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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII Ex. NO. 31, Dated 16th November 2019, Rural Development Department, Maharashtra Ordinance No. XXVI of 2019

Published 16 November 2019

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2019-11-16.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

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महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर १६, २०१९/कर्ातिक २५, शके १९४१ १

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष ५, अंक १८] शनिवार, नोव्हेंबर १६, २०१९/कर्ातिक २५, शके १९४१ [पृष्ठे ५, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक ३१

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी)

ग्राम विकास विभाग बांधकाम भवन, २५, मर्झबान पथ,

फोर्ट, मुंबई ४०० ००१, दिनांकित २० सितम्बर सन् २०१९।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. XXVI OF 2019.

AN ORDINANCE

further to amend the Maharashtra Village Panchayats Act, and the Maharashtra Zilla Parishads and Panchayat Samitis Act, 1961.

महाराष्ट्र अध्यादेश क्र. २६ सन् २०१९।

महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम और महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति

अधिनियम, १९६१ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश ।

क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;

सन् १९५९ का ३। सन् १९६२ का महा. ५।

और क्योंकि, महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें, इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम और महाराष्ट्र जिला परिषद तथा पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;

(१)भाग सात--३१-१ २ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर १६, २०१९/कर्ातिक २५, शके १९४१ अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्ितयों का प्रयोग करते हुए, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं, अर्थात् :---

अध्याय एक

प्रारम्भिक

१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद तथा पंचायत समिति (द्वितीय संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण। संशोधन), अध्यादेश, २०१९ कहलाए।

(२) यह तुरन्त प्रवृत्त होगा।

अध्याय दो

महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम में संशोधन।

२. महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम (जिसे इसमें आगे, " महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम " कहा गया सन् १९५९ का ३। हैं), की धारा १०-१क में, विद्यमान परंतुकों के स्थान में, निम्नलिखित परंतुक, रखा जाएगा, अर्थात् :----

सन् १९५९ का ३ की धारा १०-१क में संशोधन। " परंतु, आम या उप-चुनावों के लिए, जो राज्य चुनाव आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रमों के अनुसार, नामांकन दाखिल करनें के दिनांक ३० जून, २०२० को या के पूर्व कोई व्यक्ति जिसनें नामांकन पत्र दाखिल करने के दिनांक के पूर्व अपने जाति प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए संवीक्षा समिति को आवेदन किया हैं, लेकिन जिसें नामांकन पत्र के दाखिल करने के दिनांक पर विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ हैं, तो वह नामनिर्देशन पत्र के साथ, निम्न प्रस्तुत करेगा,-----

(एक) वैधता प्रमाणपत्र को जारी करने के लिए संवीक्षा समिति को उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन की एक सत्य प्रतिलिपि या संवीक्षा समिति को ऐसा आवेदन करने का कोई अन्य सबूत ; और (दो) यह वचनबंध कि वह संवीक्षा समिति द्वारा जारी किया गया विधिमान्यता प्रमाणपत्र जिस दिनांक को वह निर्वाचित घोषित हुआ हैं उस दिनांक से छह महीनें की अवधि के भीतर, प्रस्तुत करेगा :

परंतु यह और भी कि, यदि कोई व्यक्ति जिस दिनांक से वह निर्वाचित घोषित हुआ है उस दिनांक से छह महीने की अवधि के भीतर, विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए असफल होता है तो, उसका निर्वाचन भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त हुआ समझा जाएगा और वह सदस्य होने से निरर्ह हो जाएगा । "। ३. महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा ३०-१क में विद्यमान परंतुकों के स्थान में, निम्नलिखित परंतुक, रखे जाएँगे, अर्थात् :----

सन् १९५९ का ३ की धारा ३०-१क में संशोधन। " परंतु, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसरण में, सरपंच पद के लिए निर्वाचनों जिसके लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिनांक ३० जून, २०२० को या के पूर्व हो तो, ऐसा व्यक्ति जिसने नामांकन पत्र दाखिल करने के दिनांक के पूर्व अपने जाति प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए संवीक्षा समिति को आवेदन किया है, किंतु नामांकन पत्र दाखिल करने के दिनांक पर विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है तो, नामांकन पत्र के साथ, निम्न प्रस्तुत करेगा,----

(एक) विधिमान्यता प्रमाणपत्र जारी करने के लिए संवीक्षा समिति को उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन की सत्य प्रतिलिपि या संविक्षा समिति को ऐसा आवेदन करने का कोई अन्य सबूत ; और (दो) यह वचनबंध कि, वह, संवीक्षा समिति द्वारा जारी किया गया विधिमान्यता प्रमाणपत्र जिस दिनांक को वह निर्वाचित घोषित हुआ है उस दिनांक से छह महीने की अवधि के भीतर, प्रस्तुत करेगा :

परंतु यह और भी कि, यदि कोई व्यक्ति, जिस दिनांक से वह निर्वाचित घोषित हुआ है उस दिनांक से छह महीने की अवधि के भीतर, विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए असफल होता है तो, उसका निर्वाचन भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त हुआ समझा जाएगा और वह सरपंच होने से निरर्ह हो जाएगा । " ।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर १६, २०१९/कर्ातिक २५, शके १९४१ ३

अध्याय तीन

महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ में संशोधन।

सन् १९६२ का महा. ५।

४. महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ (जिसे इसमें आगे, इस अध्याय में, " महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम " कहा गया है), की धारा १२ क में, विद्यमान परन्तुक के स्थान में, निम्न परन्तुक, रखा जायेगा, अर्थात् :---

सन् १९६२ का महा. ५ की धारा १२क में संशोधन। " परंतु, आम या उप-चुनावों के लिए जो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित निर्वाचन कार्यक्रमों के अनुसार, नामांकन दाखिल करने के दिनांक ३० जून, २०२० को या के पूर्व, कोई व्यक्ति जिसने नामांकन पत्र दाखिल करने के दिनांक के पूर्व अपने जाति प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए संवीक्षा समिति को आवेदन किया है, किन्तु नामांकन पत्र दाखिल करने के दिनांक पर विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है तो, नामांकन पत्र के साथ, निम्न प्रस्तुत करेगा,---

(एक) वैधता प्रमाणपत्र को जारी करने के लिए संवीक्षा समिति को उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन की एक सत्य प्रतिलिपि या संवीक्षा समिति को ऐसा आवेदन करने का कोई अन्य सबूत ; और

(दोन) यह वचनबंध कि, वह, संवीक्षा समिति द्वारा जारी किया गया विधिमान्यता प्रमाणपत्र जिस दिनांक को वह निर्वाचित घोषित हुआ है उस दिनांक से छह महीनें की अवधि के भीतर, प्रस्तुत करेगा :

परंतु यह और भी कि, यदि कोई व्यक्ति जिस दिनांक से वह निर्वाचित घोषित हुआ हैं उस दिनांक से छह महीने की अवधि के भीतर, विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए असफल होता है तो, उसका निर्वाचन भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त हुआ समझा जाएगा और वह पार्षद होने से निरर्ह हो जाएगा । " ।

५. मूल अधिनियम की धारा ४२ की, उप-धारा (६क) में विद्यमान परंतुकों के स्थान में, निम्नलिखित परंतुक, रखे जाएँगे, अर्थात् :----

सन् १९६२ का महा. ५ की धारा ४२ में संशोधन।

" परंतु, घोषित निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसरण में, अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचनों, जिसके लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिनांक ३० जून, २०२० को या के पूर्व हो तो, ऐसा व्यक्ति जिसने नामांकन पत्र दाखिल करने के दिनांक के पूर्व अपने जाति प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए संवीक्षा समिति को आवेदन किया है ; किंतु नामांकन पत्र दाखिल करने के दिनांक पर विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है तो, नामांकन पत्र के साथ, निम्न प्रस्तुत करेगा,---

(एक) विधिमान्यता प्रमाणपत्र जारी करने के लिए संवीक्षा समिति को उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन की सत्य प्रतिलिपि या संवीक्षा समिति को ऐसा आवेदन करने का कोई अन्य सबूत ; और

(दो) यह वचनबंध कि, वह, संवीक्षा समिति द्वारा जारी किया गया विधिमान्यता प्रमाणपत्र जिस दिनांक को वह निर्वाचित घोषित हुआ है उस दिनांक से छह महीने की अवधि के भीतर, प्रस्तुत करेगा :

परंतु यह और भी कि, यदि कोई व्यक्ति, जिस दिनांक से वह निर्वाचित घोषित हुआ है उस दिनांक से छह महीने की अवधि के भीतर, विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए असफल होता है तो, उसका निर्वाचन भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त हुआ समझा जाएगा और वह अध्यक्ष होने से निरर्ह हो जाएगा । " ।

६. महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम की धारा ६७ की, उप-धारा (७क) में, विद्यमान परन्तुक के स्थान में, निम्न परन्तुक, रखा जायेगा, अर्थात् :----

सन् १९६२ का महा. ५ की धारा ६७ में संशोधन। '' परंतु, घोषित निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसरण मे, सभापति पद के लिए निर्वाचनों जिसके लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिनांक ३० जून, २०२० को या के पूर्व हो तो, ऐसा व्यक्त्ति जिसने नामांकन पत्र दाखिल करने के दिनांक के पूर्व अपने जाति प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए संवीक्षा समिति को आवेदन किया है, किंतु नामांकन पत्र दाखिल करने के दिनांक पर विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है तो, नामांकन पत्र के साथ, निम्न प्रस्तुत करेगा,----

(एक) विधिमान्यता प्रमाणपत्र जारी करने के लिए संवीक्षा समिति को उसके द्वारा प्रस्तुत किए गएआवेदन की सत्य प्रतिलिपि या संवीक्षा समिति को ऐसा आवेदन, करने का कोई अन्य सबूत ; और भाग सात--३१-२ ४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर १६, २०१९/कर्ातिक २५, शके १९४१ (दो) यह वचनबंध कि, वह, संवीक्षा समिति द्वारा जारी किया गया विधिमान्यता प्रमाणपत्र जिस दिनांक को वह निर्वाचित घोषित हुआ है उस दिनांक से छह महीने की अवधि के भीतर, प्रस्तुत करेगा :

परंतु यह और भी कि, यदि कोई व्यक्त्ति, जिस दिनांक से वह निर्वाचित घोषित हुआ है उस दिनांक से छह महीने की अवधि के भीतर, विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए असफल होता है तो, उसका निर्वाचन भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त हुआ समझा जाएगा और वह सभापति होने से निरर्ह हो जाएगा। ''।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर १६, २०१९/कर्ातिक २५, शके १९४१ ५

वक्त्तव्य ।

महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम (सन् १९५९ का ३) की धारा १०-१क और ३०-१क और महाराष्ट्र जिला परिषद तथा पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ (सन् १९६२ का ५) की धारा १२क, ४२ और ६७ यह उपबंध करती हैं कि, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या, यथास्थिति, नागरिकों के पिछडे वर्गो से संबंधित आरक्षित सीट पर निर्वाचन लडने के इच्छुक प्रत्येक व्यक्त्ति, नामांकन पत्र के साथ महाराष्ट्र अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, निरधिसूचित जनजातियों (विमुक्त्त जातियों), खानाबदोश जनजातियों अन्य पिछड़े वर्गों तथा विशेष पिछडे प्रवर्गों जाति प्रमाणपत्र (निर्गमन और सत्यापन का विनियमन) अधिनियम, २००० (सन् २००१ का महा. २३) के उपबंधों के अनुसरण में, सक्षम प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए जाति प्रमाणपत्र और संवीक्षा समिति द्वारा जारी किए गए वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेंगे ।

२. महाराष्ट्र अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, निरधिसूचित जनजातियों (विमुक्त्त जातियों), खानाबदोश जनजातियों, अन्य पिछडे वर्गों और विशेष पिछडे प्रवर्गों जाति प्रमाणपत्र (निर्गमन और सत्यापन का विनियमन) अधिनियम, २००० (सन् २००१ का महा. २३) के उपबंधों और तद्धीन बनाए गये नियमों को ध्यान में रखते हुए, ऐसे अल्प अवधि में जाति संवीक्षा समितियों से जाति वैधता प्रमाणपत्र जारी करना संभव नहीं है। जिसके परिणामस्वरुप, जाति संवीक्षा समिति से जाति वैधता प्रमाणपत्र प्राप्त करने में जिला परिषद और पंचायत समिति तथा ग्राम पंचायत के निर्वाचन लड़नेवाले उम्मीद्वारों को कठिनाईयाँ होती है।

३. क्योंकि समितियों पर सत्यापन के कार्य का अत्यधिक बोझ है अन्यथा जाति संवीक्षा समिति द्वारा केवल समय पर जाति वैधता प्रमाणपत्र जारी न करने के कारण जिला परिषद और पंचायत समिति तथा ग्राम पंचायत के आरक्षित पदों के लिए भावी उम्मीदवार चुनाव लड़ने के अवसर से वंचित नहीं होंगे, आरक्षित सीटों के लिए निर्वाचन लड़ने के इच्छुक और जिस दिनांक पर वे निर्वाचित घोषित हुए है उस दिनांक से बारह महीने के भीतर, जाति वैधता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए जाति संवीक्षा समिति को जिसने आवेदन किया है ऐसे व्यक्त्तियों को अनुमति देने की दृष्टि से सरकार ने, महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम और महाराष्ट्र जिला परिषद तथा पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ में संशोधन करना इष्टकर समझा है। तद्नुसार, महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम की धाराएँ १०-१क और ३०-१क और महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ की धाराएँ १२क, ४२ और ६७ में यथोचित संशोधन करना इष्टकर समझा गया है। ४. चूँकी, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चुका है कि ऐसी परिस्िथतियाँ विद्यमान हैं, जिनके कारण उन्हें, उपयर्ुक्त्त प्रयोजनों के लिये, महाराष्ट्र ग्रामपंचायत अधिनियम और महाराष्ट्र जिला परिषद तथा पंचायत समिति, अधिनियम, १९६१ में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है ।

भगतसिंग कोश्यारी,

महाराष्ट्र के राज्यपाल।

मुंबई,

महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से, दिनांकित २० सितम्बर २०१९। असीम गुप्ता,

शासन के प्रधान सचिव ।

(यथार्थ अनुवाद),

न. मा. राऊत,

भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।

ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR DR. NAMDEO KONDAJI BHOSALE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 EDITOR : DIRECTOR DR. NAMDEO KONDAJI BHOSALE.

Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 16 November 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2019-11-16.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2019-11-16.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.