मध्यप्रदप्रशास
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सत्यमेव जयत
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, सोमवार, दिनांक 17 जनवरी 2022- पौष 27 , शक1943
क्रमांक 34]
जेल विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 17 जनवरी 2022
क्र. एफ-6-4-2021-तीन-जेल कारागार अधिनियम, 1894 (1894 का 9 ) की धारा 59 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य सरकार, एतद्वारा मध्यप्रदेश जेल नियम, 1968 में निम्नलिखित और संशोधन करती है, अर्थात:-
संशोधन
उक्त नियमों में नियम 70 के पश्चात, निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाए, अर्थात:-
"70(क) उच्चतर पद श्रेणी पर स्थानापन्न रूप से कार्य करने हेतु नियुक्ति-
यदि रिक्तियों को भरने की तत्काल आवश्यकता है और उपयुक्त शासकीय सेवक उपलब्ध हैं, ऐसी दशा में राज्य सरकार सहायक अधीक्षक, जेल को प्रभारी, उप अधीक्षक, जेल, उप अधीक्षक, जेल को प्रभारी, अधीक्षक, जिला जेल इत्यादि तथा महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्मक सेवाऐं, प्रहरी को प्रभारी मुख्य प्रहरी, मुख्य प्रहरी को प्रभारी प्रमुख मुख्य प्रहरी, प्रमुख मुख्य प्रहरी को प्रभारी , सहायक अधीक्षक, जेल इत्यादि के रूप में आगामी आदेश तक कार्य करने हेतु आदेशित कर सकेगा ।
उच्चतर पद पर प्रभारी रूप से कार्य करने के लिए आदेशित शासकीय सेवक का वरिष्ठता पर या ऐसे उच्चतर पद श्रेणी के वेतन पर कोई दावा नहीं होगा। परन्तु वह तब तक ऐसे उच्चतर पद श्रेणी की वर्दी धारण कर सकेगा, जब तक कि ऐसा अधिकारी ऐसे उच्चतर पद पर प्रभारी रूप से कार्य करता है । ऐसे प्रभारी के रूप में कार्य करने वाला अधिकारी , ऐसे उच्चतर पद पर पदोन्नत किसी अधिकारी द्वारा यथा प्रयोज्य ऐसे उच्चतर पद की समस्त शक्तियों का प्रयोग करेगा , जिस पर वह वर्तमान में प्रभारी के रूप में कार्य कर रहा है किन्तु किसी तरह के वित्तीय लाभ प्राप्त नहीं करेगा और न ही दोहरे कार्य भत्ते का पात्र होगा। " ו
67 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जनवरी 2022
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No.F - 06-04/2021 /3 /Jail : In exercise of the powers conferred by Section 59 of the Prisons Act , 1894 (9 of 1894) , the State Government , hereby , makes the follwing further amendment in the Madhya Pradesh Prisons Rules , 1968 , namely: -
AMENDMENT
In the said rules , after rule 70 , the following rule shall be inserted, namely: - " 70 (A) . Appointment for officiating on higher rank.-
If there is an urgent need to fill up the vacancies , and suitable Government Servants are available , in such a situation, the State Government may order Assistant Superintendent Jail to officiate as Deputy Superintendent , Jail , Deputy Superintendent, Jail to officiate as Superintendent , District , Jail etc. and Director General , Prisons and Correctional Services may order Warder to officiate as Head Warder, Head Warder to officiate as Chief Head Warder , Chief Head Warder to officiate as Assistant Superintendent , Jail etc. until further orders .
A Government servant so ordered to officiate on a higher rank shall have no claim on seniority or on the pay of such higher rank . Provided that he may wear the uniform of such higher post so long as such officer is officiating on such higher post . Such officiating officer shall exercised by an officer promoted to such higher rank to which he is currently officiating but shall not receive any financial benefit and will not be eligible for double work allowance . "
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
ललित दाहिमा, अपर सचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2022.