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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

भारतीय स्‍टाम्‍प (मध्‍यप्रदेश संशोधन) विधेयक 2022...

Published 15 September 2022

Department
विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
499
Identifier
in.gazette.madhya.2022-09-15.499.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश शास

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 499 ]

भोपाल, गुरुवार, दिनांक 15 सितम्बर 2022- भाद्र 24 , शक 1944

विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश

भोपाल, दिनांक 15 सितम्बर 2022

क्रमांक 15276 - मप्रविस - 15- विधान-2022 .- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में, भारतीय स्टाम्प ( मध्यप्रदेश संशोधन ) विधेयक, 2022 ( क्रमांक 16 सन् 2022 ) जो विधान सभा में दिनांक 15 सितम्बर, 2022 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.

ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.

997 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 सितम्बर 2022

998

मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक १६ सन् २०२२

भारतीय स्टाम्प ( मध्यप्रदेश संशोधन ) विधेयक , २०२२

मध्यप्रदेश राज्य को लागू हुए रूप में भारतीय स्टाम्प अधिनियम , १८ ९९ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.

भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में अधिनियमित हो :-

१. ( १ ) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम भारतीय स्टाम्प ( मध्यप्रदेश संशोधन ) अधिनियम , २०२२ है.

संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.

( २ ) यह मध्यप्रदेश राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.

२. मध्यप्रदेश राज्य को लागू हुए रूप में भारतीय स्टाम्प अधिनियम , १८९९ ( १८ ९९ का २ ) ( जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट है ) को इसमें इसके पश्चात् उपबंधित रीति में संशोधित किया जाए .

मध्यप्रदेश राज्य को लागू हुए रूप में केन्द्रीय अधिनियम, १८ ९९ का संख्यांक २ का संशोधन.

३. मूल अधिनियम की की अनुसूची १ - क में ,

अनुसूची १ - क का संशोधन.

( एक ) अनुच्छेद ६ में , खण्ड ( घ ) तथा पत्पश्चात् दिए गए स्पष्टीकरण के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड तथा स्पष्टीकरण स्थापित किए जाएं, अर्थात्ः-

" ( घ ) यदि वह ऐसी भूमि या संपत्ति

किसी व्यक्ति या अभिकरण

द्वारा , उस भूमि या संपत्ति के

विकास या पुनर्विकास और/

के स्वामी या पट्टेदार से भिन्न अथवा उस पर निर्माण या

पुनर्निर्माण से संबंधित है,-

(एक) यदि उसमें यह अनुबंध

हो कि विकास या

पुनर्विकास के पश्चात

ऐसी विकसित या

पुनर्विकसित संपत्ति या

उसका भाग , विकासकर्ता,

चाहे वह किसी भी नाम

से जाना जाता हो, के द्वारा

वही शुल्क जो विकसित या पुनर्विकसित किए जाने के लिए प्रस्तावित संपूर्ण भूमि के केवल उस भाग के बाजार मूल्य के हस्तांतरण पत्र (क्रमांक २५ ) पर लगता है जो कि विकासकर्ता द्वारा संयुक्ततः या पृथकतः धारित या विक्रीत की जाने वाली विकसित या पुनर्विकसित संपत्ति के अनुपात में हो, या उस शुल्क का आधा जो विकसित या पुनर्विकसित किए जाने के लिए प्रस्तावित संपूर्ण भूमि के बाजार मूल्य के हस्तांतरण पत्र ( क्रमांक २५ ) पर लगता है, इनमें से जो भी अधिक हो.

संयुक्ततः धारित या विक्रय

स्वामी या पट्टेदार के साथ या तो पृथकतः या तो किया जाएगा.

998 ( 1 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 सितम्बर 2022

(दो)

न्यूनतम एक हजार रुपए के अध्ययीन रहते हुए विकसित या पुनर्विकसित किऐ जाने के लिए

उपरोक्त ( एक ) के अंतर्गत न आने वाले मामलों के लिए.

प्रस्तावित संपूर्ण भूमि के बाजार मूल्य का ०.२५

प्रतिशत.

स्पष्टीकरण.- इस अनुच्छेद के प्रयोजनों के लिए -

(एक) " विकास " तथा " विकासकर्ता " का वही अर्थ होगा जो मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , १ ९ ७३ ( क्रमांक २३ सन् १ ९७३ ) की धारा २ ( च ) तथा मध्यप्रदेश स्पेशल प्रोजेक्ट एण्ड टाउनशिप , ( विकास , विनियमन एवं नियंत्रण ) नियम , २०११ के नियम २ ( १ ) ( ख ) में क्रमशः उनके लिए दिया गया है.

(दो) जहां विकसित संपत्ति संयुक्तः धारित या विक्रीत की जाती हो , परंतु दस्तावेज में विकासकर्ता का अंश अभिव्यक्त रूप से उल्लिखित न हो, वहां विकासकर्ता का अंश १०० प्रतिशत समझा जाएगा. " ;

(दो) अनुच्छेद ७ में, खण्ड ( ख ) तथा तत्पश्चात् स्पष्टीकरण एक तथा स्पष्टीकरण दो के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड एवं स्पष्टीकरण स्थापित किए जाएं, अर्थात् : -

" ( ख ) जंगम संपत्ति का पण्यम, गिरवी या आड़मान , जहां ऐसा पण्यम, गिरवी या आड़मान उधार में अग्रिम दिए गए या दिए जाने वाले धन के अथवा वर्तमान या भावी ऋण के चुकाए जाने के लिए प्रतिभूति के रूप में किया गया है , जहाँ ऋण या उधार की रकम है : -

पचास रुपए

(एक) ५०,००० रुपए तक

पांच सौ रुपए

(दो) ५०,००० रुपए से ऊपर परंतु ५ लाख रुपए तक.

दो हजार रुपए

(तीन) ५ लाख रुपए से ऊपर परंतु १० लाख रुपए तक.

दस हजार रुपए

( चार) १० लाख रुपए से

ऊपर परंतु ५० लाख रुपए तक.

(पांच) ऊपर

५० लाख रुपए से अधिकतम सात लाख पचास हजार रुपए के अध्यधीन रहते हुए, उधार या ऋण की रकम का ०.२५ प्रतिशत .

स्पष्टीकरण एक.- उधार में अग्रिम दिए गए या दिए जाने वाले धन के अथवा वर्तमान या भावी ऋण के चुकाए जाने के लिए हक- विलेखों के निक्षेप अथवा पण्यम, गिरवी या आड़मान की उच्चतर रकम की प्रतिभूति से संबंधित लिखत पर केवल अतिरिक्त रकम पर शुल्क प्रभार्य होगा , यदि पूर्व लिखत पर पर्याप्त स्टाम्प शुल्क चुका दिया गया है .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 सितम्बर 2022

998 (2)

स्पष्टीकरण दो.- इस अनुच्छेद के खण्ड ( क) के प्रयोजनों के लिए, किसी न्यायालय के निर्णय, डिक्री या आदेश में या किसी प्राधिकारी के आदेश में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, हक- विलेखों के निक्षेप से संबंधित किसी पत्र, टिप्पण , ज्ञापन या लेख को, चाहे वह हक-विलेखों के निक्षेप किए जाने के पूर्व या ऐसे निक्षेप के समय या उसके पश्चात् लिखा गया है या बनाया गया है, और चाहे वह प्रथम उधार के लिए या बाद में लिए गए किसी अतिरिक्त उधार या उधारों के लिए प्रतिभूति के संबंध में हो, ऐसे पत्र, टिप्पण , ज्ञापन या लेख को ऐसे हक- विलेखों के निक्षेप से संबंधित करार को साक्ष्यित करने वाली , लिखत समझा जाएगा. " ;

(तीन) अनुच्छेद १३ में, कॉलम ( २ ) में , निम्नलिखित स्पष्टीकरण जोड़ा जाए, अर्थात्: -

स्पष्टीकरणः - समान रकम के लिए समान पक्षकारों के मध्य निष्पादित बैंक प्रत्याभूति के नवीकरण की दशा में, देय शुल्क एक हजार रुपए होगा , समस्त अन्य मामलों में , देय शुल्क अनुच्छेद १३ के अनुसार होगा. ";

(

चार) अनुच्छेद २५ में, कॉलम ( २ ) में, परंतुक में, खण्ड ( ख ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात् :-

" ( ख ) जब कोई लिखत किसी ऋण के समनुदेशन से संबंधित हो , शुल्क एक हजार रुपए होगा" ;

(

पांच) अनुच्छेद ३८ में, खण्ड ( क ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात् : -

(क) खनन पट्टा से भिन्न, पट्टा जिसके अंतर्गत अवर पट्टा या उप - पट्टा तथा पट्टे या उप- पट्टे पर देने या किसी पट्टे का नवीकरण करने के लिए कोई करार है-

पाँच सौ रुपए

( एक) जहां कि पट्टा एक वर्ष से कम अवधि के लिए तात्पर्यित है.

(दो) जहां कि पट्टा ऐसी अवधि के लिए तात्पर्यित है जो एक वर्ष या अधिक है, किन्तु पांच वर्ष तक है.

(तीन) जहां कि पट्टा ऐसी अवधि के लिए तात्पर्यित है जो पाँच वर्ष से अधिक है, किन्तु दस वर्ष तक है .

न्यूनतम पांच सौ रुपए के अध्यधीन रहते हुए, प्रीमियम या अग्रिम दिए गए या अग्रिम दिए जाने वाले धन तथा आरक्षित किए गए औसत वार्षिक भाटक की रकम के योग का, या संपत्ति के बाजार मूल्य का ०.१ प्रतिशत इनमें से जो भी अधिक हो.

न्यूनतम पांच सौ रुपए के अध्यधीन रहते हुए, प्रीमियम या अग्रिम दिए गए या अग्रिम दिए जाने वाले धन तथा आरक्षित किए गए औसत वार्षिक भाटक की रकम के योग का, या संपत्ति के बाजार मूल्य का ०.५ प्रतिशत इनमें से जो भी अधिक हो.

998 (3)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 सितम्बर 2022

(चार ) जहां कि पट्टा ऐसी अवधि के लिए तात्पर्यित है जो दस वर्ष से अधिक है, किन्तु बीस वर्ष तक है .

न्यूनतम पांच सौ रुपए के अध्यधीन रहते हुए, प्रीमियम या अग्रिम दिए गए या अग्रिम दिए जाने वाले धन तथा आरक्षित किए गए औसत वार्षिक भाटक की रकम के योग का, या संपत्ति के बाजार मूल्य का एक प्रतिशत, इनमें से जो भी अधिक हो.

(पाँच) जहां कि पट्टा ऐसी अवधि के लिए तात्पर्यित है जो बीस वर्ष से अधिक है, किन्तु तीस वर्ष से कम है.

न्यूनतम पांच सौ रुपए के अध्यधीन रहते हुए, प्रीमियम या अग्रिम दिए गए या अग्रिम दिए जाने वाले धन तथा आरक्षित किए गए औसत वार्षिक भाटक की रकम के योग का, या संपत्ति के बाजार मूल्य का दो प्रतिशत , इनमें से जो भी अधिक हो .

(छह ) जहां कि पट्टा ऐसी अवधि के लिए तात्पर्यित है जो तीस वर्ष या उससे अधिक है , या शाश्वतकालीन है , या निश्चित कालावधि के लिए तात्पर्यित नहीं है;

न्यूनतम पांच- सौ रुपए के अध्यधीन रहते हुए, प्रीमियम या अग्रिम दिए गए या अग्रिम दिए जाने वाले धन तथा आरक्षित किए गए औसत वार्षिक भाटक की रकम के योग का, या संपत्ति के बाजार मूल्य का पांच प्रतिशत, इनमें से जो भी अधिक हो. ".

उद्देश्यों और कारणों का कथन

भारतीय संविधान की अनुसूची ७ में राज्य सूची की प्रविष्टि क्रमांक ६३ से संबंधित लिखतों पर प्रभार्य स्टांप शुल्क की दरें भारतीय स्टाम्प अधिनियम, १८ ९९ ( १८ ९९ का संख्यांक २ ) की अनुसूची १ - क के संगत अनुच्छेदों में निर्धारित हैं. इस अनुक्रम में अनुसूची १ - क के अनुच्छेद ७ के खण्ड ( ख ) तथा अनुच्छेद ३८ के खण्ड ( क ) में निम्नानुसार उद्देश्यों और कारणों से संशोधन प्रस्तावित हैं :-

१. अनुच्छेद ६ ( घ ) - वर्तमान में केवल विकास अनुबंध पर शुल्क की प्रभार्यता का प्रावधान अनुच्छेद ६ के खण्ड ( घ ) में दिया गया है. पुनर्विकास अनुबंध ऐसी संपत्ति से संबंधित होते हैं जो पूर्व से विद्यमान हैं . वर्तमान प्रावधान विशिष्ट रूप से भूमि के विकास एवं अथवा उस पर निर्माण के लिए आशयित है. अतएव इस खण्ड को पुनरीक्षित किया जाना आवश्यक है ताकि पुनर्विकास अनुबंध के लिए प्रभार्यता के प्रावधान समाविष्ट हो सकें.

२. अनुच्छेद ७ ( ख ) - वर्तमान में हाइपोथिकेशन के दस्तावेजों पर ऋण राशि के ०.२५ प्रतिशत की दर से, अधिकतम ५ लाख रुपए की सीमा के अध्यधीन स्टाम्प शुल्क प्रभार्य है . Ease of doing business को बढ़ावा देने के दृष्टिगत हाइपोथिकेशन के विलेखों के लिए शुल्क ढांचे का मूल्यानुसार की तुलना में सरलीकरण प्रस्तावित किया गया है.

३. अनुच्छेद १३ - यह अनुच्छेद बैंक गारंटी पर शुल्क प्रभार्यता प्रावधानित करता है. वर्तमान में जहां तक स्टांप शुल्क का प्रश्न है बैंक गारंटी के नवीनीकरण को बैंक गारंटी की तरह ही लिया जाता है . बैंक गारंटी जिसके लिए पूर्ण शुल्क इसके निष्पादन पर चुकाया जा चुका है, के नवीनीकरण पर शुल्क प्रभार्यता के सरलीकरण के लिए एक स्पष्टीकरण इस अनुच्छेद में जोड़ा जाना आवश्यक है . यही कारण है कि समान पक्षकारों के मध्य समान राशि के लिए बैंक गारंटी के नवीनीकरण के लिए १००० रुपए की नियत राशि की प्रभार्यता प्रस्तावित की गई है . तदाशय के स्पष्टीकरण जोड़े गए हैं .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 सितम्बर 2022

998 (4)

४. अनुच्छेद २५- वर्तमान में ऋण के समनुदेशन की लिखत पर समनुदेशित ऋण की रकम के ०.२५ प्रतिशत की दर से शुल्क प्रभार्य है, चूंकि ऋण प्राप्त करते समय ऋण सम्बन्धी विलेखों पर शुल्क का भुगतान हो चुका होता है. अतः ऋण का समनुदेश ( अंतरण ) पर शुल्क की प्रभार्यता १००० रुपए प्रस्तावित की गई है.

५. अनुच्छेद ३८ ( क) - एक वर्ष से कम अवधि के किराए नामों/ प‌ट्टों पर देय स्टांप शुल्क के सरलीकरण के प्रयोजन से ऐसे दस्तावेजों पर पट्टे के अधीन देय या परिदेय पूरी रकम या संपत्ति के बाजार मूल्य के ०.०१ प्रतिशत (इनमें से जो अधिक हो ) के स्थान पर ५०० रुपए के नियत मान का शुल्क प्रभार्य होगा. इसी अनुक्रम में एक वर्ष से अधिक के पटटों से संबंधित शेष सभी स्लैब में ५०० रुपए की न्यूनतम सीमा अंतःस्थापित करना प्रस्तावित किया गया है.

भोपाल:

जगदीश देवड़ा भारसाधक सदस्य.

दिनांक १२ सितम्बर, २०२२.

" संविधान के अनुच्छेद २०७ के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित.".

ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव,

मध्यप्रदेश विधान सभा.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2022

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 15 September 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2022-09-15.499.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2022-09-15.499.Extraordinary.