मध्यप्रदेश शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , मंगलवार, दिनांक 15 मार्च 2022 - फाल्गुन 24, शक 1943
क्रमांक 120 ]
विधान सभा सचिवालय, मध्यप्रदेश
भोपाल, दिनांक 15 मार्च 2022
क्रमांक 5035 - मप्रविस -15/विधान/2022.- मध्यप्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज ( द्वितीय संशोधन ) विधेयक, 2022 ( क्रमांक 2 सन् 2022 ) जो विधान सभा में दिनांक 15 मार्च, 2022 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
(ए. पी. सिंह )
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
239 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 मार्च 2022
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मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक २ सन् २०२२
मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज ( द्वितीय संशोधन ) विधेयक , २०२२ मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, १ ९९ ३ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज ( द्वितीय संशोधन ) अधिनियम, २०२२ है.
संक्षिप्त नाम.
धारा १० क का अंतःस्थापन.
२. मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, १ ९९ ३ ( क्रमांक १ सन् १ ९९ ४ ) की धारा १० के पश्चात् निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाए, अर्थात्ः-
१० -क.
विहित कालावधि की समाप्ति के पश्चात् पंचायतों के परिसीमन और पंचायतों के वार्डों या निर्वाचन क्षेत्रों के विभाजन का निरस्तीकरण.
इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी , जहां ग्राम पंचायत या उसके वार्डों अथवा जनपद पंचायत या उसके निर्वाचन क्षेत्रों अथवा जिला पंचायत या उसके निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन अथवा विभाजन ऐसी पंचायत के कार्यकाल की समाप्ति के पूर्व किया जाता है किन्तु उसके निर्वाचन की अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किसी भी कारण से ऐसे परिसीमन अथवा विभाजन के प्रकाशन की तारीख से अठारह मास की कालावधि के भीतर जारी नहीं की जाती है, तब इस प्रकार प्रकाशित ग्राम पंचायत या उसके वार्डों, अथवा जनपद पंचायत या उसके निर्वाचन क्षेत्रों, अथवा जिला पंचायत या उसके निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन अथवा विभाजन उस तारीख से अठारह मास की अवधि की समाप्ति के पश्चात् निरस्त समझा जाएगा , जिस तारीख को उक्त परिसीमन अथवा विभाजन प्रकाशित हुआ था तथा इन पंचायतों और उनके वार्डों, अथवा निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन अथवा विभाजन इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार फिर से किया जाएगा.".
३. ( १ ) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश, २०२१ ( क्रमांक १५ सन् २०२१ ) तथा
निरसन
एतदद्वारा निरसित किया जाता है.
व्यावृत्ति.
( २ ) उक्त अध्यादेश के निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई इस अधिनियम के तत्सस्थानी उपबंधों के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई समझी जाएगी.
उद्देश्यों और कारणों का कथन
मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, १ ९९ ३ ( क्रमांक १ सन् १ ९९४ ) में पंचायतों के परिसीमन तथा पंचायतों के सभी तीनों स्तरों के निर्वाचन क्षेत्रों या वार्डों के विभाजन के संबंध में उपबंध किए गए हैं, किन्तु अधिनियम में इस बिन्दु पर स्पष्टता नहीं है कि पंचायतों के परिसीमन तथा पंचायतों के विभिन्न स्तरों के वार्डों या निर्वाचन क्षेत्रों के विभाजन कार्यवाहियों को अधिसूचित किए जाने के पश्चात्, यदि कतिपय कालावधि में ऐसी पंचायतों के निर्वाचन की अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नहीं की जाती है तो क्या स्थिति होगी और कितने समय तक पंचायतों का परिसीमन तथा वार्डों या निर्वाचन क्षेत्रों का विभाजन वैध रहेगा. अतएव , इस बिन्दु पर विधिक स्पष्टता को अभिव्यक्त करने के लिए मूल अधिनियम में धारा १० क अंतःस्थापित किए जाने की आवश्यकता है.
२. चूंकि, मामला अत्यावश्यक था तथा विधान सभा का सत्र चालू नहीं था, अतएव, मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश , २०२१ ( क्रमांक १५ सन् २०२१ ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था. अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर राज्य विधान मण्डल का अधिनियम बिना किसी उपांतरण के लाया जाना प्रस्तावित है.
३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
रामखेलावन पटेल भोपाल :
भारसाधक सदस्य.
तारीख : ८ मार्च, २०२२ .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 मार्च 2022
अध्यादेश के संबंध में विवरण
मध्यप्रदेश पंचातय राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, १ ९९ ३ ( क्रमांक १ सन् १ ९९ ४ ) में पंचायतों के सभी तीनों स्तरों के निर्वाचन क्षेत्रों/वार्डों के परिसीमन के संबंध में उपबंध किए गए हैं , किन्तु अधिनियम में इस बिन्दु की स्पष्टता नहीं है कि पंचायतों के परिसीमन तथा पंचायतों के विभिन्न स्तरों के वार्डों/ निर्वाचन क्षेत्रों के विभाजन को अधिसूचित किए जाने के पश्चात्, यदि कतिपय कालावधि में ऐसी पंचायतों के निर्वाचन की अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नहीं की जाती है तो क्या स्थिति होगी और कितने समय तक पंचायतों का परिसीमन तथा वार्डों/निर्वाचन क्षेत्रों का विभाजन वैध रहेगा. अतएव, इस बिन्दु पर विधिक स्पष्टता को अभिव्यक्त करने के लिए मूल अधिनियम में धारा १०क अंतःस्थापित किए जाने की आवश्यकता थी . मामले की तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए तथा विधान सभा का सत्र चालू नहीं होने के कारण , मध्यप्रदेश पंचातय राज एवं ग्राम स्वराज ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश , २०२१ ( क्रमांक १५ सन् २०२१ ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था.
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022.