ध्य प्रदेश
शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 194]
भोपाल, बुधवार, दिनांक 4 मई 2022- वैशाख 14, शक 1944
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल , दिनांक 4 मई , 2022
क्र. 6625-104- इक्कीस -अ ( प्रा. ) .-मध्यप्रदेश विधान सभा का निम्नलिखित अधिनियम जिस पर दिनांक 25 अप्रैल , 2022 को राष्ट्रपति महोदय की अनुमति प्राप्त हो चुकी है, एतद्वारा सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश यादव, अतिरिक्त सचिव.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 मई 2022
मध्यप्रदेश अधिनियम
क्रमांक १२ सन् २०२२
सिविल प्रक्रिया संहिता ( मध्यप्रदेश संशोधन ) अधिनियम, २०२०
[दिनांक २५ अप्रैल , २०२२ को राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त हुई , अनुमति " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " में दिनांक ४ मई, २०२२ को प्रथम बार प्रकाशित की गई. ]
मध्यप्रदेश राज्य को लागू हुए रूप में सिविल प्रक्रिया संहिता , १ ९ ०८ को और संशोधित करने हेतु अधिनियम.
भारत गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
१. इस अधिनियम को संक्षिप्त नाम सिविल प्रक्रिया संहिता ( मध्यप्रदेश संशोधन ) अधिनियम, २०२० है.
संक्षिप्त नाम.
२. मध्यप्रदेश राज्य का लागू हुए रूप में सिविल प्रक्रिया संहिता, १ ९ ०८ ( १ ९ ०८ का ५ ) ( जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट है ) को इसमें इसके पश्चात् उपबंधित रीति में संशोधित किया जाए.
मध्यप्रदेश राज्य को लागू हुए रूप में केन्द्रीय अधिनियम १ ९ ०८ का ५ का संशोधन.
३. मूल अधिनियम की पहली अनुसूची में, -
पहली अनुसूची का संशोधन.
(१ ) आदेश १८ में, -
(एक) नियम ४ में, -
(क) विद्यमान पार्श्व शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित पार्श्व शीर्ष स्थापित किया जाए, अर्थात् : -
" वाणिज्यिक न्यायालय में साक्ष्य लेखबद्ध करना ";
( ख) उपनियम ( १ ) में, शब्द " प्रत्येक वाद में " के स्थान पर, शब्द, कोष्ठक और अंक " कॉमर्शियल कोर्ट एक्ट, २०१५ ( २०१६ का ४) की धारा ३ की उपधारा ( १ ) के अधीन गठित वाणिज्यिक न्यायालय में विचारण योग्य किसी विनिर्दिष्ट मूल्य के वाणिज्यिक विवाद के संबंध में किसी वाद में" स्थापित किए जाएं;
(दो) नियम ४ के पश्चात्, निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाए, अर्थात् :-
साक्षियों की परीक्षा खुले न्यायालय में कीजाएगी.
" ४-क. नियम ४ में यथा उपबंधित के सिवाय , हाजिर साक्षियों का साक्ष्य खुले न्यायालय में न्यायाधीश की उपस्थिति में और उसके वैयक्तिक निदेशन और अधीक्षण में मौखिक रूप से लिया जाएगा.".
( २ ) आदेश २० - क के पश्चात्, निम्नलिखित आदेश अंतःस्थापित किया जाए, अर्थात् :-
आदेश २० -ख का अंतःस्थापन.
" आदेश २० -ख
इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षरित आदेशों, निर्णयों और डिक्रियों की मान्यता
१ . इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षरित आदेशों , निर्णयों और डिक्रियों की मान्यता. कोई पारित आदेश , सुनाया गया निर्णय या तैयार की गई डिक्री , जिसका न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षरित किया जाना अपेक्षित है, न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षरित की गई समझी जाएगी, यदि ऐसा आदेश, निर्णय या डिक्री को ऐसी रीति में, जैसी कि उच्च न्यायालय द्वारा विहित की जाए, न्यायाधीश द्वारा किए गए इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर के माध्यम से अधिप्रमाणित किया गया है . " .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 मई 2022
भोपाल , दिनांक 4 मई , 2022
क्र. 6625-104 - इक्कीस - अ( प्रा. ) .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में सिविल प्रक्रिया संहिता ( मध्यप्रदेश संशोधन ) अधिनियम, 2020 ( क्रमांक 12 सन् 2022 ) का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश यादव , अतिरिक्त सचिव.
MADHYA PRADESH ACT
NO . 12 OF 2022
THE CODE OF CIVIL PROCEDURE ( MADHYA PRADESH AMENDMENT ) ACT, 2020
[Received the assent of the President on the 25th April , 2022 ; assent first published in the "Madhya Pradesh Gazette (Extra - ordinary ) " , datd the 4th May, 2022 ] .
An Act further to amend the Code of Civil Procedure , 1908 in its application to the State of Madhya Pradesh.
Be it enacted by the Madhya Pradesh Legislature in the seventy - second year of the Republic of India as follows :-
Short title .
1. This Act may be called the Code of Civil Procedure (Madhya Pradesh Amendment) Act, 2020 .
2. The Code of Civil Procedure , 1908 (V of 1908 ) ( hereinafter referred to as the principal Act) in its application to the State of Madhya Pradesh be amended in the manner hereinafter provided.
Amendment of Central Act V of 1908 in its application to the State of Madhya Pradesh .
3. In the First Schedule to the principal Act ,-
Amendment of First Schedule.
(1) in order XVIII ,-
(i) in rule 4 ,
(a) for the existing marginal heading , the following marginal heading shall be substituted , namely :-
"Recording of evidence in Commercial Court " ;
(b) in sub- rule ( 1 ), for the words " In every case " , the words , brackets and figures " In any suit in respect of a commercial dispute of a specified value triable in the Commercial Courts constituted under sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Commercial Courts Act , 2015 ( No. 4 of 2016 ) " shall be substituted;
(ii) after rule 4, the following rule shall be inserted , namely:-
Witnesses to be examined in open Court.
"4-A . Except as provided in rule 4, the evidence of the witnesses in attendance shall be taken orally in open Court in the presence and under the personal direction and superintendence of the Judge ." .
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 मई 2022
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(2) After Order XX- A, the following order shall be inserted , namely :-
Insertion Order XX -B . of
" ORDER XX - B
RECOGNITION OF ELECTRONICALLY SIGNED ORDERS , JUDGMENTS AND DECREES
Recognition of Electronically Signed Orders , Judgments and Decrees.
1. Any order passed , judgment pronounced or decree prepared which is required to be signed by a Judge shall be deemed to have been signed by the Judge , if such order , judgment or decree has been authenticated by means of electronic signature affixed by the Judge in such manner as may be prescribed by the High Court ." .
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022 .