Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

सर्वसाधारण की जानकारी एवं आबकारी के फुटकर ठेकेदारों की विशेष जानकारी के लिए यह सूचना प्रकाशित की जाती है कि वर्ष 2025-26 हेतु आबकारी व्यवस्था निम्नवत.....

Published 14 February 2025

Department
वाणिज्यिक कर
Type
Extraordinary
Gazette no.
47
Identifier
in.gazette.madhya.2025-02-14.47.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

प्रदेश शासन

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मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 14 फरवरी 2025- माघ 25, शक 1946

क्रमांक 47]

वाणिज्यिक कर विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 14 फरवरी 2025

(दिनांक 01 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक हेतु व्यवस्था)

क्र. 3-3-4-0001-2025- Sec-02-पांच (CT).- सर्वसाधारण की जानकारी एवं आबकारी के फुटकर ठेकेदारों की विशेष जानकारी के लिए यह सूचना प्रकाशित की जाती है कि वर्ष 2025-26 हेतु आबकारी व्यवस्था निम्नवत रहेगी:-

1. पवित्र क्षेत्रों में मदिरा दुकानों को बंद किया जाना : -

1.1 निम्न तालिका अनुसार प्रदेश के 13 नगरीय एवं 06 ग्रामीण निकायों में संचालित सभी मदिरा दुकानों को दिनांक 01 अप्रैल , 2025 से बंद किया जाएगा : -

नगरीय एवं ग्रामीण निकायों की सूची

नाम

क्र.

1 उज्जैन नगर निगम

2 ओंकारेश्वर नगर पंचायत

3 महेश्वर नगर पंचायत

93 94

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4 मण्डलेश्वर नगर पंचायत

5 ओरछा नगर पंचायत

6 मैहर नगरपालिका

7 चित्रकूट नगर पंचायत

8 दतिया नगरपालिका

9 पन्ना नगरपालिका

मण्डला नगरपालिका

10

मुलताई नगरपालिका

11

मंदसौर नगरपालिका

12

13 अमरकंटक नगर पंचायत

सलकनपुर ग्राम पंचायत

14

बरमान कलॉ ग्राम पंचायत

15

16 लिंगा ग्राम पंचायत

बरमान खुर्द ग्राम पंचायत

17

कुण्डलपुर ग्राम पंचायत

18

बांदकपुर ग्राम पंचायत

19

दिनांक 01 अप्रैल , 2025 से इन निकाय क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के बार एवं वाईन आउटलेट के लायसेंस नहीं दिये जायेंगे एवं इनके संचालन की अनुमति भी नहीं होगी।

1.2 इन निकाय क्षेत्रों की बंद की जाने वाली मदिरा दुकानों को अन्यत्र विस्थापित नहीं किया जाएगा ।

1.3 कंडिका क्रमांक -1.1 के अनुसरण में प्रभावित होने वाले जिलों में कंडिका क्रमांक-6.6 अनुसार नवीन परिगणित आरक्षित मूल्य पर जिले मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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की सभी मदिरा दुकानों/ एकल समूहों को निर्धारित शर्तों एवं विहित प्रतिबंधों के अधीन नवीनीकरण की पात्रता रहेगी ।

1.4 कंडिका क्रमांक-1.1 के अनुक्रम में , वर्ष 2024-25 में संचालित मदिरा दुकान/दुकानों के बंद होने से किसी वर्तमान मदिरा समूह के विभाजन की स्थितियां निर्मित होती है और उस समूह की कुछ दुकानें शेष रह जाती है , तो उन्हें उसी स्वरूप में नवीन परिगणित आरक्षित मूल्य पर नवीनीकरण का अवसर दिया जाएगा , अर्थात् ऐसी अवशेष मदिरा दुकानों को किसी अन्य समूह में शामिल कर उनका पुनर्गठन नहीं किया जाएगा ।

1.5 जिले को नवीनीकरण की पात्रता प्राप्त न होने से, सम्पूर्ण जिले का निष्पादन ई -टेण्डर (ई -टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से होने पर, पवित्र क्षेत्र के कारण बंद किये गये मदिरा समूह/समूहों की शेष मदिरा दुकान/दुकानों को भी किसी अन्य समूह में शामिल कर पुनर्गठन किया जा सकेगा ।

1.6 कंडिका क्रमांक-1.3 एवं 6.6 के परिप्रेक्ष्य में निष्पादन इकाई के रूप में नवगठित जिलों मैहर , मउंगज एवं पांढुर्ना को उनके मूल जिले क्रमशः सतना, रीवा एवं छिंदवाड़ा के भाग के रूप में ही मान्य किया जाएगा।

2. मदिरा दुकान निष्पादन की प्रक्रिया:-

2.1 वर्ष 2025-26 हेतु प्रदेश के मदिरा समूहों का निष्पादन वर्ष की सम्पूर्ण अवधि अर्थात् दिनांक 01 अप्रैल , 2025 से 31 मार्च , 2026 तक के लिए किया जाएगा ।

2.2 वर्ष 2025-26 में प्रदेश के सभी जिलों की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकानों का निष्पादन प्रथमतः विगत वर्ष 2024-25 में प्रचलित समूहों में किया जाएगा ।

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5 2.3 प्रथमतः प्रदेश के समस्त जिलों में , ऐसे मदिरा दुकानों के एकल समूह जिनका पुनर्गठन किया गया हो, को छोड़कर शेष रहे कम्पोजिट मदिरा दुकान के एकल समूहों के वर्तमान अनुज्ञप्तिधारियों से वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित आरक्षित मूल्य पर नवीनीकरण के लिए आवेदन पत्र ऑफलाइन/ऑनलाइन प्राप्त किये जाएंगे , साथ ही आवेदक अनुज्ञप्तिधारियों को ई-आबकारी पोर्टल पर तद्विषयक रूचि की अभिव्यक्ति भी करनी होगी ।

2.4 जिन कम्पोजिट मदिरा दुकान/समूहों पर नवीनीकरण के लिए आवेदन पत्र प्राप्त नहीं होंगे, उन कम्पोजिट मदिरा दुकान/ समूहों पर अन्य इच्छुक सभी पात्र आवेदकों से निर्धारित आरक्षित मूल्य पर लॉटरी आवेदन ऑनलाइन/जिला आबकारी कार्यालय में ऑफलाइन आमंत्रित किये जाएंगे ।

2.5 जिले में कम्पोजिट मदिरा दुकान/समूहों के लिए लॉटरी आवेदन पत्र आमंत्रित करने की दशा में किसी मदिरा दुकान/ समूह पर एक से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने पर सफल आवेदक का चयन जिला निष्पादन समिति द्वारा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्राप्त समस्त आवेदनों को शामिल करते हुए लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा ।

2.6 नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों तथा अन्य आवेदकों से प्राप्त लॉटरी आवेदन पत्रों को सम्मिलित करते हुये, समग्र में यदि जिले में संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकान के समूहों में से , पुनर्गठित समूहों में निहित आरक्षित मूल्य को कम कर , शेष रहे आरक्षित मूल्य का 80 प्रतिशत अथवा उससे अधिक राशि के आवेदन पत्र प्राप्त होते हैं, तो ऐसी समस्त आवेदित कम्पोजिट मदिरा दुकान/समूहों का निष्पादन , जिला निष्पादन समिति द्वारा, पात्र आवेदकों के हित में किया जाएगा।

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2.7 वर्तमान में रीवा , सतना एवं छिन्दवाड़ा जिले को विभाजित कर क्रमशः मउगंज , मैहर एवं पाढुर्ना नवीन जिले सृजित किये जा चुके हैं किन्तु वर्ष 2025-26 के निष्पादन हेतु प्रदेश के पुराने 52 जिलों को ही निष्पादन इकाई मान्य किया जाएगा ।

नवीन जिला क्षेत्रों में संचालित मदिरा समूहों का निष्पादन पूववर्ती जिलों में शामिल मानकर ही किया जाएगा । नवीन जिलों में संचालित मदिरा दुकानों के सन्दर्भ में उन नवीन जिलों के कलेक्टर भी जिला निष्पादन समिति में सहयोजित किये जाएंगे । निष्पादन उपरांत नवीन जिला क्षेत्रों की मदिरा दुकानों का संचालन एवं प्रशासन उक्त नवीन जिलों के जिला कलेक्टरों के अधीन किया जाएगा ।

2.8 जिन जिलों में कंडिका क्रमांक-2.6 के पालन में कम्पोजिट मदिरा दुकान समूहों पर नवीनीकरण के लिए प्राप्त आवेदन पत्र तथा अन्य आवेदकों के लॉटरी आवेदन पत्रों को सम्मिलित कर समग्र में वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित आरक्षित मूल्य के राजस्व में निहित 80 प्रतिशत आरक्षित मूल्य से कम राशि के आवेदन पत्र प्राप्त होते हैं, तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जायेगा और ऐसे जिलों के समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकानों/समूहों का निष्पादन निर्धारित आरक्षित मूल्य पर ई- टेण्डर (समान दुकान/दुकानों अथवा समूह/समूहों पर ई- टेण्डर एवं ई- टेण्डर कम ऑक्शन साथ- साथ भी) आमंत्रित कर किया जाएगा।

2.9 वर्ष 2025-26 के लिए नवीनीकरण आवेदन तथा लॉटरी आवेदन पत्रों के माध्यम से निष्पादन की कार्यवाही उपरांत निष्पादन से शेष रहे कम्पोजिट मदिरा दुकानों/ समूहों का निष्पादन वर्ष 2025-26 के निर्धारित आरक्षित मूल्य के विरुद्ध ई- टेण्डर (समान दुकान/दुकानों अथवा समूह/समूहों पर ई-टेण्डर एवं ई- टेण्डर कम ऑक्शन साथ - साथ भी) आमंत्रित कर किया जाएगा।

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2.10 मदिरा दुकानों/ समूहों के निष्पादन की प्रक्रिया ( नवीनीकरण/लॉटरी/ई- टेण्डर/ई- टेण्डर कम ऑक्शन) में भाग लेने हेतु समस्त प्रकार के आवेदकों(व्यक्ति/कंपनी/फर्म/लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) आदि) को ई -आबकारी पोर्टल पर कॉन्ट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन मॉडयूल के अंतर्गत पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। उक्त पंजीयन में पैन कार्ड (PAN ) के आधार पर आवेदक की जानकारी का पोर्टल के माध्यम से स्वतः सत्यापन किया जाएगा ।

2.11 मदिरा दुकानों के एकल समूहों के निष्पादन के संबंध में जारी की जाने वाली निविदा की शर्ते आबकारी आयुक्त द्वारा शासन के अनुमोदन से जारी की जाएंगी ।

2.12 वर्ष 2025-26 के लिए कम्पोजिट मदिरा की दुकानों/ एकल समूहों का निष्पादन आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित / अधिसूचित किये गये कार्यक्रम अनुसार एवं नियत स्थलों पर किया जायेगा।

3. मदिरा दुकानों की व्यवस्था : -

3.1 प्रदेश की समस्त मदिरा दुकानें (वाईन शॉप एवं एयरपोर्ट काउंटर को छोड़कर) कम्पोजिट शॉप होंगी , जिनमें देशी एवं विदेशी दोनों प्रकार की मदिरा विक्रय हेतु उपलब्ध रहेगी। समस्त मदिरा दुकानों पर देश के बाहर से आयातित BIO ( Bottled In Origin ) मदिरा का विक्रय भी अनुमत होगा।

3.2 वाईन शॉप पर वाईन एवं हेरिटेज मदिरा का विक्रय अनुमत रहेगा। इसी प्रकार एयरपोर्ट काउंटर पर भी हेरिटेज मदिरा का विक्रय अनुमत रहेगा ।

3.3 प्रदेश की किसी भी मदिरा दुकान के परिसर में मदिरा सेवन की अनुमति नहीं होगी ।

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4. जिला निष्पादन समिति के कार्य , मदिरा दुकान के परिक्षेत्र का निर्धारण एवं विस्थापन : -

4.1 वर्ष 2024-25 की भाँति वर्ष 2025-26 में प्रत्येक जिले में जिला निष्पादन समिति गठित की जायेगी । जिला समिति मदिरा दुकानों का विस्थापन कर जिले में अन्य स्थान पर विस्थापित दुकान खोलने, मदिरा दुकान का पोटेंशियल क्षेत्र निर्धारित करने, मदिरा दुकानों का आरक्षित मूल्य निर्धारित करने , मदिरा दुकानों के एकल समूहों का गठन/पुनर्गठन करने , मदिरा दुकानों का शासन निर्धारित प्रक्रिया अनुसार निष्पादन करने आदि समस्त कार्य करेगी । इस हेतु आबकारी आयुक्त दिशा- निर्देश जारी कर सकेंगे।

4.2 जिला निष्पादन समिति सभी मदिरा दुकानों के अवस्थापन परिक्षेत्र का निर्धारण करेगी तथा जिले की सम्पूर्ण मदिरा दुकानों के अवस्थापन परिक्षेत्र की सूची निष्पादन से पूर्व घोषित करेगी।

4.3 निष्पादन के पूर्व जिला निष्पादन समिति द्वारा किसी मदिरा दुकान को विस्थापित कर जिले में अन्य स्थान पर खोलने का निर्णय आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुमति के अधीन ही लिया जा सकेगा।

वर्तमान में कई जिलों में समान अथवा भिन्न समूहों की अनेक मदिरा दुकानें बहुत निकट स्थापित एवं संचालित है । आगामी वर्ष हेतु जिला निष्पादन समिति द्वारा उन्हें एक न्यूनतम व्यावहारिक दूरी पर स्थापित कराने के प्रयास किये जाने होंगे।

4.4 जिले में अन्य स्थान पर विस्थापित की गई मदिरा दुकान अथवा अपरिहार्य कारणों से बंद की गई मदिरा दुकान की सम्बद्धता (Correlation ) का निर्धारण जिला निष्पादन समिति द्वारा किया जाएगा ।

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4.5 मदिरा दुकान के अवस्थापन परिक्षेत्र के अंतर्गत भी उसका स्थल परिवर्तनं आवश्यकता होने पर, अनुज्ञप्तिधारी द्वारा वित्तीय वर्ष के प्रथम माह अथवा निष्पादन दिनांक के आगामी 01 माह (जो भी अवधि बाद में पूर्ण हो ) की अवधि में उस मदिरा दुकान हेतु आवंटित अवस्थापन परिक्षेत्र के अंतर्गत अनुज्ञापन प्राधिकारी को प्रस्तुत पूर्व सूचना के अधीन सामान्य प्रयुक्ति के नियमों की दृष्टि से उपयुक्त स्थल पर किया जा सकेगा।

उक्त अवधि के उपरांत आगामी 02 माह की अवधि तक आवश्यकता होने पर स्थल परिवर्तन जिला निष्पादन समिति द्वारा अनुमत किया जा सकेगा, किन्तु उक्त अवधि के पश्चात् इस प्रकार के परिवर्तन के लिए आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।

4.6 अपरिहार्य परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2025-26 में जिला समिति मदिरा दुकान बंद करने हेतु आबकारी आयुक्त को प्रस्तावित कर सकेगी । अंतिम निर्णय आबकारी आयुक्त के माध्यम से शासन स्तर से लिया जाएगा ।

4.7 जिला समिति द्वारा निर्धारित स्थान पर नगर निगम/नगरीय निकाय द्वारा मदिरा दुकान के संचालन हेतु दुकान का निर्माण कराकर उपलब्ध करायी जाने पर , उक्त दुकान में मदिरा दुकान खोलने की अनिवार्यता रहेगी।

5. मदिरा की दुकानों के एकल समूह का पुनर्गठन : -

5.1 किसी मदिरा दुकान को बंद करने , उसे उसके परिक्षेत्र के बाहर विस्थापित कर , नवीन स्थल पर खोलने अथवा अन्य किसी कारण से भी अपरिहार्यता उत्पन्न होने की स्थिति में भौगोलिक निरंतरता एवं राजस्व हित के आधार पर मदिरा की दुकानों के एकल समूह के मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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गठन/पुनर्गठन/विघटन करने के संबंध में जिला निष्पादन समिति आबकारी आयुक्त की अनुमति के अधीन निर्णय ले सकेगी । ऐसे पुनर्गठित समूह का निष्पादन ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई- टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से ही किया जायेगा तथा इनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा ।

5.2 रीवा, सतना एवं छिन्दवाड़ा जिलों को विभाजित कर क्रमशः मउगंज , मैहर एवं पांढुर्ना नवीन जिले गठित किये गये हैं । इन जिलों में वर्तमान में प्रचलित किसी मदिरा समूह में शामिल दुकानें यदि एक से अधिक जिले की राजस्व सीमा में आती हो, तो उन समूहों का नवगठित जिलों की राजस्व सीमाओं के निर्धारण के अनुरूप पुनर्गठन किया जाये । आशय है कि किसी भी मदिरा समूह में सम्मिलित मदिरा दुकानें एक से अधिक जिले की राजस्व सीमाओं के अंतर्गत नहीं आनी चाहिए। ऐसे पुनर्गठित समूह का निष्पादन ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई- टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से ही किया जायेगा तथा इनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा ।

5.3 किसी जिले में नवीनीकरण/लॉटरी की कार्यवाही सम्पन्न होने के उपरांत नवीनीकरण/लॉटरी से शेष रही मदिरा दुकानों के समूहों का ई- टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन ) के विभिन्न चरणों में राजस्व हित में आवश्यकतानुसार एकल दुकानों/छोटे या बड़े समूह किसी भी रूप में पुनर्गठन किया जा सकेगा।

इस पुनर्गठन हेतु समूहों में शामिल दुकानों की भौगोलिक निरंतरता की अनिवार्यता नहीं रहेगी , ऐसा पुनर्गठन जिला समिति द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के आधार पर आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमत किया जाएगा।

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5.4 नवीनीकरण/लॉटरी से निष्पादन के अभाव में जिले की सम्पूर्ण मदिरा दुकानों का निष्पादन ई - टेण्डर (ई- टेण्डर एवं ई- टेण्डर कम ऑक्शन ) के माध्यम से वर्तमान में प्रचलित छोटे समूहों में अथवा राजस्व हित को दृष्टिगत रखते हुए जिलों से प्राप्त युक्तियुक्त प्रस्तावों के आधार पर आबकारी आयुक्त द्वारा प्रदत्त अनुमति के अधीन एकल दुकानों अथवा बड़े समूहों में किया जा सकेगा ।

5.5 भौगोलिक निरंतरता के आधार पर अधिकतम 04 मदिरा दुकानों तक का एकल समूह (आवश्यकतानुसार) राजस्व हित में जिला निष्पादन समिति द्वारा बनाया जा सकेगा । 04 से अधिक मदिरा दुकानों के समूह का पुनर्गठन आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा ।

6. वार्षिक आधार मूल्य का निर्धारण : -

वर्ष 2024-25 के लिये प्रदेश की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकानों के वार्षिक आधार मूल्य का निर्धारण निम्नानुसार किया जायेगा : -

6.1 वर्ष 2024-25 में जिन एकल समूहों में सम्मिलित एक मदिरा दुकान से दूसरी मदिरा दुकान में, वार्षिक मूल्य में अन्तरण अनुमत किया गया है , तो ऐसा आदेश लागू होने के दिनांक से 31 मार्च , 2025 तक की अवधि के लिए अन्तरण मानकर (भले ही लायसेंसी द्वारा आदेश जारी किये जाने के उपरान्त अन्तरण योग्य मदिरा का प्रदाय लिया गया हो अथवा नहीं) , एकल समूहों में सम्मिलित मदिरा दुकानों का वर्ष 2024-25 के लिए वार्षिक आधार मूल्य पुनर्गणित किया जायेगा।

6.2 जिन एकल समूहों में वार्षिक मूल्य का ऐसा अन्तरण वर्ष 2024-25 में अनुमत नहीं किया गया है, ऐसे एकल समूह के साथ - साथ उस समूह में स्थित प्रत्येक मदिरा दुकान का वर्ष 2024-25 की ठेका अवधि के 94(9)

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लिये वार्षिक आधार मूल्य , वर्ष 2024-25 के लिये निष्पादित मूल्य के बराबर ही रहेगा ।

6.3 वर्ष 2024-25 के लिये जिले के मदिरा दुकानों के एकल समूहों का निष्पादन किये जाने के पश्चात् यदि लायसेंस की अवधि में किसी मदिरा दुकान के एकल समूह का पुनः निष्पादन किया है , तो ऐसी मदिरा दुकान के एकल समूह का, वर्ष 2024-25 हेतु वार्षिक आधार मूल्य का पुनः निर्धारण निम्नानुसार किया जायेगा : -

1. मूल निष्पादन उपरांत अनुज्ञप्तिधारी द्वारा मदिरा दुकान के संचालन अवधि का वार्षिक मूल्य,

2. लायसेंस निरस्तीकरण पश्चात् जितनी अवधि हेतु मदिरा दुकानों का विभागीय संचालन किया गया है तो, विभागीय संचालन में प्राप्त शुद्ध आय एवं उसी अवधि के लिए मूल निष्पादन में प्राप्त वार्षिक मूल्य में से जो अधिक हो,

3. पुनर्निष्पादन के पश्चात् पुनर्निष्पादित अवधि हेतु प्राप्त वार्षिक मूल्य।

उपरोक्त बिन्दु क्रमांक 1 , 2 एवं 3 का योग वर्ष 2024-25 के लिए पुनर्गणित वार्षिक आधार मूल्य होगा और यदि पुनर्निष्पादन एक से अधिक बार होता है, तो उपरोक्तानुसार पुनः इस प्रक्रिया का पालन कर वर्ष 2024-25 के लिए वार्षिक आधार मूल्य परिगणित किया जायेगा।

6.4 मदिरा दुकान के विस्थापन उपरांत मदिरा दुकानों के वर्ष 2024-25 हेतु वार्षिक आधार मूल्य की गणना :-

6.4.1 जिले में किसी मदिरा दुकान को विस्थापित कर , अन्य स्थान पर दुकान खोलने की स्थिति में , विस्थापित दुकान के वर्ष 2024-25 हेतु वार्षिक आधार मूल्य का निर्धारण, जिले में जिस परिक्षेत्र/ 94(10)

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स्थान पर विस्थापित दुकान खोली जानी है उसके समीपवर्ती दो मदिरा दुकानों के वर्ष 2024-25 के परिगणित वार्षिक आधार मूल्य के औसत के समतुल्य किया जायेगा ।

6.4.2 अन्य स्थान पर विस्थापित दुकान के वर्ष 2024-25 के लिए नवीन स्थल पर परिगणित वार्षिक आधार मूल्य को विस्थापित की जा रही मदिरा दुकान के पूर्व स्थल पर वर्ष 2024-25 हेतु परिगणित वार्षिक आधार मूल्य में से कम कर , शेष रही राशि को विस्थापित मदिरा दुकान के पूर्व पोटेंशियल एरिया से संलग्न संचालित मदिरा दुकानों की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती ( Inversely Proportional ) पर विभाजित कर जोड़ा जायेगा।

6.4.3 किसी मदिरा दुकान को विस्थापित कर जिले में अन्य स्थान पर खोले जाने की स्थिति में यह ध्यान रखा जावेगा कि अन्य स्थान पर विस्थापित दुकान तथा जिले की शेष संचालित मदिरा दुकानों का परिगणित कुल वार्षिक मूल्य जिले के वर्ष 2024-25 के परिगणित वार्षिक मूल्य से कम न हो ।

6.5 मदिरा दुकान को बंद करने की स्थिति में बंद मदिरा दुकान का वर्ष 2024-25 हेतु परिगणित वार्षिक आधार मूल्य का विभाजन : -

6.5.1 जिला निष्पादन समिति के प्रस्ताव उपरांत शासन की पूर्व अनुमति से यदि वर्ष 2025-26 हेतु किसी मदिरा दुकान को बंद करने का निर्णय लिया जाता है , तो ऐसी स्थिति में बंद की जाने वाली मदिरा दुकान के वर्ष 2024-25 हेतु परिगणित वार्षिक आधार मूल्य को , बंद की जा रही मदिरा दुकान के पोटेंशियल एरिया से संलग्न संचालित मदिरा दुकानों की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती ( Inversely Proportional ) आधार पर विभाजित कर जोड़ा जायेगा ।

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6.5.2 किसी मदिरा दुकान को बंद करने की स्थिति में यह ध्यान रखा जावेगा कि जिले की शेष संचालित मदिरा दुकानों का परिगणित कुल वार्षिक मूल्य जिले के वर्ष 2024-25 के परिगणित वार्षिक मूल्य से कम न हो ।

6.6 वर्ष 2025-26 में पवित्र क्षेत्रों में बन्द की जाने वाली मदिरा दुकानों के वार्षिक आधार मूल्य का विभाजन एवं इन जिलों में शेष मदिरा दुकानों के आरक्षित मूल्य का निर्धारण : -

कण्डिका 1.1 अनुसार बन्द की जाने वाली मदिरा दुकानों के जिलों की शेष मदिरा दुकानों के वर्ष 2024-25 के आधार वार्षिक मूल्य की गणना कंडिका क्रमांक -6.1 से 6.5 में उल्लेखित सि‌द्धांतों के अनुसार की जाएगी। उपरोक्त आधार वार्षिक मूल्य की गणना के उपरांत उसमें कंडिका क्रमांक -07 में उल्लेखित आरक्षित मूल्य हेतु निर्धारित वृद्धि की जाएगी।

तदोपरान्त कण्डिका 1.1 अनुसार बंद की जाने वाली मदिरा दुकानों के वर्ष 2024-25 के कुल वार्षिक मूल्य को संबंधित जिले की शेष समस्त मदिरा दुकानों में उनके वार्षिक मूल्य के समानुपातिक रूप से अंतरित किया जाकर , अंतिम आरक्षित मूल्य की गणना की जायेगी। उदाहरण : - यदि किसी जिले की समस्त मदिरा दुकानों का वर्ष 2024- 25 का वार्षिक मूल्य कुल रूपये 500 करोड़ है एवं इनमें से बन्द हो रही मदिरा दुकानों का वर्ष 2024-25 का वार्षिक मूल्य रूपये 100 करोड़ है , ऐसी स्थिति में शेष वार्षिक मूल्य रूपये 400 करोड़ की मदिरा दुकानों के आरक्षित मूल्य की गणना निम्नानुसार की जायेगी : - (

क) प्रथमतः बन्द होने वाली मदिरा दुकानों के वर्ष 2024-25 के कुल वार्षिक मूल्य का जिले में शेष मदिरा दुकानों के वर्ष 2024-25 के मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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कुल वार्षिक मूल्य से प्रतिशत निकाला जायेगा, जो कि उक्त उदाहरण अनुसार रूपये ( 100x100)/400 यानि 25 प्रतिशत होगा ।

(ख ) उक्त उदाहरण में यदि किसी दुकान का वर्ष 2024-25 का वार्षिक मूल्य रूपये 10 करोड़ है तो उपरोक्त सि‌द्धान्त अनुसार एवं वर्ष 2024-25 के परिगणित वार्षिक आधार मूल्य में 20 प्रतिशत की वृ‌द्धि कर उसका अंतिम आरक्षित मूल्य निम्नानुसार होगा : -

अंतिम आरक्षित मूल्य = ( 10x1.2) + ( 10x0.25) = 14.5 करोड़

7. आरक्षित मूल्य का निर्धारण:-

कम्पोजिट मदिरा दुकानों के वर्ष 2024-25 के परिगणित वार्षिक आधार मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर , वर्ष 2025-26 का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाएगा ।

8. वार्षिक मूल्य, वार्षिक लायसेंस फीस एवं न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि का निर्धारण : -

8.1 नवीनीकरण/ लॉटरी द्वारा निष्पादित की गयी मदिरा दुकानों/ एकल समूहों हेतु निर्धारित आरक्षित मूल्य ही उनका वार्षिक मूल्य होगा।

8.2 ई-टेण्डर ( ई- टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन ) के माध्यम से निष्पादित मदिरा दुकानों/एकल समूहों हेतु ई - टेण्डर में स्वीकृत उच्चतमं ऑफर की राशि उस मदिरा दुकान/ एकल समूह का वार्षिक मूल्य होगा।

8.3 मदिरा दुकान/ एकल समूह के कुल वार्षिक मूल्य का 5 प्रतिशत वार्षिक लायसेंस फीस होगी । शेष 95 प्रतिशत राशि संबंधित मदिरा दुकान/एकल समूह के लिए वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि निर्धारित होगी, जिसके विरुद्ध मदिरा प्रदाय अनुमत होगा । वार्षिक लायसेंस फीस के विरुद्ध मदिरा प्रदाय अनुमत नहीं होगा।

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9. धरोहर राशि (Earnest Money Deposit) , वार्षिक लायसेंस फीस एवं उनको जमा कराया जाना:-

वर्ष 2025-26 के लिये धरोहर राशि, वार्षिक लायसेंस फीस व उनको जमा करने की प्रक्रिया निम्नवत रहेगी:-

9.1 वर्ष 2025-26 की ठेका अवधि के लिए नवीनीकरण/लॉटरी/ई- टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन साथ- साथ ) के माध्यम से निष्पादित की जाने वाली मदिरा दुकानों के समूह/ एकल समूहों के लिए धरोहर राशि ( EMD ) निम्नवत रहेगी :-

क्र.

धरोहर राशि ( EMD ) मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों का आरक्षित मूल्य 1 10 करोड़ तक

2 10 करोड़ से अधिक आरक्षित मूल्य के 2 प्रतिशत राशि के आगामी 1 लाख के गुणांक में

20 लाख +आरक्षित मूल्य की 10 करोड़ से अधिक शेष राशि के 1 प्रतिशत के आगामी 05 लाख के गुणांक में

9.2 नवीनीकरण हेतु निर्धारित धरोहर राशि ( EMD ) आवेदन पत्र के साथ ई-आबकारी पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करनी होगी ।

9.3 ऑफलाइन लॉटरी आवेदन पत्र के साथ धरोहर राशि ( EMD ) ट्रेजरी में ई -चालान द्वारा जमा करानी होगी । लॉटरी आवेदन जमा करने की निर्धारित अंतिम दिनांक तथा समय के पूर्व Success हुए ई- चालान के साथ ही लॉटरी आवेदन मान्य किया जाएगा ।

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9.4 ई- टेण्डर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रस्तुत किये जाने वाले लॉटरी आवेदन पत्र एवं ई-टेण्डर के साथ जमा की जाने वाली धरोहर राशि (EMD ) , NIC के mptenders पोर्टल (https://mptenders.gov.in ) पर ऑनलाइन देय होगी ।

9.5 नवीनीकरण/लॉटरी/ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई - टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से निष्पादन होने पर सफल आवेदक/चयनित लॉटरीदाता/ सफल निविदादाता की धरोहर राशि ( EMD ) वार्षिक लायसेंस फीस में समायोजित की जाएगी ।

9.6 नवीनीकरण के माध्यम से निष्पादन की स्थिति में सफल आवेदक/ चयनित लॉटरीदाता को वार्षिक लायसेंस फीस की शेष राशि निष्पादन की तिथि से 03 दिवस के अंदर ई -आबकारी पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करनी होगी । 03 दिवसों की गणना में निष्पादन की कार्यवाही का दिन एवं अवकाश के दिन ( बैंक बंदी दिवस अथवा बैंक हड़ताल दिवस सहित, यदि कोई हो) को गणना में नहीं लिया जायेगा । नियत अवधि के अंतिम दिन से अभिप्राय उस दिनांक को रात्रि 12:00 बजे तक होगा।

9.7 नवीनीकरण/लॉटरी आवेदन पत्र के माध्यम से मदिरा दुकानों के निष्पादन की स्थिति में वार्षिक लायसेंस फीस की शेष राशि कंडिका क्रमांक-9.6 में वर्णित अवधि में जमा न किये जाने पर ऑफर निरस्त किया जाकर उसकी धरोहर राशि जब्त की जाएगी तथा ऐसी मदिरा दुकान के एकल समूह पुनः निष्पादन पर रखे जावेंगे ।

9.8 ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई- टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से मदिरा दुकानों के निष्पादन की स्थिति में , वार्षिक लायसेंस फीस की शेष राशि निष्पादन की तिथि से 03 दिवस के अंदर अथवा दिनांक 31 मार्च, 2025 जो भी पहले हो तक, ई -आबकारी पोर्टल पर ऑनलाइन जमा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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करानी होगी। 03 दिवसों की गणना में निष्पादन की कार्यवाही का दिन एवं अवकाश के दिन ( बैंक बंदी दिवस अथवा बैंक हड़ताल दिवस सहित, यदि कोई हो) को गणना में नहीं लिया जायेगा । नियत अवधि के अंतिम दिन से अभिप्राय उस दिनांक को रात्रि 12:00 बजे तक होगा।

9.8.1 ई- टेण्डर (ई- टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) द्वारा मदिरा दुकानों के एकल समूहों का निष्पादन, दिनांक 29 मार्च के उपरांत होता है , तो ऐसी स्थिति में भी संबंधित कम्पोजिट मदिरा दुकानों के एकल समूहों की शेष वार्षिक लायसेंस फीस जमा कराये जाने हेतु आबकारी आयुक्त द्वारा 03 बैंक कार्यकारी दिवस का समय एवं उक्त अवधि हेतु दुकान संचालन की कार्यकारी अनुमति दी जा सकेगी।

9.8.2 यदि 31 मार्च तक स्वीकृत निविदादाता द्वारा अवशेष वार्षिक लायसेंस फीस की राशि दिनांक 31 मार्च के उपरांत जमा करायी जाती है , तो भी उस समूह की दुकानों के लायसेंस वित्तीय वर्ष की सम्पूर्ण अवधि के लिए ही जारी किये जायेंगे और उसकी देयताएं भी वर्ष की सम्पूर्ण अवधि की ही होंगी।

9.9 ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई -टेण्डर कम ऑक्शन ) के माध्यम से मदिरा दुकानों के निष्पादन की स्थिति में , वार्षिक लाइसेंस फीस की शेष राशि कण्डिका 9.8 में वर्णित अवधि में जमा न किये जाने पर ऑफर निरस्त किया जाकर उसकी धरोहर राशि जप्त की जाएगी और ऐसी मदिरा दुकान के एकल समूह पुनर्निष्पादन पर रखे जाएंगे । उक्त समूहों का पुनर्निष्पादन पूर्व निर्धारित आरक्षित मूल्य पर वर्तमान उच्चतम ऑफरदाता के उत्तरदायित्व पर किया जायेगा ।

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9.9.1 इस प्रकार का डिफाल्टर आवेदक ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उसे सम्पूर्ण प्रदेश में निष्पादन के आगामी सभी चरणों में किसी भी प्रकार से भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।

9.9.2 पुनर्निष्पादन हेतु दुकान को ई-टेण्डर (ई- टेण्डर एवं ई- टेण्डर कम ऑक्शन) के आगामी शेष यथा उपलब्ध चरणों में सम्मिलित किया जाएगा ।

9.10 असफल आवेदक/असफल लॉटरीदाता/ असफल टेण्डरदाता द्वारा जमा धरोहर राशि ( EMD ) , उसे वापस की जायेगी ।

10. प्रतिभूति राशि (Security Deposit) एवं उसको जमा कराया जाना : - 10.1 वर्ष 2025-26 की ठेका अवधि के लिये प्रतिभूति राशि संबंधित मदिरा दुकानों के लिए प्राप्त वार्षिक मूल्य के 10 प्रतिशत के समतुल्य प्रभारित की जायेगी ।

10.1.1 प्रतिभूति राशि, ई- आबकारी पोर्टल के माध्यम से जमा ई- चालान के द्वारा अथवा संबंधित जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसूचित व्यवसायिक बैंक/ निजी क्षेत्र के अनुसूचित व्यवसायिक बैंक/ मध्यप्रदेश राज्य के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के द्वारा जारी ई- बैंक गारंटी (e- BG ) के रूप में ही स्वीकार की जावेगी । प्रतिभूति के रूप में प्रस्तुत ई- बैंक गारंटी की वैधता अवधि कम से कम 30.04.2026 तक की होगी ।

10.1.2 वर्ष 2025-26 हेतु सभी बैंक गारंटियां अनिवार्यतः ई- बैंक गारंटी के रूप में ही प्राप्त की जाएंगी । किसी अनुमत बैंक का नेशनल ई - गवर्नेस सर्विस लिमिटेड ( NeSL ) में पंजीकृत न होना या अन्य किसी कारण से ई- बैंक गारंटी (e- BG ) प्रदाय 94(17)

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करने में सक्षम न होना उस बैंक की भौतिक बैंक गारंटी मान्य किये जाने का आधार नहीं होगा।

10.1.3 प्रतिभूति राशि के रूप में सावधि जमा ( FDR ) भी स्वीकार्य नहीं होगी। पूर्व वर्ष की जमा सावधि का नवीनीकरण भी मान्य नहीं किया जाएगा ।

10.1.4 नवीनीकरण/लॉटरी/ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई- टेण्डर कम ऑक्शन) द्वारा चयनित आवेदक एवं सफल टेण्डरदाता व्यक्ति/ भागीदारी फर्म/लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी)/कम्पनी/कंसोर्टियम के नाम से जारी अथवा पक्ष में स्वीकृत ई - बैंक गारण्टी ही स्वीकार की जायेगी।

सभी ई - बैंक गारंटियां विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप में जारी होने पर ही स्वीकार की जाएगी। उक्त बैंक गारंटियां किसी भी प्रयोजन के लिए अन्यत्र कहीं भी प्रस्तुत नहीं की जाएगी ।

10.1.5 वर्ष 2025-26 की ठेका अवधि के लिए प्रस्तुत सम्पूर्ण प्रतिभूति की राशि के संबंध में आवेदक लायसेंसी को यह उल्लेखित एवं प्रमाणित करना होगा , कि उसके द्वारा संबंधित मदिरा दुकान के लिए प्रस्तुत प्रतिभूति राशि वर्ष 2025-26 की ठेका अवधि के दौरान संबंधित मदिरा दुकान के अतिरिक्त मध्यप्रदेश राज्य के किसी भी जिले में उस आवेदक/ लायसेंसी के नाम से अथवा पार्टनरशिप में अथवा जिस कंपनी अथवा कन्सॉर्टियम (Consortium ) में वह डायरेक्टर या बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का सदस्य हो , उसे स्वीकृत किसी भी अन्य मदिरा दुकान में की गई अनियमितताओं के कारण उद्भूत वसूलियों के संदर्भ में भी बंधनकारी होगी , मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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परन्तु इस प्रतिभूति राशि पर प्रथम भार उस ठेके का होगा , जिसके लिए वह प्रस्तुत की गई है ।

10.1.6 प्रतिभूति की राशि ई- बैंक गारंटी के रुप में जमा करने की स्थिति में , बैंक द्वारा अपने पत्र में यह उल्लेखित एवं प्रमाणित करना होगा कि उनके द्वारा मदिरा दुकान/दुकानों के लिए प्रस्तुत प्रतिभूति राशि वर्ष 2025-26 की ठेका अवधि के दौरान संबंधित मदिरा दुकान/दुकानों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश राज्य के किसी भी जिले में उस आवेदक/ लायसेंसी के नाम से अथवा पार्टनरशिप में अथवा फर्म अथवा जिस कंपनी अथवा कन्सॉर्टियम ( Consortium ) में वह डायरेक्टर/बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का सदस्य हो , उसे स्वीकृत किसी भी अन्य मदिरा दुकान/दुकानों में की गई अनियमितताओं के कारण उद्भूत वसूलियों के संदर्भ में भी बंधनकारी होगी। बैंक द्वारा ऐसा पत्र नियत मूल्य के नॉन ज्यूडीशियल स्टाम्प पेपर पर तैयार कर जारी किया जायेगा ।

10.1.7 प्रतिभूति राशि की ई- बैंक गारंटी अधिकतम 25,000 /- रूपये के अध्यधीन रहते हुए , गारंटी राशि के 0.25 % या भारतीय स्टॉम्प अधिनियम के अंतर्गत तत्समय प्रचलित दर के अनुसार आवश्यक मूल्य के नॉन ज्यूडिशियल स्टॉम्प पेपर पर तैयार कराकर प्रस्तुत की जायेगी ।

10.2 नवीनीकरण के माध्यम से मदिरा दुकान के निष्पादन की स्थिति में प्रतिभूति राशि जमा कराया जाना : -

कंडिका क्रमांक -10.1.1 के अनुक्रम में वर्ष 2025-26 में प्रतिभूति राशि के रूप में सिर्फ सायबर ट्रेजरी के माध्यम से जमा ई -चालान या अनुमत बैंकों की ई - बैंक गारंटी ही स्वीकार की जाना है । लायसेंसियों मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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द्वारा पूर्व में प्रस्तुत भौतिक बैंक गारंटी या सावधि जमा वर्ष 2025- 26 हेतु स्वीकार्य नहीं होंगे एवं इनका किसी प्रकार का Extension Letter भी मान्य नहीं होगा ।

अतः वर्ष 2024-25 के लायसेंसी द्वारा वर्ष 2025-26 हेतु नवीनीकरण करवाये जाने की स्थिति में निम्न व्यवस्था लागू होगी : - 10.2.1 वर्ष 2024-25 के लायसेंसी द्वारा पूर्व में प्रस्तुत प्रतिभूति राशि ई-बैंक गारंटी के रूप में होने पर लायसेंसी अपने नवीनीकरण आवेदन पत्र के साथ वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत प्रतिभूति राशि दिनांक 30.04.2026 तक के लिए जमा मान्य करने की सहमति प्रस्तुत करेगा ।

नवीनीकरण आवेदक द्वारा ऐसी ई - बैंक गांरटी की वैधता दिनांक 30.04.2026 तक की वृद्धि किये जाने संबंधी बैंक के पत्र को संलग्न प्रस्तुत किया जायेगा। बैंक अपने पत्र में यह उल्लेखित एवं प्रमाणित करेगा कि वैधता अवधि की वृ‌द्धि की अवधि में , उक्त ई - बैंक गांरटी यथावत संबंधित जिले के जिला आबकारी अधिकारी /सहायक आबकारी आयुक्त के पक्ष में बंधक रहेगी । विभाग द्वारा उक्त पत्र का सत्यापन करवाया जाएगा ।

नवीनीकरण की स्थिति में निर्धारित प्रतिभूति की अन्तर की राशि निष्पादन की तिथि से 10 दिवस की अवधि में जमा करना अनिवार्य होगा।

10.2.2 वर्ष 2024-25 के लायसेंसी द्वारा पूर्व में प्रस्तुत प्रतिभूति राशि ई - बैंक गारंटी के रूप में न होने पर लायसेंसी अपने नवीनीकरण आवेदन पत्र के साथ प्रतिभूति राशि संबंधी विहित औपचारिकताओं की यथासमय पूर्ति हेतु शपथ -पत्र प्रस्तुत करेगा।

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नवीनीकरण की स्थिति में लायसेंसी , निष्पादन की तिथि से 10 दिवस की अवधि में निर्धारित प्रतिभूति राशि की 25 प्रतिशत राशि ई - चालान अथवा ई - बैंक गारंटी के रूप में प्रस्तुत करेगा । इस स्थिति में उसे वित्तीय वर्ष के प्रारंभ से लायसेंस जारी किया जाएगा ।

लायसेंसी द्वारा अवशेष 75 प्रतिशत की प्रतिभूति राशि ई-चालान अथवा ई -बैंक गारंटी के रूप में दिनांक 15 अप्रैल , 2025 तक अनिवार्यतः प्रस्तुत की जाएगी।

लायसेंसी द्वारा अवशेष 75 प्रतिशत की प्रतिभूति राशि विनिर्दिष्ट अवधि में जमा नहीं कराये जाने पर उसके उत्तरदायित्व पर उक्त मदिरा दुकान/ समूह का पुनर्निष्पादन किया जाएगा ।

10.2.3 नवीनीकरण की स्थिति में कंडिका क्रमांक-10.2.2 में उल्लेखित शर्तों के अनुसार नवीन प्रतिभूति राशि प्राप्त होने के उपरांत ही वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत प्रतिभूति की राशि को निर्धारित शर्तों के अधीन मुक्त किया जाएगा या उसकी राशि का समायोजन वर्ष 2024-25 की अवशेष वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि के विरुद्ध अनुमत किया जाएगा।

10.2.4 वर्ष 2025-26 की ठेका अवधि के लिये निर्धारित प्रतिभूति की राशि वर्ष 2024-25 के लिए जमा प्रतिभूति की राशि से अधिक रहने की स्थिति में अवशेष प्रतिभूति राशि निर्धारित अवधि में जमा करना आवश्यक होगा । प्रतिभूति की राशि ई - बैंक गारंटी के रूप प्रस्तुत करने पर उसकी वैधता अवधि कम से कम दिनांक 30.04.2026 तक की होगी ।

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10.3 लॉटरी आवेदन पत्र/ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से मदिरा दुकान के निष्पादन की स्थिति में प्रतिभूति राशि जमा कराया जाना :-

10.3.1 लॉटरी/ई-टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन) के माध्यम से चयनित आवेदक/ सफल टेण्डरदाता द्वारा वर्ष 2025-26 की ठेका अवधि के लिए सम्पूर्ण प्रतिभूति राशि जिसकी वैधता अवधि कम से कम, दिनांक 30.04.2026 तक की होगी , निष्पादन के दिनांक से 10 दिवस की अवधि में अथवा 31 मार्च , 2025 के पूर्व जो भी पहले आये प्रस्तुत की जाएगी ।

यदि किसी मदिरा दुकान/ समूह का वर्ष 2025-26 हेतु ई- टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर कम ऑक्शन ) के माध्यम से निष्पादन उसी आवेदक के पक्ष में होता है , जो उस समूह का वर्ष 2024-25 का अनुज्ञप्तिधारी था , तो वह अपनी पूर्व वर्ष की प्रतिभूति राशि को ई- बैंक गारंटी होने की स्थिति में नवीनीकृत कराकर प्रस्तुत कर सकेगा ।

10.3.2 संबंधित मदिरा दुकानों के समूह/ एकल समूहों का लायसेंस, निर्धारित सम्पूर्ण प्रतिभूति राशि जमा हो जाने के पश्चात ही जारी किया जायेगा। जिन मदिरा दुकानों के एकल समूहों का निष्पादन दिनांक 26 मार्च 2025 के पश्चात की किसी तिथि को अंतिम होता है , तो ऐसी स्थिति में प्रतिभूति की राशि निष्पादन तिथि से 05 दिवस की अवधि में अर्थात दिनांक 31 मार्च 2025 तक के बाद भी जमा करायी जा सकेगी किंतु प्रतिभूति की राशि जमा होने पर ही लायसेंस जारी किया जायेगा । ऐसी स्थिति में मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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लायसेंस सम्पूर्ण वित्तीय वर्ष हेतु ही जारी किया जाएगा किन्तु मदिरा दुकान का संचालन न होने के लिये वह स्वयं उत्तरदायी होगा , इसके लिए उसे किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति की पात्रता नहीं होगी।

चयनित आवेदक/सफल टेण्डरदाता द्वारा प्रतिभूति की राशि विनिर्दिष्ट अवधि में जमा नहीं कराये जाने पर उसके उत्तरदायित्व पर उक्त मदिरा दुकान के एकल समूह का पुनर्निष्पादन किया जायेगा। पुनर्निष्पादन के फलस्वरुप जो भी खिसारा आयेगा उसकी वसूली संबंधित डिफाल्टर से भू- राजस्व के बकाया की भांति की जायेगी।

10.3.3 चयनित आवेदक /सफल टेण्डरदाता मदिरा दुकानों के निष्पादन के दिनांक से निर्धारित समयावधि में प्रतिभूति की देय राशि की 50 प्रतिशत राशि अग्रिम ई-आबकारी पोर्टल पर ऑनलाईन जमा कर, शेष 50 प्रतिशत प्रतिभूति राशि दिनांक 30 अप्रैल 2025 तक प्रस्तुत करने का आवेदन करता है, तो (इस प्रतिबंध के अधीन कि देय प्रतिभूति की 50 प्रतिशत अग्रिम ऑनलाईन जमा राशि, मुख्य राजस्व शीर्ष 0039 राज्य उत्पादन शुल्क में जमा करायी जाकर , उसका समायोजन माह मार्च 2026 में देय निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी के विरुद्ध आदेशित मान्य/किया जाये) आवेदक लायसेंसी के आवेदन को मान्य कर लायसेंस जारी किया जायेगा।

10.3.4 चयनित आवेदक/सफल टेण्डरदाता मदिरा दुकानों के समूह/ एकल समूहों के निष्पादन के दिनांक से निर्धारित समयावधि में प्रतिभूति की देय राशि की 50 प्रतिशत राशि 94(23)

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अग्रिम ई -आबकारी पोर्टल पर ऑनलाइन जमा कर , प्रतिभूति की सम्पूर्ण राशि ( अर्थात् 100 प्रतिशत राशि) दिनांक 30 अप्रैल , 2025 तक ई- बैंक गांरटी के रूप में प्प्रस्तुत करता है , तो उपरोक्तानुसार प्रतिभूति राशि प्राप्त होने के उपरांत ई-आबकारी पोर्टल पर अग्रिम ऑनलाइन जमा प्रतिभूति की राशि का समायोजन जिला कार्यालय द्वारा स्वमेव संज्ञान लेकर अधिकतम एक माह में संबंधित अथवा आगामी पक्ष में देय निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी के विरुद्ध किया जाएगा।

10.3.5 चयनित आवेदक/सफल टेण्डरदाता द्वारा दिनांक 30 अप्रैल 2025 तक प्रतिभूति की शेष 50 प्रतिशत राशि प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में, उसे स्वीकृत लायसेंस निरस्त किया जाकर, जमा सम्पूर्ण राशि जप्त की जाएगी और डिफाल्टर लाइसेंसी के उत्तरदायित्व पर मदिरा एकल समूह के पुनर्निष्पादन की नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी । पुनर्निष्पादन के फलस्वरुप जो भी खिसारा आयेगा उसकी वसूली संबंधित डिफाल्टर से भू- राजस्व के बकाया की भांति की जायेगी ।

10.4 प्रतिभूति की सम्पूर्ण राशि विनिर्दिष्ट अवधि में उपरोक्तानुसार जमा न कराये जाने की स्थिति में सफल ठेकेदार द्वारा जमा सम्पूर्ण राशि राजसात की जायेगी तथा उसके उत्तरदायित्व पर मदिरा दुकान के एकल समूह के पुनर्निष्पादन की नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी एवं पुनर्निष्पादन के फलस्वरुप जो भी खिसारा आयेगा उसकी वसूली संबंधित से भू-राजस्व के बकाया की भांति की जायेगी ।

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10.5 शासन के राजस्व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपरिहार्य परिस्थिति में आबकारी आयुक्त, प्रतिभूति राशि जमा करने हेतु निर्धारित * समयावधि में 15 दिवस तक की वृ‌द्धि करते हुये , लायसेंस जारी करने की अनुमति देने हेतु अधिकृत होगें। किसी भी स्थिति में प्रतिभूति राशि जमा करने हेतु 30 अप्रैल के बाद का समय नहीं दिया जायेगा ।

10.6 वर्ष 2025-26 की ठेका अवधि के लिए जमा की गई प्रतिभूति की राशि के प्रकार में किसी अनुज्ञप्तिधारी द्वारा कोई परिवर्तन चाहा जाता है , अर्थात् ऑनलाईन जमा राशि को ई- बैंक गारंटी (e-BG ) अथवा ई- बैंक गारंटी को ऑनलाईन जमा राशि से प्रतिस्थापन करना चाहता है , तो संबंधित जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/ जिला आबकारी अधिकारी ऐसा करने के लिए अधिकृत होंगे।

किसी एकल समूह हेतु, प्रतिभूति प्रतिस्थापन की यह अनुमति वित्तीय वर्ष की अवधि में एक बार ही दी जाएगी । ऐसे प्रतिस्थापन में ई-चालान से जमा प्रतिभूति राशि का अनुज्ञप्तिधारी की न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि के विरुद्ध समायोजन भी अनुमत होगा ।

सहायक आबकारी आयुक्त/ जिला आबकारी अधिकारी द्वारा ऐसा प्रतिस्थापन अनुमत करने के पूर्व सुसंगत अभिलेखीय प्रमाण के साथ यह सुनिश्चित किया जावेगा कि प्रत्येक समय अनुज्ञप्तिधारी की निर्धारित प्रतिभूति राशि विभाग के पास निरंतर जमा रहे।

10.7 किसी मदिरा दुकान/ समूह के वर्ष के दौरान पुनर्निष्पादन की स्थिति में उक्त दुकान/समूह हेतु वर्ष की शेष अवधि के लिए प्राप्त वार्षिक मूल्य के 10 प्रतिशत अथवा उस दुकान/ समूह की न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि की एक पक्ष की मांग , दोनों में से जो भी अधिक हो , के समतुल्य प्रतिभूति प्राप्त की जाएगी ।

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11. नवीनीकरण/लॉटरी/ई-टेण्डर प्रपत्र का मूल्य :-

11.1 वर्ष 2025-26 की ठेका अवधि के लिए नवीनीकरण हेतु आवेदन पत्र का मूल्य प्रत्येक मदिरा दुकान के लिए 50,000/- रुपये के मान से रहेगा । लॉटरी आवेदन पत्र/ई- टेण्डर (ई-टेण्डर एवं ई- टेण्डर कम ऑक्शन) प्रक्रिया में भाग लेने हेतु लॉटरी आवेदन पत्र/ ई- टेण्डर फार्म का मूल्य प्रति समूह 30,000 / - रूपये होगा ( चाहे समूह में सम्मिलित दुकानों की संख्या एक से अधिक भी हो) ।

11.2 नवीनीकरण/लॉटरी/ई- टेण्डर फार्म की राशि वापसी अथवा समायोजन योग्य नहीं होगी।

12. ई -टेण्डर द्वारा मदिरा दुकानों के निष्पादन की व्यवस्था एवं शर्तें :-

'12 .1 ई - टेण्डरिंग की प्रक्रिया आवश्यकतानुसार एक से अधिक चरणों में की जा सकेगी । ई - टेण्डरिंग NIC के mptenders पोर्टल ( https://mptenders.gov.in ) के माध्यम से की जावेगी ।

12.2 ई- टेण्डर से संबंधित जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था , टेण्डर में सम्मिलित होने की प्रक्रिया , प्रावधान , शर्तें तथा निर्बंधन आबकारी आयुक्त द्वारा शासन से अनुमोदन प्राप्त कर जारी किये जाएंगे ।

13. निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि जमा करने एवं पाक्षिक प्रदाय की प्रशासनिक नियंत्रण की दृष्टि से व्यवस्था: -

13.1 मदिरा दुकानों के समूह/एकल समूहों के लिए परिगणित निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि 24 पाक्षिक किश्तों में वसूली योग्य होगी । ये किश्तें समान रूप से विभाजित नहीं होगी । वर्ष के प्रथम त्रैमास में वार्षिक मांग का 30 प्रतिशत, ‌द्वितीय त्रैमास में वार्षिक मांग का 20 प्रतिशत तथा वर्ष के तृतीय एवं चतुर्थ त्रैमासों में वार्षिक मांग मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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का क्रमशः 25 एवं 25 प्रतिशत भाग वसूल किया जायेगा । किसी भी त्रैमास में वसूली योग्य इस राशि को छः समान भागों में बांटा जाएगा। यदि यह राशि छः समान भागों में विभाज्य नहीं है, तो अविभाज्य शेष भाग को संबंधित त्रैमास की प्रथम पाक्षिक किश्त में समायोजित किया जाएगा ।

13.2 मदिरा दुकानों के अनुज्ञप्तिधारियों को किसी पक्ष की देय निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि, ई-आबकारी (सायबर ट्रेजरी ) इन्टीग्रेशन के माध्यम से ई -वालेट में जमा करनी होगी । अनुज्ञप्तिधारियों को ई- वालेट के माध्यम से जमा की गई राशि का न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि में समायोजन करना होगा । समायोजन की इस दिनांक को ही आगामी संदर्भों के लिए जमा दिनांक मान्य किया जायेगा ।

13.3 न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि में समायोजित की गयी राशि पर निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि के समतुल्य देशी तथा/अथवा विदेशी मदिरा का प्रदाय देशी/ विदेशी मदिरा भण्डागार से अनुमत होगा ।

13.4 मदिरा दुकानों के अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा किसी पक्ष की निर्धारित पाक्षिक मांग से अधिक राशि जमा किए जाने पर वह राशि स्वतः ही उस दुकान के आगामी पक्षों में समायोजित होगी।

13.5 मदिरा दुकानों के एकल समूह/समूहों की दुकानों का पृथक-पृथक एवं स्वतंत्र अस्तित्व रहेगा, किन्तु मदिरा दुकानों के समूह/ एकल समूहों की किसी भी एक या एक से अधिक दुकानों की पाक्षिक निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि बकाया रहने पर , वह बकाया संपूर्ण मदिरा दुकानों के एकल समूह/समूहों की बकाया मानी जाएगी।

13.6 ई- वालेट व्यवस्था प्रभावी हो जाने के कारण , चालान की भूमिका समाप्त हो जाने से पोर्टल पर उपलब्ध प्रदाय योग्य समस्त राशि में से लायसेंसी द्वारा आवश्यकतानुसार राशि पर प्रदाय लिया जा सकेगा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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* अर्थात एक चालान पर आंशिक प्रदाय अथवा एक से अधिक चालानों पर एक साथ प्रदाय भी लिया जा सकेगा ।

13.7 अनुज्ञप्तिधारी द्वारा पोर्टल पर डिमांड क्रियेट कर संबंधित समस्त भुगतान पूर्ण कर लेने के बाद देशी एवं विदेशी मद्यभाण्डागार से 03 दिवस के अंदर मदिरा का प्रदाय लेना अनिवार्य होगा अन्यथा की स्थिति में अनुज्ञप्तिधारी को उसके द्वारा क्रियेट डिमांड हेतु जमा न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि की 0.5 प्रतिशत राशि डिफाल्टर के रूप में जमा करना अनिवार्य होगा । उक्त अनियमितता 07 दिवस के उपरांत भी जारी रहने की स्थिति में उक्त राशि की 0.1 प्रतिशत डिफाल्टर राशि प्रतिदिन के मान से अतिरिक्त रूप से प्रभारित की जायेगी ।

13.8 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त तक जमा न किये जाने की स्थिति में , उस समूह की समस्त दुकानों का प्रदाय पक्षान्त के आगामी दिवस से ही पोर्टल द्वारा प्रतिबंधित कर दिया जायेगा किन्तु पोर्टल पर पूर्व से ही बनाई गयी डिमान्ड पर प्रदाय अनुमत होगा।

13.9 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त तक जमा न किये जाने की स्थिति में, वह समूह पोर्टल पर डिफाल्टर प्रदर्शित होगा । संबंधित जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी को पक्ष समाप्ति के आगामी दिवस पर ही संबंधित लायसेंसी को लायसेंस निरस्तीकरण हेतु नोटिस जारी करना होगा ।

13.10 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त की समाप्ति के पूर्व या पक्षान्त से 07 दिवस के भीतर भुगतान किये जाने की स्थिति में जमा की गई मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 फरवरी 2025

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राशि पर मदिरा का प्रदाय अनुमत होगा एवं प्रदाय हेतु चालान की जमा दिनांक का कोई बंधन नहीं होगा ।

वित्तीय वर्ष के अंतिम पक्ष में दिनांक 25 मार्च, 2026 के पश्चात जमा राशि के विरुद्ध मदिरा प्रदाय की पात्रता नहीं होगी। दिनांक 25 मार्च , 2026 को जमा चालानों पर दिनांक 27 मार्च , 2026 तक (अवकाश के दिनों को छोड़कर) ही मदिरा प्रदाय दिया जायेगा।

आवश्यकता को देखते हुए , उन अनुज्ञप्तिधारियों को जो आगामी वर्ष में भी निरंतर रहेंगे , सहायक आबकारी आयुक्त/ जिला आबकारी अधिकारी द्वारा प्रेषित प्रस्ताव पर आबकारी आयुक्त मदिरा प्रदाय की अनुमति संबंधी उक्त अवधि में 30 मार्च तक की वृद्धि कर सकेंगे ।

13.11 पक्षांत से 07 दिवस समाप्ति के उपरांत भी न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि अवशेष रहने की स्थिति में , इस प्रकार के प्रथम डिफाल्ट पर तदानुसार अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि पर 1 प्रतिशत की राशि के समतुल्य डिफाल्टर राशि प्रभारित होगी। आगामी पक्षों में उक्त समूह के इसी स्वरूप के डिफाल्ट की पुनरावृत्ति होने पर, हर पुनरावृत्ति के साथ डिफाल्टर राशि की दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि होती जाएगी । उक्त डिफाल्टर राशि पर मदिरा का प्रदाय नहीं होगा तथा उक्त राशि न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि में भी समायोजित नहीं होगी । उक्त डिफाल्टर राशि की वसूली उपरांत ही आगामी प्रदाय अनुमत होगा।

वर्ष के अंतिम पक्ष हेतु 31 मार्च , 2026 की स्थिति में अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि पर डिफाल्टर राशि प्रभारित की जाएगी ।

13.12 किसी मदिरा दुकान की उस पक्ष तक की देय शेष राशि उस पक्षान्त से 07 दिवस उपरान्त भुगतान किये जाने की स्थिति में प्रदाय अनुमत नहीं होगा एवं यह राशि नगद में समायोजित होगी। प्रदाय संबंधी यह मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 फरवरी 2025

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प्रतिबंध संबंधित समूह के वित्तीय वर्ष के प्रथम डिफाल्ट पर लागू नहीं होगा। उपरोक्तानुसार डिफाल्ट एक से अधिक बार होने की स्थिति में नगद में समायोजित राशि के विरुद्ध आबकारी आयुक्त द्वारा मदिरा प्रदाय की अनुमति दी जा सकेगी।

आबकारी आयुक्त द्वारा , नगद में समायोजित राशि के विरुद्ध मदिरा प्रदाय की यह अनुमति, संदर्भित राशि से संबंधित पक्ष की समाप्तिसे आगामी 02 माह तक की अवधि में ही दी जा सकेगी ।

13.13 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त से 07 दिवस तक आंशिक रूप से जमा किये जाने एवं ठीक आगामी पक्ष की समाप्ति से पूर्व पूर्ण रूप से जमा किये जाने की स्थिति में, पक्षान्त से 07 दिवस की अवधि में जमा की गई राशि प्रदाय योग्य होगी एवं प्रदाय हेतु चालान की जमा दिनांक का कोई बंधन नही होगा ।

13.14 किसी एकल समूह में सम्मिलित समस्त दुकानों की उस पक्ष तक की देय प्रगामी सम्पूर्ण राशि उस पक्षान्त से 07 दिवस तक पूर्ण जमा न किये जाने की स्थिति में संबंधित जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी दिये गये नोटिस के अनुक्रम में, उक्त लायसेंसी के उत्तरदायित्व पर नियमानुसार आगामी कार्यवाही करेंगे एवं राशि जमा न होने की स्थिति में आगामी पक्ष के अंत तक लायसेंस निरस्तीकरण किया जा सकेगा । यदि अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि लायसेंस निरस्तीकरण के पूर्व सम्पूर्ण जमा हो जाती है तो लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही स्वतः समाप्त हो जावेगी।

13.15 लायसेंस निरस्तीकृत वाले समूह का पुनर्निष्पादन, टेण्डर लाईव होने के पूर्व लायसेंसी द्वारा उसकी सम्पूर्ण अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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राशि जमा कराई जाकर एवं शेष सम्पूर्ण वित्तीय वर्ष की अवधि हेतु अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि के 1 प्रतिशत राशि के समतुल्य डिफाल्टर राशि का भुगतान करने पर अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा उक्त लायसेंस के संचालन को पूर्ववत अनुमत किया जा सकेगा।

इस दौरान यदि किसी अवधि के लिए लायसेंसी दुकान के संचालन से वंचित रहता है, तो वह अवधि किसी भी रूप में छूट के रूप में मान्य नहीं होगी ।

13.16 प्रशासनिक कारणों से एवं भविष्य में मदिरा दुकानों के पुनर्निष्पादन की आशंका कम किये जाने के दृष्टिकोण से, राजस्व हित में मदिरा दुकानों का संचालन वर्तमान लायसेंसी द्वारा किया जा सके, ऐसे प्रकरणों में स्थानीय परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में शासन राजस्व को सुरक्षित रखने हेतु पाक्षिक प्रदाय संबंधी बन्धनों से छूट देने हेतु आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश अधिकृत होंगे ।

13.17 देशी/विदेशी मदिरा भाण्डागार से एक ही लायसेंसी की समान मार्ग पर स्थित मदिरा दुकानों के एक से अधिक परमिट को एक ही वाहन पर प्रदाय किया जा सकेगा ।

13.18 जनरल क्लाजेज एक्ट (साधारण खण्ड अधिनियम) की धारा 7 के अनुसार, यदि मध्यप्रदेश में लागू किसी अधिनियम के अन्तर्गत किसी कार्य को करने के लिए कोई निश्चित तिथि या अवधि के अंतिम दिवस में कार्यालय बंद हो और यदि उसके अगले कार्यकारी दिवस में वह कार्य किया जाता है तो , उस कार्य को समय पर किया जाना माना जाएगा। तदानुसार यदि पक्ष के अंतिम दिवस/ दिवसों में निगोशियेबल इन्स्ट्रूमेन्ट एक्ट के अन्तर्गत घोषित अवकाश में बैंक बंद रहता है, जिसके कारण पक्ष के अंतिम कार्यकारी दिवस में न्यूनतम प्रत्याभूत इयूटी की राशि जमा न की जाकर उसके बाद आने वाले कार्यकारी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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दिवस में जमा की जाती है, तो ऐसी जमा न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि को पूर्ववर्ती पक्ष में जमा न्यूनतम प्रत्याभूत इयूटी की राशि मानकर कार्यवाही की जायेगी ।

14. मदिरा का उठाव :-

14.1 मदिरा के फुटकर लायसेंसी को उसकी मदिरा दुकान के लिए प्रत्येक त्रैमास हेतु निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि के विरुद्ध 85 प्रतिशत ड्यूटी राशि ( BIO मदिरा की समायोजन योग्य बोतल फीस की राशि सम्मिलित) की देशी/ विदेशी मदिरा का प्रदाय लिया जाना अनिवार्य होगा अर्थात् उसे अधिकतम 15% की सीमा तक ही ड्यूटी राशि नगद में समायोजन कराने की अनुमति होगी ।

14.2 प्रत्येक त्रैमास की समाप्ति पर इसका परीक्षण कर 85% राशि की सीमा से कम राशि की मदिरा का प्रदाय लिये जाने की स्थिति में इस प्रकार अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि की 2.5 % राशि के बराबर की शास्ति देय होगी । प्रथम , द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास की शास्ति की राशि संबंधित त्रैमास की समाप्ति से 20 दिन के अंदर जमा करना अनिवार्य होगा ।

14.3 वर्ष हेतु निर्धारित सम्पूर्ण न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि के विरुद्ध मदिरा के उठाव का दिनांक 27 मार्च तक की स्थिति में परीक्षण किया जाकर उस अवधि में 85 प्रतिशत उठाव किये जाने की स्थिति में पूर्व में जमा शास्ति की राशि अवशेष न्यूनतम प्रत्याभूत राशि की मांग के विरुद्ध समायोजित की जाएगी ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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15. मदिरा दुकानों से विक्रय योग्य मदिरा का स्वरूप : -

15.1 मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों का प्रत्येक अनुज्ञप्तिधारी केवल बोतल बंद देशी मदिरा, भारत में निर्मित एवं बोतल बंद विदेशी मदिरा (स्पिरिट , वाईन एवं बीयर) एवं विदेश में निर्मित एवं मूल में बोतल बंद (Bottled in Origin ) आयातित विदेशी मदिरा ( स्पिरिट, वाईन एवं बीयर) का ही संग्रह एवं विक्रय, अनुज्ञप्त दुकान से कर सकेगा।

15.2 आबकारी आयुक्त द्वारा किसी क्षेत्र विशेष/ मदिरा दुकान/ दुकानों हेतु ऐसे विदेशी मदिरा एवं बीयर के ब्राण्ड्स की सूची निर्धारित की जा सकेगी , जिसका स्कंध विक्रय हेतु रखना संबंधित फुटकर विक्रेता को अनिवार्य होगा।

16. आवेदक जो मादक द्रव्यों की अनुज्ञप्ति हेतु अयोग्य रहेंगे : -

ऐसे आवेदक (आवेदक से तात्पर्य व्यक्ति, सोल प्रोपराइटर, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप , पार्टनरशिप फर्म , कंपनी अथवा कन्सॉर्टियम है) , मादक द्रव्यों की अनुज्ञप्ति हेतु अयोग्य रहेंगे :-

16.1 कोई भी व्यक्ति, जो 21 वर्ष से कम आयु का हो।

16.2 कोई भी व्यक्ति/ फर्म/ कम्पनी/फर्म का भागीदार/लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप का भागीदार/ कन्सॉर्टियम का संचालक जो स्वतः अथवा जमानतदार की हैसियत से आबकारी विभाग की किसी राशि का बकायादार हो ।

16.3 वर्ष 2024-25 का अनुज्ञप्तिधारी जिसके द्वारा उसके लायसेंस की माह जनवरी 2025 के प्रथम पक्षांत तक की संपूर्ण देय वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि न चुकाई गई हो।

16.4 वर्ष 2024-25 का अनुज्ञप्तिधारी , जिसकी निजी स्वामित्व की अथवा फर्म के भागीदार , कंपनी के संचालक/ शेयर होल्डर के रूप में आंशिक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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स्वामित्व की एक भी मदिरा दुकान/समूह की अनुज्ञप्ति के निरस्तीकरण अथवा पुनर्निष्पादन के आदेश राज्य के किसी भी जिले में किये गये हों, वह मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में संचालित मदिरा दुकान/समूह के लिये किसी भी रीति से निष्पादन/पुनर्निष्पादन की कार्यवाही में भाग लेने के लिये अपात्र होगा।

16.5 राजस्व संबंधी तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन या Trademarks Act , 1999 या भारतीय न्याय संहिता , 2023 (क्रमांक 45 सन् 2023) की धाराओं 345 से 350 , एवं 178 से 188 के अधीन या नारकोटिक्स ड्रग्स एण्ड साइकोट्रोपिकसब्सटेंसेस अधिनियम , 1985 अथवा इन अधिनियमों के अन्तर्गत बनाये गये नियमों के गंभीर उल्लंघन करने का दोषी रहा हो और ऐसे अपराधों के लिए किसी दांडिक न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध ठहराया गया हो।

16.6 कोई भी व्यक्ति जो मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34 (2) एवं धारा 49 ( क) के तहत दोषी रहा हो तथा उसे न्यूनतम 01 वर्ष की सजा हुई हो ।

16.7 यदि निष्पादित मदिरा दुकानों की अनुज्ञप्ति की संचालन अवधि के दौरान कण्डिका 16.5 व 16.6 की अनर्हता पैदा होती है तो वह ठेका चलाने का पात्र नहीं रहेगा । परन्तु ऐसी स्थिति में संबंधित मदिरा दुकान का अंतरण (हस्तांतरण ) सामान्य लायसेंस शर्त क्रमांक 6 के अन्तर्गत किसी पात्र व्यक्ति के पक्ष में निर्धारित अंतरण फीस जमा करायी जाकर किया जा सकेगा ।

17. ड्यूटी दरें :-

देशी/विदेशी मदिरा की ड्यूटी दरें निम्नानुसार रहेंगी : - मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 फरवरी 2025

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17.1 देशी मदिरा ड्यूटी दर : -

वर्ष 2025-26 में 25 डिग्री अण्डरप्रूफ तेजी की देशी मदिरा मसाला , 50 डिग्री अण्डरप्रूफ तेजी की देशी मदिरा प्लेन एवं 60 डिग्री अण्डरप्रूफ की देशी मदिरा की ड्यूटी दर एक समान रुपये 385/- प्रति प्रूफ लीटर रहेगी ।

17.2 विदेशी मदिरा ड्यूटी दरें :-

वर्ष 2025-26 में विदेशी मदिरा की डयूटी EDP आधारित Ad- valorem रहेगी । इस व्यवस्था में विदेशी मदिरा की मान्य EDP अनुसार स्लैब में EDP के निर्धारित प्रतिशत पर डयूटी परिगणित की जाएगी । सभी विदेशी मदिराओं पर उसकी EDP के आधार पर पिछले स्लैब तक की Cumulative डयूटी + पिछले स्लैब से अंतर की EDP पर स्लैब हेतु निर्धारित प्रतिशत से डयूटी परिगणित कर प्रभारित की जाएगी।

EDP अनुसार Ad-valorem आधारित डयूटी की गणना निम्नानुसार होगी : -

EDP (प्रति पेटी)

क्र.

900 तक 1

पिछले स्लैब तक की Cumulative ड्यूटी + स्लैब की न्यूनतम EDP से अंतर पर प्रभारित ड्यूटी %

370%

360%

900 से अधिक एवं 1000 तक

2

350%

1000 से अधिक एवं 1100 तक

3

340%

1100 से अधिक एवं 1200 तक

4

310%

1200से अधिक एवं 1500 तक

5

280%

1500 से अधिक एवं 1800 तक

6 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

7

94(35)

1800 से अधिक एवं 2400 तक

8

240% 200% 2400 से अधिक एवं 3200 तक 9 3200 से अधिक एवं 4500 तक 10

160% 120% 4500 से अधिक एवं 6000 तक 11

80% 6000 से अधिक एवं 8000 तक 12 8000 से अधिक 50%

उक्त तालिका अनुसार डयूटी की गणना के उदाहरण निम्नानुसार है : - उदाहरण-1: 850/- रूपये EDP होने की स्थिति में , स्लैब में निर्धारित 370% की दर से कुल डयूटी राशि रूपये 3,145/- (850x3.7 ) परिगणित होगी ।

उदाहरण-2: 960/- रूपये EDP होने की स्थिति में , पिछले स्लैब की निर्धारित 370 % की दर से डयूटी राशि रूपये 3,330/- (900x3.7 ) एवं पिछले स्लैब से EDP की अतिरिक्त राशि रूपये 60/- (960-900 ) पर वर्तमान स्लैब की निर्धारित डयूटी 360% के आधार पर अतिरिक्त 216/- रूपये (60x3.6 ) जोड़ा जाकर, इस प्रकार कुल डयूटी राशि रूपये 3,546/- परिगणित होगी ।

उदाहरण-3: 2,000/- रूपये EDP होने की स्थिति में , पिछले स्लैब तक की Cumulative ड्यूटी राशि रूपये 6,150/- (3330+ 360+ 350+340+ 930+ 840) एवं पिछले स्लैब से EDP की अतिरिक्त राशि रूपये 200/- पर वर्तमान स्लैब की निर्धारित डयूटी 240% के आधार पर अतिरिक्त 480/- रूपये (200x2.4) जोड़ा जाकर , इस प्रकार कुल डयूटी राशि रूपये 6,630/- परिगणित होगी।

17.2.1 वर्ष 2025-26 के लिये मदिरा दुकानों से मानक सीलबन्द बोतल /केन 650 मि.ली. , 500 मि.ली. एवं 330 मि.ली. (समकक्ष) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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में विक्रय की जाने वाली बीयर एवं ड्राफ्ट बीयर पर ड्यूटी प्रति पेटी घोषित एक्स विदेशी मदिरा भाण्डागार प्रदाय दर का 130 प्रतिशत रहेगी ।

17.2.2 कैग में दी जाने वाली ड्राफ्ट बीयर पर ड्यूटी 80/- रूपये प्रति बल्क लीटर रहेगी ।

17.2.3 वाईन (विदेशी मदिरा ) पर ड्यूटी दर 110/- रूपये प्रति बल्क लीटर होगी। मध्यप्रदेश राज्य में कृषकों द्वारा उत्पादित अंगूर का उपयोग कर , मध्यप्रदेश में निर्मित वाईन पर ड्यूटी दर पूर्ववत शून्य रहेगी ।

17.2.4 Low Alcoholic Beverage (रेडी टू ड्रिंक ) पेय :- 10 प्रतिशत (V/V) तक एल्कोहल शक्ति वाले ऐसे Low Alcoholic Beverage (रेडी टू ड्रिंक) पेय की EDP (प्रतिकेस अधिकतम 9.0 बल्क लीटर तक) न्यूनतम रूपये 700/- से कम नहीं रखी जाएगी एवं ऐसी रेडी टू ड्रिंक मदिरा पर ड्यूटी 750/- रूपये प्रति प्रूफ लीटर की दर से प्रभारित की जाएगी ।

निर्यात हेतु Low Alcoholic Beverage (रेडी टू ड्रिंक) में एल्कोहल की मात्रा की अधिकतम सीमा को आबकारी आयुक्त द्वारा शिथिल किया जा सकेगा ।

17.2.5 रक्षा सेवाओं को प्रदाय की जाने वाली भारत निर्मित विदेशी मदिरा पर देय ड्यूटी, सिविलियन्स के लिये देय ड्यूटी की , रम के लिये 30 प्रतिशत तथा अन्य विदेशी मदिरा ( स्पिरिट , वाईन एवं बीयर ) के लिये 45 प्रतिशत रहेगी ।

17.2.6 मध्यप्रदेश में विक्रय हेतु 15,000/- रूपये से अधिक EDP ( 12 बोतल हेतु) वाली मदिरा की एक पेटी में 06 बोतल (4.5 बल्क लीटर) भी अनुमत होगा ।

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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17.2.7 मध्यप्रदेश में विक्रय हेतु न्यूनतम 7,000/- रूपये प्रति बोतल एवं उससे अधिक MSP वाली मदिरा के लिए विदेशी मदिरा मद्यभाण्डागार से प्रदाय की इकाई बोतल भी हो सकेगी।

18. EDP का निर्धारण :-

18.1 विदेशी मदिरा (IMFL) की समस्त श्रेणियों ( स्पिरिट , बीयर , वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक्स) के लिए मदिरा विनिर्माताओं को उस ब्राण्ड/लेबिल हेतु प्रदेश के सभी सीमावर्ती राज्यों में घोषित न्यूनतम EDP से 10 प्रतिशत अधिक की सीमा तक ही EDP घोषित करने की अनुमति होगी ।

18.2 BIO मदिरा की समस्त श्रेणियों ( स्पिरिट, बीयर , वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक्स) के लिए मदिरा विनिर्माताओं को उस ब्राण्ड/ लेबिल हेतु प्रदेश के सभी सीमावर्ती राज्यों में घोषित न्यूनतम EDP से 10 प्रतिशत अधिक की सीमा तक ही ( समस्त डयूटी एवं बोतल फीस को सम्मिलित करते हुए) EDP घोषित करने की अनुमति होगी।

उक्तानुसार घोषित EDP में सम्मिलित किये गये समस्त घटकों (Assessable Value/ CIF , फीस , शुल्क, मार्जिन इत्यादि) का उल्लेख किया जाना आवश्यक होगा ।

18.3 EDP का निर्धारण आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश के अनुमोदन के अधीन रहेगा । औचित्यपूर्ण आधार पर आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश प्रस्तुत EDP में संशोधन हेतु विनिर्माता को निर्देशित कर सकेंगे ।

18.4 किसी विदेशी मदिरा ( IMFL/ BIO ) लेबिल की प्रदेश में EDP अनुमोदित कराये जाने के उपरांत , किसी निकटवर्ती राज्य में कंडिका क्रमांक-18.1 एवं 18.2 में उल्लेखित सीमा से कम की EDP अनुमोदित कराई जाती मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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है, तो उस विनिर्माता द्वारा प्रदेश में भी उक्त लेबिल की अपनी EDP का पुनर्निर्धारण करवाया जाना अनिवार्य होगा।

अन्यथा की स्थिति में संबंधित ब्राण्ड/ लेबिल का EDP अनुमोदन निरस्त कर दिया जाएगा ।

19. आयातित विदेशी मदिरा ( BIO ) पर चुकाई गई बोतल फीस का समायोजन:-

वर्ष 2025-26 में BIO स्पिरिट मदिरा पर प्रति बोतल 750/- रूपये बोतल फीस प्रभारित की जाएगी किन्तु फुटकर मदिरा विक्रेता को न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि में 600/- रूपये प्रति बोतल का समायोजन ही अनुमत होगा ।

20. संचालन एवं व्यवस्थापन व्यय का निर्धारण :-

वर्ष 2025-26 हेतु देशी मदिरा , विदेशी मदिरा (स्पिरिट, बीयर , वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक्स) तथा BIO हेतु व्यवस्थापन एवं संचालन व्यय निम्नानुसार रहेगा : -

20.1 देशी मदिरा हेतु संचालन एवं व्यवस्थापन व्यय 33 प्रतिशत परिगणित कर निर्धारण किया जायेगा।

20.2 विदेशी मदिरा ( स्पिरिट , वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक्स) एवं BIO (बीयर छोड़कर) हेतु संचालन एवं व्यवस्थापन व्यय प्रति पेटी EDP 1400 तक 25% , 1401 से 8000 तक 23% एवं 8000 से अधिक पर 20% परिगणित कर निर्धारण किया जायेगा ।

20.3 वर्ष 2025-26 में विदेशी मदिरा (बीयर एवं BIO बीयर) हेतु संचालन एवं व्यवस्थापन व्यय 40 % परिगणित कर निर्धारण किया जायेगा ।

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 फरवरी 2025

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21. MSP एवं MRP के निर्धारण की प्रक्रिया एवं मुद्रण/अंकन :-

राज्य शासन द्वारा नापतौल विभाग की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MRP) के निर्धारण की गणना एवं अनुचित व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के कारण लागत से कम मूल्य पर मदिरा का विक्रय न हो , इस दृष्टि से न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) का निर्धारण निम्नानुसार किया जाएगा : -

21.1 देशी मदिरा हेतु :-

वर्ष 2025-26 के लिए देशी मदिरा मसाला , प्लेन एवं 60 यूपी मदिरा की न्यूनतम एवं अधिकतम विक्रय दरों का निर्धारण निम्न आधार पर लागत राशियों को जोड़ते हुये किया जायेगाः-

1. घोषित/ मान्य प्रति पेटी एक्स डिस्टलरी प्रदाय दर

2. प्रति पेटी निर्धारित आबकारी डयूटी

3. वार्षिक लायसेंस फीस (ड्यूटी की राशि का 5.263 प्रतिशत )

4. व्यवस्थापन/संचालन व्यय (उपरोक्त क्रमांक 1 , 2 एवं 3 के योग का 33% )

उपरोक्तानुसार क्रमांक 1 से 4 तक के योग को पेटी में नगों की संख्या से विभाजित कर आगामी रूपये 1/- के गुणांक में परिगणित कर देशी मदिरा की प्रत्येक किस्म एवं धारिता की बोतल के न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) का निर्धारण किया जायेगा ।

21.2 विदेशी मदिरा हेतु:-

वर्ष 2025-26 के लिए विदेशी मदिरा ( स्पिरिट, वाईन एवं बीयर ) की न्यूनतम एवं अधिकतम विक्रय दरों का निर्धारण निम्न आधार पर लागत राशियों को जोड़ते हुये किया जाएगा : - मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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1. घोषित/मान्य प्रति पेटी एक्स विदेशी मदिरा भाण्डागार प्रदाय दर 2. प्रति पेटी निर्धारित आबकारी डयूटी (Ad - valorem स्लैब अनुसार) 3. वार्षिक लायसेंस फीस ( ड्यूटी की राशि का 5.263 प्रतिशत)

4. परिवहन शुल्क ( एक्स विदेशी मदिरा गोदाम कीमत का 8 प्रतिशत)

5. व्यवस्थापन/संचालन व्यय (उपरोक्त क्रमांक 1 से 4 तक के योग पर स्पिरिट , वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक्स में प्रति पेटी EDP के आधार पर 25% से 20% एवं बीयर में 40%)

उपरोक्तानुसार क्रमांक 1 से 5 तक के योग को पेटी में नगों की संख्या से विभाजित कर आगामी रूपये 1 /- के गुणांक में परिगणित कर विदेशी मदिरा ( स्पिरिट , वाईन तथा बीयर) की प्रत्येक किस्म एवं धारिता की बोतल के न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) का निर्धारण किया जायेगा।

21.3 देशी मदिरा एवं विदेशी मदिरा ( स्पिरिट , वाईन तथा बीयर) की प्रत्येक किस्म एवं धारिता की बोतल के परिगणित एवं निर्धारित न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP) में 15 प्रतिशत की वृद्धि की जाकर उसका अधिकतम विक्रय मूल्य ( MRP ) परिगणित एवं निर्धारित किया जायेगा । MRP को रूपये 1 /- के उच्चतर गुणांक में रखा जायेगा।

BIO मदिरा हेतु MRP का निर्धारण 10/- रूपये के आगामी गुणांक में किया जाएगा । MRP में 10 % वैट शामिल है, यह अंकित किया जायेगा।

21.4 विदेशी मदिरा ( स्पिरिट) की 180 एम.एल. धारिता की बोतल का न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) तथा देशी मदिरा मसाला (25 यूपी) की 180 एम.एल. धारिता वाली पैट की बोतल के न्यूनतम मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) के बीच का अंतर न्यूनतम रुपये 15 /- रखा जायेगा ।

21.5 विदेशी मदिरा विनिर्माणी ( एफ.एल.-9, एफ.एल.-9-ए, बी-3 , 9-ए ऑफ बी-3 ) बाहरी निर्माता केन्द्रीय भाण्डागार (एफ.एल. - 10-ए) , लायसेंसी एवं मूल में बोतल बन्द आयातित विदेशी मदिरा के लिए केन्द्रीय गोदाम (एफ.एल. - 10 -बी) लायसेंसी) के उनके विदेशी मदिरा स्पिरिट यथा व्हिस्की, रम , ब्राण्डी, वोदका, जिन तथा वाईन, रेडी टू ड्रिंक ( Low Alcoholic Beverages ) पेय व बीयर आदि उत्पादों की घोषित एवं आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए मान्य की गई प्रतिपेटी एक्स विदेशी मदिरा भाण्डागार प्रदाय दरों एवं उसके आधार पर न्यूनतम फुटकर विक्रय ( MSP ) एवं अधिकतम फुटकर विक्रय दर ( MRP ) के अनुमोदन पश्चात वर्ष की अवधि में परिवर्तन का कोई प्रस्ताव 06 माह के अंतराल के पश्चात ही विचारणीय होगा।

आवेदक/ विनिर्माता इकाई के आवेदन पत्र में उल्लेखित तथ्यों/ कारणों पर विचारोपरांत आबकारी आयुक्त द्वारा इस अवधि के पूर्व भी EDP परिवर्तन हेतु अनुमति दी जा सकेगी । ऐसे प्रत्येक आवेदन में 10,000/- रूपये प्रति लेबल/ब्राण्ड आवेदन शुल्क प्रभारित किया जाएगा , जो कि किसी भी रूप में वापसी योग्य नहीं होगा ।

22. न्यूनतम एवं अधिकतम विक्रय दरों का पालन : -

22.1 मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकान का लायसेंसी न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MSP ) एवं अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य ( MRP) अथवा उस के बीच की कोई राशि, विक्रय दर के रूप में उपभोक्ता से वसूल कर सकेगा ।

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22.2 निर्धारित न्यूनतम विक्रय मूल्य ( MSP ) से कम मूल्य पर एवं निर्धारित अधिकतम विक्रय मूल्य ( MRP ) से अधिक मूल्य पर मदिरा का विक्रय किया जाना , गंभीर अनियमितता मानकर प्रथम बार में प्रकरण दिनांक को उक्त दुकान की 01 दिवस हेतु देय न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि के समतुल्य राशि की तथा पश्चातवर्ती उल्लघंन पर संबंधित मदिरा दुकान की प्रकरण दिनांक को 02 दिवस हेतु देय न्यूनतम प्रत्याभूत डयूटी राशि के समतुल्य राशि की शास्ति आरोपित की जाएगी । एक ही दुकान में 03 बार से अधिक उल्लघंन होने पर उसका लायसेंस निरस्त किया जा सकेगा।

22.3 वर्ष की शेष अवधि के लिये लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही के फलस्वरूप , यदि ऐसी मदिरा दुकान किसी समूह में सम्मिलित है , तो उक्त समूह की समस्त मदिरा दुकानों का लायसेंस भी वर्ष की शेष अवधि के लिये निरस्त किया जायेगा ।

23. देशी मदिरा प्रदाय व्यवस्था : -

23.1 वर्ष 2025-26 के लिए देशी मदिरा प्रदाय व्यवस्था हेतु 01 वर्ष के लिये निविदा पारदर्शी रूप से प्रदेश के आसवकों के मध्य जिलेवार ई- टेण्डर के माध्यम से बुलाई जाएगी।

23.2 देशी मदिरा प्रदाय क्षेत्र आवंटन हेतु जिलेवार प्रतिभूति के स्थान पर इकाई को आंवटित क्षेत्रों की कुल राशि की समेकित प्रतिभूति भी ली जा सकेगी ।

23.3 आसवकों को वर्ष 2025-26 हेतु उन्हें आवंटित प्रदाय क्षेत्रों में समान शर्तों एवं दरों पर वर्षांत के उपरांत आगामी 06 माहों के लिए प्रदाय जारी रखने हेतु आदेशित किया जा सकेगा , जो उनके लिए बंधनकारी होगा ।

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23.4 वर्ष 2025-26 में देशी मदिरा की दो किस्में मसाला (25 डिग्री यूपी) एवं प्लेन (50 डिग्री यूपी) पूर्ववत प्रचलन में रहेंगी। इसके अतिरिक्त कम शक्तिकी मदिरा के रूप में 60 डिग्री यूपी तेजी की देशी मदिरा की नवीन श्रेणी प्रारंभ की जाएगी ।

23.5 देशी मदिरा मसाला (25 डिग्री यूपी ) "रंगीन " , देशी मदिरा प्लेन (50 डिग्री यूपी) मदिरा "रंगहीन " तथा कम तेजी की 60 डिग्री यूपी वाली देशी मदिरा भी "रंगहीन" होगी ।

23.6 सभी श्रेणियों की देशी मदिरा का प्रदाय 180 एम.एल.एवं 90 एम.एल. की धारिता में ही दिया जाएगा । पूर्व वर्ष में प्रचलित 750 एम.एल. एवं 375 एम.एल. धारिता का प्रदाय नगण्य होने के कारण आगामी वर्ष से नहीं रहेगा।

23.7 देशी मदिरा की भराई , ब्राण्ड नाम सहित पूर्वानुसार शब्द "देशी मदिरा " व "म 0प्र 0 आबकारी " तथा बोतल की धारिता उत्कीर्ण की हुई कांच एवं पैट की बोतलों में की जायेगी ।

23.8 प्रदेश के चिन्हित जिलों में देशी मदिरा का प्रदाय एसेप्टिक पैकेजिंग (टैट्रा पैक) इत्यादि में अनिवार्य किया जाएगा। देशी मदिरा की 180 एम.एल. की धारिता का प्रदाय पैट एवं एसेप्टिक पैकेजिंग (टैट्रा पैक) में किया जा सकेगा , परन्तु 90 एम.एल. धारिता का प्रदाय सिर्फ पैट में ही अनुमत होगा।

23.9 देशी मदिरा के प्रदायकर्ता को अपनी देशी मदिरा बॉटलिंग इकाई सी.एस. - 1 बी में QR कोड हेतु उपयुक्त क्षमता का स्कैनर आवश्यक रूप से स्थापित करना होगा ।

23.10 देशी मदिरा मद्यभाण्डागार में निर्धारित न्यूनतम स्कंध न रखने पर शास्तिअधिरोपण की प्रक्रिया प्रचलन में है । न्यूनतम स्कंध न रखने पर पेनाल्टी की गणना, औसत स्कंध के आधार पर न करते हुए प्रदाय मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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हेतु लंबित राशि/ मांग एवं लंबित अवधि के आधार पर किये जाने की व्यवस्था ई -आबकारी पोर्टल के माध्यम से लागू की जाएगी।

23.11 देशी मदिरा प्रदाय व्यवस्था हेतु विस्तृत निविदा प्रक्रिया एवं शर्तों का निर्धारण आबकारी आयुक्त द्वारा शासन अनुमोदन से किया जाएगा ।

24. देशी मदिरा भाण्डागार पर वर्षान्त में अवशेष देशी मदिरा स्कंध का निराकरण : -

24.1 बहिर्गामी अनुज्ञप्तिधारी, प्रदाय अनुबंध अवधि की समाप्ति उपरांत उसे आवंटित प्रदाय क्षेत्रों के देशी मदिरा भाण्डागारों पर अवशेष अविक्रित मदिरा स्कंध को आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश ग्वालियर की अनुमति के अधीन, स्वंय के उत्तरदायित्व पर अपनी इकाई परिसर में वापिस ले जा सकेगा।

24.2 अंतर्गामी अनुज्ञप्तिधारी यदि बहिर्गामी अनुज्ञप्तिधारी से उसे आवंटित प्रदाय क्षेत्रों के भाण्डागारों में अनुबंध अवधि समाप्ति उपरांत अवशेष अविक्रित मदिरा स्कंध, क्रय करता है तो, अंतर्गामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर, बहिर्गामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर से कम होने पर , बहिर्गामी अनुज्ञप्तिधारी , अंतर्गामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर से ही भुगतान प्राप्त करने का अधिकारी होगा ।

24.3 अंतर्गामी अनुज्ञप्तिधारी यदि बहिर्गामी अनुज्ञप्तिधारी से, उसे आवंटित प्रदाय क्षेत्रों के भाण्डागारों में अनुबंध अवधि समाप्ति उपरांत अवशेष अविक्रित मदिरा स्कंध, क्रय करता है तो, अंतर्गामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर , बहिर्गामी अनुज्ञप्तिधारी को स्वीकृत प्रदाय दर से अधिक होने पर उसके द्वारा बहिर्गामी अनुज्ञप्तिधारी को पुरानी दरों से भुगतान किया जायेगा तथा अंतर की राशि, राजस्व शीर्ष में जमा करना अनिवार्य होगी ।

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24.4 अंतर्गामी तथा बहिर्गामी अनुज्ञप्तिधारी के बीच स्कंध के अंतरण या भुगतान के संबंध में विवाद का निर्णय आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा किया जाएगा, जो उभयपक्ष पर बंधनकारी होगा ।

25. विदेशी मदिरा का प्रदाय: -

25.1 विदेशी मदिरा की आपूर्ति इस व्यवस्था के अतिरिक्त किसी अन्य प्रकार से भी की जा सकेगी , जैसा कि इस संबंध में राज्य शासन द्वारा आदेशित किया जाये ।

25.2 वैट (VAT ) के भुगतान की व्यवस्था मध्यप्रदेश VAT अधिनियम एवं उसके अंतर्गत बने नियमानुसार होगी।

26. ड्राफ्ट बीयर के विक्रय/प्रदाय के संबंध में :-

26.1 लूज अर्थात् गैर बोतल बंद ड्राफ्ट बीयर का प्रदाय , रेस्तरां बार (एफ.एल. -2) , Low Alcoholic Beverage Bar, होटल बार (एफ.एल.- 3) , रिसोर्टबार ( एफ.एल. -3- क) , सिविलियन क्लब बार (एफ.एल. -4) , सैनिक कैन्टीन क्लब बार (एफ.एल. -8) लायसेंसी तथा आकस्मिक लायसेंस ( एफ.एल. -5) को दिया जा सकेगा ।

उक्त प्रदाय नियत ड्यूटी के अग्रिम भुगतान के विरुद्ध जारी किये गये अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर, उत्पादन इकाई के भारसाधक अधिकारी द्वारा जारी किये गये परिवहन पारपत्र पर उत्पादन इकाई से सीधे खपत के बिन्दु के लिये किया जायेगा ।

ड्राफ्ट बीयर का प्रदाय 20 , 30 , 50 एवं 70 लीटर के कन्टेनर में ही किया जायेगा। कन्टेनर पर विभाग द्वारा निर्धारित Excise Adhesive Label ( EAL ) अनिवार्यतः चस्पा किया जायेगा और उसका मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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* हिसाब पृथक से पंजी में संधारित किया जायेगा । सभी प्रकार के लायसेंसियों को ड्राफ्ट बीयर की प्राप्ति पर उसमें लगे Excise Adhesive Label ( EAL ) को निर्धारित मोबाईल एप अथवा ऑनलाईन पद्धति के माध्यम से आमद किया जाना अनिवार्य होगा । इस हेतु विस्तृत प्रक्रियात्मक निर्देश आबकारी आयुक्त द्वारा जारी किये जायेंगे। 26.2 ड्राफ्ट बीयर के निर्माता द्वारा आवश्यकता अनुसार ड्राफ्ट बीयर विक्रय करने वाले अनुज्ञप्तिधारी को कार्बन डाय -ऑक्साइड फिल्टर स्वयं के व्यय पर उपलब्ध कराया जायेगा।

27. सम्पूर्ण वार्षिक न्यूनतम ड्यूटी राशि जमा होने के बाद मदिरा का प्रदाय :-

मदिरा दुकानों के समूह/ एकल समूहों की निर्धारित वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि सम्पूर्ण रूप से जमा हो जाने के उपरांत, वर्ष की शेष अवधि में संबंधित दुकान को मदिरा का प्रदाय दिये जाने के लिये अतिरिक्त रूप से वार्षिक लायसेंस फीस जमा कराये जाने की आवश्यकता नहीं होगी । लायसेंसी को उसकी मांग अनुसार मदिरा का प्रदाय ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से जमा देय ड्यूटी की राशि के विरुद्ध दिया जायेगा । प्रदाय की जाने वाली मदिरा की मात्रा की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी, किन्तु इस संबंध में सामान्य लायसेंस शर्त 29 के प्रावधान लागू होंगे ।

28. मदिरा स्कंध का एक मदिरा दुकान से अन्य मदिरा दुकान में स्थानांतरण: -

28.1 किसी मदिरा दुकान पर अनुज्ञप्तिधारी की आवश्यकता से अधिक मदिरा संग्रहित होने पर, उसे उसी जिले की अन्य मदिरा दुकान में 94(47)

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स्थानांतरण करने की स्वीकृति जिले के सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी द्वारा दी जाने की व्यवस्था रहेगी , परंतु जिस अनुज्ञप्तिधारी द्वारा जिस पक्ष में किसी अन्य मदिरा दुकान को स्टॉक ट्रांसफर किया जाता है उसे उसी पक्ष में देशी या विदेशी मदिरा गोदाम से उसी लेबल/ ब्रांड की मदिरा उठाने की अनुमति नहीं होगी।

28.2 इस प्रकार के स्थानांतरण से मदिरा स्कंध प्राप्त करने वाली मदिरा दुकान के लिये निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि के विरुद्ध प्रत्येक त्रैमास में 85 प्रतिशत ड्यूटी राशि की मदिरा का प्रदाय लिया जाना अनिवार्य होगा तथा स्थानांतरण से प्राप्त मदिरा स्कंध को इस अनिवार्य प्रदाय के विरुद्ध समायोजित नहीं किया जायेगा।

28.3 मदिरा स्कंध का एक मदिरा दुकान से अन्य मदिरा दुकान में स्थानांतरण करने पर, इस तरह का स्थानांतरण किसी एक समूह की ही दो दुकानों के मध्य होने पर देशी मदिरा, विदेशी मदिरा ( स्पिरिट एवं वाईन ) पर प्रति पेटी रूपये 50/- तथा बीयर पर प्रति पेटी रूपये 20/- की दर से तथा ऐसा स्थानांतरण दो भिन्न समूहों की मदिरा दुकानों के मध्य होने पर देशी मदिरा, विदेशी मदिरा (स्पिरिट एवं वाईन ) पर प्रति पेटी रूपये 75/- तथा बीयर पर प्रति पेटी रूपये 40/- की दर से परिवहन फीस देय होगी , जो अनुज्ञप्तिधारी से अग्रिम जमा करायी जायेगी ।

29. एकल समूह में सम्मिलित मदिरा दुकानों में परस्पर वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी का अन्तरण :-

एकल समूह में सम्मिलित मदिरा दुकानों के वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी में समूह की एक मदिरा दुकान से समूह की अन्य मदिरा दुकान मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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में अधिकतम 20 प्रतिशत के अन्तरण (Transfer) की अनुमति लायसेंस अवधि में दी जा सकेगी । इसके अन्तर्गत वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की जितनी राशि अंतरित की जावेगी , उसकी 1 प्रतिशत राशि का भुगतान अंतरण शुल्क के रूप में पृथक से अनुमति/ आदेश प्राप्ति पूर्व अनुज्ञप्तिधारी को जमा करना होगा । वर्ष के दौरान अंतरित की गई न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि वर्ष की समाप्ति तक किसी भी प्रकार से पुनरावर्तित (reversible ) नहीं की जा सकेगी ।

30. मदिरा दुकानों का संचालन : -

30.1 प्रदेश की समस्त मदिरा दुकानों पर Point of Sale ( POS ) मशीनें स्थापित की जायेंगी एवं POS मशीन के माध्यम से समस्त प्रकार की मदिरा बोतल पर चस्पा Excise Adhesive Label ( EAL) को अनिवार्यतः स्कैन कर ही बिलिंग एवं विक्रय किया जायेगा ।

POS मशीन के माध्यम से विक्रय अनिवार्य किये जाने के उपरांत उसका उल्लंघन पाये जाने की स्थिति में प्रथम 03 उल्लंघन पर 25,000/- रूपये प्रति प्रकरण शास्ति आरोपित की जाएगी। 03 से अधिक बार उल्लंघन पाये जाने की स्थिति में ऐसी आगामी प्रत्येक पुनरावृत्ति पर शास्ति में 5,000/- रूपये प्रति प्रकरण उत्तरोत्तर वृद्धि होती जाएगी ।

तदविषयक विस्तृत निर्देश शासन अनुमोदन उपरांत पृथक से प्रसारित किये जाएंगे ।

30.2 इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन सिस्टम के माध्यम से मदिरा की बोतल लेबिल तक ट्रैक एंड ट्रेस व्यवस्था को लागू किया जाएगा । इस हेतु विनिर्माणी इकाइयों को स्वयं के व्यय पर आवश्यक व्यवस्थाएं करनी होगी।

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30.3 किसी अन्य संस्था अथवा एजेंसी द्वारा किसी भी फुटकर मदिरा विक्रय दुकान/बार , थोक मदिरा विक्रय अनुज्ञप्ति अथवा मदिरा विनिर्माणी इकाई का संचालन बिना अनुज्ञापन प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बंद नहीं किया जाएगा अथवा उसे सील नहीं किया जाएगा ।

आबकारी विभाग के अधिकारी अथवा अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा अधिकृत अधिकारी को छोड़कर अन्य किसी अधिकारी द्वारा अनुज्ञप्त परिसर का निरीक्षण बिना अनुज्ञापन प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के नहीं किया जाएगा एवं ऐसे प्रत्येक निरीक्षण कार्यवाही की अनिवार्यतः वीडियोग्राफी करायी जाएगी ।

31. देशी/विदेशी मदिरा मद्यभाण्डागार संबंधी प्रावधान :-

: 31.1 प्रदेश के सभी देशी एवं विदेशी मदिरा मद्द्यभाण्डागारों पर वर्तमान में प्रचलित राजस्व तालों के स्थान पर Biometric e- Lock का उपयोग प्रारंभ किया जाएगा ।

31.2 विदेशी मदिरा मद्यभाण्डागारों पर मदिरा की लोडिंग/अनलोडिंग व्यवस्था हेतु दरों का निर्धारण राज्य स्तर से किया जाएगा ।

निर्धारित दर अनुसार लोडिंग/अनलोडिंग की पारिश्रमिक राशि का भुगतान प्रदाय प्राप्तकर्ता फुटकर मदिरा विक्रय अनुज्ञप्तिधारी एवं संबंधित विनिर्माता द्वारा ठेकेदार/ श्रमिकों को ऑनलाईन व्यवस्था के द्वारा किया जाएगा।

31.3 प्रदेश के विदेशी मदिरा मद्यभाण्डागारों को स्मार्ट वेयरहाउस में परिवर्तित किया जाएगा । इस हेतु Vertical Stacking , Fire - retarding System , Mobile Application Based Vehicle Receipt इत्यादि नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा ।

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31.4 वर्ष 2025-26 से कांच के लिए 0.1 प्रतिशत एवं कैन/पैट के लिए 0.05 प्रतिशत परिवहन हानि अनुमत होगी ।

31.5 बॉटलिंग इकाइयों द्वारा विदेशी मदिरा मद्यभाण्डागारों पर स्कंध भेजने हेतु डिमाण्ड का एवं मदिरा दुकान लायसेंसी द्वारा प्रदाय हेतु आवश्यक डिमाण्ड का स्वतः अनुमोदन (Auto Approval ) किया जाएगा । सुचारू प्रदाय व्यवस्था हेतु पोर्टल पर आवश्यक वेलीडेशन लागू किये जाएंगे।

32. अवशेष मदिरा स्कंध का निराकरण :-

32.1 लायसेंस अवधि समाप्त होने पर मदिरा के फुटकर विक्रय की दुकान के लायसेंसी को दुकान पर शेष बचे मदिरा स्कंध को आगामी वर्ष के लायसेंसी को सामान्य लायसेंस शर्त क्रमांक-25 के प्रावधानों के अन्तर्गत अंतरित/निराकृत करना होगा । इस अंतरित/निराकृत मदिरा स्कंध पर वर्ष में भुगतान की गयी ड्यूटी की राशि का समायोजन, आगामी वर्ष की निर्धारित न्यूनतम ड्यूटी राशि में मान्य नहीं होगा । यदि आगामी वर्ष में लायसेंसी को ऐसे अवशेष मदिरा स्कंध पर ड्यूटी के अन्तर की राशि का भुगतान करना पड़ता है, तो केवल ऐसी ड्यूटी के अन्तर की राशि उसकी आगामी वर्ष की देय निर्धारित न्यूनतम ड्यूटी राशि के विरुद्ध समायोजन योग्य होगी । ड्यूटी कम किये जाने पर ड्यूटी के अंतर की राशि वापसी योग्य नहीं होगी।

सहायक आबकारी आयुक्त/जिला आबकारी अधिकारी अपने जिले के अंतर्गत इस तरह के मदिरा अंतरण की अनुमति दे सकेंगे ।

32.2 यदि लायसेंसी को लायसेंस अवधि की समाप्ति पर उसी जिले में कोई अन्य मदिरा दुकान आवंटित नहीं होती है, लेकिन किसी अन्य जिले में मदिरा दुकान आवंटित होती है, तो उसे अथवा मदिरा दुकान का आवंटन न होने की स्थिति में किसी अन्य अनुज्ञप्तिधारी को , दोनों की मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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सहमति के आधार पर दिनांक 30 अप्रैल तक प्राप्त ऐसे प्रस्ताव पर आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश द्वारा अंतरण की अनुमति दी जा सकेगी ।

32.3 मदिरा परिवहन की स्थिति में अवशेष मदिरा स्कंध देशी मदिरा , विदेशी मदिरा ( स्पिरिट एवं वाईन) पर 75/- रूपये प्रतिपेटी तथा बीयर पर 40/- रूपये प्रतिपेटी की दर से परिवहन फीस प्रभारित की जायेगी।

33. एयरपोर्ट पर विदेशी मदिरा काउंटर :-

भोपाल , इंदौर , जबलपुर , ग्वालियर एयरपोर्ट के समान अन्य व्यवसायिक उड़ानें संचालित करने वाले एयरपोर्ट पर भी विदेशी मदिरा काउंटर हेतु अनुज्ञप्ति दी जा सकेगी। आगमन एवं प्रस्थान (दोनों द्वार) पर एक - एक काउण्टर खोलने की अनुमति दी जा सकेगी ।

34. भाँग दुकानों का निष्पादन : -

34.1 वर्ष 2025-26 के लिये फुटकर विक्रय की भाँग, भाँगघोटा एंव भाँग मिठाई अनुज्ञप्तियों के निष्पादन हेतु आरक्षित मूल्य , वर्ष 2024-25 की लायसेंस फीस में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाकर निर्धारित होगा । भाँग दुकानों के निष्पादन की प्रक्रिया के संबंध में आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा पृथक से निर्देश जारी किए जायेंगे ।

34.2 भाँग ड्यूटी प्रदाय दर भाँग विक्रय अनुज्ञप्तिधारी के लिये 200 /- रूपये प्रति किलोग्राम एवं औषधि निर्माणकर्ता अनुज्ञप्तिधारी के लिये 300/- रूपये प्रति किलोग्राम रहेगी।

34.3 भाँग प्रदाय व्यवस्था में पूर्व प्रचलित व्यवस्था के स्थान पर राज्य में भाँग लाने , गोदाम पर संग्रहित करने , भाँग की सफाई उपरांत 05-05 कि.ग्रा . की थैलियाँ बनाने संबंधी समस्त कार्यों के लिए प्रक्रिया मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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निर्धारित कर इस हेतु दरें टेण्डर के माध्यम से आमंत्रित करने की कार्यवाही की जाएगी ।

उपरोक्तानुसार भाँग की थोक आपूर्ति हेतु आपूर्तकों के चयन एवं प्राप्त दरों का अनुमोदन आबकारी आयुक्त द्वारा किया जाएगा।

34.4 भाँग की फुटकर प्रदाय व्यवस्था ई- आबकारी पोर्टल के इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन सिस्टम के माध्यम से की जाएगी ।

35. बार लायसेंस के संबंध में व्यवस्था:-

पूर्व प्रचलित व्यवस्था में नवीन संशोधित प्रावधान निम्नानुसार रहेंगे : - 35.1 कंडिका क्रमांक-01 के अनुक्रम में पवित्र घोषित निकायों की सीमा अंतर्गत दिनांक 01.04.2025 से किसी भी श्रेणी के बार संचालित नहीं किये जाएंगे ।

35.2 वर्ष 2025-26 में रेस्तरां बार की एक नवीन श्रेणी Low Alcoholic Beverage Bar प्रारंभ की जाएगी । इस लायसेंस के अंतर्गत रेस्तरां में सिर्फ बीयर , वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक ( RTD ) श्रेणी की विदेशी मदिरा जिसमें अल्कोहल की अधिकतम सीमा 10 % V/V तक ही हो , का सेवन अनुमत होगा और स्पिरिट ( स्पिरिट की समस्त किस्म ) का सेवन वर्जित तथा प्रतिबंधित रहेगा ।

35.2.1 इस Low Alcoholic Beverage Bar की वार्षिक लायसेंस फीस उस स्थान हेतु रेस्तरां बार लायसेंस (एफ.एल. -2) की प्रचलित वार्षिक लायसेंस फीस का 50 प्रतिशत होगी ।

35.2.2 इस लायसेंस को प्राप्त करने हेतु रेस्तरां के पास न्यूनतम एक तल पर 1000 वर्गफीट का एयर कंडीशन्ड कवर्ड मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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डाइनिंग एरिया होना चाहिए। शेष मापदण्ड एवं अहर्ताकारी शर्तें रेस्तरां बार लायसेंस (एफ.एल. -2) के समकक्ष रहेंगी ।

35.3 एफ.एल.-2 , Low Alcoholic Beverage Bar, एफ.एल.-2एए , एफ.एल. - 3 , एफ.एल.-3-ए, एफ.एल. -4 बार लायसेंसों में बीयर जिसकी EDP प्रति पेटी रूपये 575/-, स्प्रिट ( व्हिस्की) जिसकी EDP प्रति पेटी रूपये 1200/-, स्प्रिट ( रम , वोदका, जिन आदि) एवं वाईन जिसकी EDP प्रति पेटी रूपये 500/- तथा रेडी टू ड्रिन्क ( प्रति पेटी अधिकतम 9 बल्क लीटर ) जिसकी EDP प्रति पेटी रूपये 700/- से कम न हो , विक्रय/प्रदाय किया जायेगा ।

परन्तु Low Alcoholic Beverage Bar में सिर्फ बीयर , वाईन एवं रेडी टू ड्रिंक ( RTD ) का विक्रय/प्रदाय अनुमत रहेगा ।

35.4 रिसोर्ट बार (एफ.एल. -3ए) लायसेंस के मापदण्डों में संशोधन:-

वर्ष 2025-26 से रिसोर्ट बार (एफ.एल. -3ए) के नवीन लायसेंस उन्हीं इकाइयों को स्वीकृत किये जा सकेंगे , जो राष्ट्रीय उ‌द्यान या वन अभ्यारण्य की अधिसूचित सीमा से 20 कि.मी. की परिधि के अंदर तो हो, परन्तु किसी नगर निगम की सीमा से 05 कि.मी. , नगर पालिका की सीमा से 03 कि.मी. और नगर पंचायत की सीमा से 01 कि.मी. के अंदर न आती हो ।

35.5 बार लायसेंसों में अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्था के परीक्षण हेतु जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के अन्य अधिकारियों के अलावा कलेक्टर द्वारा नामित संबंधित नगरीय निकाय के फायर अधिकारी को भी शामिल किया जाता है ।

वर्ष 2025-26 से आवेदक बार इकाई के संबंधित नगरीय निकाय में फायर अधिकारी न होने की स्थिति में कलेक्टर द्वारा अन्य किसी नगरीय निकाय के फायर अधिकारी को भी नामित किया जा सकेगा ।

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35.6 रेस्तरां में उपलब्ध खुले क्षेत्र को भी अतिरिक्त तल के रूप में मान्य किया जाना : -

वर्तमान में रेस्तरां बार (एफ.एल. -2) लायसेंस को अपने डाइनिंग एरिया के अतिरिक्त अन्य तलों और खुली छत पर भी बार संचालन की अनुमति है। ऐसे अतिरिक्त तल हेतु न्यूनतम 500 वर्गफीट का क्षेत्रफल आवश्यक होता है और प्रत्येक अतिरिक्त तल हेतु 10 प्रतिशत अधिक लायसेंस फीस देय होती है ।

वर्ष 2025-26 से यह पात्रता अतिरिक्त तल एवं खुली छत के साथ -साथ रेस्तरां में उसी तल पर उपलब्ध खुले स्थान को भी उन्ही शर्तों पर दी जा सकेगी । यह पात्रता रेस्तरां बार ( एफ.एल. -2) के साथ- साथ Low Alcoholic Beverage Bar को भी होगी ।

35.7 मदिरा प्रदाय हेतु बारों को प्राथमिक रूप से उनकी निकटवर्ती एक मदिरा दुकान से एवं द्वितीयक रूप से क्रमशः निकटवर्ती अन्य 02 मदिरा दुकानों से संलग्न किया जाएगा । बार लायसेंसी सामान्यतः अपनी प्राथमिक रूप से संलग्न मदिरा दुकान से मदिरा प्राप्त करेगा , लेकिन लायसेंसी द्वारा वांछित लेबिल/ब्राण्ड की मदिरा प्राथमिक रूप से संलग्न दुकान पर उपलब्ध न होने की स्थिति में लायसेंसी की उक्त लेबिल/ब्राण्ड की मांग उससे संलग्न ‌द्वितीयक दुकानों पर क्रमशः अग्रेषित हो जाएगी , जहां से वह मदिरा अभिप्राप्त कर सकेगा ।

35.7.1 उपरोक्त प्रक्रिया ई - आबकारी पोर्टल की इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन के माध्यम से स्वचालित रूप से सम्पन्न होगी । बार लायसेंसी द्वारा मदिरा दुकान लायसेंसी को मदिरा क्रय की राशि का भुगतान भी अनिवार्यतः ऑनलाइन ही किया जाएगा ।

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35.7.2 बार लायसेंसी द्वारा वांछित लेबिल/ ब्राण्ड की मदिरा उससे संलग्न प्राथमिक एवं द्वितीयक मदिरा दुकानों पर उपलब्ध न होने की स्थिति में उसके द्वारा वह मदिरा सीधे विदेशी मदिरा मद्यभाण्डागार से निर्धारित MSP एवं उस पर देय वैट (VAT ) टैक्स के पृथक से किये गये अग्रिम भुगतान उपरांत अभिप्राप्त की जा सकेगी ।

35.8 सभी श्रेणी के बार लायसेंसियों को बार में मदिरा की प्रचलित विक्रय दरें ई -आबकारी पोर्टल पर अद्यतन अपलोड रखनी होंगी।

बार लायसेंसियों को उनके द्वारा क्रय एवं विक्रय की गई मदिरा की मात्रा की जानकारी प्रतिदिन ई - आबकारी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा ।

35.9 कार्यपालिक अधिकारियों द्वारा बार के निरीक्षण हेतु GPS आधारित मोबाईल एप्लीकेशन की व्यवस्था प्रारंभ की जाएगी ।

35.10 वर्ष 2025-26 में सभी श्रेणी के बार लायसेंसियों की e- KYC किया जाना अनिवार्य होगा ।

35.11 वर्ष 2025-26 से नवीन बार आवेदक हेतु आवेदन शुल्क रूपये 10,000/ - रहेगा ।

35.12 बार लायसेंसों की लायसेंस फीस एवं अन्य संबंधित शर्तें वर्ष 2024-25 के अनुसार यथावत रहेंगी ।

36. बारों की न्यूनतम गारंटी के संबंध में :-

36.1 वर्ष 2025-26 हेतु बार लायसेंसों की मिनिमम गारंटी ( एम.जी. ) में वृ‌द्धि नहीं की जायेगी ।

36.2 त्रैमासिक आधार पर लायसेंसी द्वारा निर्धारित मिनिमम गारंटी (न्यूनतम विक्रय परिमाण ) के समतुल्य विदेशी मदिरा ( स्पिरिट व मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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बीयर) क्रय न किये जाने की स्थिति में संबंधित कलेक्टर द्वारा ऐसी कम क्रय की गई विदेशी मदिरा ( स्पिरिट/वाईन) की मात्रा पर 250/- रूपये प्रति प्रूफ लीटर तक और विदेशी मदिरा ( बीयर) पर 35/- रूपये प्रति बल्क लीटर तक की दर से त्रैमासिक शास्ति अधिरोपित की जाएगी ।

36.3 प्रदेश की किसी भी बार इकाई द्वारा सम्पूर्ण वित्तीय वर्ष की अवधि में निर्धारित मिनिमम गारंटी के समतुल्य विदेशी मदिरा क्रय न किये जाने की स्थिति में उस पर आरोपित की जाने वाली शास्ति उस बार इकाई की संदर्भित वर्ष हेतु निर्धारित वार्षिक लायसेंस फीस से अधिक नहीं हो सकेगी ।

36.4 राज्य शासन द्वारा अधिसूचित Force Majeure के कारण बारों का संचालन प्रभावित होने की स्थिति में जिला कलेक्टर से प्राप्त युक्तियुक्त प्रस्ताव के आधार पर राज्य शासन के अनुमोदन के अधीन आबकारी आयुक्त द्वारा बारों हेतु निर्धारित न्यूनतम गारंटी का उठाव न होने पर अधिरोपित होने वाली शास्ति में छूट दी जा सकेगी।

न्यूनतम गारंटी संबंधी शेष व्यवस्था यथावत रहेंगी ।

37. प्रासंगिक अनुज्ञप्ति ( एफ.एल.5) :-

वर्ष 2025-26 से, व्यवसायिक किस्म के आयोजनों हेतु प्रासंगिक अनुज्ञप्ति (एफ.एल.5 ) की लायसेंस फीस की पृथक श्रेणी रहेगी ।

व्यवसायिक किस्म के कार्यक्रमों/आयोजनों अर्थात् ऐसे कार्यक्रम/ आयोजन जिनमें प्रवेश, निर्धारित शुल्क के भुगतान के आधार पर दिया जाता है , के दौरान मदिरा का उपयोग अनुमत करने के लिए प्रासंगिक अनुज्ञप्ति (एफ.एल.5 ) की लायसेंस फीस निम्नवत रहेगी : - 94(57)

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क्र.

कार्यक्रम में भाग लेने वाले व्यक्तियों की संख्या

1 अधिकतम 500 तक 2

लायसेंस फीस 25 हजार

50 हजार

500 से लेकर अधिकतम 01 हजार तक

3

75 हजार

01 हजार से लेकर अधिकतम 02 हजार तक

4

01 लाख

02 हजार से लेकर अधिकतम 05 हजार तक

05 हजार से अधिक 5

02लाख

38. मदिरा दुकानों एवं बार लायसेंसों से बिक्री का समय : -

38.1 मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों की साफ -सफाई तथा मदिरा के प्रारंभिक संग्रह , आमद, विक्रय एवं अंतिम संग्रह के दैनिक लेखे की पंजियों को पूर्ण/संधारित किये जाने के लिये मदिरा दुकानें प्रातः 8:30 बजे से खोली जायेंगी। प्रातः 8:30 बजे से प्रातः 9:30 बजे तक का समय लेखा संधारण के लिए एवं मदिरा विक्रय का समय प्रातः 9:30 बजे से रात्रि में 11:30 बजे तक रहेगा।

38.2 रेस्टोरेन्ट, पर्यटन , होटल , रिसोर्ट तथा क्लब बार लायसेंस के अन्तर्गत परिसर में विदेशी मदिरा की बिक्री का समय प्रातः 10:00 बजे से रात्रि 11:30 बजे तक एवं उपभोग का समय रात्रि 12:00 बजे तक रहेगा।

38.3 रेस्टोरेन्ट, पर्यटन , होटल , रिसोर्ट तथा क्लब बार लायसेंस ( एफ.एल. -2 , Low Alcoholic Beverage Bar, 2एए , 3 , 3ए , 3एए एवं 4) के अनुज्ञप्तिधारी द्वारा निर्धारित समय के उपरान्त बार संचालन हेतु अनुमति चाही जाती है , तो 5,000/- रूपये प्रतिदिन अतिरिक्त फीस लेकर , लायसेंस के अन्तर्गत परिसर में विदेशी मदिरा की बिक्री एवं उपभोग हेतु 02 घंटे की अतिरिक्त समयावधि दी जायेगी। यह विशिष्ट अनुमति उल्लेखित लायसेंसों हेतु वित्तीय वर्ष में अधिकतम 08 दिवस हेतु दी जा सकेगी । यह अनुमति कलेक्टर के विवेकाधीन रहेगी ।

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38.4 राज्य शासन अथवा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में दुकानों के निर्धारित खुलने अथवा बंद होने के समय में कोई परिवर्तन किये जाने की स्थिति में अनुज्ञप्तिधारी देय न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि एवं लायसेंस फीस में छूट का पात्र नहीं होगा ।

39. कम्पोजिट मदिरा दुकानों/ एकल समूहों का पुनर्निष्पादन : -

39.1 लायसेंस अवधि के पूर्व, किसी चयनित आवेदक द्वारा , निर्धारित समय सीमा में आवश्यक राशियां जमा न करने , विहित प्रावधानों का उल्लंघन करने या अन्य किसी कारण से यदि किसी मदिरा दुकान/ एकल समूह के पुनर्निष्पादन की स्थिति निर्मित होती है, तो ऐसी स्थिति में जिला निष्पादन समिति द्वारा उसका पुनर्निष्पादन ई- टेण्डर या शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार किया जाएगा ।

ऐसा पुनर्निष्पादन किये जाने की स्थिति में आरक्षित मूल्य का निर्धारण निम्नानुसार किया जायेगा :-

(i ) मदिरा दुकान/ समूह के निष्पादन के उपरांत यदि सफल आवेदक/ निविदादाता द्वारा सम्पूर्ण वार्षिक लायसेंस फीस जमा कर दी जाती है, तो ऐसी स्थिति में उसके द्वारा दिया गया एवं स्वीकृत उच्चतम ऑफर, उक्त मदिरा दुकान/ समूह का पुनर्निष्पादन हेतु आरक्षित मूल्य होगा।

(ii ) मदिरा दुकान/समूह के निष्पादन के उपरांत यदि सफल आवेदक / निविदादाता द्वारा सम्पूर्ण वार्षिक लायसेंस फीस जमा नहीं की जाती है, तो ऐसी स्थिति में वर्ष 2025-26 हेतु निर्धारित मूल आरक्षित मूल्य ही पुनर्निष्पादन के लिए उक्त मदिरा दुकान/ समूह का आरक्षित मूल्य होगा ।

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39.2 लायसेंस अवधि के दौरान लायसेंस शर्तों के उल्लंघन , निर्धारित न्यूनतम ड्यूटी राशि जमा न करने अथवा किसी अन्य कारण से , यदि मदिरा दुकान के एकल समूह का लायसेंस निरस्त किए जाने की स्थिति बनती है तो ऐसी स्थिति में मूल अनुज्ञप्तिधारी के उत्तरदायित्व पर, उस मदिरा दुकान के एकल समूह का पुनर्निष्पादन , लायसेंस अवधि की शेष रही अवधि के लिए ई- टेण्डर या शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार किया जाएगा। उस मदिरा दुकान के एकल समूह को पुनः निष्पादित करने के अधिकार जिला निष्पादन समिति को होंगे ।

39.3 एकल समूह की किसी एक मदिरा दुकान का लायसेंस निरस्त किये जाने की स्थिति निर्मित होने पर , उक्त एकल समूह की सभी मदिरा दुकानों का लायसेंस निरस्त किया जायेगा । मदिरा दुकान के एकल समूह का पुनर्निष्पादन होने तक उसका संचालन विभागीय रूप से अथवा उसके स्थान पर ऐसी रीति से जैसा कि आबकारी आयुक्त निर्धारित करें , किया जा सकेगा।

39.4 वर्ष 2025-26 की लायसेंस अवधि में पुनर्निष्पादन की स्थिति निर्मित होने पर इस हेतु कम्पोजिट मदिरा दुकानों/एकल समूहों का आरक्षित मूल्य, वर्ष 2025-26 की शेष अवधि (अर्थात् वह अवधि जिस हेतु उस मदिरा दुकान/ समूह को पुनर्निष्पादित किया जा रहा है ) का वार्षिक मूल्य (वार्षिक लायसेंस फीस समानुपातिक रूप से एवं न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि आनुपातिक रूप से का योग ) के समतुल्य होगा ।

पुनर्निष्पादन की कार्यवाही में टेण्डर में प्रकाशित निविदा अवधि एवं सफल निविदादाता के पक्ष में मदिरा दुकान/समूह स्वीकृत किये जाने की अवधि में भिन्नता होने की स्थिति में, निविदादाता को प्रस्तुत वार्षिक मूल्य में इस अवधि हेतु छूट की पात्रता होंगी , जिसकी गणना वार्षिक लायसेंस फीस हेतु समानुपातिक रूप से एवं न्यूनतम प्रत्याभूत मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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ड्यूटी राशि हेतु आनुपातिक रूप से की जाएगी । स्वीकृति दिनांक के दिवस को वार्षिक मूल्य निर्धारण हेतु गणना में लिया जाएगा।

39.5 पुनर्निष्पादन की कार्यवाही में यदि शासन को कोई हानि होती है अथवा खिसारा परिगणित होता है, तो ऐसी हानि/ खिसारे की राशि उच्चतम ऑफरदाता से भू- राजस्व के बकाया की भाँति वसूली योग्य होगी । यदि द्वितीय बार पुनर्निष्पादन की स्थिति निर्मित होती है , तो ऐसी स्थिति में आकलित हानि/खिसारे की राशि के लिए प्रथम निष्पादन के उच्चतम ऑफरदाता का संयुक्त उत्तरदायित्व रहेगा तथा प्रथम पुनर्निष्पादन का उच्चतम ऑफरदाता, इस प्रकार द्वितीय पुनर्निष्पादन के कारण उत्पन्न अंतर की राशि (हानि/ खिसारे) हेतु, संयुक्त रूप से उत्तरदायी होगा । यही सिद्धांत एवं प्रक्रिया आगामी पुनर्निष्पादनों हेतु भी प्रभावी रहेगी ।

39.6 वर्ष 2025-26 हेतु मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों के निष्पादन की उपरोक्त सभी शर्तें , वर्ष 2025-26 के दौरान होने वाले मदिरा दुकानों के पुनः निष्पादन की कार्यवाही के संबंध में भी यथावत प्रभावशील रहेंगी।

40. लायसेंस का हस्तांतरण : -

40.1 वर्ष 2025-26 के लिये किसी कम्पोजिट मदिरा दुकान के लायसेंसी द्वारा निष्पादन उपरांत किसी अपरिहार्य परिस्थिति में उसकी मदिरा दुकान का अन्तरण , लायसेंस की शेष अवधि के लिये किसी अन्य पात्र आवेदक के पक्ष में किया जाता है, तो ऐसा अन्तरणकर्ता (मूल लायसेंसी) अंतरण उपरांत भी, उक्त मदिरा दुकान के वार्षिक मूल्य आदि का भुगतान करने के लिए बाध्य रहेगा । साथ ही वह आवेदक जिसके नाम लायसेंस का हस्तांतरण किया जायेगा (अंतरणग्रहीता) भी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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उक्त मदिरा दुकान के वार्षिक मूल्य आदि का सम्यक भुगतान करने एवं लायसेंस की शर्तों का पालन करने के लिए बाध्य रहेंगे ।

मदिरा दुकान के लायसेंस के ऐसे हस्तांतरण के लिए उस मदिरा दुकान के वर्ष 2025-26 के वार्षिक मूल्य के 1 प्रतिशत राशि के समतुल्य हस्तांतरण फीस देय होगी , जो हस्तांतरण पूर्व अग्रिम जमा करायी जायेगी ।

40.2 किसी कम्पोजिट मदिरा दुकान हेतु सफल अथवा चयनित आवेदक/ टेण्डरदाता/ लायसेंसी की मृत्यु की स्थिति में संबंधित मदिरा दुकान का अन्तरण लायसेंसी के वैध वारिस अर्थात उसकी पत्नी अथवा उसके पारिवारिक सदस्य के पक्ष में किया जा सकेगा । ऐसा अंतरण अनुमत करने की स्थिति में अंतरणग्रहीता उक्त मदिरा दुकान के वार्षिक मूल्य आदि का सम्यक भुगतान करने एवं लायसेंस की शर्तों का पालन करने के लिए बाध्य रहेगा । ऐसी मदिरा दुकान के लायसेंस के हस्तांतरण के लिए किसी भी रूप में कोई हस्तांतरण फीस देय नहीं होगी।

41. मदिरा विनिर्माण इकाईयों से सम्बन्धित प्रावधान : -

41.1 मदिरा विनिर्माण इकाईयों की वार्षिक लायसेंस फीस वर्ष 2024-25 में प्रचलित अनुसार यथावत रहेगी ।

41.2 मदिरा विनिर्माण इकाईयों पर प्रभारित की जाने वाली पर्यवेक्षण प्रभार की राशि वर्ष 2024-25 में प्रचलित अनुसार यथावत रहेगी।

41.3 प्रदेश के विदेशी मदिरा विनिर्माताओं/आयतकों (स्पिरिट) हेतु लेबिल पंजीयन संबंधी व्यवस्था एवं फीस वर्ष 2024-25 के अनुरूप यथावत रहेगी ।

41.4 वर्तमान में प्रदेश के बीयर विनिर्माताओं ( बी-3 ) हेतु प्रति लेबल पंजीयन फीस 2.20 लाख रुपये निर्धारित है । वर्ष 2025-26 हेतु प्रति लेबल मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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पंजीयन शुल्क यथावत रखते हुए बीयर विनिर्माता इकाइयों ( बी-3 ) द्वारा एकमुश्त लेबल पंजीयन फीस रूपये 25 लाख भुगतान करने पर किसी भी संख्या तक लेबलों का पंजीयन कराया जा सकेगा ।

41.5 वर्ष 2025-26 में मदिरा विनिर्माता इकाई/आयतकों द्वारा आवेदन किये जाने पर उसे वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विदेशी मदिरा मद्यभाण्डागारों पर अवशेष स्कंध को लेबिल पंजीयन का नवीनीकरण कराये बिना भी अधिकतम वित्तीय वर्ष के प्रथम माह (अप्रैल) में प्रदाय की अनुमति होगी ।

41.5.1 प्रदाय की यह अनुमति अवशेष लेबिल की मदिरा के समाप्त हुए सम्पूर्ण वित्तीय वर्ष की अवधि में प्रदाय किये गये स्कंध की 2 प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अधीन रहेगी ।

41.5.2 ऐसे अवशेष ब्राण्ड/लेबिल की मदिरा हेतु, विनिर्माता इकाई द्वारा पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में घोषित EDP ही इस एक माह की अवधि में EDP के रूप में मान्य होगी और उत्पाद पर प्रभारित डयूटी , MSP / MRP का निर्धारण आदि के संबंध में नवीन वित्तीय वर्ष के प्रावधान लागू होंगे ।

41.6 बॉटलिंग फीस में संशोधन :-

वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश में विक्रय हेतु बॉटलिंग फीस निम्नानुसार रहेगी: -

क्र.

इकाई का प्रकार

वर्ष 2025-26 हेतु संशोधित बॉटलिंग फीस

रु.6 प्रति प्रू.ली.

1 स्थानीय विदेशी मदिरा (स्पिरिट) विनिर्माता ( FL-9 )

2 फ्रेंचाईजी/सबलीजी विदेशी

रु.24 प्रति प्रू.ली.

मदिरा (स्पिरिट ) विनिर्माता ( FL - 9A) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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रु.3 प्रति ब.ली.

3 स्थानीय बीयर विनिर्माता (B-3 )

4

रु .12 प्रति ब.ली.

फ्रेंचाईजी/सबलीजी बीयर विनिर्माता (FL -9A of B -3)

41.7 वर्ष 2025-26 में प्रदेश की मदिरा विनिर्माणी इकाइयों का आधुनिकीकरण एवं तकनीकी उन्नयन किया जाएगा। सभी विनिर्माणी इकाइयों को पर्याप्त संख्या में डिजीटल एल्कोमीटर रखना अनिवार्य होगा ।

42. विशेष मदिराओं ( Special liquors ) के संबंध में : -

वर्ष 2025-26 में विशेष मदिराओं (Special liquors) के निर्माण , भण्डारण , निर्यात , आयात एवं विक्रय की अनुमति, विदेशी मदिरा बॉटलिंग इकाइयों को भी दी जा सकेगी ।

43. हेरीटेज मदिरा :-

हेरीटेज मदिरा संबंधी नीति एवं व्यवस्था वर्ष 2024-25 में प्रचलित अनुसार यथावत रहेगी । हेरीटेज मदिरा विनिर्माणी इकाइयों द्वारा निर्मित हेरीटेज मदिरा को वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य शासन के वैल्यूएडेड टैक्स (VAT) से मुक्त रखा जाएगा ।

44. प्रदेश में उत्पादित फलों से प्रदेश में निर्मित वाईन संबंधी प्रावधान:-

44.1 राज्य शासन द्वारा घोषित अंगूर प्रसंस्करण नीति के अन्तर्गत प्रदेश में फलोद्यान विस्तार एवं फल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने एवं किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से प्रदेश में उत्पादित अंगूर एवं जामुन मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 14 फरवरी 2025

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के अतिरिक्त अन्य फलों तथा प्रदेश में उत्पादित एवं संग्रहित शहद (Honey ) से निर्मित वाईन का निर्माण अनुमत रहेगा।

44.2 मध्यप्रदेश में उत्पादित अंगूर से मध्यप्रदेश में निर्मित वाईन को आबकारी शुल्क से वित्तीय वर्ष 2026-27 तक के लिए मुक्त रखा गया है। यह छूट अन्य फलों तथा शहद ( Honey ) से निर्मित वाईन पर भी लागू होगी।

44.3 प्रदेश में उत्पादित फलों/ शहद से प्रदेश में वाईन विनिर्माण करने वाली इकाइयों को उनके परिसर में वाईन के फुटकर विक्रय के लिए एक रिटेल आउटलेट स्वीकृत किया जा सकेगा ।

आगंतुकों/पर्यटकों हेतु वाईनरी परिसर में वाईन टेवर्न (वाईन टेस्टिंगसुविधा) की अनुमति होगी ।

44.4 उपरोक्त श्रेणी की वाईन विनिर्माण इकाइयां वाईन के विपणन हेतु प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों, एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों तथा मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा चयनित/ घोषित/पर्यटन क्षेत्र /स्थलों पर ऐसी वाईन के फुटकर विक्रय के लिए एक या अधिक कम्पनी रिटेल आउटलेट पूर्व निर्धारित शर्तों के अधीन संचालित कर सकेगी।

कंडिका क्रमांक-02 के अनुक्रम में पवित्र घोषित निकायों की सीमा अंतर्गत दिनांक 01.04.2025 से वाईन के रिटेल आउटलेट संचालन की अनुमति नहीं होगी।

44.5 वाईन के विपणन हेतु कम्पनी रिटेल आउटलेट की भाँति विनिर्माता वाईनरी द्वारा फ्रेंचाईजी/अधिकृत किये गये व्यक्ति द्वारा भी उक्त स्थलों पर वाईन के रिटेल आउटलेट का संचालन किया जा सकेगा।

44.6 ऐसे सभी वाईन रिटेल आउटलेट की वार्षिक लायसेंस फीस 10,000/ - रूपये रहेगी ।

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44.7 इन रिटेल आउटलेट पर वाईन की आपूर्ति विनिर्माणी (वाईनरी ) से सीधे की जा सकेगी । जिले की कम्पोजिट मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकान और बार के लायसेंसी को उसी जिले के रिटेल आउटलेट से ऐसी वाईन प्रदाय की जा सकेगी ।

44.8 वाईन के रिटेल आउटलेट से जिले की ही कम्पोजिट मदिरा दुकान को वाईन प्रदाय करने हेतु, मदिरा स्कंध को एक मदिरा दुकान से अन्य मदिरा दुकान में स्थानांतरण की प्रकिया अनुसार, प्रदाय दिये जाने की अनुमति होगी । इस प्रकार के स्थानांतरण पर कंडिका क्रमांक-28.3 में उल्लेखित किसी प्रकार की परिवहन फीस प्रभारित नहीं होगी।

44.9 वाईन महोत्सव हेतु वर्ष में प्रत्येक नगर निगम में अधिकतम 02 दिवस के लिये Occasional Licence दिया जा सकेगा , जिसकी लायसेंस फीस 1,000/- रूपये प्रतिदिन होगी।

45. अन्य कर एवं व्यवस्था: -

लायसेंस अवधि में यदि केन्द्र या राज्य सरकार के किसी विभाग द्वारा किसी अधिनियम अथवा नियम के अन्तर्गत मादक पदार्थों पर कोई कर , फीस या चार्ज लगाया गया जिसकी देयता अनुज्ञप्तिधारी पर आती हो तो , अनुज्ञप्तिधारी इस बाबत वार्षिक लायसेंस फीस अथवा निर्धारित न्यूनतम ड्यूटी राशि में किसी छूट अथवा क्षतिपूर्ति का हकदार नहीं होगा और इस संबंध में उसकी कोई आपत्ति मान्य नहीं होगी। परंतु इस अतिरिक्त कर , फीस या चार्ज जिसमें 1 प्रतिशत स्त्रोत पर आयकर की कटौती शामिल नहीं होगी , की प्रतिपूर्ति के संबंध में राज्य शासन से अनुमति प्राप्त कर आबकारी आयुक्त द्वारा मदिरा की विक्रय दरों ( MSP/ MRP ) के पुनर्निर्धारण के संबंध में उचित निर्णय लिया जा सकेगा ।

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46. मद्य निषेध की नीति के फलस्वरूप दुकान बन्द करना : -

राज्य में मद्य निषेध की नीति के फलस्वरूप यदि कोई मदिरा दुकान/दुकानें बन्द की जाती हैं, तो इसके कारण लायसेंसी को कोई क्षतिपूर्ति की पात्रता नहीं होगी।

47. दैवीय प्रकोप , प्राकृतिक आपदा एवं अन्य कारणों से वार्षिक मूल्य में छूट : -

47.1 लायसेंस अवधि में दैवीय प्रकोप , प्राकृतिक आपदा एवं अन्य कारणों से वैधानिक प्राधिकारी द्वारा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम , 1915 की धारा 24 ( 1 ) के अंतर्गत स्थापित मदिरा दुकानें बन्द किये जाने के आदेश के कारण अनुज्ञप्तिधारी को उस मदिरा दुकान के वार्षिक मूल्य (वार्षिक लायसेंस फीस में समानुपातिक + न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी राशि में आनुपातिक) में छूट का पात्र माना जा सकेगा । छूट की गणना हेतु उस त्रैमास में देय वार्षिक मूल्य को ही आधार माना जाएगा ।

47.2 उपर्युक्त परिस्थितियों में लायसेंस अवधि में भॉग दुकानों को बंद करने के आदेश वैधानिक प्राधिकारी द्वारा दिए जाते है , तो इस प्रकार बंद रखी गई भॉग , भाँग घोटा एंव भॉग मिठाई दुकानों को उनकी वार्षिक लायसेंस फीस में समानुपातिक रूप से छूट की पात्रता रहेगी ।

47.3 उपर्युक्त परिस्थितियों में लायसेंस अवधि में बार को बंद करने के आदेश वैधानिक प्राधिकारी द्वारा दिए जाते है , तो इस प्रकार बंद रखी गई अवधि हेतु बार लायसेंसी को वार्षिक लायसेंस फीस में समानुपातिक छूट की पात्रता रहेगी। उपर्युक्त अवधि के लिये उसकी निर्धारित न्यूनतम गारंटी में समानुपातिक रूप से कमी की जायेगी। :

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47.4 उपरोक्त सभी छूटों के संबंध में जिला समिति द्वारा भेजे गये युक्तियुक्त एवं तथ्यात्मक प्रस्ताव के आधार पर , आबकारी आयुक्त की अनुशंसा पर राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा।

उपरोक्तानुसार अनुमत छूट की राशि का समायोजन मदिरा दुकानों को उसी अथवा आगामी पक्ष में देय न्यूनतम ड्यूटी राशि के विरूद्ध एवं बार/ भॉग दुकानों को आगामी अवधि में देय वार्षिक लायसेंस फीस के विरुद्ध किया जा सकेगा ।

48. शुष्क दिवस : -

48.1 लायसेंस अवधि के लिए शासन द्वारा अधिसूचित अनुसार 3 शुष्क दिवस निम्नानुसार रहेंगे : -

15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस)

02 अक्टूबर (महात्मा गांधी जयंती)

26 जनवरी ( गणतंत्र दिवस)

इसके अतिरिक्त कलेक्टर को प्रशासकीय तथा लोकहित में यह भी अधिकार होगा कि किन्ही भी अतिरिक्त 4 दिनों के लिए किसी भी स्थान की कोई एक या इससे अधिक मदिरा दुकानें अथवा तहसील यां जिले की समस्त मदिरा दुकानें बन्द करने के आदेश प्रसारित कर सकेंगे ।

48.2' लोक सभा तथा विधान सभा एवं स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं के साधारण और जनरल उप निर्वाचन के समय मतदान और मतगणना के संबंध में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप राज्य शासन द्वारा आदेशित/निर्देशित व्यवस्थाओं के परिपालन में , मतदान क्षेत्र की मदिरा दुकानें अथवा मतगणना क्षेत्र की मदिरा दुकानें कलेक्टर द्वारा बन्द किया जाना आदेशित किया जा सकेगा ।

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स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं में नगर निगम , नगरपालिका , नगर पंचायत ( नगर परिषद ) , जनपद पंचायत, जिला पंचायतें और ग्राम पंचायत शामिल है । ऐसे समय पर सिर्फ उन्हीं क्षेत्रों की मदिरा दुकानें बन्द रहेगी , जहाँ निर्वाचन हो ,

48.3 यदि उक्त निर्धारित शुष्क दिवसों के अतिरिक्त किसी अन्य दिवस को कलेक्टर के लिखित आदेश से मदिरा दुकानें बन्द की जाती हैं, तो उन मदिरा दुकानों के बन्द रहने की अवधि में संबंधित दुकान के लायसेंसी को मदिरा दुकान के लिए निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी की राशि में आनुपातिक तथा लायसेंस फीस में समानुपातिक छूट की पात्रता होगी ।

49. अन्य व्यवस्थाएँ लागू रहना : -

वर्ष 2024-25 में प्रचलित वे समस्त प्रावधान जिनका समावेश वर्ष 2025-26 की आबकारी व्यवस्था में पृथक से नहीं किया गया है, यथावत प्रभावी बने रहेगे । राजस्व हित एवं प्रशासनिक आवश्यकता अनुसार आबकारी आयुक्त द्वारा शासन अनुमोदन के अधीन प्रावधानों में आवश्यक परिवर्तन किये जा सकेंगे ।

50. अनुज्ञप्ति का अधिनियम , नियम एवं निर्देशों के अध्ययधीन होना: - निष्पादन अवधि में स्वीकृत/जारी किये जाने वाले मदिरा की फुटकर बिक्री के सभी लायसेंस मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 ( यथा संशोधित) तथा उसके अन्तर्गत बनाये गये एवं समय - समय पर संशोधित किये गये नियमों और समय- समय पर राज्य शासन , आबकारी आयुक्त व कलेक्टर द्वारा पारित आदेशों/अनुदेशों के अध्यधीन रहेंगे ।

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51. क्षतिपूर्ति के संबंध में राज्य शासन के अधिकार: -

राज्य शासन को यह अधिकार होगा कि अपरिहार्य स्थिति में, औचित्य को समझते हुये किसी भी जिले में या समस्त जिलों में मदिरा दुकानों की निष्पादन की प्रक्रिया को सम्पूर्ण/आंशिक रुप से समाप्त करते हुए , प्रोसेस फीस/शर्तों के पालन में जमा राशि को वापिस कर किसी भी अन्य प्रक्रिया/व्यवस्था से मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकानों के व्यवस्थापन/पुनःव्यवस्थापन की कार्यवाही कर सके। ऐसी स्थिति में कोई भी क्षतिपूर्ति देय नहीं होगी ।

52 अन्य बिन्दु:-

52.1 स्पिरिट/ माल्ट के Maturation/Ageing एवं Wooden Cask/Barrel में भण्डारण संबंधी नियम बनाये जाएंगे।

52.2 औ‌द्योगिक इकाइयों को मेडीकल उपयोग के लिए आवश्यक परिशोधित स्पिरिट हेतु जारी किये जाने वाले लायसेंस (आर.एस. - 2ए एवं आर.एस. -2बी) की वैधता अवधि को 01 वर्ष के स्थान पर , आवश्यकतानुसार 01 से अधिक वर्ष ( अधिकतम 05 वर्ष ) तक किया जाएगा ।

निर्धारित वार्षिक लायसेंस फीस तदानुसार समेकित रूप से अग्रिम प्राप्त की जाएगी ।

52.3 ई-आबकारी पोर्टल से जारी परिवहन परमिट ( TP ) के स्थान पर e- TP की व्यवस्था लागू की जा सकेगी।

52.4 मदिरा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु, उसके सैम्पल्स के विधिवत रसायनिक परीक्षण की दृष्टि से मुख्यालय ग्वालियर स्थित विभाग की शासकीय रसायनशाला का आधुनिकीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 14 फरवरी 2025

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तथा भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर के संभागीय कार्यालयों में उन्नत तकनीकों/मशीनों से सुसज्जित रसायनशालाएं स्थापित की जाएगी ।

इन रसायनशालाओं में विभागीय कार्यपालिक स्टॉफ को प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा।

53. ई- आबकारी व्यवस्था: - *

विभाग में ई -आबकारी व्यवस्था प्रचलन में रहेगी । यह व्यवस्था NIC द्वारा निर्मित/विकसित एवं विभागीय गतिविधियों के End-to - End Computerization से संबंधित है । इस व्यवस्था को क्रियान्वित करने हेतु सभी संबंधित पक्षों यथा विनिर्माता इकाईयाँ, फुटकर अनुज्ञप्तिधारी आदि को आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था स्वयं के व्यय पर अनिवार्यतः करनी होगी ।

54. आबकारी नीति के अनुरूप अधिनियम/ नियम/ विनियम आदि में परिवर्तन:-

इस आबकारी नीति में किये गये प्रावधानों, जिनका प्रभाव मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम ,1915 या आबकारी से संबंधित नियमों/विनियमों पर पड़ता है, के अनुरूप अधिनियम/ नियम/ विनियमों में संशोधन कर अधिसूचित किया जाकर राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा । इस नीति में प्रयुक्त शब्दों का अर्थ समस्त प्रयोजनों के लिए वही मान्य होगा , जो मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 एवं उसके अंतर्गत बनाये गये नियमों में परिभाषित हो ।

उपरोक्त आबकारी व्यवस्था के अनुसार सर्वसंबंधित द्वारा कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

वंदना शर्मा, उपसचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित -2025.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 14 February 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2025-02-14.47.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2025-02-14.47.Extraordinary.