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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

संत रविदास स्‍वरोजगार योजना....

Published 13 May 2022

Department
अनुसूचित जाति कल्‍याण
Type
Extraordinary
Gazette no.
249
Identifier
in.gazette.madhya.2022-05-13.249.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
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मध्यप्रदेश शासन सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 249 ]

भोपाल , शुक्रवार , दिनांक 13 मई 2022 - वैशाख 23 , शक 1944

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 13 मई 2022

क्रमांक एफ 13-01/ 2022/57-2 अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित , भोपाल को और अधिक उपयोगी और सक्रिय किये जाने के परिपालन में नवीन स्वरोजगार योजनाओं के संचालन का निर्णय लिया गया है जिसके तहत राज्य शासन, एतदद्वारा, निम्न नवीन नियम बनाती है, अर्थातः-

संत रविदास स्वरोजगार योजना

योजना का लाभ केवल नवीन उद्यमो की स्थापना हेतु देय होगा । इस योजना में केवल अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदको को निम्नानुसार अर्हता एवं वित्तीय सहायता संबंधित प्रावधान होंगे:-

1-परियोजना सीमा: (अ) उ‌द्योग (विनिर्माण- Manufacturing ) इकाई के लिए राशि रु. 1 लाख से रू. 50 लाख तक की परियोजनाएँ ।

(ब) सेवा (Service) इकाई एवं खुदरा व्यवसाय (Retail Trade) हेतु रु 1 लाख से रु. 25 लाख तक की परियोजनाएँ।

2-पात्रता :

(क) आयु 18-40 वर्ष

(ख) शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण ।

(ग) आय सीमाः (अ) परिवार की वार्षिक आय रूपये 12.00 लाख से अधिक न हो। ( ब) परिवार से आशयः (i ) आवेदक के अविवाहित होने पर आवेदक स्वयं एवं उसके माता -पिता से है, जिन पर वह आश्रित है, अथवा ( ii ) आवेदक के विवाहित होने पर पति/ पत्नी एवं आश्रित बच्चों (आश्रित एवं अविवाहित बच्चों की उम्र का कोई बंधन नहीं ) से है ।

497 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मई 2022

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(घ) अन्य: (अ) आवेदक स्वयं किसी बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्था जैसे - MFI / NBFC/SFB/PACS इत्यादि का डिफाल्टर ना हो। ( ब) आवेदक वर्तमान में राज्य अथवा केन्द्र सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का हितग्राही न हो ।

3- वित्तीय सहायता : (1) ब्याज अनुदान:योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों कोबैंक द्वारा वितरित/शेष (Outstanding ) ऋण (Term Loan & Working Capital Loan ) पर 5 % प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान, अधिकतम 7 वर्षों तक (मोरेटोरियम अवधि सहित) , नियमित रूप से ऋण भुगतान ( निर्धारित समय एवं राशि) की शर्त पर निगम द्वारा दिया जायेगा ।

(2)गांरटी फीस: म.प्र . शासन द्वारा गांरटी फीस देय होगी ।

4-प्रशिक्षण: योजनान्तर्गत प्रशिक्षण के इच्छुक हितग्राही 12 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण ऑनलाईन ट्रेनिंग मोडयूल के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।

5-पात्र परियोजनायें उ‌द्योग ( विनिर्माण) , सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र की समस्त परियोजनायें जो CGTMSE अन्तर्गत बैंक ऋण गांरटी के लिए पात्र हैं ।

6-पात्र बैंक: पब्लिक प्राइवेट सेक्टर बैंक अथवा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक जो CGTMSE में पंजीकृत MLI (Member Lending Institution ) है ।

7-योजना का क्रियान्वयनः इस योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेन्सी, प्रबंध संचालक, म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित, भोपाल होगा । जिला स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी/कार्यपालन अधिकारी, जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समितियों के माध्यम से योजना का संचालन/समन्वय कराया जावेगा। योजनान्तर्गत जिला स्तर पर विभिन्न स्वरोजगर मूलक कार्यों से जुडे विभागों- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कुटीर एवं ग्रामो‌द्योग विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा क्रियान्वयन किया जाएगा ।

2) म.प्र.शासन, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अपने विभागीय बजट में इस योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु प्रावधान किया जायेगा। संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत वित्त विभाग द्वारा आवंटित बजट अनुसार जिलेवार एवं बैंकवार वित्तीय लक्ष्य (ब्याज अनुदान वितरण) निर्धारित किये जायेंगे।

3) योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रक्रियाओं का निर्धारण तथा योजना के प्रारूप का अनुमोदन संबंधित विभाग द्वारा प्रशासकीय अनुमोदन तथा वित्त विभाग की सहमति से किया जायेगा। इस हेतु पृथक से मंत्रि-परिषद के अनुमोदन की आवश्यकता नही होगी ।

4) योजना का क्रियान्वयन विभाग द्वारा शासकीय योजनाओं के लिये निर्माणाधीन समेकित पोर्टल के माध्यम से किया जायेगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के लिए निर्धारित पोर्टल में ही अनुसूचित जाति वर्ग हेतु संत रविदास स्वरोजगार योजना के नाम से संचालन होगा जो कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से समन्वित होगा। अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदक द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अन्तर्गत आवेदन करने पर भी उसे इस योजना अन्तर्गत पात्रता की स्थिति में लाभ प्राप्त होगा।

डॉ भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना

योजना का लाभ केवल नवीन सभी प्रकार के स्वरोजगार की स्थापना हेतु देय होगा । इस योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदको हेतु निम्नानुसार अर्हता एवं वित्तीय सहायता सम्बंधित प्रावधान होगें: - 1-परियोजना सीमा: सभी प्रकार के स्वरोजगार हेतु रू. 10 हजार से 1 लाख तक की परियोजनाएँ ।

2-पात्रता :

8-55 वर्ष 1

: (क) आयु

(अ) आयकर दाता न हो ।

(ख) आय सीमा:

(ब) परिवार से आशय : ( i ) आवेदक के अविवाहित होने पर आवेदक स्वयं

एवं उसके माता - पिता से है, जिन पर वह आश्रित है , अथवा ( ii ) आवेदक के विवाहित होने पर पति/ पत्नी एवं आश्रित बच्चों (आश्रित एवं अविवाहित बच्चों की उम्र का कोई बंधन नहीं) से है ।

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मई 2022

(ग) अन्य:

(अ) आवेदक स्वयं किसी बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्था जैसे- MFI / NBFC/ SFB/ PACS इत्यादि का डिफाल्टर ना हो। (ब) आवेदक वर्तमान में राज्य अथवा केन्द्र सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का हितग्राही न हो।

3- वित्तीय सहायता : ब्याज अनुदान :योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों कोबैंक द्वारा वितरित/शेष (Outstanding ) ऋण (Term Loan & Working Capital Loan ) पर 7% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान, अधिकतम 5 वर्षों तक ( मोरेटोरियम अवधि सहित) , नियमित रूप से ऋण भुगतान (निर्धारित समय एवं राशि) की शर्त पर निगम द्वारा दिया जायेगा।

गांरटी फीस: म.प्र . शासन द्वारा गांरटी फीस देय होगी।

4-प्रशिक्षण: योजनान्तर्गत प्रशिक्षण के इच्छुक हितग्राही 12 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण ऑनलाईन ट्रेनिंग मोडयूल के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।

5- पात्र परियोजनायें: उ‌द्योग (विनिर्माण), सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र की समस्त परियोजनायें जो CGTMSE अन्तर्गत बैंक ऋण गांरटी के लिए पात्र हैं।

6-पात्र बैंक: पब्लिक प्राइवेट सेक्टर बैंक अथवा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक जो CGTMSE में पंजीकृत MLI (Member Lending Institution ) है।

7-योजना का क्रियान्वयनः इस योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेन्सी, प्रबंध संचालक, म.प्र . राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित, भोपाल होगा। जिला स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी/कार्यपालन अधिकारी , जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समितियों के माध्यम से योजना का संचालन/समन्वय कराया जावेगा । योजनान्तर्गत जिला स्तर पर विभिन्न स्वरोजगर मूलक कार्यों से जुडे विभागों- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग , कुटीर एवं ग्रामो‌द्योग विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा क्रियान्वयन किया जाएगा।

2) म.प्र.शासन , अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अपने विभागीय बजट में इस योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु प्रावधान किया जायेगा । डॉ भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना अंतर्गत वित्त विभाग द्वारा आवंटित बजट अनुसार जिलेवार एवं बैंकवार वित्तीय लक्ष्य (ब्याज अनुदान वितरण) निर्धारित किये जायेंगे, भौतिक लक्ष्य केवल सांकेतिक होंगे ।

3) योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रक्रियाओं का निर्धारण तथा योजना के प्रारूप का अनुमोदन संबंधित विभाग द्वारा प्रशासकीय अनुमोदन तथा वित्त विभाग की सहमति से किया जायेगा । इस हेतु पृथक से मंत्रि- परिषद के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी ।

4) योजना का क्रियान्वयन विभाग द्वारा शासकीय योजनाओं के लिये निर्माणाधीन समेकित पोर्टल के माध्यम से किया जायेगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के लिए निर्धारित पोर्टल में ही अनुसूचित जाति वर्ग हेतु डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना के नाम से संचालन होगा जो कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से समन्वित होगा । अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदक द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अन्तर्गत आवेदन करने पर भी उसे इस योजना अन्तर्गत पात्रता की स्थिति में लाभ प्राप्त होगा।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मई 2022

498 (2)

1-

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना

2 योजना का उद्देश्य : योजना का उद्देश्य प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के हित में विभिन्न

लाइन विभागों यथा- कृषि विभाग , पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग , उ‌द्यानिकी विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग , ऊर्जा विभाग , तकनीकि एवम कौशल उन्नयन विभाग, आयुष विभाग , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग आदि विभागों अथवा जिला कलेक्टरों के माध्यम से प्राप्त होने वाले विशेष परियोजना प्रस्तावों को वित्तीय पोषण करने हेतु अधिकतम राशि रूपये 2 करोड़ तक की संपूर्ण परियोजना लागत राशि अनुदान के रूप में , शासन द्वारा निर्धारित परियोजना मूल्यांकन समिति की अनुशंसा के आधार पर प्रदान किया जाएगा । इस योजना में स्वरोजगार , आजीविका, कौशल उन्नयन संर्वधन एवं नवाचार संबंधी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर वित्त पोषण किया जाएगा, जो कि मुख्य रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के हितों हेतु केन्द्रित होगा ।

योजना का क्रियान्वयन : 3

3.1 म.प्र.राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम भोपाल योजना के क्रियान्वयन हेतु नोडल एजेन्सी होगा।

3.2 लाईन विभागो से प्राप्त परियोजना प्रस्तावों को विभागीय अनुशंसा उपरान्त अंतिम रूप से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य परियोजना क्रियान्वयन समिति के द्वारा अनुमोदन पश्चात शासन द्वारा जारी किया जाऐगा।

4 पात्रता :लाईन विभागो के मापदण्डों के अनुसार प्राप्त परियोजना प्रस्ताव ।

5 वित्तीय सहायता योजनान्तर्गत लाईन विभागों से प्राप्त परियोजना प्रस्तावों को मूल्यांकन समिति की अनुशंसा के आधार पर शत- प्रतिशत अनुदान शासन स्वीकृति के आधार पर निगम द्वारा देय होगा ।

6 आवेदन प्रक्रिया एवं आवेदन पत्रों का निराकरण : मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन, सहायता प्राप्त उद्यमों की स्थापना , उद्यमियों की समस्याओं आदि विषयों की समीक्षा हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में निम्नानुसार गठित समिति द्वारा त्रैमासिक आधार पर अथवा आवश्यकतानुसार समीक्षा की जायेगी : -

-अध्यक्ष

1. जिला कलेक्टर/ कलेक्टर प्रतिनिधि

- सदस्य

2. मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत

-सदस्य

3. संबंधित लाईन विभाग का जिला अधिकारी

-सदस्य

4. परियोजना अधिकारी , जिला शहरी विकास अभिकरण/प्रतिनिधि

-सदस्य

5. आई.टी.आई./पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रतिनिधि

- सदस्य

6. सहायक आयुक्त/जिला संयोजक, आ.जा.क. विभाग

-सदस्य

7. महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उ‌द्योग केन्द्र

-सदस्य-सचिव मुख्यकार्यपालन अधिकारी/ कार्यपालन अधिकारी ,

8. जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित 498 (3 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मई 2022

7 भूमि - परियोजना हेतु भूमि की उपलब्धता राजस्व विभाग अन्तर्गत प्रचलित , नजूल निर्वतन नियम एवं इस संबंध में विभिन्न विभागों की नीति में किए गए प्रावधानों के अधीन होगी।

परियोजना शासन के शत- प्रतिशत अनुदान पर आधारित होने के कारण अंतिम स्वामित्व शासन का होगा, जिसका उपयोग विभाग द्वारा वित्त विभाग से परामर्श उपरांत बनाए गए प्रावधानों के अनुसार होगा।

8 वित्तीय प्रवाह : लाईन विभाग से प्राप्त प्रस्तावों के अंतिम रूप से चयन उपरांत परियोजना लागत की राशि शत- प्रतिशत अनुदान के रूप में परियोजना के बचत खाते में सीधे हस्तांतरित (DBT) किया जायेगा।

9 वार्षिक लक्ष्य निर्धारण : योजनान्तर्गत प्रावधानित बजट अनुसार वार्षिक भौतिक/वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किये जायेंगे ।

10 परियोजना अन्तर्गत :

10.1 पूंजीगत लागत एवं कार्यशील पूंजी का योग परियोजना लागत होगा ।

10.2 परियोजना में उपयोग किये जाने वाले प्लांट एवं मशीनरी/उपकरण का मूल्य पूंजीगत लागत होगा । भूमि का मूल्य परियोजना में शामिल नहीं होगा तथा भवन में निवेश, मशीन/उपकरण लागत के 100 प्रतिशत से अधिक नहीं न हो ।

11 परियोजना अन्तर्गत लिए जाने वाले गतिविधि उदाहारणतः उ‌द्योग (विनिर्माण) एवं सेवा क्षेत्र से संबंधित कृषि आधारित परियोजनाएँ- एग्रो प्रोसेसिंग , फूड प्रोसेसिंग कोल्ड स्टोरेज, मिल्क प्रोसेसिंग , केटल फीड, पॉल्ट्री फीड , फिश फीड, कस्टम हायरिंग सेंटर, बेजीटेबल डीहाईड्रेसन, टिश्यू कल्चर, मसाला निर्माण , सीड ग्रेडिंग/शॉर्टिंग , ग्रामो‌द्योग, हस्तशिल्प कला से जुडे परियोजनाएँ आदि, अनुसूचित जाति के हितग्राही समूह को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा सकती है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मीनाक्षी सिंह, उपसचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 13 May 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2022-05-13.249.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2022-05-13.249.Extraordinary.