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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024...

Published 01 January 2025

Department
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी
Type
Extraordinary
Gazette no.
01
Identifier
in.gazette.madhya.2025-01-01.01.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

ध्यप्रदेश शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 1 ]

भोपाल, बुधवार, दिनांक 1 जनवरी 2025- पौष 11 , शक 1946

योजना , आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 1 जनवरी 2025

क्र.1 - एफ 4-1-6-0001-2024.- जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम , 1969 (1969 का 18) की धारा 30 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए और इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 307-3757-99-23- आ.सा दिनांक 17 मार्च 2000 को अतिष्ठित करते हुए , केन्द्र सरकार के अनुमोदन के साथ राज्य सरकार, एतद्वारा , निम्नलिखित नियम बनाती है , अर्थात्:-

1 2

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

नियम

1. संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभ.-

(1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम , 2024 है ।

(2) ये मध्यप्रदेश राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे ।

2. परिभाषाएं.- इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -

(क) " अधिनियम" से अभिप्रेत है , जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम , 1969 ( 1969 का सं.18) ;

(ख) " प्ररूप " से अभिप्रेत है, इन नियमों से संलग्न प्ररूप ;

(ग) " धारा " से अभिप्रेत है , अधिनियम की धारा।

3. गर्भावधि. - अधिनियम की धारा 2 की उप - धारा ( 1 ) के खण्ड (छ) के प्रयोजन के लिए गर्भावधि अटठाइस सप्ताह होगी।

4. धारा 4 (4) के अधीन रिपोर्ट का प्रस्तुत किया जाना. धारा 4 की उप- धारा (4 ) के अधीन रिपोर्ट इन नियमों से संलग्न विहित प्ररूप में तैयार की जाएगी और धारा 19 की उप - धारा (2) में निर्दिष्ट सांख्यिकी रिपोर्ट के साथ मुख्य रजिस्ट्रार द्वारा प्रतिवर्ष उस वर्ष के, जिस वर्ष से रिपोर्ट संबंधित हो, आगामी वर्ष की 31 जुलाई तक , राज्य सरकार को भेजी जाएगी ।

5. जन्म और मृत्यु की सूचना देने के लिए प्ररूप आदि.-

(1 ) जन्म, मृत्यु तथा मृत जन्म के रजिस्ट्रीकरण के लिए, यथास्थिति, धारा 8 या धारा 9 के अधीन रजिस्ट्रार को दी जाने के लिए अपेक्षित जानकारी क्रमशः प्ररूप संख्यांक 1 , 2 और 3 में उल्लिखित होगी । जिसे इसके पश्चात संयुक्त रूप से रिपोर्ट प्ररूप कहा जाएगा । सूचना, यदि मौखिक रूप से दी जाए तो रजिस्ट्रार द्वारा उपयुक्त रिपोर्ट प्ररूपों में प्रविष्टि की जाएगी और सूचनादाता के हस्ताक्षर/ अंगूठे का निशान प्राप्त किया जाएगा।

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जनवरी 2025

2(1)

(2 ) रिपोर्ट प्ररूप का वह भाग , जिसमें विधिक जानकारी है 'विधिक भाग ' कहा जाएगा और सांख्यिकी जानकारी वाला भाग ' सांख्यिकी भाग' कहा जाएगा ।

(3 ): उपरोक्त उप - नियम ( 1 ). में निर्दिष्ट जानकारी जन्म, मृत्यु एवं मृत जन्म की तारीख से इक्कीस दिन के भीतर दी जाएगी ।

(4) इन नियमों में निर्दिष्ट प्ररूपो में, नाम जहां कही वह आए हों, को [प्रथम नाम] [मध्य नाम] [अंतिम नाम] के प्ररूप में दिया जाएगा और नाम में कोई संक्षेपांक्षर अंतर्विष्ट नहीं होंगे ।

(5) इन नियमों में निर्दिष्ट प्ररूपों में तारीख, जहां कही वह आए हों, को दिन- मास- वर्ष के प्ररूप में 'दी जाएगी , जहां दिन को दो अंकों में, मास को दो अंकों में और वर्ष को चार अंकों में दिया जाएगा ।

(6) इन नियमों में निर्दिष्ट प्ररूपों में पता जहां कहीं भी वह आए हैं राज्य या संघ राज्यक्षेत्र का नाम, जिला, उप - जिला , नगर या गाँव , वार्ड संख्या (नगर की दशा में और यदि उपलब्ध हों) , मोहल्ला, मकान संख्या और पिन कोड , अंतर्विष्ट होगा ।

6. यान में जन्म या मृत्यु.- (1 ) चलते हुए यान में जन्म या मृत्यु होने के संबंध में यान का भार साधक व्यक्ति प्रथम विराम स्थान पर, अधिनियम की धारा 8 की उप - धारा ( 1 ) के अधीन सूचना देगा या दिलवाएगा ।

स्पष्टीकरण: - इस नियम के प्रयोजन के लिए शब्द ' यान ' से अभिप्रेत है, किसी भी प्रकार का ऐसा वाहन जिसका उपयोग भूमि, वायु या जल पर किया जाता हो तथा उसमें ऐसा कोई वायुयान , नौका, जहाज, रेल का डिब्बा, मोटर कार, मोटर साइकिल , गाड़ी, तांगा और रिक्शा सम्मिलित है ।

(2) मृत्यु की दशा में ( धारा 8 की उप- धारा ( 1 ) के खण्ड (क) से (ड. ) तक के अधीन नहीं आते हों) जिनमें मृत्यु की समीक्षा की गई हो, तो ऐसा अधिकारी, जो मृत्यु की समीक्षा करता है धारा 8 की उप-धारा ( 1 ) के अधीन जानकारी देगा या दिलवाएगा ।

7. धारा 10 (2) एवं (3 ) के अधीन प्रमाण- पत्र का प्ररूप. धारा 10 की उप - धारा (2) और उप - धारा (3 ) के अधीन अपेक्षित मृत्यु के कारण का प्रमाण - पत्र, जिसके अन्तर्गत बीमारी का वृतांत यदि कोई हो, क्रमशः प्ररूप संख्यांक 4 और 4क में जारी किया जाएगा और रजिस्ट्रार, मृत्यु रजिस्टर में आवश्यक प्रविष्टियां करने के बाद ऐसे समस्त प्रमाण- पत्र मुख्य रजिस्ट्रार अथवा इस निमित्त में उसके द्वारा विनिर्दिष्ट अधिकारी को उस माह के, जिससे कि वे प्रमाण-पत्र सम्बन्धित हैं ठीक आने वाले माह की 10 तारीख तक भेजेगा ।

8. धारा 12 के अधीन जन्म या मृत्यु रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र का दिया जाना.- (1 ) सूचनादाता को, धारा 12 के अधीन जन्म या मृत्यु से सबंधित रजिस्टर से दी जाने वाली प्रविष्टियों के उद्धृत जन्म या मृत्यु प्रमाण - पत्र , इलेक्ट्रॉनिक रूप से या अन्यथा, यथास्थिति , प्ररूप संख्यांक 5 या 6 में होंगे ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(2)

(2) धारा 8 की उप - धारा ( 1 ) के, खंड (क) , ( कक) , (कख) और (कग) में निर्दिष्ट, यथास्थिति, जन्म और मृत्यु के निवासीय घटनाओं की दशा में , जो सीधे जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार को रिपोर्ट की जाती है, यथास्थिति, घर या गृहस्थी के मुखिया, या उसकी अनुपस्थिति में , घर में उपस्थित मुखिया का निकटतम नातेदार या उसकी अनुपस्थिति में उपस्थित सबसे बड़ा वयस्क व्यक्ति, दत्तक ग्रहण करने वाले माता - पिता, माता- पिता और जैविक माता- पिता, रिपोर्ट किए जाने के तीस दिन के भीतर रजिस्ट्रार से इलेक्ट्रॉनिक रूप से या अन्यथा, जन्म या मृत्यु का प्रमाण - पत्र प्राप्त कर सकेंगे ।

(3 ) धारा 8 की उप - धारा ( 1 ) के खण्ड (क) में निर्दिष्ट घर पर होने वाले जन्म और मृत्यु की घटनाओं के मामले में, जिनके सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा उक्त धारा की उप- धारा (2 ) के अधीन विनिर्दिष्ट व्यक्तियों द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी हो , ऐसा विनिर्दिष्ट व्यक्ति , रजिस्ट्रार , जन्म और मृत्यु से प्राप्त इलेक्ट्रोनिक रूप से या अन्यथा प्रमाण - पत्र, यथास्थिति, सम्बंधित घर या गृहस्थी के मुखिया या उसकी अनुपस्थिति में घर में मौजूद घर के मुखिया के निकटतम नातेदार या उसकी अनुपस्थिति में उपस्थित सबसे बड़ा वयस्क व्यक्ति को, रजिस्ट्रार द्वारा इसके जारी होने के तीस दिन के भीतर भेज देगा ।

(4) धारा 8 की उप - धारा ( 1 ) के खंड (ख) से (ड. ) और (घ क) , (घ ख) और (घ ग) में निर्दिष्ट संस्थागत, यथास्थिति, जन्म और मृत्यु की घटनाओं के मामले में, नवजात या मृतक का निकटतम नातेदार, सम्बन्धित संस्था के अधिकारी या प्रभारी व्यक्ति से प्रमाण - पत्र, जन्म या मृत्यु की घटना घटित होने के तीस दिनों के भीतर इलेक्ट्रोनिक रूप से या अन्यथा अभिप्राप्त कर सकेगा ।

(5) यदि उप- नियम ( 2) से (4) में यथा निर्दिष्ट सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा , उनमें दी गई कालावधि के भीतर जन्म या मृत्यु का प्रमाण - पत्र प्राप्त नहीं किया गया है तो रजिस्ट्रार या सम्बन्धित संस्था का अधिकारी या प्रभारी व्यक्ति, जैसा कि उप- नियम (4) में निर्दिष्ट किया गया, उपरोक्त कालावधि समाप्त होने के पंद्रह दिनों के भीतर उसे सम्बन्धित परिवार को डाक से भेज देगा ।

9. विलंबित रजिस्ट्रीकरण के लिए प्राधिकारी तथा उसके लिए देय फीस.-

( 1 ) ऐसे किसी भी जन्म या मृत्यु का रजिस्ट्रीकरण, जिसकी जानकारी, नियम 5 में विनिर्दिष्ट कालावधि के अवसान के पश्चात्, किन्तु इसके घटित होने के तीस दिनों के भीतर रजिस्ट्रार को दी गई हो, बीस रुपए की विलम्ब फीस का भुगतान करने पर किया जा सकेगा।

(2) " जिस जन्म या मृत्यु की विलम्बित सूचना होने के तीस दिन के पश्चात , किन्तु एक वर्ष के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाए , वह केवल जिला रजिस्ट्रार या इस निमित्त विहित अधिकारी की लिखित अनुज्ञा के साथ और पचास रुपए की विलंब फीस के संदाय पर तथा प्ररूप संख्यांक 14 में स्व- अनुप्रमाणित दस्तावेज को इलैक्ट्रोनिक रूप से या अन्यथा प्रस्तुत करने पर रजिस्ट्रीकृत की जाएगी ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(3)

(3) जिस जन्म या मृत्यु की विलम्बित जानकारी होने के एक वर्ष बाद रजिस्ट्रार को दी जाती है । वह, उस क्षेत्र में जिस स्थान पर जन्म या मृत्यु हुई है , अधिकारिता रखने वाले केवल जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा किए गए आदेश पर एक सौ रुपए की विलंब फीस के संदाय पर रजिस्ट्रीकृत की जाएगी ।

10. धारा 14 के प्रयोजन के लिए कालावधि.-

( 1 ) जहां किसी शिशु के जन्म का रजिस्ट्रीकरण बिना नाम के किया गया हो वहां ऐसे शिशु के माता पिता या संरक्षक रजिस्ट्रार को शिशु के नाम के संबंध में मौखिक या लिखित सूचना शिशु के जन्म के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से 12 माह के भीतर देगा:

परंतु यदि ऐसी कोई सूचना 12 माह के पश्चात् दी जाती हो तो उसकी गणना निम्नरूप मेंकी जाएगी: -

(एक) (क) ऐसे मामले में जहां पंजीकरण मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 1999 (जो इसमें इसके पश्चात् मूल नियम के नाम से निर्दिष्ट है) के लागू होने की तारीख से पूर्व किया गया हो , इस नियम के लागू होने की तारीख से और पांच साल की अवधिदी जाएगी; या

(ख) ऐसे मामले में जहां पंजीकरण मूल नियम के लागू होने की तारीख के बाद किया गया हो और पंजीकरण की तारीख से 15 साल की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है, उन्हें भी इस नियम के लागू होने की तारीख से 5 साल की अवधि दी जाएगी । उन मामलों में, जहां पंजीकरण की तारीख से 15 साल की अवधि अभी तक समाप्त नहीं हुई है , उन्हें 15 साल की अवधि का लाभ उठाने के लिए अनुमति दी जाएगी । या

(दो) ऐसे मामले में जहां पंजीकरण इस निमय के लागू होने की तारीख के बाद किया गया हो, वहां रजिस्ट्रीकरण की तारीख से 15 साल की अवधि, वशर्ते कि धारा 23 की उपधारा (4) के उपबंधों के अध्यधीन, रजिस्ट्रार करेगा--

(क) यदि रजिस्टर उनके कब्जे में हो तो 5/- रुपए (पांच रुपए) विलम्ब फीस के भुगतान पर संबंधित जन्म रजिस्टर के संबद्ध फार्म के सुसंगत स्तम्भ में नाम दर्ज करेगा ।

(ख) यदि रजिस्टर उनके कब्जे में नहीं हो और यदि सूचना मौखिक रुप में दी गई हो तो आवश्यक विशिष्टियां देते हुए एक रिपोर्ट देगा और यदि सूचना लिखित रुप में दी गई हो तो उसे 5/- रुपए ( पांच रुपए) विलम्ब फीस के भुगतान पर आवश्यक प्रविष्टि करने के लिए राज्य सरकार द्वारा इस निमित विनिर्दिष्ट पदाधिकारी को अग्रेषित कर देगा।

(2) यथास्थिति माता- पिता या अभिभावक भी धारा 12 के अधीन उसे दी गई उद्धरण की प्रतिलिपि या धारा 17 के अधीन जारी किया गया प्रमाणित उद्धरण रजिस्ट्रार को प्रस्तुत करेगा और ऐसे प्रस्तुतीकरण पर रजिस्ट्रार, बालक के नाम के सम्बन्ध में आवश्यक पृष्ठांकन करेगा या उपनियम ( 1 ) के परन्तुक के खण्ड (ख) में अधिकथित किए गए अनुसार कार्रवाई करेगा ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(4)

11. जन्म और मृत्यु रजिस्टर में दी गई प्रविष्टि में शुद्धि या उसका रद्दकरण.-

(1 ) यदि रजिस्ट्रार को यह रिपोर्ट की जाती है, कि रजिस्टर में कोई लिपिकीय अथवा औपचारिक त्रुटि की गई है या यदि ऐसी त्रुटि अन्यथा उसकी जानकारी में है और यदि रजिस्टर उसके कब्जे में है, तो रजिस्ट्रार, मामले की जांच करेगा तथा यदि उसका इस बात से समाधान हो जाए कि ऐसी कोई त्रुटि की गई है , तो वह अधिनियम की धारा 15 में उपबंधित किए गए अनुसार उस त्रुटि को (प्रविष्टि को शुद्ध करते हुए या रद्द करते हुए) शुद्ध करेगा और वह त्रुटि और यह बात दर्शाते हुए कि उसे किस प्रकार शुद्ध किया गया है , प्रविष्टि का प्रमाण - पत्र राज्य सरकार या उसके द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट अधिकारी को भेजेगा ।

(2) उप -नियम (1 ) में निर्दिष्ट मामले में, यदि रजिस्टर उसके कब्जे में न हो, तो रजिस्ट्रार, राज्य सरकार या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी को रिपोर्ट करेगा तथा सुसंगत रजिस्टर मंगवाएगा एवं मामले की जाँच करने के पश्चात् यदि उसका इस बात से समाधान हो जाता है कि ऐसी कोई त्रुटि हुई है , तो आवश्यक शुद्धि करेगा ।

(3) उप -नियम (2) में यथा उल्लिखित ऐसी कोई शुद्धि, रजिस्ट्रार से रजिस्टर प्राप्त होने पर, राज्य सरकार या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित की जाएगी ।

(4) यदि कोई व्यक्ति इस बात पर जोर देता है कि जन्म और मृत्यु के रजिस्टर में की गई कोई प्रविष्टि सारतः गलत है , तो रजिस्ट्रार , उस व्यक्ति द्वारा एक ऐसी घोषणा प्रस्तुत की जाने पर , जिसमें त्रुटि का स्वरूप दर्शाया गया हो और मामले के तथ्यों की जानकारी रखने वाले दो विश्वसनीय व्यक्तियों द्वारा मामले के सही तथ्य बताए गए हों , धारा 15 के अधीन विहित रीति में प्रविष्टि में शुद्धि कर सकेगा ।

(5) उप-नियम (1 ) तथा उप -नियम (4) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी रजिस्ट्रार आवश्यक ब्यौरों सहित , उसमें निर्दिष्ट प्रकार की कोई शुद्धि की जाने की रिपोर्ट राज्य सरकार या इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी को देगा ।

( 6 ) यदि रजिस्ट्रार के समाधान प्रदरूप में यह सिद्ध हो जाए कि जन्म और मृत्यु के रजिस्टर में की गई कोई प्रविष्टि कपटपूर्ण रूप से या अनुचित रूप से की गई है , तो वह उसकी रिपोर्ट आवश्यक ब्यौरों सहित मुख्य रजिस्ट्रार द्वारा धारा 25 के अधीन इस संबंध में सामान्य या विशेष आदेश द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को करेगा और उससे कोई सूचना प्राप्त होने पर उस मामले में आवश्यक कार्यवाई करेगा।

(7) ऐसे प्रत्येक मामले में, जिसमें इस नियम के अधीन कोई प्रविष्टि शुद्ध या रद्द की गई हो तो तत्सम्बन्धी सूचना उस व्यक्ति के स्थायी पते पर भेजी जाएगी , जिसने अधिनियम की धारा 8 या धारा 9 के अधीन जानकारी दी है ।

12. धारा 16 के अधीन रजिस्टर का प्ररूप. प्ररूप संख्यांक 1 एवं 1 क का विधिक भाग जन्म रजिस्टर, तथा प्ररूप संख्यांक 2 एवं 3 का विधिक भाग , क्रमशः मृत्यु रजिस्टर और मृत जन्म रजिस्टर ( प्ररूप संख्यांक 7,8 एवं 9 ) का रूप ले लेंगे ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(5)

13. धारा 17 के अधीन देय फीस तथा डाक प्रभार. ( 1 ) धारा 17 के अधीन जारी किए जाने वाले इलैक्ट्रोनिक रूप से या अन्यथा तलाशी करने जन्म या मृत्यु प्रमाण- पत्र या अप्राप्यता प्रमाण -पत्र के लिए देय फीस निम्नानुसार होगी: -

रूपए

20.00

(

क) प्रथम वर्ष में एकल प्रविष्टि, जिसके लिए तलाशी की गई है

20.00

(ख) प्रत्येक अतिरिक्त वर्ष के लिए , जिसके लिए तलाशी जारी हो

50.00

(ग

) प्रत्येक जन्म या मृत्यु से संबंधित प्रमाण-पत्र देनेके लिए

20.00

(घ) जन्म या मृत्यु का अप्राप्यता प्रमाण- पत्र देने के लिए

(2) जन्म या मृत्यु के संबंध में अधिनियम की धारा 17 के अधीन जन्म या मृत्यु से संबंधित रजिस्टर से उद्धरण के आधार पर ऐसा कोई प्रमाण - पत्र रजिस्ट्रार या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा यथास्थिति प्ररूप 5 या 6 में जारी किया जाएगा और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (2023 का 47) की धारा 75 में उपबंधित रीति में प्रमाणित किया जाएगा ।

( 3 ) यदि जन्म और मृत्यु की कोई विशिष्ट घटना रजिस्ट्रीकृत न पाई जाए , तो रजिस्ट्रार , प्ररूप संख्यांक 10 में अप्राप्यता प्रमाण- पत्र जारी करेगा ।

(4) ऐसा कोई प्रमाण- पत्र या अप्राप्यता प्रमाण- पत्र, उसकी मांग करने वाले व्यक्ति को दिया जा सकेगा या उसके डाक प्रभारों का भुगतान किए जाने पर उसे डाक द्वारा भेजा जा सकेगा।

14. धारा 19 ( 1 ) के अधीन अन्तराल तथा कालिक विवरणियों के प्ररूप.-

( 1 ) प्रत्येक रजिस्ट्रार , रजिस्ट्रीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात् प्रत्येक मास से संबंधित रिपोर्ट प्ररूपों के सांख्यिकी भागों को जन्म के लिए प्ररूप संख्यांक 11 में , मृत्यु के लिए प्ररूप संख्यांक 12में एवं मृत - जन्म के लिए प्ररूप संख्यांक 13 में संक्षिप्त मासिक रिपोर्ट के साथ , मुख्य रजिस्ट्रार या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को आगामी मास की 5 तारीख को या उससे पूर्व भेजेगा।

(2 ) ऐसा प्राधिकृत अधिकारी उसके द्वारा प्राप्त किए गए रिपोर्ट प्ररूपों के समस्त सांख्यिकी भागों को मुख्य रजिस्ट्रार को उस मास की 10 तारीख तक न कि उसके पश्चात् अग्रेषित करेगा ।

15. धारा 19 (2 ) के अधीन सांख्यिकीय रिपोर्ट.- धारा 19 की उप - धारा (2 ) के अधीन सांख्यिकी रिपोर्ट में इन नियमों से संलग्न विहित प्ररूपों में सारणी अंतर्विष्ट होगी और उसे प्रत्येक वर्ष के लिए उस वर्ष के ठीक आगामी वर्ष की 31 जुलाई के पूर्व संकलित किया जाएगा और उसके पश्चात उसे यथाशक्य शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा, किन्तु किसी भी दशा में उस तारीख से पांच माह में न क़ि उसके पश्चात किया जाएगा।

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जनवरी 2025

2(6)

16. अपराधों के प्रशमन के लिए शर्तें. - (1 ) अधिनियम की धारा 23 के अधीन दण्डनीय कोई भी अपराध, इस अधिनियम के अधीन दाण्डिक कार्यवाही संस्थित होने के पूर्व या उसके पश्चात, किसी ऐसे प्राधिकृत अधिकारी द्वारा प्रशमित किया जा सकेगा, जिसे इस निमित्त में मुख्य रजिस्ट्रार द्वारा सामान्य या विशेष आदेश द्वारा प्राधिकृत किया गया हो, यदि इस प्रकार प्राधिकृत अधिकारी का इस बात से समाधान हो जाए, कि अपराध असावधानी से या भूल से पहली बार हो गया था ।

(2) ऐसे कोई अपराध ऐसी राशि के संदाय पर जो अधिनियम की धारा 23 की उप- धारा ( 1 ) , ( 2 ) और (4) के अधीन अपराधों के लिए दो सौ पचास रुपए, उप - धारा ( 3 ) के अधीन अपराधों के लिए पचास रुपए तथा उप- धारा ( 1 क) और (4 क) के अधीन प्रत्येक जन्म या मृत्यु के संबंध में अपराधों के लिए एक हजार रुपए से अनधिक होगी , प्रशमन किया जा सकेगा, जैसा उक्त अधिकारी ठीक समझे ।

16-क. अपील. - धारा 25 (क) की उप - धारा ( 1 ) के अधीन अपील प्ररूप संख्यांक 15 में प्रस्तुत की जाएगी ।

17. धारा 30 की उप- धारा (2) के खण्ड (ट) के अधीन रजिस्टर तथा अन्य अभिलेख.-

(1 ) जन्म- रजिस्टर , मृत्यु रजिस्टर एवं मृत- जन्म- रजिस्टर स्थायी महत्व के अभिलेख हैं तथा उन्हें नष्ट नहीं किया जाएगा ।

(2) रजिस्ट्रार द्वारा प्राप्त अधिनियम की धारा 13 की उप - धारा (2 ) के अधीन अनुदत्त अनुज्ञा तथा उक्त धारा की उप - धारा (3 ) के अधीन विलंबित रजिस्ट्रीकरण के लिए जारी आदेश, जन्म रजिस्टर, मृत्यु रजिस्टर और मृत जन्म रजिस्टर के अभिन्न अंग होंगे तथा उन्हें नष्ट नहीं किया जाएगा ।

(3 ) अधिनियम की धारा 10 की उप - धारा (2 ) और उप- धारा ( 3 ) के अधीन तैयार किया गया मृत्यु के कारण का प्रमाण-पत्र, मुख्य रजिस्ट्रार या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी द्वारा कम से कम 5 वर्ष की कालावधि के लिए प्रतिधारित किया जाएगा ।

(4) रजिस्ट्रार द्वारा जन्म रजिस्टर, मृत्यु रजिस्टर और मृत जन्म रजिस्टर अपने कार्यालय में उस कलेन्डर वर्ष, जिससे वह संबंधित है , के समाप्त होने के पश्चात् बारह मास की कालावधि तक प्रतिधारित किए जाएंगे और तत्पश्चात राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में प्राधिकृत अधिकारी को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए अंतरित किए जाएंगे ।

18. निरसन तथा व्यावृत्ति.- मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 1999 को इन नियमों के अधीन आने वाले मामलों के संबंध में एतद्द्वारा निरस्त किए जाते हैं:

परन्तु इस प्रकार निरसित किए गए नियमों के अधीन किए गए किसी आदेश या की गई किसी कार्रवाई के बारे में यह समझा जाएगा, कि वह आदेश या कार्रवाई इन नियमों के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन किया गया है या की गई है।

2(7)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जनवरी 2025

अधिनियम के कार्यकरण पर रिपोर्ट का प्ररूप

(नियम 4 देखिए)

1. राज्य, उसकी सीमाओं तथा राजस्व जिलों का संक्षिप्त विवरण ।

2. प्रशासनिक क्षेत्रों में परिवर्तन ।

3. क्षेत्रों में अंतर के विषय में स्पष्टीकरण।

4. रजिस्ट्रीकरण क्षेत्र - विस्तार में परिवर्तन ।

5. विभिन्न स्तरों पर रजिस्ट्रीकरण तंत्र की प्रशासनिक रचना ।

6. इस अधिनियम के प्रति जनता की सामान्य प्रतिक्रिया ।

7. जन्म तथा मृत्यु की अधिसूचना ।

8. मृत्यु के कारण की चिकित्सीय प्रमाणन में प्रगति।

9. अभिलेखों का बनाए रखा जाना ।

10. प्रमाण- पत्र जारी करने के लिए जन्म तथा मृत्यु रजिस्टर की तलाशी ।

11. विलम्ब से किए गए रजिस्ट्रीकरण।

12. अभियोजन तथा अपराधों का प्रशमन ।

13. अधिनियम के क्रियान्वयन में सम्मुख आई कठिनाईयां ।

(एक) प्रशासनिक

(दो) अन्य

14. अधिनियम के अधीन जारी किए गए आदेश तथा अनुदेश ।

15. सामान्य टिप्पणियां ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(8)

प्ररुपसं . 1 (नियम 5 देखे)

जन्म सुवना विधिक सूचना

(निर्देशोंके लिए पिछला भाग देखों

जन्मपंचिका में जुड़ेगा

सूचना देने वाले द्वारा भरा जाएगा ।

नम्रदिनांक:

लिंग "पुरुष" या "महिला" या "ट्रांसजेंडर व्यक्ति दर्ज करें' ) : 2.

बच्चे का विवरण (यदि नाम नहींहै तो खाती छोड़ दें):

(क) नाम, यदिकोई होः

(ख) आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो):

पिताकाविवरण: -

4. (क)

(ख) आधार संख्या ( पदि उपत्तब्ध हो):

W मोबाइल नंबरः ईमेल आईडी:

माता का विवरण: -

(ক)

(ত) आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो]:

मोबाइल नंबरः

ईमेल आईडी:

6. बच्चे के जन्म के समय माता- पिता का पताः मकान संख्या

परिसर वार्ड संख्या (शहर के मामले में और मदि उपतब्ध हो):

जिला:

तहसील:

शहर या गांवः

पिनकोड:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

माता-पिता का स्थायी पताः मकान संख्या:

वार्ड संख्या (शहरके मामले में और यदि उपलब्धहो): परिसर

जिताः

तहसीलः

शहर या गांवः

पिनकोड:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

प्ररुप से 1 (नियम 5 देखें)

जन्म सूचना

सांख्यिकी सूचना

(निर्देशोंके लिए पिछला भाग देखें] इसेअलग कर के सांख्यिकी प्रसंस्करण के लिए भेजा जाए

सूचना देने वाले द्वारा भरा जाएगा ।

10. माता के निवास का बाहर या गांव (वह स्थान जहां मां आमतौर पर रहती है । यह उस स्थान से भिन्न हो सकता है जहां प्रसव हुआ था। उचित प्रविष्टि शहर या "गांव पर निशान लगाएं और उसका नाम लिखे) शहर या गांव: तहसील

जिता राज्य या केंद्र शासित प्रदेश पिनकोड:

11. धर्मके लिए (उचित धर्म दर्ज करें 'हिन्दू या मुस्लिम पा 'ईसाई या "सिख या बौद्ध या "जैन' दर्ज करें या अन्य ( कृपया निर्दिष्ट करें।

(क) पिता का धर्मः माता का धर्मः

(ख)

पिता की शिक्षा का स्तर

12.

13. माता की शिक्षा का स्तरः

14. पिता का व्यवसाय :

15. माता का व्यवसायः

16.

माता की आयु विवाह के समय (पूर्ण (पूर्ण वर्षों में) ( यदि एक से अधिक बार विवाह हुआ हो, तो पहली विवाह की आयु लिखी जानी चाहिए।

माता की आयु इस प्रसूति के समय (पूर्ण वर्षों में ) :

17.

18.

इस बच्चे सहित अब तक माँ से जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या (जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या में पहले विवाह से जन्मे बच्चे भी शामिल हैं, यदि कोई हो):

19. प्रसवकिस तत्वाधान में संपन्न हुआ (सही कानिशान लगाएं)

संस्थागत-सरकारी

इसेअलगकरकेसांख्यिकीप्रसंस्करणकेलिएभेजाजाए

संस्थागत- निजी अथवा गैर सरकारी

जन्मस्थान (नीचे उपयुक्त प्रविष्टि 1 या 2 या 3 पर निशान लगाएं और " अस्पताल / संस्थान का नाम और पता या "घर" या

'अन्यस्थान" का पता दें जहां जन्म हुआ था):

1.अस्पताल/संस्था नाम:

3.अन्य स्थान पता: मकान संख्या:

2.घर वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो): परिसरः

जिला: तहसील:

शहर पा गांव: पिनकोड:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

9. सूबनादाता का विवरण

'नामः

(क)

(অ) आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो):

(ग) मोबाइलनंबरः

ईमेलआईडी:

(घ)

पता :मकान संख्या:

परिसरः

शहर या गांव

तहसील वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):" तहसील:

पिनकोड राज्य या केंद्र शासित प्रदेश.

1. 2. 3. 4.

डॉक्टर , नर्स या प्रशिक्षित दाई पारंपरिक जन्म परिचारक (दाई)

5. रिश्तेदार या अन्य

20. प्रसव प्रक्रिया: (सही का निशान लगाएं)

1.

2.

प्राकृतिक शल्यक्रिया (ऑपरेशन )

उपकरण द्वारा (फोरसेप/वैक्यूम)

21. जन्मके समप वजन (कितो में) (पदि ज्ञात हो)

22. गर्भावस्थाकी अवधि (हफ़्तों में):

घोषणाः मैंने अपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य जानकारी प्रदान की है । मैं गलत जानकारी प्रस्तुत करने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 23 के तहत दंड के बारे में जानता हूं । इसके अलावा, मैं आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार (वित्तीय और अन्य सब्मिाठी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 के तहत सहमति देता हूं ।

(सभी कॉलम 1 से 22 तक पूरा करने के बाद, सूचना देने वाला तारीख और हस्ताक्षर डालेगा।

दिनांक:

(एकसेअधिकजन्मकेमामलेमें, प्रत्येक बच्चे के लिए एक अलग फॉर्म भरे और बाईं ओर नीचे दिए गए बॉक्स में टिप्पणी कॉलम में, जैसा भी मामला हो. जुड़वां जन्म या तीन जन्म आदि लिखें ।।

(भरे जाने वाले कॉलम समाप्त हो गए हैं कृपया बाईं ओर हस्ताक्षर

सूचना देने वाले के हस्ताक्षर या बाएं हाथ के अंगूठेका निशान

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जाना है

रजिस्ट्रीकरण संख्या:

रजिस्ट्रीकरण दिनांक

DD

रजिस्ट्रीकरण इकाई:

शहर / गाँव:

तहसील:

जिला:

टिप्पणी (यदिकोई हो):

रजिस्ट्रार का नाम और हस्ताक्षर

करें)

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जाना है

कोड संख्या

नाम

जिता

तहसीत

रजिस्ट्रीकरण इकाई:

रजिस्ट्रीकरण संख्या:

रजिस्ट्रीकरण दिनांक:

जन्मदिनांक:

लिंग: पुरुष/महिला ट्रांसजेंडर व्यक्ति

जन्मस्थानः 1 अस्पताल/संस्थान 2. घर 3. अन्य स्थान

रजिस्ट्रारका नाम और हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(9)

प्ररूप 1 : जन्म रिपोर्ट भरने के निर्देश

मद संख्या.

1

निर्देश

तारीख , जहां भी हो, DD - MM-YYYY में अंकित की जानी है, जहां DD दो अंकों में तारीख है , MM दो अंकों में महीना है और YYYY चार अंकों में वर्ष है। जहाँ भी तारीख शब्दों में लिखी हो उसे पूरा लिखा जाना चाहिए जैसे 01-01-2023 को एक जनवरी दो हजार तेईस लिखा जाएगा । तारीखें और अन्य संख्यात्मक प्रविष्टियाँ रिकॉर्ड करने के लिए केवल 'अरबी अंकों' जैसे 0,1,2,3,4,5,6,7,8,9 का उपयोग करें।

2 "पुरुष" या "महिला " या "ट्रांसजेंडर व्यक्ति " दर्ज करें । संक्षिप्तीकरण का प्रयोग न करें,

नाम , जहां कहीं भी हो, [ प्रथम नाम] [ मध्य नाम] [अंतिम नाम] के प्रारूप में अंकित किया जाना है, जहां पूरा नाम (संक्षिप्त नाम 3,4,5,9

नहीं) बड़े अक्षरों में लिखा जाना है और पहला नाम अनिवार्य है। [ प्रथम नाम ] या [मध्य नाम] या [अंतिम नाम] में कम से कम दो अक्षर होने चाहिए। यदि बच्चे का नाम नहीं है तो खाली छोड़ दें।

बच्चे के नाम के बिना भी जन्म का पंजीकरण कराया जा सकता है। हालाँकि, पंजीकरण के 24 महीने के भीतर बच्चे का नाम

निःशुल्क डाला जा सकता है ( राज्य नियमों के नियम 10 देखें ) ।

6,7,8,9 पता, जहां भी हो, उसमें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश, जिला , उप - जिला , शहर या गांव, वार्ड नंबर (शहर के मामले में और यदि

उपलब्ध हो) , इलाके, घर का नंबर और पिन कोड का नाम शामिल होगा।

8 जन्म स्थान के लिए उपयुक्त प्रविष्टि पर निशान लगाएं 1. अस्पताल/संस्था

2. घर

3. अन्यस्थान

" अस्पताल/संस्था " का नाम और पता या "घर " या ' अन्य स्थान " का पता दें जहां जन्म हुआ हो ।

10 माता के निवास का शहर या गाँवः वह स्थान जहाँ माता आमतौर पर रहती है । यह उस स्थान से भिन्न हो सकता है जहां डिलीवरी हुई थी । घर का पता दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है।

12,13 शिक्षा का स्तर- निम्नलिखित में से एक लिखें-

11.कक्षा 10

6. कक्षा 5

1. पूर्वप्राथमिक

2. कक्षा 1

7. कक्षा 6 12.कक्षा 11

13. कक्षा 12 3. कक्षा 2 8. कक्षा 7

9. कक्षा 8 14.आईटीआई 4. कक्षा 3

16.स्रातक

21. औपचारिक शिक्षा के बिना साक्षर

22.निरक्षर

17. पीजीडिप्लोमा

18. मास्टर/ पोस्टग्रेजुएट

19. एम.फिल

10. कक्षा 9

5. कक्षा 4

डिप्लोमा/प्रमाणपत्र 20. डॉक्टरेट एवं उससे ऊपर

15. (शिक्षा का पूरा स्तर दर्ज करें , उदाहरण के लिए यदि सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की है , लेकिन केवल छठी कक्षा उत्तीर्ण की है, तो छठी कक्षा लिखें)

14,15 व्यवसाय - निम्नलिखित में से कोई एक लिखें-

1. कृषक

2. खेतिहर मजदूर

3. दैनिक वेतन भोगी ( कृषि मजदूर के अलावा) 4. एकल/पारिवारिक श्रमिक/स्वरोजगार 5. नियोक्ता

6. सरकारी कर्मचारी

7. निजी कर्मचारी (घरेलू सहायक के अलावा ) 8. घरेलू सहायक

9. गैर- कर्मचारी

नोटः सूचना देने वाले को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जन्म रिपोर्ट फॉर्म में कोई भी मद जहां तक संभव हो खाली न छोड़ा जाए ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(10)

प्ररूप सं . 1- क(विधिक सूचना) (नियम 5 देखें) गोदलिए गए बच्चे की जन्मरिपोर्ट [निर्देशोंके लिए पिछला भागदेखो

यह भाग जन्म रजिस्टर मेंजोड़ा जाएगा

सूचना देने वाले द्वारा भरा जाएगा ।

1".

जन्मदिनांक:

2". लिंग (" पुरुष" या "महिला" या "ट्रांसजेंडर व्यक्ति दर्ज करें ):

3. बच्चे का विवरण (पदि गोद लेने पर नाम बदला जाता है तो नया नामलिखें):-

(ক) नाम, यदि कोई हो: (ষ)

आधार संख्या ( पदि उपलब्ध हो)

4°. माताकाविवरण: -

(ক)

नामः

(অ)

आधार संख्या ( यदि उपलब्ध हो):

(ग)

(미)

मोबाइल नंबरः ईमेलआईडी:

पिताकाविवरण: -

5".

(क) नाम: ১০ ম নান

(ख) आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो):

(ग) मोबाइल नंबरः ईमेलआईडी:

(ঘ)

6. दत्तक ग्रहण विलेख । आदेश का विवरण:-

DOMMYYYY (क) दिनांक: दत्तक ग्रहण विलेख/आदेश की संख्याः

(ख)

7. दत्तक मात्ता का विवरण:-

(क) इतिम नाम (3)

आधार संख्या (यदि उपत्तब्ध हो :

(ग) मोबाइल नंबरः (घ)

8.

ईमेलआईडी दत्तकपिता का विवरण:-

(ক)

नामः प्रथमनाम अंतिम नाम

(ख)

आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो) :

(ग)

(घ)

मोबाइल नंबरः ईमेलआईडी:

दत्तक माता-पिता का पता , जैसा कि दत्तक विलेख/आदेशमेदर्जहैः मकान नंबरः 9.

परिसरः

वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

तहसीसः

शहर या गांवः राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

जिला पिनकोड: परिसरः

दत्तक माता-पिता का स्थायी पताः मकान नंः

वार्ड संखरा (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो) :

10.

तहसीतः

सहर या गांव: राज्य पाकेंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

प्ररूप सं . 1 -क सांख्यिकी जानकारी (नियम 5 वेजेो गोद लिए गए बच्चे की जन्म रिपोर्ट निर्देशों के लिए पिछता

देखणे इस हिस्से कोअलग करके सांख्यिकी प्रसंस्करण के लिए भेजा जाएगा

सूचना देने वाले द्वारा भरा जाएगा ।

14. धर्म के लिए उचित धर्म दर्ज करें "हिन्दू" या मुस्ति या "ईसाई" या "सिख" या "बोद्ध" या "जैन" या "अन्य (कृपयानिर्दिष्ट करें) "]

दत्तक पिता का धर्म:

(क)

(ख) दत्तक माता काधर्म:

15. दसक पिता की शिक्षा का स्तरः

16. दत्तक माता की शिक्षा का स्तरः

17. दत्तक पिता का व्यवसायः

18. दत्तक माता का व्यवसायः

इसेअलगकरकेसांख्यिकीप्रसंस्करणकेलिएभेजाजाए

जन्म स्थानः (नीचे उपयुक्त प्रविष्टि 1 या 2 या 3 पर निम्यान लगाएं और " अस्पताल / संस्थान" का नाम और पता

या "घर" या अन्य स्थान' का पता दें जहां जन्म हुआ था) :

11*. 1.अस्पताल संस्थान नाम: 2.मकाननं

३. अन्य स्थान पता: मकान नं

वार्डसंख्या (शहर के भामले में और यदि उपलब्ध हो): परिमरः तहसीलः जिला:

घाहर या गांव: राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

यदि एजेंसी के माध्यम से गोद लिया जाता है तो दत्तक ग्रहण एजेंसी का पता लिखेंः मकान संख्याः

परिसरः

भाहर या गांव:

वार्ड संख्या ( शहर के मामले मेंऔर यदि उपलब्ध हो) तहसीतः

12.

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

सूचना दाता का विवरणः

नामः म४८ नाम

आधार संख्या ( यदि उपलब्ध हो) :

13.

मोबाइल नंबर: (ক)

ईमेलआईडी:

परिसरः

पता: मकान नं.

(ত)

तहसील:

वार्ड संख्या (बाहर के मामले में और यदि उपतब्ध हो): तहसील:

शहर या गांव:

(ग)

पिनकोड:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेश:

(ম)

"बैसाकि मूल जन्म प्रमाण पत्र में निहित है.

(ঢ)

घोषणाः

मैंने अपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य जानकारी प्रदान की है। मैं गलत जानकारी प्रस्तुत करने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण

अधिनियम, 1969 ( 2023 में संशोधित) की धारा 23 के तहत दंड के बारे में जानता हूं । इसके अलावा, मैंआधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पहचान प्रमाणित करने के लिएआधार ( वित्तीय और अन्य सब्सिडी, ताभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 के तहत सहमति देता हूं । (सभी कॉलम 1 से 18

तक पूरा करने के बाद, सूचना देने वाता तारीख और हस्ताक्षर डालेगा)

सूचना दाता के हस्ताक्षर या बाएं अंगूठे का निशान

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जाना है

रजिस्ट्रीकरण दिनांक

रजिस्ट्रीकरण इकाई

तहसील:

टिप्पणी ( यदि कोई हो)

रजिस्ट्रम का नाम और इভাবে

(भरे जाने वाले कॉलम समाप्त हो गए हैं । अब बाईं ओर हस्ताक्षर करे)

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जाना है

कोड संख्ग

रजिस्ट्रीकरण इकाई रनिस्ट्रीकरण संख्या

रजिस्ट्रीकरण

स्म दिनांक:

आप पर अन्य स्थान

रजिस्ट्रार का नामऔर हसाक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जनवरी 2025

2(11)

प्ररूप 1 (क ) भरने के निर्देशः गोद लिए गए बच्चे के लिए जन्म रिपोर्ट

मद संख्या.

1,6

निर्देश

तारीख, जहां भी हो, DD - MM- YYYY प्रारूप में अंकित की जानी है, जहां DD दो अंकों में तारीख है, MM दो अंकों में महीना है और YYYY चार अंकों में वर्ष है जहां भी तारीख शब्दों में लिखी गई है उसे लिखा जाना चाहिए पूर्ण रूप से उदाहरणार्थ 01-01-2023 को प्रथम जनवरी दो हजार तेईस लिखा जाएगा।

यदि जन्म तिथि अज्ञात है, तो गोद लेने के आदेश या विलेख, जैसा भी मामला हो, में दर्शाई गई जन्म तिथि दर्ज करें। तारीखें और अन्य संख्यात्मक प्रविष्टियाँ रिकॉर्ड करने के लिए केवल ' अरबी अंकों' जैसे 0,1,2,3,4,5,6,7,8,9 का उपयोग करें।

2

" पुरुष" या "महिला" या " ट्रांसजेंडर व्यक्ति" दर्ज करें। संक्षिप्तीकरण का प्रयोग न करें.

3,4,5,7,8,13

नाम , जहां कहीं भी हो , [प्रथम नाम] [ मध्य नाम] [ अंतिम नाम ] के प्रारूप में अंकित किया जाना है , जहां पूरा नाम (संक्षिप्त नाम नहीं) बड़े अक्षरों में लिखा जाना है और पहला नाम अनिवार्य है। [ प्रथम नाम) या [मध्य नाम] या [ अंतिम नाम] में कम से कम दो अक्षर होने चाहिए।

9,10,11,12,13 पता, जहां भी हो , उसमें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश , जिला , उप- जिला , शहर या गांव , वार्ड नंबर ( शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो) , इलाके, घर का नंबर और पिन कोड का नाम शामिल होगा।

15,16

शिक्षा का स्तर - निम्न लिखित में से एक लिखें-

11. कक्षा 10 1. पूर्वप्राथमिक 6. कक्षा 5

2. कक्षा 1 7. कक्षा 6 12. कक्षा 11

3. कक्षा 2 8. कक्षा 7 13. कक्षा 12

4. कक्षा 3 9. कक्षा 8 14.आईटीआई 16.स्रातक

21. औपचारिक शिक्षा के बिनासाक्षर

17. पीजीडिप्लोमा

22. निरक्षर

18. मास्टर/पोस्टग्रेजुएट

19. एम.फिल

5. कक्षा 4 10. कक्षा 9 15.डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट 20. डॉक्टरेट एवं उससे ऊपर

(शिक्षा का पूरा स्तर दर्ज करें, उदाहरण के लिए यदि सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की है , लेकिन केवल छठी कक्षा उत्तीर्ण की है, तोछठी कक्षा लिखें)

17,18 व्यवसाय - निम्नलिखित में से कोई एक लिखें-

1. कृषक

2. खेतिहर मजदूर

3. दैनिक वेतन भोगी (कृषि मजदूर के अलावा)

4. एकल/पारिवारिक श्रमिक/स्वरोजगार

5.नियोक्ता

6. सरकारी कर्मचारी

7. निजी कर्मचारी ( घरेलू सहायक के अलावा)

8. घरेलू सहायक

9. गैर- कर्मचारी

नोटः गोद लिए गए बच्चे के जन्म की घटना की रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार मुखबिर जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम , 1969 (2023 में संशोधित) के अनुसार होगा।

सूचना देने वाले को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गोद लिए गए बच्चे की जन्म रिपोर्ट के फॉर्म में कोई भी आइटम जहां तक संभव हो खाली न छोड़ा जाए ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(12)

प्ररूप से 2(नियम 5 देखें)

मृत्युरिपोर्ट विधिक सूचना

[निर्देशोंके लिए पिछला भाग देख

यह भाग मृत्यु पंजिका में जुड़ेगा

सूचना देने वाले द्वारा भरा जाएगा ।

1. मृत्युकादिनांक:

मृतक की जानकारी:-

2.

नामः

(क)

आधार संख्या (पदि उपलब्ध हो) (অ)

(ग) जन्म तिथि (यदि उपलब्ध हो): DDMMYYYY

उम्र:

(ঘ)

3. लिंग ("पुरुष" या "महिता" या "ट्रांसजेंडर व्यक्ति दर्ज करें ") :

माता की जानकारी: -

नामः

(क)

(অ) आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो) :

मोबाइल नंबरः (ग)

ईमेलआईडी:

() 5. पिताकीजानकारी:-

नामः

(क)

आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो):

(অ)

मोबाइल नंबरः

(ग)

ईमेलआईडी: (四)

(पति/पली) काविवरण:-

6.

(क) नामः কয়ে নাম

(ম) आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो):

जन्मतिथि (यदि उपलब्ध हो।: ODMMYYYY (ग) आयु (पूर्ण वर्षोंमें)): (四)

मोबाइल नंबरः

(ক) ईमेलआईडी:

(च)

7.

मृत्युके समय मृतक का पताः मकान संख्या: परिसरः

वार्ड संख्या (शहर के मामले मेंऔर यदि उपतब्ध हो):

शहर यागांव:

जिला:

तहसील:

पिनकोड:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

8. मृतक का स्थायी पताः मकान संख्याः

परिसरः वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपतब्ध हो):

शहर यागांवः

तहसील:

जिला:

पिनकोड:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

प्ररूप से 2(नियम 5 देखें)

मृत्युरिपोर्ट

सांख्यिकी सूचना

[निर्देशोंकेलिएपिछता भाग देखे)

इस हिस्सेको अलग कर के सांख्यिकी प्रसंस्करण के लिए भेजा जाए

सूचना देने वाले द्वारा भरा जाएगा ।

11.

मृतक के निवास का शहर या गाँव (वह स्थान जहाँ मृतक आगडोर पर रहता था । यह उस स्थान से भिन्न हो सकता है जहाँ मृत्यु हुई थी उपयुक्त प्रविष्टि "शहर" या "गाँव" पर निशान लगाएं और उसका गाय लिखें):

तहसीत

शहर या गांवः

जिला:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेश:

पिनकोड:

12. धर्म ( उचित धर्म दर्ज करें "हिंदू' या "मुस्लिम ' या "ईसाई" या "सिख" या "बौद्ध "जेन" या "अन्य ( कृपया निर्दिष्ट करें) ")

13 . मृतक का व्यवसायः

14 .

मृत्युसे पूर्व प्राप्त चिकित्सा का प्रकार ( नीचे उपयुक्त प्रविष्टि पर निशान लगाएं)

1.

2.

3.

संस्थागत संस्थान के अलावा अन्य चिकित्सा देख भाल कोई चिकित्सा सहायता नहीं

15. क्या मृत्यु का कारण चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित किया गया (नीचे उपयुक्त प्रविष्टि पर निशान लगाएं ): 1.हाँ 2.नहीं

16. बीमारी का नाम या मृत्यु का वास्तविक कारण (सभी मृत्यु के लिए चाहे चिकित्सकीयरूप से प्रमाणित हो या नहीं):

17. यदि यह एक महिला की मृत्यु है , तो क्या मृत्यु गर्भावस्था के दौरान, प्रसव के समय या गर्भावस्था की समाप्ति के 6 सप्ताइ भीतर हुई थी ( नीचे उपयुक्त प्रविष्टि पर निश्धान लगाएं): 1.हाँ 2. नहीं

18. यदि आदतन धूम्रपान करता था तो कितने वर्षोंसे?

19. यदि आदतन किसी भी रूप में तम्बाकू चबाता था तो कितने वर्षों से?

slleletsallselashtakliyebytheallthatlebatetes कियाऔरलिए

20.

यदि आदत्तन किसी भी रूप में सुपारी चबाता था (पान मसःला सहित) तो कितने वर्षों से?

21. यदि शराब पीने का आदी था तो कितने वर्षों से?

9. मृत्युका स्थान (नीचे उचित प्रविष्टि 1 या 2 या 3 पर निशान लगाएं और " अस्पताल / संस्थान" का नाम और पता या

"घर" या अन्य स्थान" का पता दें जहां मृत्यु हुई थी):

1.अस्पताल/संस्था नाम:

2.घर 3. अन्य स्थान पता मकान संख्या: परिसरः वार्ड संख्या (बाहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

शहर या गांव:

तहसीतः

जिताः

पिनकोड:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

10.

सूचनादाता की जानकारी:-

(ক)

भाय नाम (ख) आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो)

(ग) मोबाइल नंबरः

ईमेलआईडी:

(৮) पता: मकान संख्याः

परिसरः शहर या गांव तहसीलः वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो) :

जिला:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

घोषणाः मैने अपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य जानकारी प्रदान की है । मैं गलत जानकारी प्रस्तुत करने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 ( 2023 में संशोधित ) की धारा 23 के तहत दंड के बारे में जानता हूं। इसके अलावा, में आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 के तहत सहमति देता हूं । मेरे संज्ञान एवं सर्वोत्तम जानकारी के अनुसार मृतक के आधार का विवरण उपलब्ध नहीं है।

(सभी कॉलम 1 से 21 को पूरा करने के बाद, सूचना देने वाला दिनांक और हस्ताक्षर डालेगा दिनांक: DDM सूचना देने वाले के हस्ताक्षर पा बाएं अंगूठे का निशान

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जाना है

रजिस्ट्रीकरण संख्खत:

रजिस्ट्रीकरणदिनांक:

रजिस्ट्रीकरण इकाई:

शहर। गौवः

तहसील:

जिला:

यदिकोई टिप्पणी हो):

मृत्यु का कारण (फॉर्म 4/4 ए के अनुसार):

रजिस्ट्रारकानाम और हस्ताक्षर

(भरे जाने वाले कॉलम पूर्ण हो गए हैं । अब बायीं ओर हस्ताक्षर करें)

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जानाहै

कोड

जिता तहसीत

शहर। गाँव

रजिस्ट्रीकरण इकाई

रजिस्ट्रीकरण संख्या

रजिस्ट्रीकरणदिनांक:

मृत्युकादिनांक: D

लिंगः पुरुष/महिला/ ट्रसिजेंडर व्यक्ति

मृतक की उम्र:

मृत्यु का स्थानः 1. अस्पताल/ संस्थान2. घर 3 अन्य स्थान

रजिस्ट्रार का नाम और हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(13)

प्ररूप 2 भरने के निर्देशः मृत्यु रिपोर्ट

मद संख्या।

निर्देश

1 तारीख, जहां भी हो, DD- MM- YYYY प्रारूप में अंकित की जानी है , जहां , DD दो अंकों में तारीख है , MM दो अंकों में महीना है और YYYY चार अंकों में वर्ष है जहां भी तारीख शब्दों में लिखी गई है उसे लिखा जाना चाहिए पूर्ण रूप से उदाहरणार्थ 01-01-2023 को एक जनवरी दो हजार तेईस लिखा जाएगा। तारीखें और अन्य संख्यात्मक प्रविष्टियों रिकॉर्ड करने के लिए केवल 'अरबी अंकों' जैसे 0,1,2,3,4,5,6,7,8,9 का उपयोग करें।

2,4,5,6,10 नाम , जहां कहीं भी हो, [प्रथम नाम] [मध्य नाम] [ अंतिम नाम] के प्रारूप में अंकित किया जाना है , जहां पूरा नाम (संक्षिप्त नाम नहीं) बड़े अक्षरों में लिखा जाना है और पहला नाम अनिवार्य है । [ प्रथम नाम) या [ मध्य नाम] या [अंतिम नाम] में कम से कम दो अक्षर होने चाहिए।

3 "पुरुष" या "महिला" या "ट्रांसजेंडर व्यक्ति" दर्ज करें। संक्षिप्तीकरण का प्रयोग न करें.

2(d) यदि मृतक की आयु एक वर्ष से अधिक थी , तो आयु पूर्ण वर्षों में दें। यदि मृतक की आयु 1 वर्ष से कम थी, तो आयु महीनों में दें, और यदि 1 महीने से कम हो, तो आयु पूर्ण दिनों की संख्या में दें, और यदि एक दिन से कम हो , तो घंटों में दें।

7,8,9,10 पता, जहां भी हो , उसमें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश, जिला , उप - जिला , शहर या गांव, वार्ड नंबर ( शहर के मामले में और यदि उपलब्धहो ) , इलाके, घर का नंबर और पिन कोड का नाम शामिल होगा।

9 मृत्यु के स्थान के लिए उपयुक्त प्रविष्टि पर निशान लगाएं

1. अस्पताल/संस्था

2. घर

3. अन्यस्थान

" अस्पताल/ संस्था " का नाम और पता या " घर" या ' अन्य स्थान " का पता दें जहां मृत्यु हुई हो।

11 मृतक के निवास का शहर या गाँवः वह स्थान जहाँ मृतक आमतौर पर रहता था। यह उस स्थान से भिन्न हो सकता है जहां मृत्यु हुई है । घर का पता दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है।

13

व्यवसाय- निम्नलिखित में से कोई एक लिखें-

1. कृषक

2. खेतिहर मजदूर

3. दैनिक वेतन भोगी (कृषि मजदूर के अलावा)

4. एकल/पारिवारिक श्रमिक/स्वरोजगार

5.नियोक्ता

6. सरकारी कर्मचारी

7. निजी कर्मचारी ( घरेलू सहायक के अलावा)

8. घरेलू सहायक

9. गैर-कर्मचारी

नोटः सूचना देने वाले को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मृत्यु रिपोर्ट फॉर्म में कोई भी आइटम यथा संभव सीमा तक खाली न छोड़ा जाए ।.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(14)

प्ररूप सं 3

(नियम 5 देखें) मृत-जन्मरिपोर्ट विधिक सूचना

(निर्देशोंके लिए पिछला भाग देखें]

यह भाग मृत्यु पंजिका में जुड़ेगा

सूचना देने वाले द्वारा भरा जाएगा ।

1. जन्मदिनांक :

2. लिंग ("पुरुष" या "महिला" या "ट्रांसजेंडर व्यक्ति" दर्ज करें) :

3.

पिताकी जानकारी: -

(क)

नामः प्रथम नाम मात्र नाम अंतिम नाग (ख)

(ग) आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो) :

मोबाइल नंबरः

(घ)

ईमेल आईडी:

माताकी जानकारी:-

(ক)

मध्य नाम

(ত) (ग) आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो):

मोबाइल नंबरः

(ঘ) ईमेल आईडी:

5.

प्ररूप सं 3 (नियम5 देखे)

मृत-जन्मरिपोर्ट सांख्यिकी सूचना [निर्देशोंकेलिए पिछला भाग देख

इस हिस्से को अलग कर के सांख्यिकी प्रसंस्करण के लिए भेजा जाए

सूचना देने वाले द्वारा भरा जाएगा ।

7. मां के निवास का शहर या गांव ( वह स्थान जहां मां आमतौर पर रहती है । यह उस स्थान से भिन्न हो सकता है जहां प्रसव हुआ था । उचित प्रविष्टि " शहर" या "गांव' पर निशान लगाएं और उसका नाम लिखें): शहर या गांवः

तहसीलः

जिला: पिनकोड: राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

8. जन्मके समय माता की आयु (पूर्ण वर्षों में)

9. माँ की शिक्षा का स्तरः

10.

प्रसव काल में उपलब्ध चिकित्सा उपचार (नीचे उपयुक्त प्रविष्टि परनिशान लगाएं:

1. संस्थागत- सरकारी

संस्थागत-निजी अधवा गैर सरकारी 2.

3.

जन्म स्थान (नीचे उपयुक्त प्रविष्टि 1 या 2 या 3 पर निशान लगाएं और " अस्पताल / संस्थान ' का नाम और पता या " घर" या' अन्य स्थान " का पता दें जहां जन्म हुआ था):

1. अस्पताल/संस्थानाम:

2. घर 3. अन्य स्थान पता: मकान संख्याः

परिसरः

वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो) :

शहर या गोवः

तहसील:

जिताः

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

सूचनादाता की जानकारी:-

नामः

मध्य नाम

प्रथम नाम

आधार संख्या (पदि उपलब्ध हो):

मोबाइल नंबरः

ईमेल आईडी:

6. (क) (ख) (ग) (घ) (ক) पताः मकान संख्याः

परिसरः

वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

शहर यागांवः

तहसील:

जिला:

पिनकोड:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

घोषणाः

डॉक्टर , नर्स या प्रशिक्षित दाई

4. पारंपरिक जन्म परिचारक (दाई)

5. रिश्तेदार या अन्य

11. गर्भावस्था का समय (हफ्तों में):

12.

भ्रूण की मृत्यु का कारण ( यदि मालूम हो):

इसेअलगकियाजाएऔरसांख्यिकीप्रसंस्करणकेलिएभेजाजाए

(एक से अधिक जन्म के मामले में, प्रत्येक बच्चे के लिए एक अलग फॉर्म भरें और बाईं ओर नीचे दिए गए बॉक्स में टिप्पणी कॉलम में, जैसा भी मामला हो, 'जुड़वां जन्म' पा तीन जन्म' आदि लिखें । )

मैंने अपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य जानकारी प्रदान की है । मैं गलत जानकारी प्रस्तुत करने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 23 के तहत दंड के बारे में जानता हूं । इसके अलावा, मैं आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम , 2016 के तहत सहमति देता हूं। (सभी कॉलम 1 से 21 को पूरा करने के बाद, सूचना देने वाता दिनांक और हस्ताक्षर डालेगा)

दिनांक: DDMMYYY सूचना देने वाले के हस्ताक्षर या बाएं अंगूठे का निशान

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जाना है

रजिस्ट्रीकरण संख्या :

रजिस्ट्रीकरण दिनांकः

रजिस्ट्रीकरण इकाईः

नगर/ ग्रामः

तहसील:

जिला:

यदिकोईटिप्पणी हो):

मृत्यु का कारण (फॉर्म 4/4ए के अनुसार):

रजिस्ट्रार का नाम और हस्ताक्षर

(भरे जाने वाले कॉलम पूर्ण हो गए हैं। अब बायीं ओर हस्ताक्षर करें)

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जाना है

कोड

जिला

तहसील

नगरणाम

रजिस्ट्रीकरण इकाई:

रजिस्ट्रीकरण संख्या :

रजिस्ट्रीकरणदिनांक:

मृत्यु कादिनांक:

लिंगः पुरुष/महिला/ट्रांसजेंडर व्यक्ति

मृतककी उम्र:

मृत्यु का स्थान: 1. अस्पताल/संस्थान 2. घर 3. अन्य स्थान

रजिस्ट्रार का नाम और हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जनवरी 2025

2(15)

प्ररूप 3 भरने के निर्देश : मृत-जन्म रिपोर्ट

मद संख्या

1

निर्देश

तारीख , जहां भी हो, dd- mm-yyyy प्रारूप में प्रदान की जानी है, जहां dd दो अंकों में तारीख है, mm दो अंकों में महीना है और yyyy चार अंकों में वर्ष है जहां भी तारीख शब्दों में लिखी गई है उसे लिखा जाना चाहिए पूर्ण रूप से उदाहरणार्थ 01-01- 2023को प्रथम जनवरी दो हजार, तेईस लिखा जाएगा । तारीखें और अन्य संख्यात्मक प्रविष्टियाँ रिकॉर्ड करने के लिए केवल ' अरबी अंकों' जैसे 0,1,2,3,4,5,6,7,8,9 का उपयोग करें।

2 " पुरुष" या "महिला" या " ट्रांसजेंडर व्यक्ति " दर्ज करें । संक्षिप्तीकरण का प्रयोग न करें .

3,4,6 नाम , जहां कहीं भी हो, [ प्रथम नाम] [मध्य नाम] [ अंतिम नाम] के प्रारूप में प्रदान किया जाना है, जहां पूरा नाम ( संक्षिप्त नाम नहीं) बड़े अक्षरों में लिखा जाना है और पहला नाम अनिवार्य है । [प्रथम नाम) या ( मध्य नाम] या [ अंतिम नाम] में कम से कम दो अक्षर होने चाहिए।

5,6 पता, जहां भी हो , उसमें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश, जिला , उप - जिला, शहर या गांव , वार्ड नंबर ( शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो) , इलाके, घर का नंबर और पिन कोड का नाम शामिल होगा।

5 जन्म स्थान के लिए उपयुक्त प्रविष्टि पर निशान लगाएं 1. अस्पताल/संस्था

2. घर

3. अन्य स्थान

"अस्पताल/संस्था" का नाम और पताया "घर " या 'अन्यस्थान " का पता दें जहां जन्म हुआ।

7 माँ के निवास का शहर या गाँवः वह स्थान जहाँ माँ आमतौर पर रहती है । यह उस स्थान से भिन्न हो सकता है जहां डिलीवरी हुई थी। घर का पता दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है ।

9

शिक्षा का स्तर- निम्नलिखित में से एक लिखें

6.Class5 11.Class 10 1.प्री- प्राइमरी

2.कक्षा 1

12.कक्षा 11

7. कक्षा 6

3.कक्षा 2

8.कक्षा 7

13. कक्षा 12

4.कक्षा 3

9. कक्षा 8

16.स्रातक / अंडर ग्रेजुएट 21. औपचारिक शिक्षा के बिना साक्षर

22.निरक्षर

17. पीजीडिप्लोमा

18. मास्टर / पोस्ट ग्रेजुएट

19. एम.फिल

14.आईटीआई 5.कक्षा 4

10.कक्षा 9

20. डॉक्टरेट एवं उससे ऊपर

15.डिप्लोमा/प्रमाणपत्र

(शिक्षा का पूरा स्तर दर्ज करें, उदाहरण के लिए यदि सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की है, लेकिन केवल छठी कक्षा उत्तीर्ण की है, तो छठीकक्षा लिखें)

12. भ्रूण की मृत्यु का कारण निम्नलिखित में से कोई एक लिखें-

1. रक्तस्राव ( रक्तस्राव)

13. माँ में संक्रमण Parvovirus B19

7. माँ को मधु मेह

2. प्लेसेंटल से जुड़ी समस्याएं

14. माँ में संक्रमण Q बुखार

8. मदर कॉक्ससे की वायरस में

संक्रमण

3. गर्भ नाल की समस्या

15. माँ में संक्रमण रूबेला ( जर्मन खसरा )

9. माँ में हरपीज सिम्प्लेक्स

संक्रमण

10. माँमें संक्रमण

4. पूर्वप्रसवाक्षेप

16.माँ में संक्रमण फ़्लू

लेप्टोस्पायरोसिस

11. मां में लाइम रोग संक्रमण

5. शिशु में आनुवंशिक शारीरिक दोष

17. माँ में संक्रमण टोक्सोप्लामोसिस

12. माँ में संक्रमण मलेरिया

6. माँ में यकृत विकार ( प्रसूति

कोलेस्टास)

18. कथित नहीं

नोटः सूचना देने वाले को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मृत जन्म रिपोर्ट फॉर्म में कोई भी आइटम जहां तक संभव हो खाली न छोड़ा जाए ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2 (16)

प्ररूप सं . 4

(नियम 7 देखें)

मृत्युके कारण का चिकित्सा प्रमाणपत्र अस्पताल मेंरोगी (मृत- जन्म के लिए प्रयोग ना किया जाए।

फॉर्म नंबर 2 (मृत्यु रिपोर्ट) के साथ रजिस्ट्रार को भेजा जाना है

इस प्रमाण पत्र की एक प्रति मृतक के निकटतम रिश्तेदार को प्रदान की जाएगी

अस्पताल का नाम

वार्ड संख्या

मैं प्रमाणित करता हूं कि जिस व्यक्ति का विवरण नीचे दिया गया है, उसकी मृत्युदिनांक). को (समय)... .पूर्वाह्न/अपराह्न पर अस्पताल के

मृतक कानामः

प्र७५ नाम

मध्य नाम

अतिम सम

लिंग

मृत्युके समय आयु

सांख्यिकी अधिकारी के उपयोग केलिए

यदि एक माह से कम हो तो

यदि एक दिन से कम हो तो

यदि वर्ष या अधिक है तो आयु वर्षों में आयु माह में यदि1 वर्ष से कम हो तो

आयुदिनोंमें

आयुघंटोंमें

1. पुरुष

2. स्त्री

3. ट्रांसजेंडर

व्यक्ति

मृत्यु काकारण

1 तत्काल कारण

रोग काप्रकोप होने और मृत्युहोने के बीचके अंतराल कीअनुमानित अवधि

(क) वह बीमारी, चोट या जटिलता बताएं जिसके कारण मृत्यु के कारण (या इस के परिणाम के रूप में) हुई, न कि मरने का तरीका जैसे कि हृदय गति रुकना,

अस्थेनिया, आदि।

पूर्ववर्तीकारण

(ख)

विकृत स्थितियाँ, यदि कोई हों, उपरोक्त कारणों को जन्म के कारण (या इसके परिणाम के रूप में) देती हैं, अंत में अंतर्निहित स्थितियों को बताते हुए

(ग)

मृत्युमें योगदान देने वाली अन्य महत्वपूर्ण स्थितियाँ लेकिन इस का कारण बनने वाली बीमारी या स्थिति से संबंधित नहीं हैं

मृत्यु का प्रकार

चोट कैसे लगी?

1. प्राकृतिक 2. दुर्घटना 3. आत्महत्या 4. मानव हत्या

5. अन्वेषण लंबित

यदि मृतक एक महिला थी, तो क्या गर्भावस्था मृत्यु से जुड़ी थी? 1. हाँ 2. नहीं

यदि हां , तो क्याकोई प्रसूति हुई थी?

1. हाँ 2. नहीं

मृत्युका कारण प्रमाणित करने वाले चिकित्सा अधीक्षक का नाम और हस्ताक्षर

सत्यापन कादिनांक:

MM

निर्देशोंकेलिए पिछला भाग देखें

2(17)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

मृत्युके कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र

प्रारूप भरने के निर्देश

मृतक का नामः [प्रथम नाम] [ मध्य नाम] [अंतिम नाम) के प्रारूप में प्रदान किया जाना चाहिए जहां पूरा नाम (संक्षिप्त नाम नहीं) बड़े अक्षरों में लिखा जाना चाहिए और पहला नाम अनिवार्य है । [प्रथम नाम) या [मध्य नाम) या [ अंतिम नाम] में कम से कम दो अक्षर होने चाहिए। यदि मृतक एक शिशु है, जिसका मृत्यु के समय अभी तक नाम नहीं रखा गया है, तो खाली छोड़ दें। आयुः यदि मृतक की आयु एक वर्ष से अधिक थी, तो आयु पूर्ण वर्षों में दें । यदि मृतक की आयु 1 वर्ष से कम थी, तो आयु महीनों में दें और यदि 1 माह से कम हो, तो आयु पूर्ण दिनों की संख्या में दें, और यदि एक दिन से कम हो, तो घंटों में दें।

मृत्यु का कारण: फॉर्म का यह भाग हमेशा उपस्थित चिकित्सक द्वारा व्यक्तिगत रूप से भरा जाना चाहिए । मृत्यु के कारण का प्रमाण पत्र दो भागों। और ॥ मेंविभाजित है और भाग । को फिर से तीन भागों में विभाजित किया गया है, पंक्तियाँ (क) (ख) (ग) । यदि एक भी विकृत स्थिति पूरी तरह से मृत्यु की व्याख्या करती है, तो इसे भाग । की पंक्ति (क) पर लिखा जाएगा , और शेष भाग । या भाग ॥ में और कुछ भी लिखने की आवश्यकता नहीं है , उदाहरण के लिए , चेचक, लोबार निमोनिया, कार्डियक बेरी बेरी , मृत्यु का पर्याप्त कारण है और आमतौर पर इससे अधिक की आवश्यकता नहीं होती है ।

तथापिअक्सर , मृत्युके समय कई विकृत स्थितियों मौजूद होती है , और चिकित्सक को उचित तरीके से प्रमाण पत्र भरना चाहिए, ताकिसही अंतर्निहित कारण को सारणीबद्ध किया जा सके । सबसे पहले , भाग । (क) में मृत्यु का तत्काल कारण दर्ज करें । इसका इस बात से कोई संबंध नहीं है कि मृत्यु के से हुई, अर्थात, हृदय विफलता, श्वसन विफलता, आदि । इन बातों को प्रमाण पत्र पर बिल्कुल भी प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि ये मृत्यु के तरीके है ना कि मृत्यु के कारण। इसके बाद इस बात पर विचार करें कि क्या तात्कालिक कारण कोई जटिलता है या किसी अन्य कारण से परिणाम में देरी हो रही है । यदि हां , तो भाग । , पंक्ति ( ख ) में पूर्ववर्ती कारण दर्ज करें । कभी-कभी मृत्यु की ओर ले जाने वाली घटनाओं के क्रम में तीन चरण होते हैं। यदि ऐसा हो तो पंक्ति (ग) पूर्ण कि जानी चाहिए। सारणीबद्ध किए जाने वाले अंतर्निहित कारण को हमेशा भाग । के अंत में लिखा जाना चाहिए ।

विकृत स्थितियों या चोटें मौजूद हो सकती हैं जो सीधेतौर पर मृत्यु का कारण बनने वाली घटनाओं से संबंधित नहीं थीं लेकिन जिन्होंने किसी तरह से घातक परिणाम में योगदान दिया। कभी- कभी चिकित्सक को यह तय करना मुश्किल हो जाता है, खासकर शिशु मृत्यु के मामले में, कई स्वतंत्र स्थितियों में से कौन सी स्थिति मृत्यु का प्राथमिक कारण थी; लेकिन केवल एक ही कारण को सारणीबद्ध किया जा सकता है, इसलिए डॉक्टर को निर्णय लेना होगा । यदि अन्य बीमारियाँ अंतर्निहित कारण का प्रभाव नहीं हैं, तो उन्हें भाग ॥ में दर्ज किया जाना चाहिए ।

एक पंक्ति में दो या दो से अधिक कारण न लिखें। कृपया प्रमाण पत्रों में रोगों के नाम (पूरे) यथा संभव स्पष्ट रूप से लिखें ताकि उनको गलत पढ़े जाने से बचा जा सके।

प्रारंभ : जब भी संभव हो शुरुआत और मृत्यु के बीच के अंतराल के लिए कॉलम को पूरा करें , भले ही उसे लगभग रूप से भरिये , उदाहरण के लिए , "जन्म से" "कई वर्ष" ।

दुर्घटना या हिंसा से हुई मृत्यु: बाहरी कारण और चोट की प्रकृति दोनों ही आवश्यक है और इन्हें बताया जाना चाहिए । डॉक्टर या अस्पताल को हमेशा चोट का वर्णन करने में सक्षम होना चाहिए, शरीर के किस हिस्से में चोट लगी है, यह बताते हुए, और जब यह दिखाया जाए तो बाहरी कारण को पूरी तरह से बताना चाहिए। उदाहरणः (क) हाइपोस्टैटिक निमोनिया; (ख) फीमर की गर्दन का फ्रैक्बर; (ग) घर पर सीढ़ी से गिरना.

मातृ मृत्युः गर्भावस्था और प्रसव पर प्रश्न का उत्तर अवश्य दें । यह सूचना गर्भ धारण करने योग्य आयु की सभी स्त्रियों के लिए आवश्यक है . भले ही गर्भावस्थाका मृत्यु से कोई लेना- देना न हो.

वृद्धावस्था या वृद्धत्व: यदि अधिक विशिष्ट कारण ज्ञात हो तो वृद्धावस्था (या बुढ़ापा) को मृत्यु का कारण नहीं बताया जाना चाहिए। यदि वृद्धावस्थाएक सहायक कारण था, तो इसे भाग ॥ में दर्ज किया जाना चाहिए। उदाहरणः (क) क्रोनिक ब्रोंकाइटिस एवं (ख) वृद्धावस्था.

जानकारी की पूर्णताः रोगी का पूर्ण वृतवांछित नहीं है, लेकिन, यदि जानकारी उपलब्ध है, तो अंतर्निहित कारण को उचित रूप से वर्गीकृत करने के लिए पर्याप्त विवरण दिया जाना चाहिए।

उदाहरणः रक्ताल्पता – यदि ज्ञात हो तो रक्ताल्पता का प्रकार बताएं। जब भी संभव हो नवद्रव्य दर्शित की दुर्दम, और उसका स्थान, प्राथमिक नवद्रव्य के स्थल सहित , हृदय रोग दशा का विनिर्दिष्ट रूप से वर्णन कीजिये , यदि रक्त रुक गया है तो पुराना (क्रोनिक) या पुलमोनल आदि का उल्लेख किया जाए, पूर्व वर्तीदशाओं का वर्णन कीजिये । टिटनेस पूर्व वर्तीक्षति का वर्णन कीजिये । ऑपरेशन- वह दशा लिखिए जिसके कारण ऑपरेशन किया गया है । अतिसार (पेचिस) - विनिर्दिष्ट कीजिये कि वह बेसिलियरी है या अमीबी आदि । गर्भावस्था या प्रसव की जटिलताएं- जटिलता का वर्णन कीजिये । क्षय रोग विनिर्दिष्त या (टी.बी. ) प्रभावित अंगों का नाम दीजिये ।

लाक्षणिक कथन: आक्षेप, दस्त, बुखार , जलोदर, पीलिया, दुर्बलता आदि ऐसे लक्षण हैं जो कई अलग-अलग स्थितियों में से किसी एक के कारण हो सकते हैं । कभी- कभी इससे अधिक कुछ ज्ञात नहीं होता है, लेकिन जब भी संभव हो , वह रोग बताएं जिसके कारण लक्षण उत्पन्न हुआ।

मृत्यु का प्रकार : बाहरी कारणों से नहीं होने वाली मृत्यु को ' प्राकृतिक'(Naturally ) के रूप में अंकित किया जाना चाहिए । यदि मृत्यु का कारण ज्ञात है , लेकिन यह ज्ञात नहीं है कि यह दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या का परिणाम था और आगे की जांच का विषय है, तो मृत्यु का कारण अवश्य भरा जाना चाहिए और मृत्यु की रीति के लिए 'अन्वेषण लंबित' रूप से दर्शाया जाए ।

जन्मऔर मृत्यु पंजीकरण अधिनियम , 1969 ( 2023 में संशोधित) की धारा 10 (2 ) के प्रावधानों के अनुसार , मृत्यु के कारण का एक प्रमाणपत्र रजिस्ट्रार को दिया जाएगा और उसकी एक प्रति निकटतम रिश्तेदार को दी जाएगी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(18)

प्ररूप से 4. (क)

(नियम 7देखें)

मुत्युके कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र

(गैर-संस्थागत मृत्युके लिए, मृत जन्म के लिए उपयोग में ना लाया जाए) (जन्मऔर मृत्यु पंजीकरण अधिनियम , 1969 (2023 में संशोधित) के तहत व्यक्ति को फॉर्म नंबर 2 (मृत्यु रिपोर्ट) के र है। )के साथ रजिस्ट्रार को मृत्यु के संबंध में जानकारी देना आवश्यक

मैं एतत द्वारा प्रमाणित करता हूं कि.....(स्थान का नाम ) ..के निवासी श्री/ श्रीमती/कुमारी....... (मृतक का नाम )

का (दिनांक)

से (दिनांक)

पुत्र/पत्नी/पुत्री (नाम)

तक मेरे उपचाराधीन था। थी और

पूर्वाह्न/अपराह्न में मृत्यु हुई ।

मृतक कानाम:

प्रथम नाम

मध्य नाम

अंतिमनाम

लिंग

को उसकी

.(दिनांक)

(समय)

सांख्यिकी अधिकारी के उपयोग केलिए

मृत्यु

के समय आयु

यदि 1 वर्ष से कम हो तो आयुमाहमें

यदि एक माह से कम हो तो

आयुदिनोंमें

यदि । वर्ष या अधिक है तो आयु वर्षोंमें

1.पुरुष

2.स्त्री

3. ट्रांसजेंडर व्यक्ति

मृत्यु काकारण

1

(क) तत्काल कारण

यदि एक दिन से कम हो तो आयुघंटोंमें

रोग का प्रकोपहोने और मृत्युहोने के बीचके अंतराल की अनुमानित अवधि

के कारण (या इसके परिणाम के रूप में)

वह बीमारी, चोट या जटिलता बताएं जिसके कारण मृत्यु हुई, न कि मरने का तरीका जैसे कि हृदय गति रुकना ,

अस्थेनिया, आदि।

पूर्ववर्तीकारण

(ख)

के कारण (या इसके परिणाम के रूप में)

विकृते स्थितियाँ, यदि कोई हों, उपरोक्त कारणों को जन्म देती हैं, अंत में अंतर्निहित स्थितियों को बताते हुए

(ग)

मृत्यु में योगदान देने वाली अन्य महत्वपूर्ण स्थितियाँ लेकिन इसका कारण बनने वाली बीमारी या स्थिति से संबंधित नहीं

हैं

1. हाँ 2.नहीं यदि मृतक एक महिला थी , तो क्या गर्भावस्था मृत्यु से जुड़ीथी?

यदि हां, तो क्याकोईडिलीवरी हुई थी?

1. हाँ 2. नहीं

मृत्यु का कारण प्रमाणित करने वाले चिकित्सा अधीक्षक का नाम और हस्ताक्षर

सत्यापन कादिनांक: DD MM Y

निर्देशोंके लिए पिछला भाग देखें

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(19)

मृत्युके कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र

प्रारूप भरने केनिर्देश

मृतक का नामः [प्रथम नाम] [मध्य नाम] [अंतिम नाम] के प्रारूप में प्रदान किया जाना चाहिए जहां पूरा नाम ( संक्षिप्त नाम नहीं) बड़े अक्षरों में लिखा जाना चाहिए और पहला नाम अनिवार्य है । [प्रथम नाम) या (मध्य नाम) या [अंतिम नाम] में कम से कम दो अक्षर होने चाहिए । यदि मृतक एक शिशु है , जिसका मृत्युके समय अभी तक नाम नहीं रखा गया है, तो खाली छोड़ दें। आयुः यदि मृतक की आयु एक वर्ष से अधिक थी, तो आयु पूर्ण वर्षों में दें। यदि मृतक की आयु 1 वर्ष से कम थी, तो आयु महीनों में दें और यदि 1 माह से कम हो, तो आयु पूर्ण दिनों की संख्या में दें, और यदि एक दिन से कम हो, तो घंटों में दें। मृत्युकाकारण: फॉर्म का यह भाग हमेशा उपस्थित चिकित्सक द्वारा व्यक्तिगत रूप से भरा जाना चाहिए ।

मृत्युके कारण का प्रमाण पत्र दो भागों । और ॥ में विभाजित है । भाग । को फिर से तीन भागों में विभाजित किया गया है, पंक्तियाँ (क) (ख) (ग) । यदि एक भी विकृत स्थिति पूरी तरह से मृत्यु की व्याख्या करती है , तो इसे भाग । की पंक्ति (क) पर लिखा जाएगा, और शेष भाग । या भाग ॥ में और कुछ भी लिखने की आवश्यकता नहीं है, उदाहरण के लिए , चेचक, लोबार निमोनिया, कार्डियक बेरी बेरी , मृत्यु का पर्याप्त कारण है और आम तौर पर इससे अधिक की आवश्यकता नहींहोती है ।

तथापि, अक्सर, मृत्युके समय कई विकृत स्थितियाँ मौजूद होती हैं, और चिकित्सक को उचित तरीके से प्रमाण पत्र पूरा करना होगा ताकि सही अंतर्निहित कारण को सारणी बद्ध किया जा सके । सबसे पहले , भाग । (क) में मृत्यु का तत्काल कारण दर्ज करें । इस का इस बात से कोई संबंध नहीं है कि मृत्युकैसे हुई, अर्थात, हृदय विफलता, श्वसन विफलता, आदि। इन बातों को प्रमाण पत्र पर बिल्कुल भी प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि ये मृत्यु के तरीके है नाहै ना कि मृत्यु केके कारण । इस केके बाद इस बात पर विचार करें कि क्या तात्कालिक कारण कोई जटिलता है या किसी अन्य कारण से परिणाम में हो रही है। यदि हां, तो भाग । , पंक्ति (ख) में पूर्व वर्तीकारण दर्ज करें। कभी -कभी मृत्यु की ओर ले जाने वाली घटनाओं के क्रम में तीन चरण होते हैं । यदि म में देरी ऐसा हो तो पंक्ति (ग) पूर्ण कि जानी चाहिए । सारणीबद्ध किए जाने वाले अंतर्निहित कारण को हमेशा भाग । के अंत में लिखा जाना चाहिए ।

विकृत स्थितियाँ या चोटें मौजूद हो सकती हैं जो सीधे तौर पर मृत्यु का कारण बनने वाली घटनाओं से संबंधित नहीं थीं लेकिन जिन्होंने किसी तरह से घातक परिणाम में योगदान दिया। कभी- कभी चिकित्सक को यह तय करना मुश्किल हो जाता है, स्थितियों मेंमें से कौन सी स्थिति मृत्यु का प्राथमिक कारण थी; लेकिन केवल एक ही कारण को सारणी बद्ध किया जा सकता है , इस लिए डॉक्टर को निर्णय है, खासकर शिशु मृत्यु के मामले में, कई स्वतंत्र लेना होगा। यदि अन्य बीमारियाँ अंतर्निहित कारण का प्रभाव नहीं हैं, तो उन्हें भाग ॥ में दर्ज किया जाना चाहिए । एक पंक्तिमें दो या दो से अधिक कारण न लिखें । कृपया प्रमाण पत्रों में रोगों के नाम (पूरे ) यथा संभव स्पष्टरूप से लिखें ताकि उनके गलत पढ़े जाने के जोखिम से बचा जा सके । प्रारंभ: जब भी संभव हो शुरुआत और मृत्यु के बीच के अंतराल के लिए कॉलम को पूरा करें, भले ही उसे लगभग रूप से भरिये , उदाहरण के लिए, "जन्म से" "कई वर्ष" ।

दुर्घटना या हिंसा से हुई मृत्यु: बाहरी कारण और चोट की प्रकृति दोनों ही आवश्यक है और इन्हें बताया जाना चाहिए । डॉक्टर या अस्पताल को हमेशा चोट का वर्णन करने में सक्षम होना चाहिए , शरीर के किस हिस्से में चोटचोट लगी है, यह बताते हुए, और जब यह दिखाया जाए तो बाहरी कारण को पूरी तरह से बताना चाहिए। उदाहरणः (क) हाइ पोस्टैटिक निमोनिया; (ख) फीमर की गर्दन का फ्रैक्चर; (ग) घर पर सीढ़ी से गिरना।

मातृ मृत्युः गर्भावस्था और प्रसव पर प्रश्न का उत्तर अवश्य दें । यह सूचना गर्भधारण करने योग्य आयु की सभी स्त्रियों के लिए आवश्यक है , भले ही गर्भावस्थाका मृत्यु से कोई लेना- देना न हो।

वृद्धावस्था या वृद्धत्व: यदि अधिक विशिष्ट कारण ज्ञात हो तो वृद्धावस्था (या बुढ़ापा) को मृत्यु का कारण नहीं बताया जाना चाहिए। यदि वृद्धावस्था एक सहायक कारक थी, तो इसे भाग ॥ में दर्ज किया जाना चाहिए । उदाहरणः (क) क्रोनिक ब्रोंकाइटिस एवं (ख) वृद्धावस्था

जानकारी की पूर्णताः रोगी का पूर्णवृत वांछित नहीं है , लेकिन , यदि जानकारी उपलब्ध है, तो अंतर्निहित कारण को उचित रूप से वर्गीकृत करने के लिए पर्याप्त विवरण दिया जाना चाहिए।

उदाहरणः रक्ताल्पता- यदि ज्ञात हो तो रक्ताल्पता का प्रकार बताएं । जब भी संभव हो नवद्रव्य दर्शित की दुर्दम, और उसका स्थल, प्राथमिक नवद्रव्य के स्थल सहित, हृदय रोग दशा का विनिर्दिष्टरूप सेसे वर्णन कीजिये, यदि रक्त रुक गई है तो पुराना (क्रोनिक) या पुलमोनल आदि का उल्लेख किया जाए , पूर्ववर्ती दशाओं का वर्णन कीजिये । टिटनेस पूर्व वर्तीक्षति का वर्णन कीजिये । ऑपरेशन वह दशा लिखिए जिसके कारण ऑपरेशन किया गया है । अतिसार (पेचिस) -विनिर्दिष्ट कीजिये कि वह बेसिलियरी है या अमीबी आदि । गर्भावस्था या प्रसव की जटिलताएं- जटिलता का वर्णन कीजिये । क्षय रोग विनिर्दिष्त या (टी.बी. ) प्रभावित अंगों का नाम दीजिये ।

लाक्षणिक कथन: आक्षेप, दस्त, बुखार, जलोदर, पीलिया, दुर्बलता आदि ऐसे लक्षण हैं जो कई अलग-अलग स्थितियों में से किसी एक के कारण हो सकते हैं। कभी-कभी इससे अधिक कुछ ज्ञात नहीं होता है, लेकिन जब भी संभव हो, वह रोग बताएं जिसके कारण लक्षण उत्पन्न हुआ।

colk.14611 मृत्युका प्रकार: बाहरी कारणों से नहीं होने वाली मृत्यु को 'प्राकृतिक' के रूप में अंकित किया जाना चाहिए। यदि मृत्यु का कारण ज्ञात है , लेकिन यह ज्ञात नहीं है कि यह दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या का परिणाम था और आगे की जांच का विषय है, तो मृत्यु का कारण अवश्य भरा जाना चाहिए और मृत्यु की रीतिके लिए 'अन्वेषण लंबित' रूप से दर्शाया जाए ।

जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 10(2 ) के प्रावधानों के अनुसार, मृत्यु के कारण का एक प्रमाण पत्र रजिस्ट्रार को दिया जाएगा और उसकी एक प्रति निकटतम रिश्तेदार को दी जाएगी।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(20)

No.

प्ररूप-5 Form-5

सर

StateGov t.Emblem

GOVERNMENT OF

DEPARTMENT OF....

(Nameof local body issuing certificate)

जन्म प्रमाण-पत्र

BIRTH CERTIFICATE

(राज्य का नाम) के नियम 8/13 के तहत जारी जन्म का पंजीकरण और मृत्यु (जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम , 1969 ( 2023 में संशोधित ) की धारा 12/17 और (संशोधन) नियम (संशोधित नियमों को अधिसूचित करने का बर्ष) (Issued under Section 12/17 of the Registration of Births and Deaths Act , 1969 ( amended in 2023) and Rule 8/13 of the Rules ........ (Yearof notifying the revised rules) . (Name ofState) Registration ofBirths and Deaths (Amendment )

यह प्रमाणित किया जाता है निम्नलिखित सूचना जन्म के मूस लेख से ली गई है जो कि ( स्थानीय क्षेत्र )

तहसील

जिला

राज्य ....... के रजिस्टर में उल्लिखित है । This is to certify that the following information has been taken from the original record of birth which is the register for ( local area/localbody) Territory ofTehsil Block ... ofDistrict of State / Union

नाम/ Name:

सिंग / Sex: ......

जन्म कास्थान / Place of birth ....

माता का नाम / Name of Mother .

माता का आधार संख्या / Aadhaar No. of Mother

पिता का नाम / Name of Father........

पिता का आधार संख्या/ Aadhaar No. of Father

बड़े के जन्म के समय माता पिता का पता /

माता पिता का स्थायी पता /

Address of parenta at the time of birth of the child:

Permanent address of parents

पंजीकरण संख्या / Registration No: .....

पंजीकरण दिनांक / Dale of Registration......

टिपण्णी/ Remarks (if any)...........

जारी करने की तिथि / Date of Issue...

...प्राधिकारी के हस्ताक्षर /Signature of the Issuing authority

प्राधिकारी का पता / Address of the issuing authority

मुहर / Seal

प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण सुनिश्चित करें / "Ensure registration of every birth and death मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(21)

सं.

प्ररूप-6 Form-6 No.

GOVERNMENT OF

StateGov t.Emblem

DEPARTMENT OF...

(Nameof local body issuing certificate )

मृत्यु प्रमाण पत्र

DEATHCERTIFICATE

(राज्य का नाम) के नियम 8/13 के तहत जारी जन्म का पंजीकरण और मृत्यु ( संशोधन) नियम (जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित ) की धारा 12/17 और (संशोधित नियमों को अधिसूचित करने का बर्ष) . (Issued under Rules. mended in 2023) and Rule 8/13 of the Section 12/17 of the Registration of Births and Deaths Act , 1969 ( amended in (Name of Stale) (Year ofnotifying the revised rules) . Registration of Births and Deaths (Amendment)

यह प्रमाणित किया जाता है निम्नलिखित सूचना मृत्यु के मूल लेख से भी गई है जो कि (स्थानीय क्षेत्र ) राज्य के रजिस्टर में उल्लिखित है । जिना, तहसीन This is to certify that the following information has been taken from the original record of death which is the register for (local area/localbody) . Territory .... of Tehsk Block of District . of State Union

नाम/ Name...

मृतक का आधार संख्या / Aadhaar No. of Deceased

लिंग / Sex:

मृत्यु की तिथि / Date of Death .

मृत्यु का स्थान / Place of Death

माता का नाम / Name ofMother

माता का आधार मंख्या / Aadhaar No. ofMother

पिवा का नाम / Name of Father

पिता का आधार संख्या / Aadhaar No. of Father

पति/पत्नी का नाम / Name of Husband /Wife

पति/पत्नी का माधार संख्या / Aadhaar No. of Husband /Wife

मृतक के मृत्यु के समय का पता ।

मृतक का म्थायी पता ।

Address of the deceased at the time ofdeath:

Permanent address of the deceased:

पंजीकरण संख्या / Registration No:.

पंजीकरण दिनांक/ Date of Registration...

टिपण्णी / Remarks ( if any).............

जारी करने की तिथि / Dale of issue .

प्राधिकारी के हस्ताक्षर /Signature of the issuing authority

प्राधिकारी का पता / Address of the issuing authority

मुहर / Seal

प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण सुनिश्चित करें । "Ensure registration of every birth anddeath मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जनवरी 2025

2(22)

प्ररूप सं . 7 (नियमे 12देखिए)

जन्म रजिस्टर

विधिक सूचनाएं

इस भाग को जन्म रजिस्टर में जोड़ा जाएगा

(सूचनादाता द्वारा भरा जाए)

जन्म दिनांक:

1.

2.

लिंग ("पुरुष" या " महिला" या "ट्रांसजेंडर व्यक्ति" दर्ज करें):

3.

बच्चे काविवरण (यदि नाम नहीं है तो खाली छोड़ दें): -

(ক)

नाम, अगर कोई हो: प्रथम নাদ

(ঘ)

आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो ) :

पिता कीजानकारी:-

4.

नामः

प्रथभ नाय

मध्य नाम

अंतिम नाम

(क)

आधार संख्या (यदि उपलब्ध

(ঘ)

मोबाइल नंबरः

(ग)

ईमेल-आईडी:

(ঘ)

5.

माता की जानकारी:-

नामः

(क)

प्रथम नाम

मध्य नाम

अंतिम नाम

(ত)

आधार संखग (यदि उपलब्ध हो) :

(ग)

मोबाइल नंबरः

ईमेल- आईडी:

(घ)

बच्चे के जन्मके समय माता- पिता का पताः मकान संख्या:

6.

परिसरः

वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

शहर यागांवः

तहसील:

जिला:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

माता-पिता का स्थायी पताः मकान नंबरः

7.

परिसरः

वार्ड संख्या ( शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

शहर या गांवः

जिला:

तहसील:

राज्य याकेंद्र शासित प्रदेशः

8.

पिनकोड: जन्म कास्थान (नीचे उचित प्रविष्टि 1 या 2 या 3 पर निशान लगाएं और "अस्पताल । संस्थान" का नाम और पता या "घर" या' अन्य स्थान" का पता दें जहां जन्म हुआ था) :

1. अस्पताल/संस्थानाम:

2.घर परिसरः 3. अन्य स्थान पत्ता: मकान संख्या: वार्डसंख्या ( शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

शहर या गांवः

जिला:

तहसीलः

राज्यया केंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

सूचनादाता काविवरण:-

नामः

प्रथम नाम

मध्य नाम

9.

अंतिम नाम

आधार संख्या (यदि उपलब्ध)

मोबाइल संख्या:

ईमेल-आईडी:

पताः मकाननंबरः

परिसरः

वार्डसंख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

शहरयागांवः

तहसील:

जिला:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

घोषणाः

मैंने अपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य सूचना प्रदान की है। में गलत जानकारी प्रस्तुत करने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 ( 2023 में संशोधित) की धारा 23 के तहत दंड के बारे में जानता हूं । इसके अलावा, मैं आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी , लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण ) अधिनियम, (

2016के तहत सहमति देता हूं । सभीकॉलम1 से23 को पूरा करने के बाद, सूचना देने वाला तारीख और हस्ताक्षर डालेगा

दिनांक

सूचना देने वाले के हस्ताक्षर या बायें हाथ के अंगूठे का निशान

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जाना है

रजिस्ट्रीकरण संख्याः

रजिस्टीकरण दिनांक DDMMYYYY

रजिस्ट्रीकरण इकाई:

नगर/ग्राम:

तहसील:

जिला:

टिप्पणी(यदिकोई हो)

रजिस्ट्रार का नाम और हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(23)

प्ररूप सं . 8 (नियम 12 देखिए) मृत्यु रजिस्टर

विधिक सूचनाएं

उस भाग को मृत्यु रजिस्टर मेंजोड़ा जाएगा

(सूचनादाता द्वारा भरा जाए

मृत्युकी तिथि:

मृतक काविवरण:-

नामः

(क)

आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो):

(ঘ)

जन्म तिथि (यदि उपलब्ध हो।:

(ग)

उम्र:

(ঘ)

3.

लिंग " पुरुष" या "महिला" या "ट्रांसजेंडर व्यक्ति" दर्ज करें):

4.

माता की जानकारी:-

(क)

नामः

उयम नाग

मध्य नाम

अंतिम नाम

आधार संख्या (यदि उपलब्ध

(ख)

मोबाइल नंबरः

(יי)

ईमेल-आईडी:

(ঘ)

5.

पिता कीजानकारी:-

(क)

नामः

प्रथम नाम

मध्य नान

अंतिम नाम

(ख)

आधार संख्या (पदि उपलब्ध हो):

(ग)

मोबाइल नंबरः

ईमेल-आईडी:

(ঘ)

6.

(पति/पत्नी) काविवरण: -

(ক)

नामः

प्रथम नाम

मध्य नाम

अंतिम नाम

(ख)

आधार संख्या (यदि उपलब्ध

(12)

जन्म तिथि ।यदि उपलब्ध हो):

(ঘ)

आयु (पूर्ण वर्षों में):

(৮)

मोबाइल संख्या:

(च)

ईमेल- आईडी:

7.

मृत्युके समय मृतक का पताः मकान संख्या:

परिसरः

वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो) :

शहर या गांव:

तहसीलः

जिला:

पिनकोड:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

8.

मृतक का स्थायी पताः मकान नंबरः

परिसरः

वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

तहसीलः

शहर यागांव:

जिला:

9.

पिनकोड

राज्यया केंद्र शासित् प्रदेशः

मृत्युका स्थान (नीचे उचित प्रविष्टि 1 या 2 या 3 पर निशान लगाएं और " अस्पताल / संस्थान" का नाम और पता या "घर" या 'अन्य स्थान" का पता दें जहां मृत्यु हुई थी):

1.अस्पताल/संस्था नामः

2. घर 3. अन्यस्थान पता: मकान संख्याः

परिसरः वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

शहर यागांव:

तहसील:

जिला:

राज्य या केंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

सूचनादाता का विवरण:-

10 .

नामः

प्रथम नाम

मध्य नाम

अंतिम नाग

(क)

उपलब्ध

आधारसंख्या (यदि

(2)

मोबाइलसंख्याः

(ग)

ईमेल-आईडी:

(ঘ)

पताः मकान नंबरः

(ङ)

परिसरः

वार्ड संख्या (शहर के मामले में और यदि उपलब्ध हो):

शहर यागांव:

तहसीलः

जिला:

राज्यया केंद्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

घोषणाः

मैंने अपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य सूचना प्रदान की है । मैं गलत जानकारी प्रस्तुत करने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 23 के तहत दंड के बारे में जानता हूं। इसके अलावा, मैं आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, ताभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम , 2016 के तहत सहमति देता हूं । जहां तक मेरी जानकारी है, मृतक के आधार का विवरण उपलब्ध नहींहै . (सभीकॉलम 1 से21 कोपूरा करने के बाद, सूचना देने वाला तारीख और हस्ताक्षर डालेगा।

दिनांक:

सूचना देने वाले के हस्ताक्षर या बायें हाथ के अंगूठे का निश्धान

रजिस्टार द्वारा भरा जाना है

रजिस्ट्रीकरण संख्याः

रजिस्ट्रीकरण दिनांक

रजिस्ट्रीकरण इकाई:

नगरुग्राम:

तहसीलः

जिला:

टिप्पणी (यदिकोई हो):

मृत्यु का कारण (फॉर्म 4/4क के अनुसार) :

रजिस्ट्रार का नाम और हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(24)

प्ररूप स .9

(नियम 12 देखिए)

मृत-जन्म रजिस्टर

विधिक सूचनाएं

भाग को मृत जन्म रजिस्टर में जोड़ा जाएगा

(सूचनादाता द्वारा भरा जाए

1.

जन्मदिनांक: DMM - 7774

2. लिंग "पुरुष" या " महिला" या "ट्रांसजेंडर व्यक्ति" दर्ज करें) :

पिता कीजानकारी:-

3.

नामः

प्रथम नाग

मध्य-नाम

(क)

आधार संख्या (यदि उपलब्ध

(ख)

मोबाइल नंबरः

(ग)

ईमेल-आईडी:

(घ)

माताकी जानकारी:-

4.

नाम: प्रथग नाम

मध्य नान

(क)

आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो):

(ख)

मोबाइल नंबरः

(ग)

ईमेल-आईडी:

(घ)

5.

जन्म का स्थान (नीचे उचित प्रविष्टि 1 या 2 या 3 पर निशान लगाएं और " अस्पताल / संस्थान " का नाम और पता या "घर" या'अन्य स्थान" का पता दें जहां मृत -जन्म हुआ था) :

1. अस्पताल / संस्थानामः

2. घर 3. अन्यस्थान पता:मकान संख्याः परिसरः

खहर/ग्रामः

वार्ड संख्या (शहर के मामले में, यदि उपलब्ध हो): तहसील:

जिताः

राज्य याकेन्द्र शासित प्रदेशाः

पिनकोड:

6.

सूचनादाता की जानकारीः

(क)

नामः

प्रथम नाम

(ম)

मध्य नाम

अंतिम नाम

आधार संख्या (यदि उपलब्ध

(7)

मोबाइलनंबरः

(日)

ईमेल-आईडी:

(ক)

पताःमकानसंख्याः

परिसरः

वार्ड संख्या (शहर के मामले में, यदि उपलब्ध हो):

शहर/ग्रामः

तहसील:

जिला:

राज्यया केन्द्र शासित प्रदेशः

पिनकोड:

घोषणाः

मैंने अपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य सूचना प्रदान की है । मैं गलत जानकारी प्रस्तुत करने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 ( 2023 में संशोधित ) की धारा 23 के तहत दंड के बारे में जानता हूं । इसके अलावा, मैं आधार प्रमाणी करण के माध्यम से पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार ( वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016के तहत सहमति देता हूं।

(सभीकॉलम 1 से 12 को पूरा करनेके बाद,

सूचना देने वाला तारीख और हस्ताक्षर डालेगा।

दिनांक

सूचना देने वाले के हस्ताक्षर या बायें हाथ के अंगूठे का

निशान

रजिस्ट्रार द्वारा भरा जाना है

रजिस्ट्रीकरण संख्याः

रजिस्टीकरण दिनांक DD - MM - YYYY

रजिस्ट्रीकरण इकाई:

नगर/ग्राम:

तहसील: जिला:

टिप्पणी (यदिकोई हो):

रजिस्ट्रार का नाम और हस्ताक्षर 2(25)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जनवरी 2025

प्ररूप सं . 10

(नियम 13 देखिए)

अप्राप्यता प्रमाण पत्र

(जन्मऔर मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 17 के तहत जारी किया गया)

...के पुत्र/पत्नी/पुत्री

...के (जिल्ला)....

यह प्रमाणित किया जाता है कि श्री/श्रीमती/कुमारी के अनुरोध पर (स्थानीय क्षेत्र) से संबंधित वर्ष के पंजीकरण रिकॉर्ड की तलाशी की गई है । (राज्य) के ( उप- जिला) में पाया गया कि के बेटे/बेटी -के जन्म/मृत्यु से संबंधित घटना पंजीकृत नहीं की गई ।

दिनांक: dd mm

जारी करने वाले प्राधिकारी के हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जनवरी 2025

2(26)

प्ररूप सं.11 (नियम 14 देखिए)

जन्म की मासिक संक्षिप्त रिपोर्ट

1. प्रतिवेदन कामास

वर्ष

2. जिला:

3. नगर/ग्रामः

4. रजिस्ट्रीकरण इकाई:

5. माह के दौरान पंजीकृत जन्मों की संख्याः

पुरुष (1)

महिला (2)

ट्रांसजेंडर व्यक्ति (3)

योग (1+2+3)

6. जन्म पंजीकरण में समय अंतरालः

(क) उनके घटित होने की समय सीमा (21 दिन ) के भीतरः

(ख) उनके घटित होने के 21 दिनों से अधिक लेकिन 30 दिनों के भीतरः

(ग) 30 दिन से अधिक लेकिन उनके घटित होने के एक वर्ष के भीतरः

(घ) उनके घटित होने के एक वर्ष बादः

योग* (क +ख + ग+घ):

योग इस मासिक रिपोर्ट के साथ संलग्न जन्म सूचना प्रपत्रों (प्रपत्र क्रमांक-1 ) के सांख्यिकी भाग की संख्या के बराबर होना चाहिए ।

रजिस्ट्रार का नाम एवं हस्ताक्षर

दिनांक:

dd mm

मुख्य रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार को प्रस्तुत की गई:

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(27)

प्ररूप सं . 12 (नियम14 देखिए)

मृत्यु की मासिक सारांश रिपोर्ट

1. प्रतिवेदन कामासः वर्ष

2. जिला:

3. नगर/ग्रामः

4. रजिस्ट्रीकरण इकाई:

5. माह के दौरान पंजीकृत मृत्यु काविवरणः

शिशु मृत्यु (आयु एक वर्ष से कम)

मृत्यु ( सभी शिशु मृत्यु, बाल मृत्यु और मातृत्व मृत्युसहित)

बाल मृत्यु ( उम्र एक वर्ष या अधिक लेकिन पांच वर्ष से कम)

मातृत्व मृत्यु

पुरुष महिला

योग पुरुष महिला

योग पुरुष महिला

योग

ट्रांसजेंडर व्यक्ति

ट्रांसजेंडर व्यक्ति

ट्रांसजेंडर व्यक्ति

6. मृत्यु पंजीकरण में समय अंतरालः

(क) उनके घटित होने की समय सीमा (21 दिन ) के भीतरः

(ख) उनके घटित होने के 21 दिनों से अधिक लेकिन 30 दिनों के भीतरः

(ग) 30 दिन से अधिक लेकिन उनके घटित होने के एक वर्षके भीतरः

(घ) उनके घटित होने के एक वर्ष बादः

योग* (क+ख+ग+घ):

नोटः शिशु एवं बाल मृत्यु एवं मातृत्व मृत्यु को भी मृत्यु में शामिल किया जाना चाहिए । योग इस मासिक रिपोर्ट के साथ संलग्न मृत्यु सूचना प्रपत्रों (प्रपत्र क्रमांक- 2 ) के सांख्यिकी भाग की संख्या के बराबर होना चाहिए ।

रजिस्ट्रार का नाम एवं हस्ताक्षर

दिनांक : PP mm

मुख्य रजिस्ट्रार /जिला रजिस्ट्रार को प्रस्तुत की गई:

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(28)

प्ररुप सं. 13 (नियम 14 देखिए) मृत-जन्म की मासिक सारांश रिपोर्ट

1 . प्रतिवेदन कामास

2. जिला:

3. नगर/ग्रामः

4. रजिस्ट्रीकरण इकाई:

5. माह के दौरान पंजीकृत मृत- जन्म की संख्याः

पुरुष (1)

महिला (2)

ट्रांसजेंडर व्यक्ति (3)

योग * (1+2+3)

6. जन्म पंजीकरण में समय अंतरालः

(क) उनके घटित होने की समय सीमा ( 21 दिन) के भीतरः

(ख) उनके घटित होने के 21 दिनों से अधिक लेकिन 30 दिनों के भीतरः

(ग) 30 दिन से अधिक लेकिन उनके घटित होने के एक वर्ष के भीतरः

(घ) उनके घटित होने के एक वर्ष बादः

योग * (क+ख+ग+घ):

योग इस मासिक रिपोर्ट के साथ संलग्न मृत - जन्म सूचना प्रपत्रों (प्रपत्र क्रमांक 1 ) के सांख्यिकी भाग की संख्या के बराबर होना चाहिए ।

रजिस्ट्रार का नाम एवं हस्ताक्षर दिनांक: dd mm

मुख्य रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार को प्रस्तुत कीगई:

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जनवरी 2025

2(29)

प्ररुप सं. 14

(नियम9 देखिए)

जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 मेंमें संशोधित) की धारा 13 ( 2) के तहत जन्म/मृत्यु की विलंबित रिपोर्टिंग के लिए स्व- सत्यापित दस्तावेज़ का प्रारूप)

घोषणा

मैं

निवासी.

..पुत्र/पुत्री/ पत्नी...

. एतत द्वारा घोषणा करता/करती हूँ कि: -

1. मैं, ( बच्चे/मृतक का नाम) ..

. पुत्र/पुत्री /पति /पत्नी (का नाम).. ..के जन्म/मृत्यु की देरी से रिपोर्टिंग के लिए सूचनादाता हूं ।

2. उसका जन्म/मृत्यु (जन्म/मृत्यु की तारीख)

.को (जन्म/मृत्यु का स्थान) ..

में हुई थी ।

3. उसके जन्म/मृत्यु के समय (परिचारक का नाम) .

..ने परिचर्या प्रदान की थी, जो (स्थान का

नाम)...

..में रहता है।

4. उसके जन्म/मृत्यु की रिपोर्ट करने में देरी के कारण हैं

5. उसके जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकताहै

घोषणाः

मैं घोषणा करता हूं किउपरोक्त जानकारी सत्य है और मैंने अपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार उपरोक्त घटना की सूचना किसी भी रजिस्ट्रार कोनहीं दीदीहै और इस संबंध मेंकोई जन्मामृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहींकिया गयाहै।

सूचना देने वाले का नाम और हस्ताक्षर या अंगूठे कानिशान

दिनाँक:-

नोटः

1. तारीख, जहां भीहो, DD- MM- YYYY प्रारूप में अंकित की जानी है, जहां DD दो अंकों में तारीख है, MM दो अंकों में महीना है और YYYY चार अंकों में वर्षहै। जहाँ भी तारीख शब्दों में लिखी हो उसे पूरा लिखा जाना चाहिए जैसे 01-01-2023 को एक जनवरी दो हजार तेईस लिखा जाएगा। तारीखें और अन्य संख्यात्मक प्रविष्टियाँ रिकॉर्ड करने के लिए केवल 'अरबी अंकों' जैसे 0,1,2,3,4,5,6,7,8,9 का उपयोग करें।

2. नाम, जहां कहीं भी हो, [प्रथम नाम] [मध्य नाम] [अंतिम नाम] के प्रारूप में अंकित किया जाना है, जहां पूरा नाम (संक्षिप्त नाम नहीं) बड़े अक्षरों मेंलिखा जाना है और पहला नाम अनिवार्य है। [प्रथम नाम) या [मध्य नाम) या [अंतिम नाम] में कम से कम दो अक्षर होने चाहिए।

3. पता, जहां भी हो, उसमें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश, जिला, उप-जिला, शहर या गांव, वार्ड नंबर (शहर के मामले में, यदि उपलब्ध हो), परिसर, घर का नंबर औरपिन कोड का नाम शामिल होगा।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(30)

प्ररुप सं. 15

(नियम 16 ए देखिए) अपील हेतु प्ररुप (मुख्य रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार को प्रेषित )

(जन्मऔर मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 मेंसंशोधित) की धारा 25(ए) के तहत)

1. किसी कार्यवाही या आदेश से व्यथितः रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार या रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत कोई अधिकारी (कार्यालय का विवरण नीचे दिया गया है)

राज्य जिला

तहसील

नगर/ग्राम परिसर पंजीकृत इकाई की आई.डी.

रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार या रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत किसी अधिकारी कानाम

2. तारीख और आदेश संख्या के साथ अपील करने के लिए घटना का लेखा-जोखा, इत्यादि। (घटना काविस्तृत विवरण प्रदान करें, यदि आवश्यक हो तो अनुलग्नकों का उपयोग करें)

घोषणाः

मैंनेअपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य जानकारी प्रदान की है।

(अपीलकर्ता का हस्ताक्षर)

दिनांक:-

अपीलकर्ता की जानकारीः

नाम

पता

आधार संख्या

ई-मेल

मोबाइल नंबर

नोट:

1. कृपया इस फॉर्मकी एक प्रतिअपनेरिकॉर्ड के लिए अपने पास रखें.

2.

अपील, यदि कोई हो, 30 दिन की अवधि के भीतर जिला रजिस्ट्रारा मुख्य रजिस्ट्रार को प्रस्तुत की जानी चाहिए ऐसी कार्यवाही कीतारीख से या ऐसेआदेश की प्राप्ति से, जिससे व्यक्तिव्यथित है।

3.

तारीख, जहां कहीं भी आती है, उसे DD-MM- YYYY प्रारूप मेंप्रदान की जानी है, जहां DD दो अंकों में तारीख है, MMदोअंकोंमेंमहीना है और YYYY चार अंकों मेंवर्षहै जहां भी तारीख शब्दों में लिखी गईहै उसे ऐसा करना चाहिए । पूरा लिखा जाएगा जैसे 01-01-2023 को एक जनवरी दो हजार तेईस लिखा जाएगा। तारीखें और अन्य संख्यात्मक प्रविष्टियाँ रिकॉर्ड करने के लिए केवल अरबी अंकों जैसे 0,1,2,3,4,5,6,7,8,9 का उपयोगकरें.

नाम, जहां कहीं भी हो, (प्रथम नाम] [ मध्य नाम] [अंतिम नाम] के प्रारूप में प्रदान किया जाना है, जहांपूरा नाम (संक्षिप्त नाम नहीं) बड़े अक्षरों मेंलिखा जाना है और 4. पहला नामअनिवार्यहै। [प्रथम नाम) या [मध्य नाम) या(अंतिम नाम] में कम से कम दोअक्षर होने चाहिए।

5. पता, जहां कहींभी हो, उसमें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश, जिला, उप- जिला, शहर या गांव, वार्ड नंबर (शहर के मामले में,यदि उपलब्ध हो), परिसर, घर कानंबर और पिन कोड का नाम शामिल होगा।

राज्यपाल के आदेश से

..सरकार के सचिव

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(31)

No.1 -F4-1-6-0001-2024.-

In exercise of the powers conferred by section 30 of the Registration of Births and Deaths Act , 1969 ( 18 of 1969 ) and in supersession of this department's Notification No. 307/3757-99- 23 - E.S . dated 17th March , 2000 , the State Government with the approval of the Central Government , hereby , makes the following Rules , namely: -

RULES

1. Short title and commencement.- ( 1 ) These rules may be called the Madhya Pradesh Registration of Births and Deaths Rules , 2024 .

(2) They shall come into force from the date of their publication in the Madhya Pradesh Gazette .

2. Definitions . In these rules , unless the context otherwise requires:

( a) " Act" means the Registration of Births and Deaths Act , 1969 ( No.18 of 1969) ;

(b) " Form " means forms appended to these rules ;

( c) " Section " means sections of the Act .

3. Period of gestation.- The period of gestation for the purpose of clause (g) of sub - section ( I) of section 2 of the act shall be twenty - eight weeks .

4. Submission of report under section 4 (4) .- The report under sub - section (4) of section 4 shall be prepared in the prescribed format appended to these rules and shall be submitted along with the statistical report referred to in sub - section ( 2) of मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(32)

section 19 to the State Government by the Chief Registrar for every year by the 31st July of the year following the year to which the report relates .

5. Form , etc. for giving information of births and deaths.- ( 1 ) The information required to be given to the Registrar under section 8 or section 9 , as the case may be , shall be mentioned in Form No. 1 , 2 and 3 for the Registration of a birth , death and still birth respectively , hereinafter to be collectively called the reporting forms . Information if given orally , shall be entered by the Registrar in the appropriate reporting forms and the signature/ thumb impression of the informant obtained .

(2) The part of the reporting forms containing legal information shall be called the ' Legal Part ' and the part containing statistical information shall be called the 'Statistical Part' .

(

3) The information referred to in sub - rule ( 1 ) above , shall be given within twenty one days from the date of birth , death and still birth .

(4

) Name , wherever it occurs , in Forms referred to in these rules shall be provided in the format of [ first name ] [middlename ] [ last name] and the name shall not contain any abbreviation .

(5) Date , wherever it occurs , in Forms referred to in these rules shall be provided in the format of dd - mm- yyyy , where ddis date in two digits , mm is month in two digits and yyyy is the year in four digits .

(6) The address , wherever it occurs , in Forms referred to in मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

2(33)

rules shall contain the name of State or Union Territory , District , Sub- district , Town or Village , Ward number ( in case of town and if available ) , Locality , House number and PIN Code .

6. Birth or death in a vehicle.- ( 1) In respect of a birth or death in a moving vehicle , the person in - charge of the vehicle shall give or cause to be given the information under sub - section ( 1 ) of section 8 of the act at the first place of halt .

Explanation.- For the purpose of these rules the term " Vehicle " means conveyance of any kind used on land , air or water and includes an aircraft , a boat , a ship , a railway carriage , a motor - car , a motor - cycle , a cart , a tonga and a rickshaw .

(2) In case of deaths [not falling under clause (a) to (e) of sub - section ( 1 ) of section 8 ] , in which an inquest is held , the officer who conducts the inquest shall give or cause to be given the information under sub - section ( 1 ) of section 8 .

7. Form of certificate under section 10 (2 ) and (3 ) .- The certificate as to the cause of death , including the history of illness , if any , required under sub - section (2) and (3 ) of section 10 shall be issued in Form No. 4 and 4A and the Registrar shall , after making necessary entries in the register of deaths , forward all such certificates to the Chief Registrar or the officer specified by him in this behalf by the 10th of the month immediately following the month to which the certificates relate .

8. Certificate of registration of births or deaths to be given under section 12.- ( 1 ) The certificate of births or deaths मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

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extracted from the register relating to births or deaths to be given to an informant electronically or otherwise , under section 12 shall be in Form No. 5 and 6 , as the case may be .

(2) In the case of domiciliary events of births and deaths , as the case may be , referred to in clauses ( a) , ( aa) , ( ab ) and (ac) ofsub - section ( 1) of Section 8 which are reported direct to the Registrar of Births and Deaths , the head of the house or household as the case may be , or in his absence , the nearest relative of the head present in the house , or , in his absence , the oldest adult person present , the adoptive parents , the parent , and the biological parent , as the case may be , may obtain electronically or otherwise the certificate of birth or death from the Registrar within thirty days of its reporting .

(3) In case of domiciliary events of births and deaths referred to in clause ( a) of sub- section ( 1) of section 8 , which are reported by persons specified by the State Government under sub - section (2 ) of the said section , the person so specified shall transmit , electronically or otherwise , the certificate received from the Registrar of Births and Deaths to the concerned head of the house or household as the case may be , or , in his absence , the nearest relative of the head present in the house or , in his absence , the oldest adult person present , within thirty days of its issue by the Registrar .

(4) In case of institutional events of births and deaths , as the case may be , referred to in clauses (b) to ( e) and (da) , (db) and (dc) of sub - section ( 1) of section 8 , the nearest relative of the new born or deceased may obtain electronically or otherwise the certificate from the officer or person - in- charge of मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

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the institution concerned within thirty days of the occurrence of the event of birth or death .

(5) If the certificate of birth or death is not collected by the concerned person as referred to in sub - rule ( 2 ) to (4) within the period stipulated therein , the Registrar or the officer or person in charge of the concerned institution as referred to in sub- rule ( 4) shall transmit the same to the concerned family by post within fifteen days of the expiry of the aforesaid period .

9. Authority for delayed registration and fee payable therefore.- ( 1 ) Any birth or death of which information is given to the Registrar after the expiry of the period specified in rule 5, but within thirty days of its occurrence , may be registered on payment of a late fee of twenty rupees .

(2) Any birth or death of which delayed information is given to the Registrar after thirty days , but within one year of its occurrence , shall be registered only with the written permission of the District Registrar or the officer prescribed in this behalf and on payment of a late fee of fifty rupees and on production of self- attested document , electronically or otherwise , in Form No. 14 .

(3) Any birth or death of which delayed information is given to the Registrar after one year of its occurrence , shall be registered only on an order made by a District Magistrate or Sub- Divisional Magistrate or by an Executive Magistrate authorised by the District Magistrate , having jurisdiction over the area where the birth or death has taken place and on payment of a late fee of one hundred rupees .

10. Period for the purpose of section 14.- ( 1) Where the birth of any child had been registered without a name , the parent or मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

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guardian of such child shall , within 12 months from the date of registration of the birth of child , give information regarding the name of the child to the Registrar either orally or in writing:

Provided that if the information is given after the aforesaid period of 12 months , which shall be reckoned as under : -

(i ) ( a) in case where the registration had been made prior to the date of commencement of the Madhya Pradesh Registration of Births and Deaths Rules , 1999 ( hereinafter referred to as the principal rules) , further 5 years period from the date of commencement of these rules shall be given. Or

(b) in case where the registration had been made after the date of commencement of the principal rules and 15 years period from date of registration has already been lapsed , they shall also be give 5 years period from the date of commencement of these rules . In respect of those cases , where 15 years period from the date of registration has not yet been lapsed , they shall be allowed to avail the 15 years period . Or

(ii ) in case where the registration is made after the date of commencement of these rules , the period of 15 years from the date of such registration , subject to the provisions of sub- section (4 ) of section 23 , the Registrar shall-

(a) if the register is in his possession forthwith enter the name in the relevant column of the concerned form in the birth register on payment of a late fee of rupees five ;

(b) if the register is not in his possession and if the information is given orally , make a report giving necessary particulars , and if the information is given in writing , forward the same to the officer specified by मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

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the State Government in this behalf for making the necessary entry on payment of a late fee of rupees five .

(2) The parent or the guardian , as the case may be , shall also present to the Registrar the copy of the extract given to him under section 12 or a certified extract issued to him under section 17 and on such presentation the Registrar shall make the necessary endorsement relating to the name of the child or take action as laid down in clause ( b) of the proviso to sub- rule ( 1) . /

11. Correction or cancellation of entry in the register of births and deaths.- ( 1) If it is reported to the Registrar that a clerical or formal error has been made in the register or if such error is otherwise noticed by him and if the register is in his possession , the Registrar shall enquire into the matter and if he is satisfied that any such error has been made , he shall correct the error (by correcting or canceling the entry) as provided in section 15 of the act and shall send an extract of the entry showing the error and how it has been corrected to the State Government or the officer specified by it in this behalf.

(2) In case referred to in sub - rule ( 1 ) , if the register is not in his possession , the Registrar shall make a report to the State Government or the officer authorized by it in this behalf and call for the relevant register and after enquiring into the matter , ifhe is satisfied that any such error has been made , make the necessary correction .

(3) Any such correction as mentioned in sub- rule ( 2) shall . be countersigned by the State Government or the officer authorised by it in this behalf when the register received from the Registrar .

(4) If any person asserts that any entry in the register of births and deaths is erroneous in substance , the Registrar may correct the entry in the manner prescribed under section 15 upon production by that person a declaration setting forth the nature of the error and true facts of the case made by two credible persons having knowledge of thefacts of the case .

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(5) Notwithstanding anything contained in sub - rule ( 1 ) and sub- rule (4 ) , the Registrar shall make report if any correction of the kind referred to therein giving necessary details to the State Government or the officer authorised in this behalf .

(6) If itis proved to the satisfaction of the Registrar that any entry in the register of births and deaths has been fraudulently or improperly made , he shall make a report giving necessary details to the officer authorized by the Chief Registrar by general or special order in this behalf under section 25 and on hearing from him take necessary action in the matter .

(7) In every case in which an entry is corrected or cancelled under these rules , intimation thereof should be sent to the permanent address of the person who has given information under section 8 or section 9 of the Act .

12. Form of register under section 16.- The legal part of the Form No. 1 and 1 -A shall constitute the birth register. The legal part ofthe Form No. 2 and 3 shall constitute the death register and still birth register in Form No. 7 , 8 and 9 respectively.

13. Fees and postal charges payable under section 17.- ( 1 ) The fees payable for a search to be made , a certificate of birth or death or a non- availability certificate to be issued under section 17 , electronically or otherwise shall be as follows: -

Rs .

20.00

(a) Search for a single entry in the first year for which the search ismade मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

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20.00

(b) for every additional year for

which the search iscontinued

50.00

(c) for granting certificate relating to

each birth or death

(d) for granting non - availability certificate of birth or death

20.00

(2) Any such certificate on the basis of extract from the register relating to birth or death shall be issued under section 17 of the Act by the Registrar or the officer authorized by the State Government in this behalf in Form No. 5 or , as the case may be , in Form No. 6 and shall be certified in the manner provided for in section 75 of the Bhartiya Sakshya Adhiniyam , 2023 (47 of 2023 ) .

(3) If any particular event of birth or death is not found registered the Registrar shall issue anon - availability certificate in Form No. 10 .

(4) Any such certificate or non - availability certificate may be furnished to the person askingfor it or sent to him by post on payment of the postal charges therefore .

14. Interval and forms of periodical returns under section 19 (1 ) .- ( 1) Every Registrar shall after completing the process of registration send all the statistical parts of the reporting forms relating to each month along with a summary monthly report in Form No. 11 for births , Form No. 12 for deaths and Form No.13 for still births to the Chief Registrar or the officer authorised by him on or before the 5th of the following month .

(2) The officer so authorised shall forward all such statistical parts of the reporting forms received by him to the Chief Registrar not later than the 10th of the month .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

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15. Statistical report under section 19 ( 2).- The statistical report under sub - section (2) of section 19 shall contain the tables in the prescribed formats appended to these rules and shall be compiled for each year before the 31st July of the year immediately following and shall be published as soon as may be thereafter but in any case not later than five months from that date .

16. Conditions for compounding offences . ( 1 ) Any offence punishable under section 23 of the Act , may , either before or after the institution of criminal proceedings under the Act , be compounded by an officer authorized by the Chief Registrar by a general or special order in this behalf, if the officer so authorized is satisfied that the offence was committed through inadvertence or oversight for the first time .

(2) Any such offence may be compounded on payment of such sum , not exceeding two hundred and fifty rupees for offences under sub - section ( 1) , (2) and (4) , fifty rupees for offences under sub - section (3) , and one thousand rupees in respect of each birth or death for offences under sub- section ( 1A) and (4A) of section 23 of the Act , as the said officer may thinks fit .

16 ( a) . Appeal.- An appeal under sub - section ( 1) of section 25 (A) of the Act shall be preferred in Form No.15 .

17. Registers and other records under clause (k) of sub- section ( 2 ) of section 30.- ( 1 ) The birth register , death register and still birth register shall be records of permanent importance and shall not be destroyed .

(2) The permission granted under sub - section (2) of section 13 of the Act and the orders issued under sub- section (3 ) of the said मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जनवरी 2025

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Act for delayed registration received by the Registrar shall form an integral part of the birth register , death register and still birth register and shall not be destroyed .

(3) The certificate as to the cause of death furnished under sub - section (2) and ( 3) of section 10 of the Act shall be retained for a period of at least 5 years by the Chief Registrar or the officer authorized by him in this behalf .

(4) Every birth register , death register and still birth register shall be retained by the Registrar in his office for a period of twelve months after the end of the calendar year to which it relates and such register shall thereafter be transferred for safe custody to such officer as may be authorised by the State Government in this behalf.

18. Repeal and saving.- The Madhya Pradesh Registration of Births and Deaths Rules , 1999 is hereby repealed in respect of the matters covered by these rules :

Provided that any order made or action taken under the rules so repealed shall be deemed to have been done or taken under the corresponding provisions of these rules .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , विकास मिश्रा , उपसचिव .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2025.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 01 January 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2025-01-01.01.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2025-01-01.01.Extraordinary.