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मध्यप्रदेश
शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 481 ]
भोपाल , बुधवार, दिनांक 14 सितम्बर 2022 - भाद्र 23 , शक 1944
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2022
क्रमांक 15063 - मप्रविस - 15 - विधान-2022.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम 64 के उपबंधों के पालन में, मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय ( संशोधन ) विधेयक, 2022 ( क्रमांक 7 सन् 2022 ) जो विधान सभा में दिनांक 14 सितम्बर, 2022 को पुरःस्थापित हुआ है . जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
961 962
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2022
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक ७ सन् २०२२
मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय ( संशोधन ) विधेयक, २०२२
मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम, १ ९५८ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय ( संशोधन ) अधिनियम, २०२२ है.
संक्षिप्त नाम.
धारा २ का
संशोधन.
२. मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम, १ ९ ५८ ( क्रमांक १ ९ सन् १ ९ ५८ ) की धारा २ में, खण्ड (क) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-
" ( क) " उच्चतर न्यायिक सेवा का संवर्ग " से अभिप्रेत है, जिला न्यायाधीशों का संवर्ग और इसमें सम्मिलित हैं, प्रधान जिला न्यायाधीश , जिला न्यायाधीश ( अधिसमय मान ) , जिला न्यायाधीश ( चयन श्रेणी ) तथा जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) ; " .
उद्देश्यों और कारणों का कथन
शेट्टी वेतन आयोग ( प्रथम राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग ) ने देश में उच्चतर न्यायिक सेवा और निम्नतर न्यायिक सेवा के सदस्यों के एक समान पदाभिधान अंगीकृत किए जाने के आशय से कतिपय अनुशंसाएं की थीं, जो " ऑल इंडिया जजेस एसोसिएशन विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया तथा अन्य " ( निर्णय दिनांक ८ फरवरी , २००१ ) के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुमोदित की गई हैं .
२. उपरोक्त मामले में, माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय को दृष्टि में रखते हुए मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा ( भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम , २०१७ में नाम पद्धति सम्मिलित की गई है .
३. मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) में, दिनांक ३० मार्च, २०२१ के प्रकाशन द्वारा वही नाम पद्धति मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम , १ ९ ५८ ( क्रमांक १ ९ सन् १ ९ ५८ ) में सम्मिलित की गई थी, तद्नुसार, मूल अधिनियम की धारा २ में , खण्ड ( क ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया गया था:-
" (क) " उच्चतर न्यायिक सेवा का संवर्ग " से अभिप्रेत है, जिला न्यायाधीशों का संवर्ग और इसमें सम्मिलित हैं, प्रधान जिला न्यायाधीश , जिला न्यायाधीश ( प्रवेश स्तर ) तथा जिला न्यायाधीश ( चयन श्रेणी ) ; ".
४. उपरोक्त संशोधन में " जिला न्यायाधीश ( अधिसमय मान ) " का संवर्ग सम्मिलित नहीं है और उल्लिखित संवर्ग अनुक्रम में नहीं हैं. अतएव, उपरोक्त खण्ड में और संशोधन की आवश्यकता है .
५. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
डॉ. नरोत्तम मिश्र भोपाल:
भारसाधक सदस्य.
तारीख १८ जुलाई, २०२२.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022.