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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास हेतु नीति 2022..

Published 26 May 2022

Department
महिला एवं बाल विकास
Type
Extraordinary
Gazette no.
276
Identifier
in.gazette.madhya.2022-05-26.276.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , गुरुवार, दिनांक 26 मई 2022-ज्येष्ठ 5 , शक 1944

क्रमांक 276]

महिला एवं बाल विकास विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 26 मई 2022

क्र. 5015-1816-2022- पचास- 2.- राज्य शासन , एतद्वारा , भिक्षावृत्ति करने, कूड़ा / पन्नी बीनने, श्रम करने, गरीबी और अन्य विपरीत पारिवारिक परिस्थितियों के कारण सड़क पर रहने वाले बच्चों के परिवार के सुदृढ़ीकरण हेतु विभिन्न योजनाओं से लाभांवित करने एवं ऐसे बच्चों के संरक्षण तथा भरण- पोषण करने, बच्चों को परिवार में पुनर्स्थापित करने, शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने एवं उनके समग्र पुनर्वास हेतु मध्यप्रदेश राज्य के लिए "सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास हेतु नीति, 2022 " प्रभावशील घोषित करता है (नीति की प्रति संलग्न). यह नीति तब तक प्रवृत्त रहेगी जब तक कि इस नीति को निरसित या संशोधित न कर दिया जाये.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अजय कटेसारिया , उपसचिव.

551 552

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 मई 2022

सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास हेतु नीति

2022

(Policy for rehabilitation of Children in street situations )

मध्यप्रदे

श शासन

सत्यमेव जयते

मिशन वात्सल्य

महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

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सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास हेतु नीति, 2022

(Policy for rehabilitation of Children in street situations )

पृष्ठभूमि

सामाजिक परिस्थितियों, आर्थिक अभाव एवं संसाधनों की कमी के कारण अनेक परिवार में ऐसी विषम परिस्थितियाँ निर्मित हो जाती है कि उन परिवार के बच्चे सामान्यतः भिक्षावृत्ति करने, कचरा / पन्नी बीनने , बालश्रम करने , तमाशा दिखाते हुय पाये जाते है और माता -पिता के बेरोजगार होने , उचित संरक्षण तथा पुनर्वास नही होने , गरीबी और विपरीत परिवारिक परिस्थिति एवं उचित मार्गदर्शन नही मिलने के कारण ऐसे बच्चे सड़क पर रहने को मजबूर होते है । बच्चों की सरल प्रकृति होने के कारण उनके मादक पदार्थो की तस्करी अथवा अपराध में उपयोग किये जाने, यौन शोषण, बाल मजदूरी , बंधुआ मजदूरी , बाल तस्करी , नशे के शिकार होने की संभावना बनी रहती है ।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बच्चों को मादक पदार्थो की तस्करी अथवा अपराध में उपयोग किये जाने अथवा यौन शोषण , बाल मजदूरी, बंधुआ मजदूरी, बाल तस्करी, नशे , के शिकार होने से रोकने तथा संरक्षण , भरण- पोषण , चिकित्सा उपलब्ध करवाते हुये विभिन्न योजनाओं का लाभ बच्चों एवं परिवार को प्रदान कर बच्चों को परिवार में पुर्नस्थापित किये जाने हेतु नीति बनाये जाने के निर्देश दिये है ।

2/ नीति का उद्देश्य

(1) सड़क पर रहने वाले बच्चों का चिन्हांकन एवं अभिलेखीकरण कर बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए एनसीपीसीआर द्वारा तैयार एस.ओ.पी 2.0 का प्रभावी क्रियान्वयन ।

(ii ) सड़क पर रहने वाले बच्चों को समाज की मुख्य धारा में जोड़कर उनका सर्वागींण विकास करना ।

(iii) समस्त आधारभूत जीवनोपयोगी सुविधायें उपलब्ध करवाना ।

बच्चों की पहचान और उपयुक्त पुनर्वास के लिए कदम उठाना ।

(iv)

(v) बच्चों के पुनर्वास के लिए उचित मॉनिटरिंग प्रणाली विकासित करना ।

(vi) बच्चों की स्थिति में सुधार हेतु विभिन्न कृत्यकारियों एव विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियां सुनिश्चित करना ।

(vii) बच्चों के पुनर्वास के लिए उनकी मौजूदा स्थिति के अनुसार उपायों की सिफारिश करना और बच्चों की रिपोर्टिंग एवं निगरानी के लिए एक योजना तैयार करना ।

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नीति के तहत् लक्ष्य समूह-

3 /

(i) बिना किसी सहयोग के पूर्णतः अकेले रहने वाले बच्चे- ऐसे बच्चे जो माता पिता या परिवार के बिना सड़क, फुटपाथ या किसी सार्वजनिक स्थान पर अकेले रह रहे है, उनके लिये सड़क ही घर है । उदाहरण गुमशुदा, भागे हुए , परित्यक्त, अनाथ बच्चे ।

(ii) बच्चे जो दिन में सड़कों पर रहते है एवं रात में अपने परिवार के साथ रहते है- ऐसे बच्चे दिन में सड़क पर घूमते हैं एवं रात में अपने माता - पिता के साथ रहने चले जाते हैं । ये बच्चे भीख मांगने, पन्नी बीनने या सामान बेचने का काम करते हैं या बिना काम के ही घूमते रहते हैं । इन बच्चों को माता - पिता का मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है, माता पिता स्वयं ही जीवन यापन के लिये संघर्षरत होते है ।

(ii) परिवार के साथ सड़क रहने वाले बच्चे- ऐसे बच्चे जो अपने परिवार के साथ ही रहते हैं । देश के अलग-अलग भाग से शहर में पैसे कमाने एवं जीवन निर्वाह के लिये आते हैं ये मुख्यतः असंगठित क्षेत्र में श्रमिक का कार्य करते हैं ।

(iv) प्रवासी परिवार के बच्चे- इन परिवारों में स्थाई एवं मौसमी प्रवास करने वाले परिवार सम्मिलित हैं । इन परिवार के बच्चे के माता- पिता / परिवार के साथ सड़क / फुटपाथ पर निवास करते हैं । बच्चे भीख मांगने, पन्नी बीनने , माता-पिता के साथ बाल श्रम सामान बेचने का काम करते हैं ।

(v) परित्यक्त बच्चे - सड़क पर रहने वाले परित्यक्त बालक जिसे उसके जैविक या दत्तक माता -पिता या अभिभावक द्वारा परित्याग कर दिया गया है और बालक अब सड़क पर रह रहा है ।

(vi ) दिव्यांग बच्चे बड़ी संख्या में मानसिक एवं शारीरिक विकलांगता के कारण माता - पिता द्वारा बच्चों का परित्याग कर दिया जाता है । ऐसे कई बच्चे सड़कों पर पाये जाते हैं , जिसकी स्थिति सड़क पर रहने वाले अन्य बच्चों से भी ज्यांदा खराब होती है ।

(vii) निराश्रित बच्चे - ऐसे बच्चे जिनके जैविक या दत्तक माता - पिता नहीं हैं या वैध अभिभावक इसे रखने को तैयार नहीं हैं या अक्षम होने के कारण सड़क पर रह रहे हैं ।

(viii) बाल श्रमिक- बच्चे जो बाल श्रम कानून के विपरीत कार्य कर रहे हैं । यह वह व्यवस्था है जिसमें बच्चे का नियोजन कर किसी व्यक्ति के द्वारा उसके श्रम अथवा सेवा के बदले बच्चे या उस बच्चे पर नियंत्रण रखने वाले को भुगतान किया जाता है । ऐसे बच्चे भी सड़कों पर रहते हैं और बाल श्रमिक के रूप में नियोजित हैं ।

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(ix) काम -काजी बच्चे - बच्चे जो आमदनी के लिये जूते पॉलिश करते हैं, टी- स्टॉल, सड़क किनारे स्टॉल, निर्माण स्थल , बाजार / सड़क / ट्रैफिक सिग्नल पर / फूल , समाचार पत्र , फल एवं अन्य सामान बेचते हैं ।

(x) बाल भिक्षुक ऐसे बच्चे जो किसी सार्वजनिक या निजी स्थल पर भीख मांगते हैं । ऐसे बच्चे बहाना बनाकर, घाव दिखाकर, बीमारी बताकर पैसे मांगते हैं । धर्म स्थलों के बाहर अथवा धर्म के विशिष्ट दिवसों में सड़कों पर/ चौराहों पर / घर- घर जाकर राशि प्राप्त किये जाने वाले बच्चे ।

(xi) कामकाजी या कचरा पन्नी बीनने वाले बच्चे - रेल्वे प्लेटफॉर्म पर रहने वाले एवं काम करने वाले , सड़क / बस स्टैण्ड / रेल्वे स्टेशन / फ्लाई ओवर के नीचे माता-पिता के साथ रहने एवं काम करने वाले बच्चे, झुग्गी में परिवार के साथ रहने वाले एवं सडकों पर काम करने वाले बच्चे / निर्माण कार्य चल रहे स्थानों पर परिवार के साथ रहने वाले बच्चें, सेक्स वर्कर के बच्चे / रेड लाईट एरिया में रहने वाले बच्चे जो सडकों पर घूमते रहते है, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेण्ड, सार्वजनिक स्थान, सड़क किनारे कचरा पन्नी बीनते हैं, पर्यटन क्षेत्र में/ बीच में रहने वाले या घूमने वाले बच्चे जो परिवार अथवा बिना परिवार के है , नशा करने वाले , खेल तमाशा दिखाने वाले बच्चे, वाहन के कांच साफ करने वाले बच्चे आदि ।

4/ बच्चों का चिन्हांकन , रेस्क्यू, एवं अभिलेखीकरण-

4(1 ) सर्वे, चिन्हांकन एवं मैपिंग -

(1) प्रत्येक जिला में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र यथा छोटे कस्बे, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम में Vulnerability mapping कर बच्चों के रहने के जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान की जायेगी ।

(ii) ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सड़क पर रहने वाले बच्चों के चिन्हांकन हेतु निरंतर व्यापक सर्वे प्रारूप-1 में किया जायेगा ।

(ii) बच्चों की पहचान के लिए प्रत्येक जिले में सर्वे दल का गठन जिला बाल संरक्षण इकाई, सामाजिक न्याय , श्रम, खाद्य आपूर्ति, चिकित्सा, शिक्षा , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , विशेष पुलिस इकाई एवं स्वयंसेवी संगठन के प्रतिनिधि को सम्मिलित कर किया जायेगा ।

(iv) प्रमुख धार्मिक, पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थल पर सड़क पर रहने वाले बच्चों को चिन्हांकित किये जाने हेतु विशेष दल का गठन किया जायेगा ।

(^) मैपिंग में ऐसे हाटस्पाट्स एवं आशंकाग्रस्त क्षेत्रों का चिन्हांकन किया जायेगा जहाँ पर बडी संख्या में सडक पर रहने वाले बच्चे पाये जाते हैं ।

(vi ) बाल स्वराज पोर्टल में आवश्यक जानकारियों को तत्काल दर्ज किया जायेगा ।

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4(2) बच्चों का रेस्क्यू, परामर्श एवं अभिलेखीकरण

सर्वे के माध्यम से चिन्हित बच्चों एवं परिवारों का एक डाटा बेस तैयार किया जायेगा जिसमें परिवार का रहन - सहन, निवास , आर्थिक सामाजिक स्थिति, मनो - सामाजिक स्थिति, स्वास्थ्य एवं शिक्षा का विवरण तथा परिवार का इतिवृत आदि विषय सम्मलित रहेगे । यह डेटा प्रत्येक बच्चे का व्यक्तिगत रूप से तैयार किया जायेगा ।

(ii) जानकारी संग्रहण के दौरान ही परिवार को यह परामर्श दिया जायेगा कि बच्चों को सडक पर किसी काम के लिये अथवा ऐसे ही न भेंजे वरन् बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ें ।

(iii) चिन्हांकित एवं रेस्क्यू किये गये प्रत्येक बच्चे एवं उनके परिवार की जानकारी का गहन परीक्षण उनकी आवश्कता, मूलभूत जरूरतों, सड़क पर रहने की परिस्थितियों के डेटा का बच्चों के लक्ष्य समूह अनुसार गहन परीक्षण किया जाकर एक डेटा बेस तैयार किया जायेगा ।

(iv) निराश्रित, परित्यक्त, शोषण का शिकार, बाल भिक्षावृत्ति में लिप्त , बाल तस्करी आदि बच्चों का तत्काल रेस्क्यू कर संरक्षण प्रदान किये जाने की व्यवस्था की जायेगी ।

बाल स्वराज पोर्टल में आवश्यक जानकारियों को तत्काल दर्ज किया जायेगा । (v)

5 / सर्वे में चिन्हांकित बच्चों के संबंध में आदेश एवं संरक्षण-

5(1 ) बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण-

(1) सर्वे में चिन्हांकित एवं रेस्क्यू किये गये सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा ।

(ii ) बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चों एवं परिवारों बच्चों को स्कूल भेजने की प्रवृत्ति विकसित करने, परिवार में रखने , नशा न करने आदि का परामर्श दिये जाने के उपरांत परिवार से अनुलग्नक 'ख ' में बंध पत्र लिया जायेगा ।

(iii) चिन्हांकित एवं रेस्क्यू किये गये बच्चों की स्वास्थ्य जांच , परामर्श, चिकित्सा उपचार के उपरांत बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चो का परिवार अथवा बाल देखरेख संस्था अथवा नशा मुक्ति केन्द्र में संरक्षण / प्रवेश के आदेश किये जायेगे ।

बाल कल्याण समिति द्वारा संरक्षण में रखे गये बच्चों के चिन्हांकित प्रत्येक बच्चों के आर्थिक सामाजिक स्थिति, मनो - सामाजिक स्थिति एवं शिक्षा का विवरण तथा परिवार का पूर्व इतिवृत आदि सम्मिलित करते हुये बाल देखरेख योजना एवं केस हिस्ट्री बनाये जाने के निर्देश बाल कल्याण इकाई को दिये जायेगे । (iv)

5(2) बच्चों को संरक्षण एवं बाल देखरेख योजना

(0) बाल देखरेख संस्था में संरक्षण- सर्वे में चिन्हांकित सड़क पर रहने वाले परित्यक्त , निराश्रित , गुमशुदा, भागे हुये अथवा ऐसे बच्चे जिनका रहने का कोई दृश्यमान साधन नही है अथवा कोई परिवार नही है अथवा परिवार पालने में सक्षम नही है अथवा माता-पिता के जेल में रहने के कारण वह सड़क पर रहने को मजबूर है 552(5)

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आदि बच्चों को संरक्षण , भरण- पोषण, चिकित्सा, शिक्षण-प्रशिक्षण एवं पुनर्वास हेतु बाल देखरेख संस्था में प्रवेशित करवाया जायेगा ।

(ii) परिवार में संरक्षण- ऐसे बच्चे जिनके परिवार है और वह सड़क पर भिक्षावृत्ति, पन्नी बीनने, कचरा बीनने, रेड लाईट एरिया में रहने वाले, बाल श्रमिक, कामकाजी, बिना किसी कारण के सड़क पर घूमने वाले बच्चों को परामर्श , समझाईस देकर एवं बंध पत्र लिया जाकर परिवार में संरक्षित करवाया जायेगा एवं उनको विषम परिस्थितियों में आवश्यकता अनुसार खुला आश्रय गृह अथवा झूलाघर / आंगनवाडी की सुविधाओं से अवगत कराया जायेगा ।

5 (3 ) बाल देखभाल कार्ययोजना एवं केस हिस्ट्री तैयार करना -

सर्वे उपरांत चिन्हित बच्चों, परामर्शदाताओं, सर्वे दल, चिकित्सक एवं आवश्कता होने पर मनोविज्ञानी / मनोचिकित्सकों से चर्चा कर संरक्षण अधिकारी / सामाजिक कार्यकर्ता / आउटरीच कार्यकर्ता द्वारा व्यक्तिगत बाल देखरेख योजना प्रारूप 7 में सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट प्रारूप 22 में एवं गृह अध्ययन इतिवृत्त अनुलग्नक 'क' में तैयार किया जायेगा ।

(i) सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट एवं केस हिस्ट्री में चिन्हांकित प्रत्येक बच्चे को उनके परिवार का रहन - सहन , निवास, आर्थिक सामाजिक स्थिति, मनो - सामाजिक स्थिति, स्वास्थ्य, बच्चे पर परिवार का प्रभाव , परिवार में नशे की प्रवृत्ति, रोजगार की स्थिति एवं शिक्षा का विवरण , तथा परिवार का पूर्व केस हिस्ट्री को सम्मिलित करते हुये बच्चे पुनर्वास के लिए भविष्य की योजना एवं व्यक्तिगत देखरेख योजना तैयार की जायेगी।

6/ बच्चों का पुनर्वास

(1) दत्तक ग्रहण परित्यक्त , निराश्रित बेसहारा अथवा जिसको पालने वाला कोई नही है ऐसे संस्था में निवासरत बच्चो को विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित कर पूर्णतः परिवारिक पुनर्वास उपलब्ध करवाये जाने हेतु दत्तक ग्रहण पर दिया जायेगा ।

(ii ) पालन पोषण देखरेख -सर्वे में चिन्हांकित ऐसे बच्चे जिनके माता - पिता उनका पालन पोषण करने में असमर्थ है अथवा जेल में है अथवा गंभीर बीमारी से ग्रस्त है ऐसे बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम एवं नियम में दिये गये प्रावधानुसार व्यक्तिगत अथवा समूह पालन पोषण में रखा जाकर परिवारिक पुनर्वास करवाया जायेगा ।

(iii) स्पॉन्सरशिप - सड़क पर रहने वाले बच्चों को परिवार में पुनर्वासित किये जाने हेतु उनकी व्यक्तिगत देखरेख योजना, सामाजिक , परिवारिक परिस्थितियों का अध्ययन कर शासकीय एवं निजी स्पॉन्सरशिप के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवायी जायेगी ।

(iv) विकलांग पेंशन का लाभ -दिव्यांग बच्चों को विकलांग पेंशन का लाभ दिलवाया जायेगा ।

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(v) केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न योजना का लाभ -बच्चों को परिवार एवं समाज में पुर्नस्थापित किये जाने हेतु केन्द्र / राज्य सरकार की विभिन्न योजना एवं कार्यक्रम का लाभ दिलवाय जायेगा ।

(iv) परिवार में वापसी/ पुनर्समेकन- गुमशुदा, भागे हुये, बाल तस्करी आदि बच्चो के परिवार का पता लगाया जाकर उनके निवास स्थान / जिला/ राज्य में परिवार में पुर्नस्थापित करवाये जाने की कायवाही की जायेगी ।

(vi) बाल देखरेख संस्था में रहने वाले अथवा स्पॉन्सरशिप के माध्यम से समुदाय में रहने वाले 18 वर्ष की आयु से अधिक आयु के बच्चों को रोजगार / स्वरोजगार के माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास हेतु ऑफ्टर केयर कार्यक्रम से जोड़ा जायेगा ।

बच्चे को अन्य सहायता एवं परिवार का सुदृदीकरण-

7/

(क) शिक्षा सहायता-

(1) आंगनबाड़ी केन्द्र में प्रवेश- सड़क पर रहने वाले 06 वर्ष से कम आयु के बच्चो को पोषण एवं शिक्षा का लाभ प्रदान किये जाने हेतु आंगनबाड़ियों में प्रवेश करवाया जायेगा ।

(ii) शाला त्यागी बच्चे शाला त्यागी बच्चो के परिवार एवं बच्चों को परामर्श प्रदान कर शिक्षा का लाभ प्राप्त किय जाने हेतु पुनः शाला/ विद्यालय में प्रवेश करवाया जायेगा ।

(iii) स्कूल में पंजीयन - ऐसे बच्चे जो स्कूल नही जाते है उनका अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत् स्कूल में पंजीयन करवाया जाकर शिक्षा का लाभ प्रदान किया जायेगा ।

(iv) ऑनलाईन शिक्षा - महामारी जैसे किसी कारण से यदि बच्चा स्कूल जाने मे असमर्थ रहता है तो उसे विभिन्न माध्यम से ऑनलाईन शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की जायेगी ।

(v) पाठ्य एवं शिक्षा सामग्री - बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना अथवा निजी स्पॉन्सरशिप के माध्यम से पाठ्य पुस्तक शिक्षण सामग्री, ऑनलाईन शिक्षा हेतु सामग्री की व्यवस्था की जायेगी । इसके साथ ही दिव्यांग बच्चो को शिक्षा प्राप्त करने में परेशानी न हो इस हेतु ब्रेल किट, ब्रेल पुस्तक, हेयर एड आदि प्रदान करवाया जायेगा ।

(vi) छात्रावास एवं छात्रवृत्ति की सुविधा परिवार में रह कर शिक्षा प्राप्त न करने वाले बच्चों को विभिन्न विभागो के तहत् संचालित छात्रावास में प्रवेशित करवाये जाने की व्यवस्था की जायेगी साथ ही मेधावी छात्रो को शिक्षा सहायता हेतु छात्रावृत्ति दिलवायी जायेगी ।

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

(ख) चिकित्सा सहायता-

() प्रत्येक बच्चे स्वास्थ्य जांच, परामर्श, चिकित्सा उपचार हेतु आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने जाने की कार्यवाही स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जायेगी ।

(ii) ऐसे बच्चे जो गंभीर बीमारी से पीडित पाये गये या जिन्हें विशिष्ट चिकित्सा की आवश्यकता है उनके प्रकरण तैयार किये जाकर स्वास्थ्य विभाग / मुख्यमंत्री सहायता कोष / सामाजिक न्याय / किशोर न्याय निधि / अन्य सम्बंधित विभाग को प्रेषित किये जायेगे ।

(iii) यह सुनिश्चित किया जाये कि समस्त पात्र बच्चों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल जाये ।

(ग) कामकाजी/ श्रमिक बच्चों को सहायता-

कामकाजी एवं श्रमिक बच्चो को संरक्षण प्रदान किये जाने हेतु खुला आश्रयगृह/ रैनबसेरा में प्रवेश दिलवाया जायेगा ।

(ii) 14 वर्ष से अधिक आयु के कामकाजी / श्रमिक बच्चे जो दिन में कार्य करते है ऐसे बच्चो को शिक्षा का लाभ दिलवाये जाने हेतु रात्रिकालीन स्कूलों में प्रवेश दिलवाया जायेगा अथवा स्वंयसेवी संगठन / स्वैच्छिक शिक्षा देने वाले व्यक्तियों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा का लाभ प्रदान करवाया जायेगा ।

( iii) बालक एवं कुमार श्रम अधिनियम 1986 के तहत निर्मित बाल एवं पुनर्वास कोष के माध्यम से बच्चों को राशि प्रदाय किये जाने में सहायता की जायेगी ।

(iv) यह सुनिश्चित किया जायेगा कि बच्चों से नियमानुसार अवकाश दिया जा रहा हो , ओवरटाईम नही करवाया जा रहा हो अथवा शाम 7 बजे से प्रातः 08 बजे के बीच कार्य न करवाया जा रहा हो ।

(घ) बच्चों को नशा मुक्त करने सम्बंधी सहायता एवं चिकित्सा सहायता

() प्रत्येक बच्चे की स्वास्थ्य जांच की जायेगी एवं बच्चों में नशा करने के प्रकारों को वर्गीकृत किया जायेगा एवं तद्नुसार यह सुनिश्चित किया जायेगा कि बच्चे को प्रभावी परामर्श के साथ- साथ बच्चों के लिये बनाये गये विशिष्ट नशा मुक्ति केन्द्र में बच्चों को नशे की लत छुडवाने सम्बंधी परामर्श / चिकित्सा सहायता सम्बंधी कार्यवाही की जाये ।

(ii) नशा करने वाले चिन्हांकित बच्चों से नशे की लत छुड़वाने एवं उपचार के लिए नशा मुक्ति केन्द्र में प्रवेशित करवाया जायेगा तदुपरांत उसकी श्रेणी अनुसार बाल देखरेख संस्था अथवा परिवार में पुनर्वासित करवाया जायेगा ।

(ण) परिवार का सुदृढ़ीकरण

(0) माता- पिता के बेरोजगार होने, उचित क्षण तथा पुनर्वास नही होने, गरीबी और विपरीत परिवारिक परिस्थिति मिक्षावृत्ति करने वाले परिवार , कूड़ा बीनने वाले मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

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परिवार के सदस्यों कुशल एवं अकुशल व्यक्तियों को रोजगार एवं लघु उद्योग स्थापित करने हेतु परामर्श प्रदान किये जाने में सहायता प्रदान की जायेगी तथा केन्द्र एवं राज्य की विभिन्न योजना से जोड़ा जायेगा ताकि वह सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त हो सके । (केन्द्र / राज्य की पुनर्वास / सहायता योजना की जानकारी जानकरी परिशिष्ट-1 पर संलग्न है)

(ii) परिवार को विभिन्न विभागीय योजना का लाभ दिलवाये जाने हेतु समग्र कार्यक्रम से जोड़ना । वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन एवं सामाजिक पेंशन का लाभ दिलवाया जायेगा ।

(iii) विभिन्न विभागीय योजना का लाभ दिलवाने हेतु समग्र पोर्टल से जोड़ा जायेगा, आधार कार्ड, रोजागर / मजदूरी कार्ड बनवाये जाने में सहायता प्रदान की जायेगी ।

(iv) नशा करने वाले परिवार के सदस्यों को परामर्श केन्द्रों / नशामुक्ति केन्द्रों के माध्यम से सहायता प्रदान की जायेगी ।

7/ पुनर्वास , विभिन्न सहायता एवं परिवार का सुदृदीकरण करने की प्रक्रिया-

(0) बाल संरक्षण इकाई संस्था में रहने वाले बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम एवं नियम में दी गई प्रक्रिया का पालन कर दत्तक ग्रहण एवं पालन पोषण देखरेख में दिये जाने की कार्यवाही करेगी ।

(ii) बच्चों को आर्थिक रूप से समाज एवं परिवार में पुनर्वासित किये जाने हेतु बाल संरक्षण इकाई स्पॉन्सरशिप दिशा निर्देश / राज्य की योजना में प्रावधानित प्रक्रिया का पालन कर स्पॉन्सरशिप के माध्यम से बच्चों को लाभांवित किया जायेगा ।

(iii) दिव्यांगजन बच्चो को विकलांगता पेंशन का लाभ प्रदान किये जाने हेतु बाल संरक्षण इकाई द्वारा दिव्यांग बच्चो की सूची सामाजिक न्याय विभाग को उपलब्ध करवायी जायेगी , संबंधित विभाग द्वारा बच्चों को लाभ दिलवाये जाने की कार्यवाही की जायेगी ।

(iv ) घर से भागे हुये गुमशुदा, बाल तस्करी वाले बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेश से बाल संरक्षण इकाई द्वारा गृह विभाग के साथ समन्वय कर वापसी की कार्यवाही की जायेगी ।

(v) ऐसे बच्चे जिनका राज्य से बाहर पुनर्समेकन किया जाना है ऐसे बच्चों से बाल कल्याण समिति द्वारा अत्यंत गहन चर्चा कर यथा संभव अधिकतम जानकारी वाले पते की पहचान की जायेगी एवं किशोर न्याय अधिनियम 2015 में दिये गये प्रावधानों के अनुरूप राज्य से बाहर निवासरत बच्चों को उनके परिवार में पुनर्वासित किया जायेगा ।

(vi) जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा आंगनबाड़ी में प्रवेश के लिए सूची परियोजना कार्यालय को सौंपी जायेगी परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक बच्चे को आंगनबाड़ी केन्द्र में प्रवेशित करवाये जाने की कार्यवाही करेंगे ।

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

(vii) जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा बच्चों को स्कूल में पंजीयन करवाये जाने , शाला त्यागी बच्चों के पुनः प्रवेश, पाठ्य पुस्तके आदि उपलब्ध करवाये जाने हेतु बच्चों की सूची जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करवायी जायेगी जिनके द्वारा अनिवार्य शिक्षा के तहत् बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित किया जायेगा ।

(vii ) जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा बच्चों एवं परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओ का लाभ प्रदाय किये जाने हेतु सूची एवं डाटा बेस संबंधित विभागों को उपलब्ध करवाया जायेगा, संबंधित विभाग अपनी प्रचलित योजनाओं के अनुसार बच्चो एवं परिवार को लाभ प्रदान करेगे ।

8/ फालोअप:-

(1) प्रत्येक बच्चे एवं परिवार से सतत् सम्पर्क रखा जाये । इस हेतु जहाँ भी यह परिवार सक्रिय है वहां संरक्षण अधिकारी / परामर्शदाता, सामाजिक कार्यकर्ता तथा आउटरीच कार्यकर्ता निरंतर जीवंत सम्पर्क स्थापित कर उनकी काउंसलिंग करेंगे तथा ज्ञात करेंगे कि उन्हें शासन की विभिन्न योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है अथवा नही तथा इसकी रिर्पोटिंग जिला बाल संरक्षण अधिकारी को करेंगे ।

(!!) जिला शिक्षा अधिकारी विद्यालय स्तर से सत्त मॉन्टिरिंग करेंगे जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा यह डाटा बेस तैयार किया जायेगा कि बच्चे निरंतर शिक्षा प्राप्त कर रहें है ।

(iii) सर्वे दल द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों का निरंतर सर्वे एवं फालोअप कर यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कोई बच्चा सड़क पर निवास न कर रहा हो ।

(iv) बच्चों को बालश्रम या अन्य भिक्षावृत्ति के कार्यों में लिप्त करने वाले व्यक्तियों/ संस्थाओं की पहचान की जायेगी एवं कडी कार्यवाही हेतु पुलिस विभाग को अवगत किया जाना होगा ।

(v) बालश्रम से मुक्त कराये गये बच्चों को बैकवेजेस और बाल एवं पुनर्वास कोष से राशि प्राप्त हुई अथवा नहीं इसका परीक्षण किया जायेगा ।

9/ विभिन्न अभियान / कार्यक्रमों का क्रियान्वयन

9(1 ) नशा मुक्ति/ मादक पदार्थो की रोकथाम

(ⅰ) जिला स्तर पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना" एक युद्ध नशे के विरूद्ध " का प्रभावी क्रियान्वयन करना ।

(ii) विद्यालय एवं समाज में नशा सेवन के दृष्परिणामों पर आधारित जनजागृति कार्यक्रमों का संचालन एवं प्रचार- प्रसार करना ।

(iii) नशा मुक्ति पुनर्वास केन्द्र में नशे से पीड़ित बच्चों को उपचार की व्यवस्था करवाना ।

(iv) ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मादक पदार्थों के विनिर्माण , विक्रय के प्रतिषेद्ध किये जाने की कार्यवाही करवायी जाये ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

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(v) 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को शराब , गांजा, भांग आदि का विक्रय न किया जाये इस आशय का सूचना बोर्ड प्रत्येक दुकान पर लगा हो यह सुनिश्चित करना ।

(vi) बच्चों का उपयोग नशीली वस्तुओं की तस्करी अथवा बिक्री में करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध श्रम एवं अन्य विभाग से समन्वय कर किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधान अनुसार कार्यवाही करना ।

9(2) बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम-

(1) जिले में भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम, नियम एवं अभियान का व्यापक क्रियान्वन सुनिश्चित करना ।

(ii) रेलवे पुलिस क माध्यम से रेलवे स्टेशन एवं परिक्षेत्र में रहने वाले बच्चों का पुनर्वास करवाना एवं यातायात के संकेत चिन्हों पर भिक्षा न देने एवं भिक्षावृत्ति करना एवं करवाना अपराध जैसे स्लोगन चस्पा करवाना ।

(ii) जिला, तहसील विकास खण्ड, ग्राम स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करवाते हुये भिक्षावृत्ति की रोकथाम हेतु प्रयास करना ।

(iv ) भिक्षावृत्ति करने वाले ऐसे परिवार जिनके रहने हेतु घर नही है उन्हें रेनबसेरा जैसे स्थान पर संरक्षण प्रदान करवाना ।

(iv) समाज में "मिक्षा वृत्ति अभिशाप है", "भिक्षा नही शिक्षा " जैसे स्लोगन के साथ विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम, शिविर का आयेजन एवं प्रचार- प्रसार करना ।

9(3) बाल श्रम एवं बाल तस्करी -

जिले में श्रम विभाग के साथ समन्वय का बालक एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम एवं नियम का व्यवापक क्रियान्वयन सुनिश्चित करवाना ।

(ii) समय - समय पर उन स्थानों का निरीक्षण करना जहां बच्चों को रोजगार में अथवा खतरनाक व्यवसायों और प्रक्रिया में नियोजित किया गया हो उनके पुनर्वास की कार्यवाही करना एवं नियोजक के विरूद्ध कार्यवाही करना ।

(iii) बाल श्रमिकों के नियमित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था करवाना ।

(iv) बाल श्रम से बचाये गये बच्चों के पुनर्वास , संरक्षण एवं भरण- पोषण की व्यवस्था करना ।

(v) बच्चों का श्रमिक विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करवाना एवं आवश्यक पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाना ।

(vi) जिले में विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग के साथ समन्वय कर बाल श्रम एवं बाल तस्करी रोकने हेतु सतत् निगरानी एवं सर्तकता बनाये रखना ।

(vi) बाल श्रम एवं बाल तस्करी से बचाये गये बच्चों को संरक्षण एवं पुनर्वास के के लिए बाल देखरेख संस्था में प्रवेशित करवाना एवं उनके मनोचिकित्सक तथा परामर्शदाताओं के माध्यम से परामर्श प्रदान करवाना ।

(vi) बाल श्रम, बाल तस्करी बाल शोषण रोकने हेतु व्यापक प्रचार- प्रसार करना ।

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

बाल स्वराज पोर्टल पर प्रविष्टि :- सड़क पर रहने वाले बच्चों के पहचान एवं फालोअप की 10 /

जानकारी परिशिष्ट-2 में उल्लेखित स्टेप अनुसार जानकारी बाल स्वराज पोर्टल पर प्रत्येक जिले द्वारा अद्यतन की जायेगी ।

एकल खिड़की की स्थापना :- प्रत्येक जिले में सड़क पर रहने वाले बच्चों एवं उनके 11 /

परिवार की सहायता हेतु एकल खिड़की की स्थापना की जायेगी । जहां पर बच्चों की सहायता हेतु आवेदन भी प्राप्त किये जायेगे ।

12. विभिन्न कृत्यकारियों के दायित्व -

12 ( 1 ) डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट / कलेक्टर

(i) एन.सी.पी.सी.आर. की एस.ओ.पी. अनुसार हॉट स्पॉट का चिन्हांकन । हॉट स्पॉट के निकट झुग्गी में रहने वाले बच्चों की वल्नरेविल्टी मैपिंग ।

(ii) शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में जोखिम में परिवार एवं बच्चों का मूल्यांकन, जिनके सड़क पर रहने की स्थिति निर्मित हो सकती है ।

जिला/ब्लॉक / ग्राम स्तर पर समस्त हितधारकों के बीच नियमित विचार- विमर्श ।

(iii)

(iv) जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सड़क पर रहने वाले बच्चों के चिन्हांकन एवं रेस्क्यू की समय सीमा बैठक में नियमित समीक्षा ।

(v) सडक पर रहने वाले बच्चों के चिन्हांकन एवं पुर्नवास के लिये समस्त हितधारकों को निर्देशित करना ।

जिले को पूर्णतः बालशोषण से मुक्त जिला बनाने का प्रयास ।

(vi )

(vii) समस्त हितधारकों की समय - समय पर बैठकों का आयोजन एवं सडक पर रहने वाले बच्चों का मुख्यधारा में लाये जाने हेतु आ रही परेशानियों का निराकरण करना ।

12 ( 2 ) जिला बाल संरक्षण अधिकारी

(0) परामर्शदाताओं का पूल तैयार करना, जो कि सडक पर रहने वाले बच्चों एवं उनके परिवार को आवश्यक परामर्श एवं सहयोग दे सके ।

(ii) विभिन्न विभागों के समन्वय कर बच्चों के पुनर्वास एवं परिवार सुदृढीकरण की कार्यवाही करना ।

(iii) सर्वे दल एवं विभिन्न कृत्यकारियों के प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना ।

(iv) चिन्हांकित बच्चों के अभिलेखीकरण , डाटा संग्रहण एवं पोर्टल अद्यतन करवाना ।

(v) जिले में बाल भिक्षावृत्ति, बाल तस्करी , बाल श्रम, नशामुक्ति जैस विषयों पर सेमीनार , जन जागरूकता कार्यक्रम शिविर आयोजित करवाना एवं व्यापक प्रचार- प्रसार करना ।

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(vi) बाल संरक्षण इकाई के कृत्याकारियों को कार्यों के लिए निर्देश देना एवं उन‌की सत्त मॉनिटरिंग करना ।

(vii) स्कूल जाने वाले बच्चों के संबंध में जिला अधिकारी से सत्त संपर्क कर उनके शैक्षणिक कार्य का फालोअप प्राप्त करना ।

(viii) नीति का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना ।

12(3) संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत सर्वे के माध्यम से चिन्हित बच्चों एवं परिवार का नियमित फालोअप करेंगे , जिसमें विशेष रूप से यह देखा जायेगा बच्चा पुनः सड़क पर तो नही रह रहा है । बच्चे के संस्था अथवा स्कूल में प्रवेश के उपरांत बच्चे एवं परिवार में कौन-कौन से परिर्वतन हुए है । बच्चे एवं परिवार के पुर्नवास हेतु और कौन से सार्थक प्रयास किये जाने चाहिए । यदि फलोअप के दौरान यह महसूस होता है कि बच्चे अथवा परिवार के सदस्यों को और अधिक परामर्श की आवश्यकता है तो वह परामर्शदाता के माध्यम से बच्चे एवं परिवार को परामर्श प्रदान करने की व्यवस्था करेगा ।

12(4) संरक्षण अधिकारी संस्थागत खुला आश्रयगृह / बालगृह में प्रवेशित बच्चों की नियमित मॉन्टिरिंग /फालोअप करेंगे । वह संस्था में बच्चे के व्यवहार को संज्ञान में लेकर बच्चे में आये परिर्वतन की जानकारी संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत को उपलब्ध करवायेगा एवं आवश्यकता होने पर गृह में बच्चे को शिक्षण- प्रशिक्षण सहित आवश्यक परामर्श उपलब्ध करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करवायेगा ।

12(5) सामाजिक कार्यकर्ता - सामाजिक कार्यकर्ता एवं आउटरीच वर्कर प्रति सप्ताह चिन्हांकित किये गये परिवार के क्षेत्र के अतिरिक्त जिले के अन्य स्थानों जहां पर सडक पर रहने वाले बच्चे होने की संभावना है का सर्वेक्षण कर तत्काल उनके पुर्नवास की व्यवस्था करेगे साथ ही वह चिन्हित बच्चे एवं परिवार के आस - पड़ोस एवं क्षेत्र में बच्चे एवं परिवार के दृष्टिकोण का पता लगायेगे तथा सर्वेक्षण की जानकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी को उपलब्ध करवायेगे ।

12(6) परामर्शदाता – संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत के साथ सर्वे के माध्यम से चिन्हित बच्चों एवं परिवार का फालोअप सप्ताह में दो दिवस करेगा । वह फालोअप के समय बच्चे एवं परिवार के दृष्टिकोण का परीक्षण करेगा एवं आवश्यकता होने पर बच्चे एवं परिवार को आवश्यक परामर्श उपलब्ध करवायेगा ।

12(7) आउटरीच कार्यकर्ता -आउटरीच वर्कर प्रति सप्ताह चिन्हांकित किये गये परिवार के क्षेत्र के अतिरिक्त जिले के अन्य स्थानों जहां पर नीति में उल्लेखित श्रेणी के बच्चे होने की संभावना है का सर्वेक्षण कर तत्काल उसकी सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई को देगें ।

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12(8) विशेष किशोर पुलिस इकाई - सड़क पर रहने वाले चिन्हांकित बच्चों को रेस्क्यू करना एवं सुरक्षा प्रदान करना, बच्चों को बाल श्रम , शोषण , बाल तस्करी से बचाये जाने हेतु कार्यवाही करना, मादक पदार्थो की क्रय / विक्रय करने वाले व्यक्तियों पर कार्यवाही करना, जी.आर.पी. /आर.पी.एफ. के सहयोग से रेलवे क्षेत्रों , प्लेटफार्म में रहने वाले बच्चों का संरक्षण एवं सुरक्षा प्रदान करना एवं घर से भागे हुये अथवा गुमशुदा बच्चों की परिवार वापसी में सहयोग करना ।

12 (9) बाल कल्याण समिति- समिति के समक्ष प्रस्तुत बच्चों की बाल देखरेख योजना एवं केस हिस्ट्री के अनुसार बाल देखरेख संस्था अथवा परिवार में वापसी के आदेश करना, परिवार में बच्चों को रखने के लिए बंघ पत्र लिया जाना, बच्चों एवं परिवार को आवश्यक परामर्श प्रदान करना एवं फलोअप किये जाने हेतु संबंधितों को निर्देशित करना ।

12(10) चाईल्ड लाईन - ग्रामीण एवं शहरी परिवेश में जोखिम में रह रहे बच्चों की पहचान कर सर्वे दल एवं बाल संरक्षण इकाई को जानकारी देना , बच्चों को नियमित परामर्श उपलब्ध करवाना, बाल तस्करी , बाल श्रम , बाल भिक्षावृत्ति, कामकाजी आदि बच्चों के पुनर्वास के लिए बाल संरक्षण इकाई को आवश्यक सहयोग प्रदान करना, 1098 के माध्यम से बच्चों की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध करवाकर संरक्षण की व्यवस्था करना एवं बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करना ।

13. विभिन्न विभागों के दायित्व एवं भूमिका -

(i ) महिला एवं बाल विकास विभागः- योजना का क्रियान्वयन , मॉन्टिरिंग एवं समस्त विभागों के साथ समन्वय करना, योजना का प्रचार- प्रसार कृत्यकारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था करना एवं समय - समय पर आवश्यक दिशा- निर्देश जारी करना ।

(ii) गृह विभाग सामान्य प्रशासन विभाग , सामाजिक न्याय विभाग, श्रम एवं महिला बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर भिक्षावृत्ति, बाल श्रम की रोकथाम हेतु कार्यवाही करना । भिक्षावृत्ति करवाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधान अनुसार कार्यवाही करना । 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का उपयोग नशीली वस्तुओं की तस्करी अथवा बिक्री करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध श्रम एवं अन्य विभाग से समन्वय कर कार्यवाही करना ,रेलवे पुलिस के माध्यम से रेलवे स्टेशन एवं परिक्षेत्र में रहने वाले बच्चों का पुर्नवास करवाना एवं यातायात के संकेत चिन्हों पर भिक्षा न देने एवं भिक्षावृत्ति करना एवं करवाना अपराध है । जैसे स्लोगन लिखवाने की कार्यवाही करना ।

(iii) सामाजिक न्याय विभाग भिक्षावृत्ति करने वाले परिवारों को परामर्श देना एवं परिवार को रोजगार उन्मुखी कार्यक्रम से जोड़ने हेतु कार्ययोजना बनाना । नशे में लिप्त बच्चों को नशामुक्ति केन्द्रों के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

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भिक्षावृत्ति में लिप्त विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को निःशक्त कल्याण केन्द्रों के माध्यम से आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाते हुए शिक्षण- प्रशिक्षण एवं रोजगार की व्यवस्था करवाना । भिक्षावृत्ति अधिनियम का विस्तार पूरे प्रदेश तक करना एवं समस्त नगरीय निकायों में भिक्षु गृह एवं प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करना एवं विभागीय योजना के माध्यम से परिवार का पुनर्वास करना ।

(iv) नगरीय प्रशासन विभाग :- प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में भिक्षावृत्ति रोकथाम हेतु नियम एवं निर्देश लागू करवाना । भिक्षावृत्ति में लिप्त एवं कूड़ा बीनने वाले परिवार को विभिन्न विभागीय योजना का लाभ दिलवाये जाने हेतु समग्र कार्यक्रम से जोड़ना । वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन एवं सामाजिक पेंशन लेने वाले परिवारों से भिक्षावृत्ति न करने संबंधी अनुबंध पत्र भरवाना एवं विभागीय योजना के माध्यम से परिवार का पुनर्वास करना ।

(1) राजस्व:-राजस्व विभाग जिला, तहसील विकास खण्ड, ग्राम स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित कर अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था एवं विभागीय योजना के माध्यम से बच्चे एवं परिवार का पुनर्वास करना तथा सहायता उपलब्ध करवाया जाना ।

(v) स्कूल शिक्षा विभाग : - विद्यालय छोड़ चुके, अथवा अन्य बच्चों का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना, विभिन्न विभागीय योजना का लाभ दिलवाने हेतु समग्र पोर्टल से जोड़ना, विद्यालय स्तर से सत्त मॉन्टिरिंग करना , निःशुल्क किताबे उपलब्ध करवाना एवं डाटा बेस तैयार करना ।

(vi) अनुसूचित जन जाति / अनुसूचित जाति कल्याण विभाग:- विभाग द्वारा संचालित स्कूलों एवं आश्रम शालाओं में बच्चों का शतप्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करना एवं निरंतरता बनाये रखना ।

(vii) श्रम विभाग:- बालक और कुमार श्रम अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन करना , बाल श्रमिकों के पुर्नवास हेतु योजना बनाना, एवं परिवारों को बाल श्रम न करवाने हेतु परामर्श देना , परिवार को रोजगार उन्मुखी कार्यक्रम से जोड़ने हेतु कार्ययोजना बनाना । नशे में लिप्त बाल श्रमिकों का नशामुक्ति केन्द्रों में प्रवेश सुनिश्चित करवाना एवं गृह विभाग से समन्वय कर बाल श्रमिकों को मुक्त करवाकर, नियोक्ता के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करवाना । तम्बाकू एवं एल्कोहल बनाने वाले उद्योग से 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मुक्त करवाना एवं परिवार के कुशल एवं अकुशल कारीगरों का डाटा कौशल विकास से प्राप्त कर उन्हे नियोजन उपलब्ध करवाना ।

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( viii) लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग : - स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से बच्चो के लिए स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाना, मलिन बस्तियों, झुग्गी में निवासरत, ओद्योगिक क्षेत्र आदि में निवासरत बच्चों हेतु नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करवाना, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को intoxicating liquor, n arcotic drug, tobacco products and psychptropic substance प्रदान न किये जाये इस आश्य के निर्देश संबंधितों को जारी करना , Medical practitioner के पर्चे के बिना narcotic drug की बिक्री करने वाली दुकानों का पंजीकरण निरस्त किया जाये , प्रत्येक मेडिकल स्टोर में इस आशय का सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य किया जाये । स्वास्थ्य जागरूकता शिविर एवं विभाग के प्रचार- प्रसार में इस आशय की सूचना भी दी जाये एवं विभागीय योजना के माध्यम से बच्चे एवं परिवार का पुनर्वास करना तथा सहायता उपलब्ध करवाया जाना ।

(ix) तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग :- बच्चों के परिवार के सदस्यों को कुशल एवं अकुशल कारीगर रोजगार उन्मुखी प्रशिक्षण दिये जाने हेतु रोजगार उन्मुखी योजना बनाना । योजना के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर ऐसे कुशल एवं अकुशल व्यक्तियों का डाटा श्रम एवं उद्योग विभाग को उपलब्ध करवाना ।

(x) उद्योग एवं वणिज्कर विभाग:- परिवार के सदस्यों के कुशल एवं अकुशल कारीगरों का डाटा तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग से प्राप्त कर कुशल एवं अकुशल व्यक्तियों को रोजगार एवं लघु उद्योग स्थापित करने हेतु परामर्श प्रदान करना एवं संसाधन उपलब्ध करवाना , 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को शराब , गांजा, भांग आदि का विक्रय न किया जाये । इस आशय का सूचना बोर्ड प्रत्येक दुकान पर लगाया जाये, विभाग ठेकेदारों के साथ किये जाने वाले अनुबंध में इसे सम्मिलित कर सकता है । बिक्री करने वाली दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया जाये ।

(xi ) पर्यटन : - प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर भिक्षावृत्ति रोकथाम हेतु प्रयास करना । पर्यटन स्थलों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों , एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों के माध्यम से भिक्षावृत्ति की रोकथाम हेतु प्रचार- प्रसार करना एवं भिक्षा न देने संबंधी होर्डिंग्स पर्यटन स्थलों पर लगाये जाने हेतु कार्यवाही करना ।

(xii) जनसंपर्क विभाग :- भिक्षावृत्ति, बालश्रम , बच्चों के कूड़ा बीनने की प्रवृति की रोकथाम हेतु प्रदेश स्तर पर आयोजित विभिन्न धार्मिक, सामाजिक आयोजन में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

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(xii) खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति :- बच्चों एवं परिवार को खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करवाये जाने हेतु राशन कार्ड बनवाये जायेगे एवं नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगर ।

(xiv) ग्रामीण विकास :- बच्चों एवं परिवार को स्थायी संरक्षण उपलब्ध करवाये जाने हेतु राज्य एवं केन्द्र शासन की आवास योजना के माध्यम से लाभांवित किये जाने के प्रयास किये जायेगें ।

14. समीक्षा एवं मूल्यांकन -

(1) अनुभाग स्तर पर अनुभाग स्तर पर सड़क पर रहने वाले चिन्हांकित बच्चों एवं परिवार के पुनर्वास की समीक्षा एवं मूल्यांकन हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा समस्त हितधारकों की नियमित बैठक ली जायेगी जिसमें अनुभाग अंतर्गत नगर पालिका, नगर पंचायतों तथा अन्य शहरी कस्बों में सडक पर निवासरत बच्चों के पुनर्वास हेतु उल्लेखित दिशा निर्देशों के अंतर्गत यथोचित कार्यवाही की जायेगी । महिला एवं बाल विकास के परियोजना अधिकारियों द्वारा की गयी कार्यवाही का संकलित प्रतिवेदन जिला कार्यालय भेजेंगे जहाँ उनकी प्रविष्टी बाल कल्याण पोर्टल पर करेंगे । प्रत्येक माह में जिले में बच्चों के चिन्हांकन, पुनर्वास की स्थिति की समीक्षा एवं मूल्यांकन कर कर जिला बाल संरक्षण इकाई को उपलब्ध करवायेगी ।

(ii) जिला स्तर पर जिला स्तर पर सड़क पर रहने वाले चिन्हांकित बच्चों एवं परिवार के पुनर्वास की समीक्षा एवं मूल्यांकन हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जायेगा जिसमें पुलिस अधीक्षक, यातायात पुलिस प्रभारी, विशेष पुलिस इकाई, जिला विकास अधिकारी , पंचायत एवं ग्रामीण विकास अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी , जिला शिक्षा अधिकारी , जिला श्रम अधिकारी, जिला चिकित्सा अधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी सम्मिलित होगे । समिति प्रत्येक माह में जिले में बच्चों के चिन्हांकन, पुनर्वास की स्थिति की समीक्षा एवं मूल्यांकन कर कर राज्य बाल संरक्षण इकाई को उपलब्ध करवायेगी ।

(iii) राज्य स्तर पर राज्य बाल संरक्षण इकाई द्वारा नीति की सत्त समीक्षा एवं मूल्यांकन किया जायेगा , जिला स्तर से प्राप्त प्रतिवेदन में दिये गये सुझाव एवं अनुशंसा पर कार्यवाही की जायेगी तथा आवश्कता होने पर जिलों को आवश्यक निर्देश प्रदान करेगी । सम्बंधित हितधारकों के जिला स्तरीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण की समीक्षा एवं राज्य स्तर से आवश्यकता पडने पर बाल संरक्षण में कार्य करने वाले विशेषज्ञों को प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध कराया जाना । समीक्षा तथा मूल्यांकन की रिपोर्ट को राज्य स्तरीय समिति की बैठक में रखा जायेगा ।

15. निगरानी नीति के राज्य में प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किये जाने हेतु विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियो को सम्मिलित कर राज्यस्तीय समिति का गठन किया जायेगा जो राज्य में सड़क पर रहने वाले बच्चों एवं उनके परिवार को विभिन्न विभागों द्वारा चलाये जा रहे पुनर्वास उपाय एवं सहायता की निगरानी करेगी एवं आवश्यक निर्देश एवं संसाधन उपलब्ध करवायेगी ।

16. बजट सभी विभागों द्वारा अपनी प्रचलित योजनाओं/ कार्यक्रमों के अन्तर्गत प्राप्त बजट से बच्चों एवं परिवार के पुनर्वास के लिए राशि का व्यय किया जायेगा ।

17. नोडल विभाग नीति के क्रियान्वयन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग नोडल विभाग होगा ।

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

परिशिष्ट-1

बच्चों एवं परिवार के पुर्नवास हेतु कार्यक्रम/ योजना भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजना

1. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (आधार)

2. R.T.E. Act 2009 एंव मिड डे मील

3. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम

4. किशोरी बालिका योजना

5. राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना

1. स्कूल शिक्षा हेतु

2. दिव्यांगजन छात्रों हेतु

3. बाल श्रमिकों हेतु

6. राष्ट्रीय बाल श्रमिक कार्यक्रम

7. मध्यक्षेत्रीय बंधुआ मजदूर पुर्नवास योजना

8. झूलाघर (मनरेगा)

9. उज्जवला योजना

10. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

11. मनरेगा गारंटी

12. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

13. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना

14. प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत योजना

15. प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना

16. आयुष्मान भारत योजना

17. स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना

18. दीनदयाल दिव्यांग पुर्नवास योजना

19. National Career Service

20. PMKVY

21. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना

22. प्रधानमंत्री आवास योजना

23. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

24. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

25. प्रधानमंत्री जनधन योजना

26. अटल पेंशन योजना

27. प्रधानमंत्री बंधन योजना

28. अच्छी सड़क स्वच्छ जल एवं विद्यालय योजना

29. जननी सुरक्षा योजना मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 मई 2022

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30. Standup India Scheme

31. Scheme of Shelters for urban homeless

32. अंत्योदय मिशन

33. कस्तूरबा गाँधी बालिका योजना

34. मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना

35. भीमराव अम्बेडकर मेधावी विद्यार्थी योजना

36. निर्धन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना

37. विक्रमादित्य निःशुल्क योजना

38. गांव की बेटी योजना

39. अन्नपूर्णा योजना

40. मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना

41. रोजगार उन्मुखी व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना

42. मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना

43. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

44. लाड़ली लक्ष्मी योजना

45. मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना

46. उदिता योजना

47. मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना

48. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना

49. मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर योजना

50. वृद्धावस्था पेंशन योजना

51. विधवा पेंशन योजना

52. बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना

53. निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना

54. विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजातीय कल्याण योजना

55. बालिका छात्रावास योजना मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

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परिशिष्ट-2 सड़क की स्थिति में बच्चों की पहचान और पुनर्वास के लिए फ्लो चार्ट

जिलों में जिला अधिकारियों द्वारा हॉट स्पॉट चिन्हांकन और 'वल्नरेबिलिटी मैपिंग' के माध्यम से हॉट स्पॉट क्षेत्रों में निवासरत ciss की पहचान ।

जिला प्राधिकारियों द्वारा बच्चों को रेस्क्यू करना ।

रेस्क्यूकिये गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करना ।

रेस्क्यू किये गए बच्चों की स्वास्थ्य जांच, परामर्श , चिकित्सा उपचार व उन्हें कपड़े, भोजन आदि जैसी तत्काल सेवाएं प्रदान करना ।

बाल कल्याण समिति के आदेश से बच्चों को संस्था अथवा माता-पिता / अभिभावकों / रिश्तेदारों के साथ पुनर्वासित करना ।

बच्चे की सामाजिक जांच रिपोर्ट और व्यक्तिगत देखरेख योजना तैयार करना ।

वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए बच्चे या परिवार को शासकीय योजनाओं / लाभों से जोड़ने हेतु बाल कल्याण समिति का अंतिम आदेश ।

व्यक्तिगत देखरेख योजना में की गई सिफारिशों के अनुसार रेस्क्यू किये गए बच्चों का जिला अधिकारियों द्वारा फोलो अप किया जाना ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

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स्ट्रीट चिल्ड्रन हेतु सर्वे प्रपत्र

जिला

फार्म नम्बर

दल क्रमांक

1. बच्चे का नाम

2. पिता का नाम

3. माता का नाम

4. बच्चे के घर का पता-

5. बच्चा कहाँ पर पाया गया

6. बच्चे क्या करते पाया गया

7. बच्चा कितने समय से स्ट्रीट चिल्ड्रन है

8. बच्चे के पिता क्या करते है

9. बच्चे की माता क्या करती है

10. परिवार की अनुमानित मासिक आय

11. बच्चा क्या परिवार में कुछ कमा कर दे रहा है ? यदि हां तो राशि का उल्लेख करे

12. क्या बच्चा मादक पदार्थो /नशीली दवाओं का सेवन करता है ? हाँ / नही मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

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(2)

13. क्या बच्चा स्कूल जा रहा है यदि हाँ तो किस कक्षा में अध्ययनरत है...

अन्य

पक्का

बेघर

कच्चा

14. घर की स्थिति-

झुग्गी

15. परिवार का संपर्क नम्बर

16. सड़क पर रहने का मुख्य कारण क्या है-

(1 ) नौकरी/ आय की तलाश में-

(2) निवासरत स्थान (झुग्गी /झोपड़ी/ मकान) के विस्थापन के कारण ...

(3) आश्रय न होने के कारण

(4) परिवार से संपर्क टूट जाने के कारण

(5) परिवार द्वारा परित्याग करने का कारण

(6) यात्रा / प्रवास के दौरान परिवार से संपर्क टूट जाने के कारण

(7) प्राकृतिक आपदा के कारण परिवार से संपर्क टूट जाने के कारण

(8) बिना किसी उद्देश्य से सड़कों पर घूमना-..

(9) मकान किराये पर लेने हेतु राशि का न होना-.

(10) परिवारिक झगड़ा/ कलह / असामंजस्य / माता- पिता का अलगाव....

(11 ) घर से पलायन-...

(12) पता नही/ कह नही सकते/ कोई प्रतिक्रिया नही-.

17. बच्चे के रहने की स्थिति( Living situation )-

(1 ) क्याबच्चा अपने माता- पिता के साथ रहता है - हाँ / नही मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 मई 2022

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(3)

(2) क्या बच्चा सड़क / फुटपाथ पर रहता है..

(3) बच्चे के साथ कौन रहता है...

(दोस्त/ परिवार / दादा-दादी/ अन्य किसी रिश्तेदार)

(4) क्या बच्चे के साथ भाई बहन रहते है यदि हाँ तो

M/F नाम.....

..आयु..

M/F

M/F

...आयु..

(5) क्या बालक विवाहित है यदि हाँ तो पति / पत्नि के साथ रहता है हाँ / नही

(6) क्या बालक दोस्त या अन्य रिश्तेदार के साथ रहता है...

(7) क्या बालक अन्य व्यक्ति के साथ रहता है..

(8) क्या बालक कान्ट्रेक्टर/ नियोक्ता के साथ रहता है...

(9) बालक रात्रि विश्राम सामान्यतः करता है-

(b) किसके साथ..

(a) कहाँ पर

18. बालक के संबंध में अन्य जानकारी-

(a) स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है तो उपचार हेतु की गई कार्यवाही..

(b) क्या बाल श्रम में लिप्त पाये जाने पर श्रम विभाग को सूचित किया

गया-(हाँ / नही) यदि हाँ तो सूचित करने का दिनांक

श्रम विभाग द्वारा की गई कार्यवाही..

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

(4)

(c) क्या बच्चे के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार हुआ है (ऑब्जर्वेशन से नोट करे......

19. बच्चे के पुनर्वास के प्रयास-

(1 ) बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत (हाँ / नही) यदि हाँ तो कब

(2) बच्चे को किस योजना से लाभांवित करने की कार्यवाही प्रचलित है (यदि कार्यवाही पूर्ण हो चुक है तो कार्यवाही पूर्ण अंकित करे)

(a) स्कूल में प्रवेश करवाया गया-

(b) स्पॉन्सरशिप योजना से लाभांवित किया गया

(c) फॉस्टर केयर योजना से लाभांवित किया गया

(d) दत्तक ग्रहण अभिकरण/ बालगृह/ खुला आश्रयगृह में प्रवेशित करवाया गया (e) क्या अन्य किसी योजना का लाभ मिला है(विनिर्दिष्ट करे)

दिनांक:

स्थानः

सर्वेदल प्रभारी के नाम एवं हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552(24)

अनुलग्नक-ख

माता- पिता या ' उपयुक्त व्यक्ति' जिसको बच्चा दिया जा रहा है द्वारा वचनबद्धता

गली

निवासी मकान न.

मैं..

मैं यह गांव / कस्बा

जिला राज्य घोषणा करता हूँ कि मैं जिम्मेदारी लेने के लिये तैयार हूँ (बालक का नाम ) उम्र बाल कल्याण समिति के आदेश के अन्तर्गत प्रायोजन कार्यक्रम के अनुसार निम्न नियम और शर्तों के अधीनः

यदि बच्चे का व्यवहार असंतोषजनक है तो मैं एक बार समिति को सूचित करूँगा ।

मै बालक / बालिका जब तक वह में प्रभार में है उसके कल्याण और शिक्षा के लिए सर्वोत्तम प्रयास करूँगा और प्रावधानों के अनुसार उचित देखभाल करूँगा ।

बालक / बालिका की बीमारी की स्थिति में, अपने नजदीकी / उपयुक्त चिकित्सालय में उचित चिकित्सा / उपचार करवाउँगा ।

मैं प्रायोजन कार्यक्रम की शर्तों का पालन करने के लिए सहमत हूँ ।

मैं वचन देता हूँ कि जब आवश्यक होगा तब उसे (बच्चे को) सक्षम प्राधिकारी के समक्ष पेश करूँगा ।

दिनांक

हस्ताक्षर साक्षी के हस्ताक्षर

एवं पता

* झारखण्ड बाल प्रायोजन दिशा निर्देश2018 , 552(25)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

प्रारूप 7

वैयक्तिक देखरेख योजना ( Individual Care Plan ) विधि का उल्लंघन करने वाला बालक/ देखरेख तथा संरक्षण की आवश्यकता रखने वाला बालक

(जो लागू हो उसे सही करें)

केस वर्कर / बाल कल्याण अधिकारी / परिवीक्षा अधिकारी का नाम वैयक्तिक देखरेख योजना तैयार करने की तारीख मामला/प्रोफाइल संख्या................ 20 . ..का

प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या...... धारा के अंतर्गत (अपराध का प्रकार) विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों के मामलों में लागू..

पुलिस स्टेशन...... बोर्ड अथवा समिति का पता....... भर्ती संख्या (यदि बालक संस्था में है).. भर्ती की तारीख (यदि बालक संस्था में है)..

बालक का प्रवास (जैसा लागू हो ,भरे)

(1) अल्पकालिक ( 6 मास तक)

(ii) मध्य कालिक (6 मास से 1 वर्ष)

(iii ) दीर्घकालिक (1 वर्ष से अधिक)

(क) व्यक्तिगत विवरण (संस्था में बालक की भर्ती पर बालक / माता- पिता / दोनों द्वारा उपलब्ध कराया जाए)

:

बालक का नाम

1.

2. आयु / जन्म की तारीख

3. लिग (बालक/ बालिका)

4. पिता का नाम

5. माता का नाम

6. राष्ट्रीयता

7. धर्म

:

8. जाति

2 किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) नियम, 2016 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552(26)

9. बोली जाने वाली भाषा

10. शिक्षा का स्तर

बालक के बचत खाते के ब्यौरे , यदि कोई हो,

11.

12. बालक की आय तथा सामान के ब्यौरे, यदि कोई हो,

13. बालक द्वारा प्राप्त किए गए पुरस्कारों / इनामों के विवरण , यदि कोई हो..........

14. केस हिस्ट्री, सामाजिक जॉच रिपोर्ट तथा बालक के साथ बातचीत के परिणाम के आधार पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों तथा हस्तक्षेपों के विवरण देंः

श्रेणी

प्रस्तावित हस्तक्षेप

महत्वपूर्ण विषय |

क.

देखरेख तथा संरक्षण से बालक की प्रत्याशा

1

2 स्वास्थ्य तथा पोषण जरूरतें

3 भावनात्मक तथा मनौवैज्ञानिक सहायता जरूरतें

4 शैक्षिक तथा प्रशिक्षण जरूरतें

5 फुरसत , सृजसनात्मक तथा खेल

6 आसक्ति तथा अन्तर- वैयक्तिक सम्बन्ध

7 धार्मिक विश्वास

8 सभी प्रकार के दुर्व्यवहार, उपेक्षा तथा गलत व्यवहार से संरक्षण तथा स्वयं देखरेख के लिए जीवन-कौशल प्रशिक्षण

स्वतंत्र आजीविका कौशल

9

10 अन्य ऐसा कोई ,महत्वपूर्ण अनुभव जैसे अवैध व्यापार, घरेलू हिंसा, पैतृक उपेक्षा, स्कूल में भयभीत होना आदि जिसने बालक के विकास पर दुष्प्रभाव डाला हो (कृपया निर्दिष्ट करें)

(ख) बालक की प्रगति रिपोर्ट (पहले 3 मास के लिए प्रत्येक पखवाडे में तैयार की जाए तथा तत्पश्चात् मास में एक बार तैयार की जाए )

(टिप्पणी - प्रगति रिपोर्ट के लिए भिन्न - भिन्न पृष्ठ का प्रयोग करें)

1. परिवीक्षा अधिकारी / केस वर्कर / बाल कल्याण अधिकारी का नाम

2. रिपोर्ट की अवधिः .......

3. भर्ती संख्याः-..

4. बोर्ड अथवा समिति :-..

5. प्रोफाइल संख्या:-...

6. बालक का नाम:-.

7. बालक के रहने की अवधि (जैसा लागू हो, भरे )

(1) अल्पकालिक (6 मास तक)

(ii ) मध्यकालिक (6 मास से 1 वर्ष)

(iii) दीर्घकालिक (1 वर्ष से अधिक)

8. साक्षात्कार का स्थान.... .तारीख..

9. रिपोर्ट की अवधि के दौरान बालक का साधारण आचरण तथा प्रगति..

552(27)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

10 इस प्रारूप के भाग क के बिन्दु 14 में यथा उल्लेखित प्रस्तावित हस्तक्षेपों के सम्बन्ध में की गई प्रतिः-

श्रेणी

प्रस्तावित हस्तक्षेप

महत्वपूर्ण विषय

क.

देखरेख तथा संरक्षण से बालक की प्रत्याशा

1

2 स्वास्थ्य तथा पोषण जरूरतें

3 भावनात्मक तथा मनौवैज्ञानिक सहायता जरूरतें

शैक्षिक तथा प्रशिक्षण जरूरतें

4

5 सृजनात्मक गतिविधि तथा खेल

आसक्ति तथा अन्तर- वैयक्तिक सम्बन्ध

6

धार्मिक विश्वास

7

8 सभी प्रकार के दुर्व्यवहार, उपेक्षा तथा गलत व्यवहार से संरक्षण तथा स्वयं देखरेख के लिए जीवन-कौशल प्रशिक्षण

9 स्वतंत्र आजीविका कौशल

10 अन्य ऐसा कोई महत्वपूर्ण अनुभव जैसे अवैध व्यापार, घरेलू हिंसा, पैतृक उपेक्षा, स्कूल में भयभीत होना आदि जिसने बालक के विकास पर दुष्प्रभाव डाला हो ( कृण्या निर्दिष्ट करें)

11. समिति या बोर्ड अथवा बाल न्यायालय के समक्ष कोई कार्यवाहीः

(1) बंध- पत्र की शर्तों में बदलाव..

(ii) बालक के निवास में परिवर्तन

(iii) अन्य मामले, यदि कोई है.....

12. पर्यवेक्षण की अवधि.......... ..को पूरी की गई ।

पर्यवेक्षण का परिणाम , टिप्पणी के साथ

माता -पिता अथवा संरक्षक अथवा उपयुक्त व्यक्ति का नाम तथा पता जिसकी देखरेख में बालक को पर्यवेक्षण समाप्त होने के बाद रहना है :-..

रिपोर्ट की तारीख............

परिवीक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552(28)

(ग) – निर्मुक्त होने से पूर्व रिपोर्टः (निमुक्त होने से 15 दिन पूर्व तैयार की जाए )

1 .    स्थानान्तरण के स्थान के बयौरे तथा स्थानान्तरित स्थान निर्मुक्त करने में उतरदायी
सम्बन्धित प्राधिकारी..
2.     विभिन्न संस्थाओं / परिवार में बालक के स्थापन के ब्यौरे
3.     लिए गए प्रशिक्षण तथा अर्जित कौशल
4.     बालक की अन्तिम प्रगति रिपोर्ट (संलग्न की जाए, कृपया भांग -ख देखें)
 5.    बालक की पुनर्वास तथा पुनः स्थापन की योजना (बालक की प्रगति रिपोर्टों के संदर्भ में
       तैयार की जाए )
                           श्रेणी                    चिंता के क्षेत्र प्रस्तावित मध्यक्षेप
  1     देखरेख तथा संरक्षण से बालक की प्रत्याशा
  2    स्वास्थ्य तथा पोषण जरूरतें
  3     भावनात्मक तथा मनौवैज्ञानिक सहायता जरूरतें
  4     शैक्षिक तथा प्रशिक्षण जरूरतें
   5    सृजनात्मक गतिविधि तथा खेल
   6    आसक्ति तथा अन्तर- वैयक्तिक सम्बन्ध
   7   धार्मिक विश्वास
   8    सभी प्रकार के दुर्व्यवहार, उपेक्षा तथा गलत
        व्यवहार से संरक्षण तथा स्वयं देखरेख के लिए
        जीवन-कौशल प्रशिक्षण
   9    स्वतंत्र आजीविका कौशल
  10    अन्य कोई
 6.     निर्मुक्त होने/ स्थानान्तरण / पुनर्समेकन की तारीख.....
 7.     अनुरक्षा की मॉग , यदि अपेक्षित होः
 8.     अनुरक्षा का पहचान का प्रमाण -जैसे कि चालन अनुज्ञप्ति, आधार कार्ड आदि..
 9.     संभावित नियोजन / प्रायोजता सहित अनुशंसित पुर्नवास योजनाः.....
 10.    निर्मुक्ति पश्चात् अनुवर्ती कार्यवाही के लिए परिवीक्षा अधिकारी / गैर -सरकारी संगठन
        के विवरण

552(29)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

11. रिहाई- पश्चात् अनुवर्ती कार्यवाही के लिए पहचाने गए गैर -सरकारी संगठन के साथ समझौता ज्ञापन ( एक प्रति लगाए ) : .....

12. प्रायोजता अभिकरण / वैयक्तिक प्रायोजक के विवरण , यदि कोई हो..

13. प्रायोजता अभिकरण तथा वैयक्तिक प्रायोजक के बीच समझौता ज्ञापन ( एक प्रति लगाएं)

14. निर्मुक्ति से पूर्व चिकित्सा जॉच रिपोर्ट: -...

15. अन्य कोई जानकारीः.

घ. बालक की नियुक्ति पश्च / पुनः स्थापन रिपोर्टः

बैंक खाते की स्थिति

1.

बन्द / अन्तर्गत

2. बालक की आय तथा प्राप्त सामग्री, बालक को अथवा उसके माता - पिता / संरक्षक को सौपा गया :

नहीं

हॉ

3 परिवीक्षा अधिकारी बालक की निर्मुक्ति -पश्चात अनुवर्ती कार्यवाही के लिए पहचाने गए बाल कल्याण अधिकारी / केस वर्कर / सामाजिक कार्यकर्ता/ गैर- सरकारी संगठन की प्रथम बातचीत की रिपोर्ट..

4. पुनर्वास तथा पुनःस्थापन योजना के संदर्भ में की गई प्रगति..

5. बालक के प्रति परिवार का व्यवहार/ अभिवृत्ति......

6. बालक का सामाजिक वातावरण, विशेष रूप से पडोसियों / समाज का दृष्टिकोण.......

बालक अर्जित कौशल का उपयोग किस प्रकार कर रहा है......

7.

8. क्या बालक को एक स्कूल अथवा किसी व्यवसाय में दाखिल किया गया है? स्कूल / संस्थान / अन्य किसी अभिकरण का नाम तथा तारीख दें........ हॉ/नहीं

9. क्रमशः दोमास तथा छह भास के बाद बालक के साथ बातचीत पर दूसरी तथा तीसरी अनुवर्ती कार्यवाही की रिपोर्ट...

10. सामाजिक मुख्य धारा के प्रति प्रयास / इसके बारे में बालक की राय / विचार...........

11. पहचान पत्र तथा प्रतिकर..

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552(30)

(निर्देश- कृपया वास्तविक दस्तावेजों के साथ सत्यापन करें )

पहचान पत्र

की गई कार्यवाही

वर्तमान स्थिति (कृपया जो लागू हो उस पर सहीं का निशान लगाएं)

हॉ

नहीं

जन्म प्रमाण पत्र

स्कूल प्रमाण पत्र

जाति प्रमाण पत्र

बी.पी.एल कार्ड

विकलांगता का प्रमाण पत्र

टीकाकरण कार्ड

राशन कार्ड

आधार कार्ड

सरकार से प्रतिकर प्राप्त हुआ

परिवीक्षा अधिकारी / बाल कल्याण अधिकारी / केस वर्कर के हस्ताक्षर मुहर तथा सील जहाँ

उपलब्ध हो 552(31)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

अनुलग्नक-क

गृह अध्ययन प्रतिवेदन (एच.एस.आर) की तैयारी का प्रारूप

यह प्रारूप प्रायोजन के साथ बालक की देखरेख करने के लिए माता - पिता की क्षमता का आंकलन करने के लिए है और बालक और परिवार के कल्याण के लिए बहुत आवश्यक है । यह परिवार की सकारात्मक गुणवत्ता और नकारात्मक विशेषता के आधार द्वारा प्रायोजन के लिए एक मामला तैयार करने में सहायता करेगा ।

     बालक का नाम              :
ए)   पहचान संबंधी जानकारी     :
     पिता का विवरण            :
     पिता का नाम              :
     यूआईडी नम्बर, यदि उपलब्ध हो :
     उम्र                     :
     पता                      :
     जिला                     :
     पिता की शैक्षणिक योग्यता :
     वित्तीय स्थिति           :
     व्यवसाय                  :
     स्वास्थ्य जानकारी        :
      क्या पिता किसी भी इलाज के अन्तर्गत है ? यदि हां, तो कृपया विवरण दें
     माता का विवरण             :
       माता का नाम            :
      यूआईडी नम्बर, यदि उपलब्ध हो:
      उम्र                    :

* झारखण्ड बाल प्रायोजन दिशा निर्देश2018 , मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552( 32)

:

पता

जिला

:

माता की शैक्षणिक योग्यता

वित्तीय स्थिति (क्या माता वर्तमान में कामकाजी है ? यदि हां, तो लगभग कितनी आय है? यदि नहीं तो कब से बेरोजगार है ?)

:

व्यवसाय

:

स्वास्थ्य जानकारी

क्या माता का कोई उपचार चल रहा है ? यदि हां, तो कृपया विवरण दें

यदि बालक रिश्तेदारों की देखरेख में है तो अभिभावक का विवरण :

:

अभिभावक का नाम

यूआई नम्बर, यदि उपलब्ध हो :

:

उम्र

:

लिंग

पता

जिला

:

शैक्षणिक योग्यता

वित्तीय स्थिति :

:

व्यवसाय

स्वास्थ्य विवरण :

क्या अभिभावक का कोइ उपचार चल रहा है? यदि हां , तो कृप्या विवरण दें 552(33)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

बी) परिवार के सदस्यों एवं अन्य बच्चों का विवरण

अन्य भाई- बहन के नाम और उम्र (यदि कोई है) :

बालक और माता- पिता के बीच वर्तमान संबंध, (यदि कोई हो):

परिवार के अन्य सदस्यों का विवरण :

घर और पड़ोसी:

सी) घर का विवरण और सुविधायें

क्या परिवार में बालक के लिए निवास स्थान सुरक्षित और उपयुक्त है?

क्यास्वच्छता की पर्याप्त सुविधाएं है ?

क्यापड़ोस में कोई विद्यालय है?

डी)

निजी या सरकारी?

विद्यालय से दूरी कितनी है?

ई) क्यापड़ोस में किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध है?

उदाहरणार्थ जैसे पीएचसी ।

एफ

) माता- पिता ने बालक को संस्थागत देखभाल में क्या रखा ? या बालक संस्थागत देखभाल में कैसे पहुँचा / या बाल संरक्षण तंत्र (सीडब्ल्यूसी / जेजेबी) में कैसे प्रवेश हुआ था?

जी

) माता -पिता ने बालक को किस वर्ष में संस्थान में भेजा था ? (यदि बालक संस्थान में है तो)

एच ) बालक संस्थान में कितने समय के लिए था? / बालक कितने वर्षों से संस्थान में था? (यदि बालक संस्थान में था, तो)

आई) बच्चे की विषमपरिस्थितियों के कारणों का पूर्ण आंकलन करना जिसके कारण बच्चा जोखिम में है ।

जे) कोई अन्य अवलोकन / टिप्पणी :-

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552(34)

प्रारूप-225

[नियम 19(8)]

देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता रखने वाले बालक के लिए सामाजिक जॉच रिपोर्ट

क्र. सं.

बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत :

मामला सं. :

बाल कल्याण अधिकारी / समाज सेवक / मामला कार्यकर्ता / गृह के प्रभारी व्यक्ति / गैर- सरकारी संगठन के प्रतिनिधि द्वारा तैयार की गई सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट ।

देखरेख और संरक्षण के जरूरतमन्द बालक का विवरण:

:

1. नाम

:

2. आयु / तारीख / जन्म का वर्ष

3. लिंग

4. जाति

5. धर्म

6. पिता का नाम

7. माता का नाम

8. अभिभावक का नाम

9. स्थाई पता

10. पते का नजदीकी पहचान चिन्ह

:

11. पिछले निवास का पता

12. पिता / माता / परिवार के सदस्य का सम्पर्क नं.:

13. यदि बालक विकलांग हो : :

(1) श्रवण अक्षमता

(ii ) वाक अक्षमता

(iii) शारीरिक निःशक्क्तता

(iv) मानसिक रूप से अक्षम

(V) अन्य (कृपया उल्लेख करें) :

5 किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) नियम, 2016 552(35)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

14. परिवार के विवरण :

क्र. नाम तथा सम्बन्ध

आयु

(1)

(2)

(3)

आय

स्वास्थ्य की स्थिति लिंग

शिक्षा

व्यवसाय

(4)

(5)

(6)

व्यसन

मानसिक रुग्णता का पूर्ववृत्त

(7)

(8)

15. परिवार के बीच सम्बन्ध:

(1 ) पिता तथा माता

(ii) पिता तथा बालक

(iii ) माता तथा बालक

(iv) पिता तथा सहोदर

(V) माता तथा सहोदर

(vi ) बालक तथा सहोदर

(vii ) बालक तथा नातेदार

(9)

(10)

सौहार्दपूर्ण / कटुतापूर्ण / अज्ञात

सौहार्दपूर्ण / कटुतापूर्ण / अज्ञात

सौहार्दपूर्ण / कटुतापूर्ण / अज्ञात

सौहार्दपूर्ण / कटुतापूर्ण / अज्ञात

सौहार्दपूर्ण / कटुतापूर्ण / अज्ञात

सौहार्दपूर्ण / कटुतापूर्ण / अज्ञात

सौहार्दपूर्ण / कटुतापूर्ण / अज्ञात

16. बालक , यदि विवाहित है तो पत्नी और बच्चों के नाम , आयु तथा विवरण:

17. परिवार के सदस्यो द्वारा अपराधों में शामिल होने का इतिहास, यदि कोई हो :

नातेदारी

क्र. सं.

अपराध का स्वरूप

1. पिता

2. सौतेला पिता

3.

माता

4. सौतेली माता

5. भाई

6.

बहन

अन्य

चाचा/चाची

7. (1 )

दादा / दादी/ नाना/नानी

(!!)

दिया गया दण्ड

परिरोध की अवधि

गिरफ्तारी यदि कोई की गई हो

मामले की कानूनी स्थिति मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552(36)

18. धर्म के प्रति मनोवृत्ति:

19. रहन- सहन की वर्तमान परिस्थितियाँ:

20. अन्य कोई महत्वपूर्ण कारण , यदि कोई हो:

21. बालक की अच्छी व बुरी आदतों का विवरण :

बुरी आदतें

i) धूम्रपान

ii) मद्यपान

अच्छी आदतें

i ) दूरदर्शन / सिनेमा देखना

ii ) इण्डोर / आउटडोर खेल खेलना

iii ) नशीली दवाओं का सेवन करना (विनिर्दिष्ट करें)

iv) जुआँ खेलना

v) भिक्षा माँगना

vi ) कोई अन्य

22. पाठ्येत्तर रूचियाँ:

iii) पुस्तकें पढ़ना

iv) धार्मिक गतिविधियाँ

v) आरेखण / रंगसाजी / अभिनय / गायन

vi ) कोई अन्य

23. उत्कृष्ट विशेषताएँ तथा व्यक्तित्व-विशेषताएं:

24. बालक का शैक्षणिक विवरण (जो भी लागू हो उसे करें) :

(i ) अशिक्षित

(ii ) पॉचवीं कक्षा तक अध्ययन (iii ) पाँचवीं कक्षा से अधिक परन्तु आठवीं से कम अध्ययन

(iv) आठवी कक्षा से अधिक परन्तु दसवीं से कम अध्ययन

(V) दसवीं कक्षा से अधिक अध्ययन

25. बालक की शिक्षा के विवरण , जिसमें वह विगत में पढ़ा था (जो भी लागू हो , उसे करें) :

क. निगम/ नगर निगम/ पंचायत ख. सरकारी / अनुसूचित जाति कल्याण स्कूल / पिछड़ा वर्ग कल्याण स्कूल

ग. निजी प्रबन्धन घ. एन.सी.एल.पी. के अन्तर्गत विद्यालय

26. बालक के प्रति कक्षा के साथियों का व्यवहार :

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552(37)

27. बालक के प्रति शिक्षक तथा साथियों का व्यवहार :

28. विद्यालय छोड़ने के कारण (जो भी लागू हो उसे टिक करें) :

1. गत अध्ययनरत् कक्षा में अनुत्तीर्ण होना

॥. विद्यालय के कार्यकलापों में रूचि की कमी

शिक्षकों का उदासीन रूझान

IV. संगी साथियों का प्रभाव

V. परिवार के लिए अर्जन व सहायता

VI . माता- पिता की अचानक मृत्यु

VII . स्कूल में सहपाठियों द्वारा डराना धमकाना

VIII . विद्यालय का सख्त माहौल

IX. विद्यालय से भागने के कारण अनुपस्थित

X. उपयुक्त स्तर का स्कूल समीप में नहीं है

XI . स्कूल में दुर्व्यवहार

XII . विद्यालय में अवमानना

XIII . शारीरिक दण्ड

XIV. शिक्षा का माध्यम

XV. अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें) :

29. व्यावसायिक प्रशिक्षण, यदि कोई हो:

30. रोजगार के विवरण, यदि कोई हो :

31. आय के उपयोग के विवरण :

32. कार्य का अभिलेख (व्यावसायिक रूचियों को छोड़ने के कारण , नौकरी अथवा नियोक्ताओं के प्रति व्यवहार) :

33. अधिकांश मित्र है (जो लागू हो उसे):

क) शिक्षित

ख) अशिक्षित

ग) एक ही आयु वर्ग

घ) आयु में बड़े

ड. ) आयु में छोटे

च) एक ही लिंग के

छ) दूसरे लिंग के

ज) व्यसन वाले

झ) आपराधिक पृष्ठभूमि वाले मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552(38)

34. मित्रों के प्रति बालक का व्यवहार :

35. बालक के प्रति मित्रों का व्यवहार:

36. आस- पड़ोस के बारे में प्रेक्षण (बालक पर आस- पड़ोस के प्रभाव का मूल्यांकन करना) :

37. बालक की मानसिक स्थिति (वर्तमान में तथा विगत में ) :

38. बालक की शारीरिक स्थिति (वर्तमान में तथा विगत में) :

39. बालक की स्वास्थ्य स्थिति:

   i.  श्वसन सम्बन्धी                        दोषपाया गया / अज्ञात नहीं पाया गया
  ii.   बहरापन सम्बन्धी                      दोषपाया गया / अज्ञात नहीं पाया गया
        नेत्र रोग सम्बन्धी                   दोषपाया गया /अज्ञात नहीं पाया गया
  iv .  दन्त रोग सम्बन्धी                    दोषपाया गया/ अज्ञात नहीं पाया गया
  V.   हृदय रोग सम्बन्धी                     दोषपाया गया /अज्ञात नहीं पाया गया
  vi .  चर्म रोग सम्बन्धी                    दोषपाया गया/ अज्ञात नहीं पाया गया
 vii .  यौन संक्रमण रोग सम्बन्धी             दोषपाया गया/ अज्ञात नहीं पाया गया
viii .  स्नायविक रोग सम्बन्धी                दोषपाया गया / अज्ञात नहीं पाया गया
  ix .  मानसिक विकलांगता सम्बन्धी            दोषपाया गया/ अज्ञात नहीं पाया गया
  Χ.    शारीरिक विकलांगता सम्बन्धी           दोषपाया गया / अज्ञात नहीं पाया गया
  xi .  मूत्र मार्ग संक्रमण सम्बन्धी         दोषपाया गया/ अज्ञात नहीं पाया गया
 xii.   अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें)        दोषपाया गया / अज्ञात नहीं पाया गया
 40. क्या बालक को कोई व्यसन है                     हाँ / नहीं
 41. बाल समिति के समक्ष लाने से पूर्व किसके साथ रह रहा थाः
   i.   माता/ पिता/ दोनों
   ii . सहोदर
        संरक्षक- सम्बन्ध
  iv .  मित्र
  V.    बेसहारा
  vi .  रात्रिकालीन  आश्रय गृह
 vii .  अनाथालय / होस्टल / ऐसे अन्य गृह
viii .  अन्य (विनिर्दिष्ट करें)..

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

552(39)

42. घर से भागने के लिए बालक का पूर्व का इतिहास / प्रवृत्ति, यदि कोई हो..

43. घर में अनुशासन के प्रति माता - पिता का रूख तथा बालक की प्रतिक्रिया

44. परिवार छोड़ने के कारण (जो लागू है उसे करें):

i. माता पिता (ओं) / संरक्षक (को) / सौतेले माता -पिता का (ओं)द्वारा दुर्व्यवहार

ii . रोजगार की तलाश मे

संगी साथियों का प्रभाव

iv . माता- पिता की असमर्थता

V. माता-पिता का आपराधिक व्यवहार

vi . माता-पिता से पृथक

vii . माता - पिता की अचानक मृत्यु

viii . निर्धनता

ix . अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें)..

45. क्या बालक किसी अपराध का शिकार है : हाँ/ नहीं

46. बालक पर हुए दुर्व्यहार के प्रकार (जो प्रयोज्य हो उसे करें) :

i. मौखिक दुर्व्यवहार माता- पिता / सहोदर / नियोक्ता / अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें....

शारीरिक दुर्व्यवहार ii .

यौन दुर्व्यवहार

iv. अन्य माता-पिता / सहोदर / नियोक्ता / अन्य ( कृपया विनिर्दिष्ट करें)...

47. बालक पर हुए दुर्व्यवहार के प्रकार (जो प्रयोज्य हैं उसे करें)

भोजन न देना i.

:माता -पिता/ सहोदर / नियोक्ता/अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें) निर्दयता से पिटाई करना :माता- पिता/ सहोदर/ नियोक्ता / अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें) ii .

क्षति कारित

:माता-पिता/ सहोदर / नियोक्ता/ अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें) iv. निरूद्ध रखना

:माता-पिता/ सहोदर /नियोक्ता/ अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें) V. अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें):माता- पिता/ सहोदर / नियोक्ता / अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें)

48. बालक का शोषणः

i . बिना वेतन दिए काम कराना 552(40)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 मई 2022

ii . न्यूनतम मजदूरी देकर अधिक काम कराना

अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें) ........

हाँ /नहीं

49. क्या बालक को लाया गया था अथवा बेचा गया था अथवा उपार्जित किया गया था अथवा किसी दुर्व्यापार हेतु सौदा (अवैध व्यापार )किया गया थाः

50. क्या बालक को भिक्षा माँगने के काम में लगाया गया हैः

हाँ/नहीं

51. क्या बालक का इस्तेमाल किसी गिरोह अथवा वयस्कों अथवा वयस्कों के समूह द्वारा अथवा मादक पदार्थ के वितरण के लिए किया जाता है :

52. पिछला संस्थागत / केस इतिहास और वैयक्तिक देखरेख योजना, यदि कोई हो................

53. अपराधकर्ता के विवरण ( जैसे कि नाम, आयु, सम्पर्क नम्बर , पते के विवरण, शारीरिक विशेषताएं , परिवार शामिल मध्यस्थ व्यक्ति के साथ सम्बन्ध, क्या उसी गाँव से अन्य कोई बालकर्ता के द्वारा भेजा गया है जिससे दुर्व्यवहार किया जाता हो / उत्पीड़ित किया जाता है, बालक अपराधकर्ता के सम्पर्क में किस प्रकार आया).......

54. अपराधकर्ता के प्रति बालक का व्यवहारः

55. क्या पुलिस को सूचित किया गया है:

56. अपराधकर्ता के विरूद्ध की गई कार्यवाही, यदि कोई होः

57. अन्य कोई टिप्पणीः

जॉच का अवलोकन

1. भावनात्मक कारण

:

2. शारीरिक स्थिति

3. समझ

4. सामाजिक तथा आर्थिक कारण

5. समस्याओं के लिए सुझाए गए कारण

6. मामले का विश्लेषण जिसमें अपराध के कारण सहयोगी कारण शामिल है :

7. देखरेख तथा संरक्षण के लिए बालक की जरूरतों के कारणः

8. विशेषज्ञ , जिनसे परामर्श किया गया, उनकी राय:

:

9. मनः सामाजिक विशेषज्ञ का मूल्यांकन

10. धार्मिक कारण

11. बालक को परिवार को वापिस दिए जाने के लिए बालक को जोखिम विश्लेषण:

12. पिछले संस्थागत / मामले का पूर्ववृत्त और वैयष्टिक देखरेख योजना, यदि कोई हो :

13. बालक की मनोवैज्ञानिक सहायता पुनर्वास तथा पुनः एकीकरण के सम्बन्ध में बाल कल्याण अधिकारी / केस वर्कर, सामाजिक वर्कर की सिफारिश तथा सुझाई गई योजना:

(हस्ताक्षर) (नियुक्त किए गए व्यक्ति के )

अजय कटेसारिया, उपसचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2022 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 26 May 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2022-05-26.276.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2022-05-26.276.Extraordinary.