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सत्यमेव जयत
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण ) प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 180]
भोपाल , गुरुवार, दिनांक 4 जुलाई 2024-आषाढ़ 13, शक 1946
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 2 जुलाई 2024
क्र. 9977 - मप्रविस -16- विधान-2024. मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में , मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक , 2024 (क्रमांक 15 सन् 2024) जो विधान सभा में दिनांक 4 जुलाई 2024 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है .
ए . पी . सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १५ सन् २०२४
मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध ( संशोधन ) विधेयक, २०२४
मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम , २००४ को और संशोधित करने हेतु विधेयक . भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान मंण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
१. ( १ ) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध ( संशोधन ) अधिनियम, २०२४ है .
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.
(२) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.
धारा ११ का २. मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम , २००४ (क्रमांक ६ सन् २००४ ) की धारा ११ में, -
संशोधन.
359 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024
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(एक) उपधारा ( ५ ) में, निम्नलिखित परंतुक अंतः स्थापित किया जाए , अर्थात्ः-
"परंतु इस धारा के अधीन अधिहरण का कोई भी आदेश तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि कलेक्टर द्वारा अभिगृहीत किए गए वाहन , गौवंश और गौ- मांस के अधिहरण के लिए कार्यवाही प्रारंभ करने के संबंध में , विहित प्ररूप में कोई संसूचना, उस अपराध जिसके मद्दे अभिग्रहण किया गया है, पर विचारण की अधिकारिता रखने वाले न्यायालय को न भेज दी जाए .
(दो) उपधारा ( ५ ) के पश्चात्, निम्नलिखित उपधारा जोड़ी जाए , अर्थात्ः-
" ( ६ ) इस अधिनियम या तत्तसमय प्रवृत किसी अन्य विधि में अन्तर्विष्ट किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी , धारा ४ , ५ , ६, ६ - क एवं ६ - ख के अंतर्गत आने वाले किसी अपराध के, जिसके मद्दे ऐसा अभिग्रहण किया गया है, विचारण करने की अधिकारिता रखने वाले न्यायालय , अभिगृहीत वाहन, गौवंश और गौ - मांस के अधिहरण करने के लिए कार्यवाहियों को प्रारंभ करने के बारे में, उपरोक्त उपधारा ( ५ ) के अधीन कलेक्टर की ओर से उसे प्राप्त हुई किसी संसूचना के पश्चात् अभिगृहीत किए गए वाहन , गौवंश और गौ- मांस के व्ययन , अभिरक्षा आदि के बारे में कोई भी आदेश नहीं करेगा .
उद्देश्यों और कारणों का कथन
गौवंश या गौ - मांस को ले जा रहे यानों के अधिहरण ( जब्ती ) के उपबंध में परिवर्तन लाने के लिए , वर्तमान उपबंध यह है कि ऐसा अधिहरण न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय द्वारा किया जाता है तथा तत्पश्चात् ऐसे अभिगृहीत किए गए यान उक्त न्यायालय द्वारा दिए जाते हैं . अतएव , मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, २००४ (क्रमांक ६ सन् २००४) की धारा ११ की उपधारा ( ५ ) में संशोधन करने हेतु यह उपबंध प्रस्तावित किया गया है कि इस धारा के अधीन अधिहरण का कोई भी आदेश तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि कलेक्टर अधिगृहीत वाहन , गौवंश और गौ- मांस के अधिहरण के लिए कार्यवाही के प्रारंभ करने के संबंध में विहित प्ररूप में संसूचना जारी नहीं कर देता . अतएव , मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, २००४ (क्रमांक ६ सन् २००४ ) में तद्नुसार यथोचित संशोधन किया जाना है.
२. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है .
लखन पटेल भोपाल :
भारसाधक सदस्य .
तारीख : १ जुलाई, २०२४.
नियंत्रक , शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2024.