RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ५, अंक १६] गुरुवार, ऑक्टोबर १७, २०१९/आश्िवन २५, शके १९४१ [पृष्ठे ४, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक २८
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी)
नगरविकास विभाग
मंत्रालय, मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मुंबई ४०००३२, दिनांकित ९ सितंबर सन् २०१९।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. XXIII OF 2019.
AN ORDINANCE
FURTHER TO AMEND THE NAGPUR IMPROVEMENT TRUST ACT, 1936.
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक २३, सन् २०१९।
नागपूर सुधार न्यास अधिनियम, १९३६ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।
क्योंकि, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;
सन १९ का मध्य प्रांत तथा बरार ३६।
(१)
भाग सात----२८-१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १७, २०१९/आश्िवन २५, शके १९४१ और क्योंकि, महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है, जिनके कारण उन्हे इसमे आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए नागपुर सुधार न्यास अधिनियम, १९३६ में संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;
अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, महाराष्ट्र के राज्यपाल एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते है, अर्थात् :----
१. (१) यह अध्यादेश नागपुर सुधार न्यास (संशोधन) अध्यादेश, २०१९ कहलाए।
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण।
(२) यह तुरंत प्रवृत्त होगा।
२. नागपुर सुधार न्यास अधिनियम, १९३६ में (जिसे इसमें आगे "" मूल अधिनियम "" कहा गया है), की धारा १२१ की,----
सन् १९३६ का मध्य प्रान्त और बरार ३६। सन् १९३६ का मध्य प्रान्त और बरार ३६ की धारा १२१ में संशोधन।
(क) उप-धारा (१) में, "" या जहाँ तक निष्पादित हो गया है "" शब्दों के पश्चात् "" या निगम या किसी विकास प्राधिकरण, जिसे इस प्रकार किसी अधिनियम के अधीन राज्य सरकार द्वारा स्थापित किया है, को अंतरित "" शब्द निविष्ट किए जायेंगे ;
(ख) उप-धारा (२) में,----
सन् २०१७ का महा. ३। (एक) खण्ड (क) में, "" निगम द्वारा "" शब्दों के पश्चात्, "" या महाराष्ट्र महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण अधिनियम, २०१६ के अधीन स्थापित किया गया नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण "" जैसा कि राज्य सरकार, आदेश द्वारा, अवधारित करे ऐसी रीत्या में, शब्द और अंक निविष्ट किए जायेंगे।
सन् २०१७ का ३। (दो) खण्ड (ख) में, "" निगम "" शब्दों के पश्चात्, "" या महाराष्ट्र महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण अधिनियम, २०१६ के अधीन स्थापित किया गया नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण जैसा कि राज्य सरकार, आदेश द्वारा, अवधारित कर सकें ऐसी रीत्या में, शब्द और अंक निविष्ट किए जायेंगे।
सन् २०१७ का ३। (तीन) खण्ड (ग) में, "" निगम "" शब्दों के पश्चात्, "" या महाराष्ट्र महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण अधिनियम, २०१६ के अधीन स्थापित किया गया नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण, जैसा कि राज्य सरकार, आदेश द्वारा, अवधारित कर सके ऐसी रीत्या में,"" शब्द और अंक निविष्ट किए जायेंगे।
सन् २०१७ का ३। (चार) खण्ड (घ) में, "" नगर निगम "" शब्दों के पश्चात् "" या महाराष्ट्र महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण अधिनियम, २०१६ के अधीन स्थापित किया गया नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण, राज्य सरकार, आदेश द्वारा, जैसा कि अवधारित कर सके ऐसी रीत्या में,"" शब्द और अंक निविष्ट किए जायेंगे।
३. मूल अधिनियम की धारा १२२ के पश्चात्, निम्न धारा, निविष्ट की जायेगी, अर्थात् :----
सन् १९३६ का मध्य प्रान्त तथा बरार ३६ में धारा १२३ का निवेशन।
व्यावृत्तियाँ। ""१२३. धारा १२१ के अधीन न्यास का विघटन होते हुए भी और आस्तियाँ, अधिकार, दायित्व या शक्तियों का अंतरण होते हुए भी,-----
(क) अधिनियम के अधीन बनाई गए सभी नियमो, उपविधियाँ, कि गई सभी नियुक्तियाँ, जारी की गई अधिसूचनायें और आदेश, मंजूर अनुज्ञप्ति और अनुमतियाँ, जारी निविदायें, पट्टा-विलेख का निष्पादन और नविकरण निरंतर प्रवर्तन में रहेंगे ;
(ख) अधिनियम के अधीन निगमित न्यास द्वारा या के साथ में, प्रवेशित या निष्पादित सभी संविदायें और करार और पूरे किए गए सभी कार्य, महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के अधीन गठित किये गये नागपुरमहाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १७, २०१९/आश्िवन २५, शके १९४१ ३ शहर के नगर निगम, या यथास्थिति, महाराष्ट्र महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के अधीन स्थापित किये गये नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण द्वारा या के साथ में प्रवेशित, निष्पादित या पूरे किए गए है ऐसा समझा जायेगा ;
सन् १९४९ का ५९। सन् २०१७ का महा.३।
(ग) इस अधिनियम के अधीन निगमित न्यास के उसमें निहित सभी सम्पत्तियाँ, निधियाँ और अन्य आस्तियाँ और सभी अधिकार और दायित्व, में से कतिपय सम्पत्तियाँ, निधियाँ और आस्तियाँ राज्य सरकार द्वारा जैसा कि अवधारित हो, नागपुर शहर के नगर निगम या नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण में निहित और न्यागत होंगी।
(घ) किसी सम्पत्तियों या अधिकारों के संबंध में न्यास को देय सभी प्रकार का किराया या धनराशि, नागपुर शहर के नगर निगम, या, यथास्थिति, नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण को देय होगी;
(ङ) इस अधिनियम के प्रारम्भण के लिए संस्थित या जिसमें हो सकनेवाले सभी वाद या विधिक कार्यवाहियाँ, सिविल या दाण्डिक हो, न्यास के द्वारा या के विरुद्ध या उसके अधिकारियों के विरुद्ध संस्थित होकर जारी रह सकेगी या नागपुर शहर के नगर निगम, या यथास्थिति, नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण द्वारा या के विरुद्ध यथा अन्यथा उपबंधित के सिवाय जारी या संस्थित रह सकेगी;
(च) सुधार योजनायें, जो न्यास द्वारा अभी तक पूरी की जानी या निष्पादित की जानी है वह, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा निदेशित किया जाए नागपुर शहर के नगर निगम या, यथास्थिति, नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण को सौंपी जायेगी;
(छ) जहाँ तक अधिनियम, नियम, अधिसूचना या किसी लिखत में "" अध्यक्ष "" का संदर्भ प्रतीत होता है वही आयुक्त, नागपुर शहर नगर निगम या, यथास्थिति, आयुक्त, नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के संदर्भ में लगाया जायेगा;
(ज) इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार कृत कोई बात या की गई कार्यवाही, महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम या, यथास्थिति, महाराष्ट्र महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण अधिनियम, २०१६ के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन कृत या की गई समझी जायेगी।""।
सन् १९४९ का ५९। सन् २०१७ का महा. ३।
कठिनाई का निराकरण। ४. (१) इस अध्यादेश द्वारा यथा संशोधित, मूल अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में यदि कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो, राज्य सरकार जैसा अवसर अपेक्षित करें, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, इस अध्यादेश द्वारा यथा संशोधित मूल अधिनियम के तत्स्थानी उपबंधों के साथ असंगत न हो ऐसे निदेश दे सकेगी जो उसे कठिनाई के निराकरण के प्रयोजन के लिये आवश्यक या इष्टकर प्रतीत हो ।
(२) उप-धारा (१) के अधीन बनाया गया प्रत्येक आदेश, उसके बनाये जाने के पश्चात्, यथासंभव शीघ्र, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के समक्ष रखा जायेगा।४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १७, २०१९/आश्िवन २५, शके १९४१
वक्तव्य।
१. नागपुर सुधार न्यास अधिनियम, १९३६ (सन् १९३६ का मध्य प्रान्त तथा बरार ३६) की धारा १२१, न्यास का विघटन और नगर निगम को नागपुर शहर के लिये उसकी आस्तियाँ और दायित्वतायें अंतरित करने के लिये उपबंध करता है। सरकार ने, महाराष्ट्र महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण अधिनियम, २०१६ (सन् २०१७ का महा. ३) के अधीन नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण स्थापित किया है। कुछ क्षेत्रों में, जहाँ नागपुर सुधार न्यास वर्तमान में योजना प्राधिकरण हैं, वह नागपुर शहर के लिये नगर निगम के कार्यान्वयन के क्षेत्र से बाहर है। न्यास के विघटन के मामले में, प्रशासन की अत्यावश्यकतायें अपेक्षित है कि नागपुर सुधार न्यास की आस्तियाँ, दायित्वता और कानूनी मामलें या तो नागपुर शहर के नगर निगम को या, यथास्थिति, नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण को अंतरित किये जाये। नागपुर सुधार न्यास की आस्तियाँ, दायित्वता और कानूनी मामलें अंतरित करने हेतु उसके विघटन के मामले में, नागपुर शहर के लिये नगर निगम और नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण को समर्थ बनाने के लिये, उक्त अधिनियम की धारा १२१ में यथोचित संशोधन करने और उक्त अधिनियम की विद्यमान धारा १२२ के पश्चात् व्यावृत्तियों के जरिये नवीन धारा १२३ को जोड़ने का प्रस्तावित है।
२. चूँकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चुका है कि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिये नागपुर सुधार न्यास अधिनियम, १९३६ (सन् १९३६ का मध्य प्रान्त तथा बरार ३६) में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ हैं, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित हुआ हैं।
मुंबई, दिनांकित ९ सितंबर २०१९।
भगत सिंह कोश्यारी, महाराष्ट्र के राज्यपाल।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,
मनिषा पाटणकर-म्हैसकर, शासन के प्रधान सचिव। (यथार्थ अनुवाद)
नं. मा. राऊत,
भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य। ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR DR. NAMDEO KONDAJI BHOSALE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 EDITOR : DIRECTOR DR. NAMDEO KONDAJI BHOSALE.