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सतामेव असते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, गुरुवार, दिनांक 4 जुलाई 2024-आषाढ़ 13, शक 1946
क्रमांक 182]
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 4 जुलाई 2024
क्र. 9971 - मप्रविस - 16- विधान-2024.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में , मध्यप्रदेश खुले नलकूप में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा विधेयक, 2024 (क्रमांक 17 सन् 2024 ) जो विधान सभा में दिनांक 4 जुलाई 2024 को पुरःस्थापित हुआ है . जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
ए. पी . सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १७ सन् २०२४
मध्यप्रदेश खुले नलकूप में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा विधेयक, २०२४
विषय - सूची
खण्ड :
अध्याय- एक प्रारंभिक
१ . संक्षिप्त नाम , विस्तार और प्रारंभ .
२. परिभाषाएं .
अध्याय-दो
नलकूपों या बोरवेलों को ड्रिल करने के लिए भूमिका , उत्तरदायित्व तथा प्रक्रियाएं
३. ड्रिलिंग अभिकरण का उत्तरदायित्व .
४. भूमि स्वामी /ड्रिलिंग अभिकरण का पुरानी / गैर क्रियाशील / असफल / अपूर्ण नलकूप या बोरवेल का उत्तरदायित्व .
५. सक्षम प्राधिकारी की शक्ति.
अध्याय-तीन
खुले बोरवेल या नलकूप के विरूद्ध शिकायतों के समाधान के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया किसी सरकारी पदधारी द्वारा कोई कार्रवाई करने की शक्ति. ६.
७ . खुले बोरवेल या नलकूप पर कैप लगाया जाना.
८. ड्रिलिंग अभिकरण या भूमि - स्वामी के विरूद्ध प्रथम सूचना प्रतिवेदन का रजिस्ट्रीकरण .
अध्याय-चार
अपराध तथा शास्तियां
६. अपराध तथा शास्तियां .
अध्याय-पांच
अपील
१० . अपील.
अध्याय- छह
प्रकीर्ण उपबंध
११. संक्रमण कालीन उपबंध .
१२. नियम बनाने की शक्ति .
१३. कठिनाईयां दूर करने की शक्ति.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १७ सन् २०२४
मध्यप्रदेश खुले नलकूप में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा
विधेयक, २०२४
खुले बोरवेल या नलकूप में इंसानों के गिरने से होने वाली घटनाओं या जानलेवा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए , यदि बोरवेल/नलकूप के ड्रिलिंग के समय ड्रिलिंग अभिकरण द्वारा समुचित सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए जाते हैं तो ड्रिलिंग अभिकरण के विरूद्ध विचारित कार्रवाई करने के साथ ही , लापरवाह ड्रिलिंग अभिकरण और भूमि स्वामी के विरूद्ध दाण्डिक कार्रवाई करने तथा उससे संसक्त तथा उससे आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
अध्याय-एक
प्रारंभिक
संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ.
१. ( १) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश खुले नलकूप में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा अधिनियम , २०२४ है.
(२) इसका विस्तार संपूर्ण मध्यप्रदेश राज्य पर होगा.
(३) यह मध्यप्रदेश राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा .
परिभाषाएं .
२. ( १) इस अधिनियम में जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
(क) " सक्षम प्राधिकारी " से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों में यथाविहित सक्षम प्राधिकारी के रूप में पदाभिहित व्यक्ति;
(ख) "ड्रिलिंग अभिकरण " से अभिप्रेत है , कोई व्यक्ति या प्राधिकृत व्यक्ति या कोई फर्म ( जिसमें शासकीय या अर्ध-शासकीय अभिकरण सम्मिलित हैं) , जो मशीनी रूप में या अन्य साधनों से बोरवेल /नलकूप ड्रिलिंग के काम में लगा हुआ है;
(ग) "भूमि स्वामी " से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , १६५६ ( क्रमांक २० सन् १६५६) की धारा १५८ में भूमि स्वामी के रूप में वर्णित कोई भूमि स्वामी;
(घ) " स्थानीय शासन " से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , १६५६ (क्रमांक २३ सन् १६५६ ) के अधीन गठित शहरी स्थानीय निकाय (यू एल बी) , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, १६६१ (क्रमांक ३७ सन् १६६१ ) के अधीन गठित नगर पालिका परिषद्, नगर परिषद् तथा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम , १६६३ (क्रमांक १ सन् १६६४ ) के अधीन गठित पंचायती राज संस्थाएं ( पी आर आई);
(ङ) "पुरूष" से अभिप्रेत है , किसी भी आयु का पुरूष मानव तथा "महिला " से अभिप्रेत है, किसी भी आयु की महिला मानव;
(च ) "खुला नलकूप या बोरवेल " से अभिप्रेत है , ऐसा नलकूप या बोरवेल जो इस अधिनियम की अधीन बनाए गए नियमों में यथा विहित ढका हुआ नहीं है या सील नहीं किया गया है तथा खुला पड़ा है, जिससे जानलेवा दुर्घटना का डर है ;
(छ) "व्यक्ति" में कोई कंपनी या संगम या वैयक्तिक निकाय सम्मिलित है, चाहे निगमित हो अथवा नहीं;
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(ज) "लोक उपताप" संहिता की धारा २६८ में यथा परिभाषित;
(झ) "नियम" से अभिप्रेत है , इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियम;
(ञ) " संहिता " से अभिप्रेत है , भारतीय न्याय संहिता ( २०२३ का ४५)
(г) " राज्य सरकार " से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश सरकार;
(ठ) " नलकूप या बोरवेल " से अभिप्रेत है, जमीन में जल के लिए मशीन या अन्य माध्यम से आवरण पाइप के साथ या उसके बिना खोदा गया संकरा और गहरा कुआं जो भूमि के अंदर से जल निकालने या अन्य प्रयोजन के लिए हो;
(2) "पीड़ित " से अभिप्रेत है , भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता , २०२३ ( २०२३ का ४६) की धारा २ की उपधारा (म) में यथा परिभाषित पीड़ित व्यक्ति;
(२) उन शब्दों और अभिव्यक्तियों के, जो इस अधिनियम में प्रयुक्त हुए हैं परन्तु भारतीय न्याय संहिता , २०२३ (२०२३ का ४५) , भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता , २०२३ (२०२३ का ४६), मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता , १६५६ (क्रमांक २० सन् १६५६) , या सामान्य खण्ड अधिनियम , १६५७ (१६५८ का ३ ) में परिभाषित हैं , वही अर्थ होंगे जो कि क्रमशः उन अधिनियमों में उन्हें समनुदेशित किए गए हैं .
अध्याय -दो
नलकूपों या बोरवेलों को ड्रिल करने
के लिए भूमिका, उत्तरदायित्व तथा प्रक्रियाएं
३. ( १ ) ड्रिलिंग अभिकरण , कोई बोरवेल नलकूप की ड्रिलिंग के पूर्व नियमों में यथा विहित वेब पोर्टल पर डाटा भरने के . पश्चात् बोरवेल / नलकूप ड्रिल करने के लिए अनुज्ञा प्राप्त करेगा.
ड्रिलिंग अभिकरण के उत्तरदायित्व
(२) ड्रिलिंग अभिकरण , ड्रिलिंग स्थल पर ड्रिलिंग अभिकरण और भूमि स्वामी के बारे में पूर्ण ब्यौरे प्रदर्शित करेगा और ड्रिलिंग के दौरान और उसके पूर्ण होने के बाद नियमों में यथा विहित सुरक्षात्मक उपाय करेगा .
४. (१) इस अधिनियम के प्रवृत्त होने के दिनांक को कोई निष्क्रिय बोरवेल नलकूप , इस अधिनियम के लागू होने के दिनांक से ३ मास की कालावधि के भीतर उस भूमि स्वामी द्वारा जिसकी भूमि पर बोरवेल नलकूप अवस्थित है, बंद कर दी जाएगी .
(२) कोई चालू बोरवेल /नलकूप जिसने काम करना बंद कर दिया है , भूमि स्वामी द्वारा नियमों में यथा विहित प्रक्रिया अनुसार कैप कर दी जाएगी .
भूमि स्वामी / ड्रिलिंग अभिकरण का पुरानी / गैर-क्रियाशील / असफल / अपूर्ण बोरवेल / नलकूप के उत्तरदायित्व. लिए (३) बोरवेल/नलकूप के, - (एक) असफल होने; या (दो) अपूर्ण रहने
की दशा में ड्रिलिंग अभिकरण नियमों में विहित किए गए अनुसार बोरवेल / नलकूप को कैप कर देगा / बंद कर देगा.
(४) धारा ४(१ ), (२) तथा ( ३ ) के किसी उल्लंघन की दशा में अधिनियम की धारा ६ में विहित उपबंधों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी .
५. सक्षम प्राधिकारी के पास निम्नलिखित शक्तियां होगी, - सक्षम प्राधिकारी की शक्तियां.
(एक) बोरवेल नलकूप के क्षेत्र में प्रवेश करना;
(दो) दुर्घटनाओं से रोकथाम के उपाय करना;
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 जुलाई 2024
(तीन) खुले बोरवेल / नलकूप के स्थल पर किए गए सुरक्षा उपबंधों की जांच करना;
(चार) लापरवाही के कारण किसी दुर्घटना / घटना की दशा में श्रमिक और मशीनरी लगाना.
अध्याय-तीन
खुले बोरवेल या नलकूप के विरूद्ध शिकायत के समाधान के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया
६. ( १ ) कोई शासकीय पदधारी खुले बोरवेल या नलकूप के संबंध में स्वप्रेरणा से या किसी व्यक्ति द्वारा रिपोर्ट या शिकायत प्राप्त होने पर संज्ञान ले सकेगा .
शासकीय पदधारी द्वारा कार्रवाई करने की शक्ति.
(२) प्रतिवेदन और / या शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित शासकीय पदधारी , नियमों में विहित की गई रीति में उस प्रादेशिक क्षेत्र , जिसमें बोरवेल/नलकूप स्थित है , के सक्षम प्राधिकारी को मामले की रिपोर्ट देगा .
(३ ) यदि शिकायत सत्य पाई जाती है तो शिकायतकर्ता , नियमों में यथा विहित, पुरस्कार के लिए पात्र होगा .
खुले बोरवेल या नलकूप पर कैप लगाया जाना.
७. भूमि स्वामी या ड्रिलिंग अभिकरण के यथास्थिति धारा ४ या सक्षम प्राधिकारी के निदेशों के अनुसार कार्य करने में असफल रहने की दशा में खुले बोरवेल / नलकूप को कैप करने में उपगत व्यय , मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , १६५६ के अधीन भू- राजस्व के बकाया की वसूली के उपबंधों के अनुसार वसूला जाएगा .
८. इस अधिनियम की धारा ४ में यथा उल्लिखित , ड्रिलिंग अभिकरण या भूमि स्वामी की ओर से की गई उपेक्षा के कारण कोई दुर्घटना हो जाने की दशा में , ऐसे ड्रिलिंग अभिकरण या भूमि स्वामी के विरूद्ध प्रथम सूचना प्रतिवेदन (एफ आई आर ) रजिस्ट्रीकृत की जाएगी .
ड्रिलिंग अभिकरण या भूमि स्वामी के विरूद्ध प्रथम सूचना प्रतिवेदन का रजिस्ट्रीकरण .
अध्याय-चार
अपराध तथा शास्तियां
तथा
अपराध शास्तियां .
६. ( १ ) जो कोई भी इस अधिनियम की धारा ४ में उल्लिखित किन्हीं उपबंध का उल्लंघन करता है, तब सक्षम प्राधिकारी संबंधित ड्रिलिंग अभिकरण / भूमि स्वामी को सुरक्षात्मक उपाय करने के निदेश देते हुए नोटिस जारी करेगा और ड्रिलिंग अभिकरण भूमि स्वामी के निदेशों का अनुपालन करने में असफल रहने की दशा में सक्षम प्राधिकारी , प्रथम अपराध के लिए रूपए १०००० तक ( रूपए दस हजार केवल) की और प्रत्येक पश्चात्वर्ती अपराध के लिए रूपए २५००० तक ( रूपए पच्चीस हजार केवल ) का जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा.
( २) जो कोई भी इस अधिनियम की धारा ४ में उल्लिखित किन्हीं उपबंधों का उल्लघंन करता है जिससे कोई दुर्घटना या मृत्यु हो जाती है , तब वह दोषसिद्धि पर संहिता की धारा १०० , १०५, १०६ तथा ११० के अधीन, सुंसगत उपबंधों के अनुसार दण्डित किया जाएगा .
(३ ) दुर्घटना के दौरान किसी व्यक्ति के बचाव के लिए उपगत व्यय , ड्रिलिंग अभिकरण या भूमि स्वामी से नियमों में विहित किए गए अनुसार मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता, १६५६ के अधीन भू राजस्व की बकाया की वसूली के उपबंधों के अनुसार , वसूल किया जाएगा.
अध्याय-पांच
अपील
अपील .
१०. इस अधिनियम के अधीन पारित किसी आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति ३० दिन की कालावधि के भीतर नियमों में यथा विहित अपील प्राधिकारी के समक्ष अपील संस्थित कर सकेगा.
अध्याय- छह
प्रकीर्ण उपबंध
संक्रमण कालीन
उपबंध .
११. बोरवेल और नलकूप की ड्रिलिंग , संचालन तथा अनुरक्षण के उपबंधों के संबंध में राज्य सरकार के स्थानीय निकाय या पंचायत विभाग द्वारा बनाई गई उपविधियां इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न होने तक प्रवर्तन में रहेंगी जब तक कि इस अधिनियम के अधीन राज्य सरकार द्वारा नियम नहीं बना लिए जाते.
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नियम बनाने की शक्ति.
१२. सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा , इस अधिनियम के प्रयोजनों को क्रियान्वित करने हेतु नियम , विनियम और उपविधियां बना सकेगी .
कठिनाइयां दूर करने की शक्ति.
१३. इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में यदि कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो राज्य सरकार राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा ऐसे उपबंध कर सकेगी जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हों , जैसा कि कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक या समीचीन प्रतीत होः
परन्तु ऐसा कोई आदेश इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तारीख से दो वर्ष की कालावधि की समाप्ति के पश्चात् नहीं किया जाएगा .
उद्देश्यों और कारणों का कथन
खुले या अपूरित ट्यूबवेल या बोरवेल में बच्चों के गिरने की जानलेवा दुर्घटनाओं को रोकने हेतु, भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने रिट याचिका (सिविल ) क्रमांक ३६/२००६ में पारित अपने निर्णय दिनांक ११-०२-२०१० तथा ०६-०८-२०१० में कहा है कि विभिन्न विभाग /संगठन/ व्यक्ति ट्यूबवेल या बोरवेल खोदते हैं . उन खोदे गए बोरवेल या ट्यूबवेल में से कुछ , ड्रिलिंग अभिकरणों द्वारा खुले या अपूरित छोड़ दिए जाते हैं , ऐसी घटनाओं और जानलेवा दुर्घटनाओं को रोका जाना चाहिए . माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घटनाओं और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं . उसी प्रकार के मामले में , स्वःप्रेरणा से रिट याचिका क्रमांक डब्लू पी . १२७२५/२०२३ माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर , मध्यप्रदेश में प्रस्तुत की गई थी , माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अपने अंतरिम आदेश दिनांक २५-०४-२०२४ में यह निर्दिष्ट किया था कि राज्य में ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओं को रोकने हेतु राज्य सरकार द्वारा एक विधि अधिनियमित की जानी चाहिए .
२. राज्य में ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओं को रोकने हेतु, पोर्टल पर बोरवेल या नलकूप की ड्रिलिंग के पूर्व ड्रिलिंग अभिकरण का रजिस्ट्रेशन प्रस्तावित है . यह भी प्रस्तावित है कि ड्रिलिंग अभिकरण तथा भूमि स्वामी नलकूप या बोरवेल ड्रिल किए जाने के दौरान तथा उसके पश्चात् सुरक्षात्मक उपाय करेंगे . बोरवेल या नलकूप को खुला या अपूरित रखने पर भूमि स्वामी या ड्रिलिंग अभिकरण की ओर से की गई अवज्ञा या उपेक्षा के लिए इस विधेयक में विभिन्न धाराओं के अधीन जुर्माने तथा शास्ति के उपबंध भी प्रस्तावित किए गए हैं और ऐसी उपेक्षा के कारण यदि कोई दुर्घटना होती है तो भूमि स्वामी और ड्रिलिंग अभिकरण उत्तरदायी होंगे . खोदे गए अपूरित या सील न किए गए बोरवेल या नलकूप के मामले में भूमि स्वामियों या ड्रिलिंग अभिकरण की उपेक्षा की स्वप्ररेणा से जांच करने की शक्ति भी शासकीय पदधारी में निहित की गई है .
३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है .
भोपाल :
कैलाश विजयवर्गीय
भारसाधक सदस्य .
तारीख २ जुलाई , २०२४
प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन
प्रस्तावित विधेयक के खण्ड १२ द्वारा राज्य शासन को प्रस्तावित विधेयक के खण्ड १२ द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों को क्रियान्वित करने संबंधी विधायनी शक्तियों का प्रत्यायोजन राज्य शासन को किया जा रहा है .
उक्त प्रत्यायोजन सामान्य स्वरूप का होगा .
ए . पी . सिंह
प्रमुख सचिव,
मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2024.