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सत्यमेव जयत
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण ) प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, सोमवार, दिनांक 16 दिसम्बर 2024-अग्रहायण 25, शक 1946
क्रमांक 346]
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 16 दिसम्बर 2024
क्र. 18992- मप्रविस - 16 - विधान- 2024.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम -64 के उपबंधों के पालन में, मध्यप्रदेश नगरपालिका (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2024 (क्रमांक 24 सन् 2024) जो विधान सभा में दिनांक 16 दिसम्बर 2024 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है .
ए. पी . सिंह
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक २४ सन् २०२४
मध्यप्रदेश नगरपालिका ( द्वितीय संशोधन) विधेयक, २०२४
मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , १६६१ को और संशोधित करने हेतु विधेयक .
भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
संक्षिप्त नाम .
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश नगरपालिका ( द्वितीय संशोधन) अधिनियम , २०२४ है .
२. नगरपालिका अधिनियम, १६६१ ( क्रमांक ३७ सन् १६६१) की धारा ४३क में, उपधारा (१ ) में, -
धारा ४३क का संशोधन .
(क) प्रारंभिक पैरा में , शब्द "दो तिहाई " के स्थान पर , शब्द " तीन चौथाई " स्थापित किए जाएं .
(ख) परन्तुक के खण्ड (एक) में , शब्द " दो वर्ष " के स्थान पर , शब्द " तीन वर्ष " स्थापित किए जाएं .
691 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 दिसम्बर 2024
692
३. ( १ ) मध्यप्रदेश नगरपालिका ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश, २०२४ ( क्रमांक ४ सन् २०२४) एतद्वारा , निरसित किया जाता है .
निरसन तथा व्यावृत्ति.
(२) उक्त अध्यादेश के निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन की गई बात या की गई कार्रवाई समझी जाएगी .
उद्देश्यों और कारणों का कथन
१ . नगरपालिका और नगर परिषद् में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का पद बहुत महत्वपूर्ण है. अविश्वास प्रस्ताव के विद्यमान उपबंधों में आवश्यक संशोधन प्रस्तावित हैं , जिससे कि अध्यक्ष या उपाध्यक्ष निष्पक्ष रूप से तथा बिना किसी दवाब के कार्य कर सकें . वर्तमान में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को पद से हटाने का उपबंध मात्र दो तिहाई बहुमत के आधार पर है, किन्तु वर्तमान उपबंध के संशोधन द्वारा अविश्वास प्रस्ताव निर्वाचन पार्षदों के तीन चौथाई मतों के आधार पर पारित किया जाएगा. इसी प्रकार प्रथम अविश्वास प्रस्ताव निर्वाचन के मात्र दो वर्ष पश्चात् लाने का उपबंध है , जिसे बढ़ाकर तीन वर्ष किया जा रहा है. अतएव, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , १६६१ (क्रमांक ३७ सन् १६६१ ) में कतिपय संशोधन किए जाना प्रस्तावित हैं.
२. चूंकि मामला अत्यावश्यक था तथा विधान सभा का सत्र चालू नहीं था , अतएव , मध्यप्रदेश नगरपालिका (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश , २०२४ इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था . अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर , राज्य विधान मण्डल का अधिनियम बिना किसी उपांतरण के लाया जाना प्रस्तावित है.
३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है .
भोपाल :
कैलाश विजयवर्गीय भारसाधक सदस्य.
तारीख : १२ दिसम्बर, २०२४ .
अध्यादेश के संबंध में विवरण
१ .
राज्य सरकार द्वारा नगरपालिका परिषद तथा नगर परिषद के अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए म.प्र . नगर पालिका अधिनियम, १६६१ की धारा ५५ में संशोधन करके साधारण निर्वाचन के पश्चात् धारा ५५ में दिये गये प्रावधान अनुसार पार्षदों द्वारा निर्वाचित किये जाने के लिए प्रथम सम्मेलन में निर्वाचन को प्रावधानित करने के उद्देश्य से अधिनियम में संशोधन किया गया था , जिसके आधार पर वर्ष-२०२२ में नगरपालिका तथा नगर परिषदों के अध्यक्ष का निर्वाचन साधारण निर्वाचन के पश्चात् प्रथम सम्मेलन में किया गया था .
२. नगरपालिका तथा नगर परिषद में अध्यक्ष का पद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. अध्यक्ष को निष्पक्ष एवं बिना दबाव के कार्य करने हेतु अविश्वास संबंधी प्रावधान में दो तिहाई बहुमत के स्थान पर तीन चौथाई बहुमत संबंधी प्रावधान किया जाना आवश्यक था. साथ ही अविश्वास प्रस्ताव को दो वर्ष उपरांत लाये जाने के स्थान पर तीन वर्ष किया जाना भी आवश्यक था.
३. चूँकि मामला अत्यावश्यक था और विधानसभा का सत्र चालू नहीं था . अतः इस प्रयोजन के लिए म.प्र . नगर पालिका ( द्वितीय संशोधन) अध्यादेश २०२४ प्रख्यापित किया गया था.
ए. पी . सिंह
प्रमुख सचिव,
मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2024.