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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII Ext. 28 (15th Nov. 2018 वित्त विभाग---महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक 26, सन् 2018। महाराष्ट्र माल और सेवा कर (स्थानीय प्राधिकरणों को प्रतिकर) अधिनियम, 2017 में संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।

Published 15 November 2018

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2018-11-15.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर १५, २०१८/कर्ातिक २४, शके १९४० १

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष ४, अंक १७(२)] गुरुवार, नोव्हेंबर १५, २०१८/कर्ातिक २४, शके १९४० [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक २८

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी)

वित्त विभाग मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय, मुंबई ४०० ०३२, दिनांकित ६ नवम्बर, २०१८ ।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. XXVI OF 2018.

AN ORDINANCE

TO AMEND THE MAHARASHTRA GOODS AND SERVICE TAX (COMPENSATION TO THE LOCAL AUTHORITIES)

ACT, 2018.

महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक २६, सन् २०१८ ।

महाराष्ट्र माल और सेवा कर (स्थानीय प्राधिकरणों को प्रतिकर) अधिनियम, २०१७ में संशोधन

करने संबंधी अध्यादेश ।

क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;

और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चुका हैं कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं, जिनके कारण उन्हें, इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिये, महाराष्ट्र माल और सेवा कर (स्थानिय प्राधिकरणों को प्रतिकर) अधिनियम, २०१७ में संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ हैं ;

सन् २०१७ का महा. ४१।

(१)

भाग सात-२८---१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर १५, २०१८/कर्ातिक २४, शके १९४० अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं, अर्थात् :---

१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र माल और सेवा कर (स्थानिय प्राधिकरणों को प्रतिकर) (संशोधन) अध्यादेश, संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभण ।

२०१८ कहलाए।

(२) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।

सन् २०१७ का महा. ४१ की धारा २ में संशोधन।

सन् २०१७ का महा. ४१। २. महाराष्ट्र माल और सेवा कर (स्थानीय प्राधिकरणों को प्रतिकर) अधिनियम, २०१७ (जिसे इसमें आगे, "मूल अधिनियम" कहा गया है) की धारा २, की उप-धारा (१) के खण्ड (ग) में, " में यथा विर्िनदिष्ट स्थानीय प्राधिकरण द्वारा संग्रहित राजस्व " शब्दों के स्थान में, "के अनुसरण में परिकलिन राजस्व " शब्द रखे जायेंगे । ३. मूल अधिनियम की धारा ५ की, उप-धारा (२) में, ---

(क) विद्यमान परंतुक के पूर्व, निम्न परंतुक, निविष्ट किया जायेगा, अर्थात् :---

सन् २०१७ का महा. ४१ की धारा ५ में संशोधन।

"परंतु, यदि किसी स्थानिय प्राधिकरण द्वारा किये गये अभ्यावेदन पर कि, आधार वर्ष राजस्व के परिकलन के परिणामस्वरुप, उक्त प्राधिकरण को हानि हुर्ह हैं और यदि, राज्य सरकार का इस प्रकार किये गये दावे के बारे में समाधान हुआ हैं, तब उस प्राधिकरण के लिये आधार वर्ष राजस्व, राज्य सरकार द्वारा विर्िनदिष्ट किया जाये ऐसा होगा :";

(ख) विद्यमान परंतुक में, "परंतु" शब्द के स्थान में, "परंतु आगे यह कि," शब्द रखे जायेंगे ।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर १५, २०१८/कर्ातिक २४, शके १९४० ३

वक्तव्य

महाराष्ट्र माल और सेवा कर (स्थानिय प्राधिकरणों को प्रतिकर) अधिनियम, २०१७, माल और सेवा कर के कार्यन्वयन के कारण, चुंगी और स्थानीय निकाय कर के उत्सादन के कारण उद्भूत होनेवाली राजस्व की हानि के लिये बृहन्मुंबई नगर निगम और अन्य स्थानिय प्राधिकरणों को प्रतिकर का उपबंध करता हैं । अधिनियम की धारा ५, स्थानीय प्राधिकरण को किसी वित्तीय वर्ष में, भुगतानयोग्य प्रतिकर रकम की परिगणना के प्रयोजन के लिये स्थानिय प्राधिकरणों के आधार वर्ष राजस्व के परिकलन के लिये उपबंध करती हैं।

२. धारा ५ की उप-धारा (२) में अंतर्िवष्ट विद्यमान उपबंधों के अनुसार तदधीन आवेष्िटत स्थानीय प्राधिकरणों के लिये आधार वर्ष राजस्व का परिकलन समान होगा । तथापि, कतिपय स्थानीय प्राधिकरणों की कतिपय असामान्य परिस्थितियों के कारण, आधार वर्ष राजस्व के परिकलन में समानता के परिणामस्वरुप, स्थानीय प्राधिकरणों को हानी हो सकती है।

३. उपरोक्त ध्यान में रखकर, यह उपबंध करना प्रस्तावित हैं कि, किसी स्थानिय प्राधिकरण द्वारा किये गये अभ्यावेदन पर कि, आधार वर्ष राजस्व के परिकलन के परिणामस्वरुप, उक्त प्राधिकरण को हानि हुई हैं और यदि, राज्य सरकार का इस प्रकार किया गया दावा सर्मथित है के बारे में समाधान होता हैं, तब, उस प्राधिकरण के लिये आधार वर्ष राजस्व, राज्य सरकार द्वारा विर्िनदिष्ट किया जाये ऐसा होगा । उस प्रयोजन के लिये, अधिनियम की धारा ५ की उप-धारा (२) में यथोचितरित्या संशोधन करना और परिणामस्वरूप, धारा २ की उप-धारा (१) के खण्ड (ग) में संशोधन करना इष्टकर समझा गया हैं।

४. क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा हैं और महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चुका हैं कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं, जिनके कारण उन्हें, उपरोक्त प्रयोजनों के लिये, महाराष्ट्र माल और सेवा कर (स्थानीय प्राधिकरणों को प्रतिकर) अधिनियम, २०१७ में संशोधन करने के लिये, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ हैं, अत:, यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता हैं।

मुंबई, दिनांकित ६ नवम्बर, २०१८।

चे. विद्यासागर राव, महाराष्ट्र के राज्यपाल।

महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,

यु. पी. एस. मदान, सरकार के अपर मुख्य सचिव।

(यथार्थ अनुवाद),

हर्षवर्धन जाधव, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।

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Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 15 November 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2018-11-15.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2018-11-15.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.