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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

(संशोधन) बालक श्रम (प्रतिषेघ और विनियमन) नियम 1993....

Published 17 March 2021

Department
श्रम विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
156
Identifier
in.gazette.madhya.2021-03-17.156.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदेश शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , बुधवार दिनांक 17 मार्च 2021- फाल्गुन 26, शक 1942

क्रमांक 156 ]

श्रम विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 15 मार्च 2021

क्र. 433-183-2018 - ए- सोलह .- मध्यप्रदेश वालक श्रम ( प्रतिषेध और विनियमन ) नियम , 1993 में संशोधनों का निम्नलिखित प्रारूप , जिसे राज्य सरकार बालक और कुमार श्रम ( प्रतिषेध और विनियमन ) अधिनियम, 1986 ( 1986 का 61 ) की धारा 18 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए बनाना प्रस्तावित करती है , उक्त अधिनियम की धारा 18 की उपधारा ( 1 ) द्वारा अपेक्षित किए गए अनुसार, उन समस्त व्यक्तियों की जानकारी के लिए, जिनके कि उससे प्रभावित होने की संभावना है , एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है और एतद्वारा सूचना दी जाती है कि मध्यप्रदेश राजपत्र में इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से साठ दिन का अवसान होने पर उक्त प्रारूप संशोधनों पर विचार किया जाएगा.

किसी भी ऐसी आपत्ति या सुझाव पर, जो उप सचिव , मध्यप्रदेश शासन , श्रम विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा या ई - मेल [email protected] द्वारा उक्त प्रारूप संशोधन के संबंध में किसी भी व्यक्ति से , ऊपर विनिर्दिष्ट कालावधि का अवसान होने पर या उसके पूर्व प्राप्त की जाए, राज्य सरकार द्वारा विचार किया जाएगा.

प्रारूप संशोधन

उक्त नियमों में, -

1.

नियम 1 में. उप - नियम ( 1 ) में, शब्द " बाल श्रम " के स्थान पर शब्द '' बालक और कुमार श्रम " स्थापित किए जाएं:

2. नियम 2 में, -

(1) खण्ड ( क ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

(क) ' अधिनियम ' से अभिप्रेत है , बालक और कुमार श्रम ( प्रतिषेध और विनियम ) अधिनियम, 1986 (1986 का 61 ) .

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312

(2 ) खण्ड ( घ ) के पश्चात् निम्नलिखित खण्ड अन्तः स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

(घक ) ' निधि' से अभिप्रेत है, अधिनियम की धारा 14 ख की उपधारा ( 1 ) के अधीन गठित बालक और कुमार पुनर्वास निधि;

(घख ) ' निरीक्षक' से अभिप्रेत है, धारा 17 के अधीन राज्य सरकार द्वारा नियुक्त निरीक्षक;

(घग ) ' नगर पालिका' से अभिप्रेत है, संविधान के अनुच्छेद 243 थ के अधीन गठित स्व- शासन की कोई संस्था;

(घघ) ' पंचायत ' से अभिप्रेत है , संविधान के अनुच्छेद 243 ख के अधीन गठित पंचायत.

(3 ) नियम 2 के खण्ड ( च ) में शब्द " युवा व्यक्ति " के स्थान पर शब्द " कुमार " तथा शब्द " कारखाना अधिनियम (1948 का 63 ) , के स्थान पर, शब्द " बालक और कुमार श्रम ( प्रतिषेध और विनियम ) संशोधन अधिनियम, 2016 ( 2016 का 35 स्थापित किए जाएं.

(4) खण्ड ( च ) के पश्चात्, निम्नलिखित खण्ड अन्तःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" (छ ) इन नियमों में प्रयुक्त शब्दों और अभिव्यक्तियों के, जो इसमें परिभाषित नहीं किए गए हैं, वही अर्थ होंगे , जो अधिनियम उन्हें में उनके लिए समनुदेशित किए गए हैं.

3. नियम 2 के पश्चात्, निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किए जाएं, अर्थात्ः-

"2क. अधिनियम के उल्लंघन में बालकों और कुमारों के नियोजन के प्रतिषेध पर जागरूकता. - राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कि अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन में बालकों और किशोरों को नियोजित न किया जाए या उन्हें किसी व्यवसाय या प्रक्रिया में कार्य करने के लिए अनुज्ञात न किया जाए , समुचित उपायों के माध्यम से,-

(क) लोक और पांरपरिक माध्यम तथा जनसंपर्क के माध्यम , जिसमें दूरदर्शन , रेडियो , इंटरनेट आधारित तथा प्रिंट मीडिया सम्मिलित है, का उपयोग करके जनसामान्य, जिसमें नियोक्ता तथा ऐसे बालक तथा किशोर सम्मिलित हैं. जिन्हें अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन करके नियोजित किया जाए, को अधिनियम के उपबंधों के बारे में जागरूक बनाने के लिए लोक जागरूकता अभियानों की व्यवस्था करेगी और एतद्वारा नियोक्ताओं या अन्य व्यक्तियों को बालकों और कुमारों को अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन में किसी व्यवसाय या प्रक्रिया में नियोजित करने से हतोत्साहित करेगी:

(ख) अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन में बालकों या कुमारों के नियोजन के उपक्रम या घटनाओं की रिपोर्टिंग को, राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट प्राधिकारियों से संपर्क के आसानी से उपलब्ध साधनों को विकसित तथा विज्ञापित करके, बढ़ावा देगी;

(ग) अधिनियम, इन नियमों के उपबंधों और उनसे संबंधित किसी अन्य सूनचा का संभव सीमा तक मुख्य वस स्टेशनों, टोल प्लाजास , अन्य लोक स्थानों, जिसके अंतर्गत शॉपिंग सेंटर , बाजार , सिनेमा हाल, होटल, अस्पताल, पंचायत कार्यालय, पुलिस स्टेशन औद्योगिक क्षेत्र, विद्यालय , शैक्षणिक संस्थाएं, न्यायालय परिसर तथा अधिनियम के अधीन प्राधिकृत सभी प्राधिकारियों के कार्यालय सम्मिलित है , में प्रदर्शन करेगी;

समुचित माध्यम से विद्यालय शिक्षा में शिक्षण सामग्री और पाठ्यक्रम में अधिनियम के उपबंधों के समावेश को बढ़ावा देगी; और (घ)

(ड) प्रशिक्षण को समावेश करने और अधिनियम के उपबंधों पर संग्राह्य सामग्री तथा पुलिस न्यायिक तथा सिविल सेवा अकादमियों, शिक्षक प्रशिक्षण तथा पुनश्चर्या पाठ्यक्रमों में इसके अतिरिक्त विभिन्न हितधारकों के उत्तरदायित्वों को बढ़ावा देगी तथा अन्य सुसंगत हितधारकों, जिसमें पंचायत सदस्य, चिकित्सक तथा राज्य सरकार के संबंधित अधिकारी सम्मिलित हैं. के लिए सुग्राहीकरण कार्यक्रमों की व्यवस्था करेगी.

312( 1 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2021

" 2ख. बालक का शिक्षा को प्रभावित किए बिना अपने परिवार की सहायता करना.-( 1 ) धारा 3 के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए कोई बालक किसी भी रीति में अपनी विद्यालयीन शिक्षा को प्रभावित किए बिना,- (क) अपने परिवार के उद्यम में अपने परिवार की इस शर्त के अध्यधीन रहते हुए सहायता कर सकेगा , कि ऐसी सहायता,-

(एक) अधिनियम की अनुसूची के भाग क एवं भाग ख में सूचीबद्ध किसी परिसंकटमय व्यवसाय या प्रक्रिया में नहीं होगी;

(दो) विनिर्माण, उत्पादन, आपूर्ति या खुदरा श्रृंखला के किसी स्तर पर कोई कार्य या व्यवसाय या प्रक्रिया सम्मिलित नहीं होगी , जो बालक या उसके परिवार या परिवार के उद्यम के लिए पारिश्रमिक प्रदान करती हो;

( तीन ) उसके परिवार या परिवार उद्यम की सहायता करने के लिए वहां अनुज्ञात किया जाएगा, जहां परिवार अधिभोगी हैं;

(चार ) वह विद्यालय समय के दौरान और सायं 7 बजे और प्रातः 8 बजे के बीच कोई कार्य नहीं करेगा;

( पांच ) वह सहायता के ऐसे कार्य में नियोजित नहीं होगा, जो बालक की शिक्षा के अधिकार या विद्यालय में उसकी उपस्थिति के साथ हस्तक्षेप करती हो या उसमें बाधा डालती हो या जो क्रियाकलापों को सम्मिलित करते हुए उसकी शिक्षा को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती हो , जिसके अन्तर्गत ऐसे क्रियाकलाप जिन्हें संपूर्ण शिक्षा से अलग नहीं किया जा सकता है जैसे गृह कार्य या अन्य अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियां हैं, जो उसे विद्यालय में सौंपी गई हैं;

(छह ) बिना विश्राम के सतत् रूप से किसी कार्य में नियोजित नहीं होगा , जो उसे थका दें और उसके स्वास्थ्य और मस्तिषक को तरोताजा करने के लिए विश्राम अनुज्ञात किया जाएगा तथा कोई बालक एक दिन में विश्राम की अवधि को सम्मिलित न करते हुए तीन घंटे से ज्यादा के लिए सहायता नहीं करेगाः

(सात ) किसी बालक का किसी वयस्क या कुमार के स्थान पर उसके परिवार या परिवार के उद्यम की सहायता के लिए रखा जाना सम्मिलित नहीं है; और

(आठ) तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उल्लंघन में नहीं होगी;

(ख) अपने परिवार की मदद या सहायता ऐसी रीति में करना, जो किसी व्यवसाय , संकर्म, पेशे, विनिर्माण या कारबार या किसी संदाय या बालक को फायदें या किसी अन्य व्यक्ति की मदद के लिए, जो बालक पर नियंत्रण रखता है, के लिए है तथा जो बालक की वृद्धि, शिक्षा और समग्र विकास के लिए हानिकारक नहीं हैं.

स्पष्टीकरण 1.- इस नियम के प्रयोजनों के लिए, केवल-

(क) बालक का सगा भाई और बहन;

(ख) बालक के माता - पिता द्वारा विधिपूर्वक गोद लेने के माध्यम से बालक का भाई या बहन ; और (ग) बालक के माता- पिता के सगे भाई और बहन , को बालक के परिवार में सम्मिलित किया जाएगा .

स्पष्टीकरण 2. - स्पष्टीकरण 1 के प्रयोजनों के लिए, एतद्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि प्रारंभतः इस संबंध में कोई संदेह कि व्यक्ति सगा भाई या बहन है , को यथास्थिति, संबंधित नगरपालिका या पंचायत द्वारा जारी ऐसे व्यक्ति की वंशावली या राज्य सरकार के संबंधित प्राधिकारी द्वारा जारी किसी अन्य विधिक दस्तावेज की जांच कर के दूर किया जा सकेगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2021

312( 2 )

(2) जहां विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहा कोई बालक विद्यालय के प्राचार्य या प्रधानाध्यापक या मुख्याध्यापक को बिना किसी संसूचना के लगातार तीस दिन के लिए अनुपस्थित रहता है तो प्राचार्य या प्रधानाध्यापक सूचना के लिए ऐसी अनुपस्थिति की संसूचना नियम 8 के उप - नियम ( 1 ) के खंड ( एक ) में निर्दिष्ट संबंधित नोडल अधिकारी को देगा.

2ग. बालक का कलाकार के रूप में कार्य करना. ( 1 ) धारा 3 के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए बालक को निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए कलाकार के रूप में कार्य करने के लिए अनुज्ञात किया जा सकेगा, अर्थात्:-

(क) किसी बालक को एक दिन में पांच घंटे से ज्यादा कार्य करने के लिए और बिना किसी विश्राम के तीन घंटों से अनधिक के लिए कार्य करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जाएगा ;

(ख) किसी श्रव्य दृश्य कार्यक्रम या किसी वाणिज्यिक समारोह, जिसमें बालक की भागीदारी अंतर्वलित हैं, का निर्माता बालक की सहभागिता को केवल उस जिले के जिला मजिस्ट्रेट से जिसमें उस कार्यकलाप को किया जाना है, अनुज्ञा प्राप्त करने के पश्चात् ही शामिल करेगा और जिला मजिस्ट्रेट को कार्यक्रम को आरंभ करने से पूर्व प्ररूप ' ग ' में एक वचनबंध तथा बालक सहभागियों , यथास्थिति , माता - पिता या संरक्षक की सहमति, प्रोडक्शन या समारोह से व्यष्टिक का नाम, जो बालक की सुरक्षा और संरक्षा के लिए उत्तरदायी हैं, की सूची प्रस्तुत करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि उसकी फिल्म और दूरदर्शन कार्यक्रमों की स्क्रीनिंग इस डिस्क्लेमर को विनिर्दिष्ट करते हुए की जाएगी कि यदि किसी बालक को शूटिंग में नियोजित किया गया है तो यह सुनिश्चित करने के लिए कि शूटिंग की समस्त प्रक्रिया के दौरान बालक का दुरूपयोग , अनदेखी या उत्पीड़न नहीं हो के लिए सभी उपाय किए गए हैं:

(ग) खंड ( ख ) में निर्दिष्ट वचनबंध 6 मास के लिए विधिमान्य होगा और उससे ऐसे प्रयोजन के लिए समय - समय पर राज्य सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा संरक्षण नीतियों के अनुरूप बालक की शिक्षा, सुरक्षा, संरक्षा तथा बाल शोषण की रिपोर्ट करने के लिए उपबंधों का स्पष्ट कथन होगा , जिसके अंतर्गत-

(एक) बालक के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सुविधाओं का सुनिश्चयः

(दो) बालक के लिए समयबद्ध पोषक आहार;

(तीन ) दैनिक आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त आपूर्ति के साथ सुरक्षित, स्वच्छ आश्रयः और

(चार ) बालकों के संरक्षण के लिए तत्समय प्रवृत्त सभी विधियों का अनुपालन , को सम्मिलित करते हुए उनकी शिक्षा , देखरेख और संरक्षण तथा यौन अपराधों से सुरक्षा के लिए अधिकार;

(घ) बालक की शिक्षा के लिए समुचित सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विद्यालय में पाठों की निरंतरता बनी रहे और किसी बालक को 27 दिन से अधिक के लिए लगातार कार्य करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जाएगा;

(ङ) समारोह या कार्यक्रम के लिए अधिकतम 5 बालकों के लिए एक उत्तरदायी व्यक्ति की नियुक्ति की जाएगी ताकि बालक की सुरक्षा , देखरेख और सर्वोत्तम हित सुनिश्चित किए जा सकें;

(च) बालक द्वारा कार्यक्रम या समारोह से अर्जित आय के कम से कम बीस प्रतिशत को सीधे किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में बालक के नाम से नियत जमा खाते में जमा किया जाएगा जिसको बालक के वयस्क होने पर बालक को प्रत्यय किया जा सकेगा; और

(छ) किसी बालक को उसकी इच्छा और सहमति के विरुद्ध किसी श्रव्य दृश्य और क्रीड़ा कार्यकलाप , जिसके अन्तर्गत अनौपचारिक मनोरंजन कार्यकलाप को सम्मिलित करते हुए में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2021

312(3) (2) धारा 3 की उपधारा ( 2 ) के स्पष्टीकरण के खण्ड ( ग ) के प्रयोजनों के लिए उसमें अंतर्विष्ट " अन्य ऐसा कार्यकलाप " पद से निम्नलिखित अभिप्रेत होगा-

(एक) कोई कार्यकलाप जिसमें बालक किसी खेल प्रतिस्पर्धा या समारोह या ऐसी खेल प्रतिस्पर्धा या समारोह के लिए प्रशिक्षण में स्वयं भाग ले रहा है ;

(दो) रियल्टीशो, क्विज शो, टेलेंट शो को सम्मिलित करते हुए दूरदर्शन पर सिनेमा और डाक्यूमेंटरी प्रदर्शन , रेडियो तथा किसी कोई अन्य माध्यम है ;

(तीन ) नाटक, सीरियल;

(चार ) किसी कार्यक्रम या समारोह में एंकर के रूप में भागीदारी ; और

(पांच) कोई अन्य कलात्मक अभिनय , जिसे राज्य सरकार विशिष्ट मामलों में अनुज्ञात करे, जिसके अन्तर्गत धनीय फायदे के लिए स्ट्रीट प्रदर्शन सम्मिलित नहीं है.

4. नियम 3 में, उप- नियम ( 1 ) में , शब्द " बालक श्रम " के स्थान पर, शब्द " बालक और कुमार श्रम " स्थापित किए जाएं.

5. नियम 4 के स्थान पर निम्नलिखित नियम स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

4. आयु का प्रमाणपत्र.-( 1 ) जहां निरीक्षक को यह आशंका है कि किसी कुमार को ऐसे व्यवसाय या प्रसंस्करणों में नियोजित किया गया है जिनमें उसे अधिनियम की धारा उक के अधीन नियोजित किया जाना प्रतिषिद्ध है , वहां वह ऐसे कुमार के नियोजक से यह अपेक्षा कर सकेगा कि वह समुचित चिकित्सा प्राधिकारी से आयु का प्रमाण- पत्र निरीक्षक को प्रस्तुत करे .

( 2 ) समुचित चिकित्सा प्राधिकारी , उपधारा ( 1 ) के अधीन आयु का प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कुमार की परीक्षा करते समय:-

(एक) कुमार का आधार कार्ड, और उसके अभाव में;

(दो) विद्यालय से जन्म की तारीख का प्रमाणपत्र या, कुमार से संबद्ध परीक्षा बोर्ड से जारी मैट्रिकुलेशन या समतुल्य प्रमाणपत्र, यदि उपलब्ध हों और उसके अभाव में ;

(तीन ) निगम या नगरपालिक प्राधिकारी या पंचायत द्वारा दिए गए कुमार का जन्म प्रमाणपत्र पर विचार करेगा;

और खण्ड ( एक ) से खण्ड (तीन ) में , विनिर्दिष्ट रीति के अभाव में ही, अस्थिविकास परीक्षण या किसी अन्य नवीनतम चिकित्सीय आयु अवधारण परीक्षण के माध्यम से ऐसे चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा आयु अवधारित की जाएगी.

(3 ) अस्थिविकास परीक्षण या कोई अन्य नवीनतम चिकित्सीय आयु अवधारण परीक्षण श्रम आयुक्त से अनिम्न पदश्रेणी के समुचित प्राधिकारी , जैसा कि राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट किया जाए, के आदेश पर संचालित किया जाएगा और ऐसा अवधारण , ऐसे आदेश की तारीख से पन्द्रह दिन के भीतर पूरा किया जाएगा.

(4) उप - नियम ( 1 ) में निर्दिष्ट आयु का प्रमाणपत्र प्ररूप " ख " में जारी किया जाएगा,

( 5 ) आयु प्रमाणपत्र के जारी किये जाने के लिए चिकित्सा प्राधिकारी को संदेय प्रभार वही होंगे जैसे कि राज्य सरकार द्वारा उनके चिकित्सा बोर्डों के लिए विनिर्दिष्ट किए जाएं.

(6 ) चिकित्सा प्राधिकारी को संदेय प्रभार उस कुमार के नियोजक द्वारा वहन किए जाएंगे जिसकी आयु इस नियम के अधीन अवधारित की जाती है.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2021

312(4)

स्पष्टीकरणः- इस नियम के प्रयोजनों के लिए, -

(एक) " चिकित्सा प्राधिकारी " से अभिप्रेत है ऐसा कोई सरकारी चिकित्सक, जो किसी जिले के सहायक शल्य चिकित्सक से अनिम्न पदश्रेणी का न हो या कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय या अस्पतालों में नियोजित समतुल्य पंक्तिका नियमित चिकित्सक;

(दो) " कुमार " से अभिप्रेत है अधिनियम की धारा 2 के खंड ( एक ) में यथा परिभाषित कुमार. " .

6. नियम 4 के पश्चात्, निम्नलिखित नियम, अंतःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" 4 क. कार्य के घंटे धारा 7 के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, किसी कुमार से किसी स्थापन में कार्य के उतने घंटों से अधिक कार्य करने की अपेक्षा नहीं होगी या अनुज्ञात नहीं किया जाएगा जितने कि ऐसी स्थापन में कुमार के कार्य के घंटों को विनियमित करने के लिए तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन अनुज्ञेय है. " .

" 5. बालक या कुमार को बालक और कुमार श्रम पुनर्वास निधि में से रकम का संदाय.-

(1 ) धारा 14 ख की उप- धारा ( 3 ) के अधीन बालक और कुमार श्रम पुनर्वास निधि में, यथास्थिति, प्रत्यय , जमा या विनिधान की गई निधि और उस पर उदभूत् ब्याज का उस बालक या कुमार को निम्नलिखित रीति में संदाय किया जाएगा जिसके पक्ष में ऐसी रकम का प्रत्यय किया गया है; अर्थात्ः-

(एक ) अधिकारिता रखने वाला निरीक्षक या नोडल अधिकारी अपने पर्यवेक्षण के अधीन सुनिश्चित करेगा कि ऐसे बालक या कुमार का एक खाता किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खोला गया है और उस बैंक को , सूचित करेगा जिसमें निधि की रकम को जमा की गयी है या यथास्थिति, धारा 14 ख की उप - धारा ( 3 ) के अधीन निधि की रकम का विनिधान करने के लिए अधिकारी उत्तरदायी होगा:

(दो) वालक या कुमार के पक्ष में निधि की समानुपाती रकम पर उद्भूत व्याज को निरीक्षक की जानकारी के अधीन बैंक या रकम का विनिधान करने वाले उत्तरदायी अधिकारी द्वारा यथास्थिति , बालक या कुमार के खाते में प्रत्येक छह माह में अंतरित किया जाएगा;

(तीन) अठारह वर्ष की आयु पूरी कर लेता है , तब , यथासंभव शीघ्र तुरन्त या तीन मास की अवधि के भीतर, बालक के पक्ष में उस पर उद्भूत व्याज , जिसमें बैंक में शेष ब्याज या धारा 14ख की उप - धारा ( 3 ) के अधीन इस प्रकार विनिधान किया गया शेष भी है, के साथ जमा की गई, निक्षेप की गई या विनिधान की गई कुल रकम , यथास्थिति, बालक या कुमार के उक्त बैंक खाते में अंतरित की जाएगी; और

(चार ) निरीक्षक संबंधित बालक या कुमार की उसकी पहचान करने के लिए पर्याप्त विशिष्टियों के साथ खंड ( दो ) और खंड ( तीन ) के अधीन अंतरित रकम की एक रिपोर्ट तैयार करेगा तथा वार्षिक रिपोर्ट की एक प्रति सूचनार्थ श्रम आयुक्त की जानकारी के लिए भेजेगा.

(2 ) अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन के लिए बालक या कुमार के पक्ष में न्यायालय के आदेश या निर्णय के अनुसरण में जुर्माने के माध्यम से या अपराधो के शमन के लिए वसूल की गई कोई रकम भी निधि में जमा की जाएगी और ऐसे आदेश या निर्णय के अनुसार व्यय की जाएगी.

6. वह व्यक्ति जो परिवाद दर्ज कर सकता है. कोई व्यक्ति किसी अपराध के किए जाने के लिए अधिनियम के अधीन परिवाद दायर कर सकेगा जिसमें सम्मिलित है विद्यालय के शिक्षक तथा विद्यालय प्रबंध समिति के प्रतिनिधि, बालक संरक्षण समिति, पंचायत या नगरपालिका, जो उस दशा में, परिवाद दायर करने के लिए संवदेनशील होगा कि उसके अपने-अपने विद्यालय के छात्रों में से कोई इस अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन में नियोजित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2021

312( 5) 7. अपराधों के शमन करने की रीति.- ( 1 ) कोई अभियुक्त व्यक्ति, -

(एक) जो धारा 14 की उप- धारा ( 3 ) के अधीन पहली बार कोई अपराध करता है ; या

(दो) जो माता-पिता या संरक्षक होते हुए, उक्त धारा के अधीन अपराध करता है ,

धारा 14घ की उप- धारा ( 1 ) के अधीन अपराध का प्रशमन करने की अधिकारिता रखने वाले जिला मजिस्ट्रेट को आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा.

(2) जिला मजिस्ट्रेट उप- नियम ( 1 ) के अधीन प्रस्तुत किए गए आवेदन पर अभियुक्त व्यक्ति और संबंधित निरीक्षक को सुनवाई के पश्चात्, आवेदन का निपटारा करेगा और यदि आवेदन अनुज्ञात कर दिया जाता है तो निम्नलिखित के अध्यधीन रहते हुए प्रशमन करने का प्रमाणपत्र जारी करेगा-

(एक) ऐसे प्रमाणपत्र में विनिर्दिष्ट समय के भीतर, ऐसे अपराध के लिए उपबंधित अधिकतम जुर्माने के पचास प्रतिशत की राशि का संदाय; या

(दो) खंड (एक) के अधीन विनिर्दिष्ट प्रशमनकारी रकम के साथ ऐसे अपराध के लिए उपबंधित अधिकतम जुर्माने के पच्चीस प्रतिशत की अतिरिक्त राशि का संदाय, यदि अभियुक्त उक्त खंड के अधीन विनिर्दिष्ट समय के भीतर प्रशमनकारी रकम का संदाय करने में असफल रहता है और ऐसा विलंबित संदाय जिला मजिस्ट्रेट द्वारा यथाविनिर्दिष्ट की जाने वाली और अवधि, जो उस खंड में विनिर्दिष्ट अवधि से अधिक नहीं होगी के भीतर किया जाएगा.

(3 ) शमनकारी रकम अभियुक्त व्यक्ति द्वारा राज्य सरकार को संदत्त की जाएगी.

(4) यदि अभियुक्त व्यक्ति उप - नियम ( 2 ) के अधीन प्रशमनकारी रकम का संदाय करने में असफल रहता है , तो , कार्यवाही धारा 14घ की उप - धारा ( 2 ) के अधीन विनिर्दिष्ट किए गए अनुसार जारी रहेगी.

8. जिला मजिस्ट्रेट के कर्तव्य ( 1 ) जिला मजिस्ट्रेट-

(एक) नोडल अधिकारियों के रूप में ज्ञात होने वाले उसके अधीनस्थ ऐसे अधिकारियों को, जो वह आवश्यक समझे , विनिर्दिष्ट करेगा, जो धारा 17 क के अधीन राज्य सरकार द्वारा उसको प्रदत्त और अधिरोपित जिला मजिस्ट्रेट की सभी या किन्हीं शक्तियों का प्रयोग करेंगे और सभी या किन्हीं कर्तव्यों का पालन करेंगे;

(दो) नोडल अधिकारी को अधीनस्थ अधिकारी के रूप में उसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के भीतर उसके द्वारा प्रयोग की जाने वाली ऐसी शक्तियों और पालन किए जाने वाले कर्तव्यों, जो वह समुचित समझे , को समनुदेशित करेगा.

(तीन) किसी जिले में निम्नलिखित से मिलकर बनने वाले कार्यबल के अध्यक्ष के रूप में अध्यक्षता करेगा: - (क ) जिला मजिस्ट्रेट द्वारा यथा नामनिर्दिष्ट उसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के प्रयोजनों के लिए धारा 17 के अधीन नियुक्त निरीक्षक;

(ख ) उसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के प्रयोजनों के लिए पुलिस अधीक्षक;

(ग ) उसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के प्रयोजनों के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट;

312( 6)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2021

(घ ) उसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के प्रयोजनों के लिए खण्ड ( एक ) के अधीन निर्दिष्ट नोडल अधिकारी ;

(ङ) उसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के प्रयोजनों के लिए राज्य सरकार श्रम कार्यालय का जिला या संभागीय कार्यालय प्रमुख;

( च) दो वर्ष की अवधि के लिए चक्रानुक्रमी आधार पर जिले में नियोजित बालकों के बचाव और पुनर्वास में अन्तर्वलित प्रत्येक स्वैच्छिक संगठन से दो प्रतिनिधि;

(छ ) जिला न्यायाधीश द्वारा नामनिर्दिष्ट किये जाने वाले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का एक प्रतिनिधि;

(ज) जिले की एन्टीट्रेफिकिंग यूनिट का एक सदस्य;

(झ ) जिले की बाल कल्याण समिति का अध्यक्ष;

( ञ ) महिला और बाल विकास से संबंधित भारत सरकार के मंत्रालय की एकीकृत बालक संरक्षण योजना के अधीन जिले में जिला बाल संरक्षण अधिकारी;

(ट) जिला शिक्षा अधिकारी;

(ठ) राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना का परियोजना निदेशक या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नाम निर्दिष्ट किया गया कोई अन्य व्यक्तिः

(ड) कार्य बल का सचिव खंड ( एक ) में निर्दिष्ट कोई नोडल अधिकारी होगा और अध्यक्ष द्वारा नामनिर्दिष्ट किया जाएगा:

(2) उप - नियम ( 1 ) के खंड ( तीन ) में निर्दिष्ट कार्यबल प्रत्येक दो मास में कम से कम एक बार बैठक करेगा और उपलब्ध समय , तत्समय प्रवृत्त विधि के अनुसार छापामारी का बिन्दु, योजना की गोपनीयता, समय - समय पर श्रम आयुक्त द्वारा जारी बचाव और प्रत्यावर्तन के लिए मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार पीड़ितों और साक्षियों का संरक्षण तथा अंतरिम अनुतोष को ध्यान में रखते हुए बचाव कार्य संचालित करने की व्यापक कार्रवाई योजना बनाएगा और कार्य बल केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा ऐसे प्रयोजन के लिए सृजित पोर्टल पर ऐसी बैठक के कार्यवृत्त को भी अपलोड कराएगा.

(3) उप - नियम ( 1 ) में निर्दिष्ट कर्तव्यों के अलावा , जिला मजिस्ट्रेट नोडल अधिकारियों के माध्यम से सुनिश्चित करेगा कि बालक और कुमार, जो अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करके नियोजित किए जाते हैं, बचाए जाते हैं तथा उन्हें

(क) निम्नलिखित के उपबंधों के अनुसार पुनर्वसित किया जाएगा-

( एक) किशोर न्याय ( बालकों की देख-रेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2015 ( 2016 का 2 ) तथा उसके अधीन बनाए गए नियम;

(दो ) बंधित श्रम पद्धति ( उत्सादन ) अधिनियम , 1976 ( 1976 का 19 ) ;

(तीन ) केन्द्रीय बंधित श्रमिक पुनर्वास सेक्टर स्कीम , 2016;

( चार ) कोई राष्ट्रीय बालक श्रम परियोजना;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2021

312(7) ( पांच) तत्समय प्रवृत कोई अन्य विधि या योजना , जिसके अधीन ऐसे बालकों या कुमारों को पुनर्वसित किया जाए, और निम्नलिखित के अध्यधीन-

(एक) सक्षम अधिकारिता के न्यायालय के निर्देश , यदि कोई हो;

( दो ) इस संबंध में समय - समय पर केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या श्रम आयुक्त द्वारा जारी किए गए बचाव और प्रत्यावर्तन के लिए मागदर्शी सिद्धांत.

9. निरीक्षकों के कर्तव्य.- धारा 17 के अधीन राज्य सरकार द्वारा नियुक्त कोई निरीक्षक, अधिनियम के उपबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने के प्रयोजनों के लिए-

( एक) राज्य सरकार या श्रम आयुक्त द्वारा समय - समय इस पर जारी निरीक्षण के सन्नियमों का अनुपालन करेगा;

( दो ) राज्य सरकार या श्रम आयुक्त द्वारा समय - समय पर इस अधिनियम के उपबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने के प्रयोजनों के लिए जारी अनुदेशों का अनुपालन करेगा; और

(तीन) इस अधिनियम के उपबंधों का पालन सुनिश्चित करने के प्रयोजन के लिए उसके द्वारा किए गए निरीक्षण तथा ऐसे प्रयोजनों के लिए उसके द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में श्रम आयुक्त को मासिक रिपोर्ट 'करेगा.

10. आवधिक निरीक्षण और मॉनीटर करना.- राज्य सरकार धारा 17 के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए मॉनीटर करने तथा निरीक्षण की प्रणाली सृजित करेगी , जिसमें निम्नलिखित सम्मिलित होंगे-

( एक ) उन स्थानों का निरीक्षक द्वारा संचालित किए जाने वाले आवधिक निरीक्षण की संख्या , जिन स्थानों पर बालकों के नियोजन प्रतिषिद्ध हैं और परिसंकटमय व्यवसायों या प्रसंस्करण किए जाते हैं ;

( दो ) ऐसे अन्तरालों , जिन पर निरीक्षक श्रम आयुक्त को खंड ( एक ) के अधीन निरीक्षण की विषय- वस्तु से संबंधित उसको प्राप्त हुई शिकायतों तथा तत्पश्चात् उसके द्वारा की गई कार्रवाई के ब्यौरों की रिपोर्ट करेगा;

(तीन ) निम्नलिखित का इलेक्ट्रानिक रूप से या अन्यथा अभिलेख का रखा जाना-

(क) अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन में कार्य करते हुए पाए गए बालक और कुमार जिसमें ऐसे बालक भी है जो इस अधिनियम के उल्लंघन में परिवार या परिवार उद्यमों में लगे हुए पाए जाते है;

(ख ) शमन किए गए अपराधों की संख्या और ब्यौरे;

( ग) अधिरोपित और वसूल की गई शमनकारी रकम के ब्यौरे; और

( घ) अधिनियम के अधीन बालकों और किशोरों को प्रदान की गई पुनर्वास सेवाओं के ब्यौरे. ".

8. प्ररूप क में , शब्द " बालक का नाम " के स्थान पर, " बालक और कुमार " शब्द रखे जाएं.

312( 8 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 मार्च 2021

9. प्ररूप ख के पश्चात्, निम्नलिखित प्ररूप स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" प्रारूप ग "

[ नियम 2 ग ( 1 ) ( ख ) ( 1 ) देखिए ] बालक और कुमार श्रम ( प्रतिषेध और विनियमन ) नियम , 1993

निर्माता

मैं प्रस्तुतीकरण या आयोजक भाग ले रहे हैं , अर्थात्:- का श्रव्य दृश्य मीडिया वाणिज्यिक आयोजन का निर्माता हूं जिसमें निम्नलिखित बच्चा/बच्चे अनुक्रमांक (1)

बालक/बालकों का नाम (2)

माता- पिता/संरक्षक का नाम (3)

पता (4) एतद्वारा यह वचन देता हूं कि आयोजन ( आयोजन को विनिर्दिष्ट करें ) में, ऊपर उल्लिखित बालकों के शामिल होने के दौरान, बालक और कुमार श्रम ( प्रतिषेध एवं विनियमन ) अधिनियम, 1986 ( 1986 का 61 ) और मध्यप्रदेश बालक और कुमार श्रम ( प्रतिषेध एवं विनियमन ) नियम, 2018 के किसी उपबंध का उल्लंघन नहीं होगा और बालकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्यतथा अन्य अपेक्षाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा ताकि वह उन्हें कोई असुविधा न हो. मैं यह भी वचन देता हूं कि आयोजन के दौरान बालकों के संरक्षण , जिसके अंतर्गत उनके शिक्षा के अधिकार देखभाल और संरक्षण , लैंगिक अपराधों के विरुद्ध विधिक उपबंध भी है , के लिए तत्समय प्रवृत्त लागू सभी विधियों का अनुपालन किया जाएगा.

तारीख .

निर्माता का नाम और हस्ताक्षर

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

छोटे सिंह, उपसचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2021.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 17 March 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2021-03-17.156.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2021-03-17.156.Extraordinary.