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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

(संशोधन) विधान सभा की प्रकिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली...

Published 30 March 2022

Department
विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
139
Identifier
in.gazette.madhya.2022-03-30.139.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 139]

भोपाल, बुधवार, दिनांक 30 मार्च 2022- चैत्र 9 , शक 1944

विधान सभा सचिवालय, मध्यप्रदेश

बुधवार , दिनांक 30 मार्च, 2022 ( चैत्र 9 , 1944 )

क्र. 5755 - मप्रविस- 15- विधान-2022 .- मध्यप्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 231 के उपनियम ( 5 ) की अपेक्षानुसार सभा द्वारा अनुमोदित निम्नलिखित संशोधन , जो दिनांक 30 मार्च, 2022 के पत्रक भाग - दो में प्रकाशित होने पर प्रभावशील हुए, एतद्वारा प्रकाशित किए जाते हैं, अर्थात्ः-

1. अध्याय -11 के विद्यमान शीर्षक को, निम्नानुसार संशोधित किया जाए, अर्थात्ः-

" अध्याय -11 के विद्यमान शीर्षक " याचिकाएं एवं अभ्यावेदन " के स्थान पर, शीर्षक " आवेदन एवं अभ्यावेदन " स्थापित किया जाए. ".

2. नियम 106 में, निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः-

" ( क) विद्यमान पार्श्व शीर्ष " याचिकाएं " के स्थान पर, पार्श्व शीर्ष " आवेदन " स्थापित किया जाए ;

(ख) नियम 106 की प्रथम पंक्ति की शब्दावली " याचिकाएं सभा में उपस्थित या प्रस्तुत की जा सकेंगी " के स्थान पर, शब्दावली " आवेदन सभा में उपस्थित या प्रस्तुत किये जा सकेंगे " स्थापित की जाए. ".

3. नियम 107 में , निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः-

" (क ) नियम 107 के उपनियम ( 1 ) , उपनियम ( 2 ) , उपनियम ( 3 ) , उपनियम (4 ) , उपनियम ( 5 ) तथा उपनियम ( 6 ) के विद्यमान पार्श्व शीर्षों में, जहां कहीं भी शब्द " याचिका " आये हों, के स्थान पर, शब्द " आवेदन " स्थापित किये जाएं;

(ख) नियम 107 के उपनियम ( 1 ) , उपनियम ( 2 ) , उपनियम ( 3 ) , उपनियम ( 4 ) , उपनियम ( 5 ) तथा उपनियम ( 6 ) में, जहां कहीं भी शब्द " याचिका " आये हों, के स्थान पर , शब्द " आवेदन " स्थापित किये जाएं.

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4. नियम 108 एवं नियम 109 में, निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः-

" ( क) नियम 108 एवं नियम 109 के विद्यमान पार्श्व शीर्ष " याचिका " के स्थान पर, पार्श्व शीर्ष " आवेदन " स्थापित किए जाएं;

(ख) नियम 108 एवं नियम 109 की प्रथम पंक्ति में, शब्द " याचिका " के स्थान पर, शब्द " आवेदन " स्थापित किये जाएं. ".

5. नियम 110 की विद्यमान शब्दावली के स्थान पर, निम्नानुसार शब्दावली स्थापित की जाए , अर्थात्ः- " नियम 110. यदि आवेदन किसी सदस्य द्वारा उपस्थापित किया जाए, तो ऐसा प्रत्येक आवेदन पर वह प्रतिहस्ताक्षर करेगा.".

6. नियम 111 में, निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः-

" (क) विद्यमान पार्श्व शीर्ष " याचिका किसे संबोधित की जायेगी और किस प्रकार समाप्त की जायेगी , " के स्थान पर, पार्श्व शीर्ष ' आवेदन किसे संबोधित किया जायेगा और किस प्रकार समाप्त किया जायेगा . " स्थापित किया जाए;

(ख ) नियम 111 की विद्यमान शब्दावली के स्थान पर , शब्दावली " प्रत्येक आवेदन सभा को संबोधित किया जायेगा और जिस विषय से उसका संबंध हो, उसके बारे में आवेदन देने वाले निश्चित उद्देश्य का वर्णन करने वाली प्रार्थना के साथ समाप्त होगा. " स्थापित की जाए. " .

7. नियम 112 में, निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः -

" (क) विद्यमान पार्श्व शीर्ष में शब्द " याचिका " के स्थान पर, शब्द " आवेदन " स्थापित किया जाए;

(ख) नियम 112 की प्रथम पंक्ति की विद्यमान शब्दावली " याचिका सदस्य द्वारा उपस्थापित की जा सकेगी या प्रमुख सचिव/ सचिव को भेजी जा सकेगी " के स्थान पर, शब्दावली " आवेदन सदस्य द्वारा उपस्थापित किया जा सकेगा या प्रमुख सचिव/ सचिव को भेजा जा सकेगा " स्थापित की जाए. ".

8. नियम 113 में , निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः-

"विद्यमान पार्श्व शीर्ष एवं नियम में, जहां कहीं भी शब्द " याचिका " आये हों, के स्थान पर, शब्द " आवेदन " स्थापति किये जाएं. ".

9. नियम 114 में, निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः-

" (क) उपनियम ( 1 ) की विद्यमान शब्दावली के स्थान पर, शब्दावली " प्रत्येक आवेदन, यथास्थिति, सदस्य द्वारा उपस्थापित किये जाने के बाद या प्रमुख सचिव/सचिव द्वारा प्रतिवेदित किये जाने के बाद और जब विधान सभा सत्र में न हो, तब प्राप्त हुए आवेदन, यदि अध्यक्ष ऐसा निदेश दे, आवेदन एवं अभ्यावेदन समिति को सौंप दिया जायेगा " स्थापित की जाए" ;

(ख) उपनियम (2) की शब्दावली " याचिकाएं व्यपगत मानी जाएंगी " के स्थान पर, शब्दावली " आवेदन व्यपगत माने जाएंगे. " स्थापित की जाए. ".

10. नियम 114- क. के उपनियम ( 1 ) में, निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः-

" (क) उपनियम ( 1 ) में आये, शब्द " याचिकाओं " के स्थान पर, शब्द " आवेदन " स्थापित किया जाए;

(ख) उपनियम ( 1 ) में आये, शब्द " याचिका समिति " के स्थान पर, शब्द " आवेदन एवं अभ्यावेदन समिति " स्थापित किया जाए. ".

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मार्च 2022

11. मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के अध्याय-23 के उपपद ( घ ) के विद्यमान शीर्षक को, निम्नानुसार संशोधित किया जाए, अर्थात्ः-

" अध्याय -23 के उपपद ( घ ) के विद्यमान शीर्षक " याचिका समिति " के स्थान पर, शीर्षक " आवेदन एवं अभ्यावेदन समिति " स्थापित किया जाए. ".

12. नियम 213 में, निम्नानुसार संशोधन किया जाए, अर्थात्ः-

" नियम 213 में, शब्द " याचिका समिति " के स्थान पर, शब्द " आवेदन एवं अभ्यावेदन समिति " स्थापित किया जाए. " .

13. नियम 214 में, निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः-

" (क) उपनियम ( 1 ) के पार्श्व शीर्ष में, शब्द " याचिका " के स्थान पर, शब्द " आवेदन एवं अभ्यावेदन " स्थापित किया जाएं;

(ख) उपनियम ( 1 ) की प्रथम पंक्ति की शब्दावली " उसे सौंपी गई प्रत्येक याचिका की " के स्थान पर, शब्दावली " उसे सौंपे गए प्रत्येक आवेदन की " स्थापित किये जाएं;

(ग) उपनियम ( 1 ) की द्वितीय , तृतीय एवं चतुर्थ पंक्ति में आये शब्द " याचिका " के स्थान पर, शब्द " आवेदन " स्थापित किये जाएं;

(घ) उपनियम ( 2 ) की प्रथम पंक्ति में , शब्द " याचिका " के स्थान पर , शब्द " आवेदन " तथा शब्द " की जायेगी " के स्थान पर, शब्द " किया जायेगा " स्थापित किये जाएं". "

14. नियम 215 में, निम्नानुसार संशोधन किये जाएं, अर्थात्ः-

" (क) नियम 215 की प्रथम एवं द्वितीय पंक्ति में , शब्द " याचिका " के स्थान पर, शब्द " आवेदन " स्थापित किये जाएं;

( ख) नियम 215 की चतुर्थ पंक्ति की , शब्दावली " समिति का यह भी कर्तव्य होगा कि वह उसको सौंपी गई याचिका में की गई विशिष्ट शिकायतों के बारे में ऐसी साक्ष्य लेने के पश्चात् जैसी उचित समझे , " के स्थान पर , शब्दावली " समिति का यह भी कर्तव्य होगा कि वह उसको सौंपे गये आवेदन में की गई विशिष्ट शिकायतों के बारे में ऐसा साक्ष्य लेने के पश्चात् जैसा उचित समझे, " स्थापित की जाए " . "

15. मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली की प्रथम अनुसूची में वर्णित " याचिका का प्रपत्र" के स्थान पर , निम्नानुसार प्रपत्र स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

" प्रथम अनुसूची

आवेदन का प्रपत्र

(देखिए नियम 107)

सेवा में ,

मध्यप्रदेश विधान सभा

(यहां संक्षिप्त रूप में आवेदन देने वाले या देने वालों के नाम तथा पद या विवरण जैसे , " क, ख तथा अन्य " या " का/के या " . की नगरपालिका-" का/के निवासी आदि समाविष्ट करिये ) .

278 (2)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मार्च 2022

का विनम्र अनुरोध इस प्रकार है:-

(यहां मामले का संक्षिप्त विवरण लिखिये )

और तद्नुसार आपको आवेदन देने वाला/आवेदन देने वाले प्रार्थना करता है/ करते हैं कि- (यहां लिखिये " कि विधेयक के संबंध में आगे कार्यवाही की जाये या न की जाये " या " कि आवेदन देने वाले/वालों के मामले के लिये विधेयक में विशेष उपबन्ध किया जाये " या सभा के समक्ष विचाराधीन विधेयक या विषय अथवा सामान्य लोक-हित के विषय के संबंध में कोई अन्य समुचित प्रार्थना )

और आपको आवेदन देने वाला/वाले कर्तव्यबद्ध होकर सदा प्रार्थना करेगा/करेंगे.

क्र.

हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान नाम (आवेदनकर्ता)

पता

(आवेदनकर्ता)

आवेदन उपस्थित करने वाले सदस्य के प्रतिहस्ताक्षर. ".

ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 30 March 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2022-03-30.139.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2022-03-30.139.Extraordinary.