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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्‍यप्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली....

Published 07 September 2021

Department
विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
362
Identifier
in.gazette.madhya.2021-09-07.362.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
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मध्य प्रदेश

शासन

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 362]

भोपाल, मंगलवार, दिनांक 7 सितम्बर 2021- भाद्र 16 , शक 1943

विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश मंगलवार, दिनांक 7 सितम्बर, 2021 ( भाद्र 16, 1943 )

क्रमांक 13912- मप्रविस -15/विधान/ 2021 .- मध्यप्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 231 के उपनियम ( 5 ) की अपेक्षानुसार सभा द्वारा अनुमोदित निम्नलिखित संशोधन, जो दिनांक 7 सितम्बर 2021 के पत्रक भाग - दो में प्रकाशित हौने पर प्रभावशील हुए, एतद्वारा प्रकाशित किए जाते हैं, अर्थात्ः-

1. नियम 232 को निम्नानुसार संशोधित किया जाये , अर्थात्ः-

(1 ) नियम 232 के उपनियम ( 1 ) की विद्यमान शब्दावली " एवं शासकीय अधिकारियों द्वारा सदस्यों के साथ किए जाने वाले असम्मानजनक व्यवहार से संबंधित समस्त विषयों पर विचार करने , मंत्रणा देने एवं असम्मानजनक व्यवहार से संबंधित शिकायतों की जांच कर सभा को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु " के स्थान पर, शब्दावली " से संबंधित समस्त विषयों पर विचार करने एवं मंत्रणा देने के लिए " प्रतिस्थापित की जाए.

(2) नियम 232 के उपनियम ( 1 ) में पूर्ण विराम के स्थान पर कोलन स्थापित किया जाए और तत्पश्चात्, निम्नलिखित परन्तुक अन्तःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" परन्तु किसी मंत्री को समिति का सदस्य नाम- निर्देशित नहीं किया जायेगा और यदि कोई सदस्य समिति में नाम - निर्देशन के पश्चात् मंत्री नियुक्त हो जाय तो वह ऐसी नियुक्ति की तिथि से समिति का सदस्य नहीं रहेगा. " .

(3) नियम 232 के उपनियम ( 2 ) के स्थान पर, नवीन उपनियम ( 2 ) निम्नानुसार अन्तःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः- " ( 2) समिति का कार्यकाल एक वर्ष का होगा किन्तु नवीन समिति के गठन होने तक पूर्ववर्ती समिति कार्यरत रहेगी. ".

(4) नियम 232 के उपनियम ( 3 ) से ( 8 ) का लोप किया जाए.

2. नियम 234- क. को निम्नानुसार संशोधित किया जाये, अर्थात्ः-

" (1 ) नियम 234- क. के शीर्षक की विद्यमान शब्दावली " ( ढ ) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के कल्याण संबंधी समिति " के स्थान पर, शब्दावली " ( ढ ) अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण संबंधी समिति " प्रतिस्थापित की जाए.

(2) नियम 234- क. के उपनियम ( 1 ) के स्थान पर, उपनियम ( 1 ) निम्नानुसार प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

723 724

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 सितम्बर 2021

" ( 1 ) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण के लिये एक समिति होगी. समिति में 11 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनमें से क्रमशः चार - चार सदस्य अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के होंगे , जो सभा द्वारा उसके सदस्यों में से आनुपातिक प्रतिनिधित्व के सिद्धान्त के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा निर्वाचित किये जायेंगे.".

(3) नियम 234-ख. के " उपखण्ड (ख ) एवं उपखण्ड ( खख ) " का लोप किया जाए .

(4) नियम 234- ख. के " उपखण्ड ( ग ) " को " उपखण्ड ( ख ) " के रूप में पुनर्क्रमांकित किया जाए तथा इस प्रकार पुनर्क्रमांकित उपखण्ड ( ख ) में, विद्यमान शब्दावली " अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग " के स्थान पर शब्दावली, " अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग " प्रतिस्थापित की जाए.

(5) नियम 234-ख. के " उपखण्ड ( घ) " को " उपखण्ड ( ग ) " के रूप में पुनर्क्रमांकित किया जाए तथा इस प्रकार पुनर्क्रमांकित उपखण्ड ( ग ) में विद्यमान शब्दावली " अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग " के स्थान पर शब्दावली, " अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग " प्रतिस्थापित की जाए.

(6) नियम 234- ख. के " उपखण्ड (ङ) " को " उपखण्ड ( घ) " के रूप में पुनर्क्रमांकित किया जाए तथा इस प्रकार पुनर्क्रमांकित उपखण्ड ( घ) में विद्यमान शब्दावली " अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े वर्ग " के स्थान पर शब्दावली , " अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग " प्रतिस्थापित की जाए.

(7) नियम 234- ख. के " उपखण्ड (च ) और उपखण्ड ( छ ) " को " उपखण्ड (ङ) और उपखण्ड ( च) " के रूप में पुनर्क्रमांकित किया जाए.".

3. नियम 234 - त. के पश्चात्, नवीन शीर्षक एवं नियम 234 - थ. निम्नानुसार अन्तस्थापित किया जाये, अर्थात्ः- " ( प ) सदस्यों के शिष्टाचार एवं सम्मान अनुरक्षण समिति.

समिति का गठन एवं कृत्य. 234- थ. ( 1 ) प्रत्येक विधान सभा के आरम्भ होने के पश्चात्, यथाशीघ्र, शासकीय अधिकारियों द्वारा सदस्यों के साथ किए जाने वाले असम्मानजनक व्यवहार से संबंधित समस्त विषयों पर विचार करने एवं असम्मानजनक व्यवहार से संबंधित शिकायतों की जांच कर सभा को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु सदस्योंके शिष्टाचार एवं सम्मान अनुरक्षण समिति की नियुक्ति की जाएगी . समिति में अधिक से अधिक सात सदस्य होंगे , जो अध्यक्ष द्वारा नाम निर्देशित किये जाएंगे:

परन्तु किसी मंत्री को समिति का सदस्य नाम- निर्देशित नहीं किया जायेगा और यदि कोई सदस्य समिति में

नाम-निर्देशन के पश्चात् मंत्री नियुक्त हो जाय तो वह ऐसी नियुक्ति की तिथि से समिति का सदस्य नहीं रहेगा.

(2) समिति का कार्यकाल एक वर्ष का होगा अथवा जब तक कि दूसरी समिति का गठन न हो जाये , जो भी बाद में हो.

(3) समिति, प्राप्त शिकायतों की जांच के संबंध में निम्नानुसार कार्यवाही करेगी:-

समिति को प्राप्त शिकायतों कार्यवाही. पर

(क) सदस्य, शासन के निर्देशों, आदेशों के विपरीत अथवा ऐसे आदेशों के उल्लंघन से संबंधित शासकीय कार्यालयों, शासकीय अधिकारियों द्वारा उनके साथ किए गए असम्मानजनक व्यवहार, दुर्व्यवहार की शिकायत, जो हाल ही में घटित हुई हो, अध्यक्ष को प्रस्तुत कर सकेगा.

(ख) ऐसी किसी शिकायत के प्राप्त होने पर अध्यक्ष शिकायत की प्रारंभिक जांच के लिए अग्रसर होगा और ऐसी प्रक्रिया अपनाएगा, जैसी कि वह उचित समझे .

( ग) प्रारंभिक जांच उपरांत अध्यक्ष या तो शिकायत को अग्राह्य कर सकेगा, या उसे जांच , प्रतिवेदन एवं अनुशंसा के लिए समिति को संदर्भित कर सकेगा.

(घ) समिति, उसे संदर्भित शिकायत की जांच में ऐसी प्रक्रिया का पालन कर सकेगी , जैसी की विशेषाधिकार समिति के संबंध में विहित की गई है तथा शिकायत पर अपना प्रतिवेदन अध्यक्ष अथवा सभा को प्रस्तुत करेगी:

परन्तु समिति यदि उचित समझे तो गंभीर मामलों को जांच एवं अनुशंसा के लिए, अध्यक्ष की अनुमति से विशेषाधिकार समिति को भेज सकेगी.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 सितम्बर 2021

724(1) (ङ) सदस्य, निर्वाचित क्षेत्र विकास निधि से उनके विधान सभा क्षेत्रों में स्वीकृत किये गये कार्यों के प्रस्तावों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्परतापूर्वक कार्यवाही न करने , प्रस्तावित कार्यों को आरंभ नहीं करने अथवा उसमें अनावश्यक रूप से विलंब करने संबंधी शिकायतें अध्यक्ष को प्रस्तुत कर सकेगा.

(च) ऐसी किसी शिकायत के प्राप्त होने पर अध्यक्ष शिकायत को जांच , प्रतिवेदन एवं अनुशंसा के लिए समिति को संदर्भित करेगा.

(छ ) समिति, संदर्भित शिकायत की जांच में ऐसी प्रक्रिया का पालन करेगी , जैसा कि समिति अवधारित करे तथा शिकायत पर अपना प्रतिवेदन सभा अथवा अध्यक्ष को प्रस्तुत करेगी. ".

4. नियम 234-थ. के पश्चात् नवीन शीर्षक एवं नियम 234 - द. निम्नानुसार अन्तःस्थापित किया जाये, अर्थात्ः-

" ( फ ) पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति

समिति का गठन. 234- द. ( 1 ) पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिये एक समिति होगी. समिति में 11 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनमें से आठ सदस्य शासन द्वारा अधिसूचित पिछड़े वर्ग के होंगे , जो सभा द्वारा उसके सदस्योंमें से आनुपातिक प्रतिनिधित्व के सिद्धान्त के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा निर्वाचित किये जायेंगे:

परन्तु किसी मंत्री को समिति का सदस्य निर्वाचित नहीं किया जायेगा और यदि कोई सदस्य समिति में निर्वाचन के पश्चात् मंत्री नियुक्त हो जाय तो वह ऐसी नियुक्ति की तिथि से समिति का सदस्य नहीं रहेगा.

(2) समिति का कार्यकाल एक वर्ष का होगा अथवा जब तक कि दूसरी समिति का गठन न हो जाये , जो भी बाद में हो.

( 3) समिति के निम्नलिखित कार्य होंगे:-

समितिके कृत्य.

(क) संविधान के अनुच्छेद 16 के अधीन पिछड़ी जातियों के कल्याण के लिये राज्य शासन द्वारा किये गये उपायों का परीक्षण.

(ख ) संविधान के अनुच्छेद 340 के अंतर्गत पिछड़े वर्गों की दशाओं के अन्वेषण के लिये आयोग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों, जहां तक कि उनका संबंध मध्यप्रदेश राज्य से हो, पर विचार करना और सभा को यह प्रतिवेदन देना कि राज्य सरकार द्वारा उसके क्षेत्राधीन विषयों के बारे में क्या कार्यवाही करना चाहिये.

(ग ) राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन सेवाओं और पदों ( जिसमें सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों, संविहित तथा अर्द्धशासकीय निकायों में नियुक्तियां सम्मिलित हैं ) में पिछड़े वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये गये उपायों की जांच करना.

(घ) राज्य में पिछड़े वर्ग के कल्याण संबंधी कार्यक्रमों के चलाये जाने के बारे में सभा को प्रतिवेदन देना.

(ङ) राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत आने वाले पिछड़े वर्ग के कल्याण संबंधी समस्त मामलों पर सामान्य रूप से विचार करना व उन पर सभा में प्रतिवेदन देना.

(च) ऐसे मामलों की जांच करना जिन्हें समिति उपयुक्त समझे अथवा जो सभा द्वारा अथवा अध्यक्ष द्वारा उसे विशिष्ट रूप से सौंपे जायें.

(छ ) समिति द्वारा प्रस्तावित उपायों पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्यवाहियों के संबंध में सभा को प्रतिवेदन देना.".

ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2021 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 07 September 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2021-09-07.362.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2021-09-07.362.Extraordinary.