Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्‍यप्रदेश वन्‍यप्राणी चिकित्‍सा सेवा (राजपत्रित) भर्ती नियम 2021....

Published 02 February 2022

Department
वन
Type
Extraordinary
Gazette no.
60
Identifier
in.gazette.madhya.2022-02-02.60.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

शा

इसे वेबसाईट www.govtpressmp.nic.in से भी डाउन लोड किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , बुधवार, दिनांक 2 फरवरी 2022- माघ 13 , शक 1943

क्रमांक 60]

वन विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 2 फरवरी 2022

क्र. एफ- 3-05-2012- दस-1 - भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश के राज्यपाल, एतद्वारा, मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा (राजपत्रित) भर्ती से संबंधित निम्नलिखित नियम बनाते हैं , अर्थात्:-

नियम

1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.-

(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा (राजपत्रित) भर्ती नियम, 2021 है ।

(2) ये नियम " मध्यप्रदेश राजपत्र" में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे । 2. परिभाषाएं.- इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हों-

(क) सेवा के संबंध में "नियुक्ति प्राधिकारी " से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश सरकार;

(ख) "आयोग " से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग;

(ग) "अनुसूची" से अभिप्रेत है, इन नियमों से संलग्न अनुसूची;

(घ) " अनुसूचित जाति' से अभिप्रेत है, कोई जाति, मूलवंश या जनजाति अथवा जाति, मूलवंश या जनजाति का भाग या उसमें का यूथ, जिसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 के अधीन मध्यप्रदेश राज्य के संबंध मे अनुसूचित जातियों के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है;

(ड. ) " अनुसूचित जनजाति" से अभिप्रेत है , कोई जनजाति, या जनजाति समुदाय अथवा ऐसी जनजाति या जनजाति समुदाय का भाग या उसमें का यूथ, जिसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के अधीन मध्यप्रदेश राज्य के संबंध में अनुसूचित जनजातियों के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है;

119 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

120

(च) "अन्य पिछड़ा वर्ग " से अभिप्रेत है, राज्य सरकार द्वारा समय- समय पर यथासंशोधित अधिसूचना क्रमांक एफ-8-5 - पच्चीस-4-84 , दिनांक 26 दिसम्बर, 1984 द्वारा विनिर्दिष्ट नागरिकों के अन्य पिछड़े वर्ग;

(छ) "आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्ल्यू.एस. )" से अभिप्रेत है, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी ज्ञाप क्र. एफ-07-11 / 2019/ आ.प्र. / एक, दिनांक 02 जुलाई, * 2019 द्वारा यथा विनिर्दिष्ट नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग;

(ज) "सेवा" से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा राजपत्रित सेवा;

(झ) "राज्यपाल" से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश के राज्यपाले;

(ञ) "राज्य " से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश राज्य;

(ट) "शासन" से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश शासन ।

3. विस्तार तथा लागू होना.- मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्ते) नियम , 1961 में अंतर्विष्ट उपबंधों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ये नियम सेवा के प्रत्येक सदस्य को लागू होंगे ।

4. सेवा का गठन.- सेवा में निम्नलिखित व्यक्ति होंगे , अर्थात्ः-

(1) वे व्यक्ति , जो इन नियमों के प्रारंभ होने पर, अनुसूची- एक में यथाविनिर्दिष्ट पद मूल रूप से या स्थानापन्न रूप से धारण कर रहे हों;

(2) वे व्यक्ति, जो इन नियमों के प्रारंभ होने से पूर्व सेवा में भर्ती किए गए हों; और वे व्यक्ति, जो इन नियमों के उपबंधों के अनुसार सेवा में भर्ती किए गए हों । (3)

5. वर्गीकरण, वेतनमान आदि.-

(1) सेवा का वर्गीकरण , उससे संलग्न वेतनमान संलग्न अनुसूची- एक में दिए गए उपबंधों के अनुसार होगी । सेवा में कुल पदों की संख्या 10 होगी किन्तु विभिन्न वेतनमानों में पदों की संख्या, सदस्यों की वरिष्ठता एवं पदोन्नति की स्थिति के अनुसार समय - समय पर बदल सकती हैः

परन्तु सरकार, सेवा में सम्मिलित पदों की संख्या में या तो स्थायी या अस्थायी आधार पर समय समय पर, वृद्धि या कमी कर सकेगी । 120(1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

(2) सेवा के सदस्य वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ -11 / 1 / 2008 / नियम -चार, दिनांक 24.01.2008 के उपबंधों के अनुसार समयमान वेतनमान के पात्र होंगे । 6. भर्ती का ' तरीका.-

(1 ) इन नियमों के प्रारंभ होने के पश्चात्, सेवा में भर्ती निम्नलिखित तरीकों में से किसी एक तरीके द्वारा की जाएगी, अर्थात्: -

(क) इन नियमों के लागू होने की तारीख से पूर्व वन विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत पशु चिकित्सकों के संविलियन द्वारा;

(ख) प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती -द्वारा ;

(2) इन नियमों के उपबंधों के अधीन रहते हुए , भर्ती की किसी विशिष्ट कालावधि के दौरान भरे जाने के लिए अपेक्षित सेवा की किसी विशिष्ट रिक्त या रिक्तियों को भरने के प्रयोजन के लिए अपनाया जाने वाला भर्ती का तरीका या तरीके तथा प्रत्येक तरीके द्वारा भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों की संख्या प्रत्येक अवसर पर शासन द्वारा आयोग के परामर्श से विनिश्चित की जाएगी ।

(3) उप- नियम (1 ) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, यदि सरकार की राय में, सेवा की अत्यावश्यकताओं को देखते हुए ऐसा करना अपेक्षित हो तो सरकार आयोग से परामर्श करने के पश्चात् उक्त उप- नियम में उल्लेख किए गए तरीकों से भिन्न ऐसे अन्य तरीके अपना सकेगा जिसे वह इस निमित्त जारी किए गए आदेश द्वारा विहित करे ।

7. सेवा में नियुक्ति.-

(1 ) इन नियमों के प्रारंभ होने के पश्चात् सेवा में समस्त नियुक्तियां, सरकार द्वारा की जाएंगी तथा ऐसी कोई भी नियुक्ति नियम -6 में विनिर्दिष्ट भर्ती के तरीकों में से किसी एक तरीके द्वारा चयन करने के पश्चात् की जाएगी, अन्यथा नहीं । (2) सेवा में प्रारंभिक भर्ती के लिए सर्वप्रथम विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत पशु चिकित्सकों के संविलयन पर विचार किया जाएगा । संविलयन हेतु उपयुक्त पाए गए सदस्यों की नियुक्ति के बाद अतिरिक्त उपलब्ध पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे । (3 ) सदस्यों की सेवानिवृत्ति, मृत्यु, त्याग - पत्र या अन्यथा रिक्त हुए पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्ति की जाएगी ।

8 पशु चिकित्सकों की सेवा में संविलियन की प्रक्रिया.- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

120(2)

(1) इन नियमों के लागू होने के पश्चात् यथाशीघ्र वन विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत पशु चिकित्सकों को सेवा में संविलियन हेतु आवेदन करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

(2) संविलियन हेतु आवेदन का स्वरूप (प्रपत्र) ऐसा होगा जो सरकार द्वारा विहित किया जाए ।

(3 ) विहित अवधि में' संविलियन हेतु प्राप्त आवेदनों पर सेवा में नियुक्ति पर विचार किया जाएगा ।

(4) संविलियन हेतु शर्तें.-

(क) आवेदक के गत पांच वर्षों के गोपनीय प्रतिवेदनों में औसत (क) श्रेणी हो तथा किसी भी वर्ष में गोपनीय प्रतिवेदन (घ) न हो;

(ख ) आवेदक के विरूद्ध कोई विभागीय जांच लंबित न हो;

(ग) आवेदक की सेवा अवधि में कभी उसे दंड नहीं दिया गया हो । (5) संविलियन हेतु उपयुक्त पाए गए आवेदकों की सेवा में नियुक्ति ऐसे वेतनमान में की जाएगी जिसकी अनुसूची -4 में वर्णित न्यूनतम सेवा अवधि के आधार पर उनकी पात्रता हो ।

(6 ) संविलियन उपरांत सेवा में सम्मिलित सदस्यों की वरिष्ठता उनकी पूर्व सेवा में वरिष्ठता क्रम में होगी ।

9. सीधी भर्ती हेतु पात्रता की शर्तें.-

अभ्यर्थी को चयन के लिए पात्र होने हेतु निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होगी , अर्थात्:-

आयु.- (1)

(क) चयन प्रारंभ होने की तारीख के बाद आने वाली पहली जनवरी को उसकी आयु (अनुसूची तीन के कालम-4 में दर्शाए अनुसार) 21 वर्ष की होनी चाहिए किन्तु वह उक्त अनुसूची (तीन ) के कालम-5 में उल्लिखित आयु का न हुआ हो;

(ख) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्गों के लिए उच्चतर आयु सीमा अधिकतम 5 वर्ष तक शिथिलनीय होगी;

120(3)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 फरवरी 2022

(ग) उन अभ्यर्थियों के संबंध में, जो मध्यप्रदेश शासन के कर्मचारी हैं या कर्मचारी रह चुके हैं, उच्चतर आयु सीमा नीचे विनिर्दिष्ट की गई सीमा तक़ तथा शर्तों के अध्यधीन रहते हुए शिथिलनीय होगी;.

(एक) स्थायी शासकीय कर्मचारियों की आयु 38 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए ; उपर्युक्तरियायत आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों, कार्यभारित कर्मचारियों तथा परियोजना कार्यान्वयन समितियों में कार्यरत 'कर्मचारिखों को भी अनुज्ञेय होगी; 4

(गो) ऐसा अभ्यर्थी जो अस्थायी रूप से पद धारण कर रहा हो तथा किसी अन्य पद के लिए आवेदन कर रहा हो , 45 वर्ष से अधिक आयु. का नहीं होना चाहिए । यह रियायत आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों, कार्यभारित कर्मचारियों, तथा परियोजना कार्यान्वयन समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को भी अनुज्ञेय होगी;

(तीन) ऐसा अभ्यर्थी जो छंटनी किया गया शासकीय सेवक हो, अपनी आयु में से उसके द्वारा पूर्व की गई अस्थायी सेवा की अधिक से अधिक 7 वर्ष तक की अवधि भले ही वह अवधि एक से अधिक बार की गई सेवाओं का योग हो, कम करने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते कि इसके परिणाम स्वरूप जो आयु निकले वह अधिकतम आयु सीमा से तीन वर्ष से अधिक न हो;

स्पष्टीकरण :- शब्द "छंटनी किया गया शासकीय सेवक" से द्योतक है, ऐसा व्यक्ति जो इस राज्य अथवा किन्ही भी संघटक इकाईयों की अस्थायी शासकीय सेवा में कम से कम 6 मास की कालावधि तक निरंतर रहा था , और जिसे रोजगार कार्यालय में अपना पंजीयन कराने या शासकीय सेवा में नियोजन हेतु अन्यथा आवेदन करने की तारीख से अधिक से अधिक पांच वर्ष पूर्व स्थापना में कमी किये जाने के कारण सेवोन्मुक्त किया गया हो ।

(चार) ऐसे अभ्यर्थी को जो भूतपूर्व सैनिक है, अपनी आयु में से उसके द्वारा पूर्व में की गयी सम्पूर्ण प्रतिरक्षा सेवा की कालावधि कम करने के लिये अनुज्ञात किया जाएगा, परन्तु इसके परिणामस्वरूप जो आयु निकले, वह उच्चतर आयु सीमा से तीन वर्ष से अधिक न हो;

स्पष्टीकरण :- पद "भूतपूर्व सैनिक " से द्योतक है ऐसा व्यक्ति, जो निम्नलिखित प्रवर्गों में से किसी प्रवर्ग में रहा हो तथा भारत सरकार के अधीन कम से कम 6 माह की निरंतर कालावधि तक नियोजित रहा था, तथा जिसकी किसी भी रोजगार कार्यालय में अपना पंजीयन कराने अथवा सरकारी सेवा में नियोजन हेतु अन्यथा, आवेदन देने की तारीख से अधिक से अधिक तीन वर्ष पूर्व मितव्ययिता इकाई की सिफारिशों के फलस्वरूप अथवा मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 फरवरी 2022

120(4)

स्थापना में सामान्य रूप से कमी किए जाने के कारण छंटनी की गयी थी अथवा जो अतिशेष (सरप्लस) घोषित किया गया था :-

(1). ऐसे भूतपूर्व सैनिक , जिन्हें सेवानिवृत्ति रियायतों (मस्टरिंग आउट कन्सेसन) के अधीन निर्मुक्त कर दिया गया हो;

(2) ऐसे भूतपूर्व सैनिक जिन्हें दूसरी बार नामांकित किया गया हो, और जिन्हेंः-

(क) अल्पकालीन वचनबंध अवधि पूर्ण हो जाने पर,

(ख) नामांकन संबंधी शर्ते पूर्ण कर लेने घर, सेवोन्मुक्त किया गया हो ।

मद्रास सिविल इकाई (यूनिट) के भूतपूर्व कार्मिक;

(3)

(4) ऐसे अधिकारी (सैनिक तथा असैनिक) , जिनमें अल्प अवधि सेवा के नियमित कमीशन प्राप्त अधिकारी भी शामिल हैं, जो उनकी संविदा पूरी होने पर सेवोन्मुक्त किये गये हों;

(5) ऐसे अधिकारी, जिन्हें अवकाश रिक्तियों पर छह मास से अधिक समय तक निरन्तर कार्य करने के पश्चात सेवोन्मुक्त किया गया हो;

(6) ऐसे भूतपूर्व सैनिक , जिन्हें अशक्त होने के कारण सेवा से अलग कर दिया गया हो;

(7) ऐसे भूतपूर्व सैनिक , जिन्हें इस आधार पर सेवोन्मुक्त किया गया हो कि अब वे दक्ष सैनिक बनने योग्य नहीं हैं;

(8) ऐसे भूतपूर्व सैनिक, जिनको गोली लग जाने के परिणाम स्वरूप घाव हो जाने आदि के कारण चिकित्सकीय आधार पर सेवा से अलग कर दिया हो ।

(घ) मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति हेतु विशेष उपबंध) नियम, 1997 के उपबंधों के अनुसार महिला अभ्यर्थियों के लिए उच्चतर आयुसीमा अधिकतम पांच वर्ष तक शिथिलनीय होगी किन्तु समस्त प्रकार के छूटों को सम्मिलित करते हुये किसी भी स्थिति में उच्चतर आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी;

(ड.) विधवा, निराश्रित तथा तलाकशुदा महिला अभ्यर्थियों के संबंध में भी उच्चतर आयु सीमा 5 वर्ष तक शिथिलनीय होगी;

120(5)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 फरवरी 2022

(च) आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन कार्यक्रम के अधीन किसी दम्पत्ति के पुरूस्कृत सुवर्ण पति/ पत्नी के मामले में उच्चतर आयु सीमा पांच वर्ष तक शिथिलनीय होगी;

(छ) ऐसे अभ्यार्थियों के संबंध में, जो मध्यप्रदेश राज्य निगम / मण्डल के कर्मचारी हैं, उच्चतर आयु सीमा 45 वर्ष तक शिथिलनीय होगी; +

(ज) "विक्रम पुरस्कार" धारक अभ्यथियों के मामले में उच्चतर आयु सीमा पाँच वर्ष तक शिथिलनीय होगी;

(झं) नगर सेना (होमगार्ड) के स्वयंसेवी नगर सैनिकों एवं नान कमीशन्ड अधिकारियों के मामले में, उनके द्वारा की गई नगर सेना सेवा की कालावधि के अध्यधीन रहते हुये उच्चतर आयु सीमा 8 वर्ष शिथिलनीय होगी , किन्तु किसी भी दशा में उनकी आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिये;

(ञ) निःशक्त अभ्यर्थियों के लिये उच्चतर आयु सीमा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों के अनुसार शिथिलनीय होगी । टिप्पणीः-1 ऐसे अभ्यर्थी, जिन्हें उपर्युक्त नियम-9 के उपनियम (1 ) के खण्ड (ग) के उपखण्ड (एक) तथा (दो) में उल्लेखित आयु संबंधी रियायतों के अधीन परीक्षा /चयन के लिए पात्र पाया गया हो, यदि आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के पश्चात् परीक्षा / चयन के पहले अथवा उसके बाद सेवा से त्याग पत्र देते हैं, तो नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे । तथापि, यदि आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के पश्चात् उनकी सेवा अथवा पद से छंटनी की जाती है तो वे पात्र बने रहेंगे ।

टिप्पणीः-2 विभागीय अभ्यर्थियों को अनुसूची-2 में यथा विर्निदिष्ट परीक्षा/ चयन हेतु उपस्थित होने के लिए उनके नियुक्ति प्राधिकारी की पूर्व अनुज्ञा अभिप्राप्त करनी होगी ।

(2) शैक्षणिक अर्हताएं:- अभ्यर्थियों के पास अनुसूची-3 में दर्शायी गई सेवा के लिए विहित शैक्षणिक अर्हतायें होनी चाहिये:

परन्तु नियुक्ति प्राधिकारी आपवादिक मामलों में, किसी अभ्यर्थी को अर्ह मान सकेगा, जो यद्यपि इन नियमों में विहित अर्हताओं में से कोई अर्हता न रखता हो किन्तु जिसने अन्य संस्थाओं/विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित परीक्षायें ऐसे स्तर से उत्तीर्ण की हों जो नियुक्ति प्राधिकारी की राय में, अभ्यर्थी को परीक्षा /चयन में उपस्थित होने के लिये पात्र बनाएं । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

120(6)

(

3 ) फीस:- अभ्यर्थी को नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा विहित की गयी फीस का भुगतान करना होगा ।

10. निरर्हता.- किसी अभ्यर्थी की ओर से अपनी अभ्यर्थिता के लिए किंसी भी तरीके से सहायता प्राप्त करने हेतु किया गया कोई भी प्रयास आयोग द्वारा उसे चयन करने के संबंध में निरहर्ता माना जाएगा ।

11. अभ्यर्थियों की पात्रता के संबंध में आयोग का विनिश्चय अंतिम होगा. चयन के संबंध में किसी भी अभ्यर्थी की पात्रता अथवा अपात्रता के संबंध में आयोग का विनिश्चय अंतिम होगा ।

12. चयन द्वारा सीधी भर्ती.-

(1 ) सेवा में भर्ती के लिए चयन ऐसे अंतरालों से किया जाएगा जिन्हें शासन समय - समय पर आयोग से परामर्श कर विनिश्चिय करे;

(2) सेवा के लिए अभ्यर्थी का चयन आयोग द्वारा उनसे साक्षात्कार के पश्चात् किया जाएगा;

(3) सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध रिक्त स्थानों के मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण) नियम, 1998 के अनुसार 16 प्रतिशत पद अनुसूचित जातियों, 20 प्रतिशत पद अनुसूचित जनजातियों तथा 27 प्रतिशत पद अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 10 प्रतिशत पर आरक्षित रखे जाएंगे , मध्यप्रदेश' सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997 के अनुसार महिला अभ्यर्थियों के लिए पद आरक्षित रखे जाएंगे ;

सामान्य प्रशासन विभाग आरक्षण प्रकोष्ठ के परिपत्र क्रमांक एफ /8 /42001 / आ.प्र. एक (पार्ट) दिनांक 03/07/2018 के अ अनुसार द्वितीय श्रेणी सेवा के लिए अभिज्ञात 1 दृष्टिबाधित और कमदृष्टि, 2 बहरे और कम सुनने वाले, 3 लोकोमोटर डिसेबिलिटी, 4 औटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेविलिटी और मानसिक बीमारी और बहु विकलांगता के लिए पद आरक्षित रखे जाएंगे । अभ्यर्थियों को उपलब्ध पदों के क्रमशः 1.5 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति दी जाएगी ;

(4) भर्ती किए जाने वाले पदों में से 20 प्रतिशत पद पर संविदा पर नियुक्त अधिकारियों / कर्मचारियों के लिए आरक्षित होंगे;

(5) इस प्रकार आरक्षित रिक्त स्थानों को भर्ती समय अनुसूचित जातियों, अनूसूचित जनजातियों तथा पिछड़े वर्गों के अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर विचार नियम-12 में मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

120(7) निर्दिष्ट सूची में आए उनके नामों के क्रम के अनुसार किया जाएगा चाहे अन्य अभ्यर्थियों की तुलना में उनका सापेक्षिक स्थान कुछ भी क्यों न हो;

(6) ऐसे अभ्यर्थियों को जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के हों और जिन्हें आयोग द्वारा प्रशासन की दक्षता को बनाए रखने की दृष्टि से सेवा में नियुक्ति करने के लिए योग्य ठहराया गया हो उप- नियम (3 ) के अधीन यथास्थिति अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य पिछड़े वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्त किया जा सकेगा;

(7) यदि अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थी, उनके लिए आरक्षित सभी रिक्त पदों को भरने के लिए पर्याप्त संख्या में न मिल सकें, तो शेष रिक्त पद अन्य अभ्यर्थियों में से भरे जाएंगे तथा अगले चयन के लिए अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के अभ्यर्थियों के लिए उतनी ही संख्या में अतिरिक्त रिक्त पद आरक्षित रखे जाएंगेः

परंतु यदि अगले चयन के समय सभी रक्षित रिक्त पदों, जिनमें अतिरिक्त रिक्त पद सम्मिलित है, को भरने के लिए पर्याप्त संख्या में उपयुक्त अभ्यर्थियों न मिल सकें, तो अतिरिक्त रिक्त पद या उनमें से रिक्त पद जो भरे न गए हों, समाप्त हो जाएंगे ।

13. आयोग द्वारा सिफारिश किए गए अभ्यर्थियों की सूची.-

आयोग ऐसे अभ्यर्थियों जिन्हें यह सर्वाधिक उपयुक्त समझे, विधिवत् अधिमान क्रम में रखे गए नाम और अन्य ब्यौरे तथा अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्ग के उन अभ्यर्थियों के नाम और अन्य ब्यौरे जो यद्यपि उन मानकों के अनुसार अर्ह नही हैं, किन्तु जिन्हें आयोग ने प्रशासन में दक्षता बनाए रखने का समुचित ध्यान रखते हुए सेवा में नियुक्ति के लिए उपयुक्त घोषित किया है, नियुक्ति प्राधिकारी को भेजेगा ।

14. पदोन्नति.-

(1) योग्य अभ्यर्थियों की पदोन्नति हेतु प्रारंभिक चयन करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें अनुसूची- चार में उल्लिखित सदस्य होंगे ।

(2) समिति की बैठक ऐसे अंतरालों से की जाएगी जैसा कि जो साधारण तौर पर एक वर्ष से अधिक की न हो ।

15. पदोन्नति के लिए पदों की उपब्धता.-

(1) सेवा में सदस्यों की पदोन्नति विभिन्न वेतनमानों के लिए निर्धारित न्यूनतम सेवा अवधि के आधार पर की जाएगी न की पदों की उपलब्धता के आधार पर पदोन्नति की व्यवस्था भारत शासन के कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन (DOPT) मंत्रालय के परिपत्र कमांक No. AB - 14017/ 37 / 2008- ESH ( RR ) दिनांक 10.09.2010 द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

120(8)

जारी Modified Flexible Complimentary Scheme ( MFCS ) सिद्धातों पर की जाएगी ।.

(2) पशु चिकित्सा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ एवं विभाग में समाहित पशु चिकित्सकों को उनकी सेवाकाल के अनुसार निर्धारित सेवा अवधि उपरान्त आगामी पदों पर योग्य पाए जाने पर वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी पद पर पदोन्नति दी जाएगी । इस हेतु अनुसूची -2 में दर्शित पदों की संख्या की बाध्यता नहीं होगी । यह संख्या शासनादेश दिनांक 11.12.2013 से स्वीकृत संख्या 10 के ही अधीन होगी ।

16. पदोन्नति के लिए पात्रता की शर्ते.-

समिति, उन सभी व्यक्तियों के मामलों पर विचार करेगी, जिसने उस वर्ष की पहली जनवरी को, अनुसूची- चार के कॉलम (4 ) में उल्लिखित पद या सेवा में या शासन द्वारा उसके समकक्ष घोषित किसी अन्य पद या पदों पर उतने वर्षों की जो शासन द्वारा समय- समय पर निर्धारित किए गए हों, सेवा चाहे स्थानापन्न अथवा मौलिक रूप से पूरी कर ली । संविलियन द्वारा नियुक्त सदस्यों की सेवा अवधि उनकी शासकीय सेवा में भर्ती के दिनांक से प्रगणित की जाएगी

17. उपयुक्त अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना.-

(

1 ) समिति, ऐसे व्यक्तियों की एक सूची तैयार करेगी, जो उपयुक्त नियम -16 में निर्धारित शर्तों को पूरा करते हों, तथा जिन्हें समिति सेवा में पदोन्नति / स्थानांतरण करने के लिए उपयुक्त समझती हो, यह सूची दो वर्ष तक होने वाले रिक्त पदों को भरने के लिए पर्याप्त होगी ।

(2) ऐसी सूची में नाम सम्मिलित करने के लिए किया जाने वाला चयन वरिष्ठता पर समुचित ध्यान देते हुए योग्यता तथा सभी दृष्टि से उपयुक्तता पर आधारित होगा । (3) सूची में सम्मिलित किए गए अधिकारियों के नाम वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा में संबंधित संवर्ग में वरिष्ठता क्रम में रखे जाएंगे ।

(4) इस प्रकार तैयार की गई सूची या प्रतियां पुनर्विलोकन तथा पुनरीक्षण किया जाएगा ।

(5) यदि इस प्रकार के चयन, पुनर्विलोकन अथवा पुनरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश शासन , वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा के किसी सदस्य का अधिक्रमण प्रस्तावित किया जाए तो समिति, प्रस्तावित अधिक्रमण के संबंध में अपने कारण को लेखबद्ध करेगी । 18 - आयोग से परामर्श. - नियम-17 के अनुसार तैयार की गई सूची शासन द्वारा निम्नलिखित कागजों के साथ आयोग को भेजी जाएगीः- 120(9)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

(1 ) सूची में सम्मिलित सभी व्यक्तियों के अभिलेख;

(2) मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा में ऐसे सभी सदस्यों के अभिलेख , जिनकी सूची में की सिफारिशों के अनुसार अधिक्रमित किया जाना प्रस्तावित हों;

(3) मध्यप्रदेश वन्य प्राणी चिकित्सा सेवा के किसी भी सदस्य के प्रस्तावित अधिकरण के संबंध में समिति द्वारा लेखबद्ध किए गए कारण; और

(4) समिति की सिफारिशों के संबंध में शासन के विचार ।

19. चयन सूची. -

(1 ) आयोग शासन से प्राप्त हुए अन्य दस्तावेजों के साथ - साथ समिति द्वारा तैयार की गई सूची पर विचार करेगा और यदि उसमें यह यह कोई परिवर्तन आवश्यक न समझें तो उसे अनुमोदित करेगा ।

(2) यदि आयोग शासन से प्राप्त सूची में कोई परिवर्तन करना आवश्यक समझे तो वह प्रस्तावित परिवर्तनों के संबंध में शासन को सूचना करना तथा शासन उस पर यदि कोई मत प्रकट करे तो उस पर ध्यान देते हुए ऐसे संशोधनों सहित यदि कोई हो तो उसकी राय में न्यायोचित तथा उपयुक्त हों, सूची को अंतिम रूप से अनुमोदित कर सकेगा ।

(3) आयोग द्वारा अंतिम रूप से अनुमोदित सूची मध्यप्रदेश पशु चिकित्सा सेवा के सदस्यों को अनुसूची- चार के कालम-3 में दर्शाये गए पदों पर परीक्षण करने के लिए चयन सूची होगी ।

(4) चयन सूची सामान्यतया सभी वर्ग में लागू रहेंगी जब तक कि नियम -17 के उप-नियम (4 ) के अनुसार उसका पुनर्विलोकन कर पुरनीक्षण न कर दिया जाए । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

120(10)

अनुसूची - एक

(नियम-5 देखिए)

मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा में सम्मिलित पद का वर्गीकरण एवं वेतनमान अनुक्रमांक सेवा में सभी धारित प्नदों के नाम

(1 )

(2)

1. प्रवर श्रेणी वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी

2. वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी

3. वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी 4. कनिष्ठ वन्यप्राणी अधिकारी वर्गीकरण

वेतनमान पदों की संख्या

(3 )

(4)

(5) 01 मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा (प्रथम श्रेणी )

राज्य शासन वेतन पुनरीक्षण सारणी में लेवल 15 के अनुसार रु. 123100-215900 02 मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा (प्रथम श्रेणी )

राज्य शासन वेतन पुनरीक्षण सारणी में लेवल 14 के अनुसार रूपये 79900-211700 02 मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा ( प्रथम' श्रेणी)

राज्य शासन वेतन पुनरीक्षण सारणी में लेवल 13 के अनुसार रूपये 67300-206900 05 मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा (द्वितीय श्रेणी)

राज्य शासन वेतन पुनरीक्षण सारणी में लेवल 12 के अनुसार रूपये 56100-177500 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

120(11)

अनुसूची - दो

(नियम-6 देखिए)

मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा में भरती एवं पदोन्नति

अनुक्रमांक विभाग का नाम

कर्तव्य पदों की कुल संख्या भरे जाने वाले कर्तव्य पदों की संख्या का प्रतिशतता सीधी भर्ती द्वारा देखिए नियम-6 (ख)

सेवा का नाम तथा पदनाम (क्र. -1 से 3 प्रथम एवं 4 द्वितीय श्रेणी)

(1)

(2)

(3)

(4) 1.

01 वन विभाग प्रवर श्रेणी वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी

2.

02 वन्न विभाग वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी

3.

02 4. विभाग वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी

4

05 वन विभाग कनिष्ठ वन्यप्राणी अधिकारी

सेवा की मूल सदस्यों की पदोन्नति द्वारा देखिए नियम-14 (ग)

अन्य'सेवाओं से कर्मचारियों के स्थानांतरण द्वारा देखिएनियम-6 (क)

(6)

(5)

(7)

' अनुसूची में उल्लिखित पदों के पदोन्नति कार्यवाही कनिष्ठ वन्य प्राणी स्वास्थ्य के पद पर नियुक्ति की कार्रवाई उपरान्त प्रारंभ होगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

120(12)

अनुसूची तीन

(नियम-9 देखिए)

मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा में सीधी भर्ती की पात्रता

विभाग का नाम

अनुक्रमांक

विहितं शैक्षणिक अर्हताएं

न्यूनतम आयु

सीमा

*सेवा का नाम (1)

(2)

(3)

(4) 1.

21 वर्ष

कनिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी

वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा अधिकतम आयु सीमा.

(5)

(6)

38वर्ष अनिवार्य - भारत या विदेश के किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय या संस्था से पशु चिकित्सा विज्ञान में स्नातक तथा भारतीय पशु चिकित्सा परिषद् अधिनियम, 1984 (1984 का 52) के अधीन रजिस्ट्रीकृत हो ।

अनुसूची चार

(नियम-14 देखिए)

मध्यप्रदेश वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा में पदोन्नति

विभाग का नाम

अनुक्रमांक

विभागीय समिति के सदस्यों के नाम (नियम 14 देखिए)

पदोन्नति के

लिए न्यूनतम

सेवा का

अनुभव

उस सेवा या पद का नाम जिसमें पदोन्नति की जानी है

(3)

(2)

(1)

वन विभाग

1.

वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम श्रेणी

वन विभाग

2.

वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम श्रेणी

वन विभाग

कनिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी द्वितीय श्रेणी उस सेवा या पद का नाम जिस पर पदोन्नति की जानी है

(6)

(5)

(4)

16वर्ष

प्रवर श्रेणी वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी (प्रथम श्रेणी)

1- लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष या उसका प्रतिनिधि 2- प्रमुख सचिव (वन) 3 प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मध्यप्रदेश 4- प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी)

10 वर्ष वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी (प्रथम श्रेणी)

1- लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष या उसका प्रतिनिधि 2- प्रधान मुख्य वन संरक्षण मध्यप्रदेश 3- प्रधान मुख्य वन संरक्षक, (वन्यप्राणी) 4- अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन -1)

06 वर्ष

वन्यप्राणी स्वास्थ्य श्रेणी अधिकारी प्रथम

1- लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष या उसका प्रतिनिधि 2- प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मध्यप्रदेश 3- प्रधान मुख्य वन संरक्षक, (वन्यप्राणी)

4- अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन-1 ) 120(13)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 फरवरी 2022

टीपः (क) विभाग में वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ पशु (वन्यप्राणी) चिकित्सा अधिकारियों की सेवानिवृति अथवा अन्य कारणों से हुए रिक्त पदों पर विभाग द्वारा अंनुक्रमांक-4 के पद पर नियुक्ति की कार्रवाई की जाएगी ।

(ख) सेवा में सदस्यों की पदोन्नति विभिन्न वेतनमानों की लिए निर्धारित न्यूनतम सेवा अवधि के आधार पर की जाएगी न की पदों की उपलब्धता के आधार पर पदोन्नति की व्यवस्था भारत शासन , के कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन (DOPT ) मंत्रालय के परिपत्र क्रमांक No. AB- 14017/37/2008 - ESH ( RR ) दिनांक 10.09.2010 द्वारा जारी Modified Flexible Complimentary Scheme ( MFCS ) सिद्धांतों पर की जाएगी ।

(ग) पशु चिकित्सा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ एवं विभाग में समाहित पशु चिकित्सकों को उनकी सेवाकाल अनुसार निर्धारित सेवा अवधि उपरान्त आगामी पदों पर योग्य पाए जाने पर पदोन्नति प्राप्त होगी । इस हेतु अनुसूची-2 में दर्शित पदों की संख्या का बंधन नहीं होगा । यह संख्या शासनादेश दिनांक 11.12.2013 से स्वीकृत संख्या 10 के ही अधीन होगी ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

मोहित बुंदस, उपसचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2022.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 02 February 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2022-02-02.60.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2022-02-02.60.Extraordinary.