शास
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मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, मंगलवार, दिनांक 10 सितम्बर 2024- भाद्र 18 , शक 1946
क्रमांक 263]
आयुष विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 10 सितम्बर 2024
मध्यप्रदेश आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी स्नातक प्रवेश नियम
क्रमांक/एफ 1 / 0001/ 2022/ Sec.1 / 59/(Ayu ) : राज्य सरकार एतद् द्वारा मध्यप्रदेश राज्य के प्रवेशानुमति प्राप्त शासकीय (स्वशासी)/निजी क्षेत्र के आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु निम्नलिखित नियम बनाती हैः-
1 . शीर्षक ये नियम " मध्यप्रदेश आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी स्नातक पाठ्यक्रम प्रवेश नियम "कहलायेंगे। ये नियम " मध्यप्रदेश राजपत्र " में इनके प्रकाशन के दिनांक से प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषायें: - इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत न हो,
2.1 "महाविद्यालय "से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन के अधीन प्रवेशानुमति प्राप्त शासकीय स्वशासी व निजी आयुर्वेद , होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय।
2.2 प्रवेश परीक्षा से अभिप्रेत है , National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम इन्ट्रेन्स टेस्ट ( NEET ) ;
2.3 "राज्य सरकार" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन;
2.4 " आयुक्त"से अभिप्रेत है आयुक्त, संचालनालय आयुष म०प्र०;
2.5 "प्रधानाचार्य"से अभिप्रेत है संबंधित महाविद्यालय/ संस्थान का अकादमिक एवं प्रशासनिक प्रमुख ।
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2.6 "प्रवर्ग"से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश शासन द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित अनुसूचित जनजाति ( अजजा) , अनुसूचित जाति ( अजा) , अन्य पिछड़ा वर्ग ( अपिव) , आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) तथा अनारक्षित ( अना) प्रवर्ग ।
2.7 " संवर्ग" से अभिप्रेत है , सैनिक संवर्ग (एस) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (एफएफ) , महिला (एफ) , दिव्यांग (पीडब्लूडी) और बिना संवर्ग (एक्स ) जैसा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित किया गया है ।
2.8 दिव्यांग ( पी.डब्लू.डी. ) से अभिप्रेत है जैसा कि भारत शासन , श्रम मंत्रालय , विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केन्द्र द्वारा विनिर्दिष्ट एवं निर्धारित किया गया है ।
2.9 "नियम " से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश आयुर्वेद , होम्योपैथी एवं यूनानी स्नातक पाठ्यक्रम प्रवेश नियम ।
2.10 " एन.सी.आई.एस.एम. " से अभिप्रेत है भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग।
2.11 " एन.सी.एच. " से अभिप्रेत है राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग।
2.12 " अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमां में प्रवेश के इच्छुक व्यक्ति।
2.13 "छात्र " से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश उपरांत छात्र/छात्राएं ।
2.14 "ऑल इण्डिया काउंसिलिंग " से अभिप्रेत है ऑल इंडिया स्तर पर काउंसिलिंग ।
2.15 " स्टेट लेवल काउंसिलिंग " से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य स्तर पर काउंसिलिंग।
2.16 "ऑल इंडिया कोटा" से अभिप्रेत है म.प्र . राज्य के आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों की वे सीटें जिनको ऑल इंडिया स्तर पर काउंसिलिंग के माध्यम से भरे जाने हेतु आरक्षित रखा गया है;
2.17 " स्टेट कोटा " से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य के आयुर्वेद , होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों की वे सीटेंजिनको राज्य स्तर की काउंसिलिंग के माध्यम से भरे जाने हेतु आरक्षित रखा गया है;
2.18 " ऑल इंडिया रिवर्टेड सीट " से अभिप्रेत है, प्रदेश को वापस की जाने वाली ऑल इंडिया कोटे की वह सीट जो सेन्ट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के उपरांत रिक्त रहने से वापस की गयी है ।
सामान्य निर्देश- 3.
3.1 A ( एक) स्नातक उपाधि पाठ्यक्रम बी.ए.एम.एस. (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एण्ड सर्जरी) , बी.एच.एम.एस. (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एण्ड सर्जरी) एवं बी.यू.एम.एस. (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एण्ड सर्जरी ) , भारत सरकार/एन.सी.आई.एस.एम. ( भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग )/एन.सी.एच. (राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग )/राज्य शासन/ विश्वविद्यालय /महाविद्यालय की स्वशासी समिति द्वारा शासित एवं विनियमित होंगे तथा प्रवेश परीक्षा व प्रवेश एवं आवंटन के रामय प्रभावशील नियमों-विनियमों (यथासंशोधित) के अधीन शासित एवं दिनियमित होंगे।.
(दो) ये नियम निम्नलिखित विधिवत मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों एवं महाविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा, आवंटन एवं प्रवेश के लिये सभी पंजीकृत एवं प्रवेशित अभ्यर्थियों पर लागू होंगे।
1. शासकीय (स्वशासी ) आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय , भोपाल, बुरहानपुर , ग्वालियर, इन्दौर, जबलपुर , रीवा एवं उज्जैन में बी.ए.एम.एस. पाठ्यक्रम ।
2. शासकीय (स्वशासी ) होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय , भोपाल , में बी.एच.एम.एस. पाठ्यक्रम ।
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3. शासकीय (स्वशासी) यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय , भोपाल , में बी .यू.एम.एस. पाठ्यक्रम।
4. मध्यप्रदेश मे संचालित निजी क्षेत्र के आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालयों में बी.ए.एम.एस. पाठ्यक्रम।
5. मध्यप्रदेश में संचालित निजी क्षेत्र के होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालयों में बी.एच.एम.एस. पाठ्यक्रम ।
6. मध्यप्रदेश में संचालित निजी क्षेत्र के यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों में बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम।
3.2 यदि ऐसा पाया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in में आवेदन पत्र में प्रविष्टि के समय , अभिलेखों की जांच के समय , सीट के आवंटन के समय तथा प्रवेश के समय एवं अध्ययन के दौरान कोई तथ्य एवं जानकारी छुपाई है अथवा गलत जानकारी दी है, तो महाविद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा उसके अध्ययन के दौरान कभी भी उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा एवं नियमानुसार प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी ।
3.3 यदि अभ्यर्थी के विरूद्ध गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया जाता है , तो वह प्रदेश का हकदार नहीं होगा अथवा अध्ययन के दौरान भी ऐसी जानकारी प्राप्त होने पर प्रधानाचार्य द्वारा किसी भी समय उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकेगा ।
3.4 छात्र को दुराचरण , अनुशासनहीनता का दोषी पाये जाने अथवा लगातार बिना सूचना के एक माह से अधिक अनुपस्थित रहने पर उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी , जिसमें प्रधानाचार्य के द्वारा महाविद्यालय से निष्कासन की कार्यवाही एवं विश्वविद्यालय द्वारा नामांकन का निरस्तीकरण किया जाना सम्मिलित है ।
3.5 4. अभ्यर्थी के फोटोग्राफ के संबंध में एन ०टी० ए ० के पोर्टल पर उल्लेखित दिशानिर्देश मान्य होंगे । इस संदर्भ का अवलोकन वेबसाइट https://exams.nta.ac.in/NEET पर किया जा सकता है । सीटों की उपलब्धता -
आयुष मंत्रालय भारत सरकार/एन.सी.आई.एस.एम./एन.सी.एच. से अनुमति प्राप्त महाविद्यालयों में बीएएमएस , बीएचएमएस एवं बीयूएमएस पाठ्यक्रम में स्वीकृत कुल सीटों की 15 प्रतिशत सीटों पर ऑल इंडिया स्तर पर केन्द्र सरकार द्वारा अधिकृत एजेन्सी द्वारा " ऑल इण्डिया काउंसिलिंग " (सेन्ट्रलाइज्ड) होगी। विदेशी नागरिकों हेतु आरक्षित सीट्स का प्रदर्शन सीट आरक्षण तालिका में किया जायेगा। शेष सीटों पर काउंसिलिंग प्रदेश स्तर पर आयोजित " स्टेट लेवल काउंसिलिंग " से होगी । जिसकी महाविद्यालयवार सूची एवं सीट संख्या विभागीय वैबसाइट www.ayush.mp.gov.in व एम.पी.ऑनलाइन आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in पर यथासमय प्रदर्शित की जावेगी ।
शासकीय (स्वशासी )/निजी क्षेत्र के आयुर्वेद/होम्योपैथी/यूनानी महाविद्यालयों की स्टेट कोटे की स्वीकृत सीटें राज्य शासन की अद्यतन आरक्षण नीति के अनुरूप नीट परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों द्वारा आनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से भरी जावेंगी । सीटों की आरक्षण तालिका काउंसिलिंग के समय आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in पर उपलब्ध करायी जावेगी ।
5. आरक्षणः- स्टेट कोटे की समस्त शासकीय (स्वषासी) व निजी आयुर्वेद/होम्योपैथी/यूनानी महाविद्यालयों में सीटोंपर प्रवर्गवार आरक्षण ( अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्लू.एस. ) हेतु म.प्र. शासन द्वारा तत्समय प्रचलित आरक्षण नियमों के अध्यधीन निर्धारित प्रतिशत अनुसार रहेगा ।
5.1 दिव्यांग: -
ऐसे दिव्यांग जो मध्यप्रदेश राज्य के मूल निवासी/स्थानीय निवासी हैं, उनके लिये प्रत्येक प्रवर्ग में 06 प्रतिशत सीटें बी.ए.एम.एस. , बी.एच.एम.एस. तथा बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आरक्षित की गई हैं । यह आरक्षण ( क्षैतिजिक) हॉरिजोन्टल तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा । इसके साथ ही भारत के राजपत्र 27 दिसम्बर 2016 एवं म.प्र. के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के प्रारूप जो कि म.प्र. राजपत्र 28 नवम्बर 2017 एवं भारत के राजपत्र में भारतीय मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् संशोधन विनियम -2019 दिनांक 18/06/2019 एवं केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद् के होम्योपैथी (डिग्री पाठ्यक्रम ) के संशोधन 2018 दिनांक 14/12/2018 अथवा समय- समय में जारी किये गये है तद्नुरूप उल्लेखित पॉच केटेगरी की विकलांगतायें उक्त भारत के राजपत्रों में उल्लेखित विकलांगतायें एवं विकलांगता के प्रतिशत अनुसार दिव्यांग श्रेणी के लिये अभ्यर्थीमान्य होंगे ।
इन सीटों पर प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार को जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र एवं एमसीआई/एनएमसी द्वारा जारी मापदण्ड अनुसार बैंच मार्क डिसएबिलिटी के लिये नामित नीट डिसएबिलिटी सर्टिफिकेशन सेंटर से जारी किया गया डिसएबिलिटी दिव्यांगता प्रमाण पत्र । इस प्रकार दोनो प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है ।
5.2 सैनिक संवर्ग (मिलिट्री पर्सन) (प्रारूप-2 भाग-अ तथा ब) बी.ए.एम.एस./ बी.एच.एम.एस./ बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम मे प्रवेश हेतु प्रत्येक प्रवर्ग में सैनिक संवर्ग (एस ) के अंतर्गत सैनिकों के पुत्र/पुत्रियों के लिये प्रवेश हेतु 03 प्रतिशत स्थान आरक्षित हैं। यह आरक्षण हॉरिजोन्टल (क्षेतिजिक) तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
5.2.1 सैनिक संवर्ग के अंतर्गत उन सैनिकों (एस) के पुत्र/पुत्रियों के लिये सीटें आरक्षित हैं, जो सैनिक के रूप में सेवा कर चुके हैं, जिसमें भूतपूर्व सैनिक , कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी तथा ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी सम्मिलित हैं जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो चुकी हो या जो सेवा के दौरान स्थायी रूप से विकलांग हो गये हों।
5.2.2 भूतपूर्व सैनिक से अभिप्रेत ऐसे व्यक्ति से है जो भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार भूतपूर्व सैनिक की परिभाषा के अंतर्गत आता हो। 5.2.3 भूतपूर्व सैनिक के पुत्र/पुत्री होने के फलस्वरूप प्रवेश का दावा करने वाले अभ्यर्थी को अपने माता/पिता का भूतपूर्व सैनिक संबंधी प्रमाण पत्र तथा अपने माता पिता के मध्यप्रदेश मे बसने संबंधी प्रमाण पत्र संबंधित जिले के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी से प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा । (प्रारूप-2 भाग - स)
अथवा
वह मध्यप्रदेश के बाहर पदस्थ ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी का पुत्र/ पुत्री है , जो मध्यप्रदेश का वास्तविक निवासी है, ऐसे अभ्यर्थी को अपने पिता/माता के मध्यप्रदेश का वास्तविक निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
अथवा
इस संबंध में प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वह प्रवेश परीक्षा के वर्ष की पहली जनवरी से पूर्व मध्यप्रदेश में पदस्थ प्रतिरक्षा कर्मचारी का/की पुत्र/पुत्री है ।
टिप्पणी- सैनिक संवर्ग के अंतर्गत किसी अभ्यर्थी की पात्रता के संबंध में किसी विवाद की स्थिति में संचालक, सैनिक कल्याण, मध्यप्रदेश द्वारा दिया गया निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।
5.3 स्वतंत्रता संग्राम सेनानीः- (प्रारूप -3 )
समस्त प्रवर्गों के मध्यप्रदेश के मूलनिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र/पुत्री या पौत्र/पौत्री या नाती/नातिनों के लिये बी.ए.एम.एस./बी.एच.एम.एस./बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु 03 प्रतिशत सीट आरक्षित हैं । यह आरक्षण ( क्षेतिजिक) हॉरिजोन्टल तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा।
5.3.1 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वह व्यक्ति होगा जिसका नाम मध्यप्रदेश के संबंधित जिले के कलेक्टर के कार्यालय में संधारित सूची में पंजीकृत हो।
5.3.2 ऐसे अभ्यर्थी जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग के अधीन प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं, उन्हें मध्यप्रदेश के संबंधित जिले के कलेक्टर से तत्संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । अन्य कोई दस्तावेज स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग का होने के लिए वैध प्रमाण पत्र के रूप में मान्य नहीं होगा।
5.4 महिला आरक्षणः- बी.ए.एम.एस. / बी.एच.एम.एस./बी.यू.एम.एस.पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रत्येक प्रवर्ग में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिये आरक्षित रखी गई हैं। यह आरक्षण ( क्षेतिजिक) होरिजोन्टल व कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
5.5 जाति प्रभाण पत्रः
5.5.1 अभ्यर्थी अपनी इच्छानुसार अपने प्रवर्ग के अधीन केवल एक आरक्षित संवर्ग के अंतर्गत आरक्षण के लिये आवेदन कर सकता है । आरक्षित प्रवर्ग के अभ्यर्थियों को म.प्र. शासन के सक्षम
अधिकारी से विहित प्रपत्र में स्थाई जाति प्रमाणं पन अनिवार्यतः प्रस्तुत करना होगा। जिस पर, A 526(3)
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प्रकरण क्रमांक, दिनांक एवं जारी करने वाले अधिकारी का पदनाम एवं सील सुस्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। (प्रारूप-4- अ एवं ब)
5.5.2 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए राज्य शासन द्वारा समय- समय पर जारी नियम /निर्देशों के अनुक्रम में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
5.6 आय प्रमाण पत्रः-
अन्यपिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के समय वर्तमान वित्तीय वर्ष (जो काउंसिलिंग सत्र से 01 वर्ष से अधिक पूर्व का न हो) का वैध आय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। (आय प्रमाण- पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन एवं प्रमाण पत्र का प्रारूप क्रमांक -05 " अ " पर है । इसी प्रारूप में जारी प्रमाण - पत्र मान्य होगा । ) 5.6.1 आय प्रमाण पत्र के संबंध में मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक सी. - 3- 7-2013-3- एक दिनांक 25/9/2014 द्वारा आय प्रमाण पत्र के संबंध में जारी निर्देश अनुसार स्वप्रमाणित घोषणा पत्र सादे कागज पर (निर्धारित प्रारूप 05 ' ब' के अनुसार) जो कि अभ्यर्थी के पिता/वैध अभिभावक द्वारा हस्ताक्षरित हो , प्रस्तुत किया जा सकता है ।
5.6.2 मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय - समय पर जारी निर्देश अनुसार नियमानुसार क्रीमी लेयर के निर्धारण अनुसार अभ्यर्थी को आरक्षण की पात्रता होगी। अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को क्रीमीलेयर संबंधी निर्धारण हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष का आय प्रमाण- पत्र (निर्धारित प्रारूप 05 ' अ'' ब' के अनुसार) प्रस्तुत करना होगा । स्वप्रमाणित घोषणापत्र/शपथ पत्र के आधार पर प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत आय प्रमाण पत्र में वर्णित तथ्यों की सत्यता की जांच कराई जावेगी । यदि जांच में कोई असत्यता पाई जाती है तो ऐसे अभ्यर्थी के विरुद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी ।
5.7 ऐसे अभ्यर्थी जो किसी संवर्ग (सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, विकलांग एवं महिला संवर्ग) के अंतर्गत प्रवेश के लिये इच्छुक नहीं हैं, वे अपनी स्वयं के प्रवर्ग में बिना संवर्ग ( एक्स) के अन्तर्गत आवेदन कर सकते हैं ।
5.8 यदि किसी प्रवर्ग में सैनिक संवर्ग (एस) , स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (एफ.एफ.) , दिव्यांग (पी.एच. ) तथा महिला (एफ) संवर्ग में रिक्त सीट पर आवंटन हेतु योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होंगे तो उतनी रिक्त सीटें द्वितीय चरण/तृतीय चरण/अन्य आगामी चरण के आवंटन प्रक्रिया के दौरान उसी प्रवर्ग की बिना संवर्ग (एक्स) में उपलब्ध करा दी जायेंगी । यदि आरक्षित प्रवर्ग की बिना संवर्ग (एक्स) में भी रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार प्रवर्ग की आरक्षित सीमा तक उपलब्ध नहीं हो तो रिक्त सीटें नियम 5.9 में उल्लेखित क्रमानुसार अन्य प्रवर्गों के योग्य उम्मीदवारों से भरी जा सकेगी।
5.9 आरक्षित प्रवर्ग की सीट का परिवर्तन-
में यदि आरक्षण के अनुसार च्वाइस फिलिंग करने वाले पात्र उम्मीदवार किसी आरक्षित प्रवर्ग उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों को द्वितीय चरण/तृतीय चरण/अन्य आगामी चरण के आवंटन प्रक्रिया के दौरान अन्य प्रवर्गों में निम्नानुसार परिवर्तित कर भरने की कार्यवाही की जावेगी (कृपया नोट भी देखे) -
(क) अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जाति प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी ।
(ख) अनुसूचित जाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जनजाति श्रेणी के प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी ।
(ग) यदि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति दोनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी ।
(घ) यदि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग तीनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते है तो ऐसी स्थिति मे आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति ई.डब्ल्यू.एस. प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी।
(ड़) यदि उपरोक्त चारों आरक्षित प्रवर्गों के अंतर्गत पात्र उम्मीदवार उपरोक्तानुसार उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति मे रिक्त सीटो की पूर्ति अनारक्षित प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से कीजावेगी।
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नोट- यह व्यवस्था सम्बन्धित प्रवर्ग के योग्य उम्मीदवारों की विकल्प चयन हेतु महाविद्यालयों के लिए च्वाइस लॉक (चयन) किए गये अभ्यर्थियों के समाप्त होने के बाद लागू होगी ।
5.10 सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग द्वारा ऑल इण्डिया कोटे की सीट्स नहीं भरने की स्थिति में रिवर्टेड सीट्स को , स्टेट कोटे में शामिल कर स्टेट लेवल काउंसिलिंग के माध्यम से, तत्समय प्रचलित काउंसिलिंग चरण के प्रभावी नियम/निर्देशों के अनुसार, भरा जावेगा।
प्रवेश हेतु अर्हतायें- 6.
6.1 बी.ए.एम.एस. /बी.एच.एम.एस/बी.यू.एम.एस.पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली, माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल की 10+ 2 प्रणाली की बारहवीं परीक्षा अथवा किसी राज्य सरकार द्वारा संचालित समकक्ष परीक्षा (अर्हता परीक्षा) में भौतिकी, रसायन तथा जीवविज्ञान विषय ( PCB ) में प्रत्येक विषय अलग- अलग उत्तीर्ण करते हुये संयुक्त रूप से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त सामान्य श्रेणी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्लू.एस. ) प्रवर्ग के तथा न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त आरक्षित प्रवर्ग के अभ्यर्थी ही पात्र होगे ।
6.1.2 बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम हेतु निम्नलिखित अभ्यर्थी प्रवेश के पात्र होंगेः-
उपरोक्त के साथ अभ्यर्थी 10 वीं कक्षा या 12 वीं कक्षा में एक विषय के रूप में उर्दू या अरबी या फारसी भाषा में उत्तीर्ण हो।
यदि अभ्यर्थी द्वारा 10 वीं कक्षा या 12 वीं कक्षा में एक विषय के रूप में उर्दू या अरबी या फारसी भाषा में उत्तीर्ण नही की है तो वह भी पात्र होंगे किन्तु ऐसे अभ्यर्थियों को प्रथम व्यावसायिक बी० यू०एम ० एस ० सत्र के दौरान अरबी तथा मन्तिक व फलसिफा (लॉजिक एण्ड फिलॉसाफी) के साथ उर्दू भाषा का भी अध्ययन करना होगा ।
6.1.3 बी.एच.एम.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु 10 + 2 प्रणाली की बारहवीं परीक्षा (अर्हता परीक्षा) में भौतिकी, रसायन तथा जीव विज्ञान/ बायोटेक्नोलॉजी विषय ( PCB) विषय के उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे ।
6.1.4 ऐसे सभी प्रवर्गों तथा संवर्गों के अभ्यर्थियों को 10+ 2 अर्हक परीक्षा में अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना आवश्यक है । दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (2016 का 49) के अधीन विनिर्दिष्ट विकलांगता तल चिन्ह रखने वाले अभ्यर्थियों के मामले में, सामान्य श्रेणी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्लू.एस. ) हेतु न्यूनतम अंक 45 प्रतिशत, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग हेतुन्यूनतम अंक 40 प्रतिशत होंगे ।
6.2 इसके अतिरिक्त , भारत के राजपत्र क्रमांक 480 , भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिसूचना दिनांक 07 दिसम्बर 2018 एवं केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद् के निर्देशानुसार NEET परीक्षा में अनारक्षित वर्ग एवं EWS प्रवर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशतक
परसेन्टाइल) व अनुसूचित जनजाति/ अनुसूचित जाति/अन्य पिछडा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 40 प्रतिशतक (परसेन्टाइल) न्यूनतम अंक होना आवश्यक है । दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (2016 का 49) के अधीन विनिर्दिष्ट विकलांगता तल चिन्ह रखने वाले अभ्यर्थियों के मामले में, सामान्य एवं EWS श्रेणी हेतु न्यूनतम अंक 45 प्रतिशतक (परसेन्टाइल) , अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछडा वर्ग हेतु न्यूनतम अंक 40 प्रतिशतक (परसेन्टाइल) होना आवश्यक है।
6.3 भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् ( भारतीय चिकित्सा में शिक्षा के न्यूनतम मानक) विनियम -2018 के नियम -2 ( ii ) के " ख " के एवं केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद् के होम्योपैथी(डिग्री पाठ्यक्रम) विनियम -1983 के संशोधन विनियम-2018 के नियम-2 (ii ) के व्याख्या एवं स्पष्टीकरण के अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशत यथा निर्देशित केन्द्र सरकार द्वारा कम किये जाने पर तद्नुरूप मान्य होंगे। आयुष मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा उक्त अधिनियम अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशतक कम किये जाने के दृष्टिगत मैरिट सूची एम० पी० ऑनलाइन द्वारा तैयार की जावेगी, जिसके लिये समस्त नीट परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थी यदि म०प्र ० आयुष काउंसिलिंग हेतु उक्त नियमों के प्रावधान अनुसार पंजीयन कराते हैं तो उनकी मैरिट सूची जारी कीजावेगी एवं उपलब्ध अद्यतन न्यूनतम अंक के निर्देशानुसार अभ्यर्थी प्रवेश हेतु पात्र होंगे।
6.4 अभ्यर्थियों के लिए प्रतिशतक (परसेन्टाइल) न्यूनतम अंक एन.टी.ए. NTA की वेबसाईट पर जारी मेरिट लिस्ट व अर्हता मानक मान्य होंगे । इस संदर्भ का अवलोकन विभागीय वेबसाइट www.ayush.mp.gov.in पर किया जा सकता है ।
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6.5 यदि कोई विदेशी नागरिक प्रवेश लेना चाहते हैं, तो उनकी पात्रता पर संबंधित विश्वविद्यालय/बोर्ड द्वारा प्रदान किये गये समानता प्रमाण पत्र और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा अनुमोदित होने के आधार पर ही विचार किया जायेगा । ऐसे सभी प्रवर्गों तथा संवर्गों के अभ्यर्थियों को समकक्ष अर्हक परीक्षा में अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है । ऐसे श्रेणी के अभ्यर्थियों को उपलब्ध सीट्स पर प्रवेश की प्रक्रिया भारत सरकार, आयुष मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार सम्पादित होगी ।
6.6 बी.ए.एम.एस. /बी.एच.एम.एस./बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी की आयु प्रवेश सत्र के 31 दिसम्बर को न्यूनतम 17 वर्ष होनी चाहिये ।
6.7 आयु की गणना के लिये हाईस्कूल/हायरसेकेण्ड्री स्कूल सर्टीफिकेट परीक्षा की अंकसूची/प्रमाण पत्र अथवा सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र को ही प्रमाणित दस्तावेज माना जावेगा ।
6.8 शासकीय (स्वशासी) महाविद्यालयों की स्टेट कोटा सीट में प्रवेश के लिये अभ्यर्थी को मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है जिसके लिए अभ्यर्थी को मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के पत्र क्र0 सी- 3-7-2013-3-1 भोपाल दिनांक 25 सितम्बर 2014 के अनुसार म.प्र. के स्थानीय निवासी की पात्रता के लिए मापदण्ड की पूर्ति करना आवश्यक होगी। जिसके लिए म.प्र. शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप में स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र/स्वप्रमाणित घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा। (प्रारूप 6 एवं 7 ) किन्तु निजी क्षेत्र के महाविद्यालयों में प्रदेश व प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे परन्तु इन निजी महाविद्यालयों में मेरिटवार म.प्र. के स्थानीय निवासियों को वरीयता दी जावेगी।
7. फीस संरचना-
शासकीय (स्वशासी) महाविद्यालयों में प्रवेष प्राप्त करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को निर्धारित शुल्क तालिका-1 अनुसार देय होगा जिसे संबंधित महाविद्यालय की वेबसाईट/नोटिस बोर्ड पर भी देखा जा सकता है । निजी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों में प्रवेशित अभ्यर्थी को प्रवेश तथाफीस विनियामक समिति/म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा निर्धारित फीस देय होगी ।
7.1 फीसवापसीः-
काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेशित छात्रों द्वारा काउंसिलिंग के तृतीय चरण तक महाविद्यालय स्तर पर ऑनलाइन सीट छोड़ने/प्रवेश निरस्त करने पर, ऐसे छात्रों द्वारा जमा शिक्षण शुल्क से 10 प्रतिशत राशि काटकर (अधिकतम दस हजार रूपये) शेष राशि लौटायी जावेगी। तृतीय चरण के पश्चात् प्रवेश निरस्त करने पर केवल कॉशन मनी वापसी योग्य होगी ।
8. आयुक्त, आयुष संचालनालय किसी शासकीय (स्वशासी)/निजी आयुष महाविद्यालय में रिक्त सीट के विरूद्ध अध्ययनरत/इन्टर्नशिप के दौरान छात्रों के स्थानांतरण/आपसी स्थानांतरण एन.सी.आई.एस.एम./एन.सी.एच. के प्रावधानों के अनुसार दोनो संस्थाओं/विश्वविद्यालय के अनापत्ति प्रमाण पत्र के उपरान्त कर सकेगे ।
9 रजिस्ट्रेशनः-
आयुष संचालनालय द्वारा काउंसलिंग की निर्धारित समय सारणी एवं विस्तृत कार्यक्रम जारी कर संचालनालय आयुष, म.प्र. की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.inतथा https://ayush.mponline.gov.in portal पर प्रदर्शित किया जायेगा। आवेदक को रजिस्ट्रेशन हेतु https://ayush.mponline.gov.in portal पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसका निर्धारित शुल्क रूपये 500/- (पांच सौ रूपये मात्र) देय होगा। रजिस्ट्रेशन होने के लिए अभ्यर्थी को अपनी Candidate Profile बनानी होगी ।
नोटः- अभ्यर्थी को काउंसिलिंग हेतु पंजीयन का अवसर सभी चरणों में प्रदान किया जावेगा । पंजीयन एवं सत्यापन न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नहीं किया जावेगा । इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन/दावा मान्य नहीं होगा ।
10 अभिलेख सत्यापन:-
10.1 अभ्यर्थी को प्रवेश के पूर्व समस्त मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा । अभ्यर्थी किसी भी शासकीय स्वशासी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालय में अपने समस्त मूल अभिलेखों का सत्यापन करा सकते है । इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश तत्समय एमपी ऑनलाइन के पोर्टल एवं विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित किये जावेगा ।
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11 प्रावीण्यसूचीः-
नीट परीक्षा की प्रावीण्य सूची के अनुसार ऐसे अभ्यर्थी की, जो म०प्र ०के आयुर्वेद/होम्योपैथी/यूनानी महाविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रम में राज्य कोटे की सीटों पर प्रवेश पंजीयन हेतु एम.पी. आनलाइन द्वारा आवेदन प्रस्तुत करते हैं, प्रावीण्य सूची तैयार कर घोषित की जायेगी।
12 संस्थाका चयनः-
आवेदक को अपनी प्राथमिकता के अनुसार पाठ्यक्रमों/संस्थाओं का क्रमानुसार चयन का विकल्प https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर अपना Candidate Profile से लॉगिन करके चॉईस फिलिंग और लॉकिंग करनी होगी , जिसका निर्धारित शुल्क 50/- रूपये (पचास रूपये मात्र) देय होगा । इस राशि की रसीद दी जावेगी , जिसमें आवेदक द्वारा चयनित संस्थाओं कीसूची दर्शित होगी ।
अभ्यर्थियों द्वारा पंजीयन के पश्चात् इन नियमों के नियम -11 के अनुसार घोषित प्रावीण्य सूची https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर प्रदर्शित की जावेगी । अभ्यर्थी उक्त घोषित प्रावीण्य सूची के आधार पर ही संस्था का विकल्प चयन कर पायेंगे।
13 आवंटनः-
आवेदक आवंटन की निर्धारित तिथि पर https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर Candidate लॉगिन कर अलाटमेंट लेटर प्राप्त कर सकता है । सीटों का आवंटन मेरिट क्रम अनुसार किया जावेगा।
13.1 इन नियमों के अंतर्गत काउंसलिंग एवं आवंटन काउंसलिंग समिति की देख -रेख में होगा ।
13.2 एम पी ऑनलाइन प्रत्येक चरण के आवंटन के पश्चात प्रवर्गवार एवं संवर्गवार ओपनिंग एवं क्लोजिंग की सूची अल्फाबेटिकल क्रम में महाविद्यालयवार जारी करेगी ।
14 रिपोर्टिंगः-
आवेदक को महाविद्यालय आवंटित होने के बाद सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय जाकर मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना होगा। प्रवेश हेतु वांछित समस्त अभिलेख सही पाये जाने पर अपना नीट रोल नं ० , जन्मतिथि एवं पासवर्ड इंटर कर महाविद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराना होगा । ऐसा न करने की स्थिति में आवेदक का आवंटन स्वतः निरस्त हो जावेगा ।
15 प्रवेश-
15.1 अभ्यर्थी ऑनलाइन काउंसिलिंग के द्वारा पाठ्यक्रम एवं महाविद्यालय आवंटन के पश्चात, अधिसूचित दिनांक एवं समय पर संबंधित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को अपनी उपस्थिति की सूचना देगा ।
15.2 महाविद्यालय की प्रवेश समिति में दो वरिष्ठ शिक्षक तथा कम से कम दो आरक्षित प्रवर्ग के शिक्षक रहेंगे । यह समिति मूल दस्तावेजों का सत्यापन करेगी तथा यदि पात्र पाया जाए तो उम्मीदवार के पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुशांसा प्रधानाचार्य को करेगी ।
15.3 यदि कोई अभ्यर्थी महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने हेतु संसूचित दिनांक तक महाविद्यालय में प्रवेश हेतु उपस्थित नहीं होता है अथवा प्रवेश लेकर सीट छोड़ देता है तो आवंटित/प्रवेशित सीट पर उसका दावा स्वतः समाप्त हो जावेगा तथा उसका आवंटन/प्रवेश निरस्त हुआ समझा जावेगा।
15.4 अभ्यर्थी को अपनी चिकित्सकीय जांच करानी होगी एवं उसका प्रवेश तभी मान्य होगा जब वह चिकित्सकीय दृष्टि से फिट होगा। इस हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी /सिविल सर्जन/पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा । इस संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र लागू रहेगा ।
15.5 अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि काउंसिलिंग से संबंधित समस्त जानकारी हेतु वेबसाईट www.ayush.mp.gov.in एवं https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल का समय- समय पर अवलोकन करते रहें ।
काउंसिलिंग एवं चरण-
16 योग्य अभ्यर्थी को पाठ्यक्रम तथा महाविद्यालय में सीट आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी । ऑनलाइन काउंसिलिंग के लिए विस्तृत जानकारी एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर पृथक से जारी की जावेगी।
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प्रथम चरण का काजासालग-
1. प्रथम चरण की काउंसिलिंग में सभी पंजीकृत एवं सत्यापित अभ्यर्थी पात्र हांगे ।
2 . प्रथम चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में सम्मिलित करने हेतु च्वाईस फिलिंग व लाकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा ।
4. आवंटन परिणाम के पश्चात अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प होगे, जिसमें या तो वह आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु सन्तुष्ट (Satisfied) चयन कर सकते है या बेहतर संस्था में उन्नयन हेतु (Opt for Upgradation ) विकल्प दे सकते हैं ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन पत्र में Satisfied ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति व सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा। जिन अभ्यर्थियों ने आवंटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे।
6. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन के पश्चात कोई भी विकल्प नहीं दिया है अथवा Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है, ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे।
16.2 द्वितीय चरण की काउंसिलिंग-
1. द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण की काउंसिलिंग से कोई भी सीट आवंटित नहीं हुई है अथवा पूर्व चरण में सीट आवंटित होने के पश्चात् उनके द्वारा कोई विकल्प नही दिया गया है अथवा Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है अथवा जिन्होंने द्वितीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation ) विकल्प दिया है एवं नवीन अभ्यर्थी पात्र होंगे ।
2. जिन अभ्यर्थियों ने द्वितीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation) विकल्प दिया है , उन्हे नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा । ऐसा न करने पर उस अभ्यर्थी की आंवटित सीट उस चरण में अन्य को आवंटन हेतु शमिल कर ली जावेगी , परन्तु ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग में भाग लेने हेतु पात्र होंगे।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा ।
4. आवंटन परिणाम के पश्चात अभ्यर्थी के पास दो विकल्प होंगे , जिसमें से वह या तो सन्तुष्ट (Satisfied) चयन कर द्वितीय चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश ले सकते है या बेहतर संस्था में उन्नयन हेतु (Opt for Upgradation ) विकल्प दे सकते हैं ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन पत्र में ( Satisfied ) ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित जाना होगा । जिन अभ्यर्थियों ने आवंटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे।
6. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन आदेश परिणाम के पश्चात प्रदाय विकल्प में से कोई भी विकल्प नहीं दिया है अथवा सन्तुष्ट (Satisfied ) विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है, ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शमिल कर ली जावेग। ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरण की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे ।
7. द्वितीय चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी। आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में आवंटन व परिवर्तन नियम 5.8 व 5.9 के तहतकिया जायेगा ।
16.3 तृतीय चरण की काउसिलिंग-
1. प्रथम एवं द्वितीय चरण में प्रवेशित अभ्यर्थियों के अतिरिक्त शेष सभी रजिस्टर्ड अभ्यर्थी तृतीय चरण हेतु पात्र होंगे । सभी पात्र तथा तृतीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation ) विकल्प देने वाले समस्त अभ्यर्थियों को नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
2. निर्धारित समय सारणी अनुसार तृतीय चरण का आवंटन किया जावेगा ।
3. तृतीय चरण में सीट आवंटित अभ्यर्थी अपने आवंटित महाविद्यालय में सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ प्रवेश हेतु आवंटन आदेश परिणाम की प्रति, प्रवेश शुल्क सहित मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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उपस्थित होना होगा । जिन अभ्यर्थियों ने आवंटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे ।
तृतीय चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी । आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में आवंटन व परिवर्तन नियम 5.8 व 5.9 के तहत किया जायेगा ।
16.4 स्ट्रे बैंकेन्सी राउण्ड (अंतिम चरण) -
1 तृतीय चरण की काउंसिलिंग समाप्त होने के पश्चात् महाविद्यालयों में सीटें रिक्त रहने की स्थिति में निर्धारित समय सारणी अनुसार स्ट्रे वैंकेन्सी राउण्ड संपादित किया जावेगा ।
2 प्रथम/द्वितीय/तृतीय चरण में पंजीकृत अभ्यर्थी के अतिरिक्त नवीन अभ्यर्थी को भी पंजीयन की सुविधा प्रदान कर स्ट्रे वैंकेन्सी राउण्ड संपादित किया जावेगा । प्रथम/द्वितीय /तृतीय चरण के प्रवेशित अभ्यर्थियों को छोड़कर शेष सभी पंजीकृत अभ्यर्थी स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड हेतु पात्र होंगे ।
3 स्टे वैंकेन्सी राउण्ड में महाविद्यालय की रिक्त सीटों एवं पात्र अभ्यर्थियां की मैरिट सूची जारी (विज्ञापित) की जायेगी ।
4 उपरोक्त मैरिट सूची के आधार पर महाविद्यालय में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल कर मैरिट क्रमानुसार रिवत सीटों पर महाविद्यालय द्वारा ऑनलाइन प्रवेश दिया जायेगा ।
स्ट्रे बैंकेन्सी राउण्ड से संबंधित विस्तृत दिशा - निर्देश तत्समय जारी किये जायेंगे। 5
17 प्रवेश प्रक्रिया कार्यक्रम : -
यथासमय घोषित की जायेगी।
1 ऑल इंडिया कोटा प्रथम चरण काउंसिलिंग की तिथि
यथासमय घोषित की जायेगी ।
ऑल इंडिया कोटा द्वितीय चरण काउंसिलिंग की तिथि
2
यथासमय घोषित की जायेगी ।
स्टेट कोटा प्रथम चरण काउंसिलिंग की तिथि
3
यथासमय घोषित की जायेगी ।
4 स्टेट कोटा द्वितीय चरण कांउसिलिंग
यथासमय घोषित की जायेगी ।
स्टेट कोटा तृतीय चरण कांउसिलिंग
5
यथासमय घोषित की जायेगी ।
6 स्टेट कोटा स्टे वैकेन्सी राउण्ड
यथासमय घोषित की जायेगी।
प्रवेश की अंतिम तिथि
7
यथासमय घोषित की जायेगी ।
8 सत्रारंभ तिथि
टिप्पणी:
1- आयुष संचालनालय द्वारा नियम 17 में दर्शाये अनुसार ऑनलाइन कांउसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम एवं निर्धारित समय सारणी जारी कर आयुष , संचालनालय आयुष की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.in तथा https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर विज्ञापित किया जायेगा । यदि कार्यक्रम में कोई परिवर्तन किया जाता है तो उसे भी विज्ञापित कर सूचित कियाजावेगा ।
18 प्रदेश के शासकीय या निजी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों को भारत सरकार/एनसीआईएसएम/एनसीएच से यदि कोई सीट वृद्धि की अनुमति अथवा किसी नवीन महाविद्यालय को मान्यता/प्रवेश अनुमति काउंसिलिंग के पूर्व अथवा काउंसिलिंग के मध्य प्राप्त होती है तो संबंधित महाविद्यालय को काउंसिलिंग चरण के च्वाइस फिलिंग प्रारंभ होने के पूर्व दिनांक तक ही उस चरण की प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित किया जा सकेगा । यदि च्वाइस फिलिंग प्रांरभ होने की दिनांक को अनुमति प्राप्त होने की स्थिति में महाविद्यालय को संभावित आगामी चरण में सम्मिलित किया जा सकेगा ।
19 महाविद्यालयों द्वारा , आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गठित निकाय अथवा राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से किये गये प्रवेश मान्य नहीं होंगे । साथ ही यदि ऐसे किसी अभ्यर्थी की पहचान होती है , जिसका प्रवेश अंतिम तिथि के पश्चात् हुआ है अथवा काउंसिलिंग प्रक्रिया से हटकर संस्था स्तर पर हुआ है तो ऐसे अभ्यर्थी को उक्त पाठ्यक्रम से निकाल दिया जायेगा एवं/अथवा यदि उसे कोई भी आयुर्वेद, होम्योपैथी, एवं यूनानी शैक्षणिक योग्यता दी जा चुकी है तो यथास्थिति भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग एवं राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार उक्त योग्यता को मान्यता प्रदान नहीं की जावेगी ।
20 A राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के अंतिम चरण के उपरांत रिक्त रह गयी सीट पर महाविद्यालय द्वारा किसी भी दशा में सीधे प्रदेश नहीं दिये जावेगे । यदि किसी महाविद्यालय द्वारा काउंसिलिंग 526(9)
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प्रक्रिया से बाहर जाकर किसी छात्र को सीधे प्रवेश देना प्रमाणित पाया जाता है तो संबंधित संस्था को महाविद्यालय संचालन हेतु जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र वापस लिया जायेगा एवं संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन के विरूद्ध एनसीआईएसएम एक्ट 2020/एनसीएच एक्ट 2020 के नियम 28 के उपनियम- ( 1 ) (a ) (f) के अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी ।
21 उक्त नियमों के अंतर्गत होने वाले प्रवेश आयुष मंत्रालय, भारत सरकार , नई दिल्ली/एन.सी.आई.एस.एम./एन.सी.एच. अथवा आयुष विभाग म.प्र. शासन के उस प्रवेश दिनांक को प्रभावशील आदेशों/निर्देशों/नियमों के अधीन रहेंगे । पूर्व चरणों की काउंसिलिंग के आधार पर हुए प्रवेश उपरांत यदि संबंधित आदेश/नियम /निर्देश में कोई परिवर्तन होते हैं तब वह आगामी 22 चरणों की काउंसिलिंग पर ही लागू होंगे । विश्वविद्यालय के लिये दिशा निर्देश-
22.1 एनसीआईएसएम/एनसीएच से प्रवेशानुमति प्राप्त महाविद्यालयों द्वारा निर्धारित काउंसिलिंग प्रक्रिया द्वारा दिये गये प्रवेश ही विश्वविद्यालय द्वारा मान्य किये जायेंगे।
प्रवेश , 22.2 महाविद्यालय द्वारा किये गये ऑफलाइन प्रवेश, काउंसिलिंग प्रक्रिया से हटकर किये गये प्रवेश की अंतिम कट- ऑफ तिथि के पश्चात् किये गये प्रवेश एवं स्वीकृत सीट संख्या से अधिक प्रवेश विश्वविद्यालय द्वारा मान्य नही किये जायेंगे ।
22.3 एएसीसीसी द्वारा तीन चरणों की काउंसिलिंग प्रक्रिया संपन्न कराई जायेगी । तृतीय चरण के उपरान्त रिक्तसीटों को डीम्ड विश्वविद्यालयों को स्टे वैकेन्सी राउण्ड संपादित करने हेतु रिवर्ट किया जायेगा। इस हेतु एएसीसीसी के द्वारा उन्हें पंजीकृत पात्र अभ्यर्थियों की सूची प्रदान की जायेगी , जिसके मैरिट क्रम को कढ़ाई से पालन किया जायेगा। डीम्ड विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड में केवल एएसीसीसी के पंजीकृत पात्र अभ्यर्थी ही शामिल हो सकेंगे ।
23 महाविद्यालय के लिये दिशा निर्देश-
23.1 नीट की न्यूनतम अर्हता के बिना किसी भी अभ्यर्थी को महाविद्यालय में प्रवेश नही दिया जायेगा।
23.2 निर्धारित प्रक्रिया के विपरित किसी प्राधिकारी अथवा महाविद्यालय द्वारा कोई प्रवेश की कार्यवाही नही की जायेगी अन्यथा ऐसे किये गये प्रवेश एनसीआईएसएम/एनसीएच द्वारा मान्य नहीं किये जायेंगे।
23.3 एनसीआईएसएम/एनसीएच के दिशा- निर्देशों के विपरित महाविद्यालयों द्वारा प्रवेश क्षमता से अधिक/ऑफलाइन प्रवेश किये गये प्रवेश मान्य नही किये जायेंगे ।
23.4 कोई भी ऑफलाइन प्रवेश अथवा काउंसिलिंग के बिना किये गये प्रवेश अथवा स्वीकृत सीट संख्या के अतिरिक्त किये गये प्रवेश नहीं किये जायेंगे एवं ऐसे प्रवेश को मान्य नहीं किया जायेगा।
23.5 एनसीआईएसएम/एनसीएच के दिशा-निर्देशों के विपरित किये गये कोई भी प्रवेश अमान्य समझे जावेंगे एवं इस संबंध में एनसीआईएसएम एक्ट 2020 /एनसीएच एक्ट 2020 के अनुसार कार्यवाही कीजायेगी ।
23.6 यदि महाविद्यालय द्वारा प्रवेश संबंधी अनियमितताऐं जैसे ऑफलाइन प्रवेश , काउंसिलिंग प्रक्रिया से हटकर प्रवेश अथवा स्वीकृत प्रवेश क्षमता से अधिक प्रवेश संबंधी कार्यवाही की जाती है तो संबंधित महाविद्यालय के विरूद्ध एनसीआईएसएम एक्ट 2020/एनसीएच एक्ट 2020 के नियम- 28 के उपनियम-( 1 ) (a) (f) के अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी और जिम्मेदार व्यक्तियों पर आईपीसी की धारा के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
23.7 प्रवेश की अंतिम कट- ऑफ तिथि के पश्चात् किये गये कोई भी प्रवेश मान्य नही किये जायेंगे ।
23.8 किसी भी प्राधिकारी को एनसीआईएसएम/एनसीएच द्वारा निर्धारित प्रवेश की अंतिम कट ऑफ तिथि को बढ़ाने या संशोधित करने का अधिकार नहीं है और ऐसे प्रवेश स्वीकृत नहीं किए जाएंगे ।
23.9 किसी भी प्राधिकारी को एनसीआईएसएम/एनसीएच द्वारा स्वीकृत प्रवेश क्षमता को संशोधित करने काअधिकार नहीं है ।
23.10 एनसीआईएसएम/एनसीएच द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के अनुसार महाविद्यालयों द्वारा उनके प्रदेश प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता सुनिश्चित की जायेगी ।
23.11 काउंसिलिंग प्रक्रिया में सम्मिलित समस्त महाविद्यालय एएसीसीसी के पोर्टल www.aaccc.gov.in एवं राज्य कोटे की काउंसिलिंग के पोर्टल ayush.mponline.gov.in का समय - समय पर अवलोकन करेंगे ।
23.12 महाविद्यालय प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के पूर्व अभ्यर्थी की जानकारी का प्रमाणिकता को सुनिश्चित करेंगे । प्रवेश की दिनांक को एवं प्रवेश की अंतिम कट- ऑफ तिथि के पश्चात् एनसीआईएसएम/एनसीएच द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के अनुसार कोई परिवर्तन/संशोधन नहीं किया जायेगा ।
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23.13 महाविद्यालय द्वारा निर्धारित काउंसिलिंग कार्यक्रम का अनुपालन करना होगा एवं प्रत्येक चरण के उपरान्त प्रवेशित छात्रों एवं रिक्त सीटों की जानकारी संचालनालय को देनी होगी ।
23.14 महाविद्यालय काउंसिलिंग प्रक्रिया से प्रवेशित समस्त अभ्यर्थियों की सूची प्रवेश की अंतिम कट -ऑफ तिथि तक एनसीआईएसएम/एनसीएच को पोर्टल पर अपलोड करेंगे ।
24 सक्षम प्रधिकारीः-
25 नियमों में संशोधन का अधिकारः-
किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश एवं प्रवेश प्रक्रिया के संबन्ध में विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में प्रकरण के निराकरण हेतु आयुक्त आयुष सक्षम प्राधिकारी होंगे, जिनका निर्णय अंतिम होगा। प्रवेश नियमों में बदलाव का अधिकार राज्य शासन का होगा । इन नियमों के निर्वचन और उनमें संशोधन के सबंध में किसी विवाद की दशा में राज्य सरकार का विनिश्चय अंतिम और सभी संबंधितों पर बाध्यकर होगा।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
संजय कुमार मिश्र, अपर सचिव.
Table- 1
शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद/होम्योपैथी/यूनानी महाविद्यालयों की फीस
क्र. फीस का मद आयुर्वेद होम्योपैथी यूनानी अन्य विवरण
1 40,000 35,000 35,000 प्रतिवर्ष
शिक्षण शुल्क
2 1,500 25,00 2,500 प्रतिवर्ष
स्टूडेन्ट फण्ड (क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक
कार्यक्रम शुल्क)
3 सुरक्षा निधि (रिफंडेबिल) 10,000 10,000 10,000 प्रवेश के समय एक बार
शैक्षणिक यात्रा भ्रमण शुल्क 4,000 3,000 3,000 प्रवेश के समय एक बार
4
5 छात्रावास सुरक्षा निधि(रिफंडेबिल) 5,000 रवशासी 10,000 प्रवेश के समय एक बार
संस्थाके (केवल छात्रावासी छात्रों के
नियमानुसार लिए)
6 छात्रावास निवास शुल्क स्वशासी 20,000 प्रतिवर्ष (केवल छात्रावासी
संस्थाके छात्रोंके लिए)
नियमानुसार
स्वशासी
संस्थाके
नियमानुसार
की
महाविद्यालय
व संशोधन लागू होंगे ।
नोट- उक्त फीस संरंचना प्रवेश के समयप्रत्येक अभ्यर्थी पर लागू होगी साथ ही कार्यकारिणी समिति द्वारा समय समय पर अनुमोदित अन्य शुल्क
2- निजी आयुष महाविद्यालयों की फीस-
निजी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों में प्रवेशित विनियामक समिति/म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा निर्धारित फीस देय होगी। अभ्यर्थी को प्रवेश तथा फीस अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश हेतु विकल्प चयन ( choice lock) करने के पूर्व महाविद्यालयों की फीस एवं अन्य शुल्क के बारे में महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से एवं उक्त वेबसाइट से भलीभांति जानकारी प्राप्त कर लें । तत्पश्चात ही आवंटित होने के पश्चात यह समझा जाएगा कि विकल्प चयन करें । महाविद्यालय अभ्यर्थी संबंधित महाविद्यालय की फीस संरचना से सहमतहै ।
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
प्रारूप- 1
फोटो आयुष यू.जी. काउंसलिंग- अभिलेख सत्यापन प्रपत्र
(उम्मीदवार द्वारा भरा जावे)
में घोषणा करता/करती हूँ कि मैंनें मध्यप्रदेश स्नातक पाठ्यक्रम प्रवेश नियम भलीभांति पढकर समझ लिये हैं । तत्पश्चात् ही नियगों में दिये गये प्रावधानों के अधीन कॉउंसिलिंग , में भाग ले रहा/रही हूं ।
कॉउंसिलिंग , में भाग लेने के लिए आज दिनांक
.को निम्न जानकारी मूल प्रमाण पत्र एवं मूल अभिलेख प्रस्तुत कर रहा /रही हूँ । यदि वांछित जानकारी नियमानुकूल नहीं है अथवा असत्य है अथवा अधूरी है, आवश्यकतानुसार नहीं है तो मुझे कॉउसिलिंग में भाग लेने से वंचित कर दिया जाए । किन्हीं कारणों से आवंटन या प्रवेश प्राप्त हो भी जाता है तो मेरा आवंटन या प्रवेश कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर दिया जाए-
1. प्रवेश परीक्षा का रोल नं.
2. मेरिट प्रतीक्षा सूची क्रमांक
3. नीट परीक्षा में प्राप्तांक
4. पूरी नाम
5. माता/पिता/अभिभावक का पूरा नाम: .
पता...
टेली/ मो. न...
6.1 श्रेणी (अनारक्षित/ अनुसूचित जनजाति/ अनुसूचित जाति/अन्य पिछड़ावर्ग/ई.डब्लू.एस. )..
6.2संवर्ग (सैनिक/ स्वत्रंता सेनानी/ दिव्यांग/महिला/ओपन):
7. मूल प्रमाणपत्र अभिलेख जो प्रस्तुत कर रहे है, उनके सामने सही (✓) का चिन्ह लगायें।
1.
नीट परीक्षा की मूल अंकसूची ।
2.
अर्हकारी परीक्षा की मूल अंकसूची ।
3.
आरक्षित/संवर्ग हेतु निर्धारित प्रारूप में स्थाई जातिप्रमाण पत्र
Place
Date
Issuing Authrity
BookNo.
Disp.No.
DD MM YYYY
4. जन्मतिथि के संबंधी कक्षा 10वी की अंकसूची ।
5 मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र ।
Place
Dt. of issue
IssuingAuthrity
No.
वर्तमान आय प्रगाण-पत्र निर्धारित प्रारूप में। (वर्तमान वित्तीय वर्ष का जारी)
8 9. संस्थाप्रमुख का मूल दस्तावेज जमा होने संबंधी प्रमाण पत्र, सूची सहित।
(यदि लागूहो तो)
पूरा नाम
अभ्यर्थीके हस्ताक्षर ,
दिनांक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526(12)
अभिलेख सत्यापन (सूक्ष्म परीक्षणोपरांत, जाँच समिति द्वारा भरा जावे) मेरे द्वारा समिति को प्रस्तुत किये गये मूल प्रमाण पत्रों/अभिलेखों (1-7) का परीक्षण की गई। प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति के 01 सेट रिकार्ड हेतु जमा करा लिये गये हैं। प्रमाण-पत्रों में पाई गई कमियां निम्नानुसार हैं :
सदस्य अभिलेख सत्यापन समिति
(नाम पदनाम हस्ताक्षर , दिनांक)
परीक्षणोपरांत उम्मीदवार कॉउसिलिंग में भाग लेने के लिए पात्र है अथवा निम्न प्रमाण पत्र एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं करनेके कारण अथवा अन्य कारणों..
..से कॉउंसिलिंग में भाग लेने के लिये पात्र नहीं हैं ।
अध्यक्ष, अभिलेख सत्यापन समिति (हस्ताक्षर , दिनांक नाम एवं पदनाम. )
शपथ पत्र
मैं/आत्मज/आत्मजा श्री... ..उम्र. ..निवासी.. आज दिनांक.. ...को शपथ पूर्वक घोषणा करता/करती हूँ कि मेरे द्वारा आनलाईन काउंसिलिंग में लिये गये निर्णय से मैं वचनबद्ध रहूंगा/ रहूंगी ।
आवंटित संस्थामें प्रवेश समय सीमा में लेकर मैं नियम पुस्तिका में दिये गये नियमों का पालन करूंगा/करूंगी ।
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर
1. गवाह के हरताक्षर
दिनांक .
दिनांक.
नाम....
पूरा पता....
पूरा पता..
टेलिफोन./मोबाईल नं..
2. गवाह के हस्ताक्षर
दिनांक..
नाम .
पूरा पता..
टेलिफोन./मोबाईल नं..
526(13)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
प्रारूप-2 भाग ( अ)
मिलेट्री पर्सन संवर्ग (एरा) हेतु प्रमाण पत्र भूतपूर्व सैनिक/मृत प्रतिरक्षा कर्मचारी/स्थायी रूप से विकलांग प्रतिरक्षा कर्मचारी
दर्भ क्रमांक
दिनांक यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/ श्रीगती.. नाम) वर्ष के लिए उम्मीदवार श्री/कुमारी.. के आधार पर (पाठ्यक्रम का नाम) अ- थल सेना/वायुसेना/नौसेना के की ..पद पर थे/ थी, उनका सर्विस क्रमांक.. ...के पिता/माता हैं । जो एन . टी. ए. द्वारा संचालित (परीक्षा का पाठ्यक्रम में प्रवेश एक भूतपूर्व सैनिक है, सेवानिवृत्त/सेवामुक्ति के समय वे था ।
अथवा
ब- उन्होंने थल रोना/वायुरोगा/नौसेना में... ..पद पर सर्विस क्रमांक.. दौरान वे स्थायी रूप से विकलांग हो गये हैं/सेवा के दौरान उनकी मृत्यु वर्ष.. के अधीन सेवा की है , सेवाके .....में हो चुकी है ।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के हरताक्षर
स्थान ....
दिनांक..
(कार्यालय सील)
प्रारूप 2 भाग ( ब )
मध्यप्रदेश में मध्यप्रदेश के बाहर अन्य राज्य में कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी
संदर्भ क्रमांक यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/ श्रीमती. वर्ष लिये उम्मीदवार श्री/कुमारी.. अ-थलसेना/वायुरोगा/नौसेना में दिनांक..... ..के आधार पर (पाठ्यक्रम का नाम) के पिता/माता हैं । जो एन . टी . ए. द्वारा संचालित (परीक्षा का नाम) पाठ्यक्रम में प्रवेश के. के ओहदे पर सर्विस क्रमांक... कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी हे और वे गध्यप्रदेश में स्थित प्रतिरक्षा इकाई में पदस्थ है । वे इस इकाई में दिनांक रोवारतहै । के अधीन से
अथवा
के ओहदे पर रार्विस क्रमांक. अधीन कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी है और वे मध्यप्रदेश राज्य के बाहर स्थित प्रतिरक्षा इकाई में पदस्थ हे । ब वे थलसेना/वायुसेना/नौसेना में स्थान... हरताक्षर : ऑफिसर कमांडिंग.... (कार्यालय सील) के
दिनांक.
प्रारूप -2 भाग (
स)
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के हस्ताक्षर
संदर्भ क्रमांक भूतपूर्व सैनिक द्वारा स्थायी रूप से मध्यप्रदेश में व्यवरथापित होने संबंधी प्रगाण -पत्र दिनांक गेरे समक्ष प्रस्तुत किये गये प्रमाण पत्र के आधार पर प्रमाणित किया जाता है कि श्री/ श्रीमती/ कुमारी (उम्मीदवार का नाम) .... ....जो एन. टी. ए. द्वारा संचालित (परीक्षा का नाग).... वर्ष आधार पर (पाठ्यक्रम का नाम) (स्थान ) तहसील . जिला... के पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये उम्मीदवार हैं, वे ..में व्यवस्थापित हो गये हैं। स्थान.......
(कार्यालय सील)
दिनांक
प्रारूप 3
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग हेतु प्रगाण पत्र
संदर्भ क्रमांक..... दिनांक..
1- (पिता) .. श्री/श्रीमती. श्री यह प्रगाणित किया जाता है कि उम्मीदवार... 2- श्री/श्रीमती. जिला.... .. एवं श्रीगती (माता) श्री ..के पुत्र/पुत्री है । स्वतंतत्रता संग्राम सेनानी के/की वैध ( Legitimate) पुत्र/पुत्री है। ..(स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाम) का नाम मध्यप्रदेश के .(जिला का नाम) में संधारित ( Maintained ) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पंजी (Register) में क्रमांक पर पंजीकृत है ।
स्थान:
दिनांक
हस्ताक्षर: कलेक्टर
(कार्यालय की रपष्ट गोहर)
A मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526( 14)
प्रारूप-4 भाग (अ)
स्थायी अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र
कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (प्रमाणीकरण)
प्रमाण पत्र
मध्यप्रदेश पुस्तक क्रमांक.
जिला .
अनुभाग .
प्रकरण क्रमांक.
क्रमांक...
स्थाई जाति प्रमाण पत्र
..पिता/पति कानाम..
यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/ श्रीमती/कुमारी .....
नगर . .वि.ख... ..तहसील ...
..निवासी ग्राम.
जिला. ...संभाग... •अनुसूचित जनजाति/ जाति का/की सदस्य हैं और इस अनुसूचित जनजाति/जाति को संविधान के अनुच्छेद 341/342 के अधीन मध्यप्रदेश राज्य के संबंध में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के रूप में जाति/जनजाति अनुसूचित जाति एवं जनजाति (संशोधन) अधिनियम 1976 के विनिर्दिष्ट किया गया है और यह अन्तर्गत मध्यप्रदेश की सूची में अनुक्रमांक. पर अंकित है । अतः श्री/श्रीमती/कुमारी.. पिता/पति का नाम.. 2- प्रमाणित किया जाता है कि आवेदक श्री/श्रीमती/कुमारी.. अनुसूचित जनजाति/जाति का/की है । ...के परिवार की कुल वार्षिक आय
रूपये.. है।
हस्ताक्षर
दिनांक..
प्रमाणीकरण अधिकारी का नाम
पदनाम/सील
प्रारूप-4 भाग (ब)
म.प्र. की अन्य पिछड़े वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) श्रेणी के आरक्षित स्थानों पर प्रवेश के लिए प्रस्तुत किये जाने वाले प्रमाण
पत्र का प्रारूप ।
स्थाई प्रमाण पत्र
कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी (प्रमाणीकरण)
दिनांक.
संदर्भ क्रमांक..
यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/कु. (परीक्षार्थी का नाम) आत्मज श्री............. निवासी/ग्राम.. जिला/संभाग मध्यप्रदेश के निवासी हैं जो जाति के हैं, जिसे पिछड़ा वर्ग के रूप में मध्यप्रदेश शासन , आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछडा वर्ग कल्याण विभाग की अधिसूचना क्र. एफ 8 5/पच्चीस/4/84, दिनांक 26 दिसम्बर , 1984 द्वारा अधिमान्य किया गया है ।
श्री......... (पिता का नाम) क्रीमीलेयर (संपन्न वर्ग) व्यक्तियों/वर्गों की श्रेणी में नहीं आते हैं, इसका उल्लेख भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के परिपत्र क्रमांक 360/2/22/93 स्था. (एस.सी.टी.) दिनांक 8.9.93 द्वारा जारी सूची के कॉलम 3 में तथा मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञापन क्रमांक एफ 7- 16/2000/1/आप्र दिनांक6 जुलाई, 2003 की अनुसूची अनुक्रमांक 6 आय/सम्पति आंकलन भाग (क) संशोधित कॉलम (3) मेंकिया गया है।
प्रमाणीकरण अधिकारी का नाम
दिनांक.....
पदनाम (सील) 526(15)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
प्रारूप- 5-अ
कार्यालय तहसीलदार/ नायब तहसीलदार
जिला.......
टप्पा/तहसील
दिनांक .
/बी-12.1/वर्ष.
आय प्रमाण-पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि आवेदक श्री/ श्रीमती/कु० . ..पिता/पति..
...मध्यप्रदेश, की के परिवार की समस्त रत्नोतों से वार्षिक निवासी. ..तहसील. जिला.......
आय रूपये. .. (शब्दों में..
(आवेदक द्वारा प्रस्तुत शपथ-पत्र के आधार पर जारी)
तहसीलदार/नायब तहसीलदार
तहसील........ जिला...............सील
प्रारूप 5 - ब
आय बावत स्व प्रमाणित घोषणा पत्र (सादे कागज पर)
मैं आत्मजश्री आयु.. वर्ष
'शपथपूर्वक कथन करता/करती हूँ किः-
1.मैं वर्तमान में
में निवासरत हूँ।
2. मेरे नाम ग्राम.. में हेक्टेयर/एकड़ कृषि भूमि है, जिससे मुझे रूपये शब्दों मे
...की वार्षिक आय होती है ।
3. गेरा व्यवसाय ..
...है, इससे मुझे वार्षिक आय रूपये शब्दों में................है । है ।
4. गृह सम्पत्ति से मेरी वार्षिक आय रूपये शब्दोंमें
5. मेरे परिवार में निम्नानुसार सदस्य हैः-
1 . 2 3. 4 5.
(परिवार से आशय पति/ पत्नी/ अवयस्क पुत्र/पुत्री/आश्रित माता या पिता से है)
6.मेरेपरिवार के उक्त समस्त सदस्यों की कुल वार्षिक आय रूपये .. ... शब्दोंमें है।
7. मैने इस शपथ पत्र के पूर्व कोई आय प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया है/शपथ- पत्र प्रस्तुत नहीं किया है ।अथवा
8. मैने इस शपथ - पत्र के पूर्व लगभग समय पूर्व एक आय प्रमाण- पत्र/ शपथ- पत्र राशि रूपये वार्षिक का प्राप्त किया/दिया था। मेरी आय अब परिवर्तित हो गई है । अतः परिवर्तित आय राशि
वार्षिक का आय शपथ- पत्र प्रस्तुत किया जा रहा है ।
(बिन्दु क्रमांक 7 एवं 8 मे जो लागू न हो उसे काट दें)
हस्ताक्षर
सत्यापन
आत्मज/पतिश्री.
वर्ष, निवासी ..आयु. सत्यापन करता/ करती हूँ कि शपथ पत्र की कण्डिका 1 से 8 तक में उल्लेखित जानकारी मेरे निजी ज्ञान एवं विश्वास के आधार पर सत्य है । इसमें न कोई तथ्य छुपाया गया है और न ही असत्य तथ्य अंकित किया गया है । मुझे यह ज्ञान है कि मेरे द्वारा असत्य या भ्रामक जानकारी देने पर मेरे विरूद्ध आपराधिक दण्डात्मक कार्यवाही की जा सकेगी। साथ ही मुझे प्राप्त समस्त लाभ भी वापस लिये जायेंगे।
सत्यापन आज दिनांक वर्ष............को स्थान मेंकिया गया।
हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 सितम्बर 2024
526(16)
प्रारूप -6
फोटो स्थानीय निवासी हेतु स्व प्रमाणित घोषणा- पत्र (अरस्टाम्पित कागज पर)
कथन करता/करती हूँकिः- आत्मज/पति श्री ...आयु लगभग .वर्ष शपथपूर्वक
1.मैं वर्तमान में... में निवासरत हूँ।
एवं आयु (लगभग) वर्ष है । 2. मेरी पत्नी का नाम श्रीमती
आयु (लगभग) वर्ष है। 3. मेरेअवयस्क पुत्र/पुत्री-
1- श्री/कु.
2- श्री/कु आयु (लगभग) वर्ष है ।
3-7-2013-3 - एक , दिनांक 25 सितम्बर 2014 में वर्णित निर्देश के अंतर्गत 4. (यहाँ मध्यप्रदेश शासन के ज्ञापन क्रमांक सी-3-7-2013 आवेदक पात्रता की निम्न में से जिन- जिन श्रेणियों में आता है उनका विवरण अंकित करें)
ग्राम तहसील जिला 1- मैं, मध्यप्रदेश के मकान नंबर मोहल्ला
में वर्ष .में पैदा हुआ/हुई हूँ।
2- मैं, मध्यप्रदेश में ग्राम/मोहल्ला.
शहर निरंतर निवासरत हो। यदि 10 वर्ष की अवधि में एक से अधिक निवासरत रहे इसका पूर्ण विवरण अंकित किया जाये। ) ..तहसील........ जिला में विगत 10 वर्ष से स्थानों पर निवासरत रहे तो कब से कब तक कहाँ कहाँ
3- मैं, राज्य शासन की सेवा में वर्तमान में पद का नाम कार्यालय का नाम
विभाग कानाम के पद पर पदस्थ हूँ/रो सेवानिवृत्त हुआ हूँ।
4- मैं, मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत स्थापित नामक संस्था/निगम/मण्डल/आयोग में पद पर ..कार्यालय में सेवारत /सेवानिवृत्त कर्मचारी हूँ । (कार्यरत/सेवानिवृत्त पद के नाम के साथ कार्यरत
विभाग में कार्यालय/जिस कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए उसका पूर्ण विवरण दें। ) 5- मैं, केन्द्र शासन के
जिला के पद पर .के पद पर 10 वर्ष से पदस्थ होकर कार्यरत हूँ। कार्यालय तहसील
6- मैं, अखिल भारतीय सेवाओं के मध्यप्रदेश राज्य को आवंटित (आवंटन वर्ष पद पर कार्यालय/मंत्रालय बैच) अधिकारी हूँ । में पदस्थ हूँ से सेवानिवृत्त हुआ हूँ।
(कार्यरत/सेवानिवृत्त कार्यालय का पूर्ण विवरण कार्यरत पद का नाम)
7- मैं, मध्यप्रदेश में संवैधानिक/विधिक पद पर महामहिम राष्ट्रपति/ महामहिम राज्यपाल द्वारा नियुक्त हूँ । (पद,
कार्यालय का पूर्ण विवरण दिया जाये)
8- मैं, भूतपूर्व सैनिक हूँ तथा मैंने मध्यप्रदेश में 05 वर्षों तक (अवधि ) निवास किया है/अथवा मेरे परिजन मध्यप्रदेश में पहले से ही निवासरत है । ( इसकी पुष्टि हेतु सैनिक कल्याण , संचालनालय का प्रमाण पत्र संलग्न
करें । )
हस्ताक्षर
सत्यापन
वर्ष, निवासी
आत्मज/पति श्री
मै.
आयु .सत्यापन करता/करती हूँ कि घोषणा-पत्र की कण्डिका 1/2/3/4/5/6/7/8 में उल्लेखित जानकारी मेरे निजी ज्ञान एवं विश्वास के आधार पर सत्य है। इसमें न कोई तथ्य छुपाया गया है और न ही असत्य तथ्य अंकित किया गया है । मुझे यह ज्ञान है कि मेरे द्वारा असत्य या भ्रामक जानकारी देने पर मेरे विरूद्ध आपराधिक दण्डात्मक कार्यवाही की जा सकेगी । साथ ही मुझे प्राप्त समस्त लाभ भी वापस लिये जायेंगे।
सत्यापन आज दिनांक वर्ष.. ....को स्थान में किया गया।
हस्ताक्षर
(जो लागू हो केवल उसी उल्लेख घोषणा- पत्र में किया जावें) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526(17)
प्रारूप-7
कार्यालय नायब तहसीलदार/तहसीलदार
टप्पा/तहसील
जिला
प्र.क्र. वर्ष
दिनांक
स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि श्री/श्रीमती/कु. पिता/पति.........निवासी तहसील.....जिला ..(मध्यप्रदेश) , राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी प्रमाण- पत्र जारी किये जाने के लिए प्रभावशील ज्ञाप दिनांक के स्थानीय निवासी है । में निर्धारित मापदण्ड की कंडिका क्रमांक .की पूर्ति करने के फलस्वरूप मध्यप्रदेश
2. प्रमाणित किया जाता है कि मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक के अधीन आवेदक द्वारा दिए विवरण अनुसार आवेदक की पत्नी' अवयस्क बच्चे ' दिनांक जिनका विवरण नीचे वर्णित है, मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी है -
(1 ) आवेदक की पत्नी का नाम... वर्ष है ।
(2) आवेदक के अवयस्क पुत्र/पुत्री (1)... आयु.. वर्ष
(2) ..
.आयु..
वर्ष
(3)...
..आयु..
वर्ष
(4)....
.आयु...
वर्ष
टीपः- यह प्रमाण- पत्र जाति निर्धारण के लिये जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण-पत्र की जांच में साक्ष्य हेतु
विचारार्थ ग्राह्य नहीं होगा ।
(आवेदक द्वारा प्रस्तुत शपथ-पत्र के आधार पर जारी)
ह ० तहसीलदार /नायब तहसीलदार
तहसील......
जिला..
जो लागू हो काट दें ।
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526(18)
प्रारूप -8
महाविद्यालय पुर्नआवंटन हेतु
अनापत्ति प्रमाण पत्र
प्रधानाचार्य,
(सम्बन्धित महाविद्यालय का नाम)
विषय: -पाठ्यक्रम में पुर्नावंटन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र बावत्।
मेरेद्वारा NEET.. में उत्तीर्ण होकर प्रवर्ग....... संवर्ग मेरिट क्र ० के आधार पर शासकीय ..पाठ्यक्रम से पाठ्यक्रम के काउन्सिलिंग में सीट आवंटित करवाकर आपके महाविद्यालय में अध्ययनरत हूँ। NEET... ...के नियमानुसार मैं आगामी काउन्सिलिंग में लिए पुर्नआवंटन चाहता/चाहती हूँ। अतः अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का कष्ट करें । मेरे मूल दस्तावेज आपके महाविद्यालय में जमा है। इस बावत भी पुष्टि करने का कष्ट करें ।
हस्ताक्षर
नाम प्रार्थी
पिता/अभिभावक का नाम
NEET रोल नं ..
कार्यालय प्रधानाचार्य
आयुक्त आयुष, मध्यप्रदेश भोपाल।
दिनांक.
श्री/कु ...आत्मज/आत्मजा श्री इस महाविद्यालय में NEET............की काउन्सिलिंग के आधार पर आयुर्वेद/होम्योपैथी/यूनानी/योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पाठ्यक्रम में अध्ययनरत् है । छात्र/छात्रा के मूल दस्तावेज इस महाविद्यालय में जमा हैं जो निम्नानुसार हैः-
पाठ्यक्रम से
पाठ्यक्रम में पुर्नावंटन किये जाने पर इस महाविद्यालय को कोई आपत्ति नहीं हैं।
महाविद्यालय की सील
प्रधानाचार्य/प्राधिकृत अधिकारी महाविद्यालय, 526(19)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
प्रारूप 10-
आर्थिकमजोर प्रचर्ग (ई.डब्ल्यू .एस). के अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले प्रमाण पत्र का प्रारूप त्यागापःयारान विभाग का ज्ञापन क्रमांक एफ/2019/ 11 07 आ.प्र/एक 18 जुलाई 2019 का संलग्न )
मध्य प्रदेश शासन
कार्यालयकानाम..
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सदस्य द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला आय एवं परिसम्पति प्रगाण पत्र प्रमाण-पत्र संख्या.
दिनांक
विवतीय वर्ष
के लिए मान्य
प्रमाणित किया जाताहै कि श्री/ श्रीमती/कुमारी..
ग्राम/कस्बा..
पुत्र/पति/पुत्री..
पोस्ट ऑफिस..
थाना..
...जिला.
तहसील..
...पिन कोड
...राज्य . ...के स्थायी निवासी है , जिनका फोटो ग्राफ नीचे अभिप्रमाणित है , आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सदस्य है , क्योकि वित्तीय वर्ष में इनके परिवार की कुल वार्षिक आय 08 लाख ) आठ लाख रूपये मात्र (से कम है । इनके परिवार के स्वामित्व में निम्नलिखित में से कोई भी परिसम्पति नहीं है -:
i . जिनके पास 5 एकड़ से अधिक भूमि हो )जिनके खसरे में तीन साल से लगातार उसर, बंजर पथरीली , बीहड भूमि अंकित हो, वह भूमि इस भूमि में शामिल नहीं होगी ।
ii .जिसके पास 1200 वर्गफुट से अधिक का आवासीय मकान/फ्लैट नगर निगम क्षेत्र में स्थित हो।
iii .जिसके पास नगर पालिका क्षेत्र 1500 वर्गफुट से अधिक का आवासीय मकान/फ्लैट हो।
2श्री/श्रीमती/कुमारी..
iv. नगर परिषद क्षेत्र में जिसके पास 1800 वर्गफुट से ज्यादा का अवसीय मकान/ फ्लैटहो । जाति. के सदसय है जो अनुसूचितजाति अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्गों के रूप में अधिसूचित नहीं है ।
हस्ताक्षर
.कार्यालय का मुहर सहित
पूरानाम..
पदनाम.
आवेदक का पासपोर्ट साईज काअभिप्रमाणित फोटोग्राफः
अनुविभागीय अधिकारी /तहसीलदार मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526 (20)
मध्यप्रदेश प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग स्नातक पाठ्यक्रम (बी.एन.वाय.एस. ) प्रवेश नियम
क्रमांक/एफ 1 / 0001 / 2022/ Sec- 1/59/(Ayu ) बी.एन.वाय.एसः राज्य सरकार एतद् द्वारा मध्यप्रदेश राज्य के प्रवेशानुमति प्राप्त प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम (बी.एन.वाय.एस. ) प्रवेश हेतु निम्नलिखित नियम बनातीहै: -
1. शीर्षक : -ये नियम " मध्यप्रदेश प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग स्नातक पाठ्यक्रम प्रवेश नियम " कहलायेंगे । ये नियम " मध्यप्रदेश राजपत्र " में इनके प्रकाशन के दिनांक से प्रवृत्त होंगे ।
2. परिभाषायें:- इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत न हो,
2.1 "महाविद्यालय "से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन के अधीन प्रवेशानुमति प्राप्त निजी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालय ।
2.2 "राज्य सरकार " से अभिप्रेल है मध्यप्रदेश शासन;
2.3 "आयुक्त" से अभिप्रेत है आयुक्त, संचालनालय आयुष म ०प्र०;
2.4 "प्रधानाचार्य" से अभिप्रेत है संबंधित महाविद्यालय/संस्थान का अकादमिक एवं प्रशासनिक प्रमुख;
2.5 " प्रवर्ग" से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश शासन द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित अनुसूचित जनजाति ( अ.ज.जा) , अनुसूचित जाति (अ.जा. ) , अन्य पिछड़ा वर्ग ( अ.पि.व. ), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्लू.एस. ) तथा अनारक्षित (अना. ) प्रवर्ग;
2.6 "संवर्ग" से अभिप्रेत है दिव्यांग (पी.डब्लू.डी) जैसा कि एमसीआई/ एनएमसी द्वारा समय - समय पर जारी अधिसूचना अनुसार पात्र अभ्यर्थी एवं महिला (एफ) ।
2.7 दिव्यांग ( पी.डब्लू.डी. ) से अभिप्रेत है जैसा कि भारत शासन, श्रम मंत्रालय, विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केन्द्र द्वारा विनिर्दिष्ट एवं निर्धारित किया गया है;
"नियम" से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश प्राकृतिक चिकित्सा एवं योगस्नातक पाठ्यक्रम प्रवेश नियम 2.8
"अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमो में प्रवेश के इच्छुक व्यक्ति । 2.9
2.10 "छात्र" से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश उपरांत छात्र/छात्राएं ।
2.11 "स्टेट लेवल काउंसिलिंग" से अभिप्रेत है म . प्र. राज्य स्तर पर काउंसिलिंग।
" स्टेट कोटा " से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों की वे सीटें जिनको राज्य स्तर की 2.12 काउंसिलिंग के माध्यम से भरे जाने हेतु आरक्षित रखा गया है;
03 सामान्य निर्देश: -
3.1 (एक) प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के स्नातक उपाधि पाठ्यक्रम बैचलर ऑफ नैचुरोपेथी एवं यौगिक साईन्स (बी.एन.वाय.एस.) , राज्य सरकार एवं म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा शासित एवं विनियमित होगें तथा प्रवेश कांउसलिंग एवं आवंटन के समय प्रभावशील नियमों/विनियमों तथा समय समय पर इनमें किये गये संशोधनों के अधीन शासित एवं विनियमित होगें ।
(दो) ये नियम आयुष विभाग मंत्रालय / म.प्र. शासन द्वारा विधिवत मान्यता प्राप्त महाविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रम 'बैचलर ऑफ नैचुरोपेथी एवं यौगिक साईन्स (बी.एन.वाय.एस) ' में प्रवेश हेतु एम.पी. ऑनलाइन से पंजीकृत एवं प्रवेशित अभ्यर्थियों पर लागू होंगे।
3.2 यदि ऐसा पाया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in में आवेदन पत्र में प्रविष्टि के समय, अभिलेखों की जांच के समय, सीट के आवंटन के समय तथा प्रवेश के समय एवं अध्ययन के दौरान कोई तथ्य एवं जानकारी छुपाई है अथवा गलत जानकारी दी है , तो महाविद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा उसके अध्ययन के दौरान कभी भी उराका प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा एवं नियमानुसार प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी ।
3.3 यदि अभ्यर्थी के विरूद्ध गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया जाता है , तो वह प्रवेश का हकदार नहीं होगा अथवा अध्ययन के दौरान भी ऐसी जानकारी प्राप्त होने पर प्रधानाचार्य द्वारा किसी भी समय उसका प्रवेश निरस्त किया जा राकेगा ।
3.4 छात्र को दुराचरण , अनुशासनहीनता का दोषी पाये जाने अथवा लगातार बिना सूचना के एक माह से अधिक अनुपस्थित रहने पर उसके विरूद्व अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी , जिसमें प्रधानाचार्य के द्वारा महाविद्यालय से निष्कासन की कार्यवाही एवं विश्वविद्यालय द्वारा नामांकन का निरस्तीकरण किया जाना राम्मिलित है।
3.5 एम.पी. ऑनलाइनके माध्यम से उक्त पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आवेदन पत्र के साथ जो कलर फोटो रांलग्न किये गये हैं अभ्यर्थी वही फोटो अभिलेख सत्यापन हेतु आवंटित संस्था में प्रवेश के रामय लेकर उपस्थित हों !
3.6 अभ्यर्थी को सलाह दी जाती है कि फोटो, जो एम.पी.ऑनलाइन के माध्यम से प्रवशष कांउसलिंग हेतु अपलोड किया गया है, वही पासपोर्ट साइज फोटो की प्रतियां अपने पारा सुरक्षित रखे , जिसका उपयोग समय-समय पर 526(21)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
प्रवेशित महाविद्यालय में उपयोग किया जा सके, फोटोग्राफ के संबंध में निम्नानुसार मापदण्ड निर्धारित हैं. जिनका पाल सुनिश्चित कियाजाएगाः-
(क) फोटो चिपकाने से पूर्व उम्मीदवार फोटोग्राफ की पिछली ओर केवल बॉल पाइंट पैन से अपना नाम, अ संख्या, और मैरिट नम्बर अवश्य लिखेंगे, फोटोग्राफ के लिए निर्दिष्ट स्थान पर सफेद बैक ग्राउंड सहित अनुप्राणित नवीनतम अच्छी क्वालिटी का रंगीन स्टूडियो फोटोग्राफ जो प्रवेश हेतु एम.पी. ऑन लाईन में पंजीयन के लिये अपलोड किया है । वही प्रवेश काउंसिलिंग के दौरान प्रयोग में लाया जाना हो, को ही चिपकाया जाए। फोटोग्राफ आवेदन दिनों से तीन माह पूर्व के पहले का न लिया गया हो जिसमें नीचे उम्मीदवार के नाम के साथ फोटोग्राफ लिए जाने की तारीख स्पष्ट रुप से दर्शाई गई हो, फोटोग्राफ में टोपी अथवा धूप का चश्मा नहीं पहना हुआ हो। -पत्र (ख) नजर के चश्मे की अनुमति है, यदि उसे नियमित रुप से पहना जाता है, पोलोराइड और कम्प्यूटर से बनाए गए फोटोग्राफ स्वीकार्य नहीं हैं, फोटोग्राफ को निर्दिष्ट स्थान पर गोंद एढहेसिव से भली- भांति चिपकाया जाए और उन्हें पिन से नहीं लगाया जाए/स्टेपल नहीं किया जाए। इन अनुदेशों का पालन न करने वाले अथवा अस्पष्ट फोटो वाले आवेदनों को अस्वीकृत किया जायेगा । उम्मीदवार कृपया ध्यान दें कि यदि यह पाया गया कि चिपकाया गया फोटोग्राफ बनाया गया है अर्थात वह सही आकार का नहीं है अथवा हाथ से तैयार किया गया है या कम्प्यूटर द्वारा निर्मित/ऐडिट है, तो उम्मीदवार का सीट आवंटन/प्रवेश अस्वीकृत कर दिया जाएगा और इसे अनुचित साधनों काप्रयोग किया जाना माना जाएगा तथा इस पर तदनुसार अनुचित साधनों के नियमों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी,
(ग) एम.पी. ऑनलाइन द्वारा प्रवेश हेतु पंजीयन के लिये जारी प्रोटोकॉल/प्रक्रिया के नियमों में दर्ज फोटोग्राफ एवं हस्ताक्षर हेतु जारी निर्देश के अनुरूप ही फोटो एवं हस्ताक्षर दर्ज होने चाहिये। फोटो में भिन्नता पाई जाने की स्थिति में अभ्यर्थी सीट आवंटन तथा प्रवेश का हकदार नहीं होगा।
(घ) अभ्यर्थी द्वारा प्रवेश पंजीयन, अभिलेख सत्यापन व प्रवेश के समय मांगी गई जानकारी सही - सही दी जाएगी । अभिलेख सत्यापन तथा प्रवेश के समय आवंटित महाविद्यालय में अभ्यर्थी अपने संपूर्ण हस्ताक्षर करेंगे तथा सभी स्थानों पर एक से हस्ताक्षर करेंगे । हस्ताक्षरों में भिन्नता पाई जाने पर अभ्यर्थी सीट आवंटन/प्रवेश का हकदार नहीं होगा।
4.0 सीटों की उपलब्धता:-
आयुष विभाग, म.प्र. शासन से अनुमति/सीट वृद्धि अनुमति प्राप्त योग एवं नेचुरापैथी महाविद्यालयों में बी.एन.वाय.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु केन्द्रीयकृत काउंसलिंग आयोजित की जावेगी। महाविद्यालयवार बी.एन.वाय.एस. पाठयक्रम की सीटों को विभागीय वेबसाई www.ayush.mp.gov.in एम.पी.आनलाइन आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in पर उपलब्ध कराई जायेगी।
5.0 आरक्षण : - म.प्र . शारान, आयुष विभाग, मंत्रालय से अनुमति प्राप्त निजी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों की बी.एन.वाय.एस. पाठ्यक्रम की समस्त सीटों पर प्रवर्गवार आरक्षण( अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्लू.एस.) ) हेतु म.प्र. शासन द्वारा तत्समय प्रचलित आरक्षण नियमों के अध्यधीन निर्धारित प्रतिशत अनुसार रहेगा।
5.1 दिव्यांग (पी.डब्लू.डी. ): -
ऐसे दिव्यांग जो मध्यप्रदेश राज्य के मूल निवासी/स्थानीय निवासी हैं, उनके लिये प्रत्येक प्रवर्ग में 06 प्रतिशत सीटें बी.एन.वाय.एस. पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आरक्षित की गई हैं । यह आरक्षण ( क्षैतिजिक) हॉरिजोन्टल तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा । इसके साथ ही भारत के राजपत्र 27 दिसम्बर 2016 एवं म.प्र. के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के प्रारूप जो कि म.प्र . राजपत्र 28 नवम्बर 2017 अथवा समय - समय पर जारी किये गये है तद्नुरूप उल्लेखित पाँच केटेगरी की विकलांगतायें उक्त भारत के राजपत्रों में उल्लेखित विकलांगतायें एवं विकलांगता के प्रतिशत अनुसार दिव्यांग श्रेणी के लिये अभ्यर्थी मान्य होंगे । इन सीटों पर प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार को जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र एवं एमसीआई/एनएमसी द्वारा जारी मापदण्ड अनुसार बैंच मार्क डिसएबिलिटी के लिये नामित नीट डिसएबिलिटी सर्टिफिकेशन सेंटर से जारी किया गया डिसएबिलिटी दिव्यांगता प्रमाण पत्र। इस प्रकार दोनो प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है ।
5.2 सैनिक संवर्ग (मिलिट्री पर्सन): ( प्रारूप -2 भाग-अ तथा ब)
बी.एन.वाय.एस.पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रत्येक प्रवर्ग में सैनिक संवर्ग (एस) के अंतर्गत सैनिकों के पुत्र/पुत्रियों के लिये प्रवेश हेतु 03 प्रतिशत स्थान आरक्षित हैं । यह आरक्षण हॉरिजोन्टल (क्षेतिजिक) तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
5.2.1 सैनिक संवर्ग के अंतर्गत उन सैनिकों (एस ) के पुत्र/पुत्रियों के लिये सीटें आरक्षित हैं, जो सैनिक के रूप में सेवा कर चुके हैं, जिसमें भूतपूर्व सैनिक, कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी तथा ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी सम्मिलित हैं जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो चुकी हो या जो सेवा के दौरान स्थायी रूप से विकलांग हो गये हों ।
5.2.2 भूतपूर्व सैनिक से अभिप्रेत ऐसे व्यक्ति से है जो भारत सरकार , रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार भूतपूर्व सैनिक कीपरिभाषा के अंतर्गत आता हो।
5.2.3 भूतपूर्व सैनिक के पुत्र/पुत्री होने के फलस्वरूप प्रवेश का दावा करने वाले अभ्यर्थी को अपने माता/ पिता का भूतपूर्व सैनिक संबंधी प्रमाणपत्र तथा अपने माता पिता के मध्यप्रदेश मे बसने संबंधी प्रमाणपत्र संबंधित जिले के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी से प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा । (प्रारूप-2 भाग -स)
अथवा
वह मध्यप्रदेश के बाहर पदस्थ ऐसे प्रतिरक्षा कर्मचारी का पुत्र /पुत्री है, जो मध्यप्रदेश का वास्तविक निवासी है, ऐसे अभ्यर्थी कोअपने पिता/माता के मध्यप्रदेश का वास्तविक निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
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अथवा
इस संबंध में प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वह प्रवेश परीक्षा के वर्ष की पहली जनवरी से पूर्व मध्यप्रदेश में पदस्थ प्रतिरक्षा कर्मचारी का/की पुत्र/पुत्री है ।
टिप्पणी सैनिक संवर्ग के अंतर्गत किसी अभ्यर्थी की पात्रता के संबंध में किसी विवाद की स्थिति में संचालक, सैनिक कल्याण , मध्यप्रदेश द्वारा दिया गया निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा ।
5.3 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी:- (प्रारूप -3)
समस्त प्रवर्गों के मध्यप्रदेश के मूल निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र/पुत्री या पौत्र/पौत्री या नाती/नातिनों के लिये बीएनवायएस पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु 03 प्रतिशत सीट आरक्षित हैं। यह आरक्षण ( क्षेतिजिक) हॉरिजोन्टल तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
5.3.1 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वह व्यक्ति होगा जिसका नाम मध्यप्रदेश के संबंधित जिले के कलेक्टर के कार्यालय में संधारित सूची में पंजीकृत हो ।
5.3.2 ऐसे अभ्यर्थी जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग के अधीन प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं, उन्हें मध्यप्रदेश के संबंधित जिले के कलेक्टर से तत्संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । अन्य कोई दस्तावेज स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग का होने के लिए वैध प्रमाण पत्र के रूप में मान्य नहीं होगा।
5.4 महिला आरक्षण: -
बीएनवायएस पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रत्येक प्रवर्ग में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिये आरक्षित रखी गई हैं । यह आरक्षण (क्षैतिजिक) होरिजोन्टल व कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
5.4.1 प्रदेश में निजी क्षेत्र के संत हिरदाराम प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान चिकित्सा महिला महाविद्यालय में समस्त सीटें म०प्र ० शासन आयुष विभाग मंत्रालय के आदेश क्रमांक/एफ 1-4/2016/1/59 दिनांक09/03/16 के क्रम में महिला उम्मीदवारों हेतु आरक्षित होंगी।
5.5 जातिप्रमाणपत्र: -
5.5.1 अभ्यर्थी अपनी इच्छानुसार अपने प्रवर्ग के अधीन केवल एक आरक्षित संवर्ग के अंतर्गत आरक्षण के लिये आवेदन कर सकता है । आरक्षित प्रवर्ग के अभ्यर्थियों को म.प्र. शासन के सक्षम अधिकारी से विहित प्रपत्र में स्थाई जाति प्रमाण पत्र अनिवार्यतः प्रस्तुत करना होगा। जिस पर प्रकरण क्रमांक, दिनांक एवं जारी करने वाले अधिकारी का पदनाम एवं सील सुस्पष्ट रूप से प्रर्दशित हो । ( प्रारूप 4 - अ एवं ब)
5.5.2 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए राज्य शासन द्वारा समय- समय पर जारी नियम/निर्देशों के अनुक्रम में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
5.6 आय प्रमाण पत्र :-
अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के समय वर्तमान वित्तीय वर्ष (जो काउंसिलिंग सत्र से 01 वर्ष से अधिक पूर्व का न हो) वैध आय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा । (आय प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन एवं प्रमाण पत्र का प्रारूप क्रमांक 05 " अ" पर है । इसी प्रारूप में जारी प्रमाण- पत्र मान्य होगा ।
5.6.1 आय प्रमाणपत्र के संबंध में मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक सी.-3-7-2013-3- एक दिनांक 25.09.2014 द्वारा निर्देश जारी किये गये है , जिसके अनुसार स्वप्रमाणित घोषणापत्र स्टाम्प रहित कागज पर (निर्धारित प्रारूप 05 ' ब' के अनुसार) जो कि अभ्यर्थी के पिता /वैध अभिभावक द्वारा हस्ताक्षरित हो, प्रस्तुत किया जा सकता है।
5.6.2 अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को क्रीमीलेयर संबंधी निर्धारण हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष का आय प्रमाणपत्र (निर्धारित प्रारूप 04 ' अ'/' ब' के अनुसार) प्रस्तुत करना होगा । क्रीमीलेयर में आने वाले अभ्यर्थी अपने संवर्ग में आरक्षण के पात्र नहीं होंगे । क्रीमी लेयर का निर्धारण म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांकएफ/728/2009/आ.प्रा./ 1 दिनांक 07.02.2014 एवं 02.11.2017 द्वारा निर्धारित नियमानुसार होगा । स्वप्रमाणित घोषणा पत्र/शपथ पत्र के आधार पर प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत आय प्रमाणपत्र में वर्णित तथ्यों की सत्यता की जांच कराई जावेगी । यदि जांच में कोई असत्यता पाई जाती है तो ऐसे अभ्यर्थी के विरुद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।
5.7 ऐसे अभ्यर्थी जो किसी संवर्ग (सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, विकलांग एवं महिला संवर्ग) के अंतर्गत प्रवेश के लिये इच्छुक नहीं हैं, वे अपनी स्वयं के प्रवर्ग में बिना संवर्ग (एक्स) के अन्तर्गत आवेदन कर सकते हैं।
5.8 यदि किसी प्रवर्ग में सैनिक संवर्ग (एस) , स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (एफ.एफ. ) , दिव्यांग (पी.एच. ) तथा महिला (एफ) संवर्ग में रिक्त सीट पर आवंटन हेतु योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होंगे तो उतनी रिक्त सीटें द्वितीय चरण एवं तृतीय चरण के आवंटन प्रक्रिया के दौरान उसी प्रवर्ग की बिना संवर्ग ( एक्स) में उपलब्ध करा दी जायेंगी। यदि आरक्षित प्रवर्ग की बिना संवर्ग (एक्स) में भी रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार प्रवर्ग की आरक्षित सीमा तक उपलब्ध नहीं हों तो रिक्त सीटें अन्य प्रवर्गों को उपलब्ध कराते हुए भरी जावेंगी जैसा नियम 5.9 में है ।
आरक्षित प्रवर्ग की सीट का परिवर्तन:-
5.9 यदि आरक्षण के अनुसार व्वाइस फिलिंग करने वाले पात्र उम्मीदवार किसी आरक्षित प्रवर्ग में उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों को द्वितीय चरण एवं तृतीय चरण चरण के आवंटन प्रक्रिया के दौरान अन्य प्रवर्गों में निम्नानुसार परिवर्तित कर भरने की कार्यवाही की जावेगी (कृपया नोट भी देखे)
(क) अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जाति प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी।
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(ख) अनुसूचित जाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसचित जनजाति श्रेणी के प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भ्ररी जावेगी।
(ग) यदि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति दोनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी।
(घ) यदि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग तीनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते है तो ऐसी स्थिति में आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति ई.डब्ल्यू.एस . प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी।
(ड़) यदि उपरोक्त चारों आरक्षित प्रवर्गों के अंतर्गत पात्र उम्मीदवार उपरोक्तानुसार उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति मे रिक्त सीटो की पूर्ति अनारक्षित प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी।
नोट यह व्यवस्था सम्बन्धित प्रवर्ग के योग्य उम्मीदवारों की विकल्प चयन हेतु महाविद्यालयों के लिए च्वाइस लॉक (चयन) किए गये अभ्यर्थियों की सूची समाप्त होने के बाद सीट परिवर्तन की सूचना जारी करने के उपरान्त अगले चरण की काउंसिलिंग मेंकी जायेगी ।
6 प्रवेश हेतु अर्हतायें
6.1 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग स्नातक पाठ्यक्रम- बीएनवायएस में प्रवेश के इच्छुक छात्र को एम.पी.ऑनलाइन के माध्यम से पंजीयन कराना आवश्यक होगा ।
6.2 बी.एन.वाय.एस.पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली, माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल की 10 + 2 प्रणाली की बारहवीं परीक्षा अथवा किसी राज्य सरकार द्वारा संचालितसमकक्ष परीक्षा (अर्हता परीक्षा) में भौतिकी, रसायन तथा जीवविज्ञान विषय ( PCB ) प्रत्येक विषय अलग - अलग उत्तीर्ण करते हुये संयुक्त रूप से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त सामान्य श्रेणी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्लू.एस.) प्रवर्ग के तथा न्यूनतम 40प्रतिशत अंक प्राप्त आरक्षित प्रवर्ग के अभ्यर्थी ही पात्र हांगे ।
ऐसे सभी प्रवर्गों तथा संवर्गों के अभ्यर्थियों को 10+ 2 अर्हक परीक्षा में अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना आवश्यक है । बीएनवायएस पाठ्यक्रम में 12वीं के भौतिकी, रसायन एवं बायोलॉजी के कुल प्राप्तांक के आधार पर मेरिट सूची तैयार कीजावेगी।
6.3 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु केवल ऐसे अभ्यर्थी पात्र होंगे जिनकी आयु प्रवेश वर्ष के 31 दिसम्बर को न्यूनतम 17 वर्ष होनी चाहिऐ।
6.4 आयु की गणना के लिये हाईस्कूल / हायर सेकेण्ड्री स्कूल सर्टीफिकेट परीक्षा की अंकसूची/प्रमाणपत्र अथवा सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र को ही प्रमाणित दस्तावेज भाना जावेगा।
7 फीस संरचना: - निजी महाविद्यालयों में प्रवेशित अभ्यर्थी को प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति/म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा निर्धारित फीस देय होगी ।
7.1 फीसवापसी: - काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेशित छात्रों द्वारा काउंसिलिंग के तृतीय चरण तक महाविद्यालय स्तर पर ऑनलाइन सीट छोड़ने/प्रवेश निरस्त करने पर, ऐसे छात्रों द्वारा जमा शिक्षण शुल्क से 10 प्रतिशत राशि काटकर (अधिकतम दस हजार रूपये) शेष राशि लौटायी जावेगी। तृतीय चरण के पश्चात् प्रवेश निरस्त करने पर केवल कॉशन मनी वापसी योग्य होगी।
8 रजिस्ट्रेशनः- आयुष संचालनालय द्वारा काउंसलिंग की निर्धारित समय सारणी एवं विस्तृत कार्यक्रम जारी कर संचालनालय आयुष , म.प्र.की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.in तथा https://ayush.mponline.gov.in पर प्रदर्शित किया जायेगा। आवेदक को रजिस्ट्रेशन हेतु https://ayush.mponline.gov.in portal पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा , जिसका निर्धारित शुल्क रूपये 500/-(पांच सौ रूपये मात्र) देय होगा । रजिस्ट्रेशन होने के लिए अभ्यर्थी को अपनी Candidate Profileबनानी होगी।
नोटः अभ्यर्थी को काउंसिलिंग हेतु पंजीयन का अवसर सभी चरणों में प्रदान किया जावेगा । पंजीयन एवं सत्यापन न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नहीं किया जावेगा। इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन/दावा मान्य नहीं होगा।
09 अभिलेख सत्यापन: - अभ्यर्थी को प्रवेश के पूर्व समस्त मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थी किसी भी शासकीय स्वशासी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालय में अपने समस्त मूल अभिलेखों का सत्यापन करा सकते है । इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश तत्समय एमपी ऑनलाइन के पोर्टल एवं विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित किये जायेंगे ।
10 प्रावीण्य सूची:- एम.पी ऑनलाइन में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों द्वारा पंजीयन कराने के पश्चातएम.पी. ऑनलाइन प्रावीण्य सूची तैयार कर एम.पी. ऑनलाइन की वेबसाईट पर घोषित की जायेगी।
10.1 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु आवेदन प्रस्तुत करने वाले नियम 6.2 में वर्णित अर्हताधारी मध्यप्रदेश एवं मध्यप्रदेश के बाहर के समस्त अभ्यर्थियों को सम्मिलित कर संयुक्त प्रावीण्यता सूची जारी की जायेगी।
10.2 प्रदेश के मध्यप्रदेश शासन , आयुष विभाग, मंत्रालय से अनुमति प्राप्त सभी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के महाविद्यालयोंके आरक्षितं श्रेणी की सीट्स के लिए आरक्षण प्रावीण्य सूची के आधार पर उक्त सम्मिलित प्रावीण्य सूची में आरक्षित सीट्स को मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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पृथक से अंकित कर सूची एम० पी० ऑनलाइन द्वारा जारी की जायेगी । अनारक्षित प्रवर्ग की सीटों पर भी प्रदेश के स्थानीय निवासियों को वरीयता दी जायेगी।
11 पारस्परिक योग्यता: -
ऐसी परिस्थिति में जब दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों को 12वीं की ( भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान) के आधार पर जारी प्रावीण्य सूची में समान अंक प्राप्त होने पर जीव विज्ञान में अधिक अंक होने पर प्रावीण्यता सूची के आधार पर पारस्परिक वरीयता तय की जावेगी। जीव विज्ञान में भी समान अंक होने की स्थिति में रसायन विज्ञान के अधिक अंक के आधार पर, रसायन विज्ञान के भी समान अंक होने की स्थिति में भौतिक विज्ञान के अधिक अंक आधार पर प्रावीण्य सूची तैयार की जावेगी। भौतिक विज्ञान में भी समान अंक होने पर अधिक आयु के अभ्यर्थी को मेरिट वरीयता प्रदान की जावेगा।
12 संस्थाकाचयनः-
आवेदक को अपनी प्राथमिकता के अनुसार पाठ्यक्रमों/संस्थाओं का क्रमानुसार चयन का विकल्प https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर अपना Candidate Profile से लॉगिन करके चॉईस फिलिंग और लॉकिंग करना होगा, जिसका निर्धारित शुल्क 50/- रूपये (पचास रूपये मात्र) देय होगा । इस राशि की रसीद दी जावेगी, जिसमें आवेदक द्वारा चयनित संस्थाओं की सूची दर्शित होगी।
अभ्यर्थियों द्वारा पंजीयन के पश्चात् इन नियमों के नियम-11 के अनुसार घोषित प्रावीण्य सूची https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर प्रदर्शित की जावेगी। अभ्यर्थी उक्त घोषित प्रावीण्य सूची के आधार पर ही संस्था का विकल्प चयन कर पायेंगे ।
आवंटनः-
13
आवेदक आवंटन की निर्धारित तिथि पर https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर Candidate लॉगिन कर अलाटमेंट लेटर प्राप्त कर सकता है । सीटों का आवंटन मेरिट क्रम अनुसार किया जावेगा।
इन नियमों के अंतर्गत काउंसलिंग एवं आवंटन काउंसलिंग समिति की देख - रेख में होगा ।
13.1
एम पी ऑनलाइन प्रत्येक चरण के आवंटन के पश्चात प्रवर्गवार एवं संवर्गवार ओपनिंग एवं क्लोजिंग की सूची अल्फाबेटिकल 13.2
क्रममेंमहाविद्यालयवार जारी करेगी ।
14 रिपोर्टिंगः-
आवेदक को महाविद्यालय आवंटित होने के बाद सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय जाकर मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना होगा। प्रवेश हेतु वांछित समस्त अभिलेख सही पाये जानेपर अपना पंजीयन अनुक्रमांक नं० एवं पासवर्ड इंटर कर महाविद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराना होगा। ऐसा न करने की स्थिति में आवेदक का आवंटन स्वतः निरस्त हो जावेगा ।
15 प्रवेश:-
15.1 अभ्यर्थी ऑनलाइन काउंसिलिंग के द्वारा पाठ्यक्रम एवं महाविद्यालय आवंटन के पश्चात्, अधिसूचित दिनांक एवं समय पर संबंधित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को अपनी उपस्थिति की सूचना देगा ।
15.2 महाविद्यालय की प्रवेश शमिति में दो वरिष्ठ शिक्षक तथा कम से कम दो आरक्षित प्रवर्ग के शिक्षक रहेंगे । यह समिति मूल दस्तावेजों का सत्यापन करेगी तथा यदि पात्र पाया जाए तो उम्मीदवार के पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुशंसा प्रधानाचार्य को करेगी ।
15.3 यदि कोई अभ्यर्थी महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने हेतु संसूचित दिनांक तक महाविद्यालय में प्रवेश हेतु उपस्थित नहीं होता है अथवा प्रवेश लेकर शीट छोड़ देता है तो आवंटित/प्रवेशित सीट पर उसका दावा स्वतः समाप्त हो जावेगा तथा उसका आवंटन/प्रवेश निरस्त हुआ समझा जावेगा।
15.4 अभ्यर्थी को अपनी चिकित्सकीय जांच करानी होगी एवं उसका प्रवेश तभी मान्य होगा जब वह चिकित्सकीय दृष्टि से फिट होगा । इस हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन/पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा । इस संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र लागू रहेगा ।
15.5 अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि काउंसिलिंग से संबंधित समस्त जानकारी हेतु वेबसाईट www.mp.ayush.gov.in एवं https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल का समय - समय पर अवलोकन करते रहें। काउंसिलिंग एवं चरण:- 16
योग्य अभ्यर्थी को पाठ्यक्रम तथा महाविद्यालय में सीट आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी। ऑनलाइन काउंसिलिंग के लिए विस्तृत जानकारी एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर पृथक से जारी की जावेगी।
16.1 प्रथम चरण की काउंसिलिंग:-
1. प्रथम चरण की काउंसिलिंग में सभी पंजीकृत एवं सत्यापित अभ्यर्थी पात्र होगे ।
2. प्रथम चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में सम्मिलित करने हेतु च्वाईस फिलिंग व लाकिंग करना अनिवार्य होगा।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा ।
4. आवंटन परिणाग के पश्चात अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प हांगे , जिसमें या तो वह आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु सन्तुष्ट (Satisfied ) चयन कर सकते है या बेहतर संस्था में उन्नयन हेतु (opt for upgradation ) विकल्प दे सकते हैं ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन पत्र में Satisfied ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति व सभी गूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा।
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6. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन के पश्चात कोई भी विकल्प नहीं दिया है अथवा Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नहीं लिया गया है , ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे ।
द्वितीय चरण की काउसिलिंग-
16.2
1. द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण की काउंसिलिंग से कोई भी सीट आवंटित नहीं हुई है अथवा पूर्व चरण में सीट आवंटित होने के पश्चात् उनके द्वारा कोई विकल्प नही दिया गया है अथवा Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है अथवा जिन्होंने द्वितीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation ) विकल्प दिया है एवं नवीन अभ्यर्थी पात्र होंगे।
2. जिन अभ्यर्थियों ने द्वितीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation ) विकल्प दिया है, उन्हे नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा । ऐसा न करने पर उस अभ्यर्थी की आंवटित सीट उस चरण में अन्य को आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी, परन्तु ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग में भाग लेने हेतु पात्र होंगे ।
निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा ।
3.
4. आवंटन परिणाम के पश्चात अभ्यर्थी के पास दो विकल्प होंगे , जिरामें से तह या तो सन्तुष्ट ( Satisfied ) चयन कर द्वितीय चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश ले सकते है या बेहतर संस्था में उन्नयन हेतु ( opt for upgradation ) विकल्प दे सकते हैं ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटनपत्र में satisfied ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित जाना होगा। जिन अभ्यर्थियों ने आवंटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे।
6. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन आदेश परिणाम के पश्चात प्रदाय विकल्प में से कोई भी विकल्प नहीं दिया है अथवा सन्तुष्ट (satisfied ) विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है, ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शागिल कर ली जावेगा । ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरण की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे।
7. द्वितीय चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी। आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में आवंटन व परिवर्तन नियम 5.8 व 5.9 के तहत किया जायेगा।
तृतीय चरण की काउसिलिंग: -
16.3
1. प्रथम एवं द्वितीय चरण में प्रवेशित अभ्यर्थियों के अतिरिक्त शेष सभी रजिस्टर्ड अभ्यर्थी तृतीय चरण हेतु पात्र होंगे। सभी पात्र तथा तृतीय चरण हेतु उन्नयन (upgradation ) विकल्प देने वाले समस्त अभ्यर्थियों को नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा ।
2. निर्धारित समय सारणी अनुसार तृतीय चरण का आवंटन किया जावेगा ।
3. तृतीय चरण में सीट आवंटित अभ्यर्थी अपने आवंटित महाविद्यालय में सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ प्रवेश हेतु आवंटन आदेश परिणाम की प्रति, प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा।
4. तृतीय चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी। आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी उपलब्ध न
होने की स्थिति में आवंटन व परिवर्तन नियम 5.8 व 5.9 के तहत किया जायेगा।
16.4 स्ट्रेबैंकेन्सी राउण्ड ( अंतिम चरण) : -
1 तृतीय चरण की काउंसिलिंग समाप्त होने के पश्चात् महाविद्यालयों में सीटें रिक्त रहने की स्थिति में निर्धारित समय सारणी अनुसार स्ट्रे बैंकेन्सी राउण्ड संपादित किया जावेगा।
2 प्रथम /द्वितीय /तृतीय चरण में पंजीकृत अभ्यर्थी के अतिरिक्त नवीन अभ्यर्थी को भी पंजीयन की सुविधा प्रदान कर स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड संपादित किया जावेगा। प्रथम/द्वितीय/तृतीय चरण के प्रवेशित अभ्यर्थियों को छोड़कर शेष सभी पंजीकृत अभ्यर्थी स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड हेतु पात्र होंगे।
स्ट्रेवैकेन्सी राउण्डमें महाविद्यालय की रिक्त सीटों एवं पात्र अभ्यर्थियों की गैरिट सूची जारी (विज्ञापित) की जायेगी। 3
4 उपरोक्तमैरिट सूची के आधार पर महाविद्यालय में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल कर मैरिट
क्रमानुसार रिक्त सीटों पर महाविद्यालय द्वारा ऑनलाइन प्रवेश दिया जायेगा।
5 स्ट्रेवैंकेन्सी राउण्ड से संबंधित विस्तृत दिशा- निर्देश तत्समय जारी किये जायेंगे।
17 प्रवेश प्रक्रिया कार्यक्रम: -
यथासमय घोषित की जायेगी।
1
स्टेट कोटा प्रथम चरण काउंसिलिंग की तिथि
यथासमय घोषित की जायेगी ।
2 स्टेटकोटा द्वितीय चरण कांउसिलिंग
यथासमय घोषित की जायेगी।
3 स्टेटकोटा तृतीय चरण कांउसिलिंग
यथासमय घोषित की जायेगी ।
4 स्टेटकोटा स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड
यथासमय घोषित की जायेगी ।
प्रवेश की अंतिम तिथि
5
यथासमय घोषित की जायेगी ।
6 सत्रारंभ तिथि मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526(26)
टिप्पणी: -
1- आयुष संचालनालय द्वारा नियम 17 में दर्शाये अनुसार ऑनलाइन कांउसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम एवं निर्धारित रामय सारणी जारी कर आयुष, संचालनालय आयुष की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.in तथा http://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर विज्ञापित किया जायेगा । यदि कार्यक्रम में कोई परिवर्तन किया जाता है तो उसे भी विज्ञापित कर सूचित किया जावेगा।
18 प्रदेश के निजी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालयों में राज्य सरकार द्वारा यदि कोई सीट वृद्धि की अनुमति काउंसिलिंग के पूर्व प्राप्त हो जाती है अथवा किसी महाविद्यालय को काउंसिलिंग के मध्य में मान्यता/ प्रवेश अनुमतिप्राप्त होती है तो काउंसिलिंग चरण के च्वाइस फिलिंग प्रारंभ होने के पूर्व दिनांक तक ही उस चरण की प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित किया जा सकेगा ।
18.1 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों हेतु बी.एन.वाय.एस.पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु जारी इन नियमों के आधार पर प्रवेशित हुए अभ्यर्थी आयुष विभाग के अन्य पाठ्यक्रमों यथा बी.ए.एम.एस. , बी.एच.एम.एस. व बी.यू.एम.एस. के अभ्यर्थियों से समानता का अधिकार प्राप्त करने हेतु दावा नहीं कर सकेंगे और न ही इस हेतु पात्र होंगे ।
19 महाविद्यालयों द्वारा उक्त शासकीय प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से किये गये प्रवेश मान्य नहीं होंगे । यदि ऐसे किसी अभ्यर्थी की पहचान होती है, जिसका प्रवेश अंतिम तिथि के पश्चात् हुआ हो अथवा प्रक्रिया के अतिरिक्त हुआ हो , तो ऐसे अभ्यर्थी को उक्त पाठ्यक्रम से निकाल दिया जायेगा एवं/अथवा यदि उसे बी.एन.वाय.एस. की शैक्षणिक योग्यता दी जा चुकी है तो उक्त योग्यता को मान्यता प्रदान नहीं की जावेगी ।
20 राज्य स्तरीय अंतिम चरण की काउंसिलिंग के उपरांत रिक्त रह गयी पर सीट पर महाविद्यालय द्वारा किसी भी दशा में सीधे प्रवेश नहीं दिये जावेगे । यदि किसी महाविद्यालय द्वारा काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर किसी छात्र को सीधे प्रवेश देना प्रमाणित पाया जाता है तो संबंधित संस्था को महाविद्यालय संचालन हेतु जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र वापस लिया जायेगा एवं संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी ।
21 उक्त नियमों के अंतर्गत होने वाले प्रवेश आयुष विभाग म.प्र . शासन के उस प्रवेश दिनांक को प्रभावशील आदेशो/निर्देशो/नियमों के अधीन रहेंगे। पूर्व चरणों की काउंसिलिंग के आधार पर हुए प्रवेश उपरांत यदि संबंधित आदेश/नियम/निर्देश में कोई परिवर्तन होते हैं तब वह आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु ही लागूहोंगे ।
22 सक्षम प्रधिकारी: -
किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश एवं प्रवेश प्रक्रिया के संबन्ध में विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में प्रकरण के निराकरण हेतु आयुक्त आयुष सक्षम प्राधिकारी होंगे, जिनका निर्णय अंतिम होगा।
23 नियमों में संशोधन का अधिकारः-
राज्य शासन को प्रवेश प्रक्रिया एवं नियमों में संशोधन का संपूर्ण अधिकार होगा। इन नियमों के निर्वचन और उनमें संशोधन के सबंध में किसी विवाद की दशा में राज्य सरकार का विनिश्चय अंतिग और सभी संबंधितों पक्षो पर बाध्यकारी होगा ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
संजय कुमार मिश्र , अपर सचिव.
526(27)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
प्रारूप-1
प्रमाण पत्र, अभिलेखों की अभिलेख सत्यापन, कॉउसिलिंग , आवंटन संबंधी प्रपत्र
(उम्मीदवार द्वारा भरा जावे)
मैं घोषणा करता/ करती हूँ कि मैनें मध्यप्रदेश प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग (बी. एन.वाय.एस. ) प्रवेश नियम भलीभांति पढकर समझ लिये हैं । तत्पश्चात् ही नियमों में दिये गये प्रावधानों के अधीन प्रवेश/कॉउंसिलिंग , में भाग ले रहा/रही हूं !
प्रवेश/कॉउसिलिंग , में भाग लेने के लिए आज दिनांक को निम्न जानकारी मूल प्रमाण पत्र एवं मूल अभिलेख प्रस्तुत कर रहा /रही हूँ । यदि वांछित जानकारी नियमानुकूल नहीं है अथवा असत्य है अथवा अधूरी है, आवश्यकतानुसार नहीं है तो मुझे कॉउसिलिंग में भाग लेने से वंचित कर दिया जाए । किन्हीं कारणों से आवंटन या प्रवेश प्राप्त हो भी जाता है तो मेरा
आवंटन या प्रवेश कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर दिया जाए-
1. म.प्र . प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग प्रवेश हेतु एम.पी. ऑन लाईन का पंजीयन
2.मेरिटसूची/प्रतीक्षासूचीक्रमांक :
3. हायर सेकेंडरी 10+ 2 ( भौतिकी, रसायन विज्ञान व बायोलाजी का) परीक्षा में प्राप्तांक:
4.पूरानाम....
5. माता/पिता/अभिभावक का पूरा नाम...
6.पता : ....
टेली ./ मो..
6.1 प्रवर्ग (अनारक्षित/अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/ई.डब्लू.एस.)
6.2 संवर्ग (सैनिक/स्वतंत्रतासैनानी/विकलांग/महिला/ओपन):
7. मूल प्रमाणपत्र अभिलेख जो प्रस्तुत कर रहे है, उनके सामने सही (1) का चिन्ह लगायें ।
1.
अर्हकारी / हायर सेकेंडरी परीक्षा की मूल अंकसूची ।
2.
आरक्षित /संवर्ग हेतु निर्धारित प्रारूप में स्थाई जाति प्रमाणपत्र ।
Place
date
Issuing Authrity
Book No.
Disp.No.
DD MM YYYY
3.
जन्मतिथि के संबंधी कक्षा 10 वी की अंकसूची ।
चरित्र प्रमाण पत्र।
4.
5.
यदि अध्ययन दौरान कक्षा बारहवी के बाद अंतराल हुआ हो तो नोटरी द्वारा गैप सर्टिफिकेट
मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र ।
6.
Place
Dateof issue
IssuingAuthrity
No.
अंतिम संस्था में अध्ययनरत रहने की टी.सी.
7.
वर्तमानआय प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप में ।
8.
9.
संस्था प्रमुख का मूल दस्तावेज जमा होने संबंधी प्रमाण पत्र, सूची सहित। (यदि लागू हो तो)
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर, दिनांक पूरा नाम
अभिलेख सत्यापन (सूक्ष्म जाँच समिति द्वारा भरा जावे)
मेरेद्वारा समिति को उपलब्ध कराये मूल प्रमाण पत्रों, अभिलेखों(......)की जांच की गई। प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति के 01 सेट रिकार्ड हेतु जमा करा लिये गये हैं । प्रमाण -पत्रों पर पाई गई कमियों को ऊपर उल्लेखित किया गया है ।
सदस्य अभिलेख सत्यापन समिति
(नाम पदनाम , हस्ताक्षर एवं दिनांक)
परीक्षणोपरांत उम्मीदवार प्रवेश/कॉउसिलिंग में भाग लेने के लिए पात्र है अथवा निग्न प्रमाण पत्र एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने के कारण अथवा अन्य कारणों .से प्रवेश/कॉउसिलिंग में भाग लेने के लिये पात्र नहीं हैं ।
अध्यक्ष , अभिलेख सत्यापन समिति
(हस्ताक्षर, दिनांक नाम एवं पदनाम.) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526(28 )
प्रारूप- 1-अ
शपथ पत्र
...निवासी.....
मैं/आत्मज/आत्मजा श्री.
उम्र.. आज दिनांक. कोशपथ पूर्वक घोषणा करता/करती हूँ कि मेरे द्वारा आनलाईन प्रवेश प्रक्रिया /काउंसिलिंग में लिये गये निर्णय से मैं बचनबद्ध रहूँगा रहूँगा । आवंटित संस्था में प्रवेश समय सीमा में लेकर मैं नियम पुस्तिका में दिये गये नियमों का पालन करूगाँ/करूंगी।
अभ्यर्थीके हस्ताक्षर
ग्वाह-1 के हस्ताक्षर
दिनांक .
दिनांक.
नाग .
नाम.
पूरा पता.
पूरा पता .
टेलिफोन./मोबाईल नं...
टेलिफोन /मोबाईल नं...
ग्वाह -1 के हस्ताक्षर
दिनांक.
नाम.
पूरा पता.
टेलिफोन./मोबाईल नं..
प्रारूप-2
मिलेट्री पर्सन संवर्ग (एस ) हेतु प्रमाण पत्र
भाग (अ)
भूतपूर्व सैनिक/मृत प्रतिरक्षा कर्मचारी/स्थायी रूप से विकलांग प्रतिरक्षा कर्मचारी
दिनांक
संदर्भक्रमांक
यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/श्रीमती.. (बी.एन.वाय.एस. ) प्रवेश नियम एम.पी. ऑनलाइन द्वारा संचालित प्रवेश प्रक्रिया जो म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग वर्ष के आधार पर (बी.एन.वाय.एस. ) ..पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्मीदवार श्री/कुमारी के पिता/माताहैं। अ- थल सेना/वायुसेना/नौसेना के/ की एक भूतपूर्व सैनिक है, सेवानिवृत्त/सेवामुक्ति के समय वे पद पर थे/थी, उनका सर्विस क्रमांक..... था ।
अथवा
ब- उन्होंने थल सेना/वायुसेना/नौसेना में.. पद पर सर्विस क्रमांक. के अधीन सेवा की है, सेवा के दौरान वे स्थायी रूप से विकलांग हो गये हैं/सेवा के दौरान उनकी मृत्यु वर्ष.. में हो चुकी है।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के हस्ताक्षर
स्थान
(कार्यालय सील)
दिनांक.
प्रारूप-2
भाग (ब)
मध्यप्रदेश में मध्यप्रदेश के बाहर अन्य राज्य में कार्यरत प्रतिरक्षा कर्मचारी
पर(बी.एन.वाय.एस. ) हैं । संदर्भ क्रमांक. यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/श्रीमती योग (बी.एन.वाय.एस. ) प्रवेश नियम एम.पी. ऑनलाइन द्वारा संचालित प्रवेश प्रक्रिया.. ..पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये उम्मीदवार श्री/कुमारी . दिनांक. ..जो म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सा एवं के आधार वर्ष ..के पिता/माता 31- थलसेना/वायुसेना/नौसेना में प्रतिरक्षा कर्मचारी हे और वे मध्यप्रदेश में स्थित प्रतिरक्षा इकाई में पदस्थ है । वे इस इकाई में दिनांक के ओहदे पर सर्विस क्रमांक के अधीन कार्यरत से सेवारत है ।
अथवा ब- वे थलसेना/वायुसेना/नौसेना में ...के ओहदे पर सर्विस क्रमांक. कर्मचारी है । और वे मध्यप्रदेश राज्य के बाहर स्थित प्रतिरक्षा इकाई में पदस्थ है । के अधीन कार्यरत प्रतिरक्षा
हस्ताक्षर : ऑफिसर कमांडिंग ..
स्थान.......
(कार्यालय सील)
दिनांक.
526(29)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
प्रारूप-2भाग (स)
भूतपूर्व सैनिक द्वारा स्थायी रूप से मध्यप्रदेश में व्यवस्थापित होने संबंधी
प्रमाण-पत्र
दिनांक...
संदर्भ क्रमांक..
मेरे समक्ष प्रस्तुत किये गये प्रमाण पत्र के आधार पर प्रमाप्ति किया जाता है कि श्री/श्रीमती/कुमारी (उम्मीदवार का ...जो म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग (बी.एन. वाय.एस. ) प्रवेष नियम एम.पी. ऑनलाइन द्वारा संचालित नाम)..... प्रवेशप्रक्रिया) .. वर्ष पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये उम्मीदवार हैं, वे गयेहैं। ..के आधार पर (बी.एन.वाय.एस. ). (स्थान) तहसील....... जिला. ..में व्यवस्थापित हो
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के हस्ताक्षर
स्थान..
दिनांक
(कार्यालय सील)
प्रारूप-3
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संवर्ग हेतु प्रमाण पत्र
दिनांक.
संदर्भ क्रमांक
1- यह प्रमाणित किया जाता है कि उम्मीदवार..
श्री (पिता)......... के पुत्र/पुत्रीहै । श्री/श्रीमती. श्री. 2- श्री/श्रीमती जिला.. पर पंजीकृत है । ..एवं श्रीमती (माता) .... ...के/की वैध ( Legitimate ) पुत्र/पुत्री है। स्वतंतत्रता संग्राम सैनानी ...(स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाम) का नाम मध्यप्रदेश के .(जिला का नाम) में संधारित (Maintained ) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पंजी ( Register ) में क्रमांक
स्थान:
हस्ताक्षर : कलेक्टर
दिनांक
(कार्यालय की स्पष्ट मोहर ) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526(30)
नियम-5.5
प्रारूप-4 भाग ( अ)
स्थायी अनुसूचित जनजाति/ अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र
कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (प्रमाणीकरण)
...जिला
अनुभाग...
मध्यप्रदेश पुस्तक क्रमांक...
पत्र क्रमांक..
...प्रकरण क्रमांक..
स्थाईजाति प्रमाण पत्र
यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/ श्रीमती/कुमारी.. नाम..........निवासी ग्राम....... ...नगर.... .वि.ख.. ..तहसील जिला.. ...संभाग.. पिता/पति का ....अनुसूचित जनजाति/जाति का/की सदस्य हैं और इस अनुसूचित जनजाति / जाति को संविधान के अनुच्छेद 341/342 के अधीन मध्यप्रदेश राज्य के संबंध में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है और यह अनुसूचित जाति एवं जनजाति (संशोधन) अधिनियम 1976 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश की सूची में अनुक्रमांक... अंकित है। अतः श्री/ श्रीमती /कुमारी... ..पिता/पति का नाम....... 2- प्रमाणित किया जाता है कि आवेदक श्री/ श्रीमती/ कुमारी . रूपये . है । जाति/जनजाति पर अनुसूचित जनजाति/जाति का/की है । ..के परिवार की कुल वार्षिक आय दिनांक...
हस्ताक्षर
प्रमाणीकरण अधिकारी का नाम पदनाम/सील
टिप्पणी ( 1 ) अनुसूचित जाति का अर्थ है संविधान के अनुच्छेद 341 के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट मध्यप्रदेश राज्य से
संबंधित अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति का अर्थ है संविधान के अनुच्छेद 342 के अन्तर्गत
विनिर्दिष्ट मध्यप्रदेश राज्य से संबंधित जनजाति ।
(2) केवल निम्नलिखित अधिकारियों द्वारा जारी किये गये प्रमाण-पत्र मान्य होंगेः-
(अ) कलेक्टर/ अतिरिक्त कलेक्टर/डिप्टी कलेक्टर /एस.डी.ओ. (अनुविभागीय अधिकारी) उप-संभागीय मजिस्ट्रेट/सिटी मजिस्ट्रेट (ब) तहसीलदार (स) नायब तहसीलदार (द) परियोजना प्रशासक/अधिकारी,
वृहद/मध्यग/एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना/उपखंड अधिकारी ।
नोटः- यह प्रमाण पत्र उपरोक्त में से किसी भी एक अधिकारी द्वारा नियत जाँच एवं आत्म संतुष्टि के पश्चात् ही जारी किया जावें, न कि उम्मीदवार के अभिभावक द्वारा दिये गये शपथ पत्र के आधार पर और न ही स्थानीय निकायों के सदस्यों द्वारा जारी किये गए प्रमाण पत्र के आधार पर ।
प्रारूप-4 भाग( ब)
म.प्र. कीअन्य पिछड़े वर्ग (क्रीमीलेयर को छोड़कर) श्रेणी के आरक्षित स्थानों पर प्रवेश के लिए प्रस्तुत किये जाने वाले प्रमाण पत्र का प्रारूप ।
स्थाई प्रमाण पत्र
कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी (प्रमाणीकरण)
संदर्भ क्रमांक.....
दिनांक.
यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/कु. (परीक्षार्थी का नाम) .आत्मज श्री.... निवासी/ग्राम... ..जिला/संभाग.. ..मध्यप्रदेश के निवासी हैं जो. ..जाति के हैं, जिसे पिछड़ा वर्ग के रूप में मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछडा वर्ग कल्याण विभाग की अधिसूचना क्र. एफ-8-5/पच्चीस /4/84, दिनांक 26 दिसम्बर , 1984 द्वारा अधिमान्य किया गया है ।
श्री. (पिता का नाम) क्रीमीलेयर (संपन्न वर्ग) व्यक्तियों/ वर्गो की श्रेणी में नहीं आते हैं, इसका उल्लेख भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के परिपत्र क्रमांक 360/2/22/93 स्था . (एस.सी.टी. ) दिनांक 8.9.93 द्वारा जारी सूची के कॉलम 3 में तथा मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञापन क्रमांक एफ-7-16/2000/ 1 / आप्र दिनांक 6 जुलाई , 2003 की अनुसूची अनुक्रमांक-6 आय/सम्पति आंकलन भाग (क) संशोधित कॉलम (3 ) में किया गया है।
दिनांक
प्रमाणीकरण अधिकारी का नाम
पदनाम (सील) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526(31)
प्रारूप-5-अ
कार्यालय तहसीलदार/ नायब तहसीलदार
टप्पा/तहसील... जिला............
प्र.क्र. /बी-121/वर्ष.. दिनांक..
आय प्रमाण-पत्र
प्रमाणित किया जाता
आवेदक श्री/श्रीमती/कु०.
है कि तहसील.. जिला पिता/पत्ति.. ...निवासी.. मध्यप्रदेश , की के परिवार की रागस्त स्लातों से वार्षिक आय
है । रूपये (शब्दों में..............
(आवेदक द्वारा प्रस्तुत शपथ - पत्र के आधार पर जारी )
तहसीलदार/नायब तहसीलदार
तहसील.. सील
प्रारूप 5 -ब
आय बावत स्व प्रमाणित घोषणा- पत्र (सादे कागज पर)
आत्मज श्री ...आयु........ .वर्ष शपथपूर्वक कथन करता/करती हूँकिः- मैं....
1. मैं वर्तमानमें
...में निवासरत हूँ ।
में हेक्टेयर /एकड़ कृषि भूमि है, जिससे मुझे रूपये शब्दों मे 2. गेरे नाम ग्राम
...की वार्षिक आय होती है ।
4. गृह सम्पत्ति से मेरी वार्षिक आय रूपये
3. मेरा व्यवसाय ...है, इससे मुझे वार्षिक आय रूपये शब्दों में है । ..शब्दों में है।
5. मेरेपरिवार में निम्नानुसार सदस्य हैः-
1. 2 3
5.
4
( परिवार रो आशय पति/पत्नी/अवयस्क पुत्र/पुत्री/आश्रित भाता या पिता से है)
6. मेरे परिवार के उक्त समस्त सदस्यों की कुल वार्षिक आय रूपये. शब्दों में
7. मैने इस शपथ- पत्र के पूर्व कोई आय प्रमाण -पत्र प्राप्त नहीं किया है/शपथ- पत्र प्रस्तुत नहीं किया है ।
अथवा
8. मैने इस शपथ-पत्र के पूर्व लगभग रूपये वार्षिक का प्राप्त किया/दिया था । मेरी आय अब परिवर्तित हो गई है । अतः परिवर्तित आय राशि वार्षिक का आय शपथ- पत्र प्रस्तुत किया जा रहा है । रामय पूर्व एक आय प्रमाण पत्र/शपथ- पत्र राशि
(बिन्दुक्रमांक 7 एवं 8 मे जो लागून हो उसे काट दें)
हस्ताक्षर
सत्यापन
मै.. आत्मज/पति श्री
आयु वर्ष, निवासी सत्यापन करता/करती हूँ कि शपथ - पत्र की कण्डिका 1 से 8 तक में उल्लेखित जानकारी मेरे निजी ज्ञान एवं विश्वास के आधार पर सत्य है । इसमें न कोई तथ्य छुपाया गया है और न ही असत्य तथ्य अंकित किया गया है । मुझे यह ज्ञान है कि मेरे द्वारा असत्य या भ्रामक जानकारी देने पर मेरे विरूद्ध आपराधिक दण्डात्मक कार्यवाही की जा सकेगी। साथ ही मुझे प्राप्त समस्त लाभ भी वापस लिये जायेंगे ।
सत्यापन आज दिनांक वर्ष.. कोस्थान
में किया गया ।
हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526 (32)
प्रारूप 6
स्थानीय निवासी हेतु स्व प्रमाणित घोषणा-पत्र (अस्टाम्पित कागज पर)
...आत्मज/पतिश्री..
मैं. आयु लगभग .
वर्ष शपथपूर्वक कथन करता/करती हैंकिः 1. मैं वर्तमान में
2. मेरी पत्नी का नाम श्रीगती में निवासरत हूँ।
वर्षहै ।
एवं आयु (लगभग)
3 मेरेअवयस्क पुत्र/पुत्री
1- श्री/कु.
आयु (लगभग)
वर्ष है ।
2- श्री/कु
आयु (लगभग)
वर्ष है ।
4. (यहाँ मध्यप्रदेश शासन के शापन क्रमांक सी- 3-7-2013-3-एक, दिनांक 25 सितम्बर 2014 में वर्णित निर्देश के अंतर्गत
आवेदक पात्रता की निग्न में से जिन- जिन श्रेणियों में आता है उनका विवरण अंकित करें)
1- मैं, मध्यप्रदेश के मकान नंबर मोहल्ला तहसील जिला में वर्ष ग्राम में पैदा हुआ/हुई हूँ ।
2. मैं , मध्यप्रदेश में ग्राम/मोहल्ला शहर ..तहसील . जिला मेंविगत 10 वर्ष से निरंतर निवारारत हो। यदि 10 वर्ष की अवधि में एक से अधिक स्थानों पर निवासरत रहे तो कब से कब तक कहाँ- कहाँ निवासरत रहे इसका पूर्ण विवरण अंकित किया जाया;
3- मैं, राज्य शारान की रोवा में वर्तमान में पद का नाम कार्यालय का नाम
विभाग का नाम
.के पद पर पदस्थ हूँ से रोवानिवृत्त हुआ हूँ।
4- मैं , मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत स्थापित
.नामक संस्था/निगम/मण्डल/आयोग में पद पर
कार्यालय में सेवारत/सेवानिवृत्त कर्मचारी हूँ।
विभाग में
5. (कार्यरत/शेवानिवृत्त पद के नाम के साथ कार्यरत कार्यालय/जिरा कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए उसका पूर्ण विवरण दें। )
...के पद पर
तहसील
में, केन्द्रशासन के कें कार्यालय
जिला
6. मैं , अखिल भारतीय रोवाओं के मध्यप्रदेश राज्य को आवंटित (आवंटन वर्ष पद पर 10 वर्ष से पदस्थ होकर कार्यरत हैं। बैच) अधिकारी हूँ ।
पद पर में पदस्थ हूँ से सेवानिवृत्त हुआ हूँ। (कार्यरत /रोवानिवृत्त ...कार्यालय/मंत्रालय
कार्यालय का पूर्ण विवरण कार्यरत पद का नाम)
7- में, मध्यप्रदेश में संवैधानिक/विधिक .
पद पर गहा । हिंग राष्ट्रपति/महामहिम राज्यपाल द्वारा नियुक्त हैं । (पद, कार्यालय का पूर्ण विवरण दिया जाये)
8- मैं, भूतपूर्व सैनिक हूँ तथा मैंने मध्यप्रदेश में 05 वर्षों तक (अवधि .)निवास किया है अथवा मेरे परिजन मध्यप्रदेश में पहले से ही निवासरत है । (इसकी
पुष्टि हेतु सैनिक कल्याण , संचालनालय का प्रगाण- पत्र संलग्न करें ।)
हस्ताक्षर
सत्यापन
गै
आत्मज/पति श्री
वर्ष, निवासी
आयु सत्यापन करता/करती हूँ कि घोषणा-पत्र की कण्डिका 1/2/3/4/5/6/7/8 में उल्लेखित जानकारी मेरे निजी ज्ञान एवं विश्वास के आधार पर सत्य है । इसमें न कोई तथ्य छुपाया गया है और न ही अरात्य तथ्य अंकित किया गया है । मुझे यह ज्ञान है कि मेरे द्वारा अरात्य या भ्रामक जानकारी देने पर मेरे विरूद्ध आपराधिक दण्डात्मक
कार्यवाही की जा सकेगी । साथ ही मुझे प्राप्त समस्त लाभ भी वापस लिये जायेंगे । सत्यापन आज दिनांक वर्ष को स्थान
में किया गया ।
हरताक्षर
(जो लागू हो केवल उसी उल्लेख घोषणा-पत्र में किया जावें) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
526(33)
प्रारूप-7
कार्यालय नायब तहसीलदार/तहसीलदार
टप्पा/तहसील
जिला
प्र.क्र....... वर्ष
दिनांक
स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र
यहाँ आवेदक का भागपोर्ट साईज का फोटो लगाया जाए
जोप्राधिकृत अधिकारी द्वारा मत्यापित किया
प्रमाणित किया जाता है कि श्री/श्रीमती/कु . निवासी तहसील जिला पिता/पति
........(मध्यप्रदेश), राज्यशारान द्वारा मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी प्रगाण- पत्र जारी किये जाने के लिए प्रभावशील शाप दिनांक की कंडिका क्रमांक .की पूर्ति करने के फलरवरूप गध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी है । में निर्धारित मापदण्ड 2. प्रमाणित किया जाता है कि मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक दिनांक के अधीन आवेदक द्वारा दिए विवरण अनुसार आवेदक की पत्नी' अवयरक बच्चे'
जिनका विवरण नीचे वर्णित है , गध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी है -
(1 ) आवेदक की पत्नी का नाम .
आयुवर्ष है ।
(2) आवेदक के अवयस्क पुत्र/पुत्री
(1) . વર્ષ
(2)....
आयु..
वर्ष
..आयु.
वर्ष
(4) ....
वर्ष
टीपः-यह प्रमाण-पत्र जाति निर्धारण के लिये जारी किये जाने वाले जाति प्रमाण- पत्र की जांच में साक्ष्य हेतु
विचारार्थ ग्राह्य नहीं होगा ।
(आवेदक द्वारा प्रस्तुत शपथ- पत्र के आधार पर जारी)
इ.वहसीलदार/गायब तहसीलदार
तहसील......
जिला...
जोलागू हो काट दें ।
प्रारूप-8
महाविद्यालय पुनराबंटन हेतु
अनापत्ति प्रमाण पत्र
प्रधानाचार्य,
(राग्बन्धित महाविद्यालय का नाम)
विषय:- पाठ्यक्रम में पुर्नावंटन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र बावत्।
गरे द्वारा गप्र. प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग (बी.एन.वाय. एरा.) प्रवेश नियम के तहत एम.पी. ऑन लाईन में पंजीयित होकर प्रवर्ग.. संवर्ग मेरिट क्र० के आधार पर शासकीय काउन्सिलिंग में सीट आवंटित करवाकर आपके महाविद्यालय में अध्ययनरत हैं ।
म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग (बी.एन.वाय.एस. ) प्रवेष नियम के तहत एम.पी. ऑन लाईन नियमानुसार मैं आगामी काउन्सिलिंग में ...महाविद्यालय से महाविद्यालय के लिए पुनराबंटन चाहता/चाहती हूँ । अतः अनापत्ति प्रगाण पत्र जारी करने का कष्ट करें । मेरे मूल दरतावेज आपके महाविद्यालय में जमा है । इस बावत भी पुष्टि करने का कष्ट करें ।
हस्ताक्षर
नाग प्रार्थी
पिता/अभिभावक का नाग
(बी.एन.वाय.एस.) प्रवेश नियम के तहत एम.पी. ऑन लाईन पंजीयन 10...
कार्यालय प्राचार्य
आयुक्त आयुष, मध्यप्रदेश भोपाल।
दिनांक.
......आताज/आत्मजा श्री ..इस गहाविद्यालय में म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग (बी.एन.वाय.एरा ) प्रवेश नियम के तहत एम.पी. ऑन लाईन की काउन्सिलिंग के आधार पर प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय अध्ययनरत् है। छात्र/छात्रा के मूल दरतावेज इरा गहाविद्यालय में जमा हैं जो निग्रानुसार हैः-
..महाविद्यालय से महाविद्यालय को कोई आपत्ति नहीं हैं । महाविद्यालय में पुर्नावंटन किये जाने पर इस
महाविद्यालय की सील
प्रधानाचार्य/प्राधिकृत अधिकारी
महाविद्यालय मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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मध्यप्रदेश एमडी/ एमएस ( आयुर्वेद) /एमडी (होम) / एमडी (यूनानी) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश
नियम,
क्रमांक/एफ 1/ 0001/2027/sec - 1 / 59 /(Ayu ) राज्य सरकार एतद्द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में संचालित प्रवेशानुमति प्राप्त आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम "एम.डी. ( आयुर्वेद)/एम.एस, ( आयुर्वेद) , एमडी (होम्योपैथी) एवं एमडी (यूनानी) "में प्रवेश से सम्बंधित निम्नलिखित नियम बनातीहैः-
1. शीर्षक- ये नियम " मध्यप्रदे श आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी स्नातकोत्तरपाठ्यक्रम प्रवेश नियम कहलायेंगे । ये नियम " मध्यप्रदेश राजपत्र" में इनके प्रकाशन के दिनांक से प्रवृत्त होंगे ।
2. परिभाषायें- इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अभिप्रेत न हो,
2.1 "महाविद्यालय " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश राज्य में संचालित प्रवेशानुमति प्राप्त शासकीय (स्वशासी) एवं निजी क्षेत्र के आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय ।
2.2 "परीक्षा "से अभिप्रेत है भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा National Testing Agency ( NTA) के माध्यम से आयोजित आयुष स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश परीक्षा (All India AYUSH Post Graduate Entrance Test (AIAPGET)
2.3 "सीट"से आशय है, महाविद्यालयों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हेतु स्वीकृत सीट ।
2.4 "सेवारत अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन के ऐसे नियमित आयुर्वेद , होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी जो मध्यप्रदेश शासन के अधीन सेवा कर रहे हो;
2.5 " प्रवर्ग"से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश शासन द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित अनुसूचित जनजाति ( अ.ज.जा) , अनुसूचित जाति (अ.जा. ) , अन्य पिछड़ा वर्ग (अ.पि.व. ) , आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्लू.एस. ) तथा अनारक्षित ( अना . ) श्रेणी;
2.6 "संवर्ग "से अभिप्रेत है दिव्यांग (पी.डब्लू.डी) जैसा कि एमसीआई/एनएमसी द्वारा समय- समय पर जारी अधिसूचना अनुसार पात्र अभ्यर्थी एवं महिला (एफ) ।
2.7 "चयनित अभ्यर्थी"से अभिप्रेत है ऐसे अभ्यर्थी जिनको सीट आवंटन कर आवंटन पत्र जारी कर दिया गया है ।
2.8 "राज्य सरकार " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन;
2.9 "आयुक्त"से अभिप्रेत है आयुक्त, संचालनालय आयुष म ०प्र० ;
2.10 " प्रधानाचार्य "से अभिप्रेत है संबंधित महाविद्यालय/संस्थान का अकादमिक एवं प्रशासनिक प्रमुख;
2.11 " एन.सी.आई.एस.एम. "से अभिप्रेत है भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग ।
2.12 "एन.सी.एच. "से अभिप्रेत है राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ।
2.13 "काउंसिलिंग " से अभिप्रेत है केन्द्रीयकृत परीक्षा के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों की मैरिट एवं पात्रता के अनुसार राज्य सरकार द्वारा आयोजित सीट आवंटन की प्रक्रिया
2.14 "विश्वविद्यालय "से अभिप्रेत है ऐसा संस्थान जिससे मध्यप्रदेश के शासकीय स्वशासी एवं निजी क्षेत्र के आयुर्वेद , होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध है।
2.15 " अभ्यर्थी"से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु इच्छुक व्यक्ति।
2.16 " अध्येता " से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश उपरान्त छात्र - छात्राये ।
2.17 "ऑल इंडिया कोटा" से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य के आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों की वह सीटें जिनको ऑल इंडिया स्तर पर काउंसिलिंग के माध्यम से भरेजाने हेतु आरक्षित रखा गया है;
2.18 "स्टेट कोटा"से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य के आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों की वह सीटें जिनको राज्य स्तर की काउंसिलिंग के माध्यम से भरे जाने हेतु आरक्षित रखा गया है ;
526(35 )
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
2.19 "सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग "से अभिप्रेत है राज्य के आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों की ऑल इंडिया कोटा की सीटों को भरने हेतु ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित होने वाली काउंसिलिंग ।
2.20 "ऑल इंडिया रिवर्टेड सीट"से अभिप्रेत है, ऑल इंडिया कोटे की वह सीट जो सेन्ट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के उपरांत रिक्त रहने पर वापस की गई है।
3- सामान्य निर्देश-
3.1 स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम , यथास्थिति एन.सी.आई.एस.एम. /एन.सी.एच./ विश्वविद्यालय/राज्य सरकार/ भारत सरकार/महाविद्यालय की स्वशासी समिति द्वारा समय- समय पर यथा संशोधित प्रवृत्त नियमों तथा विनियमों में किये गए संशोधनों द्वारा शासित तथा विनियमित होंगे।
3.2 प्रवेश की तारीख से उपाधि की दशा में तीन वर्ष की कालावधि के लिए स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम पूर्णकालिक होंगे । छात्र को संपूर्ण अध्ययनकाल में निजी प्रैक्टिस , अंशकालिक नौकरी या कोई अन्य नौकरी करने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी ।
3.3 अभ्यर्थी द्वारा जब भी अपेक्षित हो सही जानकारी प्रस्तुत की जानी चाहिए । प्रवेश काउंसिलिंग संबंधित फार्म भरने से पूर्व अभ्यर्थी को यह सलाह दी जाती है कि वे नियमों को पूर्ण रूप से पढ़ लें एवं समझ लें और अपेक्षित की गई संपूर्ण तथा सही जानकारी भरें तथा अपेक्षित दस्तावेज संलग्न करें, जिसके अभाव में अभ्यर्थी को सीट आवंटन तथा प्रवेश की पात्रता नहीं होगी।
3.4 यदि ऐसा पाया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in में आवेदन पत्र में प्रविष्टि के समय, अभिलेखों की जांच के समय, सीट के आवंटन के समय तथा प्रवेश के समय एवं अध्ययन के दौरान कोई तथ्य एवं जानकारी छुपाई है अथवा गलत जानकारी दी है , तो महाविद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा उसके अध्ययन के दौरान कभी भी उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा एवं नियमानुसार प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
3.5 यदि अभ्यर्थी के विरूद्ध गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया जाता है, तो वह प्रवेश का हकदार नहीं होगा अथवा अध्ययन के दौरान भी ऐसी जानकारी प्राप्त होने पर प्रधानाचार्य द्वारा किसी भी समय उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकेगा ।
3.6 अध्येता को दुराचरण, अपराधिक कृत्य से संलिप्तता, अनुशासनहीनता तथा लगातार बिना सूचना के निरंतर 45 दिन अनुपस्थित रहने के दोषी पाये जाने पर उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए उत्तरदायी होंगे, जिसमें प्रधानाचार्य के द्वारा महाविद्यालय से निष्कासन एवं विश्वविद्यालय द्वारा पंजीयन का निरस्तीकरण किया जाना सम्मिलित है । अनाधिकृत रुप से बिना किसी पूर्व सूचना के निरंतर 45 दिन अनुपस्थित रहने पर प्रवेश निरस्तीकरण की कार्यवाही प्रधानाचार्य के द्वारा गुण दोष के आधार पर की जावेगी । इस अनुपस्थित अवधि का किसी भी प्रकार के मान्य अवकाश में समायोजन नहीं होगा।
ऐसे प्रवेश के पश्चात निष्कासित अभ्यर्थी, निष्कासन की तिथि से आगामी 03 वर्ष के लिये राज्य की शासकीय स्वशासी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों की पी.जी. सीटों पर प्रवेश के लिये अपात्र होंगे तथा उन्हें आर्थिक दंड स्वरुप रु 05.00 लाख (रूपये पाच लाख मात्र) संबंधित महाविद्यालय के स्वशासी समिति के बैंक खाते में जमा करने होंगे। बकाया राशि की वसूली भू- राजस्व बकाया के समान की जा सकेगी।
3.7 भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एन.सी.आई.एस.एम. ) राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एन.सी.एच. ) , नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों की स्टेट कोटा सीटस् पर पाठ्यक्रमवार एवं महाविद्यालयवार प्रवेश दिया जावेगा । कॉउंसिलिंग के समय जिन संस्थाओं को भारत सरकार आयुष मंत्रालय की प्रवेशानुमति प्राप्त होगी उन सभी में प्रवेश की कार्यवाही संचालनालय आयुष म.प्र . स्तर से की जावेगी । ऑल इंडिया कोटा की सीट्स पर प्रवेश की कार्यवाही ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के माध्यम मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 सितम्बर 2024
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से ऐसे आदेश /निर्देशों के अधीन भरी जायेगी, जैसा कि भारत सरकार द्वारा जारी किया जाये। परन्तुऑल इंडिया स्तर पर आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग से ऑल इंडिया कोटे की रिक्त सीटें जो कि स्टेट को वापस की जायेगी , ऐसी रिवर्टेड सीट्स को स्टेट कोटा में शामिल करते हुए उन पर राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश की कार्यवाही की जावेगी।
3.8 प्रत्येक अभ्यर्थी को काउंसिलिंग हेतु एम.पी.ऑनलाइन की निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया का पालन करना होगा एवं उसे विहित की गई फीस जमा करनी होगी ।
4- सेवारत अभ्यर्थी -
4.1 शासकीय सेवारत अभ्यर्थी के लिये 25 प्रतिशत सीट केवल क्लीनिकल विषयों में आरक्षित रहेंगी अर्थात इन विषयों में आरक्षित सीटों पर ही प्रवेश की पात्रता होगी ।
4.2 शासकीय सेवारत अभ्यर्थी के लिये आरक्षित सीट के लिये वे आयुर्वेद , होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी पात्र होगे जिन्होंने प्रवेश वर्ष के 31 दिसम्बर को मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी के रूप मे 05 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली हो।
4.3 अभ्यर्थी को प्रवेश के समय, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत विभाग में 05 वर्ष की सेवा देने संबंधी रु . 10.00 लाख (रूपये दस लाख मात्र) का बॉण्ड का निष्पादन करना होगा।
सेवारत अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम के लिये निर्धारित फीस जमा करना होगा।
4.4
4.5 सेवारत अभ्यर्थियों के पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अधिकतम आयु सीमा प्रवेश वर्ष के 31 दिसम्बर को 45 वर्ष होगी।
5 सीटों की उपलब्धताः-
आयुष मंत्रालय भारत सरकार/एन.सी.आई.एस.एम. /एन.सी.एच. से अनुमति प्राप्त शासकीय स्वशासी एवं निजी क्षेत्र के आयुर्वेद , होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों में उपलब्ध स्नातकोत्तर सीटों में प्रवेश हेतु 15 प्रतिशत सीटों को ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित होने वाली सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग द्वारा तथा 85 प्रतिशत सीटों को राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के माध्यम से भरा जावेगा जिसकी जानकारी महाविद्यालयवार, पाठ्यक्रमवार, विषयवार एवं श्रेणीवार म.प्र. राज्य में पी.जी. काउंसिलिंग हेतु विभागीय वैबसाइट www.ayush.mp.gov.in व एम.पी.आनलाइन आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in पर यथा समय प्रदर्शित की जावेगी । इन सीटों को परीक्षा में पात्र घोषित अभ्यर्थियों से ऑनलाईन काउंसलिंग के माध्यम से भरा जायेगा । सीटों की संख्या में परिर्वतन हो सकता है, जो यथा समय निर्धारित पोर्टल पर प्रकाशित किया जायेगा। सीटों की आरक्षण तालिका काउंसिलिंग के समय आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in पर उपलब्ध करायी जावेगी ।
6 आरक्षण-
6.1 स्टेट कोटे की समस्त शासकीय (स्वशासी) व निजी आयुर्वेद , होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीटों का आरक्षण म.प्र. शासन द्वारा तत्समय प्रचलित आरक्षण नियमोंके अध्यधीन निर्धारित प्रतिशत अनुसार रहेगा ।
6.1.1 महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण प्रत्येक प्रवर्ग में योग्यता (मेरिट) सह विकल्प के अनुसार 33 प्रतिशत होगा । यह आरक्षण ( क्षेतिजिक) हॉरिजोन्टल तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
6.1.2 ऐसे अभ्यर्थी को जो मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग के है, को आवेदन के साथ मध्यप्रदेश शासन द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किये गये निर्धारित प्रपत्र में स्थायी जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा । मध्यप्रदेश शासन द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मूल स्थायी जाति प्रमाणपत्र प्रवेश के समय प्रस्तुत नहीं करने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा जिसका पूर्ण उत्तदायित्व अभ्यर्थी का होगा ।
6.1.3 ऐसे दिव्यांग व्यक्ति जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं और जो अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/ई.डब्लू.एस. एवं अनारक्षित प्रवर्ग के हैं, के लिए 06 प्रतिशत स्थान (स्नातकोत्तर) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आरक्षित है, यह आरक्षण हॉरिजोन्टल एवं 526(37)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
कम्पार्टमेन्टलाइज्ड होगा । इसके साथ ही भारत के राजपत्र दिनांक 27 दिसम्बर 2016 एवं म.प्र. के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के प्रारूप जो कि म.प्र. राजपत्र 28 नवम्बर 2017 एवं भारत के राजपत्र में भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् संशोधन विनियम-2019 दिनांक 18/06/2019 , भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद के आयुर्वेद (स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम) के संशोधन 2018 दिनांक 14/12/2018 , अथवा समय- समय पर जारी केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के होम्योपैथी (स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम) के संशोधन 2018 दिनांक 14/12/2018 एवं केन्द्रीय यूनानी परिषद के यूनानी (स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम) के संशोधन 2018 दिनांक 14/12/2018 में जारी किये गये है तद्नुरूप पॉच केटेगिरी की विकलांगतायें उक्त भारत के राजपत्रों में उल्लेखित विकलांगतायें एवं विकलांगता का प्रतिशत अनुसार दिव्यांग श्रेणी के लिये अभ्यर्थी मान्य होंगे यथाः-
(क) दृष्टिबाधित और कमदृष्टि
(ख) बहरे और कम सुनने वाले
(ग) लोकोमोटर डिसेबिलिटी जिसमें सम्मिलित है सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग मुक्त,बोनापन, एसिड अटेक पीड़ित, मस्कुलर डिस्ट्राफी,
(घ) ऑटिज्म , बौद्धिक दिव्यांगता, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी और मानसिक बीमारी,
(ड. ) खंड (क) से (घ) के तहत व्यक्तियों की बहुविकलांगता ।
उक्तक से ड. तक की विकलांगतायें निर्धारित प्रमाण पत्र एवं प्रतिशत अनुसार मान्य होगी। इन सीटों पर प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार को जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र एवं एमसीआई/एनएमसी द्वारा जारी मापदण्ड अनुसार बैंच मार्क डिसएबिलिटी के लिये नामित नीट डिसएबिलिटी सर्टिफिकेशन सेंटर से जारी किया गया डिसएबिलिटी दिव्यांगता प्रमाण पत्र । इस प्रकार दोनो प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
6.2 यदि किसी दिव्यांग (पी.डब्लू.डी) तथा महिला (एफ) संवर्ग के रिक्त सीट पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होंगे तो उतनी रिक्त सीटें उसी प्रवर्ग की ओपन संवर्ग में उपलब्ध करा दी जायेंगी । आरक्षित प्रवर्ग की ओपन संवर्ग में भी रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार आरक्षित सीमा तक उपलब्ध नहीं होते हैं तो रिक्त सीटें अन्य प्रवर्गों से उपलब्धकराते हुए भरी जावेंगी जैसा नियम 6.3 में है ।
6.3 आरक्षित संवर्ग की सीट का परिवर्तन- यदि आरक्षण के अनुसार च्वाइस फिलिंग करने वाले पात्र उम्मीदवार किसी आरक्षित प्रवर्ग में उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों को द्वितीय चरण एवं मॉप अप चरण के आवंटन प्रक्रिया के दौरानअन्य प्रवर्गों में निम्नानुसार परिवर्तित कर भरने की कार्यवाही कीजावेगी (कृपया नोट भी देखे) -
(क) अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जाति प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जावेगी ।
(ख) अनुसूचित जाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जनजाति श्रेणी के प्रवर्ग के उम्मीदवारोंद्वारा भरी जावेगी ।
(ग) यदि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति दोनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में आरक्षितरिक्त सीटों कीपूर्तिअन्य पिछड़ा वर्ग प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी।
(घ) यदि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग तीनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते है तो ऐसी स्थिति मे आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति ई.डब्ल्यू.एस. प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी ।
(ड़) यदि उपरोक्त चारों आरक्षित प्रवर्गों के अंतर्गत पात्र उम्मीदवार उपरोक्तानुसार उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति मे रिक्त सीटो की पूर्ति अनारक्षित प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी।
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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नोट- यह व्यवस्था सम्बन्धित प्रवर्ग के योग्य उम्मीदवारों की विकल्प चयन हेतु महाविद्यालयों के लिए च्वाइस लॉक (चयन ) किए गये अभ्यर्थियों के समाप्त होने के बाद सीट परिवर्तन की सूचना जारी करने के उपरान्त अगले चरण की काउंसिलिंग में की जायेगी।
(च) नियम 6.3 के अनुसार सेवारत अभ्यार्थियों हेतु आरक्षित प्रवर्ग की सीट का परिवर्तन करने के पश्चात किसी भी प्रवर्ग में योग्य सेवारत अभ्यर्थी न मिलने पर उक्त रिक्त सीट/सीटों को सीट परिवर्तन के पूर्व जिस प्रवर्ग हेतु उक्त सीट मूलतः आरक्षित थी , उसी प्रवर्ग/संवर्ग के गैर - सेवारत अभ्यार्थियों से पूर्ति की जावेगी ।
6.4 सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग द्वारा ऑल इण्डिया कोटे की सीट्स नही भरने की स्थिति में रिवर्टेड सीट्स को, स्टेट कोटे में शामिल कर स्टेट लेवल काउंसिलिंग के माध्यम से, तत्समय प्रचलित काउंसिलिंग चरण के प्रभावी नियम/निर्देशों के अनुसार, भरा जावेगा ।
7 प्रवेश हेतु पात्रता-
7.1 न्यूनतम अर्हकारी अंक भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा) विनियम-2016 के संशोधन विनियम-2018 के भारत के राजपत्र द्वारा संशोधन दिनांक 07 दिसंबर 2018 एवं केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के होम्योपैथी (स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम) विनियम -1989 के संशोधन विनियम-2018 के भारत के राजपत्र संशोधन दिनांक 14 दिसंबर 2018 तथा न्यूनतम अर्हकारी अंक भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (स्नातकोत्तर यूनानी शिक्षा) विनियम-2016 के संशोधन विनियम -2018 के भारत के राजपत्र द्वारा संशोधन दिनांक 07 दिसंबर 2018 में उल्लेखित एआईएपीजीईटी की प्रवेश परीक्षा के न्यूनतम 50 प्रतिशतक अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये न्यूनतम प्रतिशत अंक 40 प्रतिशतक होंगे। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम , 2016 (2016 का 49) के अधीन विनिर्दिष्ट विकलांगता तल चिन्ह रखने वाले अभ्यर्थियों के मामले में, सामान्य श्रेणी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्लू.एस. ) हेतु न्यूनतम अंक 45 प्रतिशतक, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु न्यूनतम अंक 40 प्रतिशतक होंगे तथा उक्त संशोधन अधिनियम के 2 (2) (ii ) की व्याख्या के अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशतक यथा निर्देशित केन्द्र सरकार द्वारा कम किये जाने पर तद्नुरूप मान्य होंगे । केन्द्र सरकार द्वारा उक्त अधिनियम अनुसार न्यूनतम अंक प्रतिशतक कम किये जाने के दृष्टिगत मेरिट सूची एम०पी०ऑनलाइन द्वारा तैयार की जावेगी , जिसके लिये समस्त ए.आई.ए.पी.जी.ई.टी. परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थी यदि म०प्र ० आयुष काउंसिलिंग हेतु उक्त नियमों के प्रावधान अनुसार पंजीयन कराते हैं तो उनकी मेरिट सूची जारी की जावेगी एवं उपलब्ध अद्यतन न्यूनतमअंक के निर्देशानुसार अभ्यर्थी प्रवेश हेतु पात्र होंगे।
7.2 शासकीय महाविद्यालयों की राज्य कोटे की सीटों में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है । शासकीय महाविद्यालयों की ऑल इंडिया कोटे की सीटों तथा निजी क्षेत्र के महाविद्यालयों की अनारक्षित सीटों पर प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकेंगे । निजी महाविद्यालयों में आरक्षित वर्ग की सीटों पर मध्य प्रदेश के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों को ही प्रवेश दिया जावेगा तथा अनारक्षित प्रवर्ग में प्रदेश के स्थानीय निवासियों को वरीयता दी जावेगी ।
7.3.1 अभ्यर्थी द्वारा बी.ए.एम.एस. की समस्त परीक्षाएं भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त मध्यप्रदेश एवं राज्य के बाहर के आयुर्वेद महाविद्यालयों से उत्तीर्ण एवं द्वितीय अनुसूची ( भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् द्वारा प्रकाशित द्वितीय अनुसूची अनुसार) में सम्मिलित होना चाहिये।
7.3.2 अभ्यर्थी द्वारा बी.एच.एम.एस. या ग्रेडेड बी.एच.एम.एस. की समस्त परीक्षा केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त मध्यप्रदेश एवं राज्य के बाहर के होम्योपैथी महाविद्यालयों से उत्तीर्ण एवं द्वितीय अनुसूची (केन्द्रीय होम्योपैथी उपरिषद नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित द्वितीय अनुसूची अनुसार) में सम्मिलित होना चाहिये।
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
7.3.3 अभ्यर्थी द्वारा बी.यू.एम.एस. की समस्त परीक्षाएं भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त मध्यप्रदेश एवं राज्य के बाहर के यूनानी महाविद्यालयों से उत्तीर्ण एवं द्वितीय अनुसूची ( भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् द्वारा प्रकाशित द्वितीय अनुसूची अनुसार) में सम्मिलित होना चाहिये ।
7.4 अभ्यर्थी जो मूल रूप से मध्यप्रदेश के निवासी हैं परंतु उन्होंने बी.ए.एम.एस. / बी.एच.एम.एस./बी.यू.एम.एस. पाठ्यक्रम मध्यप्रदेश के बाहर, जो कि आयुष मंत्रालय/ एन.सी.आई.एस.एम./एन.सी.एच. नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त हों, उत्तीर्ण की हो ।
7.5 सभी पी.जी. प्रवेशित छात्रों को मध्यप्रदेश राज्य में पी.जी. पाठ्यक्रम करने के लिए यथायोग्य मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड/मध्यप्रदेश राज्य होम्योपैथी परिषद, भोपाल से पंजीकृत होना चाहिये। पी.जी. सीट आवंटन होने के पश्चात् आवंटित सीट पर प्रवेश लेने के एक माह के भीतर मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड/मध्यप्रदेश राज्य होम्योपैथी परिषद, भोपाल में पंजीकृत चिकित्सक होने हेतु आवेदन तथा संबंधित फीस जमा करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
7.6 पात्र अभ्यर्थी ने एन.सी.आई.एस.एम./एन.सी.एच. द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में अनिवार्य इंटर्नशिप पूर्ण कर ली हो ।
7.7 अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय स्वयं उपस्थित रहकर सभी आवश्यक निम्न मूल दस्तावेज प्रोफार्मा-1 सहित प्रस्तुत करना होगा: -
1 AIAPGET की ऑल इंडिया रिजल्ट स्लिप एवं फोटो सहित जारी एडमिटकार्ड।
2 AIAPGET की अंकसूची।
3 10 वीं/ 12 वीं बोर्ड परीक्षा की अंकसूची ।
4 यथायोग्य बी.ए.एम.एस./बी.एच.एम.एस./बी.यू.एम.एस. परीक्षा के समस्त प्रॉफ की अंकसूची।
5 अनिवार्य इंटर्नशिप कम्प्लीशन सर्टिफिकेट ( Compulsory Internship Completion Certificate ) अथवा भारत सरकार द्वारा निर्देशित तिथि तक पूर्ण करने संबंधी प्रमाण पत्र।
6 अभ्यर्थीका वैद्य पहचान पत्र।
7 मध्य प्रदेश का मूल निवासी/स्थानीय निवासी होने संबंधी सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) अथवा स्वःघोषित स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र।
8 सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निर्धारित प्रपत्र में स्थाई जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) ।
9 अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की क्रीमी/नॉन क्रीमीलेयर के निर्धारण हेतु वित्तीय वर्ष का (जो काउंसिलिंग सत्र से 01 वर्ष से अधिक पूर्व का न हो) तहसीलदार/नायब तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) अथवा स्वःघोषित आय प्रमाण पत्र । मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 7-28/2009/आ.प्र./एक भोपाल दिनांक 02 नवम्बर 2017 के अनुसार अन्य पिछडा वर्ग के संबन्ध में सम्पन्न वर्ग (क्रीमीलेयर) के लिए निर्धारित मापदण्डानुसार निर्धारित कीजावेगी ।
10 दिव्यांग संवर्ग हेतु निर्धारित प्रमाण पत्र ।
चिकित्सकीय फिटनेस प्रमाणपत्र। 11
12 अंतिम संस्थामें अध्ययनरत रहने का टी.सी .।
13 चरित्र प्रमाणपत्र ।
8 काउंसिलिंग समिति एवं प्रावीण्य सूची-
8.1 शासकीय स्वशासी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों में स्टेट कोटा की सीट्स पर प्रवेश हेतु All IndiaAYUSH Post Graduate Entrance Test (AIA- PGET) के घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर पृथक- पृथक प्रावीण्य सूची इन नियमों एवं आरक्षण प्रावधान के आधार पर एम० पी० ऑनलाइन तैयार करेगा ।
8.2 निजी क्षेत्र के आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु All India AYUSH Post Graduate Entrance Test (AIAPGET) के घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर पृथक- पृथक प्रावीण्य सूची से म०प्र ० एवं म०प्र ० के बाहर के अभ्यर्थियों की सूची इन नियमों एवं आरक्षण प्रावधानों के आधार पर एम.पी. ऑनलाइन तैयार करेगा।
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8.3 उक्त All India AYUSH Post Graduate Entrance Test (AIAPGET) के घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर उपरोक्त प्रक्रिया द्वारा निर्मित मेरिट सूची अनुसार तथा एनसीआईएसएम /एनसीएच के निर्देशों के क्रम में स्टेट कोटा की सीट्स पर आवंटन प्रक्रिया एम.पी. ऑनलाइन द्वारा संपन्न कराई जावेगी ।
9- रजिस्ट्रेशनः- आयुष संचालनालय द्वारा काउंसलिंग की निर्धारित समय सारणी एवं विस्तृत कार्यक्रम जारी कर संचालनालय आयुष, म.प्र. की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.in तथा https://ayush.mponline.gov.in portal पर प्रदर्शित किया जायेगा । आवेदक को रजिस्ट्रेशन हेतु https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसका निर्धारित शुल्क रूपये 500/- (पाच सौ रूपये मात्र) देय होगा । रजिस्ट्रेशन होने के लिए अभ्यर्थी को अपनी Candidate Profile बनानी होगी।
नोटः- अभ्यर्थी को काउंसिलिंग हेतु पंजीयन का अवसर सभी चरणों में प्रदान किया जावेगा । पंजीयन एवं सत्यापन न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नहीं किया जावेगा । इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन/दावा मान्य नहीं होगा ।
अभिलेख सत्यापन:- 10. अभ्यर्थी को प्रवेश के पूर्व समस्त मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा । अभ्यर्थी किसी भी शासकीय स्वशासी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालय में अपने समस्त मूल अभिलेखों का सत्यापन करा सकते है । इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश तत्समय एमपी ऑनलाइन के पोर्टल एवं विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित किये जायेंगे ।
11 काउंसलिंग के माध्यम से सीट आवंटन-
11.1 योग्य अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम तथा महाविद्यालय में सीट आवंटन का आधार भारत सरकार आयुष मंत्रालय /National Testing Agency द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में प्राप्त रैंकिंग होगी। आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाईन काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी । ऑनलाइन काउंसिलिंग के लिए विस्तृत निर्देश पृथक से जारी किये जावेंगे । विभागीय वेबसाइट www.ayush.mponline.gov.in पर महाविद्यालयों की सूची एवं सीटों की आरक्षण तालिका काउंसलिंग के समय जारी की जावेगी । अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वह लगातार वेबसाईट का अवलोकन करते रहें ।
11.2 सभी अंकसूचियों, प्रमाणपत्रों एवं सभी संबंधित दस्तावेजों में अभ्यर्थी तथा माता- पिता का नाम एक समान लिखा होना चाहिये। यदि किसी भी दस्तावेज में कहीं कोई अंतर हो तो ऑनलाइन काउंसिलिंग के पूर्व उसे दुरूस्त करालें अन्यथा प्रवेश निरस्त होने पर इस हेतु अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा। अभ्यर्थी अनिवार्यतः अपना वही फोटोग्राफ काउंसिलिंग में प्रस्तुत करेगा , जिसे AIAPGET परीक्षा के समय प्रयोग में लाया गया हो ।
11.3 ऑल इंडिया कोटा की सीट्स पर प्रवेश की कार्यवाही राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी, इसमें संबंधित आदेश/निर्देश भारत सरकार, आयुष मंत्रालय अथवा अधिकृत एजेन्सी द्वारा जारी किये जायेंगे । इस हेतु भारत सरकार आयुष मंत्रालय की वेबसाइट www.ayush.gov.in का सतत् अवलोकन करते रहें ।
11.4 सीटों का आवंटनः- सीटों का आवंटन मेरिट क्रमानुसार ऑनलाईन किया जावेगा ।
12. संस्थाका चयन - आवेदक को अपनी प्राथमिकता के अनुसार पाठ्यक्रमों/संस्थाओं का क्रमानुसार चयन का विकल्प https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर अपना Candidate Profile से लॉगिन करके चॉईस फिलिंग और लॉकिंग करनी होगी , जिसका निर्धारित शुल्क 50/ - रूपये (पचास रूपये मात्र) देय होगा । इस राशि की रसीद दी जावेगी, जिसमें आवेदक द्वारा चयनित संस्थाओं की सूची दर्शित होगी ।
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13 आवंटन-
13.1 आवेदक आवंटन की निर्धारित तिथि पर https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर Candidate लॉगिन कर अलाटमेंट लेटर प्राप्त कर सकता है । सीटों का आवंटन मेरिट क्रम अनुसार किया जावेगा ।
13.2 इन नियमों के अंतर्गत काउंसलिंग एवं आवंटन काउंसलिंग समिति की देख -रेख में होगा ।
13.3 एम पी ऑनलाइन प्रत्येक चरण के आवंटन के पश्चात प्रवर्गवार एवं संवर्गवार ओपनिंग एवं क्लोजिंग की सूची अल्फाबेटिकल क्रम में महाविद्यालयवार जारी करेगी ।
14 रिपोर्टिंग -
आवेदक को महाविद्यालय आवंटित होने के बाद सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छाया प्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय जाकर मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना होगा । प्रवेश हेतु वांछित समस्त अभिलेख सही पाये जाने पर अपना AIAPGET रोल नं ० , जन्मतिथि एवं पासवर्ड इंटर कर महाविद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराना होगा। ऐसा न करने की स्थिति में आवेदक का आवंटन स्वतः निरस्त हो जावेगा ।
15- प्रवेश-
15.1 अभ्यर्थी काउंसिलिंग के द्वारा पाठ्यक्रम एवं महाविद्यालय आवंटन के पश्चात, अधिसूचित दिनांक एवं समय पर संबंधित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को अपनी उपस्थिति की सूचना देगा । प्रवेश के समय निर्धारित प्रवेश शुल्क संबंधित महाविद्यालय को देय डिमांड ड्राफ्ट के रुप में जमा करना होगा ।
15.2 महाविद्यालय की प्रवेश समिति में दो वरिष्ठ शिक्षक तथा कम से कम दो आरक्षित प्रवर्ग के शिक्षक रहेंगे । यह समिति मूल दस्तावेजों का सत्यापन करेगी तथा यदि पात्र पाया जाए तो उम्मीदवार को पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुशंसा प्रधानाचार्य को करेगी ।
15.3 यदि कोई अभ्यर्थी महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने हेतु संसूचित दिनांक तक महाविद्यालय में प्रवेश हेतु उपस्थित नहीं होता है अथवा प्रवेश लेकर सीट छोड़ देता है तो आवंटित/प्रवेशित सीट पर उसका दावा स्वतः समाप्त हो जावेगा तथा उसका आवंटन/प्रवेश निरस्त हुआ समझा जावेगा ।
15.4 अभ्यर्थी को अपनी चिकित्सकीय जांच करानी होगी एवं उसका प्रवेश तभी मान्य होगा जब वह चिकित्सकीय दृष्टि से फिट होगा । इस हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन/पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा । इस संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र लागू रहेगा ।
15.5 अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि काउंसिलिंग से संबंधित समस्त जानकारी हेतु वेबसाईट www.ayush.mp.gov.in एवं https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल का समय - समय पर अवलोकन करते रहें ।
16 काउंसिलिंग एवं चरण-
योग्य अभ्यर्थी को पाठ्यक्रम तथा महाविद्यालय में सीट आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी। ऑनलाइन काउंसिलिंग के लिए विस्तृत जानकारी एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर पृथक से जारी की जावेगी ।
16.1 प्रथम चरण की काउंसिलिंग-
1. प्रथम चरण की काउंसिलिंग में सभी पंजीकृत एवं सत्यापित अभ्यर्थी पात्र होगे ।
2. प्रथम चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में सम्मिलित करने हेतु च्वाईस फिलिंग व लाकिंग करना अनिवार्य होगा ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा ।
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4. आवंटन परिणाम के पश्चात अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प हांगे, जिसमें या तो वह आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु सन्तुष्ट ( Satisfied ) चयन कर सकते है या बेहतर संस्था में उन्नयन हेतु (Opt for Upgradation ) विकल्प दे सकते हैं ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन पत्र में Satisfied ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति व सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा ।
6. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन के पश्चात कोई भी विकल्प नहीं दिया है अथवा Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है , ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे।
16.2 द्वितीय चरण की काउंसिलिंग-
1. द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण की काउंसिलिंग से कोई भी सीट आवंटित नहीं हुई है अथवा पूर्व चरण में सीट आवंटित होने के पश्चात् उनके द्वारा कोई विकल्प नही दिया गया है अथवा Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है अथवा जिन्होंने द्वितीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation ) विकल्प दिया है एवं नवीन अभ्यर्थी पात्र होंगे ।
2. जिन अभ्यर्थियों ने द्वितीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation ) विकल्प दिया है , उन्हे नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उस अभ्यर्थी की आंवटित सीट उस चरण में अन्य को आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी , परन्तु ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग में भाग लेने हेतु पात्र होंगे।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा ।
4. आवंटन परिणाम के पश्चात अभ्यर्थी के पास दो विकल्प होंगे , जिसमें से वह या तो सन्तुष्ट (Satisfied ) चयन कर द्वितीय चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश ले सकते है या बेहतर संस्थामें उन्नयन हेतु (Opt for Upgradation ) विकल्प दे सकते हैं ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन पत्र में Satisfied ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति , सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित जाना होगा । जिन अभ्यर्थियों ने आवंटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे।
6. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन आदेश परिणाम के पश्चात प्रदाय विकल्प में से कोई भी विकल्प नहीं दिया है अथवा सन्तुष्ट Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्थामें प्रवेश नही लिया गया है, ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगा । ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरण की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे ।
7. द्वितीय चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी । आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में आवंटन व परिवर्तन नियम 6.2 व 6.3 के तहत किया जायेगा ।
16.3 तृतीय चरण की काउसिलिंग-
1. प्रथम एवं द्वितीय चरण में प्रवेशित अभ्यर्थियों के अतिरिक्त शेष सभी रजिस्टर्ड अभ्यर्थी तृतीय चरण हेतु पात्र होंगे। सभी पात्र तथा तृतीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation ) विकल्प देने वाले समस्त अभ्यर्थियों को नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा।
2. निर्धारित समय सारणी अनुसार तृतीय चरण का आवंटन किया जावेगा।
3. तृतीय चरण में सीट आवंटित अभ्यर्थी अपने आवंटित महाविद्यालय में सभी मूल । दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ प्रवेश हेतु आवंटन आदेश परिणाम की प्रति , प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा ।
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4. तृतीय चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी । आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में आवंटन व परिवर्तन नियम 6.2 व 6.3 के तहत किया जायेगा ।
16.4 स्ट्रे वैंकेन्सी राउण्ड (अंतिम चरण) -
1 तृतीय चरण की काउंसिलिंग समाप्त होने के पश्चात् महाविद्यालयों में सीटें रिक्त रहने की स्थिति में निर्धारित समय सारणी अनुसार स्ट्रे बैंकेन्सी राउण्ड संपादित किया जावेगा।
2 प्रथम/द्वितीय/तृतीय चरण में पंजीकृत अभ्यर्थी के अतिरिक्त नवीन अभ्यर्थी को भी पंजीयन की सुविधा प्रदान कर स्ट्रे बैंकेन्सी राउण्ड संपादित किया जावेगा । प्रथम/द्वितीय/तृतीय चरण के प्रवेशित अभ्यर्थियों को छोड़कर शेष सभी पंजीकृत अभ्यर्थी स्ट्रे बैंकेन्सी राउण्ड हेतु पात्र होंगे ।
3 स्ट्रेवैकेन्सी राउण्डमें महाविद्यालय की रिक्त सीटों एवं पात्र अभ्यर्थियों की मैरिट सूची जारी (विज्ञापित) की जायेगी ।
4 उपरोक्तमैरिट सूची के आधार पर महाविद्यालय में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल कर मैरिट क्रमानुसार रिक्त सीटों पर महाविद्यालय द्वारा ऑनलाइन प्रवेश दिया जायेगा।
5 स्ट्रेवैकेन्सी राउण्ड से संबंधित विस्तृत दिशा- निर्देश तत्समय जारी किये जायेंगे ।
17 फीस संरचना-
शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रत्येक अभ्यर्थी को शासकीय स्वशासी संस्था या आयुष विभाग द्वारा निर्धारित शिक्षण शुल्क एवं अन्य शुल्क देय होगा जो कि तालिका -1 में प्रदर्शित है । निजी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों में प्रवेशित अभ्यर्थी को प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति/म.प्र.निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा निर्धारित फीस देय होगी । फीस संरचना से सहमति की स्थिति में ही ऑनलाइन काउंसिलिंग हेतु अभ्यर्थियों को च्वाईस फिलिंग करना चाहिये । प्रवेश काउंसिलिंग पश्चात सीट आवंटित होने पर यहमाना जावेगा कि उपरोक्त संबंधित महाविद्यालय की फीस संरचना से अभ्यर्थी सहमत है । अध्येता के प्रवेश उपरान्त इस संबंध में कोई मांग/संशोधन मान्य नहीं होगा।
18 फीस वापसीः- काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेशित छात्रों द्वारा काउंसिलिंग के तृतीय चरण तक महाविद्यालय स्तर पर ऑनलाइन सीट छोड़ने/प्रवेश निरस्त करने पर, ऐसे छात्रों द्वारा जमा शिक्षण शुल्क से 10 प्रतिशत राशि काटकर (अधिकतम दस हजार रूपये) शेष राशि लौटायी जावेगी । तृतीय चरण के पश्चात् प्रवेश निरस्त करने पर केवल कॉशन मनी वापसीयोग्य होगी ।
19 प्रवेशित छात्र निम्नलिखित के लिए हकदार होंगे (इसमें सेवारत उम्मीद्वार भी सम्मिलित है) - (क) प्रति शैक्षणिक सत्र में 13 दिवस के आकस्मिक अवकाश,
(ख ) प्रधानाचार्य की पूर्व अनुमति से, संपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान महिला अध्येताओं को छात्रवृत्ति के साथ 180 दिवस के प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी । प्रेग्नेन्सी से संबंधित चिकित्सा प्रमाणपत्र, प्रसूति अवकाश पर जाने के दस दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा। अवकाश पर जाने हेतु आवेदन संबंधित शैक्षणिक विभाग के विभागाध्यक्ष के माध्यम से प्रधानाचार्यकार्यालय को देना होगा । तथापि विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं में सम्मिलित होने हेतु प्रायोगिक /क्लीनिकल /सैद्धांतिक कक्षाओं में विश्वविद्यालय द्वारा न्यूनतम वांछित उपस्थिति कीअनिवार्यता रहेगी तथा उपस्थिति पूर्ण न होने पर आगामी 06 माह के लिये पाठ्यक्रम की अवधि में वृद्धि होगी तथा छात्रवृत्ति अदेय होगी ।
(ग) विभागाध्यक्ष के पूर्व अनुमति से, छात्रवृत्ति के बिना प्रतिवर्ष 15 दिवस का चिकित्सा अवकाश लेने की पात्रता होगी । बीमारी का चिकित्सा प्रमाणपत्र अवकाश पर जाने के पश्चात दस दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा। यह अवकाश अन्य अवकाश के साथ संचय मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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नहीं किया जा सकेगा । अवकाश पर जाने हेतु आवेदन संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष के माध्यम से प्रधानाचार्य कार्यालय को देना होगा ।
(घ) विभागाध्यक्ष की अनुशंसा के आधार पर 10 दिवस का छात्रवृत्ति के साथ अकादमिक अवकाश जो कि सेमीनार/वर्कशॉप/क्रान्फ्रेन्स/ट्रेनिंग/रिसर्च विजिट के उद्देश्य से होगा, की पात्रता होगी। इस हेतु पेपर प्रस्तुतीकरण/सहभागिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
टिप्पणीः-
( अ) एम.डी./एम.एस आयुर्वेद/एमडी होम /एमडी यूनानी पाठयक्रम प्रशिक्षण के लिये केवल 36 माह का ही स्टायपेंड देय होगा । यदि किसी कारणवश यह अवधि 36 माह से अधिक होती है तो अधिक अवधि का स्टायपेंड देय नहीं होगा ।
(
ब) उपरोक्त बिन्दु क्रमांक 19 के (क) से (घ) तक के अवकाश का लेखा संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष द्वारा रखा जावेगा ।
20 प्रवेशप्रक्रिया कार्यक्रम –
1 ऑल इंडिया कोटा प्रथम चरण काउंसिलिंग की तिथि 2 ऑल इंडिया कोटा द्वितीय चरण काउंसिलिंग की तिथि
3 स्टेट कोटा प्रथम चरण काउंसिलिंग की तिथि
4 स्टेट कोटा द्वितीय चरण कांउसिलिंग
5 स्टेट कोटा तृतीय चरण कांउसिलिंग
6 स्टेट कोटा स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड
7 प्रवेश की अंतिम तिथि
8 सत्रारंभ तिथि
यथासमय घोषित की जायेगी ।
यथासमय घोषित की जायेगी ।
यथासमय घोषित की जायेगी ।
यथासमय घोषित की जायेगी ।
यथासमय घोषित की जायेगी ।
यथासमय घोषित की जायेगी ।
यथासमय घोषित की जायेगी ।
यथासमय घोषित की जायेगी ।
21 आयुष संचालनालय द्वारा नियम 20 में दर्शाये अनुसार ऑनलाइन कांउसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम एवं निर्धारित समय सारणी जारी कर आयुष , संचालनालय आयुष की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.in तथा https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर विज्ञापित किया जायेगा । यदि कार्यक्रम में कोई परिवर्तन किया जाता है तो उसे भी विज्ञापित कर सूचित किया जावेगा ।
22 प्रदेश के शासकीय या निजी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों को भारत सरकार/एनसीआईएसएम/एनसीएच से यदि कोई सीट वृद्धि की अनुमति अथवा किसी नवीन महाविद्यालय को मान्यता/प्रवेश अनुमति काउंसिलिंग के पूर्व अथवा काउंसिलिंग के मध्य प्राप्त होती है तो संबंधित महाविद्यालय को काउंसिलिंग चरण के च्वाइस फिलिंग प्रारंभ होने के पूर्व दिनांक तक ही उस चरण की प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित किया जा सकेगा । यदि च्वाइस फिलिंग प्रांरभ होने की दिनांक को अनुमति प्राप्त होने की स्थिति में महाविद्यालय को संभावित आगामी चरण में सम्मिलित किया जा सकेगा ।
23 महाविद्यालयों द्वारा , आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गठित निकाय अथवा राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से किये गये प्रवेश मान्य नहीं होंगे । साथ ही यदि ऐसे किसी अभ्यर्थी की पहचान होती है , जिसका प्रवेश अंतिम तिथि के पश्चात् हुआ है अथवा काउंसिलिंग प्रक्रिया से हटकर संस्था स्तर पर हुआ है तो ऐसे अभ्यर्थी को उक्त पाठ्यक्रम से निकाल दिया जायेगा एवं/अथवा यदि उसे कोई भी आयुर्वेद, होम्योपैथी , एवं यूनानी शैक्षणिक योग्यता दी जा चुकी है तो यथास्थिति भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग एवं राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानोंके अनुसार उक्त योग्यता को मान्यता प्रदान नहीं की जावेगी।
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24 राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के अंतिम चरण के उपरांत रिक्त रह गयी सीट पर महाविद्यालय द्वारा किसी भी दशा में सीधे प्रवेश नहीं दिये जावेगे । यदि किसी महाविद्यालय द्वारा काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर किसी छात्र को सीधे प्रवेश देन.. प्रमाणित पाया जाता है तो संबंधित संस्था को महाविद्यालय संचालन हेतु जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र वापस लिया जायेगा एवं संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन के विरूद्ध एनसीआईएसएम एक्ट 2020/ एनसीएच एक्ट 2020 के नियम-28 के उपनियम- ( 1 ) (a ) (f) के अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी ।
25 उक्त नियमों के अंतर्गत होने वाले प्रवेश आयुष मंत्रालय , भारत सरकार, नई दिल्ली/एन.सी.आई.एस.एम./एन.सी.एच. अथवा आयुष विभाग म.प्र. शासन के उस प्रवेश दिनांक को प्रभावशील आदेशो/निर्देशो/नियमों के अधीन रहेंगे। पूर्व चरणों की काउंसिलिंग के आधार पर हुए प्रवेश उपरांत यदि संबंधित आदेश/नियम/निर्देश में कोई परिवर्तन होते हैं तब वह आगामी चरणों की काउंसिलिंग पर ही लागू होंगे।
26 विश्वविद्यालय के लिये दिशा निर्देश-
26.1 एनसीआईएसएम/एनसीएच से प्रवेशानुमति प्राप्त महाविद्यालयों द्वारा निर्धारित काउंसिलिंग प्रक्रिया द्वारा दिये गये प्रवेश ही विश्वविद्यालय द्वारा मान्य किये जायेंगे।
26.2 महाविद्यालय द्वारा किये गये ऑफलाइन प्रवेश, काउंसिलिंग प्रक्रिया से हटकर किये गये प्रवेश , प्रवेश की अंतिम कट-ऑफ तिथि के पश्चात् किये गये प्रवेश एवं स्वीकृत सीट संख्या से अधिक प्रवेश विश्वविद्यालय द्वारा मान्य नही किये जायेंगे ।
26.3 एएसीसीसी द्वारा तीन चरणों की काउंसिलिंग प्रक्रिया संपन्न कराई जायेगी । तृतीय चरण के उपरान्त रिक्त सीटों को डीम्ड विश्वविद्यालयों को स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड संपादित करने हेतु रिवर्ट किया जायेगा । इस हेतु एएसीसीसी के द्वारा उन्हें पंजीकृत पात्र अभ्यर्थियों की सूची प्रदान की जायेगी , जिसके मैरिट क्रम को कढ़ाई से पालन किया जायेगा। डीम्ड विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड में केवल एएसीसीसी के पंजीकृत पात्र अभ्यर्थी ही शामिल हो सकेंगे ।
27 महाविद्यालय के लिये दिशा निर्देश-
27.1 AIAPGET की न्यूनतम अर्हता के बिना किसी भी अभ्यर्थी को महाविद्यालय में प्रवेश नही दिया जायेगा।
27.2 निर्धारित प्रक्रिया के विपरित किसी प्राधिकारी अथवा महाविद्यालय द्वारा कोई प्रवेश की कार्यवाही नही की जायेगी अन्यथा ऐसे किये गये प्रवेश एनसीआईएसएम/एनसीएच द्वारा मान्य नहीं किया जावेगा ।
27.3 एनसीआईएसएम /एनसीएच के दिशा-निर्देशों के विपरित महाविद्यालयों द्वारा प्रवेश क्षमतासे अधिक/ऑफलाइन प्रवेश किये गये प्रवेश मान्य नही किये जायेंगे ।
27.4 कोई भी ऑफलाइन प्रवेश अथवा काउंसिलिंग के बिना किये गये प्रवेश अथवा स्वीकृतसीट संख्या के अतिरिक्त किये गये प्रवेश नही किये जायेंगे एवं ऐसे प्रवेश को मान्य नही किया जायेगा ।
27.5 एनसीआईएसएम/एनसीएच के दिशा- निर्देशों के विपरित किये गये कोई भी प्रवेश अमान्य समझे जावेंगे एवं इस संबंध में एनसीआईएसएम एक्ट 2020/एनसीएच एक्ट 2020 के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
27.6 यदि महाविद्यालय द्वारा प्रवेश संबंधी अनियमितताऐं जैसे ऑफलाइन प्रवेश , काउंसिलिंग प्रक्रिया से हटकर प्रवेश अथवा स्वीकृत प्रवेश क्षमता से अधिक प्रवेश संबंधी कार्यवाही की जाती है तो संबंधित महाविद्यालय के विरूद्ध एनसीआईएसएम एक्ट 2020/एनसीएच एक्ट 2020 के नियम-28 के उपनियम (1 ) (a ) (f) के अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी और जिम्मेदार व्यक्तियों पर आईपीसी की धारा के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
27.7 प्रवेश की अंतिम कट- ऑफ तिथि के पश्चात् किये गये कोई भी प्रवेश मान्य नही किये जायेंगे ।
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27.8 किसी भी प्राधिकारी को एनसीआईएसएम/ एनसीएच द्वारा निर्धारित प्रवेश की अंतिम कट- ऑफ तिथि को बढ़ाने या संशोधित करने का अधिकार नहीं है और ऐसे प्रवेश स्वीकृत नहीं किए जाएंगे ।
27.9 किसी भी प्राधिकारी को एनसीआईएसएम/एनसीएच द्वारा स्वीकृत प्रवेश क्षमता को संशोधित करने का अधिकार नहीं है ।
27.10 एनसीआईएसएम/एनसीएच द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के अनुसार महाविद्यालयों द्वारा उनके प्रवेश प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता सुनिश्चित की जायेगी।
27.11 काउंसिलिंग प्रक्रिया में सम्मिलित समस्त महाविद्यालय एएसीसीसी के पोर्टल www.aaccc.gov.in एवं राज्य कोटे की काउंसिलिंग के ayush.mponline.gov.in का समय - समय पर अवलोकन करेंगे। पोर्टल 27.12 महाविद्यालय प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के पूर्व अभ्यर्थी की जानकारी का प्रमाणिकता को सुनिश्चित करेंगे। प्रवेश की दिनांक को एवं प्रवेश की अंतिम कट- ऑफ तिथि के पश्चात् एनसीआईएसएम/एनसीएच द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के अनुसार कोई परिवर्तन/संशोधन नही किया जायेगा ।
27.13 महाविद्यालय द्वारा निर्धारित काउंसिलिंग कार्यक्रम का अनुपालन करना होगा एवं प्रत्येक चरण के उपरान्त प्रवेशित छात्रों एवं रिक्त सीटों की जानकारी संचालनालय को देनी होगी ।
27.14 महाविद्यालय काउंसिलिंग प्रक्रिया से प्रवेशित समस्त अभ्यर्थियों की सूची प्रवेश की अंतिम कट -ऑफ की तिथि यथासमय घोषित की जायेगी । जिससे तथा तदसमय सायं 06 बजे तक एनसीआईएसएम /एनसीएच को पोर्टल पर अपलोड करेंगे ।
28 सक्षम प्रधिकारीः- किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश एवं प्रवेश प्रक्रिया के संबन्ध में विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में प्रकरण के निराकरण हेतु आयुक्त आयुष सक्षम प्राधिकारी होंगे , जिनका निर्णय अंतिम होगा।
29 नियमों में संशोधन का अधिकारः-
प्रवेश प्रक्रिया एवं नियमों में बदलाव का अधिकार राज्य शासन का होगा । इन नियमों के निर्वचन और उनमें संशोधन के सबंध में किसी विवाद की दशा में राज्य सरकार का विनिश्चय अंतिम और सभी संबंधितों पक्षो पर बाध्यकारी होगा ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
संजय कुमार मिश्र , अपर सचिव.
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Table- 1
शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद/होम्योपैथी/यूनानी महाविद्यालयों कीफीस
क्र. फीस का मद आयुर्वेद होम्योपैथी यूनानी अन्य विवरण
1 45,000 45,000 45,000 प्रतिवर्ष
शिक्षण शुल्क
1,500 5,000 1,500 प्रतिवर्ष
2 स्टूडेन्ट फण्ड (क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक
कार्यक्रम शुल्क)
3 10,000 10,000 10,000 प्रवेश के समय एक बार
सुरक्षा निधि (रिफंडेबिल)
4 4,000 5,000 4,000 प्रवेश के समय एक बार
शैक्षणिक यात्रा भ्रमण शुल्क
5,000
5,000 10,000
5 छात्रावास सुरक्षा निधि(रिफंडेबिल)
प्रवेश के समय एक बार (केवल छात्रावासी छात्रों के लिए)
20,000
20,000
20,000
6 छात्रावास निवास शुल्क
प्रतिवर्ष (केवल छात्रवासी छात्रोंके लिए)
नोट- उक्त फीस संरंचना प्रवेश के समयप्रत्येक अभ्यर्थी पर लागू होगी साथ ही महाविद्यालय की कार्यकारिणी समिति द्वारा समय समय पर अनुमोदित अन्य शुल्क व संशोधन लागू होंगे ।
2 -निजी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालयों कीफीस-
म.प्र. निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्था प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क निर्धारण अध्यादेश 2007 के अंतर्गत गठित प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति द्वारा निर्धारित फीस देय होगी, जिसे समिति की बेवसाइट www.afrcmp.org पर देखा जा सकता है तथा निजी विश्वविद्यालयों के निजी
महाविद्यालय की फीस म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग अनुसार देय होगी । जिसे समिति की बेवसाइट www.mpnvva.in पर देखा जा सकता है मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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प्रारूप- 1
एम.डी. /एम.एस. आयुर्वेद/एमडी होम्योपैथी/एमडी यूनानी काउंसलिंग अभिलेखसत्यापन प्रपत्र
(उम्मीदवार द्वारा भरा जावे)
में घोषणा करता/करती हूँ कि मेंनें मध्यप्रदेश एम.डी. /एम.एस. (आयुर्वेद)/एमडी होम्योपैथी/एमडी यूनानी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश नियमभलीभांति पढकर समझ लिये हैं । तत्पश्चात् ही नियमों में दिये गये प्रावधानों के अधीन कॉउसिलिंग, में भाग ले रहा /रही हूं ।
कॉउंसिलिंग , में भाग लेने के लिए आज दिनांक .
.को निम्न जानकारी मूल प्रमाण पत्र एवं मूल अभिलेख प्रस्तुत कर रहा /रही हूँ । यदि वांछित जानकारी नियमानुकूल नहीं है अथवा असत्य है अथवा अधूरी है, आवश्यकतानुसार नहीं है तो मुझे कॉउसिलिंग में भाग लेने से वंचित कर दिया जाए । किन्हीं कारणों से आवंटन या प्रवेश प्राप्त हो भी जाता है तो मेरा आवंटन या प्रवेश कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर
दिया जाए- 1. प्रवेश परीक्षा एआईएपीजीईटी का रोल नं.
2. मेंरिट प्रतीक्षा सूची क्रमांक
3. प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक
4. पूरा नाम
5. माता/पिता/अभिभावक का पूरा नाम...
पता:.
टेली./ मो. न ...
6.1 श्रेणी(अनारक्षित/अनुसूचित जनजाति/ अनुसूचित जाति/अन्य पिछड़ावर्ग/ई.डब्लू.एस. ).
6.2संवर्ग (दिव्यांग /महिला/ओपन) :
7. मूल प्रमाणपत्र अभिलेख जो प्रस्तुत कर रहे है, उनके सामने सही (✓) का चिन्ह लगायें ।
1.
प्रवेश परीक्षा की मूल अंकसूची ।
2.
स्नातक परीक्षा की मूल अंकसूची । (समस्त)
3.
इन्टर्नशिप पूर्ण करने का प्रमाण पत्र
4.
रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र
5.
आरक्षित/संवर्ग हेतु निर्धारित प्रारूप में स्थाई जाति प्रमाण पत्र ।
Place
Issuing Authrity
Disp.No.
Book No.
DD MM YYYY
6.
जन्मतिथि के संबंधी कक्षा 10 वी की अंकसूची ।
मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र ।
7 .
Place
Book No.
Issuing Authrity
Disp.No.
8.
आय प्रमाण-पत्र निर्धारित प्रारूप में। (वर्तमान वित्तीय वर्ष का जारी)
9.
संस्था प्रमुख का मूल दस्तावेज जमा होने संबंधी प्रमाण पत्र, सूची सहित ।
(यदिलागूहो तो)
पूरानाम
अभ्यर्थीके हस्ताक्षर , दिनांक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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अभिलेख सत्यापन (सूक्ष्म परीक्षणोपरांत, जाँच समिति द्वारा भरा जावे)
प्रमाणित किया जाता है कि सत्यापन के समय उपस्थित अभ्यर्थी का फोटो एवं हस्ताक्षर का AIA- PGET में सम्मिलित अभ्यर्थियों के फोटो एवं हस्ताक्षर से मिलान करने बाद सही पाया गया है अथवा भिन्नता पाई गई है। भिन्नता के स्थिति में टिप्पणी .
प्रमाणित किया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराये मूल प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों ( 1-9 ) की जांच की गई। प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति के 01 सेट रिकार्ड हेतु जमा करा लिये गये हैं । प्रमाण-पत्रों तथा अभिलेखों पर पाई गई कमियाँ निम्नानुसार हैः-
सदस्य, अभिलेख सत्यापन समिति के हस्ताक्षर
पदनाम..
नाम.
दिनांक..
परीक्षणोपरांत उम्मीदवार कॉउसिलिंग में भाग लेने के लिए पात्र है अथवा उल्लेखित प्रमाण पत्र एवं अभिलेख जैसे कारणों कॉउसिलिंग में भाग लेने के लिये पात्र नहीं हैं । ...प्रस्तुत नहीं करने के कारण अथवा अन्य से दिनांक. अध्यक्ष , अभिलेख सत्यापन समिति के हस्ताक्षर पदनाम..
प्रारूप- 1-अ
शपथ पत्र
...उम्र. ...निवासी. आज दिनांक..... ......को शपथ पूर्वक घोषणा करता/करती हूँ कि मेरे द्वारा आनलाईन काउंसिलिंग में लिये गये निर्णय से में में/आत्मज/आत्मजा श्री..... बचनबद्ध रहूँगा/रहूँगी। आवंटित संस्थामें प्रवेश समय सीमा में लेकर में नियम पुस्तिका में दिये गये नियमों का पालन करूगाँ/करूंगी ।
1.
अभ्यर्थीके हस्ताक्षर
गवाह के हस्ताक्षर
दिनांक.
दिनांक..
नाम.....
नाम..
पूरा पता....
पूरा पता .
2. गवाह के हस्ताक्षर
दिनांक..
नाम..
पूरा पता...............
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मध्यप्रदेश प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश नियम
क्रमांक/एफ 1 / 0001/ 2022/ Sec.1 /59/(Ayu ) राज्य सरकार एतद् द्वारा मध्यप्रदेश राज्य के प्रवेशानुमति प्राप्त प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (एम.डी. योगा एवं नेचुरोपैथी) में प्रवेश हेतु निम्नलिखित नियम बनाती हैः-
1. शीर्षक- ये नियम " मध्यप्रदेश एम.डी. (नेचुरोपैथी एवं योग) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश नियम" कहलायेंगे । ये नियम "मध्यप्रदेश राजपत्र " में इनके प्रकाशन के दिनांक से प्रवृत्त होंगे ।
2- परिभाषाएं- इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो ,
2.1 म.प्र. एम.डी. नेचुरोपैथी/एम.डी. योग/एम.डी. एक्युपंचर एवं एनर्जी मेडिसिन प्रवेश मेरिट से अभिप्रेत है, संचालनालय, आयुष म.प्र. शासन, भोपाल द्वारा अधिसूचित एजेंसी एम.पी. ऑनलाईन द्वारा पंजीयित अभ्यर्थियों से निर्मित एम.डी. नेचुरोपैथी/एम.डी. योग/एम.डी. एक्युपंचर एवं एनर्जी मेडिसीन प्रवेश मेरिट।
2.2 " महाविद्यालय " से अभिप्रेत है, म.प्र. में संचालित प्रवेशानुमति प्राप्त निजी क्षेत्र के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालय।
2.3 "प्रवेश मेरिट" से अभिप्रेत है म.प्र. एम.डी. नेचुरोपैथी/एम.डी. योग/एम.डी. एक्युपंचर एवं एनर्जी मेडिसीन प्रवेश मेरिट ।
2.4 "सीट" से आशय है , महाविद्यालयों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हेतु स्वीकृत सीट ।
2.5 "अन्य पिछड़ा वर्ग " से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथा विनिर्दिष्ट तथा अधिकथित अन्य पिछड़ा वर्ग।
2.6 "अनुसूचित जाति" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथा विनिर्दिष्ट तथा अधिकथित अनुसूचित जातियां ।
2.7 " अनुसूचित जनजाति" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथा विनिर्दिष्ट तथा अधिकथित अनुसूचित जनजातियां ।
2.8 "प्रवर्ग" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा विनिर्दिष्ट तथा निर्धारित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग , आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्ल्यू.एस.) तथा अनारक्षित श्रेणी।
2.9 "संवर्ग "से अभिप्रेत है दिव्यांग (पी.डब्लू.डी) जैसा कि एमसीआई/एनएमसी द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचना अनुसार पात्र अभ्यर्थी एवं महिला (एफ) ।
2.10 "चयनित अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है ऐसे अभ्यर्थी जिनको सीट आवंटन कर आवंटन पत्र जारी कर दिया गया है ।
2.11 "आयुष मंत्रालय, भारत सरकार "से अभिप्रेत है " भारत सरकार का आयुष मंत्रालय "
2.12 " राज्य सरकार " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश शासन;
2.13 "आयुक्त "से अभिप्रेत है आयुक्त/संचालक, संचालनालय आयुष म ०प्र०;
2.14 " प्रधानाचार्य "से अभिप्रेत है संबंधित महाविद्यालय/संस्थान का अकादमिक एवं प्रशासनिक प्रमुख;
2.15 " काउंसिलिंग "से अभिप्रेत है म.प्र. एम.डी. नेचुरोपैथी/एम.डी. योग/एम.डी. एक्युपंचर एवं एनर्जी मेडिसिन प्रवेश मेरिटके आधार पर पात्र अभ्यर्थियों की मैरिट एवं पात्रता के अनुसार संचालनालय आयुष म०प्र ० द्वारा आयोजित सीट आवंटन की प्रक्रिया ।
2.16 "विश्वविद्यालय "से अभिप्रेत है ऐसा विश्वविद्यालय जिससे निजी क्षेत्र के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालय विधिवत संबद्ध है ।
2.17 " अभ्यर्थी" से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रम में प्रवेश के इच्छुक व्यक्ति।
2.18 " अध्येता " से अभिप्रेत है उक्त पाठ्यक्रमां में प्रवेश उपरांत अध्ययनरत छात्र/छात्रायें ।
2.19 " केन्द्रीय काउंसिलिंग "से अभिप्रेत है म. प्र. राज्य से अनुमति प्राप्त निजी क्षेत्र के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों की संचालनालय आयुष द्वारा आयोजित काउंसलिंग ।
3 सामान्यनिर्देश-
3.1 स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम , यथास्थिति म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर, म.प्र.शासन आयुष विभाग मंत्रालय , भारत सरकार आयुष मंत्रालय , महाविद्यालय यथास्थिति, प्रवेश, आवंटन तथा समय- समय पर यथा संशोधित प्रवृत्त नियमों तथा विनियमों में किये गए संशोधनों द्वारा शासित तथा विनियमित होंगे।
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3.2 प्रवेश की तारीख से उपाधि की दशा में तीन वर्ष की कालावधि के लिए स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम पूर्णकानिक होंगे। छात्र को संपूर्ण अध्ययनकाल में निजी प्रैक्टिस, अंशकालिक नौकरी या कोई अन्य नौकरी करने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी ।
3.3 अभ्यर्थीद्वारा जब भी अपेक्षित हो सही जानकारी दी जानी तथा प्रस्तुत की जानी चाहिए । प्रवेशउंसिलिंगसे संबंधित फार्म भरने से पूर्व अभ्यर्थी को यह सलाह दी जाती है कि वे नियमों को पूर्ण रूप से पढ़ लें एवं समझ लें और अपेक्षित की गई संपूर्ण तथा सही जानकारी भरें तथा अपेक्षित दस्तावेज संलग्न करें, जिसके अभाव में अभ्यर्थी को सीट आवंटन तथा प्रवेश की पात्रता नहीं होगी ।
3.4 यदि ऐसा पाया जाता है कि अभ्यर्थी द्वारा आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in में आवेदन पत्र में प्रविष्टि के समय , अभिलेखों की जांच के समय, सीट के आवंटन के समय तथा प्रवेश के समय एवं अध्ययन के दौरान कोई तथ्य एवं जानकारी छुपाई है अथवा गलत जानकारी दी है, तो महाविद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा उसके अध्ययन के दौरान कभी भी उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा एवं नियमानुसार प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
3.5 यदि अभ्यर्थी के विरूद्ध गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया जाता है, तो वह प्रवेश का हकदार नहीं होगा अथवा अध्ययन के दौरान भी ऐसी जानकारी प्राप्त होने पर प्रधानाचार्य द्वारा किसी भी समय उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकेगा ।
3.6 अध्येताको दुराचरण, आपराधिक कृत्य में संलिप्तता, अनुशासनहीनता का दोषी पाये जाने पर उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसमें प्रधानाचार्य के द्वारा महाविद्यालय से निष्कासन की कार्यवाही एवं विश्वविद्यालय द्वारा पंजीयन का निरस्तीकरण किया जाना सम्मिलित है । अनधिकृत रुप से बिना पूर्वसूचना के निरंतर 30 दिन अनुपस्थित रहने पर प्रवेश निरस्तीकरण की कार्यवाही प्रधानाचार्य के द्वारा गुण दोष के आधार पर की जायेगी। इस अनुपस्थित अवधि का किसी भी प्रकार के मान्य अवकाश में समायोजन नहीं होगा। ऐसे प्रवेश के पश्चात् निष्कासित अभ्यर्थी, निष्कासन की तिथि से आगामी 03 वर्ष के लिये राज्य के निजीप्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालय की पी.जी. सीटो पर प्रवेश के लिये अपात्र होगा ।
3.7 म.प्र. शासन आयुष विभाग मंत्रालय, भोपाल से अनुमति प्राप्त पाठ्यक्रमों की सीटस् पर पाठ्यक्रमवार एवं महाविद्यालयवार प्रवेश दिया जावेगा । कॉउंसिलिंग के समय जिन संस्थाओं को म.प्र. शासन आयुष मंत्रालय तथा संबंधित विश्वविद्यालय की प्रवेश अनुमति प्राप्त होगी उन सभी में प्रवेश की कार्यवाही संचालनालय आयुष म. प्र. स्तर से की जावेगी।
3.8 प्रत्येक अभ्यर्थी को काउंसिलिंग हेतु एम.पी. ऑनलाइन की निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया का पालन करना होगा एवं उसे विहित की गई फीस जमा करनी होगी।
4 सीटों की उपलब्धताः-
निजी क्षेत्र के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में उपलब्ध स्नातकोत्तर सीटों में प्रवेश हेतु राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रवर्ग एवं संवर्ग के म.प्र. के मूलनिवासी अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रतिशत अनुसार आरक्षण लागू रहेगा । जिसकी जानकारी महाविद्यालयवार, विषयवार एवं श्रेणीवार म. प्र . राज्य में एम.डी. आयुष पोर्टल नेचुरोपैथी/एम.डी. योग/एम.डी. एक्युपंचर एवं एनर्जी मेडिसीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम काउंसलिंग हेतु विभागीय वैबसाइट www.ayush.mp.gov.in व एम.पी.आनलाइन https://ayush.mponline.gov.in पर यथासमय प्रदर्शित की जावेगी । इन सीटों को मेरिट में पात्र घोषित अभ्यर्थियों से ऑनलाईन कॉउंसलिंग के माध्यम से भरा जायेगा । सीटों की संख्या में परिर्वतन हो सकता है, जो यथा समय निर्धारित पोर्टल पर प्रकाशित किया जायेगा । सीटों की आरक्षण तालिका काउंसिलिंग के समय आयुष पोर्टल https://ayush.mponline.gov.in पर उपलब्ध करायी जावेगी।
5 आरक्षण-
5.1 निजी क्षेत्र के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में सीटों का आरक्षण म.प्र. शासन द्वारा तत्समय प्रचलित आरक्षण नियमों के अध्यधीन निर्धारित प्रतिशत अनुसार रहेगा ।
(1) महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण प्रत्येक प्रवर्ग में योग्यता (मेरिट) सह विकल्प के अनुसार 33 प्रतिशत होगा । यह आरक्षण (क्षैतिजिक) हॉरिजोन्टल तथा कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा ।
(2) ऐसे अभ्यर्थी को जो मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का है, आवेदन के साथ मध्यप्रदेश शासन द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किये गये निर्धारित प्रपत्र में स्थायी जाति प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न करना होगा । मध्यप्रदेश शासन द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मूल स्थायी जाति प्रमाण पत्र तथा मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रवेश के समय महाविद्यालय में मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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अभिलेख सत्यापन के समय प्रस्तुत नहीं करने पर प्रवेश नहीं दिया जायेगा, जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व अभ्यर्थी का होगा।
(3) दिव्यांग व्यक्ति जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं और जो अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग /आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं अनारक्षित प्रवर्ग के हैं, के लिए 06 प्रतिशत स्थान (स्नातकोत्तर) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आरक्षित हैं, यह आरक्षण होरिजोन्टल एवं कम्पार्टमेंटलाइज्ड होगा । इसके साथ ही भारत के राजपत्र 27 दिसम्बर 2016 एवं म.प्र. के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के प्रारूप जो कि म.प्र. राजपत्र 28नवम्बर 2017 प्रकाशित किये गये है । अथवा समय- समय पर जारी , तद्नुरूप पॉच केटेगिरी की उक्त विकलांगतायें भारत के राजपत्रों में उल्लेखित विकलांगतायें एवं विकलांगता के प्रतिशत अनुसार दिव्यांग श्रेणी के लिये अभ्यर्थी मान्य होंगे
यथाः-
(क) दृष्टिबाधित और कमदृष्टि
(ख) बहरेऔर कम सुनने वाले
(ग) लोकोमोटर डिसेबिलिटी जिसमें सम्मिलित है सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग मुक्त, बोनापन, एसिड अटेक पीड़ित, मस्कुलर डिस्ट्राफी,
(घ) ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी और मानसिक बीमारी,
(ड.) खंड (क) से (घ) के तहत व्यक्तियों की बहुविकलांगता।
उक्त क से ड. तक की विकलांगतायें निर्धारित प्रमाण पत्र एवं प्रतिशत अनुसार मान्य होगी। इन सीटों पर प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार को जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र एवं एमसीआई/एनएमसी द्वारा जारी मापदण्ड अनुसार बैंच मार्क डिसएबिलिटी के लिये नामित नीट डिसएबिलिटी सर्टिफिकेशन सेंटर से जारी किया गया डिसएबिलिटी दिव्यांगता प्रमाण पत्र। इस प्रकार दोनो प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
5.2 यदि किसी दिव्यांग (पी.डब्लू.डी) तथा महिला (एफ) संवर्ग के रिक्त सीट पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहींहोंगे तो उतनी रिक्त सीटें उसी प्रवर्ग की ओपन संवर्ग में उपलब्ध करा दी जायेंगी । आरक्षित प्रवर्ग की ओपन संवर्ग में भी रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु योग्य उम्मीदवार आरक्षित सीमा तक उपलब्ध नहीं होते हैं तो रिक्तं सीटें अन्य प्रवर्गों से उपलब्ध कराते हुए भरी जावेंगी जैसा नियम 5.3 में है ।
5.3 आरक्षित प्रवर्ग की सीट का परिवर्तन- यदि आरक्षण के अनुसार च्वाइस फिलिंग करने वालेपात्र उम्मीदवार किसी आरक्षित प्रवर्ग में उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में रिक्त सीटों को द्वितीय चरण एवं मॉप अप चरण के आवंटन प्रक्रिया के दौरान अन्य प्रवर्गों में निम्नानुसार परिवर्तित कर भरने की कार्यवाही की जावेगी (कृपया नोट भी देखे)-
(क) अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जाति प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरी जादेगी।
(ख) अनुसूचित जाति प्रवर्ग के लिये आरक्षित रिक्त सीट पात्र अनुसूचित जनजाति श्रेणी के प्रवर्ग के उम्मीदवारों द्वारा भरीजावेगी ।
(ग) यदि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति दोनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी ।
(घ) यदि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग तीनों प्रवर्गों के पात्र उम्मीदवार उनकी आरक्षित सीटों की पूर्ति के लिये उपलब्ध नहीं होते है तो ऐसी स्थिति में आरक्षित रिक्त सीटों की पूर्ति ई.डब्ल्यू.एस. प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी ।
(ड़) यदि उपरोक्त चारों आरक्षित प्रवर्गों के अंतर्गत पात्र उम्मीदवार उपरोक्तानुसार उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति मे रिक्त सीटो की पूर्ति अनारक्षित प्रवर्ग के पात्र उम्मीदवारों से की जावेगी ।
नोट - यह व्यवस्था सम्बन्धित प्रवर्ग के योग्य उम्मीदवारों की विकल्प चयन हेतु महाविद्यालयों के लिए च्वाइस लॉक (चयन) किए गये अभ्यर्थियों के समाप्त होने के बाद सीट परिवर्तन की सूचना जारी करने के उपरान्त अगले चरण कीकाउंसिलिंग में की जायेगी ।
6 प्रवेश हेतु पात्रता-
6.1 न्यूनतम अर्हकारी पात्रता-म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय , जबलपुर/प्रदेश के या प्रदेश के बाहर के अन्य किसी मान्यता प्राप्त संस्थान/विश्वविद्यालय से बी.एन.वाय, एस. पाठ्यक्रम उत्तीर्ण अभ्यर्थी यदि एम.पी.ऑनलाईन में पंजीयन कराते है तो उनकी मेरिट सूची एम.पी. ऑनलाईन व संचालनालय, आयुष म.प्र. भोपाल की वेबसाईट पर 526(53)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
प्रदर्शित की जावेगी । प्रावीण्यता सूची बी.एन.वाय.एस. उत्तीर्ण अभ्यर्थी के समस्त वर्षों के अंको के योग के आधार पर तैयार की जायेगी ।
6.2 निजी क्षेत्र के महाविद्यालयों में प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकेंगे। " परन्तु इन निजी महाविद्यालयों में आरक्षित संवर्ग की सीट्स निर्धारित प्रतिशत अनुसार मध्य प्रदेश के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों के लिये आरक्षित रहेंगी ।
6.3 बी.एन.वाय.एस. उत्तीर्ण अभ्यर्थी के समस्त वर्षों के अंको के योग के आधार पर तैयार की गई प्रावीण्यता सूची में यदि किन्हीं अभ्यर्थियों के समान अंक होते है तो आयु में जो वरिष्ठ होगा उस अभ्यर्थी को प्रावीण्य सूची/प्रवेश आवंटन में वरीयता दी जायेगी ।
6.4 सभी पी.जी. प्रवेशित छात्रों को मध्यप्रदेश राज्य में पी.जी. पाठ्यक्रम करने के लिए मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड भोपाल से पंजीकृत होना चाहिये।
6.5 पी.जी. सीट आवंटन होने के पश्चात् आवंटित सीट पर प्रवेश लेने के एक माह के भीतर म.प्र . आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड भोपाल में पंजीकृत चिकित्सक होने हेतु आवेदन तथा संबंधित फीस जमा करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
6.6 पात्र अभ्यर्थी ने मान्यता प्राप्त संस्थाओं से काउंसिलिंग प्रारंभ होने के पूर्व अनिवार्य इंटर्नशिप पूर्ण कर ली हो अथवा अभ्यर्थियों के इन्टर्नशिप पूर्णता की तिथि के सम्बन्ध में म.प्र. शासन , आयुष विभाग द्वारा समय - समय पर जारी होने वाले आदेश/निर्देश प्रभावशील होंगे ।
6.7 अभ्यर्थियों को प्रवेश के समयं स्वयं उपस्थित रहकर सभी आवश्यक निम्न मूल दस्तावेज प्रोफार्मा -1 सहित प्रस्तुत करना होगा: -
1 10 वीं/ 12 वीं बोर्ड परीक्षा की अंकसूची
2 बी.एन.वाय.एस. परीक्षा के समस्त प्रॉफ की अंकसूची।
3 अनिवार्य इंटर्नशिप कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (Compulsory Internship Completion Certificate ) अथवा निर्धारित तिथि तक पूर्ण करने संबंधी प्रमाण पत्र।
4 अभ्यर्थी का वैद्य पहचान पत्र ।
5 मध्य प्रदेश का मूल निवासी/स्थानीय निवासी होने संबंधी सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) अथवा स्वः घोषित स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र।
6 सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निर्धारित प्रपत्र में स्थाई जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) ।
7 अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की क्रीमी/नॉन क्रीमी लेयर के निर्धारण हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष का (जो काउंसिलिंग सत्र से 01 वर्ष से अधिक पूर्व का न हो) तहसीलदार/ नायब तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) अथवा स्वःघोषित आय प्रमाण पत्र। मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 7-28/2009/आ.प्र./एक भोपाल दिनांक 02 नवम्बर 2017 के अनुसार अन्य पिछडा वर्ग के संबन्ध में सम्पन्न वर्ग (क्रीमी लेयर) के लिए निर्धारित मापदण्डानुसार निर्धारित की जावेगी।
8 दिव्यांग संवर्ग हेतु निर्धारित प्रमाण पत्र ।
9 चिकित्सकीय फिटनेस प्रमाणपत्र।
10 अंतिम संस्थामें अध्ययनरत रहने का टी.सी.।
11 चरित्र प्रमाणपत्र।
7 प्रावीण्य सूची -
7.1 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों की सीट्स पर प्रवेश हेतु संयुक्त प्रावीण्य सूची एम.पी.ऑनलाईन द्वारा प्रवेश हेतु बी.एन.वाय.एस. की मेरिट के आधार पर तैयार की जावेगी। ऐसी संयुक्त प्रावीण्य सूची इन नियमों एवं आरक्षण प्रावधान के आधार पर एम ०पी०ऑनलाइन तैयार करेगा । आरक्षित वर्ग की सीटों पर केवल प्रदेश के स्थानीय निवासी ही प्रवेश हेतु पात्र होगें तथा अनारक्षित प्रवर्ग की सीटों पर प्रदेश के स्थानीय निवासियों को वरीयता दी जायेगी।
7.2 उपरोक्तानुसार बी.एन.वाय.एस. की पंजीकृत अभ्यर्थियों से तैयार एवं जारी की गयी मेरिट सूची अनुसार तथा म.प्र. शासन आयुष विभाग के निर्देशों के क्रम में सीट्स पर आवंटन प्रक्रिया एम.पी.ऑनलाइन द्वारा संपन्न कराई जावेगी।
8 रजिस्ट्रेशनः- आयुष संचालनालय द्वारा काउंसलिंग की निर्धारित समय सारणी एवं विस्तृत कार्यक्रम जारी कर संचालनालय आयुष, म.प्र. की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.in तथा https://ayush.mponline.gov.in portal मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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होने पर प्रदर्शित किया जायेगा। आवेदक को रजिस्ट्रेशन हेतु https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसका निर्धारित शुल्क रूपये 500/ - (पाच सौ रूपये मात्र) देय होगा । रजिस्ट्रेशन के लिए अभ्यर्थी को अपनी Candidate Profile बनानी होगी।
नोटः- अभ्यर्थी को काउंसिलिंग हेतु पंजीयन का अवसर सभी चरणों में प्रदान किया जावेगा । पंजीयन एवं सत्यापन , न कराने की स्थिति में अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के किसी भी चरण में सम्मिलित नहीं किया जावेगा। इस हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन/दावा मान्य नहीं होगा ।
9 अभिलेख सत्यापन: -
अभ्यर्थी को प्रवेश के पूर्व समस्त मूल अभिलेखों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा । अभ्यर्थी किसी भी शासकीय स्वशासी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी महाविद्यालय में अपने समस्त मूल अभिलेखों का सत्यापन करा सकते है । इस संबंध में विस्तृत दिशा- निर्देश तत्समय एमपी ऑनलाइन के पोर्टल एवं विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित किये जायेंगे ।
10 काउंसिलिंग के माध्यम से सीट आवंटन-
10.1 योग्य अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम तथा महाविद्यालय में सीट आवंटन का आधार म.प्र . शासन आयुष विभाग द्वारा अधिकृत एजेंसी एम.पी. ऑनलाईनके माध्यम से बी.एन.वाय.एस. उत्तीर्ण अभ्यर्थियों द्वारा पंजीयन कराये जाने के पश्चात् जारी मेरिट सूची में प्राप्त रैंकिंग होगी । आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाईन काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी । आनलाईन काउंसिलिंग के लिए विस्तृत निर्देश पृथक से जारी किये जावेंगे। विभागीय वेबसाइट www.ayush.mponline.gov.in पर महाविद्यालयों की सूची एवं एम.डी. नेचुरोपैथी/एम.डी. योग/एम.डी. एक्युपंचर एवं एनर्जी मेडिसीन पाठ्यक्रम की विषयवार सीटों की आरक्षण तालिका काउंसिलिंग के पूर्व जारी की जावेगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार उक्त वेबसाईट का अवलोकन करते रहें ।
10.2 सभी अंकसूचियों, प्रमाणपत्रों एवं सभी संबंधित दस्तावेजों में अभ्यर्थी तथा माता पिता का नाम एक समान लिखा होना चाहिये। यदि किसी भी दस्तावेज में कहीं कोई अंतर हो तो ऑनलाइन काउंसिलिंग के पूर्व उसे दुरूस्त करालें अन्यथा प्रवेश निरस्त होने पर इस हेतु अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होगा । अभ्यर्थी सुनिश्चित रूप से अपना वही फोटोग्राफ प्रवेश हेतु महाविद्यालय में प्रस्तुत करेगा, जो कि एम.पी. ऑनलाइन में पंजीयन के समय प्रस्तुत किया गयाहै ।
11- संस्थाका चयन-
आवेदक को अपनी प्राथमिकता के अनुसार पाठ्यक्रमों /संस्थाओं का क्रमानुसार चयन का विकल्प https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर अपना Candidate Profile से लॉगिन करके चॉईस फिलिंग और लॉकिंग करनी होगी , जिसका निर्धारित शुल्क 50/- रूपये (पचास रूपये मात्र) देय होगा । इस राशि की रसीद दी जावेगी, जिसमें आवेदक द्वारा चयनित संस्थाओं की सूची दर्शित होगी ।
12 अलाटमेंट लेटर-
12.1 आवेदक आवंटन की निर्धारित तिथि पर https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर Candidate लॉगिन कर अलाटमेंट लेटर प्राप्त कर सकता है । सीटों का आवंटन मेरिट क्रम अनुसार किया जावेगा।
12.2 इन नियमों के अंतर्गत काउंसलिंग एवं आवंटन काउंसलिंग समिति की देख - रेख में होगा ।
12.3 एम पी ऑनलाइन प्रत्येक चरण की काउंसिलिंग के पश्चात प्रवर्गवार एवं संवर्गवार ओपनिंग क्लोजिंग की सूची अल्फाबेटिकल क्रम में महाविद्यालयवार जारी करेगी ।
13 रिपोर्टिंग-
अभ्यर्थी को महाविद्यालय का आवंटन होने के बाद सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आंवटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा तथा अभिलेखों के सत्यापन पश्चात समस्त अभिलेख सही पाये जाने पर अपना पंजीयन नम्बर एवं पासवर्ड इंटर कर महाविद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराना होगा ।
14 प्रवेश -
14.1 अभ्यर्थी काउंसिलिंग के द्वारा पाठ्यक्रम एवं महाविद्यालय आवंटन के पश्चात्, अधिसूचित दिनांक एवं समय पर संबंधित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को अपनी उपस्थिति की सूचना देगा। प्रवेश के समय निर्धारित प्रवेश शुल्क संबंधित महाविद्यालय को देय डिमांड ड्राफ्ट के रुप में जमा करना होगा ।
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14.2 महाविद्यालय की प्रवेश समिति में दो वरिष्ठ शिक्षक तथा कम से कम दो आरक्षित प्रवर्ग के शिक्षक रहेंगे । यह समिति मूल दस्तावेजों का सत्यापन करेगी तथा यदि पात्र पाया जाए तो उम्मीदवार को पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुशंसा प्रधानाचार्य को करेगी ।
14.3 यदि कोई अभ्यर्थी महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने हेतु संसूचित दिनांक तक महाविद्यालय में प्रवेश हेतु उपस्थित नहीं होता है अथवा प्रवेश लेकर सीट छोड़ देता है तो आवंटित/प्रवेशित सीट पर उसका दावा स्वतः समाप्त हो जावेगा तथा उसका आवंटन/प्रवेश निरस्त हुआ समझा जावेगा।
14.4 अभ्यर्थी को अपनी चिकित्सकीय जांच करानी होगी एवं उसका प्रवेश तभी मान्य होगा जब वह चिकित्सकीय दृष्टि से फिट होगा । इस हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन/ पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा। इस संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र लागू रहेगा ।
14.5 अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि काउंसिलिंग से संबंधित समस्त जानकारी हेतु वेबसाईट www.ayush.mp.gov.in एवं www.ayush.mponline.gov.in का समय - समय पर अवलोकन करते रहें ।
फीस संरचना- 15
निजी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालय में प्रवेशित अभ्यर्थी को प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति/म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा निर्धारित फीस देय होगी । फीस संरचना से सहमति की स्थिति में ही आनलाईन काउंसिलिंग हेतु अभ्यर्थियों को च्वाईस फिलिंग करना चाहिये। प्रवेश काउंसिलिंग पश्चातसीट आवंटित होने पर यह माना जावेगा कि उपरोक्त संबंधित महाविद्यालय की फीस संरचना से अभ्यर्थी सहमत है । अध्येता के प्रवेश उपरान्त इस संबंध में कोई मांग/संशोधन मान्य नहीं होगा।
काउंसिलिंग एवं चरण.
16 योग्य अभ्यर्थी को पाठ्यक्रम तथा महाविद्यालय में सीट आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से की जावेगी। ऑनलाइन काउंसिलिंग के लिए विस्तृत जानकारी एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर पृथक से जारी की जावेगी ।
16.1 प्रथम चरण की काउंसिलिंग-
1. प्रथम चरण की काउंसिलिंग में सभी पंजीकृत एवं सत्यापित अभ्यर्थी पात्र होगे ।
2. प्रथम चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में सम्मिलित करने हेतु च्वाईस फिलिंग व लाकिंग करना अनिवार्य होगा।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा ।
4. आवंटन परिणाम के पश्चात अभ्यर्थियों के पास दो विकल्प होगे , जिसमें या तो वह आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु सन्तुष्ट (Satisfied) चयन कर सकते है या बेहतर संस्था में उन्नयन हेतु ( Opt for Upgradation) विकल्प दे सकतेहैं ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन पत्र में Satisfied ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति व सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा। जिन अभ्यर्थियों ने आवंटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे ।
6. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन के पश्चात कोई भी विकल्प नहीं दिया है अथवा Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है , ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे।
16.2 द्वितीय चरण की काउसिलिंग-
1. द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रथम चरण की काउंसिलिंग से कोई भी सीट आवंटित नहीं हुई है अथवा पूर्व चरण में सीट आवंटित होने के पश्चात् उनके द्वारा कोई विकल्प नही दिया गया है अथवा Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है अथवा जिन्होंने द्वितीय चरण हेतु उन्नयन (Upgradation ) विकल्प दिया है एवं नवीन अभ्यर्थी पात्र होंगे।
2. जिन अभ्यर्थियों ने द्वितीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation ) , विकल्प दिया है , उन्हे नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा । ऐसा न करने पर उस अभ्यर्थी की आंवटित सीट उस चरण में अन्य को मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
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आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगी, परन्तु ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों की काउंसिलिंग में भाग लेने हेतु पात्र होंगे ।
3. निर्धारित समय सारणी में ऑनलाइन आवंटन आदेश जारी किया जावेगा ।
4. आवंटन परिणाम के पश्चात अभ्यर्थी के पास दो विकल्प होंगे , जिसमें से वह या तो सन्तुष्ट (Satisfied ) चयन कर द्वितीय चरण में आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश ले सकते है या बेहतर संस्था में उन्नयन हेतु (Opt for Upgradation ) विकल्प दे सकते हैं ।
5. जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाईन आवंटन पत्र में Satisfied ऑप्शन दिया है ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु आवंटन परिणाम की प्रति, सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क सहित जाना होगा। जिन अभ्यर्थियों ने आवंटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे ।
6. ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवंटन आदेश परिणाम के पश्चात प्रदाय विकल्प में से कोई भी विकल्प नहीं दिया है अथवा सन्तुष्ट Satisfied विकल्प दिये जाने के उपरान्त भी आवंटित संस्था में प्रवेश नही लिया गया है , ऐसे अभ्यर्थियों की आवंटित सीट उस चरण से निरस्त कर आगामी चरण के आवंटन हेतु शामिल कर ली जावेगा । ऐसे 7. अभ्यर्थी आगामी चरण की काउंसिलिंग हेतु पुनः पात्र होंगे। द्वित्तीय चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी । आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में आवंटन व परिवर्तन नियम 5.2 व 5.3 के तहत किया जायेगा ।
16.3 तृतीय चरण की काउंसिलिंग-
1. प्रथम एवं द्वितीय चरण में प्रवेशित अभ्यर्थियों के अतिरिक्त शेष सभी रजिस्टर्ड अभ्यर्थी तृतीय चरण हेतु पात्र होंगे । सभी पात्र तथा तृतीय चरण हेतु उन्नयन ( Upgradation) विकल्प देने वाले समस्त अभ्यर्थियों को नवीन च्वाईस फिलिंग व लॉकिंग करना अनिवार्य होगा।
2. निर्धारित समय सारणी अनुसार तृतीय चरण का आवंटन किया जावेगा।
3. तृतीय चरण में सीट आवंटित अभ्यर्थी अपने आवंटित महाविद्यालय में सभी मूल दस्तावेज तथा उनकी छायाप्रतियों के साथ प्रवेश हेतु आवंटन आदेश परिणाम की प्रति, प्रवेश शुल्क सहित उपस्थित होना होगा। जिन अभ्यर्थियों ने आवंटित महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया है ऐसे अभ्यर्थी आगामी चरणों हेतु पात्र नहीं होंगे ।
5.3के तहत किया जायेगा ।
4. तृतीय चरण में नवीन मान्यता प्राप्त महाविद्यालय की सीट संवर्ग व प्रवर्गवार होगी । आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की स्थिति में आवंटन व परिवर्तन नियम 5.2 व
16.4 स्ट्रेबैंकेन्सी राउण्ड (अंतिम चरण) -
1 तृतीय चरण की काउंसिलिंग समाप्त होने के पश्चात् महाविद्यालयों में सीटें रिक्त रहने की स्थिति में निर्धारित समय सारणी अनुसार स्ट्रे वैंकेन्सी राउण्ड संपादित किया जावेगा ।
2 प्रथम/द्वितीय/तृतीय चरण में पंजीकृत अभ्यर्थी के अतिरिक्त नवीन अभ्यर्थी को भी पंजीयन की सुविधा प्रदान कर स्ट्रे बैंकेन्सी राउण्ड संपादित किया जावेगा। प्रथम/द्वितीय /तृतीय चरण के प्रवेशित अभ्यर्थियों को छोड़कर शेष सभी पंजीकृत अभ्यर्थी स्ट्रे वैंकेन्सी राउण्ड हेतु पात्र होंगे ।
3 स्ट्रे बैंकेन्सी राउण्ड में महाविद्यालय की रिक्त सीटों एवं पात्र अभ्यर्थियों की मैरिट सूची जारी (विज्ञापित) की जायेगी।
4 उपरोक्त मैरिट सूची के आधार पर महाविद्यालय में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल कर मैरिट क्रमानुसार रिक्त सीटों पर महाविद्यालय द्वारा ऑनलाइन प्रवेश दिया जायेगा ।
5 स्ट्रे बैंकेन्सी राउण्ड से संबंधित विस्तृत दिशा- निर्देश तत्समय जारी किये जायेंगे।
17 फीसवापसी-
काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेशित छात्रों द्वारा काउंसिलिंग के तृतीय चरण तक महाविद्यालय स्तर पर ऑनलाइन सीट छोड़ने/प्रवेश निरस्त करने पर, ऐसे छात्रों द्वारा जमा शिक्षण शुल्क से 10 प्रतिशत राशि काटकर ( अधिकतम दस हजार रूपये ) शेष राशि लौटायी जावेगी । तृतीय चरण के पश्चात् प्रवेश निरस्त करने पर केवल कॉशन मनी वापसी योग्य होगी ।
प्रवेशित छात्र निम्नलिखित के लिए हकदार होंगे - 18
(क) एक साप्ताहिक अवकाश (असंचयी) ,
(ख) प्रति शैक्षणिक सत्र में 13 दिवस के आकस्मिक अवकाश, 526(57)
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(ग) प्रधानाचार्य की पूर्व अनुमति से, संपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान महिला अध्येताओं को 180 दिवस के प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी । प्रेग्नेन्सी से संबंधित चिकित्सा प्रमाणपत्र , प्रसूति अवकाश पर जाने के दस दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा। अवकाश पर जाने हेतु आवेदन संबंधित शैक्षणिक विभाग के विभागाध्यक्ष के माध्यम से प्रधानाचार्य कार्यालय को देना होगा । तथापि विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं में सम्मिलित होने हेतु प्रायोगिक/क्लीनिकल/सैद्धांतिक कक्षाओं में विश्वविद्यालय द्वारा न्यूनतम वांछित उपस्थिति की अनिवार्यता रहेगी तथा उपस्थिति पूर्ण न होने पर आगामी 06 माह के लिये पाठ्यक्रम की अवधि में वृद्धि होगी ।
(घ) प्रतिवर्ष 15 दिवस का चिकित्सा अवकाश/ बीमारी का प्रमाण पत्र अवकाश पर जाने के पश्चात् 10 दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा । यह अवकाश प्रतिवर्ष लिया जा सकेगा तथापि इसे किसी भी परिस्थिति में अन्य अवकाश के साथ संचय नहीं किया जा सकता ।
19 प्रवेश प्रक्रिया कार्यक्रम: -
यथासमय घोषित की जायेगी ।
प्रथम चरण काउंसिलिंग की तिथि
1
यथासमय घोषित की जायेगी ।
2 द्वितीय चरण काउंसिलिंग की तिथि
यथासमय घोषित की जायेगी ।
3 तृतीय चरण कांउसिलिंग
यथासमय घोषित की जायेगी ।
4 स्ट्रे वैकेन्सी राउण्ड
यथासमय घोषित की जायेगी।
5 प्रवेश की अंतिम तिथि
यथासमय घोषित की जायेगी ।
6 सत्रारंभतिथि
टिप्पणी: -
आयुष संचालनालय द्वारा नियम 19 में दर्शाये अनुसार ऑनलाइन कांउसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम एवं निर्धारित समय सारणी जारी कर आयुष, संचालनालय आयुष की वेबसाइट www.mp.ayush.gov.in तथा https://ayush.mponline.gov.in पोर्टल पर विज्ञापित किया जायेगा । यदि कार्यक्रम में कोई परिवर्तन किया जाता है तो उसे विज्ञापित कर सूचित किया जावेगा।
20 प्रदेश के निजी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों में म.प्र. शासन द्वारा यदि कोई सीट वृद्धि की अनुमतिअथवा किसी नवीन महाविद्यालय को मान्यता/प्रवेश अनुमति काउंसिलिंग के पूर्व अथवा काउंसिलिंग के मध्य प्राप्त होती है तो संबंधित महाविद्यालय को काउंसिलिंग चरण के च्वाइस फिलिंग प्रारंभ होने के पूर्व दिनांक तक ही उस चरण की प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित किया जा सकेगा। यदि च्वाइस फिलिंग प्रांरभ होने की दिनांक कोअनुमति प्राप्त होने की स्थिति में महाविद्यालय को संभावित आगामी चरण में सम्मिलित किया जा सकेगा ।
21 महाविद्यालयों द्वारा राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से किये गये प्रवेश मान्य नहीं होंगे । साथ ही यदि ऐसे किसी अभ्यर्थी की पहचान होती है , जिसका प्रवेश अंतिम तिथि के पश्चात् हुआ है अथवा काउंसिलिंग प्रक्रिया से हटकर संस्था स्तर पर हुआ है तो ऐसे अभ्यर्थी को उक्त पाठ्यक्रम से निकाल दिया जायेगा एवं/अथवा यदि उसे कोई भी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान शैक्षणिक योग्यता दी जा चुकी है तो यथास्थिति म.प्र. शासन आयुष मंत्रालय/आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार उक्त योग्यता को मान्यता प्रदान नहीं की जावेगी।
22 राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के अंतिम चरण के उपरांत रिक्त रह गयी सीट पर महाविद्यालय द्वारा किसी भी दशा में सीधे प्रवेश नहीं दिये जावेगे । यदि किसी महाविद्यालय द्वारा काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर किसी छात्र को सीधे प्रवेश देना प्रमाणित पाया जाता है तो संबंधित संस्था को महाविद्यालय संचालन हेतु जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र वापस लिया जायेगा एवं संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
23 उक्त नियमों के अंतर्गत होने वाले प्रवेश आयुष विभाग म.प्र. शासन के उस प्रवेष दिनांक को प्रभावशील आदेशो/निर्देशों/नियमों के अधीन रहेंगे । पूर्व चरणों की काउंसिलिंग के आधार पर हुए प्रवेश उपरांत यदि संबंधित आदेश/नियम/निर्देश में कोई परिवर्तन होते हैं तब वह आगामी चरणों की काउंसिलिंग पर ही लागू होंगे ।
24 प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग महाविद्यालयों हेतु एम.डी. नेचुरोपैथी/एम.डी. योग/एम.डी. एक्युपंचर एवं एनर्जी मेडिसीन पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु जारी इन नियमों के आधार पर प्रवेशित हुए अभ्यर्थी आयुष विभाग के अन्य पाठयक्रमों यथा एम.डी./एम.एस. आयुर्वेद/एम.डी. होम्योपैथी के अभ्यर्थियों से समानता का अधिकार प्राप्त करने हेतु दावा नहीं करेगें एवं न ही इसके अधिकारी होंगे ।
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 10 सितम्बर 2024
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25 सक्षम प्रधिकारीः-
किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश एवं प्रवेश प्रक्रिया के संबन्ध में विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में प्रकरण के निराकरण हेतु आयुक्त आयुष सक्षम प्राधिकारी होंगे , जिनका निर्णय अंतिम होगा ।
26 नियमों में संशोधन का अधिकारः-
प्रवेश प्रक्रिया एवं नियमों में बदलाव का अधिकार राज्य शासन का होगा। इन नियमों के निर्वचन और उनमें संशोधन के सबंध में किसी विवाद की दशा में राज्य सरकार का विनिश्चय अंतिम और सभी संबंधितों पक्षो पर बाध्यकारी होगा ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
संजय कुमार मिश्र , अपर सचिव.
प्रारूप- 1
प्रमाण पत्र महाविद्यालय में प्रवेश के समय , अभिलेखों के सत्यापन कॉउंसलिंग, आवंटन संबंधी प्रपत्र
(उम्मीदवार द्वारा भरा जावे)
मैं घोषणा करता/करती हूँ कि मैंनें मध्यप्रदेश एम.डी. नेचुरोपैथी/एम.डी. योग/एम.डी. एक्युपंचर एवं एनर्जी मेडिसीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रवेश नियम भलीभांति पढकर समझ लिये हैं । तत्पश्चात् ही नियमों में दिये गये प्रावधानों के अधीन कॉउसलिंग/महाविद्यालय में प्रवेश हेतु भाग ले रहा/रही हूं ।
महाविद्यालय में प्रवेश/कॉउंसिलिंग , में भाग लेने के लिए आज दिनांक को निम्न जानकारी मूल प्रमाण पत्र एवं मूल अभिलेख प्रस्तुत कर रहा/रही हूं । यदि वांछित जानकारी नियमानुकूल नहीं है अथवा असत्य है अथवा अधूरी है, आवश्यकतानुसार नहीं है तो मुझे कॉउसिलिंग/प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित कर दिया जाए । किन्हीं कारणों से आवंटन या प्रवेश प्राप्त हो भी जाता है तो मेरा आवंटन या प्रवेश कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर दिया जाए-
1. एम.डी. नेचुरोपैथी/एम.डी. योग/एम.डी. एक्युपंचर एवं एनर्जी मेडिसीन का एम.पी. ऑनलाईन द्वारा प्रदत्त पंजीयन नं
2. मेरिट प्रतीक्षा सूची क्रमांक
3. पूरा नाम
माता/पिता/अभिभावक का पूरा नाम.....
4.
पता......
5.
टेली / मो. न....
6.1 प्रवर्ग (अनारक्षित/अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग)
6.2 संवर्ग (दिव्यांग/महिला/ओपन) :
7. मूल प्रमाणपत्र अभिलेख जो प्रस्तुत कर रहे है, उनके सामने सही (1 ) का चिन्ह लगायें।
1.
प्रवेश परीक्षा की मूल अंकसूची ।
2.
स्रातक परीक्षा की मूल अंकसूची । (समस्त)
3.
इन्टर्नशिप पूर्ण करने का प्रमाण पत्र
1345
4.
रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र
5.
आरक्षित/संवर्ग हेतु निर्धारित प्रारूप में स्थाई जाति प्रमाणपत्र।
Place
IssuingAuthrity
Date
Disp.No.
Book No.
DD MM YYYY
जन्मतिथि के संबंधी कक्षा 10 वी की अंकसूची ।
6.
7. चरित्र प्रमाण पत्र ।
8. मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र ।
IssuingAuthrity
Place
Dt. of issue
No.
अंतिम संस्थामें अध्ययनरत रहने की टी.सी.
9.
वर्तमान वित्तीय वर्ष आय प्रमाण- पत्र निर्धारित प्रारूप में ।
10.
संस्थाप्रमुख का मूल दस्तावेज जमा होने संबंधी प्रमाण पत्र, सूची सहित।
11.
(यदिलागूहो तो)
पूरा नाम
अभ्यर्थीके हस्ताक्षर,
दिनांक 526(59)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 10 सितम्बर 2024
सत्यापन (सूक्ष्म जाँच समिति द्वारा भरा जावे)
मेरे द्वारा समिति को उपलब्ध कराये मूल प्रमाण पत्रों, अभिलेखों ( 1-11 ) की जांच की गई । प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति के 01 सेट रिकार्ड हेतु जमा करा लिये गये हैं । प्रमाण - पत्रों पर पाई गई कमियों को ऊपर उल्लेखित किया गया है ।
सदस्य अभिलेख सत्यापन समिति
(नाम पदनाम हस्ताक्षर, दिनांक)
परीक्षणोपरांत उम्मीदवार कॉउंसिलिंग /प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र है अथवा निम्न प्रमाण पत्र एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने के कारण अथवा अन्य कारणों सेकॉउंसिलिंग में भाग लेने के लिये पात्र नहींहैं ।
अध्यक्ष, अभिलेख सत्यापन समिति (हस्ताक्षर, दिनांक नाम एवं पदनाम. )
प्रारूप- 1- अ
शपथ पत्र
......उम्र.. ...निवासी..
मैं/आत्मज/आत्मजाश्री..
आज ...को शपथ पूर्वक घोषणा करता/करती हूँ कि मेरे द्वारा आनलाईन काउंसिलिंग/प्रवेश प्रक्रिया में लिये गये दिनांक.. निर्णय से में बचनबद्ध रहूंगा/रहूंगी।
आवंटित संस्था में प्रवेश समय सीमा में लेकर में नियम पुस्तिका में दिये गये नियमों का पालन करूगाँ/करूंगी ।
1.
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर दिनांक.
गवाह के हस्ताक्षर
दिनांक.
नाम.
नाम.
पूरा पता.........
पूरा पता...
टेलिफोन./मोबाईल नं
2. गवाह के हस्ताक्षर
दिनांक.
नाम.
पूरा पता...
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2024.