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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

कुसुम योजना के घटक (ब) द्वारा देय अनुदान के माध्‍यम से सिंचाई प्रयोजन के लिए सोलर पम्‍प स्‍थापना की योजना (मुख्‍यमंत्री सोलर पम्‍प योजना) में संशोधन...

Published 16 July 2021

Department
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा
Type
Extraordinary
Gazette no.
299
Identifier
in.gazette.madhya.2021-07-16.299.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्र

श शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 299 ]

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक16 जुलाई 2021 - आषाढ़ 25, शक 1943

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल , दिनांक 16 जुलाई 2021

क्र. F- 1-1-2015 - साठ. मंत्रि परिषद दिनांक 29 जून 2021 को सम्पन्न बैठक में मध्यप्रदेश शासन , नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार की " कुसुम योजना " के घटक ( ब) द्वारा देय अनुदान के माध्यम से सिंचाई प्रयोजन के लिए सोलर पम्प स्थापना की योजना ( मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना ) में संशोधन अनुमोदित किया गया है. सर्वसाधारण की जानकारी के लिए उक्त का प्रकाशन " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " में किया जा रहा है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

संजय दुबे, प्रमुख सचिव.

राज्य सरकार मध्यप्रदेश राज्य में सिंचाई प्रयोजन के लिए सोलर पम्प की स्थापना हेतु निम्नलिखित निर्देश जारी करती है:-

( 1 ) (i ) मध्यप्रदेश शासन , और ( ii ) नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार की " कुसुम " योजना के घटक ( ब ) द्वारा देय अनुदान के माध्यम से सिंचाई प्रयोजन के लिए सोलर पम्प स्थापना की योजना को " मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना" कहा जाएगा. यह योजना केवल आफॅग्रिड सोलर पंपों के लिए लागू होगी.

( 2) अनुदान व्यवस्थाः-

(i ) " नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की " कुसुम योजना " के घटक ' ब ' अंतर्गत प्राप्त 30 प्रतिशत अनुदान को मध्यप्रदेश शासन , नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के 30 प्रतिशत अनुदान से टॉपअप किया जाएगा, शेष हितग्राही का अंश रहेगा. राज्य शासन द्वारा उपरोक्त 30 प्रतिशत के अतिरिक्त मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम का सर्विस चार्ज वहन किया जाएगा .

योजनांतर्गत 7.5 एच . पी . से अधिक क्षमता के डी. सी. व ए. सी. सोलर पम्प भी स्थापित किए जा सकेंगे , किन्तु राज्यांश की राशि 7.5 एच. पी . के सोलर पम्प के देय राज्यांश तक ही सीमित रहेगी.

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 जुलाई 2021

(3 ) सोलर पम्प स्थापना की दरों का निर्धारणः-

प्रतिस्पर्धात्मक एवं पारदर्शी प्रक्रिया से की गई खुली निविदा के माध्यम से दरों का निर्धारण किया जाएगा . सोलर पम्प की कुल कीमतों का निर्धारण , नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार के मानकों अथवा उससे बेहतर मानकों के अनुसार होगा, जिसमें 5 वर्षीय रख - रखाव एवं मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम का सर्विस चार्ज भी शामिल होगा.

( 4 ) तकनीकी पहलूः-

योजना के अंतर्गत 5 एच. पी. क्षमता तक केवल डी. सी. तथा बड़े पम्पों की श्रेणी में ए. सी. व डी. सी. दोनों तरह के पम्प मान्य होंगे . सोलर पम्प की उपयोगिता उपरांत, सोलर पैनलों से उत्पादित ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोग हेतु नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार के दिशा- निर्देश एवं तकनीकी मापदण्ड अनुसार यूनिवर्सल सोलर पम्प कन्ट्रोलर (यू. एस. पी. सी. ) के उपयोग का विकल्प कृषकों को दिया जाएगा .

(5 ) योजना का क्रियान्वयनः-

(i ) संस्थागत व्यवस्थाः-

(क) योजना क्रियान्वयन के लिए आवश्यक राज्यांश के लिए उपलब्ध बजट आवंटन के उपरांत शेष आवश्यकता हेतु मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा FRBM के मापदण्डों तथा ऋण संवहनीयता (Debt Sustainability) के अधीन रहते हुए सॉफ्ट ऋण लिया जाएगा, जिसकी प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा आगामी वर्षों के बजट आवंटन के माध्यम से की जाएगी.

(ख ) जिला स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा एवं परामर्श हेतु निम्न समिति का गठन किया जाता है:-

जिला कलेक्टर. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत. उप-संचालक, कृषि. प्रबन्धक, जिला सहकारी बैंक. सहायक संचालक, उद्यानिकी. अधीक्षण यंत्री, मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी.

जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी , मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड ( सदस्य सचिव) .

( ii ) मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के वेब पोर्टल पर सोलर पम्प के आवेदन का प्रारूप उपलब्ध होगा. हितग्राही द्वारा वेब पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन कर निम्न जानकारी अंकित करनी होगी:-

(क) हितग्राही का नाम , पता, आधार नम्बर तथा मोबाइल क्रमांक ( यदि हो).

(ख ) भू- स्वामित्व संबंधी दस्तावेज का विवरण ( खसरा नम्बर, ग्राम, आर. आई. सर्कल , तहसील एवं जिला).

(ग ) उस खसरे/खसरे बटांकन पर सिंचाई का वर्तमान स्त्रोत.

(घ) कृषि हेतु किसान का विद्युत कनेक्शन है अथवा नहीं.

(iii) लक्षित लाभार्थीः-

(एक) योजना के लिए राज्य के वे सभी कृषक पात्र होंगे जिनके पास कृषि हेतु विद्युत कनेक्शन नहीं है.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 जुलाई 2021

(दो) एक निश्चित समय - सीमा के भीतर प्राप्त ऑनलाईन आवेदनों का निष्पादन निम्नानुसार किया जाएगाः- (क) यदि किसी जिले/ब्लॉक में प्राप्त आवेदनों की संख्या, उस जिले/ब्लॉक के लिए आवंटित लक्ष्य से कम है, तो सभी आवेदकों को ( पात्र होने पर ) सोलर पम्प स्थापना हेतु कार्यवाही की जाएगी.

(ख ) यदि आवेदनों की संख्या आवंटित संख्या से अधिक है , तो हितग्राहियों का चयन पात्र आवेदकों में से कण्डिका 6 ( iii ) ( तीन ) में दर्शित प्राथमिकता क्रम के अनुरूप किया जाएगा.

(तीन) यह योजना प्रदेश के उन दूर - दराज के क्षेत्रों में क्रियान्वित की जाएगी, जहाँ विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा विद्युत अधोसंरचना का विकास नहीं किया जा सका है और कृषि पम्पों हेतु स्थाई विद्युत कनेक्शन नहीं है. योजना में निम्न श्रेणियों के हितग्राहियों को प्राथमिकता दी जाएगी:-

(क) ऐसे टोले/वन क्षेत्र या अन्य स्थल जो अविद्युतीकृत हैं.

(ख ) ऐसे विद्युतीकृत ग्राम जिसमें प्रश्नाधीन स्थल विद्युत वितरण कम्पनियों की विद्युत लाईन से दूर स्थित है.

(iv) कृषक अंश की राशि मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के कार्यालय में कृषकों द्वारा जमा कराई जाएगी . तत्पश्चात यह सुनिश्चित होने पर कि कृषक द्वारा अंश की राशि जमा कर दी गई है, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा सोलर पम्प के लिए आदेश प्रदत्त कर क्रय एवं स्थापना प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी .

(6 ) शेष ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोगः-

सोलर पम्पों के सोलर पैनलों से वर्ष के लगभग 330 दिन व औसतन 8 घंटे प्रतिदिन ऊर्जा का उत्पादन होता है , जबकि कृषि पम्पिंग हेतु आवश्यकता मात्र लगभग 150 दिन ही होती है. अतः शेष ऊर्जा के वैकल्पिक ऊर्जा उपयोगों, जैसे- चाफ कटर , आटा चक्की, कोल्ड स्टोरेज , ड्रायर, बैटरी चार्जर , आदि, हेतु यूनिवर्सल सोलर पम्प कन्ट्रोलर ( यू.एस.पी.सी. ) को बढ़ावा दिया जाएगा.

( 7 ) नोडल एजेन्सीः -

योजना के क्रियान्वयन के लिए तकनीकी मापदण्डों का निर्धारण , प्रदायकर्ता इकाईयों का चयन, इकाईयों द्वारा संयंत्र स्थापना का कार्य एवं भुगतान का दायित्व नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधीन मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड को सौंपा जाता है . सोलर पम्प की स्थापना के साथ ड्रिप/स्प्रिंकलर सिस्टम की स्थापना व उपलब्ध अनुदान को जोड़ने के संबंध में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग व उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्राथमिकता देते हुए कार्यवाही की जाएगी.

(8 ) प्रत्येक सोलर पम्प के साथ एक बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें योजना का नाम व उसमें दिए गए अनुदान का उल्लेख होगा.

(9 ) सोलर पम्प के लिए राज्य अनुदान गौशाला में सोलर पम्प लगाने पर भी दिया जाएगा .

( 10 ) पूर्व में प्रचलित " मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना " से विस्थापन हेतुः-

ऐसे समस्त हितग्राही, जिन्होंने इस नीति के अधिसूचित किए जाने से पूर्व तत्समय प्रचलित " मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना " के अंतर्गत सोलर पम्प स्थापना हेतु पंजीकरण किया हो, वे निर्धारित शर्ते पूरी करने पर योजना का लाभ प्राथमिकता से ले सकेंगे.

(11 ) यह नीति, प्रशासकीय विभाग को इस नीति के प्रावधानों के बारे में स्पष्टीकरण और/ या व्याख्या प्रदान करने हेतु आदेश जारी करने हेतु अधिकृत करती है.

(12) योजना अवधिः-

यह योजना मार्च 2024 तक लागू रहेगी . इस दौरान कुल दो लाख सोलर पम्पों की स्थापना की जाएगी.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2021 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 16 July 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2021-07-16.299.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2021-07-16.299.Extraordinary.