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म
ध्य प्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 134 ]
भोपाल, सोमवार , दिनांक 8 मार्च 2021- फाल्गुन 17, शक 1942
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 8 मार्च 2021
क्र. 4911 - मप्रविस-15-विधान- 2021.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम 64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ( संशोधन ) विधेयक, 2021 ( क्रमांक 15 सन् 2021 ) जो विधान सभा में दिनांक 8 मार्च, 2021 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है .
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १५ सन् २०२१
मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ( संशोधन ) विधेयक, २०२१
विषय-सूची
खण्ड:
१. संक्षिप्त नाम.
२. धारा २ का संशोधन.
३. धारा ३ का संशोधन.
४. धारा ९ का संशोधन.
५. निरसन तथा व्यावृत्ति.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मार्च 2021
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १५ सन् २०२१
मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ( संशोधन ) विधेयक , २०२१ मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, १ ९९ ५ को और संशोधित करने हेतु विधेयक भारत गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- संक्षिप्त नाम.
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ( संशोधन ) अधिनियम, २०२१ है.
धारा २ का संशोधन.
२. मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, १ ९९ ५ ( क्रमांक २६ सन् १ ९९ ५ ) ( जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट है ) की धारा २ के खण्ड ( घ ) के स्थान पर , निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-
" (घ) " सदस्य " से अभिप्रेत है , आयोग का सदस्य और इसमें अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष सम्मिलित होंगे. " .
धारा ३ का संशोधन.
३. मूल अधिनियम की धारा ३ की उपधारा ( २ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा स्थापित की जाए, अर्थात्:-
" (२ ) आयोग का गठन निम्नानुसार होगा ,-
(क ) पांच अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति ऐसे व्यक्तियों में से की जाएगी जो पिछड़े वर्गों से संबंधित मामलों का ज्ञान रखते हों तथा उनके कार्य के लिए जाने जाते हों;
(ख) इनमें से एक सदस्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में तथा एक अन्य सदस्य उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जाएगा ;
(ग) अध्यक्ष और कम से कम दो अन्य सदस्य पिछड़े वर्ग से संबंधित व्यक्ति होंगे और कम से कम एक सदस्य महिलाओं में से भी नियुक्त किया जाएगा. " .
धारा ९ का संशोधन.
४. मूल अधिनियम की धारा ९ में, -
" ( एक) उपधारा ( १ ) के खण्ड ( क) के स्थान पर निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्:-
(क) पिछड़े वर्गों के सदस्यों को संविधान के अधीन तथा तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन दिए गए संरक्षण के लिए हितप्रहरी आयोग के रूप में कार्य करना और पिछड़े वर्गों के अधिकारों एवं रक्षोपायों से वंचित किये जाने से संबंधित शिकायतों की जांच करनाः " ;
उपधारा ( २ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा स्थापित की जाए, अर्थात्ः- (दो)
"(२) राज्य सरकार पिछड़े वर्गों को प्रभावित करने वाले सभी मुख्य नीति विषयक मामलों पर आयोग से परामर्श करेगी . ".
निरसन तथा
५. ( १ ) मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ( संशोधन ) अध्यादेश , २०२१ ( क्रमांक १० सन् २०२१ ) एतद्वारा निरसित किया जाता है .
व्यावृत्ति.
( २ ) उक्त अध्यादेश के निरसन के होते हुए भी उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन की गई बात या की गई कार्रवाई समझी जाएगी .
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मार्च 2021
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उद्देश्यों और कारणों का कथन
भारत के संविधान में १०२वें संशोधन अधिनियम , २०१८ द्वारा अनुच्छेद ३३८ ( ख ) के अन्तःस्थापन से सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है . राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अनुसार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का पुनर्गठन मंत्रिपरिषद् के निर्णय दिनांक २ ९ - ९ -२०२० के अनुक्रम में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा आदेश क्रमांक एफ ६-३ /२०२०/५४-१ , दिनांक २ ९ - ९ -२०२० जारी किया गया है .
२. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना क्रमांक सा.का.नि. ८०० ( अ ) दिनांक २३-८-२०१८ के आधार पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य ( सेवा की शर्तें और पदावधि ) नियम २०१८ के आधार पर, राज्य सरकार मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को बहुमुखी बनाने का एवं आयोग में पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने का दृढ़ता से प्रयास कर रही है. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्यों में वृद्धि करने और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पिछड़ा वर्ग के अधिकारों एवं रक्षोपायों से वंचित किए जाने से संबंधित शिकायतों की जांच करने का अधिकार आयोग को अधिनियम में दिया जा रहा है. राज्य सरकार, पिछड़ा वर्ग के समग्र कल्याण के लिए उनको प्रभावित करने वाले सभी मुख्य नीति विषयक मामलों पर आयोग से परामर्श करेगी . अतएव , राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, १ ९९ ५ में यथोचित संशोधन किए जाना प्रस्तावित हैं .
३. चूंकि मामला अत्यावश्यक था तथा विधान सभा का सत्र चालू नहीं था , अतएव, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (संशोधन ) अध्यादेश , २०२१ ( क्रमांक १० सन् २०२१ ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था. अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर, राज्य विधान- मण्डल का अधिनियम बिना किसी उपांतरण के लाया जाना प्रस्तावित है.
४. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
भोपाल :
रामखेलावन पटेल भारसाधक सदस्य.
तारीख १ मार्च , २०२१ 268 (2)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मार्च 2021
वित्तीय ज्ञापन
प्रस्तुत संशोधन विधेयक में किसी संरचना अथवा नए पद निर्माण का प्रस्ताव नहीं है . अतएव कोई व्यय अन्तर्ग्रस्त नहीं है .
अध्यादेश के संबंध में विवरण
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना क्रमांक सा.का. नि. ८०० ( अ) दिनांक २३-८-२०१८ द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग , अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य ( सेवा की शर्तें और पदावधि ) नियम २०१८ के आधार पर , राज्य सरकार मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को बहुमुखी बनाने का एवं आयोग में पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने का दृढ़ता से प्रयास कर रही है. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्यों में वृद्धि करने और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पिछड़ा वर्ग के अधिकारों एवं रक्षोपायों से वंचित किए जाने से संबंधित शिकायतों की जांच करने का अधिकार आयोग को अधिनियम में दिया जाना आवश्यक था. पिछड़ा वर्ग के समग्र कल्याण के लिए उनको प्रभावित करने वाले सभी मुख्य नीति विषयक मामलों पर आयोग से परामर्श करने का उपबंध भी अधिनियम में किया जाना जरूरी हो गया था.
चूंकि मामला अत्यावश्यक था और विधान सभा का सत्र चालू नहीं था , अतएव, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ( संशोधन ) अध्यादेश , २०२१ ( क्रमांक १० सन् २०२१ ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था.
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल में मुद्रित तथा प्रकाशित-2021 .