिए मापदण्ड.. 96

96 6.16.2 मल्टीप्लेक्स.

96 6.16.3 होस्टल, वर्किंग वूमन होस्टल , रेस्ट / गेस्ट हाउस , लाजिंग / बोर्डिंग

97 6.16.4 मैरिज गार्डन

97 6.16.5 बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम / कम्युनिटी हाल

97 6.16.6 ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक.

97 6.16.7 शॉपिंग मॉल .

6.17 वर्तमान विकसित क्षेत्र हेतु नियमन..... 97

98 6.17.1 वर्तमान आवासीय क्षेत्र

6.17.2 आवासीय विकसित कालोनियों हेतु मापदण्ड. 98

98 6.17.3 वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्र .

6.17.4 वर्तमान मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियाँ... 99

100 6.17.5 सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक .

101 6.18 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान

102 6.19 उद्यान .....

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3672

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 6.20 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन. 102 6.21 विकास /निवेश अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रिया.. 103

104 6.22अन्य सुविधाएँ.

6.23 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया. 104

105 अध्याय-7

105 विकास योजना क्रियान्वयन .

7.1 विकास योजना का क्रियान्वयन 105 7.2 योजना क्रियान्वयन नीति. .107 7.3 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम . .107 7.3.1 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रमुख तत्व . 107

108 7.4 नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना...

108 7.4.1 नियंत्रित विकास..

108 7.4.2अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन

7.4.3 एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना. 109

110 7.4.4 विकास नियमन हेतु व्यापक दृष्टिकोण.

.110 7.5 योजना एवं कार्यक्रम .

7.6 संस्थाओं के प्रयास संबंधी मुख्य तत्व... 111

111 7.7 प्रथम चरण कार्यक्रम

112 7.8 संसाधन गतिशीलता..

113 7.9 योजना पर्यवेक्षण तंत्र.

7.9.1 नियोजन पर्यवेक्षण तंत्र 113

.114 7.9.2 पर्यवेक्षण समिति का गठन

114 7.9.3 वार्षिक विकास प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण..

7.10 योजना की व्याख्या.. 114

115 7.11 योजना कालावधि..

117 अनुसूची..

117 परिभाषाएँ

129 परिशिष्ट .

3673

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

सारणी सूची

शीर्षक

सारणी क्रमांक

पृष्ठ क्रमांक

3

2

1

2 विदिशा से अन्य नगरों की दूरी

सारणी 1 -सा-1

6 विदिशा निवेश क्षेत्र

सारणी 1 -सा-2

10 उपग्रह चित्रों के मानक

सारणी 2-सा-1

11 स्पेशियल लेयर्स की क्लासेस एवं सब - क्लासेस

सारणी 2- सा-2

15 मार्गः जियो स्पेशियल डाटा

सारणी 2 -सा-3

16 भूमि उपयोग वर्गीकरणः जियो स्पेशियल डाटा

सारणी 2- सा-4

17 ढलान की विभिन्न श्रेणी के अन्तर्गत क्षेत्रफल

सारणी 2-सा-5

18 मृदा विश्लेषण

सारणी 2 - सा-6

19 लिथोलॉजी

सारणी 2 -सा-7

19 भू- जल संभावनाएं

सारणी 2 - सा-8

20 विभिन्न भूमि मूल्य श्रेणी अन्तर्गत क्षेत्र (वर्ष 2019-2020 )

सारणी 2-सा-9

22 सीमाओं का वर्गीकरण

सारणी 2- सा-10

22 भू- आकृति विज्ञान उपखण्ड एवं क्षेत्रफल

सारणी 2 - सा-11

23 जल स्त्रोत बफर क्षेत्रफल

सारणी 2- सा-12

23 भूमि अवक्रमण

सारणी 2- सा-13

24 मार्ग संरचना बफर क्षेत्रफल

सारणी 2- सा-14

26 Weighted Index For Composite Land Suitability ( Model - 1 )

सारणी 2- सा-15

27 Weighted Index For Composite Land Suitability ( Model - 2 )

सारणी 2 - सा-16

28 Weighted Index For Composite Land Suitability ( Mode- 3 )

सारणी 2- सा-17

29 Land Suitability Analysis Model- 1

सारणी 2- सा-18

29 Land Suitability Analysis Model -2

सारणी 2- सा-19

30 Land Suitability Analysis Model - 3

सारणी 2- सा-20

32 सारणी 3 -सा-1

विकास योजना 2031 भूमि उपयोग के क्रियान्वयन का

मूल्यांकन

33 सारणी 3- सा-2

विकास योजना 2031 भूमि उपयोग के क्रियान्वयन का

मूल्यांकन

35 असंगत भूमि उपयोगों की पुनर्स्थापना

सारणी 3 - सा-3

36 राज्य एवं जिला की जनसंख्या

सारणी 3- सा-4

37 सारणी 3-सा-5 वॉर्ड वार कुल जनसंख्या

39 वॉर्ड जनसंख्या लिंगानुपात

सारणी 3 - सा-6

39 शिशु जनसंख्या

सारणी 3- सा-7

40 अनुसूचित जाति, जनजाति जनसंख्या

सारणी 3 - सा-8

40 साक्षरता प्रतिशत

सारणी 3 - सा-9

41 कार्यशील (सहभागिता ) जनसंख्या 2011

सारणी 3- सा-10

42 विदिशा नगर पालिका घनत्व

सारणी 3-सा-11 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3674

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

शीर्षक

सारणी क्रमांक

पृष्ठ क्रमांक

2

3 1

43 सारणी 3 - सा -12 वार्डवार जनसंख्या घनत्व

44 जनसंख्या परिवर्तन

सारणी 3 - सा -13

45 ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या वृद्धि दर

सारणी 3 - सा-14

45 नगर विस्तार एवं क्षेत्रफल

सारणी 3 - सा-15

46 नगरीय क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या

सारणी 3 - सा -16

46 ग्रामीण क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या

सारणी 3 - सा -17

47 अनुमानित परिवारों की संख्या एवं आवास आवश्यकताएँ

सारणी 3 - सा -18

50 विद्युत खपत

सारणी 3 - सा-19

51 शैक्षणिक सुविधाऐं

सारणी 3 - सा -20

54 वर्तमान भूमि उपयोग विश्लेषण

सारणी 4 - सा -1

56 प्रस्तावित भूमि उपयोग 2035

सारणी 4 - सा-2

61 सारणी 4-सा-3

असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि की पुनर्स्थापना एवं रिक्त भूमि

उपयोग

67 मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई

सारणी 5 - सा-1

70 मध्य क्षेत्र में मार्गो की चौड़ाई

सारणी 5- सा-2

80 मुख्य उपयोग परिक्षेत्र

सारणी 6 - सा-1

82 विदिशा: मुख्य उपयोग परिक्षेत्र

सारणी 6 - सा-2

83 उपयोग परिक्षेत्रों में स्वीकृत उपयोग

सारणी 6 - सा-3

88 आवासीय भूखण्ड विकास नियमन

सारणी 6 - सा-4

91 वाणिज्यिक क्षेत्रों के विकास मापदण्ड

सारणी 6 - सा -5

92 वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक

सारणी 6 - सा-6

93 सामुदायिक सुविधाएं/ सेवायें हेतु विकास नियमन

सारणी 6 - सा-7

98 सारणी 6- सा-8

वर्तमान आवासीय विकास हेतु भूखण्ड का आकार एवं

निर्मित क्षेत्रफल

100 सारणी 6-सा-9

वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्र में मार्गों की चौड़ाई एवं फर्शी

क्षेत्रानुपात

101 सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक हेतु विकास मापदण्ड

सारणी 6 - सा -10

101 अनौपचारिक वर्ग के लिये प्रावधान

सारणी 6 - सा -11

106 सारणी 7- सा-1 योजना क्रियान्वयन की लागत

111 प्रथम चरण के विकास संबंधी घटक

सारणी 7 - सा-2

112 प्रथम चरण क्रियान्वयन की लागत

सारणी 7- सा-3 3675

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

मानचित्रों की सूची

शीर्षक

क्रमांक

पृष्ठ क्रमांक मानचित्र क्रमांक

4

3

2

1

2A 1.1

1

Regional Setting

2B 1.2

2

Location Map of Planning Area

8 A 3

1.3 PlanningArea

10 A 4

2.1 Satellite image

16 A 2.2

5

Building Footprint

18A 2.3

6

Slope

18B 7

2.4

Soil Texture

18 C 2.5

8

DEM

18D 2.6

9

Contour

18E 10

2.7 Lithology

20A 2.8

11

Groundwater Prospects

20B 2.9

12

M.P. Earthquakes Zones

20 C Government Land

2.10

13

20D Land Value

2.11

14

22 A 15

2.12 Geomorphology

22B 2.13

16

Waterbody Buffer

24 A 2.14

17

Land Degradation

24 B RoadBuffer

2.15

18

30 A 2.16

19

Land Suitability Map ( Model- 1 )

30B 2.17

20

Land Suitability Map (Model- 2)

30C 2.18

21

Land Suitability Map (Model- 3 )

36 A Ward

3.1

22

40A Ward Wise Sex Ratio

3.2

23

40B 3.3

24

Ward Wise Child Population (0-6 )

40C 3.4 Ward Wise Child Sex Ratio

25

40D 26

3.5 Ward Wise SC/ST Population

40 E 3.6

27

Ward Wise Literacy

42A 28

3.7 Ward Wise Work Participation

42B 3.8

29

Ward Wise Population Density [भाग 1 3676

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

शीर्षक

क्रमांक

पृष्ठ क्रमांक मानचित्र क्रमांक

4

3

2

1

46 A 30

3.9 Urban Sprawl

50 A 31

3.10 Community toilet

50B 32

3.11 PowerSupply Network

52A 3.12

33

Existing ATM

54A 34

4.1 Existing Landuse map

56 A 35

4.2 Proposed Landuse Map

56B 4.3

36

Planning Unit

64A 5.1

37

Existing Transport Network

66 A 5.2

38

Proposed Transport Network

72 A 5.3

39

Bus Stop

112 A 7.1

40

First Phase Implementation 3677

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

अध्याय-1

नगर परिचय , नियोजन एवं विकास संदर्भ 1.1 नगर परिचय

1.1.1 पृष्ठ भूमि

विदिशा नगर अपनी पुरातन ऐतिहासिक धरोहर और बेतवा नदी के कछार का मुख्य नगर होने के कारण सांरकृतिक , कृषि उपज व्यवसाय का मुख्य केन्द्र है । वर्तमान में विदिशा नगर जिले का प्रशासकीय मुख्यालय है एवं इस कारण प्रशासकीय केन्द्र के रूप में विकसित हुआ है । शिक्षा की दृष्टि से विदिशा नगर महत्वपूर्ण स्थान रखता है । यहाँ सामान्य शैक्षणिक संस्थाओं के अलावा सम्राट अशोक तकनीकी संस्थान एवं अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय नगर की प्रमुख शैक्षणिक संस्था हैं । नगर के चारों ओर पर्यटक स्थल होने के कारण यह नगर आने वाले पर्यटकों के लिए धुरी के रूप में कार्यरत है । क्षेत्रीय संदर्भ में विदिशा जिले में सोयाबीन अधिक मात्रा में उत्पादित होने के कारण यहां एक बड़े तेल उद्योग की स्थापना हुई है । इसके साथ ही नगर में कृषि संबंधी औजार बनाने के कई लघु उद्योग स्थापित हैं ।

विदिशा नाम का उल्लेख महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में है । आधुनिक विदिशा से तीन किलोमीटर दूर प्राचीन शहर बेसनगर था , जो वास्तव में प्राचीन विदिशा के रूप में पहचाना जाता था । यह बौद्धों, जैनों और ब्राह्मणों के प्रमुख साहित्य में बेसनगर , वैश्यनगर आदि के रूप में उल्लेखित है । बेसनगर, बेतवा के पश्चिमी किनारे पर स्थित था । इस नगर के विनाश उपरांत नदी का पूर्वी तट पर एक नया शहर बसा जिसे भीलस्वामिन या भिलास्वामिन के नाम से जाना जाता था । 1904 में विदिशा, जिसे तब भिलसा के नाम से जाना जाता था, जिला बना । तब इस जिले में विदिशा एवं बासौदा दो तहसील थी । 1948 में रियासतों के विलय और मध्य भारत के गठन के परिणामस्वरूप , भिलसा को कुर्वी, मोहम्मदगढ़ और पठारी के छोटे राज्यों के विलय से बढ़ाया गया । इससे कुरवाई तहसील का गठन हुआ । 1 नवंबर 1956 को मध्य प्रदेश राज्य के गठन के कारण जिले का नाम बदलकर विदिशा रख दिया गया । मध्य प्रदेश के नए राज्य के गठन के परिणामस्वरूप भोपाल, राज्य की राजधानी बन गई । राजस्थान के कोटा जिले का उप- विभाग " सिरोंज " के विदिशा में सम्मलित होने से विदिशा जिले का विस्तार हुआ एवं तब से विदिशा, भोपाल संभाग का एक जिला है ।

1.1.2 भौगोलिक स्थिति एवं क्षेत्रीय परिदृश्य

विदिशा जिला, उत्तर में गुना और अशोकनगर , दक्षिण में रायसेन, पूर्व में सागर, उत्तर - पश्चिम में गुना और पश्चिम में भोपाल से घिरा हुआ है । जिला मुख्यालय विदिशा नगर नई दिल्ली- मुम्बई एवं नई दिल्ली-चैन्नई प्रमुख ब्रॉडगेज लाइन पर स्थित है । विदिशा नगर के मध्य से भोपाल सागर मार्ग ( पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग 86 ) एवं विदिशा-अशोक नगर 3678

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) राष्ट्रीय राजमार्ग 346 ( पूर्व राज्य राजमार्ग क्रमांक 19 ) गुजरता है । यह 23 °31'20 " उत्तरी अक्षांश और 77 °48'40 " पूर्वी देशांतर के मध्य पर समुद्र सतह से 400 मीटर ऊँचाई पर स्थित है । यह प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 54 कि.मी. की दूरी पर है । विदिशा का क्षेत्रीय परिदृश्य एवं भौगोलिक स्थिति मानचित्र क्रमांक 1.1 एवं 1.2 तथा सारणी 1 - सा -1 में दर्शाई गई है ।

विदिशा शहर से अन्य नगरों की दूरी

सारणी 1 -सा- 1 समीपस्थ नगर

सड़क मार्ग से दूरी (कि.मी. )

1

2

भोपाल

54

रायसेन

32

111

सागर

167

गुना

136

अशोकनगर

1.1.3 दर्शनीय स्थल

पर्यटन की दृष्टि से विदिशा प्रक्षेत्र अपना एक विशेष स्थान रखता हैं । पुरातात्विक संपदा और प्राचीन मंदिर इस नगर के चारों ओर फैले हुए हैं । मुख्य पर्यटन स्थल निम्नानुसार हैं-

उदयगिरी

बेस और बेतवा नदियों के बीच , विदिशा निवेश क्षेत्र में उत्तर पश्चिम में यह स्थल पहाड़ी में तराशे गए प्राचीन मंदिरों और आसपास के बौद्ध कालीन अवशेषों के लिये प्रसिद्ध है । इस एकांतित एक कि.मी. लंबी पहाड़ी पर कुल 20 गुफाएँ अथवा तराशे गए मंदिर हैं, जिसमें उदयगिरी में गुफा क्रमांक 1 के पीछे विशाल नरसिंह शिला स्थित है । गुफाओं से प्राप्त दो पुरालेखों से चंद्रगुप्त द्वितीय के राज्यकाल (सन् 401 ई. ) में उनके युद्ध मंत्री वीर सेन द्वारा इस स्थान पर एक गुफा के उत्खनन कराए जाने का उल्लेख मिलता है ।

गरूड ध्वज या हेलियाडोरेस स्तम्भ

बेतवा और बेस नदियों के संगम (त्रिवेणी) के निकट डियन के पुत्र हेलियाडोरेस ने, जो विदिशा के शुंग दरबार में तक्षशिला के यूनानी राजा अंतियाल सिदास के राजपूत थे , भगवान वासुदेव मंदिर के गरूड़ ध्वज का निर्माण कराया था । स्थानीय रूप से इसे खाम-बाबा कहा जाता था ।

बेस नगर

विदिशा रेलवे स्टेशन से लगभग 3 कि.मी. पश्चिम में प्राचीन नगर के विस्तृत अवशेष, टीलों के रूप में बिखरे हैं , यह स्थान बेतवा और बेस नदी के बीच उत्तर दिशा में स्थित है । 3679

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

VIDISHA

Legend

Waterbody

NationalHighway

RailwayLine

DistrictBoundary

Forest

1.1REGIONALSETTING

CityCentre

UTTARPRADESH

SAGAR

TIKAMGARH

JHANSI

Vatatila Reservoir

ASHOKNAGAR

SHIVPURI

300

GUNA

RAJASTHAN

GanahSagar Dam

Vidisha

PlanningArea

Km

Source:SurveyofIndia,Toposheet

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Vidisha

Scale 01020406090

JABALPUR

Sanjay

MAHARASHTRA

Sarovar

BETUL

VIDISHA

Barma Reservoir

BHOPAL

50KM

100KKM

diraSagar Dam

150Κ.Μ

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal DEWAS

INDORE

UJJAIN

200K.M

20

MADHYAPRADESH 250KM

NarmadaRiver

NUK [भाग 1 3680

4708jybach9798kholaAkkalk

India

Paver

Guna GopiKrishna SagarDam

Sanjay Sagar

Dam

Halall

Madhya Pradesh

Vidisha

BatwaRiver

ReservcirAshoknagar

Rajghat

Sagar

Reservoir

Rajghat

BinaPetrochemicalandindustrialRegion

Vidisha

ToBhopal

00.51

ToBhopal

ToBarasia

ToAshoknagar DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 3 4 Km

1.2VIDISHA:LocationMар Roads

Bypass

Legend

StateHighway

NationalHighway

To Bina Waterbody

BulltupArea

RallwayLine

ToGairatganj

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

ToSagar 3681

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) लोहांगी शिला

विदिशा रेलवे स्टेशन के पास चपटे शीर्ष वाली यह पाषाण शिला है । इसके पार्श्व में एक छोटी मस्जिद तथा शीर्ष पर एक मकबरा और एक विशाल बौद्ध स्तंभ का शीर्ष है, जो कि पानी कण्डी कहलाता है ।

बीजा मण्डल

यह एक भव्य पुरातत्वीय स्मारक है । इसके समीप नागपंचमी के अवसर पर विशाल मेला लगता है तथा खुदाई में मूर्तियां भी पाई गई एवं बीजा मंडल सनातनी कार्य के लिये प्रसिद्ध है ।

ग्यारसपुर

विदिशा नगर से लगभग 40 कि.मी. उत्तर- पूर्व में स्थित तहसील मुख्यालय ग्यारसपुर में प्राचीन तथा मध्ययुग के भग्नावेष स्मारकों का समूह हैं । ग्यारसपुर के पश्चिम में अष्टखम्भा , दक्षिण पश्चिम में वज्जमठ, दक्षिण में मालादेवी मंदिर, उत्तर में कुछ बौद्ध स्तूपों तथा प्रतिमाओं के अवशेष तथा दो मंदिरों के खण्डहर विद्यमान हैं । इसके अतिरिक्त ग्यारसपुर हिण्डोला तोरण और शाल भंजिका की प्राचीन मूर्ति के लिये भी प्रसिद्ध हैं ।

सांची

विदिशा नगर से लगभग 10 कि.मी. दक्षिण में सांची के विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप विद्यमान है । यहां स्मारकों का दृश्य समीपस्थ पहाड़ियों से बडा मनोहारी दिखाई देता है । इन परिपूर्ण एवं परिरक्षित स्तूपों से लगभग 13 शताब्दियों तक के बुद्ध कालीन कला, वास्तुकला की उत्पत्ति, प्रस्फुटन एवं विनाश के परिदृश्य का आभास होता है । यहाँ प्रत्येक वर्ष नवम्बर के अंतिम रविवार को चैत्यगिरी विहार के वर्षगांठ का उत्सव मनाया जाता है ।

चरणतीर्थ

विदिशा से सिरोंज मार्ग पर बेतवा नदी के पुल के उत्तर की ओर नदी में एक छोटा टापू है, जिस पर दो मंदिर स्थित हैं । इन मंदिरों का निर्माण मराठों द्वारा कराया गया था । यहां बेतवा नदी के किनारे सुन्दर घाट है तथा घाट के एक चबूतरे पर संगमरमर के दो चरण अंकित हैं । यहां भगवान श्री रामचन्द्र जी अश्वमेघ यज्ञ के समय पधारे थे । उनके चरणों के भूमि स्पर्श के कारण इस स्थल को चरण तीर्थ कहा जाता है । यह स्थल एक छोटे पुल द्वारा नदी के किनारे जुड़ा हुआ है एवं वर्ष भर धार्मिक यात्री स्नान एवं दर्शन हेतु आते रहते हैं ।

1.1.4 भौतिक स्वरूप

विदिशा जिला विंध्याचल पर्वत माला से दूर , विंध्याचल पठार पर स्थित है । पठार का ढलान उत्तर की ओर है । अतः मालवा और बुंदेलखण्ड की नदियां पर्वत स्कन्धों के बीच अपनी घाटियां बनाती हैं । विदिशा का अधिकांश भाग बेतवा नदी की घाटी में स्थित है, जो दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती हैं । बेतवा घाटी का विस्तार, जिले के मध्य भाग में दक्षिण से उत्तर की ओर है । इसकी चौड़ाई 50 से 65 कि.मी. तक है । इसके पश्चिम में बेतवा घाटी तथा उसकी सहायक नदियों जैसे वाह, सागर तथा कैनध एवं पूर्व में नियान मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1 3682

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) तथा केवटन की घाटियां हैं, जिनका विस्तार क्रमशः पश्चिम तथा पूर्व की श्रेणियों में पटिटयों के रूप में भी है । इसमें लटेरी को छोड़कर जिले का बहुत बड़ा क्षेत्र आ जाता है । यह क्षेत्र या तो मैदानी है या उसमें टीलों और घाटियों की मन्द तरंगित श्रेणियां हैं । घाटियों में उसका आवरण उपजाऊ काली मिट्टी का है, जो अधिकांशतः बेसाल्टी चट्टानों से क्षरित गाद निक्षेपों से बना है । अधिकांशतः इसमें कृषि की जाती है और यह मालवा का कृषि उत्पादक प्रदेश कहलाता है । परन्तु इन तथ्यों के बावजूद सतह के नीचे कठोर चट्टान होने से विशेषतः ग्रीष्म काल में भूमि में कम आद्रता होने तथा वर्षा ऋतु में दूर प्रवाह होने के कारण यह क्षेत्र समृद्ध वनोत्पादन योग्य नहीं है ।

नदियों तथा सरिताओं में जलप्रवाह का स्वरूप मौसमी होता है, जो अधिकतर ऋतुओं के अनुसार घटता बढता रहता है । नगर में प्रवाहित होने वाली बेतवा नदी का प्रवाह दक्षिण से उत्तर की ओर है । नगर का ढलान मुख्य रूप से उत्तर- पश्चिम एवं दक्षिण- पश्चिम दिशा की ओर है । अतः नगर का जलप्रवाह तथा वर्षा जल बेतवा नदी में विसर्जित होता हैं । नगर के उत्तर- पूर्वी , दक्षिण-पूर्वी एवं दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र का कुछ भाग समतल भू- भाग पर स्थित है । अपितु प्राकृतिक जल निकास सामान्यतः बेतवा नदी अथवा दक्षिण- पश्चिम में स्थित पिरिया नाला के स्थानीय नाम से जानी जाने वाली इसकी शाखा में होता है ।

1.1.5 जलवायु

विदिशा का मौसम दक्षिण- पश्चिम मानसून काल को छोड़कर सामान्यतः शुष्क रहता है । वर्षा ऋतु सामान्यतः जून माह में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन से प्रारंभ होकर सितंबर के अन्त तक रहती है । ग्रीष्म ऋतु फरवरी के अंत से प्रारंभ होकर जून के मध्य तक रहती है तथा इस ऋतु में अधिकतम औसत तापमान 40 डिग्री सेन्टीग्रेड के लगभग रहता है । शीत ऋतु सामन्तः नवंबर से फरवरी अंत तक रहती है । शीट ऋतू में तापमान कभी कभी न्यूनतम 4-5 डिग्री सेन्टीग्रेड तक गिर जाता है ।

दक्षिण- पश्चिम मानसून काल (मध्य जून से सितम्बर) में वायु मुख्यतः उत्तर- पश्चिम तथा दक्षिण- पश्चिम के बीच की दिशाओं से बहती है । जनवरी से दोपहर बाद उत्तर- पश्चिम तथा पश्चिम की ओर से वायु का प्रवाह रहता है । ग्रीष्म ऋतु तक यह पश्चिमी हवाएं प्रातः और दोपहर के समय तेज गति से बहती है । इस प्रकार वर्ष भर में अधिकतम समय वायु प्रवाह की औसत दिशा उत्तर- पश्चिम एवं दक्षिण- पश्चिम के मध्य रहती है ।

1.2 नियोजन एवं विकास संदर्भ

नगर के सुनियोजित एवं समन्वित विकास के लिये विदिशा निवेश क्षेत्र की प्रथम विकास योजना वर्ष 2003 में प्रभावशील की गई थी । जिला मुख्यालय नगर विदिशा की विकास योजना 2011 की अनुमानित जनसंख्या 2.00 लाख के आधार पर तैयार की गई थी, जिसका उपान्तरण कर विकास योजना 2031 अनुमानित जनसंख्या 3.00 लाख के आधार पर तैयार की गई । इसे म.प्र . शासन , आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक 3683

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) एफ- 3-33-2012-32 दिनांक 02.02.2018 के द्वारा अंगीकृत की जाकर सूचना के राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 13.06.2018 से प्रभावशील किया गया ।

भारत सरकार द्वारा "Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation" (AMRUT) योजना की उपयोजना के अन्तर्गत देश के 500 चयनित शहरों की विकास योजनाओं में सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करना सुनिश्चित किया गया है । इन 500 शहरों में मध्य प्रदेश के 34 शहरों का चयन किया गया है, जिनमें विदिशा शहर भी सम्मिलित है । तदनुसार विदिशा नगर के कृषि महत्व को दृष्टिगत रखते हुए , वर्ष 2035 की आवश्यकताओं को आधार मानकर सुनियोजित विकास योजना के प्रस्ताव सृजित किए गए हैं । इन योजना प्रस्तावों में नगर के अनुरूप आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक, सार्वजनिक उपयोगिताऐं एवं सेवाएँ, आमोद -प्रमोद, यातायात एवं परिवहन के साथ ही नगर की अधोसंरचना के प्रस्ताव दिए गए हैं । यह योजना वर्ष 2035 की अनुमानित जनसंख्या 3.00 लाख को आधार मानकर तैयार की गई है, एवं तदनुसार ही यातायात एवं अधोसंरचना के उन्नयन को भी ध्यान में रखा गया है ।

1.3 नियोजन प्रस्ताव

विदिशा नगर मध्यम श्रेणी के प्रमुख नगर के रूप में तेजी से उभर रहा है । नियोजन की अवधारणा में समयानुसार बदलाव आया है एवं विकास योजना तैयार करना, अब संतुलित विकास पर केन्द्रित है । विकास योजना तैयार करते समय अमृत योजना की रूपरेखा एवं मानकों के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक आकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण कर प्रस्ताव किये गये हैं । विदिशा विकास योजना 2035 निम्नलिखित बिन्दुओं पर आधारित है-

1. निवेश क्षेत्र में स्थित बसाहटों में परस्पर समन्वय एवं सुव्यवस्थित विकास कार्य के निष्पादन हेतु अधोसंरचना का विकास ।

2. निवेश क्षेत्र में अंतर बसाहट मार्ग संरचना का प्रावधान करना ।

3. क्षेत्रीय तथा स्थानीय जनसंख्या की आवश्यकता की पूर्ति के लिए विभिन्न स्तर पर सुविधाएँ विकसित करना ।

4. मिश्रित उपयोग को बढ़ावा देना ।

5. प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण ।

6. विदिशा से अशोकनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 346 ( पूर्व राज्य राजमार्ग क्रमांक 19 ) एवं सागर आदि क्षेत्रीय मार्गों से होने वाले मार्गों से परिवर्तन लाने हेतु एक प्रमुख मार्ग प्रस्तावित कर अन्य मार्गो से जोड़ना ।

7. रायसेन- भोपाल आने वाले यातायात को सीधे परिवर्तित करना ।

8. प्रमुख आवासीय क्षेत्रों का एवं रेलवे स्टेशन से सीधा संपर्क स्थापित करना ।

9. विभिन्न कार्य केन्द्रों से सीधा संपर्क स्थापित करना ।

10. पर्यावरण संरक्षण एवं सुधार तथा बाढ नियंत्रण के लिए समुचित प्रयास ।

11. एकीकृत जल प्रदाय एवं जल - मल निकास व्यवस्था । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3684

12. कार्यात्मक दृष्टि से मार्गों को श्रेणीबद्ध करना ।

13. प्रशासनिक एवं शैक्षणिक ।

1.4 निवेश क्षेत्र

[भाग 1 विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 13 (1 ) के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक 1302/33/75 दिनांक 19.05.1975 द्वारा विदिशा निवेश क्षेत्र की गठित सीमाओं को म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 13(2) (क) के अंतर्गत म.प्र. शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-79- बत्तीस -2011 दिनांक 05.08.2011 द्वारा संशोधित कर पुनरीक्षित की गई । विदिशा निवेश क्षेत्र में 46 ग्राम सम्मिलित है । विदिशा निवेश क्षेत्र का विवरण सारणी 1 - सा-2 एवं मानचित्र क्रमांक 1.3 में दर्शाया गया है ।

विदिशा निवेश क्षेत्र

ग्राम का नाम क्रमांक

2 1

नगर पालिका क्षेत्र (अ)

ग्रामीण क्षेत्र (ब)

बरारखेडा 1

2

धतुरिया

करारखेड़ी 3

4

डाबर 5

हसनाबाद 6

रूसल्ला 7

धारूखेडी 8

मदनखेड़ी 9

भोरिया 10

घुड़ियाखेड़ी

तरावली 11

12

चिडोरिया 13

सोठीया 14

गेहूखेड़ी

पठारी 15

16

मुरवारा 17

सुआखेड़ी 18

आमखेड़ा

परसोरा हवेली 19

20

गुरारिया हवेली

पडरिया माफी 21

सारणी 1 -सा- 2

जनसंख्या जी.आई.एस. अनुसार क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

3

4

166078 3305.97

258.48

331 766.49

735

793 557.94

645 669.13

218 117.93

572 393.70

277 316.18

473 265.75

705 272.54

118 216.26

124.72

विरान

869 286.83

620.69

1038

487 347.29

817 402.00

218 295.97

434 222.69

241 135.51

512 338.13

724 358.09

202 104.47 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

ग्राम का नाम

क्रमांक

2

1

बेरखेड़ी बिरसा

22

करैया हवेली

23

24

रंगई

25

सुनपुरा

26

विधुन

27

उदयगिरि

28

ढोलखेड़ी

29

जिवाजीपुर

अमाछावर

30

31

सौरई

32

पॉझ

33

परासी टुडरा

34

हासुआ

35

कुआंखेड़ी

36

मूडराहरीसिंह

योग

(अ)+(4) स्त्रोत: भारत की जनगणना 2011 एवं जी.आई.एस. विश्लेषण

टीप:

3685 विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

जनसंख्या

जी.आई.एस. अनुसार क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

3

4

306

176.44

349

234.94

464

180.16

1379

352.80

115.27

144

422

202.65

510.05

846

927

561.14

365

496.43

575

634.40

362

487.58

214.80

411

732

476.04

1130

408.06

746.61

997

27103

12913.99

180835

16730.67

1. उपरोक्त निवेश क्षेत्र में मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 1 (4) (ग) के प्रावधानांतर्गत आने वाला रेलवे प्रशासन के आधिपत्य एवं नियंत्रण का क्षेत्र भी सम्मिलित है ।

2. नगर पालिका क्षेत्र विदिशा में दाऊदपुरा , शेरपुर, दौलतपुर, दुर्जनपुर, कस्बा विदिशा, मदनखेड़ा, टीलाखेड़ी, बैस, मिर्जापुर, तमोरिया ग्रामों के क्षेत्रफल सम्मिलित हैं ।

3. निवेश क्षेत्र हेतु प्रभावशील विकास योजना 2031 जी.आई.एस. पद्धति एवं भौतिक सर्वेक्षण से तैयार की गई थी । विकास योजना के निवेश क्षेत्र में सम्मिलित ग्रामों का क्षेत्रफल : विदिशा विकास योजना 2031 में सारणी 2- सा-2 के अनुसार 16740.97 हेक्टेयर अंकित किया गया था । वर्तमान में विकास योजना 2035 हेतु सेटेलाइट इमेज एवं ग्राम सीमा के डिजिटल मानचित्र के आधार पर निवेश क्षेत्र के कुल वास्तविक क्षेत्र को प्रगणित किया गया है, जिसके अनुसार निवेश क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 16730.67 हेक्टेयर होता है । यह विकास योजना जी.आई.एस. पद्धति पर स्थल की वास्तविक स्थिति अनुसार तैयार की गई है , इसीलिए विकास योजना तैयार करने के उद्देश्य से 16730.67 हेक्टेयर क्षेत्रफल को मान्य करते हुए विकास योजना के प्रस्ताव दिए गए हैं ।

1.4.1 नगर पालिका क्षेत्र

विदिशा नगर पालिका का सर्वप्रथम गठन सन् 1904 में नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत किया गया था । म.प्र. शासन के स्थानीय शासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2014/1037 भोपाल , दिनांक 08.12.2014 , जिसका राजपत्र में दिनांक 09.12.14 को प्रकाशन हुआ, के आधार पर विदिशा नगर पालिका क्षेत्र को 39 वार्डों में विभक्त किया गया हैं । भाग 1 3686

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

Idisha

PlanningArea

Km

VIDISHA

Legend

Waterbody

1.3PLANNINGAREA

MunicipalArea

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

RailwayStation

NationalHighway

BulltupArea

Bypass

Roads

BusStand

StateHighway

-VillageBoundary

Source:DepartmentofTown&CountryPlanning

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Vidisha

Scale

00.511.522.533.54

ToSagar

ToGairatganj

Rusalla

Madankhedi

3H-42

Ghudlyakhed

Dharushedi

Bhoriya

ParasiTunda

Dheturlys

-ToBina

Mrjapur

Chidoriya

Haveli

GurariyaHavell

PatrariHavel

Gehukhedi

Jeewjipur

Murwars

Daudpera Amachhabar

Sothiya

Bais

Susakhedi

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Daulatpura

Rangal

Вурзва

NH-146

twa

Udaygiri

Sunpara

ToAshoknagar, NH346

KarhalyaHarell

ToBarasia-

Vignan

ToBhopal

ToBhopal 3687

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

अध्याय-2 विकास योजना पुनर्विलोकन प्रणाली एवं नियोजन दृष्टिकोण 2.1 विकास योजना पुनर्विलोकन हेतु सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग

भूमि, सम्पूर्ण पर्यावरण का एक घटक है एवं मानव बस्तियां बसाने हेतु भूमि की आवश्यकता होती है । जिस भूमि पर नगर की बसाहट है, उसका संलग्न भूमि पर हुआ प्रभाव, जो भूमि उपयोग परिवर्तन के फलस्वरूप होता है, इस बात का प्रमाण है कि पर्यावरण के इस महत्वपूर्ण घटक , अर्थात भूमि का उपयोग मानव सभ्यता द्वारा नियोजित दृष्टिकोण से किया है अथवा नही । नगरीय क्षेत्र के अध्ययन एवं विश्लेषण से स्पष्ट है कि, द्रुतगति से एवं नियोजन सिद्धांतों के विपरीत नगरीय क्षेत्र का बेतरतीब फैलाव, जनसंख्या वृद्धि का दबाव इसका मुख्य कारण है । जिसके फलस्वरूप अधोसंरचना सुविधाओं में कमी आयी है ।

अतः पर्यावरण की दृष्टि से नगर नियोजन, भूमि का उपयोग सुसंगत आधार पर किया जाना चाहिये । उपरोक्त संदर्भ में नगर की विकास योजना के पुनरीक्षण के समय आवश्यकता अनुसार संशोधन, जनसंख्या वृद्धि तथा नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने की दृष्टि से किया जाता है ।

2.1.1 अमृत योजना

भारत सरकार आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा " Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " (AMRUT) योजना की शुरूआत जून 2015 में राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में देश के सभी शहरों में परिवारों को बुनियादी सेवायें अर्थात जल- आपूर्ति, सीवरेज कनेक्शन, बिजली, शहरी परिवहन , हरित क्षेत्र इत्यादि मुहैया कराने एवं सुख- सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से अधोसंरचना का सृजन करना है, जिससे विशेषतया गरीबों और वंचितों सभी के जीवन स्तर में सुधार होगा । इस योजना की उपयोजना के अन्तर्गत देश के 500 चयनित शहरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन (रिमोट सेसिंग) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई.एस. तकनीकी ) का उपयोग कर, विकास योजना तैयार करने हेतु मापदण्ड (Design & Standards ) दिये गये है । इन 500 शहरों में मध्य - प्रदेश के 34 शहरों का चयन किया गया है जिसमें एक विदिशा शहर भी सम्मिलित है । इस योजना के मुख्य उद्देश्य है-

भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करते हुए भूमि उपयोग मानचित्र एवं जियोरिफरेंस कर आधार मानचित्र तैयार करना ।

अमृत योजना के अन्तर्गत चयनित शहरों की जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करना । 3688

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) विकास योजनाऐं तैयार करने हेतु सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग ) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई.एस. तकनीक) का महत्वपूर्ण योगदान है । इन पद्धतियों से भूमि उपयोग , सर्वेक्षण तथा विभिन्न प्रकार के आकड़ों का संकलन तथा विश्लेषण कम समय में, विश्वसनीय एवं वैज्ञानिक तरीके से किया जा सकता है एवं भावी नियोजन हेतु विभिन्न प्रकार के विकल्प उपलब्ध कराये जा सकते हैं । इसके आधार पर नियोजकों को सर्वश्रेष्ठ विकल्प का चयन कर भावी विकास हेतु भूमि उपयोगों को प्रस्तावित करने में तथा विकास मापदण्डों को निर्धारित करने में आसानी होती है ।

2.1.2 सुदूर संवेदन

इस तकनीक के अंतर्गत भारतीय सुदूर संवेदन केन्द्र से प्राप्त वर्ल्ड व्यू II (World View II) उच्च आवर्धन उपगृह चित्रों का उपयोग , थीमेटिक मानचित्र तैयार करने हेतु किया गया है । उपग्रह चित्रों का उपयोग अमृत योजना के अन्तर्गत आधार मानचित्र 1 :4000 पैमाने पर तैयार करने हेतु किया गया । अमृत योजना में उपग्रह चित्रों के मानक, सारणी क्रमांक 2-सा-1 में दर्शाये गये हैं । विदिशा निवेश क्षेत्र के उपग्रह चित्र मानचित्र क्रमांक 2.1 में दर्शाये गये है

उपग्रह चित्रों के मानक

सारणी 2-सा- 1 S. No.

Value

Remarks

Description

3

1

2

4

1 SpatialResolution

2. Spectral Resolution

IR band is optional

0.5 metres or better PAN Sharpened (Bands: and Near Infrared) Panchromatic , Red , Green , Blue

3.

Less than 1/4th of pixel size

Band to Band registration

10 bit or better

4. Radiometry

5 Image Resampling Nearest Neighbourhood

Monoscopic/ Stereoscopic

PlainAreas : Monoscopic

Highly Hilly areas: Stereoscopic

Need of Stereoscopic to be reviewed case by case . If the city is built on terrain slope more than 15 degrees .

6.

Less than 10 degree from nadir

Monoscopic data View angle

In specific cases , maximum of upto 15 degrees view angle shall be allowed

Stereoscopic

Base to Height( B /H) ratio: 0.6

One of the stereo image view angle should be less than 10 degrees from nadir

7 Producttype

Ortho - kit data with RPCs

Image data should be associated with corresponding Rational Polynomial Coefficients ( RPCs)

स्त्रोतः एन.आर.एस.सी. हैदराबाद 3689

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2005

2012 2016

PlanningArea

233423.5

2525

0505

23.523.5

Km

Yearoflmage Resolution(in)rosition

VIDISHA

Legend

LISSI

PAN

LISS-III

PANMSS

Sensor

Source:MPCST&NRSC 2.1SATELLITEIMAGES

RESOURCESAT-2

CARIOSAI

2345678

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal TemporalDataSpecification

1RESOURCESA1-2

4WORLDVIEW

1NastueofSatellite

DistrictVidisha

0

4.WORLDVIEW-II,2016

3.CARTOSAT,2016

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

2.LISS-III,2012

1.LISS-III,2006 भिाग 1 3690

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 2.1.3 भौगोलिक सूचना प्रणाली

यह प्रणाली कम्प्यूटराईज पद्धति से राभी भौगोलिक जानकारियों को संयुक्त रूप से उपलब्ध कराती है, जिसका वैज्ञानिक विश्लेषण संभव है । भौगोलिक सूचना प्रणाली, प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण के व्यवस्थापन, एवं क्षेत्रीय योजना प्रस्ताव एवं अन्य भौगोलिक संदर्भ में निर्णय लेने में उपयोगी है । अमृत योजना में विभिन्न स्पेशियल लेयर्स (spatial layers ) को क्लास एवं सब- क्लास ( classes and sub classes ) में विभाजित किया गया है । इनका उपयोग विकास योजना तैयार करने में किया गया है, जो कि सारणी क्रमांक 2- सा-2 में दर्शाया गया है ।

स्पेशियल लेयर्स की क्लासेस एवं सब-क्लासेस

सारणी 2- सा- 2

Classification based on Use& Attributes Spatial Layers

S. No.

Source for spatial

data generation

Classes

Sub Classes

4

2

3

5

1

Baselayers

Road

1.

3

16

Very high resolution

satellite data

Bridges

Water Bodies

2.

22

48

Urban Land Use/ Land Cover

Very high resolution

satellite data

16

46

3. Building Footprints

Very high resolution

satellite data

4.

1

1

CARTO DEM - NRSC ,

ISRO

Digital Elevation Model (DEM) Type: Digital Terrain Model(DTM)

1

5. Cadastral Layer

State

Revenue

Department

1

1

Boundaries Planning Boundaries

Town

&

Country

Planning

6.

1

1

Urban Local Bodies

Municipal Boundaries

1

Hazard Prone Areas

NHDC , Department of

Seismology

एन.आर.एस.सी. हैदराबाद

स्त्रोतः

2.2 विकास योजना पुनर्विलोकन एवं कार्यप्रणाली

विकास योजना प्रस्ताव तैयार करने का मुख्य उद्देश्य, स्थायी एवं पूर्ण क्षमता युक्त उपलब्ध नगरीय क्षेत्र का विकास करना है । तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ एवं पर्यावरण की दृष्टि से सुसंगत विकास योजना तैयार करने हेतु, पर्यावरण के सभी घटकों जो आज विद्यमान हैं, अर्थात नैसर्गिक पर्यावरण एवं भविष्य में होने वाली बसाहट पर विचार करना आवश्यक है । 3691

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) भूमि उपयोग मानचित्र के प्रावधान लचीले होना आवश्यक है, जिससे बदलती परिस्थितियों का समायोजन हो सके । अतः स्थायी एवं पूर्ण क्षमता युक्त भूमि उपयोग तैयार करने, नगर एवं परिक्षेत्र हेतु प्राकृतिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं पर विचार किया जाना चाहिये । इसके साथ ही , यह भी लक्ष्य रखा गया है कि प्रस्ताव, भूमि उपयोग क्षमता के आधार पर हो । एकीकृत विकास योजना तैयार करने हेतु निम्नलिखित घटकों के संबंध में विस्तृत जानकारी आवश्यक है-

क्षेत्रीय विशेषताएँ

भौतिक स्थिति, कंटूर , सामान्य अथवा अत्याधिक ढ़लान , भूगर्भ विशेषताएँ, मिट्टी की विशेषताएँ एवं गहराई, भूमिगत जल स्त्रोत, जलप्लवित क्षेत्र, सघन कृषि भूमि, वन क्षेत्र, जलीय जीवन, तापमान, हवा , बारिश एवं सूर्य के प्रवास का मार्ग ।

भूमि उपयोग वितरण

नगरीय विस्तार, कृषि एवं अनुपयोगी भूमि, वन क्षेत्र के अधीन भूमि, उत्तम भू- दृश्यीकरण , स्थल , नगरीय भूमि उपयोग जैसे आवासीय , वाणिज्यिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक , आमोद प्रमोद , यातायात, रिक्त क्षेत्र जो आगामी विकास हेतु उपलब्ध हैं, प्रत्येक उपयोगों के प्रकार एवं सघनता ।

जनसंख्या विशेषताएँ

संख्या, आयु, लिंग , आव्रजन वितरण, आगामी जनसंख्या, जनसंख्या घनत्व, मजदूर एवं गैर मजदूर और व्यवसायिक संरचना ।

आर्थिक गतिविधियाँ

कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य भूमि आधारित गतिविधियाँ , आर्थिक समस्याएँ एवं संभावनाएँ , वाणिज्यिक क्षेत्रों का वितरण , व्यापार का आकार , स्थानीय संस्था की वित्तीय स्थिति, संस्थाएँ एवं आगामी विकास हेतु संभावनाएँ ।

यातायात विशेषताएँ

वर्तमान सेवाओं के प्रकार एवं क्षमताऐं , माल वाहन , निजी वाहन, सार्वजनिक वाहन, सायकल पथ , पादचारी पथ, जलाशय , रेलवे, वायु सेवा, केन्द्रीय सुविधायें एवं यातायात संरचना ।

आवास विशेषताएँ

उपलब्ध संख्या एवं भवनों की स्थिति, सक्रिय आवश्यकता, झुग्गीवासियों की आवश्यकताएँ, एवं उसका निराकरण, भूमि तथा वित्तीय स्थिति ।

सार्वजनिक सेवाएँ

पेयजल वितरण एवं आवश्यकता, मलवाहन प्रणाली, विद्युत प्रदाय, संचार सेवायें । सार्वजनिक सुविधाएँ

शैक्षणिक संस्थाएँ , आमोद प्रमोद क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाएँ , वाणिज्यिक क्षेत्र , पूजा स्थल । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1 3692

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) अतः जो जानकारी एकत्रित की गयी है वह एकीकृत प्रक्रिया के अंतर्गत, वर्ल्डव्यू- II (World View II) उपग्रह चित्रों के आधार पर अमृत योजनानुसार निम्नलिखित उद्देश्य पर निर्धारित हैं, जिसमें Urban and Regional Development Plan Formulation and Implementation (URDPFI ) गाईड लाईन के अन्तर्गत समावेशी नियोजन अवधारणा सम्मिलित है ।

2.2.1 उद्देश्य

भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करना

वर्ल्डव्यू-II (World View II) उच्च आवर्धन उपग्रह द्वारा प्राप्त जानकारी, जो श्रेणी-II को दर्शाती है, नगरीय भूमि उपयोग का मानचित्र तैयार करना, जिसमें आवासीय, वाणिज्यिक , औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक , आमोद प्रमोद एवं यातायात भूमि उपयोग अंकित हो ।

बसाहट के विस्तार का मानचित्र विभिन्न स्थितियों पर, उपग्रह से उपलब्ध जानकारी के आधार पर, नगर का विकास, क्रमशः विभिन्न समयावधि में हुआ है, का मानचित्र तैयार करना ।

संपूर्ण नगर के लिए यातायात मानचित्र तैयार करना ।

नैसर्गिक आपदाओं का, जैसे बाढ़ , भूमि कटाव, भूकम्प से संबंधित क्षेत्र इत्यादि का मानचित्र तैयार करना ।

जल स्त्रोत, नैसर्गिक जल प्रवाह प्रणाली , जलाशय , ढ़लान, मिट्टी के प्रकार का मानचित्र तैयार करना ।

नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का मानचित्र तैयार करना एवं जिस भूमि का संरक्षण करना है, उसका मानचित्र पर अंकन करना ।

प्रस्तावित भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करना ।

जनगणना के आँकड़े अनुमानित जनसंख्या का निर्धारण करने हेतु, जनगणना वर्ष 1951 , 1961 , 1971 , 1981 , 1991 , 2001 एवं 2011 के आँकड़ों का विकास योजना में उपयोग किया गया हैं ।

2.2.2कार्यप्रणाली

नगर की जी.आई. एस. आधारित विकास योजना तैयार करने हेतु अंगीकृत कार्यप्रणाली, चित्र क्रमांक-1 में दी गई है । अमृत योजना के अन्तर्गत एन.आर.एस.सी. हैदराबाद से प्राप्त, स्थल मानचित्र जिसमें उपग्रह चित्र के साथ बिल्डिंग फुटप्रिंट अंकित थे, का स्थल पर सत्यापन कर, अमृत मानकों के अनुसार आकड़ें एकत्रित कर, सामाजिक , आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर जी.आई.एस. आधारित विकास योजना हेतु आधार मानचित्र तैयार किया गया । विकास योजना तैयार करने हेतु कार्यप्रणाली विवरण निम्नानुसार है- 3693

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

चित्र क्र 1: अंगीकृत कार्यप्रणाली

World View II Satellite Data

Ancillary data

GIS Layers

Population Projection

Acts & Rules

Data Vetting and Correction

T&CP Act 1973

Demography & Socio

Economic data

Thematic Mapping

MP Bhumi Vikas Niyam 2012

Infrastructure

Geomorphology

AMRUT Guideline

Urban Sprawl

Landuse

URDPFI Guidelines Soil

GAP Analysis

Slope

Land Allocation

Road Buffer

Drainage Buffer

Comprehensive Urban land Suitability Map

Weightage Analysis

Suitability Index

Land Available for Planning

Proposed Landuse Allocation

Draft Development Plan

2.2.3 जनसंख्या आंकलन पद्धति

सन् 2035 की भावी जनसंख्या के आंकलन करने हेतु, वर्ष 1951 से 2011 तक की जनगणना जानकारी एकत्र की गई, एवं विभिन्न सांख्यिकी पद्धति के आधार पर ( 1 ) अंक गणितीय वृद्धि पद्धति ( II ) ज्यामितीय वृद्धि पद्धति ( III ) दरवृद्धि पद्धति ( IV ) घातांकीय पद्धति द्वारा प्रगणित की गई है ।

2.3 अमृत मानकों की व्याख्या

अमृत मानकों के अनसार, शहर के विभिन्न विभागों से आंकड़े एकत्रित किये गये, इन आंकड़ो में शहर की भौगोलिक जानकारी, जनसांख्यिकी आंकड़े, औद्योगिक पहलु, अधोसंरचना जिसमें शैक्षणिक, स्वास्थ्य , संचार, जल प्रदाय , जल - मल निकास , ठोस अपशिष्ट प्रबंधन , आपदा प्रबंधन, परिवहन, पर्यावरण , पर्यटन एवं राजस्व से संबधित जानकारी इत्यादि सम्मिलित है । 3694

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 2.3.1 थिमेटिक मानचित्रीकरण

विकास योजना तैयार करनें हेतु किए जाने वाले विश्लेषण में उपयोग किए जाने हेतु विभिन्न थिमेटिक मानचित्र तैयार किए गये है, जिसकी कार्यप्रणाली बिन्दु क्रमांक 2.2.2 में स्पष्ट की गई है ।

2.3.1.1 यातायात संरचना

अमृत योजना के मानकों के आधार पर उपग्रह चित्र आधारित वर्तमान यातायात मानचित्र तैयार किया गया, जिसमें निम्न मानकों को आधार मान वर्गीकृत किया गया है , जिसे सारणी क्रमांक 2 - सा-3 में दर्शाया गया है ।

मार्ग: जियो स्पेशियल डाटा

सारणी 2-सा- 3 Code

S.No

Sub-Class

Class

4

1

2

3

01-01

National Highway

01-02

StateHighway

01-03

Major District Roads

01-06

Bypass

01-09

Road

1

Major City Road

01-11

Other Public Road

01-12

Other Private Road

01-15

Village road

01-16

Footpath

03-01

Culvert

2

03-03

Bridges

Bridge across river

03-06

Road Bridge Across Rail

3

04-01

Flyovers

Flyovers

2.3.1.2 भूमि उपयोग / भूमि आच्छादन

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (एन.आर.एस.सी. ) से प्राप्त उच्च आवर्धन उपग्रह चित्रों पर आधारित बिल्डिंग फुटप्रिंट के उपयोग को आधार मानकर, शहर का वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र स्थल सत्यापन के उपरांत तैयार किया गया है । भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करते समय अमृत योजना में दिए गये वर्गीकरण प्रणाली को अंगीकृत किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत नगरीय भूमि उपयोग वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 2- सा-4 में उल्लेखित है । विदिशा मध्य क्षेत्र के फुटप्रिंट मानचित्र क्रमांक 2.2 में दर्शाये गये हैं । 3695

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

भूमि उपयोग वर्गीकरणः जियो स्पेशियल डाटा

Class Code

S.No

2

3 1

06-04

Residential 1

06-05

07-01

07-03

Commercial 2

07-04

07-13

08-01

08-08

Industrial 3

08-09

08-10

08-11

09-01

Mixed 4

10-01

Educational 5

10-05

11-01

6

Health Services 11-02

11-04

12-01 Central Govt . Property 7

12-02

13-01

8

StateGovt . Property 13-02

15-02

15-05

15-06

15-08

15-09

Public& Semi- Public 15-11

9

15-12

15-15

15-16

15-25

15-28

15-30

16-01

16-02

10

16-03

Religious 16-04

16-05

सारणा 2- सा- 4 Sub-Class

House

Group ofHouses

Retail

General Business

Hotel/ Lodge / Restaurant

Hostel

Manufacturing

Agro Based & Food Processing

Obnoxios

Cottage& Household

Other Industries

Residential & Commercial

School

Anganwari

College

Polytecnic

Govt. Hospital

Private Hospital

Clinic/Dispensary

Office

Quarter

Office

Quarter

Banks

Police Station

Cantonment/Battalion

Crematorium/ Burial Ground /Grave Yard Guesthouse/Resthouse

Dharmashala

Tourist Facility Centre

Museum

Public Library

Public/Community Toilet

OldAge Home

Fire Station

Temple

Mosque

Idgah

Church

Gurudwara मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1 3696

Vidisha

04

PlanningArea

03

Legend

02

Transportation

Commercial

Educational

Residential

Religious

Industrial

RallwayStation

RallwayLine

Rallway

Roads

Central/StateGovt.Property

Public&Semi-public

VIDISHA 2.2BUILDINGFOOTPRINT

HealthServices

Mixed

--VillageBoundary

-NationalHighway

Source:BuildingFootprintGeospatialData-AMRUT, SurveybyMPCST&T&CP

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale 0.050.1

District-Vidisha

00

0

8

DP

DirectorateofTown&Country PlanningMadhyaPrades eshBhopal 3697

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Code

Class S.No

3

2

1

16-09

Recreational 17-01

11

18-01-01

18-01-02

Public Utilities 12

18-03-01

18-04-02

21-01

21-02

13

Heritage 21-03

14 24-01

Transportation

Traffic related 15

25-04

26-02

Rural 16

26-03

33-09

Others 17 33-10

33-17

2.3.1.3 ढलान

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) Sub-Class

4

Aashram/ Math/Bhojanshala

Garden

Water Treatment Plant

Water Pumping Station

Sewage Treatment Plant

Electric Sub - Station

Monuments

Fort

Archaeological Site

Bus stand /Terminus

Multi - Level Parking

House

Group OfHouse

Farm house

Dairy farm

Gaushala

भारतीय सर्वेक्षण विभाग से प्राप्त टोपोशीट के आधार पर , एवं मेप आई.टी. (Madhya Pradesh Agency for Promotion of Information Technology) से प्राप्त Carto - DEM के आधार पर ढलान मानचित्र तैयार किया गया । ढलान के निर्धारण हेतु ग्रिड पद्धति एवं निम्नलिखित समीकरण इसका आधार है । ढलान का प्रतिशत = (ऊँचाई में अंतर / दूरी में अंतर) x 100

निवेश क्षेत्र में प्राकृतिक संरचना के अन्तर्गत ढलान के विशिष्ट पहलुओं का अध्ययन भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने में महत्वपूर्ण है । ढलान की विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत क्षेत्रफल सारणी 2- सा-5 एवं मानचित्र क्रमांक 2.3 में दिया गया है ।

ढलान की विभिन्न श्रेणियों के अन्तर्गत क्षेत्रफल

Class

S.No.

2

1

1

Nearly Level 2

Very Gently Sloping 3

Gently Sloping 4

Moderately Sloping

Total

स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

सारणी 2-सा- 5

Percent

Area(Ha)

3

4

87.97

14718.06

1596.64

9.54

247.90

1.48

168.02

1.00

16730.62

100.00 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3698

[भाग 1

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 2.3.1.4 मृदा

संपूर्ण जिले के मिट्टी के प्रकार का मानचित्र, भारत की मृदा और भूमि उपयोग सर्वेक्षण विभाग ( Soil & Land use Survey of India , SLUSI ) जो मृदा के सर्वेक्षण का कार्य करती है, से जानकारी प्राप्त कर तैयार किया गया है । उक्त मानचित्र तैयार करने में सुदूर संवेदन प्रणाली एवं मृदा प्रोफाईल के विश्लेषण के आधार पर जो कि मिट्टी की उपयोगिता निर्धारित करती है का उपयोग किया है, मृदा के विभिन्न घटकों के आधार पर भूमि का कटाव मानचित्र , मिट्टी की बनावट का मानचित्र तथा मिट्टी की गहराई का मानचित्र तैयार किया गया है ।

निवेश क्षेत्र में मिट्टी की जानकारी एम.पी.आर.एस.ए.सी. भोपाल (स्त्रोत एन.बी.एस. एस. एवं एल.यू.पी. ) द्वारा अध्ययन कर प्रत्येक प्रकार की मिट्टी को विभाजित किया गया । मिट्टी का संरचना मानचित्र क्रमांक 2.4 में दर्शाई गई है । मृदा विश्लेषण निम्नानुसार सारणी 2- सा-6 में दर्शाई गई है ।

मृदाविश्लेषण

सारणी 2-सा- 6

Percent Soil Texture

S.No.

Area (Ha)

4

3

2

1

92.62

Fine

15,496.36

1

3.46

578.57

2

Loamy

2.31

387.31

3

Loamy Skeletal

1.60

268.38

Waterbodies

4

100.00

16730.62

Total

स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

2.3.1.5 डिजिटल एलिवेशन मॉडल

डिजिटल एलिवेशन मॉडल (डी.ई.एम. ) एक जी.आई.एस. आधारित थ्री- डी मॉडल है, जिससे धरातल की ऊँचाई निचाई / भू आकृति को प्रदर्शित किया जाता है । इस मानचित्र के आधार पर निवेश क्षेत्र में स्थित भूमियों का नगर नियोजन के लिए निर्धारण किया जाता है जिसे मानचित्र क्रमांक 2.5 में दर्शाया गया है ।

2.3.1.6 कंटूर

कंटूर मानचित्र के माध्यम से निवेश क्षेत्र में स्थित किसी भी भूमि की समुद्र सतह से ऊंचाई की जानकारी प्राप्त की जा सकती है, जिसे मानचित्र क्रमांक 2.6 में दर्शाया गया है । 2.3.1.7 लिथोलॉजी

विदिशा निवेश क्षेत्र में चट्टानो की संरचना की जानकारी का अध्ययन कर छह भागों में विभाजित कर चट्टानों की संरचना संबंधी मानचित्र तैयार किया गया है, जिसे मानचित्र कमांक 2.7 में दर्शाया गया है । चट्टानो कि संरचना निम्नानुसार सारणी 2- सा -7 में दर्शित है । 3699

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Vidiane

PlanringArea

VIDISHA

Legend

2.3SLOPE

Lov

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

Bypass BuiltupArea

Roads

StateHighway

3-5

5-10High

Source:CartoDEM,MAPIT&TOPOSHEET Slope(Percent)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00511522533.54 Km

ToSagar

ToGairatganj

ToBina

NH346

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Bypass

ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal- भाग 1 3700

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

Vidisha

PlanningArea

VIDISHA

Legend

2.4SOILTEXTURE

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

NationalHighway

Bypass BuiltupArea

Roads

Loamy

LoamySkeletal

StateHighway

Fine

1522.533.5

Source:SoilandLanduseSurveyofIndia SoilTexture

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

60.5

Scale District-Vidisha

ToSagar

ToGairatganj

SH-42

ToBina

NH-348

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Bypass

ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal- 3701

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Vidisha

PlanningArea

Km

VIDISHA

Legend

Waterbody

Source:CartoDEM,MAPIT

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

Bypass

Low:420

Roads

High:475

StateHighway

2.5DIGITALELEVATIONMODEL(DEM)

Height(Meter)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.511.522.533.54

ToSagar

ToGairatganj

SH42

Bina

NH-346

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Вуравь

NH-140

ToAshoknagar

ToBarasia-

ToBhopal

ToBhopal 3702

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1

Vidisha

PlanningArea

Legend

VIDISHA 2.6CONTOUR

Waterbody

PlanningAresBoundary

Contour(420m-475m)

RailwayLine

Bypass

NationalHighway

Roads

StateHighway

Source:SruveyofIndiaToposheet

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.51152253354 Km

ToSagar

ToGairatganj

435

ToBina

435

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Bypass

ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal- 3703

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Vidisha

PlanringArea

Km

VIDISHA

Legend

2.7LITHOLOGY

Waterbody

PlanningAreaBoundary

AliuvlumSoll

RailwayLine

Laterite

NationalHighway

Bypass

Roads BuiltupArea

PaanaShale

LowerRewaSandstone

UpperRewaSandstone

StateHighway

Lithology

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Source:DistrictResourceMap,GeologicalSurveyofIndia

Scale District-Vidisha

00.511.522533.54

ToSagar

ToGairatganj

GH-42

ToBina

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Bypass

ToAshoknagar NH346

ToBarasia-

ToBhopal

ToBhopal- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3704

[भाग 1 विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

लिथोलॉजी

S.No.

Lithology

2 1

Alluvium Soil 1

Lower Rewa Sandstone 2

3

Upper Rewa Sandstone

Panna Shale 4

Lower Rewa Sandstone 5

Laterite 6

Total स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

2.3.1.8 भू-जल संभावनाएं

सारणी 2- सा-7

% Area(Ha)

3

4

95.57 15988.94

68.37

0.41

2.96 494.34

0.43 70.72

0.47 78.73

0.17 29.52

100.00 16730.62

लिस-IV ( LISS - IV ) , सैट-2 ( SAT- 2 ) के उच्च आवर्धन उपग्रह चित्रों का लिथोलॉजी, भू-आकृति विज्ञान ( जियोमॉर्फोलॉजी ) एवं जल विज्ञान (हाइड्रोलॉजी) से समाकलन कर भू-जल संभावना का मानचित्र तैयार किया गया है है जिसे मानचित्र कमांक 2.8 में दर्शाया गया है । भू- जल संभावनाएं निम्नानुसार सारणी 2- सा -8 में दर्शित है ।

भू-जल संभावनाएं

S.No

Ground Water Prospects

2 1

Good to Moderate 1

Moderateto Poor 2

Poor 3

Waterbodies 4

Total स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

2.3.1.9 भूकम्प आपदा परिक्षेत्र

सारणी 2-सा- 8

% Area (Ha)

3

4 385.85

2.31 15666.29

93.64

2.45 410.10

268.38

1.60 16730.62

100.00 भूगर्भीय स्थिति के फ्रेक्चर्स एवं फॉल्टस् ( Fractures and Faults ) मिट्टी की जानकारी, ढलान की जानकारी एवं जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया , राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान ( National Geophysical Research Institutc) के आँकड़ों के आधार पर भूकम्प आपदा परिक्षेत्रों का मानचित्र तैयार किया गया है जिसे मानचित्र क्रमांक 2.9 में दर्शाया गया है । विदिशा क्षेत्र के सूक्ष्म अध्ययन से भूकम्प (आपदा) परिक्षेत्र का मानचित्र छोटे, मध्यम एवं वृहद फ्रेक्चर परिक्षेत्र , मिट्टी की स्थिति तथा भूगर्भीय फॉल्टस् का अध्ययन एवं विश्लेषण 3705

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) कर तैयार किया गया । विदिशा निवेश क्षेत्र भूकंप तीवृता की दृष्टि से ज़ोन- II में वगीकृत किया गया है ।

2.3.1.10 शासकीय भूमि

निवेश क्षेत्र में स्थित शासकीय भूमियों की जानकारी मानचित्र क्रमांक 2.10 में दर्शाई गई है ।

2.3.1.11 भूमि मूल्य

मध्य- प्रदेश रजिस्ट्रेशन एवं स्टाम्प विभाग से निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत कुल वार्ड के अन्तर्गत, भूमि मूल्य की जानकारी एकत्रित की गई एवं मूल्य के संदर्भ में वर्गीकृत जानकारी का मानचित्र तैयार किया है । भारत की जनगणना 2011 के अनुसार विदिशा निवेश क्षेत्र के 36 वार्डों की जानकारी उपलब्ध है । वर्तमान में विदिशा निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत नगर पालिका विदिशा में 39 वॉर्ड सम्मिलित हैं । वार्डवार भूमि मूल्य हेतु 39 वार्डों की जानकारी दिखाई गई है, किन्तु जनसांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण हेतु जानकारी के अभाव के कारण पूर्व के 36 वार्डों की जानकारी प्रयोग की गई है । विभिन्न भूमि मूल्य श्रेणी अन्तर्गत क्षेत्र की जानकारी सारणी 2- सा-9 एवं मानचित्र क्रमांक 2.11 में दर्शाई गई है ।

विभिन्न भूमि मूल्य श्रेणी अन्तर्गत क्षेत्र (वर्ष 2019-20)

वार्ड का नाम वार्ड नं०

2 1

बैस

1

2 रानी दुर्गावती 3 कस्तूरबा

4 जवाहर लाल नेहरू 5 सरोजनी नायडू सारणी 2-सा- 9

भूमि मूल्य

औद्योगिक

वाणिज्यिक

आवासीय

5

4

3

2600-14400

3900-21600

2600-14400

2600-9000

3900-13400

2600-9000

3500-6800

5300-10200

3500-6800

4600-34500

6800-51700

4600-34500

4600-5400

6800-8200

4600-5400

6800-10700

11500-16100

6800-10700

6

महाराणा प्रताप

चाणक्य

7

इन्द्रा

8

बीजामण्डल

9

बैत्रवती

10

नाना साहेब पेशवा 11

महारानी लक्ष्मीबाई 12

बालाजी

13

14 महाकवि कालिदास 15 छत्रपति शिवाजी

महावीर स्वामी 16

3500-8000

5300-10200

3500-8000

3500-9000

5300-13400

3500-9000

3100-8600

4600-12800

3100-8600

3100-20000

5300-24000

3100-20000

7700-20000

9900-24000

7700-20000

3100-38700

4600-58100

3100-38700

3100-8800

4600-13200

3100-8800

3100-5400

4600-8200

3100-5400

3500-10700

5300-16100

3500-10700

3500-9600

5300-16100

3500-9600 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

[भाग 1 3706

Vidisha

PlanningArea

Kim

Legend

Waterbody

PlanningAreaBoundary

ModeratetoPoor

RallwayLine

NationalHighway

BuiltupArea

Roads

Bypass

Poar

GoodtoModearte

StateHighway

GroundwaterProspects

VIDISHA 2.8GROUNDWATERPROSPECTS

Source:ResourceSat-2LISS-IV&IntegrationofLithology. GeomorphologyandHydrologyLayers.

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.511.522.533.54

ToSagar

ToGairatgan)

Lates

SH-42

ToBina

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

NH-14

ToAshoknagar NH346

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal- 3707

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

MadhyaPradesh

Km

Legend

Waterbodies

NationalHighways

Forest

DistrictBoundary

ZONE-LowDamageRiskZone (MSKVIORLess)

ZONE-IIModerateDamageRisk Zone(MSKVII)

MADHYAPRADESH

Rail

2.9EARTHQUAKEZONES

EARTHQUAKEZONES

Source:SeismolectonicAtlasofIndia,GSI,GOI

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale India

0306090120150180210240

MORIE

سے

Vidisha

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

N

NOGLE.CE

NOPL [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

3708

Vidisha

PlanningArea

Km

Legend

Waterbody MunicipatAreaBoundary

GovernmentLand

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

VIDISHA 2.10GOVERNMENTLAND

NationalHighway

Bypass

VillageBoundary

Roads

StateHighway

Source:CommissionerLandRecords(2019-2020)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal LandOwnership

Scale Distric:-Vidisha

00.511.522.533.5

ToSagar

ToGalratganj

ToBina

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknagar

ToBarasia-

ToBhopal

ToBhopal 3709

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1]

Vidisha

PlanningArea

Low

High

VIDISHA

Legend

2.11LANDVALUES

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

Bypass

VillageBoundary

Roads

StateHighway

>10000

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal WardwiseResidentialLandValueRange inINR(PerSqureMeter)

Source:DepartmentofRegistration&Stamp,Govt.ofM.P.(2020)

District-Vidisha

Scale

00.511.522.533.54 Km

१.७८.८८

ToSagar

ToGairatganj

Rusalka

Medankhedi

Karakhedi

SH-42

Chudlyakhedi

Dharulhadi

Bhoriya

Dhalurlys

-ToBina

Tarabell

Mijapur

Deber

Chideriya

ParsoraHaveli

MundaraHarisIngh

Havell

GurarlyaHaveh

PathanHavell

Gehukhedi

Jeewajipur

اگر

Amachhaber

Sohiya

Suaakhedi

Haveli

N4348

Dirsa

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Daulatpura

Rangal

Bypass AsmkhedHavell

NH-146

Padariy

Betw

Ucaygiri

ToAshoknagar

ToBarasia-

ToBhopal

Vighan

ToBhopal भिाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3710

वार्ड का नाम वार्ड नं०

2

1

17 संत तुलसी

18 दुर्गा

विवेकानंद

19

स्वामी दयानन्द सरस्वती 20

अम्बेडकर

21

22 रामकृष्ण परमहंस

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) भूमि मूल्य

औद्योगिक

आवासीय

वाणिज्यिक

4

5

3

5400-38700 8200-49800

5400-38700

8200-58100

5400-32600

5400-32600

4600-40600 6800-61000

4600-40600

4600-34500

4600-34500

6800-61000

6800-34500

6800-34500

6800-51700

3500-38700

6800-58100

3500-38700

20000-58100 14400-3870

14400-38700

23 गुरूनानक

24 श्रद्धानद

25 मुंशी प्रेमचन्द

26 डॉ० रामकृष्ण

27 लाल बहादुर शास्त्री

टैगोर

28

चन्द्रशेखर आजाद 29

30 चन्द्रगुप्त

1 शहीद भगत सिंह 32 संत विनोवा

33 नया तमोरिया एवं मिर्जापुर 34 सम्माट अशोक

35 राजीव नगर

36 राजेन्द्र प्रसाद

37 गांधी

8200-38700

12300-58100

8200-38700

8600-31700

5800-21100

5800-21100

5800-9200

5800-9200

8600-13800

7700-24600 11500-37000

7700-24600

7700-24600

7700-24600

11500-37000

5900-24600

8900-37000

5900-24600

4200-24600 6200-37000

4200-24600

6800-24600

6800-24600

10200-37000

4200-24600 6200-37000

4200-24600

4200-9600

6200-14400

4200-9600

4900-8100

7300-12100

4900-8100

7300-16100

4900-10700

4900-10700

8400-16100

5600-10700

5600-10700

5600-10700 8400-16100

5600-10700

5800-8100

8600-12100

5800-8100

38

रसखान

39 नया टीलाखेड़ी

स्त्रोतः- जिला पंजीयन कार्यालय 2.3.1.12 ग्राम/वार्ड सीमा

6200-13400

4200-9000

4200-9000

भू अभिलेख एवं बंदोबस्त विभाग द्वारा प्रदेश के भू अभिलेखों को कम्प्यूटरीकृत किया गया है । भू अभिलेख एवं बंदोबस्त विभाग से प्राप्त डिजिटल खसरा मानचित्रों का उपयोग कर ग्राम सीमा मानचित्र तैयार किया है । भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर ग्राम मानचित्रों से निवेश क्षेत्र की सीमा निर्धारित की गई । नगर पालिका से प्राप्त वार्ड मानचित्र के आधार पर नगर का वार्ड मानचित्र तैयार किया गया है । अंन्य सीमाओं हेतु भारतीय सर्वेक्षण विभाग की 1: 30000 का तथा 1 : 25000 मापमान पर तैयार टोपोशीट का उपयोग किया गया है । उक्त मानचित्र का उपयोग एकीकृत वॉर्ड आधारित विभिन्न जानकारी तैयार करने में किया गया है । भारत की जनगणना 2011 से प्राप्त किया, जनसंख्या के आँकड़ें को ग्राम मानचित्रों से संबद्ध किया गया है । थीमेटिक मानचित्र भौगोलिक सूचना प्रणाली के अंतर्गत उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर सुदूर संवेदन 3711

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) (रिमोट सेंसिंग) का उपयोग कर डिजीटाईज कर निवेश क्षेत्र के साथ समन्वित किए गए हैं । क्षेत्र के सांख्यिकी आँकड़े भौगोलिक सूचना प्रणाली के माध्यम से ही ज्ञात किये गए हैं । अमृत योजना के अंतर्गत सीमाओ की वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 2 - सा -10 में उल्लेखित है ।

सीमाओं का वर्गीकरण

Class

Code

S.No.

3

2

1

37-05

37-06

सारणी 2- सा- 10

Sub-Class

4

Village Boundary

Forest Boundary

Administrative Boundaries

1.

37-07

38-01

2.

Revenue Boundary

Planning Area Boundary

Planning Boundaries

38-04

37-05

3.

Controlled Area Boundary Municipal Boundary

Municipal Boundaries

37-06

2.3.1.13 भू-आकृति विज्ञान उपखण्ड Ward Boundary

विदिशा निवेश क्षेत्र को भू आकृति की दृष्टि से 4 भागों में विभाजित किया गया है । क्षेत्र का अधिकांश भाग भू आकृति की दृष्टि से पेडीप्लेन है । यह जानकारी सारणी 2- सा-11 एवं मानचित्र क्रमांक 2.12 में दर्शाई गई है ।

भू-आकृति विज्ञान उपखण्ड एवं क्षेत्रफल

S.No

Geomorphology

2 1

Cuesta 1

Pediment 2

3

Pediplain

Waterbodies 4

Total स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

2.3.1.14 जल स्त्रोत बफर

सारणी 2- सा- 11

Percent Area (Ha)

4

3

2.74

458.61

0.62

102.92

95.04 15900.71

1.60

268.38

100.00 16730.62

जल स्त्रोत बफर की जानकारी सारणी 2 - सा-12 एवं मानचित्र क्रमांक 2.13 में दर्शाई गई है । [भाग 1 3712

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

Vidisha

PlanningArea

Km

Legend

Waterbody

PlanningAreaBoundary

Pediment

Pediplain

RailwayLine

BuillupArea

NationalHighway

Bypass

VIDISHA 2.12GEOMORPHOLOGY

StateHighway

Cuesta

Roads

Geomorphology

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Source:NationalGeomorphologicalMappingProjectNRSC.ISRO-2016

Scale District-Vidisha

00.511.522533.54

ToSogar

ToGairatganj

SH-42

ToBina

NH-348

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Cypass

101-146

ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal- 3713

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

Vidaha

PlanningAreg

Km

Legend

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

BuiltupArea

VIDISHA 2.13WATERBODYBUFFER

StateHighway

15

30

60 45

Source:Worldview-IISatellitedata WaterbodyBuffer(DistanceinMeters)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.511.522.533.5

ToSagar

ToGairatganj

SH-42

Bina

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Bypass

WATERBOYBUFFER

ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal- भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

3714

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

जल स्त्रोत बफर क्षेत्रफल

सारणी 2- सा- 12

Area (Ha) S.No.

Buffer (meters )

3

2

1

152.42

15

1

143.81

30

2

138.30

45

3

135.07

60

4

16357.71

कुल

स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

2.3.1.15 भूमि अवक्रमण

विदिशा निवेश क्षेत्र अंतर्गत भूमि की अवक्रमण संबंधी जानकारी सारणी 2 - सा -13 एवं मानचित्र क्रमांक 2.14 में दर्शाई गई है ।

भूमि अवक्रमण

सारणी 2- सा- 13

Area(Ha) S.No.

Land Degradation

3

2

1

412.59

1

Barren rocky / Stony waste

196.61

Sheet Moderate

2

89.11

Sheet - Severe

3

स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

2.3.1.16 मार्ग संरचना बफर

मार्ग संरचना निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत भावी विकास क्षेत्रों को विकसित करने हेतु महत्वपूर्ण माध्यम है क्योंकि यह विभिन्न निवेश इकाईयों को समन्वित करती है । विदिशा राष्ट्रीय राजमार्ग 146 , राष्ट्रीय राजमार्ग 346 , राज्य राजमार्ग 42 एवं अन्य मुख्य मार्ग पर स्थित है जो शहर को भोपाल, सागर ,अशोकनगर, गैरतगंज से जोड़ते हैं । नगरीय भूमि उपयुक्तता का विश्लेषण करने हेतु इन मार्गों को सम्मिलित किया गया है, एवं बफर जोन मार्ग के दोनों ओर निर्धारित किए गए हैं । मार्ग संरचना के अन्तर्गत मार्ग संरचना बफर की जानकारी सारणी 2- सा-14 एवं मानचित्र क्रमांक 2.15 में दर्शाई गई है । 3715

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

मार्ग संरचना बफर क्षेत्रफल

सारणी 2- सा- 14 क्र.

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

मार्ग बफर (मीटर)

3

2

1

1724.10

100

1

1602.62

200

2

3988.80

3

500

9213.83

4

>500

16529.35

कुल

स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

2.3.1.17 रेलवे स्टेशन

विदिशा रेलवे स्टेशन नई दिल्ली - मुम्बई एवं नई दिल्ली- चैन्नई प्रमुख लाइन पर स्थित है । यहाँ से भोपाल , बीना के लिये यात्री रेल सेवा मेल एवं पैसेन्जर गाड़ियों द्वारा उपलब्ध है ।

2.4 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता

नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में यह निर्धारित करना है कि, कौन सी भूमि का विकास किया जाये एवं किस प्रकार किया जाये । इस कारण भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में प्राकृतिक विशेषताएँ, नैसर्गिक अवरोध एवं सामाजिक एवं आर्थिक समानताएँ महत्वपूर्ण हैं । मूलतः इस प्रक्रिया में भूमि की धारण क्षमता के अंतर्गत, भूमि उपयोग उपयुक्तता एवं स्थानीय भूमि का मूल्य सम्मिलित है । भूमि उपयुक्तता का निर्धारण भूमि की प्राकृतिक एवं नैसर्गिक क्षमता पर निर्भर है । भूमि का मूल्य प्रमुखतः तीन आधार पर निर्भर होना चाहिए

(1 ) भूमि का बाजार मूल्य जो पूर्ण विक्रय के आधार पर होता है

(2) प्राकृतिक संरचना का गुणात्मक मूल्यांकन

(3 ) संस्पर्शी क्षेत्र का भूमि मूल्य ।

भूमि मूल्य एवं भूमि उपयुक्तता का संयुक्त मानचित्र, के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक मूल्य के संदर्भ में वैकल्पिक विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जा सकते हैं । निवेश क्षेत्र में नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का निर्धारण महत्वपूर्ण है एवं इसी आधार पर विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जाते हैं । भूमि की उपयुक्तता न सिर्फ प्राकृतिक विशेषता पर निर्भर है , अपितु इसका आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण है । उक्त दोनों मापदण्ड़ों का परिणाम उपयुक्तता श्रेणी का निर्धारण करना है, एवं भूमि के विस्तृत वर्गीकरण , विभिन्न विकास हेतु करना संभव है । इसके अतिरिक्त भूमि उपयोग उपयुक्तता निर्धारण , वर्तमान [भाग 1 3716

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

Visha

PlanningAreg

Km

VIDISHA

Legend

NRSC,ISRO-2018

Waterbody

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision

RailwayLine

BuiltupArea

NationalHighway

Bypass

Roads

Barrenrocky/Stonywaste

2.14LANDDEGRADATION

WaterErosion-Sheet-Severe

WaterErosion-Sheet-Moderate

StateHighway

Source:NationalLandDegradationMappingProject

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal LandDegradation

Scale District-Vidisha

00.511.522.533.54

ToSagar

ToGairatganj

8H-42

ToBina

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknagar NH36

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal 3717

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Vidisha

PlanningArea

Legend

VIDISHA 2.15ROADBUFFER

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

NationalHighway

BuiltupArea

Bypass

Roads

StateHighway

100

500 200

Source:Worldview-IISatellitedata

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal RoadBuffer(DistanceinMeters)

0.511522533.54 Km

District-Vidisha

0 Scale

ToSagar

ToGairatganj

ToBina

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknagar

ToBarasia-

ToBhopal

ToBhopal- [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3718

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) स्थिति जैसे भूमि पर दबाव महत्वपूर्ण है । यदि भूमि पर आर्थिक दबाव रहा, उस दशा में , उक्त भूमि जो उपयुक्तता के आधार पर, ग्राह्य नहीं है, का विकास होगा । यह स्पष्ट है कि मापदण्डों की श्रेणियाँ अधिक होंगी, जो बाजार के संदर्भ से प्रभावित होती हैं । अतः उपरोक्त संदर्भ में, उपयोगिता विश्लेषण प्रक्रिया जो इस रिपोर्ट में उल्लेखित है , वरीयता के आधार पर नगरीय भूमि उपयोग हेतु निर्धारण की दृष्टि से देखा गया है ।

अतः इस अध्ययन में, बहु प्रणाली आधारित अध्ययन (स्थल सर्वेक्षण , स्थल की वास्तविकता, पुराने मानचित्र एवं सुदूर संवेदन इमेजरी) किया गया है , जिसके परिणामस्वरूप भूमि उपयुक्तता विश्लेषण संभव हुआ है । विदिशा नगर के संदर्भ में एकीकृत भूमि उपयुक्तता विश्लेषण ( Composite land Suitability Analysis ) अपनाई गई है । उदाहरण के रूप में, इस प्रकार के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि कौन सी भूमि विकास / भवन निर्माण हेतु उपयुक्त है एवं किस भूमि को हरित क्षेत्र के रूप में अथवा विकास हेतु प्रतिबंधित / संरक्षित रखी जाना है । भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने हेतु निम्नलिखित श्रेणी घटकों पर विचार किया गया है ।

1. वर्तमान भूमि उपयोग

2. मिट्टी का प्रकार

3. ढलान का प्रतिशत

4. बाढ़ आपदा

5. जलाशय

6. मार्ग संरचना

7. जियोमार्फोलॉजी

8. भूमि का मूल्य (वार्ड अनुसार )

उपरोक्त घटकों के मूल्यांकन के माध्यम से नगर विकास हेतु भूमि के संदर्भ में उपयोग सीमा निर्धारित होती है । सीमा की अवधारणा , भूमि के गुणात्मक मूल्यांकन से हैं । अगर ढलान अधिक है तो यह स्पष्ट है कि, अधिक ढ़लान वाले क्षेत्र को विकसित करने हेतु व्यापक स्त्रोत (पैसा, जनशक्ति, सामग्री) आवश्यक होंगे । अतः उक्त भूमि समतल भूमि से कम उपयोगी होगी । उक्त अवधारणा सभी घटकों के संदर्भ में प्रभावी है ।

उपरोक्त सभी घटकों के प्राकृतिक विचारणीय बिन्दु को नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि तथा पर्यावरण के विश्लेषण में शामिल किया है । इन घटकों से विश्लेषित जानकारी का भौगोलिक सूचना प्रणाली से समन्वय कर संकेतक प्राप्त किये हैं ।

2.4.1 नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प

निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत राजस्व भूमि/ नगरीय भूमि उपयुक्तता के घटकों के विश्लेषण के आधार पर विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं । इन विकल्पों में प्रत्येक घटक का 3719

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) क्रम दूसरे घटक के परस्पर संबंधों पर निर्धारित किया गया है । भूमि उपयुक्तता के विकल्पों का वर्णन सारणी 2- सा -15 , 2- सा-16 , 2- सा -17 में दिया गया है ।

Weighted Index For Composite Land Suitability [ Model- 1 |

Theme

S.No.

2

1

LANDUSE 1

1

GEOMORPHOLOGY 2

3

1

2

GROUNDWATER PROSPECTS 3

1

SOIL TEXTURE 2

3

1

2

ROAD BUFFER 3

4

1

2

3

WATER BODIES BUFFER 4

5

1

2

SLOPE 3

4

1

2

LAND VALUE 3

4

स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

सारणा 2 - स- 15 Class

Class Weight Theme Weight

4

5 3

7 25

Agriculture

9 Pediplain

8 Pediment

20

3

Cuesta

3 Good to Moderate

5 10

Moderate to poor

9

Poor

7

Fine

8 05

Loamy

9 Loamy Skeletal

9

100 m

7

200 m

10

5

500 m

3

>500 m

1

15 m

3

30 m

5

45 m

15

7

60 m

9

>60 m

9

0-1 %

8

1-3%

10

7

3-5 %

6

5-10 %

7

5 05

3

2

>40000 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3720

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

Weighted Index For Composite Land Suitability [ Model - 2 ]

Theme

S. No.

Theme Weight

3

2

1

25

LANDUSE

1

1

20

GEOMORPHOLOGY 2

3

1

10 2

GROUNDWATER PROSPECTS

3

1

05

SOIL TEXTURE

2

3

1

2

10

ROAD BUFFER

3

4

1

2

15 3

WATER BODIES BUFFER

4

5

1

10 2

SLOPE

3

4

1

2

05

LAND VALUE

3

4

स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

सारणी 2-सा-16 Class

Class Weight

5 4

7 Agriculture

9 Pediplain

8 Pediment

3 Cuesta

3 Good to Moderate

5 Moderate to poor

9 Poor

7 Fine

8 Loamy

9 Loamy Skeletal

9 100 m

7 200 m

5 500 m

3 >500 m

1 15 m

3 30 m

5 45m

7 60 m

9 >60 m

9 0-1 %

8 1-3%

7 3-5 %

6 5-10%

7

5

3

2 > 40000 3721

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

Weighted Index For Composite Land Suitability [Model-3 ]

Theme S.No.

2

1

LANDUSE 1

1

GEOMORPHOLOGY 2

3

1

2

GROUNDWATER PROSPECTS 3

1

SOIL TEXTURE 2

3

1

2

ROAD BUFFER 3

4

1

2

3

WATER BODIES BUFFER 4

5

1

2

SLOPE 3

4

1

2

LAND VALUE 3

4

स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

सारणी 2-सा- 17 Class

Class Weight

Theme Weight

5 3

4

7 25

Agriculture

9 Pediplain

20

Pediment

8

3

Cuesta

3 Good to Moderate

5 10

Moderate to poor

9

Poor

7

Fine

8 05

Loamy

9 Loamy Skeletal

9

100 m

7

200 m

10

5

500 m

3 >500 m

1

15m

3

30 m

5

45 m

15

7

60 m

9

>60 m

9

0-1%

8 10

1-3%

7

3-5 %

6 5-10 %

7

5

3 05

2 > 40000

घटकों को नगरीय उपयुक्तता के आधार पर मूल्यांकन के बाद श्रेणी प्रदान की गई, जो 8 मानचित्रों का एकीकरण परिणाम है । 8 मानचित्रों के संयुक्त परिणाम के कारण कई स्लिवर पॉलीगॉन निर्मित हुए । उक्त पॉलीगॉन को संस्पर्शी पॉलीगॉन में विसर्जित किया गया, जिसका आधार स्थल संदर्भित स्थिति एवं न्यूनतम मानचित्र खंड ( Minimum Mappable Unit ) है । एकजाई आकृति में संयुक्त भूमि उपयुक्तता श्रेणी है एवं प्रत्येक श्रेणी में सभी घटकों के चरित्र विद्यमान हैं, जो भूमि उपयुक्तता हेतु आवश्यक हैं । प्रत्येक श्रेणी की [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3722

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) मूल्यांकन वरीयता उक्त घटक के महत्व के आधार पर एवं एक दूसरे से तुलना के आधार पर की गई ।

संयुक्त उपयोगिता संकेतक ( Composite Suitability Index) की गणना 8 घटकों के मूल्यांकन को उनकी श्रेणी से गुणा कर प्राप्त किया गया । सी.एस.आय. को 4 श्रेणी में विभाजित किया गया । इस प्रक्रिया में प्रत्येक श्रेणी इस बात का सूचक है कि सक्षमता की सीमा प्रत्येक वर्ग के संदर्भ में कितनी है, अर्थात् न्यूनतम, अधिकतम, सी.एस.आय. का औसत एवं स्तरीय डेविएशन ( Standard Deviation ) का उपयोग वर्गीकरण हेतु किया गया है । सी.एस.आय. मूल्यांकन का अधिक होना नगरीय विकास हेतु उच्च वरीयता का द्योतक होगा । कम सी.एस.आय. मूल्यांकन का संदर्भ नगर विकास हेतु कम मूल्यांकन परंतु संरक्षण हेतु उच्च वरीयता से है । अंततः संयुक्त श्रेणी के संयुक्त परिणाम हेतु नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता 4 श्रेणियों में विभाजित है, जो सारणी 2 - सा-18 , 2 - सा-19, 2 - सा -20 तथा मानचित्र क्रमांक 2.16, 2.17 एवं 2.18 में दर्शित हैं ।

Land Suitability Analysis [ Model - 1 ]

सारणी 2- सा- 18

Percentage

Area (Ha. )

Suitability Class

3

2

1

37.19

6221.60

Highly Suitable

51.33

8587.35

Moderately Suitable

7.37

1233.06

Less Suitable

4.12

688.60

NotSuitable

16730.62

100.00

Total

Land Suitability Analysis [ Model- 2 ]

सारणी 2-सा- 19

Area (Ha. )

Percentage

Suitability Class

2

3

1

13.76

2302.07

Highly Suitable

74.52

12468.33

Moderately Suitable

8.39

1402.92

Less Suitable

557.32

3.33

Not Suitable

16730.62

100.00

Total 3723

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

Land Suitability Analysis [ Model- 3 ]

सारणी 2- सा- 20

Percentage

Area (Ha . )

Suitability Class

3

2

1

11.53

1929.30

Highly Suitable

76.74

12839.26

Moderately Suitable

9.27

1550.74

Less Suitable

2.46

411.33

Not Suitable

100.00

16730.62

Total

उपयोग उपयुक्तता हेतु [ Model- 1 ] , [ Model - 2 ] एवं [ Model - 3 ] तैयार किए गए, जिन्हें सारणी 2 - सा -18 , 2 - सा-19 , 2 - सा-20 में दर्शाया गया है । निवेश क्षेत्रांतर्गत [Model - 1 ] में अधिकतम एवं मध्यम उपयुक्त भूमि 14809.00 हेक्टेयर (88.5 प्रतिशत ) प्राप्त हुई । अतः [ Model - 1 ] का चयन अंतिम रूप से विदिशा विकास योजना तैयार करने हेतु किया गया ।

2.5 भूमि उपयोग का आवंटन

नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि का चयन करने के पश्चात्, भूमि उपयोग क्षेत्र का निर्धारण , भारत सरकार के शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय द्वारा प्रसारित Urban and Regional Plan Formulation and Implementation ( URDPFI ) गाईड लाईन एवं राज्य के विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखकर किया गया है ।

इस अध्याय में सुदूर संवेदन प्रणाली एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के उद्देश्य एवं इसमें अंगीकृत कार्यप्रणाली , विस्तार से प्रस्तुत है । पारंपरिक पद्धति से किये गये सर्वेक्षण कार्य की तुलना में, उपरोक्त प्रणाली अधिक उपयोगी एवं प्रभावी है । इसके अंतर्गत, उपग्रह से प्राप्त चित्रों की व्याख्या करने के पश्चात् भूमि उपयोग मानचित्र , वस्तुस्थिति के अनुरूप तैयार करना संभव है । पर्यावरण के घटकों का अध्ययन एवं विश्लेषण संभव है । इसी कार्यप्रणाली के आधार पर, निवेश क्षेत्र का विश्लेषण किया गया है तथा प्रस्तावित विकास की दिशा निर्धारण, जो विभिन्न घटकों के विश्लेषण के आधार पर है, विकास हेतु भूमि चयन के वैकल्पिक प्रस्ताव प्रस्तुत है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3724

z

Vidisha

PlanningArea

VIDISHA

Legend

Waterbody

Source:DatabaseLayers

PlanningAreaBoundary

ModeratelySultable(828)

RailwayLine

NationalHighway

Bypass BudtupAres

Roads

StateHighway

LessSultable(1376)

HighlySuitable(13693)

NotSultable(563)

SUITABILITY

2.16LANDSUITABILITY(MODEL-1)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (Landuse&Geomorphologygivenmoreweightage)

Scale Distric-Vidisha

0051152253354 Km

ToSagar

ToGairatganj

Bina

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal- 3725

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Vidisha

PlanningAma

Km

Legend

Waterbody

Source:DatabaseLayers

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

ModeratelySultable(1702)

NationalHighway

BuiltupArea

StateHighway

HighlySultable(13645)

LessSuitable(1135)

NotSultable(249)

SUITABILITY

VIDISHA 2.17LANDSUITABILITY(MODEL-2)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST;Bhopal (Lenduse,WaterbodyBuffer&Siope givenmoreWeightage)

Scale District-Vidisha

00.511.522533.54

ToSagar

ToGairatganj

Bina

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknagar-

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3726

z

Vidisha

PlanningAreg

Km

Legend

Waterbody

Source:DatabaseLayers

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

BuiltupArea

Bypass

NationalHighway

ModeratelySuitable(2598)

Roads

StateHighway

HighlySuitable(13304)

LessSuitable(567)

NotSultable(261)

SUITABILITY

VIDISHA 2.18LANDSUITABILITY(MODEL-3)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (EqualWeightagetoAllLayers)

Distric-Vidisha

00.511.522.533.54 Scale

ToSagar

ToGairatganj

Bma

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal- 3727

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

अध्याय-3 विकास योजना पुनर्विलोकन हेतु अध्ययन एवं विश्लेषण 3.1 क्रियान्वयन परिदृश्य

विदिशा विकास योजना 2031 में क्रियान्वन की प्रक्रिया के अंतर्गत , विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर नागरिकों की सक्रिय सहभागिता अर्जित करना था । वर्तमान आवश्यकताओं, नागरिकों की सुख- सुविधाओं में वृद्धि एवं जीवन स्तर में सुधार को ध्यान में रखते हुए विकास योजना का मध्यावधि पुनर्विलोकन अत्यावश्यक है । यह विकास योजना, मुख्य रूप से निम्न बिन्दुओं के प्रबन्धन के अभाव में प्रभावित हुई है ।

1. संस्थागत संरचना के लिए भूमि आपूर्ति एवं नगरीय भूमि प्रबंधन व प्रक्रिया का अभाव ।

2. नगरीय अधोसंरचना के विकास के लिए स्थानीय निकाय के पास संसाधनों की पर्याप्त रूप से एवं समय पर अनुपलब्धता ।

3. निवेश के लिए संस्थाओं को प्रोत्साहन करने में अपेक्षित प्रणाली के विकास का अभाव ।

4. पर्यावरण सुधार के लिए प्रबंधन का अभाव ।

5. योजना क्रियान्वयन का सतत् पर्यवेक्षण न होना ।

6. विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग के विपरीत विकास / निर्माण ।

7. मिश्रित उपयोग हेतु भूमि प्रस्तावित न होना ।

3.2 विकास योजना (2031 ) के क्रियान्वयन का मूल्यांकन (2011-2020 )

वर्ष 2020 के वर्तमान भूमि उपयोग सर्वेक्षण से ज्ञात होता है कि निवेश क्षेत्र में कुल 1524.87 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास हुआ है । विकास योजना 2031 में प्रस्तावित विकास हेतु 2879.16 हेक्टेयर भूमि निहित थी । वर्ष 2012 के भूमि उपयोग सर्वेक्षण के अनुसार नगर में 1011.48 हेक्टेयर विकसित क्षेत्र था अर्थात् गत 7 वर्षों में मात्र 1305.73 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । उक्त प्रस्तावों के क्रियान्वयन संबंधी मूल्यांकन को सारणी 3 - सा -1 एवं 3- सा-2 में दर्शाया गया है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3728

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) विकास योजना 2031 भूमि उपयोग के क्रियान्वयन का मूल्यांकन ( विदिशा विकास योजना 2031 सारणी 3-सा-2 अनुसार ) (2011-2020)

क्र

भूमि आवंटन 2031 (हेक्टेयर में) भू-उपयोग

प्रतिशत

क्षेत्र फल

4

2

3

1

1

1230.42

51.27 आवासीय

2

मिश्रित

3

6.63

159:10

वाणिज्यिक

4

98.31

4.10 औद्योगिक

5

204.23

8.52 सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक

6

11.73

0.48 सार्वजनिक उपयोगिता एवं सुविधायें

7

473.62

19.73 आमोद-प्रमोद

222.59

9.27 8

यातायात एवं परिवहन

2400.00 100.00

योग

स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश एवं जी.आई.एस सर्वेक्षण /विश्लेषण

सारणी 3- सा- 1

अन्तर

विकसित क्षेत्रफल 2020 (हेक्टेयर में)

क्रियान्वयन का प्रतिशत प्रतिशत

क्षेत्र फल

6

7

8 5

554.24

54.95 676.18

44.93

44.81

2.98

-44.81

6.01

68.58

56.89 90.52

55.83

42.48

2.82

43.21 192.55

12.79

11.68

94.28

-6.14

1.19

152.34 17.87

35.34

2.35

438.28

7.46

-182.73

26.93

182.09 405.32

62.71

894.20

1505.08

100.00 3729

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) विकास योजना 2031 भूमि उपयोग के क्रियान्वयन का मूल्यांकन (मानचित्र अनुसार) (2011-2020) भू-उपयोग

भूमि आवंटन 2031 (हेक्टेयर में) क्र

क्षेत्रफल

प्रतिशत

4

3

2

1

49.43

1423.12

आवासीय

1

2

मिश्रित

4.88

140.47

वाणिज्यिक

3

3.27

94.26

औद्योगिक

4

7.43

214.01

5

सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक

0.55

15.95

6

सार्वजनिक उपयोगिता एवं सुविधाये

12.92

371.85

7

आमोद-प्रमोद

21.54

619.50

8 यातायात एवं परिवहन

2879.16

100.00 योग

स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश एवं जी.आई.एस सर्वेक्षण/ विश्लेषण

3.2.1 आवासीय

सारणी 3- सा- 2

अन्तर

विकसित क्षेत्रफल 2020 (हेक्टेयर में)

क्रियान्वयन का प्रतिशत प्रतिशत

क्षेत्रफल

8

5

6

7

746.94

47.51 44.93

676.18

-44.81

2.98

44.81

49.95

64.44 6.01

90.52

2.82

45.06

51.78

42.48

88.72

21.46

12.79

192.55

-1.92

112.03 1.19

17.87

9.51

336.51

2.35

35.34

65.54

214.18

26.93

405.32

52.27

1374.08

100.00

1505.08

विकास योजना 2031 में 1423.12 हेक्टेयर भूमि आवासीय क्षेत्र में विकसित करना प्रस्तावित था, जिसमें से वर्ष 2020 में किए गए अद्यतन सर्वेक्षण अनुसार 676.18 हेक्टेयर भूमि का आवासीय विकास हुआ है, जो कि 47.51 प्रतिशत है । अतः यह स्पष्ट है कि नगर का विकास तीव्रगति से हो रहा है ।

3.2.2 वाणिज्यिक

विकास योजना 2031 में वाणिज्यिक उपयोग हेतु 140.47 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 90.52 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ । वाणिज्यिक क्षेत्र का अधिकांश विकास प्रमुख मार्गों पर एवं पुराने आवासीय उपयोग की भूमि को वाणिज्यिक रूप में परिवर्तित करने से हुआ है । यू.आर.डी.पी.एफ.आई के मापदण्डों के अनुसार 4 से 6 प्रतिशत भूमि वाणिज्यिक उपयोग के लिए निर्धारित की गई है ।

3.2.3 औद्योगिक

विकास योजना 2031 में औद्योगिक इकाईयों की स्थापना हेतु कुल 94.26 हेक्टेयर भूमि के विकास की परिकल्पना के आधार पर प्रस्ताव दिए गए थे , जिसमें से 42.48 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विकास हुआ, जो कि 45.06 प्रतिशत आता है । [भाग 1 3730

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 3.2.4 आमोद-प्रमोद

नगरीय सौन्दर्गीकरण को दृष्टिगत रखते हुये विकास योजना 2031 में 371.85 हेक्टेयर भूमि के अंतर्गत उद्यान, पिकनिक स्थल, खेल का मैदान आदि के विकास हेतु स्थल निर्धारित किए गए थे । वर्तमान में इस उपयोग के अंतर्गत कुल 35.34 हेक्टेयर भूमि विकसित हुई है, जो की 9.51 प्रतिशत है । प्रस्तावित आमोद -प्रमोद भूमि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 12.92 प्रतिशत थी ।

3.2.5 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक

विकास योजना 2031 में सार्वजनिक एवं अद्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत 214.01 हेक्टयर भूमि प्रस्तावित की गई थी । वर्ष 2020 तक कुल 192.55 हेक्टयर भूमि सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत विकसित हुई है ।

3.2.6 यातायात एवं परिवहन

विकास योजना 2031 में 619.50 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाना प्रस्तावित था, जिसमें से 405.32 हेक्टेयर भूमि विकसित हुई है, जो की 65.54 प्रतिशत है । प्रस्तावित यातायात एवं परिवहन भूमि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 21.51 प्रतिशत थी ।

3.2.7 सार्वजनिक उपयोगितायें और सुविधायें

विकास योजना 2031 में क्षेत्रीय , परिक्षेत्रीय एवं उपखण्ड स्तरीय गतिविधियों के विकास हेतु 15.95 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाना प्रस्तावित था, जिसमें से 17.87 हेक्टेयर भूमि पर इस उपयोग के अन्तर्गत विकास हुआ है । सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक सेवाएँ- सुविधाएँ की भूमि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 0.55 प्रतिशत थी ।

3.2.8मिश्रित

विकास योजना 2031 में मिश्रित उपयोग हेतु भूमि प्रस्तावित नहीं की गई थी, परन्तु 2020 की स्थिति में 44.81 । हेक्टेयर भूमि मिश्रित उपयोग में विकसित हुई है । इससे यह स्पष्ट है कि मिश्रित उपयोग हेतु प्रस्ताव एवं मापदण्ड आवश्यक थे ।

3.3 असंगत भूमि उपयोग

असंगत एवं अकार्यक्षम उपयोगों का अध्ययन करने पर पाया गया कि कोलाहल उत्पन्न करने वाले क्षेत्रों के साथ- साथ माल उतारने चढ़ाने की सुविधा से रहित भीड़- भाड़ एवं कार्यशीलता में अक्षमता वाले कुछ उपयोगों को उनके वर्तमान स्थल में स्थानांतरित किया जाना आवश्यक है । साथ ही ऐसी गतिविधियाँ, जो आसपास के उपयोगों से भिन्न होने के कारण असंगत उपयोग के अंतर्गत आते हैं , स्थानांतरित किया जाना आवश्यक है जिसका विवरण सारणी 3 - सा-3 में दिया गया है । 3731

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

भूमि उपयोगों की पुनस्थापना एवं रिक्त भूमि का विकास

सारणी 3-सा- 3 समस्या का प्रकार

वर्तमान स्थिति

भूमिउपयोग

क्र

2

1

असंगत भूमि उपयोग (अ)

4

3

पर्यावरणीय समस्या

जयस्तभं के पास

1 पशुवध गृह एवं मांस बाजार 2

दुग्ध डेयरियां

पर्यावरणीय समस्या

स्वर्णकार कालोनी, जैन मंदिर के पास तथा नगर में यत्र तत्र

यातायात समस्या

नगर में यत्र तत्र

3

भवन निर्माण सामग्री एवं लोहा बाजार

4

गोदाम

यातायात अवरोध एवं ट्रक वाहन विराम समस्या

विद्युत मण्डल कार्यालय

के पास माधवगंज ,

लोहिया उद्यान

यातायात समस्या

नगर में यत्र तत्र

5

कबाडी बाजार यातायात समस्या

नगर में यत्र तत्र

अग्रेषण अभिकरण 6

आरा मशीनें

7

यातायात समस्या

सावरकर मार्ग , गुरूनानक

कालोनी,राजेन्द्र गिरी

मार्ग स्वर्णकार कॉलोनी

8

फल/ सब्जी मंडी यातायात समस्या

सावरकर कॉलोनी,

जयस्तंभ, बसस्टेण्ड, सुभाष

मार्ग

9

कृषि उपज मंडी मंडी क्षेत्र

यातायात समस्या स्थानाभाव , वाहन विराम समस्या

स्वर्णकार कॉलोनी

काष्ठ भंडार

10

11

दाल मिल

व्यस्त वाणिज्यिक क्षेत्र में स्थित एवं यातायात समस्या

कृषि उपज मंडी के निकट

12

पर्यावरणीय एवं यातायात समस्या

पर्यावरणीय समस्या

कृषि उपज मंडी के निकट

यूनियन प्रेस्टीसाइड्स 13

भूस्खलन की समस्या

लोहांगी पहाड़ी के चारो

ओर

लोहांगी पहाडी के चारो ओर की बसाहट (50 मीटर के घेरे में) 14

क्रियान्वयन पूर्ण

शासकीय कन्या महाविद्यालय

बिजली घर के सामने

15 बी.एम. डिग्री कॉलेज अनुपयुक्त एवं स्थानाभाव

नीमताल के पास

16

इन्दिरा काम्पलेक्स डिग्री महाविद्यालय

अनुपयुक्त एवं स्थानाभाव

अस्पताल के सामने

17

राजकमल बडजात्या हाईस्कूल

हाई टेंशन लाईन के नीचे अनुपयुक्त स्थल

राजीव नगर

शासकीय कार्यालय 18

यातायात एवं वाहन विराम समस्या

वर्तमान प्रशासकीय क्षेत्र

शासकीय कार्यालय 19

यातायात एवं वाहन विराम समस्या [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3732

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

समस्या का प्रकार

वर्तमान स्थिति

क्र

भूमि उपयोग

4

3

2

1

नीम तालाब के चारो ओर

जल प्रदूषण

20

नीम तालाब के चारों ओर 10 मीटर के घेरे में स्थित बसाहट

अकार्यक्षम भूमि उपयोग

(ब)

लोहांगी पहाड़ी के निकट

प्रभात दाल मिल

21

पर्यावरणीय एवं यातायात समस्या

यातायात समस्या

वर्तमान बस स्टेण्ड

बस स्थानक

22

3.4 जनसांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण

3.4.1 जनसंख्या विश्लेषण

विदिशा नगर मध्यप्रदेश राज्य के भोपाल संभाग का एक जिला मुख्यालय है । विदिशा जिला , तहसील , नगर प्रदेश की जनसंख्या का विवरण नियोजन हेतु महत्वपूर्ण है । इसका विवरण सारणी 3 - सा-4 में दर्शाया गया है ।

राज्य एवं जिला में जनसंख्या विवरण एवं लिंगानुपात

सारणी 3- सा- 4

महिला

कुल

जनसंख्या-2011

पुरुष

क्र.

लिंग अनुपात जिला एवं तहसील

6

5

4

3

2

1

931

35014503

37612306

72626809

1. मध्य-प्रदेश

896

689307

769568

1458875

2. विदिशा जिला

905

152988

169029

322017

विदिशा तहसील

3.

914

74463

81488

155951

4. विदिशा नगर

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2011

वर्ष 2011 में विदिशा नगर पालिका में 36 वार्ड थे, जिन्हे वर्ष 2014 में बढ़ाकर एवं परिसीमन कर 39 किया गया । भारत की जनगणना 2011 में वर्ष 36 वार्डों की जानकारी उपलब्ध है । जनसांख्यिकी एवं सामाजिक विश्लेषण हेतु 36 वार्डों की जानकारी उपयोग की जा रही है । नगर के 36 वार्ड मानचित्र क्रमांक 3.1 में दर्शित है । नगर की जनसंख्या वर्ष 2011 में 155951 थी । अमृत योजना के मानकों के अनुसार वार्ड वार कुल जनसंख्या, शिशु, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं साक्षरता की जानकारी सारणी 3 - सा -5 में दर्शायी गई है । 3733

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2109.06 z

Vidiana

KarWaid

PlanningArea

19

Wards

3.54 Km

VIDISHA

Legend

Total

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Wad

3.1MUNICIPALWARDS

RailwayLine

VillageBoundary

Bypass

Roads

NationalHighway

StateHighway

Source:NagarPalikaParisad,Satna

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.51152253

ToSagar

ToGairatganj

Madaskhedi

Panih

Karskhed

SH-45

Ghudyakhedi

Dharukhed

Bhoriya

ParsiTunda

ToBina

Dhatriya

Mrjapur

778120

Dabar

Chidoriys

MundaraHari

heda

Savell

QurerlyaPaveli

PathariHavell

Gehutthed

Jeewalpur

Amachatar

Murwera

Suaakhed!

NH-346

Dholkhadi

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Saulatpura

Rangai

AamkhediHave Bypass

Padariya

Udaygiri

Sunpura

oAshoknagar

KarhulyaHavell

ToBarasia

ToBhopal

Vighan

ToBhopal- [भाग 1

मध्यप्रदेश

श राजपत्र, दिनांक

26फरवरी , 2021

3734

777

1004

1276

800

864

2855

1235

2097

2142

983

737

977

943

804

1336 1061

661

2448

2196

T 16

819 15051271

1185

1424

1219

969 1001

3578

1296 3005

1099

1271

2899

2883

1193

2912

914

715621

1641

F 15

Literates

1639899740

1596

1674908766

1801

2506

2776

1622885

2700

2202

1833

2042

5041 269315511142

4980

1423762

6433

2170

1404787617

5453

2357

1718 2189

1336

1679926753

5108

2977

सारणी3-सा-5

M

14

6

4

8

0 5

69

1

8

2

0

14 20

0

10

3

2

63 0

48

71

3

3

0

19 1

98

T 13

5

1

72

5

39

5

7

28

3

89

3 0 3

10

11

0

27 2 2 0 3

3

53 0

117

12

F

STPopulation

2

19

10

13 1

5

0

6

7

87

4

0

15

11

24

160

48

8

6

0

3

116 0

46

141

215

M

11

54 77 449

344

839 855

501

54

320 35

133

278 156

108

150 16 7

170

16 28

295

235 164 851 888 69

T 10

59 490

110

36

934

78

149

192

73 9 24 25 74

487

349

199

320

933

913 67

18

371

946

171

341

9

F

SCPopulation

356 155 939

1764

305

514279

127

598

1772 1789

644 715

113

207

218

53 71

136

369

34

40

661

16

1834

321

8

M

174988

182

622

549 112

178

142

82

556 286

91

वॉर्डवारकुलजनसंख्या

82

128

123

118 110

149

158

387

105

203

71

567

276

7

T

12792

97

192153

184

115

166

176 700 266

96

135

207 336

137

612

103

173 196

591

82 111

446 193

118

203

641

6

F

552

345

385

215

178

358

260

219

612

322 378

406

245

308

304

193

1322

833

233

351

153

223

1140

1168

1208

ChildPopulation(06)

5

M

1076 1255

1881

872

1640

1534

954

1281

1385

1122

3518

984

3792

1508 3299 1391 1530

2029

3801

981

4

T

4272

1796

10761008

980965188

1344

902805

1652

1138

3966

4195 12081183

832766

1519

2050

1005

1520 1456

1263

2220 1114 3649

1084

45314140

1069 1501

1643

3

F

Population

3436

1945

7996

1707

2599

7484

1877

2214

3049 2905

2084

2737 8671

2892

3931

6948

2385

2391

4249 2095

1598

2068

3186

2023

8064

3151

2

M

22

25

12

16 18

19

24 26

6 8 9 10

15

13

7

17

20 21

2

11

14

23

5

4

3

1

Ward

no.

3735

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

3898

3455 51797

903

1203

1815 1075

984

674 3663 3021

16

T

4756

4235

981

1130 1373

63933

4123

4963

1234

2041

851

F 15

Literates

2576 1884

8654

7144 7690 115730

2205

3856

8626

1525 2218

14

M

75 10

2 60 39

879

5

154

3 60

13

T 13

9 152

36 74

929

2 2 72

2 77

14

12

F

STPopulation

1808

4

306

19

75

132 149

5 7

137

27

M

11

187 43

379

695 11853

618

357

833

346

1163

140

10

T

विदिशाविकासयोजना2035(प्रारूप)

12968

920 788

49

202

1336

405

351

178

337

9

F

SCPopulation

389

784

24821

694

92

1753 1483 1373755

697

2499

318

8

M

9505

108

614

149

614

618

927

185

193

270

131

7

T

611

100

165

1008

196 721

694

300 195

10548

155

6

F

314 208

570 381

388

286

1225 1308

1339

1935

ChildPopulation(06)

20053

5

M

5276

1545

74463

4844

1409

1569

4709

2299

1113

6025

974

4

T

5240 5847

1121

1532

5392

6662

1509 1633 81488

2465

1102

3

F

Population

10084

11123

2234

3178 155951

4764

12687

2918

10101

2076

3101

2

M

स्त्रोत-भारतकीजनगणना2011

35

34

32

36

Total

30

33

29

27

31

28

1

Ward

no.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3736

3.4.2 जनसंख्या लिंगानुपात

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) विदिशा नगर पालिका उच्चतम लिंगानुपात वार्ड क्रमांक 31 का 1024 है तथा सबसे कम लिंगानुपात वार्ड क्रमांक 13 का 867 है, जिसकी जानकारी सारणी 3 - सा-6 एवं मानचित्र क्रमांक 3.2 में दर्शित है ।

वार्ड जनसंख्या लिंगानुपात

क्र

जनसंख्या लिंगानुपात (1000 पुरूष पर महिला)

2

1

1

>950

925-950

2

3

900-925

4

<900

योग स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011

3.4.3 शिशु जनसंख्या

सारणी 3-सा- 6 वार्ड क्रमांक

कुल वाडाँ की संख्या

4 3

5

12, 21, 24, 31, 35

8

9, 15 , 22, 23 , 25 , 28, 30 , 33

13

2, 3 , 5 , 7, 8, 14, 18, 19, 20, 26, 29, 34,36

10

1, 4, 6, 10, 11, 13 , 16, 17 , 27 , 32

36 विदिशा शहर का लिंग अनुपात 914 है, जबकि शिशु श्रेणी में यह अनुपात 901 है । विदिशा नगर में शिशु जनसंख्या 12.86 प्रतिशत है । शिशु जनसंख्या प्रतिशत वार्ड क्रमांक 18 में अधिकतम प्रतिशत है एवं वार्ड नं. 1 , 2, 17, 20, 21 , 29 में शिशु जनसंख्या प्रतिशत सबसे कम प्राप्त हुई है, जिसकी जानकारी सारणी सारणी 3 - सा-7 दर्शित है । शिशु जनसंख्या मानचित्र क्रमांक 3.3 एवं शिशु लिंगानुपात मानचित्र क्रमांक 3.4 में दर्शाई गई है ।

शिशु जनसंख्या

क्र.

शिशु जनसंख्या (0-6 वर्ष) प्रतिशत

2

1

>14

1.

13-14

2.

3.

12-13

4.

11-12

5

10-11

<10

6

योग स्त्रोत-जनगणना विभाग-2011

सारणी 3 -सा- 7 वार्ड क्रमांक

कुल वाडाँ की संख्या

4 3

7 1 , 2, 17 , 18 , 29 , 20, 21

7

13, 14, 19, 25 , 27 , 30 , 32

4 5, 9, 31 , 34

6 7, 8 , 16 , 26 , 28 , 36

5 4, 10, 11 , 12, 22

7 3, 6 , 15 , 23 , 24 , 33 , 35

36 3737

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 3.4.4 अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या

विदिशा नगर में अनुसूचित जाति- जनजाति जनसंख्या कुल जनसंख्या की 17.07 प्रतिशत है । उक्त जनसंख्या संपूर्ण नगर में वितरित है, किन्तु वार्ड क्रमांक 25 में उक्त श्रेणी की जनसंख्या तुलनात्मक दृष्टि से अधिक है एवं वार्ड क्र0 2, 3, 4 , 5, 6 , 7 , 8 , 10, 11 , 12, 15 , 16, 19, 23, 24, 25 की जनसंख्या 10 प्रतिशत से भी कम है । अनुसूचित जाति-जनजाति जनसंख्या सारणी सारणी 3 - सा-8 एवं मानचित्र क्रमांक 3.5 में दर्शाया गया है ।

अनुसूचित जाति, जनजाति जनसंख्या

सारणी 3- सा- 8

वार्ड क्रमांक

क्र.

कुल वाडों की संख्या

अनुसूचित जाति/जनजाति जनसंख्या प्रतिशत

4

3

2

1

3

1.

>35

25, 20, 21

4

2.

25-35

1, 13 , 26, 30

10

15-25

3

9 , 14, 18 , 22, 27 , 29 , 31 , 32 , 34, 36

3

10-15

4.

17, 28, 33

9

5.

5-10

2, 3 , 7, 12 , 15, 16 , 19, 23 , 24

7

<5

6.

4, 5, 6, 8, 10, 11 , 35

36

योग

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2011

3.4.5 साक्षरता

विदिशा नगर क्षेत्र में साक्षरता दर 85.16 प्रतिशत हैं । शहर के वार्ड क्रमांक 1 , 17, 18 , 20, 25 में साक्षरता दर तुलनात्मक दृष्टि से कम एवं सबसे अधिक वार्ड क्रमांक 3 , 6, 10, 12, 15 , 16 , 23 , 24, 26, 28, 35 में पायी गई है । साक्षरता जनसंख्या सारणी 3 - सा-9 में एवं मानचित्र क्रमांक 3.6 में दर्शाया गया है ।

साक्षरता प्रतिशत

सारणी 3-सा- 9

वार्ड क्रमांक

क्र.

कुल वाडाँ की संख्या साक्षरता प्रतिशत

4

3

2

1

1

11

>85

1

13

2.

80-85

3, 4, 6, 10, 12, 15, 16, 23 , 24, 26, 28, 33 , 35

7

75-80

3.

7, 8, 9 , 22, 30, 34, 36

9

70-75

4

2, 5, 13 , 14, 19, 21 , 27 , 31 , 32

6

<70

5.

1 , 17, 18 , 20, 25 , 29

36

योग

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2011 [भाग 1 3738

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

Vidisha

PlanningArea

Km

VIDISHA

Legend

Waterbody MunicipalAreaBoundary

900-925

Source:CensusofIndia,2011

PlanningAreaBoundary

925-950

RailwayLine

NationalHighway

Bypass

VillageBoundary

Roads

StateHighway

3.2WARDWISESEXRATIO

<900

>950High

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SexRatio(Femalesper1000Male)

District-Vidisha

Scale

00.511.522.533.54

23-29

ToSagar

ToGairatganj

Madankhed!

Karakhedi

Panjh

SH-42

Ghudlyakhedi

Dharukhed!

Bhoriya

ParasiTunda

Dhaturiya

ToBina

Mrjaper

Chidoriya

PargoraHavell

QurariyaPavell

rariyaHaveli

PathariHaw

anungana

Sherpur

Jeewasipur

Gehrukhedi

Amachhabor

Murwara

Teelskhedi

Suaakhedi

Havell

Dholkhedi

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Daulatpura

Rangal

Sypass AamkhadiHeveli

BerkhediBirsa

Padarija

Udaygiri

pura

ToAshoknagar

ToBarasia-

ToBhopal

Vighan

ToBhopal 3739

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Vidisha

PlanningArea

Km

VIDISHA

Legend

Low

High

Waterbody MunicipalAreaBoundary

Source:CensusofIndia,2011

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

Bypass

VillageBoundary

NationalHighway

Roads

13-14 11-12

10-11

12-13

StateHighway

<10

>14

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal CHILDPOPULATION0-6(Percent)

3.3WARDWISECHILDPOPULATION(0-6)

Scale District-Vidisha

00.511.522.533.54

272

ToSagar

ToGairatganj

Russia

Karakhedi

Panh

38-42

Ohudlyakhedi

Dharukh

Bhoriya

ParasiTunda

ToBina

Mirjepur

Chidoriya

ParsoraHaveli

andaraHart Harsingh

GurartyaHavell

rariyaHaveli

PathariHavell

Gehulhed

Jeewajipar

Amachtiaba

Murwars

Teelakhoci

Daudpura

Sothiya

Suasxhedi Havell

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal Dholkhedi

Rangal

Bypass

NH-146

BerkhedBisa

Padariys

Udaygir

ToAshoknager

KarhsiyaHavell

ToBarasia

ToBhopal

Vighan

ToBhopal [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3740

Vidisha

PlanningArea

Km

VIDISHA

Legend

Waterbody

950-1000

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

900-950

800-900

RailwayLine

Source:CensusofIndia,2011

NationalHighway

Bypass

Roads

VillageBoundary

StateHighway

>1000High

<800

3.4WARDWISECHILDSEXRATIO

ChildSexRatio(Femalesper1000Male)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.511.522533.54

ToSagar

ToGairatganj

Matanthed

Karakhadi

SH-12

Chudlyakhedi

Tunca

Dharukhedi

Bhorlys

Dhaterlys

ToBina

Dabar

soraHavell

ChidoriyaTeaball

MundaraHa

Barath

GurerlysHaveli

GunarlysHavell

PastariHavell

Gehtthed

Amachhar

Murwara

KasbaTidisho

Treathedi

Busaksedi

Havell

AamkhedH

Rangal

Dastarpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Bypass

rhedBirsa

Udaygiri

Suspura

ToAshoknagar NHONG

KarhalyaHavali

ToBarasia

ToBhopal

Vigan

ToBhopal- 3741

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Vidisha

PlanningArea

Km

VIDISHA

Legend

Low

High

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Source:CensusofIndia,2011

RailwayLine

NationalHighway

Bypass

10-15

25-35

Roads

5-10

StateHighway

<5

>35

-VillageBoundary

3.5WARDWISESC/STPOPULATION

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 豬15-25

SC/STPopulation(Percent)

Scale District-Vidisha

00.511.522.533.54

ToSagar

ToGairatganj

Madanikhedi

Karakhedi

SH-4

Ghudiyakh

Dharukhed

Bhoriya

ParaelTunca

Dhecurlys

ToBina

Tarabell

Mirjapır

Chidoriya

Deber

ParsoraHavel

MundarsHardsingh

Barekh

Sor

riyaHavell

PathariHavell

GurariyaHavel

Dehukhedi

Munwara

KasbaVirisha

Bothiya

Susakhedi

Havell

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Rangal

Dholkhe

Bypass

1-146

Padarija

Mati

Udaygiri

Sunpura

ToAshoknagar 104-346

CarhalyaHavell

ToBarasia-

ToBhopal

Vighan

ToBhopal [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

3742

Vidishs

PlanningArea

Km

ت VIDISHA

Legend

High

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Source:CensusofIndia,2011

RailwayLine

NationalHighway

Bypass

VillageBoundary

70-75

Roads

75-80

80-85

StateHighway

3.6WARDWISELITERACY

<70 Low

>85

Literacy(Percent)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.511.522533.54

ToSagar

ToGairatgani

Rusalla

Madankhadi

Karakhedi

SH-42

Ghediyalkhedi

Chankhedi

Bhoriye

ParasıTurda

Dhaluriya

ToBina

Mirjapur

Deber

Chidorlys Tarabell

ParsoraHaveli

MundassHarleingh

GureriyaHaveli

uraiyaHaveli

PalhertHave

Sherpur

Jeewajipur

Gehukhed

Amack

Murwara

Sothiya

Busskhedi

Haveli

Asmkhedi

NH-346

Dholkredi

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Rangel

Dasdalpura

Bypass

ediBirsa

Udaygin

ToAshoknagar

KathalyaHavell

ToBarasia

ToBhopal

Vighan

ToBhopal 3743

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 3.4.6 कार्यशील जनसंख्या

विदिशा नगर की कुल जनसंख्या में श्रमिकों/ कार्य सहभागिता की संख्या के अध्ययन से ज्ञात होता है कि वर्ष 2011 की जनसंख्या में से 31.92 प्रतिशत व्यक्ति विभिन्न कार्यकलापों एवं व्यवसायों में संलग्न होकर जीविकोपार्जन कर रहे हैं, जिसमे से 90.70 प्रतिशत मुख्य कार्यकर्ता एवं 10.30 प्रतिशन सीमांत कार्यकर्ता हैं । सबसे अधिक कार्य सहभागिता का प्रतिशत वार्ड क्रमांक 6 एवं 30 में पायी गई हैं एवं सबसे कम प्रतिशत वार्ड क्रमांक 16 एवं 29 में पायी गई है ।

वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार नगर की कार्यशील जनसंख्या का विवरण सारणी 3 - सा-10 एवं मानचित्र क्रमांक 3.7 में दर्शाया गया है ।

कार्यशील (सहभागिता)

सारणी 3-सा- 10 क्र

वार्ड क्रमांक

कुल वाडौँ कीसंख्या कार्यशील (सहभागिता) प्रतिशत

4

3

2

1

2

>36

6,30

1.

4

34-36

2.

2, 24, 25, 31

11

32-34

3.

1, 5, 8, 9, 11 , 14, 15, 21 , 23 , 28, 33

3 , 4, 7, 10, 12, 13 , 17 , 18 , 19, 20, 22, 26,

17

30-32

4.

27, 32, 34, 35, 36

2

<30

16, 29

5 .

36

योग

स्त्रोतः भारत की जनगणना-2011

वर्ष 2011 में विदिशा नगर में प्रति हजार जनसंख्या में कार्यरत व्यक्तियों का अनुपात अर्थात् सहभागिता दर 319 थी ।

3.4.7 जनसंख्या घनत्व

विदिशा नगर पालिका क्षेत्र में 36 वार्ड स्थित हैं । जनसंख्या वार्ड के आधार पर तुलनात्मक अध्ययन से स्पष्ट है कि पुराने शहर एवं बाहरी आबादी में घनत्व के संदर्भ में काफी अंतर है । वार्ड क्रमांक 01 वैत्रवती वार्ड का आवासीय घनत्व सबसे कम 15.54 तथा सर्वाधिक घनत्व वार्ड क्रमांक 13 चाणक्य वार्ड का 558.63 है । नगर की वार्ड वार जनसंख्या घनत्व की जानकारी सारणी 3- सा -11 एवं 3 - सा -12 एवं मानचित्र क्रमांक 3.8 में दर्शाई गई है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3744

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

विदिशा नगर पालिका घनत्व

वार्ड का नाम वार्ड नं०

2

1

वैत्रवती वार्ड 1

बीजामंडल मार्ग 2

3

महारानी लक्ष्मीबाई

बालाजी वार्ड 4

5

महाकवि कालिदास मार्ग 6

महावीर स्वामी वार्ड

नाना साहेब पेशवा 7

रसखान वार्ड 8

9

छत्रपति शिवाजी वार्ड 10

संत तुलसीदास वार्ड 11

श्रद्धानंद वार्ड 12

मुंशी प्रेमचन्द वार्ड

चाणक्य वार्ड 13

गाँधी वार्ड 14

15

गुरूनानक वार्ड 16

दुर्गा वार्ड

इंदिरागाधी वार्ड 17

18

रानीदुर्गावती वार्ड

महाराणा प्रताप वार्ड 19

20

कस्तूरवा वाई वार्ड 21

सरोजनी नायडूवार्ड 22

संत विनोवा भावे वार्ड

स्वामी विवेकानंद वार्ड 23

24 रामकृष्ण परम हंस वार्ड 25 डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड

डॉ अम्बेडकर वार्ड 26

स्वामी दयानन्द वार्ड 27

जवाहरलाल नेहरू वार्ड 28

29

चन्द्रगुप्त वार्ड 30

शहीद भगतसिंह वार्ड

चन्द्रशेखर वार्ड 31

सम्प्रट अशोक वार्ड 32

टैगोर वार्ड 33

सारणा 3- सा- 11 क्षेत्रफल हेक्टेयर में

घनत्व व्यक्ति/ हेक्टेयर में जनसंख्या वर्ष 2011 के अनुसार

3

4

5

15.54

8064

518.92

434.46

9.78

4249

309.09

5.17

1598

431.07

2095

4.86

444.43

7.09

3151

4.40

459.77

2023

73.29

94.80

6948

494.74

4.18

2068

432.93

6.68

2892

541.90

1707

3.15

452.56

5.27

2385

34.48

88.43

3049

558.63

3.36

1877

351.69

8.26

2905

196.54

16.21

3186

524.33

5.22

2737

231.85

32.28

7484

19.67

406.43

7996

342.59

25.31

8671

7.08

555.23

3931

333.47

7.17

2391

441.52

4.72

2084

342.72

6.46

2214

86.10

22.59

1945

526.11

4.94

2599

327.86

3436

10.48

225.89

9.19

2076

42.80

111.31

4764

69.48

182.61

12687

247.29

11.80

2918

202.02

15.35

3101

54.60

184.99

10101

25.90

122.70

3178 3745

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

7

Vidishs

PlanningArea

Km

VIDISHA

Legend

ow

High

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Source:CensusofIndia,2011

RailwayLine

NationalHighway

Bypass

Roads

32-34

VillageBoundary

34-36 30-32

StateHighway

<30

>36

3.7WARDWISEWORKPARTICIPATION

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal WorkParticipationRate(Percent)

Scale District-Vidisha

0051.522.533.5

ToSagar

ToGairatganj

Russia

Madankhedi

Karakhedi

Panjh

SH-42

Ghadiyakhedi

Dharkhedi

Bhoriya

ParasiTurda

ToBina

Mirjapur

Chidoriya

Dabar

vel

Havel

QurariyaHaveli

Gehukhed

Jeewajipur

Amachhabar

Murwars

KasbaVidisha

Daunpura

Sothiye

Ourjer

Suaakhadi

Havell

174/20

NH-346

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Rangal

Daulatpira

AamkhediHav Bypass

BerkhediBiras

Udaygiri

Sunpurs

marya

ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal

Vighan

ToBhopal [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

3746

Vidisha

PlanningArea

Km

VIDISHA

Legend

Low

High

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

400-500

200-300

100-200

Source:Censusofindia,2011 300-400

RailwayLine

VillageBoundary

NationalHighway

Roads

Bypass

StateHighway

<100

>500

PopulationDensity(Person/Hectare)

3.8WARDWISEPOPULATIONDENSITY

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.511.522.533.54

ToSagar

ToGairatgani

Rusal

Medankhedi

Karakhedi

Panjh

SH-42

Ohudiyakhed

Dharukhedi

Bhort/s

ParaelTunda

-ToBina

Dhaturiya

Mirjapu

Chidorlys Tarabati

Dabar

PasoraHavell

MunderaHarlsingh

Borakhed

GurariyaHaveli

Pathar

Gehukhedi

Jeewalipur

Murwala

KashaVidicha

Daudpura

Sothlys

Suaakhedi

Haveli

AamediHev

Birma

Deulatpura

σεπέσεπέτ DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Rangal

Bypass

Padariya

Udaygi

Sunpura

ToAshoknagar NH346

KathalyaHarell

ToBarasia

ToBhopal

Vighan

ToBhopal- 3747

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

वार्ड का नाम वार्ड नं०

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) क्षेत्रफल हेक्टेयर में

घनत्व व्यक्ति/ हेक्टेयर में जनसंख्या वर्ष 2011 के अनुसार

2

1

34 लालवहादुर शास्त्री वार्ड

राजीव नगर वार्ड 35

36

डॉ राधाकृष्णन वार्ड

नगरपालिका क्षेत्र (अ) काक्षेत्र

बाह्य वृद्धि क्षेत्र

कुल

स्त्रोत: भारत की जनगणना 2011 , जी.आई.एस. विश्लेषण

5

4

3

72.30

10084

139.47

172.64

2234

12.94

65.34

170.24

11123

73.96

155951

2109.06

8.46

10127

1196.91

3305.97

166078

वार्ड वार जनसंख्या घनत्व

क्र.

सारणी 3- सा- 12 वार्ड क्रमांक

जनसंख्या घनत्व (प्रति हेक्टर) 1

2

1

>500

कुल वाडाँ की संख्या

4

3

5

10, 13 , 16 , 20 , 25

2.

400-500

300-400 3

8

2, 4, 5 , 6, 8 , 9, 11 , 22

6

3, 14, 19, 21 , 23 , 26

4.

200-300

4

17, 27, 30 , 31

5.

100-200

4

15, 28 , 33 , 35

6

<100

स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011 3.5 जनसंख्या परिवर्तन

9

1, 7, 12 , 18, 24, 29 , 32, 34, 36

36

योग

नगर में जनसंख्या परिवर्तन भिन्न- भिन्न कारणों से होता है । किसी भी नगर की विकास योजना तैयार करने हेतु नगर की जनसंख्या का अध्ययन अत्यावश्यक होता है, ताकि वर्तमान जनसंख्या के आधार पर भावी जनसंख्या का आंकलन कर भविष्य की आवश्यकताओं हेतु विभिन्न भूमि उपयोग की आवश्यकताओं के प्रस्तावों का निर्धारण किया जा सके ।

म.प्र . शासन के स्थानीय शासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2014/1037 भोपाल , दिनांक 08.12.2014 से नगर पालिका क्षेत्र में वृद्धि कर निवेश क्षेत्र के ग्राम बैस , तमोरिया, टीलाखेडी एवं मिर्जापुर नगर पालिका क्षेत्र में सम्मिलित किए गए हैं एवं वार्डों का परिसीमन कर वार्डों की संख्या बढ़ाकर 39 की गई है । नगर की पिछले दशकों की जनसंख्या निम्नलिखित सारणी 3 - सा -13 में दर्शाई गई है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

3748

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

जनसंख्या परिवर्तन

सारणी 3- सा- 13

जनसंख्या

वर्ष

क्र.

दशक वृद्धि दर (Decadal Growth Rate)

4

3

2

1

32.56%

19184

1951

1

44.48%

22718

1961

2

55.9 %

43212

3

1971

51.63 %

65521

4

1981

41.82%

92922

1991

5

35.01%

125453

6

2001

32.21%

2011

7

एवं मिर्जापुर)

155951 + 10127 ( ग्राम वैस, तमोरिया, टीलाखेडी

स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011

उपरोक्त सारणी से स्पष्ट है कि 1951 से 1981 तक नगर की जनसंख्या वृद्धि दर वृद्धि पाई गई । इसके बाद 1981 से 2011 तक जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट दर्शित हो रही है । विदिशा नगर की जनसंख्या में वर्ष 1991-2001 के दशक की वृद्धि दर की तुलना में 2001-2011 में वृद्धि दर कम रही है । नगर की दशकीय वृद्धि दर निम्नानुसार रेखा चित्र में दर्शित है ।

दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर

60

50

40

30

वृद्धिदर

20

10

0

2020

2010

1990

2000

1980

1970

1960

1950

1940

वर्ष

विदिशा निवेश क्षेत्र की जनसंख्या का आकलन हेतु नगरीय एव ग्रामीण जनसंख्या वृद्धि का आकलन पृथक रूप से किया गया है । नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में जनसंख्या वृद्धि के कारण मापदण्ड भिन्न होते हैं, जिसके परिणाम स्वरूप नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या वृद्धि दर में भी असमानता होती है । ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या निम्नलिखित सारणी 3 - सा -14 में दर्शाई गई है । 3749

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या वृद्धि दर

सारणी 3- सा- 14

जनसंख्या

वर्ष

क्र.

दशक वृद्धि दर (Decadal Growth Rate)

4

3

2

1

8277

1991

1

15.2%

20913

2001

2

29.6%

27103

2011

3

स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011

3.6 नगरीय विस्तार

विदिशा निवेश क्षेत्र का विस्तार क्रम का विश्लेषण अलग-अलग तिथियों पर सुदूर संवेदन प्रणाली के माध्यम से एकत्रित जानकारी के आधार पर किया गया हैं । मानचित्र में नगर का प्राकृतिक विकास क्रम एवं दिशा स्पष्ट हैं । प्राकृतिक विस्तार समय एवं क्षेत्रफल सारणी 3 - सा-15 एवं मानचित्र क्रमांक 3.9 में दर्शाया गया है ।

नगरीय विस्तार एवं क्षेत्रफल

सारणी 3-सा- 15 नगरीय विस्तार

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

क्रं.

3

2

1

551

2004 तक

1

663

2004-2011

2

1130

2011-2020

3

स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

3.7 निवेश क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या

3.7.1 नगरीय क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या

विदिशा नगरीय क्षेत्र वर्ष 2021 , 2031 , 2035 2041 की जनसंख्या वृद्धि की आकलन किया हैं , जिसे सारणी 3 - सा-16 में दर्शाया गया हैं । सारणी 3 - सा -16 के अध्ययन से ज्ञात होता है कि नगरीय क्षेत्र की वर्ष 2035 की जनसंख्या 224836 अनुमानित है । वृद्धिशील, घातांकीय , अंकगणितीय एवं ज्यामितीय पद्धतियों में R² ( R squared ) का मान क्रमशः 0.973 , 0.916, 0.986 तथा 0.869 है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

3750

Vidisha

PlanningArea

Km

Legend

Waterbody MunicipalAreaBoundary

VIDISHA 3.9URBANSPRAWL

2004-2011(663)

PlanningAreaBoundary

2011-2020(1130)

RailwayLine

Bypass

NationalHighway

Roads

VillageBoundary

StateHighway

Upto2004(551)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal UrbanSprawl(AreaInha)

District-Vidisha

Source:SatelliteImageofIRSLISS-III,2001,V WorldView-II,2016 2001,WorldView-1,2011,

Scale 00.511.522.533.54

ToSagar

ToGairatganj

Medankhedi

Panjs

Karakhedi

SH-42

Ohudiyakhedi

Dharukhedi

Bhoriya

ParaelTunda

ToBina

Ohaturiya

Mirjapur

Chidoriya Traball

Debar

ParsoraHavell

GurarlysHaveli

PathariHavel

GuranyaHavell

Gehukhedi

Jeewajipur

Murwara Daudpura Amacihabar

Sathiya

Buaakhadi

Havel

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Rangal

Daulatpura

Bypass

BerkhediDirsa

Ldaygirt

ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal-

Vighan

ToBhopal- 3751

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) के आधार पर तैयार की गई थी, किन्तु विकास की दर एवं जनसंख्या वृद्धि अनुमान के अनुसार कम होने से वर्ष 2035 की विकास योजना 3.00 लाख की ही प्रक्षेपित जनसंख्या हेतु तैयार की जा रही है ।

3.8 आवासीय इकाईयों की भावी आवश्यकता

आवासीय इकाईयों की भावी आवश्यकताओं का अनुमान भावी जनसंख्या, परिवार का आकार तथा वर्तमान एवं भावी आर्थिक, सामाजिक परिस्थिति आदि पर आधारित होता है । जनगणना 2011 के अनुसार निवेश क्षेत्र मे 37099 परिवार निवास करते थे, एवं औसत' परिवार आकार 4.9 व्यक्ति था ।

वर्ष 2035 की अनुमानित जनसंख्या 3.00 लाख के लिए परिवार आकार 5.0 व्यक्ति के आधार पर आवासीय इकाईयों का अनुमान लगाया गया है, जिसका विवरण सारणी 3-सा-18 में दर्शाया गया है ।

अनुमानित परिवारों की संख्या एवं आवास आवश्यकताएँ

सारणी 3-सा- 18

2011

विवरण

2035(अनुमानित) क्र.

4

3

2

1.

300000

183054

1. जनसंख्या

116946

अतिरिक्त जनसंख्या

2.

4.5

4.9

औसत परिवार का आकार

3.

23390

अतिरिक्त परिवार

4.

40679

5 वर्ष 2011 की आवास आवश्यकता

37099

वर्ष 2011 में उपलब्ध आवासों की संख्या

6

3580

7.

वर्ष 2011 की आवासीय कमी को सम्मिलित करते हुए आवास आवश्यकता

26970

कुल आवास आवश्यकता

उक्त अध्ययन के आधार पर अनुमानित है कि वर्ष 2035 तक 26970 नीवन आवासों की आवश्यकता होगी । आवासीय विकास को बढ़ावा देने के लिए कुछ नीतिगत पहल आवश्यक हैं, जो निम्नानुसार हैं:

1. भूमि विकास को बढ़ावा देने हेतु सार्वजनिक अभिकरणों को गतिशील एवं समन्वित करना आवश्यक होगा । भूमि विकास के लिए राज्य शासन की नीतियों पर आधारित भू-स्वामियों, भूमि विकासकर्ताओं, सामुदायिक समूहों एवं हितग्राहियों की भागीदारी आवश्यक है ।

2. नगर स्तर के अंधोसंरचना एवं सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए भूमि तथा अन्य संसाधनों का राज्य शासन की नीति के तहत निर्धारण हो । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

3752

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 3. निजी एवं सामुदायिक संस्थाओं द्वारा भूमि के विकास हेतु किए जो रहे प्रयत्नों को बढ़ावा देना ।

4. भूमि के पुर्नउपयोग को सम्मिलित करते हुए आवास हेतु भूमि की सरल / सतत् आपूर्ति बनाए रखने हेतु नीतियों को बढ़ावा देना ।

5. रहवास हेतु नियोजन एवं विकास के मापदण्डों का पुनर्विलोकन (घनत्व, आच्छादित क्षेत्र, सीमांत खुला क्षेत्र, फर्शी क्षेत्रानुपात, भूमि विभाजन मापदण्ड), जिससे भूमि उपयोग एवं रहवास निर्माण के समय ऊर्जा उपयोग में कमी , तथा भूमि की उपयोग क्षमता एवं लागत अनुकूल लक्ष्य की प्राप्ति हो ।

3.9 भौतिक अधोसंरचना हेतु विकास प्रस्ताव

3.9.1 जल आपूर्ति

नगर में जल प्रदाय का दायित्व नगर पालिका विदिशा का हैं । विदिशा नगर में जल प्रदाय के प्रमुख स्त्रोत बेतवा नदी हैं । नगर में 1.0 घंटे प्रतिदिन 100 लीटर प्रति व्यक्ति के मान से 18 एम.एल.डी जल नगर पालिका कुल 21 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 18464 कनेक्शन के द्वारा प्रदान करता है । इसके अतिरिक्त नगर में 2447 हैण्डपम्प हैं, जिनके माध्यम से नगरवासियों की जल आवश्यकता की पूर्ति होती है । नगर में 11 शिरोपरी टंकियाँ है जिनकी भंडारण क्षमता 110 लाख लीटर हैं । नगर में भोपाल अशोकनगर मार्ग पर कालिदास बांध के समीप 4 हेक्टर भूमि पर 9 एम.एल.डी एवं 18 एम.एल.डी क्षमता के जल शोधन संयत्र हैं ।

वर्तमान में शहर की प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन पानी की खपत 100 लीटर है, जो कि निर्धारित 135 प्रति लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन के मापदण्ड से कम है । वर्ष 2035 की प्रस्तावित 3.0 लाख जनसंख्या के लिये 135 लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन के मान से लगभग 40 से 50 एम.एल.डी. पानी की प्रतिदिन आवश्यकता होगी । अतः वर्तमान जल संशोधन संयंत्र एवं टंकियों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित हैं ।

3.9.2 अपशिष्ट जल निकास एवं स्वच्छता

वर्तमान में अपशिष्ट जल निकासी हेतु नगर में 34 कि. मी. लम्बा भूमिगत सीवरेज नेटवर्क है । नगर के 5 प्रतिशत परिवार पाईप सीवरेज नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, 25000 परिवारों के आवास में सेप्टिक टैंक हैं , एवं 2000 परिवारों के आवास गृह में पिट शौचालय हैं । इनके अतिरिक्त नगर में 34 सार्वजनिक शौचालय भी हैं, जिनमें से 23 पे एंड यूज की तर्ज पर संचालित हैं । नगर में 22.5 एम. एल. डी. दूषित जल उपचार संयंत्र हैं ।

समान्तयः अपशिष्ट जल निकासी की मात्रा घरों में प्रयुक्त होने वाले जल की खपत का 80 प्रतिशत होता है । इस अनुपात से वर्ष 2035 में लगभग 33 एम.एल.डी अपशिष्ट जल निकासी का अनुमान है । अतः भविष्य की उपयोगिता को देखते हुए अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है । योजनाकाल तथा वर्तमान जनसंख्या हेतु भूमिगत जल- मल प्रवाह की नालियों की व्यवस्था सम्पूर्ण क्षेत्र में की जाकर इसके उपचार हेतु अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र की व्यवस्था किया जाना अत्यंत आवश्यक है । जल स्त्रोतों 3753

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) के प्रदूषण को रोका जाकर शोधित जल पुनः उपयोग की व्यवस्था किया जाना प्रस्तावित है। जल- मल निकास आवश्यकता की पूर्ति हेतु सीवरेज नेटवर्क की लम्बाई बढ़ाना तथा बैढन में जल - मल शोधन संयंत्र प्रस्तावित है । नगर के सार्वजनिक शौचालय मानचित्र क्रमांक 3.10 में दर्शित हैं ।

शहर में जल - मल निकासी की व्यवस्था हेतु निम्नलिखित दृष्टिकोण बनाए गए हैं:

1. खुले में शौच से मुक्त शहर हेतु सभी मकानों / भवनों में शौचालय

2. 100 प्रतिशत नगर को सम्मिलित करती हुई नाली व्यवस्था

3. शुद्धिकृत गंदे पानी का पुनः उपयोग

4. वाणिज्यिक स्थानों , बगीचों तथा लोक स्थानों पर सुव्यवस्थित सःशुल्क शौचालय

5. नगर में एकत्रित मल का उपयोग शोधन विधि से उपचार उपरान्त खाद के रूप में कृषि कार्य हेतु किया जाना ।

3.9.3 वर्षा जल निकासी

नगर में जल निकास की उचित व्यवस्था न होने के कारण प्रदूषित जल सीधा बेतवा नदी में मिलकर जल प्रदूषित करता है । जल निकास की समुचित व्यवस्था के अभाव में नगर का निचला क्षेत्र वर्षाकाल में जलमग्न हो जाता है । वर्षा जल के साथ नगर का कूड़ा- कचड़ा प्रवाहित होकर नालियों एवं नालों के संकरे भाग में जमा हो जाता है, जिससे प्रवाह अवरुद्ध हो जाने के कारण आस- पास का क्षेत्र जलमग्न हो जाता है ।

शहर की नालियों तथा प्राकृतिक नालों को सुदृढ़ किया जाना, जल निकासी की व्यवस्था के लिए आवश्यक है । नालियों एवं प्राकृतिक नालों की निरन्तर सफाई, तथा प्राकृतिक नालों के आसपास के जल ग्रहण क्षेत्र में वृक्षारोपण भी जल प्रदूषण को रोकने हेतु प्रस्तावित है ।

3.9.4 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन

ठोस अपशिष्ट एक अवांछित पदार्थ है, जो रहवासी क्षेत्र , वाणिज्यिक एवं व्यापार केन्द्रों, कृषि, उद्योगों, अस्पतालों तथा सार्वजनिक सेवाओं से उत्पन्न होता है । नगर में आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों की वृद्धि एवं विकास होने से ठोस अपशिष्ट का नगर के विभिन्न खुले क्षेत्रों में निस्तारण कर दिया जाता है, जो पर्यावरण एवं नगरवासियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ।

नगर में प्रतिदिन लगभग 80 टन ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है जिसमें से 90 प्रतिशत ठोस अपशिष्ट डोर- टू- डोर माध्यम से घरों से संग्रहित कर भरण स्थल में निस्तारित किया जाता है । यह भरण स्थल 3 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है । ठोस अपशिष्ट के विर्सजन हेतु ग्राम सोठिया में प्रशासन द्वारा नगर पालिका परिषद् विदिशा को भूमि आवंटित की गई हैं । नगर पालिका परिषद् द्वारा इस भूमि को लेण्ड फिल साइट के रूप में उपयोग में लाया जाता हैं ।

विदिशा शहर से निकलने वाले कचरे को नगर पालिका परिषद् की कचरा संग्रहण वाहन के माध्यम से इकट्ठा किया जाता हैं । तदोपरांत सोठिया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउण्ड क्षेत्र [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

3754

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) में ठोस अपशिष्ट का निस्तारण किया जाता हैं, जिसमें वर्तमान में घरों एवं शहरों के अन्य हिस्सों से प्राप्त होने वाला जैविक गीला कचरा को खाद के रूप में तैयार किया जाता हैं । नगर पालिका में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 50 सफाई निरीक्षक, 2 स्वास्थ्य सहायक तथा 600 स्वास्थ्य कर्मी के साथ 50 अन्य व्यक्ति भी कार्यरत हैं । प्रबंध तंत्र / प्रणाली अंतर्गत पुनर्चक्रीकरण की प्रणाली अपनाई जा सकती है जो स्थानीय संस्थाओं के प्रबंध में होने वाले व्यय को पूरा कर , आय का स्त्रोत एवं भविष्य में एक उपलब्धि सिद्ध होगी ।

3.9.5 विद्युत प्रदाय

विदिशा निवेश क्षेत्र में वर्तमान में 10 सब स्टेशन हैं जहां से विभिन्न सेक्टर में विद्युत आपूर्ति की जाती है । सारणी 3 - सा -19 में क्षेत्र की विद्युत खपत दर्शाई गई है । नगर की विद्युत वितरण संरचना मानचित्र क्रमांक 3.11 में दर्शाई गई है ।

विद्युत खपत

सारणी 3- सा- 19

योग

औद्योगिक

अन्य

प्रकार

आवासीय एवं वाणिज्यिक

4

5

3

2

1

281

41097

40235

581

विद्युत कनेक्शन

3.46

4.47

58.30

50.37

विद्युत खपत (लाख यूनिट)

स्त्रोतः मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, विदिशा 2020

वर्तमान विद्युत की मांग एवं भविष्य की विद्युत मांग को देखते हुए विद्युत क्षमता बढ़ाई जाना होगी ।

3.10 सामाजिक अधोसंरचना

3.10.1 शैक्षणिक सुविधाएँ

विदिशा नगर में 51 प्राथमिक शाला, 11 माध्यमिक शाला, 20 हाई स्कूल, 19 हायर सेकेंडरी शाला है । नगर की वर्ष 2035 की प्रस्तावित जनसंख्या का राष्ट्रीय भवन निर्माण निर्माण संहिता-2016 के मानक की गणना अनुसार अतिरिक्त आवश्यकता की जानकारी सारणी 3 - सा-20 में दर्शायी गई है । 3755

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Vidisha

Km

PlanningArea

VIDISHA

Legend

Source:GroundVerification

0.5

Waterbody

CommunityToilet

NationalHighway

RailwayLine

VillageBoundary

Roade

3.10COMMUNITYTOILET

StateHighway

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Vidisha

Scale

0

ToSagar

ToGairatganj

ToBina

B

hoknagar

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToBhopat भाग 1 3756

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

Vidisha

PlanningArea

Km

Legend

Transformer

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Source:MPMKYVCompanyLtd.

RailwayLine

NationalHighway

ElectricSubStation

VillageBoundary

Bypass

Roads

StateHighway

ויין

ייי

33KvLine

11KvLine

VIDISHA 3.11POWERSUPPLYNETWORK

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Vidisha

Scale

00.511.522.533.54

ToSagar

ToGairatganj

ToBina

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal

ToBhopal- 3757

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

शैक्षणिक सुविधाएं

सारणी 3 - सा- 20

क्रं. स्वास्थ्यसुविधा

वर्तमान स्थिति

URDPFI

गाइडलाइन के

मानक

वर्ष 2035 की अनुमानित जनसंख्या अनुसार अतिरिक्त आवश्यकता

4

5

3

2

1

9

51

5000 जनसंख्या पर 1

प्राथमिक शाला

1

29

11

7500 जनसख्या पर 1

माध्यमिक शाला

2

20

20

7500 जनसख्या पर 1

3

हाई स्कूल

21

19

7500 जनसंख्या पर 1

हायर सेकेंडरी

4

2

पर्याप्त

महाविद्यालय

5

1.25 लाख जनसंख्या पर 1

पर्याप्त

2

6

10.00 लाख जनसंख्या पर 1

अभियांत्रिकी महाविद्यालय

पर्याप्त

1

10.00 लाख जनसंख्या पर 1

7

चिकित्सा महाविद्यालय

पर्याप्त

1

10.00 लाख जनसंख्या पर 1

8

आई.टी. आई.

9

9

अन्य शैक्षणिक संस्थायें

3.10.2 स्वास्थ्य सुविधाएँ

विदिशा नगर में 1 शासकीय अस्पतालों में 300 बिस्तरों की उपलब्धता के साथ 59 चिकित्सक , 163 नर्से तथा 90 पैराचिकित्सीय कर्मचारी कार्यरत हैं । इसके अतिरिक्त 18 निजी अस्पताल भी नगर में स्थित हैं । इनमें 18 चिकित्सक कार्यरत हैं । नगर में कुल 13 नर्सिंग होम में 173 बिस्तर उपलब्ध हैं । 46 चिकित्सक 18 नर्से एवं 18 पैराचिकित्सीय कर्मचारी इनमें कार्य संपादित करते हैं । इसके अतिरिक्त नगर में 2 प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र जिनमें 2 चिकित्सक तथा 2 नसें कार्यरत हैं । साथ ही नगर में 3 उनानी, 1 होम्योपैथिक, 33 आयुर्वेदिक चिकित्सालय तथा 1 परिवार कल्याण एवं प्रसूति केंद्र है ।

3.10.3 ए.टी.एम.

ए.टी.एम. मानचित्र में निवेश क्षेत्र में स्थित विभिन्न वाणिज्यिक बैंको के ए.टी.एम. की स्थिति को मानचित्र क्रमांक 3.12 में दर्शाया गया है ।

3.10.4अन्य सेवाएं- सुविधाएं

डाकघर , दूरभाष केन्द्र, आरक्षी / उपआरक्षी केन्द्र, विद्युत उपकेन्द्र, जल वितरण केन्द्र, इत्यादि की क्षमता एवं जनसंख्या के आधार पर भावी आवश्यकता की पूर्ति हेतु वृद्धि करना होगी । प्रशासनिक स्तर पर उपयुक्त स्थल का चयन कर नगर विकास समिति के सुझाव से सक्षम अधिकारी की स्वीकृति प्राप्त कर विकास किया जाना प्रस्तावित है । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3758

Vidisha

Km

PlanringArea

Legend

Source:GroundVerification VIDISHA 3.12EXISTINGATM

0.5

Waterbody

RailwayLine

NationalHighway

Bypass

Roads

StateHighway

ATM

---VillageBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

ToSagar

ToBina

ToGairatganj

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknaoknagar

ToBhopal 3759

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

अध्याय -4

विकास योजना प्रस्ताव-2035 4.1 विकास योजना -2031 का पुनर्विलोकन

विदिशा विकास योजना वर्ष 2031 में नगर की जनसंख्या 3.0 लाख प्रक्षेपित की जाकर योजना प्रस्ताव तैयार किये गए थे । प्रारूप विकास योजना 2035 में 11.82 हेक्टेयर प्रति हजार के मान प्रस्तावित की गयी है । भारत की जनगणना वर्ष 2011 के आधार पर नगर की जनसंख्या 1.66 लाख थी । वर्ष 2035 योजना काल मानते हुए जनसंख्या अनुमान नियोजन हेतु चार पद्धतियों से आंकलित की गयी । अंकगणितीय पद्धति से न्यूनतम 2.24 लाख से तथा घातांकीय पद्धति से अधिकतम 4.82 लाख प्रक्षेपित होती है । दशकीय वृद्धि दर के अवलोकन से जनगणना वर्ष 1971 से लेकर 2011 तक दशकीय वृद्धि में निरंतर कमी आई है । अतः नियोजन हेतु प्रारुप विकास योजना 2035 में भी अनुमानित जनसंख्या 3.00 लाख तथा नियोजन दृष्टिकोण के आधार पर नियोजन प्रस्ताव अवधारित किये गये हैं ।

4.2 विकास योजना पुनर्विलोकन के आधार बिंदु

प्रारूप विकास योजना 2035 का मुख्य उद्देश्य भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित विकास योजना तैयार करना है । प्रदेश के 34 नगरों को भारत सरकार की अमृत योजना अंतर्गत चयनित किया गया है । अमृत योजना में चयनित नगरों की विकास योजना योजना सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना तंत्र का उपयोग कर तैयार किया जाना है । अतः विदिशा विकास योजना 2031 को अमृत मार्गदर्शी सिद्धांतों के आधार पर पुनर्विलोकन का मुख्य उद्देश्य है । विकास योजना 2031 के पुनर्विलोकन में अवधारित अन्य बिंदु विकास योजना 2035 हेतु यथावत हैं । केवल नियोजन मापदंडों एवं मिश्रित भू उपयोग के आधार पर योजना प्रस्ताव दिए जा रहे हैं ।

4.3 वर्तमान भूमि उपयोग विश्लेषण एवं नगर विकास हेतु आवश्यक क्षेत्रफल विदिशा शहर का भूमि उपयोग मानचित्र नगर में निर्मित इकाईयों एवं रिक्त भूमि के वर्तमान उपयोग पर आधारित है । पूर्व में उल्लेखित वर्गीकरण प्रणाली के आधार पर डिजीटल विश्लेषण तकनीकी एवं स्थल सत्यापन करने के पश्चात निवेश क्षेत्र का भूमि उपयोग मानचित्र तैयार किया गया है । भूमि उपयोग के प्रकार एवं व्याप्त क्षेत्रफल सारणी 4- सा -1 में उल्लेखित हैं । नगर का वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र क्रमांक 4.1 में दर्शाया गया है । [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3760

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

वर्तमान भूमि उपयोग विश्लेषण

सारणी 4-सा- 1

क्र.

क्षेत्रफल (हे.में)

भूमि उपयोग

3

2

1

21.32

1 वृक्षारोपण

14851.25

2 कृषि

90.52

3 वाणिज्यिक

1.35

4 पहाड़ी

42.48

5 औद्योगिक

44.81

6 मिश्रित

192.55

7 सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक

17.87

8 सार्वजनिक सेवाएँ - सुविधाएँ

35.34

9 आमोद प्रमोद

676.18

10 आवासीय

242.30

11 मार्ग

163.53

12 परिवहन

323.46

13 जलाशय

27.61

14 सांस्कृतिक धरोहर एवं नगरीय विरासत

16730.57

योग

जी.आई.एस. आधारित वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्रों का भू- सत्यापन ( Ground Truthing ) वर्ष 2020 में किया गया था । तत्समय की अनुमानित जनसंख्या 1.90 लाख आंकलित कर वर्तमान विकसित क्षेत्र 1505.08 हेक्टेयर के आधार पर भूमि उपयोग दर 7.92 हेक्टेयर प्रति 1000 व्यक्ति प्राप्त होती है ।

4.3.1 निर्मित क्षेत्र

प्राकृतिक विस्तार अंतर्गत कुल निर्मित क्षेत्र में 1505.08 हेक्टेयर भूमि है । निर्मित क्षेत्र को विभिन्न श्रेणिओं में वर्गीकृत किया है, जैसे वाणिज्यिक, औद्योगिक, मिश्रित, सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक, आवासीय , ग्रामीण, परिवहन आदि ।

4.3.2 कृषि भूमि

नगरीय क्षेत्र के बाहर कृषि भूमि उपयोग प्रमुख है । कृष्ति उपयोग के अंतर्गत 14851.25 हेक्टेयर भूमि व्याप्त है । उक्त श्रेणी में फसल युक्त कृषि भूमि तथा रिक्त भूमि सम्मिलित है । फसल युक्तं कृषि भूमि में खरीफ मौसम में सोयाबीन एवं रबी मौसम में गेहूँ तथा दाल की फसलों का उत्पादन होता है । 3761

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1

UPS

mmm

Vidisha

PanningArea

Kn

नदी ताल

ठोसअपशिष्टनिपटानअपPUPI

जलाशय

सार्वजनिकसेवाएंएवं सुविधाएं

मिश्रितउपयोग

परिवहन

औद्योगिक

मावासीय

आमोदप्रमोद

विशेषप्रयोजन

VIDISHA

Legend

F-

4.1EXISTINGLANDUSE

TIONSAND

TRANSPORTATION

AFFORESTATION

CREMATORIUMGRIVEYARC

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

WATERBODIES

AGRICULTURE

CATEGORIZED

RECREATIONAL

BOUNDARIES

MUNICIPAL

PLANNINGAREA

EDUCATIONANDRESEARCH

ELECTRICSUBSTATION

VILLAGE

RULWAYSTATION

PARKING

COMMERCIAL

FACILITIES

RAILWAYLINE

GENERAL

STADIUM

RIVER

LAKES/PONDS/RESERVOIR

ROADE

RESIDENTIAL GENERALRESIDENTIAL

INDUSTRIAL GENCRALWOUSTRES

CANAL/NALLAH

WATERTREATMENTPLANT

MIXEDLANOUSE

MRK

MAND

BUESTANC

SOUDWASTEDISPOSAL

SPECIALPURPOSE TOURISMFRO

PUBLICUTILITIES&

PUBLIC&SEMIPUBLIC

Source:WorldView-11,2016SatelliteDeta&GroundVerification

District-Vidisha

Scale 00.511.522.533.54

ToSagar

-ToGairatganj

Madankhedi

Karak

SM-42

Chudlyskhed

Dharskhedi

horja

Dhaturiya

ParasiTurda

ToBina

Majapur

Chidolya

PareorsHavel

Barakhada

GurariyaHave

unjaba

Amech

KasbaVidians

Daud

Sothiya

nesnes

Dholkhed

Daulatpurs

Bypass

aygin

Sumpura

05105

☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal malverdemetresmesmastermalewaveπάτεπώςπ ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopal:

Vighan

ToBhopal भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3762

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 4.3.3 जलाशय

शहर में जलाशय के अंतर्गत मुख्य रूप से बेतवा नदी, बेस नदी, नीम ताल को सम्मिलित किया गया है । निवेश क्षेत्र में जलाशय का कुल क्षेत्रफल 323.46 हेक्टेयर है । 4.4 विकास योजना में अतिरिक्त क्षेत्र की आवश्यकता

विकसित क्षेत्र में 'आवासीय , वाणिज्यिक, मिश्रित , सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक सुविधाएँ एवं सेवाएँ , परिवहन एवं आमोद-प्रमोद निवेश क्षेत्र में शामिल हैं । रिक्त भूमि, जलाशय , वन क्षेत्र, ग्रामीण निर्मित क्षेत्र एवं कृषि भूमि सम्मिलित नहीं है ।

यू.आर.डी.पी.एफ.आई. मानक अनुसार मध्यम श्रेणी के नगरों के लिये 100 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर जनसंख्या घनत्व अनुशंसित है । विदिशा मध्यम श्रेणी का नगर होकर इसकी प्राकृतिक संरचना के कारण यहाँ पर कम एवं मध्यम ऊँचाई के भवन निर्मित हैं । भवनों की वर्तमान प्रकृति अनुसार सकल आवासीय घनत्व 125 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर प्राप्त होता है , जो अनुशंसित घनत्व के अनुसार है । विदिशा निवेश क्षेत्र में प्रस्तावित उपयोग हेतु भूमि का चयन करने के लिये समन्वित भूमि उपयोग उपयुक्तता का विश्लेषण किया गया है, जिसका मुख्य आधार भौगोलिक विशेषताएं एवं पर्यावरणीय घटकों का संयुक्त रूप से "Multicriteria Index " के माध्यम से विश्लेषण किया गया है ।

4.5 भूमि उपयोग विवरण 2035

विदिशा निवेश क्षेत्र में भावी विकास योजना को दृष्टिगत रखते हुए इसके अंतर्गत उपलब्ध भूमि का नियोजन की दृष्टि से भू- उपयोग निर्धारण किया गया है । विदिशा विकास योजना हेतु वर्ष 2035 तक में 3.00 लाख जनसंख्या के लिये कुल 3550.55 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है । सारणी 4 - सा-2 में प्रस्तावित भूमि उपयोग आवंटन दिया गया है। वर्ष 2035 में आवासीय भूमि उपयोग का कुछ भाग मिश्रित भू उपयोग श्रेणी में प्रस्तावित किया गया है । अतः सारणी में वर्ष 2035 में आवासीय भूमि उपयोग हेतु प्रस्तावित क्षेत्रफल 1290.16 अंकित है, जो कि विकास योजना 2031 में प्रस्तावित आवासीय भूमि उपयोग के क्षेत्रफल (1423.12 हेक्टेयर) से कम है । नगर का प्रस्तावित भूमि उपयोग मानचित्र क्रमांक 4.2 में दर्शाया गया है ।

विदिशा विकास योजना 2031 में निवेश क्षेत्र को 2 निवेश इकाईयों में विभक्त किया गया था । विकास योजना 2035 में भी पूर्व निवेश इकाईयों के क्षेत्र को यथावत रखा गया है । इसमें से निवेश इकाई क्रमांक 1 में लगभग 5895.70 हेक्टेयर एवं लगभग शेष भूमि निवेश इकाई क्रमांक 2 में प्रस्तावित की गई है । निवेश इकाई मानचित्र क्रमांक 4.3 में दर्शित है । 3763

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

प्रस्तावित भूमि उपयोग 2035

सारणी 4- सा- 2

प्रस्तावित क्षेत्र वर्ष 2035

वर्तमान विकसित

क्षेत्र 2020

उच्चावचन / निम्नावन

भूमि उपयोग

क्र

प्रतिशत

(+)/(T)

प्रतिशत

विकास योजना 2031 में प्रस्तावित भूमि (हे. में)

क्षेत्रफल डि. में)

क्षेत्रफल (हे. में)

प्रस्तावित उपयोगिता दर

8

6

7

9

4

6

3

2

1

4.30

36.34

1290.16

746.94

44.93

676.18

1

1423.12

आवासीय

0.61

183.08 5.16

49.95

6.014

90.52

140.47

वाणिज्यिक

2

0.32

2.67

42.48

51.78

94.71

2.822

94.26

औद्योगिक

3

0.67

5.63

-44.81

2.977

199.90

4

44.81

मिश्रित

0.78

6.60

234.24

12.79 21.46

192.55

214.01

5

सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक

0.06

0,50

17.87

1.187

-1.92

17.87

15.95

6

सार्वजनिक सेवाएँ- सुविधाएँ

21.26

754.84

2.51

336.51

2.348

35.34

371.85

7 आमोद-प्रमोद

2.59

775.75 21.85

214.18

619.5

405.32 26.93

8

यातागात पर्न परिवहन

11.84

100.00

3550.55

1374.08

1505.08 100.00

2879.16

योग

4.5.1 आवासीय

विकास योजना में नए आवासीय क्षेत्रों का आंकलन निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आवास गृहों की मांग की पूर्ति तथा नगर की भावी जनसंख्या के अधिवास को दृष्टिगत रखते हुए किया गया है । निवेश क्षेत्र के अंतर्गत योजना अवधि 2035 के अंतकाल में आवासीय उपयोग हेतु 1290.16 हेक्टेयर भूमि वर्तमान आवासीय उपयोग को समाहित कर प्रस्तावित की गई है, जो प्रस्तावित कुल क्षेत्र का 36.34 प्रतिशत है एवं उपयोगिता दर 4.30 हेक्टेयर प्रति हजार व्यक्ति है । वर्तमान ग्रामीण आबादी क्षेत्र के चारों ओर 200 मीटर की परिधि में आवासीय एवं उससे संबंधित आनुषंगिक गतिविधियों हेतु अनुमतियाँ सक्षम अधिकारी द्वारा प्रदान की जा सकेगी ।

नगर के विभिन्न आय वर्गों के लोगों की क्रय क्षमता के अनुरूप सभी के लिए आवासीय क्षेत्र उपलब्ध कराने की नीति विकास योजना का महत्वपूर्ण लक्ष्य है । इस प्रकार के प्रावधान आश्रय गृह उपलब्ध कराने के अतिरिक्त नगरवासियों के सामाजिक, आर्थिक एवं जीवन मूल्यों के उत्थान में सहायक होंगे । नगरीय संरचना के संदर्भ में आवासीय क्षेत्र का विभिन्न कार्यकेन्द्रों तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों से सशक्त स्थलीय संबंध है । किसी भी नगरीय क्षेत्र के लिए कार्यकेन्द्रों, औद्योगिक क्षेत्रों एवं विभिन्न सुविधाओं की भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3764

Vidisha

PlanningArea

THAM411

04201

mysiteforestla

सर्वजनिकसेवाएएवं

पणिज्यिक

जलाशय

सीमाएं

औद्योगिक

NATO12TH

परिवहन

4-fi

जामोदप्रमोद

रिशेषप्रयोजन

Legend

VIDISHA

ProposedLanduse

IDUSTINGPROPOSED

201209

00000

Source:ArchiveMasterplanbyT&CP

Landuse&UrtanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 4.2DEVELOPMENTPLAN(DRAFT2035)

TRANSPORTATION

CREMATORYGRAVEYARD

AFFORESTATKIN HEALTHWISOCIALCULTURAL

CATEGORIZED

AGRICULTURE

WATERBODES

RECREATIONAL

INSTITUTIONALACTIVITIES

TRANSPORTNAGAR

BOUNDARMS PLANNING

ELECTRICSUBSTΑΣΙΩΝ

VILLAGE

COMMERCIAL

BYPASSACTIVITIES

RESIDENTIAL

RAILWAYSTATION

FACILITIES

INDUSTRIAL

GENERALINDUSTRIES

HELIPAD RAILWAYLINE

TOURISMPROVOTIONZONE

LAKES/PONDS/RESERVOIR

CANALNALA

STADIUM

RIVER

Scale

SOLIDWASTEDISPOSAL PLANT

District-Vidishe

GENERAL

ROADS

WATERTREATMENTMANT

PUBLICINSTITUTIONSAND

MANDI

PUBLICUTILITIES&

GENERALREENCENTIAL LAXEDLANDUS

PARK SPECIALPURPOSE

PUBLIC&SEMIPUBLIC

BUSSTANO PICKUPSTATION

00511.522.533.5 Km

ToSagar

ToGairatganj

Madanihedi

Karskhedi

Dharskhedi

Bhoriya

Dhaturiya

ParasiTunds

ToBina

Mirjan

Chidoriya

ParsoraHavell

MunderaHartslagh

PahanHavel

Gehukhedi

NH-346

Biss

Dhokhed

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Udargin

ToAshoknagar

108 ToBarasia

Vighan

ToBhopal-

ToBhopal 3765

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1

UP

02

588

서

àanda

DistrictVidisha

इरानक

lionesfiercaMe

widerecurasmita

सार्वजनिकएवंअर्थसार्वजनिक

सार्वजनिकसेवाएंएवं

जलाशय

औद्योगिक

परिवहन

सीमाएं

રામેસાઈન

سعد

emicwas

विशेषप्रयोजन

Legend

VIDISHA

EXISTINGPROPOSED

AMD

ONZONE

Source:ArchiveMasterplanbyT&CP

TUTIONSAND

0,5

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

TRANSPORTATION

4.2(A)DEVELOPMENTPLAN(DRAFT2035) ProposedLanduse

AFFORESTATION

CATEGORIZED

RECREATIONAL

AGRICULTURE

WATERBODIES BOUNDARIES

MUNICIPAL

ACMINISTRATIVEAREA ECUCATIONANDRESEARCH

PLANUNG

COMMERCIAL

RESIDENTIAL

RAILWAYSTATION

DTPASSACTIVITI

MELIPAD

VILLAGE

AILWAYLINE TRANSPORTNAGAR

INDUSTRIAL GENERALINDUSTRIES

STADIUM

CANALNALA

GENERA

PABLIG HEALTHFOCIALEULTIRAL INSTITUTIONALACTIVITIES

WATERTREATIVENTPLANT

LAKES/PONDRESERVOIR

GENERALRESDENTIA

Scale

ELECTRICEUDETATION SOUDVASTEOSPOSAL

CREM

MKEDLANDUBC

MASDI

SPECIALPURPOSE

PICKUPSTATION

PARK

BLSSTAND

PUBLICUTILITIES& FACILITIES

PUBLIC&SEMIPUBLIC

ROADR

Dhaturiya

Mirjapur ToSagar

Babar

Chidoriya

Gairatganj ToBing

G

Barakhada

Hasnabad

GurariyaHavell Amachhabar

Tamortya

Sherpur Munjasa

Teelakhedi

College

KasbaVidisha

Sothiya Daudpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ABVCollege

Durjanpr

ToAshoknagar M1-346

Suaakhedi Haveli

④

Aamkhedi Havell

Kheda

Madan

Bals

Daulatpura

Dholkhedi

Rangal

BerkhediBirsa

ToBhopal NH-146

ToBhopal भाग 1 3766

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

Vidisha

(AreaInha)

PlanningArea

Km

Legend

VIDISHA 4.3PLANNINGUNIT

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAresBoundary

川 PlanningUnitBoundary(10834.94)

RailwayLine

PlanningUnitBoundary (5895,70)

NationalHighway

VillageBoundary

Bypass Roads

StateHighway

Source:DepartmentofTown&CountryPlanning PlanningUnit

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.511.522533.54

ToSagar

ToGairatgani

Pan

SH-42

Charukled

Shortya

Bina

Dhaturtya

2

Mrjapur

Chidoriya

MunderaHarlsingh

Boral

PithaHarell

Gehukhed

Anachhabar

Murwira

KaabaVidis

Sothiya

Suaakned

Havell

Dhokhed

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Daulatpura

Pangal

Udaygirl

Suspura

halyaHavell

ToAshoknagar

ToBarasia

ToBhopa-1

Wighan

ToBhopal- 3767

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) सूक्ष्मता को ध्यान में रखते हुए आवासीय क्षेत्रों में उचित संरचना प्रदान करना सफल नगर विकास योजना की कुंजी है ।

आवास का तात्पर्य केवल आवासीय स्थल अथवा आवासीय इकाईयाँ प्रदान करना ही नहीं, बल्कि वृहत्तर सुधार कार्यक्रम से है । प्रत्येक आवासीय क्षेत्र रहवासी अतिरिक्त आवास से प्रासंगिक अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करता है जिनमें निम्न सम्मिलित हैं:

1. पारिवारिक आवश्यकताओं के अनुरूप आवासीय क्षेत्र एवं आसान शर्तों पर आवंटन का प्रावधान ।

2. जल , विद्युत एवं निस्तार जैसी जन उपयोगी सुविधाओं की सुगमता तथा वहन करने योग्य व्यवस्था का प्रावधान ।

3. शासकीय सुविधाएँ जैसे- शिक्षा, स्वास्थ्य, आमोद- प्रमोद आदि का प्रावधान ।

4. सामाजिक एवं सामुदायिक संगठन में प्रोन्नति करने वाली सक्षम आवासीय इकाईयों का प्रावधान ।

5. यातायात के साधन एवं सुविधाएँ जो कार्य केन्द्रों, शिक्षा एवं अन्य सुविधाओं से उचित ढंग से सम्बद्ध हों, की उपलब्धता ।

4.5.2 वाणिज्यिक

निवेश क्षेत्र के अंतर्गत योजना अवधि 2035 के अंतकाल में वाणिज्यिक उपयोग हेतु 183.08 हेक्टेयर भूमि वर्तमान वाणिज्यिक उपयोग को समाहित कर प्रस्तावित की गई है, जो प्रस्तावित कुल क्षेत्र 5.16 प्रतिशत है एवं उपयोगिता दर 0.61 हेक्टेयर प्रति हजार व्यक्ति है ।

4.5.3 औद्योगिक

प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रफल कुल 94.71 हेक्टर में से लगभग 9.90 हेक्टर भूमि वर्तमान औद्योगिक क्षेत्र भोपाल-विदिशा मार्ग पर प्रस्तावित किया गया है एवं विदिशा- सागर मार्ग पर लगभग 40.67 हेक्टर भूमि प्रस्तावित की गई है ।

4.5.4मिश्रित

मिश्रित उपयोग के अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक/ अर्ध सार्वजनिक उपयोग अनुज्ञेय हैं । विकास योजना 2035 में इस उपयोग के अंतर्गत 199.90 हेक्टेयर क्षेत्र का प्रावधान किया गया है, जो कुल क्षेत्र का 5.63 प्रतिशत है । मिश्रित उपयोग मुख्य मार्गों तथा 24 मीटर एवं इससे अधिक चौड़े मार्गों पर प्रस्तावित किया गया है ।

4.5.5 सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक

इस उपयोग के अंतर्गत केन्द्र शासन, राज्य शासन, स्थानीय निकाय एवं अन्य निजी कार्यालय , शिक्षण , स्वास्थ्य आदि गतिविधियाँ सम्मिलित हैं । इस उपयोग हेतु कुल 234.24 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाना प्रस्तावित है । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3768

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 4.5.6 सार्वजनिक सेवाएँ- सुविधाएँ

स्थल सत्यापन , सुदूर संवेदन प्रणाली तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली के आधार पर वर्तमान में सार्वजनिक सेवाएँ- सुविधाएँ भूमि उपयोग के अंतर्गत 17.87 हेक्टेयर भूमि विकसित हो चुकी है ।

4.5.7 आमोद-प्रमोद

खुले स्थान, उद्यान, बगीचे, सघन वृक्षारोपण आदि नगरीय जीवन के लिए आवश्यक हैं, जिनके सहारे नगर जीवन प्राणवायु ग्रहण करता है । नगर में इस उपयोग हेतु 738.91 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है जिसमें प्रमुख मार्गों तथा नदी, नाले एवं तालाबों के किनारे दोनों ओर सघन वृक्षारोपण कर हरित पट्टी निर्मित करने का प्रस्ताव है , जिससे नगर के घने बसे हुए क्षेत्रों में भी हरित क्षेत्र का लाभ प्राप्त हो सके । आमोद - प्रमोद हेतु प्रस्तावित कुल क्षेत्रफल में से लगभग 78.31 हेक्टर भूमि बेतवा नदी के पास मुकर्जीनगर, अशोक नगर मार्ग, नीमताल के चारों ओर प्रस्तावित है तथा लगभग 129.30 हेक्टर क्षेत्र बायपास मार्ग एस.आर.3 , एम.आर.1 एवं स्टेडियम हेतु प्रस्तावित है ।

4.5.8 यातायात एवं परिवहन

રૂઃ ૫યોગ જે અંતર્ગત માર્ગ , રેત્ન ક્ષેત્ર , વસ સ્ટેપ્ડ , યાતાયાત વ્યવસાન ક્ષેન્દ્ર ણવં पार्किंग स्थल आदि परिवहन संबंधी सेवा सुविधाओं का समावेश होता है । विकास योजना मे इस उपयोग हेतु कुल 775.75 हेक्टेयर क्षेत्र का प्रावधान किया गया है, जो कुल क्षेत्रफल का 21.85 प्रतिशत है । पिकअप स्टेशन एवं बस स्टेण्ड प्रस्तावित किया गया है ।

4.5.8.1 बायपास मार्गों पर नियंत्रण

लोक निर्माण विभाग द्वारा भोपाल विदिशा मार्ग से अहमदपुरा तक, एवं अहमदपुरा मार्ग से ग्राम मिर्जापुर होते हुये राष्ट्रीय राजमार्ग (NH146 ) तक एवं ढ़ोलखेड़ी से धतुरिया तक बायपास का निर्माण किया गया है । इन बायपास के दोनों ओर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा निर्धारित नियंत्रित क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग से अनापत्ति पश्चात, मार्ग मध्य से दोनों ओर 200-200 मीटर तक कृषि भूमि उपयोग में (मानचित्र अनुसार) , अध्याय 6 में वर्णित नियमानुसार गतिविधियां स्वीकार्य होगी । अन्य गतिविधियां विकास योजना में उपदर्शित भूमि उपयोग अनुरुप मान्य होगी। विकास कार्य को नियंत्रित क्षेत्र में से एक अतिरिक्त सर्विस मार्ग का निर्माण कर पहुंच प्राप्त करनी होगी ।

4.5.9 परिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्र

परिस्थितिकीय दृष्टिकोण से तालाब , जल विस्तार, डूब में आने वाले क्षेत्र इत्यादि संवेदनशील क्षेत्र हैं, जिनके अंतर्गत मुख्यतः तालाबों के आसपास का क्षेत्र, नालों का जल 3769

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) फैलाव क्षेत्र एवं उनका जलग्रहण क्षेत्र आता है । इन क्षेत्रों के संरक्षण एवं व्यवस्थापन की विशिष्ट अनुशंसाएँ निम्नानुसार हैं:

1. नालों एवं जलाशयों के किनारे सघन वृक्षारोपण कर प्रदूषण स्तर को नियंत्रित किया जाना चाहिए । ठोस निस्तार वस्तुओं एवं उनके निस्तारण के प्रबंधन का सावधानी पूर्वक अध्ययन एवं क्रियान्वयन किया जाना चाहिए , ताकि ये पर्यावरण एवं जल स्त्रोतों को प्रदूषित न करें । बायोगैस उत्पादन, धुआँ रहित ईंधन व भवन निर्माण सामग्री जैसे फ्लाईएश / काँक्रीट ब्लॉक्स को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ।

2. अध्ययन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी जल स्त्रोतों का प्रबंधन स्थानीय विकास प्राधिकारी के द्वारा होना चाहिए, जो विधि- विधानों के प्रावधानों के अध्यधीन इसके संरक्षण की जवाबदारी से युक्त हो ।

3. आसपास के क्षेत्र की भवन निर्माण गतिविधियों के लिए पृथक से नियमन का प्रावधान । 4.5.9.1 तालाब

नगर स्थित नीम तालाब का संरक्षण, संवर्धन किया जाकर इसके निकट के क्षेत्र का भू- दृश्यीकरण किया जाना प्रस्तावित है ताकि तालाब का क्षेत्र एक सशक्त आमोद- प्रमोद स्थल के रूप में विकसित हो सके । हाजी अली तालाब पर आवासीय कालोनियों के निर्माण के परिणाम स्वरूप तालाब का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है । नीम तालाब एवं इससे संलग्न बसाहट के मध्य तीन मीटर चौड़ी पट्टी वृक्षारोपण हेतु प्रस्तावित है । इसके किनारे वृक्षारोपण हेतु प्रस्तावित तीन मीटर चौड़ी पट्टी में स्थित बसाहट को असंगत भू उपयोग मानते हुए तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है । निवेश क्षेत्र में स्थित अन्य तालाबों के जलग्रहण क्षेत्र के चारों ओर 10 मीटर चौड़ी पट्टी पर वृक्षारोपण करते हुए तालाबों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाना प्रस्तावित है ।

4.5.9.2 बेतवा नदी एवं इसकी शाखाएं

बेतवा नदी एवं इसकी शाखाओं के किनारे नगर वन, उद्यान. आमोद-प्रमोद स्थल तथा वृक्षारोपण के क्षेत्र विकास योजना में प्रस्तावित किए गए हैं । बेतवा नदी के किनारे कम से कम 100 मीटर चौड़ी तथा इसकी शाखाओं के दोनों ओर कम से कम 30 मीटर चौड़ी पट्टी वृक्षारोपण हेतु प्रस्तावित है ।

4.5.9.3 लोहांगी पहाड़ी

वर्तमान कृषि उपज मंडी क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र से घिरी लोहांगी पहाड़ी के भूस्खलन की संभावना है । अतः इनकी तलहटी से चारों ओर 50 मीटर के घेरे में आने वाली बसाहट को असंगत भू उपयोग के रूप में शामिल करते हुए तत्काल स्थानांतरित करना प्रस्तावित है ताकि भूस्खलन की प्राकृतिक आपदा से बचने की पूर्व तैयारी की जा सके । लोहांगी पहाड़ी का भू- दृश्यीकरण तथा चारों ओर 50 मीटर चौड़ी पट्टी पर वृक्षारोपण किया जाना प्रस्तावित है । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3770

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 4.5.9.4 पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन

बेतवा नदी के किनारे , घाट, चरण तीर्थ, रेल्वे ओव्हरब्रिज के पास नदी बंधान से लगा क्षेत्र छोटी बेतवा तथा विदिशा- रायसेन मार्ग के बीच का क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत लिया जाकर वृक्षारोपण , भू- दृश्यीकरण किया जाना प्रस्तावित है । साथ ही नगर स्थित अन्य छोटे- बड़े उद्यानों का भी उचित रख - रखाव एवं संरक्षण किया जाना आवश्यक है ।

4.5.10 सांस्कृतिक धरोहर एवं नगरीय विरासत का संरक्षण

पुरातत्त्व महत्व के स्थल भारतीय पुरातत्व (केन्द्रीय) के तहत संरक्षित धरोहर है जिसकी 100 मीटर की परिधि में निर्माण / विकास पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा तथा 100 मीटर के बाद 200 मीटर की परिधि में निर्माण / विकास की अनुमति पुरातत्व विभाग से प्राप्त की जाना होगी । पुरातत्व महत्व के स्थलों की सूची निम्नानुसार है

1. लोहांगीपीर का मकबरा (हिन्दुओं द्वारा मंदिर के रूप में मान्य)

प्रथम द्वार

द्वितीय द्वार

सोलह खग्भा (भूमि के भीतर)

स्तम्भ युक्त मंडप (फारसी लेखों से युक्त मस्जिद)

स्तम्भयुक्त भग्नावेश (धर्मशाला)

2. मकबरा हाजीवली (दुर्गा नगर )

3. उदयगिरि की गुफाऐं

4. बीज मण्डल

5. अशोक चिन्ह

6. खामबाबा

7. वैश नगर

4.6 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग

असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोगों का अध्ययन करने पर पाया गया कि कोलाहल उत्पन्न करने वाले क्षेत्रों के साथ- साथ माल उतारने चढ़ाने की सुविधा से रहित भीड़-भाड़ एवं कार्यशीलता में अक्षमता वाले कुछ उपयोगों को उनके वर्तमान स्थल से स्थानान्तरित किया जाना आवश्यक है । साथ ही ऐसी गतिविधियाँ जो आस- पास के उपयोगों से भिन्न होने के कारण असंगत उपयोग के अंतर्गत आती हैं, उन्हें भी स्थानान्तरित किया जाना आवश्यक है । असंगत भूमियों की पुनर्स्थापना का विवरण सारणी 4- सा-3 में दिया गया है। 3771

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

क्र.

भूमि उपयोग

2

1

1

पशुवध गृह एवं मांस बाजार 2

दुग्ध डेयरियां

3

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि की पुनर्स्थापना एवं रिक्त भूमि का उपयोग

सारणी 4- सा- 3

रिक्त होने पर उपयोग प्रस्तावित स्थान

4

3

आवासीय

निवेश इकाई -1 एवं 2

मूल भूमि उपयोग

ग्राम बेरखेड़ी जेतू निवेश क्षेत्र के बाहर

निवेश इकाई-2

भवन निर्माण सामाग्री एवं लोहा बाजार

4

गोदाम

वाणिज्यिक/ मार्ग / वाहन विराम स्थल

आवासीय / वणिज्यिक निवेश इकाई -1 एवं 2

5

कबाडी बाजार

वणिज्यिक

निवेश इकाई-2

निवेश इकाई-2

अग्रेषण अभिकरण 6

वाणिज्यिक/ मार्ग /वाहन विराविराम स्थल

आवासीय

निवेश इकाई-2

आरा मशीनें

7

मार्ग /वाहन विराम स्थल निवेश इकाई-1

8

फल/ सब्जी मंडी निवेश इकाई-2

9

कृषि उपज मंडी

वाणिज्यिक / वाहन विराम स्थल

आवासीय

निवेश इकाई-2

काष्ठ भंडार

10

दाल मिल

11

सार्वजनिक एवं

निवेश इकाई-2

अर्द्धसार्वजनिक

आवासीय

निवेश क्षेत्र के बाहर

12

यूनियन पेस्टीसाइड्स 13

निवेश इकाई 1

लोहांगी पहाडी के चारो ओर की बसाहट (50 मीटर के घेरे में) शासकीय कन्या महाविद्यालय 14

वृक्षारोपण/ आमोद प्रमोद

सार्वजनिक एवं

निवेश इकाई-2

15

अर्द्धसार्वजनिक

सार्वजनिक एवं

निवेश इकाई-2

बी.एम. डिग्री कालेज

इन्दिरा काम्पलेक्स डिग्री 16

अर्द्धसार्वजनिक

आवासीय

निवेश इकाई-2

महाविद्यालय

उद्यान आमोद प्रमोद निवेश इकाई-2

17 राजकमल बडजात्या हाईस्कूल

आवासीय

निवेश इकाई-1

18

शासकीय कार्यालय (राजीव नगर)

शासकीय कार्यालय निवेश इकाई -1

19

(वर्तमान प्रशासकीय क्षेत्र) 20

नीम तालाब के चारों ओर 10 मीटर के घेरे में स्थित बसाहट

प्रभात दाल मिल 21

बस स्थानक

22

सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक

वृक्षारोपण

निकटस्थ प्रवाहित आवासीय क्षेत्र

सार्वजनिक एवं

निवेश इकाई-2

अर्द्धसार्वजनिक

निवेश इकाई-1

सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3772

विदिशा विकास योजना 2036 (प्रारूप) 4.7 अनौपचारिक वर्ग

रोजगार की तलाश में अथवा आर्थिक उन्नति के लिये आशान्वित बेरोज़गार सीमित रूप से रोज़गार से जुड़े कर्मी अनौपचारिक वर्ग का निर्माण करते हैं । यह वर्ग बहुत कम अधोसंरचना एवं नगरीय स्थल की अपेक्षा रखता है लेकिन नगर की आर्थिक गतिविधियों में इस वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । इस वर्ग के लोग प्रमुख कार्य केन्द्रों एवं बड़े आवास समूहों तथा औद्योगिक क्षेत्रों, कम्पनियों, खदानों के समीपस्थ क्षेत्रों में निवास करते हैं । अतः विकास योजना प्रस्ताव तैयार करते समय इस वर्ग के लिए क्षमता निर्माण एवं आर्थिक गतिविधियाँ समाहित करने की नीति अपनाई गई है । सामान्य वाणिज्यिक क्षेत्र में सेवा प्रदान करने हेतु फुटकर दुकानों, खण्ड स्तरीय दुकानों एवं सुलभ दुकानों का प्रावधान, सेवा संबंधी थोक व्यापार, माल लादने व उतारने के लिए प्रावधान, औद्योगिक क्षेत्रों, खदानों तथा कम्पनियों के समीपस्थ आवागमन एवं रहवास की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है । 3773

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

अध्याय -5

प्रस्तावित परिभ्रमण योजना 5.1 यातायात संरचना

परिवहन संरचना शहर की मूल आवश्यकता का आधार होने से वाहन, जल, मल, अपशिष्ट, विद्युत , टेलीफोन आदि जन- सुविधाओं के संबंध का कार्य परिवहन संरचना के सापेक्ष ही होता है ।

नगरीय विकास / विस्तार के लिये प्रभावपूर्ण परिभ्रमण संरचना की आवश्यकता होती है, ताकि नगर आबादी को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था प्राप्त हो सके, प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना नगर के भावी आकार एवं स्वरूप का निर्धारण करती है, कुशल यातायात प्रबंधन से यात्रा का समय , दूरी तथा वाहन चालन मूल्य आदि को कम किया जा सकता है ।

सक्षम परिवहन संरचना नगर की महत्वपूर्ण आवश्यकता है । सागर भोपाल (पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग 86 ) एवं राष्ट्रीय राजमार्ग (पूर्व राज्य राजमार्ग क्रमांक 19 ) के नगर से गुजरने के कारण यहाँ अधिकतम क्षेत्रीय यातायात सड़क मार्ग द्वारा होता है । क्षेत्रीय सड़क यातायात बहुलता के कारण उक्त मार्गो पर क्षमता से अधिक दबाव पड़ता है तथा यातायात में अवरोध उत्पन्न होता है । अतः क्षेत्रीय भार्ग संरचना में सुधार आवश्यक है । प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना निम्नलिखित अवधारणा पर आधारित हैः

1. क्षेत्रीय यातायात में परिवर्तन वाले हेतु प्रमुख मार्ग प्रस्तावित कर आपस में जोड़ना । 2. भोपाल, सागर की ओर से होने वाले यातायात को नगर के बाह्य क्षेत्र से ही परिवर्तन करना ।

3. प्रमुख आवासीय क्षेत्रों का रेल्वे स्टेशन मार्गों द्वारा सीधे संपर्क स्थापित करना

4. कार्यात्मक दृष्टि से मार्गो का श्रेणीबद्ध विकास ।

5. नगरीय एवं क्षेत्रीय यातायात का पृथक्करण ।

6. प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गों का नगरीय भार्गों से संपर्क स्थापित करना ।

7. यातायात समस्याएँ , मार्ग अवरोध एवं अंधे मोड़ आदि में सुधार ।

8. मिश्रित वाहन यातायात हेतु उपयुक्त मार्ग संरचना का प्रस्ताव ।

9. मध्य क्षेत्र की समस्यों के समाधान हेतु मार्ग संरचना ।

5.2 यातायात की वर्तमान स्थिति

नगर का भौतिक विकास मूलतः परिवहन संरचना पर निर्भर करता है । कार , टैम्पो, ऑटो रिक्शा एवं साइकिल रिक्शा नगर में यातायात के प्रमुख साधन हैं । तीव्रगति एवं मन्दगति वाहनों द्वारा नगर मार्गों का मिश्रित उपयोग करना सुरक्षित एवं सुविधाजनक यातायात के लिए गंभीर समस्या है । अतः यातायात प्रबंधन के लिए उपयुक्त नीति तैयार करने की आवश्यकता है । विदिशा में अभी भी सामान्य नागरिकों द्वारा यातायात के साधन भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3774

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) के रूप में स्कूटर , मोटर साइकिल, मोपेड का उपयोग अधिक किया जाता है । वर्तमान परिवहन व्यवस्था का अध्ययन करने से ज्ञात होता है कि वाहनों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है तथा कार, टेम्पो, आटो रिक्शा, बसें आदि नगर यातायात का प्रमुख साधन है । नगर की वर्तमान मार्ग संरचना मानचित्र क्रमांक 5.1 में दर्शाई गई है ।

नगर की वर्तमान यातायात समस्या के सुधार हेतु निम्नानुसार प्रस्ताव दिए गए हैंः 1. बस स्टैंड को सुविधाजनक स्थान पर स्थान्तरित करना

2. कार्य केन्द्रों के समीप पार्किंग का प्रावधान

3. कार्य केन्द्रों एवं आबादी के क्षेत्र के बीच संपर्क मार्गों का निर्माण का परिवहन व्यवस्थ को सुदृढ करना ।

4. मार्ग संगमों का सुधार

5. मार्गो का उन्नयन

6. रेल्वे ओव्हर ब्रिज एवं समतल पारण

5.2.1 सार्वजनिक परिवहन

वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन के रूप में ऑटो रिक्शा, साइकिल रिक्शा संचालित हैं, जो कि कार्य केन्द्रों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड व कॉलोनियों तक यात्रियों को पहुँचाते हैं । सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के अभाव में नागरिकों को गन्तव्य स्थलों तक पहुँचने हेतु प्रतिदिन समस्या आती है । अतः नगर में सार्वजनिक परिवहन (बस ) प्रणाली की आवश्यकता है ।

5.3 अंर्तनगरीय यातायात

5.3.1 रेल मार्ग

विदिशा नगर में रेल यातायात उपलब्ध है । विदिशा नगर नई दिल्ली मुम्बई प्रमुख रेल लाइन पर स्थित होने के कारण देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है, जिससे इसकी क्षेत्रीय यातायात की आवश्यकता की पूर्ति वर्तमान में हो सकेगी, वर्तमान में विदिशा रेल्वे स्टेशन विकसित है ।

5.3.2 सड़क मार्ग

विदिशा नगर भोपाल- सागर (पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग 86) एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 346 के बीच स्थित होने से माल का आयात- निर्यात मार्ग यातायात द्वारा देश एवं प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से होता है । यहाँ अधिकतम क्षेत्रीय यातायात सड़क मार्ग द्वारा होता है । इस प्रकार क्षेत्रीय मार्गो पर यातायात का काफी दबाव रहता है । क्षेत्रीय यातायात के दबाव को दृष्टिगत रखते हुये बायपास मार्गों का निर्माण किया गया है । 3775

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1

Vidisha

PlanningAroa

Km

VIDISHA

Legend

Waterbody

MunicipalAreaBoundary

PianningAreaBoundary

RailwayStation

RailwayLine

Bypass

NationalHighway

Source:Worldview-liSatellitedata

VillageBoundary

VillageRoad

MinorCityRoad

MajorCityRoad

StateHighway

BusStand

XBridge

5.1EXISTINGTRANSPORTNETWORK

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Vidisha

00.511.522.533.54

ToSagar

ToGairatganj

Rusala

Madanthed

Kerakhed

Panjh

SH-42

Dharukhell

Bhonys

ParagiTenda

ToBina

Dhaturiya

Mirapur

Chidorlyn

ParsoraHavell

MundaraHartsingn

Barakh

Bon

OuraryHaveli

PathariHaveli

Sherpur

Munjasa

Anachhsba

Murwira

KasbeVidisha

Bothlya

AamabediHavell

Daulatpura

Rangal

BerkhadiBirsa

Mah

Padariya

Udaygin

Suspura

☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknagar

KathalyaHavell

ToBarasia

Vighan

ToBhopal

ToBhopal भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3776

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 5.3.3 सीधा यातायात

विदिशा नगर से गुजरने वाले मार्गो पर सीधा यातायात गुजरता है, अतः इन मार्गो पर बढते हुये यातायात के दबाव को देखते हुये इन मार्गो को पर्याप्त रूप से सक्षम बनाया जाना प्रस्तावित है ।

5.4 नगरीय यातायात

नगरीय यातायात की परिभ्रमण संरचना वर्तमान एवं प्रस्तावित दोनों ही प्रकार के प्रमुख कार्य केन्द्रों तथा यातायात अवसान केन्द्रो को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित की गई है, इसके द्वारा क्षेत्रीय यातायात एवं नगरीय यातायात का पृथक्करण हो सकेगा । प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना से नगर के प्रमुख कार्य केन्द्र जैसे- कलेक्ट्रेट, कृषि उपज मण्डी, यातायात नगर, औद्योगिक क्षेत्र वाणिज्यिक केन्द्र से सीधा सम्पर्क हो सकेगा । प्रस्तावित यातायात संरचना हेतु अपनाई गई नियोजन नीति निम्न बिन्दुओं पर आधारित हैः

(अ) नगर के आबादी क्षेत्रों एवं मुख्य गतिविधि क्षेत्रों तक सुविधाजनक एवं सुरक्षित यातायात प्रणाली का विकास ।

(ब) मुख्य कार्य केन्द्रो जैसे- यातायात केन्द्र, वाणिज्यिक केन्द्र , शैक्षणिक आदि केन्द्रों में पदचारी मार्गो का विकास ।

(स) विभिन्न संरचना इकाईयों के मध्य प्रभावी परिवहन तंत्र का विकास ।

(द) समस्याग्रस्त क्षेत्रों के यातायात एवं प्रबंधन की तकनीकी पहल ।

(इ) नगर की भावी जनसंख्या हेतु दक्ष एवं सुदृढ परिवहन प्रणाली की व्यवस्था । 5.5 मार्गो का श्रेणी कम एवं मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

5.5.1 क्षेत्रीय मार्ग

विदिशा नगर भोपाल- सागर (पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग 86 ) एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 346 के बीच स्थित है, जिसके फलस्वरूप नगर का विभिन्न नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क स्थापित होता है ।

5.5.2नगरीय मार्ग

(अ) बायपास मार्ग

विदिशा नगर के आंतरिक यातायात दबाव एवं दुर्घटनाओं को कम करने हेतु बायपास मार्ग का विकास किया गया है , जिसकी चौडाई 36.00 / 60.00 मीटर प्रस्तावित की गई है । 3777

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) (ब) प्रमुख नगर मार्ग

विदिशा नगर का प्रमुख यातायात नगर केन्द्र, प्रमुख कार्य केन्द्र, शिक्षा संस्थायें, स्वास्थ्य केन्द्र इन्ही मार्गो पर स्थित होने से इन मार्गो की यातायात क्षमता को दृष्टिगत रखते हुये चौडाई 30.00-40.00 मीटर प्रस्तावित की गई है ।

(स) वृत्तखण्ड मार्ग

यह मार्ग आवासीय खण्डों एवं भूमि उपयोग क्षेत्रों की सीमा पर प्रस्तावित किये गये है, ये विभिन्न आवासीय क्षेत्रों के मध्य परस्पर संबंध स्थापित करेगें, इनकी चौड़ाई 24.00-30.00 मीटर प्रस्तावित की गई है ।

(द) उप वृत्तखण्ड मार्ग

इन मार्गों द्वारा खण्ड में स्थित आबादी की यातायात विषयक आवश्यकतायें पूरी होती रहेगीं, तथा इन मार्गों को वृत्त खण्ड स्तरीय मार्गों से जोड़ा जाएगा । इन मार्गों की चौड़ाई 18.00-24.00 मीटर प्रस्तावित की गई है ।

(इ) स्थानीय मार्ग

यह मार्ग मुख्यतः आवासीय खण्डों में परिभ्रमण उपलब्ध करवाने हेतु प्रस्तावित है, इन मार्गों के किनारे पुटपाथ, भूमिगत मल निकास एवं विद्युत प्रदाय हेतु लाईन का प्रावधान होता है । इनकी चौड़ाई 09.00 से 12.00 मीटर की स्थानीय मार्ग प्रस्तावित की गई है । 5.5.3 मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

यातायात के प्रकार व उनकी विशेषता के अनुरूप एवं भविष्य की आवश्यकता को देखते हुये मार्गो की चौडाई निर्धारित की गई है, सारणी 5 - सा -1 में नगर के विकास हेतु विभिन्न मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई एवं सारणी 5 - सा -2 में विद्यमान वर्तमान नगरीय मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई । प्रस्तावित मार्ग चौड़ाई नगर पालिका द्वारा भवन के पुननिर्माण की स्वीकृति देते समय मार्ग मध्य से प्रस्तावित मार्ग की चौड़ाई अनुसार स्वीकृतियाँ दी जा सकेगी, ताकि भविष्य में मार्ग चौड़ा किया जा सकें । ऐसे मार्ग जहाँ पर प्रस्तावित मार्ग चौड़ाई से अधिक शासकीय भूमि उपलब्ध है, वहाँ चौड़ाई उपलब्धता के आधार पर अधिक ही रहेगी । प्रस्तावित मार्ग की संरचना मानचित्र क्रमांक 5.2 में दर्शित है । मानचित्र में बायपास (NH 146 ) पर 9 मीटर चौड़ाई के " लेफ्ट हैण्ड टर्न" (मार्ग संगम ) प्रस्तावित किये गये हैं । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3778

Vidisha

Km

SR24

SR22

SR23

SR19

SR20

SR21

SSR04

SSR01

SSR02

SSR11

SSR03

SSR05

SSR06

सहखण्डीयनार्ग

बायपास

यातायातनगर

खण्डीयमार्ग

मुख्यमार्ग

बसस्थानक

PlanringArea

परिवहन

18

18 18 18

18

18 18

18

18 18

18

18

VIDISHA

Legend

SR09

SR05

SR06

SR07

SR08

SR11

SR17

SR13

SR14

SR12

SR18

SR15

SR16

SR04

SR10

24 24

24 24

24 24

24

36 24

24

24

60

TRANSPORTATION

05

5.2PROPOSEDTRANSPORTNETWORK

TransportNagar

Bypass

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SectorRoad

MajorRoad

BusStand

SubSectorRoad

BYPASS

MR11

MR12

MR14

SR03

MR04

MR13

SR02

MR03

MR08

MR10

SR.01

MR06

MR09

MR01

Source:WWIISatellite2016Data&ArchieveMasterPlan

Scale District-Vidisha

ROADNAMEWIDTHROADNAMEWIDTHROADNAMEWIDTH

LANT

Bhoriya-

Dharukhed

Tarabali

Parsora Haveli Dhaturiya

Dabar

Mirjapur

Chidoriya

Barakheda

Hasnaba

Soral

GurariyaHaveli

20

476

12

Sherpur Munjasa

Teela

khedi

KasbaVidisha

13

Amachhabar

VE

5302

MR1

Sothiya Daudpura

Jeewajipur

SR02

SRO

NEEMTAL

Durjanpra

USA

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Madan

Kheda

Bais

AamkhedilHaveli

Suaakhadi Haveli बायपास

Rangal

Dholkhedi

Berkhedi Birse

Daulatpura

Padariya Mafi

Sunpura

Udaygiri 3779

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई

मार्ग कानाम

क्र.

सारणी 5- सा- 1

उ‌द्देश्य

पुनर्विलोकन उपरांत प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर में)

विकास योजना

2031 में चौड़ाई

(मीटर में)

2

1

1 राष्ट्रीय राजमार्ग 146 (बायपास मार्ग) 2 धतुरिया- ढ़ोलखेड़ी बायपास मार्ग 3

सांची उदयगिरी मार्ग (सांची से धतुरिया- ढ़ोलखेड़ी बायपास मार्ग) क्षेत्रीय मार्ग

भोपाल- सागर मार्ग (पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग)

4

ईदगाह चौराहे से सागर पुलिया चौराहे तक शेष मार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-346 (विदिशा शमशाबाद राजमार्ग क्रं. 19) 5

नगर से मेला मैदान तक

मेला मैदान के आगे विदिशा-टीलाखेडी मार्ग

6

भोपाल - सागर मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग 146 (बायपास मार्ग) तक

राष्ट्रीय राजमार्ग 146 (बायपास मार्ग) से आगे शेष मार्ग विदिशा-अहमदपुर मार्ग

भोपाल-सागर मार्ग से यांत्रिकी महाविद्यालय सीमा तक 7 यांत्रिकी महाविद्यालय सीमा से राष्ट्रीय राजमार्ग 146 बायपास मार्ग तक

शेष मार्ग

विदिशा- हसनाबाद

8

भोपाल-सागर मार्ग से एम.आर.3 तक

एम.आर .3 से राष्ट्रीय राजमार्ग 146 बायपास तक

5

3

4

60

60

60

क्षेत्रीय सीधा यातायात

36

24

36

नगर यातायात

45

45

36

24

नगर यातायात

36

क्षेत्रीय यातायात 36

36

24

नगर यातायात

36

क्षेत्रीय यातायात 36

36

24

नगर यातायात

36

36

क्षेत्रीय यातायात 36

36

36

24

नगर यातायात

36

36 3780

भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

मार्ग कानाम क्र.

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

उ‌द्देश्य

पुनर्विलोकन उपरांत प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर में)

विकास योजना

2031 में चौड़ाई

(मीटर में)

2

1

शेष मार्ग

विदिशा-डाबर मार्ग

भोपाल -सागर मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग 146 बायपास मार्ग तक 9

राष्ट्रीय राजमार्ग 146 बायपास मार्ग से आगे शेष मार्ग

विदिशा-सुमेर मार्ग

10

भोपाल- सागर मार्ग से शा. बेतवा उद्यान तक

शेष मार्ग

11

रंगई पुल से राष्ट्रीय राजमार्ग 146 बायपास मार्ग 12

बेरखेड़ी बिरसा (भोपाल-सागर मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग 146 बायपास मार्ग) 13

वृत्तीय मार्ग

मुख्य मार्ग (एम.आर. )

क्रमांक-1

क्रमांक-2

क्रमांक-3

क्रमांक-4

क्रमांक-5

14

क्रमांक-6

क्रमांक-7

क्रमांक-8

क्रमांक-9

क्रमांक-10

क्रमांक-11

क्रमांक-12

क्रमांक-13

क्रमांक-14

उप खण्ड स्तरीय मार्ग

क्रमांक-1

15

क्रमांक-2

क्रमांक-3

5

4

3

क्षेत्रीय यातायात

36

36

36

36

नगर यातायात

36

36

क्षेत्रीय यातायात

24

24

नगर यातायात

36

36

क्षेत्रीय यातायात

24

क्षेत्रीय यातायात 45

24

30

30

विलोपित

24

24

24

24

24

वर्तमान एस.एस. आर .4

नगर यातायात

36

36

24

विलोपित

24

24

24

24

24

24

24

24

24

24

24

24

24

24

24

24

24

नगर यातायात 24

24

24 3781

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

उद्देश्य मार्ग का नाम

क्र.

पुनर्विलोकन उपरांत प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर में)

विकास योजना

2031 में चौड़ाई

(मीटर में)

5

3

4

2

1

18

18

क्रमांक-4

18

18

क्रमांक-5

18

18

क्रमांक-6

18

18

क्रमांक-7

18

18

क्रमांक-8

18

18

क्रमांक-9

18

18

क्रमांक-10

18

क्रमांक-11

पूर्वएम.आर.2

18

18

क्रमांक-12

नगर यातायात

18

18

क्रमांक-13

18

18

क्रमांक-14

18

18

क्रमांक-15

18

18

क्रमांक-16

18

18

क्रमांक-17

18

18

क्रमांक-18

18

क्रमांक-19

पूर्वएम.आर.2

18

18

क्रमांक-20

18

18

क्रमांक-21

18

18

क्रमांक-22

18

18

क्रमांक-23

18

18

क्रमांक-24

उप खण्ड स्तरीय मार्ग (एस.एस.आर. )

12

12

क्रमांक-1

12

12

क्रमांक-2

12

24

16

क्रमाक-3

12

24

क्रमांक-4

उप खण्ड स्तरीय यातायात

12

12

क्रमाक -5

12

क्रमांक-6

टीप- सुदूर संवेदन तकनीकी एवं जी.आई.एस. द्वारा पुनर्विलोकन के दौरान वर्तमान में स्थल पर उपलब्ध मार्गों के अनुसार मार्गों का एलाइनमेंट प्रस्तावित किया गया है । राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राजमार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई लोक निर्माण विभाग के मापदण्ड अनुसार मान्य होगी । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3782

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 5.4.4 स्थानीय क्षेत्र की वर्तमान मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई (नगर मार्ग)

सारणी 5- सा-2 में विद्यमान नगरीय मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई निर्धारित की गई है ।

मध्य क्षेत्र की वर्तमान मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

मार्ग का नाम क्र.

2

1

महारानी लक्ष्मीबाई मार्ग 1

विश्वकर्मा गली 2

3

राजेन्द्र नगर मार्ग

रसखान मार्ग 4

वैत्रवती मार्ग 5

6

संत तुलसीदास मार्ग

स्वामी महावीर मार्ग 7

8

हरीपुरा मार्ग

कारागार पथ 9

स्वामी दयानन्द मार्ग 10

11

नेताजी सुभाष मार्ग

वीर सावरकर मार्ग 12

विजय मंदिर मार्ग 13

14

बालाजी मंदिर मार्ग

चाणक्यमार्ग 15

तिलक मार्ग 16

हरिजन मार्ग 17

बंदा बैरागी मार्ग 18

वीर हकीकत राय मार्ग 19

गणेश गंज मार्ग 20

21

गाड़ी अड्डा मार्ग

दत्त मंदिर मार्ग 22

नानासाहेब पेशवा मार्ग 23

महाकवि कालिदास मार्ग 24

रैदास मार्ग 25

26

स्वामी श्रद्धानंद मार्ग

राजेन्द्र गिरी मार्ग 27

28

युवराज क्लब मार्ग

सारणी 5-सा- 2 वि.यो. 2031 में प्रस्तावित चौड़ाई

पुनर्विलोकन उपरांत प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर में)

4

3

12.0

12.0

9.0

9.0

9.0

7.5

9.0

9.0

18.0

18.0

9.0

9.0

9.0

0.0

24.0

24.0

18.0

18.0

18.0

18.0

18.0

18.0

18.0

18.0

9.0

9.0

12.0

9.0

9.0

7.5

9.0

9.0

9.0

9.0

18.0

9.0

9.0

12.0

9.0

12.0

24.0

18.0

18.0

9.0

18.0

18.0

18.0

18.0

18.0

9.0

9.0

9.0

12.0

12.0

24.0

24.0 3783

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

मार्ग का नाम

क्रं.

वि.यो. 2031 में प्रस्तावित चौड़ाई

पुनर्विलोकन उपरांत प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर में)

4

3

2

1

9.0

6.0

स्वर्णकार मार्ग

29

18.0

18.0

कारागार पथ से टीलाखेडी मार्ग तिराहा

30

5.6 यातायात अवसान केन्द्र

नगर के मुख्यतः अवसान केन्द्र बस स्टेण्ड, रेल्वे स्टेशन, कृषि उपज मंडी, अग्रेषण अभिकरण क्षेत्र, गोदामों एवं उद्योगों के निकट का क्षेत्र है जहाँ बस, ट्रक , ट्रेक्टर- ट्राली एवं अन्य माल वाहक वाहन अवसान किए जाते हैं ।

(अ) बस स्टेण्ड

नवीन बस स्टेण्ड हेतु वर्तमान बाईपास मार्ग (सुमेर मार्ग राजमार्ग क्रमांक 19 ) पर 4.18 हेक्टर भूमि प्रस्तावित है । नवीन बस स्टेण्ड म ०प्र ० राज्य परिवहन निगम तथा निजी बसो द्वारा संयुक्त रूप से प्रयुक्त हो सकेंगा ।

(ब) उप बस स्थानक

सागर- भोपाल मार्ग पर स्थित कान्वेन्ट स्कूल के पास 1.45 हेक्टेयर क्षेत्रीय उपबस स्थानक- सह- पिक अप स्टेशन हेतु उपदर्शित की गई है । इससे नगर के पूर्वीं क्षेत्र की आबादी को सुविधा हो सकेगी ।

(स) रेलवे स्टेशन एवं माल गोदाम

वर्तमान रेल्वे स्टेशन एवं यहाँ उपलब्ध सेवा सुविधा वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये पर्याप्त है किन्तु भावी आवश्यकता की प्रतिपूर्ति हेतु रेल्वे स्टेशन के दो- मुखी विकास के साथ- साथ यात्रियों हेतु सेवा- सुविधाओं एवं वाहन- विराम स्थल विकास प्रस्तावित है । माल गोदाम के साथ- साथ माल उतारने एवं लदान के लिये वर्तमान उपलब्ध क्षेत्र में भी वृद्धि किया जाना प्रस्तावित है । इसका क्रियान्वयन रेलवे प्रशासन द्वारा किया जावेगा ।

(द) ट्रक स्थानक

नगर में निश्चित ट्रक स्थानक अथवा यातायात नगर नहीं है । अतः कृषि उपज मण्डी, औद्योगिक क्षेत्र, यातायात नगर भारतीय खाद्य निगम तथा वेयर हाऊसिंग इत्यादि उदित केन्द्रो पर ट्रक अवसान हेतु स्थान प्रावधानिक किये गये है । अतः निवेश इकाई क्रमांक-1 में ग्राम ढोलखेड़ी में में तथा धतुरिया- ढ़ोलखेड़ी बायपास पर निवेश इकाई क्रमांक 2 में दो यातायात नगर प्रस्तावित हैं, जिसमें समस्त अग्रेषण अभिकरण भी स्थापित हो सकेगें । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3784

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 5.7 यातायात प्रणाली में सुधार

5.7.1 मार्ग संगमों का सुधार

नगर के लगभग सभी मार्ग संगम अव्यवस्थित है । ओव्हर ब्रिज के दोनो संगत त्रुटिपूर्ण बनावट के कारण दुर्घटना का कारण बन सकते है अतः निम्न आठ संगमों का विशेष रूप से सुधार एवं विकास के साथ नगर स्थित अन्य मार्ग संगमों (तिराहे एवं चौराहों) का भी सुगम यातायात प्रवाह के दृष्टिकोण से सुधार एवं विकास किया जाना प्रस्तावित है । नगर के व्यस्तम मार्ग संगमों पर यातायात सिंग्नल लगाये जाकर उन्हें सिन्कोनाइज किया जावे तथा इनके नियंत्रण हेतु केन्द्रीय यातायात नियंत्रण योजना तैयार की जाना प्रस्तावित है । भविष्य की आवश्यकताओं, यातायात दबाव तथा स्थल विशेष की वर्तमान परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुये प्रमुख मार्ग संगमों पर फ्लाय ओवर, निर्मित किया जाना प्रस्तावित है ।

1. स्वामी श्रद्धानंद मार्ग चाणक्य मार्ग संगम

2. महारानी लक्ष्मी बाई मार्ग स्वामी श्रद्धानंद मार्ग संगम

3. दत्त मंदिर मार्ग बेस दरवाजा मार्ग संगम

4. गणेशगंज मार्ग- राजेन्द्रगिरि मार्ग

5. पीतल मिल चौराहा

6. नेताजी सुभाष मार्ग - गाड़ी अड्डा मार्ग संगम

7. ओव्हर ब्रिज के दोनो मार्ग संगम

8. हरीपुरा मार्ग स्वामीदानंद मार्ग

5.7.2 रेलवे ओव्हर बिज एवं समतल पारण

वर्तमान में एक रेलवे ओव्हर ब्रिज ,तथा दो रेलवे समतल पारण नगर में उपलब्ध हैं, जो रेलवे लाइन के दोनों ओर स्थित क्षेत्रों को आपस में जोड़ते है । विकास योजना प्रस्तावित कृषि उपज मण्डी के निकट रेलवे लाइन को पारण कर प्रस्तावित मुख्य मार्ग क. 6 से मिलाता है । इस प्रकार वृत्तीय मार्ग पर 45 मीटर चौड़ा रेलवे ओव्हर ब्रिज प्रस्तावित है । इससे सुमेर, शमशाबाद, गंज बासौदा, अशोक नगर इत्यादि से आने वाले माल एवं यात्री यातायात प्रवाह में सुगमता हो सकेगी ।

सागर पुलिया के निकट एक रेल्वे अण्डर पास की रूपये 28.00 लाख की योजना लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की है, जिसका क्रियान्वयन रेल्वे प्रशासन की सहमति उपरान्त किया जाना है ।

इस अण्डर पास का निर्माण इस प्रकार से किया जाना होगा कि वर्षा ऋतु में यहाँ जल प्रवाह अवरूद्ध न हो । अतः तदनुसार उपयुक्त जल निकास की व्यवस्था भी किया जाना प्रस्तावित है । प्रस्तावित मार्ग संरचना के रेखांकन पर स्थित बेतवा नदी श्रृंखलाओं पर पुलिया निर्माण किया जाना भी प्रस्तावित है । सोठिया रेलवे समतल पारण तथा खारी रेलवे समतल पारण का विकास एवं उन्नयन किया जाना भी प्रस्तावित है । 3785

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

Vidisha

Km

1.5

PlanningArea

Legend

Source:GroundVerification

Waterbody

RailwayLine

VIDISHA 5.3EXISTINGBUSSTOP

NationalHighway

Bypass

VillageBoundary

Roads

StateHighway

0.5

BusStop

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Vidisha

Scale

ToBina

ToSagar

ToGairatgan

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAshoknagar

ToBhopal भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3786

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 5.7.3 मार्गो का उन्नयन

नगर के पुराने सघन एवं संकीर्ण क्षेत्रों में सुगम पहुँच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तथा समय , दूरी एवं ईंधन मितव्ययिता को दृष्टिगत रखते हुए ऐसे क्षेत्रों के मार्गों का उपलब्धता के आधार पर चौड़ीकरण एवं उन्नयन किया जाना प्रस्तावित है । इनमें निम्न मार्गों अथवा मार्ग खण्डों का उन्नयन विशेष रूप से किया जाना प्रस्तावित है ।

1. रैदास पथ

2. चाणक्य मार्ग

3. बालाजी मंदिर मार्ग

4. रसखान मार्ग

5. विश्वकर्मा गली

6. संत तुलसीदास मार्ग

7. स्वामी महावीर मार्ग

8. विजय मंदिर मार्ग

9. बालाजी मंदिर मार्ग

10. तिलक मार्ग

11. हरिजनपुरा मार्ग

12. दत्त मंदिर मार्ग

5.7.4 पार्किंग प्रस्ताव

वर्तमान में पार्किंग की समस्या नगर के मध्य क्षेत्र एवं अन्य कार्य केन्द्रो के समीप बहुत अधिक है । आने वाले समय में यह समस्या ओर भी बढेगी , इसका एक मात्र हल यही होगा कि प्रभावी परिवहन व्यवस्था विकसित की जावे एवं यातायात के प्रबंधन हेतु कार्य योजना तैयार की जावे । साथ ही स्थायी निराकरण के लिये यह आवश्यक है कि पार्किंग की विस्तृत योजना बनाई जाकर उसका क्रियान्वयन किया जावे । पार्किंग योजना तैयार होने तक निम्न व्यवस्था प्रस्तावित है ।

(1) मध्य क्षेत्र में फुटपाथ की चौड़ाई 1.5 मीटर रखी जाकर उसके अंदर ही ड्रेनेज निकाली जाये तथा सडक की शेष भूमि का पार्किंग के लिये उपयोग किया जावे । (2) चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के लिये पृथक- पृथक पर्किंग क्षेत्र का निर्धारण । (3) नगर के क्षेत्रीय मार्गों एवं कार्यकेन्द्रो के समीप पार्किंग के स्थान हेतु भूमि आरक्षित करना ।

(4) स्वीकृत मानचित्रों मे पार्किंग के लिये प्रस्तावित क्षेत्र का स्थानीय प्रशासन द्वारा समय सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित करना । 3787

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 11

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3788

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

अध्याय -6

विकास नियमन 6.1 प्रवृत्तशीलता

इन नियमनों का उद्देश्य विदिशा नगरवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है । यह नियमन निम्न गतिविधियों को नियंत्रित करेंगे :

1. निवेश क्षेत्र के अंदर समस्त विकास ।

2. भूमि के स्वरूप में परिवर्तन जिसमें भूमि का उप विभाजन, संयुक्तिकरण , विलियन उपांतरण एवं भूमि का उपयोग सम्मिलित है ।

3. समूह आवासीय परियोजनाओं का सम्मिलित संस्थागत विकास ।

4. किसी भी प्रकार के भवन जिसमें भवन की ऊंचाई सम्मिलित हो ।

5. ऐसे क्षेत्र में, जो निवेश क्षेत्र सीमा के अंदर है, भूमि का विकास, भवनों का निर्माण/ परिवर्तन एवं तोड़ना ।

6.2क्षेत्राधिकार

1. इस अध्याय में वर्णित विकास नियमन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973) की धारा 13 (1 ) के अंतर्गत अधिसूचना क्रं० कमांक एफ- 3-79- बत्तीस -2011 दिनांक 05.08.2011 गठित निवेश क्षेत्र पर लागू होंगे तथा जो नियमन इस अध्याय में वर्णित नहीं है, वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 में निहित प्रावधानों एवं समय - समय पर शासन द्वारा नियमों में किये जाने वाले संशोधन के अनुरूप लागू होंगे ।

2. इस अध्याय में वर्णित सक्षम प्राधिकारी से तात्पर्य है संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी जो विकास योजना में विभिन्न उपयोगों के अन्तर्गत स्वीकार्य गतिविधियों हेतु विकास अनुज्ञा देने हेतु सक्षम हैं ।

3. विकास योजना प्रस्तावों का विस्तृतीकरण परिक्षेत्रिक योजना में किया जायेगा । यह संभावना है कि विकास योजना में परिभ्रमण एवं उपयोग परिक्षेत्रों के निर्धारण संबंधी प्रस्तावों के क्रियान्वयन के समय, यांत्रिकी आवश्यकताओं के परिपेक्ष्य में संशोधित करना पड़े , ऐसे संशोधनों के संबंध में सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा । यदि किसी विवाद / विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है, तो उस दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम होगा, जो कि योजना प्रस्तावों का एकीकृत भाग माना जायेगा। वर्तमान भूमि उपयोग को अंगीकृत विकास योजना में दर्शाये अनुसार वास्तविक खसरा मानचित्र पर हस्तांतरित किया जावे ।

4. आस-पास विद्यमान / निर्मित एवं धारा-30 में स्वीकृत मार्गों का समन्वय कर मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 27, 28 व 29 में प्राप्त प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा । निवेश क्षेत्र में ऐसे निर्मित मार्ग , जो मौके पर विद्यमान है , परन्तु जिनके प्रस्ताव, विकास योजना में उप- दर्शित नहीं हैं अथवा 3789

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) उप- दर्शित हैं, परन्तु चौड़ाई का उल्लेख नहीं है, ऐसे मार्गों की, उनकी मौके पर उपलब्ध चौड़ाई अनुसार निरंतरता समन्वय के साथ सुनिश्चित की जावेगी ।

5. विकास योजना मानचित्र में चिन्हित प्रस्ताव सांकेतिक एवं स्थूल स्वरूप के हैं । उदाहरणार्थ आवासीय परिक्षेत्र, जो विकास योजना मानचित्र में दर्शाया गया है, उसमें आंतरिक मार्ग, खुले तथा हरित क्षेत्र, नागरिकों के लिए आवश्यक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु क्षेत्रफल तथा नगरीय विकास हेतु अनुपयोगी भूमि, वर्तमान वृक्ष समूहों द्वारा व्याप्त भूमि आवासीय क्षेत्र के अभिन्न अंग के रूप में सम्मिलित हैं । इस कारण उक्त क्षेत्र विकास योजना मानचित्र में नहीं दर्शाये गये हैं ।

6. पारिक्षेत्रिक योजना / विस्तृत अभिन्यास में दी गई प्रत्येक उपयोग परिसर की स्थिति एवं सीमायें स्थल पर विद्यमान मार्ग / ड्रेन एवं अन्य भौतिक गतिविधि के सापेक्ष होगी ।

7. संचालक अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा अनुमोदित अभिन्यास की समयावधि, यदि विकास योजना प्रारूप प्रकाशन की तिथि पर वैध है, उस दशा में यह स्वीकृत अभिन्यास का व्यापक भूमि उपयोग ही मान्य किया जावेगा ।

8. अपरिहार्य परिस्थितियों तथा सार्वजनिक हित में राज्य शासन नगर जनसंख्या को सामूहिक लाभ देने वाली राष्ट्रीय , राज्य एवं नगर स्तर की गतिविधि हेतु विकास अनुज्ञा पर विचार कर सकती है, भले ही वह विकास योजना में उल्लेखित न हो । 9. ऐसे क्षेत्र जहां जन सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक हो, उसके लिये आदेश जारी करने हेतु राज्य शासन सक्षम होगा ।

10. विकास अनुज्ञा के लिये प्रस्तुत मानचित्र में अगर कोई सुधार आवश्यक हो तो संबंधित अधिकारी द्वारा मानचित्र सुधार कर पुनः प्रस्तुत करने हेतु आवेदक को वापिस किया जायेगा ।

11. विभिन्न उपयोग परिसरों की पार्किंग की आवश्यकताएं उसी उपयोग परिसर के अन्दर ही आवश्यक रूप से करनी होगी । उक्त पार्किंग की व्यवस्था यदि समस्त भूखण्डों को प्रगणित करते हुए एकीकृत अथवा समूह में अभिन्यास स्तर पर की गई हो तो परिसर के अंदर पृथक से पार्किंग की बाध्यता नहीं होगी ।

12. नगर में निर्मित होने वाले फ्लाय ओवर / स्कॉय वॉक के नीचे के स्थान को पार्किंग , अन्य जनसुविधा की गतिविधियों में उपयोग की अनुमति स्थल विशेष की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये दी जा सकेगी , परंतु ऐसी गतिविधियों हेतु सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा ।

13. विकास योजना में नदी नालों के दोनों ओर दर्शाया गया हरित क्षेत्र सांकेतिक स्वरूप का है । बेतवा नदी के दोनों किनारे भूमि उपयोग मानचित्र अनुसार न्यूनतम 100 मीटर, बैस नदी के दोनों किनारे न्यूनतम 30 मीटर एवं अन्य नालों/ नहर की स्थिति में मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के निमय 50(ख ) में निहित प्रावधानों के अनुसार खुला क्षेत्र रखना अनिवार्य होगा, इस भूमि पर मार्ग एवं सार्वजनिक , सेवा एवं सुविधा का निर्माण कार्य स्वीकार्य होगा । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3790

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

14. झुग्गियों में रहने वाले निवासी, नगरीय केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों में सेवा कार्य से जुड़े होते है । यदि झुग्गी- झोपड़ी को किसी स्थान पर व्यवस्थापन कर उसे विकसित किया जाना है, तो उस दशा में जल स्त्रोतों के क्षेत्र आमोद - प्रमोद के क्षेत्र तथा प्रस्तावित मार्ग के क्षेत्र को छोड़कर शेष भूमि उपयोग परिक्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ी का व्यवस्थापन ग्राह्य होगा ।

15. विकास योजना मानचित्र, जो रिपोर्ट के साथ संलग्न है, वह मशीन द्वारा छोटा/ बड़ा किया गया मानचित्र है । इस कारण उक्त मानचित्र के आधार पर भूमि की न तो लंबाई- चौड़ाई नापी जाये, न ही इस मानचित्र के क्षेत्रफल को नापा जाये । लंबाई - चौड़ाई एवं क्षेत्रफल नापने तथा भू- उपयोग जानकारी की कार्यवाही हेतु सर्वे मानचित्र जो 1 :4000 की माप पर तैयार किया गया है, उसके आधार पर किया जाये । विकास योजना में दर्शित वर्तमान भूमि उपयोग स्थल वास्तविक स्थिती के अनुसार ही खसरा मानचित्र पर अंकित किए जाये तथा इस संबंध में स्थल निरीक्षण/ अभिलेख का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लिये जा सकेंगे । उक्त बाबत् किसी प्रकार की विसंगति होने पर शासन का निर्णय अंतिम होगा ।

16. परिक्षेत्रिक योजना तैयार करने की पद्धति विकास योजना तैयार करने के ही समान है । विकास के स्वरूप के अनुसार अलग-अलग विकास नियमन- परिक्षेत्रिक नियमनों की आवश्यकता हो सकती है । किन्तु परिक्षेत्रिक योजना के प्रकाशित एवं प्रभावशील होने तक इस अध्याय में वर्णित नियमनों के आधार पर विकास अनुज्ञा दी जायेगी । 17. प्रत्येक उपयोग परिसर की परिक्षेत्रिक योजना / विस्तृत अभिन्यास में दी गई स्थिति एवं सीमायें स्थल पर विद्यमान वर्तमान मार्ग / गाड़ी मार्ग एवं अन्य भौतिक स्वरूपों को संदर्भ माना जायेगा ।

18. विकास योजना में दर्शित समस्त वर्तमान उपयोग स्थल पर विकसित एवं उक्त के राजस्व अभिलेख के अनुसार ही मान्य होंगे । उससे लगकर स्थित भूमि पर संस्पर्शी भूमि उपयोग मान्य होगा ।

19. निवेश क्षेत्र स्थित कृषि प्रधान ग्रामों में स्थित शासकीय भूमि विकास योजना के प्रस्तावों के परिपेक्ष्य में म.प्र . भू- राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 के अनुसार नियंत्रित होगी ।

20. विकास योजना में विभिन्न भूमि उपयोगों के विकास हेतु नियमन दिये गये है । नियमों में यदि किसी प्रकार की विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है अथवा किसी व्याख्या की आवश्यकता होती है तो इस संबंध में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।

21. वर्तमान भूमि उपयोग को अंगीकृत विकास योजना में दर्शाए अनुसार खसरा मानचित्र पर वास्तविक उपयोग अनुसार हस्तांतरित किया जाएगा ।

22. किसी भी उपयोग परिक्षेत्र में उपयोगिता अधोसंरचना से संबंधित निर्माण अथवा गतिविधि, जो स्थल पर आवश्यकता के अनुरूप तथा उपयुक्त अधोसंरचना नियोजित एवं रूपांकन के द्वारा तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित हो, स्वीकृत होगी । 3791

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 23. शासकीय विभागों द्वारा धारित भूमि एवं उससे संलग्न भूमि के भूमि उपयोग का निर्धारण एवं सत्यापन स्थल की स्थिति के अनुसार मान्य होगा, तथा विकास योजना में मुद्रित मानचित्र के आकार से भिन्न होने पर खसरों के आधार पर ही किया जाएगा ।

24. नियमन में वर्णित गतिविधि के समानार्थी गतिविधि जिसका उल्लेख नियमनों में नहीं है, समानता के आधार पर मान्य किए जा सकेंगे ।

25. विकास योजना मानचित्र में निर्दिष्ट भू उपयोग व पुस्तक में वर्णित किसी लेख में विरोधाभास की स्थिति पर पुस्तक में वर्णित लेख मान्य होंगे ।

6.3 परिभाषायें

उपयोग परिक्षेत्र

मुख्य भू- उपयोग से संबंधित प्रस्तावित विशिष्ट नगरी कार्यकलापों में से किसी एक कार्यकलाप का क्षेत्र ।

उपयोग परिसर

उपयोग परिसर से तात्पर्य ऐसा परिसर जो कि उपयोग परिक्षेत्र के उपविभाजन का एक भाग हो एव जिसे कि अभिन्यास तैयार करते समय एक विशिष्ट मुख्य उपयोग या गतिविधि के लिए स्पष्ट किया गया हो।

अभिन्यास

अभिन्यास से तात्पर्य उप विभाजित योजना से है, जिसमें उपयोग परिसर के सभी आकार एवं प्रकार इंगित हों ।

सभी उपयोग उपक्षेत्रों को दर्शाने वाला मानचित्र भूमि उपयोग मानचित्र कहलायेगा ।

भूमि उपयोग मानचित्र

निवेश क्षेत्र के एक परिक्षेत्र की योजना जिसमें नियोजन के प्रावधानों । का विस्तार, सामाजिक अधोसंरचना, उद्यान, खुले क्षेत्र एवं यातायात परिक्षेत्रिक योजना

तंत्र संबंधी विस्तृत जानकारी प्रावधित हो ।

नगरीय ग्राम

भूमि उपयोग मानचित्र में दर्शाये एवं प्रस्तावित उपयोग परिक्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण आबादी, नगरीय ग्राम कहलायेंगे ।

नगरीय विरासत

नगरीय विरासत से तात्पर्य ऐसा परिसर जिसमें पुरातत्व महत्व के ऐतिहासिक भवन एवं उसके आसपास का परिसर सम्मिलित हो । मिश्रित उपयोग

मिश्रित उपयोग से तात्पर्य ऐसे उपयोग परिक्षेत्र से है जो कि अध्याय 6 में दर्शाया गया है । जिसमें एक से अधिक उपयोग परिक्षेत्र होंगे , उपयोग परिक्षेत्र / उपयोग गतिविधि दोनों उपयोग परिक्षेत्र में स्वीकार्य होंगे ।

ऊंचे भवनों का विकास

म.प्र . भूमि विकास नियम 2012 के नियम 2 (38) सहपठित नियम 42 के अनुसार होंगे ।

फर्शी क्षेत्र

म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 2 (30) के अनुसार होंगे । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3792

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) अनुपात

म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 2 (9) के अनुसार होंगे । भवन की ऊंचाई

संवेदनशील क्षेत्र

परिस्थितिजन्य पर्यावरणीय , ईकोलाजिकल एवं विरासत के आधार पर सीमांकित क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र कहलाएगा । इसके अंतगर्त नदी, तालाबों के निकटवर्ती क्षेत्र भी सम्मिलित होंगे ।

नियंत्रित क्षेत्र

नाली विभाजक तालाबों के ग्राह्य क्षेत्र एवं परिदृश्य गुणवत्ता की संभावना के आधार पर निर्धारित किये गये क्षेत्र

विकास योजना के रंगीन मानचित्र में दर्शित वर्तमान उपयोग । विकसित क्षेत्र

परिवार हेतु भूखंडीय विकास (अभिन्यास ) का भूखंडों में उप-विभाजन, जिसका नगरीय उपयोग प्रमुखतः एकल परिवार, संयुक्त परिवार के आवास हेतु किया जाना हो ।

एकल/संयुक्त परिवार हेतु भूखण्डीय विकास

6.4 भूमि उपयोग परिक्षेत्र

उपयोग परिक्षेत्रों में तत्संबंधी विभिन्न स्वीकृत एवं स्वीकार्य गतिविधियों को दृष्टिगत रखते हुए उपयोग परिक्षेत्रों को निम्नलिखित तालिका में दर्शाए अनुसार उप परिक्षेत्रों में विभक्त किया गया है । प्रत्येक उपयोग परिक्षेत्र आगे विभिन्न उपयोग परिसरों के रूप में उपविभाजित किये गये हैं । प्रत्येक उपयोग परिसर में विशिष्ट उपयोग , गतिविधियों की शर्तों या बिना शर्तों के स्वीकार्य होगी । ऐसे क्षेत्र जिसका निर्धारित अभिन्यास स्वीकृत नहीं है, का प्रतिबंध विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना के भू- उपयोग / प्रस्तावों के अधीन निर्धारित होगा। निर्धारित मुख्य भू- उपयोगों के अनुरूप ही उपयोग परिक्षेत्र रहेंगे यथा आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक, आमोद - प्रमोद, सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक, विशेष प्रयोजन, यातायात एवं परिवहन, सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवायें, जलाशय एवं कृषि। उपयोग परिक्षेत्रों का विभाजन एवं उपयोग श्रेणियों का विवरण सारणी 6- सा -1 में दिया गया है एवं नगर की आवश्यकतानुसार उपयोग की गई श्रेणियों का विवरण सारणी 6 - सा -2 में उल्लेखित है । 3793

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

मुख्य उपयोग परिक्षेत्र

सारणी 6-सा- 1

नाम पद्धति क्र.

भू- उपयोग उपपरिक्षेत्र

भू-उपयोग परिक्षेत्र

4

3

1

2

(आर 1)

आवासीय

(आर 2)

भू- तल पर दुकानों की कतारों सहित आवासीय

आवासीय

1

मध्यम घनत्व

(आर 3)

(आर 4)

निम्न घनत्व

(सी 1 )

शहर केन्द्र

(सी 2)

उपनगर केन्द्र

(सी 3)

सामुदायिक केन्द्र

(सी 4)

स्थानीय व्यावसायिक केन्द्र

वाणिज्यिक

2

(सी 5)

सुविधा व्यावसायिक केन्द्र

(सी 6)

मण्डी

(सी 7)

वर्गीकृत बाजार

(भाई 1 )

सता उद्योग

सामान्य उद्योग

3

औद्योगिक

(आई 2)

(બાર્ફ 3)

विशेष उद्योग

उद्यान

(जी 1)

(जी 2)

हरित क्षेत्र या उपरोक्त वर्णित क्षेत्र

(जी 3)

क्षेत्रीय उद्यान (प्राणिशास्त्रीय या वनस्पतिशास्त्रीय

उद्यान)

(जी 4) 4

मनोरंजन प्राकृतिक क्षेत्रों या भू- दृश्य क्षेत्रों का संरक्षण

(जी 5)

खेल मैदान

स्टेडियम

(जी 6)

(जी 7 )

झील के सामने का विकास

(जी 8)

प्रदर्शनी मैदान

(पी)

5

सार्वजनिक संस्थान और प्रशासनिक क्षेत्रों / शिक्षा और अनुसंधान /स्वास्थ्य/ सामाजिक / सांस्कृतिक संस्थागत गतिविधियाँ

सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक

(एस पी 1 )

पर्यटन प्रबंधन परिक्षेत्र

(एस पी 2)

संरक्षित परिक्षेत्र

(एस पी 3)

ड्राय पोर्ट या कंटेनर डिपो

(एस पी 4)

तेल डिपो या ज्वलनशील पदार्थ डिपो

6

(एस पी 5)

भवन निर्माण सामग्री यार्ड

विशेष प्रयोजन

(एस पी 6)

प्रदूषणकारी उद्योग

(एस पी 7)

सेज (एस.ई.जेड)

(एस पी 8)

खनन क्षेत्र [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3794

क्र.

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

नाम पद्धति

भू-उपयोग उपपरिक्षेत्र

भू-उपयोग परिक्षेत्र

(एस पी 9)

आरक्षित वन या राष्ट्रीय उद्यान या वन्यजीव अभ्यारण्य

अन्य

बस स्टैण्ड या टर्मिनस

बस पिकअप स्टेशन

सडकें

रेल्वे स्टेशन

परिवहन

7

रेल्वे लाइन

बस डिपो

ट्रांसपोर्ट नगर

हैलीपेड/ हवाई अड्डा

मेट्रो रेल स्टेशन

जल शोधन संयंत्र

(एस पी 10)

(टी 1 )

(टी 2)

(टी 3)

(टी 4)

(टी 5)

(टी 6)

(टी 7)

(टी 8)

(टी 9)

(पीयूएफ 1 )

मल शोधन संयंत्र / आक्सीकरण ताल

विद्युत सब स्टेशन

ट्रेंचिंग ग्राउण्ड्स 8

रेडियो/ टी.वी . स्टेशन

दूरसंचार केन्द्र सार्वजनिक उपयोगिताएँ और सुविधाएँ

अग्नि नियंत्रण स्टेशन

(पीयूएफ 2)

(पीयूएफ 3 )

(पीयूएफ 4)

(पीयूएफ 5)

ट्रंकलाइन कॉरीडोर , जल / मल, अतिरिक्त वोल्टेज विद्युत लाइनें, पाइप लाइनें और संबंधित संरचनाएँ

(पीयूएफ 6)

(पीयूएफ 7)

(पीयूएफ 8)

ठोस अपशिष्ट निपटान संयंत्र / अपघटन संयंत्र

कब्रिस्तान/ श्मशान घाट

नदियाँ

झील / तालाब / जलाशय जल निकाय

9

नाला/ नहर

बाढ प्रभावित क्षेत्र

कृषि भूमि 10

कृषि

ग्राम आबादी विस्तार

(पीयूएफ 9 )

(पीयूएफ 10)

(डब्ल्यू1 )

(डब्ल्यू2)

(डब्ल्यू3)

(डब्ल्यू4)

(ए 1)

(ए 2)

विदिशा निवेश क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार उपरोक्त उपयोग परिक्षेत्रों को निम्न सारणी में दर्शाए अनुसार उपपरिक्षेत्रों में विभक्त कर प्रस्ताव दिए गए हैं । प्रत्येक उपयोग परिसर में विशिष्ट उपयोग , गतिविधियों की शर्तों या बिना शर्तों के स्वीकार्य होगी । ऐसे क्षेत्र जिसका कि निर्धारित अभिन्यास स्वीकृत नहीं है, उसका नियंत्रण विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना के भू- उपयोग / प्रस्तावों के अधीन निर्धारित होगा । 3795

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

विदिशाः मुख्य उपयोग परिक्षेत्र

सारणी 6- सा- 2

भू- उपयोग उप- परिक्षेत्र

क्र.

भू-उपयोग परिक्षेत्र

1

2

आवासीय

1

आवासीय मिश्रित

उपनगर केन्द्र 2 वाणिज्यिक

मण्डी

औद्योगिक

सामान्य उद्योग 3

उद्यान 4 आमोद-प्रमोद वृक्षारोपण

स्टेडियम 5

सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक

6 विशेष प्रयोजन पहाड़ी क्षेत्र

नाम पद्धति

4

3

(आर 1)

(आर 2)

(सी 2)

(सी 6)

(आई 2)

(जी 1)

(जी 2)

(जी 6)

(पी)

सार्वजनिक संस्थान और प्रशासनिक क्षेत्रों/ शिक्षा और अनुसंधान / स्वास्थ्य/ सामाजिक / सांस्कृतिक संस्थागत गतिविधियां

10)

बस स्टैण्ड या टर्मिनल / बस डिपों

सड़कें

परिवहन

रेल्वे स्टेशन 7

रेल्वे लाईन

ट्रांसपोर्ट नगर

जल शोधन संयंत्र

विद्युत सब स्टेशन

8

ट्रेचिंग ग्राउण्ड

(टी 1)

(टी 3)

(टी 4)

(टी 5)

(टी 7)

(पीयूएफ 1 )

(पीयूएफ 3)

(पीयूएफ 4)

ठोस अवशिष्ट निपटान संयंत्र/ अपघटन

सार्वजनिक उपयोगिताएं और सुविधाएं

(पीयूएफ 9)

संयंत्र कब्रिस्थान / श्मशान घाट

नदियां

जल निकाय

9

तालाब/जलाशय

नाला/नहर

कृषि भूमि 10

कृषि

ग्राम आबादी विस्तार

(डब्ल्यू1)

(डब्ल्यू2)

(डब्ल्यू3)

(ए 1)

(ए 2) भाग 1

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3796

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 6.5 उपयोग परिक्षेत्रों में उपयोग परिसरों की अनुमति, स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग / उपयोग गतिविधियां

उपयोग परिक्षेत्रों में स्वीकृत उपयोग परिसरों का वर्णन सारणी 6 - सा -3 में दिया गया है।

उपयोग परिक्षेत्रों में स्वीकृत उपयोग

सारणी 6-सा- 3 उपयोग

स्वीकृत उपयोग परिसर

क्र.

3

1

2

आवासीय

1

आवासीय भूखण्डीय विकास , अपार्टमेंट हाउसिंग / फ्लेटस, अतिथि गृह / रेस्ट हाउस , रात्रि विश्राम गृह, धर्मशाला मैरिज हाल / बारात घर / मांगलिक भवन/ कल्याण मंडपम, कम्यूनिटी हॉल , गेरिज गार्डन , बाल सुधार गृह / कामकाजी महिला छात्रावास, होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग, वृद्धाश्रम, सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, साप्ताहिक हाट बाजार, क्लिनिक /डिस्पेंसरी , प्रसूति गृह , प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, पालतू पशुक्लिनिक /औषधालय, खेल का मैदान / नेवर हुड पार्क, झूलाघर / डे- केयर सेंटर, क्लिनिकल प्रयोगशाला , खुला रंग मंच , सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र, अनाथालय , योग केन्द्र, ध्यान अध्यात्मिक केन्द्र, सिनेमा हाल, होटल, ईंधन भराव एवं भराव - सह- सेवा केन्द्र, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग , सामान्य चिकित्सालय , विशिष्ट चिकित्सालय, शैक्षणिक महाविद्यालय / संस्थान , समस्त विद्यालय, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान , अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, संगीत / नृत्य / नाटिका प्रशिक्षण केन्द्र, स्थानीय संस्थायें / अर्द्धशासकीय / शासकीय कार्यालय / सुविधायें, कन्वेंशन सेंटर , बस स्टॉप , सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयंत्र गृह, मनोरंजन क्लब , खेल मैदान / स्टेडियम, लाइब्रेरी , म्यूजियम , स्टाफ क्वार्टर , बैंक / ए.टी.एम.. रेस्टोरेंट, तरणताल , कम्प्यूटर सेंटर, मिश्रित उपयोग ।

2 वाणिज्यिक

(अ) वाणिज्यिक सामान्य

आवासीय में स्वीकार्य समस्त गतिविधियां, सिनेमा हाल, होटल, ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, प्रिटिंग प्रेस, निजी व्यवसाय कॉर्पोरेट कार्यालय , ऑटो सर्विस स्टेशन / मोटर गैरेज एवं वर्कशॉप, सूचना प्रौद्योगिकी, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण सेंटर, दूर - संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टॉवर , वायर लेस स्टेशन, रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन , वेदशाला एवं मौसम कार्यालय, अग्निशमन केन्द्र, दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस , दूर- संचार टावर एवं स्टेशन, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, माल , मल्टीप्लेक्स, फिटनेस क्लब , मिश्रित उपयोग ।

आवासीय एवं सामान्य वाणिज्यिक में स्वीकार्य गतिविधियां तथा थोक व्यापार एवं लॉजिस्टिक हब ।

(ब ) वर्गीकृत वाणिज्यिक 3797

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) क्र. उपयोग

स्वीकृत उपयोग परिसर

3

2

1

औद्योगिक भूखण्डीय विकास , अतिथि गृह / रेस्ट हाउस , होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, क्लिनिक /डिस्पेंसरी , प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, खेल मैदान , बालगृह , दिन देखभाल केन्द्र, धार्मिक परिसर , क्लिनीकल प्रयोगशाला , सिनेमा हाल , होटल, ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, शीत संग्रहागार एवं दुग्ध द्रुतशीतजन संयंत्र, जंकयार्ड, पेट्रोलियम उत्पाद डिपो , गैस गोडाउन, प्रिटिंग प्रेस , ऑटो सर्विस स्टेशन / मोटर गैरेज एवं वर्कशॉप, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग , डेरी प्लांट , स्लाटर हाउस, 3

औद्योगिक फेलैटेड फैक्टरी , स्टोरेज/ गोदाम (अज्वलनशील, ज्वलनशील , डीजल स्टोरेज) , एक्सटेंसिव विशिष्ट एक्सट्रेक्टिव उद्योग , औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान , अनुसंधान एवं विकास केन्द्र , स्थानीय संस्थायें / अर्द्धशासकीय / शासकीय कार्यालय , दूर- संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टॉवर, वायर लेस स्टेशन, अग्नि शमन केन्द्र, दूर संचार, पोस्ट आफिस , दूरभाष केन्द्र पोस्ट ऑफिस, दूर- संचार टावर एवं स्टेशन, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, बस स्टॉप , सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल/ वेस्ट वाटर शोधन संयंत्र, लाइब्रेरी, म्यूजियम, स्टाफ क्वार्टर , बैंक/ ए.टी. एम. रेस्टोरेंट ।

4 मिश्रित

आवासीय उपयोग परिक्षेत्र, वाणिज्यिक उपयोग परिक्षेत्र तथा सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक अंतर्गत उल्लेखित सभी गतिविधियां स्वीकृति योग्य होगी ।

5

सार्वजनिक एवं सार्वजनिक अर्द्ध

अतिथि गृह / रेस्ट हाउस, बालगृह, कामकाजी महिला छात्रावास, होस्टल, लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम , सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, क्लिनिक /डिस्पेंसरी , प्रसूति गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र , नर्सिंग होम, पालतू पशु औषधालय , खेल का मैदान, नेवरहूड पार्क, झूला घर / डे केयर केन्द्र, धार्मिक परिसर,क्लिनिकल प्रयोगशाला , खुला रंग मंच, सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र, अनाथालय , योग-ध्यान-अध्यात्मिक केन्द्र, ईधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, निजि व्यवसाय एवं कार्पोरेट कार्यालय , सचना प्रौद्योगिकी, स्टोरेज / गोदाम (अज्वलनशील) , सामान्य चिकित्सालय , विशिष्ट चिकित्सालय , पशु चिकित्सालय , विश्व विद्यालय , शैक्षणिक महाविद्यालय , चिकित्सा / इंजीनियरिंग महाविद्यालय, अन्य व्यवसायिक महाविद्यालय, पॉलीटेक्नीक, माध्यमिक विद्यालय , प्राथमिक विद्यालय / नर्सरी , प्ले स्कूल, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण सेंटर , शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र , नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान, विकलांग बच्चों के लिए विद्यालय , (अ-मानसिक विकलांगता , ब- शारीरिक विकलांगता) , समन्वित आवासीय विद्यालय , औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थान / प्रबंधन संस्थान , अनुसंधान एवं विकास केन्द्र , संगीत / नृत्य नाटिका प्रशिक्षण केन्द्र, स्थानीय संस्थायें/ अर्द्धशासकीय / शासकीय कार्यालय, दूर- संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टॉवर, वायर लेस स्टेशन , रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन, वेदशाला एवं मौसम कार्यालय , गृह , मनोरंजन क्लब , आंतरिक एवं बाह्य स्टेडियम, स्पोर्ट्स काम्पलेक्स, लाइब्रेरी , म्यूजियम, स्टाफ क्वार्टर, बैंक / ए.टी.एम. रेस्टोरेंट, तरणताल, होटल मैनेजमेंट संस्थान , कन्वेंशन सेंटर, सामाजिक कल्याण केन्द्र , मिश्रित उपयोग सूचना प्रौद्योगिकी एवं गैर- प्रदूषणकारी उद्योग " भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3798

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) उपयोग

स्वीकृत उपयोग परिसर

क्र.

3

2

1

6

सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें

अग्निशमन स्टेशन , दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस, दूर - संचार टावर / स्टेशन , पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, बस स्टाप, मल / अपशिष्ट उपचार संयंत्र , कब्रिस्तान, शमशान घाट, विद्युत शव दाह, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयंत्र, रख रखाव कार्यालय , यातायात सुविधाएं , संचार सुविधाएं , अत्यावश्यक सेवाओं संबंधी कार्य ।

7

यातायात एवं परिवहन

रेलवे स्टेशन एवं रेलवे लाईन/ रेलवे साइडिंग / यार्ड / आपरेशनल एरिया , बस स्टेण्ड, बस डिपो , ट्रक टर्मिनल नगर , हवाई पट्टी, माल गोदाम, शीतगृह, सर्विस स्टेशन, रिपेयर वर्कशॉप, अनुशांगिक दुकानें, रेस्टोरेन्ट, मोटल , होटल, पेट्रोल पम्प।

8 आमोद-प्रमोद

(अ) क्षेत्रीय उद्यान/ मनोरंजन

खेल का मैदान , पार्क , एम्यूजमेंट पार्क, मनोरंजन साईट, क्लब रिसोर्ट, घुड़सवारी, जिम्नेजियम मय वोट क्लब , आंतरिक स्टेडियम, स्टेडियम, स्पोर्ट कॉम्पलेक्स, ऑरचर्ड, तरणताल, पिकनिक हट, फ्लाईंग क्लब, फिटनेस क्लब, मेला मैदान , नर्सरी , पक्षी अभ्यारण्य , वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान, मत्स्यालय , केम्पिंग साईट, वाटर पार्क, वाटर पार्क मय राइडर कियोस्क, रिसोर्ट, पर्यटक / कुटीर, खेल उद्यान , नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान, संग्रहालय , अन्य विशिष्ट उद्यान , सर्कस सूचना केन्द्र , सार्वजनिक शौचालय , स्टोर, चौकीदार निवास , चौकीदार हट, पम्प हाउस , अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं / सुविधाएं । (ब) स्टेडियम मैदान

स्टेडियम / खेल मैदान , नेबरहुड पार्क, एम्यूजमेंट पार्क, क्लब / रिसोर्ट, घुड़सवारी प्रशिक्षण , जिम्नेजियम, वोट क्लब , आंतरिक स्टेडियम, स्टेडियम , स्पोर्ट कॉम्पलेक्स, ऑरचर्ड , तरणताल , पिकनिक हट, फ्लाईंग , फिटनेस क्लब , मेला स्थल, नर्सरी, खेल उद्यान, नगरीय उद्यान , क्षेत्रीय उद्यान, अन्य विषिष्ट उद्यान, सर्कस, सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय , स्टोर, चौकीदार निवास, पम्प हाउस, चौकीदार हट, अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं/ सुविधाएं ।

(स) मेला मैदान

मेला मैदान, खेल का मैदान , पार्क, एम्युजमेंट पार्क, क्लब, घुड़सवारी, जिम्मेजियम , वोट क्लब , आंतरिक स्टेडियम अस्थाई प्रकृति के, ऑरचर्ड, तरणताल , पिकनिक हट , फ्लाईंग , फिटनेस क्लब , नर्सरी , पक्षी अभ्यारण्य, वनस्पति उद्यान , प्राणी उद्यान, केम्पिंग साईट , वाटर पार्क, रिसोर्ट, पर्यटक / कुटीर अस्थाई प्रकृति के, खेल उद्यान , नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान, सर्कस सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय , स्टोर, पम्प हाउस, चौकीदार निवास , चौकीदार हट , अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं / सुविधाएं ।

(द) हरित क्षेत्र

खेल का मैदान, नेबरहुड पार्क, एम्युजमेंट पार्क, घुड़सवारी प्रशिक्षण, वोट क्लब, ऑरचर्ड, तरणताल, पिकनिक हट , फ्लाईंग , नर्सरी, पक्षी अभ्यारण्य, वनस्पति उद्यान , प्राणी उद्यान , मत्स्यालय , केम्पिंग साईट , वाटर पार्क, खेल उद्यान, पम्प हाउस, नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान ।

(इ) वृक्षारोपण

पर्यावरण वानिकी , खेल का मैदान नेबरहुड पार्क, एम्युजमेंट पार्क, घुड़सवारी, वोट क्लब , ऑरचर्ड, तरणताल , पिकनिक हट, मेला. मैदान , नर्सरी, पक्षी अभ्यारण्य, वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान, मत्स्यालय, केम्पिंग साईट- अस्थाई 3799

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2036 (प्रारूप) उपयोग

स्वीकृत उपयोग परिसर

क्र.

3

2

1

प्रकृति की , वाटर पार्क, पर्यटक / कुटीर अस्थाई प्रकृति की, खेल उद्यान , नगरीय उद्यान , क्षेत्रीय उद्यान, सर्कस, सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय, स्टोर, पम्प हाउस , चौकीदार निवास, चौकीदार हट, अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं/सुविधाएं ।

9

कृषि

ऐसे समस्त स्वीकृत उपयोग जो "कृषि" शब्द की परिभाषा में म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में वर्णित है । श्मशान घाट / कब्रिस्तान, जल-मल शोधन केन्द्र , ईंट भट्टे दुग्ध डेयरी, तेल डिपो, फार्म हाउस , वेयर हाऊस, गोडाउन, विस्फोटक सामग्री संग्रहण , शासकीय / अर्द्ध- शासकीय / पंजीकृत संस्थाओं का कार्यालय एवं उनके द्वारा प्रायोजित विशिष्ट स्वास्थ्य / शैक्षणिक / संचार गतिविधियाँ, ग्राम विकास संबंधी गतिविधियाँ (क्लिनिक/डिस्पेंसरी , प्रसूती गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, पालतू पशुक्लिनिक/ औषधालय , रात्रि विश्राम गृह, धर्मशाला, मैरिज हाल / बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मंडपम, कम्यूनिटी हाल, मैरिज गार्डन , बालगृह, होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम, सुविधाजनक दुकानें, अनाथालय , योग केन्द्र, ध्यान आध्यात्मिक केन्द्र , ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, माध्यमिक विद्यालय , प्राथमिक विद्यालय / नर्सरी , प्ले स्कूल, कोचिंग सेंटर , कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान, विकलांग बच्चों के लिए विद्यालय, (अ- मानसिक विकलांगता ब- शारीरिक विकलांगता) , पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट बस स्टॉप , सामाजिक कल्याण केंन्द्र, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयंत्र , नर्सरी , लाइब्रेरी, सेवाओं/ सुविधाओं संबंधी अत्यावश्यक स्टाफ क्वार्टर , बैंक / ए.टी.एम. , रेस्टोरेंट ग्राम आबादी विस्तार , भवन सामग्री यार्ड, टिम्बर यार्ड , मैरिज गार्डन , शीत संग्रहागार, दुग्ध द्रुतशीतजन संयंत्र , जंकयार्ड, पेट्रोलियम उत्पाद डिपो, गैस गोडाउन , डेरी प्लांट स्टोरेज/ गोदाम (अज्वलनशील , ज्वलनशील, डीजल स्टोरेज) , एक्सटेंसिव विशिष्ट एक्सट्रेक्टिव उद्योग , दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस , पुलिस पोस्ट, बस स्टाप , मल / अपशिष्ट उपचार संयंत्र, कब्रिस्तान, शमशान घाट, विद्युत शव दाह, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयत्र, समस्त खेल गतिविधियां / लॉजिस्टिक हब , सूचना प्रौद्योगिकी एवं गैर - प्रदूषणकारी उद्योग**, कृषि पर्यटन सुविधा *** ए समस्त प्रकार के भण्डारण ।

नोट

1. *सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की नीति पत्र में वर्णित उद्योग एवं संस्थायें ।

2. **गैर प्रदूषणकारी उद्योग से तात्पर्य है मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल द्वारा सफेद श्रेणी में वर्गीकृत उद्योग ।

3. ***कृषि पर्यटन सुविधा से तात्पर्य है कि मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के नियम 17 (क) में वर्णित अनुसार । भाग 1 3800

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 6.6 आवासीय

6.6.1 नवीन आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन

नवीन आवासीय विकास हेतु म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के मापदण्डों के अनुसार नियंत्रित होंगे । आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन सारणी 6- सा-4 में दिये गये है ।

1. इस नियमन का उद्देश्य परिक्षेत्रों के अभिन्यास तैयार करने में मार्गदर्शन देना है । इन नियमों में परिभ्रमण संरचना एवं सुविधाओं के प्रावधानों के मानक सम्मिलित है । ऐसे अभिन्यासों से जुड़े सेवा प्रावधान जैसे भौतिक संरचनायें, जल प्रदाय, जल-मल निकास आदि नगर पालिका उपनियमों के अनुरूप होंगे ।

2. सामन्यतः भूखण्ड की चौड़ाई एवं गहराई का अनुपात 1: 1.5 से 1 : 3 होना चाहिए । 3. भवन निर्माता / वास्तुविदों को अपने भवन नियोजन हेतु आवासीय विकास के संदर्भ में भूखण्ड आकार , भूखण्ड प्रकार, फर्शी क्षेत्रानुपात, भू-तल आच्छादन, भवन की ऊंचाई तथा स्वीकार्य आवासीय इकाईयों के मानकों की आवश्यकता होती है । सारणी 6 सा-4 में आवासीय क्षेत्रों के आच्छादन तथा सीमान्त खुला क्षेत्र वर्णित है । सारणी में दर्शाये भूखण्ड स्वीकृत अभिन्यास का भाग होना आवश्यक है तथा भवन अनुज्ञा हेतु यह पूर्णतः विकसित होना चाहिए ।

4. एक भूखण्ड में अधिकतम चार इकाईयों को रामाहित करने हेतु प्रस्तावित आवासीय क्षेत्र में तैयार किये गये अभिन्यास की स्वीकृति तभी दी जायेगी जब आवश्यक प्रावधान जैसे जल प्रदाय, जल-मल निकास तथा विराम सुविधा का प्रावधान किया हो तथा भवन निर्माण की अनुमति देने के पूर्व, उक्त सेवायें एवं सुविधायें, वास्तविक रूप से उपलब्ध होना चाहिये । ऐसे भूखण्डों का आकार 288 वर्गमीटर से कम नहीं होगा तथा म.प्र . भूमि विकास नियम 2012 के नियम 85 के अनुरूप परिवारों को समाहित करने हेतु विशिष्ट रूप से रूपांकित किये जायेंगे ।

5. म.प्र. नगर पालिका (कालोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण , निबंधन एवं शर्तें) नियम 1998 एवं मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास ) नियम 2014 के प्रावधानों के अनुरूप अल्प आय वर्ग एवं कमजोर आय वर्ग हेतु भूमि / भवन आरक्षित किये जावेंगे । राज्य शासन द्वारा समय- समय पर जारी किये गये निर्देशों के अनुरूप ई.डब्ल्यू.एस. /एल. आय.जी. वर्ग हेतु अभिन्यासों में प्रावधान करना होगा ।

6. म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 99 ( परिशिष्ट- ञ) में निहित प्रावधानों के अनुरूप विशेषतः अल्प आय वर्ग का अभिन्यास तैयार किया जाना चाहिये ।

7. पहुँच मार्ग की चौड़ाई 12 मीटर से अधिक होने पर उससे लगी भूमि पर मार्ग चौड़ाई से दोगुनी गहराई तक मिश्रितं उपयोग की अनुमति दी जा सकेगी । 3801

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1]

7

5 5

7

7

7

4

2

4

18 2 2

3 4

2

एकभूखण्ड परअधिकतम स्वीकार्य आवासीय ईकाइयां

12.5

12.5

12.5 12.5

12.5

12.5

12.5

12.5

12 9.5 9.5

12.5 12.5

9.5

9.5

अधिकतम ऊँचाई

सारणी6-सा-4

12.0 12.0

12.0 12.0

12.0

7.5

9.0 9.0 12.0

7.5

11 7.5

7.5 9.0

7.5

भूखण्डके सामनेमार्गकी न्यूनतमचौड़ाई मीमें)

3.0 4.5

1.5 3.0 3.0 4.5

3.0

10

0.0

0.0

0.0

0.0 0.0

0.0

0.0

4.5

4.5 4.5

3.5 3.5

3.0 4.0

3.0

2.5

आजू

0.0 0.0

0.0 2.5

0.0

एम.ओ.एस.(मी.)में

4.5

4.5

3.0 3.0

2.5

3.0

2.5

2.5 2.5

1.5

1.5 1.5

8 1.5

0.0

6.0 6.0 6.0

6.0

6.0 6.0

7

3.0 3.5 4.5

3.0

3.0 3.0

3.0 3.0

अग्र

विदिशाविकासयोजना2035(प्रारूप)

1.25

1.25 1.25

1.25

1.25

1.25

1.25

1.25

1.25

6

1.25

1.25

1.25

1.25

1.25

एफ.ए.आर. अधिकतम

30

30

33 33

35

42 35

40

5

50

60 50 50

60 60

आवासीयभूखण्डोंकेविकासमापदण्ड

भू-आच्छादन क्षेत्रप्रतिशत में

4

पंक्ति

पृथक्कृत

पृथक्कृत

पंक्ति

पृथक्कृत पृथक्कृत

पंक्ति

पंक्ति

पृथकृत

पृथक्कृत

पृथक्कृत

अर्ध पृथक्कृत

विकासकाप्रकार

अर्धपृथक्कृत

अर्धपृथक्कृत

750

540

990

135

405

216

600

360

32 75

200 288

3 48 105

क्षेत्र(वर्ग मीटर) न्यूनतम

2

25.0X30.0

20.0X30.0

12.0X24.0

15.0X27.0

12.0X24.0

30.0X33.0

12.0X18.0

5.0X15.0

7.0X15.0

9.0X15.0

4.0X8.0

4.0X12.0

18.0X3 X30.0

11. 1.10×18.0

भूखण्डकाआकर(मी.में

14

11

13

10

12

9

6

8

7

5

2 3 4

क्र.

भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3802

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) नोट:-

1. उपरोक्त तालिका सांकेतिक स्वरूप की है जिसे मार्गदर्शिका के रूप में उपयोग किया जा सकेगा ।

2. मिश्रित उपयोग सहित सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भूखण्ड जिसमें न्यूनतम भूखण्ड क्षेत्रफल की अर्हता पूर्ण होती है, हेतु भी उपरोक्त मापदण्ड लागू होंगे । (आवासीय ईकाइ छोड़कर)

3. सारणी के अनुक्रमांक 9 से 14 में दर्शाये भूखण्ड आकार को केवल प्रस्तावित आवासीय क्षेत्रों में बहुईकाई भूखण्डीय विकास के रूप में मान्य किया जा सकता है ।

4. ऐसे भूखण्ड जिनका क्षेत्र सारणी में दर्शायी श्रेणियों के मध्य के आकार के हो, को इसके पूर्व की श्रेणी के एम.ओ.एस. आच्छादन, एफ.ए.आर. के अनुसार अथवा नियोजन अनुज्ञा में वर्णित अनुसार स्वीकृति दी जानी चाहिए । ऐसे आच्छादित क्षेत्र अथवा एम.ओ.एस. में निर्धारित करते समय यदि कतिपय भिन्नता आती है तो आच्छादित क्षेत्र अथवा एम.ओ.एस. में से किसी एक को निश्चित कर स्वीकृति दी जायेगी । किन्तु ऐसे प्रकरणों में भवन रेखा निर्धारित कर ही स्वीकृति दी जायेगी ।

5. भवन की अधिकतम ऊंचाई 12.50 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिये । ऐसी अवस्था में जब भूतल आच्छादित पार्किंग के लिए उपयोग में लाया गया हो तो भवन की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर होगी ।

6. उपरोक्त सारणी के कॉलम 12 में अंकित अधिकतम भवन की ऊँचाई में कुर्सी ( Plinth ) की ऊँचाई सम्मिलित नहीं है ।

7. घनत्वीय गणना हेतु एक आवासीय इकाई में 4.5 व्यक्ति तथा कर्मचारी आवास में 2.4 व्यक्ति का रहवास माना जावेगा ।

8. वाहन विराम स्थल की गणना म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार की जायेगी । 9. अनुक्रमांक 9 से 14 के भूखण्डों के समक्ष यदि 12 मीटर या उससे अधिक चौड़ा मार्ग उपलब्ध है तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात् क्रियान्वित किये जाने वाले इस विकास में आवश्यक सेवाऐं एवं सुविधाएँ प्रावधानित हो तो ऐसे भूखण्डों पर बहु आवासीय ईकाईयां मान्य होगी अन्यथा केवल 4 आवासीय ईकाइयों की संख्या मान्य होगी ।

10. यदि आवासीय भवन का निर्माण 2.4 मीटर ऊंचाई के स्टिल्ट पर, स्वीकार्य ग्राउण्ड कवरेज की सीमा तक किया जाता है तो स्टिल्ट फ्लोर की ऊंचाई तथा ऐसे निर्मित क्षेत्र की गणना, क्रमशः भवन ऊंचाई तथा एफ.ए.आर. से नहीं की जाएगी ।

6.7 बहुविधि बहुमंजिली इकाई निर्माण

बहुविधि बहुमंजिली इकाई, मध्यप्रदश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 के मापदण्ड अनुसार नियंत्रित होंगे एवं नियम 84 के प्रावधानों के अनुरूप मान्य होगें । 3803

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 6.8 फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा

फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधायें हेतु मानक मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012के नियम 17 एवं नियम 17 (क) अनुसार मान्य होंगे ।

6.9 मिश्रित उपयोग

मिश्रित उपयोग पारंपरिक नगर नियोजन तथा भारतीय सामाजिक-आर्थिक- सांस्कृतिक परिवेश पर आधारित है । मिश्रित उपयोग के संबंध में अध्ययन किया गया जिसमें यह परिलक्षित हुआ कि आवासीय परिसरों में बाजार के आर्थिक आवश्यक बल के कारण सामाजिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास आवासीय परिसरों में हुआ है । बाजार के आर्थिक आवश्यक बल होने के कारण आवासीय परिसरों में वाणिज्यिक गतिविधियों की मांग और बढ़ रही है, अतः वास्तविकता को अनदेखा करना नियोजन की दृष्टि से उचित नहीं होगा । अतः अब ऐसी नीति बनाने की आवश्यकता है जिसके फलस्वरूप नागरिकों की वास्तविक आवश्यकता एवं नागरिकों की सुविधा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मध्य संतुलन बना रहे । इस हेतु आवासीय परिसरों में मिश्रित उपयोग स्वीकार्य करने हेतु स्पष्ट सिद्धांत एवं प्रक्रिया का निर्धारण आवश्यक है ।

इस प्रकिया से भविष्य में सुनियोजित तरीके से मिश्रित उपयोग का प्रावधान, न केवल नगर के नियोजित स्वरूप को उजागर करेगा, बल्कि इन नियमनों के क्रियान्वयन हेतु स्थानीय संरथा को श्न क्षेत्रों की अधोसंरचना के पिफारा ऐषु राशि भी उपलब्ध हो सकेगी ।

6.9.1 मिश्रित उपयोग के मार्गदर्शी सिद्धांत

1. मिश्रित उपयोग का आशय आवासीय / वाणिज्यिक / सार्वजनिक अर्द्ध सार्वजनिक परिक्षेत्र से संबंधित गतिविधि किये जाने से है ।

2. ऐसे कार्य कलापों की सामाजिक, आर्थिक आवश्यकता तथा आवासीय क्षेत्र में उक्त कार्यकलापों से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित विपरीत प्रभाव के बीच संतुलन बनाये रखना आवश्यक है ।

3. मिश्रित उपयोग से, अलग अलग मोहल्लों में निकटतम क्षेत्र में व्यावसायिक सुविधायें प्राप्त हो सकेंगी जिससे आवागमन में कमी आयेगी किन्तु इससे रिहायशी इलाकों में भीड़ भाड़ बढ़ने, पार्किंग की असुविधा एवं अन्य पर्यावरणीय दुष्प्रभाव भी पड़ना संभावित है । प्रस्तावित नियमन से इन प्रभावों का प्रबंधन एवं नियंत्रण संभव होगा । 6.9.2 मिश्रित उपयोग की सामान्य शर्ते

1. मिश्रित उपयोग हेतु विकास नियंत्रण के उपयोग परिक्षेत्र में लागू मापदण्ड (एफ.ए. आर . ग्राउण्ड कवरेज इत्यादि) मिश्रित उपयोग के लिए भी लागू रहेंगे ।

2. मिश्रित उपयोग के यह नियमन नवीन प्रस्तावित क्षेत्रों में लागू होंगे तथा पार्किंग हेतु मानक उपयोग परिसर के अनुसार मान्य होंगे । विकसित क्षेत्र में पुनर्विकास की दशा में भी मिश्रित उपयोग स्वीकार्य किए जा सकेंगे । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3804

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

3. 12.0 मीटर एवं अधिक चौड़े मार्ग पर गैर आवासीय गतिविधियां जैसेवाणिज्यिक एवं सार्वजनिक, अर्द्धसार्वजनिक गतिविधियां मान्य की जा सकेंगी । कम चौड़े मार्गो पर मिश्रित उपयोग में केवल आवासीय गतिविधियां मान्य होंगे ।

6.10 वाणिज्यिक विकास

6.10.1 वाणिज्यिक अभिन्यासों के लिए रूपांकन मार्गदर्शिका

वाणिज्यिक अभिन्यासों के मापदण्ड सारणी 6- सा -5 में दर्शाये गये है ।

वाणिज्यिक क्षेत्रों के विकास मापदण्ड

सारणी 6-सा- 5

क्र

अग्र कॉरीडोर

फर्शी क्षेत्रानुपात

भू- आच्छादन

क्षेत्र (वर्गमीटर में)

मार्ग की चौड़ाई (मीटर में)

भूखण्ड का आकार (मीटर में)

भवन रेखा (मीटर में मार्ग के मध्य से )

8

7

4

6

5

2

3

1

1.5

80

3.0

9.0

1

54

12या अधिक

6.0X 9.0

80

1.5

9.0

3.0

135

2

12या अधिक

9.0X 15.0

1.5

80

3.0

9.0

135

12या अधिक

3 9.0X 15.0

1.5

3.0

60

12या अधिक

9.0

4

216

12.0 X 18.0

1.5

60

9.0

3.0

216

12या अधिक

5 12.0 X 18.0

1.5

60

9.0

3.0

540 12या अधिक

6 18.0 X 30.0

1.5

40

3.0

9.0

12 या अधिक

7

990 से अधिक

30.0 X 33.0

टीप :-

1. 18 मीटर तथा उससे अधिक चौड़े मार्गों के लिए मार्ग की चौड़ाई के आधार पर निम्नानुसार एफ.ए.आर. देय होगा ।

1.75

18 मीटर तक

2.00

24 मीटर से अधिक

2. यह मापदण्ड सभी वाणिज्यिक क्षेत्रों में लागू होंगे । सारणी 6 - सा-6 में दर्शाये गये क्षेत्रफल से कम होने की स्थिति में उसके पूर्व सरल क्रमांको के मानक लागू होंगे । 3. वाहन विराम स्थल की गणना म.प्र . भूमि विकास नियम , 2012 के अनुसार की जायेगी ।

4. भवन रेखा मार्गों की चौड़ाई निम्नानुसार निर्धारित की जा सकेगी । 3805

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

मार्ग चौड़ाई

12.0 मीटर

18.0 मीटर

24.0 मीटर

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

भवन रेखा (मार्ग मध्य से )

09मीटर

13.5 मीटर

15.0 मीटर

5. अग्र कॉरिडोर की भूमि का किसी अन्य प्रयोजन हेतु उपयोग निषेध होगा ।

वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक

वर्ग कमांक

2 1

1 भूखण्डों का क्षेत्र

2 परिभ्रमण एव वाहन विराम स्थल का क्षेत्र 3 खुले स्थानों को सम्मिलित कर सुविधाओं का क्षेत्र

सारणी 6-सा- 6

कुल क्षेत्र का प्रतिशत

3

अधिकतम 50 प्रतिशत

अधिकतम 40 प्रतिशत

न्यूनतम 10 प्रतिशत मार्गो की चौड़ाई

मार्गोकी चौड़ाई

बाजार से गुजरने वाले मुख्य सीधे मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई

4 दुकानों के सामने ट्रकों के खड़े एवं मुड़ने के लिए न्यूनतम चौडाई

दुकानों के सामने पादचारी की न्यूनतम चौड़ाई

5 दुकानों के आकार

6 विराम स्थल

12मीटर

18मीटर

7.5 मीटर

मार्ग सर्वेक्षण एवं प्रोजेक्शन के आधार पर

म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012के अनुसार

6. सम्प्रट अशोक तकनीकी संस्थान की पूर्वी सीमा से संलग्न भूमि पर प्रस्तावित वाणिज्यिक पट्टी पर विकास के निम्न मापदण्ड लागू होगे ।

सीमान्त खुला क्षेत्र

अग्र

कॉरीडोर)

पर्श्व

9.00 मीटर (6.00 मीटर वाहन विराम एवं 3.00 मीटर

3.00 मीटर (न्यूनतम)

6.5मीटर

ऊँचाई

6.11 औद्योगिक

औद्योगिक विकास के मानक म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के अनुसार होगें । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3806

6.12 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) गये हैं । सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक हेतु विकास नियमन सारणी 6- सा-7 में दर्शाये

सामुदायिक सुविधाओं/ सेवाओं हेतु नियमन

विवरण

क्र.

2

1

1 शैक्षणिक

महाविद्यालय

उच्चतर माध्यमिक शाला

प्राथमिक शाला

पूर्व प्राथमिक शाला

शैक्षणिक एवं अनुसन्धान केंद्र 2 स्वास्थ्य

चिकित्सालय

स्वास्थ्य केन्द्र

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र

3 सेवा एवं सुविधायें

आरक्षी चौकी

आरक्षी केंद्र (आवास सुविधा सहित ) सामुदायिक भवन

उप अग्निशमन केन्द्र

अग्निशमन केन्द्र

डाक एवं तार

विद्युत भवन

4 धार्मिक भवन

5 शासकीय एवं अर्द्धशासकीय कार्यालय 6 आध्यात्मिक / योगा केन्द्र

सारणी 6 -सा- 7 आच्छादित क्षेत्र

फर्शी क्षेत्रानुपात

4 3

1.00 30प्रतिशत

1.00 30प्रतिशत

1.25 40 प्रतिशत

1.25 40 प्रतिशत

1.00 30प्रतिशत

1.00 30 प्रतिशत

1.00 30 प्रतिशत

1.00 30 प्रतिशत

0.70 35प्रतिशत

1.00 25 प्रतिशत

1.00 30प्रतिशत

0.75 25 प्रतिशत

0.75 25 प्रतिशत

1.00 30प्रतिशत

1.00 30 प्रतिशत

1.00 30 प्रतिशत

1.25 30 प्रतिशत

0.75 25प्रतिशत

उपरोक्त सारणी में जो सुविधाएं सम्मिलित नहीं हैं उनके भू- आच्छादित क्षेत्र 40 प्रतिशत तथा फर्शी क्षेत्र अनुपात 1.0 से अधिक नहीं होंगे । सीमांत खुले क्षेत्र मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के प्रावधानों के अनुसार रहेंगे । अधोसंरचना हेतु नियमन म.प्र. भूमि विकास अधिनियम 2012 के नियम 49 के अनुसार मान्य होंगे । 3807

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 6.13 यातायात

6.13.1. यातायात नगर/ मैकेनिक नगर/ लॉजिस्टिक हब

इस हेतु आवश्यकता अनुसार कृषि भूमि के अंतर्गत स्थल का चयन किया जा सकेगा जिसमें निम्नलिखित गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी- ट्रक टर्मिनल, मोटर गैरेज , वर्कशॉप, स्पेयर पाटर्स, सुधार की दुकानें, रात्रि विश्राम गृह, बोर्डिंग / लॉजिंग , बैंक, पेट्रोल पंप, रेस्टॉरेंट, बुकिंग ऑफिस , वेयर हाउस एवं आनुषंगिक गतिविधियाँ ।

यातायात नगर एवं मैकेनिक नगर परिक्षेत्र हेतु नियमन निम्नानुसार हैं:

1. मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 18 मीटर से कम नहीं होगी ।

2. सामुदायिक खुले क्षेत्र का उपयोग पार्किंग के लिए किया जा सकेगा ।

3. यातायात नगर के विकास हेतु न्यूनतम क्षेत्रफल वर्णित नहीं किया गया है । स्थल के आधार के अनुसार एक से अधिक गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी ।

4. यातायात नगर के लिये न्यूनतम क्षेत्रफल 8 से 10 ट्रक हेतु 1 हेक्टर आवश्यक होगा । 5. यातायात नगर के विकास हेतु न्यूनतम 5 हेक्टर क्षेत्रफल की आवश्यकता होगी, साथ ही अन्य संबंधित गतिविधियों हेतु 1 हेक्टर की अतिरिक्त आवश्यकता होगी ।

6. यातायात नगर में ट्रकों की संख्या का अनुमान लगाने के लिये सर्वेक्षण की आवश्यकता होगी कि प्रतिदिन नगर में कितने ट्रक आते- जाते है एवं कितने ट्रक नगर में रूकते हैं । सवै के आधार पर नगर में रूकने वाले ट्रकों की संख्या हेतु अथवा नगर में आने जाने वाले ट्रकों के 30 प्रतिशत ट्रकों में से जो भी अधिक हो हेतु यातायात नगर विकसित किया जाये ।

6.13.2 बायपास मार्ग

लोक निर्माण विभाग द्वारा भोपाल विदिशा मार्ग से अहमदपुरा तक, एवं अहमदपुरा मार्ग से ग्राम मिर्जापुर होते हुये राष्ट्रीय राजमार्ग (NH146) बायपास एवं ढ़ोलखेड़ी से धतुरिया तक बायपास का निर्माण किया गया है । इन बायपास के दोनों ओर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा निर्धारित नियंत्रित क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग से अनापत्ति पश्चात, मार्ग मध्य से दोनों ओर 200-200 मीटर तक कृषि भूमि उपयोग में (मानचित्र अनुसार) , अध्याय 6 में वर्णित नियमानुसार, निम्नलिखित गतिविधियां स्वीकार्य होगी । अन्य गतिविधियां विकास योजना में उपदर्शित भूमि उपयोग अनुरुप मान्य होगी । विकास कार्य को नियंत्रित क्षेत्र में से एक अतिरिक्त सर्विस मार्ग का निर्माण कर पहुंच प्राप्त करनी होगी ।

गतिविधियाँ

1. ईंधन भराव केन्द्र/ सर्विस स्टेशन

2. मोटल

3. रिसोर्ट

4. बस स्टैण्ड / पिकअप स्टेशन / टेक्सी स्टैण्ड भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3808

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 5. ढाबा /रेस्टोरेन्ट

6. पुलिस स्टेशन/ पुलिस चौकी

7. नाका/ धर्मकांटा/ वेबिंग ब्रिज

8. भवन सामग्री स्थल

9. कोयला भण्डारण

10. दूर संचार केन्द्र /एस.टी.डी. पी.सी.ओ / साइबर कैफे

11. यात्रियों के लिये अधोसंरचना सुविधा / एम्यूजमेंट पार्क

12. शासकीय अर्ध शासकीय कार्यालय

13. भौतिक अधोसंरचना सुविधा जैसे- जल मल निकास , जल प्रदाय विद्युत व्यवस्था, मार्ग इत्यादि ।

14. बैंक/ ए.टी.एम . / पोस्ट आफिस,

15. ट्रक टर्मिनल / कंटेनर डिपो

16. पार्किंग

17. अग्निशमन केन्द्र

18. सूचना एवं प्रौद्योगिकी साफटवेयर इकाईयों

बायपास मार्ग स्वीकृत गतिविधियों हेतु मानक

1:0.75

अधिकतम एफ. ए. आर.

25 प्रतिशत

अधिकतम भूतल कव्हरेज

12.0 मीटर

अधिकतम ऊँचाई

12मीटर

सीमांत खुला क्षेत्र सम्मुख

6.0मीटर

अन्य तीनों ओर

टीप

(1 ) मल्टी प्लेक्स हेतु अधिकतम एफ.ए.आर. 1:0.30 तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं साफट्वेयर इकाईयों हेतु अधिकतम एफ. ए. आर. 1 : 1.5 स्वीकार्य होगा ।

(2) 5000 वर्गमीटर से बड़े भूखण्ड पर एफ.ए.आर. एवं भूतल कव्हरेज की गणना कुल भूमि क्षेत्रफल के 70 प्रतिशत के भाग पर ही की जायेगी ।

6.14 सार्वजनिक सेवायें एवं सुविधायें

6.14.1 श्मशान घाट / कब्रिस्तान /सिमेट्री

(1) वर्तमान में स्थित श्मशान घाट में विद्युत शवदाह गृह का प्रावधान किया जाना आवश्यक है ।

(2) प्रस्तावित नगरीय क्षेत्रों में नये श्मशान घाट, विद्युत शवदाह गृह, कब्रिस्तान, सिमेट्री इत्यादि पार्किंग एवं लेण्डस्केपिंग के प्रावधानों के साथ प्रस्तावित किया 3809

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) जावे । इस हेतु भूमि, न्यूनतम 2 हेक्टर आवश्यक होगी । स्थल चयन हेतु जिलाध्यक्ष , विदिशा का निर्णय अंतिम होगा ।

(3) नियोजन मापदण्ड

सार्वजनिक सेवाओं एवं सुविधाओं हेतु निम्न मापदण्ड अनुषंसित है-

30प्रतिशतं

1. अधिकतम भू-अच्छादन क्षेत्र

1:0.20

2. फर्शी अनुपात क्षेत्र

म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के 3. अधिकतम ऊँचाई अनुसार

सामने 4.50 मीटर

4. सीमांत खुला क्षेत्र

5. अनुज्ञेय एफ.ए.आर. के 10 प्रतिशत क्षेत्र मेन्टेनेन्स कार्यलय एवं चौकीदार गृह हेतु मान्य रहेगा ।

6. पार्किंग

2 ई.सी.एस. प्रति 100 वर्गमीटर

6.15 शीतकेन्द्र / वेयर हाउस / गोदाम / अन्य भण्डारण केन्द्र के लिये मापदण्ड उपरोक्त गतिविधियों के लिए निम्न नियमन लागू रहेंगे-

1. भू- खण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल- 1000 वर्गमीटर

2. अधिकतम तल क्षेत्र का अनुपात 1:0.40

3. अधिकतम निर्मित क्षेत्र 40 प्रतिशत

4. भू-खण्ड के सामने मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर

5. सीमांत खुला क्षेत्र 6.0मीटर

6.16 विभिन्न गतिविधियों हेतु नियमन

6.18.1. छविगृहों के लिए मापदण्ड

म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 53(3 ) के प्रावधान लागू होंगे ।

6.16.2 मल्टीप्लेक्स

मल्टीप्लेक्स हेतु म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 95 के प्रावधान लागू होंगे । फर्शी क्षेत्रानुपात उस भू- उपयोग के अनुरूप होगा जिसमें उक्त गतिविधि मान्य की गई हो ।

6.16.3 होस्टल, वर्किंग वूमन होस्टल, रेस्ट/ गेस्ट हाउस , लाजिंग / बोर्डिंग

500 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1: 1.0

अधिकतम एफ.ए.आर.

33प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कवरेज)

12.00 मीटर

अधिकतम ऊँचाई

सीमांत खुला क्षेत्र

6.00 मीटर

1. सम्मुख

4.50मीटर

2. अन्य तीन ओर भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3810

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) अन्य नियंत्रण

भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर, पार्किंग म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 प्रावधान अनुसार ।

6.16.4 मैरिज गार्डन

विकास के नियमन म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार होंगे ।

6.16.5 बारात घर / मांगलिक भवन/ कल्याण मण्डपम/ कम्युनिटी हाल

500 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1:0.5

अधिकतम एफ.ए.आर.

15 प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कवरेज)

25.0 मीटर

न्यूनतम भूखण्ड का अग्रभाग

सीमांत खुला क्षेत्र

6.0मीटर

सम्मुख

4.50मीटर

अन्य तीन ओर

अन्य नियंत्रण

भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर ।

भूखण्ड के सम्मुख खुले क्षेत्र का 40 प्रतिशत भाग सार्वजनिक पार्किंग हेतु आरक्षित रहेगा ।

इस गतिविधि से जनित होने वाली पार्किंग की पूर्ण व्यवस्था परिसर के अंदर ही सुनिश्चित की जाएगी ।

शासकीय भूमि अथवा मार्ग पर एवं परिसर के बाहर पार्किंग गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी ।

6.16.6 ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक

ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 53 (3 ) (चार ) के अनुरूप होंगे ।

6.16.7 शॉपिंग मॉल

शॉपिंग मॉल हेतु मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 96 के अनुरूप होंगे । उक्त गतिविधि विकास योजना में दर्शित केवल वाणिज्यिक, मिश्रित एवं आवासीय भू-उपयोग में मान्य होगी ।

:

6.17 वर्तमान विकसित क्षेत्र हेतु नियमन

परिक्षेत्रिक नियमन, स्थल ऊँचाई, भवन का आकार एवं संरचना अथवा अन्य उपयोग जिसमें भवन या भूमि का उपयोग किया जा सकता है । इन सभी के संदर्भ में परिक्षेत्र के अन्दर अथवा मध्य में होने वाले विकास के लिए मार्गदर्शक का कार्य करते हैं । निम्न 3811

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) नियमन एवं मापदण्ड सम्पूर्ण क्षेत्र पर लागू होंगे , साथ ही बाहरी ओर भी इन मार्गों के मध्य से 12.00 मीटर गहराई तक ये नियमन एवं मापदण्ड लागू होंगे ।

नगर के अधिक घनत्व वाले निर्मित क्षेत्र के लिए भू- खण्ड का नियमित आकार निर्धारित कर पाना संभव नहीं है । निर्मित क्षेत्र में वर्तमान आवास सबसे ज्यादा अनियमित आकार एवं माप के हैं, लेकिन आवश्यक घनत्व प्राप्ति तथा जनस्वास्थ्य एवं सुरक्षा की दृष्टि से फर्शी क्षेत्र अनुपात (एफ.ए.आर.) तथा भूखण्ड आच्छादन प्रस्तावित किये गये हैं । भवन की उँचाई अहाते की दीवार की उँचाई एवं वाहन विराम संबंधी मापदण्ड नए क्षेत्रों के मापदण्डों के अनुरूप ही रहेगें ।

6.17.1 वर्तमान आवासीय क्षेत्र

वर्तमान आवासीय क्षेत्रों में विकास सारण 6- सा-8 के मापदण्डों से नियंत्रित होगाः-

वर्तमान आवासीय विकास हेतु भूखण्ड का आकार एवं निर्मित क्षेत्र

सारणी 6- सा- 8

आच्छादित क्षेत्र

फर्सी क्षेत्रानुपात भूखण्ड का क्षेत्र

3

2

1

1.25

66 प्रतिशत

90 वर्गमीटर से कम

1.00

60 प्रतिशत

90 से अधिक 180 वर्गमीटर तक

1.00

50 प्रतिशत

180 वर्गमीटर से अधिक

टीप-मार्ग की चौडाई 9.00 मीटर से अधिक होने की दशा में 180 मीटर से अधिक वाले भूखण्डों के लिए फर्शी क्षेत्रानुपात 1.25 तक अनुज्ञेय होगा ।

6.17.2 आवासीय विकसित कालोनियों हेतु मापदण्ड

जिन कालोनियों में किसी मार्ग पर 75 प्रतिशत भवन निर्मित हो गये हों, उस क्षेत्र को वर्तमान आवासीय क्षेत्र माना जायेगा । ऐसे मागों पर स्थित रिक्त भूखण्डों पर भवनों के निर्माण हेतु उस मार्ग पर स्थित अन्य भवनों के निर्माण हेतु अपनाये गये मापदण्ड लागू होंगे , जबकि कालोनियों के अन्य मार्गों पर विकास / निर्माण के लिए नवीन आवासीय क्षेत्र के लिए निर्धारित मापदण्ड लागू होंगे ।

6.17.3 वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्र

निम्नलिखित शर्तों के अधीन वाणिज्यिक मार्गों पर पुनर्निर्माण एवं परिवर्तन की अनुज्ञा दी जा सकेगी ।

(क) मार्गो की चौडाई विकास योजना में प्रस्तावित मापदंडों के अनुरूप हों ।

(ख) अन्य तल यदि आवासीय उपयोग में हो तो आवासीय क्षेत्र , भूतल पर प्रस्तावित कुल फर्शी क्षेत्र के 3/4 से अधिक नही होगा ।

(ग) फर्शी क्षेत्र अनुपात को ध्यान में रखतें हुए फर्शी क्षेत्र निर्धारित होगा । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3812

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) (घ) वाणिज्यिक विकास की गहराई भवन जिस पर स्थित हो , उस मार्ग की चौडाई के 1.5 गुना या 30 मीटर, जो भी कम हों , उससे अधिक नही होगा ।

(ड़) वाणिज्यिक भूखण्ड का अधिकतम आकार 400 वर्गमीटर से अधिक नहीं होगा । किन्तु होटल , डिपार्टमेंटल स्टोर एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में , वाणिज्यिक परिसरों के लिए अधिकतम निर्मित क्षेत्र निम्नानुसार रहेगा-

100 प्रतिशत

25 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले भूखण्ड

80 प्रतिशत

25 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखण्ड

1:1:50

फर्शी क्षेत्र अनुपात

टीप

1. वर्तमान भवन रेखा यथावत रखी जायेगी ।

2. किसी भूखण्ड के स्वामी द्वारा अपने भूखण्डों में से मार्ग , फुटपाथ आदि सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ी जाती है तो ऐसी दशा में उक्त भूखण्ड पर निर्माण किये जा रहे भवन में सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी गयी भूमि का दुगुना फर्शी क्षेत्र अनुपात अतिरिक्त रूप में स्वीकार्य होगा । इसमें भवन के आगे सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ने को प्रोत्साहन मिलेगा तथा छोड़ी गई भूमि की क्षतिपूर्ति भी हो सकेगी । 6.17.4 वर्तमान मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियाँ

वर्तमान विकसित क्षेत्र में अधिकतम वाणिज्यिक गतिविधियाँ , मार्गो पर संचालित है । वर्तमान मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियाँ को सारणी 6- सा-9 मे दर्शाया गया है । अतः इन मार्गो को उनके उपयोग के अनुसार निम्न दों श्रेणियों में रखा गया हैं ।

(क) वाणिज्यिक मार्ग (सी)

(ख) वाणिज्यिक-सह- आवासीय मार्ग (आर.सी. )

(ग) इन मार्गो पर पुर्ननिर्माण एवं परिवर्तन हेतु निम्न मापदण्ड निर्धारित किए जाते हैं । 3813

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

वर्तमान मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियाँ

मार्ग का नाम क्र.

2

1

1 नेताजी सुभाषचन्द्र मार्ग

वीर सावरकर मार्ग

2

स्वर्णकार मार्ग

3

स्वामी दयानंद मार्ग

4

5 गणेश गंज मार्ग

वैत्रवती मार्ग

6

तिलक मार्ग

7

8 नाना साहेब पेशवा मार्ग

चंद्र शेखर आजाद मार्ग

9

10 गाड़ी अच्ड मार्ग

11 सागर मार्ग (पीतल मिल चौराहा क्षेत्र)

सारणी -सा- 9 वर्गीकरण

प्रस्तावित मार्ग चौड़ाई (मीटर)

अधिकतम फर्शी क्षेत्रानुपात

4

3

1.25

18.00

आर.सी.

1.25

18.00

आर.सी.

9.00

1.00

आर.सी.

1.25

18.00

आर.सी.

1.00

12.00

आर.सी.

1.00

18.00

आर.सी.

1.00

9.00

आर.सी.

1.50

18.00

सी.

1.50

24.00

सी.

1.50

18.00

सी.

36.00

1.50

सी.

1. उपरोक्त मार्ग खण्डों के वर्तमान उपयोग के आधार पर कॉलम 3 अनुसार मार्गों का वर्गीकरण किया गया है । अतः निर्धारित मापदण्ड वाणिज्यिक अथवा वाणिज्यिक सह आवासीय उपयोग अंतर्गत वर्तमान मार्ग खण्ड के लिए ही लागू होंगे ।

2. भूखण्ड का क्षेत्रफल 200 वर्गमीटर या उससे अधिक होने पर कम से कम 4.5 मीटर अग्र खुला क्षेत्र वाहन विराम हेतु खुला छोड़ना होगा ।

3. वाणिज्कि एवं वाणिज्यिक सह आवासीय मार्गों एवं वाणिज्यिक उपयोग, प्रस्तावित मार्ग की चौड़ाई से 2 गुना या 30 मीटर गहराई तक, जो भी कम हो स्वीकार्य होगा ।

निर्मित क्षेत्र-वाणिज्यिक उपयोग हेतु भू- तल पर अधिकतम निर्मित क्षेत्र की गणना निम्नानुसार की जायेगा

भूखण्ड का आकार भूखण्ड का क्षेत्रफल अधिकतम 200 वर्गमीटर तक

200 वर्गमीटर से अधिक 400 वर्गमीटर तक

400 वर्गमीटर से अधिक 6.17.5 सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक भूतल पर निर्मित क्षेत्र अधिकतम

80 प्रतिशत

70 प्रतिशत

60 प्रतिशत

इस उपयोग के अंतर्गत स्वीकार्य निर्मित क्षेत्र तथा फर्शी क्षेत्रानुपात वर्तमान सघन क्षेत्र के लिए निम्न सारणी 6- सा -10 में दर्शाये गये हैं । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3814

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक हेतु विकास मापदंड

क्र

विवरण

2

1

1

महाविद्यालय

उच्चतर माध्यमिक शाला

2

3

प्राथमिक शाला

4 पूर्वप्राथमिक शाला

चिकित्सालय

5

6

स्वास्थ्य केन्द्र

7

पुलिस थाना

8 अग्निशमन स्थल

9 सामुदायिक भवन

10 शासकीय एवं अर्द्धशासकीय कार्यालय

सारणी 6- सा- 10 आच्छादित क्षेत्र फर्शी क्षेत्रानुपात

4

3

1.50

40 प्रतिशत

1.50

40 प्रतिशत

1.50

50 प्रतिशत

1.50

50 प्रतिशत

1.50

40 प्रतिशत

1.50

50 प्रतिशत

1.50

50 प्रतिशत

1.50

50 प्रतिशत

1.00

40 प्रतिशत

1.50

40प्रतिशत

टीप- 05 प्रतिशत अतिरिक्त आच्छादन, गैरेज तथा सायकल स्टेण्ड के लिए अनिवार्य होगा ।

6.18 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान नवीन वाणिज्यिक केन्द्रों के नियोजन के समय फुटपाथ दुकानें, हाथ ठेला एवं इसी तरह की अन्य गतिविधियों के लिए निम्न सारणी 6- सा -11 में दिए गए मानकों के अनुसार अनौपचारिक वर्ग हेतु प्रावधान निर्धारित किए गए हैं ।

अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान

विवरण

क्र.

2

1

फुटपाथ व्यापार

वृत्त खण्ड केन्द्र

1

उपवृत्त खण्ड केन्द्र

सुलभ शॉपिंग

2 शासकीय एवं वाणिज्यिक कार्यालय 3 थोक व्यापार एवं मालभाड़ा कॉम्पलेक्स 4 चिकित्सालय

विद्यालय

प्राथमिक

5

माध्यमिक / उच्चतर माध्यमिक

सारणी 6-सा- 11 मानक

3

3 से 4 इकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें

1 से 2 इकाई प्रति 100 कर्मकार

3 से 4 इकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें

3 से 4 इकाई प्रति 100 बिस्तर

3 से 4 इकाई

5 से 6 इकाई 3815

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) उद्यान

6

नगर उद्यान

8 से 10 इकाई प्रत्येक प्रमुख प्रवेश द्वार 2से 3 इकाई

स्थानीय उद्यान

1 इकाई प्रति 500 जनसंख्या

आवासीय

7

बस स्थानक

8

परियोजना तैयार करते समय किये गये सर्वेक्षण पर निर्भर होगा ।

टीपः प्रत्येक इकाई 2.5 से 5 वर्गमीटर के आकार की नियत होगी ।

6.19 उद्यान

1. समस्त प्रकार के आमोद - प्रमोद क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित उद्यान में 05 प्रतिशत आनुषंगिक गतिविधियाँ स्वीकार्य होगी ।

2. स्टेडियम के निर्माण हेतु मापदण्ड खेल विभाग के अनुसार होंगे ।

6.20 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन

संवेदनशील क्षेत्रों से तात्पर्य है कि परिस्थितिजन्य पर्यावरणीय , ईकोलाजिकल एवं विरासत के आधार पर सीमांकित क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र कहलाएगा । इसके अंतगर्त नदी, तालाबों के निकटवर्ती क्षेत्र भी सम्मिलित होंगे ।

संवेदनशील क्षेत्र में विकास की गतिविधियां निम्नानुसार प्रावधानित है -

1. नदी, नाले, शाखा नहर एवं अन्य जल स्त्रोतों के किनारे छोड़ा जाने वाला कम- से-कम क्षेत्र मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियमों के अनुसार होगा ।

2. बेतवा नदी के किनारे 100 मीटर बैस नदी के किनारे 30 मीटर एवं नालें, शाखा नहर एवं अन्य जल स्त्रोतों में मध्यपदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 50 (ख ) में निहित प्रावधानानुसार दोनों ओर का क्षेत्र खुला रखा जावेगा ।

प्रदूषित जल / मल किसी भी स्थिति में नदी में प्रवाहित नहीं किया जावेगा ।

3. 4. तालाब के किनारे क्षेत्रों में अपने भवनों को व्यक्तिगत सेप्टिक टैंक, ग्रिडल मल लाईन , जब उसका निर्माण हो जाए , जोड़ना होगा ।

5. पेट्रोलियम आधारित उर्वरकों का उपयोग कर जल स्त्रोतों के जल संग्रहण क्षेत्र में कृषि कार्य को प्रतिबंधित किया जायेगा, जिससे कि तालाबों में जलीय घास -फूस एवं अन्य ऐसी गतिविधियां जो कटाव करती है, को रोका जा सके । संबंधित विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक उपाय किये जाना चाहिए ।

6. नियंत्रित क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से पर्यटकों के परोक्ष आमोद -प्रमोद, प्रोत्साहन, दर्शनीय स्थलों के विस्तार एवं अन्य कार्य स्वीकार्य होंगे । नियंत्रित क्षेत्र से बाहर के खुले क्षेत्रों में निम्नलिखित श्रेणियों के निर्माण के अतिरिक्त अन्य निर्माण प्रतिबंधित होंगे ।

7. नियंत्रण क्षेत्र में आने वाले वर्तमान निर्मित भवनों के आच्छादित क्षेत्र में या एफ.ए.आर. में पूर्वकी स्वीकृति के अतिरिक्त वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी ।

8. नदियों की सुरक्षा एवं जल गुणवत्ता के सुधार एवं संरक्षण हेतु किये जाने वाले कार्य स्वीकार्य होंगे । भाग 1 3816

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 9. संवेदनशील क्षेत्रों निम्न श्रेणी के रख - रखाव के विस्तार संबंधी कार्य स्वीकार्य होंगे । ऐतिहासिक महत्व

1. नागरिक एवं सांस्कृतिक महत्व के भवन

2. प्राचीन वास्तुकला भवन यदि निजी अधिपत्य में हो , तो भी

3. समय- समय पर उत्खनित / खोजे गए विरासतीय भवन ।

6.21 विकास / निवेश अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रिया

विकास योजना प्रस्तावों के अंतर्गत आवेदनकर्ता को अनुज्ञा प्राप्त करने हेतु अपने आवेदन- पत्र के साथ मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के प्रावधानुसार निम्न दस्तावेज / जानकारी संलग्नित की जाना आवश्यक है:

1. मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 14 में निर्धारित प्रपत्र पर अनुज्ञा हेतु आवेदन प्रस्तुत करना चाहिए जिसमें नियमानुसार समस्त जानकारी का समावेश होना चाहिए ।

2. स्वामित्व संबंधी प्रमाणः खसरा पांचशाला, खसरा खतौनी , पंजीयननामा , प्रश्नाधीन भूमि का नामांतरण ।

3. मध्यप्रदेश नगर पालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम-1998 तथा मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कालोनी का विकास) नियम-2014 के अन्तर्गत जानकारी ।

4. भूमि का विवरण (स्थान के साथ सड़क / सड़को के नाम जिस पर या जिसके सामने संपदा स्थित हो एवं भू- सीमायें) ।

5. मूल खसरा मानचित्र जिसमें प्रश्नाधीन भूमि के क्रमांक अंकित हों, साथ ही प्रश्नाधीन भूमि की बाहरी सीमा से 200 मीटर के अंतर्गत निहित पास के खसरा क्रमांक दर्शाये हों, प्रश्नाधीन भूमि खसरा मानचित्र पर लाल रंग से चिन्हित की जायें ।

6. विकसित क्षेत्र के प्रकरण में भूखण्ड क्रमांक तथा स्वीकृत अभिन्यास के विस्तृत विवरण सहित ।

7. 1:5000/1000/2000 के स्केल पर सर्वे प्लान जिसमें प्रश्नाधीन भूमि की सीमा, प्राकृतिक स्वरूप जैसे नाले, गड्ढे, पहाड़ियां, वृक्ष , यदि भूमि समतल न हो तो कंटूर प्लान , प्रश्नाधीन भूमि में से या 200 मीटर तक की समीपस्थ भूमि से जा रही उच्च दाब विद्युत लाईन, राईट ऑफ वे को दर्शाते हुए वर्तमान मार्ग ।

8. सामान्य प्रतिवेदन के साथ प्रश्नाधीन भूमि चिन्हित हों, साथ ही मुख्य पहुँच मार्ग , भूमि के आसपास वर्तमान भू- उपयोग एवं महत्वपूर्ण भवन ।

9. प्रस्तावों के यथोचित परीक्षण हेतु प्रश्नाधीन भूमि से संबंधित सभी विकासीय प्रस्ताव दर्शाता प्लान /मानचित्र ।

10. विकास प्रस्ताव के प्रकार जैसे- आवासीय , वाणिज्यिक , औद्योगिक आदि पर एक प्रतिवेदन । 3817

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1

विदिशा विकास योजना 2036 (प्रारूप) 11. मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों के अनुरूप विकास / निवेश अनुज्ञा शुल्क जमा करना होगा । अनुज्ञा आवेदन के साथ निर्धारित शीर्ष में जमा शुल्क का चालान संलग्नित होना चाहिए ।

12. अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक प्रमाण/ जानकारी या अधिनियम के अंतर्गत शासन द्वारा जारी परिपत्रों के अनुरूप प्रमाण / जानकारी एवं प्रश्नाधीन भूमि के विकास प्रस्ताव आवेदन के साथ संलग्नित होना चाहिए ।

13. अनुज्ञा हेतु प्रस्तुत सामान्य मानचित्रों के अतिरिक्त अपने प्राधिकृत वास्तुविद / यंत्री/नियोजक द्वारा हस्ताक्षरित याथोचित भू- दृश्यीकरण प्लान, जहाँ आवश्यक हो, वहां का परिवहन प्लान जिसमें वाहन एवं नगरीय रूपांकन योजना दर्शायी गई हो, को आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होंगे ।

टीपः

1. आवेदक द्वारा प्रस्तुत योजना प्रस्ताव के परीक्षण करते समय राज्य शासन द्वारा समय-समय पर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत प्रसारित निर्देशों एवं मार्गदर्शन का कड़ाई से पालन किया जायेगा ।

2. भूमि विकास / निवेश अनुज्ञा संबंधी मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानों को भी ध्यान में रखना चाहिए ।

6.22 अन्य सुविधाएँ

विदिशा निवेश क्षेत्र में भूमि के विकास तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं हेतु विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ म.प्र . भूमि विकास नियम 2012 के नियम 49 (1 ) अनुसार मान्य होंगी ।

6.23 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया

म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के अनुसार । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3818

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

अध्याय-7

विकास योजना क्रियान्वयन विकास योजना के प्रस्ताव औचित्यहीन है , यदि इसके क्रियान्वयन एवं प्रभावशील करने हेतु सम्यक प्रयास पूर्ण रूप से नहीं किए जाते । यह अपेक्षित है कि इसमें नागरिकों द्वारा व्यक्तिगत या संगठित रूप से निर्माण, पुनर्निर्माण और विभिन्न उपयोग हेतु भूमि का विकास करके योगदान दिया जाएगा । यह आवश्यक होगा कि ऐसे प्रयासों का मार्गदर्शन, तकनीकी सलाह देकर किया जाए जिससे विकास एवं निर्माण , विकास योजना या परिक्षेत्रीय योजना के उपबंधों के अनुरूप हो सकें । विकास योजना का प्रभावीकरण तभी संभव हो सकेगा जब मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत कोई भी विकास कार्य , चाहे वह शासकीय , अर्द्धशासकीय या व्यक्तिगत हो , की अनुज्ञा नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय से प्राप्त कर किया जाए ।

भूमि उपयोग तथा भूमि विकास के नियंत्रण संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 एवं नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 2012 में निहित है । विदिशा विकास योजना का क्रियान्वयन नगर तथा ग्राम निवेश प्राधिकारी द्वारा किया जावेगा । इसके गठन होने तक क्रियान्वयन का दायित्व नगर पालिका विदिशा द्वारा वहन किया जावेगा । विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु मुख्यतः म.प्र. गृह निर्माण मण्डल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग , उद्योग विभाग द्वारा भी अपने संबधित कार्य क्षेत्र में निर्माण किया जाता है । इसलिए यह अपेक्षित होगा कि सभी प्रकार की निर्माण गतिविधियों को समन्वित करने हेतु सभी शासकीय , अर्द्ध शासकीय निकाय , विकास योजना के क्रियान्वयन की क्रमावस्था तथा कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दें ।

7.1 विकास योजना का क्रियान्वयन

विकास योजना के प्रस्ताव सन् 2035 तक की कालावधि के लिए है । वर्तमान मूल्यों के अनुसार पूर्ण प्रस्ताव क्रियान्वयन करने में 147027.21 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है । इसमें विभिन्न भूमि उपयोगो हेतु 981.51 भूमि के अर्जन हेतु मुआवजा एवं 60 प्रतिशत भूमि के विकास पर व्यय जिसमें नए मार्गों, पुलों का निर्माण एवं अन्य विकास कार्य शामिल है । भू-अर्जन की औसत दर 50.00 लाख रूपये प्रति हेक्टर मानी गई है । इस पर विकास संबंधी व्यय लगभग भूमि व्यय का दस गुना अनुमानित है । विकास व्ययय का जहाँ तक प्रश्न है, वह भूमि के उपयोग प्रकार के अनुसार अलग -अलग मानी गई है । संपूर्ण विकास योजना 2035 के क्रियान्वयन की लागत का अनुमान सारिणी 7 - सा-1 में दर्शाई गई है । 3819

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

3813.72

33894.50

147027.21

12252.32

48925.61

5588.59

6941.83

35610.63

11

कुललागत (रू.लाखमें) (7+10)

97951.78

2250.72

3760.55

20003.31

23743.31

6664.16

33154.72

8375.00

10

सारणी7-सा-1

लागत (लाखरू. में)

55 90

90

90

120

90 120

दर (लाख रु.में)

1227.28

222.26

431.70

कुलभूमिका60प्रतिशतविकास

31.34

93.06

55.53

368.39

25.01

8

क्षेत्र (हेक्टेयर

49075.43

3877.32

13891.19

1563.00 25182.30

1828.04

277.67

2455.91

7

भू-अर्जनआगत (रु.50लाख प्रतिहे.कीदर से)

277.82

503.65 9381.51

36.56

77.55

5.55

31.26

49.12

विदिशाविकासयोजना2035(प्रारूप)

भूअर्जन काक्षेत्रफल हि.में

370.43

2045.46

719.49

155.09

52.23

92.56

41.68

613.98

6

शेषभूमि (3-4)

35.34

405.32

1505.08

210.42

90.52 44.81

676.18 42.48

4

योजनाक्रियान्वयनकीलागत2035

वर्तमान विकसि त

क्षेत्र(हेक्टेयरमें)

3550.55

775.75

754.84

252.10

199.90

183.08

1290.16 94.71

3

प्रस्तावित

2 वाणिज्यिक

औद्योगिक

मिश्रित

आवासीय

आमोदप्रमोद

यातायातएवंपरिवहन

कुलक्षेत्र

भूमिउपयोगविवरण

सार्वजनिकएवंअर्द्धसार्वजनिक सार्वजनिकउपयोगिताएवंसुविधाएँ

8

7

4

1

6

2 3

1

क्र.

नोट:-उपरोक्तसारणीमेंवर्णितआंकड़ेसांकेतिकस्वरूपकेहैं। भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3820

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 72 योजना क्रियान्वयन नीति

योजना क्रियान्वयन द्वारा नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हेतु ठोस प्रयास की आवश्यकता है । विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु नगर पालिका मुख्य क्रियान्वयनकारी संस्था है, इसके अतिरिक्त अन्य विकास कार्यों से संबंधित विभाग तथा निजी भू- स्वामी / संस्था/ फर्म / कंपनी आदि भी विकास योजना का क्रियान्वयन करेंगे । निम्नलिखित उद्देश्यों की प्राप्ती हेतु योजना क्रियान्वयन नीति निर्धारित की जाएगीः

1. प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण तथा उत्कृष्ट भू- स्वरूप ।

2. सांस्कृतिक धरोहरों के क्षेत्रों का संरक्षण एवं संवर्द्धन ।

3. भूमि का कुशलतम उपयोग ।

4. अधोसंरचना और सेवाओं की उपलब्धता एवं संधारण ।

5. भूमि प्रदाय तथा अधोसंरचना विकास में सहभागिता का प्रस्ताव ।

6. समाज के कमजोर वर्गों हेतु आवास प्रदान करना ।

इन उद्देश्यों का क्रियान्वयन निम्न क्षेत्रों में किया जाना प्रस्तावित है ।

पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम

नगर संरचना एवं सेवा संबंधी कार्यक्रम

मुख्य मार्गों के किनारे प्रस्तावित भू- उपयोग के विकास हेतु अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण इस विधि से किया जावेगा कि मार्गों हेतु प्रस्तावित भूमि स्थानीय प्राधिकारी को विकास हेतु उपलब्ध हो सके ।

7.3 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम

पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण से तात्पर्य उन समस्त पर्यावरण संबंधी समस्याओं से है , जो प्रमुख रूप से तालाबों के संरक्षण उनकी जल गुणवत्ता उत्कृष्ट भू- स्वरूप तथा जल स्त्रोतों के जल ग्रहण क्षेत्रों से संबंधित कतिपय भूमि प्रबंधन से संबंधित है । अन्य पर्यावरणीय समस्यायें जैसे नगरी व अवशिष्ट के उपचार निराकरण , इनके पुनर्चक्रीकरण एवं नगर विस्तार के परिपेक्ष्य में जनसंख्या के व्यवस्थापन से उत्पन्न आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं से संबंधित हैं ।

7.3.1 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रमुख तत्व

उपरोक्त संवेदनशील बिन्दुओं के परिपेक्ष्य में निम्न विषय विचारणीय हैः

1. तालाब एवं अन्य जल स्त्रोतों में जल मल के प्रवाह को रोकने हेतु प्रभावी कदम । 2. तालाबों के फैलाव क्षेत्रों में भूमि उपयोग प्रबंधन से तालाबों का प्रदूषण रोकना । 3. जल फैलाब क्षेत्रों में " स्टॉप डेम" द्वारा भूमि क्षरण को रोकना एवं इस क्षेत्र में कृषि हेतु उर्वरक उपयोग निषेध।

4. तालाबों के सीमावर्ती क्षेत्रों में नियंत्रण मापदण्डों का प्रभावीकरण । 3821

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 5. निस्तारी एवं जल गुणवत्ता का स्वतंत्र पर्यवेक्षण ।

6. सभी जल स्त्रोंतो के जल फैलाव क्षेत्रों में प्रदूषण एवं अन्य पर्यावरणीय गिरावट के नियंत्रण हेतु संस्थागत समन्वय व्यवस्था ।

7.4 नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना

नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना का प्रमुख स्वरूप निम्न नीतिगत उद्देश्यों की पूर्ति हेतु होगा:

1. संस्था गठन

2. विस्तृत योजना प्रस्ताव तथा भूमि सक्षमता के अनुरूप भूमि उपयोग तथा अधोसंरचना विकास हेतु नियमन ।

3. भौतिक एवं वित्तीय आवश्यकताओं के परिपेक्ष्य में निजी एवं राज्य योजनाओं के स्थल तथा रूपांकन में अधिकतम सक्षम भूमि उपयोग ।

4. नगर के रहवासियों एवं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के परिपेक्ष्य में भौतिक, आर्थिक एवं सामाजिक अधोसंरचना तथा सेवाओं का युक्तियुक्त प्रावधान ।

उक्त के चार प्रमुख तत्व हैं :

1. नियंत्रित विकास

2. अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन

3. एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना

4. विकास नियमन हेतु व्यापक दृष्टिकोष

7.4.1. नियंत्रित विकास

विकास कार्यक्रमों में भू- स्वामी / विकासकर्ता / सामुदायिक समूह की भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित विकास तंत्र का प्रभावीकरण किया जावेगा । यहां समन्वयक संस्था की भूमिका प्रदायकर्ता की होगी । सार्वजनिक संस्थायें, प्रमुख सेवा तंत्र के एकीकृत नियोजन एवं रूपांकन हेतु उत्तरदायी होगी । परिसीमन विकास आवास एवं पर्यावास नीति 2007 में उल्लेखित विकास संस्थाओं द्वारा किया जावेगा । इस प्रकार विकसित बड़े भूमि क्षेत्र का आवंटन परिसीमन अधोसंरचना की सुगमता के अनुकूल राज्य आवास एवं पर्यावास नीति 2007 के परिपेक्ष्य में गृह निर्माण संस्थाओं को आवास संघों एवं निजी विकासकर्ताओं द्वारा दिया जावेगा । उक्त व्यवस्था पर राज्य शासन द्वारा परीक्षण कर अनुमोदन की आवश्यकता होगी ।

7.4.2अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन

एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम में सहभाग करने वाली सार्वजनिक संस्थाओं तथा निजी संस्थाओं की विभिन्न परियोजनाओं में सम्मिलित भूमि में से आनुपातिक एवं साम्य के आधार पर भूमि अंशदान करने हेतु अधोसंरचना भूमि बैंक की स्थापना प्रस्तावित है । नगर के मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक खुले क्षेत्रों हेतु अधोसंरचना विकास बैंक में भूमि के अंशदान भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3822

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) को प्रोत्साहन स्वरूप छूट या लाभ राज्य शासन के सहयोग से प्रदत्त किया जाना । प्रस्तावित है ।

7.4.3 एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना

एकीकृत विकास कार्यक्रम को निम्नलिखित नीतिगत ढांचे के अनुरूप क्रियान्वित एवं तैयार किया जा सकेगा ।

वार्षिक योजना / वार्षिक विकास कार्यक्रम तैयार किया जाएगा, जिससे पांच वर्षीय नगर विकास कार्यक्रम सामने आयेगा । मूलतः यह कार्यक्रम योजना के प्रमुख क्षेत्रों के विकास हेतु प्राथमिकता के आधार पर लिए जाने वाले क्षेत्रों के विकास कार्यक्रम होगा । वार्षिक विकास कार्यक्रम नगर विकास प्रक्रिया में सहभागिता के दृष्टिकोण से समन्वयकारी द्वारा वार्षिक विकास कार्यक्रम तैयार किया जावेगा । जो यह कार्यक्रम भूमि अर्जन लक्ष्य , भूमि विकास प्रस्ताव , वृत्तखण्ड एवं उपवृत्तखण्ड स्तर की सुविधाओं का विकास तथा शासकीय एवं अर्द्ध शासकीय संगठनों के कार्यक्रमों को प्रमुख रूप से दर्शाएगा । यह कार्यक्रम चालू वर्ष में पूर्ण किए जाने वाले नगर तंत्र तथा प्रमुख सेवा सुविधाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित करेगा ।

इस निवेश योजना का एकीकृत दृष्टिकोण आलोच्य क्षेत्र में नगर अधोसंरचना के विकास के लिए समुचित धनराशि को समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा । योजना क्रियान्वयन में सार्वजनिक संस्थाओं की भूमिका सुविधादायक के रूप में होगी । योजना क्रियान्वयन में सार्वजनिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका " सुविधादायक " के रूप में होना चाहिये । इस हेतु क्रियान्वित तंत्र तैयार करने की आवश्यकता है । नगर विकास में निवेश के अंतर्गत अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए अंगीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना उपयुक्त होगा । इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के उस वर्ष विशेष के लिए उपलब्ध बजट एवं अन्य स्त्रोतों को एकत्रित कर निर्धारित एकीकृत नगर विकास परियोजनाओं पर निवेश करने का प्रयास किया जायेगा । एकीकृत नगर विकास योजना कार्यक्रम का क्रियान्वयन निम्नलिखित ढांचे के अंतर्गत किया जाकर लक्ष्य की पूर्ति किया जाना प्रस्तावित है ।

1. एकीकृत नगरीय विकास योजना के तत्त्वों की पहचान ।

2. कार्यक्रम के समन्वय प्राधिकारी एवं अन्य सहभागियों में से निवेश के लिए सर्वसम्मत विषय सूची की पहचान ।

3. विकास योजनाओं का प्राथमिकता निर्धारण ।

4. एकीकृत नगरीय विकास योजनायें तैयार करना ।

5. निवेश के ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करना जिसमें सहभागिता के आधार पर समन्वित को सके जिससे विकास गतिशील हो सके ।

6. समन्वय प्राधिकारियों और अन्य वृत्त खण्डीय / एजेन्सियों की क्रियान्वयन भूमिका को परिभाषित करना । 3823

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 7.4.4 विकास नियमन हेतु व्यापक दृष्टिकोण

नगरीय भूमि के अधिकतम सक्षम विकास के साथ- साथ आधुनिक भूमि उपयोग प्रबंधन नीतियों को अंगीकृत करने की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक है कि विकास नियमों को पुर्नभाषित किया जाए । भारतीय जीवन शैली के अनुरूप उपयुक्त निर्मित स्वरूप की प्राप्ति हेतु विकास को नियंत्रित एवं निर्देशित करने के उद्देश्य से अध्याय-6 में विकास नियमन दिए गए हैं ।

7.5 योजना एवं कार्यक्रम

आलोच्य क्षेत्रों के विकास हेतु इस योजना का क्रियान्वयन करने के लिए 2 चरणों में प्रावधान हैं । प्रथम चरण में सन् 2025 तक की आवश्यकताओं तथा द्वितीय चरण योजना की शेष अवधि हेतु रहेगा । योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु भूमि स्वामियों, विकास कर्ताओं, सामुदायिक समूहों, निजी विकासकर्ताओं एवं सार्वजनिक संस्थाओं के माध्यम से संसाधन गतिशीलता का सहभागिता के आधार पर प्रभावी कार्यक्रम बनाये जाने की आवश्यकता है ।

योजना प्रस्तावों में निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन करने के लिए नीति का सुविधाजनक बनाने में राज्य शासन की सहयोगी संस्था की भूमिका होगी । इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु राज्य शासन और वर्तमान में कार्यरत संस्थाओं के साथ नगर विकास प्राधिकारी द्वारा निम्नलिखित क्षेत्रों में नगर स्तरीय अधोसंरचना विकास क्रियान्वित किया जावेगा । 1. भूमि प्रवाह सरलीकरण के लिए नीति तैयार करना ।

2. मार्ग विकास कार्यक्रम निर्धारित करना, जो नगर की अन्यं सभी गतिविधियों को भी कार्यरूप दे सकें ।

३. भूमि स्वामियों विकासकर्ताओं, सामुदायिक समूहों एवं निजी भवन निर्माणकर्ताओं की साझेदारी की दृष्टि से क्रियान्वयन संबंधी भूमि विकास कार्यक्रम की नीतियों को तैयार करना ।

4. योजना के दोनों चरणों की आवश्यक जलापूर्ति हेतु वर्तमान क्षमता एवं नवीन स्त्रोत काविकास ।

5. नगरीय विकास के प्रथम चरण कार्यक्रम की पूर्ति हेतु उपयोगिता अधोसंरचना, पावर ग्रिड, जल निकास व्यवस्था का विकास ।

6. भूमि विकास कार्यक्रम , नगरीय विकास परियोजनायें साथ ही लक्षित समूह आवासों के विकास के क्रियान्वयन हेतु एक विशेष नियोजन एवं विकास अनुमति प्रणाली तैयार करना चाहिये ।

7. एक विशेष परिणाम मूलक भूमि निष्पादन नीति तैयार करने की आवश्यकता है ताकि निवेश इकाईयों के विकास तथा सभी सहभागियों के संसाधन में गतिशीलता लाई जा सके ।

8. मुख्य जल स्त्रोत में वृद्धि एवं ऊर्जा वितरण केन्द्रों की स्थापना । [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3824

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 7.6 संस्थाओं के प्रयास संबंधी मुख्य तत्व

एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम हेतु निर्देशित सिद्धान्त निम्नानुसार है-

1. यह सुनिश्चित हो कि भूमि की उपलब्धता में कमी तथा उपयुक्त अधोसंरचना में कमी के कारण विकास अवरूद्ध न हो ।

2. उपलब्ध व्यपवर्तित नगरीय भूमि का पूरी तरह उपयोग करना ।

3. बिखरे हुए नगरीय विकास के लिए पहुँच मार्ग उपलब्ध कराना ।

4. अर्द्ध विकसित एवं अविकसित क्षेत्रों में नगर स्तरीय अधोसंरचना का उन्नयन । 5. भू- स्वामियों, सार्वजनिक समूहों एवं निजी विकासकर्ताओं के विकास कार्य में सहभागिता के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भूमि विकास कार्यक्रम हाथ में लेना ।

7.7 प्रथम चरण कार्यक्रम

प्रथम चरण कार्यक्रम में सार्वजनिक संस्थाओं के प्रयासों को शामिल करते हुए आलोच्य क्षेत्र के उपयोगों को निम्नानुसार चिन्हित किया गया है । प्रथम चरण कार्यक्रम सारणी 7- सा -2 एवं मानचित्र क्रमांक 7.1 में दर्शाया गया है ।

प्रथम चरण कार्यक्रम

सारणी 7-सा- 2

क्षेत्र का विवरण

उपयोग

क्रं.

3

2

1

आवासीय

निवेश इकाई क्र.1 एवं 2

1

वाणिज्यिक

निवेश इकाई क्र.1 एवं 2

2

निवेश इकाई क्र.1 एवं 2

औद्योगिक

3

निवेश इकाई क्र.1 एवं 2

मिश्रित

4

निवेश इकाई क्र.1 एवं 2

5

सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक

निवेश इकाई क्र. 2

6

आमोद -प्रमोद

निवेश इकाई क्र.1 एवं 2

7

यातायात एवं परिवहन

भौतिक अधोसंरचना विकास में नवीन भूमि अधिग्रहित की जाना प्रस्तावित है । प्रथम चरण कार्यक्रम में आलोच्य क्षेत्रों में नगरीय विस्तार का लगभग 327.17 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल हैं । भूमि अधिग्रहण की लागत को मिलाकर उक्त क्षेत्र के वर्तमान दर से विकास में आने वाली लागत लगभग 49009.40 लाख रूपये अनुमानित हैं । उक्त का विवरण सारणी 7-सा-3 में दर्शाया गया है- 3825

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

प्रथम चरण क्रियान्वयन की लागत

भूमि उपयोग विवरण

प्रथम चरण लागत क्र.

सारिणी 7-सा- 3

कुल लागत विकास हेतु उपलब्ध भूमि का 20 प्रतिशत

क्षेत्र हे. में

नू-अर्जन की

लागत

(5.50.00

लाख प्रति हे.

केमान से)

भू-अर्जन हेतु भौतिक लक्ष्य (हे.में)

2

3 1

79.53

आवासीय

1

20.14 2

वाणिज्यिक

46.17

औद्योगिक

3

15.50 4

मिश्रित

5

सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक

46.14 6

सार्वजनिक सेवाएँ- सुविधाएँ

29.57 7

आमोद प्रमोद

90.57 8

यातायात एवं परिवहन

लागत (रू. लाख में)

विकास वर प्रति हे. (रु. लाख में)

7

6

5

4

15028.20

11051.70

122.80 90

3976.50

3228.20

2221.20

120

18.51

1007.00

3562.10

1253.60

120

2308.50 10.45

3566.80

2791.80

90

775.00 31.02

3057.30

750.30

90

2307.00 8.33

9393.00

55 7914.50

143.90

1478.50

11196.30

90 6667.80

74.09

4528.50

49009.40

32650.90

409.10

16358.50

327.17

कुल क्षेत्र

टीप:- उपरोक्त सारणी में वर्णित आंकड़े सांकेतिक स्वरूप के हैं ।

7.8 संसाधन गतिशीलता नगर नियोजन वास्तव में संसाधन के उत्सर्जन, संसाधन विकास एवं प्रबंधन का अभ्यास है । पूर्व में नगर विकास एवं निवेश हेतु अलग-अलग प्रयास नहीं किए गए, जिसके परिणामस्वरूप संसाधनों का अपव्यय हुआ । नियोजन में निवेश के एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से गतिशील व्यवस्था की जा सकती है । नगरीय भूमि स्वयं में एक महत्वपूर्ण संसाधन है । स्थानीय राजस्व को सृजित करने के लिए एक निश्चित तंत्र की आवश्यकता है ।

वार्षिक आधार पर भूमि विकास क्षेत्रों हेतु चिहिन्त किये गये विकास में सभी सहभागियों के निवेश की गतिशीलता हेतु एक कार्यक्रम का निर्धारण किया जाना चाहिए । यह प्रक्रिया भौतिक अधोसंरचना के तत्वों को अत्यंत तीव्रता से उत्पन्न कर संसाधन संकलित करने में सहयोग प्रदान करेगी । योजना क्रियान्वयन हेतु संसाधन गतिशीलता के लिए संभावित निम्न उपाय हो सकते हैं- [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3826

Vidisha

PlanningArea

रेत्यस्टेशन

औद्योगिक

जलाशय

सीमाएं

परिवहन

आगसीध

आनीदप्रमोद

Km

Legend

EXISTINGPROPOBED

VIDISHA 7.1FIRSTPHASE

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

TRANSPORTATION

PUBLICINSTITUTONEAND

WATERBODIES

TRANSPORTNAGAR

COMMERCIAL

BOUNDARIES

MUNICIPAL

COMMERCIAL

PLANNINGAREA

EDUCATIONANDRESEARC HEALTHROCIALICULTURAL INSTITUTIONALACTIVITIES

Source:WVIISatellite2016Data&ArchieveMasterPlan

RAILWAYLINE

RAILWAYSTATION

INDUSTRIAL

GENERALINDUSTRIES RECREATIONAL

HELIPAD

VILLAGE

STADIUM

AIVER

RESIDENTIAL GENERALRESIDENTIAL

ROADS

LAKESPONDS

CANALBALA

Scale District-Vidisha

MIXEDLANDUSE

PICKUPSTATION

PARK PUBLIC&SEMIPUBLIC

BUSSTAND

00.511.52253354

ToSagar

ToGairatganj

Macankhedi

Karakhed

Panjh

SH-42

Ghadiyak

Bhorha

Bina

ParasiTunda

Chaturiya

Chdorlys

①

MendaraHarisingh

GumrlysHevell

PatharHavel

Sherpur

Nunjasa

Gehukhed

Amichhab

Murwra

Somlya

okhed

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Rangal

Bypass

Pacartys

BeshediBisa

Bate Daulatpura

Udaygiri

ToAshoknagar

ToBarasia-

ToBhopal

Vighan

ToBhopal- 3827

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) बेटरमेंट शुल्क, भूमि उपयोग व्यपवर्तन शुल्क, स्वीकार्य गतिविधियों की अनुमति हेतु शुल्क (आवासीय के अलावा) हस्तांतरण शुल्क, लीज शुल्क, खुले क्षेत्रों के उपयोग का शुल्क आदि इस तरह से संकलित की गई राशि का उपयोग आलोच्य क्षेत्रों में अधोसंरचना में निवेश के लिए ही केवल उपयोग किया जाना चाहिये ।

7.9 योजना पर्यवेक्षण तंत्र

विकास योजना की सफलता विकास योजना प्रस्तावों का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन तथा प्रथम चरण कार्यक्रम के अनुरूप संसाधनों की उपलब्धता तथा संसाधनों की गतिशीलता पर निर्भर करते हैं । यह योजना क्रियान्वयन एवं पुनर्विलोकन के साथ- साथ विकास योजना के अंगीकृत होने उपरांत ही तदनुसार कार्यवाही हेतु परिभाषित पर्यवेक्षण तंत्र के स्थापना की आवश्यकता प्रदर्शित करता है । अतः योजना पर्यवेक्षण तंत्र को निम्न सीमा में तैयार करना प्रस्तावित है-

1. पंचवर्षीय आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम के निरंतर तंत्र की स्थापना । 2. आलोच्य क्षेत्रों में वार्षिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्राथमिक कार्य योजना का निर्धारण ।

3. प्रथम चरण क्रियान्वयन योजना के अन्तर्गत नगर विकास हेतु चिन्हित कार्यक्रमों में संलग्न विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के उपलब्ध निवेश एवं बजट का पर्यवेक्षण करना ।

4. वार्षिक भौतिक लक्ष्य एवं अधोसंरचना विकास में निवेश निर्धारण ।

5. आलोच्य क्षेत्रों की सार्वजनिक संस्थाओं एवं अन्य सहभागियों की विकास में भूमिका निर्धारण ।

6. समन्वित संस्थागत तंत्र की स्थापना ।

7. वार्षिक आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम का निर्धारण ।

8. सार्वजनिक एवं अन्य संस्थाओं की भूमिका को परिभाषित करते हुये एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम परियोजनाओं तथा उप परियोजनाओं के संदर्भ में परिवर्तित करना । 7.9.1 नियोजन पर्यवेक्षण तंत्र

योजना पर्यवेक्षण लक्ष्य की पूर्ति निम्न स्तरों के माध्यम से प्राप्त किया जाना प्रस्तावित है ।

1. स्थानीय स्तर पर नियोजन पर्यवेक्षण समिति ।

2. विकास प्राधिकरण द्वारा वार्षिक विकास प्रतिवेदन तैयार करना ।

3. नियोजन पर्यवेक्षण समिति द्वारा विकास प्रतिवेदन का मूल्यांकन ।

4. समिति को प्रतिवेदन प्रस्तुत करना ।

5. वार्षिक विकारा प्रतिवेदन पर शासन द्वारा जारी निर्देशों का क्रियान्वयन करना । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3828

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) विकास योजना की सफलता विकास योजना प्रस्तावों का निर्धारण , समयावधि में क्रियान्वयन, तथा प्रथम चरण कार्यक्रमों के अनुरूप संसाधनों की उपलब्धता तथा संस्थानों की गतिशीलता पर निर्भर करता है । इस योजना के क्रियान्वयन के साथ- साथ विकास योजना के अंगीकृत होने के उपरान्त तद्‌नुसार कार्यवाही हेतु परिभाषित पर्यवेक्षण तंत्र की स्थापना की आवश्यकता प्रदर्शित है ।

7.9.2 पर्यवेक्षण समिति का गठन

विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन का मूलतः दायित्व विदिशा नगरपालिका का होगा । अपितु इसके क्रियान्वयन में अन्य संस्थाएँ एवं विभाग भी सहभागी होंगे । अतः क्रियान्वित की जाने वाली संस्थाओं से समन्वय एवं पर्यवेक्षण के लिए राज्य शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश कमांक एफ़-3 /130/32/ 97 दिनांक 20.01.1998, एफ-3 / 55/32/98 दिनांक 12.8.98 एवं आदेश क्रमांक एफ- 3-45/ 35/ 2010 दिनांक 15.4.2010 द्वारा जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है, जो संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश के ज्ञापन क्रमांक 2876 दिनांक 15.5.1998 में उल्लेखित कार्य पद्धति को अपनाते हुए नियोजन एवं पर्यवेक्षण करेगी ।

7.9.3 वार्षिक विकास प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण

विकास प्राधिकरण द्वारा नियोजन पर्यवेक्षण समिति के समक्ष वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा जिसमें नियोजन क्रियान्वयन के सभी पहलू सम्मिलित होने के साथ ही सुधार हेतु अनुशंसित बिन्दु भी सम्मिलित होंगे । समिति अपनी अनुशंसा के साथ संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , म.प्र. भोपाल के विचारार्थ वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी जिसे संचालक द्वारा उक्त प्रतिवेदन अनुशंसित कर राज्य शासन को प्रस्तुत किया जावेगा ।

7.10 योजना की व्याख्या

विदिशा विकास योजना मूलतः नीतिगत योजना है । विकास योजना में निहित प्रस्ताव विस्तृत तथा सांकेतिक स्वरूप के हैं । अतः विकास प्रस्तावों की व्याख्या करने हेतु निम्नलिखित मापदण्ड निर्धारित किए गए हैं :

1. विकास योजना प्रस्तावों की व्याख्या करते समय तथा विकास अनुज्ञा देने के पूर्व विकास योजना रिपोर्ट में उल्लेखित विषय वस्तु में साथ - साथ संदर्भित नियमों का अनुसरण आवश्यक है ।

2. परिक्षेत्र में स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग, सारणी एवं विकास नियमन के अध्याय 6में वर्णित प्रक्रिया अनुसार होगा । नेवरहुड के वर्तमान स्थल एवं व्यापक क्षेत्रफल उपखण्ड स्तर तथा खण्ड स्तर की गतिविधियों का क्षेत्र विकास प्रस्तावों में समाहित है । अतः उनका रेखांकन नहीं किया गया है । 3829

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 3. ऐसे भमि उपयोग , गतिविधियां जो प्रमुख भू- उपयोग वर्ग में परिभाषित नहीं हैं , वे भूमि उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में मानी जावेगी, किन्तु जो स्वीकार्य / स्वीकृत भूमि उपयोग सूची में तथा सम्बद्ध तालिका क्रमांक 6- सा-3 में शामिल हैं , के भू- उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में नहीं आवेगी ।

4. विकास योजना प्रस्ताव क्रियान्वयन के समय प्रमुख मार्ग संरचना में आंशिक बदलाव अपरिहार्य होता है । स्थल की स्थिति तथा अभियांत्रिकी आवश्यकता के आधार पर मार्ग संरचना का निर्धारण आवश्यक होगा । इस संदर्भ में राज्य शासन द्वारा जारी किया गया निर्णय स्वीकृत विकास योजना का अंश माना जावेगा ।

5. विभिन्न उपयोग परिक्षेत्रों में प्रस्ताव सांकेतिक स्वरूप के है । इस सम्बन्ध में सक्षम अधिकारी द्वारा की गई व्याख्या अन्तिम मानी जायेगी ।

6. विभिन्न उपयोग परिक्षेत्र में भूमि की आवश्यकता से संबंधित व्याख्या निकाय योजना / परिक्षेत्रिक योजना बनाते समय स्थिति अनुसार वास्तविक आवश्यकता के अनुसार पुनः समायोजित की जा सकती है ।

7.11 योजना कालावधि

विकास योजना कालावधि नगर विकास की एक सतत् प्रक्रिया है तथा इस प्रक्रिया में अनेक घटकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । इन सभी घटकों में कालावधि को नगर के विकास तथा नियोजन हेतु आधार माना जाता है । कालावधि के आधार पर नगर की भावी जनसंख्या की आवश्यकताओं आदि को अनुमानित कर नगर का भावी स्वरूप निर्धारित किया जाता है । विदिशा नगर के वर्तमान एवं भावी विकास को दृष्टिगत रखते हुए विकास योजना की कालावधि वर्ष 2035 तक निर्धारित की गई है । अतः नगर की भावी जनसंख्या एवं अन्य आवश्यकताओं का निर्धारण उपरोक्त कालावधि हेतु किया जाने के साथ - साथ इसमें दीर्घकालीन आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा गया है ।

विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग एवं नगरीय अधोसंरचना के प्रस्ताव केवल विकास योजना कालावधि तक सीमित नहीं रखे जा सकते हैं । चूंकि नगर विकास एक सतत् प्रक्रिया है एवं योजना कालावधि के बाद के नगरीय विकास के लिए आधारभूत संरचना के रूप में उपयोगी सिद्ध होंगे । अतः विदिशा विकास योजना के प्रस्ताव योजना कालावधि समाप्त हो जाने के उपरांत भी विकास योजना के पुर्नविलोकन एवं उपांतरण होने तक अथवा विकास योजना प्रस्तावों के संतृप्त होने तक प्रभावशील रहेंगे । [ भाग 1

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विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 3831

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भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

अनुसूची

परिभाषाएँ

001 आवासीय भू- खण्ड भू- खण्डीय आवास एक या अधिक आवासीय इकाईयों का ऐसा परिसर जिसमें मुख्य भवन खण्ड तथा एक गैरेज / गैरेजेस, सेवक आवास हेतु एक अतिरिक्त खण्ड सम्मिलित हो ।

002आवासीय भू- खण्ड समूह आवास

न्यूनतम 5000 वर्गमीटर का परिसर, जिसमें मूलभूत सेवा सुविधायें जैसे वाहन विराम स्थल, उद्यान, सुविधाजनक दुकानें, सार्वजनिक सुविधायें आदि के साथ आवासीय प्रकोष्ठ स्थित हों

003 आवासीय फ्लेट

एक परिवार के लिए आवासीय इकाई जो कि समूह आवास का भाग या स्वतंत्र हो । 004 आवासीय-सह- कार्य भू-खण्ड

एक परिवार में एक परिवार के लिए उपलब्ध आवासीय जगह हो तथा जिसका कार्य स्थल भूतल तक सीमित हो, ऐसे परिसर केवल सार्वजनिक आवासीय परियोजनाओं में मान्य होंगे ।

005 आवासीय परिसर - विशेष क्षेत्र

विशेष क्षेत्र नियमन में दिये अनुसार मिश्रित उपयोग रहित या सहित विशेष क्षेत्र में आवासीय स्थान ।

006 छात्रावास (होस्टल)

दीर्घावधि हेतु आवंटित संस्थानों से जुड़े कमरों का परिसर ।

007 अतिथिगृह बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह

अतिथिगृह से तात्पर्य अल्पावधि हेतु शासकीय, अर्द्धशासकीय, सार्वजनिक उपक्रम एवं निजी मर्यादित संस्थाओं हेतु आवासीय परिसर । बोर्डिंग हाउस वह परिसर जिसमें कमरों की छात्रावासों की अपेक्षा दीर्घावधि के लिए किराये पर दिये हों ।

008 धर्मशाला एवं इसके समकक्ष

वह परिसर जिसमें बिना किसी लाभ के अल्पावधि के लिए अस्थाई रहवासी जगह उपलब्ध हो ।

009. बारात घर

सार्वजनिक संस्था द्वारा संचालित विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यों के उपयोग हेतु स्थान । [ भाग 1

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विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 010 रैन बसेरा (नाइट शेल्टर)

ऐसा परिसर जिसमें व्यक्तियों को रात्रि में स्थान बिना किसी शुल्क या सांकेतिक शुल्क के साथ उपलब्ध कराया जाता हो , जो कि स्थानीय संस्था या स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा संचालित हों ।

011 फुटकर दुकानें

आवश्यक भण्डारण के साथ उपभोक्ताओं हेतु सीधे आवश्यक वस्तुओं का विक्रय परिसर । 012मरम्मत दुकान

गृहसामग्री, इलेक्ट्रानिक सामान, आटोमोबाईल, सायकल आदि की मरम्मत हेतु फुटकर दुकानों के समकक्ष परिसर ।

013 व्यक्तिगत सेवा दुकान

फुटकर दुकान के समकक्ष ऐसा परिसर जिसमें दर्जी, नाई आदि की सेवायें उपलब्ध हों । 014 बेडिंग बूथ

यांत्रिकी या अन्य व्यवस्था के माध्यम से दैनिक उपयोग की वस्तुओं का विकय परिसर जो कि एक बूथ के स्वरूप में हो ।

015 सुविधाजनक दुकान केन्द्र

लगभग 5000 जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में अधिकतम 50 दुकानों का समूह ।

016 स्थानीय दुकान केन्द्र

लगभग 15 हजार जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में 75 दुकानों का समूह ।

017. साप्ताहिक बाजार/ अनौपचारिक समूह इकाई

बाजार में सप्ताह में एक बार उपयोगिता अनौपचारिक दुकानों का समूह क्षेत्र । यह बाजार सप्ताह में विभिन्न दिवसों में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित हो ।

018 थोक व्यापार

ऐसा परिसर जहां से वस्तुयें एवं सामग्री फुटकर व्यवसायियों को विक्रय हेतु पहुंचाई जाती हों ।

019 स्टोरेज गोदाम एवं भण्डारण

ऐसा परिसर जहां केवल विशेष रूप से संबंधित वस्तुओं की आवश्यकता के अनुरूप सामग्री एवं वस्तुओं के भण्डारण का उपयोग किया जाता हो ।

020 कोल्ड स्टोरेज (शीतगृह)

आवश्यक तापमान बनाये रखने हेतु यांत्रिकी एवं विद्युत उपकरणों के उपयोग के साथ ऐसी बंद जगह जहां शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुओं का भण्डारण किया जाता हो । 3833

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भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 021 गैस गोदाम

ऐसा परिसर जहां खाना पकाने की गैस के सिलेण्डर या अन्य गैस सिलेण्डरों का भंडारण किया जाता हो ।

022 तेल डिपो

संबंधित सुविधाओं के साथ पेट्रोलियम उत्पाद भण्डारण का परिसर ।

023 कबाड़खाना

अतिशेष वस्तुयें एवं सामग्री के कय - विक्रय के साथ बंद, अर्द्धबंद एवं खुला भण्डारण परिसर ।

024 वाणिज्यिक कार्यालय

लाभ अर्जित करने वाली संस्थाओं के कार्यालयीन उपयोग का परिसर ।

025 बैंक

ऐसा परिसर जहां बैंकिंग कार्य एवं गतिविधियों के कार्यालय स्थित हों ।

026 मोटर गैरेज एवं कार्यशाला

वाहनों के मरम्मत एवं सर्विसिंग परिसर ।

027 छविगृह

दर्शकों की बैठक व्यवस्था के साथ बंद जगह जहां चलचित्र दिखाये जाने की व्यवस्था हो, ऐसा परिसर ।

028 पेट्रोल पंप

ऐसा परिसर जहां उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पाद विक्रय हो, साथ ही वाहन सर्विसिंग व्यवस्था हो ।

029 रेस्टॉरेंट / उपहार गृह

ऐसा परिसर जिसका उपयोग व्यवसायिक आधार पर खाने के व्यंजनों को उपलब्ध कराने के लिए किया जाता हो (व्यंजन पकाने की व्यवस्था के साथ ) जिसमें खुले, या बंद दोनों प्रकार की बैठक व्यवस्था हो ।

030होटल

ऐसा परिसर , जहां भोजन अथवा बिना भोजन व्यवस्था के 15 व्यक्तियों की सशुल्क रहवास की व्यवस्था हो ।

031 मोटल

ऐसा परिसर, जो कि मुख्य राजमार्ग के समीप एवं नगरीय सीमा के बाहर हो तथा जिसका उपयोग सड़क से यात्रा करने वाले व्यक्तियों के सुलभ भोजन व्यवस्था हेतु किया जाता हो । [ भाग 1

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विदिशा विकास योजना 2036 (प्रारूप) 032 फ्लेटेड समूह उद्योग

ऐसा समूह जिसमें अहानिकारक लघु उद्योग इकाईयों का समूह स्थित हो , यह इकाईयां बहुमंजिला भवन में हो सकती हैं ।

033सेवा केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें विशिष्ट रूप से वाहन मरम्मत, विद्युतीय उपकरण मरम्मत, भवन सामग्री आदि की दुकानें स्थित हों, ताकि पड़ोसी आवासीय क्षेत्रों को आवश्यक सेवा प्रदाय हो सकें ।

034 औद्योगिक भूखण्ड - हल्के उद्योग

अहानिकारक 50 कर्मचारियों वाली उद्योग इकाईयों का परिसर ।

035 औद्योगिक भूखण्ड - विशिष्ट उद्योग

ऐसी औद्योगिक इकाईयों का परिसर जिसमें इलेक्ट्रानिक सामग्री आदि जैसी विशिष्ट उत्पादन इकाईयों का समूह सम्मिलित हो ।

036उद्यान (पार्क)

आमोद- प्रमोद गतिविधियों के उपयोग का परिसर जिसमें भू- दृश्यीकरण , वाहन विराम , सार्वजनिक शौचालय , फेंसिंग आदि संबंधित सुविधायें हों, इसमें लॉन, खुले, हरित क्षेत्र आदि सम्मिलित होंगे ।

037. क्रीड़ांगन

बाह्य खेलों के उपयोग में आने वाला परिसर , इसमें भूदृश्यीकरण , वाहन विराम सुविधा, सार्वजनिक शौचालय सम्मिलित हों ।

038 बाह्य खेल स्टेडियम

बाह्य खेलों के लिए ऐसा स्टेडियम जिसमें पवेलियन के साथ दर्शकदीर्घा एवं खिलाड़ियों के लिए संबंधित सुविधायें उपलब्ध हों ।

039 आंतरिक खेल स्टेडियम

अहानिकारक खेलों के लिए ऐसा परिसर जिसमें खेल क्षेत्र , दर्शक दीर्घा तथा खिलाड़ियों के लिए संबंधित सुविधायें उपलब्ध हों ।

040 आंतरिक खेल हाल

ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक खेलों तथा खिलाड़ियों से संबंधित सुविधाओं हेतु आवश्यक क्षेत्र संलग्न हों ।

041 शूटिंग रेंज

ऐसा परिसर जिसमें निशानेबाजी के अभ्यास एवं खेल की सुविधायें उपलब्ध हों । 3835

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भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 042 तरण पुष्कर

ऐसा परिसर जिसमें तैराकी की सुविधा एवं आकार, मानक एवं उद्देश्य के अनुपात में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था हो ।

043आमोद- प्रमोद क्लब

संबंधित सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जहां सामाजिक एवं मनोरंजन के उद्देश्य से व्यक्तियों के समूह का एकत्रीकरण होता हो ।

044 ऐतिहासिक स्मारक

ऐसा परिसर जिसमें प्राचीन समय के खण्डहर एवं ढांचे स्थित हों ।

045 प्राणी उद्यान एवं मत्स्यालय

संबंधित समस्त सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जिसमें उद्यान , पार्क या मत्स्यालय के रूप में पशु और पक्षियों की प्रजातियां प्रदर्शनी एवं अध्ययन हेतु उपलब्ध हों ।

046 पक्षी अभ्यारण्य

पक्षियों के संरक्षण एवं प्रजनन हेतु वन या विस्तृत उद्यान के रूप में संबंधित सर्वसुविधायुक्त परिसर ।

047 वनस्पति उद्यान

अनुसंधान एवं प्रदर्शन के लिए उद्यान के स्वरूप में वृक्षारोपण वाला परिसर ।

048 पिकनिक हट / केम्पिंग साइट

ऐसा परिसर जहां पर्यटन एवं आमोद -प्रमोद के उद्देश्य से अल्पावधि के लिए परिवार सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो ।

049 फ्लाईंग क्लब

ऐसा परिसर जहां ग्लाईडिंग एवं छोटे विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था हो , साथ ही इसमें मनोरंजन एवं आंतरिक खेल गतिविधियां शामिल हों ।

050 माल एवं टिकट घर

ऐसा परिसर जिसका उपयोग एक एयरलाईन द्वारा टिकिट घर एवं माल के भण्डारण केलिए किया जाता हो ।

051 रेल माल गोदाम

ऐसा परिसर जिसका उपयोग रेल्वे द्वारा ढोये गये माल के भंडारण हेतु किया जाता हो । 052 रेल टिकट घर

ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु रेलवे टिकिट घर के रूप में किया जाता हो । [ भाग 1

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विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 053 सड़क परिवहन टिकट घर

ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु सड़क परिवहन द्वारा टिकट घर के रूप में किया जाता हो जिसमें गोदाम भी सम्मिलित हो या सम्मिलित नहीं हो ।

054 वाहन विराम

सार्वजनिक वाहन विराम हेतु उपयोग में लाया जाने वाला परिसर जो कि व्यवसायिक या गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित किया जाता हो ।

055 टेक्सी एवं तिपहिया वाहन स्थानक

ऐसा परिसर जिसका उपयोग अंतवर्ती सार्वजनिक यातायात वाहनों, जो कि व्यवसायिक आधार पर चलती हों, द्वारा विराम हेतु किया जाता है । वाहन विराम स्थल व्यवसायिक अथवा गैर व्यवसायिक हो ।

056 बस अवसान केन्द्र

ऐसा परिसर जिसका उपयोग जनता के उपयोग में आने वाली सार्वजनिक यातायात संस्था की बस द्वारा कम समय के विराम हेतु किया जाता हो । इसमें यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधायें शामिल हो सकती हैं ।

057. बस स्थानक

ऐसा परिसर जिसका उपयोग सार्वजनिक गातागात सस्था गा अन्य किसी सस्था द्वारा बीं के रख- रखाव , मरम्मत एवं विराम हेतु किया जाता हो, इसमें कर्मशाला भी शामिल की जा सकती है अथवा नहीं भी ।

058 सार्वजनिक उपयोगिता परिसर

पानी की टंकी ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एवं संग्रहण हेतु पानी की टंकी स्थित हो, इसमें पंप हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है । भूमिगत टंकी - ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एवं संग्रहण हेतु पानी की भूमिगत टंकी स्थित हो , इसमें पंप हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है।

आक्सीकरण पौंड- ऐसा परिसर जिसमें स्थित तालाब का उपयोग जल निकास एवं अन्य अवशिष्ट पदार्थों के आक्सीकरण हेतु किया जाता हो ।

सेप्टिक टैंक ऐसा परिसर जिसमें जल निकास संकलन एवं उसके निराकरण हेतु भूमिगत टैंक स्थित हो ।

जल- मल पंपिग स्टेशन ऐसा परिसर जिसका उपयोग जल-मल को ऊंचाई पर भेजने हेतु पंपिंग स्टेशन हेतु किया जाता हो ।

सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय ऐसा परिसर जिसमें सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय स्थित हो, इसमें पीने के पानी की सुविधा भी सम्मिलित की जा सकती है और नहीं भी । 3837

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भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) विद्युत उपकेन्द्र - ऐसा परिसर जिसमें विद्युत वितरण हेतु ट्रांसफार्मर एवं संबंधित उपकरण स्थित हो ।

घूरा एवं कचराघर ऐसा परिसर जिसका उपयोग अवशिष्ट पदार्थों के एकत्रीकरण एवं आगे गड्डों को भरने हेतु लदान किया जाता हो ।

धोबीघाट ऐसा परिसर जिसका उपयोग कपड़े धोने , सुखाने इत्यादि के लिए किया जाता हो ।

059 केन्द्र शासन के कार्यालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोग केन्द्र शासन के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।

060 स्थानीय शासन के कार्यालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोग स्थानीय शासन एवं स्थानीय संस्थाओं के कार्यालय हेतु किया जाता हो ।

061 सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोग सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो अधिनियम के अंतर्गत स्थापित कंपनियों के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।

062 न्यायालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोग न्यायालयीन कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।

083 शासकीय भूमि (अनिर्धारित उपयोग)

शासकीय भूमि का ऐसा परिसर जिसका उपयोग अनिर्धारित हो ।

064 चिकित्सालय

ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक एवं बाह्य रोगियों की सामान्य एवं विशेषीकृत चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध हो ।

065 स्वास्थ्य केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें बाह्य रोगियों एवं आंतरिक रोगियों (30 बिस्तर तक) की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। स्वास्थ्य केन्द्र का प्रबंधन सार्वजनिक एवं धर्मार्थ संस्था द्वारा गैर- व्यवसायिक आधार पर किया जाता है । इसमें परिवार कल्याण केन्द्र भी सम्मिलित है । 066 उपचार केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें 30 बिस्तरों वाले आंतरिक बाह्य रोगियों की चिकित्सा सुविधा हो । जिसका संचालन चिकित्सक या चिकित्सक समूह द्वारा व्यवसायिक आधार पर किया जा सकता है ।

067 औषधालय

ऐसा परिसर जिसमें सार्वजनिक अथवा धर्मार्थ संस्थाओं द्वारा चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाईयों के प्रबंधन की व्यवस्था हो । [ भाग 1

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विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 068 क्लीनिक/ चिकित्सा केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें चिकित्सक द्वारा वाह्य रोगियों के उपचार की सुविधा हो । पाली क्लीनिक की दशा में चिकित्सकों के समूह द्वारा प्रबंधन किया जायेगा ।

069 उपचार प्रयोगशाला

ऐसा परिसर जिसमें रोगों की पुष्टि करने हेतु विभिन्न प्रकार के परीक्षण की सुविधा हो । 070 स्वैच्छिक स्वास्थ्य सेवा

ऐसा परिसर जिसमें स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा रक्त बैंक एवं बाह्य रोगियों के चिकित्सा की सुविधा हो । यह सेवा धर्मार्थ उद्देश्य से अस्थाई कैम्प द्वारा भी उपलब्ध कराई जा सकती है । 071 झूलाघर एवं दिवस देख- रेख केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें दिन में छोटे बच्चों की देखरेख की सुविधा हो । यह केन्द्र व्यक्तिगत अथवा व्यवसायिक अथवा गैर व्यवसायिक संस्था द्वारा संचालित हो सकती है ।

072 पूर्व माध्यमिक एवं किंडरगार्डन स्कूल

ऐसा परिसर जिसमें पाठशाला पूर्व बच्चों के खेलने एवं प्रशिक्षण की सेवायें उपलब्ध हों । 073 माध्यमिक शाला

ऐसा परिसर जिसमें कक्षा पाँचवीं तक के छात्रों की शिक्षा एवं खेलने की सुविधा हो । 074 प्राथमिक शाला

ऐसा परिसर जिसमें कक्षा छँटवीं से दसवीं तक के छात्रों के पढ़ने खेलने की सुविधा हो । इसमें वर्तमान में संचालित कक्षा आठवीं तक की माध्यमिक शालायें सम्मिलित हैं ।

075 उच्चतर माध्यमिक शाला

ऐसा परिसर जिसमें कक्षा दसवीं से बारहवीं तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की व्यवस्था हो ।

076 एकीकृत शाला

ऐसा परिसर जिसमें कक्षा बारहवीं तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो । 077. एकीकृत आवासीय शाला

ऐसा परिसर जिसमें कक्षा बारहवीं तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो तथा छात्रों के लिए बोर्डिंग सुविधा हो । इसमें अध्यापकों के आवास भी हो सकते हैं ।

078 महाविद्यालय

ऐसा परिसर जिसमें विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो । इसमें सभी व्यवसायिक शिक्षण शामिल हैं ।

079 व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें कम अवधि के शिक्षण पाठ्यक्रम तथा कतिपय विशेष व्यवसाय व व्यापार से संबंधित रोजगार हेतु प्रशिक्षण सुविधा हो । ये सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्था 3839

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भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) द्वारा गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित होना चाहिये । इसमें प्रशिक्षण- सह- कार्य केन्द्र शामिल हैं ।

080 सामाजिक कल्याण केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें सामुदायिक विकास के उन्नयन एवं कल्याण की सुविधा हो । यह सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित हो सकता है ।

081 अनुसंधान एवं विकास केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें किसी विशेष विषय में अनुसंधान एवं विकास की सुविधा हो ।

082 पुस्तकालय

ऐसा परिसर जिसमें एक विशेष वर्ग अथवा सामान्य जनता के पढ़ने एवं संदर्भ के लिए वृहद संख्या में पुस्तकों का संकलन हो ।

083 तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें तकनीकी प्रकृति के विषय में प्रशिक्षण की सुविधा हो । इसमें तकनीकी शाला, औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र आदि शामिल है ।

084 वाणिज्यिक एवं सचिवालयीन प्रशिक्षण

ऐसा परिसर जिसमें शीघ्रलेखन एवं टंकण , पत्राचार , रिकार्ड रखने आदि के प्रशिक्षण की सुविधा हो ।

085 संगीत, नृत्य एवं नाटक प्रशिक्षण केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें संगीत, नृत्य एवं नाटकों आदि के प्रशिक्षण प्रदान करने की सुविधा हो ।

086 खेल प्रशिक्षण केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें तैराकी सहित विभिन्न आंतरिक एवं बाह्य खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा हो । इसमें शारीरिक शिक्षा केन्द्र भी शामिल है ।

087 वाहन चालन प्रशिक्षण केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें आटो / वाहनों के चालन के प्रशिक्षण की सुविधा हो ।

088 बाल यातायात उद्यान

ऐसा परिसर जिसमें बालकों को यातायात एवं संकेतों की शिक्षा- सह- उद्यान की सुविधा हो 089 संग्रहालय

ऐसा परिसर जिसमें प्राचीन वस्तुओं, प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं काल संबंधी वस्तुओं के संकलन एवं प्रदर्शन की सुविधा हो ।

090 कला दीर्घा एवं प्रदर्शनी स्थल

ऐसा परिसर जिसमें पेंटिंग , छाया चित्रों, मूर्तियों, भित्ती क्षेत्र, मिट्टी से बनी कलाकृतियों, हाथ करघा अथवा विशेष वर्ग के उत्पादन को प्रदर्शन करने की सुविधा हो । [ भाग 1

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विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 091 सभागृह (ऑडीटोरियम)

ऐसा परिसर जिसमें संगीत विद्या गतिविधियों के विभिन्न आयोजन हेतु दर्शक दीर्घा सहित मंच हो ।

092 खुला रंगमंच

ऐसा परिसर जिसमें आयोजनों के लिए दर्शक दीर्घा व मंच सहित खुला रंगमंच हो ।

093 सामुदायिक भवन

ऐसा परिसर जिसमें 15000 की समीपस्थ जनसंख्या की विभिन्न सामाजिक- सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधा हो ।

094 मेला मैदान

ऐसा परिसर जिसमें सहभागी समूह के लिए प्रदर्शनी , प्रदर्शन एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों की सुविधायें हों ।

095 सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें संस्था , राज्य तथा देश के लिए सांस्कृतिक व सूचना सेवा की सुविधायें हों ।

096 सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था

ऐसा परिसर जिसमें गैर- वाणिज्यिक रूप से सार्वजनिक , स्वैच्छिक अथवा व्यक्तिगत सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधायें हों ।

097 सुधार गृह

ऐसा परिसर जिसमें अपराधियों के कारावास एवं सुधार की सुविधा उपलब्ध हो

098 अनाथालय

ऐसा परिसर जिसमें अनाथ बच्चों के रहने की सुविधा हो । यह शैक्षणिक सहित या रहित हो सकता है ।

100 योग, ध्यान, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें आत्म चिंतन, शरीर एवं मस्तिष्क की उच्च गुणवत्ता प्राप्ति करना, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन आदि की सुविधायें शामिल हों ।

101. पुलिस चौकी

पुलिस स्टेशन की तुलना में लघु एवं अस्थाई स्थानीय पुलिस चौकी हेतु सुविधायुक्त परिसर ।

102 पुलिस स्टेशन

ऐसा परिसर जिसमें स्थानीय पुलिस चौकी के कार्यालयों हेतु सुविधा हो ।

103 जिला पुलिस कार्यालय

अर्द्ध सैनिक बलों के कार्यालय हेतु सुविधायुक्त परिसर । 3841

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भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 104 नागरिक सुरक्षा एवं नगर सैनिक

आंतरिक सुरक्षा की नागरिक संस्थानों हेतु कार्यालय सुविधा एवं अन्य कार्यकलापों वाला परिसर ।

105 न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला

ऐसा परिसर जहां न्यायिक प्रकरणों में चिकित्सा ज्ञान के प्रयोग की सुविधा हो ।

106 जेल

ऐसा परिसर जहां कानून के अंतर्गत कारावास / बंदीगृह एवं अपराधियों के सुधार की व्यवस्था हो ।

107 अग्निशमन पोस्ट

ऐसा परिसर जहां अल्प स्तर पर अग्निशमन व्यवस्था हो । अग्नि प्रवृत्त गतिविधियों वाले विशिष्ट परिसरों में यह व्यवस्था संलग्नित की जा सकती है ।

108 अग्निशमन पोस्ट

एक निर्धारित क्षेत्र हेतु अग्निशमन सुविधा से युक्त परिसर ।

109 डाकघर

सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक सुविधायुक्त परिसर ।

110 डाक एवं तार घर

सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर ।

111 मुख्य डाकघर

सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर ।

112 टेलीफोन एक्सचेंज

परिसर जहां सार्वजनिक टेलीफोन प्रणाली केन्द्र स्थापित हो ।

113 रेडियो एवं दूरदर्शन स्टेशन

समाचार एवं अन्य कार्यक्रमों का संबंधित माध्यमों द्वारा प्रचार, प्रसार, रिकार्डिंग आदि सुविधायुक्त परिसर । जिसमें अतिथि कलाकारों के लिए होस्टल व्यवस्था तथा प्रचार (ट्रांसमिशन) के लिए टावर्स जैसे सुविधायें भी सम्मिलित हो सकती हैं ।

114 ट्रांसमिशन टावर एवं वायरलेस स्टेशन

ऐसा परिसर जिसका उपयोग संचार के उद्देश्य के लिए टावर निर्माण हेतु किया जाता हो । 115 उपग्रह एवं दूरसंचार केन्द्र

ऐसा परिसर जहां उपग्रह एवं दूरसंचार तकनीकी के अनुसंधान तथा विकास के लिए सुविधा उपलब्ध हो । भाग 1

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विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप) 116 वैधशाला एवं मौसम कार्यालय

ऐसा परिसर जहां मौसम के आंकड़ों के विश्लेषण एवं विकास तथा इस आधार पर मौसम की पूर्व सूचना किये जाने की सूविधा उपलब्ध हो ।

117 बाग (ओरचर्ड)

सघन फल वृक्षों का परिसर, जिसमें फल वृक्षों के साथ उद्यान सम्मिलित हो सकता है । 118 डेरी फार्म

ऐसा परिसर जहां डेयरी उत्पादन के उपचार एवं उत्पादन की सुविधा उपलब्ध हो । जिसमें अस्थायी रूप से पशु एवं पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते हैं ।

119 कुक्कुट फार्म

कुक्कुट उत्पाद के प्रजनन एवं उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें अस्थायी रूप से पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते हैं ।

120 सुअर पालन

सुअर प्रजनन एवं उत्पाद उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें सुअरों के लिए अस्थायी स्वरूप के शेड्स सम्मिलित हो सकते हैं ।

121 ग्रामीण केन्द्र

एक निश्चित संख्या के ग्रामों हेतु विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का सुविधायुक्त परिसर । 122 मल्टीप्लेक्स

म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 95 के अनुसार दो या उससे अधिक सिनेमा के साथ दुकानों, आमोद-प्रमोद की गतिविधियों, कार्यालय , शोरूम, होटल , रेस्टोरेन्ट, शापिंग मॉल संबंधी परिसर । 3843

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

परिशिष्ट

परिशिष्ट-1 (अ)

(नियम 49(3 ) देखिये)

विकास योजना के प्रस्तावों को प्राप्त करने का प्रारूप

प्रति,

प्राधिकारी.

मध्यप्रदेश

महोदय ,

मैं एतद् द्वारा नगर ..मोहल्ला / बाजार.. ..बस्ती / कालोनी / गली ......की भूमि खसरा क्रमांक....... ..भूखण्ड क्रमांक... के विकास/ पुनर्विकास करने का इच्छुक हूँ । क्षेत्र से संबंधित विकास योजना / परिक्षेत्रिक विकास योजना से संबधित प्रस्ताव उपर उल्लेखित भूमि के लिए उपखण्ड आयोजना तैयार के लिये उपलब्ध किये जा सकेगें । विकास योजना / परिक्षेत्रिक विकास योजना संबंधी प्रस्तावों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक भुगतान किया जा चुका है तथा रसीद की अभिप्रमाणित प्रति संलग्न है ।

भूमि स्वामी के हस्ताक्षर भूमि स्वामी का नाम

(स्पष्ट अक्षरों में) भूस्वामी का पता स्थान.

दिनांक.

भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3844

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

परिशिष्ट-1 (ब)

नियम 17(1)

किसी भवन के विकास , निर्माण , पुनर्निमाण अथवा उसके किसी भाग में परिवर्तन करने के लिए प्रथम आवेदन पत्र का

प्रारूप

प्रति,

महोदय,

मैं एतद् द्वारा यह सूचना देता हूँ कि मैं नगर....... ...बस्ती / मार्ग......... सड़क.. अथवा प्लाट क्रमांक.. नियम 17 के में भवन क्रमांक. मोहल्ला, बाजार, में/ पर तथा म.प्र. भूमि विकास नियम 1984 के ...अनुशार विकारा, निर्माण, पुनर्निगाण अथवा परिवर्तन करना चाहता हूँ, मैं इसके साथ मेरे तथा निवेश , अनुज्ञप्ति क्रमांक (नाम स्पष्ट अक्षरों में).. .....वास्तुविद, इंजीनियर, नगर जो उस निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण करेगा, द्वारा समुचित रूप से हस्ताक्षरित निम्नलिखित रेखांक और विशिष्ट विवरण चार प्रतियों में अग्रेषित करता हूँ:-

1. मुख्य रेखांक

2. स्थल रेखांक

3. उप विभाग अभिन्यास योजना

4. भवन मानचित्र

5. सेवा आयोजना

6. विशिष्टियां सामान्य तथा विस्तृत

7. स्वामित्व संबंधी हक ।

मैं निवेदन करता हूँ कि विकास निर्माण को अनुमोदित किया जाये और मुझे कार्य निष्पादित करने की अनुमति प्रदान की जाये ।

स्वामी के हस्ताक्षर.....

स्वामी का नाम.......

(स्पष्ट अक्षरों में)

स्वामी का पता...........

दिनांक..

प्राधिकारी द्वारा सीधे उपयोग के लिए ...रूपरेखा तैयार की जा सकती है । 3845

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

परिशिष्ट-2

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय वल्लभ भवन , भोपाल

अधिसूचना

भोपाल दिनांक 22 जुलाई 2011

क्रमांक- एफ-3-79 / बत्तीस -2011 मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 13 की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत राज्य सरकार एतद् द्वारा अधिसूचना क्रमांक 1302 दिनांक 19 मई 1975 द्वारा गठित विदिशा निवेश क्षेत्र की सीमाओं को म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 13 की (2) (क) के अन्तर्गत परिनिश्चित करती है । संशोधित सीमायें निम्नानुसार अनुसूची में वर्णित है:-

अनुसूची

विदिशा निवेश क्षेत्र की संशोधित सीमाएं

1. उत्तर में : ग्राम ढोलखेड़ी, जीवाजीपुर , सौराई, मुडराहरीसिंह, पांझ कुआंखेड़ी की उत्तरी सीमा तक ।

2. पश्चिम मेंः ग्राम उदयगिरी , विधुन, सुनपुरा , करैया हवेली, बेरखेडी, पड़रिया माफी की पश्चिमी सीमा तक ।

3. दक्षिण मेंः ग्राम घुड़िया खेड़ी, पठारी हवेली, मुरवारा, सोंठिया , परासी टुंडरा, हासुआ , पडरिया माफी की दक्षिणी सीमा तक ।

4. पूर्वमेंः

ग्राम कुआंखेड़ी, पांझ, धतुरिया, करारखेड़ी, रूसल्ला, मदनखेड़ी, भौरिया, घुड़ियाखेड़ी, हासुआ की पूर्वी सीमा तक ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से

तथा आदेशानुसार

हस्ता/-

( वर्षा नावलेकर )

उप सचिव [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3846

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

परिशिष्ट-3 कार्यालय सहायक संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय विदिशा

विदिशा दिनांक 26 सितम्बर 2011

विदिशा निवेश क्षेत्र अंतर्गत ग्रामों के वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र एवं

रजिस्टरों का अंगीकरण

क्रमांक / 1613 / वियो/ शोध-2 / भू.उ./ नग्रानि/ 11- एतद् द्वारा सूचना दी जाती है कि विदिशा निवेश क्षेत्र के लिये वर्तमान भूमि उपयोग संबंधी मानचित्र एवं रजिस्टरों को मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973) की धारा -15 (3 ) के अधीन अंगीकृत किये जाते हैं । इस सूचना की प्रतियां उक्त अधिनियम की धारा-15(4) के अनुसरण में मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजी जा रही है, जो इस बात का निश्चयात्मक साक्ष्य होगा कि मानचित्र सम्यक रूप से तैयार तथा अंगीकृत कर लिये गयें है ।

विविशा निवेश क्षेत्र की सीगायें-

1. उत्तर में ग्राम ढोलखेड़ी, जीवाजीपुर , सौराई, मुडराहरीसिंह, पांझ कुआंखेड़ी की उत्तरी सीमा तक ।

2. पश्चिम मेंः ग्राम उदयगिरी , विधुन, सुनपुरा, करैया हवेली, बेरखेडी, पड़रिया माफी की पश्चिमी सीमा तक ।

3 दक्षिण मेंः ग्राम धुड़िया खेड़ी, पठारी हवेली, मुरवारा , सोंठिया, परासी टुंडरा, हासुआ , पडरिया माफी की दक्षिणी सीमा तक ।

4. पूर्वमेंः ग्राम कुआंखेड़ी, पांझ , धतुरिया, करारखेड़ी, रूसल्ला, मदनखेड़ी, भौरिया, घुड़ियाखेड़ी, हासुआ की पूर्वी सीमा तक ।

उक्त अंगीकृत मानचित्र तथा रजिस्टर सर्व साधारण के निरीक्षण हेतु इस सूचना के प्रकाशन के दिनांक से एक सप्ताह तक कलेक्टर, जिला विदिशा , नगर पालिका परिषद्, विदिशा, सहायक संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय विदिशा में कार्यालयीन समय में अवकाश के दिन छोड़ उपलब्ध रहेगा ।

( सुप्रिया पेंडके ) सहायक संचालक 3847

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

परिशिष्ट-4

मध्यप्रदेश शासन

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय

आदेश

भोपाल , दिनांक 20 जनवरी 1998 क्रमांक एफ-3 /130 / 32 / 97 राज्य शासन एतद् द्वारा मध्यप्रदेश के जिन विभिन्न नगरों की विकास योजनाए अनुमोदित है, कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु क्रियान्वित की जाने वाली संस्थाओं से समन्वय एवं पर्यवेक्षण के लिये निम्नानुसार " नियोजन एवं पर्यवेक्षण" समिति का गठन करता है-

अध्यक्ष 1

संभागीय मुख्यालय के नगरों हेतु संबंधित संभागायुक्त तथा जिला मुख्यालय एवं अन्य नगरों हेतु संबंधित कलेक्टर

सदस्य नगर तथा ग्राम निवेश का संबंधित क्षेत्रीय / उपक्षेत्रीय अधिकारी

2

सदस्य 3 म.प्र. गृह निर्माण मण्डल का उपायुक्त / कार्यपालन यंत्री

सदस्य 4

संबंधित आयुक्त , नगर पालिक निगम / मुख्य कार्यपालन अधिकारी नगर पालिका

सदस्य 5 लोक निर्माण विभाग का संबंधित अधीक्षण यंत्री/ कार्यपालन यंत्री

सदस्य 6

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का संबंधित अधीक्षण यंत्री / कार्यपालन यंत्री

सदस्य 7 म०प्र ० विद्युत मण्डल का संबंधित अधीक्षण यंत्री/ कार्यपालन यंत्री

(अ) संबंधित प्राधिकरण अथवा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिन नगरों में प्राधिकरण अथवा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण स्थापित है) ।

8

सदस्य सचिव (ब) संबंधित आयुक्त नगर निगम / मुख्य नगर पालिका अधिकारी (जिन नगरों में प्राधिकरण अथवा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण गठित नही है) ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार

हस्ताक्षर

(जी.व्ही. उपाध्याय)

उपसचिव

मध्यप्रदेश शासन

आवास एवं पर्यावरण विभाग [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3848

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

परिशिष्ट-5

मध्यप्रदेश शासन

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय

आदेश

भोपाल, दिनांक 12 अगस्त 1998 क्रमांक एफ-3 / 55 / 32 / 98 राज्य शासन एतद् द्वारा नगरों की अनुमोदित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन एवं क्रियान्वित की जाने वाली संस्थाओं के समन्वय एवं पर्यवेक्षण हेतु इस विभाग के आदेश क्रमांक एफ-3 / 130 / 32 / 97 दिनांक 20.01.98 द्वारा संभागायुक्त/ कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित "नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति" में निम्नानुसार आंशिक संशोधन करता है :

समिति में निम्नलिखित भी सदस्य के रूप में शामिल किये जाते है-

1. सांसद, संबंधित क्षेत्र

2. अध्यक्ष , संबंधित विकास प्राधिकरण

3. अध्यक्ष, संबंधित जिला पंचायत

4. अध्यक्ष, संबंधित नगर पालिक निगम

5. अध्यक्ष , संबंधित नगर पालिका

6. अध्यक्ष, संबंधित नगर पंचायत

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार

उपसचिव

हस्ताक्षर मध्यप्रदेश शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग 3849

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

परिशिष्ट-6

संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश

मध्यप्रदेश , भोपाल

भोपाल, दिनांक 15 मई 1998 क्रमांक / 2876/ नग्रानि/वियो/98

प्रति,

1. मुख्य कार्यपालन अधिकारी विकास प्राधिकरण /विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण

2. आयुक्त/ मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर निगम/ नगर पालिका

विषयः- विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु ' शासन द्वारा गठित नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति की कार्यवाही हेतु रूपरेखा ।

मध्यप्रदेश ' शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय के आदेश क्रमांक एफ 3/130/32/97 दिनांक 20.01.1998 द्वारा मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों की अनुमोदित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी गठित की गई नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति की कार्य पद्धति की संक्षिप्त रूपरेखा निम्नानुसार है:-

(1 ) पर्यवेक्षण समिति निम्न क्षेत्रों में क्रियान्वयन स्थिति का पर्यवेक्षण करेगी ।

(अ) नगरीय अधोसंरचना का विकास

(ब) आवासीय एवं आश्रय योजनाओं का बिकास

(स) सार्वजनिक सुविधाओं एवं नगरीय केन्द्रो / उपकेन्द्रो का विकास

(द) आमोद प्रमोद क्षेत्रों का विकास

(2) समिति निम्नलिखित कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु 3 माह में एक बार बैठक करेंगी

(अ) क्रार्यक्रम का चयन

(ब) परियोजना तैयारीकरण

(स) परियोजना क्रियान्वयन एवं वित्तीय व्यवस्था

(द) कार्यक्रम क्रियान्वयन के मूल्यांकन के फलस्वरूप वांछित सुधार

(3) समिति निम्नलिखित व्यवस्था अनुसार वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तत करेगी ।

विकास प्राधिकरण / स्थानीय निकाय द्वारा नियोजन पर्यवेक्षण समिति के सक्षम वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा । जिसमें नियोजन क्रियान्वयन के सभी पहलू सम्मिलित होने के साथ ही सुधार हेतु अनुशंसित बिन्दु भी सम्मिलित होगें । समिति अपनी अनुशंसा के साथ संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश के विचारार्थ वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी तथा संचालक द्वारा उक्त प्रतिवेदन का अनुमोदन कर राज्य शासन को प्रस्तुत किया जावेगा ।

हस्ताक्षर ( के.के. सिंह ) संचालक

नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल (म.प्र.) 3850

भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

परिशिष्ट-7

मध्य प्रदेश शासन

नगरीय विकास एवं आवास विभाग

मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल

//आदेश//

क्रमांक एफ- 3-25 / 2021 / अठारह 5 राज्य शासन मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 17- क (1 ) के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश क्रमांक एफ-3-97/ 2011 / बत्तीस भोपाल दिनांक 30.11.2011 को निरस्त करते हुए विदिशा विकास योजना (पुनर्विलोकन ) हेतु निम्नानुसार समिति का पुनर्गठन किया जाता हैं । यह समिति अधिनियम की धारा 17 -क (2) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी:-

पद/व्यक्ति का नाम

अधिनियम कीधारा 17-क(1 )

1

2

अध्यक्ष

संस्था/पता

समिति में पद

4 3

रादरय

नगर पालिका परिषद् (जिला विदिशा)

(क)

जिला पंचायत विदिशा

अध्यक्ष

(ख)

सांसद लोकसभा क्षेत्र विदिशा

(ग)

विधायक

सदस्य

सदस्य

सदस्य

विधानसभा क्षेत्र , विदिशा , जिला विदिशा

(घ)

कोई नहीं

कोई नहीं

(ड.)

कोई नहीं

सदस्य

जनपद पंचायत विदिशा, जिला विदिशा

अध्यक्ष

(च)

सदस्य

ग्राम पंचायत सौराई (ग्राम सौराई, बराखेड़ा)

(छ) 1. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत कराखेड़ी (ग्राम कराखेड़ी, रूसल्ला , मदनखेड़ी)

2. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत चिड़ोरिया (ग्राम चिड़ोरिया, गुरारिया हवेली )

3. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत सौंठिया ( ग्राम सौंठिया, गेहूखेड़ी, मुरवारा)

4. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत पठारी हवेली (ग्राम पठारी हवेली, तरावली)

5. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत डाबर (ग्राम डाबर, धारूखेड़ी, हसनाबाद)

6. सरपंच

7. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत पांझ (ग्राम पांझ , धतुरिया)

8. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत परसौरा हवेली (ग्राम परसौरा हवेली, भोरिया,

परासी टुण्डा)

9. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत करैया हवेली (ग्राम करैया हवेली, सुआखेड़ी, आमखेड़ा , पड़रियामाफी, रंगई, बेरखेड़ी बिरसा)

सदस्य

ग्राम पंचायत हांसुआ (ग्राम हांसुआ घुड़ियाखेड़ी)

10. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत सुनपुरा (ग्राम सुनपुरा , विघन , उदयगिरी)

11. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत जीवाजीपुर (ग्राम जीवाजीपुर, अमाछार)

12. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत कुंआखेड़ी (ग्राम कुंआखेड़ी )

13. सरपंच

ग्राम पंचायत मुडरा हरिसिंह (ग्राम मुड़ा हरिसिंह)

14. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत इमलिया लश्कर (ग्राम ढ़ोलखेड़ी

15. सरपंच 3851

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

विदिशा विकास योजना 2035 (प्रारूप)

सदस्य

कलेक्टर जिला विदिशा

1. प्रतिनिधि

(ज)

इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स इंडिया

2. प्रतिनिधि

सदस्य

काउंसिल ऑफ आर्कीटेक्चर इंडिया

3. प्रतिनिधि

सदस्य

इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स इंडिया

4. प्रतिनिधि

सदस्य

कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग विदिशा

5. प्रतिनिधि

सदस्य कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , विदिशा

6. प्रतिनिधि

सदस्य

जिला वन मण्डल अधिकारी, जिला मण्डल कार्यालय विदिशा

7. प्रतिनिधि

(झ )

समिति संयोजक

संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय भोपाल- रायसेन- सीहोर म.प्र

समिति संयोजक

म०प्र० के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार सही/- (शुभाशीष बैनर्जी) उपसचिव मध्यप्रदेश शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3852

संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश, भोपाल

"कचनार ", ई-5 , पर्यावरण परिसर, अरेरा कालोनी , हबीबगंज पुलिस थाना के पास , भोपाल

भोपाल , दिनांक 24 फरवरी 2021 क्रमांक-1246-अमृत- वि.यो.- 33- खण्डवा नग्रानि- 2021.-

सूचना

एतद् द्वारा यह सूचना दी जाती है कि खंडवा निवेश क्षेत्र के लिए विकास योजना का प्रारूप म.प्र नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 18 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार निम्नानुसार प्रकाशित किया गया है , इसकी एक प्रति संचालनालय की वेब साइट http://mptownplan.gov.in/LU-panel/Khandwa/Khandwa2035.pdf पर तथा कार्यालयीन समय में निम्नलिखित कार्यालयों में निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं 1. आयुक्त, इन्दौर संभाग , इन्दौर

2. कलेक्टर, जिला खंडवा

3. आयुक्त, नगर पालिक निगम, खंडवा

4. उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय खंडवा, म.प्र.

यदि कोई आपत्ति या सुझाव प्रारूप खंडवा विकास योजना के संबंध में हों , उसे लिखित रूप में उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , जिला कार्यालय, खंडवा या ई- मेल आईडी [email protected] में इस सूचना के म.प्र. राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से 30 दिन की अवधि का अवसान होने के पूर्व, सम्यक विचार हेतु प्रस्तुत किया जा सकता है ।

अजीत कुमार, आयुक्त- सह- संचालक.

3853

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

Bhopal, the 24th February 2021 No - 1246 - Amrut- D.P. -33 -Khandwa- TCP - 2021

NOTICE

Notice is hereby given that the Draft Development Plan for Khandwa Planning area has been published as under in accordance with the provisions of sub - section [ 1 ] of Section 18 of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam , 1973 ( No.23 of 1973 ) , a copy . thereof is available for inspection on Directorate's website http://mptownplan.gov.in/LU-panel/Khandwa/Khandwa2035.pdf following offices during office hours namely - and at 1- Commissioner, Indore Division , Indore

2- Collector, District- Khandwa

3- Commissioner , Nagar Palik Nigam , Khandwa

4- Deputy Director , Town and Country Planning, District office , Khandwa .

If there be any objection or suggestion with respect to the said Khandwa Draft Plan , the same may be submitted in writing to the Deputy Director , Town and Country Planning , Khandwa or mail on Email- id- [email protected] before the expiry of thirty days from the date of publication of this notice in the Madhya Pradesh Gazette for due consideration .

AJEET KUMAR, Commissioner- cum - Director.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3854

खण्डवा विकास योजना 2035 (प्रारुप)

ToHarsi

ToIndore ToAhmedpur

ToHarsood Indore MHZB

ToAmravati

ToHingoll

ToBhusawal

ToBurhanpur

199

88 संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश , मध्यप्रदेश, भोपाल 3855

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 (प्रारुप) मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 के प्रावधानान्तर्गत प्रकाशित

संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश

मध्यप्रदेश , भोपाल

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3856

2035

खण्डवा विकास योजना

प्रस्तावना

पूर्वी निमाड़ (खण्डवा ) इन्दौर राजस्व संभाग का जिला मुख्यालय नगर है । यह नगर मध्य रेलवे की नई दिल्ली- मुंबई तथा रतलाम-अकोला मुख्य रेलवे लाईन का एक प्रमुख जंक्शन है । यह नगर प्राचीन काल में जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख पीठ रहा है । तत्समय के भग्नावेश तथा जैन मंदिर की सुंदर कलात्मक मूर्तियां आज भी दर्शनीय है । ब्रिटिश शासनकाल में यह नगर आपातकालीन सेना का केन्द्र था । यहां स्थित तुलजा भवानी माता का मंदिर एवं दादाजी धूनी वाले की समाधि श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है । यह नगर महान गायक स्व. किशोर कुमार की जन्म भूमि भी है ।

क्षेत्रीय गतिविधियों एवं प्रशासनिक कार्यकलापों की दृष्टि से नगर जिला प्रशासनिक केन्द्र, कृषि उत्पाद आधारित व्यापारिक एवं औद्योगिक केन्द्र के रुप में जाना जाता है । नगर की विकास की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए इसका सुनियोजित विकास आवश्यक है । संभावित विकास को दृष्टिगत रखते हुए तथा नगर को सुनियोजित विकास की दिशा प्रदान करने एवं यहां के निवासियों को नगरीय सुविधायें उपलब्ध कराने की दृष्टि से खण्डवा विकास योजना 2035 (प्रारुप) की प्रक्षेपित जनसंख्या 3.50 लाख मानते हुए तैयार की गई है । विकास योजना में भूमि के आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक उपयोग , परिवहन एवं नगरीय अधोसंरचना के उन्नयन के प्रस्ताव एवं मूलभूत सेवा सुविधाओं का प्रावधान आदि का समावेश किया गया है ।

नगर के सर्वांगीण भावी विकास हेतु खण्डवा नगर की विकास योजना 2035 का प्रारुप , जनसामान्य से आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित करने हेतु प्रकाशित किया जा रहा है । मुझे आशा है कि, नागरिकगण अपने व्यवहारिक एवं सृजनशील सुझाव को व्यक्त करेगें, ताकि उनके सक्रिय योगदान से इसे अंतिम रुप देकर जन अपेक्षा अनुरुप, खण्डवा विकास योजना 2035 के प्रस्ताव को मूर्तरुप प्रदान किया जा सके ।

(अजीत कुमार) आयुक्त सह- संचालक नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल म.प्र.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021 3857 भाग 1

खण्डवा विकास योजना 2035 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3858

2035

खण्डवा विकास योजना

खण्डवा विकास योजना संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश , मध्यप्रदेश, भोपाल

योजना दल

संयुक्त संचालक

राजेश नागल

एस.के. मुदगल

डॉ. अमित कुमार गजभिये

सहायक संचालक

इन्दु त्रिपाठी

कविता नागर

के.एस. गवली

विनिता दर्शामकर

कर्मचारीगण

जयंत शील बी.एस. भाटिया

अरविंद सक्सेना शीतल सिंगोरिया

अनिल सक्सेना आर.एन. भावसार

सर्वेश पिड़िहा जितेन्द्र खतवासे

विनती यादव

सरिता ठाकुर

मानसी गुज्जेवार नताशा सरस्वती (इंटर्न)

म.प्र . विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (LU & USD ) का दल डॉ. विवेक कटारे हेड , प्रिंसिपल साइंटिस्ट

डॉ. देवानु भटनागर प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर, अमृत

नवेद अली

जूनियर रिसर्च फैलो

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021 3859 भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3860

खण्डवा विकास योजना 2035

विषय सूची

विवरण

क्र

पृष्ठ क्र प्रस्तावना

योजना दल

V विषय सूची

XII सारणी सूची

XV मानचित्र सूची

XVII आकृति सूची

1 अध्याय-1

1 नियोजन दृष्टिकोण एवं कार्यप्रणाली

3 1.1 नियोजन हेतु प्रयास

4 1.2 नियोजन प्रस्ताव

5 1.3 विकास योजना तैयार करने में सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग

1.3.1 अमृत योजना 5 1.3.2 सुदूर संवेदन तकनीक 6 1.3.3 भौगोलिक सूचना प्रणाली 8 1.4 अध्ययन क्षेत्र एवं स्थिति 10 1.5 क्रियान्वयन परिदृश्य 10 1.6 खण्डवा विकास योजना 2031 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 11 1.6.1 आवासीय 12

12 1.6.2 मिश्रित

1.6.3 वाणिज्यिक 12

12 1.6.4 औद्योगिक

1.6.5 सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक 13 1.6.6 सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें 13

13 1.6.7 आमोद-प्रमोद 3861

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

1.6.8 यातायात एवं परिवहन 1.7 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग

योजना की अवधारणा

1.8

1.9 उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली

उद्देश्य

1.9.1

कार्यप्रणाली

1.9.2

जनसंख्या आकलन पद्धति 1.9.3

1.9.4 अमृत मानकों की व्याख्या

थिमेटिक मानचित्रीकरण 1.10

यातायात संरचना

1.10.1

भूमि उपयोग / भूमि आच्छादन 1.10.2

ढलान

1.10.3

मृदा

1.10.4

घाढ़ आपदा

1.10.5

जल स्त्रोत

1.10.6

भूकम्प आपदा परिक्षेत्र 1.10.7

1.10.8 भूमि मूल्य

ग्राम /वार्ड सीमा

1.10.9

1.11 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता 1.12 भूमि उपयोग का आवंटन अध्याय-2

अध्ययन एवं विश्लेषण

2.1 क्षेत्रीय एवं उपक्षेत्रीय संदर्भ 2.1.1 क्षेत्रीय परिदृश्य

क्षेत्रीय संदर्भ में महत्व 2.1.2

निवेश क्षेत्र

2.2

नगर पालिक निगम क्षेत्र 2.3

2.4 नगर के मुख्य कार्यकलाप

नगरीय विस्तार

2.5

खण्डवा विकास योजना 2035

13

13

15

16

18

18

19

20

20

20

21

24

24

24

24

25

25

25

26

27

28

28

28

28

28

29

31

32

32 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3862

2.6 दर्शनीय स्थल

2.7 जनसांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण

जनसंख्या विश्लेषण 2.7.1

2.9 शिशु जनसंख्या

2.10

2035 खण्डवा विकास योजना

32

38

38

43

43

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति जनसंख्या

2.11 साक्षरता

2.12 आर्थिक स्थिति

कार्यशील जनसंख्या 2.13

जनसंख्या घनत्व 2.14

नगर जनसंख्या परिवर्तन 2.15

2.16 निवेश क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या

2.17 गंदी बस्तियां

2.18 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता 2.18.1 वर्तमान भूमि उपयोग

44

44

44

46

48

49

50

52

52

53 2.18.2 भू- संरचना विज्ञान (जियोमॉर्फोलॉजिकल ) उपखण्ड

2.18.3 मिट्टी की जानकारी 2.18.4 चट्टानों की रचना (लिथोलॉजी) 2.18.5 ढलान

2.18.6 बाढ़ आपदा

2.18.7 भूकम्प आपदा परिक्षेत्र 2.18.8 जल स्त्रोत बफर 2.18.9 भूमिगत जल संभावना 2.18.10 भूमि अवक्रमण 2.18.11 मार्ग संरचना

2.18.12 रेलवे स्टेशन

2.18.13 भूमि मूल्य

2.19 नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प

54

54

55

55

56

56

56

57

57

58

58

58 3863

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

अध्याय-3

प्रस्तावित यातायात संरचना एवं नगरीय अधोसंरचना

3.1 यातायात संरचना

अन्तर्नगरीय यातायात 3.1.1

3.1.2 नगरीय यातायात 3.2 मार्गों का श्रेणीक्रम 3.2.1 क्षेत्रीय मार्ग

3.2.2 वृत्तीय मार्ग

बायपास मार्ग

3.2.3

3.2.4 मुख्य नगरीय मार्ग

खण्ड स्तरीय मार्ग 3.2.5

उपखण्ड स्तरीय मार्ग 3.2.6

स्थानीय मार्ग

3.2.7

पादचारी मार्ग

3.2.8

मध्य क्षेत्र

3.3

3.4 मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई 3.5 यातायात प्रणाली में सुधार 3.5.1 मार्ग संगमों का सुधार

यातायात अवसान केन्द्र 3.6

वाहन विराम स्थल 3.7

3.8 नगरीय अधोसंरचना 3.8.1 जलप्रदाय

3.8.2 जल-मल निकासी 3.8.3 विद्युत प्रदाय

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 3.8.4

शैक्षणिक

3.8.5

3.8.6 स्वास्थ्य

3.9 अन्य सुविधायें

3.9.1 धार्मिक एवं सांस्कृतिक सुविधायें

2035 खण्डवा विकास योजना

64

64

64

64

66

67

68

68

69

69

69

69

69

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70

74

77

77

78

80

80

81

81

83

84

85

86

86 28 208

87 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3864

अध्याय-4

विकास योजना प्रस्ताव 2035

4.1 विकास योजना 2035 की अवधारणा 4.2 प्रस्तावित भूमि उपयोग 4.2.1 आवासीय

4.2.2 मिश्रित

वाणिज्यिक

4.2.3

औद्योगिक

4.2.4

4.2.5 सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक 4.2.6 सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें

4.2.7 आमोद-प्रमोद

4.2.8 यातायात एवं परिवहन 4.3 आवास आवश्यकता

4.4 नितेश ईकाईयां

4.4.1 निवेश ईकाई क्रमांक-1 4.4.2 निवेश ईकाई क्रमांक-2 4.4.3 निवेश ईकाई क्रमांक-3

निवेश ईकाई क्रमांक-4 4.4.5 निवेश ईकाई क्रमांक-5 4.5 असंगत भूमि उपयोगों की पुनर्स्थापना

कार्यकेन्द्र

4.5.1

4.5.2 व्यापार एवं वाणिज्यिक

नगर स्तरीय वाणिज्यिक केन्द्र 4.5.3

कार्यालय

4.5.4

4.5.5 नगरीय धरोहर एवं संरक्षित क्षेत्र

अनौपचारिक सेक्टर

4.6

4.7 पुनर्विकास क्षेत्र

ग्राम आबादी विस्तार

4.8

4.9 कमजोर आय वर्ग के लिए प्रावधान

2035 खण्डवा विकास योजना

89

89

89

90

91

92

92

92

93

93

93

93

94

96

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97

97

97

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99

99

99

99

100

100

101

101

102 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

अध्याय-5

विकास नियमन 2035

5.1 प्रवृत्तशीलता

5.2 क्षेत्राधिकार

परिभाषायें

5.3

5.4 भूमि उपयोग परिक्षेत्र

आवासीय

5.5

5.5.1 आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन 5.6 वाणिज्यिक

5.7 मध्य क्षेत्र

5.8 औद्योगिक

5.8.1 औद्योगिक विकास के मानक 5.9 मिश्रित उपयोग

मिश्रित उपयोग नियमन 6.9.1

5.9.2

3865

2035

खण्डवा विकास योजना

103

103

103

103

106

107

109

109

112

115

120

120

120

120

मिश्रित उपयोग के मार्गदर्शी सिद्धांत 121

मिश्रित उपयोग की सामान्य शर्ते 121 5.9.3

5.10 सामुदायिक सुविधायें / सेवायें हेतु नियमन 122 5.11

122

सामुदायिक सुविधायें तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं के मापदण्ड

5.12 अन्य नियमन

12.50 मीटर से ऊँचे भवनों संबंधी नियमन

5.12.1

बहुविध बहुमंजिली ईकाई निर्माण 5.12.2

5.12.3

124

124

124

फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा 124 5.12.4 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान

125

125

यातायात नगर / मैकेनिक नगर / लॉजिस्टिक हब / निजी बस स्थानक

5.12.5

ईंधन भराव एवं भराव सह-सेवा केन्द्र के मानक

5.12.6

5.12.7 शॉपिंग मॉल / खुला मॉल 5.12.8

126

126

126

होस्टल, वर्किंग वूमन होस्टल , रेस्ट / गेस्ट हाउस , लॉजिंग / बोर्डिंग

बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम

5.12.9

5.12.10 होटल हेतु मापदण्ड

126

127 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3866

खण्डवा विकास योजना 2035

128 5.12.11 शीतकेन्द्र / वेयर हाउस / गोदाम / अन्य भण्डारण केन्द्र के लिए मापदण्ड

128 5.12.12 छविगृहों के लिए मापदण्ड

128 5.12.13 मल्टीप्लेक्स

128 5.12.14 मैरिज गार्डन

128 5.12.15 उद्यान

128 5.13 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन

130 5.14 उपयोग परिसर में स्वीकृत / स्वीकार्य गतिविधियां

134 5.15 अन्य सुविधायें

5.16 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया 134

135 अध्याय-6

135 विकास योजना क्रियान्वयन

136 6.1 विकास योजना का क्रियान्वयन

137 6.2 योजना क्रियान्वयन की नीति

6.3 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम 137

138 6.3.1 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रमुख तत्व

138 6.4 नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना

138 6.4.1 नियंत्रित विकास

139 6.4.2 अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन

6.4.3 एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना 139 6.5 योजना एवं कार्यक्रम 140

141 6.6 प्रथम चरण कार्यक्रम

प्रथम चरण लागत 142 6.6.1

संसाधन गतिशीलता 143 6.6.2

6.7 योजना पर्यवेक्षण तंत्र 143

144 6.8 नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति का गठन

6.8.1 वार्षिक विकास प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण 144

145 6.9 योजना की व्याख्या

160 परिशिष्ट 3867

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

सारणी सूची

पृष्ठ क्रं.

सारणी क्रं. विवरण

अध्याय-1

1-सा-1 उपग्रह चित्रों के मानक 7 1-सा-2 स्पेशियल लेयर्स की क्लासेस एवं सब- क्लासेस 9 1-सा-3 खण्डवा विकास योजना 2021 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 11 1-सा-4 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग 14 1-सा-5 जियो स्पेशियल डाटा 20 1-सा-6 बिल्डिंग फुटप्रिंट एवं जियो स्पेशियल डाटा 21 1-सा-7 जलाशयों का वर्गीकरण 24 1-सा-8 सीमाओं का वर्गीकरण 25 अध्याय-2

2-सा-1 खण्डवा: अन्य प्रमुख नगरों की दूरी 29 2-सा-2 खण्डवा निवेश क्षेत्र 30 2-सा-3 संभाग में जनसंख्या विवरण एवं लिंग अनुपात (जिला वार) 38 2-सा-4 वार्ड वार कुल जनसंख्या, शिशु जनसंख्या, अनुसूचित जाति, 39 अनुसूचित जनजाति, जनसंख्या व साक्षरता

2-सा-5 जनसंख्या लिंगानुपात 42 2-सा-6 शिशु जनसंख्या लिंगानुपात 42

43 2-सा-7 शिशु जनसंख्या

2-सा-8 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति जनसंख्या 43

44 2-सा-9 साक्षरता प्रतिशत

2-सा-10 खण्डवा: कार्यशील जनसंख्या (सहभागिता) 45 खण्डवा: व्यवसायिक संरचना 45 2- सा-11

2-सा-12 वार्ड वार जनसंख्या घनत्व 46 2-सा-13 जनसंख्या घनत्व 48 2-सा-14 खण्डवा : दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 49 2-सा-15 अनुमानित जनसंख्या की पद्धति 49

51 2-सा-16 गंदी बस्ती

2-सा-17 वर्तमान भूमि उपयोग क्षेत्रफल 53 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3868

विवरण

सारणी क्रं .

जियोमॉर्कोलॉजिकल उपखण्ड एवं क्षेत्रफल

2-सा-18

2-सा-19 मिट्टी की संरचना के विभिन्न प्रकार

2-सा-20 चट्टानों की रचना (लिथोलॉजी)

ढलान के विभिन्न श्रेणी के अंतर्गत क्षेत्रफल

2-सा-21

जल स्त्रोत बफर क्षेत्रफल 2-सा-22

2-सा-23

[भाग 1

2035 खण्डवा विकास योजना

पृष्ठ क्रं. ।

54

54

54

55

56

भूमिगत जल संभावना 57

2-सा-24 भूमि अवक्रमण 57

मार्ग संरचना बफर क्षेत्रफल 2-सा-25

2-सा-26 Weighted Index For Composite Land Suitability (Model-1).

2-सा-27 Weighted Index For Composite Land Suitability (Model-2)

2-सा-28 Weighted Index For Composite Land Suitability (Model-3)

2-सा-29 Land Suitability Area (Model -1)

2-सा-30 Land Suitability Area (Model -2)

2-सा-31 Land Suitability Area (Model -3)

अध्याय-3

3-सा-1 मध्य क्षेत्र के प्रमुख मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

3-सा-2 खण्डवा : प्रस्तावित वाहन विराम स्थल (मध्य क्षेत्र)

मागों की प्रस्तावित चौड़ाई 3 -सा-3-

3- सा-4 जल आपूर्ति आवश्यकता का अनुमान

3-सा-5 सीवेज का अनुमान 3-सा-6

58

59

60

61

62

62

63

72

73

75

81

82

विद्युत आपूर्ति मांग का विश्लेषण 84

ठोस अपशिष्ट उत्पादन 2035 84

3- सा-7

अध्याय-4

4-सा-1 प्रस्तावित भूमि उपयोग 2035 4- सा-2 अनुमानित परिवार एवं आवास आवश्यकतायें

4-सा-3 निवेश ईकाई वार भूमि उपयोग 4-सा-4 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोगों की पुनर्स्थापना

91

95

96

98 3869

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना विवरण

सारणी क्रं.

पृष्ठ क्रं.

अध्याय-5

108 उपयोग परिक्षेत्र

5-सा-1

110 5-सा-2 आवासीय भूखण्डों के विकास मापदण्ड

113 5-सा-3 वाणिज्यिक भूखण्ड के विकास मापदण्ड

114 वाणिज्यिक क्षेत्रों के विकास मापदण्ड

5-सा-4

115 5-सा-5 वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक

116 5-सा-6 मध्य क्षेत्र : फर्शी क्षेत्र अनुपात (एफ.ए.आर. ) तथा भूखण्ड आच्छादन

118 5-सा-7 वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्रों में मार्गों की चौड़ाई

112 5-सा-8 खण्डवा : सार्वजनिक तथा अर्धसार्वजनिक हेतु विकास मापदण्ड

123 5-सा-9 खण्डवा: सामुदायिक सुविधाओं/ सेवाओं हेतु नियमन

125 खण्डवा: अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान

5-सा-10

130 5 -सा-11 उपयोग परिसर में स्वीकृत / स्वीकार्य गतिविधियां

अध्याय-6

136 योजना क्रियान्वयन की लागत 2035

6-सा-1

142 प्रथम चरण क्रियान्वयन लागत

6-सा-2 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3870

2035 खण्डवा विकास योजना

मानचित्र सूची

विवरण

मानचित्र क्रं .

अध्याय-2

खण्डवा शहर की स्थिति 2.1

खण्डवा निवेश क्षेत्र 2.2

2.3

सैटेलाईट इमेज

नगरीय विस्तार

2.4

खण्डवा वार्ड

2.5

2.6 वार्ड वार जनसंख्या लिंगानुपात 2.7

पृष्ठक्रं.

28 (A)

30(A)

30(B)

32(A)

42(A)

42(B)

42(C)

वार्ड वार शिशु जनसंख्या लिंगानुपात

2.8 वार्ड वार शिशु जनसंख्या 2.9

44(A)

44(B)

वार्ड वार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति जनसंख्या

वार्ड वार साक्षरता प्रतिशत 2.10

2.11

44(C)

48(A)

वार्ड वार कार्यशील (सहभागिता) जनसंख्या

वार्ड वार जनसंख्या घनत्व 2.12

2.13 बिल्डिंगफूटप्रिंट 2.14 वर्तमान भूमि उपयोग 2.15

48(B)

52(A)

52(B)

52(C)

वर्तमान भूमि उपयोग

मध्य क्षेत्र

2.16 जियोमॉर्फोलॉजी 2.17 मिट्टी की संरचना

लिथोलॉजी

2.18

ढलान

2.19

डिजिटल ऐलीवेशन मॉडल 2.20

2.21 कंटूर

2.22 भूकंप जोन

जल स्त्रोत बफर 2.23

2.24 ग्राउण्ड वॉटर प्रोस्पेक्टस 2.25 भूमि अवक्रमण

मार्ग बफर

2.26

54(A)

54(B)

54(C)

56(A)

56(B)

56(C)

56(D)

56(D)

58(A)

58(B)

58(C) 3871

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

विवरण

मानचित्र क्रं .

पृष्ठ क्रं.

2.27

58(D) शासकीय भूमि मानचित्र

58(Ε) 2.28 भूमि मूल्य

62(A) 2.29 नगर भूमि उपयुक्तता (मॉडल-1 )

62(B) 2.30 नगर भूमि उपयुक्तता (मॉडल-2)

62(C) 2.31 नगर भूमि उपयुक्तता (मॉडल-3)

अध्याय-3

वर्तमान यातायात संरचना

72(A) 3.1

प्रस्तावित यातायात संरचना

3.2

76(A) 3.3

78(A) बस स्थानक

82(A) वर्तमान जल प्रदाय संरचना

3.4

3.5

82(B) सामुदायिक शौचालय

84(A) 3.6 विद्युत प्रदाय संरचना

86(A) 3.7 ए.टी.एम.

अध्याय-4

92(A) 4.1 प्रस्तावित भूमि उपयोग 2035 (प्रारुप)

92(B) 4.2 प्रस्तावित भूमि उपयोग (मध्य क्षेत्र) एवं परिभ्रमण संरचना

96(A) 4.3 निवेश ईकाई

अध्याय-6

142(A) प्रथम चरण क्रियान्वयन

6.1 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3872

2035

खण्डवा विकास योजना

आकृति सूची

विवरण

पृष्ठ क्रं.

आकृति क्रं.

अध्याय-1

1 1.1

खण्डवा शहर

5 1.2 अमृत योजना के चयनित शहर

6 1.3 अमृत योजना में खण्डवा शहर

19 1.4 उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली

अध्याय-2

29 2.1 क्षेत्रीय परिदृश्य

31 नगर पालिक निगम खण्डवा

2.2

33 2.3 दादाजी धुनी वाले का समाधि प्रांगण

34 2.4 श्री तुलजा भवानी माता मंदिर

34 नवचण्डी माता मंदिर

2.5

35 2.6

गुरुद्वारा

36 2.7 पदम कुण्ड एवं रामेश्वर कुण्ड

36 2.8 किशोर कुमार स्मारक

37 2.9 नागचून जलाशय पिकनिक स्थल

37 झील उद्यान

2.10

50 2.11

जनसंख्या आकलन

अध्याय-3

65 3.1 सड़क मार्ग

66 3,2

रेल मार्ग 3873

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3874

खण्डवा विकास योजना 2035

अध्याय -1

नियोजन दृष्टिकोण एवं कार्यप्रणाली

आकृति 1.1

खण्डवा शहर

नगर नियोजन एक सतत् प्रक्रिया है, जिसके द्वारा क्षेत्रीय , नगरीय एवं स्थानीय संदर्भ में विकास के दबाव एवं आवश्यकता के अनुरुप आर्थिक विकास एवं उन्नत जीवन स्तर की प्राप्ति की आकांक्षा की जाती है । इसके लिए शासकीय /अर्धशासकीय एवं निजी संस्थाओं से यह अपेक्षा की जाती है कि, वे विकास योजना में दिये गये भू- उपयोगों के प्रस्तावों को ग्राह्य करते हुए नगर नियोजन में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाये, जिससे नगर का सर्वांगीण विकास हो सके । खण्डवा नगर पूर्वी निमाड़ जिले का प्रशासनिक जिला मुख्यालय होकर मध्यम श्रेणी का नगर है ।

भूमि, सम्पूर्ण पर्यावरण का एक घटक है एवं मानव बस्तियां बसाने हेतु भूमि की आवश्यकता होती है । नगरीय क्षेत्र के अध्ययन एवं विश्लेषण से स्पष्ट है कि, द्रुतगति से एवं नियोजन सिद्धांतों के विपरीत नगरीय क्षेत्र का बेतरतीब फैलाव, जनसंख्या वृद्धि का दबाव बढ़ा है, जिसके फलस्वरुप अधोसंरचना सुविधाओं में कमी आयी है । नगर की भौगोलिक 3875

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1]

2035

खण्डवा विकास योजना

संरचना के कारण , नगर के दक्षिण दिशा में आबना नदी के कारण दक्षिण दिशा में नगर का विस्तार प्रभावित हुआ है । खण्डवा नगर मध्यम श्रेणी के नगर के रुप में तेजी से उभर रहा है, जिस कारण नगर में विकास की संभावनायें बढ़ी है, फलस्वरुप नगर की विकास योजना के पुनर्विलोकन की आवश्यकता है ।

पर्यावरण की दृष्टि से नगर नियोजन एवं भूमि का उपयोग सुसंगत आधार पर किया जाना चाहिए । उपरोक्त संदर्भ में नगर की विकास योजना के पुनरीक्षण के समय आवश्यकता अनुसार संशोधन, जनसंख्या वृद्धि तथा नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने की दृष्टि से किया जाता है ।

अमृत

AtalMission for Rejuvenation andUrban Transformation

GIS

geographic information system आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अटल नवीनीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन " Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " ( AMRUT) के अंतर्गत वर्ष 2015 में देश के सभी शहरों हेतु अधोसंरचना जैसे पानी की आपूर्ति, सीवेज कनेक्शन , बिजली, परिवहन , हरितक्षेत्र , सीवरेज सुधार , बाढ़ को कम करने के लिए वर्षा जल नाले , पैदल मार्ग , गैर मोटरीकृत और सार्वजनिक परिवहन सुविधायें, पार्किंग स्थल, बच्चों के लिए हरित स्थलों, पार्कों एवं मनोरंजन केन्द्रों का विकास और उन्नयन करके शहरों की भव्यता बढ़ाने के उद्देश्य से देश में संचालित की गई है । इस योजना के माध्यम से चयनित शहरों की विकास योजना सुदूर संवेदन तकनीकी उपग्रह चित्र एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली से तैयार चित्र की सहायता से उपरोक्त सुविधाओं को अंकित कर विस्तृत विकास योजना तैयार किया जाना है । इस योजना की उपयोजना के अंतर्गत चयनित शहरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन तकनीकी उपग्रह चित्र (रिमोट सेंसिंग ) एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का महत्वपूर्ण योगदान है । इस योजना की उपयोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के चयनित 34 शहरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन तकनीक से (रिमोट सेंसिंग ) एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS तकनीक) का उपयोग कर, विकास योजना तैयार करने हेतु मापदण्ड ( Design & Standards ) दिये गये है । इस पद्धति के आधार पर वर्तमान भूमि उपयोग, जनसांख्यिकी, सर्वेक्षण में प्राप्त विभिन्न आंकड़ों का वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से नियोजन दृष्टिकोण को आधारित कर खण्डवा विकास योजना 2035 (प्रारुप) तैयार किया गया है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3876

2035

खण्डवा विकास योजना

1.1 नियोजन हेतु प्रयास

खण्डवा नगर के लिए पहली विकास योजना 2011 तक के लिए मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 3-19-98-32 भोपाल दिनांक 28 फरवरी 2001 द्वारा अनुमोदित की जाकर, राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 09 मार्च 2001 से प्रभावशील की गई थी । विकास योजना 2011 का पुनर्विलोकन एवं मूल्यांकन करने के उपरांत विकास योजना 2031 शासन की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-197 / 2012 / 32 भोपाल , दिनांक 01.11.2016 के द्वारा अनुमोदित की जाकर, राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 11.11.2016 के द्वारा अंगीकृत किया गया, जो वर्तमान में प्रभावशील है । विकास योजना में वर्ष 2031 की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए नियोजन प्रस्ताव दिये गये थे ।

खण्डवा नगर के लिए संतुलित एवं सुनियोजित भावी विकास को उचित दिशा प्रदान करना ही विकास योजना का प्रमुख उद्देश्य है । इस उद्देश्य की प्राप्ति हेतु नगर की सम्पूर्ण आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आवश्यकतानुसार निर्धारण कर इनका युक्तियुक्त वितरण इस प्रकार सुनिश्चित किया गया है , कि नगरवासियों को स्वस्थ एवं भौतिक परिस्थितियों के अनुकूल अच्छा पर्यावरण उपलब्ध हो सके ।

विकास योजना 2031 के उद्देश्य एवं लक्ष्य:--

भूमि का समुचित एवं उपयुक्त सक्षम उपयोग ।

भवनों के निर्माण हेतु समुचित उपयुक्त आवासीय क्षेत्र ।

ऐसे परिवहन प्रणाली का विकास , जिसमें यात्री एवं माल यातायात सुरक्षित एवं द्रुतगति से हो सके ।

नगरीय गतिविधियों से सामंजस्य बनाते हुए वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपयोग हेतु समुचित भूमि का प्रावधान ।

मूलभूत सेवा एवं सुविधाओं का प्रावधान ।

प्राकृतिक भू- दृश्य पर्यावरण का संरक्षण तथा समुचित उपयोग ।

वृत्त खण्ड स्तर से नगर तक की सेवा- सुविधाओं की श्रेणीबद्ध व्यवस्था । कार्य केन्द्रों का विकेन्द्रीकरण एवं आवासीय क्षेत्रों तथा कार्य केन्द्रों के मध्य सुरक्षित तथा सुविधाजनक मार्ग संरचना ।

मध्य क्षेत्र में पर्याप्त वाहन विराम स्थलों हेतु प्रावधान ।

गंदी बस्तियों का पर्यावरण सुधार एवं पुनर्स्थापना ।

योजना के पुनर्विलोकन तथा उपान्तरण के अध्ययन के लिये दिशा निर्धारण के बिन्दु निम्नानुसार है:-

3877

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

विकास योजना के लिए वर्ष 2035 तक भावी जनसंख्या का अनुमान तथा विभिन्न उपयोगों हेतु भूमि की आवश्यकता का आकलन ।

आर्थिक गतिविधियों के संचालन हेतु आवश्यक अधोसरंचना का आकलन । सार्वजनिक सेवा सुविधाओं का पूर्वानुमान ।

क्षेत्रीय एवं नगरीय कार्यकलापों के दक्षतापूर्ण निष्पादन हेतु उपयुक्त परिवहन संरचना ।

असंगत एवं अकार्यक्षम भू- उपयोगों का अध्ययन एवं उपयोगिता अनुसार परिवर्तन ।

विकास योजना में निहित प्रस्तावों के अंतर्गत नगर का विस्तार, विकास योजना क्रियान्वयन की पद्धति जो नागरिकों के सक्रिय सहभागिता पर आधारित है एवं नियोजित विकास प्रक्रिया को समाहित किया गया है । शासकीय विभागों के स्वीकृत विकास प्रस्तावों को भी विकास योजना में समायोजित किया गया है । क्रियान्वयन की दृष्टि से विशिष्टता के आधार पर यह प्रस्ताव है कि, भूमि के बड़े भू- भाग को विस्तृत किया जावें तथा सार्वजनिक सेवा एवं सुविधायें उपलब्ध हो ।

1.2 नियोजन प्रस्ताव

नियोजन की अवधारणा में समयानुसार बदलाव आया है एवं विकास योजना तैयार करना अब संतुलित विकास पर केन्द्रित है । खण्डवा विकास योजना 2035 तैयार करते समय अमृत योजना के मापदण्ड एवं मानक के आधार पर आंकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण कर प्रस्ताव किये गये है ।

खण्डवा नगर की भावी विकास योजना 2035 में सभी संबंधित विकास के पहलुओं में समन्वय आधार मूल सिद्धांतों के आधार पर तैयार किया जाना आवश्यक है । खण्डवा नगर का विकास बहुआयामी पहलुओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि उत्पादन, कृषि आधारित उद्योग , पर्यटन , क्षेत्रीय माल वितरण केन्द्र, वाणिज्यिक एवं व्यापार तथा औद्योगिक सेवा केन्द्रों आदि को ध्यान में रखकर किया जाना प्रस्तावित है ।

विकास योजना की रचना निम्न बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए बनाई जा सकती है :-

योजना के लिए भावी जनसंख्या का अनुमान तथा विभिन्न उपयोगों हेतु भूमि की आवश्यकता का आकलन ।

नगर का आकार- प्रकार एवं माप ।

सघन विकास । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3878

2035

खण्डवा विकास योजना

नगरीय प्रबंधन में जन-यातायात व्यवस्था, सरल एवं सामान्य पहुँच के साथ । नगरीय परिवेश का पोषण एवं सरंक्षण ।

नगरीय जीवन स्तर में उत्तरोत्तर गुणात्मक सुधार के साथ , भौतिक, नैतिक एवं स्वास्थ्य में वृद्धि।

नगर की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विरासत का पोषण एवं परिमार्जन । नगर नियोजन में नागरिकों की अधिकतम सहभागिता को प्रोत्साहन ।

नगर के भौतिक एवं आर्थिक स्वरुप की गतिशीलता में तीव्रता लाना । मूलभूत जीवन आधार प्रणाली के संसाधनों को पुनर्चक्रीकरण के द्वारा अनुरक्षित करना ।

अधोसंरचना एवं सार्वजनिक सेवाओं एवं सुविधाओं का आकलन ।

1.3 विकास योजना तैयार करने में सुदूर संवेदन तकनीक एवं

भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग

1.3.1 अमृत योजना

A PARUT CITRES भारत सरकार द्वारा "Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " (AMRUT ) योजना की उपयोजना के अंतर्गत देश के 500 चयनित शहरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करना सुनिश्चित किया गया है । इन 500 शहरों में मध्यप्रदेश के 34 शहरों का चयन किया गया है, जिसमें खण्डवा शहर भी सम्मिलित है । इस योजना के मुख्य उद्देश्य है :-

भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करते हुए भूमि उपयोग मानचित्र एवं जियोरिफरेंस आधार मानचित्र तैयार करना ।

अमृत योजना के अंतर्गत चयनित शहरों की जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करना ।

आकृति 1.2 अमृत योजना के चयनित शहर 3879

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

Madhya Pradesh SelectedCitles Mapof AMRUTCities

A

आकृति 1.3 अमृत योजना में खण्डवा शहर

1.3.2 सुदूर संवेदन तकनीक

इस अध्ययन तकनीक के अंतर्गत राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र ( NRSC) , हैदराबाद से प्राप्त World View - II उच्च आवर्धन उपग्रह चित्रों का उपयोग, थिमेटिक मानचित्र तैयार करने हेतु किया गया है । उपग्रह चित्रों का उपयोग अमृत योजना के अंतर्गत आधार मानचित्र 1 :4000 पैमाने पर तैयार करने हेतु किया गया । अमृत योजना में उपग्रह चित्रों के मानक सारणी क्रमांक 1 - सा -1 में दर्शाया गया है । 3880

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

22035 खण्डवा विकास योजना

उपग्रह चित्रों के मानक

No. Description 1

2

1

सारणी 1 -सा-1

Remarks

Value

3

0.5 Metres or Better

Spatial Resolution 2

Spectral Resolution

IR band is optional PAN Sharpened (Bands: Panchromatic, Red, Green, Blue and Near Infrared)

3

Less than 1/ 4th of pixel size

Band to Band Registration 4

10bitor better

Radiometry 5

Nearest Neighbourhood

Image Resampling

PlainAreas: Monoscopic

Hilly areas : Stereoscopic

a.Monoscopic/ Stereoscopic 6

Need of Stereoscopic to be reviewed case by case. If the city is built on the terrain slopemore than 15 degrees.

Less than 10 degreesfrom

Nadir

b.Monoscopic dataview angle

c. Stereoscopic 7

Vantage Imaging

In specific cases, maximum upto 15 degrees view angle shall be allowed

Baseto Height ( B/H) ratio: 0.6< B/H < 0.8

Oneof the stereo image view angle should be less than 10 degressfrom Nadir

Fresh Acquisition : Within 6 Months Archived Data : Less than 1 Year

Ifonetown/ city is covered by multiple scenes , the time differenceamong the scenes should be less than 3 months .

3881

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 8 Product type

Ortho-kit data with RPCs

Image data should be associated with corresponding Rational Polynomial Coefficients (RPCs)

Format:

1. Image data : Geo-tiff

2. RPCs: Open Standards

9

Spatial Reference

Datum : WGS1984

Projection : UTM

10

Cloud free data is preferable Cloud Coverege

Zero % in the core town/city, less than 10% in the periphery of town/city limits

1.3.3 भौगोलिक सूचना प्रणाली

यह प्रणाली कम्प्यूटराईज पद्धति से सभी भौगोलिक जानकारियों, जिनका विश्लेषण संभव है, को संयुक्त रुप से उपलब्ध कराती है । भौगोलिक सूचना प्रणाली प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण के व्यवस्थापन, क्षेत्रीय योजना प्रस्ताव एवं अन्य भौगोलिक संदर्भ में निर्णय लेने में उपयोगी है । अमृत योजना में विभिन्न स्पेशियल लेयर्स को क्लास एवं सबक्लास में विभाजित किया गया है, जिनका उपयोग विकास योजना तैयार करने में किया गया है । विभिन्न स्पेशियल लेयर्स को सारणी क्रमांक 1 - सा-2 में दर्शाया गया है :-

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3882

2035 खण्डवा विकास योजना

स्पेशियल लेयर्स की क्लासेस एवं सब- क्लासेस

Spatial Layers S.N 0

BaseLayer

1. Road

2. Rail

3.Bridges

4. Flyovers

5. Water Bodies

Urban Land Use/Land Cover

III Building Footprints IV Utilities

1.Water Supply Network

2. Storm Water Drainage Network

3. Sewerage Network

4. PowerSupply Network

5. Gas Distribution Network

V Hypsography

1. Digital Elevation Model (DEM)

2. Contour

3.Ground Control Points VI Cadastral Layer

VII Boundaries

1. Administrative Boundaries 2. Planning Boundaries 3. Municipal Boundaries VIII Hazard Prone Areas

सारणी 1 - सा-2

Classification Based OnUse & Attributes SourceFor Spatial DataGeneration

Classes

Sub Classes

46

5

Very High Resolution Satellite Data

220

28

VeryHigh Resolution Satellite Data

22

144 Very High Resolution Satellite Data

12

1

1

2

1

४ Urban Local Bodies

8

1

6

1

1

1

1

1

Topographic Survey; Existing DEMs Or ContourMaps.

2

1

1

State Revenue Department

1

7 State Revenue Department

8

1

Town& Country Planning Department

4

1

Urban Local Bodies

1

3 Information From NRSC , ISRO , GSI , NDMA , Other State & Central Govt Dept.

3883

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2 2035

खण्डवा विकास योजनायोजना|

1.4 अध्ययन क्षेत्र एवं स्थिति

नर्मदा एवं ताप्ती नदी घाटी के मध्य खण्डवा नगर स्थित है । खण्डवा नगर इन्दौर राजस्व संभाग के पूर्वी निमाड़ जिले का मुख्यालय होकर, 21 °50 ' उत्तरी अक्षांश तथा 76 °22′ पूर्वी देशांतर रेखा पर समुद्र सतह से 304 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है । नगर से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347- बी एवं राज्य राजमार्ग क्रमांक 50 गुजरता है । सड़क मार्ग से यह नगर भोपाल से 257 कि.मी , इन्दौर से 130 कि.मी. , बुरहानपुर से 70 कि.मी. एवं खरगोन से 87 कि.मी. की दूरी पर स्थित है । यह नगर मध्य रेलवे की मुम्बई- दिल्ली तथा पश्चिम रेलवे की रतलाम -अकोला लाईन का प्रमुख जंक्शन होने से देश की राजधानी दिल्ली, उत्तरी-पूर्वी राज्यों एवं प्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़ा हुआ है । यह नगर सड़क मार्ग द्वारा भी देश एवं प्रदेश के प्रमुख नगरों से जैसे भोपाल , इन्दौर, उज्जैन, होशंगाबाद , बुरहानपुर, नागपुर , अमरावती, परतवाड़ा, अकोला, औरंगाबाद, जलगांव, शेगांव, दाहोद, बड़ौदा, अहमदाबाद तथा राजस्थान के भवानी मण्डी, उदयपुर, भीलवाड़ा आदि नगरों से जुड़ा है । देश एवं प्रदेश के विभिन्न प्रमुख नगरों से सीधा सम्पर्क होने से इसका क्षेत्रीय संदर्भ में काफी महत्व है । शहर से निकटतम हवाई अड्डा इन्दौर में है ।

नगर में तथा नगर के आसपास कृषि उत्पादन पर आधारित उद्योग जैसे जिनिंग मिल, आईल मिल, दाल मिल, फ्लॉर मिल एवं सोयाबीन सोलवेंट मिल आदि कार्यरत होने से क्षेत्रीय संसाधन उपलब्ध है । खण्डवा नगर सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से मध्यप्रदेश राज्य में विशेष पहचान रखता है ।

1.5 क्रियान्वयन परिदृश्य

खण्डवा विकास योजना 2031 की क्रियान्वयन प्रक्रिया अनेक बार गुणात्मक मूल्यों के संदर्भ में प्रभावित हुई है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव मुख्य रुप से सार्वजनिक सेवा सुविधाओं एवं मूलभूत अधोसंरचना विकास पर पड़ा है । विकास योजना 2031 में क्रियान्वयन की प्रक्रिया के अंतर्गत विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर नागरिकों की सक्रिय सहभागिता अर्जित करना था, किन्तु अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकें । प्रबन्धन के अभाव में विकास निम्नलिखित कारणों से प्रभावित हुआ है :-

विकास योजना के प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु विकास प्राधिकरण का गठन नहीं होना ।

नगरीय भूमि प्रबंधन के लिए संस्थाओं में सामंजस्यता का अभाव ।

नगरीय अधोसंरचना के विकास के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी एवं समय पर अनुपलब्धता । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3884

2035 खण्डवा विकास योजना

निजी निवेश के लिए संस्थाओं को प्रोत्साहन करने में अपेक्षित प्रणाली के विकास का अभाव ।

पर्यावरण सुधार के लिए प्रबंधन का अभाव ।

अवैध कॉलोनियों का विकास एवं झुग्गी- झोपड़ी में वृद्धि।

1.6 खण्डवा विकास योजना 2031 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन

खण्डवा विकास योजना 2031 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन

क्र भूमि उपयोग

विकास योजना 2031 की सारणी 2-सा-6 के अनुसार भूमि जावंदन क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

विकास योजना 2031 के मानचित्र का जी.आई.एस. गणना के अनुसार कुल क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

4

3

1

2

2117.00

2400.20 आवासीय

1

0.00 मिश्रित

0.00

2

290.07 3

253.00

वाणिज्यिक

362.05 4

356.00

औद्योगिक

386.39

396.00

सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक

26.00

40.56 सार्वजनिक 6 उपयोगितायें एवं सुविधायें

413.61 7

570.00

आमोद-प्रमोद

754.23

267.00

8

यातायात एवं परिवहन

3985.00

4647.11 कुल

आधारित

सारणी 1 - सा-3

क्रियान्वयन प्रतिशत

अंतर (-/+) (हेक्टेयर में)

उपयोगिता दर

विकसित क्षेत्रफल 2020 (हेक्टेयर मे)

8

6

7

5

39.30

3.71 1456.89

943.31

0.05

0.00

-12.80

12.80

0.68 173.20

116.87

59.71

0.44

30.80

250.55

111.50

1.25 67.46

82.54

318.93

0.17

106.41

43.16

-2.60

8.24

0.13 379.51

34.10

1.90 270.92

64.08

483.31

8.33 2526.80

45.63

2120.31

विश्लेषण वर्ष

स्त्रोत:- जी.आई.एस.

2020

नोट :- वर्ष 2020 में निवेश क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या 254508 है ।

विकास योजना 2031 के मूल्यांकन के लिए विकास योजना (सारणी 2- सा-5) एवं विकास योजना (मानचित्र ) दोनों के प्रस्तावित क्षेत्रों में भिन्नतायें मिलती है । विकास योजना 2031 के मानचित्र की सेटेलाईट इमेजरी का रेजोल्यूशन 2.5 मीटर का था, जिसमें पॉलीगन के साथ अतिरिक्त क्षेत्रफल स्पष्ट नहीं हो पाता है । वर्तमान मानचित्र की सेटेलाईट इमेजरी 3885

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजनायोजना

का रेजोल्यूशन 0.5 मीटर है, जिससे क्षेत्रफल का सुक्षम गणना हो पाती है । उपरोक्त सारणी में विकास योजना (मानचित्र) का जी.आई.एस. से प्राप्त क्षेत्रों का मूल्यांकन किया गया है, क्योंकि विकास योजना का मुख्य आधार मानचित्र होता है एवं मानचित्र के आधार पर ही योजना का क्रियान्वयन होता है ।

अतः विकास योजना 2035 की गणनायें करने हेतु विकास योजना 2031 के प्रस्तावित मानचित्र में दर्शित क्षेत्रों को आधार मानते हुए विकास योजना तैयार की गई है । विभिन्न उपयोगों के अंतर्गत क्रियान्वयन की स्थिति निम्नानुसार है :-

आवासीय

1.6.1

विकास योजना 2031 में सम्पूर्ण निवेश क्षेत्र में 2400.20 हेक्टेयर भूमि आवासीय उपयोग हेतु विकसित करना प्रस्तावित थी, जिसमें से 943.31 हेक्टेयर भूमि विकसित हुई है । आवासीय क्षेत्र के अंतर्गत क्रियान्वयन का प्रतिशत 39.30 है । नगर के लिए विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु नगर पालिक निगम खण्डवा क्रियान्वयन संस्था है । खण्डवा निवेश क्षेत्र में , मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल द्वारा रामनगर, किशोर नगर आदि कॉलोनियां तथा निजी व्यक्तियों द्वारा ग्राम शुजापुर कला, ग्राम खण्डवा तरफ मानकर, ग्राम मालीपुरा, खण्डवा तरफ माली एवं खण्डवा तरफ कुन्वी आदि क्षेत्रों में नवीन आवासीय कॉलोनियों का विकास किया गया है ।

मिश्रित

1.6.2

विकास योजना 2031 में मिश्रित उपयोग प्रस्तावित नहीं था । वर्तमान में 12.80 हेक्टेयर भूमि मिश्रित उपयोग का विकास हुआ है ।

वाणिज्यिक

1.6.3

विकास योजना 2031 में सम्पूर्ण निवेश क्षेत्र में 290.07 हेक्टेयर भूमि वाणिज्यिक उपयोग हेतु विकसित करना प्रस्तावित थी, जिसमें से 173.20 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । वाणिज्यिक क्षेत्र के अंतर्गत क्रियान्वयन का प्रतिशत 59.71 है । नगर में थोक एवं फुटकर बाजार टाउन हॉल , घंटाघर चौराहा, बॉम्बे बाजार, बुधवारा, जलेबी चौक, मछली बाजार, गांजा गोडाऊन आदि मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियां स्थित है । वाणिज्यिक क्षेत्रों का विकास प्रमुखतः इन्दौर मुख्य मार्ग , जसवाड़ी मार्ग, पंधाना मार्ग एवं मुंदी मार्ग की ओर हुआ है । 1.6.4 औद्योगिक

विकास योजना 2031 में सम्पूर्ण निवेश क्षेत्र में 362.05 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक उपयोग हेतु विकसित करना प्रस्तावित थी, जिसमें से 111.50 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3886

2035

खण्डवा विकास योजना

है । औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत क्रियान्वयन का प्रतिशत 30.80 है । औद्योगिक उपयोग के अंतर्गत विकास प्रमुखतः इन्दौर मार्ग एवं बुरहानपुर मार्ग पर हुआ है ।

1.6.5 सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक

विकास योजना 2031 में सम्पूर्ण निवेश क्षेत्र में 386.39 हेक्टेयर भूमि सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक हेतु विकसित करना प्रस्तावित थी, जिसमें से 318.93 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित हुआ है । सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत क्रियान्वयन का प्रतिशत 82.54 है । हरसूद मार्ग पर वर्तमान में कलेक्टर कार्यालय , जिला न्यायालय, महाविद्यालय , कारागार तथा शैक्षणिक गतिविधियां एवं इन्दौर मार्ग पर जिला अस्पताल, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित है ।

1.6.6 सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें

विकास योजना 2031 में सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें के अंतर्गत 40.56 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 43.16 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित हुआ है । सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें क्षेत्र के अंतर्गत क्रियान्वयन का प्रतिशत 106.41 है । आमोद-प्रमोद

1.6.7

विकास योजना 2031 में आमोद-प्रमोद के अंतर्गत 413.61 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 34.10 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित हुआ है । आमोद -प्रमोद क्षेत्र के अंतर्गत क्रियान्वयन का प्रतिशत 8.24 है ।

1.6.8 यातायात एवं परिवहन

विकास योजना 2031 में यातायात एवं परिवहन के अंतर्गत 754.23 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 483.31 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित हुआ है । यातायात एवं परिवहन क्षेत्र के अंतर्गत क्रियान्वयन का प्रतिशत 64.08 है ।

1.7 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग

नगर में कुछ भूमि उपयोगों / गतिविधियों को उनके वर्तमान स्थल पर स्थान की कमी, आसपास की गतिविधियों से असामंजस्यता रखने, पर्यावरण तथा यातायात समस्याओं के कारण असंगत भूमि उपयोगों के रुप में चयन किया जाकर अन्यत्र स्थानान्तरण करने के प्रस्ताव दिये गये थे । इसी तरह कुछ भूमि उपयोग / गतिविधियों को उनके वर्तमान स्थल पर उनके भावी विकास एवं वृद्धि के लिये स्थान की कमी एवं पूर्ण दक्षता के साथ संचालित न रहने के कारण अकार्यक्षम भूमि उपयोग के अंतर्गत चयन किया गया था । इन उपयोगों को स्थानान्तरित कर पुनर्स्थापना से रिक्त हुए स्थान को अधिक सक्षम रुप से प्रस्तावित किया गया है । विकास योजना 2031 में दर्शाये असंगत भूमि उपयोग एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग को वर्तमान स्थल से अन्यत्र स्थानान्तरित करना प्रस्तावित था, जो अभी पूर्ण नहीं हुआ है । 3887

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035 खण्डवा विकास योजना

यदि ऐसी भूमियों का वर्तमान उपयोग के स्थान पर उसका अन्य उपयोग निर्धारित किया जाये तो वह अधिक सार्थक सिद्ध हो सकता है । नगर में असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोगों की सूची सारणी क्रमांक 1 - सा-4 में दी गई है :-

असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग

सारणी 1 -सा-4

समस्या

वर्तमान स्थल

क्र

भूमि उपयोग

2

1

असंगत भूमि उपयोग

1

पशुवध गृह

4

3

पर्यावरणीय समस्या इमलीपुरा

यातायात समस्या गंज बाजार

2 सोला खोली मैकेनिक शॉप

यातायात समस्या कल्लनगंज

3

इतवारा बाजार गैरेज एवं ट्रक पार्किंग

यातायात समस्या कल्लनगंज

घास बाजार 4

आरा मशीनें 5

लक्कड़ बाजार , शनि

मंदिर के पास

आवासीय क्षेत्र में स्थित होने से प्रदूषणकारी

यातायात समस्या गंज बाजार

6

लोहा बाजार कहारवाड़ी

मच्छी बाजार 7

दाल मिल 8

आवासीय क्षेत्र में स्थित होने से प्रदूषणकारी

आवासीय क्षेत्र में स्थित होने से प्रदूषणकारी

इन्दौर मार्ग पर केवलराम

पेट्रोल पम्प के पीछे

गणेश तलाई

9

ईट भट्ट, मिट्टी के खिलौने एवं बर्तन बनाना

पर्यावरणीय एवं प्रदूषण

यातायात समस्या जलेबी चौक

भवन निर्माण सामग्री 10

अकार्यक्षम भूमि उपयोग स्टेशन मार्ग

बस स्टैण्ड 1

आवासीय बस्ती 2

क्षयरोग ईकाई 3

स्थान की कमी तथा यातायात समस्या

यातायात समस्या घासपुरा

स्थान की कमी तथा संक्रमणजनक

शासकीय चिकित्सालय

परिसर

स्थानाभाव

पंधाना मार्ग

कपास मण्डी 4

कोतवाली के सामने

आबकारी डिपो 5

यातायात समस्या/ स्थानाभाव पंधाना मार्ग

6

अनाज मण्डी

यातायात समस्या/ स्थानाभाव [भाग 1

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3888

खण्डवा विकास योजना 2035 1.8 योजना की अवधारणा

खण्डवा विकास योजना 2031 को, मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973के अंतर्गत पुनर्विलोकन कर खण्डवा विकास योजना 2035 तैयार की गयी है । जनगणना 2011 के अनुसार निवेश क्षेत्र में जनसंख्या 2,00,738 है तथा वर्ष 2035 तक लगभग 3,50,000 जनसंख्या अनुमानित है ।

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347-बी एवं राज्य राजमार्ग क्रमांक 50 पर स्थित होने के कारण नगर की भौतिक वृद्धि हुई है । नगर की वर्तमान संरचना रेलवे लाईन एवं बड़ी आबना तथा छोटी आबना नदी के कारण प्रभावित हुई है । नगर की बसाहट पुरानी पद्धति की होने के कारण नगर में खुले स्थानों का सर्वथा अभाव है । नगर की बसाहट मुख्यतः आनन्द नगर क्षेत्र, नागचून मार्ग, सिंहाड़ा मार्ग, भंडारिया मार्ग तथा इन्दौर मार्ग पर हुई है । जिला स्तर के कार्यालय एवं उनके आवास सिविल लाईन क्षेत्र में विकसित किये गये है । नगरीय आबादी का विकास इस प्रकार से सुनियोजित किया गया है कि, प्रमुख कार्य केन्द्र तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आपसी तालमेल नगरीय विकल्पो के साथ बना रहे । नगर के विभिन्न कार्यकलापों को नये क्षेत्रों में प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव है, ताकि नगर की जनसंख्या में वृद्धि होने के पश्चात् भी उनकी आवश्यकता की पूर्ति अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार की जा सके । नगर का विकास इन्दौर मुख्य मार्ग, पंधाना मार्ग , मुंदी मार्ग, जसवाड़ी मार्ग एवं हरसूद मार्ग पर संभावित होने के कारण सुनियोजित विकास हेतु सुगम एवं सुविधाजनक यातायात, वृत्तीय मार्ग, मुख्य मार्ग आदि प्रस्तावित किये गये है । रिक्त भूमि की उपलब्धता एवं वाणिज्यिक आवश्यकताओं को देखते हुए वाणिज्यिक क्षेत्रों के प्रस्ताव दिये गये है ।

विभिन्न क्षेत्रीय मार्ग श्रृंखलाओं को विकसित किया जाना अत्यावश्यक है, क्योंकि क्षेत्रीय तथा अन्तर्राज्यीय यातायात को, नगर के आबादी वाले क्षेत्र में आवागमन बंद किया जा सकता है । नगर बसाहट को समस्त क्षेत्रीय मागों से जोड़ने के लिए वृत्तीय मार्ग के प्रस्ताव दिये गये है ।

खण्डवा नगर के भौतिक एवं पर्यावरणीय स्वरुप को संरक्षित करने हेतु नियंत्रित विकास किया जाना आवश्यक है । नगर की सांस्कृतिक , वाणिज्यिक, प्राकृतिक तथा पर्यावरणीय धारकों के आपसी समन्वय का विश्लेषण कर सुनियोजित विकास की संभावनाओं को ज्ञात किया जा सकता है । नगर के प्राकृतिक संसाधनों, सामाजिक तथा आर्थिक परिवेश एवं अमृत योजना में प्रस्तावित नगरीय क्षेत्र के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर खण्डवा विकास योजना 2035 के लिए निम्नानुसार विकास अवधारणा स्थापित की गई है:-

3889

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भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना 2 नगर को बहुआयामी केन्द्र के रुप में विकसित करना ।

आबना नदी एवं नागचून तालाब का संरक्षण करना ।

आवासीय क्षेत्रों का कार्य केन्द्रों से तालमेल हेतु मिश्रित भूमि उपयोग का प्रस्ताव ।

नगर में जिनिंग उद्योग , कृषि आधारित उद्योग , खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर को उन्नयन करने हेतु व्यवस्थित स्थान तथा अधोसंरचना उपलब्ध कराना । एकीकृत जलप्रदाय , जल - मल निकास एवं वर्षा काल की जल निकासी की व्यवस्था कर मूलभूत सेवाओं एवं सुविधाओं का उन्नयन ।

नगर में तथा क्षेत्रीय यातायात के मध्य में सुगम यातायात संरचना ।

गंदी बस्तियों का पर्यावरण सुधार एवं पुनर्स्थापना ।

1.9 उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली

विकास योजना 2035 का प्रस्ताव तैयार करने का मुख्य उद्देश्य, स्थायी एवं पूर्ण क्षमता गुक्त नगरीरा उपलब्ध क्षेत्र का निकास करना है । तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ एवं पर्यावरण की दृष्टि से सुसंगत विकास योजना तैयार करने हेतु पर्यावरण के सभी घटकों जैसे नैसर्गिक पर्यावरण एवं भविष्य में होने वाली बसाहट का ध्यान रखा गया है । भूमि उपयोग मानचित्र के प्रावधान लचीले होना आवश्यक है, जिससे बदलती परिस्थितियों का समायोजन हो सके । अतः स्थायी एवं पूर्ण क्षमता युक्त भूमि उपयोग तैयार करने हेतु नगर एवं परिक्षेत्र हेतु प्राकृतिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं पर विचार किया जाना चाहिए । इसके साथ ही यह भी लक्ष्य रखा गया है कि, विकास योजना के प्रस्ताव भूमि उपयोग के क्षमता के आधार पर हो । एकीकृत विकास योजना तैयार करने हेतु निम्नलिखित घटकों के संबंध में विस्तृत जानकारी आवश्यक है :-

धरातल विशेषतायें

भौतिक स्थिति, कंटूर, भू- गर्भ विशेषतायें, मिट्टी की विशेषतायें एवं गहराई, भूमिगत जल स्त्रोत, तापमान, हवा, बारिश एवं सूर्य का मार्ग ।

भूमि उपयोग वितरण

नगरीय विस्तार , कृषि एवं अनुपयोगी भूमि, उत्तम भू- दृश्यीकरण स्थल , नगरीय भूमि उपयोग जैसे आवासीय , मिश्रित, वाणिज्यिक, औद्योगिक , सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक, आमोद-प्रमोद , कृषि, यातायात , रिक्त क्षेत्र जो आगामी विकास हेतु उपलब्ध है, प्रत्येक उपयोगों के प्रकार एवं सघनता । [भाग 1

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3890

22035

खण्डवा विकास योजना

जनसंख्या विशेषतायें

जनसंख्या, आयु एवं लिंग के संबंध में जानकारी, जनसंख्या वृद्धि संबंधी आंकड़े , वितरण , बढ़ने की प्रक्रिया, आव्रजन वितरण , जनसंख्या आकलन, जनसंख्या घनत्व, व्यवसायिक संरचना एवं कामगार श्रमिकों के संबंध में जानकारी ।

आर्थिक गतिविधियां

कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य भूमि आधारित गतिविधियां, आर्थिक धरातल समस्यायें एवं संभावनायें, वाणिज्यिक क्षेत्र का वितरण, व्यापार का आकार, स्थानीय संस्था की वित्तीय स्थिति एवं आगामी विकास हेतु संभावनायें । यातायात विशेषतायें

वर्तमान सेवाओं के प्रकार एवं क्षमतायें जैसे माल वाहन, निजी वाहन, सार्वजनिक वाहन , सायकल पथ, पादचारी पथ, वायु सेवा, केन्द्रीय सुविधायें एवं यातायात संरचना ।

आवास विशेषताये

उपलब्ध संख्या एवं भवनों की स्थिति, सक्रिय आवश्यकता, झुग्गीवासियों की आवश्यकतायें एवं उनका निराकरण , भूमि की उपलब्धता तथा वित्तीय स्थिति । सार्वजनिक सेवायें

पेयजल वितरण एवं आवश्यकता, मल प्रबंधन प्रणाली, विद्युत प्रदाय, संचार सेवायें ।

सार्वजनिक सुविधायें

शैक्षणिक संस्थायें, आमोद -प्रमोद क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवायें, वाणिज्यिक क्षेत्र । अतः जो जानकारी एकत्रित की गयी है, वह एकीकृत प्रक्रिया के अंतर्गत , World View - II उपग्रह चित्रों के आधार पर अमृत योजनानुसार निम्नलिखित उद्देश्य पर आधारित है, जिसमें URDPFI गाईडलाईन के अंतर्गत समावेशी नियोजन अवधारणा सम्मिलित है । 3891

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भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 उद्देश्य

1.9.1

भूमि उपयोग

World View -II उपग्रह द्वारा प्राप्त जानकारी पर आधारित नगरीय भूमि उपयोग का मानचित्र तैयार किये गये है , जिसमें आवासीय , मिश्रित , वाणिज्यिक , औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक, कृषि, आमोद-प्रमोद एवं यातायात भूमि उपयोग अंकित हो ।

बसाहट का फैलाव

विभिन्न तिथियों पर उपग्रह से उपलब्ध जानकारी के आधार पर , नगर का विकास , क्रमशः विभिन्न समयावधि में हुआ है, का मानचित्र तैयार करना । सम्पूर्ण खण्डवा नगर के लिए यातायात मानचित्र तैयार करना । नैसर्गिक विपदाओं का, जैसे बाढ़ , भूमि कटाव, भूकम्प से संबंधित क्षेत्र का मानचित्र तैयार करना ।

जल स्त्रोत, नैसर्गिक जल प्रवाह प्रणाली, जलाशय , ढलान, मिट्टी के प्रकार का मानचित्र तैयार करना ।

नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि के संरक्षण वाले क्षेत्र को मानचित्र पर अंकित करना ।

प्रस्तावित भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करना ।

जनगणना के आंकड़े

जनसंख्या के वर्ष 1981 , 1991 , 2001 एवं 2011 जनगणना के आंकड़े प्रस्तावित जनसंख्या का निर्धारण करने हेतु उपयोग किये है ।

कार्यप्रणाली

1.9.2

खण्डवा नगर की अमृत योजना के लिए जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करने हेतु अंगीकृत कार्यप्रणाली आकृति क्रमांक 1.4 में दी गई है । अमृत योजना के अंतर्गत NRSC हैदराबाद से प्राप्त , स्थल मानचित्र जिसमें उपग्रह चित्र के साथ बिल्डिंग फुटप्रिंट अंकित थे, का स्थल पर सत्यापन कर, अमृत मानकों के अनुसार आंकड़े एकत्रित कर, सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर जी.आई.एस. आधारित विकास योजना हेतु आधार मानचित्र तैयार किया गया । विकास योजना तैयार करने हेतु कार्यप्रणाली विवरण निम्नानुसार प्रस्तुत है :-

[भाग 1 3892

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खण्डवा विकास योजना 2035

Ancillarydata

WorldView II Satellite Data

GISLayers

Demography & Socio

Economicdata

Acts& Rules

Population Projection

DataVetting and Correction

T&CP Act 1973 ThematicMapping

Infrastructure

MP Bhumi Vikas Niyam2012 Geomorphology, slope

AMRUT Guideline Land cover/Land use

Urban Sprawl

URDPFI Guidelines Soil,Ground Water Potential

GAPAnalysis

LandAllocation Land value & land Owner ship

RoadBuffer

Water bodyBuffer

Comprehensive Urban Land SuitabilityMap Weight ageAnalysis

SuitabilityIndex

LandAvailable for Planning

Proposed Land use Allocation

Draft Development Plan

आकृति 1.4 उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली

1.9.3 जनसंख्या आकलन पद्धति

वर्ष 2035 की भावी जनसंख्या के निर्धारण करने हेतु वर्ष 1981 से 2011 तक की जनगणना की जानकारी एकत्रित की गई एवं विभिन्न सांख्यिकी पद्धति के आधार पर यथा (I ) अंक गणित्तीय वृद्धि पद्धति (Arithmetic Progression Method ) , (II) ज्यामितीय वृद्धि पद्धति (Geometrical Progression Method ) , (III) वृद्धि दर पद्धति (Incremental Increase Method) , (IV) घातांकीय वृद्धि पद्धति (Exponential Increase Method ) के आधार पर प्रगणित की गई है । 3893

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भाग 1 ]

1.9.4 अमृत मानकों की व्याख्या

2035 खण्डवा विकास योजना

अमृत मानकों के अनसार, नगर के विभिन्न विभागों से आंकड़े एकत्रित किये गये । इन आंकड़ों में नगर की भौगोलिक जानकारी, जनसांख्यिकी आंकड़े, औद्योगिक पहलू, सामाजिक अधोसंरचना, जिसमें शैक्षणिक, स्वास्थ्य, सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें जैसे संचार, जल-मल निकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आपदा, परिवहन, पर्यावरण , पर्यटन एवं राजस्व से संबंधित जानकारी सम्मिलित है ।

थिमेटिक मानचित्रीकरण 1.10

विकास योजना तैयार करने हेतु किए जाने वाले विश्लेषण में उपयोग में आने वाले विभिन्न थिमेटिक मानचित्र तैयार किए गये है , जिसका उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली आकृति में स्पष्ट की गई है ।

यातायात संरचना

1.10.1

अमृत योजना के मानकों के आधार पर उपग्रह चित्र आधारित वर्तमान यातायात मानचित्र तैयार किया गया है, जिसमें निम्न मानकों को आधार मानकर वर्गीकृत किया गया है, जिसे सारणी क्रमांक 1 - सा-5 में दर्शाया गया है ।

जियो स्पेशियल डाटा

CLASS NO

CODE

2

3 1

01-01

01-02

01-03

01-06

Road 1

01-09

01-10

01-11

01-15

02-01

Rail 2

03-01

03-03

3

Bridges

03-05

03-08

4

04-01

Flyover

सारणी 1-सा-5 SUB-CLASS

4

National Highway

StateHighway

Major District Road

Bypass

Major City Road

Minor City Road

Other Public Road

VillageRoad

BroadGauge

Culvert

BridgeAcross River

Under Pass

FootOverBridge

Flyover [भाग 1

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3894

1.10.2 भूमि उपयोग / भूमि आच्छादन

2035 खण्डवा विकास योजना |

एन.आर.एस.सी. से प्राप्त उच्च आवर्धन उपग्रह चित्रों पर आधारित बिल्डिंग फुटप्रिंट के उपयोग को आधार मानकर, खण्डवा निवेश क्षेत्र का वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र स्थल सत्यापन के उपरांत तैयार किया गया । भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करते समय अमृत योजना में दिए गये वर्गीकरण प्रणाली को अंगीकृत किया गया । अमृत योजना के अंतर्गत नगरीय भूमि उपयोग वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 1 - सा-6 में उल्लेखित है :-

बिल्डिंग फुटप्रिंट एवं जियो स्पेशियल डाटा

NO CODE

CLASS

3 1

2

06-04

Residential

06-05

1

06-06

07-01

07-02

07-03

07-04

07-05

07-06

2

Commercial

07-07

07-08

07-09

07-10

07-11

07-14

08-01

08-04

08-05

Industrial 3

08-08

08-09

08-10

सारणी 1 -सा-6 SUB-CLASS

4

House

Group Houses

Apartment

Retail

Wholesale

General Business

Hotel/Lodge/Restaurant

Shopping Centre/Mall

Multiplex/Cinema

Function Hall /Marriage Garden

Warehouse

StorageGodown

Resort

Petrol Pump/LPG Filling Station

Market ( Daily & Weekly ) /Mandi

Manufacturing

Pharmaceutical

Textile

Agro Based & Food Processing

Obnoxious

Cottage& Household 3895

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भाग 1 ]

08-11

09-01

Mixed 4 09-03

09-04

10-01

10-02

10-04

Educational 5

10-05

10-06

10-07

11-01

11-02

11-03

Health Services 6

11-04

11-05

11-06

12-01

Central Govt .

7

12-02

Property

13-01

StateGovt.

8

13-02

Property 9

14-01

Railway

15-01

15-02

15-03

15-05

15-07

10

Public & Semi Public

15-08

15-10

15-11

15-14

खण्डवा विकास योजना 2035 OtherIndustries

Residential & Commercial

Residential & Educational

Residential & Health Services

School

College

Vocational Institute

Anganwari

Training Institute

Govt. Hostel

Govt.Hospital

PrivateHospital

Diagnostic Centre

Clinic/Dispensary

NursingHome

Primary/Community Health Centre

Office

Quarter

Office

Quarter

Railway Property

PrivateOffice

Banks

CreditSociety

PoliceStation

Jail

Crematorium/Burial

Ground/GraveYard

Community Hall

Dharmashala

Convention Centre 3896

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

15-25

15-26

16-01

16-02

16-03

11

Religious

16-04

16-05

16-09

17-01

17-02

17-04

Recreational

17-05

12

17-06

17-07

17-08

Public Utilities 13 18-01-02

20-01

20-02

14

Communication

20-03

15 21-01

Heritage

24-01

16 24-02 Transportation

24-05

Rural

26-02

17

33-09

33-10

33-11

18

Others

33-12

33-13

33-14

खण्डवा विकास योजना 22035 Public/Community Toilet

Social Welfare Centre

Temple

Mosque

Idgah

Church

Gurudwara

Aashram/Math/Bhojan Shala

Garden

Park

Club

SportCentre

Gymnasium

Swimming Pool

Stadium

Electric Sub Station

TelephoneExchange

Post/Telegraph Office

Radio/TV Station

Monument

BusStand /Terminus

Railway Station

Airstrip

House

Farm House

Dairy Farm

Poultry Farm

PlantNursery

Slaughter House

DairyBooth 3897

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भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

1.10.3 ढलान

भारतीय सर्वेक्षण संस्था से प्राप्त टोपोशीट के आधार पर एवं मेप आई.टी. (Madhya Pradesh Agency For Promotion Of Information Technology) से प्राप्त Carto-DEM के आधार पर ढलान मानचित्र तैयार किया है । इसका आधार ग्रिड पद्धति से निम्नलिखित समीकरण है:-

{ढलान का प्रतिशत = (ऊँचाई में अंतर / दूरी में अंतर)X100}

1.10.4 मृदा

सम्पूर्ण जिले के मृदा के प्रकार का मानचित्र, भारत की मृदा और भूमि उपयोग सर्वेक्षण विभाग , जो मृदा के सर्वेक्षण का कार्य करती है, से जानकारी प्राप्त कर तैयार किया गया है । उक्त मानचित्र तैयार करने में सुदूर संवेदन तकनीकी एवं मृदा प्रोफाईल के विश्लेषण के आधार पर मृदा की उपयोगिता का निर्धारण किया गया । मृदा के विभिन्न घटकों के आधार पर भूमि का कटाव मानचित्र, मृदा की बनावट का मानचित्र तथा मृदा की गहराई का मानचित्र तैयार किया गया है ।

1.10.5 बाढ़ आपदा

उक्त जानकारी हेतु ढलान की जानकारी , जलाशय मानचित्र से प्राप्त आकड़ों तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर संभावित बाढ़ क्षेत्र का मानचित्र तैयार किया गया है ।

जल स्त्रोत

1.10.6

World View - II उच्च आवर्धन उपग्रह चित्र एवं अमृत योजना के वर्गीकरण प्रणाली को आधार मानकर खण्डवा शहर मे स्थित जल स्त्रोत का मानचित्र तैयार किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत जलाशयों की वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 1 - सा-7 में उल्लेखित है :-

जलाशयों का वर्गीकरण

सारणी 1-सा-7

SUB- CLASS

CLASS

CODE

No

4

3

2

1

River

05-01

Stream

05-02

5

Water Body

Drain

05-04

Ponds

05-05 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 3898

खण्डवा विकास योजना 2035 1.10.7 भूकम्प आपदा परिक्षेत्र

मध्यप्रदेश के 28 जिले भूकम्प क्षेत्र अंतर्गत आते है । इनमें से खण्डवा जिला झोन-III ( Moderate Damage Risk Zone ) में शामिल है । भूगर्भीय स्थिति के फ्रेक्चर्स एवं फॉल्ट एवं मिट्टी की जानकारी , ढलान की जानकारी एवं जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया , के आंकड़ों के आधार पर भूकम्प आपदा परिक्षेत्रों का मानचित्र तैयार किया गया है । 1.10.8 भूमि मूल्य

महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा प्रकाशित बाजार मूल्य मार्गदर्शिका से, निवेश क्षेत्र अंतर्गत कुल 50 वार्ड के भूमि मूल्य की जानकारी एकत्रित की गई एवं बाजार मूल्य के संदर्भ में वर्गीकृत जानकारी का मानचित्र तैयार किया गया है ।

1.10.9 ग्राम/वार्ड सीमा

राजस्व विभाग से प्राप्त डिजिटल खसरा मानचित्रों का उपयोग कर ग्राम सीमा मानचित्र तैयार किया है । भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर खसरा मानचित्रों को जियोरिफरेंस किया गया । ग्राम मानचित्रों को जियोरिफरेंस करने के पश्चात् निवेश क्षेत्र सीमा निर्धारित की गयी । नगर पालिक निगम से प्राप्त वार्ड मानचित्र के आधार पर नगर का तार्ड मानचित्र तैयार किया गया है । अन्य सीमाओं हेतु भारतीय सर्वेक्षण निभाग की 1:30000 का तथा 1:25000 माप पर तैयार टोपोशीट का उपयोग किया गया है । जनसंख्या के आंकड़े, जो भारत की जनगणना 2011 से प्राप्त हुए , उनको ग्राम मानचित्रों से संबद्ध किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत सीमाओं का वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 1 - सा-8 में उल्लेखित है :-

सीमाओं का वर्गीकरण

सारणी 1 -सा-8

CLASS

SUB-CLASS No CODE

4

1

2

3

1

37-05 Administrative Boundaries

VillageBoundary 2

38-01

Planning Area Boundary

Planning Boundaries

3

39-01

Municipal Boundaries

Municipal Boundary थिमेटिक मानचित्र भौगोलिक सूचना प्रणाली के अंतर्गत, उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर Remote Sensing Classification का उपयोग कर डिजीटाईज कर खण्डवा निवेश क्षेत्र के साथ समन्वित किये गये है । 3899

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भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

1.11 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता

नगरीय भूमि उपयोग के उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में यह निर्धारित करना आवश्यक होता है कि, कौनसी भूमि का विकास किया जाये एवं कैसे किया जाये । इस कारण भूमि उपयोग के उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में प्राकृतिक विशेषतायें, नैसर्गिक अवरोध एवं सामाजिक व आर्थिक समानतायें महत्वपूर्ण है । मूलतः इस प्रक्रिया में भूमि की धारण क्षमता के अंतर्गत, भूमि उपयोग उपयुक्तता एवं भूमि मूल्य सम्मिलित है । भूमि का मूल्य प्रमुखतः निम्न तीन आधारों पर निर्भर होना चाहिए :-

(1 ) भूमि का बाजार मूल्य, जो पूर्ण विक्रय के आधार पर होता है ।

(2) प्राकृतिक संरचना के गुणात्मक मूल्यांकन पर ।

(3) संस्पर्शी क्षेत्र का भूमि मूल्य ।

भूमि मूल्य एवं भूमि उपयुक्तता के संयुक्त मानचित्र, के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक मूल्य के संदर्भ में वैकल्पिक विकास योजना प्रस्ताव तैयार कर सकते है । निवेश क्षेत्र में नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का निर्धारण महत्वपूर्ण है एवं इसी आधार पर विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जाते है । भूमि की उपयुक्तता न सिर्फ प्राकृतिक विशेषता पर निर्भर है , अपितु आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण है । उक्त दोनों मापदण्डों का परिणाम उपयुक्तता श्रेणी का निर्धारण करना एवं भूमि का नियोजित विकास करना है । यदि भूमि पर आर्थिक दबाव रहा, उस दशा में उक्त भूमि जो उपयुक्तता के आधार पर ग्राह्य नहीं है, का विकास होगा । यह स्पष्ट है कि, मापदण्ड़ों की श्रेणीयां अधिक होगी, जो बाजार के संदर्भ से प्रभावित होती है । अतः उपरोक्त संदर्भ में उपयोगिता विश्लेषण प्रक्रिया जो इस रिपोर्ट में उल्लेखित है, वरीयता के आधार पर नगरीय भूमि उपयोग हेतु निर्धारण की दृष्टि से देखा गया है । इस अध्ययन में, बहु प्रणाली आधारित अध्ययन (स्थल सर्वेक्षण , स्थल की वास्तविकता, पुराने मानचित्र एवं सुदूर संवेदन तकनीकी मानचित्र) का उपयोग किया गया है, जिसके परिणामस्वरुप भूमि उपयुक्तता विश्लेषण संभव हुआ । खण्डवा नगर के संदर्भ में Composite Land Suitability Analysis हेतु अपनाई गई प्रक्रिया को अध्याय 3 में दर्शाया गया है । इस विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि, कौन सी भूमि भवन निर्माण हेतु उपयुक्त है एवं किस भूमि को हरित क्षेत्र के रुप में संरक्षित रखना है । भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने हेतु निम्नलिखित घटकों पर विचार किया गया है :-

1. वर्तमान भूमि उपयोग

2. मिट्टी का प्रकार

3. ढलान का प्रतिशत

4. जलाशय

5. मार्ग संरचना

6. ग्राउण्ड वॉटर प्रोस्पेक्ट [भाग 1 3900

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

खण्डवा विकास योजना 2035 7. जियोमार्कोलॉजी

8. भूमि का मूल्य (वार्ड अनुसार)

उपरोक्त घटकों के मूल्यांकन के माध्यम से नगर विकास हेतु भूमि के संदर्भ में उपयोग सीमा निर्धारित होती है । भूमि उपयोग सीमा की अवधारणा भूमि के गुणात्मक मूल्यांकन से है । अगर ढलान अधिक है, तो यह स्पष्ट है कि, अधिक ढलान वाले क्षेत्र को विकसित करने हेतु व्यापक स्त्रोत (पैसा , जनशक्ति, सामग्री) आवश्यक होंगे । अतः उक्त भूमि समतल भूमि से कम उपयोगी होगी । उक्त अवधारणा सभी घटकों के संदर्भ में प्रभावी है ।

उपरोक्त सभी घटकों के प्राकृतिक विचारणीय बिन्दु को नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि के विश्लेषण तथा पर्यावरण के विश्लेषण में शामिल किया गया है । इन घटकों से जानकारी का विश्लेषण कर, भौगोलिक सूचना प्रणाली से समन्वय कर संकेतक प्राप्त किये गये है ।

1.12 भूमि उपयोग का आवंटन

नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि का चयन करने के पश्चात्, URDPFI मार्गदर्शिका के मानकों के आधार पर भूमि उपयोग क्षेत्र का निर्धारण किया गया है ।

इस अध्याय में सुदूर संवेदन तकनीकी एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के उद्देश्य एवं इसमें अंगीकृत कार्यप्रणाली विस्तार से वर्णित की गई है । पारम्परिक पद्धति से किये गये सर्वेक्षण कार्य की तुलना में, उपरोक्त प्रणाली अधिक उपयोगी एवं प्रभावी है । इसके अंतर्गत उपग्रह से प्राप्त चित्रों की व्याख्या करने के पश्चात् भूमि उपयोग मानचित्र एवं पर्यावरण के घटकों का अध्ययन एवं विश्लेषण संभव है । इसी उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली के आधार पर खण्डवा निवेश क्षेत्र का विश्लेषण किया गया है तथा प्रस्तावित विकास की दिशा निर्धारण, जो विभिन्न घटकों के विश्लेषण के आधार पर है , विकास हेतु भूमि चयन के वैकल्पिक प्रस्ताव प्रस्तुत है । 3901

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

अध्याय-2

अध्ययन एवं विश्लेषण 2.1 क्षेत्रीय एवं उपक्षेत्रीय संदर्भ

2.1.1 क्षेत्रीय परिदृश्य

मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना दिनांक 22.10.1973 एवं दिनांक 13.05.1999 के द्वारा अधिसूचित 8 रीजन क्षेत्रों में विभक्त किया गया है । खण्डवा नगर उक्त में से नर्मदा ताप्ती रीजन के अंतर्गत आता है । " नर्मदा-ताप्ती रीजन " के अंतर्गत बड़वानी, खरगोन, खण्डवा, बुरहानपुर, हरदा एवं होशंगाबाद जिले आते है । देश के प्रमुख नगरों, कलकत्ता, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, भुसावल, मनमाड़, पुणे, नई दिल्ली, अमरावती, नागपुर आदि प्रमुख नगरों से रेल तथा सड़क मार्ग से जुड़ा होने के कारण नगर क्षेत्रीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है ।

किसी भी नगर के विकास की दिशा , नगर के भौतिक स्वरुप एवं मानवीय प्रयासों से निर्धारित होती है । यह नगर इन्दौर राजस्व संभाग के अंतर्गत जिला मुख्यालय है । नगर में तथा इसके आसपास कृषि उत्पादन तथा जिनिंग उद्योग कार्यरत होने से क्षेत्रीय संसाधन उपलब्ध है । इस कारण से नगर के औद्योगिक केन्द्र के रुप में विकसित होने की संभावना है । साथ ही नगर से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347 -बी एवं राज्य राजमार्ग क्रमांक 50 गुजरने के कारण इसका यातायात की दृष्टि से विशेष महत्व है ।

क्षेत्रीय संदर्भ में महत्व

2.1.2

खण्डवा नगर से इन्दौर की दूरी लगभग 130 कि.मी. , भोपाल की दूरी 257 कि.मी. एवं बुरहानपुर की दूरी 70 कि.मी. है । यह नगर देश के प्रमुख अन्य बड़े नगरों जैसे महाराष्ट्र का अमरावती, जलगांव, भुसावल, मलकापुर, तथा गुजरात के दाहोद, तथा बड़ौदा इत्यादि से जुड़ा हुआ है । क्षेत्रीय परिदृश्य का विवरण आकृति क्रमांक 2.1 में दर्शाया गया है । भाग 1 3902

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

246

ToHarsond

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

NationalHighway

BulitupAraa

Road

StateHighway

ToAmravati

Legend

ToItarsi

ToHingoli

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

ToBhusawal

ToBurhanpur

ToIndore ToAhmedpur

Khandwa

00.511.522.533.54 Km

ToIndore

2.1Khandwa:LocationMap

HOBHINGABAD

HARDA

NARMADARIVER

KHANDWA

ANTIAVER

BURHANPUR

Madhya Pradesh,

KHARGONE

NARMADARIVER

BARWANI

NarmadaTaptiRegion

India

☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 3903

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना |

KHANDWA MADHYA PRADESH

REGIONAL SETTING

Legend

ChyCa

RailwayLine

Waterbody

Fomet

1000

Directorate of Town & Country Planning Madhya Pradesh , Bhopal

Remote Sensing Application Centre,MPCST, Source:Survey of Indis,Topcahont

आकृति 2.1 क्षेत्रीय परिदृश्य

खण्डवा शहर से अन्य नगरों की दूरी सारणी क्रमांक 2- सा-1 में दर्शायी गयी है :-

खण्डवा: अन्य प्रमुख नमरों की दूरी

सारणी 2- सा-1

निकटतम नगर

क्र

दूरी

1

2

3

1

70कि.मी

बुरहानपुर

2

87 कि.मी

खरगोन

3

130 कि.मी

इन्दौर

4

190 कि.मी

उज्जैन

5

257 कि.मी

भोपाल

2.2 निवेश क्षेत्र

खण्डवा निवेश क्षेत्र का गठन, मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 13 के अंतर्गत म.प्र. शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2436-1/64/33 / 73 भोपाल दिनांक 01.10.1973 को किया गया था, जिसमें 12 राजस्व मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3904

[भाग 1

2035 खण्डवा विकास योजना |

ग्राम तथा खण्डवा नगर पालिक निगम का क्षेत्र सम्मिलित था । भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये आसपास के 6 ग्रामों को खण्डवा निवेश क्षेत्र में सम्मिलित कर , मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग , भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ- 3-91- बत्तीस 2011 भोपाल , दिनांक 14.09.2011 के द्वारा अधिनियम की धारा 13 (2) के अंतर्गत निवेश क्षेत्र का पुनर्गठन किया गया था । पुनर्गठित निवेश क्षेत्र में खण्डवा नगर पालिक निगम क्षेत्र के अतिरिक्त आस-पास के कुल 18 ग्रामों को निवेश क्षेत्र में शामिल किया गया है । निवेश क्षेत्र में सम्मिलित ग्रामों का विवरण सारणी क्रमांक 2- सा-2 में दिया गया है:-

खण्डवा निवेश क्षेत्र

ग्राम का नाम क्र

1

2

1

नागचून

2

बोरगांव खुर्द 3

रोशनाई

4

रेहगापुर

5

छैगांव देवी

6

बड़गांवभिला 7

* नांदूखेडी

8

** धोड़खेड़ी 9

** रानिया खेड़ी 10

** महता खेड़ी 11 नहाल्दा (आंशिक न.नि. सीमा) शेष क्षेत्र 12 भंडारिया (आंशिक न.नि. सीमा) शेष क्षेत्र 13 मालीपुरा (आंशिक न.नि. सीमा) शेष क्षेत्र

(अ) योग ग्रामीण क्षेत्र 14

खण्डवा तरफ माली 15

चिराखान

16

खण्डवा तरफ मानकर 17

खण्डवा तरफ कुन्बी 18

शुजापुर कला (ब) योग नगर पालिक निगम क्षेत्र

(अ+ब) कुल निवेश क्षेत्र स्त्रोत:- भारत की जनगणना 2011

सारणी 2-सा-2

जनसंख्या 2011

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

4

3

442.10

1507

2651

461.54

559.00

1523

471.00

757

1676

468.00

1131

665.00

वीरान

138.52

वीरान

111.00

वीरान

185.00

1842

581.04

152.67

1166

वीरान

138.46

12253

4373.33

नगर पालिक निगम क्षेत्र में सम्मिलित

200738

4181.98

212991

8555.31 3905

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

PlanningArea

Khandwa

Km

KHANDWA

Legend

2.2PLANNINGAREA

Waterbody MunicipalAreaBoundary

MunicipalArea

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

RailwayStation

NationalHighway

BulltupArea

VillageBoundary

Road

StateHighway

BusStand

AirStrip

Source:DepartmentofTown&CountryPlanning

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale

District-Khandwa

00.811522.533.54

покриле марки покрие недели ноерья марка покриле козоль позже поделе покриле подле покриле пере подне палиле покрием корле макрыт на

ToHarsood

NH3478

ToAmravati

NAHALDAH

BHANDARIYA

CHIRAKHAN

ToItarsi

CHANDWA

MALIPURA

ToHingoli

ToBhusawal

BADGAON

BHILA

OREGAON

KHURS

ToBurhans

NAGCHOON

SUJAPUR

KALAN

ROSHIMAI

RAHEMAPUR

ToIndore ToAhmedpur

SURGAONMON JOB

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

DEVI

CHAIGAON

NH3470

ToIndore

повеле нове мова повеле посвиле повиле после повече повеле носене повлe nose name посокие кабые чаевые и 3906

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 2012

2016

2006 2016

YearofImages Acquisition

235

25

0.50.5

23.5

Km

PlanningArea

Resolution(inm)

KHANDWA

Legend

Sensor

1185-11 PAN

LISS-1

SateHite

PAN-MSS

Source:MPCST&NRSC 2.3SATELLITEIMAGES

2345675

TEMPORALDATASPECIFICATION

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 2RESOURCESAT-2

1RESOURCESAT-2

3CARTOSAT 4WORLDVIEW-41

SNo.NusmeifSatellite

District

3.CARTOSAT,2016

4.WORLDVIEW-II,2016

☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 1.LISS-III,2006

2.LISS-III,2012 3907

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

* ग्राम नांदुखेड़ी को ग्राम बोरगांव खुर्द में सम्मिलित किया गया है ।

** ग्राम घोड़खेड़ी, रानिया खेड़ी , महता खेड़ी को ग्राम सुरगांव जोशी में सम्मिलित किया गया है ।

नोट :-

1. भारत की जनगणना 2011 के अनुसार निवेश क्षेत्र के ग्रामों का क्षेत्रफल 8555.31 हेक्टेयर है , जबकि जी.आई.एस. मानचित्र की गणना अनुसार निवेश क्षेत्र का क्षेत्रफल 8991.53 हेक्टेयर है । विकास योजना का मुख्य आधार मानचित्र होता है । अतः विकास योजना में जी.आई.एस. मानचित्र की गणना को मान्य किया गया है ।

2. खण्डवा नगर पालिक निगम क्षेत्र की सीमाओं का परिसीमन वर्ष 1984 में किया गया था, जिसमें नगर पालिक निगम क्षेत्र में आसपास के ग्रामों के आंशिक भाग को सम्मिलित किया गया है । नगर पालिक निगम का कुल क्षेत्रफल 4181.98 हेक्टेयर है तथा नगर पालिक निगम क्षेत्र की जनसंख्या, जनगणना 2011 के अनुसार 200738 है ।

2.3

नगर पालिक निगम क्षेत्र

खण्ठबा के नगर पालिका की रधापना 1007 में हुई तथा वर्ष 1920 में सीमा बढ़ाई गई । जनसख्या बढ़ने के बाद वर्ष 1981 में खण्डवा नगर पालिका को नगर पालिक निगम का दर्जा प्राप्त हुआ । वर्ष 1984 में नगर पालिक निगम की सीमा में वृद्धि कर नगर में 40 वार्ड बनाये गये । इसके पश्चात् वर्ष 1994 में नगर पालिक निगम क्षेत्र को यथावत रखते हुए 45 वार्डों में विभाजित किया गया । वर्ष 2008 में वार्डों को पुनः विभाजित करने के फलस्वरुप नगर पालिक निगम के वर्तमान में 50 वार्ड है । नगर पालिक निगम का वर्तमान क्षेत्रफल 4181.98 हेक्टेयर है ।

आकृति 2.2 नगर पालिक निगम खण्डवा मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 3908

22035

खण्डवा विकास योजना

2.4 नगर के मुख्य कार्यकलाप

नागरिकों के लिए बेहतर जीवन स्तर की प्राप्ति ही नियोजन का लक्ष्य है । आर्थिक संसाधनों के कुशलतम उपयोग में नगर नियोजन की अनिवार्य आवश्यकता होती है । नगर में कपास , ज्वार, उड़द , मूंग , तुवर, गेंहू, चना, मिर्ची, प्याज, मूंगफली, तिल्ली तथा सोयाबीन की बड़ी कृषि मण्डी है तथा कृषि उपज एवं कृषि आधारित उत्पादनों का थोक व्यापार होता है । नगर पूर्व निमाड़ जिले का मुख्यालय होने से यहां जिला स्तरीय कार्यालय स्थित है । उदार आर्थिक नीतियों तथा वैश्वीकरण के फलस्वरुप नगरीय व्यवस्था में तेजी से आ रहे बदलावों के परिप्रेक्ष्य में नगर के निम्न मुख्य कार्यकलापों पर विचार किया जाना आवश्यक है :-

1. क्षेत्रीय वाणिज्यिक व्यापारिक केन्द्र ।

2. लघु, मध्यम तथा कृषि एवं वनोपज आधारित औद्योगिक केन्द्र ।

3. उच्च स्तरीय क्षेत्रीय शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा केन्द्र ।

4. जिला स्तरीय प्रशासनिक केन्द्र ।

नगरीय विस्तार

2.5

नगरीय बसाहट का फैलाव विस्तारीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है । इस प्रक्रिया में नैसर्गिक बाधायें, ऐतिहासिक घटनायें, महत्वपूर्ण प्रशासकीय एवं नीतिगत निर्णय तथा भौतिक अधोसंरचना विकास के प्रयत्न , बसाहट के आकार एवं संरचना को स्थाई रुप से प्रभावित करते है । खण्डवा नगर के विस्तार का क्रम एवं महत्वपूर्ण घटनाओं से नगरीय फैलाव विस्तार की सीमा निर्धारित हुई है ।

दर्शनीय स्थल

2.6

खण्डवा नगर भारत के उन समृद्ध नगरों में विशेष स्थान रखता है, जहां विभिन्न संस्कृतियों का मिलन हुआ और एक नई सभ्यता का उदय भी । नगर में स्थित जैन मंदिर में 12 वीं एवं 13 वीं सदी की सुंदर एवं कलात्मक मुर्तियां दर्शनीय है । वास्तुकला की दृष्टि से जैन मंदिरों के स्तम्भों तथा छज्जों की कलात्मक नक्काशी अपने आप में अनुठी मिसाल है । इनके मध्य स्थित मंदिर "हेमद पंथी परम्परा" पर आधारित है, जो कि बिना मोरटार के निर्मित है ।

1.

दादाजी धुनीवाले का समाधि प्रांगण

दादाजी धूनीवाले (श्री केशवानांदजी महाराज) भारत के एक महान संत थे, जिनको दादाजी डंडे वाले के नाम से भी जाना जाता था । दुनिया भर मे उनके लाखों भक्त उन्हें शिव भगवान का रुप मानते है । इन्हीं महान संत दादाजी धुनीवाले की समाधि खंडवा में है , जहां निरंतर धुनी जलती रहती है । 3909

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningAres

202

Km

KHANDWA

Legend

2.4URBANSPRAWL

Waterbody

2012-2018(1563)

MunicipalAreaBoundary

2001-2011(1348)

PlanningAroaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

BuiltupArea

VillageBoundary

Road

StateHighway

Upto2001(1108)

UrbanSprawl(Areainha)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Source:SatelliteImageofIRSLISS-III,2004,WorldView-l,2011. WorldView-11

Scale

District-Khandwa

00.511.522.53354

2007

NH3478 ToHarwood

ToAmravati

KAHALDAH

ANDARIYA

CHIRAKHAN

ToHarsi

KHANDWA

MALIPURA

To Hingoli

To Bhusawal

KHAND

TARAF

BADGAON

BHILA

BOREGAON

KHURD

ToBurhanpur

NAGCHOON

KALAN

SUJAPUR

ROSHNAI

RAHEMAFUR

ToIndore ToAhmedpur

SURGAON

JOCHI

DEVI

CHAIGADN

NH3470

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal Tubvewidowswitorswiremileswerswiveswirewavemorewhomainwaveetherswhoswherewerewasonwavewance

ToIndore

Write MORARJE MARE ASCENE NASEE NOCIAL NET NOCICLE NOTELE MOTORS MODE micense madnis MOCHILE HAME MOD.12 mathe Notorist Nothis Mothe 3910

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

2035

खण्डवा विकास योजना

वर्ष में आषाढ़ पूर्णिमा जिसे गुरू पूर्णिमा भी कहते है, के अवसर पर दादाजी धुनीवाले की समाधी प्रांगण में एक दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है । इस अवसर पर यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालू आते है ।

आकृति 2.3 - दादाजी धुनीवाले का समाधि प्रांगण

2.

श्री तुलजा भवानी माता मंदिर

दादाजी धुनीवाले दरबार के पास स्थित , यह मंदिर माता श्री तुलजा भवानी को समर्पित है । मंदिर परिसर अत्यंत सुंदर एवं मनमोहक है । मंदिर के प्रवेश द्वार का- स्तंभ शंख की आकृति लिये हुये है । परिसर के अंदर एक विशाल दीपशिखा है , जिस पर शंख की आकृति में दीपक बने हुये है । भवानी माता मंदिर प्रांगण में प्रतिवर्ष नवरात्री के अवसर पर वर्ष में दो बार चैत्र तथा अश्विन माह में , नवरात्र मेला लगता है तथा काफी संख्या में देवी दर्शन के लिये दर्शनार्थी आते है । 3911

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1]

2035

खण्डवा विकास योजना

आकृति 2.4

श्री तुलजा भवानी माता मंदिर

3. नवचण्डी मंदिर

यह मंदिर रामेश्वर क्षेत्र में स्थापित नवीनतम मंदिर है , जो माँ नवचण्डी को समर्पित है । गह एका मनोहर शार्मिक मंदिर है, जो देशले स्टेशन रो जगभग २ कि.गी. की दूरी पर स्थित है । नगर में स्थित नवचण्डी माता मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष बसंत पंचमी से एक माह तक नवचण्डी मेले का भी आयोजन किया जाता है ।

आकृति 2.5 नवचण्डी माता मंदिर [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3912

2 2035

खण्डवा विकास योजना |

4.

गुरुद्वारा

कहारवाड़ी के पास शहर के मध्य में खण्डवा पंधाना मुख्य मार्ग पर सिखों का गुरुद्वारा स्थित है । यह रेलवे स्टेशन से लगभग 1 कि.मी. की दूरी पर है ।

आकृति 2.6

गुरुद्वारा

5.

नगर में स्थित कुण्ड

इस नगर की चारों दिशाओं में चार कुण्ड, सूरज कुण्ड, पदम कुण्ड, भीम कुण्ड तथा रामेश्वर कुण्ड स्थित है । खण्डवा का भीम कुण्ड द्वापर कालीन माना जाता है । यह किवदन्ती है कि, महाभारत काल में पाण्डव अज्ञात वास के दौरान यहां आये थे । भीम ने यहां गदा मारकर कुण्ड का निर्माण किया था । वर्तमान में पंधाना रोड़ पर बड़ी आबना एवं छोटी आबना नदी के मध्य चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ यह टापू है । खण्डवा में पूर्व दिशा में सूरज कुण्ड स्थित है । खण्डवा में रामेश्वर कुण्ड त्रेता युग कालीन माना जाता है । यह किवदन्ती है कि, भगवान श्री राम ने तीर मारकर धरती से पानी निकाला था । यह जलधारा आज भी अविराम चल रही है । रामेश्वर कुण्ड के पास राम मंदिर एवं सीता बावड़ी भी है । 3913

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

आकृति 2.7 पदम कुण्ड एवं रामेश्वर कुण्ड

6.

गौरी कुंज ऑडिटोरियम

यह ऑडिटोरियम संगीत का सांस्कृतिक हॉल है , जो खंडवा रेलवे स्टेशन से 1 कि.मी. की दूरी पर है । यह ऑडिटोरियम जाने माने गायक स्व. किशोर कुमार गांगुली की याद में बनवाया गया है । शहर के प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम यहीं आयोजित किए जाते है । राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष किशोर सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जाता है । स्व. किशोर कुमार का पैतृक घर, समाधि स्मारक एवं गौरी कुंज ऑडिटोरियम खण्डवा में ही है ।

आकृति 2.8 किशोर कुमार स्मारक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 3914

2035

खण्डवा विकास योजना

7.

नागचून जलाशय पिकनिक स्थल

ग्राम नागचून में जलाशय के पास क्षेत्रीय उद्यान के साथ - साथ पिकनिक स्थल विकसित है । यहां पर नौका विहार तथा बाल उद्यान की सुविधा भी उपलब्ध है । आकृति 2.9 नागचून जलाशय पिकनिक स्थल

8.

झील उद्यान

खण्डवा- इन्दौर मार्ग पर भैरो तालाब के पास वृक्षारोपण कर उद्यान के साथ-साथ पिकनिक स्थल विकसित है , जिसे झील उद्यान के नाम से जाना जाता है ।

आकृति 2.10 झील उद्यान 3915

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

2.7 जनसांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण

जनसंख्या विश्लेषण

2.7.1

जनसंख्या विश्लेषण का विवरण सारणी क्रमांक 2- सा-3 में दर्शाया गया है । संभाग में जनसंख्या विवरण एवं लिंग अनुपात (जिला वार)

सारणी 2-सा-3

लिंगानुपात

महिला

पुरुष

कुल जनसंख्या 2011

जिला एवं तहसील

क्र

6

4

5

3

2

1

943

635732

674329

1310061

खण्डवा जिला

1

369343

951

388504

757847

2 बुरहानपुर जिला

919925

965

953121

1873046

3 खरगोन जिला

982

686541

699340

1385881

4 बड़वानी जिला

स्त्रोत:- भारत की जनगणना 2011

मध्यप्रदेश में कूल जनसंख्या 72626809 है, जिसमें पुरुष 37612306 एवं महिला 35014503 है तथा लिंगानुपात 931 है ।

उपरोक्त सारणी के अवलोकन से स्पष्ट है कि, खण्डवा में लिंगानुपात 943, मध्यप्रदेश राज्य के महिला एवं पुरुष लिंगानुपात 931 से अधिक है । उक्त चार जिलों में सबसे कम लिंगानुपात खण्डवा एवं सबसे अधिक बड़वानी में है ।

खण्डवा नगर

खण्डवा नगर की जनसंख्या, वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 200738 है, जो वर्ष 2001 में 172242 थी । अमृत योजना के मानकों के अनुसार वार्ड वार कुल जनसंख्या, शिशु जनसंख्या, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं साक्षर जनसंख्या की जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा -4 में दर्शायी गई है :-

मध्यप्रदेश राजपत्र,

दिनांक 26 फरवरी 2021

3916

[भाग 1

2802

2054

720

2399

1990

1066

1554

1529

962

F 1358

16

2528

1178

1791

1598

887

2035

839

1432

3008

1329

2876 2330

1778

1854

M

2031

2181

2749

1089

2588 1063

15

1345 सारणी2-सा-4

Literates

1542825717

5404

14

4642

4320

3972

1559

5810

2790

2523

3629

3332

2395 2051

3383

T

1950

5148

136

463

286

210

45

9 19

9

3 4

420

54

13 135

219

303

4 3

339 468 224

218223

21 54

160

303 337 236

MF

176

60

10

12

11

खण्डवाविकासयोजना

STPop.

7 7

311

757

642

40

443

441

108

589

446

20

11 296

931

105

19 T

546

448

504 460

156

832

26

248

771

132

1185

F

501

314

18

605

10

333

571

1256

780

486

328

22

796

129 M

161 35

245

543

573

9

510

318

380

SCPop.

632

990 970

261

61 40

1178 661

828

1044

317

2441

1551

8 493

1117

T

326 522

330

278

254

131

288

7

78

272

194

331

380

174

181

2271628

129 F

6

322

399

349

79

438

534

373

179

172

271

231

288

189

218

M

323

ChildPop.(0-6)

458 404210

566

363

5

769

779

1056 310

525

595

675

610 301

399

T

703

157

4

2581

1202

1814

3712

2284

F

2485

3045

1749

1018

3383

1715 3328

910

1385

2471

1967

1686

1060

3667

1752

945 M

2132 2679

3

3584

1866

3233

1320

3566

2634

1451

2465

2735

Population

वार्डवारकुलजनसंख्या,शिशुजनसंख्या,अनुसूचितजाति,अनुसूचितजनजातिएवंसाक्षरता

4099

3680

5316

5164

7379

5105

2078

2522

2

6278

T

6894

2836

1855

4749

3401

6967

14

1

15

4

9

11 12

1

6

16

8

103501

3

7

13

2

5

Ward 3917

मध्यप्रदेश राजपत्र ,

दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

1282

1694

1520 1686

1232

1371

925

1824 1879

763 1005

845

710 934

833

16

F

561

690

758

2035

1830

1750 2121

980

1371

791

762

1595

1827

1207

604

1036 2492

1179

2345

736

920

M 15 878

Literates

3270

2742 3524

4316

2212

4224

2877

2104 3059

1914

1426

1525

3807

1881

1165

1501

14

1753

T 1636

26 27

70

167

0 28

38 51

1

42

0

0

17

0

F

0

181

0

53

13

26

33

42

0

1 4

0

179

208 85 43

75

0

24

53

0

0

M 12

खण्डवाविकासयोजना|2

STPop.

346 53

4

389

3013

59

2

128

155

0 0

0

52

81

95

0

0

93

T 11

740

83

512

12

535

146

1

92 29

106

377

0

495

2 48

2

183

F

377

10

744

96

580

527

453

398

2

80

185

50

2

557

103

0

11

3 49

171

M 9

SCPop.

1484

830

1092

775

331

186 179

354

4

79

1092

1022

5

0 3

8

T

23 195

97

342

186

204

324

298

446

76

186

163

38

401

79

281

F 7 104 90 137

119

219

436 247

327

151175

311

212

529

6

179

190

484

84 77 135

46

96 147

M

123

ChildPop.(0-6)

326

975

778

405

545

376

342

416

5

651 592

160

84

254

885

284

186

156

T

227

2664

1977

1639

1439

2077

1448

3198

828

829

2299 2268

F

1152 1256 3087

613

4 971 1073

883

2095

2519

3429

2400

1546

3384

2089 1036

1362

852

658

1536

1573

2977

896 1174

859

1126

M 3

Population

4172

4066

4668

2994

6582

4818

6516

2618

5641

2975

3212

1271

2

1687

1725

2199

2326

T

1735

2007

34

32

26

29

22

28

33

24

30 31

23

1

20

27

17 18 19

21

25

Ward

)

) 3918

मध्यप्रदेश राजपत्र

पत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 1989

3406

2068

1085

1160

818 1800

1574

F

741

16

2283

1177

2307

1167 1087

987

70347

2626

1780

2202

3903

1256

1974 2638

M

1317

1262

11231053

1018 907

808

1120

1253

15

2270

81198 Literates

2494

1549

4270

4921

3354 2413

4259

1725

2005

2343

3774

2176 2205

14

2429

4933 7309

T

151545

144

0

5

2 11

0 2

F

11

9

60

13 104

31

168

0 17 63

3866

0

M

0 0 3

2

16

188 12

8 89

3 34

127

15

4273 खण्डवाविकासयोजना2035

STPop.

2

T

8

2 32

231

0

5

65

332 11

27

98

11956

379211

19

0

8139

6

F

0

72

2

2

79

9

10

0

691

213

10

428

179

421

334 13502

237

434

714

9 225

4

3

3

M

2

0

448

199

235

9

61

0

363

84

13923 SCPop.

438

8

8

876

5

T

472

5

378

140 14

0 0

156

1405

697

18

855

27430 7

120

373

F

238

232

200

128

151

989

178

237

276

83

165

139

300

217

11770 6

168

366

422

1070

130

M

169

178

343

284

131

210

293

100

143 235

13031 ChildPop.(0-6)

642

5

270 334

321

459221

329

2059

296

530

T

250

516

435

183

643

24801 4

F

5375

2168

2672

2741

1392 2549795

1613

877

1761

1314

1509

1398

1196 1140

2947

2435427

97837

2011

1782

3046

3

1378

1649

2344

जनगणना 2847

2493 3103

1324

M

1535 2675

5599

1208

1556

1137

939

102901 Population

5224

2404

2

3065

4512

10974

1816

3262

4928

3543

2638 2776

5519

T

5787

2927

2277

200738 1

40

42

47

36

35

38

41

45

506050

37

39

44 46 48

43

49 TOTAL Ward

स्त्रोत:-भारतकी 3919

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

2.8 जनसंख्या लिंगानुपात

खण्डवा नगर पालिक निगम क्षेत्र में जनसंख्या लिंगानुपात की जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-5, 2-सा-6 एवं मानचित्र क्रमांक 2.6 व 2.7 दर्शायी गई है :-

अमृत योजना के मानकों के अनुसार वार्डों में जनसंख्या लिंगानुपात

सारणी 2-सा-5

वार्ड वार जनसंख्या लिंगानुपात

(न्यूनतम 894 तथा अधिकतम 1002)

वार्ड क्रमांक

वाडौँ की संख्या

श्रेणी

क्र

4

3

1

2

02

<900

32,49

1

25

2 900-950

2, 3, 5, 6, 7, 8 , 9, 11, 13 , 17, 20, 21 , 24, 25 , 26, 24, 28, 29, 30, 33, 35 , 37, 42, 47, 50

17

3 950-1000

10, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 23, 34, 36, 38, 39, 41, 43, 44, 46, 48

>1000

06

4

1, 4, 22, 31, 40, 45

स्त्रोत :- भारत की जनगणना 2011

सारणी 2-सा-6 वार्ड वार शिशु जनसंख्या लिंगानुपात (न्यूनतम 731 तथा अधिकतम 1244)

वार्ड क्रमांक

श्रेणी वार्डों की संख्या

क्र

4

3

2

1

06

<800

1

3, 13, 16, 32, 35, 37

17

800-900

2

6, 7, 8, 14, 17 , 20, 23, 27, 29, 33, 39, 42, 44, 46, 47, 48, 50

20

900-1000

3

1, 2, 4, 5, 9, 10, 11 , 12, 15 , 18, 19, 21, 24, 25, 26, 28, 30,36, 40, 43

04

22, 38, 41, 48

4 1000-1100

03

31, 34, 45

5 >1100

स्त्रोत:- भारत की जनगणना 2011 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3920

[भाग 1

PlanningArea

KHANDWA

Legend

2.5WARDS

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

VillageBoundary

Road

StateHighway

Source:NagarPalikaParishad,Khandwa

Lancuse&UrtanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Disrict-

Scale 00511.522.533.54 Km

ToHarsood

181247

ToAmravati

NAHALDAH

CHIRARRAN

ToItarsi

PARARMINKAR

MALIPURA

ToHingell

To Bhusawal

NOY

KHANDWA TARAFRAL

BADGAON

BHILA

BOREGAON

TAKARKUMH

ToBurhanpur

HACCHOON

ROSHIRAI

RAHERAPUR

To Indore ToAhmedpur

SURGAON

JOSHI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

CHAIGAON

DEVI

NH3478

264

ToIndore

кошеле ковале можиле meter mouse nebesе нових кале неволе повеле новим ковили после невиле новое повые после не в 3921

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Khandwa

Km

KHANDWA

Legend

Low

High

Waterbody

950-1000

900-950

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

VillageBoundary

Source:CensusofIndia,2011

Landuse&UrbanSurveyDivision

Road

StateHighway

2.6WARDWISESEXRATIO

<900

>1000

SexRatio(Femalesper1000Male)

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bropal

0.511.522.533.54

DistrictKhanow

ToHarsood

NH3478

ToAmravati

MAHALDAN

BHANDARIYA

CHIRAKHAN SH20

ToItarsi

KHANDWA MANKAR

CHANDW TARAFAU

MALIPURA

ToHingoli

To Bhusawal

KHANDWA TAKARMAI

BADGAON BHILA

BOREGAON KHURD

KHARDWA TARAFKUNBI

ToBurhanpur

NAGCHOGE

SUJAPUR

ROSHMAL

ToIndore ToAhmedpur

SURGA RGAON JOS OSHI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

DEVI

CHAIGAON

265

NH3478

ToIndore

πιώκεπόσιπιόewewewswwwsewhowatwemale нокли накле носиле навем в nose male e новым после овие новое новое небом моје после новия новые новые मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3922

Low

High

KHANDWA

Legend

Waterbody

900-1000

800-900

PlanningAreaBoundary

NationalHighway

RailwayLine

Road

StateHighway

<800

>1100

2.7WARDWISECHILDSEXRATIO

--VillageBoundary

ChildSexRatlo(Femalesper1000Male)

24

ToHarsbod

NH3470

NAHALDAH

ToItarsi

KHANOMA

MALIPJRA

KHANDWA

BADGAON

KHANDWA TARAFKUNIN

BAOCHOON

SILIAPLUR

KALAN

ToIndore ToAhmedpur

JOENS

BURGAON

[भाग 1

PlanningArea

Khandwa

Km

MunicipalAreaBoundary

Source:CensusofIndia,2011

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

00.511.522.533.5

District-Khandva

ToAmravati

CHIRAKHAN

BHANDANDARIYA

TARAFMANKAR

ToHingoli

To Bhusawal

OREGAON

MOVDIVOR

ToBurhanpur:

ROSHKA!

RAHERMAPUR

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal DEV

CHAIGAON

NH3478

266

ToIndore

носиле навле носеле навле похвале неволе полные masse v nas na кави посвиле кави посоля навке постале нави несвиле новим 3923

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 2.9 शिशु जनसंख्या

खण्डवा नगर में शिशु जनसंख्या प्रतिशत की जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-7 एवं मानचित्र क्रमांक 2.8 में दी गई है:-

शिशु जनसंख्या

सारणी 2-सा-7

वार्ड वार शिशु जनसंख्या (0-6)

(न्यूनतम 06 तथा अधिकतम 18)

वार्ड क्रमांक

प्रतिशत वार्डों की संख्या

क्र

3

4

2

1

10

1 <10

6, 5, 15, 20, 21, 22, 33, 47, 48, 49 10-12

17

2

1, 2, 3, 4, 8, 9, 17, 18, 23, 31 , 35, 37, 38, 42, 43,44, 50

3 12-14

13

7, 10, 13, 19, 24, 25, 26, 27, 28, 30, 32, 34 , 40

או)

4 14-16

11 , 12 , 16, 29 , 39 , 41, 45, 46

5 >16

02

14,36

स्त्रोत :- भारत की जनगणना 2011

2.10 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति जनसंख्या

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति जनसंख्या सारणी क्रमांक 2- सा-8 एवं मानचित्र क्रमांक 2.9 में दर्शायी गई है:-

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति जनसंख्या

सारणी 2- सा-8 वार्ड वार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति जनसंख्या (न्यूनतम ० तथा अधिकतम 47)

वार्ड क्रमांक

वार्डों की संख्या

क्र प्रतिशत

4

2

3

1

1 <10

21

14, 16, 17 , 18, 19, 20, 21, 22, 25 , 30, 31, 33, 36, 37, 38 , 39, 40, 41, 42, 43, 45

2 10-20

12

2, 11 , 13, 15 , 23 , 24, 29, 35, 47, 48, 49, 50 3 20-30

08

4, 6, 8, 12, 26, 27, 28, 32

06

4 30-40

1, 5, 7, 9, 34, 44

>40

03

5

3,10,46

स्त्रोत :- भारत की जनगणना 2011 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 3924

22035

खण्डवा विकास योजना

साक्षरता

2.11

खण्डवा नगर पालिक निगम क्षेत्र में साक्षरता दर 75.49 प्रतिशत है । साक्षरता जनसंख्या सारणी क्रमांक 2- सा-9 एवं मानचित्र क्रमांक 2.10 में दर्शायी गई है:-

साक्षरता प्रतिशत

सारणी 2-सा-9

वार्ड वार साक्षरता

(न्यूनतम 63 तथा अधिकतम 91 )

वार्ड क्रमांक

वार्डों की संख्या

क्र प्रतिशत

4

3

2

1

03

1 <65

29, 28, 39

65-75

15

2

7, 10, 11, 12, 14, 24, 25, 26 , 27, 30, 32, 34, 36, 46

23

3 /5-85

1, 2, 3 , 4, 5, 6 , 8, 9, 13 , 15 , 16 , 17, 18, 19, 23, 35, 38 , 40, 43 , 44, 45, 47, 50

09

4 >85

20, 21, 22, 31, 33, 37, 42, 48, 49

स्त्रोत :- भारत की जनगणना 2011

आर्थिक स्थिति

2.12

नगर नियोजन का मुख्य उद्देश्य नगर में उपलब्ध संसाधनों के संतुलित उपयोग से नगरीय बसाहट के जीवन स्तर के उन्नयन की प्राप्ति है । नगर के भावी विस्तार को मूर्तरुप देने में उपलब्ध साधन तथा उनके उचित उपयोग का विश्लेषण आवश्यक है । नगर मूल रुप से कृषकों तथा कृषि उत्पादनों से संबंधित व्यवसायियों जैसे- खाद्य तेल उत्पादकों, आटा दाल उत्पादकों, खाद्य तेल व्यवसायियों आदि का नगर है, जो नगर के साथ - साथ इस क्षेत्र की आर्थिक आधार भी है । साथ ही खण्डवा नगर में ऑईल मील, चॉकलेट उद्योग स्थित है, जो नगर की आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान देती है । खण्डवा नगर में व्यवसायिक फसलों के वृहद् उत्पादन से समृद्ध कृषि आधारित उद्योगों की प्रचुर संभावनायें है । नगर की अधिकांश आबादी कृषि आधारित उद्योगों पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर है । नगर में प्रोसेसिंग उद्योगों के अंतर्गत खाद्य सामाग्री, साईजिंग प्लांट इत्यादि की अपार संभावना है । कार्यशील जनसंख्या

2.13

खण्डवा नगर की कुल जनसंख्या में श्रमिकों/ कार्य सहभागिता की संख्या के अध्ययन से ज्ञात होता है कि, वर्ष 2011 की जनसंख्या में से कितने प्रतिशत व्यक्ति विभिन्न कार्यकलापों एवं व्यवसायों में संलग्न कर जीविकोपार्जन कर रहे है । यहां व्यावसायिक कार्य 3925

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningAres

Khanewa

Km

KHANDWA

Legend

High

Waterbody

MunicipalArsaBoundary

PlanningArasBoundary

NationalHighway

RailwayLine

Source:CensusofIndia,2011 10-12

14-16

12-14

Road

StateHighway

<10 Low

>16

---VillageBoundary

CHILDPOPULATION0-6(Percent)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 2.8WARDWISECHILDPOPULATION(0-6)

District-Khandva

00.511.522.533.54

ToHartood

NH3478

ToAmravati

NAHALDAH

BHANDARIYA

CHIRAKHAN

ToItarel

KHANDWA TARAPKUNDI

www

MALIP JPURA

ToHingoll

ToBhusawal

KHANDWA TARAFMALI

BADGAON CHILA

ToBurt приг

KHANDWA TARAF

NADCHOON

NUJAPUR

ROSHNAI

RAHEMAFUR

To Indo indore ToAhmedpur

BURGAON

JOSHI

DEVI

CHAGAON

NH1478

269

ToIndore

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal writerswiewswitorswirewarmwitorwewewilvewitnemanemaneeduswalvewireminewiwewilsonwaivewaarewisewhere после кабели моевые кове навле е после кобиле нив две коли в поле на [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3926

PlanningAres

Khandwa

Low

High

KHANDWA

Legend

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAresBoundary

Source:CensusofIndia,2011

RallwayLine

NationalHighway

VillageBoundary

10-20

20-30

30-40

Road

StateHighway

<10

>40

2.9WARDWISESC/STPOPULATION

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SC/STPopulation(Percent)

00511522.533.54 Km

District-Khandva

ToHarsood

NH3473

ToAmravati

NAHALDAH

BHANDARIYA

CHIRAKHAN

σswaveweweπέσε ToItarsi

KHANDWA TARAKUNER

MALIPURPURA

TAMARMANKAR

ToHingoli

To Bhusawa!

KHANDVIA TEPAPMLI

BADGADR

BHILA

BOREGAON CHURD

ToBurhanpur

TARAFKUNEN

NAGCHOON

KALAN

SUJAPUR

RAHEMAFUR

ToIndore- ToAhmedpur

JOSHE

SURGARGAON

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

DEVI

CHAIGAON

NH3478

270

Toindore

HOSIER TET LETTE NOUN IS MOSAIC NO.1 Mine movie wweniz Note Mochi Kobile Mariz Nothiz NOCSLE HAMIR MALESH MOREST MATE NOTE 3927

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningAma

Khandwa

Km

KHANDWA

Legend

Low

High

Waterbody

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

RaltwayIine

NationalHighway

Source:CensusofIndia,2011 65-75

75-85

Road

StateHighway

2.10WARDWISELITERACY

<65

>85

Literacy(Percent)

---VillageBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bropal

0.511.522.533.54

DistrictKhandw

0 Scale

посудыг море и пледие поделе неосле парале поездля назом переле надвые медные парне погриле надные поцеле казке покриле море покрие

ToHarsood

NH3478

ToAmravati

NAHALBAH

BHANDARIYA

CHIRAKHAN

Totarsi

KHANDWA TARAFKUMB

KHANDWA TARAFMANKAR

MALIPLIPURA

ToHingoli

ToBhupewal

BADGAON BHILA

KHURD

ToBurhanpur:

KHAR TARAFKUNG

NAGCHOOR

SLIAPUR

KALAN

RAKEMAPUR

ToIndore ToAhmedpur

SURGAON

JOSHI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal έκιπάνεπώςπ

DEV

CHAIGAON

NH3478

271

ToIndore

носные кате новиse nature was nase зеле навеле посвои навых коефиле новые после повик Marsz masz wcho [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3928

2035 खण्डवा विकास योजना

के रुप में जिनिंग उद्योग एवं कृषि उपज प्रमुख है । वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार नगर की व्यावसायिक संरचना सारणी क्रमांक 2 - सा-10 एवं मानचित्र क्रमांक 2.11 में दर्शायी गई है :-

खण्डवा : कार्यशील जनसंख्या (सहभागिता)

सारणी 2-सा -10

वार्ड वार कार्य सहभागिता

(न्यूनतम 28 तथा अधिकतम 38)

क्र

वार्डों की संख्या प्रतिशत

2

1

3

1

<30

06

2 30-32

14

3 32-34

15

4 34-36

10

5

>36

05

स्त्रोत: भारत की जनगणना 2011 वार्ड क्रमांक

4

9,16, 36, 39, 40, 41

1, 3, 5, 6, 8, 12, 13 , 14, 17, 19, 22, 35, 42, 46

4, 10, 11, 15, 18, 23 , 24, 25, 26, 29, 30, 31 , 33,45, 49

2, 7, 20, 21, 37,38, 43, 47, 48, 50

27, 28 , 32 , 34,44

खण्डवा: व्यवसायिक संरचना

क्र वर्ग / प्रकार

कार्यशील व्यक्ति/ श्रमिक

1

2

3

654 (अ) प्राथमिक क्षेत्र 1 1. कृषक

1028 2. कृषि श्रमिक

1682 योग

2

3671 (ब) द्वितीयक क्षेत्र 1. घरेलु उद्योग

3

53658 (स) तृतीयक क्षेत्र 1. अन्य

59011 योग

स्त्रोत:- भारत की जनगणना 2011

सारणी 2- सा-11 1000 श्रमिकों का विभाजन

प्रति 1000 जनसंख्या पर श्रमिक

4

5

11

3

17

5

28

8

62

17

910

252

1000

277 3929

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1]

जनसंख्या घनत्व 2.14

2035 खण्डवा विकास योजना

खण्डवा नगर के 50 वार्डों के जनसंख्या घनत्व की गणना की गई है, जिसमें सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वार्ड क्रमांक 41 डॉ. जाकिर हुसैन वार्ड तथा सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला वार्ड क्रमांक 32 संतोषी माता वार्ड है । शहर की वार्ड वार जनसंख्या घनत्व की जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-12 एवं मानचित्र क्रमांक 2.12 में दर्शायी गई हैः-

वार्ड वार जनसंख्या घनत्व

वार्ड का नाम वार्ड क्र

2

1

गणेशगंज वार्ड 1

रणजीत वार्ड 2

3

सूरजकुण्ड वार्ड

नीलकण्ठेश्वर वार्ड 4

5 किशोर कुमार गांगुली वार्ड

लोकनायक जयप्रकाश नारायण 6

वार्ड

संत विनोबा भावो वार्ड 7

8

सांई रामनगर वार्ड

डॉ. अम्बेडकर वार्ड 9

संत रैदास वार्ड 10

11

सरोजनी नायडू वार्ड

महाराणा प्रताप वार्ड 12

सरदार भगतसिंह वार्ड 13

छत्रपति शिवाजी वार्ड 14

15

गुरुनानक वार्ड 16 डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (कहारवाड़ी) वार्ड

सरदार वल्लभ भाई पटेल 17

18

रामकृष्णगंज वार्ड 19

राष्ट्रकवि रसखान वार्ड

रामगंज वार्ड 20

पं. दीनदयाल उपाध्याय वार्ड 21

सारणी 2-सा -12

जनसंख्या घनत्व (प्रति हेक्टेयर) जनसंख्या (2011 )

वार्ड का क्षेत्र (हेक्टेयर में)

5

4

3

89

3401

38.31

16

4749

299.37

79

6894

86.99

149

7379

49.60

19

5316

279.79

23

4099

175.96

12

5105

426.79

38

5164

134.23

49

128.69

6278

3501

99

35.26

31

6967

221.43

618

2836

4.59

2522

671

3.76

3680

614

5.99

108

1855

17.15

2078

919

2.26

309

2007

6.50

1687

214

7.87

607

2199

3.62

264

1271

4.81

264

1725

6.53 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3930

22

हाटकेश्वर वार्ड 23 डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड 24

कुण्डलेश्वर वार्ड

भवानी माता वार्ड 25

26

स्व. प्रेमचन्द्र जैन वार्ड 27

दादाजी धुनीवाला वार्ड 28

संजय गांधी वार्ड 29

पदमकुण्ड वार्ड 30

भैरो तालाब वार्ड 31

स्वामी विवेकानंद वार्ड 32

संतोषी माता वार्ड 33

लोकमान्य तिलक वार्ड 34

वीर रानी दुर्गावती वार्ड 35

महालक्ष्मी माता वार्ड 36 हजरत खानशाह वली वार्ड 37 सिन्धु सम्राट दाहिर सैन वार्ड 38

रविन्द्र नाथ टैगोर वार्ड 39

महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड अमर शहीद अशफाक उल्लाह वार्ड 40

41

डॉ. जाकिर हुसैन वार्ड 42

हरीगंज वार्ड

43 पं. रामनारायण उपाध्याय वार्ड 44

जवाहरगंज वार्ड 45 अमर शहीद चन्द्रशेखर वार्ड 46

महात्मा गांधी वार्ड 47

रामेश्वर वार्ड

48

लाल बहादुर शास्त्री वार्ड 49 नेताजी सुभाषचन्द्र बोस वार्ड 50

आनन्द नगर वार्ड

योग

स्त्रोत:- नगर पालिक निगम, खण्डवा

22035 खण्डवा विकास योजना

10.61

1735

164 14.69

2326

158

2975

342 8.71

2618

16.43

159 226.90

2994

13

6516

110.08

59

4818

30 163.15

6582

22.77

289

4668

113 41.46

33.60

3212

96

5641

655.78

9

4066

46.83

87 17.83

4172

234 51.45

5519

107

10974

245.36

45

2927

9.54

307

308 8.57

2638

11.50

5224

454

2776

674 4.12

3.09

3262

1056 3.81

477

1816

2404

478 5.03

223 13.76

3065

2277

5.30

430

3543

25.39

140

4512

32.72

138 55.65

4928

89 179.42

5787

32

6050

28 218.93

200738

4181.98 3931

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

उपरोक्त सारणी में जनसंख्या घनत्व के तुलनात्मक अध्ययन से यह स्पष्ट है कि, वार्ड क्रमांक 41 में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व 1056 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर तथा सबसे कम जनसंख्या घनत्व वार्ड क्रमांक 32 में 9 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर है ।

जनसंख्या घनत्व

सारणी 2- सा-13 वार्ड वार जनसंख्या घनत्व (प्रति हेक्टेयर) (न्यूनतम 09 तथा अधिकतम 1056)

वार्ड क्रमांक

वार्डों की संख्या

श्रेणी

क्र

4

3

2

1

20

<100

1

1, 2, 3 , 5 , 6 , 7, 8, 9, 10, 11, 26, 27, 28, 31, 32, 33, 36, 48, 49, 50

15

100-300

2

4, 15, 18, 20, 21, 22, 23 , 25, 29, 30, 34, 35, 44, 46, 47

300-600

08

3

17, 24, 37, 38,39, 42,43, 45

05

4

12, 13, 14 , 19 , 10

02

>900

5

16,41

स्त्रोत :- भारत की जनगणना 2011

नगर जनसंख्या परिवर्तन

2.15

भारत की जनगणना अनुसार खण्डवा निवेश क्षेत्र की वर्ष 1991 में जनसंख्या 149652 थी, जिसकी दशकीय वृद्धि दर 26.37 प्रतिशत रही । वर्ष 2001 में जनसंख्या 178463 तथा दशकीय वृद्धि दर 19.25 प्रतिशत एवं वर्ष 2011 में जनसंख्या 212991 तथा दशकीय वृद्धि 19.35 प्रतिशत रही । उपरोक्त से परिलक्षित हो रहा है कि, पिछले 4 दशकों में निवेश क्षेत्र की जनसंख्या की दशकीय वृद्धि दर वर्ष 1991 में अधिकतम रही । नगर की जनसंख्या एवं दशकीय वृद्धि निम्न सारणी में दर्शायी गई है :-

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 3932

PlanningArea

Kharchwe

KHANDWA

Legend High

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Source:CensusofIndia,2011

NationalHighway

RaliwayLine

30-32

32-34

VillageBoundary

34-36

StateHighway

Road

<30 Low

>36

2.11WARDWISEWORKPARTICIPATION

WorkParticipationRate(Percent)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictKhandwa

00.511522.533.54 Km

неделе карие макреле корне мореле надке носиле подеше носеле науки посокая марка посрий нове постиг порле каре карие покриле

ToHarsood

NH3475

ToAmravati

NAHALDAH

BHANDARIYA

ToItarsi

KHANDWA AFKUN

MALIPURA

KINOWA TARAMANKAR

ToHingell

To Bhusawel

A KHANDWA TARAFMAL

BADGAON

BHILA

KHURD

ToBurhanpur

NAGCHOOR

ROSINAI

RAHEMAPUR

ToIndore ToAhmedpur

JOSHI

SURGAON

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

CHAIGAON

NH3478

276

ToIndore

после потеше носеле новеле наебале ховные костеле поле новия новых косаиле неволе побили нави повале 3933

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Khanters

Low

High

KHANDWA

Legend

Waterbody

100-300

MunicipalAreaBoundary

600-900

300-600

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

Source:CensusofIndia,2011

StateHighway

Road

<100

>900

PopulationDensity(Person/Hectare)

--VillageBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 2.12WARDWISEPOPULATIONDISTRIBUTION

0.511.522.533.5 Km

Ostrict-Khandw

ToHarsood

NH347B

ToAmravati

RAHALDAH

BHANDARTA

CHIRAKHAN

ToItarsi

KHANOWA TARAFKUMBI

MALIPURA

KHANDWA TARARAMANKA

To Hingoli

To Bhusawal

KHANDWA TARAFMAL

BHILA

BADGAON

BOREGAON KHURD

ToBu urhanpur

NADCHOON

SUJAPUR

KALAN

BAHEMAPUR

ToIndore ToAhmedpur

BURGAON

JOBHI

CHAIGAON

DEVI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal επόσεπέσετου

NH3478

277

ToIndore

новые каме носи е носе новым повеле maisse nese nadeле пожвиле новите носи навлеков [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3934

2035

खण्डवा विकास योजना 2

खण्डवा: दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर

सारणी 2- सा -14

खण्डवा निवेश क्षेत्र में

स्थित ग्राम

नगर पालिक निगम, खण्डवा

वर्ष

क्र

जनसंख्या

जनसंख्या

खण्डवा निवेश क्षेत्र की कुल जनसंख्या

निवेश क्षेत्र की दशकीय वृद्धि दर (प्रतिशत मे)

दशकीय वृद्धि दर (प्रतिशत में)

दशकीय वृद्धि दर (प्रतिशत में)

6

7

8

4

5

1 2

3

3694

118419

114725

1 1981

26.37

149652

22.33

4519

145133

26.51

21991

178463

19.25

6221

37.66

172242

3 2001

18.68

212991

19.35

12253

96.96

16.54

200738

4 2011

स्त्रोत:- भारत की जनगणना 2011

2.16 निवेश क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या

खण्डवा विकास योजना 2031 में नगर की भावी जनसंख्या 3.50 लाख का आकलन किया गया था । वर्ष 2021 , 2031 , 2035 एवं 2041 में जनसंख्या वृद्धि का आकलन विभिन्न गणितीय पद्धति से किया गया है, जो सारणी क्रमांक 2- सा-15 तथा आकृति क्रमांक 2.10 में दर्शाया गया है:-

अनुमानित जनसंख्या की पद्धति

सारणी 2- सा-15 निवेश क्षेत्र में अनुमानित जनसंख्या की पद्धति

वर्ष

औसत (Average)

घातांकीय वृद्धि पद्धति ( Exponential Increase Method)

ज्यामितीय वृद्धि पद्धति (Geometrical Progression Method)

वृद्धि दर

पद्धति

(Incremental

Increase

Method)

अंक गणितीय वृद्धि पद्धति (Arithmetic Progression Method)

5

6

4

2

3

1

254199 250999

246163

259121

244515

2021

293911

280982

303380

315242

276039

2031

332728

318281

299215

291801

2035

349379

342651

362077

317448

383517

2041 307563 3935

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

450000

400000

350000

-Arithmetic Progression Method

300000

250000

Geometrical Progression Method

Population

Incremental Increase Method 200000

150000

Exponential Increase Method 100000

Average

50000

0

2035

2031

2041

2021

Year

आकृति 2.11

जनसंख्या आंकलन

खण्डवा विकास योजना 2035 में निवेश क्षेत्र हेतु जनसंख्या का आकलन विभिन्न गणितीय पद्धतियों अनुसार किया गया है । खण्डवा निवेश क्षेत्र हेतु चारों प्रकार की विधियों से की गई गणना के आधार पर ज्यामितीय वृद्धि पद्धति अनुसार वर्ष 2021 हेतु जनसंख्या 2.59 लाख , वर्ष 2031 हेतु जनसंख्या 3.15 लाख एवं वर्ष 2035 हेतु जनसंख्या 3.50 लाख अनुमानित की गई है, जिसके आधार पर विकास योजना 2035 के प्रस्ताव तैयार किये गये है ।

गंदी बस्तियां

2.17

जिन आवासीय क्षेत्रों में अधिक सघनता, कच्चे मकान, अस्वास्थ्यप्रद पर्यावरण तथा मूलभूत सेवाओं का अभाव है, उन क्षेत्रों को गंदी बस्ती क्षेत्र कहां जाता है । इन बस्तियों में उपयुक्त पर्यावरण का अभाव होने के साथ ही मकानों की दशा दयनीय है । नगर पालिक निगम से प्राप्त जानकारी अनुसार खण्डवा नगर में गैर अधिसूचित गंदी बस्तियों की संख्या 37 है , जिनमें से 5395 झुग्गी- झोपड़ियां है तथा लगभग 26655 व्यक्ति निवास करते है । गंदी बस्तियों के पर्यावरण सुधार हेतु आवश्यक है कि, इनके विकास निर्मूलन एवं पुनर्स्थापना हेतु एकीकृत कार्यक्रम की आवश्यक है । इस हेतु निम्नानुसार प्रयास किया जाना प्रस्तावित है :-

पारिवारिक आवश्यकताओं के अनुरुप आवासीय क्षेत्र का प्रावधान ।

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3936

[भाग 1

2035 खण्डवा विकास योजना|

पानी, विद्युत एवं निस्तार जैसे जन उपयोगी सुविधाओं की सुगमता तथा वहन करने योग्य अन्तर एवं आंतरिक आवागमन का प्रावधान ।

सामाजिक सुविधायें जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, आमोद - प्रमोद आदि का प्रावधान ।

यातायात के साधन एवं सुविधायें, जो कार्य केन्द्रों, शिक्षा एवं अन्य सुविधाओं से उचित ढंग से संबद्ध हो, की उपलब्धता ।

भवन निर्माण संबंधी परिक्षेत्रिक नियमों का निर्धारण एवं उनका पालन ।

आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग हेतु आरक्षित भूमि का निश्चित समय- सीमा में उसी वर्ग के लिए विकास ।

गंदी बस्ती क्षेत्र में पर्यावरण सुधार हेतु सार्वजनिक सुविधाओं का विकास ।

जिन गंदी बस्ती क्षेत्रों को वर्तमान स्थान पर पर्यावरण सुधार कर रखा जाना संभव नहीं हो , उनको स्थानान्तरित कर नवीन स्थल पर पुनर्स्थापना करना ।

गंदी बस्ती

घोषित क्षेत्र का नाम

क्र वार्ड क्र

2

3 1

1

2

गणेश तलाई 2

खेड़ापति हनुमान के पीछे

3

आजाद नगर 4

बुद्ध नगर 3

5

सुरज कुण्ड 6

खेड़ापति हनुमान के सामने

गायत्री मंदिर के पास

7

8

चम्पा तालाब 4

9

चम्पा तालाब 02 10

चिरा खदान 01 7

11

चिरा खदान 02 12

भंडारिया रोड़ सर्वोदय कॉलोनी के सामने

13

8

चिरा खदान 03 14

घासपुरा 10

15

बड़ा कब्रस्थान 16

लोहारी नाका 01 11

17

लोहारी नाका 02 18

करबला के पास 26

आबना नदी के पास

19

सारणी 2-सा -16

जनसंख्या झुग्गी-झोपड़ी की संख्या

4

5

18

75

278

64

40

184

104

437

102

460

208

844

31

107

43

188

193

938

105

435

172

880

151

288

133

588

267

60

186

997

206

968

194

985

64

298

101

445 3937

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

20 27

दादाजी धुनी वाले बाबा

28

संजय नगर 21

22

पापड़ वाली गली

29

23

फकीर मोहल्ला

24

पाकिस्तान गोडाउन के पीछे

बंजारा बस्ती

30

25

31

26

दूध तलाई

इन्दौर नाके के पास

27

32

बंगाली कॉलोनी

28

29

सुधामा नगर 30 34

सिंगाड़ तलाई 01

31 35

लालचौकी के पास

32 38

सिंगाड़ तलाई 02

33

शकर तालाब

39

34 44

चिड़िया मैदान के पास

ढोलक वाली बस्ती

35 46

36

मालीपुरा पफफेल

50

37

आई.टी.आई. के पीछे

कुल योग स्त्रोत:- नगर पालिक निगम, खण्डवा 2.18 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता

2035 खण्डवा विकास योजना

3643

668

3381

654

182

35

1151

192

266

50

360

68

64

15

1156

225

797

162

57

234

1263

266

82

410

35

156

1083

194

268

56

1779

279

398

94

402

88

26655

5395

अध्याय एक में वर्णित कार्यप्रणाली 8 प्राकृतिक घटकों का परस्पर महत्व के आधार पर तथा प्रत्येक घटक का महत्व एवं संयुक्त प्रभाव का मूल्यांकन किया गया है । इन प्राकृतिक एवं नैसर्गिक घटकों का विश्लेषण नीचे दिया गया है:-

2.18.1 वर्तमान भूमि उपयोग

खण्डवा निवेश क्षेत्र का भूमि उपयोग मानचित्र नगर में निर्मित ईकाईयों एवं रिक्त भूमि के वर्तमान उपयोग पर आधारित है । सारणी क्रमांक 2- सा -17 में उल्लेखित वर्गीकरण प्रणाली के आधार पर डिजिटल विश्लेषण एवं स्थल सत्यापन करने के पश्चात् निवेश क्षेत्र का भूमि उपयोग मानचित्र तैयार किया गया है ।

भूमि उपयोग के प्रकार एवं व्याप्त क्षेत्रफल सारणी क्रमांक 2 - सा-17 एवं मानचित्र क्रमांक 2.14 व वर्तमान भूमि उपयोग (मध्य क्षेत्र) मानचित्र 2.15 में उल्लेखित है । विभिन्न भूमि उपयोग प्रकार के संदर्भ में विस्तृत विवरण निम्नलिखित है :-

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 3938

PlanningArsa

Khandwa

Km

0.3

KHANDWA

Legend

Educational

Commercial

Residential

Industrial

Religious

CentralStateGovt.Property

Roads

HealthServices

Mixed Public&Semi-public

2.13BUILDINGFOOTPRINT

Source:BuildingFootprintGeospatialData-AMRUT, SurveybyMPCST&T&CP

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCertre,MPCST,Bropal

DistrictKhandw

0

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradeshBhopal

28288 3939

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PUF10

PUF3

PlanningAma

Khasdwa

सास्कृर्दिकसस्थागतविध

वृक्षारोपग

सागान्ध

प्रदर्शनीमैदान

वर्णकत

सार्वजनिकएवंअर्थशार्टजनिक

ফললান/জরিদন্ত্রেণ

सार्वजनिकसेवाएंएवं

निवेशक्षेत्र

चतासय

मिश्रितउपयोग

प्राम

नगरपालिका

विद्युतउपकेन्द्र

रेल्टेस्टेशम

बौद्योगिक सामान्यउद्योग

सुविधाए

क्सस्थानक

मार्ग

आवासीय साग्रन्धवापासीम

बीमाएं

आमोदप्रमोद

KHANDWA

Legend

2.14EXISTINGLANDUSE

Landuse&UrbanSurveyDivision

TRANSPORTATION

AFFORESTATION

CATEGORISZED

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

CREVATORIUMORAVEYARD

IEALITIVUDUNQULTURAL INSTITUTIONALACTIMTIES

RECREATIONAL

EXAHDITIONROUND

AGRICULTURE

WATERBODIES

BOUNDARIES

ADMINISTRATIVEAREA FOUCATIONANDREAFARCH

COMMERCIAL

RESIDENTIAL

PLANNINGAREA

GENERALRESIDENTIAL

RAILWAYLINE

ELECTRICSUBSTATION

VILLAGE MUNICIPAL

STADIUM

OENERAL

RAILWAYSTATION

0.511522533.54 Km

INDUSTRIAL GENERALINDUSTRIES

ROADS

PJBUCINSTITUTIONBAND

MANDI

MIXEDLANDJEE

PUBLIC&SEMIPUBLIC

PUBLICUTILITIES& FACILITIES

PAREN

BJSSTAND

AIRSTRIP

Source:WorldView-II,2016SatelliteData&GroundVerification

District-Khandwa

кокриле пореле покриле касае пледние коленост OLIE NODEλε κατηε καρτ кесене навке посокие педия поедние медиле покриле

ToHarsood

CAN

ToAmravati

ToItarsi

ToHingoll

To Bhusawal

BHILA

ToBurhanpur

KALAN

ToIndore- ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

HN

283

ToIndore 3940

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

PlanningArea

Km

0.35

सार्वजनिकसंस्थानऔर प्रशासनिकक्षेत्री/शिक्षाऔर

शापान्यआयारीय

पाणिज्यिक सार्वजनिकएवंअर्धसार्वजनिक

मिश्रितउगयोग

बसस्थानक

परिवहन

સામાન

ભા रेल्वेस्टेशन

रेल्वेलाईन

आमोदप्रमोद

तीमाएं

Legend

2.15CENTRALAREA

KHANDWADEVELOPMENTPLAN2035

TRANSPORTATION

RECREATIONAL

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

BOUNDARIES

RESIDENTIAL

COMMERCIAL

HAILINAYLINE

GENERAL

GENERALRESIDENTIAL

CENTRALARCA

NAILWAYSTATION

ROADS

HEALTH/SOCIAUCULTURAL INSTITUTIONALACTMITIES

PUBLICINSTITUTIONSAND

MANDI

MIXEDLANDUSE

PARK

BUSSTAND

PUBLIC&SEMIPUBLIC

ADMNISTRATIVEAREN EDUCATIONANDRESEARCH/

Scale

Source:WorldView-11,2016SatelliteData&GroundVerification

DistrictKhandw

20

To Bhusaw To Haral

Bada Pul RD

ToIndere

MundiRd

ToHingoli PuraRd

M.QRd

Han

RamganRd

JalebiChoukRd

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Pandhan hansRd

BhawaniMataRd

284 3941

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035 खण्डवा विकास योजना

वर्तमान भूमि उपयोग क्षेत्रफल

क्र

भूमि उपयोग

सारणी 2- सा-17

विकसित क्षेत्रफल 2020

(हेक्टेयर में)

2

1

आवासीय

1

2

मिश्रित

3

वाणिज्यिक

4

औद्योगिक

5

सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक 6 सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें

7

आमोद-प्रमोद 8 यातायात एवं परिवहन क्षेत्रफल

प्रतिशत

URDPFI मार्गदर्शिका अनुसार भूमि उपयोग प्रतिशत 4

3

5

43-48 44.49

943.31

12.80

0.60

173.20

8.17

4-6

7-9

5.26

111.50

6-8

15.04

318.93

43.16

2.04

1.61

12-14 34.10

22.79

10-12 483.31

2120.31

योग (अ)

9

100.00

6491.67

कृषि भूमि

जलाशय

10

वन क्षेत्र

11

243.35

136.20

8991.53

कुल

स्त्रोत:- जी.आई.एस. सर्वेक्षण नोट:- घोषित निवेश क्षेत्र जनगणना पुस्तिका पर आधारित है , जो 8555.31 हेक्टेयर है, जबकि जी.आई.एस. पद्धति द्वारा गणना किया गया क्षेत्रफल 8991.53 हेक्टेयर है , जिसे नियोजन प्रस्ताव हेतु उपयोग में लिया गया है ।

2.18.2 भू-संरचना विज्ञान (जियोमॉर्फोलॉजिकल) उपखण्ड

खण्डवा निवेश क्षेत्र को भू-आकृति की दृष्टि से तीन भागों में विभाजित किया गया है । निवेश क्षेत्र का अधिकांश भाग पेडीप्लेन क्षेत्र में आता है । नगर के मध्य से पांच छोटे-बड़े नाले आबना नदी में मिलते है, इन्हीं नालों से नगर का प्रदूषित जल- मल निकास होता है । यह भाग भू-आकृति की दृष्टि से पेडीमेन्ट क्षेत्र में आता है । जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-18 एवं मानचित्र क्रमांक 2.16 में दर्शायी गई है:-

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3942

खण्डवा विकास योजना 2035

जियोमार्कोलॉजिकल उपखण्ड एवं क्षेत्रफल

सारणी 2- सा -18

क्षेत्रफल (प्रतिशत) जियोमार्फोलॉजिकल विशेषतायें क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

क्र

4

3

2

1

20.11

1807.76

Pediment

1

78.15

7027.22

2

Pediplain

1.74

156.55

WaterBodies

3

100.00

8991.53

कुल

स्त्रोत:- जी.आई.एस. सर्वेक्षण

2.18.3 मिट्टी की जानकारी

भारतीय मृदा एवं भूमि उपयोग सर्वेक्षण संस्थान से प्राप्त मिट्टी की जानकारी एवं MPCST भोपाल द्वारा अध्ययन के आधार पर प्रत्येक प्रकार की मिट्टी को विभाजित किया गया है । इससे मिट्टी की संरचना संबंधी मानचित्र तैयार किया गया है, जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-19 एवं मानचित्र क्रमांक 2.17 में दर्शायी गई है :-

मिट्टी की संरचना के विभिन्न प्रकार

सारणी 2- सा -19

क्षेत्रफल (प्रतिशत) क्र

क्षेत्रफल (हेक्टेयर मे)

मिट्टी की संरचना

4

3

2

1

92.54

8320.91

1

Clayey

4.14

372.04

2

Fine

0.53

47.47

3

FineLoamy

1.05

94.56

4 LoamySkeletal

1.74

156.55

5

WaterBodies

100.00

8991.53

कुल

स्त्रोत :- भारतीय मृदा एवं भूमि उपयोग सर्वेक्षण संस्थान

2.18.4 चट्टानों की रचना (लिथोलॉजी)

सारणी 2- सा-20 श्रेणी

क्षेत्रफल (प्रतिशत)

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

क्र

4

3

2

1

100.00

8991.53

1

Deccan Trap Basalts

100.00

8991.53

कुल

स्त्रोत:- भारतीय मृदा एवं भूमि उपयोग सर्वेक्षण संस्थान 3943

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

handwa

KHANDWA

Legend

Waterbody

Padiplain

PlanningAreaBoundary

Pediment

2.16GEOMPRHOLOGY

RailwayLine

NationalHighway

Landuse&UrbanSurveyDivision

BuiltupArea

StateHighway

Road

Geomorphology

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Source:NationalGeomorphologicalMappingProjectNRSC,ISRO-206

District-Khandwa

Km 00511522.533.54

пле

неделе позже

после незале

NOCEвле масле первые карые

после подле клерные нерые подние насле покрие подле NOLALAR KAMLE

ToHarsood

NM3478

ToAmravati

ToItarsi

ToHingoli

To Bhusawal

ToBurhanpur:

ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

NH3478

287

ToIndore

NURSE NAMAZ NAROLE Nales Socese were maleR MORE NOT sabhu nocene madras modern worst malers mairs NOCOPLE MODE NOCOPLE MADE [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3944

PlarningArea

Khandwa

KHANDWA

Legend

2.17SOILTEXTURE

Waterbody

PlanningAreaBoundary

NationalHighway

RallwayLine

BuiltupArea

Clayey

Road

LaomySkeletal

StateHighway

Fine

FineLoany

Source:SoilandLanduseSurveyofIndia SoilTexture

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

0.511.522.533.54 Km

District-Khandwa

0 Scale

поделено по перенесле кодиле покриле подоле поделе мазеле пледале поделе каерные корне покриле корние носукле надке покрие

ToHarsood

NH3478

ToAmravati

SH10

ToItarsi

πείναπισεποίσεπείσεποίτεπε

ToHingoli

ToBhusawal

ToBurhanpur

ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal warwwwwww

wes

NH347B

288

ToIndore 3945

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

KHANDWA

Legend

2.18LITHOLOGY

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

BulitupArea

DeccanTrap

NationalHighway

Road

StateHighway

Lithology

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCS,Bhopal

Source:DistrictResourceMap,GeologicalSurveyofIndia

District-Khandwa

60.511.522.533.54 Km

керелепале кодые норкие мокриле надоле покриле нозин илирале кодом погриле плели карим корые ножки париле покриле полиле покриле

ToHarsood

ToAmravati

ToItarsi

ToHingoli

ToBhusawal

enwatersalessolemso

ToBurhanpur

ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

NH3478

289

ToIndore

постале навале плевеле навеле новеле повеле после павиле повеке побиле насоле новые пловиле новое после нови повеле nabuse mouse n मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 3946

2035

खण्डवा विकास योजना|

2.18.5 ढलान

निवेश क्षेत्र में, प्राकृतिक संरचना के अंतर्गत ढलान के विशिष्ट पहलूओं का अध्ययन, भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने में महत्वपूर्ण है । ऊँचाई के आधार पर निर्धारित ढलान की विशेषतायें दर्शाने वाला मानचित्र Carto- DEM के आधार पर तैयार किया गया है, जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 2-सा-21 एवं मानचित्र क्रमांक 2.19 में दर्शायी गई है :-

ढलान के विभिन्न श्रेणी के अंतर्गत क्षेत्रफल

सारणी 2-सा-21

प्रतिशत ढलान

क्र

क्षेत्रफल (हेक्टेयर मे)

1

2

4

3

1

<1%

7377.28

82.05

1577.88

2

1-3%

17.55

36.36

3

3-5%

0.40

100.00

8991.53

कुल

स्त्रोत:- Carto-DEM & Map IT

2.18.6 बाढ़ आपदा

खण्डवा नगर , आबना नदी के दक्षिण से उत्तर की ओर समतल मैदान पर विकसित हुआ है । नगर के दक्षिणी क्षेत्र को छोड़कर समस्त क्षेत्र समतल है । नगर की दक्षिणी सीमा में पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर आबना नदी प्रवाहित होती है । नगर का प्राकृतिक ढाल सामान्यतः पश्चिम से पूर्व दिशा तथा उत्तर से दक्षिण की ओर है । नगर के मध्य में 5 नाले बहते है । ये सभी नाले आबना नदी में मिलते है , जिनमें रामेश्वर नाला, बुधवारा नाला, गुलगुली नाला, लोहारी नाका नाला एवं बुरहानपुर मार्ग पर एस.बी.आई. इन्दौर के पास का नाला प्रमुख है । इन्हीं नालों से नदियों में समस्त जल- मल प्रवाह, गटर एवं नालियों का पानी तथा वर्षा जल का निकासी होती है, जिसके कारण वर्षा ऋतु में नगर के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है , जो कि नगर के लिए एक बड़ी समस्या है एवं जिसके स्थायी समाधान हेतु व्यवस्था किया जाना नितान्त आवश्यक है ।

नगर का ढाल मुख्यतः पश्चिम से पूर्व दिशा तथा उत्तर से दक्षिण की ओर होने से जल प्रदूषित करने वाले कोई भी उद्योग उत्तरी दिशा में स्थापित किये जाना उचित नहीं है, क्योंकि इसके कारण आबादी क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होने की संभावना है । 3947

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

2.18.7 भूकम्प आपदा परिक्षेत्र

क्षेत्र के सूक्ष्म अध्ययन से भूकम्प (आपदा) परिक्षेत्र का मानचित्र, जिसमें फाल्ट तथा छोटे मध्यम एवं वृहद् फ्रेक्चर परिक्षेत्र के आधार पर, मिट्टी की स्थिति, भूगर्भिक फाल्टस का अध्ययन एवं विश्लेषण किया गया है । उक्त आधार पर निवेश क्षेत्र का भूकम्प संभावना युक्त क्षेत्र का मानचित्र तैयार किया गया है । खण्डवा भूकम्प तीव्रता की दृष्टि से झोन- ॥ (निम्न श्रेणी- बहुत कम रिस्क वाला जोन) में वर्गीकृत किया गया है । अतः उच्च तीव्रता के भूकम्प आने की संभावना इस क्षेत्र में कम है ।

2.18.8 जल स्त्रोत बफर

खण्डवा निवेश क्षेत्र में मुख्यतः बड़ी आबना एवं छोटी आबना नदी है । इन दोनों नदियों के तटीय क्षेत्र का सौंदर्गीकरण किया जाना आवश्यक है । जल स्त्रोत बफर की जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-22 एवं मानचित्र क्रमांक 2.23 में दर्शायी गई है :-

जल स्त्रोत बफर क्षेत्रफल

सारणी 2- सा -22 क्र

क्षेत्रफल (प्रतिशत) बफर (मीटर में) क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

4

3

2

1

21.73

358.83

1

15

21.41

353.54

30

2

21.13

348.88

45

3

20.78

343.08

60

4

85.04

1404.33

योग

14.96

247.00

5

जलाशय

100.00

1651.33

कुल योग

स्त्रोत :- उपग्रह चित्र

2.18.9 भूमिगत जल संभावना

खण्डवा निवेश क्षेत्र में अधिकांश भाग में भूमिगत जल की संभावना उत्तम है, जिसे सारणी क्रमांक 2- सा-23 तथा मानचित्र क्रमांक 2.24 में दर्शाया गया है :-

[भाग 1 3948

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

PlanningArea

hatdiws

KHANDWA

Legend

2.19SLOPE

High

Waterbody

PlanningAreaBoundary

Source:CartoDEM,MAPIT

RailwayLine

NationalHighway

BuiltupArea

1

Road

StateHighway

3-5

1-3 소

Slope(Percent)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

0.511.522.533.5

District-Khanowa

ToHarsood

NH34B

ToAmravati

ToItarai

ToHingoli

ToBhusawal

ToBurhanpur

whowhenhewwewalewadwww ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

1

292

ToIndore 3949

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

KHANDWA

Legend

I

PlanningAreaBoundary

NationalHighway

RailwayLine Waterbody

Road

StateHighway

Low:300

High:355

2.20DIGITALELEVATIONMODEL(DEM)

Height(Meter)

PlanningArea

Khandwa

Source:CartoDEM,MAPIT

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Khandw

00.611522.533.54 Km

могне парили как монеле послеле касе носуля подали коские гаделе покрые кодиле поедные кодые косуре пате клеим каже коре

ToItarsi

soclesastrasarchesasternsourssellannonastraaadesitsaccus

ToIndore ToAhmedpur 3.306rollanochasnchiseworsezodiacsachassochiseshocore

косиле качеле начале повеле после не е ToHarsood

ToAmravati

ToHingoil

ToBhusawal

ToBurhanpur

HN

293 ToIndore

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal wilsonwiecewidowswitrewitherwakorsonwherewitorswibenwhosmatesmahrewasmorewornarewavemorewaswaitre масоне мовне после неволе побиле набиле поки нависε πρώησε καθημε [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3950

PlanningArea

Khandwa

Legend

KHANDWA 2.21CONTOUR

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

Contour(300m-355m)

NationalHighway

Road

StateHighway

SourceSruveyofIndiaToposheetandCartoDEM

Lancuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Khandwa

Km 00.511522.533.54

ToHarsood

MH5470

ToAmravati

SH50

ToKars!

ToHingoli

wewaswww

To Bhusawal

B

ToBurhanpur

ToIndore ToAnimedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

wwwfar

294

NH3478 ToIndore 3951

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

MadhyaPradesh

15

125

Legend

Waterbodles

0.78

NationalHighways

Forest

DistrictBoundary

MADHYAPRADESH

ZONE-IIIModerateDamageRisk Zone(MSKVII)

ZONE-IILowDamageRiakZone (MSKVIORLess)

Rall

2.22EARTHQUAKEZONES

EARTHQUAKEZONES

Source:SeismotectonicAtlasofIrdia,GSI,GOI

0.25

Landuse&UrbanSurveyDivison RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale India

2732

23

HORIZ

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

295 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3952

[भाग 1

PlansingArea

Khandwa

KHANDWA

Legend

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

BuiltupArea

Road

StateHighway

2.23WATERBODYBUFFER

15

30

80 45

Source:Worldview-IISatellitedata WaterbodyBuffer(DistanceinMeters)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

0.511.522.533.54

DistrictKhanowe

Scale 0

220

NOCE NAPIEN накле поделена по поле носиле парили посрные павиле касске подле покриле маание послеле мод

ToHarwood

NH3478

ToAmravati

CROSS-SECTIONOFWATERBODYBUFFER

ToMarsi

ToHingoli

To Bhusawal

rhanpur To ToIndore ToAhmedpur

NH1478

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal wavewiresrestorewitnewiwsotherwibrewerewoeswilemherwherewaherwinewiwswerewherewavewahor

296 enclosesalesneedensevenselesssoleansetesssocesssoclearwalesesoldersalesachiezollowzochansaharsesalimrechesensesch

ToIndoro 3953

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035

भूमिगत जल संभावना

क्र

श्रेणी

सारणी 2-सा-23

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

2

1

1

क्षेत्रफल (प्रतिशत) 3

4

7027.22

Good To Moderate 2

78.15

1807.76

ModerateTo Poor 3

Water Bodies

20.11

156.55

1.74

8991.53

कुल

100.00

स्त्रोत:- भारतीय मृदा एवं भूमि उपयोग सर्वेक्षण संस्थान

2.18.10 भूमि अवक्रमण

खण्डवा निवेश क्षेत्र अंतर्गत कुछ क्षेत्रों में भूमि कटाव है , किन्तु अधिकांश भाग अवक्रमण से प्रभावित नहीं है, जिसे सारणी क्रमांक 2- सा-24 तथा मानचित्र क्रमांक 2.25 में दर्शाया गया है :-

भूमि अवक्रमण

श्रेणी

क्र

1

2

1 BarrenRocky/Stony Waste 2

WaterErosion-Sheet- Moderate

3 Water Erosion-Sheet-Severe

सारणी 2-सा-24 क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) क्षेत्रफल (प्रतिशत) 3

4

132.25

25.00

384.05

72.59

12.75

2.41

स्त्रोत :- भारतीय मृदा एवं भूमि उपयोग सर्वेक्षण संस्थान

2.18.11 मार्ग संरचना

मार्ग संरचना निवेश क्षेत्र के अंतर्गत भावी विकास के क्षेत्रों को विकसित करने हेतु महत्वपूर्ण माध्यम है । नगरीय भूमि उपयुक्तता का विश्लेषण करने हेतु मार्गों के बफर ज़ोन , मार्ग के दोनों ओर निर्धारित किए गये है , जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-25 एवं मानचित्र क्रमांक 2.26 में दर्शायी गई है :-

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3954

2035

खण्डवा विकास योजना

मार्ग संरचना बफर क्षेत्रफल

सारणी 2- सा-25 क्र

क्षेत्रफल (प्रतिशत)

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

मार्ग बफर (मी.)

4

3

2

1

879.08

19.06 100

1

20.70 200

954.51

2

57.22

2638.29

500

3

96.98

4471.88

योग

3.02

139.23

4

मार्ग

100.00

4611.11

कुल योग

स्त्रोत:- उपग्रह चित्र एवं जी.आई.एस. विश्लेषण

2.18.12 रेलवे स्टेशन

यह नगर मध्य रेलवे के नई दिल्ली- मुम्बई तथा रतलाम-अकोला मुख्य रेलवे लाईन का एक प्रमुख जंक्शन है ।

2.18.13 भूमि मूल्य

महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा प्रकाशित बाजार मूल्य मार्गदर्शिका से नगर पालिक निगम 50 वार्ड के अंतर्गत भूमि मूल्य की जानकारी एकत्रित कर बाजार मूल्य के संबंध में वर्गीकृत जानकारी प्राप्त की गई । जिला पंजीयक खण्डवा से, निवेश क्षेत्र के अंतर्गत रिहायशी क्षेत्र एवं व्यवसायिक क्षेत्र में भूमि के मूल्यों की श्रेणी को मानचित्र क्रमांक 2.28 में दर्शाया गया है ।

2.19 नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प

निवेश क्षेत्र के अंतर्गत भूमि विकल्पों में प्रत्येक घटक का क्रम दूसरे घटक के परस्पर संबंधों पर निर्धारित किया गया है एवं नगरीयकरण के संबंध में निर्धारित उपयुक्तता विकल्प सारणी क्रमांक 2 - सा-26 , 2- सा-27 एवं 2- सा-28 में दर्शाया गया है :-

3955

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Knardwa

Km

KHANDWA

Legend

Waterbody

ModeratetoPoor

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

NationalHighway

BuiltupArea

Road

StateHighway

GoodtoModerate

GroundwaterProspects

2.24GROUNDWATERPROSPECTS

Source:ResourceSat-2,LSS-IV&integrationofLithology. GeomorphologyandHydrologyLayers

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictKhandiva

00.511.522.533.54 Scale

ToHarsood

NH3470

ToAmravati

ToItarsi

ToHingoli

ToBhusawal

ToBurhanpur

ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

299

wwwwwirewithewilwewirewhenwewiremorewitherwaivewitherwarswitherwhowhenwitorswificewhowomen 20

NH3478 ToIndore

наве носеле навеле мошные новые плачеле навеле постеле канали после чевеле посвои ковые после чавие после овие после подле паси मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 3956

PlanningArea

Khandwa

3.54 Km

KHANDWA

Legend

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

NationalHighway

BuiltupArea

Road

Barrenrocky/Stonywaste

225LANDDEGRADATION

WaterErosion-Sheet-Severe

Watererosion-Sheet-Moderate

StateHighway

Source:NationalLandDegradationMappingProject NRSCISRC-2018 LandDegradation

Larduse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Goole

Datrict-Khandwa

C0.511.522.53

посукле какие посреле поделе мокрые пазли ногуле поделе покриле кодые покриле падне носиле пари налиле чадале покрие падне поедине

ToHarsood

ToAmravati

ToItarsi

ToHingol

To Bhusawal

ToBu Burhanpu

softenselesssochasamassentresoleswerdenwatersoglexasizesonalsadesssekaisodianchorsome

ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ante

solesoch

NH3478

300

ToIndore

sohansochise 3957

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningAres

Khandwa

KHANDWA

Legend

2.26ROADBUFFER

Waterhody

PlanningAreaDoundary

NationalHighway

RaliwayLine

BulitupArea

StateHigirway

Road

100

500

200

Source:Worldview-11Satellitedata RoadBuffer(DistanceInMeters)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Khandwa

00.611522.533.54 Km

море переле посевые каене настале кодые носеле најеле персяг каделе мокриле надке покрые ножие наукие кознае пакаже каде пре

ToHarsood

ToAmravati

Toftersi

ToHingeli

To Bhusawal

вагивсемимгонизмииsatusemsalesanteesalenso

ToBurhanpur

ToIndore ToAhmedpur

301 ha

ToIndore

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal museswiterwisemitesmiteswhowerewinewhenwewaliorewateswalioremarvewilieswaivewaswareswhenwarsawe 3958

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

PiansingArea

Khandwa

KHANDWA

Legend

GovernmentLand

Waterbody MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

NationalHighway

RailwayLine

VillageBoundary

2.27GOVERNMENTLAND

Road

StateHighway

LandOwnership

----

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicatiorCentre,MPCST,Bhopal

Source:CommissioneLandRecords(2019-2020)

0.511.522.533.54 Km

District-Khandwa

2140202022202

ToHarsood

ToAmravati

ToKersi

ToHingoli

To Bhusawal

ToBurhanpur

ToIndore ToAhmedpur

302

ToIndore

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal forwireswiwswifewilaremileswilarswitvewherewavewiwswitos#showswhymovewovewitherlovewalwewaleswhee 3959

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Low

High

KHANDWA

Legend

2.28LANDVALUE

Waterbody MunicipalAresBoundary

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

NationalHighway

VillageBoundary

Road

OlateIlighway

<10000

>70000

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal WardwiseLandValueRangeinINR (PerSqureMeter)

Source:DepartmentofRegistration&Stamp,Govt.ofM.P.(2020)

00.511.522.533.5

District-Khandwa

KEEP MONLAR NACHE NOSE ALLE KOLLAZNOJE MOGLE MODA NO NO MOCAR Нора не пасля наконе

ToHarsood

NH347B

ToAmravati

NABALDAII

ANDARIYA

CHIRAKHAN

ToItarel

MALIPURI 2

ToHingoli

ToBhusawal

PHAROVA TARAFMALI

BADGAON

BHILA

KHURD

TARAFKUN

ToBurhanpur

NAGCHOON

KALAR

ROSHNAI

SUJA

RAHEMAPUR

ToIndore ToAhmedpur

SURGAON

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

DEVI

CHAIGAON

NH3478

303

ToIndore

после панем после на космонавте носете нам по обе каже небе ч [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3960

खण्डवा विकास योजना 2035

Weighted Index For Composite Land Suitability [Model -1]

S.NO.

THEME

सारणी 2- सा-26

CLASS

THEME

WEIGHT

1

2

3

LANDUSE 4

5

1

2

GEOMORPHOLOGY 3

4

1

2

GROUND WATER PROSPECTS 3

4

1

2

3

SOIL TEXTURE 4

6

7

1

2

ROAD BUFFER 3

4

1

2

3

WATER BODIES BUFFER 4

5

1

2

SLOPE

3

1

2

3

LAND VALUE 4

5

CLASS WEIGHT

9 Vacant Land

7 Agriculture

0 25

Green

0

Builtup

0 Waterbody

9 Pediplain

8 Pediment

20

0

Builtup

0 Waterbody

5 ModerateTo Poor

3 Good ToModerate

10

0

Builtup

0 Waterbodies

9 Loamy Skeletal

४ FineLoamy

7

Fine

5

4

Clayey

0

Builtup

0 Waterbodies

9

100

200

7 10

5

500

3

>500

9

>60m

7

60m

10

5

45m

3

30m

1

15 m

9

<1%

8 10

1-3 %

7

3-5 %

9 <10000

7

5 10

3

2 3961

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035 खण्डवा विकास योजना

Weighted Index For Composite Land Suitability [Model -2]

S.NO.

THEME

सारणी 2- सा-27 CLASS

CLASS WEIGHT

THEME

WEIGHT

1

2

LANDUSE 3

4

5

1

2

GEOMORPHOLOGY 3

4

1

2

GROUND WATER PROSPECTS 3

4

1

2

3

SOIL TEXTURE 4

6

7

1

2

ROAD BUFFER 3

4

1

2

3

WATER BODIES BUFFER 4

5

1

2

SLOPE 3

1

2

3

LAND VALUE 4

5

9

Vacant Land

7

Agriculture

0

Green

20

0

Builtup

0

Waterbody

9

Pediplain

8

Pediment

10

0

Builtup

0

Waterbody

5

ModerateTo Poor

3

Good To Moderate

10

0

Builtup

0

Waterbodies

9

LoamySkeletal

8

FineLoamy

7

Fine

10

4

Clayey

0

Builtup

0

Waterbodies

9

100

7

200

10

5

500

3

>500

9

>60 m

7

60m

15

5

45 m

3

30m

1

15 m

9

<1 %

8

1-3 %

15

7

3-5 %

9

<10000

7

5

10

3

2 3962

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

2035 खण्डवा विकास योजना

Weighted Index For Composite Land Suitability [Model-3]

THEME

S.NO.

सारणी 2- सा-28 CLASS

CLASS WEIGHT

THEME

WEIGHT

1

2

LANDUSE 3

4

5

1

2

GEOMORPHOLOGY 3

4

1

2

GROUND WATER PROSPECTS 3

4

1

2

3

SOIL TEXTURE 4

6

7

1

2

ROAD BUFFER 3

4

1

2

3

WATER BODIES BUFFER 4

5

1

2

SLOPE

3

1

2

3

LAND VALUE 4

5

9 Vacant Land

7 Agriculture

0 Green

14

0 Builtup

0 Waterbody

9 Pediplain

8 Pediment

12

0 Builtup

0 Waterbody

5 ModerateTo Poor

3 Good To Moderate

12

0 Builtup

0 Waterbodies

9 Loamy Skeletal

8 FineLoamy

7 Fine

12

4 Clayey

0 Builtup

0 Waterbodies

9 100

7 200

14

5 500

3 >500

9 >60 m

7 60m

5 45 m

12

3 30m

1 15 m

9 <1%

8 12

1-3 %

7 3-5 %

9 <10000

7

5 12

3

2 3963

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

घटकों को नगरीय उपयुक्तता के आधार पर मूल्यांकन के बाद श्रेणी प्रदान की गई है, जो 8 मानचित्रों के एकीकरण परिणाम है । 8 मानचित्रों के संयुक्त परिणाम के कारण कई उपयुक्त पॉलीगन निर्मित हुए । उक्त पॉलीगन को संस्पर्शी पॉलीगन में विसर्जित किया गया, जिसका आधार स्थल संदर्भित स्थिति एवं न्यूनतम मानचित्र खंड (Minimum Mappable Unit ) है । एकजाई आकृति में संयुक्त भूमि उपयुक्तता श्रेणी है एवं प्रत्येक श्रेणी में सभी घटकों के चरित्र विद्यमान है, जो भूमि उपयुक्तता हेतु आवश्यक हैं । प्रत्येक श्रेणी की मूल्यांकन वरीयता उक्त घटक के महत्व के आधार पर एवं एक दूसरे से तुलना के आधार पर की गई है ।

संयुक्त उपयोगिता संकेतक (Composite Suitability Index ) की गणना 8 घटकों के मूल्यांकन को उनकी श्रेणी से गुणा कर प्राप्त किया है । सी.एस.आई. को 3 श्रेणी में विभाजित किया गया है । इस प्रक्रिया में प्रत्येक श्रेणी इस बात की सूचक है कि, सक्षमता की सीमा प्रत्येक वर्ग के संदर्भ में कितनी है, अर्थात न्यूनतम या अधिकतम ।

सी.एस.आई. मूल्यांकन जितना अधिक होगा, उतना ही नगरीय विकास हेतु उच्च वरीयता का घोतक है, कम सी.एस.आई. मूल्यांकन का संदर्भ नगर विकास हेतु कम मूल्यांकन परंतु संरक्षण हेतु उच्च वरीयता होगी । अंततः संयुक्त श्रेणी के संयुक्त परिणाम हेतु नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता की चार श्रेणी में विभाजित है ।

Land Suitability Area [Model -1]

सारणी 2- सा-29

%

Area(Ha)

Suitability Class

3

2

1

15.32

1377.27

NotSuitable

18.99

1707.71

Moderately Suitable

65.69

5906.55

Highly Suitable

100.00

8991.53

Grand Total

Land Suitability Area [Model - 2]

सारणी 2- सा-30

%

Area(Ha)

Suitability Class

3

2

1

11.87

1067.62

Not Suitable

25.89

2327.48

Moderately Suitable

62.24

5596.43

Highly Suitable

100.00

8991.53

Grand Total मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 3964

PlanningArea

354km

KHANDWA

Legend

Source:DatabaseLayers

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

ModeratelySuitable(1707.71ha)

NationalHighway

Road

StateHighway

HighlySuitable(5906.55ha)

NotSultable(1377.27ha)

SUITABILITY

2.29UrbanLandSultability(Model-1)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (Landuse&Geomorphologygivenmoreweightage)

DistrictKhandway

00.511522.53354

ToHarsood

ToAmravati

ToItarul

ToHingall

ToBhusawal

ToBurhanpur

ToIndore ToAhmedpur

308

ToIndore

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal loorherwisheswitorewireniecewiboxwiterwirewhoweresalonwaswarewerewakeshrewerewarmwerewere 3965

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Khandwa

KHANDWA

Legend

Source:DatabaseLayers

Waterbody

PlanningArewBoundary

RailwayLinc

ModeratelySuitable(2327.48ha)

NationalHighway

BuiltupArea

Road

StateHighway

HighlySuitable(5596.43ha)

NotSuitable(1067.61ha)

SUITABILITY

2.30UrbanLandSuitability(Model-2)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (LandusaWaterbodyBuffer&Slope givenmereWeightage)

Scale

00.511.522.533.54 Km

214

ToHarsood

ToAmravati

ToItarsi

ToHingoli

To Bhusawal

ToBurhan

ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

309

ToIndore

после масле москвые павиле после подле павиле посетиле наве молия мобиле посилe nadrz nachse [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3966

PlanningArea

Khandwa

KHANDWA

Legend

Source:DatabaseLayers

waterbooy

PlanningAreaBoundary

ModeratelySuitable(3515.73ha)

RailwayLine

NationalHighway

BulltupArea

StateHighway

Road

HighlySultable(4421.01ha)

NotSultable(1054.78ha)

SUITABILITY

2.31UrbanLandSuitability(Model-3)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (EqualWeightagetoAllLayers)

DistrictKhandw

00.511.522.533.54 Scale Km

ToHarsood

ToAmravati

Totarsi

ToHingoli

To Bhusawal

ToBurhanpur

ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal νεείεσεπίσ102201782401

310

ToIndore NHATH

οσετετσετοσσε 3967

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

Land Suitability Area [Model-3]

सारणी 2- सा-31

% Suitability Class

Area(Ha)

1

2

3 Not Suitable

1054.78

11.73

39.10

3515.73

Moderately Suitable

4421.02

49.17 Highly Suitable

100.00

8991.53

Grand Total

नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता हेतु [Model - 1 ] , [ Model - 2] एवं [ Model-3 ] तैयार किये गये है, जिसकी जानकारी मानचित्र क्रमांक 2.29, 2.30 एवं 2.31 में दर्शायी गई है । भूमि उपयुक्तता के संदर्भ में [ Model - 3 ] का चयन अंतिम रुप से खण्डवा विकास योजना तैयार करने हेतु किया गया है, क्योंकि इसका मुख्य आधार Highly Suitable तथा Moderately Suitable भूमि का प्रतिशत सबसे अधिक आता है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3968

खण्डवा विकास योजना 2035

अध्याय-3 प्रस्तावित यातायात संरचना एवं नगरीय अधोसंरचना यातायात संरचना

3.1

परिवहन संरचना शहर की मूल आवश्यकता का आधार होने से वाहन , जल, मल, अपशिष्ट, विद्युत , टेलीफोन आदि जन- सुविधाओं के संबंध का कार्य परिवहन संरचना के सापेक्ष ही होता है ।

नगरीय विकास / विस्तार के लिए प्रभावपूर्ण परिभ्रमण संरचना की आवश्यकता होती है, ताकि नगरीय आबादी को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था प्राप्त हो सके । प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना नगर के भावी आकार एवं स्वरुप का निर्धारण करती है । कुशल यातायात प्रबंधन से यात्रा का समय, दूरी तथा वाहन चालन मूल्य आदि को कम किया जा सकता है । प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना निम्नलिखित अवधारणा पर आधारित है:-

क्षेत्रीय यातायात एवं नगरीय यातायात का पृथक्करण ।

नगर के प्रस्तावित विकास एवं विस्तार हेतु उपयुक्त परिभ्रमण संरचना। नगर के कार्य केन्द्रों का परस्पर संबंध स्थापित करना ।

नगर की बसाहटों का आपस में सामंजस्य स्थापित करना ।

मिश्रित यातायात के अनुरुप संगठित मार्ग संरचना ।

समस्या ग्रस्त क्षेत्रों के यातायात तंत्र में सुधार ।

समुचित वाहन पार्किंग स्थलों का प्रावधान (विशेषतः ओल्ड सिटी) ।

यातायात प्रणाली की कार्य- कुशलता का आकलन निम्न घटकों के आधार पर किया जाता है :-

(2) नगरीय यातायात

(1 ) अन्तर्नगरीय

अन्तर्नगरीय यातायात

3.1.1

सड़क मार्ग

(अ)

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347- बी एवं राज्य राजमार्ग क्रमांक 50 गुजरते है । उपरोक्त क्षेत्रीय मार्ग नगर के मध्य से गुजरने के कारण शहरी यातायात प्रबंधन एवं उसके प्रवाह में अवरोध उत्पन्न होता है । अतः क्षेत्रीय मार्गों तथा अन्तर्नगरीय मार्गों के तंत्र में सुधार आवश्यक है । 3969

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035

आकृति 3.1 सड़क मार्ग

रेल मार्ग

(स)

खण्डवा नगर मध्य रेलवे की मुंबई - दिल्ली तथा कोलकाता रेलवे लाईन से जुड़ा होने के कारण यातायात की दृष्टि से नगर का काफी महत्व है । यहां से प्रतिदिन इलाहाबाद , बनारस , कोलकाता, दिल्ली, भोपाल, मुबंई, पुणे, इन्दौर, अजमेर तथा जयपुर आदि नगरों के लिए अनेकों यात्री रेल गाड़ियां आती-जाती है । रेलवे जंक्शन के कारण यात्री यातायात यहां बहुलता में है । इसके साथ ही यहां से रेल यातायात द्वारा दाल , चूरी , खली, एन.बी.सी.स्लीपर, मिर्ची, अरबी तथा अनाज आदि सामग्री निर्यात की जाती है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3970

2035

खण्डवा विकास योजना

आकृति 3.2

रेल मार्ग

हवाई मार्ग

(ন)

हवाई यातायात के लिए इन्दौर हवाई अड्डा नगर से 130 कि.मी. की दूरी पर स्थित है । ग्राम बड़गांवभिला में एयरस्ट्रीप स्थित है ।

3.1.2 नगरीय यातायात

वर्तमान परिवहन व्यवस्था के अध्ययन से ज्ञात होता है कि, वाहनों की संख्या में पिछले दशक में कई गुना वृद्धि हुई है । तीव्र गति एवं मंदगति वाहनों द्वारा नगरीय मार्गों का मिश्रित उपयोग करना सुरक्षित एवं सुविधाजनक यातायात के लिए समस्या है । नगर में जनसामान्य द्वारा यातायात के साधन के रुप में सायकिल, स्कूटर, मोटर सायकिल आदि का अधिक उपयोग किया जाता है । तांगे एवं ऑटोरिक्शा सार्वजनिक यातायात के प्रमुख साधन है । वर्तमान में दक्ष सार्वजनिक परिवहन का अभाव है । दक्ष सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के अभाव में नागरिकों को अपने कार्य केन्द्रों एवं अन्य विकसित कॉलोनियों तक पहुँचने में कॉफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है । अतः दक्ष सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की अत्यधिक आवश्यकता है । 3971

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

प्रस्तावित यातायात संरचना हेतु अपनाई गई नियोजन नीति निम्नलिखित बिन्दुओं पर आधारित है:-

नगर के आबादी क्षेत्रों एवं मुख्य गतिविधि क्षेत्रों तक सुविधाजनक एवं सुरक्षित यातायात प्रणाली का विकास ।

विभिन्न योजना ईकाईयों के मध्य प्रभावी परिवहन तंत्र विकसित करना । समस्याग्रस्त क्षेत्रों के यातायात एवं प्रबंधन हेतु तकनीकी पहल ।

नगर की भावी आवश्यकताओं हेतु दक्ष एवं सुदृढ़ परिवहन प्रणाली की व्यवस्था ।

मुख्य मार्गों पर सतत् यातायात गतिशीलता बनाए रखने हेतु इन मार्गों के संगम पर पहुँच मार्ग से यातायात प्रतिबंधित करना ।

क्षेत्रीय यातायात एवं नगरीय यातायात का पृथक्करण ।

पादचारी यातायात की बहुलता वाले क्षेत्रों में पृथक पादचारी मार्ग का विकास एवं फुटपाथों का निर्माण ।

32 मार्गों का श्रेणीक्रम

कार्यानुरुप मार्ग अनुक्रम के अनुसार मार्गों का वर्गीकरण किया गया है । ऐसा पूर्व निर्धारित विविध गतिविधियों का आपस में तथा आवासीय क्षेत्रों से सह- संबंध का विशेष ध्यान रखा गया है । नगर में विभिन्न प्रकार के मार्गों का मार्गानुक्रम निम्नानुसार प्रस्तावित है :-

क्षेत्रीय मार्ग

वृत्तीय मार्ग

बायपास मार्ग

मुख्य नगरीय मार्ग

खण्ड स्तरीय मार्ग

उपखण्ड स्तरीय मार्ग

स्थानीय मार्ग

पादचारी मार्ग

वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347-बी एवं राज्य राजमार्ग क्रमांक 50 मार्ग नगर के मध्य से गुजरने के कारण भारी यातायात को नगर के बाहर से परिवर्तित करने हेतु विकास योजना 2031 में 3 वृत्तीय मार्ग एवं एक बायपास मार्ग के प्रस्ताव दिये गये थे, जिसकी चौड़ाई 45-45 मीटर रखी गई थी, जिसका विकास नहीं हुआ है । विकास योजना 2035 के प्रस्तावों को तैयार करते समय विकास योजना 2031 में प्रस्तावित यातायात संरचना को ध्यान [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

3972

2035

खण्डवा विकास योजना

में रखा जाकर नगर के विभिन्न मार्गों एवं कार्यस्थलों को जोड़ने हेतु 4 वृत्तीय मार्ग, 3 बायपास मार्ग तथा 26 मुख्य मार्ग प्रस्तावित किये गये है ।

3.2.1 क्षेत्रीय मार्ग

नगर के मध्य से क्षेत्रीय मार्गों के गुजरने के कारण यातायात का अधिक दबाव रहता है । इन मार्गों का यातायात कम करने के लिये 4 वृत्तीय मार्ग तथा 3 बायपास मार्ग प्रस्तावित किये गये है । इन मार्गों से आने वाला यातायात नगर के बाहर से सीधा हो सकेगा । इन क्षेत्रीय मागों की प्रस्तावित चौड़ाई नगर निगम सीमा में 24.0 मीटर तथा नगर निगम सीमा के बाहर 45.0 मीटर चौड़ाई प्रस्तावित की गई ।

(अ) शहर के मध्य से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347 - बी गुजरता है । इस मार्ग पर अनेक कॉलोनियां स्थित है, जिनका आवागमन इसी मार्ग से होता है । इस मार्ग पर भी यातायात का भारी दबाव है । इस सम्पूर्ण मार्ग की चौड़ाई विकास योजना 2035 में नगर निगम सीमा में 24.0 मीटर तथा नगर निगम सीमा के बाहर 45.0 मीटर चौड़ाई प्रस्तावित की गई ।

(অ) शहर से राज्य राजमार्ग क्रमांक 50 गुजरता है, जो अमरावती की ओर जाता है । इस मार्ग पर अनेक कॉलोनियां स्थित है, जिनका आवागमन इसी मार्ग से होता है । इस मार्ग पर भी यातायात का भारी दबाव है । इस सम्पूर्ण मार्ग की चौड़ाई विकास योजना 2035 में नगर निगम सीमा में 24.0 मीटर तथा नगर निगम सीमा के बाहर 45.0 मीटर चौड़ाई प्रस्तावित की गई ।

(स) नगर के मध्य से मूंदी मार्ग गुजरता है । इस मार्ग पर अनेक कॉलोनियां स्थित है, जिनका आवागमन इसी मार्ग से होता है । इस मार्ग पर भी यातायात का भारी दबाव है । इस सम्पूर्ण मार्ग की चौड़ाई विकास योजना 2035 में नगर निगम सीमा में 24.0 मीटर तथा नगर निगम सीमा के बाहर 45.0 मीटर चौड़ाई प्रस्तावित की गई ।

3.2.2 वृत्तीय मार्ग

इन्दौर , बुरहानपुर , अमरावती , हरसूद मार्ग का क्षेत्रीय यातायात नगर के मध्य से गुजरता है , जिसके कारण इन मार्गों पर यातयात का अधिक दबाव रहता है । क्षेत्रीय मार्गों को आपस में जोड़ने एवं नगर के मध्य से गुजरने वाले यातायात के दबाव को कम करने हेतु 4 वृत्तीय मार्ग प्रस्तावित किये गये है , जिसकी चौड़ाई 45.0 मीटर प्रस्तावित है । 3973

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 3.2.3 बायपास मार्ग

अमरावती मार्ग, बुरहानपुर मार्ग एवं इन्दौर मार्ग से आने वाले सीधे यातायात हेतु 45.0 मीटर चौड़े तीन बायपास प्रस्तावित किये गये है तथा इन मार्गों को वृत्तीय मार्ग से जोड़ा गया है, जो वृत्तीय मार्ग का भी कार्य करेंगे ।

3.2.4 मुख्य नगरीय मार्ग

यह मार्ग मुख्यतः नगर के सम्पूर्ण यातायात प्रवाह के वहन करने के साथ नगर के विभिन्न कार्य केन्द्रों, गतिविधि केन्द्रों तथा आमोद -प्रमोद के स्थानों से जोड़ते है । विकास योजना 2031 में कुल 26 मुख्य मार्ग प्रस्तावित किये गये थे, जिनमें से एक भी मार्ग का विकास ना होने के कारण नगर से गुजरने वाले क्षेत्रीय मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ा है । उन मार्गों को पुनः प्रस्तावित करते हुए विकास योजना 2035 के लिये नये मुख्य मार्गों का समावेश करते हुए 26 मुख्य मार्ग प्रस्तावित किये गये है, जिनकी चौड़ाई 18, 24 तथा 30 मीटर प्रस्तावित है ।

3.2.5 खण्ड स्तरीय मार्ग

निवेश ईकाई के आंतरिक तीव्र गति के यातायात की दृष्टि से यह मार्ग महत्वपूर्ण है । यह मार्ग खण्ड स्तर के यातायात तथा एक मुख्य मार्ग से दुसरे मुख्य मार्ग को जोड़ने हेतु 18.0 मीटर प्रस्तावित किये गये है ।

3.2.6 उपखण्ड स्तरीय मार्ग

यह मार्ग मुख्य रुप से आवासीय खण्ड़ों की आंतरिक यातायात के लिए होने से वृत्त खण्ड स्तरीय मार्ग को जोड़ेंगे तथा इनकी चौड़ाई 12.0 मीटर प्रस्तावित की गई है । 3.2.7 स्थानीय मार्ग

स्थानीय मार्ग आवासीय वृत्त खण्डों के आंतरिक यातायात के लिए होते हैं तथा इनके द्वारा भवन तक पहुँच उपलब्ध की जाती है । इन मार्गों पर जलप्रदाय, मल निकासी, विद्युत प्रदाय आदि की लाईनें स्थित होगी । प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना में इन मार्गों को नहीं दर्शाया गया है, क्योंकि यह आवासीय अभिन्यास के अंग होते है । इन मार्गों की चौड़ाई 6.0 से 12.0 मीटर तक प्रस्तावित है ।

3.2.8 पादचारी मार्ग

पादचारी मार्ग पैदल यात्रियों की सड़क दुर्घटनाओं से सुरक्षा एवं कम दूरी के स्थान पर पैदल चलने की दृष्टि से बहुत उपयुक्त पाये गये है । भविष्य में प्रमुख मार्गों के [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

3974

2035

खण्डवा विकास योजना

उपयोग की अनिवार्यता समाप्त कर पादचारी मार्गों द्वारा एक आवासीय क्षेत्र से जोड़ने का प्रयास किया जावेगा । उपरोक्त के साथ सायकिल पथ भी प्रस्तावित की गई है ।

मध्य क्षेत्र

3.3

नगर का पुराना आबादी क्षेत्र अत्यंत सघन एवं संकीर्ण मार्गों पर बसा हुआ है, जिसमें वाणिज्यिक गतिविधियों के साथ- साथ आवासीय क्षेत्र भी स्थित है । अन्य नगरों की तरह खण्डवा नगर में स्थित पुरानी बस्तियों की अपनी अलग समस्यायें एवं आवश्यकतायें है । अतः कार्य संपादन एवं गतिविधियों की एकात्मकता को ध्यान में रखते हुए , खण्डवा नगर के मध्य क्षेत्र की सीमा , खण्डवा विकास योजना 2031 के प्रावधानों के अनुसार ही रखी गई है । जिसका विवरण निम्नानुसार दिया जा रहा है :-

उत्तर

रेलवे तीन पुलिया से सिद्धनाथ आगरकर मार्ग होते हुए नेहरु स्कूल चौराहे तक ।

पूर्व लोहारी नाके से स्टेशन मार्ग होते हुए रेलवे तीन पुलिया तक ।

दक्षिण मानसिंहका मिल तिराहे से भगतसिंह मार्ग होते हुए लोहारी नाका तक । पश्चिम नेहरु स्कूल चौराहे से बुरहानपुर मार्ग होते हुए मानसिंहका मिल तिराहे तक । उपरोक्त सीमा में बुधवारा बाजार, सिनेमा चौक, पोस्ट ऑफिस , इतवारा बाजार , बड़ा बम, सराफा बाजार आदि महत्वपूर्ण क्षेत्र स्थित है ।

नगर का मध्य क्षेत्र वाणिज्यिक गतिविधियों से ओत-प्रोत होने के कारण यहां भावी विकास की संभावनायें नगण्य है तथा इसके लिये अब यहां स्थान / भूमि भी उपलब्ध नहीं है । मुख्य मार्ग के पीछे तंग गलियां वाणिज्यिक गतिविधियों के संचालन हेतु अनुपयुक्त है । अतः अन्य मार्गों तथा खड़गपुरा मार्ग, सिद्धनाथ आगरकर मार्ग, मच्छी बाजार मार्ग एवं, विट्ठल मंदिर मार्ग इत्यादि पर वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास हो रहा है , किन्तु इस क्षेत्र पर और अधिक दबाव न पड़े इस बात को ध्यान में रखकर विकास योजना में निवेश ईकाई स्तर के वाणिज्यिक केन्द्र के प्रस्ताव दिये गये है । मध्य क्षेत्र के आवासीय क्षेत्रों में अधिवासी दर भी काफी अधिक है, जिसकी तुलना में सेवा सुविधायें तथा मार्गों की चौड़ाई अत्यंत कम है ।

मध्य क्षेत्र की घनता को कम करने हेतु मध्य क्षेत्र के बाहर नवीन आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों का शीघ्र विकास किया जाना प्रस्तावित है । उपरोक्त के अलावा मध्य क्षेत्र में स्थित कई असंगत गतिविधियों को मध्य क्षेत्र से बाहर स्थानान्तरित किया जाना प्रस्तावित है, जबकि वर्तमान बस स्टैण्ड अकार्यक्षम भूमि उपयोग के रुप में चयन किया गया है । 3975

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

2 2035

खण्डवा विकास योजना|

मध्य क्षेत्र में स्थित तीनों उद्यानों को उनके वर्तमान क्षेत्र में ही विकसित कर संरक्षित किया जाना प्रस्तावित है, जबकि असंगत एवं अकार्यक्षम भू-उपयोग के अलावा अन्य उपयोग यथावत जारी रह सकेंगे , अपितु मार्गाधिकार में कार्यरत गतिविधियों को अन्यत्र स्थानान्तरित किया जाकर रिक्त भूमि को मार्ग चौड़ाई एवं ऑफ स्ट्रीट पार्किंग के रुप में उपयोग हेतु प्रस्तावित किया जाता है ।

(अ) यातायात समस्यायें (मध्य क्षेत्र) मध्य क्षेत्र में यातायात का स्वरुप एवं संबंधित समस्यायें निम्नानुसार है :-

क.

रेलवे स्टेशन से नगर पालिक निगम कार्यालय तक मिश्रित स्वरुप का यातायात है ।

ख.

फल एवं सब्जी, लोहारी का कार्य करने वाले, बर्तन बनाने वाला, छोटे -छोटे कपड़ा व्यवसायी, होटल , रेडीमेड कपड़ों की दुकानें, पत्ती बेचने वालों आदि द्वारा घंटाघर, बॉम्बे बाजार मार्ग , बुधवारा, शीतला माता मंदिर मार्ग , इतवारा बाजार, जलेबी चौक के पास , सराफा मार्ग, विट्ठल मंदिर मार्ग आदि पर मार्ग चौड़ाई में, व्यवसाय करने से, मार्गों का बहुत सा हिस्सा अतिक्रगणित है, जो यातायात को प्रभावित करता है । मध्य क्षेत्र में वाहन विराम के स्थान नगण्य है । सभी वाहन मार्गों के दोनों किनारों विराम किये जाते है, जो यातायात में बाधा उत्पन्न करते है । अतः मध्य क्षेत्र की वर्तमान परिभ्रमण संरचना में सुधार किया जाना आवश्यक है । इसमें मार्गों की चौड़ाई में वृद्धि किया जाना भी शामिल है ।

(ब) यातायात में सुधार (मध्य क्षेत्र)

मध्य क्षेत्र में कई मार्ग अत्यंत संकीर्ण है । अतः 6 मीटर से कम चौड़े समस्त मार्ग एवं गलियों का उपयोग पादचारी पथों के रुप होगा तथा इनमें तीव्र गति वाले भारी वाहन का प्रवेश निषिद्ध रहेगा ।

मध्य क्षेत्र में स्थित मार्गों की चौड़ाई

(स)

नगर के मध्य क्षेत्र में स्थित वर्तमान मार्गों की चौड़ाई जो कि प्रस्तावित मार्ग चौड़ाई से अधिक है , वह यथावत बनी रहेगी । वर्तमान मार्ग चौड़ाई निम्नानुसार प्रस्तावित है:-

3976

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

2035 खण्डवा विकास योजना

मध्य क्षेत्र के प्रमुख मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

मार्ग का नाम क्र

1

2

स्टेशन मार्ग 1

2

लोहारी नाका मार्ग 3 मच्छी बाजार मार्ग (पंधाना मार्ग से बस स्टैण्ड तक)

4

भगत सिंह मार्ग (मच्छी बाजार चौराहे से मानसिंहका मिल तक)

5

घासपुरा हिन्दी स्कूल मार्ग (अनाज मण्डी से घासपुरा हिन्दी स्कूल तक)

निद्वन्न मंदिर मार्ग 6

अ. घंटाघर से बजरंग चौक तक ब. बजरंग चौक से भगत सिंह प्रतिमा तत

7 महात्मा गांधी मार्ग (टाउन हॉल से रेलवे स्टेशन तक)

8

मदीना मस्जिद मार्ग (गिदवानी मार्केट से जैन मंदिर तक)

9 शीतला माता मंदिर मार्ग (जैन मंदिर से स्टेशन तक)

10 हरीगंज मार्ग (शिवाजी मार्ग से कुम्हार बेड़ा मार्ग )

11

मालीकुंआ मार्ग (कुम्हार बेड़ा चौराहे से तीन पुलिया तक)

जवाहरगंज मार्ग (तीन पुलिया से बड़ा बम चौक तक)

12

13

परदेशीपुरा मार्ग (सिंद्धनाथ आगरकर मार्ग)

14

खड़कपुरा मार्ग (इमलीपुरा चौरहे से मेन हिन्दी स्कूल तक)

15 शिवाजी मार्ग (शिवाजी चौक से शर्मा गैरेज तक )

16 कुम्हार बेड़ा मार्ग ( बड़ा बम चौक से बुधवारा तक)

17

पंधाना मार्ग (नगर निगम चौक से मानसिंहका मिल तक)

18

सराफा मार्ग ( घंटाघर से परदेशीपुरा तक)

सारणी 3-सा-1

मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर में) मार्ग की वर्तमान चौड़ाई (मीटर में)

4

3

18.0

18.0

18.0

15.0

13.7

18.0

18.0

12.8

12.2

15.0

12.0

12.0

18.0

12.0

15.8

18.0

15.0

13.7

9.8

12.0

9.0

7.0/9.0

15.0

13.7

18.0

14.0

18.0

10.7

9.0

7.3

18.0

15.0

12.0

10.4

21.0

19.8

12.0

9.0/10.0 3977

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Khandwa

KHANDWA

Legend

Waterbody MunicipalArsaBoundary

PlanningArenBoundary

NationalHighway

RailwayStation

Airport

RailwayLine(BroadGauge)

Bridge

VillageBoundary

VillageRoad

StateHighway

OtherPublicRoad

MajorCityRoad

MinorCityRoad

BusStand

MajorDistrictRoad

Source:Worldview-IISatellitedata 3.1EXISTINGTRANSPORTNETWORK

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Km 0.511.522.533.54

District-Khandwit

Scale 0

посрали панели коела на члене надале неделе NAJELE OKOLIE LOLIE KO NARE клерные модный корни парные мерие пари перки

ToHarsood

NH3478

NAHALDAN

ToAmravati

150

CHIRAKHAN

ToItarsi

ANDAMY

MALIPUSA

KHANDWA

To Hingoli

To Bhusawal

BADGAON

TARAPMALI

ToBurhanpur

KAWA

ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal τοπουτουέ

CHAIGAON

00:10

NH3478

32

ToIndndore

после какие носете нави невле кодые после не извлечетеле посоле навые пасты навеле найти на после нових [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3978

2035

खण्डवा विकास योजना|

(द) वाहन विराम स्थल (मध्य क्षेत्र)

मध्य क्षेत्र में वर्तमान वाहन विराम स्थल सुविधाजनक एवं उपयुक्त स्थल पर नहीं होने से निम्न स्थल वाहन विराम हेतु प्रस्तावित किये गये है ।

खण्डवा : प्रस्तावित वाहन विराम स्थल (मध्य क्षेत्र)

सारणी 3- सा-2 क्र

प्रस्तावित स्थल

मार्ग का नाम

3

2

1

1 महात्मा गांधी मार्ग

घंटाघर चौक , टाउनहॉल, केवलराम पेट्रोल पम्प के पास (सकलेचा स्टेशनरी मार्ग के सामने)

स्टेशन मार्ग

2

सिनेमा चौक , रेलवे स्टेशन के सामने, तीन पुलिया के पास, जैन डॉक्टर के सामने

3 सिद्धनाथ आगरकर मार्ग

बड़ाबम चौक (अग्रवाल होटल के सामने)

4

शिवाजी चौक के पास

नागचून मार्ग

5 मच्छी बाजार मार्ग

गांजा गोदाम के सामने, मच्छी बाजार (मेंहदी बाई फौजदार स्कूल के सामने)

जलेबी चौक

6

पंधाना मार्ग

वर्तमान बस स्टैण्ड परिसर

बस स्टैण्ड

7

प्रस्तावित वाणिज्यिक क्षेत्र (मध्य क्षेत्र)

(इ)

मध्य क्षेत्र में मुख्यतः मिश्रित भूमि उपयोग पाया गया है, जिसमें वाणिज्यिक गतिविधियां अधिक संचालित है, इसे यथावत रखा गया है । केवल असंगत भूमि उपयोगों की ही पुनर्स्थापना प्रस्तावित की गई है । मध्य क्षेत्र में वर्तमान के अतिरिक्त वाणिज्यिक उपयोग प्रस्तावित नहीं किये गये है, ताकि बाहरी क्षेत्र में विभिन्न स्तरों पर वाणिज्यिक केन्द्र का विकास हो सके । अतः वर्तमान वाणिज्यिक मार्गों को ही वाणिज्यिक मार्ग प्रस्तावित किये गये है, जो निम्नानुसार है :-

वाणिज्यिक मार्ग

क)

1. स्टेशन मार्ग

2. मच्छी बाजार मार्ग (पंधाना मार्ग से बस स्टैण्ड)

3. भगतसिंह मार्ग (मानसिंहका मिल से मच्छी बाजार मार्केट तक )

4. विठ्ठल मंदिर मार्ग

5. महात्मा गांधी मार्ग (बॉम्बे बाजार)

6. मदीना मस्जिदमार्ग (जैन मंदिर से गिदवानी मार्केट तक)

7. शीतला माता मंदिर मार्ग 3979

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

1

खण्डवा विकास योजना 2 2035 8. जवाहरगंज मार्ग

9. शिवाजी मार्ग

10. पंधाना मार्ग

11. सराफा मार्ग

12. बुधवारा बाजार

वाणिज्यिक सह आवासीय मार्ग

ख)

1. घासपुरा हिन्दी स्कूल मार्ग

2. हरीगंज मार्ग

3. मालीकुंआ मार्ग

4. परदेशीपुरा मार्ग

5. खड़कपुरा मार्ग

ग) मध्य क्षेत्र के अतिरिक्त निम्नलिखित मार्गों को भी वाणिज्यिक मार्ग प्रस्तावित किया गया :-

1. इन्दौर मार्ग

2. पंधाना मार्ग

3. अमरावती मार्ग

4. आनंद नगर मुख्य मार्ग (पोलिटेकनिक तक)

5. नागचून मार्ग

6. रामेश्वर मार्ग

7. पुरानी इन्दौर लाईन मार्ग

8. गुरुद्वारा मार्ग 1

3.4 मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

विभिन्न श्रेणी के मार्गों की चौड़ाई , दीर्घकालीन यातायात, यातायात सघनता, स्वरुप तथा विशिष्टता को दृष्टिगत रखते हुए सारणी क्रमांक 3-सा-3 एवं मानचित्र क्रमांक 3.2 में दर्शाये अनुसार प्रस्तावित की गई है :-

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1 3980

2035

खण्डवा विकास योजना

मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

सारणी 3 -सा-3

उद्देश्य

मार्ग खण्ड

मार्ग का नाम

क्र

प्रस्तावित चौड़ाई (मी. मे)

5

4

3

2

1

(क) क्षेत्रीय मार्ग

(अ) खण्डवा -इन्दौर मार्ग

24 1

क्षेत्रीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

45

क्षेत्रीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

अस्पताल चौराहे से सूत मिल तक सूत मिल से आगे

(ब ) खण्डवा - बुरहानपुर मार्ग

24 2

क्षेत्रीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

मानसिंहका मिल तिराहे से आबना नदी तक

45 आबना नदी से आगे

क्षेत्रीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

(स) खण्डवा-अमरावती मार्ग

24 3

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

एस.एन. कॉलेज से रामनगर तक

45 रामनगर से आगे

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

(द) खण्डवा- हरसूद मार्ग

24 4

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

एस.एन. कॉलेज से केन्द्रीय विद्यालय तक

45 केन्द्रीय विद्यालय से आगे

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

(इ) खण्डवा- नर्मदा नगर मार्ग

24 5

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

रामेश्वर पुलिया से सुभाष नगर

45

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

सुभाष नगर से आगे

(फ) खण्डवा- नागचून मार्ग

24 6

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

नेहरु स्कूल चौराहे से इकबाल नगर तक

45

नगरीय यातायात

इकबाल नगर से आगे

सम्पूर्ण मार्ग

(ख) वृत्तीय मार्ग

45

नगरीय यातायात

1

सम्पूर्ण मार्ग

वृत्तीय मार्ग क्रमांक-1

30 2

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

वृत्तीय मार्ग क्रमांक-2

45 3

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

वृत्तीय मार्ग क्रमांक-3

45 4

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

वृत्तीय मार्ग क्रमांक-4

(ग) बायपास मार्ग

45 बायपास मार्ग क्रमांक-1

1

नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

3981

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

बायपास मार्ग क्रमांक-2 2

बायपास मार्ग क्रमांक-3 3

(घ) मुख्य मार्ग

1

मुख्य मार्ग क्रमांक-1 2

मुख्य मार्ग क्रमांक-2 3

मुख्य मार्ग क्रमांक-3 4

मुख्य मार्ग क्रमांक-4 5

मुख्यमार्ग क्रमांक-5 6

मुख्य मार्ग क्रमांक-6 7

मुख्य मार्ग क्रमांक-7 8

मुख्यमार्ग क्रमांक-8 9

मुख्य मार्ग क्रमांक-9 10

मुख्य मार्ग क्रमांक-10 11

मुख्य मार्ग क्रमांक-11 12

मुख्य मार्ग क्रमांक-12 13

मुख्य मार्ग क्रमांक-13 14

मुख्य मार्ग क्रमांक -14 15

मुख्य मार्ग क्रमांक-15 16

मुख्य मार्ग क्रमांक-16 17

मुख्य मार्ग क्रमांक-17 18

मुख्य मार्ग क्रमांक-18 19

मुख्य मार्ग क्रमांक-19 20

मुख्य मार्ग क्रमांक-20 21

मुख्य मार्ग क्रमांक-21 22

मुख्य मार्ग क्रमांक-22 23

मुख्य मार्ग क्रमांक-23 24

मुख्य मार्ग क्रमांक-24 25

मुख्य मार्ग क्रमांक-25 26

मुख्य मार्ग क्रमांक-26 (ड) अन्य मार्ग

भंडारिया मार्ग 1

रामेश्वर मार्ग 2

3

सिविल लाईन मार्ग (तीन पुलिया से सुभाष स्कूल तिराहे तक )

2035 खण्डवा विकास योजना

45 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

45 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

30 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

30 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

30 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

30 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

30 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

18 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

18 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

18 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

30 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

45 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

18 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

18 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

18 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

30 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

3982

PlanningArea

WIDTH

18M

24M

24M

24M

18M

24M

2414

18M

45M

18M

30M

24M

18M

30PM

18M

30M

Khandwa

यातायातनगर

पिकअपस्टेशन

खण्डीयमार्ग

वृत्त्तीयमार्ग

परिवहन मुख्यमार्ग

बसस्थानक

Km

ROADNAME

MR-24

MR-25

MR-20

MR-17

MR-25

MR-21

MR-19

MR-22

MR-14

MR-16

MR-18

MR-15

MR-12

MR-23

MR-11

MR-13

===रायपासमार्ग

KHANDWA

Legend

WIDTH

24M

24M

24M

24M

24M

24M

30M

24M

45M

30M

15M

30M

30M

45M

45M

45M

45M-30M

Source:ArchiveMasterplanbyT&CP TRANSPORTATION

TransportNagar

Bypass SectorRoad

MajorRoad

BusStand

RingRoad

PickUpStation

3.2PROPOSEDTRANSPORTNETWORK

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

ROADNAME

MR-7

MR-6

MR-1

MR-3

MR-8

MR-2

MR-5

MR-10

RR-2

MR-2

MR-4

BYPASS-3

BYPASS-2

AR-3

RR-4

RR-1

BYPASS-1

Scale District-Khandva

00.511.522.533.5

ToHarsood

ToAmravati

NH34783

ToHarsi

ToHingoli

To Bhusawal

ToBurhanpur

ToIndore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

worewifewriterwilivefeeweivewisewheremorewaivewolveswerewirewouswolvewalsowisemaherralesmalas

ToIndoraNH

ким капле можете поле касание

κατίεчи

τες και 3983

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

जेल मार्ग

4

2035 खण्डवा विकास योजना

18 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

5

30 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

पुरानी इन्दौर रेलवे लाईन मार्ग 6

24 नगरीय यातायात

सम्पूर्ण मार्ग

गणेश तलाई मुख्य मार्ग

खण्ड मार्ग

(च)

उपखण्ड मार्ग (छ)

स्थानीय मार्ग (ज)

पादचारी

(झ)

नोट: -

18 स्थानीय यातायात

12-15 स्थानीय यातायात

9-12 स्थानीय यातायात

स्थानीय यातायात

सारणी में दर्शायी गयी मार्ग की जानकारी पूर्व विकास योजना से ली गयी है एवं जिस स्थान पर मार्ग की वर्तमान चौड़ाई प्रस्तावित चौड़ाई से अधिक उपलब्ध है, वहां वर्तमान चौड़ाई यथावत रहेगी ।

3.5 यातायात प्रणाली में सुधार

नगर की वर्तमान मार्ग संरचना एवं यातायात प्रणाली को दृष्टिगत रखते हुए यातायात तकनीक के माध्यम से नगर की वर्तमान यातायात व्यवस्था में सुधार लाया जाकर यातायात प्रवाह की क्षमता बढ़ायी जा सकती है ।

3.5.1 मार्ग संगमों का सुधार

खण्डवा नगर में चौराहे सबसे अधिक सक्रिय केन्द्र है । यह भी पाया गया कि, इन मार्ग संगमों पर पार्किंग , वाणिज्यिक गतिविधियां आदि भी सक्रिय रहती है तथा इन गतिविधियों से चौराहों पर यातायात का आवागमन, भीड़- भाड़ और यातायात अवरुद्ध की स्थिति बनती है और चौराहों पर यातायात क्षमता काफी कम हो जाती है । नगर के विभिन्न मार्ग संगम को सुविधाजनक एवं सुरक्षित यातायात की दृष्टि से सुधारा जाना प्रस्तावित है । मध्यक्षेत्र के अंतर्गत तथा मध्यक्षेत्र के बाहर कुछ मार्ग संगमों को नगरीय रुपांकन एवं नियंत्रण की दृष्टि से विकसित किया जाना प्रस्तावित किया गया है, जो निम्नानुसार है :-

(1 ) घंटाघर चौक

(3) तीन पुलिया चौराहा

(5) इमलीपुरा मस्जिदचौक

(7) गिदवानी मार्केट चौक

(9) चिड़िया मैदान तिराहा

(11 ) बड़ाबम चौराहा ।

(13) एस.एन. कॉलेज तिराहा

(15) मानसिंहका मिल तिराहा

(17) रामेश्वर पुलिया तिराहा (2) केवलराम पेट्रोल पम्प चौराहा (4) जिला कार्यालय तिराहा

(6) बस स्टैण्ड चौराहा

(8) इंदिरा चौक

(10) टाउन हॉल चौक

(12) मच्छी बाजार चौराहा

(14) कुम्हारबेड़ा चौराहा

(16) माता चौक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3984

[भाग 1

2035

खण्डवा विकास योजना

नगर के प्रमुख चौराहों की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव है । यह तकनीकी रुप से यातायात की मात्रा की गणना पर आधारित है , जिससे सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए न्यायसंगत डिज़ाइन का निर्धारण किया जा सकता है ।

3.6 यातायात अवसान केन्द्र

यातायात के मुख्य अवसान केन्द्र बस स्टैण्ड तथा ऑटो एवं तांगा स्टैण्ड है । यहां बस , ट्रक, ट्रेक्टर ट्रॉली एवं मॉल वाहन अवसान किये जाते है ।

1. प्रस्तावित बस स्टैण्ड

2. औद्योगिक क्षेत्र (यातायात नगर के पास)

3. कलेक्टोरेट

4. रेलवे स्टेशन

5. रेलवे माल गोदाम क्षेत्र

6. शासकीय अस्पताल

7. सिंहाड़ा मार्ग

8. प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र

9. वर्तमान तथा प्रस्तावित मण्डी क्षेत्र

10. लाल चौकी

11. नागचून तालाब

12. रामनगर

13. किशोर नगर तिराहा

बस स्टैण्ड

(अ)

नगर में मध्य स्थित वर्तमान बस स्टैण्ड के पास ओव्हर ब्रिज बनने के कारण काफी मात्रा में स्थान की कमी हो गई है , जिस कारण वर्तमान बस स्टैण्ड को स्थानान्तरित किया जाना प्रस्तावित है । विकास योजना 2031 में इन्दौर नाके के पास बस स्टैण्ड एवं डिपो प्रस्तावित किया गया था, किन्तु उसका विकास नहीं हो सका । अतः पुनः विकास योजना 2035 में भी उसी स्थान पर बस स्टैण्ड एवं बस डिपो प्रस्तावित किया गया है , तथा वर्तमान बस स्टैण्ड को पिकअप स्टेशन के रुप में उपयोग किया जावेगा ।

बस डिपो

(ब)

बस डिपो को भी नवीन प्रस्तावित बस स्टैण्ड कैम्पस में स्थानान्तरित किया जाना प्रस्तावित है । 3985

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

Khandra

Km

0.5

KHANDWA

Legend

Source:GroundVerification RailwayLine

NationalHighway

3.3EXISTINGBUSSTOP

VillageBoundary

Road

BUSSTOP

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District

HANDWA FARMMAD

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal [भाग 1 3986

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

2035

खण्डवा विकास योजना

ट्रक स्थानक

(स)

विकास योजना 2031 में अनाज मण्डी के पास दादाजी बायपास मार्ग पर ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित किया गया था, जिसका विकास नगर निगम के द्वारा किया जा रहा है । ट्रांसपोर्ट नगर का विकास पूर्ण ना होने के कारण भारी वाहनों को शहर की सड़कों पर अव्यवस्थित रुप से आवाजाही करते हुए देखा जा सकता है । इसलिए ट्रांसपोर्ट नगर के लिए विकास योजना में दो स्थानों पर प्रस्ताव दिया गया है । ट्रांसपोर्ट नगर के लिए संभावित स्थान शहर की सीमा के बाहर तथा सभी दिशाओं से आने जाने के लिए सुलभ होना चाहिए ।

पिकअप स्टैण्ड

(द)

नगर में सार्वजनिक परिवहन की कमी एवं आबादी को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य मार्गों पर बस स्थानक के लिए निम्नानुसार स्थान उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है :-

1. शिवाजी चौक

2. बुरहानुपर नाका

3. किशोर नगर तिराहा

4. इन्दौर मार्ग झीलोद्यान

5. वर्तमान बस स्टैण्ड

6. रामनगर

7. अस्पताल के पास

8. मानसिंहका मिल तिराहा

9. हरसूद नाका

10. तीन पुलिया

11. माता चौक

12.लाल चौकी

13. सिनेमा चौक

खण्डवा नगर में ऑटो और तांगा परिवहन का मुख्य साधन है । ऑटो नगर से सभी मुख्य मार्गों पर मध्यवर्ती परिवहन सेवा के रुप में कार्य कर रहे है । ये वाहन सार्वजनिक परिवहन का प्रमुख साधन है, लेकिन उचित पार्किंग , रिक्त स्थान की कमी के कारण , यह यातायात के प्रवाह के लिए समस्या उत्पन्न कर रहे है, इसलिए ऑटो स्टैण्ड तथा तांगा स्टैण्ड हेतु स्थानीय संस्था द्वारा निर्धारित किया जाना आवश्यक है । 3987

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

वाहन विराम स्थल

3.7

किसी भी नगर के यातायात एवं अवसान केन्द्रों के आसपास वाहन विराम स्थलों का होना अत्यंत आवश्यक है , ताकि वाहनों के आवागमन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो । नगर में पार्किंग अधोसंरचना का अभाव है, जिसके कारण सभी प्रकार के वाहन मार्गों पर विराम होते है । इसका प्रभाव पैदल मार्ग , सड़क पर पैदल चलने वाले लोग तथा सायकिल चालक आदि पर पड़ता है और दुर्घटना का खतरा भी रहता है ।

नगर के विभिन्न स्थानों पर विशेषतः सघन गतिविधि क्षेत्रों के समीप मार्गों के किनारे वाहन विराम हेतु स्थल नियत करना, मार्गों की यातायात वाहन क्षमता को बनाये रखने के लिये बहुत आवश्यक है । अतः सभी मुख्य कार्य केन्द्रों, वाणिज्यिक केन्द्र , औद्योगिक एवं अवसान केन्द्रों के निकट वाहन विराम हेतु निम्नानुसार स्थल प्रस्तावित किये गये है :-

1. वर्तमान बस स्टैण्ड

2. रेलवे स्टेशन

3. सिनेमा चौक

4. शिवाजी चौक

5. नगर निगम प्रांगण

6. शासकीय अस्पताल परिसर

7. औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित एवं वर्तमान

8. घंटाघर क्षेत्र (हल्के वाहन हेतु)

9. केवलराम पेट्रोल पम्प के सामने

10. गांजा गोदाम के सामने

11. लोहारी नाका (ओव्हर ब्रिज के नीचे)

12. स्टेडियम के पास

13. सभी मुख्य मार्गों के किनारे

नगरीय अधोसंरचना

3.8

वर्ष 2035 तक खण्डवा निवेश क्षेत्र की जनसंख्या लगभग 3.50 लाख तक पहुँचना अनुमानित है । नगर अधोसंरचना के घटकों का विकास जैसे जलप्रदाय , निकासी नालियां तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को इस प्रकार प्रस्तावित किया गया है, जिससे नगरवासियों को स्वस्थ्य पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सके । इसके अतिरिक्त नगर विकास योजना, वृहद् पर्यावरणीय प्रबंध योजना तथा नगरीय जल प्रदाय एवं पर्यावरणीय सुधार योजना के प्रस्ताव भी यथा आवश्यक उचित सुधारों के साथ , इस विकास योजना में समाविष्ट किए गए है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3988

2035

खण्डवा विकास योजना

3.8.1 जलप्रदाय

वर्तमान में निवेश क्षेत्र में सुक्ता डेम, नर्मदा पाईप लाईन एवं नागचून तालाब ही जल प्रदाय का प्रमुख स्त्रोत है । इसके अतिरिक्त नगरवासी नगर के विभिन्न भागों में स्थित हेण्ड पम्पों के माध्यम से जल प्रदाय हेतु आश्रित है । वर्ष 2035 के लिए लगभग 51.98 एम.एल.डी. पानी की आवश्यकता होगी । सी.पी.एच.ई.ई.ओ. मानकों के अनुसार पानी की 135 एल.पी.सी.डी. की दर से आपूर्ति करने की आवश्यकता है, तदानुसार भावी मांग का आकलन किया गया है :-

जल आपूर्ति आवश्यकता का अनुमान

सारणी 3-सा-4

जनसंख्या

वर्ष

मांग (एम.एल.डी.)

3

2

1

38.48

259121

2021

46.81

315242

2031

51.98

350000

2035

टीप :- अतिरिक्त 10% मात्रा को अस्थायी आबादी के लिए शामिल किया गया है ।

उपरोक्त तालिका से स्पष्ट है कि, निवेश क्षेत्र के लिये जल प्रदाय प्रणाली मे सुधार एवं जल प्रदाय की योजना बनाने की आवश्यकता है, जिसका क्रियान्वयन योजना काल में किया जाना प्रस्तावित है ।

3.8.1.1 भू-जल आवर्धन

नगर में जलसंकट अधिक होने के कारण पुराने एवं नये जल स्त्रोतों का संवर्धन आवश्यक है । कुंओं, हेण्ड पम्पों एवं नलकूपों में जल वर्षा को एकत्रित कर भू-जल पुनर्भरण (रुफ वॉटर हार्वेस्टिंग) एक असरदार तकनीक है । इसमें भू- जल भण्डार में वृद्धि होगी , साथ ही रिचार्ज पिट (गड्डा) ट्रैच रिचार्ज किया जा सकता है । इन पद्धतियों का समावेश, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 में भी किया गया है । इसका पालन प्रत्येक विकासकर्ता / निर्माणकर्ता को करना अनिवार्य होगा । इसके अतिरिक्त अति दोहन वाले क्षेत्र में नये नलकूपों का निर्माण तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है ।

जल- मल निकासी

3.8.2

वर्षा जल निकास की उपयुक्त व्यवस्था का नगर में अभाव है । तीन पुलिया, आनन्द नगर तथा जय अम्बे चौक (बुरहानपुर मार्ग) क्षेत्र में वर्षा जल का जमाव हो जाता है । अन्य नई कॉलोनियों तथा नागचून मार्ग , भंडारिया एवं जसवाड़ी मार्गों पर निर्मित कॉलोनियों में वर्षा जल निकास की व्यवस्था नहीं है । वर्षा जल प्रवाह की उपयुक्त व्यवस्था किया जाना प्रस्तावित है । 3989

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

वर्तमान में नगर में भूमिगत जल- मल निकास एवं विसर्जन की व्यवस्था नहीं है । नगर मे भूमिगत जल तंत्र का प्रावधान करना प्राथमिक आवश्यकता है । सी.पी.एच.ई.ई.ओ. मार्ग निर्देशों के अनुसार किसी भी क्षेत्र में जल- मल निकासी की व्यवस्था वहां की जल आपूर्ति की 80 % मात्रा के लिए की जानी चाहिए । निम्न तालिका में 2035 तक की जल - मल उत्पत्ति का आकलन किया गया है:-

सीवेज का अनुमान

सारणी 3-सा-5 जनसंख्या

वर्ष

अनुमानित सीवेज (एम.एल.डी. मे)

3

2

1

30.78

259121

2021

37.45

315242

2031

41.58

350000

2035

टीप :- जल आपूर्ति मांग की मात्रा के 80 % की दर से सीवेज जनरेशन ।

इस संबंध में स्थानीय संस्था द्वारा सम्पूर्ण निवेश क्षेत्र के लिये योजना तैयार की जानी चाहिये, जिसका क्रियान्वयन योजना काल में किया जाना प्रस्तावित है ।

योजनाकाल तथा वर्तमान जनसंख्या हेतु, भूमिगत जल- मल प्रवाह की नालियों की व्यवस्था सम्पूर्ण नगर पालिक निगम क्षेत्र में की जाकर इसके उपचार हेतु जल - मल शोधन संयंत्र की व्यवस्था किया जाना अत्यंत आवश्यक है । जल स्त्रोतों के प्रदूषण को रोका जाकर शोधित जल पुनः उपयोग की व्यवस्था किया जाना प्रस्तावित है ।

घरेलू मल निकासी हेतु नालियां तथा वर्षा जल की निकासी हेतु वर्षा जल प्रवाह नालियां, इस प्रकार पृथक-पृथक नालियां उपलब्ध कराई जायेगी । शहर में निकासी की व्यवस्था हेतु निम्नलिखित दृष्टिकोण बनाए गए है :-

1. खुले में शौच से मुक्त शहर हेतु सभी मकानों / भवनों में शौचालय । 2. 100 प्रतिशत नगर को सम्मिलित करती हुई नाली व्यवस्था ।

3. नाली व्यवस्था से सम्पर्क बनाए रखने हेतु सुविधायें एवं प्रोत्साहन । 4. स्वतंत्र स्वशासी तथा सक्षम संगठन ।

5. नाली प्रणाली / रीति का निर्धारण तथा सेवाओं पर निगरानी ।

6. उपचारित गंदे पानी का पुनर्चक्रीकरण व पुनः उपयोग ।

7. वाणिज्यिक स्थानों, बगीचों तथा लोक स्थानों पर सुव्यवस्थित सशुल्क शौचालय । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

3990

A

PlanningArea

Khandwa

1.5

KHANDWA

Legend

Waterbody MunicipalAreaBoundary

ProposedDistributionPipeline

PlanningAreaBoundary

VillageBoundary

RallwayLine

NationalHighway

Road

StateHighway

OverHeadTank

05

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 3.4PROPOSEDWATERSUPPLYNETWORK

Source:UarbanAdministration&DevelopmentDirectorate

Scale

KHANDWA

DirectorateofTown&&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

КНАМОЛА TARAFKUNBE 3991

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

PlarnengAves

Khandwa

KHANDWA

Legend

CommunityTollet

Source:GroundVerification Waterbody

MunicipalAreaBoundary

0.5

RailwayLine

NationalHighway

VillageBoundary

Road

StateHighway

3.5EXISTINGCOMMUNITYTOILET

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale DistrictKhandwa

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

APUR

NCOL मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3992

[भाग 1

2035

खण्डवा विकास योजना

8. आर्थिक रुप से वहन किए जाने योग्य नाली व्यवस्था ।

9. मेलों एवं धार्मिक पर्वों में आने वाले श्रद्धालुओं/ पर्यटकों की सुविधा हेतु चलित ... शौचालय अथवा स्वच्छ आधुनिक (मोड्यूलर ) / जैविक शौचालय की व्यवस्था । विकास योजना में वर्तमान आबादी वाले क्षेत्रों के साथ-साथ भविष्य में विकसित किये जाने वाले क्षेत्रों हेतु समग्र रुप से संगठित जल- मल व्यवस्था के साथ जल- मल निकासी की योजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन करना प्रस्तावित है ।

खण्डवा शहर की वर्ष 2035 की जनसंख्या 3.50 लाख के आधार पर अपशिष्ट जल के शोधन की आवश्यकता हेतु वर्तमान में शहर में स्थापित शोधन संयंत्र में क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है । इसके अतिरिक्त पुराने शोधन संयंत्र की क्षमता बढ़ाने एवं नवीन संयंत्र स्थापित करने की भी आवश्यकता है ।

3.8.3 विद्युत प्रदाय

वर्तमान में नगर को म.प्र . राज्य विद्युत ग्रिड से विद्युत प्रदाय की जाती है । नगर में 33 के.वी. के 7 विद्युत उपकेन्द्र विद्यमान है ।

1. इन्दौर मार्ग

2. पंधाना मार्ग

3. सिविल लाईन

4. महर्षि आश्रम

5. भंडारिया मार्ग

6. आनन्द नगर

7. पुराना पावर हाउस

उपरोक्त विद्युत केन्द्रों के द्वारा सम्पूर्ण नगर में विद्युत प्रदाय किया जाता है । नगर में आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक तथा अन्य कुल 51014 विद्युत कनेक्शन है, जिनके द्वारा 95.25 एम.के.डब्लु.एच . विद्युत की खपत होती है । वर्तमान में हरसूद मार्ग पर 23.00 हेक्टेयर भूमि में वर्ष 2004 में पावर ग्रिड कार्पोरेशन द्वारा विद्युत पावर ग्रिड स्थापित की गई है । साथ ही निकट भविष्य में बीड़ नगर के पास स्थापित होने जा रहे विद्युत ताप परियोजना के पूर्ण होने पर भविष्य की आवश्यकता की पूर्ति हो सकेगी । वर्ष 2035 तक आवश्यक विद्युत आपूर्ति की मात्रा का अनुमान यू.आर.डी.पी.एफ.आई. मार्गदर्शिका पर आधारित है, जिसके अनुसार खपत की सिफारिश 1000 यूनिट प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष अथवा 2.74 के. डब्ल्यू.एच. प्रति व्यक्ति प्रति दिन है , जिसमें घरेलु व्यावसायिक, औद्योगिक तथा अन्य आवश्यकतायें शामिल है । घरेलू वाणिज्यिक एवं औद्योगिक विद्युत खपत की जानकारी सारणी 3 - सा-6 में दी गई है : - 3993

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

विद्युत आपूर्ति मांग का विश्लेषण

सारणी 3-सा-6

विद्युत आपूर्ति मांग

जनसंख्या

वर्ष

विद्युत मांग (यूनिट के.डब्ल्यू.एच . में)

3

2

1

259121000

2021

259121

315242000

315242

2031

350000000

350000

2035

विकास योजना की सीमाओं के अंतर्गत क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की मांगों पर विचार करते हुए यह आवश्यक है कि, विद्यमान इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करते हुए विद्युत वितरण क्षमता को बढ़ाया जाए । यू.आर.डी.पी.एफ.आई. मार्गनिर्देशों के अनुसार 15 हजार की जनसंख्या के लिए 33/11 के.वी. के एक विद्युत सब स्टेशन का प्रावधान किया जाना चाहिए । अतः वर्ष 2035 तक की जनसंख्या की विद्युत मांग को मेन स्टेशन से 33 के.वी. वोल्टेज स्तर पर विद्युत के आयात द्वारा पूरा किया जा सकता है । इसके अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए नगर के अन्दर अथवा आसपास 33/11 के.वी. के अतिरिक्त सब स्टेशन का निर्माण करने की आवश्यकता है । समुचित सड़क मार्गों में प्रकाश की व्यवस्था करने की भी आवश्यकता है।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन

3.8.4

सी.पी.एच.ई.ई.ओ. मानकों के अनुसार नगर में कूड़े कचरे की उत्पत्ति की मात्रा 0.2 से 0.6 किलोग्राम प्रति व्यक्ति होती है । खण्डवा के लिए यह अनुमानतः 0.25 किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन है, भावी मांग का आकलन नीचे दिया गया है :-

ठोस अपशिष्ट उत्पादन 2035

सारणी 3- सा-7 जनसंख्या

वर्ष

अनुमानित जनरेशन (एम.टी. में)

3

2

1

71.26

259121

2021

86.69

315242

2031

96.25

350000

2035

टीप :- अतिरिक्त 10 % मात्रा को अस्थायी आबादी के लिए शामिल किया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1 3994

A

PlarningArea

Khandwa

Km

1.5

KHANDWA

Legend

Transformer

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

ElectricSubStation

VillageBoundary

StateHighway

SourceMPPKVVCompanyLtd.

Road

Poles

33KvLine

11KvLine

С.Б

3.6POWERSUPPLYNETWORK

......MunicipalAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale District-Kha

76220

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

HANDWA KUNE

CE 3995

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

22035

खण्डवा विकास योजना

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तंत्र प्रणाली के अंतर्गत पुनर्चक्रीकरण प्रणाली अपनायी जा सकती है, जो स्थानीय संस्थाओं के आय का स्त्रोत सिद्ध होगी । पुनर्चक्रीकरण प्रणाली से ठोस अपशिष्ट, कागज, लोह धातु, कांच , रबर एवं प्लास्टिक जैसे उत्पादों को पृथक कर विभिन्न उद्योगों द्वारा पुनः उपयोग में लिया जा सकता है । इस प्रकार छोटे उद्योगों की स्थापना सुदृढ़ होगी तथा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे । ठोस अपशिष्ट के अन्य शेष अंशों का उपयोग ऊर्जा एवं जैविक खाद्य उत्पादों में किया जा सकता है, जो आसपास के ग्रामीण कृषि क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा ।

खण्डवा शहर से निकलने वाले कचरें को नगर पालिक निगम के कचरा संग्रहण वाहन (Door To Door Collection ) के माध्यम से इकट्ठा किया जाता है । ठोस अपशिष्ट के मुख्य स्त्रोत घरेलू, व्यवसायिक, अस्पताल/ नर्सिंग होम, फल एवं सब्जी बाजार एवं औद्योगिक क्षेत्र आदि होते है, जिसकी मात्रा का आकलन नगर में निवास करने वाली जनसंख्या, व्यवसायिक एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान , औद्योगिक क्षेत्र आदि के साथ- साथ नगर के आर्थिक एवं सामाजिक स्वरुप के आधार पर निर्धारित किया जाना आवश्यक होगा । औसतन विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन निकलने वाली मात्रा के आधार पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन किया जाना आवश्यक है । इस हेतु ट्रेंचिंग ग्राउण्ड के लिए नगरीय ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन एवं हथालन ) नियम में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उपयुक्त भूमि का निर्धारण गैर नगरीय क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जावेगा, जो कि कृषि क्षेत्र के अंतर्गत अनुज्ञेय होगा । प्रत्येक तंत्र / प्रणाली के अंतर्गत पुनर्चक्रीकरण की प्रणाली अपनाई जा सकती है, जो स्थानीय संस्थाओं के संबंध में होने वाले व्यय की पूर्ति कर आय का स्त्रोत एवं भविष्य में एक उपलब्धि सिद्ध होगी । इससे छोटे उद्योगों की स्थापनाओं की संभावना सुदृढ़ होगी । साथ ही इस क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी । ठोस अपशिष्ट का उपयोग ऊर्जा एवं भौतिक खाद उत्पादों में किया जा सकता है, जो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कृषि कार्य के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे ।

3.8.5 शैक्षणिक

नगर में शैक्षणिक सुविधायें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है । नगर में वर्तमान में नर्सरी एवं प्राथमिक शाला 78 , माध्यमिक विद्यालय 21 , उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 17 , सामान्य विद्यालय 06, कृषि महाविद्यालय 01 , इंजीनियरिंग कॉलेज 01 तथा तकनीकी एवं अन्य संस्था 04 है । इसके लिये निजी शिक्षण संस्थायें भी संचालित है । विशिष्ट स्तर के अन्य शैक्षणिक संस्थाओं की कमी होने के कारण भावी आवश्यकता एवं नगर विस्तार को देखते हुए विकास योजना में सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि प्रस्तावित की गई है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

3996

[भाग 1

2035

खण्डवा विकास योजना

3.8.6 स्वास्थ्य

नगर में स्वास्थ्य सुविधायें अंतर्गत वर्तमान में 09 शासकीय एवं 13 निजी ऐलोपेथिक, 32 निजी आयुर्वेदिक, 30 निजी होम्योपेथिक , 30 निजी युनानी, 21 शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 02 निजी नर्सिंग होम तथा जिला अस्पताल उपलब्ध है । नगर में निवासरत् नागरिक विशेषीकृत उपचार हेतु इन्दौर पर निर्भर है ।

3.9 अन्य सुविधायें

अग्निशमन केन्द्र

1.

अग्निशमन सेवायें आग लगने, दुर्घटनाओं, भवन के गिरने आदि आपात परिस्थितियों में नगर की आवश्यकता की पूर्ति करती है । नगर में वर्तमान में 02 अग्निशमन केन्द्र है, जिसका आधुनिक उपकरणों सहित विस्तार प्रस्तावित है । इसमें से एक नगर पालिक निगम तथा दूसरा कृषि उपज मण्डी समिति द्वारा संचालित किये जा रहे है । आपातकालीन परिस्थितियों में अन्य नगरों से सेवायें प्राप्त की जाती है । इसके अतिरिक्त भावी आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए एक और आधुनिक सुविधाओं से युक्त अग्निशमन केन्द्र स्थापित किया जाना प्रस्तावित है ।

शमशान घाट एवं कब्रिस्तान 2.

नगर में वर्तमान में 2 श्मशानघाट एवं 2 कब्रिस्तान उपलब्ध है, वे तब तक उपयोग में रहेगें, जब तक ये पर्यावरण की दृष्टि से अनुपयुक्त न हो जावें । नगर के भावी विकास को देखते हुए नये कब्रिस्तान एवं श्मशान घाट, आमोद -प्रमोद एवं प्रस्तावित मार्गों को छोड़कर अन्य समस्त उपयोगों के अंतर्गत अनुज्ञेय होंगे, किन्तु इनके स्थल का चयन जन सामान्य की मांग पर कलेक्टर, स्थानीय संस्था एवं नगर तथा ग्राम निवेश की सहमति से किया जाएगा ।

संचार

3.

वर्तमान में नगर स्तर का दूरभाष उपकेन्द्र भंडारिया मार्ग तथा बस स्टैण्ड के पास कुल 2 दूरभाष केन्द्र संचालित है । वर्तमान में लैण्डलाईन कनेक्शन की संख्या 11 हजार एवं मोबाईल कनेक्शन की संख्या 68 हजार से अधिक है । शहर में लगभग 137 मोबाईल टावर है । वर्तमान में सेलफोन (मोबाईल ) का उपयोग अधिक होने से लैण्ड लाईन फोन के उपयोग में कमी आई है । अतः वर्तमान दूरभाष केन्द्र पर्याप्त प्रतीत होता है । 3997

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Krandwa

Km

05

KHANDWA

Legend

3.7EXISTINGATM

Source:GroundVerification RailwayLine

NationalHighway

VillageBoundary

Road

StateHighway

ATM

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scelo District-Kra

0

ARAYMALI

KHANDWA

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

3998

2035

खण्डवा विकास योजना

4. डाकतार

नगर में एक मुख्य डाक एवं तार घर तथा 4 उप डाकघर कार्यरत है । वर्तमान में दूरभाष एवं मोबाईल फोन का अधिक प्रचलन के कारण डाकतार कार्य में कमी आई है, इसके कारण वर्तमान डाकघर हेतु क्षेत्र पर्याप्त प्रतीत होता है ।

5. सुरक्षा

वर्तमान में नगर में स्थित आरक्षी केन्द्रों के अतिरिक्त पुलिस विभाग की आवश्यकता के अनुसार नवीन आरक्षी केन्द्र की व्यवस्था किया जाना भी प्रस्तावित है । 6. तरल पेट्रोलियम गैस (एल.पी.जी.)

नगर में वर्तमान में 5 गैस वितरण संस्थायें कार्यरत है, जिनमें कुछ वितरण संस्थाओं के गोदाम नगर में स्थित होने से दुर्घटनायें होने की संभावनायें रहती है । इस कारण नगर के वर्तमान आबादी क्षेत्रों के बाहर गैस गोदामों को कृषि क्षेत्र में स्थानान्तरित किया जाना प्रस्तावित है । कृषि उपयोग परिक्षेत्र में एल.पी. जी. गोदामों की स्थापना अनुज्ञेय होगी ।

7. धोबीघाट

नगर में कोई संगठित धोबीघाट नहीं है, किन्तु आबना नदी पर रामेश्वर घाट को धोबी घाट के रुप में उपयोग में लाया जाता है । अतः आबना नदी पर स्थित घाट का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है ।

3.9.1 धार्मिक एवं सांस्कृतिक सुविधायें

नगर का स्वरुप निर्धारित करने के लिए सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का अध्ययन आवश्यक है , इसका नागरिकों के जीवन स्तर से घनिष्ठ संबंध होता है ।

नगर में विभिन्न प्रकार के धार्मिक आयोजनों के अंतर्गत निम्नलिखित मेलों का आयोजन प्रमुख रुप से होता है:-

1. गुरु पूर्णिमा मेला

दादाजी धुनीवाले के प्रांगण में आषाढ़ पूर्णिमा पर 3 दिन का मेला लगता है, जिसमें नगर के अतिरिक्त आसपास के क्षेत्र तथा महाराष्ट्र आदि से लाखों श्रद्धालु मेले में सम्मिलित होते है । मेले के आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए दादा दरबार से लगी भूमि मेला ग्राउण्ड हेतु प्रस्तावित की गई है । 3999

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

2. राम सप्ताह मेला यह मेला प्रति वर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी से पूर्णिमा तक विट्ठल मंदिर प्रांगण, घंटाघर एवं गांधी भवन प्रांगण में लगता है । गांधी भवन में यह मेला एक माह तक रहता है । इस मेले हेतु कोई अतिरिक्त स्थान उपलब्ध नहीं है ।

3. भवानी माता मेला

भवानी माता मंदिर प्रांगण (जो दादाजी धुनी वाले दरबार से लगा हुआ है ) में प्रतिवर्ष नवरात्रि एवं चैत्र माह में 2 बार मेलों का आयोजन होता है । भवानी माता मंदिर के पीछे काफी भूमि रिक्त है, जिसमें मेले हेतु भूमि आरक्षित की गई है । 4. नवचण्डी मेला नवचण्डी माता मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष बसंत पंचमी से एक माह तक नवचण्डी मेले का आयोजन होता है । इस मेले में काफी अधिक मात्रा में स्थानीय एवं बाहर के व्यापारी अपनी दुकानें एवं स्टॉल लगाते है । जिसमें बड़ी संख्या में दर्शनार्थी सम्मिलित होते है । इस मेले हेतु विकास योजना में स्थान आरक्षित किया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4000

[भाग 1

खण्डवा विकास योजना 2035

अध्याय-4

विकास योजना प्रस्ताव 2035 4.1 विकास योजना 2035 की अवधारणा

खण्डवा विकास योजना 2031 के अधिकांश प्रस्तावों को , विकास योजना 2035 में यथावत रखा गया है । सेटेलाईट आधार पर प्राप्त मानचित्रों का स्थल पर सत्यापन कराया जाकर वर्तमान भूमि उपयोग की त्रुटि सुधार करना भी पुनर्विलोकित विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया में समाहित है । विगत वर्षों में नियोजन अनुभव के आधार पर यह कहां जा सकता है कि, परम्परागत आवासीय क्षेत्रों के साथ मुख्य मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास हुआ है । इसके साथ ही मुख्य मार्गों पर ही नगर स्तरीय सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक उपयोग का विकास हुआ है । नगर का वर्तमान विकास सिंहाड़ा मार्ग, अमरावती मार्ग तथा इन्दौर मार्ग पर अधिक हुआ है, जिस कारण से इन मार्गों पर सुनियोजित विकास हेतु समग्र प्रस्ताव दिये गये है । यह इस बात का द्योतक है कि, भविष्य में नगरीय विकास की दिशा में यातायात संरचना का मुख्य योगदान रहेगा । वर्ष 2020 तक की स्थिति में लगभग 13 हेक्टेयर भूमि मिश्रित उपयोग में विकसित हुई है । इससे यह स्पष्ट होता है कि, शहर का विकास अब मिश्रित उपयोग की ओर बढ़ रहा है ।

नगरीय आबादी का विकास इस प्रकार से सुनियोजित किया गया है कि, प्रमुख कार्य केन्द्र तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आपसी तालमेल विकल्पों के साथ बना रहे । नगर के भिन्न -भिन्न कार्यकलापों को नये क्षेत्रों में प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव है, ताकि नगर की जनसंख्या में वृद्धि होने के पश्चात् भी उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार की जा सके । नगर के पश्चिम एवं उत्तर की ओर के भू- भाग नगरीय विकास में सर्वथा उपयुक्त होने के कारण सुनियोजित बसाहट के विकास हेतु अधिकाधिक उपयुक्त एवं सुविधाजनक प्रस्ताव प्रस्तावित किये गये है । इसी प्रकार आनन्द मार्ग , पंधाना मार्ग एवं इन्दौर मुख्य मार्ग पर रिक्त भूमि की उपलब्धता एवं वाणिज्यिक आवश्यकता को देखते हुए , उक्त मार्ग वाणिज्यिक क्षेत्र के रुप में उभरा है । विभिन्न क्षेत्रीय मार्ग की श्रृंखलाओं को विकसित किया जाना अत्यावश्यक है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय एवं अंतर्राज्यीय यातायात का नगर की आबादी वाले क्षेत्रों में आवागमन बंद किया जा सकता है । नगर से गुजरने वाली आबना नदी एवं नाले के तटीय क्षेत्र एवं जल भराव क्षेत्र के समीप जल प्रदूषण रोकने के उद्देश्य से हरित क्षेत्र का विकास प्रस्तावित किया जाना आवश्यक है । वर्तमान नगर में स्थित दबाव को कम करने एवं कार्य केन्द्रों के युक्ति युक्तकरण को दृष्टिगत रखते हुए मिश्रित उपयोग प्रस्तावित किया गया है, जिसमें आवासीय , वाणिज्यिक 4001

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

तथा सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक गतिविधियों व सार्वजनिक सुविधाओं का समावेश किया जाना महत्वपूर्ण है ।

योजना कालावधि

विकास योजना कालावधि नगर विकास की एक सतत् प्रक्रिया है तथा इस प्रक्रिया में अनेक घटकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । इन सभी घटकों में कालावधि को नगर के विकास तथा नियोजन हेतु आधार माना जाता है । कालावधि के आधार पर नगर की भावी जनसंख्या की आवश्यकताओं आदि को अनुमानित कर नगरं का भावी स्वरुप निर्धारित किया जाता है । खण्डवा नगर के वर्तमान एवं भावी विकास को दृष्टिगत रखते हुए विकास योजना की कालावधि वर्ष 2035 तक निर्धारित की गई है । अतः नगर की भावी जनसंख्या एवं अन्य आवश्यकताओं का निर्धारण उपरोक्त कालावधि हेतु किया जाने के साथ- साथ इसमें दीर्घकालीन आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा गया है ।

विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग एवं नगरीय अधोसंरचना के प्रस्ताव केवल विकास योजना कालावधि तक सीमित नहीं रखे जा सकते है । नगर विकास एक सतत् प्रक्रिया है एवं योजना कालावधि के बाद के नगरीय विकास के लिए आधारभूत संरचना उपयोगी सिद्ध होगी । अतः खण्डवा विकास योजना के प्रस्ताव योजना कालावधि समाप्त हो जाने के उपरांत भी विकास योजना के पुनर्विलोकन एवं उपांतरण होने तक अथवा विकास योजना प्रस्तावों के संतृप्त होने तक प्रभावशील रहेंगे ।

4.2 प्रस्तावित भूमि उपयोग

खण्डवा विकास योजना 2031 में भूमि उपयोगिता दर 11.39 हेक्टेयर प्रति हजार व्यक्ति की मान से नियोजन प्रस्ताव दिये गये थे । खण्डवा विकास योजना 2035 में नगर के संतुलित एवं नियोजित विकास को दृष्टिगत रखते हुए विकसित क्षेत्र में आवासीय घनत्व को कम करने हेतु प्रस्तावित क्षेत्र में 14.20 हेक्टेयर प्रति हजार व्यक्ति की भूमि उपयोगिता दर से नगरीय विकास प्रस्तावित है, जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 4- सा-1 एवं मानचित्र क्रमांक 4.1 में दर्शायी गई है :-

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4002

2035 खण्डवा विकास योजना

प्रस्तावित भूमि उपयोग 2035

क्र

भूमि उपयोग वर्गीकरण

वर्तमान विकसित क्षेत्रफल 2020 (हेक्टेयर मे)

प्रस्तावित क्षेत्र विकास योजना 2031 (हेक्टेयर मे)

3

1

2

4 1

2400.20 943.31 आवासीय

0.00

12.80 मिश्रित

2

173.20

290.07

3 वाणिज्यिक

362.05 111.50 4 औद्योगिक

386.39 318.93 5

सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक

6

40.56 43.16 सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें

413.61 34.10 7 आमोद-प्रमोद

754.23

8

483.31 यातायात एवं परिवहन

2120.31

4647.11

कुल

सारणी 4-सा-1

कुल प्रस्तावित क्षेत्र 2035 (हेक्टेयर में)

प्रतिशत

क्षेत्रफल (4+5+6)

भूमि उपयोगिता दर नवीन प्रस्तावित क्षेत्र (हेक्टेयर में)

विकास योजना 2031 का शेष क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

6

8

9

7

5

2405.17 48.38

6.87

1456.89 4.97

0.00

-12.80 0.00

0.00

116.87

0.83 1.75 291.82 5.87

1.06 9.46

371.51 7.47

250.55

67.46 100.83 487.22 9.80

1.39

0.89

0.13 3.47

44.03

-2.60

1.67

11.76

584.77

379.51 171.16

270.92

2.25

787.13 15.83

32.90

100.00

4971.65

14.20

2526.80 324.54

स्त्रोत:- नगर तथा ग्राम निवेश एवं जी.आई.एस. आधारित विश्लेषण वर्ष 2020

टीप :-

1. वर्ष 2011 की जनसंख्या 212991

2. वर्ष 2020 की आकलित जनसंख्या 254508

3. वर्ष 2021 की आकलित जनसंख्या 259121

4. वर्ष 2035 की आकलित जनसंख्या 350000

A भूमि उपयोग प्रस्तावों का विवरण

आवासीय

4.2.1

आवासीय क्षेत्र निवेश ईकाई के रुप में प्रस्तावित है । आवासीय क्षेत्र में सामुदायिक सेवायें एवं सुविधायें उपलब्ध है । इन क्षेत्रों का कार्य केन्द्रों से सुगम परिभ्रमण संरचना द्वारा संबंध स्थापित होगा तथा यह क्षेत्र क्षेत्रीय यातायात से अविचलित रहेंगे । भीड़- भाड़ से युक्त वर्तमान आवासीय क्षेत्र में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है । नगर के विभिन्न आय वर्गों के लोगों की क्रय क्षमता के अनुरुप सभी के लिए आवासीय क्षेत्र उपलब्ध कराने की नीति, 4003

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

विकास योजना का महत्वपूर्ण लक्ष्य है । इस प्रकार के प्रावधान आश्रय गृह उपलब्ध कराने के अतिरिक्त नगरवासियों के सामाजिक, आर्थिक एवं जीवन मूल्यों के उत्थान में सहायक होगें । वर्तमान मकानों की कमी तथा भविष्य की आवश्यकता की पूर्ति हेतु कुल 2405.17 हेक्टेयर भूमि आवासीय उपयोग अंतर्गत रखी है । आवासीय उपयोग के अंतर्गत प्रस्तावित भूमि का प्रतिशत 48.38 है ।

4.2.2 मिश्रित

खण्डवा विकास योजना 2031 में मिश्रित भूमि उपयोग हेतु प्रस्ताव नहीं दिये गये थे । आवासीय परिसरों में बाजार के आर्थिक आवश्यक बल के कारण सामाजिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास आवासीय परिसरों में हुआ है । बाजार के आर्थिक आवश्यक बल होने के कारण आवासीय परिसरों में वाणिज्यिक गतिविधियों की मांग और बढ़ रही है । अतः अब ऐसी नीति बनाने की आवश्यकता है, जिसके फलस्वरुप नागरिकों की वास्तविक आवश्यकता एवं नागरिकों की सुविधा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मध्य संतुलन बना रहे । इस हेतु आवासीय, वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक उपयोग में मिश्रित गतिविधियां स्वीकार्य की गई है ।

वाणिज्यिक

4.2.3

नगर की वर्तमान वाणिज्यिक गतिविधियां प्रमुखतः मध्य क्षेत्र तथा मुख्य मार्गों के किनारे स्थित है । इन मार्गों पर अत्यधिक यातायात दबाब रहता है एवं वाहन विराम स्थलों की कमी भी है । इन क्षेत्रों को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से वाणिज्यिक केन्द्रों का विकेन्द्रीकरण करने के लिए विकास योजना 2035 में वाणिज्यिक उपयोग के अंतर्गत कुल 291.82 हेक्टेयर भूमि वाणिज्यिक उपयोग अंतर्गत है । वाणिज्यिक उपयोग के अंतर्गत प्रस्तावित भूमि का प्रतिशत 5.87 है ।

औद्योगिक

4.2.4

खण्डवा नगर में व्यापक औद्योगिक विकास नहीं हो सका है, जिसका मुख्य कारण अधोसंरचना का अभाव एवं पानी की कमी है । नगर में मुख्य औद्योगिक क्षेत्र इन्दौर नाके के पास तथा पंधाना मार्ग पर स्थित है, जो भविष्य की आवश्यकताओं की दृष्टि से काफी कम है । नगर में कृषि आधारित उद्योगों तथा घरेलू एवं सेवा उद्योग की काफी संभावना है । कृषि भूमि उपयोग अंतर्गत गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की गतिविधियों को मान्य किया गया है । नगर में औद्योगिक विकास कृषि उपज के आधार पर स्थापित होने वाले प्रदूषण रहित औद्योगिक ईकाईयों के रुप में प्रस्तावित है । इन औद्योगिक ईकाईयों के लिए नगर में कुल 371.51 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक उपयोग अंतर्गत है । औद्योगिक उपयोग के लिए प्रस्तावित भूमि का 7.47 प्रतिशत है । 4004

मध्यप्रदेश

राजपत्र ,

दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1

PUFIC

A

디라 5958

PlanningArea

Knanda

नार्वजनिकसे०एंखं

थितक्षेत्र

सार्वजनिकएवंअईसार्वजनिक

हमाईसरुवा

Arnvi

परिवहन

KHANDWA

Legend

EXISTINGPROPOSED

DEVELOPMENTPLAN(DRAFT2035) 4.1ProposedLanduse

Source:ArchiveMasterplanbyT&CP

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

TRANSPORTATION

CATEGORIZED

CREMATORIUMCRVEND

WATERBODIES

RECREATIONAL

AGRICULTURE

TRANSPORTMAGAR

MUNICIPAL

COMMERCIAL

RESIDENTIAL

BOUNDARIES PLAMINGAREA

CENTRALAREA

POUCATIONANDREARCH

ELECTRICSUBSIANON

EALTHISOCIALCULTURAL NSTITUTIONALACTATTES

INDUSTRIAL

ARPORI

VILLAGE

GENENALMOUSTRIES

RAILWAYSTATION RAILIARYLINE

AFFORESTATION STADIUM

GCHORAL

FONDE

PUBLICINSTITUTIONAR ADMINISTRATIVEAREA

NALA

EXAMS/TIONGROUND

MANDI

ROADE

PARK

GENERALRESIDENTUAL MIXEDLANDUS

PUBLICUTILITIES& FACILMES

BUSSTAND

PUBLIC&SEMIPUBLIC

DistrictKhandwa

Km Scale 00.511.522.533.54

ToHarsood

=ToAmravati

weweeswalt ToItarsi

ToHingoll

To Bhusawal

ToBurhanpur

To Indore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIndore

noctest made nose nabit после небе носиле навле после se salse naisse nochese nobise 4005

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Khandwa

Km

0.35

सार्वजनिकसंस्थानऔर

सामान्यश्रावासीय मिश्रितउपयोग

सार्वजनिकएवअर्थसार्वजनिक

वाणिज्यिक

गण्डी

સત્ય01

परिवहन

जनपानयनमार्ग

पिकअपस्टेशन

आवासीय

सीमाए कयक्षेत्र

आमोदप्रमोद उद्यान

Legend

Source:ArchiveMasterplanbyT&CP KHANDWADEVELOPMENTPLAN2035

TRANSPORTATION

CENTRALAREA 4.2ProposedLanduse&TransportNetwork

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal INSTITUTIONALACTIVITIES

ADMINISTRATIVEAREA

RECREATIONAL

BOUNDARIES

COMMERCIAL

PARKING

RESIDENTIAL

CENTRALARIA

RAILWAYSTATION

RAILWAYLINE

GENERAL

HOADS

PUBLICINSTITUTIONSAND

EDUCATIONANDRESEARCH HEALTH/SOCIAL/CULTURAL

GENERALRESIDENTIAL MIXEDLANDUSE

MANDI

HARK

PickUpStuten

JANPARNAYINKUAU

PUBLIC&SEMPUBLIC

Scale District

ToBhusawal To tarsi

BadePulRD

Tolindore

Mundi Rd

Φ

P

MabemRd

ToHingoli ImliPur PuraRd

M.GRd

RamganiRd

JalebiChoukRd

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

PandhanaRa

BhawaniMataRd [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

4006

2035

खण्डवा विकास योजना

4.2.5 सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक

सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत कुल 487.22 हेक्टेयर भूमि है । सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत प्रस्तावित भूमि का प्रतिशत 9.80 है । इस उपयोग के अंतर्गत शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं अन्य अनुशांगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए ही भूमियों की आवश्यकता होगी । वर्तमान अपर्याप्त क्षेत्र के लिए शैक्षणिक संस्थायें तथा अकार्यक्षम भूमि उपयोगों की पुनर्स्थापना के लिए भी भूमि का प्रावधान समाहित किया गया है ।

4.2.6 सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें

विकास योजना में सार्वजनिक उपयोगिता एवं सुविधायें के अंतर्गत कुल 44.03 हेक्टेयर भूमि है । सार्वजनिक उपयोगिता एवं सुविधाओं के अंतर्गत प्रस्तावित क्षेत्र का प्रतिशत 0.89 है । सार्वजनिक उपयोगिता के अंतर्गत जल - मल शोधन संयंत्र, कचरा प्रबंधन संयंत्र, विद्युत केन्द्र के विकास हेतु प्रावधान किए गए है । नवीन श्मशानघाट, कब्रिस्तान आदि का विकास कृषि उपयोग के अंतर्गत स्वीकार्य होगा । इसके लिए क्षेत्र का निर्धारण स्थानीय निकाय एवं जिला प्रशासन द्वारा किया जाना प्रस्तावित है ।

4.2.7 आमोद-प्रमोद

विकास योजना में आमोद -प्रमोद के अंतर्गत, विकास योजना 2035 में कुल 584.77 हेक्टेयर भूमि उपयोग प्रस्तावित की गई है । आमोद -प्रमोद के अंतर्गत प्रस्तावित क्षेत्र का प्रतिशत 11.76 है । इस उपयोग के अंतर्गत क्षेत्रीय उद्यान, खेल मैदान, खुले क्षेत्र , मेला मैदान, स्टेडियम एवं वृक्षारोपण प्रस्तावित है । इसके अतिरिक्त आबना नदी एवं नालों के किनारे भूमि विकास नियम , 2012 के प्रावधान अनुसार निर्धारित सीमा तक खुला क्षेत्र रखा जाना आवश्यक है ।

4.2.8 यातायात एवं परिवहन

विकास योजना में यातायात क्षेत्र के अंतर्गत , विकास योजना 2035 में कुल 787.13 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है । यातायात क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित भूमि का प्रतिशत 15.83 है । यातायात एवं परिवहन उपयोग के अंतर्गत नगरीय मार्गों के विस्तार के निर्माण तथा स्थानीय मार्गों की यातायात संरचना पदानुक्रम में विकास के लिए प्रस्तावित की गई है । 4007

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

4.3

आवास आवश्यकता

आवासीय ईकाईयों की भावी आवश्यकताओं का अनुमान भावी जनसंख्या , परिवार का आकार तथा वर्तमान एवं भावी आर्थिक , सामाजिक परिस्थितियों आदि पर आधारित होता है । जनगणना 2011 के अनुसार खण्डवा नगर में कुल 30769 परिवार, 27514 आवासों में निवास करते है । प्रत्येक परिवार को एक स्वतंत्र आवास आवश्यकता के मान से वर्ष 2011 में 3255 मकानों की कमी आती है । वर्ष 2011 में नगर में औसत परिवार आकार 6.92 व्यक्ति है । वर्ष 2035 में औसत परिवार आकार 5.0 मानते हुए आवश्कताओं का अनुमान किया गया है । वर्ष 2035 में नगर की अनुमानित जनसंख्या 3.50 लाख के अनुमान से परिवार आकार 5.0 व्यक्ति के आधार पर आवासीय ईकाईयों की आवश्कताओं का विवरण सारणी क्र 4 - सा-2 में दर्शाया गया है । नगर में आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु निम्नानुसार कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है:-

नगरीय अधोसंरचना तथा सेवा- सुविधाओं के विकास हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना ।

निजी संस्थाओं तथा सामुदायिक समूहों द्वारा भूमि के विकास में आने वाली रूकावटों को दूर करना ।

नियोजन एवं विकास अनुज्ञा की प्रक्रिया का सरलीकरण ।

उपयुक्त आवासीय क्षेत्रों / कॉलोनियों के नियमितीकरण की कार्यवाही शीघ्र किया जाना । 4008

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1

2 2035

खण्डवा विकास योजना

अनुमानित परिवार एवं आवास आवश्यकतायें

सारणी 4- सा-2

आवासीय ईकाइयों की आवश्यकता

विवरण

क्र

2035

2011

3

4 1

2

350000

जनसंख्या

212991

1

अतिरिक्त जनसंख्या वर्ष 2035 तक

2

137009 औसत परिवार का आकार

5.0 3

6.92

27402

अतिरिक्त परिवार

4

24662 5

वर्ष 2035 में 90 प्रतिशत परिवारों की आवास आवश्यकता

8650

33312 6

वर्ष 2011 की कमी को सम्मलित करते हुए आवास की आवश्यकता

5053 वर्ष 2011 से 2019 तक निर्मित अतिरिक्त आवास

7

28259 8

वर्ष 2019 तक निर्मित अतिरिक्त आवास को घटाकर आवास की आवश्यकता

4886 9

निवास योग्य रहवासी ईकाइयों की प्रतिवर्ष एक प्रतिशत की दर से पुनर्स्थापना (32567 मकान)

33145 10

कुल आवास आवश्यकता

स्त्रोत :- नगर तथा ग्राम निवेश

आवासों की कमी के आकलन में निवेश क्षेत्र को लिया गया है । नगर में गंदी बस्तियों तथा झोपड़ियों का 100 प्रतिशत का पुनर्निर्माण की कमी के रुप में शामिल किया गया है । प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गंदी बस्तियों तथा झोपड़ियों के व्यवस्थापन हेतु 893 ईकाईयां निर्मित की गई है तथा 1795 ईकाईयों का निर्माण किया जा रहा है । वर्ष 2035 में आवास की आवश्यकता 33145 है ।

नगर में आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु निम्न कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित है :-

नगरीय अधोसंरचना तथा सेवा - सुविधाओं के विकास हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना ।

निजी संस्थाओं तथा सामुदायिक समूहों द्वारा भूमि के विकास में आने वाली रुकावटों को दूर करना ।

नियोजन एवं विकास अनुज्ञा की प्रक्रिया का सरलीकरण ।

4009

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

उपयुक्त आवासीय क्षेत्रों / कॉलोनियों के नियमितीकरण की कार्यवाही शीघ्र । किया जाना ।

4.4 निवेश ईकाईयां

खण्डवा विकास योजना 2031 में निवेश क्षेत्र को 5 निवेश ईकाईयों में विभक्त किया गया था । वाणिज्यिक, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के कार्य केन्द्रों के संबंध में प्रत्येक ईकाई का एकात्मक कार्य सुनिश्चित किया गया था , इसको आधार मानकर विकास योजना 2035 में भी पूर्व निवेश ईकाईयों के क्षेत्र को यथावत रखा गया है ।

तुलनात्मक वृद्धि से परिपूर्ण एवं आत्मनिर्भर निवेश ईकाई के मूल सिद्धांत के आधार पर नगर की विकास योजना तैयार की गई है । विकास योजना में नगर केन्द्र प्रमुख कार्य केन्द्र, नगर स्तरीय विभिन्न स्वास्थ्य एवं आमोद-प्रमोद केन्द्र, बस स्टैण्ड से इन ईकाईयों को समुचित रुप से जोड़ना प्रस्तावित है । प्रत्येक ईकाई को आवासीय क्षेत्रों एवं वृत्तखंडों में विभाजित किया गया है, जिसमें वृत्तखंड स्तरीय बाजार एवं अन्य सेवा सुविधायें उपलब्ध होगी । नगर में विद्यमान विभिन्न भूमि उपयोगों एवं प्रस्तावित विकास के स्वरुप को ध्यान में रखते हुए भौतिक संरचना के अनुरुप एक सुलभ एवं सरल आकार प्रदान कर इसे 5 निवेश ईकाईयों में विभाजित किया गया है । निवेश ईकाई का विस्तृत विवरण सारणी क्रमांक 4-सा-3 एवं मानचित्र क्रमांक 4.3 में दर्शित है :-

निवेश ईकाई वार भूमि उपयोग

सारणी 4-सा-3

निवेश ईकाईयां

क्र

निवेश ईकाईयां

कुल क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

3

2

1

2230.82

1

निवेश ईकाई क्रमांक-1

1596.36

2

निवेश ईकाई क्रमांक-2

2504.55

3

निवेश ईकाई क्रमांक-3

1268.34

निवेश ईकाई क्रमांक-4

4

1391.46

5

निवेश ईकाई क्रमांक-5

8991.53

योग

निवेश ईकाई क्रमांक -1

4.4.1

इस निवेश ईकाई की सीमा उत्तर में निवेश क्षेत्र सीमा तक, पश्चिम में नागचून मार्ग होते हुए रेलवे समतलपारण से तीन पुलिया की दक्षिणी सीमा तक तथा पूर्व में तीन [भाग 1 4010

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

ingArea

A

(AreaInha)

KHANDWA

Legend

Waterbody

4.3PLANNINGUNIT

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

PlanningUnitBoundary(1391.46)

PlanningUnitBoundary(1268.34)

PlanningUnitBoundary(2504.55)

PlanningUnitBoundary(1596.36)

RallwayLine

PlanningUnitBoundary(2230.80)

NationalHighway

VillageBoundary

Road

StateHighway

PlanningUnit

Source:DepartmentofTown&CountryPlanning

Landuse&UrbanSurveyDivision RemotsSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

00.511522.533.54

DistrictKhaniwa

ToHarsood

ToAmravati

NAHALDAN

BHAND

CHRARAKHAN

ToItarsi

TARAFKUNE

MALIPURA

ToHingoli

HANDWA RAFMANKAR

ToBhusawal

KHANDWA TARAFMALI

BADGAON

KHANDWA

TARAFKUN

KHURO

ToBurhanpur

NADCHOON

SAPUR

KALAN

ROSHNAI

RAHEMAPUR

ToIndore ToAhmedpur

BURGAON

JOSHI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

DEVI

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NH3478

ToIndore

човечки ние побем кости повлечеле навеле нагло новые кости побиле настные навыя песения ночные пледеле капки покани каби 4011

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 पुलिया से इटारसी रेलवे लाईन के समानान्तर ग्राम बड़गांवभिला की उत्तरी सीमा तक है । इस निवेश ईकाई का कुल क्षेत्रफल 2230.82 हेक्टेयर है । इस निवेश ईकाई में पॉलीटेक्निक , आई.टी.आई, बी.टी.आई. आदि स्थित है ।

4.4.2 निवेश ईकाई क्रमांक-2

इस निवेश ईकाई की सीमा पूर्व में निवेश ईकाई क्रमांक-1 की सीमा वर्तमान बस स्टैण्ड से होकर इन्दौर मार्ग के समानान्तर ग्राम रानियाखेड़ी, महताखेड़ी की पश्चिमी सीमा तथा उत्तर पश्चिम में निवेश क्षेत्र सीमा तक है । इस निवेश ईकाई में औद्योगिक क्षेत्र, कन्या महाविद्यालय, प्रकाश हॉस्पिटल तथा अन्य माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सम्मिलित है । इस निवेश ईकाई का कुल क्षेत्रफल 1596.36 हेक्टेयर है ।

4.4.3 निवेश ईकाई क्रमांक-3

इस निवेश क्षेत्र के उत्तर में इन्दौर मार्ग, पूर्व में भुसावल रेलवे लाईन व निवेश क्षेत्र सीमा तथा दक्षिण तथा पश्चिम निवेश क्षेत्र सीमा स्थित है । इस निवेश ईकाई में दादा दरबार, यातायात नगर, नई कृषि उपज मण्डी, दादाजी इंजीनियरिंग कॉलेज , वर्तमान औद्योगिक क्षेत्र, पुरानी कृषि उपज मण्डी, वर्तमान बस स्टैण्ड, कब्रिस्तान, किशोर कुमार की समाधि आदि सम्मिलित है । इस निवेश ईकाई का कुल क्षेत्रफल 2504.55 हेक्टेयर है ।

निवेश ईकाई क्रमांक-4

इस निवेश ईकाई के पश्चिम में भुसावल रेलवे लाईन , उत्तर में हरसूद मार्ग , तथा पूर्व एवं दक्षिण में निवेश क्षेत्र सीमा स्थित है । इस निवेश ईकाई में सिविल लाईन क्षेत्र है, जिसमें अधिकांश शासकीय कार्यालय , कृषि महाविद्यालय , एस.एन. महाविद्यालय , विधि महाविद्यालय , सुभाष स्कूल आदि सम्मिलित है । इस निवेश ईकाई का कुल क्षेत्रफल 1268.34 हेक्टेयर है ।

4.4.5 निवेश ईकाई क्रमांक-5

इस निवेश ईकाई के उत्तर - पश्चिम में इटारसी रेलवे लाईन, दक्षिण में हरसूद मार्ग एवं उत्तर पूर्व में निवेश क्षेत्र सीमा स्थित है । इस निवेश ईकाई में स्टेडियम, गौरीकुंज, सुरजकुण्ड, शैक्षणिक संस्थायें, विश्राम गृह, पुलिस परेड ग्राउण्ड आदि सम्मिलित है । इस निवेश ईकाई का कुल क्षेत्रफल 1391.46 हेक्टेयर है ।

4.5 असंगत भूमि उपयोगों की पुनर्स्थापना

विभिन्न गतिविधियों की पुनर्स्थापना से रिक्त हुए स्थल के उपयोग के प्रस्ताव सारणी क्रमांक 4- सा -4 में दर्शाये गए है :-

4012

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

2035 खण्डवा विकास योजना

असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोगों की पुनर्स्थापना

वर्तमान स्थल भूमि उपयोग

क्र

3

2

1

असंगत भूमि उपयोग

1

इमलीपुरा पशुवध गृह

2

गंज बाजार सोला खोली मेकेनिक शॉप

कल्लनगंज 3

इतवारा बाजार गैरेज एवं ट्रक पार्किंग

कल्लनगंज 4 घास बाजार

5 आरा मशीनें

लक्कड़ बाजार शनि मंदिर के पास

गंज बाजार 6 लोहा बाजार

मच्छी बाजार

7

कहारवाड़ी दाल मिल

8

इन्दौर मार्ग केवलराम पेट्रोल पम्प के पीछे

गणेश तलाई 9

ईट भट्टे, मिट्टी के खिलौने एवं बर्तन बनाना

जलेबी चौक 10

भवन निर्माण सामग्री

अकार्यक्षम भूमि उपयोग

बस स्टैण्ड

स्टेशन मार्ग 1

आवासीय बस्ती

2

घासपुरा 3 क्षयरोग ईकाई

शासकीय चिकित्सालय परिसर

पंधाना मार्ग कपास मण्डी

4

कोतवाली के सामने

आबकारी डिपो

5

सारणी 4-सा-4 प्रस्तावित स्थल

रिक्त भूमि का प्रस्तावित उपयोग 4

5

छिपा कॉलोनी वाणिज्यिक

वाणिज्यिक यातायात नगर

वाणिज्यिक यातायात नगर

शक्कर तालाब के पास वाणिज्यिक

वाणिज्यिक बुरहानपुर मार्ग औद्योगिक क्षेत्र

वाणिज्यिक इन्दौर नाके के पास

वाणिज्यिक छिपा कॉलोनी

वाणिज्यिक औद्योगिक क्षेत्र निवेश ईकाई क्रमांक-2

आवासीय जूना पानी निवेश क्षेत्र के बाहर

निवेश ईकाई क्रमांक-3

वाणिज्यिक सह आवासीय

पिकअप स्टेशन सूत मिल के पास निवेश ईकाई क्रमांक-3

प्रस्तावित आवासीय क्षेत्र

वाणिज्यिक सह आवासीय निवेश ईकाई क्रमांक-3

सार्वजनिक/ अर्धसार्वजनिक

वाणिज्यिक निवेश ईकाई क्रमांक-3

वाणिज्यिक प्रस्तावित वाणिज्यिक / कृषि 4013

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2 2035

खण्डवा विकास योजना

वाणिज्यिक

पंधाना मार्ग निवेश ईकाई क्रमांक-3

6 अनाज मण्डी

कार्यकेन्द्र

4.5.1

वाणिज्यिक, औद्योगिक तथा प्रशासनिक गतिविधियां, नगर की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को प्रतिबिंबित करती है । यह गतिविधियां यातायात के मुख्य उदित केन्द्र होने से इनका नियोजन इस प्रकार किया गया है कि, जिससे आवासीय क्षेत्र से इनके मध्य न्यूनतम यात्रा समय द्वारा सुविधाजनक सुरक्षित एवं तीव्र गति द्वारा पहुँच सुनिश्चित हो सके । 4.5.2 व्यापार एवं वाणिज्यिक

व्यापार एवं वाणिज्यिक की प्रकृति एवं मात्रा किसी भी नगर की आर्थिक समृद्धि को प्रभावित करते है । इस नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्य राजमार्ग सहित केन्द्रीय क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधि चल रही है । पुराने शहर के अनेकों हिस्सों में वाणिज्यिक विकास है । नगर में वर्तमान में गतिविधियों को रिटेल एवं होलसेल व्यापार, कृषि मण्डी एवं अनौपचारिक क्षेत्र में व्यापक रुप में विभाजित किया जा सकता है । रिटेल एवं अनौपचारिक गतिविधियां केन्द्र में स्थित मुख्य बाजारों में पाई गई है । अनेक छोटे पैमाने की रिटेल दुकानें मुख्यतः घरों के भूतल पर चलाई जाती है ।

वाणिज्यिक गतिविधि केंन्द्रों का वर्गीकरण नगर एवं निवेश ईकाई स्तर पर किया गया है । इसके अतिरिक्त वाणिज्यिक मार्गों को गतिविधि कॉरिडोर के रुप में चिन्हित किया गया है । इनमें स्थल विशेष एवं भविष्य की आवश्यकता अनुसार व्यवसायिक गतिविधियां स्वीकार्य होगी ।

नगर स्तरीय वाणिज्यिक केन्द्र

4.5.3

नगर स्तर की वाणिज्यिक गतिविधियां वर्तमान में मध्य क्षेत्र एवं उससे संलग्न क्षेत्र में केन्द्रित है । मध्य क्षेत्र में भीड़- भाड़ के कारण नगर स्तर की गतिविधियां नवीन वाणिज्यिक क्षेत्रों में प्रस्तावित की गई है । अग्रेषण अभिकरण गतिविधियां भी मध्य क्षेत्र से स्थानान्तरित कर यातायात नगर में प्रस्तावित की गई है ।

कार्यालय

4.5.4

जिला स्तरीय , तहसील स्तरीय एवं स्थानीय संस्थाओं के कार्यालय वर्तमान में सिविल लाईन क्षेत्र में अलग-अलग भवनों में कार्यरत है । इन कार्यालयों को एकीकृत रुप से संचालित किये जाने हेतु एकीकृत भवन का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4014

20 2035

खण्डवा विकास योजना

4.5.5 नगरीय धरोहर एवं संरक्षित क्षेत्र

खण्डवा निवेश क्षेत्र में स्थित वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व एवं प्राकृतिक परिदृश्यों के क्षेत्रों को संरक्षित एवं संवर्धित किए जाने की आवश्यकता है । इस हेतु पुरातत्व विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार संरक्षित क्षेत्र मान्य होगा ।

अनौपचारिक सेक्टर

4.6

बेरोजगार एवं सीमित रुप से रोजगार से जुड़े कर्मी जो रोजगार की तलाश में है अथवा आर्थिक उन्नति के लिए आशान्वित है , अनौपचारिक वर्ग के अंतर्गत आते है । यह वर्ग शहर की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है तथा आवासीय क्षेत्र के लिए सेवा जनसंख्या के रुप में भी कार्य करते है ।

खण्डवा में पथ विक्रेता के द्वारा विक्रय का कार्य समस्त नगर में किया जाता है । पथ विक्रताओं की संख्या का आकलन नहीं है, तथापि यह अनुमान लगाया जा सकता है कि, आबादी की 1 प्रतिशत दर अर्थात करीब 2500 पथ विक्रेता वर्तमान में है । यह विक्रेता शहर के आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान करते है । यह रोजगार का ही एक मुख्य स्त्रोत नहीं है , बल्कि अधिकांश शहरी आबादी को किफायती सेवायें भी प्रदान करता है ।

अनौपचारिक गतिविधियां मुख्य रुप से कार्य केन्द्रों, वाणिज्यिक केन्द्रों, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के बाहर, यातायात केन्द्रों एवं बड़े आवासीय समूहों के आसपास स्थापित हो जाती है । चूंकि आर्थिक गतिविधियों में उनकी एक महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है । इसलिए औपचारिक वर्ग के साथ- साथ अनौपचारिक गतिविधियों के लिए भी विकास योजना में प्रस्ताव रखे गये है ।

अनौपचारिक गतिविधि क्षेत्रों की योजना, व्यापार एवं विभिन्न प्रकार के उपयोग परिक्षेत्र के नियंत्रित विकास में समाहित एवं सम्मिलित कर निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रस्तावित है:-

सामान्य वाणिज्यिक क्षेत्र में सेवा प्रदान करने हेतु फुटकर दुकानों का प्रावधान करना जैसे- नगर केन्द्र, खण्ड स्तरीय दुकानें व सुविधा दुकान क्षेत्र ।

थोक व्यापार एवं यातायात नगर क्षेत्र में सेवा प्रदान करना ।

संस्थागत क्षेत्रों , आमोद - प्रमोद , औद्योगिक क्षेत्रों एवं अवसान केन्द्रों पर खाद्य सेवा प्रदान करने वाली सेवा दुकानें उपलब्ध कराना ।

आवासीय क्षेत्रों के निकट सेवा दुकानें ।

निर्माण स्थलों के समीप अस्थाई रहवास की व्यवस्था करना ।

4015

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

अनौपचारिक सेक्टर को नियोजित आवासीय विकास क्षेत्र में निम्नानुसार समाहित किया जाना प्रस्तावित है :-

परिक्षेत्रिक योजना बनाते समय अनौपचारिक सेक्टर के लिए प्रस्तावित आवासीय विकास हेतु भूमि सुरक्षित रखना ।

अभिन्यास स्वीकृति के समय अनौपचारिक एवं आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग का प्रावधान भी समय - समय पर शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरुप किया जाना प्रस्तावित है ।

अनौपचारिक सेक्टर ईकाई का विकास, क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरुप किया जावे ।

4.7 पुनर्विकास क्षेत्र

शहर की विकास प्रक्रिया के कारण , नगर के आंतरिक क्षेत्र विकास की दृष्टि से केन्द्रीय स्थिति प्राप्त कर लेते है, जिससे इनका भू- मूल्य अधिक हो जाता है । ऐसे क्षेत्रों की पुनर्विकास क्षेत्र के रुप में चयनित किया गया है । ऐसे क्षेत्रों की विकास नीति निम्नलिखित बिन्दुओं के द्वारा संचालित की जाएगी :-

उच्च मूल्य वाली अकार्यक्षम भूमि उपयोग अंतर्गत भूमि/ क्षेत्र जिस भूमि की अन्य सक्षम उपयोग हेतु मांग अधिक है, उन्हें पुनर्घनत्वीकरण/ पुनर्विकास क्षेत्रों के रुप में चयनित किया जाये ।

पुनर्विकास परियोजना को विशेष परियोजना के रुप में माना जावेगा । इन परियोजनाओं का रुपांकन, नगरीय रुपांकन के दृष्टिकोण के आधार पर करने के पश्चात् प्रस्ताव तैयार किए जाये ।

उपयोग एवं गतिविधि का निर्धारण , निष्पादन स्तर एवं अनुकूलता स्तर जिन्हें आसपास के उपयोग द्वारा प्रभावित किया गया है, निर्धारित होगा । जिसकी परियोजना को परिक्षेत्र की योजना के रुप में तैयार किया जाना प्रस्तावित है ।

स्वीकार्य विकास का घनत्व, उपयोगिता एवं अधोसंरचना का, यातायात दबाव की वहन क्षमता ओर इसका समीकरण क्षेत्र के प्रभाव द्वारा निर्धारित होगा । ग्राम आबादी विस्तार

4.8

खण्डवा निवेश क्षेत्र में स्थित ग्राम आबादी जो विकास योजना के कृषि क्षेत्र में स्थित है , उनका विस्तार जिसमें सामाजिक एवं भौतिक अधोसंरचना का विकास भी सम्मिलित है, वर्तमान ग्राम आबादी क्षेत्र के आसपास 200 मीटर की परिधि में (ग्राम नागचून एवं बड़गांवभिला छोड़कर) सक्षम अधिकारी की अनुज्ञा से किया जा सकेगा । 4016

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1

2035

खण्डवा विकास योजना

4.9 कमजोर आय वर्ग के लिए प्रावधान

भावी आवासीय ईकाईयों की आवश्यकता का अनुमान नगर के सभी आर्थिक वर्गो हेतु किया गया है । समाज के विभिन्न आर्थिक वर्ग जैसे उच्च आय वर्ग , मध्यम आय वर्ग, निम्न आय वर्ग तथा आर्थिक रुप से कमजोर आय वर्ग हेतु आवास गृहों की आवश्यकताओं को अनुमानित किया जाना आवश्यक है । नगर की वर्तमान आर्थिक तथा सामाजिक परिस्थितियों के आधार पर 8 प्रतिशत उच्च आय वर्ग , 20 प्रतिशत मध्यम आय वर्ग , 30 प्रतिशत निम्न आय वर्ग तथा 42 प्रतिशत आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के अनुपात में कुल आवासीय आवश्यकता का विभाजन किया गया । 4017

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035

अध्याय-5

विकास नियमन 2035 5.1 प्रवृत्तशीलता

इन नियमनों का उद्देश्य निवेश क्षेत्र के नगरवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है । यह नियमन निम्न गतिविधियों को नियंत्रित करेंगे :-

निवेश क्षेत्र के अंदर समस्त विकास ।

भूमि के स्वरुप में परिवर्तन जिसमें भूमि का उप विभाजन, संयुक्तिकरण, संविलियन, उपांतरण एवं भूमि का उपयोग सम्मिलित है ।

समूह आवासीय परियोजनाओं का सम्मिलित संस्थागत विकास ।

किसी भी प्रकार के भवन, जिसमें भवन की ऊँचाई सम्मिलित हो ।

ऐसे क्षेत्र में जो निवेश क्षेत्र सीमा के अंदर है, भूमि का विकास , भवनों का निर्माण / परिवर्तन एवं तोड़ना ।

क्षेत्राधिकार

5.2

1. इस अध्याय में वर्णित सक्षम प्राधिकारी से तात्पर्य है , संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी जो विकास योजना में विभिन्न उपयोगों के अंतर्गत स्वीकार्य गतिविधियों हेतु विकास अनुज्ञा देने हेतु सक्षम है ।

2. विकास योजना प्रस्तावों का विस्तृतीकरण परिक्षेत्रिक योजना में किया जाता है । यह संभावना है कि, विकास योजना में परिभ्रमण एवं उपयोग परिक्षेत्रों के निर्धारण संबंधी प्रस्तावों के क्रियान्वयन संबंधी यांत्रिकी आवश्यकताओं के परिप्रेक्ष्य में संशोधित करनाः पड़ेगा । ऐसे संशोधनों के संबंध में सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा । यदि किसी विवाद / विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है, तो उस दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम होगा, जो कि योजना प्रस्तावों का एकीकृत भाग माना जायेगा ।

3. विकास योजना पुस्तक के मानचित्र में चिन्हित प्रस्ताव सांकेतिक एवं स्थूल स्वरुप के है, तथा उक्त प्रस्ताव नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 17 के आधार पर चिन्हित किये गये है । उदाहरणार्थ आवासीय परिक्षेत्र, जो विकास योजना मानचित्र में दर्शाया गया है, उसमें आंतरिक मार्ग , खुले तथा हरित क्षेत्र, दुकानें, नागरिकों के लिए आवश्यक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु क्षेत्र तथा नगरीय विकास हेतु अनुपयोगी भूमि, वर्तमान वृक्ष समूहों द्वारा व्याप्त भूमि आवासीय [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4018

2035

खण्डवा विकास योजना

क्षेत्र के अभिन्न अंग के रुप में सम्मिलित है । इस कारण उक्त क्षेत्र विकास योजना मानचित्र में नहीं दर्शाये गये है ।

4.

वर्तमान भूमि उपयोग को अंगीकृत विकास योजना में दर्शाये अनुसार खसरा मानचित्र पर वास्तविक उपयोग अनुसार हस्तांतरित किया जावेगा ।

5. आस-पास विद्यमान / निर्मित एवं धारा -30 में स्वीकृत मार्गों का समन्वय कर, मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 27, 28 व 29 में प्राप्त प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा । निवेश क्षेत्र में ऐसे निर्मित मार्ग , जो मौके पर विद्यमान हैं, परन्तु जिनके प्रस्ताव विकास योजना में उप - दर्शित नहीं है अथवा उप- दर्शित है , परन्तु चौड़ाई का उल्लेख नहीं है, ऐसे मार्गों की उनकी मौके पर उपलब्ध चौड़ाई अनुसार निरंतरता समन्वय के साथ सुनिश्चित की जावेगी ।

6. विकास योजना मानचित्र में निर्धारित किसी भी उपयोग परिक्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रदाय विकास अनुज्ञा, स्वीकृत वर्तमान भवन , वर्तमान अवस्था में तथा वर्तमान अधिभोग हेतु क्रियान्वित होने पर यथावत रहेगे ।

7. किसी भी उपयोग परिक्षेत्र में उपयोगिता अधोसंरचना से संबंधित निर्माण अथवा गतिविधि, जो स्थल पर आवश्यकता के अनुरुप उपयुक्त अधोसंरचना नियोजन एवं रुपांकन के अनुरुप तथा सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित हो , स्वीकार्य होगी । 8. संचालक द्वारा अनुमोदित अभिन्यास की समयावधि, यदि विकास योजना प्रकाशन की तिथि पर वैध है, तो उस दशा में स्वीकृत अभिन्यास का व्यापक भूमि उपयोग मान्य किया जावेगा ।

9. अपरिहार्य परिस्थितियों तथा सार्वजनिक हित में, राज्य शासन नगर जनसंख्या को सामूहिक लाभ देने वाली राष्ट्रीय , राज्य अथवा नगर स्तर की गतिविधि हेतु विकास अनुज्ञा पर विचार कर सकती है, भले ही वह विकास योजना में उल्लेखित न हो । 10. ऐसे क्षेत्र जहां जन सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक हो , उसके लिए आदेश जारी करने हेतु राज्य शासन सक्षम होगा ।

11. विकास अनुज्ञा के लिए प्रस्तुत मानचित्र में अगर कोई सुधार आवश्यक हो , तो सक्षम अधिकारी द्वारा मानचित्र सुधार कर पुनः प्रस्तुत करने हेतु आवेदक को वापिस किया जायेगा ।

12. विभिन्न उपयोग परिसरों की पार्किंग की आवश्यकतायें, उसी उपयोग परिसर के अन्दर ही आवश्यक रुप से करना होगी । उक्त पार्किंग की व्यवस्था यदि समस्त भूखण्डों को प्रगणित करते हुये एकीकृत अथवा समूह में अभिन्यास स्तर पर की गई हो , तो परिसर के अंदर पृथक से पार्किंग की बाध्यता नहीं होगी ।

13. नगर में निर्मित होने वाले फ्लाय ओवर / स्काय वॉक के नीचे के स्थान को पार्किंग एवं अन्य जनहित उपयोगी गतिविधियों में उपयोग की अनुमति स्थल विशेष की 4019

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भाग 1]

2035

खण्डवा विकास योजना

आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये दी जायेगी, परंतु ऐसी गतिविधि हेतु संचालक से पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा ।

14. विकास योजना में नदी, नालों एवं तालाबों के दोनों ओर दर्शाया गया वृक्षारोपण सांकेतिक स्वरुप का है । नदी के दोनों किनारों पर उच्चतम जल स्तर एवं अन्य नालों की स्थिति में मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 50 (ख ) में निहित प्रावधानों के अनुसार खुला क्षेत्र रखना अनिवार्य होगा, इस भूमि पर मार्ग तथा सार्वजनिक सेवा एवं सुविधा का निर्माण स्वीकार्य होगा ।

15. झुग्गियों में रहने वाले निवासी, नगरीय केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों में सेवा कार्य से जुड़े होते है । यदि झुग्गी- झोपड़ी का किसी स्थान पर विस्थापन कर उसे विकसित किया जाना है, तो उस दशा में जल स्त्रोतों के क्षेत्र, आमोद- प्रमोद के क्षेत्र तथा प्रस्तावित मार्ग के क्षेत्र को छोड़कर शेष भूमि उपयोग परिक्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ी का विस्थापन ग्राह्य होगा ।

16. विकास योजना मानचित्र जो पुस्तक के साथ संलग्न है, वह मशीन द्वारा छोटा /बड़ा किया गया मानचित्र है । इस कारण उक्त मानचित्र के आधार पर भूमि की न तो लंबाई- चौड़ाई नापी जाये, न ही इस मानचित्र के क्षेत्रफल को नापा जाये । लंबाई- चौड़ाई एवं क्षेत्रफल नापने तथा भू- उपयोग की जानकारी की कार्यवाही हेतु सर्वे मानचित्र जो 1 :4000 की माप पर तैयार किया गया है, उसके आधार पर किया जाये । विकास योजना में दर्शित वर्तमान भूमि उपयोग, स्थल की वास्तविक स्थिति के अनुसार ही खसरा मानचित्र पर अंकित किए जाये तथा इस संबंध में स्थल निरीक्षण / अभिलेख का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा ।

17.

परिक्षेत्रिक योजना तैयार करने की पद्धति विकास योजना तैयार करने के ही समान है । विकास के स्वरुप के अनुसार अलग-अलग विकास नियमन तथा परिक्षेत्रिक नियमनों की आवश्यकता हो सकती है, किन्तु परिक्षेत्रिक योजना के प्रकाशित एवं प्रभावशील होने तक इस अध्याय में वर्णित नियमनों के आधार पर विकास अनुज्ञा दी जायेगी ।

18. प्रत्येक उपयोग परिसर की परिक्षेत्रिक योजना / विस्तृत अभिन्यास में दी गई स्थिति एवं सीमायें, स्थल पर विद्यमान वर्तमान मार्ग / गाड़ी मार्ग एवं अन्य भौतिक स्वरुपों को संदर्भ माना जायेगा ।

19. विकास योजना में दर्शित वर्तमान उपयोग स्थल पर विकसित एवं उक्त के राजस्व अभिलेख में दर्ज अनुसार ही मान्य होंगे । उससे लगकर स्थित भूमि पर संस्पर्शी भूमि उपयोग ही अधिमान्य होंगे ।

20. विकास योजना में विभिन्न भूमि उपयोगों के विकास हेतु नियमन दिये गये हैं । नियमनों में यदि किसी प्रकार की विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है अथवा [भाग 1 4020

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

2035

खण्डवा विकास योजना

किसी व्याख्या की आवश्यकता होती है, तो इस संबंध में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।

21. शासकीय विभागों द्वारा धारित भूमि एवं उससे संलग्न भूमि के भूमि उपयोग का निर्धारण एवं सत्यापन स्थल की स्थिति के अनुसार मान्य होगा तथा विकास योजना में मुद्रित मानचित्र के आकार से भिन्न होने पर खसरों के आधार पर ही किया जायेगा ।

22 . नियमन में वर्णित गतिविधि के समानार्थी गतिविधि जिसका उल्लेख नियमनों में नहीं है, समानता के आधार पर मान्य किये जा सकेंगे ।

5.3 परिभाषायें

उपयोग परिक्षेत्र

मुख्य भू- उपयोग से संबंधित प्रस्तावित विशिष्ट नगरीय कार्यकलापों में से किसी एक कार्यकलाप का क्षेत्र । उपयोग परिसर -

उपयोग परिसर से तात्पर्य ऐसा परिसर जो कि उपयोग परिक्षेत्र के उपविभाजन का एक भाग हो एवं जिसे अभिन्यास तैयार करते समय एक विशिष्ट मुख्य उपयोग या गतिविधि के लिए स्पष्ट किया गया हो ।

अभिन्यास -

अभिन्यास से तात्पर्य उप विभाजित योजना से है, जिसमें उपयोग परिसर के सभी आकार एवं प्रकार इंगित हो । भूमि उपयोग मानचित्र :- सभी उपयोग परिक्षेत्रों को दर्शाने वाला मानचित्र भूमि उपयोग मानचित्र कहलायेगा ।

परिक्षेत्रिक योजना

निवेश क्षेत्र के एक परिक्षेत्र की योजना जिसमें नियोजन के प्रावधानों का विस्तार , सामाजिक अधोसंरचना, उद्यान, खुले क्षेत्र एवं यातायात तंत्र संबंधी विस्तृत जानकारी प्रावधित हो ।

नगरीय ग्राम

- भूमि उपयोग मानचित्र में दर्शाये एवं प्रस्तावित उपयोग परिक्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण आबादी, नगरीय ग्राम कहलायेंगे ।

नगरीय विरासत का क्षेत्रः- नगरीय विरासत से तात्पर्य है , ऐसा परिसर जिसमें कि पुरातत्व महत्व के ऐतिहासिक भवन एवं उसके आसपास का परिसर सम्मिलित हो ।

विकसित क्षेत्र

विकसित क्षेत्र से तात्पर्य विकास योजना के रंगीन मानचित्र में दर्शित वर्तमान उपयोग । 4021

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

एकल / संयुक्त परिवार हेतु भूखण्डीय विकास : - अपने सभी समानान्तर एवं ज्यामितीय बदलाव के साथ भूखण्डीय विकास से तात्पर्य, परिवार हेतु भूखण्डीय विकास (अभिन्यास) का भूखण्डों में उप- विभाजन, जिसका नगरीय उपयोग प्रमुखतः एकल परिवार, संयुक्त परिवार के आवास हेतु किया जाना हो ।

मिश्रित उपयोग -

मिश्रित उपयोग का आशय , आवासीय / वाणिज्यिक / सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक क्षेत्र में , क्रमशः गैर आवासीय / गैर वाणिज्यिक / गैर सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक, गतिविधियां मान्य होगी।

ऊँचे भवनों का विकास:- ऊँचे भवनों का विकास, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 2 के उपनियम (38 ) सहपठित नियम 42के अनुसार नियंत्रित होगा ।

फर्शी क्षेत्र अनुपात :-

फर्शी क्षेत्र अनुपात से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 2 (30) के अनुसार ।

भवन की ऊँचाई

अन्यथा उल्लेखित न हो तो भवन की ऊँचाई से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 2 (9) के अनुसार ।

संवेदनशील क्षेत्र

-

परिस्थितिजन्य पर्यावरणीय, ईकोलॉजिकल एवं विरासत के आधार पर सीमांकित क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र कहलाएगा । इसके अंतर्गत नदी, तालाबों के निकटवर्ती क्षेत्र भी सम्मिलित होंगे ।

अन्य परिभाषायें व नियमन मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 में निहित प्रावधानों के अनुरुप लागू होंगे ।

5.4 भूमि उपयोग परिक्षेत्र

निवेश क्षेत्र को निम्नलिखित तालिका में दर्शाये अनुसार उपयोग परिक्षेत्रों में विभक्त किया गया है । प्रत्येक उपयोग परिक्षेत्र आगे विभिन्न उपयोग परिसरों के रुप में उपविभाजित किये गये है । प्रत्येक उपयोग परिसर में विशिष्ट उपयोग, गतिविधियों की शर्तों या बिना शर्तों के स्वीकार्य होगे । ऐसे क्षेत्र जिसका कि निर्धारित अभिन्यास स्वीकृत नहीं है, का नियंत्रण विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना के भू- उपयोग / प्रस्तावों के अधीन निर्धारित होगा । निर्धारित मुख्य भू- उपयोगों के अनुरुप ही उपयोग परिक्षेत्र रहेंगे , यथा आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक, सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवायें , आमोद-प्रमोद, [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4022

खण्डवा विकास योजना 2035 यातायात एवं परिवहन, जलाशय एवं कृषि । उपयोग परिक्षेत्रों का विभाजन एवं उपयोग श्रेणियों का विवरण सारणी में दिया गया है :-

उपयोग परिक्षेत्र

भू- उपयोग परिक्षेत्र क्र

2

1

1

आवासीय

वाणिज्यिक 2

3

औद्योगिक 4

मनोरंजन 5

सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक 6

यातायात एवं परिवहन 7

सार्वजनिक उपयोगितायें और सुविधायें

सारणी 5- सा -1

नाम पद्धति भू- उपयोग उप - परिक्षेत्र

4 3

आवासीय

(आर 1 ) सामान्य

(सी 1 ) मण्डी

(सी 6)

(सी 7 ) वर्गीकृत बाजार

सामान्य उद्योग

(आई 2) उद्यान

(जी 1 )

(जी 4)

प्राकृतिक क्षेत्रों या भू- दृश्य क्षेत्रों का संरक्षण या वृक्षारोपण

स्टेडियम

(जी 6) मेला मैदान

(जी 5)

(पी)

सार्वजनिक संस्थान और प्रशासनिक क्षेत्र / शिक्षा और अनुसंधान /स्वास्थ्य/ सामाजिक / सांस्कृतिक संस्थागत गतिविधियां

(टी 1 ) बस स्टैण्ड / बस डिपो

पिकअप स्टेशन

(टी 2) सड़कें

(टी 3) रेलवे स्टेशन

(टी 4) रेलवे लाईन

(टी 5) ट्रांसपोर्ट नगर

(टी 7)

(टी 8) हवाई पट्टी

जल शोधन संयंत्र

(पीयूएफ 1 ) जल-मल शोधन संयंत्र

(पीयूएफ 2)

(पीयूएफ 3) विद्युत सब स्टेशन

ट्रेचिंग ग्राउण्ड

(पीयूएफ 4) दूरसंचार केन्द्र

(पीयूएफ 7) अग्निनियंत्रण स्टेशन

(पीयूएफ 8)

(पीयूएफ 9)

ठोस अपशिष्ट निपटान संयंत्र/ अपघटन संयंत्र

(पीयूएफ 10) 4023

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना|

कब्रिस्तान /श्मशान घाट

नदियां

(डब्ल्यू1) 8

जल क्षेत्र

तालाब

(डब्ल्यू2)

नाला

(डब्ल्यू3)

(ए 1)

कृषि भूमि

9

कृषि

ग्राम आबादी विस्तार

(ए 2) 5.5 आवासीय

5.5.1 आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन

आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के मापदण्डों के अनुसार नियंत्रित होंगे । आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन सारणी 5- सा-2 में दिये गये है ।

1. इन नियमन का उद्देश्य परिक्षेत्रों के अभिन्यास तैयार करने में मार्गदर्शन देना है । इन नियमों में परिभ्रमण संरचना एवं सुविधाओं के प्रावधानों के मानक सम्मिलित है । ऐसे अभिन्यासों से जुड़े सेवा प्रावधान जैसे भौतिक संरचनायें, जलप्रदाय , जल- मल निकास आदि संबंधित नियमों के अनुरुप होंगे । 2. सामान्यतः भूखण्ड की चौड़ाई एवं गहराई का अनुपात 1 : 1.5 से 1: 3 होना चााहिए , किन्तु स्थल की स्थिति के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा इसके अतिरिक्त अनुपात का निर्णय लिया जायेगा ।

3. भवन निर्माता / वास्तुविदों को अपने भवन नियोजन हेतु आवासीय विकास के संदर्भ में भूखण्ड आकार, भूखण्ड प्रकार, फर्शी क्षेत्र अनुपात, भू- तल आच्छादन, भवन की ऊँचाई तथा स्वीकार्य आवासीय ईकाईयों के मानकों की आवश्यकता होती है । नीचे दी गई सारणी में आवासीय क्षेत्रों के आच्छादन तथा सीमान्त खुला क्षेत्र वर्णित है एवं सारणी में दर्शायें भूखण्ड स्वीकृत अभिन्यास का भाग होना आवश्यक है ।

4. म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण , निबंधन एवं शर्तें) नियम, 1998 एवं मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास ) नियम, 2014 के प्रावधानों के अनुरुप अल्प आय वर्ग एवं कमजोर आय वर्ग हेतु प्रावधान किये जावेंगे ।

5. मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 99 (परिशिष्ट- ञ) में निहित प्रावधानों के अनुरुप विशेषतः अल्प आय वर्ग का अभिन्यास तैयार किया जाना चाहिये । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी, 2021

4024

खण्डवा विकास योजना 2035 6. पहुँच मार्ग की चौड़ाई 12 मीटर से अधिक होने पर उससे लगी भूमि पर मार्ग चौड़ाई से दोगुनी गहराई तक मिश्रित उपयोग की अनुमति दी जा सकेगी । ऐसे मिश्रित उपयोग भवनों के पुनर्निर्माण में भी अनुज्ञात किये जा सकेगे ।

आवासीय भूखण्डों के विकास मापदण्ड

सारणी 5-सा-2

सीमांत खुला क्षेत्र मीटर

विकास का प्रकार

क्र

अग्र पृष्ठ आजू बाजू

अधिकतम ऊँचाई (मी. में)

फर्सी क्षेत्र अनुपात

आच्छादन क्षेत्र प्रतिशत

भूखण्ड का आकार मीटर में

क्षेत्रफल (वर्ग मीटर में)

एक भूखण्ड पर अधिकतम स्वीकार्य ईकाईयाँ

भूखण्ड के सामने मार्ग की न्युनतम चौड़ाई (मी. में)

9

12

13

6

8

10

11

4

5

7

2

3

1

6.0

2

1.50

6.0

2.5 0.0 0.0 0.0

32

पंक्ति

60

1 4.0×8.0

6.0

6.0

2

0.0

1.50

1.5

60

2.5

0.0

2

48

पंक्ति

4.0×12.0

2

1.50

6.0

0.0

6.0

60

3.0 1.5 0.0

3

75

पंक्ति

5.0×15.0

2

6.0

50

3,0 1.5

0.0 1.50

7.5

0,0

पंक्ति

4

1057.0×15.0

अर्ध

4

0.0

1.50

2.5

7.5

12.5

3.0 1.5

50

135

5 9.0×15.0

पृथक्कृत अर्ध

4

9.0

12.5

2.5

0.0 1,50

50

3.0 2.5

198

6 11.0×18.0

पृथक्कृत अर्ध

4

12.5

1.5

2.5

1.50

9,0

3.0 2.5

7

50

198

11.0×18.0

पृथक्कृत अर्ध

12.5

4

1.25

9.0

3.5 2.5 3.0 0.0

216

50

8 12.0×18.0

पृथक्कृत अर्घ

4

3.0

1.25

9.0

12.5

40

4.5 2.5

1.5

9 12.0×24.0 288

पृथक्कृत अर्ध

4

3.0

1.25

12.5

6.0 2.5

3.0

12.0

360

35

10 15.0×24.0

पृथक्कृत

अर्ध

4

1.0

12.0

12.5

33

3.0

7.5

3.0

3.5

405

11 15.0×27.0

पृथक्कृत अर्ध

4

125

1.0

12.0

33

8.0 3.0

3.04.0

540

12 18.0×30.0

पृथक्कृत

अर्ध

3.0

4

33

4.5

1.0

12.0

12.5

9.0 3.0

13 20.0×30.0 600

पृथक्कृत अर्ध

12.0

12.5

4

1.0

30

12.0 4.5 4.5 4.5

750

14 25.0×30.0

पृथक्कृत

नोट:-

1. उपरोक्त तालिका सांकेतिक स्वरुप की है, जिसे मार्गदर्शिका के रुप में उपयोग किया जा सकेगा । 4025

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

2. मिश्रित उपयोग के अंतर्गत ऐसे भूखण्ड जिसमें न्यूनतम भूखण्ड क्षेत्रफल की अर्हता पूर्ण होती है , उनके लिए भी उपरोक्त मापदण्ड लागू होंगे । (आवासीय ईकाई छोड़कर)

3. सारणी के अनुक्रमांक 9 से 14 में दर्शाये भूखण्ड आकार को केवल प्रस्तावित आवासीय क्षेत्रों में बहु ईकाई भूखण्डीय विकास के रुप में मान्य किया जा सकता है ।

4. ऐसे भूखण्ड जिनका क्षेत्र सारणी में दर्शायी श्रेणियों के मध्य के आकार के हो, को इसके पूर्व की श्रेणी के एम.ओ.एस. आच्छादन, एफ.ए.आर. के अनुसार अथवा नियोजन अनुज्ञा में वर्णित अनुसार स्वीकृति दी जानी चाहिए । ऐसे आच्छादित क्षेत्र अथवा एम.ओ.एस. में निर्धारित करते समय यदि कतिपय भिन्नता आती है, तो आच्छादित क्षेत्र अथवा एम.ओ.एस. में से किसी एक को निश्चित कर स्वीकृति दी जायेगी , किन्तु ऐसे प्रकरणों में भवन रेखा निर्धारित कर ही स्वीकृति दी जायेगी ।

5. घनत्वीय गणना हेतु एक आवासीय ईकाई में 4.8 व्यक्ति तथा कर्मचारी आवास में 2.4 व्यक्ति का रहवास माना जावेगा ।

6. वाहन विराम स्थल की गणना , मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार की जायेगी ।

7. झुग्गियों की पुनर्स्थापना की दशा में 32 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल अथवा शासन द्वारा निर्धारित क्षेत्रफल के भूखण्ड स्वीकार्य होंगे ।

8. अनुक्रमांक 9 से 14 के भूखण्डों के समक्ष 12 मीटर से कम चौड़ा मार्ग होने पर केवल 4 आवासीय ईकाइयां मान्य होंगी ।

9. आवासीय भवन का निर्माण 2.4 मीटर ऊँचाई के स्टिल्ट पर, स्वीकार्य ग्राउण्ड कवरेज की सीमा तक किया जाता है, तो स्टिल्ट फ्लोर की ऊँचाई तथा ऐसे निर्मित क्षेत्र की गणना, भवन ऊँचाई तथा एफ.ए. आर. में नहीं की जाएगी । स्टिल्ट पार्किंग हेतु भूखण्ड के आकार/ क्षेत्रफल का बंधन नहीं होगा । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी, 2021

4026

खण्डवा विकास योजना 2035 5.6 वाणिज्यिक

वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए रुपांकन मार्गदर्शिका

(अ)

निवेश ईकाई केन्द्र में निम्न घटक होंगे :-

फुटकर दुकानें

वाणिज्यिक कार्यालय सेवा केन्द्र सुविधायें

सांस्कृतिक परिसर

होटल

भू- दृश्यीकरण घटक

थोक व्यापार (जहाँ उपलब्ध कराया गया हो)

कुछ परिस्थिति में उपरोक्त सभी घटकों के लिए एकीकृत योजना बनाना संभव हो सकता है । अन्य परिस्थितियों में भूमि विकास एवं उसके विकय , कार्यविधि अथवा कतिपय रुपांकन संबंधी आवश्यकताओं के कारण इस समाधान की संभावना नहीं हो सकती है । सुविधाओं, होटलों तथा थोक व्यापार के घटकों के विकास को अलग से अंकित किये जाने की आवश्यकता हो सकती है । संभवतः अन्य समूह तथा फुटकर कार्यालय, सांस्कृतिक परिसर तथा आवासीय उपयोग को भू-दृश्य एवं परिभ्रमण के माध्यम से उसी भवन स्थल या क्षेत्र में ज्यादा सरलता से एकीकृत किया जा सकता है । सभी घटकों को या कुल घटकों को शामिल करते हुए एकीकृत योजना तैयार करने का कार्य रुपांकनकार के ऊपर छोड़ देना उचित होगा । नगर के भाग के रुप में भू- दृश्यीकरण क्षेत्रों को नगरीय केन्द्रों के माध्यम से सुखद पर्यावरण विकसित करना चाहिए । नगर के आवासीय क्षेत्र का पादचारी , पहुँच या उपमार्गों का समन्वय होना चाहिए । भाग 1 ]

स्थिति

वर्ग

क्र

4027

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

खण्डवा विकास योजना 2035

वाणिज्यिक भूखण्ड के विकास मापदण्ड

सारणी 5-सा-3 निर्मित क्षेत्र

भूखण्डीय

विकास

(प्रतिशत में)

3

2

1

1

मध्य क्षेत्र नगर केन्द्र

2

सभी निवेश ईकाई केन्द्र स्तर के वाणिज्यिक क्षेत्र

निवेश ईकाई केन्द्र

3

खण्ड स्तरीय केन्द्र

परिक्षेत्रिक योजना प्रस्तावों के अनुरुप

तदैव स्थानीय दुकानें

4

5

तदैव सुविधाजनक दुकानें

6

गोदाम एवं भण्डार

7 थोक बाजार

टीप :-

1. परिसरों का प्रतिशत भूमि उप-विभाजन से असंबद्ध होगा ।

निगमित विकास (प्रतिशत में)

फर्शी क्षेत्र अनुपात

5

6

4

2.00

50

80

2.00 80

50

1.50

50

80

50

80

1.25

1.00 80

50

50

1.50 70

70

50

1.50

2. फर्शी क्षेत्र अनुपात 18 मीटर से अधिक चौड़े वाणिज्यिक मार्ग पर 2.0 तथा 18 मीटर से कम चौड़े वाणिज्यिक मार्ग पर 1.75 स्वीकार्य होगें ।

3. उपरोक्त वाणिज्यिक क्षेत्रों में तलघर , मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के प्रावधानों के अनुरुप स्वीकार्य होगें ।

4. वाणिज्यिक विकास हेतु फर्शी क्षेत्र अनुपात उस क्षेत्र में आवासीय विकास हेतु निर्धारित फर्शी क्षेत्र अनुपात अनुरुप अनुज्ञेय होगा ।

5. संगठित बाजार केन्द्रों को अनुज्ञा केवल उपदर्शित वाणिज्यिक केन्द्रों में दी जावेगी । इस हेतु न्यूनतम क्षेत्र 500 वर्गमीटर होना आवश्यक है । अधिकतम निर्मित क्षेत्र 50 प्रतिशत अनुज्ञेय होगा तथा भूखण्ड का शेष भाग वाहन विराम , मार्ग, उद्यान आदि उपयोग अंतर्गत रहेगा ।

6. किसी भूखण्ड के स्वामी द्वारा अपने भूखण्डों में मार्ग, फुटपाथ, वाहन विराम इत्यादि सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ी जाती है, तो ऐसी दशा में उक्त भूखण्ड पर निर्माण किये जा रहे भवन में सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी गई भूमि पर निर्धारित फर्शी क्षेत्र अनुपात का दुगना फर्शी क्षेत्र अनुपात स्वीकार्य मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4028

[भाग 1

2035 खण्डवा विकास योजना

होगा । इससे भवन के आगे सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ने को प्रोत्साहन मिलेगा तथा छोड़ी गई भूमि की क्षतिपूर्ति भी हो सकेगी ।

7. नियोजन एवं विकास के लिए सारणी 5- सा-3 के प्रावधान लागू होंगे । भवन निर्माण, अभिन्यास अनुमोदन आदि के लिए सारणी 5 - सा -4 एवं 5- सा-5 के प्रावधान लागू होंगे : - क्र

क्षेत्र (वर्गमीटर में )

भूखण्ड का आकार (मीटर में)

वाणिज्यिक क्षेत्रों के विकास मापदण्ड

सारणी 5 -सा-4

एफ.ए. आर.

अग्र कॉरिडोर

अधिकतम भू- आच्छादन

भवन रेखा

(मीटर में

मार्ग के

मध्य से)

मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई (मीटर मे)

4

3

1

2

54

12 6.0 X 9.0

1

12

135

9.0 X 15.0

2

135

12 9.0X 15.0

3

216

12 4 12.0 X 18.0

12 12.0 X 18.0

216

5

12 18.0 X 30.0

540

6

12 7

990 से अधिक 30.0 X 33.0

टीप :-

8 5

6

7

80

1.25 9.0

3.0

1.25 3.0

80

9.0

1.25 3.0

9.0

80

3.0

60

1.5 9.0

60

9.0

3.0

1.5

60

1.5 3.0

9.0

3.0

40

9.0

1.5

1. 18 मीटर तथा उससे अधिक चौड़े मार्गों के लिए , मार्ग की चौड़ाई के आधार पर निम्नानुसार एफ.ए.आर. देय होगा ।

18 मीटर तक

18 मीटर से अधिक 1.75

2.0

2. यह मापदण्ड सभी वाणिज्यिक क्षेत्रों में लागू होंगे । सारणी में दर्शाये गये क्षेत्रफल से कम होने की स्थिति में उसके पूर्व सरल क्रमांक के मानक लागू होंगे ।

3. वाहन विराम स्थल की गणना, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के अनुसार की जायेगी ।

4. भवन रेखा मार्गों की चौड़ाई निम्नानुसार निर्धारित की जा सकेगी:-

मार्ग चौड़ाई

12.0 मीटर

18.0 मीटर

24.0मीटर भवन रेखा (मार्ग मध्य से)

9.0मीटर

13.5 मीटर

15.0 मीटर 4029

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक

सारणी 5-सा-5

वर्ग

क्र

कुल क्षेत्र का प्रतिशत

3

2

1

1

अधिकतम 50 प्रतिशत

भूखण्डों का क्षेत्र

2

अधिकतम 40 प्रतिशत परिभ्रमण एवं वाहन विराम स्थल का क्षेत्र

3

न्यूनतम 10 प्रतिशत (8: 2) खुले स्थानों को सम्मिलित कर सुविधाओं का क्षेत्र

मार्गों की चौड़ाई

12मीटर बाजार से गुजरने वाले मुख्य सीधे मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई

4

18 मीटर दुकानों के सामने ट्रकों के खड़े एवं मुड़ने के लिए

न्यूनतम चौड़ाई

3 मीटर

दुकानों के सामने पादचारी की न्यूनतम चौड़ाई

5

दुकानों के आकार

मार्ग सर्वेक्षण एवं प्रोजेक्शन के आधार पर 6

विराम स्थल

म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012के अनुसार मध्य क्षेत्र

5.7

मध्य क्षेत्र हेतु परिक्षेत्रिक नियमन , स्थल ऊँचाई, भवन का आकार एवं संरचना अथवा अन्य उपयोग जिसमें भवन या भूमि का उपयोग किया जा सकता है, इन सभी के संदर्भ में परिक्षेत्र के अन्दर अथवा मध्य में होने वाले विकास के लिए मार्गदर्शक का कार्य करते है ।

वर्तमान विकसित क्षेत्रों में भवन की ऊँचाई, भू-आच्छादन , एफ.ए.आर. एवं पार्किंग संबंधी मापदण्ड, नगरीय निकाय द्वारा झोनल प्लान तैयार कर निर्धारित मापदण्डों एवं भवन रेखा के निर्धारण अनुसार लागू होंगे । जब तक झोनल प्लान लागू नहीं होगा, तब तक विकास योजना के प्रावधान लागू होंगे । विकसित क्षेत्रों में पुनर्विकास की अनुमति सीधे स्थानीय निकाय द्वारा दी जावेगी ।

मध्य क्षेत्र की सीमायें अध्याय 3 में वर्णित की गई है । निम्न नियमन एवं मापदण्ड मध्य क्षेत्र की सीमा बांधने वाले वर्तमान मार्गों के अन्दर सम्पूर्ण क्षेत्र पर लागू होंगे । साथ ही इन मार्गों के दूसरी तरफ मार्गों के मध्य से 12.0 मीटर गहराई तक यह नियमन एवं मापदण्ड लागू होंगे । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4030

2035

खण्डवा विकास योजना

आवासीय क्षेत्र

(अ)

नगर के अधिक घनत्व वाले निर्मित क्षेत्र के लिए भूखण्ड का नियमित आकार निर्धारित कर पाना संभव नहीं है । निर्मित क्षेत्र में वर्तमान आवास सबसे ज्यादा अनियमित आकार एवं माप के है, लेकिन आवश्यक घनत्व प्राप्ति तथा जन स्वास्थ्य की दृष्टि से फर्शी क्षेत्र अनुपात (एफ.ए.आर.) तथा भूखण्ड आच्छादन प्रस्तावित किये गये है :-

मध्य क्षेत्र : फर्शी क्षेत्र अनुपात (एफ.ए.आर. ) तथा भूखण्ड आच्छादन

सारणी 5-सा-6 क्र

आच्छादन (निर्मित क्षेत्र) तथा फर्शी क्षेत्र अनुपात (अधिकतम)

3

2

1

90 वर्गमीटर तक

भूखण्ड का क्षेत्रफल

75 प्रतिशत

1

निर्मित क्षेत्र

1.5

फर्शी क्षेत्र अनुपात

90 वर्ग मी . से अधिक तथा 180 वर्गमीटर तक भूखण्ड का क्षेत्रफल

66 प्रतिशत

2

निर्मित क्षेत्र

1.25

फर्शी क्षेत्र अनुपात

180 वर्ग मी. से अधिक

भूखण्ड का क्षेत्रफल

60 प्रतिशत

3

निर्मित क्षेत्र

1.25 (9.0 मीटर से अधिक चौड़े मार्गों पर 1.5) फर्शी क्षेत्र अनुपात

वाणिज्यिक क्षेत्र

(ब)

निम्नलिखित शर्तों के अधीन वाणिज्यिक मार्गों पर पुनर्निर्माण एवं परिवर्तन की अनुज्ञा दी जा सकेगी:-

मार्गों की चौड़ाई विकास योजना में प्रस्तावित मापदण्डों के अनुरुप हो । अन्य तल यदि आवासीय उपयोग में हो, तो आवासीय क्षेत्र, भूतल पर प्रस्तावित कुल फर्शी क्षेत्र के 3/4 से अधिक नहीं होगा ।

फर्शी क्षेत्र अनुपात को ध्यान में रखते हुए भू-आच्छादन निर्धारित होगा । वाणिज्यिक विकास की गहराई, भवन जिस मार्ग पर स्थित हो , उस मार्ग की चौड़ाई के 1.5 गुना तक मान्य होगा । 4031

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्र में वाणिज्यिक परिसरों के लिए अधिकतम निर्मित क्षेत्र निम्नानुसार रहेगा:-

100 प्रतिशत 25 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले भूखण्ड (अधिकतम निर्मित क्षेत्र)

80 प्रतिशत 25 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखण्ड (अधिकतम निर्मित क्षेत्र )

2.00

फर्शी क्षेत्र अनुपात

टीप:-

1. वर्तमान भवन रेखा यथावत रखी जाएगी ।

2. किसी भूखण्ड के स्वामी द्वारा अपने भूखण्डों में मार्ग , फुटपाथ, वाहन विराम इत्यादि सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ी जाती है, तो ऐसी दशा में उक्त भूखण्ड पर निर्माण किये जा रहे भवन में सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी गई भूमि पर निर्धारित फर्शी क्षेत्र अनुपात का दुगना फर्शी क्षेत्र अनुपात स्वीकार्य होगा । इससे भवन के आगे सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ने को प्रोत्साहन मिलेगा तथा छोड़ी गई भूमि की क्षतिपूर्ति भी हो सकेगी ।

वर्तमान मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियां

(स)

वर्तमान विकसित क्षेत्र में अधिकतम वाणिज्यिक गतिविधियां, मार्गों पर संचालित है । अतः इन मार्गों को उनके उपयोग के अनुसार निम्न दो श्रेणियों में रखा गया है: -

क. वाणिज्यिक मार्ग (सी.)

ख. वाणिज्यिक सह आवासीय मार्ग (सी.आर.)

उपरोक्त श्रेणी के अंतर्गत मार्ग चौड़ाई व फर्शी क्षेत्र अनुपात निम्न सारणी में दर्शाये गये है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

4032

[भाग 1

2035 खण्डवा विकास योजना

वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्रों में मार्गों की चौड़ाई

क्र

मार्ग का नाम

2 1

मध्य क्षेत्र के वाणिज्यिक मार्ग अ)

स्टेशन मार्ग 1

2 मच्छी बाजार मार्ग (पंधाना मार्ग से बस स्टैण्ड)

3 भगतसिंह मार्ग (मानसिंहका मिल से मच्छी बाजार)

4

विट्ठल मंदिर मार्ग 5

महात्मा गांधी मार्ग (बॉम्बे बाजार मार्ग)

6 मदीना मस्जिद (जैन मंदिर से गिदवानी मार्केट)

7

शीतलामाता मार्ग 8 जवाहरगंज मार्ग (तीन पुलिया से बड़ा बम चौक)

9

शिवाजी मार्ग 10 पंधाना मार्ग ( नगर निगम चौक से मानसिंहका मिल)

11

सराफा मार्ग 12

बुधवारा बाजार मार्ग मध्य क्षेत्र के वाणिज्यिक सह आवासीय मार्ग

ब)

13

घासपुरा हिन्दी स्कूल मार्ग

14

हरीगंज मार्ग 15

मालीकुंआ मार्ग 16

परदेशीपुरा मार्ग 17

खड़कपुरा मार्ग नगर के अन्य वाणिज्यिक मार्ग स)

इन्दौर मार्ग 18

मध्य क्षेत्र की सीमा से इन्दौर नाके तक

इन्दौर नाके से निवेश क्षेत्र की सीमा तक

पंधाना मार्ग 19

मानसिंहका मिल तिराहे से आबना नदी तक

आबना नदी से निवेश क्षेत्र की सीमा तक

अमरावती मार्ग 20

एस.एन. कॉलेज से राम नगर तक राम नगर से निवेश क्षेत्र की सीमा तक

सारणी 5-सा-7 वर्गीकरण

प्रस्तावित मार्ग चौड़ाई मीटर में

3

4

सी

18

18

सी

सी

18

सी

12

सी

18

15

सी

12

सी

सी

18

18

सी

24

सी

सी

12

सी

12 सी.आर.

15

9

सी.आर.

15

सी.आर.

18

सी.आर.

9

सी.आर.

24

सी सी

45

24

सी सी

45

24

45

सी सी 4033

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

आनन्द नगर मुख्य मार्ग

24

सी

21

रामेश्वर पुलिया से सुभाष नगर तक

45

सी

सुभाष नगर से निवेश क्षेत्र की सीमा तक

नागचून मार्ग

24

सी

22

नेहरु स्कूल चौराहे से इकबाल नगर तक

सी

45 इकबाल नगर से निवेश क्षेत्र की सीमा तक

12

सी

रामेश्वर मार्ग

23

सी

30 24

पुरानी इन्दौर लाईन

18

सी

25

गुरुद्वारा मार्ग

टीप :-

1. वर्तमान भवन रेखा यथावत रखी जायेगी ।

2. वाणिज्यिक मार्गों पर तलघर का उपयोग, भण्डारण अथवा पार्किंग के रुप में होने पर उसकी गणना फर्शी क्षेत्र अनुपात में नहीं की जाएगी ।

3. जिन स्थानों पर मार्गों की वर्तमान चौड़ाई प्रस्तावित चौड़ाई से अधिक है, पर वर्तमान चौड़ाई ही यथावत रहेगी ।

4. भूखण्ड का क्षेत्रफल 200 वर्गमीटर या उससे अधिक होने पर कम से कम 4.5 मीटर अग्र खुला क्षेत्र पार्किंग हेतु छोड़ना पड़ेगा ।

5. वाणिज्यिक मार्गों पर तलघर का उपयोग , भण्डारण अथवा पार्किंग के रुप में होने पर उसकी गणना फर्शी क्षेत्र अनुपात में नहीं की जाएगी ।

6. वाणिज्यिक मार्गों पर स्थित भूखण्डों में वाणिज्यिक उपयोग मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई का 1.5 गुना तक स्वीकार्य होगा । परन्तु उक्त वाणिज्यिक उपयोग विकास योजना मे आरक्षित आमोद -प्रमोद, हरित क्षेत्र, जलाशय एवं कृषि भू-उपयोग मे मान्य नहीं होगा ।

7. वाणिज्यिक सह आवासीय मार्गों पर भूतल पर वाणिज्यिक तथा अन्य तलों पर आवासीय उपयोग मान्य होगा तथा नियोजन मापदण्ड आवासीय उपयोग के लागू होगे ।

8. किसी भूखण्ड के स्वामी द्वारा अपने भूखण्डों में से मार्ग, फुटपाथ आदि सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ी जाती है, तो ऐसी दशा में उक्त भूखण्ड का निर्माण किये जा रहे भवन में सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी गयी भूमि का दुगुना फर्शी क्षेत्र अनुपात अतिरिक्त रुप से स्वीकार होगा । इससे भवन के आगे सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ने को प्रोत्साहन मिलेगा तथा छोड़ी गई भूमि की क्षतिपूर्ति भी हो सकेगी । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4034

खण्डवा विकास योजना 2035 वाणिज्यिक मार्गों हेतु फर्शी क्षेत्र अनुपात

12 मीटर तक 1.25

18 मीटर मार्ग तक 1.75

18 मीटर से अधिक मार्ग 2.0

निर्मित क्षेत्र

वाणिज्यिक उपयोग हेतु भू- तल पर अधिकतम निर्मित क्षेत्र की गणना निम्नानुसार की जाएगी :-

25 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के भूखण्ड

100 प्रतिशत

25 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखण्ड

90 प्रतिशत

5.8 औद्योगिक

5.8.1 औद्योगिक विकास के मानक

औद्योगिक विकास के मानक , मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 48 अनुसार होंगे ।

5.9 मिश्रित उपयोग

मिश्रित उपयोग का आशय आवासीय / वाणिज्यिक / सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक क्षेत्र में क्रमशः गैर आवासीय / गैर वाणिज्यिक / गैर सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक गतिविधियां ।

5.9.1 मिश्रित उपयोग नियमन

मिश्रित उपयोग पारम्परिक नगर नियोजन तथा भारतीय सामाजिक-आर्थिक- सांस्कृतिक परिवेश पर आधारित है ।

मिश्रित उपयोग के संबंध में अध्ययन किया गया, जिसमें यह परिलक्षित हुआ कि, आवासीय परिसरों में बाजार के आर्थिक आवश्यक बल के कारण सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास आवासीय परिसरों में हुआ है । इसी प्रकार वाणिज्यिक उपयोग हेतु निर्धारित क्षेत्र में आवासीय तथा सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक गतिविधियों का विकास हुआ है । बाजार के आर्थिक आवश्यक बल होने के कारण आवासीय परिसरों में वाणिज्यिक गतिविधियों की मांग ओर बढ़ रही है । अतः वास्तविकता को अनदेखा करना नियोजन की दृष्टि से उचित नहीं होगा । अब ऐसी नीति बनाने की आवश्यकता है , जिसके फलस्वरुप 4035

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

नागरिकों की वास्तविक आवश्यकता एवं नागरिकों की सुविधा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मध्य संतुलन बना रहे । इस हेतु आवासीय परिसरों में मिश्रित उपयोग स्वीकार्य करने हेतु स्पष्ट सिद्धांत एवं प्रक्रिया का निर्धारण आवश्यक है ।

5.9.2 मिश्रित उपयोग के मार्गदर्शी सिद्धांत

मिश्रित उपयोग का आशय आवासीय / वाणिज्यिक / सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक क्षेत्र में क्रमशः गैर आवासीय / गैर वाणिज्यिक / गैर सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक गतिविधि किये जाने से है ।

ऐसे कार्यकलापों की सामाजिक, आर्थिक आवश्यकता तथा आवासीय क्षेत्र में उक्त कार्यकलापों से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित विपरीत प्रभाव के बीच संतुलन बनाये रखना आवश्यक है ।

मिश्रित उपयोग से अलग-अलग मोहल्लों में निकटतम क्षेत्र में व्यावसायिक सुविधायें प्राप्त हो सकेंगी, जिससे आवागमन में कमी आयेगी , किन्तु इससे मिश्रित उपयोग के इलाकों में भीड़-भाड़ बढ़ने, पार्किंग की असुविधा एवं अन्य पर्यावरणीय दुष्प्रभाव भी पड़ना संभावित है । प्रस्तावित नियमन से इन प्रभावों का प्रबंधन एवं नियंत्रण संभव होगा ।

मिश्रित उपयोग की सामान्य शर्ते

5.9.3

मिश्रित उपयोग हेतु विकास नियंत्रण के उपयोग परिक्षेत्र में लागू मापदण्ड (फंर्शी क्षेत्र अनुपात एवं भूतल निर्मित क्षेत्र, ऊँचाई, सीमान्त खुला क्षेत्र, पार्किंग इत्यादि) मिश्रित उपयोग के लिए लागू रहेंगे ।

मिश्रित उपयोग के यह नियमन पूर्व से विकसित क्षेत्र एवं नवीन प्रस्तावित क्षेत्रों में लागू होंगें, तथा पार्किंग हेतु परिसर उपयोग परिसर के अनुसार मान्य होंगे । विकसित क्षेत्र में पुनर्विकास की दशा में भी मिश्रित उपयोग स्वीकार्य किये जा सकेगे ।

12 मीटर एवं अधिक चौड़े मार्ग पर ही गैर-आवासीय गतिविधियां जैसे, वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक गतिविधियां मान्य की जा सकेगी । 4036

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

5.10 सामुदायिक सुविधायें/ सेवायें हेतु नियमन

सार्वजनिक तथा अर्धसार्वजनिक

(अ)

[भाग 1

2035 खण्डवा विकास योजना

इस उपयोग अंतर्गत स्वीकार्य निर्मित क्षेत्र तथा फर्शी क्षेत्रानुपात वर्तमान सघन क्षेत्र के लिये निम्न सारणी में दर्शाये गये है:-

1 खण्डवा : सार्वजनिक तथा अर्धसार्वजनिक हेतु विकास मापदण्ड

विवरण क्र

2

1

महाविद्यालय

1

उच्चतर माध्यमिक शाला

2

प्राथमिक शाला

3

4

पूर्व प्राथमिक शाला

अस्पताल

5

स्वास्थ्य केन्द्र

6

पुलिस थाना

7

अग्निशमन स्थल

8

9

सामुदायिक भवन

10 शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालय

टीप-

सारणी 5 -सा-8 कवरेज फर्शी क्षेत्रानुपात

4

3

1.5

40 प्रतिशत

1.5

40 प्रतिशत

1.5

50प्रतिशत

1.5

50प्रतिशत

1.5

40प्रतिशत

1.5

50 प्रतिशत

1.5

50प्रतिशत

1.5

50 प्रतिशत

1.0

40 प्रतिशत

1.5

40 प्रतिशत

1.5 प्रतिशत अतिरिक्त आच्छादन, गैरेज तथा सायकिल स्टैण्ड के लिये अनिवार्य होगा । 7

b. अन्य मापदण्ड म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार मान्य होंगे । 5.11 सामुदायिक सुविधायें तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं के

मापदण्ड

1. शैक्षणिक, स्वास्थ्य, संचार तथा सांस्कृतिक सुविधाओं के लिए अपेक्षित न्यूनतम भूमि का आकार, प्रशासकीय विभाग या किसी नियामक प्राधिकारी या भूखण्ड कांन्यूनतम आकार विहित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित किए गए अनुसार होगा । 4037

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2 2035 खण्डवा विकास योजना

2. आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग तथा निम्न आय समूह गृह निर्माण के लिए अत्यावश्यक सुख सुविधाओं की आवश्यकतायें, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012के नियम 19 के परिशिष्ट- अ में दिए गए अनुसार होगी ।

3. विकास योजना तैयार करते समय विभिन्न परिक्षेत्रों में स्वीकार्य फर्शी क्षेत्र अनुपात को उस क्षेत्र में प्रस्तावित घनत्व को दृष्टिगत रखते हुये निर्धारण किया गया है । अतः घनत्व का निर्धारण अनुज्ञा देते समय अभिन्यास स्तर पर न किया जावे ।

4. उस भूमि के लिए जिसमें कि कोई आवेदक हितबद्ध हो सकता हो , विकास रेखांक अथवा परिक्षेत्रीय रेखांक के प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए प्राधिकारी को, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 49 की परिशिष्ट- छः में दिए अनुसार विहित प्रारुप में कोई आवेदन किया जा सकता है ।

सामुदायिक सुविधायें तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं के मापदण्ड निम्न सारणी में दर्शाये गये है:-

श्रेणी

क्र

1

2

शैक्षणिक भवन

1. नर्सरी/ पूर्व प्राथमिक शाला 1 2. प्राथमिक विद्यालय

3. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 4. महाविद्यालय

स्वास्थ्य

हॉस्पिटल 100 बिस्तर हॉस्पिटल 30से 100 बिस्तर हॉस्पिटल 0 से 30 बिस्तर नेच्रोपेथी सेन्टर

हेल्थ सेन्टर

2

नर्सिंग होम

पालीक्लीनिक

पेट क्लीनिक

ब्लड बैंक/ पैथालाजी सेन्टर इत्यादि

फिजियोथेरेपी सेन्टर

खण्डवा: सामुदायिक सुविधाओं / सेवाओं हेतु नियमन

सारणी 5-सा-9 अधिकतम निर्मित क्षेत्र

अन्य तीन ओर (मी. मे) एफ. ए. आर.

अग्र सीमान्त खुला क्षेत्र (मी. में)

न्यूनतम मार्ग चौड़ाई (मी. में)

6

7

5

4

3

3.0

6.0

12.0

50 प्रतिशत 1.50

3.5

7.5

12.0

1.50

50प्रतिशत

12.0

5.0 18.0

1.50

40 प्रतिशत

6.0

15.0

24.0

40 प्रतिशत 1.50

06.00

15.00

24.00

1.50

40 प्रतिशत

06.00

15.00

24.00

1,50

40प्रतिशत

04,50

12.00

1.50

18.00

40प्रतिशत

12.00

04.50 18.00

1.25

30प्रतिशत

04.50

12.00

1.50

18.00

50 प्रतिशत

12.00

18.00

04.50 1.25

30प्रतिशत

18.00

04,50

12.00

30प्रतिशत 1.25

04.50

12.00

12.00

1.25

30प्रतिशत

04.50

12.00

12.00

1.25

30 प्रतिशत

04.50

12.00

12.00

30 प्रतिशत 1.25 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4038

2035

खण्डवा विकास योजना

जनउपयोगिता एवं सेवायें-

1.00

पुलिसचौकी

35 प्रतिशत

12.0

1,50

पुलिस स्टेशन आवास गृह सहित्त

50 प्रतिशत

12.0

1.00

सामुदायिक भवन

40 प्रतिशत

3

उप अग्निशमन केन्द्र

-12.0

1.00

35प्रतिशत

12.0

अग्निशमन केन्द्र

1.50

50प्रतिशत

म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012के नियम 42 के अनुसार मान्य होंगे ।

म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012के नियम 42 के अनुसार मान्य होंगे ।

12.0-

डाक एवं तार

1.00

35 प्रतिशत

विद्युत सब स्टेशन--

12.0

1.00

30प्रतिशत

4धार्मिक भवन

18.0

शासकीय/ अर्धशासकीय

1.50

40 प्रतिशत

5

कार्यालय

नोट:-

1

!

उपरोक्त सारणी में जो सुविधायें सम्मिलित नहीं हैं उनके भू-आच्छादित क्षेत्र 30 प्रतिशत तथा फर्शी क्षेत्र अनुपात 1.0 से अधिक नहीं होंगे । जो सीमांत खुले क्षेत्र उपरोक्त सारणी में उल्लेखित नहीं हैं, वे मध्यप्रदेश- भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानों के अनुसार रहेंगे । किंतु ऐसी सुविधायें जिनका पुनर्विकास किया गया है उनके लिये यहां मापदण्ड लागू न होकर केवल आच्छादित क्षेत्र (कॉलम 3) के- अनुसार रहेगी, जिसे आवश्यकतानुसार 10 प्रतिशत की सीमा तक बढ़ाया जा सकता है ।

!

अन्य नियमन

5.12

12.50 मीटर से ऊँचे भवनों संबंधी नियमन

5.12.1

मध्यप्रदेश भूमि_विकास नियम, 2012 के नियम 42 के प्रावधानों अनुसार मान्य होंगे ।

5.12.2 बहुविध बहुमंजिली ईकाई निर्माण

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 के मापदण्ड अनुसार नियंत्रित :

होंगे ।

फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा

5.12.3

फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधायें हेतु मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012के नियम 17 एवं 17 (क) अनुसार नियंत्रित होंगे। 4039

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 5.12.4 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान

नवीन वाणिज्यिक केन्द्रों के नियोजन के समय फुटपाथ दुकानें, हाथ ठेला एवं इसी तरह की अन्य गतिविधियों के लिए सारणी क्रमांक 5- सा-10 में दिए गए मानकों के अनुसार अनौपचारिक वर्ग हेतु प्रावधान निर्धारित किए गए है :-

खण्डवा: अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान

सारणी 5- सा-10

मानक

क्र

विवरण

3

1

2

फुटपाथ व्यापार

वृत्त खण्ड केन्द्र

1

3 से 4 ईकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें उपवृत्त खण्ड केन्द्र सुलभ शॉपिंग

2

5 से 6 ईकाई प्रति 100 कर्मकार शासकीय एवं वाणिज्यिक कार्यालय

3 थोक व्यापार एवं मॉलभाड़ा कॉम्पलेक्स 3 से 4 ईकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें 4

चिकित्सालय

3 से 4 ईकाई प्रति 100 बिस्तर

विद्यालय

5

प्राथमिक

3 से 4 ईकाई 5 से 6 ईकाई

माध्यमिक/ उच्चतर माध्यमिक

उद्यान

नगर उद्यान

6

8 से 10 ईकाई प्रत्येक प्रमुख प्रवेश द्वार स्थानीय उद्यान

2से 3 ईकाई

7

आवासीय

1 ईकाई प्रति 500 जनसंख्या 1

औद्योगिक

8

5 से 6 ईकाई प्रति 1000 कर्मकार 9-

रेलवे स्टेशन/ बस स्थानक

परियोजना तैयार करते समय किये गये सर्वेक्षण पर निर्भर होगा ।

टीप :- प्रत्येक ईकाई 2.5 से 5 वर्गमीटर के आकार की नियत होगी ।

5.12.5 यातायात नगर / मैकेनिक नगर / लॉजिस्टिक हब / निजी बस स्थानक (अ) इस उपयोग के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियां स्वीकार्य होगी ट्रक टर्मिनल, मोटर गैरेज , वर्कशॉप , स्पेयर पार्टस एवं सुधार की दुकानें, रात्रि विश्राम , गृह बोर्डिंग / लॉजिंग , बैंक, पेट्रोल पम्प, रेस्टोरेंट , बुकिंग ऑफिस , वेयर हाउस एवं अनुशांगिक गतिविधियां ।

यातायात नगर एवं मैकेनिक नगर परिक्षेत्र हेतु नियमन ।

(ब) भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4040

2035

खण्डवा विकास योजना |

मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 18 मीटर से कम नहीं होगी ।

सामुदायिक खुले क्षेत्र का उपयोग पार्किंग के लिए किया जा सकेगा ।

यातायात नगर के विकास हेतु न्यूनतम क्षेत्रफल वर्णित नहीं किया गया है, स्थल के आधार के अनुसार एक से अधिक गतिविधियां स्वीकार्य होगी । 5.12.6 ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक

ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र 18 मीटर चौड़े विद्यमान मार्ग पर स्वीकार्य होंगे तथा शेष मानक, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 53 (3) (चार) के अनुरुप होंगे । ई- वाहन / बैटरी चार्जिंग स्टेशन के मानक शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार लागू होंगे ।

5.12.7 शॉपिंग मॉल / खुला मॉल

शॉपिंग मॉल हेतु मापदण्ड, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 96 के अनुरुप होंगे । उक्त गतिविधि विकास योजना में दर्शित वाणिज्यिक, मिश्रित एवं आवासीय भू-उपयोग में मान्य होगी ।

5.12.8 होस्टल , वर्किंग वूमन होस्टल, रेस्ट/ गेस्ट हाउस, लॉजिंग / बोर्डिंग होस्टल, वर्किंग वूमन होस्टल, रेस्ट/ गेस्ट हाउस , लॉजिंग / बोर्डिंग के लिए नियमन

500 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1:1.0

अधिकतम एफ.ए.आर.

33प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कवरेज)

12.0 मीटर

अधिकतम ऊँचाई

सीमांत खुला क्षेत्र -

6.0मीटर

(अ) सम्मुख

4.50मीटर

(ब) अन्य तीन ओर

अन्य नियंत्रण

12.0मीटर

भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई

पार्किंग मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधान अनुसार रहेगी । 5.12.9 बारात घर / मांगलिक भवन/ कल्याण मण्डपम

बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम आवासीय एवं वाणिज्यिक उपयोग में स्वीकार्य होंगे । विकास के नियमन निम्नानुसार होंगेः-

1 4041

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

500 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1:0.5

अधिकतम एफ.ए.आर.

15 प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कवरेज)

25.0 मीटर

न्यूनतम भूखण्ड का अग्रभाग

सीमांत खुला क्षेत्र

6.0मीटर

(अ) सम्मुख

4.50मीटर

(ब) अन्य तीन ओर

अन्य नियंत्रण :

भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर ।

भूखण्ड के सम्मुख खुले क्षेत्र का 40 प्रतिशत भाग सार्वजनिक पार्किंग हेतु आरक्षित रहेगा ।

इस गतिविधि से जनित होने वाली पार्किंग की पूर्ण व्यवस्था परिसर के अंदर ही सुनिश्चित की जायेगी ।

टीप :- शासकीय भूमि अथवा मार्ग पर एवं परिसर के बाहर पार्किंग गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी ।

5.12.10 होटल हेतु मापदण्ड

500 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

30प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कवरेज)

1:1.25

अधिकतम फर्शी क्षेत्र अनुपात

अधिकतम ऊँचाई

भूमि विकास नियम अनुसार सीमांत खुला क्षेत्र

6.0मीटर

(अ) सम्मुख

4.50मीटर

(ब) अन्य तीन ओर

अन्य नियंत्रण :-

भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर ।

तलघर का अधिकतम क्षेत्र भूतल पर निर्मित क्षेत्र के बराबर होगा । इसका उपयोग वाहन विराम स्थल एवं सेवा के लिए किया जावे एवं इसकी गणना फर्शी क्षेत्र अनुपात में नहीं की जावेगी ।

वाहन विराम हेतु नियम, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 84 के प्रावधान मान्य होंगे । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4042

2035

खण्डवा विकास योजना

5.12.11 शीतकेन्द्र / वेयर हाउस / गोदाम / अन्य भण्डारण केन्द्र के लिए मापदण्ड भण्डारण / वेयर हाउस के लिए निम्न नियमन रहेंगे ।

1000 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1:0.40

अधिकतम तल क्षेत्र का अनुपात

40प्रतिशत

अधिकतम निर्मित क्षेत्र

12.0 मीटर

भूखण्ड के सामने मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई

सीमांत खुला क्षेत्र

7.5 मीटर

(अ) सम्मुख

6.0मीटर

(ब) अन्य तीन ओर

5.12.12 छविगृहों के लिए मापदण्ड

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 53 (3) (एक) (दो) के प्रावधान लागू होंगे , जो आवासीय, वाणिज्यक , औद्योगिक तथा मिश्रित उपयोग में मान्य होंगे । 5.12.13 मल्टीप्लेक्स

मल्टीप्लेक्स हेतु मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 95 के प्रावधान लागू होंगे । जो आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक भूमि उपयोग में मान्य होंगे एवं फर्शी क्षेत्र अनुपात उस भू- उपयोग के अनुरुप होगा, जिसमें उक्त गतिविधि मान्य की गई हो । 5.12.14 मैरिज गार्डन

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 53 (3) (तीन) अनुसार मान्य होंगे । 5.12.15 उद्यान

समस्त प्रकार के आमोद-प्रमोद क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित उद्यान में 5 प्रतिशत आनुशांगिक गतिविधियां स्वीकार्य होगी ।

स्टेडियम के निर्माण हेतु मापदण्ड खेल विभाग , म.प्र. शासन के अनुसार होंगे । 5.13 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन

संवेदनशील क्षेत्र में विकास की गतिविधियां निम्नानुसार प्रावधानित है :-

1. नदी, नाले, शाखा नहर एवं अन्य जल स्त्रोतों के किनारे छोड़ा जाने वाला कम-से-कम क्षेत्र , मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के नियमों के अनुसार होगा । 4043

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

2. नहर की स्थिति सिंचाई विभाग द्वारा अधिग्रहण की गई भूमियों में कम से कम 3.0 3.0 मीटर दोनों ओर का क्षेत्र खुला रखा जाएगा ।

3. अनुपचारित जल किसी भी स्थिति में नदी/ तालाबों में प्रवाहित नहीं किया जावेगा ।

4. जलाशयों के किनारे क्षेत्रों में अपने भवन स्वामियों को अपने भवनों के व्यक्तिगत सेप्टिक टैंक को ग्रिडल मल लाईन , जब उसका निर्माण हो जाए , से जोड़ना होगा ।

5. निवेश क्षेत्र में आने वाले निर्मित भवनों के आच्छादित क्षेत्र में या एफ.ए.आर. में पूर्व की स्वीकृति के अतिरिक्त वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी ।

6. नदियों/ तालाबों की सुरक्षा एवं जल गुणवत्ता के सुधार एवं संरक्षण हेतु किये जाने वाले कार्य स्वीकार्य होंगे ।

7. संवदेनशील क्षेत्रों में रख - रखाव से संबंधी कार्य स्वीकार्य होंगे ।

ऐतिहासिक महत्व के क्षेत्र:-

नागरिक एवं सांस्कृतिक महत्व के भवन ।

प्राचीन वास्तुकला भवन यदि निजी अधिपत्य में हो, तो भी ।

समय - समय पर खोजे गए विरासतीय भवन । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4044

2 2035

खण्डवा विकास योजना|

5.14 उपयोग परिसर में स्वीकृत / स्वीकार्य गतिविधियां

सारणी 5- सा-11 क्र उपयोग

स्वीकृत उपयोग परिसर

3

1

2

आवासीय

1

आवासीय

आवासीय भूखण्डीय विकास, अपार्टमेंट हाउसिंग / फ्लेट्स, अतिथि गृह/ रेस्ट हाउस , रात्रि विश्राम गृह, धर्मशाला मैरिज हॉल / बारात घर /मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम, कम्युनिटी हॉल, मैरिज गार्डन, बाल सुधार गृह/ कामकाजी महिला छात्रावास , होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम, सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, साप्ताहिक हाट बाजार , क्लिनिक / डिस्पेंसरी , प्रसूति गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, पालतू पशु क्लिनिक/ औषधालय , खेल का मैदान / नेबरहूड पार्क, झूलाघर / डे- केयर सेंटर, क्लिनिकल प्रयोगशाला, खुला रंग-मंच, सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र, अनाथालय, योग केन्द्र , ध्यान आध्यात्मिक केन्द्र, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स , होटल, ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग, सामान्य चिकित्सालय , विशिष्ट चिकित्सालय , शैक्षणिक महाविद्यालय/ संस्थान, समस्त विद्यालय , कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, संगीत / नृत्य / नाटिका प्रशिक्षण केन्द्र, स्थानीय संस्थायें / शासकीय / अर्धशासकीय कार्यालय/ सुविधायें, कन्वेंशन सेंटर , बस स्टाप , सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वॉटर शोधन उपचार संयंत्र, मनोरंजन क्लब , खेल मैदान / स्टेडियम, लाइब्रेरी, म्यूजियम, स्टाफ क्वार्टर , बैंक / ए.टी.एम. , रेस्टोरेंट, तरणताल, कम्प्यूटर सेंटर ।

वाणिज्यिक

2

सामान्य अ) वाणिज्यिक

आवासीय में स्वीकार्य समस्त वाणिज्यिक गतिविधियां, सिनेमा हॉल, होटल , ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, प्रिंटिंग प्रेस, निजी व्यवसाय कॉर्पोरेट कार्यालय , ऑटो सर्विस स्टेशन / मोटर गैरेज एवं वर्कशॉप, सूचना प्रौद्योगिकी, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण सेंटर, दूर- संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टावर, वायर लेस स्टेशन, रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन , वेधशाला एवं मौसम कार्यालय , अग्निशमन केन्द्र, दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस , दूर- संचार टावर एवं स्टेशन , पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, मॉल , मल्टीप्लेक्स, फिटनेस क्लब । 4045

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भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

ब) वर्गीकृत वाणिज्यिक

सामान्य वाणिज्यिक में स्वीकार्य गतिविधियां, डिपो तथा थोक व्यापार एवं लॉजिस्टिक हब ।

3 औद्योगिक

औद्योगिक भूखण्डीय विकास , अतिथि गृह / रेस्ट हाउस , होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, क्लिनिक / डिस्पेंसरी , प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम , खेल मैदान, बालगृह , दिन देखभाल केन्द्र, धार्मिक परिसर,क्लिनिकल प्रयोगशाला, सिनेमा हॉल , मल्टीप्लेक्स होटल , ईंधन भराव एवं भराव-सह- सेवा केन्द्र, शीत संग्रहागार एवं दुग्ध द्रुतशीतजन संयंत्र, जंकयार्ड, पेट्रोलियम उत्पाद डिपो, गैस गोडाउन, प्रिटिंग प्रेस , ऑटो सर्विस स्टेशन / मोटर गैरेज एवं वर्कशॉप , सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग, डेरी प्लांट , स्लाटर हाउस , फेलैटेड फैक्टरी , स्टोरेज / गोदाम (अज्वलनशील, ज्वलनशील , डीजल स्टोरेज ) , एक्सटेंसिव विशिष्ट एक्सट्रेक्टिव उद्योग , औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, स्थानीय संस्थायें / अर्धशासकीय /शासकीय कार्यालय, दूर- संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टावर, वायर लेस स्टेशन , अग्निशमन केन्द्र, दूर संचार , पोस्ट ऑफिस, दूरभाष केन्द्र पोस्ट ऑफिस , दूर- संचार टावर एवं स्टेशन, पुलिस स्टेशन , पुलिस पोस्ट, बस स्टाप, सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वॉटर शोधन संयंत्र, लाइब्रेरी, म्यूजियम, स्टाफ क्वार्टर, बैंक / ए.टी.एम. रेस्टोरेंट ।

4

सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक

अतिथि गृह / रेस्ट हाउस, बालगृह, कामकाजी महिला छात्रावास, होस्टल, लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम, सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, क्लिनिक / डिस्पेंसरी, प्रसूति गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र , नर्सिंग होम, पालतू पशु औषधालय , खेल का मैदान , नेबरहूड पार्क , झूला घर / डे केयर केन्द्र, धार्मिक परिसर,क्लिनिकल प्रयोगशाला, खुला रंग- मंच , सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र, अनाथालय , योग-ध्यान-अध्यात्मिक केन्द्र, ईंधन भराव एवं भराव- सह-सेवा केन्द्र, निजी व्यवसाय एवं कॉर्पोरेट कार्यालय , सूचना प्रौद्योगिकी, स्टोरेज / गोदाम (अज्वलनशील), सामान्य चिकित्सालय , विशिष्ट चिकित्सालय , पशु चिकित्सालय , विश्व विद्यालय , शैक्षणिक महाविद्यालय, चिकित्सा/ इंजीनियरिंग महाविद्यालय, अन्य व्यवसायिक महाविद्यालय , पॉलीटेक्निक, माध्यमिक विद्यालय , प्राथमिक विद्यालय / नर्सरी , प्ले स्कूल, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण सेंटर, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान, विकलांग बच्चों के लिए विद्यालय , (अ - मानसिक विकलांगता, ब - शारीरिक विकलांगता) , समन्वित आवासीय विद्यालय , औद्योगिक प्रशिक्षण भाग 1

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4046

22035

खण्डवा विकास योजना

संस्थान व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थान / प्रबंधन संस्थान, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र , संगीत / नृत्य नाटिका प्रशिक्षण केन्द्र, स्थानीय संस्थायें / शासकीय / अर्धशासकीय कार्यालय , दूर- संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टावर, वायर लेस स्टेशन, रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन, वेधशाला एवं मौसम कार्यालय, मनोरंजन क्लब, आंतरिक एवं बाह्य स्टेडियम , स्पोर्ट्स काम्पलेक्स, लाइब्रेरी, म्यूजियम, स्टाफ क्वार्टर, बैंक / ए.टी.एम. रेस्टोरेंट, तरणताल, होटल मैनेजमेंट संस्थान , कन्वेंशन सेंटर, सामाजिक कल्याण केन्द्र, सूचना प्रौद्योगिकी एवं गैर- प्रदूषणकारी उद्योग * * ।

सार्वजनिक 5 उपयोगितायें एवं सुविधायें

अग्निशमन स्टेशन , दूरभाष केन्द्र , पोस्ट ऑफिस, दूर- संचार टावर/ स्टेशन, पुलिस स्टेशन , पुलिस पोस्ट, बस स्टाप , मल / अपशिष्ट उपचार संयंत्र, कब्रिस्तान, शमशान घाट, विद्युत शव-दाह , जल / वेस्ट वॉटर शोधन उपचार संयंत्र, रख रखाव कार्यालय , यातायात सुविधायें, संचार सुविधायें, अत्यावश्यक सेवाओं संबंधी कार्य ।

6

यातायात एवं परिवहन

रेलवे स्टेशन एवं रेलवे लाईन/ रेलवे साइडिंग / यार्ड / ऑपरेशनल एरिया, बस स्टैण्ड, बस डिपो , ट्रक टर्मिनल नगर, हवाई पट्टी, मॉल गोदाम , शीतगृह, सर्विस स्टेशन, रिपेयर वर्कशॉप , अनुशांगिक दुकानें, रेस्टोरेन्ट, मोटल , पेट्रोल पम्प ।

आमोद-प्रमोद

(अ) क्षेत्रीय/ नगर उद्यान/ मनोरंजन

7

खेल का मैदान , पार्क, एम्यूजमेंट पार्क, मनोरंजन साईट, क्लब रिसोर्ट, घुड़सवारी , जिम्नेशियम मय वोट क्लब , इंडोर स्टेडियम , स्टेडियम, स्पोर्ट कॉम्पलेक्स , ऑरचर्ड, तरणताल, पिकनिक हट , फ्लाईंग क्लब , फिटनेस क्लब , मेला मैदान, नर्सरी , पक्षी अभ्यारण्य , वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान , मत्स्यालय , केम्पिंग साईट , वॉटर पार्क, वॉटर पार्क मय राइडर कियोस्क, पर्यटक / कुटीर , खेल उद्यान , नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान, संग्रहालय , अन्य विशिष्ट उद्यान, सर्कस, सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय, स्टोर, चौकीदार निवास , चौकीदार हट, पम्प हाउस , अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवायें / सुविधायें ।

(ब) स्टेडियम/ खेल मैदान

स्टेडियम / खेल मैदान, नेबरहूड पार्क, एम्यूजमेंट पार्क, क्लब /रिसोर्ट, घुड़सवारी प्रशिक्षण , जिम्नेशियम , शूटिंग रेंज , वोट क्लब , इंडोर स्टेडियम , स्टेडियम , स्पोर्ट कॉम्पलेक्स , ऑरचर्ड, तरणताल , पिकनिक हट, फ्लाईंग , फिटनेस क्लब, मेला स्थल, नर्सरी, खेल उद्यान, नगरीय उद्यान , क्षेत्रीय उद्यान, अन्य विशिष्ट उद्यान, सर्कस , सूचना केन्द्र, 4047

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2035

खण्डवा विकास योजना |

सार्वजनिक शौचालय , स्टोर , चौकीदार निवास , पम्प हाउस, चौकीदार हट, अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवायें / सुविधायें ।

(स) मेला मैदान

मेला मैदान , खेल का मैदान, पार्क, एम्युजमेंट पार्क , क्लब , घुड़सवारी, जिम्मेजियम , वोट क्लब , आंतरिक स्टेडियम-अस्थाई प्रकृति के, ऑरचर्ड, तरणताल, पिकनिक हट, फ्लाईंग , फिटनेस क्लब , नर्सरी , पक्षी' अभ्यारण्य, वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान , केम्पिंग साईट, वाटर पार्क, रिसोर्ट, पर्यटक / कुटीर अस्थाई प्रकृति के, खेल उद्यान , नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान , सर्कस सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय , स्टोर, पम्प हाउस, चौकीदार निवास, चौकीदार हट, अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवायें / सुविधायें ।

(द) हरित क्षेत्र

खेल का मैदान, नेबरहुड पार्क, एम्युजमेंट पार्क, घुड़सवारी प्रशिक्षण , वोट क्लब , ऑरचर्ड, तरणताल, पिकनिक हट, फ्लाईंग , नर्सरी, पक्षी अभ्यारण्य, वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान , मत्स्यालय , केम्पिंग साईट, वाटर पार्क , खेल उद्यान, पम्प हाउस, नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान । (ई) वृक्षारोपण

पर्यावरण वानिकी , खेल का मैदान नेबरहूड पार्क, एम्युजमेंट पार्क, घुड़सवारी , वोट क्लब, ऑरचर्ड, तरणताल , पिकनिक हट, मेला मैदान, नर्सरी , पक्षी अभ्यारण्य, वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान, मत्स्यालय, केम्पिंग साईट-अस्थाई प्रकृति की, वॉटर पार्क, पर्यटक कुटीर (अस्थाई प्रकृति की), खेल उद्यान, नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान, सर्कस , सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय, स्टोर, पम्प हाउस , चौकीदार निवास , चौकीदार हट, अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवायें/ सुविधायें ।

8 कृषि

ऐसे समस्त स्वीकृत उपयोग जो "कृषि " शब्द की परिभाषा में, मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 में वर्णित है । श्मशान घाट / कब्रिस्तान , जल- मल शोधन केन्द्र, ईंट भट्टे, दुग्ध डेयरी , तेल डिपो , फार्म हाउस, वेयर हाउस, गोडाउन, विस्फोटक सामग्री संग्रहण, शासकीय / अर्धशासकीय / पंजीकृत संस्थाओं का कार्यालय एवं उनके द्वारा प्रायोजित विशिष्ट स्वास्थ्य /शैक्षणिक / संचार गतिविधियां, ग्राम विकास संबंधी गतिविधियां (क्लिनिक / डिस्पेंसरी , प्रसूति गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, पालतू पशुक्लिनिक/ औषधालय , रात्रि विश्राम गृह, धर्मशाला , मैरिज हॉल / बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम, कम्युनिटी हॉल, मैरिज गार्डन, बालगृह, होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम , सुविधाजनक दुकानें, अनाथालय, योग केन्द्र, ध्यान आध्यात्मिक केन्द्र , ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, [भाग 1 4048

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

खण्डवा विकास योजना 2035 माध्यमिक विद्यालय , प्राथमिक विद्यालय / नर्सरी , प्ले स्कूल , कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र , नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान, खुला मॉल, विकलांग बच्चों के लिए विद्यालय, (अ -मानसिक विकलांगता, ब- शारीरिक विकलांगता) , पुलिस स्टेशन , पुलिस पोस्ट बस स्टाप , सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वॉटर शोधन उपचार संयंत्र, नर्सरी, लाइब्रेरी, सेवाओं/ सुविधाओं संबंधी अत्यावश्यक स्टाफ क्वार्टर, बैंक / ए.टी.एम. , रेस्टोरेंट, ग्राम आबादी विस्तार , भवन सामग्री यार्ड, टिम्बर यार्ड, मैरिज गार्डन , शीत संग्रहागार, दुग्ध द्रुतशीतजन संयंत्र, जंकयार्ड, पेट्रोलियम उत्पाद डिपो, गैस गोडाउन , डेरी प्लांट स्टोरेज / गोदाम (अज्वलनशील , ज्वलनशील , डीजल स्टोरेज) , एक्सटेंसिव विशिष्ट एक्सट्रेक्टिव उद्योग , दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस , पुलिस पोस्ट, बस स्टाप , मल / अपशिष्ट उपचार संयंत्र, कब्रिस्तान, शमशान घाट, विद्युत शव- दाह, जल / वेस्ट वॉटर शोधन उपचार संयत्र, समस्त खेल गतिविधियां /लॉजिस्टिक हब , सूचना प्रौद्योगिकी* एवं गैर- प्रदूषणकारी उद्योग ** , कृषि पर्यटन सुविधा , समस्त प्रकार के भण्डारण ।

नोट :-

1. * सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश शासन द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के, नीति पत्र में वर्णित उद्योग एवं संस्थायें ।

2. **गैर-प्रदूषणकारी उद्योग से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल द्वारा सफेद श्रेणी में वर्गीकृत उद्योग ।

5.15 अन्य सुविधायें

खण्डवा निवेश क्षेत्र में भूमि के विकास तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं हेतु विभिन्न प्रकार की सुविधायें, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 49 (1 ) के अनुसार मान्य होगी ।

5.16 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया

विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के अनुसार होगी । 4049

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भाग 11

खण्डवा विकास योजना 2035

अध्याय-6

विकास योजना क्रियान्वयन विकास योजना प्रस्तावों को यथा संभव प्रयासों द्वारा निर्धारित समयावधि में क्रियान्वित किया जावे, तभी इसके तैयार करने की सार्थकता सिद्ध होगी । यह अपेक्षित है कि, इसमें नागरिकों द्वारा व्यक्तिगत या संगठित रुप से निर्माण, पुनर्निर्माण और विभिन्न उपयोग हेतु भूमि विकास करके योगदान देना होगा । इसलिए यह आवश्यक होगा कि, ऐसे प्रयासों का मार्गदर्शन, तकनीकी सलाह देकर किया जावे , जिससे कि विकास एवं निर्माण विकास योजना या परिक्षेत्रीय योजना के उपबंधों के अनुरुप हो सके । विकास योजना का प्रभावीकरण तभी संभव हो सकेगा, जब मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत कोई भी विकास कार्य चाहे वह शासकीय / अर्धशासकीय स्थानीय संस्थायें या निजी अथवा व्यक्तिगत हो , उसकी अनुज्ञा नगर तथा ग्राम निवेश से प्राप्त कर किया जावें । भूमि विकास के नियंत्रण संबंधी प्रावधान, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 एवं मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 में निहित है ।

विकास योजना का क्रियान्वयन मुख्यतः मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 38 (1 ) के अंतर्गत गठित नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी खण्डवा द्वारा किया जावेगा । जब तक विकास प्राधिकारी का गठन नहीं होता तब तक क्रियान्वयन का दायित्व नगर पालिक निगम खण्डवा द्वारा वहन किया जावेगा । इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग , उद्योग विभाग , नगर पालिक निगम आदि द्वारा भी अपने संबंधित कार्य क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाता है , उससे विकास योजना के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी । इसलिए यह अपेक्षित होगा कि सभी प्रकार की निर्माण गतिविधियों को समन्वित करने हेतु शासकीय /अर्धशासकीय निकाय , विकास योजना के क्रियान्वयन की क्रमावस्था तथा कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दें तथा उसके अनुरुप बजट में भी प्रावधान किया जावे ।

उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखकर वांछित उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु योजना क्रियान्वयन नीति के अंतर्गत निम्नानुसार प्राथमिकता निर्धारित है :-

भूमि का कुशलतम उपयोग ।

विकसित भूखण्ड एवं निर्मित आवास उपलब्ध कराना ।

अधोसंरचना और सेवाओं का संवर्धन एवं विकास ।

सहभागिता आधारित भूमि प्रदाय तथा अधोसंरचना विकास प्रस्ताव ।

प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण एवं संवर्धन ।

सांस्कृतिक धरोहर क्षेत्रों का संरक्षण एवं संवर्धन ।

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4050

6.1 विकास योजना का क्रियान्वयन

खण्डवा विकास योजना 2035 विकास योजना के प्रस्ताव वर्ष 2035 तक की कालावधि के लिए है । वर्तमान मूल्यों के अनुसार पूर्ण प्रस्ताव क्रियान्वयन करने में लगभग 239135.22 लाख रुपये का व्यय अनुमानित है । इसमें विभिन्न भूमि उपयोग हेतु प्रस्तावित भूमि के अर्जन हेतु मुआवजा एवं 60 प्रतिशत भूमि के विकास पर व्यय , नये मार्गों एवं ओव्हर ब्रिज का निर्माण आदि शामिल है । भूमि अर्जन की औसत दर 75 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मानी गई है ।

विकास योजना में दर्शित प्रथम चरण के घटक प्राथमिकता के आधार पर विकसित किये जायेंगे , जिसमें होने वाले व्यय हेतु शासन एवं अनुदान / जिला प्रशासन के बजट से विकलनीय होगा ।

योजना क्रियान्वयन की लागत 2035

क्षेत्र (हेक्टेयर में) क्र

भूमि उपयोग विवरण

विकास हेतु उपलब्ध भूमि

भूमि के अर्जन हेतु प्रस्तावित क्षेत्र

भू-अर्जन लागत (रु. 75 लाख प्रति हेक्टेयर की दर से)

4

5 1

2

3

1 आवासीय 1461.86 292.37

सारणी 6- सा-1 उपलब्ध भूमि का 60 प्रतिशत विकास

कुल लागत (रु. लाख में)

लागत (रु. लाख में)

क्षेत्र (हेक्टेयर में)

विकास दर प्रति हेक्टेयर (रु. लाख में)

7

6

9

8

109639.50

21927.90

2

मिश्रित

-12.80 -3.84 -288.00

39.14 3

2935.85 वाणिज्यिक 118.62

260.01

9750.38 4 औद्योगिक

130.01 5

6310.88

168.29 84.15 सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक

0.87

65.25

0.87 सार्वजनिक 6 उपयोगितायें एवं सुविधायें

7

550.67 275.34 20650.13 आमोद-प्रमोद

303.82

11393.25

8

151.91 यातायात एवं परिवहन

969.94 877.12 100.00 87711.60

-7.68

50.00

-384.00

-672.00 71.17 100.00 7117.20 10053.05 100.00

156.01

15600.60 25350.98 100.97

50.00

5048.70 11359.58 0.52

50.00

26.10

91.35 330.40 100.00 33040.20 53690.33 182.29 100.00

29622.45

-18229.20

239135.22

72745.62

2851.34

कुल

1710.80

166389.60

नोट :- उपरोक्त सारणी में वर्णित आंकड़ें सांकेतिक स्वरुप की है । 4051

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1]

2035

खण्डवा विकास योजना

6.2 योजना क्रियान्वयन की नीति

योजना क्रियान्वयन द्वारा नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हेतु ठोस प्रयास की आवश्यकता है । विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु नगर पालिक निगम खण्डवा मुख्य क्रियान्वयनकारी संस्था है । इसके अतिरिक्त अन्य विकास कार्यों से संबंधित विभाग तथा निजी भू-स्वामी / संस्था / फर्म/ कंपनी आदि भी विकास योजना का क्रियान्वयन करेंगे । निम्नलिखित उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु योजना क्रियान्वयन नीति निर्धारित की जाएगी:-

प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण तथा उत्कृष्ट भू-स्वरुप ।

भूमि का कुशलतम उपयोग ।

अधोसंरचना और सेवाओं की उपलब्धता/ संधारण ।

भूमि प्रदाय तथा अधोसंरचना विकास में सहभागिता का प्रस्ताव ।

समाज के कमजोर वर्गों हेतु आवास प्रदान करना ।

उपरोक्त उद्देश्यों का क्रियान्वयन निम्न क्षेत्र में किया जाना प्रस्तावित है:-

(अ) पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम ।

(ब) नगर अधोसंरचना एवं सेवा संबंधी कार्यक्रम ।

(स) राज्य आवास एवं पर्यावास नीति 2007 के अंतर्गत भूमि विकास । मुख्य मार्गों के किनारे प्रस्तावित भू- उपयोग के विकास हेतु अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदन- पत्रों का निराकरण इस विधि से किया जायेगा कि, मार्गों हेतु प्रस्तावित भूमि स्थानीय संस्था को विकास हेतु उपलब्ध हो सके । आवासीय परिक्षेत्रों में चिकित्सा एवं इलेक्ट्रॉनिक व्यवसाय से संबंधित उपक्रम विद्युत शक्ति की सीमा से मुक्त होंगे ।

आवासीय परिक्षेत्र में भूखण्ड का आकार, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम खुला क्षेत्र नियम 55 एवं 56 के अनुसार जहां कही विशेष रुप से उल्लेखित न किया गया हो, नियंत्रित होगा ।

6.3 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम

पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण से तात्पर्य उन चरम पर्यावरण संबंधी समस्याओं से है, जो जल स्त्रोतों के संरक्षण, इनकी जल गुणवत्ता, उत्कृष्ट भू- स्वरुप तथा जल स्त्रोतों के जलग्रहण क्षेत्रों से संबंधित कतिपय भूमि प्रबंधन से संबंधित है ।

अन्य पर्यावरण समस्यायें जैसे नगरीय अपशिष्ट के उपचार, निराकरण , इसके पुनर्चक्रीकरण /पुनः उपयोग एवं नगर विस्तार के परिप्रेक्ष्य में जनसंख्या के व्यवस्थापन से उत्पन्न आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं से संबंधित है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4052

खण्डवा विकास योजना 2035

!

6.3.1 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रमुख तत्व

उपरोक्त संवेदनशील बिन्दु के परिप्रेक्ष्य में निम्न विषय विचारणीय है :-

1. जल स्त्रोतों में जल- मल के प्रवाह को रोकने हेतु प्रभावी कदम ।

2. जल फैलाव क्षेत्रों में "स्टापडेम " द्वारा भूमि क्षरण को रोकना एवं इस क्षेत्र में कृषि हेतु उर्वरक उपयोग निषेध ।

3. निस्तारी एवं जल गुणवत्ता का स्वतंत्र पर्यवेक्षण ।

4. सभी जल स्त्रोतों के जल फैलाव क्षेत्रों में प्रदूषण एवं अन्य पर्यावरणीय गिरावट के नियंत्रण हेतु संस्थागत समन्वय व्यवस्था ।

5. मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 में रुफ टॉप वॉटर हार्वेस्टिंग के प्रावधान किये गये है । स्थानीय प्राधिकारी द्वारा इन प्रावधानों को सुनिश्चित कराने हेतु ठोस कदम उठाने होंगे।

6.4 नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना

नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना का प्रमुख स्वरुप निम्न नीतिगत उद्देश्यों की पूर्ति हेतु होगा :-

संस्था का गठन ।

विस्तृत योजना प्रस्ताव तथा भूमि क्षमता के अनुरुप भूमि उपयोग तथा अधोसंरचना विकास हेतु नियमन ।

भौतिक एवं वित्तीय आवश्यकताओं के परिप्रेक्ष्य में निजी एवं राज्य योजनाओं के स्थल तथा रुपांकन में अधिकतम सक्षम भूमि उपयोग ।

नगरवासियों एवं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में भौतिक , आर्थिक एवं सामाजिक अधोसंरचना तथा सेवाओं का युक्तियुक्त प्रावधान ।

नगर अधोसंरचना और सेवा कार्यक्रम के प्रमुख तत्व ।

नियंत्रित विकास ।

अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन ।

एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना ।

विकास नियमन हेतु व्यापक दृष्टिकोण ।

समयबद्ध विकास अनुज्ञा प्रक्रिया हेतु तंत्र उपलब्ध कराना ।

6.4.1 नियंत्रित विकास

विकास कार्यक्रमों में भू- स्वामी / विकासकर्त्ता/ सामुदायिक समूह की भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित विकास तंत्र का प्रभावीकरण किया जाएगा । यहां समन्वयक संस्था की 4053

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भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना 2

भूमिका प्रदायकर्ता की होगी । सार्वजनिक संस्थायें , प्रमुख सेवायें , तंत्र के एकीकृत नियोजन एवं रुपांकन हेतु उत्तरदायी होगी ।

6.4.2 अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन

एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम में सहभाग करने वाली सार्वजनिक संस्थाओं तथा निजी संस्थाओं की विभिन्न परियोजनाओं में सम्मिलित भूमि में से अनुपातिक एवं साम्य के आधार पर भूमि अंशदान करने हेतु अधोसंरचना भूमि बैंक की स्थापना प्रस्तावित है । नगर के मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक खुले क्षेत्रों हेतु अधोसंरचना विकास बैंक में भूमि के अंशदान को प्रोत्साहन स्वरुप छूट या लाभ राज्य शासन के सहयोग से प्रदत्त किया जाना प्रस्तावित है । 6.4.3 एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना

एकीकृत विकास कार्यक्रम को निम्नलिखित नीतिगत ढांचे के अनुरुप क्रियान्वित एवं तैयार किया जा सकेगा । वार्षिक योजना / वार्षिक विकास कार्यक्रम तैयार किया जायेगा, जिससे पांच वर्षीय नगर विकास कार्यक्रम सामने आ सकेगा । मूलतः यह कार्यक्रम योजना के प्रमुख क्षेत्रों के विकास हेतु प्राथमिकता के आधार पर लिए जाने वाले क्षेत्रों के लिए विकास कार्यक्रम होगा, जो कंडिका 6.6 के संदर्भ में रहेगा ।

नगर विकास प्रक्रिया में सहभागिता के दृष्टिकोण से समन्वय प्राधिकारी द्वारा वार्षिक कार्यक्रम तैयार किया जायेगा । यह कार्यक्रम भूमि अधिग्रहण, लक्ष्य, भूमि विकास प्रस्ताव, वृत्त खण्ड एवं उपवृत्त खण्ड स्तर की सुविधाओं का विकास तथा शासकीय एवं अर्धशासकीय संगठनों के कार्यक्रमों को प्रमुख रुप से दर्शायेगा । यह कार्यक्रम चालू वर्ष में पूर्ण किये जाने वाले नगर मार्ग तंत्र तथा मुख्य सेवा- सुविधाओं को विशेष रुप से प्रदर्शित करेगा । इस निवेश योजना का एकीकृत दृष्टिकोण आलोच्य क्षेत्रों में नगर अधोसंरचना के विकास के लिए समुचित धनराशि समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा । योजना के क्रियान्वयन में सार्वजनिक संस्थाओं की भूमिका सुविधादायक के रुप में होगी ।

योजना क्रियान्वयन हेतु समन्वित तंत्र तैयार करने की आवश्यकता है । नगर विकास में निवेश के अंतर्गत अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना उपयुक्त होगा । इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के पास उस वर्ष विशेष के लिए उपलब्ध बजट एवं अन्य क्षेत्रों से एकत्रित कर निर्धारित एकीकृत नगर विकास परियोजनाओं में निवेश करने का प्रयास किया जायेगा ।

एकीकृत नगर विकास योजना कार्यक्रम का क्रियान्वयन निम्नलिखित ढांचे के अंतर्गत किया जाकर लक्ष्य की पूर्ति किया जाना प्रस्तावित है:-

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[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

2035

खण्डवा विकास योजना

एकीकृत नगरीय विकास योजना के तत्वों की पहचान ।

कार्यक्रम के समन्वय प्राधिकारी एवं अन्य सहभागियों में से निवेश के लिए सर्वसम्मत विषय सूची की पहचान ।

विकास योजनाओं की प्राथमिकता का निर्धारण ।

एकीकृत नगरीय विकास योजना तैयार करना ।

निवेश के ऐसे महत्वूपर्ण क्षेत्रों की पहचान करना जो सहभागिता का उपयोग करते हुए , विकास में समन्वित विकास का दृष्टिकोण रखते हो ।

समन्वय अधिकारियों और अन्य वृत्त खण्डीय / एजेंसियों की क्रियान्वयन भूमिका को परिभाषित करना ।

6.5 योजना एवं कार्यक्रम

(अ) आलोच्य क्षेत्रों के विकास हेतु इस योजना का क्रियान्वयन करने के लिए दो चरणों में प्रावधान है, प्रथम चरण वर्ष 2028 तक की आवश्यकताओं, द्वितीय चरण 2035 तक की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु रहेगा ।

(ब) योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु भूमि स्वामियों, विकासकर्त्ताओं, सामुदायिक समूहों, निजी विकासकर्त्ताओं एवं सार्वजनिक संस्थाओं के माध्यम से संसाधन गतिशीलता का सहभागिता के आधार पर प्रभावी कार्यक्रम बनाये जाने की आवश्यकता है ।

(स) योजना प्रस्तावों में निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन करने के लिए नीति को सुविधाजनक बनाने में राज्य शासन की सहयोगी संस्था की भूमिका होगी । इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु राज्य शासन और वर्तमान में कार्यरत् संस्थाओं के साथ नगर विकास प्राधिकारी द्वारा निम्नलिखित क्षेत्रों में नगर स्तरीय अधोसंरचना विकास क्रियान्वित किया जायेगा:-

भूमि प्रवाह सरलीकरण के लिए नीति तैयार करना ।

मार्ग विकास कार्यक्रम निर्धारण करना , जो नगर की अन्य सभी गतिविधियों को भी कार्यरुप दे सके ।

भूमि स्वामियों, विकासकर्त्ताओं, सामुदायिक समूहों एवं निजी भवन निर्माणकर्ताओं को साझेदारी की दृष्टि से क्रियान्वयन संबंधी भूमि विकास कार्यक्रम की नीतियां तैयार करना ।

परिसीमन अधोसंरचना के प्रावधान के साथ- साथ लगभग 5 से 10 हेक्टेयर आकार के अर्ध विकसित भूखण्डों को सार्वजनिक संस्थाओं के माध्यम से प्राप्त करने हेतु भूमि विकास कार्यक्रम को मूर्त रुप देना । 4055

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना |

योजना के दोनों चरणों में आवश्यक जलापूर्ति हेतु वर्तमान क्षमता एवं नवीन स्त्रोत का विकास ।

नगरीय विकास के प्रथम चरण कार्यक्रम की पूर्ति हेतु अधोसंरचना, पावर ग्रिड एवं जल निकास व्यवस्था का विकास ।

भूमि विकास कार्यक्रम , नगरीय विकास परियोजनायें साथ ही लक्षित समूह आवासों के विकास के क्रियान्वयन हेतु एक विशेष नियोजन एवं विकास अनुज्ञा प्रणाली तैयार करना चाहिए ।

एक विशेष परिणाम मूलक भूमि निष्पादन नीति तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि निवेश ईकाईयों के विकास तथा सभी सहभागियों के संसाधनों में गतिशीलता लाई जा सके ।

मुख्य जल स्त्रोत में वृद्धि एवं ऊर्जा वितरण केन्द्रों की स्थापना ।

संस्थाओं के प्रयास संबंधी मुख्य तत्व

एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम हेतु निर्देशक सिद्धांत निम्नानुसार है :-

यह सुनिश्चित करना कि, उपलब्धता में कमी तथा उपयुक्त अधोसंरचना में कमी के कारण विकास अवरूद्ध न हो ।

उपलब्ध व्यपवर्तित नगरीय भूमि का पूरी तरह उपयोग करना।

बिखरे हुए नगरीय विकास के लिए पहुँच मार्ग उपलब्ध करना ।

अर्ध विकसित एवं अविकसित क्षेत्रों में नगर स्तरीय अधोसंरचना का उन्नयन ।

भू-स्वामियों, सामाजिक समूहों एवं निजी विकासकर्त्ताओं के विकास कार्य में सहभागिता के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भूमि विकास कार्यक्रम हाथ में लेना ।

6.6 प्रथम चरण कार्यक्रम

1. आवासीय

गंदी बस्ती क्षेत्र की बसाहट की पुनर्स्थापना । 2. वाणिज्यिक

यातायात नगर, एवं उससे संलग्न विशिष्ट वाणिज्यिक क्षेत्रों का विकास ।

नवीन औद्योगिक क्षेत्र का विकास ।

3. औद्योगिक

4. आमोद-प्रमोद

वृक्षारोपण एवं प्रस्तावित उद्यान आदि का विकास ।

बस स्थानक एवं मार्गों का विकास ।

5. यातायात एवं परिवहन 4056

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

6.6.1 प्रथम चरण लागत

2035 खण्डवा विकास योजना

विकास योजना के प्रथम चरण में चयनित घटकों के क्रियान्वयन द्वारा नगर के विभिन्न क्षेत्रों में भूमि उपयोग के अंतर्गत लगभग 20 % भूमि अधिग्रहित कर विकसित किया जाना प्रस्तावित है । प्रस्तावित क्रियान्वयन प्रक्रिया के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण की लागत सहित क्षेत्र की वर्तमान विकास दर के अनुसार प्रथम चरण क्रियान्वयन की अनुमानित लागत लगभग 79711.74 लाख होगी ।

विकास योजना प्रथम चरण क्रियान्वयन की अनुमानित लागत का विस्तृत विवरण निम्न सारणी में दिया गया है:-

प्रथम चरण क्रियान्वयन लागत

क्र

भूमि उपयोग विवरण

भू-अर्जन की लागत (रु. 75 लाख प्रति हेक्टेयर के मान से)

सारणी 6-सा-2

लागत (रु. लाख में)

कुल लागत (रु. लाख में) विकसित की जाने वाली भूमि काक्षेत्र (हेक्टेयर में)

भू-अर्जन हेतु भौतिक (हेक्टेयर में) लक्ष्य

4 1

3

2

आवासीय

97.46

1

7309.30 2 मिश्रित

-1.28

-96.00 3

978.62

13.05

वाणिज्यिक

4 औद्योगिक

3250.13

43.34

5

28.05

2103.63 सार्वजनिक एवं अर्धसार्वजनिक

6

0.29

21.75 सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें

91.78

6883.38 7 आमोद-प्रमोद

50.64

3797.75 8

यातायात एवं परिवहन

323.31 24248.54 कुल

विकास दर प्रति हेक्टेयर (रु. लाख में)

8 5

6

7

292.37

29237.20 36546.50 100.00

50.00

-2.56

-128.00 -224.00 23.72

2372.40

100.00

3351.02 100.00

52.00

5200.20 8450.33 50.00

33.66

1682.90 3786.53 50.00

8.70

30.45 0.17

110.13

11013.40 17896.78 100.00

60.76 100.00 6076:40 9874.15 570.27

79711.74

55463.20

नोट : - उपरोक्त सारणी में वर्णित आंकड़ें सांकेतिक स्वरुप की है । 4057

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

PlanningAves

allyvale

8154

==

Legend

KHANDWA 6.1FIRSTPHASE

Source:DepartmentofTown&CountryPlanning HEALTHACINCULTLPAL

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

TRANSPORTATION

RECREATIONAL

TRANSPORNAG

CELCATIONANDRESEAROT

INDUSTRIAL GENERALVIDUSFIES

RESIDENTIAL GENERALHEYDETAL COMMERCIAL

GENFAN

FRAHBITICAGROU

PUBLIC&SEMPUBLIC

Scale

PR.CNETITTRAE

PAR

District-Khangw

0051152253354 K

ToHarsood

AM3478

ToAmravati

ToItarsi

ToHingoll

To Bhusawal

ToBurhanpur

RACCHOON

Toindore ToAhmedpur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIndore [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4058

2035

खण्डवा विकास योजना|

6.6.2 संसाधन गतिशीलता

1

नगर नियोजन वास्तव में संसाधन के उत्सर्जन, संसाधन विकास एवं प्रबंधन का अभ्यास है । वर्तमान में नगर विकास निवेश हेतु अलग-अलग प्रयास किये गये है, जिसके परिणाम स्वरुप संसाधन का अपव्यय होता है । नियोजन में निवेश के एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से गतिशील व्यवस्था की जा सकती थी । नगरीय भूमि स्वयं में एक महत्वपूर्ण संसाधन है । वर्तमान में भूमि का उपयोग कर नगर विकास में निवेश के प्रयास तदर्थ एवं पृथक- पृथक रहे है, जिसमें उपलब्ध बहुल अवसरों एवं क्षमता को नगर के लिए नगरीय वृद्धि एवं नगरीकरण के परिप्रेक्ष्य में कार्यरत भूमि बाजार को नियंत्रित करते हुए गतिशीलता दी जा सकती है । स्थानीय राजस्व को सृजित करने के लिए एक निश्चित तंत्र की आवश्यकता है, जो कि नगर में कार्यरत नगर भूमि बाजार को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है । इस संसाधन गतिशीलता के लिए संभावित उपाय बैटरमेंट शुल्क , भूमि उपयोग व्यपवर्तन शुल्क, स्वीकार्य गतिविधियों की अनुमति हेतु शुल्क (आवासीय के अलावा) , हस्तांतरण शुल्क, लीज शुल्क, खुले क्षेत्रों के उपयोग का शुल्क आदि हो सकते है । इस तरह से संकलित की गई राशि का उपयोग आलोच्य क्षेत्रों में अधोसंरचना में निवेश के लिए ही केवल उपयोग किया जाना चाहिए ।

वार्षिक आधार पर भूमि विकास क्षेत्रों हेतु चिन्हित किये गये विकास में सभी सहभागियों के निवेश की गतिशीलता हेतु एक कार्यक्रम का निर्धारण किया जाना चाहिए । यह प्रक्रिया भौतिक अधोसंरचना के तत्वों को अत्यंत तीव्रता से उत्पन्न कर संसाधन संकलित करने में सहयोग प्रदान करेगा ।

6.7 योजना पर्यवेक्षण तंत्र

योजना पर्यवेक्षण तंत्र को निम्न सीमा में तैयार करना प्रस्तावित है:-

पंचवर्षीय आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम के निरंतर तंत्र की स्थापना ।

आलोच्य क्षेत्रों में वार्षिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्राथमिक कार्य योजना का निर्धारण । 1

प्रथम चरण क्रियान्वयन योजना के अंतर्गत नगर विकास हेतु चिन्हित कार्यक्रम से संलग्न विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के उपलब्ध निवेश एवं बजट का पर्यवेक्षण करना।

वार्षिक भौतिक लक्ष्य एवं आलोच्य अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश कर निर्धारण । आलोच्य क्षेत्रों की सार्वजनिक संस्थाओं एवं अन्य सहभागियों की विकास में भूमिका का निर्धारण । 4059

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भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 समन्वित संस्थागत तंत्र की स्थापना ।

वार्षिक आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम का निर्धारण ।

सार्वजनिक एवं अन्य संस्थाओं की भूमिका को परिभाषित करते हुए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम का परियोजनाओं तथा उप परियोजनाओं के संदर्भ में परिवर्तित करना ।

योजना पर्यवेक्षण के लक्ष्य पूर्ति निम्न स्तरों के माध्यम से प्राप्त किया जाना प्रस्तावित है :-

स्थानीय स्तर पर नियोजन पर्यवेक्षण समिति । (अ)

नगर विकास प्राधिकरण/ नगर पालिक निगम द्वारा वार्षिक विकास प्रतिवेदन तैयार करना । (ब)

(स) नियोजन पर्यवेक्षण समिति द्वारा विकास प्रतिवेदन का मूल्यांकन । (द) समिति को प्रतिवेदन प्रस्तुत करना ।

(इ) वार्षिक विकास प्रतिवेदन पर शासन द्वारा जारी निर्देशों का क्रियान्वयन । विकास योजना की सफलता, विकास योजना प्रस्तावों का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन तथा प्रथम चरण कार्यक्रमों के अनुरुप संसाधनों की उपलब्धता तथा संसाधनों की गतिशीलता पर निर्भर करता है । यह योजना क्रियान्वयन एवं पुनर्विलोकन के साथ-साथ विकास योजना के अंगीकृत होने के उपरांत तद्‌नुसार कार्यवाही हेतु परिभाषित तंत्र की स्थापना की आवश्यकता प्रदर्शित करता है ।

6.8 नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति का गठन

विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन का दायित्व मुख्यतः नगर पालिक निगम का होगा, अपितु इसके क्रियान्वयन में अन्य संस्थायें एंव विभाग भी सहभागी होंगे । अतः अन्य क्रियान्वित की जाने वाली संस्थाओं से समन्वय एवं पर्यवेक्षण के लिए राज्य शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश क्रमांक एफ- 3-45 / 32/ 2010 दिनांक 15.04.2010 द्वारा जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है , जो संचालक नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक 2876 दिनांक 15.05.1998 में उल्लेखित कार्य पद्धति को अपनाते हुए नियोजन एवं पर्यवेक्षण करेगी । नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी के गठन होने तक यह दायित्व नगर पालिक निगम वहन करेगा ।

6.8.1 वार्षिक विकास प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण

नगर पालिक निगम द्वारा नियोजन पर्यवेक्षण समिति के समक्ष वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा, जिसमें नियोजन क्रियान्वयन के सभी पहलू सम्मिलित होने मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4060

[भाग 1

2035

खण्डवा विकास योजना |

के साथ ही सुधार हेतु अनुशंसित बिन्दु भी सम्मिलित होंगे । समिति अपनी अनुशंसा के साथ संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश, भोपाल के विचारार्थ वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी, जिसे संचालक द्वारा अनुशंसित कर राज्य शासन को प्रस्तुत किया जावेगा । 6.9 योजना की व्याख्या

खण्डवा विकास योजना मूलतः नीतिगत योजना है । विकास योजना में निहित प्रस्ताव विस्तृत तथा सांकेतिक स्वरुप के है, अतः विकास प्रस्तावों की व्याख्या करने हेतु निम्नलिखित मापदण्ड निर्धारित किये गये है :-

विकास योजना प्रस्तावों की व्याख्या करते समय तथा विकास अनुज्ञा देने के पूर्व विकास योजना प्रतिवेदन में उल्लेखित विषय वस्तु के साथ- साथ संदर्भित नियमों का अनुसरण आवश्यक है ।

परिक्षेत्र में स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग , सारणी एवं विकास नियमन के अध्याय 5 में वर्णित प्रक्रिया अनुसार होगा । नेबरहूड के वर्तमान स्थल एवं व्यापक क्षेत्रफल उपखण्ड स्तर तथा खण्ड स्तर की गतिविधियों का क्षेत्र विकास प्रस्तावों में समाहित है । अतः उनका रेखांकन नहीं किया गया है । ऐसे भूमि उपयोग , गतिविधियां जो प्रमुख भू- उपयोग वर्ग (मेजर लेण्ड यूज जोन) में परिभाषित नहीं है, वे भूमि उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में मानी जावेगी, किन्तु जो स्वीकार्य भूमि उपयोग / स्वीकृत भूमि उपयोग सूची में शामिल है , वे भू- उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में नहीं आयेंगे ।

विकास प्रस्ताव क्रियान्वयन के समय प्रमुख मार्ग संरचना में आंशिक बदलाव अपरिहार्य होता है । स्थल की स्थिति तथा अभियांत्रिकी आवश्यकता के आधार पर मार्ग संरचना का निर्धारण आवश्यक होगा । इस संदर्भ में राज्य शासन द्वारा जारी किया गया निर्णय , स्वीकृत विकास योजना का अंश माना जायेगा । 4061

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 11

2035

खण्डवा विकास योजना

परिभाषायें 1. आवासीय भू- खण्ड भू-खण्डीय आवास

एक या अधिक आवासीय इकाईयों का ऐसा परिसर, जिसमें मुख्य भवन खण्ड तथा एक गैरेज / गैरेजेस , सेवक आवास हेतु एक अतिरिक्त खण्ड सम्मिलित हो ।

2. आवासीय भू-खण्ड समूह आवास

न्यूनतम 5000 वर्गमीटर का परिसर, जिसमें मूलभूत सेवा सुविधायें जैसे वाहन विराम स्थल, उद्यान, सुविधाजनक दुकानें, सार्वजनिक सुविधायें आदि के साथ आवासीय प्रकोष्ठ स्थित हों ।

आवासीय फ्लेट 3.

एक परिसर के लिए आवासीय इकाई, जो कि समूह आवास का भाग या स्वतंत्र हो । 4. आवासीय - सह- कार्य भू-खण्ड

एक परिवार में एक परिवार के लिए उपलब्ध आवासीय जगह हो तथा जिसका कार्य स्थल भूतल तक सीमित हो, ऐसे परिसर केवल सार्वजनिक आवासीय परियोजनाओं में मान्य होंगे ।

5. आवासीय परिसर-विशेष क्षेत्र

विशेष क्षेत्र नियमन में दिये अनुसार मिश्रित उपयोग रहित या सहित विशेष क्षेत्र में आवासीय स्थान ।

6. छात्रावास (होस्टल)

दीर्घावधि हेतु आवंटित संस्थानों से जुड़े कमरों का परिसर ।

7. अतिथिगृह बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह

अतिथिगृह से तात्पर्य अल्पावधि हेतु शासकीय , अर्धशासकीय , सार्वजनिक उपक्रम एवं निजी मर्यादित संस्थाओं हेतु आवासीय परिसर । बोर्डिंग हाउस वह परिसर , जिसमें कमरों को छात्रावासों की अपेक्षा दीर्घावधि के लिए किराये पर दिये हो ।

8. धर्मशाला एवं इसके समकक्ष

वह परिसर जिसमें बिना किसी लाभ के अल्पावधि के लिए अस्थाई रहवासी जगह । उपलब्ध हो ।

9. बारात घर

सार्वजनिक संस्था द्वारा संचालित विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यों के उपयोग हेतु स्थान । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4062

22035

खण्डवा विकास योजना

10. रैन बसेरा (नाइट शेल्टर) ।

ऐसा परिसर जिसमें व्यक्तियों को रात्रि में स्थान बिना किसी शुल्क या सांकेतिक शुल्क के साथ उपलब्ध कराया जाता हो , जो कि स्थानीय शासन या स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा संचालित हो ।

11. फुटकर दुकानें

आवश्यक भण्डारण के साथ उपभोक्ताओं हेतु सीधे आवश्यक वस्तुओं का विक्रय परिसर ।

12. मरम्मत दुकान

गृह सामग्री , इलेक्ट्रानिक सामान , आटोमोबाईल , सायकल आदि की मरम्मत हेतु फुटकर दुकानों के समकक्ष परिसर ।

13. व्यक्तिगत सेवा दुकान

फुटकर दुकान के समकक्ष ऐसा परिसर जिसमें दर्जी, नाई आदि की सेवायें उपलब्ध हो ।

14. बेडिंग बूथ 1 यांत्रिकी या अन्य व्यवस्था के माध्यम से दैनिक उपयोग की वस्तुओं का विक्रय परिसर, जो कि एक बूथ के स्वरूप में हो ।

15. सुविधाजनक दुकान केन्द्र

लगभग 5000 जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में अधिकतम 50 दुकानों का समूह । 16. स्थानीय दुकान केन्द्र

लगभग 15 हजार जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में 75 दुकानों का समूह ।

17. साप्ताहिक बाजार / अनौपचारिक समूह इकाई

बाजार में सप्ताह में एक बार उपयोगिता अनौपचारिक दुकानों का समूह क्षेत्र । यह बाजार सप्ताह में विभिन्न दिवसों में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित हो । 18. थोक व्यापार

ऐसा परिसर जहां से वस्तुयें एवं सामग्री फुटकर व्यवसायियों को विक्रय हेतु पहुंचाई जाती हो ।

19. स्टोरेज, गोदाम एवं भण्डारण

ऐसा परिसर जहां केवल विशेष रूप से संबंधित वस्तुओं की आवश्यकता के अनुरूप सामग्री एवं वस्तुओं के भण्डारण का उपयोग किया जाता है । 4063

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 20. कोल्ड स्टोरेज ( शीतगृह)

आवश्यक तापमान बनाये रखने हेतु यांत्रिकी एवं विद्युत उपकरणों के उपयोग के साथ ऐसी बंद जगह जहां शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुओं का भण्डारण किया जाता हो ।

21. गैस गोदाम ऐसा परिसर जहां खाना पकाने की गैस के सिलेण्डर या अन्य गैस सिलेण्डरों का भंडारण किया जाता हो ।

22. तेल डिपो संबंधित सुविधाओं के साथ पेट्रोलियम उत्पाद भण्डारण का परिसर ।

23. कबाड़खाना अतिशेष वस्तुयें एवं सामग्री के क्रय- विक्रय के साथ बंद, अर्धबंद एवं खुला भण्डारण परिसर ।

24. वाणिज्यिक कार्यालय लाभ अर्जित करने वाली संस्थाओं के कार्यालयीन उपयोग का परिसर ।

25. बैंक ऐसा परिसर जहां बैंकिंग कार्य एवं गतिविधियों के कार्यालय स्थित हो ।

26. मोटर गैरेज एवं कार्यशाला वाहनों के मरम्मत एवं सर्विसिंग परिसर ।

27. छविगृह दर्शकों की बैठक व्यवस्था के साथ बंद जगह जहां चलचित्र दिखाये जाने की व्यवस्था हो, ऐसा परिसर ।

28. पेट्रोल पम्प ऐसा परिसर जहां उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पाद विक्रय हो, साथ ही वाहन सर्विसिंग की व्यवस्था हो ।

29. रेस्टोरेंट/ अल्पहार गृह

ऐसा परिसर जिसका उपयोग व्यवसायिक आधार पर खाने के व्यंजनों को उपलब्ध कराने के लिए किया जाता हो (व्यंजन पकाने की व्यवस्था के साथ) जिसमें खुले , बंद या दोनों प्रकार की बैठक व्यवस्था हो । [भाग 1

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4064

खण्डवा विकास योजना 2035 30. होटल

ऐसा परिसर , जहां भोजन अथवा बिना भोजन व्यवस्था के 15 व्यक्तियों की सशुल्क रहवास की व्यवस्था हो ।

31. मोटल

ऐसा परिसर , जो कि मुख्य राजमार्ग के समीप एवं नगरीय सीमा के बाहर हो तथा जिसका उपयोग सड़क से यात्रा करने वाले व्यक्तियों के सुलभ भोजन व्यवस्था हेतु किया जाता हो ।

32. फ्लेटेड समूह उद्योग ऐसा समूह जिसमें अहानिकारक लघु उद्योग इकाईयों का समूह स्थित हो, यह इकाईयां बहुमंजिला भवन में हो सकती है ।

33. सेवा केन्द्र

ऐसा परिसर जिसमें विशिष्ट रूप से वाहन मरम्मत, विद्युतीय उपकरण मरम्मत, भवन सामग्री आदि की दुकानें स्थित हो, ताकि पड़ोसी आवासीय क्षेत्रों को आवश्यक सेवा प्रदाय हो सके ।

34. औद्योगिक भूखण्ड- हल्के उद्योग

अहानिकारक 50 कर्मचारियों वाली उद्योग इकाईयों का परिसर ।

35. औद्योगिक भूखण्ड विशिष्ट उद्योग

ऐसी औद्योगिक इकाईयों का परिसर, जिसमें इलेक्ट्रानिक सामग्री आदि जैसी विशिष्ट उत्पादन इकाईयों का समूह सम्मिलित हो ।

36. उद्यान (पार्क)

आमोद- प्रमोद गतिविधियों के उपयोग का परिसर जिसमें भू- दृश्यीकरण , वाहन विराम , सार्वजनिक शौचालय , फैंसिंग आदि संबंधित सुविधायें हों, इसमें लॉन, खुले एवं हरित क्षेत्र आदि सम्मिलित होंगे ।

37. क्रीड़ांगन

बाह्य खेलों के उपयोग में आने वाला परिसर, इसमें भूदृश्यीकरण , वाहन विराम सुविधा , सार्वजनिक शौचालय सम्मिलित हो ।

38. बाह्य खेल स्टेडियम

बाह्य खेलों के लिए ऐसा स्टेडियम जिसमें पवेलियन के साथ दर्शक दीर्घा एवं खिलाड़ियों के लिए संबंधित सुविधायें उपलब्ध हो । 4065

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भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

39. आंतरिक खेल स्टेडियम

अहानिकारक खेलों के लिए ऐसा परिसर जिसमें खेल क्षेत्र , दर्शक दीर्घा तथा खिलाड़ियों के लिए संबंधित सुविधायें उपलब्ध हो ।

40. आंतरिक खेल हॉल ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक खेलों तथा खिलाड़ियों से संबंधित सुविधाओं हेतु आवश्यक क्षेत्र संलग्न हो ।

41. शूटिंग रेंज ऐसा परिसर, जिसमें निशानेबाजी के अभ्यास एवं खेल की सुविधायें उपलब्ध हो । 42. तरण पुष्कर ऐसा परिसर , जिसमें तैराकी की सुविधा एवं आकार, मानक एवं उद्देश्य के अनुपात में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था हो ।

43. आमोद-प्रमोद क्लब

संबंधित सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जहां सामाजिक एवं मनोरंजन के उद्देश्य से व्यक्तियों के समूह का एकत्रीकरण होता हो ।

44. ऐतिहासिक स्मारक ऐसा परिसर जिसमें प्राचीन समय के खण्डहर एवं ढांचे स्थित हो ।

45. प्राणी उद्यान एवं मत्स्यालय संबंधित समस्त सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जिसमें उद्यान, पार्क या मत्स्यालय के रूप में पशु और पक्षियों की प्रजातियां प्रदर्शनी एवं अध्ययन हेतु उपलब्ध हो । 46. पक्षी अभ्यारण्य पक्षियों के संरक्षण एवं प्रजनन हेतु वन या विस्तृत उद्यान के रूप में संबंधित सर्वसुविधायुक्त परिसर ।

47. वनस्पति उद्यान अनुसंधान एवं प्रदर्शन के लिए उद्यान के स्वरूप में वृक्षारोपण वाला परिसर ।

48. पिकनिक हट / केम्पिंग साइट

ऐसा परिसर जहां पर्यटन एवं आमोद-प्रमोद के उद्देश्य से अल्पावधि के लिए परिवार सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो । [भाग 1

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4066

2035

खण्डवा विकास योजना

49. फ्लाईंग क्लब

ऐसा परिसर जहां ग्लाईडिंग एवं छोटे विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था हो, साथ ही इसमें मनोरंजन एवं आंतरिक खेल गतिविधियां शामिल हो । 50. माल एवं टिकट घर

ऐसा परिसर जिसका उपयोग एक एयरलाईन द्वारा टिकिट घर एवं माल के भण्डारण के लिए किया जाता हो ।

51. रेल माल गोदाम

ऐसा परिसर जिसका उपयोग रेलवे द्वारा ढोये गये माल के भंडारण हेतु किया जाता हो ।

52. रेल टिकट घर

ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु रेलवे टिकिट घर के रूप में किया जाता हो ।

53. सड़क परिवहन टिकट घर

ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु सड़क परिवहन द्वारा टिकट घर के रूप में किया जाता हो जिसमें गोदाम भी सम्मिलित हो या सम्मिलित नहीं हो । 54. वाहन विराम

सार्वजनिक वाहन विराम हेतु उपयोग में लाया जाने वाला परिसर जो कि व्यवसायिक या गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित किया जाता हो ।

55. टेक्सी एवं तिपहिया वाहन स्थानक

ऐसा परिसर जिसका उपयोग अंतवर्ती सार्वजनिक यातायात वाहनों, जो कि व्यवसायिक आधार पर चलती हों, द्वारा विराम हेतु किया जाता है । वाहन विराम स्थल व्यवसायिक अथवा गैर व्यवसायिक हो ।

56. बस अवसान केन्द्र

ऐसा परिसर जिसका उपयोग जनता के उपयोग में आने वाली सार्वजनिक यातायात संस्था की बस द्वारा कम समय के विराम हेतु किया जाता हो । इसमें यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधायें शामिल हो सकती है ।

57. बस स्थानक

ऐसा परिसर , जिसका उपयोग सार्वजनिक यातायात संस्था या अन्य किसी संस्था द्वारा बसों के रख - रखाव , मरम्मत एवं विराम हेतु किया जाता हो, इसमें कर्मशाला भी शामिल की जा सकती है अथवा नहीं भी । 4067

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भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

58. सार्वजनिक उपयोगिता परिसर

1. पानी की टंकी- ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एवं संग्रहण हेतु पानी की टंकी स्थित हो, इसमें पम्प हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है ।

2. भूमिगत टंकी - ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एव संग्रहण हेतु पानी की भूमिगत टंकी स्थित हो, इसमें पंप हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है ।

3. आक्सीकरण पौंड ऐसा परिसर जिसमें स्थित तालाब का उपयोग जल निकास एवं अन्य अवशिष्ट पदार्थों के आक्सीकरण हेतु किया जाता हो ।

4. सेप्टिक टैंक ऐसा परिसर, जिसमें जल- मल निकास संकलन एवं उसके निराकरण हेतु भूमिगत टैंक स्थित हो ।

5. जल- मल पम्पिंग स्टेशन ऐसा परिसर जिसका उपयोग जल- मल को ऊँचाई पर भेजने हेतु पम्पिंग स्टेशन हेतु किया जाता हो ।

6. सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय ऐसा परिसर जिसमें सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय स्थित हो, इसमें पीने के पानी की सुविधा भी सम्मिलित की जा सकती है और नहीं भी ।

7. विद्युत उपकेन्द्र - ऐसा परिसर जिसमें विद्युत वितरण हेतु ट्रांसफार्मर एवं संबंधित उपकरण स्थित हो ।

8. घूरा एवं कचराघर ऐसा परिसर जिसका उपयोग अवशिष्ट पदार्थों के एकत्रीकरण एवं आगे गड्डों को भरने हेतु लदान किया जाता हो ।

9. धोबीघाट- ऐसा परिसर जिसका उपयोग कपड़े धोने, सुखाने इत्यादि के लिए किया जाता हो ।

59. केन्द्र शासन के कार्यालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोगः केन्द्र शासन के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो । स्थानीय शासन के कार्यालय

60.

ऐसा परिसर जिसका उपयोग स्थानीय शासन एवं स्थानीय संस्थाओं के कार्यालय हेतु किया जाता हो ।

61. सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोग सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो अधिनियम के अंतर्गत स्थापित, कंपनियों के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।

62. न्यायालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोग न्यायालयीन कार्यालयों द्वारा किया जाता हो । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

4068

2035

खण्डवा विकास योजना

63. शासकीय भूमि (अनिर्धारित उपयोग) शासकीय भूमि का ऐसा परिसर जिसका उपयोग अनिर्धारित हो ।

64. चिकित्सालय ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक एवं बाह्य रोगियों की सामान्य एवं विशेषीकृत चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध हो ।

65. स्वास्थ्य केन्द्र ऐसा परिसर जिसमें बाह्य रोगियों एवं आंतरिक रोगियों (30 बिस्तर तक) की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो । स्वास्थ्य केन्द्र का प्रबंधन सार्वजनिक एवं धर्मार्थ संस्था द्वारा गैर-व्यवसायिक आधार पर किया जाता है । इसमें परिवार कल्याण केन्द्र भी सम्मिलित है ।

66. उपचार केन्द्र ऐसा परिसर जिसमें 30 बिस्तरों वाले आंतरिक बाह्य रोगियों की चिकित्सा सुविधा हो । जिसका संचालन चिकित्सक या चिकित्सक समूह द्वारा व्यवसायिक आधार पर किया जा सकता है ।

67. औषधालय ऐसा परिसर जिसमें सार्वजनिक अथवा धर्मार्थ संस्थाओं द्वारा चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाईयों के प्रबंधन की व्यवस्था हो ।

68. क्लीनिक/ चिकित्सा केन्द्र ऐसा परिसर जिसमें चिकित्सक द्वारा वाह्य रोगियों के उपचार की सुविधा हो । पाली क्लीनिक की दशा में चिकित्सकों के समूह द्वारा प्रबंधन किया जायेगा ।

69. उपचार प्रयोगशाला ऐसा परिसर , जिसमें रोगों की पुष्टि करने हेतु विभिन्न प्रकार के परीक्षण की सुविधा हो ।

70. स्वैच्छिक स्वास्थ्य सेवा ऐसा परिसर , जिसमें स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा रक्त बैंक एवं बाह्य रोगियों के चिकित्सा की सुविधा हो । यह सेवा धर्मार्थ उद्देश्य से अस्थाई कैम्प द्वारा भी उपलब्ध कराई जा सकती है । 4069

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 71. झूलाघर एवं दिवस देख - रेख केन्द्र

ऐसा परिसर, जिसमें दिन में छोटे बच्चों की देखरेख की सुविधा हो । यह केन्द्र व्यक्तिगत अथवा व्यवसायिक अथवा गैर व्यवसायिक संस्था द्वारा संचालित हो सकती है ।

72. पूर्व माध्यमिक एवं किंडरगार्डन स्कूल ऐसा परिसर, जिसमें पाठशाला पूर्व बच्चों के खेलने एवं प्रशिक्षण की सेवायें उपलब्ध हो ।

73. माध्यमिक शाला ऐसा परिसर , जिसमें कक्षा 5 तक के छात्रों की शिक्षा एवं खेलने की सुविधा हो । 74. प्राथमिक शाला ऐसा परिसर, जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के पढ़ने खेलने की सुविधा हो । इसमें वर्तमान में संचालित कक्षा 8 तक की माध्यमिक शालायें सम्मिलित है ।

75. उच्चतर माध्यमिक शाला

ऐसा परिसर , जिसमें कक्षा 10 से 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की व्यवस्था हो ।

76. एकीकृत शाला ऐसा परिसर, जिसमें कक्षा 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो । 77. एकीकृत आवासीय शाला ऐसा परिसर, जिसमें कक्षा 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो तथा छात्रों के लिए बोर्डिंग सुविधा हो । इसमें अध्यापकों के आवास भी हो सकते है । 78. महाविद्यालय ऐसा परिसर, जिसमें विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो । इसमें सभी व्यवसायिक शिक्षण शामिल है । 79. व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र

ऐसा परिसर, जिसमें कम अवधि के शिक्षण पाठ्यक्रम तथा कतिपय विशेष व्यवसाय व व्यापार से संबंधित रोजगार हेतु प्रशिक्षण सुविधा हो । ये सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्था द्वारा गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित होना चाहिये । इसमें प्रशिक्षण- सह-कार्य केन्द्र शामिल है । [भाग 1 4070

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

खण्डवा विकास योजना 2035 80. सामाजिक कल्याण केन्द्र ऐसा परिसर, जिसमें सामुदायिक विकास के उन्नयन एवं कल्याण की सुविधा हो । यह सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित हो सकता है ।

81. अनुसंधान एवं विकास केन्द्र ऐसा परिसर , जिसमें किसी विशेष विषय में अनुसंधान एवं विकास की सुविधा हो । 82. पुस्तकालय ऐसा परिसर , जिसमें एक विशेष वर्ग अथवा सामान्य जनता के पढ़ने एवं संदर्भ के लिए वृहद् संख्या में पुस्तकों का संकलन हो ।

83. तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र ऐसा परिसर , जिसमें तकनीकी प्रकृति के विषय में प्रशिक्षण की सुविधा हो । इसमें तकनीकी शाला, औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र आदि शामिल है ।

84. वाणिज्यिक एवं सचिवालयीन प्रशिक्षण ऐसा परिसर, जिसमें शीघ्रलेखन एवं टंकण, पत्राचार, रिकार्ड रखने आदि के प्रशिक्षण की सुविधा हो ।

85. संगीत , नृत्य एवं नाटक प्रशिक्षण केन्द्र ऐसा परिसर, जिसमें संगीत, नृत्य एवं नाटकों आदि के प्रशिक्षण प्रदान करने की सुविधा हो ।

86. खेल प्रशिक्षण केन्द्र ऐसा परिसर , जिसमें तैराकी सहित विभिन्न आंतरिक एवं बाह्य खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा हो । इसमें शारीरिक शिक्षा केन्द्र भी शामिल है ।

87. वाहन चालन प्रशिक्षण केन्द्र ऐसा परिसर, जिसमें आटो/ वाहनों के चालन के प्रशिक्षण की सुविधा हो ।

88. बाल यातायात उद्यान ऐसा परिसर, जिसमें बालकों को यातायात एवं संकेतों की शिक्षा-सह -उद्यान की सुविधा हो ।

89. संग्रहालय ऐसा परिसर , जिसमें प्राचीन वस्तुओं, प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं काल संबंधी वस्तुओं के संकलन एवं प्रदर्शन की सुविधा हो । 4071

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

90. कला दीर्घा एवं प्रदर्शनी स्थल ऐसा परिसर, जिसमें पेंटिंग , छाया चित्रों, मूर्तियों, भित्ती क्षेत्र, मिट्टी से बनी कलाकृतियों, हाथ करघा अथवा विशेष वर्ग के उत्पादन को प्रदर्शन करने की सुविधा हो ।

91. सभागृह (ऑडीटोरियम) ऐसा परिसर, जिसमें संगीत विद्या गतिविधियों के विभिन्न आयोजन हेतु दर्शक दीर्घा सहित मंच हो ।

92. खुला रंगमंच ऐसा परिसर, जिसमें आयोजनों के लिए दर्शक दीर्घा व मंच सहित खुला रंगमंच हो । 93. सामुदायिक भवन ऐसा परिसर, जिसमें 15000 की समीपस्थ जनसंख्या की विभिन्न सामाजिक- सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधा हो ।

94. मेला मैदान ऐसा परिसर , जिसमें सहभागी समूह के लिए प्रदर्शनी, प्रदर्शन एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों की सुविधायें हो ।

95. सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र ऐसा परिसर, जिसमें संस्था , राज्य तथा देश के लिए सांस्कृतिक व सूचना सेवा की सुविधायें हो ।

96. सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था ऐसा परिसर, जिसमें गैर- वाणिज्यिक रूप से सार्वजनिक, स्वैच्छिक अथवा व्यक्तिगत सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधायें हो ।

97. सुधार गृह ऐसा परिसर, जिसमें अपराधियों के कारावास एवं सुधार की सुविधा उपलब्ध हो । 98. अनाथालय ऐसा परिसर, जिसमें अनाथ बच्चों के रहने की सुविधा हो । यह शैक्षणिक सहित या रहित हो सकता है ।

99. धार्मिक ऐसा परिसर , जिसमें अनाथ बच्चों के रहने की सुविधा हो । यह शैक्षणिक सहित या रहित हो सकता है । [भाग 1 4072

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

2035

खण्डवा विकास योजना

100. योग , ध्यान , आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र ऐसा परिसर, जिसमें आत्म चिंतन, शरीर एवं मस्तिष्क की उच्च गुणवत्ता प्राप्ति करना, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन आदि की सुविधायें शामिल हो ।

101. पुलिस चौकी पुलिस स्टेशन की तुलना में लघु एवं अस्थाई स्थानीय पुलिस चौकी हेतु सुविधायुक्त परिसर ।

102. पुलिस स्टेशन ऐसा परिसर, जिसमें स्थानीय पुलिस चौकी के कार्यालयों हेतु सुविधा हो ।

103. जिला पुलिस कार्यालय अर्धसैनिक बलों के कार्यालय हेतु सुविधायुक्त परिसर ।

104. नागरिक सुरक्षा एवं नगर सैनिक

आंतरिक सुरक्षा की नागरिक संस्थानों हेतु कार्यालय सुविधा एवं अन्य कार्यकलापों वाला परिसर ।

105. न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला ऐसा परिसर, जहां न्यायिक प्रकरणों में चिकित्सा ज्ञान के प्रयोग की सुविधा प्राप्त हो ।

106. जेल ऐसा परिसर , जहां कानून के अंतर्गत कारावास / बंदीगृह एवं अपराधियों के सुधार की व्यवस्था हो ।

107. अग्निशमन पोस्ट ऐसा परिसर , जहां अल्प स्तर पर अग्निशमन व्यवस्था हो । अग्नि प्रवृत्त गतिविधियों वाले विशिष्ट परिसरों में यह व्यवस्था संलग्नित की जा सकती है ।

108. अग्निशमन केन्द्र एक निर्धारित क्षेत्र हेतु अग्निशमन सुविधा से युक्त परिसर ।

109. डाकघर सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक सुविधायुक्त परिसर ।

110. डाक एवं तार घर सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर । 4073

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035 111. मुख्य डाकघर सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर ।

112. टेलीफोन एक्सचेंज

परिसर जहां सार्वजनिक टेलीफोन प्रणाली केन्द्र स्थापित हो ।

113. रेडियो एवं दूरदर्शन स्टेशन

समाचार एवं अन्य कार्यक्रमों का संबंधित माध्यमों द्वारा प्रचार, प्रसार, रिकार्डिंग आदि सुविधायुक्त परिसर, जिसमें अतिथि कलाकारों के लिए होस्टल व्यवस्था तथा प्रचार (ट्रांसमिशन) के लिए टावर्स जैसे सुविधायें भी सम्मिलित हो सकती है ।

114. ट्रांसमिशन टावर एवं वायरलेस स्टेशन

ऐसा परिसर, जिसका उपयोग संचार के उद्देश्य के लिए टावर निर्माण हेतु किया जाता हो ।

115. उपग्रह एवं दूरसंचार केन्द्र

ऐसा परिसर, जहां उपग्रह एवं दूरसंचार तकनीकी के अनुसंधान तथा विकास के लिए सुविधा उपलब्ध हो ।

116. वैधशाला एवं मौसम कार्यालय

ऐसा परिसर, जहां मौसम के आंकड़ों के विश्लेषण एवं विकास तथा इस आधार पर मौसम की पूर्व सूचना किये जाने की सुविधा उपलब्ध हो ।

117. कब्रिस्तान

मृतकों के अंतिम संस्कार हेतु आवश्यक सुविधायुक्त परिसर ।

118. विश्रामघाट

दाह विधि से मृतकों के अंतिम संस्कार का आवश्यक सुविधायुक्त परिसर ।

119. सिमिट्री

ईसाई समुदाय के मृतकों के अंतिम संस्कार का आवश्यक सुविधायुक्त परिसर । 120. विद्युत दाहगृह

ऐसा परिसर , जहां विद्युत फरनेस में मृतक का दाह किया जाता हो ।

121. बाग (ओरचर्ड)

सघन फल वृक्षों का परिसर, जिसमें फल वृक्षों के साथ उद्यान सम्मिलित हो सकता है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4074

खण्डवा विकास योजना 2035 122. पौध नर्सरी

पौध के उगाने एवं विक्रय का सुविधायुक्त परिसर ।

123. वन

सघन प्राकृतिक वन युक्त परिसर ।

124. डेरी फार्म

ऐसा परिसर जहां डेयरी उत्पादन के उपचार एवं उत्पादन की सुविधा उपलब्ध हो । जिसमें अस्थायी रूप से पशु एवं पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते है ।

125. कुक्कुट फार्म

कुक्कुट उत्पाद के प्रजनन एवं उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें अस्थायी रूप से पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते है ।

126. सुअर पालन

सुअर प्रजनन एवं उत्पादन उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें सुअरों के लिए अस्थायी स्वरूप के शेड्स सम्मिलित हो सकते है ।

127. फार्म हाउस

एक फार्म पर बनी आवासीय इकाई ।

128. ग्रामीण केन्द्र

एक निश्चित संख्या के ग्रामों हेतु विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का सुविधायुक्त परिसर । भाग 1 ] मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021 4075

2035

खण्डवा विकास योजना

परिशिष्ट

[भाग 1 4076

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

खण्डवा विकास योजना 2035

परिशिष्ट-1

(नियम 14 देखिये)

नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 16 या 29 (1) के अधीन विकास अनुज्ञा हेतु आवेदन प्रारुप

प्रति,

मैं नगर तहसील जिला के कॉलोनी या मोहल्ला या बाजार ग्राम में स्थित खसरा क्रमांक भू-खण्ड क्रमांक क्षेत्र हेक्टेयर / वर्ग मीटर (विकास के प्रयोजन का उल्लेख करें) में तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 16 के अनुसार विकास करना चाहता हूं और मैं इसके साथ मेरे तथा वस्तुविद या संरचना इंजीनियर या इंजीनियर नगर निवेशक (नाम स्पष्ट अक्षरों में) अनुज्ञप्ति क्रमांक जो इसके विकास का पर्यवेक्षण करेगा द्वारा सम्यक् हस्ताक्षरित निम्नलिखित रेखांक दस्तावेज तथा विशिष्ट विवरण चार प्रतियों में अग्रेषित है:-

1. मुख्य रेखांक नियम 16 (3) अनुसार

2. स्थल रेखांक नियम 16 (4) अनुसार

3. उप विभाग/ अभिन्यास योजना (नियम (5) अनुसार सबडिवीजन /ले-आउट प्लान}

4. सेवा आयोजना रेखांक नियम 16 (7 ) अनुसार)

5. प्रस्तावित विकास कार्य को दर्शाते हुए प्रोजेक्ट रिपोर्ट

6. स्थल के संबंध में भूमि स्वामित्व अथवा कोई विधिक अधिकार के सबूत दर्शाने वाले दस्तावेज नियम 16 (11 ) अनुसार)

7. नजूल अनापत्ति की कापी नियम 16 (11 ) अनुसार

8. आवेदन शुल्क की पावती की प्रति नियम 21 (2) (झ) अनुसार}

9. इस आवेदन के साथ स्वामी द्वारा अधिकृत किये गए आवेदक के सबूत प्रस्तुत करें (जहां आवेदक स्वामी से भिन्न हो)

10. पार्किंग संगणना के साथ पार्किंग प्लान

11. ऊपर दिए गए अनुक्रमांक 1 से 10 की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी

A

मैं निवेदन करता हूं कि, प्रस्तावित विकास कार्यों को अनुमोदित किया जाए और मुझे/ हमें कार्य निष्पादित करने की अनुज्ञा प्रदान की जायें ।

आवेदक के हस्ताक्षर

आवेदक का नाम

आवेदक का पता

ई-मेल पता

दूरभाष/मोबाइल न.

दिनांक 4077

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035

परिशिष्ट-2

नियम (49 (3))

विकास योजना के प्रस्तावों को प्राप्त करने हेतु आवेदन

प्रति,

उप संचालक

नगर तथा ग्राम निवेश

महोदय,

मैं एतद् द्वारा नगर बस्ती/कॉलोनी / गली ग्राम मोहल्ला, / बाजार सड़क ..भूखण्ड क्रमांक खसरा क्रमांक की भूमि के विकास / पुनर्विकास करने का इच्छुक हूं। क्षेत्र में संबंधित विकास योजना / परिक्षेत्रिक विकास योजना संबंधी प्रस्तावों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक भुगतान किया जा चुका है तथा रसीद की अभिप्रमाणित प्रति संलग्न है ।

संलग्न :-

रुपये 50 /- रसीद /चालान की प्रति ।

पी- II फार्म खसरा पांचसाला की मूल अभिप्रमाणित सत्यापित प्रति ।

खसरा अक्स की मूल अभिप्रमाणित सत्यापित प्रति ।

स्वामी के हस्ताक्षर

स्वामी का नाम

(स्पष्ट अक्षरों में)

सुस्पष्ट डाक का पता .......

ग्राम का नाम

तहसील

विकास खण्ड

जिले का नाम

दूरभाष क्रमांक [भाग 1 4078

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

2035

खण्डवा विकास योजना

परिशिष्ट-3

नियम [49 (4)}

विकास योजना के प्रस्तावों को प्राप्त करने का प्रारुप

प्रति,

प्राधिकारी

मध्यप्रदेश

महोदय,

मैं एतद् द्वारा नगर बस्ती/ कॉलोनी / गली मोहल्ला/ बाजार भूखण्ड क्रमांक खसरा क्रमांक की भूमि के विकास / पुनर्विकास करने का इच्छुक हूँ । क्षेत्र से संबंधित विकास योजना / परिक्षेत्रिक विकास योजना से संबंधित प्रस्ताव ऊपर उल्लेखित भूमि के लिए उपखंड आयोजना तैयार करने के लिए उपलब्ध किये जा सकेंगे /विकास योजना/ परिक्षेत्रिक विकास योजना संबंधी प्रस्तावों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक भुगतान किया जा चुका है तथा रसीद की अभिप्रमाणित प्रति संलग्न है ।

आवेदक अथवा स्वामी के हस्ताक्षर

आवेदक अथवा स्वामी के नाम

(स्पष्ट अक्षरों में)

आवेदक अथवा स्वामी का पता

दिनांक..

4079

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना 2035

परिशिष्ट-4

मध्यप्रदेश शासन ,

आवास एवं पर्यावरण विभाग

अधिसूचना

भोपाल , दिनांक 14/09/2011 क्रमांक एफ-3 / 91 / 32 / 2011 , मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा (2) के खण्ड (क) के अंतर्गत राज्य सरकार एतद् द्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2436 / एफ-1-64 / तैंतीस / 73 , दिनांक 1 अक्टूबर , 1973 द्वारा गठित खण्डवा निवेश क्षेत्र की संशोधित सीमायें निम्न अनुसूची में दर्शाये अनुसार परिनिश्चित करती है ।

::अनुसूची::

खण्डवा निवेश क्षेत्र की संशोधित सीमायें

उत्तर :- ग्राम नहाल्दा, मालीपुरा , बड़गांवभिला, नागचून एवं महताखेड़ी की उत्तरी सीमा ।

पश्चिम - ग्राम महताखेड़ी, रानियाखेड़ी एवं छैगांवदेवी की पश्चिमी सीमा तक । दक्षिण - ग्राम छैगांवदेवी , रेहमापुर, रोशनाई, बोरगांव खुर्द, खण्डवा तरफ मानकर तथा चीराखान की दक्षिणी सीमा ।

पूर्व - ग्राम चीराखान, भंडारिया , नहाल्दा, खण्डवा तरफ कुन्बी एवं मालीपुरा की पूर्वी सीमा तक ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार

हस्ता/-

(वर्षा नावेलकर)

उप सचिव

मध्यप्रदेश शासन,

आवास एवं पर्यावरण विभाग [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4080

2035

खण्डवा विकास योजना

परिशिष्ट-5 372

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 30 मार्च, 2012

भाग 3 (1 ) कार्यालय उप संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय , खण्डवा

खण्डवा , दिनांक 14 मार्च, 2012 क्रमांक 645 , मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 15 की उपधारा (1 ) के अनुसरण में खण्डवा निवेश क्षेत्र में सम्मिलित किये गये अतिरिक्त ग्रामों के वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र का प्रकाशन कर सर्वसाधारण से उनकी आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित किये गये तथा प्राप्त आपत्ति / सुझावों की उक्त अधिनियम की धारा 15 की उपधारा (2) के अनुसरण में ऐसे व्यक्तियों को जिन्होंने आपत्ति/ सुझाव प्रस्तुत किये गये है, उन्हें सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देकर ऐसे उपान्तरण कर लिये गये है, जिन्हें वांछनीय समझा गया है ।

अतः एतद् द्वारा उक्त अधिनियम की धारा 15 (3 ) के अधीन खण्डवा निवेश क्षेत्र के उक्त ग्रामों का वर्तमान भूमि उपयोग संबंधी मानचित्र का तद्नुसार सम्यक् रुप से दिनांक 26 मार्च, 2012 को अंगीकृत किया जाता है तथा उक्त अधिनियम की धारा 15 (4 ) के अनुसरण में इस सूचना को मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजा जा रहा है, जो इस बात का साक्ष्य होगा कि उक्त मानचित्र सम्यक् रुप से तैयार कर लिया गया है ।

उक्त अंगीकृत मानचित्र की प्रति दिनांक 26 मार्च 2012 से 2 अप्रैल 2012 तक कार्यालय उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , जिला कार्यालय , आनन्द नगर, खण्डवा में कार्यालयीन समय में सर्वसाधारण को अलोकनार्थ उपलब्ध रहेंगे ।

परमजीत कलसी,

उप संचालक 4081

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

खण्डवा विकास योजना| 2035

परिशिष्ट-6 मध्यप्रदेश राजपत्र भाग (2) पृष्ठ 1997 दिनांक 21.12.1973 में प्रकाशित

मध्यप्रदेश शासन , नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग

अधिसूचना

भोपाल , दिनांक 01/10/1973 क्रमांक 2436 / एफ-1-64 / तैंतीस / 73, मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973) की धारा 13 की उपधारा (1 ) के अनुसरण में राज्य सरकार एतद् द्वारा , इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये खण्डवा निवेश क्षेत्र का गठन करती है, जिसकी सीमायें नीचे दी गई अनुसूची में परिनिश्चित की गई है : -

:: अनुसूची::

खण्डवा निवेश क्षेत्र की सीमायें

उत्तर - ग्राम नहाल्दा, मालीपुरा , माली एवं नागचून की उत्तरी सीमा तक । पश्चिम :- ग्राम नागचून, खण्डवा तरफ कुन्बी, धोड़खेड़ी, शुजापुर कला, नांदुखेड़ी एवं बोरगांव खुर्द की पश्चिमी सीमा तक ।

दक्षिण :- ग्राम बोरगांव खुर्द, खण्डवा तरफ मानकर एवं चीराखान की दक्षिणी सीमा तक ।

:-

पूर्व

ग्राम चीराखान , भंडारिया एवं नहाल्दा की पूर्वी सीमा तक ।

हस्ता/- विशेष सचिव

मध्यप्रदेश शासन,

आवास एवं पर्यावरण विभाग [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4082

2 2035

खण्डवा विकास योजना

परिशिष्ट-7

मध्यप्रदेश राजपत्र भाग 3 (1 ) पृष्ठ 1796 दिनांक 03.09.1976 में प्रकाशित

नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग , मध्यप्रदेश

सूचना

मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23, सन् 1973) की धारा 15 की उपधारा (3 ) अनुसरण में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु यह प्रकाशित किया जाता है कि, संचालक , नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग द्वारा निम्नलिखित अनुसूची में विनिर्दिष्ट खण्डवा निवेश क्षेत्र में भूमि का वर्तमान उपयोग संबंधी मानचित्र तद्नुसार सम्यक् रुप से अंगीकृत किये जाते है, इस सूचना की प्रति उक्त अधिनियम की धारा 15 (4) के अनुसरण में मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित हेतु भेजी जा रही है, जो इस बात का निश्चायक साक्ष्य होगा कि, मानचित्र सम्यक् रुप से तैयार तथा अंगीकृत कर लिया गया है ।

:: अनुसूची::

खण्डवा निवेश क्षेत्र की सीमायें

उत्तर :-

ग्राम नहाल्दा, मालीपुरा एवं नागचून की उत्तरी सीमा तक ।

पश्चिम :- ग्राम नागचून, खण्डवा तरफ कुन्बी, धोड़खेड़ी, शुजापुर कला, नांदुखेड़ी एवं बोरगांव खुर्द की पश्चिमी सीमा तक ।

दक्षिण - ग्राम बोरगांव खुर्द, खण्डवा तरफ मानकर एवं चीराखान की दक्षिणी सीमा तक ।

पूर्व - ग्राम चीराखान , भंडारिया एवं नहाल्दा की पूर्वी सीमा तक ।

उक्त अंगीकृत मानचित्र दिनांक 19 अगस्त 1976 से 26 अगस्त 1976 तक निम्नलिखित स्थान पर सार्वजनिक निरीक्षण हेतु कार्यालयीन समय में अवकाश के दिन छोड़कर उपलब्ध रहेंगे ।

निरीक्षण स्थल :

नगर पालिका कार्यालय , खण्डवा

हस्ता /-

(व्ही. के. जैन)

संयुक्त संचालक

नगर तथा ग्रामीण नियोजन , इन्दौर 4083

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

(ब) सदस्य सचिव विकास योजना के विभिन्न घटकों की प्राथमिकता का सकारण निर्धारण कर वार्षिक योजना समिति के समक्षा प्रस्तुत करेंगे ।

(स) क्रियान्वयन संस्थायें अपना वार्षिक बजट समिति द्वारा अनुमोदित वार्षिक योजना के आधार पर तैयार करेगा ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार

सही./-

(वर्षा नावलेकर) उप सचिव मध्यप्रदेश शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग 4084

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1

2035

खण्डवा विकास योजना 2

परिशिष्ट-9

संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश

मध्यप्रदेश भोपाल

क्रमांक / 2876/नग्रानि/वि.यो./98

भोपाल , दिनांक 15 मई , 1998 प्रति,

1. मुख्य कार्यपालन अधिकारी विकास प्राधिकरण / विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण

2. आयुक्त/ मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर निगम/ नगर पालिका

विषय - विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शासन द्वारा गठित नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति की कार्यवाही हेतु रुपरेखा ।

मध्यप्रदेश शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-3 / 130/ 32/ 97 दिनांक 20.01.98 द्वारा मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों की अनुमोदित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी गठित की गई "नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति " की कार्य पद्धति की संक्षिप्त रुपा रेखा निम्नानुसार है : -

(1) पर्यवेक्षण समिति निम्न क्षेत्रों में क्रियान्वयन स्थिति का पर्यवेक्षण करेगी ।

(अ) नगरीय अधोसंरचना का विकास

(ब) आवासीय एवं आश्रय योजनाओं का विकास

(स) सार्वजनिक सुविधाओं एवं नगरीय केन्द्रों / उपकेन्द्रों का विकास

(द) आमोद-प्रमोद क्षेत्रों का विकास

(2) समिति निम्नलिखित कार्यो की प्रगति की समीक्षा हेतु 3 माह में एक बार बैठक करेगी ।

(अ) कार्यक्रम का चयन

(ब) परियोजना तैयारीकरण

(स) परियोजना क्रियान्वयन एवं वित्तीय व्यवस्था

(द) कार्यक्रम क्रियान्वयन के मूल्यांकन के फलस्वरुपा वांछित सुधार

(3) समिति निम्नलिखित व्यवस्था अनुसार वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी । 4085

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

विकास प्राधिकरण / स्थानीय निकाय द्वारा नियोजन पर्यवेक्षण समिति के समक्ष वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा । जिसमें नियोजन क्रियान्वयन के सभी पहलू सम्मिलित होने के साथ ही सुधार हेतु अनुशंसित बिन्दु भी सम्मिलित होंगे । समिति अपनी अनुशंसा के साथ संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , मध्यप्रदेश के विचारार्थ वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी तथा संचालक द्वारा उक्त प्रतिवेदन का अनुमोदन कर राज्य शासन को प्रस्तुत किया जावेगा ।

हस्ता./- (के.के. सिंह) संचालक नगर तथा ग्राम निवेश, भोपाल (म.प्र .) भाग 1 4086

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

2035

खण्डवा विकास योजना

परिशिष्ट-10 882

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 मार्च 2001

(भाग 1)

Bhopal , the 28th February 2001

No. F-3-19-98 - XXXII .- WHEREAS the State Government have given careful consideration to the Draft Development Plan for Khandwa Planning area prepared by the Director, Town & Country Planning.

AND, WHEREAS, the State Government have taken into account the report of the Director submitted under section 18 ( 2) Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam , 1973 ( 23 of 1973) and have under sub - section (2) of the Section 19 of the said Adhiniyam , further published certain modifications thereon through the following notice No. F - 3-19-98 -XXXII , Bhopal , dated 29th November, 2000. And whereas the State Government have not received any Objection/ Suggestions on these modification . The State Government therefore in exercise of the powers vested under sub- section (3) of Section 19 are please to confirm all the modifications mentioned in above said `notice and to approve the Development Plan of Khandwa Planning Area .

The State Government are further pleased to order under section 19(4) of the said Adhiniyam that a copy of this notification be published in the " Madhya Pradesh Gazette " And further that a copy of the notification alongwith approved development plan be appended for public notice in the following places :

1. Office of the Collector , Khandwa , District Khandwa .

2. Office of the Commissioner , Municipal Corporation , Khandwa .

3. Deputy Director , Twon & Country Planning, District Khandwa .

The above Development Plan shall come into force from the date of publication of this notice in the " Madhya Pradesh Gazette " .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

S. K. DUBEY, Addl . Secy.

4087

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

परिशिष्ट-11

भाग 4304

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 11 नवम्बर 2016

नगरीय विकास एवं आवास विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन भोपाल

भोपाल , दिनांक 1 नवम्बर 2016

सूचना

क्रमांक एफ- 3-197 / 2012 / 32:: मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973) की धारा 19 की उपधारा (4) के अधीन एतद् द्वारा सूचना दी जाती है कि, राज्य सरकार द्वारा खण्डवा निवेश क्षेत्र के लिये विकास योजना 2031 , मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 19 (1 ) में अनुमोदित की गई है तथा योजना की प्रति का निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण किया जा सकेगा, अर्थात्:-

1. कलेक्टर, खण्डवा म.प्र. ।

2. आयुक्त नगर निगम खण्डवा म.प्र. ।

3. उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय खण्डवा म.प्र.।

2 /- विकास योजना में नियोजन मापदण्ड के अनुसार आवासीय भू-उपयोग पर्याप्त मात्रा में होने तथा प्रश्नाधीन भूमियां नदी किनारे पर होने के कारण ग्राम शुजापुर कला के खसरा क्रमांक 153/3, 147/2, 146 , 147/1 , 148, 153/4, 153/1 , 153/5, 153/2 पर आपत्ति सुनवाई की अनुशंसा से असहमत होते हुए प्रारुप विकास योजना के प्रस्ताव यथावत होंगे ।

3 / - खण्डवा विकास योजना 2011 में, मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 23 (क) एवं धारा 35 के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा किये गये उपांतरण एवं अंतिम विकास योजना में दर्शित आरक्षण से निर्मुक्त भूमि खण्डवा विकास योजना 2031 का भाग होगा ।

4/- यह विकास योजना, मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 19 की उपधारा (5) के प्रावधान अनुसार राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवर्तित होगी ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,

सी.के. साधव, उपसचिव [भाग 1 4088

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

खण्डवा विकास योजना 2035

भोपाल, दिनांक 1 नवम्बर 2016

क्रमांक एफ- 3-197-2012- बत्तीस- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड (3) के अनुसरण में, नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अधिसूचना दिनांक 1 नवम्बर 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकर से एतद् द्वारा प्रकाशित किया जाता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

सी.के. साधव, उपसचिव 4089

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

परिशिष्ट-12 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 नवम्बर 2016

4305

(भाग-1 )

Bhopal , the 1st November 2016

NOTICE

No. F -3-197/2012/32 : Notice under section 19 (4 ) of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam 1973 is hereby given that the state Government has approved the Development plan for , khandwa , 2031 under sub- section (1) of section 19 of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam 1973 ( No. 23 of 1973 ) , and a copy of the said plan may be inspected at the following offices during office hours, namely : -

1. Collector , District khandwa , M.P.

2. Commissioner, Municipal Corparation , khandwa M.P.

3. Dy Director, Town & Country Planning Distt . Office khandwa , M.P. 2/ Land bearing khasra number 153/3 , 147/2 , 146, 147/1 , 148, 153/4, 153/1, 153/5 , 153/2 of village sujapur kala are adjoining river bank and area of residential land use proposed in the development plan is as per the planning norms hence the recommendation of objection hearing is hereby not accepted. The land use proposal for the above stated lands will beas per draft development plan .

3/ Modification and deletion of reservation of designated plan of final development plan done by the state Government in khandwa development plan 2011, under section 23 -A under section 35 willbe the part of khandwa development plan 2031 .

4/ Thesaid development plan shall come into operation with effect from ofpublication of this notice in M.P. Gazette under section 19 (5) of M.P. Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam 1973 .

By order and in the name of the Gevernment of Madhya Pradesh , C.K. SADHV, Dy. Secy.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

4090

भाग-1

20 2035 खण्डवा विकास योजना

परिशिष्ट-13

2341

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जनवरी 2021

नगरीय विकास एवं आवास विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल

भोपाल , दिनांक 21 जनवरी 2021

क्रमांक एफ - 3-10-2021 -अठारह- 5- एतद् द्वारा , मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 17 क (1 ) के अंतर्गत खण्डवा विकास योजना, हेतु मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश क्रमांक एफ-3-81 - बत्तीस -2012 , भोपाल, दिनांक 28 अप्रैल 2012 को निरस्त करते हुए खण्डवा विकास योजना पुनर्विलोकन एवं संसोधन हेतु निम्नानुसार समिति का पुनर्गठन किया जाता है, यह समिति, अधिनियम की धारा 17 क (2 ) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी :-

पदनाम अधिनियम की धारा 17 क (1 ) की उपधारा

(2)

(1 )

महापौर

(क)

अध्यक्ष

(ख)

संसद सदस्य

(ग)

विधायक

(घ)

अध्यक्ष

(ড়)

अध्यक्ष

(च)

अध्यक्ष

1. सरपंच

(छ)

2. सरपंच

3. सरपंच

4. सरपंच संस्था/ पता

समिति में पद

(4) (3)

सदस्य नगर पालिक निगम, खण्डवा

सदस्य जिला पंचायत, खण्डवा

सदस्य लोक सभा क्षेत्र, खण्डवा

सदस्य विधान सभा क्षेत्र, खण्डवा

कोई नहीं नगर विकास प्राधिकरण / साड़ा

सदस्य जनपद पंचायत , खण्डवा

सदस्य जनपद पंचायत, छैगांव माखन

सदस्य

ग्राम पंचायत, नागचून (ग्राम नागचून, मालीपुरा)

सदस्य

ग्राम पंचायत, बोरगांव खुर्द (ग्राम बोरगांव खुर्द, नांदुखेड़ी)

सदस्य

ग्राम पंचायत , नहाल्दा (ग्राम नहाल्दा, भंडारिया)

सदस्य

ग्राम पंचायत, छैगांवदेवी (ग्राम छैगांवदेवी) 4091

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

2035

खण्डवा विकास योजना

सदस्य 5. सरपंच ग्राम पंचायत, सुलगांव जोशी (ग्राम धोड़खेड़ी , महताखेड़ी, महताखेड़ी रानियाखेड़ी)

सदस्य

ग्राम पंचायत , रहमापुर (ग्राम रहमापुर)

6. सरपंच

सदस्य

ग्राम पंचायत, रोशनाई (ग्राम रोशनाई)

7. सरपंच

सदस्य 8. सरपंच

ग्राम पंचायत, बड़गांवभिला (ग्राम बड़गांवभिला)

सदस्य

कलेक्टर , जिला खण्डवा

1. प्रतिनिधि

(ज)

सदस्य 2. प्रतिनिधि कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , खण्डवा

4

सदस्य 3. प्रतिनिधि कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , खण्डवा

सदस्य

आयुक्त, नगर पालिक निगम, खण्डवा

4. प्रतिनिधि

सदस्य

इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स इण्डिया

5. प्रतिनिधि

सदस्य

इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स इण्डिया

6. प्रतिनिधि

सदस्य

कौंसिल ऑफ आर्किटेक्चर

7. प्रतिनिधि

संयोजक (झ)

संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय इन्दौर म.प्र.

समितिका संयोजक

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

शुभाशीष बैनर्जी, उपसचिव [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4092

संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश , मध्यप्रदेश, भोपाल

"कचनार ", ई-5 , पर्यावरण परिसर, अरेरा कालोनी, हबीबगंज पुलिस थाना के पास, भोपाल

भोपाल, दिनांक 25 फरवरी 2021 क्रमांक-1291- अमृत- वि.यो.-07- सीहोर नग्रानि-2021

सूचना

एतद् द्वारा यह सूचना दी जाती है कि सीहोर निवेश क्षेत्र के लिए सीहोर विकास योजना, 2035 का प्रारूप म.प्र नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 18 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार निम्नानुसार प्रकाशित किया गया है, इसकी एक प्रति संचालनालय की वेब साइट- http://mptownplan.gov.in/LU-panel/Bhopal/Sehore2035.pdf पर तथा कार्यालयीन समय में निम्नलिखित कार्यालयों में निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं - 1. आयुक्त, भोपाल संभाग , भोपाल

2. कलेक्टर, जिला सीहोर

3. मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, सीहोर

4. संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय भोपाल- सीहोर- रायसेन म.प्र.

यदि कोई आपत्ति या सुझाव प्रारूप सीहोर विकास योजना के संबंध में हों, उसे लिखित रूप में संयुक्त संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय , भोपाल- सीहोर- रायसेन, म.प्र. या ई- मेल आईडी [email protected] में इस सूचना के म.प्र. राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से 30 दिन की अवधि का अवसान होने के पूर्व , सम्यक विचार हेतु प्रस्तुत किया जा सकता है ।

अजीत कुमार , आयुक्त- सह-संचालक.

4093

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

Bhopal , the 25th February 2021 No - 1291 - Amrut- D.P. - 07- Sehore - TCP - 2021

NOTICE

Notice is hereby given that the Sehore Development Plan, 2035 for Sehore Planning area has been published as under in accordance with the provisions of sub - section [ 1 ] of Section 18 of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam , 1973 ( No.23 of 1973 ) , a copy thereof is available for inspection on Directorate's website http://mptownplan.gov.in/LU-panel/Bhopal/Sehore2035.pdf following offices during office hours namely - and at 1- Commissioner, Bhopal Division , Bhopal

2- Collector, District- Sehore

3- ChiefMunicipal Officer , Nagar Palika Parishad, Sehore

4- Joint Director, Town and Country Planning, District office , Bhopal-Sehore- Raisen , M.P.

If there be any objection or suggestion with respect to the said - Sehore Draft Plan , the same may be submitted in writing to the Joint Director, Town and Country Planning , Bhopal -Sehore - Raisen or mail on [email protected] before the expiry of thirty days from the date of publication of this notice in the Madhya Pradesh Gazette for due consideration .

AJEET KUMAR , Commissioner- cum - Director .

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4094

सीहोर विकास योजना

अमृत

2035 (प्रारूप)

Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation

PKA KALAN

ABIRA LAPUR

PRALY

KLASKAAN

КАЛМАСА ВЛОПА

RILAA KAU

GLEBIHA

DHABLA

TITORA

BABKAGAR

BAILAD

ЛАМА КНСОН

RIKURARIYA

BALKISGANU

BAMULYA BEHORE

CHABOTI

NAGAR

BARKHEDA

GERU KIRAR

KHFDA

संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल , मध्य प्रदेश 4095

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर

विकास योजना 2035 (प्रारूप)

मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधानान्तर्गत प्रकाशित

संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल , मध्य प्रदेश [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4096

सीहोर विकारा योजना (प्रारूप) 2035

प्रस्तावना

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का निकटवर्ती नगर सीहोर भोपाल - इंदौर राज्य मार्ग पर स्थित है । ब्रिटिश काल में यह नगर सैनिक छावनी के रूप में स्थापित था । राजधानी के निकटवर्ती होने से यह नगर भोपाल संभाग के मुख्य नगरों में से एक है तथा भोपाल के उपनगर के रूप में भी मान्य किया जा सकता है ।

केन्द्र सरकार की अमृत योजना अंतर्गत प्रदेश के 34 नगरों का चयन किया गया है । चयनित नगरों में अधोसंरचना विकास के साथ ही नगर की विकास योजनाओं को अमृत योजना मापदंडो के अनुरूप जी.आई.एस. तकनीक के आधार पर तैयार किये जाने का लक्ष्य है । प्रारूप विकास योजना को सेटेलाईज ईमेज तथा जी.आई.एस. पद्वति का उपयोग करते हुये तैयार किया गया, जिसमें राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र हैदराबाद तथा म. प्र. विज्ञान एवं तकनीकी परिषद् (मैपकास्ट) सहयोगी संस्थाओं के रूप में कार्य किया है ।

सीहोर विकास योजना मध्यप्रदेश शासन , नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-60-2014-32 , दिनांक 24.10.2016 के द्वारा अनुमोदित होकर राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 11.11.2016 से प्रभावशील की गई । वर्तमान में नगर की विकास योजना का पुनर्विलोकन कर सीहोर विकास योजना 2035 (प्रारूप ) का प्रकाशन किया जा रहा है ।

प्रारूप प्रकाशन हेतु योजना काल वर्ष 2035 रखा गया है । योजना काल की अनुमानित जनसंख्या को विकास योजना, 2031 के अनुसार 2.40 लाख ही रखते हुये प्रस्ताव अवधारित किये गये हैं । विकास योजना में पारम्परिक भूमि उपयोग के साथ - साथ नगर की आवश्यकता के अनुरूप मिश्रित उपयोग प्रस्तावित किये गए हैं । सर्वसाधारण एवं संस्थाओं से आपत्ति/ सुझाव आमंत्रित करने हेतु प्रकाशित की जा रही है । मुझे आशा है कि नागरिकगण अपने व्यवहारिक, सृजनशील एवं रचनात्मक सुझावों को प्रस्तुत करेंगे ताकि हम उनके सक्रिय योगदान से इस योजना को अंतिम रूप देकर और अधिक प्रभावशील करने में सफल हो सकें ।

(अजीत कुमार) आयुक्त सह संचालक, संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश मध्य प्रदेश शासन 4097

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

योजना दल

संयुक्त संचालक

संजय मिश्रा

राजेश नागल

डॉ. अमित कुमार गजभिये

उप संचालक

सुनील नाथ

सहायक संचालक

इन्दुत्रिपाठी

हरिओम माहेश्वरी

कर्मचारीगण

अर्चना सोनी

मनोहर दरयानी

अनिल सक्सेना

कन्हैया निवारिया

सर्वेश पिड़िहा

सरिता ठाकुर

तरूण जनोरिया

मानसी गुज्जेवार

म.प्र. विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी परिषद (LU & USD) का दल

डॉ. देवानु भट्नागर

डॉ.विवेक कटारे हैड, प्रिंसीपल सांईटिस्ट

प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर, अमृत

सैय्यद अकरम अली

रिसर्च एसोसिएट , अमृत

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4098

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 20:35

विषय सूची

अध्याय-1 नगर परिचय 1

1 1.1 स्थिति.

.1 1.2 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि.

1.3 भौगोलिक स्थिति एवं क्षेत्रीय परिदृश्य.

.2 1.4 दर्शनीय स्थल......

.2 1.4.1 गणेश मंदिर

1.4.2 क्रीसेन्ट एम्यूजमेंट वाटर पार्क . 2 1.5 भौतिक स्वरूप एवं जल निकास.. .2

3 1.6 जलवायु

.3 1.7 नियोजन प्रयास.....

1.7.1 विकास योजना 2031 के उद्देश्य एवं लक्ष्य....

1.8 पुनर्विलोकन हेतु नियोजन अवधारण....... 4

..5 1.9 निवेश क्षेत्र का गठन

1.10 निवेश क्षेत्र.........

9 अध्याय-2 विकास योजना पुनर्विलोकन कार्यप्रणाली एवं नियोजन दृष्टिकोण

.9 2.1 विकास योजना पुनर्विलोकन हेतु सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग.

9 2.1.1 अमृत योजना .

10 2.1.2 सुदूर संवेदन...

2.1.3 भौगोलिक सूचना प्रणाली.. 11

13 2.2 विकास योजना पुनर्विलोकन कार्यप्रणाली .

14 2.2.1 उद्देश्य.........

15 कार्यप्रणाली.

2.2.3 जनसंख्या आकलन पद्धति.. 17 2.3 अमृत मानकों की व्याख्या....... 17 2.3.1 थिमेटिक मानचित्रीकरण.. 17 2.3.2 यातायात संरचना . 17

18 2.3.3 भूमि उपयोग / भूमि आच्छादन .

2.3.4 ढलान 22

23 2.3.5 मृदा

24 2.3.6 जलाशय ....

4099

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 2.3.7 भू-जल स्तर ..... 24 2.3.8 भूकम्प आपदा परिक्षेत्र.. 24

25 2.3.9 भूमि मूल्य...

2.3.10 प्रशासनिक, योजना और नगर पालिका सीमाएँ . 25 2.3.11 भू-आकृति विज्ञान (जिओमॉर्फोलॉजी) उपखण्ड... 26 2.3.12 जल स्त्रोत बफर . 26

27 2.3.13 भूमि अवक्रमण.....

27 2.3.14 मार्ग संरचना बफर...

2.4 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता. 27 2.4.1 नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प. 29

37 2.5 भूमि उपयोग का आवंटन

39 अध्याय-3 विकास योजना पुनर्विलोकन हेतु अध्ययन एवं विश्लेषण .

39 3.1 विकास योजना-2031 क्रियान्वयन परिदृश्य.

3.2 विकास योजना क्रियान्वयन का मूल्यांकन...... 39

41 3.2.1 आवासीय भूमि उपयोग ..

3.2.2 वाणिज्यिक भूमि उपयोग . 42 3.2.3 औद्योगिक भूमि उपयोग . 42 3.2.4 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भूमि उपयोग.. 42

42 3.2.5 सार्वजनिक उपयोगिताएं एवं सेवाएं भूमि उपयोग

42 3.2.6 आमोद- प्रमोद भूमि उपयोग......

42 3.2.7 यातायात एवं परिवहन भूमि उपयोग .

3.3 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग.. 43

45 3.4 जन सांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण .

45 3.4.1 नगर पालिका क्षेत्र की जनसंख्या

47 वार्डवार जनसंख्या घनत्व..

3.4.2

47 3.4.3 लिंगानुपात..

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991 , 2001 एवं 2011 48

49 3.4.4 शिशु लिंगानुपात .

50 3.4.5 साक्षरता

53 3.4.6 श्रमिकों की भागीदारी..

58 3.4.7 अनुसूचित जाति.

59 3.4.8 अनुसूचित जनजाति

नगर के मुख्य क्रियाकलाप .. 3.5 60

61 3.6 नगरीय विस्तार .

62 3.7 गंदी बस्तियां.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4100

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

62 3.8 अनुमानित जनसंख्या..

3.9 आवास आवश्यकता.. 65

65 3.10 भौतिक अधोसंरचना .

65 3.10.1 जल आपूर्ति..

66 3.10.2 जल- मल निकास .

3.10.3 67 ठोस अवशिष्ट प्रबंधन

67 3.10.4 विद्युत प्रदाय..

68 3.10.5 अग्निशमन केन्द्र.

3.10.6 श्मशान एवं कब्रिस्तान . 68

68 3.10.7 धोबीघाट

3.11 सामाजिक एवं सांस्कृतिक . 68 अध्याय 4 प्रस्तावित भूमि उपयोग .. 71 4.1 विकास योजना 2035 की अवधारणा 71

71 4.2 प्रस्तावित भूमि उपयोग .

4.3 भूमि उपयोग प्रस्तावों का विवरण..... 72

72 4.3.1 आवासीय....

73 4.3.2 वाणिज्यिक

73 4.3.3 औद्योगिक

74 4.3.4 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक...

4.3.5 सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवा - सुविधाएं . 74

74 4.3.6 आमोद-प्रमोद

4.3.7 यातायात एवं परिवहन . 74

74 मिश्रित

4.3.8

75 4.4 निवेश इकाईयाँ.

4.4.1 निवेश इकाई क्रमांक 1 75 4.4.2 निवेश इकाई क्रमांक 2 75 4.4.3 निवेश इकाई क्रमांक 3 75 निवेश इकाई क्रमांक 4 75

77 अध्याय 5 प्रस्तावित परिवहन तंत्र तथा नगरीय अधोसंरचना.

77 5.1 यातायात संरचना.......

77 5.2 प्रस्ताव्रित यातायात संरचना

5.2.1 सार्वजनिक परिवहन 78

78 5.2.2 यातायात एवं परिवहन.....

5.3 सड़क तंत्र एवं इसकी विशिष्टताएं . 78 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4102

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 6.9.2 बहुविध बहुमंजिली इकाई निर्माण.. 106 6.9.3 फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा . 106 6.9.4 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान 106 6.9.5 ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक 107 6.9.6 यातायात नगर / मैकेनिक नगर / लॉजिस्टिक हब / निजी बस स्थानक....107 6.9.7 शॉपिंग मॉल / खुला मॉल .. 108 6.9.8 वर्तमान विकसित क्षेत्र हेतु नियमन. 108 6.9.9 होस्टल, वर्किंग वूमन होस्टल, रेस्ट/ गेस्ट हाउस , लाजिंग / बोर्डिंग.........108

109 6.9.10 मैरिज गार्डन .

6.9.11 बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम / कम्युनिटी हाल.....109 6.9.12 शीतकेन्द्र/ वेयर हाउस / गोदाम / अन्य भण्डारण 109 6.9.13 छविगृहों के लिए मापदण्ड. 110 6.9.14 मल्टीप्लेक्स. 110

110 6.9.15 उद्यान .....

6.10 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन . 110 6.11 भोज वेटलेण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम . 111 6.11.1 भोजताल झील और जल ग्रहण क्षेत्र ( सीजेड -1) 111 6.11.2 भोजताल झील और जल ग्रहण क्षेत्र ? (सीजेड -2) 111 स्वीकार्य योग्य गतिविधियाँ . 111 6.11.2.1

6.11.3 ग्रामीण आबादी एवं विस्तार ( व्ही.ई. -1 ). 112 6.11.4 ग्रामीण आबादी एवं विस्तार (व्ही.ई. -2) 112

112 6.11.4.1 अनुज्ञेय गतिविधियां .

6.11.4.2 मार्ग की चौड़ाई द्वारा अनुज्ञेय गतिविधि. 113 6.11.4.3 एकल भूखंडों के विकास हेतु मापदंड.. 113 6.12 उपयोग परिसर में स्वीकृत / स्वीकार्य गतिविधियां . 114

119 6.13 अन्य सुविधाएँ.

6.14 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया.... 119

121 अध्याय-7 योजना क्रियान्वयन.

7.1 विकास योजना का क्रियान्वयन.. 121 7.2 योजना क्रियान्वयन की नीति.. 123 7.3 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम.. 123 7.3.1 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रमुख तत्व. 123 7.4 नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना 124

124 7.4.1 नियंत्रित विकास.

7.4.2 अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन. 124 4103

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 7.4.3 एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना.. 124 7.5 विकास नियमन व्यापक दृष्टिकोण . 125 7.6 योजना एवं कार्यक्रम..... 125 7.6.1 संस्थाओं के प्रयास संबंधी मुख्य तत्व. 126 7.7 प्रथम चरण के घटक.. 126 7.8 प्रथम चरण कार्यक्रम . 127 7.9 संसाधन गतिशीलता 128 7.10 योजना पर्यवेक्षण तंत्र . 129 7.11 योजना की व्याख्या.. 130

परिशिष्टों की सूची

परिशिष्ट 1 155 परिशिष्ट 2 157 परिशिष्ट 3 . 150 परिशिष्ट 4 160 परिशिष्ट 5 162 परिशिष्ट 6. 163 परिशिष्ट 7 164 परिशिष्ट 8 166 परिशिष्ट 9 174 परिशिष्ट 10 175 परिशिष्ट 11 176 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4104

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी सूची

सारणी 1.1 सीहोर नगर से प्रमुख नगरों की दूरी.... 2 सारणी 1.2 निवेश क्षेत्र का आकार .. 6 सारणी 2.1 उपग्रह चित्रों के मानक. 11 सारणी 2.2 भू- स्थानिक डेटा मानक. 12 सारणी 2.3 मार्गः भू- स्थानिक डेटा. 17 सारणी 2.4 सेतु / फ्लाईओवरः भू स्थानिक डेटा. 18 सारणी 2.5 बिल्डिंग फुटप्रिंटः भू स्थानिक डेटा.. 19 सारणी 2.6 मृदा . 23 सारणी 2.7 लिथोलॉजी 23 सारणी 2.8 जलाशयः भू स्थानिक डेटा . .24 सारणी 2.9 भू- जल वितरण . .24 सारणी 2.10 प्रशासनिक , योजना और नगर पालिका सीमाएँ . .25 सारणी 2.11 भू- आकृति विज्ञान (जिओमॉर्फोलॉजी) उपखण्ड एवं क्षेत्रफल.... 26 सारणी 2.12 जल स्त्रोत बफर .26 सारणी 2.13 भूमि अवक्रमण . .27 सारणी 2.14 मार्ग संरचना बफर . 27 सारणी 2.15 कम्पोजिट भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल 1 के लिए वेटेड इंडेक्स.......30 सारणी 2.16 कम्पोजिट भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल 2 के लिए वेटेड इंडेक्स. 32 सारणी 2.17 कम्पोजिट भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -3 के लिए वेटेड इंडेक्स. 34 सारणी 2.18 भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -1 36 सारणी 2.19 भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -2 . 36 सारणी 2.20 भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -3. 36 सारणी 3.1 विकास योजना 2031 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन . .40 सारणी 3.2 विकास योजना 2031 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन (मानचित्र अनुसार)......41 सारणी 3.3 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग.....

4105

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2036 सारणी 3.4 नगर पालिका क्षेत्र की जनसंख्या .45 सारणी 3.5 वार्ड की जनसंख्या . .46 सारणी 3.6 वार्डवार जनसंख्या घनत्व. 47 सारणी 3.7 नगर पालिका क्षेत्र में लिंगानुपात.. .48 सारणी 3.8 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुषों एवं महिलाओं की जनसंख्या . .48 सारणी 3.9 वार्डवार जनसंख्या लिंगानुपात . 48 सारणी 3.10 नगर पालिका क्षेत्र में शिशु लिंगानुपात. 49 सारणी 3.11 नगर पालिका क्षेत्र में शिशु जनसंख्या .50 सारणी 3.12 वार्डवार शिशु जनसंख्या लिंगानुपात.. 50 सारणी 3.13 नगर पालिका क्षेत्र में व्यक्ति साक्षरता दर 51 सारणी 3.14 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुष साक्षरता दर.. 51 सारणी 3.15 नगर पालिका क्षेत्र में महिला साक्षरता दर...... 51 सारणी 3.16 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुष- महिला साक्षरता दर में अन्तर.. 52 सारणी 3.17 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुष- महिला साक्षरता दर में अन्तर.. .52 सारणी 3.18 नगर पालिका क्षेत्र में साक्षरों की जनसंख्या. 53 सारणी 3.19 वार्डवार साक्षरता दर.. 53

54 सारणी 3.20 नगर पालिका क्षेत्र में श्रमिकों का कार्य भागीदारी अनुपात

सारणी 3.21 नगर पालिका क्षेत्र में सेक्टरवार श्रमिक बल का विवरण प्रतिशत में.......... 5 सारणी 3.22 नगर पालिका क्षेत्र में श्रमिकों की संख्या 56 सारणी 3.23 श्रमिकों की तुलना में मुख्य श्रमिकों का अनुपात प्रतिशत में.. 56

56 सारणी 3.24 श्रमिकों की तुलना में सीमांत श्रमिकों का अनुपात प्रतिशत में .

सारणी 3.25 नगर पालिका क्षेत्र में कामकाजी पुरुषों का कार्य भागीदारी अनुपात .....57 सारणी 3.26 नगर पालिका क्षेत्र में कामकाजी महिलाओं का कार्य भागीदारी अनुपात... 58 सारणी 3.27 वार्डवार कार्यशील जनसंख्या .58 सारणी 3.28 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रतिशत में .

सारणी 3.29 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जाति की जनसंख्या . 59 सारणी 3.30 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या प्रतिशत में........59 सारणी 3.31 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या . .60 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4106

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 3.32 वार्डवार अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या .60 सारणी 3.33 सीहोर नगर का विस्तार . .61 सारणी 3.34 सीहोर नगर की जनसंख्या परिवर्तन . .63 सारणी 3.35 सीहोर नगर पालिका जनसंख्या वृद्धि का आंकलन 2011-2035 . .64

64 सारणी 3.36 सीहोर निवेश क्षेत्र जनसंख्या वृद्धि का आंकलन 2011-2035.

सारणी 3.37 अनुमानित परिवार एवं आवास आवश्यकतायें . .65 सारणी 3.38 नगर की जलापूर्ति स्त्रोतों का विवरण . 66 सारणी 3.39 मेला स्थल .69 सारणी 4.1 प्रस्तावित भूमि उपयोग 2035 . 72 सारणी 4.2 निवेश इकाईवार विवरण . 76 सारणी 5.1 मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई .79 सारणी 5.2 वर्तमान मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई 81 सारणी 5.3 निवेश क्षेत्र में प्रस्तावित ओवर ब्रिज. 85 सारणी 6.1 मुख्य उपयोग परिक्षेत्र 92 सारणी 6.2 सीहोर: मुख्य उपयोग परिक्षेत्र. 95 सारणी 6.3 आवासीय भूखण्डों के विकास मापदण्ड. .97

98 सारणी 6.4 आवासीय विकास हेतु भू- खण्ड का आकार एवं निर्मित क्षेत्र.

सारणी 6.5 वाणिज्यिक क्षेत्रों के विकास मापदण्ड. 99 सारणी 6.6 वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक. 100 सारणी 6.7 सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक हेतु विकास मापदण्ड.. 103 सारणी 6.8 सामुदायिक सुविधाओं / सेवाओं हेतु नियमन 105 सारणी 6.9 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान.. 107 सारणी 6.10 उपयोग परिसर में स्वीकृत / स्वीकार्य गतिविधियां.. 114 सारणी 7.1 योजना क्रियान्वयन की लागत..... 122 सारणी 7.2 प्रथम चरण के विकास संबंधी घटक 127 सारणी 7.3 प्रथम चरण क्रियान्वयन की लागत. 128 4107 भाग 1 ] मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 [भाग 1 4108

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

आरेखों की सूची

आरेख 2.1 कार्यप्रणाली . 16 आरेख 3.1 दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर..... 45 आरेख 3.2 नगर पालिका क्षेत्र में लिंगानुपात 48 आरेख 3.3 नगर पालिका क्षेत्र में शिशु लिंगानुपात.. 49 आरेख 3.4 नगर पालिका क्षेत्र में व्यक्ति साक्षरता दर 50 आरेख 3.5 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुष साक्षरता दर . 51 आरेख 3.6 नगर पालिका क्षेत्र में महिला साक्षरता दर. .52 आरेख 3.7 नगर पालिका क्षेत्र में श्रमिकों की भागीदारी प्रतिशत में. 54 आरेख 3.8 सेक्टरवार श्रमिक बल का विवरण प्रतिशत में 2001 55 आरेख 3.9 सेक्टरवार श्रमिक बल का विवरण प्रतिशत में 2011 55 आरेख 3.10 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुषों का कार्य भागीदारी अनुपात. .57 आरेख 3.11 नगर पालिका क्षेत्र में महिलाओं का कार्य भागीदारी अनुपात . .57 आरेख 3.12 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रतिशत में . ........ 59 आरेख 3.13 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या प्रतिशत में.........60 आरेख 3.14 सीहोर नगर की जनसंख्या परिवर्तन .63 आरेख 3.15 जनसंख्या वृद्धि का आंकलन.. 64 4109 भाग 1 ] मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4110

मानचित्रों की सूची

MAPS ΜΑΡ . ΝΟ .

REGIONAL SETTING

1.1

[भाग 1 सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

PAGE NO .

2A

2B

LOCATION MAP OF PLANNING AREA

1.3

PLANNING AREA

1.9

DEM

2.3.4A

CONTOUR

2.3.4B

SLOPE

2.3.4C

LITHOLOGY

2.3.5A

SOIL TEXTURE 2.3.5B

8A

22A

22B

22C

24A

248

24C

GROUNDWATER PROSPECTS

2.3.6

24D

MP EARTHQUAKES ZONES MAP

2.3.8

LAND VALUE

2.3.9

GOVT LAND

2.3.10

GEOMORPHOLOGY 2.3.11

WB BUFFER

2.3.12

LAND DEGRADATION 2.3.13

ROAD BUFFER 2.3.14

26A

26B

26C

26D

28A

28B

36A

URBAN LAND SUITABILITY MAP MODEL - 1

2.4A

36B

URBAN LAND SUITABILITY MAP MODEL - 2

2.4B

36C

URBAN LAND SUITABILITY MAP MODEL- 3

2.4C

EXISTING LANDUSE 3.2A

40A

408

EXISTING LANDUSE CENTRAL PART

3.2B

3.2.1A

42A

BUILDING FOOTPRINT ( CENTRAL)

URBAN SPRAWL 3.2.1B

ATM

3.2.5A

COMMUNITY TOILET 3.2.5B

42B

42C

42D

42E

EXISTING WATER SUPPLY NETWORK

3.2.5C

WARD MAP

3.4A

3.4.2

48A

48B

WARD WISE POPULATION DENSITY

WARD WISE SEX RATIO

3.4.3

48C

50A

WARD WISE CHILD POPULATION ( 06)

3.4.4A

50B

WARD WISE CHILD SEX RATIO

3.4.4B

WARD WISE LITERACY 3.4.5

50C

54A

WARD WISE WORK PARTICIPATION

3.4.6

3.4.7

58A

WARD WISE ST - SC POPULATION

68A

POWER SUPPLY NETWORK

3.10.4

PROPOSED LANDUSE

4.2A

72A

72B

PROPOSED LANDUSE OF CENTRAL AREA

4.2B

4.3.5 PRO SEWERAGE NETWORK

4.4

PLANNING UNIT 5.4A EXISTING TRANSPORT NETWORK

5.4B PROPOSED TRANSPORT NETWORK

5.4C PROPOSED TRANSPORT NETWORK OF CENTRAL AREA

7.8

FIRST PHASE

74A

76A

80A

80B

80C

128A 4111

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

नगर परिचय

अध्याय-1

1.1 स्थिति

सीहोर नगर भोपाल- इन्दौर राजमार्ग पर प्रदेश की राजधानी भोपाल से 37 किमी दूर 23 ° 12′53 ″ उत्तरी अक्षांश तथा 77 ° 04′40 ″ पूर्वी देशान्तर पर समुद्र सतह से लगभग 500 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है । भौगोलिक संबद्धता की स्थिति से राज्य राजमार्ग क्रमांक-18 तथा पश्चिम रेलवे लाइन पर स्थित है ।

1.2 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सीवन नदी की चट्टानों में कुछ पर खुदे नामों से ऐसा प्रतीत होता है कि सीहोर नाम का उद्भव "सिंह" शब्द से हुआ है क्योंकि पुरातन काल में इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में शेर पाये जाते थे । 320 ईसापूर्व में सीहोर नगर चन्द्रगुप्त मौर्य के शासनाधीन था, तत्पश्चात् मौर्य साम्राज्य के महान सम्राट अशोक के अधीन । उसके पश्चात 5वीं शताब्दी तक यह स्थानीय राजघरानों एवं गुप्त साम्राज्य के आधिपत्य में रहा । मध्यकालीन युग में मुस्लिम घुसपैठियों एवं राजपूतों के मध्य संघर्ष होते रहे । इस अवधि में मालवा सल्तनत इस क्षेत्र के प्रमुख शासक रहे जिनकी राजधानी माण्डू थी। आधुनिक युग में इस क्षेत्र में मुगल बादशाह अकबर का प्रभुत्व रहा । 18 वीं शताब्दी के आरंभ में मुगल शासन के अरत होते होते इस क्षेत्र पर मराठा पेशवा का नियंत्रण हो गया । वर्ष 1715 में दोस्त मोहम्मद खान ने भोपाल राज्य की स्थापना की जिसमें सीहोर को जिले की श्रेणी दी गई । वर्ष 1761 तक सीहोर पर मुस्लिम एवं मराठाओं का नियंत्रण रहा । 1761 में तृतीय पानीपत के युद्ध में मराठाओं की हार के साथ ही उनका इस क्षेत्र में प्रभाव समाप्त हो गया । परन्तु आसपास के अन्य क्षेत्रों में मराठाओं द्वारा स्थापित अर्द्ध - स्वत्व प्राप्त राज्य और अधिक स्वत्व के साथ कायम रहे ।

ब्रिटिश काल में सीहोर नगर दो भागों में सीहोर कस्बा एवं सीहोर स्टेशन में बंटा हुआ था, जो कि ब्रिटिश राजनैतिक प्रतिनिधि के अधीनस्थ था । नगर में सैनिक छावनी की स्थापना ब्रिटिश कैप्टन स्टीवर्ड ने वर्ष 1818 में की थी ।

इस क्षेत्र की मुख्य फसलें गन्ना, मूंगफली, गेहूँ, चना, सोयाबीन है एवं इन पर आधारित उद्योग जैसे शक्कर , तेल के उद्योग / संयंत्र यहां स्थापित है । व्यापारिक फसलों पर आधारित अनेक उद्योग भी यहां स्थापित है एवं भविष्य में भी स्थापित होने की प्रबल संभावना है ।

1.3 भौगोलिक स्थिति एवं क्षेत्रीय परिदृश्य

सीहोर जिला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पश्चिम में भोपाल- इंदौर राजमार्ग पर स्थित है । सीहोर नगर के पूर्व में भोपाल, पश्चिम में देवास , इंदौर, दक्षिण मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 4112

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 20:35 में होशंगाबाद तथा उत्तर में राजगढ़ स्थित है । नगर राज्यमार्ग क्रमांक 28 पर भोपाल से लगभग 37 कि.मी. दूर है जो भोपाल- इंदौर पश्चिम मध्य रेल्वे लाइन से भी जुड़ा हुआ है । नगर भोपाल हवाई अड्डे से भी लगभग 37 कि.मी. की दूरी पर स्थित है । इस प्रकार नगर की संबद्धता सड़क, रेल तथा वायु मार्ग से सुदृढ है ।

सारणी 1.1 सीहोर नगर से प्रमुख नगरों की दूरी

नगर का नाम

क्रमांक

दूरी कि.मी. में

3

2

1

50 किलोमीटर से कम

1

भोपाल

2

राजगढ़, शाजापुर , आष्टा, रायसेन, विदिशा

50 किलोमीटर से अधिक व 100 कि.मी. से कम

3 100 किमी से अधिक व 200 कि. मी. से कम

गुना , इंदौर, देवास , उज्जैन, खण्डवा, रतलाम, अशोक नगर , होशंगाबाद

1.4 दर्शनीय स्थल

सीहोर नगर में गणेश मंदिर एवं कीसेन्ट वाटर पार्क तथा रिसोर्ट दर्शनीय स्थल है।

1.4.1 गणेश मंदिर

नगर में अत्यंत प्राचीन एवं सिद्ध गणपति मंदिर स्थित है जहां प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से दर्शनार्थी दर्शन हेतु आते हैं । गणेश मंदिर में तीन दिन का मेला आयोजित होता है ।

1.4.2 क्रीसेन्ट एम्यूजमेंट वाटर पार्क

सीहोर- भोपाल वायपास मार्ग पर कीसेन्ट वाटर पार्क तथा रिसोर्ट स्थित है जो सीहोर के आसपास के नगरों के लिए मनोरंजन की क्षेत्रीय स्तर के मनोरंजन केन्द्र के रूप में विकसित है ।

1.5 भौतिक स्वरूप एवं जल निकास

सीहोर नगर सीवन नदी के किनारे पर स्थित लगभग समतल भूमि पर विकसित हुआ है । सीवन नदी, जिसमें वर्ष भर जल प्रवाहित होता है, नगर को दो भागों में विभक्त करती है , एवं लोटिया नाला भी नगर के मध्य से प्रवाहित होकर सीवन नदी में मिलता है । नगर का प्राकृतिक ढाल उत्तर- पश्चिम दिशा की ओर है । नगर का समस्त जल-मल प्रवाह , गटर एवं नालियों का गंदा पानी तथा वर्षा जल , लोटिया नाले के माध्यम से अंततः सीवन नदी में मिलता है । सीहोर नगर का विकास मुख्यतः रेल्वे 4113

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Behore

SEHORE

Legend

Waterbody

NationalHighway

Forest

RailwayLine

17REGIONALSETTING

6080

DistrictBoundary

CityCentre

Landus:&UrbanSurveyDivision

Source:SurveyofIndia,Toposheet

40

RemoteSensirApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Sellore

01020

CHHINDWARA Agapore

UTTARPRADESH

SAGAR

MAHARASHTRA LALITPUR

Da

Feservoir

HOSHANGABAD

VIDISHA

ASHOKNAGAR

Tawa

Reservoir

SHIVPURI

BHOPAL

Segar

Sany HalasDama

GUNA

KarnaastLake

Koles

Reservor

MADHYAPRADESH

SEHOREUpper

KHANDWA

IndiraSaga Dam

SAMAL

DEWAS

100км

INDORE

KOTA

UJJAIN

150KM

NarmadaRiver

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal GandhiSagar Dam

200K.M RATLAM

Dam

Man

MatyRiver

RAJASTHAN

250K.M [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4114

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

BuiltupAres

Expressway ToBhopal ToBhopal

NationalHighway

Roads

StateHighway

Landuse&UrbanSurveyDivision RemteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Legend

Dura

Km

>z

2

1 Sehore

0 1.3SEHORE:LocationMap

RAISEN

BHOPAL

SEHORE

Madhya Pradesh

RAJGARH

SHAJAPUR

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

MALWA

AGAR

BhopalRajdhaniPradesh

India 4117

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 नगर नियोजन में नागरिकों की अधिकतम सहभागिता को प्रोत्साहन ।

नगर के भौतिक एवं आर्थिक स्वरुप की गतिशीलता में तीव्रता लाना ।

मूलभूत जीवन आधार प्रणाली के संसाधनों को अनुरक्षित करना ।

1.9 निवेश क्षेत्र का गठन

मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 13 (1 ) के अंतर्गत मध्य प्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2644/1-79/33 /73 भोपाल दिनांक 30.10.1973 द्वारा सीहोर निवेश क्षेत्र का गठन किया गया था , जिसमें नगरपालिका सहित कुल 30 राजस्व ग्रामों को सम्मिलित किया गया था । भोजवेटलैंड क्षेत्र (भोपाल तालाब का केचमेंट ) के अंतर्गत भोपाल निवेश क्षेत्र की सीमा तथा सीहोर निवेश क्षेत्र की सीमा के मध्य स्थित 35 ऐसे ग्राम थे, जो भोजवेट लैंड क्षेत्र के केचमेंट एरिया के अंतर्गत आते हैं । इसके साथ दो अन्य राजस्व ग्राम जो दोनों निवेश क्षेत्र के मध्य में स्थित हैं । भोजवेट लेंड क्षेत्र के केचमेंट को नियंत्रित किया जाने के उद्देश्य से निवेश क्षेत्र की सीमाओं में मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 13 (2) के अंतर्गत मध्य प्रदेश शासन, विकास एवं आवास विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 3-87-2018-अठारह-5, भोपाल, दिनांक 24 जून 2019 द्वारा वृद्धि की गई है । वर्तमान में पुनरीक्षित निवेश क्षेत्र के अंतर्गत कुल 67 ग्राम हैं । सीहोर निवेश क्षेत्र की सीमाएं निम्नलिखित अनुसूची में परिनिश्चित की गयी है :-

उत्तर- पूर्वमें

: खुर्द, जमुनियाकंला, थूनाखुर्द, थूनाकंला, पचामा, अब्दुल्लापुरा , तकीपुर ग्राम की पूर्वी सीमा तक ।

पूर्व- दक्षिण में : पिपलिया मीरा, भगवानपुरा, चंदेरी, जहांगीरपुरा, काला पहाड़ , हसनाबाद ग्राम की दक्षिणी सीमा तक ।

दक्षिण- पश्चिम में गुड़भेला, रफीकगंज, शाहपुर- कोडिया तथा शिवपुरी ग्राम की पश्चिमी सीमा तक ।

पश्चिम- उत्तर में अबंतीपुरा , बिजौरा , बिजौरी तथा सेंमरीखुर्द ग्राम की उत्तरी सीमा तक ।

1.10 निवेश क्षेत्र

सीहोर निवेश क्षेत्र का क्षेत्रफल लगभग 37963.23 हेक्टेयर है । सीहोर निवेश क्षेत्र में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र एवं 67 ग्राम सम्मिलित हैं । सीहोर नगर पालिका क्षेत्र का क्षेत्रफल 1907.40 हेक्टेयर है, जोकि कुल निवेश क्षेत्र का 5.01 प्रतिशत है । सीहोर निवेश क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र का क्षेत्रफल 36055.83 हेक्टेयर है जोकि कुल निवेश क्षेत्र का 94.99 प्रतिशत है । सीहोर निवेश क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4118

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

बड़ा एवं छोटा ग्राम बमुलिया सीहोर एवं सिकन्दर गंज जिसका क्षेत्रफल क्रमशः 1726.19 हेक्टेयर एवं 104.97 हेक्टेयर है ।

सारणी 1.2 निवेश क्षेत्र का आकार

ग्रामों कानाम क्रमांक

2

1

नगर पालिका क्षेत्र

बिजोरी (भाग)

कस्बा सीहोर (भाग)

गोपालपुर (भाग)

बडियाखेड़ी (भाग)

सीहोर छावनी 1.

खुर्शीदपुर (भाग)

सारंगा खेड़ी (भाग)

शेरपुर (भाग)

मुरली

सीहोर नगर पालिका क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र

1.

सेमलीखुर्द

2.

बिजोरा

3.

बिजोरी (भाग ) 4.

कस्बा सीहोर (भाग)

5.

गोपालपुर (भाग) 6.. बडियाखेड़ी (भाग) 7.

जमोनिया कलां 8.

थूनाखुर्द

9.

गुड़भेला

रफीकगंज

10.

11. मुंगीसपुर

12. शाहपुर कोडिया

13. अवन्तीपुरा

14. शिवपुरी

15. थूना कलां

प्रतिशत

क्षेत्रफल (हे. में)

4

3

0.09

33.63

2.11

801.77

0.19

71.84

0.24

92.29

1.14

434.66

0.08

31.82

0.05

19.31

0.03

12.69

1.08

409.39

5.01

1907.40

609.67

1.61

423.35

1.12

857.72

2.26

542.28

1.43

198.93

0.52

0.50

189.49

997.74

2.63

657.78

1.73

757.16

1.99

729.87

1.92

194.17

0.51

326.52

0.86

228.25

0.60

200.46

0.53

1021.55

2.69 4119

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

ग्रामों का नाम क्रमांक

1

2 16.

पचामा

17. अब्दुलापुर

18. तकीपुर

चंदेरी

19.

20. खुर्शीदपुर (भाग) 21.

भगवानपुरा

22. जहांगीरपुरा

23.

अल्हदाखेडी 24. सारंगा खेड़ी (भाग)

हसनाबाद

25.

26.

कालापहाड

27. शेरपुर (भाग) 28 .

जामनी

बिजलौन

29.

30. राजूखेड़ी

31.

लसुड़िया पड़हार 32.

कोलास कलां

भानदेली

33.

34.

रामाखेडी

35.

ईमलीखेड़ा

36. खुरानियां

37.

गाडिया

38.

सिकन्दर गंज 39.

बिलकिसगंज 40. चैनपुरा

41.

भोज नगर

42.

नापली

43. किशनपुरा

44. खेड़ी

45.

रालावती

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

प्रतिशत

क्षेत्रफल (हे. में)

4

3

386.23

1.02

316.18

0.83

533.78

1.41

555.10

1.46

236.93

0.62

204.65

0.54

805.25

2.12

358.02

0.94

191.24

0.50

666.77

1.76

712.95

1.88

391.55

1.03

476.19

1.25

1065.06

2.81

241.90

0.61

1265.57

3.33

683.75

1.80

292.55

0.77

247.54

0.65

879.84

2.32

696.04

1.83

584.16

1.54

280.06

0.74

1024.87

2.70

487.16

1.28

564.00

1.49

229.95

0.61

261.25

0.69

329.40

0.87

309.44

0.82 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4120

क्रमांक

ग्रामों का नाम

2 1

46. बरखेड़ा बाज्याफ्त 47.

सागोनी

सिकन्दर गंज 48.

पिपलिया मीरां 49.

टीटोरा

50.

51. बरखेड़ी

पाडली

52.

53.

गेरू खान

54. पीपलनेर

बड नगर

55.

56. आलमपुरा

57.

कोलारा खुर्द 58.

ढागला

59 .

उलझावन

60. हीरापुर

61.

डाभर्भाती

62.

भैंसाखेडी

63.

बरवान . खेड़ी 64.

बमुलिया सीहोर 65.

पाटनी

सीहोर ग्रामीण क्षेत्र

सीहोर निवेश क्षेत्र स्त्रोतः जी.आई.एस. विश्लेषण

[भाग 1 सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

प्रतिशत क्षेत्रफल (हे. में)

4

3

526.22

1.39

595.96

1.57

104.97

0.28

520.12

1.37

297.75

0.78

305.80

0.81

439.10

1.16

1.39

528.86

0.72

272.97

4.18

1587.24

1.00

380.42

1.G3

G18.30

1.03

389.64

3.40

1289.33

0.96

363.68

3.79

1438.89

1.08

408.14

0.81

307.67

4.55

1726.19

1.94

742.26

94.99 36055.83

100.00 37963.23

नोट :- ग्राम बिजोरी , कस्बा सीहोर, गोपालपुर, खुर्शीदपुर, सारंगाखेड़ी एवं शेरपुर के अंश भाग नगर पालिका सीमा में निहित है, तथा ग्राम सीहोर छावनी एवं ग्राम मुरली पूर्ण रूप से नगर पालिका सीमा में है । अंश भाग वाले ग्राम ग्रामीण क्षेत्रों की सूची में दर्शित है, जिनकी संख्या 65 है, 2 ग्राम नगर पालिका में है । इस प्रकार निवेश क्षेत्र के ग्रामों की संख्या 67 है । 4121

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Km

Legend

Expressway

CatchmentArea

Waterbody

SEHORE 1.9PLANNINGAREA

MunicipalArea

MunicipalBoundary

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

BulitupAres

NationalHighway

VillageBoundary

Forest

Roads

StateHighway

Source:DepartmentofTown&CountryPlanning

2345678

Landuse&UrbanSurveyDivision RemateSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Sehore

Scale

ToRatibad

ToBhopa

ToBhopal

ToDuraha

IL

AMOMFURA

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToLew [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4122

सीतोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 अध्याय-2 विकास योजना पुनर्विलोकन कार्यप्रणाली एवं नियोजन दृष्टिकोण 2.1 विकास योजना पुनर्विलोकन हेतु सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग

नगर विकास एक सतत् प्रक्रिया है, जिससे नगर नियोजन के द्वारा क्षेत्रीय एवं स्थानीय संदर्भ में, नगर के विभिन्न आयामों में विकास के दबाव को दृष्टिगत रखते हुए नागरिकों के आर्थिक विकास एवं उन्नत जीवन स्तर प्राप्ति की अपेक्षा की जाती है । विकास हेतु उत्तरदायी शासकीय, अर्द्ध शासकीय, सामाजिक एवं निजी संस्थाओं से यह अपेक्षा की जाती है कि, विकास योजना में दिये गये भू- उपयोगों के प्रस्तावों का पालन करते हुए नियोजित विकास में अपनी सक्रिय सहभागिता निभायें; जिससे नगर अपनी आवश्यकता के अनुरूप कृषि, औद्योगिक एवं अन्य उत्पादन पर आधारित वाणिज्यिक गतिविधियों के विकास हेतु कार्यक्षम वातावरण के साथ- साथ अन्य आवश्यक गतिविधियों जैसे- आवासीय, अमोद- प्रमोद, व्यावसायिक, प्रशासनिक , सार्वजनिक अर्द्ध सार्वजनिक विकारा को रागाहित कर सकें ।

किसी भी नगर की विकास योजना बनाने के लिए यह समझना आवश्यक है कि; नगरीय विकास के विभिन्न घटकों में किस प्रकार से संबंध एवं सामंजस्य स्थापित रहे । नगरीय विकास से संबंधित विभिन्न आंकड़े एकत्रित कर उनके अध्ययन के आधार पर भावी आवश्यकताओं का आंकलन किया जाना भी एक महत्वपूर्ण बिंन्दु है । विकास योजना तैयार करने के लिए नगरीय विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं के संबंध में विश्वसनीय जानकारी प्राप्त कर नियोजन किया जाना आवश्यक है ।

विकास योजना पुनर्विलोकन का लक्ष्य कैन्द्र शासन की अमृत योजना अंतर्गत निर्धारित मापदंड तथा जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करना है ।

2.1.1 अमृत योजना

भारत सरकार द्वारा " Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " (AMRUT) योजना की शुरूआत वर्ष 2015 में देश के सभी नगरों में जलापूर्ति, सीवेज कनेक्शन, बिजली, परिवहन, हरितक्षेत्र इत्यादि को बढ़ावा देने के उद्देश्य के साथ की गई । इस योजना की उपयोजना के अन्तर्गत चयनित नगरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर विकास योजना तैयार करनें के मापदण्ड दिये गये है । 4123

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 विकास योजनाऐं तैयार करने हेतु सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग ) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई.एस. तकनीक) का महत्वपूर्ण योगदान है । इन पद्धतियों से भूमि उपयोग, सर्वेक्षण तथा विभिन्न प्रकार के आंकड़ों का संकलन तथा विश्लेषण कम समय में, विश्वसनीय एवं वैधानिक तरीके से किया जा सकता है एवं भावी नियोजन हेतु विभिन्न प्रकार के विकल्प उपलब्ध कराये जा सकते हैं, जिसके आधार पर नियोजकों को सर्वश्रेष्ठ विकल्प का चयन कर भावी विकास हेतु भूमि उपयोगों को प्रस्तावित करने में विकास मापदण्डों के आधार पर आसानी होती है ।

भारत सरकार द्वारा " Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " (AMRUT) योजना की उपयोजना के अन्तर्गत देश के 500 चयनित नगरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करना सुनिश्चित किया गया है । इन 500 शहरों में मध्य -प्रदेश के 34 शहरों का चयन किया गया है जिसमें से एक नगर सीहोर भी सम्मिलित है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करते हुए भूमि उपयोग मानचित्र एवं जियोरिफरेंस आधार मानचित्र तैयार करना है । अमृत योजना के अन्तर्गत चयनित शहरों की जी.आई.एस. आधारित विकास योजनाएं तैयार करना ।

2.1.2 सुदूर संवेदन

इस अध्ययन तकनीक के अंतर्गत , राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र से प्राप्त वर्ल्ड व्यू.॥ उच्च आवर्धन उपगृह चित्रों का उपयोग , थीमेटिक मानचित्र तैयार करने हेतु किया गया है । उपग्रह चित्रों का उपयोग , अमृत योजना के अन्तर्गत आधार मानचित्र 1: 4000 पैमाने पर तैयार करने हेतु किया गया । अमृत योजना में उपग्रह चित्रों के मानक सारणी 2.1 में दर्शाये गये हैं । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4124

[भाग 1 सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 2.1 उपग्रह चित्रों के मानक

S.No

Description 1

2

1 Spatial Resolution 2 Spectral Resolution 3

Remarks

Value

4

3

0.5 metres or Better

IR band is optional

PAN Sharpened ( Bands: anchromatic, Red , Green , Blueand Near Infrared )

Less than 1/4th of pixel size

Band to Band registration

4 Radiometry

5

10 bit or better

Nearest Neighbourhood

ImageResampling

a. Monoscopic/Stere oscopic

PlainAreas : Monoscopic

Highly Hilly areas :

Stereoscopic

6

Need of Stereoscopic to be reviewed case by case . Ifthe city is built on the terrain slope more than 15 degrees .

Less than 10 degree from

nadir

b. Monoscopic data View angle

c. Stereoscopic 7 Product type

2.1.3 भौगोलिक सूचना प्रणाली

In specific cases, maximum upto 15 degrees view angle shall beallowed

Base to Height ( B/ H ) ratio: 0.6< B/H< 0.8

One ofthe stereo imago view angle should be less than10 degrees from nadir

Ortho-kit data with RPCs

Image data should be associated with corresponding Rational Polynomial Coefficients (RPCs) Format : 1. image data: Geo-tiff

यह प्रणाली कम्प्यूटराईज पद्धति से सभी भौगोलिक जानकारियों को संयुक्त रूप से उपलब्ध कराती है, जिसका वैज्ञानिक विश्लेषण संभव है । भौगोलिक सूचना प्रणाली, प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण के व्यवस्थापन, एवं क्षेत्रीय योजना प्रस्ताव एवं अन्य भौगोलिक संदर्भ में निर्णय लेने में उपयोगी है । अमृत योजना में विभिन्न स्पेशियल लेयर्स को क्लासेज एवं सब- क्लासेज में विभाजित किया गया है । इनका उपयोग विकास योजना तैयार करनें में किया जाना सुनिश्चित किया गया है । जो कि सारणी 2.2 में दर्शाया गया है । 4125

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर निकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 22 भू-स्थानिक डेटा मानक

S.no Spatial Layers Classification based onUse& Attributes

Sourcefor Spatial data

generation

2

1

1 Baselayer

1. Road

2. Rail

3.Bridges

Classes Sub Classes

4

5

3

46

5

Very High Resolution satellite

data

4. Flyovers

5. Water bodies

220

28

Very High Resolution satellite

data

Land Urban Use/Land cover

22

144

Very High Resolution satellite

data

Building Footprints IV Utilities

1.Water Supply Network

2. Storm Water Drainage Network

1

12

1

7

Urban Local Bodies

3. Sewerage Network

4. Power Supply Network

5. Distribution Gas Network

V Hypsography

1. Digital Elevation Model ( DEM) Type : Digital Terrain Model(DTM)

2. Contour

3.Ground Control Points

8

1

8

1

6

1

Topographic Survey ; existing DEMSor contour maps .

1.

1.

1

1

2

1

1

State Revenue Department

VI Cadastral Layer VII Boundaries

State Revenue Department

Administrative boundaries

1.

2.

1

7

8

1

Town & Country planning

Planning [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4126

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 20:35

Classification based onUse& Attributes

S.no Spatial Layers

Sourcefor Spatial data

generation

Sub Classes

Classes

5

4

3

2

1

boundaries

Department

Urban Local Bodies

1

4

Municipal 3. boundaries

Other Boundaries

Enumeration Block( EB) , Urban Framework

Survey(UFS)

3

4.

EB from Registrar General Of India ( RGI ) , UFS from National Sample Survey Organisation (NSSO) & Mining area & boundary from concerned State Departments .

MiningArea

Hazard Prone Areas

3

1

Information from NRSC, ISRO , GSI , NDMA , Other State & Central Govt Dept.

2.2 विकास योजना पुनर्विलोकन कार्यप्रणाली

विकास योजना प्रस्ताव तैयार करने का मुख्य उद्देश्य है, स्थायी एवं पूर्व क्षमता युक्त नगरीय उपलब्ध क्षेत्र का विकास करना । तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ एवं पर्यावरण की दृष्टि से सुसंगत विकास योजना तैयार करने हेतु, भावी बसाहट, वर्तमान में विद्यमान बसाहट तथा पर्यावरण के सभी घटकों पर विचार आवश्यक है , प्रस्तावित अर्थात भविष्य के विकास के लिए भूमि उपयोग मानचित्र के प्रावधान लचीले होना आवश्यक है, जिससे बदलती परिस्थितियों का समायोजन हो सके । अतः स्थायी एवं पूर्ण क्षमता युक्त भूमि उपयोग तैयार करने , नगर एवं परिक्षेत्र हेतु प्राकृतिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं पर विचार किया जाना चाहिये । इसके साथ ही , यह भी लक्ष्य रखा गया है कि प्रस्ताव, भूमि उपयोग क्षमता के आधार पर हो । एकीकृत विकास योजना तैयार करने हेतु निम्न लिखित घटकों के संबंध में विस्तृत जानकारी आवश्यक हैः

धरातल विशेषताएँ

भौतिक स्थिति, कंटूर, सामान्य अथवा अत्याधिक ढलान, भूगर्भ विशेषताएँ, मिट्टी की विशेषताएँ एवं गहराई, भूमिगत जल स्त्रोत, जलप्लावित क्षेत्र , सघन कृषि भूमि, वन क्षेत्र, जलीय जीवन, तापमान, हवा , बारिश एवं सूर्य के प्रवास का मार्ग ।

भूमि उपयोग वितरण

नगरीय विस्तार, कृषि एवं अनुपयोगी भूमि, वन क्षेत्र के अधीन भूमि, उत्तम भू- दृश्यीकरण स्थल, नगरीय भूमि उपयोग जैसे आवासीय , वाणिज्यिक, सार्वजनिक एवं 4127

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 अर्द्ध - सार्वजनिक , आमोद प्रमोद, यातायात , रिक्त क्षेत्र जो आगामी विकास हेतु उपलब्ध हैं, प्रत्येक उपयोगों के प्रकार एवं सघनता ।

जनसंख्या विशेषताएँ

आयु समूह, लिंगानुपात , आव्रजन वितरण, भावी जनसंख्या, आगामी जनसंख्या, जनसंख्या घनत्व, मजदूर एवं गैर मजदूर एवं व्यवसायिक संरचना ।

आर्थिक गतिविधियाँ

कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य भूमि आधारित गतिविधियाँ , आर्थिक समस्याएँ एवं संभावनाएँ , वाणिज्यिक क्षेत्र का वितरण , व्यापार का आकार, स्थानीय संस्था की वित्तीय स्थिति, संस्थाएँ एवं आगामी विकास हेतु संभावनाएँ ।

यातायात विशेषताएँ

वर्तमान सेवाओं के प्रकार एवं क्षमताएँ माल वाहन, निजी वाहन, सार्वजनिक वाहन, सायकल पथ, पादचारी पथ, जलाशय , रेलवे, वायु सेवा एवं यातायात संरचना ।

आवास विशेषताएँ

उपलब्ध संख्या एवं भवनों की रिधति एवं भावी आवश्यकता, झुग्गीवाशियों की आवश्यकताएँ एवं उसका निराकरण , भूमि तथा वित्तीय स्थिति ।

सार्वजनिक सेवाएँ

पेयजल वितरण एवं आवश्यकता, मलवहन प्रणाली, विद्युत प्रदाय तथा संचार सेवाएँ । सार्वजनिक सुविधाएँ

शैक्षणिक संस्थाएँ, आमोद प्रमोद क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाएँ , वाणिज्यिक क्षेत्र, पूजा/ अर्चना स्थल । उपरोक्त जानकारी एकत्रित कर एकीकृत प्रक्रिया के अंतर्गत , वर्ल्डव्यू- ॥ (World View-II ) उपग्रह चित्रों के साथ समन्वित कर विकास योजना तैयार करने हेतु निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति आवश्यक है ।

2.2.1 उद्देश्य

भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करना

वर्ल्डव्यू- ॥ (World View -II ) उच्च आवर्धन उपग्रह द्वारा प्राप्त जानकारी जो श्रेणी- II को दर्शाती है , नगरीय भूमि उपयोग का मानचित्र तैयार करना, जिसमें आवासीय, वाणिज्यिक , औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक, आमोद प्रमोद एवं यातायात भूमि उपयोग अंकित हो । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 4128

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सीहोर नगर की बसाहट के विस्तार के मानचित्र

विभिन्न स्थितियों पर, उपग्रह से उपलब्ध जानकारी के आधार पर, नगर का विकास, क्रमशः विभिन्न समयावधि में हुआ है , जिसके मानचित्र तैयार करना ।

संपूर्ण सीहोर नगर के लिए यातायात मानचित्र तैयार करना ।

नैसर्गिक आपदाओं का, जैसे बाढ़, भूमि कटाव , भूकम्प से संबंधित क्षेत्र इत्यादि का मानचित्र तैयार करना ।

जल स्त्रोत, नैसर्गिक जल प्रवाह प्रणाली, जलाशय , ढ़लान , मिट्टी के प्रकार का मानचित्र तैयार करना ।

नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का मानचित्र तैयार करना एवं जिस भूमि का संरक्षण करना है, उसका मानचित्र पर अंकन करना ।

प्रस्तावित भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करना ।

जनगणना के ऑकड़ें

अनुमानित जनसंख्या का निर्धारण करने हेतु, भारत की जनगणना वर्ष 1901 से 2011 तक के आंकड़ों को विकास योजना तैयार करने हेतु अनुमानित जनसंख्या तथा योजनाकाल में भूमि की आवश्यकता के आंकलन के लिए किया गया है ।

2.2.2 कार्यप्रणाली

अमृत योजना के अन्तर्गत एन.आर.एस.सी. हैदराबाद से प्राप्त, स्थल मानचित्र , जिसमें उपग्रह चित्र के साथ बिल्डिंग फुटप्रिंट अंकित थे, का स्थल पर सत्यापन कर, अमृत मानकों के अनुसार आकड़ें एकत्रित कर, सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर जी.आई.एस. आधारित विकास योजना हेतु, आधार मानचित्र तैयार किया गया । सीहोर विकास योजना 2021 का पुनर्विलोकन अमृत योजना के अनुसार जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करने हेतु अंगीकृत कार्यप्रणाली निम्नानुसार दर्शायी गई है । 4129

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

आरेख 2.1 कार्यप्रणाली

Ancillarydata

World View II Satellite Data

GIS Layers

Demography & Socio

Economicdata

Acts&Rules

Population Projection .

-Data Vetting and Correction

1&CP Act 1973 .

ThermaticMapping

Infrastructure

MPBhumi Vikas Niyarń2012

Geomorphology

Urbań Sprawl

AMRUTGuideline

Landuse

↓

Soil

UROPFI Guidelines

Slope

GapAnalysis

LandAllocation

RoadBuffer

DrainageBuffer

Comprehensive Urban land Suitability Map

WeightageAnalysis

SuitabilityIndex

LandAvailable for Planning

Proposed Landuse Allocation

DraftDevelopment Plan [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4130

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 20.35 2.2.3 जनसंख्या आकलन पद्धति

सन् 2035 की भावी जनसंख्या के आकलन करने हेतु वर्ष 1901 से 2011 तक की जनगणना जानकारी एकत्र की गई एवं विभिन्न सांख्यिकी पद्धति के आधार पर अंकगणितीय वृद्धि पद्धति, ज्यामितीय वृद्धि पद्धति एवं इंक्रीमेंटल पद्धति द्वारा प्रगणित की गई है ।

2.3 अमृत मानकों की व्याख्या

अमृत मानकों के Design and Standard के अनुसार, शहर के विभिन्न विभागों से आंकड़े एकत्रित किये गये हैं । इन आंकड़ो में शहर की भौगोलिक जानकारी , सांख्यिकी आंकड़े, औद्योगिक पहलु, भौतिक अधोसंरचना जिसमें शैक्षणिक, स्वास्थ्य , संचार, इत्यादि सम्मिलित है । जल प्रदाय , जल- मल निकास , ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, परिवहन, पर्यावरण , पुरातत्व, पर्यटन, राजस्व आदि से संबधित इत्यादि जानकारी सम्मिलित है ।

2.3.1 थिमेटिक मानचित्रीकरण

विकास योजना तैयार करने हेतु विभिन्न थिमेटिक मानचित्र तैयार कर विश्लेषण किया गया है ।

2.3.2 यातायात संरचना

अमृत योजना के गानकों के आधार पर, वर्तमान यातायात मानचित्र तैयार किये जाने हेतु उपग्रह चित्र आधारित मानचित्रों का उपयोग किया गया है । जिसमें निम्न मानकों को आधार मानकर वर्गीकृत किया गया है । जिसे निम्न सारणी में दर्शाया गया है ।

सारणी 2.3 मार्गः भू- स्थानिक डेटा

CLASS

SUB-CLASS

CODE

S.NO.

4

1

2

3

01-02

StateHighway

01-03

Major District Road

OtherDistrict Road

01-04

ServiceRoad

01-08

01-09

Major City Road

01-10

1

Minor City Road

Other Public Road

01-11

01-15

Villageroad

Road

01-16

Footpath

01-18

Ropeway

01-19

Carriageway

01-20

Rightofway 4131

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 2.4 सेतु / फ्लाईओवरः भू स्थानिक डेटा

SUB-CLASS

CLASS

S.NO.

CODE

4

3

2

1

Culvert

03-01

Tunnel

03-02

03-03

BridgesAcross River

03-04

OverBridge

1

Bridges

UnderPass

03-05

03-08

Footover Bridge

RopeBridge

03-09

04-01

2

Flyovers

Flyovers

SkyWalk

04-02

2.3.3 भूमि उपयोग / भूमि आच्छादन

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (एन.आर.एस.सी.) हैदराबाद से प्राप्त उच्च आवर्धन उपग्रह चित्रों पर आधारित बिल्डिंग फुटप्रिंट के उपयोग को आधार मानकर, सीहोर नगर का वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र स्थल सत्यापन के उपरांत तैयार किया गया है । भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करते समय अमृत योजना में दिए गये वर्गीकरण प्रणाली को अंगीकृत किया गया । अमृत योजना के अंतर्गत नगरीय भूमि उपयोग वर्गीकरण प्रणाली , निम्न सारणी में उल्लेखित है: - मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4132

[भाग 1 सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 2.5 बिल्डिंग फुटप्रिंटः भू स्थानिक डेटा

S.No.

CODE

2

1

1

06-01

Residential

06-02

07-01

07-02

07-03

07-04

2

07-07

Commercial

07-10

07-12

07-13

09-01

09-03

3

0908

Mixed

10-01

CLASS

SUB -CLASS

3

4

Residential Area/Colony Township

Retail

Wholesale

General Business

Hotel/Lodge/ Restaurant

Function Hall / Marriage Garden

Resort

Informal Shop

Hostel

Residential & Commercial

Residential & Educational

Commercial & Recreational

School

Educational

4

10-05

11-01

11-02

11-03

5

11-04

Health Services

11-05

11-06

6

12-01

Anganwari

Govt.Hospital

PrivateHospital

Diagnostic Centre

Clinic/ Dispensary

NursingHome

Primary/Community

Health Centre

Office

Central Govt. Property

12-02

7

13-01

Quarter

Office

State Govt . Property

13-02

15-01

15-02

15-05

Quarter

PrivateOffice

Banks

PoliceStation

Public& Semi public

8

15-06

15-09

15-10

Cantonment/ Battalion Guesthouse

Communityhall 4133

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

S.No.

CODE

2

1

15-11

15-12

15-13

15-14

15-15

15-16

15-17

15-21

15-23

15-25

15-27

15-28

15-29

15-30

15-31

16-01

16-03

16-05

9

16-06

16-07

16-08

17-01

17-02

10

17-14

17-15

18-01-01

18-01-02

18-01-03

18-01-05

11

18-01-06

18-01-07

18-01-08

18-01-09

18-03-01 सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

SUB-CLASS CLASS

4

3

Dharmsahala

Tourist Facility Centre

Auditorium

Convention Centre

Museum

PublicLibrary

ArtGallery & Cultural Centre

Disaster Management Centre

Dhobi Ghat

Public/Community

Toilet

Orphanage

OldAgeHome

NightShelter

FireStation

ATM

Temple

Idgah

Religious

Gurudwara

Monastery

Synagogue

Chhatri

Garden

Park

Exhibition Ground

Recreational

Amusement / Theme

Park

Water Treatment Plant Water Pumping Station Ground Level Reservoir Pumping Line

Distribution Pipe line

ServicePipeline

Public Utilities

SupplyLine

OverHead Tank

SewageTreatment Plant [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4134

CODE

S.No.

1

2

18-03-02

18-03-03

18-03-06

18-04-01

18-04-02

18-05-01

18-05-04

18-05-05

18-05-06

18-05-07

18-05-09

18-06

18-07

19-01

19-02

12

19-03

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

SUB- CLASS

CLASS

4

3

SewagePumping Station Pumping Line

Service Sewer Line

Electric Power Plant

Electric Sub-Station

CityGateMetering

Stations

Transformer

33Kv Line

11Kv Line

Pole

HeightMaster

RainWater Harvesting

System

Effluent Treatment Plant Land Fill Site

DumpingYard

Solid WasteManagement

19-04

20-02

13

Recycling Plant

GarbageCollection

Point/Dumper

Post/Telegraph Office

Communication

20-06

14

21-01

21-02

Heritage

21-03

15

22-02

Slum

22-03

Vacant Land

23-01

23-02

16

23-03

23-04

23-05

24-01

24-12

CellTower

Monument

Fort

Archaeological Site

Non-Notified Slum

Squatter/ Kachibasti

Private Vacant

Municipal Asset

Government Asset

Reclaimed Land

Layout/Plotted

Busstand / Terminus

Taxi Stand

Transportation

17

24-13

24-16

Auto Stand

BusStop

Traffic Related

25-01

18

TrafficIsland 4135

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

S.No.

CODE

2

1

25-02

25-03

Rural 19

26-01

27-01

27-02

20

Green Areas

27-03

27-04

27-05

28-01

28-02

21

28-03

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

SUB -CLASS CLASS

4

3

Median/ Divider

Parking Space/ Area

Village/Abadi Area

Reserved Forest

Protected Forest / Notified Forest

GreenBelt

TreeClad Area

Tree

Cropland

Fallow Land

Plantations

Agricultural Land

28-04

28-05

28-06

29-01

Wetlands 22

29-02

29-06

30-01

30-02

Wastelands

30-03

23

30-04

30-06

31-01

Orchard

Horticulture

Plantnursery

Waterlagged

Low lyingArea

Creek

Scrubland

Barren

Rocky

SandyArea

Gullied

Hill/Mountain

Specific Land Use

24

31-08

31-09

31-10

33-02

33-04

Others 25

33-05

33-12

ढलान

2.3.4

Ghats

CoralReef

SandDunes

Aquaculture

Quarry

Dam

Nursery

भारतीय सर्वेक्षण विभाग से प्राप्त टोपोशीट के आधार पर एवं मेप आई.टी.

(Madhya Pradesh Agency for Promotion of Information Technology ) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 4136

A

PlanningArea

747 Legend

Source:CartoDEM,MAPIT Expressway

Waterbody

Landuse&UrbanSurveyDivision

PlanningAreaRoundary

RailwayLine

NationalHighway

Roads

34567 Km

StateHighway

Low:483

High:600

SEHORE 2.3.4ADIGITALELEVATIONMODEL(DEM)

Height(Meter)

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Schom

ToRatibad

TO opal ToBhopal

ToDuraha

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIchhawar

ToDewas 4137

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

PlanningArea

Km

Legend

SEHORE 2.3.4BCONTOUR

Expressway

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RaliwayLine

NationalHighway

Contour(480m-600m)

Roads

StateHighway

234567

Source:SruveyofIndiaToposheetandCortoDEM

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictSehore

ToBhopal

ToBhopal

ToDuraha

ToIchhawar

ToUijain

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal корм,корм,парапари,паром,кариера,меди,пари,гори,пари,пори,пари,пари,пари,зар

ToDewas [भाग 1 4138

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

A

PlanningArea

Km

Legend

SEHORE 2.3.4CSLOPE

Source:CartoDEM,MAPIT

Expressway Watanlarly

PlanningArsaBoundary

NationalHighway

RailwayLine

Roads

10-13

BuiltupArea

5-10

StateHighway

1-3

<1

234567

Slope(Percent)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Sehore

SHToBhopal ToBhopal

CSHON

ToDuraha

ToSha

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal паре,корм,горим,пари,пари,хора,корм,норм,пари,пори,пари,пари,каде,пари,пари,кари,мази,к

ToDen 4139

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 से प्राप्त Carto-DEM के आधार पर ढलान मानचित्र तैयार किया गया है । ढलान के निर्धारण हेतु ग्रिड पद्धति से निम्नलिखित समीकरण इसका आधार है ।

ढलान का प्रतिशत = (ऊँचाई में अंतर / दूरी में अंतर) X 100

2.3.5 मृदा

संपूर्ण जिले की मिट्टी के प्रकार का मानचित्र तैयार करने हेतु " भारतीय मृदा और भूमि उपयोग सर्वेक्षण विभाग [ Soil & Land use Survey of India ( SLUSI ) ] जो मृदा के सर्वेक्षण का कार्य करती है, से जानकारी प्राप्त की गई हैं । उक्त मानचित्र तैयार करने में, सुदूर संवेदन प्रणाली एवं मृदा प्रोफाईल के विश्लेषण के आधार पर मिटटी की उपयोगिता निर्धारित की गई है जिसका उपयोग किया है । मृदा के विभिन्न घटकों के आधार पर , भूमि का कटाव मानचित्र , मिट्टी की बनावट का मानचित्र तथा मिट्टी की गहराई का मानचित्र तैयार किया गया ।

सारणी 2.6 मृदा

Soil TextureClass

S.No.

Area(ha)

3

2

1

4519.72 1

Clayey

7630.21 2

Clayey skeletal

24601.79

Fine

3

304.41 4

Loamy

228.19 5

Loamy skeletal

678.91 6

Waterbody

37963.23

Total

सारणी 2.7 लिथोलॉजी

S.No.

Area(ha)

LithologyClass

3

2

1

475.83 1

Amygdaloidal basalt

14110.34

Massive basalt

2

6032.73

Unclassified basaltic flows

3

16665.42 4

Vesicular basalt

678.91 5

Waterbody

37963.23

Total 4140

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 2.3.6 जलाशय

वर्ल्डव्यू-II ( World View ) उच्च आवर्धन उपग्रह चित्र एवं अमृत योजना की वर्गीकरण प्रणाली को आधार मानकर, सीहोर शहर मे स्थित जलाशयों का मानचित्र तैयार किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत जलाशयों की वर्गीकरण प्रणाली निम्न सारणी में उल्लेखित हैः-

सारणी 2.8 जलाशयः भू स्थानिक डेटा

S.NO

CODE

CLASS

SUB- CLASS

4

2

3

1

River

05-01

05-02

Stream

Canal

05-03

5

Water Bodies

Drain

05-04

Ponds

05-05

05-08

Island (River/Lake)

05-09

Reservoir

2.3.7 भू-जल स्तर

सीहोर निवेश क्षेत्र में जल स्त्रोतो के रूप में मुख्यतः तालाब, नाला, नदी सम्मिलित है , जिसके परिणामस्वरूप निवेश क्षेत्र में भू- जल स्तर मध्यम है । भू- जल स्तर का विवरण निम्न सारणी में दर्शाया गया है ।

सारणी 2.9 भू- जल वितरण

S.No.

Ground Water Prospect Class

Area(ha)

1

2

3

27044.63

1

Good to Moderate

2

6981.73

Moderate to Poor

3257.96

3

Poor to nill

4

678.91

Waterbody

37963.23

Total

2.3.8 भूकम्प आपदा परिक्षेत्र

भूगर्भीय स्थिति के फ्रेक्चर्स एवं फॉल्टस् ( Fractures and Faults ) तथा मिट्टी की जानकारी , ढलान की जानकारी एवं जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया, एन.जी.आर.आई. के आंकड़ों के आधार पर भूकम्प आपदा परिक्षेत्रों का मानचित्रीकरण किया गया है । आपदा प्रबंधन योजना अंतर्गत सीहोर भूकंप संभावित क्षेत्र है; जो कि Zone III Moderate Damage Risk Zone ( MSK VII ) के अंतर्गत आता है । 4141

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

PlanningArca

Km

Legend

SEHORE 2.3.5ALITHOLOGY

Expressway

Amygdaloldalbasalt

Unclassifiedbasalticflows

Waterbody

PlanningArsaBoundary

Vesloularbasalt

RallwayLine

NationalHighway

Roade BulitupArea

Mausivebeealt

StatsHighway

Source:DistrictResourceMap,GeologicalSurveyofIndia

2345678

Lithology

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Sehore

ToRatibad

ToBhopal ToBhopal

ToDural

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Ichhawar मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4142

[भाग 1

A

PlanningArea

2200

78

Legend

SEHORE 2.3.6BSOILTEXTURE

Expressway Waterbody

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision

RallwayLine

BulltupArea

NationalHighway

Roade

Clayey

Laomy

LoamySkeletal

ClayeySkeletal

StateHighway

3456

Pine

Source:SollandLanduseSurveyofIndia

2

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SoilTexture

1

DistrictSshore

MOLLAC

ToRatibad

Bhopal

opal

ToDuraha

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal womenmeswhetherfoε'πόσε'πώουπάνεπόνεπώτεπάνεπάνεπώνε 4143

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Km

16h SEHORE

Legend

GeomorphologyandHydrologyLayers Expressway Waterbody

PlanningAreaBoundary

ModeratetoPoor

RailwayLine

NationalHighway

BuiltupArea

Roads

3

StateHighway

PoortoNill

GoodtoModearte

GroundwaterProspects

2.3.6GROUNDWATERPROSPECTS

SameRescurceSat-2LISS-IV&IntegrationofLithology.

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictSchore

Ratibad

ToBhopal

ToDuraha

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToDewas मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4144

[भाग 1

A

MadayaPradesh

Legend

Waterbodies

NationalHighways

Forest

DistrictBoundary

ZONE#LowDainageRiskZone (MSKVIORLess)

MADHYAPRADESH

ZONE-IIIModerateDamageRisk Zone(MSKVII)

Rail

2.3.8EARTHQUAKEZONES

EARTHQUAKEZONES

Source:SeismotectonicAtlasofIndia,GSI,301

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Inda

Km 0306090120150180210240

NE

Sehor

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 4145

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (आरूप) 2035 2.3.9 भूमि मूल्य

महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा प्रकाशित बाज़ार मूल्य मार्गदर्शिका से निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत कुल वार्ड के अन्तर्गत , भूमि मूल्य की जानकारी एकत्रित की गई एवं बाज़ार मूल्य के संदर्भ में वर्गीकृत जानकारी का मानचित्र तैयार किया है ।

2.3.10 प्रशासनिक, योजना और नगर पालिका सीमाएँ

राजस्व विभाग से प्राप्त डिजिटल खसरा मानचित्रों का उपयोग कर ग्राम सीमा मानचित्र तैयार किया है । भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर खसरा मानचित्रों का स्पेशियल एडजस्टमेंट किया गया । ग्राम मानचित्रों का स्पेशियल एडजस्टमेंट करनें के पश्चात निवेश क्षेत्र की सीमा निर्धारित की गयी । नगर परिषद से प्राप्त वार्ड मानचित्र के आधार पर नगर का वार्ड मानचित्र तैयार किया गया । अन्य सीमाओं हेतु भारतीय सर्वेक्षण विभाग की 1: 30000 का तथा 1: 25000 मापक पर तैयार टोपोशीट का उपयोग किया गया । यह मानचित्र एकीकृत वॉर्ड की विभिन्न जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है । जनसंख्या के ऑकड़ें जो भारत की जनगणना 2011 से प्राप्त किये गये , उनको ग्राम मानचित्रों से संबद्ध किया है । अमृत योजना के अंतर्गत विभिन्न सीमाओ की वर्गीकरण प्रणाली, निम्न सारणी में उल्लेखित हैः-

सारणी 2.10 प्रशासनिक, योजना और नगर पालिका सीमाएँ

SUB-CLASS

CLASS

CODE

S.NO.

4

3

1

2

37-04

BlockBoundary

Administrative Boundaries

37-05

01

VillageBoundary

37-06

ForestBoundary

Revenue Boundary

37-07

Planning Boundaries

SUB-CLASS

CLASS

CODE

S.NO.

4

3

2

1

38-01

Planning Area Boundary 02

38-04

ControlledArea Boundary

Planning Boundaries

38-05

Urbanised Area Boundary

Municipal Boundaries

SUB- CLASS

CLASS

S.NO.

CODE

4

3

1

2

39-01

Municipal Boundary

Planning Boundaries

03

39-03

Ward Boundary [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4146

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2036 थीमेटिक मानचित्र , भौगोलिक सूचना प्रणाली के अंतर्गत उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग ) वर्गीकरण का उपयोग कर डिजिटाइज कर निवेश क्षेत्र के साथ समन्वित किये गये है । निवेश क्षेत्र के सांख्यिकीय आँकड़ें , भौगोलिक सूचना प्रणाली के माध्यम से ही ज्ञात किये गये है ।

2.3.11 भू-आकृति विज्ञान (जिओमॉर्फोलॉजी) उपखण्ड सीहोर निवेश क्षेत्र को भू- आकृति की दृष्टि से आठ भागों में विभाजित किया गया है । क्षेत्र का अधिकांश भाग भू-आकृति की दृष्टि से पेडीप्लेन क्षेत्र में आता है । यह जानकारी निम्न सारणी में दर्शायी गयी है ।

सारणी 2.11 भू-आकृति विज्ञान (जिओमॉर्फोलॉजी) उपखण्ड एवं क्षेत्रफल

S.No.

Area(ha)

Geomorphology Class

3

2

1

26984.29

1

Pediplain

7002.53

Pediment

2

2331.11

Plateau Remnant

3

27.36

4

Plateau Top

34.65

5

Scarp

904.38

6

Active Quarry

678.91

7

Waterbody

37963.23

Total

2.3.12 जल स्त्रोत बफर

सीहोर निवेश क्षेत्र में मुख्यतः तालाबो, नाला , नदी सम्मिलित किये गये हैं । तालाबों के चारों ओर 10.00 मीटर एवं नालों के किनारे न्यूनतम 9.00 मीटर चौड़ी हरित पट्टी के पर्यावरण एवं संरक्षण हेतु तटीय क्षेत्र को उसके मूल स्वरूप में यथावत रखा जा सके । जल स्त्रोत बफर की जानकारी निम्न सारणी में दर्शायी गई है ।

सारणी 2.12 जल स्त्रोत बफर

Buffer

Sr.No

Area(ha)

3

2

1

182.76

15

1

30

140.51 2

137.35

45

3

134.05

60

4

678.91 5

Waterbody

1123.76

Total

टीपः- प्रतिशत कुल निवेश क्षेत्र के क्षेत्रफल के आधार पर लिया गया है । 4147

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

PlanningArea

K

2.5

High

Legend

1.5

SEHORE 2.3.9LANDVALUE

Expressway

25000-30000

15000-20000

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

Roads

VillageBoundary

StateHighway

<5000

...MunicipalBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal WardwiseResidentialLandValueRange inNR(PerSqureMeter)

Source:DepartmentofRegistration&Stamp,Govt.ofM.P.(2021)

District-Sahore

Scale 05

17

CHHAWONI

BOPILPUR

77408

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal wtes मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4148

[भाग 1

A

PlanningArea

Km

Legend

Expressway

Waterbody

GovernmentLand

MunicipalBoundary

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

Roads

VillageBoundary

SEHORE 2.3.10GOVERNMENTLAND

StateHighway

Source:CommissionerLandRecords(2020)

2345678

LandOwnership

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictSahore

ToRatibad

GAJAR

ToBhopal

ToBhopal

PHUNAKALAR

ToDuraha

1

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToSh

To 4149

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

PlanningArea

Km

Legend

Expressway Waterbody

PlanningAreaBoundary

Pediplain

Pediment

RallwayLine

BuillupArea

NationalHighway

Hoads

SEHORE 2.3.11GEOMORPHOLOGY

PlateauRemaant

PlateauTop

ActiveQuarry

StateHighway

Scarp

Geomorphology

234567

Landuse&UrbanSurveyDivisior RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Source:NationalGeomorphologicalMappingProjectNRSC,ISRO-2018 &LimitedFeildSurvey

DistrictSshore

Ratibad

BeToBhopal ToBhopal

whenwheremimivewidewhenwhenwemasswitre ToDuraha

ToShamp

☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

To

T मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 4150

A

PlanningArea

7

SEHORE

Legend

456

Afforestation

Expressway

Source:Worldview-Salelkiedata

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

BulitupArea

Roads

3

StateHighway

2.3.12WATERBODYBUFFER

45 60

15 30

WaterbodyBuffer(DistanceinMeters)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

strict-Sehore

Scale

ToRatibed

ToBhopal

ToShampur

Toichhawar

кар,харприпари,пари,хора,жаум,ходи,пари,пара,пари,пари, ☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

CROSS-SECTIONOFWATERBODYBUFFER

ToDewas 4151

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2055 2.3.13 भूमि अवक्रमण

सीहोर निवेश क्षेत्र अंतर्गत भूमि की अवक्रमण संबंधी जानकारी निम्न सारणी में दर्शायी गई है ।

सारणी 2.13 भूमि अवक्रमण

S.No.

Area(ha)

Land Degradation Class

3

2

1

299.42

Water erosion - Sheet - Moderate

1

9064.55 2

Water erosion - Sheet - Severe

678.91 3

Waterbody

10042.87

Total

2.3.14 मार्ग संरचना बफर

मार्ग संरचना निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत भावी विकास के क्षेत्रों को विकसित करने हेतु महत्वपूर्ण माध्यम है । नगरीय भूमि उपयुक्तता का विश्लेषण करने हेतु मार्गों को सम्मिलित किया गया है एवं बफर जोन, मार्ग के दोनों ओर निर्धारित किए गये हैं । ज़ोन के अन्तर्गत बफर मार्ग सरचना की जानकारी उपरोक्त निम्न सारणी में दर्शायी गयी है ।

सारणी 2.14 मार्ग संरचना बफर

Buffer

Area(ha) Sr.No

3

2

1

1810.46

100

1

1704.70

200

2

4557.95

500

3

8073.11

Total

2.4 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता

नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में यह निर्धारित करना है कि, कौनसी भूमि का विकास किया जाये एवं किस प्रकार किया जाये । इस कारण भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में प्राकृतिक, विशेषताएँ , नैसर्गिक अवरोध एवं सामाजिक एवं आर्थिक समानताएँ महत्वपूर्ण हैं । मूलतः इस प्रक्रिया में भूमि की धारण क्षमता के अंतर्गत, भूमि उपयोग उपयुक्तता एवं स्थानीय भूमि का मूल्य सम्मिलित है । भूमि उपयुक्तता का निर्धारण, भूमि की प्राकृतिक एवं नैसर्गिक क्षमता पर निर्भर है, भूमि का मूल्य प्रमुखतः तीन आधार पर निर्भर होना चाहिए (1 ) भूमि का बाजार मूल्य जो पूर्णतः 4152

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 विक्रय के आधार पर होता है (2) प्राकृतिक संरचना के गुणात्मक मूल्यांकन पर (3) संस्पर्शी क्षेत्र का भूमि मूल्य ।

भूमि मूल्य एवं भूमि उपयुक्तता के संयुक्त मानचित्र, के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक मूल्य के संदर्भ में वैकल्पिक विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जा सकते हैं । निवेश क्षेत्र में नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का निर्धारण महत्वपूर्ण है एवं इसी आधार पर विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जाते हैं । भूमि की उपयुक्तता न सिर्फ प्राकृतिक विशेषता पर निर्भर है, अपितु इसका आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण है । उक्त दोनों मापदण्ड़ों का परिणाम उपयुक्तता श्रेणी का निर्धारण करना है , एवं भूमि के विस्तृत वर्गीकरण , विभिन्न विकास हेतु करना संभव है । इसके अतिरिक्त भूमि उपयोग उपयुक्तता निर्धारण, वर्तमान स्थिति जैसे भूमि पर दबाव महत्वपूर्ण है । यदि भूमि पर आर्थिक दबाव रहा , उस दशा में, उक्त भूमि जो उपयुक्तता के आधार पर, विकास हेतु ग्राह्य नहीं है, का भी विकास होगा । यह स्पष्ट है कि मापदण्डों की श्रेणियाँ अधिक होगी जो बाजार के संदर्भ से प्रभावित होती हैं । अतः उपरोक्त संदर्भ में, उपयोगिता विश्लेषण प्रक्रिया जो इस रिपोर्ट में उल्लेखित है, वरीयता के आधार पर नगरीय भूमि उपयोग हेतु निर्धारण की दृष्टि से देखा गया है । अतः इस अध्ययन में, बहु प्रणाली आधारित अध्ययन (स्थल सर्वेक्षण, स्थल की वास्तविकता, पुराने गानचित्र एवं गुदूर संवेदन तकनीक से प्राप्त चित्र) किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप भूमि उपयुक्तता का विश्लेषण संभव हुआ है । सीहोर नगर के संदर्भ में Composite land Suitability Analysis हेतु अपनाई गई । उदाहरण के रूप में, इस प्रकार के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि कौन सी भूमि, विकास / भवन निर्माण हेतु उपयुक्त है एवं किस भूमि को हरित क्षेत्र के रूप में अथवा विकास हेतु प्रतिबंधित / संरक्षित रखी जाना है । भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने हेतु निम्नलिखित श्रेणी घटकों का विचार किया है ।

1. वर्तमान भूमि उपयोग

2. मिट्टी का प्रकार

3. ढलान का प्रतिशत

4. बाढ़ आपदा

5. जलाशय

6. मार्ग संरचना

7. जियोमार्कोलॉजी

8. भूमि का मूल्य (वार्ड अनुसार) 4153

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1]

A

PlanningArea

Km

501

7

SEHORE

Legend

Expressway Waterbody

PlanningArcaBaundary

NationalHighway

RailwayLine

BulkeupArea

Roads

StateHighway

3456

Sheet-Moderats

2.3.13LANDDEGRADATION

Sheet-Severe

LandDegradation

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Source:NatioselLandDegradationMappingProjectNRSC,IBRO-2018

District-Schore

Ratibad

ToBhoBhopal

ToBhopal

ToDuraha

☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 4154

PlanningArea

Km

SEHORE

Legend

2.3.14ROADBUFFER

Expressway Waterbody

Source:Worldview-IlSatellitedata

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

BulitupArea

Roads

StateHighway

500 200

100

234567

RoadBuffer(DistanceinMeters)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictSehore

ToChopal ToBhopal

To Duralia

Sha

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal U

ToDewas 4155

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 उपरोक्त घटकों के मूल्यांकन के माध्यम से, नगर विकास हेतु भूमि के संदर्भ में उपयोग सीमा निर्धारित होती है । सीमा की अवधारणा, भूमि के गुणात्मक मूल्यांकन से हैं । उदाहरण स्वरूप , यदि ढलान अधिक है तो यह स्पष्ट है कि, अधिक ढलान वाले क्षेत्र को विकसित करने हेतु व्यापक स्त्रोत (धन , जनशक्ति, सामग्री) आवश्यक होंगे । अतः उक्त भूमि समतल भूमि से कम उपयोगी होगी । उक्त अवधारणा सभी घटकों के संदर्भ में प्रभावी है । उपरोक्त सभी घटकों के प्राकृतिक विचारणीय बिन्दुओं को नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि के विश्लेषण तथा पर्यावरण के विश्लेषण में शामिल किया है । इन घटकों के विश्लेषण की जानकारी का भौगोलिक सूचना प्रणाली से समन्वय कर संकेतक प्राप्त किये गये हैं । 2.4.1 नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प

निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत राजस्व भूमि / नगरीय भूमि उपयुक्तता के घटकों के विश्लेषण के आधार पर विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं । इन विकल्पों में प्रत्येक घटक का क्रम दूसरे घटक के परस्पर संबंधों पर निर्धारित किया गया है । भूमि उपयुक्तता के विकल्पों का वर्णन निम्न सारणी में दिया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4156

[भाग 1 सीहोर विकास शेजना (प्रारूप) 2035

सारणी 2.15 कम्पोजिट भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -1 के लिए वेटेड इंडेक्स

THEME S.NO.

CLASS

CLASS WEIGHT THEME WEIGHT

2

1

1

2

LANDUSE 3

4

5

1

2

3

GEOMORPHOLOGY 4

6

7

1

2

3

GROUND WATER PROSPECTS 4

1

2

3

SOIL TEXTURE 4

5

6

7

1

2

ROAD BUFFER 3

4

5

3

9

Vacant Land

7

Agriculture

0

Builtup

25

0

Forest

0

Waterbody

9

Pediplain

Pediment

8

4

Plateau Remnant

20

3

Plateau Top

0

Scarp

0

Active Quarry

0

Waterbodies

9

Poor to Nil

7

10

Moderate to Poor

5

Goodto

Moderate

0

Waterbodies

9

Loamy Skeletal

8

Loamy

7

Fine

05

4

Clayey

3

Clayey skeletal

0

Builtup

0

Waterbodies

9

100 m

7

200 m

10

5

500 m 4157

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

CLASS

THEME

S.NO.

CLASS WEIGHT

THEME WEIGHT

5

4

3

1

2

3

>500 m

4

9

>60 m

1

7

60 m

2

5

10

45m

WATER BODIES BUFFER

3

1

3

30 m

4

1

15 m

5

9

0-1%

1

8

1-3%

2

7

10

3-5 %

SLOPE

3

6

5-10%

4

5

10-13%

5

9

<5000

1

7 2

5

10

LAND VALUE

3

3

15000-20000

4 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4158

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 2.16 कम्पोजिट भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -2 के लिए वेटेड इंडेक्स

THEME S.NO.

CLASS

CLASS WEIGHT

THEME

WEIGHT

3

2

1

1

2

LANDUSE 3

20 4

5

1

2

10 3

GEOMORPHOLOGY 4

6

7

1

10 2

GROUND WATER PROSPECTS 3

4

1

2

10 3

SOIL TEXTURE 4

5

6

7

1

10

ROAD BUFFER 2

3

4

5

4

9

Vacant Land

7

Agriculture

0

Builtup

0

Forest

0

Waterbody

9

Pediplain

8

Pediment

4

Plateau Remnant

3

Plateau Top

U

Scarp

0

ActiveQuarry

0

Waterbodies

9

Poor to Nil

7

Moderate to Poor

5

Good to Moderate

0

Waterbodies

9

Loamy Skeletal

8

Loamy

7

Fine

4

Clayey

3

Clayey skeletal

0

Builtup

0

Waterbodies

9

100 m

7

200 m

5

500 m

3

>500 m 4159

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

CLASS

S.NO.

THEME

CLASS WEIGHT

THEME WEIGHT

5

4

3

2

1

9

>60m

1

7

60m

2

5

15

45m

3

WATER BODIES BUFFER

3

30m

4

1

15 m

5

9

0-1%

1

8

1-3%

2

7

15

3-5 %

SLOPE

3

6

5-10%

4

5

10-13%

5

9

5000

1

7 2

5

10

LAND VALUE

3

3

15000-20000

4 4160

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 सीहोर विकास प्रांजना (प्रारूप) 2035

सारणी 2.17 कम्पोजिट भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -3 के लिए वेटेड इंडेक्स

THEME S.NO.

CLASS

CLASS WEIGHT THEME WEIGHT

2

1

1

2

LANDUSE 3

4

5

1

2

3

GEOMORPHOLOGY 4

5

6

7

1

2

GROUND WATER PROSPECTS 3

4

1

2

3

SOIL TEXTURE 4

5

6

7

1

ROAD BUFFER 2

3

4

5

4

3

9 Vacant Land

7 Agriculture

0 Builtup

14

0

Forest

0 Waterbody

9 Pediplain

8 Pediment

4 Plateau Remnant

3 12

Plateau Top

0

Scarp

0 ActiveQuarry

0 Waterbodies

9 Poor to Nil

7 12

Moderate to Poor

5 Good to Moderate

0 Waterbodies

9 Loamy Skeletal

8

Loamy

7

Fine

12

4 Clayey

3 Clayey skeletal

0 Builtup

0 Waterbodies

9

100 m

7

200 m

5 14

500 m

3 >500 m 4161

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

CLASS

CLASS S.NO.

THEME

THEME

WEIGHT

WEIGHT

5

4

1

3

2

9 1

>60 m

7

60m

2

5 WATER BODIES BUFFER

12

45m

3

4

30 m

3

15 m

1 5

9 1

0-1%

8 2

1-3 %

12

SLOPE

7 3

3-5%

6 4

5-10%

5

10-13%

5

9

<5000

1

7 2

LAND VALUE

12

5 3

4

3

15000-20000

टीप :- भूमि उपयोग , जियोमॉफॉंलॉजी एवं जलाश्य बफर को मूल्यांकन वरीयता प्रदान की गई है ।

घटकों को नगरीय उपयुक्तता के आधार पर मूल्यांकन के बाद श्रेणी प्रदान की गई, जो 8 मानचित्रों का एकीकरण परिणाम है । इन मानचित्रों के संयुक्त परिणाम के कारण कई स्लिवर पॉलीगोन निर्मित हुए । उक्त पॉलीगॉन को संस्पर्शी पॉलीगोन में विसर्जित किया गया, जिसका आधार स्थल संदर्भित स्थिति एवं न्यूनतम मानचित्र खंड (Minimum Mappable Unit ) है । एकजाई आकृति में संयुक्त भूमि उपयुक्तता श्रेणी है एवं प्रत्येक श्रेणी में सभी घटकों के चरित्र विद्यमान हैं, जो भूमि उपयुक्तता हेतु आवश्यक हैं । प्रत्येक श्रेणी की मूल्यांकन वरीयता उक्त घटक के महत्व के आधार पर एवं एक दूसरे से तुलना के आधार पर की गई ।

संयुक्त उपयोगिता संकेतक (Composite Suitability Index) की गणना 8 घटकों के मूल्यांकन को उनकी श्रेणी से गुणा कर प्राप्त किया गया । सी.एस.आय. को 4 श्रेणी में विभाजित किया गया । इस प्रक्रिया में प्रत्येक श्रेणी इस बात का सूचक है कि सक्षमता की सीमा प्रत्येक वर्ग के संदर्भ में कितनी है , अर्थात् न्यूनतम , अधिकतम सी.एस.आय. का औसत एवं स्तरीय डेविएशन (Standard Deviation ) का उपयोग वर्गीकरण हेतु किया गया है । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4162

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सी.एस.आय. मूल्यांकन का अधिक होना नगरीय विकास हेतु उच्च वरीयता का द्योतक होगा । कम सी.एस.आय. मूल्यांकन का संदर्भ नगर विकास हेतु कम मूल्यांकन परंतु संरक्षण हेतु उच्च वरीयता से है ।

सारणी 2.18 भूमि उपयोय उपयुक्तता मॉडल -1

Class

Area(ha) Sr.No

3

2

1

5348.40

Not Suitable

1

76.15

LessSuitable

2

24634.20 3

Moderately Suitable

7904.47 4

Highly Suitable

37966.23

Total

सारणी 2.19 भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -2

Class

Area (ha) Sr.No

3

1

2

5348.40

NotSuitable

1

176.72

Less Suitable

2

26956.92 3

Moderately Suitable

5481.19 4

Highly Suitable

37963.23

Total

सारणी 2.20 भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -3

Class

Area(ha) Sr.No

3

2

1

5348.40

NotSuitable

1

347.58

Less Suitable

2

29886.92 3

Moderately Suitable

2380.32

4

Highly Suitable

37963.23

Total

नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता हेतु भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -1 , भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल 2 एवं भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -3 तैयार किए गए है । निवेश क्षेत्रांतर्गत भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल 1 में अधिकतम उपयुक्त भूमि 7904.47 हेक्टेयर (20.82 प्रतिशत) प्राप्त हुई । अतः भूमि उपयोग उपयुक्तता मॉडल -1 का चयन अंतिम रूप से सीहोर विकास योजना तैयार करने हेतु किया गया । 4163

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

PlanningAres

Km

SEHORE

Legend

587

Source:DarabaseLayers

Expressway Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

BuiltupArea

NationalHighway

ModeratelySultable(24634.19)

Roads

StateHighway

3

HighlySuitable(7904.46)

LessSultable(78.15)

NotSultable(5348.40)

SUITABILITY

2

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 2.4AURBANLANDSUITABILITY(MODEL-1)

(Landuse&Geomorphologygivenmoreweightage)

District-Sahore

ToRatibad

ToGhopal ToBhopal

ToOuraha

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal To भाग 1 4164

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

A

PlanningArea

Km

12 Legend

Source:DatabaseLayers

4567

Expressway

Watorbody

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

ModeratelySultable(26956.91)

NationalHighway

BulitupArea

Roads

StateHighway

HighlySultable(5481.18)

LessSultable(178.71)

NotSultable(5348.40)

SUITABILITY

23

SEHORE 2.48URBANLANDSUITABILITY(MODEL-2)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (Landuse&Geomorphogygivenmoreweightage)

01

District-Sehore

Scale

ToRati

Bhopal ToBho Bhopal

ToDurath

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToShampur

ToUjjain 4165

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

PlanningArea

Km

SEHORE

Legend

Source:DatabaseLayers

4567

Expressway

Waterbody

PlanningAraaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

ModeratelySultable(29886.92)

BuiltupArea

Landuse&UrbanSurveyDivision

Roads

StateHighway

3

HighlySultable(2380.32)

LossSuitable(347.57)

NotSuitable(5348.40)

SUTABILITY

2.400URBANLANDSUITABILITY(MODEL-3)

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (Equi WeightagetoAllLayers)

DistrictStore

Ratibad

Bhopa pal

SHToBhopal

ToDurahe

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4166

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 2.5 भूमि उपयोग का आवंटन

नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि का चयन करने के पश्चात्, भूमि उपयोग क्षेत्र का निर्धारण, भारत सरकार के शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय द्वारा प्रसारित यू.आर.डी.पी. एफ.आई. दिशानिर्देशों एवं राज्य के विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखकर किया गया है । इस अध्याय में सुदूर संवेदन प्रणाली एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के उद्देश्य एवं अंगीकृत कार्यप्रणाली को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है । पारंपरिक पद्धति से किये गये सर्वेक्षण कार्य की तुलना में, उपरोक्त प्रणाली अधिक उपयोगी एवं प्रभावी है । इसके अंतर्गत उपग्रह से प्राप्त चित्रों की व्याख्या करने के पश्चात् भूमि उपयोग मानचित्र वस्तुस्थिति के अनुरूप तैयार करना एवं पर्यावरण के घटकों का अध्ययन एवं विश्लेषण करना संभव है । इसी कार्यप्रणाली के आधार पर सीहोर निवेश क्षेत्र का विश्लेषण तथा विकास हेतु भूमि चयन के वैकल्पिक प्रस्ताव का चयन कर प्रस्तावित विकास की दिर्शा निर्धारण की गई है, जो विभिन्न घटकों के विश्लेषण के आधार पर है । 4167

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 [भाग 1 4168

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 अध्याय-3 विकास योजना पुनर्विलोकन हेतु अध्ययन एवं विश्लेषण 3.1 विकास योजना-2031 क्रियान्वयन परिदृश्य

विकास योजना क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु यह वांछनीय है कि विगत वर्षों में हुए विकास में यह आंकलित किया जावे कि नगर में यातायात प्रणाली की कार्यक्षमता कैसी है , तथा वर्तमान यातायात प्रणाली के साथ भविष्य के क्षेत्रों की संबद्धता किस प्रकार होगी । विकसित क्षेत्र में चिन्हित असंगत भूमि उपयोगों की वर्तमान में स्थिति क्या है । इसके साथ ही पूर्व प्रस्तावित योजना के क्रियान्वयन का विभिन्न भूमि उपयोगों के अंतर्गत स्तर क्या है । आर्थिक रूप से कमजोर तथा आवासहीन परिवारों की स्थिति का भी आंकलन आवश्यक है जिससे पुनर्विलोकन के समय उन बिन्दुओं का समावेश किया जा सके; जिससे क्षेत्र का कार्यक्षम विकास हो सके । प्रबंधन के अभाव में योजना के प्रभावित होने के बिन्दु निम्नानुसार है-

विकास योजना क्रियान्वयन हेतु विकास प्राधिकरण का गठन नही होना ।

संस्थागत संरचना के लिए भूमि आपूर्ति एवं नगरीय भूमि प्रबंधन प्रक्रिया का अभाव । क्रियान्वयन से सम्बद्ध संस्थाओं में आवश्यक समन्वय एवं रूचि का अभाव ।

नगरीय अधोसंरचना के विकास के लिए वित्तीय ससाधनो का समय पर उपलब्ध न होना ।

निजी निवेश के लिए संसाधनों को प्रोत्साहित करने में अपेक्षित प्रणाली का विकास न होना ।

योजना क्रियान्वयन के सतत् पर्यवेक्षण तथा क्रियान्वयन के पूर्व अनुभवों के आधार पर संशोधन प्रणाली का विकास न होना ।

अतः क्रियान्वयन संबंधी प्रभावी नियंत्रण के अभाव में अधिकांश क्षेत्रों में अवांछनीय, अनाधिकृत कॉलोनियों का विकास , गंदी बस्तियों का विकास तथा भौतिक एवं सामाजिक अधोसंरचना रहित क्षेत्रों का विकास हुआ है ।

3.2 विकास योजना क्रियान्वयन का मूल्यांकन

सीहोर विकास योजना 2031 में नगर की जनसंख्या 2.40 लाख अनुमानित कर विकास प्रस्ताव दिए गये । विभिन्न उपयोगों के अंतर्गत वर्तमान भू- उपयोग के क्रियान्वयन का आंकलन किया गया हैः 4169

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर निकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 3.1 विकास योजना 2031 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन

प्रस्तावित क्षेत्र 2031

वर्तमान विकसित क्षेत्र 2020

क्र

भूमि उपयोग

प्रतिशत

प्रतिशत

विकास के लिये उपलब्ध भूमि

क्षेत्र (ह. मे)

क्षेत्र (हे. में)

7

6

4

5

3

2

1

509.35

41.90

616.99

45.92

1126.34

1 आवासीय

9.85 63.07

8.48 144.98

208.05

वाणिज्यिक

2

76.97

5.57

6.48 82.07

159.04

औद्योगिक

3

-129.43

366.55 24.89

9.67

237.12

4 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक

14.35

1.43

21.11

1.44

35.46

5 सार्वजनिक सेवाएँ एवं सुविधाएँ

419.01

57.39 3.90

19.42

476.40

आमोद- प्रमोद

6

27.11

12.46

8.59 183,49

210.60

7 यातायात एवं परिवहन

100.00

1472.58 100.00 980.42

2453.00

योग

स्त्रोत :- नगर तथा ग्राम निवेश एवं जी.आई.एस. सर्वेक्षण

टीप:-

1. सीहोर विकास योजना, 2031 के अध्याय 3 की सारणी क्रमांक 3 - सा-2 प्रस्तावित भूमि उपयोग एवं भूमि आवंटन 2031 के अनुसार क्रियांनवयन का मूल्यांकन । 2. विकास योजना 2031 मे मिश्रित उपयोग के प्रावधान नही दिये गये थे । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4170

PlanningArea

GroundVerification

Kir

7

जलग्रहणक्षेत्र

वर्वजनिकसंस्थानऔर

नदिया

तालाबजलाशय

सामान्य

सार्वजनिकसेवाएंएवं

निवेशक्षेत्र

वर्गीकृतबाजार

समान्यउद्योग

विद्युतउपकेन्द्र ट्रेंचिगप्रारंड

सार्वजनिकएवंअर्थसार्वजनिक

ग्राम नगरपालिका

परिवहम

मिश्रितउपयोग

औद्योगिक

जलाशय

रेन्वेलाईन

रेल्वेस्टेशन

मनशोधनसंयंत्र

बातस्थानरु

आगेदप्रमोद

विशेषप्रयोजन आरक्षितवन

आवासाय सामान्यआवासीय

8

SEHORE

Legend

45

3.2AEXISTINGLANDUSE

3

2

TRANSPORTATION

AFFORESCATION

CREMATORILAMUGRAVEYARD

HEALTHSOCIAL/CULTURAL INSTITUTIONALACTIVITIFS

WATEREODIES

CATCHMENTAREA

RECREATIONAL

AORICULTURE

CATEGORIZEDMARKET

TRENCHINGGROUND

BOUNDARIES

MUNICIPAL

COMMERCIAL

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal RESIDENTIAL

PLANNINGAREA

ADMINISTRATIVEAREA EDUCATIONANDRESEARCH

RESERVEDFORES

ELECTRY:SURSTATION

RAILWAYJINE

VILLAGE

GENERAL

RAILWAYSTATION

SEWAGEISFATUENTPLANT

GENERALRESIDENTIAL

ROADS

INDUSTRIAL GENERALINDUSTRIES

RIVERS

PUBLICINSTITUTIONSAND

POND/RISERVOIR

VALA

MANDI

SPECIALPURPOSE

MIXEDLANDLISE

PARK

PUBLICUNLTIES& FACILITIES

PUBLIC&SEMPUBLIC

BUSSTAND

Source:WorldView-II-2016SatelliteData&

District-Sehore

Scan

0

ToShopal

ToBhopal

MDKARA

TULAR

ToDuraha

ToShampur

RAFIQUEBAJ

☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToUijain

ToDe 4171

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PUF2 PUFI

01

A

Kin

सार्वजनिकसंस्थाऔर प्रशासनिक

नदियां

वृक्षारोपण

श्मशान/कब्रिस्तान

तालाबजलाशय

आरक्षितबन

वर्गीकृतबाजार

निवेशक्षेत्र

सार्वजनिकसेवाएंएवं

नाला

उद्यान

मिश्रितउपयौन

अद्योगिक सामान्यउद्योग

सर्वजनिकएवंअर्थसार्वजनिक

मण्डी

विद्युतउपकेन्द्र

ट्रेषिगग्राउंड

नगरपालिका

जलाशय

मार्ग रेल्वेस्टेशन

परिवहन

आयासीय सामान्यआवासीय

मलशोध्नस्यंत्र

अगोदप्रमोद

विशेषप्रयेजन

कृषिभूमि सीमाएं

2.533.5

SEHORE

Legend

2

1.5

Landuse&UrbanSurveyDivision

Source:ArchiveMasterPlanByT&CP

1

TRANSPORTATION

PLANNINGARFA

CREMATORIUMGRAVEYARD

HEALTHUISOCIALICULTURAL INSTITUTIONALACTIVITIES

CATCHMENTAREA

RECREATIONAL

CATEGORIZEDMARKET

WATERBODIES

TRENCHINGGROUND

AGRICULTURE SOUNDAFIES

MUNICIPAL

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal COMMERCIAL

RESERVEDFOREST

RESIDENT'AL

0.5

ELECTRICSUBSTATION

RAILWAYSTATION

VILLAGE

GENEPAL

INDUSTRIAL GENERALINDUSTRIES

3.2BEXISTINGLANDUSEOFCENTRALAREA

FACILITIE

ΠΠΑΠΟ SEWAGEEATMENTPLANT

RIVERS POND/RESERVOIR

NALA

PUBLICINSTITUTIONSAND ADMINISTRATIVEAREA EDUCATIONANDRESEARCH

GENERALSEGDENTIAL MIXEDLANDUSE

PARK AFFORESCATION

SPECIALPURPOSE

MANDI

PUBLICUILITIES&

PUBLIC&SEMIPUBLIC

BUSSTAND

20

BULON

LASUDIYAPADHAR

PACHAMA

rears

THUMAKALAN

ABDULLPUR

TAGPUR

PIPALIYAMIRA

SHAGWANPURA

CHAMCERD

JAMONYAKALAN

To Durahe

KIRURSHICPUR

BADIYAKHEDI

NUNTALI

JANAHOIRPURA

KHEDI

BARANGA

SEMALIKHURD

ALAHABAKHEDE

GOPALPURA

BLJAURI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

BEHORE

ToShampur

SHAHPURA

AWANTIPURA

MUGIEHPUR

RAPIQUEGANI

BIJAURA

OLDBHELA ToUjjain

KACILE मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4172

[भाग 1

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 3.2 विकास योजना 2031 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन (मानचित्र अनुसार)

प्रस्तावित क्षेत्र 2031

वर्तमान विकसित क्षेत्र 2020

भूमि उपयोग

क्र

क्रियान्वयन का प्रतिशत

प्रतिशत

प्रतिशत

विकास के लिये उपलब्ध भूमि

क्षेत्र (हे. में)

क्षेत्र (हे. में)

4

5

6

7

8 1

2

3

724.14

46.01

616.99 41.90

1341.13 48.22

1 आवासीय

7.21

9.85

72.30 55.55 200.53

144.98

2 वाणिज्यिक

82.07

137.87

7.91

5.57

37.31

3

औद्योगिक

219.94

54.63

366.55

87.03

4

421.18 15.14

24.89

सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक

1.70

1.43

44.72

26.09 47.20

21.11

सार्वजनिक 5 सेवाएँ एवं सुविधाएँ

30.65

3.90

129.85

57.39

187.24

6.73

6 आमोद-प्रमोद

50.41 180.48 363.97

12.46

183.49

13.09

7

यातायात एवं परिवहन

100.00 52.95 1308.61 2781.19 100.00 1472.58

योग

स्त्रोत:- नगर तथा ग्राम निवेश एवं जी.आई.एस. सर्वेक्षण

टीप:-

1. सीहोर विकास योजना, 2031 के अध्याय 3 की सारणी क्रमांक 3-सा-2 प्रस्तावित भूमि उपयोग एवं भूमि आवंटन 2031 के अनुसार क्रियांनवयन का मूल्यांकन एवं विकास योजना 2031 (मानचित्र) दोनों के प्रस्तावित क्षेत्रों में भिन्नताएं मिलती हैं, लेकिन विकास योजना का मानचित्र ही विकास योजना क्रियान्वयन का मुख्य आधार होता है । इस कारण से विकास योजना 2031 के प्रस्तावित मानचित्र के क्षेत्रों को आधार मानते हुए क्रियान्वयन का मूल्यांकन किया गया है ।

2. विकास योजना 2031 मे मिश्रित उपयोग के प्रावधान नहीं दिये गये थे ।

3.2.1 आवासीय भूमि उपयोग

सीहोर विकास योजना 2031 में आवासीय उपयोग के अंतर्गत 1341.13 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 616.99 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । आवासीय भूमि उपयोग का क्रियान्वयन प्रतिशत प्रस्तावित क्षेत्र का 46.01 प्रतिशत रहा है । 4173

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 3.2.2 वाणिज्यिक भूमि उपयोग

सीहोर विकास योजना 2031 में वाणिज्यिक उपयोग के अंतर्गत 200.53 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 144.98 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । वाणिज्यिक भूमि उपयोग का क्रियान्वयन प्रतिशत प्रस्तावित क्षेत्र का 72.30 प्रतिशत रहा है ।

3.2.3 औद्योगिक भूमि उपयोग

सीहोर विकास योजना 2031 में औधोगिक उपयोग के अंतर्गत 219.94 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 82.07 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । औद्योगिक भूमि उपयोग का क्रियान्वयन प्रतिशत प्रस्तावित क्षेत्र का 37.31 प्रतिशत रहा है ।

3.2.4 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भूमि उपयोग

सामान्य नागरिकों को सुविधाओं एवं सेवा प्रदान करने के अतिरिक्त सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक भूमि उपयोग के अन्तर्गत शिक्षा, अस्पताल , सामाजिक- सांस्कृतिक तथा अन्य सुविधाएं आती हैं । सीहोर नगर जिला मुख्यालय के साथ- साथ तहसील मुख्यालय भी है अतः नगर में अनेक शासकीय कार्यालय , चिकित्सा, शिक्षा, सामाजिक- सांस्कृतिक, जन उपयोगी सुविधाओं एवं सेवा केन्द्र इत्यादि विद्यमान हैं ।

सीहोर विकास योजना 2031 में सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत 421.18 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 366.55 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भूमि उपयोग का क्रियान्वयन प्रतिशत प्रस्तावित क्षेत्र का 87.03 प्रतिशत रहा है ।

3.2.5 सार्वजनिक उपयोगिताएं एवं सेवाएं भूमि उपयोग

सीहोर विकास योजना 2031 में सार्वजनिक उपयोगिताएं एवं सेवाएं उपयोग के अंतर्गत 47.20 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 21.11 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । सार्वजनिक उपयोगिताएं एवं सेवाएं भूमि उपयोग का क्रियान्वयन प्रतिशत प्रस्तावित क्षेत्र का 44.72 प्रतिशत रहा है ।

3.2.6 आमोद- प्रमोद भूमि उपयोग

सीहोर विकास योजना 2031 में आमोद - प्रमोद उपयोग के अंतर्गत 187.24 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी , जिसमें से 57.39 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । आमोद - प्रमोद भूमि उपयोग का क्रियान्वयन प्रतिशत प्रस्तावित क्षेत्र का 30.65 प्रतिशत रहा है ।

3.2.7 यातायात एवं परिवहन भूमि उपयोग

सीहोर विकास योजना 2031 में यातायात एवं परिवहन उपयोग के अंतर्गत 363.97 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी , जिसमें से 183.49 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । भाग 1 4174

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

A

PlanningArea

522

0.3

SEHORE

Legend

Communication

Recreational

Commercial Educational

Residential

Industrial

Religious

Roads

CentralStateGovt.Property

HealthServices

Waterbody

Public&Semi-public

Mixed

StatoHighway

3.2.1ABUILDINGFOOTPRINT

Source:BuildingFootprintGeospatialDataAMRUT, SurveybyMPCST&T&CP

---VillageBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DstrictSchore

Scale

0

00 円

00

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 4175

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A PlanningArea

Legend

Expressway Watarbody

SEHORE 3.2.18URBANSPRAWL

CatchmentArea

MunicipalBoundary

2012-2020(799.02)

PlanningAreaBoundary

NationalHighway

RallwayLine

Roads

VillageBoundary

StateHighway

Upto2005(363.68) 2006-2012(533.62)

UrbanSprawl(AreaInha)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCSTBhopal

Source:SatelliteImageofIRSLISS-Iil,2004,WorldView-I,2011, WorldView-II2016

District-Sehore

00.511.522.533.54 Kin

ToBhopal

ToRatibart

ToBhopal

ABALLAPUR

ToDuraha

ToShampur

ToIchhawar

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 1

ToUllein

ToDewas

sahe sa se sabe sache sale новим новые после поки повиле нате новост neden na ww 4176

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

A

PlanningArea

524 SEHORE

Legend

0.5

3.2.5AEXISTINGATM

Source:GroundVerification Expressway

Waterbody

PlanningAreaBoundary

NationalHighway

RaltwayLine

Roads

VillageBoundary

StateHighway

ATM

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Sehore

Scale

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 4177

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Km

90

SEHORE

Legend

Source:GroundVerification CommunityToilet

RailwayLine

Roads VillageBoundary

Nation,Highway

StateHighway

3:2.5BEXISTINGCOMMUNITYTOILET

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Sehore

Scate

0

SEMUNE

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4178

A

PlaaningArea

526 SEHORE

Legend

1.5

Source:GroundVerification Expressway

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

VillageBoendary

Roads

StateHighway

OverHeadTank

$2.5CEXISTINGOVERHEADTANK

0.5

...MunicipalBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Schore

Scala

ToRahbad

ToSkopal

KHUESKOR!

SAHANCE

SARANGADIED

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 4179

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 यातायात एवं परिवहन भूमि उपयोग का क्रियान्वयन प्रतिशत प्रस्तावित क्षेत्र का 50.41 प्रतिशत रहा है ।

नगर में सभी प्रकार की वाणिज्यिक गतिविधियाँ नगर के मध्य संपादित हैं , जिससे यातायात/ पार्किंग इत्त्यादि की समस्यायें उत्पन्न हुई हैं । नगर का वर्तमान सड़क नेटवर्क अस्त- व्यस्त है और बहुत सी जगहों पर सड़कों की चौड़ाई एक समान नहीं है । इसलिये नगर से गुजरने वाले इस मुख्य मार्ग पर यातायात सुलभ बनाने के लिये तत्काल कदम उठाया जाना चाहिये ।

3.3 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग

कार्य संपादन की विशेषताओं के आधार पर नगर में कुछ गतिविधियाँ स्थान की कमी, संकीर्णता एवं आस - पास के भूमि उपयोग से सामंजस्यता न रखते हुए भी कार्यरत् है जिन्हें यातायात समस्या, पर्यावरणीय समस्या तथा आसपास के वातावरण के दृष्टिकोण से वर्तमान स्थल पर निरंतर रखना उचित नहीं होगा । इन उपयोगों को असंगत भूमि उपयोग की श्रेणी में लिया जाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाना आवश्यक है ।

उक्त के साथ कुछ गतिविधियों ऐसी पाई गई हैं जो आस-पास की आवश्यकता की पूर्ति के दृष्टिकोण से आवश्यक क्षमता के साथ कार्यरत् नहीं है तथा उनका वर्तमान स्थल पर इनकी क्षमता बढ़ाना अथवा विस्तार करना संभव नहीं है । अतः ऐसे भू- उपयोगो को अकार्यक्षम भूमि उपयोग की श्रेणी के अंतर्गत शामिल किया जाकर भविष्य में अन्य स्थानान्तरित किया जाना आवश्यक होगा । नगर स्थित असंगत एवं अकार्यक्षम की सूची निम्न सारणी में दी गई है :-

4180

भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 20:35

सारणी 3.3 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोगः

वर्तमान स्थल

भूमि उपयोग

क्रमांक

1

2

असंगत भूमि उपयोग (अ)

1. आबासीय

2.

घास बाजार

कारण/ स्थानांतरण का समस्या

4

3

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र

ब्राम्हाणपुरा , बकरी पुल से बड़ियाखेड़ी, सीवन नदी किनारे की आबादी

नगर में यत्र- तत्र

3.

सब्जी मण्डी

यातायात समस्या

नमक चौराहा

4. कबाड़ी बाजार

यातायात समस्या

यातायात समस्या

मछली बाजार , लाल

मस्जिदके पास

5. मांस बाजार

मछली पुल मार्ग

6. मार्ग किनारे की गुमठियाँ अपर्याप्त स्थल एवं पर्यावरणीय समस्या

यातायात समस्या

वीर सावरकर मार्ग

गंज , सीहोर छविगृह

मार्ग

7.

पर्यावरणीय समस्या

मोमिनीपुल के पास

बोन फेक्ट्री

8. ईंट भट्ट

जल प्रदूषण एवं भूमि कटाव

सीवन नदी किनारे

बड़ियाखेड़ी एवं

पौधशाला के पास

अकार्यक्षम भूमि उपयोग (ब)

नगर मध्य में

1. जिला कार्यालय

नगर पालिका कार्यालय 2.

यातायात समस्या एवं स्थान की कमी

जिला चिकित्सालय के

सामने

3. तहसील कार्यालय 4. जिला चिकित्सालय 5.

यातायात समस्या एवं स्थान की कमी

जिला कार्यालय परिसर यातायात समस्या एवं स्थान की कमी

नगर पालिका के सामने यातायात समस्या एवं स्थान की कमी

तहसील चौराहा

टैगोर उच्च. माध्य. शाला 6.

स्थानाभाव

स्थानाभाव

तहसील चौराहा

महारानी लक्ष्मीबाई उ.मा. विद्यालय

7.

स्थानाभाव

गंज के पीछे

शा. कस्तूरबा कन्या उ.मा. विद्यालय 4181

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

वर्तमान स्थल

क्रमांक भूमि उपयोग

स्थानांतरण का कारण/ समस्या

3

1

2

4

8.

स्थानाभाव

सराय छावनी

माडल टाइनी टाट्स उ. मा. विद्यालय

9.

उ.मा.

मण्डी मार्ग पर

स्थानाभाव

ब्राइट कैरियर विद्यालय

बस स्टैण्ड

10.

भोपाल मार्ग

स्थानाभाव

स्त्रोत:- नगर तथा ग्राम निवेश के सर्वेक्षण पर आधारित ।

टीप:-

1. शक्कर कारखाना अन्यत्र स्थानांतरित किया जाना है । शक्कर कारखाना का प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है । वर्तमान में शक्कर कारखाना बंद है । 2. असंगत एवं अकार्यक्षम उपयोग के वर्तमान स्थल से विस्थापन के पश्चात स्थल का उपयोग संस्पर्शी भूमि उपयोग के अनुसार रहेगा ।

3.4 जन सांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण

3.4.1 नगर पालिका क्षेत्र की जनसंख्या

जनगणना 2011 के अनुसार सीहोर नगर पालिका की कुल जनसंख्या 109118 है । वर्ष 1991-2001 के बीच सीहोर नगर पालिका क्षेत्र की दशकीय वृद्धि दर 25.56 प्रतिशत तथा वर्ष 2001-2011 के बीच सीहोर नगर पालिका क्षेत्र की दशकीय वृद्धि दर 20.80 प्रतिशत थी ।

सारणी 3.4 नगर पालिका क्षेत्र की जनसंख्या

वर्ष

क्रमांक

जनसंख्या

जनसंख्या प्रतिशत वृद्धि दर

3

1

2

4

1

1991

71945

2

2001

90333

25.56

3

2011

109118

20.80

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991, 2001 एवं 2011

आरेख 3.1 दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर

25.56

30.00

20.80

20.00

10.00

0.00

2001

2011

-सीहोर नगर पालिका क्षेत्र

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4182

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, सीहोर नगर पालिका क्षेत्र की जनसंख्या 109118 है, वर्तमान में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र 36 वार्डों में विभाजित है । सीहोर नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्र 12 की जनसंख्या सबसे अधिक है, इसकी जनसंख्या 6691 है नगर के वार्ड क्र 36 सबसे कम जनसंख्या वाला वार्ड है, इसकी जनसंख्या 209 है ।

सारणी 3.5 वार्ड की जनसंख्या

वार्ड के नाम

वार्ड क्रमांक

क्रमांक

3

2

1

1

जनसंख्या 2011

कुटुम्ब की संख्या

5

4

2329

386

पटेल जीवन लाल राय वार्ड

वार्ड क्रमांक 1

2

वार्ड क्रमांक 2 रानी दुर्गावती वार्ड 3

वार्ड क्रमांक 3 कुवेर चैनसिंह वार्ड 4 वार्ड क्रमांक 4 गुरु गोविन्द सिंह वार्ड

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड 5 वार्ड क्रमांक 5

इन्दिरा गांधी वार्ड वार्ड क्रमांक 6

6

वार्ड क्रमांक 7

7

4427

927

3502

647

2877

561

3203

599

2211

443

2789

539

डॉ. श्याम प्रसाद मुखजी वार्ड

महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड वार्ड क्रमांक 8

8

महाराणा प्रताप वार्ड वार्ड क्रमांक 9

9

जवाहर लाल नेहरू वार्ड 10 वार्ड क्रमांक 10

संत रविदास वार्ड वार्ड क्रमांक 11

11

मोती लाल वार्ड 12 वार्ड क्रमांक 12

चन्द्रशेखर वार्ड वार्ड क्रमांक 13

13

सरदार पटेल वार्ड वार्ड क्रमांक 14

14

15

सुभाष चन्द्र बोस वार्ड वार्ड क्रमांक 15

छत्रपति शिवाजी वार्ड वार्ड क्रमांक 16

16

उमराव सिंह वार्ड वार्ड क्रमांक 17

17

लाल बहादुर शास्त्री वार्ड वार्ड क्रमांक 18

18

राजीव गांधी वार्ड वार्ड क्रमांक 19

19

डॉ. अम्बेडकर वार्ड वार्ड क्रमांक 20

20

3095

607

3527

624

3262

609

3577

730

6691

1199

2607

473

4275

823

2355

485

2233

384

2670

498

2248

433

3580

729

2624

515

1739

381

पं. दीनदयाल उपाध्याय वार्ड

वार्ड क्रमांक 21

21

बाल्मिकी वार्ड वार्ड क्रमांक 22

22

वीर सावरकर वार्ड वार्ड क्रमांक 23

23

स्वामी विवेकानन्द वार्ड 24 वार्ड क्रमांक 24

चित्रगुप्त वार्ड 25 वार्ड क्रमांक 25

वार्ड क्रमांक 26

26

केप्टन अब्दुल हमीद वार्ड

तात्याटोपे वार्ड 27 वार्ड क्रमांक 27

महात्मा गांधी वार्ड वार्ड क्रमांक 28

28

5836

1051

3765

695

2056

421

4541

898

3126

481

2429

427

2532

402 4183

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

वार्ड के नाम

वार्ड क्रमांक

क्रमांक

जनसंख्या 2011

कुटुम्ब की संख्या

3

4

5 2

1

महावीर वार्ड

931

210

29 वार्ड क्रमांक 29

2100

रवीन्द्रनाथ टैगोर वार्ड

324

30 वार्ड क्रमांक 30

जी.पी. पीटर्स वार्ड

743

4107 वार्ड क्रमांक 31

31

651

3689 32 वार्ड क्रमांक 32

मौलाना अब्दुल कलाम आजद

वार्ड

3265

527

33

सफी अहमद किदवई वार्ड

वार्ड क्रमांक 33

2124

सरदार भगत सिंह वार्ड

385

34 वार्ड क्रमांक 34

तिलक वार्ड

456

2587 35 वार्ड क्रमांक 35

51

209

वैशाली नगर

वार्ड क्रमांक 36

36

109118

20314

कुल

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2011

3.4.2 वार्डवार जनसंख्या घनत्व

वार्डवार जनसंख्या घनत्व तालिका तथा मानचित्र से अन्य नगरों के अनुसार ही स्थिति दृष्टिगोचर होती है । 300 से अधिक जनसख्या घनत्व मुख्य रूप से शहर के मध्य क्षेत्र का ही है । 200 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर की दर से जनसंख्या घनत्व के अंतर्गत मुख्य नगर के बाहरी भाग आते हैं जिसका कारण मुख्य रूप से वार्ड के अंतर्गत खुली भूमि है । 400 से अधिक जनसंख्या घनत्व के अंतर्गत केवल 4 वार्ड हैं जो कोर एरिया को प्रदर्शित करते हैं ।

सारणी 3.6 वार्डवार जनसंख्या घनत्व

TOTAL WARDS UNDER RANGE

S.NO. RANGE ( PER HA)

2

1

3

<100

1

1, 2, 3, 4, 7, 9 , 20, 21, 22, 25, 29, 36 2

100-200

5, 6, 8 , 12, 14 , 17, 18, 23 , 24, 31 , 34 3

200-300

10, 11, 18, 19 , 35

300-400

4

15, 27, 28, 32

5

400-500

13, 16, 26, 33

30

6

>500

3.4.3 लिंगानुपात

जनगणना 2011 के अनुसार, सीहोर नगर पालिका क्षेत्र का कुल लिंगानुपात 937 है । पिछले दशक की तुलना में, 2011 में लिंगानुपात में वृद्धि हुई है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4184

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

आरेख 32 नगर पालिका क्षेत्र में लिंगानुपात

950

885 900

850

1991

937

911

2011

2001

-सीहोर नगर पालिका क्षेत्र

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991, 2001 एवं 2011

सारणी 3.7 नगर पालिका क्षेत्र में लिंगानुपात

क्रमांक

1

1

2

3

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991, 2001 एवं 2011

वर्ष

लिंगानुपात

3

2

885

1991

911

2001

937

2011

सारणी 3.8 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुषों एवं महिलाओं की जनसंख्या

वर्ष

पुरूष क्र

2

3 1

38176

1991

1

2

47259

2001

3

2011

56335 स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991, 2001 एवं 2011

महिला

कुल

4

5

33769

71945

90333

43074

52783

109118

सारणी 3.9 वार्डवार जनसंख्या लिंगानुपात

S.NO. RANGE (PER 1000)

2

1

<850 1

2

850-900 3

900-950 4

950-1000

1000-1050 5

6

1050-1100 7

>1100 TOTAL WARDS UNDER RANGE

3

22, 28, 36

3,21,25

2,4,5,6,7,10,12,14,15,17,19,23,29,31,33

1, 8, 11, 13, 16 , 18, 20, 26, 30, 32, 34, 35

9

24

27 4185

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1]

Legend

Expressway

Waterbody

MunicipalBoundary

PlanningAreaBoundary

SEHORE 3.4AMUNICIPALWARDS

RailwayLine

NationalHighway

Roade

VillageBoundary

StateHighway

THERA

KALAN

AMISKLAPUS

ToBhopal

TuBhopal

THUMAKHURD

JAMONKALAN

ToDuraha

EMALIKHURD

ToShampur

BUAURA

ToUjjain

NOLELE

A PlanningArea

2.5

1.5 2

Source:NagarPalikaParisad,Sehore

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictSchore

Scale 05

PARALIYAMIRA

ToRatibad

TO Bhopal

TRPUR

CHANDERS

SHERPUR

KHURSHIDPUR

res

JAHANGIRPURA

SARANGAKHEDI

ALAMADA

вари

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIchhawar SUNDISPUR

SHANPURKOCH

RAPIQUEDANJ

ToDewas [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4186

A

PlanningArea

Km

2.5

534

2

SEHORE

Legend

Low

1.6

Expressway

Source:CensusofIndia,2011

Watorbody MunicipalBoundary

400-600

200-300

100-200

PlanningAreaHoundary

300-400

RaliwayLine

NationalHighway

Roads

StateHighway

<100

>500High

PopulationDensity(Person/Hectare)

0.5

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

F-VillageBoundary

3.4.2WARDWISEPOPULATIONDISTRIBUTION

DistrictSchore

NOLILAE

THUMA

KALAN

ABDULLAPUR

ToRalibad

ToBhopal 510

ToBhopal

ToBhopal

TNPUR

BHAGWANPURA THUNAKHARD

سلمه

rive

CHANDERS

SHERPUR

YOURSHIDPUR

JANONYAKALAN

ToDuraha 10433

ToShatipur

GOPALPUR

ALAHADAFOEDI

rara

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIchhawar

MUNGISPUR

AVANTIPURA

SVPU

SHANPURKODIYA

sza

ToUllain

ToDewas 4187

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Km

2.5

SEHORE

Legend

15

Expressway

Source:Censusofindia,2011 1000-1050

1050-1100

Waterbody

950-1000

850-900

MunicipalBoundary

900-950

PlanningAreaBoundary

NationalHighway

RailwayLine

VillageBoundary

Roads

StateHighway

3.4.3WARDWISESEXRATIO

<850

>1100High

SexRatio(Femalesper1000Male)

Landuse&UrbanSurveyDivision RexteSensingApplicationCentre,MPCSTBhopal

Scale District-Sehore

KALAN

THUNA

ToRatibad

ToBhopal

ToBhopal

ToBhopal

PIPALIYAMIRA

TNPUR

BHAGARNPURA

CHANDERI

-

BHOPUR

reen ToDunaha

JAMONAPALAN

BAZEVAHEDI

trees SEMALIHURO

ToShampur

GOPALPUR

mys

SEHORE

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Toichhawar

MUNSSPUR

SHIVPUR

AMANTIPURA

RAFIQUEGANJ

SHANPURKOOPS

ToUjjain

ToDewas 4188

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 3.4.4 शिशु लिंगानुपात

शिशुओं की जनसंख्या की बात करें तो 0 से 6 साल के आयु वर्ग में शिशुओं की जनसंख्या आलोचनीय है क्योंकि यह वर्ग विभिन्न बीमारियों के संपर्क में सबसे अधिक आता है जिससे मृत्यु दर में वृद्धि हुई है । जनसंख्या के इस समूह के आंकड़ों का विश्लेषण योजनाकारों को पहले से ही शिशुओं की देखभाल के लिये आवश्यक बुनियादी ढांचे की व्यवस्था करने की सुविधा प्रदान करता है, विशेष रूप से टीकाकरण और संबंधित चिकित्सा सहायता ।

चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे बीमारियों से अधिक ग्रसित रहते हैं । शिशुओं की जनसंख्या की व्यापक जानकारी प्रशासन को ग्रामीण या नगरीय क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित परिस्थितियों का मुकाबला करने के लिये पूर्व में आगाह कर सकती है । जनगणना 2011 के अनुसार, सीहोर नगर पालिका क्षेत्र का कुल शिशु लिंगानुपात 894 है ।

आरेख 3.3 नगर पालिका क्षेत्र में शिशु लिंगानुपात

1000

949

930

950

894

900

850

2001

2011

1991

-सीहोर नगर पालिका क्षेत्र

सारणी 3.10 नगर पालिका क्षेत्र में शिशु लिंगानुपात

वर्ष

क्रमांक

शिशु लिंगानुपात

3

2

1

1

1991

949

930

2

2001

3

2011

894

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991, 2001 एवं 2011 4189

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1]

सीहोर विकास योजना (आरूप) 20:35

सारणी 3.11 नगर पालिका क्षेत्र में शिशु जनसंख्या

बालिकाएं

वर्ष

बालक

कुल

क्र

5

4

3

1

2

13341

6846

6495

1

1991

13266

6872

6394

2

2001

13128

3

6195

2011

6933

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991, 2001 एवं 2011

सारणी 3.12 वार्डवार शिशु जनसंख्या लिंगानुपात

TOTAL WARDS UNDER RANGE S.NO. RANGE (PER 1000)

3

2

1

<700

1

7,36

700-800

2

1, 2, 9, 22

3

800-900

4, 8, 15 , 16 , 17, 18, 21, 25 , 27 , 28, 31 , 35 900-1000

4

5, 6, 10, 12 , 13 , 14 , 19 , 20, 23 , 24 , 26 , 32 , 34 5

3, 11, 30 , 33

29

6

>1100

3.4.5 साक्षरता

साक्षरता प्रमुख सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में से एक है जो किसी भी क्षेत्र के विकास पथ की रूपरेखा तैयार करने में सहायक है । जनगणना 2011 के अनुसार, सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में कुल साक्षरों की संख्या 80930 है जिसमें साक्षर पुरुषों और साक्षर महिलाओं की संख्या क्रमश 44098 और 36832 है । वर्ष 2011 में नगर पालिका क्षेत्र में साक्षरता दर 84.31 प्रतिशत थी, जिसमें पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता क्रमश 89.26 और 79.06 प्रतिशत थी । सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में वर्ष 2001 में पुरुष एवं महिला साक्षरता दर के बीच का अंतर 19.29 प्रतिशत था जो 2011 में घटकर 10.20 प्रतिशत हो गया ।

आरेख 3.4 नगर पालिका क्षेत्र में व्यक्ति साक्षरता दर

84.31

79.17

70.99

2011

2001

1991

- सीहोर नगर पालिका क्षेत्र

भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4190

PlanningArea

Km

2.5

538

2

SEHORE

Legend

1.5

Source:CensusofIndis,2011

Expressway

MunicipalBoundary

Waterbody

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

NationalHighway

10-12

VillageBoundary

12-14

Roads

StateHighway

<10 Low

>14

CHILDPOPULATION0-6(Percent)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 3.4.4AWARDWISECHILDPOPULATION(0-6)

District-Schore

NGILCE

KALAN

PALABRA

ToRatibad

ToBhopal

ToBhopal

ABDULLAPUR ToBhopal

PUR

CHANDERN

JAIBORNAKALAN

KHURSHIDPUR

ToDuraha

JAHANGIRPURA SEMALJIHURD

rive Shampur

ALANADAKHEDI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIchhawar

mars

SHAHPURKOSNIA

RAFIQUEGANJ

BLJAURA

ToUjjain

ToDewas MUNGHPUR 11151

KALL

HALAT 4191

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

Km

2.5

2

Legend

Low

1.5

Expressway

Source:CensusofIndia,2011

Waterbody

900-1000

MunicipalBoundary

800-900

PlanningAreaBoundary

700-800

RallwayLine

NationalHighway

VillageBoundary

Roads

StateHighway

1

<700

>1100High

SEHORE 3.4.4BWARDWISECHILDSEXRATIO

05

ChildSexRatio(Femalesper1000Male)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Sehore

Scale

0

20120

HUNA

KALAR

PUTALITARIA

ABDULLAPUR

ToRatthad

ToBhopal

ToBhopal

ToBhopal

TOPUR

H

CHANDERS

JARORNIAKALAN

ToDurahs

SEHORE

JAHANGIRPURA

more

SARANGAKREDI

mpa

ALAHADAPHEDI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIchhawer

TIPUNA

NCIS

SHAHPURKOD

RAPIQUEBANJ

ToUjjain

ToDewas भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4192

PlanningArea

Km

2.6

2

SEHORE

Legend

Low

High

1.5

Expressway

Source:CensusofIndia,2011

Waterbody MunicipalBoundary

PlaaningAreaBoundary

RailwayLine

NationalHighway

Roade

80-85

75-80

85-90

VillageBoundary

StateHighway

1

3.4.5WARDWISELITERACY

<75

>90

Literacy(Percent)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Schore

Scale

0

NOBLEE KALAN

PIRALITABRA

ToRatibad

ToBhopal

ToBhopal

ToBhopal

TAPUR

CHAGNANPURA THINAKHURD

CHANDER

KHURSHOPUR

JAMONYRKALAN

ToDuraha

BADIYLIKHEDI

JAHANGIRPURA BEMAL

BARANGAKHEDI

ToShampur

ALAHADAEHED

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIchhawar

MUNGISPLUR

AMIANTIPURA

SHIVPURE

SHAHPURKODPA

RAFIQUEGANJ

ToUljain

ToDewas

عظمه 4193

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 3.13 नगर पालिका क्षेत्र में व्यक्ति साक्षरता दर

क्रमांक

वर्ष

व्यक्ति साक्षरता दर

2

1

3

1991

1

70.99

2001

2

79.17

2011

3

84.31

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991, 2001 एवं 2011

सारणी 3.14 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुष साक्षरता दर

क्रमांक

वर्ष

पुरुष साक्षरता दर

2

3

1

1

1991

79.97

2

2001

86.35

3

2011

89.26

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991, 2001 एवं 2011

सारणी 3.15 नगर पालिका क्षेत्र में महिला साक्षरता दर

महिला साक्षरता दर

वर्ष

क्रमांक

2

3

1

1

1991

60.68

2001

2

71.26

3

2011

79.06

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991, 2001 एवं 2011

आरेख 3.5 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुष साक्षरता दर

89,26

86.35

79.97

2011

2001

1991

-सीहोर नगर पालिका क्षेत्र

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

4194

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

आरेख 3.6 नगर पालिका क्षेत्र में महिला साक्षरता दर

79.06

71.26

60.68

2011

2001

1991

-सीहोर नगर पालिका क्षेत्र

सारणी 3.16 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुष- महिला साक्षरता दर में अन्तर

वर्ष

क्रमांक

पुरुष- महिला साक्षरता दर में अन्तर प्रतिशत में

3

2

1

19.29

1

1991

15.09

2001

2

10.20

2011

3

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991,2001 एवं 2011

सारणी 3.17 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुष- महिला साक्षरता दर में अन्तर

19.29

15.09

10.20

2011

2001

1991

-सीहोर नगर पालिका क्षेत्र

4195

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 3.18 नगर पालिका क्षेत्र में साक्षरों की जनसंख्या

साक्षरों की संख्या

साक्षर महिला

क्रमांक

वर्ष

साक्षर पुरुष

4

2

3

5

1

61014 1

2001

26138

34876

80930

36832

2

2011

44098

स्त्रोतः भारत की जनगणना 1991,2001 एवं 2011

सारणी 3.19 वार्डवार साक्षरता दर

S.NO.

TOTAL WARDS UNDER RANGE

RANGE (%)

2

3

1

36

1

<75

2

75-80

2, 3, 12, 14, 17, 33

3

80-85

10, 11 , 13 , 16 , 20 , 22, 23 , 25 , 26 , 27, 31 , 32 , 34 4

85-90

1, 4, 5, 7, 15, 19, 21, 24, 28, 30, 35

5

>90

6, 8, 9, 18, 29

3.4.6 श्रमिकों की भागीदारी

रोजगार के विभिन्न संसाधनों के राष्ट्रीय वर्गीकरण के आधार पर नगर में निवासरत कार्यशील जनसंख्या के गुणात्मक प्रभाव की विवेचना की जाती है, जिसके तहत कृषि एवं उस पर आधारित / आश्रित श्रमिक गृह उद्योग एवं उत्पादन क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक तथा व्यापार /यातायात, व्यवसाय एवं सेवा में कार्यरत श्रमिक को समाहित किया जाता है । भारत की जनगणना 2011 के अनुसार श्रमिकों को काश्तकार, कृषि श्रमिक, घरेलू उद्योग श्रमिक एवं अन्य श्रमिक की श्रेणियों में बाँटा गया है । इन श्रेणियों की परिभाषा नीचे उल्लिखित है । काश्तकार : भारत की जनगणना 2011 के अनुसार जो व्यक्ति सरकारी, निजी कृषि भूमि या संस्थान की भूमि पर कृषि करता हो एवं बदले में वह भू- स्वामी को पैसे या कृषि उत्पाद हिस्से के स्वरूप में भुगतान करता हो उसे काश्तकार के रूप में वर्गीकृत किया गया हैं ।

कृषि श्रमिक: भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, जो व्यक्ति पैसा या हिस्से के लिये किसी अन्य व्यक्ति की भूमि पर श्रम करता हो उसे कृषि श्रमिक के रूप में वर्गीकृत किया गया है ।

घरेलू उद्योग श्रमिक : भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, जो उद्योग घर के भीतर या ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार के एक या एक से अधिक सदस्यों द्वारा केवल घर के परिसर के भीतर आयोजित किया जाता है उसे घरेलू उद्योग कहते है । घरेलू उद्योग में श्रमिकों के बड़े अनुपात में परिवार के सदस्य होते हैं । यह उद्योग पंजीकृत कारखाने के पैमाने पर नहीं चलता है । 4196

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 अन्य श्रमिक : भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, इस श्रेणी में सरकारी कर्मचारी , नगरपालिका कर्मचारी, शिक्षक, कारखाने के कर्मचारी , वृक्षारोपण कार्यकर्ता, व्यापार, वाणिज्य , व्यापार , परिवहन, बैंकिंग , खनन, निर्माण, राजनीतिक या सामाजिक कार्य , पुजारियों, मनोरंजन कलाकारों को सम्मिलित किया गया है । वर्ष 2001 में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में श्रमिकों की कुल संख्या 24340 थी जो वर्ष 2011 में बढ़कर 35321 हो गयी है । वर्ष 2001 में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में कार्य भागीदारी दर 27.61 थी जो वर्ष 2011 में बढ़कर 32.37 हो गयी है ।

आरेख 3.7 नगर पालिका क्षेत्र में श्रमिकों की भागीदारी प्रतिशत में

32.37

27.61

2011

2001

सारणी 3.20 नगर पालिका क्षेत्र में श्रमिकों का कार्य भागीदारी अनुपात

वर्ष

व्यक्तियों का कार्य भागीदारी दर क्रमाक

3

1

2

27.61

1

2001

2011

32.37

2

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011

वर्ष 2001 में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र काश्तकार 2.25 प्रतिशत थे, जो वर्ष 2011 में बढ़कर 2.67 प्रतिशत हो गये । वर्ष 2001 में नगर पालिका क्षेत्र में कृषि श्रमिक 2.48 प्रतिशत थे, जो वर्ष 2011 में बढ़कर 4.52 प्रतिशत हो गये । वर्ष 2001 में नगर पालिका क्षेत्र में गृह उद्योग श्रमिक 4.48 प्रतिशत थे, जो वर्ष 2011 में घटकर 3.14 प्रतिशत हो गये । वर्ष 2001 में नगर पालिका क्षेत्र में अन्य श्रमिक 90.79 प्रतिशत थे, जो वर्ष 2011 में घटकर 89.67 हो गये । 4197

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PlanningArea

2

SEHORE

Legend

Low

High

1,5

Expressway

Source:CensusofIndia,2011

Waterbody MunicipalBoundary

PlanningAreaBoundary

NationalHighway

RailwayLine

32-34

VillageBoundary

34-36 30-32

Roads

36-38

1

StateHighway

<30

>36

3.4.6WARDWISEWORKPARTICIPATION

01

WorkParticipationRate(Percent)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemriteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Schore

20

THINA

KILAN

PIPALIOARA

ABDULLAPUR

ToRatibad

ToBhopal

ToBhopal

ToBhopal

TIOPUR

BHAGWIRIPURA THENAKHURD

CHANDER

SHERPUR

ToDuraha

ToShampur

GOPALPUR

BLAUN

ALAMADAKHEDE

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIchhawar

BRANPURKODYA

ANANTIPURA

SHIVPUR

15111

ToUjjain

ToDewas [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4198

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 3.21 नगर पालिका क्षेत्र में सेक्टरवार श्रमिक बल का विवरण प्रतिशत में

वर्ष 2011

श्रमिक

वर्ष 2001

क्रमांक

4

3

1

2

2.67

2.25

1

कुल काश्तकार

2.48

4.55 2

कुल कृषि श्रमिक

3.13 3

4.48

कुल गृह उद्योग श्रमिक

90.79

89.65 4

कुल अन्य श्रमिक

100.00

100.00

5

कुल श्रमिक

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011

आरेख 3.8 सेक्टरवार श्रमिक बल का विवरण प्रतिशत में 2001

90.79

4.48

2.48

2.25

कुल काश्तकार

कुल गृह उद्योग श्रमिक कुल अन्य श्रमिक

कुल कृषि श्रमिक

सीहोर नगर पालिका क्षेत्र

आरेख 3.9 सेक्टरवार श्रमिक बल का विवरण प्रतिशत में 2011

89.65

4.55

3.13

2.67

कुल अन्य श्रमिक

कुल कृषि श्रमिक कुल गृह उद्योग श्रमिक

फुल काश्तकार

सीहोर नगर पालिका क्षेत्र

4199

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 3.22 नगर पालिका क्षेत्र में श्रमिकों की संख्या

वर्ष

क्रमांक

कुल अन्य श्रमिक

कुल श्रमिक

कुल गृह उद्योग श्रमिक

कुल कृषि

श्रमिक

कुल काश्तकार

6

7

4

5

3

2

1

24940

22641

1118

619

2001

562

1

35321

31668

1606

1105

2011

942

2

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011

वर्ष 2001 में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में कुल श्रमिकों की तुलना में मुख्य श्रमिकों का अनुपात 85.60 था जो वर्ष 2011 में घटकर 84.06 हो गया ।

सारणी 3.23 श्रमिकों की तुलना में मुख्य श्रमिकों का अनुपात प्रतिशत में

वर्ष

क्रमांक

कुल श्रमिकों में मुख्य श्रमिकों का प्रतिशत

3

2

1

85.60

1

2001

84.06

2011

2

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011

वर्ष 2001 में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में कुल श्रमिकों की तुलना में सीमांत श्रमिकों का अनुपात 14.40 था जो वर्ष 2011 में बढ़कर 15.94 हो गया ।

सारणी 3.24 श्रमिकों की तुलना में सीमांत श्रमिकों का अनुपात प्रतिशत में

वर्ष

क्रमांक

कुल श्रमिकों में सीमांत श्रमिकों का प्रतिशत

3

2

1

14.40

2001

1

15.94

2011

2

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011

वर्ष 2001 में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में पुरुष कार्य भागीदारी दर 44.21 प्रतिशत था जो वर्ष 2011 में बढ़कर 50.69 प्रतिशत हो गया । [भाग 1 4200

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

सीहोर विकास योजना (भारूप) 2035 सारणी 3.25 नगर पालिका क्षेत्र में कामकाजी पुरुषों का कार्य भागीदारी अनुपात

वर्ष

क्रमांक

कामकाजी पुरुष कार्य भागीदारी अनुपात

3

1

2

44.21

1

2001

50.69

2

2011

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 201

आरेख 3.10 नगर पालिका क्षेत्र में पुरुषों का कार्य भागीदारी अनुपात

50.69

44.21

2011

2001

वर्ष 2001 में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में महिला कार्य भागीदारी दर 9.39 प्रतिशत था जो वर्ष 2011 में बढ़कर 12.81 प्रतिशत हो गयज्ञं

आरेख 3.11 नगर पालिका क्षेत्र में महिलाओं का कार्य भागीदारी अनुपात

12.81

9.39

2001

2011 4201

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 3.26 नगर पालिका क्षेत्र में कामकाजी महिलाओं का कार्य भागीदारी अनुपात

वर्ष

क्रमांक

कामकाजी महिला कार्य भागीदारी अनुपात

3

2

1

1

9.39

2001

12.81

2011

2

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011

सारणी 3.27 वार्डवार कार्यशील जनसंख्या

TOTAL WARDS UNDER RANGE

S.NO. RANGE (% )

3

2

1

<30

1

9 , 22, 25 , 26 , 30, 31 , 35

30-32

2

1, 4, 7, 8 , 11, 13, 16, 18, 19, 21, 24, 32 32-34

3

2, 6, 10 , 23 , 29, 34

4

34-36

3, 5 , 12 , 15 , 28

36-38

5

14, 17 , 20 , 27

b

>38

33,36

3.4.7 अनुसूचित जाति

वर्ष 2001 मे सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 14039 थी जो वर्ष 2011 में बढ़कर 18426 हो गयी है । वर्ष 2001 में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 15.54 प्रतिशत थी जो वर्ष 2011 में बढ़कर 16.89 प्रतिशत हो गयी है ।

सारणी 3.28 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रतिशत में वर्ष

क्रमांक

अनुसूचित जाति जनसंख्या प्रतिशत

अनुसूचित जाति महिला प्रतिशत

अनुसूचित जाति पुरुष प्रतिशत

4

5

3

2

1

15.54

15.61

2001

15.48

1

16.89

17.11

16.68

2011

2

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4202

PlanningArea

Km

25

SEHORE

Legend

Lov

High

15

Source:CensusofIndia,2011

Expressway

Waterbody MunicipaiBoundary

PlanningAreaBoundary

RallwayLine

NationalHighway

Roads

1

VillageBoundary

10-20

30-40

20-30

60-60

40-50

StateHighway

<10

>60

3.4.7WARDWISESC/STPOPULATION

05

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SC/STPopulation(Percent)

Scalo DistrictSshore

KAILIE

THINA

ABORLLAPUR

ToRatibad

ToBhopal

ToBhopal

ToDropai

TOP

計

CHARDERS

PUR

ToDuraha

MALIHURD

SARANGAY

more ToShampur

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToIchhawar

MUNDISPUR

SHUPUR

RAFIQUEGANJ

SHANPURKODIN

JAURA

ToUjjain

TeDewas 4203

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 3.29 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जाति की जनसंख्या

वर्ष

क्रमांक

अनुसूचित जाति महिला

अनुसूचित जाति जनसंख्या

अनुसूचित जाति पुरुष

3

4

5 2

1

6724

14039 1

2001

7315

2

9030

18426 2011

9396

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011

आरेख 3.12 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रतिशत में

16.89

15.54

2011

2001

3.4.8 अनुसूचित जनजाति

वर्ष 2001 मे सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 2483 थी जो वर्ष 2011 में घटकर 1976 हो गयी है । वर्ष 2001 में सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 2.75 प्रतिशत थी जो वर्ष 2011 में घटकर 1.81 प्रतिशत हो गयी है ।

सारणी 3.30 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या प्रतिशत में क्रमांक वर्ष

अनुसूचित जनजाति जनसंख्या प्रत्तिशत

अनुसूचित जनजाति

महिला प्रतिशत

अनुसूचित जनजाति पुरुष प्रतिशत

4

5

1

2

3

2.75

2.64

2001

1

2.85

1.73

2011

2

1.81

1.89

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011 4204

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 20.36.

सारणी 3.31 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या

वर्ष

क्रमांक

अनुसूचित जनजाति जनसंख्या

अनुसूचित जनजाति महिला

अनुसूचित जनजाति पुरुष

5

3

2

4

1

2483

1347

1

2001

1136

1064

912

1976

2

2011

स्त्रोतः भारत की जनगणना 2001 एवं 2011

आरेख 3.13 नगर पालिका क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या प्रतिशत में

2.75

1.81

2011

2001

सारणी 3.32 वार्डवार अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या

S.NO.

TOTAL WARDS UNDER RANGE

RANGE (%)

3

2

1

1

<10

5, 6, 18, 24, 26, 27, 28 , 30, 31, 32, 33 , 36 10-20

2

1, 4, 7, 8, 10, 12, 13, 16, 19, 23, 25 , 34 3

20-30

2, 9 , 15 , 21 , 22 , 35

4

30-40

3, 29

5

40-50

14

6

50-60

11, 20

17

>60

7

3.5 नगर के मुख्य क्रियाकलाप

सीहोर नगर कृषि प्रधान ग्रामीण क्षेत्रों से जुडा हुआ है, जिसमें मुख्यतः कृषि उपज का व्यापार होता है । नगर मूल रूप से कृषि प्रधान है । नगर के आस- पास के ग्रामों के किसानों द्वारा सब्जी विक्रय हेतु मण्डी में बड़ी मात्रा में लाई जाती है । यहाँ केन्द्र सरकार की प्रतिभूति कागज कारखाना ( Security Paper Mill ) व कृषि उपज मण्डी है । विकास योजना 4205

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 में नगर के बढ़ते हुये क्षेत्रीय महत्व को दृष्टिगत रखते हुये इसका नियोजित विकास करना आवश्यक है । अतः नगर का विकास बहु-आयामी पहलुओं जैसे- शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि उत्पादन, वाणिज्यिक एवं सेवा केन्द्र आदि को ध्यान में रखकर किया जाना प्रस्तावित है । सीहोर नगर अपनी पुरातन ऐतिहासिक धरोहर और सीवन नदी के कछार का मुख्य नगर होने के कारण सांस्कृतिक, कृषि उपज व्यवसाय का मुख्य केन्द्र है । सीहोर नगर जिले का प्रशासकीय मुख्यालय है एवं इस कारण प्रशासकीय केन्द्र के रूप में विकसित हुआ है । शिक्षा की दृष्टि से सीहोर नगर महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं । यहां सामान्य शैक्षणिक संस्थाओं के अलावा सत्य सांई संस्थान नगर की प्रमुख तकनीकी संस्था है । क्षेत्रीय संदर्भ में सीहोर जिले में सोयाबीन अधिक मात्रा में उत्पादित होने के कारण यहां एक बड़े तेल उद्योग की स्थापना हुई है । इसके अतिरिक्त गन्ना तथा गेहूँ की पैदावार भी सीहोर जिले में अधिक मात्रा में होती है । सीहोर क्षेत्र में पैदा होने वाला उन्नत गेहूँ समस्त देश एवं विदेश में लोकप्रिय है । इसके साथ ही नगर में कृषि संबंधी औजार बनाने के कई लघु उद्योग की स्थापना है । सीहोर नगर उज्जैन भोपाल प्रमुख ब्रॉडगेज रेलवे लाईन पर है । सीहोर नगर के मध्य से राज्य राजमार्ग 36 तथा सीहोर- राजगढ़ मार्ग गुजरता है ।

3.6 नगरीय विस्तार

सीहोर निवेश क्षेत्र का नगरीय विस्तार क्रम एकत्रित जानकारी के आधार पर किया गया । सीहोर निवेश क्षेत्र के नगरीय विस्तार का कम अलग-अलग तिथियों पर सुदूर संवेदन प्रणाली के माध्यम से एकत्रित जानकारी के आधार पर किया गया है । मानचित्र के नगर का प्राकृतिक विकास कम एवं दिशा स्पष्ट है । प्राकृतिक विस्तार समय एवं क्षेत्रफल निम्न सारणी में स्पष्ट है ।

सारणी 3.33 सीहोर नगर का विस्तार

क्र.

क्षेत्रफल (हेक्टर)

नगरीय एवं विस्तार उपग्रहचित्र का माह एवं वर्ष

विकास विस्तार में वृद्धि (प्रतिशत)

6

4

3

2

1

33

528.00

जनवरी 2003

1

2003 तक

22

337.78

दिसम्बर 2006

2

2003 से 2009

45

703.33

3

2009 से 2020

अक्टूबर 2009

100

1569.11

4

दिसम्बर 2012

कुल

नगरीय विस्तार के मानचित्र एवं सारणी के आधार पर निष्कर्ष निम्न है-

1. वर्ष 2003 के पूर्व नगरीय गतिविधिया मुख्यतः पुराने शहर में केन्द्रित थी । वर्ष 2003 से 2009 तक नगर का विस्तार प्रमुखतः रेल्वे स्टेशन के आस- पास के क्षेत्र तथा [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4206

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 शहर के मध्य की ओर हुआ है । जबकि 2009 से 2020 तक शहर का विस्तार चारों दिशा में हुआ है तथा प्रमुखतः विकास भोपाल रोड की ओर तथा दक्षिण दिशा में हुआ है ।

3.7 गंदी बस्तियां

नगर गंदी बस्ती विहीन हो, जिस हेतु समन्वित परियोजना प्रस्ताव तैयार करना नितांत आवश्यक है, जिसका प्रमुख आधार नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि हो । उक्त उद्देश्य पूर्ति हेतु निम्न कार्यवाही प्रस्तावित है -

1. बस्तियों की वर्तमान स्थिति का सर्वेक्षण वर्तमान बस्तियों की संख्या का विस्तृत विवरण तैयार करना जिसके आधार पर विभिन्न पुनर्वास कार्यक्रम तैयार कर झुग्गी विहीन सीहोर का लक्ष्य प्राप्त करना ।

2. बस्तियों का पुर्नवास चिन्हित क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र इकाईयों का निर्माण, जिन बस्तियों में हो सकता है अथवा नये स्थल पर हो सकता है, जहां पूर्ण अधोसंरचना उपलब्ध होगी प्रस्तावित है । भूतल + 2 मंजिल ई.डब्ल्यू.एस. आवासीय इकाईयां निर्माण की योजना प्रारंभ करना, जो चिन्हित स्थानों पर होगी , यह निर्माण कार्य बस्तियों के गुर्नवास हेतु सम्पूर्ण अधोसंरचना से युक्त बिजली, सामुदायिक भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इत्यादि ।

3. अधोसंरचना विकास कार्य वर्तमान बस्तियां जिनमें अधोसंरचना घटकों के कमी का सर्वेक्षण कर बस्तियों में यह प्रावधान किया जाना प्रस्तावित है ।

4. सामुदायिक विकास एवं अधोसंरचना शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य केन्द्र एवं ट्रेनिंग सेंटर जिसके माध्यम से निर्मित अधोसंरचना की देखभाल की जा सके

5. अवैधानिक बस्तियों का नियमितीकरण एवं गैरकानूनी अभिन्यास सीहोर नगर पालिका क्षेत्र में कई अवैधानिक एवं अप्राधिकृत बस्तियां निर्मित है, जो नगर के विभिन्न क्षेत्र में स्थित है । कई कारणों से जिसमें शासकीय मापदण्डों, नियमों का जटिल होना , भूमि स्वामी का भूमि को टुकड़ो में विभाजन कर विक्रय करना, नगर पालिका सिर्फ उन्हीं स्थलों पर नियमितीकरण करेगी जहां गैर कानूनी कार्य शासन द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर हो जिसे शुल्क अधिरोपित कर, उक्त भूमि के भूमि उपयोग को नियमित किया जा सकेगा एवं आवश्यक अधोसंरचना का प्रावधान किया जायेगा ।

3.8 अनुमानित जनसंख्या

सीहोर नगर की जनसंख्या 1991 में 71945 थी, जो 2001 में 92518 तथा 2011 में बढ़कर 109118 हो गई । सीहोर नगर की जनसंख्या परिवर्तन का विवरण निम्न सारणी में दर्शाया गया है । 4207

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 3.34 सीहोर नगर की जनसंख्या परिवर्तन

वर्ष

सीहोर नगर की जनसंख्या क्रमाक

3

2

1

1

1901

16864

2

1911

12105

1921

13588

3

4

13860

1931

5

1941

16831

6

20879

1951

1961

7

28489

36136

1971

8

9

52190

1981

1991

10

71945

2001

92518

11

109118

2011

12

स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011

आरेख 3.14 सीहोर नगर की जनसंख्या परिवर्तन

109118

92518

71945

52190

36136

28489

16864

20879

16831

13860

13588

12105

1901 1911 1921 1931 1941 1951 1961 1971 1981 1991 2001 2011 नगर की भावी आवश्यकताओं का निर्धारण मुख्यतः भावी अनुमानित जनसंख्या के आधार पर किया जाता है । नगर की जनसंख्या अनुमानित करने में विभिन्न घटक जैसे नगर की जनसंख्या वृद्धि पर आर्थिक रूप रेखा, शासन की औद्योगिक नीति आदि को विशेष महत्व दिया जाना आवश्यक है । सीहोर नगर की जनसंख्या का अनुमान उपरोक्त बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुये तथा क्षेत्रीय महत्व आदि की भी दृष्टिगत रखते हुये किया गया है जिसके आधार पर वर्ष 2035 की जनसंख्या 2.4 लाख , अनुमानित करते हुये विकास योजना के प्रस्ताव तैयार किये गये है । जिसमें नगर पंचायत , सीहोर बाजार की जनसंख्या भी शामिल है ।

सीहोर निवेश क्षेत्र में सन् 2035 में जनसंख्या का अनुमान विभिन्न सांख्यिकीय पद्धतियों से अर्थात् ज्यामितीय वृद्धि पद्धति, लिनियर वृद्धि पद्धति एवं घातांकीय वृद्धि वृद्धि पद्धति से किया गया है, जिसमें ज्यामितीय वृद्धि पद्धति पुराने नगरों के संदर्भ में अधिक भरोसे की है । वर्ष 2001 एवं [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4208

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 20.35 2011 के संदर्भ में ज्यामितीय वृद्धि पद्धति के आधार पर सीहोर नगर की अनुमानित जनसंख्या 1 . 79होगी । अतः अनुशंसित जनसंख्या 2.40 लाख वर्ष 2035 के संदर्भ में होगी । सीहोर नगरीय क्षेत्र में विगत दशक में ग्राम क्रमशः गोपालपुरा , खुर्शीदपुर, शेरपुर, मुरली नगरीय सीमा में समाहित होते जा रहे है । भविष्य में भी इन ग्रामों में विकास होने की प्रबल संभावना है । अतः इन ग्रामों की जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए 2.40 लाख जनसंख्या हेतु प्रस्ताव दिये गये है ।

सारणी 3.35 सीहोर नगर पालिका जनसंख्या वृद्धि का आंकलन 2011-2035

2035

2021

2001 2011

1991

क्र. जनसंख्या उभार पद्धति

7

4

5

6

3

1

2

147850

129406

109118

71945 92518

1. अर्थमेटिक वृद्धि पद्धति

179236

109118 141026

92518

71945

2. जियोमैट्रिक वृद्धि पद्धति

163043

133083

92518 109118

71945

3. घातांकीय वृद्धि पद्धति

सारणी 3.36 सीहोर निवेश क्षेत्र : जनसंख्या वृद्धि का आंकलन 2011-2035

2035

2021

2001

2011

1991

जनसंख्या उभार पद्धति

क्र.

7

4

6

2

6

1

3

182012

138294 160153

116435

89423

1. अर्थमेटिक वृद्धि पद्धति

224368

176150

138294

116435

89423

2. जियोमैट्रिक वृद्धि पद्धति

201310

164257

138294

116435

89423

3. घातांकीय वृद्धि पद्धति

आरेख 3.15 जनसंख्या वृद्धि का आंकलन

250000

224368

201310

200000

182012

150000

-अर्थमेटिक वृद्धि पद्धति

138294

116435

जियोमैट्रिक वृद्धि पद्धति 100000

89423

-घातांकीय वृद्धि पद्धति 50000

0

2021 2035

2001 2011

1991 4209

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 3.9 आवास आवश्यकता

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सीहोर नगर में 24737 परिवार निवास करते हैं । वर्ष 2011 मे नगर मे औसत परिवार आकार 5.37 व्यक्ति है, एवं वर्ष 2035 में औसत परिवार आकार 5.00 मानते हुये आवश्यकताओं का अनुमान किया है । वर्ष 2035 में नगर की अनुमानित जनसंख्या 2.40 लाख के अनुमान से परिवार का आकार 5.00 व्यक्ति के आधार पर आवासीय इकाईयों की आवश्यकताओं का विवरण निम्नलिखित सारणी मे दर्शाया गया हैः

सारणी 3.37 अनुमानित परिवार एवं आवास आवश्यकतायें

आवासीय इकाईयों का आवश्यकता क्रमांक

विवरण

2011

2035

4

2

3

1

240000*

126000

1 जनसंख्या

114000 2 अतिरिक्त जनसंख्या

5.00

5.37

3 औसत परिवार आकार

22800 4 अतिरिक्त परिवार

12094

5

जनगणना वर्ष 2011 अनुसार आवास की आवश्यकता (जीर्ण-शीर्ण आवास )

5263

6 वर्ष 2011 में उपलब्ध आवासों की संख्या

29631 7

वर्ष 2011 की आवास आवश्यकता, वर्ष 2011 से 2020 के मध्य निर्मित आवास को सम्मिलित करते हुये कुल आवासों की आवश्यकता

स्त्रोत:- नगर तथा ग्राम निवेश

* यद्यपि वर्ष 2035 तक 2,40,000 जनसंख्या प्राप्त होना संभावित है । विकास योजना 2035 में भूमि उपयोग 2,40,000 के लिये प्रस्तावित होने से आवासीय इकाईयों की गणना 2.40 लाख जनसंख्या अनुसार ही प्रगणित की गई है ।

3.10 भौतिक अधोसंरचना

3.10.1 जल आपूर्ति

सीहोर नगर की वर्तमान जल आपूर्ति व्यवस्था संतोषजनक नही है । किन्तु भावी जनसंख्या की आवश्यकता की पूर्ति हेतु अतिरिक्त जल की व्यवस्था किया जाना आवश्यक है । लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 2.00 लाख जनसंख्या का जल आपूर्ति हेतु कोलार जलाशय से जल प्रदाय की द्वितीय चरण की परियोजना तैयार की है जिसके क्रियान्वयन से नगर की भावी जनसंख्या की जल पूर्ति की जा सकेगी । अतः इस योजना का शीघ्र क्रियान्वयन किया जाना प्रस्तावित है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 4210

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2036 सीहोर नगर में जल आपूर्ति हेतु पार्वती नदी व जमुनिया टैंक मुख्य स्त्रोत हैं । कहारी स्थित स्त्रोत की क्षमता 80 लाख लीटर पानी प्रतिदिन की है परन्तु पानी की कमी के कारण यहां से केवल 50 लाख लीटर पानी प्रतिदिन ही प्राप्त हो पाता है । जमुनिया टैंक से 20 लाख लीटर पानी प्रतिदिन लिया जा रहा है । एक अन्य भूजल स्त्रोत से 10 लाख लीटर पानी प्रतिदिन लिया जा रहा है । नगर के 369 हैण्डपम्प तथा 96 कुंए भी नगर पालिका के जल आपूर्ति के स्त्रोत हैं । ग्रीष्म ऋतु में अधिकांश भूजल स्त्रोत शुष्क हो जाते हैं ।

सारणी 3.38 नगर की जलापूर्ति स्त्रोतों का विवरण

प्रतिशत अंश क्रमांक

जलापूर्ति स्त्रोत

दैनिक पानी की मात्रा लाख लीटर में

4

2

3

1

62.5

50.00

पार्वती नदी : कहारी

1

25.0

20.00

2 जमुनिया ग्राम में जमुनिया टैंक

10.00

12.5 3 हैण्डपम्प तथा कुएं व ट्यूब वैल

100.0

80.0

कुल स्त्रोत (सी.डी.पी. ) सीहोर

3.10.2 जल- मल निकास

नगर में वर्तमान में जल- मल निकास की कोई उपयुक्त व्यवस्था नहीं है । विकास योजना में वर्तमान आबादी वाले क्षेत्रों के साथ- साथ भविष्य में विकसित किये जाने वाले क्षेत्रों हेतु समग्र रूप से संगठित जल - मल निकास व्यवस्था की योजना तैयार कर शीघ्र कियान्वयन करना प्रस्तावित है । जलमल निकास की प्रकिया में सीवन नदी एवं नालों का जल प्रदूषित न हो इसका ध्यान रखा जाना आवश्यक है । अतः जल-मल उपचार संयंत्र की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है तथा उपचारित जल का उपयोग कृषि उपयोग तथा वृक्षारोपण में सिंचाई के उपयोग में लाया जावेगा ।

सीहोर नगर , चम्बल नदी घाटी में स्थित है । नगर के मध्य से बहने वाली सीवन नदी नगर से एकत्र संपूर्ण वर्षा जल को पार्वती नदी में प्रवाहित करती है जो अन्ततः चम्बल नदी में मिल जाता है । नगर की प्राकृतिक प्रवणता नदी की धारा के अनुकूल है अतः नगर से वर्षा जल निकासी सहज एवं निर्बाध है । नगर के विकसित क्षेत्र के दक्षिण में स्थित सीवन एवं उसकी सहायक नदियां नगर से वर्षा जल निकासी का प्राकृतिक तंत्र हैं । नगर में औसत वार्षिक वर्षा 1000 मिमी है । नगर के निर्मित क्षेत्र में सुनियोजित वर्षा जल निकासी तंत्र नहीं है । नगर में लगभग 50 किमी लम्बे मार्गों पर खुली नालियां है जिनमें बहता अपशिष्ट जल नगर के पर्यावरण को निरंतर प्रदूषित कर रहा है ।

वर्षा जल निकास की उपयुक्त व्यवस्था का भी नगर में आभाव है । संकीर्ण आबादी क्षेत्रो में वर्षा जल का जमाव हो जाता है, अतः वर्षा जल प्रवाह की उपयुक्त व्यवस्था किया 4211

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 20:35 जाना प्रस्तावित है । नई कालोनियों में भी वर्षा जल निकास की उपयुक्त व्यवस्था नहीं है । अतः इसे मुख्य जल निकास प्रणाली से जोड़ना प्रस्तावित है । मण्डी के निकट स्थित रेलवे अण्डरपास मार्ग पर वर्षा जल निकासी की स्थाई व्यवस्था किया जाना प्रस्तावित है । 3.10.3 ठोस अवशिष्ट प्रबंधन

वर्तमान में ठोस अवशिष्ट प्रबंधन की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है । नगर पालिका द्वारा इंदिरा नगर में 2.5 हेक्टयर भूमि पर ठोस अवशिष्ट का संग्रहण एवं निस्तारण किया जाता है । यह स्थल भावी आवश्यकता के लिये पर्याप्त एवं अनुकूल नहीं है । अतः उत्तर- पश्चिम में जल- मल उपचार संयत्र गतिविधियों हेतु प्रस्तावित भूमि में अथवा उसके निकट कृषि भूमि का चयन अतिरिक्त ट्रेचिंग ग्राउण्ड हेतु स्थानीय प्रशासन एवं स्थानीय निकाय के परामर्श से सक्षम अधिकारी द्वारा किया जावेगा । ठोस अवशिष्ट के मुख्य स्त्रोत घरेलू, व्यावसायिक, व्यापारिक, अस्पताल एवं नर्सिंग होम, फल एवं सब्जी बाजार, औद्योगिक क्षेत्र आदि होते है । ठोस अवशिष्ट की मात्रा का आंकलन नगर में निवास करने वाली जनसंख्या, व्यावसायिक एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान, औद्योगिक स्थापनाएँ आदि के साथ- साथ नगर के आर्थिक एवं सामाजिक स्वरूप के आधार पर निर्धारित करना आवश्यक होगा । औसतन विभिन्न स्त्रोतों के प्रति व्यक्ति प्रतिदिन निकलने वाले कचरे की मात्रा लगभग 800 ग्राम के आधार पर आंकलन किया जा सकता है ।

प्रबंध तंत्र/ प्रणाली के अंतर्गत पुर्नचक्रीकरण प्रणाली अपनाई जा सकती है । जो स्थानीय संस्थाओं के प्रबंध में होने वाले व्यय को पूरा कर, आय का स्त्रोत एवं भविष्य में एक उपलब्धि सिद्ध होगी । इससे छोटे उद्योगो की स्थापनाओं की संभावना सुदृढ़ होगी . साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेगे । ठोस अवशिष्ट का उपयोग ऊर्जा एवं जैविक खाद उत्पादों में किया जा सकता है, जो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिये कृषि कार्य के लिये अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगें ।

3.10.4 विद्युत प्रदाय

वर्तमान में नगर में 5 उपकेन्द्रों द्वारा विद्युत वितरण किया जाता है । अतः विद्युत प्रदाय व्यवस्था संतोषजनक कही जा सकती है, किन्तु भविष्य में मांग को देखते हुए तथा वोल्टेज में कम ज्यादा दबाब के कारण समस्या उत्पन्न होने की संभावना है । अतः उक्त समस्या के स्थाई समाधान के साथ - साथ भावी जनसंख्या की आवश्यकता की पूर्ति हेतु विद्युत प्रदाय क्षमता में वृद्धि किया जाना प्रस्तावित है । मध्यप्रदेश मध्यक्षेत्र वितरण कम्पनी , विकास योजना में प्रस्तावित प्रमुख मार्ग संरचना को दृष्टिगत रखते हुए तथा औद्योगिक एवं वाणिज्यिक आवश्यकता हेतु नगर की आवश्यकता के अनुरूप विद्युत वितरण संबंधी व्यवस्था करेगी । अनुमान है कि इस हेतु निम्न विद्युत दबाब की 25 किलोमीटर 11 के.वी. की 10 किलोमीटर तथा 33 के.वी. की 5 किलोमीटर लम्बी लाईन के विस्तार की आवश्यकता होगी । इस हेतु अतिरिक्त विद्युत उपकेन्द्रों हेतु विकास योजना में भूमि आरक्षित की गई है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4212

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 3.10.5 अग्निशमन केन्द्र

नगर पालिका परिषद के वर्तमान अग्निशमन केन्द्र को अधिक सशक्त, आधुनिक एवं कियाशील बनाना प्रस्तावित है । इस हेतु अतिरिक्त अग्निशमन वाहनों एवं आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था किया जाना भी प्रस्तावित है ताकि भावी नगर की आवश्यकता की पूर्ति हो सके । अतः इसे वर्तमान नगर पालिका परिषद स्टोर के निकट स्थापित किया जाना आवश्यक है जो आबादी क्षेत्र के साथ- साथ औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकता की भी पूर्ति करेगा । इस हेतु नगर के समस्त वर्तमान संकीर्ण मार्गो को अग्निशमन वाहन के सुगम पहुँच हेतु चौड़ा किया जाना भी आवश्यक है ।

3.10.6 श्मशान एवं कब्रिस्तान

वर्तमान में उपलब्ध श्मशान एवं कब्रिस्तान के अलावा नवीन स्थल का चयन, आवश्यकता के अनुरूप कृषि क्षेत्र में किया जाना प्रस्तावित है । उक्त के अलावा जो श्मशान / कब्रिस्तान आबादी क्षेत्र के मध्य अथवा निकट होते जायेगे उन्हें रहवासियों की मांग होने पर अन्यत्र स्थानांतरित किया जा सकेगा । उक्त हेतु स्थल का निर्धारण स्थानीय प्रशासन एवं स्थानीय निकाय के परामर्श से सक्षम अधिकारी द्वारा किया जावेगा ।

3.10.7 धोबीघाट

इस कार्य हेतु नगर की वर्तमान व्यवस्था उपयुक्त नहीं है । धोबीघाट हेतु स्थान विशेष के नियत न होने से सीवन नदी एवं लोटिया नाले का लगभग संपूर्ण क्षेत्रों का जल प्रदूषित होता है । अपितु तीन स्थलों पर धोबी कार्य अधिक मात्रा में होता है । अतः लोक स्वास्थ्य एवं अन्य पर्यावरणीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उचित स्थानों पर धोबीघाट विकसित किया जाना तथा अन्य स्थलों में यह कार्य प्रतिबंधित किया जाना प्रस्तावित है । इस हेतु स्थल का चयन स्थानीय प्रशासन एवं स्थानीय संस्था के परामर्श से किया जावेगा । 3.11 सामाजिक एवं सांस्कृतिक

इन गतिविधियों हेतु नगर में टैगोर भवन एवं गीता भवन सभागृह स्थित है जहाँ विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होते है । यहाँ विभिन्न समाजों के सांस्कृतिक भवन भी उपलब्ध है । कुछ अधिसूचित गंदी बस्ती क्षेत्रों में भी सभा भवन है । जो सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु स्थल / भवन की आवश्यकता की पूर्ति करते है । दशहरा मैदान में दशहरा मेला एवं अन्य मेले आयोजित होते है । दशहरा मैदान में ऐतिहासिक चमनसिंह की छत्री भी स्थित है । उक्त के अलावा नगर में 2 क्लब भी हैं , जहाँ आंतरिक एवं बाह्य खेलों की व्यवस्था है । नगर में धूमधाम से मेलों का आयोजन किया जाता है :-

4213

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

PlanningAree

Km

2.5

SCI SEHORE

Legend

A

1.5

Expressway

Waterbody MunicipalBoundary

PlanningAreaBoundary

Source:MPMKVWCompanyLtd

RallwayLine

NationalHighway

ElectricSubStation

Roads

VillageRoundary

Poles

StateHighway

33KvLine

11KvLine

3.10.4POWERSUPPLYNETWORK

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictSahore

BHAGWARXUKA

CHANDERI

news

RADIVARRET

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

AMANTURURA

MUNGSBUR

RASPOREDANT [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4214

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 3.39 मेला स्थल

स्थान मेला

दिनों तक

क.

4

3

2

1

3

गणेश मंदिर

1. गणेश मंदिर मेला

दशहरा मैदान

9

2. नवरात्रि मेला

1

दशहरा मैदान 3. दशहरा मेला

3

4.

मजार

दूल्हा बादशाह उर्स

मजार

3

5. पचामा प्लांट के सामने उर्स भाग 1] मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021 4215

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2036 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4216

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

अध्याय-4

प्रस्तावित भूमि उपयोग 4.1 विकास योजना 2035 की अवधारणा

सीहोर निवेश क्षेत्र अंतर्गत नगर की भावी जनसंख्या वृद्धि के आधार पर विकास योजना में नगर की वर्तमान एवं भावी आवश्यकताओं को समाहित करने हेतु ऐसे समस्त असंगत, अकार्यक्षम उपयोगों को प्रस्तावित विकास योजना 2035 के प्रारूप में यथावत रखा गया है । सेटेलाइट आधार पर प्राप्त मानचित्रों का स्थल सत्यापन कराया जा कर वर्तमान भूमि उपयोग को त्रुटि सुधार करना भी पुनर्विलोकित विकास योजना प्रारूप तैयार करने का लक्ष्य है ।

विगत वर्षों में नियोजन अनुभव के आधार पर यह कहा जा सकता है, कि परम्परागत नगर में आवासीय क्षेत्रों के साथ मुख्य मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास हुआ है । इसके साथ ही मुख्य मार्गों पर ही नगर स्तरीय सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक उपयोग का विकास हुआ है । पुनरीक्षित विकास योजना में 12 मीटर एवं अधिक चौड़ाई वाले मार्गों के दोनों ओर वाणिज्यिक गतिविधि प्रस्तावित की गयी है, जिससे निजी क्षेत्र के विकास को बल मिलेगा ।

4.2 प्रस्तावित भूमि उपयोग

सीहोर विकास योजना 2031 अनुसार अनुमानित जनसख्या 2.40 लाख आंकलित कर नियोजन प्रस्ताव दिये गये थे; जिसमें भूमि उपयोगता दर 9.67 हेक्टेयर प्रति हजार व्यक्ति के लिए प्रस्तावित की गयी थी; यू.आर.डी.पी.एफ.आई. मार्गदर्शिका में मध्यम श्रेणी के नगरों के लिए भूमि उपयोगिता दर 10 हेक्टेयर प्रति हजार तथा आवासीय घनत्व 100 से 150 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर अवधारित किया गया है । वर्ष 2035 की अनुमानित जनसंख्या 2.40 लाख से कम प्रक्षेपित होने से यह स्पष्ट है कि विकास योजना 2031 में प्रस्तावित भूमि उपयोग वर्ष 2035 तक की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकते है । अतः अतिरिक्त भूमि पर भू- उपयोग प्रस्तावित किया जाना आवश्यक नही है; किन्तु नियोजन सिद्धांत, नगरीय वृद्धि की गति तथा बायपास निर्माण से विकास की दिशा को दृष्टिगत रखते हुये मुख्य बायपास मार्ग पर मिश्रित गतिविधि का दबाव बढेगा, जिससे बायपास पर मिश्रित भू-उपयोग को प्रस्तावित किया गया है । प्रस्तावित विकास योजना , 2035 में भी भू- उपयोग दर 2.40 लाख के आधार पर ही प्रगणित की गई है । 4217

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 4.1 प्रस्तावित भूमि उपयोग 2035

प्रस्तावित क्षेत्र वर्ष 2035

वर्तमान विकसित क्षेत्र 2020

क्र भूमि उपयोग

उच्चावाचन / निम्नावन (+) / (-)

प्रतिशत

प्रतिशत

उपयोगि ता दर

क्षेत्रफल (हे. में)

(हे. में) क्षेत्रफल

विकास योजना 2031 में प्रस्तावित भूमि (हे. में)

9

7

8

6

4

5

1

3

2

7.50 आवासीय

616.99

724.14 1799.34

41.90

45.75

1341.13

1

1.07

6.51

255.92

55.55

144.98 9.85

वाणिज्यिक

200.53

2

234.26 5.96 0.98

137.87

औद्योगिक

3

219.94 82.07 5.57

2.13

13.00

24.89 54.63 511.14

421.18 366.55

4

सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक

0.09

0.54

21.11

1.43 26.09

47.2 21.11

सार्वजनिक 5 सेनाएँ एवं सुविधाएँ

1.57

377.53 9.60

129.85

3.90

57.39

187.24

6 आमोद-प्रमोद

1.83

11.19

440.15

12.46 180.48

363.97 183.49

7

यातायात एवं परिवहन

7.46 1.22

293.21

8 मिश्रित

16.39

100

3932.66

1308.61

1472.58 100

2781.19

योग

स्त्रोत :- नगर तथा ग्राम निवेश

4.3 भूमि उपयोग प्रस्तावों का विवरण

4.3.1 आवासीय

आवासीय उपयोग के प्रस्ताव वर्तमान आवासीय को समाहित करते हुये नगर के चारों दिशाओं में दिये गये हैं, ताकि नगर का संतुलित विकास हो सके । आवासीय उपयोग के अंतर्गत वर्तमान आवासीय सहित 1799.34 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है जो कि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 45.75 प्रतिशत है, जिसकी उपयोगिता दर 7.50 हेक्टेयर प्रति हजार व्यक्ति है ।

नगरीय संरचना के संदर्भ में आवासीय क्षेत्र का विभिन्न कार्यकेन्द्रों तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों से सशक्त स्थलीय संबंध है । किसी भी नगरीय क्षेत्र के लिए कार्यकेन्द्रों, औद्योगिक क्षेत्रों एवं विभिन्न सुविधाओं की सूक्ष्मता को ध्यान में रखते हुए आवासीय क्षेत्रों में उचित संरचना प्रदान करना योजना का उद्देश्य है । प्रक्षेपण के आधार भाग 1

पत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021 मध्यप्रदेश राजपत्र

4218

i 2835

2223 588

A

PlanningArea

Km

वर्गीकृतराजार

सार्वजनिकएवंअर्थसार्वजनिक

7

SEHORE

Legend

ERSTINGPROPOSED

456

3

Source:ArchiveMasterplanbyT&CP

ELTIONSAND

SEMPUBLIC

2

ATERVODNES

4.2ADEVELOPMENTPLAN(DRAFT2035) ProposedLanduse

RECREATIONAL

AGRICULTURE CATCHMENTAREA

COMPACIAL

BOUNDARIES PLANNINGARFA

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

VILLAGE

GENERALINDUFTRISS

RESIDENTIAL GENERALREBBENTIAL

FOREST TRANSPORTATION

ALBC'RCBUBSTATION THENCKINGGAOUND

INDUSTRIAL

ROADS

VILLAGEEXTENSION VILLAGEEXTENSION2

MANDI CATEGORIZEDMARKET

TRANDORTNAGAR

MOUECLAMDUBI

HEAL URAL

SPECIALPURPOSE

PUBLICSTILITES& FACILIATES

District-Sehore

ToBhopal ToBhopal

BARKHEM

ToDuraha

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToShampur

To

ToDewas 4219

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

PUPS

538

A

2

नगरपालिका

सार्वजनिकएवंमर्थसार्वजनिक

औद्योगिक

मेरिउपयोग

जलाशय

अनोटप्रभोद

73 SEHORE

Legend

EXISTINGPROPOD

F

Source:ArchiveMasterPlanByT&CP

PUBLICISTITUTIONSA

TRANSPORTATION

4.2BDEVELOPMENTPLAN(DRAFT2035) ProposedLanduse

CREMANJAGRAVEYARD

INSTITUTIONALACTIVITIES

RECREATIONAL

AGRICULTURE

CATEGORIZEDMARKET

BOUNDARIES

COUCATIONANDRE

TRENCHOGROUND

COMMERCIAL

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal EMERALREGIOONT

RESIDENTIAL

PLANNEJAREA

FACILITES

RAILWAYLINE

INDUSTRIAL

GENERAL

VILLAGEEXTENSION LATENE

FOREST

VILLAG!

ROADS

ROVERS

SPECIALPURPOSE

MIXEDLADUSE

PUBLICUTILITIES&

DUCCTN

PUBLIC&SEMIPUBLIC

0 0.5 1 1.5 2 2.533.5

אלית

LASUDIYARADHAR

BULON

BARKHEDI

PACHAMA

THUNAKALAN

ABDULLPUR

πέσε

TAKIPUR

Pradesh,Bhopal

PIPALIYAMIRA

BHAGWANPURA

CHANDERI

JAMONYAKALAN

ToDunsha

BADIAKHEDI

JAHANGIRPURA

SARANIA

BEMALIKHURD

ALAHADAKHEDI

GOPALPURA

BLJAURI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhya

SEHORE

ToShampur

SHEPUR

SHAHPURA

KOONA

AWANTIPURA

MUGISHPUR

RAFICUEGANI

BLJAURA

GUCBHELA ToUjjain

ARLE [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4220

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 पर नगर की वर्तमान जनसंख्या 1.26 लाख है , एवं वर्ष 2035 हेतु नगर की प्रस्तावित जनसंख्या लगभग 2.40 लाख होने का अनुमान है ।

4.3.2 वाणिज्यिक

वाणिज्यिक उपयोग के अंतर्गत वर्तमान वाणिज्यिक सहित 255.92 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है जो कि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 6.51 प्रतिशत है । सीहोर का मुख्य बाज़ार बस स्टैण्ड, इन्द्रा चौक, सराफा चौक से सेठानी घाट इत्यादि के पास स्थित है । सीहोर में विशेषीकृत बाज़ार का अभाव है । नगर पालिका एवं निजी व्यक्तियों द्वारा वाणिज्यिक परिसरों का निर्माण कराया गया है । नगर के प्रमुख मार्गों के किनारे वाणिज्यिक गतिविधियों के संचालित होने से वाहन विराम स्थल एवं यातायात समस्या उत्पन्न होती है, जिसको दृष्टिगत रखते हुए नगर के भावी वाणिज्यिक विकास के प्रस्ताव निम्न बिन्दुओं के आधार पर दिए गए हैं:

सुविधाजनक वाणिज्यिक विकास हेतु उपयुक्त स्थलों का चयन ।

सुगम यातायात हेतु मार्गों का विकास ।

थोक, विशिष्ट खण्ड एवं उपखण्ड स्तरीय बाज़ारों का विकास ।

4.3.3 औद्योगिक

भौतिक एवं प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए प्रोत्साहित करती है । वर्तमान में सीहोर निवेश क्षेत्र के अंतर्गत 82.07 हेक्टेयर भूमि का उपयोग विभिन्न औद्योगिक इकाईयों द्वारा किया जा रहा है , जिसमें प्रतिभूति कागज कारखाना प्रमुख है । औद्योगिक उपयोग के अंतर्गत वर्तमान औद्योगिक सहित 234.26 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है जो कि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 5.96 प्रतिशत है । कृषि आधारित उद्योग- नगर में परम्परागत कृषि कार्य आज भी सम्पादित हो रहा है, जिसको प्रोत्साहित करने एवं कृषि उत्पाद को आधुनिक संयंत्रों के माध्यम से किए जाने के आशय से कृषि आधारित उद्योगों जैसे- ऑयल मिल, दाल मिल, राईस मिल आदि प्रमुख हैं । इनके विकास हेतु कृषि भूमि उपयोग के अंतर्गत कृषि आधारित उद्योग स्वीकार्य किये जा सकते हैं ।

घरेलू एवं सेवा उद्योग- घरेलू एवं सेवा उद्योगों से नगरवासियों की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति होती है । ऐसी औद्योगिक इकाईयों को नगर केंद्र एवं आवासीय क्षेत्रों में सुगम यातायात एवं आवागमन की सुविधा प्राप्त होना आवश्यक है । इन उपयोगों को व्यवसायिक क्षेत्रों में बहुमंजिले भवनों में भी स्थापित किया जा सकता है । 4221

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 4.3.4 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक

इस उपयोग के अंतर्गत केन्द्र शासन, राज्य शासन, स्थानीय निकाय एवं अन्य निजी कार्यालय , शिक्षण, स्वास्थ्य आदि गतिविधियाँ सम्मिलित हैं । सीहोर विकास योजना 2035 में सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भू- उपयोग अंतर्गत प्रस्तावित योजना में कुल 511.14 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है, जो कि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 13.00 प्रतिशत है ।

4.3.5 सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवा-सुविधाएं

सीहोर विकास योजना 2035 में सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवा-सुविधाएँ भू- उपयोग अंतर्गत प्रस्तावित योजना में कुल 21.11 हेक्टेयर भूमि विकसित है, जो कि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 0.54 प्रतिशत है । गणेश मंदिर के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लॉट का निर्माण नगरीय निकाय द्वारा किया है ।

4.3.6 आगोद- प्रगोद

विकास योजना में आमोद -प्रमोद के अंतर्गत कुल 377.53 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है, जो कुल क्षेत्र का 9.60 प्रतिशत है । विकास योजना में गगर स्तर एवं निवेश इकाई स्तर की आमोद प्रमोद गतिविधियों हेतु प्रस्ताव दिये गये है । पुरातत्व संरक्षित आतगगढ़ पहाड़ी के आरापारा का क्षेत्र पुरातन्न संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप रहेगा । इन्दौर मार्ग पर चर्च ग्राउण्ड एवं मार्ग के मध्य निवेश इकाई तीन में समाहित आमोद- प्रमोद क्षेत्र जिसमें स्टेडियम, पार्क, स्विमिंग पूल एवं खेल मैदान प्रस्तावित है । जमुनिया तालाब एवं भगवानपुरा के पास वृक्षारोपण प्रस्तावित है ।

4.3.7 यातायात एवं परिवहन

वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग , बायपास एवं रेल्वे लाईन, का विकास होने के कारण वर्तमान में यातायात एवं परिवहन क्षेत्र का विकास हुआ है । चूँकि यातायात अधोसंरचना क्षेत्रीय स्तर पर सुविधा प्रदान करती है; इस हेतु विकास योजना 2035 के प्रस्तावित नगरीय मार्गों को विकसित एवं सुदृढ़ करने की अनुशंसा की जाती है । विकास योजना 2035 में इस उपयोग हेतु कुल 440.15 हेक्टेयर क्षेत्र का प्रावधान किया गया है, जो कुल क्षेत्रफल का 11 . 19प्रतिशत है ।

4.3.8 मिश्रित

सीहोर विकास योजना 2031 में मिश्रित उपयोग का प्रावधान नहीं किया गया था । मिश्रित उपयोग के अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक / अर्धसार्वजनिक उपयोग अनुज्ञेय हैं । विकास योजना 2035 में इस उपयोग के अंतर्गत कुल 293.21 हेक्टेयर क्षेत्र का भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4222

A

PlanningArea

Km

2.5

370

2

SEHORE

Legend

1.5

Expressway

Waterbody

MunicipalBoundary

PlanningAreaBoundary

1

RailwayLine

NationalHighway

Roads

VillageBoundary

Sewerline

StateHighway

Source:NagarPlalkaParisad,Sehore

0.5

4.3.5PROPOSEDSEWERAGENETWORK

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Schore

JoBhopa

IMINE THINASKURD

BALA

CHANDERT

more

πέσε

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

wars

TWE 4223

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 20:35 प्रावधान किया गया है, जो कुल क्षेत्र का 7.46 प्रतिशत है । मिश्रित उपयोग मुख्य मार्गों पर प्रस्तावित किया गया है ।

4.4 निवेश इकाईयाँ

विकास योजना का स्वरूप स्वसक्षम एवं आत्मनिर्भर निवेश इकाईयों के रूप में रखा गया है । निवेश इकाईयों की सीमा निर्धारित करते समय जनसंख्या, क्षेत्रफल, वर्तमान सुविधायें, प्राकृतिक तथा मानचित्र में निर्मित सीमाओं को ध्यान में रखा गया है । प्रस्तावित निवेश इकाईयों को प्रमुख कार्य केन्द्र, वाणिज्यिक केन्द्र, यातायात एवं सेवा केन्द्रों से जोड़ा गया है । सम्पूर्ण निवेश क्षेत्र को चार निवेश इकाईयों में विभक्त किया गया है । सुविधा की दृष्टि से प्रत्येक निवेश इकाईवार विवरण निम्नानुसार है-

4.4.1 निवेश इकाई क्रमांक 1

इस निवेश इकाई में भोपाल- इन्दौर रेल्वे लाईन के उत्तर में स्थित निवेश क्षेत्र सीमा तक का समस्त क्षेत्र शामिल है । निवेश इकाई अन्तर्गत प्रमुख रूप से कृषि उपज मण्डी, परेड ग्राउण्ड, वर्तमान औद्योगिक क्षेत्र, जमुनिया तालाब का क्षेत्र मुख्य रुप से स्थित है । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल 5614.71 हेक्टयर है ।

4.4.2 निवेश इकाई क्रमांक 2

इस निवेश इकाई में भोपाल- इन्दौर रेल्वे लाईन एवं राज्य राजमार्ग क्रमांक 18 (नगर के मध्य का रेखांकन) के मध्य की समस्त वर्तमान बसाहट , प्रस्तावित क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र शामिल किया गया है । पश्चिम में इस निवेश इकाई की सीमा निवेश क्षेत्र तक तथा पूर्व में मुरली समतल पारण तक है । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल लगभग 2530.16 हेक्टयर है ।

4.4.3 निवेश इकाई क्रमांक 3

इस निवेश इकाई की सीमा उत्तर में इन्दौर-भोपाल राज्य राजमार्ग क्रमांक 18 (मुरली रेल्वे समतल पारण तक) तथा इसके आगे इन्दौर- भोपाल रेल्वे लाईन के साथ - साथ निवेश क्षेत्र इस इकाई में शामिल किया गया है । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल लगभग 8577.39 हेक्टयर है ।

4.4.4 निवेश इकाई क्रमांक 4

इस निवेश इकाई के अंतर्गत सीहोर निवेश क्षेत्र में 30 ग्रामों को सम्मिलित किया गया है । आर्द भूमि (संरक्षण एवं संबर्धन) नियम, 2017 हेतु भोपाल नगर निवेश की सीमा तक के ग्रामों को निवेश क्षेत्र में सम्मिलित किया गया है, जिससे किसी प्रकार के अनियमित विकास को, जो कि वेटलेण्ड को प्रभावित कर सकता हो , पर नियंत्रण रखा जा सकें । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1 4224

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सीहोर निवेश क्षेत्र कि अंतर्गत आने वाले उलझावन ग्राम से उलझावन नदी का उद्गम होता है, जो आर्द्र भूमि की मुख्य नदी कोलांस में जुडकर भोपाल तालाब के लिये जल का मुख्य स्त्रोत है । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल लगभग 21240.97 हेक्टयर है । निवेश इकाई अंतर्गत प्रस्तावित क्षेत्र का विवरण निम्न सारणी में दिया गया है

सारणी 4.2 निवेश इकाईवार विवरण

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

क्रमांक

निवेश इकाई

3

1

2

5614.71

1.

निवेश इकाई क्रमांक 1

2530.16

2.

निवेश इकाई क्रमांक 2

8577.39

3

निवेश इकाई क्रमांक 3

21240.97

4

निवेश इकाई क्रमांक 4

37963.23

कुल क्षेत्रफल

स्त्रोत:- नगर तथा ग्राम निवेश

म. प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 20 के अंतर्गत पारिक्षेत्रिक योजना तैयार करने के अधिकार स्थानीय संस्थाओं का प्रदत्त किये गये है । नगर के वर्तमान विकास को दैखते हुये निवेश इकाईयों को अवधारित किया गया है । नियोजन हेतु निवेश इकाई अथवा किसी भाग को भी पारिक्षेत्रिक की योजना तैयार करने के लिये अवधारित किया जा सकता है । 4225

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

A

PlanningArea

(AreaInha)

SEHORE

Legend

Expressway

4.4PLANNINGUNIT

Waterbody

CatchmentArea

MunicipalBoundary

PlanningAreaBoundary

PlanningUnitBoundary(21240.97)

KarwayLine

NationalHighway

PlanningUnitBoundary(8577.39)

PlanningUnitBoundary(5614.71)

PlanningUnitBoundary(2530.16)

VillageBoundary

Ruads

StateHighway

3456 7

Source:DepartmentofTown&CountryPlanning PlanningUnit

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Settore

ToRatibal

ToBhopal Tedout o To

PACHARA

THUNKALER

ABDULLAPLAPUR

CHARDERI

SHERPUE

ToDuraba

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToSha

To

RAFIDEIBAJ

ToDewas भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4226

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

प्रस्तावित परिवहन तंत्र तथा नगरीय अध्याय-5

अधोसंरचना 5.1 यातायात संरचना

सक्षम परिवहन संरचना नगर की महत्वपूर्ण आवश्यकता है । इन्दौर- भोपाल राजमार्ग क्र. 18 पूर्व में नगर के मध्य से निकलता था । सीहोर भोपाल बायपास मार्ग क्रियान्वयन से समस्त क्षेत्रीय यातायात नगर के बाहर से निकलता है ।

सीहोर नगर की यातायात संरचना निम्न अवधारणा पर आधारित है :-

1. विकसित क्षेत्र के मार्गो की निरंतरता में बाहृय क्षेत्रों को जोडने वाली मार्ग संरचना का विकास ।

2. क्षेत्रीय यातायात को परिवर्तित करने वाले बायपास मार्ग से आंतरिक मार्गों कों जोड़ना ।

3. प्रमुख आवासीय क्षेत्रों का रेलवे स्टेशन मार्गों द्वारा सीधे संपर्क स्थापित करना । कार्यात्मक दृष्टि से मार्गो का श्रेणीबद्ध किया विकास ।

4.

5. प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गो का नगरीय मार्गो से संपर्क स्थापित करना।

6. यातायात समस्याऐं, मार्ग अवरोध एवं अंधे मोड़ संरचना का प्रस्ताव ।

7. मिश्रित वाहन यातायात हेतु उपयुक्त मार्ग संरचना का प्रस्ताव ।

8. मध्य क्षेत्र की समस्यों के समाधान हेतु मार्ग संरचना ।

5.2 प्रस्तावित यातायात संरचना

सक्षम परिवहन संरचना नगर की महत्वपूर्ण आवश्यकता है । इन्दौर - भोपाल सीहोर ब्यावरा मार्ग नगर के मध्य से गुजरने के कारण, यहाँ क्षेत्रीय यातायात, केवल सीहोर ब्यावरा के मध्य के यातायात से है जो अधिक नहीं है । सीहोर भोपाल बायपास निर्माण से अधिकतम क्षेत्रीय यातायात पृथक होने से नगर पर क्षेत्रीय यातायात का दबाव नहीं है ।

सीहोर नगर की यातायात संरचना निम्न अवधारणा पर आधारित है:-

1. विकसित क्षेत्र के मार्गों की निरंतरता में बाहृय क्षेत्रों को जोडने वाली मार्ग संरचना का विकास ।

2. ब्यावरा की ओर से होने वाले यातायात को नगर के बाह्य क्षेत्र से ही परिवर्तन करना ।

3. प्रमुख आवासीय क्षेत्रों का रेलवे स्टेशन मार्गो द्वारा सीधे संपर्क स्थापित करना । 4. कार्यात्मक दृष्टि से मार्गो का श्रेणीबद्ध किया विकास ।

5. प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गो का नगरीय मार्गो से संपर्क स्थापित करना । 4227

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 6. यातायात समस्याऐं , मार्ग अवरोध एवं अंधे मोड़ संरचना का प्रस्ताव ।

7. मिश्रित वाहन यातायात हेतु उपयुक्त मार्ग संरचना का प्रस्ताव ।

8. मध्य क्षेत्र की समस्यों के समाधान हेतु मार्ग संरचना ।

5.2.1 सार्वजनिक परिवहन

वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन के रूप में आटो रिक्शा संचालित है, जो कि कार्य केन्द्रों, रेल्वे स्टेशन, बस स्टैण्ड व कालोनियों तक यात्रियों को पहुँचाते है । वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के अभाव में नागरिकों को अपने कार्य केन्द्र तथा अन्य गंतव्य स्थानों तक पहुँचने हेतु टेम्पों व आटो रिक्शा पर निर्भर रहना पड़ता है । अतः नगर में सार्वजनिक परिवहन ( बस) प्रणाली की आवश्यकता है ।

5.2.2 यातायात एवं परिवहन

परिवहन अधोसंरचना नगरीय सुविधाओं का अभिन्न एवं महत्वपूर्ण अंग है । इस क्षेत्र के अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य सीहोर नगर के वर्तमान परिदृश्य में परिवहन सुविधा का विश्लेषण एवं उसकी भूमिका को जानना है । सीहोर नगर , राज्य राजमार्ग 18 जो कि नगर के दक्षिण भाग से गुजरता जाता है, के माध्यम से भोपाल व इन्दौर नगरों से जुड़ा है । सीहोर नगर भोपाल व उज्जैन नगरों से रेल लाइन द्वारा भी जुड़ा है । नगर में परिवहन राड़क गार्ग पर निर्भर है जबकि क्षेत्रीय एवं अंर्तनगरीय पारगग्यता के लिये राड़क व रेल दोनों मार्ग उपलब्ध हैं । चूंकि नगर में परिवहन , सड़क मार्ग पर ही निर्भर है अतः इस क्षेत्र के पक्षों का निम्नानुसार विश्लेषण किया गया है:-

सड़क तंत्र एवं इसकी विशिष्टताएं

यात्री एवं माल परिवहन

वाहन स्थानक

प्रकाश व्यवस्था

5.3 सड़क तंत्र एवं इसकी विशिष्टताएं

सीहोर नगर राज्य राजमार्ग 18 - भोपाल- इन्दौर मार्ग , इछावर मार्ग , बिल्किसगंज मार्ग एवं श्यामपुर मार्ग के साथ विकसित हुआ है । कुछ ग्रामीण मार्गों पर भी विकास देखा जा सकता है । नगर में सड़क तंत्र की कुल लम्बाई 73.23 किमी है जिसमें राज्य राजमार्ग 18 भोपाल - इन्दौर मार्ग , इछावर मार्ग , बिल्किसगंज मार्ग एवं श्यामपुर मार्ग, झागरिया मार्ग आदि; नगर के मुख्य मार्ग जैसे मध्य क्षेत्र भाग के मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग सम्मिलित हैं । किसी भी मार्ग पर विभाजक एवं पैदल पथ नहीं हैं) । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

4228

5.4 विकास योजना 2031 में प्रस्तावित मार्गों की समीक्षा

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2085 क्रियात्मक महत्व, दीर्घकालीन यातायात संरचना, यातायात के प्रकार एवं उनकी विशेषता आदि के आधार पर से मार्गों की चौड़ाई निर्धारित की जाती है । निम्न सारणी में नगर के विकास हेतु सीहोर विकास योजना 2031 में प्रस्तावित मार्गों की जानकारी दर्शायी गई है (मानचिंत्र क्रमांक 5.5A तथा मानचित्र क्रमांक 5.5B) में विभिन्न वर्तमान क्षेत्रीय मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई दर्शाई गई है ।

सारणी 5.1 मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

क्र.

मार्ग का नाम 1

2

1. क्षेत्रीय मार्ग / बायपास मार्ग 1-1 (अ) बायपास मार्ग

1-2

(ब) इन्दौर- भोपाल गार्ग (राज्य राजमार्ग क 18) 13

(1) દુછાવર તિષાટે સે ન્યાપાય तिराहे तक

1-4

(ii ) गार्ग का शेष भाग 1-5 (स) इछावर मार्ग

1-6

(द) बिलकीसगंज मार्ग (वर्तमान बाय-पास से आगे ) (इ) श्यामपुर मार्ग

1-7

(वर्तमान आबादी क्षेत्र से आगे ) 1-8

(फ) अन्य ग्रामीण क्षेत्रीय मार्ग (वर्तमान आबादी क्षेत्र से आगे ) 2. मुख्य मार्ग

क्रमांक

2-1

क्रमाक -2

2-2

क्रमांक -3

2-3

क्रमांक -4

2-4

क्रमांक -5

2-5

क्रमांक -6

2-6

क्रमांक -7

2-7

उद्देश्य

प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर)

4

3

60

क्षेत्रीय सीधा यातायात

36

નગ ૫ / ક્ષેત્રીય યાતાયાત

क्षेत्रीय यातायात

36

क्षेत्रीय यातायात

36

क्षेत्रीय यातायात

36

क्षेत्रीय यातायात

30

क्षेत्रीय यातायात

30

नगर यातायात

30

नगर यातायात

30

नगर यातायात

30

नगर यातायात

30

नगर यातायात

30

नगर यातायात

30

नगर यातायात 4229

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

क्र.

मार्ग का नाम

2 1

क्रमांक -8

2-8

क्रमांक -9

2-9

क्रमांक -10

2-10

क्रमांक -11

2-11

क्रमांक -12

2-12

क्रमांक -13

2-13

क्रमांक -14

2-14

क्रमांक -15

2-15

क्रमांक -16

2-16

क्रमांक -17

2-17

क्रमांक -18

2-18

क्रमांक -19

2-19

क्रमांक -20

2-20

क्रमांक -21

2-21

क्रमांक -22

क्रमांक -23

2-23

खण्ड स्तरीय मार्ग

3.

5.5 मार्गों का विवरण

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

उद्देश्य

प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर)

4

3

30

नगर यातायात

30

नगर यातायात

30

नगर यातायात

-30

नगर यातायात

24

नगर यातायात

24

नगर यातायात

24

नगर यातायात

24

नगर यातायात

24

नगर यातायात

24

नगर यातायात

24

नगर यातायात

नगर यातायात

24

नगर यातायात

24

नगर यातायात

24

24

नगर यातायात

24

नगर यातायात

18

खण्ड स्तरीय यातायात मार्ग संरचना की विशिष्टताओं के संबंध में अध्ययन से मार्गों की वर्तमान क्षमता तथा वर्तमान समस्याओं का आंकलन किया जा सकता है तथा मार्ग संरचना में सुधार संबंधी आंकलन किये जाने में मदद मिलती है । सीहोर नगर में स्थित मुख्य मार्गों की विशिष्टताओं के संबंध में जानकारी निम्न सारणी में दी गई है इसमें वर्तमान मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई के संबंध में बताया गया है । 4230

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1

PlanningArea

Km

SEHORE

Legend

Expressway

CatchmentAreaBoundary

Waterbody

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

RailwayStation

RailwayLine(BroadGauge)

Source:Worldview-Satellitedata NationalHighway

Forest

Bridge

VillageRoad

OtherPublicRoad

StateHighway

MajorDistrictRoad

MinorCityRoad

MajorCityRoad

BusStand

-VillageBoundary

5.4AEXISTINGTRANSPORTNETWORK

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

1 234567

District-Sesore

0

TeRatibad

7Bhopa

TOKEALAN

ToDuraha

DIABOTI

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal भाग 1]

यातायातनगर

खण्डीयमार्ग

वृत्तीयमार्ग

मुख्यमार्ग

बसस्थानक

परिवहन

SEHORE

Legend

TRANSPORTATION

TransportNagar 5.48PROPOSEDTRANSPORTNETWORK

SectorRoad

MajorRoad

RingRoad

BusStand

ToBhopal ToBhopal ToDuraha

4231

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

PlanningArea

ROADWIDTH

SR

MR-17

MR-20

MR-21

MR-23

MR-19

MR-16

MR-22

MR-15

MR-14

MR-18

MR-13

ROADNAME

45 45 35 35 35 30 30 30 30 30 30 4

ROADWIDTH

Source:ArchiveMasterPlanByT&CP

23

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal MR-5

MR-7

MR-8

MR-1

MR-6

MR-2

MR-S

MR-3

MR-10

MR-11

MR-11

MR-4

ROADNAME

DistrictSchore

ToRatibed

1

DIASOTI

AALAPASAS

ToIchhawar

☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal To 4232

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

[भाग 1

A

यातायातनगर

Km

परिवहन बसस्थानक

मुख्यमार्ग खण्डीयमार्ग

3.5

SR

District-Sehore

MR-19

MR-13

MR-15

MR-18

MR-14

MR-17

3

MR-22

MR-16

MR-20

MR-21

MR-23

2.5

SEHORE

Legend

2

1.5

TRANSPORTATION

Source:ArchiveMasterPlanByT&CP

6553535350 30 30 30 30 30 30

1

TransportNagar

MajorRoad SectorRoad

BusStand

ROADNAMEROADWIDTHROADNAMEROADWIDTH

0.5

ME-1

MR-4

MR-2

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

MR-3

MR-6

MB-7

ME-8

MX-5

MR-5

MR-11

MR-12

MR-10

SACPROPOSEDTRANSPORTNETWORKOFCENTRALAREA

NACELET

MOCILE

ardes

ToBhopal

LASUDIYAPADHAR

BLILON

BARK

PACHAMA

UNAKALA

ABDULLPUR

TAKPUR

FIPALIOLMIRA

THUMAKHURD

سلمو

BHACREAMPLIRA

SHERPUR

CHANDERI

To Durale

KHURSHIDPUR

JAMOSTAKALAN

MURALI

JARANGIRFURA

SARANGA

KHEDI

SCHALIKHURD

GOPALPEIRA

BEHORE

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ALAHADAKHEDE ToShampur

سامد

SHIVPURS

SHAHPURA KODYA

MUGISHPUR

RAFIQURGANI

BUALURA

OLDBHELA ToUllain 4233

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 5.2 वर्तमान मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई

क्रमांक मार्ग का नाम

1

2 1.

न्यायालय तिराहे से कोतवाली चौराहे तक 2. मछली पुल तिराहे से नरसिंहगढ़ मार्ग (औद्योगिक क्षेत्र सीमा तक)

3. इन्दौर नाके से स्वास्थ्य केन्द्र चौराहा होते हुए लुनियापुरा चौराहे तक

4.

भोपाल नाके से मुरली ग्राम तक 5.

वर्तमान बस स्टैण्ड से आनंद डेरी 6.

वर्तमान बस स्टैण्ड से इंग्लिशपुरा चौराहा 7.

संजय छविगृह से लाल मस्जिद चौराहा 8.

जल संसाधन कार्यालय से रोजगार कार्यालय तक

9.

जिला चिकित्सालय से कोतवाली चौराहा 10. कोतवाली चौराहा से माता मंदिर 11 . माता मंदिर से गुर्दी रकूल 1 लुनियापुरा चीराने से ग्वालटोली होते हुए गाग मुरली तक

13. मुरली मार्ग पुलिया से मुर्दी मोहल्ला 14. लाल मस्जिद चौराहा से मोदी स्कूल 15. सब्जी मण्डी से बादशाह मार्केट 16. नमक चौराहे से पान चौराहा 17. चरखा लाइन मार्ग

18. बड़ा बाजार मार्ग

19. खजांची लाइन मार्ग

20. कोतवाली चौराहे से तहसील चौराहे तक 21. जेल से सीहोर छविगृह तक 22. तहसील चौराहे से कन्या विद्यालय 23. भोपाली फाटक से बोरहा मस्जिद 24. तिलक उद्यान से निजामत 25. सालवेण्ट संयत्र से झुनियाबाड़ी 26. पीली मस्जिद मार्ग

27. एक मीनार मस्जिद से बजरिया 28. शक्कर फैक्ट्री चौराहे से गणेश मंदिर 29. शक्कर फैक्ट्री चौराहे से रेलवे स्टेशन 30. शक्कर फैक्ट्री चौराहे से गंज पुराना बस स्टैण्ड मार्ग तक

मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर)

प्रस्तावित

वर्तमान

3

4

24

18-24

18-24

24

25

24-25

18

18

18

18

12

15

12

15

12

15

12

15

12

15

1

9-12

12

9

12

9

12

9

12

12

9

12

6-9

6-9

12

9

12

12

15

12

15

12

15

6-9

12

6

9

9

12

12

6-9

6

9

12-18

18

12

15

18

20 4234

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी 2021

क्रमांक मार्ग का नाम

2 1

31. अमर छविगृह से पावर हाऊस होते हुए मण्डी मार्ग

तक

32. संतोष सिंह आराकश मोहल्ला से कंजर मोहल्ला

33. एक मीनार मस्जिद से आराकश मोहल्ला 34. राठौर मार्ग

35. राठौर धर्मशाला मार्ग

36. सांई बाबा मंदिर मार्ग

37. माता मंदिर से राठौर मार्ग 38. कंजर मोहल्ला से वन कार्यालय 39. पानी की टंकी से श्मशान 40. दुर्गा कालोनी से वन कार्यालय 41. एस.पी. निवास से ब्लाक कार्यालय 42. मण्डी से विश्राम गृह

वर्कशाप मार्ग

43.

शारदा पाठशाला से मण्डी मार्ग 44.

45. बड़िया खेड़ी मार्ग

46. कोलीपुरा से श्मशान घाट न्यायालय भवन मार्ग

47.

48. गणेश मंदिर से अवन्तिपुरा (प्रस्तावित बायपास तक)

[भाग 1 सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर)

वर्तमान प्रस्तावित

4

3

18

12-18

15

12

9

12

15

12

15

12

12

9

15

12

12

15

12

15

12

15

12

9

12

15

15

12

15

12

9

15

1 12

15

12

12

12

18

स्त्रोत :- मार्गो की वर्तमान चौड़ाई नगर पालिका सीहोर द्वारा सर्वेक्षण आधारित ।

टीप:-

1. वर्तमान मार्गो की उपलब्ध चौड़ाई जिस खण्ड में प्रस्तावित चौड़ाई से अधिक उपलब्ध होगी, उसे कम न करते हुए भूमि का उपयोग वाहन विराम हेतु सुरक्षित रखा जावेगी ।

2. प्रस्तावित मार्ग चौड़ाई का कियान्वयन भूमि के उपलब्ध होने अथवा वर्तमान आवासों के पुनर्निर्माण / नवीनीकरण के समय किया जावेगा । स्थानीय संस्था द्वारा पुननिर्माण हेतु भवन अनुज्ञा देते समय मार्ग मध्य से प्रस्तावित मार्ग चौड़ाई के आधार पर मार्ग मध्य से दोनो ओर बराबर- बराबर मानते हुये स्वीकृति दी जावेगी जिससे भविष्य में मार्ग चौंड़े हो जावेंगें । 4235

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 5.6 वर्तमान मार्ग संरचना का विश्लेषण

राज्य राजमार्ग क्र. 18 के अतिरिक्त किसी भी अन्य मार्ग के अधिकृत वाहन पथ की चौड़ाई 30 मीटर नहीं है । नगरीय सीमा में राज्य राजमार्ग क्रं. 18 के अधिकृत वाहन पथ की चौड़ाई 24 से 30 मीटर है । स्थानीय आधिकारी पुनर्निमाण हेतु भवन

राज्य राजमार्ग क 18 सहित किसी भी मार्ग पर विभाजक एवं पैदल पथ नहीं हैं । नगर के सभी मार्ग एकांगी अथवा द्विमार्गी हैं । 54 प्रतिशत एकांगी व 46 प्रतिशत द्विमार्गी । नगर के मुख्य मार्ग एव क्षेत्रीय मार्ग द्विमार्गी परिवहन पथयुक्त हैं ।

5.7 प्रस्तावित यातायात अधोसंरचना

वर्तमान में नगर में वाहनों की संख्या में हो रही वृद्धि , विद्यमान जनपरिवहन व्यवस्था, विद्यमान मार्ग संरचना एवं दुर्घटनाओं के ऑकड़े यह दर्शाते हैं कि यातायात में सुधार हेतु कुछ उपाय तुरंत किया जाना आवश्यक है । नगर के विद्यमान यातायात में सुधार हेतु लघुकालीन, मध्यम कालीन एवं दीर्घकालीन प्रस्ताव दिये जा रहे हैं । यातायात में सुधार हेतु लघुकालीन प्रस्तावों में रोड मार्किंग , सिग्नल व्यवस्था , फुटपाथों , गति अवरोधक, मार्ग विभाजक का निर्माण एवं अतिक्रमण को हटाना प्रमुख है । यह सुधार शीघ्र प्रारंभ किये जाना प्रस्तावित है । दीर्घकालीन प्रस्तावों में नवीन प्रस्तावित मार्ग, ट्रक टर्मिनल , मल्टी लेवल कार पार्किंग , नवीन बस स्टैण्ड आदि सम्मिलित किये गये हैं । इन प्ररतानों के किगान्तगन में अपेक्षाकृत रूप से वित्तीय संसाधन एवं समय अधिक लगता है । किसी भी नगर की मार्ग संरचना नगर के भावी स्वरूप एवं नगरीय संरचना का निर्धारण करती है ।

नगर की भावी यातायात संरचना क्षेत्रीय , अंतर नगरीय एवं स्थानीय यातायात को दृष्टिगत रखते हुए नियोजित की गई है । विभिन्न कार्य केन्द्रों, उप नगरीय केन्द्रों एवं निवेश इकाईयों को यातायात पद्धतियों से जोड़ा गया है ।

सीहोर निवेश क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित नवीन नगरीय मार्गों को प्रस्तावित संरचना मानचित्र में दर्शाया गया है । नवीन मार्गों में मुख्य रूप से बायपास मार्ग , आउटर रिंग रोड , सेक्टर रोड, सब सेक्टर रोड एवं स्थानीय मार्ग प्रस्तावित किये गये है । विभिन्न चौड़ाई के प्रस्तावित मार्गों की लम्बाई का विवरण सारणी में दर्शाया गया है ।

5.7.1 यातायात अवसान केन्द्र

नगर के मुख्य अवसान केन्द्र , बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन , कृषि उपज मण्डी, अग्रेषण अभिकरण तथा इन्दौर नाके के निकट का क्षेत्र है , जहाँ बस , ट्रक , मिनी ट्रक एवं अन्य माल वाहक अवसान किये जाते है ।

5.7.2 यातायात समस्यायें

नगर की वर्तमान यातायात समस्या के सुधार हेतु निम्नानुसार प्रस्तावित है : -

1. बस स्टैण्ड को सुविधाजनक स्थल पर स्थानांतरित करना । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

4236

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 2. कार्य केन्द्रो के समीप पार्किंग का प्रावधान ।

3. कार्य केन्द्रो एवं आबादी के क्षेत्र के बीच संपर्क मार्गो का निर्माण का परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करना ।

4. मार्ग संगमों का सुधार ।

5. मार्गो का उन्नयन ।

6. रेलवे ओव्हर ब्रिज एवं समतल पारण ।

5.7.3 पार्किंग प्रस्ताव

नगर में उपयुक्त एवं पर्याप्त वाहन विराम स्थल का सर्वथा अभाव है । लगभग प्रत्येक जगह बेतरतीब मार्गाधिकार, क्षेत्र में वाहन विराम किये जाते है । अतः समस्त कार्य केन्द्रो अवसान केन्द्रों, वाणिज्यिक केन्द्रों औद्योगिक केन्द्रो, आमोद- प्रमोद स्थलों के निकट उपयुक्त एवं पर्याप्त स्थल वाहन विराम हेतु निर्धारित किया जाना प्रस्तावित है । वर्तमान सघन नगरीय क्षेत्रों में समुचित स्थल उपलब्ध न होने की दशा में ऑफ स्ट्रीट पार्किंग हेतु स्थल नियत किया जाना प्रस्तावित है । इनके स्थल का निर्धारण स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किया जावेगा ।

5.8 यातायात प्रबंधन योजनायें

नगर का भौतिक विकास मूलतः परिवहन संरचना पर निर्भर करता है । वर्तमान परिवहन व्यवस्था का अध्ययन करने से ज्ञात होता है कि वाहनों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है तथा कार , टेम्पो, आटो रिक्शा , बसें आदि नगर यातायात का प्रमुख साधन है । वर्ष 2015 से 2020 के मध्य वाहनों की संख्या में अत्याधिक वृद्धि हुई है । तीव्रगति एवं मंदगति वाहनों द्वारा नगर मार्गो का मिश्रित उपयोग करना सुरक्षित एवं सुविधाजनक यातायात के लिये गंभीर समस्या है । अतः यातयात प्रबंधन के लिये उपयुक्त नीति तैयार करने की आवश्यकता है । यातायात के साधन के रूप में साईकिल , कार , स्कूटर मोटर साईकिल मोपेड आदि है ।

5.8.1 मार्गो का उन्नयन

नगर के पुराने, सघन एवं संकीर्ण क्षेत्रों में सुगम पहुँच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तथा यात्रा, समय, दूरी एवं ईधन- मितव्ययता को दृष्टिगत रखते हुए ऐसे क्षेत्रों के मार्गो का उपलब्धता के आधार पर चौड़ीकरण एवं उन्नयन किया जाना प्रस्तावित है । इनमें निम्न मार्गो अथवा मार्ग खण्डों का उन्नयन विशेष रूप से किया जाना प्रस्तावित है:-

1. भोपाल फाटक से बोहरा मस्जिद तक

2. तिलक मार्ग से निजामत मोहल्ला

3. पीली मस्जिदमार्ग

4. सईद - मियाँ एक मीनार मस्जिद से बजरिया

5. चरखा लाईन मार्ग

6. रेलवे अण्डरपास मार्ग

7. मुरली मार्ग पुलिया से मुर्दी मोहल्ला

8. सब्जी मण्डी से बादशाह बाजार 4237

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 9. नमक चौराहा से पान चौराहा

10. बड़ा बाजार मार्ग

11. खजांची लाईन मार्ग

5.8.2 रेल्वे ओव्हर ब्रिज एवं समतल पारण

नगर में गुजरने वाली रेलवे लाईन पर, यातायात हेतु कोई ओव्हर ब्रिज नहीं है जिसके कारण क्षेत्रीय यातायात के सुगम प्रवाह में बाधा होती है । अतः इन्दौर- भोपाल मार्ग पर रेलवे लाईन के दक्षिण में बायपास मार्ग प्रस्तावित किया गया है जो बिना रेलवे लाईन पारण किये फंदा रेलवे कासिंग के आगे भोपाल मार्ग से मिलता है । अतः क्षेत्रीय मार्गो पर ओव्हर ब्रिज अथवा नवीन समतल पारण का प्रस्ताव विकास योजना में नहीं दिया गया है । अपितु मण्डी गेट समतल पारण पर बढ़ते हुए रेल एवं सड़क यातायात के वर्तमान एवं भावी दबाव को दृष्टिगत रखते हुए यहाँ ओव्हर ब्रिज का प्रस्ताव किया जाता है । इसी समतल पारण के निकट स्थित वर्तमान रेलवे अण्डरपास को भी विकसित किया जाना प्रस्तावित है ताकि इस मार्ग का छोटे वाहनों द्वारा मण्डी गेट समतल पारण मार्ग के विकल्प के रूप में प्रयोग किया जा सके । वर्षा ऋतु में यहाँ पानी भर जाता है, जिसके कारण यह मार्ग अवरूद्ध हो जाता है । अतः वर्षा जल निकास हेतु उपयुक्त स्थायी व्यवस्था किया जाना प्रस्तावित है । मुरली समतल पारण को भी मार्ग चौड़ाई के अनुरूप विकसित एवं उन्नयन किया जाना प्रस्तावित है । शक्कर जोग के लिये वर्तमान रेलवे लाईन का यदा- कदा ही उपयोग होता है । अतः इसे यथास्थित रखना प्रस्तावित है । निवेश क्षेत्र में प्रस्तावित ओवर ब्रिजों का विवरण निम्न सारणी अनुसार है ।

सारणी 5.3 निवेश क्षेत्र में प्रस्तावित ओवर ब्रिज

कहाँ तक

कहाँ से

स.क.

ग्राम का नाम

3

4

2

1

1

इन्दौर बाय - पास

अब्दुल्लापुर

ऑक्सफोर्ड कान्वेन्ट स्कूल

भोपाल मार्ग

2

मुरली

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी

मंडी तालाब 3

मुरली

न्यू कलेक्ट्रेट

रेल्वे स्टेशन

कस्बा सीहोर

4

श्यामपुर मार्ग 5

इन्दौर बाय- पास

श्यामपुर मार्ग गोपालपुर

फ्लाय ओव्हर

बिलकिसगंज मार्ग

इन्दौर बाय - पास

1

बडीयाखेड़ी

इच्छावर मार्ग 2

इन्दौर बाय - पास

अल्हदाखेड़ी

सीहोर नगर 3

रफीकगंज

इन्दौर बाय - पास [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4238

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 5.9 पुलों का निर्माण

सीवन नदी एवं लोटिया नाले पर नगर में स्थित पुल / पुलियों के उपयुक्त रख - रखाव की आवश्यकता है । संकरे पुलों एवं रपटों को मार्ग चौड़ाई के अनुरूप चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है तथा रपटों की ऊँचाई बढ़ाना भी प्रस्तावित है ताकि वर्षा में मार्ग अवरूद्ध होने की स्थिति निर्मित न हो । प्रस्तावित बायपास एवं प्रस्तावित मार्ग संरचना रेखांकन में सीवन नदी एवं स्थानीय लोटिया नाले की शाखाएँ स्थित है । अंतः इन स्थलों पर ऐसे चौड़े स्थायी पुल / पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है ताकि वर्षा ऋतु में भी यातायात अवरूद्ध न हो । 4239

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

विकास नियमन

अध्याय-6

6.1 प्रवृत्तशीलता

इन नियमनों का उद्देश्य निवेश क्षेत्र के नगरवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है । यह नियमन निम्न गतिविधियों को नियंत्रित करेंगे :-

निवेश क्षेत्र के अंदर समस्त विकास ।

भूमि के स्वरूप में परिवर्तन जिसमें भूमि का उप विभाजन, संयुक्तिकरण , संविलियन, उपांतरण एवं भूमि का उपयोग सम्मिलित है ।

समूह आवासीय परियोजनाओं का सम्मिलित संस्थागत विकास ।

किसी भी प्रकार के भवन जिसमें भवन की ऊँचाई सम्मिलित हो ।

ऐसे क्षेत्र में, जो निवेश क्षेत्र सीमा के अंदर है, भूमि का विकास , भवनों का निर्माण / परिवर्तन एवं तोड़ना ।

6.2क्षेत्राधिकार

1. इस अध्याय में वर्णित राक्षग प्राधिकारी से तात्पर्य है, संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश गा जनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी प्तो विकास योजतना में विभिन्न उपयोगों के अन्तर्गत स्वीकार्य गतिविधियों हेतु विकास अनुज्ञा देने हेतु सक्षम हैं ।

2. विकास योजना प्रस्तावों का विस्तृतीकरण परिक्षेत्रिक योजना में किया जाता है । यह संभावना है कि विकास योजना में परिभ्रमण एवं उपयोग परिक्षेत्रों के निर्धारण संबंधी प्रस्तावों के क्रियान्वयन संबंधी यांत्रिकी आवश्यकताओं के परिप्रेक्ष्य में संशोधित करना पड़े । ऐसे संशोधनों के संबंध में सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा । यदि किसी विवाद / विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है, तो उस दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम होगा, जो कि योजना प्रस्तावों का एकीकृत भाग माना जायेगा । 3. विकास योजना पुस्तक के मानचित्र में चिन्हित प्रस्ताव सांकेतिक एवं स्थूल स्वरूप के हैं, तथा उक्त प्रस्ताव नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 17 के आधार पर चिन्हित किए गए हैं । उदाहरणार्थ आवासीय परिक्षेत्र, जो विकास योजना मानचित्र में दर्शाया गया है , उसमें आंतरिक मार्ग, खुले तथा हरित क्षेत्र , नागरिकों के लिए आवश्यक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु क्षेत्रफल, तथा नगरीय विकास हेतु अनुपयोगी भूमि, वर्तमान वृक्ष समूहों द्वारा व्याप्त भूमि आवासीय क्षेत्र के अभिन्न अंग के रूप में सम्मिलित हैं । इस कारण उक्त क्षेत्र विकास योजना मानचित्र में नहीं दर्शाए गए हैं । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4240

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 4. वर्तमान भूमि उपयोग को अंगीकृत विकास योजना में दर्शाये अनुसार खसरा मानचित्र पर वास्तविक उपयोग अनुसार हस्तांतरित किया जावेगा ।

5. आस - पास विद्यमान / निर्मित एवं धारा -30 में स्वीकृत मार्गों का समन्वय कर म.प्र . नगर तथा ग्राम निवेश, अधिनियम 1973 की धारा -27, 28 व 29 में प्राप्त प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा । निवेश क्षेत्र में ऐसे निर्मित मार्ग, जो मौके पर विद्यमान हैं, परन्तु जिनके प्रस्ताव विकास योजना में उप- दर्शित नहीं है अथवा उप- दर्शित है, परन्तु चौड़ाई का उल्लेख नहीं है, ऐसे मार्गों की उनकी मौके पर उपलब्ध चौड़ाई अनुसार निरंतरता समन्वय के साथ सुनिश्चित की जावेगी ।

6. विकास योजना मानचित्र में निर्धारित किसी भी उपयोग परिक्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रदाय विकास अनुज्ञा, स्वीकृत वर्तमान भवन, वर्तमान अवस्था में तथा वर्तमान अधिभोग हेतु क्रियान्वित होने पर यथावत रहेंगे ।

7. किसी भी उपयोग परिक्षेत्र में उपयोगिता अधोसंरचना से संबंधित निर्माण अथवा गतिविधि, जो स्थल पर आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त अधोसंरचना नियोजन एवं रूपांकन के अनुरूप तथा सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित हो, स्वीकार्य होगी ।

8. संचालक द्वारा अनुमोदित अभिन्यास की समयावधि, यदि विकास योजना प्रकाशन की तिथि पर वैध है तो उस दशा में स्वीकृत अभिन्यास का व्यापक भूमि उपयोग मान्य किया जायेगा ।

9. अपरिहार्य परिस्थितियों तथा सार्वजनिक हित में, राज्य शासन नगर जनसंख्या को सामूहिक लाभ देने वाली राष्ट्रीय , राज्य अथवा नगर स्तर की गतिविधि हेतु विकास अनुज्ञा पर विचार कर सकती है भले ही वह विकास योजना में उल्लेखित न हो । 10. ऐसे क्षेत्र जहां जन सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक हो , उसके लिये आदेश जारी करने हेतु राज्य शासन सक्षम होगा ।

11. विकास अनुज्ञा के लिये प्रस्तुत मानचित्र में अगर कोई सुधार आवश्यक हो तो सक्षम अधिकारी द्वारा मानचित्र सुधार कर पुनः प्रस्तुत करने हेतु आवेदक को वापिस किया जायेगा ।

12. विभिन्न उपयोग परिसरों की पार्किंग की आवश्यकताएं , उसी उपयोग परिसर के अन्दर ही आवश्यक रूप से करना होगी । उक्त पार्किंग की व्यवस्था यदि समस्त भूखण्डों को प्रगणित करते हुये एकीकृत अथवा समूह में अभिन्यास स्तर पर की गई हो तो परिसर के अंदर पृथक से पार्किंग की बाध्यता नहीं होगी ।

13. नगर में निर्मित होने वाले फ्लाय ओवर / स्काय वॉक के नीचे के स्थान को पार्किंग एवं अन्य जनहित उपयोगी गतिविधियों में उपयोग की अनुमति स्थल विशेष की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये दी जायेगी , परंतु ऐसी गतिविधि हेतु सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा । 4241

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 14. विकास योजना में नदी / नालों के दोनों ओर दर्शाया गया हरित क्षेत्र सांकेतिक स्वरूप का है । नदी के दोनों किनारों पर उच्चतम जल स्तर से न्यूनतम 30 मीटर तक एवं नालों की स्थिति में मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के नियम 50 (ख ) में निहित प्रावधानों के अनुसार खुला क्षेत्र रखना अनिवार्य होगा , इस भूमि पर मार्ग तथा सार्वजनिक सेवा एवं सुविधा का निर्माण स्वीकार्य होगा ।

15. झुग्गियों में रहने वाले निवासी , नगरीय केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों में सेवा कार्य से जुड़े होते हैं । यदि झुग्गी- झोपड़ी का किसी स्थान पर विस्थापन कर उसे विकसित किया जाना है, तो उस दशा में जल स्त्रोतों के क्षेत्र, आमोद - प्रमोद के क्षेत्र तथा प्रस्तावित मार्ग के क्षेत्र को छोड़कर शेष भूमि उपयोग परिक्षेत्रों में झुग्गी- झोपड़ी का विस्थापन ग्राह्य होगा ।

16. विकास योजना मानचित्र जो पुस्तक के साथ संलग्न है, वह मशीन द्वारा छोटा/ बड़ा किया गया मानचित्र है । इस कारण उक्त मानचित्र के आधार पर भूमि की न तो लंबाई- चौड़ाई नापी जाये, न ही इस मानचित्र के क्षेत्रफल को नापा जाये । लंबाई- चौड़ाई एवं क्षेत्रफल नापने तथा भू- उपयोग की जानकारी की कार्यवाही हेतु सर्वे मानचित्र जो 1 :4000 की माप पर तैयार किया गया है, उसके आधार पर किया जाये । विकारा योजना में दर्शित वर्तमान भूमि उपयोग , स्थल की पास्तविक स्थिति के अनुसार ही खसरा मानचित्र पर अंकित किए जाये तथा इस संबंध में स्थल निरीक्षण / अभिलेख का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा ।

17. परिक्षेत्रिक योजना तैयार करने की पद्धति विकास योजना तैयार करने के ही समान है । विकास के स्वरूप के अनुसार अलग- अलग विकास नियमन - परिक्षेत्रिक नियमनों की आवश्यकता हो सकती है किन्तु परिक्षेत्रिक योजना के प्रकाशित एवं प्रभावशील होने तक इस अध्याय में वर्णित नियमनों के आधार पर विकास अनुज्ञा दी जायेगी । 18. प्रत्येक उपयोग परिसर की परिक्षेत्रिक योजना / विस्तृत अभिन्यास में दी गई स्थिति एवं सीमायें, स्थल पर विद्यमान वर्तमान मार्ग / गाड़ी मार्ग एवं अन्य भौतिक स्वरूपों को संदर्भ माना जायेगा ।

19. विकास योजना में दर्शित वर्तमान उपयोग स्थल पर विकसित एवं उक्त के राजस्व अभिलेख में दर्ज अनुसार ही मान्य होंगे । उससे लगकर स्थित भूमि पर संस्पर्शी भूमि उपयोग ही अधिमान्य होंगे ।

20. आर्द्र भूमि नियम , 2017 के अंतर्गत अधिसूचित किये जाने वाले नियम सीहोर विकास योजना का भाग माने जावेगें तथा विकास योजना के अंतर्गत वर्णित नियम, आर्द्र भूमि नियम 2017 के अंतर्गत वर्णित नियमों में विरोधाभाष होने पर आर्द्र भूमि नियम , 2017 के अंतर्गत अधिसूचित नियम विकास योजना के नियमों को अधिक्रमित करेगें ।

21. विकास योजना में विभिन्न भूमि उपयोगों के विकास हेतु नियमन दिये गये हैं । नियमनों में यदि किसी प्रकार की विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है अथवा किसी [भाग 1 4242

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 व्याख्या की आवश्यकता होती है तो इस संबंध में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।

22. शासकीय विभागों द्वारा धारित भूमि एवं उससे संलग्न भूमि के भूमि उपयोग का निर्धारण एवं सत्यापन स्थल की स्थिति के अनुसार मान्य होगा तथा विकास योजना में मुद्रित मानचित्र के आकार से भिन्न होने पर, खसरों के आधार पर ही किया जायेगा ।

23 . नियमन में वर्णित गतिविधि के समानार्थी गतिविधि जिसका उल्लेख नियमनों में नहीं है, समानता के आधार पर मान्य किये जा सकेंगे ।

24. विकास योजना मानचित्र में निर्दिष्ट भू उपयोग व पुस्तक में वर्णित किसी लेख में विरोधाभास की स्थिति पर पुस्तक में वर्णित लेख मान्य होंगे ।

6.3 परिभाषायें

उपयोग परिक्षेत्र

मुख्य भू- उपयोग से संबंधित प्रस्तावित विशिष्ट नगरीय कार्यकलापों में से किसी एक कार्यकलाप का क्षेत्र ।

:

उपयोग परिसर

उपयोग परिरार रो तात्पर्य ऐसा परिरार जो कि उपयोग परिक्षेत्र के उपविभाजन का एक भाग हो एवं जिसे कि अभिन्यास तैयार करते समय एक विशिष्ट मुख्य उपयोग या गतिविधि के लिए स्पष्ट किया गया हो ।

अभिन्यास

- अभिन्यास से तात्पर्य उप विभाजित योजना से है , जिसमें उपयोग परिसर के सभी आकार एवं प्रकार इंगित हो । भूमि उपयोग मानचित्र

- सभी उपयोग परिक्षेत्रों को दर्शाने वाला मानचित्र भूमि उपयोग मानचित्र कहलायेगा ।

परिक्षेत्रिक योजना

- निवेश क्षेत्र के एक परिक्षेत्र की योजना जिसमें नियोजन के प्रावधानों का विस्तार, सामाजिक अधोसंरचना, उद्यान, खुले क्षेत्र एवं यातायात तंत्र संबंधी विस्तृत जानकारी प्रावधित हो ।

नगरीय ग्राम

- भूमि उपयोग मानचित्र में दर्शाये एवं प्रस्तावित उपयोग परिक्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण आबादी, नगरीय ग्राम कहलायेंगे ।

नगरीय विरासत का क्षेत्र

नगरीय विरासत से तात्पर्य है , ऐसा परिसर जिसमें कि पुरातत्व महत्व के ऐतिहासिक भवन एवं उसके आसपास का परिसर सम्मिलित हो ।

विकसित क्षेत्र

विकसित क्षेत्र से तात्पर्य विकास योजना के रंगीन मानचित्र में दर्शित वर्तमान उपयोग । 4243

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 एकल / संयुक्त परिवार हेतु भूखण्डीय विकास - अपने सभी समानान्तर एवं ज्यामितीय बदलाव के साथ भूखंडीय विकास से तात्पर्य, परिवार हेतु भूखंडीय विकास (अभिन्यास ) का भूखंडों में उप - विभाजन, जिसका नगरीय उपयोग प्रमुखतः एकल परिवार, संयुक्त परिवार के आवास हेतु किया जाना हो ।

मिश्रित उपयोग

मिश्रित उपयोग से तात्पर्य ऐसे उपयोग परिक्षेत्र से है जो कि इस विकास योजना में उल्लेखित किया गया है । इस उपयोग परिक्षेत्र में आवासीय, वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक परिक्षेत्र तथा उनमें स्वीकार्य गतिविधियां मान्य होंगी ।

ऊँचे भवनों का विकास - ऊँचे भवनों का विकास, म.प्र . भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 2 के उपनियम (38 ) सहपठित नियम 42 के अनुसार नियंत्रित होगा ।

फर्शी क्षेत्र अनुपात

फर्शी क्षेत्र अनुपात से तात्पर्य है, म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 2 (30 ) के अनुसार ।

भवन की ऊँचाई - अन्यथा उल्लेखित न हो तो भवन की ऊँचाई से तात्पर्य है, म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 2 (9) के अनुसार ।

संवेदनशील क्षेत्र

परिस्थितिजन्य पर्यावरणीय , ईकोलॉजिकल एवं विरासत के आधार पर सीमांकित क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र कहलाएगा । इसके अंतर्गत नदी, तालाबों के निकटवर्ती क्षेत्र भी सम्मिलित होंगे ।

अन्य परिभाषायें व नियमन म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 में निहित प्रावधानों के अनुरूप लागू होंगे ।

6.4 भूमि उपयोग परिक्षेत्र

निवेश क्षेत्र को निम्नलिखित तालिका में दर्शाये अनुसार उपयोग परिक्षेत्रों में विभक्त किया गया है । प्रत्येक उपयोग परिक्षेत्र आगे विभिन्न उपयोग परिसरों के रूप में उपविभाजित किये गये हैं । प्रत्येक उपयोग परिसर में विशिष्ट उपयोग , गतिविधियों की शर्तों या बिना शर्तों के स्वीकार्य होगी । ऐसे क्षेत्र जिसका कि निर्धारित अभिन्यास स्वीकृत नहीं है, का नियंत्रण विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना के भू- उपयोग / प्रस्तावों के अधीन निर्धारित होगा । निर्धारित मुख्य भू- उपयोगों के अनुरूप ही उपयोग परिक्षेत्र रहेंगे यथा आवासीय , वाणिज्यिक , औद्योगिक, आमोद - प्रमोद, सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक, विशेष प्रयोजन, यातायात एवं परिवहन, सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवाएं , जलाशय एवं कृषि । उपयोग परिक्षेत्रों का विभाजन एवं उपयोग श्रेणियों का विवरण निम्न सारणी में दिया गया है । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4244

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 6.1 मुख्य उपयोग परिक्षेत्र

क्र.

नाम पद्धति

भू-उपयोग उप-परिक्षेत्र

भू-उपयोग परिक्षेत्र

3 1

2

आवासीय

4

(आर 1 )

(आर 2)

भू- तल पर दुकानों की कतारों सहित आवासीय

1 आवासीय

मध्यम घनत्व

निम्न घनत्व

शहर केन्द्र

उपनगर केन्द्र

सामुदायिक केन्द्र

स्थानीय व्यावसायिक केन्द्र वाणिज्यिक

2

सुविधा व्यावसायिक केन्द्र

मण्डी

वर्गीकृत बाजार

सेवा उद्योग

3 औद्योगिक सामान्य उद्योग

विशेष उद्यो

उद्यान

हरित क्षेत्र या उपरोक्त वर्णित क्षेत्र

(आर 3)

(आर 4)

(सी 1 )

(सी 2 )

(सी 3 )

(सी 4)

(सी 5 )

(सी 6)

(सी 7 )

(आई 1 )

(आई 2 )

(आई 3)

(जी 1 )

(जी 2 )

क्षेत्रीय उद्यान (प्राणिशास्त्र या वनस्पतिशास्त्र उद्यान )

(जी 3)

(जी 4 )

प्राकृतिक क्षेत्रों या भू- दृश्य क्षेत्रोंका संरक्षण

मनोरंजन

4

खेल मैदान

स्टेडियम

झील के सामने का विकास

प्रदर्शनी मैदान

(जी 5 )

(जी 6 )

(जी 7 )

(जी 8 )

सार्वजनिक संस्थान और प्रशासनिक क्षेत्रों / शिक्षा और

5 सार्वजनिक एवं

(पी) 4245

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

नाम पद्धति

भू-उपयोग उप- परिक्षेत्र

क्र.

भू- उपयोग परिक्षेत्र

3

2

1

4

अनुसंधान / स्वास्थ्य / सामाजिक / सांस्कृतिक संस्थागत

गतिविधियां

अर्द्ध सार्वजनिक

पर्यटन प्रबर्धन परिक्षेत्र

संरक्षित परिक्षेत्र

शुष्क पत्तन या कंटेनर डिपो

(एस पी 1 )

(एस पी 2)

(एस पी 3 )

(एस पी 4)

तेल डिपो या ज्वलनशील पदार्थ डिपो

भवन निर्माण सामग्री यार्ड 6 विशेष प्रयोजन

प्रदूषणकारी उद्योग

सेज (एस.ई.जेड)

खनन क्षेत्र

(एस पी 5)

(एस पी 6)

(एस पी 7)

(एस पी 8)

(एस पी ७)

आरक्षित पग या राष्ट्रीय उद्यान या पग्यजीप अभ्यारण्य

अन्य

बस स्टैण्ड या टर्मिनर्स

बस पिकअप स्टेशन

सड़कें

रेल्वे स्टेशन

परिवहन रेल्वे लाइन

7

बस डिपो

ट्रांसपोर्ट नगर

हैलीपेड / हवाई अड्डा

मेट्रो रेल स्टेशन

जल शोधन संयंत्र 8

(एस पी 10)

(टी 1)

(टी 2)

(टी 3)

(टी 4)

(टी 5)

(टी 6)

(टी 7)

(टी 8)

(टी 9)

(पीयूएफ 1 )

(पीयूएफ 2)

मल शोधन संयंत्र / आक्सीकरण ताल

विद्युत सब स्टेशन सार्वजनिक उपयोगिताएं और सुविधाए

(पीयूएफ 3) [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4246

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

नाम पद्धति

भू- उपयोग उप- परिक्षेत्र

क्र.

भू- उपयोग परिक्षेत्र

3

2

1

ट्रेचिंग ग्राउण्ड्

ट्रंकलाइन कॉरीडोर , जल / मल / अतिरिक्त वोल्टेज विद्युत लाइनें / गैस या तेल पाइप लाइनें और संबंधित संरचनाएं

रेडियो/ टी.वी . स्टेशन

दूरसंचार केन्द्र

अग्नि नियंत्रण स्टेशन

4

(पीयूएफ 4 )

(पीयूएफ 5)

(पीयूएफ 6 )

(पीयूएफ 7 )

(पीयूएफ 8 )

(पीयूएफ 9 )

ठोस अपशिष्ट निपटान संयंत्र/ अपघटन संयंत्र

जल शोधन संयंत्र

जल- मल शोधन संयंत्र

विद्युत सब स्टेशन

ट्रेचिंग ग्राउण्ड

(पीयूएफ 1)

(पीयूएफ 2 )

(पीयूएफ 3)

(पीयूएफ 4)

(पीयूएफ 9 )

ठोस अपशिष्ट निपटान संयंत्र /अपघटन संयंत्र

कब्रिस्तान / श्मशान घाट

नदियां

झील / तालाब / जलाशय जल निकाय

9

नाला/ नहर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र

कृषि भूमि

10

कृषि

ग्राम आबादी विस्तार

(पीयूएफ 10)

(डब्ल्यू 1 )

(डब्ल्यू 2 )

(डब्ल्यू3)

(डब्ल्यू 4 )

(ए 1 )

(ए 2)

सीहोर निवेश क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार उपरोक्त उपयोग परिक्षेत्रों को निम्न सारणी में दर्शाये अनुसार उप परिक्षेत्रों में विभक्त कर प्रस्ताव दिये गये है । प्रत्येक उपयोग परिसर में विशिष्ट उपयोग , गतिविधियों की शर्तों या बिना शर्तों के स्वीकार्य होगी । ऐसे क्षेत्र 4247

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 जिसका कि निर्धारण अभिन्यास स्वाकृति नही है, उसका नियंत्रण विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना के भू- उपयोग / प्रस्तावों के अधीन निर्धारित होगा ।

सारणी 6.2 सीहोर: मुख्य उपयोग परिक्षेत्र

क्र.

नाम पद्धति

भू- उपयोग उप- परिक्षेत्र

भू- उपयोग परिक्षेत्र

3

2

1

आवासीय

1 आवासीय

मिश्रित उपयोग

सामान्य

2 वाणिज्यिक मण्डी

वर्गीकृत बाजार

3

सामान्य उद्योग

औद्योगिक

उद्यान

4

वृक्षारोपण

अमोद- प्रमोद

रटेडियग

सार्वजनिक संस्थान और प्रशासनिक क्षेत्रों / शिक्षा और अनुसंधान / स्वास्थ्य/ सामाजिक / सांस्कृतिक संस्थागत गतिविधियां

5 अर्द्ध सार्वजनिक एवं सार्वजनिक

वन

6 विशेष प्रयोजन

बस स्थानक

मार्ग

परिवहन रेल्वे स्टेशन

7

रेल्वे लाइन

यातायात नगर

विद्युत उप केन्द्र

8

ट्रेचिंग ग्राउण्ड्

रेडियो / टी.वी . स्टेशन सार्वजनिक | उपयोगिताएं और सुविधाए

4

(आर 1)

(आर 2)

(सी 1)

(सी 6)

(सी 7 )

(आई 2)

(जी 1 )

(जी 2 )

(जी 8 )

(पी)

(एस पी 9 )

(टी 1 )

(टी 3)

(टी 4)

(टी 5)

(टी 7)

(पीयूएफ 3 )

(पीयूएफ 4 )

(पीयूएफ 6 ) 4248

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

नाम पद्धति क्र.

भू- उपयोग उप- परिक्षेत्र

भू- उपयोग परिक्षेत्र

4 2

3

1

अग्नि नियंत्रण स्टेशन

(पीयूएफ 8 ) कब्रिस्तान / श्मशान घाट

नदियां

(डब्ल्यू 1 ) तालाब

(डब्ल्यू 2) जल निकाय

9

नाला

(डब्ल्यू3)

(सी.जेड-1 ) केचमेंट क्षेत्र के अंतर्गत नदी / नाले का बफर

(ए 1) कृषि भूमि (भोज वेटलेण्ड केचमेंट क्षेत्र के बाहर)

(व्ही.ई.- 1 ) ग्राम आबादी विस्तार (भोज वेटलेण्ड केचमेंट क्षेत्र के बाहर)

10 कृषि

(सी.जेड-2) कृषि भूमि (भोज वेटलेण्ड केचमेंट क्षेत्र के अन्दर)

(व्ही.ई. 2 ) ગ્રામ બાવાડી વિસ્તાર (ભખા વેટલેઝ્ડ ક્ષેશ્વમેંટ ક્ષેત્ર ક્ષે अन्दर)

टीप :- उपरोक्त सारणी में भूमि विकास नियम, 2012 में दर्शित समस्त भू- उपयोग परिक्षेत्र एवं उप- परिक्षेत्र वर्णित है , जिनमें से सीहोर नगर की आवयश्यकता के अनुसार लिये गये हैं ।

6.5 आवासीय

6.5.1 नवीन आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन

नवीन आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के मापदण्डों के अनुसार नियंत्रित होंगे । आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन सारणी क्रमांक 6.2 में दिए गए हैं ।

1. इन नियमन का उद्देश्य परिक्षेत्रों के अभिन्यास तैयार करने में मार्गदर्शन देना है । इन नियमों में परिभ्रमण संरचना एवं सुविधाओं के प्रावधानों के मानक सम्मिलित है । ऐसे अभिन्यासों से जुड़े सेवा प्रावधान जैसे भौतिक संरचनायें, जल प्रदाय , जल - मल निकास आदि संबंधित नियमों के अनुरूप होंगे ।

2. सामान्यतः भूखण्ड की चौड़ाई एवं गहराई का अनुपात 1 : 1.5 से 1 : 3 होना चााहिए , किन्तु स्थल की स्थिति के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा इसके अतिरिक्त अनुपात का निर्णय लिया जायेगा । 4249

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 3. भवन निर्माता / वास्तुविदों को अपने भवन नियोजन हेतु आवासीय विकास के संदर्भ में भूखण्ड आकार , भूखण्ड प्रकार, फर्शी क्षेत्रानुपात, भू- तल आच्छादन, भवन की ऊँचाई तथा स्वीकार्य आवासीय इकाईयों के मानकों की आवश्यकता होती है । नीचे दी गई सारणी में आवासीय क्षेत्रों के आच्छादन तथा सीमान्त खुला क्षेत्र वर्णित है एवं सारणी में दर्शायें भूखण्ड स्वीकृत अभिन्यास का भाग होना आवश्यक है ।

4. म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण , निबंधन एवं शर्तें) नियम, 1998 एवं मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास ) नियम, 2014 के प्रावधानों के अनुरूप अल्प आय वर्ग एवं कमजोर आय वर्ग हेतु प्रावधान किये जाएँगे ।

5. म.प्र . भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 99 (परिशिष्ट- ञ ) में निहित प्रावधानों के अनुरूप विशेषतः अल्प आय वर्ग का अभिन्यास तैयार किया जाना चाहिये ।

6. पहुँच की चौड़ाई 12 मीटर से अधिक होने पर उससे लगी भूमि पर मार्ग चौड़ाई से दोगुनी गहराई तक मिश्रित उपयोग की अनुमति दी जा सकेगी । ऐसे मिश्रित उपयोग भवनों के पुनर्निमाण में भी अनुज्ञात किए जा सकेंगे ।

सारणी 6.3 आवासीय भूखण्डों के विकास मापदण्ड

एक

एम.ओ.एस. (मी.) में

भूखण्ड का आकार (मी. में)

त.

विकास का प्रकार

एफ.ए.आर.

अधिकतम अग्र

पार्श्व आजू बाजू

अधिकतम (मी.में)

भू आच्छादन क्षेन प्रतिशत में

भूखण्ड पर अधिकतम स्वीकार्य आवासीय ईकाइयां क्षेत्रफ ल (वर्ग मीटर) न्यूनत म

भूखण्ड केसामने मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई (मी.में )

13

10

11

12

4

5

6

7

8

9

2

3

1

6

9.5

2

0.0 0.0

60

3.00 0.0

1

32

पंक्ति

1.25

4.0X8.0

2

6

9.5

48

60

0.0 0.0

4.0X12.0

पंक्ति

1.25 3.00 1.5

2

6

9.5

60

2 3

पंक्ति

1.25 3.00 1.5 0.0 0.0

5.0X15.0 75

2

9.5

0.0 7.5

50 1.25 3.00 1.5 0.0

4

पंक्ति

7.0X15.0 105

12.5

3

1.25

7.5

3.00 1.5 2.5 0.0

5

9.0X15.0 135 अर्धपृथक्कृत 50

4

9.0

12.5 6

50 1.25

2.5 2.5 0.0

3.00

11.10Χ18.0 200 अर्धपृथक्कृत

12.5

4

2.5 3.0 0.0 9.0

3.5

7

1.25

12.0X18.0

अर्धपृथक्कृत 42

216

4

9.0

12.5 288

2.5 3.5 1.5

1.25 4.5

8

12.0X24.0

पृथक्कृत 40

12.5

5

12.0

360

2.5 3.0 3.0

35 1.25 6.0

12.0X24.0

9

पृथक्कृत

5

12.0

12.5

405

35 1.25 6.0 3.0 3.5 3.0

10 15.0X27.0

पृथक्कृत

7

12.0

12.5

6.0 3.0 4.0 3.0

33 1.25

540

11 18.0X30.0

पृथक्कृत

7

4.5 3.0 12.0

12.5

6.0

600

33 1.25

3.0

12 20.0X30.0

पृथकृत

7

12.5-

1.25 6.0

4.5 4.5 12.0

750

4.5

13 25.0X30.0

पृथक्कृत 30

4.5 4.5 12.0

7

12.5

1.25 6.0 4.5

990

14 30.0X33.0

पृथक्कृत 30

नोट:-

1. उपरोक्त तालिका सांकेतिक स्वरूप की है जिसे मार्गदर्शिका के रूप में उपयोग किया जा सकेगा ।

2. मिश्रित उपयोग के अंतर्गत ऐसे भूखण्ड जिसमें न्यूनतम भूखण्ड क्षेत्रफल की अर्हता पूर्ण होती है, उनमें भी उपरोक्त मापदण्ड लागू होंगे । (आवासीय इकाई छोड़कर) [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4250

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 3. सारणी के अनुक्रमांक 9 से 14 में दर्शाये भूखण्ड आकार को केवल प्रस्तावित आवासीय क्षेत्रों में बहु इकाई भूखण्डीय विकास के रूप में मान्य किया जा सकता- है ।

4. ऐसे भूखण्ड जिनका क्षेत्र सारणी में दर्शायी श्रेणियों के मध्य के आकार के हों, को इसके पूर्व की श्रेणी के एम.ओ.एस. आच्छादन, एफ.ए.आर. के अनुसार अथवा नियोजन अनुज्ञा में वर्णित अनुसार स्वीकृति दी जानी चाहिए । ऐसे आच्छादित क्षेत्र अथवा एम.ओ.एस. ( MOS) में निर्धारित करते समय यदि कतिपय भिन्नता आती है तो आच्छादित क्षेत्र अथवा एम.ओ.एस. में से किसी एक को निश्चित कर स्वीकृति दी जायेगी । किन्तु ऐसे प्रकरणों में भवन रेखा निर्धारित कर ही स्वीकृति दी जायेगी ।

5. घनत्वीय गणना हेतु एक आवासीय इकाई में 4.8 व्यक्ति तथा कर्मचारी आवास में 2.4 व्यक्ति का रहवास माना जावेगा।

6. वाहन विराम स्थल की गणना म.प्र . भूमि विकास नियम , 2012 के अनुसार की जाएगी ।

7. झुग्गियों की पुर्नस्थापना की दशा में 32 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल के भूखण्ड स्वीकार्य होंगे ।

8. अनुक्रमांक 9 से 14 के भूखण्डों के रागा 12 गीटर रो कग चौड़ा गार्ग होने पर केवल 4 आवासीय इकाईयां मान्य होंगी ।

9. आवासीय भवन का निर्माण 2.4 मीटर ऊँचाई के स्टिल्ट पर, स्वीकार्य ग्राउण्ड कवरेज की सीमा तक किया जाता है , तो स्टिल्ट फ्लोर की ऊँचाई तथा ऐसे निर्मित क्षेत्र की गणना, भवन ऊँचाई तथा एफ.ए.आर. में नहीं की जाएगी । स्टिल्ट पार्किंग हेतु भूखण्ड के आकार / क्षेत्रफल का बंधन नहीं होगा ।

6.5.2 वर्तमान आवासीय क्षेत्र

वर्तमान आवासीय क्षेत्रों में विकास निम्न सारणी में दर्शित मापदण्डों से नियंत्रित होगाः सारणी 6.4 आवासीय विकास हेतु भू- खण्ड का आकार एवं निर्मित क्षेत्र

आच्छादित क्षेत्र

फर्शी क्षेत्रनुपात भूखण्ड का क्षेत्र

3

2

1

1.25

75%

90 वर्गमीटर से कम

1.00

66%

90 से 180 वर्गमीटर तक

1.00

60%

180 वर्गमीटर से

टीपः मार्ग की चौड़ाई 9.00 मीटर से अधिक होने की दशा में 180 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र वाले भूखण्डों के लिए फर्शी क्षेत्रानुपात 1.25 तक अनुज्ञेय होगा । 4251

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

6.5.3 आवासीय विकसित कॉलोनियों हेतु मापदण्ड

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 जिन कॉलोनियों में किसी मार्ग पर 75 प्रतिशत भवन निर्मित हो गए हों, उस क्षेत्र को वर्तमान आवासीय क्षेत्र माना जाएगा । ऐसे मार्गों पर स्थित रिक्त भूखण्डों पर भवनों के निर्माण हेतु उस मार्ग पर स्थित अन्य भवनों के निर्माण हेतु अपनाए गए मापदण्ड लागू होंगे , जबकि कॉलोनी के अन्य मार्गों पर विकास / निर्माण के लिए नवीन आवासीय क्षेत्र के लिए निर्धारित मापदण्ड लागू होंगे ।

6.5.4 वाणिज्यिक उपयोग परिक्षेत्र

सारणी 6.5 वाणिज्यिक क्षेत्रों के विकास मापदण्ड

भूखण्ड का

क्र.

भवन रेखा

अग्र

F.A.R कॉरीडोर

भू आच्छादन

मार्ग की

चौड़ाई

(मीटर में)

क्षेत्र (वर्गमीटर में)

आकार (मीटर में)

4

3

2

1

(मीटर में मार्ग के मध्य से )

8

7

6

5

1.5 3.0

80

9.0

12से अधिक

54

1 . 0.0 X 9.0

1.5

80

30

90

12से अधिक

135

9.0 X 15.0

2.

9.0

1.5

80

3.0

12से अधिक

135

9.0X 15.0

3.

9.0

1.5

60

3.0

12से अधिक

216

12.0 X 18.0

4.

9.0

1.5

60

3.0

12से अधिक

216

12.0 X 18.0

5.

9.0

60

1.5 3.0

12से अधिक

540

18.0 X 30.0

6.

1.5

40

3.0

9.0

12से अधिक

30.0X 33.0

7.

990से अधिक

टीप:-

1. 18 मीटर तथा उससे अधिक चौड़े मार्गों के लिए मार्ग की चौड़ाई के आधार पर निम्नानुसार एफ.ए.आर. देय होगा ।

18 मीटर तक

24 मीटर से अधिक

1.75

2.0

2. यह मापदण्ड सभी वाणिज्यिक क्षेत्रों में लागू होंगे । सारणी में दर्शाये गये क्षेत्रफल से कम होने की स्थिति में उसके पूर्व सरल क्रमांको के मानक लागू होंगे ।

3. वाहन विराम स्थल की गणना म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार की जायेगी । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4252

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 4. भवन रेखा मार्गों की चौड़ाई निम्नानुसार निर्धारित की जा सकेगी ।

मार्ग चौड़ाई

12.0 मीटर

18.0 मीटर

24.0मीटर

भवन रेखा (मार्ग मध्य से )

09मीटर

13.5 मीटर

15.0मीटर

5. अग्र कॉरिडोर की भूमि का किसी अन्य प्रयोजन हेतु उपयोग निषेध होगा ।

6. वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक निम्न सारणी में वर्णित हैं ।

वर्ग क्र.

2 1

1. भूखण्डों का क्षेत्र 2. परिभ्रमण एवं वाहनं विराम स्थल का क्षेत्र

3. खुले स्थानों को सम्मिलित कर सुविधाओं , का क्षेत्र

4. मार्गों की चौड़ाई

बाजार से गुजरने वाले मुख्य सीधे मार्ग

की न्यूनतम चौड़ाई

दुकानों के सामने ट्रकों के खड़े एवं मुड़ने के लिये न्यूनतम चौड़ाई

दुकानों के सामने पदचारी की न्यूनतम चौड़ाई

5. दुकानों के आकार 6. विराम स्थल

सारणी 6.6 वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक

कुल क्षेत्र का प्रतिशत

3

अधिकतम 50 प्रतिशत

अधिकतम 40 प्रतिशत

न्यूनतम 10 प्रतिशत (8 : 2 )

12मीटर

18 मीटर

6 मीटर

मार्ग सर्वेक्षण एवं प्रोजेक्शन के आधार पर

म.प्र . भूमि विकास नियम , 2012 के अनुसार .

4253

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 6.5.5 वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्र

निम्नलिखित शर्तों के अधीन वाणिज्यिक क्षेत्रों में पुनर्निमाण एवं परिवर्तन की अनुज्ञा दी जा सकेगी ।

1. मार्गों की चौड़ाई, विकास योजना में प्रस्तावित मापदण्डों के अनुरूप हो ।

2. फर्शी क्षेत्र अनुपात को ध्यान में रखते हुये फर्शी क्षेत्र निर्धारित होगा ।

3. वाणिज्यिक विकास की गहराई , भवन जिस मार्ग पर हो , उस मार्ग की चौड़ाई के 1.5 गुना या 30 मीटर , जो भी कम हो , उससे अधिक नहीं होगी ।

वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्रों में, वाणिज्यिक परिसरों के लिये अधिकतम निर्मित क्षेत्र निम्नानुसार रहेगा ।

100 प्रतिशत

25 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले भू- खण्ड

80 प्रतिशत

25 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भू- खण्ड

1: 1.50

फर्शी क्षेत्र अनुपात

टीप :-

1. वर्तमान भवन रेखा यथावत रखी जायेगी ।

2. किसी भूखण्ड के स्वामी द्वारा अपने भू-खण्डों में से मार्ग , पफुटपाथ आदि सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ी जाती है तो ऐसी दशा में उक्त भू- खण्ड का निर्माण किये जा रहे भवन में सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी गयी भूमि का दुगना फर्शी क्षेत्र अनुपात अतिरिक्त रूप से स्वीकार्य होगा । इससे भवन के आगे सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ने को प्रोत्साहन मिलेगा तथा छोड़ी गई भूमि की क्षतिपूर्ति भी हो सकेगी ।

6.5.6 वर्तमान मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियां

वर्तमान विकसित क्षेत्र में अधिकतर वाणिज्यिक गतिविधियां मार्गों पर संचालित हैं । 12 एवं उससे अधिक चौड़े मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियाँ मान्य होंगी ।

वाणिज्यिक गतिविधि हेतु भू- खण्ड का क्षेत्रफल 200 वर्गमीटर या उससे अधिक होने पर कम से कम 4.5 मीटर अग्र खुला क्षेत्र वाहन विराम हेतु खुला छोड़ना होगा । वाणिज्यिक मार्गों एवं वाणिज्यिक उपयोग, प्रस्तावित मार्ग की चौड़ाई से दो गुना या 30 मीटर गहराई तक, जो भी कम हो स्वीकार होगा ।

निर्मित क्षेत्र :- वाणिज्यिक उपयोग हेतु भू- तल पर अधिकतम निर्मित क्षेत्र की गणना निम्नानुसार की जायेगी । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4254

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 क्र.

भूखण्ड का क्षेत्रफल

भू- तल पर निर्मित क्षेत्र अधिकतम

3

2

1

66 प्रतिशत

अधिकतम 200 वर्ग मीटर तक

1.

1

60 प्रतिशत

200 वर्ग मीटर से अधिक 400 वर्गमीटर तक

2.

50 प्रतिशत

400 वर्गमीटर से अधिक

3 .

1 6.6 औद्योगिक उपयोग परिक्षेत्र

1 औद्योगिक विकास के मानक म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार होंगे । 6.7 मिश्रित उपयोग परिक्षेत्र

6.7.1 मिश्रित उपयोग

1

1 आवासीय / वाणिज्यिक / सार्वजनिक अर्द्ध सार्वजनिक क्षेत्र में क्रमशः गैर आवासीय / गैर वाणिज्यिक / गैर सार्वजनिक अर्द्ध सार्वजनिक गतिविधियां ।

6.7.2 मिश्रित उपयोग नियमन

1

1

1

1

1 मिश्रित उपयोग पारंपरिक नगर नियोजन तथा भारतीय सामाजिक-आर्थिक- सांस्कृतिक परिवेश पर आधारित है । बाजार के आर्थिक आवश्यक बल के कारण सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास आवासीय परिसरों में हुआ है । इसी प्रकार वाणिज्यिक उपयोग हेतु निर्धारित क्षेत्र में आवासीय तथा सार्वजनिक / अर्द्ध सार्वजनिक गतिविधियों का विकास हुआ है । आवासीय परिसरों में वाणिज्यिक गतिविधियों की मांग बढ़ने के कारण वास्तविकता को नियोजन की दृष्टि से अनदेखा नहीं किया जा सकता । अतः अब ऐसी नीति बनाने की आवश्यकता है जिसके फलस्वरूप नागरिकों की वास्तविक आवश्यकता, सुविधा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मध्य संतुलन बना रहे । इस हेतु आवासीय परिसरों में मिश्रित उपयोग स्वीकार्य करने हेतु स्पष्ट सिद्धांत एवं प्रक्रिया का निर्धारण आवश्यक है ।

4 6.7.3 मिश्रित उपयोग के मार्गदर्शी सिद्धांत

1

1 1. मिश्रित उपयोग का आशय आवासीय / वाणिज्यिक / सार्वजनिक अर्द्ध सार्वजनिक परिक्षेत्र में क्रमशः गैर आवासीय , गैर वाणिज्यिक एवं गैर सार्वजनिक अर्द्ध सार्बजनिक गतिविधि किये जाने से है ।

2. ऐसे कार्य कलापों की सामाजिक , आर्थिक आवश्यकता तथा आवासीय क्षेत्र में उक्त कार्यकलापों से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित विपरीत प्रभाव के बीच संतुलन बनाये रखना आवश्यक है ।

3. मिश्रित उपयोग से, अलग -अलग मोहल्लों में निकटतम क्षेत्र में व्यावसायिक सुविधायें प्राप्त हो सकेंगी जिससे आवागमन में कमी आयेगी किन्तु इससे रिहायशी इलाकों में 4255

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 भीड़- भाड़ बढ़ने , पार्किंग की असुविधा एवं अन्य पर्यावरणीय दुष्प्रभाव भी पड़ना संभावित है । प्रस्तावित नियमन से इन प्रभावों का प्रबंधन एवं नियंत्रण संभव होगा । 6.7.4 मिश्रित उपयोग की सामान्य शर्ते 1. मिश्रित उपयोग हेतु विकास नियंत्रण के उपयोग परिक्षेत्र में लागू मापदण्ड (एफ.ए. आर . ग्राउण्ड कवरेज इत्यादि) , मिश्रित उपयोग के लिये भी लागू रहेंगे ।

2. मिश्रित उपयोग के यह नियमन पूर्व से विकसित क्षेत्र एवं नवीन प्रस्तावित क्षेत्रों में लागू होंगें, तथा पार्किंग हेतु परिसर उपयोग परिसर के अनुसार मान्य होंगे । विकसित क्षेत्र में पुनर्विकास की दशा में भी मिश्रित उपयोग स्वीकार्य किए जा सकेंगे ।

3. 12.0 मीटर एवं अधिक चौड़े मार्ग पर ही गैर-आवासीय गतिविधियां जैसे वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक गतिविधियां मान्य की जा सकेंगी ।

6.8 सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक हेतु विकास नियमन निम्न सारणी में दर्शाए गए हैं ।

सारणी 6.7 सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक हेतु विकास मापदण्ड

क्र.

विवरण

1

2

1

महाविद्यालय 2

उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 3

प्राथमिक शाला 4

पूर्व प्राथमिक शाला 5

चिकित्सालय 6

स्वास्थ्य केन्द्र 7

पुलिस थाना

8

अग्निशमन भवन 9

सामुदायिक भवन 10 शासकीय एवं अर्द्ध- शासकीय कार्यालय कवरेज

फर्शी क्षेत्रानुपात

4

3

1.5

40प्रतिशत

1.5

40प्रतिशत

1.5

50 प्रतिशत

1.5

50 प्रतिशत

1.5

40 प्रतिशत

1.5

50 प्रतिशत

1.5

50 प्रतिशत

1.5

50 प्रतिशत

1.0

40 प्रतिशत

1.5

40 प्रतिशत

टीप:- 5 प्रतिशत अतिरिक्त आच्छादन , गैरेज तथा साइकल स्टैण्ड के लिये स्वीकार्य एवं अनिवार्य होगा । 4256

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 6.8.1 सामुदायिक सुविधाएं तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं के मापदंड

1. शैक्षणिक स्वास्थ्य, संचार तथा सांस्कृतिक सुविधाओं के लिए अपेक्षित न्यूनतम भूमि का आकार प्रशासकीय विभाग या किसी नियामक प्राधिकारी या भूखण्ड का न्यूनतम आकार विहित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित किए गए अनुसार होगा । 2. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा निम्न आय समूह गृह निर्माण के लिए अत्यावश्यक सुख सुविधाओं की आवश्यकतायें म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 19 के परिशिष्ट - ञ में दिए गए अनुसार होगी ।

3. विकास योजना तैयार करते समय विभिन्न परिक्षेत्रों में स्वीकार्य फर्शी क्षेत्र अनुपात को उस क्षेत्र में प्रस्तावित धनत्व को दृष्टिगत रखते हुये निर्धारण किया गया है । अतः धनत्व का निर्धारण अनुज्ञा देते समय अभिन्यास स्तर पर न किया जावे । 4. उस भूमि के लिए जिसमें कि कोई आवेदक हितबद्ध हो सकता हो विकास रेखांक अथवा परिक्षेत्रीय रेखांक के प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए प्राधिकारी को म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 49 की परिशिष्ट - छः में दिए अनुसार विहित प्रारूप में कोई आवेदन किया जा सकता है ।

सामुदायिक सुविधाएं तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं के मापदंड निम्न सारणी में दर्शाए गए हैं । 4257

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 6.8 सामुदायिक सुविधाओं / सेवाओं हेतु नियमन

श्रेणी

क्र.

एफ.ए. आर.

अधिकतम

निर्मित क्षेत्र

2

1

शैक्षणिक भवन

अन्य तीन ओर (मी. में)

अग्र सीमान्त खुला क्षेत्र (मी. में)

न्यूनतम मार्ग चौड़ाई (मी. में)

7 5

6

3

4

3.0

6.0

12.0

1.25

40 प्रतिशत

नर्सरी / पूर्व प्राथमिक शाला

7.5

3.5 12.0

1.25

33प्रतिशत

1 प्राथमिक विद्यालय

5.0

12.0

18.0

1.00

30 प्रतिशत

उच्चतर माध्यमिक विद्यालय

6.0

15.0

24.0

1.00

25 प्रतिशत

महाविद्यालय

स्वास्थ्य

06.00

15.00

24.00

1.25

30 प्रतिशत

हास्पिटल 100 बिस्तर

06.00

15.00

24.00

1.25

30 प्रतिशत

हास्पिटल 30 से 100 बिस्तर

04.50

12.00

18.00

1.25

30 प्रतिशत

हास्पिटल 0 से 30 बिस्तर

04.50

12.00

18.00

1.25

30 प्रतिशत

नेच्रोपेथी सेन्टर

04.50

12.00

18.00

1.25

30 प्रतिशत

हेल्थ रोन्टर

2

04.50

12.00

10.00

30 प्रतिशत

नर्सिंग होम

1.25

04.50

12.00

18.00

1.25

30 प्रतिशत

पालीक्लीनिक

04.50

12.00

12.00

1.25

30प्रतिशत

पेट क्लीनिक

04.50

12.00

12.00

1.25

30 प्रतिशत

ब्लड बैंक / पैथालाजी सेन्टर इत्यादि

04.50

12.00

12.00

1.25

30 प्रतिशत

फिजियोथेरेपी सेन्टर

जनउपयोगिता एवं सेवायें

म.प्र. भूमि

म.प्र. भूमि विकास 1.00

35 प्रतिशत

पुलिस चौकी

विकास

12.0

नियम, 1.00

25 प्रतिशत

पुलिस स्टेशन आवास गृह सहित

नियम,

2012 के 12.0

1.00

35 प्रतिशत

सामुदायिक भवन

2012के

नियम 42 12.0

1.00

35 प्रतिशत

3

उप अग्निशमन केन्द्र

नियम 42

के

12.0

1.00

35 प्रतिशत

अग्निशमन केन्द्र

के अनुसार

12.0

1.00

अनुसार

35 प्रतिशत

डाक एवं तार

विद्युत सब स्टेशन

मान्य होंगे ।

मान्य होंगे । 12.0

1.00

30 प्रतिशत

4 धार्मिक भवन

18.0

1.00

35 प्रतिशत

शासकीय / अर्द्ध-शासकीय 5

कार्यालय मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4258

[भाग 1

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 नोट - उपरोक्त सारणी में जो सुविधाएं सम्मिलित नहीं हैं उनके भू- आच्छादित क्षेत्र 30 प्रतिशत तथा फर्शी क्षेत्र अनुपात 1.0 से अधिक नहीं होंगे । जो सीमांत खुले क्षेत्र उपरोक्त सारणी में उल्लेखित नहीं हैं , वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के प्रावधानों के अनुसार रहेंगे , किंतु ऐसी सुविधाएं जिनका पुनर्विकास किया गया है । उनके लिये यहां मापदण्ड लागू न होकर केवल आच्छादित क्षेत्र (कॉलम 3 ) के अनुसार रहेगी , जिसे आवश्यकतानुसार 10 प्रतिशत की सीमा तक बढ़ाया जा सकता है ।

6.9 अन्य नियमन

6.9.1 12.5 मीटर से ऊँचे भवनों संबंधी नियमन

म.प्र . भूमि विकास नियम 2012 के नियम 42 के प्रावधानों अनुसार मान्य होंगे । 6.9.2 बहुविध बहुमंजिली इकाई निर्माण

होंगे । मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 के मापदण्ड अनुसार नियंत्रित 6.9.3 फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा

फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधायें हेतु मानक मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 17 अनुसार मान्य होंगे ।

6.9.4 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान

नवीन वाणिज्यिक केन्द्रों के नियोजन के समय फुटपाथ दुकानें, हाथ ठेला एवं इसी तरह की अन्य गतिविधियों के लिए निम्न सारणी में दिए गए मानकों के अनुसार अनौपचारिक वर्ग हेतु प्रावधान निर्धारित किए गए हैं । 4259

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 11

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

सारणी 6.9 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान

विवरण क्रमांक

2 1

फुटपाथ व्यापार

वृत्त खण्ड केन्द्र 1.

उपवृत्त खण्ड केन्द्र

सुलभ शॉपिंग

2. शासकीय एवं वाणिज्यिक कार्यालय

3.

थोक व्यापार एवं मालभाड़ा कॉम्पलेक्स

4. चिकित्सालय

विद्यालय

प्राथमिक

5.

माध्यमिक / उच्चतर माध्यमिक

उद्यान

नगर उद्यान

6.

स्थानीय उद्यान

आवासीय

7.

8. बस स्थानक / रेल्वे स्टेशन

मानक

3

3 से 4 इकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें

1 से 2 इकाई प्रति 100 कर्मकार

3 से 4 इकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें

3 से 4 इकाई प्रति 100 बिस्तर

3 से 4 इकाई

5 से 6 इकाई

8 से 10 इकाई प्रत्येक प्रमुख प्रवेश द्वार

2 से 3 इकाई

1 इकाई प्रति 500 जनसंख्या

परियोजना तैयार करते समय किये गये सर्वेक्षण पर निर्भर होगा ।

टीपः- प्रत्येक इकाई 2.5 से 5 वर्गमीटर के आकार की नियत होगी ।

6.9.5 ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक

ईंधन भराव एवं भराव सह - सेवा केन्द्र 18.00 मीटर चौड़े विद्यमान मार्ग पर स्वीकार्य होंगे तथा शेष मानक म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 53 (3 ) (चार ) के अनुरूप होंगे । ई - वाहन / बैटरी चार्जिंग स्टेशन के मानक शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार लागू होंगे ।

6.9.6 यातायात नगर / मैकेनिक नगर / लॉजिस्टिक हब / निजी बस स्थानक

इस उपयोग के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी- ट्रक टर्मिनल , मोटर गैरेज , वर्कशॉप , स्पेयर पाटर्स एवं सुधार की दुकानें रात्रि विश्राम गृह बोर्डिंग / लाजिंग , बैंक , पेट्रोल पंप , रेस्टोरेंट , बुकिंग ऑफिस , वेयर हाउस एवं अनुषांगिक गतिविधियां । यातायात नगर एवं मैकेनिक नगर परिक्षेत्र हेतु नियमन निम्नानुसार हैं ।

1. मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 18.00 मीटर से कम नहीं होगी । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4260

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 2. सामुदायिक खुले क्षेत्र का उपयोग पार्किंग के लिए किया जा सकेगा ।

3. यातायात नगर के विकास हेतु न्यूनतम क्षेत्रफल वर्णित नहीं किया गया है । स्थल के आधार के अनुसार एक से अधिक गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी ।

6.9.7 शॉपिंग मॉल / खुला मॉल

शापिंग मॉल हेतु मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 96 के अनुरूप होंगे । उक्त गतिविधि विकास योजना में दर्शित वाणिज्यिक, मिश्रित एवं आवासीय भू- उपयोग में मान्य होगी । खुला माल, कृषि भूमि उपयोग के अंतर्गत मान्य होंगे ।

6.9.8 वर्तमान विकसित क्षेत्र हेतु नियमन

1. वर्तमान विकसित क्षेत्रों में भवन की ऊँचाई , भू- आच्छादन, फर्शी क्षेत्र अनुपात एवं पार्किंग संबंधी मापदण्ड, नगरीय निकाय द्वारा जोनल प्लान तैयार कर निर्धारित मापदण्डों एवं भवन रेखा के निर्धारण अनुसार लागू होंगे । जब तक जोनल प्लान लागू नहीं होगा तब तक विकारा योजना के प्रानगरान शाए, होंगे ।

2. विकसित क्षेत्रों में पुनर्विकास की अनुमति सीधे स्थानीय निकाय द्वारा दी जा सकेगी । स्थानीय निकाय को विकास योजना में यदि कोई स्पष्टीकरण आवश्यक होगा; तो विकास योजना प्रावधानों के संबंध में नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय से स्पष्टीकरण प्राप्त कर पुनर्निर्माण अनुसंशा प्रदान करेगें ।

3. भवन की ऊँचाई, अहाते की दीवार की ऊँचाई एवं वाहन विराम संबंधी मापदण्ड नये क्षेत्रों के मापदण्डों के अनुरूप ही रहेंगे ।

6.9.9 होस्टल, वर्किंग वूमन होस्टल, रेस्ट/ गेस्ट हाउस, लाजिंग / बोर्डिंग

500 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1: 1.0

अधिकतम एफ.ए.आर.

33प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कवरेज)

12.00 मीटर

अधिकतम ऊँचाई

सीमांत खुला क्षेत्र

6.0मीटर

(अ) सम्मुख

4.50 मीटर

(ब) अन्य तीन ओर

अन्य नियंत्रण

12.0 मीटर

भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई

पार्किंग म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 प्रावधान अनुसार । 4261

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 6.9.10 मैरिज गार्डन

म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार

6.9.11 बारात घर/ मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम / कम्युनिटी हाल

बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम/ कम्युनिटी हाल आवासीय एवं वाणिज्यिक भूमि उपयोग में स्वीकार्य होंगे । विकास के नियमन निम्नानुसार होंगे : -

500 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1 : 0.5

अधिकतम एफ.ए.आर.

15 प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कवरेज)

25.0मीटर

न्यूनतम भूखण्ड का अग्रभाग

सीमांत खुला क्षेत्र -

6.0 मीटर

सम्मुख

4.50मीटर

अन्य तीन ओर

अन्य नियंत्रण :-

भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर ।

भूखण्ड के सम्मुख खुले क्षेत्र का 40 प्रतिशत भाग सार्वजनिक पार्किंग हेतु आरक्षित रहेगा ।

इस गतिविधि से जनित होने वाली पार्किंग की पूर्ण व्यवस्था परिसर के अंदर ही सुनिश्चित की जायेगी ।

टीप- शासकीय भूमि अथवा मार्ग पर एवं परिसर के बाहर पार्किंग गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी ।

6.9.12 शीतकेन्द्र / वेयर हाउस / गोदाम / अन्य भण्डारण

भू- खण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल - 1000 वर्गमीटर

अधिकतम तल क्षेत्र का अनुपात - 1: 0.40

अधिकतम निर्मित क्षेत्र- 40 प्रतिशत

भू- खण्ड के सामने मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई- 12.0 मीटर

सीमांत खुला क्षेत्र 6.0मीटर भाग 1 4262

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 6.9.13 छविगृहों के लिए मापदण्ड

म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 53 (3 ) के प्रावधान लागू होंगे ।

6.9.14 मल्टीप्लेक्स

मल्टीप्लेक्स हेतु म.प्र . भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 95 के प्रावधान लागू होंगे । जो आवासीय, वाणिज्यिक , औद्योगिक , कृषि एवं मिश्रित भूमि उपयोग में मान्य होंगे एवं फर्शी क्षेत्रानुपात उस भू- उपयोग के अनुरूप होगा जिसमें उक्त गतिविधि मान्य की गई हो ।

6.9.15 उद्यान

1. समस्त प्रकार के आमोद -प्रमोद क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित उद्यान में 05 प्रतिशत आनुषांगिक स्वीकार्य होगी ।

2. स्टेडियम के निर्माण हेतु मापदण्ड खेल विभाग के अनुसार होंगे ।

6.10 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन

संवेदनशील क्षेत्र में विकास की गतिविधियां निम्नानुसार प्रावधानित हैं :-

1 नाले, शारवा नहर एवं अन्य जल स्त्रोती के किनारे छोड़ा जाने वाला कम -से-कम क्षेत्र मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के नियमों के अनुसार होगा ।

2. नहर के दोनों और 9.00 9.00 मी बफर रखा गया है , जिस पर मार्ग निर्माण हो सकता है । सिचाई विभाग द्वारा अधिग्रहित कि गई भूमि अथवा नहर के दोनों और 9.00 9.00 मी . में से जो भी अधिक हो , नहर का बफर वही मान्य होगा । निवेश क्षेत्र के अंतर्गत भगवानपुरा , जहांगीरपुरा एवं जमुनिया तालाब के जल भराव क्षेत्र तथा सिवान नदी के दोनों और 30.00 30.00 मी का बफर प्रस्तावित है ।

3. प्रदूषित जल / मल किसी भी स्थिति में नदी में प्रवाहित नहीं किया जावेगा ।

4. किनारे क्षेत्रों में अपने भवनों के व्यक्तिगत सेप्टिक टैंक को ग्रिडल मल लाईन , जब उसका निर्माण हो जाए से जोड़ना होगा ।

5. निवेश क्षेत्र में आने वाले निर्मित भवनों के आच्छादित क्षेत्र में या एफ.ए.आर. में पूर्व की स्वीकृति के अतिरिक्त वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी ।

6. नदियों की सुरक्षा एवं जल गुणवत्ता के सुधार एवं संरक्षण हेतु किये जाने वाले कार्य स्वीकार्य होंगे ।

7. संवदेनशील क्षेत्रों में निम्न श्रेणी के रख - रखाव के विस्तार संबंधी कार्य स्वीकार्य होंगे ।

ऐतिहासिक महत्व के क्षेत्र:-

नागरिक एवं सांस्कृतिक महत्व के भवन । 4263

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 प्राचीन वास्तुकला भवन यदि निजी अधिपत्य में हो , तो भी ।

समय- समय पर उत्खनित / खोजे गए विरासतीय भवन ।

6.11 भोज वेटलेण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत अधिसूचित आर्द्र भूमि नियग 2017 प्रभावशील है । इन नियमों के अंतर्गत अधिसूचित भोज वेटलेण्ड के अंतर्गत कुल 99 ग्राम सम्मिलित है , जिनमें से भोपाल तालाब से संलग्न केचमेंट क्षेत्र भोपाल निवेश क्षेत्र के अंतर्गत है, जिसमें 63 ग्राम सम्मिलित है; तथा भोपाल निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केचमेंट से संलग्न 36 ग्राम सीहोर निवेश क्षेत्र के अंतर्गत है । इस क्षेत्र को विकास योजना में नियोजन इकाई क्रमांक -4 क्षेत्र में रखा गया है । आर्द्र भूमि नियम , 2017 के अंतर्गत अधिसूचित किये जाने वाले नियम सीहोर विकास योजना का भाग होगें ।

6.11.1 भोजताल झील और जल ग्रहण क्षेत्र - 1 (सीजेड -1 )

इस जोन को भोजताल में जाने वाले नदी / नाले के बफर को सी. जेड-1 के रूप में परिभाषित किया गया है । सी.जेड.-1 के अंतर्गत कोई भी गतिविधि स्वीकार्य नही होगी । केवल सार्वजनिक सुविधाऐं एवं उपयोगिताऐं मान्य की जा सकेगी ।

i- कोलौसनदी के आसपास 250 मीटर बफर ।

ii- जलग्रहण क्षेत्र में प्रमुख प्रवाह (स्ट्रीम) के आसपास 50 मीटर बफर ।

iii- जलग्रहण क्षेत्र में माइनर प्रवाह (स्ट्रीम ) के आसपास 9 मीटर बफर ।

6.11.2 भोजताल झील और जल ग्रहण क्षेत्र -2 (सीजेड -2)

इस जोन में, भोपाल निवेश क्षेत्र के वर्तमान एवं प्रस्तावित भोजताल के जल ग्रहण के ग्रामों ( V) , उनके विस्तार क्षेत्र (VE - 2 ) तथा CZ - 1 जोन परिधि को छोड़कर, सभी जलग्रहण क्षेत्रों को चिन्हित करता है । इस जोन में पर्यावरण के प्रति संवेदनशील विकास को विनियमित करने के लिए चिन्हित किया गया है ।

इस जोन के सभी भूखंडों में भूखंड पर मलजल और अपशिष्ट जल उपचार सुविधा ( DEWAT) होगी । भूखण्ड या भूखण्डीय विकास के बाहर कोई अपशिष्ट जल या सीवेज नहीं डाला जाएगा ।

इस जोन में हाई मास्ट लाइटें मान्य नहीं होंगी ।

6.11.2.1 स्वीकार्य योग्य गतिविधियाँ

इस जोन में आने वाले एक भूखंड पर निम्नलिखित गतिविधियां सामान्यतया स्वीकार्य होंगी: -

1. आवासीय : इस क्षेत्र में फार्म हाउस मान्य होगे जिसकान्यूनतम भूखंड क्षेत्र , अधिकतम भू- आच्छादित क्षेत्र , फर्शी क्षेत्र अनुपात कंडिका क्रमांक 6.11.4.3 के अनुसार होगा । 2. वाणिज्यिक: पर्यावरण के प्रति संवेदनशील पर्यटन गतिविधियाँ 4264

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[भाग 1

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 3. मनोरंजन : मनोरंजन गतिविधियाँ जिसमें निम्न गतिविधिया शामिल होंगी पार्क , खेल मैदान , खेल परिसर , प्राणी उद्यान , वनस्पति उद्यान, पक्षी अभयारण्य , क्षेत्रीय पार्क, शहरीय पार्क, सिटी फोरेस्ट, नर्सरी , ऑर्चर्ड, मछलीघर

4. कृषि : कृषि आधारित गोदाम (मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर होने पर स्वीकार्य होंगी ) , कृषि, फूलों की खेती , बागवानी , गैर - प्रदूषणकारी कृषि आधारित कुटीर उद्योग , मवेशीघर , पोल्ट्री फार्म

6.11.3 ग्रामीण आबादी एवं विस्तार ( व्ही.ई.- 1)

सीहोर निवेश क्षेत्र के अंतर्गत तथा जल ग्रहण क्षेत्र के बाहर, आने वाले ग्रामों को VE-1 के नाम से परिभाषित किया गया है । जल ग्रहण क्षेत्र के बाहर ग्रामीण विस्तार के लिये वर्तमान ग्रामीण आबादी से संलग्न 250 मीटर तक की परिधि का क्षेत्र अनुज्ञेय होगा, जिसमें आवासीय , वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक के अंतर्गत आने वाली गतिविधियां स्वीकार्य होंगी । जल ग्रहण क्षेत्र के बाहर के ग्रामों में उपलब्ध कृषि भूमि में भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधान अनुसार अनुज्ञा स्वीकृत होगी ।

6.11.4 ग्रामीण आनानी एनं निरतार (नही.ई. 2)

सीहोर निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों को (VE -2) तथा जल ग्रहण क्षेत्र के अंतर्गत कृषि क्षेत्र को CZ- 2 के नाम से परिभाषित किया गया है । केचमेंट क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण विस्तार के लिये वर्तमान ग्रामीण आबादी से संलग्न 150 मीटर तक की परिधि का क्षेत्र अनुज्ञेय होगा, जिसमें आवासीय , वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक के अंतर्गत आने वाली गतिविधियां स्वीकार्य होंगी ।

इस जोन के सभी भूखंडों में भूखंड पर मलजल और अपशिष्ट जल उपचार सुविधा (DEWAT) होगी । भूखण्ड या भूखण्डीय विकास के बाहर कोई अपशिष्ट जल या सीवेज नहीं डाला जाएगा ।

इस जोन में हाई मास्ट लाइटें मान्य नहीं होंगी ।

6.11.4.1 अनुज्ञेय गतिविधियां

इस जोन में आने वाले एक भूखंड पर निम्नलिखित गतिविधियां सामान्यतया स्वीकार्य होंगी :-

5. आवासीय : इस क्षेत्र में फार्म हाउस मान्य होगे जिसकान्यूनतम भूखंड क्षेत्र, अधिकतम भू- आच्छादित क्षेत्र , फर्शी क्षेत्र अनुपात कंडिका क्रमांक 6.11.4.3 के अनुसार होगा । 6. वाणिज्यिक: पर्यावरण के प्रति संवेदनशील पर्यटन गतिविधियाँ

7. मनोरंजन : मनोरंजन गतिविधियाँ जिसमें निम्न गतिविधिया शामिल होंगी - पार्क , खेल मैदान, खेल परिसर, प्राणी उद्यान, वनस्पति उद्यान , पक्षी अभयारण्य , क्षेत्रीय पार्क , शहरीय पार्क, सिटी फोरेस्ट, नर्सरी, ऑर्चर्ड, मछलीघर 4265

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 8. कृषि : कृषि आधारित गोदाम (मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर होने पर स्वीकार्य होंगी) , कृषि, फूलों की खेती , बागवानी , गैर- प्रदूषणकारी कृषि आधारित कुटीर उद्योग , मवेशीघर , पोल्ट्री फार्म

6.11.4.2 मार्ग की चौड़ाई द्वारा अनुज्ञेय गतिविधि

1. सभी गतिविधियों के लिए आवश्यक न्यूनतम सड़क की चौड़ाई भूमि विकास नियम 2012के अनुसार होगी ।

6.11.4.3 एकल भूखंडों के विकास हेतु मापदंड

1. सी . जेड-2 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में म. प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के अंतर्गत केवल फार्म हाउसगतिविधि स्वीकार्य होगी ।

2. फार्म हाउसों के लिए भूखंड का न्यूनतम आकार 4000 वर्गमीटर होगा ।

3. आच्छादित क्षेत्र अधिकतम 10 प्रतिशत ।

4. एफ.ए.आर. 1 : 0.1

5. सीमांत खुला क्षेत्र न्यूनतम :- सम्मुख 12 मीटर एवं अन्य तीनों ओर 7.50-7.50 मीटर

6. अधिकतम अनुज्ञेय ऊँचाई 7.5 मीटर होगी

7. इस क्षेत्र में निर्मित भवन की छत को ढलुआ रखा जाएगा ।

8. फार्म हाउसों के लिए पंहुच के साधन की न्यूनतम चौड़ाई 7.5 मी होगी

9. पहुंच के साधनों को पक्का नहीं बनाया जाएगा और केवल छिद्रपूर्ण पेवर्स या अन्य सामग्री जिसमें जल प्रवेश गुण हो के साथ निर्मित किया जाएगा । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4266

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 6.12 उपयोग परिसर में स्वीकृत / स्वीकार्य गतिविधियां

सारणी 6.10 उपयोग परिसर में स्वीकृत / स्वीकार्य गतिविधियां

उपयोग

क्र.

स्वीकृत उपयोग परिसर

3

1

2

आवासीय

1

आवासीय भूखण्डीय विकास , अपार्टमेंट हाउसिंग / फ्लेटस , अतिथि गृह / रेस्ट हाउस , रात्रि विश्राम गृह, धर्मशाला मैरिज हाल / बारात घर/ मांगलिक भवन / कल्याण मंडपम, कम्यूनिटी हॉल , मेरिज गार्डन , बाल सुधार गृह / कामकाजी महिला छात्रावास, होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम, सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, साप्ताहिक हाट बाजार , क्लिनिक / डिस्पेंसरी , प्रसूति गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, पालतू पशु क्लिनिक / औषधालय , खेल का मैदान / नेवरहुड पार्क , झूलाघर / डे- केयर सेंटर , क्लिनिकल प्रयोगशाला , खुला रंग मंच , सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र, अनाथालय , योग केन्द्र, ध्यान अध्यात्मिक केन्द्र, सिनेमा हाल , होटल , ईंधन भराव एवं भराव - सह- सेवा केन्द्र, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग , सामान्य चिकित्सालय , विशिष्ट चिकित्सालय , शैक्षणिक महाविद्यालय / संस्थान, समस्त विद्यालय, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, संगीत / नृत्य / नाटिका प्रशिक्षण केन्द्र , स्थानीय संस्थायें / अर्द्धशासकीय / शासकीय कार्यालय / सुविधायें , कन्वेंशन सेंटर, बस स्टॉप , सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयंत्र गृह , मनोरंजन क्लब , खेल मैदान / स्टेडियम , लाइब्रेरी , म्यूजियम , स्टाफ क्वार्टर , बैंक / ए.टी.एम. , रेस्टोरेंट , तरणताल, कम्प्यूटर सेंटर , मिश्रित उपयोग ।

वाणिज्यिक

2

(अ) सामान्य वाणिज्यिक

आवासीय में स्वीकार्य समस्त गतिविधियां, सिनेमा हाल , होटल , ईंधन भराव एवं भराव - सह- सेवा केन्द्र , प्रिटिंग प्रेस , निजी व्यवसाय कॉर्पोरेट कार्यालय , ऑटो सर्विस स्टेशन / मोटर गैरेज एवं वर्कशॉप , सूचना प्रौद्योगिकी, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण सेंटर, दूर - संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टॉवर, वायर लेस स्टेशन, रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन, वेदशाला एवं मौसम कार्यालय , अग्निशमन केन्द्र , दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस, दूर - संचार टावर एवं स्टेशन , पुलिस स्टेशन , पुलिस पोस्ट , माल , मल्टीप्लेक्स, फिटनेस क्लब , मिश्रित उपयोग । 4267

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 उपयोग

क्र.

स्वीकृत उपयोग परिसर

3

2

1

(ब ) वर्गीकृत वाणिज्यिक

आवासीय एवं सामान्य वाणिज्यिक में स्वीकार्य गतिविधियां तथा थोक व्यापार एवं लॉजिस्टिक हब ।

3. औद्योगिक

औद्योगिक भूखण्डीय विकास , अतिथि गृह / रेस्ट हाउस , होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, क्लिनिक / डिस्पेंसरी , प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम , खेल मैदान , बालगृह , दिन देखभाल केन्द्र, धार्मिक परिसर , क्लिनीकल प्रयोगशाला, सिनेमा हाल , होटल , ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, शीत संग्रहागार एवं दुग्ध द्रुतशीतजन संयंत्र, जंकयार्ड, पेट्रोलियम उत्पाद डिपो, गैस गोडाउन , प्रिटिंग प्रेस, ऑटो सर्विस स्टेशन / मोटर गैरेज एवं वर्कशॉप , सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग , डेरी प्लांट , स्लाटर हाउस, फेलैटेड फैक्टरी , स्टोरेज / गोदाम (अज्वलनशील , ज्वलनशील , डीजल स्टोरेज) , एक्सटेंसिव-विशिष्ट एक्सट्रेक्टिव उद्योग , औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र , स्थानीय संस्थायें / अर्द्धशासकीय / शासकीय कार्यालय , दूर- संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टॉवर, वायर लेस स्टेशन, अग्नि शमन केन्द्र, दूर संचार, पोस्ट आफिस , दूरभाष केन्द्र पोस्ट ऑफिस , दूर- संचार टावर एवं स्टेशन, पुलिस स्टेशन , पुलिस पोस्ट, बस स्टॉप , सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वाटर शोधन संयंत्र, लाइब्रेरी , म्यूजियम , स्टाफ क्वार्टर , बैंक / ए.टी.एम. रेस्टोरेंट, बस स्टैण्ड, यातायात नगर ।

सार्वजनिक एवं 4. अर्द्ध सार्वजनिक

अतिथि गृह / रेस्ट हाउस , बालगृह , कामकाजी महिला छात्रावास , होस्टल , लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम , सुविधाजनक दुकानें , स्थानीय दुकानें, क्लिनिक / डिस्पेंसरी , प्रसूति गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र , नर्सिंग होम , पालतू पशु औषधालय, खेल का मैदान, नेवरहूड पार्क , झूला घर / डे केयर केन्द्र , धार्मिक परिसर , क्लिनिकल प्रयोगशाला, खुला रंग मंच, सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र, अनाथालय , योग - ध्यान- अध्यात्मिक केन्द्र , ईधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र , निजी व्यवसाय एवं कार्पोरेट कार्यालय , सूचना प्रौद्योगिकी, स्टोरेज / गोदाम (अज्वलनशील ) , सामान्य चिकित्सालय , विशिष्ट चिकित्सालय , पशु चिकित्सालय , विश्व विद्यालय , शैक्षणिक महाविद्यालय , चिकित्सा / इंजीनियरिंग महाविद्यालय , अन्य व्यवसायिक महाविद्यालय , पॉलीटेक्नीक , माध्यमिक विद्यालय , प्राथमिक विद्यालय / नर्सरी , प्ले स्कूल , कोचिंग सेंटर , कम्प्यूटर प्रशिक्षण सेंटर , [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4268

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 क्र. उपयोग

स्वीकृत उपयोग परिसर

3

1

2

शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान, विकलांग बच्चों के लिए विद्यालय , (अ - मानसिक विकलांगता, ब - शारीरिक विकलांगता) , समन्वित आवासीय विद्यालय , औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थान / प्रबंधन संस्थान , अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, संगीत / नृत्य नाटिका प्रशिक्षण केन्द्र, स्थानीय संस्थायें / अर्द्धशासकीय / शासकीय कार्यालय , दूर - संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टॉवर , वायर लेस स्टेशन, रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन , वेदशाला एवं मौसम कार्यालय, गृह, मनोरंजन क्लब , आंतरिक एवं बाह्य स्टेडियम , स्पोर्ट्स काम्पलेक्स , लाइब्रेरी , म्यूजियम , स्टाफ क्वार्टर, बैंक / ए.टी.एम. रेस्टोरेंट, तरणताल , होटल मैनेजमेंट संस्थान , कन्वेंशन सेंटर , सामाजिक कल्याण केन्द्र, मिश्रित उपयोग सूचना प्रौद्योगिकी' एवं गैर- प्रदूषणकारी उद्योग "

अग्निशमन स्टेशन , दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस , दूर- संचार टावर / सार्वजनिक 5. उपयोगिताएं एवं सुविधाएं

स्टेशन , पुलिस स्टेशन , पुलिस पोस्ट, बस स्टाप , मल / अपशिष्ट उपचार संयंत्र , कब्रिस्तान , शगशान घाट, विद्युत शव दाह , जल , वेस्ट वाटर शोधन तपचार संयंत्र, रन रखाव कार्यालय, यातायात सुविधाएं , संचार सुविधाएं, अत्यावश्यक सेवाओं संबंधी कार्य । यातायात 6. एवं परिवहन

रेल्वे स्टेशन एवं रेल्वे लाईन / रेल्वे साइडिंग / यार्ड / आपरेशनल एरिया , बस स्टेण्ड , बस डिपो, ट्रक टर्मिनल - नगर, हवाई पट्टी, माल गोदाम, शीतगृह , सर्विस स्टेशन , रिपेयर वर्कशॉप , अनुषांगिक दुकानें, रेस्टोरेन्ट, मोटल , होटल , पेट्रोल पम्प ।

आमोद-प्रमोद

7.

(अ) क्षेत्रीय/ नगर उद्यान/ मनोरंजन

खेल का मैदान , पार्क, एम्यूजमेंट पार्क , मनोरंजन साईट, क्लब रिसोर्ट, घुड़सवारी , जिम्नेजियम मय वोट क्लब , आंतरिक स्टेडियम , स्टेडियम, स्पोर्ट कॉम्पलेक्स , ऑरचर्ड , तरणताल , पिकनिक हट, फ्लाईंग क्लब , फिटनेस क्लब , मेला मैदान, नर्सरी, पक्षी अभ्यारण्य , वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान, मत्स्यालय , केम्पिंग साईट , वाटर पार्क , वाटर पार्क मय राइडर कियोस्क, रिसोर्ट, पर्यटक / कुटीर , खेल उद्यान , नगरीय उद्यान , क्षेत्रीय उद्यान , संग्रहालय , अन्य विशिष्ट उद्यान , सर्कस सूचना केन्द्र , सार्वजनिक शौचालय , स्टोर, चौकीदार निवास , चौकीदार हट , पम्प हाउस , अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं / सुविधाएं ।

स्टेडियम / खेल मैदान, नेबरहुड पार्क, एम्यूजमेंट पार्क , क्लब / रिसोर्ट, (ब)स्टेडियम / 4269

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 उपयोग

स्वीकृत उपयोग परिसर

क्र.

3

2

1

खेल मैदान घुड़सवारी प्रशिक्षण , जिम्नेजियम , वोट क्लब , आंतरिक स्टेडियम , स्टेडियम , स्पोर्ट कॉम्पलेक्स, ऑरचर्ड , तरणताल , पिकनिक हट, फ्लाईंग , फिटनेस क्लब , मेला स्थल , नर्सरी , खेल उद्यान, नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान, अन्य विशिष्ट उद्यान, सर्कस , सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय , स्टोर, चौकीदार निवास , पम्प हाउस , चौकीदार हट, अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं / सुविधाएं ।

(स) मेला मैदान

मेला मैदान , खेल का मैदान , पार्क , एम्युजमेंट पार्क, क्लब, घुड़सवारी, जिम्मेजियम , वोट क्लब , आंतरिक स्टेडियम- अस्थाई प्रकृति के, ऑरचर्ड , तरणताल , पिकनिक हट , फ्लाईंग , फिटनेस क्लब , नर्सरी, पक्षी अभ्यारण्य , वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान , केम्पिंग साईट , वाटर पार्क , रिसोर्ट , पर्यटक / कुटीर अस्थाई प्रकृति के, खेल उद्यान , नगरीय उद्यान , क्षेत्रीय उद्यान , सर्कस सूचना केन्द्र , सार्वजनिक शौचालय , स्टोर , पम्प हाउस , चौकीदार निवास , चौकीदार हट , अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं / सुविधाएं ।

(द) हरित क्षेत्र

खेल का मैदान, नेबरहुड पार्क , एम्युजमेंट पार्क, घुड़सवारी प्रशिक्षण , वोट क्लब, ऑरचर्ड , तरणताल, पिकनिक हट , फ्लाईंग , नर्सरी, पक्षी अभ्यारण्य, वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान , मत्स्यालय , केम्पिंग साईट, वाटर पार्क , खेल उद्यान, पम्प हाउस , नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान ।

(इ) वृक्षारोपण

पर्यावरण वानिकी, खेल का मैदान नेबरहुड पार्क, एम्युजमेंट पार्क, घुड़सवारी , वोट क्लब , ऑरचर्ड, तरणताल, पिकनिक हट, मेला मैदान, नर्सरी , पक्षी अभ्यारण्य , वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान , मत्स्यालय , केम्पिंग साईट - अस्थाई प्रकृति की, वाटर पार्क, पर्यटक / कुटीर अस्थाई प्रकृति की, खेल उद्यान , नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान, सर्कस, सूचना केन्द्र , सार्वजनिक शौचालय , स्टोर, पम्प हाउस , चौकीदार निवास , चौकीदार हट , अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं / सुविधाएं ।

8. कृषि

ऐसे समस्त स्वीकृत उपयोग जो " कृषि " शब्द की परिभाषा में म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में वर्णित है । श्मशान घाट / कब्रिस्तान, जल - मल शोधन केन्द्र, ईंट भट्टे दुग्ध डेयरी , तेल डिपो , फार्म हाउस , वेयर हाऊस , गोडाउन, विस्फोटक सामग्री अर्द्ध - शासकीय / पंजीकृत संस्थाओं का उनके द्वारा प्रायोजित विशिष्ट संग्रहण , शासकीय / कार्यालय एवं [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4270

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

स्वीकृत उपयोग परिसर

क्र. उपयोग

3

2

1

स्वास्थ्य / शैक्षणिक / संचार गतिविधियाँ, ग्राम विकास संबंधी गतिविधियाँ (क्लिनिक / डिस्पेंसरी , प्रसूती गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम , पालतू पशुक्लिनिक / औषधालय , रात्रि विश्राम गृह, धर्मशाला, मैरिज हाल / बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मंडपम, कम्यूनिटी हाल , मैरिज गार्डन, बालगृह, होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम , सुविधाजनक दुकानें, अनाथालय , योग केन्द्र, ध्यान आध्यात्मिक केन्द्र, ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, माध्यमिक विद्यालय , प्राथमिक विद्यालय / नर्सरी , प्ले स्कूल, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र , शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र , नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान , विकलांग बच्चों के लिए विद्यालय , (अ- मानसिक विकलांगता ब - शारीरिक विकलांगता) , पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट बस स्टॉप , सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयंत्र , नर्सरी , लाइब्रेरी , सेवाओं / सुविधाओं संबंधी अत्यावश्यक स्टाफ क्वार्टर, बैंक / ए.टी.एम. , रेस्टोरेंट ग्राम आबादी विस्तार , भवन सामग्री यार्ड , टिम्बर यार्ड , मैरिज गार्डन, शीत संग्रहागार , दुग्ध द्रुतशीतजन संयंत्र, जंकयार्ड , पेट्रोलियम उत्पाद डिपो , गैस गोडाउन , डेरी प्लांट स्टोरेज / गोदाम (अज्वलनशील , ज्वलनशील , डीजल स्टोरेज) , एक्सटेंसिव - विशिष्ट एक्सट्रेक्टिव उद्योग, दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस , पुलिस पोस्ट, बस स्टाप , मल / अपशिष्ट उपचार संयंत्र , कब्रिस्तान, शमशान घाट, विद्युत शव - दाह , जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयत्र , समस्त खेल गतिविधियां / लॉजिस्टिक हब , बस स्टैण्ड, यातायात नगर सूचना प्रौद्योगिकी' एवं गैर - प्रदूषणकारी उद्योग " , कृषि पर्यटन सुविधा''ए समस्त प्रकार के भण्डारण ।

नोट:-

(1 ) * सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है , मध्यप्रदेश शासन द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के नीति पत्र में वर्णित उद्योग एवं संस्थायें ।

(2 ) ** गैर- प्रदूषणकारी उद्योग से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल द्वारा सफेद श्रेणी में वर्गीकृत उद्योग ।

(3) *** कृषि पर्यटन सुविधा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 17 (क ) के अनुसार मान्य होगा 4271

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 (4) निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में ग्रामीण विस्तार हेतु 2 भागों में वर्गीकृत किया गया है । VE- 1 के नाम से परिभाषित ग्राम भोज वेटलेण्ड क्षेत्र के केचमेंट के बाहर के ग्राम होगें , VE - 2 केचमेंट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम होगें ।

VE-1 में आवासीय , वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक गतिविधियाँ 6.13 अन्य सुविधाएँ

सीहोर निवेश क्षेत्र में भूमि के विकास तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं हेतु विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 49 (1 ) अनुसार मान्य होंगी ।

6.14 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया

विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया म.प्र . भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार होगी । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4272

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 4273

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

योजना क्रियान्वयन

अध्याय-7

विकास योजना के प्रस्ताव औचित्यहीन है , यदि इसके क्रियान्वयन एवं प्रभावशील करने हेतु सम्यक प्रयास पूर्ण रूप से नहीं किये जाते हैं । यह अपेक्षित है कि, इसमें नागरिकों द्वारा व्यक्तिगत या संगठित रूप से निर्माण, पुनर्निर्माण और विभिन्न उपयोग हेतु भूमि विकास करके योगदान करना होगा । इसलिए यह आवश्यक होगा कि , ऐसे प्रयासों का मार्गदर्शन , तकनीकी सलाह देकर किया जावें, जिससे कि विकास एवं निर्माण , विकास योजना या परिक्षेत्रीय योजना के उपबंधों के अनुरूप हो सके । विकास योजना का प्रभावीकरण तथी संभव हो सकेगा, जब म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत कोई भी विकास कार्य चाहे वह शासकीय , अर्द्धशासकीय या व्यक्तिगत हो, उसकी अनुज्ञा नगर तथा ग्राम निवेश से प्राप्त कर किया जावें ।

विकास योजना के प्रस्तावों के क्रियान्वयन का दायित्व मुख्यतः सीहोर नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी के गठन तक नगर पालिका सीहोर द्वारा किया जावेगा । इसके अतिरिक्त म.प्र. गृह निर्माण मण्डल , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , लोक निर्माण विभाग , उद्योग विभाग , नगर पालिका द्वारा भी अपने संबंधित कार्य क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाता है, इससे विकास योजना के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी । इसलिए यह अपेक्षित होगा कि, राभी प्रकार की निर्माण गतिविधियों को समन्धित करने हेतु शासकीय , अर्द्धशाराकीय निकाय, विकास योजना के क्रियान्वयन की क्रमावस्था तथा कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दें ।

7.1 विकास योजना का क्रियान्वयन

वर्तमान मूल्यों के अनुसार पूर्ण प्रस्ताव क्रियान्वयन करने में रूपये 160750.00 लाख का व्यय अनुमानित है , इसमें विभिन्न भूमि उपयोग हेतु 455.00 हेक्टेयर भूमि के अर्जन हेतु मुआवजा एवं भूमि के विकास पर व्यय शामिल है ।

भूमि अर्जन की औसत दर रूपये 50.0 लाख प्रति हेक्टेयर मानी गई है । इस पर विकास संबंधी व्यय भूमि का दस गुना अनुमानित है । विकास व्यय का जहां तक प्रश्न है, वह भूमि उपयोग के प्रकार अनुसार अलग - अलग माना गया है । संपूर्ण विकास योजना 2035 के क्रियान्वयन की लागत का अनुमान निम्न सारणी में दर्शाया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4274

भाग 1 सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

(

सारणी 7.1 योजना क्रियान्वयन की लागत

क्षेत्र (हेक्टेयर में) क्र

भूमि उपयोग विवरण

उपलब्ध भूमि का 60 प्रतिशत विकास व्यय

K

कुल लागत (रू. लाख में)

लागत (रू. लाख में)

क्षेत्र (हे. में)

भू-अर्जन

लागत (रू.

50लाख

प्रति हे. की

दर से)

भूमि अर्जन हेतु प्रस्तावित क्षेत्र

विकास हेतु उपलब्ध भूमि

4

5

3

2

1

5000.00

100.00

1182.35

1 आवासीय

500.00

10.00

110.94

वाणिज्यिक

2

4500.00

90.00

152.19

3 औद्योगिक

4

2500.00

50.00

144.59

सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक

0.00

0.00

0.00

सार्वजनिक 5 उपयोगितायें एवं सुविधायें

7500.00

150.00

320.14

6 आमोद-प्रमोद

7

1250.00

25.00

256.66

यातायात एंव परिवहन

1500.00

30.00

293.21

8 मिश्रित भूमि

9

22750.00

455.00

2460.08

कुल विकसित क्षेत्र

नोट:-

D विकास दर प्रति हे. (रू लाख में)

9

8

7

6

75941.00

70941.00

100.00

709.41

7156.00

6656.00

100.00

66.56

13631.00

9131.00

100.00

91.31

11175.00

8675.00

100.00

86.75

0.00

0.00

17104.00

9604.00

50.00

192.08

16650.00

15400.00

100.00

154.00

19093.00

17593.00

100.00

175.93

160750.00

138000.00

1476.04

भू- अर्जन की दरें सांकेतिक स्वरूप की है , जिसका वास्तविक निर्धारण क्रियान्वयन के समय किया जावेगा ।

उक्त तालिका में दशकीय वृद्धि के आधार पर आवश्यकता अनुसार विकसित होने वाली भूमि का भूमि उपयोग कर अनुमान किया गया है । इस अनुमान में निजी क्षेत्र द्वारा विकसित की जाने वाली भूमि भी सम्मिलित है । तालिका में उल्लेखित अधिग्रहण का आशय विकास हेतु उपयोग होने वाली भूमि से है ।

तालिक में दर्शाये अनुसार भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण से नहीं है । 4275

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 7.2 योजना क्रियान्वयन की नीति

सीहोर विकास योजना 2035 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन करने से यह स्पष्ट होता है कि, विकास योजना के अधिकांश प्रस्तावों का वास्तविक क्रियान्वयन नहीं हो पाया है । उपयुक्त प्रबंधन की कमी के कारण जिन क्षेत्रों की योजना प्रभावित हुई है, उनका उल्लेख अध्याय 3 में किया गया है । जिस पर पुनर्विचार करते हुए योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु नीति निर्धारण अनिवार्य है ।

अतएव निम्नलिखित उ‌द्देश्यों की प्राप्ति हेतु योजना क्रियान्वयन नीति निर्धारण की नितांत आवश्यकता है:-

1. प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण तथा उत्कृष्ट भू- स्वरूप

2. सांस्कृतिक धरोहरों के क्षेत्र का संरक्षण

3. भूमि का कुशलतम उपयोग

4. अधोसंरचना और सेवाओं की उपलब्धता/ संधारण

5. भूमि प्रदाय तथा अधोसंरचना विकास में सहभागिता का प्रस्ताव

6. समाज के कमजोर वर्गों हेतु आवास प्रदान करना

विकास योजना क्रियान्वयन हेतु उपरोक्त उद्देश्यों का क्रियान्वयन निम्न क्षेत्रों में किया जाना प्रस्तावित है

(अ) पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम

(ब) नगर अधोसंरचना एवं सेवा संबंधी कार्यक्रम

7. मुख्य मार्गों के किनारे प्रस्तावित भू- उपयोग के क्रियान्वयन के अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण इस विधि से किया जावेगा कि, मार्गों हेतु प्रस्तावित भूमि स्थानीय प्राधिकारी को विकास हेतु उपलब्ध हो सके ।

7.3 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम

योजना क्रियान्वयन द्वारा नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हेतु ठोस प्रयास की आवश्यकता है , जो प्रमुख रूप से तालाबों के संरक्षण इनकी जल गुणवत्ता, उत्कृष्ट भू- स्वरूप तथा जल स्त्रोतों के जल ग्रहण क्षेत्रों से संबंधित कतिपय भूमि प्रबंधन से संबंधित है । अन्य पर्यावरण समस्याएं जैसे नगरीय अपशिष्ट के उपचार , निराकरण इनके पुनर्चक्रीकरण एवं नगर विस्तार के परिप्रेक्ष्य में जनसंख्या के व्यवस्थापन से उत्पन्न आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं से संबंधित है ।

7.3.1 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रमुख तत्व

उपरोक्त संवेदनशील बिन्दु के परिप्रेक्ष्य में निम्न विषय विचारणीय है

1. नदी एवं अन्य जल स्त्रोतों में जल - मल के प्रवाह को रोकने हेतु प्रभावी कदम । 2. तालाबों के फैलाव क्षेत्रों में भू- उपयोग प्रबंधन से तालाबों का प्रदूषण रोकना । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4276

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 3. जल फैलाव क्षेत्रों में "स्टाप डेम " द्वारा भूमि क्षरण को रोकना एवं इस क्षेत्र में कृषि हेतु उर्वरक का उपयोग निषेध ।

4. नदी, नालों , तालाबों के सीमावर्ती क्षेत्रों में नियंत्रण मापदण्डों को प्रभावीकरण ।

5. निस्तारी एवं जल गुणवत्ता का स्वतंत्र पर्यवेक्षण ।

6. सभी जल स्त्रोतों के जल फैलाव क्षेत्रों में प्रदूषण एवं अन्य पर्यावरणीय गिरावट के नियंत्रण हेतु संस्थागत समन्वय व्यवस्था ।

7.4 नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना

नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना का प्रमुख स्वरूप निम्न नीतिगत उद्देश्यों की पूर्ति हेतु होगा

1. संस्था का गठन

2. विस्तृत योजना प्रस्ताव तथा भूमि क्षमता के अनुरूप भूमि उपयोग तथा अधोसंरचना विकास हेतु नियमन।

3. भौतिक एवं वित्तीय आवश्यकताओं के परिप्रेक्ष्य में निजी एवं राज्य योजनाओं के स्थल तथा रूपांकन में अधिकतम सक्षम भूमि उपयोग ।

4. नगरवासियों एवं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में आर्थिक एवं सामाजिक अधोसंरचना तथा सेवाओं का युक्तियुक्त प्रावधान ।

7.4.1 नियंत्रित विकास

विकास कार्यक्रमों में भूमि स्वामी / विकासकर्ता / सामुदायिक समूह की भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित विकास तंत्र का प्रभावीकरण किया जाए । यहां समन्वयक संस्था की भूमि प्रदाय कर्ता की होगी । सार्वजनिक संस्थाऐं , प्रमुख सेवाऐं, तंत्र के एकीकृत नियोजन एवं रूपांकन हेतु उत्तरदायी होगी ।

7.4.2 अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन

एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम में सहभागिता करने वाली सार्वजनिक संस्थाओं एवं निजी संस्थाओं की विभिन्न परियोजनाओं में सम्मिलित भूमि में से अनुपातिक एवं साम्य के आधार पर भूमि अंशदान करने हेतु अधोसंरचना भूमि बैंक की स्थापना प्रस्तावित है । नगर के मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक खुले क्षेत्रों हेतु अधोसंरचना विकास बैंक में भूमि के अंशदान को प्रोत्साहन स्वरूप छूट या लाभ राज्य शासन के सहयोग से प्रदत्त किया जाना प्रस्तावित है । 7.4.3 एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना

एकीकृत विकास कार्यक्रम को निम्नलिखित नीतिगत ढांचे के अनुरूप तैयार कर क्रियान्वित किया जा सकेगा । वार्षिक योजना / वार्षिक विकास कार्यक्रम तैयार किया जाना चाहिए , जिससे पांच वर्षीय नगर विकास कार्यक्रम सामने आ सकेगा । मूलतः यह कार्यक्रम 4277

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 योजना के प्रमुख क्षेत्रों के विकास हेतु प्राथमिकता के आधार पर लिए जाने वाले क्षेत्रों के लिए विकास कार्यक्रम होगा । यह कार्यक्रम भूमि अधिग्रहण, लक्ष्य, भूमि विकास प्रस्ताव , वृत्तखण्ड तथा उपवृत्तखण्ड स्तर की सुविधाओं का विकास तथा शासकीय एवं अर्द्ध शासकीय संगठनों के कार्यक्रमों को प्रमुख रूप से दर्शायेगा । यह कार्यक्रम चालू वर्ष में पूर्ण किये जाने वाले नगरीय मार्ग तंत्र तथा प्रमुख सेवा सुविधाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित करेगा । इस निवेश योजना का एकीकृत दृष्टिकोण आलोच्य क्षेत्रों में नगर अधोसंरचना के विकास के लिए समुचित धनराशि का समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा ।

योजना के क्रियान्वयन में सार्वजनिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका "सुविधादायक" के रूप में होना चाहिए । इस हेतु समन्वित तंत्र तैयार करने की आवश्यकता है । नगर विकास में निवेश के अंतर्गत अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार कर इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के पास उस वर्ष विशेष के लिए उपलब्ध बजट एवं अन्य स्त्रोतों से एकत्रित कर निर्धारित एकीकृत नगर विकास परियोजनाओं में निवेश करने का प्रयास किया जायेगा । एकीकृत नगर विकास योजना कार्यक्रम का क्रियान्वयन निम्नलिखित ढांचे के अंतर्गत किया जाकर लक्ष्य की पूर्ति की जाना प्रस्तावित है:-

1. एकीकृत नगर विकास योजना के तत्वों की पहचान,

2. एकीकृत नगर विकारा योजना तैयार करना ,

3. कार्यक्रम के समन्वय प्राधिकारी एवं अन्य सहभागियों में से निवेश के लिए सर्वसम्मत विषय सूची की पहचान,

.4. विकास परियोजनाओं की प्राथमिकता का निर्धारण ,

5. निवेश के ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करना, जो सहभागिता का उपयोग करते हुए विकास में समन्वित विकास का दृष्टिकोण रखते हैं,

6. समन्वय अधिकारियों और अन्य खण्डीय / एजेन्सियों की क्रियान्वयन भूमिका को परिभाषित करना ।

7.5 विकास नियमन व्यापक दृष्टिकोण

नगरीय भूमि के अधिकतम सक्षम उपयोग के साथ - साथ आधुनिक भूमि उपयोग की प्रबंधन नीतियों को अंगीकृत करने की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक है कि, विकास नियमों को पुनर्भाषित किया जावें । भारतीय जीवन शैली के अनुरूप विकास को नियंत्रित एवं निर्देशित करने के उद्देश्य से अध्याय -6 में नियमन वर्णित किये गये हैं । 7.6 योजना एवं कार्यक्रम

(अ ) क्षेत्रों के विकास हेतु क्रियान्वयन तीन चरणों में करने का प्रावधान है । प्रथम चरण में [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4278

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सन् 2025 तक की आवश्यकताओं तथा द्वितीय चरण में 2026 से 2030 तथा तृतीय चरण में वर्ष 2035 तक की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु रहेगा ।

(ब) योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु भूमि- स्वामियों, विकास कर्ताओं, सामुदायिक समूहों, निजी विकास कर्ताओं एवं सार्वजनिक संस्थाओं के माध्यम से संसाधन गतिशीलता का सहभागिता के आधार पर प्रभावी कार्यक्रम बनाये जाने की आवश्यकता है ।

(स) योजना प्रस्तावों में निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन करने के लिये नीति को सुविधाजनक बनाने में राज्य शासन की सहयोगी संस्था की भूमिका होगी । इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु राज्य शासन और वर्तमान में कार्यरत संस्थाओं के साथ नगर विकास प्राधिकारी / स्थानीय प्राधिकारी द्वारा निम्नलिखित क्षेत्रों में नगर स्तरीय अधोसंरचना विकास क्रियान्वित किया जावेगा:-

1. भूमि प्रवाह सरलीकरण के लिए नीति तैयार करना ।

2. मार्ग विकास कार्यक्रम निर्धारित करना , जो नगर की अन्य सभी गतिविधियों को भी कार्यरूप दे सके ।

3. भूमि स्वामियों, विकासकर्ताओं, सामुदायिक समूहों एवं निजी भवन निर्माणकर्ताओं की साझेदारी की दृष्टि से क्रिगान्तगन संबंधी भूमि विकास कार्यक्रम की नीतियों को तैयार करना ।

4. परिसीमन अधोसंरचना के प्रावधान के साथ- साथ लगभग पाच से दस हैक्टेयर आकार के अर्द्धविकसित भूखण्डों को सार्वजनिक सस्थाओं के माध्यम से प्राप्त करने हेतु विकास कार्यक्रम को मूर्तरूप देना ।

5. योजना के तीनों चरणों की आवश्यकता, जलपूर्ति हेतु वर्तमान क्षमता एवं नवीन स्त्रोत का विकास ।

7.6.1 संस्थाओं के प्रयास संबंधी मुख्य तत्व

एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम हेतु निर्देशित सिद्धांत निम्नानुसार है

यह सुनिश्चित करना कि , भूमि उपलब्धता में कमी तथा उपयुक्त अधोसंरचना के कारण विकास अवरूद्ध न हो ।

उपलब्ध व्यपवर्तित नगरीय भूमि का पूरी तरह उपयोग करना ।

बिखरे हुए नगरीय विकास के लिये पहुंच मार्ग उपलब्ध कराना ।

अर्द्ध विकसित एवं अविकसित क्षेत्रों में नगर स्तरीय अधोसंरचना का उन्नयन ।

भू- स्वामियों , सार्वजनिक समूहों एवं निजी विकासकर्ताओं के विकास कार्य में सहभागिता के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भूमि विकास कार्यक्रम हाथ में लेना ।

7.7 प्रथम चरण के घटक

प्रथम चरण कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं के प्रयासों को शामिल करते हुए आलोच्य क्षेत्र के उपयोगों को निम्न सारणी में वर्णित अनुसार चिन्हित किया गया है । 4279

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 7.2 प्रथम चरण के विकास संबंधी घटक

प्रस्तावित स्थल

विकास के घटक

क्र.

क्षेत्रफल हे.

3

4

1

2

100.00

आवासीय

1

निवेश इकाई क्रमांक 1 , 2 एवं 3

7.09

2

निवेश इकाई क्रमांक 3

वाणिज्यिक

3

43.78

औद्योगिक

निवेश इकाई क्रमांक 1 एवं 2

9.85

4

निवेश इकाई क्रमांक 1 एवं 3 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक

0.00

5

सार्वजनिक सेवाएँ एवं सुविधाएँ

9.20

6 आमोद -प्रमोद

निवेश इकाई क्रमांक 1 एवं 2

8.65

7

निवेश इकाई क्रमांक 1 एवं 2 यातायात एवं परिवहन

5.36

8 मिश्रित

निवेश इकाई क्रमांक 3

183.93

योग

स्त्रोत: जी.आई.एस. विश्लेषण

प्रथम चरण के अन्तर्गत सम्मिलित किए गए कार्यक्रम उनकी लागत प्राप्त होने के आधार पर रखे गए हैं । तथापि नगर की त्वरित आवश्यकताओं को भी प्रथम चरण विकास में लिया गया है । नगर में कार्यरत विभिन्न शासकीय , अर्द्धशासकीय संस्थाओं को विकास योजना के कार्यों में जोड़ना आवश्यक है तथा इससे इन विभागों के वार्षिक बजट तथा अन्य संशाधनों को भी उपयोग में लाया जा सकेगा ।

7.8 प्रथम चरण कार्यक्रम

विकास योजना के क्रियान्वयन में आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक गतिविधियों का विकास मुख्यतः निजी संस्थओं के द्वारा किया जाता है इस हेतु भू- अर्जन की आवश्यकता नहीं होगी ।

विकास योजना के प्रथम चरण में चयनीत घटकों के क्रियान्वयन द्वारा नगर के विभिन्न क्षेत्रों के अन्तर्गत 183.93 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कर विकसित किया जाना प्रस्तावित है । प्रस्तावित क्रियान्वयन प्रक्रिया के अन्तर्गत भूमि अधिग्रहण की लागत सहित क्षेत्र की_वर्तमान विकास दर के अनुसार प्रथम चरण क्रियान्वयन की अनुमानित लागत लगभग 54446.50 लाख होगी । विकास योजना प्रथम चरण क्रियान्वयन की अनुमानित लागत का विस्तृत विवरण निम्न सारणी में दिया गया है :

भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

4280

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 सारणी 7.3 प्रथम चरण क्रियान्वयन की लागत

विकास व्यय

भू-अर्जन

लागत (रू. लाख में)

क्र

भूमि उपयोग विवरण

कुल लागत (रू. लाख मे)

लक्ष्य भौतिक (हेक्टेयर में)

लक्ष्य (हे०में) भौतिक

विकास दर प्रति हे. (रू. लाख में)

की लागत (रू. 50.0 प्रति हे० ) (रू. लाख में)

8

7

6

5

3

4

2

1

23000.00 28000.00

5000.00 230.00 100.00

100.00

आवासीय

1

2354.50

2000.00

100.00

20.00

354.50

7.09

वाणिज्यिक

2

5189.00

3000.00

100.00

30.00

2189.00

43.78

औद्योगिक

3

सार्वजनिक एवं

3492.50

3000.00

30.00 100.00

492.50

9.85

अर्द्धसार्वजनिक

4

सार्वजनिक सेवाएँ एवं

0.00

0.00

0.00 100.00

0.00

0.00

5 सुविधाएँ

3710.00

3250.00

50.00

460.00 65.00

9.20

आमोद-प्रमोद

6

5432.50

5000.00

100.00

50.00

8.65 432.50

यातायात एवं परिवहन

7

6268.00

6000.00

268.00 60.00 100.00

5.36

मिश्रित

8

54446.50

45250.00

9196.50 485.00

183.93

कुल विकसित क्षेत्र

7.9 संसाधन गतिशीलता

नगर नियोजन वास्तव में संसाधन के उत्सर्जन , संसाधन विकास एवं प्रबंधन का अभ्यास है । वर्तमान में नगर विकास एवं निवेश हेतु अलग -अलग प्रयास नही किये गये हैं , जिसके परिणामस्वरूप संसाधनों का अपव्यय होता है । नियोजन में निवेश के एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से गतिशील व्यवस्था की जा सकती हैं । नगरीय भूमि स्वयं में एक 4281

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

सार्वजनिकसंस्थानऔर

यातायातनगर

जलग्रहणक्षेत्र

सार्वजनिकएवंअर्धसार्वजनिक

નગરપાસિયા

आमोयप्रगोद

औद्योगिक सामान्यउद्योग

जलाशय

रेल्वेलाईन

आवासीय सामान्यआवासीय

परिवहन

मिश्रितउपयोग

भार्ग

सीमाएं નિવેશચોત્ર

आमोदप्रमोद

SEHORE

Legend

IDOSTINGPROPOSED

DEVELOPMENTPLAN(DRAFT2035) 7.8FIRSTPHASE

Source:ArchiveMasterPlanByT&CP TRANSPORTATION

RECREATIONAL

HEALTHMIOCIAL/CULTURAL INSTITUTIONALACTIVITIES

CATCHMENTAREA

COMMERCIAL

RECREATIONAL

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

WATERBODIES MUNICIPAL

0.5 11.522.53 3.5 Km

EDUCATIONANDRESEARCH/

BOUNDARIES

COMMERCIAL

RAILWAYLINE TRANSPORTNAGAR

GENERALINDUSTRIES

GENERALRESIDENTIAL

PLANNINSAREA

INDUSTRIAL

ROADS

PUBLICPİSTITUTIONSAND ADMINISTRATIVEAREA

MIXEDLANDUSE

RESIDENTAL

PUBLIC&SEMIPUBLIC

2

ToBhopal

LASUDIYAPADHAR

BULON

BARKHEDI

PACHAMA

THUMAKALAN

ABDULLPUR

TAKIPUR

PIPALIYAMIRA

BHAGWANPURA

THUNAKHURD

CHANDERI

ToDuraha

KHURSHIDPUR

JAMONYAKALAN

BADIYAKHEDI

MURALI

JAHANGIRPURA

KHEDI

SARANGA

SEMALIKHURD

SEHORE

GOPALPURA

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ALANADAIEDI

773 ToSt

SHIVPURI

SHAHPURA KODIYA

MUGISHPUR

RAFIQUEGANJ

BUAURA

BUDBHELA ToUjjain

ToBhopal

KASLE मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

[भाग 1 4282

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 महत्वपूर्ण संसाधन है । वर्तमान में भूमि का उपयोग कर नगर विकास में निवेश के प्रयास तदर्थ एवं पृथक् पृथक् रहे हैं , जिसमें उपलब्धता बहुत अधिक अवसर एवं क्षमता को सीहोर जैसे नगर के लिए नगरीय वृद्धि एवं नगरीयकरण के परिपेक्ष्य में कार्यरत भूमि बाजार को रोकते हुए गतिशीलता दी जा सकती है । स्थानीय राजस्व को सृजित करने के लिए एक निश्चित तंत्र की आवश्यकता है , जो कि नगर में कार्यरत नगर भूमि बाजार को रोकने में मदद कर सकती है ।

वार्षिक आधार पर भूमि विकास क्षेत्रों हेतु चिहिन्त किये गये विकास में सभी सहभागियों के निवेश की गतिशीलता हेतु एक कार्यक्रम का निर्धारण किया जाना चाहिए । यह प्रक्रिया भौतिक अधोसंरचना के तत्वों को अत्यंत तीव्रता से उत्पन्न कर संसाधन संकलित करने में सहयोग प्रदान करेगा ।

7.10 योजना पर्यवेक्षण तंत्र

1. विकास योजना की सफलता विकास योजना प्रस्तावों का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन तथा प्रथम चरण कार्यक्रम के अनुरूप संसाधनों की उपलब्धता तथा संसाधनों की गतिशीलता पर निर्भर करते हैं । यह योजना क्रियान्वयन एवं पुनर्विलोकन के साथ- साथ विकास योजना के अंगीकृत होने के उपरांत तद्‌नुसार पर्यवेक्षण तंत्र की स्थापना की आवश्यकता प्रदर्शित करता है ।

2. योजना पर्यवेक्षण तंत्र को निम्नानुसार तैयार करना प्रस्तावित है :-

(अ) पंचवर्षीय आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम के निरंतर पर्यवेक्षण तंत्र की स्थापना ।

(ब) आलोच्य क्षेत्रों में वार्षिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्राथमिकताओं वाली कार्य योजना का निर्धारण ।

(स) प्रथम चरण क्रियान्वयन योजना के अंतर्गत नगर विकास हेतु चिन्हित कार्यक्रमों में संलग्न विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के उपलब्ध निवेश एवं बजट का पर्यवेक्षण करना ।

(द) वार्षिक भौतिक लक्ष्य एवं आलोच्य अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश का निर्धारण । (इ) आलोच्य क्षेत्रों के सार्वजनिक संस्थाओं एवं अन्य सहभागियों की विकास में भूमिका का निर्धारण ।

(फ) समन्वित संस्थागत तंत्र की स्थापना ।

(ग) वार्षिक आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम का निर्धारण ।

(ड) सार्वजनिक एवं अन्य संस्थाओं की भूमि को परिभाषित करते हुए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम को परियोजनाओं तथा उप परियोजनाओं के संदर्भ में परिवर्तित करना । 4283

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 3. नियोजन पर्यवेक्षण तंत्र :- योजना पर्यवेक्षण के लक्ष्य की पूर्ति हेतु निम्न स्तरों के माध्यम से प्राप्त किया जाना प्रस्तावित है:-

(अ) स्थानीय स्तर पर नियोजन पर्यवेक्षण समिति ।

(ब) नगर विकास प्राधिकरण अथवा नगर पालिका द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन तैयार करना ।

(स) नियोजन पर्यवेक्षण समिति द्वारा विकास कार्यक्रम / क्रियान्वयन का मूल्यांकन । (द) समिति को प्रतिवेदन प्रस्तुत करना ।

(इ) वार्षिक विकास प्रतिवेदन पर शासन द्वारा जारी निर्देशों का क्रियान्वयन । 4. नियोजन पर्यवेक्षण समिति का गठन :- विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन का मूलतः दायित्व सीहोर विकास प्राधिकरण का होगा । विकास प्राधिकरण के गठन होने तक सीहोर नगर पालिका द्वारा उक्त दायित्वों का निर्वहन किया जाएगा । अपितु इसके क्रियान्वयन में अन्य संस्थाएं एवं विभाग भी सहभागी होंगे । अतः संस्थाओं से समन्वय एवं पर्यवेक्षण के लिए राज्य शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश क्रमांक एफ -3 / 45 / 32 / 2010 दिनांक 15/04/2010 द्वारा जिलाध्यक्ष सीहोर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है, जो संचालक, नगर तथा ग्राग निवेष्टश के ज्ञापन क्रमांक 2076 दिनांक 15/05/1008 में उल्लेखित कार्यपद्धति को अपनाते हुए नियोजन एवं पर्यवेक्षण करेगी ।

5. वार्षिक विकास प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण : सीहोर विकास निर्याजन एव पर्यवैक्षण समिति के समक्ष वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा , जिसमें नियोजन क्रियान्वयन के सभी पहलू सम्मिलित होने के साथ ही सुधार हेतु अनुशंसित बिन्दु भी सम्मिलित होंगे । समिति अपनी अनुशंसा के साथ संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश, म.प्र. भोपाल के विचारार्थ वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी , जिसे संचालक द्वारा उक्त प्रतिवेदन को अनुशंसित कर राज्य शासन को प्रस्तुत किया जावेगा । 7.11 योजना की व्याख्या

सीहोर विकास योजना मूलतः नीतिगत योजना हैं । विकास योजना में निहित प्रस्ताव विस्तृत तथा सांकेतिक स्वरूप के है । अतः विकास प्रस्तावों की व्याख्या करने हेतु निम्नलिखित मापदण्ड निर्धारित किये गये हैं :

1. विकास योजना प्रस्तावों की व्याख्या करते समय तथा विकास अनुज्ञा देने के पूर्व विकास योजना रिपोर्ट में उल्लेखित विषय वस्तु के साथ - साथ संदर्भित नियमों का अनुसरण आवश्यक है ।

2. परिक्षेत्र में स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग , सारणी एवं विकास नियमन के अध्याय -6 में वर्णित प्रक्रिया अनुसार होगी । नेबरहुड के वर्तमान स्थल एवं व्यापक क्षेत्रफल [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4284

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 उपखण्ड स्तर तथा खण्ड स्तर की गतिविधियों का क्षेत्र विकास प्रस्तावों में समाहित है । अतः उनका रेखांकन नहीं किया गया है ।

3. ऐसे भूमि उपयोग / गतिविधियाँ जो प्रमुख भू- उपयोग वर्ग (मेजर लैण्ड यूज झोन) में परिभाषित नहीं है , वे भूमि उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में मानी जावेगी , किन्तु जो स्वीकार्य भूमि उपयोग / स्वीकृत भूमि उपयोग सूची में सम्बद्ध तालिका में शामिल है , वे भू- उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में नहीं आवेंगे ।

4. विकास योजना प्रस्ताव क्रियान्वयन के समय प्रमुख मार्ग संरचना में आंशिक बदलाव अपरिहार्य होता है , स्थल की स्थिति तथा अभियांत्रिकी आवश्यकता के आधार पर मार्ग संरचना का निर्धारण आवश्यक होगा । इस संदर्भ में राज्य शासन द्वारा जारी किया गया निर्णय स्वीकृत विकास योजना का अंश माना जावेगा ।

5. विभिन्न उपयोग परिक्षेत्रों में प्रस्ताव सांकेतिक स्वरूप के है । इस सम्बन्ध में सक्षम अधिकारी द्वारा की गई व्याख्या अन्तिम मानी जायेगी ।

6. यह कि नीतिगत दस्तावेंज है , विभिन्न उपयोग परिक्षेत्र में भूमि से आवश्यकता से संबंधित व्याख्या निकाय योजना / परिक्षेत्रिक योजना बनाते समय स्थिति अनुसार वास्तविक आवश्यकता के अनुसार पुर्न समायोजित की जा सकती है । 4285 भाग 1 ] मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4286

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

अनुसूची - 1

उपयोग परिसर में स्वीकृत उपयोग / उपयोग गतिविधियों की परिभाषायें :

1. आवासीय भूखण्ड

आवास , मिश्रित भू- उपयोग पैराग्राफ में दिये गये विवरण अनुसार गतिविधियां ।

2. आवासीय भू- खण्ड एवं समूह आवास

आवासीय फ्लेट , कन्फेक्शनरी की फुटकर दुकानें, किराना एवं सामान्य व्यापार , पुस्तकें एवं स्टेशनरी , दवाई दुकान, नाई , धोबी - लाण्ड्री, टेलर, सब्जी, दुकान (भूतल पर प्रत्येक हेतु 15 वर्गमीटर क्षेत्रफल के साथ ) ।

3. झूलाघर एवं डे- केयर सेन्टर

भूतल पर 50 वर्गमीटर तक के क्षेत्रफल के साथ एवं निगरानी आवास (20 वर्ग मीटर) ।

4. आवासीय फ्लेट

आवास एवं व्यवसायिक गतिविधि (आवासीय भूखण्ड अनुसार) ।

5. आवास सह कार्य भूखण्ड

आवास , भू- तल को फुटकर दुकानों के कार्यक्षेत्र के रूप में उपयोग में लिया जा सकता है, गृह उद्योग एवं व्यक्तिगत दुकान ।

6. छात्रावास , अतिथिगृह, बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह

छात्रावास , अतिथिगृह , बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह, निगरानी कर्मियों के आवास (20 वर्गमीटर ) , व्यक्तिगत सेवा दुकान एवं नाई धोबी , शीतल पेय एवं स्नेक्स (खाद्य) स्टॉल ( 15 वर्गमीटर ) ।

7. धर्मशाला

धर्मशाला , धोबी , नाई की व्यक्तिगत सेवा दुकान , शीतल पेय एवं स्नेक्स (खाद्य) एवं बार ( 15 वर्गमीटर तक) ।

8. बारात घर

बारात घर , शीतल पेय एवं स्नेक्स बार ( 15 वर्गमीटर तक) ।

9. रात्रि आश्रय

रात्रि आश्रय ।

10. मोटल

क्षेत्रीय मार्गो पर वाहन सुधार सेवाएँ तथा खान - पान एवं विश्राम सुविधा सहित ।

11. फुटकर मरम्मत एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान

फुटकर दुकान , मरम्मत दुकान , व्यक्तिगत सेवा दुकान ।

12. वेन्डिंग बूथ

वितरण बूथ (वेन्डिंग बूथ) ।

13. सुविधाजनक दुकानें

फुटकर मरम्मत एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान, उपाहार गृह , क्लीनिक ।

14. स्थानीय दुकानें 4287

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 फुटकर, दुरूस्ती एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान, वाणिज्यिक कार्यालय, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 37 (1 ) परिशिष्ट- च में उल्लेखित उद्योग , उपचार प्रयोगशाला, क्लीनिक एवं पॉली क्लीनिक, उपाहार गृह, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , डाकघर एवं बैंक विस्तार काउण्टर, नर्सिंग होम्स एवं अतिथिगृह ।

15. साप्ताहिक बाजार

साप्ताहिक बाजार , अनौपचारिक फुटकर व्यवसाय , शीतल पेय , स्नेक्स स्टॉल (सभी संरचनायें गतियमान या अस्थायी स्वरूप होगी एवं सप्ताह में केवल एक दिवस) ।

16. थोक व्यापार

थोक दुकान, गोदाम एवं भण्डारण , वाणिज्यिक कार्यालय (कुल तलीय क्षेत्र के 25 प्रतिशत तक प्रतिबंधित) ।

17. भण्डारण , गोदाम एवं भण्डारगृह

भण्डारण , गोदाम, एवं भण्डारगृह, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), थोक आऊट- लेट प्रशासकीय एवं विक्रय कार्यालय ।

18. शीतगृह

शीतगृह, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), प्रशासकीय कार्यालय ।

१५. गैस गोदाम

गैस गोदाम, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , देख- रेख कार्यालय।

20. तेल डिपो

तेल एवं गैस डिपो , आवासीय इकाई ( निगरानी एवं रख- रखाव कर्मचारियों हेतु) , प्रशासकीय कार्यालय ।

21. कबाड़खाना

कबाड़खाना , निगरानी आवास , क्रय / विक्रय कार्यालय ।

22. वाणिज्यिक कार्यालय

वाणिज्यिक कार्यालय , फुटकर एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान , उपाहार गृह, बैंक , डाक एवं तार घर ।

23. बैंक

बैंक , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , वाणिज्यिक कार्यालय , अल्पाहार गृह. । 24. मोटर गैरेज एवं कर्मशाला

मोटर गैरेज एवं कर्मशाला, फुटकर दुकान (कलपुर्जे) शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

25. छबिगृह

छबिगृह, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , प्रशासकीय कार्यालय , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , फुटकर दुकान एवं वाणिज्यिक कार्यालय ( कुल तलीय क्षेत्र के 20 प्रतिशत तक) । 4288

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 26. पेट्रोल पम्प

पेट्रोल पम्प / डीजल / वाहन हेतु इंधन, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , ऑटो मोबाईल मरम्मत दुकान ।

27. रेस्टोरेंट/ उपाहार गृह

ऐसा परिसर जिसका उपयोग व्यावसायिक आधार पर खाने के व्यंजनों को उपलब्ध कराने के लिए किया जाता हो (व्यंजन पकाने की व्यवस्था के साथ ) जिसमें खुले , बंद या दोनों प्रकार की बैठक व्यवस्था हो ।

28.होटल

होटल, फुटकर एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान एवं वाणिज्यिक कार्यालय (कुल तलीय क्षेत्र के 5 प्रतिशत तक प्रतिबंधित) ।

29.सेवाकेन्द्र

फुटकर , दुरूस्ती एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान , सेवा केन्द्रों में मान्य उद्योग जैसा कि पृथक से दिया गया है , गैस गोदाम, वाणिज्यिक कार्यालय ।

30. हल्के औद्योगिक भूखण्ड

हल्के उद्योग इकाई भूमि विकास निगम 2012 के नियम-37 (1 परिशिष्ट- च ) की सूची अनुसार , प्रशासकीय कार्यालय , विक्रय केन्द्र , निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु तलीय क्षेत्र के 5 प्रतिशत या 50 पर्गमीटर से जो भी कम हो, तक के आवासीय फ्लेट (निगरानी हेतु) ।

31. पार्क

पार्क , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ( एक हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल के पार्क हेतु) ।

32.खेल मैदान

खेल मैदान ।

33. आउटडोर स्टेडियम , इनडोर स्टेडियम एवं शूटिंग रेंज

स्टेडियम , प्रशासनिक कार्यालय (रख - रखाव ) , निगरानी आवास (20 वर्ग मीटर) , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , फुटकर दुकान, उपाहार गृह ।

34. आंतरिक खेल हाल

आंतरिक खेल हाल, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

35. तरण पुष्कर

तरण पुष्कर, निगरानी / रख - रखाव कर्मचारी आवास, उपाहार गृह ।

36. आमोद-प्रमोद क्लब

आमोद - प्रमोद क्लब , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु, तरण पुष्कर, आंतरिक एवं बाह्य खेल सुविधायें ।

37. ऐतिहासिक स्मारक

ऐतिहासिक स्मारक एवं उसकी सीमा के अन्तर्गत का क्षेत्र ।

38. वनस्पति उद्यान , पक्षी अभ्यारण एवं जीव उद्यान 4289

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 वनस्पति एवं जीवन उद्यान, पक्षी अभ्यारण , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) , आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , फुटकर, उपाहार गृह ।

39. पिकनिक हट / केम्पिंग साइट

ऐसा परिसर जहां पर्यटन एवं आमोद -प्रमोद के उद्देश्य से अल्पाधि के लिए परिवार सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो ।

40. उड्डयन क्लब

उड्डयन क्लब एवं आमोद -प्रमोद में सम्मिलित गतिविधियाँ ।

41. पार्किंग / वाहन विराम

सार्वजनिक वाहन विराम हेतु उपयोग में लाया जाने वाला परिसर जो कि व्यावसायिक या गैर व्यावसायिक आधार पर संचालित किया जाता हो ।

42. टैक्सी एवं तिपहिया वाहन स्थानक

ऐसा परिसर जिसका उपयोग अन्तर्वर्ती सार्वजनिक यातायात वाहनों, जो कि व्यावसायिक आधार पर चलती हो , द्वारा विराम हेतु किया जाता है । वाहन विराम स्थल व्यावसायिक या गैर व्यावसायिक हो ।

43. माल एवं बुकिंग कार्यालय

माल एवं बुकिंग कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्ग मीटर तक) ।

44. रेल माल गोदाम

रेल माल गोदाम, देख- रेख कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।

45. रेल बुकिंग कार्यालय एवं सड़क परिवहन बुकिंग कार्यालय

रेल तथा सड़क परिवहन बुकिंग कार्यालय भण्डारण ।

46. बस टर्मिनल

बस डिपो , कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) हल्के पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , प्रशासकीय कार्यालय ।

47. बस डिपो

बस डिपो , कार्मशाला, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , हल्के पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, प्रशासकीय कार्यालय ।

48. सार्वजनिक सुविधा परिसर

ओव्हर हेड टैंक , भू- गर्भीय टैंक, आक्सीडेशन पॉण्ड्स, सेप्टिक टेंक , मल पम्पिंग स्टेशन , सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय , विद्युत् उपकेन्द्र , ढ़लाव एवं कचरादानी , धोबीघाट ।

49. केन्द्रीय शासन कार्यालय , स्थानीय शासन कार्यालय एवं सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय

केन्द्रीय शासन कार्यालय , स्थानीय शासन कार्यालय एवं सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) , औषधि की फुटकर दुकानें, पुस्तकें एवं स्टेशनरी , कन्ज्यूमर स्टोर , (भूतल पर 15 वर्गमीटर तक प्रत्येक दुकान हेतु) , अल्पाहार गृह बैंक विस्तार काउण्टर , डाकघर विस्तार काउण्टर । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4290

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 50. न्यायालय

न्यायालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, स्टेशनरी एवं औषधि की फुटकर दुकानें (प्रत्येक 15 वर्गमीटर तक), ग्रंथालय, प्रशासकीय कार्यालय , बैंक डाक व तार घर, पुलिस चौकी, अधिवक्ताओं के चेम्बर ।

51. चिकित्सालय

चिकित्सालय , आवासीय इकाई (कर्मचारियों एवं सेवा व्यक्तियों हेतु), संस्थागत होस्टल, चिकित्सा महाविद्यालय , फुटकर दुकान, कन्फेक्शनरी , किराना एवं सामान्य व्यवसाय , पुस्तकें एवं स्टेशनरी , औषधि, नाई, धोबी, सब्जी ।

52. स्वास्थ्य केन्द्र एवं नर्सिंग होम

स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, निगरानी आवास (प्रत्येक 20 वर्गमीटर तक) , औषधि दुकान (प्रत्येक 15 वर्गमीटर तक ) ।

53. फोरेन्सिक विज्ञान प्रयोगशाला फोरेन्सिक विज्ञान प्रयोगशाला ।

54. औषधालय (डिस्पेंसरी)

औषधालय / डिस्पेंसरी , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

55. उपचार प्रयोगशाला

उपचार प्रयोगशला, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

56. स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा

स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) , प्रशासकीय कार्यालय , औषधालय , अल्पाहार गृह ।

57. पूर्व प्राथमिक एवं किंडर गार्डन विद्यालय

पूर्व प्राथमिक एवं किंडर गार्डन विद्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।

58. प्राथमिक विद्यालय

प्राथमिक विद्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , पुस्तकें एवं स्टेशनरी दुकान (15 वर्गमीटर तक ) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

59. माध्यमिक , उच्चतर माध्यमिक एवं एकीकृत विद्यालय

माध्यमिक , उच्चतर माध्यमिक एवं एकीकृत विद्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) , पुस्तकें एवं स्टेशनरी, औषधि दुकान (15 वर्गमीटर तक ) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, अल्पाहार गृह , बैंक विस्तार काउण्टर, सभागृह , आंतरिक खेल हाल , तरण पुष्कर , डाकघर काउण्टर सुविधा ।

60. एकीकृत आवासीय विद्यालय एवं महाविद्यालय (व्यवसायिक महाविद्यालय समेत)

विद्यालय एवं महाविद्यालय , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , संस्थागत होस्टल , 15 वर्गमीटर प्रत्येक तक की फुटकर दुकानें, कन्फेक्शनरी , किराना एवं सामान्य व्यवसाय , पुस्तक एवं स्टेशनरी , औषधि, नाई, धोबी, सब्जी, अल्पाहार गृह , बैंक विस्तार काउण्टर , सभागृह , आंतरिक खेल हाल , तरण पुष्कर , खेल मैदान , काउण्टर सुविधा) । 4291

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 61. व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान

व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) (होस्टल) , केवल शासकीय केन्द्रों के प्रकरणों में, पुस्तकें एवं स्टेशनरी दुकानें ( 15 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, ग्रंथालय ।

62. सामाजिक कल्याण केन्द्र

समाजिक कल्याण केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, प्रदर्शनी- सह- विक्रय काउण्टर ।

63. अनुसंधान एवं विकास केन्द्र

अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों के लिये ) , होस्टल , अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर, ग्रंथालय , काउण्टर सुविधा ।

64. ग्रंथालय

ग्रंथालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, प्रदर्शनी एवं कला वीथिका, सभा गृह ।

65. तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र

तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र , आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , पुस्तकें एवं स्टेशनरी तथा औषधि दुकान (प्रत्येक 15 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर , सभागृह, डाकघर, काउण्टर सुविधा ।

66. खेल प्रशिक्षण केन्द्र

खेल प्रशिक्षण केन्द्र, आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) फुटकर दुकानें (कन्फेक्शनरी , किराना एवं सामान्य व्यवसाय) , छात्रावास, बैंक , डाकघर, अल्पाहार गृह, इनडोर एवं आउटडोर स्टेडियम, तरण पुष्कर, खेल मैदान ।

67. मोटर चालन प्रशिक्षण केन्द्र

मोटर चालन प्रशिक्षण केन्द्र , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

68. बाल यातायात उद्यान

बाल यातायात उद्यान , निगरानी आवास ( 20 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , संग्रहालय , सभागृह ।

69. संग्रहालय , प्रदर्शनी केन्द्र एवं कला वीथिक , सभागृह एवं खुला रंग मंच

संग्रहालय , प्रदर्शनी केन्द्र एवं कला वीथिका, सभागृह एवं खुला रंग मंच , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) , अल्पाहार गृह ।

70. सामुदायिक हाल

सामुदायिक हाल , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4292

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 71. मेला मैदान

मेला मैदान , आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , प्रदर्शनी केन्द्र (अस्थाई स्वरूप में ) , उपाहारगृह, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , पुलिस पोस्ट, अग्निशमन केन्द्र , बैंक विस्तार काउण्टर सुविधा, डाकघर काउण्टर सुविधा । 72. सांस्कृतिक एवं प्रसार केन्द्र

सांस्कृतिक एवं प्रसार केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , छात्रावास , अल्पाहार गृह , बैंक विस्तार काउण्टर सुविधा, सभागृह (500 व्यक्तियों की बैठने की क्षमता तक) , ग्रन्थालय, प्रदर्शनी एवं कला वीथिका ।

73. सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान

सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, उपहार गृह, अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर सुविधा, सभागृह, ग्रन्थालय , नृत्य, संगीत एवं नाट्य प्रशिक्षण केन्द्र, संग्रहालय , प्रदर्शनी केन्द्र तथा कला वीथिका ।

74. सुधारगृह एवं अनाथालय

सुधारगृह एवं अनाथालय , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , छात्रावास , व्यक्तिगत सेवा दुकान ( 15 वर्गमीटर तक ।

75. धार्मिक परिसर / भवन

मंदिर , 2. मस्ज़िद, 3 चर्च, 4. गुरुद्वारा , 5. यहूदियों का देवालय, 6. आश्नम, 7 स्नानघाट, 8 गौशाला , 9 दरगाह , 10. धर्मार्थ औषधालय एवं ग्रंथालय ।

76. एकाग्रता/ योग केन्द्र, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र

योग / एकाग्रता केन्द्र, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , छात्रावास, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

77. पुलिस थाना

ऐसा परिसर जिसमें स्थानीय कार्यालय एवं सुविधायुक्त परिसर एवं कर्मवारी आवास के साथ हो ।

78. पुलिस चौकी

पुलिस चौकी, आवश्यक कर्मचारी आवास ।

79. जेल

जेल एवं आवश्यक आवास (कर्मचारियों के लिये) ।

80. अग्निशमन केन्द्र

अग्निशमन केन्द्र , आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , छात्रावास (कर्मचारियों हेतु) , सेवा कार्यशाला ।

81. डाकघर, डाक व तार कार्यालय एवं सामान्य डाकघर

डाकघर , डाक व तार कार्यालय एवं सामान्य डाक घर , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह । 4293

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 82. दूरभाष केन्द्र दूरभाष केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , छात्रावास, अल्पाहार गृह, ग्रंथालय ।

83. दूरसंचार टावर

दूरसंचार टावर, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।

84. दूरसंचार केन्द्र

दूरसंचार केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह ।

85. दूरसंचार केन्द्र तथा वैधशाला एवं जलवायु कार्यालय

दूरसंचार एवं उपग्रह केन्द्र तथा वैधशाला एवं जलवायु कार्यालय , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) अल्पाहार गृह, अनुसंधान प्रयोगशाला ।

86. आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केन्द्र

आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह , छात्रावास , पुस्तकालय ।

87. कब्रिस्तान , शवदाह गृह, सिमेट्री एवं विद्युत् दाहगृह

कब्रिस्तान , शवदाह गृह , सिमेट्री एवं विद्युत् दाहगृह, लकड़ी , फूल एवं संबंधित सामग्री की फुटकर दुकानें, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) ।

88. नर्सरी / पौधशाला

पौधशाला, निगरानी आपास (20 पर्गमीटर तक) , सभी संरयनायें अस्थाई स्वरूप की होंगी ।

89. डेयरी फार्म

डेयरी फार्म , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) सभी संरचनायें अस्थायी स्वरूप की होगी ।

90. मुर्गी पालन फार्म

मुर्गी पालन फार्म, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) . सभी संरचनायें अस्थायी स्वरूप की होगी । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4294

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

अनुसूची 2

परिसरों की परिभाषाएं

1. आवासीय भू- खण्ड भू- खण्डीय आवास

एक या अधिक आवासीय इकाईयों का ऐसा परिसर जिसमें मुख्य भवन खण्ड तथा एक गैरेज / गैरेजस्, सेवक आवास हेतु एक अतिरिक्त खण्ड सम्मिलित हो । 2. आवासीय भू- खण्ड समूह आवास

न्यूनतम 5000 वर्गमीटर का परिसर, जिसमें मूलभूत सेवा सुविधायें जैसे वाहन विराम स्थल , उद्यान , सुविधाजनक दुकानें, सार्वजनिक सुविधायें आदि के साथ आवासीय प्रकोष्ठ स्थित हों ।

3. आवासीय फ्लेट

एक परिसर के लिये आवासीय इकाई जो कि समूह आवास का भाग या स्वतंत्र हो । 4. आवासीय- सह- कार्य भू- खण्ड

एक परिसर में एक परिवार के लिये उपलब्ध आवासीय जगह हो तथा जिसका कार्य स्थल भूतल तक सीमित हो , ऐसे परिसर केवल सार्वजनिक आवासीय परियोजनाओं में मान्य होंगें ।

5. आवासीय परिसर - विशेष क्षेत्र

विशेष क्षेत्र नियमन में दिये अनुसार मिश्रित उपयोग रहित या सहित विशेष क्षेत्र में आवासीय स्थान ।

6. छात्रावास (होस्टल)

दीर्घावधि हेतु आवंटित संस्थानों से जुड़े कमरों का परिसर ।

7. अतिथिगृह बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह

अतिथिगृह से तात्पर्य अल्पावधि हेतु शासकीय , अर्द्धशासकीय , सार्वजनिक उपक्रम एवं निजी मर्यादित संस्थाओं हेतु आवासीय परिसर ।

धर्मशाला एवं इसके समकक्ष 8.

वह परिसर जिसमें बिना किसी लाभ के अल्पावधि के लिये अस्थाई रहवासी जगह उपलब्ध हो ।

9. बारात घर

सार्वजनिक संस्था द्वारा संचालित विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यो के उपयोग हेतु स्थान ।

10. रैन बसेरा (नाइट शेल्टर)

ऐसा परिसर जिसमें व्यक्तियों को रात्रि में बिना किसी शुल्क या सांकेतिक शुल्क के साथ स्थान उपलब्ध कराया जाता हो , जो कि स्थानीय संस्था या स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा संचालित हो । 4295

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 11. फुटकर दुकानें

आवश्यक भण्डारण के साथ उपभोक्ताओं हेतु सीधे आवश्यक वस्तुओं का विक्रय परिसर ।

12. मरम्मत दुकान

गृह सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान , ऑटोमोबाईल , सायकल आदि की मरम्मत हेतु फुटकर दुकानों के समकक्ष परिसर ।

13. व्यक्तिगत सेवा दुकान

फुटकर दुकान के समकक्ष ऐसा परिसर जिसमें दर्जी , नाई आदि की सेवायें उपलब्ध हों ।

14. बेडिंग बूथ

यांत्रिकी या अन्य व्यवस्था के माध्यम से दैनिक उपयोग की वस्तुओं का विक्रय परिसार जो कि एक बूथ के स्वरूप में हो ।

15. सुविधाजनक दुकान केंद्र

लगभग 5000 जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में अधिकतम 50 दुकानों का समूह । स्थानीय दुकान केंद्र 16.

लगभग 15 हजार जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में 75 दुकानों का समूह ।

17. साप्ताहिक बाजार / अनौपचारिक समूह इकाई

बाजार में सप्ताह में एक बार उपयोगिता अनौपचारिक दुकानों का समूह क्षेत्र । यह बाजार सप्ताह में विभिन्न दिवसों में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित हो । 18. थोक व्यापार

ऐसा परिसर जहां से वस्तुयें एवं सामग्री फुटकर व्यवसायियों को विक्रय हेतु पहुंचाई जाती हों ।

19. स्टोरेज गोदाम एवं भण्डारण

ऐसा परिसर जहां केवल विशेष रूप से संबंधित वस्तुओं की आवश्यकता के अनुरूप सामग्री एवं वस्तुओं के भण्डारण का उपयोग किया जाता हो ।

20. कोल्ड स्टोरेज (शीतगृह)

आवश्यक तापमान बनाये रखने हेतु यांत्रिकी एवं विद्युत उपकरणों के उपयोग के साथ ऐसी बंद जगह जहां शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुओं का भण्डारण किया जाता हो ।

21. गैस गोदाम

ऐसा परिसर जहां खाना पकाने की गैस के सिलेण्डर या अन्य गैस सिलेण्डरों का भण्डारण किया जाता हो ।

22. तेल डिपो

संबंधित सुविधाओं के साथ पैट्रोलियम उत्पाद भण्डारण का परिसर । 4296

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

[भाग 1

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 23. कबाड़खाना

अतिशेष वस्तुयें एवं सामग्री के क्रय- विक्रय के साथ बंद, अर्द्धबंद एवं खुला भण्डारण परिसर ।

24. वाणिज्यिक कार्यालय

लाभ अर्जित करने वाली संस्थाओं के कार्यालयीन उपयोग का परिसर ।

25. बैंक

ऐसा परिसर जहां बैंकिंग कार्य एवं गतिविधियों के कार्यालय स्थित हों ।

26. मोटर गैरेज एवं कार्यशाला

वाहनों के मरम्मत एवं सर्विसिंग परिसर ।

27. छविगृह

दर्शकों की बैठक व्यवस्था के साथ बंद जगह जहां चलचित्र दिखाये जाने की व्यवस्था हो , ऐसा परिसर ।

28. पैट्रोल पम्प

ऐसा परिसर जहां उपभोक्ताओं को पैट्रोलियम उत्पाद विक्रय हो, साथ ही वाहन सर्विसिंग की व्यवस्था हो ।

29. रेस्टॉरेंट /उपाहार गृह

ऐसा परिसर जिसका उपयोग व्यवसायिक आधार पर खाने के व्यंजनों को उपलब्ध कराने के लिये किया जाता हो (व्यंजन पकाने की व्यवस्था के साथ ) जिसमें खुले, बंद या दोनो प्रकार की बैठक व्यवस्था हो ।

30. होटल

ऐसा परिसर , जहां भोजन अथवा बिना भोजन व्यवस्था के 15 व्यक्तियों की सशुल्क रहवास की व्यवस्था हो ।

31. मोटल

ऐसा परिसर , जो कि मुख्य राजमार्ग के समीप एवं नगरीय सीमा के बाहर हो तथा जिसका उपयोग सड़क से यात्रा करने वाले व्यक्तियों के सुलभ भोजन व्यवस्था हेतु किया जाता हो ।

32. फ्लेटेड समूह उद्योग

ऐसा समूह जिसमें अहानिकारक लघु उद्योग इकाईयों का समूह स्थित हो , यह इकाईयां बहुमंजिला भवन में हो सकती है ।

33. सेवा केंद्र

ऐसा परिसर जिसमें विशिष्ट रूप से वाहन मरम्मत , विद्युत उपकरण मरम्मत, भवन सामग्री आदि की दुकानें स्थित हों, ताकि पड़ोसी आवासीय क्षेत्रों को आवश्यक सेवा प्रदाय हो सके ।

34. औद्योगिक भूखण्ड – हल्के उद्योग

अहानिकारक 50 कर्मचारियों वाली उद्योग इकाईयों का परिसर । 4297

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 35. औद्योगिक भूखण्ड विशिष्ट उद्योग

ऐसी औद्योगिक इकाईयों का परिसर जिसमें इलेक्ट्रॉनिक सामग्री आदि जैसी विशिष्ट उत्पादन इकाईयों का समूह सम्मिलित हो ।

36. उद्यान (पार्क)

आमोद - प्रमोद गतिविधियों के उपयोग का परिसर जिसमें भू- दृश्यीकरण , वाहन विराम , सार्वजनिक शौचालय , फैंसिंग आदि संबंधित सुविधायें हों, इसमें लॉन, खुले एवं हरित क्षेत्र सम्मिलित होंगें ।

37. क्रीड़ांगन

बाह्य खेलों के उपयोग में आने वाला परिसर, इसमें भूदृश्यीकरण, वाहन विराम सुविधा, सार्वजनिक शौचालय सम्मिलित हों ।

38. बाह्य खेल स्टेडियम

बाह्य खेलों के लिये ऐसा स्टेडियम जिसमें पेवेलियन के साथ दर्शकदीर्घा एवं खिलाड़ियों के लिये संबंधित सुविधायें उपलब्ध हों ।

आंतरिक खेल स्टेडियम

39.

अहानिकारक खेलों के लिये ऐसा परिसर जिसमें खेल क्षेत्र, दर्शकदीर्घा तथा खिलाड़ियों के लिये संबंधित सुविधायें उपलब्ध हो ।

40. आंतरिक खेल हाल

ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक खेलों तथा खिलाड़ियों से संबंधित सुविधाओं हेतु आवश्यक क्षेत्र संलग्न हों ।

41. शूटिंग रेंज

ऐसा परिसर जिसमें निशानेबाजी के अभ्यास एवं खेल की सुविधायें उपलब्ध हो । 42. तरण पुष्कर

ऐसा परिसर जिसमें तैराकी की सुविधा एवं आकार , मानक एवं उद्देश्य के अनुपात में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था हो ।

43. आमोद- प्रमोद क्लब

संबंधित सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जहां सामाजिक एवं मनोरंजन के उद्देश्य से व्यक्तियों के समूह का एकत्रीकरण होता हो ।

44. ऐतिहासिक स्मारक

ऐसा परिसर जिसमें प्राचीन समय के खण्डहर एवं ढांचे स्थित हों ।

45. प्राणी उद्यान एवं मत्स्यालय

संबंधित समस्त सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जिसमें उद्यान , पार्क या मत्स्यालय के रूप में पशु और पक्षियों की प्रजातियां प्रदर्शनी एवं अध्ययन हेतु उपलब्ध हों । 46. पक्षी अभ्यारण्य

पक्षियों के सरंक्षण एवं प्रजनन हेतु वन या विस्तृत उद्यान के रूप में संबंधित सर्वसुविधायुक्त परिसर । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4298

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 47. वनस्पति उद्यान

अनुसंधान एवं प्रदर्शन के लिये उद्यान के स्वरूप में वृक्षारोपण वाला परिसर ।

48. पिकनिक हट / केम्पिंग साइट

ऐसा परिसर जहां पर्यटन एवं आमोद -प्रमोद के उद्देश्य से अल्पावधि के लिये परिवार सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो ।

फ्लाईंग क्लब 49.

ऐसा परिसर जहां ग्लाईडिंग एवं छोटे विमानों को उड़ानें का प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था हो , साथ ही इसमें मनोरंजन एवं आंतरिक खेल गतिविधियां शामिल हों ।

50. माल एवं टिकट घर

ऐसा परिसर जिसका उपयोग एक एयरलाईन द्वारा टिकिट घर एवं माल के भण्डारण के लिये किया जाता हो ।

रेल माल गोदाम

51.

ऐसा परिसर जिसका उपयोग रेल्वे द्वारा ढोये गये माल के भंडारण हेतु किया जाता हो ।

52. रेल टिकट घर

ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु रेलवे टिकिट घर के रूप में किया जाता हों ।

53. सड़क परिवहन टिकट घर

ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु सड़क परिवहन द्वारा टिकट घर के रूप में किया जाता हो , जिसमें गोदाम भी सम्मिलित हो या सम्मिलित नहीं हो ।

वाहन विराम

54.

सार्वजनिक वाहन विराम हेतु उपयोग में लाया जाने वाला परिसर जो कि व्यवसायिक या गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित किया जाता है ।

55. टैक्सी एवं तिपहिया वाहन स्थानक

ऐसा परिसर जिसका उपयोग अंतवर्ती सार्वजनिक यातायात वाहनों , जो कि व्यवसायिक आधार पर चलती हो , द्वारा विराम हेतु किया जाता है । वाहन विराम स्थल व्यवसायिक अथवा गैर व्यवसायिक हों ।

56. बस अवसान केंद्र

ऐसा परिसर जिसका उपयोग जनता के उपयोग में आने वाली सार्वजनिक यातायात संस्था की बस द्वारा कम समय के विराम हेतु किया जाता हो । इसमें यात्रियों के लिये आवश्यक सुविधायें शामिल हो सकती है । 4299

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 57. बस स्थानक

ऐसा परिसर जिसका उपयोग सार्वजनिक यातायात संस्था या अन्य किसी संस्था द्वारा बसों के रख- रखाव, मरम्मत एवं विराम हेतु किया जाता हो, इसमें कर्मशाला भी शामिल की जा सकती है अथवा नहीं भी ।

सार्वजनिक उपयोगिता परिसर

58.

1. पानी की टंकी ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एवं संग्रहण हेतु पानी की टंकी स्थित हो , इसमें पंप हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है । 2. भूमिगत टंकी - ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एवं संग्रहण हेतु पानी की भूमिगत टंकी स्थित हो, इसमें पंप हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है ।

3. आक्सीकरण पौंड ऐसा परिसर जिसमें स्थित तालाब का उपयोग जल निकास एवं अन्य अवशिष्ट पदार्थों के ऑक्सीकरण हेतु किया जाता हो ।

4. सेप्टिक टैंक ऐसा परिसर जिसमें जल निकास संकलन एवं उसके निराकरण हेतु भूमिगत टेंक स्थित हो ।

5. जल - मल पंपिंग स्टेशन - ऐसा परिसर जिसका उपयोग जल - मल को ऊंचाई पर भेजने हेतु पंपिंग स्टेशन हेतु किया जाता हो ।

०. राार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय ऐसा परिरार जिरागें सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय स्थित हो , इसमें पीने के पानी की सुविधा भी सम्मिलित की जा सकती है और नहीं भी ।

7. विद्युत उपकेंद्र – ऐसा परिसर जिसमें विद्युत वितरण हेतु ट्रांसफार्मर एवं संबंधित उपकरण स्थित हो ।

8. घूरा एवं कचराघर ऐसा परिसर जिसका उपयोग अवशिष्ट पदार्थो के एकत्रीकरण एवं आगे गढ्‌ढो को भरने हेतु लदान किया जाता हो ।

9. धोबीघाट ऐसा परिसर जिसका उपयोग कपड़े धोने , सुखाने इत्यादि के लिये किया जाता हो ।

केंद्र शासन के कार्यालय 59.

ऐसा परिसर जिसका उपयोग केंद्र शासन के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो । 60. स्थानीय शासन के कार्यालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोग स्थानीय शासन एवं स्थानीय संस्थाओं के कार्यालय हेतु किया जाता हो ।

61. सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोग सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो अधिनियम के अंतर्गत स्थापित कंपनियों के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।

62. न्यायालय

ऐसा परिसर जिसका उपयोग न्यायालयीन कार्यालयों द्वारा किया जाता हो । भाग 1

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4300

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 63. शासकीय भूमि (अनिर्धारित उपयोग) शासकीय भूमि का ऐसा परिसर जिसका उपयोग अनिर्धारित हो ।

64. चिकित्सालय

ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक एवं बाह्य रोगियों की सामान्य एवं विशेषीकृत चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध हो ।

65. स्वास्थ्यकेंद्र

ऐसा परिसर जिसमें बाह्य रोगियों एवं आंतरिक रोगियों (30 बिस्तर तक) की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो । स्वास्थ्य केंद्र का प्रबंधन सार्वजनिक एवं धर्मार्थ संस्था द्वारा गैर -व्यवसायिक आधार पर किया जाता है । इसमें परिवार कल्याण केंद्र भी सम्मिलित है ।

66. उपचार केंद्र

ऐसा परिसर जिसमें 30 बिस्तरों वाले आंतरिक बाह्य रोगियों की चिकित्सा सुविधा हो । जिसका संचालन चिकित्सक या चिकित्सक समूह द्वारा व्यवसायिक आधार पर किया जा सकता है ।

औषधालय 67.

ऐसा परिसर जिसमें सार्वर्जानेक अथवा धर्मार्थ संस्थाओं द्वारा चिकित्सकीय परामर्श एवं दनाईगों के प्रबंधन की व्यवरथा हो ।

68. क्लीनिक/ चिकित्सा केंद्र

ऐसा परिसर जिसमें चिकित्सक द्वारा बाह्य रोगियों के उपचार की सुविधा हो । पाली क्लीनिक की दशा में चिकित्सकों के समूह द्वारा प्रबंधन किया जायेगा ।

69. उपचार प्रयोगशाला

ऐसा परिसर जिसमें रोगों की पुष्टि करने हेतु विभिन्न प्रकार के परीक्षण की सुविधा हो ।

70. स्वैच्छिक स्वास्थ्य सेवा

ऐसा परिसर जिसमें स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा रक्त बैंक एवं बाह्य रोगियों के चिकित्सा की सुविधा हो । यह सेवा धर्मार्थ उद्देश्य से अस्थाई कैम्प द्वारा भी उपलब्ध कराई जा सकती है ।

71. झूलाघर एवं दिवस देख - रेख केंद्र

ऐसा परिसर जिसमें दिन में छोटे बच्चों की देखरेख की सुविधा हो । यह केंद्र व्यक्तिगत अथवा व्यवसायिक अथवा गैर व्यवसायिक संस्था द्वारा संचालित हो सकती है ।

72. पूर्व माध्यमिक एवं किंडरगार्डन स्कूल

ऐसा परिसार जिसमें पाठशाला पूर्व बच्चों के खेलने एवं प्रशिक्षण की सेवायें उपलब्ध हों ।

73. प्राथमिक शाला

ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 5 तक के छात्रों की शिक्षा एवं खेलने की सुविधा हो । 4301

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 74. माध्यमिक शाला ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के पढ़ने खेलने की सुविधा हो । इसमें वर्तमान में संचालित कक्षा 8 तक की माध्यमिक शालायें सम्मिलित है ।

75. उच्चतर माध्यमिक शाला ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 10 से 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की व्यवस्था हो ।

76. एकीकृत शाला ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो । 77. एकीकृत आवासीय शाला ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो तथा छात्रों के लिये बोर्डिंग सुविधा हो, इसमें अध्यापकों के आवास भी हो सकते है ।

78. महाविद्यालय ऐसा परिसर जिसमें विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो , इसमें सभी व्यवसायिक शिक्षण शामिल है ।

79. व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र

ऐसा परिसर जिसमें कम अवधि के शिक्षण पाठ्यक्रम तथा कतिपय विशेष व्यवसाय व व्यापार से संबंधित रोजगार हेतु प्रशिक्षण सुविधा हो । ये सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्था द्वारा गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित होना चाहिये, इसमें प्रशिक्षण- सह- कार्य केंद्र शामिल है ।

80. सामाजिक कल्याण केंद्र

ऐसा परिसर जिसमें सामुदायिक विकास के उन्नयन एवं कल्याण की सुविधा हो । यह सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित हो सकता है ।

81. अनुसंधान एवं विकास केंद्र

ऐसा परिसर जिसमें किसी विशेष विषय में अनुसंधान एवं विकास की सुविधा हो । 82. पुस्तकालय

ऐसा परिसर जिसमें एक विशेष वर्ग अथवा सामान्य जनता के पढ़ने एवं संदर्भ के लिये वृहद् संख्या में पुस्तकों का संकलन हो ।

83. तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र

ऐसा परिसर , जिसमें तकनीकी प्रकृति के विषय में प्रशिक्षण की सुविधा हो , इसमें तकनीकी शाला , औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र आदि शामिल है ।

84. वाणिज्यिक एवं सचिवालयीन प्रशिक्षण

ऐसा परिसर , जिसमें शीघ्रलेखन एवं टंकण , पत्राचार, रिकॉर्ड रखने आदि के प्रशिक्षण की सुविधा हो । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4302

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 85. संगीत , नृत्य एवं नाटक प्रशिक्षण केंद्र

ऐसा परिसर , जिसमें संगीत , नृत्य एवं नाटकों आदि के प्रशिक्षण प्रदान करने की सुविधा हो ।

86. खेल प्रशिक्षण केंद्र

ऐसा परिसर , जिसमें तैराकी सहित विभिन्न आंतरिक एवं बाह्य खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा हो । इसमें शारीरिक शिक्षा केंद्र भी शामिल है ।

87. वाहन चालन प्रशिक्षण केंद्र

ऐसा परिसर जिसमें ऑटो/ वाहनों के चालन के प्रशिक्षण की सुविधा हो।

बाल यातायात उद्यान

88.

ऐसा परिसर , जिसमें बालकों को यातायात एवं संकेतों की शिक्षा- सह- उद्यान की सुविधा हो ।

संग्रहालय

89.

ऐसा परिसर , जिसमें प्राचीन वस्तुओं, प्राकृतिक , ऐतिहासिक एवं काल संबंधी वस्तुओं के संकलन एवं प्रदर्शन की सुविधा हो ।

90. कला दीर्घा एवं प्रदर्शनी स्थल

ऐसा परिसर जिसमें पेंटिंग , छाया चित्रों, मूर्तियों, भित्ती क्षेत्र, मिट्टी से बनी कलाकृतियों, हाथ करघा अथवा विशेष वर्ग के उत्पादन को प्रदर्शन करने की सुविधा हो ।

91. सभागृह (ऑडीटोरियम)

ऐसा परिसर जिसमें संगीत विद्या गतिविधियों के विभिन्न आयोजन हेत दर्शक दीर्घा सहित मंच हो ।

92. खुला रंगमंच

ऐसा परिसर जिसमें आयोजनों के लिये दर्शक दीर्घा व मंच सहित खुला रंगमंच हो । 93. सामुदायिक भवन

ऐसा परिसर जिसमें 15000 की समीपस्थ जनसंख्या की विभिन्न सामाजिक - सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधा हो ।

94. मेला मैदान

ऐसा परिसर जिसमें सहभागी समूह के लिये प्रदर्शनी, प्रदर्शन एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों की सुविधायें हो ।

95. सांस्कृतिक एवं सूचना केंद्र

ऐसा परिसर जिसमें संस्था, राज्य तथा देश के लिये सांस्कृतिक व सूचना सेवा की सुविधायें हों ।

96. सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था

ऐसा परिसर जिसमें गैर - वाणिज्यिक रूप से सार्वजनिक , स्वैच्छिक अथवा व्यक्तिगत सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधायें हो । 4303

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 97. सुधार गृह

ऐसा परिसर जिसमें अपराधियों के कारावास एवं सुधार की सुविधा उपलब्ध हो । अनाथालय

98.

ऐसा परिसर जिसमें अनाथ बच्चों के रहने की सुविधा हो । यह शैक्षणिक सहित या रहित हो सकता है ।

धार्मिक

99.

ऐसा परिसर जिसमें ईश्वर अथवा धार्मिक प्रकृति के अन्य उद्देश्यों से संबंधित स्थल व सेवायें हो, में विभिन्न धर्मों जैसे मंदिर सभी धर्मों मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा , यहूदियों आदि के लिये प्रार्थना भवन, आश्रम, स्नानघर, गौशाला आदि हो सकते है ।

100. योग , ध्यान , आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केंद्र

ऐसा परिसर , जिसमें आत्म चिंतन, शरीर एवं मस्तिष्क की उच्च गुणवत्ता प्राप्ति करना , आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन आदि की सुविधायें शामिल हो ।

101. पुलिस चौकी

पुलिस स्टेशन की तुलना में लघु एवं अस्थाई स्थानीय पुलिस चौकी हेतु सुविधायुक्त परिसर ।

102. पुलिस स्टेशन

ऐसा परिसर , जिसमें स्थानीय पुलिस चौकी के कार्यालयों हेतु सुविधा हो ।

103. जिला पुलिस कार्यालय

अर्द्ध सैनिक बलों के कार्यालय हेतु सुविधायुक्त परिसर ।

नागरिक सुरक्षा एवं नगर सैनिक

104.

आंतरिक सुरक्षा की नागरिक संस्थानों हेतु कार्यालय सुविधा एवं अन्य कार्यकलापों वाला परिसर ।

105. न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला

ऐसा परिसर जहां न्यायिक प्रकरणों में चिकित्सा ज्ञान के प्रयोग की सुविधा प्राप्त हो ।

106. जेल

ऐसा परिसर जहां कानून के अंतर्गत कारावास / बंदीगृह एवं अपराधियों के सुधार की व्यवस्था हो ।

107. अग्निशमन पोस्ट

ऐसा परिसर जहां अल्प स्तर पर अग्निशमन व्यवस्था हो । अग्नि प्रवृत्त गतिविधियों वाले विशिष्ट परिसरों में यह व्यवस्था संलग्नित की जा सकती है ।

108. अग्निशमन पोस्ट

एक निर्धारित क्षेत्र हेतु अग्निशमन सुविधा से युक्त परिसर ।

109. डाकघर

सार्वजनिक उपयोग के लिये डाक सुविधायुक्त परिसर । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4304

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 110. डाक एवं तार घर

सार्वजनिक उपयोग के लिये डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर ।

111. मुख्य डाकघर

सार्वजनिक उपयोग के लिये डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर ।

112. टेलीफोन एक्सचेंज

परिसर जहां सार्वजनिक टेलीफोन प्रणाली केंद्र स्थापित हो ।

113. रेडियो एवं दूरदर्शन स्टेशन

समाचार एवं अन्य कार्यक्रमों का संबंधित माध्यमों द्वारा प्रचार, प्रसार, रिकॉर्डिंग आदि सुविधायुक्त परिसर । जिसमें अतिथि कलाकारों के लिये हॉस्टल व्यवस्था तथा प्रचार (ट्रांसमिशन ) के लिये टावर्स जैसे सुविधायें भी सम्मिलित हो सकती है। 114. ट्रांसमिशन टावर एवं वायरलेस स्टेशन

ऐसा परिसर जिसका उपयोग संचार के उद्देश्य के लिये टावर निर्माण हेतु किया जाता हो ।

115. उपग्रह एवं दूरसंचार केंद्र

ऐसा परिसर जहां उपग्रह एवं दूरसंचार तकनीकी के अनुसंधान तथा विकास के लिये सुविधा उपलब्ध हो ।

116. वैधशाला एवं मौसम कार्यालय

ऐसा परिसर जहां मौसम के आंकड़ों के विश्लेषण एवं विकास तथा इस आधार पर मौसम की पूर्व सूचना किये जाने की सुविधा उपलब्ध हो ।

117. कब्रिस्तान

मृतकों के अंतिम संस्कार हेतु आवश्यक सुविधायुक्त परिसर ।

118. विश्रामघाट

दाह विधि से मृतकों के अंतिम संस्कार का आवश्यक सुविधायुक्त परिसर ।

119. सिमिट्री

ईसाई समुदाय के मृतकों के अंतिम संस्कार का आवश्यक सुविधायुक्त परिसर । 120. विद्युत दाहगृह

ऐसा परिसर जहां विद्युत फरनेस से मृतक का दाह किया जाता हो ।

121. बाग (ओरचर्ड)

सघन फल वृक्षों का परिसर, जिसमें फल वृक्षों के साथ उद्यान सम्मिलित हो सकता है ।

122. पौध नर्सरी

पौध के उगाने एवं विक्रय का सुविधायुक्त परिसर ।

123. वन

सघन प्राकृतिक वन युक्त परिसर । (वन संरक्षण अधिनियम की परिभाषा अनुसार ) 4305

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 124. डेरी फार्म

ऐसा परिसर जहां डेयरी उत्पादन के उपचार एवं उत्पादन की सुविधा उपलब्ध हो, जिसमें अस्थायी रूप से पशु एवं पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते है ।

कुक्कुट फार्म

125.

कुक्कुट उत्पाद के प्रजनन एवं उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें अस्थायी रूप से पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते है ।

126. सुअर पालन

सुअर प्रजनन एवं उत्पाद उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें सुअरों के लिये अस्थायी स्वरूप के शेड्स सम्मिलित हो सकते है ।

127. फार्म हाउस

एक फार्म पर बनी आवासीय इकाई ।

128. ग्रामीण केंद्र

ग्रामों में विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का सुविधायुक्त परिसर । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4306

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट भाग 1 ] मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021 4307

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 [भाग 1 4308

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 1

परिशिष्ट क-1

(नियम 14 देखिए)

नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 16 या 29 (1 ) के अधीन विकास अनुज्ञा हेतु

आवेदन पत्र

प्रति,

महोदय,

मैं....

के कॉलोनी या मोहल्ला या बाजार...... भूखण्ड क्रमांक नगर .. ..तहसील. ...जिला.. .ग्राम.... क्षेत्र..... में स्थित खसरा क्रमांक ..हेक्टयर / वर्गमीटर.. ..(विकास के प्रयोजन का उल्लेख करें) में तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 16 के अनुसार विकास करना चाहता हूँ और मैं इसके साथ मेरे तथा... वास्तुविद या संरचना इंजीनियर नगर निवेशक (नाम स्पष्ट अक्षरों में) अनुज्ञप्ति क्रमांक.. जो इसके विकास का पर्यवेक्षण करेगा द्वारा सम्यक हस्ताक्षरित तथा प्राधिकृत निम्नलिखित रेखांक दस्तावेज तथा विशिष्ट विवरण चार प्रतियों में अग्रेषित करता हूँ :-

1. मुख्य रेखांक नियम 16(3 ) अनुसार..

2. स्थल रेखांक नियम 16(4) अनुसार...

3. उप विभाग / अभिन्यास योजना नियम 16 (5 ) अनुसार सब डिवीजन / ले -आउट प्लान)

4. सेवा आयोजन रेखांक नियम 16 (7) अनुसार...

4309

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 5. प्रस्तावित विकास कार्य को दर्शाते हुए प्रोजेक्ट रिपोर्ट..

6. स्थल के संबंध में भूमि स्वामित्व अथवा कोई विधिक अधिकार के सबूत दर्शाने वाले दस्तावेज नियम 16 (11 ) अनुसार.......

नजूल अनापत्ति की कापी नियम 16 (11 ) अनुसार...... 7..

8. आवेदन शुल्क की पावती की प्रति नियम 21 (2) (झ) अनुसार...

9. इस आवेदन के साथ स्वामी द्वारा अधिकृत किये गये आवेदक के सबूत प्रस्तुत करें (जहाँ आवेदक स्वामी से भिन्न हो.....

पाक्रिंग संगणना के साथ पाक्रिंग प्लान..... 10..

11. ऊपर दिये गये अनुक्रमांक 1 से 10 की इल्ट्रानिक कॉपी..

मैं निवेदन करता हूँ कि प्रस्तावित कार्यों को अनुमोदित किया जाए और मुझे / हमें कार्य निष्पादित करने की अनुज्ञा प्रदान की जाये ।

आवेदक के हस्ताक्षर..

आवेदक का नाम..

आवेदक का पता

ई- मेल पता...

दूरभाष / मोबाईल नम्बर...

दिनांक भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4310

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 2

परिशिष्ट क-1

(नियम 14 देखिए)

स्थानीय प्राधिकारी से भवन अनुज्ञा हेतु आवेदन पत्र

प्रति,

स्थानीय प्राधिकारी का नाम एवं पता

महोदय,

नगर.. मैं ...कॉलानी या मोहल्ला या बाजार ...जिला में स्थित भवन क्रमांक .तहसील.. ............भूखण्ड क्रमांक या खसरा क्रमांक.. हेक्टयर / वर्गमीटर.. क्षेत्रफल ...ग्राम या ..निर्माण. के प्रयोजन हेतु भूमि विकास नियम 2012 के अनुसार परिनिर्माण अथवा पुर्ननिर्माण अथवा परिवर्तन करना चाहता हूँ और मैं इसके साथ मेरे तथा.... जो ..वास्तुविद या संरचना इंजीनियर नगर निवेशक (नाम स्पष्ट अक्षरों में) कि उस परिनिर्माण का पर्यवेक्षण करेगा, सम्यक रूप से हस्ताक्षरित (हार्ड या साफ्ट कॉपी में) निम्नलिखित रेखांक दस्तावेज तथा चार प्रतियों में विशिष्ट विवरण प्रस्तुत करता हूँ :-

1. मुख्य रेखांक (की- प्लान)

2. स्थल रेखांक (साइट प्लान)

3. उप विभाग / अभिन्यास (सब डिवीजन / ले-आउट प्लान ) 4311

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 4. भवन के नक्शे. ( प्लानर्स)

5. सेवा आयोजना ( सर्विस प्लान)

6. विशिष्टियाँ (स्पेसिफिकेशन) सामान्य तथा विस्तृत..

7. स्थल के संबंध में भूमि स्वामित्व अथवा काई विधिक अधिकार (लीगल राईट ) के सबूत दिखाते हुए दस्तावेज

नजूल अनापत्ति की कॉपी 8.

9. आवेदन शुल्क की पावती की कॉपी

10 इस आवेदन के साथ भू- स्वामी द्वारा अधिकृत किये गये आवेदक के सबूत प्रस्तुत करें (जहाँ आवेदक भू- स्वामी से भिन्न हो)

11. पाक्रिंग संगणना के साथ पाक्रिंग प्लान

12. अनुक्रमांक 1 से 11 की इल्ट्रानिक कॉपी

मैं निवेदन करता हूँ कि प्रस्तावित कार्यों की अनुमोदित किया जाए और मुझे / हमें कार्य निष्पादित करने की अनुज्ञा प्रदान की जाये ।

आवेदक के हस्ताक्षर

आवेदक का नाम

आवेदक का पता

ई -मेल पता

दूरभाष / मोबाईल नम्बर

दिनांक

प्राधिकारी द्वारा इस संबंध में सीधे उपयोग हेतु प्ररूप (फारमेट) तैयार किया जा सकता है । भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4312

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 3

परिशिष्ट छ

(नियम 49 टिप्पणी 4 देखिए)

विकास अथवा क्षेत्रीय अयोजना के प्रस्तावों को प्राप्त करने का प्ररूप

प्रति,

प्राधिकारी

मध्य प्रदेश

महोदय,

मैं एतत द्वारा शहर / जिला ......कॉलोनी/ गली / मार्ग.. ..मोहल्ला / बाजार / तहसील... में भूखण्ड क्रमांक खसरा क्रमांक ..की भूमि के विकास / पुर्नविकास करने का इच्छुक हूँ । क्षेत्र से सम्बंधित विकास योजना / परिक्षेत्रीक योजना से संबंधित प्रस्ताव ऊपर निर्दिष्ट भूमि के लिये उपखण्ड योजनाएं तैयार करने के लिये उपलब्ध किये जा सकेंगे । विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना संबंधी प्रस्तावों को प्राप्त करने के लिये आवश्यक भुगतान किया जा चुका है और रसीद भी अभिप्रमाणित प्रति संलग्न है ।

आवेदक के अथवा स्वामी के हस्ताक्षर

आवेदक अथवा स्वामी का नाम. (स्पष्ट अक्षरों में)

आवेदक अथवा स्वामी का पता

दिनॉक 4313

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 4 संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश , मध्य प्रदेश भोपाल

भोपाल दिनांक 15 मई 1998 क्रमांक 2876/ नग्रानि/वि.यो./98

प्रति,

1. मुख्य कार्यपालन अधिकारी विकास प्राधिकरण / विशेष क्षेत्र प्राधिकरण

2. आयुक्त / मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगर निगम / नगरपालिका

तिषरा: तितारा गोजना के क्रिगान्तगन हेतु शासन द्वारा गहित नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति की कार्यवाही हेतु रूप रेखा ।

मध्य प्रदेश शासन , आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , भोपाल के आदेश क्रमांक एफ -3 / 130 / 32 / 97 दिनांक 20 जनवरी 1998 द्वारा मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों की अनुमोदित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी गठित की गई नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति की कार्य पद्धति की संक्षिप्त रूप रेखा निम्नानुसार है

1. पर्यवेक्षण समिति निम्न क्षेत्रों में क्रियान्वयन स्थिति का पर्यवेक्षण करेगी ।

(अ) नगरीय अधोसंरचना का विकास

(ब) आवासीय एवं आश्रय योजनाओं का विकास

(स) सार्वजनिक सुविधाओं एवं नगरीय केन्द्रों / उपकेन्द्रों का विकास

(द) आमोद - प्रमोद क्षेत्रों का विकास

2. समिति निम्नलिखित कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु तीन माह में एक बार बैठक करेगी । (अ) कार्यक्रम का चयन

(ब) परियोजना तैयारीकरण

(स) परियोजना क्रियान्वयन एवं वित्तीय व्यवस्था भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4314

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 (द) कार्यक्रम क्रियान्वयन के मूल्यांकन के फलस्वरूप वांछित सुधार

3. समिति निम्नलिखित व्यवस्था अनुसार वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी । विकास प्राधिकरण / स्थानीय निकाय द्वारा नियोजन पर्यवेक्षण समिति के समक्ष वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा । जिसमें नियोजन क्रियान्वयन के सभी पहलू सम्मिलित होने के साथ ही सुधार हेतु अनुशंसित बिन्दु भी सम्मिलित होंगे । समिति अपनी अनुशंसा के साथ संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , मध्यप्रदेश के विचारार्थ वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी । तथा संचालक द्वारा उक्त प्रतिवेदन का अनुमोदन राज्य शासन को प्रस्तुत किया जावेगा ।

हस्ताक्षर

संचालक

नगर तथा ग्राम निवेश , भोपाल , मध्यप्रदेश 4315

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 5

मध्य प्रदेश शासन

नगर तथा ग्राम निवेश

अधिसूचना

भोपाल दिनांक क्रमांक 2644 / 1 /79 / तैंतीस / 73 , मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत राज्य सरकार एतद् द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये सीहोर के निवेश क्षेत्र का गठन करती है , जिसकी सीमायें नीचे दी गई अनुसूची द्वारा परिनिश्चित की गई है ।

अनुसूची

1. उत्तर- पश्चिम में

सेमली खुर्द, बिजोरी , बिजोरा , अवन्तीपुर , शिवपुरी , गोपालपुरा तथा शाहपुर कोड़िया ग्राम की उत्तरी - पश्चिमी सीमा तक ।

2. पश्चिम- दक्षिण में-

मुगीसपुर , रफीकगंज , गुरमैला, हसनाबाद, काला पहाड़ , अल्हदाखेड़ी तथा जहाँगीर ग्राम की पश्चिमी दक्षिणी सीमा तक । 3. दक्षिण- पूर्व में -

सारंगखेड़ी, बोरियाखेड़ी चंदेरी , भगवानपुरा , तकीपुर, लसुड़ियापुर तथा खुर्शीदपुर ग्राम की दक्षिण सीमा तक ।

4. पूर्व- उत्तर में -

जमोनिया , थूनाखुर्द, थूनकला, मुरली , पचामा, अब्दुल्लापुर तथा शेरपुर ग्राम की पूर्वी - उत्तरी सीमा तक ।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार

हस्ताक्षर

विशेष सचिव

मध्य प्रदेश शासन [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4316

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 6

कार्यालय उप संचालक

नगर तथा ग्रामीण नियोजन, भोपाल संभाग भोपाल

सूचना

एतत् द्वारा यह सूचना दी जाती है, कि सीहोर निवेश क्षेत्र के लिये भूमि उपयोग के वर्तमान उपयोग संबंधी मानचित्रों को म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 की धारा 15 ( 3 ) के अधीन अंगीकृत कर लिया गया है और उसकी एक प्रति नगर पालिका कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण के लिये दिनांक. 16.01.78 से 21.01.78 तक उपलब्ध है ।

सीहोर निवेश क्षेत्र की अनुसूची

1. उत्तर- पश्चिम में -

सेमली खुर्द, बिजोरी , बिजोरा , अवन्तीपुर, शिवपुरी, गोपालपुरा तथा शाहपुर कोड़िया ग्राम की उत्तरी - पश्चिमी सीमा तक ।

2. पश्चिम- दक्षिण में-

मुगीसपुर, रफीकगंज , गुरमैला, हसनाबाद , काला पहाड़ , अल्हदाखेड़ी तथा जहाँगीर ग्राम की पश्चिमी - दक्षिणी सीमा तक । 3. दक्षिण - पूर्व में -

सारंगखेड़ी, बोरियाखेड़ी चंदेरी , भगवानपुरा, तकीपुर, लसुड़ियापुर तथा खुर्शीदपुर ग्राम की दक्षिण सीमा तक ।

4. पूर्व- उत्तर में -

जमोनिया , थूनाखुर्द , थूनकला, मुरली, पचामा , अब्दुल्लापुर तथा शेरपुर ग्राम की पूर्वी- उत्तरी सीमा तक ।

हस्ताक्षर

(बी.एस.मुदलियार)

उप संचालक

नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र नियोजन

भोपाल संभाग भोपाल 4317

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 7

मध्यप्रदेश शासन

आवास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय

आदेश

भोपाल दिनांक 15.04.2010 क्रमांक एफ - 3-45 / 32 / 2010 राज्य शासन के आदेश क्रमांक एफ- 3-130 /32 / 97 दिनाँक 20.01.1998 , आदेश क्रमांक एफ -3-55 / 32 / 98 , दिनॉक 12.08.1998 एवं आदेश क्रमांक एफ - 3-130 / 32 / 97 दिनॉक 3 मई 2000 के द्वारा अनुमोदित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु संभागायुक्त / कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति को एतद् द्वारा निम्नानुसार संशोधित किया जाता है :-

अध्यक्ष 1. संभागीय मुख्यालय के नगरों हेतु संबंधित संभागायुक्त तथा जिला मुख्यालय एवं अन्य नगरों हेतु संबंधित कलेक्टर

सदस्य 2. सांसद , संबंधित क्षेत्र

सदस्य 3. अध्यक्ष, संबंधित विकास प्राधिकरण

सदस्य 4 अध्यक्ष, संबंधित जिला पंचायत

सदस्य 5 महापौर , संबंधित नगर पालिक निगम

सदस्य 6

निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों के विधायक

सदस्य 7 अध्यक्ष, संबंधित नगर पालिका

सदस्य 8 अध्यक्ष, संबंधित नगर पंचायत

सदस्य 9 मध्य प्रदेश गृह निर्माण मण्डल का उपायुक्त / कार्यपालन यंत्री

सदस्य 10 संबंधित आयुक्त, नगर पालिक निगम / मुख्य कार्यपालन अधिकारी भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4318

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 नगरपालिका / नगर पंचायत

सदस्य लोक निर्माण विभाग का संबंधित अधीक्षण यंत्री / कार्यपालन यंत्री

11

सदस्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का संबंधित अधीक्षण यंत्री / कार्यपालन यंत्री

12

सदस्य मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल का संबंधित अधीक्षण यंत्री / कार्यपालन यंत्री

13

सदस्य 14 संबंधित प्राधिकरण अथवा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी

सदस्य 15

सचिव संयुक्त संचालक / उप संचालक / सहायक संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश , संबंधित जिला कार्यालय

इस समिति की बैठक प्रत्येक छः माह में आयोजित किया जाना अनिवार्य होगा ।

(अ )

(

ब) सदस्य सचिव विकास योजना के विभिन्न घटकों की प्राथमिकता का सकारण निर्धारण कर वार्षिक योजना समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे ।

(स

) क्रियान्वयन संस्थायें अपना वार्षिक बजट समिति द्वारा अनुमोदित वार्षिक योजना के आधार पर तैयार करेगा ।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार

(वर्षा नावलेकर)

उप सचिव

मध्य प्रदेश शासन

आवास एवं पर्यावरण विभाग 4319

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 8

4261 भग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 नवम्बर 2016

भोपाल, दिनांक 24 अक्टूबर 2016

अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया बाता है.

सूचना

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

सी. के. साधव , उपसचिव

Bhopal , the 24th October 2016

NOTICE

क्र. एफ-3-60-2014- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 19 की उपधारा (4 ) के अधीन एतद‌द्वारा सूचना दी जाती है कि राज्य सरकार द्वारा सीहोर निवेश क्षेत्र के लिये विकास योजना, 2031 मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 19(2) में अनुमोदित की गई है तथा योजना की प्रति का निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण किया जा सकेगा, अर्थात्:-

1. कलेक्टर, सीहोर मध्यप्रदेश

2. संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय सीहोर- भोपाल मध्यप्रदेश.

No. F-3-60-2014- XXXII .-Notice under Section 19(4) of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam , 1973 is hereby given that the State Government has approved the Development Plan for Sebore, 2031 ander sub- section (2) ofSection 19 ofthe Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam , 1973 (No. 23 of 1973), and a copy of the said plan may beinspected atthe following offices during office hours, namely:-

1 . Collector, Distrcit Schore, Madhya Pradesh.

3. मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगरपालिका परिषद्, सीहोर, मध्यप्रदेश.

2. Joint Director, Town & Country Planning Distt. Office Selavie Blaupal, Madhya Pradesli.

(2 ) मह विकास गोजना गध्यप्रदेश बगर तथा जग निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 19 को उपधारा (5 ) के प्रावधान अनुसार राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवर्तित होगी.

C.M.O. , Municipal Council Sehore , Madhya Pradesh. 3.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. के. साधव, उपसचिव ,

घोपाल, दिनांक 24 अक्टूबर 2016

(2) The saiddevelopment plan shall come into operation with effect from of publication of this notice inMadhya Pradesh Gazette under Section 19 (5) of Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam, 1973:-

By order and in the name of the Governor of MadhyaPradesh,

C. K. SADHAV, Dy. Secy.

क्र. एफ - 3-60-2014 बत्तीस . भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में नगरीय विकास एवं आकास विभाग की अधिसूचना दिनांक 24 अक्टूबर 2016 का

कार्यालय, कलेक्टर एवं उपसचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मण्डला

मण्डला, दिनांक 24 अक्टूबर 2016

मध्यप्रदेश अधिनियम 1969 की धारा ' क ' के अन्तर्गत

क्र. डूडा- 1041.- एतद्‌द्वारा सूचित किया जाता है कि जिला मण्डला परिषद् साधारण सम्मिलन की बैठक दिनांक 31 अक्टूबर 2012 एवं संकल्प क्र. 09, दिनांक 22 जून 2016 के अनुसार निम्नालिखित ग्रामों को नगरपालिका परिषद् मण्डला में सम्मिलन किये जाने बावत् निर्णय लेते हुए अनुमोदन प्रदान किया गया है:-

अनुसूची

नगरपालिका परिषद्, मण्डला की सीमा में सम्मिलित किये जाने बाले ग्रामों की घोषित भूमि निम्नानुसार है:-

क्र. जिला

तहसील

प.ह.नं.

घोषित किये जाने वाले क्षेत्र का विवरण

(3)

(4)

(5)

(1) (2)

(6)

1

29

मण्डला

ख. नं. 1 से 1254 में सम्मिलित समस्त क्षेत्र

सालिपुर [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4320

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 अपीनियम की धारा 19(2) के तहत जारी किये जाने वाले सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2031 सूचना के लिए खसरों की

सूची

खसरा क्रमांक कमांक ग्राम का नाम

212का भाग 1 कस्बा सीहोर

216का भाग 2कस्वा सीहोर

215 का भाम 3 कस्बा सीहोर

232 का भाग 4 कस्वा सीहोर

233 का भाग 5 कस्बा सीहोर

234 का भाग 6 कस्बा सीहोर

237 का नाग 7 कस्बा सीहोर

248का भाग 8 कस्वा सीहोर

209काभाग 9 कस्बा सीहोर

214 का भाग 10 कस्वासोहोर

कस्वा सीहोर

236का भाग 11

235का नाग कस्बा सीहोर

12

255 का भाग कस्बा सीहोर

13

कस्ता सीहोर

247 का भाग 14

कस्था सीहोर

262 का भाग 15

कस्बा सीहोर

248का भाग 16

251 का भाग 17 कस्था सीहोर

183 কা শাল 18 कस्बा सीहोर

कस्बा सीहोर

182 का भाग 19

कस्वा सीहोर

20

194/1 का भाग 21 करवा सीहोर

194/2 का भाग

187 का भाग करना सीहोर

22

उपांतरण उपरांत प्रस्तावित भू- उपयोग

प्रारूप विकास योजना में भूमि उपयोग

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

कृषि

आवासीय

आवासीय

आमोद प्रमोद

आवासीय

आमोद प्रमोद

आवासीय

आमोद प्रमोद

आवासीय

आमोद प्रमोद

आवासीय

आमोद प्रमोद 4321

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 203

मध्यप्रदेश शासन

राजस्व विभाग

भोपाल, दिनांक 30 अगस्त, 2013

क्रमांक एफ6-42/ 2013 / सात/ नजूल राज्य सरकार, एतदद्वारा , राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड चार क्रमांक -1 के अंतर्गत सामाजिक , सांस्कृतिक या परोपकारी गतिविधियों में संलग्न पूर्त संस्थाओं को भूमि आबंटन के लिए निम्नानुसार नीति जारी करती है:-

1. इस विभाग द्वारा निवेशकों के लिए भूमि आबंटन के लिए जारी की गई नीति परिपत्र क्रमांक 16-14/ 2013 /सात / शा .2 ए दिनांक 30 मई , 2013 की कंडिका 4 में आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त द्वारा प्रदेश में उपलब्ध नगरीय तथा 'नगरेत्तर क्षेत्रों में स्थित समस्त दखलरहित भूमि के लिए लेण्ड बैंक बनाया गया है जिसे प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर अद्यतन किया जाकर आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त की वेबसाइट ( www.landrecord.mp.gov.in) पर प्रदर्शित भी किया गया है । इस प्रकार तैयार एवं प्रदर्शित लेण्ड बैंक में उपलब्ध भूमियों में से सांस्कृतिक, सामाजिक या परोपकारी गतिविधियों के लिए भूमि आवंटन के लिए चयन की जा सकती हैं । ऐसी संस्थाओं को भूमि आवंटन के बाद वेबसाइट पर प्रदर्शित जानकारी नियमित अंतराल पर अद्यतन की जाएगी ।

2. सांस्कृतिक, सामाजिक या परोपकारी संस्था को पूर्त संस्था (घेरिटेबिल संस्था) समझा जाएगा । पूर्त संस्था से अभिप्रेत है ऐसी संस्था जिसकी गतिविधियां पूर्त प्रयोजन से सम्बद्ध हो और 'पूर्ण प्रयोजन' से अभिप्रेत है, शारीरिक और / अधया मानसिक रूप से निःशक्त व्यक्तियों के लिए संस्था/ अनाथाश्रम स्थापित करना , लड़कियों तथा कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करना, वृद्धाश्रम स्थापित करना, स्कूल शिक्षा/ कौशल विकास गतिविधियों के लिए संस्था स्थापित करना , सांस्कृतिक / सामुदायिक गतिविधियों के लिए संस्था स्थापित करना, खेलकूद संबंधी सुविधाएं विकसित करना और ऐसा ही कोई अन्य प्रयोजन जिसे राज्य सरकार , आदेश द्वारा अधिसूचित करे ।

3. पूर्त संस्थाओं के भूमि आबंटन के आवेदन का परीक्षण करने के लिए निम्न बिन्दु सम्मिलित किए जाएंगे:-

(क) संस्था का पंजीयन,

(स्य) संस्था के लक्ष्य, उद्देश्य और गतिविधियां,

(ग) संस्था की वित्तीय स्थिति तथा उनके द्वारा तैयार की गयी योजना के कियान्वयन के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन की उपलब्धता जिसमें भवन निर्माण कराने वाली लागत एवं गतिविधियों के संचालन के लिए प्रारम्भिक आवश्यकता सम्मिलित हो.

(घ) संस्था की प्रस्तावित योजना के लिए भूमि का न्यूनतम आवश्यक क्षेत्रफल, जो उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा प्रतिवेदित तथा अनुशंसित हो ।

4. पूर्त संस्थाओं द्वारा आवेदन कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित जानकारियां दी जाएंगी और दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न की जाएंगी:-

(क) निम्न जानकारी जो देना होगी- [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4322

सीहोर विकास योजना (प्रारूप, (एक) भू-खंड के विवरण , कमांक तथा पहचान के अन्य चिन्ह, जो कि नजूल अभिलेखों में दर्ज हो एवं लैण्ड बैंक में उल्लेखित हो ।

(दो) प्रयोजन जिसके लिए भू- खंड का आवंटन घाहा गया है ।

(तीन) अन्य सुसंगत जानकारी जैसे- भू-खंडे से लगी हुई आवेदक की भूमि है आदि-आदि ।

(चार) आवेदक संस्था को इस आशय का undertaking देना होगा कि उसे आवंटित की जाने वाली भूमि पर संचालित संस्था का लाभ प्राप्त करने हेतु किसी पंथ /जाति/ सम्प्रदाय विशेष के लोगों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा ।

(ख) निम्न दस्तावेज जो संलग्न करना होयें-

(एक) पूर्त संस्था अथवा सामाजिक संस्था के मामले में तत्समय प्रवृत्त सुसंगत विधि के अंतर्गत पंजीयन प्रमाण-पत्र । (आवेदक संस्था आवेदन की तिथि से 3 वर्ष पूर्व से पंजीकृत होना अनिवार्य है)

(दां) संस्था की वित्तीय स्थिति । (आवेदक संस्था द्वारा आवेदित भू-खंड पर अनुमत एफ.ए.आर. के अनुसार निर्माण कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग के तत्समय लागू निर्देशों के अनुक्रम में एस.ओ.आर के अनुसार आवश्यक राशि की दस प्रतिशत राशि की उपलब्धता का प्रमाण-पत्र संलग्न करनाअनिवार्य है)

(तीन) विगत 3 वर्ष की बेलेंस सीट(चार्टड अकाउन्टेट द्वारा सत्यापित) ।

(चार) विगत 3 वर्षों में संस्था द्वारा की जा रही गतिविधियों एवं उपलब्धियों विषयक प्रमाण- पत्र ।

(पांच) पू-डांड का प्लान नक्शा ।

(छः) विकास योजना एवं भूमि विकास नियम, 2012 के अंतर्गत अनुमत भूमि उपयोग का उल्लेख करते हुए फर्श, क्षेत्र, अनुपात के पूर्ण उपयोग के आधार पर संभावित ऊर्ध्वाकार निर्माण को ध्यान में रखते हुए संस्था के प्रस्तावित निर्माण के लिए न्यूनतम आवश्यक भूमि के क्षेत्रफल का विवरण (आंकलन के आधारों के साथ) ।

5. किसी सांस्कृति, सामाजिक या पूर्त संस्था को ऐसी संस्था के लिए आवश्यक न्यूनतम भूमि का आंकलन तत्समय लागू तत्स्थानीय विकास योजना (मास्टर प्लॉन) एवं मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के अंतर्गत अनुमत भूमि उपयोग (land use) तथा फर्श क्षेत्र अनुपात (Floor Area Ratio-एफ.ए.आर) के पूर्ण उपयोग के आधार पर संभावित उर्ध्वाकार (vertically) निर्माण को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा ।

परन्तु किसी भी सांस्कृतिक, सामाजिक या पूर्त संस्था को एक ही नगरीय क्षेत्र में एक से अधिक स्थान पर भूमि आबंटित नहीं की जाएगी ।

melLatten 4323

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 पूर्त संस्थाओं को भूमि आवंटन के मामले में निम्न प्रक्रिया का पालन किया

जाएगा: -

(1) कलेक्टर यदि परीक्षण उपरान्त यह पाता है कि भूमि पूर्त संस्था को रियायती दर पर आबंटित करने पर विचार किया जा सकता है तो इस आशय की सार्वजनिक सूचना जारी करेगा, जिसमें न्यूनतम 15 दिवस की अवधि देते हुए आपत्ति/ सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे । सार्वजनिक सूचना में इस आशय का भी आह्वान किया जाएगा कि यदि आवेदक के अतिरिक्त अन्य कोई प्रश्नाधीन भूमि का आबंटन समान प्रयोजन के लिए अथवा प्रश्नाधीन भूमि के लिए निर्धारित भूमि उपयोग के अनुसार प्रयोजन के लिए प्रश्नाधीन भूमि का आबंटन चाहता है तो वह भी अपना दावा अपनी आर्हताओं के विवरण के साथ कंडिका 9 की अपेक्षाओं की पूर्ति करते हुए कलेक्टर को सूचना में उल्लेखित नियत अवधि के भीतर प्रस्तुत कर सकेगा ।

(2) सार्वजनिक सूचना कलेक्टर कार्यालय , तहसील कार्यालय, यथास्थिति स्थानीय निकाय नगर नियम, नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत के कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा कर प्रदर्शित की जाएगी तथा प्रदेश स्तर के दो समाचार पत्रों में जिनमें से कम से कम एक हिन्दी का होगा, में भी प्रकाशित की जाएगी । इसके अतिरिक्त सार्वजनिक सूचना आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, मध्यप्रदेश की कार्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएगी ।

(3) उक्तानुसार सार्वजनिक सूचना जारी, प्रदर्शित तथा अपलोड किए जाने कीतिथि के पश्चात् यदि कलेक्टर को नियत अवधि के भीतर कोई आपत्ति या सुझाव प्राप्त होते हैं तो कलेक्टर ऐसी आपत्ति/ सुझाव की समुचित जांच कर निराकरण करेगा और परीक्षण उपरान्त यदि प्राप्त आपत्ति/ सुझाव को अमान्य करता है तो भूमि आवंटन की आगामी कार्यवाही के लिए अग्रसर होगाः

परन्तु यदि सार्वजनिक सूचना में दी गई अवधि के भीतर कोई अन्य दावेदार प्रश्नाधीन भूमि का आवंटन प्राप्त करने के लिए दावा प्रस्तुत करता है तो कलेक्टर ऐसे प्राप्त दावे के साथ सम्पूर्ण प्रकरण का पुनः परीक्षण करेगा और परीक्षण उपरान्त यदि कलेक्टर आवेदक के अतिरिक्त किसी / किन्हीं दावेदारों को प्रश्नाधीन भूमि के आवंटन के लिए उपयुक्त/ पात्र पाता है तो ऐसे समान पात्रता रखने वाले आवेदक / दावेदार संस्थाओं की सूची तैयार करेगा ।

(4) यदि कलेक्टर प्राप्त आपत्तियों को निरस्त करने का निर्णय लेता है तो कारणों का उल्लेख करते हुए अपना निर्णय अभिलिखित करेगा और आबंटन की आगामी कार्यवाही के लिए अग्रसर होगा ।

7 इस नीति के अनुसार:-

(1 ) आपत्तियों के निराकण के पश्चात् कोई अन्य दावेदार समान पात्रता धारण नहीं करता है तो मूल आवेदक के पक्ष में आबंटन की आगामी कार्यवाही की जाएगी ।

- भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी, 2021

4324

सीहोर विकास योजना (प्रारू (2) एक ही भूमि या उसके अंश भाग के आबंटन के लिये यदि एक से अधिक आवेदक पात्र पाये जाते हैं तो उनके संबंध में आपत्ति- सुझाव के निराकरण के पश्चात् कलेक्टर उनमें से किसी एक के चयन के लिये आवेदक संस्था के उ‌द्देश्य के आधार पर प्रयोजन अनुसार निम्न प्राथमिकता कम के आधार पर चयन करेगा -

(क) शारीरिक और/ अथवा मानसिक रूप से निःशक्त व्यक्तिावों के

①⑥ 6

(ख) अनाथाश्रम स्थापित करना,

(ग) वृद्धाश्रम स्थापित करना,

(घ) लड़कियों तथा कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करना,

(ङ) स्कूल शिक्षा/कौशल विकास गतिविधियों के लिए संस्था स्थापित करना,

(च) लड़कों के लिये छात्रावास स्थापित करना,

(छ) सांस्कृतिक/ सामुदायिक गतिविधियों के लिए संस्था स्थापित करना,

(ज) खेलकूद संबंधी सुविधाएं विकसित करना

(का) ऐसा ही कोई अन्य प्रयोजन जिसे राज्य सरकार, आदेश द्वारा अधिसूचित करे ।

(3) यदि आवेदक संस्था के अतिरिक्त कोई अन्य दावेदार संस्था प्रश्नाधीन भूमि के आवंटन के लिए पात्र होने के आधार पर उप कंडिका (2) में उल्लेखित प्रयोजनों में से किसी एक ही प्रयोजन के लिए उपयुक्त पायी जाती है तथा प्राथमिकता कम के आधार पर वरियता निर्धारित नहीं की जा सकती तो कलेक्टर एक ही प्रश्नाधीन भूमि के लिए एकाधिक पात्र आवेदक / दावेदार संस्थाएं होने के कारण यह सुनिश्चित् करने के लिए कि प्रश्नाधीन भूमि कित्ते आबंटित की जा सकेगी, आगामी 30 दिवस के भीतर खुली लॉटरी आयोजित करेगा जिसमें संबंधित आवेदक / दावेदार संस्थाओं अथवा उनके प्राधिकृत प्रतिनिधि भाग लेने हेतु आहूत किए जाएंगे । इस प्रकार आयोजित लॉटरी में संबंधित आवेदक / दावेदार संस्थाओं के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति उपस्थित रह सकेगा । नियत तिथि एवं समय पर लॉटरी निकाली जाकर यह सुनिश्चित् किया जाएगा कि प्रश्नाधीन भूमि के आबंटन के लिए आवेदित आवेदक/ दावेदार संस्थाओं में से कौन पात्र है ।

इस प्रकार यह सुनिश्चित् किया जाएगा कि प्रश्नाधीन भूमि किस आवेदक /दावेदार संस्था को आबंटित की जा सकती है ।

8 (1) उपरोक्तानुसार आबंटन के लिए उपयुक्त आवेदक / दावेदार संस्था का निर्धारण करने के उपरान्त कलेक्टर यथास्थिति भूमि आबंटन के लिए प्रकरण राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड चार क्रमांक-1 की कंडिका (25) की अपेक्षाओं की पूर्ति करते हुए प्रतिवेदन तैयार कर अपने स्पष्ट अभिमत के साथ संभागीय आयुक्त की 4325

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप, ओर अग्रेषित करेगा, जो अपने अभिमत के साथ राज्य सरकार को आगामी कार्यवाही हेतु संप्रेषित करेगा ।

(2) उक्तानुसार प्रकरण प्राप्त होने पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राज्य में नजूल भूमियों के आबंटन के लिये गठित अंतर्विभागीय समिति में भू-खंड आबंटित करने के लिये प्रकरण प्रस्तुत किया जाएगा । अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार राज्य सरकार द्वारा भूमि आबंटन का निर्णय लिया जा सकेगा ।

9. सांस्कृतिक, सामाजिक अथवा पूर्त संस्थाओं को भूमि आबंटन के मामलो में भू-खंड के बाजार मूल्य की 25 प्रतिशत के बराबर राशि प्रब्याजि ली जावेगी और ली जाने वाली प्रव्याजि पर 5 प्रतिशत के बराबर वार्षिक भू- भाटक लिया जाएगा ।

10. यदि किसी सांस्कृतिक, सामाजिक या पूर्त संस्था को रियायती दर पर भूमि आबंटन का निर्णय लिया जाता है तो पट्टे में सामान्य शर्तों के साथ साथ निम्न शर्ते भी रखी जाएगी:-

(क) पट्टा अहस्तांतरणीय होगा तथा विभाजन नहीं किया जाएगा,

(ख) संस्था द्वारा उसे आबंटित भूमि पर एक वर्ष के भीतर निर्माण प्रारम्भ कर तीन वर्ष में निर्माण पूर्ण करना होगा ताकि भूमि का समुचित उपयोग सुनिश्चित् हो.

(ग) कलेक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत नजूल अधिकारी / तहसीलदार नजूल को संस्था के लेखा अभिलेख का निरीक्षण करने का अधिकार होगा,

(घ) ऐसे ही अन्य बिन्दु जो प्रकरण की परिस्थिति के अनुसार कलेक्टर ठीक समझे।

(छ) आवेदक संस्था द्वारा आवंटित भूमि पर संचालित संस्था का साग प्राप्त करने हेतु किसी पंथ/ जाति/ सम्प्रदाय विशेष के लोगों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा ।

(ज) आबंटित भूमि पर संस्था द्वारा किसी प्रकार की वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित नहीं की जाएगी और ऐसा करने पर भूमि का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा ।

11. आबंटन की स्वीकृति जारी करने की दिनांक से दो माह की अवधि के भीतर या आगामी 31 मार्च के पूर्व (इनमें से जो पहले हो) आबंटिती द्वारा आबंटन स्वीकृति आदेश के पालन में देय प्रब्याजि एवं वार्षिक भू- भाटक की राशि जमा करना अनिवार्य होगी, इस प्रकार नियत समयावधि के भीतर राशि जमा नहीं करने की दशा में आबंटन की स्वीकृति का आदेश स्वतः समाप्त समझा जाएगा ।

परंतु 31 जनवरी के पश्चात् जारी किए गए आवंटन आदेश के संदर्भ में यदि दो माह की अवधि की अवसान की तिथि 31 मार्च के पश्चात् आती है तो उक्त आबंटन आदेश उस दशा में स्वतः समाप्त नहीं होगा. यदि आबंटिती आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रभावी प्रश्नाधीन भूमि के बाजार मूल्य के आधार पर संगणित प्रब्याजि एवं उस पर देय वार्षिक भू- भाटक ऐसी दो माह की अवधि के अवसान के पूर्वजमा करता है ।

परंतु यह भी कि आवंटिती द्वारा यथास्थिति 31 मार्च के पूर्व अथवा आवंटन स्वीकृति के दिनांक से दो माह की अवधि के अवसान के पूर्व देय राशि जमा कराने [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4326

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035 के लिए अतिरिक्त समय की मांग की जाती है तो युक्तियुक्त आधारों पर अधिकतम एक माह की अतिरिक्त समयावधि कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की जा सकेगी । इस प्रकार राशि की अदायगी की तिथि के आधार पर संगणित प्रब्याजि एवं वार्षिक भू-भाटकं और ऐसी देय राशि पर अतिरिक्त स्वीकृत समयावधि के लिए 15 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से ब्याज देय होगा ।

12 सामाजिक, सांस्कृतिक या परोपकारी गतिविधियों में संलग्न ऐसी सस्थाओं के भामलो में इस परिपत्र के प्रावधान लागू नहीं होंगे जिनमें पूर्व में भूमि आबंटन के आदेश सक्षम स्तर से जारी हो चुके हैं ।

13. होगा! यह परिपत्र राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड घार क्रमांक-1 का अनुलग्न भाग

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

8113 (आर. के. चत्वदी)

प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग भोपाल दिनांक 30 अगस्त, 2013

पृष्ठांकन क्रमांक एफ 6-42 / 2013 / सात /नजूल

प्रतलिपिः-

1 प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश , मोपाल,

निज सचिव, समस्त माननीय मंत्रीगण / मान राज्य मंत्रीगण मध्यप्रदेश ,

2.

3

4

अपर मुख्य सबिय / प्रमुख सचिव / सचिव, मध्यप्रदेश शासन (समस्त विभाग ), रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय , जबलपुर, मध्यप्रदेश.

5

अध्यक्ष, राजस्व मण्डल, मध्यप्रदेश, ग्वालियर,

6 प्रमुख राजस्व आयुक्त, मध्यप्रदेश,

7 संभागायुक्त (समस्त), मध्यप्रदेश,

8 आयुक्त भू-अभिलेखा एवं बंदोबस्त, मध्यप्रदेश.

9

महालेखाकार , मध्यप्रदेश , ग्वालियर,

10. विभागाध्यक्ष (समस्त), मध्यप्रदेश,

कलेक्टर (समस्त), मध्यप्रदेश

11.

12. नियंत्रक, शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल की ओर तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेषित । कृपया नीति परिपत्र को मध्यप्रदेश राजपत्र के आगामी अंक में प्रकाशित कर, प्रकाशन की 500 प्रतिया इस विभाग को मिजवाने का कष्ट करें ।

संचालक , सूचना एवं प्रकोष्ठ , मंत्रालय, भोपाल की ओर प्रकाशनार्थ अग्रेषित ।

13.

प्रभारी अधिकारी , एन.आई.सी. मंत्रालय, भोपाल की ओर भेजकर निर्देशित है कि

14

मध्यप्रदेश शासन की वेबसाइट पर अपलोड करें ।

15 विभाग की गार्ड फाईल में भूल प्रति रखी जाए ।

अवर सचिव

मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग 4327

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप). 2035

परिशिष्ट 9

5777

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 28 जून 2019

भाग 1]

नगरीय विकास एवं आवास विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 24 जून 2019

क्रमांक एफ- 3-87-2018 - अठारह - 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत राज्य सरकार एत‌द्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2644-1-79-तेंतीस-73 , भोपाल दिनांक 30 अक्टूबर 1973 गठित सीहोर निवेश क्षेत्र की संशोधित सीमाओं में निम्न अनुसूची में दर्शाये अनुसार परिनिश्चित करती है:-

अनुसूची

सीहोर नगर निवेश क्षेत्र की संशोधित सीमाएं

1. उत्तर- ग्राम- बिजोरा , बिजोरी , राजूखेड़ी, जमुनियाकंला, चूनाखुर्द, भूनाकलों, लसुड़िया परिहार एवं जमनी उत्तरी सीमा तक.

2. पूर्व- ग्राम- धूनाकलों, लसुड़िया परिहार, जमनी , पाड़ली , बारवानखेड़ी, कुलासकलां , सिंकन्दरगंज , चैनपुरा, भान्देली, खुरानिया की पूर्वसीमा तक.

3. दक्षिण- ग्राम- गुड़भेला, हसनाबाद, डाबोटी , बामुलिया, सीहोर, सागोनी, बरखेड़ा, बजावत, इमलीखेड , गेरूखान , पाटनी, बिलकिसगंज, खुरानियां दक्षिणी सीमा तक..

4. पश्चिम- ग्राम- बिजौरा , अवन्तीपुरा, शिवपुरी, शाहपुर कोदिया , रफीकगंज , गुडभेला, हासनाबाद, डाबोटी की पश्चिमी सीमा तक.

भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

4328

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 10

5935

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 5 जुलाई 2019

भाग 1 ]

कार्यालय, संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला भोपाल- सीहोर - रायसेन, मध्यप्रदेश कचनार, ई -5 , पर्यावरण परिसर, अरेरा कालोनी , भोपाल

भोपाल , दिनांक 3 जुलाई 2019

क्रमांक 1580- नग्रानि-जि.का. - 2019- भोपाल, दिनांक 3 जुलाई 2019 द्वारा सूचित किया जाता है कि सीहोर निवेश क्षेत्र के लिये वर्तमान में भूमि उपयोग से संबंधित मानचित्र को मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 15 की उपधारा ( 1 ) के अधीन तैयार किया गया है और उसकी एक प्रति आयुक्त, भोपाल संभाग , कलेक्टर जिला सीहोर, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग तथा संबंधित स्थानीय प्राधिकारियों के कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण के लिये दिनांक 5 जुलाई 2019 से उपलब्ध है.

निवेश क्षेत्र अनुसार अनुसूची

1. उत्तर- ग्राम- बिजोरा, बिजोरी , राजूखेड़ी, जमुनियाकंला, सुनाखुर्द, चुनाकलों, लसुड़िया परिहार एवं जमनी उत्तरी सीमा तक.

2. पूर्व- ग्राम- धून्सकलों, लसुड़िया परिहार, जमनी, पाड़ली, बारवानखेड़ी, कुलासकलां, सिंकन्दरगंज, चौनपुरा , भान्देली, खुरानिया की पूर्ण सीमा तक.

3. दक्षिण- ग्राम- गुड़भेला, हसनाबाद, डाबोटी, बामुलिया, सीहोर, सागोनी, बरखेड़ा, बजावत, इमलीखेड, गेरूखान , पाटनी, बिलकिसगंज, खुरानियां दक्षिणी सीमा तक.

4. पश्चिम- ग्राम- बिजौरा , अवन्तीपुरा, शिवपुरी, शाहपुर कोदिया, रफीकगंज, गुडभेला, हसनाबाद, डाबोटी की पश्चिमी सीमा तक.

यदि कोई आपत्ति या सुझाव इस प्रकार तैयार किये गये वर्तमान भूमि उपयोग संबंधी मानचित्र से संबंधित हो, उसे लिखित में संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय भोपाल को " मध्यप्रदेश राजपत्र " में इस सूचना के प्रकाशित होने के 30 दिन की अवधि समाप्त होने पर सम्यक् विचार हेतु प्रस्तुत करें.

क्रमांक 1580 - नग्रानि- जि.का. - 2019- भोपाल , दिनांक 3 जुलाई 2019 द्वारा सूचित किया जाता है कि भोपाल निवेश क्षेत्र के लिये वर्तमान में भूमि उपयोग से संबंधित मानचित्र को मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 15 की उपधारा ( 1 ) के अधीन तैयार किया गया है और उसकी एक प्रति आयुक्त, भोपाल संभाग , कलेक्टर जिला भोपाल नगर तथा ग्राम निवेश विभाग तथा संबंधित स्थानीय प्राधिकारियों के कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण के लिये दिनांक 5 जुलाई 2019 से उपलब्ध है.

4329

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 फरवरी , 2021

भाग 1 ]

सीहोर विकास योजना (प्रारूप) 2035

परिशिष्ट 11

1425

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अक्टूबर 2019

भाग 2 ]

क्र. 2484-नग्रानि-जिका निवेश क्षेत्र- 2019.-मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973) की धारा 15 को उपधारा (3 ) के अनुसरण में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु यह प्रकाशित किया जा रहा है कि संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा निम्नलिखित अनुसूची में विनिर्दिष्ट सीहोर निवेश क्षेत्र में भूमि का वर्तमान उपयोग संबंधी मानचित्र तद्नुसार सम्बत् रूप से अंगीकृत किये जाते है. इस सूचना की प्रति उक्त अधिनियम की धारा 15 (4 ) के अनुसरण में मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजी जा रही है. जो इस बात का निश्चायक साक्ष्य होगा कि मानचित्र सम्यन् रूप से तैयार तथा अंगीकृत कर लिया है.

निवेश क्षेत्र अनुसार अनुसूची

1. उत्तर- ग्राम- बिजोरा, बिजोरी , राजूखेड़ी, जमुनियाकलां, धुनाखुर्द, धुनाकलों, लसुड़िया परिहार एवं जमनी उत्तरी सीमा तक.

2. पूर्व- ग्राम- धूनाकलॉ, लसुड़िया परिहार, बममी , पाड़ली , बारवानखेड़ी, कुलासकलां, सिंकन्दरगंज, चौनपुरा, भान्देली, खुरानिया की पूर्व सीमा तक.

3. दक्षिण-ग्राम- गुड़भेला, हसनाबाद, डाबोटी , बामुलिया, सीहोर, सागोगी , बरखेड़ा, बजावत , इमलीखेड़ , गेरुसखान, पाटनी , बिलकिसगंज, खुरानियां दक्षिणी सीमा ठक.

4. पश्चिम-ग्राम-बिजौरा , अवन्तीपुरा , शिवपुरी, शाहपुर कोदिया, रफीकगंज, गुडघेला, हसनाबाद, डाबोटी की पश्चिमी सीमा तक अब, उपरोक्त योजना क्षेत्र के लिये वर्तमान भूमि उपयोग हेतु मानचित्र उक्त अधिनियम की धारा 15 की उपधारा (3 ) के अधीन एतद्द‌द्वारा अंगीकृत किया जाता है और उसकी प्रति दिनांक 18-10-2019 से 25-10-2019 तक कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण हेतु कार्यालय में उपलब्ध रहेगी:-

1. आयुक्त, भोपाल संभाग , भोपाल

2. कलेक्टर, सीहोर.

3. मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद्, सीहोर.

4. संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला भोपाल (म. प्र. ) .

सुनीता सिंह, संयुक्त संचालक.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 26 February 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2021-02-26.09.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2021-02-26.09.Ordinary.