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मध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , बुधवार, दिनांक12 जुलाई 2023- आषाढ़ 21 , शक 1945
क्रमांक 212]
विधान सभा सचिवालय, मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 12 जुलाई 2023
क्र. 12978 - मप्रविस- 15- विधान-2023 .- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में, मध्यप्रदेश निवेश संवर्धन ( संशोधन ) विधेयक, 2023 ( क्रमांक 10 सन् 2023 ) जो विधान सभा में दिनांक 12 जुलाई, 2023 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है .
ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 जुलाई 2023
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १० सन् २०२३
मध्यप्रदेश निवेश संवर्धन ( संशोधन ) विधेयक, २०२३
मध्यप्रदेश निवेश संवर्धन अधिनियम , २००८ को संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के चौहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम और
१. ( १ ) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश निवेश संवर्धन ( संशोधन) अधिनियम , २०२३ है.
प्रारम्भ.
( २ ) यह मध्यप्रदेश राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.
धारा १८ का स्थापन.
२. मध्यप्रदेश निवेश संवर्धन अधिनियम, २००८ ( क्रमांक २ सन् २००८ ) की धारा १८ के स्थान पर, निम्नलिखित धारा स्थापित की जाए, अर्थात् :-
अननुपालन के लिए शास्ति.
" १८. कोई उद्यमी, जो नोडल एजेंसी या अन्य विभाग या प्राधिकारियों को दिए गए स्वप्रमाणीकरण में दी गई शर्तों या वचनबंध का पालन करने में असफल रहता है, तो वह प्रथम असफलता के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिरोपित की गई ऐसी शास्ति का, जो पचास हजार रुपए तक की हो सकेगी और द्वितीय या पश्चात्वर्ती असफलता के लिए ऐसी शास्ति का, जो एक लाख रुपए तक की हो सकेगी, दायी होगा. ".
उद्देश्यों और कारणों का कथन
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नियमों के सरलीकरण के निर्देशों के दृष्टिगत तथा ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अंतर्गत वैधीकरण किए जाने की दृष्टि से मध्यप्रदेश अधिनियम क्रमांक २१ सन् २००८ में संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं .
२. पूर्व प्रावधानों के अनुसार उक्त अधिनियम की कंडिका ३.३ में दण्ड एवं अपराध का संज्ञान अधिनियम की धारा १८ ( १ ) में उल्लेखित प्रावधान " कोई उद्यमी , जो नोडल एजेंसी या अन्य विभाग या प्राधिकारी को दिए गए स्वप्रमाणीकरण में दी गई शर्तों या वचनबंध का पालन करने में असफल रहता है, वह दोषसिद्वि पर, प्रथम असफलता के लिए ऐसे जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक हो सकेगा और द्वितीय या पश्चात्वर्ती असफलता के लिए ऐसे जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक हो सकेगा, दण्डनीय होगा. ".
३. नियम एवं प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए इसके स्थान पर अधिनियम के अंतर्गत धारा १८ अंतर्गत अपराध करने पर जुर्माने का संज्ञान में संशोधन करने का प्रावधान अर्थात् " कोई उद्यमी, जो नोडल एजेंसी या अन्य विभाग या प्राधिकारी को दिए गए स्वप्रमाणीकरण में दी गई शर्तों या वचनबंध का पालन करने में असफल रहता है , सक्षम प्राधिकारी व्यतिक्रम करने वाले उद्यमी से प्रथम असफलता के लिए जुर्माना, जो पचास हजार रुपए तक हो सकेगा और द्वितीय या पश्चात्वर्ती असफलता के लिऐ ऐसे जुर्माने से, जो एक लाख रुपए तक हो सकेगा , दायी होगा. " उल्लेखित किया जा रहा है. इससे न्यायालयीन प्रक्रिया से भी उद्यमियों को राहत मिलेगी.
४. इस अधिनियम की प्रभावशीलता बनाये रखने के लिए जुर्माने की राशि में वृद्वि किए जाने तथा प्रावधानित धारा से " दण्ड " शब्द को हटाये जाने जिससे निवेशक परिवेश में आसानी से व्यापार करने में सुविधा हो, संबंधी विधेयक में संशोधन प्रावधानित किए जा रहे हैं .
राजवर्धन सिंह ' प्रेमसिंह दत्तीगांव ' भोपाल :
भारसाधक सदस्य.
तारीख १० जुलाई, २०२३ .
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2023.