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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2022...

Published 14 September 2022

Department
विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
483
Identifier
in.gazette.madhya.2022-09-14.483.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदे श शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , बुधवार, दिनांक 14 सितम्बर 2022- भाद्र 23 , शक 1944

क्रमांक 483 ]

विधान सभा सचिवालय, मध्यप्रदेश

भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2022

क्रमांक 15057 - मप्रविस - 15 - विधान -2022.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम 64 के उपबंधों के पालन में, मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता ( संशोधन ) विधेयक, 2022 ( क्रमांक 9 सन् 2022 ) जो विधान सभा में दिनांक 14 सितम्बर, 2022 को पुरःस्थापित हुआ है . जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.

ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.

965 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2022

965

मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक ९ सन् २०२२

मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता ( संशोधन ) विधेयक, २०२२

मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , १ ९ ५ ९ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.

भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-

१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता ( संशोधन ) अधिनियम , २०२२ है.

संक्षिप्त नाम.

धारा ९ का स्थापन .

२. मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , १ ९ ५ ९ ( क्रमांक २० सन् १ ९ ५९ ) की धारा ९ के स्थान पर, निम्नलिखित धारा स्थापित की जाए, अर्थात्ः-

" ९. ( १ ) समस्त मामलों की अंतिम रूप से सुनवाई तथा निराकरण मण्डल की खण्ड पीठ द्वारा किया जाएगाः एकल सदस्यीय तथा खण्ड पीठों द्वारा अधिकारिता का प्रयोग.

परंतु वे मामले, जो समावेदन की सुनवाई या किसी अंतरिम आवेदन पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं, एकल सदस्यीय पीठ द्वारा सुने जा सकेंगे .

स्पष्टीकरण.- इस उपधारा के प्रयोजन के लिए, " खण्ड पीठ ( डिवीजन बैंच ) " से अभिप्रेत है , अध्यक्ष द्वारा यथा नामनिर्दिष्ट दो या अधिक सदस्यों से मिलकर बनने वाली पीठ.

(२) राज्य सरकार, एकल सदस्यीय पीठ तथा खण्ड पीठ के माध्यम से मण्डल की शक्तियों तथा कृत्यों का प्रयोग करने के लिए नियम बना सकेगी , और ऐसी पीठों द्वारा ऐसी शक्तियों या कृत्यों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए समस्त आदेश मण्डल के आदेश समझे जाएंगे . " .

तथा

निरसन

व्यावृत्ति.

३. ( १ ) मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता ( संशोधन ) अध्यादेश , २०२२ ( क्रमांक ४ सन् २०२२ ) एतद्द्वारा , निरसित किया जाता है .

( २ ) उक्त अध्यादेश के निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन की गई बात या की गई कार्रवाई समझी जाएगी.

उद्देश्यों और कारणों का कथन

मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, १ ९ ५ ९ ( क्रमांक २० सन् १ ९ ५ ९ ) की धारा ३ के अधीन गठित राजस्व बोर्ड, राजस्व मामलों के न्यायनिर्णयन के लिए शीर्ष निकाय है. इसके निर्णय समस्त राजस्व न्यायालयों पर आबद्धकारी प्रकृति के हैं, अतएव यह विनिश्चित किया गया है कि संहिता की धारा ९ के संशोधन द्वारा समस्त राजस्व मामले, बोर्ड की खण्ड पीठ द्वारा सुने और विनिश्चित किए जाएंगे . बोर्ड की पद्धति और प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियम बनाने हेतु उपबंध, संहिता की धारा २५८ की उपधारा ( २ क ) में पहले से हैं. उक्त उपबंध के अनुसरण में , उक्त संहिता की धारा ९ के यथोचित संशोधन की आवश्यकता है.

२. चूंकि मामला अत्यावश्यक था तथा विधान सभा का सत्र चालू नहीं था, अतएव, मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता ( संशोधन ) अध्यादेश , २०२२ ( क्रमांक ४ सन् २०२२ ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था. अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर , राज्य विधान- मण्डल का अधिनियम बिना किसी उपांतरण के लाया जाना प्रस्तावित है.

३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.

भोपाल:

गोविन्द सिंह राजपूत

भारसाधक सदस्य .

तारीख ८ अगस्त, २०२२.

966 ( 1 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 सितम्बर 2022

वित्तीय ज्ञापन

प्रस्तुत संशोधन विधेयक में किसी नई संरचना अथवा नये पद निर्माण का प्रस्ताव नहीं है और न ही किसी अन्य प्रकार से कोई व्यय अंतर्ग्रस्त है, इस कारण किसी भी प्रकार के नये वित्तीय भार का प्रस्ताव नहीं है.

प्रत्यायोजित विधि निर्माण संबंधी ज्ञापन

प्रस्तावित संशोधन विधेयक के खण्ड-२ द्वारा विधायनी शक्तियों का प्रत्यायोजन राज्य सरकार को किया जा रहा है जिसका विवरण निम्नानुसार हैं:-

खण्ड-२ द्वारा राज्य सरकार , एकल सदस्यीय पीठ तथा खण्ड पीठ के माध्यम से मण्डल की शक्तियों द्वारा कृत्यों का प्रयोग करने के लिए नियम बना सकेगी , और ऐसी पीठों द्वारा शक्तियों या कृत्यों का प्रयोग करते हुए जारी किए गये समस्त आदेश मण्डल के आदेश समझे जाएंगे.

उक्त प्रत्यायोजन सामान्य स्वरूप का होगा.

अध्यादेश के संबंध में विवरण

मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता अधिनियम की धारा ३ के अधीन राजस्व मामलों के न्यायनिर्णयन के लिए राजस्व बोर्ड शीर्ष निकाय है एवं इसके निर्णय समस्त राजस्व न्यायालयों पर आबद्धकारी हैं . सभी राजस्व मामले, बोर्ड की खण्डपीठ द्वारा सुने और विनिश्चित किए जाने को दृष्टिगत रखते हुए अधिनियम की धारा - ९ में संशोधन किया जाना आवश्यक हो गया था. चूंकि मामला आवश्यक था और विधान सभा का सत्र चालू नहीं था, अतएव उक्त प्रयोजन के लिए मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता ( संशोधन ) अध्यादेश , २०२२ ( क्रमांक ४ सन् २०२२ ) प्रख्यापित किया गया था.

ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव

मध्यप्रदेश विधान सभा.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 14 September 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2022-09-14.483.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2022-09-14.483.Extraordinary.