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मध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , सोमवार , दिनांक 1 अगस्त 2022- श्रावण 10, शक 1944
क्रमांक 436]
चिकित्सा शिक्षा विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 1 अगस्त 2022 क्रमांक 5-22-2018- पचपन-2
मध्यप्रदेश उपचर्या प्रसाविका, सहायी उपचारिका प्रसाविका तथा स्वास्थ्य परिदर्शक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1972 (क्रमांक 46 सन् 1973) की धारा 24 के साथ पठित धारा 33 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य सरकार एतद्वारा , मध्यप्रदेश नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता नियम , 2018 में निम्नलिखित और संशोधन करती है, अर्थात्:-
संशोधन
उक्त नियमों में,
नियम 4 में,- 1.
उप-नियम (1 ) में,- (1)
(क) खण्ड (दो) में विद्यमान परंतुक के स्थान पर, निम्नलिखित परंतुक स्थापित किया जाए , अर्थात्:-
"अकादमी भवन आवेदक नवीन संस्था के स्वत्व का होना चाहिए परंतु यदि संस्था का अपना स्वयं का अकादमी भवन नहीं है , तो ऐसी स्थिति में ऑनलाइन आवेदन के समय आवेदक संस्था को इस आशय का शपथ पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा कि मान्यता प्राप्त होने पर आवेदक संस्थारूपये 25 लाख की बैंक गारंटी कार्यालय नर्सिंग रजिस्ट्रेशन कौंसिल में जमा करेगी । यदि संस्था 05 वर्ष में स्वयं का अकादमी भवन बनाने में असफल रहती है , तो संस्था द्वारा जमा की गई रूपये 25 लाख की बैंक गारंटी राजसात की जाएगी । " ।
871 872
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2022
(ख) खण्ड (चार) के पश्चात्, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए , अर्थात्ः-
" (पाँच ) समिति के सदस्य एवं समिति के मध्य अकादमी भवन के लिए लीज डीड (न्यूनतम 30 वर्ष के लिये) रजिस्टर्ड होने पर ही मान्य की जाएगी । " ।
(2) उपनियम (3) में, खण्ड (दो) में, उप- खण्ड (ङ) के स्थान पर, निम्नलिखित उप- खण्ड स्थापित किया जाए , अर्थात्:-
" (ङ) नर्सिंग संस्था में संचालित समस्त पाठ्यक्रम हेतु पैरेन्ट अस्पताल में अनुसूची- 3 में उल्लिखित बिस्तर संख्या से अधिक बिस्तर उपलब्ध होने की स्थिति में, संस्था शेष बिस्तरों को अन्य नर्सिंग संस्था के संचालन हेतु संबंद्धता प्रदान कर सकेगी । " ।
2. नियम 5 में , उपनियम (2) (क) के पश्चात्, निम्नलिखित उपनियम जोडा जाए , अर्थात्ः-
" (2) (ख) यदि कोई समिति / ट्रस्ट / कम्पनी जिले में किसी नर्सिंग संस्था का संचालन करती है , तो वह उस जिले में नवीन नर्सिंग संस्था का संचालन नहीं कर सकेगी एवं जिले के भीतर पूर्व से संचालित नर्सिंग संस्था के नाम के समान या संक्षिप्त नाम से नवीन नर्सिंग संस्था हेतु प्रस्तुत आवेदन मान्य नहीं किया जा सकेगा । " I
3. अनुसूची-4 के भाग '(ब) आवश्यक अर्हताएं' में, कॉलम (1 ) पदनाम में , प्राचार्य (जी. एन.एम. को छोड़कर)' के सामने विद्यमान प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थातः-
शिक्षण संकाय
(ब) आवश्यक अर्हताएं
पदनाम
शिक्षा
कुल अनुभव अवधि अनुभव
अभ्युक्ति
अध्यापन
अनुभव
15वर्ष 12 वर्ष
एम.एस.सी. नर्सिंग
"प्राचार्य (जी.एन.एम. को छोड़कर)
नर्सिंग कॉलेज में अध्यापन का 05 वर्ष अनुभव आवश्यक है ।
एम.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम की अध्ययन अवधि (2 वर्ष) की गणना अध्यापन अनुभव अवधि में सम्मिलित होगी । " ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
के. के. दुबे , उपसचिव,
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022 .