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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" का प्रकाशन....

Published 13 May 2025

Department
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा
Type
Extraordinary
Gazette no.
128
Identifier
in.gazette.madhya.2025-05-13.128.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदे श शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 128]

भोपाल, मंगलवार , दिनांक 13 मई 2025- वैशाख 23 , शक 1947

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 13 मई 2025

क्र. एफ - 1-1-2015 - साठ. - मंत्रि - परिषद् दिनांक 24 जनवरी 2025 को सम्पन्न बैठक में मध्यप्रदेश शासन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग एवं नवीन एवं . नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार की " कुसुम योजना " के घटक (ब ) द्वारा देय अनुदान के माध्यम से सिंचाई प्रयोजन के लिए सोलर पम्प स्थापना की योजना ( प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना ) संशोधित कर अनुमोदित की गयी है . सर्वसाधारण की जानकारी के लिए " प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना " का प्रकाशन " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " में किया जा रहा है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनु श्रीवास्तव , अपर मुख्य सचिव.

255 256

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मई 2025

1 ) अनुदान व्यवस्थाः-

i . बेंचमार्क मूल्य या निविदा मूल्य में से न्यूनतम पर "नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार की "कुसुम योजना" के घटक 'ब' अंतर्गत निम्‌नानुसार अनुदान व्यवस्था रहेगी: -

सोलर पंप श्रेणी

भारत सरकार का अनुदान

3 एच.पी. तक 30 प्रतिशत

30 प्रतिशत 3 एच.पी. से अधिक

कृषक ऋण कृषक का योगदान (Margin Money) 65 प्रतिशत

5 प्रतिशत 60 प्रतिशत

10 प्रतिशत

ii . परियोजना लागत का श्रेणीवार 5 प्रतिशत अथवा 10 प्रतिशत कृषक द्वारा Margin Money के रूप में दिया जाएगा ।

iii . भारत सरकार की कुसुम - बी योजना के अंतर्गत 7.5 एच.पी. से अधिक क्षमता के पंप पर केन्द्रांश की राशि 7.5 एच.पी. के पंप पर देय अनुदान तक सीमित रहेगी , जिसकी प्रतिपूर्ति कृषक ऋण के माध्यम से की जावेगी ।

iv. प्रदेश मे चिन्हित विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति समूह ( PVTG ) , यथा- भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय , के आवेदकों हेतु राज्य शासन का योगदान 65 प्रतिशत रहेगा ।

V. उपरोक्त व्यवस्था अनुसार श्रेणीवार 60 अथवा 65 प्रतिशत राज्यांश के अतिरिक्त मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम का सर्विस चार्ज भी वहन किया जाएगा ।

vi . कृषक ऋण के भुगतान का पुरा दायित्व राज्य शासन का होगा । राज्य शासन द्वारा उक्त ऋण का भुगतान सोलर कृषि पंप लगने की वजह से कृषि उपभोक्ताओं के लिए "अटल कृषि ज्योति योजना" एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत वितरण कंपनियों को देय सब्सिडी में हुई बचत से ऋण का भुगतान किया जाएगा। बैंको की ऋण की शर्तों का 256( 1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मई 2025

अनुमोदन वित्त विभाग की सहमति से किया जाएगा ।

vii . ऋण प्राप्ति हेतु म.प्र . ऊर्जा विकास निगम द्वारा सहयोग दिया जाएगा ।

2) सोलर पम्प स्थापना की दरों का निर्धारणः-

प्रतिस्पर्धात्मक एवं पारदर्शी प्रक्रिया से की गई खुली निविदा के माध्यम से दरों का निर्धारण किया जाएगा। सोलर पम्प की कुल कीमत का निर्धारण , नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार की मार्गदर्शिका , तकनीकी मापदण्ड तथा मानकों अथवा उससे बेहतर स्थापित मानकों/ मापदण्डो के अनुसार होगा ।

3) तकनीकी पहलूः-

योजना के अंतर्गत 5 एच . पी . क्षमता तक केवल डी. सी. तथा बड़े पम्पों की श्रेणी में ए. सी. व डी. सी. दोनों तरह के पम्प मान्य होंगे ।

सोलर पम्प की उपयोगिता उपरांत , सोलर पैनलों से उत्पादित ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोग हेतु नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार के दिशा- निर्देश , तकनीकी मापदण्ड एवं मानको के अनुसार यूनिवर्सल सोलर पम्प कन्ट्रोलर ( यू. एस . पी. सी. ) के उपयोग का विकल्प कृषकों को दिया जाएगा। इन पम्पों के लिए केन्द्रीय अनुदान नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय , भारत सरकार की " कुसुम योजना " के घटक ' ब' अंतर्गत जारी दिशा निर्देशों के अनुसार होगा । इन पम्पों के लिए बिना यू. एस . पी . सी. के समान क्षमता के सोलर पंप का अनुदान ही राज्यांश के रूप मे लागू होगा।

4) योजना का क्रियान्वयनः -

i . संस्थागत व्यवस्थाः-

राज्य स्तर पर योजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं एवं अनुश्रवण के लिये मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन की अध्यक्षता में निम्‌नानुसार समिति गठित की जाती है: -

मुख्य सचिव , म ०प्र ०शासन - अध्यक्ष;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मई 2025

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भारसाधक सचिव , म ०प्र ० शासन , नवीन एवं नवकरणीय उर्जा विभाग- सदस्य सचिव;

भारसाधक सचिव , म०प्र०शासन, उर्जा विभाग- सदस्य;

भारसाधक सचिव , म ०प्र ०शासन वित्त विभाग- सदस्य;

भारसाधक सचिव, म ०प्र ० शासन , नगरीय विकास एवं आवास विभाग- सदस्य;

भारसाधक सचिव , म ०प्र ०शासन , किसान कल्याण तथा कृषि विकास- सदस्य;

भारसाधक सचिव , म ०प्र ० शासन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग- सदस्य;

भारसाधक सचिव , म ०प्र ०शासन , राजस्व विभाग- सदस्य;

。 भारसाधक सचिव , म ०प्र ० शासन, विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग- सदस्य;

जिला स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा एवं परामर्श हेतु निम्न समिति का गठन किया जाता है: -

जिला कलेक्टर, अध्यक्ष

मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत - सदस्य

उप-संचालक, कृषि - सदस्य

प्रबन्धक, जिला सहकारी बैंक सदस्य

सहायक संचालक, उद्यानिकी सदस्य

महाप्रबंधक/ अधीक्षण यंत्री , संबंधित मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी सदस्य

जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी , मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड - सदस्य ।

ii . मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के वेब पोर्टल पर सोलर पम्प के 256(3)

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आवेदन का प्रारूप उपलब्ध रहेगा । हितग्राही द्वारा वेब पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन कर निम्न जानकारी अंकित करनी होगी: -

(क) हितग्राही का नाम , पता , आधार नम्बर तथा मोबाइल क्रमांक ( यदि हो) ।

(ख) भू-स्वामित्व संबंधी दस्तावेज का विवरण ( खसरा नम्बर , ग्राम , आर . आई . सर्कल , तहसील एवं जिला) ।

(ग) उस खसरे, खसरे बटांकन पर सिंचाई का वर्तमान स्त्रोत।

(घ) कृषि हेतु किसान का प्रश्नाधीन खसरों पर विद्युत कनेक्शन है अथवा नहीं यदि है , तब स्थाई या अस्थाई।

iii . उपरोक्त (ii ) के तहत् मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम मे प्राप्त आवेदनों के अतिरिक्त , मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा पूर्ववर्ती "मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना " के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों को समाहित करते हुए पात्र हितग्राहियों की वरीयता सूची अनुसार सोलर पम्प का आवंटन किया जाएगा ।

iv . लक्षित लाभार्थीः-

(एक) योजना के लिए राज्य के वे सभी कृषक पात्र होंगे, जिनके पास प्रश्नाधीन भूमि पर कृषि हेतु स्थाई विद्युत कनेक्शन नहीं है।

योजनान्तर्गतं प्रदत्त सोलर सयंत्रो की जिओ टैगिंग या अन्य उचित प्रबंध किया जायेगा , जिससे सोलर पंप पर देय अनुदान और विद्युत् कनेक्शन पर देय अनुदान का दोहरीकरण ( duplicity ) न हो सके । पंप के श्रेणी की स्वीकृति, कृषक की भूमि के क्षेत्रफल अनुसार होगी , ताकि अनुदान का सही उपयोग हो सके ।

(दो ) योजना के प्रथम चरण में अस्थायी विद्युत संयोजन वाले उपभोक्ताओं व अविद्युतिकृत कृषकों को सोलर पंप का लाभ दिया जाए। योजना के आगामी चरणों में स्थायी विद्युत पंप उपयोग कर रहे कृषकों को भी सोलर पंप दिया जाए। विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा वर्ष 23-24 या वर्ष 24-25 में अस्थायी विद्युत संयोजन एवं स्थायी विद्युत संयोजन प्राप्त करने वाले मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मई 2025

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उपभोक्ताओं का समग्र (व्यक्तिगत एवं परिवार आई डी दोनों के साथ ) एवं आधार ई- के. वाय.सी. आधारित सभी सुसंगत फील्डस (mpbhulekh portal का उपयोग कर खसरा नम्बर प्राप्त किया जाकर ) इलेक्ट्रोनिक डाटाबेस बनाया जाएगा । इसी प्रकार , अविद्युतिकृत उपभोक्ताओं का डाटाबेस उक्तानुसार मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा विद्युत वितरण कंपनीयों के सहयोग से बनाया जाएगा। उक्त डाटाबेस का उपयोग सोलर पंप प्रदाय हेतु किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा ऋण भुगतान हेतु भी इस डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा । सोलर पंप स्थापना उपरांत डाटाबेस के आधार पर संबंधित उपभोक्ता ऊर्जा विभाग के अधीन राज्य सरकार से प्राप्त होने वाली सब्सिडी के लिए अपात्र माना जाएगा ।

v. हितग्राही अंश की राशि मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम में पोर्टल के माध्यम से अथवा चालान द्वारा जमा कराई जाएगी । तत्पश्चात यह सुनिश्चित होने पर कि हितग्राही द्वारा उसके अंश की राशि जमा कर दी गई है, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा सोलर पम्प के लिए आदेश प्रदत्त कर क्रय एवं स्थापना प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

5) शेष ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोगः -

सोलर पम्पों के सोलर पैनलों से वर्ष के लगभग 330 दिन व औसतन 8 घंटे प्रतिदिन ऊर्जा का उत्पादन होता है , जबकि कृषि पम्पिंग हेतु आवश्यकता मात्र लगभग 150 दिन ही होती है । अतः , शेष ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोगों, जैसे - चाफ कटर , आटा चक्की , कोल्ड स्टोरेज, ड्रायर , बैटरी चार्जर , आदि , हेतु यूनिवर्सल सोलर पम्प कन्ट्रोलर ( यू.एस.पी.सी. ) को बढ़ावा दिया जाएगा ।

6) नोडल एजेन्सीः-

i . योजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार की मार्गदर्शिका, तकनीकी मापदण्ड तथा मानकों अथवा उससे बेहतर स्थापित मानकों/मापदण्डों का निर्धारण, प्रदायकर्ता इकाईयों का चयन, इकाईयों 256(5)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 मई 2025

द्वारा संयंत्र स्थापना का कार्य एवं भुगतान का दायित्व नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधीन मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड को सौंपा जाता है ।

ii . सोलर पम्प की स्थापना के साथ ड्रिप या स्प्रिंकलर सिस्टम की स्थापना व उपलब्ध अनुदान को जोड़ने के संबंध में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग व उ‌द्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्राथमिकता देते हुए कार्यवाही की जाएगी ।

7) प्रत्येक सोलर पम्प के साथ एक बोर्ड लगाया जाएगा , जिसमें योजना कां नाम व उसमें दिए गए अनुदान का उल्लेख होगा । पंप पर क्यू आर ( QR ) कोड स्थापित किये जायेंगे जिससे सम्पूर्ण जानकारी पारदर्शी रूप से उपलब्ध रहे ।

8) पूर्व में प्रचलित " मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना " से विस्थापन हेतुः ऐसे समस्त हितग्राही , जिन्होंने इस योजना के अधिसूचित किए जाने से पूर्व तत्समय प्रचलित "मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना " के अंतर्गत सोलर पम्प स्थापना हेतु पंजीकरण किया हो , वे निर्धारित शर्तें पूरी करने पर इस योजना का लाभ ले सकेंगे । मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना अंतर्गत पूर्व पंजीकृत कृषकों पर उपरोक्त कंडिका क्र.1 अनुसार अनुदान व्यवस्था लागू की जाए ।

9) यह योजना प्रशासकीय विभाग को इसके प्रावधानों के बारे में स्पष्टीकरण और/ या व्याख्या प्रदान करने हेतु आदेश जारी करने हेतु अधिकृत करती है ।

10) योजना अवधिः

यह योजना मार्च 2028 तक लागू रहेगी ।

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2025.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 13 May 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2025-05-13.128.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2025-05-13.128.Extraordinary.