RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ५, अंक १ ] सोमवार, फेब्रुवारी २५, २०१९/फाल्गुन ६, शके १९४० [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक १
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).
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महाराष्ट्र विधानपरिषद में दिनांक २५ फरवरी २०१९ ई. को पुर:स्थापित निम्न विधेयक महाराष्ट्र विधानपरिषद नियम ११३ के अधीन प्रकाशित किया जाता है :—
L. C. BILL No. I OF 2019.
A BILL
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA AGRICULTURAL
UNIVERSITIES (KRISHI VIDYAPITHS) ACT, 1983.
विधानपरिषद का विधेयक क्रमांक १ सन् २०१९।
सन् १९८३ का महा. ४१।
क्योंकि इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिये, महाराष्ट्र कृषि विश्वविद्यालय (कृषि विद्यापीठ) अधिनियम, १९८३ में, अधिकतर संशोधन करना इष्टकर हैं ; इसलिए भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में, एतद्वारा, निम्न अधिनियम अधिनियमित किया जाता हैं :---
संक्षिप्त नाम । १. यह अधिनियम महाराष्ट्र कृषि विश्वविद्यालय (कृषि विद्यापीठ) (संशोधन) अधिनियम, २०१९ कहलाए। २. महाराष्ट्र कृषि विश्वविद्यालय (कृषि विद्यापीठ) अधिनियम, १९८३ की धारा १७ की, उप-धारा (१) के, खंड (क) के, उप-खंड (दो) के स्थान में, निम्न उप-खंड रखा जायेगा, अर्थात् :---
सन् १९८३ का महा. ४१।
सन् १९८३ का महा. ४१ की धारा १७ में संशोधन। "(दो) महा निदेशक ; भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के या निम्न में से उसके नामनिर्देशित :----
(१)
भाग सात--१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी २५, २०१९/फाल्गुन ६, शके १९४० (क) व्यक्ित जो महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के रुप में सेवानिवृत्त हुआ हैं ; या
(ख) अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड (एएसआरबी), नई दिल्ली ; या
(ग) निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्था (आयएआरआय), नई दिल्ली ;"।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी २५, २०१९/फाल्गुन ६, शके १९४० ३
उद्देश्यों तथा कारणों का वक्तव्य।
महाराष्ट्र कृषि विश्वविद्यालय (कृषि विद्यापीठ) अधिनियम, १९८३ (सन् १९८३ का महा. ४१) की धारा १७ की उप-धारा (१), कुलपति की नियुक्ित के लिये उपबंध करती है । उक्त धारा १७ की उप-धारा (१) का खंड (क) यह उपबंध करता है कि, वहाँ कुलपति की नियुक्ित के लिए, कुलाधिपति को उचित नामों की सिफारिश करने के लिये, एक समिति होगी। उप-खंड (दो) में यथा उपबंधित, उक्त समिति का एक सदस्य, महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली होगा। महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली का भारत सरकार के कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (डीएआरई) का सचिव भी होता है। उक्त महानिदेशक का पद एकल पद होकर संपूर्ण भारत में उसकी अधिकारिता होगी और महानिदेशक को ऐसी समिति पर काम करने के लिये पर्याप्त समय निकालना कठिन होता है।
२. महानिदेशक के कार्य-बोझ का विचार करते हुए और कृषि विश्वविद्यालय (कृषि विद्यापीठ) के कुलपति की चयन प्रक्रिया की सुनिश्चिति के लिये यह उपबंध करना इष्टकर समझा गया है कि महानिदेशक या तो स्वयं या उसके नामनिर्देशिति द्वारा जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली का सेवानिवृत्त महानिदेशक या कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड (एएसआरबी) नई दिल्ली का अध्यक्ष या भारतीय कृषि अनुसंधान संस्था (आयएआरआय), नई दिल्ली का निदेशक, कुलपति की नियुक्ित के लिये, कुलाधिपति के उचित नामों की सिफारिश करनेवाली समिति पर सदस्य होगा। उक्त प्रयोजन के लिये, उक्त अधिनियम की धारा १७ में यथोचित संशोधन करना इष्टकर समझा गया है।
३. प्रस्तुत विधेयक का आशय उपयर्ुक्त उद्देश्यों को प्राप्त करना है।
मुंबई, दिनांकित ८ फरवरी २०१९।
चंद्रकांत (दादा) पाटील, कृषि मंत्री।
(यथार्थ अनुवाद) हर्षवर्धन जाधव, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।
विधान भवन, मुंबई, दिनांकित २५ फरवरी २०१९।
जितेंद्र भोळे, सचिव (का.), महाराष्ट्र विधानपरिषद।
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