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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII Extra No. 27 (21-09-2019) ग्रामविकास विभाग, महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक 22, सन 2019, राज्य विधान सभा के आगामी आम निर्वाचनों के कारण कतिपय जिला परिषदों के अध्यक्ष ............ उपबंध करने संबंधी अध्यादेश.

Published 21 September 2019

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2019-09-21.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

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महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर २१, २०१९/भाद्र ३०, शके १९४१ १ RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष ५, अंक १५] शनिवार, सप्टेंबर २१, २०१९/भाद्र ३०, शके १९४१ [पृष्ठे ४, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक २७

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी)

ग्रामविकास विभाग

बांधकाम भवन, २५, मर्झबान पथ, फोर्ट, मुंबई ४०० ००१, दिनांकित २३ अगस्त २०१९ ।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. XXII OF 2019.

AN ORDINANCE

TO PROVIDE FOR TEMPORARY POSTPONEMENT OF ELECTIONS OF THE PRESIDENT, VICE-PRESIDENT AND CHAIRMEN OF THE SUBJECTS COMMITTEES OF CERTAIN ZILLA PARISHADS AND THE CHAIRMEN AND DEPUTY CHAIRMEN OF CERTAIN PANCHAYAT SAMITIS ON ACCOUNT OF ENSUING GENERAL ELECTIONS TO THE STATE LEGISLATIVE ASSEMBLY.

महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक २२, सन् २०१९ ।

राज्य विधान सभा के आगामी आम निर्वाचनों के कारण कतिपय जिला परिषदों के अध्यक्ष,

उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और कतिपय पंचायत समितियों के सभापति और

उप-सभापति के निर्वाचनों के अस्थायी स्थगन का उपबंध करने संबंधी अध्यादेश ।

क्योंकि राज्य विधानसभा के आम चुनाव सन् २०१९ के अक्तूबर महिने में किसी भी समय पर लिये जाने की संभावना है ;

(१)

भाग सात---२७-१महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर २१, २०१९/भाद्र ३०, शके १९४१ २ और क्योंकि कतिपय जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और कतिपय पंचायत समितियों के सभापति और उप-सभापति की पदावधि अगस्त-सितम्बर, २०१९ में समाप्त होने वाली है ;

और क्योंकि महाराष्ट्र विधान सभा के आगामी आम चुनाव के कारण सभी कलक्टरों और जिलों के कलक्टर कार्यालयों के कर्मचारीवृन्द साथ ही साथ जिलों के पुलिस कर्मचारीवृन्द भी महाराष्ट्र विधान सभा के आगामी आम् निर्वाचनों के कारण तैयारी में व्यस्त रहेंगे और निर्वाचन पूर्व और पश्च कर्तव्यों से पूर्णत: व्यस्त होंगे ;

और क्योंकि उक्त निर्वाचनों के किसी संभाव्य अतिव्याप्ति और सिविल तथा पुलिस प्रशासन पर पडनेवाले किसी अनुचित तनाव की किसी संभावना और नागरिकों साथ ही साथ उम्मीदवारों और संबंधित मतदाताअों को किसी कानून और व्यवस्था संबंधी समस्या से होनेवाली असुविधा को रोकने के लिए कतिपय जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और कतिपय पंचायत समितियों के सभापति और उप- सभापति के निर्वाचनों का चार महिने की अवधि के लिए अस्थायी स्थगन करना इष्टकर समझा गया है ;

और क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;

और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें उपयर्ुक्त कारणों के लिए कतिपय जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पंचायत समिति के सभापति और कतिपय पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति के निर्वाचनों को अस्थायी रुप से स्थगित करने के लिए उपबंध करने हेतु सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;

अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश, प्रख्यापित करते हैं, अर्थात् :----

संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण।

१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (राज्य विधान सभा के आगामी आम निर्वाचनों के कारण कतिपय जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और कतिपय पंचायत समितियों के सभापति और उप-सभापति) के निर्वाचनों का अस्थायी स्थगन अध्यादेश, २०१९ कहलाए ।

(२) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।

परिभाषाएँ । २. इस अध्यादेश में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,---

(क) " पंचायत समिति " का तात्पर्य, जिला परिषद अधिनियम के अधीन गठित पंचायत समिति से है ;

(ख) " जिल्हा परिषद " का तात्पर्य, जिला परिषद अधिनियम के अधीन गठित जिला परिषद से है ;

(ग) " जिल्हा परिषद अधिनियम " का तात्पर्य, माहाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ से है ;

सन् १९६२ का महा. ५ । (घ) इस अध्यादेश में प्रयुक्त किन्तु परिभाषित न किए गए शब्दों और अभिव्यक्तियों का वही अर्थ होगा जो जिला परिषद या पंचायत समिति के संबंध में जिला परिषद अधिनियम में उनके लिए समनुदेशित किया जाए ।

३. (१) जिला परिषद अधिनियम या तद्धीन बनाए गए नियमों या किसी न्यायालय के किसी न्याय निर्णय, डिक्री या आदेश में, अंर्तविष्ट किसी बात के होते हूए भी,---

(क) जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति, और पंचायत समितियों के सभापति और उप-सभापति के पदों का कोई निर्वाचन, ऐसे जिला परिषद या, यथास्थिति, पंचायत समिति के विद्यमान अवधि के दौरान, ढाई वर्ष के अवसित हो जाने के पश्चात्, इस अध्यादेश के प्रवृत्त होने के दिनांक से एक सौ बीस दिनों की अवधि में या ऐसे पूर्वतर दिनांक तक जिसे राज्य सरकार, राजपत्र अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समितियों के सभापति और उप-सभापति के निर्वाचनों का स्थगन और उनकी पदावधि का विस्तार ।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर २१, २०१९/भाद्र ३०, शके १९४१ ३ में अधिसूचना द्वारा (जिसे इसमें आगे, इस अध्यादेश में, " उक्त अवधि " कहां गया है) विर्िनदिष्ट कर सके, ऐसी अवधि में नहीं लिये जायेंगे ;

(ख) उक्त अवधि के पश्चात्, निर्वाचित किए गए जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति के पदों की अवधि निर्वाचित पार्षदों या, यथास्थिति, सदस्यों की अवधि के साथ सहपर्यवसित होगी ;

(२) उप-धारा (१) में अंर्तविष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस अध्यादेश द्वारा यथा बढाई गई जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समितियों के सभापति और उप- सभापति की पदावधि अवसित होने के पश्चात्, वह जिला परिषद अधिनियम के अधीन जिला परिषद के नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समितियों के सभापति और उप-सभापति निर्वाचित होने तक पद पर बने रहेंगे ।

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समितियों के सभापति और उप-सभापति जिनकी पदावधि बढायी गई है की शक्तियाँ और कतिपय कृत्यों की विधिमान्यता । ४. जिला परिषद के सभी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समितियों के सभापति और उप-सभापति जिनकी पदावधि धारा ३ के अधीन बढाई गई समझी गई है या, यथास्थिति, बढायी गई है, ऐसी संपूर्ण बढाई गई अवधि के दौरान, जिला परिषदों के ऐसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति औऱ पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति के रुप में, सभी शक्तियों का प्रयोग, सभी कर्तव्यों का अनुपालन और सभी कृत्यों का निर्वहन करने के लिए सक्षम समझे जायेंगे और सक्षम होंगे ; और उक्त अवधि के दौरान उनमें से किसी के भी द्वारा किया गया कोई भी कृत्य अविधिमान्य नहीं होगा या किसी न्यायालय में, केवल इस आधार पर प्रश्नगत नहीं किया जायेगा कि जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समितियों के सभापति और उप-सभापति की ऐसी बढाई गई अवधि के दौरान, जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति की समस्त या किन्ही शक्तियों का प्रयोग या सभी या किन्ही कर्तव्यों का पालन या सभी या किन्ही कृत्यों का निर्वहन नहीं कर सकते थे ।

५. इस अध्यादेश में अंर्तविष्ट किसी बात के होते हुए भी, जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति की बढायी गई पदावधि समाप्त होने से पूर्व, या यथा संभव बादमें, जिला परिषद अधिनियम के उपबंधों और तद्धीन बनाए गए नियमों के अनुसार, जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति के निर्वाचन करने के लिए कलक्टर और संबंधित अन्य अधिकारी द्वारा प्रबंध किया जायेगा ।

जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समिति के सभापति और उप- सभापति के निर्वाचन लेने की व्यवस्था करना ।

कठिनाईयों के निराकरण की शक्ति । ६. (१) इस अध्यादेश के उपबंधों को प्रभावी करने में या उसमें अन्र्तविष्ट किसी बात के कारणों द्वारा या इस अध्यादेश में अन्र्तविष्ट किन्ही मामलों के संबंध में जिला परिषद अधिनियम प्रभावी करने में यदि कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो राज्य सरकार आदेश द्वारा, जैसा अवसर उद्भूत हो, ऐसा कोई कार्य कर सकेगी जो उसे कठिनाई दूर करने के प्रयोजनों के लिए आवश्यक प्रतीत हो ।

(२) ऐसा प्रत्येक आदेश, यथा संभव शीघ्र, राज्य विधानमंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जायेगा ।

संदेह का निराकरण । ७. संदेह के निराकरण के लिए, एतद्द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि, इस अध्यादेश में अन्र्तविष्ट कोई बात, जिला परिषद, या, यथास्थिति, पंचायत समिति के आम निर्वाचन के सद्य पश्चात् लिये जानेवाले जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति के पदों के निर्वाचन के संबंध में लागू नहीं होगी ।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर २१, २०१९/भाद्र ३०, शके १९४१ ४

वक्तव्य।

महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ (सन् १९६२ का ५) के विद्यमान उपबंधों के अनुसार, राज्य में, जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभापति और पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति की पदावधि ढ़ाई वर्ष की है । कुछ जिला परिषदों और पंचायत समितियों में जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति, पंचायत समिति के सभापति और उप- सभापति की पदावधि अगस्त-सितम्बर, २०१९ महिने में समाप्त होनेवाली है ।

२. राज्य विधानसभा के आम निर्वाचन सन् २०१९ के अक्तूबर महीने में किसी भी समय, लिये जाने की संभावना है । महाराष्ट्र विधानसभा के उक्त आम निर्वाचनों के कारण जिलों के सभी कलक्टरों और कलक्टर कार्यालयों के कर्मचारिवृन्द साथ ही साथ जिलों में पुलिस कर्मचारीवृन्द भी उक्त आम निर्वाचनों की तैयारी में व्यस्त रहेंगे और निर्वाचन पूर्व और पश्च कर्तव्यों से पूर्णत: व्यस्त होंगे । उक्त निर्वाचनों के किसी संभाव्य अतिव्याप्ति और सिविल तथा पुलिस प्रशासन पर पडनेवाले किसी अनुचित तनाव की किसी संभावना और नागरिकों साथ ही साथ उम्मीदवारों और संबंधित मतदाताअों को होनेवाली किसी कानून और व्यवस्था संबंधी समस्या या किसी असुविधा को रोकने के लिये जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समिति के सभापति और पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति के निर्वाचन, अस्थायी रुप से, एक सौ बीस दिनों की अवधि के लिये स्थगित करना इष्टकर समझा गया है ।

३. चूँकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हे, महाराष्ट्र विधानसभा के आगामी आम निर्वाचनों के कारण कतिपय जिला परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विषय समितियों के सभापति और कतिपय पंचायत समिति के सभापति और उप-सभापति के पदों के निर्वाचनों का अस्थायी स्थगन और कतिपय अन्य अनुषंगिक मामलों का उपबंध करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है ।

मुंबई, दिनांकित २२ अगस्त २०१९ ।

चे. विद्यासागर राव, महाराष्ट्र के राज्यपाल।

महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,

असीम गुप्ता, शासन के प्रधान सचिव।

(यथार्थ अनुवाद),

नं. मा. राऊत, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।

ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR DR. NAMDEO KONDAJI BHOSALE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 EDITOR : DIRECTOR DR. NAMDEO KONDAJI BHOSALE.

Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 21 September 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2019-09-21.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2019-09-21.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.