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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक 2024....

Published 04 July 2024

Department
विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
177
Identifier
in.gazette.madhya.2024-07-04.177.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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प्रशासम

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल, गुरुवार, दिनांक 4 जुलाई 2024-आषाढ़ 13, शक 1946

क्रमांक 177]

विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश

भोपाल , दिनांक 4 जुलाई 2024

क्र. 9983- मप्रविस- 16-विधान- 2024.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के' पालन में मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक , 2024 (क्रमांक 12 सन् 2024) जो विधान सभा में दिनांक 4 जुलाई 2024 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.

ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा .

353 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2024

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मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक १२ सन् २०२४

मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बन्दीगृह विधेयक, २०२४

अध्याय- एक

प्रारंभिक

खण्ड :

१. संक्षिप्त नाम , विस्तार और प्रारंभ

२. परिभाषाएं .

अध्याय-दो

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के कार्य

२. बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के कार्य .

अध्याय-तीन

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था वास- सुविधा

४. बन्दियों के लिए वास- सुवधिा.

५. बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाः वास्तुकला तथा संस्थागत स्वरूप .

६. बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं की श्रेणियां .

७. बन्दियों के लिए अस्थायी वास-सुविधा .

अध्याय-चार

संगठनात्मक व्यवस्था

८. बन्दीगृह एवं सुधारात्मक सेवा संचालनालय .

६. संचालनालय का प्रमुख.

१० . बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के अन्य पदधारी.

११ . भर्ती एवं प्रशिक्षण .

अध्याय-पांच

सुधारात्मक सेवा पदधारियों के कर्तव्य

१२. अधीक्षक के कृत्य तथा कर्तव्य .

१३. चिकित्सा अधिकारी.

१४ अन्य बन्दीगृह पदधारियों के कर्तव्य.

१५. सिद्धदोष पदधारी .

१६. अधीक्षक की अनुपस्थिति में उसकी शक्तियों का प्रयोग .

१७ . सुधारात्मक सेवा पदधारियों का बंदियो के साथ व्यापारिक संव्यवहार न रखना तथा बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के अनुबंधों में हित न रखना.

१८ . पदधारी कल्याण

अध्याय- छह

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था प्रशासन में प्रौधोगिकी का उपयोग

१६ . बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था प्रशासन में प्रौद्योगिकी का उपयोग .

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2024

अध्याय- सात

बंदियों का प्रवेश , स्थानांतरण और उन्मोचन

२०. बंदियों का प्रवेश .

२१ . किसी बंदी का अन्य राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश में स्थानांतरण .

२२ . मानसिक रोग से ग्रस्त बंदियों का स्थानांतरण .

२३ . प्रवेश, निकास और पुनर्प्रवेश पर बंदियों की तलाशी और जांच की जाना .

२४ . बंदियों की वस्तुएं .

२५. विदेशी बंदियों का प्रवेश, स्थानांतरण और प्रत्यावर्तन .

अध्याय- आठ

बंदियों का वर्गीकरण

२६. वर्गीकरण एवं सुरक्षा मूल्यांकन समिति की संरचना.

२७ . वर्गीकरण के आधार और श्रेणियां .

अध्याय-नौ

उच्च जोखिम वाले बंदियों और आदतन अपराधियों की आपराधिक गतिविधियों से समाज की सुरक्षा

२८. बंदियों की आपराधिक गतिविधियों के विरूद्ध समुचित उपाय करना .

२६ . कर्तव्यस्थ सुधारात्मक सेवा पदधारियों की सुरक्षा, खुफिया जानकारी एकत्र करने, निगरानी और चक्रानुक्रम के लिए विशेष प्रावधान.

अध्याय- दस

महिला बंदियों के लिए बन्दीगृह और सुधारात्क संस्था व्यवस्था

३०. महिला बंदियों के लिए पृथक वास-सुविधा.

३१ . गर्भवती महिला बंदी .

३२. महिला या पुरुष बंदी जिसके साथ बच्चे हैं .

३३. किसी बंदी के यौन उत्पीड़न या गुदा मैथुन की शिकायों की जांच .

अध्याय-ग्यारह

ट्रांसजेंडर बंदी

३४. ट्रांसजेंडर बंदियों के लिए बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था व्यवस्था.

अध्याय- बारह

बंदियों की अभिरक्षा और सुरक्षा

३५. बंदियों की सुरक्षित अभिरक्षा तथा सुरक्षा .

३६ . बंदियों की बाह्य अभिरक्षा, नियंत्रण और नियोजन

३७ . बंदियों से मुलाकात.

३८. सुधारात्मक सेवाओं के अधिकारियों द्वारा आगंतुकों की तलाशी .

अध्याय-ते रह

बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में अनुशासन

३६. बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में अनुशासन .

४० . बंदीगृह एवं सुाधारात्मक संस्था के अपराधों तथा शास्तियों का प्रदर्शन .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2024

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४१ . बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के अपराध .

४२. बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराधों के लिए दण्ड़.

४३. अन्य विधियों के अधीन आने वाले अपराधों के लिए प्रक्रिया .

४४ . बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराध की पुनरावृत्ति किए जाने पर प्रक्रिया .

४५. भाग निकलने या भाग निकलने के प्रयत्न के लिए दण्ड .

४६. वायरलेस संचार उपकरणों और / या उनके सहायक अवयव पर कब्जा करने या उपयोग करने के लिए दण्ड.

४७. दण्ड पुस्तिका में प्रविष्टियां .

अध्याय-चौदह

दण्डादेश योजना

४८. व्यक्तिगत दण्डादेश योजना .

४६. कार्य योजना एवं मजदूरी .

अध्याय-पंद्रह

खुली सुधारात्मक संस्थाएं

५०. खुली सुधारात्क संस्थाएं.

अध्याय-सोलह

बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था की अवकाश , परिहार और समय पूर्व निर्मुक्ति

५१. पैरोल और फरलो.

५२. बंदियों को परिहार .

५३ . समय-पूर्वनिर्मुक्ति.

अध्याय- सत्रह

बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं का निरीक्षण

५४ . बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं का निरीक्षण .

अध्याय- अठारह

विविध

५५. विधिक सहायता .

५६. प्रत्येक जिले के लिए विचारणाधीन बंदी पुनर्विलोकन समिति का गठन .

५७. शिकायत निवारण तंत्र .

५८ . सिविल और विचारणाधीन आपराधिक बंदियों को वस्त्र और बिस्तर की आपूर्ति.

५६. हड़ताल और आंदोलन का निषेध.

६०. आपातकाल .

६१ . बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था विकास बोर्ड .

६२. शक्तियों का प्रत्यायोजन .

६३. लेखा एवं संपरीक्षा.

६४, सदृभावनापूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण.

६५० पुरस्कार और मान्यता.

६६ . सरकार की नियम बनाने की शक्ति.

६७. निरसन तथा व्यावृत्ति.

६८. कठिनाइयां दूर करने की शक्ति.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024

मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक १२ सन् २०२४

मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बन्दीगृह विधेयक, २०२४

विधि का पालन करने वाले नागरिकों के रूप में बन्दियों की सुरक्षित अभिरक्षा , उद्धार पुनर्वास, तथा सुधार और मध्यप्रदेश राज्य में बन्दीगृह के प्रबंधन तथा सुधारात्मक सेवाओं के लिए भी और उससे संबंधित या उससे आनुषंगिक विषयों के लिए उपबंध करने हेतु विधेयक.

भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-

अध्याय- एक

प्रारंभिक

१. (१ ) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बन्दीगृह अधिनियम, २०२४ है .

संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.

( २) इसका विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश राज्य पर होगा.

( ३) यह ऐसी तारीख को प्रवृत्त होगा, जैसा कि सरकार राजपत्र में , अधिसूचना द्वारा प्रकाशित करे.

परिभाषाएं .

२. इस अधिनियम में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -

(9) "अनुरक्षण सेवा " से अभिप्रेत है , निर्मुक्त किए गए बन्दी को कर्तव्यनिष्ठ नागरिक के रूप में जीवन यापन करने में समर्थ बनाने हेतु, उसके पुनर्वास पर केन्द्रित कोई सेवा या गतिविधि;

(२) "सिविल बन्दी " से अभिप्रेत है , कोई बन्दी जो आपराधिक बन्दी नहीं है;

(३) " सक्षम प्राधिकारी " से अभिप्रेत है , सरकार द्वारा यथाा घोषित सक्षम प्राधिकारी;

(४) "सिद्धदोष " से अभिप्रेत है, कोई बन्दी जो आपराधिक अधिकारिता का प्रयोग करने वाले किसी न्यायालय या सेना न्यायालय के दंडादेश के अधीन है;

( ५) " सुधारात्मक सेवा " से अभिप्रेत है , कोई सेवा या कार्यक्रम , जो कैदी के सुधार तथा पुनर्वास पर केन्द्रित हो और इसमें किसी कैदी को दिए गए दण्ड के निष्पादन , निर्धारण, पर्यवेक्षण , उपचार , प्रशिक्षण , नियंत्रण तथा अभिरक्षा से संबंधित सेवाएं सम्मिलित हैं;

(६) "सुधारात्मक सेवा पदाधिकारी " से अभिप्रेत है , सरकार या संचालनालय द्वारा यथास्थिति, इस अधिनियम या सरकार द्वारा समनुदेशित शक्तियों के प्रयोग या प्रशासन से संबंधित कर्तव्यों के निर्वहन के लिए नियुक्त कोई कर्मचारी;

( ७ ) "न्यायालय " में विधिपूर्वक सिविल , दाण्डिक या राजस्व अधिकारिता का प्रयोग करने वाला कोई अधिकारी सम्मिलित है ;

(5) " आपराधिक बन्दी " से अभिप्रेत है , दाण्डिक अधिकारिता का प्रयोग करने वाले किसी न्यायालय या प्राधिकारी के याचिका, अधिपत्र (वारंट), आदेश के अधीन अथवा किसी सेना न्यायालय के आदेश द्वारा अभिरक्षा में सम्यक रूप से सुपुर्द कोई बन्दी और जो नजरबंद न हो;

( ६) " नजरबंद बन्दी " से अभिप्रेत है , निवारक निरोध या उपबंध करने वाली किसी विधि के अधीन किसी सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर बन्दीगृह सुधारात्मक संस्था में निरूद्ध कोई व्यक्ति;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024

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( १०) " संचालनालय " से अभिप्रेत है , राज्य का बन्दीगृह एवं सुधारात्मक सेवा का संचालनालय;

( 99) "परिवार " से अभिप्रेत है , पति या पत्नी , बच्चे, सहोदर, माता- पिता , दादा- दादी, पोते- पोतियां और ट्रांसजेडर बन्दियों के सन्दर्भ में, सामाजिक- धार्मिक, पारिवारिक व्यवस्था के माध्यम से संबंधित लोग ;

(१२) "विदेशी बन्दी " से अभिप्रेत है , कोई बंदी जो भारत का नागरिक न हो;

(१३) "प्रावकाश " से अभिप्रेत है , किसी सिद्धदोष को दण्डादोश की विहित कालावधि को पूरा करने के पश्चात् बन्दीगृह या सुधारात्मक संस्था में अच्छा आचरण बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन के रूप में प्रदान किया गया संक्षिप्त अवकाश;

(१४) " सरकार " से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश सरकार;

(१५) " आदतन अपराधी" से अभिप्रेत है , ऐसी बन्दी जो अपराधों के लिए बार - बार बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं को भेजा गया हो;

(१६) " संचालनालय का प्रमुख " से अभिप्रेत है , सरकार द्वारा संचालनालय के प्रमुख के रूप में नियुक्त कोई अधिकारी;

(१७) "उच्च जोखिम वाले बन्दी " से अभिप्रेत है , हिंसा , निकल भागने, आत्मघात करने, उच्छृंखल व्यवहार की उच्च प्रवृत्ति वाला कोई बंदी, जिससे बन्दीगृह या सुधारात्मक संस्था में अशांति और लोक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होने की संभावना हो और इसमें वे लोग सम्मिलित हैं जो संगठित अपराध और आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त संलिप्त बन्दी सम्मिलित हैं;

(१८) "उच्च सुरक्षा बन्दीगृह " से अभिप्रेत है, उच्च जोखिम वाले बन्दी को रखने हेतु, एक स्वतंत्र न्यायालय परिसर की व्यस्था के साथ , सक्रिय या सुदृढ़ व्यवस्था के साथ कोई स्वतंत्र , आत्मनिर्भर बन्दीगृह परिसर, जो किसी बन्दीगृह या सुधारात्मक संस्था का भाग हो;

( १६ ) " वृत्त पत्रक " से अभिप्रेत है , भौतिक अथवा इलेक्ट्रानिक प्ररूप में पत्रक, जिसमें किसी बन्दी के संबंध में समस्त सुसंगत जानकारी प्रदर्शित हो;

(२०) " कैदी " से अभिप्रेत है , किसी बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में विधिकपूर्वक परिरूद्ध कोई व्यक्ति;

(२१) "अल्पवय अपराधियों के लिए संस्था " से अभिप्रेत है , अल्पवय बन्दियों के लिए , उनकी देखभाल , कल्याण और पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए उनके सुधार में सहायक शिक्षा तथा प्रशिक्षण का वातावरण उपलब्ध करने हेतु स्थापित कोई बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था;

(२२) बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के संबंध में " चिकित्सा अधिकारी " से अभिप्रेत है , अर्हता प्राप्त शासकीय चिकित्सा अधिकारी जो बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के चिकित्सा अधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त हो;

(२३) " अधीनस्थ चिकित्सा कर्मचारीवृंद " से अभिप्रेत है , कोई अर्हता प्राप्त चिकित्सा सहायक , जो उस रूप में बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था मे प्रतिनियुक्त हो;

(२४) " खुली सुधारात्मक संस्था " से अभिप्रेत है , ऐसी शर्तों पर, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए , पात्र बन्दियों के परिरोध के लिए कोई स्थान;

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2024

(२५) "पैरोल " से अभिप्रेत है , पारिवारिक या सामाजिक दायित्वों में उपस्थित होने के लिए अल्पकालावधि के लिए किसी सिद्धदोष की अस्थायी निर्मुक्ति;

(२६) " बन्दीगृह एवं सुधारामक संस्था " से अभिप्रेत है , बन्दियों को सुधारात्मक सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सरकार के सामान्य या विशेष आदेश के अधीन स्थायी रूप से अथवा अस्थायी रूप से उपयोग किया जाने वाला कोई स्थान और इसमें उससे संलग्न समस्त भूमि तथा भवन सम्मिलित हैं,

परन्तु इसमें निम्नलिखित सम्मिलित नहीं हैं, -

(क) कोई स्थान , जो अनन्य रूप से पुलिस अभिरक्षा में के बन्दियों के परिरोध के लिए है;

(ख) कोइ स्थान, जो सरकार द्वारा , भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता , २०२३ ( २०२३ का ४६ ) की धारा ४५७ के अधीन विशेष रूप से नियत किया गया है;

(ग) कोई स्थान जिसे सरकार द्वारा साधारण या विशेष आदेश द्वारा उप बन्दीगृह के रूप में घोषित किया गया है .

(२७) "बन्दी" से अभिप्रेत है , किसी न्यायालय या सक्षम प्राधिकारी की याचिका, अधिपत्र ( वारंट), आदेश या दण्डादेश के अधीन किसी बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में अभिरक्षा के लिए सुपुर्द किया गया कोई व्यक्ति और इसमें सिद्धदोष बन्दी, सिविल बन्दी, आपराधिक बन्दी , विचारणाधीन बन्दी , किसी सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अधीन बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था की अभिरक्षा में रखा गया बन्दी तथा कोई नजरबंद बन्दी सम्मिलित है;

(२८) "प्रतिषिद्ध वस्तु" से अभिप्रेत है , ऐसी कोई भी वस्तु जिससे बन्दियों बन्दिगृह एवं सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों, बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के बचाव तथा सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होता है या बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था या सरकार द्वारा प्रतिषिद्ध कोई वस्तु , पदार्थ या सामग्री, जिसके बन्दियों के कब्जे में होने से उसका हथियार के रूप में उपयोग किया जा सकता है या ऐसी वस्तु, जिसका किसी बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में लाया जाना या वहां से हटाया जाना इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन विरचित नियमों द्वारा या किसी अन्य विधि द्वारा या सरकार की किसी अधिसूचना द्वारा प्रतिषिद्ध है;

"आवर्ती अपराधी ( रिसिडिविस्ट) " से अभिप्रेत है , कोई बन्दी जो किसी अपराध के लिए एक से अधिक बार दोषसिद्ध किया गया है; (२६)

(३०) " परिहार " से अभिप्रेत है , सक्षम प्राधिकारी द्वारा दण्डादेश की अवधि को कम कर , बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था से पूर्व निर्मुक्ति की प्रत्याशा के साथ , किसी पात्र सिद्धदोष बन्दी को प्रदान की गई छूट , जैसी कि नियमों के अधीन विहित की जाए;

(३१) "नियम" से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियम;

(३२) "राज्य" से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश राज्य;

(३३) "अधीक्षक " से अभिप्रेत है, इस अधिनियम में उपबंधित कृत्यों के निर्वहन हेतु सरकार द्वारा नियुक्त किसी सुधारात्मक सेवा का पदधारी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए;

(३४) "विचारणाधीन बन्दी " से अभिप्रेत है , कोई व्यक्ति जो सिद्धदोष के रूप में किसी दण्डादेश नहीं भुगत रहा है और जिसे लंबित जांच या विचारण के दौरान न्यायिक अभिरक्षा के सुपुर्द किया गया है;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024

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(३५) "वायरलेस संचार उपकरण " से अभिप्रेत है , वायरलेस संचार के लिए उपयोग किया जाने वाला कोई उपकरण या सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिसूचित कोई अन्य उपकरण;

(

३६) "युवा अपराधी" से अभिप्रेत है , कोई बन्दी जिसने १८ वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो और २१ वर्ष की आयु पूर्ण न की हो;

अध्याय-दो

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के कार्य

३. बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के कार्य निम्नानुसार हैं , अर्थात्ः-

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के कार्य.

(क) किसी न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी की किसी याचिका , वारन्ट के अधीन या आदेश द्वारा उसे सुपुर्द किए गए बन्दी को अभिरक्षा में रखना , जैसा कि निमयों के अधीन विहित किया जाए;

( ख ) बन्दियों के बचाव तथा सुरक्षा के लिए उपयुक्त उपाय करना , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए;

(ग) बन्दियों को आवास , भोजन , कपड़े , स्वच्छ तथा पर्याप्त जल , प्रसाधन सामग्री , अन्य आवश्यकताएं तथा चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए;

(घ) बन्दियों को लिंग संवेदी शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं तक पर्याप्त पहुंच उपलब्ध कराना, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(ड .) बन्दियों को, समाज में विधि का पालन करने वाले नागरिकों के रूप में , उन्हें पुनर्वासित करने के उद्देश्य के साथ सुधारात्मक सेवाएं उपलब्ध कराना;

(च) बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार अनुशासन बनाए रखना, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए;

(छ) बन्दियों के समाज में पुनः एकीकरण तथा पुनर्वास को सुनिश्चित करने की दृष्टि से पश्चात्वर्ती देखभाल सेवा उपलब्ध कराना, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

अध्याय-तीन

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाः वास- सुविधा

बन्दियों के लिए वास-सुविधा.

४. सरकार बन्दियों की वास- सुविधा हेतु राज्य में पर्याप्त संख्या में बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं की व्यवस्था करेगी , जो ऐसी रीति में निर्मित तथा संधारित किए जाएंगे , जिससे इस अधिनियम की अपेक्षाओं का अनुपालन हो सके, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

५. ( १ ) बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के निर्माण का स्वरूप , भू तल क्षेत्र, खुला क्षेत्र प्रकोष्ठ , बैरकों का संवातन नहाने का स्थान, रसोई घर , वर्क तथा अस्पताल ऐसे मानकों तथा अपेक्षाओं को पूरा करते हों, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

बन्दिगृह एवं सुधारात्मक संस्था वास्तुकला तथा संस्थागत स्वरूप .

(२) प्रत्येक बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के सुरक्षा मानक ऐसे होंगे जैसे कि नियमों के अधीन विहित किया जाएं .

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024

(३) बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था का अभिविन्यास इस प्रकार किया जाएगा , जिससे विभिन्न श्रेणियों के बन्दियों के पृथक्करण तथा पृथक वास में सुविधा हो और / या बन्दियों की विशेष आवश्यकताओं पर ध्यान दिया जा सके, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(४) बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था की व्यवस्था में कार्यात्मक अपेक्षाओं के अनुसार सुधारात्मक सेवा पदधारी के लिए वास - सुविधा तथा अन्य सुविधाएं सम्मिलित होंगी .

(५) जहां उच्च सुरक्षा बन्दीगृह की अलग व्यवस्था न हो, वहां उच्च जोखिम बन्दियों तथा आदतन अपराधियों को पृथक किया जाएगा और बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के पृथक बैरकों तथा प्रकोष्ठों ( सेलों) में रखा जाएगा , जहां उन्हें दूर रखने की व्यवस्था हो ताकि अन्य कैदियों से घुल मिल न सकें , जैसा कि नियमों के अधीन विहित हो.

( ६ ) उपधारा ( ५) में यथा निर्दिष्ट ऐसी पृथक वास - सुविधा का समुचित , उन्नत , वास्तुकला , अभिविन्यास और संस्थागत स्वरूप होगा, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

६. ( १ ) सरकार विभिन्न श्रेणियों के बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाएं स्थापित कर सकेगी , जो कि निम्नानुसार होंगी , अर्थात्: -

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं की श्रेणीयां.

केन्द्रीय बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था;

(क)

जिला बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था;

(ख)

(ग) उप - बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था;

(घ) खुली सुधारात्मक संस्था;

केवल महिला बन्दियों के लिए बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था;

(ड.)

अल्पवय अपराधियों के लिए सुधारात्मक संस्था;

(च)

(२) सरकार किसी भी श्रेणी के बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं की संख्या तथा स्थान , जहां उन्हें स्थापित किया जाएगा अवधारित कर सकेगी.

(३) प्रत्येक केन्द्रीय बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था/जिला बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में उच्च जोखिम वाले बन्दियों /आवर्ती अपराधियों ( रिसिडिविस्ट) आदतन अपराधियों के लिए पृथक वार्ड की व्यवस्था होगी , उन्हें सेल में पृथक रूप से रखा जाएगा जहां अन्य कैदियों के साथ घुलने मिलने का कोई अवसर न हो , जिससे अन्य बन्दियों को उनके नकारात्मक प्रभाव तथा कट्टरपंथी विचार प्रक्रिया से बचाया जा सके.

(४) समस्त केन्द्रीय / जिला बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं में उच्च जोखिम वाले बन्दियों के वार्ड वाले स्थान पर समुचित तथा उन्नत सुरक्षा अधोसंरचना तथा प्रकियाएं होंगी . ऐसे केन्द्रीय बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में न्यायालय की सुनवाई हेतु एक स्वतंत्र न्यायालय परिसर के लिए भी समुचित उपबंध किए जा सकेगें .

७. जब कभी भी सरकार को यह प्रतीत होता है कि, -

बन्दियों के लिए अस्थायी वास- सुविधा (क) किसी बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में बन्दी उस संख्या से अधिक हैं जितने सुविधापूर्वक या सुरक्षित रूप से उसमें रखे जा सकते हैं , और अतिरिक्त संख्या को किसी अन्य बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में स्थानांतरित किया जाना समीचीन नहीं है ; या

(ख) जब कभी भी किसी बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में किसी बीमारी के प्रकोप से , या किसी अन्य कारण से , बन्दियों को अस्थायी आश्रय और सुरक्षित अभिरक्षा उपलब्ध कराया जाना वांछनीय हैं तो;

अस्थायी बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के लिए समुचित उपबंध ऐसी रीति में किए जा सकेंगे जैसा कि सरकार समय - समय पर निदेश दे .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2024

354 (8)

अध्याय चार

संगठनात्मक व्यवस्था

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक सेवा संचालनालय . ८ . ( 9) राज्य में बन्दीगृह एवं सुधारात्मक सेवा का एक संचालनालय होगा , जो सरकार द्वारा अधिकथित सुधारात्मक सेवा नीतियों को कार्यान्वित करने हेतु उत्तरदायी होगा और समस्त बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं तथा उससे संबंधित तथा उससे आनुषंगिक विषयों हेतु योजना बनाएगा , संचालित , निर्देशित, समन्वय तथा नियंत्रित करेगा . संचालनालय ऐसी संख्या में पदधारियों से मिलकर बनेगा , जैसा कि समय- समय पर सरकार द्वारा विहित किया जाए .

(२) संस्थागत व्यवस्था बन्दियों की आवश्यकता और अपेक्षा , कैदियों की संख्या और सुधारात्मक सेवा पदधारियों के कार्यभार के अनुसार विनिश्चित की जा सकेगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित हो .

( 9 ) सरकार, इस अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए , सुधारात्मक सेवाओं के प्रशासन के लिए समुचित श्रेणी के संचालनालय के प्रमुख को नियुक्त करेगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

संचालनालय का ६ . प्रमुख.

(२) संचालनालय का प्रमुख इस अधिनियम के अधीन शक्तियों का प्रयोग करेगा तथा कर्तव्यों का निर्वहन करेगा और सुधारात्मक सेवाओं के अन्य पदधारी संचालनालय के प्रमुख के सामान्य अधीक्षण , नियंत्रण और निर्देशन के अधीन कार्य करेंगे .

(३) संचालनालय का प्रमुख ऐसी प्रशासनिक , वित्तीय और अनुशासनात्मक शक्तियों का, विभाग के प्रमुख द्वारा प्रयोग किया जा सकता हो और ऐसी अन्य शक्तियों का, जो समय- समय पर, सरकार द्वारा विशेष रूप से उसे प्रदत्त की जाएं, प्रयोग करेगा.

१०. (१)

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के अन्य पदधारी.

सरकार, इस अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए , ऐसे कर्तव्यों के निर्वहन के लिए संचालनालय के प्रमुख की सहायता करने हेतु उतने पदधारियों को नियुक्त कर सकेगी , जितने कि वह आवश्यक समझे, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(२) प्रत्येक बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के लिए , एक अधीक्षक तथा अन्य पदधारी होंगे , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(३) किसी बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था का सामान्य प्रशासन , नियंत्रण और प्रबंधन अधीक्षक में निहित होगा और अन्य पदधारी उसके निदेशन के अधीन , ऐसे कर्तव्यों और कृत्यों का पालन करेंगे , जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

( ४) अधीक्षक, बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के दैनिक प्रशासन और प्रबंधन के लिए बंदियों की सेवाओं का उपयोग कर सकेगा , जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

भर्ती एवं प्रशिक्षण ११. ( 9)

(२) बन्दीगृह एवं सुधार संस्था के पदधारियों की योग्यताएं, भर्ती, नियुक्ति और प्रशिक्षण नियमों के अनुसार होंगे ; पदधारियों के वेतन और अन्य लाभ , समय समय पर सरकार द्वारा विहित किए गए अनुसार होंगे;

(३) सुधारात्मक सेवा विभाग के समस्त पदधारियों को बुनियादी प्रेरण प्रशिक्षण के साथ समय - समय पर सेवाकालीन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा जो उन्हें अपने कर्तव्यों का कुशलतापूर्वक और वृत्तिकरूप से निवर्हन करने में सक्षम बनाता हो .

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अध्याय पांच

सुधारात्मक सेवा पदधारियों के कर्तव्य

१२.

अधीक्षक के कृत्य तथा कर्तव्य.

(१ ) ( क) इस अधिनियम के उपबंधों और उसके अधीन बनाए गए नियमों के अध्यधीन या संचालनालय प्रमुख के आदेशों और निदेशों के अधीन रहते हुए , अधीक्षक , बंदियों के प्रवेश, बन्दीगृह और सुधारक संस्था की सुरक्षा, सुधारात्मक सेवाएं , बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था की सुरक्षा, बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के अंदर आगंतुकों को अनुमति देना, व्यय , अनुशासन , दंड और नियंत्रण , अन्य अधीनस्थ पदधारियों को सहयोग एवं सहायता से बंदियों की निर्मुक्ति और पुनर्वास सहित समस्त मामलों में बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था का प्रबंधन करेगा .

(ख ) सरकार द्वारा दिए गए ऐसे सामान्य या विशेष निर्देशों के अध्यधीन रहते हुए, केंद्रीय बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था से भिन्न अधीक्षक, इस अधिनियम या इसके अधीन बने किसी भी नियम से अनअसंगत समस्त आदेशों का पालन करेंगे जो जिला मजिस्ट्रेट द्वारा बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था को इसके संबंध में दिए जाएं और ऐसे समस्त आदेशों और उन पर की गई कार्रवाई के बारे में संचालनालय प्रमुख को रिपोर्ट करेगा .

अधीक्षक, बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था और उसके प्रभार के अधीन बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के समस्त उपकरणों और मशीनरी के उचित रखरखाव के लिए उत्तरदायी होगा . (२)

(३) अधीक्षक, उसकी देखभाल में इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में अभिलेखों को सम्मिलित करते हुए , समस्त दस्तावेजों / अभिलेखों तथा बंदी से लिए गए धन और अन्य वस्तुओं की सुरक्षित अभिरक्षा के लिए उत्तरदायी होगा, और ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करेगा और ऐसे अन्य कृत्यों का निर्वहन करेगा , जैसा नियमों में विहित किया जाए .

(४) अधीक्षक , यदि उसके मत में किसी बंदी को बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के बाहर किसी अस्पताल में विशेष उपचार अपेक्षित है तो, वह उसे ऐसे अस्पताल में भेज सकेगा या भिजवा सकेगा .

चिकित्सा अधिकारी.

१३. (१) चिकित्सा अधिकारी. प्रत्येक बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के लिए एक चिकित्सा अधिकारी होगा. यदि चिकित्सा अधिकारी का पद रिक्त है, तो शासकीय चिकित्सालय का प्रभारी चिकित्सा अधिकारी या भारसाधक चिकित्सक , बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्य करेगा .

(२) चिकित्सा अधिकारी का कतिपय मामलों में रिपोर्ट करना. जब भी चिकित्सा अधिकारी के पास यह विश्वास करने का कारण हो कि किसी बंदी का मस्तिष्क उस अनुशासन या उपचार जिसके वह अध्यधीन है, से हानिकारक रूप से प्रभावित हो रहा है या होने की संभावना है , तो चिकित्सा अधिकारी मामले के विवरण को अधीक्षक को लिखित रुप में रिपोर्ट करेगा, जैसा कि नियमों में विहित किया जाए . यह रिपोर्ट , अधीक्षक के आदेशों के साथ , आवश्यक कार्रवाई के लिए तत्काल संचालनालय प्रमुख को भेजी जाएगी .

(३) किसी बंदी की मृत्यु पर रिपोर्ट. किसी भी बंदी की मृत्यु पर , चिकित्सा अधिकारी अतिशीघ्र मामले के समस्त सुसंगत ब्यौरे दर्ज करेगा और अधीक्षक को रिपोर्ट करेगा . अधीक्षक तत्काल ऐसी टिप्पणियों के साथ , जैसा कि वह उचित समझे , एक विस्तृत रिपोर्ट प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश , संचालनालय प्रमुख , जिला मजिस्ट्रेट , मानवाधिकार आयोग और संबंधित न्यायालय यदि कोई हो , को भेजेगा, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(४) चिकित्सा अधिकारियों के निदेशन का अभिलेख. किसी बंदी के संबंध में चिकित्सा अधिकारी या चिकित्सा अधीनस्थ द्वारा दिए गए समस्त निदेश , दवाओं की आपूर्ति के आदेश या ऐसे मामलों से संबंधित निदेशों के अपवाद के साथ, जिन्हें चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्वयं या उसके अधीक्षण के अधीन कार्यान्वित किया जाता है, बंदी की स्वास्थ्य पुस्तिका में या ऐसे अन्य अभिलेख में , दिन प्रतिदिन दर्ज किए जाएंगे , जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

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अन्य बन्दीगृह पदाधारियों के कर्तव्य.

१४ . अधीक्षक के अधीनस्थ अन्य समस्त सुधारात्मक सेवा पदधारी, ऐसे कर्तव्यों का पालन और निर्वहन करेंगे जो अधीक्षक द्वारा उन्हें सौंपे जाए या सुधारात्मक सेवा के पदधारियों की विभिन्न श्रेणियों के लिए सौंपे गए कृत्यों और उत्तरदायित्वों पर आधारित है , जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

सिद्धदोष पदधारी १५० जिन बंदियों को बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के पदधारियों के रूप में नियुक्त किया गया है, उन्हें भारतीय न्याय संहिता , २०२३ ( २०२३ का ४५) के अर्थ के अधीन लोक सेवक समझा जाएगा.

१६ . अधीक्षक की समस्त या किन्ही शक्तियों और कर्तव्यों का, उसकी अनुपस्थिति में ऐसे अन्य पदधारी द्वारा प्रयोग और निर्वहन किया जा सकेगा , जैसा कि सक्षम प्राधिकारी / संचालनालय प्रमुख या तो नाम या आधिकारिक पदनाम द्वारा विहित करे .

अधीक्षक की अनुपस्थिति में उसकी शक्तियों का प्रयोग.

१७ . कोई भी सुधारात्मक सेवा पदधारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी बंदी या किसी बंदी के रिश्तेदार या मित्र के साथ कोई व्यापारिक व्यवहार नहीं करेगा , न ही उसका किसी बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के साथ कोई व्यापारिक संव्यवहार होगा या बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था को कोई रसद या किसी अन्य वस्तु की आपूर्ति के लिए किसी अनुबंध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई हित रखेगा, न ही वह ऐसी किसी रसद या वस्तुओं की बिक्री या खरीद से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई लाभ प्राप्त करेगा .

सुधारात्मक सेवा पदधारियों का बंदियों के साथ व्यापारिक संव्यवहार न रखना तथा बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के अनुबंधों में हित न रखना

पदधारी कल्याण १८ . संचालनालय प्रमुख सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों के लिए कल्याणकारी उपायों के क्रियान्वयन में सरकार को सहायता और सलाह देने के लिए एक पदधारी कल्याण विंग की स्थापना कर सकेगा .

अध्याय- छह

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था प्रशासन में प्रौद्योगिकी का उपयोग

१६. (१ ) सरकार , बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थानों के प्रभावी प्रबंधन , अधीक्षण और बंदियों के बचाव एवं सुरक्षा के लिए समुचित प्रौद्योगिकी को एकीकृत और अंतर्निहित करने का प्रयत्न करेगी .

बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था प्रशासन में प्रौद्योगिकी का उपयोग .

(२) सरकार , बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था प्रशासन को कम्प्यूटरीकृत करेगी और डेटाबेस को बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार की कम्प्यूटरीकृत प्रणाली के साथ एकीकृत करेगी . सरकार, केंद्र सरकार की कम्प्यूटरीकृत प्रणाली के साथ सूचनाओं के निर्बाध आदान-प्रदान के लिए उपयुक्त इंटरफेस भी विकसित करेगी .

(३) सरकार , बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में अनधिकृत वायरलेस संचार उपकरणों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का पता लगाने और उनके उपयोग को प्रतिषिद्ध करने हेतु अत्याधुनिक तकनीकी हस्तक्षेपों का उपयोग करेगी .

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अध्याय- सात

बंदियों का प्रवेश , स्थानांतरण और उन्मोचन

बंदियों का प्रवेश २०. (१) अधीक्षक , इस अधिनियम के अधीन या अन्यथा , किसी न्यायालय या किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी भी याचिका, वारंट या आदेश की अत्यावश्यकतानुसार, जिसके द्वारा ऐसे व्यक्ति को बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में उसकी अभिरक्षा के सुपुर्द किया गया है , सम्यक रूप से सुपुर्द किए गए व्यक्ति को प्राप्त करेगा और तब तक निरुद्ध रखेगा, जब तक कि ऐसे व्यक्ति को किसी विधि के अंतर्गत उचित कार्रवाई के अधीन उम्मोचित न कर दिया जाए या हटा न दिया जाए .

(२) अधीक्षक , ऐसी याचिका, वारंट या आदेश के निष्पादन के पश्चात् या एतद्वारा सुपुर्द किए गए व्यक्ति के उन्मोचन के पश्चात्, उसे एक सम्यक हस्ताक्षरित प्रमाण- पत्र के साथ , जिसमें दर्शाया गया हो कि उसे कैसे निष्पादित किया गया है या एतद्वारा सुपुर्द किए गए व्यक्ति को उसके निष्पादन से पूर्व अभिरक्षा से क्यों निर्मुक्त कर दिया गया है , उस न्यायालय को लौटा देगा जिसके द्वारा इसे जारी किया गया था .

(३) अधीक्षक , तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के उपबंधों के अधीन , किसी भी व्यक्ति के निरोध के लिए किसी भी न्यायालय या सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित या जारी की गयी शास्ति या आदेश या वारंट को प्रभावी कर सकेगा .

(४) जहां अधीक्षक को निष्पादन के लिए भेजे गए वारंट या आदेश की वैधता पर संदेह है, तो वह मामले को संबंधित न्यायालय या सक्षम प्राधिकारी को पुष्टि के लिए निर्दिष्ट करेगा .

(५) उपधारा ( ४ ) के अधीन किए गए संदर्भ के लंबित रहने तक बंदी को ऐसी रीति से और ऐसे प्रतिबंधों या शमन के साथ निरुद्ध में लिया जाएगा , जैसा कि वारंट या आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाए .

(६) किसी भी व्यक्ति को विधिपूर्ण वारंट प्रस्तुत करने के अधीन या किसी न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधीक्षक को संबोधित सुपुर्दगी के किसी आदेश के अधीन के सिवाय निरोध में लेने के लिए बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में प्रवेश नहीं दिया जाएगा .

किसी बंदी का अन्य राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश में स्थानांतरण .

२१. (१) जहां कोई भी व्यक्ति कारावास के दंडादेश के अधीन या मृत्यु दंडादेश के अधीन या जुर्माने के भुगतान में व्यतिक्रम करने पर या शांति बनाए रखने या संव्यवहार बनाए रखने के लिए प्रतिभूति देने में व्यतिक्रम करने पर , राज्य के बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में परिरूद्ध है , सरकार किसी अन्य राज्य की सरकार की पारस्परिक सहमति से, आदेश द्वारा , बंदी को उस बन्दीगृह एवं सुधारात्मक से दूसरे राज्य के किसी भी बन्दीगृह में स्थानांतरित करने का उपबंध कर सकेगी .

(२) राज्य के किसी भी विचाराधीन बंदी का अन्य राज्य /केंद्र शासित प्रदेश में स्थानांतरण विचारण न्यायालय की सहमति से किया जाएगा .

मानसिक रोग से ग्रस्त बंदियों का स्थानांतरण .

२२. सरकार/सक्षम प्राधिकारी , एक सामान्य या विशेष आदेश द्वारा , मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, २०१७ (२०१७ का १० ) की धारा १०३ में उल्लिखित बोर्ड की पूर्व अनुमति से मानसिक रोग से पीड़ित किसी भी बंदी को निरोध के स्थान से राज्य में किसी भी मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में स्थानांतरित करने का निदेश दे सकेगा , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

प्रवेश , निवास और पुनर्प्रवेश पर बंदियों की तलाशी और जांच की जाना.

२३. (१) जब भी किसी बंदी को बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में प्रवेश दिया जाता है, तो उसकी तलाशी ली जाएगी , समस्त नकदी , आभूषण , हथियार और निषिद्ध वस्तुएं या कोई अन्य वस्तु जिसे बंदी अपने पास नहीं रख सकता, ले ली जाएगी और उसे अधीक्षक या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी पदधारी की सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगाः परंतु, किसी महिला बंदी या ट्रांसजेंडर बंदी की तलाशी समुचित रीति से की जाएगी , जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

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(२) बन्दीगृह और सुधार संस्था में प्राप्त प्रत्येक बंदी को आपराधिक प्रक्रिया ( पहचान ) अधिनियम , २०२२ (२०२२ का ११ ) या प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अनुसार ऐसे शारीरिक और बायोमेट्रिक पहचान मापों से गुजरना होगा.

(३) ऐसे प्रत्येक बंदी की उसी दिन या २४ घंटे के अपश्चात् चिकित्सा अधिकारी द्वारा जांच की जाएगी , जो वर्तमान या अतीत की किसी भी बीमारी सहित , बंदी की स्वास्थ्य स्थिति, अभिलेख में दर्ज करेगा .

(४) प्रत्येक बंदी जो बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था छोड़ देता है या बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में पुनःप्रवेश करता है तो बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में ऐसी प्रत्येक निकासी या प्रवेश पर उसकी तलाशी ली जाएगी और उसकी भौतिक और बायोमेट्रिक पहचान की जाएगी .

(५) किसी भी प्रतिषिद्ध वस्तु का पता लगाने के लिए किसी भी बंदी की किसी भी समय तलाशी ली जा सकेगी .

बंदियों की वस्तुएं. २४. किसी बंदी की समस्त मूल्यवान वस्तुएं , जिनके संबंध में किसी सक्षम न्यायालय का कोई आदेश नहीं दिया गया है , और जो नियमों के अधीन किसी बंदी द्वारा बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में लायी जा सकती हैं या बंदी के उपयोग के लिए बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में भेजी जा सकती हैं , उन्हें इस निमित्त अधीक्षक द्वारा प्राधिकृत पदधारी की अभिरक्षा में रखा जाएगा .

विदेशी बंदियों का प्रवेश , स्थानांतरण और प्रत्यावर्तन.

२५. बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में किसी विदेशी बंदी के प्रवेश की सूचना तत्काल संचालनालय प्रमुख को भेजी जाएगी और विदेश मंत्रालय , भारत सरकार या किसी अन्य अभिकरण को, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए , अग्रेषित की जाएगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

अध्याय- आठ

बंदियों का वर्गीकरण

वर्गीकरण एवं २६. बंदियों के वर्गीकरण और सुरक्षा मूल्यांकन के लिए एक समिति का गठन किया जा सकेगा , जो सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों और अन्य पदधारियों से मिल कर बनेगी जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

सुरक्षा मूल्यांकन

समिति की

संरचना.

वर्गीकरण के आधार और श्रेणियां.

२७. (१) वर्गीकरण एवं सुरक्षा मूल्यांकन समिति बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में प्रवेशित बंदियों को उनकी उम्र , लिंग , सजा की अवधि, बचाव और सुरक्षा आवश्यकताओं , शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं और सुधारात्मक आवश्यकताओं के अनुसार वर्गीकृत कर सकेगी, जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

(२) बंदियों को निम्नलिखित श्रेणियों के अधीन वर्गीकृत किया जा सकेगा, अर्थात्:

(क) सिविल बंदी;

(ख) आपराधिक बंदी;

(ग) नंजरबंद बन्दी (डिटेन्यू) .

(३) उप - धारा ( २ ) में वर्गीकृत बंदियों को निम्नलिखित और उप - श्रेणियों के अधीन वर्गीकृत किया जा सकेगा , अर्थात्: -

(क) सिद्धदोष बंदी;

(खं) विचारणाधीन बंदी;

(ग) मादक द्रव्य व्यसनी और शराबी अपराधी;

(घ) पहली बार अपराधीय;

(2) विदेशी बंदी;

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(च) आदतन अपराधी;

(छ) उच्च जोखिम वाले बंदी;

(ज) वृद्ध और अशक्त बंदी (६५ वर्ष से अधिक);

(झ) मृत्युदंड पाए बंदी;

(ञ) मानसिक रोग से ग्रस्त बंदी;

(2) संक्रामक /पुरानी बीमारियों से पीड़ित बंदी;

(ठ) आवर्ती अपराधी;

(ड) महिला बंदी;

(2) महिला बंदी के साथ बच्चे;

(ण) पुरुष बंदी के साथ बच्चे;

(त) युवा अपराधी;

(४ ) विचारणाधीन बंदी , सिद्धदोष बंदी, सिविल बंदी , नजरबंद बन्दी और आवर्ती अपराधी को अलग- अलग बैरकों/बाड़ों /प्रकोष्ठों सेल में रखा जा सकेगा .

(५) बंदियों को लिंग के आधार पर पुरुष , महिला और ट्रांसजेंडर को अलग किया जा सकेगा और पृथक- पृथक रखा जा सकेगा .

( ६) अन्य बंदियों को नकारात्मक प्रभाव और कट्टरपंथी विचार प्रक्रिया से संरक्षित करने की दृष्टि से उच्च जोखिम वाले बंदियों को विशेष प्रकोष्ठ ( सेल) और/या उच्च सुरक्षा बन्दीगृहों में रखा जाएगा .

(७ ) अधीक्षक , उच्च जोखिम वाले बंदियों की सुरक्षित अभिरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता और सावधानी बरतेंगे , जैसा कि सरकार द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट किया जाए .

अध्याय-नौ

उच्च जोखिम वाले बंदियों और आदतन अपराधियों की आपराधिक गतिविधियों से समाज की सुरक्षा

२८. (१ ) उच्च जोखिम वाले बंदियों और आदतन अपराधियों की आपराधिक गतिविधियों से समाज की रक्षा के लिए समस्त समुचित उपाय करना राज्य के संचालनालय और पुलिस विभाग का उत्तरदायित्व होगा .

बंदियों की आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध समुचित उपाय करना.

(२) बंदी द्वारा किए गए अपराध के विवरण, उपलब्ध पृष्ठभूमि अभिलेख और इतवृत्त पत्रक के आधार पर, बंदियों को उपयुक्त रूप से वर्गीकृत किया जाएगा , उनकी प्रवृत्ति और अन्य बंदियों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा और अलग बैरक /प्रकोष्ठों में रखा जाएगा , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(३) समाज और पीड़ितों के संरक्षण की दृष्टि से , उच्च जोखिम वाले बंदी और आदतन अपराधी सामान्य तौर पर पैरोल, फरलो या किसी भी प्रकार की बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था की छुट्टी के हकदार नहीं होंगे.

२६. (१) अधीक्षक ऐसे बंदी पर विशेष पहरा और निगरानी सुनिश्चित करेगा जो गिरोह की गतिविधियों में लिप्त होने कर्तव्यस्थ की और साक्षियों को डराने धमकाने की प्रवृत्ति रखते हैं .

(२) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में गतिशील सुरक्षा सुनिश्चित करने , भाग निकलने से रोकना, व्यवस्था और आपराधिक गतिविधियों की घटनाओं को रोकने के लिए , बंदियों से खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए समुचित उपबंध , बंदियों का सावधानीपूर्वक अवलोकन तथा पर्यवेक्षण और सुसंगत जानकारी का विश्लेषण अधीक्षक द्वारा विभिन्न खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय कर किया जाएगा .

सुधारात्मक सेवा पदधारियों की सुरक्षा, खुफिया जानकारी एकत्र करने , निगरानी और चक्रानुक्रम के लिए विशेष प्रावधान.

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(३) अधीक्षक, उच्च जोखिम वाले बंदियों की कोठरियों और बैरकों में तलाशी , सामयिक तलाशी और प्रतिबंधित सामग्री, मोबाइल फोन का पता लगाने के लिए सुदृढ़ और प्रभावी उपाय सुनिश्चित करेगा और ऐसे क्षेत्रों में बार-बार औचक निरीक्षण सहित उन्नत जैमिंग समाधान तैनात करेगा .

(४) अधीक्षक बैरकों और कक्षों में तैनात सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों का सामयिक अंतराल पर चक्रानुक्रम सुनिश्चित करेगा , जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

(५) सजा पूरी होने पर या अन्यथा किसी भी बंदी की रिहाई की सूचना संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को दी जाएगी , जो ऐसे बंदियों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे .

( ६) जिला प्रशासन सक्षम प्राधिकारी के याचिका , वारंट या आदेश के अनुसार , यथास्थिति , न्यायिक कार्यवाही के लिए न्यायालय या चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल या किसी अन्य स्थान पर आने-जाने के दौरांन बंदी की आवाजाही को पूरी तरह से सुरक्षित करेगा.

(७ ) पुलिस विभाग, अधीक्षक द्वारा वांछित होने पर, ऐसे यथोचित् समय के भीतर , जैसा कि नियमों में विहित किया जाए , बंदी का आपराधिक इतिहास प्रदान करेगा .

(τ) किसी बंदी को विशेष निगरानी या देखभाल की आवश्यकता की दशा में , पुलिस विभाग बंदी के आपराधिक इतिहास के साथ ऐसी अपेक्षा को अधीक्षक के साथ साझा करेगा.

अध्याय- दस

महिला बंदियों के लिए बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था व्यवस्था

महिला बंदियों के ३०. (१ ) लिए पृथक् वास-सुविधा.

सरकार , महिला बंदियों के लिए उतनी संख्या में विशेष बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्थाएं स्थापित कर सकेगा , जितनी कि वह महिला बंदियों की आवास सुविधा के लिए आवश्यक समझे . महिला बंदियों को रखने के लिए, महिला और पुरुष दोनों बंदियों वाले बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्थान में , महिला बंदियों को एक पृथक् भवन या एक पृथक् प्रवेश द्वार के साथ उसी भवन के एक अलग हिस्से में इस तरह से रखा जाएगा, कि वे पुरुष बंदियों के संपर्क में न आएं . महिला बंदियों को बुनियादी सुविधाएं और सुधारात्मक सेवाएं प्रदान करते हुए उनकी लिंग आधारित विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा .

(२) केंद्रीय बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में महिला बंदियों के लिए बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था चिकित्सालय में एक पृथक् महिला वार्ड बनाया जा सकेगा .

(३) विशिष्ट महिला बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था तथा महिला परिक्षेत्र / महिला वार्ड के मामले में , केवल महिला सुधारात्मक सेवा पदधारियों को ही तैनात किया जाएगा . पुरुष सुधारात्मक सेवा पदधारियों को ऐसे बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था या परिक्षेत्र के बाहर कर्तव्यों के लिए तैनात किया जा सकेगा और केवल किसी आपात स्थिति या बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराध के मामले में , अधीक्षक या ड्यूटी पर मौजूद पदधारी द्वारा अंदर बुलाया जा सकेगा , जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

गर्भवती महिला ३१. जब कोई महिला बंदी गर्भवती पाई जाती है , तो चिकित्सा अधिकारी या भारसाधक अधिकारी इस तथ्य की रिपोर्ट अधीक्षक को देगा . उसकी चिकित्सा देखभाल और आहार प्रदान करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए . बंदी

महिला या पुरुष ३२. (१ ) बंदी जिसके साथ महिला या पुरूष बंदी अपने बच्चों को बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था के अंदर तब तक रख सकेंगे , जब तक कि बच्चा छह वर्ष का न हो जाए .

बच्चे हैं.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024

      (२)       बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में अपने माता या पिता के साथ रहने वाले बच्चे की स्वास्थ्य देखभाल और
                ऐसी अन्य सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी . जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .
३३.   किसी बंदी के यौन उत्पीड़न या अप्राकृतिक यौनाचार की कोई शिकायत या सूचना मिलने पर अधीक्षक बिना किसी विलम्ब     किसी बंदी के यौन
                के विधि के उपबंधों के अनुसार कार्रवाई करेगा . अधीक्षक ऐसी घटना की रिपोर्ट संचालनालय प्रमुख को देगा, उत्पीड़न या गुदा
                                                                                                                   मैथुन की
                जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .                                                                शिकायतों की
                                                                                                                   जांच.

अध्याय- ग्यारह

ट्रांसजेंडर बंदी

३४. (१) ट्रांसजेंडर बंदियों के लिए बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में पृथक् बाड़े /वार्ड प्रदान किए जा सकेंगे , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(२) ट्रांसजेंडर बंदी को कोई विशिष्ट स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताएं प्रदान की जा सकेगी .

(३) ट्रांसजेंडर बंदी को सुधारात्मक सेवाएं प्रदान की जा सकेगी.

अध्याय- बारह

बंदियों की अभिरक्षा और सुरक्षा

३५. (१) अधीक्षक , बंदियों की सुरक्षित अभिरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी उपाय करने हेतु उत्तरदायी होगा. ये उपाय यहीं तक सीमित नहीं होंगे किन्तु इनमें निम्नलिखित सम्मिलित हो सकेंगे , अर्थात्:-

बंदियों की सुरक्षित अभिरक्षा तथा सुरक्षा.

सुरक्षित दीवारें, मजबूत द्वार , अच्छी प्रकाश की व्यवस्था , बंदियों की केन्द्रीकृत निगरानी , वॉच टावर, बिजली की बाड़ , निषिद्ध वस्तुओं पर नियंत्रण , खुफिया जानकारी इकट्ठा करने की प्रणाली , सुरक्षा उद्देश्यों के लिए क्लोज सर्किट टेलीविजन और अन्य उन्नत गैजेट और डिवाइस तथा बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में निषिद्ध वस्तुओं तक पहुंच को रोका जाना .

(२) संचालनालय के प्रमुख को , किसी बंदी को राज्य की किसी अन्य बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में स्थानांतरित करने का अधिकार होगा , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए.

(३) अधीक्षक के अनुरोध पर , स्थानीय पुलिस प्राधिकारी किसी बंदी को , अदालत तक ले जाने या अस्पताल ले जाने या अभिरक्षा में पैरोल देने के लिए और किसी भी बंदी की सुरक्षित अभिरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक सेवा प्राधिकारियों को आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे , जो एक विशेष जोखिम उत्पन्न करता है , इसमें बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था से निकल भागना , दंगा करना , आगजनी करना या बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में कानून और व्यवस्था तथा अनुशासन को प्रभावित करने वाले किसी भी हिंसक साधन का सहारा लेना सम्मिलित है .

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(४) बंदियों पर ऐसे अवरोध और बल प्रयोग की रीति को विनियमित किया जा सकेगा, जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

बंदियों की बाह्य अभिरक्षा, नियंत्रण और नियोजन

३६. किसी बंदी को , जब किसी बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था से या संस्था में , जिसमें उसे विधिक रूप से परिरूद्ध किया जा सके , ले जाया जा रहा हो या लाया जा रहा हो , या किसी न्यायालय में पेशी के लिए या चिकित्सा उपचार के लिए किसी अस्पताल में ले जाया जा रहा हो या जब भी वह बाहर काम कर रहा हो या अन्यथा ऐसी किसी बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था की सीमा से परे हो विधिपूर्ण अभिरक्षा के अधीन या ऐसी बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था से संबंधित सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों के नियंत्रण में है , या ऐसी ड्यूटी के लिए अभिनियोजन कोई अन्य पदधारी के नियंत्रण में होने पर उसका बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में होना माना जाएगा और वह समस्त निर्देशों और अनुशासन के अध्यधीन होगा मानो वह वास्तव में बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में था .

बंदियों से

मुलाकात

३७. (१ ) बंदी अपने आगंतुकों अर्थात् परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ भौतिक या आभासी रूप (वर्चुअल मोड) माध्यम से , सुधारात्मक सेवा प्राधिकारियों की समुचित निगरानी में संवाद कर सकेंगे . बंदियों से मिलने वालों को बायोमेट्रिक सत्यापन /पहचान के माध्यम से सत्यापित / अभिप्रमाणित किया जाएगा.

(२) बंदी से मिलने आने वाले प्रत्येक आगंतुक का नाम , पता, फोटोग्राफ और बायोमेट्रिक पहचान अभिलेख में की जाएगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(३) विदेशी बंदी अपने परिवार के सदस्यों और दूतावास ( कांसुलर) प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर सकेगा , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(४) बंदी अपने विधिक सलाहकार से संवाद कर सकेगा, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

३८. (१) समस्त. बंदियों से मिलने आने वाले आगंतुकों की तलाशी ऐसी रीति में की जाएगी , जैसा कि नियमों में विहित किया जाए .

सुधारात्मक सेवाओं के अधिकारियों द्वारा आगंतुकों की तलाशी.

(२) यदि कोई आगंतुक अपनी तलाशी देने से इंकार करता है तो उसे बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में प्रवेश से वंचित कर दिया जाएगा और ऐसा निर्णय अभिलेख में दर्ज किया जाएगा ।

(३) महिलाओं , ट्रांसजेंडर या दिव्यांग व्यक्तियों की तलाशी के लिए समुचित उपबंध किए जा सकेंगे , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए ।

(४) समस्त सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों की बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में प्रत्येक प्रवेश पर और बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था से बाहर निकलने पर प्रत्येक बार तलाशी ली जाएगी .

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024

अध्याय-तेरह

बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में अनुशासन

३६ (१) इस अधिनियम के उपबंधों या उसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार, अधीक्षक को आवश्यक प्राधिकार होगा और बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में अनुशासन बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होगा.

बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में अनुशासन.

(२) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं में अनुशासन का पालन करने की रीति ऐसी होगी , जैसी कि नियमों के अधीन विहित की जाए .

(३) प्रत्येक बंदी सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों के आदेशों एवं निदेशों का पालन करेगा तथा इस अधिनियम के उपबंधों का पालन करेगा और ऐसे अन्य निदेशों का अनुपालन करेगा , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

४० अधीक्षक , बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के अन्दर बन्दियों एवं सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों की जानकारी के लिए, इस अधिनियम के अधीन प्रतिषिद्ध कृत्यों तथा उनके कारित किए जाने पर उपगत शक्तियों को उपवर्णित करते हुए हिन्दी या अंग्रेजी भाषा में एक सूचना किसी सहज दृष्य स्थान पर , प्रदर्शित कर सकेगा.

एवं बंदीगृह सुधारात्मक संस्था के अपराधों तथा शास्तियों प्रदर्शन. का

४१ निम्नलिखित कृत्य या लोप , जब किसी बंदी द्वारा कारित किए जाएं या उनका लोप किया जाए तब बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराध के रूप में घोषित किए गए हैं, अर्थात:-

बंदीगृह एवंसुधारात्मक अपराध .

(9) लघु अपराध :-

(क) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के किसी नियम या विनियम की जानबूझकर अवज्ञा, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए;

(ख) जानबूझकर या लगातार अपमानजनक या धमकी पूर्ण भाषा का उपयोग;

अनैतिक या अशिष्ट या उच्छृंखल व्यवहार;

(ग)

जानबूझकर श्रम करने से स्वयं को असमर्थ बना देना;

(घ)

काम करने से लगातार इंकार करना , यदि बंदी को कठोर कारावास से दंडित किया गया है;

(ड .)

(च ) किसी ऐसे सिद्धदोष बंदी द्वारा, जिसे कठिन कारावास का दंड दिया गया है , काम पर जानबूझकर निष्क्रियता या उपेक्षा करना;

(छ) किसी ऐसे सिद्धदोष बंदी द्वारा , जिसे कठिन कारावास का दंड दिया गया है , जानबूझकर काम का कुप्रबंधन करना;

(ज) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना;

(झ) किसी सुधारात्मक संस्था पदधारी के विरूद्ध जानबूझकर झूठा आरोप लगाना;

(ञ) पूर्वोक्त अपराधों में किसी अपराध को कारित करने के लिए सहायता करना या दुष्प्ररेण करना या सुकर बनाना: - मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024

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(२) बड़े अपराध : -
    (क)      आग लगने , किसी गुप्त योजना या षडयंत्र रचने, भाग निकलने के किसी प्रयत्न या निकल भागने की किसी
             बंदी या किसी अन्य व्यक्ति या सुधारात्मक सेवा पदधारी पर किसी हमले की तैयारी की, जानकारी होते
             ही यथाशीघ्र सूचना न देना या सूचना देने का लोप करना;
   ( ख)       भौतिक या इलेक्ट्रनिक रूप में संधारित किए गए अभिलेखों या दस्तावेजों से छेड़छाड़ करना या उन्हें विरूपित
             करना;
    (ग)      वायरलेस संचार उपकरण तथा/या उनके सहायक घटकों से भिन्न कोई भी प्रतिषिद्ध वस्तु प्राप्त करना,
             अपने पास रखना या स्थानांतरित करना;
   (घ)        भाग निकलने या भाग निकलने का प्रयत्न करना, भाग निकलने का षड़यंत्र रचना या भाग निकलने में
              सहायता करना;
   ( ड.)     वायरलेस संचार उपकरण तथा/ या उनके सहायक घटकों का अनाधिकृत उपयोग या कब्जे में रखना;
    (च )     बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था परिसर में , जहां प्रवेश की अनुमति नहीं है , अतिचार करना या इधर
              उधर घूमना;
    (छ)      किसी व्यक्ति के साथ अनाधिकृत संर्पक;
    (ज)       सुधारात्मक सेवा के किसी पदधारी या किसी शासकीय कर्मचारी का प्रतिरूपण करना;
    (झ)       बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में वायरलेस संचार उपकरण तथा /या उनके सहायक घटकों से भिन्न किसी
              प्रतिषिद्ध वस्तु की तस्करी करना या तस्करी करने का प्रयत्न करना या अपने कब्जे में रखना;
    (ञ )      सुधारात्मक सेवा के पदधारियों के विरूद्ध मिथ्या अभ्यावेदन करने के लिए सहबंदियों का अभित्रास;
    (ㄹ)       हड़ताल करना कोई अशांति उत्पन्न करना या उसे जारी रखना या सामूहिक भूख हड़ताल या अवज्ञा या
              अनुशासनहीनता का कोई अन्य कार्य करना या उसमें भागीदारी करना;
    (ठ)       लैंगिक उत्पीड़न या गुदामैथुन;
    (ड)       असामाजिक गतिविधियों में भागीदारी करना या उनका आयोजन करना , जैसा कि नियमों के अधीन विहित
              किया जाए;
    (ढ़)      किसी पर हमला करना या बल प्रयोग करना , बन्दियों के एक समूह द्वारा दूसरे पर हमला करना;
    (ण)       पूर्वोक्त अपराधों में किसी अपराध को कारित करने के लिए सहायता करना या    दुष्प्रेरण करना
    या सुकर बनाना;

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024

४२ अधीक्षक जांच करने के पश्चात्, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए , धारा ४१ की उपधारा ( १) या ( २) में निर्दिष्ट बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराधों के संबंध में निम्नलिखित दंडों में से कोई भी दंड दे सकेगा, अर्थात्: -

बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराधों के लिए दंड.

लघु दंड - धारा ४१ की उपधारा ( १ ) में निर्दिष्ट कोई भी लघु दंड निम्नलिखित दंडों में से कोई एक या संयुक्त रूप से दिया जा सकेगा, अर्थात्: -

(क) औपचारिक चेतावनी, जिससे अभिप्रेत है , ऐसी चेतावनी जो अधीक्षक द्वास- बंदी को व्यक्तिगत रूप से सम्बोधित की जाए और दंड पुस्तिका में तथा बंदी के वृत्त पत्रक में दर्ज की जाए ;

(ख) विधिक परामर्शदाता के सिवाय समस्त आगंतुकों से मुलाकात को एक माह की कालावधि के लिए प्रतिबंधित करना;

(ग) एक कैलेण्डर माह में १० दिन से अनधिक की मजदूरी का समपहरण करना;

(घ) बंदियों को दिए गए विशेषाधिकारों पर एक बार में एक माह से अनधिक रोक लगाना जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

बड़े दंड : - धारा ४१ की उपधारा (२ ) के खण्ड (ड़ ) के सिवाय धारा ४१ की उपधारा ( २ ) में निर्दिष्ट कोई बड़ा अपराध जिसके लिए दंड धारा ४६ के उपबंधों के अनुसार होगा . जो निम्नलिखित दंडों

में से कोई एक या संयुक्त रूप से दिया जा सकेगा, अर्थात्:-

(क) बंदियों को दिए गए विशेषाधिकारों पर एक बार में तीन माह से अनधिक रोक लगाना , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(ख) किसी अन्य बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में स्थानांतरण तथा परिणामस्वरूप विशेषाधिकारों की हानि , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए;

)عل( तीस दिन तक उपार्जित परिहार का समपहरण;

(घ) बंदी को पैरोल पर छोड़े जाने के लिए अगली पात्रता की तारीख से प्रारम्भ होने वाली एक वर्ष से अनधिक की कालावधि के लिए पैरोल के विशेषाधिकारों का निलंबन .

(ड) आमोद - प्रमोद , कैंटीन , बंदियों से मिलने वाले आगंतुक, मजदूरी , कार्य की प्रकृति के संबंध में , सुविधाओं को एक समय में एक माह से तीन माह तक के लिए रोकना या उनमें कमी करना;

(चं) एक समय में तीन माह से अनधिक की कालावधि के लिए पृथक परिरोधः

परंतु एक माह से अधिक के पृथक परिरोध के दंड की पंद्रह दिन के अंतराल के बिना , पुनरावृत्ति नहीं होगीः

परंतु यह और कि किसी वृद्ध बंदी (६५ वर्ष) या महिला बंदी को पृथक् परिरोध में परिरूद्ध नहीं किया जाएगा .

४३. ऐसे मामलों में अपराध , जिनमें जो भारतीय न्याय संहिता, २०२३ (२०२३ का ४५) या अन्य किसी विधि के अधीन अपराध गठित करते हैं , उस विशेष विधि के उपबंधों के अधीन विचारण में लिया जाएगा .

अन्य विधियों के अधीन आने वाले अपराधों के लिए प्रक्रिया.

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बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराध की पुनरावृत्ति किए जाने पर प्रक्रिया.

४४. यदि कोई बंदी बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के अनुशासन के विरूद्ध किसी ऐसे अपराध का दोषी है , ऐसा जो कि उसके अपराध कई बार कारित के लिए जाने के कारण से या अन्यथा, अधीक्षक की राय में , किसी ऐसे दण्ड के अधिनिर्णय से पर्याप्त रूप से दंडनीय नहीं है जो कि इस अधिनियम के अधीन देने की वह शक्ति रखता है वहां अधीक्षक परिस्थितियों के कथन के साथ अधिकारिता रखने वाले सक्षम मजिस्ट्रेट को ऐसे बंदी का मामला अग्रेषित करेगा तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट बंदी के विरूद्ध लगाए गए आरोप की सुनवाई करेगा और सिद्धदोष पाए जाने पर उसे कारावास का दण्ड दे सकेगा, जो तीन वर्ष की कालावधि तक बढ़ाया जा सकेगा. ऐसी अवधि किसी भी अन्य अवधि के अतिरिक्त होगी , जिसे ऐसा बंदी पहले से ही भुगत चुका हो.

भाग निकलने या भाग निकलने के प्रयत्न के लिए दंड.

४५. यदि कोई बंदी बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था से जिसमें उसे विधिपूर्ण परिरूद्ध किया जाए , या न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए ले जाया गया है , या अस्पताल जिसमें उसे भेजा गया है या वहां से लौटते समय या जब भी वह बाहर काम कर रहा हो या अन्यथा ऐसी किसी बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था की सीमा से परे हो, निकल भागता है या निकल भागने का प्रयास करता है तो अधीक्षक द्वारा सूचना दिए जाने पर, पुलिस भारतीय न्याय संहिता , २०२३ ( २०२३ का ४५ ) की धारा २६२ के अनुसार कार्रवाई करेगी और वह मजिस्ट्रेट के समक्ष सिद्धदोष होने पर , कारावास जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माना या दोनों से दंडित किए जाने का दायी होगा . इस धारा के अधीन अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होगा .

वायरलेस संचार ( उपकरणों और / या उनके सहायक अवयव पर कब्जा करने या उपयोग करने के लिए दण्ड.

४६ ) (१) जो कोई भी , चाहे वह बंदी , आगंतुक या सुधारात्मक सेवा पदधारी हो , वायरलेस उपकरणों और /या उनके सहायक घटकों को रखने या उनका उपयोग करने के द्वारा या किसी बंदीगृह से या बंदीगृह में या सुधारात्मक संस्था से या सुधारात्मक संस्था में प्रविष्ट कराने या हटाने या ऐसा करने के प्रयत्न द्वारा या ऐसे यंत्रों को किसी बंदी को प्रदाय करने या प्रदाय करने के प्रयत्न द्वारा या किसी बंदी के साथ संचार करने या संचार करने के प्रयत्न द्वारा या बंदीगृह के उपकरण , इलेक्ट्रानिक रूप में हटकर क्षतिग्रस्त करता है या नष्ट करने के द्वारा अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों का उल्लंघन करेगा या अन्यथा मजिस्ट्रेट के समक्ष दोषसिद्धि होने पर दो वर्ष की न्यूनतम कालावधि के लिए कारावास , जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा, के साथ पांच लाख रूपए से अनधिक के जुर्माने का दायी होगा .

(२) बंदी को उपधारा ( १ ) के अधीन अधिनिर्णित दण्ड, उस दण्ड के, यदि पूर्व से ही कोई दण्ड भुगत रहा हो , पूरा होने पर भुगतना होगा .

(३) उपधारा ( १ ) में उल्लिखित अपराध संज्ञेय तथा गैर- जमानतीय होंगे .

दण्ड पुस्तिका में प्रविष्टयां.

(४७) (१ ) नियमों के अधीन यथा विहित दंड पुस्तिका में दिए गए प्रत्येक दण्ड के संबंध में , बंदी का नाम , रजिस्ट्रर क्रमांक तथा वर्ग (चाहे आदतन अपराधी हो या नहीं) जिससे वह संबंधित है, बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था जिसके लिए वह दोषी था , वह तारीख जिसको ऐसा बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराध कारित किया गया था , बन्दी के विरूद्ध अभिलिखित पूर्व के बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराध (यदि कोई हो) की संस्था और उसके अंतिम बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था अपराध की तारीख (यदि कोई हो) अपराध दिया गया दंड और उसकी तारीख , अभिलिखित किए जाएंगे .

(२) प्रत्येक बड़े बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अपराध के लिए अपराध को सिद्ध करने वाले साक्षियों के नाम अभिलिखित किए जाएंगे और अधीक्षक साक्षियों के साक्ष्य का सार , बंदी की प्रतिरक्षा तथा उसके कारणों सहित निष्कर्ष अभिलिखित करेगा .

(३) उप- अधीक्षक एवं अधीक्षक, प्रत्येक दंड से संबंधित प्रविष्टियों के सामने , प्रविष्टियों की सत्यता साक्ष्य के रूप में अपने हस्ताक्षर करेंगे .

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2024

अध्याय-चौदह

दण्डादेश योजना

व्यक्तिगत ( ४८) ( १ )

दण्डादेश

योजना.

बंदियों के उपचार के कार्यक्रम को कार्यान्वित करने के लिए दण्डादेश योजना अधीक्षक द्वारा तैयार की जा सकेगी , जो बंदियों के पुनर्वासन एवं सामाजिक पुनःएकीकरण में सहायता करेगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(२) व्यक्तिगत दण्डादेश योजनाएं बंदियों की फाइलों में आवर्तीय माध्य पर अद्यतन एवं अभिलिखित की जा सकेगी .

( ४६) ( १ )

कार्य योजना एवं मजदूरी.

प्रत्येक बंदी , को जिसमें विचारणाधीन बंदी या सिविल बंदी या साधारण कारावास से दण्डादिष्ट बंदी भी सम्मिलित हैं , अभिरक्षा के दौरान , काम का अवसर प्रदान किया जा सकेगा , यदि उपलब्ध हो, तथा ऐसी दर पर आनुपातिक मजदूरी का भुगतान किया जा सकेगा, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(२) किसी भी बंदी द्वारा अर्जित एवं खर्च की गई मजदूरी का अभिलेख , आस्थगित मजदूरी की विशिष्टयां और उसके आनुषंगिक मामलों का अभिलेख अधीक्षक द्वारा संधारित किया जाएगा.

(३) सरकार राज्य में बंदियों के कल्याण के लिए एक योजना विरचित सकेगी जिसे बंदी कल्याण कोष कहा जा सकेगा .

अध्याय-पंद्रह

खुली सुधारात्मक संस्थाएं

( ५०) (१ ) सरकार बंदियों के लिए उतनी खुली सुधारात्मक संस्थाएं स्थापित कर सकेगी और अनुरक्षण कर सकेगी जितनी कि आवश्यक हो.

खुली सुधारात्मक संस्थाएं (२) सरकार ऐसी खुली सुधारात्मक संस्था में ऐसी सुविधाएं या रियायतें दे सकेगी जो बंदी को समाज में उसके पुनर्वास में मदद करें, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(३) खुली सुधारात्मक संस्थाओं के प्रशासन के नियम , जिनमें प्रक्रिया और उन बंदियों की पात्रता सम्मिलित है, जिन्हें ऐसी खुली सुधारात्मक संस्थाओं में स्थानांतरित किया जा सकता है, उन बंदियों से संव्यवहार की प्रक्रिया, जो किसी खुली सुधारात्मक संस्था में स्थानांतरण की किसी भी शर्त का उल्लंघन करते हैं , ऐसी होगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

अध्याय-सोलह

बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था की अवकाश , परिहार और समय पूर्व निर्मुक्ति

पैरोल और फरलो.

५१. (१) पात्र सिद्धदोष बंदियों को अच्छे व्यवहार और समाज में उनके पुनर्वास के उद्देश्य से सुधारात्मक उपचार के प्रति संवेदनशीलता के लिए प्रोत्साहन के रूप में बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था अवकाश प्रदान कर सकेगी, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(२) निम्नलिखित प्रकार के बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अवकाश हो सकेगें,

अर्थात्:-

(क) नियमित पैरोल;

(ख ) आपातकालीन पैरोल;

(ग) फरलो.

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(३) पात्र सिद्धदोष बन्दियों को परिरोध के तीन वर्ष पूर्ण होने के पश्चात् सक्षम प्राधिकारी द्वारा ऐसी शर्तों के अधीन और ऐसे उद्देश्यों के लिए नियमित पैरोल दी जा सकेगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए . नियमित पैरोल पर व्यतीत की गई कालावधि एक बार में पंद्रह दिनों से अधिक नहीं हो सकेगी और एक वर्ष में तीन बार से अधिक नहीं दी जा सकेगी परंतु दो नियमित पैरोल दिए जाने के बीच कम से कम तीन माह की कालावधि होगी . नियमित पैरोल पर बिताई गई अवधि को दंडादेश के भाग के रूप में नहीं गिना जाएगा.

(४) सक्षम प्राधिकारी द्वारा पात्र सिद्धदोष बन्दियों को असामान्य या आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस सुरक्षा के अधीन अधिकतम ४८ घंटे तक की कालावधि के लिए आपातकालीन पैरोल दी जा सकेगी, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए . इस पैरोल के अधीन बिताई गई अवधि को दंडादेश के भाग के रूप में गिना जाएगा.

(५ ) तीन वर्ष परिरोध की कालावधि पूर्ण होने के पश्चात् बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था में अच्छा आचरण और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन के रूप में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पात्र दोषसिद्ध को एक कैलेंडर वर्ष में १४ दिनों से अनधिक की कालावधि के लिए फरलो दिया जा सकेगा . फरलो पर व्यतीत की गई कालावधि को दंडादेश के भाग के रूप में गिना जाएगा .

(६) केंद्र के सशस्त्र बलों से संबंधित किसी विधि द्वारा शासित बंदियों के लिए, अवकाश का दिया जाना केंद्र के सशस्त्र बलों से संबंधित कानूनों के अध्यधीन होगा.

(७) यदि पैरोल या फरलो पर गया कोई बंदी, अधीक्षक की सूचना पर नियत तारीख पर आत्मसमर्पण करने में विफल रहता है , तो पुलिस भारतीय न्याय संहिता , २०२३ (२०२३ का ४५) की धारा २६२ के अनुसार कार्यवाही करेगी .

परिहार .

बंदियों को ( ५२ ) दण्डादेश भुगतते समय, किसी सिद्धदोष बंदी के समग्र अच्छे व्यवहार और आचरण के अध्यधीन रहते हुए , सक्षम प्राधिकारी द्वारा परिहार दिया जा सकेगा , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

समय पूर्व निर्मुक्ति ( ५३ ) सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी बंदी को पुनर्वास और समाज में पुनएकीकरण किए जाने के सिद्धदोष उद्देश्य से समयपूर्व निर्मुक्ति की अनुमति दी जा सकेगी . सरकार किसी सिद्धदोष बंदी की समयपूर्व निर्मुक्ति के मामलों पर विचार करने और सिफारिश करने के लिए एक दण्डादेश पुनर्विलोकन बोर्ड का गठन कर सकेगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

अध्याय सत्रह

बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं का निरीक्षण

बंदीगृह एवं

बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के निरीक्षण के लिए द्विस्तरीय प्रणाली होगी .

५४. (१)

सुधारात्मक

संस्थाओं का

निरीक्षण.

(क) वरिष्ठ सुधारात्मक सेवा पदधारियों द्वारा संचालित निरीक्षण संचालनालय प्रमुख , आवधिक अंतरालों पर जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए , समुचित रैंक के पदधारी द्वारा बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था का निरीक्षण करवा सकेगा;

(回) आगंतुक बोर्ड द्वारा संचालित निरीक्षण .-- निरीक्षण करने के लिए , आगंतुकों के बोर्ड की अध्यक्षता, यथास्थिति, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ अपर जिला न्यायाधीश/मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकेगी और इसमें ऐसे अन्य पदधारी तथा गैर - सरकारी सदस्य सम्मिलित हो सकेंगे , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

(२) धारा ५४ की उपधारा ( १ ) के खण्ड ( क) के अधीन निरीक्षण के पश्चात् संचालनालय प्रमुख को एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए.

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2024

अध्याय अठारह

विविध

विधिक सहायता.

५५. सरकार , विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम , १६८७ ( १६८७ का ३६) के उपबंधों और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण / राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण / जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विहित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार या जैसा नियमों के अधीन विहित किया जाए , बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधा प्रदान कर सकेगी.

५६. (१) प्रत्येक जिले के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विचारणाधीन बंदी पुनर्विलोकन समिति होगी और ऐसे कृत्यों को क्रियांवित करने के लिए इसमें ऐसे अन्य सदस्य सम्मिलित होंगे, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

प्रत्येक जिले के लिए विचारणाधीन बंदी पुनर्विलोकन समिति का गठन.

(२) समिति आवधिक बैठक करेगी और जिले के सभी बंदीगृहों और सुधारात्मक संस्थाओं में पात्र बंदियों के मामलों का पुनर्विलोकन करेगी और यथोचित अनुशंसाएं करेगी .

शिकायत निवारण तंत्र ५७. बंदियों की शिकायतों के निवारण के लिए एक उचित तंत्र होगा , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

५८. (१) प्रत्येक सिविल बंदी तथा विचारणाधीन आपराधिक बंदी जो स्वयं पर्याप्त वस्त्र और बिस्तर उपलब्ध कराने में सिविल असमर्थ है , अधीक्षक द्वारा यथा आवश्यक ऐसे वस्त्र और बिस्तर की आपूर्ति की जाएगी .

और विचारणाधीन आपराधिक बंदियों को वस्त्र और बिस्तर की आपूर्ति.

(२) जब किसी सिविल बंदी को किसी निजी व्यक्ति के पक्ष में डिक्री के निष्पादन के लिए बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था के लिए सौंपा गया है , तो ऐसा व्यक्ति या उसके प्रतिनिधि को, उसके द्वारा लिखित में मांग की प्राप्ति के पश्चात्अड़तालीस घंटे के भीतर , अधीक्षक को बंदी को दिए गए वस्त्रों और बिस्तरों की कीमत का भुगतान करना होगा , और ऐसा भुगतान करने में व्यतिक्रम पर बंदी को निर्मुक्त किया जा सकेगा .

५६. किसी भी आगंतुक या सुधारात्मक सेवा पदधारी को बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था के भीतर हड़ताल करने या कोई आंदोलन प्रारंभ करने या जारी रखने का अधिकार नहीं होगा.

हड़ताल और आंदोलन का निषेध

आपातकाल ६०. अधीक्षक, बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था में त्वरित प्रतिक्रिया दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपदा नियंत्रण अधिनियम , २००५ ( २००५ का ५३ ) या किसी अन्य सुसंगत अधिनियम के संगत किन्हीं अन्य उपबंधों और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेशों या विनिर्देशों को सम्मिलित करते हुए , किसी भी आपातकालीन स्थिति को रोकने और नियंत्रित करने के लिए, आवश्यक उपकरणों के क्रय करने तथा एक आकस्मिक कार्ययोजना तैयार करने सहित सभी समुचित उपाय करेगा, जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था विकास बोर्ड.

६१. राज्य, बंदियों को बेहतर सुधारात्मक सेवाएँ प्रदान करने और सुधारात्मक सेवा पदधारियों के कल्याण के लिए अधोसंरचनात्मक सुविधाओं के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से एक बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था विकास बोर्ड की स्थापना कर सकेगा और ऐसे बोर्ड की संरचना उसके उत्तरदायित्वों और शासन की नीति के लिए नियम बना सकेगा .

शक्तियों प्रत्यायोजन का ६२. इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त किसी भी शक्ति का प्रयोग और निर्वहन ऐसे पदधारियों द्वारा किया जा सकेगा , जैसा कि सरकार इस संबंध में पदाभिहित करे .

लेखा एवं संपरीक्षा ६३. प्रत्येक बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था के लेखे ऐसी रीति से संधारित किए जाएंगे और लेखा- संपरीक्षित किए जाएंगे , जैसा कि सरकार द्वारा विहित किया जाए .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2024

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सद्‌भावनापूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण.

६४. इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों या जारी किए गए आदेशों या निर्देशों के अनुसरण में सद्भावनापूर्वक किए गए या किए जाने के लिए तात्पर्थित किसी कार्य के संबंध में कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही सरकार या सरकार के किन्हीं भी पदाधिकारियों के विरूद्ध संस्थित नहीं की जाएगी .

पुरस्कार और मान्यता

६५. सरकार , सुधारात्मक सेवाओं के पद्घारियों की मात्रात्मक और गुणात्मक क्षमता के अनिवार्य स्तर को बनाए रखने के लिए , सराहनीय सेवाओं के लिए पुरस्कार , सम्मान और प्रशस्ति की एक प्रणाली विकसित करेगी , जैसा कि नियमों के अधीन विहित किया जाए .

६६. सरकार , राजपत्र में अधिसूचना द्वारा , निम्नलिखित को सम्मिलित करते हुए, किन्तु उन तक सीमित न रहते हुए अधिनियम से संगत नियम बना सकेगी , अर्थात्: -

सरकार की नियम बनाने की शक्ति.

(9) याचिका, वारंट या किसी न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अधीन उसे सौंपे गए बंदी की अभिरक्षा के संबंध में.

(२) बंदियों बचाव तथा सुरक्षा के लिए उपयुक्त उपायों के लिए उपबंध करना .

(३) बंदियों को आवास , भोजन , वस्त्र , स्वच्छ और पर्याप्त पानी, प्रसाधन सामग्री, अन्य आवश्यकताएं तथा चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना .

(४) बंदियों को पर्याप्त , लिंग- आधारित शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य देखरेख सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करना .

(५) बंदियों को विधि का पालन करने वाले नागरिकों के रूप में समाज में उनके पुनर्वास करने के उद्देश्य से सुधारात्मक सेवाएं प्रदान करना .

(६) इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में अनुशासन बनाए रखना.

(७) समाज में बंदियों के पुनर्रकीकरण और पुनर्वास को सुनिश्चित करने की दृष्टि से पश्चातवर्ती देखरेख सेवा प्रदान करना.

(5) बंदियों को रखे जाने के लिए राज्य में पर्याप्त संख्या में बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाएं उपलब्ध कराना .

( ६) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के संनिर्माण के स्वस्थ और उसके स्थापत्य अभिविन्यास के संबंध में .

प्रत्येक बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के लिए सुरक्षा के मानकों के लिए उपबंध करना.

(१०)

(११) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं में प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए उपबंध करना .

(१२) विभिन्न श्रेणियों के बंदियों को पृथक्करण और पृथक आवास की सुविधा प्रदान करने और/ या बंदियों की विशेष जरूरतों को पूरा करने के लिए उपबंध करना .

(१३) एक संस्थात्मक स्थापना के लिए उपबंध करना जिससे बंदियों , की आवश्यकता और अपेक्षा के अनुसार बंदियों की जनसंख्या तथा सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों के कार्यभार विनिश्चित किए जा सकेंगे .

(१४) संचालनालय प्रमुख की नियुक्ति के लिए उपबंध करना.

(१५) ऐसे कर्तव्यों के निर्वहन के लिए संचालनालय प्रमुख की सहायता के लिए यथाआवश्यक पदधारियों हेतु उपबंध करना .

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(१६) प्रत्येक बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के लिए यथाआवश्यक सुधारात्मक सेवा पदधारियों हेतु लिए उपबंध करना.

(१७) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के सामान्य प्रशासनिक नियंत्रण और प्रबंधन के लिए उपबंध करना.

संबंध में . ( १८) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के दैनिक प्रशासन और प्रबंधन के लिए बंदियों की सेवाओं के उपयोग के

(१६) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के पदधारियों की योग्यता, भर्ती , नियुक्ति और प्रशिक्षण के लिए उपबंध करना .

(२०) बंदी से प्राप्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में अभिलेख , धन तथा अन्य वस्तुओं सहित सभी दस्तावेजों अभिलेखों की सुरक्षित अभिरक्षा के लिए उपबंध करना.

(२१) चिकित्सा अधिकारी के कर्तव्यों एवं कृत्यों के संबंध में .

(२२) मानसिक रोगी बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में स्थानांतरित करने के लिए उपबंध करना.

(२३) बंदियों की तलाशी के संबंध में .

(२४) विदेशी बंदियों के संबंध में .

(२५) बंदियों के वर्गीकरण एवं सुरक्षा मूल्यांकन हेतु समिति के संबंध में .

(२६) सुधारात्मक सेवा पदधारियों के कर्तव्यों और कृत्यों के संबंध में .

(२७) महिला बंदियों के प्रबंधन के प्रशासन के संबंध में .

(२८) यौन उत्पीड़न या गुदा मैथुन की शिकायत के मामले में की गई कार्रवाई के संबंध में.

(२६) बंदियों से मिलने आने वाले आंगतुकों के प्रशासन एवं प्रबंधन के संबंध में .

(३०) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था अनुशासन लागू करने की रीति के लिए उपबंध करना .

(३१) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के अपराधों और दंडादेश के संबंध में .

(३२) किसी बंदी के विद्रोह करने या निकल भागने के प्रयत्न की दशा में उसके विरुद्ध हथियारों के प्रयोग के संबंध में .

(३३) बंदियों के लिए दंडादेश योजना के लिए उपबंध करना.

(३४) बंदियों की कार्य योजना और मजदूरी के संबंध में .

(३५) खुली सुधारात्मक संस्था के प्रशासन एवं प्रबंधन के संबंध में .

(३६) बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था के अवकाश, पैरोल और फरलो के संबंध में .

(३७) बंदियों को परिहार और समय पूर्व निर्मुक्ति के संबंध में.

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(३८) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं के निरीक्षण के संबंध में .

(३६) बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्था विकास बोर्ड की संरचना , उत्तरदायित्वों और प्रशासन की रीति के संबंध में .

(४०) सुधारात्मक सेवाओं के लिए पुरस्कार , मान्यता और प्रशस्ति के संबंध में.

( ६७ ) (१) मध्यप्रदेश राज्य को लागू हुए रूप में , कारगार अधिनियम , १८६४ ( १८६४ का ६) , बंदी अधिनियम , १६०० (१६०० का ३) और बंदी स्थानांतरण अधिनियम , १६५० (१६५० का २६) एतद्वारा निरसित किए जाते हैं .

निरसन तथा व्यावृत्ति

(२) इस अधिनियम में अन्तर्विष्ट किसी भी बात के होते हुए भी धारा ६८ की उपधारा ( १ ) में उल्लिखित अधिनियमों के अधीन बनाए गए और इस अधिनियम के प्रवृत्त होने से ठीक पूर्व प्रवृत्त बंदीगृहों से संबंधित समस्त नियम , विनियम , आदेश , निर्देश, अधिसूचनाएं सिवाय इसके कि जहां और जब तक वे इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत या प्रतिकूल हैं , इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा परिवर्तित, संशोधित या निरसित किए जाने तक , प्रवृत्त बने रहेंगे .

(६८) (१ ) यदि इस अधिनियम के किसी उपबंध को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उदभूत होती है , तो राज्य सरकार , राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वार , कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक या समीचीन ऐसे उपबंध कर सकेगी या ऐसे उपाय कर सकेगी. जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हों.

(२) सरकार उपधारा ( १ ) के अधीन , इस अधिनियम के प्रारम्भ होने की तारीख से पश्चातूवर्ती किसी तारीख से प्रभावी होने का आदेश दे सकती है.

उद्देश्यों और कारणों का कथन

कठिनाइयां दूर करने की शक्ति.

देश की विधियों के अनुसार न्यायालयों तथा सक्षम प्राधिकारियों द्वारा पारित दण्डादेशों के निष्पादन को सुनिश्चित करने हेतु, बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं के कार्यों को विनियमित करने हेतु पूर्व में , बन्दीगृह विधि के सिद्धांत मुख्यतः निवारक , दण्डात्मक, प्रतिशोधात्मक या निरोधक थे. हाल ही में विधायिका और न्यायपालिका का ध्यान और अधिक सुधारात्मक पहलुओं की ओर गया है. वर्तमान बन्दीगृह अधिनियम, १८६४ (१८६४ का ६) ने उस समय के उपरोक्त पुराने सिद्धातों की अपेक्षाओं को पूरा किया है , परन्तु बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं की वर्तमान अपेक्षाओं को पूरा करने में उतना उपयोगी नहीं है .

(२) नवीन विधि के सिद्धांत का लक्ष्य नवीनतम अनुज्ञेय पद्धतियों तथा तकनीकों के माध्यम से कैदियों में , उनके मन तथा विचारण प्रकिया से नकारात्मकताओं को हटाते हुए , सकारात्मकता का भाव उत्पन्न करने तथा मन में बैठाने पर केन्द्रित है . प्रस्तावित विधि कैदियों की आवश्यकता के अनुसार, बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं से उनकी निर्मुक्ति के पश्चात समाज में बेहतर समावेश के लिए, गुणवत्तापूर्ण भोजन, अच्छे रहन-सहन की स्थितियां , ध्यान, योग , खेल और कौशल वृद्धि (विभिन्न व्यवसायों में व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से सुनिश्चित करने हेतु, विभिन्न उपाय करने की आज्ञा तथा अनुमति देती है ) .

(३) प्रस्तावित विधेयक इस सिद्धांत पर बल देता है कि प्रविष्ट कैदी बढ़ी हुई सकारात्मकता , अच्छे मनोभाव तथा विशिष्ट कौशल के साथ सुधारात्मक संस्थाओं से बाहर आएं. जिससे कैदी अच्छे इंसान के रूप में बन्दीगृह छोड़ सके और देश के अधिक उत्तरदायी नागरिक बने.

(४) अतएव , उपरोक्त वर्णित कारणों से , यह समीचीन है और लोक हित में , एतद्द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में लागू हुए रूप में बन्दीगृह अधिनियम , १८६४ (१८६४ का ६) , बंदी अधिनियम, १६०० (१६०० का ३ ) और बंदी अंतरण अधिनियम , १६५० (१६५० का २६) को निरसित करने का विनिश्चय किया गया है और एतद्वारा मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक , २०२४ प्रस्तावित है .

( ५ ) अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.

भोपालः

नरेन्द्र शिवानी पटेल , भारसाधक सदस्य.

तारीख १ जुलाई २०२४ 354(27)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 4 जुलाई 2024

वित्तीय ज्ञापन

प्रस्तुत विधेयक में किसी नई संरचना अथवा नये पद निर्माण का प्रस्ताव नहीं है और न ही किसी अन्य प्रकार से कोई व्यय अंतर्ग्रस्त है , इस कारण किसी भी प्रकार के नये वित्तीय भार का प्रस्ताव नहीं है.

प्रत्यायोजित विधि निर्माण संबंधी ज्ञापन

प्रस्तुत विधेयक द्वारा जिन खण्डों द्वारा विधायन शक्तियों का प्रत्योजन किया जा रहा है , वे निम्नानुसार हैः-

१ .       खण्ड ३ (क)           किसी न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी की किसी याचिका, वारन्ट के अधीन या आदेश द्वारा उसे
                               सुपुर्द किये गए बन्दी को अभिरक्षा में रखने;
२.        खण्ड ३ (ख)           बन्दियों के बचाव तथा सुरक्षा के लिए उपयुक्त उपाय करने;
३.        खण्ड ३ (ग)           बन्दियों को आवास , भोजन , कपड़े, स्वच्छ तथा पर्याप्त जल , प्रसाधन सामग्री, अन्य आवश्यकताएं तथा
                               चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने;
४.         खण्ड ३ (घ)           बन्दियों को लिंग संवेदी शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं तक पर्याप्त पहुंच उपलब्ध कराने;
 ५.        खण्ड ३ (च)           बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार अनुशासन बनाए रखने;
 ६ .       खण्ड ३ ( छ)          बन्दियों के समाज में पुनः एकीकरण तथा पुनर्वास को सुनिश्चित करने की दृष्टि से पश्चात्वर्ती देखभाल
                                सेवा उपलब्ध कराने;
 ७.        खण्ड ४               बन्दियों की वास - सुविधा हेतु राज्य में पर्याप्त संख्या में बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं की व्यवस्था करने
                                की रीति विहित किये जाने;
 ८.        खण्ड ५ (१ )          बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के निर्माण का स्वरूप , भू तल क्षेत्र , खुला क्षेत्र प्रकोष्ठ , बैरकों का संवातन
                                नहाने का स्थान , रसोई घर , वर्क तथा अस्पताल ऐसे मानकों तथा अपेक्षाओं को पूरा करने;
  f .      खण्ड ५ (२ )          प्रत्येक बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के सुरक्षा मानक विहित किये जाने;
 १० .      खण्ड ५ ( ३)           बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था का अभिविन्यास एवं विभिन्न श्रेणियों के बन्दियों के पृथक्करण तथा पृथक
                                 वास में सुविधा और /या बन्दियों की विशेष आवश्यकताओं पर ध्यान दिये जाने;
  ११ .      खण्ड ५ (५)           उच्च जोखिम बन्दियों तथा आदतन अपराधियों को पृथक किये जाने और बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था
                                 के पृथक बैरकों तथा प्रकोष्ठों (सेलों) में रखे जाने;
  १२ .      खण्ड ५ (६)           उपधारा ( ५ ) में यथा निर्दिष्ट पृथक वास- सुविधा का समुचित , उन्नत, वास्तुकला , अभिविन्यास और संस्थागत
                                 स्वरूप विहित किये जाने;
  १३.       खण्ड ८ (२)           संस्थागत व्यवस्था बन्दियों की आवश्यकता और अपेक्षा , कैदियों की संख्या और सुधारात्मक सेवा पदधारियों
                                 के कार्यभार के अनुसार विनिश्चित किये जाने;
  १४.       खण्ड ६ (१ )          सुधारात्मक सेवाओं के प्रशासन के लिए समुचित श्रेणी के संचालनालय के प्रमुख को नियुक्त किये जाने;
  १५.       खण्ड १० (१ )         कर्तव्यों के निर्वहन के लिए संचालनालय के प्रमुख की सहायता करने हेतु पदधारियों की नियुक्ति किये जाने;
  १६.       खण्ड १० (२)          प्रत्येक बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के लिए, एक अधीक्षक तथा अन्य पदधारी नियुक्त किये जाने;

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         १७.       खण्ड १० (३)          किसी बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के सामान्य प्रशासन , नियंत्रण और प्रबंधन हेतु रीति विहित किये जाने ;
          १८.      खण्ड १० (४)          अधीक्षक , बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था के दैनिक प्रशासन और प्रबंधन के लिए बंदियों की सेवाओं का
                                        उपयोग किये जाने;
          १६ .     खण्ड ११ (१ )         बन्दीगृह एवं सुधार संस्था के पदधारियों की योग्यताएं , भर्ती , नियुक्ति और प्रशिक्षण विहित किये जाने;
          २० ..     खण्ड ११ ( २)        पदधारियों के वेतन और अन्य लाभ , समय - समय पर पद विहित किये जाने;
          २१ .      खण्ड १२ (१ ) क      अधीक्षक के कृत्य तथा कर्तव्य विहित किये जाने;
          २२ .      खण्ड १२ (३)         अधीक्षक द्वारा इलेक्ट्रानिक प्ररूप में अभिलेखों को सम्मिलित करते हुए , समस्त दस्तावेजों / अभिलेखों तथा
                                         बंदी से लिए गए धन और अन्य वस्तुओं की सुरक्षित अभिरक्षा और ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन किये
                                        जाने के संबंध में;
          २३.       खण्ड १३ (२)          चिकित्सा अधिकारी का कतिपय मामलों में रिपोर्ट दिये जाने;
          २४ .      खण्ड १३ (३)          चिकित्सा अधिकारी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट भेजे जाने;
          २५ .      खण्ड १३ (४)          चिकित्सा अधिकारी द्वारा बन्दी की स्वास्थ्य पुस्तिका एवं अभिलेख के संबंध में;
          २६ .      खण्ड १४             अन्य बन्दीगृह पदधारियों के कृत्यों और उत्तरदायित्वों के निर्धारण के संबंध में;
          २७.       खण्ड २२              मानसिक रोग से ग्रस्त बंदियों के स्थानांतरण के संबंध में;
          २८.       खण्ड २३ ( १)         प्रवेश, निकास और पुनर्प्रवेश पर बंदियों की तलाशी और जांच किये जाने के संबंध में;
          २६ .      खण्ड २४              बंदियों की वस्तुए अभिरक्षा में रखे जाने;
          ३०.       खण्ड २५              विदेशी बंदियों का प्रवेश , स्थानांतरण और प्रत्यावर्तन के संबंध में;
          ३१ .      खण्ड २६              वर्गीकरण एवं सुरक्षा मूल्यांकन समिति की संरचना के संबंध में;
          ३२ .      खण्ड २७ ( १ )        वर्गीकरण एवं सुरक्षा मूल्यांकन समिति बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में प्रवेशित बंदियों को उनकी उम्र ,
                                         लिंग , सजा की अवधि, बचाव और सुरक्षा आवश्यकताओं , शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं
                                         और सुधारात्मक आवश्यकताओं के अनुसार वर्गीकृत किये जाने;
          ३३.       खण्ड २८ ( २)         बंदी द्वारा किये गए अपराध के विवरण , उपलब्ध पृष्ठभूमि अभिलेख और इतवृत्त पत्रक के आधार पर , बंदियों
                                         को उपयुक्त रूप से वर्गीकृत किया जाएगा , उनकी प्रवृत्ति और अन्य बंदियों को नकारात्मक रूप से प्रभावित
                                         करने की क्षमता का मूल्यांकन किये जाने तथा अलग बैरक में रखे जाने;
          ३४ .      खण्ड २६ ( ४)         अधीक्षक बैरकों और कक्षों में तैनात सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों का सामयिक अंतराल पर चक्रानुक्रम
                                         सुनिश्चित किये जाने;
          ३५ .      खण्ड २६ (७)          बंदी का आपराधिक इतिहास प्रदान करने के संबंध में;
          ३६ .      खण्ड ३० (३ )         विशिष्ट महिला बन्दीगृह में सेवा पदधारियों को पदस्थ किये जाने;
          ३७ .      खण्ड ३१              गर्भवती महिला बंदी की रिपोर्ट दिये जाने;

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३८.       खण्ड ३२ (२)         बन्दीगृह और सुधारात्मक संस्था में अपने माता या पिता के साथ रहने वाले बच्चे की स्वास्थ्य देखभाल
                              और ऐसी अन्य सुविधाएं प्रदान किये जाने;
३६.       खण्ड ३३             किसी बंदी के यौन उत्पीड़न या गुदा मैथुन की शिकायतों की जांच एवं घटना की रिपोर्ट दिये जाने;
४५ .      खण्ड ३४ (१ )         ट्रांसजेंडर बंदियों के लिए बन्दीगृह एवं  सुधारात्मक संस्था व्यवस्था  किये जाने;
४६.       खण्ड ३५ (२)          संचालनालय के प्रमुख को किसी बंदी को राज्य की किसी अन्य बन्दीगृह एवं सुधारात्मक संस्था में स्थानांतरित
                              किये जाने;
४७ .      खण्ड ३५ (४)          बंदियों पर ऐसे अवरोध और बल प्रयोग की रीति को विनियमित किये जाने;
४८ .      खण्ड ३७ (२)          बंदी से मिलने आने वाले प्रत्येक आगंतुक का नाम, पता, फोटोग्राफ और बायोमेट्रिक पहचान अभिलेख में
                              किये जाने;
४६.       खण्ड ३७ (३)          विदेशी बंदी द्वारा परिवार के सदस्यों और दूतावास (कांसुलर ) प्रतिनिधियों के साथ संवाद किये जाने;
 ५० .     खण्ड ३७ (४ )         बंदी द्वारा विधिक सलाहकार से संवाद किये जाने;
५१ .      खण्ड ३८ (१)          समस्त बंदियों से मिलने आने वाले आगंतुकों की तलाशी की रीति विहित किये जाने;
 ५२ .     खण्ड ३८ (३)          महिलाओं , ट्रांसजेंडर या दिव्यांग व्यक्तियों की तलाशी के लिए समुचित उपबंध किये जाने;
 ५३ .     खण्ड ३६ (१ )         इस अधिनियम के उपबंधों या उसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार , अधीक्षक को आवश्यक प्राधिकार
                               एवं अनुशासन बनाए जाने;.
 ५४ .      खण्ड ३६ (२ )        बंदीगृह एवं सुधारात्मक संस्थाओं में अनुशासन का पालन करने की रीति विहित किये जाने;
 ५५.       खण्ड ३६ (३)         प्रत्येक बंदी सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों के आदेशों एवं निदेशों का पालन किये जाने;
 ५६ .      खण्ड ४२ (क) (ख) ( घ) बंदियों को दिए गए विशेषाधिकारों पर रोक लगाने;
 ५७ .      खण्ड ४८ (१ )        बंदियों के उपचार के कार्यक्रम को कार्यान्वित करने के लिए दण्डादेशयोजना तैयार किये जाने;
 ५८.       खण्ड ४६ (१ )        प्रत्येक बंदी को आनुपातिक मजदूरी का भुगतान किये जाने;
 ५६ .      खण्ड ५० (२)         बंदियों के पुनर्वास में मदद किये जाने;
 ६०.       खण्ड ५१ (१ ) ,      पात्र सिद्धदोष बंदियों को अच्छे व्यवहार और समाज में उनके पुनर्वास के उद्देश्य से सुधारात्मक उपचार
                               के प्रति संवेदनशीलता के लिए प्रोत्साहन के रूप में बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था द्वारा अवकाश प्रदान
                               करने;
 ६१.       खण्ड ५१ (३)         पात्र सिद्धदोष बन्दियों को परिरोध के तीन वर्ष पूर्ण होने के पश्चात् सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमित पैरोल
                               दिये जाने;
 ६२ .      खण्ड ५१ (४)         सक्षम प्राधिकारी द्वारा पात्र सिद्धदोष बन्दियों को असामान्य या आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस सुरक्षा के अधीन
                               अधिकतम ४८ घंटे तक की कालावधि के लिए आपातकालीन पैरोल दिये जाने;
 ६३.       खण्ड ५२             बंदियों को परिहार दिये जाने;

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६४ . खण्ड ५३ बंदी को पुनर्वास और समाज में पुनर्रकीकरण किये जाने के सिद्धदोष उद्देश्य से समयपूर्व निमुक्ति किये जाने;

६५ . खण्ड ५४ ( १ ) ( ख) आगंतुक बोर्ड द्वारा संचालित निरीक्षण-निरीक्षण करने के लिए , आगंतुकों के बोर्ड की अध्यक्षता , यथास्थिति, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ अपर जिला न्यायाधीश / मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा किये जाने;

६६ . खण्ड ५४ (२) धारा ५४ की उपधारा ( १ ) के खण्ड (क) के अधीन निरीक्षण के पश्चात्, संचालनालय प्रमुख को एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने;

६७ . खण्ड ५५ बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधा प्रदान किये जाने;

६८ . खण्ड ५६ (१ ) प्रत्येक जिले के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विचारणाधीन बंदी पुनर्विलोकन समिति गठित किये जाने;

६६. खण्ड ५७ शिकायत निवारण तंत्र- बंदियों की शिकायतों के निवारण के लिए एक उचित तंत्र विकसित किये जाने;

७० . खण्ड ६० अधीक्षक, बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था में त्वरित प्रतिक्रिया दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपदा नियंत्रण अधिनियम, २००५ ( २००५ का ५३ ) या किसी अन्य सुसंगत अधिनियम के संगत किन्हीं अन्य उपबंधों और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेशों या विनिर्देशों को सम्मिलित करते हुए, किसी भी आपातकालीन स्थिति को रोकने और नियंत्रित करने;

७१ . खण्ड ६१ बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था विकास बोर्ड राज्य, बंदियों को बेहतर सुधारात्मक सेवाएँ प्रदान करने और सुधारात्मक सेवापदधारियों के कल्याण के लिए अधोसंरनात्मक सुविधाओं के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से एक बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था विकास बोर्ड की स्थापना किये जाने;

७२ . खण्ड ६२ इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त किसी भी शक्ति का प्रयोग और निर्वहन ऐसे पदधारियों द्वारा किये जाने;

७३. खण्ड ६३ लेखा एवं संपरीक्षा-प्रत्येक बंदीगृह और सुधारात्मक संस्था के लेखे संधारित किये जाने;

७४ . खण्ड ६५ पुरस्कार और मान्यता -सरकार, सुधारात्मक सेवाओं के पदधारियों की मात्रात्मक और गुणात्मक क्षमता के अनिवार्य स्तर को बनाए रखने के लिए , सराहनीय सेवाओं के लिए पुरस्कार, सम्मान और प्रशस्ति की प्रणाली विकसित किये जाने;

के संबंध में राज्य सरकार द्वारा नियम बनाये जायेंगे , जो सामान्य स्वरूप के होंगे .

ए . पी . सिंह प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश विधान सभा.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से भुद्रित तथा प्रकाशित-2024.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 04 July 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2024-07-04.177.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2024-07-04.177.Extraordinary.