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मध्यप्रदेश शास
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, सोमवार , दिनांक 27 सितम्बर 2021-आश्विन 5, शक 1943
क्रमांक 388]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
" निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( मध्यप्रदेश ) - 462 011
निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 2021
भोपाल, दिनांक 27 सितम्बर 2021
क्र. एफ-87-02-2020-तीन न.पा.-454.-यतः, मध्यप्रदेश राज्य में नगरपालिकाओं के सभी निर्वाचनों का अधीक्षण , निदेशन और नियंत्रण भारत के संविधान द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है,
और, यतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क और मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- क के अंतर्गत नगरपालिक निगम के पार्षद या यथास्थिति, नगरपालिका परिषद या नगर परिषद् के पार्षद के निर्वाचन में प्रत्येक अभ्यर्थी पर यह दायित्व है कि ऐसे निर्वाचन के सिलसिले में उसके या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा उपगत या प्राधिकृत समस्त व्यय का पृथक और सही लेखा ऐसी विशिष्टयों के साथ रखा जाए जो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विहित की जाए,
और, यतः, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख और मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-ख के अंतर्गत नगरपालिक निगम के पार्षद यथास्थिति, नगरपालिका परिषद या नगर परिषद् के पार्षद के निर्वाचन में प्रत्येक अभ्यर्थी पर यह दायित्व है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करे,
और, यतः , राज्य निर्वाचन आयोग, निर्वाचन में धन - बल की अनिष्टकारी भूमिका से अच्छी तरह अवगत है और उसे रोकने के लिए अन्य उपायों के साथ- साथ यह आवश्यक और वांछनीय मानता है कि अभ्यर्थी द्वारा दाखिल किए जाने वाले निर्वाचन व्ययों का लेखा यथाशक्य व्यापक और वास्तविक व्यय को प्रतिबिम्बित करने वाला हो,
पूर्व में मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 2020 जो कि राजपत्र में भोपाल दिनांक 01 जून 2020 जारी किया गया था. वर्तमान में पार्षद पद के लिये निर्वाचन व्यय की सीमा विहित की गई, जिसके द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र
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क्रमांक-74 दिनांक 22 फरवरी 2020 पार्षद पद के लिये निर्वाचन व्यय सीमा निर्धारित की गई है. उक्त के परिप्रेक्ष्य में आयोग अपने पूर्व के आदेश निर्वाचन ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 2020 को अधिष्ठित करते हुए-
राज्य निर्वाचन आयोग एतद्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 - जेड ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14 - क और मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसरण में और निमित्स उसे समर्थ बनाने वाली अन्य सभी शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित आदेश करता है:-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार, लागू होना और प्रारंभ. ( 1 ) इस आदेश का संक्षिप्त नाम निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2021 है ,
(2 ) इसका विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश पर है,
(3) यह " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशन का तारीख से प्रवृत्त होगा,
2. परिभाषाएं और अभिव्यक्ति.- इस आदेश में , जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) " अधिनियम " से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्रमांक 23 सन् 1956 ) या मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 ( क्रमांक 37 सन् 1961 ) .
(ख) " अभ्यर्थी " से अभिप्रेत है, ऐसा व्यक्ति जो किसी नगरपालिक निगम में पार्षद या किसी नगरपालिका परिषद् या नगर परिषद् में पार्षद के पद के लिए कराये जा रहे निर्वाचन में सम्यक् रूप से नामनिर्दिष्ट हुआ है ,
(ग) " उप कंडिका" से अभिप्रेत है, उस कंडिका की उप कंडिका, जिसमें यह शब्द आता है,
(घ) " कंडिका" से अभिप्रेत है, इस आदेश की कंडिका,
(ङ) " निर्वाचन " से अभिप्रेत है, किसी नगरपालिक निगम में पार्षद या किसी नगरपालिका परिषद् या नगरपरिषद् में पार्षद के पद के लिए कराया जाने वाला निर्वाचन,
(च) " निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी " से अभिप्रेत है , ऐसा व्यक्ति जो किसी नगरपालिक निगम में पार्षद या किसी नगरपालिका परिषद् या नगर परिषद् में पार्षद पद के लिए कराये जा रहे निर्वाचन में सम्यक् रूप से नामनिर्दिष्ट हुआ है तथा जिसने निर्वाचन नियमों में विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर अपनी अभ्यर्थिता वापस नहीं ली है.
(छ) " निर्वाचन व्यय " से अभिप्रेत है, किसी निर्वाचन के संबंध में किसी अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा उपगत या प्राधिकृत व्यय , जो उसके नामनिर्दिष्ट होने और निर्वाचन परिणाम की घोषणा तारीख के बीच ( जिसके अंतर्गत ये दोनों तारीखें आती है ) किया गया है.
(ज) " प्रोफार्मा" से अभिप्रेत है , प्रोफार्मा " क " - निर्वाचन व्यय का दिन प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर, प्रोफार्मा " ख "- निर्वाचन व्यय का नगद रजिस्टर, प्रोफार्मा " ग " - निर्वाचन व्यय का बैंक का रजिस्टर एवं प्रोफार्मा " घ "- शपथ-पत्र.
(झ ) प्रयुक्त किये गये उन शब्दों तथा पदों का जो इस आदेश में परिभाषित नहीं किये गये हैं, वही अर्थ होगा जो यथास्थिति मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 ( क्रमांक 23 सन् 1956 ) या मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 , (क्रमांक 37 सन् 1961 ) या मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन, नियम 1994 में उनके लिए दिया गया है.
3. निर्वाचन व्ययों के लेखे की विशिष्टयां.- 3-1 अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखे जाने वाले निर्वाचन व्ययों के लेखा में व्यय की एक मद की बावत् निम्नलिखित विशिष्टियां अन्तर्विष्ट होंगी , अर्थात्ः-
3-1.1 प्रोफार्मा " क " निर्वाचन व्यय का दिन प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर-
(3-1.1.1 ) व्यय की तारीख जिसको व्यय उपगत या प्राधिकृत किया गया था,
(3-1.1.2 ) व्यय का स्वरूप ( मद ) ,
(i) विवरण मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 सितम्बर 2021
776 ( 1 ) (ii) मात्रा
(iii) प्रति यूनिट दर
(3-1.1.3 ) व्यय की राशि ( रुपये में )
(i) जिसका भुगतान किया गया,
(ii ) जो अभी बकाया है
(3-1.1.4) भुगतान की गयी राशि के मामले में,
(i) भुगतान की तारीख
(ii) भुगतान पाने वाले का नाम और पता
(iii) व्हाउचर की क्रम संख्या एवं तारीख
(3-1.1.5 ) बकाया राशि के मामले में
(i) देयक ( बिल ) की क्रम संख्या एवं तारीख
(ii) उस व्यक्ति का नाम और पता जिसे बकाया राशि का भुगतान किया जाना है.
( 3-1.1.6 ) अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा उपगत/प्राधिकृत राशि
( 3-1.1.7 ) राजनैतिक दल द्वारा उपगत/ प्राधिकृत राशि एवं राजनैतिक दल का नाम
(3-1.1.8 ) अन्य व्यक्ति/संस्था/निकाय किसी अन्य द्वारा उपगत प्राधिकृत राशि ( पूरा नाम व पता लिखें ) ( 3-1.1.9 ) टिप्पणी यदि कोई हो तो
3-1.2 प्रोफार्मा-" ख "-निर्वाचन व्यय का नकद रजिस्टर
( 3-1.2.1 ) प्राप्ति-
(i ) तारीख
(ii) व्यक्ति/दल/संस्था/निकाय/किसी अन्य का नाम तथा जिससे राशि प्राप्त की गई.
(iii) रसीद संख्या
(iv) राशि
(v) बिल संख्या/ व्हाउचर संख्या एवं तारीख
(3-1.2.2) भुगतान -
(i) प्राप्तकर्ता का नाम एवं पता
(ii) व्यय की प्रकृति
(iii) राशि
(3-1.2.3 ) शेष राशि-
(i) वह स्थान , जहां पर या जिस व्यक्ति के पास शेष राशि रखी गई है ( यदि नगद एक से अधिक स्थान /व्यक्ति के पास रखा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 सितम्बर 2021
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गया है , तो नाम तथा शेष राशि का उल्लेख करें) .
(3-1.2.4 ) टिप्पणी यदि कोई हो तो
3-1.3 प्रोफार्मा " ग " निर्वाचन व्यय का बैंक रजिस्टर
(3-1.3.1 ) प्राप्ति-
(i) तारीख
(ii) व्यक्ति/दल/संस्था/निकाय/किसी अन्य का नाम तथा जिससे राशि प्राप्त की गई/ बैंक में जमा की गई राशि ( iii) नगद/चैक संख्या बैंक का नाम एवं शाखा
(iv) राशि
(v) चैक संख्या
(3-1.3.2 ) भुगतान-
(i) प्राप्तकर्ता का नाम
(ii) व्यय की प्रकृति
(iii) राशि
(3-1.3.3 ) शेष राशि-
(3-1.3.4 ) टिप्पणी यदि कोई हो तो
3-2 व्यय की हर मद के लिये व्हाउचर तब से सिवाय अभिप्राप्त किया जाएगा जबकि डाक व्यय या रेल द्वारा यात्रा और तदूप मामलों जैसे मामले की प्रकृति के कारण व्हाउचर प्राप्त करना साध्य नहीं है.
3-3. उप कंडिका ( 1 ) की मद प्रोफार्मा " क " 4 ( 2 ) में वर्णित विशिष्टियां व्यय की उन मदों की बावत् देनी आवश्यक न होगी जिनके लिए उप कंडिका ( 2 ) के अधीन व्हाउचर प्राप्त नहीं किये गये हैं.
4. निर्वाचन व्ययों के दिन प्रतिदिन के लेखे का संधारण.-( 1 )- अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा प्रोफार्मा " क"- निर्वाचन व्यय का दिन प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर , प्रोफार्मा " ख "- निर्वाचन व्यय का नकद रजिस्टर एवं प्रोफार्मा " ग " निर्वाचन व्यय का बैंक रजिस्टर के अनुसार रजिस्टर में, जो कि नामनिर्दिष्ट होने के तत्काल पश्चात् रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रदत्त किया जाएगा , संधारित किया जाएगा .
(2) उप कंडिका ( 1 ) में संदर्भित रजिस्टर में व्यय की हर मद की विशिष्टयां दिन प्रतिदिन उसी कालक्रम के अनुसार दर्ज की जाएगी जिसमें व्यय उपगत या प्राधिकृत किया गया है और रजिस्टर के साथ व्यय से संबंधित व्हाउचर या देयक ( बिल ) भी संधारित किये जाएंगे .
5. निर्वाचन व्यय के दिन प्रतिदिन के लेखे का अभिलेख निरीक्षण के लिये पेश किया जाना.- अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन व्यय के दिन प्रतिदिन के लेखे का रजिस्टर संबंधित व्हाउचरों तथा देयकों के साथ, किसी भी समय , रिटर्निंग ऑफिसर या जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रेक्षक या आयोग , द्वारा इस संबंध में प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा मांग करने पर, तत्काल निरीक्षण के लिये पेश किया जाएगा और ऐसा करने में असफलता को अभ्यर्थी की ओर से इस आदेश का अनुपालन करने में एक गंभीर चूक माना जाएगा.
6. निर्वाचन व्ययों का सार विवरण.-निर्वाचन परिणामों की घोषणा के शीघ्र पश्चात् निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता भाग-1 अभ्यर्थी से संबंधित जानकारी , भाग- II अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय का सार विवरण एवं भाग- III अभ्यर्थी द्वारा खर्च की गई निधियों के स्त्रोत का सार, एवं अनुसूची 1- निर्वाचन निधियों एवं अभ्यर्थी के व्यय का विवरण, अनुसूची-2 अतिविशिष्ट व्यक्तियों 776 (3)
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के साथ सार्वजनिक बैठक, रैली, जुलूस आदि में अभ्यर्थी पर यथा संभाजित व्यय , अनुसूची-3 अभ्यर्थी के निर्वाचन प्रचार के लिए प्रचार सामग्री अनुसूची -4 केबल नेटवर्क, थोक एस.एम.एस. या इंटरनेट या सोशल मीडिया आदि के माध्यम से अभ्यर्थी के लिए प्रचार पर व्यय का विवरण , अनुसूची-5 अभ्यर्थी के निर्वाचन प्रचार वाहन पर व्यय और प्रचार हेतु, अनुसूची 6- प्रचार कार्यकर्ताओं/एजेंटों पर व्यय का विवरण, अनुसूची 7-निर्वाचन अभियान के प्रयोग में लाई गई स्वयं की निधि का विवरण, अनुसूची 8- पार्टियों से प्राप्त नगदी या चेक डिमाण्ड ड्राफ्ट या खाता स्थानांतरण द्वारा कुल धनराशि का विवरण एवं अनुसूची १-किसी व्यक्ति/कम्पनी/फर्म/संघ/व्यक्तियों के निकाय इत्यादि द्वारा कर्ज उपहार या दान आदि के रूप में प्राप्त कुल धन, अभ्यर्थी के व्यय का विवरण अनुसार सूचीबद्ध विभिन्न मदों के अंतर्गत कुल व्यय दर्शाया जाएगा.
7. निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल किया जाना.- ( 1 ) निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता, अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर निर्वाचन व्ययों का लेखा , जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
(2 ) निर्वाचन व्ययों का लेखा निम्नलिखित दस्तावेजों से मिलकर बनेगा अर्थात्: -
(क) कंडिका-4 में संदर्भित प्रोफार्मा " क " निर्वाचन व्यय का दिन प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर, प्रोफार्मा " ख " निर्वाचन व्यय का नगद रजिस्टर एवं प्रोफार्मा " ग " निर्वाचन व्यय का बैंक रजिस्टर , मूल रूप में,
(ख ) प्रोफार्मा " क " निर्वाचन व्यय का दिन प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर, प्रोफार्मा " ख " निर्वाचन व्यय का नगद रजिस्टर एवं प्रोफार्मा " ग " -निर्वाचन व्यय का बैंक रजिस्टर, में निर्वाचन व्ययों के लेखा रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों से संबंधित व्हाउचर .
कंडिका 6 में संदर्भित निर्वाचन व्ययों का सार विवरण. (ग)
(3 ) निर्वाचन व्ययों का दिन प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर और निर्वाचन व्ययों का सार विवरण अध्यर्थी के निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा तैयार और हस्ताक्षरित किये गये हैं तो उन्हें दाखिल किये जाने के पहले, अथ्यर्थी द्वारा अभिप्रमाणित और प्रतिहस्ताक्षरित किया जाएगा और उसके द्वारा व्हाउचर भी प्रति हस्ताक्षरित किये जाएंगे.
(4 ) निर्वाचन व्ययों के लेखों के साथ प्रोफार्मा " घ " में एक शपथ- पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा और ऐसे शपथ - पत्र के बिना लेखा पूर्ण नहीं माना जाएगा.
8. लेखा के निरीक्षण के लिये जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सूचना.-जिला निर्वाचन अधिकारी उस तारीख से जिसको निर्वाचन व्ययों का लेखा अभ्यर्थी द्वारा कंडिका -7 के अधीन दाखिल किया गया है, दो दिन के अंदर एक सूचना, जिसमें-
वह तारीख जिसको लेखा दाखिल किया गया है
(क)
(ख) अथ्यर्थी का नाम, और
(ग) वह समय और स्थान , जिसमें ऐसे लेखे का निरीक्षण किया जा सकेगा, विनिर्दिष्ट होगी , अपने सूचना फलक पर लगवाएगा.
9. लेखे का निरीक्षण और उसकी प्रतियां प्राप्त करना.- कोई व्यक्ति दस रुपये की फीस का भुगतान करके ऐसे किसी लेखा का निरीक्षण करने का हकदार होगा और ऐसी फीस के भुगतान पर जैसी निर्वाचन आयोग इस निमित्त निर्धारित करें, ऐसे लेखा या उसके किसी भाग की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने का हकदार होगा.
10. निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल करने के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा रिर्पोट और निर्वाचन आयोग का उस पर विनिश्चय.-( 1 ) किसी निर्वाचन में निर्वाचन व्ययों को लेखा दाखिल करने के लिये अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय के अवसान के पश्चात् यथाशक्य शीघ्र जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन आयोग को, निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के संबंध में निम्नांकित बिंदुओं पर एक रिपोर्ट परिशिष्ट( 36 ) में भेजेगा :-
(क) निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी का नाम ,
(ख) क्याऐसे अध्यर्थी ने अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल कर दिया है या नहीं ? और यदि किया है तो वह तारीख जिसको ऐसा लेखा दाखिल किया गया है , और
(ग) क्या उसकी राय में ऐसा लेखा अधिनियम और इस आदेश द्वारा अपेक्षित समय के अंदर और रीति में दाखिल किया गया है या नहीं.
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(2 ) जहां कि जिला निर्वाचन अधिकारी की यह राय है कि निर्वाचन लड़ने वाले किसी अध्यर्थी के निर्वाचन व्ययों का लेखा अधिनियम और इस आदेश द्वारा अपेक्षित रीति में दाखिल नहीं किया गया है वहां वह हर ऐसी रिपोर्ट के साथ उस अभ्यर्थी के निर्वाचन व्ययों का लेखा निर्वाचन आयोग को भेजेगा.
( 3 ) जिला निर्वाचन अधिकारी उप- कंडिका ( 1 ) में निर्दिष्ट रिपोर्ट की प्राप्ति के पश्चात् उसकी प्रति अपने सूचना- फलक पर लगाकर उसका प्रकाशन करेगा.
(4) निर्वाचन आयोग उप- कंडिका ( 1 ) में निर्दिष्ट रिपोर्ट की प्राप्ति के पश्चात् यथाशक्य शीघ्र उस पर विचार करेगा और यह विनिश्चय करेगा कि क्या कोई निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी निर्वाचन व्ययों का लेखा उस समय के अदर और रीति में, जो अधिनियम और इस आदेश द्वारा अपेक्षित है दाखिल करने में असफल रहा है या नहीं.
(5 ) जहां कि निर्वाचन आयोग का यह विनिश्चय है कि निर्वाचन लड़ने वाला कोई अध्यर्थी निर्वाचन व्ययों को अपना लेखा उस समय के अंदर और उस रीति में, जो अधिनियम और इस आदेश के द्वारा अपेक्षित है , दाखिल करने में असफल रहा है वहां वह लिखित सूचना द्वारा अथ्यर्थी से अपेक्षा करेगा कि वह हेतु दर्शित करें कि उसे असफलता के लिये मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 14- ग या यथास्थिति मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के अधीन क्यों निरर्हित नहीं किया जाना चाहिए .
(6 ) ऐसा कोई निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी, जिससे उप- कंडिका ( 5 ) के अधीन हेतु दर्शित करने के लिए अपेक्षा की गई है, ऐसी सूचना की प्राप्ति के पन्द्रह दिन के भीतर इस बारे में लिखित अभ्यावेदन निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत कर सकेगा और उसी समय अभ्यावेदन की एक प्रति और यदि उसने पहले से ही ऐसा नहीं कर दिया है तो निर्वाचन व्ययों का पूरा लेखा भी , जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजेगा.
(7 ) जिला निर्वाचन अधिकारी अभ्यावेदन की प्रति और यदि कोई लेखा हो तो ऐसा लेखा, उसकी प्राप्ति के पांच दिन के अंदर ऐसी टिप्पणियों सहित , जैसी वह उन पर करना चाहे , आगे उपयुक्त कार्यवाही के लिये निर्वाचन आयोग को भेजेगा.
11. अनुदेश तथा निदेश जारी करने की निर्वाचन आयोग की शक्ति- निर्वाचन आयोगः -
(क) इस आदेश के किसी उपबंध को स्पष्ट करने के लिये,
(ख) किसी ऐसी कठिनाई को दूर करने के लिये जो किसी उपबंध के क्रियान्वयन के संबंध में उत्पन्न हो , और (ग) किसी ऐसी विशेष स्थिति जिसके बारे में इस आदेश में कोई उपबंध नहीं है या उपबंध अपर्याप्त है और जिसके लिए निर्वाचन आयोग की राय में उपयुक्त उपबंध करना आवश्यक है अनुदेश तथा निर्देश जारी करेगा .
हस्ता./- (बी. एस. जामोद )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2021 .