ध्यप्रदेश
शासक
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मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, मंगलवार, दिनांक 2 जुलाई 2024-आषाढ़ 11 , शक 1946
क्रमांक 171]
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल, दिनांक 2 जुलाई 2024
क्र. 9719- मप्रविस -16- विधान-2024. मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2024 (क्रमांक 11 सन् 2024) जो विधान सभा में दिनांक 2 जुलाई 2024 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
ए. पी . सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 जुलाई 2024
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक ११ सन् २०२४
मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( द्वितीय संशोधन) विधेयक , २०२४
मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम , १६७३ को और संशोधित करने हेतु विधेयक .
भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
१. (१) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( द्वितीय संशोधन) विधेयक, २०२४ है .
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.
(२) यह मध्यप्रदेश राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.
२. मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम , १६७३ की द्वितीय अनुसूची में, -
द्वितीय अनुसूची का संशोधन.
(१) भाग एक में , अनुक्रमांक ३ और ४ तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियाँ स्थापित की जाएं, अर्थातुः-
विश्वविद्यालय का नाम अनुक्रमांक
(२) ) و(
"३.
मुख्यालय क्षेत्रीय अधिकारिता ( राजस्व जिलों की सीमाओं के भीतर समाविष्ट क्षेत्र)
( ४)
(३)
इंदौर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय , इंदौर
४.
जीवाजी विश्वविद्यालय , ग्वालियर इंदौर, धार तथा झाबुआ.
ग्वालियर ग्वालियर , दतिया, श्योपुर, मुरैना तथा भिण्ड.
( २) भाग दो में , अनुक्रमांक ३ तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात्, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां जोड़ी जाएं, अर्थातूः-
विश्वविद्यालय का नाम अनुक्रमांक
( 9)
(२)
"४.
मुख्यालय क्षेत्रीय अधिकारिता ( राजस्व जिलों की सीमाओं के भीतर समाविष्ट क्षेत्र)
( ४)
(३)
खरगोन
क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय , खरगोन
५.
खरगोन , खण्डवा, बुरहानपुर, बड़वानी तथा अलीराजपुर .
गुना, अशोकनगर तथा शिवपुरी .
गुना
क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय, गुना.
३. ( ३ ) मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन) अध्यादेश, २०२४ ( क्रमांक २ सन् २०२४ ) एतद्वारा, निरसित किया जाता है .
निरसन तथा व्यावृत्ति.
( २ ) उक्त अध्यादेश के निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई , इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन की गई बात या की गई कार्रवाई समझी जाएगी .
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 2 जुलाई 2024
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उद्देश्यों एवं कारणों का कथन
मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से अत्यंत विस्तृत एवं सामाजिक रूप से विविधतापूर्ण राज्य है . इस विस्तृत राज्य के युवाओं, को गृणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है . मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२० को लागू करने वाला अग्रणी राज्य है . मध्यप्रदेश का वर्ष २०२१-२२ के लिए सकल पंजीयन अनुपात २८.६ प्रतिशत है तथा देश का औसत सकल पंजीयन अनुपात २८.४ प्रतिशत है . राष्ट्रीय शिक्षा नीति , २०२० में , सकल पंजीयन अनुपात को वर्ष २०३५ तक ५० प्रतिशत तक बढ़ाए जाने का लक्ष्य है .
२. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लक्ष्यों में विश्वविद्यालयों का सम्बद्धता - भार कम किए जाने का भी लक्ष्य है . पूर्व स्थापित विश्वविद्यालयों की अधिकारिता को सीमित किए जाने से उनके सम्बद्धता- भार में कमी आएगी जिससे उनकी कार्य दक्षता में वृद्धि होगी .
३. उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक है कि नए सम्बद्धतादायी विश्वविद्यालय खोले जाएं तथा आदिवासी क्षेत्रों में संबद्धता देने योग्य विश्वविद्यालय स्थापित हों . इस तारतम्य में, खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन तथा गुना में क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय , गुना स्थापित किए जा रहे हैं .
४. अतएव, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय , खरगोन तथा क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय , गुना स्थापित किए जाने के प्रयोजन से मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय , अधिनियम, १६७३ (क्रमांक २२ सन् १६७३) में यथोचित संशोधन प्रस्तावित हैं .
५. चूंकि मामला अत्यावश्यक था तथा विधानसभा सत्र चालू नहीं था , अतएव , मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन) अध्यादेश , २०२४ (क्रमांक २ सन् २०२४ ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था . अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर, राज्य विधान- मण्डल का अधिनियम बिना किसी उपांतरंण के लाया जाना प्रस्तावित है .
६. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है .
भोपाल :
इंदर सिंह परमार तारीख: जुलाई, २०२४ .
भारसाधक सदस्य .
" संविधान के अनुच्छेद २०७ के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित. ".
ए. पी. सिंह
प्रमुख सचिव,
मध्यप्रदेश विधान सभा.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2 जुलाई 2024
वित्तीय ज्ञापन
प्रस्तावित मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( द्वितीय संशोधन) पहेली से स्थापित किए जाने वाले क्रांतिसूर्य टंटया भील विश्वविद्यालय , खरगोन एवं क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय , गुना के लिए पर्दों का सृजन एवं अन्य वित्तीय स्वीकृति संबंधी स्वीकृति मंत्रि- परिषद से प्राप्त हो गई है . तदनुसार अनुमानित आवर्ती व्ययभार प्रत्येक विश्वविद्यालय हेतु राशि रूपये १०.०० करोड़ प्रतिवर्ष, आकस्मिकता निधि रूपये ३.०० करोड़ एवं अनावर्ती व्ययभार प्रत्येक विश्वविद्यालय हेतु राशि रूपये ५०.०० करोड़ आना संभावित है .
अध्यादेश के संबंध में विवरण
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लक्ष्यों में विश्वविद्यालयों का सम्बद्धता - भार कम करने तथा पूर्व स्थापित विश्वविद्यालयों की अधिकारिता को सीमित किए जाने की आवश्यकता थी साथ ही नए सम्बद्धतादायी विश्वविद्यालय खोले जाने एवं आदिवासी क्षेत्रों में सम्बद्धता देने योग्य विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की भी आवश्यकता थी .
चूंकि, मामला अत्यावश्यक था और विधान सभा का सत्र चालू नहीं था अतएव मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन) अध्यादेश, २०२४ (क्रमांक २ सन् २०२४ ) इस प्रयोजन के लिए प्रस्थापित किया गया था .
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव,
मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक , शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2024.