RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ४, अंक २९] गुरुवार, नोव्हेंबर २२, २०१८/अग्रहायण १, शके १९४० [पृष्ठे ४, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक ५९
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).
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महाराष्ट्र विधानसभा में दिनांक २२ नवम्बर २०१८ ई. को. पुर:स्थापित निम्न विधेयक महाराष्ट्र विधानसभा नियम ११७ के अधीन प्रकाशन किया जाता है :—
L. A. BILL No. LXVIII OF 2018.
A BILL
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA VALUE ADDED TAX ACT, 2002.
विधानसभा का विधेयक क्रमांक ६८, सन् २०१८।
महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर अधिनियम, २००२ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।
क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा था ;
और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चुका था कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान थीं जिनके कारण उन्हें, इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर अधिनियम, २००२ में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ था ; और, इसलिए, महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर (संशोधन) अध्यादेश, २०१८, २४ अक्तूबर, २०१८ को प्रख्यापित किया गया था। २ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर २२, २०१८/अग्रहायण १, शके १९४० और क्योंकि उक्त अध्यादेश को राज्य विधानमंडल के अधिनियम में बदलना इष्टकर हैं ; अत: भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में, एतद्द्वारा, निम्न अधिनियम अधिनियमित किया जाता है :----
१. (१) यह अधिनियम महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर (संशोधन) अधिनियम, २०१८ कहलाए।
(२) यह २४ अक्तूबर, २०१८ से प्रवृत्त हुआ समझा जायेगा ।
संक्षिप्त नाम और प्रारम्भण।
२. महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर अधिनियम, २००२ की धारा २३ की, उप-धारा (७) में,----
सन् २००५ का महा. ९। (१) "अठारह महीने " शब्दों के स्थान में, "चौबीस महीने " शब्द रखे जायेंगे ;
(२) परन्तुक में, "अठारह महीने " शब्दों के स्थान में, "चौबीस महीने " शब्द रखे जायेंगे।
सन् २००५ का महा. ९ की धारा २३ में संशोधन।
३. (१) महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर (संशोधन) अध्यादेश, २०१८, एतद्द्वारा, निरसित किया जाता हैं। सन् २०१८ का महा. अध्या. क्र. २३। (२) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश द्वारा, यथा संशोधित मूल अधिनियम के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन कृत या की गई कोई कार्यवाही (जारी किसी अधिसूचना या आदेश समेत), इस अधिनियम द्वारा यथा संशोधित मूल अधिनियम के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन कृत, की गई या, यथास्थिति, जारी की गई समझी जायेगी । सन् २०१८ का महा. अध्या. क्र. २३ का निरसन और व्यावृत्ति।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, २२, २०१८/अग्रहायण १, शके १९४० २
उद्देश्यों और कारणों का वक्तव्य।
महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर अधिनियम, २००२ (सन् २००५ का महा. ९) की धारा २३ उक्त अधिनियम के अधीन उद्ग्रहीत मूल्यर्वधित कर के निर्धारण संबंधी उपबंधों को अन्र्तविष्ट करती है। सन् २०१७ का महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक ३१ द्वारा यथा संशोधित उक्त धारा २३ की उप-धारा (७) यह उपबंध करती है कि अधिकरण या उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय द्वारा किये गये आदेश समेत उक्त अधिनियम के अधीन किये गये किसी आदेश में अन्र्तविष्ट किसी निष्कर्ष या निर्देशन को प्रभावी करने के लिये उक्त धारा २३ के अधीन जब नया निर्धारण किया जानेवाला है तब उक्त धारा २३ में अन्र्तविष्ट किसी बात के होते हुए भी, यदि उक्त आदेश प्रथम अपील में अपील प्राधिकारी द्वारा किया गया है तो उक्त आदेश में अन्र्तविष्ट ऐसे निष्कर्ष या निर्देशन निर्धारण प्राधिकारी या, यथास्थिति, आयुक्त को संसूचित करने के दिनांक से ऐसा निर्धारण अठारह महीने की अवधि के भीतर और किसी अन्य मामले में, छत्तीस महीने की अवधि के भीतर किया जायेगा। सन् २०१७ का महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक ३१ द्वारा यथा संशोधित उक्त धारा २३ की, उप-धारा (७) का परन्तुक यह उपबंध करता है कि, संबंधित ब्यौहारी द्वारा उसे संसूचित किये जाने के उक्त दिनांक से पूर्वतर, निर्धारण प्राधिकारी या, यथास्थिति, आयुक्त को यदि उक्त आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि दी गई है तो अठारह महीने या, यथास्थिति, छत्तीस महीने की उक्त अवधि उक्त प्रतिलिपि देने के दिनांक से गिनी जायेगी। यदि उक्त आदेश प्रथम अपील में अपील प्राधिकारी द्वारा दिया गया है तो अब, उक्त आदेश में अन्र्तविष्ट ऐसे निष्कर्ष या निर्देशन निर्धारण प्राधिकारी या, यथास्थिति, आयुक्त को संसूचित करने के दिनांक से अठारह महीने की अवधि के भीतर निर्धारण प्राधिकारी द्वारा नया निर्धारण आदेश पारित किया जाना चाहिए।
१५ अप्रैल २०१७ से, उक्त धारा २३ की, उप-धारा (७) के अधीन नया निर्धारण करने के लिये निर्धारण प्राधिकारियों को बड़े पैमाने पर, ऐसे मामले वापस भेजे गये हैं, नया निर्धारण और करदाताअों १ जुलाई २०१७ के प्रभाव से, माल और सेवा कर विधियों से संबंधित विधियों के उपबंधों का अलग-अलग अनुपालन करने में व्यस्त है, साथ ही साथ कर प्राधिकारी उसके कार्यान्वयन में जुड़े हुए हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, यह ध्यान में आया है कि, प्रथम अपील प्राधिकारी द्वारा वापस भेजे गये मामलों में नया निर्धारण पूर्ण करने के लिये उक्त धारा २३ की, उप-धारा (७) के अधीन परिकल्पित अठारह महीने की ऐसी अवधि, करदाताअों को उसके सबूत प्रस्तुत करने और निर्धारण प्राधिकारियों को समरूप सबूत पर विचार-विमर्श करने और नये निर्धारण संबंधी आदेशों को पारित करने के लिए अपर्याप्त है। नया निर्धारण पूर्ण करने के लिये ब्यौहारियों के ऐसे वर्ग साथ ही साथ निर्धारण प्राधिकारियों को पर्याप्त समय देने के लिए, छह महीने की उक्त अवधि बढ़ाने के लिए उक्त धारा २३ की, उप-धारा (७) में तत्काल, यथोचित संशोधन करना इष्टकर समझा गया है।
२. क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा था और महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चुका था कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान थीं जिनके कारण उन्हें, उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर अधिनियम, २००२ (सन् २००५ का महा. ९) में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ था, अत: महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा २४ अक्तूबर २०१८ को महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर (संशोधन) अध्यादेश, २०१८ (सन् २०१८ का महा. अध्या. क्र. २३) प्रख्यापित किया गया था।
३. प्रस्तुत विधेयक का आशय उक्त अध्यादेश को राज्य विधानमंडल के अधिनियम में बदलना है।
मुंबई, दिनांकित १९ नवंबर, २०१८।
सुधीर मुनगंटीवार, वित्त मंत्री।४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर २२, २०१८/अग्रहायण १, शके १९४०
वित्तीय ज्ञापन।
प्रस्तुत विधेयक का खण्ड २, महाराष्ट्र मूल्यर्वधित कर अधिनियम, २००२ (सन् २००५ का महा. ९) की धारा २३ के संशोधन के लिये उपबंध करता हैं। उक्त धारा २३ में, नियोक्ता, जो कर के लिये दायी हैं के निर्धारण से संबंधित उपबंध अंर्तविष्ट हैं। उक्त संशोधन द्वारा धारा २३ की उप-धारा (७) के अधीन नया निर्धारण पूर्ण करने के लिये अवधि अधिकतर छह महीने की अवधि के लिये विस्तारित की जा रही हैं। विधेयक में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं हैं जिसमें, राज्य सरकार के अधिनियम के रूप में इसकी अधिनियमिति पर राज्य के समेकित निधि से आर्वति या अनार्वति व्यय अन्तर्ग्रस्त हो।
(यथार्थ अनुवाद), हर्षवर्धन जाधव, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।
विधान भवन : मुंबई, दिनांकित २२ नवम्बर, २०१८।
डॉ. अनंत कळसे, प्रधान सचिव, महाराष्ट्र विधानसभा।
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