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मध्यप्रदे श शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 42]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 15 अक्टूबर 2021- आश्विन 23 , शक 1943
विषय-सूची
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं,
( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश,
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश,
(2) सांख्यिकीय सूचनाएं.
( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन,
भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक,
(3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट
(ख) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम,
(3) संसद्के अधिनियम,
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, (2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
(3 ) उक्त अवकाश के उपभोग के एवज में इनके लघुकृत अवकाश
खाते से 60 दिवस अर्द्धवेतनिक अवकाश घटाया जाता है.
गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 30 सितम्बर 2021
(4 ) श्री अतुल सिंह , भापुसे , द्वारा अपना कार्यभार ग्रहण करने पर कण्डिका ( 2 ) में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव कार्यभार से मुक्त होंगे.
क्र. एफ -1 (ए) 12-2021- ब-2- दो. राज्य शासन , श्री अतुल सिंह, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, जिला सागर को दिनांक 1 से 30 अक्टूबर 2021 तक, तीस दिवस लघुकृत/परिवर्तित अवकाश की स्वीकृति प्रदान करता है.
(5) अवकाशकाल में श्री अतुल सिंह, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(2 ) श्री अतुल सिंह, भापुसे, की अवकाश अवधि में उनका चालू कार्य श्री समीर सौरभ , भापुसे, सेनानी , 10वीं वाहिनी, विसबल , सागर, द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जावेगा.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अतुल सिंह, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
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नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2021.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भोपाल , दिनांक 6 अक्टूबर 2021
क्र. एफ-1 (बी) -159-2016- बी-4-दो. डब्ल्यू. पी. नं. 1621/ 2019 द्वारा सुश्री शिखा भलावी विरुद्ध लोक सेवा आयोग एवं अन्य मेंमाननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर द्वारा दिनांक 6 अगस्त2019 को निम्नानुसार निर्णय पारित किया है:-
It has been stated that the Public Service Commission did forward the name of the petitioner in time and it is the State Government , who is responsible to issue an appointment order .
Inthe considered opinion of this Court , once Public Service Commission has forwarded the name of the petitioner in time to the State Government , the State Government , much before the expiry of the validity of select list directed the petitioner to submit police verification form . There appears to be no Justification in denying the appointment order to the petitioner specially when she has proved her worth .
In the considered opinion of this Court , as the petitioner was a meritorious candidate , she was at waiting list No. 1 and her name was forwarded by the Public Service Commission, the State Government is left with no choice except to issue appointment order . The State Government is directed to issue appointment order in favour of the petitioner within a period of 30 days from today . It is made clear that the petitioner shall be entitled for all consequential benefits flowing out of this order except back - wages .
With the aforesaid, writ petition stands allowed.
(2) उक्त आदेश के विरुद्ध दायर डब्ल्यू ए न. 937/2020 द्वारा मध्यप्रदेश शासन विरुद्ध सुश्री शिखा भलावी में माननीय उच्च न्यायालय, खण्डपीठ, इन्दौर द्वारा दिनांक 09 अक्टूबर 2020 को निम्नानुसार आदेश पारित किया गया है:-
The law on the issue can be summarised to the effect that where a case has been presented in the court beyond limitation the applicant has to explain the court as to what was the " sufficient cause " which means an adequate and enough reason which prevented him to approach the court within limitation. In case a party is found to be negligent or for want of bonafide on his part in the facts and circumstances of the case or found to have not acted diligently or remained inactive , there cannot be a justified ground to condone the delay . No court could be justified in condoning such an inordinate dealy by imposing any condition whatsoever . The application is to be decided onlywithin the parameters laid down by this court in regard to the condonation of delay . In case there was no sufficient
[ भाग 1 cause to prevent a litigant to approach the court on time condoning the delay without any justification , putting any condition whatsoever , amounts to passing an order in violation of the statutory provisions and it tantamounts to showing utter disregard to the legislature .
In view of the aforesaid , we are of the opinion that no case for allowing the prayer for condonation of delay is made out Accordingly, I.A. No. 2533/2020 is rejected . Consequently , the appeal is also dismissed.
( 3 ) उक्त आदेश दिनांक 9 अक्टूबर 2020 के विरुद्ध विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 4331/21 द्वारा मध्यप्रदेश शासन विरुद्ध सुश्री शिखा भलावी को माननीय सर्वोच्च न्यायालय , नई दिल्ली द्वारा आदेश दिनांक 22 मार्च 2021 द्वारा निम्नानुसार खारिज किया गया है:-
In the facts and circumstances of the case . we are not inclined to interfere with the judgment and order impugned passed by the High Court . We however, make it clear that the question of law raised by the petitioner is kept open .
The Special leave petition is accordingly dismissed.
(4) उपर्युक्त कंडिका -1 में उल्लेखित माननीय उच्च न्यायालय, खण्डपीठ इन्दौर के आदेश दिनांक 6 अगस्त 2019 के अनुपालन में राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग , इन्दौर द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2014 के माध्यम से संयुक्त प्रतिस्पर्धा परीक्षा के परिणाम के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के लिये अनुपूरक सूची के सरल क्रमांक 19 में चयनित सुश्री शिखा भलावी आत्मजा श्री युक्ति प्रसाद भलावी, 51 , महामाया वार्ड, स्टेडियम के पीछे , शक्ति नगर , तहसील सिवनी , जिला सिवनी, मध्यप्रदेश -480661 को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा में कनिष्ठ वेतनमान रुपये 15600-39100+ग्रेड पे 5400/- ( सॉतवे वेतनमान में लेवल -12 रु. 56100-177500/- ) में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर पुलिस मुख्यालय, भोपाल में नियुक्त किया जाता है.
(5 ) सुश्री शिक्षा भलावी को उप पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु जारी किया गया यह आदेश केवल इनके प्रकरण में ही प्रभावशील होगा तथा इस आदेश को किसी अन्य प्रकरण के लिये पूर्व उदाहरण नहीं माना जायेगा.
(6 ) नव नियुक्त अधिकारी द्वारा आदेश प्राप्ति के दिनांक से 15 दिवस के अंदर पदस्थापना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें एवं पदस्थापना स्थल से कार्य मुक्त होकर मध्यप्रदेश पुलिस प्रशिक्षण अकादमी , भौंरी , भोपाल में प्रशिक्षण भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
हेतु उपस्थित हों. निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण न करने अथवा प्रशिक्षण में उपस्थित न होने की स्थिति में नियुक्ति आदेश निरस्त माना जायेगा.
( 13) नवनियुक्त अधिकारी जो पूर्व से शासकीय/अर्द्धशासकीय सेवा में सेवारत है, उन्हें अपने नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण-पत्र अजाँच एवं अमांग प्रमाण- पत्र शासन को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा अन्यथा उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जावेगा.
( 14) अभ्यर्थी को निर्देशित किया जाता है कि वह नियुक्ति के संबंध में अपनी योग्यता एवं जाति प्रमाण- पत्र की मूलप्रति पदस्थापना संबंधी कार्यालय में सत्यापन हेतु प्रस्तुत करेंगे.
( 7) उपरोक्त परिवीक्षाधीन अधिकारी को परिवीक्षा अवधि में संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम, आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में प्राप्त कर परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा तथा प्रशिक्षण एवं समस्त विहित विभागीय परीक्षायें उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा अन्यथा सेवाएं समाप्त की जा सकेंगी.
( 15 ) मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षण ) संशोधन अधिनियम, 2002 ( क्रमांक 10 सन् 2002 ) दिनांक 13 मई 2002 के प्रावधान अनुसार सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियुक्ति की प्रविष्टियां रोस्टर पंजी में कर दी गई है.
(8 ) नवनियुक्त अधिकारी की परिवीक्षा अवधि, स्थायीकरण, वरिष्ठता, पदोन्नति आदि मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( सेवा की सामान्य शर्तें ) नियम , 1961 एवं मध्यप्रदेश पुलिस कार्यपालिक (राजपत्रित ) सेवा भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2000 से शासित होंगी. सेवा संबंधी अन्य मुद्दे शासन के वर्तमान नियमों तथा भविष्य में बनाए जाने वाले नियमों/निर्देशों के अन्तर्गत निराकृत किये जायेंगे .
(16 ) प्रमाणित किया जाता है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों को आरक्षण ) अधिनियम, 1994 ( क्रमांक सन् 1994 ) उपबंधों का और उक्त अधिनियम, के उपबंधों के प्रकाश में राज्य शासन द्वारा जारी किये गये अनुदेश का अनुपालन किया गया है तथा उसे ( नियोक्ता को) उक्त अधिनियम की धारा 6 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों का पूर्ण संज्ञान है.
क्र. एफ-1 (बी ) -159-2016 - बी- 4-दो . डब्ल्यू. पी. नं. 1617/ 2019 द्वारा श्री विशाल सोनी विरुद्ध लोक सेवा आयोग एवं अन्य में मांननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर द्वारा दिनांक 22 अक्टूबर 2019 को निम्नानुसार निर्णय पारित किया है:-
(9 ) नवनियुक्त अधिकारी की सेवाएं किसी भी समय एक माह की सूचना अथवा उसके एवज में एक माह का वेतन तथा भत्ते देकर बिना कारण बताए समाप्त की जा सकती है . इसी प्रकार यदि वे अपने पद से त्यागपत्र देकर शासकीय सेवा छोड़ना चाहें तो उन्हें भी एक माह का नोटिस देना आवश्यक होगा. एक माह पूर्व सूचना न देने की स्थिति में एक माह का वेतन व अन्य भत्ते जो वह उस समय प्राप्त कर रहे होंगे, नगद जमा करना होगा अन्यथा उक्त रकम राजस्व बकाया के तौर पर उनसे वसूल की जावेगी.
(10) राज्य शासन के अधीन दिनांक 1 जनवरी 2005 अथवा इसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी.
Inthe considered opinion of this court , once public service commission has forwarded the name or the petitioner in time to the State Government , the State Government much before the expiry of the validity of select list directed the petitioner to submit police verification form There appears to be no justification in denying the appointment order to the petitioner specially when she has proved her worth.
( 11 ) नियुक्त अधिकारी द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी असत्य पाये जाने पर उनकी सेवायें बिना किसी सूचना के तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जावेगी एवं उनके द्वारा इस संबंध में प्रस्तुत कोई भी दावा मान्य नहीं होगा.
( 12) परिवीक्षाधीन अधिकारी द्वारा पदस्थापना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करते समय एक " बाण्ड " शासन के पक्ष में निष्पादित करना होगा कि परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण न करने की दशा में अथवा प्रशिक्षण अवधि में सेवा छोड़ने पर उनकी परिवीक्षा अवधि में शासन द्वारा खर्च की गई राशि जिसमें वेतन भत्ते, यात्रा भत्ते एवं अन्य अग्रिम व्यय राशि शामिल होगी, की वापसी के लिये वे उत्तरदायी होंगे .
In the considered opinion of this Court , as the petitioner was a meritorious candidate , she was at waiting list No 1 and her name was forwarded by the public service commission , the State Government is left with no choice except to issue appointment order The State Government is directed to issue appointment order in favour of the petitioner within a period of 30 days from today It is made clear that the petitioner shall be entitled for all consequential benefits flowing out of this order except back wages .
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With the aforesaid , writ petition stands allowed.
The present petition is also disposed of
The order dated 06 August 2019 passed in WP No. 1621/2019 ( Shikha Bhalawi vs. MPPSC & Others) shall apply mutatis mutandis in the persent case also .
(2) उक्त आदेश के विरुद्ध दायर डब्ल्यू ए. न. 935/2020 द्वारा मध्यप्रदेश शासन विरुद्ध श्री विशाल सोनी में माननीय उच्च न्यायालय , खण्डपीठ, इन्दौर द्वारा दिनांक 16 अक्टूबर 2020 को निम्नानुसार आदेश पारित किया गया है:-
The above sequence of events repeat that neither the PSC nor the Home Department or State had any objection in extending the validity list and Infect the Home Department was repeatedly requesting for extending the validity of select list and there is also no clear communication on record whereby GAD had refused extension Hence the learned Single Judge has not committed any error In talking the view that the petitioner is entitled to the same benefit which has been extended to the identically placed person shikha Bhalawi petitioner in WP No 1621/2019 .
In view of the above analysis we find no ground to interface In the order of learned Single judge in the appeal which is barred by time Hence the appeal is dismissed on the Ground of delay as also on merit .
( 3 ) उक्त आदेश दिनांक 16 अक्टूबर 2020 के विरुद्ध विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 4050/21 द्वारा मध्यप्रदेश शासन विरुद्ध श्री विशाल सोनी को माननीय सर्वोच्च न्यायालय , नई दिल्ली द्वारा आदेश दिनांक 15 मार्च 2021 द्वारा निम्नानुसार खारिज किया गया है:-
In the facts and circumstance of the case we are not inclined to interfere with the judgment and order impugned passed by the High Court We . However make it clear that the question of law raised by the petitioner is kept open.
The special Leave Petition is accordingly dismissed.
(4) उपर्युक्त कंडिका-1 में उल्लेखित माननीय उच्च न्यायालय , खण्डपीठ इन्दौर के आदेश दिनांक 22 अक्टूबर 2019 के अनुपालन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग , इन्दौर द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2014 के माध्यम से संयुक्त प्रतिस्पर्धा परीक्षा के परिणाम के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के लिये अनुपूरक सूची के सरल क्रमांक 19 में चयनित श्री विशाल सोनी आत्मज श्री राज किशोर सोनी, 26 मुखर्जी नगर, सागर रोड, रायसेन , मध्यप्रदेश-464551 को
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा में कनिष्ठ वेतनमान रुपये 15600-39100 ग्रेड पे 5400/- ( सॉतवे वेतनमान में लेवल-12 रु. 56100-177500/- ) में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर पुलिस मुख्यालय , भोपाल में नियुक्त किया जाता है.
(5) श्री विशाल सोनी को उप पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु जारी किया गया यह आदेश केवल इनके प्रकरण में ही प्रभावशील होगा तथा इस आदेश को किसी अन्य प्रकरण के लिये पूर्व उदाहरण नहीं माना जायेगा.
(6) नव नियुक्त अधिकारी द्वारा आदेश प्राप्ति के दिनांक से 15 दिवस के अंदर पदस्थापना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें एवं पदस्थापना स्थल से कार्य मुक्त होकर मध्यप्रदेश पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भौंरी, भोपाल में प्रशिक्षण हेतु उपरस्थित हों. निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण न करने अथवा प्रशिक्षण में उपस्थित न होने की स्थिति में नियुक्ति आदेश निरस्त माना जायेगा.
(7) उपरोक्त परिवीक्षाधीन अधिकारी को परिवीक्षा अवधि में संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम, आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी , भोपाल में प्राप्त कर परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा तथा प्रशिक्षण एवं समस्त विहित विभागीय परीक्षायें उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा अन्यथा सेवाएं समाप्त की जा सकेंगी.
(8 ) नवनियुक्त अधिकारी की परिवीक्षा अवधि, स्थायीकरण, वरिष्ठता, पदोन्नति आदि मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( सेवा की सामान्य शर्तें ) नियम, 1961 एवं मध्यप्रदेश पुलिस कार्यपालिक (राजपत्रित) सेवा भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2000 से शासित होंगी . सेवा संबंधी अन्य मुद्दे शासन के वर्तमान नियमों तथा भविष्य में बनाए जाने वाले नियमों/निर्देशों के अन्तर्गत निराकृत किये जायेंगे .
( 9 ) नवनियुक्त अधिकारी की सेवाएं किसी भी समय एक माह की सूचना अथवा उसके एवज में एक माह का वेतन तथा भत्ते देकर बिना कारण बताए समाप्त की जा सकती है . इसी प्रकार यदि वे अपने पद से त्यागपत्र देकर शासकीय सेवा छोड़ना चाहें तो उन्हें भी एक माह का नोटिस देना आवश्यक होगा. एक माह पूर्व सूचना न देने की स्थिति में एक माह का वेतन व अन्य भत्ते जो वह उस समय प्राप्त कर रहे होंगे , नगद जमा करना होगा अन्यथा उक्त रकम राजस्व बकाया तौर पर उनसे वसूल की जावेगी.
( 10 ) राज्य शासन के अधीन दिनांक 1 जनवरी 2005 अथवा इसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी.
( 11 ) नियुक्त अधिकारी द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी असत्य पाये जाने पर उनकी सेवायें बिना किसी सूचना के तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जावेगी एवं उनके द्वारा इस संबंध में प्रस्तुत कोई भी दावा मान्य नहीं होगा .
भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
(12) परिवीक्षाधीन अधिकारी द्वारा पदस्थापना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करते समय एक " बाण्ड " शासन के पक्ष में निष्पादित करना होगा कि परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण न करने की दशा में अथवा प्रशिक्षण अवधि में सेवा छोड़ने पर उनकी परिवीक्षा अवधि में शासन द्वारा खर्च की गई राशि जिसमें वेतन भत्ते, यात्रा भत्ते एवं अन्य अग्रिम व्यय राशि शामिल होगी , की वापसी के लिये वे उत्तरदायी होंगे.
(13) नवनियुक्त अधिकारी जो पूर्व से शासकीय/अर्द्धशासकीय सेवा में सेवारत है, उन्हें अपने नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण -पत्र अजाँच एवं अमांग प्रमाण- पत्र शासन को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा अन्यथा उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जावेगा.
(14) अभ्यर्थी को निर्देशित किया जाता है कि वह नियुक्ति के संबंध में अपनी योग्यता एवं जाति प्रमाण- पत्र की मूलप्रति पदस्थापना संबंधी कार्यालय में सत्यापन हेतु प्रस्तुत करेंगे.
( 15) मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों , अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षण ) संशोधन अधिनियम, 2002 ( क्रमांक 10 सन् 2002 ) दिनांक 13 मई 2002 के प्रावधान अनुसार सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियुक्ति की प्रविष्टियां रोस्टर पंजी में कर दी गई हैं.
(16 ) प्रमाणित किया जाता है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों को आरक्षण ) अधिनियम, 1994 ( क्रमांक सन् 1994 ) उपबंधों का और उक्त अधिनियम, के उपबंधों के प्रकाश में राज्य शासन द्वारा जारी किये गये अनुदेश का अनुपालन किया गया है तथा उसे ( नियोक्ता को) उक्त अधिनियम की धारा 6 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों का पूर्ण संज्ञान है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अन्नू भलावी , अवर सचिव.
पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 28 सितम्बर 2021
क्र. एफ 7-1-2019 - बत्तीस -3 .- राज्य शासन द्वारा जल ( प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण ) अधिनियम, 1974 ( क्रमांक 6 सन् 1974 ) की धारा 4 के अन्तर्गत एवं मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( अध्यक्ष की अर्हताएं और सेवा के अन्य निबंधन तथा शर्ते ) नियम , 2019 की धारा 7 के तहत प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , पर्यावरण विभाग को अध्यक्ष, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नामनिर्दिष्ट किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राकेश कुशरे, उपसचिव.
जनसम्पर्क विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 29 सितम्बर 2021
क्र. एफ 5-40-2021- जस- चौबीस. राज्य शासन , एतद्वारा, पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजनान्तर्गत बढ़ी हुई प्रीमियम दर वर्ष 2020-2021 के अनुरूप ही प्रीमियम राशि लिये जाने की स्वीकृति प्रदान करता है. पत्रकारों को बीमा के संदर्भ में आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितम्बर से बढ़ाकर 30 सितम्बर 2021 होगी.
क्र. एफ 5-41-2021- जस - चौबीस. राज्य शासन , एतद्वारा , संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियम 2005 के आदेश क्रमांक एफ 5-56-2021 - जस- चौबीस , दिनांक 4 जनवरी 2021 में निम्नानुसार संशोधन करता है :-
वर्तमान प्रावधान (1)
संशोधित प्रावधान (2)
5.4- यदि किसी ऐसे अधिमान्यता प्राप्त श्रमजीवी पत्रकार की आकस्मिक मृत्यु होती है जिसका कम से कम 10 वर्ष की पत्रकारिता सेवा हो चुकी हो तो उस पर आश्रित पत्नी और नाबालिक बच्चों को तत्कालिक सहायता के लिए न्यूनतम रुपये 25,000/ - रुपये ( पच्चीस हजार मात्र ) और अधिकतम रुपये 4,00,000 (चार लाख ) की सहायता दीजा सकेगी. यद्यपि विशेष प्रकरणों में मध्यप्रदेश राज्य संचार प्रतिनिधि कल्याण समिति की अनुशंसा पर अथवा संचालक आयुक्त जनसम्पर्क पत्रकारिता की सेवा और सहायता राशि अधिमान्यता प्राप्त होने आदि के संबंध में शिथिलता प्रदान कर सकेंगे यद्यपि यह आवश्यक होगा कि दिवंगत पत्रकार की पत्नी शासकीय सेवा में न हो अथवा अन्य किसीस्रोत से आय होने पर आयकर दाता न हो.
5.4 - यदि किसी ऐसे अधिमान्यता प्राप्त श्रमजीवी पत्रकार की आकस्मिक मृत्यु होती है जिसका कम से कम 10 वर्ष की पत्रकारिता सेवा हो चुकी हो तो उस पर आश्रित पत्नी/पति और नाबालिक बच्चों को तत्कालिक सहायता के लिए न्यूनतम रुपये 25,000/ - ( पच्चीस हजार मात्र ) और अधिकतम रुपये 4,00,000 ( चार लाख मात्र ) की सहायता दी जा सकेगी . यद्यपि विशेष प्रकरणों में मध्यप्रदेश राज्यसंचार प्रतिनिधि कल्याण समिति की अनुशंसा पर अथवा संचालक/ आयुक्त जनसम्पर्क पत्रकारिता की सेवा और सहायता राशि अधिमान्यता प्राप्त होने आदिके संबंध में शिथिलता प्रदान कर सकेंगे तथापि यह आवश्यक होगा कि दिवंगत पत्रकार की पत्नी/पति शासकीय सेवा में न हो अथवा किसी स्रोत से आय होने पर आयकर दाता न हो. इसका शपथ पत्र देना अनिवार्य
होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एच. एल. चौधरी , अपर सचिव.
[ भाग 1 8730
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
वन विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 17 सितम्बर 2021/5 अक्टूबर 2021
क्र. 1600-347-2021- दस -2.- राज्य शासन, एतद्वारा, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने हेतु राष्ट्रीय REDD+ रणनीति 2018 के तहत राज्य स्तरीय रेड प्लस सेल का निम्नानुसार गठन करता है:-
अध्यक्ष 1. प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख , मध्यप्रदेश
सदस्य 2. प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( कार्य अयोजना ) , मध्यप्रदेश
सदस्य 3. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( विकास )
सदस्य 4. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( अनुश्रवण एवं मूल्यांकन )
सदस्य 5. भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( प्रतिनिधि)
सदस्य 6. दो रेड प्लस विशेषज्ञ
1. श्री ए. के. भट्टाचार्य सेवानिवृत्त अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, भोपाल 2. डॉ. भास्कर सिन्हा, चेयर, क्लाईमेट चेंज सेंटर, भारती वन प्रबंध संस्थान, भोपाल
सदस्य 7. गैर शासकीय संस्था World Resource Institue (WRI ) नई दिल्ली का प्रतिनिधि
नोडल अधिकारी 8. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( ग्रीन इंडिया मिशन )
2. राज्य स्तरीय रेड प्लस सेल का कार्य क्षेत्र ( टर्म ऑफ रेफरेंस ) निम्नानुसार होगा :-
2.1 राष्ट्रीय रेड प्लस रणनीति का राज्य में क्रियान्वयन सुनिश्चित करना.
2.2
राज्य स्तरीय रेड प्लस कार्य योजना , राज्य स्तरीय रेफरेंस एमिशन लेवल/रेफरेंस लेवल/ फॉरेस्ट मॉनिटरिंग सिस्टम एवं सेफगार्ड इनफार्मेशन सिस्टम का निर्माण.
2.3 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों, सामुदायिक वानिकी समूहों, वन पंचायतों/ग्राम वन सुरक्षा समितियों द्वारा रेड प्लस का निर्माण व क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण करना.
2.4 राज्य स्तरीय रेड प्लस ज्ञान के विस्तार व प्रसार के लिए मंच विकसित करना.
2.5 रेड प्लस के वित्तीय पोषण की संभावनाओं को तलाशना, रेड प्लस परियोजना का विकास करना व लाभ साझा करने का तंत्र तैयार करना.
2.6 रेड प्लास के क्रियान्वयन हेतु तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना.
2.7 राज्य में रेड प्लस के क्रियान्वयन का अनुसरण करना .
2.8 रेड प्लस के क्रियान्वयन हेतु योजनाओं एवं परियोजनाओं को अनुमोदन देना व उन्हें वित्तीय सहायता हेतु नेशनल डेजिग्नेटिड एंटिटी को प्रस्तुत करना.
2.9 राज्य वन विभाग एवं ग्राम स्तरीय संस्थाओं को प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण सेमिनार एवं वर्कशॉप आयोजित करना.
2.10 आंकड़ों का संग्रहण प्रबंधन एवं सेफगार्ड के मानकों का पालन को संस्थागत रूप देना.
2.11 राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय नीति प्रक्रिया व विकास के लिए पायलट प्रोजेक्ट से सीख प्राप्त करने की व्यवस्था तैयार करना.
3. रेड प्लस सेल की बैठक 3 माह में एक बार अनिवार्य रूप से होगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
पदमाप्रिया बालकृष्णन , सचिव.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 8 अक्टूबर 2021
फा. क्र.3390 - इक्कीस- ब( दो ) 2021.- श्री पुरुषेन्द्र कौरव , वरिष्ठ अधिवक्ता को आदेश दिनांक 26 मार्च 2020 द्वारा मध्यप्रदेश के महाधिवक्ता के पद पर नियुक्तकिया गया था. उन्होंने उक्त पद से अपना त्यागपत्र दिनांक 6 अक्टूबर 2021 को प्रस्तुत कर दिया है. मध्यप्रदेश के राज्यपाल द्वारा यह त्यागपत्र दिनांक 7 अक्टूबर 2021 से स्वीकार किया जाता है.
F. No. 3390 -- XXI- B ( II ) -2021 . Shri Purushaindra Kaurav , Senior Advocate was appointed as Advocate Genereal for Madhya Pradesh by order Dated 26th March 2020. He has submitted his resignation dated 6th October 2021 from the office of the Advocate General . The Governor of Madhya Pradesh is hereby pleased to accept the said regisnation with effect from 7th October 2021 .
फा. क्र. 3819-2021 - इक्कीस- ब ( एक) -2021 .- मध्यप्रदेश विशेष न्यायालय नियम , 2012 ( क्रमांक 8 सन् 2012 ) के नियम 8 के उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 17 ( ई ) 8-2012 - इक्कीस- ब( एक ) -3317-2021 , दिनांक 3 सितम्बर 2021 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) में दिनांक 10 सितम्बर 2021 में प्रकाशित हुई थी , निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्: -
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , अनुक्रमांक 7 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्:-
सारणी
अधिकारिता (4) प्राधिकृत अधिकारी का नाम (2)
अनु. क्र. (1)
मुख्यालय का स्थान (3) इन्दौर
"7 .
राजस्व जिला देवास, रतलाम, शाजापुर , उज्जैन , मन्दसौर, नीमच एवं धार का समाविष्ट क्षेत्र. ".
श्री गंगाचरण दुबे, दसवें जिला एवं अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक 1 , इन्दौर .
F. No. 3819-2021 - XXI - B ( One) -2021 . In exercise of the powers conferred by Sub - rule ( 1 ) of Rule 8 of the Madhya Pradesh Vishesh Nyayalaya Adhiniyam , 2012 , the State Government, in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby , makes the following amendments in this Department's Notification No. F. No. 17 (E )8-2012- XXI -B(one) -3317-2021 , dated 3rd September, 2021 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette (Extra- ordinary) dated 10th September 2021 , namely:-
AMENDMENT
In the said Notification , for serial number 7 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto , shall be substituted , namely:-
TABLE
Jurisdiction (4)
Place of Headquater
(3)
Name of Authorized Officer (2)
S. No. (1)
Indore
"7 . Shri Ganga Charan Dubey Xth District and Additional Sessions Judge, Indore , Special Court No. 1, Indore .
Special Corut No. 1 Area comprising Revenue Districts Dewas , Ratlam , Shajapur, Ujjain , Mandsaur , Neemuch and Dhar . " .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
गोपाल श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 29 सितम्बर 2021
पंजी क्र. 3269-2021 - इक्कीस- ब- ( दो ) .- राज्य शासन , एतद्वारा जिला मुख्यालय मंदसौर में विभागीय आदेश दिनांक 24 मार्च 1992 द्वारा नियुक्त नोटरी, श्री ओमप्रकाश तेनगरिया तथा तहसील- नारायणगढ़, जिला मंदसौर में विभागीय आदेश दिनांक 3 अक्टूबर 1998 द्वारा नियुक्त नोटरी श्री ओमप्रकाश स्वर्णकार का निधन होने के कारण उक्त दोनों नोटरियों का नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित करता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वैभव विकास शर्मा, अपर सचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8732
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
न्यायालय, उपायुक्त ( राजस्व ) , संभाग शहडोल एवं सक्षम प्राधिकारी, जिला शहडोल , मध्यप्रदेश
प्ररूप-घ
(नियम 6 देखिये)
शहडोल , दिनांक 27 सितम्बर 2021
क्र. 01 -बी- 121-2017-18 .- अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2019 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम कंचनपुर , पटवारी हल्का कंचनपुर-67, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW #03-22 से TL- 03 , oa Flow Line SW # 06-24 IS SW#05-23 के बीच भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 15 नवम्बर 2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है.
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
ग्राम/पटवारी
तहसील
जिला
उपयोग के अधिकारी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे. में) (5)
(4)
हल्का क्रमांक (3)
(2)
(1)
1465/2/1 , 1465/2/2 , 1465/2/3 ,
कंचनपुर/67
शहडोल सोहागपुर
0.040
1465/2/4, 1465/2/5 , 1465/2/6 ,
1465/3 , 1465/4
0.526
1468/1/1 , 1468/1/2 , 1468/1/3 1468/1/4 , 1468/1/5 , 1468/1/6 ,
1468/2, 1468/3
0.020
1513/1 , 1513/2
0.035
2150/1 , 2150/2 , 2150/3
0.614
2149/1/1 , 2149/1/2 , 2149/2
0.177
2143
0.178
2144
0.224
2142
0.010
990/1 , 990/2, 990/3 , 990/4
0.007
991
0.010
992
0.331
989/1 , 989/2, 989/3
0.046
988/2, 988/3 , 988 /4 /K, 988/4/ Kh
0.054
985/1 , 985/2, 985/3
0.005
986/1 , 986/2
0.039
984 8733 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
(5) (3)
(4)
(2)
(1)
0.010
982
0.010
981
0.173
980/1 , 980/2 , 980 / 3/k , 980/3/kh
0.042
979
0.010
978
0.057
975
0.068
974/1 , 974/2/1 , 974/2/2 , 974/2/3
0.010
973
0.010
971/1
0.010
971/2
0.126
969
0.010
968/1 , 968/2 , 968/3 , 968/4
0.010
965
966
0.045
0.087
897/1 , 897/2
0.021
893
क्र. 01 -बी- 121-2018-19 .- अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन, केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2019 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम लालपुर, पटवारी हल्का- लालपुर -64, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW#08-22C से SW #09-22 के बीच भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 15 नवम्बर 2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी, तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है.
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लगों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
ग्राम/पटवारी
जिला
तहसील
हल्का क्रमांक
उपयोग के अधिकारी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे . में)
(5)
(4)
(3)
(1)
(2)
0.364
1869
शहडोल
लालपुर/64
सोहागपुर
0.260
1820/2
0.130
1804/1 , 1804/2 , 1804/3 , 1804/4
0.090
1801/1 /ख , 1801/2
क्र. 02 -बी- 121-2018-19 .- अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2019 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम सेंदुरी, पटवारी हल्का-सेंदुरी -60, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW#03-11 से SW #04-11 के बीच भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 15 नवम्बर 2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/ अधिभोगी को भी दी गई है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8734
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
तहसील
जिला
उपयोग के अधिकारी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे. में ) ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.024
544/1, 544/2
शहडोल
सेंदुरी /60
सोहागपुर
0.056
545
0.004
559/1 , 559/2
0.040
558/1 , 558/2
0.048
557/1 , 557/2 , 557/3
0.104
556/1 , 556/2
0.228
561
0.184
555/1 , 555/2
0.048
516
0.004
517
0.028
515
513/1 , 513/2 , 513/3 , 513/4, 513/5 ,
0.082
513/6 , 513/7
0.040
514/1 , 514/2
0.064
497
0.048
498/1 , 498/2
0.064
499/1 , 499/2
0.080
500/1 , 500/2
0.164
501/1 , 501/2
0.605
385/1
0.275
385/2
क्र. 03-बी- 121-2018-19 .-अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2019 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम पोंगरी, पटवारी हल्का- पोंगरी -61 , तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW#03-14 से SW#04-14 के बीच भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 15 नवम्बर 2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी, तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/ अधिभोगी को भी दी गई है.
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
ग्राम/पटवारी
तहसील
जिला
उपयोग के अधिकारी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हे . में ) (5)
(4)
हल्का क्रमांक (3)
(2)
(1)
0.040 पोंगरी/61
760/1 , 760/2 , 760/3 , 760/4, 760/5
शहडोल सोहागपुर
0.056
803 8735
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
क्र. 04- बी-121-2018-19.-अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2019 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम कंचनपुर, पटवारी हल्का कंचनपुर-67 , तहसील सोहागपुर , जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW#04-20A से SW#05-21 के बीच भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 15 नवम्बर 2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय कोनोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है.
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
तहसील
जिला
उपयोग के अधिकारी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे. में ) ग्राम/पटवारी हल्काक्रमांक
(5)
(4)
(1)
0.230
291/1 , 291/2 , 291/3 , 291/4, 291/5
शहडोल
(2) सोहागपुर
(3) कंचनपुर/67
0.056
0.679
0.160
292 347/1/ ख, 347/2 /क, 347/2/ ख, 347/2/7, 347/3 296/1 /क, 296/1 /ख , 296/2 297/1 , 297/2 303/2
0.080 0.136 0.144
348/2, 348/3
क्र. 05- बी- 121-2018-19 .- अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन, केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2019 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम समदाटोला, पटवारी हल्का- पकरिया, तहसील बुढ़ार, जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW # 14-22 C से SW # 15-22 एवं SW # 14-24B से SW # 14-24 के बीच भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 15 नवम्बर 2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है.
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
तहसील
जिला
ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
उपयोग के अधिकारी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे . में) (5)
(4)
(1) शहडोल
(2) सोहागपुर
0.380
(3) समदाटोला/ पकरिया
12/2/1/1 , 12/2/1/2 , 12/2/2 , 12/3 , 12/4 , 12/5 , 12/6 , 12/7 , 12/8 , 12/9 , 12/10 12/12, 12/14
10
9
0.064 0.032 0.382
7/1ख, 7/2 , 7/3 , 7/4, 7/5क , 7/5ख , 7/6, 7/7, 7/8 , 7/9 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8736
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.056
5
0.220
64/2, 64/3 , 64/4, 64/5 , 64/6 , 64/499
0.240
59
0.052
58
क्र. 06- बी- 121-2018-19.- अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2019 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम जरवाही, पटवारी हल्का- जरवाही , तहसील बुढ़ार , जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW#21-23D से SW#21-24 के बीच भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 15 नवम्बर 2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी, तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है.
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
ग्राम/पटवारी
तहसील
जिला
उपयोग के अधिकारी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे. में ) हल्का क्रमांक
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.080
शहडोल सोहागपुर
0.324
जरवाही/ जरवाही
0.136
528/1 , 528/2
0.060
0.160
554/1 , 554/2
0.040
545 530 553 942
0.074
556/2
क्र. 09- बी- 121-2018-19.-अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 07 जुलाई 2020 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम पोंगरी , पटवारी हल्का-पोंगरी-61 , तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW#01-13 से SW #02-13 के बीच भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 31 जुलाई 2020 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर , सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय कोनोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है.
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की
खसरा क्रमांक
ग्राम/पटवारी
तहसील
जिला
जाने वाली भूमि ( हे. में) हल्का क्रमांक
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.181 पोंगरी/61
448/1/1 , 448/1/2 , 448/1/3 , 448/1/4 ,
शहडोल सोहागपुर
448/1/5 , 448/1/6 , 448/2
8737
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.065
449/2
0.065
449/3
0.065
449/4
0.065
449/5
क्र. 10- बी- 121-2018-19.- अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 07 जुलाई 2020 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम सेंदुरी, पटवारी हल्का-सेंदुरी -60 , तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW#01-11 To V. B. Senduri & SW #01-13 से SW #02-13 के बीच भूमिगत पाइप लाइन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 31 जुलाई 2020 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/अधिभोगी को भी दी गई है .
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
तहसील
जिला
उपयोग के अधिकारी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे . में ) ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.005
61/1 , 62/2 , 62/3
सेंदुरी/60
शहडोल सोहागपुर
0.109
6
0.107
5
0.429
3/2, 3/3 , 3/4
0.164
415/1 , 415/2 , 415/3, 415/4 , 415/5 ,
415/6, 415/7
0.408
416
0.153
387
0.080
412
क्र. 11 -बी- 121-2018-19 .-अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाइपलाइन , केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) ( जिसे इसमें इसके पश्चात उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना दिनांक 07 जुलाई 2020 द्वारा राज्य सरकार ने मेसर्स रिलायंस इन्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा मीथेन गैस परिवहन परियोजना के लिये ग्राम मैका, पटवारी हल्का- पोंगरी -61 , तहसील सोहागपुर , जिला शहडोल में वेल क्रमांक SW#01-11 से V. B. Maika के बीच भूमिगत पाइप लाइन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है.
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 31 जुलाई 2020 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम प्राधिकारी , तहसीलदार कार्यालय को नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/ अधिभोगी को भी दी गई है.
[भाग 1 8738
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
अतएव उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिये भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लगमों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित होगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
जिला
तहसील
उपयोग के अधिकारी के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे. में) ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
(5)
(4)
(2)
(3)
(1)
0.008
मैका/61
शहडोल
49/2, 49/3
सोहागपुर
0.005
0.405
0.134
48
47/1k, 47/1kh , 47/2
41
0.005
46
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. के. पाण्डेय , सक्षम प्राधिकारी उपायुक्त राजस्व.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बैतूल, दिनांक 29 सितम्बर 2021
क्र. 13 - अ - 82-19-20-10087.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, कॉलम नम्बर ( 5 ) में वर्णित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. इस हेतु अनुसूची-2 में वर्णित भूमिस्वामियों की भूमियों का, भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची-1
( प्रभावित कृषकों की सूची )
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (5) (3)
अर्जन का रकबा ( हे. में )
(4)
(1)
(2)
0.027 हे. एवं एक मकान
बघोली लघु जलाशय हेतु.
बुकाखेड़ी
मुलताई
बैतूल ( म. प्र. )
अनुसूची-2
(प्रभावित धारकों की सूची )
अर्जित रकबा
ख. नं.
क्र.
भूमिमस्वामी का नाम
कुल रकबा (हे. में. )
(हे. में. )
(3)
(4)
(5)
(2)
(1)
0.027
0.129
312/5
1 अशोक पिता मारोतराव , जाति कुन्बी, सा. देह
मकान 2
312/5
एक
चन्द्रभागा, बेवा साहजी, मारोती, गुणवंतराव , बाबूराव पिता साहजी, निर्मला पिता साहजी, जाति कुन्बी , सा. देह.
0.027
0.129
योग...
( 2 ) चूंकि, बघोली लघु जलाशय हेतु अर्जन की जा रही भूमियों के हितबद्ध व्यक्तियों में से कोई भी व्यक्ति का विस्थापन नहीं होने से धारा 19 की उपधारा ( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार प्रकाशित करने की आवश्यकता नहीं है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) , का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , मुलताई के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) समुचित सरकार की वेबसाईट www.betul.nic.in पर भी अपलोड किया गया है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमनबीर सिंह बैंस, कलेक्टर एवं समुचित सरकार.
भाग 1 ]
8739
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उप- सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
छिन्दवाड़ा , दिनांक 29 सितम्बर 2021
रा. प्र. क्र. 02 - अ- 82-2020-2021 - भू-अर्जन. मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग , मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल का आदेश क्रमांक एफ-12-2-2014- सात- शा. 2 - ए, भोपाल , दिनांक 12 नवम्बर 2014 द्वारा जारी " आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति " ( Consent land Purchase Policy ) के तहत छाबड़ी से अनघोड़ी मार्ग लम्बाई 02.25 कि. मी. निर्माण हेतु निजी भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि क्रय किये जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन , लोक निर्माण विभाग के पक्ष में क्रय किया जाना प्रस्तावित है. उक्त अनुसूची में दर्शाये गये कृषकों की निजी भूमि से सम्बन्धित कृषकों को प्रारूप " क " में सूचना दी जाकर उनसे प्रारूप " ख " में सहमति ले ली गई है.
इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन में छाबड़ी से अनघोड़ी मार्ग लम्बाई 02.25 कि. मी . निर्माण हेतु निजी भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
क्रय की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के भूमिस्वामी का नाम एवं पता (4)
(3)
(1) (2)
ग्राम- छाबड़ी 1. सुनील, मुनीस, छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. -32 कमलेश पिता दूबेलाल जाति गौली निवासी
ब. नं. -172,
रा.नि.मं.- छाबड़ी भूमिस्वामी.
छिन्दवाड़ा-1
2. ज्ञानीलाल पिता टेका जाति गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
3. कौसलबाई पिता
धरमचंद जाति गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
4. मनमोहन पिता भोजे-
लाल जाति गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
5. ब्रजमोहन पिता भोजे-
लाल जाति गौली निवासी छाबड़ी
भूमिस्वामी.
6. रामभरोस पिता महालाल , अनिता विधवा रामप्रसाद,
आनंद, दीपशिखा ना. बा.
पिता पालक मां अनीता
विधवा रामप्रसाद जाति
गौली निवासी छावड़ी
भूमिस्वामी.
क्रय किये जाने वाला प्रस्तावित
योजना जिसके लिये भूमि क्रय की जाना प्रस्तावित है खसरा नम्बर
रकबा ( हेक्टेयर में)
(6)
(7) (5)
0.052
97/1
छाबड़ी से अनघोड़ी मार्ग लम्बाई 02.25 कि. मी . निर्माण हेतु.
0.032
97/2
निजी भूमि के सार्वजनिक 0.42
132
प्रयोजन के लिये.
0.42
181
133/1
0.058
0.042
132/2
137
0.063
0.060
163
169
0.196 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8740
(7)
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.092
173/1
7. घूड़ो पिता मूलचंद जाति गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
0.043
173/2
8. महालाल पिता भोजेलाल जाति गौली निवासी छावड़ी भूमिस्वामी.
0.087
173/3
9. शंकर, सुनील, मनीराम, कमलेश पिता दूबेलाल, सुनीता, सुरैना पिता दूबेलाल जाति गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
0.020
174
10 रामप्रसाद, कालकाप्रसाद, दुर्गा , संतराम पिता महालाल , राधाबाई, मीना पिता महालाल जाति गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
0.018
175
11. खेमचंद पिता मूलचंद जाति गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
0.006
0.005
183/2
12. दुबे पिता सुमर जाति 182/2 गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
0.006
0.005
183/3
13. रूआबचंद पिता सुमर 182/3 जाति गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
0.006
0.005
183/1
14. मोहन पिता सुमर जाति 182/1 गौली निवासी छाबड़ी भूमिस्वामी.
0.880
20
कुल योग .
(2) उपरोक्त अनुसूची में दर्शाई गई भूमि के संबंध में किसी जन सामान्य को भूमि अथवा भूमि के स्वत्व एवं प्रस्तावित भूमि के भू- भाग पर स्थित सम्पत्तियों के संबंध में कोई आक्षेप/ आपत्ति है तो वह जारी दिनांक के 15 दिवस के भीतर लिखित रूप में स्वयं अथवा अभिभाषक के माध्यम से न्यायालय कलेक्टर, छिन्दवाड़ा के कार्यालय में कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत कर सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सौरभ कुमार सुमन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर , जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रायसेन , दिनांक 4 अक्टूबर 2021
प्र. क्र. 03 -अ- 82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न सूची ( 01 ) से ( 06 ) में वर्णित भूमि के खाने (08 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और 8741
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक तहसील ग्राम का नाम
जिला
(4)
(3)
(2)
(1)
2/1 बेगमगंज खिरिया
रायसेन
2/2
पारासर
3
4
5, 11
6
7
8/1
8/2
8/3/1
8/3/2
8/3/3
9
10
12
13
15
16
17/1
24
17/2
17/2/1
24
17/2/2
24
18/1
18/2
19/1
19/2
20/1
20/2 अनुसूची
सार्वजनिक
धारा 11 की
उपधारा (2 )
प्रयोजन का वर्णन अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
कुल रकबा (हेक्टेयर में)
द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(7)
(8) (6)
(5)
1.619 कार्यपालन यंत्री,
1.619
बीना परियोजना
1.599
1.599
0.186
0.186
2.100
2.100
1.847
1.847
जल संसाधन संभाग राहतगढ़ , जिला-सागर.
बीना सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मडिया बांध से डूब प्रभावित हेतु.
1.113
1.113
1.550
1.550
6.499
6.499
5.903
5.903
0.202
0.202
0.607
0.607
4.451
4.451
0.178
0.178
0.154
0.154
0.692
0.692
0.069
0.069
0.512
0.512
0.745
0.745
0.260
0.260
0.045
0.045
1.611
1.611
0.045
0.045
1.511
1.511
1.693
1.693
0.202
0.202
1.146
1.146
0.137
0.137
2.307
2.307 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8742
(5)
(4) (2) (3)
(1)
0.870
21/1
0.324
22
1.493
23
1.396
[भाग 1
(8)
(7)
(6)
0.870
0.324
1.493
1.396
26 शा. न . 27
0.910
28/1
29/1
0.923
1.523
31/1
1.840
31/2
2.533
32/1
0.146
33
1.060
38
0.757
39
1.510
40
0.494
41/2
0.227
43
0.725
45
46
1.195
47
9.357
0.530
48
1.582
49
2.000
50/1/1
0.432
50/1/2
0.753
53/1
0.049
55/1
1.346
55/3/1/1
1.346
55/3/1/2
1.351
55/3/1/3
55/3/2/1/1
0.809
0.822
55/3/2/1/2
55/3/2/2
1.619
1.214
55/3/2/3
0.061
56/1
0.405
56/3/1
1.619
56/3/2
1.335
56/3/3
0.332
58/2
0.737
59/31
0.332
62/55
84.940
0.910
0.923
0.331
0.081
2.240
0.146
1.060
0.757
1.510
0.494
0.227
0.725
1.195
9.357
0.530
1.582
2.000
0.432
0.753
0.049
1.346
1.346
1.351
0.809
0.822
1.619
1.214
0.061
0.405
1.619
1.335
0.332
0.480
0.332
81.439
कुल योग
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय बेगमगंज में देखा जा सकता है.
8743
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
प्र. क्र. 05 - अ - 82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न सूची ( 01 ) से ( 06 ) में वर्णित भूमि के खाने (08 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक तहसील ग्राम का नाम
जिला
(4)
(3)
(1) (2)
बेगमगंज पचीपुरा
रायसेन
2/1/1/1/2
2/1/1/2
2/1/2
2/2/1
5/2/2
2/2/2/5/2/1
3/1
3/2
4/1/1
4/1/2
4/2/1/1
4/2/1/2
4/2/2
5/1
5/2
7/1
7/2/1
7/2/2
7/2/3
7/2/4
7/2/5
8/1
8/2
9
10
11/1/2
11/1/3
11/1/4
11/2/1
11/2/2
13/1
13/2
अनुसूची
सार्वजनिक
धारा 11 की
प्रयोजन का
उपधारा ( 2)
वर्णन अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में )
कुल रकबा (हेक्टेयर में )
द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(8)
(7)
(6)
(5)
0.312
बीना सिंचाई
कार्यपालन यंत्री,
0.312
परियोजना के 0.202 बीना परियोजना
0.202
जल संसाधन
1.664
1.664
2.199
2.199
संभाग राहतगढ़,
1.922 जिला-सागर.
अंतर्गत मडिया बांध से डूब प्रभावित हेतु.
1.922
1.011
1.011
0.797
0.797
0.655
0.655
0.651
0.651
0.799
0.799
0.719
0.800
0.316
0.432
0.311
0.405
0.121
0.841
0.400
0.400
0.405
0.405
1.809
1.809
0.809
0.809
0.17
0.17
0.219
0.219
0.495
0.495
0.117
0.117
1.741
1.741
0.081
0.081
0.158
0.158
0.223
0.223
0.384
0.384
0.389
0.389
0.101
0.384
0.081
0.285
0.233
0.258
0.140
0.255
2.023
0.239
0.283
0.604 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8744
(7)
(8)
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.498
0.684
14
0.405
0.243
29/2/1/1
0.405
0.405
29/2/1/2
0.343
0.405
29/2/1/3
0.202
0.202
116/7/1/1/1
0.377
0.377
116/7/1/1/2
0.575
0.575
116/7/1/2
1.153
1.153
116/7/2
कुल योग 28.105
23.952
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय बेगमगंज में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 06 - अ- 82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न सूची ( 01 ) से ( 06 ) में वर्णित भूमि के खाने (08 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
सार्वजनिक
धारा 11 की
भूमि का विवरण
प्रयोजन का
उपधारा ( 2 )
खसरा क्रमांक
तहसील ग्राम का नाम
जिला
वर्णन
द्वारा प्राधिकृत
अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में )
कुल रकबा ( हेक्टेयर में )
अधिकारी
(8)
(7)
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
बीना सिंचाई
कार्यपालन यंत्री,
0.332
2.501
66/1
बेगमगंज खिरिया
रायसेन
परियोजना के
0.020 बीना परियोजना
1.214
100/1/1/1
नारायणदास
अंतर्गत मडिया बांध
0.012 जल संसाधन
0.841
110
संभाग राहतगढ़
100/1/1/2
से डूब प्रभावित
जिला-सागर.
हेतु.
110
0.010
0.462
108
0.004
0.534
100/1/2/5
110
0.004
0.202
100/110/1/3
0.360
0.360
112
0.417
0.417
114
0.397
1.384
116/1 शा नं. 122
0.089
1.364
116/2 शा. नं. 122
0.093
1.368
116/3 शा. नं. 122
0.084
1.182
116/4/1
0.105
1.206
118/1
118/2/1
0.020
0.161
123/1
0.320
0.642
123/2
0.105
4.047
124/1
0.016
1.349
124/2/1 8745
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
(4)
(3)
(2)
(1)
125
127
130/2
132
137
138/1
कुल योग
(8)
(7)
(6)
(5)
0.020
0.242
1.044
0.178
0.089
0.607
0.004
0.178
0.016
1.234
0.008
1.202
2.703
23.741
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , बेगमगंज में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 08 - अ- 82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ : -
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक तहसील ग्राम का नाम
जिला
(4)
(3)
(1) (2)
7/1 रायसेन बेगमगंज झिरिया बरामद
9
गढ़ी
10
32/4
64/2
64/3
64/4
64/5/1
64/7
64//8/1
64/8/2
65
66
67/1/1
67/1/2
68/1
68/2
69 अनुसूची
सार्वजनिक
धारा 11 की
प्रयोजन का
उपधारा ( 2)
वर्णन
द्वारा प्राधिकृत
अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में )
कुल रकबा (हेक्टेयर में)
अधिकारी
(8)
(7)
(6)
(5)
बीना सिंचाई 0.106
0.910
कार्यपालन यंत्री,
परियोजना के 0.644
0.073 बीना परियोजना
अंतर्गत मंडिया बांध 0.105 जल संसाधन
0.320
0.024 संभाग राहतगढ़
0.097
से डूब प्रभावित 0.037 जिला-सागर.
0.405
हेतु.
0.161
0.405
0.405
0.405
0.356
2.003
0.142
1.670
1.246
1.821
0.809
0.283
1.327
1.327
1.437
1.437
0.736
0.809
0.809
0.809
0.534
0.534
1.497
1.497
0.367
0.367 [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8746
(8)
(7)
(6)
(5)
(4)
(2) (3)
(1)
1.011
1.011
70
0.979
0.979
72/1
0.158
0.158
72/2
0.242
0.631
74/1
0.631
0.631
74/2
0.631
0.631
74/3
0.631
0.631
74/4
1.245
1.245
75/1
1.850
1.850
75/2 शा. न . 77
0.679
0.679
75/3/1 शा . न. 77
2.428
2.428
75/3/2 शा. न. 77
2.285
2.285
75/4 77
0.817
0.817
76
0.692
0.692
78
0.203
0.405
80/1
3.694
4.301
80/2
0.530
0.530
81
0.401
0.401
82
0.729
0.729
83
0.101
0.101
84/1
0.999
0.999
84/2/1
1.814
1.990
84/2/2
0.993
0.993
84/2/3
0.607
0.607
87/1/1/1
0.607
0.607
87/1/1/2
0.607
0.607
87/1/1/3
0.607
0.607
87/1/1/4
0.607
0.607
87/1/1/5
1.214
1.214
87/1/1/6
0.607
0.607
87/1/1/7
1.214
1.214
87/1/1/8
0.405
0.405
87/1/1/9
0.384
0.384
88/1
0.484
0.484
88/2
0.484
0.484
88/3
2.023
2.023
92/1/1
2.189
2.189
92/2
0.607
0.607
92/3/1
3.035
3.035
92/3/2 भाग 1 ]
8747
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
(4)
(5)
(1) (2) (3)
92/4/1
92/4/2
92/4/3
2.117
92/4/4
92/4/5
0.101
92/4/6
93
94/1/1
94/1/2
94/2/1
1.271
94/2/2
0.161
95/1
95/2
96
0.177
97/1/1
98/1/2/3
98/1/3
0.457
98/2/1
99
0.279
100/1
100/2
101
1.169
102
103
104/105/1
0.138
104/105/2
104/105/3
106/1/1
106/1/2
106/1/3
0.421
106/2/1
106/2/2
0.502
107/1
0.546
107/2
108
0.615
1.789
110/1
0.607
110/2
0.429
110/3
0.421
110/4
(7)
(6)
(8)
0.405
0.405
0.473
0.473
2.117
0.405
0.405
0.708
0.708
0.101
0.813
0.813
1.404
1.404
0.550
0.550
1.271
0.161
1.127
1.127
3.215
3.215
1.368
0.979
0.040
0.344
0.032
0.437
0.461
0.243
2.108
0.303
0.279
0.312
0.312
0.918
0.624
0.624
0.364
0.364
1.283
1.283
0.138
1.329
1.145
1.728
1.728
1.279
1.279
1.174
1.174
0.421
1.198
1.198
0.502
0.546
0.615
1.789
0.607
0.429
0.421
1.983
1.983 8748
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
(5)
(4) (1) (2) (3)
0.194
0.121
111/1/2/3
112/1
1.649
112/2
0.623
0.340
113
114/1
0.466
114/2
0.464
2.464
115, 116
0.312
117
118
0.332
119/1
1.146
1.452
119/2
1.586
120/1
120/2/1
0.605
1.217
120/2/2/1
120/2/2/2
0.594
0.679
122
1.983
123/1/1 , 124
0.474
123/1/2
2.023
123/2/1 , 124
0.433
123/2/2, 124
1.048
125/1
125/2
0.927
0.927
125/3
4.285
126
2.662
127/1
1.456
127/2/1
127/2/2
1.214
127/3
2.662
127/4
2.662
129/1
0.692
129/2
0.809
0.809
129/3
130
0.227
131
1.675
133
0.372
2.161
134/1/1/1
0.720
134/1/1/2
2.023
134/1/2
2.023
134/1/3
0.567
134/1/4 (6)
(7)
(8) 0.194
0.121
1.649
0.623
0.340
0.466
0.464
2.464
0.312
0.332
1.146
1.452
1.586
0.605
1.217
0.594
0.679
1.983
0.474
2.023
0.433
1.048
0.927
0.927
4.285
2.662
1.456
1.214
2.662
2.662
0.692
0.809
0.809
0.227
1.675
0.372
2.161
0.720
2.023
2.023
0.567 भाग 1 ]
8749
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
(4)
(5)
(1) (2) (3)
2.023
134/1/5/1/1
1.542
134/1/5/1/1/1
134/1/5/1/1/2
1.538
134/1/5/1/2/3
1.538
134/1/5/1/2/4
1.538
134/1/5/2/1
0.908
0.316
134/1/5/2/2
134/1/5/2/3
0.395
0.607
134/2/1
134/2/2
0.607
0.607
139/64/1
139/64/2
0.753
0.485
138/110/1
0.486
138/110/2
0.486
138/110/3
(7)
(8) (6)
2.023
1.542
1.538
1.538
1.538
0.908
0.316
0.395
0.607
0.607
0.607
0.753
0.485
0.486
0.486
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , बेगमगंज में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 09- अ - 82-21-22 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि के खाने (8 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक जिला तहसील ग्राम का नाम
कुल रकबा (हेक्टेयर में )
(3)
(4)
(5)
(1) (2)
0.238
107/1 रायसेन बेगमगंज शाहपुर
0.238
107/2
हदाईपुर
0.186
109/1
110
0.441
111
0.397
0.187
113/1/5
0.943
113/2
117
1.631
125/2
1.104
126
0.684
128
0.777
129
0.854
7.680
कुल योग .
धारा 11 की
सार्वजनिक
प्रयोजन का
वर्णन अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(7)
(6)
(8) 0.009
बीना सिंचाई कार्यपालन यंत्री,
0.041
परियोजना के बीना परियोजना
0.060
अंतर्गत मडिया बांध जल संसाधन
0.025 संभाग राहतगढ़ से डूब प्रभावित 0.010 जिला-सागर.
हेतु.
0.016
0.034
0.064
0.010
0.256
0.010
0.144
0.679
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय, बेगमगंज में देखा जा सकता है .
8750
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
प्र. क्र. 12 - अ-82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
भूमि का विवरण जिला तहसील ग्राम का नाम खसरा क्रमांक कुल रकबा (हेक्टेयर में )
(1) (2) (3)
(5)
(4) रायसेन बेगमगंज वरी कलॉ
5/1
5/2
1.214 0.603 0.239
9
7
0.227
8
0.510
0.433
42/243
0.405
56/1
62/1
0.223 3.854
योग .
धारा 11 की
सार्वजनिक
प्रयोजन का वर्णन अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में )
उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(8)
(7)
0.239
बीना सिंचाई कार्यपालन यंत्री,
0.065 बीना परियोजना
0.069 जल संसाधन
0.049 संभाग राहतगढ़
0.025 जिला-सागर.
परियोजना के अंतर्गत मडिया बांध से डूब प्रभावित हेतु.
0.015
0.105
0.081 0.648
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय बेगमगंज में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 16- अ-82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू- अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक जिला
ग्राम का नाम
तहसील
कुल रकबा (हेक्टेयर में )
(2) (3)
(4)
(5)
2.112
(1) रायसेन बेगमगंज विनायकपुर
111/2
0.862
2.023
176/2/2/2 , 177
179
3.371
205/1
0.612
206
0.490
207
0.243
209
1.089
211
0.530
213/1/1
4.856
213/2/1
2.023
सार्वजनिक धारा 11 की
प्रयोजन का वर्णन अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में )
उपधारा (2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7)
(8) 0.040
बीना सिंचाई कार्यपालन यंत्री,
0.024
परियोजना के बीना परियोजना
0.028
जल संसाधन
0.049 संभाग राहतगढ़
0.028 जिला-सागर .
अंतर्गत मडिया बांध से डूब प्रभावित हेतु.
0.016
0.243
0.065
0.049
0.101
0.020 8751
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
(4)
(5)
(3)
(2)
(1)
4.046
213/2/2
1.582
224
2.740
225
6.981
227
5.066
230
0.809
241/1/1
0.950
241/1/2
0.809
241/1/3
1.385
241/1/4/1/0001
1.385
241/1/4/1/0002
1.385
241/1/4/1/0003
3.278
243/1, 244, 245
1.582
247
50.209
योग ..
(8)
(7)
(6)
0.061
0.032
0.077
0.542
0.129
0.024
0.082
0.081
0.036
0.012
0.028
0.082
0.101
1.950
नोट - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय बेगमगंज में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 28- अ-82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक कुल रकबा
तहसील ग्राम का नाम
जिला
(हेक्टेयर में)
(5)
(3)
(4) (2)
(1)
2.213
3 बेगमगंज नैनविलास
रायसेन
2.213
योग ..
धारा 11 की
सार्वजनिक
प्रयोजन का उपधारा (2)
अर्जित रकबा
वर्णन (हेक्टेयर में) द्वारा प्राधिकृत
अधिकारी
(8)
(7)
(6)
बीना सिंचाई 0.028 कार्यपालन यंत्री,
बीना परियोजना
जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला-सागर.
परियोजना के अंतर्गत मडिया बांध से डूब प्रभावित हेतु.
0.028
नोट - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी, कार्यालय बेगमगंज में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 29- अ- 82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8752
दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
सार्वजनिक
धारा 11 की
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक
तहसील ग्राम का नाम
जिला
प्रयोजन का वर्णन
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
कुल रकबा
(हेक्टेयर में )
उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(8)
(7)
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.016
2.007
कार्यपालन यंत्री,
15/4
बेगमगंज मडिया हसन
रायसेन
0.223
1.011
19/1
0.878
20/1/1/1
0.344
0.607
20/1/1/2
बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला-सागर.
0.161
बीना सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मडिया बांध से डूब प्रभावित हेतु.
1.032
22
0.081
0.628
23
0.016
0.243
25
0.081
0.518
26
0.789
1.489
28/3/1/1
0.142
0.340
28/3/1/4
1.296
1.874
31/1
0.202
0.405
31/2
0.242
0.405
31/3
1.052
1.870
31/4
0.032
0.461
32/2
0.169
1.149
84
0.947
1.028
86
0.121
0.421
87
0.101
1.214
88/2
1.190
1.214
88/3
0.975
1.394
88/4
0.413
0.413
89
0.421
0.502
90
1.469
1.469
92
0.938
0.938
93
0.470
0.470
94
0.809
0.833
95 ब
0.647
1.226
96
0.081
0.174
97/1
0.016
0.134
98 शा. न . 99
0.032
0.134
99
0.081
0.081
100
0.323
0.462
101
0.041
2.112
102/2
0.008
3.731
107
0.343
1.530
108/1
0.506
1.534
108/2
0.441
0.441
109/1 भाग 1 ]
8753
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
(4) (2) (3)
(1)
109/2
114/1
114/2
115
116/1
116/2
117
118/1
118/2
119
120/1
120/2
120/3
121/1/2
121/2
121/3
124/118
(7)
(8) (6)
(5)
0.441
0.441
0.582
0.582
0.582
0.582
0.781
0.781
1.335
1.376
0.190
0.190
0.219
0.219
0.036
0.607
1.178
0.777
0.121
0.886
0.072
0.728
0.526
1.166
1.166
1.619
1.619
0.663
0.663
0.809
0.809
1.469
1.469
1.052
0.683
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय बेगमगंज में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 37 - अ- 82-21-22.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक तहसील ग्राम का नाम
जिला
(4) (2) (3)
(1)
1
सलैया
रायसेन बेगमगंज
5/1/1
5/1/2
5/2/1
5/2/2
योग...
सार्वजनिक धारा 11 की
प्रयोजन का उपधारा ( 2)
वर्णन अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
कुल रकबा (हेक्टेयर में)
द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(8)
(5)
(6)
(7)
0.041
बीना सिंचाई
0.134
कार्यपालन यंत्री,
0.008
परियोजना के बीना परियोजना
0.247
0.041
जल संसाधन
अंतर्गत मडिया बांध
0.202
0.020
0.117
संभाग राहतगढ़ से डूब प्रभावित 0.004
0.045
जिला-सागर. हेतु.
0.114
0.745
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , बेगमगंज में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 38 - अ- 82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय 8754
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
अनुसूची
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक जिला तहसील ग्राम का नाम
कुल रकबा (हेक्टेयर में)
(5)
(3)
(4) (1) (2)
0.720
2/1
रायसेन बेगमगंज सोठिया
2/2
0.809
4
0.701
5
0.817
0.684
6
10
0.097
18
0.323
20
0.109
22
0.486
36
0.555
0.866
64
66/1/1/1
0.230
66/1/1/2
0.125
0.125
66/1/1/3
0.607
66/1/2
66/1/3/1
0.470
0.405
67/2
73
1.716
2.663
75/1
2.667
75/2
2.748
78/1/1
1.011
78/1/2
4.047
78/2
87
0.089
1.971
0.809
113/1/1/2/1
0.798
113/1/1/2/2
0.405
113/1/2
113/2
1.538
4.140
114/1
4.047
114/2
117/1 शामिल नं. 118 1.011
0.760
117/2 शामिल नं . 118
0.760
117/3 शामिल नं. 118
2.502
125
129/2
1.104
2.621
143/66
45.536
योग ..
सार्वजनिक धारा 11 की
उपधारा ( 2 )
प्रयोजन का वर्णन अर्जित रकबा ( हेक्टेयर में ) द्वारा प्राधिकृत
अधिकारी
(7)
(8) (6)
0.720 कार्यपालन यंत्री,
0.809
बीना परियोजना
जल संसाधन
0.458
0.012 संभाग राहतगढ़
0.259 जिला-सागर.
बीना सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मडिया बांध से डूब प्रभावित हेतु.
0.040
0.040
0.020
0.040
0.020
0.081
0.041
0.048
0.081
0.530
0.109
0.032
0.372
0.465
0.182
0.345
0.161
1.117
0.012
0.073
0.041
0.045
0.020
0.145
0.384
0.627
0.040
0.081
0.121
0.032
0.133
1.367
9.103
नोट- भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय , बेगमगंज में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
8755
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
प्र. क्र. 42- अ- 82-21-22.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि निम्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अतः भू-अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ :-
भूमि का विवरण
खसरा क्रमांक जिला तहसील ग्राम का नाम
(3)
(2)
(4) (1)
रायसेन बेगमगंज पिपलिया भाट
61/1 61/2/1 61/2/2 71
योग ..
अनुसूची
सार्वजनिक
धारा 11 की
प्रयोजन का वर्णन अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
कुल रकबा (हेक्टेयर में)
उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(7)
(8) (5)
बीना सिंचाई कार्यपालन यंत्री,
0.028 0.017 0.036
0.462 0.205 0.261 0.898
0.081
बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला-सागर.
परियोजना के अंतर्गत मडिया बांध से डूब प्रभावित हेतु.
1.826 0.162
नोट - भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , कार्यालय बेगमगंज में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अरविंद कुमार दुबे, कलेक्टर एवं समुचित सरकार.
विभाग प्रमुखों के आदेश कार्यालय , वाणिज्यिक कर आयुक्त, मध्यप्रदेश इन्दौर, दिनांक 13 अक्टूबर 2021
आदेश
क्र. 193-2014-15-30 - पन्द्रह -237.- मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 167 के अध्यधीन प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए तथा शासन द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ ए- 3-02-2017-1- पांच (48 ) , दिनांक 20 जून 2019 के अनुक्रम में नीचे दी गई सारणी के कालम ( 2 ) में उल्लेखित अधिकारी एवं कालम ( 3 ) में उल्लेखित पदनाम के अधिकारी को कालम ( 4 ) में उल्लेखित क्षेत्र से संबंधित इस अधिनियम के अन्तर्गत लंबित एवं उद्भूत होने वाले अपील प्रकरण सुनने हेतु अधिकृत किया जाता है:-
अधिकारी का नाम (2)
अधिकारी का पदनाम (3) अ. क्र. (1)
1 श्री आनन्द भार्गव
संपादित किये जाने योग्य कार्य (4)
भोपाल संभाग -1 , भोपाल संभाग -2 एवं सागर संभाग.
राज्य कर संयुक्त आयुक्त
(अपीलीय प्राधिकारी इन्दौर संभाग -1 )
2 श्री पी. के. सिंह
राज्य कर संयुक्त आयुक्त (कार्यालय परिक्षेत्रीय अपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर परिक्षेत्र- भोपाल) .
जबलपुर संभाग -1 , जबलपुर संभाग -2 एवं सतना संभाग.
राघवेन्द्र कुमार सिंह, वि.क.अ. सह- आयुक्त.
[भाग 1 8756
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन, मध्यप्रदेश एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग खरगोन, दिनांक 20 सितम्बर 2021
उज्जैन, दिनांक 01 अक्टूबर 2021 क्र. 177- भू- अर्जन -2021 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
क्र. भू- अर्जन- 2021-1308- राजस्व प्रकरण क्रमांक 0011 -अ- 82-2020-21 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
अनुसूची
(ख) तहसील- कसरावद
(1 ) भूमि का वर्णन-
(ग) ग्राम- पंचदेवली
(घ ) अर्जनीय भूमि का क्षेत्रफल-0.357 हेक्टेयर.
(क) जिला- उज्जैन
रकबा
खसरा न .
(ख ) तहसील- उज्जैन
(हे. में)
(ग) ग्राम- कस्बा उज्जैन
(2)
(1)
(घ) अर्जित रकबा 0.173 हेक्टेयर.
0.176
106
0.056
107/1
परिसंपत्तियां
क्रमांक
अर्जन हेतु
0.076
107/2
कुल रकबा प्रस्तावित
खसरा क्रमांक
0.027
108/1
रकबा
0.012
108/2
(हे. में)
0.010
108/10
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
योग .. 0.357
0.173
0.7630
1 2538/2
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-" अंबक नाला तालाब योजना के नहर विस्तारीकरण कार्य हेतु".
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- श्री महाकालेश्वर मंदिर के संबंध में नरसिंहघाट से चारधाम मंदिर रोड निर्माण के लिए अधिग्रहण करने के अंतर्गत.
(3 ) प्रस्तावित भूमि के अर्जन से किसी भी कृषक का विस्थापन नहीं किया जाना है, जिससे पुनर्व्यवस्थापन क्षेत्र की पहचान व पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना के सार का प्रकाशन किया जाना आवश्यक नहीं है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू- अर्जन अधिकारी , उज्जैन तथा प्रशासक श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति, उज्जैन के कार्यालय में किया जा सकता है.
(4 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , रा. एवं भू- अर्जन अधिकारी , कसरावद एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
आशीष सिंह, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अनुग्रहा पी , कलेक्टर एवं समुचित सरकार.
8757
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
कार्यालय, कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन ( 1 ) उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 29 सितम्बर 2021 प्र. क्र. 41 - अ-82- वर्ष- 2020-21.- भूमिअर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 ( 1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन तारीख से प्रावधानित समय- सीमा 60 दिवस की समयावधि में कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं होने के कारण भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 ( 2 ) के अंतर्गत रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई तथा इस आधार पर राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित प्रयोजन के लिए आवश्यकता है, इस प्रकरण में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है , इसलिए पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की स्कीम की आवश्यकता नहीं है, अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिए अपेक्षित हैः-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला - पन्ना
(ख) तहसील- पन्ना
(ग) ग्राम- बकचुर
(घ) क्षेत्रफल-7.710 हे. एवं शासकीय/वनखण्ड/निजी भूमि पर स्थित 10 मकानों का क्षेत्रफल 814.90 वर्ग मी.
क्रमांक
भूमिका प्रकार खसरा नम्बर
कुल अर्जित भूमिका रकबा ( हैक्टेयर में )
मकान क्षेत्रफल (वर्ग मी. में)
(5)
(3)
(4)
(2)
(1)
मकान
86.60
P-274
1
मकान
28.49
2 P-274
(3)
(2) (4) (5) 346.35
3 मकान P-274
14.52
4 मकान P-274
मकान 116.08
5 07
मकान 6
23.65
06
70.50
मकान 7
06
59.16
8 06 मकान
मकान 45.60
07
9
मकान 11
23.95
10
1.250
11
11
निजी भूमि
3.720
12 12/मिन/1
निजी भूमि
0.400
12/मिन/2
13
निजी भूमि
1.190
14
7
निजी भूमि
1.150
15
9
निजी भूमि
7.710
814.90
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है:- पन्ना टाईगर रिजर्व के नियंत्रण की इकाई पन्ना (गंगउ) अभ्यारण के अंतर्गत ग्राम बकचुर के विस्थापन उपरांत बी सूची के लिये अचल संपत्तियों (भूमि/मकानों ) के अधिग्रहण हेतु धारा 19 का प्रकाशन, ग्राम बकचुर तहसील एवं अनुभाग पन्ना.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , पन्ना में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय कुमार मिश्र, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सागर, दिनांक 7 अक्टूबर 2021 मौजा हिरनछिपा पट.ह.नं. - 52 तहसील बीना
क्र. 54- अ- 82-20-21 - भू-अर्जन- 21-9940भू-अर्जन-2021.-उप मुख्य अभियंता निर्माण- II पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल के प्रस्ताव अनुसार बीना से कटनी बी.जी. रेल लाईन ( तिहरीकरण ) परियोजना निर्माण हेतु मौजा हिरनछिपा पट.ह.नं. - 52 तहसील बीना जिला सागर की भूमि खसरा नंबर 46/1 , 46/2,46/4, 66/1 , 46/3 , 47/1/1 , 47/1/2 , 47/1/3 , 47/1/4, 47/1/5 , 48 , 50, 51 , 2/2 , 2/1 , 61/1 , 70/1 , 70/8 , 70/7 , 70/9,67/9/4 , 67/1/4/1 , 67/1/4/2 , 67/1/5/1 , 67/1/5/3 , 71/4, 67/4, 67/2 , 67/7 , 66/5 , 66/3, 66/7 , 66/2, 66/10/7 , 66/10/1/1 , 66/10/2 , 66/16 , 66/15 , 66/10/5 , 66/10/4 , 66/10/6, 66/14, 66/13/2 , 66/13/5 , 66/13/1 , 67/1/1 , 71/3 , 70/6, 67/1/2,67/ 1 /5/2 , 67/1/6 , 61/2, 67/9/1 , 63/18 , 63/98 , 63/58 , 63/106, 63/110 , 63/105, 63/90, 63/45, 63/22, 63/134, 63/68 , 63/68 , 63/132 , 63/11 , 63/136 , 63/133 , 63/59 , 63/63 , 63/2/4, 63/4, 63/117 , 63/2/1/1 , 63/2/1/2 , 63/2/13 , 63/2/1/4 , 63/ 2/ 2,63/ 31 , 63/101 , 63/112 , 63/3 , 63/108,63/76 , 63/77 में से रकबा 7.486 हे. भूमि का अर्जन करना चाहती है. समुचित [भाग 1 8758
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
सरकार द्वारा भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 4 के तहत गठित सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन दल द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन उपरांत मध्यप्रदेश भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम, 2015 के नियम 5 के तहत प्ररूप - ख में सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट एवं प्ररूप - ग में सामाजिक समाघात प्रबंध योजना प्रस्तुत की गई है जो इस सूचना के साथ संलग्न कर प्रकाशित की जा रही है.
संलग्नः-प्ररूप-ख एवं ग
दीपक आर्य , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
प्रारूप-ख
بیر
(नियम-5 देखिए)
सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट
बीना से कटनी बी.जी. लाईन तिहरीकरण
1 परियोजना का नाम
2 लोक प्रयोजन
आमजन के सुगम आवागमन हेतु बीना से कटनी रेलवे लाईन के एवज में रेलवे लाईन का निर्माण
3 स्थल
मौजा हिरनछिपा प.ह.नं.-52 में खसरा नंबर 46/1 , 46/2 , 46/4, 66/1 , 46/3 , 47/1/1 , 47/1/2, 47/1/3 , 47/1/4, 47/1/5, 48 , 50, 51 , 2/2 , 2/1 , 61/1 , 70/1 , 70/8 , 70/7, 70/9 , 67/9/4, 67/1/4/1 , 67/1/4/2 , 67/1/5/1 , 67/1/5/3 , 71/4, 67/4, 67/7. 66/5, 66/7, 66/10/7, 66/10/1/1 66/10/2, 66/16 , 66/15 , 66/10/5 , 66/10/4, 66/10/6 , 66/14 , 66/13/2 , 66/13/5 , 66/13/1 , 67/1/1, 67/9/1 , 63/18 , 63/98 , 63/58 , 63/106 , 63/110, 63/105 , 63/90, 63/45 , 63/22, 63/134 , 63/86, 63/68 , 63/132 , 63/11 , 63/136, 63/133 , 63/59, 63/63, 63/2/4, 63/24, 63/117, 63/2/1/1 , 63/31 , 63/101 , 63/112 , 63/3 , 63/108, 63/76, 63/77 हे. रकबा कमशः-0.05 , 0.06, 0.05, 0.95, 0.04, 0.28, 0.28 , 0.28, 0.28, 0.08 , 0.220, 0.540, 0.380, 0.80, 0.42, 4.845 , 0.190, 0.700, 0.950 , 0.500 , 0.070, 0.140, 0.057 , 0.134, 0.066 , 0.010, 0.150 , 0.060 , 0.120 , 0.180,0.077, 0.0355, 0.022, 0.0120 , 0.007, 0.009, 0.009 , 0.009, 0.007 , 0.006, 0.006, 0.174 , 0.010 , 0.390 , 0.010 , 0.010 , 0.010 , 0.010, 0.010, 0.010, 0.015 , 0.010 , 0.020 , 0.010 , 0.010 , 0.010, 0.008 , 0.010 , 0.020 , 0.030 , 0.011 , 0.010 , 0.010 , 0.010 , 0.015 , 2.060 , 0.010 , 0.010 , 0.010 , 0.010 , 0.010 , 0.010, 0.010 हे. में से रकबा कमशः-0.050 , 0.598 , 0.050, 0.440, 0.040 , 0.240, 0.240 , 0.250, 0.260, 0.070 , 0.170 , 0.030, 0.050 , 0.330 , 0.190 , 1.940 , 0.090, 0.130 , 0.350 , 0.200, 0.070, 0.120 , 0.030 , 0.120, 0.060 , 0.010 , 0.080 , 0.050, 0.070, 0.120, 0.077, 0.355 , 0.022, 0.012, 0.0027, 0.0033, 0.0033, 0.0033 , 0.007 , 0.006 , 0.006, 0.1323 , 0.010, 0.030, 0.010 , 0.010, 0.010, 0.010, 0.010 , 0.010 , 0.015, 0.010 , 0.020 , 0.010, 0.010 , 0.010 , 0.008, 0.010 , 0.020 , 0.023 , 0.008 , 0.008 , 0.008 , .008, 0.012, 0.388 , 0.010, 0.010 , 0.010, 0.010 , 0.010, 0.005 , 0.005 हे. कुल रकबा- 7.486 हे.
7.486 हे.
4 परियोजना का क्षेत्र
5 विकल्प जिन पर विचार किया गया प्रभावित भूमि के अतिरिक्त तीसरी रेलवे निर्माण हेतु अन्य कोई उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं हैं ।
उप मुख्य अभियंता निर्माण ।। पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल
6 विकासकर्ता की पृष्ठ भूमि नियंत्रण सहित
7 परियोजना निर्माण के चरण
भूमि अधिग्रहीत की जाकर, समतलीय उपरांत योजनाबद्ध तरीके से तीसरी लाईन बिछानी हैं ।
संलग्न हैं ।
8 परियोजना के प्रभावों को दर्शाने वाले क्षेत्र के नक्शे
7.486 है.
9 परियोजना के लिये आवश्यक कुल भाग 1 ]
8759
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भूमि
10 भूमि का मूल्य
वर्ष 2020-21 की गाईड- लाईन के अनुसार
08
11 प्रभावित परिवारों / कुटुम्ब की संख्या
12 परिसंपत्तियाँ
संलग्न हैं ।
08
13 विस्थापित होने वाले संभावित परिवारों की संख्या
14 सामाजिक समाघात
निरंक
15 विकल्प जिन पर विचार किया गया
निरंक
16 निष्कर्ष
प्रस्तावित भूमि पर बीना- कटनी बी.जी. तीसरी लाईन के निर्माण से आमजन को आवागमन की सुविधा बढ़ेगी । भूमि अर्जन से प्रभावित भू- धारक की जीविका अर्जन पर भी कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा अतः क्षेत्र के विकास हेतु प्रस्तावित भूमि का अर्जन किया जाना उचित हैं ।
प्रारूप-ग
(नियम-5 देखिए) सामाजिक समाघात प्रबंध योजना
निम्नलिखित पर समाघातों के समाधान हेतु आवश्यक सुधारात्मक उपाय : -
ग्राम- हिरनछिपा प.ह.नं. -52
02
1 प्रभावित परिवारों की जीविका
निरंक
2 लोक और सामुदायिक परिसम्पत्तियाँ
निरंक
3 आस्तियां और अधोसंरचना विशेषकर सड़के, लोक परिवहन
निरंक
4 जल-मल निकासी एवं स्वच्छता
निरंक
5 पेयजल के स्त्रोत
निरंक
6 पशुओं के लिए जलस्त्रोत
निरंक
7 सामुदायिक तालाब
निरंक
8 जन सुविधाएँ (जैस- पोस्ट आफिस , उचित मूल्य दुकान, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाएँ, स्कूल, ऑगनबाड़ी, बाल उद्यान, कब्रिस्तान एवं शमशान)
जल निकास हेतु उचित व्यवस्था
9 वे उपाय जिनके बारे में अपेक्षक निकाय का कथन हैं कि वह प्रस्तावित परियोजना में शामिल करेगा
सहमत हैं ।
10 अतिरिक्त उपाय जिनके बारे में अपेक्षक निकाय का कथन हैं कि सामाजिक समाघात निर्धारण प्रक्रिया और जन सुनवाईयों के निष्कर्षो के प्रति उत्तर में उसका जिम्मा लेगा । 8760
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
परिसम्पत्तियों का विवरण पत्रक (अनुलग्नक-1 )
विषय :- सागर जिले के बीना क्षेत्रान्तर्गत बीना- कटनी बी.जी. तीसरी रेलवे लाईन का निर्माण बाबत् ।
मौजा- हिरनछिपा प.ह.नं.-52
क.
भू-स्वामियों का नाम
खसरा नंबर
परिसम्पत्तियों का नाम रिमार्क 1
2
3
4
5 1 राजीव पिता सीताराम अग्रवाल सा. बीना भूमिस्वामी 46/2 1-नीम , 1 -सेमर , 4-बबूल
2 रामसेवक पिता हीरालाल राय वीरसावरकर वार्ड बीना 66/16 मकान पक्का-1 3
63/18
मकान पक्का-1 खिलान सिंह पिता गोरेलाल राय, संतोषी, पूजा, आरती, रविन्द्र कुमार, अनुज कुमार पिता खिलान सिंह
सा. करोंदा
4 रामलाल पिता कन्हैयालाल अहिरवार सा. देह
63/106
मकान पक्का सह दुकान -1
5
63/45
मकान पक्का-1 सैयद ाहीद अली पिता सैयद जाकिर अली सा. गांधी वार्ड बीना
63/22 मकान पक्का-1 6 हीरालाल पिता कम्मोदी सा. पूर्वी रेलवे कालोनी बीना 1/2भाग , वीरसिंह पिता ग्यारसी अहिरवार सा. नौगॉव (1000 वर्गफुट मकान पक्का 1 ) 1/2 भाग
7 गजराज पिता रामलाल कुर्मी सा. चन्द्रशेखर वार्ड बीना 63/76 मकान पक्का-1/ 2 भाग
8
हरगोविन्द पिता जत्थे प्रजापति सा. देह
63/77
मकान पक्का-1/ 2 भाग
9
मूलचंद पिता पन्नालाल सेन सा. पड़रिया 63/132 मकान पक्का-1 8761
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर
जबलपुर, दिनांक 4 अक्टूबर 2021
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री रवीन्द्र सिंह कुशवाह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 01 अक्टूबर 2021 क्र. B-6247- दो-3-420-80- भाग- बारह .- श्री जी. पी. अग्रवाल , सेवानिवृत्त प्रधान न्यायाधीश, ( जिला न्यायाधीश ) , कुटुंब न्यायालय, उज्जैन को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश फा. क्र. 195- इक्कीस- ब( एक ) -2018, दिनांक 31 मार्च 2018 समसंख्यक पत्र क्रमांक-4346-इक्कीस- ब( एक) -2018 , दिनांक 19 सितम्बर 2018 समसंख्यक आदेश क्रमांक 3 (ए) 19-03- इक्कीस- ब( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12( 3 ) , मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग मंत्रालय , भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-6-1-2018- नियम - चार, दिनांक 08 मार्च 2019 के अनुसार श्री अग्रवाल को उनकी सेवानिवृत्ति दिनांक 31 जुलाई 2021 को निम्नानुसार अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति प्रदान की जाती है:-
क्र. D-4889-दो- 2-63-2017 .- श्री कृष्ण गोपाल सुरेका, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , धार को दिनांक 11 से 12 अक्टूबर 2021 तक दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 10 अक्टूबर 2021 के एवं पश्चात् में 13 से 19 अक्टूबर 2021 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
1. अर्जित अवकाश अर्द्धवेतन अवकाश 216 84 योग : 300 दिवस
अवकाश से लौटने पर श्री कृष्ण गोपाल सुरेका , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, धार को धार पुनः पदस्थापित किया जाता है.
2. उक्त अवकाश के वेतन के समतुल्य राशि की गणना निम्नानुसार की जावेगी:-
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
(i ) अर्जित अवकाश के एवज में भुगतान = 216 दिवस का पूर्ण अवकाश वेतन.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री कृष्ण गोपाल सुरेका, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
(ii) सेवानिवृत्ति की तिथि को आधा अवकाश वेतन अनुज्ञेय+ महंगाई भत्ता
X 4
अर्द्धवेतनिक अवकाश
क्र. B-6169-दो-2-57-2020.- श्रीमती विधि सक्सेना, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 13 से 14 सितम्बर 2021 तक दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
30
के एवज में नगद
भुगतान.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती विधि सक्सेना , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
यू. एस. दुबे, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी. कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
जबलपुर, दिनांक 30 सितम्बर 2021
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती विधि सक्सेना, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. D-4887-दो- 2-19-2019 .- श्री रवीन्द्र सिंह कुशवाह, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , खण्डवा को दिनांक 11 से 12 अक्टूबर 2021 तक दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 13 से 19 अक्टूबर 2021 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
क्र. B-6166-दो- 2-50-2018 .- डॉ. रमेश साहू, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 29 सितम्बर से 01 अक्टूबर 2021 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 2 एवं 03 अक्टूबर 2021 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री रवीन्द्र सिंह कुशवाह, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , खण्डवा को खण्डवा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
8762
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2. उक्त अवकाश के वेतन के समतुल्य राशि की गणना निम्नानुसार की जावेगी:-
अवकाश से लौटने पर डॉ. रमेश साहू, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
(i ) अर्जित अवकाश के एवज में भुगतान 110 दिवस का पूर्ण अवकाश वेतन.
(ii)
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
सेवानिवृत्ति की तिथि को आधा अवकाश वेतन अनुज्ञेय महंगाई भत्ता
-X 190
अर्द्धवेतनिक अवकाश
30
के एवज में नगद
भुगतान.
प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. रमेश साहू, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B-6162-दो- 2-40-2019. श्री अमिताभ मिश्र, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को दिनांक 11 से 12 अक्टूबर 2021 तक दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 10 अक्टूबर 2021 के तथा अवकाश के पश्चात्में दिनांक 13 से 19 अक्टूबर 2021 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री अमिताभ मिश्र, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को सीधी पुनः पदस्थापित किया जाता है .
क्र. B - 6218-दो- 2-80-2017.-श्री जी. पी. अग्रवाल, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, उज्जैन को दिनांक 19 जुलाई 2021 का एक दिन का ऐच्छिक अवकाश तथा दिनांक 20 जुलाई 2021 के एवं दिनांक 22 जुलाई 2021 के कुल दो दिन के आकस्मिक अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण , दिनांक 01 नवम्बर 2019 से 31 अक्टूबर 2021 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19-03 -इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक- 3666- इक्कीस- ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत प्रदान की जाती है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अमिताभ मिश्र, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B -6231-दो- 2-37-2021 .- श्री भारत सिंह रावत, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, ग्वालियर को दिनांक 15 से 17 सितम्बर 2021 तक तीन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 18 एवं 19 सितम्बर 2021 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
जबलपुर, दिनांक 4 अक्टूबर 2021
अवकाश से लौटने पर श्री भारत सिंह रावत , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री भारत सिंह रावत, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B - 6202-दो- 3-420-80- भाग- बारह.- श्री राकेश कुमार सिंह, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शहडोल को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश फा. 195 - इक्कीस - ब( एक) -2018 , दिनांक 31 मार्च 2018 समसंख्यक पत्र क्रमांक-4346- इक्कीस-ब( एक) -2018 , दिनांक 19 सितम्बर 2018 समसंख्यक आदेश क्रमांक 3( ए) 19-03-इक्कीस- ब ( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 3 ) , मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग मंत्रालय , भोपाल के संशोधित ज्ञापन क्रमांक एफ-6-1-2018- नियम - चार, दिनांक 08 मार्च 2019 के अनुसार श्री सिंह को उनकी सेवानिवृत्ति दिनांक 31 जुलाई 2021 को निम्नानुसार अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति प्रदान की जाती है:-
1. अर्जित अवकाश 110
अर्द्धवेतन अवकाश 190
योग : 300 दिवस
क्र. B-6249- दो - 2-80-2017.-श्री जी. पी. अग्रवाल, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , उज्जैन को दिनांक 29 जुलाई 2021 के एक दिन के आकस्मिक अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण, दिनांक 1 नवम्बर 2019 से 31 अक्टूबर 2023 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस (केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के भाग 1 ]
आदेश क्रमांक- 3- ( ए ) 19-03 -इक्कीस - ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक- 3666- इक्कीस - ब ( एक) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत प्रदान की जाती है .
जबलपुर, दिनांक 8 अक्टूबर 2021
क्र. A- 3793-दो- 2-14-2014.-श्री अमर नाथ , प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट को दिनांक 27 से 29 सितम्बर 2021 तक, तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री अमर नाथ , प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अमर नाथ , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 9 अक्टूबर 2021
क्र. A- 3825- दो- 2-36-2020 .- श्री चन्द्रदेव शर्मा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , छिन्दवाड़ा को दिनांक 27 से 30 सितम्बर 2021 तक चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 4 अक्टूबर 2020 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री चन्द्रदेव शर्मा, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , छिन्दवाड़ा को छिन्दवाड़ा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री चन्द्रदेव शर्मा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. A- 3827-दो- 2-42-2020 .- श्री एच . के. कौशिक, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , दतिया को दिनांक 20 से 23 अक्टूबर 2021 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 14 से 19 अक्टूबर 2021 तक के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 24 अक्टूबर 2021 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
8763
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
अवकाश से लौटने पर श्री एच. के. कौशिक, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , दतिया को दतिया पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एच. के. कौशिक, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. A-3829-दो- 2-34-2018.- सुश्री नीना आशापुरे, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , सीहोर को दिनांक 15 से 17 सितम्बर 2021 तक तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 18 एवं 19 सितम्बर 2021 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर सुश्री नीना आशापुरे , प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, सीहोर को सीहोर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री नीना आशापुरे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. A- 3831- दो - 2-55-2017.- श्री अजय कुमार गर्ग, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को दिनांक 7 से 12 अक्टूबर 2021 तक, छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 6 अक्टूबर 2021 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 13 से 19 अक्टूबर 2021 तक के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री अजय कुमार गर्ग , प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को बड़वानी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अजय कुमार गर्ग , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, यू. एस. दुबे , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी.
8764
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
विभाग प्रमुखों के आदेश
संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश, भोपाल
" कचनार ", ई-5 , पर्यावरण परिसर, अरेरा कालोनी , हबीबगंज पुलिस थाना के पास , भोपाल-462016
भोपाल , दिनांक 11 अक्टूबर 2021
सूचना
क्रमांक- 4575- अमृत- वि.यो.- 14- ग्वालियर- नग्रानि- 2021.- एतद्वारा यह सूचना दी जाती है कि ग्वालियर निवेश क्षेत्र के लिए ग्वालियर विकास योजना, 2035 का प्रारूप मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (क्र. 23 सन् 1973 ) की धारा 18 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार निम्नानुसार प्रकाशित किया गया है, इसकी एक प्रति संचालनालय की वेब साइट- http://mptownplan.gov.in/LU-panel/Gwalior/Amrut/gw12035.pdf पर तथा कार्यालयीन समय में निम्नलिखित कार्यालयों में निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं :-
1. आयुक्त, ग्वालियर संभाग , ग्वालियर
2. कलेक्टर , जिला ग्वालियर
3. आयुक्त, नगर पालिक निगम , ग्वालियर
4.
संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय , ग्वालियर , मध्यप्रदेश
यदि कोई आपत्ति या सुझाव प्रारूप ग्वालियर विकास योजना के संबंध में हों, उसे लिखित रूप में संयुक्त संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय , ग्वालियर या ई - मेल आई.डी. [email protected] में इस सूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से 30 दिन की अवधि का अवसान होने के पूर्व, सम्यक् विचार हेतु प्रस्तुत किया जा सकता है.
अजीत कुमार, आयुक्त- सह- संचालक.
Bhopal , the 11th October 2021
NOTICE
No. 4575 -Amrut-D.P. - 14 -gwalior-TCP- 2021.- Notice is hereby given that the Draft Development Plan, 2035 for Gwalior Planning area has been published as under in accordance with the provisions of sub - section ( 1 ) of Section 18 of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam, 1973 (No. 23 of 1973) , a copy thereof is available for inspection on Directorate's website-http : //mptownplan.gov.in/LU-panel/Gwalior/Amrut/gwl2035.pdf and at following offices during office hours namely: -
Commissioner, Gwalior Division, Gwalior 1.
2. Collector, District Gwalior
3. Commissioner, Nagar Palik Nigam , Gwalior
4. Joint Director , Town and Country Planning , District office , Gwalior .
If there be any objection or suggestion with respect to the said Gwalior Draft Plan , the same may be submitted in writting to the Joint Director, Town and Country Planning, Gwalior or mail on [email protected] before the expiry of thirty days from the date of publication of this notice in the Madhya Pradesh Gaazette for due conderation .
AJEET KUMAR, Commissioner- Cum - Director .
8765
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
अमृत M Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation ग्वालियर विकास योजना 2035 (प्रारूप)
SADA
ToTigra
संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश शासन Directorate of Town and Country Planning, Government of Madhya Pradesh भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8766
प्रस्तावना
: ग्वालियर देश के उन प्रमुख नगरों में सम्मिलित है , जिसकी बसाहट सामाजिक आर्थिक घटकों की अपेक्षा ऐतिहासिक घटनाओं एवं युद्ध नीतियों से प्रेरित रही है । ग्वालियर की प्रारंभिक बसाहट पहाड़ी पर स्थित किले की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु हुई । लश्कर का विकास मराठा फौजों के कैम्प एवं मुरार का विकास सेना की छावनी के कारण हुआ । विभिन्न कालखण्डों में इन तीन बस्तियों के मध्य... विकास को प्रोत्साहन मिला । राष्ट्रीय राजधानी के काउण्टर मैंगनेट के रूप में विकास के लिए चयनित किए जाने से ग्वालियर नगर महानगर के रूप में विकसित ! हो रहा है ।
ग्वालियर नगर को स्मार्ट सिटी एवं अमृत योजना के लिए चयनित शहरों में सम्मिलित किए जाने से ग्वालियर विकास योजना, 2021 का पुनर्विलोकन किया। जाना अत्यंत आवश्यक है । ग्वालियर विकास योजना, 2035 में सुदूर संवेदन एवं जी. आई.एस. तकनीकी का उपयोग कर, क्षेत्रीयकरण की प्रवृत्ति के आधार पर यातायात । उन्मुख विकास, मिश्रित उपयोग , शहरी विरासत एवं प्राकृतिक स्त्रोतों का संवर्धन : प्रस्तावित किया गया है ।
ग्वालियर विकास योजना , 2035 विकासीय संभावनाओं को योजनाबद्ध रूप ! से साकार करने के लिये सर्वांगीण विकास की आधारशिला होगी । यह व्यापारिक, नागरिक सुविधाओं एवं पर्यावरणीय संभावनाओं को साकार रूप में परिवर्तित करेगी । नगरवासियों के सुझावों से विकास योजना प्रस्तावों को जन आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा ।
हस्ता./- अजीत कुमार ,
आयुक्त- सह- संचालक. नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश भोपाल.
8767
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035
योजना दल
संचालनालय
राजेश नागल
डॉ अमित गजभिये
इन्दुत्रिपाठी संयुक्त संचालक
संयुक्त संचालक
सहायक संचालक
कार्यालय संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश
जिला- ग्वालियर
मुख्य योजना दल
व्ही.के. शर्मा
कृष्णकांत कुशवाह
सावन कोचले संयुक्त संचालक
सहायक संचालक
सहायक संचालक
कर्मचारीगण कार्यालय संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश
जिला- ग्वालियर
शशिराय
मानचित्रकार
अशोक श्रीवास्तव
सहायक मानचित्रकार
महेश कुमार साल्वे
उपयंत्री
मृदुल जैन
स्टैनोग्राफर ग्रेड-3
हाकिम सिंह जाटव
ट्रेसर पिंकी अरोरा
सहायक मानचित्रकार
सखावत खान
सहायक ग्रेड-2
जसवंत लकडा
उपयंत्री
विवेक बरकडे
सहायक गेड-3
प्रवीण कुमार सिंह
अन्वेषक [ भाग 1 8768
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035
म.प्र. विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद , भोपाल
डॉ. विवेक कटारे
डॉ. देवानु भट्नागर
परियोजना समन्वयक, अमृत भूमि उपयोग एवं शहरी सर्वेक्षण प्रभाग , आरएसएसी, एमपीसीएसटी, भोपाल प्रमुख, भूमि उपयोग एवं शहरी सर्वेक्षण प्रभाग , आरएसएसी, एमपीसीएसटी, भोपाल
तन्वी जैन
अनुसंधान सहयोगी भूमि उपयोग एवं शहरी सर्वेक्षण प्रभाग , आरएसएसी, एमपीसीएसटी, भोपाल 8769
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
अध्याय-1 नियोजन दृष्टिकोण , उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली
ग्वालियर किला भूमि सम्पूर्ण पर्यावरण का एक घटक है एवं मानव बस्तियां बसाने हेतु भूमि की आवश्यकता होती है । नगर की बसाहट से संलग्न भूमि पर प्रभाव , भूमि उपयोग परिवर्तन के फलस्वरूप होता है । इससे यह विदित होता है , कि पर्यावरण के महत्वपूर्ण घटक, भूमि का उपयोग , मानव सभ्यता द्वारा नियोजित दृष्टिकोण से या अनियोजित ढंग से किया जा रहा है । नगरीय क्षेत्र के अध्ययन एवं विश्लेषण से यह स्पष्ट है, कि द्रुतगति से एवं नियोजन सिद्धांतों के विपरीत नगरीय क्षेत्र का बेतरतीब फैलाव जनसंख्या वृद्धि के दबाव का कारण है, जिसके फलस्वरूप अधोसंरचना सुविधाओं में कमी आयी है । ग्वालियर नगर मेट्रो नगर के रूप में तेजी से उभर रहा है , जिस कारण नगर में विकास की सम्भावनायें बढ़ी हैं, फलस्वरूप नगर की विकास योजना के पुनर्विलोकन की आवश्यकता है । 8770
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 पर्यावरण की दृष्टि से नगर नियोजन हेतु भूमि का उपयोग , सुसंगत आधार पर किया जाना चाहिये । उपरोक्त संदर्भ में नगर की विकास योजना के पुनरीक्षण के समय आवश्यकता अनुसार संशोधन, जनसंख्या वृद्धि तथा नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर । उपलब्ध कराने की दृष्टि से किया जाता है । :
आर्थिक विकास के इंजन के रूप में शहरी क्षेत्र, देश / प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान करते हुए रोजगार पैदा करने का कार्य करते है। शहर एवं आर्थिक विकास परस्पर जुडे हुए है । शहरी क्षेत्रों की उच्च उत्पादकता के कारण नगर आर्थिक गतिविधियों के उच्च केन्द्र होते है । यह वांछनीय है कि मानव बसाहट की सुनियोजित वृद्धि द्वारा विकास गति को सुनिश्चित किया जाए । आर्थिक एवं सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति के क्रम में शहरी जीवन की वांछित गुणवत्ता प्राप्त किया जाना भी महत्वपूर्ण है ।
शहरी परिवर्तन की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए विकास परियोजनाओं को कुशल, न्यायसंगत एवं लागत प्रभावी बनाए जाने की भी आवश्यकता है । इस उद्देश्य की पूर्ति शहरी अधोसंरचना की वृद्धि के लिए आबश्यक प्रावधानों द्वारा शहरी समस्याओं एवं शहर विकास की संभावनाओं का हल खोजने के लिए विकास योजना को मार्गदर्शक... सिद्धांत के रूप में प्रभावी की जाना आवश्यक है।..
शहरी केन्द्रों के तर्क संगत एवं सुव्यवस्थित विकास की भूमिका एवं महत्व को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार, शहरी केन्द्रों की कार्यकुशलता एवं उत्पादकता में सुधार : के उद्देश्यों की प्रक्रिया को कारगर बनाए जाने के लिए संकल्पित है । अव्यवस्थित विकास पर निगरानी के लिए भूमि उपयोग की योजना होना चाँछनीय है । इस प्रक्रिया में राज्य : सरकार; नगरों के मार्गदर्शित विकास एवं नागरिकों को विश्व स्तरीय सुविधाये प्रदान करने के लिए विकास योजना तैयार करने हेतु दृढ़ संकल्पित है ।
अमृत
AtalMission for Rejuvenation and Urban Transformation भारत सरकार आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा "Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " (AMRUT) योजना की शुरूआत जून 2015 में राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में देश के 8771
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
Waterbody
MunicipalAresBoundary
PlanningArsaBoundary
RallwayLine(BroadGauge)
RallwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
Roads
StateHighway
ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToBhind
SLL HIN
ToJhansi
To Jhanal
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Gwalior
Municipal
Corporation
ToBhind
ToMahtoli
ToKarora
Km ToAgra ToAgra
ToTighra
z
ToShivpurt ToMumbal.
Gwalior:1.1LocationMap
Gwalior
01234567
BHIND
DATIA
E
Dem
Gonac
Matatila Reservalr
GWALIOR
Reservoir
Kotwal
Tighra Reservoir
Reservoir
Harsi
R
Madikheda AtalSagar
SHIVPURI
MORENA
Madhya Pradesh,
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
SHEOPUR
GwaliorAgroRegion
India
H भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8772
2035
ग्वालियर विकास योजना
चयनित शहरों में परिवारों को बुनियादी सेवायें अर्थात जल-आपूर्ति, सीवरेज कनेक्शन, बिजली, शहरी परिवहन, हरित क्षेत्र एवं सुख - सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से अधोसंरचना का सृजन करना है, जिससे विशेषतया गरीबों और वंचितों के जीवन स्तर में सुधार होगा । इस योजना की उपयोजना के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के चयनित 34 शहरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई.एस. तकनीक) का उपयोग कर, विकास योजना तैयार करने हेतु मापदण्ड ( Design & Standards ) दिये गये हैं ।
CUSTOMERS GIS
ELEVATION geographic information system
REAL WORLD
विकास योजनायें तैयार करने हेतु सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई.एस. तकनीक) का महत्वपूर्ण योगदान है । इन पद्धतियों से भूमि उपयोग , सर्वेक्षण , विभिन्न प्रकार के आंकड़ों का संकलन तथा विश्लेषण कम समय में, विश्वसनीय एवं वैज्ञानिक तरीके से किया जाकर भावी नियोजन हेतु विभिन्न प्रकार के विकल्प उपलब्ध कराये जा सकते हैं । इसके आधार पर नियोजकों को सर्वश्रेष्ठ विकल्प का चयन कर भावी विकास हेतु भूमि उपयोगों को प्रस्तावित करने तथा विकास मापदण्डों को निर्धारित करने में आसानी होती है ।
1.1 नियोजन हेतु प्रयास
नगर के नियोजन एवं विकास हेतु ग्वालियर नगर की प्रथम विकास योजना 1991 , को वर्ष 1978 से प्रभावशील किया गया, जिसे पुनरीक्षित किया जाकर द्वितीय विकास योजना 2005 को, मार्च 1998 से तथा तृतीय विकास योजना 2021 को , पुनरीक्षण पश्चात् सितम्बर 2014 से प्रभावशील किया गया, जिसमें 2021 तक की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये नियोजन प्रस्ताव दिये गये थे । उक्त विकास योजना वर्तमान में भी प्रभावशील है ।
विकास योजना 2035 के उद्देश्य एवं लक्ष्य ।
भूमि का समुचित एवं उपयुक्त सक्षम उपयोग । 8773
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 ऐसी परिवहन प्रणाली का विकास जिसमें यात्री एवं माल यातायात सुरक्षित एवं तीव्र गति से हो सके ।
मध्य क्षेत्र में भीड़ -भाड़ को कम करने हेतु उपनगरीय एवं सामुदायिक स्थलों पर वाणिज्यिक केन्द्रों का विकास करना ।
जल प्रदाय, जलमल निकास, शैक्षणिक , स्वास्थ्य आदि सुविधाओं का प्रावधान करना ।
प्राकृतिक भू- दृश्य एवं पर्यावरण संरक्षण ।
कार्य केन्द्रों का विकेन्द्रीकरण एवं आवासीय क्षेत्रों एवं कार्य केन्द्रों के मध्य सुरक्षित तथा सुविधाजनक मार्ग संरचना का प्रावधान ।
नगर में उचित स्थानों पर, विशेषकर मध्यवर्ती क्षेत्र में पर्याप्त वाहन विराम स्थलों का प्रावधान ।
विकास योजना में निहित प्रस्तावों के अंतर्गत नगर का विस्तार, विकास योजना, क्रियान्वयन की पद्धति नागरिकों की सक्रिय सहभागिता पर आधारित है, जिसमें नियोजित विकास प्रक्रिया को समाहित किया गया है । विकास योजना में अन्य विभागों के स्वीकृत विकास के प्रस्तावों को भी समायोजित किया गया है । क्रियान्वयन की दृष्टि से विशिष्टता के आधार पर यह प्रस्ताव है कि भूमि के बड़े भू- भाग को विकसित किया जावे ताकि नागरिकों को सार्वजनिक सेवा एवं सुविधायें उपलब्ध हो सकें ।
1.2 नियोजन प्रस्ताव
नियोजन की अवधारणा में समयानुसार बदलाव आया है । विकास योजना तैयार करना अब संतुलित विकास पर केन्द्रित है । ग्वालियर विकास योजना 2035 तैयार करते समय अमृत योजना की रूपरेखा एवं मानकों के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक आंकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण कर प्रस्ताव दिये गये हैं ।
ग्वालियर नगर की विकास योजना 2035 में सभी संबंधित विकास के पहलुओं में समन्वय , आधारभूत सिद्धांतों के आधार पर तैयार किया जाना आवश्यक है । ग्वालियर नगर का विकास बहुआयामी पहलुओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य , कृषि उत्पादन, क्षेत्रीय माल वितरण केन्द्र तथा वाणिज्यिक , व्यापारिक , औद्योगिक सेवा केन्द्र आदि को ध्यान में रखकर किया जाना प्रस्तावित है । विकास योजना की रचना निम्न बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए बनाई जाती है । भाग 1 8774
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
नगर का आकार एवं माप ।
सघन विकास ।
नगरीय प्रबंधन में सरल एवं सामान्य पहुँच के साथ जन - यातायात व्यवस्था । नगरीय परिवेश का पोषण एवं संरक्षण ।
नगरीय जीवन स्तर में उत्तरोत्तर गुणात्मक सुधार के साथ, भौतिक, नैतिक एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि ।
नगर की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विरासत का पोषण एवं संरक्षण ।
नगर नियोजन में नागरिकों की अधिकतम सहभागिता को प्रोत्साहन ।
नगर के भौतिक एवं आर्थिक स्वरुप की गतिशीलता में तीव्रता लाना ।
मूलभूत जीवन आधार प्रणाली के संसाधनों को अनुरक्षित करना ।
1.3 सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग
1.3.1 अमृत योजना
भारत सरकार द्वारा "Atal Mission for चित्र 1 अमृत योजना के चयनित शहर
AMRUT
Smart Cities
54
30
12
10
2
10
19
37
21
18
Rejuvenation & Urban Transformation" (AMRUT ) योजना की उपयोजना के अन्तर्गत देश के 500 चयनित शहरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करना सुनिश्चित किया गया है । इन 500 शहरों में मध्यप्रदेश के 34 शहरों का चयन किया गया है जिसमें ग्वालियर शहर भी सम्मिलित है ।
स्त्रोत :- अमृत मार्गदर्शिका 8775 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 चित्र 2 अमृत योजना में ग्वालियर शहर
Madhya Pradesh Map of AMRUT Cities
Bhind
Selected Cities
Morena
Gwalior
Das
Sheopur
Shhipuri
Tikamgarh
Chhatarpur
Ashoknagar
Gana
Panna
Sidhi
Singraull
Rajgarh
Vidisha
Sagar
AgarMatwa
Katni
Umaria
Shahdol
Shajapur
Raisern
Seliore
Narsinghpur
Jhabua
Dewas
Manda
Hoshangabad
Dhar
Harda
Khandwa
Khargone
Balaghat
Barwani
100 km
स्त्रोत :- अमृत मार्गदर्शिका
इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं-
भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करते हुए भूमि उपयोग मानचित्र एवं जियोरिफरेंस कर आधार मानचित्र तैयार करना ।
अमृत योजना के अन्तर्गत चयनित शहरों की जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करना ।
1.3.2 सुदूर संवेदन
इस तकनीक के अंतर्गत भारतीय सुदूर संवेदन केन्द्र से प्राप्त वर्ल्ड व्यू- ॥ (World View - II ) उच्च आवर्धन उपगृह चित्रों का उपयोग , थीमेटिक मानचित्र तैयार करने हेतु किया गया है । उपग्रह चित्रों का उपयोग अमृत योजना के अन्तर्गत आधार मानचित्र 1:4000 पैमाने पर तैयार करने हेतु किया गया। अमृत योजना में उपग्रह चित्रों के मानक, उपरोक्त सारणी में दर्शाये गये हैं । भाग 1 8776
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
A
PienningArea
2011
2016 2006
2012
Acquisition
YearofImages
2.5
23.5
23.5
Rasolution
0.5*0.5
Km
(Inmaters)
Legend
GWALIOR
Satellite
Sensor
LISS-III
PAN+MSS
SATELLITEIMAGES
Source:MPCST&NRSC Satellite
Resourcesat-2
Nameof
Resourcesat-2LISS-III
WorldView-II
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Cartosat+LISS-IVPAN
1
S.No.
District-Gwafior
02557.51012.51517.5
MapNo.1.2
кальле
карле
clon
782130
eratore
1400
720
CARTOSAT,2011
WORLDVIEW-II,2016
после
пойле
нозале
NCS
TUE
Loca
701430E
зарм
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
LISS-III,2012
LISS-III,2006
naise
mochi.se 8777
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035 ग्वालियर विकास योजना
Image Standards
S.no
Description
2
1
1 Spatial Resolution
सारणी 1 -सा-1 .
Remarks
Value
4
3
0.5 Meters or Better
PAN Sharpened
2 Spectral Resolution
IR band is optional
(Bands : Panchromatic, Red ,
Green, Blue and Near Infrared)
3
Less than 1/ 4th of pixel size
Band to band registration
10 bit or better
4 Radiometry
Nearest Neighbourhood
5 ImageResampling
PlainAreas: Monoscopic
Highly Hilly areas : Stereoscopic
a . Monoscopic /Stereoscopic
6
Need of Stereoscopic reviewed case . If the city is built on the terrain slope more than15 degrees .
Less than 10 degree from nadir
b. Monoscopic data view angle
c. Stereoscopic
7 Product type
Inspecific cases maximum up to 15 degrees view angle shall be allowed
Baseto Height (B/H) 0.6
Oneof the stereo image view angle should be less than 10 degrees from nadir
Ortho- kit data with RPCS
Image data should be
associated with corresponding
Rational Polynomial
Coefficients
स्त्रोत :- अमृत मार्गदर्शिका
1.3.3 भौगोलिक सूचना प्रणाली (जी.आई.एस. )
यह प्रणाली कम्प्यूटराईज पद्धति से सभी भौगोलिक जानकारियों को संयुक्त रूप से उपलब्ध कराती है, जिसका वैज्ञानिक विश्लेषण संभव है । भौगोलिक सूचना प्रणाली, प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण के व्यवस्थापन , क्षेत्रीय योजना प्रस्ताव एवं अन्य भौगोलिक संदर्भ में निर्णय लेने में उपयोगी है । अमृत योजना में विभिन्न स्पेशियल लेयर्स ( Spatial Layers ) को क्लास एवं सब- क्लास (Classes and Sub - classes ) में विभाजित किया गया है । इनका उपयोग विकास योजना तैयार करने में किया गया है , जिसे निम्न सारणी में दर्शाया गया है । भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8778
2035
ग्वालियर विकास योजना
Geo- Spatial Data Content Standards
सारणी 1 -सा-2 .
Classification Based On Use &Attributes
Spatial Layers
SourceFor Spatial
Data Generation
Sr. No
Sub -Classes
Classes
5
4
3
2
1
BaseLayers
Roads
3
16 1.
VeryHigh Resolution
Satellite Data
Bridges
Water Bodies
48
22
2.
Very High Resolution
Satellite Data
Urban Land Use /Land Cover
46
16
3. BuildingFootprints
Very High Resolution
Satellite Data
Carto DEM - NRSC, ISRO
1
1
Digital Elevation Model 4. ( DEM) Type : Digital TerrainModel (DTM)
1
State Revenue Department
5. Cadastral Layer Boundaries
1
1
Town & Country Planning
Planning Boundary
6.
1
1
Urban Local Bodies
1
Municipal Boundary Hazard Prone Area
Department OfSeismology
स्त्रोत :- अमृत मार्गदर्शिका
1.4 अध्ययन क्षेत्र एवं स्थिति
मध्यप्रदेश का संभागीय मुख्यालय ग्वालियर नगर 2011 की जनसंख्या के मान से प्रदेश का चौथा तथा देश का उनन्चासवाँ बड़ा नगर है । इसकी स्थापना 11 वीं शताब्दी में राजा मानसिंह द्वारा की गई थी । लश्कर नगर सिंधिया राजवंश द्वारा तथा मुरार अंग्रेजों की छावनी के रूप में विकसित हुआ । ग्वालियर 26 ° 13 ′ उत्तरी अक्षांश व 78° 11 ′ पूर्वी देशांतर पर, समुद्रतल से 212 मीटर की औसत ऊँचाई पर स्थित है । ग्वालियर नगर स्वतंत्रता के पश्चात् मध्य भारत राज्य की राजधानी भी रहा है । इसे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के काउण्टर मैगनेट के रूप में विकसित करने हेतु भी चयनित किया गया है । ग्वालियर से तीन राष्ट्रीय राज्य मार्ग गुजरते है । राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-44 (श्रीनगर से कन्याकुमारी ) , राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक -719 (ग्वालियर- इटावा) , राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक -46 (ग्वालियर- बैतूल) , जिनकी निवेश क्षेत्र में कुल लंबाई लगभग 68 कि.मी. है । 8779
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
ग्वालियर नगर , मध्यप्रदेश के सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक जीवन का केन्द्र बिन्दु होने के साथ पुरातन मूल्यों एवं वर्तमान आकांक्षाओं का प्रतीक भी है । नगर के पूर्व विकास तथा वर्तमान विकास को जोड़कर एक सम्पूर्ण संगठित नगर के रूप में लाया जाना आवश्यक है, जिसमें सामाजिक, आर्थिक, प्राकृतिक तथा निर्मित क्षेत्र के पर्यावरण को जोड़ते हुये परिवर्तन किया जाना है, जिससे नगर व्यापारिक , सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं औद्योगिक गतिविधियों का केन्द्र बन सके । भौतिक अधोसंरचना , यातायात, पारिस्थितिकीय पर्यावरण (ईकोलोजिकल) , आवास , सामाजिक, आर्थिक एवं अन्य संस्थागत सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं के अतिरिक्त नगर को सुनियोजित बनाने हेतु नियोजन प्रक्रिया एवं उससे संबंधित सुशासन एवं प्रबंधन का भी आधार सुदृढ़ किया जाना आवश्यक होगा । इसके लिये नगरीय सेवा एवं विकास करने वाली विभिन्न संस्थाओं के मध्य एक समन्वित एवं एकीकृत कार्यप्रणाली तथा नियोजन में स्थानीय स्तरों पर भागीदारी किया जाना आवश्यक होगा । ग्वालियर निम्न पाँच उपनगरीय केन्द्रों में विभाजित है:-
पुराना शहर ग्वालियर
लश्कर
मुरार
सिटी सेंटर
डी.डी.नगर एवं शताब्दीपुरम
1.5 क्रियान्वयन परिदृश्य
विकास योजना 2021 की क्रियान्वयन प्रक्रिया अनेक बार गुणात्मक मूल्यों के संदर्भ में प्रभावित हुई है जिसका प्रतिकूल प्रभाव मुख्य रूप से सार्वजनिक सेवा सुविधाओं एवं मूलभूत अधोसंरचना विकास पर पड़ा है । प्रबंधन के क्षेत्र में विकास निम्नलिखित कारणों से प्रभावित हुआ है ।
भूमि आपूर्ति एवं नगरीय भूमि प्रबंधन के लिए संस्थाओं में आवश्यक सामंजस्यता का अभाव ।
नगरीय अधोसंरचना विकास के लिए वित्तीय संसाधनों की अनुपलब्धता ।
निजी निवेश के लिए संसाधनों के प्रोत्साहन में कमी ।
अवैध कालोनियों का विकास एवं झुग्गी- झोपड़ी क्षेत्रों में वृद्धि । [ भाग 1 8780
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
1.6 विकास योजना 2021 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन
विकास योजना 2021 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन (पुस्तक अनुसार)
सारणी 1 -सा-3 .
विकसित क्षेत्रफल 2020 (हेक्टेयर में)
क्रं. भू-उपयोग
क्रियान्वयन का प्रतिशत कुल प्रस्तावित भूमि वि.यो. 2021 (हेक्टेयर में)
अन्तर (3-5)
क्षेत्रफल प्रतिशत
प्रतिशत
क्षेत्रफल
B
6
7
4
5
3
2
1
76.29
1517.02
4887.98
51.39
47.06
6400.00
1 आवासीय
222.79
68.14
477.21
5.01
5.15
700.00
2 वाणिज्यिक
3.52 1024.82 24.65
10.00 335.18
1360.00
औद्योगिक
3
51.66
97.13
18.38
1748.34
13.24
1800.00
4
सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक
36.61
190.16
109.84
1.15
300.00
2.21
सार्वजनिक 5 उपयोगिता एवं सुविधायें
887.39
2.66
22.16
252.61
8.38
1140.00
6 आमोद-प्रमोद
200.59
89.44
17.87
13.97 1699.41
1900.00
7
यातायात एवं परिवहन
69.93
4089.43
100.00
9510.57
100.00
13600.00
योग
विकास योजना 2021 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन (मानचित्र अनुसार )
सारणी 1 -सा-4.
विकसित क्षेत्रफल 2020 (हेक्टेयर में)
कुल प्रस्तावित भूमि
2021 (हेक्टेयर में)
क्रं. भू-उपयोग
क्रियान्वयन का प्रतिशत
अन्तर (35)
प्रतिशत
क्षेत्रफल
क्षेत्रफल प्रतिशत
8
6
7
4
5
2
3
1
37.21
8239.71
51.39
4887.98
58.33
13122.69
1 आवासीय
51.92
90.17
2.35
5.01
477.21
529.13
2 वाणिज्यिक
1383.94 19.50
3.52
7.64
335.18
1719.12
3 औद्योगिक
937.06
65.11
18.38
1748.34
11.94
2685.40
4
सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक
162.46
-42.23
1.15
109.84
0.30
67.61
सार्वजनिक 5 उपयोगिता एवं सुविधायें
11.87
1875.66
2.66
9.46
252.61
2128.27
6 आमोद-प्रमोद
75.67
546.35
1699.41 17.87
2245.76
9.98
7
यातायात एवं परिवहन
42.27
12987.41
100.00
100.00 9510.57
22497.98
योग
नोटः- (1 ) वर्ष 2021 में निवेश क्षेत्र की जनसंख्या 16.00 लाख अनुमानित थी । 8781
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 टीप:-
विकास योजना 2031 के मूल्यांकन के लिए विकास योजना (पुस्तक) एवं विकास योजना (मानचित्र ) दोनों के प्रस्तावित क्षेत्रों में भिन्नताएं मिलती हैं । उपरोक्त सारणियों में विकास योजना (पुस्तक) एवं विकास योजना (मानचित्र) से प्राप्त क्षेत्रों का मूल्यांकन किया गया है लेकिन विकास योजना का मुख्य आधार, मानचित्र होता है, मानचित्र के आधार पर ही योजना का क्रियान्वयन होता है ।
अतः विकास योजना 2021 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन प्रस्तावित मानचित्र के क्षेत्रों को आधार मानते हुए किया गया है ।
1.6.1 आवासीय
विकास योजना 2021 में 13122.69 हेक्टेयर भूमि आवासीय उपयोग हेतु प्रस्तावित की गयी थी, जबकि वर्ष 2020 तक की स्थिति में 4887.98 हेक्टेयर भूमि आवासीय उपयोग में लाई गई है । यह कुल आवासीय विकास का 37.12 प्रतिशत है । नगर में भूमि का विकास मुख्यतः ग्वालियर विकास प्राधिकरण , म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना मंडल तथा निजी कॉलोनाइजरों द्वारा किया गया है । निजी कॉलोनाइजरों द्वारा किया जाने वाला अधिकांश विकास अप्राधिकृत कालोनियों के रूप में है । शासकीय संस्थाओं के पास भूमि अधिग्रहण एवं विकास हेतु आवश्यक पूंजी निवेश की कमी, आवासीय क्षेत्र के लक्ष्यों के प्राप्त न होने का प्रमुख कारण है । नए आवासीय क्षेत्रों का पर्याप्त विकास नहीं होने के फलस्वरूप पूर्व से निर्मित क्षेत्र में आवासीय घनत्व में वृद्धि हुई है, जिसके कारण निर्मित क्षेत्र में यातायात पर दबाव बढ़ा है ।
1.6.2 वाणिज्यिक
विकास योजना 2021 में 529.13 हेक्टेयर भूमि वाणिज्यिक विकास हेतु प्रस्तावित थी । नगर में वर्ष 2020 मे 477.21 हेक्टेयर वाणिज्यिक क्षेत्र विकसित हुआ है । वाणिज्यिक क्षेत्र का अधिकांश विकास प्रमुख मार्गों एवं कृषि उपज मण्डी तथा पुराने आवासीय उपयोग की भूमियों को वाणिज्यिक उपयोग में परिवर्तन करने से हुआ है । विशिष्ट वाणिज्यिक गतिविधियों में से यातायात नगर , थोक बाजार आदि का विकास नगण्य रहा है । यह कुल वाणिज्यिक विकास का 90.17 प्रतिशत है । नगर में वाणिज्यिक विकास के अध्ययन से भाग 1 8782
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 विगत तीन दशकों में मुख्य मार्ग के दोनों ओर आवासीय क्षेत्रों को वाणिज्यिक उपयोग में परिवर्तन करने की प्रवृत्ति परिलक्षित हुई है ।
वाणिज्यिक विकास
सारणी 1 -सा-5 .
विकास की वर्तमान स्थिति
स्थान
विवरण
क्र.
शंकरपुर अर्द्ध विकसित शेष 1 यातायात नगर
अविकसित
शंकरपुर, बेला की बावडी, झाँसी रोड,
भिण्डमार्ग
विकसित
2
दीनारपुर
कृषि उपज मण्डी
अर्द्ध विकसित
थाटीपुर, शताब्दीपुरम , गोले का मंदिर, चंद्रवदनी नाका एवं शिंदे की छावनी
वाणिज्यक उप नगरीय 3 केन्द्र एवं सामुदायिक केन्द्र
1.6.3 औद्योगिक
औद्योगिक उपयोग के अन्तर्गत विकास योजना में ग्राम में 1719.12 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी । नगर में वर्ष 2020 में 335.18 हेक्टेयर औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुआ है, जो कुल प्रस्तावित औद्योगिक उपयोग का 19.50 प्रतिशत है । यह प्रस्तावित औद्योगिक उपयोग की भूमि पर नगण्य है । नगर की आर्थिक गतिविधियों के विस्तार एवं रोजगार के साधनों के सृजन हेतु औद्योगिक विकास की आवश्यक पूर्ति ग्वालियर से 20 कि.मी. की दूरी पर स्थित बानमौर, मालनपुर, सीतापुर एवं पिपरसेवा औद्योगिक केन्द्रो से होती है । 1.6.4 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक
विकास योजना 2021 में सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के अन्तर्गत 2685.40 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित थी, जबकि 2020 तक की स्थिति में 1748.34 हेक्टेयर भूमि इस उपयोग में लायी गई । इस उपयोग के अन्तर्गत विकसित भूमि प्रस्तावित भूमि का 65.11 प्रतिशत है । विकास योजना के प्रस्ताव के अनुसार सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास हुआ है ।
1.6.5 सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें
विकास योजना 2021 में इस उपयोग के अन्तर्गत 67.61 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित थी, जिसमें से 109.84 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है, जो प्रस्तावित भूमि का 162.46 प्रतिशत 8783
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
है । इस उपयोग मे कम भूमि विकसित होने के कारण वर्तमान परिसरों में उपलब्ध रिक्त भूमि में कार्यकलापों का विस्तार एवं निर्माण है ।
1.6.6 आमोद-प्रमोद
विकास योजना 2021 में इस उपयोग के अन्तर्गत 2128.27 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित थी, जबकि 2020 तक की स्थिति में 252.61 हेक्टेयर भूमि इस उपयोग में लायी गई । इस उपयोग के अन्तर्गत विकसित भूमि प्रस्तावित भूमि का 11.87 प्रतिशत है । आमोद-प्रमोद उपयोग के अंतर्गत भूमि के विकास की कमी पर ध्यान देना आवश्यक है ।
1.6.7 यातायात एवं परिवहन
विकास योजना 2021 में यातायात एवं परिवहन उपयोग के अन्तर्गत 2245.76 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी । जबकि 2020 तक की स्थिति में 1699.41 हेक्टेयर भूमि इस उपयोग में लाई गई । इस उपयोग के अन्तर्गत विकसित भूमि प्रस्तावित भूमि का 75.67 प्रतिशत है । मुख्य मार्गों का निर्माण विकास योजना के अन्तर्गत हुआ है , लेकिन वृत्तखण्ड स्तर एवं उपवृत्त खण्ड स्तर के मार्गों का विकास नहीं हुआ है । नये प्रस्तावित यातायात नगर भी विकसित नहीं हुए हैं ।
1.6.8 उप नगरीय केंद्र
ग्वालियर विकास योजना 2021 में ग्वालियर, मुरार, थाटीपुर एवं सिटी सेंटर को चार उप - शहरी केंद्रो के रूप में प्रस्तावित किया गया था , प्रस्तावित वाणिज्यिक स्थानों पर आवासीय क्षेत्र विकसित होना पाया गया है, साथ ही आवासीय उपयोग की भूमि पर वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित होना पाया जा रहा है ।
1.6.9 यातायात नगर
बेला की बावडी, झाँसी रोड अंडरपास एवं भिण्ड मार्ग पर प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगरों को विकसित नहीं किया गया है । भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8784
2035
ग्वालियर विकास योजना
1.6.10 औद्योगिक क्षेत्र
रायरू के समीप औद्योगिक क्षेत्र के प्रस्ताव का भी क्रियान्वयन नहीं हो सका । जिसके कारण गिरवाई एवं शंकरपुर में अवैध रूप से उद्योगों की स्थापना हुई ।
1.6.11 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक
शिवपुरी लिंक मार्ग एवं झाँसी मार्ग पर सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक स्थानों के तहत निजी स्कूल और निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं । लेकिन पुरानी छावनी एवं बडागांव की ओर प्रस्तावित PSP क्षेत्र में अवैध रूप से आवासीय एवं गोदामों का विकास हुआ है ।
1.6.12 असंगत भूमि उपयोग एवं उनका स्थानांतरण
असंगत उपयोग और इसके पुनर्स्थापन से संबंधित प्रस्तावों का आंशिक कार्यान्वयन ग्वालियर विकास योजना 2021 में भी किया गया है ।
1.6.13 प्रस्तावित सड़कें
ग्वालियर विकास योजना 2021 में 579.55 किलोमीटर लंबी सड़कों के विकास का प्रस्ताव किया गया था । योजना अवधि के दौरान, विकास योजना की प्रस्तावित सड़कों में से केवल 400 किलोमीटर ही विकसित की जा सकीं ।
1.7 क्रियान्वयन संस्थायें
1.7.1 ग्वालियर विकास प्राधिकरण (GDA)
नगर तथा ग्राम निवेश अधिनयम 1973 की धारा 38 के तहत ग्वालियर विकास प्राधिकरण (GDA) का गठन निवेश क्षेत्र में विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए किया गया था । प्राधिकरण द्वारा शताब्दीपुरम, शील नगर, यातायात नगर, विनय नगर, आनंद नगर , मयूर मार्केट, माधव प्लाजा आदि योजनाओं का क्रियान्वयन कर विकास किया गया है । 8785 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
1.7.2 मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल (MPHIDB)
मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल द्वारा ग्वालियर विकास योजनाओं के प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए दीनदयाल नगर , डोंगरपुर एवं गिरगाँव में आवासीय विकास कर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । इसके अलावा, बोर्ड ने निवेश क्षेत्र में अनेक स्थानों पर पुनर्घनत्वीकरण योजनाएं भी प्रस्तावित की हैं । इनमें सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना में थाटीपुर के पुराने सरकारी आवासों के स्थान पर नवीन आवासीय एवं वाणिज्यिक विकास प्रस्तावित किया गया है ।
1.7.3 नगर पालिक निगम ग्वालियर (GMC)
ग्वालियर नगर निगम ने ग्वालियर विकास योजना 2021 के क्रियान्वयन हेतु केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना , राजीव आवास योजना ( RAY) , प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत सभी के लिए आवास प्रदान किये जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।
1.7.4 निजी संस्थायें
बढ़ती हुई आबादी की जरूरतों को पूरा किये जाने में आवासीय कॉलोनियों, आवास इकाइयों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को विकसित करने में निजी कॉलोनाइजरों और हाउसिंग सोसायटीओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।
1.8 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग
1.8.1 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग
कार्य सम्पादन विशेषताओं के आधार पर कौन से भूमि उपयोग आसपास के क्षेत्रों के भूमि उपयोग से सामंजस्य नहीं रखते हैं, इसका अध्ययन करने पर यह देखा गया है कि नगर में कुछ ऐसे भूमि उपयोग हैं जो असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग की श्रेणी में आते हैं । ऐसे भू- उपयोगों / गतिविधियों को उपयुक्त स्थान पर स्थानान्तरित किया जाना आवश्यक है । असंगत भूमि उपयोग एवं उनके क्रियान्वयन की स्थिति निम्नानुसार है :-
भाग 1 8786
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
असंगत भूमि एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग
सारणी 1 -सा-6.
वर्तमान स्थिति
विवरण
क्र.
3
2
1
असंगत भूमि उपयोग
अक्रियान्वित
1 शासकीय मुद्रणालय , जीवाजी चौक
अक्रियान्वित
2 केन्द्रीय जेल, बहोडापुर
3 गोरखी कलेक्ट्रेट
कलेक्ट्रेट ओहदपुर में स्थानांतरित होकर क्रियान्वित
आंशिक क्रियान्वित
4 थोक बाजार , दाल बाजार, नया बाजार, जीवाजीगंज
आंशिक क्रियान्वित
5 कबाडी बाजार, दौलतगंज
आरामिल, दालमिल, ब्रास मिल एवं मध्य क्षेत्र में कार्यरत
आंशिक क्रियान्वित
6
अन्य औद्योगिक इकाईयां
अक्रियान्वित
7 वाहन मरम्मत दुकानें, जिंसी नाला
स्थानांतरित होकर क्रियान्वित
8 अग्नि, आतिश कार्य , दौलतगंज एवं हुजरात
अकार्यक्षम भूमि उपयोग
अक्रियान्वित
1
गांधी मार्ग , रेस कोर्स मार्ग , झांसी मार्ग , पडाव, सिचाई कॉलोनी, कृषि कॉलोनी, पुलिस लाईन में आवासो से संलग्न भूमि रिक्त है, इन शासकीय भवनों के स्थान पर नवीन भवन निर्माण करने पर सभी कर्मचारियों को आवासीय सुविधायें उपलब्ध हो सकेगी, इसके साथ ही शासन को अतिरिक्त राशि भी प्राप्त होगी । जिससे विकास योजना के प्रस्तावों का क्रियान्वयन संभव हो सकेगा ।
2
आंशिक क्रियान्वित
हुजरात एवं जनकगंज कोतवाली, गोरखी, शासकीय मुद्रणालय , आबकारी कार्यालय , सेन्ट्रल वर्कशॉप, पी.डब्ल्यू.डी. वर्कशॉप आदि
अक्रियान्वित
3
गोरखी स्कूल , महारानी विद्यालय , गजराराजा, जनकगंज एवं हरिदर्शन स्कूल
1.9 योजना अवधारणा
केन्द्र, प्रशासनिक एवं मनोरंजन केन्द्र आदि के प्रस्ताव दिए गए हैं । मार्ग संरचना में सुगम यातायात की दृष्टि से विशेष ध्यान दिया गया है । इस योजना में क्षेत्रीय / नगर स्तर के 80 /45/ 30 मीटर चौड़े मार्गों से लेकर वृत्तखण्ड / उप वृत्तखण्ड स्तर के 24 से 18 मीटर देश के प्रमुख पूर्वी - पश्चिमी यातायात कॉरीडोर एवं उत्तरी- दक्षिण यातायात कॉरीडोर का ग्वालियर विकास योजना 2035 में नगर स्तर के थोक एवं विशेषीकृत वाणिज्यिक तक के मार्ग प्रस्तावित किये गये है । ग्वालियर नगर से 90 किलोमीटर दूर झाँसी के समीप मिलान बिन्दु होने के कारण , नगर में औद्योगिक एवं वेयर हाउसिंग आदि की मांग में वृद्धि के साथ अन्य उपयोगों में भी भूमि की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए भू- उपयोग 8787
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
प्रस्तावित किए गए है । विकास योजना 2035 की अवधारणा के मुख्य बिन्दु निम्नलिखित हैं:-
युक्ति- युक्त भूमि उपयोग द्वारा नियोजित शहरी विकास ।
प्राकृतिक वन, पहाड़ियों, नालों आदि संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण ।
एकीकृत जल प्रदाय, जल - मल निकास एवं वर्षाकाल की जल निकासी की व्यवस्था ।
घनी आबादी वाले क्षेत्रों की सघनता को कम करने के लिए विकास नियमनों को सरल एवं लचीला बनाना ।
शहर के घने क्षेत्रों का पर्यावरण सुधार ।
व्यवसाय एवं औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना ।
1.10 उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली
विकास योजना 2035 का प्रस्ताव तैयार करने का मुख्य उद्देश्य , स्थायी एवं पूर्ण क्षमता युक्त, नगरीय क्षेत्र का विकास करना है । तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ एवं पर्यावरण की दृष्टि से सुसंगत विकास योजना तैयार करने हेतु, पर्यावरण के सभी घटकों अर्थात नैसर्गिक पर्यावरण एवं भविष्य में होने वाली बसाहट पर विचार करना आवश्यक है । भूमि उपयोग मानचित्र के प्रावधान लचीले होना आवश्यक है, जिससे बदलती परिस्थितियों का समायोजन हो सके । अतः स्थायी व पूर्ण क्षमता युक्त भूमि उपयोग तैयार करने हेतु नगर एवं परिक्षेत्र, प्राकृतिक , भौगोलिक , ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं पर विचार किया जाना चाहिये । इसके साथ ही, यह भी लक्ष्य रखा गया है कि प्रस्ताव, भूमि उपयोग , यातायात क्षमता के आधार पर हो । एकीकृत विकास योजना तैयार करने हेतु निम्न लिखित घटकों के संबंध में विस्तृत जानकारी आवश्यक है:-
क्षेत्रीय विशेषतायें
भौतिक स्थिति, कंटूर , सामान्य अथवा अत्याधिक ढलान, भूगर्भ विशेषतायें, मिट्टी की विशेषतायें एवं गहराई, भूमिगत जल स्त्रोत, जलप्लवित क्षेत्र, सघन कृषि भूमि, वन क्षेत्र, जलीय जीवन, तापमान, हवा, बारिश एवं सूर्य के प्रवास का मार्ग । [ भाग 1 8788
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
भूमि उपयोग वितरण
नगरीय विस्तार , कृषि एवं अनुपयोगी भूमि , वन क्षेत्र के अधीन भूमि, उत्तम भू- दृश्यीकरण , स्थल, नगरीय भूमि उपयोग जैसे आवासीय , वाणिज्यिक , सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक , आमोद प्रमोद, यातायात, रिक्त क्षेत्र जो आगामी विकास हेतु उपलब्ध हैं , प्रत्येक उपयोगों के प्रकार एवं सघनता ।
जनसंख्या विशेषतायें
संख्या, आयु, लिंग , आव्रजन वितरण , आगामी जनसंख्या, जनसंख्या घनत्व , मजदूर एवं गैर मजदूर और व्यवसायिक संरचना ।
आर्थिक गतिविधियाँ
कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य भूमि आधारित गतिविधियां , आर्थिक समस्यायें एवं संभावनायें, वाणिज्यिक क्षेत्रों का वितरण , व्यापार का आकार, स्थानीय संस्था की वित्तीय स्थिति, संस्थाएं एवं आगामी विकास हेतु संभावनाएं ।
यातायात विशेषतायें
वर्तमान सेवाओं के प्रकार एवं क्षमतायें, माल वाहन, निजी वाहन, सार्वजनिक वाहन, सायकल पथ , पादचारी पथ , जलाशय , रेलवे , वायु सेवा, केन्द्रीय सुविधायें एवं यातायात संरचना ।
आवास विशेषतायें
उपलब्ध संख्या एवं भवनों की स्थिति, सक्रिय आवश्यकता, झुग्गीवासियों की आवश्यकतायें , एवं उसका निराकरण , भूमि तथा वित्तीय स्थिति ।
सार्वजनिक सेवायें
पेयजल वितरण एवं आवश्यकता, मलवाहन प्रणाली, विद्युत प्रदाय, संचार सेवायें । सार्वजनिक सुविधायें
शैक्षणिक संस्थायें , आमोद प्रमोद क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवायें, वाणिज्यिक क्षेत्र , पूजा स्थल । एकत्रित जानकारी , एकीकृत प्रक्रिया के अंतर्गत , वर्ल्ड व्यू- II (World View- II ) उपग्रह चित्रों के आधार पर अमृत योजनानुसार निम्नलिखित उद्देश्य पर निर्धारित हैं, जिसमें URDPFI गाईडलाईन के अन्तर्गत समावेशी नियोजन अवधारणा में सम्मिलित है । 8789
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 1.10.1 उद्देश्य
> भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करनाः
वर्ल्डव्यू- II (World View - II ) उच्च आवर्धन उपग्रह द्वारा प्राप्त जानकारी, द्वारा नगरीय भूमि उपयोग का मानचित्र तैयार करना, जिसमें आवासीय , वाणिज्यिक , औद्योगिक , सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक, आमोद प्रमोद एवं यातायात भूमि उपयोग अंकित हो ।
> बसाहट के विस्तार का मानचित्र
विभिन्न स्थितियों पर, उपग्रह से उपलब्ध जानकारी के आधार पर, नगर के विभिन्न समयावधि में हुए विकास का मानचित्र तैयार करना ।
संपूर्ण नगर के लिए यातायात मानचित्र तैयार करना ।
नैसर्गिक आपदाओं जैसे बाढ़ , भूमि कटाव, भूकंप से संबंधित क्षेत्र इत्यादि का मानचित्र तैयार करना ।
जल स्त्रोत, नैसर्गिक जल प्रवाह प्रणाली, जलाशय , ढलान, मिट्टी के प्रकार का मानचित्र तैयार करना ।
नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का मानचित्र तैयार करना एवं जिस भूमि का संरक्षण करना है , उसका मानचित्र पर अंकन करना ।
प्रस्तावित भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करना ।
> जनगणना के आंकड़े
अनुमानित जनसंख्या का निर्धारण करने हेतु, जनगणना वर्ष 1951 , 1961 , 1971 , 1981 , 1991 , 2001 एवं 2011 के आंकड़ों का विकास योजना में उपयोग किया गया है ।
1.10.2 उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली
नगर की जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करने हेतु अंगीकृत उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली , चित्र में दी गई है । अमृत योजना के अन्तर्गत एन.आर.एस.सी. हैदराबाद से प्राप्त, स्थल मानचित्र, जिसमें उपग्रह चित्र के साथ बिल्डिंग फुटप्रिंट अंकित थे , का स्थल पर सत्यापन किया गया । अमृत मानकों के अनुसार आंकड़े एकत्रित करने एवं सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी के आधार पर जी.आई.एस. आधारित विकास योजना हेतु आधार भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8790
2035
ग्वालियर विकास योजना
मानचित्र तैयार किया गया । विकास योजना तैयार करने हेतु उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली विवरण निम्नानुसार है-
चित्र 1. उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली
World View II Satellite Data
Ancillary data
GIS Layers
Population Projection
Acts & Rules
Data Vetting and Correction
T& CP Act 1973
Demography & Socio
Economic data
Thematic Mapping
MP Bhumi Vikas Niyam 2012
Infrastructure
Geomorphology
AMRUT Guideline
Urban Sprawl
Landuse
URDPFI Guidelines Soil
GAPAnalysis
Slope
Land Allocation
Road Buffer
Drainage Buffer
Comprehensive Urban land Suitability Map
Weightage Analysis
Suitability Index
Land Available for Planning
Proposed Landuse Allocation
Draft Development Plan
1.10.3 जनसंख्या आंकलन पद्धति
सन् 2035 की भावी जनसंख्या के आंकलन करने हेतु, वर्ष 1951 से 2011 तक की जनगणना की जानकारी एकत्र की जाकर विभिन्न सांख्यिकी पद्धतियों (1 ) अंक गणितीय वृद्धि पद्धति ( II ) ज्यामितीय वृद्धि पद्धति ( III ) दर वृद्धि पद्धति ( IV) घातांकीय वृद्धि पद्धति का उपयोग करते हुए , 2035 की जनसंख्या प्रगणित की गई है । 8791
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
1.10.4 अमृत मानकों की व्याख्या
अमृत मानकों के अनुसार, शहर के विभिन्न विभागों से आंकड़े एकत्रित किये गये, इन आंकड़ो में शहर की भौगोलिक जानकारी , जनसांख्यिकी आंकड़े, औद्योगिक पहलु, अधोसंरचना , जिसमें शैक्षणिक , स्वास्थ्य, संचार, जल प्रदाय , जल - मल निकास , ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, परिवहन , पर्यावरण , पर्यटन एवं राजस्व से संबधित जानकारी इत्यादि सम्मिलित हैं ।
1.11 थिमेटिक मानचित्रीकरण
विकास योजना तैयार करने हेतु किए जाने वाले विश्लेषण में उपयोग किए जाने हेतु विभिन्न थिमेटिक मानचित्र तैयार किए गये हैं, जिसका उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली आकृति में स्पष्ट की गई है ।
1.11.1 यातायात संरचना
अमृत योजना के मानकों के आधार पर उपग्रह चित्र आधारित वर्तमान यातायात मानचित्र तैयार किया गया, जिसमें मानकों को, वर्गीकृत किया जाकर, निम्नलिखित सारणी में दर्शाया गया है ।
Road - Geo Spatial Data Content
सारणी 1 -सा-7 .
SUB - CLASS
CLASS
CODE
S.No
01-01
National Highway
01-02
State Highway
01-06
Bypass
Ring Road
01-07
Road
01-09
Major City Road
1
Other Public Road
01-11
Other Private Road
01-12
01-15
Village road
01-16
Footpath
Bridges/Flyovers - Geo Spatial Data Content
सारणी 1 -सा-8 .
SUB - CLASS CODE
CLASS
S.No
Culvert
03-01
OverBridge
03-04
1
Bridges
Road Bridge Across Rail 03-06 [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8792
2035
ग्वालियर विकास योजना
1.11.2 भूमि उपयोग / भूमि आच्छादन
एन.आर.एस.सी. से प्राप्त उच्च आवर्धन उपग्रह चित्रों पर आधारित बिल्डिंग फुटप्रिंट के उपयोग को आधार मानकर, शहर का वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र स्थल सत्यापन के उपरांत तैयार किया गया है । भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करते समय अमृत योजना में दिए गये वर्गीकरण प्रणाली को अंगीकृत किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत नगरीय भूमि उपयोग वर्गीकरण प्रणाली को निम्नलिखित सारणी में दर्शाया गया है ।
Building Footprint - Geo Spatial Data Content
सारणी 1 - सा-9 .
SUB-CLASS
CLASS
CODE
S.No
4
3
2
1
House
06-04
Residential
1
Group of Houses
06-05
Retail
07-01
General Business
07-03
Commercial
2
Hotel/ Lodge / Restaurant
07-04
Hostel
07-13
08-01
Manufacturing
08-08
Agro based & Food Processing
Obnoxious
Industrial
08-09
3
08-10
Cottage & Household
Other Industries
08-11
Residential & Commercial
Mixed
4
09-01
School
10-01
Anganwari
Educational
5
College
10-05
Polytecnic
Govt.Hospital
11-01
Health Services PrivateHospital
6
11-02
11-04
Clinic/Dispensary
Office
12-01
Central Govt .
7
12-02
Property
Quarter
State Govt .
Office
13-01
8
Property
Banks
15-02
Police Station
15-05
Cantonment/Battalion
15-06
Crematorium Burial Ground /Grave Yard
15-08
Guesthouse/Resthouse
15-09
9
Public & Semi- public
Dharmashala
15-11
15-12
Tourist Facility Centre
Museum
15-15
Public Library
15-16
15-25
Public/Community Toilet भाग 1
8793
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
CLASS CODE
S.No
2
3 1
15-28
2035 ग्वालियर विकास योजना
SUB - CLASS
4
OldAgeHome
Fire Station
15-30
16-01
16-05
10
Religious
16-09
17-01
Recreational 11
18-01-01
18-01-02
12
Public Utilities 18-03-01
18-04-02
Temple
Gurudwara
Aashram/Math/Bhojanshala
Garden
Water Treatment Plant
Water Pumping Station
Sewage Treatment Plant
Electric Sub-Station
Monuments
21-01
13
21-02
Heritage
21-03
24-01
14
Transportation
Traffic related 15
25-04
26-02
Rural 16
26-03
Fort
Archaeological Site
Bus stand /Terminus
Multi -Level Parking
House
GroupOfHouse
Farm house
33-09
Others
33-10
17
Dairy farm
33-17
1.11.3 ढलान
Gaushala
भारतीय सर्वेक्षण विभाग से प्राप्त टोपोशीट Madhya Pradesh Agency for Promotion of Information Technology से प्राप्त Digital Elevation Model के आधार पर ढलान मानचित्र तैयार किया है । इसका विश्लेषण अध्याय -3 में किया गया है ।
ढलान का प्रतिशत = (ऊँचाई में अंतर / दूरी में अंतर) X 100
1.11.4 मृदा
संपूर्ण जिले के मिट्टी के प्रकार का मानचित्र , भारत की मृदा और भूमि उपयोग सर्वेक्षण विभाग ( SLUSI ) से जानकारी प्राप्त कर तैयार किया गया है । उक्त मानचित्र तैयार करने में सुदूर संवेदन प्रणाली, मृदा प्रोफाईल के विश्लेषण , मिट्टी की उपयोगिता एवं मृदा के विभिन्न घटकों के आधार पर भूमि का कटाव मानचित्र, मिट्टी की बनावट का मानचित्र तथा मिट्टी की गहराई के मानचित्र का उपयोग किया गया है । भाग 1 8794
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 1.11.5 बाढ़ आपदा
बाढ़ आपदा की जानकारी हेतु ढलान , जलाशय मानचित्र से प्राप्त आंकड़ों तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर संभावित बाढ़ क्षेत्रों का निर्धारण कर मानचित्र तैयार किया गया है ।
1.11.6 जलाशय
वर्ल्डव्यू-II ( World View -II ) उच्च आवर्धन उपग्रह चित्र एवं अमृत योजना की वर्गीकरण प्रणाली को आधार मानकर शहर मे स्थित जलाशयों का मानचित्र तैयार किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत जलाशयों की वर्गीकरण प्रणाली निम्नलिखित सारणी में उल्लेखित है : -
Water Bodies -Geo Spatial Data Content
सारणी 1 - सा-10 .
CLASS
SUB - CLASS
S.No
CODE
4
3
2
1
Stream
05-02
Drain
05-04
Ponds
05-05
WaterBodies
1
Lake
05-06
Reservoir
05-09
स्त्रोत : - अमृत मार्गदर्शिका
1.11.7 भूकंप आपदा परिक्षेत्र
भूगर्भीय स्थिति के फ्रेक्चर्स एवं फॉल्ट्स ( Fractures and Faults ) तथा मिट्टी की जानकारी , ढलान की जानकारी एवं जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया, एन.जी.आर.आई. के आंकड़ों के आधार पर भूकंप आपदा परिक्षेत्रों का मानचित्र तैयार किया गया है ।
1.11.8 भूमि मूल्य
मध्यप्रदेश रजिस्ट्रेशन एवं स्टाम्प विभाग से नगरीय क्षेत्र के अन्तर्गत कुल वार्ड के अन्तर्गत, भूमि मूल्य की जानकारी एकत्रित की जाकर, भूमि मूल्य की वर्गीकृत जानकारी का मानचित्र तैयार किया गया है । 8795 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 1.11.9 ग्राम / वार्ड सीमा
राजस्व विभाग से प्राप्त डिजिटल खसरा मानचित्रों का उपयोग कर ग्राम सीमा मानचित्र तैयार किया है । भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर खसरा मानचित्रों का Spatial Adjustment किया गया । ग्राम मानचित्रों का Spatial Adjustment करने के पश्चात निवेश क्षेत्र सीमा निर्धारित की गयी है । नगर पालिक निगम से प्राप्त वार्ड मानचित्र के आधार पर नगर का वार्ड मानचित्र तैयार किया गया है । अन्य सीमाओं हेतु भारतीय सर्वेक्षण विभाग की 1 :30000 का तथा 1:25000 मापमान पर तैयार टोपोशीट का उपयोग किया गया है । उक्त मानचित्र , एकीकृत वार्ड आधारित जानकारी से तैयार किए गए है । जनसंख्या के आंकड़े , भारत की जनगणना 2011 से प्राप्त किये गये हैं, उनको ग्राम मानचित्रों से संबद्ध किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत सीमाओ की वर्गीकरण प्रणाली निम्न सारणी में उल्लेखित हैः-
Administrative Boundaries
सारणी 1 - सा-11 .
Administrative Boundaries
SUB- CLASS
CLASS
CODE
S.No.
4
2
3
1
37-05
Village Boundary
Administrative
1.
37-06
ForestBoundary
Boundaries
37-07
Revenue Boundary
स्त्रोत :- अमृत मार्गदर्शिका
Planning Boundaries & Municipal Boundaries
सारणी 1 - सा-12.
Planning Boundaries
SUB- CLASS
CLASS
CODE
S.No.
4
2
3
1
38-01
Planning Area Boundary
1.
National Park/ Sanctuary /
Planning Boundaries
38-08
Conservation Area
Municipal Boundaries
SUB - CLASS
CODE
CLASS
S.No.
4
3
2
1
37-05
Municipal Boundary
37-06
1.
WardBoundary
Municipal Boundaries
37-07
ZoneBoundary
स्त्रोत :- अमृत मार्गदर्शिका [ भाग 1 8796
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 थीमेटिक मानचित्र भौगोलिक सूचना प्रणाली के अंतर्गत, उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर Remote Sensing Classification का उपयोग कर Digitize किये जाकर, निवेश क्षेत्र के साथ समन्वित किये गये हैं । क्षेत्र के सांख्यिकीय आंकड़े , भौगोलिक सूचना प्रणाली के माध्यम से ही ज्ञात किये गये हैं ।
1.12 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता प्रणाली
नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में यह निर्धारित किया गया, कि कौन सी भूमि का विकास , किस प्रकार किया जाये , भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में प्राकृतिक विशेषतायें, नैसर्गिक अवरोध एवं सामाजिक एवं आर्थिक समानताएं महत्वपूर्ण हैं । मूलतः इस प्रक्रिया में भूमि की धारण क्षमता के अंतर्गत , भूमि उपयोग उपयुक्तता एवं स्थानीय भूमि का मूल्य सम्मिलित है । भूमि उपयुक्तता का निर्धारण भूमि की प्राकृतिक एवं नैसर्गिक क्षमता पर भी निर्भर होता है । भूमि का मूल्य प्रमुखतः तीन आधार पर निर्भर होना चाहिए (1 ) भूमि का बाजार मूल्य जो पूर्ण विक्रय के आधार पर होता है (2) प्राकृतिक संरचना का गुणात्मक मूल्यांकन (3) संस्पर्शी क्षेत्र का भूमि मूल्य ।
भूमि मूल्य एवं भूमि उपयुक्तता के संयुक्त मानचित्र के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक मूल्य के संदर्भ में वैकल्पिक विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जा सकते हैं । निवेश क्षेत्र में नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का निर्धारण महत्वपूर्ण है , इसी आधार पर विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जाते हैं । भूमि की उपयुक्तता न सिर्फ प्राकृतिक विशेषता पर निर्भर है, अपितु इसका आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण है । उक्त दोनों मापदण्डों का परिणाम उपयुक्तता श्रेणी का निर्धारण एवं भूमि का नियोजित विकास करना है । भूमि पर आर्थिक दबाव रहने की दशा में उपयुक्तता के आधार पर अग्राह भूमि, का विकास होगा । इससे स्पष्ट है कि मापदण्डों की अधिक श्रेणियां बाजार के संदर्भ से प्रभावित होती हैं । अतः उपरोक्त संदर्भ में, उपयोगिता विश्लेषण प्रक्रिया को वरीयता के आधार पर नगरीय भूमि उपयोग के निर्धारण की दृष्टि से देखा गया है ।
इस विश्लेषण में बहु प्रणाली आधारित अध्ययन (स्थल सर्वेक्षण, स्थल की वास्तविकता, पुराने मानचित्र एवं सुदूर संवेदन इमेजरी ) किया गया है, जिसके 8797
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
परिणामस्वरूप भूमि उपयुक्तता विश्लेषण संभव हुआ है । नगर के संदर्भ में Composite Land Suitability Analysis पद्धति अपनाई गई है । इस प्रक्रिया को अध्याय-3 में दर्शाया गया है । इस प्रकार के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि कौन सी भूमि विकास / भवन निर्माण हेतु उपयुक्त है एवं किस भूमि को हरित क्षेत्र के रूप में अथवा विकास हेतु प्रतिबंधित / संरक्षित रखी जाना है । भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने हेतु निम्नलिखित श्रेणी घटकों पर विचार किया गया है ।
वर्तमान भूमि उपयोग
मिट्टी का प्रकार
ढलान का प्रतिशत
बाढ़ आपदा
जलाशय
मार्ग संरचना
जिओमॉर्फोलॉजी
भूमि का मूल्य (वार्ड अनुसार)
उपरोक्त घटकों के मूल्यांकन के माध्यम से नगर विकास हेतु भूमि के संदर्भ में उपयोग सीमा की अवधारणा भूमि के गुणात्मक मूल्यांकन से निर्धारित होती है । अगर ढलान अधिक है तो यह स्पष्ट है कि, अधिक ढलान वाले क्षेत्र को विकसित करने हेतु व्यापक स्त्रोत (पैसा, जनशक्ति, सामग्री) आवश्यक होंगे । अतः उक्त भूमि समतल भूमि से कम उपयोगी होगी , इसी प्रकार की अवधारणा सभी घटकों के संदर्भ में प्रभावी होती है । उपरोक्त सभी घटकों के विचारणीय बिन्दुओं को नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि एवं पर्यावरण के विश्लेषण में शामिल किया है । इन घटकों से विश्लेषित जानकारी का भौगोलिक सूचना प्रणाली से समन्वय कर संकेतक प्राप्त किये हैं ।
1.13 भूमि उपयोग का आवंटन
नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि का चयन करने के पश्चात् भूमि उपयोग क्षेत्र का निर्धारण , भारत सरकार के शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय द्वारा प्रसारित URDPFI गाईड लाईन एवं राज्य के विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखकर किया गया है । भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8798
2035
ग्वालियर विकास योजना
इस अध्याय में सुदूर संवेदन प्रणाली एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के अंगीकृत उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली विस्तार से प्रस्तुत है । पारंपरिक पद्धति से किये गये सर्वेक्षण कार्य की तुलना में, उपरोक्त प्रणाली अधिक उपयोगी एवं प्रभावी है । इसके अंतर्गत उपग्रह से प्राप्त चित्रों की व्याख्या करने के पश्चात् भूमि उपयोग मानचित्र एवं पर्यावरण के घटकों का अध्ययन एवं विश्लेषण संभव है । इसी उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली के आधार पर ग्वालियर निवेश क्षेत्र का विश्लेषण किया जाकर प्रस्तावित विकास की दिशा का निर्धारण एवं विभिन्न घटकों के विश्लेषण के आधार पर, विकास हेतु भूमि चयन के वैकल्पिक प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं ।
1.14 विकास योजना प्रारूप के लिए हितधारको से परामर्श
ग्वालियर विकास योजना प्रारूप 2035 हेतु हितधारकों से, विभिन्न चरणों में निम्नानुसार सुझाव प्राप्त किए गए ।
आयुक्त ग्वालियर संभाग की अध्यक्षता में जन प्रतिनिधियों एवं शासकीय / अर्द्ध- शासकीय विभागों के साथ दिनाँक 15.01.2021 को बैठक आयोजित कर सुझाव प्राप्त किये गये । दिनांक 12.07.2021 को कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समिति की बैठक आयोजित की जाकर फीडबैक प्राप्त किया गया एवं प्रारूप विकास योजना तैयार करते समय लोकतांत्रिक प्रक्रिया और विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखा गया । इसके अलावा, विभिन्न संस्थानों के साथ व्यापक परामर्श भी किया गया है ।
ग्वालियर चेम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों से दिनांक 06.05.2020 को समूह चर्चा आयोजित कर सुझाव प्राप्त किए गए ।
क्रेडाई ग्वालियर के साथ दिनांक 25.06.2020 को चर्चा की जाकर सुझाव प्राप्त किये गये । 8799
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
कॉन्फ्रेडेरेशन ऑफ इण्डिया ट्रेडर्स के साथ दिनांक 30.06.2020 को चर्चा की जाकर सुझाव प्राप्त किये गये ।
ट्रांस्पोर्ट यूनियन एवं ट्रांस्पोर्ट मोटर्स एसोसिएशन ग्वालियर के प्रतिनिधियों के साथ दिनांक 21.01 . 2021 को चर्चा आयोजित कर उनके सुझाव प्राप्त किये गये ।
नर्सिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ दिनांक 21.01.2020 को चर्चा आयोजित कर उनके सुझाव प्राप्त किये गये ।
इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स , ऑर्किटेक्ट एवं प्लानर्स के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा कर सुझाव प्राप्त किये । [ भाग 1 8800
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
अध्याय-2
अध्ययन एवं विश्लेषण
जयविलास पैलेस 2.1 क्षेत्रीय एवं उप क्षेत्रीय संदर्भ
2.1.1 क्षेत्रीय परिदृश्य
मध्यप्रदेश , नगर तथा ग्राम निवेश , अधिनियम, 1973 की धारा -4 के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 8 रीजन में विभक्त किया गया है । यह क्षेत्र ग्वालियर एग्रो रीजन के अंतर्गत आता है । इसके अंतर्गत ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना एवं भिण्ड जिले शामिल हैं । राष्ट्रीय यातायात का महत्वपूर्ण उत्तर- दक्षिण कोरीडोर क्षेत्र के तीन जिलों मुरैना, ग्वालियर एवं दतिया से होकर गुजरता है, यह कोरीडोर पूर्व- पश्चिम यातायात कोरीडोर को दतिया जिला मुख्यालय से 15 कि.मी. तथा ग्वालियर शहर से 85 कि.मी. की दूरी पर जोड़ता है । 8801
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
2.1.2 क्षेत्रीय संदर्भ में महत्व
ग्वालियर का विकास न सिर्फ आसपास के शहरी क्षेत्र की, बल्कि वृहद् रूप से क्षेत्रीय एवं उप-क्षेत्रीय गतिविधियों तथा अर्थव्यवस्था से भी प्रभावित है । क्षेत्रीय एवं उप-क्षेत्रीय उत्पादकता महानगर की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है तथा इसके फलस्वरूप नगर को विकास एवं रोजगार के अवसर, सेवा एवं सुविधाएं उपलब्ध होती हैं । इससे स्पष्ट है कि शहरी क्षेत्र का नियोजन पृथक रूप से नहीं किया जा सकता, बल्कि यह भौतिक विकास गतिविधियों एवं कार्यकलापों के आधार पर परिवर्तनशील होना चाहिये ।
ग्वालियर नगर से अन्य नगरों की दूरी
सारणी 2-सा-1 .
Distance
Nearest Town
102km
JHANSI
120 km
AGRA
470 km
INDORE
450 km
BHOPAL
310 km
SAGAR
2.2 निवेश क्षेत्र
ग्वालियर निवेश क्षेत्र का गठन मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 13 (2 ) के अन्तर्गत वर्ष 1974 में किया गया था जिसमें नगर निगम ग्वालियर के क्षेत्र के साथ आस - पास के 28 गाँव भी सम्मिलित थे तत्समय निवेश क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 20699.41 हेक्टेयर (207 वर्ग किलोमीटर) था ।
वर्ष 1999 में ग्वालियर का संशोधित निवेश क्षेत्र अधिसूचित किया गया जिसमें पुराने निवेश क्षेत्र के अतिरिक्त 19 गाँव और सम्मिलित किये गये थे । ग्वालियर निवेश क्षेत्र की अधिसूचित सीमाओं में वर्ष 2007 में पुनः वृद्धि कर अतिरिक्त 20 गाँवों को सम्मिलित करते हुये संशोधित निवेश क्षेत्र की सीमायें म.प्र. शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-69 / 2007 / बत्तीस दिनांक 21 सितम्बर 2007 द्वारा परिनिश्चित की गई ।
मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 3-37 / 2016 , भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016 द्वारा ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र के 8802
भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
Legend
GWALIOR
REGIONALSETTING
Waterbody
RailwayLine
NationalHighway
StateHighway
100KmRadius
75KmRadius
25KmRadlus
50KmRadius
7GwaliorPlanningArea
ACityPoint
MapNo.2.1
наделе
A
PlanningArea
Km
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Source:DirectorateofTown&CountryPlanning
District-Gwalior
Scale 08.51725.53442.65150.5
нарли
BetwaRiver
Madhogarh
A
Etawah
UttarPradesh
SindRiver
Mihona
Lahan
Udi
Bhind
Seondha
Mau Shikohabad
Mehgaon Bah
YamunaRiver
Gohad Dam
Porsa
Δ
Firozabad
Δ
Fatehabad
Gwalior
Ambah
Banmor
Kotwal Reservoir A Agra GambhirRiver 2
Tighra Reservoir
Morena
Dholpur
Joura- Khairagarh
Trepas Δ
Fatehpur
Sikri
ChambalRiver
Bari
A
Ram Sagar
Sabalgarh
Sarmathura
Baretha Dam
Rajasthan
Karoli Δ
πιάσε A
Konch
Bhasneh Reservoir
Moth Δ
3
Daboh A
Chirgaon
Bhander
Orchha.co
Datia
Jhansi
Datia
Babina.
Dabra
Karera
25Km
Bhamarhar GaonDam
Mahuar Dam
Harsi Reservoir
50Km
Madikheda Reservoir
MohiniPickup Reservoir
Pehsari Reservoir
7740
Shivpuri
75Km
☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
100Km
Kaketo Reservoir
Bijaipur
Pohari
Sheopur
NA
NA 8803
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना |
अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र के 22 ग्रामों को सम्मिलित कर ग्वालियर निवेश क्षेत्र की सीमाओं में वृद्धि की है । जिसके फलस्वरूप ग्वालियर निवेश क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 53420.57 हेक्टेयर है, जिसे निम्न सारणी के माध्यम से दर्शाया गया है ।
ग्वालियर निवेश क्षेत्र
गाँव का नाम क्रमांक
सारणी 2-सा-2 .
जनसंख्या (2011)
क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
1
2 (अ) नगर निगम क्षेत्र
1 ग्वालियर नगर (2011 ) 2 अकबरपुर (मुजा) 3 अजयपुर
4 भोंडेरी
5 चक गिरवाई-1 6 गिरवाई
7 भदरोली
8 गिरगाँव
9 गंगापुर
10 जलालपुर
11 जगनापुरा
12 जमाहर
13 खेरिया भान
14 कोटा वीरान
15 सोहनपुर
16 महाराजपुरा गिर्द 17 मदनपुर
18 मालनपुर
19 मोहनपुर
20 मऊ
21
रायरू
22 पुरानी छावनी
सेंथरी
23
24 रुद्रपुरा
25 शेखपुरा
4
3
1069276
12955.02
603
235.93
8328
84.48
237
236.78
517
110.50
9770
1168.86
2063
463.00
1970
698.50
844
223.05
1915
152.10
313
65.86
2459
433.24
465
140.28
10
15.15
340
181.70
703
306.76
290
152.16
1503
393.00
2429
67.34
1557
419.04
1732
723.01
10219
479.16
1534
622.02
1738
246.45
140
319.15 8804
भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
गाँव का नाम क्रमांक
2 1
26 शंकरपुरा
27 टिलहरी
28 सिरोल
29 विक्रमपुर
30 थर
31 वीरपुर
32 लखनौती खुर्द 33 जोनपुर
34 बरौआ पिछोर 35 हबीपुर
36 नौगांव
37 तुरारी
38 चंदौहा खुर्द
39 खेरिया भृत्य
40 बड़ागाँव
41 जारगा
42 बरौआ नूराबाद 43 चक जगरूपुरा 44 कुंवरपुरा
खिरिया पदम 45
46 खुरैरी
47 खेरियामोदी
48 नैनागिरि
49 जिरैना
सिकरौदा बडौरी 50
51 लखनौती कलां 52 चकरायपुर
53 खिरियामिर्धा
54 बेहटा
55 मैंथाना
56 चक कैशोपुर 57 जहांगीरपुरा
ग्वालियर विकास योजना 2035
जनसंख्या (2011)
क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
4
3
545.27
6705
768
198.70
3302
458.74
906
198.84
678
100.44
6140
97.27
446
214.08
392
140.02
417
302.71
566
227.83
1909
947.37
766
284.30
10
242.08
57
205.58
2676
962.34
1087.39
1441
851.86
3371
313
35.00
594
181.00
2033
मुरार के क्षेत्र में सम्मिलित
2020
570.50
889
200.32
924
186.96
576
308.78
525
214.08
453
190.20
953
230.64
680
267.50
1653
771.33
653
144.47
272.76
1911
952
294.21 8805
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
गाँव का नाम क्रमांक
2 1
छौंदा
58
59 खिरिया कछाई
नोनेरा
60
61 सिकरोदी
62 कुशराजपुर
63 पुरासानी
64 तिलेथा
65 बड़ोरी
66 नागौर
67 लोडरा
68 अडूपुरा
रमौआ
69
70 गणेशपुरा
71 बनारपुरा
72 सूरो
73 चंद्रपुरा
74 करिगवाँ खुर्द
पिपरौली
75
योग (ब) मुरार केन्टोन्मेन्ट
(स) ग्रामीण क्षेत्र
1 लक्ष्मणगढ़
2 बरेठा
3 सालूपुरा
4 सुसेरा
5 सोनारपुरा
6
करगंवा
7 नरेश्वर
8 टीकरी
सातऊ
9
डांग सरकार 10
11 अलीनगर
ग्वालियर विकास योजना 2035
जनसंख्या (2011 )
क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
4
3
325.47
988
1383
99.07
बेचिराग
114.83
671
71.36
527
817.34
1099
1062.88
333
484.97
544
211.52
862
235.85
95
148.16
1021
196.13
983
259.94
1053
71.92
227
107.88
916
386.18
542
365.13
453
122.52
997
316.62
37222.85
1179328
48464
1333.00
553
139.62
1395
579.51
1100
275.19
2987
917.02
185
259.00
453
121.81
357
294.00
725
568.00
698
1264.56
बेचिराग
3051.53
164
156.50 8806
भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
गाँव का नाम क्रमांक
2035 ग्वालियर विकास योजना
जनसंख्या (2011) क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
2 1
12 रवार
रोरा
13
बस्तरी
14
15 सौसा
16 बंधौली
17 उदयपुरा
18 हिरी
19 सिंघारपुरा
20 सुनारपुरा
21 धनेली
22 वीरमपुरा
योग
महायोग (अ+ ब+स) जी.आई.एस. आधारित क्षेत्रफल स्त्रोत :- भारत की जनगणना 2011 नोट :-
4
3
606
337.61
2505
1713.49
892
468.95
1979
1627.29
1931
1057.13
1186
347.22
371
217.96
725
85.03
360
293.62
958
469.57
682
446.90
20812
14691.56
1248604
53274.41
53420.57
ग्वालियर निवेश क्षेत्र हेतु विकास योजना 2035 में सम्मिलित ग्रामों का क्षेत्रफल राजस्व अभिलेखों के अनुसार 53274.41 हेक्टेयर है, विकास योजना 2035 हेतु ग्राम सीमा के डिजिटल मानचित्रों के आधार पर निवेश क्षेत्र के कुल क्षेत्र को प्रगणित किया गया है, जिसके अनुसार निवेश क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 53420.57 हेक्टेयर प्राप्त हुआ है ।
यह विकास योजना जी.आई.एस. पद्धति पर स्थल की वास्तविक स्थिति के अनुसार तैयार की जा रही है । इसलिए विकास योजना तैयार करने के उद्देश्य से सेटेलाइट इमेज से प्राप्त 53420.57 हेक्टेयर क्षेत्रफल को मान्य करते हुए विकास योजना के प्रस्ताव दिये गये हैं । 8807 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
2.3 नगर पालिक निगम क्षेत्र
GMC
सन् 1898 में ग्वालियर में नगर चित्र 3 नगर पालिक निगम ग्वालियर पालिका की स्थापना की गई थी । जिसमें 46.76 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को सम्मिलित किया जाकर 18 वार्डों में विभाजित किया गया था । 4 नवम्बर 1954 को नगर पालिक निगम का गठन किया गया, जिसमें मुरार सिविल क्षेत्र को भी सम्मिलित किया जाकर नगर निगम क्षेत्र 34 वार्डों में विभाजित किया गया । वर्तमान में नगर निगम सीमा 66 वार्डों में विभाजित है, नगर निगम सीमा का क्षेत्रफल 372.22 वर्ग किलोमीटर है ।
2.4 नगर के मुख्य कार्यकलाप
नागरिकों के लिये बेहतर जीवन स्तर की प्राप्ति ही नियोजन का अंतिम लक्ष्य है । आर्थिक संसाधनों का कुशलतम भू- उपयोग , नगर नियोजन की अनिवार्य आवश्यकता होती है । उदार आर्थिक नीतियों तथा वैश्वीकरण के कारण नगरीय अर्थव्यवस्था में तेजी से आ रहे बदलावों के परिपेक्ष्य में निम्न मुख्य कार्यकलापों पर विचार किया जाना आवश्यक है । 1. क्षेत्रीय व्यापार तथा वाणिज्यिक केन्द्र
2. औद्योगिक केन्द्र
3. पर्यटन केन्द्र
4. शैक्षणिक केन्द्र
5. प्रशासनिक केन्द्र
2.4.1 क्षेत्रीय व्यापार तथा वाणिज्यिक केन्द्र
ग्वालियर नगर ग्वालियर एवं चंबल संभाग के आठ जिलों के लिए क्षेत्रीय व्यापार का केन्द्र है । मध्य क्षेत्र में स्थित थोक बाजारों से समीपवर्ती जिलों के व्यक्ति सामान खरीद कर अपने नगरों में विक्रय करते हैं । [ भाग 1 8808
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
2.4.2 औद्योगिक केन्द्र
नगर में बिरला नगर, जडेरूआ , बाराघाटा, तानसेन नगर एवं गिरवाई औद्योगिक केन्द्र स्थित है । जिनमें ब्रिटानिया समूह की जे.बी. मंगाराम फेक्टरी सहित कई उद्योग कार्यरत है । जे.सी. मिल के बंद होने के बाद अधिकांश उद्योग बामौर एवं मालनपुर में शिफ्ट हुए है ।
2.4.3 पर्यटन केन्द्र
महत्वपूर्ण नदियाँ , झील जलाशय , पहाडियाँ, वन और अन्य प्राकृतिक संसाधन, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक महत्व के स्थलों पर पर्यटन स्थल विकसित किए जा सकते हैं । ग्वालियर में ग्वालियर किला, गूजरी महल, बाड़ा, मोती महल, जयविलास पैलेस आदि बडे विरासत स्थल है, यह वास्तुकला की उत्कृष्ट संरचना होने के कारण , बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं ।
(i ) क्षेत्रीय पर्यटन स्थल
ग्वालियर के ऐतिहासिक किले, महलों एंव पुरातत्व संग्रहालय के कारण देशी एवं विदेशी पर्यटकों का आना लगा रहता है, ग्वालियर के आसपास शिवपुरी, चंदेरी , ओरछा , दतिया, ककनमठ मंदिर एवं भित्ति चित्रों की गुफायें, मिलावली, पडावली, बटेश्वर (मुरैना) , कूनो अभ्यारण (श्योपुर) आदि पर्यटन स्थल 150 कि.मी. तक की दूरी पर स्थित है । ग्वालियर में दिसम्बर - जनवरी में लगने वाला ऐतिहासिक मेला भी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है । ग्वालियर के आसपास बाँधो एवं पहाडियों की श्रंखला के कारण साहसिक पर्यटन की भी संभावनाये है । ग्वालियर के पास स्थित मालनपुर, बानमोर एवं सीतापुर औद्योगिक केन्द्रों एवं क्षेत्रीय वाणिज्यिक केन्द्र व्यवसायिक पर्यटनों के आकर्षण के भी केन्द्र है । प्रमुख क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों का विवरण निम्नानुसार है : -
1. ग्वालियर से 20 कि.मी. की दूरी पर उत्तर की ओर बटेश्वर, मितावली एवं पढावली में भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्थल है । जहाँ प्राचीन मंदिरों के खंडहर मौजूद हैं । यहाँ का स्थापत्य शिल्प बेजोड है, यहाँ स्थित राग रागनियों के मंदिर का शिल्प संसद भवन, नई दिल्ली के समान है । 8809 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
GWALIOR Legend
PLANNINGAREA
CantonmentArea
Waterbody
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
RaliwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
GwaliorPlanningArea2021
Forest
NationalHighway
DistrictBoundary
GwallorPlanningArea2035
Roads
VillageBoundary
StateHighway
Fort
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Source:DirectorateofTown&CountryPlanning
123 567 Km
District-Gwalior
MapNo.2.2
200
andr
BHIND
ToChitora
ToUtils
ToBehat
ToBhind
101719
ToJhansi
Arse
☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
コロ
To Jhansi ToBhind
10
Pr
To Mahtoll
dengapur
To Karera ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
MORENA
ToShivpurt
ToMumbal
لعلمة
NASZ भाग 1 8810
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
2. बटेश्वर के समीप ही शनि पर्वत पर प्राचीन द्वारिका धीश का मंदिर एवं प्रसिद्ध प्राचीन शनि मंदिर भी स्थित है । इस शनि मंदिर पर प्रत्येक शनिवार को हजारों लोग दर्शन करने आते है । शनीचरी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं, रेलवे द्वारा इस अवसर पर विशेष रेलगाडियों का भी संचालन किया जाता है ।
3. ग्वालियर से 100 कि.मी. की दूरी पर शिवपुरी के समीप माधव राष्ट्रीय उद्यान है , जिसमें विविध वन्यजीवों के साथ ही ब्रिटिश कालीन संरचनाये भी दर्शनीय है । 4. ग्वालियर से 200 कि.मी. की दूरी पर ऐतिहासिक चंदेरी का किला प्राकृतिक परिवेश में स्थित है । चंदेरी साडीयाँ हस्तशिल्प की विशेषता के कारण प्रसिद्ध है ।
5. ग्वालियर से लगभग 100 कि.मी. की दूरी पर ओरछा में प्रसिद्ध राम मंदिर प्राकृतिक परिवेश में स्थित है , ओरछा के किले को भी हेरिटेज होटल में परिवर्तन किया गया है ।
6. ग्वालियर 80 कि.मी. की दूरी पर दतिया में माँ पीताम्बरा देवी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है , यहाँ पर्यटको का आना जाना लगा रहता है
नगरीय पर्यटन स्थल
(ii)
पंद्रहवी शताब्दी में महाराज मानसिंह के कार्यकाल में ग्वालियर किले पर नगर नियोजन का कार्य प्रारंभ हुआ । सिंधिया रियासत के कार्यकाल में महाराज बाडा के आसपास विकसित वाणिज्यिक केन्द्र एवं फूलबाग परिसर नगरीय रूपांकन के प्रयासों एवं नियोजन की अभिज्ञता के उत्तर उदाहरण है , ग्वालियर नगर ऐतिहासिक प्रतिवेश एवं नगरीय परिवेश के उच्च तत्वों के कारण विख्यात है । ग्वालियर नगर के ऐतिहासिक स्मारक पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है । निवेश क्षेत्र में स्थित मुख्य स्मारकों एवं आकर्षक स्थलों की जानकारी निम्नानुसार है :-
1. मोहम्मद गौस का मकबरा
नगर की उत्तरी दिशा में सोलहवी सदी के विख्यात पीर मोहम्मद गौस का मकबरा पुरातन मुगल शिल्प का उत्तम नमूना है, वर्गाकार मकबरे के दोनों पर षटकोणीय मीनार छोटे गुम्बदों से ढ़ककर बनाए गए हैं, मकबरे के चारों ओर पत्थर की नक्काशी की हुई जाली की दीवार है । 8811 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
2. तानसेन का मकबरा
संगीत सम्राट तानसेन का मकबरा मोहम्मद गौस के मकबरे के समीप स्थित है । यह स्मारक एक सारे सफेद रंग के निचले ओटले पर स्थित है । मकबरें के समीप एक जंगली इमली का पेड है जिसके संबंध में यह विश्वास किया जाता है कि इसकी पत्तियाँ खाने से आवाज सुरीली बनती है ।
3. महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि
फूलबाग से स्टेशन मार्ग पर स्वर्णरेखा नदी के किनारे महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि एवं अश्वारूढ़ लड़ाई की वेषभूषा में एक प्रतिमा स्थित है ।
4. गूजरी महल
ग्वालियर दरवाजे के समीप स्थित गूजरी महल महाराज मानसिंह तोमर द्वारा 15 वीं सदी में किले के समीप निर्मित छः महलों में से एक है । यह महल दो मंजिला एवं भव्य चौखुटे आकार का बना हुआ है । महल के बाहरी हिस्से की सादगी , गुम्बदाकार के कंगूरों, हाथियों के चित्रों एवं मीनाकारी से निर्मित बनावट में देखी जा सकती है । वर्तमान में इस महल में पुरातत्व वस्तुओं का संग्रहालय है ।
5. राजा मानसिंह महल
पंद्रहवीं सदी का राजपूत महल शिल्पकला का उत्तम उदाहरण है । महल के बाहरी हिस्से की मीनाकारी लगभग 500 वर्षों से सुरक्षित बनी हुई है । महल के अंदर पत्थर से निर्मित शिल्प की बनावट पर्यटकों को मोहित कर देती है ।
6. सास बहू का मंदिर
यह मंदिर किले पर स्थित दो मनोहारी भवनों में से एक है । इसके मध्य में एक चौखुटा हाल स्थित है, जिसके तीनों दिशाओं में मण्डप स्थित है, इसका शिल्प मध्ययुगीन अलंकृत भारतीय मंदिर स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है । भाग 1 8812
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035
7. तेली का मंदिर
यह मंदिर किले पर स्थित सभी भवनों में ऊँचा है । इसकी ऊँचाई 30 मीटर है तथा रूपांकन की दृष्टि से नौवी सदी का विशिष्ट मंदिर है ।
8. ग्वालियर किला
पहाड़ी पर स्थित किला नगर का प्रमुख दर्शनीय स्थल होने के साथ- साथ देश के विख्यात किलों में से एक है । यह किला रेत के पत्थर की पहाड़ी पर लगभग 100 मी. की ऊँचाई पर उत्तर से दक्षिण की ओर 3 कि.मी. लम्बाई में स्थित है । इसकी चौड़ाई पूर्व व पश्चिम तक विभिन्न भागों में 200 से 900 मीटर तक है । किले पर ऐतिहासिक एवं पुरातत्व विषयों से संबंधित स्थान एवं वस्तुयें स्थित है ।
9. जैन शिल्प कला
किले के उरवाई दरवाजे एवं किले के पूर्वी भाग की दीवारों के भाग में जैन तीर्थकारों की पत्थर पर उत्कीर्ण मूर्ति समूह स्थित है, ये छोटी - बडी मूर्तियाँ बैठी एवं खडी अवस्था में गुफाओं एवं ताखों में स्थित है । संख्या एवं भव्यता की दृष्टि से यह शिल्प उत्तरी भारत में अनोखा है ।
10. सूरज कुण्ड
छटवीं शताब्दी में किले के पूर्वी भाग में आयताकार आकार का पूर्वी दरवाजों की ओर जाने वाले मार्ग पर सूरज कुण्ड स्थित है । किवदंती के अनुसार इस कुण्ड के पानी से राज सूरज सेन को कुष्ठ रोग से मुक्ति मिलकर स्वास्थ्य लाभ हुआ था ।
11. जयविलास पैलेस राजमहल
1872 से 1874 में निर्मित जयविलास पैलेस की गणना भारत के सुंदर राजमहलों में की जाती है । यह राजमहल बडे उद्यान में स्थित है, यहाँ छायादार वृक्ष, सुंदर मार्ग , कृत्रिम तालाबों के कारण शोभायान है । इस महल का दरबार हॉल 100 फीट लम्बा तथा 50 फीट चौडा तथा 40 फीट ऊँचा है । यह स्वर्ण से अलंकृत है, यहाँ फानूस एवं आइने लगे हुए हैं । 8813
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
12. मोती महल
इस महल के कुछ कमरों में पच्चीकारी का कार्य किया गया है । जिसमें हिन्दू पुराणों, राग-रागनियों, औपचारिक दरबारों, जल समारोहों एवं महाराजा जीवाजीराव द्वारा खेले गए शिकार के दृश्य चित्रित किए गए है ।
13. महाराज बाडा राजमहल
ग्वालियर में गोरखी के नाम से मशहुर सबसे पुराना राजमहल नगर के मध्य लश्कर में स्थित है, इस का निर्माण महाराजा दौलत राव सिंधिया द्वारा 1811 में कराया गया था । सुंदरता से नक्काशित प्रवेश द्वार रेतीले पत्थर से निर्मित किया है । 14. कम्पूकोठी
1865 में निर्मित इस महल की छतों एवं दीवारों पर किया गया चित्रण उल्लेखनीय है ।
15. छत्रियाँ स्मारक
सिंधिया राजवंश के दिवंगत महाराजो की छत्रीयों का वास्तुशिल्प पुरानी शैली के पत्थर की नक्काशी से निर्मित है, यहाँ पर कुछ भिती चित्र भी बनाए गए है । 16. जियाजी चौक
ग्वालियर नगर की हद्द्य स्थली पर नगरीय सीमांकन एवं वास्तुविदीय लालित्य के लिये विख्यात यह चौक महाराज वाडा के रूप में जाना जाता है । चौक के मध्य महाराजा जियाजी राव सिंधिया की प्रतिमा स्थापित है । इस चौक के चारों ओर देशी एवं विदेशी वास्तुविदीय शैली निर्मित इमारतें जैसे टाउन हॉल , जनरल पोस्ट ऑफिस , विक्टोरिया मार्केट, शासकीय मुद्रणालय , स्टेट बैंक ऑफ इंडिया आदि के सुंदर भवन निर्मित है । भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8814
2035
ग्वालियर विकास योजना
17. जामा मस्जिद
मुगल काल की यह भव्य मस्जिद किले के ग्वालियर दरवाजे के समीप बाहर स्थित है ।
18. फूलबाग परिसर
इटालियन गार्डन , बैजा तालाब , वन्यप्राणी अभ्यारण , संग्रहालय, गुरुद्वारा , मस्जिद, मंदिर, एवं संग्रहालय स्थित है । सुंदर गार्डन तथा पेडों से घिरा यह सार्वजनिक मनोरंजन का स्थल है ।
19. अन्य आकर्षण
देवखों, तिघरा बाँध , सागर ताल, कटोराताल, जनकताल आदि महत्वपूर्ण संरचनाये पर्यटकों को आकर्षण का केन्द्र होने के साथ ग्वालियर के शानदार इतिहास की साक्षी है ।
2.4.4 शैक्षणिक केन्द्र
ग्वालियर नगर में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के आठ जिलों के साथ मध्यप्रदेश के बुंदेल खण्ड एवं राजस्थान के धौलपुर तथा उत्तरप्रदेश के इटावा से भी छात्र अध्ययन के लिए आते है , ग्वालियर में राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान भी कार्यरत है । प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं में लक्ष्मीबाई शारीरिक शिक्षा विश्वविद्याालय , अटल बिहारी राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रशिक्षण संस्थान, पर्यटन प्रबंधन संस्थान, होटल प्रबंधन संस्थान, महिला एन . सी.सी. कॉलेज , सिंधिया फोर्ट स्कूल , सिंधिया कन्या विद्याालय , कृषि विश्वविद्यालय, महाराजा मानसिंह तानसेन संगीत विश्वविद्यालय , जीवाजी विश्वविद्यालय आदि सम्मिलित है ।
2.4.5 प्रशासनिक केन्द्र
ग्वालियर नगर ग्वालियर संभाग का मुख्यालय होने के कारण अनेक संभागीय कार्यालय यहाँ संचालित है । इसके अतिरिक्त कुछ राज्य स्तरीय कार्यालय भी संचालित है । 8815
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
जिनमें आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, राजस्व मण्डल, आयुक्त ट्रांसपोर्ट एवं आयुक्त आबकारी तथा महालेखाकार मध्यप्रदेश प्रमुख है ।
2.5 नगरीय विस्तार
नगरीय बसाहट का फैलाव (विस्तारीकरण ) एक निरंतर प्रक्रिया है । इस प्रक्रिया में नैसर्गिक संसाधन , ऐतिहासिक घटनायें , महत्वपूर्ण प्रशासकीय एवं नीतिगत निर्णय , भौतिक अधोसंरचना तथा विकास के प्रयत्न, बसाहट के आकार एवं सरंचना को स्थाई रुप से प्रभावित करते हैं, जिन्हें सारणी में दर्शाया गया है ।
नगरीय विस्तार
सारणी 2-सा-3 .
स्थापना वर्ष
क्रं.
नाम एवं स्थान
3
2
1
1811
1.
महाराजा बाड़ा (गोरखी) एवं बाड़ा के आसापास स्थित बस्ती
1872-74
जयविलास पैलेस
2.
1887
3.
एम.एल.बी. कॉलेज बिल्डिंग (विक्टोरिया कॉलेज)
1895-96
4.
शासकीय मुद्रणालय (दरबार मुद्रणालय )
1904-14
तिगरा जलप्रदाय योजना
5.
1921
जियाजी कॉटन मिल
6.
1922
7.
फूलबाग
1947
ग्वालियर रेयान मिल
8.
1967
9.
महाराजपुर हवाई अड्डा
2.6 स्थलाकृति एवं भूमि दृष्टव्यता
ग्वालियर नगर किला पहाड़ी, तदोपरांत हनुमान पहाड़ी, गुप्तेश्वर पहाड़ी, गुडा- गुडी पहाड़ी एवं आमखो पहाड़ी के मध्य पठार पर तीन उप - नगरों के रूप में विकसित हुआ है । यद्यपि ये पहाड़ियां पश्चिम तथा दक्षिण दिशा में नगरीय विकास की निरंतरता में बाधक है, तथापि ये नगरीय ढांचे का एक रोचक भू- दृश्य आकार है । ये पहाड़ियां एक मनभावन दृश्य उत्पन्न करती है, पश्चिमी पहाड़ियों की ऊंचाई 212 मीटर से 355 मीटर के मध्य है । इन पहाड़ियों का प्राकृतिक दृष्टि मूल्य है तथा नगरीय उद्यानों एवं वनों के विकास हेतु ये अत्यंत उपयुक्त हैं । दक्षिणी पहाड़ियों की श्रृंखला में चारों और से घिरे हुये कटोरानुमा स्थान जैसे सखिया विलास तथा कैंसर अस्पताल के क्षेत्र भी स्थित हैं । 8816
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningAres
Legend
Waterbody
MunicipalAreaBoundary
HistoricalPlace
PlanningAreaBoundary
Museum
Mosque
NationalHighway
Source:GroundVerification
RailwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
Temple
Roads
MarketPlaces
Chhatri
Chowk
StateHighway
Tomb
Park
Hotel
Fort
Zoo
GWALIOR HISTORICAL&RELIGIOUSPLACES
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal H
O
Π
A
*
0.5 1 1.522.533.5
District-Gwalior
MapNo.2.3
mmadGausTomb& TansenTomb
MaharaniLaxmibai
JainBhiipKala
GujartMahal
*
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
TallTemple
svare GwaliorFort
Chhatri
MaharajBada
BasBahuTemple
NAC
Na
после 8817 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Legend
GWALIOR URBANSPRAWL
Waterbody
2015-2020(12250.06)
2010-2015(9323.72)
1998-2005(8091.01)
2005-2010(9628.39)
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
Forest
Roads
StateHighway
Upto1998(7156.01)
3
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal UrbanSprawl(Areainha)
Source:DirectorateofTown&CountryPlanning1998,SatelliteImageof IRSLISS-III,2005,2010,2015,2020
District-Gwalior
MapNo.2.4
201
подел
ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToBhind
ToJhanal GE
コロ ☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhans !
ToBhind
To Mahtoil-
To Karera
SADA
ToAgra ToAgra
ToTighra
ToShivpuri ToMumbai
N
Nab 8818
भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035
भूमि आकार तथा दृष्टव्य विश्लेषण
क्र.
मूल्य
2
1
1 क्षितिज पार्श्व दृश्य , जैसे स्तर पर पठार, सुन्दर स्तरता ।
2 रोचक प्राकृतिक भौगोलिक स्थल
3 शहर के नगरीय ढांचे का विशेष दृष्टव्य मूल्य 4
अच्छे सतही जल निकासी वाले तत्व से अत्याधिक समतल
2.7 जनसांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण
2.7.1 जनसंख्या विश्लेषण
सारणी 2-सा-4 .
तुल्य क्षेत्र
3
किला, गुप्तेश्वर तथा हनुमान पहाड़ियां गुड़ा- गुड़ी पहाड़ी, आमखो पहाड़ी
सत्य नारायण पहाड़ी, कटीघाटी एवं कैंसर अस्पताल पहाड़ी
किला पहाडी एवं मुरार तथा किला पहाड़ी एवं हनुमान पहाड़ी के मध्य क्षेत्र ग्वालियर , मध्यप्रदेश राज्य के ग्वालियर संभाग का संभागीय मुख्यालय है । संभाग के अन्य जिला मुख्यालयों के जनसंख्या का विवरण , इस परिक्षेत्र के नियोजन हेतु महत्वपूर्ण है । इसका विवरण निम्नलिखित सारणी में दर्शाया गया है ।
संभाग में जनसंख्या विवरण एवं लिंग अनुपात
क्र.
कुल जनसंख्या-2011
3 जिला एवं तहसील 2
1
72626809 1. मध्यप्रदेश
2032036 2. ग्वालियर जिला
1241519 3. गुना जिला
786754 4. दतिया जिला
1725050 5. शिवपुरी जिला
845071 6. अशोक नगर जिला
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011
सारणी 2-सा-5.
महिला
पुरूष
लिंग अनुपात
6
4
5
931 37612306
35014503
1090327
941709
864
912
592157
649362
420157
873
366597
806255
877 919795
443837
401234
904 उपरोक्त सारणी के अवलोकन से स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश राज्य में महिला एवं पुरूष लिंग- अनुपात 1000 से कम है । ग्वालियर संभाग के अंतर्गत 5 जिलों में सबसे कम लिंगानुपात ग्वालियर जिले का है ।
ग्वालियर नगर
ग्वालियर नगर की जनसंख्या, वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 10,69,276 लाख है । अमृत योजना के मानकों के अनुसार वार्ड वार कुल जनसंख्या , शिशु जनसंख्या, अनुसुचित जाति / अनुसुचित जनजाति जनसंख्या एवं साक्षरता की जानकारी निम्नलिखित सारणी में दर्शायी गई है । 8819
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1
4986
8493
4845
13387
5090
5377
4344 5353
5052
4948
8325
4556
9538
4793
6797
4790
F 17 4797
57724301
6627
6663
7037
6635 7491
6775
7245
12669
16
10759 6565
6620
6780
9146 6559
M
LiteratesPopulation
1981011317 सारणी2-सा-6.
11649
1257572105365
12012
3119917812
11472
10073
12390
12581
104366092
11115
11358 11827
19084
12193
15943
11410
15
22207
11577
57
201
60
43 95
60
38
42
372 25
21
162
88
128 54 213 834
14
TotalF 209 49
101
70 223 66
31
70
43
182
39
26
35
90
928
411
13
249
54
308
M 257 59
STPopulation
130 123
424
178
77
130
196
86
1762
47
783
77 344
56
108 462
108
12 466 436
Total
1973
1192
1529
1757
1451
2513
1506
1043
1483 458
1390
342
1971
651
2187
1585
1266 2107
11
550
F
1431
1962
1735
770 547
1157
1416
2363
1667
393
2328
1531
826
1782
M 10
2035
SCPopulation
31121661
54262913
3719
1005
33001771
2200
42492278
3241
4550
1421
3150
735
2921
2682 4435
3367 1376
9
1113 763
200942672294
683
690
766
1622
1045
741
885
936
777
1138
949
871
1379
1016
FTotal
8
163312292623
832 2572
1299 974
807 1086
1280
900
1114
879 896
1845
1571
977
1051
15031323
1171
7
वार्डवारजनसंख्या
ग्वालियरविकासयोजना
1737
1515
1666
1656
2412
1497
2022
1848
4581
1637
2325
2063
1936
3467
6
25541416
2950
2826 2187
TotalM
ChildPopulation(0-6)
117332862
18082
8213
6231
7479
7266
7068
7962
7216
6681
7558
8015
7185
12344 12714
7802
8001 10709
9351
5
F
13726
8349
7944
8636
21751
8350
9607
7098
14206 8240
7853
8970
9040 9305
8601
10562 15665
12051
9132
4
M
Population
25459
16932
39833
17820
13329
15616
14625
14921
16115
17055
15534
15456
17107
16159
26920
17133 22760
3
28009
19913
Total
2
WardNo.and Name
Gwalior(MCorp.)WardNo.-9
Gwalior(MCorp.)WardNo.-8
Gwalior(MCorp.)WardNo.-7
Gwalior(MCorp.)WardNo.-5
Gwalior(MCorp.)WardNo.-4
8
12Gwalior(MCorp.)WardNo.-12
7
4 5
17Gwalior(MCorp.)WardNo.-17
14Gwalior(MCorp.)WardNo.-14
16Gwalior(MCorp.)WardNo.-16
1
18Gwalior(MCorp.)WardNo.-18
2Gwalior(MCorp.)WardNo.-2
19Gwalior(MCorp.)WardNo.-19
6Gwalior(MCorp.)WardNo.-6
9 10Gwalior(MCorp.)WardNo.-10
13Gwalior(MCorp.)WardNo.-13
15Gwalior(MCorp.)WardNo.-15
11 Gwalior(MCorp.)WardNo.-11
1Gwalior(MCorp.)WardNo.-1
3Gwalior(MCorp.)WardNo.-3 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8820
3343
7415
4213
6466 4877
4446
6170
6314
9174
4790
7408
8415
6380
5321
6638
4103
7022
5367
7986
9018
F 17
10905
5992
4030
5334
9013
7633
5351
12315
5902
7480
8190
10331
9342
4904
67735546
8158
7117
10745 8340
9019
12315
M 16
LiteratesPopulation
10869
18320 7373
13803
9547
10692 21489
13794 9797
18746
15598
15722
12319
14796
12438
16041
13707
18731
9007
15 21333
Total
17
17
74
0
1547966
473 333
38
50
53 58
336 58
17 97
75
179 90
126
168
304
14
F
23
19
85
0 76
46 349
456
66 57
49
364
154
17
91
102
200
91
229 145
357
M 13
36 40
159
0 142
STPopulation
682
84
102 124 929
107
700 149
34
192 166 251
397 379
271
661
12
Total
967
1653
1550 3482
1567
1073
1318
1448
2556
1050 633
4790
1414
564 679
798
6591
2500
2459
F 11
1754
28092378
1783
4101
1751
1560
1197
2798
1129
1642
752
1615 715
677
35333035
962
7697
2947
2868
10
M
2035
SCPopulation
7583 3407
3350
3301
2878 5354
1385
2179
3090
1394
3029
1241
1760
14288
5406
6568
5368
9
Total
701 39920721105
2270542 891 700
1130
676 620
598
5538103281256
701
1269
376 803
853
699
1602
F 8
810 494
518716142003
18771561
757
994
17431622
609
727 711
1452 845
1561
876 853
1049
1495 503
1064
14471115
1950
M 7
ग्वालियरविकासयोजना
893
3617
3438 1511
1885
1457
3365
1151
1331
1521
1325
2582
1852
1554
2817
1575
2764
1917
2562
879
6 3552
Total
ChildPopulation(0-6)
4425
6999
12663
11643
6506
8759
6279 14443
5950
7960
8710
11336
7146
10507
8400
7497
11060
4943
9580
9098
13313
F 5
14835 4832
7716
13327
7055
9662
6570
16112
7107
8690
12792
12194 9400
8768
8021
10523
11150 9457
5568
13010
4 15342
M
Population
9257
14715
27498
13561
24970
18421
12520
30555
13386
18110 16650
24128
16265 22701
15167
10511
17857
20730
24070
19621
3
Total 28655
2
WardNo.and Name
32Gwalior(MCorp.)WardNo.-32
40Gwalior(MCorp.)WardNo.-40
38Gwalior(MCorp.)WardNo.-38
39Gwalior(MCorp.)WardNo.-39
33Gwalior(MCorp.)WardNo.-33
36Gwalior(MCorp.)WardNo.-36
35Gwallor(MCorp.)WardNo.-35
37Gwalior(MCorp.)WardNo.-37
34Gwalior(MCorp.)WardNo.-34
30Gwalior(MCorp.)WardNo.-30
31Gwalior(MCorp.)WardNo.-31
22Gwalior(MCorp.)WardNo.-22
28Gwalior(MCorp.)WardNo.-28
29Gwalior(MCorp.)WardNo.-29
27Gwalior(MCorp.)WardNo.-27
26Gwalior(MCorp.)WardNo.-26
23Gwalior(MCorp.)WardNo.-23
24Gwalior(MCorp.)WardNo.-24
25Gwallor(MCorp.)WardNo.-25
1
21Gwalior(MCorp.)WardNo.-21
20Gwallor(MCorp.)WardNo.-20 8821
मध्यप्रदेश
प्रदेश राजपत्र,
दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
347453
6721
6201
6429
4239
6444
7908 4601
5218 4636
5737
4304
4202
5020
5035
4582
4364
F 17
39432262
9853
6673
451741
8567
5263
8664
59904941
7276 66385005
5035
6253
5182
5040 4862
5652 5851
44064055
5245
16
M
LiteratesPopulation
16574
12874
6205 799194
100095408
14996
9502
15108
1888510977
10931
11643
13013
9486
9671
11471
9404 9064
8461
10871
10687
9827
15
154 171
39
260
71
68 13
19
145
17 29
4
122
12
5
39
0
2
71
10
14
TotalF
66317734
189
273
77
30
14
65 299
35
16
25
5
158
140
44
7 66
60
0
0
13
M 13
427 360
14366
148
STPopulation
69
134 559
27
44
9 33 64
303
262
56
12 137
99
0
2
12 23
Total
2916
313
742
945
86561
560
1514 647 1807
1429
966 190 889
764
768
845
719
244 337
208
F 299
11
392 98823
604
1078
2020
1678
1620 707
176
559
1008
1085
822
910 909
823
341
260
242
317
M 10
2035
SCPopulation
1346 64303514
705
3827
1354 2023
185384
3107
1897
366
1586
2051
1755
1542
504
1677
678
616 450
9
Total
495
589
54375
1177
1536 601
5681119
452 874
1333
682 879
6973134
506
542
475 569
481
455
F 8 391
14101774
65041
1375
634
684
1634 721
675
1710 797
1032 543 995
619 750
621
566 657
7
591
444
593
M
ग्वालियरविकासयोजना
1273
1129
3184
1322
2552
119413
1240
1494
3043
1869
1432 995
1127 1911
1226
1161
1072
1041
835
1048
6
Total
ChildPopulation(0-6)
11089
5926 3937
7294
10010
500273
111443170
6022
12101
7525 6900
5456
8153
6965
5542
5679
5360
6175
5889
4695
F 5 5584
569003
13189
6620 5201
7685
11149
6490
12241
14241
8642
5776
7397
7554
9169
6261
5944
5869
4974
6430 6787
4
M 6167
Population
1069276
24278
9138
12546
14979
23385
12512 21159
26342
11232
17322
14297
16167
11940
14519
11229
12962
11486
12319
9669
11751
3
Total
2
Total WardNo.and Name
60Gwalior(MCorp.)WardNo.-60
52Gwalior(MCorp.)WardNo.-52
59Gwalior(MCorp.)WardNo.-59
56Gwallor(MCorp.)WardNo.-56
58Gwalior(MCorp.)WardNo.-58
57 Gwallor(MCorp.)WardNo.-57
54Gwalior(MCorp.)WardNo.-54
50Gwalior(MCorp.)WardNo.-50
55Gwalior(MCorp.)WardNo.-55
51Gwalior(MCorp.)WardNo.-51
53Gwalior(MCorp.)WardNo.-53
49Gwalior(MCorp.)WardNo.-49
48Gwalior(MCorp.)WardNo.-48
1
47Gwallor(MCorp.)WardNo.-47
46Gwalior(MCorp.)WardNo.-46
45Gwalior(MCorp.)WardNo.-45
41Gwalior(MCorp.)WardNo.-41
42Gwallor(MCorp.)WardNo.-42
44Gwalior(MCorp.)WardNo.-44
43Gwallor(MCorp.)WardNo.-43 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8822
PlanningArea
Legend
Waterbody
GWALIOR SEQUENCEOFGROWTH
RaliwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
Roads
RailwayLine(NarrowGauge)
StateHighway
UrbanSprawl2005
UrbanSprawl1998
UrbanSprawl2020
UrbanSprawl1984
Fort
UrbanSprawi1955
UrbanSprawl1977
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
23456Km
Source:DirectorateofTown&CountryPlanning&MPCST
Scale District-Gwallor
MapNo.2.5
наделе
ToChitora
-ToUt
ToBehat
ToBhind
ToJhansi
コロ
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMedhyaPradesh,Bhopal
To Jhanel ToBhind
To Mahtoli
ToKarera B ToAgra ToAgra 10444
PHN
SADA
ToTighra
ToShivpurt
ToMumbai 8823
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Km
0.25
Legend
Communication
Recreational
Commercial Educational
Waterbody
GWALIOR BUILDINGFOOTPRINT
Residential
Religious
Industrial
Rallway RallwayLine
Central/StateGovt.Property
Road
HealthServices
Public&Semi-public
Mixed
Source:BuildingFootprintGeospatialData-AMRUT, SurveybyMPCST&T&CP
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
---VillageBoundary
DistrictGwallor
MapNo.2.6
0
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal भाग 1 8824
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
A
PlanningArea
Legend
GWALIOR
CantonmentArea
Waterbody
MunicipalAreaBoundary
WARDSDETAILS(60)
PlanningAreaBoundary
RallwayLine(NarrowGauge)
RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
Roads
Forest
Fort
StateHighway
Source:GwaliorMunicipalCorporation
1.522.533.5m
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
MapNo.2.7
ToChitora
Area ToBhind
ToJhansi NH44
ToJhansi ToBhind
ToAgra
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAgra 10144
SADA
ToMumba
ToTighra
NOL 8825
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
2.8 वार्ड वार जनसंख्या लिंगानुपात
ग्वालियर नगर में जनसंख्या लिंगानुपात वार्ड क्र. 42 , 46, 50, 53 एवं 58 में 930 से अधिक, तथा वार्ड क्र. 3 एवं 59 में 810 से भी कम प्राप्त हुआ है । शिशु लिंगानुपात वार्ड क्रमांक 24 में 750 से कम तथा वार्ड क्रमांक 33 एवं 35 में 930 से अधिक प्राप्त हुआ है । जिसकी जानकारी निम्न सारणी में दर्शायी गई है ।
वार्ड वार जनसंख्या लिंगानुपात
सारणी 2-सा-7.
वार्ड क्रमांक
वार्डों की संख्या
श्रेणी
क्र.
4
3
1
2
59,3
02
< 810
1
18,8
02
810-840
2
14
840-870
3
20
, 10, 52, 21, 38 , 19 , 15 , 26 , 23 , 11 , 28 , 22, 17 ,
60
21
870-900
4
12 , 51 , 37, 7 , 2, 16 , 9 , 31 , 1 , 29 , 6, 14, 24, 25, 4, 49 , 27, 5, 57 , 33 , 56
16
900-930
5
13, 41, 34, 35, 47, 39 , 45, 55 , 44, 40, 43 , 32, 48, 36, 30, 54
46, 53, 42, 50, 58
05
> 930
6
वार्ड वार शिशु लिंगानुपात
सारणी 2-सा-8 .
वार्ड क्रमांक
वार्डों की संख्या
श्रेणी
क्र.
4
3
1
2
24
01
<750
1
06
750-780
19, 26, 41 , 21, 29 , 52
2
11
780-810
3
59 , 18, 17,60, 25 , 30 , 22 , 3 , 28 , 38 , 40 13
810-840
4
43, 47, 8, 16, 20 , 27 , 31, 11 , 37, 50 , 57 , 54, 44 13
7, 23, 12, 49, 6, 13 , 56, 15, 58, 14, 39, 45, 2 5 840-870
12
6 870-900
32, 53, 46, 4 , 51, 5 , 1, 42, 10 , 34, 9 , 35
48, 36
02
7 900-930
02
33,55
>930
8
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011
2.9 वार्ड वार शिशु जनसंख्या
ग्वालियर नगर में शिशु जनसंख्या प्रतिशत वार्ड क्रमांक- 1 में 14 प्रतिशत से अधिक तथा वार्ड क्र. 32 में शिशु जनसंख्या 8 प्रतिशत से कम प्राप्त हुई है, जिसकी जानकारी निम्नलिखित सारणी में दर्शायी गई है । भाग 1 8826
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
शिशु जनसंख्या प्रतिशत
सारणी 2-सा-9.
WARD WISE CHILD POPULATION
वार्ड क्रमांक
प्रतिशत
क्र.
कुल वाडौँ की संख्या
4
3
2
1
32
<08
01
1
08-09
08
2
24, 30, 58, 42, 43 , 25 , 50, 41
10
09-10
3
3, 34, 44, 47, 45 , 40, 22, 48 , 31 , 54
13
10-11
4
13, 46, 35, 27, 39, 53 , 57 , 11 , 21, 12 , 29 , 36 , 17 11
5
11-12
49, 33, 19, 10, 16, 26 , 9, 18 , 52, 51, 14
6
09
12-13
56, 6, 59, 20, 28 , 7, 2, 5, 4
07
13-14
7
60 , 38 , 23 , 15 , 55 , 8 , 37
1
01
>14
8
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011
2.10 वार्ड वार अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या प्रतिशत
ग्वालियर नगर में अनुसूचित जाति- जनजाति जनसंख्या कुल जनसंख्या का 18.68 प्रतिशत है । उक्त जनसंख्या सम्पूर्ण नगर में वितरित है, किन्तु वार्ड क्रमांक 16, 23 , एवं 28 में उक्त श्रेणी की जनसंख्या तुलनात्मक रूप से अधिक है एवं वार्ड क्र. 42 , 43 एवं 50 में यह जनसंख्या 5 प्रतिशत से भी कम है । अनुसूचित जाति- जनजाति जनसंख्या निम्नलिखित सारणी में दर्शायी गई है ।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या प्रतिशत
सारणी 2- सा-10 .
वार्ड क्रमांक
क्र.
वार्डों की संख्या
जनसंख्या प्रतिशत
4
3
2
1
1
03
<05
50,43,42
2
05-20
37
41, 55, 3 , 44, 10, 25 , 30, 29 , 58, 54, 8 , 19 , 27, 18, 51 , 45 , 52, 59, 48, 49, 47, 6, 13 , 2, 46 , 57, 15, 24, 5, 34, 26 , 32 , 1, 7, 38, 4, 14
3
20-40
17
33, 56 , 20, 12, 35 , 53, 31, 40 , 39, 17, 21, 9 , 36, 60, 11, 37, 22
02
4
40-60
16, 28
23
>60
01
5
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011 8827
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Km
Legend
58
CantonmentArea
Waterbody
MunicipalAreaBoundary
GWALIOR WARDSDETAILS(66)
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
RailwayLine(NarrowGauge)
RailwayLine(BroadGauge)
Forest
Roads
StateHighway
Fort
3
Source:GwallorMunicipalCorporation
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
MapNo.2.7.1
20
ToChitora
ToUtila
ToBehat
Bhind
Bhind
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAgra ToAca
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbai भाग 1 8828
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Low
High
Km
Legend
GWALIOR
CantonmentArea
Waterbody
840-870
870-900
810-840
780-810
750-780
900-930
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
RailwayLine(NarrowGauge)
Forest
RailwayLine(BroadGauge)
Roads
StateHighway
Fort
Source:CensusofIndia,2011
<750
>930
WARDWISECHILDSEXRATIO
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal ChildSexRatio(Femalesper1000Male)
District-Gwalior
MapNo.2.9
00.511.522.533.5
ToBehat
ToChitora
toBhind 101219
ToJhansi ToBhind
ToAgra
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAgra
ToShivpuri
SADA
ToTighra 8829 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
High
Low
Km
Legend
GWALIOR
CantonmentArea
Waterbody
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
RallwayLine(NarrowGauge)
RailwayLine(BroadGauge)
09-10
NationalHighway
11-12
13-14
Roads
12-13
08-09
10-11
Forest
StateHighway
Fort
Source:CensusofIndia,2011
<08
>14
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal WARDWISECHILDPOPULATION(0-6)
ChildPopulation0-6(Percent)
District-Gwalior
MapNo.2.10
00.511.522.533.5
ToBehat
ToChitora
More
701408 ToBhind
ToJhansi ToBhind
ToAgra
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAgra
SADA
ToTighra
поле
наде भाग 1 8830
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Low
High
Legend
GWALIOR
CantonmentArea
Waterbody
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
05-20
Roads
RallwayLine(BroadGauge)
Forest
RallwayLine(NarrowGauge)
40-60
20-40
Source:CensusofIndla,2011
Fort
StateHighway
<05
>60
WARDWISESC/STPOPULATION
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SC/STPopulation(Percent)
District-Gwalior
00511522.533.5 Km
MapNo.2.11
NA .
ToBehat
計 ToChitora
Moral
140E
To Bhind 719
ToJhansi TE
ToBhind
ToAgra
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAgra
ToBh
SADA
ToTighra
NA
HANSE 8831
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
2.11 वार्ड वार साक्षरता प्रतिशत
ग्वालियर नगर क्षेत्र में साक्षरता दर 74.74 प्रतिशत है । शहर के वार्ड क्रमांक 1 में साक्षरता दर 60 से कम एवं वार्ड क्रमांक 24, 30 , 42 , 43 , 50 एवं 58 में साक्षरता दर 85 प्रतिशत से अधिक पाई गई । साक्षरता दर निम्नलिखित सारणी में दर्शायी गई है ।
साक्षरता प्रतिशत
सारणी 2- सा-11 .
क्र.
वार्ड क्रमांक
प्रतिशत
कुल वाडौँ की संख्या
4
3
1
2
1
<60
01
1
02
60-65
37,55
2
08
65-70
6, 23 , 2 , 38 , 59 , 60, 14, 28
3
70-75
16
15, 56, 5, 8 , 10, 52, 51 , 9 , 7, 11 , 39 , 20, 35 4
4, 33 , 36,
19
75-80
5
49, 16, 57, 53 , 26, 29, 19 , 21 , 17, 34, 18 , 46, 48, 3 , 12, 47, 40, 31, 54
08
80-85
6
13 , 27, 22 , 32, 25, 41 , 44, 45
>85
06
24, 58, 50, 30, 43 , 42
7
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011
2.12 वार्ड वार कार्यशील जनसंख्या सहभागिता प्रतिशत
ग्वालियर नगर क्षेत्र की कुल जनसंख्या में श्रमिकों / कार्य सहभागिता की संख्या के अध्ययन से ज्ञात होता है कि वर्ष 2011 की जनसंख्या में से कितने प्रतिशत व्यक्ति विभिन्न कार्यकलापों एवं व्यवसायों में संलग्न होकर जीविकोपार्जन कर रहे हैं । सबसे अधिक कार्य सहभागिता प्रतिशत वार्ड क्रमांक 40 एवं 50 में 34 प्रतिशत से अधिक पाई गयी है । सबसे कम सहभागिता प्रतिशत वार्ड क्रमांक 15, 19 एवं 20 में 28 प्रतिशत से कम पाई गयी है । वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर की व्यवसायिक संरचना निम्नलिखित सारणी में दर्शायी गयी है । 8832
भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035 ग्वालियर विकास योजना
कार्यशील सहभागिता प्रतिशत 2011
क्र.
कुल वार्डों की संख्या कार्य सहभागिता प्रतिशत
2
3 1
<28
03 1
06 2
28-29
08 3
29-30
08 4
30-31
07 5
31-32
6
17
32-33
7
33-34
09
02
>34
8
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011 2.13 वार्ड वार जनसंख्या घनत्व
सारणी 2- सा-12 .
वार्ड क्रमांक
4
15, 19, 20
7, 10, 21, 23 , 26 , 28
5, 8 , 17 , 24 , 25 , 27, 29 , 60
6, 12, 18, 22, 29, 31 , 52, 56
32, 34, 38, 39 , 45 , 46, 57
1, 2, 3 , 4 , 11 , 13 , 14 , 35 , 36 , 37, 41 , 43, 44, 53 , 54, 55 , 58
9, 16, 30, 33, 42, 47, 48, 49 , 51
40,50
ग्वालियर नगर क्षेत्र में सकल जनसंख्या घनत्व मुख्यतः समतल , उपजाऊ भूमि क्षेत्र एवं नदी- नाले के कारण सामान्य है । नगर की वार्ड वार जनसंख्या घनत्व की जानकारी को निम्नलिखित सारणी में दर्शाया गया है । जिसके अनुसार नगरपालिक निगम क्षेत्र में सम्मिलित सम्पूर्ण वार्डों के क्षेत्रफल, जनसंख्या एवं घनत्व का विवरण निम्नानुसार है :-
आवासीय घनत्व- वार्डवार
वार्ड का नाम वार्ड क्रं.
सारणी 2-सा-13 .
जनसंख्या 2011
वार्ड का क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में)
2
1
गरगज वार्ड
1.
सिंधिया वार्ड
2.
शब्दप्रताप आश्रम वार्ड 3.
कोटेश्वर वार्ड
4.
तामेश्वर वार्ड
5.
6. मंग्लेश्वर वार्ड
7. इंदिरा वार्ड
श्रमिक वार्ड
8.
9. काशी नरेश वार्ड
10. शहीद भानूस्वरूप दुबे वार्ड
आवासीय घनत्व प्रतिव्यक्ति प्रति हेक्टेयर
4
5
3
16.93 1176.12
19913
239.59
17133
71.51
180.85
28009
154.87
240.34
22760
94.70
33.11
26920
813.07
443.33 38.47
17055
63.14 244.77
15456
234.79 72.86
17107
446.38
16159
36.20
360.84
14625
40.53 8833
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
A
PlanningArsa
High
Low
Legend
GWALIOR
CantonmentArea
Waterbody
PlanningAreaBoundary
MunicipalAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
RallwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
70-75
65-70
80-85
60-65
Forest
Roads
75-80
WARDWISELITERACY
StateHighway
Source:CensusofIndia,2011
Fort
>85
<60
Literacy(Percent)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
MapNo.2.12
00.511.522533.5
ToBehat
ToChitora
ToBhind
ToJhansi ToBhind
ToAgra
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAgra
ToShivpuri
SADA
ToTighra
NA
кой.
भाग 1 8834
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Low
High
GWALIOR Legend
CantonmentArea
Waterbody
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
RailwayLine(BroadGauge)
RallwayLine(NarrowGauge)
29-30
31-32
Forest
Roads
32-33
33-34
28-29
30-31
StateHighway
Source:CensusofIndia,2011
Fort
<28
>34
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal WARDWISEWORKPARTICIPATION
......MunicipalAreaBoundary
WorkParticipationRate(Percent)
District-Gwalior
MapNo.2.13
00.511.522.533.5m
ToBehat
ToChitora
ANA
Canto
ToBhind
ToJhansi ToBhind
ToAgra
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAgra
ToShivpurt
SADA
ToTighra 8835
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
वार्ड का नाम वार्ड क्रं.
ग्वालियर विकास योजना 2035
जनसंख्या 2011
वार्ड का क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में)
2
1
चंद्रशेखर वार्ड
11.
सुभाष वार्ड
12.
13. संगीत सम्राट तानसेन वार्ड 14. सेवा नगर वार्ड
माधवी वार्ड
15.
लाल बहादुर शास्त्री वार्ड 16.
छत्रपति शिवाजी वार्ड
17.
18. तिलक वार्ड
महाराणा प्रताप वार्ड
19.
डॉ. हरीराम चंद्र देवकर वार्ड 20.
पंचशील वार्ड
21.
कबीर वार्ड
22.
द्वारिकाधीश वार्ड
23.
स्वामी दयानन्द वार्ड
24.
25. शहीद भगत सिंह वार्ड 26. डॉ. हरीहर निवास द्विवेदी वार्ड 27. श्यामलाल पाण्डवी वार्ड 28. शांति निकेतन वार्ड
स्वामी विवेकानन्द वार्ड 29.
कैप्टन रूप सिंह वार्ड 30.
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड 31.
32. वीरांगना बाई वार्ड
33. रविदास नगर वार्ड
महात्मा गांधी वार्ड
34.
35. लाला लाजपत राय वार्ड 36. राजीव नगर वार्ड
37. उस्ताद हाफिज अली वार्ड अम्बेडकर वार्ड
38.
तात्याटोप वार्ड
39.
महाराज डोली बुआ मठ वार्ड 40.
हेमाकलोनी वार्ड
41.
42. संत झूलेलाल वार्ड
43. शहीद अमरचंद बठिया वार्ड मैथलीशरण गुप्त वार्ड 44.
अचलेश्वर वार्ड
45.
भीकमचंद्र जैन वार्ड
46.
पं. कृष्णराव शंकरराव वार्ड 47.
कैप्टन गौर वार्ड
48 .
महात्मा ज्योतिबा फुले वार्ड 49.
50. मसूर शाह दत्ता वार्ड
आवासीय घनत्व प्रतिव्यक्ति प्रति हेक्टेयर
5
3
4
473.89
32.78
15534
271.54
15616
57.51
388.26
14921
38.43
269.62
16932
62.80
184.47
17820
96.60
201.71
13329
66.08
138.23
16115
116.58
20.80
39833
1914.91
89.49
25459
284.49
142.05
28655
201.72
46.08
24070
522.34
85.21
19621
230.26
374.19
20730
55.40
185.15
56.77
10511
168.26
17857
106.13
245.03
16265
66.38
368.94
15167
41.11
367.33
22701
61.80
104.94
24128
229.92
70.36
18110
257.40
272.91
13386
49.05
185.68
89.67
16650
1275.25
30555
23.96
561.43
12520
22.30
385.22
18421
47.82
376.17
13561
36.05
374.53
24970
66.67
135.83
27498
202.45
531.61
14715
27.68
510.87
9257
18.12
348.80
11751
33.69
473.51
9669
20.42
395.47
12319
31.15
338.53
11229
33.17
244.89
12962
52.93
458.16
11486
25.07
568.57
11940
21.00
329.53
14519
44.06
211.24
17322
82.00
371.55
11232
30.23 8836
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
वार्ड का नाम वार्ड क्रं.
2035 ग्वालियर विकास योजना
जनसंख्या 2011
वार्ड का क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में)
2
1
अशफाकउल्ला वार्ड
51.
52. जगजीवन वार्ड
मेजर करतार सिंह वार्ड
53.
जवाहर वार्ड
54.
मकबूल अहमद वार्ड
55.
56. लोहिया वार्ड
संजय गांधी वार्ड
57.
महादजी सिंधिया वार्ड
58.
हरीसिंह दर्शन वार्ड
59.
पं. रविशंकर वार्ड
60.
योग
स्त्रोतः- नगर पालिक निगम ग्वालियर
आवासीय घनत्व प्रतिव्यक्ति प्रति हेक्टेयर
5 3
4
343.54
16167
47.06
69.43
26342
379.43
244.85 58.39
14297
137.65
12512
90.90
73.29
23385
319.09
82.98
21159
254.99
124.37 100.88
12546
41.76
14979
358.70
6.44
9138
1419.63
14.07
24278
1725.95
82.53
1069276
12955.02
उपरोक्त सारणी में जनसंख्या घनत्व के अध्ययन से स्पष्ट है कि पुराने शहर एवं बाहरी आबादी के घनत्व में काफी अंतर है । वार्ड क्रमांक 33 में जनसंख्या घनत्व 1275.25 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर है, जबकि वार्ड क्रमांक 59 में सबसे कम जनसंख्या घनत्व 6.44 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर है ।
वार्ड वार जनसंख्या घनत्व
क्र.
कुल वार्डों की संख्या जनसंख्या घनत्व (प्रति हेक्टेयर)
3
2
1
08
<100
1
16 100-200
2
12 200-300
3
13 300-400
4
400-500
06 5
6
500-600
04
>600
01 7
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011
सारणी 2- सा-14.
वार्ड क्रमांक
4
18 , 60, 58, 21 , 5 , 30 , 1 , 22
7, 29, 19 , 57 , 52, 54, 17, 55 , 20, 25 , 38, 3 , 15 , 24 , 32 , 56
16, 8, 2, 4, 53, 45, 26, 59, 49, 14, 12 , 31 48, 44, 51, 41 , 10 , 28 , 27 , 50, 23 , 36, 35 , 13, 43 37, 6, 9 , 46, 42 , 11
40,39,34, 47
33 8837
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Low
High
Legend
GWALIOR
CantonmentArea
Waterbody
100-200
300-400
500-600 200-300
400-500
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
RellwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
RallwayLine(BroadGauge)
Roads
Forest
Source:CensusofIndia,2011
StateHighway
Fort
<100
>600
PopulationDensity(Person/Hectare)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
11522.5336m
WARDWISEPOPULATIONDISTRIBUTION
DistrictGwalior
MapNo.2.14
ToBehat
ToChitora LE
Cantonment
Bhind 719
ToJhansi
=
ToBhind
ToAgra
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToAgra
SADA
ToTighra भाग 1 8838
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
2.14 नगर जनसंख्या परिवर्तन
नगर में जनसंख्या परिवर्तन भिन्न- भिन्न कारणों से होता है । किसी भी नगर की विकास योजना तैयार करने हेतु नगर की जनसंख्या का अध्ययन अत्यावश्यक होता है, ताकि वर्तमान जनसंख्या के आधार पर भावी जनसंख्या का आंकलन कर भविष्य की आवश्यकताओं हेतु विभिन्न भूमि उपयोग की आवश्यकताओं के प्रस्तावों का निर्धारण किया जा सके । नगर की पिछले दशकों की जनसंख्या निम्नलिखित सारणी में दर्शाई गई है ।
जनसंख्या परिवर्तन (नगर निगम क्षेत्र)
सारणी 2- सा-15 .
जनसंख्या
वर्ष
क्र.
दशकीय वृद्धि दर ( Decadal Growth Rate)
4
3
2
1
32.30
2.38
1
1951
25.21
1961
2.98
2
34.56
4.01
3
1971
34.41
5.39
1981
4
28.01
6.90
5
1991
19.85
8.27
6
2001
29.26
10.69
7
2011
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011
उपरोक्त सारणी से स्पष्ट है कि ग्वालियर नगर की जनसंख्या वृद्धि दर में 1971 से 2001 तक गिरावट दर्ज की गई, जबकि 2001 के पश्चात् जनसंख्या वृद्धि दर में वृद्धि पाई गई ।
चित्र 4. दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर
दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर
34.56
34.41
32.3
29.26
28.01
25.21
19.85
40 35 30 25 20 15 10 5 0
2011
2001
1991
1981
1971
1961
1951 8839
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
2.15 निवेश क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या
ग्वालियर निवेश क्षेत्र में ग्वालियर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अलावा लगे हुए 22 ग्रामों को शामिल किया गया है । नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या वर्ष 2011 में निम्नानुसार थी।
निवेश क्षेत्र जनसंख्या (2011)
सारणी 2- सा-16.
योग
जनसंख्या
वर्ष
निवेश क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण
क्षेत्र की जनसंख्या
निवेश क्षेत्र की कुल जनसंख्या नगर पालिक निगम क्षेत्र की जनसंख्या
4
3
2
1
1248604
179328
1069276
2011
ग्वालियर नगर पालिक क्षेत्र की जनसंख्या के आधार पर वर्ष 2041 के लिए जनसंख्या का अनुमान विभिन्न गणितीय पद्धति से किया गया है , जिसे निम्नलिखित सारणी में दर्शाया गया है ।
जनसंख्या अनुमानित पद्धति
सारणी 2- सा-17 .
2031
2041
2021
क्र.
जनसंख्या अनुमानित पद्धति
5
4
3
2
1
1770000
1596000
1425000
1. अंकगणित वृद्धि पद्धति (Arithmetic Progression Method )
2636607
2057534
1606860
2. ज्यामितिय वृद्धि पद्धति (Geometric Progression Method )
2047680
1688560
1471280
3. वृद्धिशील वृद्धि पद्धति ( Incremental Progression Method )
2829403
2156567
1644998
4. घातांकीय वृद्धि पद्धति ( Exponential Progression Method)
उपरोक्त तालिका के आधार पर वर्ष 2031 एवं वर्ष 2041 के मध्य आंकलित जनसंख्या वृद्धि के मान से, वर्ष 2035 के लिए जनसंख्या का अनुमान लगाया गया हैः-
विकास योजना 2035- अनुमानित जनसंख्या
सारणी 2-सा-18.
2035
क्र.
जनसंख्या अनुमानित पद्धति
3
2
1
1666000
1. अंकगणित वृद्धि पद्धति (Arithmetic Progression Method )
2272731
2. ज्यामितिय वृद्धि पद्धति (Geometric Progression Method)
1834822
3. वृद्धिशील वृद्धि पद्धति ( Incremental Progression Method )
2404634
4. घातांकीय वृद्धि पद्धति ( Exponential Progression Method) भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8840
2035
ग्वालियर विकास योजना
ग्वालियर नगर की कुल जनसंख्या का आंकलन सभी चारों गणितीय पद्धति अनुसार किया गया है । इसमें से घातांकीय वृद्धि पद्धति के अनुसार सबसे अधिक जनसंख्या 2404634 अनुमानित की गई है जबकि अंकगणितीय वृद्धि पद्धति से सबसे कम जनसंख्या 1666000 अनुमानित की गई है ।
सामान्यतः जनसंख्या अनुमान अंगीकरण हेतु उपरोक्त पद्धतियों में से वृद्धिशील पद्धति का उपयोग किया जाता है । पूर्ववर्ती वर्षों की जनसंख्या वृद्धि का विश्लेषण एवं उनके अध्ययन से जनसंख्या अनुमान लगभग 18.50 लाख आता है । ग्वालियर नगर में विगत दशक में शैक्षणिक गतिविधियों, स्वास्थ्य सुविधाओं, आई.टी. सेक्टर के लिये आसपास के छोटे कस्बों तथा ग्रामों से आव्रजन (Migration ) परिलक्षित हुआ है । इसके अतिरिक्त नगर में पर्यटन एवं क्षेत्रीय शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिये अस्थिर जनसंख्या ( Floating Population ) को दृष्टिगत रखते हुये ग्वालियर विकास योजना 2035 के लिये निवेश क्षेत्र हेतु जनसंख्या 23.00 लाख अनुमानित की गई है ।
चित्र 5. जनसंख्या आंकलन
जनसंख्या आंकलन
3000000
2500000
2000000
1500000
जनसंख्या
1000000
500000
0
2041
2035
2031
2021
वर्ष
-ज्यामितिय वृद्धि पद्धति
-अंकगणित वृद्धि पद्धति
-घातांकीय वृद्धि पद्धति
वृद्धिशील वृद्धि पद्धति
स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश 8841
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
2.16 गंदी बस्तियाँ
ग्वालियर में नगर पालिक निगम द्वारा अधिसूचित 243 गंदी बस्तियों के 64072 आवासों में 229644 जनसंख्या निवासरत है । नगर पालिक निगम द्वारा इन गंदी बस्ती क्षेत्रों में मूल - भूत सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया गया है, इनमें से कुछ बस्तियाँ जलग्रहण क्षेत्रों में प्रस्तावित वृक्षारोपण क्षेत्र के अंतर्गत भी विकसित हुई हैं । गंदी बस्तियों के पर्यावरण सुधार हेतु आवश्यक है कि इनकी रोकथाम , विकास निर्मूलन एवं पुनर्स्थापना हेतु एकीकृत कार्यक्रम चलाया जावे । इस हेतु निम्नानुसार प्रयास किया जाना प्रस्तावित है । भवन निर्माण उपविधि में संशोधन एवं परिक्षेत्रक नियमों का निर्धारण एवं उनका पालन ।
आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग हेतु आरक्षित भूमि का निश्चित समय - सीमा में उसी वर्ग के लिए विकास ।
गंदी बस्ती क्षेत्र में पर्यावरण सुधार हेतु सार्वजनिक सुविधाओं का विकास । जिन गंदी बस्ती क्षेत्रों को वर्तमान स्थान पर पर्यावरण सुधार कर रखा जाना संभव नहीं हो , उनको स्थानांतरित कर नवीनस्थल पर पुनर्स्थापना करना ।
2.17 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता
नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता के लिए प्राकृतिक घटकों का परस्पर महत्व एवं संयुक्त प्रभाव का मूल्यांकन किया गया है । इन प्राकृतिक एवं नैसर्गिक घटकों का विवरण एवं विश्लेषण परिणाम के साथ प्रस्तुत है ।
2.17.1 वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र
ग्वालियर शहर का भूमि उपयोग मानचित्र नगर में निर्मित इकाईयों एवं रिक्त भूमि के वर्तमान उपयोग पर आधारित है । उपरोक्त सारणी में दर्शित भूमि उपयोग डिजीटल विश्लेषण तकनीकी एवं स्थल सत्यापन करने के पश्चात प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर भूमि उपयोग मानचित्र तैयार किया गया है । जिसका विस्तृत विवरण निम्नलिखित है- भाग 1 8842
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
IN
onthemwit
जलाशय
dro
વિશેષપ્રાયોઓન
Legend
-
GWALIOR EXISTINGLANDUSE
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
2 3 456 7 Km
ABODIES
VERDIAL
BIDENTIAL
ORIOULTURE BOUNDARIES PLANNINGAREA
Source:WorldView-11-2016SatelliteData&GroundVerification
District-Gwalior
MapNo.2.15
ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToBhind
ToJhansi
▫ ☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi ToBhind
To Mahtoli
ToAgra ToAgra
SADA
зара
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbal
NOMAR 8843
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
वर्तमान भूमि उपयोग क्षेत्रफल (वर्ष 2020)
सारणी 2-सा-19 .
विकसित क्षेत्रफल 2020
(हेक्टेयर में)
क्र.
भूमि उपयोग
भूमि उपयोग यू.आर.डी.पी.एफ. आई. मार्गदर्शिका अनुसार
प्रतिशत
क्षेत्रफल
5
4
3
2
1
36-38
4887.98
51.39
1 आवासीय
5-6
477.21
5.01
वाणिज्यिक
2
7-8
3.52
335.18
3 औद्योगिक
10-12
18.38
1748.34
4 सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक
1.15
109.84
5
सार्वजनिक उपयोगिता एवं सुविधायें
14-16
2.66
252.61
6 आमोद-प्रमोद
12-14
17.87
1699.41
7 यातायात एवं परिवहन
100.00
9510.57
योग (अ)
56.41
Balance
30134.67
8 कृषि भूमि
24.66
13172.59
9 वन क्षेत्र
-1 / --
602.74
01.13
10 जलाशय
43910.00
योग (ब)
53420.57
योग (अ) + (ब)
स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश
2.17.2 भू- संरचना विज्ञान (GEOMORPHOLOGY) उपखण्ड
ग्वालियर निवेश क्षेत्र को भू- आकृति की दृष्टि से तीन भागों में विभाजित किया गया है । निवेश क्षेत्र को पेडीप्लेन तथा शेष भाग विच्छेदित पहाड़ियां व संरचनात्मक घाटी में विभाजित किया गया है, जिसकी जानकारी निम्नलिखित सारणी में दर्शाई गयी है ।
भू- संरचना विज्ञान उपखण्ड एवं क्षेत्रफल
सारणी 2-सा-20 .
Area (Hectare)
GEOMORPHOLOGY
क्र.
3
2
1
38074.91
1.
Alluvial Plain
1473.87
Pediment
2.
155.44
3.
Valley
14.46
Residual Hill
4.
160.71
Butte
5.
258.86
Mesa
6.
404.63
Cuesta
7.
317.94
Homocline
8.
11546.36
9.
Highly Dissected Hills and Valleys
359.40
10.
Moderately Dissected Hills and Valleys
217.82
11 .
ActiveQuery
436.17
12.
Waterbody
53420.57
Total
स्त्रोतः- भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण 8844
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 2.17.3 मिट्टी की जानकारी
ग्वालियर निवेश क्षेत्र में मिट्टी की जानकारी MPCST ( Madhya Pradesh Council of Science & Technology ) भोपाल के आधार पर अध्ययन कर प्रत्येक प्रकार की मिट्टी को विभाजित किया गया है । इससे मिट्टी की संरचना संबंधी मानचित्र तैयार किया गया है ।
मिट्टी की संरचना
सारणी 2-सा-21 .
क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
मिट्टी की संरचना
3
2
1
11143.56
1.
LoamySkeletal
4380.45
2.
Laomy
14663.23
3.
FineLoamy
18821.98
4.
Fine
3975.18
5.
FineSilty
436.17
6.
Waterbody
53420.57
Total
स्त्रोतः- भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण
2.17.4 ढलान
ग्वालियर निवेश क्षेत्र में , ऊंचाई के आधार पर निर्धारित ढलान की विशेषताएं दर्शाने वाला मानचित्र Contour एवं Carto -DEM के आधार पर तैयार किया गया है ।
ढलान के विभिन्न श्रेणी के अन्तर्गत क्षेत्रफल
सारणी 2- सा-22 .
क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) ढलान (प्रतिशत)
3
2
1
27319.63
1.
<1
12771.90
2 .
1-3
4846.92
3.
3-5
6884.47
4.
5-10
1317.10
10-15
5.
280.54
<15
6.
53420.57
Total
स्त्रोत :- भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण 8845
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Km
Legend
GEOMORPHOLOGY
GWALIOR
Waterbody
Homocline
ModeratelyDissectedHillsandValleye
Pediment
PlanningAreaBoundary
RallwayLine(NarrowGauge)
ResidualHIII
RallwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
Cuesta
Roads
AlluvialPlain
ActiveQuery
Valley Butte
HighlyDissectedHillsandValleys
StateHighway
Mesa
34567
Geomorpholgy
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
2
Source:NationalGeomorphologicalMappingProjectNRSC,ISRO-2016 Survey
District-Gwalior
MapNo.2.16
20
ToChitora
ToUtile
ToBehat
ToBhind
τεσε
ToJhansi
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
Π
VE
To Jhans !
ToBhind
To Mahtoli
To Karera ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbal भाग 1 8846
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Legend
GWALIOR
Waterbody
Source:CartoDEM,MAPIT
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
RallwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
Roads
StateHighway
Low:180
High:360
DIGITALELEVATIONMODEL
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal Height(Meter)
2
1
Scale DistrictGwalior
MapNo.2.17
NASE
20
20120
карле
78220
ToChitora
ToUtila
ToBehat
Bhind
NH
ToJhansi
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhans !
ToBhind
To Mahtoli
ToKarera ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpurt
ToMumbai
nadese 8847 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Legend
GWALIOR CONTOUR(10m)
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(NarrowGauge)
RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
Roads
StateHighway
Contour
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal -Contour(180m-360m)
Source:SurveyofIndlaToposheetandCartoDEM
District-Gwalior
MapNo.2.18
NA
надле
ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToBhind
719
ToJhansi
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhans !
ToBhind
To Mahtoli
To Karera ToAgra ToAgra
معلمة
SADA
ToTighra
ToShivpur!
ToMumbal
NAILA
nadest भाग 1 8848
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
GWALIOR Legend
507 Km
SOILTEXTURE
Waterbody
FineLoamy
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
RailwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
Roads
FineSilty
Loamy
StateHighway
LoamySkeletal
Fine
34
Source:SoilandLanduseSurveyofIndia
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoleSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
2
SoilTexture
1
cala
District-Gwalior
MapNo.2.19
HA
2620
назгле
ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToBhind
E
ToJhansi
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
コロ 88
To Jhansi ToBhind
ToMahtoli
ToAgra ToAgra
4
SADA
πέσε
ToTighra
ToShivpurt
ToMumbai
NG 8849
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 2.17.5 भूकंप (आपदा) परिक्षेत्र
क्षेत्र के सूक्ष्म अध्ययन से भूकम्प (आपदा) परिक्षेत्र का मानचित्र, जिसमें फाल्ट तथा छोटे मध्यम एवं वृहद फ्रेक्चर परिक्षेत्र , मिट्टी की स्थिति, भूगर्भीक फाल्ट्स का अध्ययन एवं विश्लेषण किया गया है । उक्त आधार पर निवेश क्षेत्र का भूकम्प सम्भावना युक्त क्षेत्र का मानचित्र तैयार किया गया है । जिसके अनुसार ग्वालियर नगर, जोन-2 के अंतर्गत भूकम्प की कम संभावना वाले क्षेत्रों में आता है ।
2.17.6 जल स्त्रोत बफर
ग्वालियर निवेश क्षेत्र में मुख्यतः नदी, नहर तथा नाला सम्मिलित किये गये हैं । भू- जल संभावना एवं जल स्त्रोत बफर की जानकारी नीचे दी गई सारणी में दर्शायी गयी है ।
जल स्त्रोत बफर क्षेत्रफल
सारणी 2-सा-23.
क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
बफर (मीटर में)
3
2
1
437.18
1.
15 M
2.
426.75
30M
416.26
3.
45M
4.
408.41
60M
स्त्रोतः भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण
2.17.7 भूमि अवक्रमण
ग्वालियर निवेश क्षेत्र अंतर्गत नाली , बीहड़ एवं खड्ड के रूप में मृदा अपरदित भूमि एवं बंजर पथरीली भूमि के होने से भूमि का अवक्रमण पाया गया ।
भूमि अवक्रमण
सारणी 2-सा-24.
क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
भूमि अवक्रमण
3
2
1
662.17
1.
Saline Sodic - Moderate
834.39
2.
Saline Sodic - Slight
48.47
Watererosion - Gullies
3.
4256.47
4.
Water erosion - Sheet - Moderate
1687.48
Water erosion - Sheet - Severe
5.
स्त्रोतः-भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण 8850
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
[ भाग 1
2035
ग्वालियर विकास योजना
2.17.8 मार्ग संरचना
मार्ग संरचना निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत भावी विकास के क्षेत्रों को विकसित करने हेतु महत्वपूर्ण माध्यम है । नगरीय भूमि उपयुक्तता का विश्लेषण करने हेतु क्षेत्रीय एवं नगरीय दोनों मार्गों को सम्मिलित किया जाकर बफर ज़ोन मार्ग के दोनों ओर निर्धारित किए गये हैं । जोन के अन्तर्गत मार्ग संरचना के बफर की जानकारी निम्नलिखित सारणी में दर्शायी गयी है ।
मार्ग संरचना बफर क्षेत्रफल
सारणी 2-सा-25.
क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
मार्ग बफर (मीटर में)
3
2
1
8665.45
200 M
1
10653.34
2
500M
11814.48
1000 M
3
स्त्रोतः भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण
2.17.9 रेलवे स्टेशन
ग्वालियर निवेश क्षेत्र में ग्वालियर जंक्शन, बिरला नगर , रायरू तथा सिथोली रेलवे स्टेशन है जो दिल्ली- चैन्नई रेलवे लाईन पर स्थित है ।
2.17.10 भूमि मूल्य
ग्वालियर निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत 66 वार्ड (छः वार्ड 2011 के बाद गठित) सम्मिलित हैं । भूमि मूल्य की गणना नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता के लिए की गई है । निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत रिहायशी क्षेत्र एवं व्यावसायिक क्षेत्र में भूमि के मूल्यों की श्रेणी को गणना के लिए लिया गया है ।
2.18 नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प
ग्वालियर निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत राजस्व भूमि सीमित होने के कारण नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्पों का विश्लेषण कर उपयुक्त विकल्प प्रस्तावित किया गया है । 8851 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningAres
Legend
GWALIOR LITHOLOGY
Sandstone
Waterbody
Sandstone&Shale
QuartzoseSandstone
PlanningAreaBoundary
Jaspilite
NationalHighway
RailwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
Roads
Shale
GreenShalewithLimestone
OlderAlluvium
BasicRock
ShalewithLimestone
StateHighway
Sand&Silt
Lithology
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Source:DistrictResourceMap,GeologicalSurveyofIndia
01 2
District-Gwalior
MapNo.2.20
ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToBhind
ToJhansi
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal VE
To Jhansi ToBhind
To Mahtoll-
To Karera ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpuri-
ToMumbai भाग 1 8852
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningAree
Km
Legend
GWALIOR SLOPE
High
Waterbody
Source:CartoDEM,MAPIT
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
RailwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
10-15
Roads
5-10
StateHighway
3-5
1-3
<1
>15
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal Slope(Percent)
cale
District-Gwalior
MapNo.2.21
NAZIJE
HAJL
ToChitora
ToUtila
ToBehat
Bhind
TVE
ToJhansi
பட
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhans !
ToBhind
To Mahtoli
معلمة
To Karora لمد
ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbal
NOM 8853 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
Km
Legend
Waterbodies
MADHYAPRADESH EARTHQUAKEZONES
DistrictBoundary
NationalHighway
Forest
ZONE-IILowDamageRiskZone
ZONE-IIIModerateDamageRisk
Zone(MSKVII)
RailLine
(MSKVIORLess)
EarthquakeZones
Source:SeismotectonicAtlasofIndia,GSI,GOI
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal MapNo.2.22
India
Scale 0 306090120150180210240
Odisha
Chhattisgarh
UttarPradesh
Gwalior
Maharashtra
WE
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal Rajasthan
-Gujarat भाग 1 8854
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
A
PlanningArma
Legend
GWALIOR
Km 567
Waterbody
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
LANDDEGRADATION
RailwayLine(NarrowGauge)
RallwayLine(BroadGauge)
Roads
WatereroslonSheetSevere
Watererosion-Sheet-Moderate
SalineSodic-Slight
Watereroslon-Gullles
SallineSodic-Moderate
StateHighway
3
Source:NationalLandDegradationMappingProject NRSC,ISRO-2018
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
2
LandDegradation
District-Gwalior
MapNo.2.23
30
2010
2008 andes:
ToChitora
ToUtilia
ToBehat
ToBhind
GLL MIN
NH44 ToJhansi
πώσε
☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi ToBhind
Π
To Mahtoli
que
ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpurt
ToMumbai
سامد 8855
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningAres
Km
Legend
GWALIOR
WATERBODYBUFFER
Afforestation
Waterbody
PianningAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
RallwayLine(NarrowGauge)
Roads
StateHighway
45 15
30
60
Source:Worldview-IISatellitedata WaterbodyBuffer(DistanceinMeters)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
234567
Scale District-Gwalior
MapNo.2.24
2007
DDYDUFFER
zadea
ToChitora
ToUtils
ToBehat
ToBhind
مد
NH44 ToJhansi
☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi
פינוי To Bhind
P
To Mahtoli
πέσε
To Karera ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbal
nakse भाग 1 8856
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Legend
56 Km
GWALIOR ROADBUFFER
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RallwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
RailwayLine(NarrowGauge)
StateHighway
Roads
1000
200
500
Source:Worldview-IISatellitedata
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal RoadBuffer(DistanceinMeters)
District-Gwalior
MapNo.2.25
коре
202
ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToBhind
ToJhansi THMUE
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
▫
To Jhansi To Bhind
To Mahtoli
ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbai 8857
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Low
High
Km
Legend
5
120000-140000
GWALIOR LANDVALUES
18000-20000
Waterbody PlanningAreaBoundary
MunicipalAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
Forest
RaliwayLine(NarrowGauge)
Roads
Fort
StateHighway
>140000
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal WardWiseResidentialLandValueRange inINR(PerSqureMeter)
Source:DepartmentofRegistration&Stamp,Govt.ofM.P.(2021)
District-Gwalior
MapNo.2.26
мар
NARLE
моделе
ToChitora
ToUtila
ToBehat
Bhind
ToJhansi
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi ToBhind
ToMahtoll-
To Karera ToAgra ToAgra
NH45
SADA
ToTighra
ToShivpuri ToMumbai [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8858
A
PlanningArea
Km
Legend
GWALIOR GOVERNMENTLAND
GovernmentLand
Waterbody
4567
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
Roads
NationalHighway
VillageBoundary
StateHighway
3
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Source:CommissionerLandRecords(2021)
2
LandOwnership
District-Gwalior
MapNo.2.27
20
ToChitora
ToUtila
2012
ToBehat
Bhind
ToJhansi
Area
☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi ToBhind
To Mahtoli
ToKarera ToAgra ToAgra
aok
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbal 8859
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035 ग्वालियर विकास योजना
Weighted Index For Composite Land Suitability [Model-1 ]
सारणी 2-सा-26.
Landuse , Geomorphology and Slope Given More Weightages
THEME
S.NO.
THEME WEIGHT 1.
18
LANDUSE
2.
3.
1.
2.
3.
4.
5.
18 GEOMORPHOLOGY
6.
7.
8.
9.
10.
11.
1.
2.
8
GROUND WATER PROSPECTS
3.
4.
1.
2.
8
SOIL TEXTURE
3.
4.
5.
1.
10
ROAD BUFFER
2.
3.
1.
2.
10 WATERBODIES BUFFER
3.
4.
5.
1.
2.
3.
18
SLOPE
4.
5.
6.
1.
2.
10
LAND VALUE
3.
4.
CLASS
CLASS WEIGHT
9 Vacant Land
8 WasteLand
7 Agriculture
9 Fluori - Older Alluvial Plain
7 Pediment
3 ResidualHill
2 Homocline
2 Mesa
1 Butte
1 Cuesta
1 ActiveQuery
1 Strori - Highly Dissected Hills and Valleys
Strori - Moderately Dissected Hills and
1 Valleys
1 Valley
9 VeryGood
7 Good
5 Moderate
3 Poor
9 Loamy Skeletal
8 Loamy
7 FineLoamy
6 Fine
5 FineSilty
9 200 m
7 500 m
5 1000 m
9 >60 m
8 60m
6 45 m
3 30m
2 15 m
9 0-1%
8 1-3 %
5 3-5 %
2 5-10 %
1 10-15%
1 15-35%
9 <18000
8 18000-20000
6
5 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8860
Weighted Index For Composite Land Suitability [ Model - 2 ]
2035 ग्वालियर विकास योजना
सारणी 2- सा-27.
Landuse , Road Buffer , Waterbody Buffer and Slope Given More Weightages
THEME
S.NO.
THEME WEIGHT 1.
15
LANDUSE
2.
3.
1.
2.
3.
4.
5.
10 GEOMORPHOLOGY
6.
7.
8.
9.
10.
11.
1.
2.
10
GROUND WATER PROSPECTS
3.
4.
1.
2.
10
SOIL TEXTURE
3.
4.
5 .
1.
15
ROAD BUFFER
2.
3.
1.
2.
15 WATERBODIES BUFFER
3.
4.
5 .
1.
2.
3.
15
SLOPE
4.
5.
6.
1.
2.
10
LAND VALUE
3.
4.
CLASS
CLASS WEIGHT
9 Vacant Land
8 WasteLand
7 Agriculture
9 Fluori - OlderAlluvial Plain
7 Pediment
3 Residual Hill
2 Homocline
2 Mesa
1 Butte
1 Cuesta
1 ActiveQuery
1
Strori - Highly Dissected Hills and Valleys
1
Strori -Moderately Dissected Hills and Valleys
1 Valley
9 VeryGood
7 Good
5 Moderate
3 Poor
9 Loamy Skeletal
8 Loamy
7 FineLoamy
6 Fine
5 FineSilty
9 200 m
7 500 m
5 1000 m
9 >60 m
8 60m
6 45m
3 30m
2 15 m
9 0-1 %
8 1-3%
5 3-5%
2 5-10%
1 10-15%
1 15-35%
9 <18000
8 18000-20000
6
5 8861
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
Weighted Index For Composite Land Suitability [ Model - 3 |
ग्वालियर विकास योजना 2035
सारणी 2- सा-28 .
Equal to all Layers
THEME
S.NO.
THEME WEIGHT 1.
14 2.
LANDUSE
3 .
1.
2.
3
4.
5.
12
GEOMORPHOLOGY
6.
7.
8.
9.
10.
11.
1.
2.
12
GROUND WATER PROSPECTS
3.
4.
1.
2.
12
SOIL TEXTURE
3.
4.
5.
1.
14
ROAD BUFFER
2.
3.
1.
2.
12 WATER BODIES BUFFER
3.
4.
5.
1.
2.
3.
12
SLOPE
4.
5.
6.
1.
2.
12
LAND VALUE
3.
4.
स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश
CLASS
CLASS WEIGHT Vacant Land
9
WasteLand
8
7
Agriculture
9
Fluori - Older Alluvial Plain
7
Pediment
3
Residual Hill
2
Homocline
2
Mesa
1
Butte
1
Cuesta
1
ActiveQuery
1
Strori - HighlyDissected Hills and Valleys
1
Strori - Moderately Dissected Hills and Valleys
1
Valley
9
VeryGood
7
Good
5
Moderate
3
Poor
9
Loamy Skeletal
8
Loamy
7
FineLoamy
6
Fine
5
FineSilty
9
200 m
7
500 m
5
1000 m
9
>60 m
8
60m
6
45 m
3
30 m
2
15 m
9
0-1%
8
1-3%
5
3-5%
2
5-10 %
1
10-15%
1
15-35%
9
<18000
8
18000-20000
6
5
टीपः- विकल्प 2 (एल.एस.आर.डब्ल्यू): भूमि उपयोग , ढलान, जलाशय बफर एवं मार्ग बफ को मूल्यांकन में वरीयता प्रदान की गई है । भाग 1 8862
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 घटकों को नगरीय उपयुक्तता के आधार पर मूल्यांकन के बाद श्रेणी प्रदान की गई है, जो 8 मानचित्रों के एकीकरण का परिणाम हैं । 8 मानचित्रों के संयुक्त परिणाम के कारण कई उपयुक्त पॉलीगॉन निर्मित हुए हैं । उक्त पॉलीगॉन के संस्पर्शी पॉलीगॉन में विसर्जित किया गया, जिसका आधार स्थल, संदर्भित स्थिति एवं न्यूनतम मानचित्र खंड (Minimum Mappable Unit ) है । एकजाई आकृति में संयुक्त भूमि उपयुक्तता श्रेणी है एवं प्रत्येक श्रेणी में सभी घटकों के चरित्र विद्यमान हैं जो भूमि उपयुक्तता हेतु आवश्यक हैं । प्रत्येक श्रेणी की मूल्यांकन वरीयता उक्त घटक के महत्व के आधार पर, एक दूसरे से तुलना के आधार पर की गई है ।
संयुक्त उपयोगिता संकेतक ( Composite Suitability Index ) की गणना 8 घटकों के मूल्यांकन को उनकी श्रेणी से गुणा कर की गई है । सी.एस.आई. को 3 श्रेणी में विभाजित किया गया है । इस प्रक्रिया में प्रत्येक श्रेणी इस बात की सूचक है कि सक्षमता की सीमा प्रत्येक वर्ग के संदर्भ में न्यूनतम या अधिकतम है ।
सी.एस.आई मूल्यांकन का अधिक होना , नगरीय विकास हेतु उच्च वरीयता का घोतक है , जबकि कम सी.एस.आई. मूल्यांकन की नगर विकास हेतु कम वरीयता परंतु संरक्षण हेतु उच्च वरीयता होगी । अंततः संयुक्त श्रेणी के संयुक्त परिणाम हेतु नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता, तीन श्रेणी में विभाजित है ।
Land Suitability Area | Model - 1 |
सारणी 2-सा-29.
S.NO.
CLASS
Percentage
AREA( ha)
34.06% 1.
18193.08
HIGHLY SUITABLE
15.06%
8048.79
2.
MODERTLY SUITABLE
50.88% 3.
27178.70
100%
53420.57
NOT SUITABLE ( Existing Built-up area + Forest ) TOTAL
Land Suitability Area [ Model - 2 |
सारणी 2-सा-30.
S.NO.
CLASS
Percentage
AREA(ha)
28.54%
15241.46
1.
HIGHLY SUITABLE
20.59%
11000.41
2.
MODERTLY SUITABLE
50.87 %
27178.70
3.
100%
NOT SUITABLE ( Existing Built- up area + Forest ) TOTAL
53420.57 8863
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Km
Legend
GWALIOR
Source:DatabaseLayers
Waterbody
ModeratelySuitable(804879ha)
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(NarrowGauge)
RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
Roads
BuiltupArea
Forest
HighlySuitable(18193.08ha)
StaleHighway
SUITABILITY
UrbanLandSuitability(Model-1)
Landuse&UrbanSurveyDivision RomoleSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (Landuse,Geomorphology&Slopegiven moreweightage)
DistrictGwalior
MapNo.2.28
ToChitora
ToUtila
ToBehat
Bhind
Jhans
erved
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi ToBhind
To Mahtoli
ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbal 8864
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
GWALIOR Legend
Source:DatabaseLayers ModeratelySuitable(11000.41ha)
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(NarrowGauge)
RallwayLine(BroadGauge)
BuiltupArea
Roads Forest
NallonalHighway
HighlySuitable(15241.46ha)
StateHighway
UrbanLandSuitability(Model-2)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SUITABILITY (Landuse,WaterbodyBuffer,RoadBuffer& Slopegivenmoreweightage)
1 3
DistrictGwalior
MapNo.2.29
NA
пара
ToChitora
ToUtile
ToBehat
Bhind
ToJhans!
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi ToBhind
ToMahtoli
ToKarera ToAgra ToAgra
NH48
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbai 8865
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Km
GWALIOR Legend
Source:DatabaseLayers
Waterbody
ModeratelySuitable(13302.70ha)
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
RallwayLine(NarrowGauge)
Forest
Roads
BuiltupArea
HighlySuitable(12939.17ha)
StateHighway
SUITABILITY
UrbanLandSuitability(Model-3)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (EqualWeightagetoAllLayers)
District-Gwalior
MapNo.2.30
Nose
NONST
20
наде
ToChitora
ToUtila
ToBehat
Bhind
ToJhansi
☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal UE
To Jhansi ToBhind
To Mahtoll
ToKarera ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbai
nalise
Nodese भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8866
2035
ग्वालियर विकास योजना
Land Suitability Area | Model - 31
सारणी 2-सा-31.
Percentage
CLASS
AREA (ha)
S.NO.
24.22%
12939.17
HIGHLY SUITABLE
1.
24.90%
13302.70
MODERTLY SUITABLE
2.
50.88 %
27178.70
NOT SUITABLE ( Existing Built-up area + Forest)
3.
100%
53420.57
TOTAL
नगर तथा ग्राम निवेश
स्त्रोतः-
नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता हेतु Model-1 , Model - 2 एवं Model- 3 तैयार किए जाकर ऊपर उल्लेखित सारणी में दर्शाया गया है ।
उपरोक्त दिये गये मॉडलों में से Model -1 में HIGHLY SUITABLE एरिया का प्रतिशत सर्वाधिक प्राप्त होता है , जिस कारण ग्वालियर विकास योजना 2035 के लिये Model - 1 का चयन किया गया है । 8867
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035
अध्याय-3 प्रस्तावित परिवहन तंत्र एवं नगरीय अधोसंरचना
महाराज बाड़ा 3.1 यातायात संरचना
विगत दशकों में वाहनों की बढ़ती संख्या से शहर के यातायात में वृद्धि हुई है, इसके परिणाम स्वरूप यातायात , परिवहन और पार्किंग संबंधी समस्याएं परिलक्षित हो रही हैं । वाहनों की संख्या में वृद्धि सड़क दुर्घटनाओं, प्रदूषण और धीमी गति से चलने वाले यातायात और यातायात जाम के लिए उत्तरदायी है । ग्वालियर शहर प्रशासनिक एवं क्षेत्रीय वाणिज्यिक केन्द्र के साथ - साथ , स्मार्ट सिटी मिशन एवं राष्ट्रीय राजधानी के काउण्टर मैगनेट जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के कारण आबादी को और अधिक आकर्षित करेगा, जिससे यातायात के नियोजन की आवश्यकता होगी ।
शहर वायुमार्ग द्वारा मुंबई, दिल्ली, कलकत्ता और अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है । यह रेलवे नेटवर्क के माध्यम से भी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है । यह एक महत्वपूर्ण [ भाग 1 8868
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
रेलवे जंक्शन है । यहाँ पर सड़कों का इंटरसिटी और इंट्रासिटी नेटवर्क उपलब्ध है, तीन राष्ट्रीय राजमार्ग NH- 44 , NH-46 और NH - 719 भी ग्वालियर से होकर गुजरते हैं ।
परिवहन संरचना , शहर की मूल आवश्यकता का आधार होने से वाहन, जल - मल , अपशिष्ट, विद्युत, टेलीफोन आदि जन- सुविधाओं के संबंध का कार्य भी परिवहन संरचना के सापेक्ष ही होता है ।
नगरीय विकास / विस्तार के लिये प्रभावपूर्ण परिभ्रमण संरचना की आवश्यकता होती है, जिससे नगरीय आबादी को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था प्राप्त हो सके । प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना नगर के भावी आकार एवं स्वरूप का निर्धारण करती है । कुशल यातायात प्रबंधन से यात्रा का समय, दूरी तथा वाहन चालन मूल्य आदि को कम किया जा सकता है । प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना निम्नलिखित अवधारणा पर आधारित है:-
क्षेत्रीय यातायात एवं नगरीय यातायात का पृथक्करण ।
नगर के प्रस्तावित विकास एवं विस्तार हेतु उपयुक्त परिभ्रमण संरचना ।
नगर के कार्य केन्द्रों का परस्पर संबंध स्थापित करना ।
नगर की बसाहटों का आपस में सामंजस्य स्थापित करना ।
मिश्रित यातायात के अनुरूप संगठित मार्ग संरचना ।
यातायात प्रणाली की कार्य- कुशलता का आंकलन निम्न घटकों के आधार पर किया जाता है-
(2) नगरीय यातायात
- (1 ) अंतर्नगरीय यातायात
3.2 अंतर्नगरीय यातायात
ग्वालियर से अंतर्नगरीय यातायात सड़क, रेल एवं वायुमार्ग द्वारा होता है, लेकिन सड़क यातायात ही मुख्यतः नगर की यातायात संरचना को प्रभावित करता है । सड़क यातयात के अध्ययन के लिए नगर वाहनों की संख्या में वृद्धि तथा क्षेत्रीय यातायात का नगरीय मार्गो पर संचरण भी प्रभावित करता है । 8869
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 3.2.1 वाहन वृद्धि
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ ) , ग्वालियर से वाहनों की वृद्धि के आंकड़ों से पता चलता है , कि विगत वर्षों में दो पहिया वाहनों की वृद्धि अत्यधिक हुई है । वर्ष 2020 में पंजीकृत वाहन 66612 थे, जिनमें से 47353 दो पहिया वाहन हैं । यह कुल पंजीकृत वाहनो का 71 प्रतिशत है ।
वाहन वृद्धि
सारणी 3-सा-1 .
Total
Trucks
वृद्धि दर (%) Year
Other Vehicle
Goods Vehicle
Four Wheeler
Two Wheeler
44412
889
1209
6168
1553
2016-17
34593
53930
1042
2008
(+) 21.43
7636
1970
41274
2017-18
62214
1268
2551
2779
9285
(+) 15.36 46331
2018-19
66612
1344
2592
3279
(+) 7.07
12044
47353
2019-20
48627
2188
813
(-) 27.00
1536
10266
33824
2020-21
स्त्रोत- जिला परिवहन कार्यालय ग्वालियर ।
3.2.2 बाह्य क्षेत्र पर यातायात सर्वेक्षण एवं विश्लेषण
निवेश क्षेत्र में क्षेत्रीय यातायात आंकलन हेतु बाहरी घेरा (Outer Cordon ) बिन्दु पर निम्नानुसार सर्वेक्षण किए गए: -
i . वर्गीकृत यातायात गणना
ii. सड़क किनारे साक्षात्कार द्वारा मूल - गंतव्य सर्वेक्षण
वर्गीकृत यातायात गणना के प्रारूप में निर्दिष्ट समय अंतराल में सर्वेक्षण बिन्दु को पार करने वाले वर्ग द्वारा वाहनों की संख्या की गणना के लिए प्रावधान सहित सर्वेक्षण स्टेशन के स्थान एवं आवागमन की दिशा, वाहन का प्रकार , वाहनों की संख्या आदि सम्मिलित है ।
मूल- गंतव्य सर्वेक्षण के प्रारूप में वाहन का प्रकार, मूल स्थान तथा गंतव्य स्थान, यात्रीयों की संख्या, यात्रा का उद्देश्य, आवृति, माल की किस्म , यात्रा आदि को रिकार्ड करने के साथ सर्वेक्षण स्थल एवं आवागमन की दिशा एवं समय सम्मिलित किए गए । भाग 1 8870
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 सर्वेक्षण स्थल-
सर्वेक्षण का उद्देश्य अध्ययन क्षेत्र के साथ बाहरी यातायात का आंकलन करना है । इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 44 पर निवेश क्षेत्र में आने एवं जाने के बिन्दु पर नमूना सर्वेक्षण के लिए निम्न स्थान चयनित किया गया ।
NH 44
ओ.सी. (25.02.2015 ) ग्वालियर निरावली चौक के पास (रायरू)
(OC- Outer Cordon) सड़क किनारे मूल - गंतव्य सर्वेक्षण हेतु पुलिस की सहायता से वाहनों को रोककर सर्वेक्षण नमूना आधार पर किए जाकर गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है ।
माल एवं यात्री वाहन-
बाहरी घेरा बिन्दुओं पर किए गए सर्वेक्षण में व्यक्तिगत वाहन , बस यात्री वाहन तथा माल वाहनों के यातायात का नमूना निम्नानुसार पाया गया ।
बस
माल
व्यक्तिगत वाहन
स्थान
86%
37%
7%
रायरू- निरावली
स्त्रोतः - साडा काउण्टर मैगनेट का सर्वेक्षण
यातायात प्रवाहः-
एक सामान्य कार्य दिवस में किए गए नमूना सर्वेक्षण में लगभग 75,100 वाहनों द्वारा क्षेत्र में प्रवेश किया गया तथा 74,300 वाहन क्षेत्र से बाहर की ओर गए । बाहरी घेरा बिन्दु पर कुल यातायात प्रवाह निम्नानुसार पाया गया ।
वाहन
स्थान
पी.सी.यू. / मात्रा
पी.सी.यू.
1.41
34109
24250
OC
(PCU- Passenger Car Unit) स्त्रोतः - साडा काउण्टर मैगनेट का सर्वेक्षण
यातायात प्रवाह के विश्लेषण में पाया गया कि क्षेत्रीय यातायात में राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात का प्रवाह 72% है । विभिन्न दिशाओं में यातायात प्रवाह के विभाजन की स्थिति निम्नानुसार है- 8871
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
निवेश क्षेत्र से बाहर की ओर
कुल यातायात निवेश क्षेत्र की ओर
दिशा
वाहन
वाहन
वाहन
पी.सी.यू.
पी.सी.यू.
पी.सी.यू.
34109
24250
20386
14025
13723
10155
उत्तर
11415
17493
7425
5088
10068
6327
दक्षिण
स्त्रोतः- साडा काउण्टर मैगनेट का सर्वेक्षण
उपरोक्त स्थिति से ज्ञात होता है कि NH -44 पर आगरा की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या बम्बई की ओर जाने वाले वाहनों से लगभग आधी है ।
यातायात संयोजनः-
सामान्य कार्य दिवस में बाहरी घेरा बिंदुओं पर वाहनों का प्रतिशत संयोजन निम्नानुसार पाया गया ।
OC
वाहनों का प्रकार
क्र.
23%
Trucks
1
3%
Buses
2
13%
3
LightVehicles/Mini Buses
24%
4
Car/Jeep
1%
Tractors
5
32%
Two Wheelers
6
4%
Other
7
100%
योग
स्त्रोत: - साडा काउण्टर मैगनेट का सर्वेक्षण
प्रातः एवं अपरान्ह में व्यस्ततम समय में यातायात की स्थिति निम्नानुसार पाई गई ।
अपरान्ह
प्रातः
स्थान
व्यस्त समय वाहन पी.सी.यू.
व्यस्त समय वाहन पी.सी.यू.
1696
1408
1935
4से 5
1569
10से 11
स्त्रोतः- साडा काउण्टर मैगनेट का सर्वेक्षण
यात्रा करने की आवृति के अनुसार बाहरी घेरे पर यात्री वाहनों (बसो को छोडकर ) में दैनिक यात्राये 49 % , साप्ताहिक 17% एवं सामयिक 34% पाई गई । यात्री वाहनों में निवेश क्षेत्र की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहन 37%, बाहर जाने वाले 43 % एवं निवेश क्षेत्र में रूके बिना सीधे जाने वाले निजी यात्री वाहन 20% पाए गए । जबकि माल वाहनों भाग 1 8872
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 के आवागमन यात्री वाहनों से विपरीत रहा माल वाहनों में से निवेश क्षेत्र की सीमा में 10 % वाहनो का आना रहा, सीमा से बाहर जाने वाले वाहन 11% तथा सीमा में रूके बिना सीधे जाने वाले वाहनों 79% पाया गया ।
क्षेत्रीय यातायात के महत्वपूर्ण जंक्शनों पर किए गए व्यस्ततम समय के यातायात की स्थिति निम्नानुसार पाई गई ।
जंक्शन
व्यस्ततम समय में PCU
कुल
नाम
PCU
का प्रकार
सर्वेक्षण अवधि वाहन
प्रातः 10 से 11 शाम 6 से 7
25942
2221
निरावली चौक
तिराहा 12घंटे 19556
2434
स्त्रोतः- साडा काउण्टर मैगनेट का सर्वेक्षण
अति व्यस्ततम समय में चौराहे पर यातायात चौराहे की क्षमता से अधिक होने के कारण फ्लाई ओवर आवश्यक है ।
3.3 नगरीय यातायात
नगरीय यातायात मुख्यतः मार्ग संगमों पर यातायात अवरोध तथा व्यवसायिक क्षेत्रों में वाहन पार्किगः की उपलब्धता से प्रभावित होता है । मार्ग संगमों एवं पार्किंग स्थलो के अध्ययन का विश्लेषण निम्नानुसार है ।
3.3.1 मार्ग संगमों पर यातायात
नगर के विभिन्न तिराहो एवं चौराहों पर यातायात संबंधी अध्ययन से पता चलता है कि सड़क की ज्यामिति में सुधार एवं यातायात प्रबंधन से मार्ग संगमों पर यातायात के प्रवाह को सुचारू किया जा सकता है । यातायात संगमों पर किए गए अध्ययनो का विवरण निम्नानुसार है- 8873
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
मार्ग संगमों पर यातायात
सारणी 3-सा-2 .
क्र.
मार्ग संगम का नाम एवं संगम पर एकजीकरण मार्गो के नाम
बाया यातायात (प्रतिशत में)
दाया यातायात (प्रतिशत में)
सीधा यातायात (प्रतिशत में)
मार्ग संगम पर बायें यातायात का औसत (प्रतिशत में)
6
5
4
3
2
1
1 उपकुलपति चौराहा
32.45
40.43
27.13
-सिटी सेंटर मार्ग
32.63
39.51
24.69
35.80
-कलेक्ट्रेट
42.86
35.12
22.02
-डी.बी. सिटी
38.46
28.99
32.54
-गोविन्दपुरी
2 माधव नगर चौराहा
13.29
86.71
00.00
-सिटी सेंटर
21.54
00.00
53.85
46.15
-माधव नगर
00.00
94.07
05.93
-सांईस कॉलेज
10.85
55.04
34.11
-हरीशंकरपुरम
3 7 नम्बर चौराहा
47.65
42.95
9.40
-गोला का मंदिर
35.19
30.87
6.01
63.11
-मुरार
54.55
7.39
38.07
-6 नम्बर चौराहा
31.13
38.68
30.19
-सी.पी. कॉलोनी
4 गोले का मंदिर चौराहा
27.08
42.24
30.69
-कालपी ब्रिज
44.83
29.06
22.81
32.36
-डी.डी. नगर
40.77
32.05
27.18
-सिमको
44.95
29.04
26.01
-स्टेशन
5 चेतकपुरी तिराहा
47.13
22.99
29.89
-चेतकपुरी कॉलोनी
37.20
70.50
23.29
6.21
-जीवाजी क्लब
20.41
4.08
75.51
-सांईस कॉलेज
6 नदी गेट तिराहा
69.21
30.79
0.00
-इंदरगंज
00.00
31.93
58.09
41.91
-ऊषा किरन पैलेस होटल
62.40
37.70
00.00
-फूलबाग
7 थाटीपुर तिराहा
85.85
14.15
00.00
-गोविन्दपुरी
00.00
17.38
63.77
36.23
-हॉस्पीटल
84.10
00.00
15.93
-मुरार
8 कालपी रोड तिराहा
72.38
27.62
00.00
-गोला का मंदिर
26.70
00.00
54.01
45.99
-इंद्रमणी नगर
73.90
00.00
26.10
-7 नम्बर चौराहा भाग 1 8874
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 9 बस स्टैण्ड तिराहा
00.00
31.87
68.13
-पडाव
52.43
00.00
47.57
29.12
-आकाशवाणी
00.00
34.93
-गोले का मंदिर
65.07
10 आकाशवाणी तिराहा
00.00
36.45
63.55
-पडाव
00.00
28.07
48.29
51.71
-स्टेशन
35.92
00.00
64.08
-मेला मैदान
स्त्रोतः- स्मार्ट सिटी का सर्वेक्षण
उपरोक्त तालिका से स्पष्ट है कि बायी ओर जाने वाला यातायात, चौराहों एवं तिराहों पर कुल यातायात का 17 से 37 प्रतिशत तक है । इसलिए यह प्रस्तावित है कि तिराहो एवं चौराहो की ज्यामितीय में सुधार एवं वाहनो के यातायात प्रबंधन द्वारा तिराहे एवं चौराहों पर यातायात के दबाव को लगभग 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है ।
3.3.2 पार्किंग परिदृश्य
प्रस्तावित और वर्तमान ट्रैफिक व्यवस्था के साथ पार्किंग मैनजमेंट प्लान और पार्किंग की उपलब्धता को भी नियोजित करने की आवश्यकता है । चयनित सड़क खंडों पर पार्किंग वाहनों को प्रतिबंधित करने की भी आवश्यकता है । पार्किंग व्यवस्था को सुनियोजित किये जाने हेतु वाणिज्यिक केंद्रों पर, नगर में सर्वेक्षण आयोजित किया गया है । प्रत्येक आधे घंटे के अंतराल में पहचान किए गऐ पार्किंग सर्वेक्षण के साथ पार्क किए गए प्रत्येक श्रेणी के वाहनों की संख्या नोट की गई है ।
शहर में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) है, लेकिन यह बहुत कुशल नहीं होकर, Inter Mediate Public Transport पर आधारित है । इस कारण जन- समुदाय निजी वाहनों से यात्रा करना पसंद करते हैं । निजी वाहनों के विकास को नियंत्रित करने के लिए सार्वजनिक परिवहन में सुधार की आवश्यकता है । पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैदल मार्ग , जेब्रा क्रॉसिंग आदि की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए । यातायात विषम समस्याओं के लिए जिम्मेदार है और सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है । वर्तमान स्थिति, विशेष रूप से पुराने ग्वालियर में सड़क पर पार्किंग , ट्रैफिक जंक्शन, सड़क चौड़ीकरण, भारी वाहनों के टर्मिनल , अंतरराज्यीय बस टर्मिनस और ओवर ब्रिज जैसी सुविधाओं के प्रावधान और विस्तार की आवश्यकता है । 8875
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
उक्त सर्वेक्षण से पता चलता है कि शहर के प्रमुख वाणिज्यिक क्षेत्रों में पार्किंग स्थानों की कमी है । सभी मार्केटप्लेस में मल्टी- लेवल पार्किंग के विकास की पहल करना आवश्यक है ।
पार्किग की आवश्यकता
सारणी 3-सा-3.
S. No.
Parking location
Parking Availability (in% age)
Parking Demand
(inECS)
Parking Availability (inECS)
33.3
50
150
कटोरा ताल
47.5
190
400
2
बाडा
0.3
50
180
3 एम.एल.बी. कॉलेज
38.0
76
200
4 जयेन्द्रगंज
72.2
260
360
5 सिटी सेंटर
स्त्रोतः- नगर निगम ग्वालियर ।
(ECS- Equivalent Car Space) 3.3.3 सार्वजनिक पार्किग
पार्किंग कमी की पूर्ति हेतु ग्वालियर नगर निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर पार्किंग स्थल की पहचान की जाकर 26 स्थानों को सार्वजनिक पार्किंग क्षेत्र हेतु चिंहित किया गया है ।
3.4 परिभ्रमण संरचना
नगरीय यातायात की परिभ्रमण संरचना वर्तमान एवं प्रस्तावित दोनों ही प्रकार के प्रमुख कार्य केन्द्रों तथा यातायात अवसान केन्द्रों को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित की गई है, इसके द्वारा क्षेत्रीय यातायात एवं नगरीय यातायात का पृथक्करण हो सकेगा । प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना से नगर के प्रमुख कार्य केन्द्र जैसे संभागीय आयुक्त कार्यालय , कलेक्ट्रेट , कृषि उपज मण्डी, यातायात नगर, औद्योगिक क्षेत्र, वाणिज्यिक केन्द्र से सीधा सम्पर्क हो सकेगा । प्रस्तावित यातायात संरचना हेतु अपनाई गई नियोजन नीति निम्न बिन्दुओं पर आधारित है:-
नगर के आबादी क्षेत्रों एवं मुख्य गतिविधि क्षेत्रों तक सुविधाजनक एवं सुरक्षित यातायात प्रणाली का विकास । [ भाग 1 8876
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 मुख्य मार्ग केन्द्रों जैसे यातायात केन्द्र, वाणिज्यिक केन्द्र, शैक्षणिक आदि केन्द्रों में पदचारी मार्गो का विकास ।
विभिन्न संरचना इकाईयों के मध्य प्रभावी परिवहन तंत्र का विकास ।
समस्याग्रस्त क्षेत्रों के यातायात एवं प्रबंधन की तकनीकी पहल ।
नगर की भावी जनसंख्या हेतु दक्ष एवं सुदृढ़ परिवहन प्रणाली की व्यवस्था ।
3.4.1 मार्गों का श्रेणी क्रम
(क) क्षेत्रीय मार्ग
निवेश क्षेत्र से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44, 46 एवं 719 के साथ जिला एवं राज्य मार्ग इनके द्वारा नगर का विभिन्न नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से संपर्क स्थापित होता है । (ब) बायपास मार्ग
निवेश क्षेत्र के आंतरिक यातायात दबाव एवं दुर्घटनाओं को कम करने हेतु नगर के पूर्वी , उत्तरी एवं दक्षिणी भाग में बायपास निर्मित है, तथा पश्चिमी भाग में भी साडा क्षेत्र से बायपास मार्ग का विकास प्रस्तावित किया गया है , जिसकी चौड़ाई 80 मीटर प्रस्तावित की गई है । पश्चिमी बायपास मार्ग के निर्माण से नगर के चारों ओर रिंग के अंदर विकास हो सकेगा । नगर के प्रमुख भागों से बायपास मार्ग तक लिंग मार्ग प्रस्तावित किए गए है ।
(स) प्रमुख नगर मार्ग
नगर का प्रमुख यातायात नगर केन्द्र, प्रमुख कार्य केन्द्र, शिक्षण संस्थायें, स्वास्थ्य केन्द्र इन्हीं मार्गो पर स्थित होने से इन मार्गो की यातायात क्षमता को दृष्टिगत रखते हुये चौड़ाई 40-60 मीटर प्रस्तावित की गई है ।
(द) वृत्त खण्ड मार्ग
यह मार्ग आवासीय खण्डों एवं भूमि उपयोग क्षेत्रों की सीमा पर प्रस्तावित किये गये है, ये विभिन्न आवासीय क्षेत्रों के मध्य परस्पर संबंध स्थापित करेंगे , इनकी चौड़ाई 30-36 मीटर प्रस्तावित की गई है । 8877
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
(इ) उपवृत्त खण्ड मार्ग
2035
ग्वालियर विकास योजना
इन मार्गों द्वारा खण्ड में स्थित आबादी की यातायात विषयक आवश्यकतायें पूरी होती रहेंगी तथा इन मार्गो को वृत्त खण्ड स्तरीय मार्गो से जोडा जाएगा । इन मार्गो की चौड़ाई 24 मीटर प्रस्तावित की गई है । (फ) स्थानीय मार्ग
यह मार्ग मुख्यतः आवासीय खण्डों में परिभ्रमण उपलब्ध करवाने हेतु प्रस्तावित है, इन मार्गो के किनारे फुटपाथ , भूमिगत मल निकास एवं विद्युत प्रदाय हेतु लाईन का प्रावधान होता है । इनकी चौड़ाई 18 मीटर प्रस्तावित की गई है ।
3.5 मार्गों की चौड़ाई
यातायात के प्रकार व उनकी विशेषता के अनुरूप एवं भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए मार्गो की चौड़ाई निर्धारित की गई है, निम्न सारणी में नगर के विकास हेतु विभिन्न क्षेत्रीय एवं नगरीय मार्गो की प्रस्तावित चौडाई निर्धारित की गई है ।
वर्तमान मार्गों की चौड़ाई
मार्ग का नाम क्र.
सारणी 3- सा-4 .
वर्तमान स्थिति
लम्बाई (मीटर)
वि.यो. 2035 में
प्रस्तावित चौडाई
(मीटर)
2
1
1
उत्तर- दक्षिण कोरीडोर बायपास (ΝΗ 44)
2 ग्वालियर- बैतूल मार्ग ( NH 46) 3 ग्वालियर- इटावा मार्ग (NH 719 ) 4
आगरा - मुम्बई मार्ग (पुराना) i. गोल पहाडिया से बहोडापुर ii शेष भाग
झाँसी मार्ग
5 i. फारेस्ट नर्सरी से रेलवे स्टेशन ii. शेष भाग
6 शिवपुरी लिंक मार्ग
5
4
3
46820 4लेन निर्मित
80
12340 4लेन निर्मित
80
8536
60
गोले के मंदिर से एयरफोर्स स्टेशन तक 4 लेन निर्मित एवं शेष भाग 2 लेन निर्मित
3492 2लेन निर्मित
24673
40 60
4लेन निर्मित
4लेन निर्मित
40
5432
4लेन निर्मित
60
7836
7954 4लेन निर्मित
60 8878
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
मार्ग का नाम
क्र.
2035 ग्वालियर विकास योजना
वर्तमान स्थिति
लम्बाई (मीटर)
वि.यो. 2035 में
प्रस्तावित चौडाई
(मीटर)
2
1
विश्वविद्यालय मार्ग
7 i. गांधी रोड से डोंगरपुर तक ii . डोंगरपुर से बायपास
तिगरा मार्ग
8
मिलिटरी हॉस्पीटल
9
बेहट मार्ग
10
11 गांधी रोड
12 रेसीडेंसी मार्ग
रेस कोर्स मार्ग
13
14 एम.एल.बी. मार्ग
सुसेरा मार्ग
15
16 मोती झील से तिगरा मार्ग (बायपास) 17 माधवराव सिंधिया मार्ग
18
चेतकपुरी चौराहे से ए.जी. ऑफिस मार्ग तक
19 फूलबाग से सेवानगर
20 सेवा नगर से किला गेट
21 हजीरा से पडाव
22 न्यू हाईकोर्ट मार्ग
23 हजीरा से सागरताल ए.बी. रोड 24 चार शहर का नाका से AB लिंक मार्ग 25
पडाव न्यू ओवर ब्रिज से मोतीमहल- नदी गेट
26
जयेन्द्रगंज - शिंदे की छावनी-रोटरी पार्क तक
27 कम्पू- चंद्रवदनी नाका मार्ग
28 जिन्सी नाला (1 , 2 एवं 3)
29 रामदास घाटी से बहोडापुर
30 रामदास घाटी से कोटेश्वर
31 लीला फाटक मार्ग
32 बहोडापुर-आंनद नगर से सागर ताल 33 रेयान तिराहे से चार शहर का नाका 34 राजपायगा मार्ग
35 बारादरी से हुरावली तिराहा , सिंगपुर 36 विश्वविद्यालय- हुरावली बायपास 37 पिंटो पार्क मार्ग
4
5
3
4लेन निर्मित
4674
40
4लेन निर्मित
2110
60
5856
60
4 लेन निर्मित एवं क्षतिग्रस्त
4लेन निर्मित
40
916
5577 4लेन निर्मित
60
4लेन निर्मित
4310
40
1708 4लेन निर्मित
40
4लेन निर्मित
3333
60
40
1473 4लेन निर्मित
9960
60
सागर ताल से AB लिंक रोड तक 4 लेन शेष भाग 1 लेन 6806 6लेन निर्मित
60
4लेन निर्मित
2053
40
129 3लेन निर्मित
24
1704
30
खेडापति कालोनी तक 4 लेन शेष भाग 2 लेन निर्मित
2लेन निर्मित
753
18
2614 4लेन निर्मित
30
4लेन निर्मित
831
30
4211 4लेन निर्मित
30
1206 4लेन निर्मित
30
2338
30
4 लेन/2 लेन निर्मित
514
30
4लेन/2 लेन निर्मित
1864 2लेन निर्मित
30
2474 4लेन निर्मित
30
1924 4लेन निर्मित
30
2267 4लेन निर्मित
30
1386 4लेन निर्मित
30
1728
30
4लेन निर्मित
4लेन निर्मित
30
1122
859
30
4लेन निर्मित
4147 4लेन निर्मित
40
4767 4लेन निर्मित
40
2385 4लेन निर्मित
40 8879
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
मार्ग का नाम
क्र.
2035
ग्वालियर विकास योजना
वर्तमान स्थिति
लम्बाई (मीटर)
वि.यो. 2035 में
प्रस्तावित चौडाई
(मीटर)
3
2
1
30
38 6 नंबर से सदर बाजार- बारादरी तक
30
7 नंबर से बारादरी तक
39
30
40
कमला राजा से एस.ए.एफ. ग्राउण्ड मार्ग
30
41
कम्पू पैट्रोल पम्प सिंधी कालानी- गुडागुडी का नाका तक
30
मुरार रिंग रोड
42
40
हजीरा से ग्रासिम चौराहा
43
30
44 सराफा बाजार मार्ग
24
पाटनकर बाजार मार्ग
45
24
नई सड़क मार्ग
46
24
47 हनुमार चौराहे से ए.बी. रोड
18
48 बाडा से जनकगंज
49 मोर बाजार मार्ग
50 फालका बाजार मार्ग
51 लोहिया बाजार मार्ग
डीडवाना ओली मार्ग
52
53
माधोगंज- तारागंज- स्काउट चौराहा- खासगी बाजार
54 हुजरात मार्ग
55 कम्पू बाडा मार्ग
56 दौलतगंज मार्ग
57 दाल बाजार मार्ग
58 टकसाल मार्ग
59 छत्री बाजार मार्ग
60 आदर्श मिल रोड
61 सैनिक पेट्रोल पम्प तानसेन लिंक मार्ग 62 हजीरा चौराहे से किलागेट
63 व्ही.सी. हाई स्कूल मार्ग
64 ओहदपुर गाँव मार्ग
65 ए.बी. रोड से लक्ष्मीगंज शमशान मार्ग 66 ठंडीसड़क से मुरार शमशान मार्ग 67 सनातन धर्म मंदिर से हास्पीटल मार्ग मुर्गी केन्द्र से सिकंदर कम्पू 68
69 रामदास घाटी से रायल टाकीज 70 सिंधी कालोनी मार्ग
71 कैंसर पहाडी मार्ग
72 भारत टाकीज से नौगजा मार्ग
5
4
4लेन निर्मित
1432
4लेन निर्मित
1302
4लेन निर्मित
1420
4लेन निर्मित
2131
5065 4लेन निर्मित
856 4लेन निर्मित
420 3 लेन निर्मित
4लेन निर्मित
395
993 3 लेन निर्मित
507 3 लेन निर्मित
595 2लेन निर्मित
231 2लेन निर्मित
18
757 2लेन निर्मित
18
691 3 लेन निर्मित
18
314 2लेन निर्मित
18
1202 2लेन निर्मित
18
637 2लेन निर्मित
18
1345 2लेन निर्मित
18
891 2लेन निर्मित
18
668 2 लेन निर्मित
20
516 2लेन निर्मित
24
768 2लेन निर्मित
18
2लेन निर्मित
784
18
937 2लेन निर्मित
18
941 2 लेन निर्मित
18
516 2लेन निर्मित
18
913 2लेन निर्मित
18
617 2लेन निर्मित
18
1651 2लेन निर्मित
18
4लेन निर्मित
635
30
804 2लेन निर्मित
24
374 2लेन निर्मित
18
724 2लेन निर्मित
24
3715 2लेन निर्मित
30
823 2लेन निर्मित
18 भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8880
मार्ग का नाम
क्र.
ग्वालियर विकास योजना 2035
वर्तमान स्थिति
लम्बाई (मीटर)
वि.यो. 2035 में
प्रस्तावित चौडाई
(मीटर)
2
1
जीवाजीगंज मार्ग
73
74 किला गेट से घासमंडी कोटेश्वर तक शिंदे की छावनी- रामदास घाटी तक 75
लक्कड खाना मार्ग
76
77 रोशनी घर मार्ग
78 बसंत बिहार मार्ग (LIC से झाँसी रोड) 79
पडाव-डी.आर.डी.ई. ओवरब्रिज रंगमहल गार्डन (पुराना झाँसी रोड )
80 चंद्रवदनी नाका कलेक्ट्रेट से डोंगरपुर 81 चेतकपुरी- विजयानगर, बंसत बिहार 82 रामदास घाटी-घोसीपुरा- ए.बी. रोड 83
गुडा नाके से सिकंदर कम्पू- वीरपुर बाँध- ए.बी. रोड
84 गोले के मंदिर से सूर्य मंदिर रोड मयूर मार्केट, दुल्लपुर शमशान मार्ग 85
86
आकाशवाणी- मेला ग्राउण्ड बैंक कालोनी रेसीडेसी मार्ग
87 महलगाँव करोली मंदिर मार्ग
88 एस.पी. ऑफिस से विश्वविद्यालय मार्ग 89
शिंदे की छावनी- लक्ष्मण तलैया- शब्दप्रताप आश्रम
90
पाताली हनुमान- काँचमिल , बिरला नगर
91 दीनदयाल नगर - शताब्दीपुरम 92
दीनदयाल नगर जडेरूआ बाँध- लालटिपारा -छावनी
93 आई.टी. मार्ग मंडी शताब्दीपुरम 94 मैदामिल से बायपास मार्ग
95 लोहामंडी से खेडापति मार्ग
96 लोहामंडी से तानसेन नगर
97 ब्लू लोटस कालोनी से अलापुर बाँध 98
तानसेन रोड से जिला आबकारी कार्यालय मार्ग
केन्टोनमेंट से बेहट मार्ग
99
स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश सर्वेक्षण ।
5
4
3
2लेन निर्मित
774
18
2लेन निर्मित
1354
18
846 3 लेन निर्मित
24
2लेन निर्मित
615
18
3 लेन निर्मित
532
24
3 लेन निर्मित
745
18
2लेन निर्मित
1023
40
4843 4लेन निर्मित
40
1295
18
2 लेन निर्मित
980
18
2लेन निर्मित
3582 2लेन निर्मित
24
913 2लेन निर्मित
18
1503 2लेन निर्मित
18
4लेन निर्मित
3145
30
2288 2लेन निर्मित
18
1260 2लेन निर्मित
18
2लेन निर्मित
735
18
2लेन निर्मित
1917
18
1812 4लेन निर्मित
40
2लेन निर्मित
3406
30
1179 2 लेन निर्मित
30
942 2लेन निर्मित
30
755 1 लेन निर्मित
12
965 1 लेन निर्मित
12
1276 2लेन निर्मित
18
3लेन निर्मित
300
18
2लेन निर्मित
3125
60 8881
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
Legend
RailwayStation
RallwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
Airport
NationalHighway
Bridges/Flyover
Villageroad
StateHighway
BusStand
OtherPublicRoad
MajorDistrictRoad
MajorCityRoad
MinorCityRoad
OtherDistrictRoad
GWALIOR EXISTINGTRANSPORTNETWORK
MapNo.3.1
20
NA
ToChitora you
ToBhind
10719
ToBhind
To Mahtoli
gra ToAgra ToAgra
SADA
A
PlanningArea
Km
CantonmentArea
Waterbody
MunicipalAreaBoundary
TransportNagar
PlanningAreaBoundary
4567
Forest
Fort
3
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
2
Source:WorldView-II-2016SatelliteData&GroundVertfication
District-Owallfor
ToUtila
ToBehat
τώσε
ToJhans!
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhans!
ToKarera
ToTighra-
ToShivpuri
ToMumbal
re [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8882
2035
ग्वालियर विकास योजना
प्रस्तावित मार्गों की चौड़ाई
कहाँ से कहाँ तक क्र.
2
1
1 शताब्दीपुरम से ए.बी. रोड
2 एयर पोर्ट से ए.बी. रोड
3 एयर पोर्ट- महाराजपुर डॉग बेहटा बायपास तक 4 भिण्ड रोड से दीनारपुर मंडी
5 स्वर्ण रेखा नदी के दोनों ओर
6 मुरार नदी के दोनो ओर
7 बाराघाटा अंडरपास - अलापुर रमोआ 8 छावनी रिंग रोड- खिरिया मिर्धा
मोतीझील बायपास से जिगसोली
9
तिगरा रोड- रामपुरा से गोकुल गाँव 10
11 गुडा गुडी का नाका- पिपरोली बायपास 12 नीमचंदोहा से सातऊ
मालखेडी- केदारपुर- नौगाँव- बेला 13
14 बहोडापुर से बरा बायपास तक
15 शिवपुरी लिंक रोड से पिपरोली बायपास तक शिवपुरी लिंक रोड से सातऊ (शीतला माता मार्ग ) 16
टीप:-
सारणी 3-सा-5.
चौडाई मीटर में
लम्बाई (मीटर) 3
4
4465
40
40
6021
6068
30
1581
40
7615
12
3063
12
3163
30
8540
30
6963
45
4722 45
5086
30
10682 30
10154 40
2674 18
5126 40
40
7031 वर्तमान मार्गों की उपलब्ध चौड़ाई जिस उपखण्ड में प्रस्तावित से अधिक उपलब्ध होगी उसे कम न करते हुये भूमि का उपयोग वाहन विराम हेतु सुरक्षित रखा जावेगा ।
विद्यमान मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई का क्रियान्वयन, भूमि के उपलब्ध होने, भवनों के पुनर्निर्माण अथवा नवीनीकरण के समय किया जावेगा ।
3.6 यातायात अवसान केन्द्र
3.6.1 माल अवसान केन्द्र
(अ) रेलवे गुड्स यार्ड
भविष्य की आवश्यकता के मान से रायरू स्थित गुड्स यार्ड पर्याप्त है ।
(ब) यातायात नगर / लॉजिस्टिक पार्क / कंटेनर डिपो
ग्वालियर नगर के मध्य क्षेत्र में व्याप्त यातायात समस्याओं के निदान हेतु ग्राम शंकरपुर में विद्यमान यातायात नगर के विस्तार हेतु 20.00 हेक्टेयर भूमि लॉजिस्टिक पार्क 8883
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
हेतु प्रस्तावित की गई है । जिसमें थोक व्यवसाईयों एवं भवन निर्माण सामग्री के व्यावसायिक के लिये भूखण्डों का विकास तथा माल वाहनों की पार्किंग के लिए सुविधाओं का विकास किया जाएगा । इसके अतिरिक्त ग्राम रायरू में कंटेनर डिपो तथा ग्राम पिपरौली , नीम चंदोहा एवं लक्ष्मणगढ़ में भी लॉजिस्टिक पार्क हेतु भूमि प्रस्तावित की गई है ।
3.6.2 यात्री आवसान केन्द्र
इस बस टर्मिनल को ISBT ( Inter State Bus Terminal ) के रूप में जाना जाता है, जो रेलवे स्टेशन के पास स्थित है । इस टर्मिनल पर झाँसी , आगरा , रीवा, गुना आदि के लिए बस सेवाएं संचालित की जाती हैं । यह भविष्य की आबश्यकताओ की पूर्ति के लिए पर्याप्त नहीं है, नया ISBT ( Inter State Bus Terminal ) मुरैना लिंक मार्ग पर प्रस्तावित किया गया है ।
3.6.3 इंट्रासिटी बस टर्मिनल एवं मार्ग
शहर के भीतर बस परिवहन का संचालन और प्रबंधन इंट्रासिटी बस टर्मिनलों द्वारा निम्न मार्गों पर किया जा रहा है: -
1. दीनदयाल नगर से इंदरगंज
4. मालनपुर से कम्पू
5. पूरानी छावनी से जौरासी
2. आई.आई.आई.टी.एम. से कलेक्ट्रेट
6. मुरैना लिंक मार्ग से नदी गेट
3. एयरफोर्स स्टेशन से गिरवाई नाका
3.6.4 हवाई अड्डा
ग्वालियर एयरपोर्ट शहर के उत्तर की ओर स्थित है । इसे कम घनत्व वाले क्षेत्रों में निर्बाध वायु स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक रूप से रखा गया है ।। टर्मिनल में दो रनवे है, दोनों रनवे एयर फोर्स के अधीन है । आगमन और प्रस्थान करने वाले यात्रियों की व्यस्ततम समय की मांग को समायोजित करने के लिए यात्री हैंडलिंग...क्षमता जिसमें प्रस्थान और आगमन हॉल , प्रतीक्षा स्थान और पार्किंग स्थान जैसी भाग 1 8884
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
24M
26
लॉजिस्टिक
यातायातनगर
खण्डीयमार्ग
धमनीयमार्ग
राष्ट्रीयराजमार्ग
राज्यराजमार्ग
परिवहन
बसस्थानक
उपधमनीयमार्ग
उपखण्डीयमार्ग
Km
24M
30M
(L)
(T)
Legend
GWALIOR
SAR21
80M
PROPOSEDTRANSPORTNETWORK
Source:DirectorateofTown&CountryPlanning TRANSPORTATION
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal TRANSPORTNAGAR
SAA19
SAR20
ARTERIALROAD
LOGISTIC
NATIONALHIGHWAY
SECTORROAD
SAR
ADNAMEROADWIDTHROADNAMEROADWIDTHROADNAMEROADWID
STATEHIGHWAY
SUBARTERIALROAD
BUSSTAND
SUBSECTORROAD-
District-Gwalior
MapNo.3.2
марле
надле
NARLSE
παρου
задем
ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToBhind
Nit719
SARSS
ToJhansi
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal BARDS
SARSA
SAR
SARTS
To Jhansi ToBhind
σε
To Mahtoli-
Som
SAR
To Korera ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbal 8885
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Km
1.5
Legend
GWALIOR BUSSTOP
Waterbody
Source:GroundVerification RailwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
Roads
NationalHighway
BusStop
0.5
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
-VillageBoundary
District-Gwallor
MapNo.3.3
MOCAL
☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal भाग 1 8886
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
सुविधाएं सम्मिलित है , इन सुविधाओं के लिए टर्मिनल के स्थान में वृद्धि के लिए आलू अनुसंधान केन्द्र की लगभग 100 एकड भूमि प्रस्तावित की गई है ।
3.7 सार्वजनिक परिवहन प्रणाली
शहर के किसी भी परिवहन नेटवर्क में सार्वजनिक परिवहन एक महत्वपूर्ण घटक है । ग्वालियर शहर में सिटी बस , मिनी बस, विक्रम और टाटा मैजिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट मोड का प्रमुख रूप है । सिटी बसें ग्वालियर स्मार्ट सिटी (ट्रांसपोर्ट) लिमिटेड द्वारा संचालित की जाती हैं ।
शहर में एक ऑपरेशनल बस सेवा है । हालांकि, शहर की बढ़ती ट्रैफिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक रैपिड मास ट्रांजिट सिस्टम, सर्वाधिक व्यस्ततय मार्गो के लिए प्रस्तावित है । वर्तमान में व्यस्ततम मार्ग निम्नानुसार है : -
1. मुरार-बाडा
2. मुरार- हजीरा
3. हजीरा - बाडा
4. मुरार-कम्पू
5. दीनदयाल नगर- बाडा
6. स्टेशन-कम्पू
7. मोतीझील-कम्पू
8. दीनदयाल नगर- मुरार
3.7.1 पैदल यात्री एवं साइकिल मार्ग
भारत में किए गए अधिकांश परिवहन अध्ययनों में यात्रा के लिए पद - पथ सबसे अधिक प्रभावी बताया गया गया है । पैदल पद हेतु अधिकृत पथ एवं साइकिल नेटवर्क पथ निर्दिष्ट होना चाहियें । पद प्रचलन एवं साइकिल नेटवर्क निर्दिष्ट नहीं होने से शहरी सड़क दुर्घटनाओं के अधिकांश दुर्घटना पैदल यात्री ही होते हैं । ग्वालियर शहरी क्षेत्र के लिए , महत्वपूर्ण पैदल यात्री स्थानों की पहचान और सर्वेक्षण अध्ययन किया गया है । वर्तमान वर्ष के आंकड़ों और भविष्य में अपेक्षित प्रवाह के आधार पर, प्रमुख स्थानों पर पैदल यात्री 8887
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 11
2035
ग्वालियर विकास योजना
सुविधाओं की अनुशंसाये की जानी चाहिए । इनके अतिरिक्त, प्राथमिक नेटवर्क के साथ फुटपाथ का प्रावधान अनिवार्य किया जाकर सभी सिग्नल वाले चौराहों के पास पैदल यात्री रेलिंग होनी चाहिए और ज़ेबरा क्रॉसिंग के साथ- साथ पैदल यात्री प्रवाह को परिभाषित करने की आवश्यकता है ।
3.8 यातायात प्रबंधन योजना
ग्वालियर में प्रति वर्ष पंजीकृत वाहनों की संख्या 50 हजार से अधिक है । विगत दशक में इनकी संख्या में काफी वृद्धि हुई है । अतः नगर के मध्य क्षेत्र में स्थित कार्यकेन्द्रों के बढते स्वरूप तथा विद्यमान मार्ग संरचना की सीमित क्षमता को दृष्टिगत रखते हुये यातायात प्रबंधन योजना तैयार की जाकर उसका क्रियान्वयन किया जाना आवश्यक है । यातायात प्रबंधन योजना के घटकों में मार्ग संगमों पर ट्रेफिक सिग्नल, रोटरी , ज्यामितीय संरचना, मार्ग विभाजन, जन परिवहन वाहनों को यातायात में प्राथमिकता, पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, चौराहों फुटपाथ पर रेलिंग व्यवस्था, सड़कों पर यातायात के लिये चिन्ह अंकित करना , नागरिकों को यातायात की जानकारी , स्कूल एवं कॉलेजों में यातायात प्रशिक्षण आदि को सम्मिलित किया जाना आवश्यक है ।
3.8.1 चौराहों का विकास
नगर के व्यस्तम मार्ग संगमों पर यातायात सिग्नल लगाये जाकर उन्हें सिन्क्रोनाइज किया जाने तथा इनके नियंत्रण हेतु केन्द्रीय यातायात नियंत्रण योजना तैयार की जाना प्रस्तावित है । भविष्य की आवश्यकताओं , यातायात दबाव तथा स्थल विशेष की वर्तमान परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुये प्रमुख मार्ग संगमों पर फ्लाय ओवर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है ।
3.8.2 पुलों का निर्माण
नगर से गुजरने वाली नदी / नालों तथा रेलवे लाइन के ऊपर विद्यमान पुलों का चौडीकरण एवं नवीन पुलों का निर्माण प्रस्तावित है । भाग 1 8888
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
3.9 जलापूर्ति प्रणाली
निवेश क्षेत्र की जलापूर्ति प्रणाली मुख्य रूप से सतही जल पर निर्भर है । सतही तल के लिए तिगरा बाँध एवं उससे ऊपर बडे हुए पेहसारी , ककेटो एवं अपर ककेटो बाँध से पानी तिगरा बाँध मे लाया जाता है । ग्रामीण क्षेत्र मुख्यतः भू- जल पर निर्भर है । शहरी क्षेत्र में भी आंशिक भाग में जल आपूर्ति भू- जल के स्त्रोतों टयूबनल एवं हेण्डपम्प द्वारा की जाती है । चंबल नदी भी निवेश क्षेत्र की सीमा से 70 कि.मी. दूर बहती है । इस कारण ग्वालियर में चंबल नदी से जल आवर्धन योजना प्रस्तावित है ।
वर्ष 2035 के लिए पानी की आपूर्ति का लक्ष्य निम्नानुसार है:-
24x365 प्राप्त करने के लिए (पूरे दिन और वर्ष में निरंतर पानी की आपूर्ति) ।
पानी की सुरक्षित और पीने योग्य गुणवत्ता ।
पाइप्ड जलापूर्ति के माध्यम से 100% कवरेज ।
वित्तीय रूप से स्थायी जल आपूर्ति प्रणाली ।
उच्च उपभोक्ता संतुष्टि ।
टैरिफ , नीति और मॉनिटर सेवा तय करने के लिए स्वतंत्र नियामक प्राधिकरण ।
पंपिंग स्टेशनों, पाइपलाइनों और जल उपचार संयंत्रों का सुदृढ़ीकरण / उन्नयन का प्रावधान ।
10% से कम यूएफडब्ल्यू ( unaccounted for water ) को प्राप्त करने के लिए पूरे शहर में रिसाव का आंकलन , पता लगाना और मरम्मत करना ।
उपचारित सीवेज , औद्योगिक कचरे का पुनः चक्रण और पुनः उपयोग ।
3.9.1 मांग का अनुमान
केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण इंजीनियरिंग संगठन, मेगा शहरों के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दिन 150 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की आपूर्ति की अनुशंसा करता है । जबकि नेशनल बिल्डिंग कोड, प्रति दिन न्यूनतम 135 लीटर प्रति व्यक्ति की अनुशंसा करता है । 8889
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 ग्वालियर विकास योजना -2035 में प्रति दिन 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की आपूर्ति सतही जल स्त्रोतों के माध्यम से की जाएगी , जिसे भूजल स्त्रोतों से वृद्धि करते हुए प्रति दिन 150 लीटर प्रति व्यक्ति तक किया जाएगा । सतही जल स्त्रोतों के लिए 2035 तक 324 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी, ट्रांसमिशन और वितरण का नुकसान 15% तक सीमित होंगे । इस प्रकार, घरेलू खपत के लिए सतही जल स्त्रोतों से पानी की आवश्यकता वर्ष 2035 तक 372 एमएलडी अनुमानित है । घरेलू पानी की आपूर्ति के अलावा, वास्तविक खपत पैटर्न के आधार पर संस्थागत और औद्योगिक पानी की मांग की भी आपूर्ति की जाएगी ।
3.9.2 जल आपूर्ति स्त्रोत
ग्वालियर शहर को वर्तमान पानी की आपूर्ति तिघरा से 233 MLD और भूजल से 17 MLD है । वर्ष 2035 हेतु चल रही वृद्धि के चलते ग्वालियर की जल उत्पादन क्षमता 2035 तक 472 MLD हो जाएगी , साथ ही औद्योगिक , संस्थागत और बड़े जल उपभोक्ताओं को पानी के पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा । जल स्त्रोतों की क्षमता 2035 की आवश्यकता के लिए पर्याप्त है , लेकिन ग्वालियर में वर्षा कम होने के कारण तिघरा जलाशय का जल स्तर अधिकतम जल स्तर ( MWL) तक प्रत्येक वर्ष नहीं पहुँच पाता है । इस कारण चंबल नदी से पानी लाने की जल आवर्धन योजना प्रस्तावित की गई है ।
स्त्रोत अनुसार जल की उपलब्धता
सारणी 3 -सा-6.
Million LitersPer Day
Source
S. No.
Present Capacity
Proposed Augmentation
Water Total Available
236
236 1 Tighra
2
155
155 Upperkaketo/ kaketo
17
17
3 Ground Water Sources
4
64
Pehsari
64
Total
472
472 स्त्रोतः नगर निगम ग्वालियर । भाग 1 8890
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Legend
Waterbody
GWALIOR GROUNDWATERPROSPECTS
Moderate
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
RallwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
Roads
Good Poor StateHighway
VeryGood
GroundwaterProspects
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Source:ResourceSat-2,LISS-IV&IntegrationofLithology, GeomorphologyandHydrologyLayers.
1 234567 Km
District-Gwalior
MapNo.3.4
NA
задем
ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToBhind
VE
ToJhansi
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi ToBhind
To Mahtoli
ToKarera ToAgra ToAgra
SADA
ToTighra
ToShivpuri-
ToMumbal
NAR
κολλ
NOR
наведе 8891
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Legend
GWALIOR
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
Roads
JalalpurWaterDistributionArea
WATERSUPPLYZONES
StateHighway
TighreWaterDistributionArea
WaterTreatmentPlant
MotiJheelOldWaterDistributionArea
MotlJheelNewWaterDistributionArea
Source:MunicipalCorporation,Gwalior
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
DistrictGwalior
MapNo.3.5
00.511.522.533.5
201730
NOCAL
N1718
781230E
للحمة
701030 10144
VE TE
SADA
ToShivpur!
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
ToMumbai भाग 1 8892
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Km
3.5
GWALIOR Legend
Waterbody
OverhaedTank
PlanningAreaBoundary
PumpingLine
RailwayLine(BroadGauge)
RallwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
Roads
1.522.53
Source:MunicipalCorporation,Gwalior PROPOSEDWATERSUPPLYNETWORK
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Diatrict-Gwalior
00.5
MapNo.3.6
2010/30/
20130
NAZL
σε
E
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
SADA
канде
.
8893
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
3.9.3 जल वितरण प्रणाली
वर्ष 2035 हेतु जल वितरण प्रणाली को शहर की 100 % जनसंख्या तक पाइप जल आपूर्ति प्रणाली के तहत कवर किया जाएगा । वर्तमान में शहर की लगभग 80% आबादी तक पाइप से जलापूर्ति उपलब्ध है । वर्तमान में एक घंटे प्रतिदिन की जल आपूर्ति के स्थान पर प्रतिदिन 24 घंटे की निरंतर जल आपूर्ति प्रणाली, पानी की गुणवत्ता सहित सुनिश्चित की जाएगी । इससे पानी का अपव्यय भी कम होगा । ग्वालियर नगर निगम के नियमित संचालन और रखरखाव कार्यों में 300 मिमी से कम व्यास के पाइपों में रिसाव का पता लगाने हेतु नियंत्रण केन्द्र स्थापित किया जाएगा । जिससे तत्काल मरम्मत की जाकर पानी के रिसाव को रोका जा सकें ।
3.10 सीवरेज
घरेलू सीवेज और स्टॉर्म सीवर के जल प्रवाह को ले जाने के लिए सेनेटरी सीवर से युक्त पृथक सीवर उपलब्ध कराए जाएंगे । सीवरेज प्रणाली निम्नानुसार उददेश्य का निर्धारण प्रस्तावित है :-
खुले में शौच मुक्त शहर, सभी घरों में शौचालय ।
100% शहर को कवर करने के लिए सीवरेज सिस्टम ।
सीवरेज सिस्टम से कनेक्टिविटी को सुगम बनाना और प्रोत्साहित करना ।
आर्थिक रूप से स्थायी सीवरेज सिस्टम ।
नालियों में केवल बारिश के पानी का प्रवाह होना चाहिए , सभी सीवेज स्रोतों से एसटीपी तक सीवर लाईन की सुनिश्चित्ता ।
सीवरों डिस्चार्ज करने से पहले औद्योगिक अपशिष्ट का प्राथमिक उपचार किया जाना सुनिश्चित करना ।
वाणिज्यिक स्थानों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों का अच्छी तरह से रखरखाव किया जाना प्रस्तावित है । भाग 1 8894
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 3.10.1 अपशिष्ट जल प्रवाह का अनुमान
अपशिष्ट जल प्रवाह की दर, जल आपूर्ति की दर और भूजल रिसने की दर पर निर्भर करती है । प्रायः पानी की खपत का 80 % अपशिष्ट , जल प्रवाह में योगदान देता है । सभी क्षेत्रों में पाइपलाइनों को भूजल स्तर से ऊपर रखने का प्रावधान प्रस्तावित है , जिससे भूजल रिसने की संभावना नही है । भूजल रिसने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन पर आधारित परियोजना रिपोर्ट में सबसे खराब स्थिति में भी रिसाव नही होने देने के आधार पर तैयार की जाना प्रस्तावित है । शहर से वार्षिक अपशिष्ट का उत्पादन लगभग 1550 मीट्रिक टन 2035 तक होना अनुमानित है ।
3.10.2 वर्तमान जल निस्सारण प्रणाली
नगर निगम क्षेत्र में लगभग 977.03 किमी भूमिगत सीवर नेटवर्क है , जो 222 MLD की उपचार सुविधा के साथ लगभग 80% आबादी की सेवा करता है । ग्वालियर में सीवर नेटवर्क को विभिन्न चरणों में विकसित किया गया है । सीवर उपचार संयंत्रों की वर्तमान क्षमता निम्नानुसार है : -
मल-जल शोधन संयंत्र का विवरण
सारणी 3-सा-7 .
S. No.
Capacity ( MLD) SewerageTreatment Plant
65
Morar
1
145
2
SewageFarm
08
3
DD Nagar
04
4
Laliapura
222
Total
3.10.3 अमृत योजना में प्रस्तावित जल निस्तारण संरचना
नया सीवेज नेटवर्क और वर्तमान सीवरेज नेटवर्क का नवीनीकरण नीचे दिया गया हैः
अमृत योजना में प्रस्तावित जल निस्तारण संरचना
सारणी 3 -सा- 8 .
700 km
Old SewerageNetwork
277.03 km
New Network in Amrut Scheme
15098
OldSewer Connection
31790
New Connection Amrut Project
Trunk Sewer Line
17 km
(350mm to 1800mm) 8895
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Legend
Waterbody
PlanningAreaBoundary
Manhole
RallwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
RallwayLine(NarrowGauge)
Roads
SewerLine
GWALIOR PROPOSEDSEWERAGENETWORK
Source:MunicipalCorporation,Gwalior
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
MapNo.3.7
MOLLE
781530E
movewhileprivewerewife 701208
7011307
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal HASLE भाग 1 8896
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
3.10.4 पानी का पुनर्चक्रण
शहरी क्षेत्र की स्थल आकृति, कुशल सीवरेज नेटवर्क के विकास की दिशा में बाधा है । इस कारण सीवरेज नेटवर्क को एसटीपी तक ले जाने के लिए पंपिंग सुविधाओं की आवश्यकता होती है ।
वर्तमान सीवरेज नेटवर्क केवल 80% शहर के हिस्सों में विद्यमान है, शेष 20 प्रतिशत हिस्से से सीवर का पानी नालों में प्रवाहित होता है या सेप्टिक टैंकों में डाला जाता है ।
अतः यह प्रस्तावित है कि संस्थागत एवं आवासीय समूह (सोसाइटीज ) अपने सीवर का उपचार कर उपचारित जल का उद्यान एवं वृक्षारोपण आदि कार्यो में उपयोग करें अथवा प्राथमिक उपचार करने के पश्चात् ही मुख्य सीवरेज प्रणाली में प्रवाहित करें, जिससे सीवर शोधन संयंत्रों की कार्य क्षमता में भी वृद्धि हो सकें ।
3.11 जल निकासी प्रणाली
अध्ययन क्षेत्र में वर्षा जल निकासी प्रणाली में द्वितीयक और तृतीयक दोनों नालियां शामिल हैं , डेटा की उपलब्धता की, सीमाओं के कारण विश्लेषण मैक्रों ( Macro) स्तर तक ही सीमित है । वर्षा जल निकासी के लिए, सीवेज और जल निकासी प्रणाली को पृथक करते हुए सुदृढ़ीकरण करने की आवश्यकता है ।
3.11.1 प्रमुख जल निकाय
मुख्य जल निकाय के रूप में शहर के अंदर स्वर्णरेखा एवं मुरार नदी है । इसके अतिरिक्त कुछ बाँध (जलाशयों) में भी पानी का भंडारण किया जाता है । प्रमुख बाँधों में, रमौआ बाँध, अलापुर बाँध , जडेरूआ बाँध, वीरपुर बाँध, हनुमान बाँध तथा तालाबों में सागर ताल , मोती झील, जनक ताल, लक्ष्मण ताल , सूरज कुण्ड तथा कटोरा ताल सम्मिलित है । उपरोक्त जल निकाय / भंडारण मुख्यतः भू- जल स्तर को बढ़ाने का कार्य करते है । 8897
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 3.12 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
प्रायः यह देखा गया है कि 60 प्रतिशत अपना अपशिष्ट कूड़ेदान में फेंकते हैं, 30 प्रतिशत अपना अपशिष्ट खुले स्थान पर फेंकते है , तथा 10 प्रतिशत अपना अपशिष्ट सड़क किनारे फेंकते है । सड़कों और खुले स्थानों पर कचरा फेंकने की प्रवृत्ति के कारण , निवेश क्षेत्र में घर- घर जाकर कचरा संग्रहण की सुविधा की कमी भी है । जनसंख्या के 73 प्रतिशत के लिए कचरा साफ करने की आवृत्ति साप्ताहिक है, 10 प्रतिशत जनसंख्या द्वारा कचरा पखवाड़े ( 15 दिवस ) में साफ किया जाता है और जनसंख्या के 17 प्रतिशत के लिए कचरा साफ करने की कोई विशेष अवधि नही है ।
ग्वालियर नगर में ठोस अपशिष्ट के प्रमुख स्त्रोत आवासीय बसाहट , वाणिज्यिक संस्थान, होटल एंव जल - पान गृह है । इस ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी नगर पालिक निगम की है । जबकि हॉस्पीटल एवं औद्योगिक कचरे के निष्पादन की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होती है । वर्तमान में नगर से 450 ग्राम प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के मान से लगभग 550 टन कचरा प्रतिदिन निकलता है । नगर पालिक निगम द्वारा लगभग 80 प्रतिशत कचरा उठाया जाता है, शेष 20 प्रतिशत कचरा गलियों एवं खुले स्थानों पर पर्यावरण प्रदूषण उत्पन्न करता है, जिससे आवासीय क्षेत्र का पर्यावरण प्रदूषित होता है । कचरे का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन एवं उपचार केदारपुर संयंत्र में किया जाता है । ग्वालियर में अपशिष्ट पदार्थों की सही मात्रा और विशेषता ज्ञात नहीं है , लेकिन नगर निगम की रिपोर्ट से ज्ञात हुआ है, कि शहरी क्षेत्र में 550T / दिन ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है । अधिकांश कचरे को खुली भूमि पर या कंटेनरों के बाहर फेंक दिया जाता है । नगरपालिक निगम के वाहनों द्वारा कचरा शहर से 15 किमी दूर केदारपुर ट्रेंचिंग ग्राउंड (लगभग 100 एकड़) में डंप किया जाता है । केदारपुर में एक अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र संचालित किया गया है , जिसकी जैव उर्वरक की स्थापित क्षमता 100 मीट्रिक टन / दिन है । जैव चिकित्सा अपशिष्ट शासकीय और निजी अस्पतालों से अलग-अलग बैग में एकत्र किए गए कचरे को बंद वाहनों में केदारपुर ले जाया जाता है । केदारपुर संयंत्र में जैव कचरे का प्रबंधन होता है । [ भाग 1 8898
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Legend
GWALIOR
Waterbody
VillageBoundary
StormWaterDrain
StormWaterVent
וויין Roads
PROPOSEDSTORMWATERNETWORK
Source:MunicipalCorporation,Gwallor
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
MapNo.3.8
781230°E
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
NOCLA 8899
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Legend
GWALIOR
Waterbody
PlanningAreaBoundary
Source:GroundVerification TransferPoint
RailwayLine(BroadGauge)
RallwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
Roads
SanitaryWaste/DomesticHazardousWaste
VillageBoundary
StateHighway
DryWasteProcessingPlant
WetWasteProcessingPlant
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SOLIDWASTETRANSFERSTATION
05 1 1.5 22533.5 Km
DistrictGwallor
MapNo.3.9
NOLAJE
No
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
SADA
ToTighra
NOCH
NOEL भाग 1 8900
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningAres
1.6
Legend
Waterbody
Source:GroundVerification RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
RallwayLine(NarrowGauge)
Landfill&DumpyardSite
Roads
VillageBoundary
StateHighway
GWALIOR LANDFILL&DUMPYARDSITE
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
0.5
District-Gumilior
MapNo.3.10
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
NOR 8901
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
3.13 विद्युत आपूर्ति
3.13.1 वर्तमान परिदृश्य
वर्तमान बिजली का स्रोत नेशनल ग्रिड सिस्टम से बिजली की आपूर्ति द्वारा विभिन्न उपयोगों के बीच किया जाता है । जिसका विवरण निम्नानुसार है: -
औद्योगिक- 4%
वाणिज्यिक- 5%
आवासीय- 66%
विविध- 25%
3.13.2 विद्यमान विद्युत अधोसंरचना क्षेत्र
वर्तमान विद्युत प्रणाली की क्षमता को 2035 की आवश्यकताओं के अनुसार बढ़ाया जाएगा । सभी क्षेत्रों को कवर करने के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भविष्य में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिजली आपूर्ति की योजना का प्रस्ताव किया है । प्रस्तावित योजना में 20 साल की जरूरत के लिए कंपनी द्वारा प्रस्ताव को दो चरणों में विकसित किया जाएगा ।
3.13.3 मांग विश्लेषण
पिछले पांच वर्षों के दौरान बिजली की खपत के प्रचलित पैटर्न के अनुसार, यह पाया गया है कि खपत की दर 5 % प्रति वर्ष बढ़ रही है । तदानुसार, वर्ष 2035 के लिए अनुमानित खपत 3550 MKWH ( Million Kilo Watt Hour ) प्रति वर्ष होगी ।
3.14 सामाजिक अधोसंरचना
सामुदायिक सुविधाओं के विकास में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, अग्निशमन सुविधा, सुरक्षा आदि सम्मिलित है । भाग 1 8902
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 3.14.1 शिक्षा
नगर की स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु ग्वालियर में निम्नानुसार शैक्षणिक सुविधायें वर्तमान में उपलब्ध है ।
9
विश्वविद्यालय (डीम्ड विश्वविद्याालयों सहित) 1
114
2 कॉलेज
3 स्कूल (प्राथमिक / उच्चतर माध्यमिक) 435
उपरोक्त शैक्षणिक सुविधायें , ग्वालियर नगर की वर्तमान आवश्यकताओं के साथ क्षेत्रीय आवश्यकताओं के लिए भी पर्याप्त है , ग्वालियर में सामान्य शिक्षा के अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित है, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, महिला एन.सी.सी. कॉलेज, अटल बिहारी बाजपेई राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, होटल प्रबंधन संस्थान, पर्यटन प्रबंधन संस्थान, तानसेन संगीत विश्वविद्यालय , विजयाराजे कृषि विश्वविद्यालय, आई.टी.एम. विश्वविद्यालय, आई.पी.एस. विश्वविद्यालय , सिंधिया स्कूल (फोर्ट) , सिंधिया कन्या विद्यालय आदि सम्मिलित हैं ।
ग्वालियर में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनेकों कोचिंग सेन्टर भी कार्यरत है । जिनसे नगरीय एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति होती है । 2035 की शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि प्रस्तावित करने के साथ, मिश्रित उपयोग एवं आवासीय उपयोगों में भी कतिपय गतिविधियाँ स्वीकार की गई है ।
3.14.2 स्वास्थ्य
ग्वालियर में नगरीय एवं क्षेत्रीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति का प्रमुख केन्द्र मेडीकल कॉलेज का जयारोग्य अस्पताल , माधव डिस्पेंसरी तथा मुरार जिला अस्पताल है । ग्वालियर में कुल 24 शासकीय अस्पताल तथा 152 निजी अस्पताल / नर्सिंग होम कार्यरत है । यह वर्तमान आबादी की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु पर्याप्त है । लेकिन 8903
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
GWALIOR Legend
Transformer
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RallwayLine(BroadGauge)
RailwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
ElectricPowerPlant
ElectricSub-Station
Roads
StateHighway
POWERSUPPLYNETWORK
11KvLine
33KvLine
Source:MPMKVVCompanyLtd.
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoleSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
0.511.522.533.5 Km Scale DistrictGwallor
MapNo.3.11
σεπτισεπίσσετετσισετελε
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
SADA
ToTighra
ασεπνισεόσεεπίτους полиле поелиле мди кое ние постле конце носи на канале поелиле насище почеле нове могат 8904
भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
PlanningArea
Km
GWALIOR EDUCATIONAL
Legend
Waterbody
Anganwari
VocationalInstitute
University
College
PlanningAreaBoundary
MunicipalAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
RailwayLine(NarrowGauge)
School
TrainingInstitute
Source:GroundVerification
Roads
StateHighway
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
23456 7 01
District-Gwalior
Scal
MapNo.3.12
NADUSE
надле
ToChitora
ToUtila
ToBehat
Shind
ToJhansi
Π
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhans !
201201 ToBhind
To Mahtoll
To Karera ToAgra ToAgra
NH4
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbal 8905
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1
PlanningArea
Legend
GWALIOR
Source:GroundVerification GovernmentHospital
HEALTHSERVICES
Waterbody
PlanningAreaBoundary
VillageBoundary
RailwayLine(NarrowGauge)
NationalHighway
RailwayLine(BroadGauge)
Roads
PrivateHospital
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
00.511.522.533.5
MapNo.3.13
計
масоиле маше носиле налиле касные кам
σεπώσε
ToBehat H44
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
SADA
σεπέοςσεαετένησεπιάσεπιάσεταΐσεπέσεπώσεπάνεπιάσεπιάσεπώσεεπιδοσενσεσε мобиле посвиле навиле мастиле калите масоиле наиде носиле мобиле noche none noche палиле носиле новище носиле NASE NACOLE भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8906
2035
ग्वालियर विकास योजना
अधिकांश निजी अस्पताल / नर्सिंगहोम आवासीय कॉलोनियों के भू- खण्डों पर संचालित है । 2035 की स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकताओं के लिए विकास योजना में विभिन्न उपयोगों के अंतर्गत इन्हें स्वीकार किया जाना प्रस्तावित हैं ।
3.14.3 संचार
नगरीय अर्थ व्यवस्था में संचार का एक महत्वपूर्ण स्थान है । बीसवी सदी के उत्तरार्ध से इक्कीसवी सदी के पूर्वार्ध में देश की संचार सेवाओं में क्रान्तिकारी परिवर्तन हुआ है । मोबाइल , टेलिफोन अब प्रत्येक व्यक्ति की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है । टेलिफोन पर ब्राड- बैण्ड की सुविधा द्वारा सम्पूर्ण भू- मंडल, संचार सेवाओं से जोडने में सक्षम हो गया है । ग्वालियर में अंतर्राष्ट्रीय गेट-वे सुविधा के विस्तार के साथ आई.टी. पार्क भी उपलब्ध है, इसके लिये प्रशिक्षित मानव शक्ति के स्त्रोत के रूप में सूचना प्रोद्यौगिकी एवं प्रबंध संस्थान एवं अनेकों इंजीनियरिंग कॉलेज उपलब्ध है ।
ग्वालियर नगर में दूर संचार अधोसंरचना में टेलीफोन केन्द्र एवं ओ.एफ.सी. (Optical Fibre Cable) का विकास भारतीय दूर संचार निगम के साथ जियो, एयरटेल आदि निजी कम्पनियों द्वारा भी किया गया है । मोबाइल कंपनियों द्वारा टॉवर लगाये जाकर, मोबाइल टेलीफोन सेवा उपलब्ध कराई गई है ।
ग्वालियर विकास योजना में दूरसंचार सुविधाओं से संबंधित नियोजन मापदण्ड निम्नानुसार प्रस्तावित है ।
1. एक दूरभाष प्रति व्यक्ति की दर से 1 लाख की जनसंख्या के लिये एक दूरसंचार केन्द्र हेतु 10000 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता होगी । इसमें प्रशासनिक क्षेत्र, भंडार, कर्मशाला आदि सुविधायें सम्मिलित है ।
2. विभागीय दूरसंचार कार्यालय एक लाख जनसंख्या के लिये एक की दर से सामुदायिक केन्द्र में उपलब्ध कराया जाना चाहिये । इस हेतु 900 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता होगी । 8907
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
3. बुकिंग एवं वितरण कार्यालय पांच लाख जनसंख्या पर एक की दर से जिला केन्द्र में उपलब्ध कराया जाना चाहिये । इस हेतु 900 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता होगी ।
4. डाकघर काउन्टर बिना वितरण व्यवस्था के 10 हजार से 15 हजार की जनसंख्या के लिए एक की दर से स्थानीय वाणिज्यिक केन्द्र में उपलब्ध कराया जाना चाहिये । 5. मुख्य डाकघर वितरण व्यवस्था के साथ सामुदायिक केन्द्र में 2.5 लाख जनसंख्या के लिए एक की दर से उपलब्ध कराये जाने चाहिये । इसके लिये 600 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता होगी ।
6. मुख्य डाकघर- सह- प्रशासनिक कार्यालय जिला केन्द्रों में छः लाख की जनसंख्या पर एक की दर से उपलब्ध कराया जाना चाहिये । इसके लिये 2500 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता होगी ।
3.14.4 अग्नि शमन सेवा
ग्वालियर नगर में अग्नि शमन सेवा नगर निगम द्वारा संचालित है । यह सेवा आग लगने की दुर्घटनायें , मकानों के गिरने आदि आपात स्थितियों की आवश्यकता की पूर्ति करती है । नगर निगम द्वारा नगर सीमा से बाहर के लिए भी यह सुविधायें उपलब्ध कराई जाती है । नगर निगम द्वारा संचालित अग्नि शमन केन्द्र सिटी सेंटर क्षेत्र में स्टेडियम के पास स्थित है । यह अग्नि शमन केन्द्र शहर की जनसंख्या तथा बहुमंजिले भवनों की संख्या के मान से अपर्याप्त है । अग्निशमन केन्द्र में 10 वाहन हैं । नगर के विभिन्न परिक्षेत्रों की गतिविधियों से संबंधित पारिक्षेत्रिक योजना / अभिन्यास बनाते समय क्षेत्र के लिये सुगम पहुंच सेवाओं को उपलब्ध कराने पर विचार किया जाना आवश्यक होगा ।
ग्वालियर अग्नि शमन सेवा विभाग को बहुमंजिला भवनों की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है । पुराने क्षेत्रों में घनी आबादी वाले क्षेत्रों की पुनर्विकास योजनाओं में भी अग्नि शमन सुविधा की आवश्यकता के अनुसार विस्तार सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है । भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8908
ग्वालियर विकास योजना 2035 अग्नि शमन प्रावधान निम्नानुसार संचालित होंगे-
एक अग्नि शमन / उप अग्नि शमन केन्द्र 1 से 3 किलोमीटर परिधि के क्षेत्र तथा दो लाख की जनसंख्या के लिये ।
अग्नि शमन केन्द्र हेतु आवासीय सुविधा सहित 1.0 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी ।
उप अग्नि शमन केन्द्र हेतु आवासीय सुविधा सहित 0.6 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी ।
वर्ष 2035 की जनसंख्या एवं भवनों की ऊँचाई के लिए नगर में चार अग्नि शमन केन्द्र तथा चार उपकेन्द्रों की आवश्यकता होगी । जिसमें प्रत्येक केन्द्र के लिए आवासीय सुविधा सहित एक हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी ।
3.14.5 दुग्ध वितरण सेवा
वर्तमान में ग्वालियर नगर में दूध का वितरण ग्वालियर दुग्ध संघ, निजी डेरियॉ तथा दूध विक्रेताओं द्वारा किया जाता है । एक अनुमान के अनुसार 2035 तक 6 लाख लीटर दूध वितरण की आवश्यकता होगी । विकास योजना में विभिन्न निवेश इकाईयों के सेवा क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन एवं वितरण केन्द्रों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये प्रावधान करना आवश्यक होगा । नगर की आवश्यकतानुसार नगर सेवा केन्द्रों एवं ग्रामीण अंचलों में दुग्ध उत्पादन संयंत्रों एवं डेयरियों हेतु स्थान आरक्षित किया जाना होगा ।
ग्वालियर नगर को लश्कर, मुरार, हजीरा एवं सिटी सेंटर के चार केन्द्रों में विभाजित किया जाकर प्रत्येक केन्द्र में एक- एक मुख्य दुग्ध वितरण केन्द्र 150 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्मित किया जाना प्रस्तावित है तथा अन्य वितरण केन्द्रों के लिये 4 वर्गमीटर क्षेत्र की आवश्यकता होगी ।
3.14.6 सुरक्षा सेवायें
नगर में बढती हुई आपराधिक गतिविधियो के कारण सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी बढ़ रही है । निवेश क्षेत्र में सात पुलिस थाने एवं बीस पुलिस चौकियां है । पुलिस बल की 8909
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
कमी एवं शासन में उच्च पदस्थ व्यक्तियों की व्यक्तिगत सुरक्षा की मांग से जन सामान्य की सुरक्षा प्रभावित हो रही है , जिसके कारण अर्द्ध शासकीय संस्थानों एवं आवासीय परिक्षेत्र द्वारा निजी सुरक्षा एजेन्सियों की सेवायें ली जा रही हैं , लेकिन नगर की अधिकांश जनसंख्या निजी सुरक्षा एजेन्सियों के शुल्क की अदायगी कर पाने में सक्षम नहीं हैं । नगर की वर्तमान एवं भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु सामुदायिक स्तर पर एक लाख की जनसंख्या पर एक पुलिस थाना तथा स्थानीय केन्द्र स्तर पर 10 से 15 हजार की जनसंख्या पर एक पुलिस चौकी की व्यवस्था की जाना प्रस्तावित है । इन सुविधाओं के मानक म.प्र . भूमि विकास नियम 2012 द्वारा नियंत्रित होंगे ।
3.14.7 सामाजिक एवं सार्वजनिक सुविधायें
ग्वालियर नगर सांस्कृतिक विविधताओं का केन्द्र रहा है । ग्वालियर विकास योजना में ग्वालियर को कला एवं सांस्कृतिक केन्द्रों का, जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि हेतु विचार किया गया है । विकास योजना कालावधि 2035 के लिये पाँच नगर स्तरीय सांस्कृतिक केन्द्रों का विकास बाडा, सिटी सेंटर, डी.डी. नगर, मुरार एवं ग्वालियर में प्रस्तावित किया गया है । सामुदायिक स्तर पर 20 से 25 हजार की जनसंख्या पर एक सामाजिक केन्द्र का विकास प्रस्तावित है । इन गतिविधियों के विकास हेतु मानक विकास योजना नियमन एवं म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 में वर्णित प्रावधान अनुसार नियंत्रित होंगे ।
3.14.8 सी.एन.जी. (Compressed Natural Gas ) वितरण सेवा
वर्तमान में निवेश क्षेत्र में खाना बनाने के लिए एल.पी.जी. ( Liquefied Petroleum Gas ) गैस सिलेण्डरों एवं सी.एन.जी. गैस पाइप लाईन द्वारा गैस की सप्लाई की जाती है । विकास योजना 2035 की कालावधि तक सम्पूर्ण क्षेत्र में गैस पाइपलाईन की व्यवस्था की जाना प्रस्तावित है । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8910
A
PlanningAres
Km
Legend
GWALIOR
COMMUNITYTOILET
Source:GroundVerification Waterbody
CommunityTollet
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(NarrowGauge)
RallwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
VillageBoundary
Roads
StateHighway
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
05
Scale DistrictGwalior
MapNo.3.14
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
TICE
SADA 8911
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Legend
GWALIOR ATM
Waterbody
Source:GroundVerification
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
RailwayLine(NarrowGauge)
VillageBoundary
1.5 2 25 Km
Roads
StateHighway
ATM
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre.MPCST,Bhopal
0.5
District-Owali
MapNo.3.15
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
SADA [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8912
ग्वालियर विकास योजना 2035
अध्याय-4
विकास योजना प्रस्ताव-2035
ग्वालियर शहर 4.1 विकास योजना 2035 की अवधारणा
ग्वालियर विकास योजना 2035 में नगर स्तर के थोक एवं विशेषीकृत वाणिज्यिक केन्द्र, प्रशासनिक, मनोरंजन केन्द्र आदि के प्रस्ताव दिए गये हैं । मार्ग संरचना में सुगम यातायात की दृष्टि से विशेष ध्यान दिया गया है । ग्वालियर विकास योजना 2035 में बहु- केन्द्रीय प्रणाली के अनुसार नगरीय विकास को नियोजित किया जाना प्रस्तावित है । नगर से गुजरने वाले नालों के तटीय क्षेत्र एवं जल भराव क्षेत्रों के समीप जल प्रदूषण रोकने के उद्देश्य से हरित क्षेत्र का विकास प्रस्तावित किया जाना आवश्यक है ।
4.2 प्रस्तावित भूमि उपयोग
ग्वालियर विकास योजना 2035 में नगर के संतुलित एवं नियोजित विकास को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तावित क्षेत्र में 10.34 हेक्टेयर प्रति हजार व्यक्ति की भू- उपयोग दर 8913
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
से नगरीय विकास प्रस्तावित है । विकास योजना 2021 में 14.06 हेक्टेयर प्रति हजार भू- उपयोग दर प्रस्तावित की गई थी ।
प्रस्तावित भूमि उपयोग 2035
सारणी 4-सा-1 .
विकसित क्षेत्र 2020 (हेक्टेयर में)
प्रस्तावित क्षेत्र (हेक्टेयर में) 2035
क्र.
प्रस्तावित क्षेत्र 2021 (हेक्टेयर में)
भूमि उपयोग दर भूमि उपयोग वर्गीकरण
भूमि उपयोग दर
प्रतिशत
क्षेत्रफल
प्रतिशत
क्षेत्रफल
प्रतिशत
क्षेत्रफल
11
10
9
7
6
5
4
3
2
1
5.18
11910.32 50.05
51.39
4887.98
8.20
58.33
13122.69
1 आवासीय
1.41
13.58
3232.79
2 मिश्रित
0.29
2.76
657.74
5.01
477.21
0.33
2.35
529.13
वाणिज्यिक
3
0.42
4.08
971.93
3.52
335.18
1.07
7.64
1719.12
औद्योगिक
4
1.04
10.10
2402.86
18.38
1.68 1748.34
11.94
2685.4
सार्वजनिक 5 एवं अर्द्ध सार्वजनिक
0.05
0.46
109.84
109.84 1.15
0.04
0.3
67.61
6
सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवा - सुविधाएं
0.93
8.97
2134.72
252.61 2.66
1.33
9.46
2128.27
7 आमोद -प्रमोद
10.00 1.03
2378.74
17.87
1699.41
1.40
9.98
2245.76
8
यातायात एवं परिवहन
10.35
100.00
23798.94
100
9510.57
14.06
100
22497.98
योग
स्त्रोत:- नगर तथा ग्राम निवेश
नोट : - भूमि उपयोग दर 2035 में अनुमानित जनसंख्या 23.00 लाख के आधार पर संगणित की गईहै। भूमि उपयोग प्रस्तावों का विवरण
4.2.1 आवासीय
विकास योजना में 2035 तक की आवश्यकता की पूर्ति हेतु 11910.32 हेक्टेयर भूमि आवासीय उपयोग हेतु प्रस्तावित की गई है । यह आवासीय उपयोग के अन्तर्गत प्रस्तावित भूमि का 50.05 प्रतिशत है । आवासीय उपयोग हेतु प्रस्तावित क्षेत्रों का कार्य केन्द्रों से सक्षम परिभ्रमण संरचना द्वारा संबंध स्थापित होगा तथा यह क्षेत्र क्षेत्रीय यातायात से अविचलित रहेंगे । भीड़- भाड़ से युक्त वर्तमान आवासीय क्षेत्र में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है । प्रस्तावित क्षेत्र से विकसित क्षेत्र के स्तर में सुधार होगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8914
anningArea
Legend
GWALIOR DEVELOPMENTPLAN(DRAFT2035) ProposedLanduse
Source:DirectorateofTown&CountryPlanning
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal MapNo.4.1
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
SADA 8915
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 4.2.2 मिश्रित
भविष्य की आवश्यकता की पूर्ति हेतु 3232.79 हेक्टेयर भूमि मिश्रित उपयोग हेतु प्रस्तावित की गई है । यह मिश्रित उपयोग के अन्तर्गत प्रस्तावित भूमि का 13.58 प्रतिशत है । आवासीय परिसरों में बाजार के आर्थिक बल के कारण सामाजिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास आवासीय परिसरों में हुआ है । बाजार के आर्थिक बल होने के कारण मिश्रित गतिविधियों की मांग और बढ़ रही है ।
4.2.3 वाणिज्यिक
विकास योजना में विविध प्रकार की वाणिज्यिक गतिविधियों हेतु 657.74 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है । यह वाणिज्यिक उपयोग के अन्तर्गत प्रस्तावित भूमि का 2.76 प्रतिशत है ।
4.2.4 औद्योगिक
नगर में कृषि आधरित उद्योगों की प्रबल संभावनाएं है जिसको दृष्टिगत रखते हुए नगर में औद्योगिक उपयोग के लिए 971.93 हेक्टेयर भूमि का प्रावधान विकास योजना में किया गया है । यह विकसित क्षेत्र का 4.08 प्रतिशत है ।
4.2.5 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक
सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के अन्तर्गत 2402.86 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है । यह कुल प्रस्तावित भूमि का 10.10 प्रतिशत आता है । विकास योजना में भावी जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए इस आवश्यकता की पूर्ति हेतु विभिन्न निवेश इकाइयों में आवासीय क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है
4.2.6 सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवा- सुविधाएं
इस उपयोग के अन्तर्गत 109.84 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है । यह कुल प्रस्तावित भूमि का 0.46 प्रतिशत है । सार्वजनिक सेवाएं एवं उपयोगिता अन्तर्गत कब्रिस्तान, शमशान , विद्युत उप केन्द्र, जल वितरण एवं शुद्धिकरण संयंत्र आदि आते हैं । इसके [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8916
2035
ग्वालियर विकास योजना
अतिरिक्त सार्वजनिक सेवाओं एवं सुविधाओं के लिये आवश्यक स्थल का चयन , स्थल स्थिति एवं तकनीकी आवश्यकता अनुरूप, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जिला प्रशासन एवं स्थानीय निकाय के परामर्श से किया जावेगा ।
4.2.7 आमोद-प्रमोद
इस उपयोग के अंतर्गत कुल 2134.72 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है । यह कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 8.97 प्रतिशत है । इस उपयोग अंतर्गत क्षेत्रीय उद्यान, नगर उद्यान , खेल मैदान , खुले क्षेत्र , मेला मैदान एवं अन्य आमोद- प्रमोद गतिविधियां आती हैं । विकास योजना में भुजरिया तालाब का पर्यावरण सुधार कर इसके निकट उद्यान विकसित किया जाना प्रस्तावित है ।
4.2.8 यातायात एवं परिवहन
विकास योजना में इस उपयोग हेतु 2378.74 हेक्टेयर भूमि का प्रावधान किया गया है । यह कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 10.00 प्रतिशत है । इस उपयोग के अन्तर्गत यातायात अवसान केन्द्र, वाहन विराम स्थल, बस स्थानक तथा परिवहन संबंधी सभी सेवा- सुविधाओं का समावेश होता है ।
4.3 आवास आवश्यकता
आवासीय इकाइयों की भावी आवश्यकताओं का अनुमान भावी जनसंख्या, परिवार का आकार तथा वर्तमान एवं भावी आर्थिक , सामाजिक परिस्थिति आदि पर आधारित होता है । जनगणना 2011 के अनुसार ग्वालियर नगर में 1,89,156 आवासों में 2,31,924 परिवार निवास करते हैं । नगर में लगभग 42,768 आवासीय इकाइयों की कमी पाई गई है । वर्ष 2011 में नगर में औसत परिवार आकार 5.38 व्यक्ति है । वर्ष 2035 की अनुमानित जनसंख्या 24 लाख के लिए परिवार आकार 5.00 व्यक्ति के आधार पर आवासीय इकाइयों का अनुमान लगाया गया है जिसका विवरण निम्नलिखित सारणी में दर्शाया गया है । 8917
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1
ग्वालियर विकास योजना 2035 अनुमानित परिवार एवं आवास आवश्यकतायें
सारणी 4-सा-2 .
2011
विवरण
2035(अनुमानित) क्र.
4
3
2
1
2400000
1248604
जनसंख्या (लाख में)
1.
5.00
5.38
2. औसत परिवार आकार
480000
231924
3. परिवारों की संख्या
189156
4. आवास उपलब्धता
42768
5. आवास कमी
290844
6. 2035 के लिये अत्याधिक आवास आवश्यकतायें
स्त्रोत :- नगर तथा ग्राम निवेश
नगर में आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु निम्न कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है:-
नगरीय अधोसंरचना तथा सेवा- सुविधाओं के विकास हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना ।
निजी संस्थाओं तथा सामुदायिक समूहों द्वारा भूमि के विकास में आने वाली रुकावटों को दूर करना ।
नियोजन एवं विकास अनुज्ञा की प्रक्रिया का सरलीकरण ।
उपयुक्त आवासीय क्षेत्रों / कॉलोनियों के नियमितीकरण की कार्यवाही शीघ्र किया जाना ।
4.4 निवेश इकाईयाँ
ग्वालियर निवेश क्षेत्र को 08 निवेश इकाईयों में विभाजित किया गया है । विकास योजना में नगर केन्द्र, मुख्य कार्य केन्द्र, नगर स्तरीय विभिन्न स्वास्थ्य एवं आमोद - प्रमोद केन्द्र, बस स्टैण्ड तथा यथा सम्भव रेलवे स्टेशन से इन इकाईयों को समुचित रूप से जोडा गया है । प्रत्येक इकाई को आवासीय क्षेत्रों एवं वृत खण्डों में विभाजित किया गया है जिससे वृत खण्ड, उप वृत खण्ड स्तरीय बाजार एवं अन्य सेवा सुविधा उपलब्ध होगी । नगर में विद्यमान विभिन्न भूमि उपयोगों एवं प्रस्तावित विकास के स्वरूप को ध्यान में रखते हुए नगर को भौतिक रचना के अनुरूप एक सुलभ एवं सरल आकार प्रदान कर इकाईयों में बांटा गया है । इन निवेश इकाईयों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित सारणी में अंकित है । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8918
2035
ग्वालियर विकास योजना
एक निवेश इकाईयाँ
सारणी 4-सा-3 .
निवेश इकाईयाँ
क्र.
कुल क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
निवेश इकाईयाँ
3
2
1
4069.57
1 लश्कर
1. निवेश इकाई क्रमांक
9543.98
2. निवेश इकाई क्रमांक 2न्यू लश्कर
17393.52
3. निवेश इकाई क्रमांक 3 थाटीपुर-सिटी सेंटर
710.28
4. निवेश इकाई क्रमांक 4 मुरार वृद्धि क्षेत्र
632.26
5. निवेश इकाई क्रमांक 5 पुराना ग्वालियर
5678.80
6. निवेश इकाई क्रमांक 6 शिंदे की छावनी
3887.88
7. निवेश इकाई क्रमांक 7 सीवेज फार्म
11477.29
8. निवेश इकाई क्रमांक 8 दीनदयाल नगर
53420.57
योग
स्त्रोत:- नगर तथा ग्राम निवेश
निवेश इकाई क्रमांक - 1
इस निवेश इकाई की सीमा पश्चिम में बेला की बावडी से गुप्तेश्वर मंदिर के पास निवेश क्षेत्र की सीमा तक पूर्व में राजपथ , दक्षिण में शिवपुरी लिंक मार्ग तथा उत्तर में शिंदे की छावनी, घोसीपुरा तक है । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल 4096.57 हेक्टेयर है । इस निवेश इकाई में मुख्यतः मध्य क्षेत्र, जयारोग्य चिकित्सालय तथा प्रमुख बाजार केन्द्र सम्मिलित हैं ।
निवेश इकाई क्रमांक 2
इस निवेश इकाई की सीमा पश्चिम में राजपथ, पूर्व में झाँसी रेल मार्ग , उत्तर में शिवपुरी लिंक मार्ग होते हुए जय विलास पैलेस तक, तथा दक्षिण में निवेश क्षेत्र सीमा तक का क्षेत्र सम्मिलित है । इस निवेश इकाई में मुख्य रूप से मोतीमहल , मेडीकल कॉलेज, ए. जी. ऑफिस , चंद्रवदनी नाका, बाराघाटा औद्योगिक क्षेत्र, एस.ए.एफ क्षेत्र तथा नवीन विकसित आबादी का क्षेत्र भी इसमें सम्मिलित हैं । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल 9543.98 हेक्टेयर है । 8919
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
PlanningArea
Area
(4098.57ha)
Legend
GWALIOR PLANNINGUNIT
Waterbody
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
PlanningUnitBoundary-8 (11477.29ha)
RailwayLine(BroadGauge)
PlanningUnitBoundary-7 (3887.88ha)
PlanningUnitBoundary-5 (632.26ha)
RallwayLine(NarrowGauge)
PlanningUnitBoundary-6 (5878.80ha)
NationalHighway
PlanningUnitBoundary-3 (17393.52ha)
PlanningUnitBoundary-4 (710.28ha)
PlanningUnitBoundary-2 (9543.98ha)
Roads
PlanningUnitBoundary-1
StateHighway
Km 34567
Landdee&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Source:DirectorateofTown&CountryPlanning
District-watot
MapNo.4.2
NAR
ToChitora
ToUtila
ToBehat
☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi To Bhind
ToMahtoli
ToKarora ToAgra ToAgra
тевок
SADA
ToTighra
ToShivpuri
ToMumbai
NON
кобеле [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8920
2035
ग्वालियर विकास योजना
निवेश इकाई क्रमांक 3
इस निवेश इकाई की सीमा पश्चिम में झाँसी रेलवे लाइन, उत्तर में गांधी रोड तथा दक्षिण एवं पूर्व में निवेश क्षेत्र सीमा तक का क्षेत्र सम्मिलित है । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल 17393.52 हेक्टेयर है । इस निवेश इकाई में मुख्य रूप से कलेक्ट्रेट, थाटीपुर शासकीय आवास , कर्मचारी आवास , स्टेडियम, सिटी सेंटर तथा नवीन सिटी सेंटर का क्षेत्र के साथ नवीन आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्र सम्मिलित है ।
निवेश इकाई क्रमांक 4
इस निवेश इकाई की सीमा में पूर्व में मुरार केन्टोनमेंट क्षेत्र तक , पश्चिम में रेसकोर्स मार्ग , दक्षिण में गांधी रोड तथा उत्तर में रेसीडेन्सी मार्ग तक क्षेत्र सम्मिलित है । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल 710.28 हेक्टेयर है इस निवेश इकाई में मुख्य रूप से कृषि विश्व विद्यालय , रेलवे स्टेशन क्षेत्र, मेला ग्राउंड, मयूर मार्केट , मुरार एवं विकसित आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्र सम्मिलित है ।
निवेश इकाई क्रमांक 5
इस निवेश इकाई में पूर्व की ओर रेसकोर्स मार्ग, पश्चिम में किला मार्ग , दक्षिण में नेरोगेज रेलवे लाइन तथा उत्तर में जे.सी. मिल मार्ग , किला गेट तक का क्षेत्र सम्मिलित किया गया हैं । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल 632.26 हेक्टेयर है । इस निवेश इकाई में मुख्य रूप से हजीरा, तानसेन नगर, बिरला नगर , औद्योगिक क्षेत्र, व्यावसायिक क्षेत्र तथा वर्तमान आबादी क्षेत्र भी सम्मिलित है ।
निवेश इकाई क्रमांक - 5-6
इस निवेश इकाई की सीमा पूर्व में खेड़ापति कॉलोनी से किला मार्ग तक, पश्चिम में निवेश क्षेत्र की सीमा तक, दक्षिण में नेरोगेज रेलवे लाइन तथा उत्तर में निवेश क्षेत्र की सीमा तक है । इस निवेश इकाई में मुख्य रूप से ग्वालियर किला, मोती झील, यातायात नगर , पुरानी छावनी एवं रायरू तक नवीन आवासीय विकास का क्षेत्र सम्मिलित है । इस निवेश इकाई का क्षेत्रफल 5678.80 हेक्टेयर है । 8921
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
निवेश इकाई क्रमांक 7
इस निवेश इकाई में मुख्य रूप से चार शहर का नाका, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान एवं मुरैना लिंक मार्ग पर औद्योगिक एवं नवीन आवासीय क्षेत्र सम्मिलित किया गया है । इस निवेश इकाई का क्षेत्रफल 3887.88 हेक्टेयर है ।
निवेश इकाई क्रमांक 8
इस निवेश इकाई की सीमा पूर्व एवं उत्तर में निवेश क्षेत्र की सीमा तक, पश्चिम में आई.टी.आई. के पास स्थित नारायण बिहार कॉलोनी मार्ग तक, तथा दक्षिण में आई.टी.आई. तिराहे तक का क्षेत्र सम्मिलित है । इस निवेश इकाई में मुख्य रूप से एयर पोर्ट, डी.डी. नगर , जडेरूआ औद्योगिक क्षेत्र, शताब्दीपुरम, गोले का मंदिर तथा नवीन आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्र सम्मिलित है । इस निवेश इकाई का क्षेत्रफल 11477.29 हेक्टेयर है ।
4.5 असंगत भूमि उपयोगों की पुनर्स्थापना
विभिन्न गतिविधियों की पुनर्स्थापना से रिक्त होने वाले स्थल के उपयोग के प्रस्ताव निम्नलिखित सारणी में दर्शाए गये हैं ।
असंगत भूमि उपयोगों की पुर्स्थापना
सारणी 4- सा-4.
प्रस्तावित स्थान
क्र.
रिक्त होने पर स्थल का प्रस्तावित उपयोग
स्थान परिवर्तन एवं उपयोग का क्षेत्र
5
3
2
1
पार्किंग
औद्योगिक क्षेत्र
1. शासकीय मुद्रणालय, जीवाजी चौक
वाणिज्यिक एवं पार्किंग
शंकरपुर की पहाड़ी
2. केन्द्रीय जेल, बहोड़ापुर
वाणिज्यिक/पार्किंग
यातायात नगर
3.
थोक बाजार , दालबाजार, नयाबाजर, जीवाजीगंज
वाणिज्यिक / पार्किंग
यातायात नगर
कबाड़ी बाजार, दौलतगंज
4.
वाणिज्यिक/ पार्किंग
औद्योगिक क्षेत्र
5.
आरामिल , दालमिल , ब्रास मिल एवं मध्यक्षेत्र में कार्यरत अन्य औद्योगिक इकाईयाँ
वाणिज्यिक/पार्किंग
यातायात नगर
6. वाहन मरम्मत दुकान , जिन्सी नाला
वाणिज्यिक / पार्किंग
कृषि उपयोग क्षेत्र
7.
अग्नि, आतिश कार्य, दौलतगंज एवं हुजरात
स्त्रोत:- नगर तथा ग्राम निवेश भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8922
ग्वालियर विकास योजना 2035 अनौपचारिक सेक्टर
4.6
बेरोजगार एवं सीमित रूप से रोजगार से जुडे कर्मी जो रोजगार की तलाश में हैं अथवा आर्थिक उन्नति के लिये आशान्वित हैं, अनौपचारिक वर्ग के अंतर्गत आते हैं । ये वर्ग शहर की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं तथा आवासीय क्षेत्र के लिये सेवा जनसंख्या के रूप में भी कार्य करते हैं ।
अनौपचारिक गतिविधियां मुख्य रूप से कार्य केन्द्रों , वाणिज्यिक केन्द्रों, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के बाहर, यातायात केन्द्रों एवं बडे आवासीय समूहों के आस - पास स्थापित हो जाती हैं । चूंकि आर्थिक गतिविधियों में उनकी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है , इसलिये औपचारिक वर्ग के साथ - साथ अनौपचारिक गतिविधियों के लिये भी विकास योजना में प्रस्ताव रखे गये हैं ।
अनौपचारिक गतिविधि क्षेत्रों की योजना, व्यापार एवं विभिन्न प्रकार के उपयोग परिक्षेत्र के नियंत्रित विकास में समाहित एवं सम्मिलित कर निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं ।
सामान्य वाणिज्यिक क्षेत्र में सेवा प्रदान करने हेतु फुटकर दुकानों का प्रावधान करना जैसे नगर केन्द्र खण्ड स्तरीय दुकानें व सुविधा दुकान क्षेत्र ।
थोक व्यापार एवं यातायात नगर क्षेत्र में सेवा प्रदान करना ।
संस्थागत क्षेत्रों, आमोद- प्रमोद , औद्योगिक क्षेत्रों एवं अवसान केन्द्रों पर खाद्य सेवा प्रदान करने वाली सेवा दुकानें उपलब्ध कराना ।
आवासीय क्षेत्रों के निकट सेवा दुकानें ।
निर्माण स्थलों के समीप अस्थाई रहवास की व्यवस्था करना ।
अनौपचारिक सेक्टर को नियोजित आवासीय विकास क्षेत्र में निम्नानुसार समाहित किया जाना प्रस्तावित है ।
परिक्षेत्रिक योजना बनाते समय अनौपचारिक सेक्टर के लिये प्रस्तावित आवासीय विकास हेतु भूमि सुरक्षित रखना ।
अभिन्यास स्वीकृति के समय अनौपचारिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का प्रावधान भी समय- समय पर शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किया जाना प्रस्तावित है । 8923
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
अनौपचारिक सेक्टर इकाई का विकास, क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप किया जावे ।
4.7 पुनर्विकास क्षेत्र
शहर की विकास प्रक्रिया के कारण नगर के अन्दर के भाग विकास की दृष्टि से केन्द्रीय स्थिति प्राप्त कर लेते हैं, जिससे इनका भू- मूल्य अधिक हो जाता है । ऐसे क्षेत्रों को पुनर्विकास क्षेत्र के रूप में चयनित किया गया है । ऐसे क्षेत्रों की विकास नीति निम्नलिखित बिन्दुओं के द्वारा संचालित की जाएगी ।
उच्च मूल्य वाली अकार्यक्षम भूमि उपयोग अंतर्गत भूमि / क्षेत्र जिस भूमि की अन्य सक्षम उपयोग हेतु माँग अधिक है , उन्हें पुनर्धनत्वीकरण/ पुनर्विकास क्षेत्रों के रूप में चयनित किया जावे ।
पुनर्विकास परियोजना को विशेष परियोजना के रूप में माना जावेगा । इन परियोजनाओं का रूपांकन, नगरीय रूपांकन के दृष्टिकोण के आधार पर करने के पश्चात् निवेश प्रस्ताव तैयार किए जायेंगे ।
उपयोग एवं गतिविधि का निर्धारण , निष्पादन स्तर एवं अनुकूलता स्तर , जिन्हें आसपास के उपयोग द्वारा प्रभावित किया गया है , निर्धारित होगा । जिसकी परियोजना को परिक्षेत्र की योजना के रूप में तैयार किया जाना प्रस्तावित है ।
स्वीकार्य विकास का घनत्व, उपयोगिता एवं अधोसंरचना का, यातायात दबाव की वहन क्षमता और इसका समीकरण क्षेत्र के प्रभाव द्वारा निर्धारित होगा । यदि मध्य क्षेत्र में उन्नत पर्यावरण एवं यातायात सुधार की दृष्टि से पुनर्विकास योजना तैयार की जाती है तो उस स्थिति में फर्शी क्षेत्र अनुपात उस क्षेत्र हेतु निर्धारित फर्शी क्षेत्र अनुपात से 0.25 अधिक मान्य किया जा सकेगा ।
भू-स्वामी अपने भूखण्ड में से कुछ भूखण्डीय क्षेत्र सार्वजनिक उपयोग जैसे- सड़क, फुटपाथ , पार्किंग इत्यादि हेतु छोड़ता है तो उसे शेष भूखण्ड में सामान्य स्वीकार्य एफ.ए. आर . एवं सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी जाकर स्थानीय संस्था को समर्पित किए गये भूखण्ड क्षेत्र की भूमि के दो गुना तक फर्शी क्षेत्र अनुपात में जोड़ा जा सकेगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8924
2035
ग्वालियर विकास योजना
विभिन्न गतिविधियों की पुनर्विकास के प्रस्ताव निम्नलिखित सारणी में दर्शाए गये है ।
पुनर्विकास हेतु प्रस्तावित क्षेत्र
सारणी 4-सा-5 .
भूमि उपयोग प्रस्ताव
विवरण
क्र.
पुनर्विकास हेतु प्रस्तावित क्षेत्र
4
3
2
1
शासकीय आवास
1.
पुनर्धनत्वीकरण योजना के तहत इन क्षेत्रों की विस्तृत परियोजना तैयार कराई जाकर पुराने के स्थान पर नवीन भवनों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।
गांधीमार्ग , रेसकोर्स मार्ग, झांसी मार्ग , पड़ाव , सिंचाई कॉलोनी, कृषि कॉलोनी, पुलिस लाईन, में आवासों से संलग्न भूमि रिक्त है, इन शासकीय भवनों के स्थान पर नवीन भवन निर्माण करने पर सभी कर्मचारियों को आवासीय सुविधायें उपलब्ध हो सकेंगीं, इसके साथ ही शासन को अतिरिक्त राशि भी प्राप्त होंगी । जिससे विकास योजना के प्रस्तावों का क्रियान्वयन संभव हो सकेगा ।
तदैव
2. शासकीय कार्यालय
हुजरात एवं जनकगंज कोतवाली, गोरखी, शासकीय मुद्रणालय, आबकारी कार्यालय , सेन्ट्रल वर्कशॉप , पी. डब्ल्यू.डी. वर्कशॉप आदि
तदैव
3. स्कूल
गोरखी स्कूल, महारानी विद्यालय गजराराजा,
जनकगंज एवं हरिदर्शन स्कूल
स्त्रोत :- नगर तथा ग्राम निवेश
4.8 गंदी बस्ती एवं झुग्गी / झोपडी क्षेत्र
ग्वालियर नगरीय क्षेत्र में नगर पालिक निगम द्वारा अधिसूचित 243 गंदी बस्तियां है । नगर पालिक निगम द्वारा इन गंदी बस्ती क्षेत्रों में मूलभूत सामुदायिक सुविधाओं का विकास किया गया है । गंदी बस्तियों के पर्यावरण सुधार हेतु यह आवश्यक है कि इनकी रोकथाम, विकास , निर्मूलन एवं पुनर्स्थापना हेतु एकीकृत कार्यक्रम चलाया जावे । इस हेतु निम्नानुसार प्रयास किया जाना प्रस्तावित हैः-
1. भवन निर्माण उपविधियों में संशोधन एवं परिक्षेत्रिक नियमों का निर्धारण एवं उनका पालन ।
2. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु आरक्षित भूमि का निश्चित समय सीमा में उसी वर्ग के लिए विकास ।
3. गंदी बस्ती क्षेत्र में पर्यावरण सुधार हेतु सार्वजनिक सुविधाओं का विकास । 8925
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
4. जिन गंदी बस्ती क्षेत्रों को वर्तमान स्थान पर पर्यावरण सुधार कर रखा जाना संभव न हो उनको स्थानांतरित कर नवीन स्थल पर पुनर्स्थापना करना ।
4.8.1 अवैध कालोनियां
ग्वालियर नगरीय क्षेत्र में 634 अवैध कालोनियां विकसित हुई है । इन कालोनियों में भी मूल- भूत सुविधाओं का अभाव है ।
4.8.2 खुला स्थल प्रणाली
विकास योजना ऐसे खुले स्थलों की प्रणाली को प्रस्तावित करती है जो, वर्तमान प्राकृतिक संरचनाओं के भू- दृश्यीकरण विकास के साथ- साथ आमोद -प्रमोद एवं पर्यावरणीय कार्य- कलापों को पूर्ण करने में विशिष्टता रखती है । योजना में शहर के प्रमुख खुले स्थलों को प्राकृतिक जल निकास गलियारों के साथ और वर्तमान भू- दृश्यीकरण उप आकृतियों के नये विकास के साथ समाहित करते हुये प्रस्तावित किया है ।
4.9 ग्राम आबादी विस्तार
ग्वालियर निवेश क्षेत्र में स्थित ग्राम आबादी जो विकास योजना के कृषि क्षेत्र में स्थित है , उनका विस्तार (जिसमें सामाजिक एवं भौतिक अधोसंरचना का विकास भी सम्मिलित है) वर्तमान ग्राम आबादी क्षेत्र के आसपास 250 मीटर की परिधि में सक्षम अधिकारी की अनुज्ञा से किया जा सकेगा ।
4.10 कमजोर आय वर्ग के लिए प्रावधान
कमजोर आय वर्ग के लिए प्रत्येक आवासीय कालोनी में छोटे भूखण्डों का प्रावधान किया जाता है, यह वर्ग प्रायः रोजगार, अस्थाई ठेला , गुमठी आदि की स्थापना के माध्यम से प्राप्त करना है । अतः कमजोर आय वर्ग के लिए मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 में उल्लेखित प्रावधान तथा शासन द्वारा समय- समय इन वर्गों के लिए दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार प्रावधान स्वीकार्य होगा । यह संबंधित उपयोग परिक्षेत्रो के संदर्भ में निर्धारित किया जाएगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8926
PlanningAres
Legend
GWALIOR
2
SLUMLOCATION
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine(NarrowGauge)
RailwayLine(BroadGauge)
NationalHighway
VillageBoundary
Roads
SlumLocation
Source:MunicipalCorporation,Gwalior
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-
Scale 0.5
MapNo.4.3
THEINDE
10301
300
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
SADA 8927
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
अध्याय-5
विकास नियमन
सूर्य मंदिर 5.1 प्रवृत्तशीलता
इन नियमनों का उद्देश्य निवेश क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है । यह नियमन निम्न गतिविधियों को नियंत्रित करेंगे: -
निवेश क्षेत्र के अंदर समस्त विकास ।
भूमि के स्वरूप में परिवर्तन जिसमें भूमि का उप विभाजन , संयुक्तिकरण , संविलियन, उपांतरण एवं भूमि का उपयोग सम्मिलित है ।
समूह आवासीय परियोजनाओं का सम्मिलित संस्थागत विकास ।
किसी भी प्रकार के भवन जिसमें भवन की ऊँचाई सम्मिलित हो ।
ऐसे क्षेत्र में, जो निवेश क्षेत्र सीमा के अंदर हैं , भूमि का विकास , भवनों का निर्माण / परिवर्तन एवं तोड़ना । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8928
2035
ग्वालियर विकास योजना
5.2 क्षेत्राधिकार
1. इस अध्याय में वर्णित विकास नियमन, राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 के अंतर्गत गठित निवेश क्षेत्र पर लागू होंगे तथा जो नियमन इस अध्याय में वर्णित नहीं है, वे म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 में निहित प्रावधानों एवं शासन द्वारा नियमों में किये जाने वाले संशोधन के अनुरूप लागू होंगे ।
2. इस अध्याय में वर्णित सक्षम प्राधिकारी से तात्पर्य है, संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी जो विकास योजना में विभिन्न उपयोगों के अन्तर्गत स्वीकार्य गतिविधियों हेतु विकास अनुज्ञा देने हेतु सक्षम हैं ।
3. विकास योजना प्रस्तावों का विस्तृतीकरण परिक्षेत्रिक योजना में किया जाता है । यह संभावना है कि विकास योजना में परिभ्रमण एवं उपयोग परिक्षेत्रों के निर्धारण संबंधी प्रस्तावों के क्रियान्वयन संबंधी यांत्रिकी आवश्यकताओं के परिप्रेक्ष्य में संशोधित करना पड़े । ऐसे संशोधनों के संबंध में सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा । यदि किसी विवाद / विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है, तो उस दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम होगा, जो कि योजना प्रस्तावों का एकीकृत भाग माना जायेगा ।
4. वर्तमान भूमि उपयोग को अंगीकृत विकास योजना में दर्शाये अनुसार खसरा मानचित्र पर वास्तविक उपयोग अनुसार हस्तांतरित किया जावेगा ।
5. आस - पास विद्यमान / निर्मित एवं धारा -30 में स्वीकृत मार्गों का समन्वय कर म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश , अधिनियम 1973 की धारा -27, 28 व 29 में प्राप्त प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा । निवेश क्षेत्र में ऐसे निर्मित मार्ग , जो मौके पर विद्यमान हैं, परन्तु जिनके प्रस्ताव विकास योजना में उप- दर्शित नहीं है अथवा उप - दर्शित है, परन्तु चौड़ाई का उल्लेख नहीं है, ऐसे मार्गों की उनकी मौके पर उपलब्ध चौड़ाई अनुसार निरंतरता समन्वय के साथ सुनिश्चित की जावेगी ।
6. विकास योजना मानचित्र में चिन्हित प्रस्ताव सांकेतिक एवं स्थूल स्वरूप के हैं । उदाहरणार्थ आवासीय परिक्षेत्र जो विकास योजना मानचित्र में दर्शाया गया है, उसमें आंतरिक मार्ग , खुले तथा हरित क्षेत्र, दुकानें, नागरिकों के लिए आवश्यक शिक्षा एवं 8929
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु क्षेत्र तथा नगरीय विकास हेतु अनुपयोगी भूमि वर्तमान वृक्ष समूहों द्वारा व्याप्त भूमि आवासीय क्षेत्र के अभिन्न अंग के रूप में सम्मिलित हैं । इस कारण उक्त क्षेत्र विकास योजना मानचित्र में नहीं दर्शाये गये हैं ।
7. किसी भी उपयोग परिक्षेत्र में उपयोगिता अधोसंरचना से संबंधित निर्माण अथवा गतिविधि, जो स्थल पर आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त अधोसंरचना नियोजन एवं रूपांकन के अनुरूप तथा सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित हो, स्वीकार्य होगी ।
8. संचालक द्वारा अनुमोदित अभिन्यास की समयावधि, यदि विकास योजना प्रकाशन की तिथि पर वैध है; तो उस दशा में स्वीकृत अभिन्यास का व्यापक भूमि उपयोग मान्य किया जावेगा ।
9. अपरिहार्य परिस्थितियों तथा सार्वजनिक हित में, राज्य शासन नगर जनसंख्या को सामूहिक लाभ देने वाली राष्ट्रीय, राज्य अथवा नगर स्तर की गतिविधि हेतु विकास अनुज्ञा पर विचार कर सकती है, भले ही वह विकास योजना में उल्लेखित न हो । 10. ऐसे क्षेत्र जहां जन सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक हो , उसके लिये आदेश जारी करने हेतु राज्य शासन सक्षम होगा ।
11. विकास अनुज्ञा के लिये प्रस्तुत मानचित्र में अगर कोई सुधार आवश्यक हो तो सक्षम अधिकारी द्वारा मानचित्र सुधार कर पुनः प्रस्तुत करने हेतु आवेदक को वापिस किया जायेगा ।
12. विभिन्न उपयोग परिसरों की पार्किंग की आवश्यकताएं, उसी उपयोग परिसर के अन्दर ही आवश्यक रूप से करना होगी । उक्त पार्किंग की व्यवस्था यदि समस्त भूखण्डों को प्रगणित करते हुये एकीकृत अथवा समूह में अभिन्यास स्तर पर की गई हो तो परिसर के अंदर पृथक से पार्किंग की बाध्यता नहीं होगी ।
13. नगर में निर्मित होने वाले फ्लाय ओवर / स्काय वॉक के नीचे के स्थान को पार्किंग एवं अन्य जनहित उपयोगी गतिविधियों में उपयोग की अनुमति स्थल विशेष की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये दी जायेगी , परंतु ऐसी गतिविधि हेतु सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा ।
14. विकास योजना में नदी नालों के दोनों ओर दर्शाया गया हरित क्षेत्र सांकेतिक स्वरूप का है । नदी के दोनों किनारों पर उच्चतम जल स्तर से न्यूनतम 30 मीटर भाग 1
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8930
2035
ग्वालियर विकास योजना | 2
तक एवं नालों की स्थिति में मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के नियम 50 (ख ) में निहित प्रावधानों के अनुसार खुला क्षेत्र रखना अनिवार्य होगा, इस भूमि पर मार्ग तथा सार्वजनिक सेवा एवं सुविधा का निर्माण स्वीकार्य होगा ।
15. झुग्गियों में रहने वाले निवासी, नगरीय केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों में सेवा कार्य से जुड़े होते हैं । यदि झुग्गी- झोपड़ी का किसी स्थान पर विस्थापन कर उसे विकसित किया जाना है, तो उस दशा में जल स्त्रोतों के क्षेत्र, आमोद- प्रमोद के क्षेत्र तथा प्रस्तावित मार्ग के क्षेत्र को छोड़कर शेष भूमि उपयोग परिक्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ी का विस्थापन ग्राह्य होगा ।
16. विकास योजना मानचित्र जो पुस्तक के साथ संलग्न है, वह मशीन द्वारा छोटा / बड़ा किया गया मानचित्र है । इस कारण उक्त मानचित्र के आधार पर भूमि की न तो लंबाई- चौड़ाई नापी जाये, न ही इस मानचित्र के क्षेत्रफल को नापा जाये । लंबाई- चौड़ाई एवं क्षेत्रफल नापने तथा भू- उपयोग की जानकारी की कार्यवाही हेतु सर्वे मानचित्र जो 1 : 4000 की माप पर तैयार किया गया है, उसके आधार पर किया जाये । विकास योजना में दर्शित वर्तमान भूमि उपयोग , स्थल की वास्तविक स्थिति के अनुसार ही खसरा मानचित्र पर अंकित किए जाये तथा इस संबंध में स्थल निरीक्षण/ अभिलेख का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा ।
17. परिक्षेत्रिक योजना तैयार करने की पद्धति विकास योजना तैयार करने के ही समान है । विकास के स्वरूप के अनुसार अलग - अलग विकास नियमन - परिक्षेत्रिक नियमनों की आवश्यकता हो सकती हैय किन्तु परिक्षेत्रिक योजना के प्रकाशित एवं प्रभावशील होने तक इस अध्याय में वर्णित नियमनों के आधार पर विकास अनुज्ञा दी जायेगी । 18. प्रत्येक उपयोग परिसर की परिक्षेत्रिक योजना / विस्तृत अभिन्यास में दी गई स्थिति एवं सीमायें, स्थल पर विद्यमान वर्तमान मार्ग / गाड़ी मार्ग एवं अन्य भौतिक स्वरूपों को संदर्भ माना जायेगा ।
19. विकास योजना में दर्शित वर्तमान उपयोग स्थल पर विकसित एवं उक्त के राजस्व अभिलेख में दर्ज अनुसार ही मान्य होंगे । उससे लगकर स्थित भूमि पर संस्पर्शी भूमि उपयोग ही अधिमान्य होंगे । 8931
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
20. विकास योजना में विभिन्न भूमि उपयोगों के विकास हेतु नियमन दिये गये हैं । नियमनों में यदि किसी प्रकार की विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है अथवा किसी व्याख्या की आवश्यकता होती है तो इस संबंध में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।
21. शासकीय विभागों द्वारा धारित भूमि एवं उससे संलग्न भूमि के भूमि उपयोग का निर्धारण एवं सत्यापन स्थल की स्थिति के अनुसार मान्य होगा तथा विकास योजना में मुद्रित मानचित्र के आकार से भिन्न होने पर, खसरों के आधार पर ही किया जायेगा ।
22. नियमन में वर्णित गतिविधि के समानार्थी गतिविधि जिसका उल्लेख नियमनों में नहीं है, समानता के आधार पर मान्य किये जा सकेंगे ।
23. हस्तांतरणीय विकास अधिकार (TDR) से आशय है कि हस्तांतरणीय विकास नियमन 2018 के अनुसार एक भूखण्ड से दूसरे भूखण्ड पर अतिरिक्त तल क्षेत्र के निर्माण हेतु विक्रय किया जा सकने वाला तल क्षेत्र अनुपात । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8932
2035
ग्वालियर विकास योजना | 2
5.3 परिभाषायें
उपयोग परिक्षेत्र:-
मुख्य भू- उपयोग से संबंधित प्रस्तावित विशिष्ट नगरीय कार्यकलापों में से किसी एक कार्यकलाप का क्षेत्र ।
उपयोग परिसर :-
TH
उपयोग परिसर से तात्पर्य ऐसा परिसर जो कि उपयोग परिक्षेत्र के उपविभाजन का एक भाग हो एवं जिसे कि अभिन्यास तैयार करते समय एक विशिष्ट मुख्य उपयोग या गतिविधि के लिए स्पष्ट किया गया हो ।
अभिन्यास :-
अभिन्यास से तात्पर्य उप विभाजित योजना से है , जिसमें उपयोग परिसर के सभी आकार एवं प्रकार इंगित हो । भूमि उपयोग मानचित्र:- सभी उपयोग परिक्षेत्रों को दर्शाने वाला मानचित्र भूमि उपयोग मानचित्र कहलायेगा ।
परिक्षेत्रिक योजना :-
निवेश क्षेत्र के एक परिक्षेत्र की योजना जिसमें नियोजन के प्रावधानों का विस्तार, सामाजिक अधोसंरचना, उद्यान, खुले क्षेत्र एवं यातायात तंत्र संबंधी विस्तृत जानकारी प्रावधित हो ।
नगरीय ग्राम:-
भूमि उपयोग मानचित्र में दर्शाये एवं प्रस्तावित उपयोग परिक्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण आबादी, नगरीय ग्राम कहलायेंगे ।
नगरीय विरासत का क्षेत्र:- नगरीय विरासत से तात्पर्य है , ऐसा परिसर जिसमें कि पुरातत्व महत्व के ऐतिहासिक भवन एवं उसके आसपास का परिसर जिसे संस्कृति विभाग द्वारा यूनेस्को प्रोग्राम के तहत प्रस्तावित विरासत संरक्षण एवं प्रबंधन योजना (Heritage Conservation and Management Plan ) में सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुशंसित क्षेत्र अथवा संरचनायें । 8933
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
विकसित क्षेत्र:-
विकसित क्षेत्र से तात्पर्य विकास योजना के रंगीन मानचित्र में दर्शित वर्तमान उपयोग ।
एकल / संयुक्त परिवार हेतु
भूखण्डीय विकास:-
अपने सभी समानान्तर एवं ज्यामितीय बदलाव के साथ भूखंडीय विकास से तात्पर्य, परिवार हेतु भूखंडीय विकास (अभिन्यास) का भूखंडों में उप - विभाजन , जिसका नगरीय उपयोग प्रमुखतः एकल परिवार , संयुक्त परिवार के आवास हेतु किया जाना हो ।
मिश्रित उपयोग:-
मिश्रित उपयोग से तात्पर्य ऐसे उपयोग परिक्षेत्र से है जो कि इस विकास योजना में उल्लेखित किया गया है । इस उपयोग परिक्षेत्र में आवासीय , वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक परिक्षेत्र तथा उनमें स्वीकार्य गतिविधियां मान्य होंगी ।
ऊँचे भवनों का विकास :- ऊँचे भवनों का विकास , म.प्र . भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 2 के उपनियम (38 ) सहपठित नियम 42 के अनुसार नियंत्रित होगा ।
फर्शी क्षेत्र अनुपात :-
फर्शी क्षेत्र अनुपात से तात्पर्य है, म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 2 (30 ) के अनुसार ।
भवन की ऊँचाई:-
अन्यथा उल्लेखित न हो तो भवन की ऊँचाई से तात्पर्य है, म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 2 (9) के अनुसार ।
संवेदनशील क्षेत्र:-
परिस्थितिजन्य पर्यावरणीय , ईकोलॉजिकल एवं विरासत के आधार पर सीमांकित क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र कहलाएगा । इसके अंतर्गत नदी, तालाबों के निकटवर्ती क्षेत्र भी सम्मिलित होंगे ।
अन्य परिभाषायें व नियमन म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 में निहित प्रावधानों के अनुरूप लागू होंगे । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8934
5.4 भूमि उपयोग परिक्षेत्र
2035
ग्वालियर विकास योजना
निवेश क्षेत्र को निम्नलिखित तालिका में दर्शाये अनुसार उपयोग परिक्षेत्रों में विभक्त किया गया है । प्रत्येक उपयोग परिक्षेत्र आगे विभिन्न उपयोग परिसरों के रूप में उपविभाजित किये गये हैं । प्रत्येक उपयोग परिसर में विशिष्ट उपयोग , गतिविधियों की शर्तों या बिना शर्तों के स्वीकार्य होगी । ऐसे क्षेत्र जिसका कि निर्धारित अभिन्यास स्वीकृत नहीं है, का नियंत्रण विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना के भू- उपयोग / प्रस्तावों के अधीन निर्धारित होगा । निर्धारित मुख्य भू- उपयोगों के अनुरूप ही उपयोग परिक्षेत्र रहेंगे यथा आवासीय , वाणिज्यिक , औद्योगिक, आमोद -प्रमोद , सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक, विशेष प्रयोजन, यातायात एवं परिवहन, सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवाएं , जलाशय एवं कृषि । उपयोग परिक्षेत्रों का विभाजन एवं उपयोग श्रेणियों का विवरण निम्नलिखित सारणी में दिया गया है ।
उपयोग परिक्षेत्र
क्र.
सारणी 5- सा-1 .
नाम पद्धति
भू- उपयोग उप- परिक्षेत्र
भू- उपयोग परिक्षेत्र
3
2
1
आवासीय
4
(आर 1)
(आर 2)
भू-तल पर दुकानों की कतारों सहित आवासीय
आवासीय
1
मध्यम घनत्व
निम्न घनत्व
शहर केन्द्र
उपनगर केन्द्र
सामुदायिक केन्द्र
स्थानीय व्यावसायिक केन्द्र वाणिज्यिक
2
सुविधा व्यावसायिक केन्द्र
मण्डी
वर्गीकृत बाजार
सेवा उद्योग
सामान्य उद्योग
औद्योगिक
3
विशेष उद्योग
(आर 3)
(आर 4)
(सी 1 )
(सी 2)
(सी 3)
(सी 4)
(सी 5)
(सी 6)
(सी 7)
(आई 1 )
(आई 2)
(आई 3) 8935
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
क्र.
2035
ग्वालियर विकास योजना
नाम पद्धति
भू- उपयोग उप- परिक्षेत्र
भू- उपयोग परिक्षेत्र
3 2
1
उद्यान
4
(जी 1 )
(जी 2)
हरित क्षेत्र या उपरोक्त वर्णित क्षेत्र
(जी 3)
क्षेत्रीय उद्यान (प्राणिशास्त्रीय या वनस्पतिशास्त्र उद्यान)
(जी 4)
प्राकृतिक क्षेत्रों या भू- दृश्य क्षेत्रों का संरक्षण
मनोरंजन
4
खेल मैदान
स्टेडियम
झील के सामने का विकास
प्रदर्शनी मैदान
5
सार्वजनिक संस्थान और प्रशासनिक क्षेत्रों / शिक्षा और अनुसंधान / स्वास्थ्य/ सामाजिक / सांस्कृतिक संस्थागत गतिविधियां सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक
पर्यटन प्रबर्धन परिक्षेत्र
संरक्षित परिक्षेत्र
शुष्क पत्तन या कंटेनर डिपो
(जी 5)
(जी 6)
(जी 7)
(जी 8)
(पी)
(एस पी 1 )
(एस पी 2)
(एस पी 3)
(एस पी 4)
तेल डिपो या ज्वलनशील पदार्थ डिपो
भवन निर्माण सामग्री यार्ड 6 विशेष प्रयोजन
प्रदूषणकारी उद्योग
सेज (एस.ई.जेड)
खनन क्षेत्र
(एस पी 5)
(एस पी 6)
(एस पी 7)
(एस पी 8 )
(एस पी 9 )
आरक्षित वन या राष्ट्रीय उद्यान या वन्यजीव अभ्यारण्य
अन्य
बस स्टैण्ड या टर्मिनर्स
बस पिकअप स्टेशन
सड़कें
रेलवे स्टेशन
रेलवे लाइन
परिवहन
7
बस डिपो
ट्रांसपोर्ट नगर
हैलीपेड / हवाई अड्डा
मेट्रो रेल स्टेशन
(एस पी 10)
(टी 1 )
(टी 2)
(टी 3)
(टी 4)
(टी 5)
(टी 6)
(टी 7)
(टी 8)
(टी 9) [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8936
2035
ग्वालियर विकास योजना
नाम पद्धति
भू-उपयोग उप-परिक्षेत्र
क्र. भू-उपयोग परिक्षेत्र
3 2
1
जल शोधन संयंत्र
4
(पीयूएफ 1 )
(पीयूएफ 2 )
मल शोधन संयंत्र / आक्सीकरण ताल
विद्युत सब स्टेशन
ट्रेचिंग ग्राउण्ड्स
ट्रंकलाइन कॉरीडोर, जल / मल / अतिरिक्त वोल्टेज विद्युत लाइनें/ गैस या तेल पाइप लाइनें और संबंधित संरचनाएं
रेडियो / टी.वी . स्टेशन 8
दूरसंचार केन्द्र
अग्नि नियंत्रण स्टेशन सार्वजनिक उपयोगिताएं और सुविधाए
(पीयूएफ 3)
(पीयूएफ 4)
(पीयूएफ 5 )
(पीयूएफ 6)
(पीयूएफ 7)
(पीयूएफ 8)
(पीयूएफ 9 )
ठोस अपशिष्ट निपटान संयंत्र / अपघटन संयंत्र
जल शोधन संयंत्र
जल- मल शोधन संयंत्र
विद्युत सब स्टेशन
ट्रेचिंग ग्राउण्ड
(पीयूएफ 1 )
(पीयूएफ 2 )
(पीयूएफ 3 )
(पीयूएफ 4 )
(पीयूएफ 9 )
ठोस अपशिष्ट निपटान संयंत्र / अपघटन संयंत्र
कब्रिस्तान / श्मशान घाट
नदियां
झील /तालाब/जलाशय जल निकाय
9
नाला/ नहर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र
कृषि भूमि
कृषि
10
ग्राम आबादी विस्तार
(पीयूएफ 10 )
(डब्ल्यू 1 )
(डब्ल्यू2)
(डब्ल्यू3)
(डब्ल्यू 4 )
(ए 1)
(ए 2) टीप : - उपरोक्त सारणी में भूमि विकास नियम , 2012 में दर्शित समस्त भू- उपयोग परिक्षेत्र एवं उप- परिक्षेत्र वर्णित है, जिनमें से ग्वालियर नगर की आवयश्यकता के अनुसार लिये गये हैं । 8937
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ] भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8938
ग्वालियर विकास योजना 2035
आवासीय भूखण्डों के विकास मापदण्ड
सारणी 5-सा-2.
एम.ओ.एस. (मी. ) में
क्र.
आजू बाजू
भूखण्ड का आकार (मी. में)
प्रकार विकास का
पार्श्व
अधिकतम उँचाई (मी. में ) क्षेत्रफल (वर्ग मीटर) न्यूनतम
अग्ग्र
एफ.ए. आर अधिकतम
आच्छादन क्षेत्र प्रतिशत में
एक भूखण्ड पर अधिकतम स्वीकार्य आवासीय ईकाइयां
भूखण्ड के मार्ग की सामने न्यूनतम चौड़ाई (मी.में )
13
12
11
8
9 10
7
6
5
4
3
2
1
2
9
6
0.0
0.0
3.00 0.0
1.25
60
पंक्ति
32
4.0X8.0
1
2
9
6
0.0
0.0
3.00 1.5
1.25
60
पंक्ति
48
4.0X12.0
2
2
9
6
0.0
0.0
3.00 1.5
1.25
60
पंक्ति
75
5.0X15.0
3
2
9
7.5
0.0
0.0
3.00 1.5
1.25
50
पंक्ति
4 7.0X15.0 105
3
12.5
7.5
0.0
2.5
3.00 1.5
1.25
50
135 अर्धपृथक्कृत
9.0X15.0
5
4
12.5
9.0
0.0
2.5
1.25 3.00 2.5
अर्धपृथक्कृत 50
11.10Χ18.0 200
6
4
12.5
9.0
3.0 0.0
2.5
1.25 3.5
42
अर्धपृथक्कृत216
7 12.0X18.0
4
12.5
9.0
3.5 1.5
2.5
4.5
1.2540
288
12.0X24.0
पृथक्कृत
8
5
12.5
12.0
3.0
3.0
2.5
6.0
1.25
35
288
12.0X24.0
9
पृथक्कृत
5
12.5
12.0
3.0
3.5
3.0
6.0
1.25
35
405
15.0X27.0
पृथक्कृत
10
7
12.5
12.0
3.0
4.0
3.0
6.0
1.25
33
पृथक्कृत540
11 18.0X30.0
7
12.5
12.0
4.5 3.0
3.0
6.0
1.25
33
600
पृथकृत
20.0X30.0
12
7
12.5
12.0
4.5
4.5
6.0 4.5
1.25
30
750
पृथक्कृत
25.0X30.0
13
7
12.5
12.0
4.5
4.5
6.04.5
1.25
30
990 पृथक्कृत
30.0X33.0
14 8939
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 नोट:-
1. उपरोक्त तालिका सांकेतिक स्वरूप की है जिसे मार्गदर्शिका के रूप में उपयोग किया जा सकेगा ।
2. मिश्रित उपयोग सहित सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भूखण्ड जिसमें न्यूनतम भूखण्ड क्षेत्रफल की अर्हता पूर्ण होती है, हेतु भी उपरोक्त मापदण्ड लागू होंगे । (आवासीय इकाई छोड़कर)
3. सारणी के अनुक्रमांक 9 से 14 में दर्शाये भूखण्ड आकार को केवल प्रस्तावित आवासीय क्षेत्रों में बहु ईकाई भूखण्डीय विकास के रूप में मान्य किया जा सकता है ।
4. ऐसे भूखण्ड जिनका क्षेत्र सारणी में दर्शायी श्रेणियों के मध्य के आकार के हों, को इसके पूर्व की श्रेणी के एम.ओ.एस. आच्छादन, एफ.ए.आर. के अनुसार अथवा नियोजन अनुज्ञा में वर्णित अनुसार स्वीकृति दी जानी चाहिए । ऐसे आच्छादित क्षेत्र अथवा एम.ओ.एस. ( MOS ) में निर्धारित करते समय यदि कतिपय भिन्नता आती है तो आच्छादित क्षेत्र अथवा एम.ओ.एस. में से किसी एक को निश्चित कर स्वीकृति दी जायेगी । किन्तु ऐसे प्रकरणों में भवन रेखा निर्धारित कर ही स्वीकृति दी जायेगी । 5. भवन की अधिकतम ऊँचाई 12.50 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिये । ऐसी अवस्था में जब भूतल , आच्छादित पार्किंग के लिए उपयोग में लाया गया हो तो भवन की अधिकतम ऊँचाई 15 मीटर होगी ।
6. उपरोक्त सारणी के कॉलम 12 में अंकित अधिकतम भवन की ऊँचाई में कुर्सी (Plinth ) की ऊँचाई सम्मिलित नहीं है ।
7. घनत्वीय गणना हेतु एक आवासीय इकाई में 4.8 व्यक्ति तथा कर्मचारी आवास में 2.4 व्यक्ति का रहवास माना जावेगा ।
8. वाहन विराम स्थल की गणना म.प्र . भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार की जायेगी ।
9. झुग्गियों की पुनर्स्थापना की दशा में 32 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल के भूखण्ड स्वीकार्य होंगे । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8940
2 2035
ग्वालियर विकास योजना |
10. अनुक्रमांक 9 से 14 के भूखण्डों के समक्ष 12 मीटर से कम चौड़ा मार्ग होने पर केवल 4 आवासीय ईकाइयां मान्य होंगी ।
11. आवासीय भवन का निर्माण 2.4 मीटर ऊँचाई के स्टिल्ट पर, स्वीकार्य ग्राउण्ड कवरेज की सीमा तक किया जाता है, तो स्टिल्ट फ्लोर की ऊँचाई तथा ऐसे निर्मित क्षेत्र की गणना, भवन ऊँचाई तथा एफ.ए.आर. में नहीं की जाएगी । स्टिल्ट पार्किंग हेतु भूखण्ड के आकार / क्षेत्रफल का बंधन नहीं होगा ।
5.6 बहुविध बहुमंजिली इकाई निर्माण
होंगे । मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 के मापदण्ड अनुसार नियंत्रित 5.7 फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा
फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधायें हेतु मानक मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 17 अनुसार मान्य होंगे ।
5.8 मिश्रित उपयोग
आवासीय / वाणिज्यिक / सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक क्षेत्र में क्रमशः गैर आवासीय / गैर वाणिज्यिक / गैर सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक गतिविधियां ।
5.8.1 मिश्रित उपयोग नियमन
मिश्रित उपयोग पारंपरिक नगर नियोजन तथा भारतीय सामाजिक -आर्थिक- सांस्कृतिक परिवेश पर आधारित है ।
मिश्रित उपयोग के संबंध में अध्ययन किया गया जिसमें यह परिलक्षित हुआ कि आवासीय परिसरों में बाजार के आर्थिक आवश्यक बल के कारण सार्वजनिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास आवासीय परिसरों में हुआ है । इसी प्रकार वाणिज्यिक उपयोग हेतु निर्धारित क्षेत्र में आवासीय तथा सार्वजनिक / अर्द्धसार्वजनिक गतिविधियों का विकास हुआ है । बाजार के आर्थिक आवश्यक बल होने के कारण आवासीय परिसरों में वाणिज्यिक गतिविधियों की मांग और बढ़ रही है, अतः वास्तविकता को अनदेखा करना 8941
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना| 2035 नियोजन की दृष्टि से उचित नहीं होगा । अतः अब ऐसी नीति बनाने की आवश्यकता है जिसके फलस्वरूप नागरिकों की वास्तविक आवश्यकता एवं नागरिकों की सुविधा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मध्य संतुलन बना रहे । इस हेतु आवासीय परिसरों में मिश्रित उपयोग स्वीकार्य करने हेतु स्पष्ट सिद्धांत एवं प्रक्रिया का निर्धारण आवश्यक है ।
5.8.2 मिश्रित उपयोग के मार्गदर्शी सिद्धांत
मिश्रित उपयोग का आशय आवासीय / वाणिज्यिक / सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक परिक्षेत्र में क्रमशः गैर आवासीय , गैर वाणिज्यिक एवं गैर सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक गतिविधि किये जाने से है ।
ऐसे कार्य कलापों की सामाजिक , आर्थिक आवश्यकता तथा आवासीय क्षेत्र में उक्त कार्यकलापों से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित विपरीत प्रभाव के बीच संतुलन बनाये रखना आवश्यक है ।
मिश्रित उपयोग से, अलग -अलग मोहल्लों में निकटतम क्षेत्र में व्यावसायिक सुविधायें प्राप्त हो सकेंगी जिससे आवागमन में कमी आयेगी किन्तु इससे रिहायशी इलाकों में भीड़-भाड़ बढ़ने , पार्किंग की असुविधा एवं अन्य पर्यावरणीय दुष्प्रभाव भी पड़ना संभावित है । प्रस्तावित नियमन से इन प्रभावों का प्रबंधन एवं नियंत्रण संभव होगा । 5.8.3 मिश्रित उपयोग की सामान्य शर्तें
मिश्रित उपयोग हेतु विकास नियंत्रण के उपयोग परिक्षेत्र में लागू मापदण्ड (एफ.ए.आर. ग्राउण्ड कवरेज इत्यादि) , मिश्रित उपयोग के लिये भी लागू रहेंगे । मिश्रित उपयोग के यह नियमन पूर्व से विकसित क्षेत्र एवं नवीन प्रस्तावित क्षेत्रों में लागू होंगें, तथा पार्किंग हेतु परिसर उपयोग परिसर के अनुसार मान्य होंगे ।
24.00 मीटर एवं अधिक चौड़े मार्ग पर ही गैर- आवासीय गतिविधियां जैसे :- वाणिज्यिक तथा सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक गतिविधियां मान्य की जा सकेंगी । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8942
2035
ग्वालियर विकास योजना
5.9 वाणिज्यिक
5.9.1 वाणिज्यिक अभिन्यासों के लिए रूपांकन मार्गदर्शिका
वाणिज्यिक क्षेत्रों के विकास मापदण्ड
सारणी 5-सा-3.
FAR
अग्र कॉरीडोर
भू- आच्छादन
क्र.
क्षेत्र (वर्गमीटर में)
मार्ग की चौड़ाई (मीटर में)
भूखण्ड का आकार (मीटर में)
भवन रेखा (मीटर में मार्ग के मध्य से )
8
7
6
5
4
3
2
1
1.5
80
3.0
9.0
12से अधिक
54
6.0X 9.0
1.
9.0
1.5
80
3.0
12से अधिक
135
9.0 X15.0
2.
9.0
1.5
60
3.0
12से अधिक
216
12.0 X 18.0
3.
9.0
1.5
60
3.0
12से अधिक
540
18.0 X 30.0
4.
9.0
1.5
40
3.0
12से अधिक
30.0 X 33.0
5.
990से अधिक
टीप:-
1. 18 मीटर तथा उससे अधिक चौड़े मार्गों के लिए मार्ग की चौड़ाई के आधार पर निम्नानुसार एफ.ए.आर. देय होगा ।
1.75
18 मीटर एवं उससे अधिक
2.0 24 मीटर एवं उससे अधिक
2. यह मापदण्ड सभी वाणिज्यिक क्षेत्रों में लागू होंगे । सारणी में दर्शाये गये क्षेत्रफल से कम होने की स्थिति में उसके पूर्व सरल क्रमांको के मानक लागू होंगे ।
3. वाहन विराम स्थल की गणना म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार की जायेगी ।
4. भवन रेखा मार्गों की चौड़ाई अनुसार निम्नानुसार निर्धारित की जा सकेगी ।
भवन रेखा (मार्ग मध्य से )
मार्ग चौड़ाई
09.00 मीटर
12.00 मीटर
13.50 मीटर
18.00 मीटर
16.50मीटर
24.00 मीटर
21.00 मीटर
30.00 मीटर
26.00 मीटर
40.00 मीटर
37.50 मीटर
60.00 मीटर 8943
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035 ग्वालियर विकास योजनायोजना
वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक
वर्ग
क्र.
2
1
1. भूखण्डों का क्षेत्र
परिभ्रमण एवं वाहन विराम स्थल का क्षेत्र 2.
3.
खुले स्थानों को सम्मिलित कर सुविधाओं का क्षेत्र
मार्गों की चौड़ाई
बाजार से गुजरने वाले मुख्य सीधे मार्ग कीन्यूनतम चौड़ाई
4. दुकानों के सामने ट्रकों के खड़े एवं मुड़ने के लिये न्यूनतम चौड़ाई दुकानों के सामने पादचारी की न्यूनतम चौड़ाई
5. दुकानों के आकार
6. विराम स्थल
5.10 औद्योगिक
5.10.1 औद्योगिक विकास के मानक
सारणी 5-सा-4.
कुल क्षेत्र का प्रतिशत
3
अधिकतम 50 प्रतिशत
अधिकतम 40 प्रतिशत
न्यूनतम 10 प्रतिशत (8 : 2 )
12मीटर
18 मीटर 6 मीटर
मार्ग सर्वेक्षण एवं प्रोजेक्शन के आधार पर
म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के अनुसार
औद्योगिक विकास के मानक म.प्र . भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार होंगे । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8944
ग्वालियर विकास योजना 2035
5.11 सामुदायिक सुविधाओं/ सेवाओं हेतु नियमन
सामुदायिक सुविधाओं / सेवाओं हेतु नियमन
सारणी 5-सा-5 .
श्रेणी
क्र
अन्य तीन ओर (मी. में)
एफ.ए. आर.
अधिकतम निर्मित क्षेत्र
न्यूनतम मार्ग चौड़ाई (मी. में)
अग्र सीमान्त खुला क्षेत्र (मी. में)
7
6
5
4
3
2
1
शैक्षणिक भवन
3.0
6.0
12.0
1.50
40प्रतिशत
1. नर्सरी/ पूर्वप्राथमिक शाला
3.5
7.5
12.0
1.50
33प्रतिशत
1 2. प्राथमिक विद्यालय
5.0
12.0
18.0
1.50
30प्रतिशत
3. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
6.0
15.0
24.0
1.50
25प्रतिशत
4. महाविद्यालय
स्वास्थ्य
06.00
15.00
24.00
1.50
30प्रतिशत
हास्पिटल 100 बिस्तर
06.00
15.00
24.00
1.50
30प्रतिशत
हास्पिटल 30से 100 बिस्तर
04.50
12.00
18.00
1.50
30प्रतिशत
हास्पिटल 0 से 30 बिस्तर
04.50
12.00
18.00
1.50
30प्रतिशत
नेच्रोपेथी सेन्टर
04.50
12.00
18.00
1.50
30प्रतिशत
हेल्थ सेन्टर
04.50
12.00
2
18.00
1.50
30प्रतिशत
नर्सिंग होम
04.50
12.00
18.00
1.50
30 प्रतिशत
पालीक्लीनिक
04.50
12.00
12.00
1.50
30 प्रतिशत
पेट क्लीनिक
04.50
12.00
12.00
1.50
30प्रतिशत
ब्लड बैंक / पैथालाजी सेन्टर
इत्यादि
04.50
12.00
12.00
1.50
30प्रतिशत
फिजियोथेरेपी सेन्टर
जनउपयोगिता एवं सेवायें
म.प्र. भूमि म.प्र. भूमि
1.50
35प्रतिशत
विकास
विकास
पुलिस चौकी
12.0
1.50
25 प्रतिशत
नियम, 2012
नियम,
पुलिस स्टेशन आवास गृह सहित
12.0
1.50
35प्रतिशत
के नियम
2012 के
सामुदायिक भवन
3
12.0
1.50
35प्रतिशत
42के उप अग्निशमन केन्द्र
नियम 42
12.0
1.50
35प्रतिशत
अग्निशमन केन्द्र
अनुसार
के अनुसार
12.0
1.50
35 प्रतिशत
मान्य होंगे । डाक एवं तार
मान्य होंगे ।
विद्युत सब स्टेशन
12.0
30प्रतिशत 1.00
4 धार्मिक भवन
18.0
शासकीय / अर्द्ध-शासकीय
35प्रतिशत 1.25
5
कार्यालय
नोट - उपरोक्त सारणी में जो सुविधाएं सम्मिलित नहीं हैं उनके भू-आच्छादित क्षेत्र 30 प्रतिशत तथा फर्शी क्षेत्र अनुपात 1.25 से अधिक नहीं होंगे , जो सीमांत खुले क्षेत्र उपरोक्त सारणी में उल्लेखित नहीं हैं, वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानों के अनुसार 8945
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 रहेंगे । किंतु ऐसी सुविधाएं जिनका पुनर्विकास किया गया है उनके लिये यहां मापदण्ड लागू न होकर केवल आच्छादित क्षेत्र ( कॉलम 3 ) के अनुसार रहेगी जिसे आवश्यकतानुसार 10 प्रतिशत की सीमा तक बढ़ाया जा सकता है ।
5.12 यातायात
बस
5.12.1 यातायात नगर / मैकेनिक नगर / लॉजिस्टिक हब / निजी
स्थानक/ बायपास मार्ग
(अ) इस उपयोग के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी
ट्रक टर्मिनल , मोटर गैरेज, वर्कशॉप , स्पेयर पाटर्स एवं सुधार की दुकानें रात्रि विश्राम गृह बोर्डिंग / लाजिंग , बैंक, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, बुकिंग ऑफिस , वेयर हाउस एवं अनुशांगिक गतिविधियां ।
(ब) यातायात नगर एवं मैकेनिक नगर परिक्षेत्र हेतु नियमन
मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 18 मीटर से कम नहीं होगी ।
सामुदायिक खुले क्षेत्र का उपयोग पार्किंग के लिए किया जा सकेगा ।
यातायात नगर के विकास हेतु न्यूनतम क्षेत्रफल वर्णित नहीं किया गया है । स्थल के आधार के अनुसार एक से अधिक गतिविधियां स्वीकार्यहोंगी ।
(स ) बायपास मार्ग हेतु नियमन
विकास योजना 2035 में दर्शित बायपास मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग 44 एवं 46) की चौडाई 80 मीटर प्रस्तावित की गई है । इस मार्ग पर 35 मीटर नियंत्रित प्रस्तावित किया गया है । उक्त हरित क्षेत्र में निम्न गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी, जिनका भूतल आच्छादन 6 प्रतिशत एवं एफ.ए.आर. 0.10 होगा ।
1. ईंधन भराव केन्द्र, बैटरी चार्जिंग स्टेशन , सर्विस स्टेशन
2. बस स्टैण्ड
3. पुलिस स्टेशन
4. धर्मकांटा
5. सार्वजनिक सेवायें एवं सुविधायें
6. पार्किंग [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8946
2035
ग्वालियर विकास योजना
5.13 वर्तमान विकसित क्षेत्र हेतु नियमन
वर्तमान विकसित क्षेत्रों में भवन की ऊँचाई, भू-आच्छादन, FAR एवं पार्किंग संबंधी मापदण्ड, नगरीय निकाय द्वारा तैयार किये गये जोनल प्लान अनुसार निर्धारित मापदण्डों एवं भवन रेखा के निर्धारण अनुसार लागू होंगे । जब तक जोनल प्लान अनुमोदन उपरांत प्रभावशील नहीं होगा, तब तक विकास योजना के प्रावधान लागू होंगे ।
भूमि उपयोग परिवर्तन कराने की स्थिति में विकसित क्षेत्रों में पुनर्विकास की अनुमति सीधे स्थानीय निकाय द्वारा दी जावेगी ।
भवनों की ऊँचाई, अहाते की दीवार की ऊँचाई एवं वाहन विराम संबंधी मापदण्ड नये क्षेत्रों के मापदण्डों के अनुरूप ही रहेगी ।
5.13.1 मध्यक्षेत्र
स्मार्ट सिटी का अधिसूचित क्षेत्र , मुरार का पुराना विकसित क्षेत्र एवं ग्वालियर का किलागेट, लोहा मण्डी, हजीरा तथा घासमण्डी मध्यक्षेत्र के अंतर्गत माने जायेंगे ।
(अ) मध्यक्षेत्र में भूमि उपयोग
मध्यक्षेत्र में मिश्रित भूमि उपयोग को यथावत रखा जाएगा ।
असंगत तथा भू- उपयोग को मध्यक्षेत्र से स्थानांतरित करने पर रिक्त हुये स्थान में पार्किंग प्रावधानों सहित वाणिज्यिक उपयोग स्वीकार्य होगा ।
मध्यक्षेत्र के 12 मीटर एवं अधिक चौंड़ाई के मार्गों पर वाणिज्यिक उपयोग स्वीकार्य होगा ।
मध्यक्षेत्र के शैक्षणिक स्थलों को पुर्नघनत्वीकरण योजना के अंतर्गत अतिरिक्त पार्किंग के प्रावधानों सहित मिश्रित उपयोग हेतु विकसित किया जा सकेगा । मध्यक्षेत्र में पार्किंग स्थलों की आवश्यकता की पूर्ति मशीनीकृत पार्किंग ( Mechanical Parking ) व्यवस्था के प्रावधानों को स्वीकार करते हुये गणना की जाएगी । 8947
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
मध्यक्षेत्र के पुराने आवासीय क्षेत्र को स्थानीय क्षेत्र योजना (Local Area Plan ) के माध्यम से मिश्रित उपयोग के लिये विकसित किया जा सकेगा ।
मध्यक्षेत्र के सीमांत खुले क्षेत्र में 4.5 मीटर स्थान वाहन आवागमन के लिये छोड़ने के पश्चात् क्षेत्र शेष सीमांत खुले क्षेत्र को पार्किंग की गणना में लिया जावेगा । स्मार्ट सिटी के अधिसूचित क्षेत्र (मध्यक्षेत्र) में एफएआर सीमांत खुले क्षेत्र , भू-आच्छादन एवं पार्किंग के नियमन शासन द्वारा अनुमोदित स्थानीय क्षेत्र योजना (Local Area Plan ) के अनुसार प्रभावशील होंगे ।
मध्यक्षेत्र के व्यवसायिक मार्गों की प्रस्तावित चौंड़ाई निम्नानुसार होंगी : -
(ब) मध्यक्षेत्र के व्यवसायिक मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई
मार्ग का नाम
क्र
प्रस्तावित चौंड़ाई (मीटर में)
3
2
1
30
सराफा मार्ग
1
18
2 डीडवाना ओली मार्ग
24
3 नई सड़क
18
4 जनकगंज मार्ग
24
5 लक्ष्मीगंज मार्ग
18
6 दौतलगंज मार्ग
18
माधौगंज- तारागंज - स्काउट चौराहा , खासगी बाजार
7
30
8 जिंसी नाला मार्ग (1,2,3 नम्बर तक)
24
पाटनकर बाजार
9
18
नया बाजार
10
30
राजपायगा बाजार
11
15 12 फाल्के बाजार मार्ग (भारत टॉकीज तक)
18 लोहिया बाजार
13
9
दानाओली मार्ग
14
24 सनातन धर्म मंदिर मार्ग
15
18 16 चाबड़ी बाजार मार्ग
18 17 दर्जीओली-लाला का बाजार
18 18 कम्पूमार्ग भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8948
मार्ग का नाम क्र
2 1
दाल बाजार
19
20 लाईट हाउस नाला मार्ग
21 रोशनीघर मार्ग
जयेन्द्रगंज मार्ग
22
23 हुजरात मार्ग
24 दौलतगंज से खुर्जे वाला मोहल्ला होकर मैथलीशरण चौक
निम्बालकर की गौंठ मार्ग
25
26 टापू मोहल्ला मार्ग
लाला का बाजार से गीता कॉलोनी चौराहा मार्ग
27
अस्पताल मार्ग
28
लक्ष्मीगंज - डोली बुआ पुल होकर खासगी तक
29
टकसाल मार्ग
30
31 चावड़ी बाजार मार्ग (डोली बुआ पुल तक) जीवाजीगंज मार्ग
32
33 फाल्के बाजार से रामदास घाटी मार्ग 34 राम मंदिर से ग्वालियर टॉकीज होते हुये नई सड़क तक
क्षत्री बाजार मार्ग
35
36 जयेन्द्रगंज- जिंसी नाला लिंक मार्ग 37 मैना वाली गली से लोहिया बाजार मार्ग माधौगंज- रॉक्सी टॉकीज मार्ग 38
39 चिटनीस की गोठ - हुजरात मार्ग पारख जी का बाड़ा मार्ग
40
मेची ओली मार्ग
41
मोर बाजार मार्ग
42
43 हुजरात मण्डी से शासकीय मुद्रणालय मार्ग मैथलीशरण चौराहे से लोहिया बाजार 44
तारागंज मार्ग
45
46 मामा का बाजार मार्ग
47 जयेन्द्रगंज से जिंसी नाला मार्ग कैलाश टॉकीज मार्ग
48
माधव डिस्पेंसरी गेट से नया बाजार चौराहा 49
2035 ग्वालियर विकास योजना
प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर में)
3
24
18
18
30
18
12
12
12
15
18
12
18
12
18
18
12
18
12
12
12
12
12
12
18
12
12
12
12
12
15
18
नोटः- मध्य क्षेत्र के 24.00 मीटर एवं अधिक चौड़ाई के सभी मार्गो पर मिश्रित उपयोग स्वीकार होगा । 8949
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
(स) मध्यक्षेत्र के नियमन
मध्यक्षेत्र में भवन रेखा विभिन्न चौड़ाई मार्गों के लिये निम्नानुसार होगी:-
12 मीटर चौड़ाई के मार्ग
मार्ग मध्य से 9.0 मीटर
15 मीटर चौड़ाई के मार्ग
मार्ग मध्य से 10.5 मीटर
18 मीटर चौड़ाई के मार्ग
मार्ग मध्य से 12.0 मीटर
मार्ग मध्य से 13.0 मीटर
20 मीटर चौड़ाई के मार्ग
24 मीटर चौड़ाई के मार्ग
मार्ग मध्य से 15.0 मीटर
30 मीटर चौड़ाई के मार्ग
मार्ग मध्य से 18.0 मीटर
मध्यक्षेत्र के अंतर्गत आवासीय , वाणिज्यिक तथा मिश्रित उपयोगों हेतु FAR की सामान्य सीमा 1.5 होगी । इससे अधिक FAR म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 तथा विकास योजना में TDR नियमों के तहत अनुज्ञेय FAR की सीमा तक देय होगा ।
मध्यक्षेत्र में पीछे एवं दोनों साईड के न्यूनतम खुले क्षेत्र 12.5 मीटर तक ऊँचाई के भवनों के लिये 1.50 मीटर स्वीकार योग्य होंगे ।
मध्यक्षेत्र में अधिकतम भूआच्छादन 12.5 मीटर ऊँचाई तक 60 प्रतिशत एवं इससे अधिक ऊँचाई के लिये 40 प्रतिशत होगा ।
5.13.2 मध्यक्षेत्र के अतिरिक्त वर्तमान विकसित क्षेत्र
1. वर्तमान आवासीय क्षेत्र
वर्तमान आवासीय क्षेत्रों में विकास निम्न मापदण्डों से नियंत्रित होगा ।
वर्तमान आवासीय क्षेत्र के विकास हेतु भू- खण्ड का आकार एवं निर्मित क्षेत्र
वर्तमान आवासीय क्षेत्र
सारणी 5-सा-6.
फर्शी क्षेत्रानुपात
आच्छादित क्षेत्र
भूखण्ड का क्षेत्र
3
2
1
1.25
60 प्रतिशत
180 वर्गमीटर तक
1.25
50 प्रतिशत
180 वर्गमीटर से अधिक
नोट:- जिन कालोनियों में किसी मार्ग पर 75 प्रतिशत भवन निर्मित हो गये हों, उस क्षेत्र को वर्तमान आवासीय क्षेत्र माना जायेगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8950
2035
ग्वालियर विकास योजना
2. वर्तमान आवासीय क्षेत्र में विकसित स्वास्थ्य सुविधाओं / नर्सिंग होम के प्रशमन (Compounding) हेतु मापदण्ड
इस विकास योजना के प्रभावशील होने के पूर्व आवासीय भू- खण्डों पर अस्तित्व में आये 20 बिस्तरों तक के नर्सिंगहोम का प्रशमन (Compounding) , स्थानीय संस्था द्वारा निर्धारित दर पर राशि जमा कराने के पश्चात् तथा नियमानुसार पार्किंग क्षेत्र उपलब्ध होने पर, स्वीकार योग्य होगी । स्थानीय संस्था द्वारा एकीकृत रूप से उक्त हेतु सामुदायिक पार्किंग बनाये जाने की दशा में उक्त पार्किंग हेतु भी शुल्क लिया जा सकेगा तथा परिसर में पार्किंग की अनिवार्यता में छूट दी जा सकेगी ।
3. वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्र
निम्नलिखित शर्तों के अधीन वाणिज्यिक क्षेत्रों में पुनर्निमाण एवं परिवर्तन की अनुज्ञा दी जा सकेगी ।
(1) मार्गों की चौड़ाई, विकास योजना में प्रस्तावित मापदण्डों के अनुरूप हो ।
(2) फर्शी क्षेत्र अनुपात को ध्यान में रखते हुये फर्शी क्षेत्र निर्धारित होगा ।
(3) वाणिज्यिक विकास की गहराई, भवन जिस मार्ग पर हो, उस मार्ग की चौंड़ाई के दोगुना अधिक नहीं होगी ।
वर्तमान वाणिज्यिक क्षेत्रों में, वाणिज्यिक परिसरों के लिये अधिकतम निर्मित क्षेत्र निम्नानुसार रहेगा।
80 प्रतिशत
25 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले भू- खण्ड
60 प्रतिशत
25 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भू- खण्ड
1:1.50
फर्शी क्षेत्र अनुपात
टीप:-
1. वर्तमान भवन रेखा यथावत रखी जायेगी ।
2. किसी भूखण्ड के स्वामी द्वारा अपने भू- खण्डों में से मार्ग , फुटपाथ आदि सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ी जाती है तो ऐसी दशा में उक्त भू- खण्ड का निर्माण किये जा रहे भवन में सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी गयी भूमि का दुगना फर्शी क्षेत्र अनुपात अतिरिक्त रूप से स्वीकार होगा । इससे भवन के आगे सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि छोड़ने को प्रोत्साहन मिलेगा तथा छोड़ी गई भूमि की क्षतिपूर्ति भी हो सकेगी । 8951
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
5.13.3 वर्तमान मार्गों पर वाणिज्यिक गतिविधियां
2035
ग्वालियर विकास योजना
मध्यक्षेत्र के अतिरिक्त अन्य वाणिज्यिक मार्गों की चौड़ाई निम्नानुसार होगी ।
निवेश क्षेत्र के अन्य वाणिज्यिक मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई
मार्ग का नाम क्र
2 1
1 पड़ाव से हजीरा तक
हजीरा चौराहे से किला गेट मार्ग 2
3 हजीरा चौराहे से ए.बी. लिंक रोड 4 झाँसी मार्ग (तानसेन तिराहे से निवेश क्षेत्र की सीमा तक)
5 भिण्ड मार्ग (गोला का मंदिर से निवेश क्षेत्र की सीमा तक )
6 पुरानी छावनी से गोले का मंदिर बडागांव तक
7 6 नं. चौराहे से सदर बाजार , बारादरी चौराहे तक
7 नं. चौराहे से बारादरी चौराहे तक 8
शिन्दे की छावनी तिराहे से रामदास घाटी तक 9
कम्पू पेट्रोल पम्प से गुड़ी- गुड़ा शिवपुरी लिंक रोड तक
10
नौगजा मार्ग
11
7 नं. चौराहे से सी.पी. कॉलोनी- जडेरूआ भिण्ड मार्ग तक
12
13 फूलबाग से सेवानगर तक
किला गेट से सेवा नगर तक 14
किला गेट से कोटेश्वर तक
15
गैंड़े वाली सड़क
16
रामदास घाटी से काजल टॉकीज तक 17
मुर्गी केन्द्र से सिकन्दर कम्पू तक 18
भारत टॉकीज मार्ग
19
खुला संतर तिराहे से अल्पना टॉकीज तक 20
दीनदयाल नगर शताब्दीपुरम मुख्य मार्ग 21
विश्वविद्यालय मार्ग- न्यू कलेक्ट्रेट सिरोल तिराहे तक
22
भिण्ड मार्ग से दीनारपुर मण्डी मार्ग 23
24 ए.बी. रोड बेला की बावडी से बरौआ नूराबाद तक
25 सचिन तेंदुलकर मार्ग - सिटी सेंटर- सिरोल बायपास तक
26 बारादरी - डोंगरपुर - नैनागिर
27 बहोडापुर- सागरताल -मानपुर 28 शिवपुरी- लिंक रोड
29 एम.एल.बी. मार्ग शिंदे की छावनी से रेलवे स्टेशन तक
30 चंद्रवदनी नाका से न्यू कलेक्ट्रेट-डोंगरपुर तक
प्रस्तावित चौंड़ाई (मीटर में)
3
30
18
30
40
60
40-60
30
30
24
30-40
18
30
30
18
12
18
15
18
15
15
40
40
40
40-60
30
30-60
30-60
60
40
40
नोटः- सभी वाणिज्यिक मार्गों पर मार्ग की चौंड़ाई की दुगुनी गहराई तक वाणिज्यिक उपयोग मार्ग के दोनों ओर स्वीकार्य होंगे । [भाग 1
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8952 8953
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भाग 1 ]
पालघर ।५५ गस पाणगा। [भाग 1
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8954
2035
ग्वालियर विकास योजना
5.16 ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक
ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र 24.00 मीटर चौंड़े मार्ग पर स्वीकार्य होंगे तथा शेष मानक म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 53 (3) (चार) के अनुरूप होंगे । ई- वाहन / बैटरी चार्जिंग स्टेशन भी शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार लागू होंगे । 5.17 शॉपिंग मॉल / खुला मॉल
शापिंग मॉल हेतु मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 96 के अनुरूप होंगे । उक्त गतिविधि विकास योजना में दर्शित वाणिज्यिक, मिश्रित एवं आवासीय भू- उपयोग में मान्य होगी । खुला माल, कृषि भूमि उपयोग के अंतर्गत मान्य होंगे ।
5.18 सामुदायिक सुविधाएं तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं के मापदंड
1. शैक्षणिक स्वास्थ्य, संचार तथा सांस्कृतिक सुविधाओं के लिए अपेक्षित न्यूनतम भूमि का आकार प्रशासकीय विभाग या किसी नियामक प्राधिकारी या भूखण्ड का न्यूनतम आकार विहित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित किए गए अनुसार होगा । 2. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा निम्न आय समूह गृह निर्माण के लिए अत्यावश्यक सुख सुविधाओं की आवश्यकतायें म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 19 के परिशिष्ट- ञ में दिए गए अनुसार होगी ।
3. विकास योजना तैयार करते समय विभिन्न परिक्षेत्रो में स्वीकार्य फर्शीक्षेत्र अनुपात को उस क्षेत्र में प्रस्तावित धनत्व को दृष्टिगत रखते हुये निर्धारण किया गया है । अतः धनत्व का निर्धारण अनुज्ञा देते समय अभिन्यास स्तर पर न किया जावे ।
4. उस भूमि के लिए जिसमें कि कोई आवेदक हितबद्ध हो सकता हो विकास रेखांक अथवा परिक्षेत्रीय रेखांक के प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए प्राधिकारी को म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 49 की परिशिष्ट- छः में दिए अनुसार विहित प्रारूप में कोई आवेदन किया जा सकता है ।
5.19 विभिन्न गतिविधियों हेतु नियमन
5.19.1 होस्टल, वर्किंग वूमन होस्टल, रेस्ट / गेस्ट हाउस, लाजिंग / बोर्डिंग
500 वर्गमीटर
भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल
1: 1.50
अधिकतम एफ.ए.आर.
33प्रतिशत
अधिकतम भूतल आच्छादन (कवरेज)
12.00 मीटर
अधिकतम ऊँचाई 8955
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भाग 1]
2035
ग्वालियर विकास योजना
12.00 मीटर
अधिकतम ऊँचाई सीमांत खुला क्षेत्र
6.0 मीटर
(अ) सम्मुख
6.0मीटर
(ब) अन्य तीन ओर
अन्य नियंत्रण
12.0मीटर
भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई
पार्किंग म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 प्रावधान अनुसार ।
5.19.2 मैरिज गार्डन
म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के अनुसार
5.19.3 बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम/ कम्युनिटी हाल
बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम / कम्युनिटी हाल आवासीय एवं वाणिज्यिक भूमि उपयोग में स्वीकार्य होंगे । विकास के नियमन निम्नानुसार होंगे: -
500 वर्गमीटर
भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल
1: 0.5
अधिकतम एफ.ए.आर.
15प्रतिशत
अधिकतम भूतल आच्छादन (कवरेज )
25.0 मीटर
न्यूनतम भूखण्ड का अग्रभाग
सीमांत खुला क्षेत्र -
6.0मीटर
सम्मुख
6.0मीटर
अन्य तीन ओर
अन्य नियंत्रण:-
भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 18.0 मीटर ।
भूखण्ड के सम्मुख खुले क्षेत्र का 40 प्रतिशत भाग सार्वजनिक पार्किंग हेतु आरक्षित रहेगा ।
इस गतिविधि से जनित होने वाली पार्किंग की पूर्ण व्यवस्था परिसर के अंदर ही सुनिश्चित की जायेगी ।
टीप- शासकीय भूमि अथवा मार्ग पर एवं परिसर के बाहर पार्किंग गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी ।
i.19.4 शीतकेन्द्र / वेयर हाउस / गोदाम / अन्य भण्डारण
उपरोक्त गतिविधियों के लिए निम्न नियमन लागू रहेंगे । [भाग 1
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8956
ग्वालियर विकास योजना 2035
1:0.40
अधिकतम तल क्षेत्र का अनुपात
40प्रतिशत
अधिकतम आच्छादन
12.0 मीटर
भू-खण्ड के सामने मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई
6.0मीटर
अग्र सीमांत खुला क्षेत्र
अन्य तीन ओर सीमांत खुला क्षेत्र 4.50 मीटर (12.50 मीटर ऊँचाई तक)
टीप- 12.50 मीटर से अधिक ऊँचाई होने पर म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 के अनुसार सीमांत खुला क्षेत्र रहेगा एवं शेष प्रावधान यथावत रहेंगे ।
5.19.5 छविगृहों के लिए मापदण्ड
म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 53 (3 ) के प्रावधान लागू होंगे, जो आवासीय वाणिज्यक , औद्योगिक तथा मिश्रित उपयोग में मान्य होंगे ।
5.19.6 मल्टीप्लेक्स
मल्टीप्लेक्स हेतु म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 95 के प्रावधान लागू होंगे । जो आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं मिश्रित भूमि उपयोग में मान्य होंगे एवं फर्शी क्षेत्रानुपात उस भू- उपयोग के अनुरूप होगा जिसमें उक्त गतिविधि मान्य की गई हो । 5.19.7 उद्यान
समस्त प्रकार के आमोद - प्रमोद क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित उद्यान में 05 प्रतिशत आनुशांगिक गतिविधि स्वीकार्य होगी ।
स्टेडियम के निर्माण हेतु मापदण्ड खेल विभाग के अनुसार होंगे । 8957
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भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
5.20 तल क्षेत्र अनुपात
तल क्षेत्र अनुपात
सारणी 5- सा-9 .
BaseFAR
UseZone
No.
Maximum FAR (TDR Rules, MPBVR Rules & Premium FAR )
4
3
2
1
3.00
1.25
Residential
1
3.00
1.50
2 Commercial /Mixed
1.50
Industries
3
0.50
4
Public Utilities & Facilities (STP, Power Supply,SWM , Firestation, Cremation Ground etc )
3.00
1.50
5
Public & Semi- Public (Administrative , Educational , Health, Other Institutions
0.05
6 Gardens and Parks
1.25
7
Transportation (For the use of Airport, Railways , Cargo, Bus Terminal and Stand , Bus stop , Multimodal Hubs, Transport Nagar, Metro , Roads, Depot , Parking lots, Multi -Level Parking )
1.50
8 Logistics, Warehousing and Wholesale
0.10
9 General Agriculture Zone
1.25
Village(Gramin Aabadi )
10
नोट:-
1- टी.डी.आर. नियमों के तहत 0.25 अतिरिक्त एफ.ए.आर. देय होगा ।
2- 0.25 प्रीमियम एफ.ए.आर. देय वर्ष की प्रभावशील कलेक्टर गाइडलाईन की पाँच प्रतिशत राशि जमा किये जाने पर देय होगा ।
3- उपरोक्त अतिरिक्त एफ.ए.आर. संवेदनशील क्षेत्रों (जलग्रहण क्षेत्रों, संरक्षित स्मारकों, छावनी क्षेत्र, एयरफोर्स क्षेत्र एवं DRDE के सीमावर्ती क्षेत्रों) में देय नहीं होगा ।
4- अतिरिक्त FAR की गणना निम्नानुसार की जाएगी उदाहरणार्थ:-
(i) यदि विकास योजना 2035 एवं म.प्र. भूमि विकास नियमों के तहत किसी भूमि/ भू- खण्ड पर 1.5 FAR देय होता तो उस दशा में, उक्त भू- खण्ड पर 0.25 FAR, TDR नियमों के तहत तथा 0.25 FAR प्रीमियम FAR के रूप में अतिरिक्त प्रदाय किया जा सकेगा ।
(ii ) ग्वालियर विकास योजना 2035 के तहत अधिकतम 2.5 FAR ही देय होगा । यदि इससे अधिक FAR प्राप्त करना हो तो, 0.25 FAR, TDR नियमों के तहत तथा 0.25 FAR प्रीमियम FAR के तहत ही प्रदान किया जाएगा । भाग 1
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8958
ग्वालियर विकास योजना | 2035 5.20 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन
संवेदनशील क्षेत्र में विकास की गतिविधियां निम्नानुसार प्रावधानित हैं : -
1. नदी, नाले , शाखा नहर एवं अन्य जल स्त्रोतों के किनारे छोड़ा जाने वाला न्यूनतम खुले क्षेत्र मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियमों के अनुसार होगा ।
2. नहर की स्थिति सिंचाई विभाग द्वारा अधिग्रहण की गई भूमियों से कम से कम3.0-3 . 0 मीटर दोनों ओर का क्षेत्र खुला रखा जाएगा ।
3. प्रदूषित जल / मल किसी भी स्थिति में नदी में प्रवाहित नहीं किया जावेगा ।
4. भवनों के व्यक्तिगत सेप्टिक टेंक को ग्रिडल मल लाईन , जब उसका निर्माण हो जाए , से जोड़ना होगा ।
5. निवेश क्षेत्र में आने वाले निर्मित भवनों के आच्छादित क्षेत्र में या एफ.ए.आर. में पूर्व की स्वीकृति के अतिरिक्त वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी ।
6. नदियों की सुरक्षा एवं जल गुणवत्ता के सुधार एवं संरक्षण हेतु किये जाने वाले कार्य स्वीकार्य होंगे ।
7. संवदेनशील क्षेत्रों में निम्न श्रेणी में रख - रखाव एवं विस्तार संबंधी कार्य स्वीकार्य होंगे । अ) ऐतिहासिक महत्व के क्षेत्र :-
नागरिक एवं सांस्कृतिक महत्व के भवन ।
प्राचीन वास्तुकला भवन यदि निजी अधिपत्य में हो , तो भी ।
समय- समय पर उत्खनित / खोजे गए विरासतीय भवन ।
ब) संरक्षित स्मारक :-
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा अधिसूचित स्मारकों, ग्वालियर किला, मोती महल , गूजरी महल, मोहम्मद गौस का मकबरा आदि से 100 मीटर की दूरी तक भवनों का निर्माण प्रतिबंधित रहेगा तथा 101 मीटर से 300 मीटर की दूरी तक भवन निर्माण अनुमति पुरातत्व विभाग की अनापत्ति के पश्चात् ही दी जाएगी । इसके अतिरिक्त अन्य प्राचीन स्मारकों, बाड़ा, कम्पूकोठी, पद्मा विद्यालय , जयारोग्य हॉस्पिटल , के.आर.जी. कॉलेज, महारानी लक्ष्मीबाई महाविद्यालय, गोरखी, मराठा छात्रावास , बैजाताल , सागरताल , जीवाजी क्लब, जयविलास पैलेस आदि के आसपास भी भवन निर्माण अनुमति इन भवनों के रूपांकन एवं ऊँचाई को दृष्टिगत रखते हुये ही विचार योग्य होगी । 8959
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भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
5.21 उपयोग परिसर में स्वीकृत / स्वीकार्य गतिविधियां
स्वीकृत उपयोग परिसर
उपयोग
क्र.
3
2
1
आवासीय
आवासीय भूखण्डीय विकास, अपार्टमेंट हाउसिंग / फ्लेटस , अतिथि गृह / रेस्ट हाउस, रात्रि विश्राम गृह, धर्मशाला मैरिज हाल / बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मंडपम, कम्यूनिटी हॉल , मेरिज गार्डन, बाल सुधार गृह / कामकाजी महिला छात्रावास , होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग, वृद्धाश्रम, सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, साप्ताहिक हाट बाजार,क्लिनिक/ डिस्पेंसरी, प्रसूति गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, पालतू पशु क्लिनिक / औषधालय, खेल का मैदान/ नेवरहुड पार्क, झूलाघर / डे - केयर सेंटर, क्लिनिकल प्रयोगशाला, खुला रंग मंच, सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र, अनाथालय, योग केन्द्र, ध्यान अध्यात्मिक केन्द्र, सिनेमा हाल , होटल, बैटरी चार्जिंग स्टेशन, ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग , मल्टीप्लैक्स, समस्त विद्यालय , कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, संगीत / नृत्य/ नाटिका प्रशिक्षण केन्द्र, स्थानीय संस्थायें / अर्द्धशासकीय /शासकीय कार्यालय / सुविधायें, कन्वेंशन सेंटर, बस स्टॉप , सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयंत्र गृह, मनोरंजन क्लब , फिटनिस क्लब, खेल मैदान / स्टेडियम, लाइब्रेरी , म्यूजियम , स्टाफ क्वार्टर, बैंक/ए. टी.एम. , रेस्टोरेंट, तरणताल , कम्प्यूटर सेंटर, मिश्रित उपयोग , कोचिंग सेन्टर (20 छात्रों के समूह तक के लिये)
वाणिज्यिक
2
(अ) सामान्य वाणिज्यिक
आवासीय में स्वीकार्य समस्त गतिविधियां (आवासीय भूखण्डीय विकास को छोड़कर) , सिनेमा हाल, होटल, प्रिंटिंग प्रेस, निजी व्यवसाय कॉर्पोरेट कार्यालय , ऑटो सर्विस स्टेशन / मोटर गैरेज एवं वर्कशॉप , कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण सेंटर, दूर- संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टॉवर, वायर लेस स्टेशन , रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन , वेदशाला एवं मौसम कार्यालय , अग्निशमन केन्द्र, दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस , दूर - संचार टावर एवं स्टेशन, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, शॉपिंग माल ।
आवासीय एवं सामान्य वाणिज्यिक में स्वीकार्य गतिविधियां तथा थोक व्यापार एवं लॉजिस्टिक हब ।
(ब) वर्गीकृत वाणिज्यिक
3. औद्योगिक
औद्योगिक भूखण्डीय विकास, अतिथि गृह / रेस्ट हाउस , होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, क्लिनिक / डिस्पेंसरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र , नर्सिंग होम, खेल मैदान , बालगृह, दिन देखभाल केन्द्र, धार्मिक परिसर , क्लिनीकल [भाग 1
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8960
2035
ग्वालियर विकास योजना |
स्वीकृत उपयोग परिसर
उपयोग
क्र.
3
2
1
प्रयोगशाला, मल्टीप्लैक्स, सिनेमा हाल , होटल, बैटरी चार्जिंग स्टेशन , ईंधन भराव एवं भराव- सह- सेवा केन्द्र, शीत संग्रहागार एवं दुग्ध द्रुतशीतजन संयंत्र , जंकयार्ड, पेट्रोलियम उत्पाद डिपो, गैस गोडाउन, प्रिटिंग प्रेस, ऑटो सर्विस स्टेशन / मोटर गैरेज एवं वर्कशॉप , सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग , डेरी प्लांट, स्लाटर हाउस , फेलैटेड फैक्टरी, स्टोरेज/ गोदाम (अज्वलनशील, ज्वलनशील , डीजल स्टोरेज) , एक्सटेंसिव-विशिष्ट एक्सट्रेक्टिव उद्योग , औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, स्थानीय संस्थायें / अर्द्धशासकीय / शासकीय कार्यालय , दूर - संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टॉवर, वायर लेस स्टेशन , अग्नि शमन केन्द्र, दूर संचार, पोस्ट आफिस , दूरभाष केन्द्र पोस्ट ऑफिस, दूर- संचार टावर एवं स्टेशन , पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, बस स्टॉप, सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वाटर शोधन संयंत्र, लाइब्रेरी, म्यूजियम , स्टाफ क्वार्टर , बैंक/ ए.टी.एम. रेस्टोरेंट ।
सार्वजनिक एवं 4. अर्द्ध सार्वजनिक
अतिथि गृह / रेस्ट हाउस, बालगृह , कामकाजी महिला छात्रावास, होस्टल, लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम, सुविधाजनक दुकानें, स्थानीय दुकानें, क्लिनिक / डिस्पेंसरी, प्रसूति गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, पालतू पशु औषधालय , खेल का मैदान, नेवरहूड पार्क, झूला घर / डे केयर केन्द्र, धार्मिक परिसर, क्लिनिकल प्रयोगशाला, खुला रंग मंच, सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र, अनाथालय , योग -ध्यान-अध्यात्मिक केन्द्र, ईधन भराव , बैटरी चार्जिंग स्टेशन एवं भराव - सह- सेवा केन्द्र, निजि व्यवसाय एवं कार्पोरेट कार्यालय, सूचना प्रौद्योगिकी, स्टोरेज/ गोदाम (अज्वलनशील), सामान्य चिकित्सालय , विशिष्ट चिकित्सालय , पशु चिकित्सालय , विश्व विद्यालय, शैक्षणिक महाविद्यालय, चिकित्सा / इंजीनियरिंग महाविद्यालय , अन्य व्यवसायिक महाविद्यालय, पॉलीटेक्नीक, माध्यमिक विद्यालय , प्राथमिक विद्यालय / नर्सरी, प्ले स्कूल, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण सेंटर, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान , विकलांग बच्चों के लिए विद्यालय , (अ-मानसिक विकलांगता, ब - शारीरिक विकलांगता) , समन्वित आवासीय विद्यालय, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थान/ प्रबंधन संस्थान, अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, संगीत/ नृत्य नाटिका प्रशिक्षण केन्द्र, स्थानीय संस्थायें / अर्द्धशासकीय / शासकीय कार्यालय , दूर- संचार केन्द्र, ट्रांसमिशन टॉवर, वायर लेस स्टेशन , रेडियो एवं टेलीविजन स्टेशन , वेदशाला एवं मौसम कार्यालय , गृह, मनोरंजन क्लब , आंतरिक एवं बाह्य स्टेडियम, स्पोर्ट्स काम्पलेक्स, लाइब्रेरी , म्यूजियम , स्टाफ क्वार्टर , बैंक/ ए.टी.एम . रेस्टोरेंट, तरणताल , होटल मैनेजमेंट संस्थान , कन्वेंशन सेंटर, सामाजिक 8961
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
स्वीकृत उपयोग परिसर
उपयोग
क्र.
3
2
1
कल्याण केन्द्र, मिश्रित उपयोग सूचना प्रौद्योगिकी * एवं गैर -प्रदूषणकारी उद्योग **
सार्वजनिक 5. उपयोगितायें एवं सुविधायें
अग्निशमन स्टेशन, दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस , दूर - संचार टावर / स्टेशन, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, बस स्टाप, मल / अपशिष्ट उपचार संयंत्र, कब्रिस्तान, शमशान घाट, विद्युत शव दाह, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयंत्र , रख रखाव कार्यालय, यातायात सुविधाएं , संचार सुविधाएं, अत्यावश्यक सेवाओं संबंधी कार्य ।
6.
यातायात एवं परिवहन
रेलवे स्टेशन एवं रेलवे लाईन / रेलवे साइडिंग / यार्ड/ आपरेशनल एरिया , बस स्टेण्ड, बस डिपो , ट्रक टर्मिनल- नगर , हवाई पट्टी, माल गोदाम , शीतगृह, सर्विस स्टेशन , रिपेयर वर्कशॉप, अनुशांगिक दुकानें, रेस्टोरेन्ट, मोटल, होटल, पेट्रोल पम्प, बैटरी चार्जिंग स्टेशन ।
7. आमोद-प्रमोद
(अ) क्षेत्रीय / नगर उद्यान / मनोरंजन
खेल का मैदान , पार्क , एम्यूजमेंट पार्क, मनोरंजन साईट, क्लब रिसोर्ट, घुड़सवारी, जिम्नेजियम मय वोट क्लब, आंतरिक स्टेडियम, स्टेडियम , स्पोर्ट कॉम्पलेक्स, ऑरचर्ड, तरणताल , पिकनिक हट, फ्लाईंग क्लब, फिटनेस क्लब , मेला मैदान, नर्सरी, पक्षी अभ्यारण्य, वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान , मत्स्यालय , केम्पिंग साईट, वाटर पार्क, वाटर पार्क मय राइडर कियोस्क, रिसोर्ट, पर्यटक/ कुटीर , खेल उद्यान, नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान, संग्रहालय , अन्य विशिष्ट उद्यान, सर्कस सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय, स्टोर, चौकीदार निवास , चौकीदार हट, पम्प हाउस , अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं / सुविधाएं ।
(ब) मैदान स्टेडियम / खेल
स्टेडियम / खेल मैदान , नेबरहुड पार्क, एम्यूजमेंट पार्क, क्लब /रिसोर्ट, घुड़सवारी प्रशिक्षण, जिम्नेजियम, वोट क्लब, आंतरिक स्टेडियम, स्टेडियम, स्पोर्ट कॉम्पलेक्स, ऑरचर्ड, तरणताल, पिकनिक हट, फ्लाईंग , फिटनेस क्लब , मेला स्थल, नर्सरी , खेल उद्यान, नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान, अन्य विशिष्ट उद्यान, सर्कस, सूचना केन्द्र सार्वजनिक शौचालय , स्टोर , चौकीदार निवास, पम्प हाउस, चौकीदार हट, अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं / सुविधाएं ।
(स) मेला मैदान
मेला मैदान , खेल का मैदान, पार्क, एम्युजमेंट पार्क, क्लब, घुड़सवारी, जिम्मेजियम , वोट क्लब, आंतरिक स्टेडियम - अस्थाई प्रकृति के. ऑरचर्ड, तरणताल , पिकनिक हट, फ्लाईंग , फिटनेस क्लब , नर्सरी , पक्षी अभ्यारण्य , वनस्पति उद्यान , प्राणी उद्यान , केम्पिंग साईट , वाटर पार्क, रिसोर्ट , पर्यटक / कुटीर अस्थाई प्रकृति के, खेल उद्यान, [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8962
2035
ग्वालियर विकास योजना
स्वीकृत उपयोग परिसर
उपयोग
क्र.
3
2
1
नगरीय उद्यान , क्षेत्रीय उद्यान, सर्कस सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय , स्टोर, पम्प हाउस , चौकीदार निवास, चौकीदार हट, अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं/ सुविधाएं , कन्वेशन सेन्टर ।
(द) हरित क्षेत्र
खेल का मैदान, नेबरहुड पार्क, एम्युजमेंट पार्क, घुड़सवारी प्रशिक्षण , वोट क्लब , ऑरचर्ड, तरणताल, पिकनिक हट , फ्लाईंग , नर्सरी , पक्षी अभ्यारण्य , वनस्पति उद्यान , प्राणी उद्यान, मत्स्यालय , केम्पिंग साईट, वाटर पार्क, खेल उद्यान, पम्प हाउस , नगरीय उद्यान , क्षेत्रीय उद्यान ।
(इ) वृक्षारोपण
पर्यावरण वानिकी, खेल का मैदान नेबरहुड पार्क, एम्युजमेंट पार्क, घुड़सवारी, वोट क्लब , ऑरचर्ड, तरणताल, पिकनिक हट, मेला मैदान , नर्सरी , पक्षी अभ्यारण्य , वनस्पति उद्यान, प्राणी उद्यान, मत्स्यालय , केम्पिंग साईट अस्थाई प्रकृति की, वाटर पार्क, पर्यटक/ कुटीर- अस्थाई प्रकृति की, खेल उद्यान, नगरीय उद्यान, क्षेत्रीय उद्यान, सर्कस , सूचना केन्द्र, सार्वजनिक शौचालय , स्टोर, पम्प हाउस्, चौकीदार निवास , चौकीदार हट, अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं/सुविधाएं ।
वन विभाग के प्रावधानों अनुसार
8 वन
9. कृषि
ऐसे समस्त स्वीकृत उपयोग जो "कृषि" शब्द की परिभाषा में म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में वर्णित है । श्मशान घाट/ कब्रिस्तान, जल- मल शोधन केन्द्र, ईंट भट्टे दुग्ध डेयरी , तेल डिपो, फार्म हाउस , वेयर हाऊस , गोडाउन , विस्फोटक सामग्री संग्रहण, शासकीय / अर्द्ध- शासकीय / पंजीकृत संस्थाओं का कार्यालय एवं उनके द्वारा प्रायोजित विशिष्ट स्वास्थ्य / शैक्षणिक / संचार गतिविधियाँ, ग्राम विकास संबंधी गतिविधियाँ (क्लिनिक/ डिस्पेंसरी, प्रसूती गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, पालतू पशुक्लिनिक / औषधालय, रात्रि विश्राम गृह, धर्मशाला, मैरिज हाल / बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मंडपम , कम्यूनिटी हाल , मैरिज गार्डन, बालगृह , होस्टल / लॉजिंग एवं बोर्डिंग , वृद्धाश्रम, सुविधाजनक दुकानें, अनाथालय , योग केन्द्र, ध्यान आध्यात्मिक केन्द्र, ईंधन भराव, बैटरी चार्जिंग स्टेशन एवं भराव - सह- सेवा केन्द्र, माध्यमिक विद्यालय , प्राथमिक विद्यालय / नर्सरी , प्ले स्कूल, कोचिंग सेंटर, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र, शारीरिक प्रशिक्षण केन्द्र, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान, विकलांग बच्चों के लिए विद्यालय, (अ - मानसिक विकलांगता ब -शारीरिक विकलांगता ) , पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट बस स्टॉप, सामाजिक कल्याण केन्द्र, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयंत्र , नर्सरी , लाइब्रेरी, सेवाओं / सुविधाओं संबंधी अत्यावश्यक स्टाफ क्वार्टर, बैंक / ए.टी.एम. , रेस्टोरेंट ग्राम आबादी विस्तार , भवन सामग्री यार्ड, 8963
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
स्वीकृत उपयोग परिसर
उपयोग
क्र.
3
2
1
टिम्बर यार्ड, मैरिज गार्डन , शीत संग्रहागार, दुग्ध शीतजन संयंत्र, जंकयार्ड, पेट्रोलियम उत्पाद डिपो , गैस गोडाउन , डेरी प्लांट स्टोरेज/ गोदाम (अज्वलनशील, ज्वलनशील , डीजल स्टोरेज) , एक्सटेंसिव- विशिष्ट एक्सट्रेक्टिव उद्योग , दूरभाष केन्द्र, पोस्ट ऑफिस, पुलिस पोस्ट, बस स्टाप , मल / अपशिष्ट उपचार संयंत्र, कब्रिस्तान, शमशान घाट, विद्युत शव दाह, जल / वेस्ट वाटर शोधन उपचार संयत्र , समस्त खेल गतिविधियां / लॉजिस्टिक हब, सूचना प्रौद्योगिकी* एवं गैर- प्रदूषणकारी उद्योग **, कृषि पर्यटन सुविधा*** , समस्त प्रकार के भण्डारण ।
नोट:-
(1) * सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश शासन द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के नीति पत्र में वर्णित उद्योग एवं संस्थायें ।
(2) ** गैर- प्रदूषणकारी उद्योग से तात्पर्य है, मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल द्वारा सफेद श्रेणी में वर्गीकृत उद्योग ।
(3) *** कृषि पर्यटन सुविधा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 17 (क) के अनुसार मान्य होगा ।
(4) उपरोक्त परिसरों की स्वीकृति के लिये मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 में विहित न्यूनतम मार्ग की चौड़ाई आवश्यक होगी । भूमि विकास नियमन में जिन परिसरों का उल्लेख नहीं है उनमें न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर होगी ।
(5) स्वीकृति परिसरों में न्यूनतम 50 प्रतिशत भू- खण्डों का क्षेत्र विकास योजना में उल्लेखित भूमि उपयोग के अनुसार रखने पर ही भू-खण्डीय विकास की स्वीकृति दी जाएगी ।
5.22 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया
म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के अनुसार । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8964
2035
ग्वालियर विकास योजना
अध्याय-6
विकास योजना क्रियान्वयन
बैजाताल विकास योजना प्रस्तावों को यथासंभव प्रयासों द्वारा निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन किया जावे तभी इसके तैयार करने की सार्थकता सिद्ध होगी । यह अपेक्षित है कि इसमें नागरिकों द्वारा व्यक्ति या संगठित रूप से निर्माण , पुनर्निर्माण और विभिन्न उपयोगों हेतु भूमि विकसित करके योगदान देना होगा । इसलिए यह आवश्यक होगा कि ऐसे प्रयासों का मार्गदर्शन, निवेश सलाह देकर किया जावे जिससे कि प्रस्तावित विकास एवं निर्माण अनुमोदित विकास योजना के उपबंधों के अनुरूप हो । विकास योजना का प्रभावीकरण तभी संभव हो सकेगा जब म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधानों के अन्तर्गत कोई भी विकास कार्य चाहे वह शासकीय / अर्द्धशासकीय हो, उसकी अनुज्ञा नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय से प्राप्त की जावे । भूमि उपयोग तथा भूमि विकास 8965
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 के नियंत्रण संबंधी प्रावधान म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 एवं म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में निहित है ।
विकास योजना का क्रियान्वयन मुख्यतः ग्वालियर विकास प्राधिकारी द्वारा किया जावेगा । इसके अतिरिक्त म.प्र. गृह निर्माण मण्डल , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय , विभाग लोक निर्माण विभाग , उद्योग विभाग , नगर पालिक निगम द्वारा भी अपने संबंधित कार्यक्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाता है , इससे विकास योजना के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी । इसलिए यह अपेक्षित होगा कि सभी प्रकार की निर्माण गतिविधियों को समन्वित करने हेतु अनेक शासकीय / अर्द्धशासकीय निकाय , विकास योजना के क्रियान्वयन की क्रमावस्था तथा कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दें ।
उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखकर वांछित उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु योजना क्रियान्वयन नीति के अंतर्गत निम्नानुसार प्राथमिकता निर्धारित है ।
6.1 विकास योजना का क्रियान्वयन
विकास योजना के प्रस्ताव सन् 2035 तक की अवधि के लिए हैं । वर्तमान मूल्यों के अनुसार पूर्ण प्रस्ताव क्रियान्वित करने में लगभग 967302.20 लाख रुपये व्यय अनुमानित है । इसमें विभिन्न भूमि उपयोग हेतु प्रस्तावित भूमि के अर्जन हेतु मुआवजा एवं कुल भूमि के 60 प्रतिशत भूमि के विकास पर व्यय , नए मार्गों एवं ओवरब्रिज का निर्माण आदि शामिल हैं । भूमि अर्जन की औसत दर 100.00 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मानी गई है । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8966
ग्वालियर विकास योजना 2035
योजना क्रियान्वयन की लागत
क्षेत्र (हेक्टेयर में) क्र. भूमि उपयोग
प्रस्तावित
शेष भूमि
वर्तमान विकसित
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि
7
5
4
3
2
1
7022.34 550.00
4887.98
11910.32
आवासीय
1.
400.00
3232.79
0
3232.79
2. मिश्रित
20.00
477.21 180.53
657.74
3. वाणिज्यिक
100.00
636.75
335.18
971.93
4.औद्योगिक
100.00
654.52
1748.34
2402.86
सार्वजनिक 5. एवं अर्द्ध सार्वजनिक
0.00
0.00
109.84
109.84
6.
सार्वजनिक उपयोगिता एवं
सेवा-सुविधाएं
430.00
1882.11
252.61
2134.72
7.
आमोद- प्रमोद
600.00
679.33
1699.41
2378.74
8.
यातायात एवं परिवहन
योग:-
14288.37
9510.57
23798.94
(क्षेत्र हेक्टेयर में तथा रुपये लाख में)
नोट:- उपरोक्त आंकडे सांकेतिक स्वरूप के हैं । 6.2 योजना क्रियान्वयन नीति
सारणी 6- सा -1 .
शेष कुल भूमि का 60 प्रतिशत विकास व्यय
भूमि अर्जन प्रति
कुल लागत (रुपये लाख में)
लागत (रुपये लाख में)
क्षेत्र (हेक्टेयर मे)
हेक्टेयर रूपये 50 लाख की दर से
दर (लाख रुपयों में)
12
11
9
10
8
421340.40 448840.40 4213.40 100
27500.00
193967.40 213967.40 20000.00 1939.67 100
10831.80 11831.80 1000.00 108.32 100
43205.00
38205.00
382.05 100
5000.00
44271.20 392.71 100 39271.20
5000.00
0.00
0.00
100
0.00
0.00
134426.60
112926.60
100
21500.00 1129.27
70759.80
100 40759.80
407.60
30000.00
967302.20
857302.20
8573.02
110000.00
2200.00
योजना क्रियान्वयन हेतु समयबद्ध निरन्तर प्रयासों की आवश्यकता होती है, ताकि नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो सके । इस परिप्रेक्ष्य में ग्वालियर विकास योजना 2021 के क्रियान्वयन का मूल्यांकन यह दर्शाता है कि कई महत्वपूर्ण विकास के घटकों का अपेक्षित क्रियान्वयन नहीं हो पाया है, जिसके फलस्वरूप योजना के मूल प्रस्तावों का भौतिक रूप में रूपांतरण नहीं हो पाया है । सक्षम प्रबंधन की कमी ही योजना के प्रभावित होने का प्रमुख कारण रहा है । ग्वालियर विकास योजना के क्रियान्वयन का दायित्व ग्वालियर विकास प्राधिकरण का है तथा अन्य विकास / निर्माण संस्थाएं सहभाग करेगी । 8967
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
20: 2035
ग्वालियर विकास योजना |
अतएव निम्नलिखित उददृश्यों की प्राप्ति हेतु योजना क्रियान्वयन नीति निर्धारण की नितांत आवश्यकता है-
1. भूमि का कुशलतम उपयोग ।
2. सेवायें एवं अधोसंरचना का विकास ।
3. भूमि की निरंतर उपलब्धता तथा अधोसंरचना विकास में संस्थागत / निजी सहभागिता ।
4. प्राकृतिक पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन ।
5. सांस्कृतिक धरोहर क्षेत्रों का संरक्षण एवं संवर्धन ।
6.3 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम
पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत जलाशयों का संरक्षण , उनकी जल गुणवत्ता, जल फैलाव क्षेत्र एवं जल स्त्रोतों के जल ग्रहण क्षेत्रों की भूमि पर विकास नियंत्रण सम्मिलित है । अन्य पर्यावरणीय समस्याओं जैसे नगरीय अपशिष्ट के उपचार, निर्वतन एवं पुर्नचक्रीकरण तथा नगरीय विस्तार के परिप्रेक्ष्य में जनसंख्या के विस्थापन से उत्पन्न समस्याओं का निराकरण सम्मिलित है ।
जलाशयों के किनारे होने वाले नगरीय विकास के दबाव को कम करने के लिये विकास नियंत्रण आवश्यक है । जलाशय प्रदूषण एवं मिट्टी के कटाव को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के परिप्रेक्ष्य में रोका जाना आवश्यक है । इसी तरह से जल ग्राहय क्षेत्रों में भूमि उपयोग नियंत्रण की नितांत आवश्यकता है, जिसे पर्यावरण स्तर में और अधिक गिरावट को रोका जाकर वांछित पर्यावरण का स्तर प्राप्त हो सके । उपरोक्त संवेदनशील क्षेत्रों के संरक्षण हेतु निम्नानुसार कार्यवाही प्रस्तावित है-
1. जलाशयों के जल मल प्रवाह को रोकने हेतु सीवर लाईनों की व्यवस्था ।
2. जल ग्रहण क्षेत्रों में भू- उपयोग प्रबंधन से जलाशयों का प्रदूषण ।
3. जल फैलाव क्षेत्र एवं सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्रों में प्रदूषण एवं अन्य पर्यावरणीय गिरावट के नियंत्रण हेतु संस्थागत समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित करना ।
4. सीवर लाइन से बहने वाले प्रदूषित पानी को रोकने हेतु जल-मल शोधन संयंत्रों का निर्माण एवं परिचालन सुनिश्चित करना । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8968
ग्वालियर विकास योजना 2035
6.4 नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना
नगरीय अधोसंरचना तथा सेवा सुविधाओं संबंधी योजना का प्रमुख स्वरूप निम्न नीतिगत उद्देश्यों की प्राप्त के लिए रखा गया है-
(1 ) नियंत्रित विकास के द्वारा भूमि की निरंतर उपलब्धता के लिये उपयुक्त भूमि प्रबंधन की व्यवस्था तथा नगर विकास की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अधोसंरचना भूमि बैंक के लिये पर्याप्त मात्रा में भूमि का अधिग्रहण ।
(2) विस्तृत योजना प्रस्ताव तथा भूमि क्षमता के अनुरूप भूमि उपयोग तथा अधोसंरचना विकास हेतु नियमन ।
(3) भौतिक एवं वित्तीय आवश्यकताओं के परिप्रेक्ष्य में निजी एवं सार्वजनिक परियोजनाओं के नियोजन तथा रूपांकन में भूमि का युक्तियुक्त उपयोग ।
(4) नगरवासियों एवं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में भौतिक, आर्थिक एवं सामाजिक अधोसंरचना तथा सेवाओं का युक्तियुक्तकरण ।
नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा कार्यक्रम के प्रमुख तत्वः
नियंत्रित विकास ।
अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन ।
अधोसंरचना विकास निधि का गठन ।
एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना ।
विकास नियमन हेतु बहुआयामी दृष्टिकोण ।
6.4.1 नियंत्रित विकास
विकास कार्यक्रमों में भू- स्वामी / विकासकर्ता / सामुदायिक समूह की भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित विकास तंत्र की प्राप्ति की जाएगी । यहाँ समन्वयक संस्था की भूमिका प्रदायकर्ता की होगी । सार्वजनिक संस्थायें, प्रमुख सेवायें एवं यातायात तंत्र के एकीकृत नियोजन एवं रुपांकन हेतु उत्तरदायी होगी । परिसीमन विकास , संयुक्त क्षेत्रों पर 8969 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
सहभागियों के संसाधनों के समन्वय द्वारा किया जाएगा । इस प्रकार विकसित भूमि का आवंटन, अधोसंरचना भूमि बैंक एवं अधोसंरचना विकास निधि बनाने हेतु किये गये योगदान को ध्यान में रखते हुए भू-अंश एवं अन्य निवेश के सहयोग के अनुपात में किया जायेगा । उपरोक्त व्यवस्था क्रियान्वयन हेतु शासन के अनुमोदन की आवश्यकता होगी ।
6.4.2 अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन
एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम में सहभागी सार्वजनिक संस्थाओं एवं निजी संस्थाओं की विभिन्न परियोजनाओं में निहित भूमि में अनुपातिक एवं समान आधार पर भूमि पर अंशदान की सहायता हेतु अधोसंरचना भूमि बैंक की स्थापना प्रस्तावित है ।
मुख्य नगर मार्गों एवं सार्वजनिक खुले क्षेत्रों हेतु अधोसंरचना भूमि बैंक में अंशदान करने वालों को राज्य शासन की स्वीकृति से प्रोत्साहन स्वरूप छूट या लाभ प्रदत्त किया जाना प्रस्तावित है ।
6.4.3 एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना
एकीकृत विकास कार्यक्रम को निम्नलिखित नीतिगत ढांचे के अनुरूप तैयार एवं क्रियान्वित किया जा सकेगा ।
1. योजना के क्रियान्वयन हेतु वार्षिक क्रियान्वयन कार्यक्रम तैयार किया जाएगा । जिसमें निर्धारित चरणबद्ध नगर विकास कार्यक्रम सामने आ सकेगा । मूलतः यह क्रियान्वयन कार्यक्रम योजना के प्रमुख क्षेत्रों के विकास हेतु प्राथमिकता के आधार पर लिये जाने वाले क्षेत्रों के लिए विकास कार्यक्रम होगा ।
2. नगर विकास प्रक्रिया में सहभागिता की पहल एवं समन्वय द्वारा वार्षिक विकास क्रियान्वयन कार्यक्रम तैयार किया जाएगा । यह कार्यक्रम भूमि अधिगृहण लक्ष्य, भूमि विकास , वृत्त खण्ड एवं उपवृत्त खण्ड स्तर सुविधाओं का विकास तथा शासकीय एवं अर्द्ध शासकीय संगठनों के कार्यक्रमों को प्रमुख रूप से दर्शाएगा । यह कार्यक्रम चालू वर्ष में पूर्ण किये जाने वाले नगर मार्ग तंत्र तथा मुख्य सेवा सुविधाओं को [भाग 1 8970
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
2035
ग्वालियर विकास योजना
विशेष रूप से प्रदर्शित करेगा । निवेश योजना की एकीकृत नीति, आवश्यकता क्षेत्रों में शहरी अधोसंरचना विकास हेतु समुचित वित्त का सामयिक प्रबंध करेगा ।
3. योजना क्रियान्वयन में सार्वजनिक संस्थाओं की भूमिका प्रदायकर्ता के रूप में होगी । इस हेतु समन्वित पद्धति तैयार करने की आवश्यकता है ।
4. परिक्षेत्र योजनायें, स्थानीय संस्थाओं द्वारा विकास योजना लागू होने के तुरंत बाद बनायी जाएगी ।
5. नगर विकास में निवेश के अंतर्गत अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना उपयुक्त होगा । इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं की बजट उपलब्धता एवं अन्य स्त्रोतो को एकत्रित करते हुए नगर विकास योजना कार्यक्रम का क्रियान्वयन निम्नलिखित ढांचे के अंतर्गत किया जाकर लक्ष्य पूर्ति करना प्रस्तावित है ।
एकीकृत नगरीय विकास योजना के अंतर्गत विकास के घटकों का निर्धारण ।
कार्यक्रम के समन्वयक प्राधिकारी एवं अन्य सहभागियों में से निवेश के लिए सर्वसम्मत क्षेत्रों का निर्धारण ।
विकास योजनाओं की प्राथमिकता का निर्धारण ।
एकीकृत नगर विकास की परियोजना तैयार करना ।
निवेश के ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करना जो निजी निवेश अथवा सहभागिता का उपयोग करते हुए क्रियान्वित किये जा सकते है ।
समन्वय प्राधिकारियों एवं अन्य संस्थाओं के लिए क्रियान्वयन लक्ष्यों का निर्धारण । 6.5 योजना एवं कार्यक्रम
विकास योजना का क्रियान्वयन दो चरणों में करने का प्रावधान है । प्रथम चरण सन 2026 तक की आवश्यकताओं हेतु तथा शेष अवधि द्वितीय एवं तृतीय चरण की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु रखी गई है । योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु भूमि स्वामियों, विकासकर्ताओं, सामूहिक समूहों, निजी विकासकर्ताओं एवं सार्वजनिक संस्थाओं के माध्यम 8971
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
से स्त्रोत गतिशीलता का प्रभावी कार्यक्रम एवं वार्षिक विकास दर एवं वित्तीय कार्यक्रम बनाना आवश्यक है ।
योजना प्रस्तावों का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन करने के लिये नीतियों को सुविधाजनक बनाने में राज्य शासन की भूमिका सहयोगी संस्था के रूप में होगी । इन उद्देश्यों पूर्ति हेतु राज्य शासन और वर्तमान में कार्यरत संस्थाओं के साथ नगर विकास प्राधिकारी द्वारा निम्नलिखित क्षेत्रों में नगर स्तरीय अधोसंरचना विकास क्रियान्वित किया जावेगा-
1. भूमि प्रवाह सरलीकरण के लिए नीति तैयार कर उसे नवीन प्रस्तावित क्षेत्रों में लागू करने हेतु अंतिम स्वरूप दिया जायेगा ।
2. नवीन क्षेत्रों में अत्यावश्यक मार्गों के विकास कार्यक्रम निर्धारित करना, जो अन्य सभी गतिविधियों को भी गति दे सके ।
3. नगरीय क्षेत्र में भूमि स्वामियों, विकासकर्ताओं, सामूहिक समूहों एवं निजी भवन निर्माणकर्ताओं की साझेदारी द्वारा क्रियान्वयन को दृष्टिगत रखते हुए भूमि विकास कार्यक्रम की नीतियां तैयार करना ।
4. परिसीमन अधोसंरचना के प्रावधान के साथ पांच से दस हेक्टेयर के अर्द्ध विकसित भूखण्डों को सार्वजनिक संस्थाओं के माध्यम से प्राप्त करने हेतु भूमि विकास कार्यक्रम को मूर्त रूप देना ।
5. वर्तमान जल के स्त्रोतों की क्षमता में वृद्धि करना तथा नये स्त्रोतों के माध्यम से प्रस्तावित योजना के दोनों चरणों की पूर्ति करना ।
6. नवीन उपनगरीय क्षेत्रों में नगरीय विकास में प्रथम चरण कार्यक्रम की पूर्ति हेतु मूल - भूत अधोसंरचना, पावा ग्रिड एवं जल निकास व्यवस्था का विकास ।
7. प्रस्तावित नवीन उपनगरीय क्षेत्रों में भूमि विकास कार्यक्रम , नगरीय विकास परियोजनाओं के साथ ही लक्षित समूह आवासों के विकास के क्रियान्वयन हेतु एक विशेष नियोजन एवं विकास अनुज्ञा तंत्र तैयार करना । भाग 1
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2035
ग्वालियर विकास योजना
8. परिणाम मूलक भूमि निष्पादन नीति तैयार किया जाना आवश्यक है, जिससे उपनगरों के विकास तथा सहभागियों के स्त्रोत में वृद्धि तथा गतिशीलता लाई जा सके।
9. लक्षित समूहों के मध्य कोर हाउसिंग का विकास, समृद्धिशाली जनसंख्या के लिये विशेष आवासीय क्षेत्र मध्यक्षेत्र के लिये बाजार का विकास तथा उपनगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं का विकास ।
10. अर्द्ध विकसित क्षेत्रों को मिलाकर सभी रहवासी क्षेत्रों में जन - यातायात प्रणाली का विस्तार करना ।
6.6 प्रथम चरण कार्यक्रम
प्रथम चरण कार्यक्रम में सार्वजनिक विकास संस्थाओं, सहकारी समितियों एवं सहभागी संस्थाओं के प्रयासों को सम्मिलित करते हुए प्राथमिकता के अनुरूप विकसित किया जाना प्रस्तावित है ।
प्रथम चरण में प्रस्तावित घटकों का विवरण निम्नानुसार है-
1. पूर्वी बायपास मार्ग का निर्माण ।
2. कमजोर आय वर्ग के लिये भवनों का निर्माण ।
3. सीवर लाइनों का निर्माण ।
4. उच्च स्तरीय पानी की टंकियों का निर्माण ।
5. आंशिक विकसित क्षेत्रों में नगर एवं जोड मार्गो का निर्माण ।
6. सघन एवं भारी यातायात वाले मार्गों का सुधार एवं चौडीकरण ।
7. पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत वाणिज्यिक निर्माण ।
8. आंशिक विकसित क्षेत्रों में आवश्यक सेवा सुविधाओं का विस्तार ।
9. पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत सीता सागर तालाब का संरक्षण एवं सुविधाओं का विकास ।
10. यातायात नगर का विकास । 8973
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035
प्रथम चरण में प्रावधानित विकास प्रस्तावों में क्षेत्र की भूमि अधिग्रहण लागत सहित क्षेत्र के विकास की वर्तमान अनुसार लागत रुपये 316400.00 लाख अनुमानित है-
प्रथम चरण क्रियान्वयन लागत
कार्य विवरण
क्र
भू-अर्जन भौतिक लक्ष्य (हेक्टेयर)
सारणी 6- सा-2.
भूमि का विकास व्यय
कुल व्यय व्यय रुपये लाख में
दर लागत
(रुपये लाख में)
भू-अर्जन
लागत (रु.
50 लाख प्रति
हेक्टेयर की
दर से)
3
4 2
1
10000.00
200.00
1 आवासीय
2500.00
50.00
2 मिश्रित
2500.00
50.00
3 वाणिज्यिक
2500.00
50.00
4 औद्योगिक
2500.00
50.00
सार्वजनिक 5 एवं अर्द्धसार्वजनिक
2500.00
50.00
सार्वजनिक 6 उपयोगिता एवं सुविधाएं
5000.00
100.00
7 आमोद-प्रमोद
5000.00
100.00
8
यातायात एवं परिवहन
32500.00
650.00
योग-
नोट:- उपरोक्त आंकड़े सांकेतिक स्वरूप के हैं । 6.7 संसाधन गतिशीलता
भौतिक लक्ष्य (क्षेत्रफल हेक्टेयर मे)
4
6
5
7
120000.00 130000.00 1200.00 100.00
85500.00
83000.00
100.00
830.00
6200.00
3700.00
100.00
37.00
15200.00
12700.00
100.00
127.00
15500.00
13000.00
100.00
130.00
0.00
2500.00 100.00
0.00
43000.00
38000.00
100.00
380.00
18500.00
13500.00
100.00
135.00
316400.00
283900.00
2839.00
नगर नियोजन वास्तव में संसाधन के उत्सर्जन, विकास एवं प्रबंधन का अभ्यास है । वर्तमान में नगर विकास एवं निवेश हेतु समुचित प्रयास किये गये है , जिसके परिणाम स्वरूप संसाधनों का समुचित दोहन नहीं हुआ है । अतः नियोजन के एकीकृत प्रयास एवं संसाधनों के उचित उपयोग द्वारा विकास को गतिशील किया जाना प्रस्तावित है । शहरी शासकीय भूमि स्वयं महत्वपूर्ण संसाधन है । वर्तमान में भूमि संसाधनों के नगर विकास में निवेश के प्रयास तदर्थ एवं असमन्वित रहे है । [भाग 1
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216
서
PlanningArea
सार्वजनिकएवंअर्थ
आवासीय
परिवहन
Legend
EXISTINGPROPOSED
GWALIOR FIRSTPHASE
Source:DirectorateofTown&CountryPlanning
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationContie,MPCST,Bhopal
ST
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PLANNINGIA
RECREATIONAL
MUNICIPAL
CANAN AGRICULTUR
BOUNDARIE!
VILLAGE
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COMMERCIAL
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INDUSTRIAL
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AMAKS
District-Gwe
MIXEDLAND
TRANSPORTATION BUSSTAN
PUBLIC&SERPUBLIC PUBLICINSTITIONSA
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ToChitora
ToUtila
ToBehat
ToJhansi
ΠΠ ☐☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
To Jhansi To Bhind
To Mahtoli
ToKarera ToAgra ToAgra
weer
SADA
ToTighra
ToShivpuri ToMumbal 8975
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2 2035
ग्वालियर विकास योजना |
ग्वालियर नगर की नगरीय वृद्धि एवं नगरीयकरण के फल स्वरूप भूमि के बाजार मूल्यों पर नियंत्रण रखते हुए , संसाधनों के बहुल अवसरों एवं क्षमताओं का दोहन किया जा सकता है, जिसके अंतर्गत स्थानीय राजस्व को सृजित करने हेतु एक निश्चित तंत्र की आवश्यकता है, जो नगर में कार्यरत नगर भूमि व्यावसायिक को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है । इस हेतु संभावित निम्न उपाय किये जाना प्रस्ताव है –
बेटरमेंट शुल्क, भू- उपयोग व्यपवर्तन शुल्क, स्वीकार्य गतिविधि शुल्क (आवासीय के अतिरिक्त) , हस्तांतरण शुल्क, लीज शुल्क, भूमि शुल्क, निर्माण शुल्क, खुले क्षेत्रों के उपयोग का शुल्क प्रीमियम FAR आदि । इन विभिन्न शुल्कों द्वारा संकलित राशि का उपयोग आलोच्य क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास हेतु ही किया जाना प्रस्तावित है ।
वार्षिक आधार पर भूमि विकास क्षेत्रों हेतु चिन्हित किये गये विकास में भी सहभागियों के निवेश की गतिशीलता हेतु एक कार्यक्रम का निर्धारण किया जाना चाहिए । यह प्रक्रिया भौतिक अधोसंरचना के तत्वों को अत्यंत तीव्रता से उत्पन्न कर संसाधन संकलिज करने में सहयोग प्रदान करेगी ।
6.8 योजना पर्यवेक्षण तंत्र
विकास योजना की सफलता विकास योजना प्रस्तावों का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन एवं प्रथम चरण कार्यक्रम के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता, संसाधनों की गतिशीलता पर निर्भर करती है । यह योजना क्रियान्वयन एवं पुनर्विलोकन के साथ - साथ विकास योजना के अंगीकृत होने के उपरांत तदनुसार कार्यवाही हेतु परिभाषित पर्यवेक्षण तंत्र, स्थापना की आवश्यकता प्रदर्शित करता है ।
योजना पर्यवेक्षण तंत्र को निम्नानुसार तैयार करना प्रस्तावित है-
i. पंचवर्षीय आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम के निरंतर तंत्र की स्थापना । ii . आलोच्य क्षेत्रों में वार्षिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्राथमिक कार्य योजना का निर्धारण ।
iii . प्रथम चरण क्रियान्वयन कार्य योजना के अंतर्गत नगर विकास हेतु चिन्हित कार्यक्रम में संलग्न विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के उपलब्ध बजट का पर्यवेक्षण करना । भाग 1
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2035
ग्वालियर विकास योजना
iv . वार्षिक भौतिक लक्ष्य एवं आलोच्य अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश का निर्धारण ।
V. आलोच्य क्षेत्रों की सार्वजनिक संस्थाओं एवं अन्य सहभागियों की विकास में भूमिका का निर्धारण ।
vi . समुचित संस्थागत तंत्र की स्थापना ।
vii . वार्षिक आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम निर्धारण ।
viii. सार्वजनिक एवं अन्य संस्थाओं की भूमिका को परिभाषित करते हुए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम को परियोजनाओं तथा उप परियोजनाओं के संदर्भ में परिभाषित करना ।
योजना पर्यवेक्षण तंत्र से योजना का पर्यवेक्षण निम्न माध्यम से प्रस्तावित है-
(1 ) स्थानीय स्तर पर नियोजन पर्यवेक्षण ।
(2) नगर विकास प्राधिकरण द्वारा वार्षिक विकास प्रतिवेदन तैयार करना ।
(3) नियोजन पर्यवेक्षण समिति द्वारा विकास प्रतिवेदन का मूल्यांकन ।
(4) शासन को वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करना ।
(5) वार्षिक विकास प्रतिवेदन पर शासन द्वारा जारी निर्देशों का क्रियान्वयन ।
6.9 नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति का गठन
मध्यप्रदेश शासन , आवास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश क्रमांक एफ- 3-36 / 2020 /18-5 भोपाल , दिनांक 16.06.2020 द्वारा ' नियोजन एवं पर्यवेक्षण' समिति का पुर्नगठन स्थानीय स्तर पर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में किया गया है । इस समिति में नगरीय विकास प्रक्रिया से संलग्न संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल है । नगर तथा ग्राम निवेश के जिले कार्यालय का प्रभारी इस समिति का सदस्य सचिव होगा । संचालक नगर तथा ग्राम निवेश के ज्ञाप क्रमांक 2876 दिनांक 15.05.1998 में उल्लेखित कार्य पद्धति को अपनाते हुए यह पर्यवेक्षण समिति निम्न क्षेत्रों में क्रियान्वयन स्थिति का सूक्ष्म पर्यवेक्षण करेगी । 8977
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भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035 (1) भूमि की मांग / वितरण
i. नगरीय अधोसंरचना ।
ii. आवास ।
iii . लक्ष्य समूह हेतु आश्रय कार्यक्रम ।
iv . सार्वजनिक खुले क्षेत्र ।
k
V. कार्यकेन्द्र ।
(2) भूमि विकास प्रस्ताव
i. नवीन उपनगरीय क्षेत्रों का लक्ष्य रखते हुये परिसीमा अधोसंरचना के साथ भूमि का विकास ।
ii . आवास एवं आश्रय परियोजना ।
iii . निवेश इकाई क्षेत्र में अन्य सामाजिक सुविधायें ।
iv . आमोद - प्रमोद क्षेत्रो का विकास तथा सुरक्षित खुले क्षेत्र ।
v. वृत्त खण्ड एवं उप वृत्त खण्ड का विकास ।
समिति हर तीन माह में निम्न क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा करेगी-
i. कार्यक्रम बनाना ।
ii . परियोजना तैयार करना ।
iii . परियोजना की वित्तीय परियोजना ।
iv . परियोजना का क्रियान्वयन ।
मूल्यांकन के आधार पर सुधार प्रस्तावों का क्रियान्वयन ।
6.9.1 वार्षिक विकास प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण
वार्षिक विकास प्रतिवेदन द्वारा नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति के वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें नियोजन / क्रियान्वयन के सभी पहलुओं के साथ ही सुधार हेतु अनुशासित बिन्दु भी सम्मिलित होंगे । भाग 1
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2035
ग्वालियर विकास योजना
वार्षिक विकास प्रतिवेदन, समिति द्वारा अपनी अनुशंसा सहित संचालक नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश को विचार हेतु प्रस्तुत किया जाएगा । संचालक द्वारा अपनी टिप्पणी सहित प्रतिवेदन शासन को प्रस्तुत किया जाएगा ।
6.10 योजना की व्याख्या
ग्वालियर विकास योजना मूलतरू नीतिगत दस्तावेज है । विकास योजना में निहित प्रस्ताव विस्तृत एवं सांकेतिक स्वरूप के है । अतः विकास प्रस्तावों की व्याख्या हेतु निम्नलिखित मापदंड निर्धारित किये गये है-
i. विकास योजना प्रस्तावों की व्याख्या करते समय तथा विकास अनुज्ञा देने के पूर्व विकास योजना प्रतिवेदन में उल्लेखनीय विषयवस्तु के साथ - साथ भूमि विकास नियम , 2012 का अनुसरण आवश्यक है ।
ii . यह एक नीतिगत दस्तावेज है, विभिन्न उपयोग परिक्षेत्र में भूमि की आवश्यकता से संबंधित व्याख्या विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना बनाते समय स्थिति अनुसार वास्तविक आवश्यकता के अनुसार पुनर्समायोजित की जा सकती है ।
iii . प्रत्येक उपयोग परिक्षेत्र में गतिविधियों का संचालन अध्याय -5 में दिये गये विकास नियमनों एवं भूमि विकास नियम , 2012 के अंतर्गत होगा ।
iv . म.प्र. संस्कृति विभाग द्वारा विरासत भवनों की योजना एवं चिन्हाकिंत स्थल ग्वालियर विकास योजना 2035 के भाग माने जायेगें ।
V. विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन के समय प्रस्तावित प्रमुख मार्गों की संरचना में आंशिक स्थल परिवर्तन अपरिहार्य होता है । स्थल की स्थिति तथा अभियांत्रिकी आवश्यकताओं के आधार पर मार्ग संरचना का वास्तविक रेखांकन किया जाएगा । भूमि का उपयोग संस्पर्शी उपयोग अनुरूप मार्ग रेखांकन पर आधारित होगा । इस संबंध में राज्य शासन द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम एवं विकास योजना प्रावधानों का भाग माना जावेगा ।
आवास एवं पर्यावरण नीति 2007 के क्रियान्वयन हेतु राज्य शासन द्वारा जारी आदेश / निर्देश बंधनकारी होंगे । 8979
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भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना| 2035 6.11 योजना कालावधि
विकास योजना कालावधि नगर विकास की एक सतत् प्रक्रिया है तथा इस प्रक्रिया में अनेक घटकों की महत्तवपूर्ण भूमिका होती है । इन सभी घटकों में कालावधि को नगर के विकास तथा नियोजन हेतु आधार माना जाता है । कालावधि के आधार पर नगर की भावी जनसंख्या की आवश्यकताओं आदि को अनुमानित कर नगर का भावी स्वरूप निर्धारित किया जाता है । ग्वालियर नगर के वर्तमान एवं भावी विकास को दृष्टिगत रखते हुए विकास योजना की कालावधि वर्ष 2035 तक निर्धारित की गई है । अतः नगर की भावी जनसंख्या एवं अन्य आवश्यकताओं का निर्धारण उपरोक्त कालावधि हेतु किया जाने के साथ - साथ इसमें दीर्घकालीन आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा गया है ।
विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग एवं नगरीय अधोसंरचना के प्रस्ताव केवल विकास योजना कालावधि तक सीमित नहीं रखे जा सकते हैं । चूंकि नगर विकास एक सतत् प्रक्रिया है एवं योजना कालावधि के बाद के नगरीय विकास के लिए आधारभूत संरचना के रूप में उपयोगी सिद्ध होंगे । अतः ग्वालियर विकास योजना के प्रस्ताव योजना कालावधि समाप्त हो जाने के उपरांत भी विकास योजना के पुनर्विलोकन एवं उपांतरण होने तक अथवा विकास योजना प्रस्तावों के संतृप्त होने तक प्रभावशील रहेंगे । [भाग 1
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ग्वालियर विकास योजना 2035
परिभाषायें 8981
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भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
परिभाषायें
1 आवासीय भू-खण्ड भू- खण्डीय आवास
एक या अधिक आवासीय इकाईयों का ऐसा परिसर जिसमें मुख्य भवन खण्ड तथा एक गैरेज/ गैरेजेस , सेवक आवास हेतु एक अतिरिक्त खण्ड सम्मिलित हो ।
2 आवासीय भू-खण्ड समूह आवास
न्यूनतम 5000 वर्गमीटर का परिसर, जिसमें मूलभूत सेवा सुविधायें जैसे वाहन विराम स्थल , उद्यान, सुविधाजनक दुकानें, सार्वजनिक सुविधायें आदि के साथ आवासीय प्रकोष्ठ स्थित हों । 3 आवासीय फ्लेट
एक परिसर के लिए आवासीय इकाई जो कि समूह आवास का भाग या स्वतंत्र हो ।
4 आवासीय-सह-कार्य भू- खण्ड
एक परिवार में एक परिवार के लिए उपलब्ध आवासीय जगह हो तथा जिसका कार्य स्थल भूतल तक सीमित हो , ऐसे परिसर केवल सार्वजनिक आवासीय परियोजनाओं में मान्य होंगे । 5 आवासीय परिसर - विशेष क्षेत्र
विशेष क्षेत्र नियमन में दिये अनुसार मिश्रित उपयोग रहित या सहित विशेष क्षेत्र में आवासीय स्थान ।
6 छात्रावास (होस्टल)
दीर्घावधि हेतु आवंटित संस्थानों से जुड़े कमरों का परिसर ।
7 अतिथिगृह बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह
अतिथिगृह से तात्पर्य अल्पावधि हेतु शासकीय, अर्द्धशासकीय , सार्वजनिक उपक्रम एवं निजी मर्यादित संस्थाओं हेतु आवासीय परिसर ।
बोर्डिंग हाउस वह परिसर जिसमें कमरों को छात्रावासों की अपेक्षा दीर्घावधि के लिए किराये पर दिये हों ।
धर्मशाला एवं इसके समकक्ष 8
वह परिसर जिसमें बिना किसी लाभ के अल्पावधि के लिए अस्थाई रहवासी जगह उपलब्ध हो । 9 बारात घर
सार्वजनिक संस्था द्वारा संचालित विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यों के उपयोग हेतु स्थान । 10 रैन बसेरा (नाइट शेल्टर)
ऐसा परिसर जिसमें व्यक्तियों को रात्रि में स्थान बिना किसी शुल्क या सांकेतिक शुल्क के साथ भाग 1
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2035
ग्वालियर विकास योजना
उपलब्ध कराया जाता हो , जो कि स्थानीय शासन या स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा संचालित हों । 11 फुटकर दुकानें
आवश्यक भण्डारण के साथ उपभोक्ताओं हेतु सीधे आवश्यक वस्तुओं का विक्रय परिसर ।
12 मरम्मत दुकान
गृह सामग्री, इलेक्ट्रानिक सामान, आटोमोबाईल , सायकल आदि की मरम्मत हेतु फुटकर दुकानों के समकक्ष परिसर ।
व्यक्तिगत सेवा दुकान 13
फुटकर दुकान के समकक्ष ऐसा परिसर जिसमें दर्जी, नाई आदि की सेवायें उपलब्ध हों ।
14 बेडिंग बूथ
यांत्रिकी या अन्य व्यवस्था के माध्यम से दैनिक उपयोग की वस्तुओं का विक्रय परिसर जो कि एक बूथ के स्वरूप में हो ।
15 सुविधाजनक दुकान केन्द्र
लगभग 5000 जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में अधिकतम 50 दुकानों का समूह ।
16 स्थानीय दुकान केन्द्र
लगभग 15 हजार जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में 75 दुकानों का समूह ।
17 साप्ताहिक बाजार / अनौपचारिक समूह इकाई
बाजार में सप्ताह में एक बार उपयोगिता अनौपचारिक दुकानों का समूह क्षेत्र। यह बाजार सप्ताह में विभिन्न दिवसों में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित हो ।
18 थोक व्यापार
ऐसा परिसर जहां से वस्तुयें एवं सामग्री फुटकर व्यवसायियों को विक्रय हेतु पहुंचाई जाती हों । 19 स्टोरेज गोदाम एवं भण्डारण
ऐसा परिसर जहां केवल विशेष रूप से संबंधित वस्तुओं की आवश्यकता के अनुरूप सामग्री एवं वस्तुओं के भण्डारण का उपयोग किया जाता है ।
20 कोल्ड स्टोरेज (शीतगृह)
आवश्यक तापमान बनाये रखने हेतु यांत्रिकी एवं विद्युत उपकरणों के उपयोग के साथ ऐसी बंद जगह जहां शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुओं का भण्डारण किया जाता हो ।
21 गैस गोदाम
ऐसा परिसर जहां खाना पकाने की गैस के सिलेण्डर या अन्य गैस सिलेण्डरों का भंडारण किया जाता हो । 8983
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भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
22 तेल डिपो
संबंधित सुविधाओं के साथ पेट्रोलियम उत्पाद भण्डारण का परिसर ।
الى
23 कबाड़खाना
अतिशेष वस्तुयें एवं सामग्री के क्रय- विक्रय के साथ बंद , अर्द्धबंद एवं खुला भण्डारण
परिसर ।
24 वाणिज्यिक कार्यालय
लाभ अर्जित करने वाली संस्थाओं के कार्यालयीन उपयोग का परिसर ।
25 बैंक
ऐसा परिसर जहां बैंकिंग कार्य एवं गतिविधियों के कार्यालय स्थित हों ।
26 मोटर गैरेज एवं कार्यशाला
वाहनों के मरम्मत एवं सर्विसिंग परिसर ।
27 छविगृह
दर्शकों की बैठक व्यवस्था के साथ बंद जगह जहां चलचित्र दिखाये जाने की व्यवस्था हो , ऐसा परिसर ।
28 पेट्रोल पंप
ऐसा परिसर जहां उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पाद विक्रय हो, साथ ही वाहन सर्विसिंग की व्यवस्था हो ।
29 रेस्टोरेंट/ अल्पहार गृह
ऐसा परिसर जिसका उपयोग व्यवसायिक आधार पर खाने के व्यंजनों को उपलब्ध कराने के लिए किया जाता हो (व्यंजन पकाने की व्यवस्था के साथ) जिसमें खुले, बंद या दोनों प्रकार की बैठक व्यवस्था हो ।
30 होटल
ऐसा परिसर, जहां भोजन अथवा बिना भोजन व्यवस्था के 15 व्यक्तियों की सशुल्क रहवास की व्यवस्था हो ।
31 मोटल
ऐसा परिसर, जो कि मुख्य राजमार्ग के समीप एवं नगरीय सीमा के बाहर हो तथा जिसका उपयोग सड़क से यात्रा करने वाले व्यक्तियों के सुलभ भोजन व्यवस्था हेतु किया जाता हो । 32 फ्लेटेड समूह उद्योग
ऐसा समूह जिसमें अहानिकारक लघु उद्योग इकाईयों का समूह स्थित हो , यह इकाईयां
बहुमंजिला भवन में हो सकती हैं । भाग 1
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ग्वालियर विकास योजना
सेवा केन्द्र
33
ऐसा परिसर जिसमें विशिष्ट रूप से वाहन मरम्मत, विद्युतीय उपकरण मरम्मत, भवन सामग्री आदि की दुकानें स्थित हों, ताकि पड़ोसी आवासीय क्षेत्रों को आवश्यक सेवा प्रदाय हो सके । 34 औद्योगिक भूखण्ड - हल्के उद्योग
अहानिकारक 50 कर्मचारियों वाली उद्योग इकाईयों का परिसर ।
35 औद्योगिक भूखण्ड विशिष्ट उद्योग
ऐसी औद्योगिक इकाईयों का परिसर जिसमें इलेक्ट्रानिक सामग्री आदि जैसी विशिष्ट उत्पादन इकाईयों का समूह सम्मिलित हो ।
36 उद्यान (पार्क)
आमोद - प्रमोद गतिविधियों के उपयोग का परिसर जिसमें भू- दृश्यीकरण, वाहन विराम, सार्वजनिक शौचालय , फेंसिंग आदि संबंधित सुविधायें हों, इसमें लॉन , खुले एवं हरित क्षेत्र आदि सम्मिलित होंगे ।
37 क्रीड़ांगन
बाह्य खेलों के उपयोग में आने वाला परिसर, इसमें भूदृश्यीकरण, वाहन विराम सुविधा, सार्वजनिक शौचालय सम्मिलित हों ।
38 बाह्य खेल स्टेडियम
बाह्य खेलों के लिए ऐसा स्टेडियम जिसमें पवेलियन के साथ दर्शक दीर्घा एवं खिलाड़ियों के लिए संबंधित सुविधायें उपलब्ध हों ।
39 आंतरिक खेल स्टेडियम
अहानिकारक खेलों के लिए ऐसा परिसर जिसमें खेल क्षेत्र, दर्शक दीर्घा तथा खिलाड़ियों के लिए संबंधित सुविधायें उपलब्ध हों ।
40 आंतरिक खेल हॉल
ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक खेलों तथा खिलाड़ियों से संबंधित सुविधाओं हेतु आवश्यक क्षेत्र संलग्न हों ।
शूटिंग रेंज 41
ऐसा परिसर जिसमें निशानेबाजी के अभ्यास एवं खेल की सुविधायें उपलब्ध हों ।
तरण पुष्कर 42
ऐसा परिसर जिसमें तैराकी की सुविधा एवं आकार, मानक एवं उद्देश्य के अनुपात में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था हो ।
13 आमोद -प्रमोद क्लब
संबंधित सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जहां सामाजिक एवं मनोरंजन के उद्देश्य से व्यक्तियों के समूह का एकत्रीकरण होता हो । 8985
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ग्वालियर विकास योजना
44 ऐतिहासिक स्मारक
ऐसा परिसर जिसमें प्राचीन समय के खण्डहर एवं ढांचे स्थित हों ।
45 प्राणी उद्यान एवं मत्स्यालय
संबंधित समस्त सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जिसमें उद्यान, पार्क या मत्स्यालय के रूप में पशु और पक्षियों की प्रजातियां प्रदर्शनी एवं अध्ययन हेतु उपलब्ध हों ।
46 पक्षी अभ्यारण्य
पक्षियों के संरक्षण एवं प्रजनन हेतु वन या विस्तृत उद्यान के रूप में संबंधित सर्वसुविधायुक्त परिसर ।
47 वनस्पति उद्यान
अनुसंधान एवं प्रदर्शन के लिए उद्यान के स्वरूप में वृक्षारोपण वाला परिसर ।
48 पिकनिक हट/ केम्पिंग साइट
ऐसा परिसर जहां पर्यटन एवं आमोद - प्रमोद के उद्देश्य से अल्पावधि के लिए परिवार सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो ।
49 फ्लाईंग क्लब
ऐसा परिसर जहां ग्लाईडिंग एवं छोटे विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था हो, साथ ही इसमें मनोरंजन एवं आंतरिक खेल गतिविधियां शामिल हों ।
50 माल एवं टिकट घर
ऐसा परिसर जिसका उपयोग एक एयरलाईन द्वारा टिकिट घर एवं माल के भण्डारण के लिए किया जाता हो ।
51 रेल माल गोदाम
ऐसा परिसर जिसका उपयोग रेलवे द्वारा ढोये गये माल के भंडारण हेतु किया जाता हो । 52 रेल टिकट घर
ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु रेलवे टिकिट घर के रूप में किया जाता हो ।
53 सड़क परिवहन टिकट घर
ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु सड़क परिवहन द्वारा टिकट घर के रूप में किया जाता हो जिसमें गोदाम भी सम्मिलित हो या सम्मिलित नहीं हो ।
54 वाहन विराम
सार्वजनिक वाहन विराम हेतु उपयोग में लाया जाने वाला परिसर जो कि व्यवसायिक या गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित किया जाता हो ।
55 टेक्सी एवं तिपहिया वाहन स्थानक
ऐसा परिसर जिसका उपयोग अंतवर्ती सार्वजनिक यातायात वाहनों, जो कि व्यवसायिक आधार भाग 1
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ग्वालियर विकास योजना
पर चलती हों, द्वारा विराम हेतु किया जाता है । वाहन विराम स्थल व्यवसायिक अथवा गैर व्यवसायिक हो ।
56 बस अवसान केन्द्र
ऐसा परिसर जिसका उपयोग जनता के उपयोग में आने वाली सार्वजनिक यातायात संस्था की बस द्वारा कम समय के विराम हेतु किया जाता हो । इसमें यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधायें शामिल हो सकती हैं ।
57 बस स्थानक
ऐसा परिसर जिसका उपयोग सार्वजनिक यातायात संस्था या अन्य किसी संस्था द्वारा बसों के रख- रखाव, मरम्मत एवं विराम हेतु किया जाता हो, इसमें कर्मशाला भी शामिल की जा सकती है अथवा नहीं भी ।
सार्वजनिक उपयोगिता परिसर
58
1. पानी की टंकी ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एवं संग्रहण हेतु पानी की टंकी स्थित हो, इसमें पंप हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है ।
2. भूमिगत टंकी - ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एव संग्रहण हेतु पानी की भूमिगत टंकी स्थित हो , इसमें पंप हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है ।
3. आक्सीकरण पौंड ऐसा परिसर जिसमें स्थित तालाब का उपयोग जल निकास एवं अन्य अवशिष्ट पदार्थों के आक्सीकरण हेतु किया जाता हो ।
4. सेप्टिक टैंक ऐसा परिसर जिसमें जल- मल निकास संकलन एवं उसके निराकरण हेतु भूमिगत टैंक स्थित हो ।
5. जल- मल पंपिग स्टेशन - ऐसा परिसर जिसका उपयोग जल- मल को ऊंचाई पर भेजने हेतु पंपिंग स्टेशन हेतु किया जाता हो ।
6. सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय ऐसा परिसर जिसमें सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय स्थित हो, इसमें पीने के पानी की सुविधा भी सम्मिलित की जा सकती है और नहीं भी ।
7. विद्युत उपकेन्द्र - ऐसा परिसर जिसमें विद्युत वितरण हेतु ट्रांसफार्मर एवं संबंधित उपकरण स्थित हो ।
8.
ऐसा परिसर जिसका उपयोग अवशिष्ट पदार्थों के एकत्रीकरण एवं घूरा एवं कचराघर आगे गड्डों को भरने हेतु लदान किया जाता हो ।
9. धोबीघाट ऐसा परिसर जिसका उपयोग कपड़े धोने, सुखाने इत्यादि के लिए किया जाता हो ।
59. केन्द्र शासन के कार्यालय
ऐसा परिसर जिसका उपयोग केन्द्र शासन के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।
स्थानीय शासन के कार्यालय 60
ऐसा परिसर जिसका उपयोग स्थानीय शासन एवं स्थानीय संस्थाओं के कार्यालय हेतु किया 8987
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ग्वालियर विकास योजना
जाता हो ।
061 सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय
ऐसा परिसर जिसका उपयोग सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो अधिनियम के अंतर्गत स्थापित कंपनियों के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।
062 न्यायालय
ऐसा परिसर जिसका उपयोग न्यायालयीन कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।
063 शासकीय भूमि (अनिर्धारित उपयोग)
शासकीय भूमि का ऐसा परिसर जिसका उपयोग अनिर्धारित हो ।
064 चिकित्सालय
ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक एवं बाह्य रोगियों की सामान्य एवं विशेषीकृत चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध हो ।
065 स्वास्थ्य केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें बाह्य रोगियों एवं आंतरिक रोगियों (30 बिस्तर तक) की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो । स्वास्थ्य केन्द्र का प्रबंधन सार्वजनिक एवं धर्मार्थ संस्था द्वारा गैर- व्यवसायिक आधार पर किया जाता है । इसमें परिवार कल्याण केन्द्र भी सम्मिलित है ।
066 उपचार केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें 30 बिस्तरों वाले आंतरिक बाह्य रोगियों की चिकित्सा सुविधा हो । जिसका संचालन चिकित्सक या चिकित्सक समूह द्वारा व्यवसायिक आधार पर किया जा सकता है । 067 औषधालय
ऐसा परिसर जिसमें सार्वजनिक अथवा धर्मार्थ संस्थाओं द्वारा चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाईयों के प्रबंधन की व्यवस्था हो ।
068 क्लीनिक/चिकित्सा केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें चिकित्सक द्वारा वाह्य रोगियों के उपचार की सुविधा हो । पाली क्लीनिक की दशा में चिकित्सकों के समूह द्वारा प्रबंधन किया जायेगा ।
069 उपचार प्रयोगशाला
ऐसा परिसर जिसमें रोगों की पुष्टि करने हेतु विभिन्न प्रकार के परीक्षण की सुविधा हो । 070 स्वैच्छिक स्वास्थ्य सेवा
ऐसा परिसर जिसमें स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा रक्त बैंक एवं बाह्य रोगियों के चिकित्सा की सुविधा हो । यह सेवा धर्मार्थ उद्देश्य से अस्थाई कैम्प द्वारा भी उपलब्ध कराई जा सकती है । 071 झूलाघर एवं दिवस देख - रेख केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें दिन में छोटे बच्चों की देखरेख की सुविधा हो । यह केन्द्र व्यक्तिगत अथवा व्यवसायिक अथवा गैर व्यवसायिक संस्था द्वारा संचालित हो सकती है [भाग 1
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ग्वालियर विकास योजना 2035 072 पूर्वमाध्यमिक एवं किंडरगार्डन स्कूल
ऐसा परिसर जिसमें पाठशाला पूर्व बच्चों के खेलने एवं प्रशिक्षण की सेवायें उपलब्ध हों ।
073 माध्यमिक शाला
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 5 तक के छात्रों की शिक्षा एवं खेलने की सुविधा हो ।
074 प्राथमिक शाला
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के पढ़ने खेलने की सुविधा हो । इसमें वर्तमान में संचालित कक्षा 8 तक की माध्यमिक शालायें सम्मिलित हैं ।
075 उच्चतर माध्यमिक शाला
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 10 से 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की व्यवस्था हो ।
076 एकीकृत शाला
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो
077 एकीकृत आवासीय शाला
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो तथा छात्रों के लिए बोर्डिंग सुविधा हो । इसमें अध्यापकों के आवास भी हो सकते हैं ।
078 महाविद्यालय
ऐसा परिसर जिसमें विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो । इसमें सभी व्यवसायिक शिक्षण शामिल हैं ।
079 व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें कम अवधि के शिक्षण पाठ्यक्रम तथा कतिपय विशेष व्यवसाय व व्यापार से संबंधित रोजगार हेतु प्रशिक्षण सुविधा हो । ये सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्था द्वारा गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित होना चाहिये । इसमें प्रशिक्षण- सह- कार्य केन्द्र शामिल हैं । 080 सामाजिक कल्याण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें सामुदायिक विकास के उन्नयन एवं कल्याण की सुविधा हो । यह सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित हो सकता है ।
अनुसंधान एवं विकास केन्द्र 081
पैसा परिसर जिसमें किसी विशेष विषय में अनुसंधान एवं विकास की सुविधा हो ।
082 पुस्तकालय
ऐसा परिसर जिसमें एक विशेष वर्ग अथवा सामान्य जनता के पढ़ने एवं संदर्भ के लिए वृहद् संख्या में पुस्तकों का संकलन हो ।
083 तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें तकनीकी प्रकृति के विषय में प्रशिक्षण की सुविधा हो । इसमें तकनीकी शाला, औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र आदि शामिल है । 8989
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
084 वाणिज्यिक एवं सचिवालयीन प्रशिक्षण
ऐसा परिसर जिसमें शीघ्रलेखन एवं टंकण, पत्राचार, रिकार्ड रखने आदि के प्रशिक्षण की सुविधा हो ।
संगीत, नृत्य एवं नाटक प्रशिक्षण केन्द्र 085
ऐसा परिसर जिसमें संगीत, नृत्य एवं नाटकों आदि के प्रशिक्षण प्रदान करने की सुविधा हो । 086 खेल प्रशिक्षण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें तैराकी सहित विभिन्न आंतरिक एवं बाह्य खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा हो । इसमें शारीरिक शिक्षा केन्द्र भी शामिल है ।
087 वाहन चालन प्रशिक्षण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें आटो/ वाहनों के चालन के प्रशिक्षण की सुविधा हो ।
088 बाल यातायात उद्यान
ऐसा परिसर जिसमें बालकों को यातायात एवं संकेतों की शिक्षा- सह- उद्यान की सुविधा हो । 089 संग्रहालय
ऐसा परिसर जिसमें प्राचीन वस्तुओं, प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं काल संबंधी वस्तुओं के संकलन एवं प्रदर्शन की सुविधा हो ।
090 कला दीर्घा एवं प्रदर्शनी स्थल
ऐसा परिसर जिसमें पेंटिंग , छाया चित्रों, मूर्तियों, भित्ती क्षेत्र, मिट्टी से बनी कलाकृतियों, हाथ करघा अथवा विशेष वर्ग के उत्पादन को प्रदर्शन करने की सुविधा हो
091 सभागृह (ऑडीटोरियम)
ऐसा परिसर जिसमें संगीत विद्या गतिविधियों के विभिन्न आयोजन हेतु दर्शक दीर्घा सहित मंच हो ।
खुला रंगमंच 092
ऐसा परिसर जिसमें आयोजनों के लिए दर्शक दीर्घा व मंच सहित खुला रंगमंच हो ।
093 सामुदायिक भवन
ऐसा परिसर जिसमें 15000 की समीपस्थ जनसंख्या की विभिन्न सामाजिक- सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधा हो ।
094 मेला मैदान
ऐसा परिसर जिसमें सहभागी समूह के लिए प्रदर्शनी, प्रदर्शन एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों की सुविधायें हों ।
095 सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें संस्था, राज्य तथा देश के लिए सांस्कृतिक व सूचना सेवा की सुविधायें हों । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8990
2035
ग्वालियर विकास योजना
096 सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था
ऐसा परिसर जिसमें गैर- वाणिज्यिक रूप से सार्वजनिक, स्वैच्छिक अथवा व्यक्तिगत सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधायें हों ।
सुधार गृह 097
ऐसा परिसर जिसमें अपराधियों के कारावास एवं सुधार की सुविधा उपलब्ध हो ।
098 अनाथालय
ऐसा परिसर जिसमें अनाथ बच्चों के रहने की सुविधा हो । यह शैक्षणिक सहित या रहित हो सकता है ।
धार्मिक
099
ऐसा परिसर जिसमें अनाथ बच्चों के रहने की सुविधा हो । यह शैक्षणिक सहित या रहित हो सकता है ।
100 योग , ध्यान, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें आत्म चिंतन , शरीर एवं मस्तिष्क की उच्च गुणवत्ता प्राप्ति करना, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन आदि की सुविधायें शामिल हों ।
101 पुलिस चौकी
पुलिस स्टेशन की तुलना में लघु एवं अस्थाई स्थानीय पुलिस चौकी हेतु सुविधायुक्त परिसर । 102 पुलिस स्टेशन
ऐसा परिसर जिसमें स्थानीय पुलिस चौकी के कार्यालयों हेतु सुविधा हो ।
103 जिला पुलिस कार्यालय
अर्द्ध सैनिक बलों के कार्यालय हेतु सुविधायुक्त परिसर ।
104 नागरिक सुरक्षा एवं नगर सैनिक
आंतरिक सुरक्षा की नागरिक संस्थानों हेतु कार्यालय सुविधा एवं अन्य कार्यकलापों वाला परिसर ।
105 न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला
ऐसा परिसर जहां न्यायिक प्रकरणों में चिकित्सा ज्ञान के प्रयोग की सुविधा प्राप्त हो ।
106 जेल
ऐसा परिसर जहां कानून के अंतर्गत कारावास / बंदीगृह एवं अपराधियों के सुधार की व्यवस्था हो ।
107 अग्निशमन पोस्ट
ऐसा परिसर जहां अल्प स्तर पर अग्निशमन व्यवस्था हो । अग्नि प्रवृत्त गतिविधियों वाले विशिष्ट परिसरों में यह व्यवस्था संलग्नित की जा सकती है । 8991
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1
2035
ग्वालियर विकास योजना
108 अग्निशमन केन्द्र
एक निर्धारित क्षेत्र हेतु अग्निशमन सुविधा से युक्त परिसर ।
डाकघर
109
सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक सुविधायुक्त परिसर ।
110 डाक एवं तार घर
सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर ।
111 मुख्यडाकघर
सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर ।
टेलीफोन एक्सचेंज
112
परिसर जहां सार्वजनिक टेलीफोन प्रणाली केन्द्र स्थापित हो ।
113 रेडियो एवं दूरदर्शन स्टेशन
समाचार एवं अन्य कार्यक्रमों का संबंधित माध्यमों द्वारा प्रचार , प्रसार, रिकार्डिंग आदि सुविधायुक्त परिसर, जिसमें अतिथि कलाकारों के लिए होस्टल व्यवस्था तथा प्रचार (ट्रांसमिशन ) के लिए टावर्स जैसे सुविधायें भी सम्मिलित हो सकती हैं ।
114 ट्रांसमिशन टावर एवं वायरलेस स्टेशन
ऐसा परिसर जिसका उपयोग संचार के उद्देश्य के लिए टावर निर्माण हेतु किया जाता हो । 115 उपग्रह एवं दूरसंचार केन्द्र
ऐसा परिसर जहां उपग्रह एवं दूरसंचार तकनीकी के अनुसंधान तथा विकास के लिए सुविधा उपलब्ध हो ।
116 वैधशाला एवं मौसम कार्यालय
ऐसा परिसर जहां मौसम के आंकड़ों के विश्लेषण एवं विकास तथा इस आधार पर मौसम की पूर्व सूचना किये जाने की सुविधा उपलब्ध हो ।
117 कब्रिस्तान
मृतकों के अंतिम संस्कार हेतु आवश्यक सुविधायुक्त परिसर
विश्रामघाट
118
दाह विधि से मृतकों के अंतिम संस्कार का आवश्यक सुविधायुक्त परिसर ।
119 सिमिट्री
ईसाई समुदाय के मृतकों के अंतिम संस्कार का आवश्यक सुविधायुक्त परिसर ।
120 विद्युत दाहगृह
ऐसा परिसर जहां विद्युत फरनेस में मृतक का दाह किया जाता हो । भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8992
ग्वालियर विकास योजना 2035 121 बाग (ओरचर्ड)
सघन फल वृक्षों का परिसर , जिसमें फल वृक्षों के साथ उद्यान सम्मिलित हो सकता है ।
122 पौध नर्सरी
पौध के उगाने एवं विक्रय का सुविधायुक्त परिसर ।
123 वन
सघन प्राकृतिक वन युक्त परिसर
124 डेरी फार्म
ऐसा परिसर जहां डेयरी उत्पादन के उपचार एवं उत्पादन की सुविधा उपलब्ध हो । जिसमें अस्थायी रूप से पशु एवं पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते हैं ।
125 कुक्कुट फार्म
कुक्कुट उत्पाद के प्रजनन एवं उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें अस्थायी रूप से पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते हैं ।
126 सुअरपालन
सुअर प्रजनन एवं उत्पादन उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें सुअरों के लिए अस्थायी स्वरूप के शेड्स सम्मिलित हो सकते हैं ।
127 फार्म हाउस
एक फार्म पर बनी आवासीय इकाई ।
128 ग्रामीण केन्द्र
एक निश्चित संख्या के ग्रामों हेतु विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का सुविधायुक्त परिसर । 8993
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035
परिशिष्ट भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8994
2035
ग्वालियर विकास योजना
परिशिष्ट-1
(नियम 14 देखिए)
म.प्र . नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 16 या 29(1 ) के अधीन विकास अनुज्ञा हेतु आवेदन प्ररूप
प्रति,
महोदय,
मैं नगर तहसील- जिला के कॉलोनी या ग्राम क्रमांक- क्षेत्र मोहल्ला या बाजार-- हेक्टेयर / वर्ग मीटर उल्लेख करें) में तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 16 के अनुसार विकास करना चाहता में स्थित खसरा क्रमाक- भूखण्ड (विकास के प्रयोजन का हूँ और मैं इसके साथ मेरे तथा स्पष्ट अक्षरो में) अनुज्ञप्ति क्रमांक सम्यक हस्ताक्षरित तथा प्राधिकृत निम्नलिखित वास्तुविद या संरचना इंजीनियर नगर निवेशक (नाम जो इसके विकास का पर्यवेक्षण करेगा द्वारा रेखांक दस्तावेज तथा विशिष्ट विवरण चार प्रतियों में अग्रेषित करता हूँ 1- मुख्य रेखांक नियम 16(3) अनुसार-
2- स्थल रेखांक नियम 16 (4) अनुसार-
3- उपविभाग/ अभिन्यास योजना नियम 16(5) अनुसार-----
(सब डिवीजन/ ले-आउट प्लान)
4- सेवा आयोजना रेखांक नियम 16(7) अनुसार-
5- प्रस्तावित विकास कार्य को दर्शाते हुए प्रोजेक्ट रिपोर्ट-
6- स्थल के सम्बन्ध में भूमि स्वामित्व अथवा कोई विधिक अधिकार के सबूत दर्शाने वाले दस्तावेज नियम 16(11 ) अनुसार-
7- नजूल अनापत्ति की कापी नियम 16(11) अनुसार-
8- आवेदन शुल्क की पावती की प्रति नियम 21 (2) (झ) अनुसार
9- इस आवेदन के साथ स्वामी द्वारा अधिकृत किये गये आवेदक के सबूत प्रस्तुत करें (जहाँ आवेदक स्वामी से भिन्न हो )
10- पार्किंग संगणना के साथ पार्किंग प्लान
11- ऊपर दिए गए अनुक्रमांक 1 से 10 की इलेक्ट्रानिक कापी
मैं निवेदन करता हूँ कि प्रस्तावित कार्यों को अनुमोदित किया जाए और मुझे / हम कार्य निष्पादित करने की अनुज्ञा प्रदान की जाए ।
आवेदक के हस्ताक्षर-
आवेदक का नाम-
आवेदक का पता-
ई-मेल पता
दूरभाष /मोबाईल नम्बर-
दिनांक- 8995
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035
परिशिष्ट-2
(नियम-49(3))
विकास योजना के प्रस्तावों को प्राप्त करने का प्रारूप
प्रति,
प्राधिकारी..
मध्यप्रदेश
महोदय,
मैं एतद् द्वारा नगर... बस्ती/कालोनी / गली... मोहल्ला, बाजार...... खसरा क्रमांक . की भूमि के विकास / पुनर्विकास करने का इच्छुक हूँ, क्षेत्र से संबंधित विकास योजना / परिक्षेत्रिक विकास योजना में संबंधित प्रस्ताव ऊपर उल्लेखित भूमि के लिये उपखण्ड आयोजना तैयार करने के लिये उपलब्ध किये जा सकेंगे । विकास योजना / परिक्षेत्रिक विकास योजना संबंधी प्रस्तावों को प्राप्त करने के लिये आवश्यक भुगतान किया जा चुका है तथा रसीद की अभिप्रमाणित प्रति संलग्न है ।
स्थान:-
दिनांक:-
स्वामी के हस्ताक्षर.
नाम- नगर / नगर निगम/ नगर पालिका / विकास प्राधिकरण / नगर निवेश अधिकारी
स्वामी का नाम...
(स्पष्ट अक्षरों में) .
स्वामी का पता......
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8996
ग्वालियर विकास योजना 2035
परिशिष्ट-3
मध्यप्रदेश शासन
नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग
अधिसूचना
भोपाल, दिनांक:- 24 जनवरी 1974 क्रमांक/ 2021 / एफ /1-7/ बत्तीस / 74 मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 (क्रमांक-23 सन् 1973 ) की धारा-13 की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत राज्य शासन एतद् द्वारा ग्वालियर नगर निवेश क्षेत्र का गठन करता है, जिसकी सीमायें नीचे दी गई अनुसूची में परिनिश्चित की गई हैं :-
अनुसूची
ग्वालियर: निवेश क्षेत्र की सीमायें
उत्तर में :- ग्राम- रायरू , रूद्रपुरा , मदनपुरा , मगरोली, सेन्थरी , भोंडेरी , जोनपुरा , गिरगांव को सम्पूर्ण रूप से सम्मिलित करते हुये ग्राम शेखपुर तक । :-
पूर्वमें
ग्राम- शेखपुर, जडेरूआं खुर्द, जडेरूआं कलां , मुरार, मेहरा , सिरोली की सीमाओं को सम्पूर्ण रूप से सम्मिलित करते हुये ग्राम ओहदपुर तक ।
दक्षिण :- ग्राम- ओहदपुर, कोटावीरान, लालियापुरा, गुडी, गुडा, अजयपुर की सीमाओं को सम्पूर्ण रूप से सम्मिलित करते हुये ग्राम वीरपुर तक । :-
पश्चिम में
ग्राम- वीरपुर , गिरवाई, कोटा लश्कर, बहोडापुर , किशनबाग , शंकरपुर, थर , टेहलरी , खेरियाभान और रायरू की सीमओं को सम्पूर्ण रूप से सम्मिलित करता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
(नवलचंद जैन)
उपसचिव मध्यप्रदेश शासन
नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग 8997
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
2035
ग्वालियर विकास योजना
परिशिष्ठ-4
नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
सूचना
भोपाल, दिनांक 12 सितम्बर 2014 क्रमांक एफ- 3-78-2011- बत्तीस - मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 19 की उपधारा (4) के अधीन एतद् द्वारा सूचना दी जाती है कि राज्य सरकार द्वारा ग्वालियर निवेश क्षेत्र के लिये विकास योजना 2021 मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 19(2) में अनुमोदित की गई है तथा योजना की प्रति का निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण किया जा सकेगा, अर्थात्: -
1. कलेक्टर, ग्वालियर मध्यप्रदेश
2. संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय ग्वालियर मध्यप्रदेश
3. आयुक्त नगर निगम ग्वालियर मध्यपद्रेश
यह विकास योजना मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 19 की उपधारा (5) के प्रावधान अनुसार राजपत्र में प्रकाशन की तारीख अर्थात् 12 सितम्बर 2014 से प्रवर्तित होगी ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
हस्ता/- (वर्षा नावलेकर) उपसचिव [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
8998
ग्वालियर विकास योजना 2035
परिशिष्ट-5
मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल दिनांक 12 अप्रैल 2016
क. एफ- 3-37-2016-अठारह 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा (2) (क) के अनुसरण में राज्य सरकार, एतद्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये ग्वालियर निवेश क्षेत्र तथा ग्राम नियोजन विभाग की अधिसूचना कमांक 282- एफ-1-7-तैंतीस -74 , भोपाल दिनांक 24 जनवरी 1974 , जिला योजना समिति ग्वालियर की अधिसूचना कमांक 1864-189-जियो-99, ग्वालियर दिनांक 9 जुलाई 1999 तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-69-2007- बत्तीस , भोपाल दिनांक 21 सितम्बर 2017 की सीमाओं में परिवर्तन करती है, जिसकी पुनरीक्षित सीमायें निम्न अनुसूची में परिलक्षित की गई है ।
अनुसूची
ग्वालियर पुनरीक्षित निवेश क्षेत्र की सीमाएँ
उत्तर में
ग्राम बरौआ नूराबाद, सुसेरा कुवरपुरा, करगवां, टीकरी नरेश्वर एवं बरेठा की उत्तरी सीमा तक
पूर्वमें
ग्राम चंद्रपुरा, सूरो , चककेशोपुर , वीरमपुरा, धनेली, बनारपुरा , गनेशपुरा, सुनारपुरा, हिरीं बघोली, सौंसा, रमौआ, बस्तरी एवं अलीनगर की पूर्वी सीमा तक दक्षिण में
ग्राम छौंदा, सातऊ , कुशराजपुर, पुरासानी, डॉगसरकार एवं अलीनगर की दक्षिणी सीमा तक
पश्चिममें
ग्राम छौदा, खिरिया मृत्यू, अजयपुर, नीमचन्दौहा, चक गिरवाई, कोटा लश्कर, बहोड़ापुर, किशनबाग , थर, शंकरपुर, टिलहरी, खिरियाभान, रायरु एवं बरौआ नूराबाद की पश्चिमी सीमा तक
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
(उपसचिव) 8999
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
भाग 1 ]
ग्वालियर विकास योजना 2035
परिशिष्ट-6 (म.प्र. राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 30.06.2017)
कार्यालय संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, ग्वालियर वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र अंगीकरण के प्रकाशन की सूचना
ग्वालियर निवेश क्षेत्र की सीमा वृद्धि में सम्मिलित अनुसूची में विनिर्दिष्ट गांवों के लिए वर्तमान भूमि उपयोग हेतु मानचित्र को मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 धारा -15 की उपधारा (1 ) के अधीन राजपत्र दिनांक 28 अप्रैल , 2017 में प्रकाशित किया गया था एवं उक्त धारा की उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन जनता से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किये गये, समस्त ऐसे व्यक्तियों को जिन्होने आपत्ति या सुझाव प्रस्तुत किये है, अपेक्षित विचारण उसमें किया गया है ।
अतः उपरोक्त ग्वालियर निवेश क्षेत्र की सीमा वृद्धि के अनुसूची में विनिर्दिश्ट गांवों के लिये वर्तमान भूमि उपयोग हेतु मानचित्र उक्त अधिनियम की धारा -15 की उपधारा (3 ) के अधीन एतद द्वारा अंगीकृत किया जाता है और उसकी प्रति दिनांक 23 जून , 2017 से दिनांक 30 जून , 2017 तक कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण हेतु कार्यालय में उपलब्ध रहेगी ।
अनुसूची
17. बस्तरी
9. बडौरी
1. छौंदा
25. गणेशपुरा
18. रमौआ
10. नागौर
2. सातऊ
26.बनारपुरा
27. धनेली
19. सौसा
11. डाँग सरकार
3. खिरिया कछाई
20. बंधौली
12. लोडरा
4. नोनेरा
28. वीरमपुर
5. सिकरोदी
29. सूरो
21. उदयपुरा
13. अडूपुरा
22. हिरी
14. अलीनगर
30. चंद्रपुरा
6. कुशराजपुर
15. रबार
31. करिगवाँ खुर्द
23. सिंघारपुरा
7. पुरासानी
32. पिपरौली
16. रोरा
8. तिलैथा
24. सुनारपुरा
व्ही. के. शर्मा,
संयुक्तसंचालक वास्ते-संचालक, 9000
भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035
परिशिष्ट-7
मध्यप्रदेश शासन
नगरीय विकास एवं आवास विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल दिनांक 19 फरवरी 2021
क्र. एफ-3-34 / 2021 / 118-5 एतद् द्वारा , मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 17-क (1 ) के अन्तर्गत ग्वालियर विकास योजना 2021 हेतु मध्यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश क्र. एफ-3-30-09- बत्तीस दिनांक 30.06.2009 को निरस्त करते हुये ग्वालियर विकास योजना 2035 हेतु निम्नानुसार समिति का पुनर्गठन किया जाता है । यह समिति अधिनियम की धारा 17 - क (2) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी ।
अधिनियम
की धारा
पदनाम
17-क (1 )
की उपधारा
(1)
(2)
क
महापौर
संस्था का नाम/ पता
समिति में पद
(4) (3)
सदस्य
नगर निगम , ग्वालियर
ख
1. अध्यक्ष
सदस्य
जिला पंचायत , ग्वालियर
2. अध्यक्ष
सदस्य
जिला पंचायत, मुरैना
ग
संसदीय क्षेत्र ग्वालियर
1. लोक सभा सदस्य
2 लोक सभा सदस्य
सदस्य
सदस्य
संसदीय क्षेत्र मुरैना
घ
1. विधायक
सदस्य
विधानसभा क्षेत्र, ग्वालियर ग्रामीण
2. विधायक
सदस्य
विधानसभा क्षेत्र , ग्वालियर-पूर्व
3. विधायक
सदस्य
विधानसभा क्षेत्र , ग्वालियर
4. विधायक
सदस्य
विधानसभा क्षेत्र , ग्वालियर- दक्षिण
5. विधायक
सदस्य
विधानसभा क्षेत्र, मुरैना
ड
अध्यक्ष
ग्वालियर विकास प्राधिकरण
च
1. अध्यक्ष
सदस्य
सदस्य
जनपद पंचायत , घाटीगांव
2. अध्यक्ष
सदस्य
जनपद पंचायत, मुरार
3. अध्यक्ष
सदस्य
जनपद पंचायत, मुरैना
छ
1. सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत, अडूपुरा (रबार, अलीनगर)
2. सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत, बघौली (बघौली)
3. सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत , बरेठा ( बरेठा)
4. सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत , बस्तरी (बस्तरी)
5. सरपंच
कुशराजपुर)
6. सरपंच
ग्राम पंचायत, सातऊ (सातऊ, डाँग सरकार,
सदस्य
सदस्य
ग्राम पंचायत, रोरा (रोरा)
7. सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत, सोसा (सोसा)
9001 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 अक्टूबर 2021
ग्वालियर विकास योजना 2035 8. सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत, सुनारपुरा (सुनारपुरा, सिंघारपुरा)
9. सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत, उदयपुरा (उदयपुरा, हिरी)
10.सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत, वीरमपुरा (वीरमपुरा , धनेली)
11.सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत, सुसेरा (सुसेरा)
12.सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत , चककेशोपुरा (चककेशोपुरा)
13.सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत , गनेशपुरा (गनेशपुरा , बनारपुरा)
14.सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत, सूरो (सूरो, चंद्रपुरा)
15.सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत , बसपुर (नरेश्वर)
16.सरपंच
सदस्य
ग्राम पंचायत, टीकरी (टीकरी एवं करगवाँ)
ज 1. प्रतिनिधि
कौंसिल ऑफ आर्किटेक्चर नई दिल्ली
सदस्य 2. प्रतिनिधि
सदस्य
इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स इण्डिया नई दिल्ली
3. प्रतिनिधि
सदस्य
इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स इण्डिया कोलकाता
4. प्रतिनिधि
सदस्य
आयुक्त, ग्वालियर संभाग , ग्वालियर
5. प्रतिनिधि
सदस्य
वनसंरक्षक, ग्वालियर
6. प्रतिनिधि
सदस्य
मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग , ग्वालियर
7. प्रतिनिधि
सदस्य
मुख्य अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , ग्वालियर
झ
समिति संयुक्त संचालक
का
नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय ग्वालियर, म.प्र.
संयोजक (समितिका संयोजक)
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
शुभाषीश बनर्जी, उपसचिव.