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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्‍यप्रदेश ( लोक अभिकरणों के माध्‍यम से ) दीनदयाल अन्‍त्‍योदय कार्यक्रम का कार्यान्‍वयन नियम 2021...

Published 03 August 2021

Department
योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
312
Identifier
in.gazette.madhya.2021-08-03.312.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , मंगलवार, दिनांक 3 अगस्त 2021-श्रावण 12 , शक 1943

क्रमांक 312]

योजना , आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 3 अगस्त 2021

क्र.-548- तेईस- 2021-योआसां मध्यप्रदेश (लोक अभिकरणों के माध्यम से ) दीनदयाल अन्त्योदय कार्यक्रम का कार्यान्वयन अधिनियम, 1991 की धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-

1.सक्षिप्त नाम एवं प्रारंभ - (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश (लोक अभिकरणों के माध्यम से) दीनदयाल अन्त्योदय कार्यक्रम का कार्यान्वयन नियम, 2021 है.

(2) यह इनके राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे.

2. परिभाषाएं - इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

ス^vf/kfu ; e^ lsvfkiz ge /; in'skyld vfHkd j . Wad sek ; e 1 sanhun ; ky v ; ka ; dkledk dko ; uvf/ku ; e ] 1991 シリ eld 14 lu~ 1991

(ख) 'धारा ' से अभिप्रेत है, अधिनियम की धारा .

623 624

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 अगस्त 2021

3. दीनदयाल अंत्योदय समितियों का गठन.-

शासकीय तथा सामाजिक कार्यक्रमों के सुचारू क्रियान्वयन के लिये आम जनता की सहभागिता नितांत आवश्यक है । यह सुनिश्चित करने के लिये दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य , जिला, नगर , विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर जन समितियां गठित करने का प्रावधान मध्यप्रदेश ( लोक अभिकरणों के माध्यम से) दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम का कार्यान्वयन अधिनियम , 1991 ( क्रमांक 14 सन 1991 ) द्वारा किया गया है । इन समितियों की दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम की अनुसूची-एक के अंतर्गत उल्लेखित कार्यक्रमों और योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

(क) राज्य स्तरीय समिति. मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम समिति गठित की जायेगी । विभागीय सचिव समिति के सचिव होंगे । राज्य के अशासकीय व्यक्तियों में से 52 सदस्य मुख्यमंत्री द्वारा नामांकित किये जायेंगे । समिति की बैठक सामान्यतः वर्ष में दो बार आयोजित की जावेगी । निर्धारित कार्यक्रमों में लक्ष्य एवं प्राप्त उपलब्धियों की गुणात्मक एवं संख्यात्मक समीक्षा की जावेगी । यह समिति दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम को और सक्रिय एवं जनहितकारी बनाने के लिये नीति निर्धारित करेंगी ।

(ख) जिला स्तरीय समिति. प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम समिति गठित की जायेगी । समिति के अध्यक्ष जिले के प्रभारी मंत्री होंगे तथा जिलाध्यक्ष समिति के सचिव होंगे । समिति में कम से कम 10 और अधिक से अधिक 31 सदस्य होंगे । समिति के सदस्यों का नामांकन प्रभारी मंत्री करेंगे। समिति की बैठक माह में सामान्यतः एक बार होगी । समिति द्वारा कार्यक्रमों में लक्ष्य एवं प्राप्त उपलब्धियों की गुणात्मक एवं संख्यात्मक समीक्षा की जावेगी। यह समिति निर्धारित कार्यक्रमों में जनसहभागिता बढाने के उपायों को क्रियान्वित करेंगी ।

(ग) नगर स्तरीय समिति.-

(1) राज्य में के प्रत्येक नगरपालिका निगम , नगरपालिका और नगर पंचायत के लिये एक नगर स्तरीय दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम समिति गठित की जायेगी ।

(2-क) नगरपालिक निगम क्षेत्र की समिति में कम से कम 10 और अधिक से अधिक 21 सदस्य होंगे;

(घ) विकासखंड स्तरीय समिति.-

प्रत्येक विकासखंड में विकासखंड स्तरीय दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम समिति गठित की जावेगी । समिति में कम से कम 10 और अधिक से अधिक 21 सदस्य होगे । जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा सदस्यों का नामांकन किया जायेगा, जिनमें से एक सदस्य को समिति का अध्यक्ष नामांकित किया जायेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 अगस्त 2021

624(1) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) समिति का सचिव होगा। समिति की बैठक एक माह में सामान्यतः एक बार होगी । समिति द्वारा कार्यक्रमों में लक्ष्य एवं प्राप्त उपलब्धियों की गुणात्मक एवं संख्यात्मक समीक्षा की जावेगी। यह समिति निर्धारित कार्यक्रमों में जनसहभागिता बढाने के उपायों का भी प्रयास करेंगी ।

(2-ख) नगरपालिका क्षेत्र की समिति में कम से कम 5 और अधिक से अधिक 11 सदस्य होंगे।

(2-ग) नगर पंचायत स्तरीय समिति में कम से कम 5 और अधिक से अधिक 11 सदस्य होंगे ।

उपरोक्त सभी नगरीय समितियों के सदस्य जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित किये जायेंगे ।

(ड. ) ग्राम पंचायत स्तरीय समिति.-

प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत स्तरीय दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम समिति गठित करने का प्रावधान है । समिति में कम से कम 5 और अधिक से अधिक 11 सदस्य होंगे । जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा अशासकीय व्यक्तियों को समिति में सदस्य नामांकित किया जायेगा तथा एक सदस्य को अध्यक्ष नामांकित किया जायेगा। अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) द्वारा नामांकित शासकीय/अर्धशासकीय अधिकारी अथवा कर्मचारी को समिति का सचिव नामांकित किया जावेगा । बैठक में सूत्रवार निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध प्राप्त उपलब्धियों की समीक्षा की जावेगी। समिति द्वारा कार्यक्रमों में लक्ष्य एवं प्राप्त उपलब्धियों की गुणात्मक एवं संख्यात्मक समीक्षा की जावेगी । यह समिति निर्धारित कार्यक्रमों में जनसहभागिता बढाने के उपायों को भी क्रियान्वित करेंगी ।

4. आरक्षण ( कुल सदस्यों में से कम से कम) .-

( 1 ) प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तरीय समिति में महिला , अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्यों में से प्रत्येक के लिए एक- एक पद आरक्षित रहेगा । यदि अनुसूचित जाति अथवा जनजाति का उपयुक्त व्यक्ति नामांकन के लिये उपलब्ध न हो तो उसे परस्पर दूसरे वर्ग से नामांकित किया जा सकेगा ।

(2 ) प्रत्येक खंड स्तरीय समिति में महिला , अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्यों में से प्रत्येक के लिए एक- एक पद आरक्षित रहेगा । यथाशक्य यह प्रयास किया जायेगा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्यों का प्रतिनिधित्व उस विकासखंड में उनकी जनसंख्या के अनुपात में हो । यथाशक्य यह भी प्रयास किया जायेगा कि समिति के कम से कम एक तिहाई सदस्य महिला वर्ग से नामांकित किये जावें ।

(3) प्रत्येक नगर स्तरीय समिति में महिला , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों में से प्रत्येक के लिए एक- एक पद आरक्षित रहेगा । यथाशक्य यह प्रयास किया जायेगा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्यों का प्रतिनिधित्व उस नगर में उनकी जनसंख्या के अनुपात में हो। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 अगस्त 2021

624(2)

यथाशक्य यह भी प्रयास किया जायेगा कि समिति के कम से कम एक तिहाई सदस्य महिला वर्ग से नामांकित किये जावे ।

(4) प्रत्येक जिला स्तरीय समिति में महिला , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों में से प्रत्येक के लिए एक-एक पद आरक्षित रहेगा । यथाशक्य यह प्रयास किया जायेगा कि अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के सदस्यों का प्रतिनिधित्व उस जिले में उनकी जनसंख्या के अनुपात में हो । यथाशक्य यह भी प्रयास किया जायेगा कि समिति के कम से कम एक तिहाई सदस्य महिला वर्ग से नामांकित किये जावे।

(5) राज्य स्तरीय समिति में यथाशक्य यह प्रयास किया जायेगा कि अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के सदस्यों का प्रतिनिधित्व राज्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में हो । यथाशक्य यह भी प्रयास किया जायेगा कि समिति के कम से कम एक तिहाई सदस्य महिला वर्ग से नामांकित किये जावे।

5. आकस्मिक रिक्ति. ग्राम पंचायत , खंड , नगर , जिला और राज्य स्तरीय समितियों के किसी सदस्य की मृत्यु, उसके द्वारा पद त्याग या उसकी निरर्हता पर या उसकी पदावधि पूर्ण होने के पूर्व उसके कार्य करने में असमर्थ हो जाने के कारण , ऐसे पद में आकस्मिकरिक्ति हुई मानी जाएगी और ऐसी रिक्ति यथाशक्य शीघ्र भरी जाएगी ।

6. सदस्यों की निरर्हता. कोई भी व्यक्ति किसी भी समिति के सदस्य के रूप में नामनिर्दिष्ट नहीं किया जाएगा जब तक कि, -

(एक) वह राज्य का अधिवासी न हो और उसका नाम उस समिति की अधिकारिता के अधीन क्षेत्र की नवीनतम मतदाता सूची में दर्ज न हो ।

(दो) वह स्वस्थचित्त न हो , और उसे किसी अपराध के लिए 3 माह से अधिक की अवधि के लिए दोषसिद्ध न किया गया हो ।

7. समितियों के सम्मिलन.-

(एक) ग्राम पंचायत स्तरीय, खंड स्तरीय , नगरीय और जिला स्तरीय समितियों का सम्मिलन उस समिति के मुख्यालय पर अध्यक्ष द्वारा विनिश्चित तारीख और समय पर एक माह में सामान्यतः एक बार होगा। राज्य स्तरीय समिति सामान्यतः वर्ष में कम से कम दो बार सम्मिलन करेगी । सुसंगत समिति का सचिव सम्मिलन की तारीख से सात दिन पूर्व कार्यसूची की प्रति सहित एक सूचना सदस्यों को भेजेगा ।

(दो) उपनियम (एक) निर्दिष्ट समितियों के प्रत्येक सम्मिलन में सभापति सम्मिलन की अध्यक्षता करेगा । ग्राम स्तरीय समिति , खंड स्तरीय तथा नगरीय निकाय समिति के प्रत्येक सम्मिलन में सभापति के अनुपस्थित होने पर उपस्थित सदस्य अपने में से एक सदस्य का चयन सम्मिलन की अध्यक्षता करने के लिये कर सकेंगे।

8. यात्रा भत्ता.-

( एक) खंड स्तरीय समिति का प्रत्येक सदस्य अपनी-अपनी समिति के मुख्यालयों पर समिति के सम्मिलनों में उपस्थित होने हेतु राज्य सरकार के ' ख ' श्रेणी में वर्गीकृत अधिकारियों के समान यात्रा तथा दैनिक भत्तों हेतु पात्र होंगे । 624(3)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 अगस्त 2021

(दो) जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय समिति का प्रत्येक सदस्य उक्त समितियों के मुख्यालयों पर सम्मिलनों में उपस्थित होने हेतु राज्य सरकार के ' क' श्रेणी में वर्गीकृत अधिकारियों के समान यात्रा तथा दैनिक भत्ते के लिए पात्र होंगे।

9. विशेष आपात सम्मिलन बुलाने की सभापति की शक्ति. किसी भी समिति का सभापति कम से कम तीन कार्य दिवस की सूचना देकर समिति का विशेष या आपात सम्मिलन बुला सकेगा।

10. गणपूर्ति.-

(एक) ग्राम पंचायत स्तरीय समिति, खंड स्तरीय समिति तथा नगरीय समितियों के लिये गणपूर्ति पचास प्रतिशत सदस्यों से और जिला स्तरीय समिति के लिये गणपूर्ति एक तिहाई सदस्यों से होगी। राज्य स्तरीय समिति की लिये कोई गणपूर्ति आवश्यक नहीं होगी।

(दो) यदि किसी सम्मिलन में गणपूर्ति न हो तो पीठासीन अधिकारी सम्मिलन को ऐसे समय तक के लिये स्थगित कर देगा जैसा उसके द्वारा नियत किया जाये । इस प्रकार स्थगित किये गये सम्मिलन की सूचना समिति के सचिव द्वारा पृथक से सूचित की जायेगी।

ऐसे स्थगित सम्मिलन के लिये कोई गणपूर्ति आवश्यक नहीं होगी और कोई नया विषय ऐसे सम्मिलन में विचारार्थ प्रस्तुत नहीं जा सकेगा ।

11. बहुमत द्वारा विनिश्चय.- समिति की किसी भी सम्मिलन के समक्ष प्रस्तुत किये गये सभी विषयों पर विनिश्चय उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के सामान्य बहुमत से किया जायेगा । मत बराबर होने की दशा में सम्मिलन के पीठासीन अधिकारी का निर्णायक मत होगा ।

12. सम्मिलन से अनुपस्थिति. यदि कोई सदस्य अपनी अनुपस्थिति का युक्तियुक्त कारण बताने वाली सूचना दिये बिना समिति के सम्मिलन से लगातार तीन अवसरों पर अनुपस्थितरहता है तो वह स्वतः ऐसी समिति का सदस्य नहीं रहेगा ।

13. कार्यवृत्त.-

(एक) समितियों के प्रत्येक सम्मिलनों की कार्यवाहियां इस प्रयोजन के लिये रखी एक कार्यवृत्त पुस्तक में अभिलिखित की जाएगी । सम्मिलन की समाप्ति पर यथासाध्य शीघ्र सम्मिलन का पीठासीन प्राधिकारी कार्यवृत्त पुस्तक पर हस्ताक्षर करेगा।

(दो) समिति के आगामी सम्मिलन में समिति के समक्ष कार्यवृत्त पुस्तक उसके अनुमोदन के लिये प्रस्तुत की जाएगी।

14. समितियों का गठन एवं संरचना. विभिन्न स्तरीय अंत्योदय समितियों के संबंध में उपर लिखित प्रावधानों के अतिरिक्त अध्यक्षता, सदस्य संख्या, सदस्यों का चयन/नामांकन, सचिवीय तथा सहसचिवीय प्रभार, सम्मिलन की प्रकिया तथा वित्तीय व्यवस्था इत्यादि विषयों के संबंध में राज्य सरकार ऐसे निर्देश, जैसा वह उचित समझे , जारी कर सकेगी । 624(4)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 अगस्त 2021

15. निरसन एवं व्यावृत्ति.-

( 1 ) मध्यप्रदेश ( लोक अभिकरणों के माध्यम से) दीनदयाल अन्त्योदय कार्यक्रम का कार्यान्वयन , नियम, 1991 एतद‌द्वारा निरसित किये जाते है ।

(2 ) इन नियमों के निरसित होने के पूर्व किया गया कोई कार्य अथवा की गई कोई कार्रवाई विधिमान्य रहेगी ।

अनुसूची

[ धारा 2 (1 ) (क) देखिये ]

दीनदयाल कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न स्तरीय समितियों हेतु चयनित योजनाएं , कार्यक्रम तथा विषय अनुश्रवण, प्रबोधन एवं समीक्षा हेतु सम्मिलित किये जाएंगे जिसके संबंध में राज्य सरकार समय -समय पर निर्देश जारी करेगी ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अभिषेक सिंह , उपसचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित -2021 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 03 August 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2021-08-03.312.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2021-08-03.312.Extraordinary.