इसे वेबसाईट www.govtpressmp.nic.in से भी डाउन लोड किया जा सकता है .
वध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 340]
भोपाल, बुधवार, दिनांक 18 अगस्त 2021- श्रावण 27 , शक 1943
आयुष विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 18 अगस्त 2021
मध्यप्रदेश प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातक पाठ्यक्रम विनियम 2021 कमांक/ एफ 01-16/ 2021 /1-59 राज्य सरकार एतद् द्वारा मध्यप्रदेश के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालयों में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातक पाठ्यक्रम के संचालन हेतु अधोसंरचना, शिक्षा के न्यूनतम मानक, शिक्षकीय संवर्ग तथा चिकित्सकों के पंजीयन तथा पाठ्यक्रम में प्रवेश के संबंध में निम्नलिखित विनियम बनाती है:-
679 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680
अध्याय-1
(1 ) संक्षिप्त शीर्षक तथा प्रारम्भः-
1. इन विनियमों को मध्यप्रदेश प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातक पाठ्यक्रम के संचालन , अधोसंरचना , शिक्षा के न्यूनतम मानक, शिक्षकीय संवर्ग तथा चिकित्सकों के पंजीयन हेतु न्यूनतम मापदण्ड, पाठ्यक्रम एवं प्रवेश विनियम 2021 कहा जाएगा । 2. यह राजपत्र अधिसूचना में उनके प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होंगे
2 परिभाषाः-
1. "प्राकृतिक चिकित्सा " का अर्थ है एक दवा रहित, गैर- आक्रामक चिकित्सा की प्रणाली जिसमें जीवन शक्ति के सिद्धांत , विषाक्तता के सिद्धांत , शरीर की स्वयं उपचार क्षमता के सिद्धांत और सिद्धांतों के आधार पर इसके उपचार में प्राकृतिक सामग्री का उपयोग शामिल है । स्वस्थ जीवन का ।
II . "नेचुरोपैथी एवं योग महाविद्यालय " का अर्थ है- बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एवं योग विज्ञान (बी.एन.वाय.एस.) स्नातक पाठ्यक्रम अध्धयन प्रदाय करने वाली शैक्षणिक संस्थानों और चिकित्सालय ।
III . "अस्पताल " का अर्थ है एक प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल जिसमें कम से कम 10 रोगी शैय्या आई ० पी० डी० और एक ओ ० पी० डी० विभाग हो ।
पंजीकरण और प्रत्यायनः-
.3
1. प्रत्यायन वह मान्यता है जो शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को पेशेवर विशेषज्ञता, शैक्षणिक गुणवत्ता और अखण्डता के स्वीकार्य स्तर की प्राप्ति को दर्शाने के लिए दी जाती है ।
II . पंजीकरण का अर्थ है इन दिशा-निर्देशों के कंडिका-5 के तहत प्राकृतिक चिकित्सक एवं योग चिकित्सक का पंजीकरण ।
III . आयुष विभाग द्वारा पंजीयन एवं प्रवेश मान्यता की अनुमति प्रदान की जायेगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 ( 1) IV. आयुष विभाग द्वारा पंजीकरण और प्रत्यायन हेतु दिशा- निर्देश प्रदान किये जायेंगे और इस उद्देश्य के लिए निरीक्षण और मूल्यांकन करने का अधिकार होगा ।
V. प्रत्यायन सत्र (प्रवेश मान्यता) निश्चित अवधि के लिए होगा और इस अवधि की समाप्ति के बाद इसे नवीनीकरण करना होगा ।
VI . आयुष विभाग द्वारा अधिसूचना जारी दिनांक से पंजीकरण और प्रत्यायन योजना लागू होगी ।
4. प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय / संस्थानों की मान्यता पर किए गए परिदर्शन शुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु शासन द्वारा निर्धारित राशि रू 0 50,000 /- संस्था द्वारा ड्राफ्ट के माध्यम से आयुक्त, संचालनालय आयुष को जमा की जायेगी ।
अध्याय-2
चिकित्सकों का पंजीकरण
5. नैचुरोपैथी एवं योग चिकित्सकों का पंजीकरण- ऐसे अर्हताधारी जिन्हें प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग में विधि द्वारा स्थापित एवं मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय के द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान की स्नातक डिग्री (बी.एन.वाय.एस. ) प्राप्त है एवं ऐसे प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी जो किसी भी सांविधिक राज्य बोर्ड के तहत विधिवत पंजीकृत हैं, उन्हें म.प्र राज्य बोर्ड द्वारा बोर्ड के विनियमों के अधीन एवं अनुसूची में सम्मिलित विश्वविद्यालय की सूची के अंतर्गत पंजीयन कराना होगा ।
अध्याय-3
संस्थानों का प्रत्यायन
6 संस्थानों का प्रत्यायन (प्रवेश मान्यता) -
संस्थानों की मान्यता के उद्देश्य है-
1. यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सालय सुरक्षित, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा और स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करते है ।
II . यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्राकृतिक चिकित्सा प्रदान करने वाले संस्थान देश की स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं के लिए प्रासंगिक स्वीकार्य शैक्षणिक गुणवत्ता वाले हैं । III . मान्यता प्राप्त होने के इच्छुक संस्थानों को CCRYN द्वारा निर्धारित MSR के अनुसार आवेदन शुल्क के साथ प्रोफार्मा में सक्षम प्राधिकारी को आवेदन करना चाहिए ।
7 न्यूनतम आधारभूत संरचना बुनियादी ढांचे और सुविधाए-
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा में स्नातक डिग्री कार्यक्रम (बीएनवायएस) चलाने वाले किसी भी महाविद्यालय / संस्थान को शासन द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021 .
680 (2)
निर्धारित न्यूनतम मानक अधोसंरचना सुविधा रखनी होगी । संस्थान उनके छात्रों को प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान अध्ययन प्रदान करने के लिए मानक बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाओं के रखरखाव को सुनिश्चित करेगा । प्राकृतिक चिकित्सा मेडिकल कॉलेज द्वारा बीएनवायएस डिग्री पाठ्यक्रम संचालन हेतु प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षण अस्पताल में अनुसूची - चार में उललेख्ति बुनियादी ढांचे और सुविधाएं सुनिश्चित करेगा ।
8 स्वयं के स्वामित्व अथवा पट्टेदारी (फ्री होल्ड या लीज होल्ड) संपत्ति--
प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान में शिक्षा प्रदान करने वाले प्रत्येक संस्थान/ महाविद्यालय या तो स्वयं के स्वामित्व अथवा पट्टेदारी भूमि पर होना चाहिए , जो अनुसूची में निर्दिष्ट है । महाविद्यालय / संस्थान शैक्षणिक भवनों , अस्पताल / ओपीडी, पुस्तकालय , ई- लर्निंग , इनडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं , पुरुष और महिला छात्रों के लिए अलग - अलग निवास स्थान , जैसा भी मामला हो , के लिए पर्याप्त प्रावधान करेगा । जहां संस्थान / महाविद्यालय / संगठन ने पट्टे पर भूमि प्राप्त की हो , उस स्थिति में पट्टे की अवधि तीस वर्ष से कम नहीं होगी ।
9 शैक्षणिक भवन-
प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय में अनुसूची- पाँच में विनिर्दिष्ट शैक्षणिक भवन होगा , जिसमें कक्षा कक्ष तथा ऐसे अन्य कमरों में शिक्षण कार्य , व्यावहारिक, ई-लर्निंग , पुरुष और महिला छात्रों के लिए कॉमन रूम और पर्याप्त पुस्तकालय स्थान की व्यवस्था रखनी होगी ।
10 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की मान्यता के मानदंड बी.एन.वाय.एस. पाठ्यक्रमों की पेशकश करने वाले प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की मान्यता के मानदंड निम्नानुसार हैं :-
1 . संस्थान को संबंधित संबद्ध विश्वविद्यालय से संबद्धता प्रमाण - पत्र या संबद्धता प्रमाण- पत्र की सहमति प्राप्त करनी होगी ।
II . संस्था को संबंधित राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा । संस्था के स्वामित्व में कम से कम दो एकड भूमि हो । यदि पट्टे (लीज) पर हो तो कम से कम 30 साल की अवधि के लिए पट्टे पर लिया हो । संस्था को एक ही भूखण्ड में स्थित होना चाहिए । शहरी क्षेत्रों में शासन नियमानुसार निर्धारित दूरी के भीतर दो अलग-अलग भूखण्ड में स्थित हो सकते है ।
IV. संस्थान में कम से कम 50 बिस्तरों वाला पूर्णतः कार्यात्मक प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षण अस्पताल होना चाहिए । अस्पताल का निर्मित क्षेत्रफल 10,000 वर्गफीट होना चाहिए ।
V. रोगी शैय्या अनुपात न्यूनतम 50 छात्रों के अधीन 1 : 1 होना चाहिए । 680 (3)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
VI . कक्ष और अन्य शैक्षणिक अधोसंरचना स्वीकृत छात्र संख्या के अनुसार पर्याप्त होनी चाहिए ।
11) शिक्षकीय संवर्ग प्राचार्य/प्रमुख / संकायाध्यक्ष-
प्रत्येक प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान / महाविद्यालय में स्नातक डिग्री पाठ्यकम (बी.एन.वाय.एस. ) संचालन के लिये अनुसूची-3 में उल्लेखित शिक्षकीय संवर्ग होना आवश्यक होगा-
1 . प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय में पूर्णकालिक प्राचार्य होंगे ।
II . महाविद्यालय के प्राचार्य की योग्यता शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप होगी ।
शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप 60 छात्रों की प्रवेश क्षमता हेतु 20 एवं 61 से 100 छात्रों की प्रवेश क्षमता हेतु 27 शिक्षक होना आवश्यक है । इनमें आवश्यतानुसार अंशकालिक या अतिथि शिक्षको को पदस्थ किया जा सकता है । 12 वेतनमान-
शिक्षकीय संवर्ग को दिया जाने वाला वेतन शासन द्वारा समय - समय पर अनुशंसित मापदण्डों के अनुसार निर्धारित वेतनमान दिया जाएगा । संस्था में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को अन्य शिक्षक के समतुल्य अथवा अनुकूल वेतन दिया जायेगा । संस्था द्वारा समस्त कर्मचारीवृन्द को बैंक खाते के माध्यम से वेतन भुगतान किया जावेगा ।
13 न्यूनतम कर्मचारी वृन्द की उपलब्धता
प्रत्येक महाविद्यालय / संस्थान में बीएनवायएस पाठ्यक्रम संचालन हेतु क्लिनिकल नेचुरोपैथी अस्पताल के लिए अनुसूची- पाँच में उल्लेखित न्यूनतम कर्मचारी कार्यरत होगे ।
14 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा अस्पतालों का प्रत्यायन-
रोगी की देखभाल के उच्चतम मानकों को प्रदान करने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की योजना और संचालन किया जाएगा ।
15 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा अस्पताल निम्नलिखित अनुरूप होना चाहिये:-
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (4)
1. अस्पताल आवेदक के स्वामित्व में हो । अथवा महाविद्यालय के साथ राज्य के नियमों के अनुसार कम से कम 30 वर्ष या अधिकतम अनुमेय अवधि के अनुबंध पर होनी चाहिए। II . जिस वातावरण में अस्पताल स्थित है, वह नियमानुसार प्रदूषण से मुक्त हो ।
III . अस्पताल का स्थान सभी स्थानीय प्रशासनिक विनियमों का अनुपालन करेगा ।
IV. अलग-अलग पुरुष और महिला वार्ड हो ।
V. अस्पताल रोगियों, कर्मियों और जनता के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखेगा ।
VI . ऊपरी मंजिलों पर स्थित नर्सिंग क्षेत्र हेतु रैंप या लिफ्ट उपलब्ध हो । अस्पताल के सभी प्रवेश द्वारों पर रैंप की व्यवस्था उपलब्ध हो ।
VII . अस्पताल में पर्याप्त पीने योग्य पानी की व्यवस्था हो ।
VIII . फर्श, दीवारें और छत टिकाऊ , आग प्रतिरोधी और साफ- सुथरी हो ।
IX. अस्पताल में आग का पता लगाने हेतु अलार्म सिस्टम और आग बुझाने की व्यवस्था हो । X. चिकित्सालय में अग्नि, सुरक्षा और पर्यावरण कानूनों के अनुरूप व्यवस्था उपलब्ध हो । 16 महाविद्यालय परिषद्-
प्रत्येक महाविद्यालय / संस्थान में एक महाविद्यालय परिषद् की स्थापना होगी जिसमें सदस्यों के रूप में शिक्षक संवर्ग और अध्यक्ष के रूप में प्राचार्य / विभाग प्रमुख / संकायाध्यक्ष शामिल होंगे । परिषद् द्वारा पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम, अनुशासन लागू करने और अन्य शैक्षणिक मामलों का विवरण तैयार करने के लिए एक वर्ष में कम से कम दो बार बैठक आयोजित की जायेगी ।
17 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान अस्पताल-
प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय एक वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में एक प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान अस्पताल की स्थापना और संचालन करेगा ।
18 अध्यापन के विषय
प्राकृतिक चिकित्सा मेडिकल कॉलेज द्वारा बीएनवायएस डिग्री पाठ्यक्रम में अनुसूची-दो में उल्लेखित विषयों को पढ़ाया जावेगा ।
19 प्रयोगशालाऐं
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा में स्नातक डिग्री कार्यक्रम संचालित प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय में शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप पर्याप्त प्रयोगशाला सुविधाएं होंगी । प्रयोगशाला में प्रति व्यक्ति स्थान, उपकरण , आपूर्ति और अन्य सुविधायें निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप रहेगी । 1. बेसिक मेडिकल साइन्स
II . प्राकृतिक चिकित्सा विषयों के लिए प्रयोगशालाएँ- न्यूट्रिशन , एक्यूपंक्चर , फिजियोथैरेपी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (5) III . नैदानिक प्राकृतिक चिकित्सा प्रयोगशाला प्रदर्शन (demonstration facility) सुविधा के साथ हो ।
IV. हाइड्रोथेरेपी , मैनिपुलेटिव थैरेपी , फास्टिंग थेरेपी, क्रोमो थेरेपी, मैग्नेटो थेरेपी आदि विषयों के लिए डिस्प्ले सुविधाओं वाला एक संग्रहालय रहेगा ।
V. पर्याप्त आकार का एक योग हॉल होना चाहिए जिसका क्षेत्रफल प्रति छात्र के अनुसार कम से कम 02 वर्ग मीटर हो ।
VI . क्रिया कक्ष योग हॉल से जुड़ा होना चाहिए ।
20 पुस्तकालय भवन-
पुस्तकों, पत्रिकाओं और पत्रिकाओं को रखने के लिए पुस्तकालय में पर्याप्त स्थान होना चाहिये । प्रति सत्र छात्र संख्या के आधार पर कम से कम 25 प्रतिशत छात्रों के लिए पर्याप्त पढ़ने की जगह रखनी होगी । पुस्तकालय भवन में डिजिटल लाईब्रेरी होना चाहिये , जिससे इन्टरनेट सुविधा के साथ कम्यूटर संचालन के लिये पर्याप्त जगह होनी चाहिए ।
21 न्यूनतम पुस्तकालय आवश्यकता-
प्रत्येक प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान पुस्तकालय में प्रत्येक छात्रों के लिये पाँच पुस्तकों के न्यूनतम मानक अनुपात के अनुसार पाठ्य पुस्तकें , संदर्भ पुस्तकें और अवधि के दौरान पढ़ाए जाने वाले प्रत्येक विषय की पुस्तके और पत्रिकाऐं कम से कम पाँच वर्षों तक के संस्करण का संधारण करना होगा । प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में पुस्तकालय में न्यूनतम निवेश 02 लाख रुपये होगा ।
22 शोध कार्य-
प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय छात्रों को शोध कार्य कराने का प्रावधान करेगा ।
23 खेल का मैदान-
स्टॉफ और छात्रों के लिए , आउटडोर और इनडोर , खेल का मैदान होना चाहिए । एक योग्य शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक की देखरेख और मार्गदर्शन में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा ।
24 छात्रावास सुविधा
सरकार अथवा स्वयं के द्वारा मान्यता प्राप्त प्राधिकारियों द्वारा निर्धारित मापदण्डों के आधार पर निर्मित पुरूष एवं महिला छात्रों के लिए अलग-अलग सुविधा की जा सकती है ।
25 रैगिंग रोधी उपाय-
प्रत्येक संस्थान/ महाविद्यालय को निम्नलिखित कार्य करना होगा- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (6)
(ए) नए पंजीकृत छात्रों के लिये रैगिंग की रोकथाम पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करना ।
(बी) एक स्थायी समिति का गठन करेंगे , जिसमें अध्यक्ष सहित पांच सदस्य हो , जिनमें से तीन शिक्षक , एक महिला और दो छात्र होंगे , जिनमें से एक महिला छात्रा होगी ।
(ग) रैगिंग की घटना की सूचना मिलते ही तत्काल जांच करायेंगे ।
(डी) विश्वविद्यालय को उल्लंघन के लिए की गई कार्रवाई के साथ रिपोर्ट तुरंत जमा करेंगे ।
26 छात्रों और शिक्षकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या-
प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय प्रत्येक प्रवेशित / पंजीकृत छात्रों एवं शिक्षकों को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान करेगा ।
27 सुरक्षा जमा--
समस्त संस्थान / महाविद्यालय किसी विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त करने से पहले पूंजी निधि , एक राष्ट्रीयकृत बैंक के पास एक जमा खाते में न्यूनतम दस लाख रुपये जमा करेगा , जिसका उपयोग संस्थान / महाविद्यालय के भविष्य की किसी भी आवश्यकता और विकास के लिए किया जाएगा जो संस्थाध्यक्ष एवं प्राचार्य द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जायेगा ।
अध्याय-4
पाठ्यक्रम में प्रवेश
28 पाठ्यक्रम में प्रवेश संख्या:-
1. किसी भी संस्थान / महाविद्यालय में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान में स्नातक पाठ्यक्रम 60 छात्रों से अधिक संख्या से प्रारंभ नही होगा ।
2. महाविद्यालय के द्वारा न्यूनतम मानक पूर्ण करने पर निरीक्षण समिति की सिफारिश पर राज्य शासन अधिकतम 100 सीटों पर प्रवेशानुमति प्रदान कर सकता है । बशर्ते, संस्थान / महाविद्यालय 05 साल की शैक्षणिक अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरान्त ही उक्त मांग हेतु आवेदन कर सकता है ।
3. संस्थान/ महाविद्यालय की अधिकतम प्रवेश क्षमता 100 सीटों से अधिक नहीं होगी । 29 पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रकिया -
1. नैचुरोपैथी एवं योग स्नातक पाठ्यक्रम प्रवेश हेतु राज्य शासन द्वारा गठित कांउसिलिंग समिति के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया की जावेगी ।
2. राज्य शासन प्रवेश प्रकिया निर्धारित करने के लिये " प्रवेश नियम" एवं कार्यकारी निर्देश जारी कर सकेगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (7) 3. आरक्षण:- म०प्र० शासन के प्रचलित नियमों के प्रकाश में संचालनालय द्वारा आरक्षण निर्धारित होगा ।
4. अनारक्षित श्रेणी की सीट पर म.प्र. के बाहर के अभ्यर्थी भी पात्र होंगे ।
5. महिला महाविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये केवल महिला अभ्यर्थी ही पात्र होंगी ।
6. न्यूनतम अर्हता:-1. 12 वीं कक्षा अंग्रेजी विषय के साथ उत्तीर्ण,
2. भौतिकी, रसायनशास्त्र, एवं जीव विज्ञान में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक होगे । 3. आरक्षित वर्ग के लिये न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक मान्य होगे ।
7. कांउसिलिंग: कांउसिलिंग समिति द्वारा कम से कम 02 राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी किया जायेगा, जिसके अनुसार आवेदक को निर्धारित आवेदन पत्र में समस्त प्रविष्टियां करते हुये राशि रूपये 500/- (पाँच सौ) शुल्क के साथ कांउसिलिंग समिति को निर्धारित दिनांक तक जमा करना होगा ।
8. आवेदन पत्र के साथ निम्नानुसार अभिप्रमाणित दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा:--
1. 10वीं की अंक- सूची
2. 12वीं की अंक-सूची
3. जाति एवं आय प्रमाणपत्र
4. म.प्र. स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र
5. पासपोर्ट साइज फोटो-02
9. चयन सूची:- कांउसिलिंग समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों की छानबीन की जाकर 12 वीं के प्राप्तांक / प्रतिशत के आधार पर संवर्गवार चयन सूची जारी की जावेगी ।
6. प्रतीक्षा सूचीः- प्रत्येक संवर्ग में 10-10 अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची भी जारी की जायेगी । 7. काउंसिलिंग स्थल पर प्रवेश प्रक्रिया :- कांउसिलिंग समिति द्वारा जारी सूची के आधार पर काउंसिलिंग स्थल पर ही संबंधित महाविद्यालय के काउंटर में प्रवेश शुल्क जमा कर प्रवेश दिया जावेगा ।
8. ऐसे अभ्यर्थी जो आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश नहीं लेना चाहते होगें , उन्हें काउंसिलिंग समिति के समक्ष लिखित आवेदन देना होगा कि वे आवंटित सीट पर प्रवेश नहीं लेना चाहते हैं । ऐसी स्थिति में कांउसिलिंग समिति द्वारा इन रिक्त सीटो पर अभ्यर्थियों को विकल्प एवं उपलब्धता के आधार पर अनुपूरक चयन सूची जारी की जावेगी ।
9. मूल दस्तावेजों के सत्यापन:- अभ्यर्थी द्वारा महाविद्यालय में प्रवेश के समय समस्त मूल प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराना होगा । मूल दस्तावेजों के सत्यापन एवं मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र की मूल प्रतियां प्रस्तुत करने के बाद ही प्रवेश की कार्यवाही की जावेगी । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (8 )
10. संबंधित संस्था के प्राचार्य की जिम्मेदारी होगी कि वह योग्य अभ्यर्थी को ही नियमानुसार प्रवेश देगें । तथा प्रवेशित अभ्यर्थियों की सूची ई- मेल द्वारा उसी दिन तथा दूसरे दिन विशेष वाहक के माध्यम से आयुष संचालनालय को अनिवार्यतः प्रस्तुत करेगें ।
11. शुल्क संरचनाः- महाविद्यालय द्वारा अभ्यर्थी से केवल प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति, म० प्र० द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जावेगा ।
12. महाविद्यालय द्वारा किसी भी दशा में सीधे प्रवेश नहीं दिये जावेगे । यदि किसी महाविद्यालय द्वारा काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर किसी छात्र को सीधे प्रवेश देना प्रमााणित पाया तो प्रथमतः संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी । सीधे प्रवेश देने की अनियमितता की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित संस्था को महाविद्यालय संचालन हेतु जारी अनुमति समाप्त कर दी जायेगी ।
13. किसी विवाद की स्थिति में आयुक्त, आयुष मध्यप्रदेश का निर्णय अंतिम होगा ।
अध्याय-5
अभिलेखों का रखरखाव
30 अभिलेखों का रखरखाव-
वित्तीय , शैक्षणिक , अस्पताल / नैदानिक और अन्य संगठनात्मक अभिलेखों सहित, संस्थान / महाविद्यालय के सभी अभिलेख और बैठक की कार्यवाही संस्थान के प्रमुख की सुरक्षित अभिरक्षा में संस्थान के कार्यालय में रखी जाएगी तथा निरीक्षण के समय निरीक्षण दल के सदस्यों को उपलब्ध कराई जायेगी ।
31 पाठ्यक्रम के शैक्षणिक संचालन के लिए सामान्य समय-
कक्षाएं प्रातः 06 बजे से सायं 05 बजे के बीच आयोजित की जा सकती है । पुस्तकालय को भी इसी समय संचालित किया जायेगा ।
32 शिक्षण दिवस-
प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय में कम से कम प्रति वर्ष 200 पूर्ण शिक्षण दिवस होंगे ।
स्पष्टीकरण " शिक्षण दिवस" का अर्थ वास्तविक कक्षा / प्रयोगशाला संपर्क शिक्षण दिवस से है , और इसमें परीक्षा के दिन शामिल नहीं होंगे ।
33 विषयवार न्यूनतम साप्ताहिक कक्षा समय चक (TIME TABLE ) तैयार किया जायेगा ।
34 विज्ञान में स्नातक डिग्री शैक्षणिक अभ्यास प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग कार्यक्रम हेतु लागू विनियमन में निर्धारित अनुसार किया जाएगा । 680 (9 )
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
35 कार्यभार-
(1) पूर्णकालिक शिक्षकों का शिक्षण भार सप्ताह में 40 (चालीस ) घंटे से कम नहीं होगा , जिसमें से शिक्षण कार्य का समय निम्नानुसार रहेगा-
(ए) प्रिंसिपल 2 घंटे प्रति सप्ताह
(बी) प्रोफेसर 8 घंटे प्रति सप्ताह
(सी) एसोसिएट प्रोफेसर / रीडर 12 घंटे प्रति सप्ताह
(डी) व्याख्याता / सहायक प्रोफेसर 18 घंटे प्रति सप्ताह
स्पष्टीकरण 02 घण्टे सैद्धांतिक / 02 घण्टे प्रायोगिक समय को 01 शिक्षण घण्टे के रूप में गिना जाएगा ।
36 नैदानिक सुविधा-
प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय में शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप नैदानिक सुविधा का प्रावधान होगा ।
37 प्रायोगिक अभ्यास (प्रैक्टिकल)-
(ए) सभी छात्र शिक्षक के मार्गदर्शन और देखरेख में प्रायोगिक अभ्यास करेंगे ।
(बी) प्रत्येक बैच में बीस से अधिक छात्र नहीं होंगे ।
(सी) ई- लर्निंग प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान (बीएनवायएस ) स्नातक डिग्री प्रोग्राम का हिस्सा होगा ।
38 शैक्षणिक अभ्यास मानक-
शासन प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान शिक्षा के मानकों को बनाए रखने के लिए समय - समय पर निर्देश जारी कर सकता है और समस्त संस्था/ महाविद्यालय द्वारा इसका विधिवत पालन किया जाएगा ।
39 ड्रेस कोड-
छात्रों के पास पेशेवर चिकित्सीय पोशाक होगी ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
पंकज शर्मा, उपसचिव.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 ( 10)
अनुसूची-1
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा में स्नातक कार्यक्रम (बी.एन.वाय.एस.) हेतु न्यूनतम मानक आवश्यकताऐं
(1 ) पात्रता मापदण्ड:
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा में स्नातक कार्यक्रम (बीएनवायएस ) अध्ययन संस्थान स्थपित करने की अनुज्ञा के लिए निम्नलिखित संगठन / संस्थान / महाविद्यालय आवेदन करने हेतु पात्र होंगेः
1. राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाएं एवं मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय
2. केंद्रीय एवं राज्य सरकारों द्वारा सम्प्रवर्तित स्वायत्त शासकीय निकाय ।
3. सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1860 या राज्यों के तत्स्थनीय अधिनियमों के अधीन रजिस्टर्ड सोसायटियां ।
4. भारतीय न्यास अधिनियम 1882 (1882 का सं .21 ) वक्फ अधिनयम 1954 (1954 का सं. 27) के अंतर्गत स्थापित संस्थाऐं
(2) न्यूनतम मानक आवश्यकताएं:
म.प्र . शासन द्वारा मान्यता प्राप्त महाविद्यालय में निर्दिष्ट बुनयादी ढ़ांचे एवं शिक्षण और प्रशिक्षण सुविधाओं के न्यूनतम मानक आवश्यकताओं को पूर्ण करने वाले महाविद्यालय आगामी शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश हेतु मध्य प्रदेश शासन द्वारा अधिरोपित विनयमों के अनुसार प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा में स्नातक संस्थान स्थापित करने की अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं । आवेदन के लिए निम्नलिखित शर्तें पूर्ण करना अनिवार्य होगा :-
1. केवल ऐसे संस्थान ही प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा में स्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु आवेदन कर सकेंगें जिनके द्वारा शिक्षण पाठ्यक्रम के लिए म.प्र. शासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया गया हो ।
2. यह कि आवेदक द्वारा शिक्षण पाठ्यक्रम के लिए म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर से संबंद्धता हेतु सहमति अभिप्राप्त कर ली गई है ।
3. यह कि आवेदक के मुख्य उद्देश्यों में से एक उद्देश्य योगा एवं नेचुरापैथी की विशिष्ट शिक्षा प्रदान कराना हो ।
4. यह कि आवेदक के पास प्रस्तावित शिक्षण संस्थओं को स्थपित करने तथा संधारित करने एवं उससे आनुषंगिक सुविधाओं हेतु जिसमें अध्यापन , अस्पताल इकाई सग्गिलित है, आवश्यक प्रबंधकीय तथा वित्तीय सामर्थ्य है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (11) 5. यह कि, आवेदक अपनी वित्तीय स्थिति बताते हुए तीन वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध करायेगी , अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिए म.प्र. शासन के पक्ष में यथा निर्धारित बैंक गारण्टी जमा करेगी ।
6. उपर्युक्त शर्त उन आवेदकों को लागू नही होंगी जो राज्य सरकारें हों , बशर्त कि वे सरकारें नियमित रूप से उनके योजना बजट में उनके द्वारा उपदर्शित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार पूर्णरूप से सुविधायें उपलब्ध कराये जाने तक निधियाँ उपलब्ध कराने का वचन दें ।
(3) भूमि की आवश्यकता:-
इन विनियमों के तहत 100 सीटों तक की क्षमता के लिए पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु आवेदक संस्था के पास आवश्यक महाविद्यालय , अस्पताल और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए उसके स्वामित्व का न्यूनतम दो एकड का एक समुचित भूखण्ड होना आवश्यक है । भूमि महाविद्यालय के स्वामित्व में होनी चाहिए या महाविद्यालय के नाम पर राज्य के नियमों के अनुसार कम से कम 30 वर्ष या अधिकतम अनुमेय अवधि के पट्टे पर होनी चाहिए । भूखंड, यदि सड़क या नहर या नाले से अलग हो लेकिन एक पुल से जुड़ा हो, तो उसे भूमि को एक टुकड़ा माना जाएगा । (4) न्यूनतम निर्मित क्षेत्रः-
महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का कुल निर्मित क्षेत्रफल न्यूनतम 20,000 वर्गफीट अनिवार्य होगा । कालेज के सुचारू रूप से कार्य करने हेतु अन्य आवश्यक आधारिक संरचनाऐं जैसे कर्मचारियों हेतु पर्याप्त आवास, बाह्य एवं अंतरंग खेलों की सुविधा, नागरिक एवं बिजली की सेवा, महाविद्यालय परिसर में पर्याप्त पार्किंग स्थान के रखरखाव का भी पालन करना होगा ।
संस्था द्वारा निरीक्षण के समय भवन का स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत किया जावेगा जिसमें संस्था में उपलब्ध सुविधाऐं तथा छात्रावास का वर्णन होगा । कुल निर्मित क्षेत्र , अनुमेय तल क्षेत्र अनुपात (एम.ए.आर.) या फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफ.एस.आई. ) सक्षम प्राधिकारी या स्थानीय कानूनों या नियमों द्वारा दी गयी अनुमति पर आधारित होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 ( 12)
अनुसूची-2
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा बीएनवायएस डिग्री पाठ्यक्रम में निम्नलिखित विषयों को पढ़ाया जावेगा:-
प्रथम वर्ष अवधि - 1 वर्ष 6 माह
1. शरीर रचना विज्ञान (Anatomy)
2. शरीर क्रिया विज्ञान ( Physiology)
3. जैव रसायन शास्त्र ( Biochemistry)
4. प्रकृति चिकित्सा का दर्शन (Philosophy of Nature cure)
5. योग व्यावहारिक कक्षाएं (Principle and practice ofYoga)
द्वितीय वर्ष अवधि- 1 वर्ष
1. विकृति विज्ञान ( Pathology)
2. कीटाणु-विज्ञान ( Microbiology)
3. सामुदायिक स्वास्थ्य ( Community Medicine)
4. योग दर्शन ( Yoga Philosophy)
5. बेसिक फार्मकोलोजी ( Basic pharmacology)
6. मैग्नेटोथेरेपी और क्रोमोपैथी (Magneto therapy and Chromo therapy)
7. फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी ( Forensic Medicine and Toxicology)
तृतीय वर्ष अवधि- 1 वर्ष
1. एक्यूपंक्चर ( Acupuncture)
2. मेनुपुलेटिव थेरेपेटिक्स ( Manipulative therapeutics)
3. योग अनुप्रयोग ( Yoga application )
4. उपवास चिकित्सा ( Fasting therapy)
5. प्राकृतिक चिकित्सा निदान ( Naturopathy Diagnosis)
6. आधुनिक निदान और प्राथमिक चिकित्सा (Modern Diagnosis and First Aid) 7. मनोविज्ञान एवं प्रारंभिक मनोशास्त्र (Psychology and basic Psychiatry)
चतुर्थ वर्ष अवधि- 1 वर्ष
1. प्रसूति एवं स्त्री रोग ( Obstetrics and Gynecology)
2. यौगिक चिकित्सा ( Yoga therapy)
3. जल चिकित्सा ( Hydrotherapy)
4. भौतिक चिकित्सा (physiotherapy)
5. प्राकृतिक चिकित्सा और योग का समग्र अभ्यास ( Holostic Practices of Yoga and Naturopathy )
6. अस्पताल प्रबंधन एवं अनुसंधान पद्धति (Hospital Management and Research Methodology)
7. पोषण और जड़ी बूटी ( Nutrition Dietetics and Herbs ) 680 ( 13)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
अनुसूची-3
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा बीएनवायएस डिग्री पाठ्यक्रम के लिये शिक्षकीय संवर्ग इस प्रकार होगा:-
1 प्राचार्य
किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएनवायएस के साथ न्यूनतम 10 वर्ष का अनुभव जिसमें न्यूनतम 6 वर्षों का अध्यापन हो।
2 प्रोफेसर
बीएनवायएस के साथ एसोसिएट प्रोफेसर का 05 वर्ष का अनुभव ।
3 एसोसिएट प्रोफेसर बीएनवायएस के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर का 05 वर्ष का अनुभव अथवा नेचुरोपैथिक मेडिसिन में स्नातकोत्तर उपाधिधारी के साथ 03 साल का अनुभव ।
4 असिस्टेंट प्रोफेसर बी.एन.वाय.एस.
प्रत्येक विभाग के लिए अलग-अलग शिक्षक होने चाहिए । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 ( 14)
अनुसूची-4
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा बीएनवायएस डिग्री पाठ्यक्रम संचालन हेतु प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षण अस्पताल में निम्नलिखित बुनियादी ढांचे और सुविधाएं इस प्रकार होंगी-
1 . प्रशासनिक क्षेत्र
II . प्रशासनिक क्षेत्र में स्वागत, आरक्षण और प्रवेश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए ।
उपचार अनुभाग
IV. पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग- अलग उपचार खंड होंगे ।
V. आवश्यक उपचार के तौर - तरीके नीचे दिए गए हैं-
1. हाईड्रोथैरेपी-
2 खंड (पुरुष और महिला अलग-अलग) उपलब्ध होंगे ।
4-हिप बाथ, 2- प्लेन स्पाइनल बाथ और 2- स्पाइनल स्प्रे ।
2-इमर्शन बाथ टब
2-कंट्रास्ट आर्म और फुट बाथ और 1 प्लेन आर्म और फुट बाथ
एक यूनिट में 2 ट्रीटमेंट काउच के साथ कंप्रेस और लोकल पैक ।
2. सामान्य स्नानघर ।
1 -जेट बाथ यूनिट एक हॉल में सर्कुलर जेट बाथ के साथ- साथ 2 - डौश यूनिट।
1 - इंडिविजुअल स्टीम केबिन 2 -कॉमन बाथरूम के साथ ।
उपचार क्षेत्र में एनीमा कक्ष में 1 एनीमा टेबल पर्याप्त गोपनीयता के साथ एवं 1 वॉश बेसिन और 2 भारतीय टॉयलेट और 1 पश्चिमी टॉयलेट ।
मड थेरेपी यूनिट जिसमें 1 मिट्टी भंडारण टैंक, 1 मिट्टी क्यूरिंग टैंक, पैकेट और ट्रे स्टोर करने के लिए रैक और मड पैक स्लैब शामिल हो । मड़ पैक ।
3 यूनिट के साथ लोकल स्टीम एवं फैसियल पैक ।
3. मैनिपुलेटिव थैरेपी विभाग-
थैरेप्यूटिक आईल मजास यूनिट-4 ।
वाइब्रोमसाज यूनिट 02 पर्याप्त आकार के कक्ष के साथ ।
4. एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर विभाग-
एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर उपचार देने के लिए 03 उपचार टेबल विद्युत सुविधा के साथ ।
5. विशेष उपचार क्षेत्र-
स्टीम रूम 5 सीटर, 2 अटैच्ड बाथरूम के साथ ।
2- जकूजी - सिंगल सीटर - संलग्न बाथरूम के साथ ।
कोलोन हाइड्रोथेरेपी यूनिट-01
6. फिजियोथैरेपी-
इलेक्ट्रोथेरेपी यूनिट हेतु 10 x 5 फीट आयाम का कक्ष जिसमें अल्ट्रासाउंड, IFT, शॉर्टवेव डायथर्मी, मॉइस्ट हीट, पैराफिन , वैक्स बाथ , ट्रैक्शन यूनिट, अल्ट्रावॉयलेट और * इन्फ्रारेड रेडिएशन , मसल स्टिमुलेटर -2 हो । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (15) 7. व्यायाम थैरेपी-
01 यूनिट जिसमें हॉल हो एवं 03 बड़े आकार के टेबल जिन्हें आवश्यकतानुसार विभाजित किया जा सके ।
मल्टी स्टेशन , एक्सरसाइज बेंच और एक्सरसाइज बॉल जैसे उपकरण उपलब्ध हो । 8. आई० पी०डी० विभाग-
न्यूनतम बिस्तर क्षमता-100
9. वार्ड -
पुरुष वार्ड, महिला वार्ड और विशेष कक्ष ।
10. आपातकालीन प्रबंधन यूनिट-
नेब्यूलाईजर , आवश्यक दवाएं, एक्जामिनेशन टेबल, एडजस्टेबल बैड, ऑक्सीजन सिलेंडर ।
11. आहार केंद्र -
रसोई एकल एवं सामूहिक रूप से भोजन बनाने की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिये । भोजन कक्ष में 60 व्यक्तियों की बैठक व्यवस्था होनी चाहिऐ ।
जूस कक्ष पृथक से हो ।
12.पुस्तकालय -
पुस्तालय में पढ़ने हेतु पर्याप्त जगह एवं इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए ।
13. इनडोर रिक्रिएशन लाउंज-
सामान्य और विशेष वार्ड के लिए एक टेलीविजन कक्ष हो जिसमें रोगियों और शतरंज , कैरम, टेबल टेनिस , आदि इनडोर खेलों के लिए प्रावधान हो ।
14. स्टैंड बाई जेनरेटर स्थापित हो ।
15. आउटडोर सुविधाएं-
रिफ्लेक्सोलॉजी सेगमेंट के साथ 2 कि.मी. का वाकिंग ट्रेक ।
16. हॉट वाटर सुविधा-
अस्पताल में 24 घंटे हॉट वाटर सुविधा होनी चाहिए ।
17.स्टॉफ क्वाटर्स-
पर्याप्त स्टाफ क्वार्टर उपलब्ध हो ।
18. नैदानिक प्रयोगशाला-
पर्याप्त भंडारण क्षेत्र और कार्य स्थान के साथ पूरी तरह सुसज्जित नैदानिक प्रयोगशाला । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 ( 16)
अनुसूची- पॉच
प्राकृतिक चिकित्सा मेडिकल कॉलेज द्वारा बीएनवायएस डिग्री पाठ्यक्रम संचालन हेतु क्लिनिकल नेचुरोपैथी अस्पताल के लिए उललेखित न्यूनतम कर्मचारी कार्यरत होगे- 1) अस्पताल में न्यूनतम चिकित्सक के साथ पर्याप्त योग्य प्राकृतिक चिकित्सक हो । चिकित्सक एवं रोगी अनुपात 1:30 के अधीन कम से कम 1 डॉक्टर ।
2) निम्नलिखित न्यूनतम पैरा - मेडिकल स्टाफ-
20 शैय्या
10 शैय्या
3
2
उपचार परिचारक
योग शिक्षक
3) निम्नलिखित न्यूनतम प्रशासनिक स्टाफ-
पद
क०
कार्यालय अधीक्षक
1
वरिष्ठ सहायक
2
3 कनिष्ठ सहायक
डाटा प्रोसेसिंग अधिकारी
4
5 डाटा ऐन्ट्री ऑपरेटर
कैशियर
6
टेलिफोल ऑपरेटर
7
8 किचन सुपरवाईजर
9 कुक
10 सहायक कुक
11 किचन अटेन्डेन्ट
12 अटेन्डर
स्वीपर
13
माली
14
4) हास्पिटल संचालन हेतु न्यूनतम क्षेत्रफल-
विवरण
क०
1 कन्सल्टेशन एवं परीक्षा
2 प्रशासनिक भवन
स्वागत कक्ष
3
उपचार खण्ड-
4
1. मसाज थैरेपी
2. मड थैरेपी
50 शैय्या
40 शैय्या
30शैय्या
16
8
6
2
1
1
100 शैय्या
50 शैय्या
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
2
2
2
1
4
2
3
2
4
3
2
1
(क्षेत्रफल - वर्ग मीटर में) 100 शैय्या
50 शैय्या
30
20
40
20
30
20
100
75
40
25 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 ( 17) 50
100
3. हाईड्रोथैरेपी
4.मैग्नेटो थैरेपी
20
30
30
40
5. कोमोथैरेपी (छत पर)
5 फिजियोथैरेपी 6 किचिन
7 डायनिंग हॉल 8 योगा हॉल
9 किया खण्ड 10 व्यायाम शाला 11 लाइब्रेरी
12
30
60
30
40
25
40
60
75
25
30
40
75
60
75
50
रिकिऐशन हॉल
13 सैमिनार हॉल 14 हैल्थ शॉप
15 प्रयोगशाला
16 वार्ड
17
75
75
100
25
30
75
100
500
1000
3
चिकित्सकों की संख्या
6
5) चिकित्सालय के अंतर्गत न्यूनतम उपकरण : -
विवरण ऐनिमा
हिप बाथ
स्पाइनल बाथ
स्टीम बाथ
फुट एण्ड आर्म बाथ मसाज टेबल
50शैय्या 100 शैय्या
5
10
6
10
6
10
3
4
3
6
6
10
6) चिकित्सालय के अंतर्गत प्रोसिजर हेतु न्यूनतम उपकरण:-
स्पाइनल स्प्रे
इमर्शन बाथ
सोना
वर्लपूल बाथ
शॉर्ट वेब, डायथर्मी, आईएफटी, मसल्स स्टिमुलेटर , वैक्स बाथ , ट्रैक्शन, अल्ट्रासाउण्ड, आदि 50शैय्या 100 शैय्या
3
5
2
3
वैकल्पिक
वैकल्पिक
की
रोगियों आवश्यतानुसार । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 ( 18)
अनुसूची-छह
बीएनवायएस पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की अनुज्ञा हेतु आवेदन का प्रारूप
आवेदक संस्था का नाम
1
2 आवेदित संस्था का पूर्ण पता
3 संस्था का प्रकार (राज्य सरकार / विश्वविद्यालय / स्वशासी निकाय / सोसाइटी / न्यास )
4 रजिस्ट्रीकरण क्रमांक व दिनांक
राज्य सरकार द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र
5
संबंद्ध विश्वविद्यालय का नाम एवं पता
6
7 उपलब्ध भूमि का विवरण एवं स्वामित्व प्रमाण पत्र
8 महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भवन का नक्शा (क्षेत्रफल सहित) व अनुज्ञा
9 चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं का विवरण (जानकारी संलग्न करें)
10 शैक्षणिक स्टाफ की जानकारी (सूची संलग्न करें)
11 गैर शैक्षणिक स्टाफ की जानकारी (सूची संलग्न करें)
12 विगत दो वर्ष की ओ.पी.डी./ आई.पी.डी. की जानकारी (जानकारी संलग्न करें)
13 चिकित्सालयीन स्टाफ की जानकारी (सूची संलग्न करें)
विगत दो वर्ष की आडिट रिपोर्ट
14
15 महाविद्यालय में उपलब्ध उपकरण/ संयंत्र की सूची
16 चिकित्सालय उपलब्ध उपकरण / संयंत्र की सूची
संस्था प्रमुख के हस्ताक्षर एवं पद मुद्रा 680 ( 19)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
भोपाल, दिनांक 18 अगस्त 2021
मध्यप्रदेश प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम विनियम 2021 कमांक/ एफ 01-16 / 2021 / 1-59 राज्य सरकार एतद् द्वारा मध्यप्रदेश के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालयों में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के संचालन हेतु अधोसंरचना, शिक्षा के न्यूनतम मानक आवश्यकताए, शिक्षकीय संवर्ग तथा पाठ्यक्रम में प्रवेश के संबंध में निम्नलिखित विनियम बनाती है:-
अध्याय-1
1. संक्षिप्त शीर्षक तथा प्रारम्भः-
1. इन विनियमों को मध्यप्रदेश प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर शिक्षा हेतु " म.प्र . प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ( एम.डी. ) हेतु अधोसंरचना, न्यूनतम मानक आवश्यकताएं, पाठ्यक्रम एवं प्रवेश विनियम 2021 कहा जाएगा ।
2. यह राजपत्र अधिसूचना में उनके प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होंगे
अध्याय-2
2. पाठ्यक्रम का नाम, शिक्षा का उद्देश्य एवं प्रयोजनः-
इस पाठ्यक्रम का नाम " प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी) " होगा । यह पूर्णकालिक नियमित पाठ्यक्रम होगा । इस पाठ्यक्रम के दौरान छात्र किसी अन्य विश्वविद्यालय या बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा अथवा पाठ्यक्रम में उपस्थित नही हो सकेगा ।
इस पाठ्यक्रम के निम्नलिखित उद्देश्य होंगेः-
1. योगा एवं नेचुरोपैथी विधा के अध्यापन हेतु विशेषज्ञ एवं शिक्षक तैयार करना। 2. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के उद्देश्यों के दृष्टिगत ऐसे विशेषज्ञ एवं शिक्षक तैयार करना जोकि समाज की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पहचानते हुए नैतिक रूप से अपने व्यवसायिक दायित्व पूर्ण सकेंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (20)
3. स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली के माध्यमिक एवं तृतीयक स्तर पर प्रायोगिक उद्देश्यों की पूर्ति के दृष्टिगत ऐसे विशेषज्ञ विभिन्न विशिष्टताओं में सबसे अधिक दक्षताओं में महारत हासिल कर सकेंगे ।
4. ऐसे विशेषज्ञ संबंधित विषय में समकालीन प्रगति एवं विकास से अवगत होंगे । 5. उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना तथा अनुसंधान पद्धति एवं महामारी विज्ञान की ओर अग्रसर करना ।
6. चिकित्सीय एवं पैरामेडिकल स्तर पर शिक्षण हेतु बुनियादी शिक्षण कौशल तैयार करना ।
3. शिक्षा का माध्यमः-
पाठ्यक्रम हेतु शिक्षा का माध्यम हिन्दी अथवा अंग्रेजी होगा ।
4. पाठ्यक्रम की विशिष्टताए एवं विषय:-
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम अंतर्गत निम्नलिखित विशिष्टताऐं सम्मिलित होंगेः-
1. एम.डी. योगा
2. एम.डी. नेचुरोपैथी
3. एम.डी. एक्यूपंक्चर एवं एनर्जी मेडीसिन
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम अंतर्गत अनुसूची- दो में उल्लेखित विषयों को पढ़ाया जावेगा ।
5. परीक्षा में बैठने हेतु योग्यताः-
1. एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी की वार्षिक परीक्षा में बैठने हेतु छात्र को 75 प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य होगा ।
2. महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा चिकित्सीय प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की स्थिति में छात्र को अनिवार्य उपस्थिति में 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा सकती है ।
6. परीक्षाः-
1. प्रत्येक सत्र में मुख्य एवं पूरक परीक्षा आयोजित होंगी ।
2. प्रथग वर्ष की मुख्य परीक्षा 12 माह के भीतर आयोजित की जावेगी ।
3. पूरक परीक्षा मुख्य परीक्षा के 6 माह बाद आयोजित होगी । 680 (21)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
4. द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षा प्रथम वर्ष की मुख्य परीक्षा के पश्चात 12 माह के भीतर आयोजित होगी ।
5. सैद्धांतिक परीक्षा में 40 प्रतिशत अंक के प्रश्न लघुउत्तरीय होंगे तथा 60 प्रतिशत के अंको के प्रश्न विस्तृत स्वरूप के होंगे ।
7. परीक्षा में उत्तीर्ण होने संबंधी प्रावधान:-
1. परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए छात्र को प्रत्येक विषय के सैद्धांतिक व प्रायोगिक परीक्षा में पृथक-पृथक 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा ।
2. प्रथम वर्ष की परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्र द्वितीय वर्ष की कक्षाओं में उपस्थित होने हेतु योग्य होगा तथा 6 माह पश्चात आयोजित होने वाली पूरक परीक्षा में सम्मिलित हो सकेगा किन्तु द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षा में बैठने हेतु उस समय तक पात्र नही होगा जब तक उसने प्रथम वर्ष की परीक्षा समस्त विषयों में उत्तीर्ण न कर ली हो ।
3. यदि छात्र परीक्षा के किसी विषय में अनुपस्थित होता है तो छात्र को उस विषय में अनुत्तीर्ण ही माना जावेगा ।
4. किसी भी परिस्थिति में छात्र को पाठ्यक्रम के सभी विषय अधिकतम 5 वर्षों में उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा । अन्यथा छात्र को पाठ्यक्रम जारी रखने की अनुमति नही होगी ।
अध्याय-3
न्यूनतम मानक मापदंड़
8. न्यूनतम मानक आधारभूत संरचना और सुविधाए-
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन हेतु महाविद्यालय / संस्थान को उससें संबंद्ध प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षण अस्पताल में अनुसूची - एक में उल्लेखित निर्धारित न्यूनतम मानक अधोसंरचना और सुविधाएं सुनिश्चित करनी होगी । संस्थान उनके छात्रों को प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान अध्ययन प्रदान करने के लिए मानक बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाओं के रखरखाव को सुनिश्चित करेगा ।
9 शैक्षणिक भवन-
प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय में अनुसूची- चार में विनिर्दिष्ट शैक्षणिक भवन होगा , जिसमें कक्षा कक्ष तथा ऐसे अन्य कमरों में शिक्षण कार्य , व्यावहारिक , ई- लर्निंग , छात्रों और छात्राओं के लिए कॉमन रूम और पर्याप्त पुस्तकालय की व्यवस्था रखनी होगी । 10. शिक्षण अस्पताल की आवश्यकताऐं:-
1. आवेदक के स्वामित्व में तथा उसके प्रबंधन में कम से कम 100 बिस्तरों वाला एक प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सालय जो कि संस्था के निकट हो तथा जो कि यथाविहित आवश्यक अवसंरचनात्मक सुविधाओं से युक्त अध्यापन संस्थान के रूप मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (22)
में विकसित किए जाने की क्षमता रखता है । शिक्षण अस्पताल स्थापित करने एवं संचालित करने हेतु म. प्र. शासन की सभी संविधानिक आवश्यकताओं को पूरा करेगा ।
2. चिकित्सालय में ओ.पी.डी. तथा आई.पी.डी. की सुविधा के साथ साथ पेथोलोजी लैब , रेडियोलोजी लैब की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिये । संस्था द्वारा रोगियों की आवश्यकता एवं सुविधा के लिये अनुबंध के आधार पेथोलोजी लैब, रेडियोलोजी लैब की सुविधा उपलब्ध करायी जा सकती है ।
3. चिकित्सालय में ओ.पी.डी./ आई.पी.डी व्यवस्था स्नातक पाठ्यक्रम अनुसार होगी । 4. आवेदक अस्पताल के विगत दो वर्षों के आंतरिक एवं बाह्य रोगियों की सांख्यिकीय के साथ अस्पताल के बारे में विस्तृत विवरण जिसमें विभागवार शैय्याओं की संख्या, उपलब्ध डाक्टर, अन्य पैरामेडिकल स्टाफ तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की जानकारी प्रस्तुत करेगा ।
अध्याय-4
मान्यता के मानदंड
11. प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान शिक्षा संस्थानों की मान्यता के मानदंड प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन हेतु आवेदन करने वाले संस्थानों की मान्यता के मानदंड निम्नानुसार हैं-
1. संस्थान को संबंधित विश्वविद्यालय से संबद्धता प्रमाण-पत्र या संबंद्धता प्रमाण-पत्र की सहमति प्राप्त करनी होगी ।
II . संस्था को राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा ।
संस्थान में कम से कम 50 बिस्तरों वाला पूर्णतः कार्यात्मक प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षण अस्पताल होना चाहिए ।
IV . रोगी शैय्या अनुपात 1: 1 होना चाहिए ।
V. कक्ष और अन्य शैक्षणिक अधोसंरचना स्वीकृत छात्र संख्या के अनुसार पर्याप्त होनी चाहिए ।
12. प्राचार्य/ संकायाध्यक्ष एवं शिक्षकीय संवर्ग
1. प्रत्येक संस्थान / महाविद्यालय में पूर्णकालिक प्राचार्य होंगे । प्राचार्य की योग्यता शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप होगी ।
II . प्रत्येक प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान / महाविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रग संचालन के लिये अनुसूची 3 में उल्लेखित शिक्षकीय संवर्ग होना आवश्यक होगा । साथ ही आवश्यतानुसार अंशकालिक या अतिथि शिक्षको को पदस्थ किया जा सकता है ।
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन हेतु प्रति विषय तीन सीट के लिये एक प्रोफेसर अथवा एक रीड़र अतिरिक्त होना आवश्यक होगा । 680 (23)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
अध्याय-5
मान्यता की प्रक्रिया
13. प्रारूप तथा प्रक्रिया
उपर्युक्त पात्रता तथा अर्हकारी मापदण्डों को पूर्ण वाली आवेदक संस्था प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए म.प्र. शासन के नियम, विनियम के अध्याधीन शासन को अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं अनुमति प्राप्त करने हेतु रजिस्ट्रीकृत डाक द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत करेगा ।
14. आवेदन शुल्क
म.प्र. शासन, आयुष विभाग द्वारा निर्धारित आवेदन शुल्क डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से देय होगा । प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय / संस्थानों की मान्यता पर होने वाले परिदर्शन शुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु राशि रू0 50,000 /- संस्था द्वारा ड्राफ्ट के माध्यम से जमा की जायेगी । शासन द्वारा समय- समय पर निर्धारित अन्य शुल्क भी नियमानुसार देय होगे ।
15. संस्थाओ का पंजीकरण एवं अनुज्ञा प्रदान किया जानाः-
1. आवेदन निर्धारित शुल्क के साथ म.प्र. शासन, आयुष विभाग, भोपाल को प्रेषित किये जावेंगे ।
2. सभी दृष्टि से पूर्ण पाये आवेदनपत्र आयुष विभाग द्वारा मूल्यांकन हेतु पंजीबद्ध किये जावेंगे । आवेदनपत्र के पंजीकरण से केवल यह संज्ञाापित होगा कि उन्हे मूल्यांकन हेतु स्वीकार किया गया है । तथापि इसका किसी भी परिस्थितियों में यह अर्थ नही होगा कि वह अनुज्ञा प्रदान करने हेतु आवेदनपत्र का अनुमोदन है ।
3. आवेदन पत्र में वर्णित तथ्यों के वास्तविक मूल्यांकन हेतु विभाग द्वारा निरीक्षण समिति का गठन किया जावेगा ।
4. निरीक्षण समिति प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर पाठ्यक्रम संचालित करने की वांछनीयता, आवश्यक अधोसंरंचना, यंत्र शस्त्र/ उपकरणों की उपलब्धता संबंधी प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी जिसके आधार पर शासन द्वारा संबंधित संस्था के आवेदन का निराकरण कर संस्था को सूचित किया जायेगा ।
5. प्रथमतः उपरोक्त अनुज्ञा अधिकतम तीन वर्ष के लिए प्रदान की जा सकेगी । एवं संस्था के कार्य निष्पादन के मूल्यांकन के आधार पर अनुज्ञा का नवीनीकरण किया जावेगा । अनुज्ञा के नवीनीकरण की यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी , जब तक कि ऐसी सुविधाओं का विस्तार पूर्ण नही हो जाता है और विभाग द्वारा शिक्षण संस्था की औपचारिक मान्यता प्रदान नही कर दी जाती । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (24)
अध्याय-6
पाठ्यक्रम में प्रवेश
16. पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रकिया
1. प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान में स्नातकोत्र पाठ्यक्रम प्रवेश हेतु राज्य शासन द्वारा कांउसिलिंग समिति के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया की जावेगी ।
2. राज्य शासन प्रवेश कार्यवाही की प्रकिया निर्धारित करने के लिये " प्रवेश नियम" एवं कार्यकारी निर्देश जारी कर सकेगी ।
3. कांउसिलिंग समिति निम्नवत् रहेगी:-
(1) शासकीय आयुष महाविद्यालयों के एक प्रधानाचार्य ।
(2) आयुष संचालनालय के कॉलेज कक्ष के प्रभारी अधिकारी
(3) शासकीय आयुष महाविद्यालयों के कोई दो प्रोफेसर / रीडर
(4) आरक्षित वर्ग का अधिकारी (संचालनालय द्वारा नामित )
4. आरक्षण:- म ०प्र० शासन के प्रचलित नियमों के प्रकाश में संचालनालय द्वारा आरक्षण निर्धारित होगा ।
5. शासकीय / निजी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालयों में कार्यरत अभ्यर्थी को " सेवारत अभ्यर्थी कोटे" में आवेदन करने हेतु न्यूनतम दो वर्ष का शिक्षण अनुभव अनिवार्य होगा ।
6. महिला महाविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये केवल महिला अभ्यर्थी ही पात्र होंगी ।
7. अनारक्षित श्रेणी की सीट पर म.प्र. के बाहर के अभ्यर्थी भी पात्र होंगे ।
8. प्रवेश हेतु न्यूनतम अर्हता:- विधि द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय से प्राप्त बैचलर ऑफ नैचुरोपैथी एवं योगिक साइंस (BNYS) की नियमित उपाधि तथा विधि द्वारा स्थापित बोर्ड/ परिषद में चिकित्सक के रूप में पंजीयन अनिवार्य होगा । (परन्तु म.प्र. के बाहर के अभ्यर्थी को प्रवेश के एक माह की अवधि में मध्यप्रदेश राज्य आयुर्वेद, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड का पंजीयन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा)
9. कांउसिलिंग- कांउसिलिंग समिति द्वारा कम से कम 02 राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी किया जायेगा, जिसके अनुसार आवेदक को निर्धारित आवेदन पत्र में समस्त प्रविष्टियां करते हुये राशि रूपये 1000 /- (रू. एक हजार) शुल्क के साथ कांउसिलिंग समिति को निश्चित दिनांक तक जमा करना होगा ।
10. आवेदन पत्र के साथ निम्नानुसार अभिप्रमाणित दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा:-
1. 10वीं की अंक-सूची
II . 12वीं की अंक- सूची
III . विश्वविद्यालय द्वारा जारी B.N.Y.S. परीक्षा की अंकसूचियाँ ।
IV. जाति प्रमाणपत्र
V. स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र
VI . बोर्ड का पंजीयन प्रमाणपत्र
VII . पासपोर्ट साइज फोटो-02 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (25) 11. चयन सूची:- कांउसिलिंग समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों की छानबीन की जाकर BNYS के Aggregate Marks (प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष) के प्रतिशत के आधार पर संवर्गवार चयन सूची जारी की जावेगी ।
12. प्रतीक्षा सूचीः- प्रत्येक संवर्ग में 05-05 अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची भी जारी की जायेगी । 13. काउंसिलिंग स्थल पर प्रवेश प्रक्रिया :- कांउसिलिंग समिति द्वारा जारी सूची के आधार पर काउंसिलिंग स्थल पर ही संबंधित महाविद्यालय के काउंटर में प्रवेश शुल्क जमा कर प्रवेश दिया जावेगा ।
14. ऐसे अभ्यर्थी जो आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश नहीं लेना चाहते होगें, उन्हें काउंसिलिंग समिति के समक्ष लिखित आवेदन देना होगा कि वे आवंटित सीट पर प्रवेश नहीं लेना चाहते हैं । ऐसी स्थिति में कांउसिलिंग समिति द्वारा इन रिक्त सीटो पर अभ्यर्थियों को विकल्प एवं उपलब्धता के आधार पर अनुपूरक चयन सूची जारी की जावेगी ।
15. मूल दस्तावेजों के सत्यापन :- अभ्यर्थी द्वारा महाविद्यालय में प्रवेश के समय समस्त मूल प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराना होगा । मूल दस्तावेजों के सत्यापन एवं मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र एवं माइग्रेशन की मूल प्रतियां प्रस्तुत करने के बाद ही प्रवेश की कार्यवाही की जावेगी।
16. संबंधित संस्था के प्राचार्य की जिम्मेदारी होगी कि वह योग्य अभ्यर्थी को ही नियमानुसार प्रवेश देगें । तथा प्रवेशित अभ्यर्थियों की सूची ई- मेल द्वारा उसी दिन तथा दूसरे दिन विशेष वाहक के माध्यम से आयुष संचालनालय को अनिवार्यतः प्रस्तुत करेगें ।
17. शुल्क संरचना महाविद्यालय द्वारा अभ्यर्थी से केवल प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति, म०प्र० द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जावेगा ।
18. महाविद्यालय द्वारा किसी भी दशा में सीधे प्रवेश नहीं दिये जावेगे । यदि किसी महाविद्यालय द्वारा काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर किसी छात्र को सीधे प्रवेश देना प्रमाणित पाया तो प्रथमतः संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी । सीधे प्रवेश देने की अनियमितता की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित संस्था को महाविद्यालय संचालन हेतु जारी अनुमति समाप्त कर दी जायेगी ।
19. किसी विवाद की स्थिति में आयुक्त, आयुष मध्यप्रदेश का निर्णय अंतिम होगा ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
पंकज शर्मा , उपसचिव.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (26)
अनुसूची-1
एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी पाठ्यक्रम हेतु न्यूनतम मानक आवश्यकताऐं (1) पात्रता मापदण्ड:
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हेतु संस्थान स्थपित करने की अनुज्ञा के लिए निम्नलिखित संगठन/ संस्थान/ महाविद्यालय आवेदन करने हेतु पात्र होंगेः
1. राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाएं एवं मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय
2. केंद्रीय एवं राज्य सरकारों द्वारा सम्प्रवर्तित स्वायत्त शासकीय निकाय ।
3. सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1860 या राज्यों के तत्स्थनीय अधिनियमों के अधीन रजिस्टर्ड सोसायटियां ।
4. भारतीय न्यास अधिनियम 1882 (1882 का सं.21 ) वक्फ अधिनयम 1954 (1954 का सं. 27) के अंतर्गत स्थापित संस्थाऐं
(2) न्यूनतम मानक आवश्यकताएं:
म.प्र. शासन द्वारा मान्यता प्राप्त महाविद्यालय में निर्दिष्ट बुनयादी ठांचे एवं शिक्षण और प्रशिक्षण सुविधाओं के न्यूनतम मानक आवश्यकताओं को पूर्ण करने वाले महाविद्यालय आगामी शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश हेतु मध्य प्रदेश शासन द्वारा अधिरोपित विनयमों के अनुसार एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी संस्थान स्थापित करने की अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं । आवेदन के लिए निम्नलिखित शर्तें पूर्ण करना अनिवार्य होगाः
1. केवल ऐसे संस्थान ही एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु आवेदन कर सकेंगें जिनमें पूर्व से बी.एन.वाय.एस. (बैचलर ऑफ योगा एवं नेचुरोपैथी) पाठ्यक्रम संचालित हो तथा स्नातक पाठ्यक्रम संचालन के 10 वर्ष पूर्ण कर चुका हो ।
2. यह कि आवेदक द्वारा एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी शिक्षण पाठ्यक्रम के लिए म.प्र. शासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया गया हो ।
3. यह कि आवेदक द्वारा एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी शिक्षण पाठ्यक्रम के लिए म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर से संबंद्धता हेतु सहमति अभिप्राप्त कर ली गई है ।
4. यह कि आवेदक के मुख्य उद्देश्यों में से एक उद्देश्य योगा एवं नेचुरापैथी की विशष्ट शिक्षा प्रदान कराना हो । 680 (27)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 अगस्त 2021
5. यह कि आवेदक के पास प्रस्तावित शिक्षण संस्थओं को स्थपित करने तथा संधारित करने एवं उससे आनुषंगिक सुविधाओं हेतु जिसमें अध्यापन , अस्पताल इकाई सम्मिलित है , आवश्यक प्रबंधकीय तथा वित्तीय समार्थ्य है ।
6. यह कि, आवेदक अपनी वित्तीय स्थिति बताते हुए तीन वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध करायेगी , अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिए म.प्र. शासन के पक्ष में यथा निर्धारित बैंक गारण्टी जमा करेगी ।
7. उपर्युक्त शर्त उन आवेदकों को लागू नही होंगी जो राज्य सरकारें हों, बशर्त कि वे सरकारें नियमित रूप से उनके योजना बजट में उनके द्वारा उपदर्शित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार पूर्णरूप से सुविधायें उपलब्ध कराये जाने तक निधियाँ उपलब्ध कराने का वचन दें ।
(3) भूमि की आवश्यकताः-
इन विनियमों के तहत एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए आवेदक संस्था के पास न्यूनतम दो एकड का एक समुचित भूखण्ड होना आवश्यक है । भूमि महाविद्यालय के स्वामित्व में होनी चाहिए अथवा महाविद्यालय के नाम पर राज्य के नियमों के अनुसार कम से कम 30 वर्ष या अधिकतम अनुमेय अवधि के पट्टे पर होनी चाहिए । भूखंड, यदि सड़क या नहर या नाले से अलग हो लेकिन एक पुल से जुड़ा हो, तो उसे भूमि को एक टुकड़ा माना जाएगा । कुल निर्मित क्षेत्र, अनुमेय तल क्षेत्र अनुपात (एम.ए.आर.) या फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफ.एस.आई. ) सक्षम प्राधिकारी या स्थानीय कानूनों या नियमों द्वारा दी गयी अनुमति पर आधारित होगा । निरीक्षण के समय संस्था भवन का विस्तृत आर्किटेक्ट द्वारा प्रमाणित मानचित्र प्रस्तुत करेगा जिसमें शिक्षण संस्था में उपलब्ध सुविधाऐं तथा छात्रावास का वर्णन होगा ।
(4) न्यूनतम निर्मित क्षेत्रः-
महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का निर्मित क्षेत्र 20,000 वर्गफीट होना अनिवार्य होगा । महाविद्यालय के सुचारू रूप से कार्य करने हेतु अन्य आवश्यक आधारिक संरचनाऐं जैसे महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के कर्मचारियों हेतु पर्याप्त आवास , बाह्य एवं अंतरंग खेलों की सुविधा, नागरिक एवं बिजली की सेवाऐं, कार्यशाला, महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के परिसर के अन्दर पर्याप्त पार्किंग स्थान के रख - रखाव का भी पालन करना होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (28)
अनुसूची-2
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की अवधि तीन वर्ष होगी जिसके अंतर्गत निम्नलिखित विषयों को पढ़ाया जावेगा:-
1. एम.डी.-योगा
प्रथम वर्ष अवधि- 1 वर्ष
प्रायोगिक कुल अंक
सिद्धांतिक
पेपर का नाम
अंक
100 फिलॉसफी एण्ड प्रेक्टिस ऑफ डिफरेंट स्कूल ऑफ योगा
100 रिसर्च मैथोडोलॉजी एण्ड मेडिकल बायोस्टेटिक्स
कक्षाऐं
अंक
कक्षाऐं
150
50
50
150
100 100
द्वितीय वर्ष अवधि - 1 वर्ष
प्रायोगिक कुल अंक
सिद्धांतिक
पेपर का नाम
अंक
100 एपलाईड बेसिक मेडिकल साइंसिज एण्ड योगा
100 योगिक फिलोसफी एण्ड साइको न्यूरो इम्यूनोलोजी
कक्षाऐं
अंक
कक्षाऐं
150
50
50
150
100 150
तृतीय वर्ष अवधि- 1 वर्ष
प्रायोगिक
कुल अंक
सिद्धांतिक
पेपर का नाम
अंक
100 क्लीनिकल योगा
थीसिस नेचुरल थैरेप्यूटिक्स
कूल
कक्षाऐं
अंक
कक्षाएं
150
50
50
150
650
150
500 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (29)
2. एम.डी.- नेचुरोपैथी
प्रथम वर्ष अवधि- 1 वर्ष
पेपर का नाम
सिद्धांतिक
प्रायोगिक
कुल अंक
अंक कक्षाऐं अंक कक्षाऐं
100
150
50
150
50
फिलॉसफी एण्ड प्रेक्टिस ऑफ नेचुरल थैरेप्यूटिक्स
100
100
100 रिसर्च मैथोडोलॉजी एण्ड मेडिकल बायोस्टेटिक्स
द्वितीय वर्ष अवधि- 1 वर्ष
पेपर का नाम
कुल अंक
सिद्धांतिक
अंक
अंक
प्रायोगिक कक्षाऐं
कक्षाऐं
100
150
50
50
150 बेसिक एपलाईड मेडिकल साइंसिज एण्ड नेचुरापैथी
100
150
100 योगिक फिलोसफी एण्ड साइको न्यूरो इम्यूनोलोजी
तृतीय वर्ष अवधि- 1 वर्ष
पेपर का नाम
सिद्धांतिक
कुल अंक
अंक
प्रायोगिक कक्षाऐं अंक कक्षाएं
100
150
50
50
150 क्लीनिकल नेचुरल थैरेप्यूटिक्स थीसिस
500
150
650
कुल मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (30)
एम.डी. - एक्यूपंक्चर एवं एनर्जी मेडीसिन
प्रथम वर्ष अवधि- 1 वर्ष
पेपर का नाम
सिद्धांतिक
प्रायोगिक कुल अंक
अंक कक्षाऐं अंक कक्षाऐं
100
150
50
50
150 फिलॉसफी एण्ड प्रेक्टिस ऑफ एक्यूपंक्चर एवं एनर्जी मेडीसिन
100
100
100 रिसर्च मैथोडोलॉजी एण्ड मेडिकल बायोस्टेटिक्स
द्वितीय वर्ष अवधि- 1 वर्ष
पेपर का नाम
सिद्धांतिक
प्रायोगिक कुल अंक
अंक
अंक कक्षाऐं
कक्षाऐं
100
150
50
50
150 एपलाईड बेसिक मेडिकल साइंसिज इन रिलेशन विद एईएम एण्ड साईको न्यूरो इम्यमूनोलॉजी
100
150
100 एडवांस थैरेप्यूटिक्स , साइकोलॉजी, ए.ई.एम. एण्ड इंडियन मेडिकल साईंसिज इन रिलेशन विद ए.ई.एम.
तृतीय वर्ष अवधि- 1 वर्ष
पेपर का नाम
सिद्धांतिक
प्रायोगिक
कुल अंक
अंक
अंक कक्षाऐं
कक्षाऐं
100
150
50
50
150 क्लीनिकल एक्यूपंक्चर एण्ड एनर्जी मेडिसिन
थीसिस नेचुरल थैरेप्यूटिक्स
500
कुल
150
650 680 (31)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 अगस्त 2021
अनुसूची-3
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हेतु विषयवार शिक्षण स्टाफ एवं उनकी अर्हता निम्नानुसार होगीः-
अर्हता
पदनाम
स. क्र.
1 प्राचार्य किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएनवायएस के साथ न्यूनतम 10 वर्ष का अनुभव जिसमें न्यूनतम 6 वर्षों का अध्यापन अनुभव हो ।
2 प्रोफसर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बी.एन.वाय.एस. तथा संबंधित विषय में 5 वर्ष का शैक्षणिक अनुभव
अथवा
किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी तथा संबंधित विषय में 3 वर्ष का शैक्षणिक अनुभव
3 एसोसिएट प्रोफेसर
किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बी.एन.वाय.एस. तथा संबंधित विषय में 5 वर्ष का शैक्षणिक अनुभव
अथवा
किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी तथा संबंधित विषय में 3 वर्ष का शैक्षणिक अनुभव
4
किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बी.एन.वाय.एस.
असिस्टेंट प्रोफेसर
विभागवार स्नातक पाठ्यक्रम से निम्नानुसार अतिरिक्त शिक्षण स्टाफ आवश्यक होगाः-
संख्या
पद का नाम
विभाग
1
प्रोफेसर / एसोसिएट प्रोफेसर
संबंधित विषय में
असिस्टेंट प्रोफेसर
1
स्नातक पाठ्यक्रम से अतिरिक्त निम्नानुसार गैर शैक्षणिक स्टाफ आवश्यक होगा: -
आवश्यकता
क्र.
पद
1
स्टेटिसटीशियन
1
1
2 लैब टेक्नीशियन
1
3 म्यूजियम कीपर
1
4 आफिस असिसटेंट
1
5 सफाई कर्मी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 ( 32)
अनुसूची-4
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा बीएनवायएस डिग्री पाठ्यक्रम संचालन हेतु प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षण अस्पताल में निम्नलिखित बुनियादी ढांचे और सुविधाएं इस प्रकार होंगी-
1. प्रशासनिक क्षेत्र
II . प्रशासनिक क्षेत्र में स्वागत, आरक्षण और प्रवेश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए ।
उपचार अनुभाग
IV. पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग उपचार खंड होंगे ।
V. आवश्यक उपचार के तौर - तरीके नीचे दिए गए हैं-
1. हाईड्रोथैरेपी-
2 खंड (पुरुष और महिला अलग -अलग) उपलब्ध होंगे ।
4-हिप बाथ , 2- प्लेन स्पाइनल बाथ और 2 स्पाइनल स्प्रे ।
2- इमर्शन बाथ टब
2- कंट्रास्ट आर्म और फुट बाथ और 1- प्लेन आर्म और फुट बाथ
एक यूनिट में 2 ट्रीटमेंट काउच के साथ कंप्रेस और लोकल पैक ।
2. सामान्य स्नानघर ।
1 -जेट बाथ यूनिट एक हॉल में सर्कुलर जेट बाथ के साथ - साथ 2 -डौश यूनिट । 1 - इंडिविजुअल स्टीम केबिन 2 - कॉमन बाथरूम के साथ ।
उपचार क्षेत्र में एनीमा कक्ष में 1 एनीमा टेबल पर्याप्त गोपनीयता के साथ एवं 1 वॉश बेसिन और 2 भारतीय टॉयलेट और 1 पश्चिमी टॉयलेट ।
मड थेरेपी यूनिट जिसमें 1 मिट्टी भंडारण टैंक , 1 मिट्टी क्यूरिंग टैंक, पैकेट और ट्रे स्टोर करने के लिए रैक और मड पैक स्लैब शामिल हो । मड़ पैक ।
3 यूनिट के साथ लोकल स्टीम एवं फैसियल पैक ।
3. मैनिपुलेटिव थैरेपी विभाग-
थैरेप्यूटिक आईल मजास यूनिट-4 ।
वाइब्रोमसाज यूनिट 02 पर्याप्त आकार के कक्ष के साथ ।
4. एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर विभाग--
एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर उपचार देने के लिए 03 उपचार टेबल विद्युत सुविधा के साथ ।
5. विशेष उपचार क्षेत्र-
स्टीम रूम 5 सीटर , 2 अटैच्ड बाथरूम के साथ ।
2-जकूजी- सिंगल सीटर संलग्न बाथरूम के साथ ।
कोलोन हाइड्रोथेरेपी यूनिट-01
6. फिजियोथैरेपी-
इलेक्ट्रोथेरेपी यूनिट हेतु 10 x 5 फीट आयाम का कक्ष जिसमें अल्ट्रासाउंड, IFT, शॉर्टवेव डायथर्मी , मॉइस्ट हीट, पैराफिन , वैक्स बाथ , ट्रैक्शन यूनिट, अल्ट्रावॉयलेट और इन्फ्रारेड रेडिएशन , मसल स्टिमुलेटर 2 हो । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 अगस्त 2021
680 ( 33) 7. व्यायाम थैरेपी-
01 यूनिट जिसमें हॉल हो एवं 03 बड़े आकार के टेबल जिन्हें आवश्यकतानुसार विभाजित किया जा सके ।
मल्टी स्टेशन , एक्सरसाइज बेंच और एक्सरसाइज बॉल जैसे उपकरण उपलब्ध हो । 8. आई०पी०डी० विभाग-
न्यूनतम बिस्तर क्षमता-100
9. वार्ड -
पुरुष वार्ड, महिला वार्ड और विशेष कक्ष ।
10. आपातकालीन प्रबंधन यूनिट –
नेब्यूलाईजर , आवश्यक दवाएं , एक्जामिनेशन टेबल , एडजस्टेबल बैड, ऑक्सीजन सिलेंडर ।
11. आहार केंद्र -
रसोई एकल एवं सामूहिक रूप से भोजन बनाने की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिये । भोजन कक्ष में 60 व्यक्तियों की बैठक व्यवस्था होनी चाहिऐ । जूस कक्ष पृथक से हो ।
12.पुस्तकालय -
पुस्तालय में पढ़ने हेतु पर्याप्त जगह एवं इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए ।
13. इनडोर रिक्रिएशन लाउंज-
सामान्य और विशेष वार्ड के लिए एक टेलीविजन कक्ष हो जिसमें रोगियों और शतरंज, कैरम , टेबल टेनिस , आदि इनडोर खेलों के लिए प्रावधान हो ।
14. स्टैंड बाई जेनरेटर स्थापित हो ।
15. आउटडोर सुविधाएं-
रिफ्लेक्सोलॉजी सेगमेंट के साथ 2 कि.मी. का वाकिंग ट्रेक ।
16. हॉट वाटर सुविधा-
अस्पताल में 24 घंटे हॉट वाटर सुविधा होनी चाहिए ।
17. स्टॉफ क्वाटर्स-
पर्याप्त स्टाफ क्वार्टर उपलब्ध हो ।
18. नैदानिक प्रयोगशाला-
पर्याप्त भंडारण क्षेत्र और कार्य स्थान के साथ पूरी तरह सुसज्जित नैदानिक प्रयोगशाला । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (34)
अनुसूची- पाँच
प्राकृतिक चिकित्सा मेडिकल कॉलेज द्वारा बीएनवायएस डिग्री पाठ्यक्रम सं क्लिनिकल नेचुरोपैथी अस्पताल के लिए उललेखित न्यूनतम कर्मचारी कार्यरत :
1) अस्पताल में न्यूनतम चिकित्सक के साथ पर्याप्त योग्य प्राकृतिक चिकि चिकित्सक एवं रोगी अनुपात 1:30 के अधीन कम से कम 1 डॉक्टर ।
2) निम्नलिखित न्यूनतम पैरा - मेडिकल स्टाफ-
पद
उपचार परिचारक
योग शिक्षक 3) निम्नलिखित न्यूनतम प्रशासनिक स्टाफ-
पद
कार्यालय अधीक्षक
वरिष्ठ सहायक
कनिष्ठ सहायक
डाटा प्रोसेसिंग अधिकारी
डाटा ऐन्ट्री ऑपरेटर
कैशियर
टेलिफोल ऑपरेटर
किचन सुपरवाईजर
कुक
सहायक कुक
किचन अटेन्डेन्ट
अटेन्डर
स्वीपर
माली
4) हास्पिटल संचालन हेतु न्यूनतम क्षेत्रफल-
विवरण
1 कन्सल्टेशन एवं परीक्षा
प्रशासनिक भवन
2
3 स्वागत कक्ष
4 पुरुष उपचार खण्ड-
मसाज
मड थैरेपी
100 शैय्या
50 शैय्या
8
16
1
2
50शैय्या 100 शैय्या
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
1
2
2
2
1
2
4
2
3
4
3
2
1
(क्षेत्रफल -वर्ग 50शैय्या 100 शैय्या
30
20
20
40
20
30
75
100
25
40 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (35)
अनुसूची- पाँच
प्राकृतिक चिकित्सा मेडिकल कॉलेज द्वारा बीएनवायएस डिग्री पाठ्यक्रम संचालन हेतु क्लिनिकल नेचुरोपैथी अस्पताल के लिए उललेखित न्यूनतम कर्मचारी कार्यरत होगे-- 1) अस्पताल में न्यूनतम चिकित्सक के साथ पर्याप्त योग्य प्राकृतिक चिकित्सक हो । चिकित्सक एवं रोगी अनुपात 1:30 के अधीन कम से कम 1 डॉक्टर ।
2) निम्नलिखित न्यूनतम पैरा मेडिकल स्टाफ-
20शैय्या
10शैय्या
30शैय्या 40 शैय्या 50 शैय्या
3
6
उपचार परिचारक 2
8
16
योग शिक्षक
1
1
2
3) निम्नलिखित न्यूनतम प्रशासनिक स्टाफ-
क०
पद
50शैय्या 100 शैय्या
1
1
कार्यालय अधीक्षक
1
2 वरिष्ठ सहायक
1
3 कनिष्ठ सहायक
1
1
4
1
डाटा प्रोसेसिंग अधिकारी
5
1
1
डाटा ऐन्ट्री ऑपरेटर
6
1
कैशियर
1
7
1
टेलिफोल ऑपरेटर
1
1
1
8 किचन सुपरवाईजर
9
2
2
कुक
10
2
1
सहायक कुक
11
2
4
किचन अटेन्डेन्ट
अटेन्डर
12
2
3
13
3
4
स्वीपर
1
2
माली
14
4) हास्पिटल संचालन हेतु न्यूनतम क्षेत्रफल-
(क्षेत्रफल - वर्ग मीटर में) क०
विवरण
100 शैय्या
50शैय्या
1
20
30
कन्सल्टेशन एवं परीक्षा
2
20
40
प्रशासनिक भवन
3
30
स्वागत कक्ष
20
4 उपचार खण्ड-
100
75
1. मसाज थैरेपी
40
25
2. मड थैरेपी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 18 अगस्त 2021
680 (36)
अनुसूची- छह
एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की अनुज्ञा हेतु आवेदन का
प्रारूप
1 आवेदक संस्था का नाम
2 आवेदित संस्था का पूर्ण पता
3 संस्था का प्रकार (राज्य सरकार / विश्वविद्यालय / स्वशासी निकाय / सोसाइटी/ न्यास)
4 रजिस्ट्रीकरण क्रमांक व दिनांक
5 राज्य सरकार द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र
6 संबंद्ध विश्वविद्यालय का नाम एवं पता
7 उपलब्ध भूमि का विवरण एवं स्वामित्व प्रमाण पत्र
8 महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भवन का नक्शा (क्षेत्रफल सहित ) व अनुज्ञा
9 चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं का विवरण (जानकारी संलग्न करें)
10 शैक्षणिक स्टाफ की जानकारी (सूची संलग्न करें)
11 गैर शैक्षणिक स्टाफ की जानकारी (सूची संलग्न करें)
12 विगत दो वर्ष की ओ.पी.डी./ आई.पी.डी. की जानकारी (जानकारी संलग्न करें)
13 चिकित्सालयीन स्टाफ की जानकारी (सूची संलग्न करें)
विगत दो वर्ष की आडिट रिपोर्ट
14
15 महाविद्यालय में उपलब्ध उपकरण/ संयंत्र की सूची
16- चिकित्सालय उपलब्ध उपकरण / संयंत्र की सूची
संस्था प्रमुख के हस्ताक्षर एवं पद मुद्रा नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2021 .