RNI No. MAHBIL/2009/31730
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ५, अंक २० (२)] गुरुवार, डिसेंबर १९, २०१९/अग्रहायण २८, शके १९४१ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक ३७
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).
महाराष्ट्र विधानमंडळ सचिवालय
महाराष्ट्र विधानसभा में दिनांक १९ दिसम्बर, २०१९ ई. को. पुर:स्थापित निम्न विधेयक महाराष्ट्र विधानसभा नियम ११७ के अधीन प्रकाशन किया जाता है :---
L. A. BILL No. XLVIII OF 2019.
A BILL
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA MUNICIPAL
CORPORATIONS ACT.
विधानसभा का विधेयक क्रमांक ४८ सन् २०१९।
महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने संबंधी विधेयक।
सन् १९४९ का ५९।
क्योंकि इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिये, महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन करना इष्टकर है; इसलिए, भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में, एतद्द्वारा, निम्न अधिनियम अधिनियमित किया जाता हैं :---
१. यह अधिनियम, महाराष्ट्र नगर निगम (संशोधन) अधिनियम, २०१९ कहलाए।
संक्षिप्त नाम।
( १)
भाग सात-३७-१. (एचबी १८२३)----१.
२ द्धन्रु]क्ष् रू न् +रून् रू, ह्यरूदन् १९, २०१९/+ २८, ॅ १९४१सन् १९४९ का ५९। सन् १९४९ का ५९ की धारा ५ मेंें संशोधन।
२. महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा ५ की, उप-धारा (३) के, प्रथम परन्तुक में, '' महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी (संशोधन) अधिनियम, २०१६" शब्दों, कोष्ठकों और अंकों के पश्चात् "किंतु, राजपत्र में महाराष्ट्र नगर निगम (संशोधन) अधिनियम, २०१९ के प्रकाशन के ठीक पूर्ववर्ती दिनांक के दिन तक" शब्द, कोष्ठक और अंक निविष्ट किये जायेंगे।
सन् २०१७ का महा. ९।
सन् २०१९ का महा.।द्धन्रु]क्ष् रू न् +रून् रू, ह्यरूदन् १९, २०१९/+ २८, ॅ १९४१ ३
उद्देश्यों और कारणों का वक्तव्य।
महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम (सन् १९४९ का ५९) की धारा ५ की, उप-धारा (३), महाराष्ट्र अधिनियम क्र. ९ सन् २०१७ की अधिनियमिति के पूर्व यह उपबंध करती है कि, नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में केवल एक पार्षद निर्वाचित होगा। सन् २०१७ के उक्त अधिनियम द्वारा महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा ५ की, उप-धारा (३) संशोधित की गयी थी, ताकि यह उपबंध किया जा सके कि, प्रत्येक वार्डों में यथा संभव शीघ्र, चार पार्षद निर्वाचित होंगे किन्तु, तीन से कम नहीं होंगे और पाँच पार्षदों से अधिक नहीं होंगे, और प्रत्येक मतदाता, उसके वार्डों में निर्वाचित किये जानेवाले पार्षदों की संख्या के मतों की समान संख्या में मत देने के लिये हकदार होगा।
२. विद्यमान स्थिति का पुर्नविलोकन करने के पश्चात और वार्डों में सुचारु कायर्ोें और विर्िनदिष्ट प्रतिनिधित्व साथ ही साथ, निगमों के तेज विकास के लिये अधिक जिम्मेवारी सुनिश्चित करने के लिये, राज्य सरकार यह उपबंध करना इष्टकर समझती है कि, नगर निगम के प्रत्येक वार्डों के लिये उक्त अधिनियम की धारा ५ की, उप-धारा (३) के प्रथम परन्तुक में यथोचित संशोधन द्वारा प्रत्येक एक पार्षद निर्वाचित होगा।
३. प्रस्तुत विधेयक का आशय उपयर्ुक्त उद्दश्यों को प्राप्त करना है।
नागपूर, दिनांकित १८ दिसम्बर, २०१९।
एकनाथ शिंदे, नगर विकास मंत्री ।
(यथार्थ अनुवाद),
नं. मा. राऊत, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।
ह्यम् म्, न्, ह्यहह्यॅ १९ ह्यरूद्धदन्, २०१९
न् म्, रूह्यम् (ॅन्), द्धन्रु]क्ष् ह्यम्रू
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