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मध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , सोमवार , दिनांक 4 जुलाई 2022- आषाढ़ 13, शक 1944
क्रमांक 355]
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 4 जुलाई 2022
क्र. बी- 8-00002-2022- चौदह- 2.- भारत सरकार कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पत्र क्रमांक 13015-02-2015- क्रेडिट- II , दिनांक 26 अप्रैल 2021 द्वारा दिये गये अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत मौसम खरीफ वर्ष 2022 में पटवारी हल्का, तहसील एवं जिला स्तर पर बीमित की जाने वाली फसलों की अधिसूचना असाधारण राजपत्र क्र. 251 , दिनांक 18 मई 2022 में जारी किया गया है . प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2022 एवं रबी 2022-23 में चयनित बीमा कंपनियों की सूची निम्नानुसार जारी की जाती है :-
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , अजीत केसरी , अपर मुख्य सचिव.
709 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2022
710
1. यह योजना भारत सरकार के पत्र क्रमांक 13015/ 02 /2015 - क्रेडिट।। , दिनांक 26 अप्रैल 2021 के अनुसार मध्यप्रदेश राज्य के अधिसूचित जिलों/तहसीलों/पटवारी हल्कों में अधिसूचित फसलों के लिये कार्यान्वित की जावेगी ।
2. यह योजना सभी कृषकों हेतु स्वैच्छिक की गई है । किसान योजना से बाहर होने का विकल्प, बीमांकन की अंतिम तारीख के 7 दिवस पूर्व चुन सकता है ।
3. खरीफ मौसम में कृषकों का बीमा करने एवं प्रीमियम जमा करने की समय- सीमा 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2022 तक है । अधिसूचित फसल हेतु बीमित राशि राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिये निर्धारित अल्पावधिफसल ऋणमान (स्केल ऑफ फायनेंस) के बराबर लागू होगी, जिसे पृथक से अधिसूचित किया गया है ।
4. कृषकों हेतु प्रीमियम दर मौसम खरीफ में समस्त अनाज तिलहन एवं दलहन फसलों के लिये बीमित राशि 2.0 प्रतिशत या वास्तविक दर जो भी कम हो, कपास फसल हेतु बीमित राशि का 5 प्रतिशत या वास्तविक दर जो भी कम हो तथा मौसम रबी 2022-23 में समस्त अनाज, तिलहन एवं दलहन फसलों के लिये का 1.5 प्रतिशत या वास्तविक दर जो भी कम, लागू होगी ।
5. म.प्र.राज्य में सभी बीमित अधिसूचित फसलों के लिये सभी कृषकों हेतु क्षतिपूर्ति स्तर 80 प्रतिशत होगा ।
6. राज्य स्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति के अनुसार योजना के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों की अंतिम तिथियां निम्नानुसार घोषित की जाती है:-
गतिविधि
क्र.
मौसम के लिये किसानों के नामांकन का आरंभ 1.
2.
रबी
खरीफ
1अप्रैलसे
1 अक्टूबर से
ऋणी कृषकों के लिये बीमित फसल में बदलाव की सूचना देने हेतु अंतिमतिथि
3.
कृषकों को प्रीमियम नामे/संग्रह किये जाने की अंतिम तिथि से 2 कार्य दिवस पूर्व
कृषकों को प्रीमियम कार्यदिवस पूर्व नामे/संग्रह किये जाने की अंतिम तिथि से 2
राज्य द्वारा अधिसूचित फसलों अंतिम तिथि 31 दिसंबर हेतु कृषकों के पंजीयन की राज्य द्वारा अधिसूचित फसलों हेतु कृषकों के पंजीयन की अंतिम तिथि 31 जुलाई
समस्त हितधारकों के लिये (जिसमें बैंक/प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति /कॉमन सर्विस सेंटर/बीमा अभिकर्ता/ कृषक द्वारा ऑन लाईन पंजीयन सहित) कृषक के खाते से प्रीमियम नामे किये जाने संबंधी आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि
4. प्रतिबंधित बुआई की घोषणा
5.
कृषकों के पंजीयन की अंतिम तिथि से ठीक 15 दिवस के अंदर
कृषकों के पंजीयन की अंतिम तिथि से ठीक 15दिवस के अंदर
कृषकों के पंजीयन की अंतिम तिथि के 15 दिवस अंदर अर्थात खरीफ के लिये 16 अगस्त एवं रबी के लिये 15 जनवरी
संबंधित कंपनियों के लिये चालान जनरेट करने एवं समेकित घोषणा के साथ प्रीमियम के इलेक्ट्रोनिक प्रेषण तथा बैंकों की शाखाओं (व्यावसायिक बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक/ प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति द्वारा आच्छादित कृषकों का व्यक्तिगत विवरण अपलोड करने एवं उसके बाद समस्त बीमित कृषकों को पोर्टल के द्वारा एस.एम.एस. करने की अंतिम तिथि
6.
आवेदन एवं प्रीमियम प्राप्ति के 48 घंटे के अंदर विनिर्दिष्ट बीमा अभिकर्ता द्वारा स्वेच्छापूर्वक आच्छादित कृषकों के प्रीमियम को इलेक्ट्रोनिक प्रेषण द्वारा बीमा कंपनियों को प्रेषित करने तथा आच्छादित कृषकों का व्यक्तिगत विवरण बीमा पोर्टल पर अपलोड किये जाने की अंतिम तिथि
7.
योजनांतर्गत पंजीयन की अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व संबंधित बैंक शाखाओं के लिये वर्तमान ऋणी कृषकों के द्वारा योजना से बाहर निकलने संबंधी लिखित सहमति प्रदान करने की अंतिम तिथि
8. बीमा कंपनी के लिये पोर्टल पर उपलब्ध कृषकों के डाटा को मंजूर अथवा नामंजूर करने की अंतिम तिथि
9.
बैंक/ प्राथमिक कृषि सहकारी समिति/कॉमन सर्विस सेंटर/ बीमा अभिकर्ता द्वारा डाटा/जानकारी अपलोड किये जाने कीअंतिम तिथि के 15 दिवस के ऋणी कृषकों हेतु तथा 30 दिवस के अंदर अऋणी कृषकों हेतु
बीमा कंपनियों द्वारा ज्ञापित किये जाने के 7 दिवस के अंदर फसल बीमा पोर्टल पर उपलब्ध प्रदत्त आवेदन कामन सर्विस सेंटर/बैंक/बिचौलियों द्वारा सुधार/ अपडेट करने के 710 ( 1)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2022
लिये अंतिमतिथि
10.
बीमा कंपनी द्वारा दावों के अनुमोदन के 7 दिवस के अंदर फसल बीमा पोर्टल से दावों की विस्तृत जानकारी बैंक शाखाओं एवं अन्य हितधारकों के बीच साझा करने हेतु अंतिम तिथि
11.
पंजीयन प्रीमियम के नामे किये जाने की अंतिम तिथि के 90 दिवस के अंदर
अतिरिक्त बीमित क्षेत्र (यदि कोई हो तो) इसकी सूचना आच्छादित कृषक की वास्तविकता के सत्यापन हेतु राज्य शासन एवं भारत सरकार को देने के लिये अंतिम तिथि
12.
पंजीयन प्रीमियम के नामे किये जाने की अंतिम तिथि के
60 दिवस के अंदर
बीमा कंपनियों द्वारा आवेदनों का प्रसंस्करण एवं फसल बीमा पोर्टल पर आच्छादित कृषकों के आवेदनों का स्वतः अनुमोदनके लिये अंतिम तिथि
7. योजना के अंतर्गत निम्नलिखित फसल अवस्थाओं पर अधिसूचित फसलों हेतु अधिसूचित क्षेत्र में फसल क्षति जोखिम आवरित केये जाते हैं ।
1 . बाधित बुआई/रोपण/अंकुरण जोखिमः बीमाकृत क्षेत्र में कम वर्ष अथवा प्रतिकूल मौसमी दशाओं के कारण
बुआई/रोपण/अंकुरण क्रिया न होने एवं होने वाली हानि से सुरक्षा प्रदान करेगा ।
II . खड़ी फसल (बुआई से लेकर कटाई तक): गैर बाधित जोखिमों यथा सूखे , लंबी शुष्क कीट व रोग, बाढ़, जलभराव, भू- स्खलनों , प्राकृतिक अग्नि दुर्घटनाओं और नाभिकीय और आकाशीय बिजली, तूफान , ओलावृष्टि, चक्रवात के कारण फसल को होने वाले नुकसान की सुरक्षा के लिये वृहत जोखित बीमा दिया जाता है ।
फसल कटाई उपरांत होने वाले नुकसान: यह बीमा आच्छादन ऐसी फसलों को काटे जाने से अधिकतम दो सप्ताह के लिये ओलावृष्टि, चक्रवात और चक्रवातीय वर्षा एवं गैर मौसमी वर्षा के मामले में दिया जाता है । फसल कटाई के बाद खेत में सूखने के लिये वृहत जोखिम बीमा दिया जाता है ।
IV. स्थानीय आपदाएं: अधिसूचित क्षेत्र में पृथक कृषि भूमि को प्रभावित करने वाली ओलावृष्टि, भू- स्खलन और जलभराव , बादल फटना, आकाशीय बिजली कड़कने से प्राकृतिक आग के अभिचिन्हित स्थानीयकृत जोखिमों से होने वाले नुकसान/क्षति ।
उपरोक्त फसल अवस्थाओं में फसल क्षति की स्थिति में किसानों द्वारा सूचना, क्षति का सर्वेक्षण, दावा गणना, दावों का भुगतान आदि सभी प्रक्रियायें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की रिवेम्प्ड मार्गदर्शी निर्देशिका, भारत सरकार के दिशानिर्देशों, नेविदा की शर्तों एवं राज्य स्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति तथा म.प्र. शासन के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जावेगा ।
सामान्यअपवर्जन :युद्ध नाभिकीय जोखिमों से होने वाली हानियों, दुर्भावनाजनित क्षतियों और अन्य निवारणीय जोखिमों को इसमें शामिल नहीं किया जायेगा ।
3. मध्यप्रदेश शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक बी- 8-5/2016/14-1 , भोपाल, देनांक 11 मार्च 2016 द्वारा जारी आदेशानुसार संबंधित जिले की मूल्यांकन समिति निम्नानुसार होगी तथा योजना के सुचारू क्रयान्वयन हेतु अधिसूचित बीमा कंपनी जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति के मार्गदर्शन में कार्य करेंगी तथा संबंधित कंपनी के द्वारा योजना के प्रचार - प्रसार का कार्य जिले में किया जायेगा ।
क्रमांक
1 कलेक्टर
अध्यक्ष
2
सदस्य
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत
3
अतिरिक्त कलेक्टर/डिप्टी कलेक्टर राजस्व
सदस्यसचिव/
4
सदस्य
उप संचालक कृषि
5
परियोजना संचालक आत्मा
सदस्य
6
उप संचालक सहायक संचालक उदयानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी/
सदस्य
7
जिला योजना अधिकारी
सदस्य
8
सदस्य
उपायुक्त सहकारिता
9
सदस्य
अधीक्षक, भूअभिलेख-
10
सदस्य
महाप्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक
11
सदस्य
जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड
12
सदस्य
कृषिविज्ञान केन्द्र के प्रतिनिधि
13 जिला लीड बैंक अधिकारी
सदस्य 710 (2)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2022
14
सदस्य
प्रतिनिधि क्रियान्वयन एजेन्सी (फसल बीमा के लिये अधिकृत एजेन्सी)
मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक बी- 8-4/2019/14-2 , भोपाल, दिनांक 24 अगस्त 2016 द्वारा जारी आदेशानुसार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं स्थानीय स्तर पर शिकायतों के निराकरण हेतु DGRC (जिला स्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति) एवं SGRC (राज्य स्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति) का निम्नानुसार गठन किया जाता है: -
DGRC (जिला स्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति)
क्रमांक
1
कलेक्टर
2
उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास कृषि जिला
3 जिला अधीक्षक, भू अभिलेख एवं बंदोवस्त-
4 जिला अल्प बचत अधिकारी
5 सहायक संचालक उदयानिकी एवं खादय प्रसंस्करण
6 लीडबैंक मैनेजर
7
जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड
8 महा प्रबंधक सेन्ट्रल कोऑपरेटिव-
9
बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक
10 बीमा कंपनी के तहसील स्तर के अधिकारी
11
अध्यक्ष
सदस्यसचिव/
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
कृषक प्रतिनिधि2- ( आत्मा द्वारा प्रशिक्षित) अधिकतम कार्यकाल 2 वर्ष हेतु
SGRC (राज्य स्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति)
क्रमांक
1
प्रमुख सचिवसचिव/, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग
2
संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास
3
संचालक, उदयानिकी एवं खादय प्रसंस्करण
4 अपर संचालक/संयुक्त संचालक (फसल बीमा)
5 आयुक्त, भू अभिलेख एवं बंदोवस्त-
6
संस्थागत वित्त के प्रतिनिधि
7 राज्यस्तरीय बैंकर्स समितिप्रतिनिधि/
8 लीड बैंक मैनेजर/ मुख्य बैंक
9 मुख्य महाप्रबंधक नाबार्डप्रबंधक/
10 महाप्रबंधक, अपेक्स बैंकप्रतिनिधि/
11 उप संचालक (फसल बीमा) सहायक संचालक/
12 वैज्ञानिक रिमोट सेसिंग
13 राज्य में कार्यरत समस्त बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि
14
अध्यक्ष
उपाध्यक्ष
सदस्य
सदस्यसचिव/
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
सदस्य
कृषक प्रतिनिधि2-( आत्मा द्वारा प्रशिक्षित) अधिकतम कार्यकाल 2 वर्ष हेतु
DGRC (जिला स्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति) हेतु दिशा निर्देशः-
समिति अधिकतम 15 दिवस में शिकायतों का निराकरण करेगी एवं इस समिति द्वारा लिये गये निर्णय को सभी संबंधितों द्वारा मान्य किया जावेगा ।
निर्णय पर असहमति की स्थिति में 15 दिवस के भीतर प्रकरण राज्य स्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति को भेजा जायेगा ।
शिकायत प्राप्त होने पर 7 दिवस के भीतर यदि शिकायत पर चर्चा नहीं की जाती है या शिकायत में ज्यादा जिले प्रभावित होते हैं या किसी भी सहभागी संस्था द्वारा गाईड लाईन के निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है या शिकायत 25 लाख रू. से अधिक से संबंधित है तो शिकायती प्रकरण सीधे राज्य स्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति को भेजा जावेगा ।
SGRC (राज्य स्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति) हेतु दिशा निर्देश:-
समिति शिकायत प्राप्त होने के अधिकतम 15 दिवस में शिकायतों का निराकरण करेगी एवं इस समिति द्वारा लिये गये निर्णय को सभी संबंधितों द्वारा मान्य किया जावेगा ।
710 (3 )
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2022
10. ऋणी कृषकों के लिये प्रीमियम राशि अतिरिक्त ऋण के तौर पर स्वीकृत की जानी चाहिये जो कि बीमित राशि से अतिरिक्त होगी ।
11. मौसम के दौरान कृषक को वास्तविक तौर पर ऋण स्वीकृत किया जाना चाहिये ना कि कृषक द्वारा पूर्व में लिया गया ऋण जो कि चुकता नहीं किया गया हो , उसका बुक समायोजन नहीं किया जायेगा तथा सीजन विशेष हेतु स्वीकृत ऋण अनुसार ही कृषक के खाते से प्रीमियम काटकर बीमांकन किया जायेगा ।
12. बैंक द्वारा बीमांकन के लिये प्रीमियम राशि फसल मौसम के अनुसार ही निर्धारित की गई तिथि के अंदर ही कृषकों से ली जावेगा । खरीफ एवं रबी के लिये प्रीमियम राशि पृथक-पृथक ली जावेगी ।
13. राज्य में अधिसूचित बीमित इकाई एवं फसलों के अनुसार पटवारी हल्का स्तर पर प्रमुख फसलों के 4, तहसील स्तर पर 16 एवं जिला स्तर पर 24 फसल कटाई प्रयोग राजस्व विभाग द्वारा आयोजित किये जावेगें ।
14. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की रिवेम्प्ड प्रचालन मार्गदर्शी निर्देशिका के बिन्दु क्रमांक 35 - Role and Responsibilities of various agencies - Financial institutions / Bank के अनुसार योजना के तहत यदि नोडल बैंक/शाखा/पी.ए.सी.एस. की गल्तियों/विलोपनों /कमीशन के कारण किसान फसल बीमा के लाभ से वंचित रहता है, तो संबंधित वित्तीय संस्थायें ही ऐसी हानियों की भरपाई करेगी ।
15. योजना से संबंधित अन्य दिशा- निर्देशों का पालन एवं क्रियान्वयन रिवेम्प्ड प्रचालन मार्गदर्शिका, वर्ष 2022-23 हेतु जारीनिविदा की शर्तों एवं राज्य शासन द्वारा समय समय पर जारी निर्देशों के अनुसार किया जावेगा।
16. प्रदेश में खरीफ 2022 एवं रबी 2022-23 में योजना के क्रियान्वयन हेतु जिलों के 11 क्लस्टर बनाये गये हैं। निविदाके आधार पर क्लस्टरवार बीमा कंपनियों का चयन क्रियान्वयन एजेन्सी के रूप में किया जावेगा ।
17. प्रदेश में खरीफ मौसम में धान सिंचित, धान असिचित, बाजरा , मक्का, तुअर, सोयाबीन को पटवारी हल्का स्तर पर ज्वार, कोदो-कुटकी, मूंगफली , तिल, कपास को तहसील स्तर पर एवं मूंग उड़द को जिला स्तर पर परिभाषित क्षेत्र घोषित किया जाता है । म.प्र. राज्य में निम्नलिखित जिलों के समक्ष दर्शाई गई फसलों हेतु परिभाषित क्षेत्र घोषित किया जाता है ।
18. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन हेतु खरीफ वर्ष 2022 एवं रबी वर्ष 2022-23 में क्रियान्वयन हेतु निम्नानुसार बीमा कंपनियों का चयन किया गया है :-
क्लस्टर अंतर्गत आने वाले जिले क्लस्टर क्र.
1 उज्जैन
2 मंदसौर, नीमच एवं रतलाम
3 देवास एवं इन्दौर
4 शाजापुर एवं आगर मालवा
5 सीहोर एवं भोपाल
6 रायसेन एवं विदिशा
7 धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी एवं बुरहानपुर
8 ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुरकलां, भिण्ड एवं राजगढ़
9
10
जबलपुर, कटनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, डिण्डोरी, सिवनी, शहडोल, अनूपपुर एवं उमरिया होशंगाबाद, हरदा एवं बैतूल
11 रीवा, सीधी, सतना, सिंगरौली, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना एवं निवाड़ी
बीमा कंपनी का नाम
स्वीकृत वेटेड एवरेज दरें एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया
13.94
एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया
11.87
12.89 रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी
11.20 एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया
रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी
9.89
11.36 एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया
एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया
9.41
9.91 एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया
एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया
8.31
9.73 एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया
एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया
9.72
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022 .