Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

वर्ष 2024-25 हेतु आबकारी व्‍यवस्‍था...

Published 08 February 2024

Department
वाणिज्यिक कर
Type
Extraordinary
Gazette no.
27
Identifier
in.gazette.madhya.2024-02-08.27.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

प्रशास

इसे वेबसाईट www.govtpressmp.nic.in से भी डाउन लोड किया जा सकता है .

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , गुरुवार, दिनांक 8 फरवरी 2024- माघ 19, शक 1945

क्रमांक 27]

वाणिज्यिक कर विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 8 फरवरी 2024 क्रमांक 3-3-4-0014-2023- Sec-2-पांच-(CT) (2).

(दिनांक 01 अप्रैल, 2024 से 31 मार्च, 2025 तक हेतु आबकारी व्यवस्था)

सर्वसाधारण की जानकारी एवं आबकारी के फुटकर ठेकेदारों की विशेष जानकारी के लिए यह सूचना प्रकाशित की जाती है कि वर्ष 2024-25 हेतु आबकारी व्यवस्था निम्नवत रहेगी

1. दुकान निष्पादन की प्रक्रिया :-

1.1 वर्ष 2024-25 हेतु प्रदेश के समस्त मदिरा समूहों का निष्पादन वर्ष की सम्पूर्ण अवधि अर्थात दिनांक 01 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक की अवधि के लिए किया जाएगा ।

1.2 वर्ष 2024-25 में प्रदेश के सभी जिलों की 3600 कम्पोजिट मदिरा दुकानों का निष्पादन प्रथमतः विगत वर्ष 2023-24 में प्रचलित छोटे एकल समूहों में किया जाएगा।

53 54

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

1.3 प्रथमतः प्रदेश के समस्त जिलों में , ऐसे मदिरा दुकानों के एकल समूह जिनका पुर्नगठन किया गया हो , को छोड़कर शेष रहे कम्पोजिट मदिरा दुकान के एकल समूहों के वर्तमान अनुज्ञप्तिधारियों से वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित आरक्षित मूल्य पर नवीनीकरण के लिए आवेदन पत्र पूर्ववत ऑफलाइन प्राप्त किये जाएंगे साथ ही आवेदक अनुज्ञप्तिधारियों को ई - आबकारी पोर्टल पर तदविषयक रूचि की अभिव्यक्ति भी करनी होगी ।

1.4 जिन कम्पोजिट मदिरा दुकान समूहों पर नवीनीकरण के लिये आवेदन पत्र प्राप्त नहीं होंगे , उन कम्पोजिट मदिरा दुकान समूहों पर अन्य इच्छुक सभी पात्र आवेदकों से निर्धारित आरक्षित मूल्य पर लॉटरी आवेदन ऑनलाइन एवं जिला आबकारी कार्यालय में ऑफलाइन भी आमंत्रित किये जायेंगे ।

1.5 जिले में कम्पोजिट मदिरा दुकान समूहों के लिये लॉटरी आवेदन पत्र आमंत्रित करने की दशा में किसी मदिरा दुकान समूहों पर एक से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने पर सफल आवेदक का चयन जिला निष्पादन समिति द्वारा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्राप्त समस्त आवेदनों को शामिल करते हुए लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा ।

1.6 नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों तथा अन्य आवेदकों से प्राप्त लॉटरी आवेदन पत्रों को सम्मिलित करते हुये , समग्र में यदि जिले में संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकान के समूहों में से, पुर्नगठित समूहों में निहित आरक्षित मूल्य को कम कर , शेष रहे आरक्षित मूल्य का 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक राशि के आवेदन पत्र प्राप्त होते हैं तो ऐसी समस्त आवेदित कम्पोजिट मदिरा दुकान/ समूहों का निष्पादन, जिला निष्पादन समिति द्वारा , पात्र आवेदकों के हित में किया जाएगा ।

1.7 वर्तमान में रीवा, सतना एवं छिन्दवाड़ा जिले को विभाजित कर क्रमशः मउगंज, मैहर एवं पाढुर्ना नवीन जिले सृजित किये जा चुके हैं । किन्तु वर्ष 2024-2025 के निष्पादन हेतु प्रदेश के पुराने 52 जिलों को ही निष्पादन इकाई मान्य किया जाएगा । नवीन जिला क्षेत्रों में संचालित मदिरा समूहों का निष्पादन पूववर्ती जिलों में शामिल मानकर ही किया जाएगा । नवीन जिलों में संचालित मदिरा दुकानों के सन्दर्भ में उन नवीन जिलों के कलेक्टर भी जिला निष्पादन समिति में सहयोजित किये जायेंगे । निष्पादन उपरांत नवीन जिला क्षेत्रों की मदिरा दुकानों का संचालन एवं प्रशासन उक्त नवीन जिलों के जिला कलेक्टरों के अधीन किया जाएगा ।

54(1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

1.8 जिन जिलों में कंडिका 1.6 के पालन में कम्पोजिट मदिरा दुकान समूहों पर नवीनीकरण के लिए प्राप्त आवेदन पत्र तथा अन्य आवेदकों के लॉटरी आवेदन पत्रों को सम्मिलित कर समग्र में वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित आरक्षित मूल्य के राजस्व में निहित 75 प्रतिशत आरक्षित मूल्य से कम राशिके आवेदन पत्र प्राप्त होते हैं, तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जायेगा और ऐसे जिलों के समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकान समूहों का निष्पादन निर्धारित आरक्षित मूल्य पर ई- टेण्डर आमंत्रित कर किया जाएगा ।

1.9 वर्ष 2024-25 के लिए नवीनीकरण आवेदन तथा लॉटरी आवेदन पत्रों के माध्यम से निष्पादन की कार्यवाही उपरान्त निष्पादन से शेष रहे कम्पोजिट मदिरा दुकान समूहों का निष्पादन वर्ष 2024-25 के निर्धारित आरक्षित मूल्य के विरुद्ध ई - टेण्डर आमंत्रित कर किया जाएगा ।

1.10 मदिरा दुकानों के एकल समूहों के निष्पादन के सम्बन्ध में जारी की जाने वाली निविदा की शर्ते आबकारी आयुक्त द्वारा शासन के अनुमोदन से जारी की जाएंगी ।

1.11 वर्ष 2024-25 के लिए देशी/विदेशी मदिरा की दुकानों/एकल समूहों का निष्पादन आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित/अधिसूचित किये गये कार्यक्रम अनुसार एवं नियत स्थलों पर किया जायेगा ।

2. मदिरा दुकानों की व्यवस्था : -

2.1 प्रदेश की समस्त मदिरा दुकानें (वाईन शॉप एवं एयरपोर्ट काउंटर को छोड़कर) कम्पोजिट शॉप होंगी, जिनमें देशी एवं विदेशी दोनों प्रकार की मदिरा विक्रय हेतु उपलब्ध रहेगी । समस्त मदिरा दुकानों पर देश के बाहर से आयातित BIO ( Bottled In Origin ) मदिरा का विक्रय भी अनुमत होगा ।

54(2)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

2.2 वाईन शॉप पर वाईन एवं हेरिटेज मदिरा का विक्रय अनुमत रहेगा । इसी प्रकार एयरपोर्ट काउंटर पर भी हेरिटेज मदिरा का विक्रय अनुमत रहेगा ।

3. मदिरा दुकान के परिक्षेत्र का निर्धारण एवं विस्थापनः

3.1 जिला निष्पादन समिति के कार्य एवं दायित्वः वर्ष 2023-24 की भाँति वर्ष 2024-25 में प्रत्येक जिले में जिला निष्पादन समिति गठित की जायेगी । जिला समिति मदिरा दुकानों का विस्थापन कर जिले में अन्य स्थान पर विस्थापित दुकान खोलने, मदिरा दुकान का पोटेंशियल क्षेत्र निर्धारित करने, मदिरा दुकानों का आरक्षित मूल्य निर्धारित करने , मदिरा दुकानों के एकल समूहों का गठन / पुर्नगठन करने, मदिरा दुकानों का शासन निर्धारित प्रक्रिया अनुसार निष्पादन करने आदि समस्त कार्य करेगी । इस हेतु आबकारी आयुक्त दिशा- निर्देश जारी कर सकेंगे।

3.2 जिला निष्पादन समिति सभी मदिरा दुकानों के अवस्थापन परिक्षेत्र का निर्धारण करेगी तथा जिले की सम्पूर्ण मदिरा दुकानों के अवस्थापन परिक्षेत्र की सूची निष्पादन से पूर्व घोषित करेगी ।

3.3 जिला समिति द्वारा निर्धारित स्थान पर नगर निगम/नगरीय निकाय द्वारा मदिरा दुकान के संचालन हेतु दुकान का निर्माण कराकर उपलब्ध करायी जाने पर, उक्त दुकान में मदिरा दुकान खोलने की अनिवार्यता रहेगी ।

3.4 निष्पादन के पूर्व जिला निष्पादन समिति द्वारा किसी मदिरा दुकान को विस्थापित कर जिले में अन्य स्थान पर खोलने का निर्णय आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुमति के अधीन ही लिया जा सकेगा ।

3.5 राजस्व हित में जिले में अन्य स्थान पर विस्थापित की गई मदिरा दुकान की सम्बद्धता (correlation ) का निर्धारण, विस्थापित दुकान के पूर्व स्थल की निकटवर्ती दुकानों से समानुपातिक आधार पर किया जाएगा । इसका निर्धारण जिला निष्पादन समिति द्वारा किया जाएगा।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(3)

3.6 मदिरा दुकान के अवस्थापन परिक्षेत्र के अंतर्गत भी उसका स्थल परिवर्तन आवश्यकता होने पर निष्पादन दिनांक से 02 माह की अवधि में जिला समिति द्वारा किया जा सकेगा । निष्पादन के दो माह पश्चात इस प्रकार के परिवर्तन के लिए आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी ।

4. मदिरा की दुकानों के एकल समूह का पुनर्गठन : -

4.1 किसी मदिरा दुकान को बंद करने, उसे उसके परिक्षेत्र के बाहर विस्थापित कर , नवीन स्थल पर खोलने अथवा अन्य किसी कारण से भी अपरिहार्यता उत्पन्न होने की स्थिति में भौगोलिक निरंतरता एवं राजस्व हित के आधार पर मदिरा की दुकानों के एकल समूह के गठन/पुनर्गठन करने के संबंध में जिला निष्पादन समिति आबकारी आयुक्त की अनुमति के अधीन निर्णय ले सकेगी । ऐसे पुर्नगठित समूह का निष्पादन ई - टेंडर के माध्यम से ही किया जायेगा तथा इनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा ।

4.2 रीवा , सतना एवं छिन्दवाड़ा जिलों को विभाजित कर क्रमशः मउगंज , मैहर एवं पांढुर्ना नवीन जिले गठित किये गये हैं । इन जिलों में वर्तमान में प्रचलित किसी मदिरा समूह में शामिल दुकानें यदि एक से अधिक जिले की राजस्व सीमा में आती हो, तो उन समूहों का नवगठित जिलों की राजस्व सीमाओं के निर्धारण के अनुरूप पुनर्गठन किया जाये । आशय है कि किसी भी मदिरा समूह में सम्मिलित मदिरा दुकानें एक से अधिक जिले की राजस्व सीमाओं के अंतर्गत नहीं आनी चाहिए । ऐसे पुर्नगठित समूह का निष्पादन ई-टेंडर के माध्यम से ही किया जायेगा तथा इनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा ।

4.3 नवीनीकरण/लॉटरी से निष्पादन के अभाव में जिले की सम्पूर्ण मदिरा दुकानों का निष्पादन ई - टेण्डर के माध्यम से वर्तमान में प्रचलित छोटे समूहों में अथवा राजस्वहित को दृष्टिगत रखते हुए जिलों से प्राप्त मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(4)

युक्तियुक्त प्रस्तावों के आधार पर आबकारी आयुक्त द्वारा प्रदत्त अनुमति के अधीन बड़े समूहों में किया जा सकेगा ।

4.4 भौगोलिक निरंतरता के आधार पर अधिकतम 4 मदिरा दुकानों तक का एकल समूह (आवश्यकतानुसार) राजस्व हित में जिला निष्पादन समिति द्वारा बनाया जा सकेगा । 4 से अधिक मदिरा दुकानों के समूह का पुनर्गठन आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा ।

5. वार्षिक आधार मूल्य का निर्धारण: -

वर्ष 2023-24 के लिये प्रदेश की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकानों के वार्षिक आधार मूल्य का निर्धारण निम्नानुसार किया जायेगा :-

5.1 वर्ष 2023-24 में जिन एकल समूहों में सम्मिलित एक मदिरा दुकान से दूसरी मदिरा दुकान में , वार्षिक मूल्य में अन्तरण अनुमत किया गया है , तो ऐसा आदेश लागू होने के दिनांक से 31 मार्च , 2024 तक की अवधि के लिए अन्तरण मानकर ( भले ही लायसेंसी द्वारा आदेश जारी किये जाने के उपरान्त अन्तरण योग्य मदिरा का प्रदाय लिया गया हो अथवा नहीं ), एकल समूहों में सम्मिलित मदिरा दुकानों का वर्ष 2023-24 के लिए वार्षिक आधार मूल्य पुनर्गणित किया जायेगा।

5.2 जिन एकल समूहों में वार्षिक मूल्य का ऐसा अन्तरण वर्ष 2023-24 में अनुमत नहीं किया गया है, ऐसे एकल समूह के साथ- साथ उस समूह में स्थित प्रत्येक मदिरा दुकान का वर्ष 2023-24 की ठेका अवधि के लिये वार्षिक आधार मूल्य, वर्ष 2023-24 के लिये निष्पादित मूल्य के बराबर ही रहेगा।

5.3 वर्ष 2023-24 के लिये जिले के मदिरा दुकानों के एकल समूहों का निष्पादन किये जाने के पश्चात् यदि लायसेंस की अवधि में किसी मदिरा दुकान के एकल समूह का पुनः निष्पादन किया है तो ऐसी मदिरा दुकान के एकल मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(5)

समूह का, वर्ष 2023-24 हेतु वार्षिक आधार मूल्य का पुनः निर्धारण निम्नानुसार किया जायेगाः-

( 1 ) मूल निष्पादन उपरांत अनुज्ञप्तिधारी द्वारा मदिरा दुकान के संचालन अवधिका वार्षिक मूल्य

(2) लायसेंस निरस्तीकरण पश्चात् जितनी अवधि हेतु मदिरा दुकानों का विभागीय संचालन किया गया है तो, विभागीय संचालन में प्राप्त शुद्ध आय एवं उसी अवधि के लिए मूल निष्पादन में प्राप्त वार्षिक मूल्य में से जो अधिक हो,

(3) पुनर्निष्पादन के पश्चात् पुनर्निष्पादित अवधि हेतु प्राप्त वार्षिक मूल्य।

उपरोक्त बिन्दु क्रमांक 1 , 2 एवं 3 का योग वर्ष 2023-24 के लिए पुर्नगणित वार्षिक आधार मूल्य होगा और यदि पुनर्निष्पादन एक से अधिक बार होता है तो उपरोक्तानुसार पुनः इस प्रक्रिया का पालन कर वर्ष 2023- 24 के लिए वार्षिक आधार मूल्य परिगणित किया जायेगा।

5.4 मदिरा दुकान के विस्थापन उपरांत मदिरा दुकानों के वर्ष 2023-24 हेतु वार्षिक आधार मूल्य की गणना :

5.4.1 जिले में किसी मदिरा दुकान को विस्थापित कर , अन्य स्थान पर दुकान खोलने की स्थिति में, विस्थापित दुकान के वर्ष 2023-24 हेतु वार्षिक आधार मूल्य का निर्धारण , जिले में जिस परिक्षेत्र/ स्थान पर विस्थापित दुकान खोली जानी है उसके समीपवर्ती दो मदिरा दुकानों के वर्ष 2023-24 के परिगणित वार्षिक आधार मूल्य के औसत के समतुल्य किया जायेगा।

5.4.2 अन्य स्थान पर विस्थापित दुकान के वर्ष 2023-24 के लिए नवीन स्थल पर परिगणित वार्षिक आधार मूल्य को विस्थापित की जा रही मदिरा दुकान के पूर्व स्थल पर वर्ष 2023-21 हेतु परिगणित वार्षिक आधार मूल्य में से कम कर , शेष रही राशि को विस्थापित मदिरा दुकान के पूर्व 54(6)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

पोटेंशियल एरिया से संलग्न संचालित मदिरा दुकानों की दूरी के समानुपातिक आधार पर विभाजित कर जोड़ा जायेगा ।

5.5 मदिरा दुकान को बंद करने की स्थिति में बंद मदिरा दुकान का वर्ष 2023- 24 हेतु परिगणित वार्षिक आधार मूल्य का विभाजनः-

जिला निष्पादन समिति के प्रस्ताव उपरांत शासन की पूर्व अनुमति से यदि वर्ष 2024-25 हेतु किसी मदिरा दुकान को बंद करने का निर्णय लिया जाता है तो ऐसी स्थिति में बंद की जाने वाली मदिरा दुकान के वर्ष 2023-24 हेतु परिगणित वार्षिक आधार मूल्य को , बंद की जा रही मदिरा दुकान के पोटेंशियल एरिया से संलग्न संचालित मदिरा दुकानों की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional ) आधार पर विभाजित कर जोड़ा जायेगा ।

5.6 किसी मदिरा दुकान को विस्थापित कर जिले में अन्य स्थान पर खोले जाने की स्थिति में यह ध्यान रखा जावेगा कि अन्य स्थान पर विस्थापित दुकान तथा जिले की शेष संचालित मदिरा दुकानों का परिगणित कुल वार्षिक मूल्य जिले के वर्ष 2023-24 के परिगणित वार्षिक मूल्य से कम न हो ।

किसी मदिरा दुकान को विस्थापित कर उपयुक्त स्थल के अभाव में मदिरा दुकान बंद करने की स्थिति में यह ध्यान रखा जावेगा कि जिले की शेष संचालित मदिरा दुकानों का परिगणित कुल वार्षिक मूल्य जिले के वर्ष 2023-24 के परिगणित वार्षिक मूल्य से कम न हो।

6. आरक्षित मूल्य का निर्धारण : -

वर्ष 2023-24 में संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकानों के परिगणित वार्षिक आधार मूल्य में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर, वर्ष 2024-25 का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाएगा।

54(7)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

7. वार्षिक मूल्य, वार्षिक लायसेंस फीस एवं न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि का निर्धारण: -

7.1 नवीनीकरण /लॉटरी द्वारा निष्पादित की गयी मदिरा दुकानों/एकल समूहों हेतु नवीनीकरण के लिए निर्धारित आरक्षित मूल्य ही उनका वार्षिक मूल्य होगा ।

7.2 ई- टेंडर के माध्यम से निष्पादित मदिरा दुकानों/एकल समूहों हेतु ई- टेण्डर में स्वीकृत उच्चतम ऑफर की राशि उस मदिरा दुकान/एकल समूह का वार्षिक मूल्यहोगा ।

7.3 मदिरा दुकान/ एकल समूह के कुल वार्षिक मूल्य का 5 प्रतिशत वार्षिक लायसेंस फीस होगी । शेष 95 प्रतिशत राशि संबंधित मदिरा दुकान/एकल समूह के लिए वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि निर्धारित होगी , जिसके विरूद्ध मदिरा प्रदाय अनुमत होगा । वार्षिक लायसेंस फीस के विरुद्ध मदिरा प्रदाय अनुमत नहीं होगा।

8. धरोहर राशि (Earnest Money Deposit) , वार्षिक लायसेंस फीस व उनको जमा कराया जाना : -

वर्ष 2024-25 के लिये धरोहर राशि, वार्षिक लायसेंस फीस व उनको जमा करने की प्रक्रिया निम्नवत रहेगी:-

8.1 वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के लिए नवीनीकरण द्वारा निष्पादित की जाने वाली मदिरा दुकान के एकल समूह के लिये निर्धारित कुल वार्षिक लायसेंस फीस मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों के आरक्षित मूल्य का 5 प्रतिशत होगी।

उपरोक्तानुसार निर्धारित वार्षिक लायसेंस फीस की 40 प्रतिशत राशि नवीनीकरण आवेदन पत्र के साथ, 30 प्रतिशत राशि आगामी 15 दिवरा में तथा शेष 30 प्रतिशत राशि आगामी 15 दिवस में अथवा दिनांक 15 मार्च, 54(8)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 फरवरी 2024

2024 तक, जो भी पहले हो जमा करना अनिवार्य होगी। यह राशि ई- आबकारी पोर्टल पर ऑनलाईन जमा करना होगी ।

8.2 लॉटरी/ई- टेंडर के माध्यम से वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के लिये मदिरा दुकानों के निष्पादन के लिए, धरोहर राशि (EMD ) 10 करोड़ तक आरक्षित मूल्य के समूहों के लिये 2 प्रतिशत, 10 करोड़ से अधिक आरक्षित मूल्य वाले समूहों के लिये 10 करोड़ तक 2 प्रतिशत +10 करोड़ से अधिक शेष राशिका 1 प्रतिशत एकमुश्त देय होगी ।

ऑफलाइन लॉटरी आवेदन पत्र के साथ धरोहर राशि ट्रेजरी में ई- चालान द्वारा जमा करानी होगी । लॉटरी आवेदन जमा करने की निर्धारित अंतिम दिनांक तथा समय के पूर्व Success हुए ई- चालान के साथ ही लॉटरी आवेदन मान्य किया जाएगा ।

ई- टेंडर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रस्तुत किये जाने वाले लॉटरी आवेदन पत्र एवं ई- टेंडर के साथ जमा की जाने वाली धरोहर राशि ( EMD ) NIC पोर्टल https://mptenders.gov.in पर ऑनलाईन देय होगी । सफल लॉटरीदाता/ निविदाकार के द्वारा जमा धरोहर राशि सम्बन्धित मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों की देय वार्षिक लाइसेंस फीस के विरुद्ध समायोजन योग्य होगी।

8.3 लॉटरी /ई- टेंडर के माध्यम से मदिरा दुकानों के निष्पादन की स्थिति में , वार्षिक लायसेंस फीस की शेष राशि निष्पादन की तिथि से 03 दिवस के अंदर अथवा दिनांक 31 मार्च , 2024 जो भी पहले हो तक , ई-आबकारी पोर्टल पर ऑनलाईन जमा करानी होगी। 03 दिवसों की गणना में निष्पादन की कार्यवाही का दिन एवं अवकाश के दिन ( बैंक बंदी दिवस अथवा बैंक हड़ताल दिवस सहित, यदि कोई हो) को गणना में नहीं लिया जायेगा । ई- टेण्डरद्वारा मदिरा दुकानों के एकल समूहों का निष्पादन, दिनांक 29 मार्च के उपरान्त होता है, तो ऐसी स्थिति में भी संबंधित कम्पोजिट मदिरा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(9)

दुकानों के एकल समूहों की शेष वार्षिक लायसेंस फीस जमा कराये जाने हेतु आबकारी आयुक्त द्वारा 03 बैंक कार्यकारी दिवस का समय एवं उक्त अवधि हेतु दुकान संचालन की कार्यकारी अनुमति दी जा सकेगी ।

यदि 31 मार्च तक स्वीकृत निविदादाता द्वारा अवशेष वार्षिक लायसेंस फीस की राशि दिनांक 31 मार्च के उपरांत जमा करायी जाती है तो भी उस समूह की दुकानों के लायसेंस वित्तीय वर्ष की सम्पूर्ण अवधि के लिए ही जारी किये जायेंगे और उसकी देयताएं भी वर्ष की सम्पूर्ण अवधि की ही होंगी ।

8.4 नवीनीकरण , लॉटरी एवं ई- टेण्डर के माध्यम से मदिरा दुकानों के निष्पादन की स्थिति में , वार्षिक लाइसेंस फीस की शेष राशि क्रमशः कण्डिका- 8.1 एवं 8.3 में वर्णित अवधि में जमा न किये जाने पर पृथक से बिना किसी अन्य सूचना के संबंधित मदिरा दुकानों के एकल समूह का ऑफर स्वतः निरस्त मान्य किया जाकर, धरोहर राशि जब्त की जाएगी तथा ऐसी मदिरा दुकान के एकल समूह पुनः निष्पादन पर रखे जावेंगे । उक्त समूहों का पुनर्निष्पादन पूर्व निर्धारित आरक्षित मूल्य पर वर्तमान उच्चतम आँफरदाता के उत्तरदायित्व पर किया जायेगा।

8.5 असफल आवेदक, असफल लॉटरीदाता, असफल टेण्डरदाता द्वारा जमा धरोहर राशि ( EMD ), उसे अधिसूचित व्यवस्था अनुसार वापस की जायेगी ।

9. प्रतिभूति राशि ( Security Deposit ) एवं उसको जमा कराया जाना : -

9.1 वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के लिये प्रतिभूति राशि संबंधित मदिरा दुकानों के समूह । एकल समूहों के लिये प्राप्त वार्षिक मूल्य के 10 प्रतिशत के समतुल्य प्रभारित की जायेगी ।

9.1.1 यह प्रतिभूति राशि संबंधित जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में जारी किसी भी 54(10)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसूचित व्यवसायिक बैंक, निजी क्षेत्र के अनुसूचित व्यवसायिक बैंक, मध्यप्रदेश राज्य के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखा में देय बैंक गारंटी अथवा सावधि जमा के रूप में हो सकेगी । उक्त प्रावधानुसार अनुमत बैंकों में से जो बैंक नेशनल ई - गवर्नेस सर्विस लिमिटेड ( Nesl ) में पंजीकृत हैं, उनकी नवीन बैंक गारण्टी सिर्फ eBG के रूप में ही मान्य की जायेगी। शेष बैंकों की बैंक गारंटी बैंक के अधिकृत ई- मेल डोमेन से प्राप्त होने पर ही मान्य होगी । बैंक गारंटी/सावधि जमा का सत्यापन 15 दिवस में कराने की अनिवार्यता रहेगी ।

प्रतिभूति राशि ई- आबकारी पोर्टल पर ट्रेजरी चालान के माध्यम से भी जमा की जा सकेगी ।

9.1.2 नवीनीकरण/लॉटरी द्वारा चयनित आवेदक एवं सफल टेण्डरदाता व्यक्ति/भागीदारी फर्म/लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी )/ कम्पनी/ कंसोर्टियम/ के नाम से जारी अथवा पक्ष में स्वीकृत बैंक गारण्टी अथवा सावधि जमा ही स्वीकार की जायेगी ।

सभी बैंक गारंटियां ( eBG / सामान्य BG ) विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप में जारी होने पर ही स्वीकार की जाएगी । उक्त बैंक गारंटियां किसी भी प्रयोजन के लिए अन्यत्र कहीं भी प्रस्तुत नहीं की जाएगी ।

9.1.3 वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के लिये किसी भी स्वरुप में प्रस्तुत सम्पूर्ण प्रतिभूति की राशि के संबंध में आवेदक/लायसेंसी को यह उल्लेखित एवं प्रमाणित करना होगा, कि उसके द्वारा संबंधित मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों के लिये प्रस्तुत प्रतिभूति राशि वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के दौरान संबंधित मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश राज्य के किसी भी मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 फरवरी 2024

54(11)

जिले में उस आवेदक/लायसेंसी के नाम से अथवा पार्टनरशिप में अथवा जिस कंपनी अथवा कन्सॉर्टियम (Consortium ) में वह डायरेक्टर या बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का सदस्य हो , उसे स्वीकृत किसी भी अन्य मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों में की गई अनियमितताओं के कारण उद्भूत वसूलियों के संदर्भ में भी बंधनकारी होगी । परन्तु इस प्रतिभूति राशि पर प्रथम भार उस ठेके काहोगा, जिसके लिए वह प्रस्तुत की गई है।

9.1.4 प्रतिभूति की राशि यदि बैंक गारंटी/बैंक की सावधि के रुप में जमा की गई है तो बैंक द्वारा अपने पत्र में यह उल्लेखित एवं प्रमाणित करना होगा कि उनके द्वारा मदिरा दुकानों के समूह ।एकल समूहों के लिये प्रस्तुत प्रतिभूति राशि वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के दौरान संबंधित मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश राज्य के किसी भी जिले में उस आवेदक / लायसेंसी के नाम से अथवा पार्टनरशिप में अथवा फर्म अथवा जिस कंपनी अथवा कन्सॉर्टियम (Consortium ) में वह डायरेक्टर/बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का सदस्य हो, उसे स्वीकृत किसी भी अन्य मदिरा दुकानों के समूह । एकल समूहों में की गई अनियमितताओं के कारण उद्भूत वसूलियों के संदर्भ में भी बंधनकारी होगी। बैंक द्वारा ऐसा पत्र नियत मूल्य के नॉन ज्यूडीशियल स्टाम्प पेपर पर तैयार कर जारी किया जायेगा ।

9.1.5 प्रतिभूति राशि की बैंक गारंटी, भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अनुसार अधिकतम 25000 /- रूपये के अध्यधीन रहते हुए गारंटी राशि के 0.25% मूल्य के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर तैयार कराकर प्रस्तुत की जायेगी । बैंक गारण्टी एवं बैंक के अग्रेषण पत्र को लायसेंसी द्वारा " मेरे द्वारा स्वयं प्रस्तुत किया गया है " ऐसा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(12)

अंकित कर, अपने दिनांकित हस्ताक्षर के साथ प्रस्तुत किया जायेगा ।

9.2 नवीनीकरण / लॉटरी आवेदन पत्र/ई - टेण्डर के माध्यम से मदिरा दुकानों के निष्पादन की स्थिति में प्रतिभूति राशि जमा कराया जाना : -

9.2.1 वर्ष 2024-25 के लायसेंसी द्वारा अपने नवीनीकरण आवेदन पत्र के साथ वर्ष 2023-24 के लिए प्रस्तुत प्रतिभूति राशि दिनांक 30.04.2025 तक के लिए जमा मान्य करने की सहमति प्रस्तुत की जायेगी । यदि प्रतिभूति राशि बैंक गारंटी/ सावधि जमा के रूप में है तो नवीनीकरण आवेदक द्वारा ऐसी बैंक गांरटी, सावधि जमा की वैधता दिनांक 30.04.2025 तक की वृद्धि किये जाने सम्बन्धी बैंक के पत्र को संलग्न प्रस्तुत किया जायेगा । बैंक अपने पत्र में यह उल्लेखित एवं प्रमाणित करेगा कि वैधता अवधि की वृद्धि की अवधि में , उक्त बैंक गारंटी , सावधि जमा यथावत संबंधित जिले के जिला आबकारी अधिकारी/ सहायक आबकारी आयुक्त के पक्ष में बंधक रहेगी। विभाग द्वारा उक्त पत्र का सत्यापन करवाया जाएगा । नवीनीकरण की स्थिति में प्रतिभूति की सम्पूर्ण राशि निष्पादन की तिथि से 10 दिवस की अवधि में जमा करना अनिवार्य होगा ।

9.2.2 वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के लिये निर्धारित प्रतिभूति की राशि वर्ष 2023-24 के लिए जमा प्रतिभूति की राशि से अधिक रहने की स्थिति में अवशेष प्रतिभूति राशि निर्धारित अवधि में जमा करना आवश्यक होगा। प्रतिभूति की राशि बैंक गारंटी के रूप प्रस्तुत करने पर उसकी वैधता अवधि कम से कम दिनांक 30.04.2025 तक की होगी।

9.2.3 लॉटरी आवेदन पत्र के माध्यम से चयनित आवेदक/ई- टेण्डर में सफल टेण्डरदाता द्वारा वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के लिये मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54( 13)

सम्पूर्ण प्रतिभूति राशि जिसकी वैधता अवधि कम से कम , दिनांक 30.04.2025 तक की होगी , निष्पादन के दिनांक से 10 दिवस की अवधि में अथवा 31 मार्च, 2024 के पूर्व जो भी पहले आये प्रस्तुत की जाएगी ।

9.2.4 संबंधित मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों का लायसेंस, प्रतिभूति राशि जमा हो जाने के पश्चात ही जारी किया जायेगा । ई- टेण्डर द्वारा जिन मदिरा दुकानों के एकल समूहों का निष्पादन दिनांक 26 मार्च 2024 के पश्चात की किसी तिथि को अंतिम होता है, तो ऐसी स्थिति में प्रतिभूति की राशि निष्पादन तिथि से 05 दिवस की अवधि में अर्थात दिनांक 31 मार्च 2024 तक के बाद भी जमा करायी जा सकेगी किंतु प्रतिभूति की राशि जमा होने पर ही लायसेंस जारी किया जायेगा। ऐसी स्थिति में मदिरा दुकान का संचालन न होने के लिये वह स्वयं उत्तरदायी होगा , इसके लिये उसे किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति की पात्रता नहीं होगी।

सफल टेण्डरदाता द्वारा प्रतिभूति की राशि विनिर्दिष्ट अवधि में जमा नहीं कराये जाने पर उसके उत्तरदायित्व पर उक्त मदिरा दुकान के एकल समूह का पुनर्निष्पादन किया जायेगा । पुनर्निष्पादन के फलस्वरुप जो भी खिसारा आयेगा उसकी वसूली संबंधित डिफाल्टर से भू- राजस्व के बकाया की भांति की जायेगी ।

9.2.5 चयनित आवेदक/सफल टेण्डरदाता मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों के निष्पादन के दिनांक से निर्धारित समयावधि में यदि प्रतिभूति की सम्पूर्ण राशि जमा नहीं करता है तथा निर्धारित समयावधि में प्रतिभूति की देय राशि की 50 प्रतिशत राशि अग्रिम ई आबकारी पोर्टल पर ऑन लाईन जमा कर , शेष 50 प्रतिशत राशि की बैंक गांरटी दिनांक 30 अप्रैल 2024 तक प्रस्तुत करने का आवेदन मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(14)

करता है, तो (इस प्रतिबंध के अधीन कि देय प्रतिभूति की 50 प्रतिशत अग्रिम ऑन लाईन जमा राशि, मुख्य राजस्व शीर्ष 0039 राज्य उत्पादन शुल्क में जमा करायी जाकर , उसका समायोजन माह मार्च 2025 में देय निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी के विरुद्ध आदेशित मान्य/किया जाये ) आवेदक लायसेंसी के आवेदन को मान्य किया जायेगा ।

9.2.6 चयनित आवेदक/सफल टेण्डरदाता मदिरा दुकानों के समूह /एकल समूहों के निष्पादन के दिनांक से निर्धारित समयावधि में यदि प्रतिभूति की सम्पूर्ण राशि जमा नहीं करता है तथा निर्धारित समयावधि में प्रतिभूति की देय राशि की 50 प्रतिशत राशि अग्रिम ई-आबकारी पोर्टल पर ऑन लाईन जमा कर , प्रतिभूति की सम्पूर्ण राशि ( अर्थात् 100 प्रतिशत राशि ) दिनांक 30 अप्रैल 2024 तक बैंक गांरटी /सावधि जमा के रूप में प्रस्तुत करता है, तो उपरोक्तानुसार प्रतिभूति राशि प्राप्त होने के उपरांत ई -आबकारी पोर्टल पर अग्रिम ऑनलाईन जमा प्रतिभूति की राशि का समायोजन जिला कार्यालय द्वारा स्वमेव संज्ञान लेकर अधिकतम 1 माह में संबंधित अथवा आगामी पक्ष में देय निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी के विरुद्ध किया जाएगा ।

9.2.7 चयनित आवेदक/सफल टेण्डरदाता द्वारा दिनांक 30 अप्रैल 2024 तक प्रतिभूति की शेष 50 प्रतिशत राशि प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में , उसे स्वीकृत लायसेंस निरस्त किया जाकर , जमा सम्पूर्ण राशि जप्त की जाएगी और डिफाल्टर लाइसेंसी के उत्तरदायित्व पर मदिरा एकल समूह के पुनर्निष्पादन की नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी । पुनर्निष्पादन के फलस्वरुप जो भी खिसारा आयेगा उसकी 54( 15)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

वसूली संबंधित डिफाल्टर से भू- राजस्व के बकाया की भांति की जायेगी ।

9.2.8 वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के लिये जमा की गई प्रतिभूति की राशिके प्रकार में , किसी सफल ठेकेदार द्वारा कोई परिवर्तन चाहा जाता है अर्थात ऑन लाईन जमा राशि /सावधि जमा के स्थान पर बैंक गारण्टी या बैंक गारण्टी के स्थान ऑन लाईन जमा राशि अथवा बैंक सावधि जमा आदि प्रतिस्थापित करना चाहता है, तो संबंधित जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी ऐसा करने के लिये अधिकृत होंगे।

सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी द्वारा ऐसा प्रतिस्थापन अनुमत करने के पूर्व सुसंगत अभिलेखीय प्रमाण के साथ यह सुनिश्चित किया जावेगा कि प्रत्येक समय सफल ठेकेदार की निर्धारित प्रतिभूति की राशि विभाग के पास निरंतर जमा रहे ।

9.2.9 प्रतिभूति की सम्पूर्ण राशि विर्निदिष्ट अवधि में उपरोक्तानुसार जमा न करायी जाने की स्थिति में सफल ठेकेदार द्वारा जमा सम्पूर्ण राशि राजसात की जायेगी तथा उसके उत्तरदायित्व पर मदिरा दुकान के एकल समूह के पुनर्निष्पादन की नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी एवं पुनर्निष्पादन के फलस्वरुप जो भी खिसारा आयेगा उसकी वसूली संबंधित से भू- राजस्व के बकाया की भांति की जायेगी ।

9.2.10 शासन के राजस्व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपरिहार्य परिस्थिति में आबकारी आयुक्त, प्रतिभूति राशि जमा करने हेतु निर्धारित समयावधि में 15 दिवस तक की वृद्धि करते हुये , लायसेंस जारी करने की अनुमति देने हेतु अधिकृत होगें । किसी भी मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 फरवरी 2024

54(16)

स्थिति में प्रतिभूति राशि जमा करने हेतु 30 अप्रैल के बाद का समय नहीं दिया जायेगा ।

10. नवीनीकरण/लॉटरी/ई- टेण्डर प्रपत्र का मूल्य : -

वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के लिए नवीनीकरण हेतु आवेदन पत्र का मूल्य प्रत्येक मदिरा दुकान के लिये 50,000/- रूपये के मान से रहेगा । लॉटरी आवेदन पत्र/ई- टेण्डर प्रक्रिया में भाग लेने हेतु लॉटरी आवेदन पत्र /ई- टेण्डर फार्म की कीमत प्रति समूह रूपये 30,000/ - होगी (चाहे समूह में सम्मिलित दुकानों की संख्या एक से अधिक भी हो ) । लॉटरी/ई- टेण्डर फार्म की राशि किसी भी स्थिति में वापसी अथवा समायोजन योग्य नहीं होगी ।

11. ई - टेण्डर द्वारा मदिरा दुकानों के एकल समूहों के निष्पादन की व्यवस्था एवं शर्तें: -

11.1 ई - टेण्डरिंग की प्रक्रिया आवश्यकतानुसार एक से अधिक चरणों में की जा सकेगी । ई -टेण्डरिंग शासन के mptenders पोर्टल के माध्यम से की जावेगी ।

11.2 ई - टेण्डर से संबंधित जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था, टेण्डर में सम्मिलित होने की प्रक्रिया प्रावधान , शर्तें तथा निर्बंधन आबकारी आयुक्त द्वारा शासन से अनुमोदन प्राप्त कर जारी किये जायेगें ।

12. निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी जमा करने एवं पाक्षिक प्रदाय की प्रशासनिक नियंत्रण की दृष्टि से व्यवस्था: -

12.1 मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों के लिए परिगणित निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि 24 पाक्षिक किश्तों में वसूली योग्य होगी । ये किश्तें समान रूप से विभाजित नहीं होगी । वर्ष के प्रथम त्रैमास में तार्षिक मांग का 30 प्रतिशल , ‌द्वितीय बैगारा गें वार्षिक गांग 54(17)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

का 20 प्रतिशत तथा वर्ष के तृतीय एवं चतुर्थ त्रैमासों में वार्षिक मांग का क्रमशः 25 एवं 25 प्रतिशत भाग वसूल किया जायेगा । किसी भी त्रैमास में वसूली योग्य इस राशि को छः समान भागों में बांटा जाएगा। यदि यह राशि छः समान भागों में विभाज्य नहीं है , तो अविभाज्य शेष भाग को संबंधित त्रैमास की प्रथम पाक्षिक किश्त में समायोजित किया जाएगा।

ठेका अवधि की अंतिम अर्थात् 24वीं किश्त , दिनांक 25 मार्च , 2025 तक जमा करना अनिवार्य होगा । दिनांक 25 मार्च, 2025 के पश्चात जमा राशि के विरुद्ध मदिरा प्रदाय की पात्रता नहीं होगी । दिनांक 25 मार्च , 2025 को जमा चालानों पर दिनांक 27 मार्च, 2025 तक (अवकाश के दिनों को छोड़कर ) ही प्रदाय दिया जायेगा।

12.2 मदिरा दुकानों के अनुज्ञप्तिधारियों को किसी पक्ष की देय निर्धारित प्रत्याभूत राशि, ई- आबकारी ( सायबर ट्रेजरी ) इन्टीग्रेशन के माध्यम से ई -वालेट में जमा करनी होगी। अनुज्ञप्तिधारियों को ई -वालेट के माध्यम से जमा की गई राशि का न्यूनतम प्रत्याभूत राशि में समायोजन करना होगा ।

समायोजन की इस दिनांक को ही आगामी संदर्भों के लिए जमा दिनांक मान्य किया जायेगा ।

12.3 न्यूनतम प्रत्याभूत राशि में समायोजित की गयी राशि पर निर्धारित ड्यूटी राशि के समतुल्य देशी तथा/अथवा विदेशी मदिरा का प्रदाय देशी/विदेशी मदिरा भण्डागार से अनुमत होगा ।

12.4 मदिरा दुकानों के अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा किसी पक्ष की निर्धारित पाक्षिक मांग से अधिक राशि जमा किए जाने पर वह राशि स्वतः ही उस दुकान के आगामी पक्षों में समायोजित होगी।

54(18)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

12.5 मदिरा दुकानों के एकल समूह /समूहों की दुकानों का पृथक-पृथक एवं स्वतंत्र अस्तित्व रहेगा, किन्तु मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों की किसी भी एक या एक से अधिक दुकानों की पाक्षिक निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि बकाया रहने पर, वह बकाया संपूर्ण मदिरा दुकानों के एकल समूह /समूहों की बकाया मानी जाएगी।

12.6 ई - वालेट व्यवस्था प्रभावी हो जाने के कारण, चालान की भूमिका समाप्त हो जाने से पोर्टल पर उपलब्ध प्रदाय योग्य समस्त राशि में से लायसेंसी द्वारा आवश्यकतानुसार राशि पर प्रदाय लिया जा सकेगा अर्थात एक चालान पर आंशिक प्रदाय अथवा एक से अधिक चालानों पर एक साथ प्रदाय भी लिया जा सकेगा ।

12.7 अनुज्ञप्तिधारी द्वारा पोर्टल पर डिमांड क्रियेट कर सम्बन्धित समस्त भुगतान पूर्ण कर लेने के बाद देशी एवं विदेशी मद्यभाण्डागार से 3 दिवस के अंदर मदिरा का प्रदाय लेना अनिवार्य होगा अन्यथा की स्थिति में अनुज्ञप्तिधारी को उसके द्वारा क्रियेट डिमांड हेतु जमा न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि की 0.5 प्रतिशत राशि डिफाल्टर के रूप में जमा करना अनिवार्य होगा । उक्त अनियमितता 7 दिवस के उपरांत भी जारी रहने की स्थिति में उक्त राशि की 0.1 प्रतिशत डिफाल्टर राशि प्रतिदिन के मान से अतिरिक्त रूप से प्रभारित की जायेगी।

12.8 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त तक जमा न किये जाने की स्थिति में, उस समूह की समस्त दुकानों का प्रदाय पक्षान्त के आगामी दिवस से ही पोर्टल द्वारा प्रतिबंधित कर दिया जायेगा किन्तु पोर्टल पर पूर्व से ही बनाई गयी डिमान्ड पर प्रदाय अनुमत होगा।

12.9 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त तक जमा न किये जाने की मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(19)

स्थिति में, वह समूह पोर्टल पर डिफाल्टर प्रदर्शित होगा । संबंधित जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी को पक्ष समाप्तिके आगामी दिवस पर ही संबंधित लायसेंसी को लायसेंस निरस्तीकरण हेतु नोटिस जारी करना होगा ।

12.10 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त की समाप्ति के पूर्व या पक्षान्त से 07 दिवस के भीतर भुगतान किये जाने की स्थिति में जमा की गई राशि पर मदिरा का प्रदाय अनुमत होगा एवं प्रदाय हेतु चालान की जमा दिनांक का कोई बंधन नहीं होगा ।

माह मार्च द्वितीय पक्ष में दिनांक 27 मार्च तक ही प्रदाय दिया जायेगा। आवश्यकता को देखते हुए , उन अनुज्ञप्तिधारियों को जो आगामी वर्ष में भी निरंतर रहेंगे , सहायक आबकारी आयुक्त/ जिला आबकारी अधिकारी द्वारा प्रेषित प्रस्ताव पर आबकारी आयुक्त मदिरा प्रदाय की अनुमति संबंधी उक्त अवधि में 30 मार्च तक की वृद्धि कर सकेंगे ।

12.11 पक्षांत से 07 दिवस समाप्ति के उपरांत अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि पर इसके 1 प्रतिशत की राशि के समतुल्य डिफाल्टर राशि प्रभारित होगी । उक्त 1 प्रतिशत की डिफाल्टर राशि पर मदिरा का प्रदाय नहीं होगा तथा उक्त राशि न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि में भी समायोजित नहीं होगी । उक्त डिफाल्टर राशि की वसूली उपरांत ही आगामी प्रदाय अनुमत होगा।

12.12 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय शेष राशि उस पक्षान्त से 07 दिवस उपरान्त भुगतान किये जाने की स्थिति में प्रदाय अनुमत नहीं होगा एवं यह राशि नगद में समायोजित होगी । प्रदाय सम्बन्धी यह प्रतिबंध वित्तीय वर्ष के मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(20)

प्रथम 02 डिफाल्ट पर प्रभावी नहीं होगा । उपरोक्तानुसार डिफाल्ट 02 से अधिक बार होने की स्थिति में नगद में समायोजित राशि के विरुद्ध आबकारी आयुक्त द्वारा मदिरा प्रदाय की अनुमति दी जा सकेगी ।

12.13 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त से 07 दिवस तक आंशिक रूप से जमा किये जाने एवं ठीक आगामी पक्ष की समाप्ति से पूर्व पूर्ण रूप से जमा किये जाने की स्थिति में , पक्षान्त से 07 दिवस की अवधि में जमा की गई राशि प्रदाय योग्य होगी एवं प्रदाय हेतु चालान की जमा दिनांक का कोई बंधन नही होगा ।

12.14 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त से 07 दिवस तक पूर्ण जमा न किये जाने की स्थिति में संबंधित जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी दिये गये नोटिस के अनुक्रम में , उक्त लायसेंसी के उत्तरदायित्व पर नियमानुसार आगामी कार्यवाही करेंगे एवं राशि जमा न होने की स्थिति में आगामी पक्ष के अंत तक लायसेंस निरस्तीकरण किया जा सकेगा । यदि अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि लायसेंस निरस्तीकरण के पूर्व सम्पूर्ण जमा हो जाती है तो लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही स्वतः समाप्त हो जावेगी ।

12.15 प्रशासनिक कारणों से एवं भविष्य में मदिरा दुकानों के पुनर्निष्पादन की आशंका कम किये जाने के दृष्टिकोण से, राजस्व हित में मदिरा दुकानों का संचालन वर्तमान लायसेंसी द्वारा किया जा सके, ऐसे प्रकरणों में स्थानीय परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में शासन राजस्व को 54(21)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

सुरक्षित रखने हेतु पाक्षिक प्रदाय संबंधी बन्धनों से छूट देने हेतु आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश अधिकृत होंगे ।

12.16 देशी/विदेशी मदिरा भाण्डागार से एक ही लायसेंसी की समान मार्ग पर स्थित मदिरा दुकानों के एक से अधिक परमिट को एक ही वाहन पर प्रदाय किया जा सकेगा ।

12.17 जनरल क्लाजेज एक्ट (साधारण खण्ड अधिनियम) की धारा 7 के अनुसार, यदि मध्यप्रदेश में लागू किसी अधिनियम के अन्तर्गत किसी कार्य को करने के लिए कोई निश्चित तिथि या अवधि के अन्तिम दिवस में कार्यालय बन्द हो और यदि उसके अगले कार्यकारी दिवस में वह कार्य किया जाता है तो, उस कार्य को समय पर किया जाना माना जाएगा। तदनुसार यदि पक्ष के अन्तिम दिवस /दिवसों में निगोशियेबल इन्स्ट्रूमेन्ट एक्ट के अन्तर्गत घोषित अवकाश में बैंक बन्द रहता है , जिसके कारण पक्ष के अन्तिम कार्यकारी दिवस में न्यूनतम प्रत्याभूत इयूटी की राशि जमा न की जाकर उसके बाद आने वाले कार्यकारी दिवस में जमा की जाती है, तो ऐसी जमा न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि को पूर्ववर्ती पक्ष में जमा न्यूनतम प्रत्याभूत इयूटी की राशि मानकर कार्यवाही की जायेगी।

13. मदिरा का उठाव: -

मदिरा के फुटकर लायसेंसी को उसकी मदिरा दुकान के लिए प्रत्येक त्रैमास हेतु निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि के विरुद्ध 85 प्रतिशत ड्यूटी राशि ( BIO मदिरा की समायोजन योग्य बोतल फीस की राशि सम्मिलित ) की देशी/विदेशी मदिरा का प्रदाय लिया जाना अनिवार्य होगा अर्थात् उसे अधिकतम 15% की सीमा तक ही ड्यूटी राशि नगद में समायोजन कराने की अनुमति होगी ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(22)

प्रत्येक त्रैमास की समाप्ति पर इसका परीक्षण कर 85 % राशि की सीमा से कम राशि की मदिरा का प्रदाय लिये जाने की स्थिति में इस प्रकार अवशेष न्यूनतम ड्यूटी राशि की 2.5 % राशि के बराबर की शास्ति देय होगी । प्रथम एवं द्वितीय त्रैमास की शास्ति की राशि आगामी त्रैमास के अंदर एवं तृतीय त्रैमास की शास्तिकी राशि 10 मार्च 2025 तक जमा करना अनिवार्य होगा।

वर्ष हेतु निर्धारित सम्पूर्ण न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि के विरुद्ध मदिरा के उठाव का दिनांक 27 मार्च तक की स्थिति में परीक्षण किया जाकर उस अवधि में 85 प्रतिशत उठाव किये जाने की स्थिति में पूर्व में जमा शास्ति की राशि अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत राशि की मांग के विरुद्ध समायोजित की जाएगी ।

14. मदिरा दुकानों से विक्रय योग्य मदिरा का स्वरूप : -

14.1 मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों का प्रत्येक अनुज्ञप्तिधारी केवल बोतल बन्द देशी मदिरा, भारत में निर्मित एवं बोतल बंद विदेशी मदिरा (स्पिरिट , वाईन एवं बीयर) एवं विदेश में निर्मित एवं मूल में बोतल बंद (Bottled in Origin ) आयातित विदेशी मदिरा ( स्पिरिट, वाईन एवं बीयर) का ही संग्रह एवं विक्रय , अनुज्ञप्त दुकान से कर सकेगा ।

14.2 आबकारी आयुक्त द्वारा किसी क्षेत्र विशेष/मदिरा दुकान/दुकानों हेतु ऐसे विदेशी मदिरा एवं बीयर के ब्राण्ड्स की सूची निर्धारित की जा सकेगी , जिसका स्कंध विक्रय हेतु रखना संबंधित फुटकर विक्रेता को अनिवार्य होगा ।

15. आवेदक जो मादक द्रव्यों की अनुज्ञप्ति हेतु अयोग्य रहेंगे : -

ऐसे आवेदक (आवेदक से तात्पर्य व्यक्ति , सोल प्रोपराइटर , लिमिटेड लायबिलटी पार्टनरशिप , पार्टनरशिप फर्म, कंपनी अथवा कन्सॉर्टियम है ) , मादक द्रव्यों की अनुज्ञप्ति हेतु अयोग्य रहेंगे – मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(23)

15.1 कोई भी व्यक्ति, जो 21 वर्ष से कम आयु का हो।

15.2 कोई भी व्यक्ति/फर्म/ कम्पनी/फर्म का भागीदार /लिमिटेड लायबिलटी पार्टनरशिप का भागीदार /कंसोर्टियम का संचालक जो स्वतः अथवा जमानतदार की हैसियत से आबकारी विभाग की किसी राशि का बकायादार हो ।

15.3 वर्ष 2023-24 का अनुज्ञप्तिधारी जिसके द्वारा उसके लायसेंस की माह जनवरी 2024 के प्रथम पक्षांत तक की संपूर्ण देय वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि न चुकाई गई हो।

15.4 वर्ष 2023-24 का अनुज्ञप्तिधारी, जिसकी निजी स्वामित्व की अथवा फर्म के भागीदार , कंपनी के संचालक/शेयर होल्डर के रूप में आंशिक स्वामित्व की एक भी मदिरा दुकान/समूह की अनुज्ञप्ति के निरस्तीकरण अथवा पुर्ननिष्पादन के आदेश राज्य के किसी भी जिले में किये गये हों , वह मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में संचालित मदिरा दुकान/समूह के लिये किसी भी रीति से निष्पादन/ पुर्ननिष्पादन की कार्यवाही में भाग लेने के लिये अपात्र होगा ।

15.5 राजस्व संबंधी तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन या Trademarks Act , 1999 या भारतीय दण्ड संहिता ( 1860 का क्रमांक 45) की धाराओं 479 , एवं 481 से 489E के अधीन या नारकोटिक्स ड्रग्स एण्ड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस अधिनियम , 1985 अथवा इन अधिनियमों के अन्तर्गत बनाये गये नियमों के गंभीर उल्लंघन करने का दोषी रहा हो और ऐसे अपराधों के लिए किसी दांडिक न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध ठहराया गया हो ।

15.6 कोई भी व्यक्ति जो मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम , 1915 की धारा 34 (2 ) एवं धारा 49 ( क ) के तहत दोषी रहा हो तथा उसे न्यूनतम 01 वर्ष की सजा हुई हो ।

54(24)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 फरवरी 2024

15.7 यदि निष्पादित मदिरा दुकानों/एकल समूहों की अनुज्ञप्ति की संचालन अवधिके दौरान कण्डिका 15.5 व 15.6 की अनर्हता पैदा होती है तो वह ठेका चलाने का पात्र नहीं रहेगा । परन्तु ऐसी स्थिति में संबंधित मदिरा दुकान/एकल समूह का अंतरण (हस्तांतरण ) सामान्य लायसेंस शर्त क्रमांक 6 के अन्तर्गत किसी पात्र व्यक्ति के पक्ष में वर्तमान वर्ष के वार्षिक मूल्य के 01 प्रतिशत के समतुल्य राशि हस्तांतरण फीस के रूप में पृथक से जमा कराये जाने पर किया जा सकेगा ।

16. ड्यूटी दरें : -

16.1 देशी /विदेशी मदिरा की ड्यूटी दरें निम्नानुसार रहेंगी-

16.1.1 देशी मदिरा ड्यूटी दर-

वर्ष 2024-25 में 25 डिग्री अण्डर प्रूफ तेजी की देशी मदिरा मसाला तथा 50 डिग्री अण्डर प्रूफ तेजी की देशी मदिरा प्लेन की ड्यूटी दर एक समान रुपये 350/- प्रति प्रूफ लीटर रहेगी ।

16.1.2 विदेशी मदिरा ड्यूटी दर

विदेशी मदिरा की ड्यूटी दरें निम्नानुसार रहेंगी-

क्र

स्लैब ( EDP प्रति पेटी )

ड्यूटी (प्रति प्रूफ लीटर) 1 रूपये 850 तक

                                              रुपये 414/-
 2   रूपये 851 से रूपये 950 तक
                                              रुपये 467/-
 3   रूपये 951 से रूपये 1250 तक               रुपये 557/-
4 रुपये 1251 से रूपये 1400 तक                 रुपये 764/-
5   रूपये 1401 से रूपये 1600 तक               रुपये 859/-
6   रूपये 1601 से रुपये 3150 तक               रुपये 1076/-
7   रूपये 3151 से रूपये 8150 तक              रुपये 1686/-

54(25)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

8 रूपये 8150 से अधिक

रुपये 2682/-

16.1.3 वर्ष 2024-25 के लिये मदिरा दुकानों से मानक सीलबन्द बोतल/ केन 650 मि.ली. , 500 मि.ली. एवं 330 मि.ली. (समकक्ष ) में विक्रय की जाने वाली बीयर एवं ड्राफ्ट बीयर पर ड्यूटी प्रति पेटी घोषित एक्स विदेशी मदिरा भाण्डागार प्रदाय दर का 130 प्रतिशत रहेगी।

16.1.4 कैग में दी जाने वाली ड्राफ्ट बीयर पर ड्यूटी रूपये 80/- प्रति बल्क लीटर यथावत रहेगी ।

16.1.5 विदेशी मदिरा ( वाईन) पर ड्यूटी दर रूपये 110/ - प्रति बल्क लीटर होगी। मध्यप्रदेश राज्य में कृषकों द्वारा उत्पादित अंगूर का उपयोग कर , मध्यप्रदेश में निर्मित वाईन पर ड्यूटी दर पूर्ववत शून्य रहेगी ।

16.1.6 Low Alcoholic Beverage ( रेडी टू ड्रिंक) पेयः- 10 प्रतिशत (V/V ) तक एल्कोहल शक्ति वाले ऐसे Low Alcoholic Beverage (रेडी टू ड्रिंक) पेय की एक्स विदेशी मदिरा भाण्डागार प्रदाय दर (प्रतिकेस अधिकतम 9.0 बल्क लीटर तक) न्यूनतम रूपये 700 /- से कम नहीं रखी जाएगी एवं ऐसी रेडी टू ड्रिंक मदिरा पर ड्यूटी रूपये 750/- प्रति प्रूफ लीटर की दर से प्रभारित की जाएगी ।

निर्यात हेतु Low Alcoholic Beverage (रेडी टू ड्रिंक ) में एल्कोहल की मात्रा की अधिकतम सीमा को आबकारी आयुक्त द्वारा शिथिल किया जासकेगा ।

16.1.7 रक्षा सेवाओं को प्रदाय की जाने वाली भारत निर्मित विदेशी मदिरा पर देय ड्यूटी , सिविलियन्स के लिये देय ड्यूटी की, रम के लिये 30 प्रतिशत तथा अन्य विदेशी मदिरा (स्पिरिट, वाईन एवं बीयर) के लिये 45 प्रतिशत रहेगी ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(26)

16.1.8 मध्यप्रदेश में विक्रय हेतु 15000/- से अधिक ई.डी.पी. ( 12 बोतल हेतु) वाली मदिरा की एक पेटी में 06 बोतल (4.5 बल्क लीटर ) भी अनुमत होगा। ड्यूटी की गणना हेतु पेटी को 9.0 बल्क लीटर का मानते हुये समानुपातिक आधार पर स्लैब निर्धारण किया जायेगा ।

17. आयातित विदेशी मदिरा ( BIO) पर चुकाई गई बोतल फीस का समायोजन :-

वर्ष 2024-25 में ( BIO ) मदिरा पर प्रति बोतल 850/- रूपये बोतल फीस प्रभारित की जाएगी किन्तु फुटकर मदिरा विक्रेता को न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि में 750/ - रूपये प्रति बोतल का समायोजन ही अनुमत होगा ।

18. संचालन एवं व्यवस्थापन व्यय का निर्धारण : -

वर्ष 2024-25 हेतु देशी मदिरा, विदेशी मदिरा ( स्पिरिट , बीयर, वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक्स ) तथा BIO हेतु व्यवस्थापन एवं संचालन व्यय निम्नानुसार रहेगा : -

18.1 देशी मदिरा हेतु संचालन एवं व्यवस्थापन व्यय 33 प्रतिशत परिगणित कर निर्धारण किया जायेगा ।

18.2 विदेशी मदिरा ( स्पिरिट , वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक्स ) एवं BIO हेतु संचालन एवं व्यवस्थापन व्यय प्रति पेटी EDP 1400 तक 33 % , 1401 से 4150 तक 31% एवं 4150 से अधिक पर 28 % परिगणित कर निर्धारण किया जायेगा ।

18.3 वर्ष 2024-25 में विदेशी मदिरा (बीयर ) हेतु संचालन एवं व्यवस्थापन व्यय 50% परिगणित कर निर्धारण किया जायेगा ।

19. एम.एस.पी. एवं एम.आर.पी. के निर्धारण की प्रक्रिया एवं मुद्रण/अंकनः- 54(27)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

राज्य शासन द्वारा नापतौल विभाग की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MRP ) के निर्धारण की गणना एवं अनुचित व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के कारण लागत से कम मूल्य पर मदिरा का विक्रय न हो, इस दृष्टि से न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) का निर्धारण निम्नानुसार किया जाएगा-

19.1 देशी मदिरा हेतु: -

वर्ष 2024-25 के लिए देशी मदिरा मसाला एवं प्लेन की न्यूनतम एवं अधिकतम विक्रय दरों का निर्धारण निम्न आधार पर लागत राशियों को जोड़ते हुये किया जायेगाः-

1. घोषित/मान्य प्रति पेटी एक्स डिस्टलरी प्रदाय दर विनिर्माता इकाई द्वारा प्रस्तुत ।

2. प्रति पेटी ( 12 क्वार्ट बोतल/ समतुल्य) पर निर्धारित आबकारी शुल्क 3. वार्षिक लायसेंस फीस (ड्यूटी की राशि का 5.263 प्रतिशत ) ।

4. व्यवस्थापन/संचालन व्यय (उपरोक्त क्रमांक 1 , 2 , 3 के योग का 33% ) 1

5. उपरोक्तानुसार क्रमांक 1 से 4 तक के योग को आगामी रूपये 5/- के गुणांक में परिगणित कर देशी मदिरा की प्रत्येक किस्म एवं धारिता की बोतल के न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) का निर्धारण में किया जायेगा।

19.2 विदेशी मदिरा हेतु : -

वर्ष 2024-25 के लिए विदेशी मदिरा ( स्पिरिट, वाईन एवं बीयर) की न्यूनतम एवं अधिकतम विक्रय दरों का निर्धारण निम्न आधार पर लागत राशियों को जोड़ते हुये किया जाएगा : - मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(28)

1. घोषित/मान्य प्रति पेटी एक्स विदेशी मदिरा भाण्डागार प्रदाय दर , विनिर्माता इकाई द्वारा प्रस्तुत ।

2. प्रति पेटी ( 12 क्वार्ट बोतल/ समतुल्य) पर निर्धारित आबकारी शुल्क (स्लैब अनुसार ) ।

3. वार्षिक लायसेंस फीस ( ड्यूटी की राशि का 5.263 प्रतिशत ) ।

4. परिवहन शुल्क (एक्स विदेशी मदिरा गोदाम कीमत का 8 प्रतिशत ) ।

5. व्यवस्थापन /संचालन व्यय (उपरोक्त क्रमांक 1 से 4 तक के योग पर स्पिरिट, वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक्स में प्रति पेटी EDP के आधार पर 28% से 33 % एवं बीयर में 50 % ) ।

6. उपरोक्तानुसार क्रमांक 1 से 5 तक के योग को आगामी रूपये 5/- के गुणांक में परिगणित कर विदेशी मदिरा ( स्पिरिट , वाईन तथा बीयर ) की प्रत्येक किस्म एवं धारिता की बोतल के न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) का निर्धारण में किया जायेगा।

19.3 देशी मदिरा एवं विदेशी मदिरा ( स्पिरिट , वाईन तथा बीयर ) की प्रत्येक किस्म एवं धारिता की बोतल के परिगणित एवं निर्धारित न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) में 15 प्रतिशत की वृ‌द्धि की जाकर उसका अधिकतम विक्रय मूल्य ( MRP ) परिगणित एवं निर्धारित किया जायेगा । MRP को रूपये 5/- के उच्चतर गुणांक में रखा जायेगा । MRP में 10 % वैट शामिल है , यह अंकित किया जायेगा ।

19.4 विदेशी मदिरा (स्पिरिट ) की 180 एम.एल. धारिता की बोतल का न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) तथा देशी मदिरा मसाला ( 25 यूपी ) की 180 एम.एल. धारिता वाली कांच की बोतल के न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) के बीच का अंतर न्यूनतम रूपये 20 /- रखा जायेगा।

19.5 विदेशी मदिरा विनिर्माणी (एफ.एल. - 9 , एफ.एल. - 9 -ए, बी-3 , 9- ए ऑफ बी- 3 ) बाहरी निर्माता केन्द्रीय भाण्डागार ( एफ.एल. - 10 - ए ) , लायसेंसी एवं मूल मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 फरवरी 2024

54(29)

में बोतल बन्द आयातित विदेशी मदिरा के लिए केन्द्रीय गोदाम (एफ.एल.- 10-बी) लायसेंसी) के उनके विदेशी मदिरा स्पिरिट यथा व्हिस्की, रम, ब्राण्डी, वोदका, जिन तथा वाईन, रेडी टू ड्रिंक ( Low Alcoholic Beverages ) पेय व बीयर आदि उत्पादों की घोषित एवं आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए मान्य की गई प्रतिपेटी एक्स विदेशी मदिरा भाण्डागार प्रदाय दरों एवं उसके आधार पर न्यूनतम फुटकर विक्रय ( MSP ) एवं अधिकतम फुटकर विक्रय दर ( MRP ) के अनुमोदन पश्चात वर्ष की अवधि में परिवर्तन का कोई प्रस्ताव 6 माह के अंतराल के पश्चातही विचारणीय होगा ।

आवेदक/ विनिर्माता ईकाई के आवेदन पत्र में उल्लेखित तथ्यों/ कारणों पर विचारोपरांत आबकारी आयुक्त द्वारा इस अवधि के पूर्व भी EDP परिवर्तन हेतु अनुमति दी जा सकेगी। ऐसे प्रत्येक आवेदन में 10000/- रूपये प्रति लेबल/ब्राण्ड आवेदन शुल्क प्रभारित किया जाएगा , जो कि किसी भी रूप में वापसी योग्य नहीं होगा ।

20. न्यूनतम एवं अधिकतम विक्रय दरों का पालन : -

20.1 मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकान का लायसेंसी न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) एवं अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MRP ) अथवा उस के बीच की कोई राशि, विक्रय दर के रूप में उपभोक्ता से वसूल कर सकेगा ।

20.2 निर्धारित न्यूनतम विक्रय मूल्य ( MSP ) से कम मूल्य पर एवं निर्धारित अधिकतम विक्रय मूल्य ( MRP ) से अधिक मूल्य पर मदिरा का विक्रय किया जाना, गंभीर अनियमितता मानकर प्रथम बार में 01 दिन के लिए तथा पश्चातवर्ती उल्लघंन पर 02 दिन तक के लिए संबंधित मदिरा दुकान का स्वीकृत लायसेंस निलंबित किया जावेगा । परंतु 05 बार से अधिक उल्लघंन होने पर लायसेंस निरस्त किया जा सकेगा।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(30)

20.3 वर्ष की शेष अवधि के लिये लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही के फलस्वरूप , यदि ऐसी मदिरा दुकान किसी समूह में सम्मिलित है , तो उक्त समूह की समस्त मदिरा दुकानों का लायसेंस भी वर्ष की शेष अवधि के लिये निरस्त किया जायेगा ।

21. देशी मदिरा प्रदाय व्यवस्था : -

21.1 वर्ष 2024-25 के लिये देशी मदिरा प्रदाय व्यवस्था हेतु 01 वर्ष के लिये निविदा पारदर्शी रूप से प्रदेश के आसवकों के मध्य जिलेवार ई -टेंडर के माध्यम से बुलाई जाएगी । आसवकों को वर्ष 2024-25 हेतु उन्हें आवंटित प्रदाय क्षेत्रों में समान शर्तों एवं दरों पर वर्षांत के उपरांत आगामी 06 माहों के लिए प्रदाय जारी रखने हेतु आदेशित किया जा सकेगा , जो उनके लिए बंधनकारी होगा ।

विस्तृत निविदा प्रक्रिया एवं शर्तों का निर्धारण आबकारी आयुक्त द्वारा शासन अनुमोदन से किया जाएगा ।

21.2 वर्ष 2024-25 में देशी मदिरा की दो किस्में मसाला 25 डिग्री अन्डरप्रूफ एवं प्लेन 50 डिग्री अन्डरप्रूफ पूर्ववत प्रचलन में रहेंगी। देशी मदिरा मसाला "रंगीन " तथा प्लेन मदिरा " रंगहीन " होगी ।

21.3 देशी मदिरा की भराई ब्रांड नाम सहित पूर्वानुसार शब्द " देशी मदिरा " व " म ०प्र ० आबकारी " तथा बोतल की धारिता उत्कीर्ण की हुई कॉच एवं पैट की बोतलों में की जायेगी ।

21.4 देशी मदिरा के प्रदायकर्ता को अपनी देशी मदिरा बॉटलिंग इकाई सी.एस.- 1 बी में QR कोड हेतु उपयुक्त क्षमता का स्कैनर आवश्यक रूप से स्थापित करना होगा ।

21.5 देशी मदिरा भाण्डागार पर वर्षान्त में अवशेष देशी मदिरा स्कंध का निराकरण मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(31)

(अ) बर्हिगामी अनुज्ञप्तिधारी, प्रदाय अनुबंध अवधि की समाप्ति उपरांत उसे आवंटित प्रदाय क्षेत्रों के देशी मदिरा भाण्डागारों पर अवशेष अविक्रित मदिरा स्कंध को आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश ग्वालियर की अनुमति के अधीन , स्वंय के उत्तरदायित्व पर अपनी इकाई परिसर में वापिस ले जा सकेगा ।

(ब) अंर्तगामी अनुज्ञप्तिधारी यदि बर्हिगामी अनुज्ञप्तिधारी से उसे आवंटित प्रदाय क्षेत्रों के भाण्डागारों में अनुबंध अवधि समाप्ति उपरांत अवशेष अविक्रीत मदिरा स्कंध, क्रय करता है तो, अंर्तगामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर, बर्हिगामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर से कम होने पर , बर्हिगामी अनुज्ञप्तिधारी , अंर्तगामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर से ही भुगतान प्राप्त करने का अधिकारी होगा ।

(स) अंर्तगामी अनुज्ञप्तिधारी यदि बर्हिगामी अनुज्ञप्तिधारी से, उसे आवंटित प्रदाय क्षेत्रों के भाण्डागारों में अनुबंध अवधि समाप्ति उपरांत अवशेष अविक्रित मदिरा स्कंध, क्रय करता है तो, अंर्तगामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर, बर्हिगामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर से अधिक होने पर उसके द्वारा बहिंगामी अनुज्ञप्तिधारी को पुरानी दरों से भुगतान किया जायेगा तथा अंतर की राशि , राजस्व शीर्ष में जमा करना अनिवार्य होगी ।

(द) अंर्तगामी तथा बर्हिगामी अनुज्ञप्तिधारी के बीच स्कंध के अंतरण या भुगतान के संबंध में विवाद का निर्णय आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा किया जाएगा, जो उभयपक्ष पर बंधनकारी होगा ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(32)

22. विदेशी मदिरा का प्रदाय : -

22.1 विदेशी मदिरा की आपूर्ति इस व्यवस्था के अतिरिक्त किसी अन्य प्रकार से भी की जा सकेगी , जैसा की इस संबंध में राज्य शासन द्वारा आदेशित किया जाये ।

22.2 VAT के भुगतान की व्यवस्था मध्यप्रदेश VAT अधिनियम एवं उसके अंतर्गत बने नियमानुसार होगी ।

23. ड्राफ्ट बीयर के विक्रय/ प्रदाय के संबंध में : -

लूज अर्थात् गैर बोतलबंद ड्राफ्ट बीयर का प्रदाय , रेस्तरांबार ( एफ.एल. - 2) , होटलबार ( एफ.एल. - 3 ), रिसोर्टबार ( एफ.एल. - 3 क ) , सिविलियन क्लब बार (एफ.एल. -4 ) , सैनिक कैन्टीन क्लब बार ( एफ.एल. -8 ) लायसेंसी तथा आकस्मिक लायसेंस ( एफ.एल. -5 ) को दिया जा सकेगा।

उक्त प्रदाय नियत ड्यूटी के अग्रिम भुगतान के विरूद्ध जारी किये गये अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर , उत्पादन इकाई के भारसाधक अधिकारी द्वारा जारी किये गये परिवहन पारपत्र पर उत्पादन इकाई से सीधे खपत के बिन्दु के लिये किया जायेगा।

ड्राफ्ट बीयर का प्रदाय 20 , 30 , 50 एवं 70 लीटर के कन्टेनर में ही किया जायेगा । कन्टेनर पर EAL अनिवार्यतः चस्पा किया जायेगा और उक्त EAL का हिसाब पृथक से पंजी में संधारित किया जायेगा । ड्राफ्ट बीयर के निर्माता द्वारा आवश्यकता अनुसार ड्राफ्ट बीयर विक्रय करने वाले अनुज्ञप्तिधारी को कार्बन डाय -ऑक्साइड फिल्टर स्वयं के व्यय पर उपलब्ध कराया जायेगा ।

24. सम्पूर्ण वार्षिक न्यूनतम ड्यूटी जमा होने के बाद मदिरा का प्रदाय : -

मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों की निर्धारित वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि सम्पूर्ण रूप से जमा हो जाने के उपरांत , वर्ष की मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(33)

शेष अवधि में संबंधित दुकान को मदिरा का प्रदाय दिये जाने के लिये अतिरिक्त रूप से वार्षिक लायसेंस फीस जमा कराये जाने की आवश्यकता नहीं होगी । लायसेंसी को उसकी मांग अनुसार मदिरा का प्रदाय ई - आबकारी पोर्टल के माध्यम से जमा देय ड्यूटी की राशि के विरुद्ध दिया जायेगा । प्रदाय की जाने वाली मदिरा की मात्रा की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी , किन्तु इस संबंध में सामान्य लायसेंस शर्त 29 के प्रावधान लागू होंगे ।

25. मदिरा स्कंध का एक मदिरा दुकान से अन्य मदिरा दुकान में स्थानांतरण : - किसी मदिरा दुकान पर अनुज्ञप्धिारी की आवश्यकता से अधिक मदिरा संग्रहित होने पर, उसे उसी जिले की अन्य मदिरा दुकान में स्थानांतरण करने की स्वीकृति जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी द्वारा दी जाने की व्यवस्था रहेगी , परंतु जिस ठेकेदार द्वारा जिस पक्ष में किसी अन्य मदिरा दुकान को स्टॉक ट्रांसफर किया जाता है उसे उसी पक्ष में देशी या विदेशी मदिरा गोदाम से उसी लेबल/ब्रांड की मदिरा उठाने की अनुमति नहीं दी जायेगी ।

इस प्रकार के स्थानांतरण से मदिरा स्कंध प्राप्त करने वाली मदिरा दुकान के लिये निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि के विरुद्ध प्रत्येक त्रैमास में 85 प्रतिशत ड्यूटी राशि की मदिरा का प्रदाय लिया जाना अनिवार्य होगा तथा स्थानांतरण से प्राप्त मदिरा स्कंध को इस अनिवार्य प्रदाय के विरुद्ध समायोजित नहीं किया जायेगा । इसके लिए देशी मदिरा , विदेशी मदिरा ( स्पिरिट एवं वाईन ) पर प्रतिपेटी रूपये 75/- तथा बीयर पर प्रतिपेटी रूपये 40/- की दर से परिवहन फीस , अनुज्ञप्तिधारी से अग्रिम जमा करायी जायेगी ।

26. एकल समूह में सम्मिलित मदिरा दुकानों में परस्पर वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी का अन्तरण : - 54(34)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

एकल समूह में सम्मिलित मदिरा दुकानों के वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी में समूह की एक मदिरा दुकान से समूह की अन्य मदिरा दुकान में अधिकतम 20 प्रतिशत के अन्तरण ( Transfer) की अनुमति लायसेंस अवधि में दी जा सकेगी। इसके अन्तर्गत वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की जितनी राशि अंतरित की जावेगी, उसकी 01 प्रतिशत राशि का भुगतान अंतरण शुल्क के रूप में पृथक से अनुमति/आदेश प्राप्ति पूर्व अनुज्ञप्तिधारी को जमा करना होगा। वर्ष के दौरान अंतरित की गई न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि वर्ष की समाप्ति तक किसी भी प्रकार से पुनरावर्तित ( reversible ) नहीं की जा सकेगी।

27. अवशेष मदिरा स्कंध का निराकरण: -

27.1 लायसेंस अवधि समाप्त होने पर मदिरा के फुटकर विक्रय की दुकान के लायसेंसी को दुकान पर शेष बचे मदिरा स्कंध को आगामी वर्ष के लायसेंसी को सामान्य लायसेंस शर्त क्रमांक-25 के प्रावधानों के अन्तर्गत अंतरित/निराकृत करना होगा । इस अंतरित/निराकृत मदिरा स्कंध पर वर्ष में भुगतान की गयी ड्यूटी की राशि का समायोजन, आगामी वर्ष की निर्धारित न्यूनतम ड्यूटी राशि में मान्य नहीं होगा। यदि आगामी वर्ष में लायसेंसी को ऐसे अवशेष मदिरा स्कंध पर ड्यूटी के अन्तर की राशि का भुगतान करना पड़ता है , तो केवल ऐसी ड्यूटी के अन्तर की राशि उसकी आगामी वर्ष की देय निर्धारित न्यूनतम ड्यूटी राशि के विरुद्ध समायोजन योग्य होगी। ड्यूटी कम किये जाने पर ड्यूटी के अंतर की राशि वापसी योग्य नहीं होगी ।

सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी अपने जिले के अंतर्गत इस तरह के मदिरा अंतरण की अनुमति दे सकेंगे ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(35)

27.2 यदि लायसेंसी को लायसेंस अवधि की समाप्ति पर उसी जिले में कोई अन्य मदिरा दुकान आवंटित नहीं होती है, लेकिन किसी अन्य जिले में मदिरा दुकान आवंटित होती है , तो उसे अथवा मदिरा दुकान का आवंटन न होने की स्थिति में किसी अन्य अनुज्ञप्तिधारी को, दोनों की सहमति के आधार पर दिनांक 30 अप्रैल तक प्राप्त ऐसे प्रस्ताव पर आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश द्वारा अंतरण की अनुमति दी जा सकेगी।

27.3 मदिरा परिवहन की स्थिति में अवशेष मदिरा स्कंध देशी मदिरा , विदेशी मदिरा (स्पिरिट एवं वाईन ) पर रूपये 75/ - रूपये प्रतिपेटी तथा बीयर पर रूपये 40/ - रूपये प्रतिपेटी की दर से परिवहन फीस प्रभारित की जायेगी ।

28. एयरपोर्ट पर विदेशी मदिरा काउंटर : -

भोपाल , इंदौर , जबलपुर , ग्वालियर एयरपोर्ट के समान अन्य व्यवसायिक उड़ानें संचालित करने वाले एयरपोर्ट पर भी विदेशी मदिरा काउंटर हेतु अनुज्ञप्ति दी जा सकेगी । आगमन एवं प्रस्थान ( दोनों द्वार ) पर एक - एक काउण्टर खोलने की अनुमति दी जा सकेगी ।

29. भाँग दुकानों का निष्पादन : -

29.1 वर्ष 2024-25 के लिये फुटकर विक्रय की भाँग , भाँगघोटा एंव भाँग मिठाई अनुज्ञप्तियों के निष्पादन हेतु आरक्षित मूल्य वर्ष 2023-24 की लायसेंस फीस में 10 प्रतिशत की व‌द्धि की जाकर निर्धारित होगा । भाँग दुकानों के निष्पादन की प्रक्रिया के संबंध में आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा पृथक से निर्देश जारी किए जायेंगे ।

29.2 भाँग ड्यूटी प्रदाय दर भाँग विक्रय अनुज्ञप्तिधारी के लिये रूपये 200/- प्रतिकिलोग्राम एवं औषधि निर्माणकर्ता अनुज्ञप्तिधारी के लिये रूपये 300 / - प्रति किलोग्राम रहेगी ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(36)

29.3 भाँग प्रदाय व्यवस्था में पूर्व प्रचलित व्यवस्था के स्थान पर राज्य में भाँग लाने, गोदाम पर संग्रहित करने, भाँग की सफाई उपरान्त 1-1 कि.ग्रा . की थैलियाँ बनाने संबंधी समस्त कार्यो के लिये प्रक्रिया निर्धारित कर इस हेतु दरें टेण्डर के माध्यम से आमंत्रित करने की कार्यवाही की जाएगी ।

30. बार लायसेंस के संबंध में व्यवस्था : -

पूर्व प्रचलित व्यवस्था में नवीन संशोधित प्रावधान निम्नानुसार रहेंगे : - 30.1 अन्य बार लायसेंस की भांति पर्यटन बार ( एफ.एल. - 2 कक ) का नवीनीकरण ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से ऑटो जनरेशन से किया जाएगा ।

30.2 एफ.एल. 2 , एफ. एल. 2एए, एफ.एल. 3 , एफ.एल. 3 ए, एफ.एल. 4 बार लायसेंसों में बीयर जिसकी ई.डी.पी. प्रति पेटी रूपये 575/- , स्प्रिट (व्हिस्की) जिसकी ई.डी.पी. प्रति पेटी रूपये 1200 / - , स्प्रिट ( रम , वोदका, जिन आदि) एवं वाईन जिसकी ई.डी.पी. प्रति पेटी रूपये 500/- तथा रेडी टू ड्रिन्क (प्रतिपेटी अधिकतम 9 बल्क लीटर) जिसकी ई.डी.पी. प्रति पेटी रूपये 700/- से कम न हो, विक्रय/प्रदाय किया जायेगा ।

30.3 बार लायसेंसों की लायसेंस फीस एवं शर्तें वर्ष 2023-24 के अनुसार यथावत रहेगी ।

30.4 बारो की न्यूनतम गारंटी के संबंध में : -

30.4.1 वर्ष 2024-25 हेतु बार लायसेंसों की मिनिमम गारंटी ( एम.जी. ) में वृद्धि नहीं की जायेगी।

30.4.2 त्रैमासिक आधार पर लायसेंसी द्वारा निर्धारित मिनिमम गारंटी (न्यूनतम विक्रय परिमाण ) के समतुल्य विदेशी मदिरा ( स्पिरिट व बीयर ) क्रय न किये जाने की स्थिति में संबंधित कलेक्टर द्वारा ऐसी कम क्रय की गई विदेशी मदिरा ( स्पिरिट/वाईन ) की मात्रा पर 350 /- प्रति प्रूफ लीटर तक 54(37)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 फरवरी 2024

और विदेशी मदिरा ( बीयर ) पर रूपये 50/ - प्रति बल्क लीटर तक की दर से त्रैमासिक शास्तिअधिरोपित की जावेगी ।

30.4.3 राज्य शासन द्वारा अधिसूचित Force Majeure के कारण बारों का संचालन प्रभावित होने की स्थिति में जिला कलेक्टर से प्राप्त युक्तियुक्त प्रस्ताव के आधार पर राज्य शासन के अनुमोदन के अधीन आबकारी आयुक्त द्वारा बारों हेतु निर्धारित न्यूनतम गारंटी का उठाव न होने पर अधिरोपित होने वाली शास्ति में छूट दी जा सकेगी ।

न्यूनतम गारंटी संबंधी शेष व्यवस्था यथावत रहेगी ।

31. मदिरा दुकानों एवं बार लायसेंसों से बिक्री का समय : -

31.1 मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों की साफ - सफाई तथा मदिरा के प्रारंभिक संग्रह, आमद, विक्रय एवं अंतिम संग्रह के दैनिक लेखे की पंजियों को पूर्ण/संधारित किये जाने के लिये मदिरा दुकानें प्रातः 8:30 बजे से खोली जायेंगी । प्रातः 8:30 बजे से प्रातः 9:30 बजे तक का समय लेखा संधारण के लिए एवं मदिरा विक्रय का समय प्रातः 9:30 बजे से रात्रि में 11:30 बजे तक रहेगा ।

31.2 रेस्टोरेन्ट, पर्यटन, होटल , रिसोर्ट तथा क्लब बार लायसेंस के अन्तर्गत परिसर में विदेशी मदिरा की बिक्री का समय प्रातः 10:00 बजे से रात्रि 11:30 बजे तक एवं उपभोग का समय रात्रि 12:00 बजे तक रहेगा ।

31.3 रेस्टोरेन्ट, पर्यटन , होटल , रिसोर्ट तथा क्लब बार लायसेंस (एफ.एल. - 2, 2एए , 3 , 3ए , 3एए एवं 4) के अनुज्ञप्तिधारी द्वारा निर्धारित समय के उपरान्त बार संचालन हेतु अनुमति चाही जाती है, तो रूपये 5000 / - प्रतिदिन अतिरिक्त फीस लेकर, लायसेंस के अन्तर्गत परिसर में विदेशी मदिरा की बिक्री एवं उपभोग हेतु 02 घन्टे की अतिरिक्त समयावधि दी जायेगी । यह विशिष्ट अनुमति उल्लेखित लायसेंसों हेतु वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(38)

अधिकतम 08 दिवस हेतु दी जा सकेगी। यह अनुमति कलेक्टर के विवेकाधीन रहेगी ।

31.4 राज्य शासन अथवा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में दुकानों के निर्धारित खुलने अथवा बंद होने के समय में कोई परिवर्तन किये जाने की स्थिति में अनुज्ञप्तिधारी देय न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि एवं लाइसेंस फीस में छूट का पात्र नहीं होगा ।

32. कम्पोजिट मदिरा दुकानों/ एकल समूहों का पुनर्निष्पादन : -

32.1 लायसेंस अवधि के दौरान लायसेंस शर्तों के उल्लंघन , निर्धारित न्यूनतम ड्यूटी राशि जमा न करने अथवा किसी अन्य कारण से , यदि मदिरा दुकान के एकल समूह का लायसेंस निरस्त किए जाने की स्थिति बनती है तो ऐसी स्थिति में मूल अनुज्ञप्तिधारी के उत्तरदायित्व पर , उस मदिरा दुकान के एकल समूह का पुनः निष्पादन , लायसेंस अवधि की शेष रही अवधि के लिए ई- टेण्डर या शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार किया जाएगा। उस मदिरा दुकान के एकल समूह को पुनः निष्पादित करने के अधिकार जिला निष्पादन समिति को होंगे ।

32.2 वर्ष 2024-25 की लायसेंस अवधि में पुर्ननिष्पादन की स्थिति निर्मित होने पर कम्पोजिट मदिरा दुकानों/ एकल समूहों के आरक्षित मूल्य का निर्धारण वर्ष 2024-25 की अवधि हेतु प्राप्त/स्वीकृत उच्चतम ऑफर में से मदिरा दुकान की संचालन अवधि (अनुज्ञप्तिधारी द्वारा संचालन अवधि + विभागीय संचालन अवधि) की वार्षिक लायसेंस फीस (समानुपातिक रूप से) एवं न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि को (आनुपातिक रूप से ) घटाकर शेष अवधि का वार्षिक मूल्य परिगणित कर उसे वर्ष 2024-25 की शेष अवधि हेतु आरक्षित मूल्य निर्धारित किया जायेगा।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(39)

32.3 एकल समूह की किसी एक मदिरा दुकान का लायसेंस निरस्त किये जाने की स्थिति निर्मित होने पर, उक्त एकल समूह की सभी मदिरा दुकानों का लायसेंस निरस्त किया जायेगा। मदिरा दुकान के एकल समूह का पुनः निष्पादन होने तक उसका संचालन विभागीय रूप से अथवा उसके स्थान पर ऐसी रीति से जैसा कि आबकारी आयुक्त निर्धारित करें, किया जा सकेगा ।

32.4 किसी मदिरा दुकान/मदिरा दुकानों के समूह का पुनः निष्पादन किये जाने की स्थिति में आरक्षित मूल्य का निर्धारण निम्नानुसार किया जायेगा : - (i ) मदिरा दुकान/समूह के निष्पादन के उपरांत यदि सफल आवेदक /निविदादाता द्वारा सम्पूर्ण वार्षिक लायसेंस फीस जमा कर दी जाती है , तो ऐसी स्थिति में उसके द्वारा दिया गया एवं स्वीकृत उच्चतम ऑफर , उक्त मदिरा दुकान/समूह का पुनः निष्पादन हेतु आरक्षित मूल्य होगा।

(ii ) मदिरा दुकान /समूह के निष्पादन के उपरांत यदि सफल आवेदक/निविदादाता द्वारा सम्पूर्ण वार्षिक लायसेंस फीस जमा नहीं की जाती है , तो ऐसी स्थिति में वर्ष 2024-25 हेतु निर्धारित मूल आरक्षित मूल्य ही पुनः निष्पादन के लिए उक्त मदिरा दुकान/समूह का आरक्षित मूल्य होगा ।

32.5 पुनः निष्पादन की कार्यवाही में यदि शासन को कोई हानि होती है अथवा खिसारा परिगणित होता है , तो ऐसी हानि /खिसारे की राशि उच्चतम आफँरदाता से भू- राजस्व के बकाया की भाँति वसूली योग्य होगी। यदि द्वितीय बार पुनःनिष्पादन की स्थिति निर्मित होती है , तो ऐसी स्थिति में आकलित हानि/खिसारे की राशि के लिए प्रथम निष्पादन के उच्चतम आफँरदाता का संयुक्त उत्तरदायित्व रहेगा तथा प्रथम पुनःनिष्पादन का उच्चतम आफँरदाता , इस प्रकार द्वितीय मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(40)

पुनःनिष्पादन के कारण उत्पन्न अंतर की राशि (हानि/खिसारे ) हेतु, संयुक्त रूप से उत्तरदायी होगा। यही सिद्धांत एवं प्रक्रिया आगामी पुनःनिष्पादनों हेतु भी प्रभावी रहेगी ।

33. मदिरा विनिर्माण इकाईयों से सम्बन्धित प्रावधान : -

33.1 देशी मदिरा बॉटलिंग इकाई ( सी.एस. - 1 - ख) की वार्षिक लायसेंस फीस रुपये 3,00,000/- ( तीन लाख ) प्रभारित की जाएगी ।

33.2 देशी मदिरा बॉटलिंग इकाई ( सी.एस. - 1 - ख ) परिसर में आबकारी कर्मचारीवृन्द के पर्यवेक्षण के अधीन देशी मदिरा की बॉटलिंग एवं अन्य कार्यों के पर्यवेक्षण के लिये पर्यवेक्षण प्रभार प्रतिइकाई के मान से प्रतिवर्ष एकमुश्त राशि रूपये 8,00,000 / - (आठ लाख ) प्रभारित की जाएगी ।

33.3 बीयर विनिर्मार्णी इकाई ( बी-3 ) परिसर में आबकारी कर्मचारीवृन्द के पर्यवेक्षण के अधीन विदेशी मदिरा (बीयर ) के विनिर्माण एवं बॉटलिंग तथा अन्य कार्यों के पर्यवेक्षण के लिये पर्यवेक्षण प्रभार प्रति इकाई के मान से प्रतिवर्ष एकमुश्त राशि रूपये 8,00,000/- ( आठ लाख) प्रभारित की जाएगी ।

33.4 विदेशी मदिरा बॉटलिंग इकाई (एफ.एल. - 9 ) परिसर में आबकारी कर्मचारीवृन्द के पर्यवेक्षण के अधीन विदेशी मदिरा (स्प्रिट ) के विनिर्माण एवं बॉटलिंग तथा अन्य कार्यों के पर्यवेक्षण के लिये पर्यवेक्षण प्रभार प्रति इकाई के मान से प्रतिवर्ष एकमुश्त राशि रूपये 9,00,000/- ( नौ लाख ) प्रभारित की जाएगी ।

33.5 वर्तमान में प्रदेश के विदेशी मदिरा निर्माताओं हेतु एफ. एल.9 लायसेंस में प्रति लेबल पंजीयन फीस 2.75 लाख रुपये निर्धारित है । वर्ष 2024-25 हेतु प्रति लेबल पंजीयन शुल्क यथावत रखते हुए एकमुश्त मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(41)

रूपये 50 लाख लेबल पंजीयन फीस भुगतान करने पर एफ.एल.9 इकाई द्वारा किसी भी संख्या तक लेबलों का पंजीयन कराया जा सकेगा ।

34 विशेष मदिराओं ( Special liquors ) के संबंध में

प्रदेश की आसवनियों को विशेष मदिराओं ( Special liquors ) के निर्माण, भण्डारण , निर्यात, आयात एवं विक्रय की अनुमति दी जायेगी ।

35. हेरीटेज मदिरा : -

35.1 आबकारी नीति की अधिसूचना दिनांक 22.02.2023 से 7 वर्ष तक अर्थात दिनांक 21.02.2030 तक की अवधि के लिए हेरिटेज मदिरा को आबकारी ड्यूटी तथा निर्यात शुल्क से मुक्त रखा गया है परंतु वैट (VAT ) टैक्स से 1 वर्ष की छूट दी गई थी। इसलिए हेरिटेज मदिरा निर्माण इकाई द्वारा निर्मित हेरिटेज मदिरा को राज्य शासन के वैल्यू एडेड टैक्स ( VAT ) से दिनांक 31.03.2030 तक लिए मुक्त रखा जाएगा ।

35.2 शासन द्वारा हेरिटेज मदिरा का विक्रय बार , वाईन शॉप एवं एयरपोर्ट शॉप सें करने की अनुमति दी जा सकेगी।

35.3 हेरिटेज मदिरा की मांग एवं खपत के अनुसार अधिक से अधिक हेरिटेज मदिरा इकाइयों की स्थापना हेतु शासन नियमानुसार आवश्यक सहयोग करेगा ।

36. मध्यप्रदेश राज्य के कृषकों के लिए बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने एवं मूल्य सवंर्धन हेतु मध्यप्रदेश में उत्पादित अंगूर से मध्यप्रदेश राज्य में निर्मित वाईन के फुटकर बिक्री की अनुमतिः-

राज्य शासन द्वारा घोषित अंगूर प्रसंस्करण नीति के अन्तर्गत मध्यप्रदेश राज्य में उत्पादित अंगूर से मध्यप्रदेश राज्य में ही विनिर्मित वाईन के विपणन के संबंध में कम्पनी रिटेल आउटलेट की भाँति विनिर्माता इकाई द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(42)

फ्रेंचाईजी/अधिकृत किये गये व्यक्ति को भी प्रत्येक जिला मुख्यालय पर व पर्यटन क्षेत्र/स्थलों पर भी ऐसी वाईन के फुटकर विक्रय के लिए एक या अधिक रिटेल आउट -लेट स्वीकृत किये जाने की अनुमति पूर्व निर्धारित शर्तों पर दी जा सकेगी । इन रिटेल आउटलेट पर वाईन की आपूर्ति विनिर्माणी (वाईनरी ) से सीधे की जा सकेगी । जिले की कम्पोजिट मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकान और बार के लायसेंसी को उसी जिले के रिटेल आउटलेट से ऐसी वाईन प्रदाय की जा सकेगी।

इसकी वार्षिक लायसेंस फीस रुपये 10,000 / - रहेगी।

फलोद्यान विस्तार एवं फल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने एवं किसानों की आय में वृ‌द्धि करने के उद्देश्य से वर्ष 2024-25 हेतु: -

( 1 ) पर्यटन स्थलों पर नवीन आऊटलेट पूर्ववत अनुमत रहेंगे ।

(2) वाईन महोत्सव हेतु वर्ष में प्रत्येक नगर निगम में अधिकतम 02 दिवस के लिये ऑकेशनल लायसेंस दिया जा सकेगा । जिसकी लायसेंस फीस रूपये 1000/ - प्रतिदिन होगी ।

(3) आगन्तुकों/पर्यटकों हेतु वाईनरी परिसर में वाईन टेवर्न (वाईन टेस्टिंगसुविधा) की अनुमति होगी।

(4) प्रदेश मे उत्पादित अंगूर एवं जामुन के अतिरिक्त अन्य फलों तथा प्रदेश में उत्पादित एंव संग्रहित शहद ( हनी ) से निर्मित वाईन का निर्माण अनुमत रहेगा।

(5 ) मध्यप्रदेश में उत्पादित अंगूर से मध्यप्रदेश में निर्मित वाईन को आबकारी शुल्क से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक के लिए मुक्त रखा गया है । यह छूट अन्य फलों तथा शहद ( हनी) से निर्मित वाईन पर भी लागू होगी ।

37. अन्य कर एवं व्यवस्था: -

लायसेंस अवधि में यदि केन्द्र या राज्य सरकार के किसी विभाग द्वारा किसी अधिनियम अथवा नियम के अन्तर्गत मादक पदार्थों पर कोई मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(43)

कर, फीस या चार्ज लगाया गया जिसकी देयता अनुज्ञप्तिधारी पर आती हो तो, अनुज्ञप्तिधारी इस बाबत वार्षिक लायसेंस फीस अथवा निर्धारित न्यूनतम ड्यूटी राशि में किसी छूट अथवा क्षतिपूर्ति का हकदार नहीं होगा और इस संबंध में उसकी कोई आपत्ति मान्य नहीं होगी । परंतु इस अतिरिक्त कर , फीस या चार्ज जिसमें 1 प्रतिशत स्त्रोत पर आयकर की कटौती शामिल नहीं होगी , की प्रतिपूर्ति के संबंध में राज्य शासन से अनुमति प्राप्त कर आबकारी आयुक्त द्वारा मदिरा की विक्रय दरों (M.S.P./M.R.P. ) के पुनर्निर्धारण के संबंध में उचित निर्णय लिया जा सकेगा ।

38. मद्य निषेध की नीति के फलस्वरूप दुकान बन्द करना : -

राज्य में मद्य निषेध की नीति के फलस्वरूप यदि कोई मदिरा दुकान/दुकानें बन्द की जाती हैं, तो इसके कारण लायसेंसी को कोई क्षतिपूर्ति की पात्रता नहीं होगी।

39. सामाजिक , राजनैतिक प्रदर्शनों, कानून व्यवस्था तथा दैवीय प्रकोप, प्राकृतिक आपदा एवं अन्य कारणों से वार्षिक मूल्य में छूट: -

39.1 लायसेंस अवधि में सामाजिक , राजनैतिक प्रदर्शनों , कानून व्यवस्था तथा दैवीय प्रकोप , प्राकृतिक आपदा एवं अन्य कारणों से वैधानिक प्राधिकारी द्वारा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम , 1915 की धारा 24( 1 ) के अन्तर्गत स्थापित मदिरा दुकानें बन्द किये जाने के आदेश के कारण अनुज्ञप्तिधारी को उस मदिरा दुकान के वार्षिक मूल्य (वार्षिक लायसेंस फीस में समानुपातिक + न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि में आनुपातिक) में छूट का पात्र माना जा सकेगा। छूट की गणना हेतु उस त्रैमास में देय वार्षिक मूल्य को ही आधार माना जाएगा ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(44)

39.2 उपर्युक्त परिस्थितियों में लायसेंस अवधि में भॉग दुकानों को बंद करने के आदेश वैधानिक प्राधिकारी द्वारा दिए जाते है तो इस प्रकार बंद रखी गई भॉग, भाँग घोटा एंव भॉग मिठाई दुकानों को उनकी वार्षिक लायसेंस फीस में समानुपातिक रूप से छूट की पात्रता रहेगी।

39.3 उपर्युक्त परिस्थितियों में लायसेंस अवधि में बार को बंद करने के आदेश वैधानिक प्राधिकारी द्वारा दिए जाते है तो इस प्रकार बंद रखी गई अवधि हेतु बार लायसेंसी को वार्षिक लायसेंस फीस में समानुपातिक छूट की पात्रता रहेगी । उपर्युक्त अवधि के लिये उसकी निर्धारित न्यूनतम गारंटी में समानुपातिक रूप से कमी की जायेगी ।

39.4 उपरोक्त सभी छूटों के संबंध में जिला समिति द्वारा भेजे गये युक्तियुक्त एवं तथ्यात्मक प्रस्ताव के आधार पर , आबकारी आयुक्त की अनुशंसा पर राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा ।

उपरोक्तानुसार अनुमत छूट की राशि का समायोजन मदिरा दुकानों को उसी अथवा आगामी पक्ष में देय न्यूनतम ड्यूटी राशि के विरुद्ध एवं बार/ भाँग दुकानों को आगामी अवधि में देय वार्षिक लायसेंस फीस के विरुद्ध किया जा सकेगा।

40. शुष्क दिवस : -

40.1 लायसेंस अवधि के लिए शासन द्वारा अधिसूचित अनुसार 3 शुष्क दिवस निम्नानुसार रहेंगेः-

15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस)

02 अक्टूबर ( महात्मा गांधी जयंती )

26 जनवरी ( गणतंत्र दिवस )

इसके अतिरिक्त कलेक्टर को प्रशासकीय तथा लोकहित में यह भी अधिकार होगा कि किन्ही भी अतिरिक्त 4 दिनों के लिए किसी भी स्थान मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(45)

की कोई एक या इससे अधिक मदिरा दुकानें अथवा तहसील या जिले की समस्त मदिरा दुकानें बन्द करने के आदेश प्रसारित कर सकेंगे ।

40.2 लोक सभा तथा विधान सभा एवं स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं के साधारण और जनरल उप निर्वाचन के समय मतदान और मतगणना के संबंध में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप राज्य शासन द्वारा आदेशित/निर्देशित व्यवस्थाओं के परिपालन में, मतदान क्षेत्र की मदिरा दुकानें अथवा मतगणना क्षेत्र की मदिरा दुकानें कलेक्टर द्वारा बन्द किया जाना आदेशित किया जा सकेगा ।

स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं में नगर निगम , नगरपालिका, नगर पंचायत ( नगर परिषद ) , जनपद पंचायत , जिला पंचायतें और ग्राम पंचायत शामिल है । ऐसे समय पर सिर्फ उन्हीं क्षेत्रों की मदिरा दुकानें बन्द रहेगी , जहाँ निर्वाचन हो,

40.3 यदि उक्त निर्धारित शुष्क दिवसों के अतिरिक्त किसी अन्य दिवस को कलेक्टर के लिखित आदेश से मदिरा दुकानें बन्द की जाती हैं, तो उन मदिरा दुकानों के बन्द रहने की अवधि में संबंधित दुकान के लायसेंसी को मदिरा दुकान के लिए निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि में आनुपातिक तथा लायसेंस फीस में समानुपातिक छूट की पात्रता होगी ।

41. अन्य व्यवस्थाएँ लागू रहना : -

अन्य समस्त प्रावधान , व्यवस्थाएँ एवं प्रक्रिया आदि जिनका उल्लेख इस नीति में नहीं किया गया है, आबकारी आयुक्त/ राज्य शासन द्वारा जारी किये जा सकेंगे ।

42. अनुज्ञप्ति का अधिनियम , नियम एवं निर्देशों के अध्ययधीन होना: - मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(46)

12 निष्पादन अवधि में स्वीकृत/जारी किये जाने वाले मदिरा की फुटकर बिक्री के सभी लायसेंस मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम , 1915 ( यथा संशोधित ) तथा उसके अन्तर्गत बनाये गये एवं समय - समय पर संशोधित किये गये नियमों और समय - समय पर राज्य शासन, आबकारी आयुक्त व कलेक्टर द्वारा पारित आदेशों/अनुदेशों के अध्यधीन रहेंगे ।

43. क्षतिपूर्ति के संबंध में राज्य शासन के अधिकार : -

राज्य शासन को यह अधिकार होगा कि अपरिहार्य स्थिति में , औचित्य को समझते हुये किसी भी जिले में या समस्त जिलों में मदिरा दुकानों के किसी एक एकल समूह या समस्त एकल समूहों के निष्पादन की प्रक्रिया को सम्पूर्ण/आंशिक रुप से समाप्त करते हुए , प्रोसेस फीस/ शर्तों के पालन में जमा राशि को वापिस कर किसी भी अन्य प्रक्रिया/व्यवस्था से मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों के व्यवस्थापन/पुनः व्यवस्थापन की कार्यवाही कर सके। ऐसी स्थिति में कोई भी क्षतिपूर्ति देय नहीं होगी ।

44. ई -आबकारी व्यवस्था: -

44.1 विभाग में ई - आबकारी व्यवस्था प्रचलन में रहेगी । यह व्यवस्था NIC द्वारा निर्मित /विकसित एवं विभागीय गतिविधियों के End-to- End Computerization से संबंधित है । इस व्यवस्था को क्रियान्वित करने हेतु सभी संबंधित पक्षों यथा विनिर्माता इकाईयाँ, फुटकर अनुज्ञप्तिधारी आदि को आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था स्वयं के व्यय पर अनिवार्यतः करनी होगी ।

44.2 निष्पादन अवधि में मदिरा दुकानों पर पी.ओ.एस./डिजिटल पेमेन्ट मशीन ग्राहकों की सुविधा के लिए रखी जाना अनिवार्य होगा ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 फरवरी 2024

54(47)

44.3 इस नीति में प्रयुक्त शब्दों का अर्थ समस्त प्रयोजनों के लिए वही मान्य होगा , जो मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम , 1915 एवं उसके अंतर्गत बनाये गये नियमों में परिभाषित हो ।

44.4 वर्ष 2023-24 से संबंधित समस्त प्रावधान जिनका समावेश वर्ष 2024-25 की आबकारी व्यवस्था में नहीं किया गया है, यथावत प्रभावी बने रहेगे । राजस्वहित एवं प्रशासनिक आवश्यकता अनुसार आबकारी आयुक्त द्वारा शासन अनुमोदन के अधीन प्रावधानों में आवश्यक परिवर्तन किये जा सकेंगे।

उपरोक्त आबकारी व्यवस्था के अनुसार सर्वसंबंधित द्वारा कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , वंदना शर्मा , उपसचिव.

नियंत्रक , शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2024.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 08 February 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2024-02-08.27.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2024-02-08.27.Extraordinary.