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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII Extra No. 15 (19th March 2018)

Published 19 March 2018

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2018-03-19.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०१८/फाल्गुन २८, शके १९३९ १ RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष ४, अंक ८] सोमवार, मार्च १९, २०१८/फाल्गुन २८, शके १९३९ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक १५

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).

राजस्व तथा वन विभाग

मंत्रालय, मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक,

मुंुबई ४०००३२, दिनांकित १२ फरवरी २०१८।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. VI OF 2018.

AN ORDINANCE

FURTHER TO AMEND THE HYDERABAD ATIYAT

INQUIRIES ACT, 1952.

महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक ६ सन् २०१८।

हैद्राबाद अतियात जाँच अधिनियम, १९५२ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।

क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनो सदनों का सत्र नहीं चल रहा हैं ;

और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चुका हैं कि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं, जिनके कारण उन्हे, इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए हैद्राबाद अतियात जाँच अधिनियम, १९५२ में अधिकतर संशोधन करने के लिये सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ हैं ;

सन् १९५२ का हैद्रा. अधि. क्र. १०।

(१)

भाग सात---१५-१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०१८/फाल्गुन २८, शके १९३९ अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश, प्रख्यापित करते हैं, अर्थात् :---

१. (१) यह अध्यादेश हैद्राबाद अतियात जाँच (संशोधन) अध्यादेश, २०१८ कहलाए।

संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभण।

(२) यह तुरंत प्रवृत्त होगा।

२. हैद्राबाद अतियात जाँच अधिनियम, १९५२ की धारा ६ में,-----

(क) प्रथम परंतुक के पूर्व, निम्न परंतुक, निविष्ट किया जायेगा, अर्थात् :----

सन् १९५२ का हैद्रा. अधि. क्र. १०। सन् १९५२ का हैद्रा. अधि. क्र. १० की धारा ६ में संशोधन।

" परंतु, सरकार, ऐसे अनुदान के अधीन भूमि का अंतरण अनुमत कर सकेगी, यदि ऐसी भूमि,----

सन् १९६६ का महा. ३७। (एक) महाराष्ट्र प्रादेशिक तथा नगर योजना अधिनियम, १९६६ के उपबंधों के अनुसार तैयार किये गये प्रारूप या अंतिम विकास योजना में के किसी लोक प्रयोजन के लिये आरक्षित किया गया हैं ; या

(दो) किसी चिकित्सा या शैक्षणिक प्रयोजन के लिये आवश्यक हैं :";

(ख) प्रथम परंतुक में, " परंतु " शब्द के स्थान में, " परंतु आगे यह कि " शब्द रखे जायेंगे।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, मार्च १९, २०१८/फाल्गुन २८, शके १९३९ ३

वक्तव्य।

हैद्राबाद अतियात जाँच अधिनियम, १९५२ (सन् १९५२ का हैद्रा. अधिनियम क्र. १०) महाराष्ट्र राज्य में के हैद्राबाद क्षेत्र को, अर्थात् जिसे मराठवाडा कहा जाता है को लागू है। उक्त अधिनियम, " खिदमतमाश इनाम भूमि " नामक दैनिक व्यय पूरा करने के लिए विभिन्न देवस्थानों के लिए उपबंधित भूमियों के संबंध में लागू है। उक्त अधिनियम की धारा ६ अन्य संक्रामण या विल्लंगम का प्रतिषेध तथा न्यायालय द्वारा कुर्की की छूट के लिए उपबंध करती है।

२. शीघ्र शहरीकरण होने के कारण उक्त भूमियाँ अब शहरी क्षेत्रों के भाग बनी है। जैसा कि यदि संबंधित अंतिम विकास योजना या प्रादेशिक योजना, विभिन्न प्रयोजन के लिए उन भूमियों को आरक्षण देना ऐसे नागरी प्रदेश के संबंध में लागू होता हैं, उक्त धारा ६ के उपबंधों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विकास योजना या प्रादेशिक योजना के अनुसार ऐसी भूमियों का उपयोग करना संभव नहीं है।

३. यह सुनिश्चित करने की दृष्टि से कि, " खिदमतमाश इनाम भूमि " का लोक प्रयोजनों के लिए, या विकास योजना के अधीन चिकित्सा या शैक्षणिक प्रयोजनों पर विचार करने के लिए उपयोग किया जा सकेगा, यह उपबंध करना इष्टकर समझा गया है कि, यदि प्रारूप या अंतिम विकास योजना में ऐसी भूमि किसी लोक प्रयोजन के लिए आरक्षित है और समुचित प्राधिकरण या योजना प्राधिकरण द्वारा आवश्यक है; या यदि सन् १९५२ के उक्त अधिनियम में यथोचित संशोधन द्वारा ऐसी भूमि किसी चिकित्सा या शैक्षणिक प्रयोजन के लिए आवश्यक है तो सरकार, ऐसी मंजूरी के अधीन भूमि के अंतरण की अनुमति दे सकेगी।

४. राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान होे चुका है कि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है जिनके कारण उन्हें उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिए हैद्राबाद अतियात जाँच अधिनियम, १९५२ (सन् १९५२ का हैद्रा. अधिनियम क्र. १०) में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है।

चे. विद्यासागर राव, महाराष्ट्र के राज्यपाल

मुंबई, दिनांकित ९ फरवरी, २०१८।

महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से, मनु कुमार श्रीवास्तव, सरकार के प्रधान सचिव।

(यथार्थ अनुवाद),

हर्षवर्धन जाधव, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।

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Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 19 March 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2018-03-19.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2018-03-19.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.