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मध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, सोमवार, दिनांक 13 मार्च 2023-फाल्गुन 22 , शक 1944
क्रमांक 83]
विधान सभा सचिवालय, मध्यप्रदेश
भोपाल, दिनांक 13 मार्च 2023
क्र. 5065- मप्रविस- 15 - विधान-2023 .- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में, मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि ( संशोधन ) विधेयक, 2023 ( क्रमांक 1 सन् 2023 ) जो विधान सभा में दिनांक 13 मार्च, 2023 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.
165 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 मार्च 2023
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मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १ सन् २०२३
मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि ( संशोधन ) विधेयक , २०२३
मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १ ९ ५६ तथा मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , १ ९ ६१ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के चौहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में अधिनियमित हो :-
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि ( संशोधन ) अधिनियम , २०२३ है.
संक्षिप्त नाम.
भाग- एक
मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १ ९ ५६ ( क्रमांक २३ सन् १ ९ ५६ ) का संशोधन
२. मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, १ ९ ५६ (क्रमांक २३ सन् १ ९५६ ) में,
(१ ) धारा १ ९ ५ में उपधारा ( ५ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा स्थापित की जाए, अर्थात्ः- मध्यप्रदेश अधिनियम क्रमांक २३ सन् १९५६ का संशोधन.
" (५ ) यदि किसी भवन या भूमि का स्वामी या अधिभोगी इस धारा के अधीन सूचना या आदेश की तामील के बावजूद उसमें उल्लिखित कार्य , यथास्थिति, उस सूचना या आदेश में विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर करने में असफल रहता है, तो आयुक्त, जुर्माना , जो पांच हजार रुपये तक का हो सकेगा और सूचना में उल्लिखित कार्य पूर्ण नहीं होने तक और अतिरिक्त जुर्माना, जो दो सौ रुपए प्रति दिन तक का हो सकेगा , अधिरोपित करेगाः
परन्तु इस धारा के उल्लंघन के संबंध में जुर्माने के लिए कार्यवाहियां करने के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, आयुक्त अपने अभिकरण के माध्यम से उक्त कार्य करवा सकेगा और बारहवें अध्याय में उपबंधित रीति में, यथास्थिति, उसके स्वामी या अधिभोगी से, इससे संबंधित उपगत व्यय वसूल कर सकेगा. "
(२ ) धारा २९ ० का लोप किया जाए.
(३ ) धारा ३६० का लोप किया जाए.
(४) धारा ३६२ का लोप किया जाए.
भाग-दो
मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, १ ९ ६१ ( क्रमांक ३७ सन् १ ९ ६१ ) का संशोधन
३. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, १ ९ ६१ ( क्रमांक ३७ सन् १ ९ ६१ ) में,-
(१ ) धारा २०८ में, उपधारा ( ५ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा स्थापित की जाए, अर्थात्ः- मध्यप्रदेश अधिनियम क्रमांक ३७ सन् १ ९६१ का संशोधन.
" ( ५ ) यदि किसी भवन या भूमि का स्वामी या अधिभोगी इस धारा के अधीन सूचना या आदेश की तामील के बावजूद उसमें उल्लिखित कार्य, यथास्थिति, उस सूचना या आदेश में विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर करने में असफल रहता है तो परिषद्, जुर्माना, जो पांच हजार रुपये तक का हो सकेगा और सूचना में उल्लिखित कार्य पूर्ण नहीं होने तक और अतिरिक्त जुर्माना , जो दो सौ रुपए प्रतिदिन तक का हो सकेगा, अधिरोपित करेगी:
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मार्च 2023
परन्तु इस धारा के उल्लंघन के संबंध में जुर्माने के लिए कार्यवाहियां करने के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, परिषद् अपने अभिकरण के माध्यम से उक्त कार्य करवा सकेगी और बारहवें अध्याय में उपबंधित रीति में, यथास्थिति, उसके स्वामी या अधिभोगी से , इससे संबंधित उपगत व्यय
वसूल कर सकेगी. "
( २ ) धारा २८८ का लोप किया जाए.
( ३ ) धारा २९ ० का लोप किया जाए.
उद्देश्यों और कारणों का कथन
नगरीय स्थानीय निकायों के प्राधिकारियों को मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १ ९ ५६ ( क्रमांक २३ सन् १ ९ ५६ ) तथा मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , १ ९ ६१ ( क्रमांक ३७ सन् १ ९ ६१ ) के किन्हीं उपबंधों के उल्लंघन के विरुद्ध दाण्डिक कार्रवाई की शक्तियां हैं . इसके अतिरिक्त, अधिनियमों में ऐसे भी उपबंध हैं जो कतिपय उपबंधों के उल्लंघन के लिए कारावास का उपबंध करते हैं. इन उपबंधों का पुनर्विलोकन किया गया और यह पाया कि वर्तमान में इनमें से कुछ उपबंध समय के साथ अप्रचलित हो गए हैं. कई उपबंधों को चिन्हित किया गया है जिनमें अनुपालन भार कार्य को कम करने के अंतर्गत अपराध मुक्ति को लागू किया जा सकता है .
२. पुनर्विलोकन के पश्चात्, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, १ ९ ५६ की धारा १ ९ ५ ( ५ ) को चिन्हित किया गया है , जिसमें कारावास का उपबंध हटाया जा सकता है और धारा २ ९ ० , ३६० और ३६२ का लोप किया जा सकता है. इसी प्रकार, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, १ ९ ६१ की धारा २०८ ( ५ ) को चिन्हित किया गया है जिनमें कारावास का उपबंध हटाया जा सकता है और धारा २८८ तथा २९ ० का लोप किया जा सकता है. अतएव, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १ ९५६ तथा मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , १ ९ ६१ की सुसंगत धाराओं में यथोचित संशोधन किया जाना प्रस्तावित है.
३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
भोपाल :
भूपेन्द्र सिंह भारसाधक सदस्य.
तारीख २८ फरवरी, २०२३ .
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2023.