Servants of Knowledge
Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII Ext. 4 (5-3-2019), ग्रामविकास विभाग, महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक 2, सन् 2019। महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिल्हा परिषद तथा पंचायत समिती अधिनियम, 2018 में संशोधन करने संबंधी अध्यादेश.

Published 05 March 2019

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2019-03-05.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

click here for IIIF manifest

महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, मार्च ५, २०१९/फाल्गुन १४, शके १९४० १ RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष ५, अंक ३(२) ] मंगळवार, मार्च ५, २०१९/फाल्गुन १४, शके १९४० [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक ४

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).

ग्रामविकास विभाग बांधकाम भवन, २५, मर्झबान पथ, फोर्ट, मुंबई ४०० ००१, दिनांकित १४ फरवरी २०१९।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. II OF 2019.

AN ORDINANCE

TO AMEND THE MAHARASHTRA VILLAGE PANCHAYATS AND

THE MAHARASHTRA ZILLA PARISHADS AND PANCHAYAT

SAMITIS (AMENDMENT) ACT, 2018.

महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक २, स्न २०१९।

महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिल्हा परिषद तथा पंचायत समिति अधिनियम, २०१८ में

संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।

क्योंकि, राज्य विधानमंडल के दोनो सदनों का सत्र नही चल रहा है ;

सन् २०१८ का महा. ६६।

और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, जिसमें ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं; जिनके कारण उन्हे इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिल्हा परिषद तथा पंचायत समिति (संशोधन) अधिनियम, २०१८ में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;

(१)

भाग सात--४-----१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, मार्च ५, २०१९/फाल्गुन १४, शके १९४० अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्ितयों का प्रयोग करते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल एतद्व्दारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते है, अर्थात् :---

१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद तथा पंचायत समिति संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभण. (संशोधन) (संशोधन) अध्यादेश, २०१९ कहलाए।

(२) यह तुरंत प्रवृत्त होगा।

२. महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद तथा पंचायत समिति (संशोधन) अधिनियम, २०१८ (जिसे इसमें आगे " संशोधन अधिनियम " कहा गया है) की धारा २ के,----

सन् २०१८ का महा. ६६। सन् २०१८ का महा. ६६ की धारा २ में संशोधन।

(एक) खण्ड (क) में, "३१ मार्च २०१६" अंकों और शब्दों के स्थान में, " २६ मार्च २०१५" अंक और शब्द रखे जायेंगे ;

(दो) खण्ड (ख) में, "३१ मार्च २०१६" अंकों और शब्दों के स्थान में, " २६ मार्च २०१५" अंक और शब्द रखे जायेंगे ।

३. संशोधन अधिनियम की धारा ३ के,---

(एक) खण्ड (क) में, "३१ मार्च २०१६" अंकों और शब्दों के स्थान में, "२६ मार्च २०१५" सन् २०१८ का महा. ६६ की धारा ३ में संशोधन।

अंक और शब्द रखे जायेंगे ;

(दो) खण्ड (ख) में, " ३१ मार्च २०१६" अंकों और शब्दों के स्थान में, "२६ मार्च २०१५" अंक और शब्द रखे जायेंगे ।

४. संशोधन अधिनियम की धारा ८, उसकी उप-धारा (१) के रुप में पुन:क्रमांकित की जायेगी और इसप्रकार पुन: क्रमांकित की गई उप-धारा (१) के पश्चात्, निम्न उप-धारा, जोडी जायेगी, अर्थात् :---

सन् २०१८ का महा. ६६ की धारा ८ में संशोधन।

सन् १९५९ का ३।

सन् १९५९ का ३।

सन् २०१८ चा महा. अध्या. क्र. २.

" (२) उप-धारा (१) में अंर्तविष्ट किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति, जिसने २६ मार्च २०१५ के पश्चात्, जाति प्रमाणपत्र या वैधता प्रमाणपत्र प्राप्त किया है, किंतु महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम के उपबंधों के अनुसार, अनुबद्ध अवधि के भीतर, ऐसा प्रमाणपत्र दाखिल नहीं किया है तो, महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम के उपबंधों के अधीन वह निरर्ह नहीं समझा जायेगा, यदि, उसने ऐसे अनुबद्ध अवधि के अवसित होने के पश्चात् किंतु १४ फरवरी २०१९ के पूर्व महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (संशोधन) (संशोधन) अध्यादेश, २०१९ के राजपत्र में प्रकाशित होनेवाले दिनांक से पूर्व अपना वैधता प्रमाणपत्र पहले से ही सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत किया है या यदि, राजपत्र में उक्त अध्यादेश के प्रकाशन के दिनांक से तीन महिने की अवधि के भीतर, उसने ऐसा प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है ।''

सन् २०१९ का महा. अध्या. क्र. २। परंतु यह कि, इस धारा के उपबंध महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (संशोधन) (संशोधन) अध्यादेश, २०१९ के राजपत्र में प्रकाशन होनेवाले दिनांक के पूर्व, राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले से ही ऐसे व्यक्ित की रिक्ित भरने के लिए निर्वाचन का आयोजन किया है या ऐसे निर्वाचन के आयोजन करने के लिए कार्यक्रम घोषित किया है, वहाँ लागू नहीं होंगे''

कठिनाईयों के निराकरण की शक्ति ।

५. (१) इस अध्यादेश द्वारा यथा संशोधित, महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में यदि कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो ; राज्य सरकार, जैसा अवसर उद्भूत हो, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (संशोधन) (संशोधन) अध्यादेश, २०१९ द्वारा यथा संशोधित महाराष्ट्र ग्राम पंचायत के अधिनियम के उपबंधों से अनसंगत कोई ऐसे निदेश दे सकेगी जो उसे कठिनाई के निराकरण के प्रयोजनों के लिए आवश्यक या इष्टकर प्रतीत हो :

सन् १९५९ का ३। सन् १९५९ का ३। सन् २०१९ का महा. अध्या. क्र. २। " (२) उप-धारा (१) के अधीन बनाया गया प्रत्येक आदेश उसके बनाये जाने के पश्चात, यथा संभव शीघ्र, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के समक्ष रखा जायेंगे।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, मार्च ५, २०१९/फाल्गुन १४, शके १९४० ३

वक्तव्य ।

३१ मार्च २०१६ के पश्चात्, ग्राम पंचायत का निर्वाचन आयोजित करने के लिए यह सूचित किया गया था कि, आरक्षित सीट पर निर्वाचन लडनेवाला व्यक्ित इस निर्वाचन के दिनांक से छह महिने की अनुबद्ध अवधि के भीतर जाति प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका और उसी रुप में महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम के उपबंधों के अधीन ऐसी निरर्हता उपगत की थी। ऐसे व्यक्ितयों को उसके जाति प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र, निर्वाचन के दिनांक से बारह महिने की अवधि के भीतर प्रस्तुत करने की अनुमति देने के लिए महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (संशोधन) अधिनियम, २०१८ (सन् २०१८ का महा. ६६) द्वारा यथा संशोधित महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा १०-१क और धारा ३०-१क ३१ मार्च, २०१६ से भूतलक्षी प्रभाव से संशोधित की गई है।

२. यह देखा गया है कि लगभग १९००० ग्राम पंचायतों के निर्वाचन २६ मार्च २०१६ से ३१ मार्च २०१६ के बीच में हुए थे। यह भी देखा गया था कि बडे पैमाने पर उम्मीदवारों जो उक्त अवधि के दौरान, आरक्षित सीट पर निर्वाचित हुए है वह विद्यमान विधि के उपबंधों के अनुसार निर्वाचन के दिनांक से छह महिने की अवधि के भीतर प्राप्त वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके थे।

३. महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद तथा पंचायत समिति (संशोधन) अधिनियम द्वारा यथा उपबंधित लाभों को विस्तारित करने हेतु व्यक्ित को, जो ३१ मार्च २०१६ को या के पश्चात्, आरक्षित सीट पर निर्वाचित हुआ है और व्यक्ित जो उसी तरह २६ मार्च २०१५ से ३१ मार्च २०१६ के बीच निर्वाचित हुआ है को दिये गये लाभों को विस्तारित करने के लिए, महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद तथा पंचायत समिति (संशोधन) अधिनियम, २०१८ की धारा २ और ३ में संशोधन करना इष्टकर समझा गया है। अत: इस प्रयोजन के लिए उक्त अधिनियम की धारा ८ में, यथोचित संशोधन करना भी प्रस्तावित किया है। ४. राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (संशोधन) अधिनियम, २०१८ (सन् २०१८ का महा. ६६) में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ था ; अत: यह अध्यादेश को प्रख्यापित किया जाता है।

मुंबई,

चे. विद्यासागर राव,

दिनांकित १३ फरवरी २०१९।

महाराष्ट्र के राज्यपाल।

महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,

असीम गुप्ता शासन सचिव।

(यथार्थ अनुवाद),

हर्षवर्धन जाधव, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।

ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR DR. NAMDEO KONDAJI BHOSALE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 EDITOR : DIRECTOR DR. NAMDEO KONDAJI BHOSALE.

Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 05 March 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2019-03-05.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2019-03-05.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.