मध्यप्रदेश शास
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, गुरुवार , दिनांक 2 सितम्बर 2021 - भाद्र 11 , शक 1943
क्रमांक 357 ]
पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 2 सितम्बर 2021
क्र. एफ-6-3-2021 - चौवन-1 .- राज्य शासन , एतद्वारा, प्रदेश में पिछड़े वर्ग की वर्तमान , सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति का अध्ययन एवं सुझाव तथा अनुशंसाएं प्रदान करने हेतु मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन निम्नानुसार करता है:-
1. नाम, विस्तार एवं आरंभ-
यह आयोग " मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग " के नाम से जाना जाएगा . 1.1
1.2 इस आयोग का क्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश होगा.
1.3 आयोग के गठन की अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित की जावेगी.
1.4 आयोग का कार्यकाल , इस अधिसूचना के दिनांक से सामान्यतः दो वर्ष का होगा जिसे राज्य शासन द्वारा आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकेगा.
2. आयोग राज्य शासन को निम्न विषयों पर सुझाव एवं अनुशंसाएं प्रस्तुत कर सकेगा-
2.1 प्रदेश में पिछड़े वर्ग की वर्तमान सामाजिक , शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति का अध्ययन.
2.2 शासन के विभिन्न विभागों की संरचना एवं योजनाओं में पिछड़े वर्ग की भागीदारी की वर्तमान स्थिति का अध्ययन.
2.3 राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं में पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को मिल रहे लाभों का अध्ययन.
2.4 राज्य में पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का आकलन , तथा इसमें वृद्धि के उपाय .
2.5 राज्य में पिछड़े वर्ग के युवाओं हेतु कौशल उन्नयन कार्यक्रमों तथा प्रशिक्षण के संचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा.
2.6 प्रदेश में पिछड़े वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक कल्याण हेतु अन्य कोई उपाय तथा अनुशंसाएं,
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 सितम्बर 2021
3. आयोग का गठन-आयोग का गठन निम्नानुसार होगाः-
आयोग में पांच अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति ऐसे व्यक्तियों में से की जावेगी, जो पिछड़े वर्गों से संबंधित मामलों का ज्ञान रखते हों. (अ)
(ब) इसमें से एक सदस्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में नामांकित किया जावेगा, जिसे मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा.
(स) सदस्यों में से कम से कम एक महिला सदस्य होगी .
4. आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगणों का कार्यकाल-
4.1 आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगणों का कार्यकाल सामान्य तौर पर नियुक्ति से दो वर्ष होगा.
4.2 अध्यक्ष तथा सदस्य को पद से हटाया जा सकेगा यदि राज्य शासन की राय में उसका पद पर बना रहना लोकहित में नहीं हो.
5. आयोग के अध्यक्ष/सदस्यों को देय मानदेय एवं अन्य सुविधाएं-
आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों को देय वेतन तथा भत्ते और सेवा संबंधी अन्य निबंधन तथा शर्तें ऐसी होंगी जैसी कि शासन द्वारा विहित की जाए.
6. आयोग में नियुक्तियां-
6.1 राज्यशासन द्वारा आयोग के कार्यकाल के दौरान कार्यों के संचालन एवं संपादन हेतु सचिव के रूप में सहायक संचालक स्तर के अधिकारी तथा कार्यालय सहायक के रूप में दो कर्मचारी एवं दो भृत्य की सेवाएं किसी विभाग से प्रतिनियुक्ति पर ली जा सकेंगी या प्रशासकीय विभाग से ही उपलब्ध करायी जाएंगी. जहां आवश्यक हो सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुरूप संविदा पर नियुक्त किया जा सकेगा .
6.2 आयोग के अधिकारियों/कर्मचारियों को देय वेतन भत्ते तथा अन्य सेवा शर्तें मूल विभाग अनुरूप होंगी.
6.3 आयोग अपने कार्य दायित्वों के निर्वहन हेतु आवश्यकतानुसार विशेषज्ञों की सेवाएं ले सकेगा .
7. आयोग की बैठकें- आयोग का मुख्यालय भोपाल में रहेगा. आयोग ऐसे समय, अवधि एवं स्थान पर बैठकें आयोजित करेगा जो अध्यक्ष उचित समझे.
8. लेखा एवं संपरीक्षा-
8.1 आयोग समुचित लेखा और अन्य सुसंगत अभिलेख रखेगा और लेखाओं का वार्षिक विवरण ऐसे प्रारूप में तैयार करेगा जो राज्य शासन द्वारा इस हेतु निर्धारित किया जाए.
8.2 आयोग के लेखाओं की संपरीक्षा, संचालक स्थानीय निधि एवं संपरीक्षा द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत की जाएगी.
9. प्रतिवेदन/अनुशंसाएं- आयोग द्वारा उद्देश्य एवं कार्य के संबंध में प्रतिवेदन/ अनुशंसाएं, राज्य शासन को प्रस्तुत किया जावेगा . इसमें उस वित्तीय वर्ष के दौरान उसके क्रियाकलापों, अनुशंसाओं तथा कार्य का पूर्ण विवरण होगा. पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग आयोग के लिए यथा अपेक्षित प्रशासनिक अमला एवं बजट उपलब्ध करायेगा.
10. आयोग के अध्यक्ष , सदस्य और कर्मचारियों का लोकसेवक होना- आयोग का अध्यक्ष, सदस्यगण तथा कर्मचारीगण भारतीय दंड संहिता 1960 की धारा -21 के अन्तर्गत लोकसेवक समझे जाएंगे .
11. संशोधन/ परिवर्धन- राज्य शासन द्वारा समय - समय पर आवश्यकतानुसार कार्य, दायित्व एवं संरचना आदि के संबंध में संशोधन/परिवर्धन किया जा सकेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
एम. के. अग्रवाल , सचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2021.