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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII Extra No. 1 (12-02-2020) ग्राम विकास विभाग, महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक 1 सन 2020 । महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, 1965 में संशोधन करने संबंधि अध्यादेश ।

Published 12 February 2020

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2020-02-12.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

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RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष ६, अंक १] बुधवार, फेब्रुवारी १२, २०२०/माघ २३, शके १९४१ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक १

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).

ग्राम विकास विभाग

मंत्रालय, मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मुंबई ४०० ०३२, दिनांकित २७ जनवरी, २०२०।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. I OF 2020.

AN ORDINANCE

FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA MUNICIPAL COUNCILS, NAGAR PANCHAYATS AND INDUSTRIAL TOWNSHIPS ACT, 1965.

महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक १ सन् २०२०।

महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, १९६५ में संशोधन करने

संबंधी अध्यादेश।

क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा हैं ;

सन् १९६५ का महा. ४०।

और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका हैंै कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, १९६५ में, अधिकतर संशोधन करने के लिये, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ हैं ;

(१)

भाग सात--१-----१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी १२, २०२०/माघ २३, शके १९४१ अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं, अर्थात् :----

१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी (संशोधन) अध्यादेश, संक्षिप्त नाम तथा प्रारंम्भण। २०२० कहलाए।

(२) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।

सन् १९६५ का महा. ४० की धारा १० में संशोधन।

२. महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, १९६५ (जिसे इसमें आगे "मूल अधिनियम" कहा गया हैं) की धारा १० की, उप-धारा (२) के परन्तुक में, " महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी (संशोधन) अधिनियम, २०१६ " शब्द, कोष्ठक और अंकों के पश्चात्, " किंतु महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी (संशोधन) अध्यादेश, २०२० के प्रकाशन के दिनांक से तत्काल पूर्ववर्ती दिनांक तक " शब्द, कोष्ठक और अंक निविष्ट किये जायेंगे ।

सन् १९६५का महा. ४०। सन् २०१७ का महा. ९। सन् २०२० का महा. अध्या क्र. १। संदेहों का निराकरण।

सन् २०२० का महा. अध्या क्र. १। ३. संदेह के निराकरण के लिए, एतद्द्वारा यह घोषित किया जाता है कि, महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी (संशोधन) अध्यादेश, २०२० द्वारा यथा संशोधित मूल अधिनियम की कोई बात मूल अधिनियम के द्वारा या के अधीन बनाए गये उपबंधों के अनुसरण में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, नागरिकों के पिछडे वर्गो और महिलाअों के लिए आरक्षित रखी जानेवाली सीटों की संख्या कम कर दी गई है ऐसा अर्थ नहीं लगाया जायेगा।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी १२, २०२०/माघ २३, शके १९४१ ३

वक्तव्य

महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, १९६५ (सन् १९६५ का महा. ४०) की धारा १०, की उप-धारा (२) महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक ९, सन् २०१७ के अधिनियमित होने के पूर्व, यह उपबंध करती है कि, नगर परिषद का प्रत्येक प्रभाग, केवल एक पार्षद का निर्वाचन करेगा। सन् २०१७ के उक्त अधिनियम द्वारा महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, १९६५ संशोधित किया गया था ताकि, यह उपबंध किया जा सके कि, प्रत्येक प्रभाग जहाँ तक संभव हो, दो पार्षद, परंतु तीन पार्षदों से अधिक न हों, निर्वाचित किए जायेंगे, और प्रत्येक मतदाता, उसके प्रभाग में से निर्वाचित किए जानेवाले पार्षदों की उसी संख्या में मतों का मतदान करने का हकदार होंगे।

२. विद्यमान स्थिति का पुर्नविलोकन करने के पश्चात् और सुचारु कामकाज को सुनिश्चित करने की दृष्टि से और प्रभाग में विर्िनदिष्ट प्रतिनिधित्व के साथ-साथ नगर परिषद के शीघ्र विकास में अधिक उत्तरदायित्व की सुनिश्चिति करने के लिए यह उपबंध करना इष्टकर समझा गया है कि, नगर परिषद का प्रत्येक प्रभाग, केवल एक पार्षद को निर्वाचित करें। इसलिए, उक्त अधिनियम की उप-धारा १० की, उप धारा (२) के, परन्तुक में यथोचित संशोधन करना प्रस्तावित है। परिणामस्वरुप, संदेहों के निराकरण से संबंधित उपबंध भी इसके लिए उपबंधित किए गये है।

३. चूँकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चूका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं, जिनके कारण उन्हें, इसमें उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिये, महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, १९६५ में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है।

भगत सिंह कोश्यारी, महाराष्ट्र के राज्यपाल।

मुंबई, दिनांकित २४ जनवरी २०२०। महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,

मनिषा पाटणकर-म्हैसकर, सरकार के प्रधान सचिव।

(यथार्थ अनुवाद), नं. मा. राऊत, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।

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Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 12 February 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2020-02-12.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2020-02-12.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.