मध्यप्रदेश शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक43]
भोपाल , सोमवार, दिनांक 16 फरवरी 2026- माघ 27, शक 1947
सामान्य प्रशासन विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
क्र . एफ. GAD- 49-0001-2026-GAD-10
भोपाल , दिनांक 16 फरवरी 2026
जांच आयोग अधिनियम , 1952 ( 1952 का 60) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , माननीय उच्च न्यायालय , खण्डपीठ इंदौर द्वारा याचिका क्रमांक WP.No. 247/2026 एवं इसके साथ संलग्न चार अन्य याचिकाओं यथा , WP.No. 50628/2025, 50641/2025 , 50646/2025 एवं 496/2026 में दिनाक 27.01.2026 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन में इंदौर नगर में प्रदूषित जल आपूर्ति के घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा कर निष्कर्ष , सुझाव एवं अनुशंसाएं प्रस्तुत करने हेतु, राज्य शासन , एतदद्वारा, माननीय उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जॉच आयोग का गठन करता है ।
2. आयोग , इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से चार सप्ताह के बाद अपना अंतरिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा ।
3. आयोग का मुख्यालय इंदौर होगा ।
4. आयोग निम्नलिखित बिन्दुओं पर जाँच करेगा और एक रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करेगाः-
(क) जल प्रदूषित होने के कारण: -
(एक) क्या भागीरथपुरा में आपूर्ति किया गया पेयजल प्रदूषित था ?
(दो) प्रदूषित पेयजल का स्त्रोत और प्रकृति ( सीवेज का प्रवेश, औद्योगिक डिस्चार्ज , पाईप लाईन क्षति आदि) ।
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 16 फरवरी 2026
(ख ) सार्वजनिक स्वास्थ्य की स्थितिः-
(एक) दूषित पानी के कारण प्रभावित निवासियों की मृत्यु की वास्तविक संख्या;
(दो) रिपोर्ट की गई बीमारी की प्रकृति;
(तीन) मेडिकल रिस्पांस एवं निवारक उपायों की पर्याप्तता;
(चार) सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उठाये जाने वाले आवश्यक कदम;
(पांच ) दीर्घकालिक अधोसंरचनात्मक एवं निगरानी सुधारों हेतु सुझाव;
(छह) भागीरथपुरा जल प्रदूषण घटना के लिए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाये गए अधिकारियों एवं पदाधिकारियों की पहचान करना और उन पर जिम्मेदारी तय करना;
( सात ) प्रभावित निवासियों में विशेष रूप से कमजोर वर्गों को मुआवजे के लिए दिशानिर्देशों का सुझाव देना। :
5. आयोग की शक्तियां आयोग को निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए सिविल न्यायालय की शक्तियां प्राप्त होंगी: -
(एक) पदाधिकारियों और गवाहों को समन कर बुलाना;
(दो) सरकारी विभागों, अस्पतालों , प्रयोगशालाओं और नागरिक निकायों से अभिलेख मंगवाना;
(तीन ) मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण किये जाने के आदेश देना;
(चार ) स्थल निरीक्षण करना ।
6. अनुदेशों के पालन के संबंध में निर्देश -
जिला प्रशासन/ नगरपालिक निगम इंदौर , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित समस्त राज्य संस्थाएं जांच आयोग को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी और आयोग द्वारा मांगे गये सभी अभिलेख (रिकार्ड ) उपलब्ध कराएंगे ।
7. संभाग आयुक्त इंदौर, आयोग को कार्यालय हेतु स्थान, कर्मचारीवृंद और लॉजिस्टिक संबंधी सहायता उपलब्ध कराएंगे ।
8. यह अधिसूचना राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगी ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
दिनेश कुमार मौर्य , अपर सचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2026 .